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नमामि गंगे स्वच्छता पखवाड़ा: महाविद्यालय में पोस्टर, रंगोली व स्लोगन प्रतियोगिताओं का आयोजन, छात्रों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा


जयहरीखाल संबाददाता कमल उनियाल
जयहरीखाल, 19 मार्च 2026।
नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत 16 मार्च से 31 मार्च 2026 तक चल रहे स्वच्छता पखवाड़ा के तहत आज महाविद्यालय में विविध प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान पोस्टर, रंगोली एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रचनात्मकता और सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता का परिचय दिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता, गंगा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा। महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गंगा स्वच्छता से जुड़े विषयों पर अपनी कल्पनाशीलता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
वाणिज्य संकाय में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने गंगा स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ भारत अभियान जैसे विषयों पर आकर्षक और संदेशपरक पोस्टर तैयार किए। वहीं जूलॉजी सभागार में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने “स्वच्छ गंगा, स्वच्छ भारत” की थीम पर आधारित मनमोहक रंगोलियाँ बनाकर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
इसी क्रम में स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन भी वाणिज्य संकाय में किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने वाले प्रभावशाली और सारगर्भित नारे प्रस्तुत किए। प्रतियोगिताओं में छात्रों की रचनात्मकता और सामाजिक सोच स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. विनीता देवी, डॉ. नेहा शर्मा, डॉ. श्रद्धा भारती, डॉ. दीपिका एवं डॉ. सुमन के समन्वयन में किया गया। सभी प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन विशेष रूप से गठित निर्णायक मंडल द्वारा निष्पक्ष रूप से किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. डॉ. एल. आर. राजवंशी ने अपने संबोधन में कहा कि नमामि गंगे मिशन के तहत आयोजित इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों को राष्ट्रीय अभियानों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के साथ-साथ इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करते हैं। छात्रों द्वारा प्रस्तुत रचनाएँ गंगा संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी वरुण कुमार ने अपने विचार रखते हुए कहा कि स्वच्छता पखवाड़ा का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि युवाओं को इस अभियान का सक्रिय सहभागी बनाना है। उन्होंने कहा कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ समाज को सकारात्मक संदेश देने का मंच मिला है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और जागरूकता का माहौल देखने को मिला, जो गंगा स्वच्छता अभियान को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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