✨ नव वर्ष प्रतिपदा पर ग्वारीघाट में निषाद संस्कृति का भव्य उत्सव, श्वेत ध्वज फहराकर हुआ नववर्ष का स्वागत ✨ राजेन्द्र सिंह केवट
✨ नव वर्ष प्रतिपदा पर ग्वारीघाट में निषाद संस्कृति का भव्य उत्सव, श्वेत ध्वज फहराकर हुआ नववर्ष का स्वागत ✨
जबलपुर। सनातन नव वर्ष प्रतिपदा के पावन अवसर पर ग्वारीघाट स्थित प्रभु गृहराज निषाद मंदिर में श्रद्धा, उत्साह और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर की विधिवत सफाई, रंग-रोगन और साज-सज्जा के बाद विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर निषाद संस्कृति के प्रतीक श्वेत ध्वज को बड़े गौरव के साथ फहराया गया। इस पावन क्षण के साथ ही नव वर्ष एवं चैत्र नवरात्रि के आगमन का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय निषाद संघ के महासचिव एवं निषाद समाज ट्रस्ट जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह केवट के नेतृत्व में कार्यक्रम संपन्न हुआ। उनके साथ मंदिर संरक्षक श्री किशनलाल मल्लाह, श्रीमती ममता सिंह केवट, निषाद नीलम शर्मा सहित अनेक समाजसेवी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
🌼 मंदिर को मिला नया दिव्य स्वरूप
भगवान निषाद जी की मूर्ति एवं मंदिर प्रांगण को आकर्षक रूप से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और भव्यता से आलोकित हो उठा।
🎉 23 मार्च 2026 को भव्य निषाद ऋषि पंचमी महोत्सव
चैत्र निषाद ऋषि पंचमी मेला महोत्सव एवं जन्मोत्सव की तैयारियाँ जोरों पर हैं। 23 मार्च 2026 को होने वाले ज्ञात जानकारी के मुताबिक इस आयोजन में विभिन्न निषाद सामाजिक संगठनों एवं हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
🚩 कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां:
सुंदर कांड
दोपहर 2 बजे *रामलला मंदिर से भव्य शोभा यात्रा*
निषाद नौकाघाट पहुंचकर पूजन एवं हवन
*निषाद संस्कृति श्वेत ध्वज पताका फहराना*
*पंच दिव्य ज्योति प्रज्ज्वलन*
नाव/नीर वंदन, नमन
विशाल प्रसाद/भंडारा वितरण
अतिथि स्वागत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
प्रतिभा सम्मान समारोह
अध्ययनरत विद्यार्थियों को लेखन सामग्री उपहार।
*सायंकाल दीपदान एवं महा आरती*
🌟 परंपरा, आस्था और एकता का संदेश
हर वर्ष की भांति यह आयोजन निषाद समाज की सांस्कृतिक एकता, परंपरा और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बनेगा।
👉 यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि निषाद संस्कृति के गौरव, समर्पण और सामाजिक जागरूकता का जीवंत उदाहरण होगा।