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ਪਟਿਆਲਾ | AIMA MEDIA
ਪਟਿਆਲਾ ਵਿੱਚ ਕਾਨੂੰਨ-ਵਿਵਸਥਾ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਬਣਾਈ ਰੱਖਣ ਲਈ ਪਟਿਆਲਾ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਥਾਵਾਂ ‘ਤੇ ਨਾਕਾਬੰਦੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਭਾਰੀ ਸੰਖਿਆ ਵਿੱਚ ਪੁਲਿਸ ਕਰਮਚਾਰੀ ਤੈਨਾਤ ਕਰਕੇ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੇ ਕੜੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ।

ਨਾਕਾਬੰਦੀ ਦੌਰਾਨ ਆਉਣ-ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਸਾਰੇ ਵਾਹਨਾਂ ਦੀ ਸਖ਼ਤੀ ਨਾਲ ਚੈਕਿੰਗ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਸ਼ੱਕੀ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ‘ਤੇ ਖ਼ਾਸ ਨਜ਼ਰ ਰੱਖੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਅਣਚਾਹੀ ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਚਿਆ ਜਾ ਸਕੇ।

ਇਸ ਮੌਕੇ ਐਸਐਸਪੀ ਪਟਿਆਲਾ ਵਰੁਣ ਸ਼ਰਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ੱਕੀ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ‘ਤੇ ਖ਼ਾਸ ਨਜ਼ਰ ਰੱਖੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਹਰ ਗਤੀਵਿਧੀ ‘ਤੇ ਪੱਕੀ ਨਿਗਰਾਨੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਅਣਚਾਹੀ ਘਟਨਾ ਨੂੰ ਸਮੇਂ ‘ਤੇ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਤਰਜੀਹ ਹੈ।

ਪੁਲਿਸ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਮੁਤਾਬਕ ਨਾਕਾਬੰਦੀ ਅਤੇ ਚੈਕਿੰਗ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਅੱਗੇ ਵੀ ਲਗਾਤਾਰ ਜਾਰੀ ਰਹੇਗੀ।

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30/1/2026 (தை 16) வெள்ளிக்கிழமை
*இன்றைய தலைப்புச் செய்திகள்!*

🗞️ சிவகங்கை மாவட்டத்தில் இன்றும், நாளையும் கள ஆய்வு பணிகளை மேற்கொள்கிறார்-முதலமைச்சர் மு.க.ஸ்டாலின்

🗞️ அரசுப்பணி பதவி உயர்வில் மாற்றுத்திறனாளிகளுக்கு 4% இட ஒதுக்கீடு அரசாணை வெளியிட்டது-தமிழக அரசு

🗞️ அதிமுக-வில் ஓ.பன்னீர்செல்வத்தை சேர்த்துக் கொள்ளும் பேச்சுக்கே இடமில்லை-எடப்பாடி பழனிசாமி திட்டவட்டம்

🗞️ தமிழகத்தில் வாக்காளர் பட்டியலில் பெயர் சேர்ப்பதற்கான கால அவகாசம் மேலும் 10 நாட்கள் நீடிப்பு

🗞️ சட்டமன்ற தேர்தலில் தேமுதிக தனித்து போட்டியிடாது-பிரேமலதா விஜயகாந்த் திட்டவட்டம்

🗞️ தைப்பூச திருவிழாவையொட்டி நெல்லை,தூத்துக்குடி மாவட்டத்திற்கு சிறப்பு ரயில்கள் இயக்கம்-தென்னக ரயில்வே அறிவிப்பு

🗞️ கிருஷ்ணகிரி மாவட்டத்தில் ரேபிஸ் தொற்றால் விவசாயி உயிரிழப்பு

🗞️ விருதுநகர், தூத்துக்குடி, தென்காசி மாவட்டங்களின் சில பகுதிகளில் திடீர் நிலநடுக்கம்

🗞️ AI துறை நிபுணர்களுடன் டெல்லியில் உள்ள தனது இல்லத்தில் பிரதமர் மோடி ஆலோசனை

🗞️ உற்பத்திதுறை வேலைவாய்ப்பில் நாட்டிலேயே தமிழ்நாடு முதலிடம் என ஒன்றிய அரசின் பொருளாதார ஆய்வறிக்கையில் தகவல்

🗞️ நடிகர்கள் சூர்யா,விஜய் சேதுபதி,கார்த்திக்,தனுஷ் உள்ளிட்டோருக்கு தமிழ்நாடு அரசின் திரைப்பட விருதுகள்

🗞️ மகளிர் பிரீமியர் லீக் கிரிக்கெட்டில் முதல் அணியாக இறுதிப் போட்டிக்கு முன்னேறியது ஆர்சிபி

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लखनऊ/सहारनपुर।
उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को लेकर समाज के हर वर्ग में गहरा असंतोष दिखाई दे रहा है। इन नियमों को शिक्षा विरोधी और दमनकारी बताते हुए प्रदेशभर में विरोध की आवाज़ उठ रही है। इसी क्रम में सहारनपुर से सामने आए कान्हा राणा किसी राजनीतिक नेता के रूप में नहीं, बल्कि समाज के एक सच्चे सिपाही के रूप में यूजीसी के नियमों के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं।

कान्हा राणा का कहना है कि यह लड़ाई सत्ता या राजनीति की नहीं, बल्कि समाज और छात्रों के अधिकारों की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी पद या राजनीति के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए मैदान में हैं। यही कारण है कि उनके साथ ब्राह्मण, वैश्य, कायस्थ समाज के साथ-साथ ओबीसी और अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लोग भी एकजुट होकर खड़े हैं। यह आंदोलन एकता और सामाजिक समरसता की मिसाल बनता जा रहा है।

विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि यूजीसी के नए नियमों से शिक्षण संस्थानों में भय का वातावरण बन रहा है और छात्रों को बिना किसी सुरक्षा के जटिल प्रक्रियाओं में झोंका जा रहा है। आंदोलनकारियों ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य भय नहीं, बल्कि ज्ञान और समान अवसर होना चाहिए।

प्रदेश के अलग-अलग जिलों में समाज के लोगों ने सरकार से मांग की कि यूजीसी के इन नियमों को वापस लिया जाए और छात्र हितों के अनुरूप नए नियम बनाए जाएं। कान्हा राणा ने समाज से अपील की कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से इस संघर्ष को आगे बढ़ाया जाए।

उत्तर प्रदेश में उठी यह आवाज अब केवल विरोध नहीं, बल्कि छात्रों और समाज के अधिकारों की लड़ाई बनती जा रही है, जिसमें कान्हा राणा एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि समाज के सिपाही के रूप में अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आ रहे हैं।

लेख: ऋषभ पराशर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, AIMA मीडिया युवा प्रकोष्ठ

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राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में डोडा-चुरा तस्करों से मुठभेड़ में शहीद हुए कांस्टेबल पवन कुमार जाट के परिजनों ने राजस्थान पुलिस में दी गई एक विशेष पदोन्नति पर गंभीर सवाल खड़े किए है। शाहिद के भाई ने आईजी, अजमेर रेंज को एक लिखित शिकायत सौंपकर हेड कांस्टेबल कालूराम धायल को दी गई (गैलेंट्री) पदोन्नति पर पुनर्विचार कर उसे निरस्त करने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र में बताया की पवन कुमार जाट वर्ष 2011 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे और अप्रेल 2021 में थाना रायला क्षेत्र में डोडा तस्करों से मुठभेड़ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए थे। इसी घटना में थाना कोटड़ी में पदस्थापित कांस्टेबल ओंकार राईका की भी तस्करों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाद में जाँच में पाया गया की कुछ पुलिस कर्मियों की भी मिलीभगत पाई गई थी जिन्हें सेवा से बर्खास्त कर जेल भी भेजा गया था।
परिजनों का आरोप है की कालूराम धायल को घटना के बाद निगरानी में भी रखा गया था।
ऐसे में संदिग्ध भूमिका वाले व्यक्ति को विशेष पदोन्नति देना न केवल विभागीय नियमों के खिलाफ है, बल्कि शहीदों के बलिदान का भी घोर अपमान है। शाहिद के भाई की माँग है की पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाए, विशेष पदोन्नति को निरस्त किया जाए और शहीदों के परिवारों को न्याय दिलवाया जाए ।

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చైనా అమెరికా మధ్య ప్రత్యక్ష యుద్ధం అనేది ప్రపంచం మొత్తాన్ని ప్రభావితం చేసే అత్యంత క్లిష్టమైన అంశం ప్రస్తుతం వీరిద్దరి మధ్య యుద్ధం భౌతిక యుద్ధం (ఫిసికల్ వార్) కంటే ఎక్కువగా ఆర్థిక సాంకేతిక దౌత్యపరమైన రూపాల్లో సాగుతోంది ​దీనికి సంబంధించిన ముఖ్యమైన అంశాలు


ప్రధాన వివాద కేంద్రాలు

​చైనా తైవాన్‌ను తన భూభాగంగా భావిస్తుంది అమెరికా తైవాన్‌కు రక్షణ కవచంగా నిలుస్తోంది ఇదే రెండు దేశాల మధ్య యుద్ధానికి దారితీసే అతిపెద్ద ముప్పు

చైనా ఆధిపత్యాన్ని అమెరికా వ్యతిరేకిస్తోంది అంతర్జాతీయ నౌకా ప్రయాణ స్వేచ్ఛ కోసం అమెరికా తన నౌకాదళాన్ని అక్కడ మోహరిస్తూ ఉంటుంది

వాణిజ్య సాంకేతిక యుద్ధం (ట్రేడ్ & టెక్ వార్)

చిప్ తయారీ సాంకేతికత చైనాకు అందకుండా అమెరికా ఆంక్షలు విధిస్తోంది
​ఆర్టిఫిషియల్ ఇంటెలిజెన్స్ భవిష్యత్తులో ప్రపంచాన్ని శాసించే ఎ.అయి రంగంలో పైచేయి సాధించడానికి రెండు దేశాలు తీవ్రంగా పోటీ పడుతున్నాయి

​యుద్ధం వస్తే జరిగే నష్టాలు

​ఒకవేళ ఈ రెండు దేశాల మధ్య యుద్ధం సంభవిస్తే
​ప్రపంచ ఆర్థిక వ్యవస్థ కుప్పకూలుతుంది అనే వాదనలు కూడా ఈ రెండు దేశాలు ప్రపంచ జీడీపీలో ప్రధాన వాటా కలిగి ఉన్నాయి సరఫరా గొలుసు (సప్లై చైన్) దెబ్బతిని నిత్యావసరాల ధరలు ఆకాశాన్ని తాకుతాయి

రెండు దేశాల వద్ద అణ్వాయుధాలు ఉన్నాయి యుద్ధం తీవ్రమైతే అది మానవ మనుగడకే ప్రమాదంగా మారుతుంది

ప్రస్తుతం రెండు దేశాలు ఒకరిపై ఒకరు కత్తులు నూరుతున్నా ప్రత్యక్ష యుద్ధం వల్ల కలిగే భారీ నష్టాన్ని దృష్టిలో ఉంచుకుని చర్చల ద్వారా సమస్యలను పరిష్కరించుకోవడానికే మొగ్గు చూపుతున్నాయి

​తైవాన్ ఎందుకు ఇంత ముఖ్యం

​ప్రపంచవ్యాప్తంగా స్మార్ట్‌ఫోన్లు, కంప్యూటర్లు, కార్లు యుద్ధ విమానాల్లో వాడే అత్యున్నత శ్రేణి చిప్స్‌లో 90% పైగా తైవాన్ లోనే తయారవుతాయి అక్కడ యుద్ధం వస్తే ప్రపంచవ్యాప్తంగా ఎలక్ట్రానిక్ వస్తువుల ఉత్పత్తి ఆగిపోతుంది

పసిఫిక్ మహాసముద్రంలో చైనా ఆధిపత్యాన్ని అడ్డుకోవడానికి అమెరికాకు తైవాన్ ఒక అజేయమైన విమాన వాహక నౌక (ఉంజినకబుల్ ఎయిరక్రాఫ్ట్ కారియర్) లాంటిది

ప్రస్తుత పరిస్థితి ఎలా ఉంది?


​చైనా వాదన ఒకటే (వన్ చిన్న పాలసీ) సూత్రం ప్రకారం తైవాన్ తమలో అంతర్భాగమని అవసరమైతే బలాన్ని ప్రయోగించి అయినా సరే కలిపేసుకుంటామని చైనా అధ్యక్షుడు షీ జిన్‌పింగ్ పదేపదే హెచ్చరిస్తున్నారు

​అమెరికా రక్షణ తైవాన్‌పై దాడి జరిగితే తాము ఊరుకోబోమని సైనిక సహాయం చేస్తామని అమెరికా హామీ ఇస్తోంది దీనికోసం ఫిలిప్పీన్స్ జపాన్ వంటి దేశాలతో అమెరికా రక్షణ ఒప్పందాలను బలపరుచుకుంటోంది


యుద్ధం వస్తే సామాన్యుడిపై ప్రభావం పర్యవసానాలను ఇలా ఉంట్టాయి ​ధరల పెరుగుదల చైనా నుండి వచ్చే ముడి సరుకులు ఆగిపోవడం వల్ల భారతదేశంలో నిత్యావసర వస్తువులు మందులు ఎలక్ట్రానిక్స్ ధరలు విపరీతంగా పెరుగుతాయి

అంతర్జాతీయ వాణిజ్యం దెబ్బతినడం వల్ల ఐటీ తయారీ రంగాల్లో ఉద్యోగ కోతలు వచ్చే అవకాశం ఉంది

​భారతదేశంపై ఒత్తిడి

రష్యా-ఉక్రెయిన్ యుద్ధంలాగే ఈ యుద్ధంలో కూడా భారత్ ఎటువైపు ఉండాలనే దౌత్యపరమైన ఒత్తిడి పెరుగుతుంది ​

భవిష్యత్తు ఎలా ఉండబోతోంది

​ప్రస్తుతానికి రెండు దేశాలు 'కోల్డ్ వార్' (శీతల యుద్ధం) తరహాలో ఉన్నాయి అంటే
నేరుగా తలపడకుండా ​సైనిక విన్యాసాలు తైవాన్ చుట్టూ చైనా యుద్ధ నౌకలను తిప్పడం

​ఆర్థిక ఆంక్షలు

ఒకరి కంపెనీలపై ఒకరు నిషేధాలు విధించుకోవడం

​సైబర్ దాడులు

ఒకరి డేటాను మరొకరు దొంగిలించడం లేదా వ్యవస్థలను స్తంభింపజేయడం

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जोधपुर राजस्थान साध्वी प्रेम बाईसा कि अचानक हुई मोत से पुरे राजस्थान को हिला दिया

सोशल मीडिया पर पिछले कई महीनों से चर्चाओं में रहने वाली बाल साध्वी प्रेम बाईसा का जोधपुर स्थित आश्रम में संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया. जानकारी के अनुसार आश्रम में अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. देर रात पाल रोड स्थित साधना कुटीर आश्रम के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक जुट गए और मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई. आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल सहित कई जनप्रतिनिधियों और अनुयायियों ने भी जांच की मांग की है.
बचपन से जुड़ा अध्यात्म से नाता
प्रेम बाईसा मूल रूप से बालोतरा जिले के परेऊ गांव की रहने वाली थीं. उनके पिता विरमनाथ ट्रक चालक हैं और माता अमरू बाईसा गृहणी थीं. जब वे मात्र दो साल की थीं तब उनकी मां का निधन हो गया. मां की भक्ति भावना का असर उनके जीवन पर गहरा पड़ा. इसके बाद पिता उन्हें जोधपुर के गुरुकृपा आश्रम ले गए जहां संत राजाराम जी महाराज और संत कृपाराम जी महाराज के शरण में उन्होंने कथा वाचन और भजन गायन के साथ आध्यात्मिक शिक्षा ली.
लोकप्रियता के बाद अलग आश्रम
समय के साथ प्रेम बाईसा भागवत कथा और भजनों के कारण लोगों में लोकप्रिय होती गईं. बाद में वे गुरुकृपा आश्रम से अलग होकर जोधपुर के पाल रोड के पास साधना कुटीर आश्रम में रहने लगीं. इस आश्रम के उद्घाटन में बाबा रामदेव सहित कई प्रमुख संत मौजूद रहे थे. पैतृक गांव परेऊ में भी उन्होंने आश्रम बनवाया जहां धार्मिक आयोजन होते रहे.
विवादों से भी जुड़ा नाम
उनके जीवन में विवाद भी जुड़े रहे. पैतृक गांव में जमीन को लेकर परिजनों के साथ विवाद का मामला पुलिस तक पहुंचा. करीब छह माह पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें पिता के साथ दृश्य को लेकर सवाल उठे. इस मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी भी हुई थी. साध्वी ने उस वीडियो को लेकर नाराजगी जताई थी.
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा रहस्य
मौत के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई जिसमें सनातन धर्म के लिए जीवन समर्पित करने की बात लिखी गई. पोस्ट में न्याय मिलने की उम्मीद भी जताई गई. इस पोस्ट के बाद समर्थकों में संदेह और बढ़ गया है. पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी है.
जुलाई 2025 के वायरल हुआ वीडियो
दरअसल, जुलाई 2025 में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने उनकी सालों की तपस्या , अध्यात्म , और सौम्य छवि को एक पल में कसौटी पर कस दिया. वायरल हुए वीडियो में उन्हें एक आदमी को गले लगाते हुए दिखाया गया, जिससे उनके अनुयायियों का दिल टूट गया और समाज में तीखी प्रतिक्रियाएं आईं. लोगों को एक साध्वी के तौर पर उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी, उन्होंने उनकी कड़ी आलोचना की, जिससे वह अंदर तक टूट गईं. हालांकि, दबी हुई आवाज में उन्होंने अपना पक्ष रखा, लेकिन एक वीडियो ने उनके दिल पर जो जख्म दिए हैं, वे शायद कभी भरे ही नहीं, जिसकी सजा उन्हें दुनिया को अलविदा कह दिया

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मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग पर वेंक्टेश्वरा समूह के मल्टीस्पेशियलिटी हाॅस्पीटल ’’विम्स’’ एवं एन0एच0ए0आई0 के संयुक्त तत्वाँधान में मेरठ, मुरादाबाद में चार अलग-अलग टोल प्लाजा पर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अन्र्तगत ’’निशुल्क चार सौ से अधिक बस, ट्रक, ऑटो, टैम्पो, चालको की नेत्र जाँच एवं स्वास्थय परीक्षण कर उनको निशुल्क दवाईयाँ भी वितरित की गयी।

वेंक्टेश्वरा समूह अध्यक्ष ने इसे सरकार की शानदार पहल बताते हुए अगले एक माह तक संस्थान के छात्र-छात्राओ द्वारा मेरठ, मुरादाबाद मण्डल में दोपहिया वाहनो को हेलमेट एवं चार पहिया वाहनो को सीट वेल्ट लगाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही।
वेंक्टेश्वरा समूह के मल्टीस्पेशियलिटी हाॅस्पीटल विम्स एवं एन0एच0ए0आई0 के संयुक्त तत्वाँधान में आयोजित ’’वृहृद नेत्र परीक्षण व चिकित्सा शिविर’’ का शुभारम्भ।

प्रतिकुलाधिपति डाॅ0 राजीव त्यागी, भारतीय सड़क ब्यूरो के वरिष्ठ प्रबन्धक ललित मोहन तिवारी, एन0एच0ए0आई0 मैनेजर जयवर्द्धन सिंह, एम0एस0 डाॅ0 सुरेश जी मेहता, निदेशक अजय श्रीवास्तव, जीएम हाॅस्पीटल मेघा सबरवाल आदि ने फीता काटकर किया।

इस अवसर पर नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ0 किशोर गोवेकर, डाॅ0 आलोक गुप्ता, डाॅ0 अदिति बंसल, वरिष्ठ फिजीशियन डाॅ0 सिद्धार्थ डे, डाॅ0 प्रणब, डाॅ0 रजत, आनन्द नागर, शैलेन्द्र सिंह, टोल एच0आर0 मैनेजर तरूण तिवारी, टीआई अनुज मलिक, मोहित, योगेश शर्मा, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।

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छिंदवाड़ा में फूड प्वाइजनिंग से मचा हड़कंप, गाजर के हलवे ने बिगाड़ दी 7 की सेहत

छिंदवाड़ा में गाजर का हलवा खाना पड़ा भारी, 7 महीने की गर्भवती महिला सहित 7 लोग बीमार, डेढ़ साल का मासूम जिला अस्पताल रेफर.

