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तारापुर में आदिवासी समाज का प्रमुख पर्व सोहराय हर्षोल्लास के साथ मनाया सोहराय
10 जनवरी 2026 दिन शनिवार
रिपोर्टर:जगदीश मरांडी( Giridih)
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संक्षेप: गांवा प्रखंड में कई गांवो में धूमधाम से मनाया सोहराय, संथाल समाज के लोग पर्व को काफी उल्लास के साथ मनाया गया

गिरिडीह। गावां प्रखंड जमडार पंचायत के विभिन्न आदिवासी गांवों ग्राम तारापुर में संताल समाज का सबसे बड़ा पर्व सोहराय धूमधाम से मनाया । बता दें कि मंगलवार से लगातार चर से पांच दिनों शनिवार तक मनाया गया। पहला दिन उम, बोंगा,जिल दका कुलहि दड़ा,हड़म जलें के रुप में चर दिनों तक 7 से 10 जनवरी तक,जगह-जगह सोहराय महोत्सव का आयोजन किया गया। जहां परंपरागत परिधानों में सज्जी महिलाएं, युवतियों ने मांदर की थाप पर नाच-गान की। यह दौर देर रात तक चलता रहा। गावां प्रखंड क्षेत्र में आयोजित सोहराय महोत्सव में ग्रामीणों ने कहा कि यह पर्व प्रकृति प्रेम, भाईचारा एवं सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। जब खेतों से धान की उपज घर लाते हैं तब समाज के लोग पशु व प्राकृति की पूजा करते हैं। अन्न का पहला भाग इष्टदेव को चढ़ाने के बाद ही उसका सेवन करते हैं व और खुशियां मनाते हैं। आदिवासी समाज का प्रमुख पर्व सोहराय हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आदिवासी समाज की परंपरा के अनुसार मांदर की थाप और पारंपरिक गीतों की धुन पर ग्रामीण झूमते-नाचते नजर आए। पर्व के दौरान गांव के युवक-युवतियों और बुजुर्गों ने पारंपरिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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जय गटागट सरकार: करुणा और चमत्कार के देवता
कहते हैं, जब धरती पर विश्वास डगमगाने लगता है और मनुष्य अपने दुखों का बोझ अकेले उठाने लगता है, तब गटागट सरकार प्रकट होते हैं। वे किसी महल में नहीं रहते, न ही सोने के सिंहासन पर बैठते हैं। उनका वास होता है—आम लोगों के दिलों में।
गटागट सरकार का नाम ही उनके स्वभाव को दर्शाता है।
“गटा-गट”—अर्थात बिना देर किए, बिना शोर किए, चुपचाप सहायता कर देना।
जो उन्हें सच्चे मन से पुकारे, उसकी पीड़ा वे पल भर में हर लेते हैं।
कहानी की शुरुआत
बहुत समय पहले की बात है। एक छोटे से गाँव में रामू नाम का किसान रहता था। लगातार सूखे ने उसकी फसल नष्ट कर दी थी। घर में अन्न नहीं था, बच्चों की आँखों में भूख थी और मन में निराशा।
एक रात रामू ने टूटे मन से कहा—
“हे गटागट सरकार, अगर आप सच में हो, तो मेरी लाज रख लो।”
उस रात कोई आकाशवाणी नहीं हुई, कोई चमत्कारी रोशनी नहीं दिखी।
बस अगली सुबह गाँव में एक अनजान साधु आया। उसने रामू को कुछ बीज दिए और कहा—
“इन्हें बो दो, बाकी मुझ पर छोड़ दो।”
रामू ने वैसा ही किया।
कुछ ही दिनों में, जब पूरे क्षेत्र में सूखा था, रामू के खेत हरे-भरे हो उठे।
लोग दंग रह गए।
जब रामू साधु को धन्यवाद देने गया, तो वह साधु कहीं नहीं मिला।
बस खेत के किनारे एक पत्थर पर लिखा था—
“जहाँ विश्वास है, वहाँ मैं हूँ — गटागट सरकार।”
गटागट सरकार की महिमा
गटागट सरकार दिखावे के देवता नहीं हैं।
वे मंदिर से ज़्यादा मन में बसते हैं।
वे प्रसाद से नहीं, सच्चाई और करुणा से प्रसन्न होते हैं।
कहते हैं—
जो भूखे को खिलाता है, वहाँ गटागट सरकार मुस्कराते हैं
जो टूटे मन को सहारा देता है, वहाँ वे प्रकट होते हैं
और जो घमंड छोड़ देता है, उसके जीवन से दुख गटागट गायब हो जाते हैं
आज भी…
आज भी लोग कहते हैं—
“काम बन गया, गटागट हो गया”
क्योंकि उन्हें विश्वास है कि गटागट सरकार ने चुपचाप अपना काम कर दिया।

