असम में भाजपा टिकट को लेकर तेज हुई सियासी हलचल: 40 संभावित उम्मीदवारों के नाम चर्चा में, अंतिम सूची का बेसब्री से इंतजार :-
असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी सूची अब राज्य की राजनीति का सबसे चर्चित विषय बन चुकी है। प्रदेश चुनाव समिति की महत्वपूर्ण बैठक के बाद अब सभी निगाहें केंद्रीय संसदीय बोर्ड की अंतिम मुहर पर टिकी हैं। पार्टी सूत्रों और राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चाओं के अनुसार भाजपा इस बार 89 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव मैदान में उतरने जा रही है। ऐसे में उम्मीदवारों के चयन को लेकर न केवल पार्टी के भीतर बल्कि आम जनता, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक पर्यवेक्षकों के बीच भी जबरदस्त उत्सुकता बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि इस बार टिकट वितरण में केवल परंपरा या वरिष्ठता नहीं, बल्कि जीत की संभावना, संगठनात्मक सक्रियता, जनस्वीकृति और क्षेत्रीय समीकरणों को विशेष महत्व दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ वर्तमान विधायकों के टिकट कट सकते हैं, जबकि कई नए चेहरे—विशेषकर युवा और महिला उम्मीदवार—इस बार पार्टी की सूची में प्रमुख स्थान पा सकते हैं। इससे यह साफ हो गया है कि भाजपा इस चुनाव में अनुभव और नवाचार, दोनों के संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रत्याशी सूची की घोषणा में हुई देरी भी इसी गहन मंथन का परिणाम है। पार्टी नेतृत्व हर सीट पर सामाजिक समीकरण, स्थानीय असंतोष, संगठन की रिपोर्ट, विपक्ष की ताकत, जातीय-क्षेत्रीय संतुलन और उम्मीदवार की व्यक्तिगत छवि जैसे अनेक कारकों का मूल्यांकन कर रहा है। यही कारण है कि अंतिम सूची को केवल नामों की घोषणा नहीं, बल्कि भाजपा की व्यापक चुनावी रणनीति का दस्तावेज माना जा रहा है। इस बीच, राजनीतिक सूत्रों, जमीनी रिपोर्टों और पार्टी के अंदरूनी संकेतों के आधार पर 40 नाम ऐसे हैं जो मजबूत दावेदार या संभावित उम्मीदवार के रूप में सामने आए हैं। इन नामों में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा, जयंत मल्ल बरुआ, पीयूष हजारिका, अजीता नेओग, रूपज्योति कुर्मी, राणोज पेगू, भवेश कलिता और प्रशांत फुकन जैसे कई चर्चित चेहरे शामिल हैं। वहीं ऋषिराज हजारिका और दीपालु रंजन शर्मा जैसे अपेक्षाकृत नए नामों की चर्चा यह संकेत देती है कि भाजपा पीढ़ीगत परिवर्तन की दिशा में भी सोच रही है।
चर्चा में चल रहे 40 संभावित भाजपा उम्मीदवारों की सूची इस प्रकार है:
जालुकबाड़ी – डॉ. हिमंत बिस्व सरमा
नलबाड़ी – जयंत मल्ल बरुआ
तिहू – चंद्रमोहन पटोवारी
जगीरोड – पीयूष हजारिका
सरूपथार – बिस्वजीत फुकन
खोवांग – चक्रधर गोगोई
लखीमपुर – मानव डेका
नाहरकटिया – तरंग गोगोई
बरचला – रितुपर्णा शर्मा
मार्घेरिटा – भास्कर शर्मा
बिश्वनाथ – पल्लव लोचन दास
भवानीपुर/सरभोग – रंजीत दास
डिगबोई – सुरेन फुकन
अभयापुरी – भूपेन रॉय
सदिया – बोलिन चेतिया
ढेकियाजुली – अशोक सिंघल
नदुआर – पद्म हजारिका
राहा – शशिकांत दास
गोहपुर – उत्पल बोरा
नगांव – रूपक शर्मा
खुमताई – मृणाल सैकिया
गोलाघाट – अजीता नेओग
नाजिरा – मयूर बरगोहेन
मरियानी – रूपज्योति कुर्मी
डिमोव – सुषांत बरगोहेन
सोनारी – धर्मेश्वर कोंवर
धेमाजी – राणोज पेगू
माहमोरा – सूरज दिहिंगिया
चाबुआ-लाहोवाल – बिनोद हजारिका
टिंगखोंग – बिमल बोरा
बिहपुरिया – भूपेन कुमार बोरा
रंगानदी – ऋषिराज हजारिका
कमलपुर – दिगंत कलिता
बरखेत्री – नारायण डेका
डूमडूमा – रूपेश गोवाला
जोरहाट – हितेंद्र नाथ गोस्वामी
रंगिया – भवेश कलिता
न्यू गुवाहाटी – दीपालु रंजन शर्मा
सेंट्रल गुवाहाटी – बिजॉय गुप्ता
डिब्रूगढ़ – प्रशांत फुकन
इन नामों के सामने आने के बाद राज्य की सियासत में कयासों का दौर और तेज हो गया है। कई क्षेत्रों में समर्थकों ने अपने-अपने संभावित उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाना भी शुरू कर दिया है। कुछ जगहों पर टिकट कटने की आशंका से असंतोष की खबरें भी हैं, जबकि दूसरी ओर नए चेहरों को अवसर मिलने की संभावना ने युवा कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाया है।डिब्रूगढ़ से प्रशांत फुकन, जालुकबाड़ी से डॉ. हिमंत बिस्व सरमा, नलबाड़ी से जयंत मल्ल बरुआ, गोलाघाट से अजीता नेओग और मरियानी से रूपज्योति कुर्मी जैसे नाम पहले से ही मजबूत राजनीतिक पहचान रखते हैं। वहीं रंगानदी, न्यू गुवाहाटी और कुछ अन्य सीटों पर संभावित नए चेहरों की चर्चा यह स्पष्ट करती है कि भाजपा केवल परंपरागत चुनावी समीकरणों पर निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि भविष्य की नेतृत्व संरचना भी तैयार कर रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का यह भी कहना है कि प्रत्याशी चयन में इस बार “विनबिलिटी फैक्टर” यानी जीत की संभावना सर्वोच्च कसौटी बनी हुई है। इसके साथ जातीय और सामुदायिक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, स्थानीय संगठन की मजबूती और विपक्षी दलों की संभावित रणनीति को भी बराबर तवज्जो दी जा रही है। इसलिए अंतिम सूची आते ही राज्य में कई बड़े राजनीतिक संकेत मिल सकते हैं—कहीं बगावत, कहीं उत्सव, तो कहीं नए समीकरणों की शुरुआत। फिलहाल यह पूरी सूची अभी आधिकारिक नहीं मानी जा सकती, क्योंकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व की औपचारिक घोषणा के बाद ही मान्य होगा। फिर भी इतना स्पष्ट है कि भाजपा की आने वाली प्रत्याशी सूची असम की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। अब पूरे राज्य की नजरें पार्टी के अंतिम एलान पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि 2026 के चुनाव में भाजपा किस चेहरे, किस संदेश और किस रणनीति के साथ जनता के बीच जाएगी।