शिक्षकों की गर्मी की छुट्टियां रद्द: 16 मई से घर-घर जाकर करनी होगी जनगणना
महाराष्ट्र। राज्य के शिक्षकों के लिए इस साल गर्मी की छुट्टियां केवल कागजों तक ही सीमित रहने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी स्कूलों में 2 मई से 14 जून तक छुट्टियों की घोषणा तो की गई है, लेकिन जनगणना (Census) के महत्वपूर्ण कार्य के कारण शिक्षकों को इस बार आराम नहीं मिलेगा। शासन के आदेशानुसार, शिक्षकों को इस दौरान मुख्यालय में ही रहकर जनगणना का काम पूरा करना होगा।
🗓️ काम का शेड्यूल और महत्वपूर्ण तारीखें
जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत अप्रैल के अंत से हो रही है। शिक्षकों को निम्नलिखित समय सारणी का पालन करना होगा:
27 अप्रैल से 8 मई: प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण (Training) सत्र।
16 मई से 14 जून: गांवों और शहरों में घर-घर जाकर सूची तैयार करना और मकानों की गणना।
फरवरी 2027: मुख्य जनसंख्या गणना की शुरुआत।
1 मार्च 2027: जाति आधारित जनगणना का कार्य।
📍 मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी
परभणी के जिलाधिकारी संजय सिंह चव्हाण और पुणे के प्राथमिक शिक्षा अधिकारी संजय नाइकडे सहित कई जिलों के प्रशासन ने सख्त आदेश जारी किए हैं। सभी अनुदानित, गैर-अनुदानित प्राथमिक, माध्यमिक स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे छुट्टियों के दौरान अपना मुख्यालय (Duty Station) न छोड़ें।
📝 TET परीक्षा और जनगणना का दोहरा दबाव
शिक्षकों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। एक तरफ जहां उन्हें भीषण गर्मी में घर-घर जाकर गणना करनी है, वहीं दूसरी ओर जुलाई महीने में 'टीईटी' (शिक्षक पात्रता परीक्षा) का भी आयोजन होना है। ऐसे में शिक्षकों को जनगणना के काम के साथ-साथ अपनी परीक्षा की तैयारी भी तालमेल बिठाकर करनी होगी।
💡 राहत की बात: मिलेगी 'विशेष छुट्टी' (Special Leave)
शासन ने स्पष्ट किया है कि जो शिक्षक अपनी गर्मी की छुट्टियों के दौरान जनगणना के काम में तैनात रहेंगे, उन्हें उनके द्वारा किए गए कार्य के बदले उतने ही दिनों की 'विशेष अर्जित छुट्टी' दी जाएगी। इसे वे भविष्य में अपनी सुविधानुसार इस्तेमाल कर सकेंगे।