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Chief Guest Additional Director General of Police Meerut Zone Shri DK THAKUR was honoured by AIMA President Mahesh Sharma, Meerut Cantt MLA Shri Amit Agarwal and others in a programme organised by AIMA on the auspicious occasion of HINDI PATRKARITA DIVAS.
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Chief Guest Additional Director General of Police Meerut Zone Shri DK Thakur addressing on the role of social media in the present era.
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Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA), special guest, inaugurator was honoured by presenting memento by ADG Meerut Zone Shri DK Thakur, AIMA President Shri Mahesh Sharma, District President Shri Charan Singh Swami and others.
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Shri Ravi Prakash Tiwari (Editor-in-Charge - Dainik Jagran, Meerut) was honored by presenting a memento by ADG Meerut Zone Shri DK Thakur, Meerut Cantonment MLA Shri Amit Agarwal, AIMA President Shri Mahesh Sharma and others.
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Shri Rajendra Singh (Information Commissioner and former editor Amar Ujala) was honored by presenting a memento by Shri DK Thakur (ADG Meerut Zone), Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA) and AIMA President Shri Mahesh Sharma and others.
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Shri Pushpendra Sharma (former editor Hindustan) was honored by presenting a memento by Shri DK Thakur (ADG Meerut Zone), Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA) and Shri Mahesh Sharma (AIMA President) and others.
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Shri Ramkumar Sharma (senior advocate and patron AIMA) was honored by presenting a memento by Shri DK Thakur (ADG Meerut Zone), Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA) and Shri Mahesh Sharma (AIMA President) and others.
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Shri Rajesh Sharma (senior journalist, Editor- Save India Foundation) was honored by presenting a memento by Shri DK Thakur (ADG Meerut Zone), Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA) and Shri Mahesh Sharma (AIMA President) and others.
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Shri Arun Jindal (Vibhag Sampark Pramukh RSS) was honored by presenting a memento by Shri DK Thakur (ADG Meerut Zone), Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA) and Shri Mahesh Sharma (AIMA President) and others.
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Shri Surendra Sharma (Retd. Suchna Adhikari) was honored by presenting a memento by Shri DK Thakur (ADG Meerut Zone), Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA) and Shri Mahesh Sharma (AIMA President) and others.
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Shri Gyan Dixit (Sr. photo journalist and Dada Saheb Falke Film Awardy ) was honored by presenting a memento by Shri DK Thakur (ADG Meerut Zone), Shri Amit Agarwal (Meerut Cantonment MLA) and Shri Mahesh Sharma (AIMA President) and others.
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t Article) गया में शिक्षा की नई भोर: जब 'सात निश्चय' से दूर होगी सात प्रखंडों की शैक्षणिक कंगाली! t Article) गया में शिक्षा की नई भोर: जब 'सात निश्चय' से दूर होगी सात प्रखंडों की शैक्षणिक कंगाली!


विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

गयाजी : ​बिहार के ग्रामीण इलाकों से अक्सर यह दर्दभरी तस्वीरें सामने आती रही हैं कि मैट्रिक और इंटर पास करने के बाद, खासकर बेटियां, सिर्फ इसलिए उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं क्योंकि उनके प्रखंड में कोई डिग्री कॉलेज नहीं होता।
दूरी, सुरक्षा की चिंता और आर्थिक तंगहाली उनके सपनों के आगे दीवार बन जाती है।
लेकिन गया जिला प्रशासन और राज्य सरकार के साझा संकल्प ने इस दीवार को ढहाने का पूरा खाका तैयार कर लिया है।

आगामी 1 जुलाई से गया जिले के उन 7 प्रखंडों— अतरी, नीमचक बथानी, कोंच, मोहड़ा, बांकेबाजार, डुमरिया और मोहनपुर— में 'उत्सवी माहौल' में डिग्री की पढ़ाई शुरू होने जा रही है, जो अब तक उच्च शिक्षा के नक्शे पर हाशिए पर थे।

जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की मैराथन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और तकनीकी विभागों को दिए गए कड़े निर्देश यह बताते हैं कि इस बार सरकार सिर्फ कागजों पर कॉलेज नहीं खोल रही, बल्कि जमीन पर मुकम्मल व्यवस्था खड़ी कर रही है।

