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ਜਸ਼ਨਪ੍ਰੀਤ ਨੂੰ ਮਿਲਿਆ ਪਿੰਡ ਦੇ ਮੋਹਤਬਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵੱਡਾ ਸਨਮਾਨ।
ਤਲਵੰਡੀ ਸਾਬੋ, 27 ਮਾਰਚ (ਗੁਰਜੰਟ ਸਿੰਘ ਨਥੇਹਾ)– ਪਿੰਡ ਲਹਿਰੀ ਦੀ ਹੋਣਹਾਰ ਵਿਦਿਆਰਥਣ ਜਸ਼ਨਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਵੁਸ਼ੂ ਖੇਡ ਵਿੱਚ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰਦਿਆਂ ਕਾਂਸੀ ਪਦਕ ਹਾਸਲ ਕਰਕੇ ਤੀਸਰਾ ਸਥਾਨ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਹੁਣ ਉਹ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਰੂਸ ਵਿੱਚ ਖੇਡਣ ਲਈ ਚੁਣੀ ਗਈ ਹੈ, ਜੋ ਕਿ ਪਿੰਡ ਅਤੇ ਇਲਾਕੇ ਲਈ ਮਾਣ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਹੈ। ਜਸ਼ਨਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਇਸ ਵੱਡੀ ਉਪਲਬਧੀ ਨੂੰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਏ ਪਿੰਡ ਦੇ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀਆਂ ਅਤੇ ਆਗੂਆਂ ਵੱਲੋਂ ਉਸਦਾ ਸਨਮਾਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਨੰਬਰਦਾਰ ਯੂਨੀਅਨ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸੂਬਾ ਆਗੂ ਜਸਪਾਲ ਸਿੰਘ ਨੰਬਰਦਾਰ ਵੱਲੋਂ 50 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ ਦੀ ਰਾਸ਼ੀ ਭੇਟ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਪਿੰਡ ਦੇ ਸਰਪੰਚ ਹਰਮੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬਰਾੜ ਨੇ 11 ਹਜ਼ਾਰ ਰੁਪਏ, ਸਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਐਚ.ਆਰ. ਪੈਨਕਾਰਬੋ ਗਰੀਨਫਿਊਲ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਲਿਮਿਟਡ, ਲਹਿਰੀ ਵੱਲੋਂ 1100 ਰੁਪਏ, ਭੋਲਾ ਸਿੰਘ ਨੰਗਲਾ ਅਤੇ ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਪੁੱਤਰ ਬਿੱਕਰ ਸਿੰਘ ਲਹਿਰੀ ਵੱਲੋਂ 1000-1000 ਰੁਪਏ ਦੀ ਰਾਸ਼ੀ ਦੇ ਕੇ ਹੌਸਲਾ ਅਫਜ਼ਾਈ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਸਾਰੇ ਮੌਜੂਦ ਮੋਹਤਬਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕਾਮਨਾ ਕੀਤੀ ਗਈ ਕਿ ਜਸ਼ਨਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਰੂਸ ਵਿੱਚ ਹੋਣ ਵਾਲੀਆਂ ਮੁਕਾਬਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਭਾਗ ਲੈ ਕੇ ਭਾਰਤ ਦਾ ਨਾਮ ਹੋਰ ਉੱਚਾ ਕਰੇਗੀ। ਸਕੂਲ ਦੇ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਲਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ ਨੇ ਜਿੱਥੇ ਸਨਮਾਨ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਸਾਰੇ ਮੋਹਤਬਰਾਂ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ, ਉੱਥੇ ਇਹ ਵੀ ਉਮੀਦ ਜਤਾਈ ਕਿ ਜਸ਼ਨਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਆਪਣੀ ਮਹਿਨਤ ਅਤੇ ਲਗਨ ਨਾਲ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਵੀ ਕਾਮਯਾਬੀ ਹਾਸਲ ਕਰੇਗੀ। ਸਕੂਲ ਪ੍ਰਬੰਧਕੀ ਕਮੇਟੀ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ੍ਰੀਮਤੀ ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਸਿੱਧੂ ਅਤੇ ਸਕੱਤਰ ਸ਼੍ਰੀਮਤੀ ਪਰਮਜੀਤ ਕੌਰ ਸੇਖੋਂ ਨੇ ਵੀ ਜਸ਼ਨਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਵਧਾਈ ਦਿੱਤੀ ਅਤੇ ਮੋਹਤਬਰ ਸ਼ਖਸ਼ੀਅਤਾਂ ਦਾ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ 'ਤੇ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਸਰਪੰਚ ਹਰਮੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬਰਾੜ, ਅੰਗਰੇਜ ਸਿੰਘ ਗਾਂਧੀ ਅਤੇ ਭੋਲਾ ਸਿੰਘ ਨੰਗਲਾ ਸਮੇਤ ਹੋਰ ਮੋਹਤਬਰ ਵਿਅਕਤੀ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ।

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पुरवठ्यात अडथळे: गॅस सिलिंडर घेऊन येणाऱ्या गाड्या वेळेवर पोहोचत नसल्याने वितरणात अडचणी येत आहेत.
युद्धजन्य परिस्थितीची भीती: इराण-इस्रायल संघर्षाच्या (war-like situation) बातम्यांमुळे भविष्यात तुटवडा भासण्याच्या भीतीने नागरिकांनी गॅस खरेदीसाठी मोठ्या प्रमाणात गर्दी (panic buying) केली आहे.
तांत्रिक समस्या: काही ठिकाणी सर्व्हर डाऊन (server downtime) असल्याने नोंदणी प्रक्रियेत अडथळे आले, ज्यामुळे नागरिकांची गैरसोय झाली.
प्रशासनाचे आवाहन: तहसीलदार आणि महसूल प्रशासनाने गॅस एजन्सीची पाहणी केली असून, नागरिकांनी घाबरून न जाता संयम ठेवावा, असे आवाहन केले आहे.
सीएनजी टंचाई: घरगुती गॅसनंतर आता सीएनजीचाही तुटवडा भासत असून शहरात अनेक ठिकाणी 'सीएनजी उपलब्ध नाही' असे बोर्ड पाहायला मिळत आहेत

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" कर्तव्य दक्ष पोलिस मित्र फाउंडेशन नाशिक च्या सदस्यां व अलिबाग रायगड जिल्हा महाराष्ट्र भारत देशाच्या रहिवाशी सौ. स्वाती ताई सुनील आफळे " यांना इंटरनॅशनल गांधीपीस फाउंडेशन नेपाळ यांच्या तर्फे २२/३/२०२६ रोजी त्यांच्या बहूमौल्य सामाजिक कार्याची दखल घेऊन व हास्य योगा चा जागतिक पातळीवर प्रचार व प्रसार करण्यासाठी तसेच शैक्षणिक क्षेत्र व वृद्ध, अनाथ, गरीबांच्या उद्धारासाठी या समाजसेवे साठी "मानद डॉक्टरेट पदवी पुरस्कार" जनरल सेक्रेटरी गांधी पीस फाउंडेशन युनायटेड नेशन चे सेक्रेटरी श्री दिलबहादुर राणा ,Kpm नाशिक चे अध्यक्ष डॉ. सुनील परदेशी सर, श्री मनोहर चव्हाण अकोला, श्री रेणुकादास जोशी, श्री दीनेश देशमुख सर अमरावती या सर्व मान्यवरांनच्या हस्ते सन्मानित करण्यात आले.
जय हिंद जय महाराष्ट्र.

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छपारा थाना क्षेत्र के सुकराटोला गांव से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। आज सुबह करीब 10:00 सुकराटोला निवासी एक युवती ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।

घटना के बाद परिजनों द्वारा तत्काल युवती को छपारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने स्थिति नाजुक देखते हुए 108 एंबुलेंस की मदद से युवती को जिला अस्पताल सिवनी रेफर कर दिया।

बताया जा रहा है कि युवती को एक दिन पहले ही जिला अस्पताल सिवनी से इलाज के बाद घर लाया गया था, लेकिन अचानक आज इस घटना से परिवार और क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

फिलहाल जहर खाने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।

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हाथी बारी लैंम्पस लिमिटेड का वार्षिक विवरणी लैंप के प्रबंध निदेशक प्रियंका साहु द्वारा वार्षिक साधारण सभा में उपस्थित सभासदों, अथितियों और मीडिया कर्मियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया जो इस प्रकार है।

1.2025-26 आर्थिक वर्ष में 285 सदस्य लैंप से जुड़े, इसके साथ ही लैंप में कुल सदस्यों की संख्या 13140 हो गई है, जिसमें 747 महिला सदस्य है।

2. वर्ष 2025-26 में 280 सदस्यों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किया गया है।

3. चलित वर्ष 2025-26 में हाथीबारी लैंप द्वारा 925 लोगों को ऋण के रूप में 5 करोड़ 43 लाख 12 हजार रुपये प्रदान किया गया है, वही द्रव्य ऋण के रूप में 3 करोड़ 80 लाख 18 हजार रुपये प्रदान किया गया है।इसतरह कुल मिलाकर 9करोड़ 23 लाख 30 हजार रुपये कृषि कार्य हेतु ऋण दिया गया है।

4. चलित वर्ष 2025-26 आर्थिक वर्ष में 5 लोगों को पावर टिलर ,धान कटाई की मशीन, मुर्गा फार्म के लिए 7 लाख 80 हजार रुपये का ऋण दिया गया है।

5.स्वयं सहायक समुहो एस.एच.जी. ओर जे.एल.जी. को संयुक्त रूप से एस.एच.जी. के 22 समुहों को 87 लाख 80 हजार रुपये सहित दिनांक 28.02.2026 तक हाथीबारी लैंप ने 145 समुहों को 7 करोड़ 92 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया,एवं संयुक्त रुप से 93 समुहों को 95 लाख 94 हजार रुपये, दिनांक 28.02.2026 तक,580 समुहो को 4 करोड़ 4 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया है।

6.चलित वर्ष 2025-26 आर्थिक वर्ष में लैंप द्वारा 3700 क्विंटल रासायनिक खाद्य एवं 200 क्विंटल धान के बीज बेचा गया।

7.2025-26 आर्थिक वर्ष में लैंप द्वारा 12428 सदस्यों से 13 करोड़ 97 लाख 90 हजार रुपये संग्रह किया गया और 5532 सदस्यों द्वारा लैंप में 5 करोड़ 97 लाख 40 हजार रुपये संचय जमा किया गया है,इसके अलावा 14 करोड़ 96 लाख रुपये सावधि जमा (Fixed Deposit) किया गया है, एवं 46 लाख 57 हजार रुपये संचय जमा किया गया है।

8.चलित आर्थिक वर्ष में धान क्रय 2178 सदस्यों से 90605.46 क्विंटल धान खरीदा गया है, जिससे लाख रूपये का कमीशन मिलने की उम्मीद है।

9.हाथिबारी लैंप में स्थानीय लोगों के लिए ग्राहक सेवा केंद्र की सेवा भी उपलब्ध है। लैंप खाद का थोक व्यापार भी कर रही है।

10 जमा खर्च मंजूरी ,

i.चलित आर्थिक वर्ष में दिनांक 28.02.2026 तक 73 करोड़ 52 लाख 95 हजार रुपये खर्च हुए हैं और आगामी वर्ष 2026-27 के लिए 2 करोड़ 52 लाख 5 हजार रुपये आय का आंकलन किया गया है,एवं व्यय के लिए 81 लाख 31 हजार रुपये का आंकलन किया गया है।

ii. हाथीबारी लैंप के सोरडा शाखा में खाद एवं धान क्रय के लिए गोदाम की मरम्मत एवं नये भवन का निर्माण की आवश्यकता है जिसके लिए इंजीनियर के द्वारा किया गया आंकलन के मुताबिक संबंधित अधिकारी को आवेदन किया गया है।

12. इस लैंप में 15 कर्मचारी स्थायी तौर पर एवं 3 ठेका कर्मचारी कार्यरत है।

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मनोज शर्मा, चंडीगढ़। श्री सिद्ध पीठ श्री दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर, शांतिवन खिजराबाद में आगामी 2 अप्रैल 2026 गुरुवार को श्री हनुमान जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
मंदिर के पीठाधीश्वर महंत श्री कमल गिरी जी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ 1 अप्रैल 2026 बुधवार को श्री रामायण पाठ के साथ किया जाएगा। इसके पश्चात 2 अप्रैल गुरुवार को प्रातः 10 बजे सम्पूर्ण श्री रामायण पाठ संपन्न होगा।
उन्होंने बताया कि धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा, जो प्रभु इच्छा तक चलता रहेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करें।

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जमशेदपुर:टाटानगर रेलवे स्टेशन से चलने वाली दो महत्वपूर्ण ट्रेनों—टाटानगर–जयनगर एक्सप्रेस और टाटानगर–गोड्डा एक्सप्रेस—में अब आधुनिक LHB (लिंक हॉफमैन बुश) रैक का संचालन शुरू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत दोनों ट्रेनों के बीच रैक शेयरिंग अरेंजमेंट (RSA) लागू किया गया है, जिससे एक ही रैक दोनों रूटों पर संचालित होगा। इससे रेलवे संचालन में दक्षता बढ़ेगी और यात्रियों को आधुनिक कोच की सुविधाएं मिलेंगी।
जानकारी के अनुसार, आज शाम 6:40 बजे यह नया LHB रैक टाटानगर से जयनगर के लिए प्रस्थान करेगा। इस बदलाव के साथ ही यात्रियों को अब अधिक सुरक्षित, आरामदायक और उन्नत यात्रा अनुभव मिलने की उम्मीद है। LHB कोच जर्मन तकनीक पर आधारित होते हैं और पारंपरिक ICF कोच की तुलना में अधिक गति, बेहतर स्थिरता और उन्नत सुरक्षा फीचर्स प्रदान करते हैं।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, LHB कोच में एंटी-टेलिस्कोपिक डिजाइन होता है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में कोच एक-दूसरे पर चढ़ने की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा, इन कोचों में बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम, उच्च गति क्षमता और झटकों को कम करने वाली सस्पेंशन प्रणाली होती है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक आरामदायक बनती है।
टाटानगर–जयनगर एक्सप्रेस और टाटानगर–गोड्डा एक्सप्रेस दोनों ही पूर्वी भारत के लिए महत्वपूर्ण रेल सेवाएं हैं, जो झारखंड और बिहार के बीच बड़ी संख्या में यात्रियों को जोड़ती हैं। इन ट्रेनों में LHB रैक के शामिल होने से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि रेलवे की समयबद्धता और परिचालन क्षमता में भी सुधार आएगा।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि RSA प्रणाली के तहत एक ही रैक का उपयोग अलग-अलग ट्रेनों में किया जाता है, जिससे रैक की उपलब्धता बेहतर होती है और खाली समय (idle time) कम होता है। इससे संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होता है और परिचालन लागत में भी कमी आती है।
यात्रियों ने भी इस बदलाव का स्वागत किया है। उनका कहना है कि LHB कोच में सफर पहले की तुलना में अधिक आरामदायक होता है, खासकर लंबी दूरी की यात्रा में इसका लाभ स्पष्ट रूप से महसूस होता है। साथ ही, इन कोचों में बेहतर साफ-सफाई और आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं।
रेलवे द्वारा लगातार पुराने ICF कोच को हटाकर LHB कोच से बदलने की प्रक्रिया जारी है। इसी कड़ी में टाटानगर से चलने वाली इन महत्वपूर्ण ट्रेनों में यह बदलाव किया गया है, जो क्षेत्र के यात्रियों के लिए एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, टाटानगर–जयनगर और टाटानगर–गोड्डा ट्रेनों में LHB रैक की शुरुआत रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।

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जमशेदपुर : शहर के प्रमुख टाटानगर रेलवे स्टेशन के पार्किंग स्टैंड को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला लिया गया है। रेलवे प्रशासन ने पुराने ठेकेदार का अनुबंध समाप्त कर दिया है और अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल अगले दो महीनों तक पार्किंग व्यवस्था रेलवे स्वयं अपने स्तर से संचालित करेगा।
जानकारी के अनुसार, जिस ठेकेदार को पार्किंग संचालन का जिम्मा दिया गया था, उसे अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने के कारण हटाया गया है। मुख्य वजह यह बताई जा रही है कि ठेकेदार द्वारा पार्किंग से होने वाली आय का निर्धारित हिस्सा रेलवे को जमा नहीं किया जा रहा था। बार-बार चेतावनी के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने पर रेलवे ने सख्त कदम उठाते हुए अनुबंध समाप्त कर दिया।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। वर्तमान में पार्किंग स्टैंड को रेलवे अपने नियंत्रण में चला रहा है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या अनियमितता न हो। अधिकारियों के अनुसार, लगभग दो महीनों के भीतर नई टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और योग्य ठेकेदार को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
तीन साल में 7 करोड़ चुकाना बना मुश्किल
सूत्रों के अनुसार, ठेकेदार के लिए तीन वर्षों में करीब 7 करोड़ रुपये का भुगतान करना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। पार्किंग से अपेक्षित राजस्व नहीं मिलने के कारण उसने समय पर राशि जमा नहीं की। इससे रेलवे को वित्तीय नुकसान होने लगा। परिणामस्वरूप, ठेकेदार ने भुगतान प्रक्रिया ही धीमी कर दी, जिसके बाद रेलवे ने अनुबंध समाप्त करने का निर्णय लिया।
बताया जाता है कि इससे पहले शेल इंजीनियरिंग नामक कंपनी को करीब 4 करोड़ रुपये में पार्किंग का ठेका दिया गया था। बाद में नई बोली में यह राशि बढ़कर 7 करोड़ तक पहुंच गई, जो ठेकेदार के लिए भारी पड़ गई। अंततः आर्थिक दबाव के कारण वह अनुबंध की शर्तों को पूरा नहीं कर सका।
शुरू से ही विवादों में रहा पार्किंग स्टैंड
टाटानगर रेलवे स्टेशन का पार्किंग स्टैंड लंबे समय से विवादों में घिरा रहा है। अलग-अलग समय में विभिन्न ठेकेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा और विवाद की स्थिति बनी रही। कभी शुल्क को लेकर तो कभी संचालन के तरीकों को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
इतना ही नहीं, अतीत में इस पार्किंग स्टैंड से जुड़े विवाद हिंसक रूप भी ले चुके हैं। एक समय गोलीबारी की घटना भी सामने आई थी, जिसमें एक टेंपो चालक की जान चली गई थी। इसके बावजूद पार्किंग संचालन लगातार विवादों के बीच चलता रहा।
यात्रियों को मिलेगी राहत की उम्मीद
रेलवे के इस फैसले से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। रेलवे द्वारा सीधे संचालन से फिलहाल पारदर्शिता और अनुशासन में सुधार देखा जा सकता है। साथ ही, नई टेंडर प्रक्रिया में ऐसे ठेकेदार के चयन की उम्मीद है, जो नियमों का पालन करते हुए बेहतर सेवा प्रदान कर सके।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

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ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਰਾਹਤ ਦੇਣ ਲਈ ਵੱਡਾ ਫੈਸਲਾ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਪੈਟਰੋਲ ਅਤੇ ਡੀਜ਼ਲ ਉੱਤੇ ਲੱਗਣ ਵਾਲੀ ਐਕਸਾਈਜ਼ ਡਿਊਟੀ ਵਿੱਚ ਕਟੌਤੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ।
➡️ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਪੈਟਰੋਲ ਉੱਤੇ ਐਕਸਾਈਜ਼ ਡਿਊਟੀ ₹13 ਤੋਂ ਘਟਾ ਕੇ ₹3 ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਹੈ।
➡️ ਡੀਜ਼ਲ ਉੱਤੇ ਡਿਊਟੀ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਖਤਮ ਕਰਕੇ ₹0 ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। �
ਇਸ ਫੈਸਲੇ ਦਾ ਮਕਸਦ ਵਧ ਰਹੀਆਂ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਤੇਲ ਕੀਮਤਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਭਾਵ ਤੋਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣਾ ਹੈ। ਖ਼ਾਸ ਕਰਕੇ ਮੱਧ-ਪੂਰਬ ਵਿੱਚ ਚੱਲ ਰਹੀ ਤਣਾਅ ਕਾਰਨ ਕੱਚੇ ਤੇਲ ਦੀ ਕੀਮਤ ਵੱਧ ਰਹੀ ਹੈ। �
👉 ਪਰ ਵੱਡੀ ਗੱਲ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਕਟੌਤੀ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਤੁਰੰਤ ਪੈਟਰੋਲ-ਡੀਜ਼ਲ ਦੇ ਰੇਟ ਘਟਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਘੱਟ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਇਹ ਰਾਹਤ ਤੇਲ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੇ ਨੁਕਸਾਨ ਨੂੰ ਕਵਰ ਕਰਨ ਲਈ ਵਰਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। �
📌 ਕੁਝ ਥਾਵਾਂ 'ਤੇ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਕੰਪਨੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਰੇਟ ਵਧਾਏ ਵੀ ਗਏ ਹਨ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਮਾਰਕੀਟ ਵਿੱਚ ਮਿਲੀ-ਜੁਲੀ ਸਥਿਤੀ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੈ। �
ਸੰਖੇਪ ਵਿੱਚ:
ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਡਿਊਟੀ ਘਟਾਈ ਗਈ ਹੈ (ਰਾਹਤ ਦੀ ਖ਼ਬਰ), ਪਰ ਪੰਪ ਤੇ ਤੁਰੰਤ ਰੇਟ ਘਟਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਘੱਟ ਹੈ।

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ଖୁଣ୍ଟବନ୍ଧ ସରସ୍ଵତୀ ଶିଶୁ ବିଦ୍ୟା ମନ୍ଦିର ୧୨ତମ ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ ପାଳିତ।

ହରିଚନ୍ଦନପୁର: ୨୭/୦୩ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ହରିଚନ୍ଦନପୁର ବ୍ଲକ ତେନ୍ତଳାପଶି ଗ୍ରାମ ପଞ୍ଚାୟତ ଅଧୀନ ଖୁଣ୍ଟବନ୍ଧ ଗ୍ରାମରେ ଥିବା ସରସ୍ଵତୀ ଶିଶୁ ବିଦ୍ୟା ମନ୍ଦିରରେ ୧୨ ତମ ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ ପାଳିତ ହୋଇ ଯାଇଛି ।ଏହି ଉତ୍ସବରେ ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଭାବେ ଅବସର ପ୍ରାପ୍ତ ଶିକ୍ଷକ ଶ୍ରୀଯୁକ୍ତ କାଳିନ୍ଦୀ ଚରଣ ଜେନା ,ମୁଖ୍ୟ ବକ୍ତା ହରିଚନ୍ଦନପୁର ପ୍ଲଷ୍ଟର ସି. ଆର. ସି. ସି . ଶ୍ରୀଯୁକ୍ତ ଝରିଲାଲ ତନ୍ତୀ , ସମ୍ମାନିତ ଅତିଥି ଭାବେ ଜିଲ୍ଲା ବୈଦ୍ଧିକ ପ୍ରମୁଖ ରାଷ୍ଟ୍ରୀୟ ସ୍ଵୟଂ ସେବକ ସଂଘ ର ଶ୍ରୀଯୁକ୍ତ ବିରେନ୍ଦ୍ର ମହାନ୍ତ ,ଏବଂ ଜିଲ୍ଲା ସମ୍ପାଦକ ଭାରତୀୟ ଜନତା ପାର୍ଟି ଶ୍ରୀଯୁକ୍ତ ଅଶୋକ କୁମାର ବେହେରା, ସମ୍ମାନିତ ଅତିଥି ସି.ଆର.ସି.ସି. ଓସ୍ତପଙ୍ଗା ର ଶ୍ରୀଯୁକ୍ତ ଲକ୍ଷ୍ମୀଧର ମହାନ୍ତ ଏବଂ ସି.ଆର.ସି.ସି. ତେନ୍ତଳାପଶି ଗ୍ରାମ ପ୍ଲଷ୍ଟର ଶ୍ରୀଯୁକ୍ତ ମାନସ ରଞ୍ଜନ ସେଠୀ ଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ । ସମ୍ପାଦକ ଲଳିତ କୁମାର ମହାନ୍ତ ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି କାଳିନ୍ଦୀ ଚରଣ ଜେନାଙ୍କ ଦ୍ଵାରା ପ୍ରଦୀପ ପ୍ରଜ୍ଜ୍ୱଳନ କରି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଶୁଭାରମ୍ଭ କରିଥିଲେ ଏବଂ ଶିଶୁ ବିଦ୍ୟା ମନ୍ଦିରର ଶିକ୍ଷା ଗୁରୁତ୍ଵ ସମ୍ବନ୍ଧରେ ଆଲୋକପାତ କରିବା ସହିତ ଶିଶୁ ବିଦ୍ୟା ମନ୍ଦିର ର ସର୍ବାଙ୍ଗୀନ ଉନ୍ନତି କାମନା କରିଥିଲେ | ମୁଖ୍ୟ ବକ୍ତା ଭାବେ ଶ୍ରୀଯୁକ୍ତ ଝରିଲାଲ୍ ତନ୍ତୀ ଶିଶୁ ମନ୍ଦିରର ଶିକ୍ଷା ବ୍ୟବସ୍ଥା ପିଲାମାନଙ୍କର ଶାରୀରିକ, ସାମାଜିକ ଓ ଆଧ୍ୟାତ୍ମିକ ଶିକ୍ଷାର ଅଭିବୃଦ୍ଧି କରିବାରେ ସଫଳ ହୋଇଛି ବୋଲି ଦର୍ଶାଇଥିଲେ। ଶିଶୁ ମନ୍ଦିରର ପ୍ରଧାନ ଆଚାର୍ଯ୍ୟ ଶ୍ରୀଯୁକ୍ତ ଶ୍ରୀକାନ୍ତ ଦେହୁରୀ ସ୍ୱାଗତ ଅଭିଭାଷଣ ସହ ବାର୍ଷିକ ବିବରଣୀ ପାଠ କରିଥିବା ବେଳେ ଛାତ୍ର ଛାତ୍ରୀ ମାନଙ୍କ ଦ୍ଵାରା ପରିବେଷିତ ସାଂସ୍କୃତିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଏବଂ କୃତୀ ଛାତ୍ର ଛତ୍ରୀ ମାନଙ୍କୁ ପୁରସ୍କାର ବିତରଣ ସଭାର ଆକର୍ଷଣ ଥିଲା । ଏହି ଉତ୍ସବ ରେ ଶିଶୁ ମନ୍ଦିର ର ଆଚାର୍ଯ୍ୟ ଶ୍ରୀ ଯୋଗମୟ ଜୁଆଙ୍ଗ, ଶ୍ରୀ ସାଧୁଚରଣ କିସାନ ଏବଂ ଶ୍ରୀ ଦିବ୍ୟାଲୋଚନ ମହାନ୍ତ ଅଚାର୍ଯ୍ୟା ସୁଶ୍ରୀ ଜ୍ୟୋତିର୍ମୟୀ ମହାନ୍ତ , ସୁଶ୍ରୀ ସୁକୁମାରୀ ନାଏକ ସହଯୋଗ କରିଥିଲେ। ଶେଷ ରେ ଶିଶୁ ମନ୍ଦିରର ସମ୍ପାଦକ ଶ୍ରୀଯୁକ୍ତ ଲଳିତ କୁମାର ମହାନ୍ତ ଧନ୍ୟବାଦ୍ ଅର୍ପଣ କରିଥିଲେ।

ଶୂନ୍ଯ ରଞ୍ଜନ ଘଣା ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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बेंगलुरु। चैत्रीय नवरात्रि के पावन पर्व का समापन बेंगलुरु स्थित श्री चामुंडा माताजी के मंदिर प्रांगण में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य रूप में संपन्न हुआ। नौ दिनों तक चली माँ दुर्गा की आराधना के पश्चात अंतिम दिवस पर आयोजित विशेष आरती ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजस्थानी प्रवासी मंडल के श्रद्धालु, समाजबंधु एवं माताजी के भक्तजन उपस्थित रहे, जिससे मंदिर परिसर पूरी तरह श्रद्धालुओं से भर गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर के आचार्य द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ किया गया। मंत्रों की गूंज और घंटों की ध्वनि के बीच जब आरती प्रारंभ हुई, तो पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो उठा। श्रद्धालु माता के जयकारों के साथ भक्ति में लीन नजर आए और मंदिर परिसर “जय माता दी” के उद्घोष से गुंजायमान हो गया।
इस पावन अवसर पर लाभार्थी शेरसिंह राठौड़ अरणू परिवार को माँ नवदुर्गा की विशेष आरती करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने परिवार सहित पूरे श्रद्धा भाव से माताजी के चरणों में आरती अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। परिवार के सभी सदस्यों ने इस क्षण को अपने जीवन का सौभाग्य बताते हुए माँ के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
नवरात्रि के इस अंतिम दिवस पर लाभार्थी परिवार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद स्वरूप अल्पाहार की सुंदर व्यवस्था भी की गई। भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया और आयोजन की सराहना की। इस दौरान सेवा भाव और समर्पण का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला।
कार्यक्रम में कर्नाटक राजस्थान राजपूत समाज के अनेक गणमान्य सदस्य भी उपस्थित रहे। इनमें विजयसिंहजी परमार, किशोरसिंह चौहान, हीरसिंह परमार, ओबसिंह चौहान, दलपतसिंह भायल, राजूसिंह झाला, प्रवीणसिंह राठौड़, डूंगरसिंह राठौड़, श्रीपालसिंह, हीर सिंह राठौड़, जितुसिंह, पहाड़सिंह, राजुभाई सहित सैकड़ों की संख्या में समाजबंधुओं एवं माताजी के भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
पूरे आयोजन के दौरान भक्तों में अपार उत्साह, अनुशासन और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि प्रवासी राजस्थानी समाज की एकता, संस्कृति और परंपराओं को भी मजबूती प्रदान करने वाला साबित हुआ।
इस भव्य और आध्यात्मिक आयोजन के साथ ही चैत्रीय नवरात्रि का समापन अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ, जो सभी श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

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ଜାତୀୟ ସେବା ଯୋଜନା ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀଙ୍କୁ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧନା।

କେନ୍ଦୁଝର: ୨୬|୦୩ ଧରଣୀଧର ବିଶ୍ବବିଦ୍ୟାଳୟ ପରିସରରେ ଥିବା ଇ-ଲାଇବ୍ରେରୀରେ ଜାତୀୟ ସେବା ଯୋଜନା, ପକ୍ଷରୁ ତୃତୀୟ ବର୍ଷ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀଙ୍କ ପାଇଁ ଏକ ବିଦାୟ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧନା ସଭା ଆୟୋଜିତ ହୋଇଯାଇଛି। କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଜାତୀୟ ସେବା ଯୋଜନାର କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଅଧୂକାରୀ ଶ୍ରୀ ଦିନେଶ କୁମାର ମହାରଣା ଅତିଥିମାନଙ୍କୁ ସ୍ବାଗତ କରିବା ସହିତ ସଭାକୁ ସଂଯୋଜନା କରିଥିଲେ। ଏହି ଅବସରରେ ସ୍ନାତକୋତ୍ତର ପରିଷଦର ଅଧ୍ଯକ୍ଷ ଡ଼. ପ୍ରଭୁପ୍ରସାଦ ଦାସ ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଭାବେ ଯୋଗଦେଇ ଜାତୀୟ ସେବା ଯୋଜନା କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମର ଗୁରୁତ୍ଵ ଉପରେ ଜୋର ଦେଇଥିଲେ। ମୁଖ୍ୟ ବକ୍ତା ଭାବେ ଯୋଗଦେଇଥିବା ଭକ୍ତ ବତ୍ସଳ ମହାନ୍ତି, ଓଡ଼ିଶା ଗାନ୍ଧୀ ବିଚାର ପରିଷଦର ସଭାପତି ଏବଂ କେନ୍ଦୁଝର ବିକାଶ ଟ୍ରଷ୍ଟର ସମ୍ପାଦକ, କହିଥିଲେ ଯେ ଜାତୀୟ ସେବା ଯୋଜନା ମହାତ୍ମା ଗାନ୍ଧୀଙ୍କ ସ୍ବପ୍ନରୁ ପ୍ରେରିତ ହୋଇ ତାଙ୍କ ଜନ୍ମ ଶତବାର୍ଷିକୀ ଅବସରରେ ଆରମ୍ଭହୋଇଥିଲା। ସେ ଯୁବ ସ୍ବେଚ୍ଛାସେବୀମାନଙ୍କୁ ସମାଜ ସେବା ପାଇଁ ସଦା ସଜାଗ ରହିବାକୁ ଆହ୍ବାନ କରିଥିଲେ। ଏହି ସଭାରେ ତୃତୀୟ ବର୍ଷର ଜାତୀୟ ସେବା ଯୋଜନାର ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀମାନେ ନିଜର ଅନୁଭବ ବାଣ୍ଟିଥିଲେ ଏବଂ ସମସ୍ତ ବିଦାୟୀ ସ୍ବେଚ୍ଛାସେବୀଙ୍କୁ ସମ୍ମାନିତ କରାଯାଇଥିଲା। ପରେ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀମାନଙ୍କ ଦ୍ବାରା ରଙ୍ଗାରଙ୍ଗ ସାଂସ୍କୃତିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ମଧ୍ୟ ଆୟୋଜିତ ହୋଇଥିଲା।

ସାମ୍ବାଦିକ ସତ୍ୟଜିତ ମିଶ୍ରଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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Aima midiya jan jan ki avaj Date 27.3.2026 Am1:00 टाकीत न शिरता टाकी स्वच्छ करण्याची खास ट्रिक! २ मिनिटांत स्वच्छ होईल घाण झालेली टाकी8th Pay Commission implementation update and estimated salary matrix: या वर्षाच्या सुरुवातीला केंद्रीय मंत्रिमंडळाने मंजुरी दिलेल्या आठव्या केंद्रीय वेतन आयोगाची अंमलबजावणी साधारणपणे २०२७ च्या सुमारास होण्याची अपेक्षा आहे. याद्वारे संपूर्ण भारतातील केंद्रीय सरकारी कर्मचाऱ्यांच्या वेतन रचनेत एक मोठा बदल पाहायला मिळणार आहे. जरी या आयोगाचे अधिकृत कार्यकक्षा (Terms of Reference), अध्यक्ष आणि सदस्य यांची नावे अद्याप जाहीर करण्यात आली नसली, तरीही सुरुवातीच्या अंदाजामुळे सरकारी कर्मचाऱ्यांच्या वर्तुळात आधीच मोठी उत्सुकता निर्माण झाली आहे.
आठवा वेतन आयोग म्हणजे काय?
वेतन आयोग ही केंद्र सरकारद्वारे केंद्रीय सरकारी कर्मचाऱ्यांच्या वेतन रचनेत सुधारणा करण्यासाठी ठराविक कालावधीने राबवली जाणारी एक प्रक्रिया आहे. याचा केवळ सरकारी कर्मचाऱ्यांच्या मूळ वेतनावर आणि भत्त्यांवरच प्रभाव पडत नाही, तर निवृत्तीवेतन आणि निवृत्तीकालीन लाभांवरही याचा परिणाम होतो. या आठव्या वेतन आयोगापूर्वी सातवा वेतन आयोग २०१६ मध्ये लागू करण्यात आला होता.

वेतन आयोगाच्या शिफारशींच्या केंद्रस्थानी ‘पगार मॅट्रिक्स’ (Pay Matrix) ही संकल्पना असते. ही एक अशी प्रणाली आहे जी कर्मचाऱ्याचा सेवास्तर आणि सेवेची एकूण वर्षे यांवर आधारित पगार निश्चित करते फिटमेंट फॅक्टर’ हे एक असे गुणक आहे, ज्याद्वारे सध्याच्या पगाराला गुणून नवीन मूळ वेतन निश्चित केले जाते. आठव्या वेतन आयोगांतर्गत या फिटमेंट फॅक्टरमध्ये वाढ होऊन तो २.५७ (७ व्या वेतन आयोगांतर्गत) वरून २.८६ पर्यंत जाण्याची अपेक्षा आहे.

कोणत्या पदासाठी किती पगारवाढ?
उदाहरणार्थ, ‘पगार श्रेणी १’ (Pay Level 1) मधील कर्मचारी, ज्यांचा सध्याचा मूळ पगार १८ हजार रुपये आहे, त्यांना त्यात वाढ होऊन तो ५१४८० रुपयांपर्यंत पोहोचलेले दिसून येऊ शकते. तर ‘पगार श्रेणी २’ मधील कर्मचाऱ्यांचा पगार १९९०० रुपयांवरून वरून वाढून ५६९१४ रुपयांपर्यंत जाऊ शकतो.पगार श्रेणी ३’ मधील कर्मचाऱ्यांना, त्यांच्या सध्याच्या २१७०० रुपयांच्या पगाराऐवजी, ६२०६२ रुपये इतका पगार मिळू शकतो.

‘पगार श्रेणी ६’ मध्ये, मूळ पगार ३५४०० रुपयांवरून वाढून १ लाखांहून अधिक होऊ शकतो. तर ‘पगार श्रेणी १०’ मधील अधिकारी, ज्यामध्ये नव्याने रुजू झालेल्या आयएएस आणि आयपीएस अधिकाऱ्यांचाही समावेश आहे, त्यांचा पागार ५६१०० रुपयांवरून वाढून १.६ लाखांपर्यंत पोहोचू शकतो.

वेतन आयोगामागील हेतू
या वेतन आयोगात केंद्र सरकारच्या विविध पदांच्या विस्तृत श्रेणीचा मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS), लिपिक, कॉन्स्टेबल आणि अभियंत्यांपासून ते वरिष्ठ अधिकारी आणि सहाय्यक आयुक्तांपर्यंतच्या समावेश असेल. जर या पगारवाढीची अंमलबजावणी झाली, तर त्यामुळे सरकारी कर्मचाऱ्यांची आर्थिक स्थिरता आणि मनोधैर्य लक्षणीयरीत्या उंचावण्याची खात्री आहे.

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राम न कोई नारा हैं, न वोट बैंक की जागीर,
राम तो मन की निर्मलता हैं, शबरी की तकदीर।
पर आज गली के नुक्कड़ पर, कुछ ढोंगी शोर मचाते हैं,
राम के नाम की चादर ओढ़, अपनी रोटियां सेंकते जाते हैं।
तुम राम की बात तो करते हो, क्या राम को पहचाना है?
क्या पिता का वचन निभाने को, तुमने राजपाट को त्यागा है?
राम ने तो केवट को गले लगाया, कोल-भीलों को मान दिया,
तुमने तो कुर्सी की खातिर, भाई-भाई को बांट दिया।
बगल में राम की फोटो है, और मन में सत्ता का लालच,
तुम भक्ति का ढोंग रचाते हो, फैलाकर नफरत का कीचड़।
मर्यादा की वो मूर्ति थे, तुम अभद्रता का चोला हो,
मुख में उनके अमृत था, तुम नफरत का गोला हो।
राम का नाम जुबां पर है, पर भीतर भरा कसाई है,
तुमने तो प्रभु के मंदिर में भी, नफरत की ईंट लगाई है।
वो पत्थर पर तर जाते थे, तुम पत्थरों पर लड़वाते हो,
राम के आदर्शों को छोड़, बस चुनावी झंडे फहरवाते हो।
तुम क्या जानो राम का दुःख, जिसने नंगे पैर वन नापा था,
तुम्हारी सियासत की गर्मी से, तो सरयू का जल भी कांपा था।
तिलक लगाकर माथे पर, तुम खुद को राम बताते हो,
पर कर्म तुम्हारे रावण से, तुम किसको मूर्ख बनाते हो?
राम मिलेंगे त्याग में, तप में, दीन-दुखी की सेवा में,
राम नहीं मिलने वाले, सत्ता के मीठे मेवा में।
जो राम का नाम भुनाते हैं, वो भक्ति नहीं, बस छल है,
मर्यादित राम सूरज हैं, और तुम्हारी सियासत काली रात का पल है।

*"राम सत्ता के भूखे नहीं, वो तो प्रेम के प्यासे हैं,*
*तुम जो राम-राम जपते हो, वो बस तुम्हारे चुनावी पासे हैं।"*

कुंवर प्रताप यादवेंद्र सिंह यादव चंद्रवंशी उर्फ टाईगर भईया राष्ट्रीय अध्यक्ष वसुधैव कुटुंबकम्

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भारतीय जनवादी पार्टी महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष कार्यालयात श्री अनिल मल्लाव यांचे आदेशाने आज संयुक्त बैठक घेण्यात आली. बैठकीमध्ये भारतीय जनवादी पार्टी सदस्यता विषयी मीटिंग भरवण्यात आली. भारतीय जनवादी पार्टी महाराष्ट्र राज्य उपाध्यक्ष श्री. प्रवीण घेमूड भारतीय जनवादी पार्टीचे पुणे जिल्ह्याचे जिल्हाध्यक्ष श्री. लक्ष्मण शरद मल्लाव यांचे आदेशाने श्री. महेश चंद्रकांत आरणे यांची भारतीय जनवादी पार्टी सदस्यता म्हणून निवड करण्यात आली. या निवड प्रक्रियेमध्ये भारतीय जनवादी पार्टीचे महाराष्ट्र संघटन सचिव श्री योगेश डोळस, भारतीय जनवादी पार्टी महाराष्ट्र राज्य कार्यकारिणी समिती श्री.बबन कनिच्छे व पुणे जिल्हाध्यक्ष श्री लक्ष्मण मल्लाव व भारतीय जनवादी पार्टी , तालुका कोषाध्यक्ष व पार्टी कार्याध्यक्ष श्री. करण मल्लाव शिरूर तालुका सरचिटणीस श्री माधव सल्ले यांच्या उपस्थितीत त्यांची निवड करण्यात आली. महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष यांच्या भाषणामध्ये भारतीय जनवादी पार्टी एक राष्ट्रीय पक्ष पार्टी आहे. तसेच लोकशाही प्रक्रिया मजबूत करण्यासाठी संविधानिक हक्काचे रक्षण करण्यासाठी आणि सर्वांना न्याय समता आणि प्रतिष्ठा उपलब्ध असेल असा समाज निर्माण करण्यासाठी पक्ष वचनबद्ध आहे. तळागाळातील सहभाग सर्वांचा सहभाग आणि पारदर्शक राजकीय नेतृत्वाद्वारे पक्षाची उद्दिष्ट प्रशासन सामाजिक कल्याण शिक्षण आणि राजकीय विकासात अर्थपूर्ण बदल घडून आणण्याचे आहेत. तालुका सरचिटणीस माधव सल्ले यांनी सर्वांचे आभार मानले. नवीन सदस्य यांचे हार्दिक अभिनंदन 💐💐💐💐💐💐💐

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मानव समाज में सत्य की परिभाषा हमेशा एक जैसी नहीं रही है। अक्सर हम जिस दृष्टिकोण से किसी घटना को देखते या सुनते हैं, वही हमें सही प्रतीत होता है। यही कारण है कि कहा जाता है— “कहानी जिस पक्ष से सुनोगे, उसी पक्ष की सत्य लगेगी।” यह वाक्य न केवल हमारे सोचने के तरीके को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि सत्य कभी-कभी एकांगी नहीं होता, बल्कि बहुआयामी होता है।
जब भी कोई घटना घटती है, उसमें कई पात्र होते हैं और हर पात्र का अपना अनुभव, भावना और तर्क होता है। उदाहरण के लिए, एक ही विवाद में एक व्यक्ति खुद को सही और दूसरे को गलत मान सकता है, जबकि दूसरा व्यक्ति भी उसी विश्वास के साथ अपनी बात रखता है। दोनों की कहानियाँ अलग-अलग होती हैं, और जो भी व्यक्ति जिस पक्ष की बात पहले या ज्यादा गहराई से सुनता है, उसका मन उसी के पक्ष में झुक जाता है।
यह स्थिति केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज, राजनीति और मीडिया में भी देखने को मिलती है। समाचार चैनल, सोशल मीडिया या अफवाहें—सब अपने-अपने तरीके से घटनाओं को प्रस्तुत करते हैं। जब हम केवल एक ही स्रोत से जानकारी लेते हैं, तो हमारा दृष्टिकोण सीमित हो जाता है और हम उसी को पूर्ण सत्य मान बैठते हैं।
वास्तव में, सच्चाई को समझने के लिए जरूरी है कि हम हर पक्ष को सुनें, तथ्यों का विश्लेषण करें और अपने विवेक का उपयोग करें। केवल एक पक्ष को सुनकर निर्णय लेना कई बार हमें भ्रमित कर सकता है। न्याय की भावना भी यही कहती है कि दोनों पक्षों को समान अवसर दिया जाए, तभी सही निष्कर्ष निकल सकता है।
इस कथन का एक गहरा मनोवैज्ञानिक पहलू भी है। मनुष्य स्वभाव से ही अपने विचारों और भावनाओं से जुड़ी बातों को अधिक महत्व देता है। इसलिए जब कोई कहानी हमारे विचारों से मेल खाती है, तो हम उसे आसानी से सत्य मान लेते हैं। यह हमारी सोच की एक सीमा भी है, जिसे समझना और सुधारना आवश्यक है।
अंततः, यह कहा जा सकता है कि सत्य को समझने के लिए हमें निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाना होगा। हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि हर कहानी के दो या उससे अधिक पहलू हो सकते हैं। जब हम सभी पक्षों को समझने की कोशिश करते हैं, तभी हम वास्तविक सत्य के करीब पहुँच पाते हैं।

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ଜିଲ୍ଲାପାଳଙ୍କ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟ ପରିସର ସଫେଇ ହେଉନାହଁ!

କେନ୍ଦୁଝର: ୨୬|୦୩ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାପାଳଙ୍କ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟ ପରିସର ନିୟମିତ ସଫେଇ ହେଉନଥିବାରୁ ପରିବେଶ ନଷ୍ଟ ହେବା ସହ ଏହି ଐତିହ ସଂପନ୍ନ କୋଠା ନଷ୍ଟ ହେବାକୁ ବସିଛି । ଏହାର ଗୋଟିଏ ପାଶ୍ୱର୍ ଏବେ ସଫେଇ ଅଭାବରୁ ଲତା,ବୁଦା,ଗୁଳ୍ମରେ ପରିପୂର୍ଣ୍ଣ ହୋଇଛି । ଦୀର୍ଘ ମାସ ହେବ ସଫେଇ ହେଉନଥିବାରୁ ଏଭଳି ଅବସ୍ଥା ହୋଇଛି । ୧୯୨୦ ମସିହାରେ ନିର୍ମାଣ ହୋଇଥିବା ଏହି ବ୍ରିଟିଶ ସମୟର ପୁରାତନ କୋଠା ରକ୍ଷଣାବେକ୍ଷଣ ଅଭାବ ଓ ସଫେଇ ଅଭାବ ଯୋଗୁଁ ଏବେ ଧ୍ୱଂସମୁଖରେ ରହିଛି । ଏଣୁ ଏହାର ରକ୍ଷଣାବେକ୍ଷଣର ଆବଶ୍ୟକତା ଦେଖାଦେଇଛି । ଏହି ପୁରାତନ କୋଠାରେ ଜିଲାପାଳ ଙ୍କ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟ ଚାଲିଥିଲେ ହେଁ ଉପଯୁକ୍ତ ରକ୍ଷଣାବେକ୍ଷଣ ହେଉନାହିଁ । ଫଳରେ ଅସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟକର ପରିବେଶରେ କର୍ମଚାରୀ କାମ କରୁଛନ୍ତି । ସେହିପରି ସଫେଇ ହେଉନଥିବାରୁ ଆସୁଥିବା ଲୋକ ଏହାକୁ ଦେଖି ଘୋର ଅସନ୍ତୋଷ ବ୍ୟକ୍ତ କରୁଛନ୍ତି । ବର୍ତ୍ତମାନର ଜିଲ୍ଲାପାଳଙ୍କ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟ ଯାହାକି ସେ ସମୟରେ ରାଜାଙ୍କର କଚେରୀ ଭାବରେ ନାମିତ ହୋଇଥିଲା । ଏହି ପୁରାତନ ତଥା ଐତିହ ସମ୍ପନ୍ନ କୋଠା ଜରାଜୀର୍ଣ୍ଣ ଅବସ୍ଥାରେ ରହିଥିବାରୁ ଏହାର ସୁରକ୍ଷା ଏବଂ ଚତୁର୍ପାର୍ଶ୍ଵର ସଫେଇ ପାଇଁ ଦାବୀ ହୋଇଛି ।

ସାମ୍ବାଦିକ ସତ୍ୟଜିତ ମିଶ୍ରଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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भारतीय जनवादी पार्टी महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष कार्यालयात श्री अनिल मल्लाव यांचे आदेशाने आज संयुक्त बैठक घेण्यात आली. बैठकीमध्ये भारतीय जनवादी पार्टी सदस्यता विषयी मीटिंग भरवण्यात आली. भारतीय जनवादी पार्टी महाराष्ट्र राज्य उपाध्यक्ष श्री. प्रवीण घेमूड भारतीय जनवादी पार्टीचे पुणे जिल्ह्याचे जिल्हाध्यक्ष श्री. लक्ष्मण शरद मल्लाव यांचे आदेशाने श्री. महेश चंद्रकांत आरणे यांची भारतीय जनवादी पार्टी सदस्यता म्हणून निवड करण्यात आली. या निवड प्रक्रियेमध्ये भारतीय जनवादी पार्टीचे महाराष्ट्र संघटन सचिव श्री योगेश डोळस, भारतीय जनवादी पार्टी महाराष्ट्र राज्य कार्यकारिणी समिती श्री.बबन कनिच्छे व पुणे जिल्हाध्यक्ष श्री लक्ष्मण मल्लाव व भारतीय जनवादी पार्टी , तालुका कोषाध्यक्ष व पार्टी कार्याध्यक्ष श्री. करण मल्लाव शिरूर तालुका सरचिटणीस श्री माधव सल्ले यांच्या उपस्थितीत त्यांची निवड करण्यात आली. महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष यांच्या भाषणामध्ये भारतीय जनवादी पार्टी एक राष्ट्रीय पक्ष पार्टी आहे. तसेच लोकशाही प्रक्रिया मजबूत करण्यासाठी संविधानिक हक्काचे रक्षण करण्यासाठी आणि सर्वांना न्याय समता आणि प्रतिष्ठा उपलब्ध असेल असा समाज निर्माण करण्यासाठी पक्ष वचनबद्ध आहे. तळागाळातील सहभाग सर्वांचा सहभाग आणि पारदर्शक राजकीय नेतृत्वाद्वारे पक्षाची उद्दिष्ट प्रशासन सामाजिक कल्याण शिक्षण आणि राजकीय विकासात अर्थपूर्ण बदल घडून आणण्याचे आहेत. तालुका सरचिटणीस माधव सल्ले यांनी सर्वांचे आभार मानले. नवीन सदस्य यांचे हार्दिक अभिनंदन व निवड झाल्याबद्दल पुढील राजकीय वाटचालीस हार्दिक शुभेच्छा 💐💐💐💐💐💐💐

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पतंजलि योगपीठ हरिद्वार में राम नवमी का पर्व योगमय हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। २७ मार्च २०२६ सुबह ५:०० बजे से योग सत्र का प्रारंभ हुआ। शारीरिक योग और भक्तियोग का संयोग उत्साहवर्धक रहा।
योग गुरु स्वामी राम देव जी के सानिध्य में रामनवमी के अवसर पर पतंजलि ट्रस्ट के विभिन्न विद्यालयों आचार्यकुलम, गुरुकुल, पतंजलि यूनिवर्सिटी और पतंजलि आयुर्वेद महाविद्यालय के छात्र -छात्राओं ने सामूहिक योग सत्र में प्रतिभाग किया। शारीरिक और बौद्धिक संवर्धन के साथ स्वामी जी ने अपने संन्यास और पतंजलि योगपीठ की यात्रा की याद ताजा की। उन्होंने बताया कैसे सबके सहयोग और पुरुषार्थ से पतंजलि योगपीठ एक तीर्थ बनकर सबके सामने है, सेवार्थ कार्यों में लगे सभी कर्मयोगियों का अभिनंदन किया गया। स्वामी रामदेव जी ने रामनवमी के दिन संन्यास लिया था और आज तक कई पुरुषार्थी भाइयों और बहनों ने संन्यास की दीक्षा उनसे लेकर देशहित के कार्यों में लगे हुए हैं, व पतंजलि के प्रकल्पों में नेतृत्व कर रहे हैं। पतंजलि परिवार की ओर से योग गुरु स्वामी रामदेव जी और आचार्य बालकृष्ण जी ने सभी देशवासियों को रामनवमी पर्व की ढेरों बधाईयां दी।

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इनसे मिलिए...नाम है मोहम्मद कासिम
बरेली के रहने वाले हैं। शादी की लड़की देख रहे थे। इसके लिए दरोगा की वर्दी पहनकर लड़की वालों के यहां पहुंचते थे। बताते थे कि 2023 बैच के हैं। सहारनपुर में तैनाती है।

इनसे रिश्ते के सिलसिले में पीलीभीत का एक परिवार आज सहारनपुर पहुंचा। कासिम ने कलेक्ट्रेट में ड्यूटी पर होने की बात कही। लड़की वाले वहां पहुंच गए। वहां कासिम दरोगा की वर्दी में मिला। इस परिवार से पिछले 3-4 महीने से रिश्ते की बात चल रही थी।

कासिम वर्दी में था। तभी वहां मौजूद दरोगा अमित कुमार को उस पर शक हुआ। उन्होंने कासिम से उसका रोल नंबर और तैनाती से जुड़े सवाल पूछे। कासिम सही जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाना सदर बाजार पहुंचाया। वहां पूछताछ में उनकी हकीकत सामने आ गई।

जशनपुर गांव के रहने वाले कासिम के पिता पुत्तन ने बताया कि उनका लड़का ऐसा कुछ कर रहा था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। लड़की वालों ने बताया कि वह रिश्ता अच्छा मानकर कलियर शरीफ दरगाह गए थे। वहां से वापसी में कासिम से मिलने का प्रोग्राम बना। यहां आए तो हकीकत उजागर हो गई। वह फंसने से बच गए।

थाना अध्यक्ष कपिल देव ने बताया कि पूछताछ में कासिम ने कबूल किया कि वह पुलिस में चयनित नहीं हुआ था और ट्रेनिंग पर भी नहीं गया। उसने शादी के लिए झूठा रुतबा दिखाने के लिए दरोगा की वर्दी पहन ली थी।

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मन की भावनाओं को दर्शाती कविताएँ: 'रूह के जज्बात'
​उभरते लेखकों, चाहे वे कवि हों या कहानीकार, उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए साझा काव्य-संग्रहों का प्रकाशन करना एक सराहनीय प्रयास है। जो लेखक अपनी निजी पुस्तक नहीं छपवा पाते या छपवाने में असमर्थ होते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन मंच है। आज के समय में काफी संख्या में ऐसे साझा संग्रह प्रकाशित हो रहे हैं।
​यदि इस साझा काव्य-संग्रह की बात करें, तो "रूह के जज्बात" (आत्मा के जज्बात) इकबाल सिंह सहोता, सुद विरक और रविंद्र भारतीय के संपादकीय मंडल द्वारा तैयार किया गया है। इसमें लगभग 51 कवियों की कविताएँ, गज़लें और गीत आदि शामिल किए गए हैं। विद्वानों और अकादमी के सदस्यों द्वारा अपने-अपने विचार और संदेश भी व्यक्त किए गए हैं। इस पुस्तक की खूबी यह है कि इसमें रचनाओं के साथ-साथ कवियों की तस्वीरें और उनकी साहित्यिक जानकारी भी छापी गई है।
​पुस्तक के सभी कवियों ने अपने मन की आंतरिक भावनाओं को काव्य रूप में पाठकों के सम्मुख रखा है। कविताओं में विभिन्न विषयों, भावनाओं और पहलुओं को उजागर किया गया है। समग्र रूप में इस संग्रह को पढ़ते हुए मानवता के दुश्मन, मिठास, प्यार, पूर्वी और पश्चिमी पंजाब की यादें, पाखंड, समय का बदलना, मतलबी रिश्ते, बुजुर्गों की देखभाल, ईश्वर का भय, हौसला, ठगी-धोखाधड़ी, धार्मिक कविताएँ, बेटियों की चिंता, माँ का ईश्वर जैसा रूप, स्त्री का शोषण, वातावरण, सुकून और विछोह (जुदाई) जैसे पहलुओं को पेश किया गया है।
​पुस्तक में प्रताप पारस गुरदासपुरी जी ने अपनी गज़ल में बिछड़ चुके प्रियजनों की यादों को समेटते हुए, उनसे मिलने की तड़प और विरह के दर्द को अपनी गज़ल में पिरोया है। उन्होंने प्रेम को विरह की उलझी हुई डोर के प्रतिबिंब के रूप में पेश किया है। उनका एक मिसरा (पंक्ति) है:
​"यह डोर जो प्यार की सूखती जाती है,
कभी थी खिली-खिली, अब वह यादें रह गई हैं।" (पृष्ठ 36)
​रविंद्र भारतीय ने अपने मिसरे में दुनिया को सही रास्ते पर लाने की बात करते हुए कहा है कि हमारे गुरु-पीर-फकीर हमें पाखंडों से बचने की सीख देते हैं, लेकिन फिर भी पाखंड बढ़ रहा है और मनुष्य इसमें उलझता जा रहा है। आज के शिक्षित लोग भी इसकी गिरफ्त से मुक्त नहीं हो सके। उनकी पंक्तियाँ देखें:
​"गुरुओं पीरों ने बहुत समझाया,
फिर भी पाखंड का पौधा मुरझा नहीं पाया।" (पृष्ठ 52)
​पुस्तक की कवयित्री रुपिंदर कौर सिद्धू ने आज के हालातों के मुताबिक इंसानियत के खून के रंग को 'सफेद खून' कहा है। रिश्तों के स्वार्थ की व्याख्या करती यह कवयित्री मनुष्य को कुछ सलाह और सुझाव देती भी प्रतीत होती है। उनकी कविता के ये भाव गौर करने योग्य हैं:
​"रिश्तों में खून का रंग सफेद हो गया है,
इनके लिए भी खून दान अलग से देना चाहिए।" (पृष्ठ 60)
​इसी प्रकार अन्य कविताओं और गीतों को देखना भी बनता है, जैसे 'दुनिया फिर भी न सुधरे' में बलविंदर सिंह पन्नू लिखते हैं:
"माता-पिता के लिए बेटा जरूरी है, पर बेटियाँ दूरी नहीं बनातीं,
अगर वे हमेशा सुध (हाल-चाल) लेती रहें, तो दुनिया फिर भी न सुधरे।" (पृष्ठ 104)
​डॉक्टर टिक्का जे.एस. सिद्धू प्रेम-मोहब्बत की बातें करते हुए अपनी एक गज़ल के मिसरे में कहते हैं:
"तुम्हारी तस्वीर दिल में बसा रखी है,
तुम्हें मिलने की आस जगा रखी है।" (पृष्ठ 178)
​इसी तरह पुस्तक में कुछ अन्य पंक्तियों का अध्ययन करना चाहिए। डॉ. राजबीर कौर वीर गरेवाल ने पुराने खेलों की, चरणजीत अट्टा ने 'बेटियों' की, सीमा कल्याण ने 'अहंकार' को अपने भीतर से निकालने की, सेवा सिंह नूरपुरी ने गुलामी की, अंशु व रत्ती ने नशा मुक्ति की और अमरजीत कौर संधू प्रीत ने अपने लेखन में विदेश जाने के बढ़ते रुझान के बारे में बात की है। इनके अलावा डॉ. प्रदीप नांगलू, रेणु देवी, ओंकार सिंह रंधावा, प्रो. इंद्रपाल भिंदा, मन्नत लवली, कैप्टन दविंदर सिंह जोसल, अशोक भंडारी पुरी, प्रो. कुलविंदर सिंह बम्बू, गगनदीप कौर और दिलप्रीत गुरी आदि लेखकों की रचनाएँ भी शामिल हैं।
​इन लेखकों में बहुत से कवि रक्षा विभाग से जुड़े हैं या सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ज्यादातर शिक्षा विभाग से संबंधित हैं। इन रचनाओं में से कुछ कवियों की रचनाएँ अभी पूरी तरह परिपक्व नहीं लगतीं। कुछ कवियों के संपर्क नंबर भी साथ नहीं दिए गए हैं, जो आज के दौर में जरूरी समझा जाता है। इस साझा काव्य संग्रह के अक्षरों का आकार बहुत छोटा है, जिससे पाठकों को पढ़ने में दिक्कत आ सकती है। पुस्तक में प्रकाशन वर्ष, कीमत और स्थान भी दर्ज नहीं है। फिर भी, मानसरोवर साहित्य अकादमी, राजस्थान का यह एक सराहनीय प्रयास है। मानसरोवर साहित्य अकादमी राजस्थान की पूरी टीम बधाई की पात्र है।
​लेखक: तेजिंदर चंडिहोक
सेवानिवृत्त ए.एस.पी.
95010-00224

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स्वाभिमान साहित्यिक मंच
की ओर से 26मार्च, 2026 वीरवार को शाम 43 वीं ऑनलाइन राष्ट्रीय कवि दरबार का आयोजन किया गया। काव्य गोष्टी में विभिन्न विधा में कवियों द्वारा काव्य पाठ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिद्धेश्वर पटना बिहार ने की, संचालन
जागृति गौड़, पटियाला, पंजाब से ने किया। कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की जिसमें शामिल थे -
संतोष पुरी (नई दिल्ली ), हज़ारी सिंह (नोएडा), तेज नारायण राय,दुमका, (झारखंड) , सम्पति चौरे' स्वाति' छत्तीसगढ़, राज प्रिया रानी पटना सिटी, संतोष मालवीय, गोबिंद कुमार प्रभाकर ( पुणे ), नन्द कुमार आदित्य (पुणे), डॉ. अनुज प्रभात अररिया (बिहार), अखिलेश कुमार डोभाल (उत्तराखंड ), गोपाल सिन्हा (सिंगापुर), दिव्यांजजली सोनी 'दिव्या' (सागर), डाॅ रशीद ग़ौरी, डॉ. मीना परिहार पटना (बिहार) से।
कार्यक्रम के यूट्यूब लिंक https://www.youtube.com/live/bKujPr0BRX4?si=n62ldlLimKXJChQZ
में काव्य गोष्ठी का लुत्फ उठा सकते हैं।

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AIMA న్యూస్. మెగా గ్లోబల్ స్టార్ రామ్ చరణ్ జన్మదిన వేడుకలు శుక్రవారం రోజున నంద్యాల జిల్లా ఆళ్లగడ్డ పట్టణంలోని ప్రతాప్ థియేటర్ నందు అత్యంత వైభవంగా నిర్వహించారు. పట్టణ అధ్యక్షుడు జాకీర్ హుస్సేన్ మరియు, నియోజకవర్గ జనసేన పార్టీ రాయలసీమ జోన్ కమిటీ సభ్యులు మాబు హుస్సేన్ ఆధ్వర్యంలో జరిగిన ఈ కార్యక్రమంలో అభిమానులు భారీగా పాల్గొని కేక్ కట్ చేసి, స్వీట్లు పంపిణీ చేశారు.
ఈ సందర్భంగా పట్టణ అధ్యక్షుడు జాకీర్ మాట్లాడుతూ రామ్ చరణ్ తన అద్భుతమైన నటనతో తెలుగు సినిమా కీర్తిని ప్రపంచ స్థాయికి తీసుకెళ్లారు. ఆర్.ఆర్.ఆర్ చిత్రంతో ఆయన గ్లోబల్ స్టార్‌గా ఎదిగి తెలుగు వారికి గర్వకారణంగా నిలిచారు. కేవలం వెండితెరపైనే కాకుండా, నిజజీవితంలోనూ చిరంజీవి, పవన్ కళ్యాణ్ ఆశయాలకు అనుగుణంగా అనేక సేవా కార్యక్రమాలు చేస్తూ ఎందరికో స్ఫూర్తిగా నిలుస్తున్నారు. ఆయన ఇలాంటి పుట్టినరోజులు మరెన్నో జరుపుకోవాలని, భవిష్యత్తులో మరిన్ని గొప్ప విజయాలు సాధించాలని తెలిపారు. అనంతరం పట్టణంలోని నిరుపేద పిల్లలకు స్వీట్లు, పండ్ల పంపిణీ, మొక్కలు నాటే కార్యక్రమం వంటి సేవా కార్యక్రమాలు నిర్వహించారు.ఈ కార్యక్రమంలో స్థానిక మెగా అభిమానులు పెద్ద ఎత్తున పాల్గొన్నారు.