जय गटागट सरकार

एक लोक-आस्था पर आधारित दिव्य कथा पुस्तक


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भूमिका

यह कथा किसी धर्म, जाति या संप्रदाय से बँधी नहीं है। यह उस विश्वास की कहानी है जो मनुष्य के भीतर जन्म लेता है। गटागट सरकार कोई मूर्ति नहीं, कोई सिंहासनधारी देव नहीं, बल्कि करुणा, सहायता और त्वरित न्याय का प्रतीक हैं। जहाँ पुकार सच्ची होती है, वहाँ गटागट सरकार स्वयं प्रकट होते हैं।


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अध्याय 1: विश्वास का जन्म

बहुत पहले की बात है। विंध्य पर्वत की तलहटी में बसा था एक छोटा-सा गाँव—धर्मपुर। इस गाँव में लोग सीधे-सादे थे, पर दुखों से घिरे रहते थे। कभी सूखा, कभी बीमारी, कभी अन्याय।

उसी गाँव में रहता था हरिदास—एक साधारण किसान। वह रोज़ सुबह खेत पर जाने से पहले आसमान की ओर देखकर कहता—

> “हे जो भी ऊपर है, अगर तुम हो, तो हमें संभाल लो।”



एक दिन गाँव में एक बूढ़ा फकीर आया। उसकी आँखों में अजीब शांति थी। उसने लोगों से कहा—

> “जिसे तुरंत सहारा देने वाला चाहिए, वह गटागट सरकार को याद करे।”



यही से गाँव में पहली बार यह नाम गूंजा—गटागट सरकार।


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अध्याय 2: पहला चमत्कार

कुछ ही दिनों बाद हरिदास का इकलौता बैल मर गया। खेती ठप हो गई। रात को वह टूटकर रोया और पहली बार बोला—

> “गटागट सरकार, अगर आप सच में हो, तो देर मत करना।”



सुबह होते ही गाँव में खबर फैली—किसी अजनबी ने हरिदास के दरवाज़े पर एक स्वस्थ बैल बाँध दिया है। न कोई नाम, न कोई पहचान। बस बैल के गले में बँधी एक पर्ची—

> “देर हो जाए, तो मैं नहीं। — गटागट सरकार”



गाँव के लोग स्तब्ध रह गए।


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अध्याय 3: गटागट का अर्थ

धीरे-धीरे लोग समझने लगे कि गटागट सरकार का मतलब चमत्कार दिखाना नहीं, बल्कि समय पर सहायता है।

भूखे को भोजन

निराश को आशा

अन्याय पीड़ित को न्याय


बिना ढोल-नगाड़े, बिना प्रचार।

लोग कहने लगे—

> “काम हो गया? समझो

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নারায়ণগড়ের হেমচন্দ্র গ্রাম পঞ্চায়েতের রেনুয়ায় বিষক্রিয়ায় মৃ/ত্যু এক গৃহবধূর!

বিষক্রিয়ায় মৃত্যু হলো এক গৃহবধূর। মৃ/ত্যু/র প্রকৃত কারণ জানতে দেহ ময়নাতদন্তে পাঠালো বেলদা থানার পুলিশ। শুক্রবার পশ্চিম মেদিনীপুর জেলার নারায়নগড় ব্লকের হেমচন্দ্র গ্রাম পঞ্চায়েতের রেনুয়া গ্রামের এক গৃহবধূ ধান জমিতে দেওয়া বিষ পান করেন বলেই জানা গেছে। এরপর পরিবারের লোকজন তা জানতে পেরে তড়িঘড়ি ওই গৃহবধূকে চিকিৎসার জন্য ভর্তি করেন বেলদা সুপার স্পেশালিটি হাসপাতালে। সেখানে বেশ কিছুক্ষন চিকিৎসা চলার পর মৃ/ত্যু হয় ওই গৃহবধুর। খবর পেয়ে হাসপাতাল থেকে মৃ/ত/দে/হ উদ্ধার করে বেলদা থানার পুলিশ। পরিবারের বক্তব্য, শুক্রবার চাষের জমিতে দেওয়ার জন্য রাখা বিষ পান করেন ওই গৃহবধূ।এরপর তা জানতে পেরে পরিবারের লোকজন ওই গৃহবধূকে বেলদা সুপার স্পেশালিটি হাসপাতালে ভর্তি করলে সেখানেই মৃত্যু হয় তার। মৃত্যুর কারণ নিয়ে ধোঁয়াশা থাকায় একটি অস্বাভাবিক মৃ/ত্যু/র মামলা রুজু করে তদন্ত শুরু করেছে বেলদা থানার পুলিশ। একই সাথে ওই গৃহবধুর মৃ/ত/দে/হ শনিবার ময়নাতদন্তের জন্য খড়গপুর মহকুমা হাসপাতালে পাঠিয়েছে পুলিশ।