छिंदवाड़ा: अमरवाड़ा स्थित नाश्ता की एक दुकान से गाजर का हलवा खाना कई लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गया. यहां गाजर का हलवा खाने के 7 लोगों के पेट में दर्द और उल्टियां होने लगी. जिसके बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां सभी मरीजों का इलाज जारी है.

गाजर के हलवे ने बिगाड़ दी सेहत
अमरवाड़ा की एक दुकान से गुरुवार को कुछ लोगों ने गाजर का हलवा खाया. जिसके कुछ ही देर बाद पेट में दर्द और उल्टियां होने लगी. जहां से 3 लोगों को छिंदवाड़ा के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया. वहीं एक डेढ़ साल का बच्चा और उसकी मां को सिविल अस्पताल अमरवाड़ा में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. जहां प्राथमिक इलाज के बाद मां और बेटे को जिला अस्पताल में रेफर किया गया है.
प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर
पीड़ित आरती नामदेव ने बताया कि "गुरुवार सुबह उनके ससुर नाश्ते की एक नामी दुकान से गाजर का हलवा लेकर आए थे. जिसे उन्होंने सबसे पहले अपने डेढ़ साल के बच्चे को खिलाया और खुद भी खाया. खाने के कुछ ही देर बाद बच्चा उल्टियां करने लगा और थोड़ी देर बार उन्हें ही भी पेट में दर्द हुआ. जिसके बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. जहां से प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया."

अधिकारियों ने हलवा का लिया सैंपल
मामले की जानकारी के बाद खाद्य विभाग की टीम फूड इंस्पेक्टर गोपेश मिश्रा के साथ अमरवाड़ा स्थित हलवे की दुकान पर पहुंची. जहां उन्होंने दुकान की तलाशी लेते हुए हलवा का सैंपल जांच के लिए भेजा है. फूड इंस्पेक्टर गोपेश मिश्रा ने बताया कि "शुरुआती तौर पर फूड प्वाइजनिंग की शिकायत मिली थी. जिसके बाद सैंपल जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है. इसके अलावा दुकान के दूसरे खाद्य पदार्थों की भी जांच की गई है. रिपोर्ट आने के बाद ही बता पाएंगे कि किन कारणों से ऐसा हुआ है."

जिला अस्पताल के डॉक्टर राजकुमार सारथी ने बताया कि "अमरवाड़ा सिविल अस्पताल से रेफर होकर फूड पॉइजनिंग के शिकार 2 मरीज जिला अस्पताल आए हैं. जिसमें एक डेढ़ साल का बच्चा और 7 महीने की गर्भवती महिला शामिल है. दोनों का इलाज जारी है और दोनों खतरे से बाहर है." वहीं हलवा खाने के बाद बीमार हुए अन्य 3 लोगों का इलाज भी छिंदवाड़ा के एक निजी अस्पताल में जारी है. जहां उनकी हालत भी खतरे से बाहर बताई जा रही है."

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स्थान : फुलवारी शरीफ, पटना
तिथि : 30 जनवरी 2026
ट्रैक : AIMA MEDIA | ग्राउंड रिपोर्ट
फुलवारी शरीफ के चुनौती कुआं इलाके में नगर परिषद की लापरवाही, सड़क पर बने गड्ढे बन रहे हादसों की वजह
पटना जिला के फुलवारी शरीफ नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत चुनौती कुआं इलाके में नगर परिषद की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। क्षेत्र में विभिन्न कार्यों के नाम पर सड़कों को जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गया है, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद गड्ढों को भरने या सड़क की मरम्मत कराने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। इसका सीधा असर आम नागरिकों के दैनिक आवागमन पर पड़ रहा है।
चुनौती कुआं की मुख्य व अंदरूनी सड़कों पर बने गहरे गड्ढों के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दोपहिया वाहन चालकों, साइकिल सवारों और पैदल यात्रियों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार लोग इन गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं। स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग हर समय दुर्घटना की आशंका में रहते हैं।
रात के समय सड़क पर पर्याप्त रोशनी और चेतावनी बोर्ड न होने से स्थिति और भी भयावह हो जाती है। स्थानीय दुकानदारों और मोहल्लेवासियों का आरोप है कि नगर परिषद केवल सड़क खोदने तक सीमित रहती है, लेकिन सुरक्षा और मरम्मत की जिम्मेदारी से बचती नजर आती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।
क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद और जिला प्रशासन से मांग की है कि अविलंब सभी खुले गड्ढों को भरवाया जाए, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जाए और भविष्य में कार्य के बाद सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल करना अनिवार्य किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
नगर परिषद की यह लापरवाही जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने) विनियम, 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट में इन विनियमों को सामान्य वर्गों के विरुद्ध भेदभावपूर्ण होने के आधार पर चुनौती दी गई है। ऐसे में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगी दी। अब नए आदेश तक 2012 के नियम ही लागू रहेंगे।

सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि नए नियम अस्पष्ट हैं। कोर्ट के कहा कि नए यूजीसी नियमों का दुरुपयोग हो सकता है। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और यूजीसी के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।

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মেদিনীপুরের মেলায় রেকর্ড লক্ষ্মীলাভ, মাত্র ১০ দিনে প্রায় ১৯ কোটি বিক্রি!

মেদিনীপুরের সৃষ্টিশ্রী মেলায় রেকর্ড লক্ষ্মীলাভ। গত দুই বছরের আয়কেও ছাপিয়ে গেল চলতি বছরের মেলা। মেলার শেষ দিনে এমনটাই জানানো হয়েছে জেলা প্রশাসনের তরফে।২০২৪ সালে মোট বিক্রিবাটার পরিমাণ আড়াই কোটি টাকা। তারপরের বছরে অর্থাৎ ২০২৫ সালে মোট বিক্রি হয় সাড়ে পাঁচ কোটি টাকার। সেখানেই চলতি বছরে বিক্রি হয়েছে ১৮ কোটি ৫১ লক্ষ টাকার।১৯ জানুয়ারি থেকে শুরু হয় মেলা। তা চলে ২৯ জানুয়ারি পর্যন্ত। মেদিনীপুর শহরের বিদ্যাসাগর স্মৃতি মন্দির প্রাঙ্গণে তৃতীয় বারের মতো অনুষ্ঠিত হয়েছিল সৃষ্টিশ্রী মেলা।পশ্চিম মেদিনীপুর- সহ রাজ্যের ১২টি জেলার স্বনির্ভর গোষ্ঠীর মহিলারা নিজেদের হস্তশিল্পের পসরা সাজিয়ে বসেছিলেন মেলায়।এ ছাড়াও, কেরালা, রাজস্থান, হরিয়ানা, কাশ্মীর ও তামিলনাড়ু রাজ্যের হস্তশিল্পীরাও এসেছিলেন। মেলায় স্টল ছিল মোট ২২০টি।মেলা উপলক্ষে প্রতিদিন ছিল নামী শিল্পীদের অনুষ্ঠান। মেদিনীপুরের পটশিল্প, মাদুর, পাটজাত দ্রব্য ছাড়াও রকমারি ও কারুকার্য করা শাড়ি, বাঁশের তৈরি জিনিসপত্রের ব্যাপক চাহিদা ছিল।একই সঙ্গে ছিল বিভিন্ন ধরনের গয়নাও। মেলা মানেই খাবারের দোকান থাকবে সেটাই স্বাভাবিক। রেকর্ড ভিড় দেখা গিয়েছে মেলার খাবারের স্টলগুলিতেও।গত ১০ দিনে মেলা প্রাঙ্গণে ভিড় জমিয়েছিলেন গড়ে প্রতিদিন ২৫-৩০ হাজার মানুষ। প্রতিদিনই প্রায় দেড়-দু’কোটি টাকার বেচাকেনা হয়েছে বলে বৃহস্পতিবার সন্ধ্যা নাগাদ জানিয়েছেন অ্যাডিশনাল ডিস্ট্রিক্ট মিশন ডিরেক্টর গোবিন্দ হালদার।মেলায় যে সমস্ত স্টল থেকে বেশি বিক্রিবাটা হয়েছে, তাদের আলাদা ভাবে পুরস্কৃত করা হয়েছে। এই বিষয়ে স্টলে থাকা অঞ্জলি পণ্ডিত জানান, মেলার মাঝপথেই তাঁদের মাল শেষ হয়ে গিয়েছিল, পরে আবার নতুন করে আনাতে হয়েছে।

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जळगाव : गिरणा नदीच्या पात्रातून वर्षानुवर्षे बेसुमार वाळू उपसा केल्यानंतर आता वाळूमाफियांनी आपली नजर जळगाव तालुक्यातील कानळदा, नंदगाव आणि धरणगाव तालुक्यातील रेल परिसरातील ताज्या साठ्याकडे वळवली आहे. आव्हाणे, खेडी आणि सावखेडा भागात वाळूचा साठा संपून खडक उघडे पडल्याने आता माफिया वाळूसाठी व गिरणा नदीचे खरे 'नंदनवन' असणाऱ्या कानळदा परिसरातील स्थलांतरित झाले आहे. पात्रात

कानळदा आणि नंदगाव परिसरातून आतापर्यंत मोठ्या प्रमाणात उपसा झाला नव्हता. मात्र, आता हा भाग माफियांच्या नजरेत भरला आहे.

कानळद्यात ग्रामस्थांचा वाळू उपशाला मोठा विरोध असतानाही, माफिया या विरोधाला न जुमानता रात्रीच्या वेळी नदीपात्र ओरबाडत आहेत. पंधरा दिवसांपूर्वी रेल येथील शेतकरी वाळू उपसा करण्यास विरोध करायला गेले असता, वाळूमाफियांनी शेतकऱ्याऱ्यांना जबर मारहाण केली होती. त्यानंतर दुसऱ्या दिवशीही रेल ग्रामस्थांनी नदीत उतरून वाळू उपसा करण्यास विरोध केला होता.

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সাংবাদিকতাৰ ক্ষেত্ৰত দীৰ্ঘদিনীয়া অবদান আগবঢ়ায় হেমন্ত গগৈ

লিডু চিপে গাওঁৰ বাসিন্দা হেমন্ত গগৈ অসমৰ সাংবাদিকতাৰ ক্ষেত্ৰত এক চিনাকি নাম। পিতৃ পলম বৰুণ গগৈৰ সন্তান গগৈ জন্মলাভ কৰে তিনচুকীয়া জিলাৰ লিডু অঞ্চলতেই ডাঙৰ-দীঘল হৈ সমাজ, ৰাজনীতি আৰু জনজীৱনৰ সৈতে ঘনিষ্ঠভাৱে জড়িত হৈ সাংবাদিকতা পেচা হিচাপে বাছি লয়।
হেমন্ত গগৈয়ে ১৯৯৬ চনতেই ছপা মাধ্যমত সাংবাদিকতা আৰম্ভ কৰে। সেই সময়ছোৱাত তেওঁ “গণ আদালত” নামৰ বাতৰি কাকতৰ সৈতে জড়িত হৈ সমাজৰ বিভিন্ন সমস্যা, দুৰ্নীতি, শোষণ-বঞ্চনাৰ বিৰুদ্ধে সাহসিকতাৰে কলম ধৰিছিল। পাছলৈ ২০১৪ চনৰ পৰা আজিলৈকে তেওঁ “নিয়ামিয়া বাৰ্তা” কাকতৰ সৈতে সংযুক্ত হৈ অঞ্চলভিত্তিক তথা ৰাজ্যিক গুৰুত্বৰ বহু গুৰুত্বপূৰ্ণ বাতৰি প্ৰকাশ কৰি আহিছে।
ইয়াৰ উপৰিও গগৈ ইলেক্ট্ৰনিক মিডিয়াৰ ক্ষেত্ৰতো এক সক্ৰিয় আৰু দক্ষ সাংবাদিক। ২০০৮ চনৰ পৰা তেওঁ V&S ইলেক্ট্ৰনিক মিডিয়াৰ সৈতে জড়িত হৈ কাম কৰাৰ লগতে ২০১১ চনৰ পৰা আজিলৈকে News Live চেনেলৰ জৰিয়তে সংবাদ পৰিৱেশন, (ফিল্ড ৰিপ’ৰ্টিং) আৰু জনসাধাৰণৰ সমস্যা তুলি ধৰা কামত নিজকে নিয়োজিত কৰি আহিছে।
শিক্ষাগত অৰ্হতাৰ ক্ষেত্ৰতো হেমন্ত গগৈ এগৰাকী সু-শিক্ষিত ব্যক্তি। তেওঁ ৰাজনীতি বিজ্ঞানত এম.এ. (MA in Political Science) ডিগ্ৰী লাভ কৰিছে, যিয়ে সাংবাদিকতা পেচাত তেওঁৰ বিশ্লেষণমূলক দৃষ্টিভংগী আৰু গভীৰ বোধশক্তিক অধিক শক্তিশালী কৰি তুলিছে।
তেওঁৰ নিষ্ঠা, সততা আৰু দায়িত্বশীল সাংবাদিকতাৰ স্বীকৃতি স্বৰূপে গুৱাহাটীৰ কলাক্ষেত্ৰত অনুষ্ঠিত এক অনুষ্ঠানত অল ইণ্ডিয়া জাৰ্নেলিষ্ট ফ’ৰামৰ দ্বাৰা হেমন্ত গগৈক শ্ৰেষ্ঠ ৰিপ’ৰ্টাৰ বঁটা প্ৰদান কৰা হয়। এই সন্মান তেওঁৰ দীঘলীয়া সাংবাদিক জীৱনৰ এক গুৰুত্বপূৰ্ণ মাইলষ্টোন হিচাপে গণ্য কৰা হয়।
বৰ্তমানো হেমন্ত গগৈয়ে সাংবাদিকতাৰ পৱিত্ৰ দায়িত্ব পালন কৰি সমাজৰ সত্য, ন্যায় আৰু জনস্বাৰ্থৰ পক্ষে অবিৰতভাৱে কলম আৰু কেমেৰাৰ জৰিয়তে মাত মাতি আহিছে। তেওঁৰ এই অবদান নতুন প্ৰজন্মৰ সাংবাদিকসকলৰ বাবে এক প্ৰেৰণা স্বৰূপ।

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ब्रेकिंग न्यूज़
कोंच कोतवाली में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, अजीत सिंह लाइन भेजे गए
इंस्पेक्टर ब्रजेश बहादुर सिंह को मिली कोंच कोतवाली की कमान
कोंच। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। कोंच कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अजीत सिंह को लाइन भेज दिया गया है। वहीं एसओजी प्रभारी इंस्पेक्टर ब्रजेश बहादुर सिंह को कोंच कोतवाली का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
इंस्पेक्टर ब्रजेश बहादुर सिंह इससे पहले अतिरिक्त निरीक्षक कोंच कोतवाली, प्रभारी निरीक्षक सिरसाकलार, माधोगढ़ और डकोर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके अनुभव को देखते हुए क्षेत्र में सख्त पुलिसिंग और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।
नए प्रभारी के पदभार संभालते ही अपराधियों में हलचल और आम जनता में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है।
रिपोर्ट
राजू पाटकर...

