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Devendra Kumar Jain
All India Media Association

मध्यप्रदेश में ऑफ लाइन होंगी कालेजो की परीक्षाए: डॉ नरोत्तम मिश्रा
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भोपाल। रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन
मध्य प्रदेश में कॉलेजों की परीक्षाएं  ऑफ लाइन ही होगी। इस बात के संकेत प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने दिए। उन्होंने कहा कि अधिकांश कॉलेज विद्यार्थियों को कोरोना टीका लग  चुका है इसलिए कोरोना गाइड लाइन का पालन कराते हुए ऑफ लाइन परीक्षाए कराई जा सकती है।
गृह मंत्री डॉ मिश्रा ने कहा कि हम मध्य प्रदेश में कॉलेज के छात्र छात्राओं के लिए ऑफलाइन एग्जाम कराने की दिशा में जा रहे हैं। कॉलेज में पढ़ने वाले ज्यादातर छात्र छात्राओं को वैक्सिन लग चुकी है यदि एग्जाम के दौरान कोई छात्र संक्रमित होता है तो उसे अगले सेमेस्टर मे मौका दिया जाएगा। एग्जाम कोरोना प्रोटोकॉल को ध्यान में रखकर कराए जाएंगे।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार की तो आफ लाइन परीक्षा कराने की मंशा है। उसको लेकर तैयारी भी की जा रही है। जल्द हि इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हालात को देखते हुए अन्य विकल्प पर भी विचार हो सकता है।
बता दे कि कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती देख   कॉलेज छात्र छात्राओं में यह संशय बना हुआ था कि  यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों की परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी या ऑफलाइन? आज इसको लेकर स्थिति साफ हो गई ।

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स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ राष्ट्र का लक्ष्य रखें : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह  चौहान
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बच्चों को प्रदान की गईं बाल रक्षा किट मुख्यमंत्री आरोग्य भारती के सुपोषण अभियान कार्यक्रम में हुए शामिल
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भोपाल। मंगलवार,18 जनवरी 
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार और एक स्वस्थ राष्ट्र का लक्ष्य सामने रखकर हम सभी को कार्य करना है। स्वर्ण प्राशन सहित सोलह संस्कार वैज्ञानिक हैं। बच्चों को बलवान और बुद्धिमान बनाने में यह उपयोगी है। भारतीय परिवारों में इसी वजह से स्वर्ण प्राशन संस्कार प्राचीन समय से प्रचलित रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंगलवार को तुलसी नगर में आरोग्य भारती कार्यालय में सुपोषण अभियान के अंतर्गत बच्चों को इम्युनिटी बूस्टर माने गए स्वर्ण प्राशन का प्रदाय कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हजारों वर्ष प्राचीन शैल चित्र भी यह दर्शाते हैं कि स्वस्थ मनुष्य ही संपूर्ण सुखी जीवन जी सकता है। प्रयास यह होना चाहिए कि व्यक्ति बीमार ही न हो।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आयुर्वेद के क्षेत्र में हमारे ज्ञान-वान आचार्यों ने प्राचीनकाल से बैक्टीरिया जनित रोगों से लड़ने के लिए स्वर्ण प्राशन जैसे रसायन का निर्माण किया था। स्वर्ण प्राशन का अर्थ है स्वर्ण (सोना) का सेवन। इसका सेवन पुष्प नक्षत्र के दौरान किया जाता है। स्वर्ण प्राशन बच्चों में विभिन्न रोगों से लड़ने की क्षमता का निर्माण करने में उपयोगी है। स्वर्ण प्राशन बच्चों को चटाया जाता था। ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार परिवार इस का व्यय वहन नहीं कर पाते थे। तब साधारण शहद चटाकर भी संस्कार संपन्न होता था। स्वर्ण प्राशन में स्वर्ण भस्म के साथ ही घी, शहद, गिलोय, शंखपुष्पी और अश्वगंधा जैसे मिश्रण होते हैं। बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए इसका काफी महत्व रहा है। जन्म से लेकर सोलह साल की आयु तक अभिभावक बच्चों को इसका सेवन करवाते हैं। हालांकि अब ग्रामों में भी ये परंपरा लुप्त हो रही है। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की इस परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य सराहनीय है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्वर्ण प्राशन के प्रचार-प्रसार की आरोग्य भारती की कोशिशें तारीफ के काबिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि दैनिक जीवन में आयुर्वेद का काफी महत्व है। भोपाल का पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक महाविद्यालय एक आदर्श केंद्र है। यहाँ पंचकर्म जैसी सुविधाएँ भी हैं। इस कॉलेज को शोध केंद्र बनाने का प्रयास है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वैद्य पं. रामनारायण शास्त्री की सेवाओं का स्मरण भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्वर्ण प्राशन वितरण के लिए आरोग्य भारती और अन्य संस्थाएँ एक ग्राम अथवा एक आँगनवाड़ी गोद ले सकती हैं। निश्चित ही इसके लाभ समाज तक पहुँचेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में कुछ बच्चों को बाल रक्षा किट प्रदान की। इसमें एक माह की दवा दी गई है। मुख्यमंत्री ने समाज और सरकार के संयुक्त प्रयासों से इस दिशा में प्रयत्न बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उत्तरप्रदेश से आए आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव श्री अशोक कुमार वार्ष्णेय ने भी संबोधन दिया। मंत्र उच्चारण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ और समापन हुआ।
डॉ. उमेश शुक्ला सहित अनेक आयुर्वेदिक चिकित्सक कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आरोग्य भारती कार्यालय परिसर में पौधा भी लगाया। आयुष मंत्री श्री रामकिशोर कावरे भी उपस्थित थे। डॉ. अभिजीत देशमुख ने आभार माना।

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टीकाकरण कार्य के लिए मंत्रीगण नेतृत्वकारी भूमिका निभाएँ : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान
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कोविड से बचाव, उपचार और प्रबंधन की हो नियमित समीक्षा
मुख्यमंत्री ने मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले किया संबोधित
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भोपाल। मंगलवार,18 जनवरी  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मंत्रीगण जिलों में स्वास्थ्य अधो-संरचना पर नजर रखें। अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहें। टीकाकरण कार्य संतोषजनक है, लेकिन इसे शत-प्रतिशत करना है। कोई भी व्यक्ति वैक्सीन डोज से न छूटे। कोविड की तीसरी लहर में संक्रमण की स्थिति पर निगाह रखते हुए आर्थिक गतिविधियाँ पूरी सावधानियों के साथ संचालित की जाएँ। गरीब वर्ग के काम-धंधे प्रभावित न हों, सभी व्यक्ति मास्क और परस्पर दूरी की सावधानियों को अपनाएँ। मंत्रीगण नेतृत्वकारी भूमिका निर्वहन कर कोविड नियंत्रण में पहले की दोनों लहरों के समान जन-सहयोग प्राप्त करने का कार्य करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रियों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मंत्रीगण कोरोना से बचाव, उपचार और प्रबंधन के कार्यों एवं अधो-संरचनात्मक व्यवस्थाओं का निरंतर जायजा लेते रहे। होम आइसोलेशन व्यवस्था पर भी मंत्री एवं अन्य जन-प्रतिनिधि नजर रखें। यह सुनिश्चित करें कि चिकित्सकों द्वारा प्रतिदिन संक्रमित रोगियों के स्वास्थ्य की जानकारी दूरभाष पर ली जाए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश बड़े राज्यों की श्रेणी में कोविड नियंत्रण में सफल राज्यों में शामिल है। अन्य प्रांतों में जहाँ पॉजिटिविटी 10 से ऊपर है, देश में यह 14.75 है वहीं मध्यप्रदेश में मात्र 7 प्रतिशत है। प्रदेश में वैक्सीन के प्रथम डोज का 97 और द्वितीय डोज का 90. 6 प्रतिशत है। इसके बावजूद हमें असावधान नहीं होना है, जो नागरिक संक्रमण से प्रभावित हैं उनकी पूरी देख-रेख और उपचार का कार्य मिलकर करना है। उनका मनोबल भी बढ़ाना है। मध्यप्रदेश के कोविड नियंत्रण के जन-भागीदारी के मॉडल का वर्तमान स्थितियों में भी उपयोग करते हुए आमजन को समस्या से बाहर निकालकर लाने का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य में सभी के सहयोग से सफलता मिलेगी। 
अपर मुख्य सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि राज्य में सिर्फ 2.2 पॉजिटिव प्रकरणों में रोगी अस्पतालों में भर्ती हैं। शेष होम आइसोलेशन का लाभ ले रहे हैं। कोविड केयर सेंटर और घरों में संक्रमित नागरिकों को चिकित्सकों का मार्गदर्शन मिल रहा है। होम आइसोलेशन में रह रहे नागरिकों से नियमित संवाद भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि कल रात्रि उन्होंने रेन बसेरों में जाकर वहाँ रात गुजारने वाले नागरिकों से भेंट की है। मंत्रीगण भी जिलों में रैनबसेरा जैसे स्थान देखें। नागरिकों को शीत के प्रकोप से बचाने की व्यवस्थाएँ भी देखें। इस कार्य में सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी प्राप्त करें। निर्धन तबके और निराश्रित व्यक्तियों की सहायता का कार्य हो।

