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राज्यसभा में अब आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए मुश्किलों का दौर शुरू होता दिख रहा है। एक साथ सात सांसदों के भाजपा में शामिल होने की खबरों के बाद पार्टी की संख्या घटकर केवल तीन रह जाने की बात सामने आ रही है। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ दिल्ली बल्कि पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज कर दी है।

इसी बीच, हरियाणा AAP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने बड़ा दावा किया है कि पंजाब में पार्टी के 28 विधायक एक साथ बगावत कर सकते हैं। उनका कहना है कि पार्टी के अंदर असंतोष अपने चरम पर है और कई नेता नेतृत्व से नाराज हैं।

जयहिंद ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी छोड़ने वाले कुछ सांसदों के साथ गलत व्यवहार किया गया, यहां तक कि मारपीट तक की नौबत आई। इन आरोपों ने AAP के अंदरूनी विवाद को और उजागर कर दिया है।

राजनीतिक हलचल तब और तेज हो गई जब राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने की खबर सामने आई। उनके साथ स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी के भी भाजपा में जाने की बात कही जा रही है। इससे राज्यसभा में AAP की स्थिति काफी कमजोर होती दिख रही है।

वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बीच AAP नेतृत्व भी सक्रिय हो गया है। पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया दिल्ली लौटकर सीधे अरविंद केजरीवाल से मिले। साथ ही पंजाब के मंत्री बलबीर सिंह ने भी दिल्ली में उनसे मुलाकात की और बीजेपी पर ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाने का आरोप लगाया।

इन सभी घटनाओं के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या पंजाब में AAP सरकार पर खतरा मंडरा रहा है, या ये सिर्फ सियासी रणनीति का हिस्सा है?

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जिले में अभियान बतौर सुधारी जाएंगी राजस्व अभिलेखों की त्रुटियाँ

कलेक्टर ने 5 मई तक माँगी ग्रामवार रिपोर्ट

राजस्व अभिलेखों में दर्ज त्रुटियों के त्वरित सुधार के लिए कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों से संबंधित सभी प्रकरण चिन्हित कर 5 मई 2026 तक ग्रामवार रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है, जिससे त्रुटि सुधार कर संबंधित भूमि स्वामियों को योजनाओं के लाभ में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके।
ज्ञात हो बीते दिनों कलेक्टर द्वारा ली गईं राजस्व अधिकारियों की बैठक में यह तथ्य सामने आया था कि जिले के विभिन्न ग्रामों के कम्प्यूटरीकृत खसरों में भूमिस्वामी स्वत्व संबंधी कॉलम क्रमांक-5 में कई स्थानों पर वास्तविक भूमिस्वामियों के नाम के स्थान पर “अ पुत्र ब” जैसे काल्पनिक नाम दर्ज हैं। साथ ही कुछ प्रकरणों में यह कॉलम रिक्त है। यह त्रुटियाँ अभिलेखों के डिजिटाइजेशन के दौरान उत्पन्न हुई हैं।
कलेक्टर श्रीमती चौहान द्वारा जारी निर्देशों के तहत हल्का पटवारी अपने-अपने ग्रामों में ऐसे सभी सर्वे क्रमांकों की सूची तैयार करेंगे, जहाँ काल्पनिक नाम दर्ज हैं अथवा भूमिस्वामी का कॉलम रिक्त है। साथ ही प्रत्येक सर्वे क्रमांक के लिए कम्प्यूटरीकरण से पूर्व की सही प्रविष्टियों की जानकारी भी संकलित की जाएगी।
यह जानकारी हल्का पटवारी, राजस्व निरीक्षक एवं तहसीलदारों के माध्यम से संकलित कर निर्धारित समय-सीमा में कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 115 के प्रावधानों के अंतर्गत विधिवत त्रुटि सुधार की कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करें, ताकि राजस्व अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित हो सके और भूमिस्वामियों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिले।
#gwalior
CM Madhya Pradesh

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राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 26 अप्रैल को दो सत्रों में होगी

ग्वालियर में 17 परीक्षा केन्द्र बनाए गए

हर परीक्षा केन्द्र सीसीटीव्ही कैमरों की निगरानी में रहेगा

परीक्षा को सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिये कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित

ग्वालियर 25 अप्रैल 2026/ मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार 26 अप्रैल को दो सत्रों में होगी। इस परीक्षा के लिये ग्वालियर में 17 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। इस परीक्षा में 6036 अभ्यर्थी सम्मिलित हो रहे हैं। रविवार 26 अप्रैल को परीक्षा का पहला सत्र प्रात: 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक एवं दूसरा सत्र दोपहर 2.15 बजे से अपरान्ह 4.15 बजे तक होगा। इस बार सभी परीक्षा केन्द्र सीसीटीव्ही कैमरों की निगरानी में रहेंगे।
ग्वालियर में राज्य लोक सेवा आयोग की इस परीक्षा को सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिये कलेक्ट्रेट के कक्ष क्र.-113 में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिसका टेलीफोन नम्बर 0751-2446214 है। कलेक्ट्रेट के अधीक्षक श्री आई आर भगत (मोबा. 94251-35143) को कंट्रोल रूम का प्रभारी बनाया गया है। यह कंट्रोल रूम 26 अप्रैल को प्रात: 8 बजे से परीक्षा समाप्ति तक कार्यशील रहेगा। कलेक्ट्रेट में बनाए गए डिजिटल कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केन्द्रों की निगरानी सीसीटीव्ही कैमरों के माध्यम से की जायेगी। परीक्षा संबंधी कार्य व शिकायत के संबंध में कंट्रोल रूम में संपर्क किया जा सकेगा।
ग्वालियर जिले में परीक्षा पर नजर रखने के लिये राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से श्री के के शर्मा सेवानिवृत सदस्य लोक सेवा आयोग व विधि अधिकारी श्रीमती अनीता शुक्ला को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। परीक्षा के नोडल अधिकारी का दायित्व संयुक्त कलेक्टर श्री विनोद सिंह को सौंपा गया है।
नोडल अधिकारी श्री विनोद सिंह ने बताया कि परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटा पहले परीक्षा केन्द्र पर पहुँचना होगा। उन्होंने बताया कि प्रात: 9.45 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जायेगा।

परीक्षा कक्ष में यह वस्तुएँ प्रतिबंधित रहेंगीं

परीक्षा के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त कलेक्टर श्री विनोद सिंह ने बताया कि परीक्षा कक्ष में पेंसिल, रबर (इरेजर), व्हाइटनर, स्केल, बैग्स व पठन सामग्री नहीं ले जाई जा सकेगी। इसी तरह मोबाइल फोन, पेनड्राइव, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, हैंडफ्री, डिजिटल घड़ी, स्मार्ट घड़ी, एनालॉग घड़ी एवं अन्य ऐसे इलेक्ट्रोनिक उपकरण जो संचार उपकरण के रूप में उपयोग किए जा सकते हैं, वे भी प्रतिबंधित रहेंगे। बालों को बांधने वाले क्लचर, बक्कल, हाथ के बैंड, हाथ में पहने जाने वाले मैटेलिक बैंड, चमड़े के बैंड, कमर में पहने जाने वाले बैल्ट, कफलिंक, धूप का चश्मा, पर्स व वॉलेट एवं टोपी भी प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा चाबी, लाइटर्स, शार्पनर, ब्लैड तथा अन्य कीमती सामान प्रतिबंधित रहेंगे। जूते-मोजे पहनकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश निषिद्ध रहेगा। अभ्यर्थी चप्पल और सेंडल पहनकर परीक्षा कक्ष में आ सकेंगे।
हिजाब, पगड़ी, पल्ला, हाथ में बंधे धागे व बंधन (कलावा), ताबीज एवं अन्य धार्मिक मान्यता की वस्तुओं का सम्मानपूर्वक सूक्ष्मता से परीक्षण किया जायेगा। महिला अभ्यर्थियों की तलाशी पूरी गरिमा के साथ महिला शासकीय सेवकों द्वारा की जायेगी। धार्मिक धागे व महिलाओं के आभूषण उतारे नहीं जायेंगे। महिला अभ्यर्थियों के दुपट्टे व चुन्नियां भलीभांति जांच के बाद तुरंत वापस की जायेंगीं।

परीक्षा कक्ष में इन वस्तुओं को ले जाने की रहेगी अनुमति

ई-प्रवेश पत्र, वैध पहचान पत्र, गोले बनाने के लिये निर्धारित स्याही का पेन, स्वयं का फोटोग्राफ (यदि आवश्यक हो), पानी की पारदर्शी बोतल, दिव्यांग परीक्षार्थियों हेतु उनके लिये आवश्यक सामग्री एवं अन्य ऐसी सामग्री जो ई-प्रवेश पत्र में निर्दिष्ट हो।
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CM Madhya Pradesh

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28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल बना हुआ है। इस अस्थिर स्थिति के बीच खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है।

इसी मुद्दे पर जानकारी हासिल करने के लिए सूचना के अधिकार (RTI) के तहत एक आवेदन दायर किया गया। यह आवेदन छत्तीसगढ़ कांग्रेस के RTI विभाग के अध्यक्ष नितिन राजी सिन्हा द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा गया था, जिसमें पूछा गया था कि संकट की स्थिति में प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं।

लंबी प्रक्रिया के बाद विदेश मंत्रालय से मिले जवाब ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मंत्रालय के खाड़ी प्रभाग के CPIO अनुराग नगर ने लिखित में बताया कि इस संबंध में मांगी गई जानकारी उनके रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय अपने दूतावासों और मिशनों के जरिए विदेशों में रह रहे भारतीयों के कल्याण के लिए लगातार प्रयास करता रहता है।

इस जवाब के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार ने वास्तव में कोई ठोस योजना नहीं बनाई, या फिर जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है।

वहीं, कुवैत में काम कर रहे गुरजिंदर नाम के एक भारतीय ने आरोप लगाया कि संकट के समय दूतावास की ओर से उनसे किसी प्रकार का संपर्क नहीं किया गया। उनके जैसे कई अन्य प्रवासियों ने भी दावा किया कि उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही इंतजाम करने पड़े।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खाड़ी के छह देशों में करीब 89 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं, जिनमें बड़ी संख्या श्रमिक वर्ग की है। इतनी बड़ी आबादी के बावजूद संकट के समय किसी औपचारिक संपर्क की कमी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

इस मामले में अधिक स्पष्टता के लिए विदेश मंत्रालय को ईमेल के जरिए सवाल भेजे गए हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक मंत्रालय की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।

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समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ का जिले में कराया जा रहा है भौतिक सत्यापन

कलेक्टर के निर्देशन में वेयर हाउसों का निरीक्षण जारी

अभिलेखों से गेहूँ की मात्रा का किया मिलान

समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्वालियर जिला प्रशासन द्वारा वेयर हाउसों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर शनिवार को अधिकारियों की टीम ने विभिन्न वेयर हाउसों का निरीक्षण कर उपार्जित गेहूँ की गुणवत्ता और मात्रा का भौतिक मिलान किया।
सत्यापन के दौरान वेयर हाउसों में उपलब्ध गेहूँ की वास्तविक मात्रा का अभिलेखों में दर्ज विवरण से मिलान किया गया, ताकि उपार्जन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे। इस अभियान के अंतर्गत ग्राम गधोटा एवं पिछोर स्थित वेयर हाउसों सहित जिले के अन्य गोदामों का निरीक्षण किया गया।
जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य किसानों द्वारा विक्रय किए गए गेहूँ के प्रत्येक दाने का सही रिकॉर्ड सुनिश्चित करना तथा उपार्जन एवं भंडारण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखना है। भौतिक सत्यापन से उपार्जित गेहूँ की मात्रा और गुणवत्ता की पुष्टि होने के साथ-साथ व्यवस्था में जवाबदेही भी सुनिश्चित हो रही है।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने निर्देश दिए हैं कि समर्थन मूल्य उपार्जन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं की नियमित निगरानी जारी रखी जाए और कहीं भी अनियमितता पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उल्लेखनीय है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम में ग्वालियर जिला प्रशासन उपार्जन केंद्रों से लेकर भंडारण व्यवस्था तक सतत निगरानी रखी जा रही है।
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कैराना (उत्तर प्रदेश): नगर के मोहल्ला स्थित नगर महामंत्री चौधरी आसिफ चौहान एडवोकेट के आवास पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं और किसानों व आम जनता के हितों को लेकर गहन मंथन किया गया। प्रमुख मुद्दे और जनसमस्याएं
​बैठक में पदाधिकारियों ने मुख्य रूप से प्रशासन का ध्यान निम्नलिखित समस्याओं की ओर आकर्षित किया: कार्यकर्ताओं ने बिजली के स्मार्ट मीटरों द्वारा हो रही 'अंधाधुंध' और गलत बिलिंग पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि तकनीकी खामियों के कारण आम उपभोक्ता आर्थिक शोषण का शिकार हो रहा है। नगर की बदहाली: शहर में चरमराई सफाई व्यवस्था और नालियों के चोक होने से उत्पन्न जलभराव की स्थिति पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि इन समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो भाकियू जनहित में सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी। ​कार्यक्रम का कुशल संचालन चौधरी गय्यूर हसन द्वारा किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए नगर अध्यक्ष चौधरी इनाम (कालू) और मंडल महासचिव पुष्कर सैनी ने कहा कि भाकियू हमेशा से दबे-कुचले और किसानों की आवाज रही है और यह लड़ाई मजबूती से जारी रहेगी। ​जिला सचिव चौधरी गुरदीप सिंह, ब्लॉक उपाध्यक्ष फैज़ान अहमद और नगर महामंत्री आसिफ चौहान ने भी अपने विचार रखे और संगठन की मजबूती पर बल दिया।मौजूद रहे: ​चौधरी इनाम (कालू) - नगर अध्यक्ष
​पुष्कर सैनी - मंडल महासचिव
​गय्यूर हसन - मंडल सचिव
​गुरदीप सिंह - जिला सचिव
​फैज़ान अहमद - ब्लॉक उपाध्यक्ष
​आसिफ चौहान - नगर महामंत्री
चौधरी इमरान जिला सचिव,
मोहसिन जैदी मुख्तार खान, राजपाल सिंह, नईम सैफी, चौधरी सालिम, मोहम्मद अहमद खान आदि मोजूद रहे,

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इंफाल में शनिवार को ‘कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी’ (COCOMI) के बैनर तले एक विशाल रैली आयोजित की गई, जिसमें घाटी के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

दोपहर में शुरू हुई इस रैली के तहत लोग लामलॉन्ग बाजार, काकवा कीथेल और टिडिम खेल मैदान जैसे प्रमुख स्थानों पर एकत्र हुए, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण मार्च निकाला। रैली का मुख्य उद्देश्य मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति की बहाली, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और क्षेत्र की अखंडता की रक्षा को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपना था।

हालांकि रैली शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई, लेकिन कुछ स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था। इसी दौरान कई जगहों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

खासकर ख्वैरामबंद इमा कैथेल के पास हालात ज्यादा तनावपूर्ण रहे। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मिलने गए प्रतिनिधियों की खबर का इंतजार कर रहे प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में उनके बंगले के बाहर जमा हो गए थे। वहीं जॉनस्टन स्कूल के पास भी भीड़ इकट्ठा होने से मध्य इंफाल में तनाव और बढ़ गया।

बढ़ती स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बलों ने इमा कैथेल इलाके में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए फिर से आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इससे पहले बाजार में सामान्य गतिविधियां बहाल हो चुकी थीं, लेकिन अचानक हालात बिगड़ने से अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों और खरीदारों को भागने पर मजबूर होना पड़ा।

दूर-दराज से सामान बेचने आईं कई महिला दुकानदारों सहित अन्य लोगों ने हालात बिगड़ने पर पैदल ही सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। फिलहाल किसी बड़े स्तर की हिंसा की खबर नहीं है, लेकिन स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है और अधिकारी हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

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केन्द्रीय जेल ग्वालियर से 26 अप्रैल को होगा प्रदेशव्यापी “विशेष जेल लोक अदालत” का शुभारंभ

प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा करेंगे शुभारंभ

कलेक्टर श्रीमती चौहान ने केन्द्रीय जेल पहुँचकर तैयारियों का लिया जायजा

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा केन्द्रीय जेल ग्वालियर से रविवार 26 अप्रैल को प्रात: 9.30 बजे प्रदेशव्यापी “विशेष जेल लोक अदालत” का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के प्रशासनिक न्यायाधिपति एवं कार्यकारी अध्यक्ष राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर न्यायमूर्ति श्री विवेक रुसिया और उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर के प्रशासनिक न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री आनंद पाठक सहित उच्च न्यायालय के अन्य न्यायमूर्तिगण मौजूद रहेंगे। केन्द्रीय जेल ग्वालियर में आयोजित होने जा रही “विशेष जेल लोक अदालत” से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अन्य जिलों में आयोजित हो रही जेल लोक अदालत भी जुड़ेंगीं।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने शनिवार की शाम केन्द्रीय जेल ग्वालियर में पहुँचकर “विशेष जेल लोक अदालत” की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने जेल अधीक्षक को गरिमामय ढंग से सभी व्यवस्थाओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मुख्य मंच, बैठक व्यवस्था एवं लोक अदालत के लिए बनाए गए काउण्टर्स का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री प्रियंक भारद्वाज, केन्द्रीय जेल के अधीक्षक श्री विदित सरवैया एवं एसडीएम ग्वालियर सिटी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
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#BoycottBJP Aaj Sanghi bhakton k liye matam ka din hai unke papa toh Hindu child murderer nikla..

Muslim dushmani mei Hindu bachche ke hatyare ko self proclaimed Hindu rakshakon ne apna baap bana rakha tha. Khair, abhi toh aur zaleel hona hai inhein, rakshak ke bhesh mei Hinduo ko bargalane wale sab ke sab apradhi hain.....

Murtad Salim Vastik, joh khudko ex-Muslim bata hai Yeh hai uski past story👇

1995 mei usne ek 13 saal ke ladke Sandeep Bansal ko kidnap kiya, joh ek businessman ka beta tha, aur baad mei ransom demand poori na hone par uska murder kar diya....

1997 mei Delhi court ne Salim ko life imprisonment di. Lekin 2000 mei woh parole par bahar aaya aur abscond ho gaya.....

