चंडीगढ़ सैक्टर 9 में जिम के बहार हुए प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के आरोपियों का AGTF ने किया एनकाउंटर,
AGTF पंजाब ने STF हरियाणा कैथल के साथ चलाए गए ज्वाइंट अपरेशन में मिली यह सफलता,
मुठभेड़ में गोलियां लगने के बाद दोनों पकड़े, पुलिस को शूटरों से बाइक और हथियार बरामद,
AGTF पंजाब के SP बिक्रमजीत बराड़ की अगवाई में टीम ने दिया आपरेशन को अंजाम,
आपरेशन को लेकर पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने साँझा की मीडिया के साथ जानकारी,
अमनदीप सिंह भाटिया /चंडीगढ़ 19 मार्च (ब्रेकिंग शॉट्स न्यूज़) : के सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत नागरा उर्फ चीनी की हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को हरियाणा में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ कैथल में हुई। ये कार्रवाई पंजाब की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने एसटीएफ कैथल यूनिट के साथ मिलकर की।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजन उर्फ पीयूष पहलवान निवासी फिरोजपुर और प्रीतम शाह निवासी नवांशहर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक राजन कुछ समय पहले मलेशिया से नेपाल के रास्ते अवैध तरीके से भारत लौटा था। दोनों के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। इस दौरान दोनों आरोपी घायल हो गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक और हथियार बरामद किए हैं। इस अवसर पर पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने जानकारी साँझा की है।
दो-तीन दिन से हत्या की प्लानिंग चल रही थी
चमनप्रीत के दोस्तों ने बताया कि लक्की पटियाला भी अपने एरिया का ही युवा है। चमनप्रीत का किसी से लेना देना नहीं था। सरकार ही इस तरह की जिम्मेदारी लगवा रही है। दो से तीन दिनों से उसकी हत्या की प्लानिंग चल रही थी। जहां-जहां उसकी गाड़ी जाती थी, वहां पर आरोपी जा रहे थे। ऑफिस में भी रैकी की गई थी।
दोस्तों ने आरोप लगाया कि जो पीयू में फायरिंग हुई और जो चमनप्रीत को गोली मारने वाला है, वह सेम लग रहा है। उसके हाथ में रिंग सी बनी थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सेक्टर-42 अटावा में ठहरे थे। वह हत्या के लिए फिर सेक्टर-9 में आए थे। इसके बाद वह निकल गए। हम तो सिर्फ एक ही डिमांड कर रहे हैं कि जिन्होंने मोटरसाइकल पर आकर शूट किया है, उन्हें पकड़ा जाए। आरोपी पंजाब से अब हिमाचल या हरियाणा में निकल गए हैं।
दोस्तों ने बताया कि पहले सब कुछ सही चल रहा था। तीन साल पहले मृतक ने मेले करवाने शुरू किए थे। उसके बाद से ही यह सब शुरू हुआ था। लगातार धमकियां मिल रही थीं। तत्कालीन डीएसपी गुरशेर ने उनके घर के बाहर सिक्योरिटी भी तैनात की थी। लेकिन वह अधिकारी खुद उलझ गए। ऐसे में उनकी सिक्योरिटी अधर में रह गई थी। जब तक आरोपी नहीं पकड़े जाते हैं, तब तक हम संस्कार नहीं करेंगे।
बलकार सिंह ने बताया- इन थ्रेट कॉल्स की वजह से चमनप्रीत चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में जिम करने जाता था। वह कहता था कि सेफ जगह है। वहां वीआईपी लोग आते हैं। वहां मुझे कोई कुछ नहीं कर सकता। लेकिन गैंगस्टर वहां भी आकर उसे गोलियां मार गए।
उन्होंने कहा- मेरा और चमनप्रीत का प्रशासन ने आर्म्स लाइसेंस नहीं बनाया। अब प्रशासन लाइसेंस अपने पास रख ले। हमारा तो भाई अब लौटकर नहीं आएगा। चमनप्रीत की हत्या की प्लानिंग 2-3 दिन से चल रही थी।
बता दें कि बुधवार को जिम से निकलने के बाद चमनप्रीत की 12 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर लक्की पटियाल ने ली है। मृतक चमनप्रीत उर्फ चीनी कुब्बाहेड़ी मुल्लांपुर (मोहाली) के कुब्बाहेड़ी गांव में रहता था।