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आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश की कल्पना साकार करने में करदाताओं का महत्वपूर्ण योगदान - वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा
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भोपाल। सोमवार,17 जनवरी ( देवेन्द्र कुमार जैन )
वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि भारत को 5 ट्रिलियन की अर्थ-व्यवस्था बनाने और आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने में करदाताओं का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि बेहतर कराधान व्यवस्था और संग्रहीत करों से सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो पाता है।
वित्त मंत्री श्री देवड़ा सोमवार को प्रशासन अकादमी में वर्ष 2022-23 का प्रदेश को बजट तैयार करने की प्रक्रिया में करदाताओं, कर विशेषज्ञों और उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के प्रतिनिधियों से बजट पूर्व चर्चा कर रहे थे।
श्री देवड़ा ने कहा कि कोविड महामारी के बावजूद सभी के सहयोग से वित्तीय वर्ष 2020-21 में जीएसटी, वेट और वृत्ति कर से 32 हजार 764 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ । चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में 38 हजार 82 करोड़ की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सबका सहयोग महत्वपूर्ण और सराहनीय रहेगा।
वित्त मंत्री ने समय पर कर भरने और प्रदेश के विकास के प्रति संवेदनशील रहने के लिये करदाताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय पर रिटर्न और जीएसटी का भुगतान करने से मध्यप्रदेश ने जीएसटी रिटर्न फाइल करने में देश के अग्रणी पाँच राज्यों में स्थान बना लिया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय संसाधनों के प्रबंधन और अनुशासन में प्रथम स्थान पाने के लिये निरंतर प्रयास जारी रखना होगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट निर्माण के लिये आपके सुझाव अमूल्य साबित होंगे। व्यावसायिक गतिविधियों को और ज्यादा गतिशील बनाने में आपके अनुभव का लाभ प्रदेश को मिलेगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी के संबंध में प्राप्त सुझावों को जीएसटी काउंसिल के सामने रखा जायेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि करदाताओं के महत्वपूर्ण सुझावों से अर्थ-व्यवस्था को गति देने में मदद मिलेगी। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन से आये उद्योग समूहों, कर सलाहकार, चार्टर्ड अकाउंटेंट ने अपने सुझाव रखे।
प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्रीमती दीपाली रस्तोगी, सचिव वित्त श्री ज्ञानेश्वर पाटिल, आयुक्त वाणिज्यिक कर श्री लोकेश कुमार जाटव, उप आयुक्त सीजीएसटी श्री पराग अग्रवाल उपस्थित थे। अपर आयुक्त वाणिज्यिक कर श्री राघवेन्द्र सिंह ने आभार व्यक्त किया।

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शासकीय यूनानी महाविद्यालय का कन्या छात्रावास हर हाल में जुलाई से शुरू हो
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आयुष राज्य मंत्री श्री रामकिशोर कांवरे की अध्यक्षता में हुई सामान्य सभा की बैठक
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भोपाल ।सोमवार, 17जनवरी ( देवेन्द्र कुमार जैन )
आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रामकिशोर कांवरे ने अधिकारियों को निर्देश दिये है कि भोपाल के हमीद सै. जियाउल हसन शासकीय स्वशासी यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय के कन्या छात्रावास भवन के निर्माण को पूरा कर हर हाल में जुलाई माह से शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने महाविद्यालय परिसर में जल्द ही हर्बल गार्डन विकसित करने को भी कहा। राज्य मंत्री श्री कांवरे सोमवार को यूनानी महाविद्यालय एवं चिकित्सालय की सामान्य सभा की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
राज्य मंत्री श्री कांवरे ने केन्द्रीय आयुष मंत्रालय में लंबित प्रस्तावों की भी समीक्षा की। राज्य मंत्री श्री कांवरे ने कहा कि यूनानी चिकित्सालय की आय के स्त्रोत बढ़ाये जाएँ। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के छात्रों को रोजगार मिले, इसके लिये उनकी काउंसलिंग की व्यवस्था हो।