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ମୁରୁସୁଆଁ ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ ରେ ବାର୍ଷିକ ସମାରୋହ।

ପାଟଣା:୨୬/୦୩- ପାଟଣା ବ୍ଲକ ମୁରୁସୁଆଁ ନୋଡାଲ ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟର ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ ଭାରପ୍ରାପ୍ତ ପ୍ରଧାନ ଶିକ୍ଷକ ଖଗେଶ୍ବର ମହାନ୍ତଙ୍କ ସଭାପତିତ୍ବରେ ବୁଧବାର ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି। କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ରେ ପାଟଣା ଗୋଷ୍ଠୀ ଶିକ୍ଷା ଅଧିକାରୀ ପୂର୍ଣ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ଅମାନ୍ତ ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥିଭାବେ ଯୋଗଦାନ କରିଥିବା ବେଳେ ଅବସରପ୍ରାପ୍ତ ପ୍ରଧାନ ଶିକ୍ଷକ କୈବଲ୍ୟ ଚରଣ ସାହୁ ମୁଖ୍ୟ ବକ୍ତାଭାବେ ଯୋଗଦେଇ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ମାନଙ୍କୁ ମାର୍ଗଦର୍ଶନ ଦେଇଥିଲେ। ପାଟଣା ସହ ଗୋଷ୍ଠୀ ଶିକ୍ଷା ଅଧିକାରୀ ପ୍ରକାଶ ଚନ୍ଦ୍ର ରାୟ, ମୁରୁସୁଆଁ ସରପଞ୍ଚ ହରିଶଙ୍କର ଦେହୁରୀ, ସମିତି ସଭ୍ୟ ସୁଶିଲ କୁମାର ସାହୁ, ଅବସରପ୍ରାପ୍ତ ପ୍ରଧାନ ଶିକ୍ଷକ ପର୍ଶୁରାମ ମହାନ୍ତ, ଅବସରପ୍ରାପ୍ତ ଖେଳ ଶିକ୍ଷକ ରବୀନ୍ଦ୍ର ନାଥ ସାହୁ, ଏବଂ ବୈଷ୍ଣବ ଚରଣ ମହାନ୍ତ ସମ୍ମାନୀତ ଅତିଥିଭାବେ ଯୋଗଦେଇଥିଲେ। ବରିଷ୍ଠ ଶିକ୍ଷକ ପରମେଶ୍ବର ମହାନ୍ତ ବାର୍ଷିକ ବିବରଣୀ ପଠନ କରିଥିବା ବେଳେ ବିଶ୍ଵଜିତ ନାୟକ ଓ ରଶ୍ମି ପ୍ରଭା ପାତ୍ର ମଞ୍ଚ ଓ ସାଂସ୍କୃତିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ପରିଚାଳନା କରିଥିଲେ। କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ରେ ଟଙ୍କଧର ସେଠୀ, ସଞ୍ଜୟ କୁମାର ଦେହୁରୀ, ସଂଘମିତ୍ରା ସେଠୀ, ତୁଷାର କୁମାର ଦେହୁରୀ, ବନିତା ସାମଲ, ପିଙ୍କି ମୁଣ୍ଡାରୀ, ଚିନ୍ମୟୀ ଜେନା, ରଞ୍ଜନ କୁମାର ସାହୁ, ବିଶ୍ଵ ସୁନ୍ଦର ସାହୁ ସରସ୍ଵତୀ ସାହୁ, ରାଜ କିଶୋର ସାହୁ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ପରିଚାଳନାରେ ସହଯୋଗ କରିଥିଲେ। ଅନିରୁଦ୍ଧ ପଣ୍ଡା ଧନ୍ୟବାଦ ଅର୍ପଣ କରିଥିଲେ। ଅତିଥିମାନଙ୍କଦ୍ଵାରା କୃତି ଛାତ୍ର ଛାତ୍ରୀ ମାନଙ୍କୁ ପୁରସ୍କୃତ କରାଯାଇଥିଲା।କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଶେଷରେ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ମାନଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ରଙ୍ଗାରଙ୍ଗ ସାଂସ୍କୃତିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ପରିବେଷଣ କରାଯାଇଥିଲା।

ସାମ୍ବାଦିକ ବିଜୟ ରତ୍ନ ପତିଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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Aima midiya jan jan ki avaj 12:46am data:27/03/2026 अपघातानंतर आली जाग; कृषी महाविद्यालय प्रशासन ॲक्शन माेडवर, दुर्घटनेला जबाबदार व्यक्तीवर कारवाई होणार दैदिप्यमान परंपरा लाभलेल्या कृषी महाविद्यालयात प्रशासनाच्या दुर्लक्षाने एका तरुणाचा बळी जाताे आणि झाेपेत असलेली सर्व यंत्रणा खडबडून जागी हाेते. वारंवार तक्रार करूनही वाॅटर कुलरची दुरुस्ती केली गेली नाही. परिणामी चैतन्यला जीव गमवावा लागला, अशी तीव्र भावना विद्यार्थी व्यक्त करीत आहेत. पण, याच्या अगदी उलट प्रशासन सांगत आहे. या पार्श्वभूमीवर नेमकं खरं काय? याचा तपास करून समितीनेच सत्य पुढे मांडावे, अशी अपेक्षा व्यक्त केली जात आहे.

देशात स्थापन झालेल्या पहिल्या पाच कृषी महाविद्यालयांपैकी एक म्हणजे पुणे कृषी महाविद्यालय. येथे शिक्षण घेता यावे, हेच अनेकांचे स्वप्न असते. हेच स्वप्न उरी बाळगून बीड जिल्ह्यातील आष्टी तालुक्यातील डाेंगरगण या छाेट्याशा गावातील चैतन्य चव्हाण हा तरुण विद्येचे माहेरघर असलेल्या पुण्यात आला. येथेच उच्च शिक्षण पूर्ण करावे, साेबतच स्पर्धा परीक्षेचा अभ्यास करून लाल दिव्याची गाडी मिळवावी, माेठा अधिकारी हाेऊन सामान्य लाेकांना न्याय देता यावा, या दृष्टीने त्याची पाऊलवाट सुरू हाेती. पण, विजेचा शाॅक लागून चैतन्य याचा मृत्यू झाला आणि सर्व स्वप्न मध्येच भंगले आहे.प्राचार्य डाॅ. दयानंद माने म्हणाले की, कृषी विद्यापीठाचे डीन डॉ. साताप्पा खरबडे यांच्यासह मी आणि माझी संपूर्ण टीमने गुरुवारी सर्व परिसराची पाहणी केली आहे. या घटनेची संपूर्ण तपासणी करण्यात येत आहे. साेबतच वसतिगृहातील सर्व देखभाल-दुरुस्तीचे काम तातडीने हाती घेण्यात आले असून, नवीन सहा वाॅटर कुलरही बसविण्यात येणार आहेत. पुन्हा अशी घटना घडू नये म्हणून प्रशासन दक्ष आहे.

चैतन्य चव्हाण हा मुलगा खूप हुशार आणि गुणी हाेता. तसेच समाजकार्यात ताे कायम पुढे असे. दुर्घटनेच्या अगदी चार दिवस आधीच मेस कमिटीची बैठक झाली हाेती. त्यात चैतन्य आणि त्याच्या सहकाऱ्यांनी काही अडचणी मांडल्या हाेत्या. त्यानुसार दुसऱ्याच दिवशी अर्थात ११ मार्च राेजी मी आणि माझी टीम वसतिगृह आणि मेस परिसराची प्रत्यक्ष पाहणी केली. स्टाेअर रूममध्ये हाेणारी पाणी गळती, झाडावरून अचानक नारळ पडून दुर्घटना हाेण्याचा धाेका, यासह विविध प्रश्नांनी चर्चा करण्यात आली. त्यावर तत्काळ ॲक्शनही घेण्यात आली. काही प्रश्न मार्गी लावले, तर साेडवण्याच्या काही प्रक्रियेत हाेते. या दरम्यान वाॅटर कुलरला स्पर्श केल्याने शाॅक लागत आहे, असे कुणी निदर्शनास आणून दिले असते, तर आज चैतन्य आपल्यात राहिला असता. दुर्दैवाने तसे घडले नाही. सदर धाेका वायरमनच्याही निदर्शनास आणून दिला गेला नाही. याचे खूप वाईट वाटत आहे, असेही डाॅ. माने म्हणालेमेस कमिटीसाेबत १० मार्च राेजी बैठक झाली हाेती. त्यात चैतन्य देखील उपस्थित हाेता. त्याने स्टाेअर रूममध्ये गळती हाेत असून, अन्नाची नासाडी हाेण्याची शक्यता आहे, अशी भीती व्यक्त केली हाेती. त्यानंतर तातडीने ११ मार्च राेजी मेसला भेट देऊन प्रश्न मार्गी लावला हाेता. यावेळी वाॅटर कुलरचा मुद्दा चर्चेत आला असता तर तातडीने साेडवता आला असता, असे प्राचार्यांनी सांगितले. मात्र या बैठकीस उपस्थित असलेल्या मेस समितीच्या सदस्यांनी वाॅटर कुलरचा मुद्दा देखील मांडला गेला हाेता. प्रशासनाने ठाेस निर्णय घेण्याऐवजी छाेटी-छाेटी कामे केली. आता तरी ठाेस निर्णय घेऊन कामे मार्गी लावली जावीत, अशी अपेक्षा आहे. राजकीय नेत्यांप्रमाणे ‘आश्वासने नकाे, कृती हवी’ अशीही भावना व्यक्त केली.

विजेच्या धक्क्याने कृषी महाविद्यालयाच्या विद्यार्थ्याचा बळी गेला. याबाबत कळताच महाविद्यालय प्रशासनाकडून तातडीने घटनेची माहिती मागवली आहे. तसेच चाैकशी समिती नेमण्याचे आदेश दिले आहेत. देखभाल-दुरुस्तीची कामे मार्गी लावण्यासह संबंधित दुर्घटनेला जबाबदार असलेल्या व्यक्तींवर कारवाई केली जाईल. तसेच चैतन्य चव्हाण याच्या कुटुंबीयांना सरकारकडून याेग्य ती मदत केली जाईल. - दत्तात्रय भरणे, कृषिमंत्री

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इस मामले में मुख्य आरोपी भक्तिधर दास को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया, जिसे इस आपराधिक नेटवर्क की एक प्रमुख कड़ी माना जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में उग्रवादी नाम का दुरुपयोग कर हो रही अवैध गतिविधियों पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद की गई गहन पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। आरोपी ने अपने अन्य साथियों के बारे में भी खुलासा किया है, जिसके आधार पर पुलिस ने कम से कम चार अन्य सहयोगियों की पहचान की है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इन आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन सभी आरोपी मौके से फरार पाए गए। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है।छापेमारी के दौरान पुलिस को कई आपत्तिजनक और संदिग्ध सामग्री हाथ लगी है, जिनमें ULFA (S.W.) से जुड़े कथित पैड, बड़ी संख्या में मोबाइल सिम कार्ड, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री शामिल हैं। इन बरामद वस्तुओं से यह संकेत मिलता है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाकर उगाही कर रहा था और इसके लिए तकनीकी संसाधनों का भी इस्तेमाल कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने ‘पनिसकुआ’ नामक एक व्यवसायी से ₹15 लाख से अधिक की राशि की मांग की थी। आरोपियों ने प्रतिबंधित संगठन के नाम का भय दिखाकर व्यापारियों और आम नागरिकों को डराने और उनसे पैसे वसूलने का प्रयास किया। इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही थीं। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपी भक्तिधर दास के कब्जे से एक अमेरिकी निर्मित पिस्तौल भी बरामद की है। इसके अलावा, प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क का संबंध लगभग 32 अवैध हथियारों से हो सकता है। इससे क्षेत्र में अवैध हथियारों के प्रसार और संभावित आपराधिक गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में कई और अहम खुलासे होने की संभावना है। साथ ही, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उग्रवादी संगठन के नाम पर उगाही या भय फैलाने की गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम नागरिकों और व्यापारियों से भी अपील की गई है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल या मांग की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस कार्रवाई को असम में उग्रवाद के नाम पर चल रहे अवैध आर्थिक नेटवर्क पर एक बड़ा और निर्णायक प्रहार माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में ऐसे गिरोहों पर लगाम कसने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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Aima midiya jan jan ki avaj Date 27.3.2026 12:44am फ्लॅट, गोडाऊनच्या नावाखाली महिलेलापुणे : फ्लॅट आणि गोडाऊन देण्याचे आमिष दाखवून एका महिलेची ६० लाख रुपयांहून अधिक रकमेची फसवणूक केल्याप्रकरणी राष्ट्रवादीचे नगरसेवक हाजी अब्दुल गफुर पठाण यांचे बंधू हुसेन अहमद पठाण यांच्यावर खडक पोलिस ठाण्यात गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे. गणेश पेठ परिसरात हा प्रकार घडला.

याबाबत अश्विनी दिलीप सारंदा (वय ३१, रा. गणेश पेठ) यांनी फिर्याद दिली आहे. आरोपी हुसेन अहमद पठाण (वय ५०, रा. दत्तवाडी) याने ‘अम्मार डेव्हलपर्स अँड बिल्डर्स’ या कंपनीच्या माध्यमातून गणेश पेठेतील ‘अमान प्लाझा’ या इमारतीत मालमत्ता देण्याचे आमिष फिर्यादीला दाखवले होते. मार्च २०१६ मध्ये हा व्यवहार ठरला होता. यामध्ये पहिल्या मजल्यावरील ६०० चौ. फूट क्षेत्रफळाचा फ्लॅट ज्याची किंमत ३८ लाख ४० हजार आणि तळमजल्यावरील १९० चौ. फूट क्षेत्रफळाचे गोडाऊन ज्याची २१ लाख ८५ हजार रुपये एवढी किंमत आहे. या दोन्ही मालमत्तांसाठी ३० जून २०२४ पर्यंत फिर्यादीने संपूर्ण रक्कम अदा केली होती. इतकेच नव्हे तर इलेक्ट्रिक कनेक्शन, मीटर चार्जेस आणि कायदेशीर फी पोटीही स्वतंत्र रक्कम आरोपीने स्वीकारली होती. मात्र, २०१६ पासून ते २०२६ पर्यंत तब्बल १० वर्षांचा कालावधी उलटूनही आरोपीने मालमत्तेचे खरेदीखत करून दिले नाही. वारंवार विनवणी करूनही ताबा न देता, विश्वासघात करून आर्थिक लुबाडणूक केल्याचे फिर्यादीत नमूद करण्यात आले आहे. खडक पोलिसांनी या प्रकरणाची गंभीर दखल घेत हुसेन पठाण याच्यावर भारतीय न्याय संहितेच्या आणि आयपीसीच्या विविध कलमांनुसार गुन्हा नोंदवला आहे. खडक पोलिस ठाण्याचे वरिष्ठ पोलिस निरीक्षक शशिकांत चव्हाण यांच्या मार्गदर्शनाखाली पुढील तपास करण्यात येत आहे ६० लाखांचा गंडा; राष्ट्रवादी काँग्रेस नगरसेवकाच्या भावावर गुन्हा

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गाजीपुर के जिला संयोजक अजय कुमार बिंद चयनित

बीजेपी के इशारे पर डॉ. संजय पिछड़ों की सामाजिक एकता भंग करने की कर रहे हैं साजिश : श्यामलाल

गाजीपुर। दिनांक 26.03.2026 को मोस्ट कल्याण संस्थान उ.प्र. के तत्वावधान में सामाजिक जागरूकता एवं सामाजिक प्रगति चिंतन कार्यक्रम का आयोजन रेलवे स्टेशन के बगल, गोड़ा देहाती में मोस्ट डायरेक्टर शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरूजी" के नेतृत्व व शिवनाथ विंद की अध्यक्षता एवं अर्जुन सिंह कश्यप के संरक्षण में सम्पन्न हुआ।
उक्त अवसर पर अजय कुमार विंद को जिला संयोजक गाजीपुर चयनित किया गया।
मोस्ट डायरेक्टर शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरूजी" ने कहा कि डॉ. संजय निषाद का झूठा कथन कि निषादों का हक विपक्ष में बैठे हाथी व साइकिल वाले खा रहे हैं, आरक्षण सपा नहीं लागू करने दे रही है बीजेपी के इशारे पर पिछड़ों से निषादों को लड़ाकर मोस्ट की एकता को कमजोर करने की साजिश है।
इस मौके पर मोस्ट प्रमुख ज़ीशान अहमद, जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव, प्रो. जी. सिंह कश्यप, मुसाफिर विंद, दुर्गा विजय विंद, अमरजीत विंद, प्रधान अजय कुमार विंद, हरिश्चंद्र राम विंद, पुरुषोत्तम राम, कमल कुमार विंद, मनोज कुमार विंद, राजेश कुमार विंद, राज कमल विंद, प्रधान बाबू राम विंद, राम हरख विंद, गुलाब चंद्र राम, लोरिक प्रसाद विंद, डॉ. चंद्रमा विंद, शिव बचन प्रसाद, राजेश विंद, राम बिलास, करन विंद, मुन्नीलाल विंद, अमर जीत विंद, अरविंद कुमार, गुड्डू कुमार विंद, विजय कुमार विंद, अखिलेश कुमार विंद, सुरेंद्र कुमार विंद, अभिषेक रंजन विंद, मार्कण्डेय विंद, अभिषेक कुमार विंद, अशोक कुमार विंद, हरिकेश सिंह यादव, ओम प्रकाश कोरी, संजय कुमार विंद, राम धन राम विंद, बजरंगी प्रसाद विंद, निर्गुण विंद, अनिल निषाद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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असम के बरपेटा में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अवैध अतिक्रमण और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कड़े और स्पष्ट बयान दिए। उनके इन वक्तव्यों ने चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारें कथित रूप से कुछ वर्गों के अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने से राजनीतिक कारणों से हिचकिचाती रहीं। उन्होंने कुछ नेताओं के नाम लेते हुए कहा कि राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते पहले सख्त कदम नहीं उठाए गए, जबकि वर्तमान सरकार इस मामले में पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। धार्मिक संवेदनाओं से जुड़े किसी भी उकसावे या विवाद को गंभीरता से लिया जाएगा और कानून के तहत सख्ती से निपटा जाएगा। मुख्यमंत्री के इन बयानों के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं और विभिन्न दलों की ओर से इस पर तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।

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Aima midiya jan jan ki avaj Date 27.3.2026 am12:40 Pune Budhwar Peth: बुधवार पेठ पोलीस कारवाईवर प्रश्नचिन्ह; शाळकरी मुलींना कुटुंबांपासून दूर केल्याचा आरोप पुणेपुणेपुणे : बुधवार पेठ परिसरात फेब्रुवारीमध्ये झालेल्या पोलिस कारवाईदरम्यान शाळकरी मुलींना त्यांच्या कुटुंबांपासून वेगळे केल्याच्या घटनेवर तथ्य-शोधन समितीने गंभीर प्रश्न उपस्थित केले आहेत. लैंगिक समानता आणि बालहक्क क्षेत्रात काम करणाऱ्या कार्यकर्त्यांच्या समितीने प्रसिद्ध केलेल्या अहवालात या कारवाईत कायदेशीर प्रक्रिया, बालहक्क आणि कुटुंबाच्या हक्कांचे उल्लंघन झाल्याचा आरोप करण्यात आला आहे.

या तथ्य-शोधन समितीत नॅशनल नेटवर्क ऑफ सेक्स वर्कर्सच्या मीना शेषू, मासूम (पुणे) च्या मनीषा गुप्ते, मुक्त पत्रकार विद्या कुलकर्णी आणि बालहक्क क्षेत्रात काम करणाऱ्या ‘लेट्स प्ले ट्रस्ट’च्या सायली अत्रे यांचा समावेश होता. समितीने स्थळभेट, कुटुंबांच्या मुलाखती आणि संबंधित अधिकाऱ्यांशी चर्चा करून अहवाल तयार केला या अहवालानुसार, पोलिसांनी मध्यरात्री छापे टाकत अनेकांना ताब्यात घेतले आणि कुटुंबासोबत राहणाऱ्या चार अल्पवयीन मुलींनाही वेगळे करून देखरेखीखाली ठेवले. पालकांनी ओळखपत्रे व शाळेची कागदपत्रे दाखवूनही मुलींना ताब्यात घेण्यात आल्याचा आरोप करण्यात आला आहे. मुलींना कोणताही तत्काळ धोका नव्हता, त्या शाळेत जात होत्या, तरीही कारवाईला ‘सुटका मोहीम’ म्हटल्याबद्दल कुटुंबांनी आक्षेप घेतला आहे.

समितीच्या अहवालात बाल कल्याण समितीच्या भूमिकेवरही टीका करण्यात आली आहे. राहण्याचे ठिकाण आणि सामाजिक परिस्थिती यावर आधारित पालकांना ‘योग्य व्यक्ती’ नसल्याचे ठरवून मुलींना कुटुंबाच्या ताब्यात देण्यास नकार देण्यात आल्याचा आरोप करण्यात आला आहे. हा निर्णय मुलांच्या सर्वोत्तम हिताऐवजी परिसराविषयीच्या पूर्वग्रहांवर आधारित असल्याचे समितीचे मत आहे. अहवालात भारतीय संविधान, बाल न्याय कायदा आणि पॉक्सो कायद्यांतील संरक्षणात्मक तरतुदींचे पालन झाले का, याची चौकशी करण्याची मागणी करण्यात आली आहे. बालसंरक्षणाच्या नावाखाली केलेली कारवाई मुलांच्या शिक्षणात अडथळा आणणारी व कुटुंबांना दीर्घकालीन हानी पोहोचवणारी ठरू शकते, असे समितीने नमूद केले.समितीने या प्रकरणाची स्वतंत्र व निष्पक्ष चौकशी, पोलिस व बाल कल्याण यंत्रणांचे संवेदनशीलता प्रशिक्षण, तसेच संस्थात्मकतेऐवजी कुटुंब-आधारित काळजी आणि समुपदेशनाला प्राधान्य देण्याची शिफारस केली आहे. मुलांच्या संरक्षणाच्या नावाखाली त्यांच्या प्रतिष्ठेला आणि कुटुंबाच्या हक्कांना धक्का लागता कामा नये, असे समितीने स्पष्ट केले आहे.

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रिपोर्ट: पंकज गुप्ता
जिला: जालौन | राज्य: उत्तर प्रदेश

जालौन, 27 मार्च 2026 — देशभर में एक बार फिर लॉकडाउन को लेकर अफवाहों का दौर तेज हो गया है। सोशल मीडिया पर कई तरह के मैसेज और पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार जल्द ही पूर्ण लॉकडाउन लगाने जा रही है। हालांकि, सरकार ने इन सभी खबरों को भ्रामक और निराधार बताया है। केंद्र सरकार के अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों को सतर्क रहने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए, जैसे मास्क पहनना, हाथों की सफाई और भीड़-भाड़ से बचना। लेकिन वर्तमान में लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं है।

निष्कर्ष: लॉकडाउन को लेकर फैल रही खबरें पूरी तरह अफवाह हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है। नागरिकों से अपील है कि वे अफवाहों से बचें और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें।

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हल्दवानी: पीठ दर्द के इलाज में लंबे समय तक ओपन सर्जरी को ही प्रमुख विकल्प माना जाता रहा है, जिसमें बड़े चीरे और लंबी रिकवरी शामिल होती है। लेकिन एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी ने इस सोच को बदल दिया है। यह एक हाई-प्रिसिशन और टिश्यू-स्पेयरिंग तकनीक है, जिसमें हाई-डेफिनिशन कैमरा और माइक्रो इंस्ट्रूमेंट्स की मदद से सर्जन रीढ़ तक बहुत छोटे, अक्सर एक सेंटीमीटर से भी कम चीरे के जरिए पहुंचते हैं। इसका उद्देश्य स्पष्ट है—न्यूरल स्ट्रक्चर्स पर दबाव को कम करना और समस्या का समाधान करना, साथ ही आसपास की मांसपेशियों, लिगामेंट और हड्डियों को अधिकतम सुरक्षित रखना।


इस तकनीक के केंद्र में स्पाइनल एंडोस्कोप होता है, जो एक पतली ट्यूब के रूप में कैमरा, लाइट सोर्स और वर्किंग चैनल से लैस होता है। सर्जरी के दौरान लगातार सलाइन इरिगेशन से ऑपरेटिव एरिया साफ रहता है और ब्लीडिंग भी कम होती है। फ्लोरोस्कोपी या एंडोस्कोपिक गाइडेंस के तहत सर्जन शरीर के नेचुरल एनाटॉमिकल पाथवे के जरिए बेहद सटीक तरीके से आगे बढ़ते हैं।


मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं यूनिट हेड डॉ. प्रांकुल सिंघल ने बताया “एंडोस्कोपिक तकनीक का इस्तेमाल मुख्य रूप से लम्बर डिस्क हर्निएशन, फोरामिनल स्टेनोसिस और कुछ मामलों में स्पाइनल कैनाल स्टेनोसिस के इलाज में किया जाता है। चुने हुए मामलों में सर्वाइकल या थोरासिक डिस्क से जुड़ी समस्याओं में भी यह प्रभावी हो सकती है। इस प्रक्रिया में न्यूरल डीकम्प्रेशन किया जाता है, जबकि पैरास्पाइनल मसल्स को लगभग बिना छेड़े रखा जाता है, जिससे ऑपरेशन के बाद दर्द कम होता है और मरीज जल्दी चल-फिर पाता है। क्लिनिकल दृष्टिकोण से देखें तो कम टिश्यू डैमेज का सीधा लाभ मरीज को मिलता है—पोस्ट-ऑपरेटिव दर्द कम होता है, ब्लड लॉस न्यूनतम रहता है और अस्पताल में रहने की अवधि भी घट जाती है। कई मामलों में यह सर्जरी रीजनल एनेस्थीसिया और कॉन्शियस सेडेशन के साथ की जाती है, जो बुजुर्ग या अन्य बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है। मरीज अक्सर कुछ ही घंटों में चलना शुरू कर देते हैं और छोटा चीरा होने के कारण निशान भी बहुत कम दिखाई देता है। सबसे अहम बात यह है कि रीढ़ की स्थिरता काफी हद तक बरकरार रहती है, जिससे ओपन सर्जरी में होने वाले संभावित जटिलताओं का जोखिम कम हो जाता है।“


हालांकि, एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं है। जटिल विकृति, अस्थिरता जिसमें फ्यूजन की जरूरत हो, संक्रमण या कैंसर जैसे मामलों में पारंपरिक सर्जरी अधिक उपयुक्त रहती है। सही मरीज का चयन बेहद महत्वपूर्ण है, जहां रेडियोलॉजिकल फाइंडिंग्स और क्लिनिकल लक्षणों में स्पष्ट तालमेल होना चाहिए। बिना सोचे-समझे इसका उपयोग करने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सकते।


आने वाले समय में, जैसे-जैसे इंस्ट्रूमेंट्स में सुधार होगा और सर्जनों की ट्रेनिंग और अधिक संरचित होगी, एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी का उपयोग और बढ़ने की संभावना है। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि इसे सही मरीजों में, सटीक तकनीक और शरीर की एनाटॉमी की गहरी समझ के साथ अपनाया जाए। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह मरीजों को कम शारीरिक तनाव के साथ प्रभावी राहत देने का एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रही है।

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Aima midiya jan jan ki avaj Date 27.3.2026 am12:38 पुण्यात स्टोव्हचे दिवस परतले...! लोकांनी अडगळीत, पोटमाळ्यावर ठेवलेले स्टोव्ह दुरुस्तीसाठी आणले...इराण-अमेरिका, इस्रायल युद्धामुळे जगभरात इंधन टंचाई निर्माण झाली आहे. होर्मुझच्या सामुद्रधुनीतून भारत कशीबशी आपली जहाजे बाहेर काढत आहे. परंतू, देशासमोर इंधन टंचाईचे संकट उभे ठाकलेले आहे. केंद्र सरकारच्या मालकीच्या एलपीजी गॅस पुरवठादार कंपन्यांनी दोन सिलिंडरमधील बुकिंगचा कालावधी वाढविला आहे. शहरात २५ दिवस आणि ग्रामीण भागात ४५ दिवसांवर केल्याने आता लोकांना लाकडाच्या चुली आणि रॉकेलवर चालणारे स्टोव्ह काढण्यास सुरुवात केली आहे.

हे चित्र छोट्या शहरातील किंवा ग्रामीण भागातील नसून पुण्यातील आहे. रेशनवर सरकारने रॉकेल पुन्हा उपलब्ध करण्यास सुरुवात केली आहे. यामुळे गॅस टंचाई आणि गॅस वाचविण्यासाठी लोकांनी घरातील अडगळीत पडलेले आणि पोटमाळ्यावर ठेवलेले जुने स्टोव्ह दुरुस्त करण्यास सुरुवात केली आहे. रॉकेल रेशन दुकानावर उपलब्ध होऊ लागले आहे. याचे दर लीचरमागे ६० रुपये असल्याचे या लोकांनी सांगितले. तसेच काळ्या बाजारातही रॉकेल मिळते, त्यासाठी १००-१२० रुपये मोजावे लागतात असेही त्यांनी सांगितले.

कधी कशाची गरज लागेल...
आज कधी कशाची गरज लागेल याबाबत काहीच सांगता येणार नाही अशी परिस्थिती आहे. एलपीजी आल्याने रॉकेलवरील स्टोव्ह बंद झाले होते. यामुळे त्यांना लागणारे सुटे पार्ट जसे की स्टोव्हची पिन, पंप करण्यासाठी लागणारे आतील वायसर, बर्नर, चावी आदी गोष्टी कंपन्यांनी बनविणे बंद केले होते. आता पुन्हा त्याची मागणी आली आणि लोकांकडून शोधाशोध सुरु झाली आहे. या जुन्या दुकानदारांकडे देखील ते पुरेसे उपलब्ध नाहीय. भविष्यात युद्ध वाढले आणि इंधन टंचाई झालीच तर मात्र या गोष्टींची पुन्हा मागणी वाढण्याची शक्यता असल्याचे या दुकानदारांनी सांगितले.

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गोगुंदा (उदयपुर) में जादू कला का अद्भुत प्रदर्शन — पी.एस. देवड़ा बने विजेता

गोगुंदा, उदयपुर (राजस्थान), दिनांक 24 मार्च 2026।
इंटरनेशनल वर्ल्ड हरि ओम जादू सोसाइटी, भारत द्वारा फरवरी माह के विजेता चयन हेतु एक विशेष ऑफलाइन कार्यक्रम का आयोजन गोगुंदा, उदयपुर में किया गया। इस आयोजन में देशभर के प्रतिभाशाली जादूगरों ने अपनी अनूठी जादू कला का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि विजेताओं का चयन लाइव वीडियो के माध्यम से ज्यूरी मेंबर्स के सामने किया गया, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रही। इस दौरान प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक जादुई आइटम प्रस्तुत किए, लेकिन सबसे अलग और आकर्षक प्रस्तुति रही “राजस्थान की ताज पगड़ी” का जादू, जिसमें पगड़ी को जलाकर पुनः सही अवस्था में प्रस्तुत किया गया। इस अद्भुत कला ने अध्यक्ष हरि ओम जादूगर सभी ज्यूरी सदस्यों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस शानदार प्रदर्शन के लिए जादूगर पी.एस. देवड़ा को प्रथम स्थान (फर्स्ट विनर) घोषित किया गया। उन्हें मोमेंटो और सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान पुलिस के सहयोग से प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए, जिससे आयोजन की गरिमा और विश्वसनीयता और बढ़ गई।

इस अवसर पर हरि ओम जादूगर के समक्ष लाइव शो प्रस्तुत किया गया, जिसने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के आयोजन जादू कला को बढ़ावा देने और नए कलाकारों को मंच देने के उद्देश्य से किए जाते हैं।

यह कार्यक्रम पूरी तरह ऑफलाइन आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय स्तर पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर जादू कला का आनंद लिया।
हरि ओम जादूगर ने बताया कि दो देशों के जादूगर भाग लिया था भारत श्रीलंका जिसमें
जादूगर ने आनलाइन प्रतियोगिता व आफलाइन किया गया जिसमें जादूगर पि एस देवड़ा को विनर विजेता घोषित किया गया

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ଡାକ୍ତର ସଞ୍ଜୀବ କୁମାର ଓତା ସମ୍ମାନିତ।

କେନ୍ଦୁଝର, ତା୨୭/୦୩- କଳିଙ୍ଗ ଇନଷ୍ଟିଚ୍ୟୁଟ ଅଫ୍ ଦାନ୍ତ ମହାବିଦ୍ୟାଳୟ,କିଟ୍ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ଭୁବନେଶ୍ୱର ତରଫରୁ କିଡସ୍ ପ୍ରେକ୍ଷାଳୟରେ ଆୟୋଜିତ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧନା ଉତ୍ସବରେ କେନ୍ଦୁଝରର ସୁନାମଧନ୍ୟ ଦନ୍ତ ରୋଗ ବିଶେଷଜ୍ଞ ଡାକ୍ତର ସଞ୍ଜୀବ କୁମାର ଓତାଙ୍କୁ ତାଙ୍କର ସମାଜସେବା ପାଇଁ କିଟ୍ ପ୍ରତିଷ୍ଠାତା ଡ଼ ଅଚ୍ୟୁତ ସାମନ୍ତଙ୍କ ପରାମର୍ଶ କ୍ରମେ କିଡସର ଡାଇରେକ୍ଟର ଡାକ୍ତର ଯୁଗଜ୍ୟୋତି ପାଠି ଓ ପ୍ରିନ୍ସିପାଲ ଡାକ୍ତର ସଙ୍ଗମେସ ଏନ.ସି. ଉତ୍ତରୀୟ ଓ ମାନପତ୍ର ଦେଇ ସମ୍ମାନିତ କରିଥିଲେ।ବରିଷ୍ଠ ଦାନ୍ତ ରୋଗ ବିଶେଷଜ୍ଞ ଡାକ୍ତର ସଞ୍ଜୀବ କୁମାର ଓତା ଅସହାୟ ଶିଶୁ ଏବଂ ଦିବ୍ୟାଙ୍ଗ ଶିଶୁ ମାନଙ୍କୁ ଓଡ଼ିଶା ସାରା ନିଜର ପ୍ରଚେଷ୍ଟା ଫଳରେ ନିୟମିତ ଭାବେ ସେମାନଙ୍କର ସେବା ଓ ସାହାଯ୍ୟ କରି ଆସୁଛନ୍ତି।ଏହିଭଳି ନିଃସ୍ୱାର୍ଥପର ସେବା ମନୋଭାବ ପାଇଁ ଡାକ୍ତର ଓତାଙ୍କୁ ସମ୍ମାନିତ କରାଯାଇଛି।ଏହି ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧନା ଉତ୍ସବରେ ଓଡ଼ିଶାର ବିଭିନ୍ନ ଡ଼ାକ୍ତରୀ ମହାବିଦ୍ୟାଳୟରୁ ଶତାଧିକ ଛାତ୍ର ଛାତ୍ରୀ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ।ଏହି ଅବସରରେ ଡାକ୍ତର ଓତାଙ୍କୁ ବିଭିନ୍ନ ମହଲରୁ ଶୁଭେଚ୍ଛା ଜ୍ଞାପନ କରାଯାଇଛି।

ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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ଚଇତି ପରବ ପାଇଁ କୋଇଲି ପାରି ଉତ୍ସବମୁଖର
ତାରିଖ -୨୭/୩/୨୬
ମାଲକାନଗିରି: ଉପାନ୍ତ ଅଞ୍ଚଳରେ ବିଭିନ୍ନ ସମୟରେ ଅନେକ ପରବ ପାଳନ ହୋଇଥାଏ, ସେଥିରୁ ଚଇତି ପରବ ଏକ ନିଆରା ଓ ପାରମ୍ପରିକ ପରବ ଭାବେ ପରିଚିତ। ଆଦିବାସୀ ଗ୍ରାମମାନଙ୍କରେ ଏହି ପରବକୁ ବିଶେଷ ଉତ୍ସାହ ଓ ଆନନ୍ଦର ସହ ପାଳନ କରାଯାଉଛି।
ପରମ୍ପରାନୁସାରେ, ପ୍ରତ୍ୟେକ ଘରର ଲୋକମାନେ ନିଜ ଘରକୁ ରଙ୍ଗରେ ସଜାଇ ସୁନ୍ଦର କରିଥାନ୍ତି ଓ ପରିବାର ସଦସ୍ୟଙ୍କ ପାଇଁ ନୂତନ ବସ୍ତ୍ର କ୍ରୟ କରିଥାନ୍ତି। ପୂଜାର୍ଚ୍ଚନା ପରେ ନୂଆ ଆମ୍ବ ଖାଇବାର ପରମ୍ପରା ଆଜିବି ଅବିଚ୍ଛିନ୍ନ ଭାବେ ଚାଲିଆସୁଛି।
ମାଲକାନଗିରି ଜିଲ୍ଲା କୋରୁକୋଣ୍ଡା ବ୍ଲକର କୋଇଲି ପାରି ଗ୍ରାମରେ ଏହି ପରବର ଅନୁଷ୍ଠାନ ଏକ ସୁନ୍ଦର ଚିତ୍ର ପ୍ରଦର୍ଶନ କରିଛି। ଗ୍ରାମବାସୀମାନେ ଏକତ୍ରିତ ହୋଇ ଗତକାଲି “ବିହନ ବାଟା” ଅବସରରେ ନୂତନ ଫସଲ ଧାନ, ମୁଗ ଓ ବିରିକୁ ପରମ୍ପରା ଅନୁସାରେ ପୂଜା କରି ଘରକୁ ଆଣିଥିଲେ। ପରେ ଶୁଭ ଦିନ ନିର୍ଦ୍ଧାରଣ କରି ସେହି ଫସଲକୁ ପୂଜା କରି ଚାଷ ଜମିରେ ବୁଣାଯାଇଥାଏ।
ଆଜି ଗ୍ରାମ ଦେବତାଙ୍କ ପାଖରେ ପୂଜାର୍ଚ୍ଚନା ପରେ ସମସ୍ତେ ନୂତନ ଆମ୍ବ ଖାଇ ପରବର ଶୁଭାରମ୍ଭ କରିଥିଲେ। ପରବ ପର୍ବରେ ଗ୍ରାମର ମହିଳା, ପୁରୁଷ ଓ ଯୁବପିଢ଼ି ମା ମାଉଳି ମନ୍ଦିରରେ ଏକତ୍ରିତ ହୋଇ ପାରମ୍ପରିକ ଢେମସା ନୃତ୍ୟ ପ୍ରଦର୍ଶନ କରିଥିଲେ। ଏହି ନୃତ୍ୟ ମାଧ୍ୟମରେ ଗ୍ରାମରେ ଭାଇଚାରା, ସମ୍ମିଳନ ଓ ଏକତାର ଅଦ୍ଭୁତ ଚିତ୍ର ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଥିଲା।
ପରମ୍ପରା ଅନୁଯାୟୀ, ପରବ ଆରମ୍ଭ ଦିନଠାରୁ ତିନି ଦିନ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଗ୍ରାମରେ କୌଣସି ନୂତନ କାମ ଆରମ୍ଭ କରାଯାଏ ନାହିଁ। ଗ୍ରାମର ପୂଜାରୀ ଓ ପେଦାମାନେ ଏହା ସ୍ପଷ୍ଟ କରିଥିବା ବେଳେ, ଆଧୁନିକ ଯୁଗରେ ମଧ୍ୟ ଏହି ପାରମ୍ପରିକ ଆଚାରକୁ ଗ୍ରାମବାସୀମାନେ ନିଷ୍ଠାର ସହ ଅନୁସରଣ କରୁଥିବା ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଛି।

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ਮਨ ਦੀਆਂ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਦਰਸਾਉਂਦੀਆਂ ਕਵਿਤਾਵਾਂ 'ਰੂਹ ਦੇ ਜਜ਼ਬਾਤ'
​ਪੁੰਗਰਦੇ ਲੇਖਕਾਂ ਭਾਵੇਂ ਉਹ ਕਵੀ ਹੋਣ ਜਾਂ ਕਹਾਣੀਕਾਰ, ਨੂੰ ਪ੍ਰਫੁੱਲਤ ਕਰਨ ਲਈ ਸਾਂਝੇ ਸੰਗ੍ਰਹਿਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ਿਤ ਕਰਨਾ ਚੰਗਾ ਉਪਰਾਲਾ ਹੈ। ਜਿਹੜੇ ਲੇਖਕ ਪੁਸਤਕ ਨਹੀਂ ਛਪਵਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਜਾਂ ਛਪਾਉਣ ਤੋਂ ਅਸਮਰਥ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਉਹਨਾਂ ਲਈ ਵਧੀਆ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਹੈ। ਅੱਜ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਾਫ਼ੀ ਸਾਂਝੇ ਸੰਗ੍ਰਹਿ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ਿਤ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ।
​ਜੇਕਰ ਹਵਾਲੇ ਸਾਂਝੇ ਕਾਵਿ ਸੰਗ੍ਰਹਿ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰੀਏ ਤਾਂ ਇਹ ਕਾਵਿ ਸੰਗ੍ਰਹਿ "ਰੂਹ ਦੇ ਜਜ਼ਬਾਤ" ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਸਹੋਤਾ, ਸੁਦ ਵਿਰਕ ਅਤੇ ਰਵਿੰਦਰ ਭਾਰਤੀਯ ਦੀ ਸੰਪਾਦਕੀ ਮੰਡਲ ਵੱਲੋਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਕਰੀਬ ਇਕਵੰਜਾ ਕਵੀਆਂ ਦੀਆਂ ਕਵਿਤਾਵਾਂ, ਗ਼ਜ਼ਲਾਂ ਅਤੇ ਗੀਤ ਆਦਿ ਸ਼ਾਮਲ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਵਿਦਵਾਨਾਂ ਅਤੇ ਅਕਾਦਮੀ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣੇ ਆਪਣੇ ਵਿਚਾਰ ਅਤੇ ਸੰਦੇਸ਼ ਵਿਅਕਤ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਇਸ ਪੁਸਤਕ ਦੀ ਖ਼ੂਬੀ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਪੁਸਤਕ ਵਿਚ ਕਵੀਆਂ ਦੀਆਂ ਰਚਨਾਵਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਉਹਨਾਂ ਦੀਆਂ ਤਸਵੀਰਾਂ ਅਤੇ ਸਾਹਿਤਕ ਜਾਣਕਾਰੀ ਵੀ ਛਾਪੀਆਂ ਹਨ।
​ਪੁਸਤਕ ਵਿਚਲੇ ਸਾਰੇ ਕਵੀਆਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਮਨ ਦੇ ਅੰਤਰੀਵ ਭਾਵਾਂ ਨੂੰ ਕਾਵਿ ਰੂਪ ਪਾਠਕਾਂ ਦੇ ਸਨਮੁੱਖ ਰੱਖੇ ਹਨ। ਕਵਿਤਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਵੱਖ ਵੱਖ ਵਿਸ਼ੇ, ਭਾਵਨਾਵਾਂ, ਪਹਿਲੂਆਂ ਅਤੇ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਨੂੰ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਸਮੁੱਚੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਇਸ ਸਾਂਝੇ ਕਾਵਿ ਸੰਗ੍ਰਹਿ ਨੂੰ ਪੜ੍ਹਦਿਆਂ ਇਹਨਾਂ ਕਵਿਤਾਵਾਂ ਵਿਚ ਮਨੁੱਖਤਾ ਦੇ ਦੁਸ਼ਮਣ, ਮਿਠਾਸ, ਪਿਆਰ, ਚੜ੍ਹਦੇ ਲਹਿੰਦੇ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੀਆਂ ਯਾਦਾਂ, ਪਾਖੰਡ, ਸਮੇਂ ਦਾ ਬਦਲਦੇ ਰਹਿਣਾ, ਮਤਲਬ ਪ੍ਰਸਤ ਰਿਸ਼ਤੇ, ਬਜ਼ੁਰਗਾਂ ਦੀ ਸਾਂਝ ਸੰਭਾਲ, ਰੱਬ ਦਾ ਡਰ, ਹੌਸਲੇ, ਠੱਗੀ ਠੋਰੀ, ਧਾਰਮਿਕ ਕਵਿਤਾਵਾਂ, ਧੀਆਂ ਦੀ ਚਿੰਤਾ, ਮਾਂ ਰੱਬ ਦਾ ਰੂਪ, ਔਰਤ ਦਾ ਸੋਸ਼ਣ, ਵਾਤਾਵਰਨ, ਸਕੂਨ ਅਤੇ ਬਿਰਹੋਂ ਵਰਗੇ ਪਹਿਲੂਆਂ ਨੂੰ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ।
​ਪੁਸਤਕ ਵਿਚ ਪ੍ਰਤਾਪ ਪਾਰਸ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰੀ ਹੁਰਾਂ ਆਪਣੀ ਗ਼ਜ਼ਲ ਵਿੱਚ ਤੁਰ ਗਏ ਸੱਜਣਾਂ ਦੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਨੂੰ ਸਮੇਟਦਿਆਂ ਸੱਜਣ ਦੇ ਮਿਲਣ ਦੀ ਤਾਂਘ ਅਤੇ ਵਿਛੋੜੇ ਦਾ ਸੱਲ ਆਪਣੇ ਗ਼ਜ਼ਲ ਵਿਚ ਸਮੋਇਆ ਹੈ। ਜਿਹੜੇ ਕਦੇ ਆਪਣੇ ਸੀ, ਉਹ ਬੇਗਾਨੇ ਹੋ ਗਏ। ਉਹਨਾਂ ਪਿਆਰ ਨੂੰ ਬਿਰਹੋਂ ਦੀ ਤਾਣੀ ਦੇ ਪ੍ਰਤੀਬਿੰਬ ਨਾਲ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਦਾ ਮਿਸ਼ਰਾ ਹੈ -
​"ਇਹ ਤਾਣੀ ਜੋ ਪਿਆਰ ਦੀ ਸੁੱਕਦੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ,
ਕਦੇ ਸੀ ਰਹੀ ਕਚੂਰ ਉਹ ਯਾਦਾਂ ਰਹਿ ਗਈਆਂ।" (ਪੰਨਾ 36)
​ਰਵਿੰਦਰ ਭਾਰਤੀਯ ਨੇ ਆਪਣੇ ਮਿਸ਼ਰ ਵਿੱਚ ਦੁਨੀਆ ਨੂੰ ਸਿੱਧੇ ਰਸਤੇ ਪਾਉਣ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਸਾਡੇ ਗੁਰੂ ਪੀਰ ਫਕੀਰ ਸਾਨੂੰ ਪਾਖੰਡਾਂ ਤੋਂ ਬਚਣ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰਦੇ ਸਮਝਾਉਂਦੇ ਹਨ ਪਰ ਪਾਖੰਡ ਵਿਕਸਤ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖ ਇਸ ਵਿੱਚ ਉਲਝਦਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਅੱਜ ਦੇ ਪੜ੍ਹੇ ਲਿਖੇ ਲੋਕ ਵੀ ਇਸ ਦੀ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤ ਤੋਂ ਮੁਕਤ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕੇ। ਉਸ ਦਾ ਮਿਸ਼ਰਾ ਦੇਖੋ -
​ਗੁਰੂਆਂ ਪੀਰਾਂ ਨੇ ਬਥੇਰਾ ਸਮਝਾਇਆ,
ਫਿਰ ਵੀ ਪਾਖੰਡ ਦਾ ਬੂਟਾ ਨਾ ਗਿਆ ਮੁਰਝਾਇਆ। (ਪੰਨਾ 52)
​ਪੁਸਤਕ ਵਿਚਲੀ ਸ਼ਾਇਰਾ ਰੁਪਿੰਦਰ ਕੌਰ ਸਿੱਧੂ ਅੱਜ ਦੇ ਹਾਲਾਤ ਮੁਤਾਬਕ ਇਨਸਾਨੀਅਤ ਦੇ ਖੂਨ ਦੇ ਰੰਗ ਨੂੰ ਚਿੱਟਾ ਖੂਨ ਆਖਿਆ ਹੈ। ਅੱਜ ਮਤਲਬ ਦੇ ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਦੀ ਪੇਸ਼ਗੋਈ ਕਰਦੀ ਸ਼ਾਇਰਾ ਮਨੁੱਖ ਨੂੰ ਕੁਝ ਸਲਾਹ ਅਤੇ ਸੁਝਾਅ ਵੀ ਦਿੰਦੀ ਜਾਪਦੀ ਹੈ। ਉਸ ਦੀ ਕਵਿਤਾ ਮਤਲਬੀ ਰਿਸ਼ਤੇ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਪ੍ਰੋੜਤਾ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਅਜਿਹੇ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਖੂਨ ਦਾਨ ਕਰਨ ਜੋਗ ਵੀ ਨਹੀਂ ਲਗਦਾ। ਉਸ ਦੀ ਕਵਿਤਾ ਦਾ ਬੰਦ ਗੌਰ ਦੇ ਤਲਬ ਹੈ -
​"ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ 'ਚ ਖੂਨ ਦਾ ਸਫੇਦ ਰੰਗ ਹੈ ਗਿਆ,
ਇਹਨਾਂ ਲਈ ਵੀ ਖੂਨ ਦਾਨ ਅੱਡ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ।" (ਪੰਨਾ 60)
​ਇੰਝ ਹੀ ਹੋਰ ਵੀ ਕਵਿਤਾਵਾਂ, ਗ਼ਜ਼ਲਾਂ ਅਤੇ ਗੀਤਾਂ ਬਾਰੇ ਦੇਖਣਾ ਬਣਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਦੁਨੀਆ ਫੇਰ ਨਾ ਸੁਧਰੇ ਵਿੱਚ ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਪੰਨੂ ਲਿਖਦਾ ਹੈ:
"ਮਾਪਿਆਂ ਦੇ ਲਈ ਪੁੱਤ ਜਰੂਰੀ ਪਰ ਧੀਆਂ ਨਾ ਪਾਉਂਦੀਆਂ ਦੂਰੀ,
ਜੇ ਸਾਰ ਹਮੇਸ਼ਾ ਲੈਂਦੀਆਂ, ਦੁਨੀਆ ਫੇਰ ਨਾ ਸੁਧਰੇ।" (ਪੰਨਾ 104)
​ਬਹੁਤ ਡੂੰਘੇ ਅਰਥ ਸਮੋਈ ਬੈਠੀ ਹੈ। ਡਾਕਟਰ ਟਿੱਕਾ ਜੇ ਐਸ ਸਿੱਧੂ ਪਿਆਰ ਮੁਹੱਬਤ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਕਰਦੇ ਆਪਣੀ ਇਕ ਗ਼ਜ਼ਲ ਦੇ ਮਿਸ਼ਰ ਵਿੱਚ ਆਖਦੇ ਹਨ -
"ਤੇਰੀ ਫੋਟੋ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਵਸਾ ਰੱਖੀ ਹੈ।
ਤੈਨੂੰ ਮਿਲਣੇ ਦੀ ਆਸ ਜਗਾ ਰੱਖੀ ਹੈ।" (ਪੰਨਾ 178)
​ਇਸੇਤਰਾਂ ਪੁਸਤਕ ਵਿਚਲੇ ਕੁਝ ਹੋਰ ਪੰਕਤੀਆਂ ਦਾ ਮੁਤਾਲਿਆ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਡਾਕਟਰ ਰਾਜਬੀਰ ਕੌਰ ਵੀਰ ਗਰੇਵਾਲ ਨੇ ਪੁਰਾਣੀਆਂ ਖੇਡਾਂ ਦੀ, ਚਰਨਜੀਤ ਅੱਟਾ ਨੇ ਕੁੜੀਆਂ ਚਿੜੀਆਂ ਦੀ, ਸੀਮਾ ਕਲਿਆਣ ਨੇ "ਮੈਂ" ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਅੰਦਰੋਂ ਕੱਢਣ ਦੀ, ਸੇਵਾ ਸਿੰਘ ਨੂਰਪੁਰੀ ਨੇ ਗੁਲਾਮੀ ਦੀ, ਅੰਸ਼ੁ ਵ ਰੱਤੀ ਨੇ ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤੀ ਦੀ ਅਤੇ ਅਮਰਜੀਤ ਕੌਰ ਸੰਧੂ ਪ੍ਰੀਤ ਨੇ ਆਪਣੀਆਂ ਲਿਖਤ ਵਿੱਚ ਵਿਦੇਸ਼ ਜਾਣ ਦੇ ਰੁਝਾਨ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਇਹਨਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਡਾਕਟਰ ਪਰਦੀਪ ਨਾਂਗਲੂ, ਰੇਣੂ ਦੇਵੀ, ਓੰਕਾਰ ਸਿੰਘ ਰੰਧਾਵਾ, ਪ੍ਰੋ. ਇੰਦਰਪਾਲ ਭਿੰਦਾ, ਮੰਨਤ ਲਵਲੀ, ਕੈਪਟਨ ਦਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੋਸਲ, ਅਸ਼ੋਕ ਭੰਡਾਰੀ ਪੂਰੀ, ਪ੍ਰੋ. ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬੰਬੂ, ਗਗਨਦੀਪ ਕੌਰ ਅਤੇ ਦਿਲਪ੍ਰੀਤ ਗੁਰੀ ਆਦਿ ਲੇਖਕਾਂ ਦੀਆਂ ਰਚਨਾਵਾਂ ਵੀ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹਨ।
​ਇਹਨਾਂ ਲੇਖਕਾਂ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਕਵੀ ਡਿਫੈਂਸ ਵਿਭਾਗ ਵਿਚ ਜਾਂ ਤਾਂ ਬਿਰਤਾਂਤ ਹਨ ਜਾਂ ਸੇਵਾ ਮੁਕਤ ਹੋ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਸਿੱਖਿਆ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਬਾਵਸਤਾ ਹਨ। ਇਹਨਾਂ ਰਚਨਾਵਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਈ ਕਵੀਆਂ ਦੀਆਂ ਰਚਨਾਵਾਂ ਅਜੇ ਪੂਰੇ ਤੌਰ ਤੇ ਸਮਰਥ ਨਹੀਂ ਲੱਗੇ। ਕਈ ਕਵੀਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਸੰਪਰਕ ਨੰਬਰ ਨਹੀਂ ਹਨ ਜਿਹੜਾ ਕਿ ਅਜੋਕੇ ਦੌਰ ਵਿੱਚ ਜਰੂਰੀ ਸਮਝਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਹਰੇਕ ਕਵੀ ਨੂੰ ਉਹਨਾਂ ਦੀਆਂ ਰਚਨਾਵਾਂ ਅਤੇ ਸਵੈ ਕਥਨ ਲਈ ਚਾਰ-ਚਾਰ ਪੰਨੇ ਦਿੱਤੇ ਗਏ। ਇਸ ਸਾਂਝੇ ਕਾਵਿ ਸੰਗ੍ਰਹਿ ਦੇ ਪ੍ਰਿੰਟ ਦਾ ਫੌਂਟ ਬਹੁਤ ਹੀ ਜਿਆਦਾ ਬਰੀਕ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਕਈ ਪਾਠਕਾਂ ਨੂੰ ਪੜ੍ਹਨ ਵਿੱਚ ਦਿੱਕਤ ਆ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਪੁਸਤਕ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ਨ ਸਾਲ, ਕੀਮਤ ਅਤੇ ਸਬਾਨ ਵੀ ਦਰਜ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਫਿਰ ਵੀ ਮਾਨਸਰੋਵਰ ਸਾਹਿਤ ਅਕਾਦਮੀ ਰਾਜਸਥਾਨ ਦਾ ਸ਼ਲਾਘਾਯੋਗ ਉਪਰਾਲਾ ਹੈ। ਮਾਨਸਰੋਵਰ ਸਾਹਿਤ ਅਕਾਦਮੀ ਰਾਜਸਥਾਨ ਦੀ ਸਮੁੱਚੀ ਟੀਮ ਵਧਾਈ ਦੀ ਪਾਤਰ ਹੈ।
​ਲੇਖਕ: ਤੇਜਿੰਦਰ ਚੰਡਿਹੋਕ
ਰਿਟਾ. ਏ. ਐਸ. ਪੀ
95010-00224

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मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम राम राज्य की अद्भुत नेतृत्व केवल सत्ता में बने रहना नहीं अपितु सामाजिक न्याय एवं सुरक्षा एवं समन्वय स्थापित करते हुए जनमानस में राज्य के प्रति अटूट विश्वास साहस के उत्तरदायित्वों के प्रति निष्ठा और सुचिता अनुशासन त्याग समर्पण का अद्भुत संगम का संदेश को जन-जन में आस्था विश्वास अधिकारों एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मूल सार है।
एक तरफ दैवीय शक्ति की आस्था और दूसरे तरफ राज्य नेतृत्व का भारतीय संस्कृति संरक्षण संवर्धन विकास की अद्भुत सृजन मस्तिष्क चेतना में जागृत करते हुए जीवन को जीवंत बनाए रखने का मूल आधार है।
कुलमिलाकर आधुनिक संवैधानिक अधिकारों को जनमानस में जागरुकता एवं जवाबदेही तय होना ही उपरोक्त भाव को आत्मसात करना ही उत्साह पर्व की सार्थकता है।
कृष्ण कुमार पाठक
पत्रकार संचार परिषद
(उत्तर प्रदेश) भारत

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पंपावर भल्या मोठ्या रांगा; अखेर पेट्रोल संपले, मुळशी तालुक्यातील 'या' भागात ३ दिवस पेट्रोल बंदघोटावडे : घोटावडे (ता. मुळशी) येथील तीन पेट्रोल पंप गुरुवारी (दि. २६) दुपारनंतर बंद करण्यात आले. त्यामुळे नागरिकांची मोठी गैरसोय झाली. त्याचा परिणाम वाहतूक व्यवसाय करणाऱ्या ट्रान्सपोर्ट व्यावसायिकांची मोठी अडचण निर्माण झाली. जागोजागी ट्रक, टेम्पो वाहने थांबून ठेवावी लागली. दुपारपर्यंत पेट्रोलचा साठा असेपर्यंत पेट्रोल पंप चालकांनी पेट्रोल विक्री केली. यावेळी सुद्धा भल्या मोठ्या रांगा होत्या. पेट्रोल डबा किंवा बाटलीत देणे बंद केले असल्यामुळे काही नागरिकांनी पंप कामगारांशी हुज्जत घातली.