​ 'उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य':
नारों से आगे बढ़ता सुशासन,
​मुख्यमंत्री के 'सात निश्चय-3' कार्यक्रम का चौथा निश्चय "उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य"
केवल एक राजनीतिक नारा नहीं है, बल्कि गया में इसकी तैयारियों को देखकर लगता है कि यह एक प्रशासनिक मिशन बन चुका है।

मगध विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर, नव-नियुक्त प्राचार्यों और सभी 7 बीडीओ (BDO) के साथ जिलाधिकारी की यह समीक्षा बैठक यह साफ करती है कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे को लेकर इस बार कोई 'चलता है' वाला रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​सबसे सराहनीय बात यह है कि प्रशासन स्थायी भवनों के निर्माण का इंतजार करके समय बर्बाद नहीं कर रहा है।
1 जुलाई से सत्र शुरू करने के लिए अस्थायी भवनों का चयन कर लिया गया है, लेकिन वहां दी जाने वाली सुविधाएं स्थायी जैसी ही होंगी।

​ क्वालिटी से नो कॉम्प्रोमाइज: एसी, वाई-फाई और सुरक्षा का चक्रव्यूह,
​अक्सर सरकारी व्यवस्थाओं में 'अस्थायी' शब्द आते ही लोग मान लेते हैं कि सुविधाएं दोयम दर्जे की होंगी।

लेकिन शशांक शुभंकर के कड़े रुख ने इस धारणा को बदल दिया है।
उन्होंने दोटूक कहा है कि— "कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।"

​फर्नीचर, कंप्यूटर, हाई-स्पीड वाई-फाई से लेकर वाटर कूलर, आरओ और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था करने का निर्देश यह साबित करता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी वही माहौल देने की कोशिश है जो किसी बड़े शहर के नामचीन कॉलेज में मिलता है।
इसके साथ ही कॉलेज के रास्तों को सुगम बनाना और परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करना, ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के नामांकन को अप्रत्याशित रूप से बढ़ाएगा।

​"जब समाज की अंतिम कतार में खड़ा युवा अपने ही प्रखंड में कंप्यूटर और वाई-फाई से सुसज्जित कॉलेज में कदम रखेगा, तो वह सिर्फ डिग्री नहीं लेगा, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में खड़े होने का आत्मविश्वास भी हासिल करेगा।"

​ स्थायी समाधान:
जमीन की खोज और प्रशासनिक सजगता,
​इस तात्कालिक व्यवस्था के समानांतर जिला प्रशासन दूरगामी सोच के साथ भी काम कर रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में 5 एकड़ और नगर क्षेत्रों में ढाई एकड़ जमीन खोजने की समयबद्ध कार्रवाई यह बताती है कि आने वाले दिनों में इन 7 प्रखंडों के पास अपने भव्य और विशाल कॉलेज परिसर होंगे।

अपर समाहर्ताओं की अध्यक्षता में हर कॉलेज के लिए एक समर्पित कमेटी का गठन और अनुमंडल पदाधिकारियों को खुद भवनों के निरीक्षण का जिम्मा सौंपना नौकरशाही के 'कमांड स्ट्रक्चर' को मजबूत और जवाबदेह बनाता है।

​अंतिम निष्कर्ष :
​1 जुलाई 2026 की तारीख गया जिले के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रही है।
अतरी से लेकर सुदूर डुमरिया और बांकेबाजार तक के छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए मीलों दूर भटकने या पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
यह पहल बिहार में 'ड्रॉप-आउट' रेट को कम करने और 'ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो' को बढ़ाने में गेम-चेंजर साबित होगी।

शशांक शुभंकर के नेतृत्व में सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र की यह तत्परता और प्रतिबद्धता काबिले तारीफ है। उम्मीद की जानी चाहिए कि 1 जुलाई को जब इन कॉलेजों के कपाट खुलेंगे, तो वह सिर्फ एक नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत नहीं होगी, बल्कि गया के ग्रामीण इलाकों में ज्ञान और सशक्तिकरण के एक नए युग का शंखनाद होगा।
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RANCHI : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने खान एवं भू-तत्व विभाग तथा भवन निर्माण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की RANCHI : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने खान एवं भू-तत्व विभाग तथा भवन निर्माण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने खान एवं भू-तत्व विभाग तथा भवन निर्माण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की