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शाहगंज, जौनपुर।व्यक्तित्व विकास की अंतरराष्ट्रीय संस्था जूनियर चैंबर इंटरनेशनल (जेसीआई) संस्कार शाहगंज इकाई द्वारा स्वामी विवेकानंद तिराहे स्थित एक होटल में 10वां इंस्टॉलेशन एवं अवार्ड नाइट समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया।समारोह में मुख्य अतिथि मण्डल अध्यक्ष गौरव सेठ, विशिष्ट अतिथि पूर्व मण्डल अध्यक्ष वसुंधरा सिंह, रूपेश जायसवाल तथा मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व मण्डल अध्यक्ष अभिनव चौरसिया सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में वर्तमान अध्यक्ष विनायक गुप्ता ने वर्ष 2026 के लिए नवनिर्वाचित अध्यक्ष रविशंकर चतुर्वेदी एवं सचिव अखिलेश कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके उपरांत अन्य कार्यकारिणी सदस्यों को भी विधिवत शपथ दिलाई गई।कार्यक्रम का सफल संचालन पूर्व अध्यक्ष एख़लाक़ खान एवं पंकज सिंह ने संयुक्त रूप से किया। संचालन के दौरान कार्यक्रम को अनुशासित, रोचक एवं गरिमामयी बनाए रखा गया।कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव सहित सभी पदाधिकारियों ने संगठन के उद्देश्यों के अनुरूप सेवा, नेतृत्व एवं समाजहित में कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। साथ ही संगठन से जुड़े नए सदस्यों को मंच पर बुलाकर औपचारिक रूप से सदस्यता की शपथ दिलाई गई।अपने संबोधन में नवनिर्वाचित अध्यक्ष रविशंकर चतुर्वेदी ने कहा कि जेसीआई संस्कार युवाओं के व्यक्तित्व विकास, सामाजिक जागरूकता, नेतृत्व क्षमता एवं सेवा कार्यों को और अधिक सशक्त बनाएगा। उन्होंने टीम भावना के साथ संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया।वर्तमान अध्यक्ष विनायक गुप्ता ने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं और संगठन की गरिमा को बनाए रखने का आह्वान किया।अवार्ड नाइट के दौरान वर्षभर उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया, जिससे समारोह का वातावरण उत्साह और प्रेरणा से भर गया।कार्यक्रम के अंत में सचिव अखिलेश पाण्डेय ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं उपस्थित गणमान्य जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से संस्थापक सदस्य गुलाम साबिर, विजेंद्र अग्रहरि, नगर पालिका परिषद की पूर्व चेयरमैन गीता जायसवाल, भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रदीप जायसवाल, लायंस क्लब के जोन अधिकारी मनीष अग्रसर, अध्यक्ष अरूण पाण्डेय, मनोज जायसवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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शाहगंज, जौनपुर।व्यक्तित्व विकास की अंतरराष्ट्रीय संस्था जूनियर चैंबर इंटरनेशनल (जेसीआई) संस्कार शाहगंज इकाई द्वारा स्वामी विवेकानंद तिराहे स्थित एक होटल में 10वां इंस्टॉलेशन एवं अवार्ड नाइट समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया।समारोह में मुख्य अतिथि मण्डल अध्यक्ष गौरव सेठ, विशिष्ट अतिथि पूर्व मण्डल अध्यक्ष वसुंधरा सिंह, रूपेश जायसवाल तथा मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व मण्डल अध्यक्ष अभिनव चौरसिया सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में वर्तमान अध्यक्ष विनायक गुप्ता ने वर्ष 2026 के लिए नवनिर्वाचित अध्यक्ष रविशंकर चतुर्वेदी एवं सचिव अखिलेश कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके उपरांत अन्य कार्यकारिणी सदस्यों को भी विधिवत शपथ दिलाई गई।कार्यक्रम का सफल संचालन पूर्व अध्यक्ष एख़लाक़ खान एवं पंकज सिंह ने संयुक्त रूप से किया। संचालन के दौरान कार्यक्रम को अनुशासित, रोचक एवं गरिमामयी बनाए रखा गया।कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव सहित सभी पदाधिकारियों ने संगठन के उद्देश्यों के अनुरूप सेवा, नेतृत्व एवं समाजहित में कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। साथ ही संगठन से जुड़े नए सदस्यों को मंच पर बुलाकर औपचारिक रूप से सदस्यता की शपथ दिलाई गई।अपने संबोधन में नवनिर्वाचित अध्यक्ष रविशंकर चतुर्वेदी ने कहा कि जेसीआई संस्कार युवाओं के व्यक्तित्व विकास, सामाजिक जागरूकता, नेतृत्व क्षमता एवं सेवा कार्यों को और अधिक सशक्त बनाएगा। उन्होंने टीम भावना के साथ संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया।वर्तमान अध्यक्ष विनायक गुप्ता ने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं और संगठन की गरिमा को बनाए रखने का आह्वान किया।अवार्ड नाइट के दौरान वर्षभर उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया, जिससे समारोह का वातावरण उत्साह और प्रेरणा से भर गया।कार्यक्रम के अंत में सचिव अखिलेश पाण्डेय ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं उपस्थित गणमान्य जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से संस्थापक सदस्य गुलाम साबिर, विजेंद्र अग्रहरि, नगर पालिका परिषद की पूर्व चेयरमैन गीता जायसवाल, भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रदीप जायसवाल, लायंस क्लब के जोन अधिकारी मनीष अग्रसर, अध्यक्ष अरूण पाण्डेय, मनोज जायसवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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- सोनभद्र बार एसोसिएशन एवं उत्सव ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में रक्तदान शिविर संपन्न
- 23 पंजीकरणों में से 19 लोगों ने उत्साह के साथ किया रक्तदान, प्रमाण पत्र देकर हुए सम्मानित

