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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ताल कुंडा का सामुदायिक शौचालय, खुलें में शौच करने को मजबूर ग्रामवासी

पंचायत सचिव उदय प्रताप गौतम व ग्राम प्रधान गीता देवी स्वच्छता के नाम पर कर रहे बजट साफ, विकास के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार

बढ़नी- सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सिद्धार्थ नगर जनपद को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है । जिसमें बढ़नी ब्लाक के करीब 77 ग्राम पंचायत भी शामिल हैं। जबकि सही तरीके से सामुदायिक शौचालयों की जांच की जाये तो बहुत ऐसे शौचालय हैं जहां पानी की कोई व्यवस्था नहीं है या फिर हमेशा ताले लटकते रहते हैं।

ताजा मामला ग्राम पंचायत ताल कुंडा गांव का बताया जा रहा है। जहां ग्राम पंचायत को खुले में शौच मुक्त करने के लिए बना सामुदायिक शौचालय बदहाल हैं। लाखों खर्च करने के बाद भी स्थिति बदहाल नजर आ रहा हैं। स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह शौचालय काफी दिनों से बदहाल पड़ा हुआ है। और यहां पानी की कोई व्यवस्था नहीं है नल और पानी की टंकी टूटा फूटा पड़ा हुआ है। और मल मूत्र वाला गड्ढा ध्वस्त पड़ा हुआ है। वहीं बगल में आंगनबाड़ी केंद्र व प्राथमिक विद्यालय के पास बने शौचालय व दिव्यांग शौचालय की स्थिति भी खराब है। मल मूत्र वाला गड्ढा व पानी की कोई व्यवस्था नही है। उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं और जिम्मेदार अधिकारी भी इस मामले पर मौन धारण किये हुए हैं।
गांवों को खुले में शौच मुक्त कराने के उद्देश्य से सरकार ने सामुदायिक शौचालयों पर लाखों रुपये खर्च किए हैं। किंतु पंचायतों में सब कुछ इसके विपरीत ही दिख रहा है। लाखों की लागत से बने शौचालय निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हैं।
यहां लगा देसी नल पिछले कई वर्षों से खराब पड़ा है। पानी की व्यवस्था न होने से ग्रामीण शौच के लिए नहीं आते हैं। शौचालय के बाहर चारों तरफ गंदगी फैली रहती है। यहां बना शौचालय अव्यवस्था का शिकार है। नल खराब और व्यवस्था ध्वस्त नजर आ रहा है। गांव में जगह जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जबकि स्वच्छता के नाम पर लाखों रुपए खर्च किया जा रहा है। ग्रामीणों ने शौचालय संचालन की मांग किया है।

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