बताया गया कि महाविद्यालय परिसर में करीब सवा 5 करोड़ की लागत से 180 सीटर कन्या छात्रावास भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। परिसर में करीब पौने 2 करोड़ की लागत से यूनानी हम्माम बनाये जाने का भी प्रस्ताव है। हम्माम में हड्डी रोग से जुड़े रोगों के इलाज की बेहतर व्यवस्था होती है। यूनानी महाविद्यालय में पोस्ट ग्रेज्यूएशन के कोर्स प्रांरभ करने के लिये पौने 2 करोड़ की लागत से यूनानी लेब तैयार किये जाने का भी प्रस्ताव है।
बताया गया कि महाविद्यालय में 300 छात्रों के अध्ययन की व्यवस्था है। यहाँ यूनानी चिकित्सा पद्धति के हर्बल गार्डन विकसित करने के लिए 2 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। महाविद्यालय द्वारा यूनानी चिकित्सा पद्धति को जन-सामान्य तक पहुँचाने के लिए राजधानी के नजदीक तीन गाँव बरखेड़ा नाथू, मुगालिया छाप और सिकन्दराबाद को गोद लिया गया है। इन गाँवों में निरन्तर यूनानी चिकित्सा पद्धति के शिविर लगाकर लगाये जा रहे हैं। प्राचार्य डॉ. मेहमूदा बेगम ने बताया कि वर्ष 2022-23 से महाविद्यालय में यूनानी के पीजी कोर्स प्रारंभ किये जाने का प्रस्ताव केन्द्रीय आयुष मंत्रालय को भेजा गया है।

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कॉलरवाली बाघिन के नाम से मशहूर "सुपर टाइग्रेस मॉम" अब इस दुनिया में नहीं रही, वन्यप्राणी प्रेमियों में शोक की लहर 
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भोपाल। रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन 
पेंच टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश,इंडिया को विश्व में पहचान दिलाने वाली मादा बाघ 'टी 15' जिसे स्थानीय रूप से 'कॉलरवाली' के नाम से जाना जाता है, अब इस दुनिया में नहीं रही। इससे सम्पूर्ण पार्क प्रबंधन से लेकर विश्व के वन्यप्राणी प्रेमियों में शोक की लहर व्याप्त है। पेंच टाईगर रिजर्व, सिवनी के अंतर्गत परिक्षेत्र कर्माझिरी के बीट कुम्भादेव के कक्ष क्रमांक 589 में कॉलरवाली बाघिन ने 15 जनवरी 2022 को सायं 6.15 बजे अंतिम सांस ली। ईको विकास समिति कर्माझिरी की अध्यक्ष श्रीमती शांताबाई सरयाम ने रविवार को पेंच टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में रहने वाले समस्त नागरिकों की ओर से श्रद्धांजलि देते हुए विश्व प्रसिद्ध बाघिन कॉलरवाली को मुखाग्नि दी।
कुल आठ बार में 29 शावकों को जन्म देकर विश्व रिकार्ड बनाया 
बाघिन टी 15 का जन्म वर्ष 2005 के सितंबर माह में उस समय की विख्यात बाघिन बड़ी मादा से हुआ था। आगे चलकर बड़ी मादा की मृत्यु के पश्चात् कॉलरवाली ने अपनी मां की विरासत को गौरवपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। कॉलरवाली बाघिन ने मई 2008 से दिसम्बर 2018 के मध्य कुल आठ बार में 29 शावकों को जन्म दिया और पेंच में बाघों का कुनबा बढ़ाने में अपना अविस्मरणीय योगदान दिया। एक बाघिन का अपने जीवन काल में 29 शावकों को जन्म देना एक विश्व रिकार्ड है एवं 29 शावकों में से 25 शावकों को जन्म पश्चात् एक बाघिन द्वारा जीवित रख पाना भी अपने आप में अभूतपूर्व कीर्तिमान है। कॉलरवाली बाघिन ने मई 2008 में प्रथम बार में तीन शावकों को, अक्टूबर 2008 में चार शावकों को, अक्टूबर 2010 में पांच शावकों को, मई 2012 में तीन शावकों को, अक्टूबर 2013 में तीन शावकों को अप्रेल 2015 में चार शावकों को, 2017 में तीन शावकों को एवं दिसम्बर 2018 में चार शावकों को जन्म दिया था। 
कॉलरवाली बाघिन की ही संतान बाघिन (टी4) 
वर्तमान में पाटदेव बाघिन (टी4) जो कि अपने पांच शावकों के साथ पार्क की शोभा बढ़ा रही है। वह कॉलरवाली बाघिन की ही संतान है पार्क प्रबंधन को पूर्ण विश्वास है कि यह बाघिन शीघ्र ही अपनी मां का स्थान लेकर कॉलरवाली की विरासत को आगे बढ़ाएगी।   
पार्क प्रबंधन के वन्यप्राणी चिकित्सक द्वारा विगत एक सप्ताह से लगातार निगरानी रखी जा रही थी। मृत्यु उपरांत पार्क प्रबंधन के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. अखिलेश मिश्रा एवं डॉ. अमोल रोकड़े, पशु चिकित्सक एस.डब्ल्यू.एफ.एच. (स्कूल आफ वाईल्ड लाईफ एंड फारेंसिक हेल्थ, जबलपुर) द्वारा 16 जनवरी 2022 को प्रातः नेशनल टाइगर कॉन्सेर्वशनअथॉरिटी के एस.ओ.पी. के अनुसार शव परीक्षण कर, विसरा अंगों का प्रयोगशाला अन्वेषण हेतु संग्रहण किया। लगभग 16.5 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी इस बाघिन की मृत्यु उसकी वृद्धावस्था के कारण होना पुष्ट हुआ है। उपरोक्त कार्यवाही में क्षेत्र संचालक श्री अशोक मिश्रा, उप संचालक श्री अधर गुप्ता, सहायक वन संरक्षक श्री बी.पी.पी.तिवारी, परिक्षेत्र अधिकारी श्री आशीष खोब्रागड़े, एन.टी.सी.ए. के प्रतिनिधि श्री विकृांत जठार, श्री राजेश भेण्डारकर, जिला पंचायत सदस्य श्री रामगोपाल जयसवाल, पार्क प्रबंधन के पंजीकृत गाईड एवं रिसोर्ट प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रसार के लिए चिकित्सा संस्थान आगे आये :मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान।