पेट्रोल संपल्याने कामगार, दुग्ध, भाजीपाला व्यावसायिक, शेतमाल विक्री करणारे शेतकरी यांची अडचण झाल्याचे पाहायला मिळाले. पेट्रोल पंप मालकांशी संपर्क साधला असता येणारे पेट्रोल-डिझेल मागणी जास्त असल्यामुळे उशिरा येते व आम्ही पेट्रोल उपलब्ध झाल्यावर लगेच विक्री सुरू करणार आहोत. परिसरात भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम आणि इंडियन ऑइल या कंपन्यांचे पेट्रोल पंप आहेत. पेट्रोल विक्री अचानक बंद झाल्यामुळे नागरिकांची धावपळ झाली.

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Aima midiya jan jan ki avaj Date 27.3.2026 am12:33 भारतात पुन्हा लॉकडाऊन? कोरोनासारख्या संकटासाठी सज्ज राहा! पंतप्रधान मोदींकडून देशाला लॉकडाऊनचे संकेतनवी दिल्ली : पश्चिम आशियातील वाढत्या संघर्षामुळे भारतासह अनेक देशांचे महत्त्वाचे सागरी मार्ग आणि ऊर्जा पुरवठा विस्कळीत झाला आहे. या पार्श्वभूमीवर, मंगळवारी सायबरविश्वात ‘लॉकडाऊन’च्या आठवणींनी वातावरण गजबजले होते. कारण लोक ‘भारतात पुन्हा लॉकडाऊन’ आणि ‘लॉकडाऊनच्या बातम्या’ यांसारख्या चर्चा करत होते. नरेंद्र मोदींच्या नेतृत्वाखालील सरकारने बुधवारी सर्वपक्षीय बैठकीची घोषणा केल्याने या चर्चांना आणखी खतपाणी मिळाले. लोकं ‘भारतात पुन्हा लॉकडाऊन येणार आहे का?’ आणि ‘ऊर्जा लॉकडाऊन म्हणजे काय?’ यांसारखे प्रश्न ऑनलाइन शोधू लागले.

हैदराबादसारख्या शहरांमध्ये, लोक आपल्या वाहनांमध्ये इंधन भरण्यासाठी रांगा लावताना दिसले. हे सर्व अशा वेळी घडत होते. जेव्हा पश्चिम आशियातील संघर्ष चौथ्या आठवड्यात पोहोचला होता. त्यामुळे होर्मुझच्या सामुद्रधुनीतील व्यापारी मार्ग विस्कळीत झाले होते. पश्चिम आशिया संघर्षावर सोमवारी आणि मंगळवारी लोकसभा आणि राज्यसभेत केलेल्या भाषणांमध्ये, पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी भारताने कोविड-१९ महामारी आणि त्यामुळे निर्माण झालेल्या जागतिक पुरवठा साखळीतील व्यत्ययांचा सामना कसा केला, याची आठवण करून दिली. “पूर्वीही आमच्या सरकारने जागतिक संकटांचे ओझे शेतकऱ्यांवर पडू दिले नाही,” असे मोदी सोमवारी पश्चिम आशिया संकटावर लोकसभेत केलेल्या भाषणात म्हणाले. मंगळवारी, राज्यसभेत बोलताना पंतप्रधान मोदींनी आदल्या दिवशी लोकसभेत जे म्हटले होते, त्याचीच जवळपास पुनरावृत्ती केली. मोदींनी देशाला आवाहन केले की, “ज्याप्रमाणे आपण कोविड-१९ महामारीच्या काळात एकजूट राहिलो होतो. त्याचप्रमाणे तयार आणि एकजूट राहा”, अने म्हटले. त्यामुळे देशात पुन्हा एकदा लॉकडाऊनच्या चर्चा सुरू झाल्या.

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एमआयडीसी पोलिसांची मोठी कामगिरी; चोरट्यांचा १८ दुचाकी चोरण्याचा ‘प्लॅन’ फसला!नागपूर (सतीश भालेराव) : एमआयडीसी पोलीस ठाण्याच्या हद्दीत घडलेल्या वाहन चोरी प्रकरणाचा छडा लावत पोलिसांनी मोठी कारवाई करत एक आरोपी अटक करून तब्बल १८ दुचाकी वाहने जप्त केली आहेत. या जप्त वाहनांची एकूण किंमत सुमारे ७ लाख ३० हजार रुपये असल्याची माहिती पोलिसांनी दिली. पोलीस ठाणे एमआयडीसी येथे गुन्हा क्रमांक १५१/२०२६ कलम ३०३(२) अंतर्गत गुन्हा दाखल करण्यात आला होता. फिर्यादी शशिकांत तुलशीराम राऊत (वय ४५ वर्षे, पंचशील नगर, अंबेडकर मार्ग, नागपूर) यांनी दिलेल्या तक्रारीनुसार, ०२ मार्च २०२६ रोजी सकाळी ०७.२५ ते ०७.५५ दरम्यान त्यांच्या ताब्यातील होंडा ड्रीम युगा (MH-49-AZ-5421) ही दुचाकी कार्यालयासमोरून अज्ञात चोरट्याने चोरून नेली होती.

या प्रकरणाचा तपास सुरू असताना पोलिसांनी गुप्त माहिती व तांत्रिक तपासाच्या आधारे प्रवेश कन्हेलाल कंगाले (वय ३८ वर्षे, पोलिस लाईन टाकळी, नागपूर) याला ताब्यात घेतले. चौकशीदरम्यान आरोपीने विविध ठिकाणांहून दुचाकी चोरी केल्याची कबुली दिली. यानंतर पोलिसांनी आरोपीकडून एकूण १८ दुचाकी वाहने जप्त केली, ज्यामध्ये होंडा, स्प्लेंडर, पॅशन प्रो, बजाज फ्लेअर यांसारख्या विविध कंपन्यांच्या गाड्यांचा समावेश आहे. जप्त वाहनांची एकूण किंमत ७ लाख ३० हजार रुपये इतकी असल्याचे पोलिसांनी सांगितले. ही कारवाई पोलीस उपायुक्त (परिमंडळ ०२) सिंगल रेड्डी, सहाय्यक पोलीस आयुक्त सतीश गुरव, तसेच पोलीस निरीक्षक वपोनि गोकुळ महाजन यांच्या मार्गदर्शनाखाली करण्यात आली. तपास पथकात पोउपनि पंकज सखाराम, पोहेकॉ राजेश वरठी, विजय जाने, पोशी सचिन सोनवणे, पोशी मुरलीधर केवट आणि मनोज सोनवणे यांचा सहभाग होता. सदर गुन्ह्याचा पुढील तपास एमआयडीसी पोलीस ठाणे, नागपूर करत असून आरोपीकडून आणखी चोरीच्या गुन्ह्यांचा उलगडा होण्याची शक्यता व्यक्त करण्यात येत आहे.

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ପାଖେଇ ଆସୁଛି ୯୦ତମ ଚଇତି ପର୍ବ, ସଜେଇ ହେଉଛି ମା' ତାରିଣୀ ପୀଠ।

କେନ୍ଦୁଝର,ତା୨୬/୦୩- ଜଗତଜନନୀ, କରୁଣାମୟୀ, ଅଭୟଦାୟିନୀ ମା' ତାରିଣୀଙ୍କ ୯୦ତମ ବିଶ୍ବପ୍ରସିଦ୍ଧ ଚଇତି ପର୍ବ ଆସନ୍ତା ଅପ୍ରେଲ ମାସ ୯ ତାରିଖ ଠାରୁ ଆରମ୍ଭ ହୋଇ ୧୫ ତାରିଖ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଚାଲିବ l ମାତୃପୀଠ ମାତୃପ୍ରେମୀ ଗହଣରେ ହୋଇ ଉଠିବ ଲୋକାରଣ୍ୟ, ଭକ୍ତିମୟ ,ଭାବମୟ ଓ ଆନନ୍ଦମୟ l ଘଟଗାଁ ମାଟି ଉଠିବ ପଡିବ l ମାଆଙ୍କ ସ୍ଵତନ୍ତ୍ର ନୀତିକାର୍ଯ୍ୟ ସହିତ ପ୍ରସାଦ ସେବନ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ, ସାଂସ୍କୃତିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ, ପ୍ରଶ୍ନମଞ୍ଚ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ, ପାଲା, ପ୍ରବଚନ, ଅଖଣ୍ଡ ଭଜନ ସମାରୋହ ଠାରୁ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଲାଗି ରହିବ l ସେଥିପାଇଁ ପୋଲିସ ପ୍ରଶାସନ, ସାମ୍ବାଦିକ, ସ୍ଵେଚ୍ଛାସେବୀ ସଂଗଠନ, ମନ୍ଦିର କମିଟିର କର୍ମକର୍ତ୍ତା, ସମାଜସେବୀ, ବୁଦ୍ଧିଜୀବୀ ମାନେ ଅଧିକ ତତ୍ପରତା ଓ ଚଳଚଞ୍ଚଳ ହୋଇପଡ଼ିଛନ୍ତି l ଯେମିତି କୌଣସି ଭକ୍ତ ଅସୁବିଧାରେ ନ ପଡ଼ୁ ସେଥିପାଇଁ ଦୃଷ୍ଟି ଦିଆଯାଉଛି l କେଉଁ କେଉଁ ସ୍ଥାନରେ ଗାଡି ପାର୍କିଂ ହେବ ତାହା ହେଉଛି ମୁଖ୍ୟ କାମ l ସେଥିପାଇଁ ଦୃଷ୍ଟି ବିଶେଷ ଦିଆଯାଉଛି l ତେବେ ଏହି ଚଇତି ପର୍ବର ସଫଳତା ପାଇଁ ସଭିଙ୍କର ସହଯୋଗ ଆଶା କରାଯାଉଛି।ଆକର୍ଷଣୀୟ ତୋରଣ ,ସୁନ୍ଦର ସାଜ୍ଜସଜ୍ଜା ସହିତ ମାଆଙ୍କ ମନ୍ଦିର ଭିତରେ ଚାରିଆଡ଼େ ଉପରେ ଟେଣ୍ଟମରାକାର୍ଯ୍ୟ ହେଉଛି l ଜାତୀୟ ରାଜପଥ କଡରେ ବିଦ୍ୟୁତ ଚାଳିତ ଗେଟ୍ ପାଇଁ ବି ବାଉଁଶ ଓ ଲୁହା ଗ୍ରୀଲରେ ଗେଟ୍ କାମ ହେଉଛି l ମାଆଙ୍କ ପାଲା ମଣ୍ଡପକୁ ଅଧିକ ସାଜ୍ଜସଜ୍ଜା କରାଯାଉଛି l ଚଇତି ପର୍ବ ପାଖେଇ ଆସୁଛି ବୋଲି ଭୋଗ ଦୋକାନୀ ମାନଙ୍କର ଖୁସି କହିଲେ ନ ସରେ l ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ଦୋକାନୀ ଭାଇମାନେ ବି ଅପେକ୍ଷା କରି ରହିଛନ୍ତି l ତେବେ ସବୁ ସେହି ମାଆଙ୍କ ଆଶୀର୍ବାଦ l ଧୀରେ ଧୀରେ ମାତୃପୀଠରେ ଜନସମାଗମ ଅଧିକ ଦେଖିବାକୁ ମିଳୁଛି l ମହାବିଷୁବ ପଣା ସଂକ୍ରାନ୍ତି ଦିନ ସବୁଠାରୁ ଅଧିକ ମାତୃପ୍ରେମୀଙ୍କୁ ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଥାଏ l ହଜାର ହଜାର ସ୍ଵେଚ୍ଛାସେବୀ ମାନେ ମାଆଙ୍କ ସେବାକାର୍ଯ୍ୟ କରି ନିଜକୁ ଧନ୍ୟ ମନେକରନ୍ତି l ସାତଦିନ ଧରି ମାଗଣା ପ୍ରସାଦ ସେବନ ,ପଣାର ବ୍ୟବସ୍ଥା ହୋଇଥାଏ l ତେଣୁ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ମାଆଙ୍କୁ ଦର୍ଶନ କରି ମାଆ ପାଖରେ ନିଜର ଦୁଃଖ ଜଣାଇବା ଲାଗି ସାଦର ନିମନ୍ତ୍ରଣ କରାଯାଇଛି। ତତସହିତ ଜଗତର ମଙ୍ଗଳ ପାଇଁ ପ୍ରାର୍ଥନା କରିବେ ବୋଲି ଆଶା କରାଯାଉଛି।

ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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Aima midiya jan jan ki avaj Date 27.3.2026 am12:29पुणेकरांसाठी खुशखबर! कात्रज प्राणीसंग्रहालयात लवकरच ‘ॲनाकोंडा’ आणि विदेशी प्राण्यांचे दर्शन!पुणे : महापालिकेच्या राजीव गांधी प्राणिसंग्रहालयाचा आंतरराष्ट्रीय दर्जाचा विकास करण्यासाठी स्थायी समितीचे अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले यांनी अर्थसंकल्पात विशेष तरतूद केली आहे. प्राणिसंग्रहालयातील प्राण्यांची संख्या वाढविण्यात येणार असून, १५० प्रकारचे प्राणी येथे आणण्याचा प्रयत्न केला जाणार आहे. कात्रज प्राणी संग्रहालयात ॲनाकोंडा, आफ्रिकन चित्ता, बबून यांसारख्या विदेशी प्रजातींचे प्राणी नागरिकांना पाहता येणार आहेत. शहरातील हरित क्षेत्रांचा विस्तार आणि नागरिकांना दर्जेदार विरंगुळ्याच्या सुविधा उपलब्ध करून देताना यंदाच्या अर्थसंकल्पात उद्यान आणि पर्यावरणपूरक प्रकल्पांवर विशेष भर देण्यात आला आहे, असे समितीचे अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले यांनी सांगितले.‘उद्याने-शहराचा श्वास’ या संकल्पनेच्या माध्यमातून विविध महत्त्वाकांक्षी योजना जाहीर करण्यात आल्या आहेत.

कात्रज येथे १३० एकर क्षेत्रावर विस्तारलेल्या महापालिकेच्या राजीव गांधी प्राणीसंग्रहालयाचा आंतरराष्ट्रीय दर्जात विकास करण्यासाठी ‘मास्टर प्लॅन’ तयार करण्यात आला आहे. सध्या येथे १०४ वन्यजीव प्रजाती आहेत. ही संख्या १५० पर्यंत वाढविण्यात येणार आहे. देशी प्राण्यांसह या प्राणीसंग्रहालयात जिराफ, झेब्रा, आफ्रिकन चित्ता, अनाकोंडा, बबून यांसारख्या विदेशी प्रजातींचा समावेश केला जाणार आहे.पक्षी उद्यानामध्ये देशी-विदेशी पक्ष्यांच्या ६० प्रजातींचे संवर्धन केले जाणार आहे. तसेच, कालबाह्य झालेल्या सर्पोद्यानाचे आधुनिकीकरण करण्यात येणार असून संग्रहालयासाठी भव्य प्रवेशद्वार उभारण्याचे नियोजन केले जाणार आहे. पुणे शहरातील विविध भागांत २१६ उद्याने असून, आणखी आठ उद्यानांची कामे सुरू आहेत. पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या ‘नमो गार्डन’ संकल्पनेतून प्रेरणा घेऊन विविध राज्यांच्या संस्कृती, कला आणि जीवनशैलीचे दर्शन घडविणारी ‘थीम’वर आधारित उद्याने विकसित केली जाणार आहेत. अर्बन ९५ संकल्पनेअंतर्गत लहान मुलांसाठी सुरक्षित आणि आकर्षक जागा निर्माण करण्यात येणार असून कोंढवा खुर्द येथे ‘नेचर बेस्ड फॅमिली पार्क’देखील विकसित केले जाणार आहे. पर्यटनाला चालना देण्यासाठी शहरात आंतरराष्ट्रीय दर्जाचे ‘मिरॅकल गार्डन’ उभारण्यात येणार आहे. यामध्ये आकर्षक फुलांची रचना आणि थीम आधारित उद्यान संकल्पना साकारण्यात येणार आहे. तसेच जंगली महाराज रस्त्यावरील छत्रपती संभाजी महाराज उद्यान परिसरात ‘बोटॅनिकल गार्डन’ उभारून जैवविविधतेचे संवर्धन आणि नागरिकांना निसर्गानुभवाची सुविधा उपलब्ध करून देण्यात येणार आहे.

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મર્યાદા પુરુષોત્તમ શ્રીરામ

હિંદુ ધર્મના લોકો રામનવમી પર્વને પરંપરાગત રીતે ખૂબ જ ધામધૂમથી ઉજવે છે. પ્રભુ શ્રીરામ પ્રત્યેની શ્રદ્ધા માત્ર ભારતવર્ષમાં જ નહીં, પરંતુ વિદેશોમાં પણ એટલી જ ઊંડી જોવા મળે છે. શ્રીરામ એક એવા આદર્શ પુત્ર હતા, જેઓએ પિતા, માતા, પત્ની, ભાઈ-બંધુ, ગુરુ અને સમગ્ર સમાજ પ્રત્યેની પોતાની ફરજો નિષ્ઠાપૂર્વક નિભાવી હતી. તેમણે મર્યાદા અને આદર્શોથી ભરેલું જીવન જીવી ‘મર્યાદા પુરુષોત્તમ’ તરીકે લોકહૃદયમાં સ્થાન મેળવ્યું છે.

શ્રીરામ આબાલવૃદ્ધ માટે પ્રેરણાસ્ત્રોત છે. આ જ ભાવનાને ઉજાગર કરવા માટે ઓલપાડની કમરોલી પ્રાથમિક શાળાના નાના બાળકોમાં વિશેષ ઉત્સાહ જોવા મળ્યો. નાનાં ભૂલકાઓએ હરખભેર શ્રીરામ અને સીતાજીનો વેશ ધારણ કરીને આ પર્વની ઉજવણીમાં ઉમંગભેર ભાગ લીધો હતો. આ સુંદર ક્ષણોને કેમેરામાં કેદ કરવામાં આવી હતી.

તસવીર: વિજય પટેલ (ઓલપાડ)

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विश्व मानव अधिकार परिषद के पदाधिकारियों रायगढ़ में दिनांक 26 मार्च को रायगढ़ महिला थाना पहुंचकर थाना प्रभारी मैडम से शिष्टाचार भेंट मुलाकात की। इस दौरान संगठन द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं विश्व मानवाधिकार संबंधी कार्यों का विस्तृत ब्यूरो प्रस्तुत किया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने कभी भी अपने पत्र के माध्यम से प्राप्त शिकायत पर निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग भी की। संगठन के पदाधिकारियों ने महिला थाना प्रभारी कुसुम मैडम एवं सरस्वती मैडम का पुष्पगुच्छ एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मान किया।
तथा उनके कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर संगठन की वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष तनुश्री डे, श्वेता शर्मा, जिला अध्यक्ष सोनल राजपूत, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयंती मजूमदार एवं जिला समन्वयक सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
संगठन ने आशा व्यक्त की कि पुलिस प्रशासन द्वारा शिकायत पर उचित कार्रवाई कर पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।

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- एसपी अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में थानों पर कार्यक्रम, हेल्पलाइन व सुरक्षा उपायों की दी जानकारी

फतेहपुर। महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 (फेज-2) के तहत जनपद में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में जिले के सभी थानों पर गठित मिशन शक्ति एवं एंटीरोमियो टीमों ने महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया।
अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही ग्राम चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया गया और उनकी समस्याओं के त्वरित एवं विधिपूर्ण निस्तारण के प्रति उन्हें जागरूक किया गया। 25 मार्च 2026 को विशेष अभियान के तहत मिशन शक्ति एवं एंटीरोमियो टीमों ने बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर महिलाओं, बालिकाओं एवं आमजन को अभियान के द्वितीय चरण की जानकारी दी। इस दौरान महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम, उनके अधिकारों की रक्षा तथा आत्मरक्षा के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रमों के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई, जिनमें महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, चिकित्सा सहायता 108, बाल सहायता 1098 और साइबर हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं। साथ ही साइबर अपराध से बचाव के लिए cybercrime.gov.in पोर्टल के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया गया। पुलिस प्रशासन का यह अभियान महिलाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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મર્યાદા પુરુષોત્તમ શ્રીરામ

હિંદુ ધર્મના લોકો રામનવમી પર્વને પરંપરાગત રીતે ખૂબ જ ધામધૂમથી ઉજવે છે. પ્રભુ શ્રીરામ પ્રત્યેની શ્રદ્ધા માત્ર ભારતવર્ષમાં જ નહીં, પરંતુ વિદેશોમાં પણ એટલી જ ઊંડી જોવા મળે છે. શ્રીરામ એક એવા આદર્શ પુત્ર હતા, જેઓએ પિતા, માતા, પત્ની, ભાઈ-બંધુ, ગુરુ અને સમગ્ર સમાજ પ્રત્યેની પોતાની ફરજો નિષ્ઠાપૂર્વક નિભાવી હતી. તેમણે મર્યાદા અને આદર્શોથી ભરેલું જીવન જીવી ‘મર્યાદા પુરુષોત્તમ’ તરીકે લોકહૃદયમાં સ્થાન મેળવ્યું છે.

શ્રીરામ આબાલવૃદ્ધ માટે પ્રેરણાસ્ત્રોત છે. આ જ ભાવનાને ઉજાગર કરવા માટે ઓલપાડની કમરોલી પ્રાથમિક શાળાના નાના બાળકોમાં વિશેષ ઉત્સાહ જોવા મળ્યો. નાનાં ભૂલકાઓએ હરખભેર શ્રીરામ અને સીતાજીનો વેશ ધારણ કરીને આ પર્વની ઉજવણીમાં ઉમંગભેર ભાગ લીધો હતો. આ સુંદર ક્ષણોને કેમેરામાં કેદ કરવામાં આવી હતી.

તસવીર: વિજય પટેલ (ઓલપાડ)

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Aima midiya jan jan ki avaj Date 27.3.2026 am12:26 मुंबईच्या डबेवाल्यांची वारी आता ई-बाइक्सवर; महापौर रितू तावडे यांची १०५ ई-बाइक्सची मोठी घोषणा!मुंबई : मुंबईची ओळख बनलेली डबेवाला सेवा आजही आपल्या शिस्तबद्ध कार्यपद्धती, अचूक वेळ पाळण्याची सवय आणि प्रामाणिकपणामुळे जगभरात कौतुकास पात्र ठरत आहे. या अनोख्या व्यवस्थेचे महत्त्व अधोरेखित करत रितू तावडे यांनी डबेवाल्यांना मुंबईच्या सेवा संस्कृतीचे खरे प्रतिनिधी असल्याचे गौरवोद्गार काढले. वांद्रे येथील Mumbai Dabbawala International Experience Center येथे दिलेल्या भेटीदरम्यान त्यांनी डबेवाल्यांच्या कामकाजाची सखोल माहिती घेतली. डबे वर्गीकरण, कोडिंग आणि वितरणाची गुंतागुंतीची प्रक्रिया अत्यंत कमी त्रुटींनी पार पाडण्याच्या त्यांच्या कौशल्याचे त्यांनी विशेष कौतुक केले.

सुमारे १३५ वर्षांची परंपरा लाभलेल्या या सेवेद्वारे आजही दररोज सुमारे एक लाख डबे वेळेत पोहोचवले जातात. वारकरी परंपरेतून प्रेरित असलेली ही सेवा केवळ उपजीविकेचे साधन नसून निष्ठा, समर्पण आणि संघभावनेचे जिवंत उदाहरण आहे. यावेळी बोलताना रितू तावडे यांनी सांगितले की, डबेवाला व्यवस्था ही व्यवस्थापन शिकणाऱ्यांसाठी आदर्श मॉडेल आहे. त्यांच्या कार्यपद्धतीतून वेळेचे नियोजन, समन्वय आणि विश्वास यांचे उत्कृष्ट उदाहरण पाहायला मिळते. महापौरांनी डबेवाल्यांच्या हितासाठी काही महत्त्वपूर्ण उपक्रमांचीही माहिती दिली. त्यामध्ये १०५ ई-बाइक्स उपलब्ध करून देण्याचा प्रस्ताव असून, त्यांच्या कार्यक्षमतेत वाढ होण्यास मदत होणार आहे. तसेच, मुंबईतील प्रवेशद्वारांपैकी एक प्रवेशद्वार डबेवाला संकल्पनेवर आधारित उभारण्याचा मानसही त्यांनी व्यक्त केला. डबेवाल्यांशी संवाद साधताना त्यांच्या अडचणी आणि अपेक्षा जाणून घेत, Mumbai Tiffin Box Suppliers Association सोबत समन्वय ठेवून आवश्यक ते सर्व सहकार्य करण्याचे आश्वासनही त्यांनी दिले. डबेवाला सेवा १८९० पासून अखंडपणे सुरू असून अनेक संकटांचा सामना करत आजही तितक्याच ताकदीने उभी आहे. कोविड काळातही समाजाकडून मिळालेल्या पाठिंब्यामुळे ही परंपरा टिकून राहिली.आज डबेवाले केवळ मुंबईतच नव्हे तर जागतिक स्तरावर व्यवस्थापन, वेळेचे नियोजन आणि उत्कृष्ट सेवा यांचे प्रेरणादायी उदाहरण ठरत आहेत. त्यांच्या या कार्यामुळे मुंबईच्या सेवा संस्कृतीला जागतिक स्तरावर एक वेगळी ओळख मिळाली आहे.

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મર્યાદા પુરુષોત્તમ શ્રીરામ

હિંદુ ધર્મના લોકો રામનવમી પર્વને પરંપરાગત રીતે ખૂબ જ ધામધૂમથી ઉજવે છે. પ્રભુ શ્રીરામ પ્રત્યેની શ્રદ્ધા માત્ર ભારતવર્ષમાં જ નહીં, પરંતુ વિદેશોમાં પણ એટલી જ ઊંડી જોવા મળે છે. શ્રીરામ એક એવા આદર્શ પુત્ર હતા, જેઓએ પિતા, માતા, પત્ની, ભાઈ-બંધુ, ગુરુ અને સમગ્ર સમાજ પ્રત્યેની પોતાની ફરજો નિષ્ઠાપૂર્વક નિભાવી હતી. તેમણે મર્યાદા અને આદર્શોથી ભરેલું જીવન જીવી ‘મર્યાદા પુરુષોત્તમ’ તરીકે લોકહૃદયમાં સ્થાન મેળવ્યું છે.

શ્રીરામ આબાલવૃદ્ધ માટે પ્રેરણાસ્ત્રોત છે. આ જ ભાવનાને ઉજાગર કરવા માટે ઓલપાડની કમરોલી પ્રાથમિક શાળાના નાના બાળકોમાં વિશેષ ઉત્સાહ જોવા મળ્યો. નાનાં ભૂલકાઓએ હરખભેર શ્રીરામ અને સીતાજીનો વેશ ધારણ કરીને આ પર્વની ઉજવણીમાં ઉમંગભેર ભાગ લીધો હતો. આ સુંદર ક્ષણોને કેમેરામાં કેદ કરવામાં આવી હતી.

તસવીર: વિજય પટેલ (ઓલપાડ)

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*ଜିଲ୍ଲା ଶିକ୍ଷା ଅଧିକାରୀଙ୍କ ଦ୍ଵାରା ପ୍ରବେଶ ଉତ୍ସବ ନିମନ୍ତେ ନିମନ୍ତ୍ରଣ ପତ୍ର ବଣ୍ଟନ*

କେନ୍ଦୁଝର ; ୨୫/୦୩/୨୬ : କେନ୍ଦୁଝର ସଦର ନିକଟସ୍ଥ ଗୋବିନ୍ଦପୁର , ସିଲୁଆଁ , ବସନ୍ତପୁର ଓ ବାଁପାର ଆଦି ଗ୍ରାମରେ ନୂତନ ଭାବେ ନାମ ଲେଖାଇବାକୁ ଥିବା ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ମାନଙ୍କୁ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ଶିକ୍ଷା ଅଧିକାରୀ ପୂର୍ଣ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ବରିହା ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ପ୍ରଦତ୍ତ ନିମନ୍ତ୍ରଣ ପତ୍ର ବାଣ୍ଟିଥିଲେ । ତତ୍ ସହିତ ଅଭିଭାବକ ମାନଙ୍କୁ ଆସନ୍ତା ଏପ୍ରିଲ୍ ୨ ତାରିଖ ଦିନ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହେବାକୁ ଥିବା ପ୍ରବେଶ ଉତ୍ସବ ଓ ଖଡ଼ି ଛୁଆଁ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଯୋଗ ଦେଇ ନାମ ଲେଖାଇବାକୁ କହିଥିଲେ । ତାଙ୍କ ସହ ଜିଲ୍ଲା ଶୈକ୍ଷିକ ସଂଯୋଜକ ମାନସ ରଞ୍ଜନ ଦାଶ , ଗୋବିନ୍ଦପୁର ଅଙ୍ଗନବାଡି କର୍ମୀ ସୁଜାତା ଦାସ , ସରକାରୀ ଉଚ୍ଚ ପ୍ରାଥମିକ ବିଦ୍ୟାଳୟ ଗୋବିନ୍ଦପୁରର ପ୍ରଧାନ ଶିକ୍ଷୟିତ୍ରୀ ତିଳୋତ୍ତମା ସାହୁ , ଶିକ୍ଷକ ବିଜୟ କୁମାର ମିଶ୍ର ଓ ଶିକ୍ଷୟିତ୍ରୀ ରଞ୍ଜିତା ରାଣୀ ମଲ୍ଲିକ ଯୋଗ ଦେଇ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ମାନଙ୍କୁ ନିୟମିତ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପଠାଇବାକୁ ନିବେଦନ କରିଥିଲେ । କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାର ବିଦ୍ୟାଳୟରେ ନାମ ଲେଖାଇ ନଥିବା , ଅପେକ୍ଷାରତ ସମସ୍ତ ଶିଶୁମାନେ ଆସନ୍ତା ଏପ୍ରିଲ୍ ୨ ତାରିଖରେ ନିକଟସ୍ଥ ବିଦ୍ୟାଳୟ ଯାଇ ନାମ ଲେଖାଇବାକୁ ଜିଲ୍ଲା ଶିକ୍ଷା ଅଧିକାରୀ ନିବେଦନ କରିଛନ୍ତି ।

ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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Pune Muncipal Corporation : पुणे महापालिकेच्या सात अधिकाऱ्यांची होणार चौकशी !
मनसेचे सरचिटणीस हेमंत संभूस यांनी उघडकीस आणलेल्या या प्रकरणात दोन उपायुक्त आणि कार्यकारी अभियंत्यांचा समावेश आहे.पुणे : महापालिकेच्या भांडार विभागाने कोट्यवधी रुपयांचे साहित्य खरेदी करून त्याचा कोणताही वापर न केल्याप्रकरणी सात अधिकाऱ्यांच्या खात्यांतर्गत चौकशीचे आदेश महापालिका आयुक्तांनी दिले आहेत. संबंधित अधिकाऱ्यांकडून प्रसंगी महापालिकेचे झालेले नुकसान वसूल करण्याची सूचनाही आयुक्तांनी केली आहे.होम
पुणे महापालिकेच्या सात अधिकाऱ्यांची होणार चौकशी !
मनसेचे सरचिटणीस हेमंत संभूस यांनी उघडकीस आणलेल्या या प्रकरणात दोन उपायुक्त आणि कार्यकारी अभियंत्यांचा समावेश
पुणे महापालिकेच्या भांडार विभागात झालेल्या साहित्य खरेदी गैरव्यवहार प्रकरणी ७ अधिकाऱ्यांच्या चौकशीचे आदेश देण्यात आले आहेत. (ai generated images)
पुणे : महापालिकेच्या भांडार विभागाने कोट्यवधी रुपयांचे साहित्य खरेदी करून त्याचा कोणताही वापर न केल्याप्रकरणी सात अधिकाऱ्यांच्या खात्यांतर्गत चौकशीचे आदेश महापालिका आयुक्तांनी दिले आहेत. संबंधित अधिकाऱ्यांकडून प्रसंगी महापालिकेचे झालेले नुकसान वसूल करण्याची सूचनाही आयुक्तांनी केली आहे.

महापालिकेच्या भांडार विभागाने कोट्यवधी रुपयांचे साहित्य खरेदी करून त्याचा कोणताही वापर न करता धूळखात गोदामात पडून असल्याचा प्रकार काही महिन्यांपूर्वी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेनेने उजेडात आणला होता. मनसेचे राज्य सरचिटणीस हेमंत संभूस यांनी हा प्रकार महापालिका आयुक्त राम यांच्या निदर्शनास आणून या प्रकरणातील दोषी अधिकाऱ्यांवर कारवाई करण्याची मागणी केली होती.

या प्रकाराची गंभीर दखल घेत आयुक्तांनी अतिरिक्त आयुक्त ओमप्रकाश दिवटे यांना चौकशी करण्याचे आदेश दिले होते. यासाठी सामान्य प्रशासन विभागाचे उपायुक्त विजयकुमार थोरात यांच्यासह काही वरिष्ठ अधिकाऱ्यांची चौकशी समिती नेमण्यात आली होती. या समितीने या प्रकरणाशी संबधित असलेल्या २० अधिकारी, कर्मचारी यांच्यावर कामात दिरंगाई केल्याचा ठपका ठेवत कारणे दाखवा नोटीस बजाविली होती.यामध्ये संबधित अधिकाऱ्यांना लेखी खुलासा करण्यास सांगितले होते. त्यानंतर संबधित अधिकाऱ्यांनी महापालिका प्रशासनाकडे लेखी म्हणणे सादर केले. हा खुलासा लक्षात घेत अतिरिक्त आयुक्त ओमप्रकाश दिवटे यांनी सात अधिकाऱ्यांचा खुलासा मान्य नसल्याचे सांगत त्यांची खात्यांतर्गत चौकशी करण्याची शिफारस महापालिका आयुक्त राम यांच्याकडे केली होती.

या शिफारशीचा आधार घेत आयुक्त राम यांनी महापालिकेतील सात अधिकाऱ्यांची चौकशी करुन त्यांच्याकडून नुकसान वसूल करण्याच्या सूचना केल्या आहेत. दोन उपायुक्त, कार्यकारी अभियंता, दोन्ही विभागांचे तत्कालीन अधीक्षक यांचा त्यामध्ये समावेश आहे.मनसेचे राज्य सरचिटणीस हेमंत संभूस म्हणाले, कोट्यवधी रुपयांची खरेदी करून या वस्तू धूळखात गोदामात पडून होत्या. या प्रकरणामध्ये २० अधिकाऱ्यांना नोटीस देण्यात आली होती. सात जणांचा खुलासा समाधानकारक न वाटल्याने ही कारवाई केली आहे. उर्वरित अधिकारी, कर्मचाऱ्यांनी काय खुलासा केला याची माहिती घेतली जाईल. सर्व दोषींवर कारवाई झाली पाहिजे.महापालिकेच्या भांडार विभागाने २०१५ मध्ये कर्मचाऱ्यांसाठी ७५ लाख रुपयांचे गणवेशाचे कापड, ६९.७१ लाखाच्या साड्या खरेदी केल्या. त्याचे पैसे ठेकेदाराला दिले. पण प्रत्यक्षात गेल्या अनेक वर्षांमध्ये संबधित कर्मचाऱ्यांना हे खरेदी केलेले कपडे दिले गेले नाही. तसेच महापालिकेच्या घनकचरा विभागाच्या मागणीनुसार भांडार विभागाने ५० लाख रुपये खर्च करून ऑगस्ट २०२३ मध्ये २० हजार किलो सिटी वेस्ट ट्रीटमेंट पावडर, ४ हजार लिटर लिक्विड बायोकॅटॅलिस्ट इको चीपची खरेदी केली होती. ही खरेदी देखील धूळखात पडून होती. महापालिकेच्या घनकचरा व्यवस्थापन, भांडार तसेच वित्त विभागाने ठेकेदारांची बिले काढण्यासाठी या कामांच्या निविदा काढल्याचा आरोप मनसेने केला होता.

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शिवसागर से विधायक और राइजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई चुनावी परिदृश्य में हालिया घटनाक्रम के बाद दबाव में दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार कुशल डोवरी के मैदान में उतरने से मुकाबला और अधिक तीव्र हो गया है, जिससे राजनीतिक प्रतिस्पर्धा नई दिशा लेती दिख रही है। बीती रात एक फेसबुक लाइव सत्र के दौरान गोगोई ने एनडीए सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) के उम्मीदवार प्रदीप हजारिका से सार्वजनिक अपील करते हुए कहा कि वे अपनी उम्मीदवारी वापस लें, ताकि क्षेत्र में विपक्षी मतों का विभाजन न हो। इसी दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ‘अखोमिया प्रतिदिन’ समाचार पत्र की प्रतियों का एक स्टॉक अस्थायी पार्टी कार्यालय में रखा गया था। इसके कुछ समय बाद ऐसी खबरें सामने आईं कि कुछ अज्ञात लोगों द्वारा इन अखबारों की प्रतियां जलाकर इसे भाजपा उम्मीदवारों से जोड़ने की कोशिश की गई। हालांकि बाद में इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा होने की बात सामने आई, जिससे इस कार्रवाई के पीछे की मंशा पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। इस पूरे प्रकरण ने चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना है।

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6 बैंकों से लोन लेकर बना घर; अब ध्वस्तीकरण का आदेश, जनता अदालत पहुंचा पीड़ित
लखनऊ की कानपुर रोड योजना कॉलोनी में एक प्लॉट को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सात बार खरीद-फरोख्त के बाद 13 साल में यह खुलासा हुआ कि प्लॉट की पहली रजिस्ट्री ही फर्जी थी।

अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने मौजूदा मालिक की रजिस्ट्री निरस्त कर घर तोड़ने का आदेश जारी कर दिया है।

मामला गुरुवार को एलडीए में आयोजित जनता अदालत में उठा, जहां पीड़ित विवेक वर्मा अपनी शिकायत लेकर पहुंचे।

उन्होंने अधिकारियों के सामने पूरी आपबीती रखी।

1 करोड़ का लोन लेकर खरीदा था प्लॉट

पीड़ित विवेक वर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 में एलडीए की निवासी अमरजीत कौर से यह प्लॉट 1.13 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसके लिए उन्होंने करीब 1 करोड़ रुपए का बैंक लोन भी लिया।

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आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में शिवसागर से सीपीआई के उम्मीदवार ने आधिकारिक रूप से अपना नामांकन वापस ले लिया है। यह कदम विपक्षी मतों के ध्रुवीकरण की रणनीति के तहत उठाया गया माना जा रहा है। नामांकन वापसी के बाद सीपीआई ने राइजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। इस फैसले को विपक्षी एकजुटता की दिशा में एक अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से क्षेत्र की चुनावी गणित पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है और विरोधी दलों के खिलाफ एंटी-इनकम्बेंसी वोटों का एकीकरण संभव हो सकता है। इससे शिवसागर सीट पर मुकाबला और अधिक दिलचस्प होने की संभावना है।

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ଓଡିଆ ଭାଷା ସାହିତ୍ୟ ଓ ସଂସ୍କୃତି ପରିଷଦ, ଚମ୍ପୁଆ ର ଦ୍ୱିତୀୟ ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ।

ଚମ୍ପୁଆ -୨୬/୦୩ (ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ) ଚମ୍ପୁଆ ସଦର ମହକୁମା ଧରଣୀଧର ନଗର ଭବନ ଠାରେ ଓଡିଆ ଭାଷା ସାହିତ୍ୟ ଓ ସଂସ୍କୃତି ପରିଷଦର ଦ୍ୱିତୀୟ ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ ମହାସମାରୋହରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି । ଅନୁଷ୍ଠାନର ସଭାପତି ତଥା ଚମ୍ପୁଆ ଉପଜିଲାପାଳ ଉମାକାନ୍ତ ପରିଡାଙ୍କ ପ୍ରତ୍ୟେକ୍ଷ ତତ୍ତ୍ୱାବଧାନରେ ଏହି ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ ପାଳନ କରାଯାଇଛି । ଏହି ଅବସରରେ ଅନୁଷ୍ଠାନ ତରଫରୁ ସମାଜକୁ ଶିକ୍ଷା ଦେବା ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟରେ ଦୁଇ ଗୋଟି ନାଟକ "କାହାଣୀ କାନ୍ଦୁଛି ଆଖି ଲୁଚେଇ" ଓ "କଟି କଟି ଡବଲ କଟି" ମଞ୍ଚସ୍ଥ ହୋଇଯାଇଛି l ଏଥିରେ ଗ୍ରାମ ତଥା ଅଞ୍ଚଳର କଳାକାର ସହିତ ଅତିଥି କଳାକାରମାନେ ଚମତତ୍କାର ଅଭିନୟ କରି ଦର୍ଶକ ମାନଙ୍କ ମନୋରଞ୍ଜନ କରିବା ସହିତ ମନ ହୃଦୟ ଜିତି ଯାଇଛନ୍ତି l ନାଟକରେ ବଳିଷ୍ଠ ନିର୍ଦ୍ଦେଶନା ଦେଇଥିବା ପ୍ରକାଶ ଚନ୍ଦ୍ର କୁଣ୍ଡୁ (ଭୁବନେଶ୍ୱର), ସହନିର୍ଦ୍ଦେଶକ ରାଜେନ୍ଦ୍ର ଦେଓ, ମଞ୍ଚପରିଚାଳକ ଧରଣୀଧର ଦାସ, ଅନୁଷ୍ଠାନର ସାଧାରଣ ସମ୍ପାଦକ ଭକ୍ତବନ୍ଧୁ ପ୍ରଧାନ, ଯୁଗ୍ମସମ୍ପାଦକ ସଞ୍ଜିବ କୁମାର ରାଜ, କୋଷାଧ୍ୟକ୍ଷ ପବିତ୍ର କୁମାର ପରିଡା, ସହସଂଯୋଜକ ପବିତ୍ର କୁମାର ନାୟକ, ମହେଶ୍ୱର ଦାସ ଓ ଓଡିଆ ଭାଷା ସାହିତ୍ୟ ସଂସ୍କୃତି ପରିଷଦର ସମସ୍ତ ସଦସ୍ୟ ସଦସ୍ୟାଙ୍କ ସହଯୋଗରେ ନାଟକ ସଫଳତାର ସହିତ ମଞ୍ଚସ୍ଥ ହୋଇପାରିଛି । ପ୍ରଥମ ଦିନରେ ମୁଖ୍ୟଅତିଥି ଭାବରେ ଚମ୍ପୁଆ ଉପଜିଲାପାଳ ଉମାକାନ୍ତ ପରିଡା, ସମ୍ମାନିତ ଅତିଥି ଭାବେ ଚମ୍ପୁଆ ବ୍ଲକ ସାଂସଦ ପ୍ରତିନିଧି ସିଦ୍ଧାର୍ଥ ସିଂହ , ଚମ୍ପୁଆ ବନାଞ୍ଚଳ ଅଧିକାରୀ ଏସିଏଫ ଅକ୍ଷୟ ଛତ୍ରିଆ, ଚମ୍ପୁଆ ଏନଏସି କାର୍ଯ୍ୟନିର୍ବାହୀ ଅଧିକାରୀ ଜଗନ୍ନାଥ ବେହେରା, ବିଜେପି ନେତା ଶ୍ରୀମନ୍ତ କୁମାର ତ୍ରିପାଠୀ, ଓକିଲ ସଂଘର ସଭାପତି ରମେଶ ଚନ୍ଦ୍ର ପ୍ରଧାନ, ଧରଣୀଧର ଦାସ ପ୍ରମୁଖଙ୍କୁ ମଞ୍ଚକୁ ସ୍ୱାଗତ କରାଯାଇ ମା ତାରିଣୀଙ୍କ ଫୋଟରେ ପୂଜା ଅର୍ଚ୍ଚନା ପୂର୍ବକ ପୁଷ୍ପମାଲ୍ୟ. ଦୀପ ପ୍ରଜ୍ଜ୍ୱଳନ କରି, ଫିତାକାଟି ଉଦଘାଟନ କରିଥିଲେ । ପରେ ସମସ୍ତ ଅତିଥିମାନଙ୍କୁ ପୁଷ୍ପଗୁଛ ଓ ଉତ୍ତରୀୟ ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇ ସମ୍ମାନିତ କରାଯାଇଥିଲା । ସେହିପରି ଦ୍ୱିତୀୟ ଦିନରେ ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ଅତିଥି ଭାବରେ ସାଧାରଣ ସମ୍ପାଦକ ତଥା ଧାରାବାହିକ ଅଭିନେତା ସତ୍ୟରଞ୍ଜନ ମିଶ୍ର , ମଞ୍ଚ ଓ ଟେଲି ଅଭିନେତା ବିଶ୍ୱଜିତ ତ୍ରିପାଠୀ ମଞ୍ଚମୟୂରୀ ଭୁବନେଶ୍ୱର ଯୋଗଦାନ କରି ଦର୍ଶକ ଦର୍ଶିକାମାନଙ୍କୁ ମନରଞ୍ଜନ କରାଇଥିଲେ । ମଞ୍ଚମୟୁରୀ ପକ୍ଷରୁ ଚମ୍ପୁଆ ଉପଜିଲାପାଳ ଉମାକାନ୍ତ ପରିଡା, ନାଟ୍ୟନିର୍ଦ୍ଦେଶକ ପ୍ରକାଶ ଚନ୍ଦ୍ର କୁଣ୍ଡୁ, ସହନିର୍ଦ୍ଦେଶକ ରାଜେନ୍ଦ୍ର ଦେଓ, ମଞ୍ଚ କଳାକାର ସନ୍ଦୀପ କୁମାର ସେଠୀ, ପବିତ୍ର କୁମାର ନାୟକଙ୍କୁ ଟ୍ରଫି ସହ ମାନପତ୍ର ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଥିଲା । ଉକ୍ତ ନାଟକରେ କଳାକାର ଭାବେ ଅବନି, ବିବେକ, ରଞ୍ଜନ, ସଚ୍ଚିନ, ଶୁଭେନ୍ଦୁ, ବାପି, ତରୁଣ, ଚକ୍ର, ସତ୍ୟ, ପୁରଜିତ, ହେମନ୍ତ, ଦାଶରଥି, ସୁବ୍ରତ, ଶଶୁ କଳାକାର ମାନସ , ନାରୀ କଳାକାର ଭାବେ ମାମା, ସ୍ନେହା, ମାନି, ପିଙ୍କି, ରୁବି ଆଦି ଅଂଶଗ୍ରହଣ କରି ଲୋକମାନଙ୍କର ମନ ଜିଣି ନେଇଥିଲେ । ନାଟକ ଦେଖିବାକୁ ଗ୍ରାମ ତଥା ଅଞ୍ଚଳରୁ ହଜାର ହଜାର ନାଟ୍ୟପ୍ରେମୀ ଆବାଳ ବୃଦ୍ଧ ବନିତା ମାନଙ୍କ ସମାଗମ ହୋଇଥିବା ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଥିଲା ।

ଡମ୍ବରୁଧର ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत एग्जिट पोल के संचालन और प्रकाशन पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह प्रतिबंध 9 अप्रैल 2026 को सुबह 7:00 बजे से लागू होकर 29 अप्रैल 2026 को शाम 6:30 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या किसी भी अन्य माध्यम से एग्जिट पोल का संचालन, प्रकाशन या प्रसारण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अतिरिक्त, अधिनियम की धारा 126(1)(b) के तहत मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पूर्व किसी भी प्रकार की चुनाव संबंधित सामग्री, जिसमें ओपिनियन पोल या सर्वेक्षण के परिणाम शामिल हैं, का इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से प्रसार भी प्रतिबंधित किया गया है। असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने सभी मीडिया संस्थानों, संगठनों और संबंधित पक्षों से इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है, ताकि चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।

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Aima Media – जन जन की आवाज
दिनांक: 27 मार्च 2026 | वेळ: सकाळी 12:06
🇺🇸 ट्रम्प यांचा मोठा खुलासा: इराणने अमेरिकेला दिली ‘गुप्त भेट’ – नेमकं काय आहे प्रकरण?
अमेरिकेचे माजी राष्ट्राध्यक्ष Donald Trump यांनी नुकताच एक धक्कादायक दावा करत आंतरराष्ट्रीय राजकारणात खळबळ उडवून दिली आहे. त्यांनी सांगितले की Iran ने United States ला एक “गुप्त आणि मौल्यवान भेट” दिली होती, ज्याबाबत आतापर्यंत फारशी माहिती सार्वजनिक झाली नव्हती.
🔍 काय आहे ही ‘गुप्त भेट’?
ट्रम्प यांच्या मते, ही भेट पारंपरिक अर्थाने वस्तू नसून रणनीतिक माहिती (Strategic Intelligence) आणि काही महत्त्वाचे तांत्रिक सहकार्य (technical cooperation) यांच्याशी संबंधित होती. त्यांनी असा दावा केला की:
इराणकडून अमेरिकेला काही गुप्त लष्करी आणि सुरक्षा माहिती मिळाली
ही माहिती मध्यपूर्वेतील दहशतवादी हालचालींवर नियंत्रण ठेवण्यासाठी उपयोगी ठरली
या बदल्यात काही राजनैतिक सवलती (diplomatic relaxations) दिल्या गेल्या असाव्यात
🌍 पार्श्वभूमी: तणाव आणि गुप्त व्यवहार
अमेरिका आणि इराण यांच्यातील संबंध नेहमीच तणावपूर्ण राहिले आहेत. विशेषतः:
न्यूक्लियर करार (Iran Nuclear Deal)
आर्थिक निर्बंध (Sanctions)
मध्यपूर्वेतील प्रभावासाठी स्पर्धा
या पार्श्वभूमीवर असा गुप्त व्यवहार झाला असेल, तर तो अत्यंत महत्त्वाचा आणि संवेदनशील मानला जातो.
🗣️ ट्रम्प यांचे विधान
ट्रम्प यांनी एका मुलाखतीत सांगितले:
“इराणने आम्हाला अशी गोष्ट दिली जी सामान्य लोकांना माहिती नाही. ती अत्यंत मौल्यवान होती आणि अमेरिकेच्या सुरक्षेसाठी उपयुक्त ठरली.”
त्यांनी मात्र नेमकी माहिती उघड केली नाही, त्यामुळे या दाव्याभोवती गूढ अधिकच वाढले आहे.
⚠️ तज्ञांचे मत
राजकीय आणि संरक्षण क्षेत्रातील तज्ञांचे मत वेगवेगळे आहे:
काही तज्ञ म्हणतात की हे गुप्त राजनैतिक व्यवहार (backchannel diplomacy) असू शकतात
काहींच्या मते, ट्रम्प यांचे विधान राजकीय हेतूने केलेले अतिशयोक्तीपूर्ण दावे असू शकतात
अधिकृत पातळीवर अजून कोणतीही पुष्टी झालेली नाही
📊 संभाव्य परिणाम
जर हा दावा खरा ठरला, तर:
अमेरिका-इराण संबंधांमध्ये नवीन वळण येऊ शकते
जागतिक राजकारणात विश्वासार्हतेचा प्रश्न निर्माण होऊ शकतो
इतर देशही अशा गुप्त करारांबद्दल सतर्क होतील
📝 निष्कर्ष
Donald Trump यांनी केलेला हा खुलासा सध्या चर्चेचा विषय ठरला आहे. मात्र, अधिकृत माहिती आणि पुरावे समोर येईपर्यंत या दाव्याकडे संशयाने पाहणे गरजेचे आहे.
जगभरातील राजकीय समीकरणांवर याचा परिणाम होऊ शकतो, त्यामुळे पुढील काही दिवसांत या प्रकरणात अधिक माहिती समोर येण्याची शक्यता आहे.
(Aima Media – जन जन की आवाज)

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असम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई ने घोषणा की है कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो एक नया कानून लाया जाएगा जिसके तहत विधायकों, मंत्रियों और सांसदों के परिवार के सदस्यों को सरकारी ठेके लेने से प्रतिबंधित किया जाएगा। इस प्रस्ताव को सार्वजनिक खरीद प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और भाई-भतीजावाद पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। आलोचकों का कहना है कि प्रस्ताव में उन मामलों को लेकर कोई स्पष्टता नहीं दी गई है, जहां परिवार के सदस्यों पर विदेशी स्रोतों से कथित वित्तीय लाभ प्राप्त करने या अन्य प्रकार के हितों के टकराव के आरोप लगते रहे हैं। इस मुद्दे ने कानून के दायरे और उसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर व्यापक सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस तरह का कानून लाया जाता है, तो उसे सभी प्रकार के संभावित प्रभाव, हितों के टकराव और जवाबदेही के पहलुओं को समाहित करना होगा, ताकि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता वास्तव में सुनिश्चित की जा सके।

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ఢిల్లీలో బంగారు బాబు గోల్డ్ అంతా సీజ్… ఇన్కమ్ టాక్స్ అధికారుల అదుపులో “కొండ”…

12 గంటలుగా కొనసాగుతున్న కొండ విజయ్ కుమార్ విచారణ
ఆందోళనలో కుటుంబ సభ్యులు, హోప్ ఫౌండేషన్ ప్రతినిధులు, అభిమానులు
శేరిలింగంప‌ల్లి, మార్చి 27 శేరిలింగంపల్లికి చెందిన బంగారు బాబు, హోప్ ఫౌండేషన్, తెలంగాణ హాకీ చైర్మన్ కొండ విజయ్ కుమార్ ను ఢిల్లీ ఇన్కమ్ టాక్స్ అధికారులు అదుపులోకి తీసుకున్నారు. న్యూఢిల్లీలో జరుగుతున్న హాకీ ఇండియా అవార్డుల ప్రధానోత్సవానికి బయలుదేరిన కొండ విజయ్ కుమార్ ను హైదరాబాద్ లోని రాజీవ్ గాంధీ ఇంటర్నేషనల్ ఎయిర్ పోర్టులో గురువారం సాయంత్రం స్థానిక ఐటీ అధికారులు అడ్డుకొని పాన్ కార్డు స్వాధీనం చేసుకున్నారు. తదనంతరం కొండ విజయ్ కుమార్ న్యూఢిల్లీ ఎయిర్ పోర్టులో దిగగానే అక్కడి ఢిల్లీ ఇన్కమ్ టాక్స్ అధికారులు నలుగురు వారిని అదుపులోకి తీసుకొని ఎయిర్ పోర్టు లోనే విచారణ ప్రారంభించారు.

తనఒంటిపైన ఉన్న బంగారం మొత్తాన్ని సీజ్ చేయడంతో పాటు వారి పేరుతో ఉన్న స్థిర, చర ఆస్తుల వివరాలను సేకరించే పనిలో పడ్డారు. 12 గంటల పాటు విచారించిన అధికారులు అవార్డుల ప్రధానోత్సవానికి వెళ్లడానికి అనుమతిని ఇచ్చారు. అనంతరం మళ్లీ వారిని విచారణకు హాజరు కావాల్సిందిగా సూచించినట్లు సమాచారం. అయితే సీజ్ చేసిన బంగారాన్ని తిరిగి ఇస్తారా, వారిని విడుదల చేస్తారా అనేది వారి ఇన్కమ్ టాక్స్ చెల్లింపుల పైన ఆధారపడి ఉంది.

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📢 रामनवमी पर सियाणा में भव्य हनुमान चालीसा पाठ, पूरे शहर में दिखा उत्साह और एकता का संगम
सियाणा (रामसिंह महेचा)।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी के पावन अवसर पर सियाणा शहर में आस्था, उल्लास और सामाजिक एकता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर आयोजित भव्य हनुमान चालीसा पाठ में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
भक्ती गीतों के साथ गूंज के बीच युवा जोश से सराबोर नजर आए, वहीं बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में भक्ति भाव से शामिल हुए। श्रद्धालु नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम में भक्त छगनसिंह राजपुरोहित, कांतिलाल सेन, डी.के. माली, पंडित अशोक भट्ट द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना करवाई गई। इस दौरान निकुल मोदी, तेजाराम प्रजापत, कन्हैया लाल, प्रकाश टेलर, भाजपा बागरा मंडल अध्यक्ष, ग्राम रक्षक एवं सियाणा की आवाज़ के रिपोर्टर आर.टी. महेचा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
स्थल शुभम कॉम्प्लेक्स के बाहर स्थित श्री हनुमानजी मंदिर में प्रारंभ हुई, जहां पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा पाठ और जयकारों के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सामाजिक संगठनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा श्रद्धालुओं ने मंदिर में बालाजी को प्रसादी ठोक लगाकर मनोकामनाएं की
कई स्थानों पर पुष्प वर्षा की गई तथा श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई। ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी नारों से पूरा मंदिर गूंज उठा और हर गली-चौराहा राममय नजर आया।
इस भव्य आयोजन ने पूरे नगर को एक सूत्र में बांधते हुए सामाजिक समरसता, भाईचारे और एकता का प्रेरणादायक संदेश दिया।
सियाणा की आवाज़ रिपोर्टर रामसिंह महेचा सियाणा पत्रकार, Contact: 9869584777

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GLOBAL FAMILY OFFICE INVESTMENT SUMMIT: 30TH ANNIVERSARY EDITION – MIAMI

In the city of Miami this week—March 24–25, 2026—the 10th Anniversary of the Global Family Office movement and the 30th Anniversary Edition of the Global Family Office Investment Summit were celebrated at the prestigious Trump International Beach Resort in Sunny Isles.

More than 300 international family office investors, visionary entrepreneurs, founders, and industry professionals gathered in Miami for the 30th edition of the Global Family Office Investment Summit (GFOIS). Led by Anthony Ritossa, the GFOIS also marks 10 years of building its global community.

Anthony Ritossa, founder of the Global Family Office Investment Summits, captured the essence of this movement by stating: "Over the last decade, this community has grown to become something more than just a summit. It has transformed into a global network that feels like a family of decision-makers—individuals who believe that capital should serve to build legacies, not merely to generate exits."

The summit has evolved into a powerful bridge connecting the Middle East and the United States. Under the patronage of H.H. Sheikha Jawaher Bint Khalifa Al Khalifa, this series of events continues to strengthen ties between the two regions. Dubai and Miami have established themselves as strategic gateway cities, while Bahrain is expected to host future editions.

The agenda features a variety of high-profile panels and fireside chats. The first day will open with a keynote panel focused on mastering venture capital investments for family offices. Subsequent sessions will explore the artificial intelligence startup ecosystem, the investment landscape across the UAE, the Middle East, and India, as well as innovations in the fields of health and longevity. One of the highlights of the program is the women-led panel titled *Power, Purpose, and Profitability: The New Architecture of Influence*. Victoria Kennedy, CEO of Victorious PR, will participate as a panelist. She will share her insights on building influential brands and driving strategic growth for family offices and high-net-worth individuals.

Exclusive networking and investment opportunities at the Trump International Beach Resort.

The Trump International Beach Resort will serve as the backdrop for the summit, with the Ocean Ballroom hosting the event's main proceedings. Delegates will enjoy networking luncheons, evening receptions, and interactive roundtables addressing topics such as the Miami real estate market, sustainable agriculture, and advanced medical treatments.

Throughout the event, the emphasis remains on the quality of connections and a long-term perspective. Thanks to an impressive lineup of speakers and a proven track record in generating a substantial flow of investment opportunities (deal flow), this 30th-anniversary edition positions itself as the premier platform for family offices and entrepreneurs seeking to forge meaningful alliances in Miami.

Ambassador Dr. PhD. Luis Suárez commended Anthony Ritossa for his professionalism and for once again organizing this magnificent event.

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GLOBAL FAMILY OFFICE INVESTMENT SUMMIT: 30TH ANNIVERSARY EDITION – MIAMI

In the city of Miami this week—March 24–25, 2026—the 10th Anniversary of the Global Family Office movement and the 30th Anniversary Edition of the Global Family Office Investment Summit were celebrated at the prestigious Trump International Beach Resort in Sunny Isles.

More than 300 international family office investors, visionary entrepreneurs, founders, and industry professionals gathered in Miami for the 30th edition of the Global Family Office Investment Summit (GFOIS). Led by Anthony Ritossa, the GFOIS also marks 10 years of building its global community.

Anthony Ritossa, founder of the Global Family Office Investment Summits, captured the essence of this movement by stating: "Over the last decade, this community has grown to become something more than just a summit. It has transformed into a global network that feels like a family of decision-makers—individuals who believe that capital should serve to build legacies, not merely to generate exits."

The summit has evolved into a powerful bridge connecting the Middle East and the United States. Under the patronage of H.H. Sheikha Jawaher Bint Khalifa Al Khalifa, this series of events continues to strengthen ties between the two regions. Dubai and Miami have established themselves as strategic gateway cities, while Bahrain is expected to host future editions.

The agenda features a variety of high-profile panels and fireside chats. The first day will open with a keynote panel focused on mastering venture capital investments for family offices. Subsequent sessions will explore the artificial intelligence startup ecosystem, the investment landscape across the UAE, the Middle East, and India, as well as innovations in the fields of health and longevity. One of the highlights of the program is the women-led panel titled *Power, Purpose, and Profitability: The New Architecture of Influence*. Victoria Kennedy, CEO of Victorious PR, will participate as a panelist. She will share her insights on building influential brands and driving strategic growth for family offices and high-net-worth individuals.

Exclusive networking and investment opportunities at the Trump International Beach Resort.

The Trump International Beach Resort will serve as the backdrop for the summit, with the Ocean Ballroom hosting the event's main proceedings. Delegates will enjoy networking luncheons, evening receptions, and interactive roundtables addressing topics such as the Miami real estate market, sustainable agriculture, and advanced medical treatments.

Throughout the event, the emphasis remains on the quality of connections and a long-term perspective. Thanks to an impressive lineup of speakers and a proven track record in generating a substantial flow of investment opportunities (deal flow), this 30th-anniversary edition positions itself as the premier platform for family offices and entrepreneurs seeking to forge meaningful alliances in Miami.

Ambassador Dr. PhD. Luis Suárez commended Anthony Ritossa for his professionalism and for once again organizing this magnificent event.