Lagbhag 20 saal pehle woh Ghaziabad mei settle ho gaya, shuru mei construction ka kaam karta tha aur baad mei cleric ban gaya. Lagbhag 7 saal pehle usne Islam chhod diya aur apne naam ke saath “Vasticlk” jod liya. Baad mei usne “Salim Vastic 007” naam ka YouTube channel shuru kiya, jahan woh Islam aur Muslims ke khilaf bolta tha, jisse Hindu groups ka support mila aur usne apni pehchaan ek ex-Muslim ke roop mei bana li....

Haal hi mei, Ghaziabad mei uss par 2 bhai young Muslim ladkon ne attack kiya hamla mei salim Zakhmi hua aur ek hi hafte mei UP Police ne un Dono bhaiyon ka encounter kar unko Shaheed kar diya, iss attack hone ke baad salim Ka naam national level par charcha mei aa gaya. Iss dauraan Delhi Police ko uske purane crimes ka pata chala, unhone verify kiya aur uske recover hone ka intezar kiya....

Kal raat Delhi Police Ghaziabad pahunchi, usse arrest kiya aur custody mei le liya. Ab usse court mei pesh kiya jayega. Yeh hai so-called Islamophobic logon ki reality, jinhe BJP aur Hindu organisations se support mila tha..!!!!!

#muslimvoicematter #MuslimLiveMatter #Islamophobia_In_India #ilovemuhammadﷺ #ReleaseAllPoliticalPrisoners #muslimleadershipmatter #NoVoteToBJP #indianpolitics #AllEyesOnIndianMuslims

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सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण पर दें विशेष ध्यान – कलेक्टर

मुरैना, 24 अप्रैल 2026।जिले में सीएम हेल्पलाइन की लगातार गिरती रैंकिंग को लेकर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिला अधिकारियों को 100 दिन से अधिक लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने से ही जिले की स्थिति में सुधार संभव है।

एसडीएम करेंगे नियमित मॉनिटरिंग

टीएल बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि राजस्व संबंधी शिकायतों की मॉनिटरिंग संबंधित एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में सप्ताह में दो दिन स्वयं करें। इस दौरान एल-1 अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। फूड विभाग से संबंधित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा अपर कलेक्टर द्वारा करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत, सभी एसडीएम, नगर निगम आयुक्त, जिला अधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ एवं तहसीलदार उपस्थित रहे।

उपार्जन कार्य में तेजी लाने के निर्देश

कलेक्टर ने गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए बताया कि जिले के 38 खरीदी केंद्रों पर 15 अप्रैल से खरीदी कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने किसानों को अधिक से अधिक स्लॉट बुकिंग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। छोटे किसानों को प्राथमिकता देने तथा संबंधित अधिकारियों—सोसायटी, पटवारी, पंचायत सचिव, जीआरएस एवं आरईओ—को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा। साथ ही एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों के 3-4 खरीदी केंद्रों का निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

ई-विकास और नरवाई पर सख्ती

ई-विकास प्रणाली की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने उर्वरक वितरण में लापरवाही बरतने वाले दुकानदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही खेतों में नरवाई जलाने वाले किसानों के खिलाफ कृषि विभाग को कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जल गंगा संवर्धन अभियान पर जोर

जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पूर्व निर्मित खेत तालाब एवं अमृत सरोवरों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा डगवेल तालाबों का सौंदर्यीकरण कर वृक्षारोपण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जलभराव के बाद फोटोग्राफी भी सुनिश्चित की जाए। बरसात के दौरान स्कूलों तक पहुंच में बाधा न हो, इसके लिए आवश्यक स्थानों पर सीसी रोड निर्माण के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।

माइनिंग गतिविधियों पर कड़ी निगरानी

कलेक्टर ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत माइनिंग कार्यों में संलग्न वाहनों में जीपीएस सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाए जाने के निर्देश दिए। अवैध उत्खनन एवं डंपिंग के मामलों में पुलिस एवं वन विभाग को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

ई-ऑफिस और प्रशिक्षण पर बल

कलेक्टर ने सभी विभागों को ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से ही फाइलों के निस्तारण के निर्देश दिए तथा ऑफलाइन फाइलों पर रोक लगाने को कहा। साथ ही कर्मयोगी भारत (आईगोट) के तहत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिलाने पर जोर दिया।

समग्र आईडी को आधार से लिंक करने के निर्देश

जिले में लगभग 24 लाख 60 हजार समग्र आईडी दर्ज होने की जानकारी देते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी समग्र आईडी को आधार से लिंक करना सुनिश्चित किया जाए, ताकि दोहरी प्रविष्टियों को रोका जा सके। इस कार्य को गति देने के लिए संबंधित कर्मचारियों की नियमित समीक्षा एवं प्रशिक्षण गूगल मीट के माध्यम से कराने के निर्देश भी दिए गए।
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गंभीर बीमारी या लंबी सीसीएल पर हों, तभी जनगणना ड्यूटी से मुक्त होंगे - कलेक्टर

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि हमारी जनगणना-हमारा विकास के तहत सभी अधिकारी व कर्मचारी कार्य करें। जनगणना कार्य के लिए जिन अधिकारी, कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा चुकी है, उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। वे सभी जनगणना का कार्य पूरी पारदर्शिता और त्रुटिरहित पूर्ण कराएं। गंभीर बीमारी या लंबी सीसीएल (मेटरनिटी लीव) पर होने वाले कर्मचारियों को ड्यूटी से मुक्त रखा जाए। ये निर्देश उन्होंने बैठक के दौरान आयुक्त नगर निगम और समस्त जनगणना से जुड़े अधिकारियों को दिए।
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भागलपुर के नाथनगर निवासी 22 वर्षीय होटल संचालक राजा कुमार की वारसलीगंज स्थित किराये के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। फरवरी में प्रेम विवाह करने वाले राजा का शव जमीन पर पड़ा मिला और उसके गले पर फंदे के गहरे निशान पाए गए हैं, जबकि उसकी पत्नी ने परिजनों को गुमराह करते हुए मौत की वजह सीढ़ियों से गिरना बताया है। ढाबे पर काम करने वाले राजा के घर न पहुँचने पर जब माँ मौके पर पहुँची, तब इस वारदात का खुलासा हुआ। फिलहाल पुलिस और मायागंज अस्पताल के डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में मामला हैंगिंग का लग रहा है, लेकिन पत्नी के विरोधाभासी बयानों और संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस मृतक के मोबाइल फोन और आखिरी कॉल्स के जरिए हत्या या आत्महत्या के इस रहस्य को सुलझाने में जुटी है।

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ईरान और अमेरिका के बीच पिछले करीब दो महीनों से जारी तनाव और सैन्य संघर्ष के बीच अब एक हल्की राहत की खबर सामने आई है। तेहरान के प्रमुख हवाई अड्डों से अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं दोबारा शुरू कर दी गई हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच औपचारिक रूप से युद्धविराम की घोषणा हो चुकी है, लेकिन आपसी रिश्तों में अब भी तनाव बरकरार है और हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।

शनिवार सुबह से सीमित स्तर पर कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू किया गया। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान से उड़ान भरने वाले विमानों ने मदीना, मस्कट और इस्तांबुल जैसे शहरों के लिए यात्रियों को रवाना किया। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में उड़ानों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी, ताकि फंसे हुए यात्रियों को राहत मिल सके और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बहाल हो सके।

इससे पहले, इसी हफ्ते ईरान के मशहद एयरपोर्ट से भी उड़ान सेवाएं शुरू की गई थीं। इसके बाद अब देश के अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर भी स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती नजर आ रही है। सरकार और एयरलाइंस मिलकर हालात को स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि इज़राइल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी इस संघर्ष के दौरान तेहरान समेत कई अहम हवाई अड्डे हमलों का निशाना बने थे। इज़राइली वायु सेना द्वारा बहराम, मेहराबाद और अजमायश एयरपोर्ट पर किए गए हवाई हमलों में भारी नुकसान हुआ था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई और बुनियादी ढांचे को भी गंभीर क्षति पहुंची।

फिलहाल उड़ानों की बहाली को एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, लेकिन क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या यह युद्धविराम स्थायी शांति में बदल पाता है या फिर हालात दोबारा बिगड़ते हैं।

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ਪੰਜਾਬ ਪਲੈਨਿੰਗ ਬੋਰਡ ਵਿਭਾਗ ਚਿੱਟੇ ਹਾਥੀ ਹਨ, ਨੱਬੇ ਦੇ ਦਹਾਕੇ ਵਿੱਚ ਸਾਬਕਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਵਲੋਂ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਸੀ ਕਿ ਸੌ ਰੁਪਏ ਵਿੱਚੋਂ ਪੰਦਰਾਂ ਰੁਪਏ ਆਖ਼ਰੀ ਲਾਭ ਪਾਤਰ ਕੋਲ ਪਹੁੰਚਦੇ । ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪੰਦਰਾਂ ਵੀਹ ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਸੈਂਟਰਲ ਪਲੈਨਿੰਗ ਕਮਿਸ਼ਨ ( ਹੁਣ ਨੀਤੀ ਆਯੋਗ) ਨੇ ਮੀਡੀਆ ਵਿੱਚ ਮੰਨਿਆ ਸੀ ਕਿ ਸੌ ਵਿਚੋਂ ਪੰਦਰਾਂ ਵੀਹ ਰੁਪਏ ਲੱਗਦੇ ਤੇ ਸਵਾਲ ਉੱਠਿਆ ਕਿ ਫਿਰ ਪਲੈਨਿੰਗ ਕਮਿਸ਼ਨ ਦੀ ਕੀ ਜਰੂਰਤ, ਜੇਕਰ ਸੌ ਵਿਚੋਂ ਪੰਦਰਾਂ ਵੀਹ ਰੁਪਏ ਹੀ ਲੱਗਦੇ ਤੇ ਬਾਕੀ ਵਿਚਕਾਰ ਹੀ ਖਾਂਦੇ ਜਾਂਦੇ ਤਾਂ ਲੋਕ ਕਹਿੰਦੇ ਇਹ ਕੰਮ ਤਾਂ ਕੋਈ ਵੀ ਐਰਾ ਗੈਰਾ ਨੱਥੂ ਖੈਰਾ ਹੀ ਕਰਾ ਦੇਵੇਗਾ । ਫਿਰ ਇਹ ਵੱਡੇ ਚੌੜੇ ਸਟੇਟ ਪਲੈਨਿੰਗ ਬੋਰਡ, ਜਿਲਾ ਪਲੈਨਿੰਗ ਬੋਰਡ ਆਦਿ ਵਰਗੇ ਚਿੱਟੇ ਹਾਥੀ ਕਿਉਂ ਬੰਨੇ ਹੋਏ, ਉੱਪਰੋਂ ਸਟੇਟ ਦਾ ਇੱਕ ਪਲੈਨਿੰਗ ਮਹਿਕਮਾ ਹੈ ,
ਸਟੇਟ ਦੇ ਹਰੇਕ ਵਿਭਾਗ ਵਿੱਚ ਇਕ ਪਲੈਨਿੰਗ ਵਿੰਗ ਹੈ ਜਿਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਕਰਮਚਾਰੀ- ਅਧਿਕਾਰੀ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਨਾਲੇ ਮੰਤਰੀ ਸੰਤਰੀ ਵੀ ਹਨ। ਇਹ ਸਾਰੇ ਚਿੱਟੇ ਹਾਥੀ ਕੰਮ ਕੀ ਕਰਦੇ ਜੇਕਰ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਪੰਜ ਲੱਖ ਦੇ ਕਰੀਬ ਕਰਜ਼ਾ ਚੜ੍ਹ ਚੁੱਕਿਆ
ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪਲੈਨਿੰਗ ਬੋਰਡ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਇਕੱਠੀਆਂ ਕਰਨੀਆਂ, ਸਟੇਟ ਪਲੈਨਿੰਗ ਬੋਰਡ ਨੇ ਮਾਹਿਰਾਂ ਰਾਹੀਂ ਸਲਾਹ ਅਤੇ ਦਿਸ਼ਾ ਦੇਣੀ , ਸਟੇਟ ਪਲੈਨਿੰਗ ਵਿਭਾਗ ਨੇ ਸਕੀਮਾਂ ਲਾਗੂ ਕਰਵਾਉਣੀਆਂ ਤੇ ਪੈਸੇ ਦੀ ਵੰਡ ਅਤੇ ਵਰਤੋਂ ਦਾ ਖਿਆਲ ਰੱਖਣਾ । ਇਹ ਮੁੱਖ ਕੰਮ ਹਨ ਜੋ ਪਲੈਨਿੰਗ ਵਿਭਾਗ ਅਤੇ ਪਲੈਨਿੰਗ ਬੋਰਡਾਂ ਨੇ ਕਰਨੇ ਹੁੰਦੇ । ਸਟੇਟ ਪਲੈਨਿੰਗ ਵਿਭਾਗ , ਸਟੇਟ ਪਲੈਨਿੰਗ ਬੋਰਡ , ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪਲੈਨਿੰਗ ਬੋਰਡਾਂ ਨੂੰ ਕੁਝ ਸਵਾਲ ਹਨ , ਕੁਦਰਤੀ ਸੰਤੁਲਨ ਲਈ 33% ਜੰਗਲ - ਹਰਿਆਲੀ ਚਾਹੀਦੀ ਪਰ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ਼ ਤਿੰਨ ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਦੇ ਕਰੀਬ ਜੰਗਲਾਤ ਕਿਉਂ , ਮੀਡੀਆ ਰਿਪੋਰਟਾਂ ਮੁਤਾਬਕ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਤਕਰੀਬਨ ਦੋ ਹਜ਼ਾਰ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪ੍ਰਾਇਮਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿੱਚ ਪੰਜ ਕਲਾਸਾਂ ਪਿੱਛੇ ਇੱਕ ਟੀਚਰ ਹੈ ਜਦੋਂ ਕਿ ਸਿੱਖਿਆ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰ ( right to education) ਮੁਤਾਬਕ 6-14 ਸਾਲ ਤੱਕ ਸਿੱਖਿਆ ਜਰੂਰੀ , ਫਿਰ ਪਲੈਨਿੰਗ ਕਿਥੇ ਜਾਂ ਨੀਤੀ ਲਾਗੂ ਕਿਉਂ ਨਹੀਂ, ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਟਾਊਨ ਪਲੈਨਿੰਗ ਵਾਲੇ ਪਹਿਲਾਂ ਤਾਂ ਅੱਧੀਆਂ ਅਧੂਰੀਆਂ ਸੜਕਾਂ ਬਣਾਉਂਦੇ , ਫਿਰ ਚੌਥੇ ਮਹੀਨੇ ਪੁੱਟਣ ਲੱਗ ਜਾਂਦੇ ਕਿ ਸੀਵਰੇਜ ਪਾਉਣਾ , ਬਿਜਲੀ ਤਾਰਾਂ ਪਾਉਣੀਆਂ, ਟ੍ਰੈਫ਼ਿਕ ਲਾਈਟਾਂ ਪੁੱਟ ਕੇ ਗੋਲ ਚੌਂਕ ਬਣਾਉਣੇ ਆਦਿ ਆਦਿ ਪਰ ਕਿਉਂ ਮੁਹਾਲੀ ਸ਼ਹਿਰ ਨੂੰ ਵਰਡ ਕਲਾਸ ਸਿਟੀ ਕਹਿਣ ਵਾਲੇ ਨੇਤਾ , ਜ਼ਿਲਾ ਪਲੈਨਿੰਗ ਬੋਰਡ ਜਵਾਬ ਦੇ ਸਕਦੇ ਕਿ ਮੁਹਾਲੀ ਵਿੱਚ ਹਰਿਆਲੀ ਕਿੰਨੇ ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਹੈ, ਉੱਪਰੋਂ ਜਿਥੇ ਚਾਰ ਗੱਜ ਜਗਾ ਮਿਲੇ ਉੱਥੇ ਕਲੋਨੀਆਂ ਕੱਟੀ ਜਾਂਦੇ , ਸ਼ੋ ਰੂਮ ਬਣਾਈ ਜਾਂਦੇ ਜਾਂ ਵੱਡੇ ਛੋਟੇ ਘਰਾਂ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਪਬਲਿਕ ਟਾਇਲਟ ( ਸੈਕਟਰ 69 ) ਬਣਾਈ ਜਾਂਦੇ ਤਾਂ ਕਿ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਫੈਲਣ ਤੇ ਫਿਰ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਦੱਸ ਲੱਖ ਵਾਲੀ ਬੀਮਾ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਇਲਾਜ ਕਰਵਾਉਣ ਤੇ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਵਾਹ ਵਾਰ ਹੋਵੇ। ਸਟੇਟ ਪਲੈਨਿੰਗ ਵਿਭਾਗ ਤੇ ਪਲੈਨਿੰਗ ਬੋਰਡ ਆਦਿ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਮੁਫਤਖੋਰੀਆਂ ਤੇ ਬੰਦਸ਼ ਕਿਉਂ ਨਹੀਂ ਲਗਾਉਂਦੇ ? ਜਦੋਂ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਕੋਲ ਤਰੱਕੀ ਲਈ ਕੋਈ ਪੈਸਾ ਨਹੀਂ ਬਲਕਿ ਕਰਜ਼ਾ ਲੈਣਾ ਪੈ ਰਿਹਾ,
ਪਲੈਨਿੰਗ ਬੋਰਡਾਂ ਵਿਚ ਮਾਹਿਰ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਪਰ ਅਸਲੀਅਤ ਵਿਚ ਮਾਹਿਰਾਂ ਦੀ ਥਾਂ ਸੱਤਾ ਧਿਰ ਦੇ ਹਾਰੇ ਹੋਏ ਨੇਤਾ ਜਾਂ ਫਿਰ ਵੋਟਾਂ ਬਟੋਰਨ ਵਾਲੇ ਸਾਥੀਆਂ ਨੂੰ ਕੁਰਸੀਆਂ ਦੇ ਕੇ ਨਿਵਾਜਿਆ ਜਾਂਦਾ, ਜਿਸ ਦਾ ਨਤੀਜਾ ਉਪਰੋਕਤ ਸਵਾਲ ਹਨ । ਜੋ ਘਰ ਪਲੈਨਿੰਗ ਨਾਲ ਨਹੀਂ ਚੱਲਦਾ , ਉਹ ਤਾਂ ਘਰ ਉੱਜੜ ਜਾਂਦਾ ਫਿਰ ਬਿਨਾਂ ਪਲੈਨਿੰਗ ਸਟੇਟ ਕਿਵੇਂ ਬਚ ਸਕਦੀ
ਪਲੈਨਿੰਗ ਵਿਭਾਗ , ਪਲੈਨਿੰਗ ਬੋਰਡ ਅਪਣੀ ਜਿੰਮੇਵਾਰੀ ਸਮਝੇ ਤੇ ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਅਤੇ ਸਦੀਵੀ ਪਲੈਨਿੰਗ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਕਰੇ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਪਲੈਨਿੰਗ ਵਿਭਾਗ ਅਤੇ ਪਲੈਨਿੰਗ ਬੋਰਡਾਂ ਨੂੰ ਚਿੱਟੇ ਹਾਥੀ ਹੀ ਕਿਹਾ ਜਾਵੇਗਾ । ਇਕ ਹੋਰ ਵੱਡੀ ਸਚਾਈ ਵੀ ਹੈ ਕਿ ਜੇ ਪਲੈਨਿੰਗ ਬਣ ਵੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਪਲੈਨਿੰਗ ਲਾਗੂ ਕਰਨ / ਕਰਵਾਉਣ ਲੱਗਿਆਂ ਵੋਟ ਬਟੋਰੋ ਨੀਤੀ ਭਾਰੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ।

