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देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग और निर्माण का बढ़ता जाल
देहरादून, 7 जनवरी 2026: जनपद देहरादून की तहसील विकासनगर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में कृषि भूमि और नदी श्रेणी की हजारों बीघा जमीन पर अवैध प्लाटिंग और निर्माण का जाल तेजी से फैल रहा है। प्रभावित इलाकों में कंडोली, बिधोली, मैहरकोट, खाराखेत, भाऊवाला, रेतीवाला, कोटी ढलानी, मिसरास पट्टी, कैंचीवाला, सेलाकुई, सहसपुर, विकासनगर, जमुनीपुर, लक्खनवाला, शिमला बाईपास, आदूवाला, धर्मावला और चौक से सिहनीवाला तक का मुख्य मार्ग शामिल है। इन क्षेत्रों में बोक्सा जनजाति की मिली-जुली ग्राम पंचायत भूमि भी बड़े पैमाने पर प्रभावित है।
स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि भूमाफिया बेखौफ होकर कृषि भूमि को प्लॉटों में काट रहे हैं और अवैध निर्माण करवा रहे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के अधिकारी और कर्मचारी इन अवैध कार्यों से आंखें मूंदे हुए हैं या मिलीभगत कर रहे हैं। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे उत्तराखंड सरकार और हाईकोर्ट के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
भूमाफियाओं का दावा इतना बेलगाम हो गया है कि वे खुलेआम चुनौती दे रहे हैं – "अवैध प्लाटिंग और निर्माण रोक सके तो रोक लो।" यह स्थिति न केवल कृषि भूमि के संरक्षण को खतरे में डाल रही है, बल्कि बोक्सा जनजाति जैसे आदिवासी समुदाय की जमीनों पर भी अवैध कब्जे का खतरा बढ़ा रही है।
एमडीडीए की कार्रवाइयां, लेकिन समस्या बरकरार
एमडीडीए ने पिछले कुछ वर्षों में विकासनगर, सहसपुर, सेलाकुई, शिमला बाईपास और हर्बर्टपुर जैसे क्षेत्रों में कई अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया है। उदाहरणस्वरूप:
2025 में हर्बर्टपुर में 5 बीघा, विकासनगर में कई निर्माण सील।
शंकरपुर और कैंचीवाला में 22-25 बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त।
कुल मिलाकर सैकड़ों बीघा भूमि पर कार्रवाई का दावा।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बार-बार कहा है कि अवैध निर्माण और प्लाटिंग पर सख्ती जारी रहेगी। फ्लाइंग स्क्वाड गठित की गई है और जनता से अपील की जाती है कि अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें।
हालांकि, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ये कार्रवाइयां चुनिंदा हैं और बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां जारी हैं। अधिकारी रिश्वत लेकर मामले दबा रहे हैं, जिससे भूमाफिया बेखौफ हैं।
हाईकोर्ट और कानूनी प्रावधान
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कृषि भूमि के संरक्षण पर कई सख्त आदेश दिए हैं:
कृषि भूमि पर ग्रुप हाउसिंग या बड़े प्लाटिंग प्रोजेक्ट्स पर प्रतिबंध।
अवैध निर्माण को वैध बनाने (कंपाउंडिंग) पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों को तलब किया गया।
राज्य में कृषि भूमि सीमित होने के कारण इसके दुरुपयोग पर चिंता जताई गई।
इसके बावजूद मुख्य मार्ग के दोनों ओर और नदी क्षेत्रों में अवैध निर्माण जारी है, जो पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों को खतरे में डाल रहा है।
आगे क्या?
यह मामला न केवल भूमि माफिया की हिम्मत दिखाता है, बल्कि प्रशासनिक मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो देहरादून का ग्रामीण क्षेत्र अव्यवस्थित कॉलोनियों से भर जाएगा। स्थानीय लोग एमडीडीए और जिलाधिकारी से बड़े अभियान की मांग कर रहे हैं।

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सिरोही जिले के शिवगंज उपखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पालडी एम के वेरा विलपुर गाँव में इन दिनों हालात बदतर बने हुए हैं। गाँव की मुख्य सड़कों पर नालियों का गंदा पानी बह रहा है, जिससे न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी बड़ा संकट मंडरा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव में लंबे समय से सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं, जिसके कारण गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर जमा हो रहा है। कीचड़ और गंदगी के कारण पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है।

सड़क पर जमा इस गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चिंता जताते हुए कहा कि इससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियां फैलने का डर सता रहा है। इतना ही नहीं, सड़क पर फिसलन होने के कारण आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। राहगीरों को पैदल चलने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की इस अनदेखी को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।

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​Editorial: A Call for Global Accountability
​By: Krishna Chandra Das

Chief Editor, The Individual Publication

​The recent actions taken by the Trump administration regarding the abduction of President Maduro of Venezuela represent a grave violation of international law that cannot be justified under any pretext. Regardless of the allegations leveled against Maduro, no nation possesses the authority to kidnap the sitting leader of a sovereign state. Such an act is not merely a legal transgression; it is a direct assault on the very concept of national sovereignty.

​A Double Standard in Global Leadership
​The world must take note of the dangerous precedent being set. For years, President Putin has engaged in a conflict against what he describes as the proxy forces of the U.S. and NATO. Despite the intensity of the war, Putin has not resorted to the abduction or assassination of President Zelensky, appearing to recognize that such actions would irrevocably shatter international norms.