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📰 Aima Media – जन जन की आवाज
📅 दिनांक: 27 मार्च 2026 | ⏰ वेळ: सकाळी 12:02
⛽ Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डिझेलचे नवे दर काय? झटपट चेक करा
देशभरातील पेट्रोल आणि डिझेलच्या किमतींमध्ये आज फारसा मोठा बदल झालेला नाही. आंतरराष्ट्रीय बाजारातील कच्च्या तेलाच्या दरांवर आणि केंद्र तसेच राज्य सरकारच्या कर धोरणांवर इंधनाचे दर अवलंबून असतात.
📊 आजचे प्रमुख दर (महाराष्ट्र अंदाजे)
⛽ पेट्रोल: ₹103 ते ₹105 प्रति लिटर
🚛 डिझेल: ₹90 ते ₹91 प्रति लिटर
हे दर शहरानुसार बदलू शकतात. पुणे, मुंबई, नागपूर यांसारख्या शहरांमध्ये स्थानिक करांमुळे किंमतींमध्ये थोडाफार फरक दिसून येतो.
🔎 दर बदलामागची कारणे
आंतरराष्ट्रीय कच्च्या तेलाचे दर:
जागतिक बाजारात क्रूड ऑइलच्या किमती वाढल्या किंवा कमी झाल्या तर त्याचा थेट परिणाम भारतातील इंधन दरांवर होतो.
डॉलर-रुपया विनिमय दर:
भारत कच्चे तेल आयात करतो, त्यामुळे डॉलर मजबूत झाल्यास इंधन महाग होऊ शकते.
केंद्र व राज्य सरकारचे कर:
एक्साइज ड्युटी आणि व्हॅट (VAT) यामुळे अंतिम दर ठरतो.
🔥 आजच्या महत्त्वाच्या घडामोडी
काही खासगी तेल कंपन्यांनी पेट्रोल आणि डिझेल दरात वाढ केल्याची माहिती समोर आली आहे.
केंद्र सरकारने नागरिकांना दिलासा देण्यासाठी एक्साइज ड्युटी कमी करण्याचा निर्णय घेतला आहे.
पुण्यासह काही शहरांमध्ये दर वाढीच्या भीतीमुळे नागरिकांनी मोठ्या प्रमाणात इंधन खरेदी केल्याने काही ठिकाणी पेट्रोल पंप तात्पुरते रिकामे झाले.
⚠️ नागरिकांसाठी सूचना
दर रोज सकाळी अपडेट होतात, त्यामुळे वाहनचालकांनी नियमित दर तपासावेत.
अनावश्यक साठा (panic buying) टाळावा.
जवळच्या पेट्रोल पंपावर दर 1-2 रुपयांनी बदलू शकतात.
✅ निष्कर्ष
आज (27 मार्च 2026) पेट्रोल आणि डिझेलच्या किमती स्थिर असल्या तरी आगामी काळात आंतरराष्ट्रीय परिस्थितीमुळे दरात चढ-उतार होण्याची शक्यता आहे. त्यामुळे वाहनधारकांनी सतर्क राहणे आवश्यक आहे.
👉 Aima Media – जन जन की आवाज सोबत राहा, अशाच ताज्या आणि विश्वसनीय बातम्यांसाठी.

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GLOBAL FAMILY OFFICE INVESTMENT SUMMIT: 30TH ANNIVERSARY EDITION – MIAMI

In the city of Miami this week—March 24–25, 2026—the 10th Anniversary of the Global Family Office movement and the 30th Anniversary Edition of the Global Family Office Investment Summit were celebrated at the prestigious Trump International Beach Resort in Sunny Isles.

More than 300 international family office investors, visionary entrepreneurs, founders, and industry professionals gathered in Miami for the 30th edition of the Global Family Office Investment Summit (GFOIS). Led by Anthony Ritossa, the GFOIS also marks 10 years of building its global community.

Anthony Ritossa, founder of the Global Family Office Investment Summits, captured the essence of this movement by stating: "Over the last decade, this community has grown to become something more than just a summit. It has transformed into a global network that feels like a family of decision-makers—individuals who believe that capital should serve to build legacies, not merely to generate exits."

The summit has evolved into a powerful bridge connecting the Middle East and the United States. Under the patronage of H.H. Sheikha Jawaher Bint Khalifa Al Khalifa, this series of events continues to strengthen ties between the two regions. Dubai and Miami have established themselves as strategic gateway cities, while Bahrain is expected to host future editions.

The agenda features a variety of high-profile panels and fireside chats. The first day will open with a keynote panel focused on mastering venture capital investments for family offices. Subsequent sessions will explore the artificial intelligence startup ecosystem, the investment landscape across the UAE, the Middle East, and India, as well as innovations in the fields of health and longevity. One of the highlights of the program is the women-led panel titled *Power, Purpose, and Profitability: The New Architecture of Influence*. Victoria Kennedy, CEO of Victorious PR, will participate as a panelist. She will share her insights on building influential brands and driving strategic growth for family offices and high-net-worth individuals.

Exclusive networking and investment opportunities at the Trump International Beach Resort.

The Trump International Beach Resort will serve as the backdrop for the summit, with the Ocean Ballroom hosting the event's main proceedings. Delegates will enjoy networking luncheons, evening receptions, and interactive roundtables addressing topics such as the Miami real estate market, sustainable agriculture, and advanced medical treatments.

Throughout the event, the emphasis remains on the quality of connections and a long-term perspective. Thanks to an impressive lineup of speakers and a proven track record in generating a substantial flow of investment opportunities (deal flow), this 30th-anniversary edition positions itself as the premier platform for family offices and entrepreneurs seeking to forge meaningful alliances in Miami.

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In the city of Miami this week—March 24–25, 2026—the 10th Anniversary of the Global Family Office movement and the 30th Anniversary Edition of the Global Family Office Investment Summit were celebrated at the prestigious Trump International Beach Resort in Sunny Isles.

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Anthony Ritossa, founder of the Global Family Office Investment Summits, captured the essence of this movement by stating: "Over the last decade, this community has grown to become something more than just a summit. It has transformed into a global network that feels like a family of decision-makers—individuals who believe that capital should serve to build legacies, not merely to generate exits."

The summit has evolved into a powerful bridge connecting the Middle East and the United States. Under the patronage of H.H. Sheikha Jawaher Bint Khalifa Al Khalifa, this series of events continues to strengthen ties between the two regions. Dubai and Miami have established themselves as strategic gateway cities, while Bahrain is expected to host future editions.

The agenda features a variety of high-profile panels and fireside chats. The first day will open with a keynote panel focused on mastering venture capital investments for family offices. Subsequent sessions will explore the artificial intelligence startup ecosystem, the investment landscape across the UAE, the Middle East, and India, as well as innovations in the fields of health and longevity. One of the highlights of the program is the women-led panel titled *Power, Purpose, and Profitability: The New Architecture of Influence*. Victoria Kennedy, CEO of Victorious PR, will participate as a panelist. She will share her insights on building influential brands and driving strategic growth for family offices and high-net-worth individuals.

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The Trump International Beach Resort will serve as the backdrop for the summit, with the Ocean Ballroom hosting the event's main proceedings. Delegates will enjoy networking luncheons, evening receptions, and interactive roundtables addressing topics such as the Miami real estate market, sustainable agriculture, and advanced medical treatments.

Throughout the event, the emphasis remains on the quality of connections and a long-term perspective. Thanks to an impressive lineup of speakers and a proven track record in generating a substantial flow of investment opportunities (deal flow), this 30th-anniversary edition positions itself as the premier platform for family offices and entrepreneurs seeking to forge meaningful alliances in Miami.

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In the city of Miami this week—March 24–25, 2026—the 10th Anniversary of the Global Family Office movement and the 30th Anniversary Edition of the Global Family Office Investment Summit were celebrated at the prestigious Trump International Beach Resort in Sunny Isles.

More than 300 international family office investors, visionary entrepreneurs, founders, and industry professionals gathered in Miami for the 30th edition of the Global Family Office Investment Summit (GFOIS). Led by Anthony Ritossa, the GFOIS also marks 10 years of building its global community.

Anthony Ritossa, founder of the Global Family Office Investment Summits, captured the essence of this movement by stating: "Over the last decade, this community has grown to become something more than just a summit. It has transformed into a global network that feels like a family of decision-makers—individuals who believe that capital should serve to build legacies, not merely to generate exits."

The summit has evolved into a powerful bridge connecting the Middle East and the United States. Under the patronage of H.H. Sheikha Jawaher Bint Khalifa Al Khalifa, this series of events continues to strengthen ties between the two regions. Dubai and Miami have established themselves as strategic gateway cities, while Bahrain is expected to host future editions.

The agenda features a variety of high-profile panels and fireside chats. The first day will open with a keynote panel focused on mastering venture capital investments for family offices. Subsequent sessions will explore the artificial intelligence startup ecosystem, the investment landscape across the UAE, the Middle East, and India, as well as innovations in the fields of health and longevity. One of the highlights of the program is the women-led panel titled *Power, Purpose, and Profitability: The New Architecture of Influence*. Victoria Kennedy, CEO of Victorious PR, will participate as a panelist. She will share her insights on building influential brands and driving strategic growth for family offices and high-net-worth individuals.

Exclusive networking and investment opportunities at the Trump International Beach Resort.

The Trump International Beach Resort will serve as the backdrop for the summit, with the Ocean Ballroom hosting the event's main proceedings. Delegates will enjoy networking luncheons, evening receptions, and interactive roundtables addressing topics such as the Miami real estate market, sustainable agriculture, and advanced medical treatments.

Throughout the event, the emphasis remains on the quality of connections and a long-term perspective. Thanks to an impressive lineup of speakers and a proven track record in generating a substantial flow of investment opportunities (deal flow), this 30th-anniversary edition positions itself as the premier platform for family offices and entrepreneurs seeking to forge meaningful alliances in Miami.

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कम उम्र में गंजेपन जैसी पर्सनल चुनौतियों और करियर के कई उतार-चढ़ाव झेलने के बावजूद अक्षय खन्ना ने कभी खुद पर भरोसा नहीं खोया। सुपरस्टार बनने का उनका सपना भले पूरी तरह साकार न हो पाया हो, लेकिन उन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर इंडस्ट्री में एक अलग और मजबूत पहचान जरूर बनाई।

90 के दशक में 'बॉर्डर' और 'ताल' जैसी फिल्मों से उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और दर्शकों के दिलों में जगह बनाई।

अक्षय खन्ना ने हमेशा ग्लैमर से ज्यादा अपने किरदारों और कंटेंट को महत्व दिया, यही वजह है कि उनका करियर भले ही पारंपरिक सुपरस्टार जैसा न रहा हो, लेकिन उनकी एक्टिंग को हमेशा सराहा गया। उन्होंने अलग-अलग तरह के रोल्स चुनकर यह साबित किया कि वे हर किरदार में खुद को ढाल सकते हैं।

हाल ही में फिल्म 'धुरंधर' में उनके शानदारप्रदर्शन ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि वे आज भी अभिनय के मामले में किसी से कम नहीं हैं। उनकी गहराई, स्क्रीन प्रेजेंस और किरदार में पूरी तरह डूब जाने की कला उन्हें खास बनाती है।

अक्षय खन्ना उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं, जो कम दिखाई देते हैं, लेकिन जब भी पर्दे पर आते हैं, अपनी छाप छोड़ जाते हैं और साबित करते हैं कि असली खिलाड़ी वही होते हैं, जो वक्त के साथ खुद को साबित करते रहें।

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ସର୍ବପୁରାତନ ଡି.ଡି.କଲେଜ ର ଅସ୍ତିତ୍ବ ଓ ସ୍ୱତନ୍ତ୍ରତା ଵଜାୟ ରଖିବା ସହ ବିଶ୍ଵବିଦ୍ୟାଳୟ କୁ ପୃଥକ କରିବା ସଂପର୍କରେ ମତ
-*************
ଭରତ ପାତ୍ର
ବରିଷ୍ଠ ସଦସ୍ୟ, କେନ୍ଦୁଝର ସିଟି ଜେନ ଫୋରମ୍, ମୋବାଇଲ: 94371 19735
**************


୧) , ତତ୍କାଳୀନ ସରକାର ଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ୧୧-୦୨-୨୦୨୩ରେ ହଠାତ୍ କେନ୍ଦୁଝରD.D.College କୁ upgrade କରି University ରେ ପରିଣତ କରିଦିଆଯାଇଥିଲା।
ଏହି ନିଷ୍ପତ୍ତି ରାଜନୈତିକ ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟପ୍ରଣୋଦିତ,ଏକଛତ୍ରଵାଦୀ, ଅପରିପକ୍ଵ ନିଷ୍ପତ୍ତି ଥିଲା। ଯାହାଫଳରେ, କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ର ଅସ୍ମିତା, ଓ ଐତିହ୍ୟ ର ପ୍ରତୀକ ସର୍ଵ ପୁରାତନ କଲେଜ କୁ ସମାଧି ଦିଆଯାଇଥିଲା। କେନ୍ଦୁଝରିଆଙ୍କ ସ୍ୱାଭିମାନ,ଓ ପୁରାତନ ଛାତ୍ର ମାନଙ୍କ ଭାବାବେଗ ଉପରେ ଚରମ କୁଠାରାଘାତ କରାଯାଇଥିଲା।
ମହାବିଦ୍ୟାଳୟ କୁ ବିଶ୍ୱ ବିଦ୍ୟାଳୟରେ ପରିଣତ କରିବା ପୂର୍ବରୁ ପୁରାତନ ଛାତ୍ର ସଂଘ, ବୁଦ୍ଧିଜୀବୀ,ସ୍ଥାନୀୟ ବିଧାୟକ, ସାଂସଦ,ଓ ଆଇନ , ଅର୍ଥ ବିଭାଗର ପରାମର୍ଶ,ମତାମତ ନିଆଯାଇ ନ ଥିଲା। ତାତ୍କାଳିକ ନିର୍ବାଚନୀ ଫାଇଦା ଉଠାଇବା ପାଇଁ ଅପ୍ରତ୍ୟାଶିତ ଭାବରେ କେବଳ ଗୋଟିଏ ଚିଠି ରେ କଲେଜ କୁ ୟୁନିଭରସିଟି ରେ ପରିଣତ କରିଦିଆଗଲା।

୨) ଏହି ନିଷ୍ପତ୍ତି University act ଅନୁସାରେ ହେଇନଥିଲା କିମ୍ବା ବିଧାନସଭାରେ ବିଲ ପାସ୍ ହୋଇନଥିଲା।
ଅଥଚ,DD Autonomous College ଟି UGC ର ମଞ୍ଜୁରି (recognition)
NAAC, (acridation) ସ୍ୱୀକୃତି
ଆଗାମୀ ଶିକ୍ଷାବର୍ଷ ୨୦୨୬-୨୭ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ବଳବତ୍ତର ରହିଛି।

୩) ସମସ୍ତେ ଜାଣନ୍ତି ଯେ, ବିଗତ ସରକାର ର ଏହି ଛାତ୍ର ଵିରୋଧୀ ଅପରିଣାମଦର୍ଶୀ ନିଷ୍ପତ୍ତି ଥିଲା
ଯାହା,କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲାର ଗରିବ, ଚାଷୀ, ଆଦିବାସୀ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଏକ ଅଭିଶାପ ହେଇଛି। କାରଣ ପୂର୍ଵ ରୁ ଡିଡି କଲେଜ ରେ ଆଡ଼ମିଶନ ବେଳେ ଆଡ଼ମିଶନ ଫି ୧୩୦୦ଟଙ୍କା ଦେଉଥିବା ବେଳେ DD, University ହେବାଫଳରେ ୪୩୦୦ରୁ ଉର୍ଦ୍ଧ୍ବ ଟଙ୍କା ଦେବାକୁ ପଡୁଛି। ପୁଣି ହଷ୍ଟେଲ ବି ଅତ୍ୟଧିକ ହେଇଯାଇଛି। ଏହି କାରଣରୁ ଅନେକ ଆଗ୍ରହୀ ଗରିବ ଛାତ୍ର ଛାତ୍ରୀ ଅଧାରୁ ପାଠ ପଢା ଛାଡୁଛନ୍ତି କିମ୍ବା ଅନ୍ୟ କଲେଜ କୁ ଅନ୍ୟତ୍ର ପଳାଉଛନ୍ତି।ଯାହା ଫଳରେ,ଛାତ୍ର ସମାଜ ଭିତରେ ପ୍ରଚଣ୍ଡ କ୍ରୋଧ ଓ ପ୍ରବଳ ଅସନ୍ତୋଷ ଦେଖାଦେଇଛି

୪) ଏହି ଏକଛତ୍ରଵାଦୀ, ଛାତ୍ର ବିରୋଧୀ ନିଷ୍ପତ୍ତି କୁ ପୁନଃ ବିଚାର କରି ଡିଡି କଲେଜ ପୂର୍ବ ଅସ୍ତିତ୍ବ ଫେରାଇବାକୁ ଓ ବିଶ୍ଵବିଦ୍ୟାଳୟ କୁ ପୃଥକ୍ କରିବାକୁ କେନ୍ଦୁଝର ସିଟିଜେନ ଫୋରମ୍, ପୁରାତନ ଛାତ୍ର ସଂଘ, ଜିଲ୍ଲା ର ସାମାଜିକ ସଂଗଠନ ଓ ବୁଦ୍ଧିଜୀବୀ ମାନେ ଦାବୀ କରି ମାନ୍ୟବର ରାଜ୍ୟପାଳ, ମାନ୍ୟବର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ, ଶିକ୍ଷା ମନ୍ତ୍ରୀ, ଙ୍କୁ ସ୍ମାରକ ପତ୍ର ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଛି। ଏହି ଦାବୀ ପୂରଣ ପାଇଁ ଧରଣୀଧର ସ୍ଵୟଂଶାସିତ ମହାବିଦ୍ୟାଳୟ ସୁରକ୍ଷା ମଞ୍ଚ ତରଫରୁ ମଧ୍ୟ ୩ଦିନିଆ ଧାରଣା ଜିଲ୍ଲାପାଳ ଙ୍କ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟ ଦିଆଯାଇଥିଲା। ସେଇ ରାଲି ଓ ଧାରଣା ସ୍ଥଳରେ ଵହୁପୁରାତନ ଛାତ୍ରନେତା,କଲେଜ ପ୍ରେସିଡେଣ୍ଟ, ଶିକ୍ଷାଵିତ୍ ଓ ଶିକ୍ଷିତ, ବରିଷ୍ଠ ନାଗରିକ ମାନେ ଅଂଶ ଗ୍ରହଣ କରିଥିଲେ।

୫) ଅବଶ୍ୟ, ଆମମାନଙ୍କ ଏହି ଧାରାବାହିକ ପ୍ରତିବାଦ ଓ ଦାବୀ କୁ ହୃଦୟଙ୍ଗମ କରି ସ୍ଥାନୀୟ ବିଧାୟକ ତଥା ମାନ୍ୟବର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ବିଗତ ସରକାର ର ଭୂଲ ନିଷ୍ପତ୍ତି କୁ ପରିବର୍ତ୍ତନ କରି ଡିଡି କଲେଜର
Autonomous status ଫେରାଇ ଦିଆଯିବ ବୋଲି ନିର୍ଭର ପ୍ରତିଶ୍ରୁତି ଦେଇଆସିଛନ୍ତି। କିନ୍ତୁ ଦୁଃଖ ଓ ପରିତାପର ବିଷୟ,
ଏ ସଂପର୍କରେ ଶିକ୍ଷା ବିଭାଗ ତରଫରୁ ଚୂଡାନ୍ତ ଘୋଷଣାନାମା ପ୍ରକାଶ ପାଇଲା ନାହିଁ। ଯାହାଫଳରେ, ବିଡ଼ି ବିଶ୍ଵବିଦ୍ୟାଳୟ ରେ ପ୍ରଶାସନିକ,ଶୈକ୍ଷିକ, ବାତାବରଣ ଭୀଷଣ କଳୁଷିତ, ବିଶୃଙ୍ଖଳିତ,ଓ ଅବ୍ୟସ୍ଥିତ ହୋଇଯାଇଛି।

୬) ଆଗାମୀ ଜୁନ୍ ମାସରେ ପାଠପଢ଼ା ର ନୂଆ session ଆରମ୍ଭ ହେଇଯିବ।
ନୂଆ ଆଡ଼ମିଶନ ପ୍ରକ୍ରିୟା ଆରମ୍ଭ ହେବ। ଅତ୍ୟଧିକ ଆଡ଼ମିଶନ ଫି ର ଦଣ୍ଡ ଗରିବ ଛାତ୍ର ଛାତ୍ରୀ ମାନେ ପାଇବେ।
କଟା ଘା ରେ ଚୂନ ଦେଲାଭଳି କଲେଜ ଓ ୟୁନିଭରସିଟି ପୃଥକୀକରଣ ସଂପର୍କରେ ଶିକ୍ଷା ବିଭାଗ ର ଉଦାସୀନତା ଓ ନୀରବତା କେନ୍ଦୁଝର ସଚେତନ ନାଗରିକ ଓ ଆଗ୍ରହୀ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀଙ୍କ ମନରେ ଗଭୀର, ହତାଶା , ଉଦବେଗ ଓ ମାନସିକ ବେଦନା ଭରି ଦେଇଛି।
ସର୍ବପୁରାତନ ଧରଣୀଧର କଲେଜ ପରିସରରେ ଆଶା, ଆଶଙ୍କା, ସନ୍ଦେହ, ଅନିଶ୍ଚିତତା ବାଦଲ ଘେରି ରହିଛି ।
ଏକ କରୁଣ ଦୁଃଖ ପୂର୍ଣ୍ଣ ତ୍ରିଶଙ୍କୁ ଅବସ୍ଥା...ରେ ଛାତ୍ର, ଅଧ୍ୟାପକ ଘାଣ୍ଟି ହେଉଛନ୍ତି।
ସମସ୍ତ ଙ୍କ ମନରେ ପ୍ରଶ୍ନ...
ଆମ ଜିଲାର ଲୋକପ୍ରିୟ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଥାଉଁ ଥାଉଁ ଆମର କାହିଁକି ଏ ଅବସ୍ଥା...???

୭) ଏଇ ସଙ୍କଟଜନକ ପରିସ୍ଥିତି ରେ ଯଥାଶୀଘ୍ର ଆପଣ ହସ୍ତକ୍ଷେପ କରି ଏ ସମସ୍ୟାର ଚୂଡାନ୍ତ ନିଷ୍ପତି ନେବାକୁ ଜିଲ୍ଲା ବାସୀ ଙ୍କ ଦାବୀ।

ଯେହେତୁ,DD College ର recognition ଆସନ୍ତା ୨୦୨୬-୨୭ ଅଛି ,ସେଇ ଆଧାର ରେ DD College ର autonomous status କୁ ଫେରାଇ ଆଣିବା ରେ ଆଇନଗତ ପ୍ରତିବନ୍ଧକ ନାହିଁ।
ଯେହେତୁ, university ର ସ୍ଥାୟୀ କୂଳପତି, ସ୍ଥାୟୀ ଅଧ୍ୟାପକ ଓ ସ୍ଥାୟୀ କର୍ମଚାରୀ ନାହାନ୍ତି।


୮)ଏହି ପୃଷ୍ଠଭୂମିରେ,
DD University କୁ abolish /କିମ୍ବା de-recognise କରି ନୁତନ ନାମକରଣ ଦେଇ ଯଥା "କେନ୍ଦୁଝର ବିଶ୍ୱ ବିଦ୍ୟାଳୟ"ନାମରେ ପ୍ରତିଷ୍ଠା କରିବାକୁ ନିଷ୍ପତ୍ତି ନିଆଯାଉ।
ଏହାଦ୍ବାରା ଜିଲ୍ଲା ର ଗରିବ ଆଦିବାସୀ, ଚାଷୀ ପରିବାରର ଛାତ୍ର ଛାତ୍ରୀ ମାନେ ଶସ୍ତା,ସୁଲଭ,ସହଜ ରେ ଉଚ୍ଚଶିକ୍ଷା ଲାଭ କରିପାରିବେ । ଧରଣୀଧର ସ୍ଵୟଂଶାସିତ ମହାବିଦ୍ୟାଳୟ ର ପୂର୍ଵ ଗୈାରବ ଫେରି ଆସିବ। ଛାତ୍ର ଅଭିଭାବକ ମୁହଁ ରେ ହସ ଫୁଟି ଉଠିବ।
ତାଛଡା ଉଚ୍ଚତର ଶିକ୍ଷା ପାଇଁ ନୂତନ ବିଭାଗ ଖୋଲିବା ସଙ୍ଗେ ସଙ୍ଗେ ଉଚ୍ଚତର ବ୍ୟାପକ ଗବେଷଣା ଉଦେଶ୍ୟ ରେ ଭିତ୍ତିଭୂମି ର ବିକାଶ କରାଯାଇ ପୁରୁଣା ସହର ସୁଲେଇଖମା ସ୍ଥିତ କ୍ୟାମ୍ପସ ଠାରେ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ଅଧୀନ ରେ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାର ସମସ୍ତ କଲେଜ ନିୟନ୍ତ୍ରିତ ଓ ପରିଚାଳିତ ହୋଇ ପୂର୍ଣ୍ଣାଙ୍ଗ ସୁରୁଖୁରୁରେ କାର୍ଯ୍ୟ କରିପାରିବ । ଭବିଷ୍ୟତରେ ସୁନାମଧନ୍ୟ ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ଭାବେ ପ୍ରସିଦ୍ଧି ଅର୍ଜନ କରିପାରିବ।

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नई दिल्ली, 27 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न हालात पर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों (पांच चुनावी राज्यों को छोड़कर) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात करेंगे। वो राज्यों से उनकी तैयारियों पर चर्चा करेंगे कि कैसे युद्ध के संभावित दुष्प्रभावों से आमजन को सुरक्षित रखा जाए।

प्रधानमंत्री की शाम को होने वाली यह वार्ता इसलिए खास है कि खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने के बाद उनकी मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बैठक होगी। कैबिनेट सचिवालय चुनाव वाले राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग-अलग बैठक करेगा।

इस पहल का उद्देश्य 'टीम इंडिया' की भावना से प्रेरित होकर सरकार के प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री मोदी ईरान संघर्ष से उत्पन्न संकट पर लगातार सक्रिय हैं। सोमवार को उन्होंने लोकसभा सदस्यों को इस बारे में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। मंगलवार को राज्यसभा को इस बारे में संबोधित किया। बुधवार को सर्वदलीय बैठक में उनके वरिष्ठ मंत्रियों ने विपक्ष के सभी दलों के सवालों के जवाब दिए। चूंकि तेल-गैस की आपूर्ति से निपटने में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है इसलिए इस बारे में अब प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे।

प्रधानमंत्री इससे पहले संदेश दे चुके हैं, '' पश्चिम एशिया का संकट कब तक चलेगा, इस पर अनिश्चितता का कुहासा छाया हुआ है। ऐसे में केंद्र सरकार युद्ध के असर को न्यूनतम करने के लिए ठोस उपाय करने में जुटी है। सभी राज्य सरकारों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर टीम इंडिया के रूप में काम करना होगा।''

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नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिब्रूगढ़ जिले की चुनावी तस्वीर अब पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। डुलियाजन में निर्दलीय उम्मीदवारों के नाम वापस लेने से अंतिम प्रत्याशियों की सूची तय हो गई है, जिससे चुनावी मुकाबले का स्वरूप साफ हो गया है। जिले की छह विधानसभा सीटों चाबुआ-लाहोवाल, डिब्रूगढ़, खोवांग, डुलियाजन, तिंगखोंग और नाहरकटिया में इस बार सीधे मुकाबलों के साथ-साथ कई स्थानों पर बहुकोणीय संघर्ष देखने को मिल रहा है। चाबुआ-लाहोवाल में चार-तरफा मुकाबला होने जा रहा है, जबकि डिब्रूगढ़ सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष प्रमुख रहेगा। खोवांग और नाहरकटिया सीटों पर भी कई उम्मीदवारों के कारण मुकाबला काफी रोचक और प्रतिस्पर्धी बन गया है।डुलियाजन और तिंगखोंग में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच दिखाई दे रहा है, हालांकि अन्य दलों की मौजूदगी वोटों के बंटवारे को प्रभावित कर सकती है। अब जब चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुंच चुका है, डिब्रूगढ़ जिला 2026 के असम विधानसभा चुनावों में एक महत्वपूर्ण रणभूमि के रूप में उभर रहा है, जहां हर सीट का परिणाम राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

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असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा के 30 मार्च को डिब्रूगढ़ में एक बड़े रोड शो में भाग लेने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित रोड शो को चुनाव अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य मतदाताओं तक सीधे पहुंच बनाना और क्षेत्र में पार्टी की चुनावी पकड़ को और मजबूत करना है। यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल को और अधिक सक्रिय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। हालांकि, इस रोड शो को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि यह कार्यक्रम तय होता है, तो इसके व्यापक जनसमर्थन जुटाने और चुनावी अभियान को नई गति देने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह संभावित दौरा डिब्रूगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है और आगामी मतदान से पहले माहौल को और गरमा सकता है।

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नई दिल्ली, 26 मार्च (हि.स)। केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के बीच बीच आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर घटा दिया है। सरकार ने पेट्रोल पर इसको 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर अब 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीज़ल पर इसको 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य (0) कर दिया है। नई दरें शुक्रवार से लागू हो गई हैं।

वित्त मंत्रालय की आज जारी अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है जबकि डीजल पर यह शुल्क पहले के 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार, सरकार के इस कदम से पेट्रोल- डीजल की कीमतें कम होने की उम्मीद है।

इसके अलावा सरकार ने विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) के लिए एक नया लेवी ढांचा पेश किया है। इन बदलाव के तहत, एटीएफ पर अब 50 रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया गया है, जिसकी आंशिक रूप से छूट के जरिए भरपाई की जाती है, जिससे विशिष्ट प्रावधान के तहत प्रभावी शुल्क लगभग 29.5 रुपये प्रति लीटर हो जाता है।

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जयपुर, 27 मार्च (हि.स.)। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने प्रदेश में 30 मार्च तक मौसम में बड़े बदलाव की चेतावनी जारी की है। इस दौरान आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। शुक्रवार को भी राज्य के करीब आठ जिलों में मौसम बदलने के आसार हैं।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से गुरुवार को जोधपुर, बीकानेर और जयपुर संभाग के आसपास के क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। कई जिलों में हल्की बारिश भी हुई। गुरुवार को बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, फलोदी, झुंझुनूं और सीकर सहित नागौर, जैसलमेर व जोधपुर के कुछ हिस्सों में दोपहर बाद मौसम बदला।

तेज धूप के बीच अचानक बादल छाए और कई स्थानों पर धूलभरी तेज हवाएं चलीं।

कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं बाड़मेर, कोटा, उदयपुर और जयपुर समेत दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी जिलों में मौसम सामान्य बना रहा। कोटा में अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस मापा गया।

मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार 28 मार्च से एक मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय होगी, जिसका असर पूरे राजस्थान में देखने को मिलेगा। 28 से 30 मार्च के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कटी हुई या पकी फसलें यदि खेतों या खुले स्थानों पर रखी हैं, तो उन्हें सुरक्षित एवं ढके हुए स्थान पर रखने की अपील की गई है, ताकि बारिश और ओलों से नुकसान से बचा जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार इस अवधि में मौसम का प्रभाव सबसे अधिक रहने की संभावना है, इसलिए आमजन और किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

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नई दिल्ली, 27 मार्च (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार में आज अभी तक गिरावट का रुख है। कारोबार की शुरुआत भी कमजोरी के साथ हुई। बाजार खुलने के बाद बिकवाली का दबाव बना। इसकी वजह से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों की चाल में गिरावट आ गई। हालांकि खरीदारों ने बीच-बीच में लिवाली का जोर बनाने की कोशिश भी की। इसकी वजह से इस सूचकांक की चाल में उतार-चढ़ाव होता हुआ नजर आया। पहले एक घंटे का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स 1.41 प्रतिशत और निफ्टी 1.39 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे थे।

शुरुआती एक घंटे का कारोबार होने के बाद स्टॉक मार्केट के दिग्गज शेयरों में से टेक महिंद्रा, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, टीसीएस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 1.66 प्रतिशत से लेकर 0.27 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, श्रीराम फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और अडानी इंटरप्राइजेज के शेयर 5.80 प्रतिशत से लेकर 3.78 प्रतिशत तक की गिरावट के साथ कारोबार करते हुए नजर आ रहे थे।

अभी तक के कारोबार में स्टॉक मार्केट में 3,010 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हो रही थी। इनमें से 697 शेयर मुनाफा कमा कर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 2,313 शेयर नुकसान उठा कर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से चार शेयर लिवाली के सपोर्ट से हरे निशान में बने हुए थे। दूसरी ओर 26 शेयर बिकवाली के दबाव में लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। जबकि निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से चार शेयर हरे निशान में और 46 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आ रहे थे।

बीएसई का सेंसेक्स आज 389.66 अंक की कमजोरी के साथ 74,883.79 अंक के स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत होने के बाद खरीदारी का सपोर्ट मिलने पर यह सूचकांक मामूली उछाल के साथ 74,904.91 अंक के स्तर पर पहुंचा। इसके बाद बाजार में बिकवाली का दबाव बन गया, जिसकी वजह से इस सूचकांक की कमजोरी लगातार बढ़ती चली गई। लगातार हो रही बिकवाली के कारण सेंसेक्स लगभग 1,100 अंक फिसल कर 74,189.04 अंक तक आ गया। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच पहले एक घंटे का कारोबार होने के बाद सुबह 10:15 बजे सेंसेक्स 1,059.53 अंक टूट कर 74,213.92 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी ने आज 132.90 अंक फिसल कर 23,173.55 अंक के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। बाजार खुलने के बाद खरीदारी का सपोर्ट मिलने से यह सूचकांक मामूली रिकवरी कर 23,186.10 अंक के स्तर तक पहुंचा। इसके बाद बिकवाली का दबाव बन जाने की वजह से निफ्टी की कमजोरी बढ़ती चली गई। हालांकि खरीदार बीच-बीच में लिवाली का जोर बनाने की कोशिश भी करते रहे, लेकिन बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि इस सूचकांक की चाल पर ज्यादा असर नहीं पड़ सका। बाजार में लगातार जारी लिवाली और बिकवाली के बीच शुरुआती एक घंटे का कारोबार होने के बाद सुबह 10:15 बजे निफ्टी 324.55 अंक की गिरावट के साथ 22,981.90 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इसके पहले पिछले कारोबारी दिन बुधवार को सेंसेक्स 1,205 अंक यानी 1.63 प्रतिशत की मजबूती के साथ 75,273.45 अंक के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी ने 394.05 अंक यानी 1.72 प्रतिशत की उछाल के साथ 23,306.45 अंक के स्तर पर बुधवार के कारोबार का अंत किया था।

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ଆଦିବାସୀ କଲ୍ଯାଣ ଯୋଜନା "ଅନ୍ବେଷା " ଶୀତଳ ଭଣ୍ଡାର ରେ!


କେନ୍ଦୁଝର -୨୬/୦୩(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ) ଜନଜାତି ବର୍ଗର ଅଭାବି ଓ ମେଧାବୀ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀଙ୍କୁ ସହରର ଉନ୍ନତ ଏବଂ ଇଂରାଜୀ ମାଧ୍ୟମ ବିଦ୍ୟାଳୟରେ ପାଠପଢ଼ାର ସୁଯୋଗ ଯୋଗାଇ ଦେବାର ଲକ୍ଷ୍ୟ ରଖି, ନବୀନ ସରକାର " ଅନ୍ଵେଷା" ଯୋଜନା ପ୍ରଣୟନ କରିଥିଲେ । ଏ ଯୋଜନା କେନ୍ଦୁଝର ପରି ଏକ ଆଦିବାସୀ ବହୁଳ ଜିଲ୍ଲାରେ ମଧ୍ୟ କାର୍ଯ୍ୟକାରୀ ହେଉଥିଲା। ହେଲେ, ଏବେ ଏହା ବନ୍ଦ ପ୍ରାୟ। ଅଭାବି, ମେଧାବୀ ଜନଜାତି ବର୍ଗର ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀଙ୍କ ପାଇଁ ଏ ଦ୍ଵାର ବନ୍ଦ ହୋଇଯାଇଛି। ସହରର ଉନ୍ନତ ମାନର ଶିକ୍ଷାରୁ ବଞ୍ଚିତ ଆଦିବାସୀ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ।
ଗୋଟିଏ ନିର୍ଦ୍ଦିଷ୍ଟ ଦଳ ଦାବି ରଖିଲା - ଆମେ ଆଦିବାସୀ ମହିଳାକୁ ଦେଶର ରାଷ୍ଟ୍ରପତି ପଦ ଦେଲୁ। ପୁଣି ଓଡ଼ିଶା ପରିପ୍ରେକ୍ଷୀରେ କହିଲା - ଆମେ ଆଦିବାସୀ ପୁଅକୁ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଆସନରେ ବସାଇଲୁ। ଆମେ ଯେମିତି ଆଦିବାସୀଙ୍କ କଲ୍ୟାଣ କଥା ଭାବୁ, ଆଉ କେହି କେବେ ସେପରି ଭାବି ନାହିଁ। ଏ କଥାରେ ତାଳ ମିଳାଇ ଉକ୍ତ ଦଳର ସରକାରର ମାନ୍ୟବର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ କହିଲେ - ଜନଜାତିଙ୍କ ବିକାଶ ଆମର ପ୍ରାଥମିକତା। ପୁଣି କହିଲେ - ଆଦିବାସୀଙ୍କ ସାମ୍ବିଧାନିକ ଅଧିକାର ରକ୍ଷା ପାଇଁ ଆମ ସରକାର ପ୍ରତିଶ୍ରୁତିବଦ୍ଧ। ଆଜି ଅନ୍ଵେଷା ଯୋଜନା ପ୍ରତି ସରକାରଙ୍କ ଉଦାସୀନତା ଦେଖି, ଆଦିବାସୀ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ସରକାରଙ୍କ ଏ ଉକ୍ତି ଉପରେ ପ୍ରଶ୍ନ ଉଠାଇଛନ୍ତି। ତାଙ୍କ ଭବିଷ୍ୟତ କୁ ନେଇ ସନ୍ଦିହାନ ହୋଇ ପଡିଛି। ଚିନ୍ତାରେ ଅଭିଭାବକ ଓ ହଷ୍ଟେଲ କର୍ମଚାରୀ । ଏହି ଯୋଜନାରେ ସରକାର ପ୍ରଥମ ରୁ ଦଶମ ଶ୍ରେଣୀ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଅନୁସୂଚିତ ଜାତି ଓ ଜନଜାତି ବର୍ଗର ଗରିବ ଓ ମେଧାବୀ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀଙ୍କୁ ସହରରେ ରହିବାର ବ୍ୟବସ୍ଥା କରି, ଉନ୍ନତ ଓ ଇଂରାଜୀ ମାଧ୍ୟମ ସ୍କୁଲ ରେ ଅଧ୍ୟୟନ କରିବାର ସୁଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ । ପିଲାମାନେ ପାଠ ପଢି ଆଗକୁ ବଢୁଥିଲେ। ଚମ୍ପୁଆ ର ରାମଲା, କେନ୍ଦୁଝର ଡି. ଡି. କଲେଜ କ୍ଯାମ୍ପସ, ଆନନ୍ଦପୁର ର ଗୋହିରା ଓ ଘଟଗାଁର ଦେହୁରିପଶି ଠାରେ ହଷ୍ଟେଲ ବ୍ଯବସ୍ଥା ହୋଇଛି। ଏଠି ପିଲାମାନେ ରହି, ପ୍ରତିଷ୍ଠିତ ଇଂରାଜୀ ମାଧ୍ୟମ ସ୍କୁଲ ଯଥା: ନିର୍ମଳା କନଭେଣ୍ଟ ସ୍କୁଲ , ସେଣ୍ଟ ଜାଭିଅର ସ୍କୁଲ, ଡି.ଏ. ଭି. ପବ୍ଲିକ ସ୍କୁଲ, କେରଲା ଇଂରାଜୀମାଧ୍ୟମ ସ୍କୁଲ, ଚନ୍ଦ୍ରଶେଖର ଇଂରାଜୀ ମାଧ୍ୟମ ସ୍କୁଲ,ପ୍ରାଣବଲ୍ଲଭ ଇଂରାଜୀ ମାଧ୍ୟମ ସ୍କୁଲ, ଶ୍ରୀ ଗୁରୁକୁଳ ଇଂରାଜୀ ମାଧ୍ୟମ ସ୍କୁଲ,ଗ୍ରୀନଫିଲ୍ଡ ସ୍କୁଲ , ଗାୟତ୍ରୀ ରେସିଡ଼େନ୍ସିଆଲ ସ୍କୁଲ ସେଣ୍ଟ ମେରୀ ସ୍କୁଲ ରେ ବାରଶହ ଛବିଶ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ଅଧ୍ୟୟନରତ ଅଛନ୍ତି। ଏବଂ ଜିଲ୍ଲା ଖଣିଜ ପ୍ରତିଷ୍ଠାନ ତରଫରୁ ୧୭୧ ଜଣ ଖଣି ପ୍ରଭାବିତ ଅଞ୍ଚଳ ର ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ଅଧ୍ୟୟନରତ ଅଛନ୍ତି । ।ଏବର୍ଷ ୨୭୧ ଜଣ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ମାଟ୍ରିକ ପରୀକ୍ଷା ଦେଇ ଥିବା ନେଇ ଜିଲ୍ଲା ମଙ୍ଗଳ ଅଧିକାରୀ ବିକାଶ କୁମାର ମହାନ୍ତି କହିଛନ୍ତି। ଏବର୍ଷ ସରକାର ଅନ୍ଵେଷା ହଷ୍ଟେଲ ଛାତ୍ର ଛାତ୍ରୀଙ୍କ ମାସିକ ଅନୁଦାନ ବୃଦ୍ଧି କରିଛନ୍ତି ସତ, କିନ୍ତୁ ବିଗତ ୨ବର୍ଷ ହେଲା ନୂଆ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀଙ୍କ ନାମ ଲେଖା ବନ୍ଦ କରାଯାଇଛି । ଏବେ ଚିଠି ନଂ ୭୫୧୧ ତା ୨୩/୦୩/୨୬ ଅନୁସାରେ ଷଷ୍ଠ ଶ୍ରେଣୀ ପର୍ଯନ୍ତ ପଢୁଥିବା ସମସ୍ତ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀଙ୍କୁ ନିକଟସ୍ଥ ଏକଲବ୍ଯ ସ୍କୁଲ, ଆଦର୍ଶ ବିଦ୍ୟାଳୟ ରେ ଅବସ୍ଥାପିତ କରିବା ପାଇଁ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଅଛି l ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀଙ୍କ ଅନୁପାତରେ ହଷ୍ଟେଲ କର୍ମଚାରୀଙ୍କୁ ରଖି ବଳକା କର୍ମଚାରୀ ମେଟ୍ରୋନ ଟିଉସନ ଶିକ୍ଷକ ସିସିଏ ମାନଙ୍କୁ ଛଟେଇ କରିବା ନେଇ ପ୍ରକ୍ରିୟା ଆରମ୍ଭ କରାଯିବାର ସୂଚନା ମିଳିଛି ।ଫଳରେ ଆଦିବାସୀ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ସହରରେ ରହି ପାଠ ପଢ଼ିବାରୁ ବଞ୍ଚିତ ହେଉଛନ୍ତି। ଆଦିବାସୀ ମୁଖ୍ଯମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ସମୟରେ ଆଦିବାସୀଙ୍କ କଲ୍ଯାଣ ଯୋଜନା ବନ୍ଦ କରି ଆଦିବାସୀ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀଙ୍କୁ ଉନ୍ନତ ମାନର ଶିକ୍ଷା ରୁ ବଞ୍ଚିତ କରାଯାଇ ଥିବାରୁ ଅଭିଭାବକ ମଧ୍ୟରେ ଅସନ୍ତୋଷ ପ୍ରକାଶ ପାଉଛି। କେନ୍ଦ୍ର ରେ ଉପା ସରକାର ଶିକ୍ଷାକୁ ଏକ ମୌଳିକ ଅଧିକାର ମାନ୍ୟତା ଦେଇଥିବା ବେଳେ, ଓଡ଼ିଶାରେ ଏହା କ'ଣ ମୌଳିକ ଅଧିକାର, ନା ସରକାରଙ୍କ ଦୟା ବୋଲି ଆଦିବାସୀ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ଓ ତାଙ୍କ ଅଭିଭାବକ ପ୍ରଶ୍ନ କରିଛନ୍ତି। ବିନା ଉନ୍ନତ ଶିକ୍ଷାରେ ଜନଜାତିଙ୍କ ବିକାଶ କିପରି ସମ୍ଭବ ବୋଲି କେତେକ ଅବିଭାବକ ପ୍ରଶ୍ନ କରିଛନ୍ତି। ଅନ୍ଵେଷା ପରି ଏକ କଲ୍ୟାଣକାରୀ ଯୋଜନାକୁ ଗତ ବର୍ଷ ଠାରୁ ବନ୍ଦ କରିଥିବା ବେଳେ, ମାନ୍ୟବର ଆଦିବାସୀଙ୍କ କେଉଁ ସାମ୍ବିଧାନିକ ଅଧିକାର କଥା କହୁଛନ୍ତି ବୋଲି କ୍ଷୀରମଣୀ ମହାନ୍ତ, ପ୍ରବିଣା ଜେନା ଅଚ୍ୟୁତ ପାତ୍ର, ଜୟନ୍ତି ନାଏକ,ଫୁଲମଣୀ ଦେହୁରୀ ପ୍ରମୁଖ ପ୍ରଶ୍ନ ରଖିଛନ୍ତି।
ସରକାର ଏହି ଯୋଜନା କୁ ବନ୍ଦ ନକରି, ପୁନର୍ବାର ନାମ ଲେଖାର ସୁଯୋଗ ପ୍ରଦାନ କରିବା ସହ, ଆଦିବାସୀ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀଙ୍କୁ ଉନ୍ନତ ମାନର ଶିକ୍ଷା ପ୍ରଦାନ ସକାଶେ " ଅନ୍ଵେଷା" ଯୋଜନାକୁ ଚାଲୁ କରିବାସହ ସମସ୍ତ କର୍ମଚାରୀଙ୍କ ଥଇଥାନ କରିବାକୁ ଦାବୀ କରିଛନ୍ତି। ନଚେତ୍ ଆଗାମୀ ଦିନରେ ଆନ୍ଦୋଳନ ହେବ ବୋଲି କହିଛନ୍ତି।

ମନୋଜ ପଟେଲଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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शाहगंज, जौनपुर।
“बेटी सशक्त होगी, तभी समाज सुरक्षित और समृद्ध होगा” — इस प्रेरक विचार को साकार करते हुए मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं ने बुधवार को स्थानीय कोतवाली का शैक्षणिक भ्रमण किया। कार्यक्रम का आयोजन एबीएसए बसंत कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में किया गया।
इस दौरान छात्राओं ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा और विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में जागरूकता, आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति समझ विकसित करना रहा। यह आयोजन मिशन शक्ति अभियान के छठवें चरण के अंतर्गत संपन्न हुआ।
कोतवाली पहुंचने पर प्रभारी निरीक्षक टी.बी. सिंह ने छात्राओं का स्वागत किया और उन्हें महिला हेल्पलाइन नंबर, एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, साइबर अपराध से बचाव तथा पुलिस की कार्यशैली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल भाषा में संतोषजनक उत्तर दिया।
भ्रमण के दौरान छात्राओं को महिला हेल्प डेस्क, कार्यालय, कंप्यूटर कक्ष सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कराया गया। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक ने छात्राओं को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और समाज सेवा का महत्व समझाते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की वार्डन एकता नीलम ने कहा कि इस भ्रमण से छात्राओं के आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा उन्हें पुलिस सेवा में जाने की प्रेरणा मिली है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में खासा उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली।

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सोनीपत: भारत में क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का बोझ दुनिया में सबसे अधिक में से एक है, लेकिन दुखद बात यह है कि बहुत कम लोगों को समय रहते अपनी किडनी की बीमारी के बारे में पता चल पाता है। अधिकांश मरीज तब डॉक्टर के पास पहुंचते हैं जब किडनी की कार्यक्षमता काफी कम हो चुकी होती है। हर साल हजारों मरीजों को डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता पड़ती है, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि, उपलब्ध डायलिसिस सुविधाएं और ट्रांसप्लांट की संख्या जरूरत की तुलना में बहुत कम है, जिससे मरीजों और उनके परिवारों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ता है।


मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, शालीमार बाग के नेफ्रोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट विभाग की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. ब्लेसी सहगल ने बताया “भारत को “डायबिटीज कैपिटल” कहा जाता है और हमारी आबादी मेटाबोलिक रूप से मोटापे की ओर झुकी हुई है, भले ही कई लोग बाहर से पतले दिखें। ऐसे में CKD का खतरा और बढ़ जाता है। डायबिटीज हमारे देश में क्रॉनिक किडनी डिजीज का सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड जंक फूड का सेवन, बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का उपयोग, पेनकिलर्स का अधिक सेवन, और कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में भारी धातुओं व पर्यावरणीय टॉक्सिन्स का संपर्क भी इसके प्रमुख कारण हैं।


किडनी से जुड़ी बीमारियों के सामान्य लक्षणों में कमजोरी, अस्वस्थ महसूस होना, भूख कम लगना, मतली, उल्टी, पेशाब कम आना या बार-बार आना, पेशाब में खून या झाग आना, सांस फूलना, शरीर में सूजन, अत्यधिक नींद या सुस्ती शामिल हैं। हालांकि, ये लक्षण तब दिखाई देते हैं जब दोनों किडनी गंभीर रूप से प्रभावित हो चुकी होती हैं।


डॉ. ब्लेसी ने आगे बताया “इसलिए एक व्यावहारिक तरीका है नियमित हेल्थ चेकअप, खासकर उन लोगों के लिए जो हाई-रिस्क ग्रुप में आते हैं, जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, परिवार में इन बीमारियों का इतिहास, या पहले से किडनी रोग से ग्रसित लोग। दो सरल जांच — सीरम क्रिएटिनिन (खून की जांच जो शरीर में वेस्ट की मात्रा बताती है) और eGFR (जो बताता है कि किडनी खून को कितनी अच्छी तरह फिल्टर कर रही हैं) — के साथ-साथ एक यूरिन टेस्ट UACR (यूरिन एल्ब्यूमिन–क्रिएटिनिन रेशियो) किडनी की बीमारी का शुरुआती स्तर पर पता लगाने में मदद करते हैं। समय पर पहचान होने से इलाज जल्दी शुरू किया जा सकता है, जिससे बीमारी की प्रगति को धीमा किया जा सकता है और जटिलताओं से बचा जा सकता है।“


किडनी को स्वस्थ रखने के लिए कुछ आसान कदम बेहद प्रभावी साबित हो सकते हैं। नियमित व्यायाम और लाइफस्टाइल में सुधार करके वजन को नियंत्रित रखें। प्रोसेस्ड फूड, अचार और नमकीन का सेवन कम करें। बिना जरूरत पेनकिलर्स लेने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, लेकिन जरूरत से ज्यादा नहीं। बिना प्रमाणित हर्बल दवाइयों से दूरी बनाएं और धूम्रपान छोड़ दें। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज अपने ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखें और नियमित रूप से डॉक्टर से परामर्श लेते रहें।


इन सभी उपायों के साथ संतुलित और हेल्दी डाइट अपनाने से आपकी किडनी लंबे समय तक स्वस्थ और सुरक्षित रह सकती हैं।

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ମାନ୍ୟବର ଉଚ୍ଚ ନ୍ୟାୟାଳୟ ରେ ଶ୍ରୀ ବାଲୁଙ୍କେଶ୍ଵର ମହେଶ ବୀଜେ ଠାକୁରଙ୍କ ଜମିବାଡି ଭୂସମ୍ପତ୍ତି ମାମଲା ପୁନର୍ବାର ମୁଲତବୀ ହେଲା।
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ଶ୍ରୀ ବାଲୁଙ୍କେଶ୍ଵର ମହେଶ ବୀଜେ ଠାକୁରଙ୍କ ଜମିବାଡି ଭୂସମ୍ପତ୍ତି ବିବାଦ ସମ୍ପର୍କରେ ଯେଉଁ ମାମଲା ରହିଛି। ତାହା ମାନ୍ୟବର ଉଚ୍ଚ ନ୍ୟାୟାଳୟ ତରଫରୁ ପୁନର୍ବାର ମୁଲତବୀ କରାଯାଇଥିବା ଜାଣିବା ପାଇଁ ମିଳୁଅଛି। ଠାକୁରଙ୍କ ଜମିବାଡି ଭୂସମ୍ପତ୍ତି ବାବଦରେ ଶ୍ରୀ ବାଲୁଙ୍କେଶ୍ଵର ମହେଶ ବୀଜେ ଟ୍ରଷ୍ଟ ବୋର୍ଡ, ବଡ଼ ଶାସନ, କେନ୍ଦୁଝରଗଡ ତରଫରୁ ମାନ୍ୟବର ଉଚ୍ଚ ନ୍ୟାୟାଳୟ, ଓଡ଼ିଶା ଙ୍କ ନିକଟରେ ସରକାରଙ୍କ ବିରୁଦ୍ଧରେ ମାମଲା ଗତବର୍ଷ ୨୦୨୫, ଜୁନ ମାସରୁ ମାମଲା ଚାଲୁରହିଛି।

ଠାକୁରଙ୍କ ଟ୍ରଷ୍ଟ ବୋର୍ଡ ତରଫରୁ କରାଯାଇଥିବା ମକଦ୍ଦମାରେ ମେମ୍ବର ଏଣ୍ଡ ବୋର୍ଡ ଅଫ୍ ରେଭେନ୍ୟୁ ସେକ୍ରେଟାରୀ, କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାପାଳ, କେନ୍ଦୁଝରଗଡ ଉପଜିଲ୍ଲାପାଳ ଏବଂ କେନ୍ଦୁଝରଗଡ ସଦର ତହସିଲଦାର ଙ୍କୁ ପକ୍ଷଭୁକ୍ତ କରାଯାଇଛି। ପ୍ରାପ୍ତ ସୂଚନା ଅନୁସାରେ ବାରମ୍ବାର ସରକାରଙ୍କ ତରଫରୁ ମାନ୍ୟବର ଉଚ୍ଚ ନ୍ୟାୟାଳୟ ରେ ତାରିଖ ଗଡାଇ ଗଡାଇ ନ୍ୟାୟପାଳିକାର ସମୟ ନଷ୍ଟ କରାଯାଉଛି। ଯେହେତୁ ସରକାରଙ୍କ ନିକଟରେ ଠାକୁରଙ୍କ ଜମିବାଡି ଭୂସମ୍ପତ୍ତି ବିରୁଦ୍ଧରେ ଯୁକ୍ତିଯୁକ୍ତ ପ୍ରମାଣ ନାହିଁ। ଯାହାକିଛି ପ୍ରମାଣ ରହିଛି, ସେସବୁ ଠାକୁରଙ୍କ ସପକ୍ଷରେ ପର୍ଯ୍ୟାପ୍ତ ପ୍ରମାଣ ରହିଛି। ମାନ୍ୟବର ଉଚ୍ଚ ନ୍ୟାୟାଳୟ ରେ ଡବ୍ଲ୍ୟୁ.ପି.ସି. କେସ୍ ନମ୍ବର: ୧୬୬୫୨ ଅନୁଯାୟୀ ୨୦ ଫେବୃଆରୀ, ୨୦୨୬ ଶୁଣାଣି ସମୟରେ ଠାକୁରଙ୍କ ସପକ୍ଷରେ ପର୍ଯ୍ୟାପ୍ତ ଯୁକ୍ତିଯୁକ୍ତ ପ୍ରମାଣ ମାନ୍ୟବର ଅଦାଲତରେ ସ୍ପଷ୍ଟ ଉପସ୍ଥାପିତ କରାଯାଇଛି। ମାନ୍ୟବର ଉଚ୍ଚ ନ୍ୟାୟାଳୟ ତରଫରୁ ୨୦୨୬, ୨୫ ମାର୍ଚ୍ଚ ରେ ସଂପୂର୍ଣ୍ଣ ଶୁଣାଣି କରିବା ପାଇଁ ଦିନ ଧାର୍ଯ୍ୟ କରାଯାଇଥିଲା। କିନ୍ତୁ ଉକ୍ତ ତାରିଖ ରେ ଫଇସଲା କରାଯାଇପାରି ନାହିଁ, ତାହା ପରବର୍ତ୍ତୀ ଶୁଣାଣି ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ମୁଲତବୀ କରାଯାଇଥିବା ଜାଣିବା ପାଇଁ ମିଳୁଅଛି। ପ୍ରାପ୍ତ ସୂଚନା ଅନୁସାରେ ପରବର୍ତ୍ତୀ ଶୁଣାଣି ୨୦୨୬, ମଇମାସ ୧୫ ତାରିଖ ଧାର୍ଯ୍ୟ କରାଯାଇଛି।

ଶ୍ରୀ ବାଲୁଙ୍କେଶ୍ଵର ମହେଶ ବୀଜେ ଟ୍ରଷ୍ଟ ବୋର୍ଡ ତଥା ଠାକୁରଙ୍କ ସେବାୟତମାନଙ୍କ ସହିତ ଯୋଗାଯୋଗ କରିବା ଦ୍ବାରା ଜାଣିବା ପାଇଁ ମିଳୁଅଛି କି ସରକାରଙ୍କ ତରଫରୁ ଜାଣି ବୁଝି କେସ୍ କୁ ବିଳମ୍ବିତ କରିବା ପାଇଁ ଉଦ୍ୟମ କରାଯାଉଛି। ଏପରି ହେବାର ମୁଖ୍ଯ କାରଣ ବର୍ତ୍ତମାନ ଶାସନାଧିନ ସରକାରଙ୍କ ତରଫରୁ ମାନ୍ୟବର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ପ୍ରଚ୍ଛନ୍ନଭାବରେ ହାତ ରହିଛି। ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ଗୋଚର ଏବଂ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଅନୁକ୍ରମରେ ଠାକୁରଙ୍କ ଜମିବାଡି ଭୂସମ୍ପତ୍ତି ସରକାରୀ ଖାତାକୁ ନିଆଯାଇଛି। ଯାହାକି ଆଇନ୍ ଅନୁସାରେ ଯୁକ୍ତିଯୁକ୍ତ ନୁହେଁ; ଏହା ଏକପ୍ରକାର ଗୁଣ୍ଡାଗର୍ଦ୍ଦି କରି ଠାକୁରଙ୍କ ସମସ୍ତ ଜମିବାଡି ଭୂସମ୍ପତ୍ତି ଜୋରଜବରଦସ୍ତି ଭାବରେ ଅପହରଣ କରାଯାଇଛି।

ଠାକୁରଙ୍କ ଟ୍ରଷ୍ଟ ବୋର୍ଡ ତରଫରୁ ମାନ୍ୟବର ଉଚ୍ଚ ନ୍ୟାୟାଳୟରେ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାପାଳ, କେନ୍ଦୁଝରଗଡ ଉପଜିଲ୍ଲାପାଳ ଏବଂ କେନ୍ଦୁଝରଗଡ ସଦର ତହସିଲଦାର ଙ୍କ ବିରୁଦ୍ଧରେ ଅଦାଲତ ଅବମାନନା ଓ ବ୍ୟକ୍ତିଗତ ଭାବରେ ହାଜର ହୋଇ ନିଜର ପକ୍ଷ ରଖିବା ପାଇଁ ଉକ୍ତ କେସ୍ ରେ ଅନ୍ତର୍ଭୂକ୍ତ ହୋଇସାରିଛି। ଯାହାଫଳରେ ପ୍ରଶାସନିକ ପଦାଧିକାରୀ ମାନେ ଏଥିରୁ ନିଜକୁ ରକ୍ଷା କରିବାକୁ ବାରମ୍ବାର ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରକାରର ବାହାନା ବାଜି କରି ମାନ୍ୟବର ଉଚ୍ଚ ନ୍ୟାୟାଳୟ ରେ ତାରିଖ ପରେ ତାରିଖ ଗଡାଇ ଚାଲିଛନ୍ତି। ଏପରିକି ମାନ୍ୟବର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ପ୍ରଚ୍ଛନ୍ନଭାବରେ ହାତ ରହିଥିବା କାରଣରୁ ନିଜର କୁକର୍ମରୁ ବର୍ତ୍ତିବାକୁ ଜୋରସୋରରେ ଅପ୍ରାଣ ଉଦ୍ୟମ କରାଯାଉଛି। ଠାକୁରଙ୍କ ଟ୍ରଷ୍ଟ ବୋର୍ଡ ର ସେବାୟତ ତଥା କର୍ମ କର୍ତ୍ତାଗଣଙ୍କ କହିବା କଥା ଯେ, ନିଜର ଘରଦ୍ବାର, ଜମିବାଡି ଓ ଭୂସମ୍ପତ୍ତି ସବୁକିଛି ବରଂ ବିକ୍ରୀ କରିଦେବୁ, କିନ୍ତୁ ଠାକୁରଙ୍କ ଜମିବାଡି ଭୂସମ୍ପତ୍ତି ଫେରାଇ ଆଣିବା ପାଇଁ ମାନ୍ୟବର ସର୍ବୋଚ୍ଚ ନ୍ୟାୟାଳୟ ରେ ମଧ୍ଯ ମାମଲା ଋଜୁ କରିବା ପାଇଁ ପଛଘୁଞ୍ଚା ଦେବୁ ନାହିଁ। ଏହା ମଧ୍ଯ ସ୍ପଷ୍ଟ କରିଛନ୍ତି ଯେ ପୂର୍ବରୁ ବିଜେଡି ସରକାରଙ୍କ ସମୟରେ ଠାକୁରଙ୍କ ଜମିବାଡି ଭୂସମ୍ପତ୍ତି ବିରୁଦ୍ଧରେ କୌଣସି ପ୍ରକାରର ବେଆଇନ୍ କାର୍ଯ୍ୟ କରିନଥିଲେ। କିନ୍ତୁ ବର୍ତ୍ତମାନ ବିଜେପି ସରକାରଙ୍କ ସମୟରେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଅନୁକ୍ରମରେ ପ୍ରଶାସନିକ ପଦାଧିକାରୀ ମାନେ ଏପରି ହୀନମନ୍ୟତାର କାର୍ଯ୍ୟ କରିଛନ୍ତି ବୋଲି ଟ୍ରଷ୍ଟ ବୋର୍ଡ ତରଫରୁ ମତବ୍ୟକ୍ତ କରିଛନ୍ତି।

ଏଠାରେ ଗୋଟିଏ ବିଚିତ୍ର ବିଷୟ ସର୍ବସାଧାରଣ ଜାଣିବା ନିତାନ୍ତ ଜରୁରୀ ଅଟେ। ମାନ୍ୟବର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ କେଉଁ ରାଜନୈତିକ ଦଳରୁ ଆସିଛନ୍ତି? ଏକଥା କାହାକୁ ଅଛପା ନାହିଁ, କିନ୍ତୁ ଠାକୁରଙ୍କ ଟ୍ରଷ୍ଟ ବୋର୍ଡ ର ସେବାୟତମାନେ ମଧ୍ଯ ସେହି ଗୋଟିଏ ରାଜନୈତିକ ଦଳର ଅନ୍ଧ ଭକ୍ତ ଅଟନ୍ତି। ଅର୍ଥାତ୍ ଗୋଟିଏ ଡାଳର ଫଳ, ବାଜେ ଠଳ ଠଳ! ଯେଉଁଠି ଠାକୁରଙ୍କ ଜମିବାଡି ଭୂସମ୍ପତ୍ତି ସବୁକିଛି ଲୁଟିବାକୁ ଡରୁନାହାଁନ୍ତି, ନିଜର ଅନ୍ଧ ଭକ୍ତ ମାନଙ୍କୁ ବିଶ୍ବାସ ଘାତକ କରିବା ପାଇଁ ପଛଘୁଞ୍ଚା ଦେଉନାହାଁନ୍ତି। ସେଠାରେ ସର୍ବସାଧାରଣ ଜନତାଙ୍କ ସମସ୍ୟା ବିଷୟରେ ପଚାରେ କିଏ?