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सामाजिक आर्थिक रूप से कमज़ोर व्यक्तियों को उनकी भूमि पर कब्ज़ा दिलाया जाए - कलेक्टर श्री जांगिड़

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने शुक्रवार को टीएल बैठक में बंधुआ मजदूरी की समस्या के प्रभावी निराकरण हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक आर्थिक रूप से कमज़ोर व्यक्तियों को उनकी भूमि पर कब्ज़ा दिलाया जाए, ताकि वे स्वयं की भूमि पर खेती कर सकें। एससी व एसटी की भूमि से कब्जा हटाने के निर्देश तहसीलदारों को दिये।
बैठक में विशेष रूप से आदिवासी, शोषित एवं अन्य वर्गों की स्थिति पर गंभीरता से विचार कर प्रकरणों की पहचान की जाए, जहां आदिवासी एवं कमजोर वर्गों को उनकी स्वयं की भूमि पर कब्जा न देकर बंधुआ मजदूरी के लिए बाध्य किया जा रहा है या उन्हें बहला फुसला कर उनकी ही भूमि पर बंधक श्रमिकों की तरह कार्य कराया जा रहा है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों को मुक्त कराया जाए तथा उनकी भूमि पर वैधानिक अधिकार सुनिश्चित किए जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त होने वाले भूमि कब्जा संबंधी प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जाए। उन्होंने बंधुआ मजदूरों पर कार्यशाला आयोजित कराने के निर्देश सहायक श्रमायुक्त को दिए।
बैठक मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत, समस्त एसडीएम एवं समस्त जिलाधिकारी, जनपद सीईओ एवं तहसीलदार मौजूद थे।
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महाराष्ट्र:पुणे में सड़क पर एक गर्भवती महिला ने नवजात शिशु को जन्म दिया है. इस मां और बच्चे के लिए एक डॉक्टर किसी फरिश्ते से कम साबित नहीं हुई. यह घटना शिरूर ग्रामीण अस्पताल के ठीक बगल में हुई. जोशीवाड़ी की रहने वाली महिला को ग्रामीण अस्पताल जाते समय प्रसव पीड़ा महसूस हुई. हालांकि, जब दर्द असहनीय हो गया, तो वह वहीं सड़क पर बैठ गई. वहां मौजूद लोगों ने उसकी हालत देखी और, अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए, तुरंत डॉ. सुनीता पोटे को सूचित किया.
जानकारी के मुताबिक, महिला जब अपने घर से अस्पताल के लिए निकली थी तो उसे रास्ते में ही प्रसव पीड़ा महसूस हुई, जिसके बाद वो रास्ते में ही बैठ गई. महिला जोशीवाड़ी की रहने वाली बताई जा रही है और वो ग्रामीण अस्पताल जा रही थी. इस दौरान महिला को रास्ते में प्रसव पीड़ा हुई जिससे उसकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ने लगी. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत डॉ. सुनीता पोटे को सूचित किया, जिसके बाद वो महिला के पास पहुंची और बिना किसी देरी के स्थिति का जायजा लिया.

महिला का सड़क पर कराया प्रसव
महिला की हालत गंभीर होने की वजह से उसे तुंरत वहं प्रसव के लिए तैयार किया गया. महिला डॉक्टर ने सड़क पर ही प्रसव कराने का फैसला किया. डॉ. पोटे ने महिला की इस दौरान देख रेख की और सुरक्षित प्रसव कराकर इंसानियत की मिसाल पेश की. तनावपूर्ण स्थिति तुरंत ही खुशी के माहौल में बदल गई. डॉ. पोटे सचमुच मां और उसके बच्चे की मदद के लिए एक फरिश्ते की तरह दौड़ी चली आईं.

डॉक्टर ने पेश की इंसानियत की मिसाल
डॉ. पोटे ने बताया कि अगर तुरंत प्रसव नहीं कराया गया, तो मां- बच्चे दोनों में से किसी के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता था. खतरे देखते हुए उन्होंने सड़क पर ही प्रसव कराने का फैसला किया. सबकी नजरें इस मेडिकल प्रक्रिया पर टिकी थीं, और माहौल तनावपूर्ण था. हर कोई पूरी शिद्दत से प्रार्थना कर रहा था, तभी अचानक, एक नवजात शिशु के रोने की आवाज गूंज उठी. डॉ. पोटे खड़ी हुईं, और अपनी बाहों में उस नन्हे शिशु को सुरक्षित देखकर, सबने राहत की सांस ली.

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तामुलपुर में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें नलबाड़ी के हारिभांगा के प्रसिद्ध ‘भास्करज्योति बिहू हुंचरी दल’ के कलाकारों की गाड़ी एक ट्रेलर से आमने-सामने टकरा गई। यह हादसा उस समय हुआ जब दल रात में कार्यक्रम खत्म कर तामुलपुर के बंगालीपारा में प्रदर्शन के लिए जा रहा था।

इस भीषण दुर्घटना में 25 वर्षीय प्रतिभाशाली नर्तकी निशामणि हालोई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 अन्य कलाकार गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से 5 की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज (GMCH) रेफर किया गया है।

निशामणि, गोरेश्वर के निजखारा गाँव के रमेन हालोई की बेटी थीं और परिवार की मुख्य कमाने वाली थीं। वह बिहू नृत्य के साथ-साथ ‘नागाड़ा नाम’ लोकगायन के लिए भी जानी जाती थीं। हादसे से कुछ समय पहले ही उन्होंने बिहू पोशाक में एक इंस्टाग्राम रील भी पोस्ट की थी, जो अब उनकी आखिरी याद बन गई है।

घटना की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता रमेन हालोई ने भावुक होकर कहा कि उनकी बेटी बेहद प्रतिभाशाली और परिवार की सबसे लाडली थी, जिसने अपने संघर्षों से घर को संभाला और एक पक्का मकान बनाने का सपना भी देखा था।

यह हादसा तामुलपुर-नाग्रीजुली मार्ग के नोआखाट में हुआ। पुलिस ने ट्रेलर चालक शरणजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

निशामणि का पार्थिव शरीर जब घर पहुंचा, तो पूरा गांव शोक में डूब गया। एक उभरती कलाकार की इस असमय मौत ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे सांस्कृतिक जगत को झकझोर कर रख दिया है।

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कलेक्टर की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक सम्पन्न

वर्ष 2026-27 का नया सत्र प्रारंभ हो गया है, प्राप्त लक्ष्य के अनुसार योजनाओं में प्रगति लाएं - कलेक्टर

मैदानी कर्मचारी कार्य के प्रति सतर्क रहें

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की समीक्षा बैठक गत दिवस कलेक्ट्रेट सभागार, मुरैना में आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि वर्ष 2026-27 का नया सत्र प्रारंभ हो गया है। प्राप्त लक्ष्य के अनुसार मैदानी अधिकारी, कर्मचारी योजनाओं में प्रगति लाएं। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पदमेश उपाध्याय, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री ओ.पी. पाण्डे, सिविल सर्जन डॉ. गजेन्द्र सिंह तोमर, समस्त सीबीएमओ, बीपीएम, सीडीपीओ तथा मैदानी स्वास्थ्य अमला उपस्थित रहा।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अनमोल पोर्टल की प्रगति का अवलोकन करते हुए पाया कि विभाग द्वारा किए गए कार्य का पोर्टल पर अपलोड उसी दिन किया जाए, इस कार्य में विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चार एएनसी, गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, मध्यम एवं गंभीर एनीमिया की पहचान तथा हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन में उपलब्धि लक्ष्य के अनुरूप नहीं है। साथ ही सीबीएमओ को अपने-अपने ब्लॉकों में नियमित समीक्षा एवं प्रभावी मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की बीपी, शुगर की जांच नियमित हो, इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

कलेक्टर ने महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा की

कलेक्टर ने महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नया सत्र वर्ष 2026-27 प्रारंभ हो चुका है। जिसमें प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी हितग्राही योजना का लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत पंजीयन कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने आंगनबाड़ी में बच्चों शत-प्रतिशत उपस्थिति, टीएचआर वितरण समय पर करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि एनआरसी पूरी क्षमता के साथ संचालित रहें, इसके लिए सीडीपीओ, सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने समस्त सीडीपीओ को निर्देश दिए कि विभाग के अंतर्गत काफी संख्या में सीएम हेल्पलाइन 50 और 100 दिवस की लंबित है, इन सीएम हेल्पलाइन को शीघ्र निराकरण करें।
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Defiant Sir Keir Starmer stands by sacking of Olly Robbins - and signals intention to fight on

The prime minister has defended his decision to fire the former Foreign Office chief over the Peter Mandelson vetting process amid calls for him to resign.

Prime Minister Sir Keir Starmer, pictured at 10 Downing Street on Wednesday. Pic: PA


Sir Keir Starmer has defended his decision to sack Olly Robbins over the vetting process for Peter Mandelson - saying the senior civil servant only faced the "everyday pressure of government".

The prime minister fired Sir Olly last week over his decision not to tell him that the former Labour peer had failed security checks ahead of his appointment as ambassador to Washington in December 2024.

The former Foreign Office chief said there was an "atmosphere of pressure" and "constant chasing" from Downing Street while the vetting process was taking place.

However, Sir Keir said during Prime Minister's Questions on Wednesday that "no pressure existed whatsoever in relation to this case".

And, in an interview with The Sunday Times, the PM has said that he made a distinction between "different types of pressure".

He said: "There's pressure - 'can we get this done quickly?' - which is not an unusual pressure.

"That is the everyday pressure of government."

Sir Keir said a pressure, "essentially, to disregard the security vetting element and give clearance", would be something different, and that Sir Olly "was really clear in his mind that wasn't pressure that was put on him".

Asked if he regretted firing Sir Olly so quickly after information came to light about the vetting, Sir Keir said: "When there's a double red flag not to give clearance [showing] high concern, then I'm sorry. I'm sorry.

"But I do not accept the argument that that is something which should not be told to the prime minister."

Sir Keir said it was a "fundamental matter" to have told him about the vetting.

He also rejected a suggestion he could have been more curious about Mandelson's clearance.

He said: "When I'm told there's security clearance, should I go back and quiz officials and say 'are you telling me the truth?'."

Questions over the vetting scandal will carry on into next week, when Morgan McSweeney, Sir Keir's former chief of staff, is due to appear before committee of MPs.

There have been calls for Sir Keir to resign over the Mandelson saga, and he is facing more pressure, with polls making grim reading for Labour ahead of May's elections for English councils and the Scottish and Welsh parliaments.

However, he told The Sunday Times that he would stay on - and fight the next general election.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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27 अप्रैल से 3 मई तक प्रशासन गांव की ओर

कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार जिले में आमजन को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु 27 अप्रैल से 3 मई तक प्रशासन गांव की ओर अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत दिन में सभी शासकीय संस्थाओं एवं कार्यो का भ्रमण, हितग्राहियों से संवाद तथा संध्याकालीन ग्राम चौपाल में ग्रामीणों से चर्चा की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि अभियान का उद्देश्य से शासकीय योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन में समस्याओं को चिन्हांकित कर लोकसेवाओं की प्रदायगी में सुधार लाना है। समस्त विभागों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी एक साथ ग्रामों का भ्रमण करेंगे। लगातार एक सप्ताह तक 20 से अधिक ग्रामों में भ्रमण किया जाएगा।
विकासखंडवार भ्रमण का विस्तृत कैलेंडर भी निर्धारित किया गया है -
27 अप्रैलः पोरसा जनपद - रजौधा, अर्रोन, सिकेरा
28 अप्रैलः कैलारस जनपद - कोट सिरथरा, रीझोनी, किरावली
29 अप्रैलः अंबाह जनपद - कुथियाना, लहर, वीरपुर
30 मईः पहाड़गढ़ जनपद - धोंधा, गेहटोली, कुस्मानी
01 मईः जौरा विकासखंड - मैनाबसई, गणेशपुरा, टिकटोली गुर्जर
02 मईः मुरैना जनपद - मितावली, पढ़ावली एवं ऐंती
03 मईः सबलगढ़ जनपद - रामपुरकलां, बमरोली, जलालगढ़
इस पहल का उद्देश्य शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और क्षेत्रीय समस्याओं का मौके पर निराकरण करना है।
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Mother and child die after getting ' into difficulty ' in water in London park

Police thanked first responders and members of the public at Elthorne Park who "did their very best in an incredibly challenging situation".

Police and firefighters at the scene in Elthorne Park

A mother and her child have died after getting "into difficulty" in the water in a west London park, police said.

Officers were called just before 4.30pm to Elthorne Park, Ealing, which is bordered by the River Brent, following "reports of two people in difficulty in the water".

The pair, believed to be a mother and her son, were recovered from the water, but died at the scene. Their ages have not been revealed.

A Metropolitan Police statement said: "Officers attended with the London Ambulance Service and the London Fire Brigade.

"A woman and child were recovered from the water. We are not able to confirm their ages at this stage.

"Very sadly, despite the best efforts of the emergency services who provided urgent medical care, they were both pronounced dead at the scene."

Police are working to identify their next of kin.

Detective Superintendent Pete Thackray, from the Met's West Area Command Unit, said: "This is a tragic incident in which a woman and her young child have lost their lives. Our thoughts are with their loved ones.

"I would also like to acknowledge the efforts of the first responders, and members of the public, who did their very best in an incredibly challenging situation.

"While an investigation into what took place is under way, all initial indications are that the circumstances are not suspicious."

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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*प्रकाशनार्थ*

*गैस आपूर्ति में रुकावट से उर्वरक नीति की खामियां उजागर*
*(आलेख : निशिथ चौधरी, अनुवाद : संजय पराते)*

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में गंभीर रुकावटें आई हैं, जिसके परिणामस्वरूप उर्वरक उत्पादन में कटौती, आयात में गिरावट, कीमतों में बढ़ोतरी और बड़े पैमाने पर अनिश्चितता का माहौल बन गया है ; यह स्थिति सीधे तौर पर कृषि की स्थिरता के लिए खतरा पैदा कर रही है। बहरहाल, इस संकट की जड़ें पूरी तरह से बाहरी नहीं हैं ; बल्कि ये उस नव-उदारवादी नीति में भी निहित हैं, जो घरेलू संसाधनों के उपयोग और दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता के बजाय आयात पर निर्भरता को प्राथमिकता देती है।

अमोनिया और यूरिया का उत्पादन प्राकृतिक गैस पर बहुत ज़्यादा निर्भर करता है ; यूरिया उत्पादन की कुल लागत में प्राकृतिक गैस का हिस्सा लगभग 70–80 प्रतिशत होता है। भारत अपनी प्राकृतिक गैस की ज़रूरत का केवल आधा हिस्सा ही घरेलू स्रोतों से पूरा कर पाता है, जबकि बाकी ज़रूरत द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के रूप में आयात करके पूरी की जाती है। देश में आपूर्ति होने वाली कुल प्राकृतिक गैस का लगभग 30–35 प्रतिशत हिस्सा अकेले उर्वरक क्षेत्र ही इस्तेमाल करता है। इस आयात का एक बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है, जिसकी वजह से यह क्षेत्र भू-राजनीतिक उथल-पुथल के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हो जाता है।

ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका और इज़राइल की आक्रामकता ने द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर दिया है। उर्वरक का उत्पादन और आयात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई संयंत्रों को कम क्षमता पर काम करने या अस्थायी रूप से बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जिससे बाहरी झटकों के सामने उत्पादन प्रणाली की खामी उजागर होती है। अनुमानित मासिक उत्पादन क्षति लगभग 800,000 टन यूरिया का है, और उर्वरक उत्पादन में कुल मिलाकर 10–15 प्रतिशत की गिरावट आई है।

*हरित क्रांति, खाद्यान्न आत्मनिर्भरता और रासायनिक उर्वरकों की भूमिका*

भारत में हरित क्रांति को मुख्य रूप से रासायनिक उर्वरकों — विशेष रूप से नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम — के सघन उपयोग से बल मिला ; इसके साथ ही सिंचाई, अधिक उपज देने वाली किस्मों के बीज और मशीनीकरण का भी योगदान रहा। उर्वरकों ने उत्पादकता बढ़ाने वाले एक अत्यंत महत्वपूर्ण कारक के रूप में कार्य किया, जिससे फसलें अपनी उपज की पूरी क्षमता हासिल कर सकीं। हरित क्रांति के शुरुआती दौर में, यह अनुमान लगाया गया था कि एक किलोग्राम उर्वरक पोषक तत्वों से 10–15 किलोग्राम अतिरिक्त खाद्यान्न का उत्पादन होता था।