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UPI और ऑनलाइन सिस्टम से टैक्स भुगतान, जनता को बड़ी राहत
✒️ रिपोर्ट : इलाही यश जी | AIMA मीडिया
📍 रायपुर, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में डिजिटल इंडिया अभियान को बड़ी मजबूती देते हुए राज्य में टैक्स कलेक्शन को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। अब आम नागरिक UPI, ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल माध्यम से टैक्स का भुगतान आसानी से कर सकेंगे।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस नई व्यवस्था से टैक्स भुगतान में पारदर्शिता आएगी और नकद लेन-देन, दलाली और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगेगी।
💻 क्या है डिजिटल टैक्स सिस्टम
संपत्ति कर (Property Tax)
जल कर / अन्य नगरीय कर
पंचायत एवं नगरीय निकाय से जुड़े शुल्क
अब मोबाइल फोन से कुछ ही मिनटों में जमा किए जा सकेंगे।
🏛️ प्रशासन को भी बड़ा फायदा
डिजिटल टैक्स प्रणाली से
रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे
रसीद तुरंत उपलब्ध होगी
टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी
शासन को समय पर राजस्व मिलेगा
🗣️ जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिक श्री दीपक शर्मा एक्स मेन और प्रमोद शर्मा एक्स मेन मेंका कहना है कि पहले टैक्स भरने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब घर बैठे टैक्स भुगतान संभव हो गया है, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
📊 विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल आने वाले समय में पूरे छत्तीसगढ़ के लिए मॉडल बनेगी और अन्य राज्य भी इसे अपनाने को मजबूर होंगे।
📰 AIMA मीडिया विश्लेषण
डिजिटल टैक्स व्यवस्था से साफ है कि छत्तीसगढ़ प्रशासन
“Ease of Living” और “Good Governance” की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

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देवास/मध्य प्रदेश 30/01/2026।
क्या आप में अन्याय के खिलाफ लड़ने का जज़्बा है? क्या आप मध्य प्रदेश की व्यवस्था में पारदर्शिता और ईमानदारी का नया सवेरा देखना चाहते हैं? यदि हाँ, तो भ्रष्टाचार उन्मूलन एण्ड अपराध अनुसन्धान फ्रन्ट (दिल्ली) आपको एक बड़ा मंच दे रहा है।
संस्था ने मध्य प्रदेश के सभी संभागों में 'भ्रष्टाचार मुक्त समाज' के संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए 'संभाग अध्यक्षों' की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
📌 मिशन: जन-सेवा और पारदर्शिता
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन-प्रशासन की विसंगतियों को दूर करना और आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। संस्था का मानना है कि व्यवस्था तब बदलती है जब समाज के साहसी लोग नेतृत्व संभालते हैं।
💼 पद और जिम्मेदारी
* पद: संभाग अध्यक्ष (मध्य प्रदेश के समस्त संभागों हेतु)
* भूमिका: भ्रष्टाचार के विरुद्ध जन-जागृति फैलाना और पीड़ितों को न्याय दिलाने में सेतु बनना।
* योग्यता: एक निडर व्यक्तित्व, बेदाग छवि और समाज सेवा के प्रति अटूट समर्पण।
> "व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए केवल आलोचना काफी नहीं, सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। हम ऐसे नेतृत्व की तलाश में हैं जो बिना डरे न्याय की मशाल को थाम सकें।"
> — संदीप उपाध्याय (प्रदेश अध्यक्ष)
>
📞 कैसे जुड़ें?
यदि आप इस मशाल को आगे ले जाने का साहस रखते हैं, तो आज ही संपर्क करें:
* कॉल/व्हाट्सएप: 9893732220
* नारा: "व्यवस्था बदलेगी, जब आप बदलेंगे। आज ही जुड़ें!"
न्याय की इस लड़ाई में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। मध्य प्रदेश को आपकी जरूरत है!

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मेडिकल रिबर्समेंट रोकना असंवैधानिक – हाई कोर्ट का सख़्त फैसला
✒️ रिपोर्ट : इलाही यश जी | AIMA मीडिया
नई दिल्ली/चंडीगढ़।
केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पंजाब–हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट कहा है कि मेडिकल इलाज जीवन के मौलिक अधिकार (Right to Life) का अभिन्न हिस्सा है, और तकनीकी कारणों के आधार पर CRPF जवानों का मेडिकल रिबर्समेंट रोकना पूरी तरह असंवैधानिक है।
कोर्ट ने CRPF प्रशासन की उस कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराज़गी जताई, जिसमें रेफरल, फाइल प्रक्रिया, या कागजी खामियों के नाम पर जवानों और उनके परिजनों के मेडिकल क्लेम वर्षों तक रोके जाते रहे।
⚖️ हाई कोर्ट के अहम निर्देश
आपात स्थिति में प्राइवेट अस्पताल में कराया गया इलाज भी पूरी तरह रिबर्स होगा
तकनीकी आपत्तियों के नाम पर किसी भी जवान या परिवार का पैसा नहीं रोका जाएगा
लंबित मेडिकल क्लेम तत्काल स्वीकृत कर भुगतान करने का आदेश
🏥 जवानों और उनके परिवारों को बड़ी राहत
यह फैसला न केवल सेवारत जवानों बल्कि शहीद जवानों की विधवा, बच्चों और माता-पिता के लिए भी मील का पत्थर माना जा रहा है। लंबे समय से आर्थिक और मानसिक तनाव झेल रहे परिवारों को इस निर्णय से कानूनी मजबूती मिली है।
🗣️ जवानों में खुशी
CRPF जवानों का कहना है कि यह फैसला भविष्य में प्रशासन की मनमानी पर रोक लगाएगा और ज़रूरत के वक्त इलाज को लेकर किसी को डर में नहीं जीना पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय आने वाले समय में अन्य अर्धसैनिक बलों (CAPF) के मामलों में भी एक मजबूत नज़ीर (precedent) बनेगा।
📰 AIMA मीडिया विश्लेषण
यह फैसला साफ संदेश देता है कि
देश की सुरक्षा करने वाले जवानों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

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*विश्वकर्मा जयंती का शहरवासियों को निमंत्रण देने के लिए आज निकलेगी वाहन रेली।*

श्री विश्वकर्मा जयंती महोत्सव के उपलक्ष मे आज शुक्रवार को दोपहर 12.00 बजे वाहन रैली का आयोजन किया गया है। जो श्री विश्वकर्मा सर्किल, बांडी नदी के पास से प्रारम्भ होकर प्राचीन मन्दिर प्यारा चैक, सर्राफा बाजार, सोमनाथ मंदिर, सूरजपोल, वीर दुर्गादास नगर मंदिर, से शिवाजी सर्कल होते हुए अपना विजय नगर स्थित जांगिड समाज भवन वहां से श्री विश्वकर्मा शिक्षा समिति भवन यशवीर पूरम नया गांव, मे सम्पन्न होगी।

श्री विश्वकर्मा जांगिड़ समाज सेवा समिति अध्यक्ष रामचन्द्र पिड़वा ने समाज के सभी पुरुषो से अनुरोध किया है की वे शान्ति का प्रतीक निर्धारित सफेद कुर्ता-पायजामा अथवा सफ़ेद शर्ट, साफा तथा मातृशक्ति क्रान्ति का प्रतीक (रक्तवर्ण) लाल वस्त्र धारण कर पधारें।

वाहन रैली के समाप्ति पर श्री विश्वकर्मा शिक्षा समिति, में सभी के हेतु अल्पाहार व उपहार की व्यस्था की गई हैं सभी जांगिड समाजबंधुओ से निवेदन है की अधिक से अधिक संख्या मे वाहन रैली मे भाग लेकर वाहन रैली कार्यक्रम को भव्य बनावें।

रिपोर्ट - घेवरचन्द आर्य पाली

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सीकर जिले में 21 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित होने वाले बाबा खाटू श्यामजी के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल ने 48 नियमित ट्रेनों के अलावा 20 स्पेशल यात्री ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालु खाटू धाम पहुंचेंगे। लाखों की संख्या में पहुंचने वाले यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला किया हैं

48 नियमित और 20 स्पेशल ट्रेनों का संचालन
लक्खी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रींगस उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल रेलवे जंक्शन से 68 ट्रेनें रोजाना चलाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए 48 नियमित ट्रेनें और मेले के लिए 20 विशेष मेला ट्रेनें शामिल हैं। हर 20 मिनट में रींगस स्टेशन पर यात्री ट्रेन पहुंचेगी, इसके अलावा दो डेमु ट्रेनें आपातकाल के लिए स्पेयर रखी जाएंगी।

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जयपुर। राजस्थान कांग्रेस संगठन के बहुप्रतीक्षित विस्तार को लगभग अंतिम रूप देते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) ने गुरुवार देर रात चार और जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी। इसके साथ ही 50 जिलों में से 49 जिलों में अध्यक्ष तय हो गए हैं। अब केवल राजसमंद जिले में नियुक्ति शेष रह गई है।

सूत्रों के अनुसार, संगठन विस्तार और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर गुरुवार को ही दिल्ली में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई थी। बैठक के तुरंत बाद रात में जिलाध्यक्षों की सूची जारी कर दी गई। इस सूची में जयपुर शहर जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सुनील शर्मा को सौंपी गई है। वहीं प्रतापगढ़ में दिग्विजय सिंह पुरावत, झालावाड़ में वीरेंद्र सिंह गुर्जर और बारां में हंसराज मीना को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

प्रदेश में 45 जिलों में पहले ही नियुक्तियां हो चुकी थीं, जहां जिला कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नई नियुक्तियों के साथ संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।

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(ताल उज्जवल शर्मा ) ताल मे आज दिनांक 29 जनवरी 2026 को सांय 7 बजे नगर के मध्य स्थित पोरवाल धर्मशाला पर एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य केंद्र सरकार के यूजीसी संस्था द्वारा जो यूनिवर्सिटी तथा कॉलेज कि नियम नीतियां और अनुदान निर्धारित करता है उसके द्वारा UGC Equity Regulations 2026 नाम से एक एक्ट बनाया है जिसमे केवल सामान्य वर्ग के छात्र छात्राओं को बिना वास्तविक जाँच अधिकार दिए अपराधी मानने और सजा देने संबंधित प्रावधानो वाले एक्ट का विरोध करना तथा सवर्ण समाज सामान्य वर्ग के नागरिक को कई एक्ट कानून के तहत प्रताड़ित करने का विरोध करने का निर्णय हुआ। बैठक का आयोजन समस्त सवर्ण समाज द्वारा स्वेच्छा से एकजुटता के साथ किया जाकर शासन प्रशासन के कई ऐसे एक्ट जो समाज को तोड़ने के लिए लाये जा रहे है उनके विरोध मे बैठक मे समस्त सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने एक स्वर मे नगर मे दिनांक 1 फरवरी को व्यापार व्यवसाय बंद रखते हुए मोन जुलुस निकाल कर ज्ञापन देने का निर्णय लिया है। बैठक मे चर्चा हुई कि सत्तारुढ पार्टी के बहुल वोटर होने के बाद भी लगातार सवर्ण वर्ग के साथ हमेशा भेदभाव किया जा रहा है यह वर्ग सबसे बड़ा टेक्स पेयर समूह है जो देश कि अर्थव्यवस्था का मजबूत स्थम्भ है परन्तु सरकारों द्वारा लगातार सवर्ण वर्ग को प्रताड़ित करने वाले कई काम किये है सवर्णों ने आजादी कि लड़ाई मे सबसे आगे अगवानी करते हुए सबसे ज्यादा जाने दि है और आज देश मे सबसे प्रताड़ित वर्ग सामान्य वर्ग बनता जा रहा है हम सरकार बनाना जानते है तो अपने बच्चो के भविष्य के लिए तख्त हिला भी सकते है। सरकार तक अपना रोष और विषय रखने के लिए सवर्ण समाज का मौन जुलुस निकाला जायगा तथा महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जायगा और अगर सरकार इस कानून को रोकती नहीं है और सवर्ण समाज के हितो कि रक्षा नहीं होती है तो उग्र आंदोलन कर व्यापार व्यवसाय बंद रख कर आंदोलन किया जायगा। सवर्ण अपने बच्चो का भविष्य खतरे मे नहीं जाने देंगे। बैठक मे बड़ी संख्या मे ब्राह्मण समाज, राजपूत समाज, जैन समाज, पोरवाल समाज, माहेश्वरी समाज के प्रतिनिधि, व्यापारीवर्ग, नौकरीपेशा, वरिष्ठ नागरिक, युवागण उपस्थित हुए।

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राजस्थान में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होगा। मौसम केन्द्र ने इसकी संभावना जताई है। मौसम केन्द्र के अनुसार राजस्थान में 31 जनवरी से 2 फरवरी के दौरान एक और नया मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 31 जनवरी को अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग व शेखावाटी क्षेत्र के जिलों मेघगर्जन, आकाशीय बिजली के साथ हल्के से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

1-2 फरवरी के लिए मौसम विभाग का अलर्ट
वहीं मौसम विभाग के अनुसार 1-2 फरवरी को भी उत्तरी व पूर्वी राजस्थान के अजमेर, कोटा, जयपुर व भरतपुर संभाग में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली के साथ कहीं-कहीं हल्की मध्यम बारिश/मावठ का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान जोधपुर, बीकानेर संभाग के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।

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टोंक। देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा ने समरावता प्रकरण सहित विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर शुक्रवार को बड़ा जनआंदोलन करने की घोषणा की है। यह आंदोलन उनियारा तहसील के सोप गांव के पास स्थित कोटडी चौराहे से शुरू होगा।

नरेश मीणा ने गुरुवार को प्रशासन से वार्ता के बाद जयपुर-कोटा मार्ग पर स्थित एक निजी होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि समरावता मामले में अब तक ग्रामीणों को हुए नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया है। इसके अलावा निर्दोष ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे भी वापस नहीं लिए गए हैं और समरावता सहित 14 गांवों को देवली से हटाकर उनियारा में शामिल नहीं किया गया है। इन प्रमुख मांगों के साथ 11 सूत्रीय मांगों का समर्थन करते हुए यह आंदोलन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आंदोलन से पहले जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक से वार्ता की गई, जिसमें जिला स्तर की मांगों पर सहमति बन गई है। हालांकि, राज्य सरकार से संबंधित मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन को शुक्रवार तक का समय दिया गया है।

अगर तय समय तक सकारात्मक जवाब नहीं मिलता है, तो आंदोलन की अगली कड़ी के रूप में जयपुर की ओर कूच किया जाएगा। मीणा ने यह भी स्पष्ट किया कि कोटडी में होने वाला आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अहिंसात्मक होगा। उन्होंने कहा कि वे जनता के हितों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे, चाहे वे विधायक बनें या नहीं।

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टोंक। नरेश मीणा के नेतृत्व में प्रस्तावित जन आंदोलन की घोषणा के बाद अब टोंक में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने वार्ता रास्ता अपनाया है। इसके लिए टोंक कलक्टर और एसपी ने नरेश मीणा को वार्ता के लिए बुलाया है।

बता दें कि देवली-उनियारा विधानसभा की जन समस्याओं को लेकर 30 जनवरी को कोटडी मोड़ पर नरेश मीणा के नेतृत्व में जन आंदोलन होने वाला है। नरेश मीणा ने 20 जनवरी को इसका ऐलान किया था। ऐसे में जन आंदोलन से ठीक एक दिन पहले जिला प्रशासन ने नरेश को बातचीत के लिए कलक्ट्रेट बुलाया है।

कलक्ट्रेट कार्यालय में होगी चर्चा
बताया जा रहा है कि कलक्ट्रेट कार्यालय में गुरुवार दोपहर नरेश मीणा की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलक्टर कल्पना अग्रवाल और एसपी राजेश कुमार मीना बातचीत करेंगे। वार्ता के बाद नरेश मीणा आगे की रणनीति बताएंगे।

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🔳शासकीय उच्चतर माध्यमिक वि‌द्यालय ढीमरखेड़ा में करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित

🔳विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल एवं स्‍वरोजगार से संबंधित दी गई जानकारियां

🔳कटनी - शासकीय उच्चतर माध्यमिक वि‌द्यालय ढीमरखेड़ा में गुरूवार को वि‌द्यार्थियों के भविष्य निर्माण हेतु करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में वि‌द्यार्थियों को आईटीआई से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों, उनमें उपलब्ध तकनीकी कौशल, रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि किस प्रकार आईटीआई के कोर्स करके विद्यार्थी आत्मनिर्भर बन सकते हैं एवं निजी व शासकीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

काउंसलिंग सत्र के दौरान वि‌द्यार्थियों की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया गया तथा उन्हें भविष्य में सही दिशा चुनने हेतु प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने आईटीआई प्रवेश से संबंधित उपयोगी जानकारी प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त की एवं मार्गदर्शन के लिए आयोजकों का आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे, जिनमें सिल्को बाइट डिग्री कॉलेज कटनी, महर्षि कॉलेज करौंदी एवं अन्य विभागों के प्रतिनिधि शामिल थे।
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मारुल (ता. यावल, जि. जलगांव): जलगांव जिले की यावल तहसील की मारुल ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का एक अनोखा मामला सामने आया है। वर्ष 2022-23 में नाली और गटर स्लैब (ढापा) मरम्मत के नाम पर ₹9.39 लाख डकारे जाने का आरोप लग रहा है। रिकॉर्ड के अनुसार, एक ही काम के लिए दो अलग-अलग ठेकेदारों को सात दिनों के अंतराल में भुगतान कर दिया गया है।
​📑 दो बिल, दो ठेकेदार और रहस्यमयी भुगतान
​'मेरी पंचायत' पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, पंचायत ने एक ही प्रोजेक्ट के लिए दो अलग-अलग बिल पास किए हैं:
​पहला भुगतान (13/12/2023): ₹4,70,100 — मि. विक्की भीमराव वानखेड़े के नाम।
​दूसरा भुगतान (20/12/2023): ₹4,69,424 — अविनाश नरेंद्र सासाने के नाम।
​कुल राशि: ₹9,39,524
​हैरानी की बात यह है कि एक ही स्थल पर बने ढापे के लिए दो अलग-अलग लाभार्थियों को दिसंबर 2023 में भुगतान कर दिया गया, जबकि पोर्टल पर कार्य की स्थिति आज भी "Onset of Work" (कार्य प्रारंभ) दिखाई दे रही है।
​❗ मरम्मत के नाम पर नया निर्माण?
​सरकारी दस्तावेजों में इस काम को "Repair of Drainage Channel" (नाली मरम्मत) के रूप में दर्ज किया गया है, लेकिन तकनीकी विवरण में इसे "New/Fresh" (नया काम) बताया गया है। मौके पर मौजूद नया ढापा इस विरोधाभास की गवाही दे रहा है।
​ग्रामीणों के मुख्य सवाल:
​जब काम एक ही था, तो दो अलग-अलग ठेकेदारों को भुगतान क्यों?
​अगर काम अभी 'शुरू' ही है, तो एक साल पहले दिसंबर में भुगतान कैसे हो गया?
​क्या मरम्मत के बजट को नए निर्माण में दिखाकर कागजी हेराफेरी की गई है?
​🔍 जांच की मांग तेज
​इस पूरे मामले में सचिव और सरपंच के हस्ताक्षर होने के कारण उनकी भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मारुल के ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस 'ढापा कांड' की निष्पक्ष तकनीकी और वित्तीय जांच की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
​निष्कर्ष: जनता का पैसा विकास में लगा या कागजों के हेर-फेर में, इसका जवाब अब प्रशासन को देना होगा।

