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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सार्थक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक विधिक जागरूकता शिविर का किया गया आयोजन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सार्थक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक विधिक जागरूकता शिविर का किया गया आयोजन
श्री अजय कुमार घनघस ने विद्यार्थियों को विधिक सेवाओं एवं न्याय तक पहुंच से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों के बारे किया जागरूक
पंचकूला, 17 अप्रैल- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आज सार्थक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-12ए में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य छात्रों के बीच विधिक साक्षरता का प्रसार करना तथा उन्हें उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव श्री अजय कुमार घनघस ने एक सारगर्भित व्याख्यान दिया, जिसमें विधिक सेवाओं एवं न्याय तक पहुंच से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया। उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया तथा समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा में उनकी भूमिका पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने तस्करी एवं व्यावसायिक यौन शोषण के पीड़ितों के लिए योजना, 2015 के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा पीड़ितों के लिए उपलब्ध सहायता तंत्रों पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बच्चों के लिए बाल-अनुकूल विधिक सेवाएं एवं उनकी सुरक्षा योजना, 2015 के बारे में भी चर्चा की और बताया कि बच्चे किस प्रकार सुरक्षित एवं सहयोगात्मक वातावरण में विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने तेजाब हमले के पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं योजना, 2016 के प्रावधानों पर भी प्रकाश डालते हुए उपलब्ध विधिक उपायों एवं सहायता का उल्लेख किया।
श्री घनघस ने यह भी कहा कि विधिक सहायता सेवाएं यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं कि न्याय सभी के लिए सुलभ हो, चाहे उनकी आर्थिक या सामाजिक स्थिति कुछ भी हो। उन्होंने छात्रों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर विधिक सेवा संस्थानों से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
शिविर के दौरान एक संवादात्मक प्रश्न-उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें श्री घनघस ने छात्रों से प्रश्न पूछकर उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। छात्रों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और उन्होंने सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विधिक अवधारणाओं को स्पष्ट किया।
सत्र के उपरांत, प्रधानाचार्या सुश्री रेनू बाला ने श्री घनघस को विद्यालय के कला कक्ष का अवलोकन करवाया, जहाँ छात्रों द्वारा निर्मित पेंटिंग्स एवं रचनात्मक कृतियां प्रदर्शित की गई थीं। श्री घनघस ने छात्रों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें अपनी रुचियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके अतिरिक्त, उन्हें विद्यालय परिसर में विकसित हर्बल पार्क भी दिखाया गया। उन्होंने इस प्रकार के पर्यावरण-अनुकूल एवं शैक्षिक वातावरण के लिए विद्यालय प्रशासन की प्रशंसा की।
यह शिविर सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें छात्रों को विधिक अधिकारों एवं सेवाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ऐसी पहलें विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने तथा युवा पीढ़ी को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
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