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प्राइवेट चिकित्सा संस्थान सेवा-भाव और समर्पण से मरीजों को ईलाज मुहैया करवाये। नेशनल अस्पताल में विश्व स्तरीय कैथ लेब का लोकार्पण।-----------------------------

भोपाल।रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रसार के लिए बड़े चिकित्सा संस्थानों को आगे आने का आव्हान किया है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सुनियोजित पॉलिसी लाने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान रविवार को भोपाल के नेशनल अस्पताल में विश्व की आधुनिक और मध्य भारत की पहली आधुनिक कैथ लेब का उद्घाटन कर सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिरीक्षक श्री विवेक जौहरी, मुख्यमंत्री श्री चौहान की धर्म पत्नी श्रीमती साधना सिंह और अस्पताल के प्रमुख डॉ. पी. के. पांडे उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज का दिन देश के लिए भी विशेष और महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज ही के दिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड से युद्ध के लिए वैक्सीन की शुरुआत की थी। उन्होंने वैज्ञानिकों सहित डॉक्टर्स और वैक्सीनेशन से जुड़े हर एक व्यक्ति और संस्थाओं को धन्यवाद भी दिया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नेशनल अस्पताल में आज से ह्रदय रोगियों के लिये शुरू हुई यह कैथ लेब परफेक्ट रिजल्ट देगी, जिससे रोगी का एकदम सही उपचार हो सकेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कोविड काल में चिकित्सा संस्थानों के मिले सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पताल सेवाभावी बने और व्यावसायिक मानसिकता से बचें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि समर्पण भाव से की गई रोगियों की सेवा से बड़ा कोई महान प्रतिफल हो ही नहीं सकता। नेशनल अस्पताल इस नए कैथ लेब के मार्फ़त मध्यभारत में अपने सेवा-भाव से नई पहचान स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कैथ लेब का उद्घाटन कर लेब के तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली।

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सहायता राशि के साथ फसल बीमा की 25 प्रतिशत अग्रिम क्लेम राशि दी जाएगी : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

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मुख्यमंत्री पहुँचे ओला प्रभावित किसानों के खेतों में उनारसीकलां और छोटी राघोगढ़ गाँव में ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का किया अवलोकन

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भोपाल । शनिवार, जनवरी ( देवेन्द्र कुमार जैन )
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की पूरी भरपाई की जाएगी। फसलों में 50 फीसदी से अधिक नुकसान होने पर किसानों को प्रति हेक्टेयर 30 हज़ार रुपये की क्षतिपूर्ति के साथ ही फसल बीमा योजना का लाभ भी दिया जाएगा। बीमा कम्पनी से 25 प्रतिशत क्लेम राशि अग्रिम रूप से दिलाई जाएगी और शेष 75 प्रतिशत राशि क्लेम फाइनल होने पर दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रभावित किसानों के कर्ज को अल्पकालीन से मध्यमकालीन करने और एक वर्ष के ब्याज की राशि राज्य शासन द्वारा भरे जाने की घोषणा भी की।