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🔳‘आत्मनिर्भर भारत–आत्मनिर्भर किसान’ विषय पर अर्थशास्त्र विभाग में दो दिवसीय शैक्षणिक सेमिनार संपन्न

🔳कटनी - प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कटनी के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा दो दिवसीय सेमिनार की श्रृंखला में गुरूवार को “आत्मनिर्भर भारत–आत्मनिर्भर किसान” विषय पर एक दिवसीय शैक्षणिक सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों में कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं आत्मनिर्भरता से जुड़े समसामयिक मुद्दों की गहरी समझ विकसित करना था।

यह सेमिनार महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बाजपेई के कुशल मार्गदर्शन एवं संरक्षण में तथा सेमिनार के निर्देशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में आयोजित किया गया।

उद्घाटन सत्र में डॉ. त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि किसानों की आर्थिक, तकनीकी एवं सामाजिक आत्मनिर्भरता के बिना आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना अधूरी है। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, विपणन सुविधाओं और नीतिगत सहयोग से सशक्त बनाकर ही देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा सकती है। वहीं सेमिनार को संबोधित करते हुए प्रो. अजय कुमार कुररिया ने विषय की प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर किसान ही ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक वृद्धि का आधार है। किसानों को उत्पादन के साथ-साथ प्रस्कंरण, भंडारण और विपणन से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम में प्रो. अजय कुमार कुररिया, प्रियंका गुप्ता एवं डॉ. अपेक्षा मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए किसानों के समक्ष विद्यमान चुनौतियों—जैसे लागत वृद्धि, बाजार अस्थिरता, जलवायु परिवर्तन एवं तकनीकी जानकारी की कमी पर चर्चा की तथा इनके संभावित समाधानों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने सरकारी योजनाओं, डिजिटल कृषि, एफपीओ तथा नवाचार आधारित कृषि मॉडल को आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

सेमिनार में गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. धीरज कुमार और रसायन शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष पुनर्वसु भट्टाचार्य ने अपने उद्बोधन से विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन किया।

सेमिनार में मंच संचालन डॉ. रामसहोदर साकेत द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया, जिससे कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं अनुशासित रूप से संपन्न हुआ।

इस अवसर पर एम.ए. प्रथम सेमेस्टर एवं तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों द्वारा विषय पर आधारित पीपीटी प्रस्तुतियाँ दी गईं। प्रस्तुतियों में कृषि नवाचार, आत्मनिर्भर भारत अभियान, सरकारी कृषि योजनाएँ, डिजिटल कृषि, ई-मार्केटिंग तथा कृषि बाजार सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तथ्यात्मक एवं विश्लेषणात्मक चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने अपने शोधपरक दृष्टिकोण से विषय को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

सेमिनार के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों के बीच सार्थक संवाद हुआ। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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🔳नागरिकों को स्वच्छ जलापूर्ति की दिशा में नगर निगम प्रशासन मुस्तैद

🔳जल सेंपलिंग, पेयजल स्रोतों की सफाई के साथ ही गंदे पानी की शिकायतों पर की जा रही त्वरित कार्रवाई

🔳938 जल नमूनों की जांच, 23 ओवरहेड टैंकों सफाई के साथ ही 37 ट्यूबवेल का हुआ सुधार

🔳कटनी - नगर निगम कटनी द्वारा जन स्वास्थ्य को सर्वोपरि मानते हुए नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की ही आपूर्ति करने के मुस्तैदी के साथ प्रयास किये जा रहे है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर प्रतिदिन विभिन्न वार्डो से जल नमूनों के संग्रहण के कार्य के साथ ही, पेयजल स्रोतों की सफाई, लीकेज आदि का सुधार कार्य कराया जाकर नागरिकों को की जाने वाली जलापूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाकर व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के प्रयास अनवरत जारी है।

*वार्डो से अब तक 938 वाटर सेंपल की कराई गई जांच*

सहायक यंत्री सुधीर मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर में शुद्ध जल आपूर्ति को देखते हुए जल प्रदाय शाखा की संयुक्त टीमों द्वारा रोजाना ही शहर में विभिन्न माध्यमों ओवरहेड टैंक, ट्यूबवेल, पानी की टंकी से की जाने वाली पेयजल सप्लाई और अंतिम छोर के घरों से पानी के लगभग 938 सैंपल लिये जाकर प्रयोगशाला से गुणवत्ता की जांच कराई जा चुकी है। इस दौरान कहीं भी पानी की गुणवत्ता में जरा सी भी आशंका होने पर वहाँ तत्काल सप्लाई रोककर सुधार का कार्य भी कराया जा रहा है। जल विभाग की टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर कार्य कर रहीं हैं ताकि जनसामान्य को शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

*शुद्ध जलापूर्ति हेतु बड़े पैमाने पर प्रयास*

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर नगर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति हेतु नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सक्रियता से कार्य कर रहा है। शहर के विभिन्न वार्डो में पाइप लाइनों के निरीक्षण के दौरान कहीं भी सुधार की आवश्यकता प्रतीत होने पर तत्काल सुधार का कार्य किया जा रहा है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, जहाँ से गंदे पानी या पाइप लाइन लीकेज की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके साथ ही विभिन्न वार्डो के 23 ओवरहेड टैंक, संपवेल की सफाई के साथ ही 37 ट्यूबवेल का सुधार कार्य कराया गया है। वहीं लीकेज सुधार से संबंधित 267 शिकायतों पर प्राथमिकता के साथ सुधार कार्य कराया गया है। नागरिकों की सुविधा के मद्देनजर निगम प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर अथवा अन्य किसी माध्यम से पेयजल संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सुधार कार्य कराया जा रहा है।

*नागरिकों से अपील*

कार्यपालन यंत्री श्री मिश्रा ने बताया कि आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम प्रशासन की प्राथमिकता है इस हेतु जल प्रदाय शाखा की टीमें हर क्षेत्र में सक्रिय हैं। नागरिकों से भी अपील है कि यदि कहीं लीकेज या गंदे पानी की समस्या दिखे, तो तुरंत निगम के हेल्पलाइन नंबर 9351136230 पर सूचित करें ताकि समय रहते सुधार किया जा सके।
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🔳बोर्ड परीक्षाओं की गोपनीय सामग्री एवं प्रश्‍न पत्रों का वितरण 6 फरवरी से

🔳कटनी – माध्‍यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा संचालित हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा 2026 हेतु परीक्षाओं की गोपनीय सामग्री एवं प्रश्न पत्रो का वितरण 6 फरवरी से किया जायेगा। विकासखंड बहोरीबंद, ढीमरखेडा, बड़वारा एवं विजयराघवगढ़ के 59 परीक्षा केन्द्रों में परीक्षाओं की गोपनीय सामग्री एवं प्रश्न पत्रो का वितरण 6 फरवरी को और विकासखंड कटनी एवं रीठी के 35 परीक्षा केन्द्रो में सामग्री वितरण 7 फरवरी को प्रातः 10 बजे से समन्वयक केन्द्र, शासकीय उत्कृष्ट उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय माधव नगर कटनी से किया जावेगा। जिले में बोर्ड परीक्षाओ हेतु 94 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी ने सभी परीक्षा केन्द्रो के संस्था प्रमुखों और प्राचार्य को निर्देशित किया है कि नियत तिथि एवं स्थान में जिम्मेदार कर्मचारी सहित दो ताले वाले पेटी, दो भृत्य सहित वितरण केन्द्र में उपस्थित होकर केन्द्राध्यक्ष के साथ प्रश्न पत्र एवं उत्तर पुस्तिकाये प्राप्त करें। परीक्षा केन्द्र के केन्द्राध्यक्ष एवं सहायक केन्द्राध्यक्ष वितरण केन्द्र में निर्धारित समयावधि में उपस्थित न होने पर मण्डल के नियम निर्देशो के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।
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Source by : CNA Digital NEWS Hub 30 Jan 2026, 08:06 AM Secondary school students interacting more after smartphone ban, but small minority flouts rules CNA spoke to students and teachers to find out how the smartphone ban in secondary schools has worked so far. Secondary 2 students from four different form classes take an Express-level math class together at Jurong West Secondary School. (File photo: CNA/Raydza Rahman) SINGAPORE: The smartphone ban in secondary schools appears to be effective so far, with more students interacting with one another, teachers and students told CNA."Before, a lot of people used to play video games on their phones, they didn’t really talk to each other," said Secondary 3 student Dyuthi Bhatt, whose school just implemented the enhanced measures this year."They used to sit around in the canteen and just huddle over one phone. There was no communication. “But now, since the ban has been implemented, a lot more people have been talking to each other, the canteen is livelier and I don’t really see phones around.”Since the start of the new school year, secondary school students have been forbidden from using their smartphones outside of class time, including recess and co-curricular activity hours.This move was announced in November last year by the Ministry of Education (MOE).At the time, MOE said the plan was for students’ devices to be kept in designated storage areas or school bags during school hours, with some schools already adopting these enhanced measures before the announcement.Under previous guidelines, secondary school students were not allowed to use smartphones or smartwatches during lesson time. Previously, students at Dyuthi’s school used to leave their phones in a box on the teacher’s table during class time, which meant that students could take back their phones whenever they had free time.Now, they leave their phones in their lockers at the start of the day and take them out only at the end of the school day, she said.While many of her peers have said that they miss having their phones, they added that they are grateful for the new rules because now they get to talk to more people and make friends.Personally, she has found it easier to focus in class. “Normally, I would be looking at my phone and wondering what’s coming, what messages do I have? But now, since it’s in my locker, I don’t really think about it anymore.”Secondary 2 student Lucas Phillips’ school introduced the measures last year. “Last year, before we all had to go for assembly, we had to keep our phones inside our own lockers with all our books.”They are only allowed to take their phones out of their lockers after school hours. During CCA hours, students are allowed to have their phones in their bags, but are not allowed to use them, the 13-year-old told CNA.He used to receive notifications for messages from his mother when he wore a smartwatch to school, but was told he could not wear it anymore this year. This has not caused any miscommunication issues so far. His mother Jasmine said that she would contact the general office or his teachers if she needed to reach him urgently.“I think everyone’s kind of okay with it because we’ve got used to it since primary school, not using the phone during recess. (It’s) not really much of a change,” Lucas said, adding that teachers and student councillors patrol the classroom floors during recess.“I find it better because at least we won’t be that antisocial.”Secondary 2 student Nathaniel Gan said that his classmates are not in favour of the ban but are “slowly getting used to it”.He added that there is better interaction during recess, with more students playing soccer or basketball together compared to before.Devashish Govind TokekarVANDE Bharat live tv news NagpurEditor/Reporter/JournalistRNI:- MPBIL/25/A1465Indian Council of press,NagpurJournalist CellAll India Media AssociationNagpur District PresidentDelhi Crime PressRNI NO : DELHIN/2005/15378AD.Associate /ReporterContact no.9422428110/9146095536Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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*स्पिरुलिना* - भविष्य के लिए सबसे उत्तम भोजन

स्पिरुलिना फार्म
2017 से, राम कुमार वर्मा चंद्रा हर्बल स्पिरुलिना फार्म नोहर राजस्थान में उपभोग के लिए और बाहर बिक्री के लिए स्पिरुलिना उगा रहा है। यह फार्म दिल्ली से 300 किलोमीटर, जयपुर से 300 किलोमीटर सिरसा हरियाणा से 70 किलोमीटर हरियाणा पंजाब राजस्थान की सीमा 80 किलोमीटर हनुमानगढ़ जिले के नोहर तहसील में स्थित है। यह उच्च गुणवत्ता वाले स्पिरुलिना का उत्पादन करता है, जिसे जड़ी-बूटियों या कीटनाशकों या पर्यावरण के लिए हानिकारक अन्य सामग्रियों के उपयोग के बिना, स्पिरुलिना कल्चर के अत्यधिक क्षारीय पीएच स्तर द्वारा संभव बनाए गए सरल पर्यावरण-अनुकूल तरीकों से 10° तापमान से 50° सैल्सियस तापमान में उगाया जाता है। स्पिरुलिना को कमरे के अंदर छांव में सुखाया जाता है, जो इसे एक विशेष ऊर्जा और अद्भुत स्वाद देता है। मानव ओर पशु पक्षियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए चंद्रा हर्बल ने स्पिरुलिना पाउडर ओर गोली के रूप में बाजार में उतारा है
1974 के अपने विश्व खाद्य सम्मेलन में, संयुक्त राष्ट्र ने स्पिरुलिना की सराहना करते हुए इसे संभवतः "भविष्य के लिए सबसे अच्छा भोजन" बताया।

*स्पिरुलिना क्या है?*

स्पिरुलिना एक पूर्ण सर्पिल कुंडली के आकार का एक छोटा नीला-हरा शैवाल है। जैविक रूप से कहें तो, यह ग्रह के सबसे पुराने निवासियों में से एक है। इसका वैज्ञानिक नाम आर्थ्रोस्पिरा प्लांटेंसिस है।

3.5 अरब वर्ष पहले प्रकट हुए, इसने बैक्टीरिया और हरे पौधों के बीच एक विकासवादी पुल प्रदान किया। इस जल संयंत्र ने अरबों वर्षों तक खुद को नवीनीकृत किया है और पूरे इतिहास में, अफ्रीका, मध्य पूर्व और अमेरिका में कई संस्कृतियों का पोषण किया है।

स्पिरुलिना प्राकृतिक रूप से खनिज-समृद्ध क्षारीय झीलों में उगता है जो हर महाद्वीप पर, अक्सर ज्वालामुखियों के पास पाया जा सकता है। आज स्पिरुलिना की सबसे बड़ी सांद्रता मेक्सिको में टेक्सकोको झील, मध्य अफ्रीका में चाड झील के आसपास और पूर्वी अफ्रीका में ग्रेट रिफ्ट वैली के किनारे पाई जा सकती है। 1960 के दशक में इसकी पुनः खोज के बाद से, स्पिरुलिना का दुनिया भर के वैज्ञानिकों द्वारा विस्तृत और बड़े पैमाने पर परीक्षण किया गया है, और इसे ग्रह पर उपलब्ध पोषण का सबसे शक्तिशाली और संतुलित स्रोत पाया गया है।

*"आपका भोजन आपकी दवा हो और आपकी दवा आपका भोजन हो"*

स्पिरुलिना को सुपर फूड कहा जाता है क्योंकि इसकी पोषक तत्व सामग्री किसी भी अन्य भोजन की तुलना में अधिक गुणकारी होती है। हमारे शरीर के लिए कई आवश्यक पोषक तत्व स्पिरुलिना में केंद्रित होते हैं। इसमें कम से कम 60% सर्व-सब्जी प्रोटीन, आवश्यक विटामिन और दुर्लभ आवश्यक फैटी एसिड जीएलए, सल्फोलिपिड्स, ग्लाइकोलिपिड्स और पॉलीसेकेराइड जैसे फाइटोन्यूट्रिएंट्स शामिल हैं।
, राम कुमार वर्मा ने कृषि विभाग के साथ मिलकर राजस्थान में स्पिरुलिना फार्म के सपने को साकार करने का फैसला, और आत्म निर्भरता के साथ परियोजना शुरू की।

*राजस्थान में स्पिरुलिना क्यों?*
भूमिगत जल खारा होने के कारण, मई 2017 में राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ के तहसील नोहर में राम कुमार वर्मा ने स्पिरुलिना फार्म की आधारशिला रखी थी। जिसमें चंद्रा हर्बल ने राजस्थान में सबसे उच्च गुणवत्ता वाले स्पिरुलिना के एक प्रसिद्ध ब्रांड के रूप में स्थापित किया है।
यह स्वाभाविक है कि "भविष्य के लिए सर्वोत्तम भोजन" की खेती "भविष्य के शहर" में की जाएगी। इसके अलावा, भारत के राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, गुजरात व सभी गर्म उष्णकटिबंधीय जलवायु वाले क्षेत्रों में स्पिरुलिना की खेती की जा सकती हैं। और वास्तव में, स्पिरुलिना आज मानव जाति के लिए उपलब्ध पोषण का अंतिम स्रोत प्रतीत होता है। जैसा कि नासा द्वारा कहा गया है: "1 किलो स्पिरुलिना का पोषण मूल्य 1,000 किलोग्राम मिश्रित फलों और सब्जियों के बराबर है"।

1 किलोग्राम स्पिरुलिना का उत्पादन करने के लिए बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है (केवल महत्वपूर्ण नुकसान वाष्पीकरण के माध्यम से होता है) और यहां तक कि कृषि के लिए अनुपयुक्त खारे या क्षारीय पानी का भी उपयोग किया जा सकता है। स्पिरुलिना उगाने के लिए भूमि के बहुत कम सतह क्षेत्र की भी आवश्यकता होती है, इसका अतिरिक्त लाभ यह है कि भूमि सीमांत, अनुपयोगी और गैर-उपजाऊ हो सकती है। स्पिरुलिना प्रोटीन सोयाबीन उगाने के लिए आवश्यक पानी की 1/3 मात्रा का उपयोग करता है और बीफ प्रोटीन के लिए आवश्यक पानी का केवल 1/50 वां हिस्सा उपयोग करता है। स्पिरुलिना प्रोटीन को सोयाबीन की तुलना में 20 गुना कम भूमि की आवश्यकता होती है और बायोमांस उत्पादन के लिए 200 गुना कम भूमि की आवश्यकता होती है।