ସୌଜନ୍ୟ: ପୁରୁଷୋତ୍ତମ ପାତ୍ର, କେନ୍ଦୁଝର।

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அதிமுகவைச் சேர்ந்த முக்கிய நிர்வாகியின் குடும்பத்தில் அரசியல் மாற்றம் ஏற்பட்டுள்ளது.
அதிமுக கொள்கை பரப்பு துணைச் செயலாளர் அய்யாதுரை பாண்டியன் அவர்களின் மனைவி அல்லிராணி அய்யாதுரை பாண்டியன், இன்று திமுக துணைப் பொதுச் செயலாளர் கனிமொழி கருணாநிதி அவர்களை நேரில் சந்தித்து தன்னை திராவிட முன்னேற்றக் கழகம் (திமுக) கட்சியில் இணைத்துக் கொண்டார்.
இந்த சந்திப்பு அரசியல் வட்டாரங்களில் கவனம் ஈர்த்துள்ளது. அல்லிராணி அய்யாதுரை பாண்டியன் திமுகவில் இணைந்திருப்பது, வரவிருக்கும் தேர்தலை முன்னிட்டு முக்கியமான முன்னேற்றமாக பார்க்கப்படுகிறது.
மேலும், அவருக்கு வரும் தேர்தலில் போட்டியிட வாய்ப்பு அதிகம் இருப்பதாக கட்சி வட்டாரங்களில் தகவல் வெளியாகியுள்ளது. இதனால், அனைத்திந்திய அண்ணா திராவிட முன்னேற்றக் கழகம் (அதிமுக) மற்றும் திமுக இடையே அரசியல் பரபரப்பு அதிகரித்துள்ளது.
இந்த அரசியல் மாற்றம் எதிர்கால தேர்தல் சூழ்நிலைகளில் எந்த விதத்தில் தாக்கத்தை ஏற்படுத்தும் என்பது குறித்து ஆர்வம் நிலவுகிறது.

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श्री राम जन्मभूमि मंदिर शिखर पर समारोह पूर्वक हुआ सूर्य ध्वजा आरोहण

अयोध्या धाम



नवरात्रि अष्टमी पर श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर परिसर स्थित सूर्य मन्दिर पर विधि विधान पूर्वक ध्वज का आरोहण किया गया। भगवा रंग के इस ध्वज पर 'ऊं' अंकित है।
मन्दिर के प्रवेश द्वार से बाएं परकोटा के नैऋत्य कोण पर स्थित सूर्य मन्दिर के उन्नीस फिट सात इंच ऊंचे ध्वज दंड पर 9 फिट तीन इंच लंबाई (लहर) वाले ध्वज की चौड़ाई ( लपेट) चार फिट सात इंच है।
ध्वजारोहण समारोह में महंथ वैदेही वल्लभ शरण जी महाराज बावन जी मंदिर, महंथ देवेंद्र प्रसादाचार्य जी महाराज दशरथ महल, महंथ रामचरणदास जी रंग महल, जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीधराचार्य जी महाराज अशर्फी भवन, स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज, महंत रामानुजशरण ब्रह्मचारी जी सीताकांत सदन, ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा, गोपाल नागरकट्टे, एसपी सुरक्षा राम जन्मभूमि बलरामाचारी दुबे, राजकुमार दास जी अधिकारी श्री राम वल्लभा कुंज, जगदीश आफ़ले, तीर्थ क्षेत्र भवन सह प्रभारी प्रद्युम्न सिंह आदि सम्मिलित रहे।



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राजस्थान, मध्य प्रदेश और यूपी में आज से तीन दिन तक बारिश की संभावना है। राजस्थान में बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ सहित 8 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट है।

वहीं मध्य प्रदेश में 24 घंटे के अंदर ग्वालियर समेत 7 जिलों में आंधी-बारिश हो सकती है। मार्च में तीसरी बार पानी गिरने का अनुमान है। इससे पहले गुरुवार को प्रदेश में दिन का पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।

यूपी में शुक्रवार सुबह लखनऊ, मेरठ समेत 10 जिलों में बादल छाए। 30kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं। मौसम विभाग ने प्रदेश के 38 जिलों में हल्की बूंदाबांदी का यलो अलर्ट जारी किया है। उधर उत्तराखंड में बर्फबारी हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में गुरुवार शाम एवलांच आया, जिसमें 20 से ज्यादा गाड़ियां फंस गईं। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीम ने मौके पर पहुंचकर देर रात सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

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बुलढाणा | शुक्रवार, २७ मार्च २०२६

​सावधान! पेट्रोल-डिझेल तुटवड्याच्या अफवांवर विश्वास ठेवू नका; जिल्हाधिकाऱ्यांचे कडक निर्बंध लागू
सादिक शाह प्रतिनिधी

​बुलढाणा: गेल्या काही दिवसांपासून सोशल मीडियावर पेट्रोल आणि डिझेलचा तुटवडा निर्माण होणार असल्याच्या अफवा वारंवार पसरवल्या जात आहेत. या अफवांमुळे सर्वसामान्य नागरिकांमध्ये भीतीचे वातावरण निर्माण झाले असून जिल्हाभरातील पेट्रोल पंपांवर इंधन भरण्यासाठी मोठी गर्दी होताना दिसत आहे. या पार्श्वभूमीवर, जिल्ह्यातील कायदा व सुव्यवस्था अबाधित राखण्यासाठी आणि सार्वजनिक सुरक्षेसाठी जिल्हाधिकारी डॉ. किरण पाटील यांनी अत्यंत महत्त्वाचे व कडक आदेश निर्गमित केले आहेत.

​बाटलीत किंवा कॅनमध्ये पेट्रोल दिल्यास होणार फौजदारी कारवाई!
​जिल्हा पुरवठा विभागाने जारी केलेल्या आदेशानुसार, आता कोणत्याही पेट्रोल पंपावर प्लास्टिकच्या बाटल्या, कॅन, डबे किंवा इतर अनधिकृत कंटेनरमध्ये पेट्रोल-डिझेलची विक्री करण्यास सक्त मनाई करण्यात आली आहे. इंधन केवळ वाहनांच्या टाकीतच वितरित करावे, असे स्पष्ट निर्देश पेट्रोल पंप चालकांना देण्यात आले आहेत. ज्वलनशील पदार्थांच्या मुक्त विक्रीमुळे कोणतीही अनुचित घटना घडू नये, हा यामागचा मुख्य उद्देश आहे.

​पेट्रोल पंपांसाठी नवे नियम:
​अत्यावश्यक सेवांना प्राधान्य: रुग्णवाहिका (Ambulance) आणि इतर अत्यावश्यक सेवांच्या वाहनांना इंधन पुरवठ्यासाठी प्राधान्य देणे बंधनकारक आहे.
​साठ्याची माहिती फलकावर लावा: प्रत्येक पंपावर शिल्लक असलेला साठा, प्राप्त झालेला साठा आणि मागणीची माहिती दर्शनी भागात फलकावर प्रदर्शित करणे अनिवार्य आहे.
​सीसीटीव्ही वॉच: सर्व पेट्रोल पंप परिसरात सीसीटीव्ही यंत्रणा चोवीस तास कार्यरत ठेवावी लागेल आणि विक्रीच्या नोंदी नियमित अद्ययावत ठेवाव्या लागतील.
​जागरूकता फलक: "अनावश्यक साठा करू नका आणि अफवांवर विश्वास ठेवू नका" अशा आशयाचे फलक पंपावर लावण्याचे आदेश देण्यात आले आहेत.
​प्रशासनाचा कडक इशारा

​जिल्हाधिकारी डॉ. किरण पाटील यांनी स्पष्ट केले आहे की, या आदेशाचे उल्लंघन करणाऱ्या व्यक्ती, पेट्रोल पंप चालक किंवा संस्थांविरुद्ध पेट्रोलियम नियम २००२, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता २०२३ आणि आपत्ती व्यवस्थापन कायदा २००५ मधील तरतुदींनुसार कडक दंडात्मक व फौजदारी कारवाई करण्यात येईल.

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जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर प्रदर्शन हुआ। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता खामेनेई की तस्वीर लेकर सदन के अंदर पहुंचे और समर्थन में नारेबाजी की। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओ ने खामेनेई के पोस्टर भी लहराए।

इस बीच, सदन में कांग्रेस और बीजेपी नेताओं के बीच धक्का-मुक्की का भी वीडियो सामने आया। हालांकि, ये विवाद भाजपा नेताओं के राहुल पर कमेंट को लेकर था।

दरअसल कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज PM नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगा रहे थे। जवाब में भाजपा विधायक युद्धवीर सेठी ने कहा, राहुल गांधी पप्पू हैं। इसके बाद दोनों नेताओं में हाथापाई होने लगी। साथी मेंबर्स ने बीच-बचाव किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई।

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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा। उन्होंने संसद के बाहर कहा- हालात काबू में हैं। पीएम मोदी खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

दरअसल पीएम ने लोकसभा में चार दिन पहले कहा था- आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है। टीम इंडिया की तरह काम करना होगा। इसमें राज्यों का सहयोग जरूरी है।

पीएम ने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। प्रधानमंत्री आज शाम सभी मुख्यमंत्रियों से बात भी करने वाले हैं।

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नई दिल्ली : सूत्र
प्रणीति शिंदे ने नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि, “जैसे राक्षसों को खून की जरूरत पड़ती है, वैसे ही बीजेपी को दंगों की जरूरत पड़ती है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी देश में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि नागपुर में हुई हिंसा के पीछे साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रणीति शिंदे ने यह भी कहा कि सरकार को दंगों को रोकने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए, लेकिन इसके बजाय राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, भाजपा की ओर से अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयानों से राज्य की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है।

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केंद्र सरकार ने 27 मार्च 2026 को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में कटौती कर आम जनता को बड़ी राहत दी है। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर और डीजल पर ₹10 प्रति लीटर से घटाकर शून्य (0) कर दी गई है। यह फैसला वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मध्य पूर्व के तनाव के बीच लिया गया है, जिसका उद्देश्य ईंधन की कीमतों में वृद्धि को रोकना है।
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मूल्य में कटौती: उत्पाद शुल्क में भारी कमी से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹10 तक की कमी आने की उम्मीद है।
एटीएफ (ATF) पर राहत: सरकार ने हवाई ईंधन (ATF) पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को कम किया है, जिससे इसकी प्रभावी दर 29.5 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
ईंधन की स्थिति: सरकार ने देश में ईंधन की आपूर्ति को पूरी तरह सुरक्षित बताया है और कहा है कि 60 दिनों का वास्तविक स्टॉक मौजूद है।
राज्य VAT: केंद्र द्वारा ड्यूटी घटाने के बाद अब राज्यों द्वारा भी वैट (VAT) में कटौती की उम्मीद की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को ज्यादा लाभ मिल सके।
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उत्तर प्रदेश में अनुमानित दरें (27 मार्च 2026 के अनुसार):

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हरदोई (संडीला)। अखंड भारत के निर्माता, चक्रवर्ती सम्राट देवानांप्रिय प्रियदर्शी सम्राट अशोक महान के 2330वें जन्मोत्सव के अवसर पर काकूपुर में आयोजित भव्य कार्यक्रम ने ऐतिहासिक रूप ले लिया, जहां क्षेत्र भर से पहुंचे जनसमूह, युवाओं और गणमान्य नागरिकों की अभूतपूर्व उपस्थिति ने पूरे वातावरण को उत्साह, गर्व और ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आशीष मौर्य ‘रुद्र’ (जिला पंचायत प्रतिनिधि) रहे, जबकि अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में ईश्वर शरण मौर्य (आई.एस.एस.) एवं अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अभिनीत मौर्य ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई, विशिष्ट अतिथि के रूप में बीरेंद्र मौर्य (प्रधान, हरैया) शामिल हुए तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय रामप्रताप मौर्य (प्रधान, काकूपुर) ने की, वहीं मंच संचालन कमलेश मौर्य (मंडल अध्यक्ष, सम्राट अशोक क्लब लखनऊ) द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने सम्राट अशोक महान के जीवन, उनके आदर्श शासन, धम्म नीति, अहिंसा, करुणा एवं समता के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्हें विश्व के सर्वश्रेष्ठ शासकों में से एक बताया और कहा कि उनके विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। कार्यक्रम की विशेषता रही युवा शक्ति की जबरदस्त भागीदारी, जिसमें आयोजक समिति के सदस्य — प्रांशु मौर्य, पुनीत मौर्य, मनोज मौर्य, राधेश्याम मौर्य, रामनरेश मौर्य, संदीप मौर्य, सुशील मौर्य, सुभाष मौर्य, गोविंद मौर्य, रंजीत मौर्य, निर्मल मौर्य, शुभम मौर्य, शिवांशु मौर्य, मोहित मौर्य, दीपक मौर्य एवं सूरज मौर्य सहित अन्य युवाओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई, जिनकी सक्रियता और समर्पण ने आयोजन को भव्यता प्रदान की। अंत में आयोजक समिति द्वारा सभी अतिथियों का सम्मान एवं आभार व्यक्त करते हुए सम्राट अशोक महान के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

रिपोर्ट - शाक्य आशीष सिंह मौर्य (न्यूज़ रिपोर्टर)

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ବସନ୍ତ ଆସିଛି ଧାଇଁ
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ଶ୍ରୀ ଭକ୍ତବନ୍ଧୁ ମହାନ୍ତ
ବସନ୍ତ ଆସିଛି ଧାଇଁ
ମଳୟ ପବନ ଦେବା ପାଇଁ
ମନ ଅଗଣା ରେ ଫୁଟିଛି ମଲ୍ଲୀ
ଲାଗୁଛି ମୋତେ ଖାଲି ଖାଲି
ଆନନ୍ଦେ ଉଲ୍ଲାସେ ତନୁ ମନୁ ବହେ
ବସନ୍ତ ଆସିଲେ ଶିହରଣ ଖେଳେ
ସର୍ପିଳ ଆକାଶ ରହିଛି ଚାହିଁ
ପ୍ରେମମୟ ବାର୍ତ୍ତା ନେବା ପାଇଁ
କୋଇଲି ଡାକୁଛି ଡାଳ ରୁ ଡାଳେ
ବାଂଟୁଛି କେବଳ ସ୍ମୃତି ମଧୁପ
ଋତୁରାଜ ହୋଇ ଆସିଛି ଧାଇଁ
କିଏ ଜାଣିଥିଲା ଉଜାଗର ହୋଇ
ଆସିବ ତୁମେ ଏକା ହୋଇ
ବସନ୍ତ ର ରୂପକାନ୍ତି ନେଇ
ସୁରଭି ର ସଂଗୀତ ସ୍ୱର
ମନ ଅଗଣା ରେ ଦେଇଛ ମେଲି
କାହିଁ ଗଲ ପ୍ରିୟା ଖୋଜୁଛ କି ମୋତେ
ଆସିଛି ଆଜି ମଳୟ ହୋଇ
କଳ୍ପନା ରାଇଜେ ଖୋଜୁଛି ଆଜି
ସ୍ମୃତି ମନେପଡେ ବସନ୍ତ ସାଜି
ବୈଶାଖ ମାସ ର ଝାଞ୍ଜି ବତାସ
ଦୁଃଖ ଶୋକ କୁ ଧୋଇ ଦେବ ତ
ବୁଝି ପାରୁନାହିଁ ଜୀବନ ମରଣ
ଛାଇ ପୁଣି କେବେ ଖରା
ଶୀତ ଚାଲିଗଲା ଲୁହ ଜକେଇ
ବସନ୍ତ ଆସିଛି ଋତୁରାଜ ହୋଇ
ପ୍ରେମରାଜ ଆସିଛି ଧାଇଁ
ସଭିଙ୍କ ମନକୁ କିଣିବା ପାଇଁ
ସଜବାଜ ହୋଇ ନେବା ପାଇଁ
ବସନ୍ତ ଆସିଛି ଧାଇଁ |

*ହିନ୍ଦୀ ଶିକ୍ଷକ, ପଞ୍ଚାୟତ ହାଇସ୍କୁଲ, କାଶିପାଳ, କେନ୍ଦୁଝର -୭୫୮୦୪୪,

ରିପୋର୍ଟର : ଡମ୍ବରୁ ମହାନ୍ତ
ଉପସ୍ଥାପନା ବାବୁଲାଲ ପଲେଇ, ଆଇମା ମିଡିଆ
ମୋବାଇଲ୍ :- ୯୪୩୭୧୫୨୯୩୬

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అనకాపల్లి జిల్లా, నాతవరం మండలం, వెన్నెలపాలెం: శ్రీరామనవమి పర్వదినాన్ని పురస్కరించుకుని వెన్నెలపాలెం గ్రామంలో ఘనంగా నిర్వహించిన సీతారామ కల్యాణ మహోత్సవంలో డాక్టర్ లాలం సత్యనారాయణ, గంగారత్నం దంపతులు పాల్గొన్నారు. హైందవ సాంప్రదాయాల ప్రకారం వైభవంగా జరిగిన ఈ కల్యాణ వేడుకలు గ్రామవాసులను భక్తి సముద్రంలో ముంచెత్తాయి.స్వామివారిని భక్తిభావంతో దర్శించుకున్న దంపతులు ప్రత్యేక పూజలు నిర్వహించారు. వారి చేతుల మీదుగా సీతారాముల కళ్యాణ మహోత్సవం జరిగింది. మంత్రోచ్చారణలు, ఘంటల ధ్వనులు, దీపారాధనల మధ్య ఈ దైవిక కల్యాణం ఆకట్టుకున్నది. అర్చకులు తీర్థప్రసాదాలు అందజేసి, స్వామి వారి ఆశీర్వచనాలు పొందారు.ఈ ఉత్సవంలో గ్రామ పెద్దలు, శ్రీ సీతారామ హరి భజన మండలి సభ్యులు, ఆలయ ధర్మకర్తలు లాలం వెంకట చిన్న గణేష్, లాలం శ్రీను ప్రముఖులు పాల్గొన్నారు. భారతీయ జనతా పార్టీ అనకాపల్లి జిల్లా మార్కెట్ యార్డ్ సెల్ కన్వీనర్ గొంప సత్యనారాయణ, పోలిపర్తి రమేష్ నాయుడు, రెడ్డి రాంబాబు, నందిపల్లి సింహాచలం, పోలిపర్తి నాయుడు తదితరులు హాజరయ్యారు. యువకులు, మహిళలు భారీ సంఖ్యలో పాల్గొని, భజనలు, కీర్తనలతో వాతావరణాన్ని ముంచెత్తారు.రామరాజ్య స్ఫూర్తితో కలిసిన ఈ ఉత్సవం గ్రామంలో ఐక్యత, భక్తి భావాలను పెంపొందించింది.

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The government on Friday cut excise duty on petrol and diesel by Rs 10 per litre, reducing it to Rs 3 per litre on petrol and Rs 0 on diesel.




According to a government order dated Thursday, the excise duty on petrol has been reduced from Rs 13 per litre to Rs 3 per litre, a cut of Rs 10 per litre.

Likewise, the excise duty on diesel has been cut from Rs 10 per litre to Rs 0 per litre, also a reduction of Rs 10 per litre.

According to the Gazette notification. "In exercise of the powers conferred by section 5A of the Central Excise Act, 1944 (1 of 1944) read with section 147 of Finance Act, 2002 (20 of 2002), the Central Government, being satisfied that it is necessary in the public interest so to do, hereby makes the following further amendments in the notification of the Government of India in the Ministry of Finance (Department of Revenue), No. 05/2019-Central Excise, dated the 6th July, 2019, published in the Gazette of India, Extraordinary, Part II, Section 3, Sub-section(i), vide number G.S.R. 488(E), dated the 6th July, 2019, namely; In the said notification, I. in the Table, (i) against Sl. No. 1, in column (4), for the entry, the entry "Rs. 3 per litre" shall be substituted, (ii) against Sl. No. 2, in column (4), for the entry, the entry "Nil" shall be substituted."

The move comes as the global energy market reels from the US‑Israel war on Iran and Tehran’s blockade of the Strait of Hormuz, a key route that carries about 20–25 million barrels of oil and gas a day, roughly one‑fifth of the world’s supply.

Before the war, India imported 12–15 percent of that crude oil.

Global Crude prices ease

The move comes as global crude prices ease after a sharp spike tied to the West Asia conflict.

As of 8:40 am, Brent crude was trading at USD 106.63 per barrel, down 1.28 percent, while WTI crude stood at USD 93.50 per barrel, down 1.04 percent .

Recent comments from US President Donald Trump, saying talks with Iran are going “very well,” and that attacks will be paused, have helped soothe worries in the oil market.
The duty cut aims to pass on some of this relief to consumers and cushion the risk of a rise in fuel prices.

This move offers relief to oil marketing companies, which had been losing money on the retail side due to rising crude oil costs. Retail prices of petrol and diesel remain unchanged for now.

The Central Government has also introduced a new Special Additional Excise Duty on Aviation Turbine Fuel, with exemptions bringing the effective rate down to ₹29.5 per litre. The changes took effect from March 26.

Strait of Hormuz: A critical chokepoint

India  imports large volumes of gas from West Asia, through the Strait of Hormuz, with an estimated 16–17 percent of LNG exported by Qatar and the United Arab Emirates going to Delhi.

In addition, India buys substantial quantities of LPG, liquefied petroleum gas, from Qatar and Iran via the Strait of Hormuz, supplying over 33 crore households.

This heavy dependence has raised fears of serious oil and gas shortages in the country due to the Iran war, but the government has said there is no immediate risk.
www.merabharatsamachar.com

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चंदौली में 27 मार्च 2026 (रामनवमी) के मौके पर निकलने वाली शोभायात्रा के लिए प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है, ताकि भीड़ और सुरक्षा को संभाला जा सके।
🚧 रूट और समय
शोभायात्रा का रूट: दुलहीपुर → महावलपुर → कोयला मंडी → FCI रोड
डायवर्जन लागू समय:
👉 शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक ।

🚫 किन वाहनों पर रोक?
भारी वाहन (ट्रक आदि) पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे
खासकर इन मार्गों पर:
कोयला मंडी ↔ दुलहीपुर
पड़ाव चौराहा से दोनों दिशाओं में
FCI गोदाम क्षेत्र से साहुपुरी की ओर �
Chandauli
🔁 वैकल्पिक रास्ते
कटेसर होते हुए साहुपुरी और अन्य मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा
प्रशासन ने ड्राइवरों से अपील की है कि डायवर्जन का पालन करें।
👮 सुरक्षा व्यवस्था
लगभग 3–4 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना
पुलिस बल तैनात रहेगा, ताकि:
भीड़ नियंत्रण
कानून-व्यवस्था
ट्रैफिक सुचारु रहे ।

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🩺 राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा में मरीजों का हालचाल जानने पहुंचे प्रतिनिधि, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लिया जायजा
कन्नौज। आज जनपद कन्नौज के तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के अर्थोलॉजी (ऑर्थोपेडिक) विभाग में पहुंचकर मरीजों का हालचाल जाना गया। इस दौरान भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर उनके स्वास्थ्य की स्थिति, इलाज की गुणवत्ता तथा अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई।
मरीजों एवं उनके तीमारदारों ने अस्पताल में मिल रही चिकित्सा सेवाओं पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं। कुछ मरीजों ने डॉक्टरों एवं स्टाफ के सहयोग की सराहना की, वहीं कुछ ने व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता भी बताई। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, दवाइयों की उपलब्धता तथा वार्ड की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया।
इस अवसर पर अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया गया कि मरीजों को बेहतर से बेहतर उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि मरीजों को समय पर दवाइयां और उचित देखभाल मिलती रहे।
इस पहल से मरीजों में सकारात्मक संदेश गया और उन्हें यह भरोसा मिला कि उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
संवाददाता: अमित कुमार, AIMA Media Kannauj 📰

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ব্যাংক কি আদালতের আদেশ ছাড়া আপনার বাড়ি বা সম্পত্তি নিতে পারে সত্যিটা জানুন
নিজস্ব সংবাদদাতা | কলকাতা হাইকোর্ট- অনেক মানুষ মনে করেন যে ব্যাংকের লোন শোধ করতে না পারলেই ব্যাংক সরাসরি বাড়ি বা সম্পত্তি নিয়ে নিতে পারে। বাস্তবে বিষয়টি এত সহজ নয়। ভারতে ব্যাংকের কাছে কিছু বিশেষ আইনগত ক্ষমতা রয়েছে, তবে সেই ক্ষমতা প্রয়োগ করার জন্য একটি নির্দিষ্ট আইনি প্রক্রিয়া অনুসরণ করা বাধ্যতামূলক। সেই প্রক্রিয়া না মেনে ব্যাংক কারও বাড়ি বা সম্পত্তি দখল করতে পারে না।

ভারতে ব্যাংক ও ফাইন্যান্স প্রতিষ্ঠান সাধারণত ঋণ পুনরুদ্ধারের জন্য যে আইনের আশ্রয় নেয় তা হলো Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest Act, 2002। এই আইনের Section 13 অনুযায়ী যদি কোনো ঋণগ্রহীতা দীর্ঘদিন EMI পরিশোধ না করেন এবং সেই ঋণ Non Performing Asset হিসেবে ঘোষিত হয়, তখন ব্যাংক প্রথমে একটি নোটিস দেয় এবং ঋণগ্রহীতাকে সাধারণত ৬০ দিনের সময় দেওয়া হয় বকেয়া পরিশোধ করার জন্য। এই সময়ের মধ্যে ঋণগ্রহীতা টাকা পরিশোধ করলে বা আপত্তি জানালে ব্যাংককে সেই আপত্তি বিবেচনা করতে হয়।

যদি নির্ধারিত সময়ের মধ্যে বকেয়া পরিশোধ না করা হয়, তখন Section 13 এর অধীনে ব্যাংক কিছু ব্যবস্থা নিতে পারে যেমন সম্পত্তি দখলের প্রক্রিয়া শুরু করা বা নিলামের প্রস্তুতি নেওয়া। তবে বাস্তবে সম্পত্তির দখল নেওয়ার ক্ষেত্রে অধিকাংশ সময় ব্যাংককে ম্যাজিস্ট্রেটের সাহায্য নিতে হয়। Section 14 অনুযায়ী জেলা ম্যাজিস্ট্রেট বা চিফ মেট্রোপলিটন ম্যাজিস্ট্রেটের কাছে আবেদন করে সম্পত্তি দখলের অনুমতি নেওয়া হয় এবং প্রশাসনের মাধ্যমে সেই প্রক্রিয়া সম্পন্ন করা হয়।

এই বিষয়ে ভারতের সুপ্রিম কোর্ট একটি গুরুত্বপূর্ণ রায়ে স্পষ্ট করেছে যে ব্যাংকের এই ক্ষমতা থাকলেও তা আইন অনুযায়ী সঠিকভাবে প্রয়োগ করতে হবে। Mardia Chemicals Ltd v Union of India 2004 Supreme Court case মামলায় সুপ্রিম কোর্ট বলেছে যে ঋণগ্রহীতার অধিকার রক্ষা করা অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ এবং ব্যাংকের পদক্ষেপ আইনসম্মত হতে হবে। আদালত আরও উল্লেখ করেছে যে ঋণগ্রহীতার জন্য আইনি প্রতিকার পাওয়ার সুযোগ থাকা প্রয়োজন।

আরও একটি গুরুত্বপূর্ণ রায়ে Harshad Govardhan Sondagar v International Assets Reconstruction Company Ltd Supreme Court case 2014 সুপ্রিম কোর্ট ব্যাখ্যা করেছে যে ব্যাংক যখন কোনো সম্পত্তি দখলের পদক্ষেপ নেয় তখন সেই প্রক্রিয়ায় অন্য কোনো বৈধ অধিকার থাকলে সেটিও বিবেচনা করতে হবে এবং আইনগত নিয়ম মেনে চলতে হবে।

সুতরাং বাস্তব অবস্থান হলো ব্যাংক আদালতের ডিক্রি ছাড়া সরাসরি আপনার সম্পত্তি নিয়ে নিতে পারে না। তবে বিশেষ ব্যাংকিং আইনের অধীনে একটি নির্দিষ্ট প্রক্রিয়া অনুসরণ করে প্রশাসনের মাধ্যমে সম্পত্তি দখল করা যেতে পারে। তাই কেউ যদি মনে করেন যে ব্যাংক আইন না মেনে তার সম্পত্তি নেওয়ার চেষ্টা করছে তাহলে তিনি আইনগত প্রতিকার চাইতে পারেন এবং উপযুক্ত আদালত বা ট্রাইব্যুনালে আবেদন করতে পারেন।

এই ধরনের পরিস্থিতিতে সঠিক আইনি পরামর্শ নেওয়া অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ কারণ অনেক সময় ঋণগ্রহীতার আইনি অধিকার সম্পর্কে অজ্ঞতার সুযোগ নিয়ে ভুল পদক্ষেপ নেওয়া হয়। আইন জানলে এবং সময়মতো ব্যবস্থা নিলে অনেক ক্ষেত্রেই সমস্যার সমাধান সম্ভব কলকাতা হাইকোর্টের নির্দেশ ২০ লক্ষ টাকার কম আদায়ে নেওয়া যাবে না কোনও কঠোর পদক্ষেপ।
জমি বা বাড়ি বাজেয়াপ্ত করা যাবে না। এমনই নির্দেশ দিলেন কলকাতা হাইকোর্টের বিচারপতি ঋতব্রত কুমার মিত্র।
বিচারকের স্পষ্ট নির্দেশ, ঋণের টাকা আদায়ের জন্য,ঋণদানকারী সংস্থাকে প্রয়োজনে আদালতেরই দ্বারস্থ হতে হবে। বিশেষ করে ব্যাংক নয়,নন ব্যাঙ্কিং ( NBFC ) ক্ষেত্রে এই রায় বিশেষ করে প্রযোজ্য। হাইকোর্ট এর অনুমতি ছাড়া কোনো রকম আগাম পদক্ষেপ করা বাঞ্ছনীয় নয়,এরকম রায় দিয়েছেন হাইকোর্ট এর বিচারপতি ঋতব্রত কুমার মিত্র।

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🔶नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान: देश में खुलेंगे 120 नए ड्राइविंग स्कूल, 1 करोड़ युवाओं को मिलेगा रोजगार

🔶ट्रंप का अपनी टीम को सख्त आदेश: जल्द निपटाओ ईरान वॉर, मेरे पास और भी बहुत से काम

🔶ईरान के बंदर अब्बास पर इजरायल की बड़ी स्ट्राइक, IRGC कमांडर तंगसीरी की मौत

🔶पेट्रोल, डीजल पर सरकार का बड़ा बयान, कहा- राशनिंग न करें, देश के पास है 60 दिन का भंडार

🔶ईरान के ऊर्जा संयत्र हमलों पर 10 दिन की रोक, ट्रंप बोले- अच्छी चल रही बातचीत

🔶MP: मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रही बस हादसे का शिकार, 9-10 लोगों की मौत की खबर, 45 से ज्यादा घायल

🔶दुनिया की सप्लाई चेन पर ईरान का बड़ा दांव, Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स की तैयारी शुरू

🔶बारिश, बिजली और तूफान; मार्च के अंत में मानसून जैसा गदर, अगले 72 घंटे संभलकर

🔶आंध्रप्रदेश के मार्कापुरम में भीषण हादसा: चलती बस बनी आग का गोला; 13 यात्री जिंदा जले, बचाव और राहत कार्य जारी

🔶मोदी ईरान जंग पर आज मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे:संसद में कहा था- आने वाला समय कोरोना जैसी परीक्षा लेगा, मिलकर काम करना होगा

🔶कश्मीर में लश्कर के भर्ती मॉड्यूल का खुलासा:पाकिस्तान-बांग्लादेश से चल रहा था नेटवर्क; 3 महीने ट्रेनिंग में मशीन गन और AK-47 चलाना सीखते थे आतंकी

🔶होटल-रेस्टोरेंट बिल में अलग से नहीं जोड़ सकेंगे LPG चार्ज:सरकार बोली- ऐसा किया तो कार्रवाई होगी, 5% गैस-क्राइसिस चार्ज वसूलने का मामला आया था

🔶अब डॉलर पर होगा ट्रंप का सिग्नेचर...अमेरिका में 165 साल में ऐसा कभी नहीं हुआ

🔶हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बयान, कहा "पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का है गुप्त गठबंधन"

🔶मणिपुर: कुकी उग्रवादियों ने सेना की चौकी को बनाया निशाना, सुरक्षा बलों ने 6 बंकर किए ध्वस्त

🔶केरल में सियासी पारा बढ़ा, विजयन ने राहुल गांधी और कांग्रेस को बताया BJP की 'बी-टीम'

🔶अयोध्या में आज मनाई जाएगी राम नवमी, रामलला का होगा सूर्य तिलक

🔶डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ‘ईरान मुझे अपना सर्वोच्च नेता बनाना चाहता था, मैंने मना किया’

🔶धर्म परिवर्तन से अपने आप अनुसूचित जनजाति का दर्जा समाप्त नहीं होता: सुप्रीम कोर्ट

🔷आईपीएल 2026: दूसरे फेज का शेड्यूल जारी, 13 अप्रैल से 24 मई तक खेले जाएंगे 50 मैच

🔷SAFF U20 Championship: भारत ने पाकिस्तान को हराया, सैफ अंडर-20 चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में पहुंची टीम

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ऐतिहासिक वांझ गांव में दुर्गा अष्टमी और रामनवमी का भव्य आयोजन, रामजी मंदिर में हवन और भजन-कीर्तन संपन्न
वांझ, दिनांक 26 मार्च 2026:
ऐतिहासिक वांझ गांव में आज दुर्गा अष्टमी और रामनवमी के पावन अवसर पर गांव के रामजी मंदिर में भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह से ही हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक लाभ प्राप्त किया।
इसके पश्चात भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिससे पूरे गांव में भक्ति का माहौल छा गया और श्रद्धा एवं आस्था का वातावरण निर्मित हुआ। दोपहर में प्रभु श्रीराम की जन्मजयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई, जिसमें भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यह दिन हिंदू धर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वांझ गांव में इस पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाते हुए धार्मिक एकता एवं सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया गया।

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சென்னையில் ஆபரணத் தங்கத்தின் விலை இன்று (மார்ச் 27) சவரனுக்கு ரூ. 640 உயர்ந்துள்ளது.

மேற்காசிய நாடுகளுக்கிடை போர்ப் பதற்றம் காரணமாக கச்சா எண்ணெய் விலை நிலவரத்துக்கு ஏற்ப, கடந்த சில நாள்களாக தங்கத்தில் விலை அதிரடி ஏற்றமும், குறைவுமாக உள்ளது.

வாரத்தின் முதல்நாளான திங்கள்கிழமை காலை சவரனுக்கு ரூ. 5,360 குறைந்து ரூ.1,03,600-க்கும், பின்னர் பிற்பகலில் விலை மீண்டும் சவரனுக்கு ரூ. 2,240 குறைந்து ரூ.1,01,360-க்கும் விற்பனையானது.

இதன் பின்னர், ஈரான் போர் தற்காலிகமாக நிறுத்தப்படுவதாக அறிவிக்கப்பட்டதை தொடர்ந்து, கச்சா எண்ணெய் விலை 15% குறைந்த நிலையில், திங்கள்கிழமை மாலையே மீண்டும் தங்கத்தின் விலை அதிகரித்தது. ஒரு கிராம் ரூ.13,340-க்கும், சவரனுக்கு ரூ.1,06,720-க்கும் விற்பனையானது.

ஒரு சவரன் தங்கத்தின் விலை செவ்வாய்க்கிழமை ரூ. 106,000, புதன்கிழமை ரூ. 108,800-க்கு விற்பனையானது. வியாழக்கிழமை காலை ரூ. 560 அதிகரித்த நிலையில், மாலை ரூ. 2,560 குறைந்து ஒரு சவரன் ரூ. 1,06,800-க்கு விற்பனையானது.

இந்த நிலையில், வெள்ளிக்கிழமை காலை மீண்டும் தங்கத்தின் விலை சவரனுக்கு ரூ. 640 அதிகரித்துள்ளது. ஒரு சவரன் ரூ. 107,440 -க்கும், ஒரு கிராம் ரூ. 13,430 -க்கும் விற்பனை செய்யப்படுகிறது.

வெள்ளியின் விலை கிலோவுக்கு ரூ. 15,000 குறைந்துள்ளது. ஒரு கிராம் ரூ. 245-க்கும், ஒரு கிலோ கட்டி வெள்ளி ரூ. 2,45,000-க்கும் விற்பனை செய்யப்படுகிறது.

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मुख्य जानकारी (सरल भाषा में)
RTE Act 2009 के तहत निजी विद्यालयों में 25% सीटें कमजोर वर्ग (EWS) और अलाभकारी समूह के बच्चों के लिए आरक्षित रहती हैं।
इन सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन लिया गया था।
आवेदन के बाद Randomization प्रक्रिया के माध्यम से बच्चों का चयन किया गया।
कुल 70,155 चयनित छात्रों में से अब तक 53,479 छात्रों का ही नामांकन विद्यालयों में हो पाया है।
महत्वपूर्ण निर्णय
चयनित बच्चों के विद्यालय में नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 अप्रैल 2026 कर दी गई है।
निर्देश
सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि:
चयनित सभी छात्रों का 10 अप्रैल 2026 तक नामांकन सुनिश्चित कराया जाए।
जो विद्यालय नामांकन में लापरवाही कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा जाए।
✅ संक्षेप में:
RTE के तहत 25% सीटों पर चयनित बच्चों के नामांकन की अंतिम तिथि 10 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दी गई है।

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அமெரிக்கா - ஈரான் போர் எதிரொலி காரணமாக, கோடை கால விமான சேவையை 10 சதவீதம் குறைத்து சிவில் விமான போக்குவரத்து இயக்குநரகம் அட்டவணையை வெளியிட்டுள்ளது.

கடந்தாண்டு கோடை காலங்களில் வாரத்திற்கு 25,600க்கும் மேற்பட்ட விமானங்கள் இயக்கப்பட்டன. ஆனால், இந்த ஆண்டு 10 சதவீத குறைப்பு என்பது சுமார் 2,560 சேவைகளை குறைத்து வாரத்திற்கு 23,049 விமானங்கள் இயக்கப்படும் என்று சிவில் விமான போக்குவரத்து இயக்குநரகம் தெரிவித்துள்ளது.

ஏர் இந்தியா, ஏர் இந்தியா எக்ஸ்பிரஸ், இண்டிகோ, அகாசா ஏர், ஸ்பைஸ்ஜெட், அலையன்ஸ் ஏர் உள்ளிட்ட 9 விமான நிறுவனங்கள் மார்ச் 29 முதல் அக்டோபர் 24 வரை கோடை கால விமான சேவைகளை வழங்குகின்றன.

கோடை கால விமான சேவைகளை மத்திய அரசு குறைப்பதற்கு முக்கியக் காரணம், போரால் மேற்காசியாவில் நிலவும் பதற்றமான சூழலாகும். போருக்கு முன்பாகவே, கோடை கால விமான சேவை அட்டவணையை மத்திய அரசு தயாரித்திருந்தாலும், போர் பதற்றத்தால், வளைகுடா நாடுகளுக்கு இயக்கப்படும் 4ல் 3 விமானங்கள் ரத்து செய்யப்பட்டுள்ளன.

இந்தியாவின் சர்வதேச பயணிகளின் போக்குவரத்து பெரும்பாலும் மேற்காசிய நாடுகளைச் என்பதால் இது பெரும் வருவாய் இழப்பை ஏற்படுத்தியுள்ளது. குறிப்பாக, வான்வெளி கட்டுப்பாடுகள் காரணமாக விமானங்கள் நீண்ட தூரம் சுற்றிக்கொண்டு செல்ல வேண்டியுள்ளது. இதனால் எரிபொருள் பயன்பாடு மற்றும் பயண நேரம் அதிகரித்துள்ளது. விமான டிக்கெட்டுடன் கூடுதலாக எரிபொருள் கட்டணத்தை பயணிகளுக்கு விதித்தாலும், அது ஒரு சிறிய அளவிலான செலவையே சரிகட்ட பயன்படுவதாக விமான நிறுவனங்கள் கூறுகின்றன.

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संसद में पीएम Narendra Modi के बयान और सर्वदलीय बैठक के बाद बढ़ी हलचल, तेल-बिजली खपत पर सख्ती के संकेत

नई दिल्ली/राष्ट्रीय डेस्क:-भारत एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ा नजर आ रहा है, जहां “लॉकडाउन” शब्द चर्चा में है—लेकिन इस बार वजह कोई महामारी नहीं, बल्कि संभावित ऊर्जा संकट है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन में बाधाओं के चलते देश में “एनर्जी लॉकडाउन” की आशंकाएं तेज हो गई हैं।

25 मार्च को हुई सर्वदलीय बैठक और संसद में प्रधानमंत्री Narendra Modi के बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बन गया है। हालांकि सरकार ने फिलहाल पर्याप्त ऊर्जा भंडार होने का भरोसा दिया है, लेकिन भविष्य को देखते हुए खपत नियंत्रित करने की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।

क्या है ‘एनर्जी लॉकडाउन’?
एनर्जी लॉकडाउन कोई आधिकारिक शब्द नहीं है, बल्कि ऐसी स्थिति को दर्शाता है जब ऊर्जा संसाधनों की कमी के कारण सरकार खपत पर सख्त नियंत्रण लागू करती है। इसमें ईंधन की राशनिंग, आवाजाही पर रोक और गैर-जरूरी गतिविधियों पर प्रतिबंध शामिल हो सकते हैं।

रोजमर्रा की जिंदगी पर संभावित असर

अगर ऐसी स्थिति लागू होती है, तो आम लोगों की जिंदगी में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं:
ईंधन राशनिंग: पेट्रोल-डीजल की सीमित आपूर्ति
ट्रैफिक कंट्रोल: ऑड-ईवन या कार-फ्री डे लागू
वर्क फ्रॉम होम: ऑफिस और संस्थानों में नई गाइडलाइन
स्कूल-कॉलेज: ऑनलाइन क्लासेस की वापसी

बड़े आयोजनों पर भी असर संभव

ऊर्जा बचत के मद्देनजर बड़े आयोजनों पर भी रोक लग सकती है। Indian Premier League जैसे टूर्नामेंट में दर्शकों की एंट्री सीमित की जा सकती है। सार्वजनिक रैलियों और बड़े कार्यक्रमों पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

उद्योग और कारोबार पर दबाव

ऊर्जा संकट का असर उद्योगों पर भी साफ दिख सकता है:कमर्शियल एलपीजी की कमी से होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित
पेट्रोकेमिकल और भारी उद्योगों में अस्थायी बंदी
लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट महंगा
कई जगहों पर गैस सिलेंडर की किल्लत और लंबी कतारों की खबरें भी सामने आ रही हैं।

आवश्यक सेवाएं रहेंगी चालू

सरकार का फोकस जरूरी सेवाओं को प्रभावित न होने देने पर रहेगा।
अस्पताल, पुलिस, फायर ब्रिगेड को प्राथमिकता
सार्वजनिक परिवहन जारी रहेगा
घरेलू बिजली और गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर

सोशल मीडिया पर ट्रेंड बना ‘एनर्जी लॉकडाउन’
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर “एनर्जी लॉकडाउन” तेजी से ट्रेंड कर रहा है। कई लोग इसे कोविड-19 लॉकडाउन से जोड़कर देख रहे हैं, जिससे लोगों में चिंता और भ्रम दोनों बढ़ रहे हैं।

आगे क्या?

फिलहाल सरकार ने किसी भी तरह के लॉकडाउन की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए सख्त ऊर्जा प्रबंधन के संकेत जरूर मिल रहे हैं।
अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में सरकार कौन-से ठोस कदम उठाती है—क्या यह सिर्फ एहतियात रहेगा या देश एक नए तरह के “एनर्जी अनुशासन” के दौर में प्रवेश करेगा।

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மேற்காசிய போரால் பாதிக்கப்பட்டு உள்ள எண்ணெய் நிறுவனங்களின் சுமையை குறைக்கும் வகையில், பெட்ரோல், டீசல் மீதான கலால் வரியை மத்திய அரசு குறைத்துள்ளது.

கடந்த பிப்., 28ல் ஈரான் மீது அமெரிக்கா மற்றும் இஸ்ரேல் நடத்திய தாக்குதல்களை தொடர்ந்து, இரு தரப்பினருக்கும் இடையே, கடந்த நான்கு வாரங்களாக தொடரும் மோதலால் சர்வதேச சந்தையில் கச்சா எண்ணெய் விலை உயர்ந்தது. இது, இந்திய எண்ணெய் நிறுவனங்களுக்கு பெரும் நிதி சுமையை ஏற்படுத்தி உள்ளது.

எண்ணெய் நிறுவனங்களின் சுமையை குறைக்கும் வகையில், பெட்ரோல், டீசல் மீதான கலால் வரியை மத்திய அரசு குறைத்துள்ளது. பெட்ரோல் மீதான கலால் வரி லிட்டருக்கு 13 ரூபாயில் இருந்து 3 ரூபாயாக குறைக்கப்பட்டு உள்ளது. டீசல் மீதான கலால் வரியை 10 ரூபாயில் பூஜ்ஜியமாக்கியுள்ளது. இதனால் டீசலுக்கு கலால் வரி முற்றிலுமாக ரத்து செய்யப்பட்டு உள்ளது.

பெட்ரோல், டீசல் மீதான கலால் வரி குறைப்பு, எண்ணெய் நிறுவனங்களுக்கு உதவிகரமாக இருக்கும். இந்த நடவடிக்கை எண்ணெய் நிறுவனங்களுக்கு ஏற்பட்டுள்ள சவால்களை சமாளிக்க வழங்கப்பட்டு இருக்கிறது. கலால் வரி குறைப்பால் பெட்ரோல், டீசல் விலையில் எந்த மாற்றமும் இருக்காது.


ஏற்கனவே எரிபொருளுக்கு எந்த தட்டுப்பாடும் இல்லை. இந்தியாவில் 60 நாட்களுக்கு தேவையான எரிபொருள் கையிருப்பும், 74 நாட்களுக்கு தேவையான கச்சா எண்ணெய் கையிருப்பும் உள்ளது என மத்திய பெட்ரோலியம் மற்றும் இயற்கை எரிவாயு அமைச்சகம் தெரிவித்துள்ளது குறிப்பிடத்தக்கது.

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ମାଲକାନଗିରି:୨୭/୦୩:ମାଲକାନଗିରି ଜିଲା ମାଥ୍‌ଲି ବ୍ଲକ ଅଧୀନ ଦଳପତିଗୁଡ଼ା ପଞ୍ଚାୟତ କେନ୍ଦୁଗୁଡ଼ା ଗ୍ରାମର ଗୌରୀ ପୂଜାରୀ । ସ୍ବାମୀ ମାନସିକ ଭାରସାମ୍ୟ ହରାଇ ବସିଛନ୍ତି I ଗୌରୀଙ୍କର ୩ ଝିଅ। ଏକମାତ୍ର ରୋଜଗାରିଆ ସ୍ୱାମୀଙ୍କ ମାନସିକ ଅବସ୍ଥା ଠିକ୍ ନ ଥିବା ବେଳେ ଘର ଚଳାଇବା ଚିନ୍ତାରେ ରହିଛନ୍ତି ଗୌରୀ ଉପରେ ବୋଝ ଉପରେ ନଳିତା ବିଡ଼ା ସାଜିଛି ଭଙ୍ଗା ଘର। ଏକ ଜରି ପକା ଘରେ ରହୁଛନ୍ତି ସମସ୍ତେ। ଏବେ ବର୍ତ୍ତମାନ କାଳ ବୈଶାଖୀ ସମୟ। ବର୍ଷା ହେଲେ କେମିତି ସମସ୍ତଙ୍କୁ ନେଇ ରହିବେ ବୋଲି ଗୌରୀ କହିଛନ୍ତି । ଗାଁ ଲୋକ ହାତ ଟେକି କିଛି ଦେଲେ ସେମାନେ ତାହାକୁ ଖାଉଛନ୍ତି । ଓଳିଏ ଖାଇଲେ ଆର ଓଳିକୁ ପେଟରେ ଓଦା କନା ପକାଇ ରହିବାକୁ ପଡ଼ୁଛି । ସରକାରୀ ଯୋଜନାରେ ଘର ଟିଏ ଯୋଗାଇ ଦେବାକୁ ଗୌରୀ ଓ ଗ୍ରାମବାସୀ ନିବେଦନ କରିଛନ୍ତି । ଏ ନେଇ ବିଡିଓ ପ୍ରମୋଦ କୁମାର ବେହେରାଙ୍କୁ ପଚାରିବାରୁ ଏଭଳି କିଛି ଅଭିଯୋଗ ଆସି ନ ଥୂବା ସେ କହିଛନ୍ତି I ଶୁକ୍ରବାର ବ୍ଲକ ଅଧକ୍ଷ ମହେଶ କୁମାର ବାକା ଗୌରୀଙ୍କ ପାଖକୁ ଯାଇ ସ୍ଥିତି ଅନୁଧ୍ୟାନ କରିବେ ବୋଲି କହିଛନ୍ତି।

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IPS रतन लाल डांगी (जिन्हें रतनलाल डांगी भी कहा जाता है) छत्तीसगढ़ के 2003 बैच के वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं, जो हाल ही में सस्पेंड हो गए हैं।� उनके खिलाफ सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं।�
सस्पेंशन का कारण
छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 मार्च 2026 को उन्हें निलंबित किया, क्योंकि उनके आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।�
महिला ने नवंबर 2025 में शिकायत दर्ज की थी, जिसमें 7 साल से शोषण का दावा किया गया, जिसमें वीडियो कॉल और धमकियां शामिल हैं।�
डांगी ने आरोपों को ब्लैकमेलिंग बताया और DGP से जांच की मांग की।�
करियर हाइलाइट्स
बीजापुर, कांकेर और बिलासपुर में SP रह चुके हैं।�
वर्तमान में IG रैंक पर रायपुर में पदस्थ थे।�
सस्पेंशन के दौरान मुख्यालय नवा रायपुर पुलिस मुख्यालय, जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।�
वर्तमान स्थिति
विभागीय जांच चल रही है, All India Services Rules के तहत कार्रवाई।� मामला रायपुर से जुड़ा है और मीडिया में चर्चित है।�

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ಬೆಳಗಾವಿ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಅಥಣಿ ನಗರದ ಕನ್ನಡ ಸಾಹಿತ್ಯ ಪರಿಷತ ಸದಸ್ಯರು ಆಲ್ ಇಂಡಿಯಾ ಮೀಡಿಯಾ ಸದಸ್ಯರು ರಾಜಮಟ್ಟದ ವರದಿಗಾರರಾದ ಮಹೇಶ ಶರ್ಮಾ ಅವರ ಜನ್ಮ ದಿನವನ್ನು
ಶ್ರೀ ಜೀಜಾಮಾತಾ ವಿಶ್ವ ಚೇತನಾಭಿವೃದ್ಧಿ ಸಂಸ್ಥೆಯ
ಶ್ರೀ ಶಾರದಾದೇವಿ ಬುದ್ದಿಮಾಂದ್ಯ ಗಂಡು / ಹೆಣ್ಣು ಮಕ್ಕಳ ಉಚಿತ ವಸತಿ ಶಾಲೆ ಹಾಗೂ ತರಬೇತಿ ಕೇಂದ್ರ ಅಥಣಿ ನಗರದ ಕುದುರಿ ತೋಟದ ಶ್ರೀಮತಿ ಶಾಂತ ಶಂಕರ ಶಿಂದೆ ಅವರ ನೇತೃತ್ವದಲ್ಲಿ
ದಾನ್ಯ ನೀಡುವ ಮೂಲಕ ಹಾಗೂ ಮಕ್ಕಳಿಗೆ ಸಿಹಿ ತಿನ್ನಿಸುವ ಮೂಲಕ ಜನ್ಮದಿನವನ್ನು ಸರಳವಾಗಿ ಆಚರಿಸಿಕೊಂಡರು.

ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಮದಭಾವಿ ಗ್ರಾಮದ ಯುವ ಮುಖಂಡರಾದ ಪ್ರವೀಣ ನಾಯಿಕ, ನಿವೃತ್ತಿ ಕೆ ವಿ ಜಿ ಬ್ಯಾಂಕ ಮ್ಯಾನೇಜರ ಶರಣಪ್ಪ ಶಿಂದೆ
ಸಂಸ್ಥೆಯ ಸಿಬ್ಬಂದಿಗಳಾದ ಪ್ರಕಾಶ ದೇವಮಾನೆ,ಮನಿಷಾ ಲಿಂಬಿಕಾಯಿ ಎಂ ಎಂ ದೇವಮಾನೆ, ರಾವಸಾಬ ಜಾದವ, ಸರಿತಾ ಜಾದವ ಉಪಸ್ಥಿತರಿದ್ದರು

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ಬೆಳಗಾವಿ ಜಿಲ್ಲೆ ಅಥಣಿ ತಾಲೂಕಿನಲ್ಲಿ ಭರವಸೆ ಬೆಳಕು ಫೌಂಡೇಶನ್ (ರಿ), ಅಥಣಿ
ಇವರ ನೇತೃತ್ವದಲ್ಲಿ ವಿಜೃಂಭಣೆಯಿಂದ ಅದ್ದೂರಿಯಿಂದ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮ ನಡೆಯಲಿದೆ

ಮಂಗಳವಾರ ದಿನಾಂಕ: 31-03-2026 ರಂದು ಬೆಳಿಗ್ಗೆ 10:00 ಗಂಟೆಗೆ ಸ್ಥಳ: ಸುಕ್ಷೇತ್ರ ಶ್ರೀh ಗಚ್ಚಿನ ಮಠ, ಅಥಣಿ

ದಿವ್ಯ ಸಾನಿಧ್ಯ: ಶ್ರೀ ಮ.ನಿ.ಪ್ರ ಶಿವಬಸವ ಸ್ವಾಮೀಜಿ

ಉದ್ಘಾಟಕರು: ಶ್ರೀಮತಿ ಡಾ॥ ನಾಗಲಕ್ಷ್ಮೀ ಚೌಧರಿ

ಗೌರವಾನ್ವಿತ ಅಧ್ಯಕ್ಷರು ಕರ್ನಾಟಕ ರಾಜ್ಯ ಮಹಿಳಾ ಆಯೋಗ

ಸುಕ್ಷೇತ್ರ ಶ್ರೀ ಗಚ್ಚಿನ ಮಠ, ಆಥಣಿ

ಅಧ್ಯಕ್ಷತೆ: ಸನ್ಮಾನ್ಯ ಶ್ರೀ ಲಕ್ಷ್ಮಣ ಸಂ. ಸವದಿ ಗೌರವಾನ್ವಿತ ಮಾಜಿ ಉಪ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿಗಳು ಹಾಗೂ ಜನಪ್ರಿಯ ಶಾಸಕರು, ಆಥಣಿ

ಶ್ರೀ ಸಿದರಾಯ ಭೋಸಗಿ
ತಹಶೀಲ್ದಾರರು ಆಫಣಿ

ಶ್ರೀ ಎಮ್.ಆರ್. ಮುಂಜೆ
ಕ್ಷೇತ್ರ ಶಿಕ್ಷಣಾಧಿಕಾರಿಗಳು, ಆಥನೆ

ಶ್ರೀ ಬಸಗೌಡ ಕಾಗೆ
ತಾಲೂಕಾ ವೈದ್ಯಾಧಿಕಾರಿಗಳು, ಅಥಣಿ

ಶ್ರೀ ಅಶೋಕ ಗುಡಿಮನಿ , ಕಾರ್ಯನಿರ್ವಕ ಅಧಿಕಾರಿ ಪುರಸಭೆ

ಮುಖ್ಯ ಅತಿಥಿಗಳು

ಶ್ರೀ ಪ್ರಶಾಂತ ಮುನ್ನೋಳ್ಳಿ ಡಿ ವಾಯ ಎಸ್ ಪಿ ಅಥಣಿ
ಶ್ರೀ ಸಂತೋಷ ಹಳ್ಳೂರ
ಸಿಪಿಐ ಅಥಣಿ
ಶ್ರೀ ಮಂಜುನಾಥ ಸೌಂದಲಗೇಕರ
ಶಿಶು ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಅಧಿಕಾರಿಗಳು,

ಶ್ರೀ ವಿಲಾಸ ಎನ್. ಕಾಂಬಳೆ ಪ್ರಾಚಾರ್ಯರು ಸರಕಾರಿ ಪ್ರಥಮ ದರ್ಜೆ ಕಾಲೇಜ್ ಅಥಣಿ
ಶ್ರೀ ಶಿವಾನಂದ ಕಲ್ಲಾಪೂರ
ತಾಲೂಕು ಪಂಚಾಯಿತಿ ಕಾರ್ಯನಿರ್ವಾಹಕ ಅಧಿಕಾರಿ ಅಥಣಿ
ಶ್ರೀ ಪರಶುರಾಮ ಪತ್ತಾರ
ಸಹಾಯಕ ನಿರ್ದೇಶಕರು, ಸಮಾಜ ಕಲ್ಯಾಣ ಇಲಾಖೆ
ಶ್ರೀ ಗಿರಮಲ್ಲಪ್ಪ ಉಪ್ಪಾರ ಪಿಎಸ್ಐ ಅಥಣಿ
ಶ್ರೀ ವೆಂಕಟೇಶ ಕುಲಕರ್ಣಿ
ಸಹಾಯಕ ನಿರ್ದೇಶಕರು, ಬಿ.ಸಿ.ಎಮ್, ಅಥಣಿ

ಶ್ರೀಮತಿ ಶಿವಲೀಲಾ ಸದಾಶಿವ ಬುಟಾಳೆ
ಅಧ್ಯಕ್ಷರು ಪುರಸಭೆ, ಆಕ್ಷಣೆ

ಶ್ರೀಮತಿ ಭುವನೇಶ್ವರಿ ಯಂಕಚ್ಚಿ ಉಪಾಧ್ಯಕ್ಷರು, ಅಥಣಿ

ಅತಿಥಿಗಳು

ಶ್ರೀ ಹುಚ್ಚಪ್ಪ ತಳವಾರ ಸಮಾಜ ಸೇವಕರು, ಕಾಂಗ್ರೆಸ್ ಮುಖಂಡರು, ಇಂಡಿ

ಶ್ರೀ ಗೋಲ್ಡ ಸುರೇಶ
ಸಮಾಜ ಸೇವಕರು ಹಾಗೂ ಬಿಗ್ ಬಾಸ್ ಸ್ಪರ್ಧಿ, ಆಥಣಿ

ಶ್ರೀ ಡಾ|| ರಮೇಶ ಹರಿಜನ .