ज़ाहिर है, 1960 के दशक के मध्य के बाद उर्वरक की खपत में ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई। 1950–51 में सिर्फ़ 70000 टन से बढ़कर यह 1965–66 तक 7.8 लाख टन हो गई, 1980–81 में 55 लाख टन और 1990–91 में 125 लाख टन तक पहुँच गई। यह बढ़ता रुझान 2000–01 में 181 लाख टन और 2022–23 तक लगभग 320–330 लाख टन तक जारी रहा — जो आज़ादी के बाद से 450 गुना से भी ज़्यादा की बढ़ोतरी है। नतीजन, खाद्यान्न उत्पादन 1950–51 में 510 लाख टन से बढ़कर 1965–66 में 720 लाख टन हो गया, और 1980–81 तक तेज़ी से बढ़कर 1300 लाख टन और 1990–91 में 1760 लाख टन तक पहुँच गया। यह 2000–01 में और बढ़कर 1970 लाख टन और 2022–23 में लगभग 3300 लाख टन तक पहुँच गया— जो शुरुआती स्तर से छह गुना से भी ज़्यादा है। उर्वरकों की वजह से उत्पादकता में भी काफ़ी बढ़ोतरी हुई। 1960 के दशक में गेहूँ की पैदावार लगभग 850 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़कर लगभग 3,500 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गई, जबकि चावल की पैदावार लगभग 1,000 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़कर लगभग 2,700 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गई —जो तीन से चार गुना बढ़ोतरी और सघन कृषि की ओर बदलाव को दिखाता है।

*सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका*

आज़ादी के बाद, और विशेष रूप से हरित क्रांति की शुरुआत के तौर पर, देश ने सार्वजनिक क्षेत्र के उर्वरक संयंत्रों में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी, जो पूरे देश में फैले हुए थे। भारत में खाद्य उत्पादन को तेज़ी से बढ़ाने में सार्वजनिक क्षेत्र के उर्वरक उद्योग ने एक अहम भूमिका निभाई। सार्वजनिक क्षेत्र की फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, हिंदुस्तान फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, प्रोजेक्ट्स एंड डेवलपमेंट इंडिया लिमिटेड जैसी प्रमुख इकाईयों ने इसमें सबसे ज़्यादा योगदान दिया। भारत में हरित क्रांति में सार्वजनिक क्षेत्र इकाईयों के योगदान को, भारत में कृषि के विकास के इतिहास के पन्नों से कभी मिटाया नहीं जा सकता।

*सार्वजनिक क्षेत्र की उर्वरक इकाईयों को बंद करने के गंभीर दुष्परिणाम*

1991 से लागू नई-उदारवादी नीतियों के तहत निजीकरण के हमले का सबसे ज़्यादा शिकार सार्वजनिक क्षेत्र की उर्वरक इकाईयां बनी हैं। सरकार ने एक ऐसी नीतिगत बदलाव की घोषणा की, जो पूरी तरह से आयात पर अत्यधिक निर्भरता की ओर झुकी होने के कारण आत्मघाती थी। ठीक इसी दौर में, अलग-अलग बहानों से सार्वजनिक क्षेत्र की उर्वरक इकाईयों को बंद कर दिया गया। सार्वजनिक क्षेत्र की इन उर्वरक इकाईयों के बंद होने से उर्वरक आयात पर भारत की निर्भरता तेज़ी से बढ़ गई। उम्मीदों के विपरीत, वैश्विक कीमतें आसमान छूने लगीं, जिससे सब्सिडी का बोझ और विदेशी मुद्रा का बहिर्प्रवाह काफ़ी बढ़ गया। आयात पर निर्भरता एक ढांचागत समस्या बन गई, जबकि निजी निवेश के जो वादे किए गए थे, वे पूरे नहीं हो पाए। इनपुट लागत में बढ़ोतरी और उर्वरकों की अनिश्चित उपलब्धता ने किसानों की हालत और भी बदतर कर दी है। घटते मुनाफ़े और बढ़ती आर्थिक तंगी के चलते, कृषि क्षेत्र एक गंभीर संकट का सामना कर रहा है, जिससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए भी ख़तरा पैदा हो गया है। इसलिए, घरेलू स्तर पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना अब बेहद ज़रूरी हो गया है।

*बढ़ती मांग और आयात पर बढ़ती निर्भरता*

भारत में उर्वरकों की खपत बढ़कर सालाना 600–650 लाख टन हो गई है, जो देश की खाद्य सुरक्षा की ज़रूरतों को दिखाता है। हालांकि, घरेलू यूरिया उत्पादन बढ़कर लगभग 306 लाख टन हो गया है, जिससे 350–360 लाख टन की कुल मांग का ज़्यादातर हिस्सा पूरा हो जाता है, फिर भी आयात पर निर्भरता 15–25 प्रतिशत बनी हुई है। फॉस्फेटिक और पोटाशिक उर्वरकों के मामले में यह असंतुलन और भी ज़्यादा है। डीएपी का उत्पादन 45–50 लाख टन है, जो 100–120 लाख टन की कुल मांग का आधे से भी कम है, जिससे 50–60 प्रतिशत निर्भरता आयात पर बनी हुई है ; एमओपी की 40–50 लाख टन की मांग पूरी तरह से आयात पर ही निर्भर है। कुल मिलाकर, भारत 600–650 लाख टन की खपत के मुकाबले 500–550 लाख टन उर्वरकों का उत्पादन करता है, और बाकी 20–25 प्रतिशत की आपूर्ति आयात से होती है। यह स्थिति भारत के उर्वरक क्षेत्र में एक गहरे संरचनात्मक असंतुलन को दर्शाती है। भू-राजनीतिक अस्थिरता के समय ऐसी निर्भरता और भी ज़्यादा जोखिम भरी हो जाती है, क्योंकि इससे आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हो सकती हैं और उपलब्धता तथा कीमतों पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।

*कोयला गैसीकरण की आवश्यकता*

घरेलू उत्पादन और खपत के बीच बढ़ता असंतुलन, और साथ ही आयातित उर्वरकों तथा कच्चे माल पर अत्यधिक निर्भरता ने इस क्षेत्र को वैश्विक बाज़ार की अस्थिरता और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के प्रति संवेदनशील बना दिया है। यह संवेदनशीलता तब और भी बढ़ जाती है, जब यूरिया उत्पादन के लिए मुख्य कच्चे माल के तौर पर प्राकृतिक गैस पर अत्यधिक निर्भरता होती है ; क्योंकि इसकी उपलब्धता और कीमतें काफी हद तक अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार द्वारा ही निर्धारित की जाती हैं।

एक विविध और आत्मनिर्भर कच्चे माल के स्टॉक की रणनीति आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है। भारत के विशाल कोयला भंडारों का लाभ उठाते हुए, कोयले का गैसीकरण किया जा सकता है, जो अमोनिया और यूरिया के लिए ज़रूरी सिंथेसिस गैस के उत्पादन का एक व्यावहारिक मार्ग प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही, कोल बेड मीथेन और अन्य स्वदेशी गैस संसाधनों का तेज़ी से विकास आयात पर निर्भरता को कम कर सकता है। घरेलू उत्पादन क्षमता का विस्तार करना, विदेशों में कच्चे माल के संसाधनों को सुरक्षित करना और वैकल्पिक तकनीकी रास्तों को विकसित करना — इन सभी को रणनीतिक प्राथमिकताओं के रूप में देखा जाना चाहिए।

बहरहाल, इस ज़रूरत को नीतिगत स्तर पर हुई एक गंभीर गलती के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। कोयले के गैसीकरण के क्षेत्र में भारत की शुरुआती पहल — खास तौर पर 1970 के दशक के मध्य में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के रामागुंडम और तालचेर उर्वरक संयंत्रों में — उर्वरक उत्पादन के लिए घरेलू कोयले का इस्तेमाल करने की एक दूरदर्शी कोशिश को दर्शाती थी। हालाँकि इन संयंत्रों को परिचालन और प्रबंधन से जुड़ी बाधाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन ऐसा मानने का कोई खास आधार नहीं है कि गैसीकरण तकनीक में ही कोई बुनियादी खामी थी।

1991 के बाद के नीतिगत ढांचे ने सार्वजनिक क्षेत्र के नेतृत्व वाले तकनीकी विकास को और भी कम प्राथमिकता दी। रामागुंडम और तालचेर स्थित कोयला-आधारित उर्वरक संयंत्रों का बंद होना, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एक स्वदेशी तकनीकी मार्ग के लिए एक बड़ा झटका था। एक अधिक संतुलित दृष्टिकोण — जिसमें गैस-आधारित विस्तार के साथ-साथ कोयला-आधारित प्रौद्योगिकियों के निरंतर विकास को भी शामिल किया जाता — भारत के संसाधन-भंडार और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा की आवश्यकताओं के साथ कहीं अधिक बेहतर तालमेल बिठा पाता।

*कोयले से अमोनिया और मेथनॉल निर्माण में चीन सबसे आगे*

देर से शुरुआत करने के बावजूद, लगातार सरकारी मदद, शोध और विकास में लगातार निवेश और गैसीफिकेशन तकनीक के बड़े पैमाने पर मानकीकरण की वजह से, कोयले से अमोनिया और मेथनॉल बनाने में चीन वैश्विक नेता के रूप में सामने आया है। चीन एक ज़बरदस्त मिसाल पेश करता है ; वह अपनी जरूरत का 60–70 प्रतिशत अमोनिया और 80 प्रतिशत से ज़्यादा मेथनॉल कोयले से बनाता है। इसमें 'कोयले से रसायन' बनाने वाले इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स का भी बड़े पैमाने पर हाथ है, जो कच्चे माल की सुरक्षा पक्की करते हैं। इसके उलट, भारत के पास 360 अरब टन से ज़्यादा कोयले का भंडार होने के बावजूद, वह खाद बनाने के लिए बड़े पैमाने पर बाहर से मंगाई गई द्रवीकृत प्राकृतिक गैस पर ही निर्भर रहता है। इससे यह साफ़ पता चलता है कि देश में मौजूद संसाधनों और औद्योगिक रणनीति के बीच कोई तालमेल नहीं है।

हालाँकि भारत ने 2030 तक 1000 लाख टन कोयला गैसीकरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करने की घोषणा की है, लेकिन इस दिशा में प्रगति धीमी और असमान है। तालचेर पहल जैसी केवल कुछ ही परियोजनाएँ शुरू की गई हैं, और ये परियोजनाएँ देरी, लागत में वृद्धि और कमज़ोर क्रियान्वयन जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं। कोयला गैसीकरण की शुरुआती पूंजी लागत अधिक होने की चिंताओं ने इसके अपनाने की गति को और धीमा कर दिया है। बहरहाल, यह दृष्टिकोण कोयले के दीर्घकालिक लाभों को नज़रअंदाज़ करता है, जिनमें आपूर्ति में स्थिरता और लागत की निश्चितता शामिल है — विशेष रूप से जब इसकी तुलना द्रवीकृत प्राकृतिक गैस से जुड़ी अत्यधिक मूल्य अस्थिरता से की जाती है। द्रवीकृत प्राकृतिक गैस पर आधारित उत्पादन के प्रति लगातार बना हुआ झुकाव किसी सुसंगत दीर्घकालिक रणनीति के बजाय एक अल्पकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस अंतर्विरोध को आत्मनिर्भरता पर दिए जा रहे व्यापक ज़ोर से और भी अधिक बल मिलता है ; उर्वरक क्षेत्र में स्वदेशी विकल्पों के अपर्याप्त विकास के कारण आत्मनिर्भरता का यह लक्ष्य अभी भी अधूरा बना हुआ है।

*निष्कर्ष*

रूस-यूक्रेन संघर्ष और अब ईरान के खिलाफ अमेरिका-इज़राइल युद्ध ने, नव-उदारवादी सरकारों द्वारा देश में सार्वजनिक क्षेत्र के उर्वरक संयंत्रों को बंद करने की 'हिमालयी भूल' को बुरी तरह से उजागर कर दिया है ; साथ ही, उर्वरक के आयात पर जानलेवा निर्भरता और देश में कोयला-आधारित उर्वरक संयंत्रों के विकास की उपेक्षा को भी सामने ला दिया है।

प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में आई रुकावट ने भारत की खाद नीति की गहरी खामियों को उजागर कर दिया है। आयातित एलएनजी पर अत्यधिक निर्भरता, घरेलू संसाधनों की उपेक्षा, सार्वजनिक क्षेत्र की क्षमता में कमी, और बाज़ार तंत्र की अधीनता — ये सभी गलत साबित हुई हैं। उतनी ही महत्वपूर्ण बात यह भी है कि भारत के पास कोयले के विशाल भंडार होने और 'कोयला गैसीकरण' तकनीक की वैश्विक स्तर पर सफलता साबित होने के बावजूद, इसे विकसित करने में हम असफल रहे है। जब तक आयात पर निर्भरता कम करने, घरेलू उत्पादन को मज़बूत करने, और कोयला गैसीकरण जैसे वैकल्पिक कच्चे माल को विकसित करने के लिए निर्णायक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक यह क्षेत्र बाहरी झटकों के प्रति संवेदनशील बना रहेगा —जिसके कृषि की निरंतरता और आर्थिक स्थिरता पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

*(लेखक सीटू कार्यसमिति के सदस्य हैं, केमिकल इंजीनियर हैं और उन्होंने हिंदुस्तान फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन के दुर्गापुर प्लांट में काम किया है। अनुवादक अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष हैं। संपर्क : 94242-31650)*

*Devashish Govind Tokekar*
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विश्व मलेरिया दिवस पर जनजागरूकता रथ चलाया गया

राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत शनिवार को विश्व मलेरिया दिवस मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मुरैना डॉ. पदमेश उपाध्याय के मार्गदर्शन में सहायक मलेरिया अधिकारी/ऐपिडिमोलॉजिस्ट डॉ. महेंद्र सिंह यादव ने रथ को हरी झण्डी दिखाकर कर रवाना किया। प्रति वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व मलेरिया दिवस की थीम “मलेरिया समाप्ती के लिए संकलपित“ - अब हम कर सकते है। अब हमे करना होगा“ है।
रथ का मुख्य उदेश्य मुरैना शहरी क्षेत्र विक्रमनगर वार्ड 45, वनखण्डी वार्ड 39, पुरानी हाउसिंग वोर्ड वार्ड 20, सिंगलवस्ती वार्ड 12 में मलेरिया, डेंगू चिकुनगुनिया की रोकथाम एवं जन जागरूकता से वार्डो के सभी लोगों को मलेरिया, डेंगु, चिकुनगुनिया के लक्षण एवं बचाव के बारे में समझाया गया। बुखार आने पर तुरंत रक्त की जांच नजदीकी सरकारी अस्पताल में कराने की सलाह दी। मलेरिया विभाग (स्वास्थ्य विभाग) टीम द्वारा मुरैना शहरी वार्डो में डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया की रोकथाम हेतु लार्वा सर्वे एवं लार्वा विनष्टीकरण, बी.टी.आई 5 प्रतिशत, टेमीफोस दवा का छिड़काव कार्य, घर-घर जाकर लोंगो के घरों में टंकी, कूलर टायर, छत पर रखे मटके आदि कंटेनर, फीज के पीछे लगे टब, पक्षियों के पानी पीने के सकोरे आदि में लार्वा चेक, लोगों को डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया से बचाव के प्रति समझाईस दी गई। इस अवसर पर मलेरिया अधिकारी मुरैना के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh

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🙏*जय भीम, जय शिवराय, जय लहुजी, जय आदिवासी*🙏

*पत्रकारांनो दावणीला बांधलेली लेखणी तोडा — नाहीतर “पत्रकार” नाव गाडून टाका!*

✍️ *लेखक, पँथर, पत्रकार चंद्रकांत जगधने*

पत्रकारिता ही क्रांतीची ठिणगी आहे, पण आज अनेकांनी त्या ठिणगीवर पाणी ओतून तिला राख करून टाकलं आहे. नाव *पत्रकार* , पण काम? सत्तेच्या दारात उभं राहून मान डोलवणं. सत्य गाडणं, खोटं सजवणं, आणि जनतेला अंधारात ठेवणं. ही पत्रकारिता नाही ही सरळ गुलामी आहे, आणि तीही स्वेच्छेने स्वीकारलेली.

सरळ बोला तुमची लेखणी अजून जिवंत आहे का, की ती कोणाच्या दावणीला बांधली आहे? तहसीलच्या टेबलाला? पोलीसांच्या खाकीला? पंचायत समितीच्या फाईलला?
की एखाद्या राजकीय नेत्याच्या खुर्चीला?

उत्तर द्या पत्रकारिता स्वतंत्र आहे का, की ती सत्तेच्या साखळदंडात अडकली आहे?
आज परिस्थिती अशी आहे की भ्रष्टाचार उघड्यावर नाचतोय, पण तुमच्या कागदावर शांतता आहे. का? कारण *सेटिंग* आहे. *फोन* येतो. *ऑर्डर* येते. आणि मग तुमची लेखणी थरथरते, वाकते, आणि शेवटी विकली जाते.
*ही लेखणी आहे का भाड्याने दिलेला आवाज*?

अधिकाऱ्यांचा उदो-उदो, नेत्यांची स्तुती, फोटोसेशन, वाढदिवस, बडती हाच का तुमचा पत्रकारिता धर्म?जनतेच्या जखमा कुठे आहेत? शेतकऱ्याचा आक्रोश कुठे आहे? सामान्य माणसाचा आवाज कुठे आहे? की तो आवाज तुमच्या पानावर बसत नाही कारण त्यात *फायदा* नाही?

आजची आणखी एक कटू सत्यता अनेक पत्रकार *सोयीचे सत्य* निवडतात. जिथे धोका नाही, तिथे मोठमोठ्या हेडलाईन्स; जिथे खरा प्रश्न आहे, तिथे शांतता. कठीण प्रश्न टाळले जातात, सोपे विषय फुगवले जातात. ही भ्याडपणा नाही तर पत्रकारितेची गळचेपी आहे. भीती, लोभ आणि ओळखींच्या जाळ्यात अडकलेली लेखणी समाजाला दिशा देत नाही ती समाजाला भरकटवते.