      मुख्यमंत्री श्री चौहान शनिवार को विदिशा जिले की लटेरी तहसील के ग्राम उनारसी कलां में ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त हुई का फसलों को जायज़ा लेने के बाद किसानों को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों के धनिया, गेहूँ, चना और सरसों के खेत में जाकर ओला से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया और किसानों को ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संकट की इस घड़ी में मैं किसानों के साथ हूँ, किसान चिंता न करें, उनके हुए नुकसान की पूरी भरपाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि फसलों के सर्वे कार्य में पारदर्शी व्यवस्था अपनाई जाए और सर्वे सूची ग्राम पंचायत भवन में चस्पा करें। कोई भी किसान सर्वे से छूटना नहीं चाहिये। जिन किसानों को आपत्ति हो उनकी फसल का पुनः सर्वे किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में ओलावृष्टि से जहाँ भी क्षति हुई है, वहाँ पूरी संवेदनशीलता के साथ सर्वे कर सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने ईंट भट्टा, घरों और मवेशी आदि की क्षति के लिए भी सहायता राशि नियमानुसार दिए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों को आश्वस्त किया कि वे घबराएँ नहीं, सरकार पूरी संवेदनशील के साथ किसानों के साथ है और उन्हें हर संभव सहायता दी जाकर योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान कहा कि सिरोंज सहित सीमावर्ती जिले के आरोन, राघोगढ़ और चाचौड़ा में भी फसलों को नुकसान पहुँचा है। इन क्षेत्रों में भी फसलों के नुकसान की भरपाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों से रू-ब-रू होकर संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि उनारसी कलां बड़ा गाँव है। यहाँ अस्पताल निर्माण करवाया जाएगा, जिससे आसपास के दर्जनों गाँव के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ग्राम छोटी राघोगढ़ में बुजुर्ग किसान श्रीमती फूलबाई के खेत में फसल का जायजा लेने पहुँचे। ओलावृष्टि से चने की फसल को हुए नुकसान की जानकारी देते हुए फूलबाई की आँखें नम हो गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने फूलबाई को गले लगाया और उसके आँसू पौछते हुए कहा कि चिंता ने करें आपका भाई नुकसान की पूरी भरपाई करवाएगा। उन्होंने श्रीमती फूलबाई को तत्काल 50 हज़ार रुपये की सहायता उपलब्ध कराने  के निर्देश जिला कलेक्टर को दिये।
उल्लेखनीय है कि उनारसी कलां और छोटी राघोगढ़ सहित लटेरी तहसील के लगभग 18 गाँव में 1720 किसानों की करीब 2 हजार हेक्टेयर से अधिक चना, धनिया, सरसो और गेहूँ की फसल को नुकसान हुआ है। राजस्व अमले ने सर्वे कर 5 करोड़ 50 लाख रूपये की सहायता राशि पारित की है।

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ग्राम स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की कोविड नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका - मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

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मुख्यमंत्री से मिले सरपंच संघ के प्रतिनिधि से।
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भोपाल।शनिवार,15 जनवरी( देवेन्द्र कुमार जैन )
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ग्राम स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों की कोरोना संक्रमण के नियंत्रण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रुप के सदस्य प्रदेश में कोरोना की पहली और दूसरी लहर में उल्लेखनीय भूमिका का निर्वाह कर चुके हैं। वर्तमान तीसरी लहर की आक्रामकता भले कम हो लेकिन सभी सावधानियों को बरतने की आवश्यकता है। इस दिशा में ग्राम में हमारे जागरूक पंचायत प्रतिनिधि जो पूर्व में उत्तरदायित्व निभा चुके हैं, उन्हें समाज हित में सक्रिय होना है। टीकाकरण कोरोना संक्रमण से बचाव का सशक्त माध्यम है। यह मजबूत सुरक्षा चक्र है। टीकाकरण से शेष रहे लोगों के घर-घर जाकर उन्हें वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करना है। किशोर वर्ग के लिए चल रहे टीकाकरण कार्य को भी गति देना है, जिससे कोई भी पात्र किशोर वैक्सीनेशन से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान शनिवार को  निवास पर सरपंच संघ के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान को सरपंच संघ ने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों को पूर्ण करने के संबंध में सुझाव-पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने प्राप्त सुझावों के अध्ययन के पश्चात आवश्यक निर्णय लेने का आश्वासन दिया। सरपंच संघ के पदाधिकारी और जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री गुलजारी लाल नंदा को किया नमन
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भोपाल। शनिवार,15 जनवरी( देवेन्द्र कुमार जैन )
