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मुख्यमंत्री हर घर नल का जल योजना में भारी अनियमितता ग्रामीण परेशान
मुख्यमंत्री हर घर नल का जल योजना में भारी अनियमितता ग्रामीण परेशान
रोहतास : नासरीगंज प्रखंड अंतर्गत कैथी पंचायत के कच्छवाँ गांव में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। गांव के वार्ड संख्या 6, 7, 8 और 9 में हालात इतने खराब हैं कि लोगों को पीने तक का पानी नसीब नहीं हो रहा। “हर घर नल का जल” योजना पूरी तरह ठप पड़ी है, जबकि सरकारी हथिया चापाकल भी खराब होकर बेकार साबित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का दर्द—नाम के साथ हकीकत
वार्ड नंबर 9 के ग्रामीण कामता राम ने बताया कि उन्हें नल-जल योजना से सिर्फ 3 महीने पानी मिला, उसके बाद से आज तक सप्लाई बंद है।
ग्रामीण गुड़िया देवी, सोनमोनी देवी, सरजू चौरसिया, ओम प्रकाश शर्मा, धनंजय शर्मा, नितेश चंद्रवंशी ने बताया कि पानी के लिए उन्हें रोज संघर्ष करना पड़ रहा है। कई बार दूसरे घरों से पानी मांगना पड़ता है, जहां अपमान का सामना करना पड़ता है।
वार्ड नंबर 8 में मौके पर मौजूद ग्रामीण संजय चौधरी, बंटी कुमार, सोनू कुमार, आजाद शेख, भोला अंसारी और रवि कुमार ने बताया कि वार्ड में लगे दो हथिया चापाकल महीनों से खराब पड़े हैं। कच्छवाँ के सरकारी हाई स्कूल में भी एक चापाकल खराब है, जिससे छात्रों को भी परेशानी हो रही है।
वार्ड सदस्य और शिकायत की अनदेखी
वार्ड नंबर 8 के सदस्य सरोज राम ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार ब्लॉक स्तर पर शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं वार्ड 7, 8 और 9 के कुछ जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद नहीं मिले, जिससे उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
पत्रकार टीम की पड़ताल—जमीनी सच्चाई उजागर
जब पत्रकार टीम मौके पर पहुंची और पूरे गांव का जायजा लिया, तो पाया कि लगभग सभी नल-जल योजना बंद पड़ी है और अधिकतर हथिया चापाकल खराब हैं। गांव में पानी की स्थिति पूरी तरह बदहाल है।
अधिकारियों के दावे बनाम हकीकत
पत्रकार टीम ने जब इस मामले में पीएचडी (पेयजल एवं स्वच्छता) विभाग के कर्मी मुकेश कुमार से बात की, तो उन्होंने साफ कहा कि
“सभी नल-जल योजना और सरकारी चापाकल सही तरीके से चल रहे हैं।”
वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मोहम्मद नौशाद आलम सिद्दीकी से बात करने पर उन्होंने मामले की जिम्मेदारी विभाग पर डालते हुए कहा कि संबंधित समस्या पीएचडी विभाग देख रहा है।
लेकिन जब पत्रकार टीम ने मौके पर जाकर सच्चाई देखी, तो अधिकारियों के दावों की पोल खुल गई—ज्यादातर योजनाएं बंद और चापाकल खराब मिले।
ग्रामीणों का आरोप—सिर्फ कागजों पर चल रही योजना
ग्रामीणों का कहना है कि “हर घर नल का जल” योजना सिर्फ कागजों में चल रही है। जमीनी स्तर पर लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। सरकार करोड़ों खर्च कर रही है, लेकिन गांव तक उसका लाभ नहीं पहुंच रहा।
भीषण गर्मी ने बढ़ाई मुसीबत
रोहतास जिले में पड़ रही भीषण गर्मी ने हालात और खराब कर दिए हैं। जलस्तर नीचे चला गया है, चापाकल सूख चुके हैं और समरसेबल पंप भी काम नहीं कर रहे। ऐसे में कच्छवाँ गांव के लोग भारी संकट में हैं।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा—कड़ी चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि गांव में आज तक कोई बड़ा अधिकारी जांच के लिए नहीं आया, जिससे यह साफ होता है कि कच्छवाँ को नजरअंदाज किया जा रहा है।
मुख्य मांगें
सभी खराब पड़े हथिया चापाकलों की तत्काल मरम्मत
नल-जल योजना को अविलंब चालू किया जाए
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो
जिला स्तर से टीम भेजकर निष्पक्ष जांच कराई जाए
बड़ा सवाल जब सरकार हर घर नल का जल जैसी योजनाओं पर करोड़ों खर्च कर रही है, तो कच्छवाँ जैसे गांव आज भी प्यासा क्यों है?
क्या अधिकारी सिर्फ कागजों में विकास दिखाते रहेंगे या जमीनी सच्चाई पर भी कार्रवाई होगी?
कच्छवाँ की यह तस्वीर न सिर्फ एक गांव की कहानी है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की वह सच्चाई है, जो अब खुलकर सामने आ चुकी है।
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