*मी* *, पॅंथर पत्रकार चंद्रकांत जगधने, हे* *सरळ सांगतो हा प्रहार तुमच्यावर* *आहे, पण त्यात मीही* *सुटत नाही.*
*जर* *माझी लेखणीही कुठे झुकत असेल* , *कुठे थांबत असेल, कुठे गप्प बसत असेल तर हा प्रश्न माझ्यावरही तितकाच लागू होतो.*

पण फरक इतकाच *मी* *स्वतःला विचारतो* , *तुम्ही विचारता का?* तुम्ही पत्रकार आहात की *दलाल?* तुम्ही सत्याचे सैनिक आहात की सत्तेचे नोकर? तुमची निष्ठा जनतेशी आहे की *पैशाशी?*

पत्रकार या शब्दात आग आहे पण आज ती आग *विझवून तुम्ही धूर विकत* *आहात* . तुमची लेखणी तलवार असायला हवी होती, पण ती आता साखळी झाली आहे कुणाच्या तरी हातात अडकलेली.

*राजकीय नेत्यांच्या दावणीला पत्रकारिता* *बांधली आहे का?*
*अधिकाऱ्यांच्या टेबलावर तुमची लेखणी ठेवली आहे का?*
*फोन येतो आणि बातमी मरते हे खरं नाही का?*

जर हे सगळं खरं असेल, तर मग सरळ बोला पत्रकारिता जिवंत नाही, ती *कोमात* आहे. आणि तुम्ही तिच्या भोवती उभे राहून फक्त नाटक करत आहात. *लेखणी विकली असेल तर नाव बदला.* *सत्य लिहायची हिंमत नसेल तर बाजूला व्हा*. *जनतेचा आवाज बनू शकत नसाल तर तिचं नाव तरी घेऊ नका.* ही वेळ आहे स्वतःला फाडून पाहण्याची.
आरसा तोडण्याची नाही, तर त्यातलं कुरूप सत्य स्वीकारण्याची.
*सत्य लिहा. जळा, पण झुका नका. भिडा* , *पण विकू नका.*

*नाहीतर उद्या इतिहास निर्दयीपणे लिहील* *पत्रकार होते पण त्यांनीच पत्रकारितेला विकून टाकलं.* 🙏*जय भीम*🙏

✍️ *लेखक, पँथर, पत्रकार चंद्रकांत जगधने मो.7823089822*

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पोरसा में नवनिर्मित न्यायालय भवन का लोकार्पण करेंगे माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा



सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री जे.के. माहेश्वरी भी रहेंगे उपस्थित



मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा दिनांक 26 अप्रैल, 2026 को मुरैना जिले के पोरसा के एक दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। अपने इस प्रवास के दौरान वे पोरसा में नवनिर्मित न्यायालय भवन का गरिमामयी समारोह में लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति श्री जे.के. माहेश्वरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।



जारी कार्यक्रमानुसार, माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा दिनांक 26 अप्रैल को प्रातः 10:15 बजे शासकीय वाहन द्वारा ग्वालियर से प्रस्थान कर प्रातः 11:00 बजे मुरैना पहुँचेंगे। तत्पश्चात वे मुरैना से प्रस्थान कर प्रातः 11:30 बजे पोरसा पहुँचेंगे, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में नवनिर्मित न्यायालय भवन का उद्घाटन करेंगे।



लोकार्पण कार्यक्रम सम्पन्न होने के उपरांत, माननीय मुख्य न्यायाधीश दोपहर 01:30 बजे शासकीय वाहन द्वारा पोरसा से ग्वालियर के लिए प्रस्थान करेंगे। इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन एवं न्याय विभाग द्वारा समस्त आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं।



कार्यक्रम के सुचारू संचालन हेतु मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश के लिए जिला परियोजना समन्वयक श्री हरीश तिवारी को लाइजनिंग अधिकारी तथा सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के माननीय न्यायमूर्ति श्री जे.के. माहेश्वरी के लिए उप संचालक कृषि श्री अनंत सडैया को लाइजनिंग अधिकारी नियुक्त किया गया है।



इसके अतिरिक्त, एसडीएम अंबाह श्री रामनिवास सिकरवार को वीआईपी आगमन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय कर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अधीनस्थ कार्यपालिक दण्डाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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#JansamparkMP #morena2026 #Morena #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh

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फरीदाबाद के सरकारी स्कूल में शराब पीते पकड़े गए टीचर, प्रिंसिपल पर फेंकी शराब की बोतल

फरीदाबाद:जिले के गांव सोतई स्थित सरकारी हाई स्कूल में उस समय हड़कंप मच गया जब स्कूल प्रिंसिपल को ड्यूटी के दौरान शराब पीने से रोकना भारी पड़ गया। स्कूल का निरीक्षण कर रहे प्रभारी प्रिंसिपल डॉ. अशोक बामनिया ने स्पोर्ट्स रूम में पीटी टीचर रामजीत और लैब असिस्टेंट जितेंद्र को शराब पीते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कमरे में शराब की तेज बदबू थी और दोनों कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर पी रहे थे।

प्रिंसिपल द्वारा विरोध करने और शराब की बोतल कब्जे में लेने की कोशिश करने पर मामला बढ़ गया। आरोप है कि लैब असिस्टेंट जितेंद्र ने धक्का-मुक्की करते हुए आधी भरी शराब की बोतल प्रिंसिपल के ऊपर उड़ेल दी। घटना के बाद प्रिंसिपल ने मौके पर मौजूद बैग की तलाशी ली, जिसमें दो शराब की बोतलें बरामद हुईं—एक पूरी भरी और एक आधी।

घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल स्टाफ को मौके पर बुलाया गया और पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी कर्मचारी संविदा पर कार्यरत हैं, जिनमें पीटी टीचर एचकेआरएन के माध्यम से करीब डेढ़ साल पहले नियुक्त हुआ था, जबकि लैब असिस्टेंट लंबे समय से स्कूल में कार्यरत है। वहीं, गांव की ग्राम सभा ने भी दोनों के स्कूल में आने पर रोक लगा दी है।

प्रिंसिपल ने मामले की शिकायत जिला शिक्षा विभाग और सदर थाना बल्लभगढ़ पुलिस को दे दी है। पुलिस का कहना है कि शिक्षा विभाग की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और मंगलवार को शिक्षा विभाग की टीम स्कूल का दौरा करेगी।

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आईएमडी की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में धूप अब जानलेवा साबित हो रही है। बीते 24 अप्रैल को उत्तर प्रदेश का प्रयागराज 45.2°C के साथ देश का सबसे गर्म शहर रहा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अगले 2-3 दिनों तक भीषण लू (Heat Wave) का कहर जारी रहेगा। यूपी में तो 27 अप्रैल तक तापमान में 2-3°C की और बढ़ोतरी होने का डर सता रहा है।
इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश
एक तरफ जहाँ उत्तर भारत तप रहा है, वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए अगले कुछ दिन भारी पड़ने वाले हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 27 से 30 अप्रैल के बीच मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। विशेषकर असम और मेघालय में 26 और 27 अप्रैल को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी तूफान आने की चेतावनी दी गई है। इतनी भारी बारिश से इन पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (landslides) और निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।

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Dhirendra Shastri Statement : धीरेंद्र शास्त्री यांनी छत्रपती शिवाजी महाराज आणि रामदास स्वामी यांचे संबंध गुरूशिष्याचा असल्याचा दावा केला होता. त्यावर छत्रपती संभाजीराजे यांनी टीका केली आहे.

कोल्हापूर : बागेश्वर धामचे धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) यांनी छत्रपती शिवाजी महाराज आणि समर्थ रामदासांसंबंधी केलेल्या वक्तव्यावरुन चांगलाच वाद रंगल्याचं चित्र आहे. माजी खासदार छत्रपती संभाजीराजे (Chhatrapati Sambhajiraje) यांनी धीरेंद्र शास्त्री यांच्या या वक्तव्याचा समाचार घेतला. बाबा बुवांनी अध्यात्म सांगावं, मनाला वाटेल तसा इतिहास सांगू नये असं संभाजीराजे म्हणाले. तसचे अध्यात्म आणि इतिहास यांची सरमिसळ करून त्याची अहवेलना करू नये असंही ते म्हणाले.

Chhatrapati Sambhajiraje Post : काय म्हटलंय संभाजीराजेंनी?
बुवा बाबांनी अध्यात्म सांगावे. मनाला वाटेल तसा इतिहास सांगत बसू नये. हिंदू धर्माच्या अध्यात्माची आणि इतिहासाची उंची अत्युच्च आहे. त्याची वाटेल तशी आणि चुकीच्या पद्धतीची सरमिसळ करून अध्यात्माची आणि इतिहासाची अवहेलना करू नये.

Dhirendra Shastri Statement : नेमकं काय म्हटलेलं धीरेंद्र शास्त्रींनी?
नागपुरात जामठा इथे एका कार्यक्रमात बोलताना बागेश्वर धामचे धीरेंद्र शास्त्री यांनी छत्रपती शिवाजी महाराज आणि रामदास स्वामी यांचे संबंध गुरूशिष्याचा असल्याचा दावा करत त्यांच्या नात्याचा एक किस्सा सांगितला. शिवाजी महाराज युद्ध करून थकले तेव्हा एक दिवस ते समर्थ रामदास स्वामींकडे गेले आणि आपला मुकूट उतरवून रामदास स्वामींना दिला. आता हे राज्य तुम्ही सांभाळा अशी विनंती केली. त्यावर रामदास स्वामींनी हसून मी राज्य चालवतो, तुम्ही अंमलबजावणी करा असं म्हटलं असा दावा धीरेंद्र शास्त्रींनी केला.

तसंच हिंदूंनी चार मुलं जन्माला घालावी आणि एकाला आरएसएसचा स्वयंसेवक करावा असं आवाहनही हिंदू समाजाला केलं. जगातील पहिले भारतदुर्गा मंदिरा भव्य शिलान्यास सोहळा शुक्रवारी पार पडला. या कार्यक्रमात धीरेंद्र शास्त्रींनी हे वक्तव्य केलं.

काँग्रेसचा आक्रमक पवित्रा
धीरेंद्र शास्त्रींच्या वक्तव्यानंतर काँग्रेसने आक्रमक पवित्रा घेतला. काँग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ यांनी यावर पत्रकार परिषद घेतली. त्यांनी धीरेंद्र शास्त्रींच्या वक्तव्याचा समाचार घेत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघावरही निशाणा साधला. सोबतच मुख्यमंत्री फडणवीस आणि संघाने जाहीर माफी मागावी, अशी मागणीही केली. तर भाजपकडून छत्रपती शिवरायांचा इतिहास बदलण्याचा प्रयत्न होत आहे आणि हा मनुवादी विचारसरणीचा कट असल्याचा आरोप काँग्रेसचे प्रवक्ते सचिन सावंत यांनी केला.

शिवराय थकले आणि राजपाट समर्थांकडं दिला, हे धीरेंद्र शास्त्री यांचं विधान अत्यंत संतापजनक आहे. अशी विधानं करून महाराष्ट्राच्या संत परंपरेला आणि विचारांना गालबोट लावण्याचा प्रयत्न असल्याची टीका आमदार रोहित पवारांनी केली. तर धीरेंद्र शास्त्रींच्या वक्तव्यावरून आमदार अमोल मिटकरींनी हल्लाबोल केला. धीरेंद्र शास्त्रींच्या तोंडून वदवून घेतलेला चुकीचा इतिहास खपवून घेणार नाही असं त्यांनी सुनावलं. धीरेंद्र शास्त्रींना खरात बाबाच्या सोबत ट्रिटमेंटला पाठवायला हवा असं त्यांनी आपल्या एक्स पोस्टमध्ये म्हटलं.

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हथियारबंद अपराधियों ने किया था 4.22 लाख रुपये नकद और लगभग 3.987 किलोग्राम सोना की लूट

बरही । हजारीबाग रोड स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में दिनदहाड़े हुई डकैती के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी, डीआईजी और एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे मामले की समीक्षा की। इस दौरान उच्च अधिकारियों ने जांच टीम को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए तथा बैंक अधिकारियों के साथ विस्तृत बातचीत की। पुलिस के अनुसार, अपराधियों की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही मामले के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार अपराधियों ने हथियार के बल पर करीब 4.22 लाख रुपये नकद और लगभग 3.987 किलोग्राम सोना लूट लिया और मौके से फरार हो गए। इस संबंध में बरही थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। इधर, घटना के बाद बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, बैंक में सुरक्षा गार्ड की समुचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे अपराधियों को वारदात को अंजाम देने में आसानी हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस आसपास के जिलों व पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय स्थापित कर जांच को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है और जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश है और उन्होंने बैंक सुरक्षा को मजबूत करने की मांग की है।

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एसडीओ ने प्रखंडस्तरीय अधिकारियों, प्रधानाचार्यों व शिक्षकों संग की बैठक, दिए आवश्यक निर्देश

बरही : झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) 2024 को लेकर बरही अनुमंडल में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी जोहन टुडू ने प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, बरही अनुमंडल के कुल 15 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी। इसमें बरही के 7, चौपारण के 4 तथा पद्मा और बरकट्ठा के 2-2 केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों पर करीब 8 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 1 बजे तक संचालित की जाएगी।

अनुमंडल के चिन्हित परीक्षा केंद्र
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बरही में प्लस टू उच्च विद्यालय, परियोजना बालिका उच्च विद्यालय, आरएनवाईएम कॉलेज, बरही इंटर महाविद्यालय, बॉयज मध्य विद्यालय, डीएवी पब्लिक स्कूल तथा श्रीदास इंटरनेशनल स्कूल (देवचंदा मोड़) को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। वहीं बरकट्ठा में परियोजना बालिका उच्च विद्यालय एवं प्लस टू उच्च विद्यालय, चौपारण में केबीएसएस प्लस टू उच्च विद्यालय, मध्य विद्यालय सिंहपुर, अमोली अपूर्वा उच्च विद्यालय और सुंदरलाल जैन उच्च विद्यालय सिंघरावा तथा पद्मा में मां विंध्यवासिनी बीएड कॉलेज करमाटांड़ एवं रामनारायण प्लस टू उच्च विद्यालय को केंद्र निर्धारित किया गया है।
*कदाचारमुक्त परीक्षा के लिए सख्त निर्देश*
एसडीओ ने सभी दंडाधिकारियों केंद्राधीक्षकों और पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा हर हाल में कदाचारमुक्त, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई जाए। केंद्रों पर सघन जांच, प्रवेश के दौरान सख्ती, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूर्ण प्रतिबंध और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 का पालन, भीड़ नियंत्रण और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती पर भी जोर दिया गया।सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है।
बैठक में उपस्थित रहे
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बैठक में विभिन्न जयपाल महतो बीडीओ बरही, चंद्रशेखर कुणाल सीओ बरही, संजय यादव बीडीओ चौपारण सहित अन्य प्रखंड के बीडीओ व सीओ सहित बरकट्ठा बीईईओ राकेश कुमार, डीएवी, प्लस टू उवि आदि विभिन्न विद्यालय के शिक्षक व दंडाधिकारी उपस्थित रहे।
एसडीओ ने परीक्षार्थियों से समय पर केंद्र पहुंचने और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

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देशभर में छाया ‘साम, दाम, दंड, भेद’ का संदेश — सोशल मीडिया पर तेजी से हो रहा वायरल! 🔥
वाराणसी।
मानवाधिकार संरक्षण एवं सुरक्षा ऑर्गनाइजेशन द्वारा साझा किया गया एक प्रेरणादायक संदेश इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है। “साम, दाम, दंड, भेद” के सिद्धांतों को आधुनिक जीवन से जोड़ते हुए प्रस्तुत किया गया यह संदेश युवाओं और समाज के हर वर्ग को नई दिशा देने का काम कर रहा है।
👉 क्या है खास इस संदेश में?
इस पोस्ट में बताया गया है कि—
🔹 साम — समझदारी और संवाद से हर काम आसान हो सकता है
🔹 दाम — मेहनत का सही मूल्य ही सफलता की कुंजी है
🔹 दंड — अनुशासन के बिना कोई भी लक्ष्य अधूरा है
🔹 भेद — सही समय पर सही निर्णय ही कठिन परिस्थितियों को हल करता है
📢 संगठन के सक्रिय सदस्य सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि इस तरह के जागरूकता संदेश समाज में सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से साझा किए जा रहे हैं।
💬 सोशल मीडिया पर लोग इस संदेश को जमकर शेयर कर रहे हैं और इसे “जीवन बदलने वाला सूत्र” बता रहे हैं। खासकर युवा वर्ग इसे अपनाने और आगे बढ़ाने की बात कर रहा है।

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एशिया में बढ़ती हलचल: चीन की नई तकनीक ने बढ़ाई रणनीतिक चिंता, क्या बदलेगा युद्ध का भविष्य?
एशिया में तेजी से बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच चीन ने एक बार फिर अपनी उन्नत सैन्य तकनीक का प्रदर्शन कर वैश्विक मंच पर हलचल मचा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नई तकनीक भविष्य के युद्धों की दिशा और रणनीति दोनों को पूरी तरह बदल सकती है।
इस घटनाक्रम से भारत समेत कई देशों की सुरक्षा नीतियों पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि भारत भी पीछे नहीं है। देश लगातार अपनी सैन्य शक्ति और अत्याधुनिक तकनीकों को मजबूत कर रहा है, जिससे किसी भी संभावित चुनौती का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सके।
अब सवाल यह है कि क्या यह तकनीकी दौड़ आने वाले समय में एशिया की शक्ति संतुलन को नया रूप देगी?