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Source by : Akashwani NEWS Hub January 30, 2026 6:27 AM Delhi Government approves ₹728-crore schemes to fast-track development in Trans-Yamuna region The Delhi government has approved schemes worth 728 crore rupees to effectively accelerate the pace of development in the Trans-Yamuna region in the national capital. The budget allocation was announced by Chief Minister Rekha Gupta during the Trans-Yamuna Area Development Board (TYADB) meeting.During the meeting, the Chief Minister stated that there would be no shortage of funds for the development of the Trans-Yamuna region. She also instructed the board members to prioritize schemes based on need. The Chief Minister said that the development of the Trans-Yamuna area is among the Delhi government’s top priorities.CM said that the Delhi government is prioritizing the basic needs of citizens, such as roads, drainage systems, addressing water logging problems, and ensuring safe transportation. Chairman of the TYADB, Arvinder Singh Lovely expressed his gratitude to the Chief Minister and said, the proposals submitted by all Members of Legislative Asembly for the development of the Trans-Yamuna region are important. He said that this collective effort will prove instrumental in transforming the basic infrastructure of the Trans-Yamuna region.Devashish Govind TokekarVANDE Bharat live tv news NagpurEditor/Reporter/JournalistRNI:- MPBIL/25/A1465Indian Council of press,NagpurJournalist CellAll India Media AssociationNagpur District PresidentDelhi Crime PressRNI NO : DELHIN/2005/15378AD.Associate /ReporterContact no.9422428110/9146095536Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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🔳ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान के तहत मोहतरा में ग्राम विकास पखवाड़ा आयोजित

🔳कटनी – विकासखंड बहोरीबंद अंतर्गत नवांकुर संस्था आयुष जनकल्याण सेवा समिति, पटना सेक्टर बाकल की ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति मोहतरा द्वारा ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्राम विकास पखवाड़ा कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में सेक्टर प्रभारी श्री धनीराम लोधी ने ग्राम विकास की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि गांव की प्रगति तभी संभव है, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति जागरूक होकर सहभागिता निभाए। उन्होंने स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक समरसता एवं आत्मनिर्भर ग्राम निर्माण पर विशेष जोर दिया।

इस अवसर पर संतू पटैल, अमित महतो, रामलाल, बालमुकुंद सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान उपस्थितजनों को स्वदेशी जागरण की शपथ दिलाई गई, जिससे ग्रामीणों में देशी उत्पादों के उपयोग एवं आत्मनिर्भरता का संदेश प्रसारित हुआ।

कार्यक्रम के अंत में मुकेश कुमार पटैल द्वारा सभी अतिथियों, सहभागियों एवं ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन ने ग्रामीणों में जागरूकता, सहभागिता और विकास के प्रति नया उत्साह भर दिया।
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*प्रकाशनार्थ* *‘मैं इस गणतंत्र का एक बंदी हूं…’* *(आलेख : रूपेश कुमार सिंह)*26 जनवरी 2026 को हमारा गणतंत्र अपना 76 वर्ष पूरा करेगा। गणतंत्र या लोकतंत्र की प्रसिद्ध परिभाषा, जिसे हम बचपन से पढ़ते व सुनते आ रहे हैं, वो है -- जनता का, जनता के लिए व जनता के द्वारा संचालित शासन। क्या वर्तमान समय में उक्त परिभाषा हमारे देश के गणतंत्र पर सटीक बैठती है? क्या हम या हमारे शासक वर्ग भी ईमानदारी से यह कह सकते हैं कि हमारे देश में सच्चे अर्थों में लोकतंत्र है? कतई नहीं।आज हमारे देश में पूंजीपतियों का, पूंजीपतियों के लिए व पूंजीपतियों के द्वारा संचालित शासन है। आज हमारे देश में गणतंत्र की जगह पर पूंजीतंत्र, लूटतंत्र व गनतंत्र है।वर्तमान में हमारे देश की सत्ता पर काबिज ब्राह्मणीय हिंदुत्व फासीवादी नरेंद्र मोदी की सरकार ने लोकतंत्र के सभी अंगों को पंगु बना दिया है। पूरे देश में एकछत्र राज का सपना पूरा करने के लिए आरएसएस व भाजपा जी-जान से जुटी है। इन्होंने स्पष्ट तौर पर घोषित कर रखा है कि जो उनके साथ नहीं है, वे इस देश के दुश्मन है।कल तक जहां देश का अर्थ विभिन्नता में एकता था, आज देश का अर्थ सत्ताधारी सरकार बन चुका है। अब सत्ताधारी सरकार के खिलाफ बोलना मतलब देश के खिलाफ बोलना है।इन्होंने चुनाव जीतने के लिए साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपना रखी है। उसके बाद भी अगर ये चुनाव नहीं जीत पाते हैं, तो फिर विपक्षी पार्टियों के विधायकों को तोड़ने के लिए पैसा, सेंट्रल एजेंसियों की कारवाईयां, डराने-धमकाने आदि रास्तों का सहारा लेते है और राज्यों में अंततः अपनी सरकार बना लेते हैं। कल तक विपक्ष के भ्रष्ट नेता (इनके ही द्वारा घोषित) इनकी पार्टी में शामिल होते ही ईमानदार बन जाते है और इन पर दर्ज दर्जनों मुकदमों को वापस ले लिया जाता है।अपने मित्र उद्योगपतियों को बहुमूल्य खनिज संपदा को सौंपने के लिए ये आदिवासियों का जनसंहार करते है। सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करने वालों को ‘देशद्रोही’, ‘अर्बन नक्सल’ घोषित करती है। अपने हक-हुकूक का आवाज बुलंद करने पर मुस्लिमों को आतंकवादी घोषित किया जाता है, तो सिखों को खालिस्तानी। इस सरकार ने शिक्षा का भगवाकरण कर छात्रों को झूठा इतिहास पढ़ने को बाध्य किया है, तो युवाओं को बेरोजगारी के अंतहीन दलदल में धकेल दिया है।महिलाओं को चारदीवारी के अंदर पूरी तरह से कैद करने की पूरी कोशिश भी हमारे ‘गणतंत्र’ के संचालक कर रहे है। हमारे गणतंत्र में ‘गणतंत्र’ के नाम पर क्या चल रहा है, यह अगर हम अपनी आंखों से संप्रदायवाद, जातिवाद, अंधभक्ति आदि का पर्दा हटाकर देखें, तो स्पष्ट दिख ही रहा है कि हमारा ‘गणतंत्र’ बिल्कुल ‘गनतंत्र’ में तब्दील हो चुका है।आप जानते है कि हमारे गणतंत्र में बड़ी संख्या में कैदखाने (जेलें) भी है, जिनमें लाखों बंदी कैद हैं। क्या आप कैदखाने में बंद इस गणतंत्र के बंदियों के बारे में जानते हैं?मैं इस गणतंत्र का एक बंदी हूं और पिछले 42 महीने से कैदखाने में कैद हूं। 42 महीने पहले मैं स्वतंत्र पत्रकारिता करता था और सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सिर्फ लिखता ही नहीं था, बल्कि बोलता भी था। फलतः सरकार ने 17 जुलाई 2022 को मुझ पर काला कानून यूएपीए की कई धाराएं लगाकर मुझे गिरफ्तार कर लिया और 18 जुलाई 2022 को जेल भेज दिया।तब से मैं झारखंड के सरायकेला डिस्ट्रिक्ट जेल और बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल, होटवार (रांची) एंव बिहार के शहीद जुब्बा सहनी सेंट्रल जेल, भागलपुर में कैद रहा और फ़िलहाल आदर्श सेंट्रल जेल, बेऊर (पटना) में कैद हूं।*जेलों का हाल और कैदियों के अधिकार*बिहार-झारखंड के 90 प्रतिशत जेलों में क्षमता से अधिक (डेढ़ गुणा व कहीं-कहीं दुगुना) बंदी हैं। किसी भी जेल में जेल मैनुअल के अनुसार नाश्ता, भोजन, तेल-साबुन आदि नहीं मिलता है। हां! अगर आप दबंग है, तो फिर आप जेल अधिकारियों को पैसे देकर जेल में हीटर पर भी स्वादिष्ट खाना बनवा सकते है या घर व होटल से भी मंगवा सकते है।बाकी बंदियों को तो सड़ा हुआ चावल, पानी की तरह पतली दाल, सब्जी के नाम पर आलू का दो-चार टुकड़ा व कीड़ा लगा हुआ हरी सब्जी का दो-चार कच्चा टुकड़ा व पानी, जली व कच्ची रोटियां ही नसीब में होती है। दबंग व पैसे वाले बंदियों का बिस्तर 6 फिट लंबा व 3 फीट चौड़ा होता है. तो उतनी ही जगह में 3-4 आम बंदियों को रहना पड़ता है।भारत के सुप्रीम कोर्ट (महाराष्ट्र राज्य बनाम प्रभाकर पांडुरंग 1966) के अनुसार, ‘किसी भी बंदी या कैदी को संविधान द्वारा प्रदत्त अन्य मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अनुच्छेद 21, जीवन का अधिकार’ भी प्राप्त है।' सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ‘एक कैदी, चाहे वह विचाराधीन हो या दोषी और यहां तक कि अदालत में उसके विरुद्ध आरोपित या सिद्ध अपराध चाहे जो भी हो, देश के अन्य नागरिकों की तरह स्वतंत्रता के अलावा सभी अधिकारों का आनंद ले सकता है।' सुप्रीम कोर्ट के फैसले की रौशनी में अगर हम बिहार-झारखंड के जेलों में बंद बंदियों की स्थिति को देखते हैं, तो यह एक स्वप्न-सा लगता है, क्योंकि बिहार झारखंड की जेलों में बंदियों को न तो मानव सम्मान के साथ जीने का अधिकार, शीघ्र सुनवाई का अधिकार, स्वास्थ्य व चिकित्सा उपचार का अधिकार, हथकड़ी के खिलाफ सुरक्षा का अधिकार, जेल में दुर्व्यवहार व यातना के खिलाफ सुरक्षा का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, काम के लिए उचित मजदूरी का अधिकार एवं उचित आवास का अधिकार हासिल है और न ही जेल मैन्युअल के अनुसार नाश्ता, भोजन व अन्य सुविधाएं ही मिलती है।यहां तक कि बंदियों को अपने परिजनों व वकीलों को पत्र तक लिखने का अधिकार जेल प्रशासन नहीं देता है, फिर कविता, कहानी व लेख लिखने के बारे में तो ज्यादातर बंदी सोच भी नहीं पाते हैं। यह सब बहुत मुश्किल है। आप काॅल के दौरान, मुलाकाती में अपनी बातें, कविताएं, अनुभव, अपनी परेशानियां साझा कर सकते हैं, वह भी कई बार समयाभाव के कारण टुकड़ों-टुकड़ों में।बिहार-झारखंड के जेलों में रहते हुए मैंने यही जाना कि जेल एक यातनागृह है, जिसे सुधारगृह तो बिल्कुल भी नहीं कहा जा सकता है। जेल भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा केंद्र है, यहां भ्रष्टाचार खुलेआम होता है। अगर आपके पास पैसा है, तो आपके लिए जेल भी स्वर्ग है और अगर आपके पास पैसा नहीं है, तो जेल आपके लिए नर्क से भी बदतर है।जेल में इलाज के नाम पर सिर्फ धोखा होता है। अगर आप किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो जाएं, तो आपकी मौत जेल में ही निश्चित है, लेकिन आपकी मौत बाहर के अस्पताल में इलाज के दौरान ही दिखाई जाएगी।मैं जब गिरफ्तार होकर सरायकेला डिस्ट्रिक्ट जेल में गया, तो वहां मुझे सेल के ऐसे कमरे में रखा गया, जिसके बगल के कमरों में कुष्ठ, टीबी व एड्स से पीड़ित बंदी थे और हम सभी का स्नानघर व शौचालय काॅमन था।मेरे विरोध करने पर मुझे पुराने महिला वॉर्ड (भूत बंगला के नाम से प्रसिद्ध) में अकेले बंद कर दिया गया, जिसकी छत से बारिश में पानी टपकता था और पूरे कमरे में पानी ही पानी हो जाता था। नतीजा, मुझे एक कोने में बैठकर दिन-रात बितानी पड़ती थी। मेरे परिजनों द्वारा भेजे गए किताब, काॅपी व कलम को जेल प्रशासन ने मुझे देने से इंकार कर दिया। खाना बिल्कुल भी खाने लायक नहीं था। जब मैंने 15 अगस्त को भूख हड़ताल किया, तब जाकर मुझे काॅपी, किताब, कलम मिला, लेकिन मेरे जन्मदिन पर मेरे दोस्तों द्वारा मुझे भेजा गया पोस्टकार्ड भी नहीं दिया गया।बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार (रांची) में तो मेरी लिखित किताब ‘कैदखाने’ का आइना’ भी परिजनों को मुझे नहीं देने दिया गया, कहा गया कि इसमें जेल व्यवस्था के खिलाफ बातें लिखी गई है, जबकि वह किताब अमेजन व फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है। वहां के अधीक्षक हामिद अख्तर एक मुस्लिम थे, लेकिन उन्होंने जेल पुस्तकालय में मौजूद तस्लीमा नसरीन की सभी पुस्तकों पर प्रतिबंध लगा दिया था और उसे बंदियों को पढ़ने देने से मना कर दिया था।बाद में, शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा,भागलपुर में भी मैंने देखा कि तस्लीमा नसरीन की कुछ पुस्तकों को जेल पुस्तकालय की पुस्तक की सूची में ही प्रतिबंधित कर दिया था, ताकि कोई बंदी इसकी मांग ना करे। बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में मैंने जेल प्रशासन से इतिहास में एमए करने की इच्छा जाहिर की, तो मुझे बताया गया कि यहां मात्र एनआईओएस से 10वीं व 12वीं की पढ़ाई की सुविधा है।आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बिहार-झारखंड के किसी भी जेल में स्नातकोत्तर (एमए) की पढ़ाई की सुविधा इग्नू से भी नहीं है। इसलिए मुझे इग्नू के रामगढ़ (झारखंड) स्टडी सेंटर पर एमए में अपने निजी खर्च पर नामांकन लेना पड़ा।*तोड़ देती है सेल की ज़िंदगी*जेलों में सामान्य वॉर्ड के अलावा सेल (अंडा सेल, हाई सेक्युरिटी सेल आदि) भी होता है। मैं अपने 42 महीने के जेल में 33 महीने सेल में ही रहा हूं व वर्तमान में भी सेल में ही बंद हूं। सामान्य वॉर्ड के बंदियों को तो कुछ अधिकार भी हासिल है या कह सकते हैं कि कुछ सुविधाएं भी हासिल है, लेकिन सेल के बंदी अधिकांश सुविधाओं से महरूम है।यहां मैं उन सुविधाओं की बात कर रहा हूं, जो शरीर और मस्तिष्क के स्वस्थ रहने के लिए हर इंसान के लिए जरूरी है, एक बंदी के रूप में दास जीवन बिताने वाले बंदियों के लिए भी। सामान्य वॉर्ड के बंदी जेल में आयोजित शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं, लेकिन सेल के बंदी नहीं ले सकते है। सामान्य वॉर्ड में टीवी व जेल रेडियो (बिहार के जेलों में) का स्पीकर लगा हुआ है, जिससे बंदियों का कुछ मनोरंजन हो जाता है, मानसिक तनाव में राहत मिलती है लेकिन सेल में ऐसी कोई सुविधा नहीं है। सामान्य वॉर्ड के बंदी जेल पुस्तकालय में बैठकर पढ़ सकते हैं, लेकिन सेल के बंदी वहां नहीं बैठ सकते है। सामान्य वॉर्ड के बंदी जेल के मैदान में खेल-कूद सकते हैं, पूरे जेल में घूम फिर सकते है, लेकिन सेल के बंदी सेल से बाहर नहीं निकल सकते हैं। कह सकते हैं कि सेल, जेल के भीतर एक जेल है।सेल में आमतौर पर जेल प्रशासन ऐसे बंदियों को रखते हैं, जो सामान्य वॉर्ड में अवैध मोबाइल का इस्तेमाल करने, नशा करने व मारपीट करने के दोषी पाए जाते है। लेकिन अब सेल में ऐसे बंदियों को भी रखा जाने लगा है, जो अपने और बंदियों के अधिकारों के हनन पर उनके लिए आवाज उठाते है। उन्हें सेल में बंद कर उनसे सारा अधिकार छिन लिया जाता है।वैसे बंदी, जो बंदी अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहते हैं, उन्हें प्रशासनिक लगाकर दूसरे जेलों में भी भेज दिया जाता है, जिन पर वहां पहुंचने के साथ ही जेल गेट से लेकर केंद्र स्थल (गुमटी) तक अनगिनत लाठी बरसती है।*जेलों में भ्रष्टाचार, पर सुनवाई नहीं*बिहार-झारखंड की जेलों में स्थानीय न्यायालय, उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का भी कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। जब कोई बंदी वरीय अधिकारियों को जेल की भ्रष्ट व्यवस्था की शिकायत करते हैं, तो जेल प्रशासन अपने दलाल बंदियों के बयानों को कलमबद्ध कर रिपोर्ट बनाकर भेज देते हैं कि जेल में सब कुछ सही है। अगर कभी जांच के लिए अधिकारी आ जाए, तो जेल अधिकारी उन्हें अपने दलाल बंदियों से ही सिर्फ मिलाते हैं, बाकि बंदियों को अपने-अपने वॉर्ड में बंद कर देते है।अभी 18 जनवरी 2026 को पटना हाईकोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू, जेल आईजी प्रणव कुमार समेत कई अधिकारी आदर्श सेंट्रल जेल में आए और जेल का निरीक्षण किया, जिस दौरान सभी बंदियों को अपने-अपने वॉर्ड में बंद कर दिया गया और उन्हीं लोगों से मुखातिब करवाया गया, जो जेल प्रशासन की दलाली करते है। बाकी हमारे जैसे सामान्य बंदी तो कभी उनके सामने नहीं लाए जाते हैं।मैंने इस जेल में व्याप्त भ्रष्टाचार व बंदियों के शोषण और दमन पर एक आवेदन पटना डीएम को 15 दिसंबर 2025 को भेजा है, जिसकी प्रतिलिपि बिहार के उप-मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को भी भेजा है, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।जेल में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, इसे चालू रखने के लिए आवाज उठाने वाले बंदियों के अधिकारों को छिना जाता है और चूंकि इन पर कभी अंकुश नहीं लगता, इसलिए आश्वस्त होकर ये भ्रष्टाचार में लिप्त है। वैसे भी, जेल में यह बात प्रचलित है कि जेल प्रशासन अपने भ्रष्टाचार की कमाई का एक बड़ा हिस्सा मंत्रियों व वरीय अधिकारियों को भी देता है, इसलिए वे कोई कार्यवाही नहीं करते। फिर भी अगर कोई जांच टीम आ भी जाए, तो एक मोटी रकम देकर जेल प्रशासन सब मैनेज कर लेती है।मैं कुछ महीने से उच्च (बैड) काॅलेस्ट्रॉल, उच्च ट्राईग्लिसराइड्स, एलर्जी, एल 5 डिस्क स्लिप व याद्दाश्त कम होने की समस्याओं से पीड़ित हूं। पटना के स्पेशल एनआईए कोर्ट द्वारा आदर्श सेंट्रल जेल, बेऊर (पटना) के अधीक्षक को मेरे इलाज के लिए 11 दिसंबर 2025 को लिखित आदेश दिया गया है, लेकिन जेल प्रशासन द्वारा अब तक कोई उपचार नहीं कराया गया है। इससे पहले 01 नवंबर 2025 को भी इलाज के लिए आदेश जेल प्रशासन को कोर्ट द्वारा दिया गया था।इससे पहले भी स्वास्थ्य समस्या को लेकर कोर्ट में अर्जियां लगाई गई थीं, तब मैं भागलपुर शहीद जुब्बा सहनी सेंट्रल जेल में था। वहां कोर्ट आदेश होने के बाद व स्वास्थ्य समस्या को लंबे समय झेलने के बाद अस्पताल में दिखाया गया था। पर बेऊर जेल प्रशासन उससे भी आगे निकल चुका है, लंबे वक्त व दो- दो बार कोर्ट आदेश के बाद भी इनके कानों में जूं तक नहीं रेंगा।यह कोई नया नहीं है। मेरे इतने सालों का अनुभव यही कहता है कि किसी मामले में कोर्ट में आदेश होने के बाद भी जेल प्रशासन अक्सर उसका पालन नहीं करती है और बार-बार आर्डर देकर कोर्ट भी थक जाता है। इस तरह बंदियों के बहुतेरे मामले पेंडिंग ही रह जाते है या फिर एक थका देने वाले समय के बाद अमल में आते है। पूरे देश के न्यायालय के लिए ऐसा कोई क्षेत्राधिकार नहीं है, जो कि जेल के मनमाने पर न्यायालय की प्रबलता स्थापित कर सके और जेलों के बंदियों के अधिकारों को बचा सके।आदर्श सेंट्रल जेल, बेऊर (पटना) के अधीक्षक की तानाशाही तो इस कदर है कि वे बंदियों के द्वारा न्यायालय के नाम भेजे गए आवेदन को भी न्यायालय को नहीं भेजते हैं। बंदियों को ‘बंदी आवेदन पत्र’ देने से साफ इंकार कर देते है।74 वर्षीय माओवादी नेता प्रमोद मिश्रा सेल में मेरे कमरे के बगल वाले कमरे में ही है, उन्होंने दिसंबर 2025 में ‘बंदी आवेदन पत्र’ पर स्पेशल एनआईए कोर्ट, पटना, स्पेशल एनआईए कोर्ट, रांची व प्रधानमंत्री के नाम से आवेदन जेल कार्यालय को सुपुर्द किया, लेकिन जेल प्रशासन ने इन तीनों में से एक भी आवेदन को आगे नहीं भेजा। फलतः उन्होंने 26 जनवरी 2026 से अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल की घोषणा कर दी है, लेकिन अब उन्हें बंदी आवेदन पत्र भी नहीं दिया जा रहा है।‘मधुकर भगवान संभाले बनाम महाराष्ट्र राज्य और अन्य’ (1987) में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ‘‘हम यह समझने में असफल रहे हैं कि कैदी को जेल प्रशासन के खिलाफ अपनी शिकायतों को अपने पत्र के माध्यम से बाहरी दुनिया के सामने क्यों नहीं रखना चाहिए …. . दोषसिद्धि और जेल में बंद होने के कारण, कैदी राजनीतिक अधिकारों को नहीं खोता है।' क्या इस ‘गणतंत्र’ के बंदियों को सुप्रीम कोर्ट के कथनानुसार व संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार कभी हासिल होगा? ‘जेल अपवाद है व जमानत नियम,’ यह धरातल पर फलीभूत कभी होगा या जेलों के यातनागृह में बंदियों को पीसकर भ्रष्ट अधिकारियों के पौ-बारह होते रहेंगे?क्या सच्चे गणतंत्र को स्थापित करने के लिए भारतीय जनता सड़कों पर उतरेगी? इसका जवाब ही ‘गणतंत्र’ के बंदियों का भविष्य तय करेगा।*(साभार : द वायर। रूपेश कुमार सिंह स्वतंत्र पत्रकार हैं और वर्तमान में आदर्श सेंट्रल जेल, बेऊर, पटना (बिहार) में विचाराधीन बंदी हैं।)* Devashish Govind TokekarVANDE Bharat live tv news NagpurEditor/Reporter/JournalistRNI:- MPBIL/25/A1465Indian Council of press,NagpurJournalist CellAll India Media AssociationNagpur District PresidentDelhi Crime PressRNI NO : DELHIN/2005/15378AD.Associate /ReporterContact no.9422428110/9146095536Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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🔳ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान के तहत पथराडी पिपरिया में ग्राम उत्सव आयोजित

