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पोस्टमार्टम के दौरान ‘शव’ में आई ‘जान’! चीरघर से नंगा दौड़ते हुए निकला युवक, नजारा देख खड़े हो गए रोंगटे; जानिए ऐसे क्या हुआ ?

अगर पोस्टमार्टम करते समय कोई लाश अचानक उठ खड़ी हो तो नजारा क्या होगा, इसका अंदाजा आप खुद ही लगा सकते हैं। जी हां… अस्पताल में शव का पीएम करने के दौरान कुछ ऐसा ही हुआ, जिससे वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। एक ‘मृत युवक’ में अचानक ‘जान’ आ गई! होश में आते ही वह नग्न हालत में पीएम हाउस से बाहर की ओर भाग निकला। लेकिन कहानी यही खत्म नहीं होती है। मामले में ट्विस्ट तब आया जब सीएमएचओ का बयान सामने आया।। पढ़िए पूरी खबर…

सल्फास खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयत
यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के गुना जिले का बताया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, हड्डीमिल इलाके का रहने वाला जॉन पारदी (20) नामक युवक ने सल्फास खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। सल्फास खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। बताया गया कि जॉन पारदी मानसिक तनाव में था। हालत बिगड़ती देख उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

युवक बोला- मैं जिंदा हूं
जॉन पारदी ने बताया कि उसने सल्फास की गोली खा ली थी। जिसके बाद किसी ने उसे अस्पताल पहुंचाया था। आरोप है कि उसे जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। जॉन ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान होश आया और पीएम रूम से नंगा भाग गया। लेकिन उसे अस्पताल किसने पहुंचाया, इसकी जानकारी नहीं है ?

कलेक्टर बोले- वेरिफाई किया जा रहा है, CMHO ने बताया तथ्यहीन
इधर, गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि ‘मुझे यह बताया गया है कि यह जानकारी सही नहीं है, अभी इसे वेरिफाई कर रहे हैं।’ वहीं सीएमएचओ राजकुमार ऋषेस्वर ने इस खबर को तथ्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि 11 मार्च की घटना है और 18 मार्च को इसे वायरल किया गया। कोई दस्तावेज नहीं है, अगर है तो उसकी जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि 11 मार्च को युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसे अस्पातल में भर्ती किया गया था। लेकिन वह वार्ड से गायब हो गया था।

सीएमएचओ ने बताया कि मरीज के वार्ड से अनुपस्थिति की सूचना पुलिस को भी दी गई थी। किस डॉक्टर ने मृत घोषित किया है ? जिसने यह खबर चलाई है अगर उसके पास दस्तावेज है तो उपलब्ध कराएं। CMHO ने यह भी कहा कि पीएम के लिए पुलिस बॉडी को शिफ्ट कराती है। पुलिस की तरफ से फॉर्म आता है फिर डॉक्टर पीएम करता है, अगर ऐसे दस्तावेज है तो उपलब्ध कराएं। जिन लोगों ने बिना औचित्य के सरकारी संस्था और डॉक्टर की शाख पर बट्टा लगाया है, वह खराब मानसिकता का परिचय है। हमारा पूरा स्टाफ इससे आहत है।

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