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AIMA media Dr Riyasat saifi

*लखनऊ 21 अप्रैल, 2026 राजधानी के विकास नगर में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राहत कार्यों में जुटी संस्था 'रहमान फाउंडेशन' ने आज सहायता के दायरे को बढ़ाते हुए दैनिक जरूरत का सामान बांटा है। प्रख्यात इस्लामी विद्वान मौलाना खलील- उर -रहमान सज्जाद नोमानी, के दिशा-निर्देशों पर काम करते हुए, फाउंडेशन की महिला विंग ने मंगलवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और पीड़ित परिवारों, विशेषकर महिलाओं तक व्यक्तिगत रूप से पहुँचकर उन्हें जरूरी राहत सामग्री दी। अग्निकांड के कारण इन परिवारों का घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया था, जिससे उन्हें दैनिक जीवन के छोटे-छोटे कामों में भी बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी जरूरतों को समझते हुए रहमान फाउंडेशन के जनरल सेक्रेटरी मौलाना बिलाल सज्जाद नोमानी की अगुवाई में राहत सामग्री के रूप में नई किट वितरित की गई। प्रत्येक पीड़ित परिवार को खाना बनाने और भोजन करने के लिए जरूरी बर्तन और बाल्टी, स्वास्थ्य और स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से टूथपेस्ट, साबुन और सफाई से जुड़ी अन्य सामग्री प्रदान की गई। संस्था की महिला विंग ने विशेष रूप से पीड़ित महिलाओं की निजता और गरिमा का ध्यान रखते हुए उनसे जुड़ी आवश्यक व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं वितरित कीं। रहमान फाउंडेशन के जनरल सेक्रेटरी मौलाना बिलाल सज्जाद नोमानी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी टीम पहले स्थिति का जायजा लेती है और उसी के आधार पर जरूरत का सामान लोगों तक पहुंचाती है। उन्होंने बताया, "हम लोग विकास नगर में लगभग सातवीं-आठवीं बार आए हैं। मौजूदा समय में लोगों को खाने या कपड़ों की उतनी जरूरत नहीं है, जितनी अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की है। इसलिए जमीनी स्तर पर आकलन करने के बाद, इस बार मुख्य रूप से खाना पकाने के बर्तन, नहाने और कपड़े धोने के काम आने वाले जरूरी सामान का वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि आज इस राहत कार्य में 'रहमान फाउंडेशन' के महिला विंग का विशेष योगदान रहा। सबसे खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं की बुनियादी जरूरतों और उनकी हाइजीन (साफ-सफाई) से जुड़े सामानों पर विशेष ध्यान दिया गया। यह सारा सामान फाउंडेशन की महिला स्वयंसेविकाओं के हाथों ही बंटवाया गया ताकि महिलाओं को किसी तरह की झिझक न हो। मौलाना बिलाल नोमानी ने कहा कि उनकी टीम लगातार इस इलाके की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और भविष्य में भी, जिस वक्त जिस चीज की जरूरत होगी, उसे जरूरतमंदों तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। 'रहमान फाउंडेशन' की महिला विंग ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और पीड़ितों की मदद की। मीडिया से बात करते हुए प्रतिनिधि ने बताया, "हमें फाउंडेशन के जरिए यहाँ भेजा गया है। हमने खुद यहाँ का जायजा लिया है। इस वक्त लोगों को खाने और कपड़ों से ज्यादा अन्य बुनियादी चीजों की जरूरत है।" उन्होंने बताया कि लोगों के पास सामान रखने तक की जगह नहीं है, इसलिए उन्हें बर्तन, सामान रखने के लिए बैग या झोले, बैठने के लिए चटाई और हाथ वाले पंखों की सख्त जरूरत है। संस्था का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा ऐसी चीजें लोगों तक पहुंचाई जाएं। पीड़ितों का दर्द बयां करते हुए प्रतिनिधि काफी भावुक हो गईं।उन्होंने कहा, "एक औरत का दर्द एक औरत ही समझ सकती है। यहाँ लोगों के आंसू लगातार बह रहे हैं, उन्हें इस हाल में देखकर हमें भी बहुत रोना आ रहा है। इन गरीबों का सब कुछ जल चुका है। उनकी जिंदगी की तमाम चीजें, उनके ख्वाब और बच्चों का मुस्तक़बिल सब खाक हो गया है।" गौरतलब हो कि इससे पहले भी फाउंडेशन के जिम्मेदारों ने भोजन, पेयजल और रहने के लिए टेंट (तंबू) की व्यवस्था की गई थी। रहमान फाउंडेशन का कहना है कि वे इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ तब तक खड़े रहेंगे जब तक कि उनका जीवन सामान्य नहीं हो जाता। मौलाना सज्जाद नोमानी ने टीम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत वितरण में मानवीय गरिमा का पूरा ख्याल रखा जाए। विकास नगर के स्थानीय निवासियों ने फाउंडेशन की इस संवेदनशील पहल और विशेष रूप से महिला विंग द्वारा की गई मदद की सराहना की है।*