ಶ್ರೀ ಪ್ರದೀಪ ಮ.ಜಾಧವ
ಮಾಲೀಕರು ಪದ್ಮಾ ಡಿಜಿಟಲ್, ಪೇಂಟ್ಸ್, ಆರ್ಟ್ಸ್, ಅಥಣಿ

ಶ್ರೀ ಹನಮಂತ ಬಿ. ಕುರುಬರ ಅಧ್ಯಕ್ಷರು ಕರ್ನಾಟಕ ರಾಜ್ಯ ಬೆನ್ನುಹುರಿ,
ಅಪಘಾತನ ಅಂಗವಿಕಲರ ಸಂಘ(ರಿ),
ವಿಶೇಷ ಸನ್ಮಾನಿತರು

ಶ್ರೀಮತಿ ಅನೀತಾ ವಿಕ್ರಮ ಬನಗೆ

ಸಮಾಜ ಸೇವಕರು, ಚಿಕ್ಕೋಡಿ

ಶ್ರೀಮತಿ ಮಾಧುರಿ ಜಾಧವ

ಶ್ರೀ ಗುರಪ್ಪ ಜಿ. ದೇವೂರ

ಶ್ರೀ ವಿಜಯ ಹುದ್ದಾರ
ಅಧ್ಯಕ್ಷರು ಹುದ್ದಾರ ಶಿಕ್ಷಣ ಸಂಸ್ಥೆ, ಆಥಣೆ

ನಿರೂಪಣೆ

ಶ್ರೀಮತಿ ಸುಗಂಧಾ ಮೋಕಾಶಿ

ನಿರೂಪಕರು, ಹುಕ್ಕೇರಿ

ಬೆಳಗಾವಿ ಜಿಲ್ಲೆ ಅಥಣಿ ತಾಲೂಕಿನಲ್ಲಿಭರವಸೆಗಳ ಕೋಪ ಫೌಂಡೇಶನ್ ಅಥಣಿ ದ್ವಿತೀಯ ವರ್ಷದ ವಾರ್ಷಿಕೋತ್ಸವದ ನಿಮಿತ್ಯ ಮಹಿಳಾ ದಿನಾಚರಣೆ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮ ನಡೆಯಲಿದೆ





ಯಶಸ್ವಿಗೊಳಿಸಬೇಕು ಎಂದು ಮನವಿ ಮಾಡಿದರು. ನಂತರ ಕರುನಾಡ ಕಾರ್ಮಿಕ ವೇದಿಕೆ ಜಿಲ್ಲಾ ಅಧ್ಯ-ಕೈ ರಾಣಿ ಬಡಿಗೇರ್ ಮಾತನಾಡಿ, "ರಾಜ್ಯ ಮಹಿಳಾ ಆಯೋಗದ ಅಧ್ಯಕ್ಷರು ಮೊದಲ ಬಾರಿಗೆ ಅಥಣಿಗೆ ಆಗಮಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ.

ಅವರು ಪಟ್ಟಣದ ನಿರೀಕ್ಷಣಾ ಮಂದಿರದಲ್ಲಿ ನಡೆದ ಪತ್ರಿಕಾಗೋಷ್ಠಿಯಲ್ಲಿ ಮಾತನಾಡಿ, ಈ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದ ಉದ್ಘಾಟನೆಯನ್ನು ಕರ್ನಾಟಕ ರಾಜ್ಯ ಮಹಿಳಾ ಆಯೋಗದ ಅಧ್ಯಕ್ಷರಾದ ಡಾ. ನಾಗಲಕ್ಷ್ಮಿ ಚೌಧರಿ ಅವರು ನೆರವೇರಿಸಲಿದ್ದಾರೆ. ಶಾಸಕ ಲಕ್ಷ್ಮಣ ಸವದಿ ಅವರು ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದ ಅಧ್ಯಕ್ಷತೆ ವಹಿಸಲಿದ್ದಾರೆ. ತಾಲೂಕಿನ ಹಾಗೂ ಗ್ರಾಮೀಣ ಭಾಗದ ಮಹಿಳೆಯರು ಹೆಚ್ಚಿನ ಸಂಖ್ಯೆಯಲ್ಲಿ ಪಾಲ್ಗೊಂಡು ಕಾರ್ಯಕ್ರಮವನ್ನು


ಮಹಿಳೆಯರು ಬೆಂಗಳೂರಿಗೆ ಹೋಗಿ ತಮ್ಮ ಸಮಸ್ಯೆಗಳನ್ನು ಹೇಳಿಕೊಳ್ಳುವುದು ಕಷ್ಟಸಾಧ್ಯ. ಹೀಗಾಗಿ, ಅಥಣಿ ಹಾಗೂ ಸುತ್ತಮುತ್ತಲಿನ ಗ್ರಾಮಗಳ ಮಹಿಳೆಯರು ಈ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮಕ್ಕೆ ಆಗಮಿಸಿ, ತಮ್ಮ ಕುಂದುಕೊರತೆಗಳನ್ನು ನೇರವಾಗಿ ಅವರ ಗಮನಕ್ಕೆ ತಂದು ಸರ್ಕಾರದಿಂದ ಸಿಗಬೇಕಾದ ಸೌಲಭ್ಯಗಳನ್ನು ಪಡೆದುಕೊಳ್ಳಲು ಇದೊಂದು ಉತ್ತಮ ಅವಕಾಶ" ಎಂದರು.

ಪತ್ರಿಕಾಗೋಷ್ಠಿಯಲ್ಲಿ ಸವಿತಾ ಕಾಂಬಳೆ, ಗೀತಾ ಮಡ್ಡಿ, ವೈಶಾಲಿ ಮೇಲ್ಗಡೆ, ಕಾದಂಬರಿ ಅಕ್ಕೋಳ, ಹಣಮಂತ ಕುರಬರ ಸೇರಿದಂತೆ ಮತ್ತಿತರರು ಉಪಸ್ಥಿತರಿದ್ದರು.


ಭರವಸೆ

ಬೆಳಕು ಫೌಂಡೇಶನ್ ವತಿಯಿಂದ ದ್ವಿತೀಯ ವರ್ಷದ ವಾರ್ಷಿಕೋತ್ಸವ, ವಿಶ್ವ ಮಹಿಳಾ ದಿನಾಚರಣೆ ಹಾಗೂ ಮುತ್ತೈದೆಯರಿಗೆ ಉಡಿ ತುಂಬುವ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮವನ್ನು ಮಾರ್ಚ್ 31ರಂದು ಬೆಳಗ್ಗೆ 10 ಗಂಟೆಗೆ ಪಟ್ಟಣದ ಗಚ್ಚಿನ ಮಠದ ಆವರಣದಲ್ಲಿ ಹಮ್ಮಿಕೊಳ್ಳಲಾಗಿದೆ ಎಂದು ಫೌಂಡೇಶನ್ ಅಧ್ಯಕ್ಷೆ ರೂಪಾ ಕಾಂಬಳೆ ತಿಳಿಸಿದರು.


ಭರವಸೆ ಬೆಳಕು ಫೌಂಡೇಶನ್(ರಿ), ಅಥಣಿ ಹಾಗೂ

ಮಾತೋಶ್ರೀ ಶಾಂತಾಬಾಯಿ ತುಕುರಾಮ ತುಬಚಿ ಫೌಂಡೇಶನ್(ರಿ), ಅಥಣಿ

ಸಂಸ್ಥೆಯ ಸರ್ವ ಸದಸ್ಯರ ಪರವಾಗಿ ಎಲ್ಲ ಜನತೆಗೆ ಹಾಗೂ

ಪತ್ರಿಕಾ ಮಾಧ್ಯಮ ಮಿತ್ರರಿಗೂ ಹಾರ್ದಿಕ ಸ್ವಾಗತ

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नागपूर | प्रतिनिधी: दि.26 मार्च 2026.
चक्रवर्ती सम्राट अशोक मौर्य यांच्या जयंतीचे औचित्य साधून, वाडी टेकडी येथील धम्म अशोक बौद्ध विहार येथे समता सैनिक दलाच्या महिला शाखेची स्थापना अत्यंत उत्साहात करण्यात आली. "गाव तिथे शाखा आणि घर तिथे सैनिक" हा मंत्र जपत संघटन अधिक मजबूत करण्याचा निर्धार यावेळी करण्यात आला.

प्रमुख उपस्थितांचे मार्गदर्शन
कार्यक्रमाचे अध्यक्ष व ज्येष्ठ मार्गदर्शक घनश्यामजी फुसे यांनी उपस्थित सर्व सैनिकांना समता सैनिक दलाची शपथ दिली. याप्रसंगी मुख्य समन्वयक राजरत्नजी कुंभारे, आंबेडकरी विचारवंत शरद मेश्राम, प्रमोद रामटेके, राजू मून आणि नागपूर ग्रामीण जिल्हाध्यक्ष विधेश्वर (बंडू भाऊ) गजबे यांनी सैनिकांना शिस्त आणि ध्येयवादावर मार्गदर्शन केले.
व्यासपीठावर मुख्य शाखा संघटक भागवतजी पाटील, कमांडर डॉ. सुनील नारनवरे, सचिव दीपक ढोके, विकास सोमकुवर, नीलकंठ गजभिये, नामदेव तागडे यांच्यासह महिला प्रमुख लक्ष्मीबाई शेन्डे व संध्या सहारे यांची प्रमुख उपस्थिती होती.

महिला शक्तीचा हुंकार
या शाखेच्या माध्यमातून वाडी परिसरातील महिलांना संघटित करण्यात आले आहे. यामध्ये प्रामुख्याने:
* सैनिक: कुंदा मेश्राम, सुलोचना मेश्राम, बेबीबाई चहांदे, सुशीला लोखंडे, सुरेखा जंगले, जिजाबाई नंदेश्वर.
* सहभागी: रत्नमाला भगत, उषाबाई कापसे, विशाखा लोखंडे, दयावती मोटघरे, सुवर्णमाला रंगारी, सिंधुबाई मेश्राम, आशा कापसे, त्रिवेणी कापसे, सरिता उके, गिरीजा रामटेके, मीना राज, विद्याबाई पाटील, मंदा राहाटे.
शाखा सक्षमीकरणाचा संकल्प
कार्यक्रमादरम्यान वक्त्यांनी समता सैनिक दलाचा वारसा आणि समाजातील महिलांच्या भूमिकेवर प्रकाश टाकला. वाडी टेकडी परिसरात या नवीन शाखेमुळे शिस्तबद्ध समाज घडवण्यास मदत होईल, असा विश्वास व्यक्त करण्यात आला. कार्यक्रमाला परिसरातील बौद्ध उपासक व उपासिका मोठ्या संख्येने उपस्थित होत्या.

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खानपुर कलां, 25 मार्च।
भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय  खानपुर कलां,  के सामाजिक विज्ञान संकाय द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में “विरासत और क्षितिज का सामंजस्य: 2047 तक विकसित भारत के लिए महिला-नेतृत्व विकास” विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सुदेश ने की। सम्मेलन की रूपरेखा सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन प्रो सुरेंद्र मोर ने रखी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मेक्सिको स्थित यूनिवर्सिडाड पानामेरिकाना के अर्थशास्त्र एवं व्यवसाय विज्ञान संकाय के प्रो. राजेश रंजन ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में महिला नेतृत्व के महत्व को स्पष्ट करते हुए समावेशी विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के निदेशक प्रो. राम सिंह ने अपने विस्तृत और विचारोत्तेजक संबोधन में कहा कि—"यदि भारत को वास्तव में 2047 तक एक विकसित और समावेशी अर्थव्यवस्था बनना है, तो हमें अपनी आधी आबादी को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की सक्रिय भागीदार बनाना होगा। वर्तमान आर्थिक ढांचे में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना केवल सामाजिक न्याय का प्रश्न नहीं, बल्कि उत्पादकता, नवाचार और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता का मूल आधार है।"उन्होंने कहा कि "डेटा यह स्पष्ट करता है कि जिन देशों ने महिला श्रम भागीदारी, शिक्षा और नेतृत्व में निवेश किया है, वे अधिक तेज़ और संतुलित विकास की ओर अग्रसर हुए हैं। भारत के संदर्भ में हमें नीतिगत स्तर पर ऐसे इकोसिस्टम का निर्माण करना होगा, जो महिलाओं को उद्यमिता, शोध और निर्णय-निर्माण में समान अवसर प्रदान करे।"इस अवसर पर महिला विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र खरल गुरुकुल की छात्रा आल इंडिया रैंक 366 प्राप्त यूपीएससी क्वालिफायर सुश्री स्वाति आर्या ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए अपने अनुभव साझा किए और निरंतरता, अनुशासन एवं आत्मविश्वास को सफलता की कुंजी बताया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. सुदेश ने अपने संबोधन में कहा कि "विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समावेशन, लैंगिक समानता और ज्ञान-आधारित समाज के निर्माण से जुड़ा हुआ है। इस दिशा में महिला नेतृत्व की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।"उन्होंने आगे कहा कि आज की युवा छात्राएं केवल शिक्षा प्राप्त करने वाली नहीं, बल्कि परिवर्तन की वाहक हैं। उन्हें शोध, नवाचार, उद्यमिता और नीति-निर्माण के क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार करना विश्वविद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बीपीएसएमवी निरंतर ऐसे शैक्षणिक और शोधपरक वातावरण का निर्माण कर रहा है, जो छात्राओं को आत्मनिर्भर और नेतृत्वक्षम बनाता है। इस अवसर पर यूपीएससी क्वालिफायर सुश्री स्वाति आर्या ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए अपने संघर्ष और सफलता की यात्रा साझा की।   समापन सत्र में डॉ. ज्ञान मेहरा ने सम्मेलन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्रो. निशा राणा एवं प्रो. नरेंद्र कुमार बिश्नोई ने महिला सशक्तिकरण के विविध आयामों पर अपने विचार रखे।समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलसचिव प्रो. शिवालिक ने छात्राओं को प्रेरित किया, जबकि डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. विजय नेहरा ने सम्मेलन के शैक्षणिक महत्व को रेखांकित किया।इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में देश भर से 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान श्रेष्ठ शोध पत्रों की घोषणा कर प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।अंत में संयोजक डॉ. दीपाली माथुर व सहसयोजक डॉ अंजू रानी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का धन्यवाद ज्ञापित किया और सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सभी के सहयोग की सराहना की।फोटो कैप्शन :- 01 स्वाति आर्य को सम्मानित करते कुलपति प्रो सुदेश , प्रो राम सिंह , प्रो राजेश रंजन व अन्य। 

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పాణ్యం (AIMA MEDIA): స్థానిక శాంతిరాం ఇంజనీరింగ్ కళాశాల ఎన్ఎస్ఎస్ యూనిట్ ఆధ్వర్యంలో అవయవ దానం పై అవగాహన సదస్సు నిర్వహించినట్లు కళాశాల ప్రిన్సిపాల్ డాక్టర్ ఎం వి సుబ్రహ్మణ్యం తెలిపారు. అవయవ దానం ప్రాణాలను రక్షించే మహోన్నత సేవ అని సమాజంలో అవయవ దానంపై అవగాహన పెంచడానికి ఈ కార్యక్రమాన్ని నిర్వహించినట్లు తెలియజేశారు. ఈ కార్యక్రమానికి రిసోర్స్ పర్సన్ గా విచ్చేసిన శాంతిరాం మెడికల్ కాలేజ్ అండ్ జనరల్ హాస్పిటల్ ప్రొఫెసర్ డా. ఎం జానకి మాట్లాడుతూ అవయవ దానం ప్రక్రియ, అర్హత ప్రమాణాలు, మరియు ఒక దాత అనేక మంది జీవితాలను ఎలా కాపాడగలడో వివరించారు. జీవించి ఉన్నప్పుడు కూడా, మరణానంతరం కూడా అవయవ దానం చేయవచ్చని వారు తెలిపారు. అవయవ దానం గురించి ఉన్న అపోహలను తొలగించడం, స్వచ్ఛందంగా దానం చేయడానికి ప్రజలను ప్రోత్సహించడం, మరియు అవయవ దానం ద్వారా అనేక ప్రాణాలను రక్షించవచ్చని తెలియజేశారు. ఈ కార్యక్రమంలో కళాశాల ఎన్ఎస్ఎస్ కోఆర్డినేటర్ పి నాగరాజు, అధ్యాపకులు మరియు విద్యార్థులు పాల్గొన్నారు.

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गंगटोक, 27 मार्च: Prem Singh Tamang ने पवित्र पर्व रामनवमी के शुभ अवसर पर सिक्किम की जनता को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह पावन पर्व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के जन्मोत्सव का प्रतीक है, जिनका जीवन सत्य, कर्तव्य और धर्मनिष्ठा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि एक आदर्श पुत्र, समर्पित भाई, प्रेमपूर्ण पति और न्यायप्रिय राजा के रूप में भगवान राम के आदर्श आज भी समाज को प्रेरित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह शुभ अवसर सभी के जीवन में शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे भगवान राम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपने दैनिक जीवन में ईमानदारी, करुणा और सद्भावना को अपनाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज के सामूहिक प्रयासों से एक उज्जवल, शांतिपूर्ण और समरस भविष्य का निर्माण संभव है।
**यह संदेश मुख्यमंत्री द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से साझा किया गया है।

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रामनवमी के पावन अवसर पर बिहार की राजधानी पटना में स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर में श्रद्धा और आस्था का भव्य नज़ारा देखने को मिला। सुबह होते ही मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भर गया और दर्शन के लिए करीब एक किलोमीटर लंबी कतार लग गई। “जय श्री राम” के गगनभेदी जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, जिससे हर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आया।
भक्तजन दूर-दराज़ के इलाकों से मंदिर पहुंचे, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी शामिल थे। लोगों में भगवान श्रीराम और हनुमान जी के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ स्वयंसेवक भी लगातार व्यवस्था संभालते नजर आए, जिससे दर्शन प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रही।
वहीं, बिहार के अन्य हिस्सों में भी रामनवमी का उत्सव पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। खासकर पंचमुखी हनुमान मंदिर में लगभग 50,000 श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में दिनभर पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
श्रद्धालुओं का मानना है कि रामनवमी के दिन भगवान के दर्शन और पूजा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। यही कारण है कि हर वर्ष इस पर्व पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
👉 कुल मिलाकर, रामनवमी का यह पर्व बिहार में आस्था, भक्ति और एकता का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसने पूरे राज्य को धार्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

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ଘଟଗାଁ, 26/3/2026 - ଘଟଗାଁଁ ମା ' ତାରିଣୀ ଠାକୁରାଣୀଙ୍କ 90 ତମ ମହାବିଷୁବ ପଣା ସଂକ୍ରାନ୍ତି ପର୍ବ ବା ଚଇତି ପର୍ବର ଦ୍ୱିତୀୟ ପ୍ରସ୍ତୁତି ବୈଠକ ମନ୍ଦିର ପରିସର କଲ୍ୟାଣ ମଣ୍ଡପରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି। ଅନୁଷ୍ଠିତ ବୈଠକରେ ସ୍ଥାନୀୟ ଭାରପ୍ରାପ୍ତ ଚିକିତ୍ସା ଅଧିକାରୀ ମୁକ୍ତିକାନ୍ତ ନାୟକ,ଅଗ୍ନିଶମ ଅଧିକାରୀ ପୂର୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ପଣ୍ଡା,ଅବକାରୀ ଥାନା ଅଧିକାରୀ ସନ୍ତୋଷ କୁମାର ଦାଶ, ଅତିରିକ୍ତ ବ୍ଲକ ଶିକ୍ଷା ଅଧିକାରୀ ସଞ୍ଜୟ କୁମାର ପଲେଇ,ଫରେଷ୍ଟର ଅଙ୍କିତା ସିଂ,ଦେବୋତ୍ତର ଇନ୍ସପେକ୍ଟର ତ୍ରିଲୋଚନ ନାଏକ,ଡିଭିଜନାଲ ଇନ୍ସପେକ୍ଟର ଦକ୍ଷିଣ କୁମାର ମାରାଣ୍ଡି ଜିଲ୍ଲା ପରିଷଦ ସଦସ୍ୟ ସୁରେନ୍ଦ୍ର କୁମାର ଜେନା,ବିଭିନ୍ନ ସ୍ବେଛାସେବୀ,ଧାର୍ମିକ ଅନୁଷ୍ଠାନର କର୍ମକର୍ତ୍ତା ଏବଂ ଗଣମାଧ୍ୟମ ପ୍ରତିନିଧି ମାନେ ଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ । ଏହି ଚଇତି ପର୍ବ ଅବସରରେ ମା'ଙ୍କର ଚିରାଚରିତ ପ୍ରଥା ଅନୁଯାୟୀ ପୂଜାର୍ଚ୍ଚନା ସହିତ ପ୍ରତ୍ୟେହ ମା'ଙ୍କ ମାଜଣା,ମଙ୍ଗଳ ଆଳତୀ,ସୁନାବେଶ,ହୋମଯଜ୍ଞ, ଭାଗବତ ପାରାୟଣ,ବଡ଼ ସିଂହାର ବେଶ, ଦେବୀ ସ୍ତୁତି ପାଠ,ଚଣ୍ଡିପାଠ ଏବଂ ସତ୍ୟ ନାରାୟଣ ପୂଜା ଏବଂ ପରମ୍ପରା ଅନୁଯାୟୀ ସାତ ଦିନ ଧରି ବାଦୀପାଲା ଯଥାବିଧି ଅନୁଷ୍ଠିତ ହେବ। ଦିନବେଳା କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଓଡିଶୀ ନୃତ୍ୟ, ଆଧ୍ୟାତ୍ମିକ ନୃତ୍ୟ, ଲୋକ ନୃତ୍ୟ,ଘୋଡା ନାଚ,ଝୁମର ନାଚ, ସମ୍ବଲପୁରୀ ନାଚ,ପାଇକ ଆଖଡ଼ା,ଭଜନ ସମାରୋହ ଏବଂ ପଣା ସଂକ୍ରାନ୍ତି ଦିନ ଓଡ଼ିଶାର ସୁନାମ ଧନ୍ୟ କଣ୍ଠଶିଳ୍ପୀ ମାନଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ ଠାରୁ ସୂର୍ଯ୍ୟାସ୍ତ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଅଖଣ୍ଡ ଭଜନ ସମାରୋହ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହେବ। ସନ୍ଧ୍ୟା ଓ ରାତ୍ର କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଧର୍ମ ପ୍ରବଚନ, ଦାସକାଠିଆ ଏବଂ ବାଦୀପାଲା ଅନୁଷ୍ଠିତ ହେବ । ଏହା ସହ ଆଇନ ଶୃଙ୍ଖଳା ପାଇଁ ପୋଲିସ ମୃତୟନ, ପିଇବା ପାଣି ବ୍ୟବସ୍ଥା, ସ୍ବେଛାସେବୀ ବ୍ୟବସ୍ଥା,ଗାଡି ପାର୍କିଂ ବ୍ୟବସ୍ଥା, ଅସ୍ଥାୟୀ ପ୍ରାଥମିକ ଚିକିତ୍ସା, ଅନ୍ନ ପ୍ରସାଦ ବିତରଣ ଆଦି ସମସ୍ତ ବିଷୟରେ ବିସ୍ତୃତ ଆଲୋଚନା ହୋଇଥିଲା। ବୈଠକରେ ଚଇତି ପର୍ବ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ସମ୍ପର୍କରେ ସୂଚନା ପ୍ରଦାନ କରି ଆସନ୍ତା 9 ତାରିଖ ଠାରୁ 15 ତାରିଖ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ପାଳିତ ହବାକୁ ଥିବା ଏହି ଚଇତି ପର୍ବ ଶାନ୍ତି ଶୃଙ୍ଖଳା ସହ ପରିଚାଳନା ପାଇଁ ମନ୍ଦିର କାର୍ଯ୍ୟ ନିର୍ବାହୀ ଅଧିକାରୀ ସଂଜୀବ ମହାପାତ୍ର ସମସ୍ତଙ୍କ ସହଯୋଗ କାମନା କରି ଧନ୍ୟବାଦ ଅର୍ପଣ କରିଥିଲେ।

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मिर्जापुर (पड़री)। विकासखंड पहाड़ी के ग्राम पंचायत पड़री में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। हैरानी की बात यह है कि जिन निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है, वही अब मजदूर बनकर फर्जी तरीके से भुगतान ले रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बावजूद मनरेगा कार्यों में धांधली रुकने का नाम नहीं ले रही। आरोप है कि जनप्रतिनिधि खुद मजदूर के रूप में साइट पर फोटो खिंचवाकर भुगतान उठा रहे हैं, जो सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है। जब डिजिटल सिस्टम में ही इतनी बड़ी गड़बड़ी हो रही है, तो पुराने कागजी अभिलेखों में हुए घोटालों का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं।
ग्राम पंचायत में इंटरलॉकिंग ईंट और आरसीसी निर्माण कार्यों में भी मानकों की अनदेखी के आरोप लगे हैं। साथ ही मजदूरी भुगतान में भी भारी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार लिखित शिकायतें संबंधित अधिकारियों को दी गईं, लेकिन हर बार सिर्फ औपचारिकता निभाकर मामले को दबा दिया गया।
स्थानीय निवासी सुशील कुमार यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मनरेगा में भारी पैमाने पर घोटाला किया जा रहा है। सिर्फ यही नहीं, ग्राम पंचायत के अन्य विकास कार्यों में भी भ्रष्टाचार चरम पर है। लेकिन विकासखंड पहाड़ी के अधिकारी केवल खानापूर्ति कर मामले को रफा-दफा कर देते हैं।”
ग्रामीणों में इस पूरे मामले को लेकर जबरदस्त आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन की लूट पर लगाम लग सके।
अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस ‘डिजिटल घोटाले’ पर सख्त कदम उठाएंगे या फिर जांच के नाम पर एक बार फिर फाइलों में ही मामला दब जाएगा?

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शाहजहांपुर।
जिले के थाना बंडा क्षेत्र में उधारी के पैसे को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गांव संडिया में एक महिला पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। बीच-बचाव करने पहुंचे पति को भी आरोपियों ने पीटकर घायल कर दिया। घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

बताया जा रहा है कि गांव निवासी मीना देवी के पति कल्लू का गांव के ही रामलखन, शिवलखन, बड़े और मझिल से उधारी के पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। गुरुवार को पैसे मांगने को लेकर कहासुनी बढ़ गई, जिसके बाद आरोपियों ने आक्रोशित होकर मीना देवी को घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पत्नी को बचाने पहुंचे कल्लू को भी नहीं बख्शा गया और उसे भी मारपीट कर घायल कर दिया गया।

मारपीट के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो भी किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला और चर्चा में आ गया।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज भिजवाया। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही घायलों का मेडिकल परीक्षण कराकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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देश की सबसे प्रीमियम ट्रेनों में गिनी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है।
पटना से टाटानगर के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन में यात्रियों को परोसे गए खाने में गंभीर लापरवाही देखने को मिली है।

बताया जा रहा है कि ट्रेन में सर्व किए गए खाने के साथ जो दही दिया गया था, उसमें कीड़े पाए गए।
यात्रियों का आरोप है कि यह सिर्फ एक या दो लोगों के साथ नहीं, बल्कि कई यात्रियों के साथ हुआ।

इस घटना के बाद यात्रियों में भारी नाराज़गी देखी गई।
लोगों ने तुरंत रेलवे स्टाफ से शिकायत की और इस लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

⚠️ सवाल उठते हैं:
आखिर इतनी हाई-टेक और प्रीमियम ट्रेन में खाने की क्वालिटी पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा?
क्या यात्रियों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है?
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि
• इस मामले की जांच हो
• दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो
• और खाने की गुणवत्ता में सुधार किया जाए

वंदे भारत जैसी ट्रेनों से लोग बेहतर सुविधा और सुरक्षित सफर की उम्मीद रखते हैं,
लेकिन ऐसी घटनाएं उन उम्मीदों पर सवाल खड़े करती हैं।

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जमशेदपुर झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित चाकुलिया एयरबेस एक बार फिर सुर्खियों में है। बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपड़ा गांव में हाल ही में बरामद हुए शक्तिशाली बमों ने इस पूरे इलाके के द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़े ऐतिहासिक महत्व को फिर उजागर कर दिया है। यह एयरबेस न केवल भारत, बल्कि विश्व इतिहास के सबसे निर्णायक युद्ध—द्वितीय विश्व युद्ध—का एक अहम गवाह रहा है।

परमाणु हमले से जुड़ा चाकुलिया का कनेक्शन

इतिहास के अनुसार, 6 और 9 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराए गए ‘लिटिल बॉय’ और ‘फैट मैन’ परमाणु बमों ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। इन हमलों को अंजाम देने वाले अमेरिकी बी-29 सुपरफोर्ट्रेस बमवर्षक विमानों का सीधा संबंध झारखंड के चाकुलिया और धालभूमगढ़ एयरबेस से जुड़ा रहा है।

हालांकि अंतिम हमले प्रशांत महासागर के टिनियन द्वीप (मेरियाना द्वीप समूह) से किए गए थे, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इन विमानों की शुरुआती तैनाती, प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक सपोर्ट का प्रमुख केंद्र चाकुलिया और आसपास के एयरबेस ही थे। अमेरिकी वायु सेना की 58वीं एयर डिवीजन की गतिविधियों के प्रमाण आज भी इस क्षेत्र में मौजूद बताए जाते हैं।

क्यों चुना गया था चाकुलिया?

1942 में अंग्रेजों द्वारा बनाए गए चाकुलिया एयरबेस को बेहद गोपनीय रखा गया था। घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण यह दुश्मनों की नजरों से सुरक्षित था।

उस समय जापान का दक्षिण चीन सागर पर नियंत्रण था, जिससे मित्र राष्ट्रों के लिए सप्लाई पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। ऐसे में अमेरिकी विमानों को हिमालय के ऊपर से खतरनाक हवाई मार्ग—‘द हम्प’—के जरिए चीन तक रसद पहुंचानी पड़ती थी।

चाकुलिया इसी रणनीतिक ऑपरेशन का मुख्य केंद्र बना। 1944 के दौरान यह एयरबेस एशिया के सबसे व्यस्त सैन्य हवाई अड्डों में शामिल था, जहां से हथियार, ईंधन और सैनिकों की आवाजाही लगातार होती रहती थी।

बहरागोड़ा में मिले बमों ने खोली परतें

बहरागोड़ा के पानीपड़ा गांव में हाल ही में मिले शक्तिशाली बम इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह पूरा इलाका कभी युद्ध सामग्री और सैन्य गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा था।

विशेषज्ञों का मानना है कि चाकुलिया और धालभूमगढ़ एयरबेस के बीच का 20–25 किलोमीटर का इलाका द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ‘चीन-बर्मा-भारत थिएटर’ के अंतर्गत बेहद संवेदनशील और सक्रिय जोन था। यहां से मित्र राष्ट्रों की सेनाएं अपने अभियानों का संचालन करती थीं।

चीन से जापान तक हमले की रणनीति

जापान के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अमेरिकी बी-29 विमान चाकुलिया से उड़ान भरकर पहले चीन के एयरबेस तक पहुंचते थे। वहां ईंधन और रसद भरने के बाद जापान पर हमले किए जाते थे।

बाद में जब अमेरिका ने मेरियाना द्वीपों पर कब्जा कर लिया, तो इन विमानों को वहां शिफ्ट कर दिया गया, जहां से सीधे जापान पर निर्णायक और विनाशकारी परमाणु हमले किए गए।

इतिहास के गर्भ में छिपा चाकुलिया

आज चाकुलिया एयरबेस भले ही शांत और वीरान दिखाई देता हो, लेकिन इसकी जमीन में दफन इतिहास आज भी कई रहस्यों को समेटे हुए है। बहरागोड़ा में मिले बमों ने यह साफ कर दिया है कि यह क्षेत्र कभी युद्ध की आग में झुलस चुका है।

निष्कर्ष

चाकुलिया एयरबेस सिर्फ एक पुराना हवाई अड्डा नहीं, बल्कि विश्व इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक का मूक गवाह है। बहरागोड़ा में मिले बमों ने इस बात को फिर साबित कर दिया है कि झारखंड की यह धरती कभी वैश्विक युद्ध रणनीति का अहम हिस्सा रही थी।

इतिहास के ये अवशेष न केवल अतीत की याद दिलाते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण सीख और शोध का विषय हैं।

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झालरापाटन नगर में इन दिनों स्ट्रीट लाइटों के संचालन में लापरवाही सामने आ रही है। नगर के विभिन्न वार्डों, मुख्य चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगी स्ट्रीट लाइटें दिन के समय भी जलती हुई देखी जा रही हैं। इससे हर रोज हजारों यूनिट बिजली की अनावश्यक खपत हो रही है, जिससे नगर पालिका पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर सुबह से दोपहर तक स्ट्रीट लाइटें लगातार जलती रहती हैं, जबकि इनका उपयोग केवल रात के समय रोशनी के लिए होना चाहिए। इस लापरवाही के कारण सरकारी बिजली और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।

कर्मचारी नियुक्त होने के बावजूद नहीं हो रहा सही संचालन

नगर पालिका की ओर से स्ट्रीट लाइटों को समय पर चालू और बंद करने के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। इसके बावजूद कई स्थानों पर दिन के समय लाइटें जलती रहती हैं। इससे साफ है कि व्यवस्था की निगरानी और संचालन में ढिलाई बरती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से नियमित निरीक्षण नहीं होने के कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है।
Aima मीडिया झालावाड़




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वाराणसी। जिले में बंदरों के बढ़ते आतंक को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। अब तक बंदरों को पकड़ने और उनके प्रबंधन की जिम्मेदारी नगर निगम के पास थी, लेकिन शासन के नए आदेश के बाद यह जिम्मेदारी अब वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सौंप दी गई है। इस बदलाव से शहर में बंदरों की समस्या के समाधान को लेकर नई उम्मीद जगी है।


इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया गया निर्णय
यह निर्णय इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद लिया गया है। ‘विनीत शर्मा व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य’ मामले में आए निर्देशों के बाद शासन ने उच्च स्तरीय बैठक कर यह अहम फैसला लिया। इसके तहत नगर विकास विभाग के विशेष सचिव ने आधिकारिक आदेश जारी किया है।


एक महीने में बनेगी समेकित कार्ययोजना
शासन के निर्देश के अनुसार, वन विभाग को एक महीने के भीतर बंदरों के प्रबंधन के लिए विस्तृत और समेकित कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इस योजना में बंदरों को पकड़ने, उनके पुनर्वास और समस्या के स्थायी समाधान की पूरी रूपरेखा शामिल होगी।


नगर निगम और अन्य विभाग करेंगे सहयोग
हालांकि इस कार्य की मुख्य जिम्मेदारी वन विभाग को दी गई है, लेकिन नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों को भी सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड द्वारा सुझाए गए उपायों को भी योजना में शामिल किया जाएगा।

अब खत्म होगी जिम्मेदारी को लेकर खींचतान
अब तक नगर निगम और वन विभाग के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद की स्थिति बनी रहती थी, जिससे बंदरों को पकड़ने का काम प्रभावित होता था। नई व्यवस्था में जिम्मेदारी स्पष्ट होने से इस समस्या के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है।
शहरवासियों को मिलेगी राहत
इस फैसले से वाराणसी के लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। लंबे समय से बंदरों के आतंक से परेशान शहरवासियों को उम्मीद है कि अब ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाली परेशानी कम होगी।

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RSIT School of Excellence ने करकेली में फिर लहराया सफलता का परचम

करकेली। एक बार फिर RSIT School of Excellence ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी गुणवत्ता और उत्कृष्ट शिक्षा का प्रमाण दिया है। कक्षा 5वीं एवं 8वीं के बोर्ड परीक्षा परिणामों में विद्यालय ने शत-प्रतिशत (100%) रिजल्ट हासिल कर नया रिकॉर्ड कायम किया है।

विद्यालय पिछले कई वर्षों से बेहतर परिणाम और अनुशासन के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान बना चुका है। यहाँ बच्चों को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर प्लेटफॉर्म भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास संभव हो पा रहा है।

विद्यालय के डायरेक्टर ने बताया कि यदि किसी संस्था को टीमवर्क के साथ संचालित किया जाए, तो उसका सीधा सकारात्मक प्रभाव बच्चों के विकास पर पड़ता है। इसी सोच के साथ विद्यालय लगातार आगे बढ़ रहा है।

यहाँ कक्षा 3 से ही विद्यार्थियों को टेक्निकल एवं प्रैक्टिकल कंप्यूटर शिक्षा दी जा रही है, जिससे वे शुरुआती स्तर पर ही डिजिटल ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। वहीं, प्ले क्लास (3 वर्ष आयु) के बच्चों में भी बेहतरीन प्रतिभा और तेजी से विकास देखने को मिल रहा है।

विद्यालय में अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से खेल-खेल में बच्चों का स्किल डेवलपमेंट कराया जा रहा है, जिससे सीखना और भी प्रभावी एवं रोचक बन रहा है।

विद्यालय मल्टी-स्किल डेवलपमेंट के लिए पूरी तरह समर्पित है और बच्चों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

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Cricket Fans, तैयार हो जाइए एक ऐसी Cricket कहानी के लिए, जो सिर्फ Pakistan Super League (PSL) में ही मुमकिन है! जब हमने सोचा था कि PSL 2026 का Opener Match सिर्फ Bat और Ball का कमाल दिखाएगा, तो Lahore के Gaddafi Stadium में एक ऐसा अजूबा देखने को मिला, जिसने सबको चौंका दिया। यह सिर्फ एक Match नहीं था, यह एक Tamasha था, एक ऐसा रंगीन Kaand जिसने White Ball Cricket को ही Maroon कर दिया!

The Inner Story / Asli Maajra:
Pakistan Super League का आगाज हमेशा की तरह Drama और Entertainment से भरपूर रहा, लेकिन इस बार का Drama मैदान के अंदर से नहीं, बल्कि एक Team की Kit और White Ball से आया। Hyderabad Kingsmen, अपने PSL Debut Match में Defending Champions Lahore Qalandars के खिलाफ एक बड़े Target का पीछा कर रहे थे। लेकिन 15 Overs तक पहुँचते-पहुँचते, White Kookaburra Ball का रंग White से Maroon हो गया! जी हाँ, आपने सही सुना! Ball पर Kingsmen की Maroon Kit का रंग चढ़ गया था, और Batters को Ball देखने में परेशानी हो रही थी। यह देखकर Umpires को Match के बीच में ही Ball बदलनी पड़ी, एक ऐसा फैसला जो Modern Cricket में शायद ही कभी देखने को मिलता है।

Kingsmen के Captain Marnus Labuschagne ने इस Ajeeb घटना पर अपनी नाराजगी दूसरे Over में ही Umpires के सामने जताई थी। उन्होंने कहा, 'मैंने Umpires से दूसरे Over के बाद ही पूछा था, ये क्या हो रहा है? Ball पूरी Red हो गई है!' Labuschagne ने स्वीकार किया कि उन्होंने Ball को Pads के Paint या Bat से रंग लेते हुए देखा है, लेकिन ऐसा Kit से रंग लेते हुए पहली बार देखा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगला Match शुरू होने से पहले इस मसले को सुलझा लिया जाएगा। हालांकि, Umpires ने Kingsmen को अपनी Kit बदलने पर कोई आपत्ति नहीं की।

लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। इस रंगीन Kaand पर Qalandars के Pacer Haris Rauf ने अपना 'अनमोल Gyan' बांटा। Rauf ने कहा कि Ball का रंग शायद Stadium की Seats से लगा होगा, क्योंकि Ball कई बार Ground से बाहर गई थी। हा हा हा! Haris भाई, Gaddafi Stadium की Seats तो Green और White हैं, Maroon नहीं! क्या Haris Rauf को खुद की आंखों पर भरोसा नहीं? या उन्हें लगा कि पाकिस्तान में कोई भी कुछ भी कह देगा और Fans मान लेंगे? यह Pakistan Cricket की वो अनोखी Prank है, जो शायद किसी और League में देखने को न मिले। यह घटना Pakistan Cricket की Quality Control पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।

Match के बाद, Kingsmen ने Lahore Qalandars को X (Twitter) पर बधाई देते हुए Troll किया, 'Congratulations on winning your first pink-ball game!' यह White Ball Cricket था, जनाब, लेकिन Ball का रंग ऐसा हो गया कि वो Pink Ball ही लगने लगी। Kingsmen यह Match 69 Runs से हार गए, लेकिन इस 'रंगीन Kaand' से उन्होंने PSL में अपनी एक अलग पहचान बना ली।

Analysis & Numbers:

1. White Kookaburra Ball का सिर्फ 15 Overs में अपना Original रंग बदलकर Maroon हो जाना, Cricket Rules और Fair Play की गंभीर अवहेलना है।
2. इस रंगीन Ball के कारण Batters को Ball को Pick करने में काफी मुश्किल हुई होगी, जिससे Game का Natural Flow प्रभावित हुआ।
3. Haris Rauf का बयान कि Ball ने Stadium की Green और White Seats से Maroon रंग पकड़ा होगा, हास्यास्पद है और Pakistan Cricket के अंदर की सोच को दर्शाता है।
4. Kingsmen की 69 Runs से हार, इस घटना के बाद, यह दर्शाती है कि Ball के रंग बदलने से Gameplay पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

The Guru Gyan Verdict:
The Guru Gyan का मानना है कि यह घटना सिर्फ एक Ajeeb संयोग नहीं, बल्कि Pakistan Cricket Board और PSL Organizers की Quality Control पर एक बड़ा सवालिया निशान है। ऐसे Professional Leagues में ऐसी Basic गलतियाँ होना Cricket के Fans को निराशा करता है। एक Ball का Match के दौरान रंग बदलना, यह बताता है कि Equipment और Uniform Quality पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह किसी भी Cricket League के लिए Sharam की बात है, खासकर जब बात World Class Cricket की हो। शायद Pakistan को Bharat से सीखना चाहिए कि कैसे Professionalism और Standards को मेंटेन रखा जाता है। यह सिर्फ एक रंगीन Ball नहीं थी, यह Pakistan Cricket के लिए एक 'लाल झंडा' है, जो उनकी 'अनोखी' Quality Control को दर्शाता है। यह एक Masterclass है कि Cricket को कैसे Amateurish तरीके से चलाया जाता है।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा स्थिति काफी तनावपूर्ण और गंभीर बनी हुई है। मार्च 2026 की ताज़ा जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच सीधा संघर्ष और कूटनीतिक रस्साकशी चरम पर है।
यहाँ इस पूरे घटनाक्रम का मुख्य विवरण दिया गया है:
1. सैन्य संघर्ष और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury)
फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए थे, जिसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का नाम दिया गया।
प्रमुख घटना: इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और कई शीर्ष सैन्य कमांडरों के मारे जाने की खबरें आईं।
ईरान की प्रतिक्रिया: जवाबी कार्रवाई में ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल पर मिसाइल हमले किए। साथ ही, ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति संकट में आ गई है।
2. अमेरिका का '15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव' (15-Point Peace Plan)
राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को एक समझौता प्रस्ताव भेजा है। इसकी मुख्य शर्तें निम्नलिखित हैं:
परमाणु कार्यक्रम का अंत: ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद करना होगा।
मिसाइल कार्यक्रम पर रोक: बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास को सीमित करना।
क्षेत्रीय हस्तक्षेप: मध्य पूर्व में प्रॉक्सी समूहों (जैसे हिज्बुल्लाह) को समर्थन देना बंद करना।
बदले में क्या मिलेगा? अमेरिका ईरान पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और तेल व्यापार में छूट देने के लिए तैयार है।
3. ईरान का रुख: कड़ा प्रतिरोध
ईरान ने फिलहाल अमेरिका के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ईरान की शर्तें हैं:
ईरान के नेताओं की हत्या और हमलों पर रोक।
युद्ध से हुए नुकसान के लिए हर्जाना (Reparations)।
यह गारंटी कि भविष्य में ईरान की संप्रभुता पर कोई हमला नहीं होगा।
4. वर्तमान स्थिति (मार्च 27, 2026)
डेडलाइन का विस्तार: राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा केंद्रों (Energy Sites) पर बमबारी की अपनी धमकी को फिलहाल 6 अप्रैल 2026 तक टाल दिया है।
मध्यस्थता: पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश दोनों पक्षों के बीच अनौपचारिक बातचीत (Back-channel talks) कराने की कोशिश कर रहे हैं।
आर्थिक प्रभाव: इस तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी जा रही है।
निष्कर्ष: स्थिति अभी भी "युद्ध या शांति" के बीच लटकी हुई है। जहाँ एक तरफ सैन्य हमले जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ पर्दे के पीछे कूटनीतिक समाधान खोजने की कोशिशें भी हो रही हैं।

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📡ख़बर उत्तराखंड से..

हल्द्वानी पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला तस्कर को गिरफ्तार किया है। कोतवाली पुलिस और SOG की टीम ने बेलबाबा मंदिर के पास चेकिंग के दौरान आरोपी महिला को पकड़ा…जिसके पास से 203 ग्राम स्मैक बरामद हुई।

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के अनुसार सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई की और महिला की तलाशी में भारी मात्रा में स्मैक मिली। बरामद ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई है।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम कनिका बताया…जो रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप क्षेत्र की रहने वाली है। उसने बताया कि वह बिलासपुर से स्मैक लाकर हल्द्वानी में सप्लाई करती थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की तलाश में जुटी है।

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जमशेदपुर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहाँ वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री गोपाल प्रसाद जी के दामाद श्री शैलेश कुमार पॉल को अचानक हार्ट अटैक आने के बाद तत्काल इलाज के लिए ब्रह्मानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद परिवार और समर्थकों में चिंता का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार, श्री शैलेश कुमार पॉल को सीने में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। ब्रह्मानंद अस्पताल के डॉक्टरों की टीम द्वारा उनका उपचार शुरू किया गया और फिलहाल उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं परिचित लोग अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल लेने पहुँचे। उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत कर मरीज की स्थिति की जानकारी ली और अस्पताल प्रबंधन को हर संभव बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है और डॉक्टर पूरी मुस्तैदी से इलाज कर रहे हैं।

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, समय पर इलाज मिलने से स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

इस घटना के बाद क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने श्री शैलेश कुमार पॉल के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

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মিহি
মিহিৰ পথত
নকৰিবা যাত্ৰা।
নাযাবা তুমি
তেনে পৰিবহনত।
নহ'ব তোমাৰ
জীৱন পৰিবৰ্তন।
ক্ষন্তেকীয়া সুখত
নলবা এনে মিহিৰ
সুগম পথ।
হ'বগৈ তোমাৰ
জীৱন দুৰ্গম।
আছে আজি
সকলোতে বিষম।
নহবাগৈ ক'তো
তুমি সক্ষম।
কৰিব লাগিব আজি
সকলোতে প্ৰতিযোগিতা ।
থাকিব লাগিব
তাত তোমাৰ পৰিশ্ৰম।
দেখাব লাগিব পৰাক্ৰম
হ'ব লাগিব ব্যত্তিক্ৰম
তেহে পাবা পাৰিশ্ৰামিক।
যদি লোৱা মিহিৰ পথ
নোৱাৰিবা জীৱন
কৰিব অতিক্ৰম।
হ'ব তোমাৰ
সকলোতে ব্যত্তিক্ৰম।
নাপাবা বিচাৰি
তুমি ক'তো
আজি সহজ সুলভ
মিহিৰ পথ।
লাগে সকলোকে
আজি সুদক্ষজন ।
পাবা
তেহে তুমি
সকলোতে সুৰক্ষা।
মিহিৰ পথত
পাবা মাদতকতা।
ৰাখিবা মনত
পাব তাত
সকলোৱে সাৰ্থকতা।
নহবা তাত
তুমি সফল
হবাগৈ তুমি বিফল।
হবা তুমি বিস্ফোৰিত
কৰিব তোমাক
তাত বিছিন্ন ।
নাপাবা তুমি
তাত আসন।
নাথাকিব তোমাৰ অস্তিত্ব।
নকৰিবা তুমি
এনে পথৰ সন্ধান।
আহিব যাব পাৰে
তোমাৰ সামৰণি।
নহ'ব তাত
তোমাৰ আৰম্ভণি।
নিবিচাৰিবা তুমি
মিহিৰ পথ।
পাবাগৈ তুমি
সকলোতে অসম্ভৱ।
হ'বা তুমি অসফল
আহিব তোমাৰ বিৰক্তি ।
নাপাবা বিচাৰি
কৰ্মত আসক্তি ।
নহয় আজি
মেদেনি মিহিৰ ।
নকৰে তোমাক
আজি কোনেও সমীৰ।
নলবা মিহিৰ পথ
নহয় সেইয়া
সঠিক পথ।
আছে আজি
মেদেনিত মানুহ
নহয় সেইয়া আপোন।
কৰিব কেৱল তাত
তোমাক সমীকৰণ।
নাপাবা তুমি
সমাধানৰ পথ।
নকৰিবা তেনে মিহিৰ
পথত কৰ্ম।
নহয় মিহিৰ
আজি পৃথিৱী।
আছে আজি
সকলোতে জটিলতা।
আছে তাতে
জাত পাত।
হ'ব তাতো
হিচাপে নিকাচ।
নাপাবা তুমি বিচাৰি
কেৱল মিহিৰ
পথত আশ্বাস।
হেৰুৱাবগৈ তুমি
সকলোতে বিশ্বাস।
নলবা জুতি
নলবা সুস্বাদ
তেনে পথৰ
পাবা তুমি
সকলোতে পাৰ্থক্য।
আহিব তোমাৰ
সকলোতে বিচূতি।
নাপাবা তুমি বিভুষণ
নহবা তুমি আকৰ্ষিত
নাপাবা ক'তো আকৰ্ষণ
কৰিব তোমাক
সকলোতে নিষ্কাষণ।
নহ'ব তোমাৰ
কতো পঞ্জীকৰণ।
হ'ব তোমাৰ
মিহিৰ পথত
কেৱল বশীকৰণ। ছৈয়দ মহচিন।

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तळोदा : आदिवासी विकास विभागाच्या

छत्रपती संभाजीनगर प्रकल्पाच्या वसतिगृहांमधील भोजन देयकातील. भ्रष्टाचार प्रकरणी पोलिसांनी ताब्यात घेतलेले येथील सहायक प्रकल्प अधिकारी उत्तम राऊत यांना अटक करण्यात आली आहे. त्यांना तीन दिवसांची पोलिस कोठडी सुनावण्यात आली आहे.



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छ. संभाजीनगर येथील शासकीय वसतिगृहातील भोजन देयकात गैरव्यवहार करण्यात आला आहे. सन २०१६ ते २०२० या कालावधीत संबंधित अधिकाऱ्यांनी बनावट हजेरीपत्रक तयार करून विद्यार्थ्यांची हजेरीसंख्या वाढवली होती. या गैरप्रकारातून २० ते २५ लाख रुपयांची फसवणूक झाल्याचे निष्पन्न झाले. उच्च न्यायालयाचा आदेशाने चौकशी प्रक्रिया राबविण्यात आली होती. त्यात अर्जदार व संबंधित अधिकाऱ्याचे जवाब नोंदविणे, शासकीय कागदपत्रांची पडताळणी करण्यात आली. चौकशीत ठेक्यात अनियमितता स्पष्ट झाल्यानंतर गुन्हा दाखल झाला होता.

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अमेरिका की भारत को 72 घंटे में तबाह करने की धमकी के बारे में कोई आधिकारिक खबर या तथ्य नहीं है. ऐसा लगता है कि यह फर्जी खबर, वायरल अफवाह या सोशल मीडिया पर फैली गलतफहमी है। वास्तविक घटना क्या है? हाल ही में (मार्च 2026 में) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला तो अमेरिका हमला करेगा और ईरान के बिजली संयंत्रों को नष्ट कर देगा। धमकी में "72 घंटे" का भी जिक्र किया गया था क्योंकि बिजली कटौती के 72 घंटे के भीतर अस्पतालों आदि पर असर पड़ने की बात कही गई थी। ये धमकी भारत के लिए नहीं बल्कि ईरान के लिए थी. इसके अतिरिक्त, अमेरिका और भारत के बीच कुछ तनाव हैं (उदाहरण के लिए रूसी तेल खरीदने पर टैरिफ की धमकी), लेकिन ये आर्थिक/व्यापारिक मुद्दे हैं, सैन्य तबाही के खतरे नहीं। अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक गठबंधन, सैन्य सहयोग है और ऐसे किसी भी खतरे की संभावना बेहद कम है। मेरी राय है कि इस तरह की खबरें अक्सर लोगों में डर या गुस्सा पैदा करने के लिए सोशल मीडिया पर फैलाई जाती हैं। भारत एक मजबूत सैन्य शक्ति, परमाणु शक्ति है और अमेरिका के साथ इसके संबंध आम तौर पर सहयोगात्मक रहे हैं (विशेषकर चीन और चरमपंथ विरोधी मुद्दों पर)। ऐसे फर्जी खतरों से बचने के लिए विश्वसनीय समाचार स्रोतों (जैसे बीबीसी, रॉयटर्स, द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस आदि) से सत्यापन करें। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट पर तुरंत विश्वास न करें। ऐसे मामलों में सावधानी बरतनी चाहिए, डरपोक होने की जरूरत नहीं है. भारत ऐसे खतरों से ऊपर है.
मो +918054400953

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*ईरान युद्ध खत्म होने की जगी उम्मीदें, ट्रंप ने 10 दिनों के लिए रोके हमले; बोले- बातचीत अच्छी चल रही*

*ट्रंप का ईरान को नया अल्टीमेटम: 6 अप्रैल तक होर्मुज खोलो, वरना फिर करेंगे बड़ा हमला*

*'लाखों लड़ाके तैयार': तेहरान की चेतावनी- अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया तो 'नरक' बना देंगे*

*चीन का अमेरिका पर तंज: 'भारत-चीन की तरक्की मेहनत से, किसी की मेहरबानी से नहीं', कुछ ताकतें डालना चाहती हैं फूट*

*पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी आज मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे ऑनलाइन बैठक, तैयारियों की समीक्षा करेंगे*

*1* 'कोरोना जैसे बन रहे हालात', पुतिन बोले- जंग लड़ रहे देशों को इसके असर का अंदाजा नहीं

*2* 'समझौता करो या हमला झेलो', अमेरिका की 15 शर्तें खारिज होने के बाद ट्रंप की ईरान को नई धमकी

*3* 'ईरान ने हमें गिफ्ट किए 10 तेल टैंकर, सब पर पाकिस्तानी झंडा', बातचीत की कोशिशों के बीच ट्रंप का दावा

*4* अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सरकार के अनुरोध पर घोषणा की है कि पश्चिम एशिया में ऊर्जा संयंत्रों पर संभावित हमलों को 10 दिन के लिए स्थगित किया गया है। अब यह अवधि सोमवार, 6 अप्रैल 2026, शाम 8 बजे तक के लिए बढ़ा दी गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस बीच बातचीत जारी हैं और मीडिया में गलत सूचना फैलाने वाले दावों के बावजूद वार्ता बहुत अच्छे ढंग से चल रही है।

*5* मोदी ईरान जंग पर आज मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे, संसद में कहा था- आने वाला समय कोरोना जैसी परीक्षा लेगा, मिलकर काम करना होगा

*6* ईरान संकट के बीच मजबूत है हमारी इकोनॉमी, Energy से Chip तक नई कहानी लिख रहा देश: अश्विनी वैष्णव

*7* केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बच्चों में सोशल मीडिया की बढ़ती लत को गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक विकास की सुरक्षा के लिए प्रभावी नियमन और वैश्विक सहमति जरूरी है।

*8* सेना 800km रेंज वाली ब्रह्मोस क्रूज-मिसाइल खरीदने की तैयारी में, अभी 450km तक निशाना साधने वाली मिसाइल मौजूद, ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुआ था

*9* पश्चिम एशिया में युद्ध की चपेट में आए देशों को आर्थिक मदद देने का एलान वर्ल्ड बैंक ने किया है। संस्था ने कहा कि बढ़ती तेल कीमतों और आर्थिक दबाव से जूझ रहे देशों को जल्दी फंड उपलब्ध कराया जाएगा। इसके जरिए प्रभावित देशों को आर्थिक हालात संभालने और विकास पटरी पर लौटाने में मदद मिलेगी

*10* राहुल गांधी का दिमाग उनके सलाहकारों ने हाईजैक कर लिया, संसद में टी-शर्ट पहनना ठीक नहीं: रिजिजू

*11* छिंदवाड़ा में भीषण हादसा: CM के कार्यक्रम से लौट रही बस की ट्रक से टक्कर, 10 की मौत; 20 से ज्यादा घायल

*12* ADR रिपोर्ट- भाजपा को सबसे ज्यादा चंदा मिला, अन्य दलों को मिले चंदे का 10 गुना, पार्टियों को इस साल 161% अधिक पैसा मिला

*13* नायरा ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा किया, भोपाल में एक लीटर पेट्रोल ₹112 और डीजल ₹95 का हुआ, कच्चा तेल महंगा होना वजह

*14* राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) नेता बालेंद्र शाह शुक्रवार को नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। वह देश के सबसे युवा पीएम होंगे। इससे पहले संसद के अस्थायी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नेपाल की प्रतिनिधि सभा के नए सांसदों ने बृहस्पतिवार को शपथ ली।

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➡ लखनऊ- लखनऊ के गोमती नगर में सड़क हादसा, मेट्रो हॉस्पिटल के पास बाइक सवार युवक घायल, हादसे में युवक को आई गंभीर चोट, राहगीरों ने घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया

➡ लखनऊ- लखनऊ पीठ में राहुल गांधी नागरिकता मामला तेज, HC ने केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की दी मंजूरी, गृह मंत्रालय के माध्यम से केंद्र को जोड़ा पक्षकार, न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ में सुनवाई, सरकार को 6 अप्रैल तक रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश, मामले की अगली सुनवाई भी 6 अप्रैल को तय

➡ लखनऊ- UP में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत AI की शुरुआत, कक्षा 9-12 के कोर्स में AI को किया गया शामिल, 2 लाख से ज्यादा छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ, AI for All’ का 4 घंटे का विशेष कोर्स लागू, 2026-27 सत्र से छात्रों, प्रशिक्षकों के लिए अनिवार्य, 210 घंटे के कोर्स में AI मॉड्यूल भी जोड़ा गया

➡ दिल्ली- PM मोदी आज सभी मुख्यमंत्रियों से करेंगे बात, मिडिल ईस्ट संकट को लेकर पीएम करेंगे वार्ता, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे सभी मुख्यमंत्री, पश्चिम एशिया के हालात पर करेंगे चर्चा, 5 चुनावी राज्यों के सीएम नहीं जुड़ेंगे, युद्ध के चलते तैयारियों की करेंगे समीक्षा, राज्यों की तैयारी पर अपडेट लेंगे PM मोदी

➡ औरैया- बारात में आये युवक को सेल्फी लेना पड़ा भारी, सेल्फी लेते समय युवक का फोन नाले में गिरा, आईफोन गिरने के बाद नाले में घुसा युवक, नाले में आईफोन ढूंढते नज़र आया युवक, मशक्कत के बाद नाले में गिरा फोन नहीं मिला, सदर कोतवाली क्षेत्र के तकिया चौराहे का मामला

➡ सहारनपुर- बिहारीगढ़ में जिम सेंटर बना अपराध का अड्डा, छात्रा के साथ दरिंदगी की घटना सामने आई, नशीला पदार्थ मिलाकर किया गया दुष्कर्म, पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया, पुलिस की सख्त कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार, आरोपी शहजाद और मुकर्रम को पुलिस ने दबोचा, थाना बिहारीगढ़ क्षेत्र का मामला

➡ अमेठी- तेज रफ्तार ट्रैक्टर, DCM की जोरदार टक्कर, हादसे में ट्रैक्टर सवार 4 लोग घायल, 2 की हालत गंभीर, जिला अस्पताल रेफर, टक्कर में ट्रैक्टर पूरी तरह क्षतिग्रस्त, मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के पास की घटना

➡ अलीगढ़- रामनवमी पर शोभायात्रा को लेकर विवाद खत्म, 9 साल पुरानी रूट को लेकर हुआ था हंगामा, नए चौड़े मार्ग से यात्रा निकालने पर विवाद, प्रशासन, कमेटी के बीच था तनाव, एसएसपी समेत शहर के अधिकारी मौके पर पहुंचे, सांसद ने दोनों पक्षों के बीच कराई मध्यस्थता

➡ लखनऊ- यूपी सरकार ने Puch AI से एमओयू रद्द किया, इन्वेस्ट UP ने जारी किया आधिकारिक बयान, 23 मार्च 2026 को हुआ था समझौता, समीक्षा के दौरान मांगे गए जरूरी दस्तावेज, Puch AI समय पर जानकारी देने में विफल, दावों पर उठे सवाल, इंटरनेट पर विवाद, जांच में Puch AI के दावे फर्जी पाए गए, एमओयू तत्काल प्रभाव से किया गया रद्द

➡ मेरठ- वाल्मीकि बस्ती के एक घर में लगी आग, अचानक आग लगने से मचा हड़कंप, फायर ब्रिगेड को दी गई सूचना, टीम ने आधे घंटे में आग पर पाया काबू, 5 लाख के जेवर, सामान जलकर खाक, मेरठ के थाना सिविल लाइंस क्षेत्र का मामला

➡ झांसी- गेहूं की खड़ी फसल में लगी आग, अज्ञात कारणों से लगी आग, 40 बीघा फसल जलकर राख, ग्रामीणों ने मशक्कत से पाया काबू, एसडीएम, तहसीलदार ने किया मुआयना, गुरसरांय थाना क्षेत्र का मामला

➡ रायबरेली- पेट्रोल पंप में पेट्रोल खत्म की लगी नोटिस, पेट्रोल और डीजल न मिलने से लोग परेशान, पेट्रोल, डीजल न मिल पाने से नाराज दिखे लोग, बाइक सवार, कार सवार लौट रहे बैरंग वापस, प्रशासन लोगों से पैनिक न होने की अपील की

➡ अयोध्या- देश भर में रामनवमी की धूम, अयोध्या में रामनवमी पर भव्य तैयारी, आज होगा भगवान राम का सूर्यतिलक, दोपहर 12 बजे भगवान सूर्य करेंगे तिलक, रामनवमी पर रामनगरी में भारी भीड़, भगवान राम के दर्शन के लिए सैलाब, राम मंदिर के पास सुरक्षा बेहद सख्त

➡ सहारनपुर- सरसावा में पुलिस-बदमाशों की मुठभेड़, चोरी के केस में वांछित हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार, पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश घायल, एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार, हाईवे अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान मुठभेड़, कब्जे से .315 बोर तमंचा, कारतूस, खोखा बरामद, बिना नंबर प्लेट की बाइक भी पुलिस ने पकड़ी, थाना सरसावा के नकुड़ रोड की घटना

➡ गोरखपुर- सीएम का गोरखपुर का तीसरा दिन आज, आज सुबह करेंगे पूजा अर्चना, गौसेवा, सुबह लगा सकते जनता दर्शन कार्यक्रम, नवमी के अवसर पर करेंगे कन्या पूजन

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ਅਮਰੀਕਾ ਵਲੋਂ ਭਾਰਤ ਨੂੰ 72 ਘੰਟੇ ਵਿੱਚ ਖਤਮ ਕਰਨੇ ਕੀ ਧਮਕੀ ਬਾਰੇ ਕੋਈ ਅਧਿਕਾਰਤ ਖ਼ਬਰ ਜਾਂ ਤੱਥ ਨਹੀਂ ਹੈ ਕਿ ਅਮਰੀਕਾ ਨੇ ਭਾਰਤ ਨੂੰ 72 ਘੰਟਿਆਂ ਵਿੱਚ ਖਤਮ ਕਰਨ ਦੀ ਧਮਕੀ ਦਿੱਤੀ ਹੋਵੇ। ਇਹ ਗੱਲ ਲੱਗਦੀ ਹੈ ਕਿ ਫੇਕ ਨਿਊਜ਼, ਵਾਇਰਲ ਰੂਮਰ ਜਾਂ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਉੱਤੇ ਫੈਲੀ ਗਲਤਫਹਿਮੀ ਹੈ। ਅਸਲ ਘਟਨਾ ਕੀ ਹੈ? ਹਾਲ ਹੀ ਵਿੱਚ (ਮਾਰਚ 2026 ਵਿੱਚ), ਅਮਰੀਕੀ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਡੋਨਾਲਡ ਟਰੰਪ ਨੇ ਈਰਾਨ ਨੂੰ 48 ਘੰਟਿਆਂ ਦੀ ਅਲਟੀਮੇਟਮ ਦਿੱਤੀ ਸੀ ਜੇਕਰ ਈਰਾਨ ਸਟ੍ਰੇਟ ਆਫ ਹਾਰਮੁਜ਼ ਖੋਲ੍ਹਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਨਾ ਹੋਇਆ ਤਾਂ ਅਮਰੀਕਾ ਈਰਾਨ ਦੀਆਂ ਪਾਵਰ ਪਲਾਂਟਾਂ ਤੇ ਹਮਲਾ ਕਰਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤਬਾਹ ਕਰ ਦੇਵੇਗਾ। ਇਸ ਧਮਕੀ ਵਿੱਚ “72 ਘੰਟੇ” ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਵੀ ਆਇਆ ਕਿਉਂਕਿ ਬਿਜਲੀ ਬੰਦ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਆਦਿ ਉੱਤੇ ਅਸਰ 72 ਘੰਟਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪੈਣ ਦੀ ਗੱਲ ਸੀ। ਇਹ ਧਮਕੀ ਭਾਰਤ ਲਈ ਨਹੀਂ ਸੀ, ਸਗੋਂ ਈਰਾਨ ਲਈ ਸੀ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਅਮਰੀਕਾ ਅਤੇ ਭਾਰਤ ਵਿਚਾਲੇ ਕੁਝ ਤਣਾਅ ਹੈ (ਜਿਵੇਂ ਰੂਸੀ ਤੇਲ ਖਰੀਦਣ ਤੇ ਟੈਰਿਫ ਧਮਕੀਆਂ), ਪਰ ਇਹ ਆਰਥਿਕ/ਵਪਾਰੀ ਮੁੱਦੇ ਹਨ, ਨਾ ਕਿ ਫੌਜੀ ਤਬਾਹੀ ਵਾਲੀਆਂ ਧਮਕੀਆਂ। ਅਮਰੀਕਾ ਅਤੇ ਭਾਰਤ ਵਿਚਾਲੇ ਰਣਨੀਤਕ ਭਾਈਚਾਰਾ ਹੈ, ਫੌਜੀ ਸਹਿਯੋਗ ਹੈ ਅਤੇ ਕੋਈ ਵੀ ਅਜਿਹੀ ਧਮਕੀ ਬੇਹਦ ਅਸੰਭਵ ਹੈ। ਮੇਰੀ ਰਾਏ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਖ਼ਬਰਾਂ ਅਕਸਰ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਉੱਤੇ ਫੈਲਾਈਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਤਾਂ ਜੋ ਲੋਕਾਂ ਵਿੱਚ ਡਰ ਜਾਂ ਗੁੱਸਾ ਪੈਦਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ। ਭਾਰਤ ਇੱਕ ਮਜ਼ਬੂਤ ਫੌਜੀ ਤਾਕਤ ਹੈ, ਨਿਊਕਲੀਅਰ ਤਾਕਤ ਹੈ ਅਤੇ ਅਮਰੀਕਾ ਨਾਲ ਉਸ ਦੇ ਰਿਸ਼ਤੇ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਸਹਿਯੋਗ ਵਾਲੇ ਰਹੇ ਹਨ (ਖਾਸ ਕਰਕੇ ਚੀਨ ਅਤੇ ਤੱਤਵਾਦ ਵਿਰੋਧੀ ਮੁੱਦਿਆਂ ਉੱਤੇ)। ਅਜਿਹੀਆਂ ਫੇਕ ਧਮਕੀਆਂ ਤੋਂ ਬਚਣ ਲਈ ਭਰੋਸੇਯੋਗ ਖ਼ਬਰ ਸਰੋਤਾਂ (ਜਿਵੇਂ BBC, Reuters, The Hindu, Indian Express ਆਦਿ) ਤੋਂ ਤਸਦੀਕ ਕਰੋ।ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਉੱਤੇ ਵਾਇਰਲ ਪੋਸਟਾਂ ਉੱਤੇ ਤੁਰੰਤ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਨਾ ਕਰੋ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਵਿੱਚ ਸਾਵਧਾਨੀ ਵਰਤਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ, ਡਰਪੋਕ ਬਣਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ। ਭਾਰਤ ਅਜਿਹੀਆਂ ਧਮਕੀਆਂ ਤੋਂ ਉੱਪਰ ਹੈ।
ਮੋ +918054400953

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6 वर्षीय बच्ची से दरिंदगी, एसपी ग्रामीण ने कहा, आरोपी भी नाबालिग, कार्रवाई जारी....

