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भारतीय मजदूर संघ ने सांकेतिक प्रदर्शन कर श्रम कानूनों में संशोधन की उठाई मांग
भारतीय मजदूर संघ ने सांकेतिक प्रदर्शन कर श्रम कानूनों में संशोधन की उठाई मांग
भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय आह्वान पर 25 फरवरी 2026 को देशभर में विरोध दिवस मनाया गया। इसी क्रम में कालीसिंध थर्मल परियोजना में कार्यरत राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम कर्मचारी संघ के सदस्यों ने मुख्य द्वार पर सांकेतिक प्रदर्शन किया।
प्रदेश महामंत्री लालचंद लोहार ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठाई। जिसमें सभी क्षेत्रों में श्रम कानूनों का “अंत्योदय” की भावना के साथ कड़ाई से और सार्वभौमिक पालन सुनिश्चित किया जाए। औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता, 2020 के श्रमिक-विरोधी प्रावधानों में संशोधन किया जाए। भारतीय श्रम सम्मेलन का तत्काल आह्वान कर त्रिपक्षीय समितियों का पुनर्गठन और नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए। आशा, आंगनवाड़ी, मध्याह्न भोजन सहित सभी योजना कर्मियों का मासिक मानदेय बढ़ाया जाए। ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 प्रतिमाह की जाए, महंगाई राहत दी जाए। एनपीएस/यूपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना, ओपीएस बहाल की जाए।
ईएसआई और ईपीएफ की कवरेज सीमा बढ़ाई जाए। भुगतान बोनस अधिनियम, 1965 के अंतर्गत पात्रता सीमा वर्तमान वेतनमान के अनुसार बढ़ाई जाए। बैंकिंग क्षेत्र में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए। संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 के अनुरूप योजना व ठेका कर्मियों का नियमितीकरण किया जाए। सामान्य भर्तियों पर लगी रोक हटाकर रोजगार की गारंटी और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। विरोध दिवस में संयुक्त व्यवस्था परिषद के सदस्य एवं इकाई अध्यक्ष गणेश पटेल, इकाई कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश गोस्वामी, राकेश दगदी, सुरेश अवस्थी, उदय लाल, सीताराम, महावीर प्रसाद, विनोद सिंह, दिलीप कुमार, लक्ष्मण सिंह सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
Aima media jhalawar
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