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री गुलजारी लाल नंदा की 23वीं पुण्य-तिथि पर मुख्यमंत्री निवास सभाकक्ष में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्व. श्री नंदा के योगदान का स्मरण भी किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ट्वीट किया है- “भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्री गुलजारी लाल नंदा जी की पुण्य-तिथि पर उनके चरणों में नमन करता हूँ। उनके पुण्य विचारों की ज्योत सर्वदा हम सबको राष्ट्र एवं समाज की उन्नति के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित करती रहेगी

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तीसरी लहर को जन-सहयोग के मॉडल से रोकेंगे – मुख्यमंत्री श्री चौहान

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भोपाल । शुक्रवार,14 जनवरी ( देवेन्द्र कुमार जैन )
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोविड के नियंत्रण में मध्यप्रदेश का जन-भागीदारी मॉडल तीसरी लहर में भी काम आएगा। कोविड की पहली और दूसरी लहर में जिस तरह से जन-सहयोग से संकट की स्थितियों से निपटते हुए कार्य हुआ है उसी तरह एक बार फिर सरकार और नागरिक मिलकर तीसरी लहर को पराजित करेंगे। संयुक्त रूप से किए जाने वाले प्रयत्नों को सफलता मिलेगी, मानवता जीतेगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा निवास से प्रदेश के जिलों में कोविड की स्थिति, किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ले रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों से संवाद कर उनके सुझाव प्राप्त किए। केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और राज्य के मंत्री भी वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा चर्चा और बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास से हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े सभी जन-प्रतिनिधियों और अधिकारियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ दी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि तीसरी लहर के रूप में एक बड़ी चुनौती हमारे सामने है। घबराना नहीं है, सजग और सतर्क रहना है। कोरोना के केस तेजी से बढ़ने की आशंका भी है। पूरी दुनिया की तरफ से एक तथ्य आया है कि इस लहर में जो संक्रमित होते हैं, उसकी गंभीरता कम है। इसलिए अस्पताल में भर्ती होने वाले प्रकरण अभी लगभग तीन प्रतिशत से थोड़े ज्यादा है। पिछली लहर में 40 प्रतिशत तक रोगी भर्ती करने पड़ते थे। अब तक हुए शोध के बाद विशेषज्ञों का मत है कि इस वैरिएंट का असर गले तक रहता है। यह लंग्स को अधिक प्रभावित नहीं करता है। लेकिन इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि हम सजग न रहें। पूरी सजगता से इस लहर का मुकाबला करते हुए कोविड महामारी से हमें जीतना है] यह हमारा संकल्प भी है। प्रदेश में अभी 21 हजार 394 मरीज होम आयसोलेशन में हैं। इन्हें आवश्यक सुविधाएँ दी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज इस चर्चा में ब्लॉक के साथ वार्ड और पंचायतों की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियाँ भी जुड़ी हैं। मैं अपील करता हूँ कि कोरोना टेस्ट केलिए जिलों को जो लक्ष्य दिए हैं वे पूरे होने चाहिए। जन-प्रतिनिधि अपने क्षेत्र में टेस्टिंग पर ध्यान दें। गाँव और पंचायत की क्राइसिस मैनेजमेंट से भी अपील है कि अगर गाँव में किसी को भी जरा भी सर्दी और जुकाम है तो उनका टेस्ट करवाने की प्रेरणा दें। मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों से अपील की कि वे यह देखें कि टीकाकरण से कोई न छूटे। घर-घर दस्तक देकर 15 से 18 वर्ष के नौजवानों का 100 प्रतिशत टीकाकरण करवाएँ। कोविड से बचने का यह सशक्त माध्यम है। सभी जिले फीवर क्लीनिकों में टेस्टों की संख्या बढ़ा दें। पर्याप्त मात्रा में फीवर क्लीनिक होना चाहिए। टेस्ट की रिपोर्ट 24 घंटे में आ जानी चाहिए ताकि कोई भी स्प्रेडर के रूप में न घूमें। अगर कोई पॉजिटिव आता है तो उसे घर में आयसोलेट कर मेडिकल किट दी जाए। इससे संक्रमित की दवा समय पर शुरू हो जाएगी और इंफेक्शन नहीं बढ़ेगा। अगर होम आयसोलेशन की व्यवस्था नहीं है तो कोविड केयर सेंटर में संक्रमित को भर्ती किया जाए। संक्रमित व्यक्ति को भर्ती करने केलिए एंबुलेंस की व्यवस्था रहे, जिससे उसे समय पर अस्पताल पहुँचाया जा सके। ब्लॉक स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी भी ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी से समन्वय कर संदिग्ध व्यक्तियों की टेस्टिंग करवाएँ। एक कंट्रोल रूम बनाकर 24 घंटे व्यवस्था बनाए रखें।