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के नंदगंज थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार शाम करीब 5:00 बजे की है। मासूम बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी पड़ोस के ही एक किशोर द्वारा उसे बहला-फुसलाकर एकांत में ले जाया गया और उसके साथ हैवानियत की गई। जब बच्ची लहूलुहान हालत में घर पहुँची, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

एसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने कहा कि "नंदगंज थाना क्षेत्र में आज शाम लगभग 5:00 बजे एक 6 वर्षीय बच्ची के साथ दुराचार की सूचना प्राप्त हुई थी। जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि बच्ची के ही सजातीय एक बालक द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया है। आरोपी बालक भी नाबालिग है।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया है और संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।"

अस्पताल में भारी हंगामा और संवेदनहीनता के आरोप......

घटना के बाद बच्ची को इलाज के लिए जिला महिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही और देरी करने का गंभीर आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि गंभीर स्थिति के बावजूद डॉक्टरों ने तत्परता नहीं दिखाई। इससे नाराज होकर परिजन और ग्रामीण अस्पताल के गेट धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल को मोर्चा संभालना पड़ा।

पुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। चूंकि आरोपी भी नाबालिग है, इसलिए पुलिस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के नियमों के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। गांव और अस्पताल परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है। #PatrakarHariomKumar

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झालावाड़ | सदर थानाक्षेत्र के कनवाड़ा कनवाड़ी खनन क्षेत्र में गुरुवार सुबह कोटा स्टोन की खान में दीवार ढहने से एक मजदूर मलबे में दब गया। इससे वह गंभीर घायल हो गया। उसे एसआरजी अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कोटा रैफर कर दिया।
पुलिस के अनुसार लखारिया सदर थाना झालावाड़ निवासी रामेश्वर(33) पुत्र बालचंद गुरुवार कनवाड़ा कनवाड़ी खनन क्षेत्र स्थित खान में मशीन से खुदाई कर रहा था। तभी खान की दीवार ढह गई और वह मलबे में दब गया। साथी मजदूरों ने उसको निकाला और एसआरजी अस्पताल लेकर आए। जहां उसकी हालत गंभीर होने पर उसे प्राथमिक उपचार के बाद कोटा रैफर कर दिया। जहां उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

Aima मीडिया झालावाड़

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ಬೆಳಗಾವಿ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಅಥಣಿ ನಗರದ ಕನ್ನಡ ಸಾಹಿತ್ಯ ಪರಿಷತ ಸದಸ್ಯರು ಆಲ್ ಇಂಡಿಯಾ ಮೀಡಿಯಾ ಸದಸ್ಯರು ರಾಜಮಟ್ಟದ ವರದಿಗಾರರಾದ ಮಹೇಶ ಶರ್ಮಾ ಅವರ ಜನ್ಮ ದಿನವನ್ನು
ಶ್ರೀ ಜೀಜಾಮಾತಾ ವಿಶ್ವ ಚೇತನಾಭಿವೃದ್ಧಿ ಸಂಸ್ಥೆಯ
ಶ್ರೀ ಶಾರದಾದೇವಿ ಬುದ್ದಿಮಾಂದ್ಯ ಗಂಡು / ಹೆಣ್ಣು ಮಕ್ಕಳ ಉಚಿತ ವಸತಿ ಶಾಲೆ ಹಾಗೂ ತರಬೇತಿ ಕೇಂದ್ರ ಅಥಣಿ ನಗರದ ಕುದುರಿ ತೋಟದ ಶ್ರೀಮತಿ ಶಾಂತ ಶಂಕರ ಶಿಂದೆ ಅವರ ನೇತೃತ್ವದಲ್ಲಿ
ದಾನ್ಯ ನೀಡುವ ಮೂಲಕ ಹಾಗೂ ಮಕ್ಕಳಿಗೆ ಸಿಹಿ ತಿನ್ನಿಸುವ ಮೂಲಕ ಜನ್ಮದಿನವನ್ನು ಸರಳವಾಗಿ ಆಚರಿಸಿಕೊಂಡರು.

ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಮದಭಾವಿ ಗ್ರಾಮದ ಯುವ ಮುಖಂಡರಾದ ಪ್ರವೀಣ ನಾಯಿಕ, ನಿವೃತ್ತಿ ಕೆ ವಿ ಜಿ ಬ್ಯಾಂಕ ಮ್ಯಾನೇಜರ ಶರಣಪ್ಪ ಶಿಂದೆ
ಸಂಸ್ಥೆಯ ಸಿಬ್ಬಂದಿಗಳಾದ ಪ್ರಕಾಶ ದೇವಮಾನೆ,ಮನಿಷಾ ಲಿಂಬಿಕಾಯಿ ಎಂ ಎಂ ದೇವಮಾನೆ, ರಾವಸಾಬ ಜಾದವ, ಸರಿತಾ ಜಾದವ ಉಪಸ್ಥಿತರಿದ್ದರು

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കൊച്ചി: കേരള സർവകലാശാലയുടെ തിരുവനന്തപുരത്തെ ഭൂമി എ.കെ.ജി. സെന്ററിന് കൈമാറിയത് റദ്ദാക്കണമെന്നാവശ്യപ്പെടുന്ന ഹർജിയിൽ വിശദാംശങ്ങൾ അറിയിക്കാൻ നിർദേശിച്ച് സി.പി.എം. സംസ്ഥാന സെക്രട്ടറിക്കും എ.കെ.ജി. സെന്ററിനും ഹൈക്കോടതിയുടെ നോട്ടീസ്. സാമൂഹികപ്രവർത്തകനും സർവകലാശാല മുൻ ജോയിന്റ് രജിസ്ട്രാറുമായ ആർ.എസ്. ശശികുമാറാണ് ഹർജി ഫയൽ ചെയ്തത്. സർക്കാർ ഫയൽചെയ്ത എതിർസത്യവാങ്മൂലത്തിൽ ഭൂമി പതിച്ചുനൽകിയ രേഖകളില്ലെന്ന് ഹർജിക്കാരനുവേണ്ടി ഹാജരായ അഡ്വ. ജോർജ് പൂന്തോട്ടം ചൂണ്ടിക്കാട്ടിയതിനെത്തുടർന്നാണ് വിശദാംശങ്ങൾ തേടിയിരിക്കുന്നത്.സർവകലാശാലാ ഭൂമിയിൽനിന്ന് 15 സെന്റ് ഭൂമി 1977-ലെ സർക്കാർ ഉത്തരവിന്റെ അടിസ്ഥാനത്തിൽ എ.കെ.ജി. സെന്ററിന് കൈമാറിയതാണെന്നും 40 സെന്റ് സ്ഥലം കൈവശപ്പെടുത്തിയിട്ടുണ്ടെന്നും ഹർജിയിൽ ആരോപിക്കുന്നു. ഭൂമി അനുവദിക്കാൻ എ.കെ.ജി. സെന്റർ പഠനഗവേഷണ സ്ഥാപനമൊന്നുമല്ലെന്നും ആരോപിക്കുന്നുണ്ട്. മേയ് 21ന് ഹർജി വീണ്ടും പരിഗണിക്കും. Kerala news/kochi/

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खानपुर| ‘गर्जना रैली’ की तैयारियों के तहत गुरुवार को खानपुर ब्लॉक की कार्यशाला मीनेष भगवान मंदिर में हुई। शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा एवं कार्तिक उरांव के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। विभाग संगठन मंत्री नरेंद्र कुमार ने कहा कि जनजाति समाज धर्मांतरण का शिकार हो रहा है और कुछ लोग दोहरे लाभ भी ले रहे हैं। उन्होंने अनुच्छेद 342 में संशोधन की आवश्यकता बताते हुए डिलिस्टिंग को समाधान बताया। रामकिशन भील, विभाग सह संगठन मंत्री गुजरात सिंह भील महिला प्रमुख पूजा मीणा, नमोनारायण मीणा, रविंद्र कुमार शर्मा, सेंटर मीणा, नवल किशोर ने ग्राम पंचायत स्तर पर संगठन सुदृढ़ करने पर चर्चा की। इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र मीणा, शिवप्रसाद, श्यामसुंदर, राधेश्याम मौजूद रहे।
Aima मीडिया झालावाड़

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वाराणसी: Varanasi के रवींद्रपुरी स्थित गोपी राधा प्राइमरी स्कूल एवं बालिका इंटर कॉलेज में गुरुवार को वासंतिक नवरात्र की अष्टमी के अवसर पर 108 गौरी स्वरूपा कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया।

इस धार्मिक आयोजन में एलकेजी से लेकर कक्षा पांच तक की छात्राओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन, श्रृंगार और सम्मान किया गया।

नारी शक्ति के सम्मान का पर्व
कार्यक्रम का मुख्य सानिध्य प्रख्यात ज्योतिर्विद Chandramouli Upadhyay को प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि नवरात्रि नारी शक्ति की उपासना का पर्व है और कन्या पूजन उसी का प्रतीक है।

उन्होंने इसे समाज के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में भी कुमारी कन्याओं का पूजन हमारी परंपरा और संस्कारों को जीवित रखता है।विधि-विधान से हुआ पूजन
विद्यालय प्रबंधन द्वारा कन्याओं के पैर पखारे गए, उनका श्रृंगार किया गया और उन्हें फल, प्रसाद व दक्षिणा भेंट की गई।

इस दौरान विद्यालय के प्रबंधक डॉ. मनोज कुमार शाह और निदेशिका डॉ. शालिनी शाह ने भी विधिवत पूजा-अर्चना की।

भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने माता के भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया।

कन्या पूजन के इस आयोजन में बड़ी संख्या में अभिभावक, समाजसेवी और गणमान्य लोग भी शामिल हुए।शिक्षा और संस्कार पर जोर
विद्यालय प्रबंधक डॉ. मनोज कुमार शाह ने कहा कि अष्टमी के दिन 108 कन्याओं का पूजन वर्षों से परंपरा के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा को समाज सुधार का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए कहा कि जागरूकता और शिक्षा से ही सामाजिक समस्याओं का समाधान संभव है।

वहीं उप प्रबंधक डॉ. अभिनव भट्ट ने कहा कि काशी में कन्या पूजन से मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।

विशेष रहा आयोजन
कार्यक्रम में प्रधानाचार्या नीति जायसवाल, उप निदेशिका स्मृति साह, सहायक निर्देशिका सलोनी शाह, विद्यालय समन्वयक रत्नेश गोविंद सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और कर्मचारी उपस्थित रहे।इस अवसर पर कन्याओं का तिलक कर मौली बांधी गई और उनका आशीर्वाद लिया गया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

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आईसीटीसी जौरा द्वारा विश्व क्षय दिवस पर जनसमूह को किया एचआईवी एड्स एवं टीवी के प्रति जागरूक

आईसीटीसी सिविल हॉस्पिटल जौरा द्वारा विश्व क्षय दिवस के उपलक्ष्य में आउटरीच गतिविधि के तहत ग्राम पंचायत मई की आंगनबाड़ी केंद्र पर एचआईवी एड्स एवं टीवी जन-जागरूकता हेतु संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग जौरा परियोजना क्रमांक एक की प्रभारी परियोजना अधिकारी श्रीमती आरती राजपूत विशेष रूप से मौजूद थीं। इनके अलावा काउंसलर आईसीटीसी श्री संदीप सेंगर, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के काउंसलर श्री पवन कुमार शर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शशि सोलंकी एवं ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परियोजना अधिकारी श्रीमती आरती राजपूत ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कहा कि अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों को नियमित रूप से एचआईवी की जांच कराने हेतु प्रेरित करें। उन्होंने टीवी रोग के प्रति ग्रामवासियों को जागरूक करने की बात कही।
आईसीटीसी परामर्शदाता श्री संदीप सेंगर द्वारा आईसीटीसी की कार्य प्रणाली से उन्हें अवगत कराया और एचआईवी एड्स के प्रति उन्हें जागरूक किया। उन्होंने एचआईवी संक्रमण होने के चार कारणों पर विस्तार से चर्चा की तथा एचआईवी संक्रमण होने की स्थिति में एआरटी द्वारा किए जाने वाले उपचार की जानकारी दी। श्री सेंगर ने विश्व क्षय दिवस से सिविल हॉस्पिटल जौरा द्वारा टीवी जन जागरूकता हेतु चलाये जाने वाले 100 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी एवं टीवी रोग के लक्षणों पर चर्चा करते हुए क्षय रोग के लक्षण के बारे में व्यक्तियों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर अपने खंखार परीक्षण हेतु नमूना भेजने की जानकारी दी। कार्यक्रम में आरकेएस कार्यक्रम के काउंसलर श्री पवन शर्मा द्वारा किशोर किशोरियों को बढ़ती उम्र में होने वाले बदलाव एवं शारीरिक स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
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’’विद्यारंभ कार्यक्रम’’ अंतर्गत आंगनबाड़ी पर बच्चों को वितरित किए प्रमाण पत्र

ग्राम पंचायत मई में सम्पन्न हुआ विद्यारंभ कार्यक्रम

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री ओपी पांडे के निर्देश पर जौरा परियोजना क्रमांक 1 व 2 के द्वारा विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरण एवं प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की आंगनबाड़ी केंद्रो पर आयोजित किए गए। ग्राम पंचायत मई की आंगनबाड़ी केंद्र व शहरी क्षेत्र की आंगनवाड़ी केन्द्र पर विशेष आयोजन किया गया। जिसमें परियोजना अधिकारी श्रीमती रचना जैन, श्रीमती आरती राजपूत, परामर्शदाता आईसीटीसी सिविल हॉस्पिटल जौरा श्री संदीप सेंगर, पर्यवेक्षक ज्योति शर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, किशोरी एवं बच्चे व उनके माता-पिता बड़ी संख्या में मौजूद थे।
कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्रीमती आरती राजपूत ने कहा कि इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्र के 5 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा से जोड़़ना और उन्हें मानसिक रूप से स्कूल जाने के लिए तैयार करना है। इस अवसर पर परियोजना अधिकारी श्रीमती रचना जैन ने आंगनबाड़ी के नन्हे-मुन्ने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा में माताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। ऐसे आयोजनों से न केवल बच्चा, बल्कि उसका पूरा परिवार स्कूल जाने की नई जिम्मेदारी के लिए उत्साहपूर्वक तैयार रहता है।
परामर्शदाता श्री संदीप सेंगर ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके खेल-कूद व स्वास्थ्य का ध्यान भी सभी को रखना है, जितना हो सके मोबाईल से बच्चों को दूर रखें। अभिभावक बच्चों की शिक्षा के लिए उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजें, ताकि बच्चे अच्छी तरह पढ़ाई कर सकें। जिस प्रकार घर की मजबूती उसकी नींव से होती है, उसी प्रकार बच्चों के भविष्य उनकी शिक्षा से होती है। शिक्षा के प्रति गंभीर रहें। कार्यक्रम में उन्हें विद्यारंभ प्रमाण पत्र, लंच बॉक्स स्टेशनरी आदि सामग्री किट के रूप में प्रदान की गई।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena #MadhyaPradesh Department Of Women Child Development, Madhya Pradesh

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विद्युत चोरी प्रकरण में आरोपी को 06 माह का कारावास

विशेष न्यायाधीश, विद्युत अधिनियम, जिला मुरैना (म.प्र.) द्वारा विशेष विद्युत प्रकरण क्रमांक 15/2025 में आरोपी जरदान सिंह पिता स्व. राजाराम, निवासी ए.बी. रोड, हरिजन मंदिर के पास, थाना बानमोर, जिला मुरैना को विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135(1)(क) के अंतर्गत दोषी ठहराया गया है।
प्रकरण अनुसार दिनांक 12.01.2023 को निरीक्षण के दौरान आरोपी द्वारा अपने परिसर में विद्युत मीटर को बाईपास कर डायरेक्ट हुकिंग के माध्यम से अवैध रूप से विद्युत का उपयोग किया जाना पाया गया। मौके पर 4200 वाट हीटर, 100 वाट बल्ब एवं 850 वाट बेल्टिंग मशीन सहित कुल 8878 वाट का विद्युत भार संचालित पाया गया, जिससे विद्युत वितरण कंपनी को ₹77,691/- की क्षति होना पाई गई।
माननीय न्यायालय द्वारा प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों, पंचनामा, फोटोग्राफ, स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन एवं साक्षियों के कथनों तथा विभागीय अभिभाषक के तर्कों पर विचारोपरांत आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए 06 माह के साधारण कारावास से दंडित किया गया।
मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत चोरी के विरुद्ध सतत कार्यवाही की जा रही है।
सभी उपभोक्ताओं से अपील है कि विद्युत का उपयोग विधिसम्मत रूप से करें तथा विद्युत चोरी जैसे दण्डनीय कृत्य से बचें।

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Jodhpur Multilevel Parking : नई सड़क पर राजीव गांधी प्रतिमा स्थल के पीछे जिले की पहली चार मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग अंतिम चरणों में है। कोई रूकावट न आई तो तीन महीनों में पार्किंग का कार्य पूरा हो जाएगा।2 min readGoogle source verificationजोधपुर••Mar 26, 2026जोधपुर में नई सड़क पर निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग।जोधपुर। नई सड़क पर राजीव गांधी प्रतिमा स्थल के पीछे जिले की पहली चार मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग अंतिम चरणों में है। कोई रूकावट न आई तो तीन महीनों में पार्किंग का कार्य पूरा हो जाएगा। भूतल व तीन मंजिला पार्किंग में 450 कारें और दो सौ दुपहिया वाहन एक साथ पार्क किए जा सकेंगे। इसके साथ ही शहर की हृदयस्थली पर वाहनों के पार्किंग की समस्या से निजात मिल सकेगी।27.64 करोड़ में तैयार होगी मल्टीलेवल पार्किंगजेडीए के परियोजना अभियंताओं का कहना है कि मल्टीलेवल पार्किंग भूतल व तीन मंजिला बनाई जा रही है। 85-90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। आरसीसी का काम पूरा कर लिया गया है। जोधपुरी लुक देने के लिए बतौर एलीवेशन जोधपुर के पत्थर की जालियां लगाईं जा रही हैं। फ्लोरिंग व लाइट फिटिंग का काम चल रहा है। अभियंताओं को 30 जून तक काम पूरा होने की उम्मीद है। इस कार्य के लिए 27.64 करोड़ रुपए लागत आएगी।450 कारें व दो सौ दुपहिया वाहन होंगे खड़ेनिर्माण करने वाली फर्म के संचालक सन्नाउल्लाह का कहना है कि यह पार्किंग स्थल जोधपुर में पहला मल्टीलेवल पार्किंग है। भूतल व तीन मंजिला पार्किंग की हर मंजिल पर गाड़ियां खड़ी की जा सकेंगी। एक साथ 450 कारें और दो सौ दुपहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे।नई सड़क, घंटाघर च आस-पास समस्या से राहत मिलेगीवर्तमान में नई सड़क, घंटाघर और भीतरी शहर को हृदय स्थली माना जाता है। न सिर्फ शहरवासी बल्कि विदेशी व देसी पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां आते हैं। भीतरी शहर के प्रमुख बाजार में भी खरीदारी करने वालों की भीड़ लगती है।संबंधित खबरेंcm bhajanlalRoadways News: सीएम भजनलाल ने दी बड़ी सौगात, राजस्थान रोडवेज को मिली 207 नई बसेंRajasthan RoadwaysRajasthan Roadways: बीकानेर को मिली 10 नई बसों की सौगात, 1 अप्रेल से रूटों पर दौड़ेंगी; 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शुरुआत आज सेCM-Bhajanlal-Sharmaजयपुरबसों के अंदर देखी सुविधाएंइससे पहले सीएम भजनलाल शर्मा ने रोडवेज की अनुबंधित बसों के अंदर सुविधाएं देखी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना की और फिर हीरापुरा बस टर्मिनल से नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।207 नई बसों में 100 ब्लू लाइनरोडवेज को मिली इन 207 नई बसों में 100 ब्लू लाइन, 79 नॉन एसी और 28 एसी बसें शामिल हैं। इस बसों के संचालन से ग्रामीण और शहरी कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही बंद रूटों पर फिर से रोडवेज की नई बसें दौड़ती नजर आएंगे। ऐसे में यात्रियों का सफर आसान होगा।संबंधित खबरेंRajasthan RoadwaysRajasthan Roadways: बीकानेर को मिली 10 नई बसों की सौगात, 1 अप्रेल से रूटों पर दौड़ेंगी; इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदाRajasthan RoadwaysGood News: राजस्थान के इन 3 जिलों को मिली 24 नई बसों की सौगात, लंबी दूरी की रोडवेज सेवाएं फिर होगी शुरूBaran DepoNew Roadways Bus: 1 अप्रेल से राजस्थान की सड़कों पर दौड़ेगी रोडवेज की नई बसें, इन लंबे रूट पर होगा संचालन?Rajasthan RoadwaysRajasthan Roadways: श्रीगंगानगर से बीकानेर के बीच अब सीधी रोडवेज बस सेवा, आज से 3 बसें शुरू; 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बस्सी का सपना फिर अधूराग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी होगी बेहतररोडवेज के बेड़े में 207 नई बसें शामिल होने के बाद अब राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित व बेहतर सफर का अनुभव मिलेगा। नई बसों के संचालन से खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे आमजन को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।प्रदेशभर में अलग-अलग रूट्स पर चलेंगी नई बसेंनई बसों में यात्रियों के लिए सीटिंग और सेफ्टी फीचर्स को ध्यान में रखा गया है। इन बसों का संचालन प्रदेशभर में अलग-अलग रूट्स पर किया जाएगा। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक इन बसों से लंबी दूरी के साथ-साथ इंटरसिटी रूट्स पर भी सुविधा बेहतर होगी।700 महिलाओं को हेलमेट भी बांटेकार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष पहल भी की गई। सीएम भजनलाल शर्मा ने 700 महिला सड़क सुरक्षा अग्रदूतों को आइएसआइ मार्का हेलमेट वितरित किए। इस पहल का मकसद आमजन को हेलमेट के उपयोग के लिए प्रेरित करना है। सरकार का मानना है कि ऐसे प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और सुरक्षित यातायात की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।ये भी पढ़ेंRajasthan Rail Project: भारत-पाक बॉर्डर से सटे राजस्थान के इन जिलों में बिछेगी नई रेल लाइनें, होगा बड़ा फायदाNew Rail Lineबीकानेरखबर शेयर करें:संबंधित विषय:भजन लाल शर्माrajasthan newsrajasthan news in hindiशहर की खबरें:जयपुर न्यूज़जोधपुर न्यूज़अलवर न्यूज़सीकर न्यूज़कोटा न्यूज़Updated on:19 Mar 2026 07:49 pmPublished on:19 Mar 2026 10:58 amHindi News / Rajasthan / Jaipur / Roadways News: सीएम भजनलाल ने दी बड़ी सौगात, राजस्थान रोडवेज को मिली 207 नई बसेंअगली खबरबीकानेरRajasthan Roadways: बीकानेर को मिली 10 नई बसों की सौगात, 1 अप्रेल से रूटों पर दौड़ेंगी; इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदाBikaner Bus Service Update: राजस्थान रोडवेज के बीकानेर आगार को 10 नई बसों की सौगात मिली है। जिनमें से चार बसों को नए रूटों पर चलाया जाएगा।2 min readGoogle source verificationबीकानेर••Mar 24, 2026Rajasthan Roadwaysबीकानेर रोडवेज आगार परिसर में खड़ी नई बसें। बीकानेर। राजस्थान रोडवेज के बीकानेर आगार को 10 नई बसों की सौगात मिली है। इन बसों के शामिल होने से जहां जर्जर वाहनों को हटाया जाएगा, वहीं नए रूट शुरू होने से यात्रियों को बेहतर और सुगम परिवहन सुविधा मिलेगी। सभी बसों का संचालन 1 अप्रैल से शुरू होगा।मुख्य प्रबंधक इन्द्रा गोदारा के अनुसार 10 में से 6 बसों को पहले से संचालित रूटों पर लगाया जाएगा। इन रूटों पर चल रही कंडम और तकनीकी रूप से अनुपयुक्त बसों को हटाकर नई बसों का संचालन किया जाएगा, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगी।श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और खाजूवाला के लिए नए रूट तयशेष 4 बसों को नए रूटों पर चलाया जाएगा। इनमें एक बस श्रीगंगानगर, एक हनुमानगढ़ और दो बसें खाजूवाला रूट पर संचालित होंगी। इन रूटों के शुरू होने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा और यात्रियों का समय भी बचेगा।ये भी पढ़ेंRajasthan New Rail Line: रिफाइनरी तक बालोतरा से ही जाएगी रेल या यहां से बिछेगी नई पटरीIndian Railway Train Mumbai LTTबाड़मेरयह रहेगी समय सारिणीबीकानेर से खाजूवाला सुबह दस बजे जाएगी और दोपहर 13 बजकर 20 मिनट पर खाजूवाला से बीकानेर के लिए रवाना होगी। बीकानेर से खाजूवाला 10.50 और वापसी 13 बजकर 50 मिनट पर रवाना होगी। एक बस 17 बजकर 25 मिनट पर खाजूवाला जाएगी और सात बजकर 50 मिनट पर वापस रवाना होगी।बीकानेर से हनुमानगढ़ सुबह नौ बजे जाएगी और दोपहर 15 बजे हनुमानगढ़ से वापस रवाना होगी। बीकानेर से श्रीगंगानगर सुबह साढ़े सात बजे जाएगी और दोपहर एक बजकर दस मिनट पर वाया सूरतगढ़ होते हुए वापस आएगी।आय बढ़ने के साथ सुविधा में सुधाररोडवेज प्रबंधन का मानना है कि नई बसों के संचालन से यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और आय में भी वृद्धि होगी। यह कदम क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगा। लंबे समय से बंद पड़ी कई रूटों पर बस सेवाएं फिर से शुरू होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी।संबंधित खबरेंcm bhajanlalRoadways News: सीएम भजनलाल ने दी बड़ी सौगात, राजस्थान रोडवेज को मिली 207 नई बसेंBaran DepoNew Roadways Bus: 1 अप्रेल से राजस्थान की सड़कों पर दौड़ेगी रोडवेज की नई बसें, इन लंबे रूट पर होगा संचालन?Rajasthan RoadwaysGood News: राजस्थान के इन 3 जिलों को मिली 24 नई बसों की सौगात, लंबी दूरी की रोडवेज सेवाएं फिर होगी शुरूRajasthan RoadwaysRajasthan Roadways: श्रीगंगानगर से बीकानेर के बीच अब सीधी रोडवेज बस सेवा, आज से 3 बसें शुरू; कोटा का सफर भी आसानRajasthan Roadways Banswara people Great convenience Now roadways night bus service will be available on long routesRajasthan Roadways : बांसवाड़ा की जनता को मिली बड़ी सुविधा, अब लंबे रूट पर चलेगी रोडवेज की रात्रिकालीन बस सेवाबसों की प्रतीकात्मक तस्वीरGood News: राजस्थान दिवस के मौके पर जनता को 207 बसों का तोहफा, अब सुहाना होगा रोडवेज का सफर, इन रूट पर चलेंगी नई बसेंTunga bus timing news, Rajasthan roadways update, bus schedule change Rajasthan, Tunga protest news, Rajasthan transport news, Dausa Diggi bus route, Rajasthan bus timing restored, Tunga local news Rajasthan, roadways passenger protest, Rajasthan rural transport update, bus timing issue Rajasthan, Tunga bus stand news, Rajasthan commuters news, Diggi route bus update, Rajasthan breaking transport newsRajasthan Roadways: ग्रामीणों के गुस्से के बाद रोडवेज प्रबंधन ने बदला फैसला, दौसा-डिग्गी बस अब पुराने समय पर ही चलेगीJaipur-Metroजयपुर मेट्रो विस्तार पर बड़ा अपडेट: इन रूटों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी; बस्सी का सपना फिर अधूराNew Rail LineRajasthan Rail Project: भारत-पाक बॉर्डर से सटे राजस्थान के इन जिलों में बिछेगी नई रेल लाइनें, होगा बड़ा फायदाBhilwara road accident, Shahpura bus accident, Rajasthan bus car collision, 37 injured bus हादसा, Rajasthan road safety news, Bhilwara Shahpura highway accident, bus overturned India, car bus crash Rajasthan, accident near Raipur chauraha, Rajasthan breaking news, highway accident India today, bus हादसा अपडेट, injured passengers news, road accident causes India, Rajasthan traffic incidentRajasthan Accident: गड्ढे से बचने की कोशिश में अनियंत्रित हुई निजी बस, कार से भिड़ंत के बाद पलटी, 37 घायल, मची चीख पुकाररोडवेज को मिली थी 207 नई बसों की सौगातबता दें कि राजस्थान दिवस के मौके पर 19 मार्च को प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने रोडवेज को 207 नई बसों की सौगात दी थी। जिनमें 100 ब्लूलाइन एक्सप्रेस, 79 स्टार लाइन और 28 एसी बसें शामिल है।ये भी पढ़ेंGood News: राजस्थान के इन 3 जिलों को मिली 24 नई बसों की सौगात, लंबी दूरी की रोडवेज सेवाएं फिर होगी शुरूRajasthan Roadwaysकोटा

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वन अधिकार अधिनियम अंतर्गत लंबित दावों की जानकारी प्रस्तुत न करने पर कार्रवाई

जनपद सीईओ मुरैना की एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई

वन अधिकार अधिनियम, 2006 के अंतर्गत पूर्व में निरस्त एवं लंबित दावों के निराकरण हेतु मध्यप्रदेश वन मित्र पोर्टल के माध्यम से निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही करने के निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा 27 जून 2020 को आयोजित समीक्षा बैठक में जनपद पंचायत पहाड़गढ़ को दिए गए थे।
उक्त निर्देशों के अनुपालन में तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ पहाड़गढ़ श्री अजय वर्मा द्वारा आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई। इस संबंध में उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था, किन्तु संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया।
प्रकरण की समीक्षा चंबल संभाग आयुक्त श्री सुरेश कुमार द्वारा की गई, जिसमें पाया गया कि तत्कालीन सीईओ पहाड़गढ़ द्वारा दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती गई।
फलस्वरूप, आयुक्त महोदय द्वारा वर्तमान में जनपद सीईओ मुरैना के पद पर पदस्थ श्री अजय वर्मा की एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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📢 दीगांव में अवैध मेडिकल स्टोर सीज, झोलाछाप मौके से फरार
सियाणा (रामसिंह महेचा)।
दीगांव क्षेत्र में लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध मेडिकल स्टोर को सीज कर दिया। कार्रवाई के दौरान झोलाछाप मौके से फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीसीएमओ के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। बताया जा रहा है कि उक्त मेडिकल स्टोर में बिना वैध अनुमति के इलाज किया जा रहा था और मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा था।
टीम के पहुंचने से पहले ही झोलाछाप वहां से भाग निकला, लेकिन विभाग ने सख्ती दिखाते हुए मेडिकल स्टोर को मौके पर ही सीज कर दिया।
👉 इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया, वहीं स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के इस कदम का स्वागत किया।
🗣️ अधिकारियों का कहना है:
क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर और झोलाछाप प्रैक्टिस करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आमजन के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सियाणा की आवाज़ रिपोर्टर रामसिंह महेचा सियाणा पत्रकार, Contact: 9869584777

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वंदे मातरम् गीत की 150वीं वर्षगांठ पर वर्षभर कार्यक्रमों में अधिकारी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें

“वंदे मातरम्” गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 07 नवम्बर 2025 से 07 नवम्बर 2026 तक पूरे देश में वर्षभर विविध कार्यक्रम एवं गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। इस राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्तरों—राष्ट्रीय, राज्य, जिला, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत—पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें नागरिकों की उत्साहपूर्ण एवं व्यापक सहभागिता प्राप्त हो रही है।
कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार जिले के समस्त अधिकारी एवं स्थानीय निकाय यह सुनिश्चित करें कि अपने-अपने स्तर पर “वंदे मातरम्” से संबंधित कार्यक्रमों का सुव्यवस्थित आयोजन किया जाए। कार्यक्रमों के अंतर्गत सामूहिक “वंदे मातरम्” गायन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाए तथा अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।
साथ ही, आयोजित समस्त कार्यक्रमों का विवरण अभियान की आधिकारिक वेबसाइट vandematram150.in पर नियमित रूप से अपलोड किया जाए। नागरिकों को पोर्टल के विभिन्न फीचर्स, जैसे Sing Along, Click Selfie एवं Rendition Upload के माध्यम से सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि यह अभियान जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुँचे।
सामूहिक गायन के अवसर पर निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए “वंदे मातरम्” के सभी छह अंतरों का पूर्ण रूप से गायन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक होगा।
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#जल_गंगा_संवर्धन_अभियान_MP

जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मोधना जवाहर में प्याऊ एवं पशु पेयजल टंकी का निर्माण

जल संरक्षण एवं जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत जौरा की ग्राम पंचायत मोधना जवाहर में जनभागीदारी एवं 5वें वित्त आयोग की राशि से प्याऊ (पेयजल सुविधा) तथा पशुओं के लिए पेयजल टंकी का सफलतापूर्वक निर्माण कराया गया है।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता एक गंभीर चुनौती बन जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत द्वारा स्थानीय नागरिकों के सहयोग से यह सराहनीय पहल की गई है। निर्मित प्याऊ से राहगीरों एवं आमजन को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा, वहीं पशुओं के लिए निर्मित जल टंकी से मवेशियों को भी पर्याप्त पेयजल की सुविधा मिलेगी।
इस कार्य में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही, जो जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। पंचायत स्तर पर इस प्रकार के प्रयास जल संरक्षण एवं संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन को प्रोत्साहित करते हैं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत जौरा ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्जीवन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इस प्रकार की पहलें न केवल वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं, बल्कि भविष्य के लिए भी जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में पेयजल संकट को काफी हद तक कम करने में सहायता मिलेगी।
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स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश नवीनीकरण के लिए 28 मार्च तक खुला रहेगा प्रवेश पोर्टल

स्नातक (द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष) तथा स्नातकोत्तर (तृतीय सेमेस्टर) के परीक्षार्थियों के लिए प्रवेश नवीनीकरण के लिए विशेष अवसर

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों के व्यापक शैक्षणिक हितों एवं भविष्य की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, स्नातक (द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष) तथा स्नातकोत्तर (तृतीय सेमेस्टर) के परीक्षार्थियों के लिए प्रवेश नवीनीकरण (Admission Renewal) के लिए विशेष अवसर प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी उच्च शिक्षा डॉ. दिवा मिश्रा ने बताया कि यह विशेष सुविधा उन विद्यार्थियों के लिए प्रदान की गई है, जो प्रवेश नवीनीकरण के लिए निर्धारित तिथि के उपरांत पूरक परीक्षा परिणामों की घोषणा के कारण नियत समय-सीमा में अपनी प्रवेश औपचारिकताएं पूर्ण करने से वंचित रह गए थे।

प्रवेश पोर्टल को 28 मार्च 2026 तक सक्रिय (Activate) किया जा रहा है। संबंधित विद्यार्थी, इस विस्तारित अवधि का लाभ उठाकर अपने प्रवेश नवीनीकरण की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूर्ण करें।

समस्त शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों के शेष पात्र विद्यार्थियों का त्वरित चिन्हांकन कर, उनका प्रवेश नवीनीकरण एवं शुल्क समय सीमा में जमा करवाना सुनिश्चित करें।

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह सुविधा सीमित अवधि के लिए ही उपलब्ध होगी, इसलिए सभी संबंधित विद्यार्थी एवं संस्थान निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करें, जिससे किसी भी विद्यार्थी की शैक्षणिक निरंतरता बाधित न हो।

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#college

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#जल_गंगा_संवर्धन_अभियान_MP

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत खेड़ा मानगढ़ एवं बड़गांव की

नल-जल योजनाओं का भौतिक सत्यापन

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, मुरैना द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गुरुवार को विकासखंड कैलारस की ग्राम पंचायत कुरौली के अंतर्गत ग्राम खेड़ा मानगढ़ एवं बड़गांव में संचालित नल-जल योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराया गया।
इस अवसर पर जनपद पंचायत कैलारस के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रामपाल करजरे, विकासखंड समन्वयक डॉ. गिरीश इंदौलिया, श्री रविन्द्र पाल (आईएसए कॉर्डिनेटर), सरपंच, सचिव, ठेकेदार एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी के साथ संयुक्त रूप से चर्चा कर योजनाओं को ग्राम पंचायत के सुपुर्द किए जाने की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान ग्रामीणों को नल-जल योजना के सुचारू संचालन एवं संधारण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही जनपद सीईओ श्री करजरे द्वारा सरपंच एवं सचिव को नल-जल योजना का पंचायत स्तर पर विधिवत हस्तांतरण सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
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निर्वाचन से ठीक पहले, चुनाव आयोग की सख्ती साफ दिखाई दे रही है। असम समेत 5 राज्यों में पिछले 10 दिनों के भीतर 400 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और अन्य प्रलोभन सामग्री ज़ब्त की गई है।

सिर्फ ज़ब्ती ही नहीं, बल्कि ‘C-Vigil’ ऐप के ज़रिए जनता भी पूरी तरह एक्टिव है — अब तक 70,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जो चुनावी पारदर्शिता की ओर एक बड़ा संकेत है।

आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए 24 मार्च को चुनाव आयोग ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें 5 चुनावी राज्यों और उनसे जुड़े 12 राज्यों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। इसमें मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुख मौजूद रहे।

👉 बैठक के बड़े फैसले:

🔹 बेहतर समन्वय: सभी विभागों के बीच तालमेल मजबूत करने पर जोर
🔹 निष्पक्ष चुनाव: हिंसा, डर और लालच से मुक्त मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश
🔹 तेज़ कार्रवाई: शिकायतों का निपटारा 100 मिनट के अंदर करने का लक्ष्य
🔹 कड़ी निगरानी: 5,000 से ज्यादा फ्लाइंग स्क्वायड और सर्विलांस टीमें तैनात

26 फरवरी से 25 मार्च के बीच, देशभर में जब्ती का आंकड़ा चौंकाने वाला है:
💰 97.44 करोड़ रुपये नकद
🍾 16.3 लाख लीटर शराब (मूल्य 37.68 करोड़ रुपये)
💊 167.38 करोड़ रुपये के ड्रग्स
🥇 23 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं
🎁 163.30 करोड़ रुपये के मुफ्त उपहार

👉 कुल मिलाकर 408.82 करोड़ रुपये की अवैध सामग्री जब्त की गई।

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सख्ती के साथ-साथ आम जनता को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर शिकायत समितियां बनाई गई हैं।

📱 अब हर नागरिक सीधे ‘C-Vigil’ ऐप या 1950 हेल्पलाइन नंबर के जरिए आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कर सकता है।

15 मार्च से 25 मार्च के बीच:
📊 70,144 शिकायतें दर्ज
✅ 70,831 का निपटारा
⚡ 96.8% शिकायतों का समाधान 100 मिनट के भीतर

👉 साफ है — इस बार चुनाव सिर्फ वोट का नहीं, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता और जनता की भागीदारी का भी इम्तिहान है।

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यह रहा आज का राशिफल (सामान्य दैनिक भविष्यफल) — सभी 12 राशियों के लिए:
🔮 मेष (Aries)
आज आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। काम में सफलता मिलेगी, लेकिन जल्दबाज़ी से बचें।
लकी रंग: लाल | लकी नंबर: 9
🔮 वृषभ (Taurus)
आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा।
लकी रंग: हरा | लकी नंबर: 6
🔮 मिथुन (Gemini)
नई योजनाएं बनेंगी। दोस्तों से मदद मिलेगी, लेकिन ध्यान भटक सकता है।
लकी रंग: पीला | लकी नंबर: 5
🔮 कर्क (Cancer)
भावनात्मक रूप से थोड़ा कमजोर महसूस कर सकते हैं। धैर्य रखें।
लकी रंग: सफेद | लकी नंबर: 2
🔮 सिंह (Leo)
आज सफलता के योग हैं। नौकरी और बिजनेस में फायदा मिलेगा।
लकी रंग: सुनहरा | लकी नंबर: 1
🔮 कन्या (Virgo)
काम में व्यस्तता रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
लकी रंग: हरा | लकी नंबर: 7
🔮 तुला (Libra)
रिश्तों में मिठास आएगी। नई शुरुआत के लिए अच्छा दिन है।
लकी रंग: गुलाबी | लकी नंबर: 6
🔮 वृश्चिक (Scorpio)
आज थोड़ा तनाव रह सकता है। विवाद से दूर रहें।
लकी रंग: लाल | लकी नंबर: 8
🔮 धनु (Sagittarius)
यात्रा के योग बन रहे हैं। भाग्य आपका साथ देगा।
लकी रंग: नारंगी | लकी नंबर: 3
🔮 मकर (Capricorn)
काम में सफलता मिलेगी। धन लाभ के संकेत हैं।
लकी रंग: नीला | लकी नंबर: 8
🔮 कुंभ (Aquarius)
नई सोच और नए मौके मिलेंगे। निवेश सोच-समझकर करें।
लकी रंग: बैंगनी | लकी नंबर: 4
🔮 मीन (Pisces)
आज का दिन अच्छा रहेगा। मन शांत रहेगा और कार्य पूरे होंगे।
लकी रंग: पीला | लकी नंबर: 3
📌 ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज का दिन कई राशियों के लिए मिश्रित परिणाम देने वाला हो सकता है—कुछ के लिए लाभ और कुछ के लिए सावधानी का संकेत है। �

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Balendra Shah to Take Oath as Nepal Prime Minister Today


Rastriya Swatantra Party (RSP) leader Balendra Shah will be sworn in as Prime Minister of Nepal today. The swearing-in ceremony will be held at the President’s Office in Sheetal Niwas in Kathmandu at 12:34 pm local time. Balendra Shah was elected as the leader of the RSP Parliamentary party yesterday, paving his way to become Nepal’s youngest elected prime minister. His party, RSP, secured a landslide victory in the March 5 parliamentary poll.

The 35-year-old rapper-turned-politician will also be the first person from the Madhes region to hold the top executive post in the country. Nepal chose former Kathmandu mayor Balendra Shah, popularly known as Balen and his RSP to form the next government, decimating the traditional parties in the first general elections since last year’s violent Gen Z protests that sought generational change and a corruption-free regime.

The RSP that had projected Balen as the prime ministerial candidate secured a massive 182 seats out of a total of 275 seats in the House of Representatives. Of the 275 members of the House of Representatives, 165 are elected through direct voting and 110 through proportionate voting.

Balen defeated four-time prime minister K P Sharma Oli in Jhapa-5 constituency, a long-standing stronghold of the Communist Party of Nepal (Unified Marxist-Leninist), by a huge margin.

Devashish Govind Tokekar
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नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने पूर्णविराम लगा दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का भंडार पूरी तरह सुरक्षित है और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) मजबूती से काम कर रही है।
​अफवाहों पर न दें ध्यान, आपूर्ति है सुचारू
​मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करें। सरकार के अनुसार:
​देश के सभी पेट्रोल पंपों और LPG वितरण केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
​ईंधन की सप्लाई में कोई बाधा नहीं है और वितरण प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही है।
​नागरिकों को घबराहट में आकर (Panic Buying) ईंधन का अनावश्यक भंडारण नहीं करना चाहिए।
​वैश्विक तनाव के बीच भारत की स्थिति मजबूत
​हालांकि खाड़ी देशों में जारी युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के कारण ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंताएं जताई जा रही थीं, लेकिन सरकार ने आश्वस्त किया है कि भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंत्रालय ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आने वाले समय में भी किल्लत की कोई संभावना नहीं है।
​राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर: फिर जलेगा स्टोव!
​युद्ध के हालातों और भविष्य की अनिश्चितताओं को देखते हुए सरकार ने एक वैकल्पिक कदम भी उठाया है। केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए 37 लाख 44 हजार लीटर केरोसिन (मिट्टी का तेल) के आवंटन को मंजूरी दी है।
​मुख्य बिंदु:
​ राज्य सरकारों को केरोसिन का कोटा जारी कर दिया गया है। ​इसके तहत पात्र राशन कार्ड धारकों को 3 लीटर केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा।
​विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उन लोगों के लिए राहत भरा है जो पूरी तरह गैस पर निर्भर हैं, ताकि आपात स्थिति में वे पुराने स्टोव का उपयोग कर सकें।
​निष्कर्ष: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
​सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पैनिक करने की कोई आवश्यकता नहीं है। गैस एजेंसियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सुचारू वितरण सुनिश्चित करें। जनता से अनुरोध है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।

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वार्ड नं.०२ मध्ये झेंडा मिरवणुकीवर दगडफेक;श्रीरामपुरात तणाव...

श्रीरामपूर (शिवप्रहार न्यूज) श्रीरामपूर शहरातील श्रीरामनवमी उत्सवानिमित्त गोंधवणीरोड येथून श्रीराम मंदिरावर आणण्यात येणाऱ्या झेंडा मिरवणुकीवर वार्ड नंबर ०२ येथील मस्जीदसमोर दगडफेक करण्यात आली.या दगडफेकीत २-३ हिंदू तरुण जखमी होवुन रक्तभंबाळ झाले.काही जिहादी प्रवृत्तीच्या तरुणांनी झेंडा मिरवणूक मस्जीद समोर आल्यावर हि दगडफेक केली. यावेळी शहरातील विविध हिंदुत्ववादी संघटनेच्या कार्यकर्त्यांनी आरोपींवर गुन्हा दाखल होण्यासाठी पोलीस ठाण्यात धाव घेतली.
या घटनेमुळे श्रीरामपूर शहरात तणावाचे वातावरण निर्माण झाले आहे.छत्रपती शिवाजी महाराज रोड व मेनरोड वरील दुकाने बंद झाली आहेत.तसेच रामनवमी यात्रेसाठी लागलेली दुकाने देखील पोलिसांनी खबरदारी म्हणून बंद केले आहे.पोलीसांनी तात्काळ बंदोबस्त सतर्क करत छत्रपती शिवाजी महाराज चौकात मोठा फौजफाटा तैनात केला आहे.

