भारतीय नववर्ष संवत् 2083 राष्ट्र और समाज के लिए सुख शांति दायक हो: मोहनलाल जांगिड़
भारतीय नव वर्ष संवत् 2083 राष्ट्र और समाज के लिए सुख शांति दायक हो: मोहनलाल जांगिड़
पाली- श्री विश्वकर्मा जांगिड़ समाज सेवा समिति पाली अध्यक्ष मोहनलाल जांगिड़ ने कहां की अमावस्या अंधकार की प्रतिक है जिसके बाद एकादशी से चन्द्रमा का प्रकाश फेलने लगता है जो पुर्णिमा को ध्वल चांदनी में परिवर्तित होकर सारे अंधकार का हरण कर लेता है। उसी प्रकार भगवान विश्वकर्मा हमारे समाज का अज्ञान रूपी अंधेरा दूर कर ज्ञान रूपी प्रकाश फेलावे यही प्रार्थना है
वे आज प्राचीन विश्वकर्मा मंदिर में अमावस्या की पूजा-अर्चना के बाद अमावस्या के महत्व पर सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने नववर्ष 2083 की समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय नववर्ष सबके लिए सुखदायक हो । इस अवसर पर समिति सचिव ओमप्रकाश जांगिड़ एवं कोषाध्यक्ष अमरचंद शर्मा के नेतृत्व में भगवान विश्वकर्मा की पूजा अर्चना की गई। जिसमें समाज के बड़े बुजुर्गो के अलावा विश्वकर्मा एकता फ़ोर्स के कार्यकर्ता मोजूद रहे।
रिपोर्ट -घेवर चन्द आर्य