गुड़ी पड़वा 2026 की सबको बहुत सारी शुभकामनाएं सब खुशीसे त्योहार मनाए 🙏 • जय श्री राम •
गुड़ी पड़वा एक भारतीय त्योहार है जो हिंदू कैलेंडर के चैत्र शुद्ध प्रतिपदा महीने के पहले दिन महाराष्ट्र में मनाया जाता है। यह शालिवाहन संवत्सर का पहला दिन है। यह वेदांग ज्योतिष किताब में बताए गए साढ़े तीन मुहूर्तों में से एक है।
गुड़ी पड़वा मराठी नए साल (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) की शुरुआत, चैत्र नवरात्रि के पहले दिन और बसंत के मौसम के स्वागत के तौर पर मनाया जाता है [1, 4]। इसे जीत, खुशहाली और एक नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम जी ने रावण को हराकर 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, और इस दिन हर घर में गुढ़ियां बनाकर जश्न मनाया जाता है
गुढ़ी पड़वा मनाने के मुख्य कारण:
नए साल का स्वागत: चैत्र महीने के पहले दिन (प्रतिपदा) को भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी, इसलिए इसे नया साल माना जाता है
जीत का प्रतीक: भगवान राम के अयोध्या लौटने पर लोगों ने गुढ़ियां बनाकर जश्न मनाया। यह भी माना जाता है कि राजा शालिवाहन ने अपने दुश्मनों को हराया था
साढ़े साती मुहूर्त: यह दिन हिंदू धर्म में सबसे शुभ दिनों में से एक है, जब नए काम शुरू करना शुभ माना जाता है
प्रकृति और रबी मौसम: यह त्योहार रबी की फसल की कटाई और वसंत के आगमन के लिए प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है
स्वास्थ्य: यह त्योहार नीम के पत्तों का सेवन करके स्वास्थ्य से जुड़ा है.
गुढ़ी को सकारात्मक ऊर्जा और बुरी प्रवृत्तियों के विनाश का प्रतीक माना जाता है
• जय श्री राम •