🔳मतदाता जागरूकता, स्वच्छता एवं नशा मुक्ति शपथ का आयोजन

🔳कटनी - मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड बहोरीबंद के सेक्टर क्रमांक–2 बहोरीबंद के अंतर्गत ग्रामोदय से अभ्युदय मध्य प्रदेश अभियान के तहत ग्राम पंचायत पथराडी पिपरिया में ग्राम उत्सव का आयोजन मतदाता जागरूकता, नशा मुक्ति एवं स्वच्छता शपथ के माध्यम से किया गया। यह कार्यक्रम नामांकुर संस्था संस्कार युवा समिति बहोरीबंद के तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक डॉ. तेज सिंह केशवाल ने ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश शासन के सफलतम दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह अभियान पूरे प्रदेश में संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य शासकीय योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुँचाना तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाना है। इसी क्रम में विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर ग्राम उत्सवों का आयोजन किया जा रहा है।

संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत विभागीय योजनाओं हेतु पात्र हितग्राही पंचायत स्तर पर अपने आवेदन कर सकते हैं। इस अवसर पर ग्राम पंचायत पथराडी पिपरिया के हिनौती नाला मे बोरी बंधान कार्य किया गया था इस कार्य की सराहना की गई। कार्यक्रम में परामर्शदाता राम सिंह पटेलद्वारा उपस्थित जनों को नशा मुक्ति एवं मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई गई।

नवांकुर संस्था बहोरीबंद समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार द्वारा प्रतिभाशाली युवाओं को अतिथियों के करकमलों से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी जनों ने मतदाता जागरूकता शपथ में सहभागिता की।

इस अवसर पर विकासखंड समन्वयक अरविंद शाह, ग्राम पंचायत सरपंच आशा मंगीराम चौधरी, नवांकुर संस्था प्रभारी मनोज कुमार, भाजपा युवा नेता संतोष साहू, परामर्शदाता राम सिंह पटेल, रामेश्वर पटेल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता यशोधरा गुप्ता, अनीता पटेल, सहायिका सुलोचना बाई, परशु चौधरी, गौरा भाई चौधरी, गा्म विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्य, ग्रामीणजन एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
#JansamparkMP
#CMMadhyaPradesh
#DrMohanYadav51
#udaypratapmp
#jbpcommissioner
#katni
#कटनी

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अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण(जिला एवं सेशन न्यायाधीश) सवाई माधोपुर की अध्यक्षता में पंचायत समिति खण्डार में किया जनकल्याणकारी एवं जनउपयोगी सेवाओं से संबंधित शिविर का आयोजन

29.01.2026ः-
माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति खण्डार के तत्वाधान में गुरूवार को पंचायत समिति परिसर खण्डार में श्री देवेन्द्र दीक्षित, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) सवाई माधोपुर की अध्यक्षता में जनउपयोगी सेवाओं संबंधी प्रकरणों के त्वरित निस्तारण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर का उद्घाटन श्री देवेन्द्र दीक्षित अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) सवाई माधोपुर ने मॉ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। श्री देवेन्द्र दीक्षित अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) सवाई माधोपुर ने आयोजित शिविर में न्याय आपके द्वार- जनउपयोगी समस्याओं के त्वरित निस्तारण अभियान, राजस्थान पीडित प्रतिकर योजना, हिट एंड रन योजना, मीडिएशन फॉर द नेशन 2.0 अभियान आदि की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए शिविर में उपस्थित आंगनबाडी कार्यकर्ताओं, साथिन, आशा सहयोगिनी एवं अन्य आमजन द्वारा अपने क्षेत्र में बताई गई समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु शिविर में उपस्थित स्थानीय प्रशासनिक अधिकारीगण को निर्देश प्रदान किए।
सुश्री समीक्षा गौतम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर ने शिविर में उपस्थित महिलाओं व अन्य आमजन को नालसा टोल फ्री नंबर 15100, बाल विवाह रोकथाम अभियान एवं नालसा व रालसा द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर श्री आशुतोष सिंह आढा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सवाई माधोपुर, सुश्री अंकिता सिंघल अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति खण्डार, श्रीमती वर्षा मीना उपखण्ड अधिकारी खण्डार, श्री जयप्रकाश तहसीलदार खण्डार, सुश्री सुलोचना मीना अधिशासी अभियंता नगर पालिका खण्डार, श्रीमती रामनाथी मीना ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खण्डार, गोविन्द मथुरिया अध्यक्ष अभिभाषक संघ खण्डार, पैनल अधिवक्तागण हरिलाल बैरवा, नागाराम मीना, रमेश चंद गौतम, रविशंकर गर्ग, रमेश चंद तेहरिया, सहित अभिभाषक संघ के पदाधिकारीगण व अन्य अधिवक्तागण
आदि उपस्थित रहे।
श्रीमती वर्षा मीना उपखण्ड अधिकारी खण्डार, श्री जयप्रकाश तहसीलदार खण्डार, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, चिकित्सा विभाग, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, से उपस्थित प्रतिनिधिगण द्वारा भी अपने-अपने विभागो मे संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उन योजनाओं के आवेदन की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
आयोजित शिविर में कृषि विभाग खण्डार द्वारा 67 व्यक्तियों, बैंक/वित्तीय संस्थानों द्वारा 40 व्यक्तियों, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 25 व्यक्तियों, समाज कल्याण विभाग द्वारा 04 व्यक्तियों, इस प्रकार कुल 136 व्यक्तियों को अपने विभागों में संचालित योजनाओं का लाभ प्रदान कर लाभान्वित किया गया।
इस दौरान अधिकार मित्र पुष्पेन्द्र गौतम, संजीविका सोनी, दिनेश बैरवा द्वारा केनोपी लगाकर न्याय आपके द्वार-लोक उपयोगी समस्याओं का सुलभ एवं त्वरित समाधान अभियान के तहत प्रार्थना पत्र भरवाकर नालसा व रालसा द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पोस्टर-पंपलेट्स वितरित किए।

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కేంద్ర బడ్జెట్ 2026 ప్రవేశపెట్టనున్న తరుణంలో సామాన్య మధ్యతరగతి ప్రజలకు ఉపయోగపడేలా ఆదాయపు పన్ను (ఇన్కమ్ టాక్స్) మినహాయింపు పరిమితిని పెంచే అవకాశం ఉన్నట్లు వార్తలు వస్తున్నాయి దీనివల్ల సామాన్యుల చేతుల్లో మరిన్ని నిధులు మిగిలే అవకాశం ఉంది ఇది కొనుగోలు శక్తిని పెంచుతుంది


​తెలంగాణ రాష్ట్ర ప్రభుత్వం ఏప్రిల్ నుంచి రెండో విడత ఇందిరమ్మ ఇళ్ల పథకాన్ని ప్రారంభించనున్నట్లు ప్రకటించింది మొదటి విడతలో లబ్ధి పొందని అర్హులైన పేదలకు ఈ విడతలో ప్రాధాన్యత లభించనుంది ఇందిరమ్మ ఇళ్ల కోసం ఎదురుచూస్తున్న సామాన్యులకు కాస్త ఊరట


​తెలంగాణలో రాజీవ్ ఆరోగ్యశ్రీ కింద ఉచిత వైద్య పరిమితిని 10 లక్షలకు పెంచిన సంగతి తెలిసిందే నేటి తాజా సమాచారం ప్రకారం మరిన్ని కార్పొరేట్ ఆసుపత్రులను ఈ నెట్‌వర్క్‌లోకి చేర్చుతూ సామాన్యులకు అత్యాధునిక వైద్యం మరింత చేరువ చేయాలని ప్రభుత్వం నిర్ణయించింది



​ప్రజలకు ఇబ్బంది కలగకుండా తెలంగాణలోని రిజిస్ట్రేషన్ కార్యాలయాలను ఆధునీకరిస్తున్నారు ఇందులో భాగంగా వేచి ఉండే గదులు (వెయిటింగ్ హాల్స్) ఫీడింగ్ రూమ్స్ వంటి కనీస వసతులను ఏర్పాటు చేస్తున్నారు సామాన్య ప్రజలు తమ పనుల కోసం కార్యాలయాలకు వెళ్లినప్పుడు ఇవి ఎంతో తోడ్పడతాయి


​AI మోడల్స్ కృత్రిమ మేధ (AI) కేవలం టెక్కీలకే కాకుండా సామాన్య ప్రజల దైనందిన సమస్యల పరిష్కారానికి (ఉదాహరణకు వ్యవసాయం, విద్య) ఉపయోగపడేలా ఉండాలని ప్రభుత్వం భావిస్తోంది

​గిగ్ వర్కర్ల సంక్షేమం డెలివరీ బాయ్స్ ఇతర గిగ్ వర్కర్ల ఆదాయం మెరుగుపరిచేలా చర్యలు తీసుకోవాలని ఆర్థిక సర్వే సూచించింది

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🔳राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय नेतृत्व प्रशिक्षण विशेष शिविर का सलैया सिहोरा में हुआ शुभारंभ

🔳नुक्कड़ नाटक एवं रैली निकाल स्वयंसेवकों ने दिया स्वच्छता जागरूकता का संदेश

🔳कटनी - शासकीय महाविद्यालय बरही में राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय नेतृत्व प्रशिक्षण विशेष शिविर ग्राम पंचायत सलैया सिहोरा में प्राचार्य डॉ. आर. के. त्रिपाठी के मार्गदर्शन, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरविंद सिंह, प्रियंका तोमर एवं डॉ रश्मि त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ।

उदघाटन सत्र में प्राचार्य डॉ. आर. के. त्रिपाठी, ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच, सचिव एवं उपस्थित गांव के अन्य गणमान्य नागरिकों द्वारा विद्या की देवी मां सरस्वती एवं युवाओं के प्रेरणा श्रोत स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर तथा दीप प्रज्‍ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। जिसके पश्चात स्वयंसेवकों द्वारा बैच लगाकर सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के शुरुआत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि शिविर में स्वयंसेवक सात दिन तक श्रमदान, साफ-सफाई, विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम एवं रैली, नुक्कड़ नाटक, सर्वेक्षण कार्य आदि गतिविधियों में सहभागिता कर समाज सेवा का कार्य करेंगे। जबकि डॉ रश्मि त्रिपाठी द्वारा एन.एस.एस. को स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व निर्माण एवं नेतृत्व क्षमता के विकाश में भी सहायक बताया गया। प्रियंका तोमर ने स्वयंसेवकों को शिविर दिनचर्या के बारे में बताकर सौंपे गए दायित्वों का समय सीमा में निर्वहन के लिए प्रेरित किया।

प्राचार्य डॉ. आर. के. त्रिपाठी ने ग्रामवासियों से स्वयंसेवकों द्वारा आयोजित होने वाले विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों से प्राप्त जानकारियों को अपने दैनिक जीवन में लागू कर समाज के साथ देश के विकास में सहभागी बनने की अपील की। साथ ही स्वयंसेवकों को अनुशासन में रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए निर्देशित किया।

कार्यक्रम के अगले चरण में स्वयंसेवकों द्वारा नुक्कड़ नाटक एवं रैली निकालकर नारो एवं स्वच्छता संबंधी जानकारी देकर लोगों को अपने अपने घरों के आस-पास सफाई रखने के साथ पॉलिथीन का प्रयोग नहीं करने के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम का संचालन मुस्कान सोनी एवं आभार प्रदर्शन शिवानी पटेल द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. आर. के. त्रिपाठी, रा. से. यो. कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरविन्द सिंह, प्रियंका तोमर, डॉ. रश्मि त्रिपाठी, स्टाफ के सदस्य, डॉ. के. के. विश्वकर्मा, सौरभ तिवारी, अब्दुल बारी, सुनील कुमार कहार, कृष्णपाल सिंह, दीपक मिश्रा, संतोषी तिवारी, कैश अंसारी, रावेन्द्र साकेत, श्री शंकर सिंह, गणेश प्रजापति स्टॉफ के अन्य सदस्य एवं रा. से. यो. स्वयंसेवक की उपस्थिति उपस्थित रही।
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कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा। पीड़ित किसानों के सहयोग में तहसील मुख्यालय पर दिया ज्ञापन।।