को प्राथमिकता देते हुए 300 बालू घाटों को शीघ्र संचालित करने का निर्देश दिया, जिससे लगभग 3 हज़ार करोड़ रुपये का राजस्व सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

⦿ मुख्यमंत्री ने नीलाम हो चुके विभिन्न कोल ब्लॉकों, जिन्हें अभी तक आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त नहीं हो सकी हैं, को शीघ्र संचालित करने का निर्देश दिया, ताकि इससे राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित हो सके

⦿ मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बालू माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश।

बेहतर प्रबंधन पर जोर देते हुए बंद खदानों को चालू करने या लीज निरस्त करने का दिया निर्देश।

झारखंड में गोल्ड माइनिंग को बढ़ावा, उत्पादन बढ़ाने और नए खदानों के ऑक्शन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

JSMDC और JMECL को मजबूत करने की पहल, अधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित कर रोजगार और राजस्व बढ़ाने पर फोकस

भवन निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता पर सख्ती, सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश

रांची (झारखंड)। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में खान एवं भू-तत्व तथा भवन निर्माण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं तथा लंबित कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्य में अवैध खनन पर कड़ी सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि इसे हर हाल में रोकना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन से राज्य को राजस्व की हानि होती है, साथ ही यह पर्यावरणीय संतुलन और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती उत्पन्न करता है। इसलिए इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभागीय समन्वय, नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि राज्य में संचालित सभी सरकारी भवनों एवं अवसंरचना से जुड़ी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।

निष्क्रिय खदानों पर सख्ती: उत्पादन शुरू कराने या लीज निरस्त कर पुनः ऑक्शन के दिए निर्देश

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में संचालित बीसीसीएल, सीसीएल एवं ईसीएल की बंद पड़ी खदानों को निरस्त करने हेतु प्रक्रिया/उपाय तलाशने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन खदानों में उत्पादन बंद है, वहां उत्पादन पुनः प्रारंभ कराया जाए अथवा लीज निरस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाए। जिन खनिज ब्लॉकों का ऑक्शन हो चुका है, लेकिन वे लंबे समय से क्रियाशील नहीं हैं, उन्हें निरस्त कर पुनः राजस्व का आकलन करते हुए दोबारा ऑक्शन किया जाए। साथ ही, खनन लीज क्षेत्र तथा कार्यरत एवं गैर-कार्यरत क्षेत्रों की मैपिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

गोल्ड माइनिंग क्षेत्र को सशक्त बनाने एवं स्वर्ण उत्पादन बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में संचालित कुल 7 गोल्ड माइंस की समीक्षा करते हुए इनके उत्पादन को बढ़ाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान उन्होंने वर्तमान उत्पादन क्षमता, संचालन की स्थिति तथा भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत आकलन किया। वर्तमान में इन खदानों से लगभग 20 किलोग्राम वार्षिक स्वर्ण उत्पादन हो रहा है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता पर उन्होंने विशेष बल दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोल्ड माइंस के संचालन में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के अन्य संभावित गोल्ड खदानों के शीघ्र ऑक्शन की प्रक्रिया को गति देने का निर्देश दिया, जिससे खनन गतिविधियों का विस्तार हो और राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में स्वर्ण भंडार की संभावनाएं महत्वपूर्ण हैं और इस क्षेत्र में योजनाबद्ध एवं वैज्ञानिक तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोल्ड माइनिंग सेक्टर पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए तकनीकी उन्नयन, निवेश आकर्षण तथा प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से इस क्षेत्र को और सशक्त बनाया जाए, ताकि राज्य के आर्थिक विकास को नई गति मिल सके।

अनुषंगी इकाइयों को अधिक खान आरक्षित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड (JSMDC) एवं झारखंड माइनिंग एंड एक्सप्लोरेशन कंपनी लिमिटेड (JMECL) के लिए अधिकाधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त हो सके तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले। उन्होंने JMECL में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने तथा दोनों संस्थाओं के लिए एसओपी तैयार करने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने डीएमएफटी निधि के समुचित उपयोग के लिए राज्य स्तर पर परियोजनाएं तैयार कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया।