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**ककवन नयानिवादा**क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। दिन की तपिश के बाद अब रातें भी अंधेरे में कट रही हैं। आलम यह है कि पूरी-पूरी रात बिजली गुल रहने से लोग उमस और गर्मी के कारण सो नहीं पा रहे हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
### **नींद हराम, बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी**
स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम ढलते ही बिजली कटौती का सिलसिला शुरू हो जाता है जो सुबह तक जारी रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बीमार व्यक्तियों और बुजुर्गों को हो रही है। गर्मी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है।
### **अधिकारियों के पास नहीं है जवाब**
जब इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की जाती है, तो अक्सर उनकेg फोन बंद मिलते हैं या "फाल्ट सुधारने" का रटा-रटाया जवाब मिलता है। ग्रामीणों का आरोप है कि मेंटेनेंस के नाम पर घंटों कटौती की जा रही है, लेकिन सुधार कहीं नजर नहीं आ रहा।
### **आंदोलन की चेतावनी**
बिजली की इस बदहाल व्यवस्था से आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे तहसील मुख्यालय का घेराव करेंगे और सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
> **"रात भर बिजली न रहने से बच्चे सो नहीं पाते, जिसका असर उनकी पढ़ाई और सेहत पर पड़ रहा है। विभाग को हमारी समस्या का समाधान जल्द करना चाहिए।"** **AIMA KAKWAN KANPUR NAGAR**
>

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புகார் கடிதம் (Complaint Letter - Tamil)
பெ றுநர்,
காவல் கண்காணிப்பாளர் (SP) / மாவட்ட த ொழிலாளர் அலுவலர்,
மதுரை , தமிழ்நாடு.
ப ொருள்: ஊதியம் வழங்காமை , வே லை செ ய்வதை த் தடுத்தல் மற்றும் க ொலை
மிரட்டல் த ொடர்பான புகார்.
ஐயா/அம்மா,
நான் முகமது ஷாஜாதே , அகில இந்திய ஊடக சங்கத்தின் (All India Media
Association - ID: 187708) உறுப்பினர். மதுரை அண்ணா நகரில் ஒரு புலம் பெ யர்
த ொழிலாளர் சுரண்டப்படுவதை யும், அச்சுறுத்தப்படுவதை யும் உங்கள்
கவனத்திற்கு க ொண்டு வருகிறே ன்.
விவரம் தகவல்
பாதிக்கப்பட்ட த ொழிலாளி முகமது பப்லு (செ ல்: 8434170045)
இடம் அண்ணா நகர், மதுரை
எதிர் தரப்பு (ஒப்பந்ததாரர்) முகமது சந்த் (செ ல்: 9973997324)
ஒப்பந்ததாரர் முகவரி ஆட்ட ோ ஸ்டாண்ட் அருகில், மதுரை
முக்கிய புகார்கள்:
● முகமது பப்லு, ஒப்பந்ததாரர் முகமது சந்த்திடம் 3 மாதங்கள் த ொடர்ந்து
பணியாற்றினார்.
● வே லை முடிந்தும், கடந்த 3 மாதங்களுக்கான ஊதியத்தை ஒப்பந்ததாரர்
வழங்கவில்லை .
● கூலியை க் கே ட்கும்ப ோது, அவர் மிரட்டி விரட்டப்படுகிறார்.
● தற்ப ோது, ஒப்பந்ததாரர் அவரை வே று எங்கும் வே லை செ ய்ய விடாமல்
தடுத்தும், க ொலை மிரட்டல் விடுத்தும் வருகிறார்.
க ோரிக்கை :
நிர்வாகம் உடனடியாகத் தலை யிட்டு சம்பந்தப்பட்ட ஒப்பந்ததாரர் மீது கடும்
நடவடிக்கை எடுக்கவும், த ொழிலாளிக்கு வர வே ண்டிய கூலியை பெ ற்றுத்
தரவும் கே ட்டுக்க ொள்கிறே ன். மே லும், அவர் அச்சமின்றி வே லை செ ய்ய
பாதுகாப்பு வழங்க வே ண்டுகிறே ன்.
இத்துடன் எனது ஊடக அடை யாள அட்டை யை (Media ID) இணை த்துள்ளே ன்.
விரை வான நடவடிக்கை எடுக்குமாறு கே ட்டுக்க ொள்கிறே ன்.
இப்படிக்கு, முகமது ஷாஜாதே
உறுப்பினர்: அகில இந்திய ஊடக சங்கம்
தே தி: ஏப்ரல் 26/4/2026

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भागलपुर पुलिस द्वारा मध्य रात्रि विशेष चेकिंग अभियान जारी
पुलिस महानिदेशक (विशेष शाखा/अभियान) के निर्देशानुसार निर्गत संवाद संख्या-12 के आलोक में भागलपुर जिला पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से मध्य रात्रि विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में सघन वाहन जांच की जा रही है। साथ ही, होटल, धर्मशाला एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी व्यापक स्तर पर तलाशी एवं सत्यापन अभियान संचालित किया जा रहा है।
अभियान की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर निगरानी कर रहे हैं तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं, जिससे इसकी प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
भागलपुर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अपने नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें।
Bihar Police
Home Department, Govt. of Bihar
#BhagalpurPolice
#vehiclecheking
#bhagalpur

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यह दिवस हर वर्ष 26 अप्रैल को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य नवाचार, रचनात्मकता और बौद्धिक संपदा के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना है। भौतिक संपदा केवल किसी वस्तु का स्वामित्व नहीं, बल्कि व्यक्ति की सोच, शोध, कला और आविष्कार का सम्मान भी है। यह हमारे समाज के विकास, आर्थिक प्रगति और सांस्कृतिक समृद्धि का आधार बनती है।
आज के दौर में जब नए-नए आविष्कार और तकनीकें सामने आ रही हैं, तब बौद्धिक संपदा के अधिकारों की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इससे न केवल नवप्रवर्तकों को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि समाज में नई संभावनाओं के द्वार भी खुलते हैं।
मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे दूसरों की रचनात्मकता का सम्मान करें और बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूक बनें। यही एक सशक्त और प्रगतिशील समाज की पहचान है।

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यह दिवस हर वर्ष 26 अप्रैल को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य नवाचार, रचनात्मकता और बौद्धिक संपदा के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना है। भौतिक संपदा केवल किसी वस्तु का स्वामित्व नहीं, बल्कि व्यक्ति की सोच, शोध, कला और आविष्कार का सम्मान भी है। यह हमारे समाज के विकास, आर्थिक प्रगति और सांस्कृतिक समृद्धि का आधार बनती है।
आज के दौर में जब नए-नए आविष्कार और तकनीकें सामने आ रही हैं, तब बौद्धिक संपदा के अधिकारों की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इससे न केवल नवप्रवर्तकों को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि समाज में नई संभावनाओं के द्वार भी खुलते हैं।
मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे दूसरों की रचनात्मकता का सम्मान करें और बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूक बनें। यही एक सशक्त और प्रगतिशील समाज की पहचान है।

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पैसे पूरे, सुविधा अधूरी — रेलवे का सफर बना मजबूरी!”
📰 सवाई माधोपुर से बड़ी खबर
सवाई माधोपुर से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली ट्रेन में यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों ने पूरा किराया देने के बावजूद उन्हें बैठने तक की जगह नहीं मिल रही।
ट्रेन के डिब्बों में इतनी ज्यादा भीड़ है कि लोग फर्श पर बैठकर और लेटकर सफर करने को मजबूर हैं। सुपरफास्ट यात्रा का दावा करने वाली इस ट्रेन में हालात इतने खराब हैं कि यात्रियों के लिए सफर करना मुश्किल हो गया है।
📸 सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि डिब्बे पूरी तरह भरे हुए हैं और यात्रियों के पास न तो बैठने की जगह है और न ही आराम की कोई सुविधा।
⚠️ मुख्य समस्याएं:
• टिकट होने के बावजूद सीट नहीं
• डिब्बों में अत्यधिक भीड़
• यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा
• रेलवे प्रबंधन की बड़ी लापरवाही
🗣️ यात्रियों का कहना है कि जब पूरा किराया लिया जाता है, तो सुविधाएं भी पूरी मिलनी चाहिए।
👉 अब सवाल यह है कि आखिर रेलवे प्रशासन कब जागेगा और यात्रियों को राहत देगा?
#IndianRailways #SawaiMadhopur #RailwayNews #PassengerProblem #BreakingNews

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गदागंज (रायबरेली) में बिजली कटौती से बिगड़े हालात — “रोस्टिंग” के नाम पर जनता परेशान, मच्छरों का कहर अलग

गदागंज, रायबरेली — इलाके में लगातार बिजली कटौती ने लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी है। “रोस्टिंग” के नाम पर घंटों बिजली गुल की जा रही है, लेकिन न कोई तय समय है, न कोई सूचना। भीषण गर्मी में जब बिजली सबसे ज्यादा जरूरी होती है, उसी समय सप्लाई बंद कर दी जाती है।
सबसे गंभीर बात यह है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि सुबह और शाम में भी सिर्फ चंद घंटों के लिए ही बिजली मिल पा रही है, बाकी समय पूरा इलाका अंधेरे और गर्मी में डूबा रहता है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि बिजली कटते ही हालात और खराब हो जाते हैं। पंखे और कूलर बंद पड़ जाते हैं, और मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है। लोग रातभर सो नहीं पा रहे—एक तरफ उमस भरी गर्मी, दूसरी तरफ मच्छरों के काटने से नींद पूरी तरह छिन गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई-कई घंटे तक बिजली नहीं आती, जिससे घरों में रहना मुश्किल हो गया है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग हर बार “रोस्टिंग” का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से बच रहा है। न कोई शेड्यूल जारी किया जाता है और न ही शिकायतों पर सुनवाई होती है।

मुख्य सवाल जिम्मेदारों से:

रोस्टिंग के नाम पर घंटों बिजली काटना कब तक चलेगा?

मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ने की जिम्मेदारी कौन लेगा?

क्या सरकार और मंत्री पूरे साल सिर्फ वसूली में व्यस्त रहते हैं, व्यवस्था सुधार पर ध्यान क्यों नहीं दिखता?

गदागंज की जनता बिजली कटौती से त्रस्त है। “रोस्टिंग” के नाम पर हो रही यह मनमानी अब बर्दाश्त के बाहर है। प्रशासन और बिजली विभाग को तुरंत व्यवस्था सुधारनी होगी, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

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తెలంగాణలో భారీగా ఐఏఎస్ అధికారుల బదిలీలు...

మొత్తం 30 మంది అధికారులను బీదిలి చేస్తూ ఉత్తర్వులు జారీ చేసిన ప్రభుత్వం.

1. *శ్రీ సంజయ్ కుమార్ (ఐఏఎస్ 1995)*
ప్రస్తుతం: పీఆర్&ఆర్డీ, ఆర్డబ్ల్యూఎస్ & ఆర్ఎస్ఏడీ శాఖకు ప్రత్యేక ప్రధాన కార్యదర్శి
బదిలీ: తెలంగాణ భవన్, న్యూఢిల్లీకి ప్రత్యేక అధికారిగా

2. *శ్రీ ఎం.దాన కిషోర్ (ఐఏఎస్ 1996)*
ప్రస్తుతం: ఎల్ఈటీ&ఎఫ్ శాఖకు ప్రత్యేక ప్రధాన కార్యదర్శి
బదిలీ: పీఆర్ & ఆర్డీ, ఆర్డబ్ల్యూఎస్ & ఆర్ఎస్ఏడీ శాఖకు ప్రత్యేక ప్రధాన కార్యదర్శిగా

3. *శ్రీమతి బి.విజియేందిర (ఐఏఎస్ 2006)*
ప్రస్తుతం: టీజీఎస్డబ్ల్యూఆర్ఈఐఎస్ కార్యదర్శి & ఎస్సీడీ కమిషనర్
బదిలీ: ఎస్సీడీ శాఖకు ప్రభుత్వ కార్యదర్శిగా

4. *శ్రీమతి హరిచందన దాసరి (ఐఏఎస్ 2010)*
ప్రస్తుతం: హైదరాబాద్ కలెక్టర్ & జిల్లా మెజిస్ట్రేట్
బదిలీ: ఎల్ఈటీ&ఎఫ్ శాఖకు ప్రభుత్వ కార్యదర్శిగా

5. *శ్రీ కృష్ణ ఆదిత్య ఎస్ (ఐఏఎస్ 2014)*
ప్రస్తుతం: ఇంటర్మీడియట్ విద్య డైరెక్టర్ & బోర్డ్ ఆఫ్ ఇంటర్మీడియట్ ఎడ్యుకేషన్ కార్యదర్శి
బదిలీ: పరిశ్రమలు & వాణిజ్య శాఖకు ప్రభుత్వ ప్రత్యేక కార్యదర్శిగా

6. *శ్రీ భావేష్ మిశ్రా (ఐఏఎస్ 2015)*
ప్రస్తుతం: ఐటీఈ&సీ శాఖకు ప్రభుత్వ ప్రత్యేక కార్యదర్శి
బదిలీ: నిర్మల్ కలెక్టర్ & జిల్లా మెజిస్ట్రేట్‌గా

7. *శ్రీ పి.ఉదయ్ కుమార్ (ఐఏఎస్ 2016)*
ప్రస్తుతం: ఆరోగ్యశ్రీ హెల్త్ కేర్ ట్రస్ట్ సీఈఓ
బదిలీ: జీహెచ్ఎంసీ, గోల్కొండ జోనల్ కమిషనర్‌గా

8. *శ్రీ బధావత్ సంతోష్ (ఐఏఎస్ 2016)*
ప్రస్తుతం: నాగర్ కర్నూల్ కలెక్టర్ & జిల్లా మెజిస్ట్రేట్
బదిలీ: జీహెచ్ఎంసీ, ఖైరతాబాద్ జోనల్ కమిషనర్‌గా

9. *శ్రీ జెండాగే హనుమంత్ కొండిబా (ఐఏఎస్ 2016)*
ప్రస్తుతం: పౌర సరఫరాల డైరెక్టర్
బదిలీ: ఆరోగ్యశ్రీ హెల్త్ కేర్ ట్రస్ట్ సీఈఓగా

10. *శ్రీమతి పి.ప్రవీణ్య (ఐఏఎస్ 2016)*
ప్రస్తుతం: సంగారెడ్డి కలెక్టర్ & జిల్లా మెజిస్ట్రేట్
బదిలీ: టీఆర్&బీ శాఖకు ప్రభుత్వ ప్రత్యేక కార్యదర్శిగా

11. *శ్రీమతి ప్రియాంక అలా (ఐఏఎస్ 2016)*
ప్రస్తుతం: జీహెచ్ఎంసీ, ఖైరతాబాద్ జోనల్ కమిషనర్
బదిలీ: హైదరాబాద్ కలెక్టర్ & జిల్లా మెజిస్ట్రేట్‌గా

12. *శ్రీ సంతోష్ బి.ఎం. (ఐఏఎస్ 2017)*
ప్రస్తుతం: గిరిజన సంక్షేమ శాఖ డైరెక్టర్
బదిలీ: గిరిజన సంక్షేమ శాఖకు ప్రభుత్వ ప్రత్యేక కార్యదర్శిగా

13. *శ్రీ ప్రతీక్ జైన్ (ఐఏఎస్ 2017)*
ప్రస్తుతం: నారాయణపేట్ కలెక్టర్ & జిల్లా మెజిస్ట్రేట్
బదిలీ: సంగారెడ్డి కలెక్టర్ & జిల్లా మెజిస్ట్రేట్‌గా

14. *శ్రీ దివాకర టీఎస్ (ఐఏఎస్ 2017)*
ప్రస్తుతం: ములుగు కలెక్టర్ & జిల్లా మెజిస్ట్రేట్
బదిలీ: ఖమ్మం కలెక్టర్ & జిల్లా మెజిస్ట్రేట్‌గా

15. *శ్రీ అనుదీప్ దురిశెట్టి (ఐఏఎస్ 2018)*
ప్రస్తుతం: ఖమ్మం కలెక్టర్ & జిల్లా మెజిస్ట్రేట్
బదిలీ: ఐటీఈ&సీ శాఖకు ప్రభుత్వ సంయుక్త కార్యదర్శిగా

16. *శ్రీమతి అభిలాష అభినవ్ (ఐఏఎస్ 2018)*
ప్రస్తుతం: నిర్మల్ కలెక్టర్ & జిల్లా మెజిస్ట్రేట్
బదిలీ: ఇంటర్మీడియట్ విద్య డైరెక్టర్ & బోర్డ్ ఆఫ్ ఇంటర్మీడియట్ ఎడ్యుకేషన్ కార్యదర్శిగా

17. *శ్రీ భోర్ఖాడే హేమంత్ సహదేవరావు (ఐఏఎస్ 2018)*
ప్రస్తుతం: జీహెచ్ఎంసీ, సెర్లింగంపల్లి జోనల్ కమిషనర్
బదిలీ: ములుగు కలెక్టర్ & జిల్లా మెజిస్ట్రేట్‌గా

18. *శ్రీమతి చెక్క ప్రియాంక (ఐఏఎస్ 2018)*
ప్రస్తుతం: ఐ&పీఆర్ ప్రత్యేక కమిషనర్ మరియు జీఏ(ఐ&పీఆర్) శాఖకు ప్రభుత్వ ప్రత్యేక కార్యదర్శి
బదిలీ: నారాయణపేట్ కలెక్టర్ & జిల్లా మెజిస్ట్రేట్‌గా

19. *శ్రీ జి.వి.శ్యాం ప్రసాద్ లాల్ (ఐఏఎస్ 2019)*
ప్రస్తుతం: నాగర్ కర్నూల్ అదనపు కలెక్టర్ (స్థానిక సంస్థలు)
బదిలీ: పౌర సరఫరాల డైరెక్టర్‌గా

20. *శ్రీ జి.ముకుంద రెడ్డి (ఐఏఎస్ 2019)*
ప్రస్తుతం: జీహెచ్ఎంసీ, గోల్కొండ జోనల్ కమిషనర్
బదిలీ: ఐ&పీఆర్ ప్రత్యేక కమిషనర్ మరియు జీఏ(ఐ&పీఆర్) శాఖకు ప్రభుత్వ ప్రత్యేక కార్యదర్శిగా

21. *శ్రీ హేమంత్ కేశవ్ పాటిల్ (ఐఏఎస్ 2019)*
ప్రస్తుతం: జీహెచ్ఎంసీ, ఎల్బీనగర్ జోనల్ కమిషనర్
బదిలీ: నాగర్ కర్నూల్ కలెక్టర్ & జిల్లా మెజిస్ట్రేట్‌గా

22. *శ్రీ మండ మకరందు (ఐఏఎస్ 2020)*
ప్రస్తుతం: జీహెచ్ఎంసీ, రాజేంద్రనగర్ జోనల్ కమిషనర్
బదిలీ: ఉట్నూర్ ఐటీడీఏ ప్రాజెక్ట్ అధికారిగా