(पं० मनोज कुमार शर्मा)
आज दिनांक 29 जनवरी 2026 गुरुवार को सुबह प्रातः 11:00 बजे करीबन कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं खंडार तहसील मुख्यालय के सामने एकत्रित हुए। एकत्रित कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने 27 जनवरी 2026 को हुई
ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों के सहयोग में एवं राजस्थान सरकार से फसल खराबे का मुआवजा दिलाने के लिए। शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन के पश्चात कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा पीड़ित किसानों के सहयोग में मुख्यमंत्री के नाम खंडार तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं एकत्रित पीड़ित किसाने खंडार तहसीलदार महोदय से अपील की 2025 अगस्त के महीने में अतिवृष्टि की बारिश से भी हमारी खरीफ की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। शासन प्रशासन के द्वारा मौका मुआयना किया गया। पीड़ित किसानों ने खंडार उपखंड मुख्यालय से जिला मुख्यालय प्रशासन तक भी फसल खराबे के लिए। गुहार लगाई है। लेकिन सभी पीड़ित किसानों को अफसोस है कि आज तक के हालातो में भी खरीफ की फसल का पीड़ित किसान तक कोई मुआवजा नहीं आया है। 1 वर्ष में दो बार फसल खराब हो जाने के कारण क्षेत्र का किसान आर्थिक संकट की पीड़ा को झेल नहीं पा रहा है। इसीलिए खंडार उपखंड मुख्यालय प्रशासन एवं जिला मुख्यालय प्रशासन एवं राजस्थान सरकार से निवेदन है कि पीड़ित किसान के सहयोग में फसल खराबा का मुआवजा दे करके शासन प्रशासन एवं राजस्थान सरकार अपनी कर्तव्य निष्ठा का सच्चा परिचय देकर के अपने कार्य को कर्तव्य निष्ठा से निभाएं। एकत्रित सभी पीड़ित किसानों के चेहरे पर आर्थिक संकट से चिंता की लकीरें साफ तौर पर देखी जा रही है।

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ଗଞ୍ଜାମ ଜିଲ୍ଲା କୃଷ୍ଣସାର ମୃଗ ଗଣନା ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ଶିବିର l

ଆସିକା:(29/1/26)(ଗଣେଶ ପାଣିଗ୍ରାହୀ ରିପୋର୍ଟ) ଓଡ଼ିଶା ସରକାରଙ୍କ ଜଙ୍ଗଲ, ପରିବେଶ ଓ ଜଳବାୟୁ ପରିବର୍ତ୍ତନ ବିଭାଗର ପରାମର୍ଶ କ୍ରମେ ଦକ୍ଷିଣ ଘୁମୁସର ବନଖଣ୍ଡ ଅଧ୍ୟାନସ୍ଥ ଆସିକା, ବୁଗୁଡା, ପୋଲସରା, ସୋରଡା, ବଡଗଡ ବନାଞ୍ଚଳ ବିଭିନ୍ନ ଅଞ୍ଚଳରେ ପ୍ରାକୃତିକ ସୌନ୍ଦର୍ଯ୍ୟରେ ବିଚରଣ କରୁଥିବା କୃଷ୍ଣସାର ମୃଗଙ୍କ ଗଣନା କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଆସନ୍ତାକାଲି ଅନୁଷ୍ଠିତ ହେବ। ଏଥିପାଇ ଏକ ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ଶିବିର ଆଜି ସ୍ଥାନୀୟ ଚାରିମଇଲି ସ୍ଥିତ ଆସିକା ବନାଞ୍ଚଳ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟ ପରିସରରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି। ଏହି ଶିବିରରେ ଦକ୍ଷିଣ ଘୁମୁସର ବନଖଣ୍ଡ ଅଧୂକାରୀ ଭିପାସା ପାରୁଲ୍ ଯୋଗଦେଇ ବନବିଭାଗର ପଦାଧୂକାରୀ ଓ ବନସୁରକ୍ଷା ସମିତିର ସଦସ୍ୟମାନଙ୍କୁ କୃଷ୍ଣସାର ସାର ମୃଗ ଗଣନାର ଲକ୍ଷ୍ୟ ଓ ଆଭିମୁଖ୍ୟ ଉପରେ ଗୁରୁତ୍ବାରୋପ କରିଥିଲେ। ଏହି ଶିବିରରେ ସ୍ଥାନୀୟ ବିଧାୟକ ସରୋଜ କୁମାର ପାଢୀ, ବ୍ରହ୍ମପୁର ଆଞ୍ଚଳିକ ମୁଖ୍ୟ ବନସଂରକ୍ଷକ ବିଶ୍ବନାଥନ୍ ନିଳାନ୍ନଭର, ଆସିକା ବନାଞ୍ଚଳ ଜଙ୍ଗଲ,ପରିବେଶ ଓ ଜଳବାୟୁ ପରିବତ୍ତନ ବିଭାଗ, ଘୁମୁସର ଦକ୍ଷିଣ ବନଖଣ୍ଡ ,ଭଞ୍ଜନଗର
ଅଧିକାରୀ ପ୍ରମୋଦ କୁମାର ପଣ୍ଡା, ଦକ୍ଷିଣ ଘୁମୁସର ବନଖଣ୍ଡର ସହକାରୀ ବନସଂରକ୍ଷକ ପ୍ରଦୀପ କୁମାର ବେହେରା,କୃଷ୍ଣସାର ମୃଗ ସୁରକ୍ଷା ସମିତି ସଭାପତି ଅମୂଲ୍ୟ କୁମାର ଉପାଧ୍ୟାୟ ଆସିକା ଗୋଷ୍ଠୀ ପ୍ରାଣୀ ଚିକିତ୍ସାକାରୀ ଡାକ୍ତର ସୁଧାଂଶୁ ଶେଖର ବେହେରା, ବୁଗୁଡା ବନାଞ୍ଚଳ ଅଧିକାରୀ ମାନସ ରଞ୍ଜନ ସାହୁ,ସୋରଡା ବନାଞ୍ଚଳ ଅଧିକାରୀ ନିହାର ରଞ୍ଜନ ମଳିକ, ବଡଗଡ ବନାଞ୍ଚଳ ଅଧୂକାରୀ ଅଞ୍ଜନ କୁମାର ନାୟକ,ବନାଞ୍ଚଳ ଅଧିକାରୀ ଅନିଲ୍ କୁମାର ପଣ୍ଡା,ଆସିକା ବନପାଳ ଶରତ ଚନ୍ଦ୍ର ବେହେରା,ଧରାକୋଟ ବନପାଳ ଲାଜୁ ଶବର,ଶେରଗଡ ବନପାଳ ରାଜେନ୍ଦ୍ର କୁମାର ଗୌଡ, ଷଡଙ୍ଗୀପଲ୍ଲୀ ବନପାଳ ପି. ସୁରଜ କୁମାରଙ୍କ ସମେତ ବନବିଭାଗର ବହୁ ବରିଷ୍ଠ ପଦାଧିକାରୀ,ପରିବେଶବିତ୍, ବନସୁରକ୍ଷା ଓ କୃଷ୍ଣସାର ମୃଗ ସୁରକ୍ଷା ସମିତିର ସଦସ୍ୟ,ମହାବିଦ୍ୟାଳୟର ଛାତ୍ର ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ। ଗଣେଶ ପାଣିଗ୍ରାହୀ ରିପୋର୍ଟ

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शासन प्रशासन के पदाधिकारी के द्वारा ओलावृष्टि क्षेत्र का दौरा किया गया।


खंडार तहसील क्षेत्र में 27 जनवरी 2026 को सायं काल मे दो दर्जन से अधिक ग्रामों में बड़ी भारी स्थिति पर ओलावृष्टि का दौर शुरू हुआ।
ओलावृष्टि की मार दो दर्जन से अधिक ग्रामों के
किसने की रवि की फसल एवं अमरूद के बगीचे एवं आंवला एवं फल फ्रूट्स के बगीचे पूरे तबाह हो गए। दूसरी ओर मिर्ची टमाटर एवं साग सब्जी की बाडियां पूरी तरह से बर्बाद हो गई। जिससे दो दर्जन से अधिक ग्रामों के किसानों पर बड़ी ही आर्थिक संकट की मार पड़ी है। अभी की हालातो में किसानों के चेहरों पर आर्थिक चिंता की शोक लहर देखी जा रही है। ऐसे हालातो में पीड़ित किसानों खेर खबर लेने के लिए। शासन प्रशासन के अधिकारियों द्वारा ओलावृष्टि वाले क्षेत्र का दौरा किया गया। जिसमें जिला कलेक्टर सवाई माधोपुर एवं उप जिला कलेक्टर वर्षा मीणा खंडार एवं खंडार उपखंड मुख्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पीड़ित किसानों से मिलकर ओलावृष्टि क्षेत्रों की घटनास्थल का जायजा लेते हुए। पीड़ित किसानों को सरकारी नियमों के तहत फसल खराब दिलाने का आश्वासन दिया गया। कई जगहों पर प्रशासनिक अधिकारियों को पीड़ित किसानों का आक्रोश का सामना भी करना पड़ा है। क्योंकि इस क्षेत्र में कई बार किसने की फसल अतिव्यष्टि एवं ओलावृष्टि के कारण बर्बाद हो गई। जिसमें प्रशासन द्वारा पीड़ित किसानों को फसल खराब दिलाने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन समय व्यतीत होने के बाद में पीड़ित किसानों को सरकारी नियमों के जाल में फंस कर एवं आलतू फालतू के नियमों में उलझा कर फसल खराबी से वंचित किया गया। अभी विगत वर्ष खंडार तहसील क्षेत्र के दक्षिणी भाग में 2025 के जुलाई अगस्त के महीने में अतिवृष्टि की वर्षा से कई ग्रामों के किसने की खरीद की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। उसे समय भी शासन प्रशासन के पदाधिकारी द्वारा अतिवृष्टि क्षेत्र का दौरा करके सरकार द्वारा फसल खराब दिलाने का आश्वासन दिया गया। लेकिन लेकिन आज तक भी पीड़ित किसानों को फसल खराब के नाम पर मायूसी ही हाथ लगी है।
जिससे कई जगह के किसानों में भारी मात्रा में आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसीलिए कई जगह पर प्रशासनिक अधिकारियों को पीड़ित किसानों के आक्रोश का भी सामना करना पड़ा है। पीड़ित किसानों का यहां तक भी कहना है कि हम पीड़ित किसानों ने कई बार फसल खराबी को लेकर प्रकृति का आपदा पोर्टल पर भी अपना मूल्य खर्च करके राजस्थान सरकार से फसल खराबी के लिए। गुहार लगाई लेकिन आज तक के हालातो तक भी हमको फसल खराबी का मुआवजा नहीं मिला है। जिससे शासन प्रशासन के पदाधिकारी का आश्वासन मिथ्या नजर आता है। इसीलिए राजस्थान सरकार को पीड़ित किसानों के सहयोग के लिए। फसल खराबे को लेकर सख्त कम उठाने की आवश्यकता है। क्योंकि इस क्षेत्र का किसान कर्ज लेकर बड़ी मेहनत करके अपनी कृषि तैयार करता है। उसके पश्चात भी प्रकृति का आपदा से अगर फसल नष्ट हो जाती है तो किसानों पर बड़ी भारी स्थिति पर आर्थिक मार पड़ती है। इसीलिए क्षेत्र के किसानों ने फसल खराबा के मुआवजे को लेकर राजस्थान सरकार एवं भारत सरकार से गुहार लगाई है।

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AIMA న్యూస్ :
PM-JAY ఆయుష్మాన్ భారత్ కార్డ్ గురించి తెలుసుకోండి. అర్హత ఉన్న ప్రతి ఒక్కరూ వెంటనే అప్లై చేసుకోండి!

✓ *ముఖ్య ప్రయోజనాలు (Key Benefits)*

☛ ఇది కేంద్ర ప్రభుత్వ అతిపెద్ద Health Insurance Scheme.
☛ ఈ కార్డు ఉన్న కుటుంబాలకు సంవత్సరానికి రూ. 5 లక్షల వరకు ఉచిత వైద్య సేవలు అందుతాయి.
☛ దేశవ్యాప్తంగా గుర్తింపు పొందిన ప్రభుత్వ మరియు ప్రైవేట్ ఆసుపత్రుల్లో చికిత్స పొందవచ్చు.
☛ క్యాన్సర్, గుండె జబ్బులు, డయాలసిస్, ఆపరేషన్లు వంటి వాటికి కూడా ఉచితంగా వైద్యం చేయబడుతుంది.

✓ *ఎవరు అర్హులు? (Eligibility Highlights)*

ఈ పథకం ముఖ్యంగా ఆర్థికంగా బలహీనంగా ఉన్న కుటుంబాల కోసం.
☛ ఒకే గది నివాసాలలో ఉండే కుటుంబాలు.
☛ 16 నుండి 59 ఏళ్ల వయస్సు గల మగ సభ్యుడు లేని కుటుంబాలు.
☛ సొంత భూమి లేని కుటుంబాలు.
☛ గృహ కార్మికులు, పారిశుధ్య కార్మికులు, వీధి వ్యాపారులు (Street Vendors), డ్రైవర్లు/కండక్టర్లు వంటి రవాణా కార్మికులు.
☛ 70 ఏళ్లు పైబడిన సీనియర్ సిటిజన్లు అందరూ అర్హులే.

✓ *అప్లై చేయండి! (Application Process)*

☛ ముందుగా, www.pmjay.gov.in వెబ్‌సైట్‌కు వెళ్లి మీ ప్రాథమిక వివరాలతో అర్హత (Eligibility) ఉందో లేదో చెక్ చేసుకోండి.
☛ అర్హత ఉంటే, CSC (Common Service Center) లను లేదా ప్రభుత్వంతో ఒప్పందం చేసుకున్న ఆసుపత్రులను సంప్రదించండి.
☛ Aadhaar Card లేదా Ration Card వంటి గుర్తింపు పత్రాలు తప్పనిసరి.

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28 जनवरी को परियोजना स्थल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर 28 फरवरी 2026 से आंशिक रूप से चालू किया जा सकता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, 28 फरवरी तक फ्लाईओवर के निर्माण का लगभग 98 प्रतिशत कार्य पूरा हो जाएगा, जिसके बाद इसे हल्के वाहनों के लिए खोला जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार चला, तो 15 मार्च 2026 तक फ्लाईओवर पूरी तरह से सभी प्रकार के वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। डॉ. सरमा ने बताया कि आगामी चुनावों की प्रक्रिया मार्च के आसपास शुरू होने की संभावना है, इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार यह प्रयास कर रही है कि कम से कम हल्के वाहनों के लिए यातायात की सुविधा फरवरी के अंत तक शुरू कर दी जाए। उन्होंने कहा। “28 फरवरी तक 98 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। उस समय हम फ्लाईओवर को हल्के वाहनों के लिए खोल देंगे और 15 मार्च तक इसे पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा।” मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि फ्लाईओवर का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और चांदमारी फ्लाईओवर के पास केवल एक छोटा हिस्सा शेष है। शेष कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए चांदमारी फ्लाईओवर के एक हिस्से को अस्थायी रूप से बंद किया गया है, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। पूरा होने के बाद, महाराज पृथु फ्लाईओवर देश के सबसे लंबे फ्लाईओवरों में से एक होगा, जिससे गुवाहाटी शहर में यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी। यह फ्लाईओवर दिघलीपुखुरी से नूनमाटी तक कनेक्टिविटी को सुगम बनाएगा, जिससे शहर के पूर्वी और मध्य हिस्सों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। सरकार का मानना है कि इस फ्लाईओवर के शुरू होने से न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी, बल्कि गुवाहाटी के शहरी परिवहन ढांचे को भी एक नई मजबूती मिलेगी।

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अरुणाचल प्रदेश से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ तीनसुकिया निवासी मनोज शाह और मकुम के जनोइक चेतरी की एक भीषण सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों एक टाटा मैजिक वाहन से पहाड़ी क्षेत्र में यात्रा कर रहे थे, तभी हुनली इलाके में वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। बताया गया है कि दोनों युवक पिछले तीन दिनों से लापता थे, जिससे उनके परिजनों में भारी चिंता और बेचैनी थी। जब उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका, तो परिवार ने स्थानीय पुलिस थाने में एज़हार दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने दूरस्थ और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में व्यापक तलाशी और बचाव अभियान शुरू किया। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने हुनली के पास एक गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त टाटा मैजिक वाहन को बरामद किया, जिससे आशंकाओं की पुष्टि हुई। इस दुखद घटना से टिनसुकिया और मकुम क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोग और परिजन इस असमय निधन से गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है, जबकि शवों को बाहर निकालने और अन्य औपचारिकताओं की प्रक्रिया जारी है।

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ଗରିବର ବନ୍ଧୁ ଟ୍ରଷ୍ଟର ଦ୍ଵିତୀୟ ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ।