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सीतामढ़ी: कन्हौली थाना परिसर में 720 लीटर नेपाली सौंफी शराब का विनष्टिकरण
सीतामढ़ी जिले के कन्हौली थाना परिसर में दिनांक 22 अप्रैल 2026 को मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 720 लीटर नेपाली सौंफी शराब का विधिवत् विनष्टिकरण किया गया। यह कार्रवाई बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून के तहत की गई, जिसका उद्देश्य अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाना और समाज में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह शराब विभिन्न मामलों में पुलिस द्वारा जब्त की गई थी। जब्ती के बाद संबंधित मामलों की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत न्यायालय के निर्देशानुसार इन सभी शराब की खेपों को नष्ट किया गया। विनष्टिकरण की पूरी प्रक्रिया मजिस्ट्रेट की निगरानी में पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई।
इस दौरान कन्हौली थाना के पुलिस पदाधिकारी, स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार छापेमारी, जांच अभियान और जब्ती की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में जब्त की गई अवैध शराब को समय-समय पर नष्ट किया जाता है ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे शराबबंदी कानून का पालन करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में सकारात्मक संदेश गया है और प्रशासन के प्रयासों की सराहना की जा रही है।

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​मेलघाट: जल संकट से जूझ रहे मेलघाट के बोरधा गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन की घोर अनदेखी के बाद आखिरकार खुद मोर्चा संभाल लिया है। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब शासन-प्रशासन ने पानी की विकट समस्या पर ध्यान नहीं दिया, तो गांव वालों ने आपसी सहयोग (लोक वर्गणी) से पैसे इकट्ठा कर खुद ही बोरवेल की खुदाई करवा ली।
​प्रशासन की विफलता और आदिवासियों की आत्मनिर्भरता
​ग्रामीणों के इस प्रयास को बड़ी सफलता मिली और बोरवेल में भरपूर पानी निकला है। पानी लगने की खुशी में स्थानिक लोगों ने अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपरा के अनुसार बोरवेल की महापूजा संपन्न की।
​यह पूरी घटना शासन और प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली पर एक करारा तमाचा है। इससे यह स्पष्ट रूप से साबित होता है कि मेलघाट के स्थानिक आदिवासी अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए पूरी तरह से सरकार के मोहताज नहीं हैं; वे अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं करने में सक्षम हैं। प्रशासन के लिए यह बेहद शर्म की बात है कि जो मूलभूत सुविधाएं उन्हें उपलब्ध करानी चाहिए थीं, उसके लिए ग्रामीणों को अपनी जेब से खर्च करना पड़ा।
​युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष के हाथों हुआ उद्घाटन
​ग्रामीणों की इस बड़ी उपलब्धि और सफलता के उपलक्ष्य में विशेष तौर पर युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राहुल येवले को आमंत्रित किया गया था। उनके हाथों इस नवनिर्मित बोरवेल का विधिवत उद्घाटन किया गया।
​उद्घाटन के अवसर पर इनकी रही प्रमुख उपस्थिति:
इस अवसर पर गांव के कई नागरिक और गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
​छन्नु भैया, लालाजी कास्देकर, सज्जु भैया, कज्जु कास्देकर, सोमा कास्देकर, मुगा धिकार, मुन्ना बेठेकर, अशोक भुसुम, मधु धिकार, संजू कास्देकर

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