23. *శ్రీ అపూర్వ్ చౌహాన్ (ఐఏఎస్ 2020)*
ప్రస్తుతం: జీహెచ్ఎంసీ, కూకట్‌పల్లి జోనల్ కమిషనర్
బదిలీ: సీసీఎల్ఏ కార్యాలయంలో సీఎంఆర్వో ప్రాజెక్ట్ డైరెక్టర్‌గా

24. *శ్రీ లెనిన్ వత్సల్ టోప్పో (ఐఏఎస్ 2021)*
ప్రస్తుతం: మహబూబాబాద్ అదనపు కలెక్టర్ (స్థానిక సంస్థలు)
బదిలీ: ఏటూరునాగారం ఐటీడీఏ ప్రాజెక్ట్ అధికారిగా

25. *శ్రీ నారాయణ అమిత్ మాలెంపాటి (ఐఏఎస్ 2022)*
ప్రస్తుతం: నల్గొండ జిల్లా మిర్యాలగూడ సబ్-కలెక్టర్
బదిలీ: జీహెచ్ఎంసీ, సెర్లింగంపల్లి జోనల్ కమిషనర్‌గా

26. *శ్రీ వికాస్ మహతో (ఐఏఎస్ 2022)*
ప్రస్తుతం: నిజామాబాద్ జిల్లా బోధన్ సబ్-కలెక్టర్
బదిలీ: జీహెచ్ఎంసీ, ఎల్బీనగర్ జోనల్ కమిషనర్‌గా

27. *శ్రీ మయాంక్ సింగ్ (ఐఏఎస్ 2022)*
ప్రస్తుతం: జయశంకర్ భూపాలపల్లి జిల్లా కాటారం సబ్-కలెక్టర్
బదిలీ: జీహెచ్ఎంసీ, కూకట్‌పల్లి జోనల్ కమిషనర్‌గా

28. *శ్రీమతి కిరణ్మయి కొప్పిశెట్టి (ఐఏఎస్ 2022)*
ప్రస్తుతం: కామారెడ్డి జిల్లా బాన్సువాడ సబ్-కలెక్టర్
బదిలీ: రంగారెడ్డి అదనపు కలెక్టర్ (స్థానిక సంస్థలు)గా

29. *శ్రీ యువరాజ్ మార్మట్ (ఐఏఎస్ 2022)*
ప్రస్తుతం: ఆదిలాబాద్ జిల్లా ఉట్నూర్ సబ్-కలెక్టర్
బదిలీ: కుమ్రంభీం ఆసిఫాబాద్ అదనపు కలెక్టర్ (స్థానిక సంస్థలు)గా

30. *శ్రీ ఎస్.శ్రీనివాస్ రెడ్డి (నాన్-కేడర్)*
ప్రస్తుతం: జీహెచ్ఎంసీ, చార్మినార్ జోనల్ కమిషనర్
బదిలీ: జీహెచ్ఎంసీ, రాజేంద్రనగర్ జోనల్ కమిషనర్‌గా

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हरियाणा के पानीपत में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा सामने आया, जब मित्तल मेगा मॉल अचानक आग की लपटों में घिर गया। कुछ ही मिनटों में यह आग इतनी भयंकर हो गई कि मॉल के कई फ्लोर तक फैल गई और कई शोरूम जलकर खाक हो गए। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत मॉल की बेसमेंट में स्थित एक जूते के शोरूम से हुई। बताया जा रहा है कि बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़की। बेसमेंट में भारी मात्रा में ज्वलनशील सामान—जैसे रबर, पैकिंग मटेरियल और कार्टन—मौजूद होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही हरियाणा अग्निशमन सेवा की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए पानीपत के अलावा आसपास के जिलों से भी फायर ब्रिगेड बुलाई गई। दमकल कर्मियों को मॉल के अंदर घुसने में काफी मुश्किलें आईं, क्योंकि धुएं का घनत्व बेहद अधिक था और विजिबिलिटी लगभग शून्य हो चुकी थी।
करीब 4 से 6 घंटे की लगातार मशक्कत, हाई प्रेशर वाटर जेट और विशेष उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। इस दौरान दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने का काम किया। आग लगते ही मॉल के अंदर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग जान बचाकर बाहर भागते नजर आए। सुरक्षा गार्ड और कर्मचारियों ने तुरंत लोगों को बाहर निकालना शुरू किया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन कुछ लोगों को धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ हुई। आग की चपेट में आने से मॉल के कई बड़े और छोटे शोरूम पूरी तरह जल गए। दुकानों में रखा महंगा सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और जूते जलकर राख हो गए। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। असली आंकड़ा जांच के बाद ही सामने आएगा। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, आग की लपटें कई फीट ऊंची उठ रही थीं और काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। कुछ लोगों ने बताया कि पहले हल्का धुआं दिखाई दिया, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे बेसमेंट को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सील कर दिया गया। ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए। अधिकारियों ने आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। इस घटना के बाद मॉल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय व्यापारियों और लोगों का आरोप है कि मॉल में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे या वे सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे। अगर समय रहते सुरक्षा सिस्टम सक्रिय होता, तो नुकसान कम हो सकता था। प्रशासन अब मॉल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने और सुरक्षा मानकों की जांच करने में जुट गया है। आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई हो सकती है। साथ ही शहर के अन्य मॉल और व्यावसायिक परिसरों की भी जांच की संभावना जताई जा रही है। यह हादसा एक बार फिर चेतावनी है कि बड़े व्यावसायिक भवनों में फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है, वरना छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है।

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ప్రచురణార్థం

*స్వీయ గణన సదుపాయం వినియోగించాలి.....జిల్లా కలెక్టర్ అనుదీప్ దురిశెట్టి*

*2027 జన గణనలో భాగంగా ఇండ్ల జాబితా తయారీకి పకడ్బందీ చర్యలు*

*ఆన్‌లైన్ స్వీయ గణనకు ప్రత్యేక వెబ్‌సైట్ వినియోగించాలని సూచన*
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ఖమ్మం, ఏప్రిల్-25:
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జనగణన–2027లో భాగంగా స్వీయ గణన సదుపాయం వినియోగించాలని జిల్లా కలెక్టర్ అనుదీప్ దురిశెట్టి శనివారం ఒక ప్రకటనలో తెలిపారు.

జన గణన 2027 మొదటి దశ ప్రక్రియ అయిన ఇండ్ల జాబితా తయారీ కార్యక్రమం 2026 మే 11 నుండి జూన్ 9 వరకు నిర్వహించనున్నట్లు తెలిపారు. ఈ గణనలో భాగంగా మొట్టమొదటిసారిగా స్వీయ గణన (Self-Enumeration) సదుపాయాన్ని ప్రభుత్వం అందుబాటులోకి తీసుకు వచ్చిందని, ఈ సదుపాయం 2026 ఏప్రిల్ 26 నుండి మే 10 వరకు 15 రోజుల పాటు https://se.census.gov.in వెబ్‌సైట్‌లో అందుబాటులో ఉంటుందని తెలిపారు.

జిల్లా ప్రజలు తమ మొబైల్ నెంబర్‌తో పోర్టల్‌లో లాగిన్ అయి, తమ గృహాన్ని జియో-ట్యాగ్ చేసి అవసరమైన వివరాలను నమోదు చేసుకోవచ్చని కలెక్టర్ పేర్కొన్నారు. నమోదు ప్రక్రియ పూర్తయిన తర్వాత “H” అక్షరంతో ప్రారంభమయ్యే 11 అంకెల Self-Enumeration ID (SE ID) జనరేట్ అవుతుందని తెలిపారు.

ఈ SE IDను ఫీల్డ్ వెరిఫికేషన్ కోసం ఇంటికి వచ్చే ఎన్యుమరేటర్‌కు అందజేస్తే గణన ప్రక్రియ వేగవంతంగా పూర్తవుతుందని పేర్కొన్నారు. జిల్లా ప్రజలు అందరూ ఈ స్వీయ గణన సదుపాయాన్ని సద్వినియోగం చేసుకోవాలని జిల్లా కలెక్టర్ అనుదీప్ దురిశెట్టి ఆ ప్రకటనలో కోరారు.
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జిల్లా పౌర సంబంధాల అధికారి కార్యాలయం, ఖమ్మంచే జారీ చేయనైనది.

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*రాజకీయాలకు అతీతంగా ప్రజా సంక్షేమమే లక్ష్యంగా ముందుకు...*

- *రాయిగూడెం 'ప్రజా దర్బార్'లో మంత్రి పొంగులేటి శ్రీనివాస రెడ్డి వెల్లడి*

- *న్యాయమైన సమస్య అయితే పరిష్కరించే బాధ్యత తనదేనని హామీ*

నేలకొండపల్లి (రాయిగూడెం) : ప్రజలు తమ సమస్యల పరిష్కారం కోసం ప్రభుత్వ కార్యాలయాల చుట్టూ తిరిగే పరిస్థితి ఉండకూడదన్నదే ఈ ప్రజా ప్రభుత్వ ప్రధాన ఉద్దేశమని తెలంగాణ రెవెన్యూ, గృహ నిర్మాణం, సమాచార శాఖల మంత్రి పొంగులేటి శ్రీనివాస రెడ్డి స్పష్టం చేశారు. ప్రజా పాలన - ప్రగతి ప్రణాళిక కార్యక్రమంలో భాగంగా పాలేరు నియోజకవర్గంలో వినూత్నంగా చేపట్టిన 'ప్రజా దర్బార్' కార్యక్రమాన్ని శనివారం రాయిగూడెం క్లస్టర్ పరిధిలో నిర్వహించారు. రాయిగూడెం, అజయ్‌తండా, చెరువుమాదారం, మంగాపురం తండా, అప్పలనరసింహపురం, బుద్ధారం, కట్టుకాచారం, కొంగర, రాజారాంపేట, భైరవునిపల్లి గ్రామ పంచాయతీలకు చెందిన ప్రజలతో మంత్రి పొంగులేటి ముఖాముఖి భేటీ అయ్యారు.

- *పారదర్శక పాలన - ప్రజల ముంగిటకే యంత్రాంగం*
గతంలో ప్రజలు తమ గోడు చెప్పుకోవడానికి సరైన వేదిక లేక ఇబ్బందులు పడ్డారని, కానీ నేడు అధికారులే ప్రజల వద్దకు వచ్చి సమస్యలు వింటున్నారని మంత్రి తెలిపారు. "ఇది కేవలం ఒక రోజు కార్యక్రమం కాదు, నిరంతరం జరిగే ప్రక్రియ. మీ కష్టాలను వినే చిత్తశుద్ధి ఈ ప్రభుత్వానికి ఉంది కాబట్టే ధైర్యంగా మీ మధ్యకు రాగలుగుతున్నాం" అని ఆయన పేర్కొన్నారు.

- *క్లస్టర్ల వారీగా.. క్షుణ్ణంగా పరిష్కారం*
ప్రజా దర్బార్‌ను కేవలం సభలా కాకుండా, ప్రతి పంచాయతీకి ఒక క్లాస్‌రూమ్‌ కేటాయించి అధికారులను కూర్చోబెట్టడం ద్వారా సమస్యలను లోతుగా అధ్యయనం చేస్తున్నామని చెప్పారు. స్పాట్‌లోనే పరిష్కరించే వీలున్న సమస్యలను వెంటనే తేల్చేయాలని, మిగిలిన వాటికి వారం, నెల, మూడు నెలల చొప్పున గడువు నిర్ణయించి పరిష్కరిస్తామని పేర్కొన్నారు.

- *రాజకీయాలకు అతీతంగా అభివృద్ధి*
"రాజకీయాలు ఎన్నికల వరకే. గెలిచిన తర్వాత ప్రభుత్వం అందరిది. అడిగిన పని న్యాయమైనదైతే, ప్రజలకు ఉపయోగపడేదైతే తప్పకుండా పూర్తి చేస్తాం" అని మంత్రి వివరించారు. ఈ నియోజకవర్గంలో చేస్తున్న ఈ ప్రయోగం రేపు రాష్ట్రవ్యాప్తంగా అన్ని నియోజకవర్గాల్లో అమలు చేయడానికి ఒక నమూనాగా నిలుస్తుందని ఆకాంక్షించారు.

*శాఖల వారీగా సమీక్షలు*
ఈనెల 27వ తేదీ నుండి రాష్ట్రవ్యాప్తంగా రెవెన్యూ, హౌసింగ్ శాఖలపై కలెక్టర్లు, ప్రజాప్రతినిధులతో ప్రత్యేక సమీక్షలు నిర్వహించనున్నట్లు మంత్రి ప్రకటించారు. ఇందిరమ్మ ఇళ్లు, భూభారతి సమస్యలను పారదర్శకంగా, వడివడిగా పరిష్కరించి ప్రజలకు మేలు చేకూరుస్తామని హామీ ఇచ్చారు.

- *ప్రజల ఆశీస్సులే నా బలం*
"మీరు మనస్ఫూర్తిగా ఆశీర్వదించి నన్ను గెలిపించారు. మీ ఇంటి పెద్ద కొడుకుగా మీ కష్టాలను తీర్చాల్సిన బాధ్యత నాపై ఉంది. అసాధ్యమైన హామీలు నేను ఇవ్వను కానీ.. మీరు అడిగే సమస్య న్యాయమైనదైతే దాన్ని పూర్తి చేసే బాధ్యత నాది" అని మంత్రి పేర్కొన్నారు. ఈ కార్యక్రమంలో జిల్లా ఉన్నతాధికారులు, వివిధ శాఖల ప్రతినిధులు, ప్రజాప్రతినిధులు పాల్గొని ప్రజల నుంచి విజ్ఞప్తులను స్వీకరించారు.

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तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और मशहूर स्टार जयललिता ने जिंदा रहते हुए कभी दिवाली नहीं मनाई,आप ‌जानते हो क्यों,,,???

1790 नरक चतुर्दशी,यह मध्यरात्रि है, जिहादी आतंकवादी टीपू सुल्तान के पास अपने सबसे वफादार और क्रूर साथियों के साथ एक सेना थी,जो मेलुकोट के श्री चेलुवरया स्वामी के मंदिर में प्रवेश करती है।

वहीं नरक चतुर्दशी के अवसर पर आयोजित भगवान झांकी में लगभग 1000 श्रद्धालु शामिल हुए। रात की पूजा के बाद वे आराम करने की तैयारी कर रहे थे।

जिहादी टीपू ने आकर मंदिर के सभी द्वार बंद कर दिए और 1000 भक्तों में से 800 लोगों को बंद कर दिया उसने अपनी सेना के बल से नरसंहार किया और उसे जमीन पर गिरा दिया। बच्चों-बच्चों को भी नहीं बख्शा। उसने अपने जनाना के लिए शेष 200 सुंदर महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया।

अगली सुबह दीपावली पद्य का दिन था। वह मेलुकोट मंदिर को तोड़ देता है और उसकी विशाल संपत्ति को लूट लेता है।

लूट को ले जाने के लिए 26 हाथियों और 180 घोड़ों की जरूरत थी। भले ही इसे इतने लंबे समय तक ले जाने में 3 दिन लगे।

यही कारण है कि आज भी मेलुकोटे के कई परिवार (मांड्याम अयंगर कहलाते हैं) उस अंधेरी दिवाली की भयानक घटनाओं के कारण इस त्योहार को नहीं मना रहे हैं।

जयललिता भी इसी समुदाय की थीं इसलिए उन्होंने भी कभी दिवाली का त्योहार नहीं मनाया। क्या उनके पूर्वज (मेलकोट अयंगर) 800 नरसंहारों में शामिल नहीं थे? वह कैसे भूल सकती थीं,,,,???

इतिहास की किताबों में आतंकवादी टीपू सुल्तान को एक सुंदर, गंभीर, शांत और बहादुर व्यक्ति के रूप में दर्शाया गया है। लेकिन लंदन के पुस्तकालय में टीपू की वास्तविक छवि बहुत अलग है।

टीपू सुल्तान का इतिहास इस बात का एक अच्छा उदाहरण है कि कैसे कांग्रेस और कुम्मी ने भारत के इतिहास को विकृत किया है।रूप में दानव कहे जाने वाले इस सुल्तान ने न केवल मेलुकोट मंदिर बल्कि दक्षिण भारत के लगभग 25 मंदिरों की संपत्ति भी लूट ली।

जिहादी टीपू हमेशा बड़े-बड़े त्योहारों पर नरसंहार और धन की लूट में लिप्त रहता था। क्योंकि वह अच्छी तरह जानता था कि उन दिनों भक्त बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं और उन सभी के पास अधिक धन और प्रसाद के रूप में चांदी और सोना होता था। उन दिनों मंदिर में ही सारा धन और अनाज इकट्ठा करने की प्रथा थी।

अब उनकी हिंदुओं की अन्य हत्याओं के बारे में:
1. कित्तूर चेन्नम्मा के राज्य में 1.40,000 हिंदू जिन्होंने धर्मांतरण से इनकार कर दिया था, बेचारे मारे गए
2. 10,000 ब्राह्मण जिन्होंने धर्मांतरण से इनकार कर दिया, उनका केरल राज्य में जबरन 'खतना' किया गया।
3. हिंदू महिलाओं का अपनी इच्छानुसार उपयोग करना और फिर उन्हें अपने सैनिकों को पुरस्कार के रूप में देना
4. 20 साल के लड़कों को हिजड़ा बनाया गया था
5. कोडागु के हिंदुओं का माराना यज्ञ
6. कोडागु में हिंदू महिलाओं के स्तनों को काट कर क्षत-विक्षत कर दिया गया।

लड़कों पर इतने अत्याचार हुए कि लिखा नहीं जा सकता।
अगर ये सब जिहादी टीपू का घमंड था,तो टीपू के अब्बू हैदर अली को तिरुपति कल्याण वेंकटेश्वर की विशाल संपत्ति को लूटने का श्रेय दिया जाता है।

इस मामले में कोई किसी से कम नहीं है।
आतंकवादी टीपू का इतिहास उन संगठनों का एक बड़ा उदाहरण है जो हिंदुओं के खिलाफ हमारे देश के इतिहास को चित्रित करते रहे हैं। टीवी सीरियलों में टीपू को एक महान देशभक्त और कुशल प्रशासक के रूप में चित्रित करने वाले धर्मनिरपेक्षतावादी।
देखो कि जिहादी टीपू की मशहूर तलवार पर उर्दू में क्या लिखा है:
"मुस्लिम नायक जिसने काफिरों का कत्लेआम किया"।।।
जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया पेज को फॉलो और पोस्ट को शेयर जरूर करें,,,,
#highlight #motivation #lovelife #everyone

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*బిఆర్ఎస్ పార్టీ నియోజకవర్గ ఇన్చార్జి లకు మండల, పట్టణ మరియు గ్రామ నాయకులకు విజ్ఞప్తి!*

బిఆర్ఎస్ పార్టీ రజతోత్సవ వేడుకల ముగింపు సందర్భంగా ఈనెల 27న జిల్లా వ్యాప్తంగా జరిగే పార్టీ జెండా ఆవిష్కరణ కార్యక్రమాలను పెద్ద ఎత్తున జయప్రదం చేయండి.