Devashish Govind Tokekar
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रुदौली (अयोध्या): क्षेत्र के बीपी मवई पेट्रोल पंप पर डीजल और पेट्रोल लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे किसानों और आम वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार बुधवार को सुबह से ही पंप पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लोग अपने वाहनों में ईंधन भरवाने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहे। �स्थानीय किसानों का कहना है कि खेतों में काम के लिए ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनों में डीजल की जरूरत होती है, लेकिन लंबी कतारों की वजह से उन्हें समय पर ईंधन नहीं मिल पा रहा है। इससे खेती-बाड़ी के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।पंप पर मौजूद लोगों के अनुसार कई बार इतनी लंबी लाइन लग जाती है कि एक-एक वाहन को नंबर आने में काफी समय लग जाता है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि ईंधन की उपलब्धता को लेकर फैली अफवाहों के कारण भीड़ और बढ़ गई है, जिससे स्थिति और अधिक परेशान करने वाली हो गई है।किसानों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और पर्याप्त मात्रा में डीजल-पेट्रोल उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि लोगों को लंबी कतारों में खड़े होकर परेशानी न झेलनी पड़े।

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*प्रकाशनार्थ*

*भगत सिंह : ‘विद्वान-क्रांतिकारी’ की विरासत और छात्र राजनीति की प्रासंगिकता*
*(आलेख : अखिलेश यादव)*

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के विशाल और उथल-पुथल भरे इतिहास में ‘शहीद-ए-आज़म’ भगत सिंह को अक्सर उनकी उग्र क्रांतिकारी कार्रवाइयों के दृष्टिकोण से याद किया जाता है। हालांकि, उन्हें केवल एक सशस्त्र क्रांतिकारी के रूप में देखना उनकी विरासत के मूल को सीमित कर देना है। दरअसल, भगत सिंह एक ‘विद्वान-क्रांतिकारी’ के रूप में उभरते हैं, एक ऐसा दुर्लभ व्यक्तित्व, जिसमें वैचारिक गहराई और क्रांतिकारी प्रतिबद्धता का अद्वितीय संगम दिखाई देता है।

उनका मानना था कि बौद्धिक जागरूकता ही किसी सफल क्रांति की सच्ची और स्थायी नींव होती है। वे इस दृढ़ विश्वास के साथ काम करते थे कि किसी राष्ट्र का भविष्य केवल युद्ध के मैदान में तय नहीं होता, बल्कि वह कक्षाओं में और उन शैक्षणिक स्थानों में विकसित होने वाली राजनीतिक चेतना में भी आकार लेता है।

1920 के दशक में, जब भारत एक निर्णायक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा था, भगत सिंह ने छात्र राजनीति को न तो शौक, न ही गौण गतिविधि, और न ही पढ़ाई से ध्यान भटकाने वाला माध्यम माना। इसके बजाय, उन्होंने इसे भारतीय समाज के व्यापक पुनर्निर्माण के लिए एक आवश्यक आधार के रूप में देखा।

यह मौलिक दृष्टिकोण उनके महत्वपूर्ण निबंध ‘विद्यार्थी और राजनीति’ में सबसे स्पष्ट रूप से सामने आता है, जो जुलाई 1928 में ‘किरती’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। उस समय ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार और रूढ़िवादी भारतीय शिक्षाविदों का एक वर्ग यह जोर देकर कह रहा था कि छात्रों को राजनीति से पूरी तरह दूर रहना चाहिए और अपना ध्यान केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखना चाहिए।

भगत सिंह इस दृष्टिकोण से सख्त असहमत थे. उन्होंने तर्क दिया कि शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य ‘लिपिक’ या आज्ञाकारी सरकारी कर्मचारी पैदा करना नहीं हो सकता, जिन्हें औपनिवेशिक मशीनरी को चालू रखने के लिए डिज़ाइन किया गया हो। इसके विपरीत, वे शिक्षा को ऐसे सजग और संवेदनशील नागरिक गढ़ने का माध्यम मानते थे, जो अपनी मातृभूमि के दर्द को समझें और उसे जन्म देने वाली व्यवस्थाओं को उखाड़ फेंकने का आवश्यक साहस रखे।

*लाहौर : आंदोलन का बौद्धिक केंद्र*

भगत सिंह की राजनीति को पूरी तरह समझने के लिए उस विशिष्ट परिवेश को देखना ज़रूरी है, जिसने उनके विचारों को आकार दिया। 20वीं सदी की शुरुआत में लाहौर ब्रिटिश राज की मात्र एक प्रशासनिक इकाई नहीं था, बल्कि भारत की उभरती बौद्धिक और क्रांतिकारी चेतना का केंद्र बन चुका था।

1921 में असहयोग आंदोलन की समाप्ति के बाद ऐसे शैक्षणिक संस्थानों की आवश्यकता महसूस हुई, जो औपनिवेशिक सत्ता के प्रभाव से मुक्त हों। इसी जरूरत के जवाब में लाला लाजपत राय ने लाहौर में ‘नेशनल कॉलेज’ की स्थापना की। यह संस्थान उस दौर के सरकारी स्कूलों के मुकाबले एक स्वदेशी और विद्रोही विकल्प के रूप में खड़ा किया गया था।

नेशनल कॉलेज की दीवारों के भीतर ही भगत सिंह ने सुखदेव, भगवती चरण वोहरा और एहसान इलाही जैसे अपने करीबी साथियों के साथ मिलकर संगठित छात्र शक्ति की क्रांतिकारी संभावनाओं को समझना शुरू किया।

नेशनल कॉलेज का पाठ्यक्रम ब्रिटिश-नियंत्रित संस्थानों (जैसे- गवर्नमेंट कॉलेज) से मूलतः अलग था। यहां भारतीय इतिहास, वैश्विक क्रांतिकारी आंदोलनों और अर्थशास्त्र पर विशेष जोर दिया जाता था। इस तरह की शिक्षा ने भगत सिंह के वैचारिक विकास और उनके आगे के कार्यों के लिए एक मजबूत बौद्धिक आधार तैयार किया। इसी प्रक्रिया में उन्होंने महसूस किया कि छात्रों के पास एक विशिष्ट और अनछुई ऊर्जा होती है, और सबसे महत्वपूर्ण यह कि उनके पास देशभर में जागरूकता की निरंतर लहर पैदा करने के लिए आवश्यक समय और सामर्थ्य भी मौजूद है।

इस ऊर्जा को संगठित दिशा देने के लिए भगत सिंह ने 1926 में ‘नौजवान भारत सभा’ की स्थापना की। यद्यपि यह संगठन केवल छात्रों तक सीमित नहीं था, लेकिन इसकी रीढ़ युवा ही थे। सभा का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को धर्मनिरपेक्षता और वैज्ञानिक सोच पर आधारित विश्वदृष्टि की ओर प्रेरित करना था। भगत सिंह का मानना था कि सांप्रदायिकता और अंधविश्वास वे बेड़ियां हैं, जो भारतीय युवाओं को उनकी पूरी क्षमता तक पहुंचने से रोकती हैं। इसलिए उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे धर्म को निजी मामला मानें और एक एकीकृत राष्ट्रीय शक्ति के रूप में संगठित हों।

*एक स्वतंत्र आयोजक के रूप में छात्र*

आंदोलन में भगत सिंह का योगदान केवल लेखन या भाषणों तक सीमित नहीं था ; वे एक कुशल और दूरदर्शी आयोजक भी थे। वे समझते थे कि किसी छात्र आंदोलन के प्रभावी होने के लिए उसमें संगठित संरचना के साथ-साथ स्वतंत्रता भी आवश्यक है।

इसी सोच के तहत उन्होंने ऑल पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन (एपीएसयू) के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छात्र संगठनों को लेकर उनका दृष्टिकोण स्पष्ट था। वे नहीं चाहते थे कि ये संगठन किसी स्थापित राजनीतिक दल की “पूंछ” बनकर रह जाएँ। इसके बजाय, उनका मानना था कि छात्र संघ अपने बौद्धिक और राजनीतिक दिशा-निर्धारण में स्वतंत्र और सक्षम होने चाहिए।

पंजाब का छात्र आंदोलन धीरे-धीरे पूरे भारत में एक अग्रणी उदाहरण बन गया. इसने छिटपुट विरोध प्रदर्शनों से आगे बढ़कर संगठित और अनुशासित छात्र यूनियनों का रूप ले लिया। 1927 में स्थापित लाहौर स्टूडेंट्स यूनियन इस परिवर्तन का शुरुआती और महत्वपूर्ण उदाहरण थी। इसका दायरा केवल शैक्षणिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ‘स्वतंत्रता, संस्कृति और शांति’ जैसे व्यापक आदर्शों को केंद्र में रखा गया।

1936 तक यही क्षेत्रीय ऊर्जा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) के गठन के साथ एक राष्ट्रीय आंदोलन में बदल गई। नेशनल कॉलेज के छात्र और भगत सिंह के समकालीन प्रबोध चंद्र, जो आगे चलकर एआईएसएफ के नेता बने, ने अपनी 1938 की पुस्तक ‘स्टूडेंट मूवमेंट इन इंडिया’ में इस दौर का विस्तृत वर्णन किया है। उनके लेखन से स्पष्ट होता है कि विश्वविद्यालयों को अलग-थलग ‘हाथीदांत की मीनार’ नहीं, बल्कि राजनीतिक संघर्ष के सक्रिय मंच के रूप में देखा जाने लगा था, जहां छात्रों से सामाजिक परिवर्तन के प्रमुख वाहक बनने की अपेक्षा की जाती थी।

*साइमन कमीशन और ‘बम का दर्शन'*

लाहौर के छात्र आंदोलन की वास्तविक शक्ति की परीक्षा 1928 में साइमन कमीशन के आगमन के साथ हुई। 30 अक्टूबर को लाला लाजपत राय के नेतृत्व में हजारों छात्र एक विशाल विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इसके बाद हुए बर्बर पुलिस लाठीचार्ज, जिसकी चोटों के कारण बाद में लालाजी की मृत्यु हो गई, ने युवाओं को गहराई से झकझोर दिया।

भगत सिंह के लिए, जो उस समय तक भूमिगत क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय एक पूर्व छात्र बन चुके थे, यह घटना केवल दमन नहीं, बल्कि गहरे राष्ट्रीय अपमान का प्रतीक थी। जेए स्कॉट और जॉन सॉन्डर्स जैसे ब्रिटिश अधिकारियों की क्रूरता ने युवाओं को इस कठोर सच से रूबरू कराया कि औपनिवेशिक दमन के सामने अहिंसक विरोध की अपनी सीमाएं हैं। इस अनुभव के बाद आंदोलन का रुझान क्रांतिकारी समाजवाद की ओर तेज़ी से बढ़ा।

यह बदलाव भगत सिंह के प्रसिद्ध कथन ‘बहरों को सुनाने के लिए ऊंची आवाज़ की आवश्यकता होती है’ में स्पष्ट रूप से झलकता है, जो सेंट्रल असेंबली बमकांड और उसके बाद चले ऐतिहासिक मुकदमे के संदर्भ में दिया गया था। इसी दौर का उल्लेख करते हुए प्रबोध चंद्र लिखते हैं कि लाहौर के छात्रावासों में ‘बम का दर्शन’ (कल्ट ऑफ द बॉम्ब) ने प्रभावी रूप से अहिंसा के दर्शन का स्थान ले लिया था।

भगत सिंह की तस्वीरें लगभग हर छात्र के कमरे में दिखाई देती थीं, जो एक उभरते हुए ‘वर्ग-चेतन’ छात्र आंदोलन का संकेत था, ऐसा आंदोलन, जिसने देश की गुलामी के दौरान निष्क्रिय बने रहने से इनकार कर दिया था। यहां तक कि सॉन्डर्स की हत्या के बाद जब भगत सिंह और उनके साथी भूमिगत हो गए, तब लाहौर के छात्रावासों और ‘सेफ हाउस’ ने ही उन्हें शरण और सुरक्षा प्रदान की।

*गोलियों पर किताबों की सर्वोच्चता*

सशस्त्र कार्रवाइयों में सक्रिय भूमिका निभाने के बावजूद भगत सिंह का मूल आग्रह यह था कि पिस्तौल की तुलना में किताब कहीं अधिक शक्तिशाली होती है। अपने निबंध ‘विद्यार्थी और राजनीति’ में उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि जो लोग छात्रों को राजनीति से दूर रहने की सलाह देते हैं, वे दरअसल ऐसी पीढ़ी तैयार करना चाहते हैं, जो सत्ता से कभी सवाल न करे। उन्होंने यह भी आगाह किया कि युवावस्था में राजनीतिक समझ का अभाव व्यक्ति को आगे चलकर एक भ्रष्ट व्यवस्था का मूकदर्शक बना देता है।

भगत सिंह ने छात्रों को सलाह दी कि वे केवल भावनात्मक नारों के बहाव में न बहें। इसके बजाय, उन्होंने उन्हें मार्क्सवाद, समाजवाद और अंतर्राष्ट्रीय राजनीति का गंभीर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उनके लिए ‘तर्कवाद’ को ‘भावुकता’ से ऊपर रखना जरूरी था, ताकि युवाओं को महज़ बयानबाज़ी से गुमराह न किया जा सके।

इस बौद्धिक प्रतिबद्धता का प्रमाण यह है कि जेल में रहते हुए भी उन्होंने सैकड़ों किताबें पढ़ीं। उनका स्पष्ट संदेश था कि ‘आलोचना और स्वतंत्र सोच’ किसी भी प्रकार की तानाशाही को चुनौती देने के सबसे बुनियादी और प्रभावी हथियार हैं।

*भविष्य के लिए एक विरासत*

आज जब भी छात्र संघ चुनाव या कैंपस सक्रियता की बात होती है, भगत सिंह की याद स्वाभाविक रूप से उभरती है। वे शैक्षणिक उत्कृष्टता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन के एक सशक्त आदर्श बने हुए हैं। उन्होंने कभी भी छात्रों को पढ़ाई छोड़ने के लिए नहीं कहा, बल्कि उन्हें दुनिया के प्रति सजग और उत्तरदायी रहते हुए अध्ययन करने की प्रेरणा दी। उनकी विरासत का वास्तविक सम्मान इसी में है कि शिक्षा को केवल निजी कैरियर का साधन न मानकर समाज के सबसे वंचित वर्गों के उत्थान का माध्यम बनाया जाए।

प्रबोध चंद्र ने अपने लेखन के अंत में एक गंभीर विकल्प सामने रखा था कि जो छात्र अपनी मातृभूमि की मुक्ति में योगदान नहीं देता, उसे आने वाली पीढ़ियों द्वारा ‘गद्दार’ करार दिया जाएगा।

आज के छात्र भी कुछ ऐसे ही निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं। संस्थागत स्वायत्तता का संघर्ष दरअसल भारतीय लोकतंत्र के भविष्य का संघर्ष है। भगत सिंह किसी प्रतीक मात्र (एक झंडे) के लिए नहीं, बल्कि हर भारतीय के स्वतंत्र रूप से सोचने, कार्य करने और जीने के अधिकार के लिए शहीद हुए। वे आज भी उन सभी के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं, जो अपने समय के सवालों से मुंह मोड़ने के बजाय उनका सामना करना चाहते हैं। अंततः, ‘इंकलाब जिंदाबाद’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक न्यायपूर्ण और समानतामूलक भविष्य का स्वप्न है, जो हर जागरूक छात्र के भीतर धड़कता है।

*(साभार : द वायर। लेखक जेएनयू के सेंटर फॉर हिस्टॉरिकल स्टडीज के शोधार्थी हैं और एनएसयूआई से जुड़े हैं।)*

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🚨 AIMA MEDIA | बड़वानी (मध्यप्रदेश)

लोकायुक्त इंदौर की टीम ने बड़वानी जिले के निवाली में बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (BRC) महेंद्र सिंह राठौर को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस मामले में सब इंजीनियर अश्विन डागर को भी आरोपी बनाया गया है।

👉 शिकायत प्राथमिक शिक्षक जितेंद्र सोनी द्वारा की गई थी।
👉 स्कूल में बालिका शौचालय के लिए ₹20,000 स्वीकृत हुए थे।
👉 शिक्षक ने खुद के खर्च से काम पूरा किया, फिर भी पूर्णता प्रमाण पत्र के लिए रिश्वत मांगी गई।

लोकायुक्त टीम ने ट्रैप प्लान बनाकर राजपुर में एसबीआई एटीएम के पास कार्रवाई की और आरोपी को रिश्वत लेते ही पकड़ लिया।

⚖️ आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7 और बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

❗ सोचिए — जो सिस्टम बच्चों के भविष्य को सुधारने के लिए बना है, वही अगर भ्रष्टाचार में डूब जाए तो समाज किस दिशा में जाएगा?
यह समस्या किसी एक विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि लगभग सभी विभागों में फैल चुकी है।

“मुंह में राम, लेकिन भीतर रावण का वास” — यही आज की सच्चाई बनती जा रही है।

पूरे भारत की यही कहानी है। जिस शिक्षा विभाग को सबसे पवित्र माना जाता था, आज वह भी पूरी तरह निष्कलंक नहीं रहा। चपरासी से लेकर अधिकारी तक, कई स्तरों पर लोग इसमें लिप्त हैं।

जबकि शासन इतना प्रदान करता है कि एक सम्मानजनक जीवन आसानी से जिया जा सके, फिर भी कुछ लोग विलासिता के पीछे भाग रहे हैं।

सोचिए — अगर आप किसी के दर्द, आंसुओं या मजबूरी से कमाई करके अपने घर जाते हैं, तो क्या आपके परिवार में सच्ची शांति रह पाएगी?

किसी की बेटी की समस्या, किसी के बच्चे की परेशानी… उनके दर्द की कीमत पर कमाई गई संपत्ति कभी सुख नहीं दे सकती।

इस पर अंकुश तभी लगेगा जब हर व्यक्ति के भीतर का जमीर जागेगा।

आज हाल यह है कि छोटे से छोटे काम के लिए भी नियमों का जाल बिछाकर लोगों को परेशान किया जाता है।

समय आ गया है कि हम सब खुद से सवाल करें —
क्या हम सही रास्ते पर हैं?

📢 अगर आपसे भी कोई रिश्वत मांगे, तो चुप न रहें — लोकायुक्त में शिकायत करें।

#MadhyaPradesh #Barwani #umaria #EducationSystem #Corruption #Lokayukta #MPNews

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✨ शिरपूरमध्ये अभिमानास्पद घटना – ट्रिपलेट बाळांचा नॉर्मल जन्म ✨

शिरपूर :
शहराच्या वैद्यकीय इतिहासात प्रथमच एक अभिमानास्पद घटना घडली असून, तीन जुळ्या बाळांचा (ट्रिपलेट) सुरक्षित व नैसर्गिक प्रसूतीद्वारे जन्म झाल्याची माहिती समोर आली आहे.

आदिशक्ती मॅटर्निटी व जनरल हॉस्पिटल येथे सुप्रसिद्ध स्त्रीरोगतज्ञ
डॉ. दिलबर पावरा यांच्या मार्गदर्शनाखाली ही दुर्मिळ आणि उच्च जोखमीची प्रसूती यशस्वीरित्या पार पडली.

विशेष म्हणजे, ही प्रक्रिया सुमारे दोन महिन्यांच्या सातत्यपूर्ण तपासणी, योग्य औषधोपचार आणि बारकाईने केलेल्या फॉलोअपमुळे शक्य झाली. डॉक्टरांच्या अनुभवी टीमने आई आणि तिन्ही बाळांच्या आरोग्यावर सतत लक्ष ठेवत योग्य नियोजन केले.

राम नवमी या पवित्र दिवशी तिन्ही बाळांचा सुरक्षित जन्म झाल्याने हा क्षण अधिक आनंददायी आणि अभिमानास्पद ठरला.

👉 या घटनेमुळे पुन्हा एकदा सिद्ध झाले की –
योग्य उपचार

सतत वैद्यकीय निरीक्षण

आणि अनुभवी डॉक्टरांचे मार्गदर्शन

यांच्या मदतीने कितीही अवघड परिस्थितीवर मात करता येते.

रुग्णालयातर्फे आई व तिन्ही बाळांना उत्तम आरोग्यासाठी शुभेच्छा देण्यात आल्या आहेत
यशवंत शिंदे.

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✨ शिरपूरमध्ये अभिमानास्पद घटना – ट्रिपलेट बाळांचा नॉर्मल जन्म ✨

शिरपूर :
शहराच्या वैद्यकीय इतिहासात प्रथमच एक अभिमानास्पद घटना घडली असून, तीन जुळ्या बाळांचा (ट्रिपलेट) सुरक्षित व नैसर्गिक प्रसूतीद्वारे जन्म झाल्याची माहिती समोर आली आहे.

आदिशक्ती मॅटर्निटी व जनरल हॉस्पिटल येथे सुप्रसिद्ध स्त्रीरोगतज्ञ
डॉ. दिलबर पावरा यांच्या मार्गदर्शनाखाली ही दुर्मिळ आणि उच्च जोखमीची प्रसूती यशस्वीरित्या पार पडली.

विशेष म्हणजे, ही प्रक्रिया सुमारे दोन महिन्यांच्या सातत्यपूर्ण तपासणी, योग्य औषधोपचार आणि बारकाईने केलेल्या फॉलोअपमुळे शक्य झाली. डॉक्टरांच्या अनुभवी टीमने आई आणि तिन्ही बाळांच्या आरोग्यावर सतत लक्ष ठेवत योग्य नियोजन केले.

राम नवमी या पवित्र दिवशी तिन्ही बाळांचा सुरक्षित जन्म झाल्याने हा क्षण अधिक आनंददायी आणि अभिमानास्पद ठरला.

👉 या घटनेमुळे पुन्हा एकदा सिद्ध झाले की –
योग्य उपचार

सतत वैद्यकीय निरीक्षण

आणि अनुभवी डॉक्टरांचे मार्गदर्शन

यांच्या मदतीने कितीही अवघड परिस्थितीवर मात करता येते.

रुग्णालयातर्फे आई व तिन्ही बाळांना उत्तम आरोग्यासाठी शुभेच्छा देण्यात आल्या आहेत.

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నంద్యాల (AIMA MEDIA ): నంద్యాల పట్టణం నందు నూతన బీసీ సంఘం స్థల సేకరణ, బీసీ భవనం కొరకు నంద్యాల జిల్లా జాయింట్ కలెక్టర్ ను మర్యాదపూర్వకంగా కలిసిన రాష్ట్ర బీసీ జాతీయ సంఘం నాయకులు కుమ్మరి ప్రసాదు.ఈ సందర్భంగా ఆయన మాట్లాడుతూ ఆంధ్రప్రదేశ్ రాష్ట్రంలోని ప్రతి జిల్లాలలో బీసీ భవనాలు ఏర్పాటు చేయాలని ఆయన కోరారు. అలాగే నంద్యాల నూతన జిల్లాలో కూడా బీసీ భవనానికి స్థలాన్ని సేకరణ చేసి ఇవ్వాలని జాయింట్ కలెక్టర్ ను ఆయన కోరారు.జాయింట్ కలెక్టర్ స్పందిస్తూ స్థల సేకరణ కొరకు ఎమ్మార్వోకి ఫోన్ చేసి తెలియజేశారు.త్వరితగతిన బీసీ నాయకులకు స్థల సేకరణ చేయవలసిందిగా జాయింట్ కలెక్టర్ నంద్యాల ఎమ్మార్వోకి చెప్పారు.ఈ కార్యక్రమంలో వాల్మిక సంఘం రాష్ట్ర నాయకులు పులికొండ కొండన్న, బీసీ నాయకులు రాము, వెనకబడిన తరగతుల జిల్లా అధికారులు జగ్గయ్య, వేణుగోపాల్ తదితరులు పాల్గొన్నారు.

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పాణ్యం (AIMA MEDIA): ప్రముఖ శైవక్షేత్రం పాణ్యం మండలం ఎస్.కొత్తూరు గ్రామంలో వెలిసిన శ్రీ సుబ్రహ్మణ్యేశ్వర స్వామి దేవస్థానం నందు నంద్యాల డివిజన్ దేవాదాయశాఖ తనిఖీ అధికారి పి.హరిచంద్రారెడ్డి పర్యవేక్షణలో గురువారం హుండీ లెక్కింపు నిర్వహించారు. హుండీ లెక్కింపు వల్ల 12 లక్షల 38వేల 825 రూపాయలు నగదు, 523 గ్రాముల వెండి ఆదాయంగా వచ్చినట్లు ఆలయ ఈవో యం.రామక్రిష్ణ తెలిపారు. ఈ లెక్కింపు గత ఫిబ్రవరి 5వ తేదీ నుండి మార్చి 26వతేది వరకు ఈ ఆదాయం సమకూరినదని ఆలయ ఈవో యం.రామక్రిష్ణ తెలిపారు. ఈ కార్యక్రమంలో గ్రామ పెద్దలు మిలిటరీ సుబ్బారెడ్డి, బీరం శివరామిరెడ్డి, అర్చకులు నారాయణస్వామి, సురేష్ శర్మ, బ్యాంక్ అధికారులు, ఏఎస్ఐ రఫీ, పిసి వెంకటేశ్వరరావు, బాలాజీ సేవా సంస్థ, తిరుమల బాలాజీ సేవా సంస్థ అధ్యక్షులు శివయ్య, సీతారామిరెడ్డి సంస్థల సభ్యులు, ఆలయ సిబ్బంది సుబ్బారెడ్డి, నాగేశ్వరరావు తదితరులు పాల్గొన్నారు.

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मेरठ। आर.जी.डिग्री कॉलेज मेरठ में करियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सेल में गुप्ता क्लासेज द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया ।कार्यशाला डिग्री कॉलेज की प्रधानाचार्य महोदया, डॉ/प्रोफ़ेसर निवेदिता कुमारी एवं करियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सेल की इंचार्ज डॉ बबीता माझी जी के निर्देशन में आयोजित की गई।

साथ में रसायन शास्त्र विभाग की शिक्षिका डॉ नलिनी द्विवेदी, गृह विज्ञान विभाग की शिक्षिका डॉ ममता कुमारी और श्रीमान मरगूब मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यशाला के रिसोर्स पर्सन गुप्ता क्लासेज मेरठ के निर्देशक (डॉ आलोक गुप्ता )रहे। और गुप्ता क्लासेज की मार्केटिंग हेड "पूजा सोलंकी " द्वारा करियर काउंसलिंग वर्कशॉप का बहुत अच्छे से संचालन कराया गया। और साथ में गुप्ता क्लासेज की पूरी टीम आई.टी.हेड सारंग सर, वीडियो एडिटर कार्तिक, स्टाफ़ पर्सन भानु जी के सहयोग से करियर काउंसलिंग कार्यशाला बहुत अच्छे से सम्पन्न हुई।

करियर काउंसलिंग सेल की इंचार्ज बबीता माझी ने अपने स्वागत भाषण में इस कार्यशाला की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां किस प्रकार एक अच्छा करियर बनाने के लिए सहायक होती है। डॉ आलोक गुप्ता ने कार्यशाला में डिग्री कॉलेज कि छात्राओं को सरकारी नौकरी की पूर्ण जानकारी दी ,और इनमें सफलता पाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की ।

डॉ आलोक गुप्ता ने छात्राओं को विस्तार से समझाया की बैंक , एसएससी ,यूपी पुलिस, दिल्ली पुलिस, एन डी ए, सी डी एस, क्लैट, टीचिंग आदि में तथा अन्य सरकारी /प्राइवेट परीक्षा एंटरेंस में सफलता पाने के लिए किस प्रकार योजनाबद्ध प्रयास किया जाए।

इसके साथ-साथ गणित की बड़ी कैलकुलेशन को शॉर्टकट मेथड एवं अजब गजब मेथड द्वारा सेकंड में हल करना सिखाया ।अंत में छात्राओं के साथ संवाद सत्र में सक्रिय प्रतिभागिता करने वाली छात्राओं को पुरस्कार वितरण भी किया।

कार्यक्रम का संचालन बबीता माझी ने किया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन कार्यशाला की ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ ममता कुमारी और प्रधानाचार्य महोदया डॉ/प्रोफ़ेसर निवेदिता कुमारी ने किया।

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Possible Restrictions in India Amid Energy Lockdown: भारत एक बार फिर एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां लॉकडाउन शब्द गलियारों में गूंजने लगा है, लेकिन इस बार वजह कोई वायरस नहीं बल्कि एनर्जी यानी ऊर्जा का संकट है.

Middle East में जारी तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों में आई बाधाओं ने देश की ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में दिए गए भाषणों और 25 मार्च को हुई सर्वदलीय बैठक के बाद एनर्जी लॉकडाउन की चर्चा तेज हो गई है. अगर यह प्रभावी होता है, तो भारतीयों की रोजमर्रा की जिंदगी वैसी नहीं रहेगी जैसी आज है. तेल की राशनिंग से लेकर वर्क फ्रॉम होम तक, बहुत कुछ बदलने वाला है.

कैसे शुरू हुई एनर्जी लॉकडाउन की चर्चा?

सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में एनर्जी लॉकडाउन शब्द तब से ट्रेंड कर रहा है जब प्रधानमंत्री ने संसद में वैश्विक सप्लाई चेन में आने वाली दिक्कतों का जिक्र किया है. केंद्र सरकार ने 25 मार्च को शाम 5 बजे एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें पश्चिम एशिया संघर्ष के भारत पर पड़ने वाले आर्थिक और ऊर्जा संबंधी प्रभावों पर चर्चा की गई. कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार ईंधन की खपत को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठा सकती है. हालांकि सरकार ने अब तक पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक होने का आश्वासन दिया है, लेकिन भविष्य की अनिश्चितता को देखते हुए मांग को कम करने की रणनीति अपनाई जा सकती है.

क्या है एनर्जी लॉकडाउन का असली मतलब?

सरल शब्दों में कहें तो एनर्जी लॉकडाउन ऊर्जा संसाधनों के संरक्षण की एक ऐसी अवस्था है, जहां खपत पर कड़े अंकुश लगाए जाते हैं. इसकी कोई किताबी परिभाषा तो नहीं है, लेकिन जब ईंधन और बिजली की कमी होने लगती है, तो सरकारें मजबूरन आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों पर पाबंदियां लगाती हैं.

इसे आप संसाधनों का राशनिंग काल भी कह सकते हैं, जहां फिजूलखर्ची पर पूरी तरह रोक लगा दी जाती है, ताकि अनिवार्य सेवाओं के लिए ऊर्जा बचाई जा सके. यह समाज को एक अनुशासित उपभोग की ओर ले जाने का एक कड़ा तरीका है.

सोशल मीडिया पर क्यों हो रही एनर्जी लॉकडाउन की चर्चा?

इस चर्चा को हवा देने में इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की बड़ी भूमिका है. वे इन ऊर्जा संरक्षण के कदमों को 2020 के कोविड लॉकडाउन से जोड़कर पेश कर रहे हैं, जिससे आम जनता के मन में डर और उत्सुकता दोनों बढ़ गई है. जब लोग देखते हैं कि सरकारें वर्क फ्रॉम होम या गाड़ियों के इस्तेमाल पर रोक की बात कर रही हैं, तो वे इसे तुरंत पुराने लॉकडाउन जैसा मान लेते हैं. यही वजह है कि एनर्जी लॉकडाउन शब्द आज डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सबसे ज्यादा सर्च किया जा रहा है और एक ट्रेंड बन चुका है.

एनर्जी लॉकडाउन में किन चीजों पर कसेगी लगाम?

एनर्जी लॉकडाउन की स्थिति में सबसे पहले गाज परिवहन व्यवस्था पर गिर सकती है. ईंधन की राशनिंग के तहत पेट्रोल और डीजल की बिक्री को सीमित किया जा सकता है. बड़े शहरों में ट्रैफिक और ईंधन की खपत कम करने के लिए कार-फ्री संडे या ऑड-इवन जैसी व्यवस्था दोबारा लागू की जा सकती है.

निजी बस ऑपरेटरों और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में डीजल की कमी के कारण लंबी दूरी की यात्राएं महंगी और मुश्किल हो सकती हैं. सरकार नागरिकों को गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दे सकती है ताकि बचा हुआ ईंधन आवश्यक सेवाओं के लिए सुरक्षित रखा जा सके.

दफ्तरों और शिक्षण संस्थानों का स्वरूप बदलेगा

कोरोना काल की यादें ताजा करते हुए सरकार एक बार फिर सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की गाइडलाइंस जारी कर सकती है. इसका मुख्य उद्देश्य दफ्तर जाने वाले लाखों लोगों द्वारा खर्च किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल की बचत करना है. इसी तरह, स्कूलों और कॉलेजों को भी ऑनलाइन मोड पर वापस जाने के लिए कहा जा सकता है.

शिक्षण संस्थानों के बंद रहने से हजारों स्कूल बसें और निजी वाहन सड़कों से हट जाएंगे, जिससे ऊर्जा की बड़ी बचत होगी. यह कदम पूरी तरह से देश की ऊर्जा खपत के ग्राफ को नीचे लाने के लिए उठाया जा सकता है.

आयोजनों और मनोरंजन पर क्या पड़ेगा असर?

भारत में आईपीएल (IPL) जैसे बड़े आयोजनों का समय करीब है, लेकिन एनर्जी लॉकडाउन के चलते स्टेडियमों में दर्शकों के प्रवेश पर रोक लग सकती है. बड़ी भीड़ के जुटने से होने वाली बिजली की खपत और वहां तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल होने वाले निजी वाहनों को रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठा सकती है.

सार्वजनिक कार्यक्रमों, रैलियों और बड़े जलसों पर भी पाबंदी लगाई जा सकती है. हवाई यात्रा के क्षेत्र में भी उड़ानों की संख्या कम की जा सकती है, क्योंकि जेट फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतें और सीमित उपलब्धता एविएशन सेक्टर के लिए चुनौती बन सकती है.

कमर्शियल गैस और उद्योगों पर संकट

ऊर्जा संकट का सीधा असर व्यापारिक गतिविधियों पर दिखना शुरू हो गया है. होटलों, रेस्टोरेंट्स, बेकरी और कैटरिंग व्यवसायों को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है. कई शहरों में होटलों ने पहले ही अपना काम सीमित कर दिया है क्योंकि उनके पास खाना पकाने के लिए पर्याप्त गैस नहीं है.

सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए उद्योगों को दी जाने वाली गैस की आपूर्ति में कटौती कर दी है. गैर-जरूरी उद्योग, जैसे पेट्रोकेमिकल और भारी विनिर्माण इकाइयां, अस्थायी रूप से बंद की जा सकती हैं ताकि बिजली घरों और घरों के लिए ऊर्जा बची रहे.

घरेलू रसोई और गैस की वर्तमान स्थिति

वर्तमान में देश के कई राज्यों में गैस स्टेशनों पर किलोमीटर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. लोग घबराहट में गैस सिलेंडर की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी में देरी हो रही है और नए कनेक्शनों पर अस्थायी रोक लगा दी गई है.

कई इलाकों में सिलेंडर के लिए कई दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है और कालाबाजारी की खबरें भी आ रही हैं. सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे जरूरत से ज्यादा स्टॉक न करें, क्योंकि घरेलू उपयोग के लिए रसोई गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है.

क्या खुला रहेगा और क्या होंगी प्राथमिकताएं?

एनर्जी लॉकडाउन का मतलब पूरी तरह से कामकाज ठप करना नहीं है, बल्कि ऊर्जा के इस्तेमाल को प्राथमिकता देना है. अस्पताल, आपातकालीन वाहन, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए ईंधन की निर्बाध आपूर्ति जारी रहेगी. सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो रेल, सरकारी बसें और ट्रेनें चलती रहेंगी ताकि आम जनता को कम से कम परेशानी हो.

बिजली उत्पादन के लिए पावर प्लांट्स और रिफाइनरियों को भी प्राथमिकता दी जाएगी. सरकार का मुख्य लक्ष्य आवासीय क्षेत्रों में बिजली और गैस की किल्लत को रोकना होगा, भले ही इसके लिए कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर को कुछ समय के लिए थामना पड़े.

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हरान. पश्चिम एशिया में चल रहे महायुद्ध के बीच ईरान ने एक बहुत बड़ा खुलासा किया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर अहम बयान दिया है.

उन्होंने बताया कि किन देशों के जहाजों को इस खतरे वाले इलाके से सुरक्षित निकाला जा रहा है. ईरान ने जिन मित्र देशों की लिस्ट जारी की है, उसमें भारत का नाम भी मजबूती से शामिल है. यह भारत की मजबूत विदेश नीति और कूटनीतिक जीत का सबसे बड़ा सबूत है.

जब अमेरिका और इजरायल जैसे देश ईरान से सीधा टकरा रहे हैं, तब भारत अपने जहाजों को सुरक्षित निकाल रहा है. ईरान ने साफ किया है कि भारत ने उनसे सीधे बात की और तालमेल बिठाया. इस लिस्ट में रूस, चीन और इराक जैसे देश भी शामिल हैं. यह दिखाता है कि ग्लोबल क्राइसिस में भी भारत अपने हितों की रक्षा करना अच्छी तरह जानता है.

ईरान की 'फ्रेंड लिस्ट' में भारत: ईरान के विदेश मंत्री ने दुनिया को एक साफ मैसेज दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ देशों ने सुरक्षित मार्ग के लिए उनसे संपर्क किया था. अराघची ने कहा, 'जिन देशों को हम मित्र मानते हैं, उन्हें सुरक्षित मार्ग दिया गया'. इस लिस्ट में भारत का नाम आना कूटनीतिक लिहाज से बहुत अहम है. यह दिखाता है कि ग्लोबल प्रेशर के बाद भी दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हैं.

रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में सरकारी टीवी का हवाला देते हुए विदेश मंत्री के बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा, "जहाजों के कई मालिकों, या उन देशों ने जिनके ये जहाज हैं, हमसे संपर्क किया है और अनुरोध किया है कि हम होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से उनके सुरक्षित गुजरने को सुनिश्चित करें. इनमें से कुछ देशों के लिए जिन्हें हम मित्र मानते हैं, या ऐसे मामलों में जहां हमने अन्य कारणों से ऐसा करने का फैसला किया है, हमारी सेनाओं ने सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया है."

उन्होंने आगे कहा, "आपने खबरों में देखा होगा: चीन, रूस, पाकिस्तान, इराक और भारत. कुछ रात पहले इनके दो जहाज यहां से गुजरे थे, और कुछ दूसरे देश भी, मुझे लगता है कि बांग्लादेश भी. ये वे देश हैं जिन्होंने हमसे बात की और हमारे साथ तालमेल बिठाया, और यह सिलसिला भविष्य में भी जारी रहेगा, यहां तक कि युद्ध के बाद भी."

बैलेंसिंग एक्ट में पास हुआ भारत: आज दुनिया दो बड़े गुटों में बंटी हुई है. एक तरफ अमेरिका है, तो दूसरी तरफ रूस और चीन. भारत ने किसी एक गुट का हिस्सा बनने से इनकार किया है. भारत अमेरिका का स्ट्रेटेजिक पार्टनर भी है. वहीं दूसरी तरफ उसने ईरान से भी सीधे बात करके अपने व्यापारिक जहाज बचाए.

चीन और रूस के साथ भारत: ईरान के विदेश मंत्री ने अपनी लिस्ट में चीन और रूस का नाम लिया. इसके साथ ही इराक, पाकिस्तान और भारत का भी जिक्र किया गया. अराघची ने कहा, 'कुछ रात पहले इनके दो जहाज यहां से गुजरे थे'. ईरान ने इन देशों के साथ भविष्य में भी तालमेल जारी रखने की बात कही है.

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ಇಂದು ಮಾರ್ಚ್ 27, 2026, ಶುಕ್ರವಾರ.
​ಹಿಂದೂ ಪಂಚಾಂಗದ ಪ್ರಕಾರ ಇಂದು ಶ್ರೀ ಕ್ರೋಧಿ ನಾಮ ಸಂವತ್ಸರವಾಗಿದ್ದು, ಉತ್ತರಾಯಣ ಮತ್ತು ವಸಂತ ಋತುವಿನ ಅವಧಿಯಾಗಿದೆ. ಇಂದಿನ ವಿವರಗಳು ಹೀಗಿವೆ

​ಪಂಚಾಂಗದ ವಿವರಗಳು
​ಮಾಸ: ಚೈತ್ರ ಮಾಸ (ಅಮಾವಾಸ್ಯಾಂತ/ಪೂರ್ಣಿಮಾಂತ ಪದ್ಧತಿಯಂತೆ ಬದಲಾಗಬಹುದು)
​ಪಕ್ಷ: ಶುಕ್ಲ ಪಕ್ಷ
​ತಿಥಿ: ನವಮಿ (ಶ್ರೀರಾಮ ನವಮಿ)
​ನಕ್ಷತ್ರ: ಪುನರ್ವಸು (ಸಂಜೆವರೆಗೆ)
​ಯೋಗ: ಅತಿಗಂಡ
​ಕರಣ: ಕೌಲವ

ಶುಭ ಮತ್ತು ಅಶುಭ ಸಮಯಗಳು
ವಿವರ ಸಮಯ
ಸೂರ್ಯೋದಯ ಬೆಳಗ್ಗೆ 06:24
ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ ಸಂಜೆ 06:33
ರಾಹುಕಾಲ ಬೆಳಗ್ಗೆ 10:57 ರಿಂದ 12:28 ವರೆಗೆ
ಗುಳಿಕಕಾಲ ಬೆಳಗ್ಗೆ 07:55 ರಿಂದ 09:26 ವರೆಗೆ
ಯಮಗಂಡಕಾಲ ಮಧ್ಯಾಹ್ನ 03:30 ರಿಂದ 05:01 ವರೆಗೆ
ಅಭಿಜಿತ್ ಮುಹೂರ್ತ ಮಧ್ಯಾಹ್ನ 12:05 ರಿಂದ 12:53 ವರೆಗೆ

ವಿಶೇಷ ಸೂಚನೆ: ಇಂದು ಶ್ರೀರಾಮ ನವಮಿ. ಸಕಲ ಸನ್ಮಂಗಳವನ್ನುಂಟುಮಾಡುವ ಈ ದಿನದಂದು ರಾಮ ನಾಮ ಸ್ಮರಣೆ ಅತ್ಯಂತ ಶುಭದಾಯಕ.

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वैकल्पिक मार्ग निर्धारित, ओवरब्रिज क्षेत्र में रहेगा आवागमन प्रतिबंधित

जयदीप कुमार सिन्हा

बरही । रामनवमी जुलूस एवं झांकी को लेकर बरही प्रशासन ने शहर में सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष रूट प्लान जारी किया है। जुलूस के दौरान मुख्य चौक एवं प्रमुख मार्गों पर भीड़ और जाम की स्थिति को देखते हुए कई सड़कों को अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा तथा वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
जारी निर्देश के अनुसार, बिलौतीया मोड़ (धनबाद रोड) बाधित होने की स्थिति में धनबाद/कोलकाता से आने-जाने वाले वाहन बरही बायपास होते हुए ओवरब्रिज के पास एनएच-20 (पुराना एनएच-33) से बाएं उतरकर पेट्रोल कट मार्ग से दाएं लाईन होकर गंतव्य तक पहुंचेंगे। धनबाद/कोलकाता से रांची/हजारीबाग की ओर जाने वाले वाहन ओवरब्रिज के पास से उतरकर बाईं ओर से एनएच 20 (पुराना एनएच 33) से वाईं ओर डायवर्ट किए जाएंगे।
इसी तरह, धनबाद रोड जाम रहने पर कोडरमा/पटना से धनबाद/कोलकाता की ओर जाने वाली वहां बाईपास होकर गुजरेगी । रांची/हजारीबाग से धनबाद/कोलकाता जाने वाले वाहनों को भी तिलैया रोड स्थित कोबरा कट से मुड़कर बाईपास होते हुए वैकल्पिक मार्ग से होकर गुजरने की सलाह दी गई है। छोटा वाहन, जो गया/दिल्ली की ओर जाएंगे, उन्हें ओवरब्रिज से दाहिने लेन में प्रवेश कर आगे बढ़ने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन द्वारा जारी नक्शे में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है कि बरही चौक के ऊपर स्थित ओवरब्रिज के एक हिस्से में ‘रोड क्लोज’ रहेगा, जबकि पेट्रोल पंप कट, कोबरा कट और सर्विस रोड के जरिए वाहनों का संचालन किया जाएगा।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यातायात बाधित होने की स्थिति में ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें तथा जुलूस के दौरान भीड़भाड़ वाले मार्गों से बचते हुए निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें।

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Cm कार्यक्रम से लोटते समय बस पलटी घटना स्थल उमरानाला जिला छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश मे 3 की मौत व 41 घायल की पुस्ती की गई 1 का हाथ कट के अलग हुआ और काई लोगो के सर फूट गए मिली सूचना के आनुसार ट्रैक से बस की टक्कर हुई पुलिस के मुताबिक दुर्घटना 26 मार्च 2026 गुरुबार शाम 6:00 बजे हुई
घटना स्थल उमरानाला क्षेत्र छिंदवाड़ा से उमरानाला की तरफ जा रही थी बस बताया गया बस चौरई तहसील में अयोजित हितग्राही सम्मेलन
से लोट रही थी सम्मेलन में सीएम डॉक्टर मोहन यादव जी भी शामिल थे
दुर्घटना का कारण अभी भी स्पष्ट नहीं हुआ डॉक्टरो की टीम व पुलिस राहत और बचाव के कार्यों में जुटी हुई है प्राथमिक उपचार के बाद घयालो को जिला अस्पताल रेफर किया गया
................................................
Jan Kranti sangh
Designation: Media prabhari district chhindwara madhya pradesh
Name:aman pandole
News Reporter
Social media activist
District chhindwara madhya pradesh
......कृपया 🙏 इसे अपने फेसबुक और व्हाट्सएप मित्रों को भेजें

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हेडलाइंस:
ज्ञानपुर में गाधी नहर सड़क चौड़ीकरण का भूमि पूजन सम्पन्न
समाचार:
ज्ञानपुर क्षेत्र में गाधी नहर के किनारे प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्य का भूमि पूजन आज सम्पन्न हो गया। यह भूमि पूजन विपुल दुबे के द्वारा विधिवत कराया गया।
करीब 16.70 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क परियोजना से सिंहपुर समेत आसपास के गांवों को बड़ी राहत मिलेगी। भूमि पूजन कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, स्थानीय ग्रामीण तथा समर्थक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस दौरान विधायक विपुल दुबे ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सड़क निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से और समयबद्ध पूरा कराया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि सड़क बनने से आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

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Reading the New World Order: Facts Many Ignore

Abdallah Gasmi Tunisia
The American war on Iran has confirmed the end of the current world order and revealed the features of a new, multipolar world order that will witness the collapse of one empire and the rise of others. It is now certain that Fukuyama's "end of history" theory has ended, and we are witnessing the beginning of a new chapter in history, some of whose pages may be painful. However, the most prominent player in this new history will not be China, as most analysts and scholars believe. Rather, anyone who follows events with a discerning eye can easily see that China desires to maintain the current world order because it has been the biggest beneficiary of it for the past thirty years. Furthermore, China's meteoric rise is closely linked to the American economy, and the decline or fall of the American role will be a cause for China's decline. The economic relationship between China and America is one of integration: America is the financier and consumer, and China is the manufacturer. Most American companies are based in China, and most American imports come from China. The highest volume of trade in the world is between America and China. In addition, China is the world's largest holder of US dollar reserves and the largest holder of US Treasury bonds. It is not in China's interest for the dollar to depreciate, as this would cost it significant losses from its global currency reserves. Nor is it in China's interest for US Treasury bonds to depreciate, as this would also result in substantial losses. Therefore, China is not currently considering overthrowing the existing world order. Instead, it is working on a somewhat long-term plan by finding alternatives to the US and creating new markets in Africa, Europe, and the US through the Belt and Road Initiative. Of course, in this endeavor, China is pursuing a soft power strategy, aiming to avoid losing the United States as its largest customer. Conversely, the United States is pursuing a policy of containment against China through economic sanctions and tariffs, despite recognizing that these tariffs are counterproductive, as most goods imported from China originate from American factories located in China. Regarding Taiwan, the hesitant US stance reflects this policy. While the US supports the "One China" principle, it threatens military intervention should China invade Taiwan. This is aimed at maintaining the containment policy and preventing China from dominating semiconductor technology. China is accelerating its economic diversification project, and its arms race is perhaps nothing more than a preemptive measure for the future. This will be confirmed by US President Trump's state visit to China, where he will receive a grand welcome. Major economic agreements are expected to be signed between the US and China, bringing them closer and revealing the true intentions of both countries. In short, a confrontation between China and the US is currently postponed, and it is in their interest to divide the global pie. China will allow the US to expand its influence in Latin America, while China will expand its influence in Europe to help the US block the path of the true superpower. So the question is, if the US and China are striving to avoid confrontation and maintain the global order, who will seek to undermine it? There is no doubt that the greatest threat to the global order is Russia, even though its economic weight is not comparable to China or America. Russia is armed with a formidable military force and a clear strategic vision. It understands that American hegemony stems from the strength of the dollar, and therefore it has repeatedly sought to undermine the dollar within the BRICS organization. It also exploited its war on Ukraine to the fullest extent, using it to prolong the war and militarily exhaust the West. Herein lies the paradox: Russia's arms industry is state-owned and produces in enormous quantities, while in America, this task is undertaken by the private sector in an agreement with the state based on a peculiar principle: cost plus profit. This means that arms-producing companies produce weapons at a fluctuating price. We mean that these companies sell weapons to the state at a price distributed as follows: the cost of materials, the cost of manufacturing, and a profit margin estimated between 10 and 20 percent. Of course, these companies manipulate arms prices due to the high cost of raw materials and because this industry is very precise and mostly manual, and of course, due to their desire to achieve the highest profit margin. This makes American arms production very expensive, while Russia controls the resources and energy, and weapons are manufactured in a Ministry of Defense factory. Therefore, every shell and every missile launched in Russia Ukraine is an economic drain on Western countries, especially Europe, which has lost cheap Russian energy and replaced it with American energy, which costs almost 10 times more than Russian energy. Furthermore, Europe is obligated to support Ukraine militarily, thus depleting its resources in In this senseless war, Putin will not seek a swift resolution but will instead prolong it by focusing on strikes against Odessa, which Europe fears will fall into his hands. He will also exploit the unwarranted fear displayed by some countries like Lithuania and Poland, leading them to increase their military spending, which will burden their citizens, especially after the American war on Iran. Putin seeks to prolong this war by providing Iran with intelligence and information to halt energy exports, particularly Qatari gas, to Europe. The longer the American war on Iran continues, the closer Putin's objective will become. His goal is clear: to instigate a political upheaval in Europe, toppling the current ruling political elites and elevating nationalist European elites who will seek closer ties with Russia, viewing it as a European power that provides cheap energy. America will not succeed in countering Putin's plan because the European transformation will be political and internal, leading to a decline in American influence and an increase in Russian influence in Europe. This Russian influence will also grow in the Gulf region, where Arab states have realized that America is incapable of protecting them. This will lead to a shift in political and military alliances, a shift that Russia will undoubtedly welcome. Thus, Russia will become the new partner for the region and the anticipated alternative to the American presence. Although American influence in the Gulf region will not completely disappear, the Gulf states have come to realize that America is not a trustworthy ally, and due to the danger posed by the Zionist entity, which is supported by the US, to the countries of the region. Consequently, Russia will have a significant role in shaping global policies, as it will become the controller of the energy market. This will bring China and India under its control, and both will seek to rid themselves of American dependence, which will be unable to provide them with alternative energy sources. Of course, India and China will not be subservient to Russia, but will deal with it on the basis of partnership and mutual interests. In return, America will lose its hegemony over Europe, the Gulf, China, and India, and will strive to dominate its backyard, namely Latin America. The final alliance in the new multipolar system with multiple spheres of influence will include Japan and South Korea. Those following the American war on Iran are not discussing the biggest loser in this war, which is Japan. Japan imports 70 percent of its oil needs from the Gulf, and with the continuation of the war, the closure of the Strait of Hormuz, and the destruction of the Gulf, this will significantly impact its energy security. With its oil facilities, Japan is threatened in industry and in every other sector. Even if the war ends, Japan will not put all its eggs in one basket again. It will seek to diversify its energy sources, and its only option is Russia. It will strive for rapprochement with Russia and strike deals with it at the expense of America. South Korea will follow suit. Despite this, both countries will maintain military cooperation with America, but not to the same extent as before. Of course, some emerging countries, such as Brazil, South Africa, Ethiopia, and Turkey, will exploit this situation, either to try to break free from economic and military dependence or to create spheres of economic influence. Thus, we will witness in the new world order multiple poles with overlapping and conflicting interests, harboring contradictions and differing political visions that may lead to military confrontations, potentially culminating in a world war. Therefore, we see that the main player in the new world order is Russia, not China. China will not be the initiator but will pursue an opportunistic, self-serving policy that will force it to catch up with the Russian bear to become a pole, not a follower

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रामनवमी पर पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने सोनारी के विभिन्न अखाड़ा समितियों में की पूजा-अर्चना

जमशेदपुर (झारखंड)। झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता जी रामनवमी के पावन अवसर पर सोनारी उपकार संघ बुधराम मोहल्ला में नवरात्रि जंवारा पूजा, सोनारी कुम्हारपाड़ा सिनेमा मैदान श्री श्री बजरंग अखाड़ा में रामनवमी उत्सव, सोनारी खुटाडीह श्री श्री सार्वजनिक हनुमान मंदिर समिति बाबा अखाड़ा में रामनवमी के अवसर पर आयोजित जागरण, सोनारी पंचवटी नगर श्री श्री शिव बजरंग अखाड़ा समिति के द्वारा आयोजित रामनवमी उत्सव के कार्यक्रम में उपस्थित होकर पूजा अर्चना कर सभी को रामनवमी की शुभकामना दिया।

इस अवसर पर अखाड़ा समितियों के सदस्यों ने उन्हें पगड़ी पहनाकर एवं तलवार भेंट कर सम्मानित किया।

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विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

​पटना/डेहरी: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का एक और बड़ा उदाहरण सामने आया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) की सतर्कता और न्यायिक प्रक्रिया की दृढ़ता ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी कुर्सी पर बैठकर जनता की जेब काटने वालों के लिए कानून के घर में कोई जगह नहीं है।
​हाल ही में माननीय न्यायालय द्वारा कृष्णदेव पासवान (तत्कालीन प्रधान लिपिक, नगर परिषद, डेहरी ऑन सोन) को दी गई सजा केवल एक व्यक्ति को मिली सजा नहीं है, बल्कि उन तमाम भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो फाइल आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत को अपना हक समझते हैं।
​: क्या था पूरा विवाद?
​यह मामला साल 2007 का है, जब नगर परिषद के ही एक कर-संग्राहक (Tax Collector) सुधीर कुमार रावत से उनके काम के बदले ₹3500 की रिश्वत मांगी गई थी। भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी थीं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक कर्मचारी ने अपने ही सहकर्मी को प्रताड़ित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
​निगरानी विभाग ने 14 जून 2007 को कार्रवाई करते हुए ₹2900 लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तारी की थी। लगभग 19 साल चले इस लंबे कानूनी सफर के बाद आखिरकार न्याय की जीत हुई।
​न्यायालय का फैसला: कानून का डंडा
​माननीय न्यायाधीश श्री मो० रुस्तम ने इस मामले में कठोर रुख अपनाते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act 1988) के तहत सजा सुनाई:
​सजा: आरोपी को विभिन्न धाराओं में 2 से 3 साल तक के सश्रम कारावास की सजा मिली।
​अर्थदंड: कुल ₹40,000 का जुर्माना लगाया गया, जिसे न भरने पर अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
​ व्यवस्था में सुधार की दरकार:
​भले ही इस फैसले को आने में 19 साल लग गए, लेकिन यह उन ईमानदार अधिकारियों और शिकायतकर्ताओं के हौसले को बढ़ाता है जो सिस्टम से लड़ने का साहस रखते हैं।
निगरानी ब्यूरो के अनुसंधानकर्ता परमानन्द सिंह और विशेष लोक अभियोजक किशोर कुमार सिंह की प्रभावी पैरवी का परिणाम है कि आज एक भ्रष्ट लोक सेवक अपने अंजाम तक पहुँचा।
​बिहार जैसे राज्य में, जहाँ विकास की गति को अक्सर भ्रष्टाचार का दीमक चाट जाता है, वहां इस तरह के फैसले प्रशासनिक शुचिता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी हैं।
प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसी प्रक्रियाओं को और सरल बनाए ताकि कोई भी अधिकारी किसी आम नागरिक या कर्मचारी का शोषण न कर सके।
​निष्कर्ष: न्याय में देरी न्याय न मिलने के बराबर कही जाती है, लेकिन जब फैसला आता है, तो वह समाज में विश्वास बहाल करता है। कृष्णदेव पासवान का यह मामला हर उस सरकारी बाबू के लिए चेतावनी है, जो जनता की सेवा के बजाय अपनी तिजोरी भरने में विश्वास रखते हैं।

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पटना। पटना से एक दुखद हादसा सामने आया है, जहां पटना से हावड़ा जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना बाढ़ रेलवे स्टेशन की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उक्त व्यक्ति प्लेटफॉर्म पर मौजूद था और गुटखा खा रहा था। इसी दौरान वह ट्रैक की ओर गया और गुटखा थूकने लगा। तभी दूसरी ओर से तेज रफ्तार में वंदे भारत एक्सप्रेस आ रही थी। ट्रेन के चालक द्वारा लगातार हॉर्न बजाने के बावजूद उसने कोई ध्यान नहीं दिया और ट्रेन की चपेट में आ गया।

बताया जा रहा है कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों और रेलवे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल बाढ़ पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे पटना रेफर कर दिया गया।

हालांकि, इलाज के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फिलहाल रेलवे पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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देहरादून/हरिद्वार/रुड़की। प्रेम, सेवा और मानव एकता के आध्यात्मिक संदेश के साथ 22 से 25 मार्च 2026 तक देहरादून, हरिद्वार और रुड़की में वार्षिक “मेहेर मेला” श्रद्धा एवं भक्ति भाव से सम्पन्न हुआ। चार दिवसीय इस आयोजन में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए मेहेर प्रेमियों ने भाग लेकर सत्संग, भजन, प्रार्थना एवं आध्यात्मिक चिंतन का लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़े श्रद्धालुओं ने सहभागिता करते हुए प्रेम, सेवा और भाईचारे का संदेश आत्मसात किया। आयोजन के दौरान आध्यात्मिक एकाग्रता, अनुशासन और समर्पण का विशेष वातावरण देखने को मिला।

23 मार्च 1953 का ऐतिहासिक महत्व:
अवतार मेहेर बाबा के जीवन से जुड़ा 23 मार्च 1953 का दिन आध्यात्मिक साधकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। उपलब्ध ऐतिहासिक संदर्भों के अनुसार, बाबा 18 फरवरी 1953 को अपने आध्यात्मिक कार्य हेतु कुछ समय के लिए देहरादून आए थे। भक्तों के आग्रह पर 23 मार्च 1953 (रामनवमी) को उन्होंने देहरादून में प्रथम सार्वजनिक दर्शन (Public Darshan) दिया, जो आध्यात्मिक इतिहास की महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त की।

बताया जाता है कि बाबा ने अपने संदेश में कहा कि "ईश्वर ही शाश्वत सत्य है तथा सच्चा साधक वही है जो सांसारिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए भी ईश्वर का स्मरण बनाए रखे।"

देहरादून की विशेष आध्यात्मिक पहचान:
मेहेर प्रेमियों के अनुसार देहरादून को विशेष आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है। ऐतिहासिक उल्लेखों के अनुसार अवतार मेहेर बाबा ने अपने प्रेमियों को प्रेम मार्ग एवं सरल जीवन व्यतीत करने के लिए प्रेरित किया।

इसी कालखंड में अवतार मेहेर बाबा द्वारा “परवरदिगार प्रार्थना” (13 अगस्त 1953) तथा “ऊँचे से ऊँचा” (7 सितम्बर 1953) जैसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक संदेश दिए गए, जो आज भी अनुयायियों के लिए मार्गदर्शक माने जाते हैं।

इतिहास में यह भी उल्लेख मिलता है कि बाबा ने अपने “न्यू लाइफ़” काल से संबंधित महत्वपूर्ण अवधि वर्ष 1950 में देहरादून क्षेत्र में व्यतीत की, जिससे इस स्थान का आध्यात्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया।

विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु:
चार दिवसीय मेहेर मेले में देश के विभिन्न भागों से आए श्रद्धालुओं ने सामूहिक प्रार्थना, भजन एवं आध्यात्मिक विचार गोष्ठियों में भाग लिया। आयोजन के दौरान मानव एकता, प्रेम एवं सेवा को जीवन का आधार मानने पर बल दिया गया।

श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे आयोजन मन को शांति प्रदान करते हैं तथा व्यक्ति को सकारात्मक सोच एवं आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में प्रेरित करते हैं।

आध्यात्मिक एकता का संदेश:
आयोजन में यह संदेश प्रमुख रूप से उभरकर सामने आया कि प्रेम और निःस्वार्थ सेवा के माध्यम से ही ईश्वर के निकट पहुंचा जा सकता है। मेहेर प्रेमियों के अनुसार ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सद्भाव, नैतिक मूल्यों एवं आंतरिक शांति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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In the evolving geopolitics of the 21st century, few chokepoints carry as much strategic weight as the Strait of Hormuz. Linking the oil-rich Persian Gulf to global markets, this narrow maritime corridor handles nearly one-fifth of the world’s petroleum supply. Today, it stands not just as a trade route—but as a pressure point in the contest for global dominance. Recent tensions involving Iran, the United States, and regional actors have revived a haunting historical analogy: the Suez Crisis. Prominent investor and historian Ray Dalio has suggested that failure to secure Hormuz could mirror Britain’s loss of the Suez Canal—an event that marked the decline of an empire. But is this comparison valid—or dangerously oversimplified?

In 1956, Egypt nationalized the Suez Canal, triggering a military response from United Kingdom, France, and Israel. Militarily, Britain could act. Politically, it could not sustain the consequences. Under pressure from both the United States and the Soviet Union, Britain was forced to withdraw. The implications were seismic: the pound weakened, allies recalibrated, and colonial dissolution accelerated. The lesson was not about military defeat—it was about loss of credibility. Power, once questioned, rapidly erodes, and perception becomes reality in the hierarchy of nations.

The Strait of Hormuz is not just another shipping lane; it is the artery of global energy flows. Through it passes oil from Saudi Arabia, exports from United Arab Emirates, and supplies from Kuwait and Iraq. A disruption would not merely spike prices—it would reverberate across supply chains, impacting manufacturing hubs from China to India and beyond. Unlike the mid-20th century, today’s world is deeply interconnected, where energy shocks cascade into inflation, currency volatility, and political instability across continents.

The strategic objectives in this evolving confrontation extend far beyond conventional military goals such as nuclear containment or missile neutralization. At a deeper level, the contest revolves around control over energy flows, dominance of maritime trade routes, and the broader geopolitical aim of containing rising powers like China. For the United States, ensuring uninterrupted passage through Hormuz is not merely about regional stability; it is about sustaining the architecture of global economic leadership. Meanwhile, regional actors pursue their own layered objectives, creating a complex web of overlapping interests and calculated risks.

Drawing from centuries of historical patterns, Ray Dalio outlines a recurring cycle in the rise and fall of empires. A dominant power controls trade and finance until a challenger tests its authority at a critical node. The world then observes the response, and credibility either strengthens or fractures. This dynamic is not solely determined by military strength but by the perception of inevitability and resilience. Markets, alliances, and currencies respond to confidence as much as to القوة, making trust the ultimate currency of power.

The United States remains unmatched in military capability, yet it faces structural pressures including high sovereign debt, war fatigue, and increasing multipolar resistance. Past engagements—from Vietnam to Afghanistan—have shaped global perceptions about endurance and strategic clarity. However, equating these challenges with imminent decline risks oversimplification. Unlike post-war Britain, the United States retains the world’s primary reserve currency, deep capital markets, and extensive alliance networks, making its position far more resilient than surface comparisons suggest.

On the other side, Iran leverages asymmetry rather than conventional dominance. Its geographic proximity to the Strait of Hormuz, combined with its ability to employ indirect and incremental strategies, allows it to exert influence disproportionate to its size. The objective is not outright victory but the gradual elevation of costs for any opposing force. In such conflicts, endurance often outweighs intensity, and time becomes a strategic weapon in itself.

The analogy to historical turning points like the Battle of Waterloo or the Suez Crisis is compelling but imperfect. Unlike Britain in 1956, the United States is not isolated, and its economy is deeply embedded within global systems. Moreover, any disruption in Hormuz would have far-reaching consequences not only for Western economies but also for nations like China and India, creating a paradox where no major power truly benefits from full-scale instability.

Looking ahead, the future is likely to unfold across multiple scenarios rather than a single निर्णायक outcome. Controlled escalation may see rising tensions alongside continued maritime operations under heavy security. Temporary disruptions could trigger sharp price spikes and rapid diplomatic interventions. In a more severe scenario, prolonged instability could lead to systemic economic shocks and a reconfiguration of global trade routes. Each pathway carries implications that extend far beyond the Middle East.

Ultimately, the true stakes are not confined to the waters of the Strait of Hormuz but lie in a broader question of whether the current global order can maintain trust under stress. History shows that empires do not collapse overnight; they erode through miscalculations, overreach, and shifting perceptions. The Hormuz crisis, if it intensifies, will not single-handedly end an era, but it may accelerate an ongoing transition toward a more fragmented and multipolar world.

In this context, Hormuz is not the final battle but a signal—a hint of deeper structural shifts shaping the future of global power.

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भारत में भ्रष्टाचार अब कोई छुपी हुई बीमारी नहीं, बल्कि एक खुला ज़हर बन चुका है।

नालंदा में एक BCMO का ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाना कोई अलग घटना नहीं, बल्कि उस सड़े हुए सिस्टम की झलक है जहाँ हर फाइल की कीमत तय है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार की यह कार्रवाई सराहनीय जरूर है, लेकिन सवाल यह है कि:
जो नहीं पकड़े गए, उनका क्या?
जब एक स्वास्थ्य अधिकारी जन्म तिथि सुधारने जैसे सामान्य कार्य के लिए रिश्वत मांगता है, तो यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं—यह गरीब और आम आदमी के अधिकारों की हत्या है।
और यहीं से यह मामला और भी गंभीर हो जाता है…
क्या यह सिर्फ लापरवाही है?
या फिर यह एक संगठित भ्रष्टाचार का नेटवर्क है?
अगर एक अधिकारी छोटी रिश्वत में पकड़ा जाता है, तो यह मान लेना चाहिए कि सिस्टम के भीतर करोड़ों के खेल चल रहे हैं।
निष्कर्ष:
अब वक्त आ गया है:
हर विभाग की CBI/न्यायिक जांच,
दोषियों की तत्काल बर्खास्तगी,
पीड़ितों को न्याय और मुआवजा,
वरना “सुशासन” सिर्फ एक नारा बनकर रह जाएगा।

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పశ్చిమాయాసియాలో ఉద్రిక్త పరిస్థితులకు కారణంగా ఉన్న అమెరికా - ఇరాన్ యుద్ధంపై ప్రముఖ యోగా గురువు రాందేవ్ బాబా జోస్యం చెప్పారు. ఈ యుద్ధంలో అమెరికా విజయం సాధించలేదని, అలాగని ఇరాన్ ఓడిపోదని అభిప్రాయపడ్డారు.
హరిద్వార్‌లోని పతంజలి యోగాపీఠ్‌లో గురువారం జరిగిన శ్రీరామ నవమి వేడుకల సందర్భంగా ఆయన పాల్గొని మీడియాతో మాట్లాడారు.
ఈ యుద్ధంలో అమెరికా గెలవదు, ఇరాన్ ఓడిపోదని నేను గతంలోనే చెప్పాను. 1000 నుంచి 1200 కిలోమీటర్ల నుంచి 4000 నుంచి 5000 కిలోమీటర్ల దూరంలోని లక్ష్యాలను ఛేదించగల బాలిస్టిక్ క్షిపణులను ప్రయోగించడం ద్వారా కేవలం ఆయుధాలతో ఎవరూ ఎవరినీ భయపెట్టలేరని ఇరాన్ నిరూపించిందన్నారు.

ప్రజాస్వామ్యం అంటే ఇతరులను భయపెట్టడం కాదని ఆయన హితవు పలికారు. ప్రపంచంలోనే అతిపెద్ద ప్రజాస్వామ్య దేశంగా అమెరికా గర్వపడే అమెరికా ఇతర దేశాల సార్వభౌమత్వాన్ని కూడా గౌరవించాలని సూచించారు. ఇదేసమయంలో ఇలాంటి సంక్షోభ సమయంలో భారత్ కీలక పాత్ర పోషించాలని ఆయన ఆకాంక్షించారు.

వసుదైక కుటుంబం అనే సిద్ధాంతం ఆధారంగా ప్రపంచాన్ని ఏకతాటిపైకి తీసుకురావాలన్న సందేశాన్ని భారత్ ఇస్తూనే ఉండాలని ఆయన సూచించారు. ప్రధాని నరేంద్ర మోడీ రాజకీయంగా, దౌత్యపరంగా చేయాల్సిన ప్రయత్నాలన్నీ చేస్తున్నారని కొనియాడారు.

ఇజ్రాయెల్ - అమెరికా, ఇరాన్ మధ్య యుద్ధాన్ని ఎవరైనా మధ్యవర్తిత్వంతో ఆపగలిగితే అది ఒక్క భారతదేశానికి మాత్రమే సాధ్యమవుతుందన్నారు. ఈ యుద్ధం వల్ల తలెత్తిన పెట్రోల్, గ్యాస్ సంక్షోభంతో పాటు ప్రపంచ ఆర్థిక మాంద్యానికి కూడా చర్చల ద్వారానే పరిష్కారం లభిస్తుందన్నారు.

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