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि क्राइसिस मैनेजमेंट समिति के सदस्य यह तय कर लें कि संक्रमितों को कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाए। जिला स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों का महत्वपूर्ण काम है कि वे आमजन में कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करवाएँ। सभी को जागरूक करें कि घर से बाहर निकलने पर मास्क अवश्य लगाएँ। साथ ही यह भी देखें कि किसी स्थान पर अधिक भीड़-भाड़ न हो और नियमित रूप से टेस्ट होते रहें।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी कमिश्नर्स को निर्देश दिए कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें कि 24 घंटे में टेस्टिंग की रिपोर्ट आ जाए। मेडिकल कॉलेजों में जो लेब हैं, उसकी निगरानी करें। भारत सरकार के पोर्टल पर आवश्यक जानकारियां अपलोड करने और अन्य सभी व्यवस्थाओं को पब्लिक डोमेन पर रखने का कार्य भी किया जाए। जिले की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी को अपने जिले के कोविड केयर सेंटर की सुचारू संचालन की व्यवस्था देखना है। सिविल अस्पतालों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाएँ चाक-चौबंद रहें। हमारे पास आईसीयू बेड, ऑक्सीजन बेड, सामान्य बिस्तर पर्याप्त संख्या में हैं। कोविड केयर सेंटर्स के आईसीयू बेड्स, ऑक्सीजन बेड्स, सामान्य बिस्तर चेक कर लें। ऑक्सीजन प्लांट चलाकर देखें। वेंटीलेंटर्स, कन्संट्रेटर सहित जितने भी आवश्यक उपकरण हैं उनकी व्यवस्था देख लें। संसाधनों की कमी नहीं रहनी चाहिए। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता जनता की जन्दगी बचाना है और संकट के समय उनके साथ खड़े रहना है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड और एयरपोर्ट पर टेस्टिंग की व्यवस्था रहे। होम आयसोलेशन में रह रहे मरीजों से बात की जाए। निजी अस्पतालों को मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना में अनुबंधित रखा जाए। निजी अस्प्ताल के लिए जो पैकेज तय किया गया है उससे ज्यादा पैसे अस्पताल प्रबंधन न ले। ऑक्सीजन सिलेण्डर उपलब्ध और क्रियाशील रहें। एक महीने की दवाइयों की व्यवस्था रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि टेस्ट, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, पॉजिटिव आने पर होम आयसोलेशन, मेडिकल किट वितरण, आवश्यकता पड़ने पर एंबूलेंस की व्यवस्था, कोविड केयर सेंटर में भर्ती करते हैं तो ऑक्सीजन की व्यवस्था, दवाइयों की व्यवस्था, टीकाकरण और कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन कर जनता को तीसरी लहर से सुरक्षित निकाल कर ले जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज लगभग डेढ़ घंटे चली वीडियो कॉन्फ्रेंस में अनेक जन-प्रतिनिधियों और कलेक्टर्स से संवाद किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान में कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की लहर पूरे विश्व में चल रही है। इसकी आक्रामकता अधिक नहीं है। लेकिन हमें सावधान और सजग रहना है। साथ ही सभी व्यवस्थाएँ चाक चौबंद रहें, यह बहुत आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सबसे पहले कलेक्टर इंदौर से चर्चा की। इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा नगर है, जहाँ प्रदेश के नए पॉजिटिव रोगियों में से एक तिहाई रोगी सामने आए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इंदौर के अस्पतालों में किए गए प्रबंध की जानकारी ली। इंदौर में निजी तौर पर अधिक टेस्ट की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए यदि प्रायवेट रूप से टेस्ट हों तो उन्हें भी रिकॉर्ड में लिया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल कलेक्टर से बात की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल कलेक्टर से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कलेक्टर भोपाल ने बताया कि प्रतिदिन पॉजिटिव रोगियों की सूची आते ही तत्काल उनके लिए आवश्यक प्रबंध किए जाते हैं। शत-प्रतिशत पॉजिटिव रोगियों को मेडिकल किट प्रदान की जाती है। उन्हें समझाइश का पेंपलेट भी देते हैं। उनसे चिकित्सक फोन से संपर्क में रहते हैं। मुख्यमंत्री ने सागर, उज्जैन, सीधी, रीवा, ग्वालियर, जबलपुर, पन्ना, बड़वानी, विदिशा, भिण्ड, श्यौपुर और मण्डला के कलेक्टर से भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री