*పార్టీ వ్యవస్థాపక అధ్యక్షులు శ్రీ కల్వకుంట్ల చంద్రశేఖరరావు గారి మరియు శ్రీ కేటీఆర్ గారి ఆదేశం మేరకు ఈనెల 27న గ్రామ, మండల, పట్టణ మరియు జిల్లా స్థాయిలో పార్టీ జెండా పండుగ కార్యక్రమాన్ని విజయవంతం చేయాలని విజ్ఞప్తి చేస్తున్నాను.*

కావునా ఈ కార్యక్రమంలో నియోజకవర్గ ఇన్చార్జిలు, మండల పార్టీ అధ్యక్షులు, నగర పార్టీ అధ్యక్షులు, మాజీ జెడ్పిటిసిలు, మాజీ ఎంపీపీలు, కార్పొరేటర్లు, మాజీ మున్సిపల్ చైర్మన్లు, నగర పార్టీ నాయకులు, సర్పంచులు, మాజీ ఎంపీటీసీ లు, మండల నాయకులు, ఉద్యమకారులు, మహిళా నాయకురాళ్ళు, రైతు నాయకులు, విద్యార్థి యువజన నాయకులు, గ్రామ నాయకులు భారీ ఎత్తున పాల్గొని కార్యక్రమాన్ని విజయవంతం చేయగలరు మనవి..🙏

*నోట్:*
1. అన్ని గద్దెలకు, జెండా పైపులకు కొత్తగా రంగులు వేయాలి. కొత్త జెండాలు వాడాలి.
2. గద్దెలు లేనిచోట అవకాశం ఉంటే కొత్త గద్దెలు నిర్మించి జెండా ఆవిష్కరణ జరగాలి.
3. జెండా ఆవిష్కరణ అనంతరం కార్యక్రమ వివరాలు, ఫోటోలు జిల్లా పార్టీ ఆఫీసు కు పంపగలరు.


ఇట్లు
*తాతా మధుసూదన్, MLC*
బిఆర్ఎస్ పార్టీ జిల్లా అధ్యక్షులు

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*తెలంగాణలో 'ప్రాంతీయ' ప్రస్థానం..*

*కేసీఆర్ వ్యూహాల ముందు కనుమరుగైన ఉద్దండులు..!*


*స్పష్టత లేని సిద్ధాంతం..*

ఏ రాజకీయ పార్టీకైనా క్షేత్ర స్థాయిలో కార్యకర్తలు బలం అవసరం కోదండరాం (టీజేఎస్) లేదా చెరుకు సుధాకర్ వంటి వారు మేధావి వర్గానికి చెందిన వారు. వారిపై ప్రజల్లో గౌరవం ఉన్నా, ఎన్నికల్లో ఓట్లను మేనేజ్ చేసే కార్యకర్తల నెట్‌వర్క్ వారికి లేదు. ఈ పార్టీలన్నీ దాదాపుగా ఒక వ్యక్తి లేదా కొద్ది మంది నేతల చుట్టూ తిరిగే 'లెటర్ హెడ్' పార్టీలుగానే మిగిలిపోయాయి.

భావోద్వేగం వర్సెస్ అధికారం ఉద్యమ సమయంలో ఉన్న భావోద్వేగం, రాష్ట్రం వచ్చిన తర్వాత మారిన రాజకీయ అవసరాల మధ్య చాలా పార్టీలు నలిగిపోయాయి.

తెలంగాణ వచ్చిన తర్వాత 'తెలంగాణ' పేరుతో పార్టీ ఉండడం కంటే, తెలంగాణను పాలించే శక్తి ఎవరికి ఉందనే కోణంలో ప్రజలు ఆలోచించారు. వైఎస్సార్ తెలంగాణ పార్టీ విషయంలో తెలంగాణ సెంటిమెంట్ కంటే ఆమెను 'ఆంధ్రా' మూలాలున్న వ్యక్తిగా ప్రజలు భావించడం వల్ల ఆమె నిలదొక్కుకోలేకపోయారు.

ఎన్నికల రాజకీయాలు నేడు చాలా ఖరీదైనవిగా మారాయి. ప్రధాన స్రవంతి పార్టీలైన కాంగ్రెస్, బీఆర్ఎస్, బీజేపీలకు ఉన్న ఆర్థిక బలం ముందు ఈ చిన్న పార్టీలు నిలబడలేకపోయాయి. మీడియా కూడా గెలిచే గుర్రాల మీదనే దృష్టి పెడుతుంది. ఫలితంగా ఈ పార్టీల ఉనికి వార్తలకు మాత్రమే పరిమితమైంది.

*స్పష్టత లేని సిద్ధాంతం..*

కేసీఆర్‌పై కోపంతోనో, వ్యక్తిగత విభేదాల వల్లనో పార్టీలు పెట్టారు తప్ప, బలమైన సామాజిక మార్పు కోసం పార్టీలు తక్కువ. గద్దర్ (TUF) లేదా విమలక్క వంటి వారు ప్రజల గొంతుకగా నిలిచినా, వారి మార్గం ఓట్ల రాజకీయాలకు భిన్నంగా ఉందేది. తీన్మార్ మల్లన్న లేదా నాగం జనార్ధన్ రెడ్డి వంటి వారు పోరాటాలు చేసినా, చివరకు ఏదో ఒక పెద్ద పార్టీలో చేరక తప్పలేదు.

ఒక ప్రాంతం పేరు మీద పార్టీ పెట్టినప్పుడు, ప్రాంత ప్రజల నాడిని తెలుసుకోవడంతో కేసీఆర్ చూపినంత నేర్పు మరెవరూ చూపలేకపోయారు. తెలంగాణలో ప్రాంతీయ పార్టీగా బీఆర్ఎస్ ఎదిగితే.., దానికి జాతీయ పార్టీలైన కాంగ్రెస్ లేదంటే బీజేపీ మాత్రమే ప్రత్యామ్నాయంగా నిలిచాయి తప్ప, ఇతర చిన్న ప్రాంతీయ పార్టీ ఎదగడానికి తెలంగాణ సమాజం పెద్దగా అవకాశం ఇవ్వలేదు. ప్రజల మద్దతు లేని భావోద్వేగం రాజకీయాల్లో నీటి బుడగ వంటిదని ఈ పార్టీల ప్రస్థానం మనకు నేర్పుతున్న పాఠం.

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कौशांबी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ी पहल – अवैध पैथोलॉजी व बिना रजिस्ट्रेशन अस्पतालों पर होगी सख्त कार्रवाई
आज जनपद कौशांबी के मंझनपुर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बड़े भाई डॉ. संजय कुमार जी एवं बांदा मेडिकल कॉलेज में रहे प्रोफेसर डॉ. पी.एन. यादव जी (डिप्टी CMO) से स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें विशेष रूप से जनपद में संचालित अवैध पैथोलॉजी लैब्स और बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे कई अस्पतालों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया, बैठक के दौरान आम जनता के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ और भ्रष्टाचार पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई तथा यह स्पष्ट किया गया कि ऐसे अवैध संस्थान न केवल नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं बल्कि लोगों की जान के साथ भी जोखिम पैदा कर रहे हैं, इस पर संबंधित अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही ऐसे सभी पैथोलॉजी केंद्रों और अस्पतालों की जांच कर कड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता आए और आम लोगों को सुरक्षित एवं बेहतर इलाज मिल सके, साथ ही यह भी संकल्प लिया गया कि जनहित से जुड़े इस मुद्दे को लगातार उठाया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर व्यवस्था में सुधार लाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

शालिनी सिंह पटेल
प्रदेश उपाध्यक्ष जेडीयू यूपी प्रभारी बुंदेलखंड
बबेरू विधानसभा 233

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कौशांबी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ी पहल – अवैध पैथोलॉजी व बिना रजिस्ट्रेशन अस्पतालों पर होगी सख्त कार्रवाई
आज जनपद कौशांबी के मंझनपुर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बड़े भाई डॉ. संजय कुमार जी एवं बांदा मेडिकल कॉलेज में रहे प्रोफेसर डॉ. पी.एन. यादव जी (डिप्टी CMO) से स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें विशेष रूप से जनपद में संचालित अवैध पैथोलॉजी लैब्स और बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे कई अस्पतालों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया, बैठक के दौरान आम जनता के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ और भ्रष्टाचार पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई तथा यह स्पष्ट किया गया कि ऐसे अवैध संस्थान न केवल नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं बल्कि लोगों की जान के साथ भी जोखिम पैदा कर रहे हैं, इस पर संबंधित अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही ऐसे सभी पैथोलॉजी केंद्रों और अस्पतालों की जांच कर कड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता आए और आम लोगों को सुरक्षित एवं बेहतर इलाज मिल सके, साथ ही यह भी संकल्प लिया गया कि जनहित से जुड़े इस मुद्दे को लगातार उठाया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर व्यवस्था में सुधार लाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

शालिनी सिंह पटेल
प्रदेश उपाध्यक्ष जेडीयू यूपी प्रभारी बुंदेलखंड
बबेरू विधानसभा 233

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ब्यूरो रिपोर्ट : अम्बेडकर नगर

जिले के भियांव ब्लाक में बंदीपुर स्थित महावीर स्मारक बालिका इंटर कॉलेज में वर्ष 2026 में उत्तीर्ण छात्राओं के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर उत्साह और गर्व से भरा नजर आया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य एवं समस्त सम्मानित अध्यापक-शिक्षिकाओं ने मेधावी बालिकाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

समारोह का मुख्य उद्देश्य छात्राओं की शैक्षिक उपलब्धियों को सराहना देना तथा उन्हें आगे की शिक्षा और जीवन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह एवं फूलमालाओं से सम्मानित किया गया। इस दौरान अभिभावकों और स्थानीय लोगों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।

विद्यालय का इतिहास भी उतना ही प्रेरणादायक है जितना इसका वर्तमान। ग्रामीण क्षेत्र में स्थित यह शिक्षण संस्थान न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और विकास का भी आधार रहा है। वर्ष 1980-82 के आसपास फूलमती बेसिक एवं जूनियर विद्यालय के रूप में इसकी शुरुआत हुई थी। बाद में वर्ष 2006 में इसे महावीर स्मारक बालिका इंटर कॉलेज के रूप में स्थापित किया गया। तब से यह संस्थान निरंतर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देते हुए क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

इस विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय श्री जटाशंकर सोनी जी की दूरदृष्टि और शिक्षा के प्रति समर्पण को आज भी लोग याद करते हैं। उस समय जब ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को लेकर जागरूकता कम थी, तब उन्होंने इस दिशा में पहल कर एक मजबूत नींव रखी। उनकी सोच और प्रयासों का ही परिणाम है कि आज यह विद्यालय क्षेत्र की बालिकाओं के लिए शिक्षा का सशक्त माध्यम बन चुका है।

वर्तमान में विद्यालय का संचालन प्रबंधक श्री अवनीश कुमार सोनी के नेतृत्व में सुचारु रूप से हो रहा है। प्रधानाचार्य बाबी सर के मार्गदर्शन में विद्यालय में अनुशासन, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और संस्कारों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। विद्यालय के शिक्षकों—नीरज सर, उषा जी, शकुंतला जी, दीपक सर, आकाश सर, पूजा जी, जैस्मीन जी, अर्पिता जी, शिखा जी सहित समस्त स्टाफ—का योगदान सराहनीय है, जो छात्राओं को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रेरणादायक वातावरण में शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

समारोह के अंत में वक्ताओं ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें और समाज में एक नई पहचान बनाएं। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने यह भी संकल्प लिया कि भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य करते हुए बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करते रहेंगे।

इस प्रकार, यह सम्मान समारोह न केवल छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संदेश भी लेकर आया कि शिक्षा ही विकास का सबसे सशक्त माध्यम है।

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मथुरा। जनपद में अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मथुरा के कोतवाली क्षेत्र स्थित बीएसए चौकी इलाके में एक गेस्ट हाउस पर छापेमारी कर पुलिस ने देह व्यापार के आरोप में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस क्षेत्राधिकारी आशना चौधरी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में आरएस गेस्ट हाउस पर दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान मौके से चार युवतियां और तीन युवक पकड़े गए। पुलिस के अनुसार, गेस्ट हाउस में लंबे समय से अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

छापे के दौरान पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। साथ ही गेस्ट हाउस के संचालन और भूमि से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

सीओ वर्जन

सीओ आशना चौधरी ने बताया कि जनपद में अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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*​"हिंदू राष्ट्रात हिंदूंचेच संमेलन घेण्याची वेळ येणे हे मोठे दुर्दैव" – शरद पोंक्षे यांचे इंद्रायणी नगर भोसरीत प्रतिपादन; संदीप जाधव यांनी मांडला 'पंच परिवर्तनाचा' विचार*

इंद्रायणी नगर, ​भोसरी : "आज जगात चिनी लोकांचा चीन आहे, ख्रिश्चन राष्ट्रांचे स्वतंत्र देश आहेत, ५५ मुस्लिम देश आहेत; मात्र दुर्दैवाने हिंदू राष्ट्रातच हिंदूंना संघटित करण्यासाठी संमेलने घ्यावी लागत आहेत, ही परिस्थिती अत्यंत क्लेशदायक आहे," असे प्रखर प्रतिपादन प्रसिद्ध हिंदुत्ववादी वक्ते मा. श्री. शरद पोंक्षे यांनी केले.

​सकल हिंदू समाज, इंद्रायणी नगर भोसरी यांच्या वतीने इंद्रायणीनगर येथे आयोजित 'विराट हिंदू संमेलनात' ते मुख्य वक्ते म्हणून बोलत होते. यावेळी पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत कार्यकारिणी सदस्य मा. श्री. संदीप जाधव यांनी पंच परिवर्तन या विषयावर मार्गदर्शन केले.

​‘संघाने १०० वर्षांत व्यक्ती निर्मानाचे काम केले ’ - संदीप जाधव

कार्यक्रमाचे प्रमुख पाहुणे संदीप जाधव यांनी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघाच्या गौरवशाली प्रवासाचा उल्लेख केला. ते म्हणाले की, "संघाला १०० वर्षे पूर्ण होत आहेत आणि या शतकोत्तर प्रवासात संघाने व्यक्ती निर्माण करण्याचे अत्यंत महत्त्वाचे कार्य केले आहे." यावेळी त्यांनी ‘पंच परिवर्तन’ या विषयावर उपस्थितांना मार्गदर्शन केले.

१. पर्यावरण रक्षण: निसर्गाचे संवर्धन करणे आपली जबाबदारी आहे.

२. कुटुंब प्रबोधन: संस्कारक्षम कुटुंबातूनच बलशाली समाज घडतो.

३. स्वबोध जागरण: आपल्या संस्कृतीचा, देशाचा आणि धर्माचा सार्थ अभिमान बाळगा.

४. नागरिक शिष्टाचार: शिस्तबद्ध नागरिक म्हणून कर्तव्य पार पाडा.

५. सामाजिक समरसता: जातीभेद विसरून सर्व हिंदू एक आहेत हा भाव जोपासा.

​"सेक्युलर" नावाखाली हिंदूंचे खच्चीकरण - शरद पोंक्षे

शरद पोंक्षे पुढे म्हणाले की, "आज बहुसंख्य असूनही हिंदूंना स्वतःची ओळख सांगायला भीती वाटू लागली आहे. 'गर्व से कहो हम हिंदू है' म्हणायला, कपाळावर टिळा लावायला किंवा हातात भगवा घ्यायला हिंदू घाबरत आहे. जगात इतर धर्माचे लोक आपल्या धर्माप्रती कट्टर आहेत, मात्र हिंदुस्थानात हिंदूंना 'निधर्मी' (Secular) बनवून ठेवले जात आहे. हिंदूंचे हे संमेलन म्हणजे कोण्या धर्माचा द्वेष करण्यासाठी नसून, स्वधर्माचा विसर पडलेल्या हिंदूंना संघटित करण्यासाठी आहे."

​कार्यक्रमाची सुरुवात सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामूहिक हनुमान चालीसा पठणाने झाली. यावेळी संपूर्ण परिसर 'जय श्रीराम' आणि 'भारत माता की जय' च्या घोषणांनी दुमदुमून गेला होता. या विराट संमेलनाला इंद्रायणी नगर भोसरी आणि पिंपरी-चिंचवड परिसरातील हजारो हिंदुत्वप्रेमी नागरिक, महिला आणि तरुण मोठ्या संख्येने उपस्थित होते. सोहळ्याचा समारोप वंदे मातरम ने करण्यात आला.

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सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर पानी वेंडिंग मशीन खराब, यात्रियों से वसूली जारी

सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर लगी शुद्ध पेयजल वेंडिंग मशीन इन दिनों यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। स्टेशन परिसर में स्थापित यह मशीन लंबे समय से ठीक तरह से काम नहीं कर रही है, बावजूद इसके यात्रियों से भुगतान लिया जा रहा है।

यात्रियों का आरोप है कि मशीन में पैसे डालने या डिजिटल भुगतान करने के बाद भी पानी नहीं मिलता, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई यात्रियों ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया है।

स्टेशन पर मौजूद इस मशीन का उद्देश्य यात्रियों को सस्ता और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह सुविधा परेशानी में बदल गई है। खासकर गर्मी के मौसम में पानी की आवश्यकता अधिक होने के कारण यात्रियों को मजबूरी में महंगा बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि या तो मशीन को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए या फिर जब तक यह पूरी तरह सही न हो जाए, तब तक इससे भुगतान लेना बंद किया जाए।

रेलवे प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है।

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