अमान खान ​सोनभद्र। कचहरी परिसर स्थित सोनभद्र बार एसोसिएशन प्रांगण में शुक्रवार को सोनभद्र बार एसोसिएशन एवं उत्सव ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्र, विशिष्ट अतिथि महामंत्री अखिलेश कुमार पाण्डेय, उत्सव ट्रस्ट के संरक्षक स्वामी अरविंद सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर और फीता काटकर किया।

​शिविर में कुल 23 लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 19 रक्तदाताओं ने रक्तदान कर इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दिया। रक्तदान की शुरुआत अधिवक्ता विजय प्रकाश मालवीय और उत्सव ट्रस्ट के सह-निदेशक अनिल कुमार शर्मा ने की।

​ *रक्तदान महादान: वक्ताओं के विचार*
​मुख्य अतिथि अरुण कुमार मिश्र ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान देश और समाज की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उत्सव ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना की। विशिष्ट अतिथि अखिलेश कुमार पाण्डेय ने रक्तदान को 'महादान' की संज्ञा देते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने का संकल्प दोहराया। उत्सव ट्रस्ट के संरक्षक स्वामी अरविंद सिंह ने 64 वर्ष की आयु में भी रक्तदान की प्रेरणा देते हुए इसके स्वास्थ्य लाभ गिनाए, वहीं ट्रस्टी आशीष कुमार पाठक ने इसे निस्वार्थ सेवा बताया।

​ *इन लोगों ने किया रक्तदान*
​रक्तदान करने वालों में मुख्य रूप से श्रवण कुमार (मक्खन चाय वाले), आयुष केशरी, किशन मेहता, अनिल कुमार शर्मा, विजय प्रकाश मालवीय, विशेष दुबे, पंकज कनोडिया, द्वारिका नाथ नागर, संजय कुमार पाण्डेय, आसमा रब्बानी (महिला अधिवक्ता), ललित सक्सेना, शोभित श्रीवास्तव, अमन तिवारी, राजीव कुमार सिंह गौतम, धनंजय शुक्ला, कुशकान्त मौर्य, कपिल कुमार, उत्कर्ष दीक्षित और न्यायिक कर्मचारी अम्ब्रिश कुमार पाठक शामिल रहे।

*​विशेष सुविधाएं और सम्मान*
​शिविर में रक्तदाताओं के लिए शुगर, हीमोग्लोबिन, बीपी और वजन जांच की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध रही। साथ ही जलपान की भी समुचित व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के समापन पर मुख्य व विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह और सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

​ *इनका रहा विशेष योगदान*
​कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अजय कुमार शर्मा (निदेशक, रक्तदान विभाग), कुंदन कुमार सिंह, विशेष दुबे, पंकज कनोडिया और ब्लड बैंक की टीम (डॉ. शुभम जैश, सरोज देवी, डॉ. रवींद्र प्रसाद आदि) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला अधिवक्ताएं और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अजय कुमार शर्मा ने किया।

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