​Power does not grant a nation the license to act without restraint. The global community—specifically nations like India, China, and Russia—must unite to address this overreach. If the United States is permitted to operate above the law, it creates an environment of "might makes right" that threatens every nation on Earth.

​Beyond Left and Right: The Humanist Path
​This is not a matter of leftist or rightist ideology. While Maduro represents a leftist organization, his political leanings are irrelevant to the violation of his fundamental rights. Today, we see a disturbing silence from the Human Rights Commission and mainstream media. This selective outrage is a "negative mindset" that the public must reject.

​We must move beyond the binary of Left vs. Right. Humanism is the highest ideal. We must fight for human dignity and the rule of law above all else.

​The Erosion of Global Order
​The current administration’s actions extend beyond physical abductions to economic aggression. The unilateral imposition of tariffs by President Trump violates the established rules of the World Trade Organization (WTO)—an institution built on decades of careful negotiation. Using "muscle power" to dictate global trade is an act of arrogance that destabilizes the world economy.

​If the world leaders fail to unite against this behavior, we are entering a "primitive age" of geopolitics. If this action goes unchallenged:

​What stops Russia from abducting leaders in its sphere of influence?
​What stops China from taking similar actions in Taiwan, Hong Kong, or Myanmar?
​What prevents any nation from fabricating charges to kidnap a foreign Prime Minister?
​A Plea for Action
​The charges brought against President Maduro by the U.S. Justice Department should be adjudicated in an international court—similar to the proceedings regarding Bosnia—not through extrajudicial kidnapping. Furthermore, the American administration must look inward at its own failures regarding drug trafficking and border security before casting stones at others.

​The Individual Publication calls upon the conscious people of the world to raise their voices. Maduro is an elected President; if he is to be removed, it must be by the people of Venezuela, not by the decree of a foreign power.

​We must stand for Humanity. We must stand for International Law.

​Dhanyabad.

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हेयर एंड ब्यूटी इंडस्ट्री आज भारत का बहुत ही बड़ा व्यवसाय है जिसमें हज़ारों/लाखों लोग बखूबी अपने काम को अंजाम दे रहे हैं और जो सिर्फ भारत में ही नहीं पूरे विश्व में अपना नाम रोशन कर रहे हैं ! बैंगलोर के रमेश बाबू, जीतू नाई, जावेद हबीब, हरीश भाटिया, अशोक पालीवाल, श्याम भाटिया, हाकिम अलीम जैसे अनेकों नाम क्षितिज पर चमक रहे हैं । जिन्होंने नित्य प्रति अपनी कला को निखारने का काम किया है । आज ये लोग इस कला क्षेत्र में महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाते हुए उनके जीवन स्तर को भी संवारने का काम कर रहे हैं । आज दिनांक 07 जनवरी 2026 दिन बुधवार को उदयपुर (राजस्थान) के होटल इन्दर रेसीडेंसी के कोहिनूर सभागार में हेयर एंड ब्यूटी फेडरेशन, भारत का राष्ट्रीय महाअधिवेशन आयोजित हुआ जिसमें देश भर के विभिन्न राज्यों के 164 संगठन के हज़ारों की संख्या में महिलाएँ और पुरुष उपस्थित हुए । सम्मेलन में समाज और ब्यूटी व सैलून व्यवसाय की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई । इस व्यवसाय के गुरुओं ने वर्तमान में नौजवानों को नौकरी और रोजगार के लिए अपनी उम्र और समय बर्बाद ना करें बल्कि यहां चल रही कई एकेडेमी मुफ्त में अपने युवक-युवतियों को हेयर और ब्यूटी की आधुनिक तकनिकीयों को सिखा कर अपने पैरों पर खड़ा करने का काम कर रही हैं । इस व्यवसाय में अच्छी आमदनी तो है ही साथ में अन्य लोगों को रोजगार भी मिलता है । उपस्थित लोगों ने एक स्वर में भारत सरकार से यह मांग की गई कि जिस तरह से गायन, वादन, नृत्य, लेखन, शोध, वीरता आदि क्षेत्रों में महारत हासिल किए लोगों को विभिन्न सम्मान से अलंकृत किया जाता है उसी तरह से इस व्यवसाय को कला मान कर उसी कैटेगरी में रखा जाय और इस कला में महारत हासिल कर चुके लोग को भी पद्मश्री, पद्मविभूषण आदि विभिन्न सम्मान के सम्मानित किया जाना चाहिए । महाअधिवेशन में सैलून एशोसियेशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विजय प्रताप सविता वाराणसी, प्रदेश महासचिव तेज बहादुर नन्दवंशी बरेली के साथ साथ विभिन्न राज्यों के कोने कोने से पधारे श्री प्रकाश पारिख, नवीन रेड्डी, अनिला परेरा, रवीन्द्र घोंसले, अनीता दबकरा, दिनेश भाऊ, जगसन सिंह, सत्यम हरी, नंदिनी, संजय चौहान, वंशी कृष्णा, श्रीकांत जिंदे, बसंत नागर, प्रदीप पाल, वीणा पारिख, डॉ आराधना चौहान, योगेश टोंक, सुदामा बाबु शिंदे, सुप्रिया मिश्रा, सुनीता रॉय, मंजुला राउत, गोविन्द सेन, राज कुमार भाटी, सचिन टक्के, सहित अनेकों महिलाओं/ पुरूषों ने भाग लिया । महाअधिवेशन की अध्यक्षता इस व्यवसाय के भीष्मपितामह हरीश भाटिया एवं संचालन उदय टक्के ने किया

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