अवैध खनन एवं बालू उठाव पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, विशेषकर बालू उठाव की रोकथाम हेतु आधुनिक एवं तकनीक आधारित उपाय अपनाने के निर्देश दिए। राज्य में कुल 820 बालू घाटों में से 376 (कैटेगरी-1) घाटों पर पंचायतों के माध्यम से उठाव जारी है, जबकि 444 (कैटेगरी-2) घाटों में से 300 का ऑक्शन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने ऑक्शन किए गए घाटों से शीघ्र बालू उठाव प्रारंभ कराने तथा शेष घाटों का शीघ्र ऑक्शन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, मशीन से बालू उठाव पर रोक संबंधी आदेश की समीक्षा कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग, नियमित निरीक्षण, सघन निगरानी तथा विभाग, पुलिस एवं जिला प्रशासन के समन्वित अभियान चलाने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि खनिज संपदा राज्य की अमूल्य धरोहर है और इसके पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग से राजस्व में वृद्धि के साथ स्थानीय लोगों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जा सकता है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास एवं विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

छात्रावासों में ऊर्जा आपूर्ति सुदृढ़ करने की पहल, कोयला उपयोग की संभावनाओं पर योजना बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड (JSMDC) के माध्यम से कोल ट्रेडिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए योग्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को पंजीकृत कर कोयला आपूर्ति में वृद्धि सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि आपूर्ति प्रणाली को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाया जाए, ताकि आवश्यक क्षेत्रों तक समय पर कोयला उपलब्ध हो सके।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी छात्रावासों, विशेषकर आवासीय विद्यालयों के छात्रावासों का समुचित मैपिंग कर वहां कोयला आपूर्ति की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एलपीजी की उपलब्धता में आ रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में कोयले के उपयोग की संभावनाओं पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने विभागीय पदाधिकारियों को इस विषय पर विशेष ध्यान देने का निर्देश देते हुए कहा कि एक सुविचारित एवं व्यवहारिक योजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाए, ताकि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और ऊर्जा आपूर्ति सुचारु रूप से सुनिश्चित की जा सके।

इमराल्ड ब्लॉकों को सुरक्षित रखने का निर्देश

इमराल्ड हेतु चिन्हित खनिज ब्लॉकों को एमएमडीआर अधिनियम के तहत JSMDC/JMECL के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित करने हेतु राज्य मंत्रिपरिषद की स्वीकृति शीघ्र प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। सस्टेनेबल माइनिंग पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिक खनन के साथ-साथ राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सस्टेनेबल माइनिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने पत्थर के अत्यधिक बाहरी निर्यात पर नियंत्रण के उपाय खोजने तथा पहाड़ों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा।

भवन निर्माण विभाग की समीक्षा

भवन निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचना के निर्माण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी भवनों, कार्यालय परिसरों, आवासीय भवनों, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एवं तय समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आधुनिक एवं टिकाऊ निर्माण तकनीकों को अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं में गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए नियमित तकनीकी निरीक्षण कराने पर बल दिया।

उक्त बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्री अरवा राजकमल, खान निदेशक श्री राहुल कुमार सिन्हा, भूतत्व निदेशक श्री कुमार अमिताभ सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
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In a major setback for #MamataBanerjee, expelled #TrinamoolCongress leader #RitabrataBanerjee claimed on Wednesday that assembly #Speaker #RathindraBose had appointed him as the leader of the #opposition in the #stateassembly. Ritabrata further claimed that the Speaker has accepted the rebel group's claim for legislature party status.

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Adv. Rev. Dr. Anil Massey Appointed NPPF National President Legal Affairs Adv. Rev. Dr. Anil Massey Appointed NPPF National President Legal Affairs
New Delhi: The National Persecution Protection Forum (NPPF), an authorised subsidiary of the Peace Army Foundation Uttarakhand, has appointed Adv. Rev. Dr. Anil Massey as its National President (Legal Affairs). Dr. Massey is a distinguished Advocate, Corporate Lawyer, and Honorary Episcopal Reverend with active involvement in legal education, constitutional awareness, social justice initiatives, and public service.

Dr. Massey will lead nationwide initiatives focused on legal literacy and awareness concerning constitutional rights and duties, especially among religious communities, social organisations, and citizens. His responsibilities include conducting legal seminars, workshops, training programmes, and campaigns to enhance understanding of constitutional rights and legal remedies. The Forum expressed confidence that his legal expertise and pastoral leadership will significantly advance its mission to promote constitutional values, the rule of law, and responsible citizenship across India.
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