ପୋଲସରା ୩୦/୧/୨୬ ପୋଲସରା ସ୍ଥିତ ଗରିବର ବନ୍ଧୁ ଟ୍ରଷ୍ଟର ଦ୍ଵିତୀୟ ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ-୨୦୨୬ ପାଳିତ ହୋଇଯାଇଛି। ସଭାପତି ସୁବ୍ରତ ବେହେରାଙ୍କ ସଭାପତିତ୍ଵରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ବଜରଙ୍ଗ ଦଳ ଗୋ- ରକ୍ଷକ ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଭାବେ ସନ୍ତୋଷ କୁମାର ଖଟେଇ ବ୍ରହ୍ମପୁର, ଜ୍ଞାନଶ୍ରୀ ପବ୍ଲିକ ସ୍କୁଲ ଦିଗପହଣ୍ଡିର ପ୍ରତିଷ୍ଠାତା ବନୋଜ କୁମାର ଷଡ଼ଙ୍ଗୀ ମୁଖ୍ୟବକ୍ତା ଏବଂ ଅଧ୍ୟକ୍ଷା, ପ୍ରୟାଗ ପବ୍ଲିକ ସ୍କୁଲ ପୋଲସରାର ଯମୁନା ବିଶ୍ଵାଳ ଓ ସମ୍ପାଦକ ରାଜୀବ ଲୋଚନ ପଣ୍ଡା, ପ୍ରତିଷ୍ଠାତା ଏ ୱାନ୍ ପବ୍ଲିକ ସ୍କୁଲ ପୋଲସରାର ମିଟୁ ନାୟକ ଓ ସଭାପତି ପ୍ରେମଚାନ୍ଦ ସାହୁ, ବନପାଳ କାର୍ତ୍ତିକ ସାହୁ ଓ ଟ୍ରଷ୍ଟର ସଦସ୍ୟ ତଥା ପୁରୋହିତ ନାରାୟଣ ଆଚାର୍ଯ୍ୟ, କିରଣ କୁମାର ପ୍ରମୁଖ ସମ୍ମାନିତ ଅତିଥି ଭାବେ ଯୋଗଦେଇଥିଲେ। ସଂଯୋଜନା ବରିଷ୍ଠ ଶିକ୍ଷକ ତଥା କଳାକାର ଭଞ୍ଜନଗରର ଅଜିତ କୁମାର ପଣ୍ଡାଙ୍କ ସମେତ ଆଞ୍ଚଳିକ ମହିଳା ଉଚ୍ଚ ମାଧ୍ୟମିକ ବିଦ୍ୟାଳୟର କର୍ମଚାରୀ ତଥା କଳାକାର ଜୟନ୍ତ ପ୍ରଧାନ ଉଭୟେ କରିଥିଲେ।ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥିଙ୍କ ଦ୍ଵାରା ଜଗତର ନାଥ ଜଗନ୍ନାଥଙ୍କ ସମ୍ମୁଖରେ ବେଦ ମନ୍ତ୍ରୋଚ୍ଚାରଣ ମଧ୍ୟରେ ଦୀପ ପ୍ରଜ୍ଵଳନ ପୂର୍ବକ ଉତ୍ସବର ଆନୁଷ୍ଠାନିକ ଉଦ୍‌ଘାଟନ ପରେ ସ୍ଵାଗତ ସଙ୍ଗୀତ ଗାନ କରାଯାଇଥିଲା। ଅତିଥି ସ୍ଵାଗତ ଛାତ୍ରୀ ତୁଳସୀ ବିଷୋୟୀ କରିସାରିବା ପରେ ବାର୍ଷିକ ବିବରଣୀ ପଠନ କରାଯାଇଥିଲା। ପରେ ଅତିଥିବୃନ୍ଦ ନିଜ ନିଜର ସୁଚିନ୍ତିତ ବକ୍ତବ୍ୟ ଦ୍ଵାରା ଟ୍ରଷ୍ଟର ସେବାକାର୍ଯ୍ୟର ଭୂୟ°ସି ପ୍ରଶ°ସା କରିବା ସହିତ ଉତ୍ତରୋତ୍ତର ଶୁଭକାମନା କରିଥିଲେ। ଏହି ଅବସରରେ ସ୍ବତନ୍ତ୍ର ଭାବେ ଟ୍ରଷ୍ଟର ସଦସ୍ୟ ସ୍ଵର୍ଗତ ଚନ୍ଦ୍ରମଣି ବେହେରାଙ୍କ ଆତ୍ମାର ସଦ୍‌ଗତି କାମନା କରାଯିବା ସହ ଉପସ୍ଥିତ ତାଙ୍କର ସ୍ଵ-ଧର୍ମିଣୀଙ୍କୁ ଉତ୍ତରୀୟ ପ୍ରଦାନ କରାଯିବା ସହିତ ଏକବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ ଆପାତକାଳୀନ ବିପଦ ସମୟରେ ବିପଦର ବନ୍ଧୁସାଜି ବିଭିନ୍ନ ଗୁରୁତର ଅସୁସ୍ଥ ରୋଗୀମାନଙ୍କୁ ନିଜର ମୂଲ୍ୟବାନ ରକ୍ତଦାନ କରି ବଞ୍ଚାଇବାରେ ସହଯୋଗ କରିଥିବା ଟ୍ରଷ୍ଟର ଛଅ ଜଣ ସଦସ୍ୟଙ୍କୁ ଟ୍ରଷ୍ଟ ପକ୍ଷରୁ ମଞ୍ଚାସିନ ଅତିଥିମାନେ ପ୍ରଶଂସାପତ୍ର ସହିତ ଟ୍ରଫି ପ୍ରଦାନ କରି ସମ୍ମାନିତ କରିଥିଲେ। ଏଥିସହ ବିଭିନ୍ନ ଶିକ୍ଷା ଓ ସଂସ୍କୃତି ଉପରେ ଆଧାରିତ ବିଷୟକୁ ନେଇ ଅତି ସୁନ୍ଦର ଓ ବଳିଷ୍ଠ ଅଭିନୟ କରି ସମସ୍ତଙ୍କ ଠାରୁ ପ୍ରଶଂସା ସାଉଁଟିଥିବା ଉପରୋକ୍ତ ଦୁଇଗୋଟି ଶିକ୍ଷାନୁଷ୍ଠାନର କୁନି କୁନି କୃତିତ୍ୱ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀମାନଙ୍କୁ ପ୍ରଶଂସାପତ୍ର ସହିତ ଟ୍ରଫି ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଥିଲା। ଏହି ୭୭ ତମ ସାଧରଣନ୍ତ୍ର ଦିବସ ରହିଥିବା ଯୋଗୁ ପ୍ରାନ୍ତ ୮ ଟା ୩୦ ମିନଟ ସମୟରେ ଗରିବର ବନ୍ଧୁ ଟ୍ରଷ୍ଟ ପକ୍ଷରୁ ସାମ୍ବିଧାନିକ ନିୟମ ଅନୁସାରେ ଜାତୀୟ ପତାକା ଉତ୍ତୋଳନ କରଯାଇଥିଲା। ଆରମ୍ଭରେ ଟ୍ରଷ୍ଟ ତରଫରୁ ସମସ୍ତ ଅତିଥିମାନଙ୍କୁ ପାରମ୍ପରିକ ସ୍ଵାଗତ ଏବଂ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧନା ଦିଆଯାଇଥିଲା। ଶେଷରେ ଟ୍ରଷ୍ଟର ସମ୍ପାଦକ ସତ୍ୟ ସୂର୍ଯ୍ୟନାରାୟଣ ମହାରଣା ଉପସ୍ଥିତ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ଟ୍ରଷ୍ଟ ପକ୍ଷରୁ ଆନ୍ତରିକ ଧନ୍ୟବାଦ ସହିତ କୃତଜ୍ଞତା ଜଣାଇଥିଲେ। କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଟ୍ରଷ୍ଟର ସଦସ୍ୟଙ୍କ ସମେତ ପୋଲସରା ଅଞ୍ଚଳର ବୁଦ୍ଧିଜୀବୀ, ସମାଜସେବୀ, ସ°ଗଠକ, ଅଭିଭାବକ ଓ ସର୍ବସାଧାରଣ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ।

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राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में हुआ गणतंत्र दिवस समारोह का गरिमामयी समापन
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ध्वनि, अनुशासन और परंपरा का अनुपम संगम, बीटिंग द रिट्रीट
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राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का गरिमामयी समापन गुरुवार को ऐतिहासिक ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह के साथ हुआ। जहांगीराबाद स्थित लाल परेड मैदान में इस भव्य समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस ब्रास बैंड एवं आर्मी ब्रास बैंड द्वारा राष्ट्र भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत संगीतमय प्रस्तुतियों से संयम, एकरूपता और सैन्य परंपरा की गरिमा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया।

RM : https://bit.ly/4kaPe7R

Governor MP #JansamparkMP

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দাঁতনের ধানহেলিয়া গ্রামের যুবক খু/ন হলো কলকাতায়,অভিযোগ পরিবারের!

কলকাতার উত্তরপাড়ায় সোনার দোকানের কাজে গিয়েছিলেন যুবক। বুধবার সকালে তার ঝুলন্ত দেহ উদ্ধারের পর ছেলেকে খুনের অভিযোগ আনল পরিবার। জানা গেছে, মৃত যুবক শুভঙ্কর পাত্রের বাড়ি দাঁতনের আইঁকোলা পঞ্চায়েতের ধানহেলিয়া গ্রামে।
ভাড়া বাড়ি থেকে গলায় গামছা দেওয়া অবস্থায় ঝুলন্ত মৃতদেহ উদ্ধার হল দাঁতনের ওই যুবকের। বুধবার পুলিশ দেহ উদ্ধার করে দেহ ময়নাতদন্তে পাঠায়।। মৃত্যু নিয়ে প্রথম থেকেই সন্দেহ প্রকাশ করেছিল পরিবার। বৃহস্পতিবার তারা জানালেন, ছেলেকে কেউ বা কারা খুন করেছে। দোষীদের শাস্তির দাবিও তুলেছেন তারা।
জানা গেছে,গত তিন বছর ধরে উত্তরপাড়ার একটি জুয়েলার্স দোকানে কাজ করছিলেন যুবক। একটি ভাড়া বাড়িতে থাকতেন। গ্রামের আরও কয়েকজন যুবক কাজ করতেন। পরিবার জানাচ্ছে, মৃত্যু স্বাভাবিক নয়। পা মাটিতে লেগেছিল। কীভাবে মৃত্যু হয়েছে জানা যায়নি। তবে খুন করা হয়েছে বলে তাদের দাবি। ছেলের মৃত্যুতে কান্নায় ভেঙে পড়েছে পরিবারটি।

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1. भारत का आर्थिक सर्वेक्षण 2026 (Economic Survey)सारांश:वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। इस रिपोर्ट के अनुसार, अगले वित्त वर्ष (FY27) में भारत की जीडीपी (GDP) वृद्धि दर 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। हालांकि, रिपोर्ट में वैश्विक व्यापार तनाव और अन्य देशों द्वारा लगाए जा रहे टैरिफ (Tariffs) को लेकर चेतावनी भी दी गई है। यह सर्वे 1 फरवरी को आने वाले बजट की नींव रखेगा।> मुख्य सुर्ख़ी: "आर्थिक सर्वेक्षण 2026: वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की रफ्तार बरकरार, 7% विकास दर का अनुमान"> सोशल मीडिया स्टाइल: "🚀 भारत की इकोनॉमी सुपरफास्ट! 🇮🇳 बजट से पहले आई अच्छी खबर: अगले साल 7% की ग्रोथ का अनुमान। दुनिया में मंदी की आहट, पर भारत में जोश बरकरार! #EconomicSurvey2026 #Budget2026"> 2. अमेरिका में 'सरकारी कामकाज' बंद होने का खतरा (US Shutdown)सारांश:अमेरिका में आज यानी शुक्रवार आधी रात तक अगर बजट पास नहीं हुआ, तो 'सरकारी शटडाउन' (Government Shutdown) की स्थिति पैदा हो जाएगी। सीनेट में आव्रजन (Immigration) और 'ICE' सुधारों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच ठन गई है। अगर समझौता नहीं होता है, तो कल से कई सरकारी विभाग बंद हो सकते हैं और लाखों कर्मचारियों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेजा जा सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वह शटडाउन नहीं चाहते, लेकिन फिलहाल बातचीत रुकी हुई है।> मुख्य सुर्ख़ी: "संकट में अमेरिका: आधी रात की समयसीमा करीब, क्या थम जाएगा व्हाइट हाउस का काम?"> सोशल मीडिया स्टाइल: "⏳ अमेरिका में बज गई खतरे की घंटी! 🇺🇸 क्या आज रात बंद हो जाएगी सरकार? फंडिंग को लेकर छिड़ी जंग के बीच पूरी दुनिया की नजरें वॉशिंगटन पर। #USShutdown #Trump"From Ramkripal Gorakhpur UP24*7 NEWS

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ଖୋର୍ଦ୍ଧା, ୨୯. ୧. ୨୬(ଏ ଆଇ ଏମ ଏ )ଖୋର୍ଦ୍ଧା ଜିଲ୍ଲା ଅନ୍ତର୍ଗତ ରାମେଶ୍ବର ଗ୍ରାମପଞ୍ଚାୟତର ପଦ୍ମପୁର ଗ୍ରାମର ଧର୍ମପ୍ରାଣ ମହିଳା ସ୍ୱର୍ଗତା ବାସନ୍ତୀ ଦେଇଙ୍କ ପ୍ରଥମ ଶ୍ରାଦ୍ଧ ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ ଆଜି ଭକ୍ତିମୟ ପରିବେଶରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି।
ସ୍ୱର୍ଗତା ବାସନ୍ତୀ ଦେଇ କେନ୍ଦ୍ରାପଡା ଉପଖଣ୍ଡ ସୂଚନା ଓ ଲୋକସମ୍ପର୍କ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟରେ କାର୍ଯ୍ୟରତ ଥିବା ଅଧିକାରୀଙ୍କର ମାତୃଶକ୍ତି ଥିଲେ।ତାଙ୍କ ସ୍ମୃତି ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟରେ ଆଜି ନାମ ସଂକୀର୍ତ୍ତନ ଓ ଭଜନ ସମାରୋହର ଆୟୋଜନ କରାଯାଇଥିଲା। ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଗ୍ରାମର ଅନେକ ଭକ୍ତ, ସ୍ଥାନୀୟ ଲୋକେ ଓ ଆତ୍ମୀୟସ୍ୱଜନ ଉପସ୍ଥିତ ରହି ସ୍ୱର୍ଗତାଙ୍କ ଆତ୍ମାର ଶାନ୍ତି କାମନା କରିଥିଲେ।
ସମଗ୍ର ପରିବେଶ ଭକ୍ତି ଓ ଆଧ୍ୟାତ୍ମିକତାରେ ମହକିଉଠିଥିଲା।

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*युवकांच्या यशाचे सन्मान, स्वराज्य पक्षाकडून अभिनंदन.*
विविध केंद्रीय सुरक्षा दल आणि सरकारी सेवेत निवड झालेल्या तेल्हारा परिसरातील युवकांच्या यशाचे उत्साहपूर्ण सन्मान स्वराज्य पक्षाच्या वतीने करण्यात आले. गौतम तायडे भोकर, CISF) संकेत घाटोळ ईसापुर, CISF) नागेश जुमळे दहिगाव, CISF) अक्षय सुभाष ढोले घोडेगाव, CRPF) शुभम भिसे पाथर्डी, लिपिक उच्च न्यायालय मुंबई) आणि सुरेंद्र वानखडे वारखेड, BSF) अजय मानकर पाथर्डी, CISF) दत्ता उत्तमराव ढोले घोडेगाव, NPCIL) यांनी कठोर परिश्रमाने निवड मिळवली आहे. विशेषता दत्ता उत्तमराव ढोले यांनी रात्रंदिवस अभ्यास करून प्रतिकूल परिस्थितीवर मात करत NPCIL मध्ये स्थान मिळवले. त्यांच्या यशाने परिसरातील युवकांना प्रेरणा मिळाली आहे.या सर्व युवकांच्या घरी जाऊन स्वराज्य पक्षाचे प्रदेशाध्यक्ष प्रशांत डिक्कर यांचेसह सहकाऱ्यांनी शाल श्रीफळ देऊन सन्मानित केले. यावेळी आशिष शेळके, शिवम ईसापुरे, मयुर शेगोकार, शुभम चिंचोलकार यांच्यासह मित्रपरिवार उपस्थित होते. हे यश केवळ वैयक्तिक नाही तर संपूर्ण परिसरासाठी अभिमानास्पद आहे. अशा मेहनती युवकांना प्रोत्साहन देण्यासाठी स्वराज्य पक्ष कटिबद्ध असल्याचे डिक्कर यांनी सांगितले.

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*कल होगी शंकराचार्य जी की पत्रकार वार्ता*वाराणसी,29.1.26प्रयाग माघमेला में स्वयं एवं संतों,बटुकों,महिलाओं के अपमान और शासन प्रशासन के हठधर्मिता से व्यथित परमाराध्य परमधर्माधिश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य जी महाराज कल रात्रि में माघमेला क्षेत्र से बिना त्रिवेणी स्नान काशी स्थित श्रीविद्यामठ में लौट आए हैं।पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज कल दिनांक 30.1.26 दिन शुक्रवार को 11:30 बजे श्रीविद्यामठ में पत्रकार वार्ता करेंगे।समस्त इलेक्ट्रानिक/प्रिंट मीडिया के आदरणीय पत्रकार बंधुओं उक्त अवसर पर आप सादर आमंत्रित हैं।प्रेषक संजय पाण्डेय~मीडिया प्रभारी।परमाराध्य परमधर्माधिश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य जी महाराज।

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महेंद्र सिंह राठौड़
सिंगोली:- नगर में आज वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि राजपूत समाज एवं सर्वसमाज ने मिलकर सनातनी हिंदू पंचाग अनुसार माघ शुक्ल एकादशी 29 जनवरी को महाराणा प्रताप चौक प्रतिमा स्थल पर मनाई गई। इस अवसर पर युवाओं ने पुण्यतिथि कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें उनके बलिदान और देशभक्ति को याद किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप कि प्रतिमा दीपक अगरबत्ती कर माल्यार्पण अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उनके शौर्य, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण को याद किया गया।
इस अवसर पर नगर सिंगोली राजपूत समाज अध्यक्ष रतन सिंह सिसोदिया ने महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप ने जीवन भर स्वाभिमान, स्वतंत्रता और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कभी मुगल सत्ता के सामने घुटने नहीं टेके और मेवाड़ की आन-बान-शान को बनाए रखा।

करणी सेना परिवार के तहसील महामंत्री विक्रम सिंह चुण्डावत ने हल्दीघाटी के युद्ध का जिक्र किया, जिसे आज भी उनके शौर्य और रणनीति का प्रतीक माना जाता है!

ओम सोनी ने युवाओं से महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को देश, समाज और संस्कृति के लिए समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए।

इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में करणी सेना परिवार से लोकेन्द्र सिंह चुण्डावत,लोकेन्द्र सिंह चुण्डावत,देवीसिंह चंद्रावत,औकार (पप्पू) सिंह राठौड़, अंतर सिंह राठौड़,शुभम सिंह परमार, प्रताप सिंह चौहान, मान सिंह चौहान, बहादुर सिंह कच्छावा,विक्रम सिंह हाड़ा ,यशपाल राजावत एवं सर्वसमाज के राहुल सोनी, ओम सोनी,नरेंद्र शर्मा, विकास जैन,अरविंद कुशवाह, राजकुमार छीपा,बल्लू छीपा,मांगीलाल प्रजापत,फोरू माली,लालू राम धाकड़, मुकेश खटीक,शिवम राठौर मथरा लाल भील सहित कई गणमान्य सर्वसमाज के व्यक्ति मौजूद रहकर सामाजिक समरसता कि मिशाल पेश की।
उपरोक्त जानकारी करणीसेना परिवार जिला मीडिया सह प्रभारी महेंद्र सिंह राठौड़ ने दी!

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