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अमेरिका-इजरायल के ईरान के साथ युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट "बेहद गंभीर" है और यह 1970 के दशक केनु तेल संकट से भी बदतर हो गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फातिह बिरोल ने सोमवार को यह चेतावनी दी, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को खतरा बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान से जुड़े युद्ध के कारण पैदा हुआ वैश्विक ऊर्जा संकट 1970 के दशक के तेल संकटों से भी अधिक गंभीर हो सकता है।

श्री बिरोल ने कैनबरा के नेशनल प्रेस क्लब में बोलते हुए कहा कि एजेंसी बाजार की स्थितियों पर कड़ी नजर रख रही है और यदि व्यवधान बढ़ता है, तो सदस्य देशों के साथ समन्वय में कार्रवाई करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "यदि आवश्यक हुआ, तो निश्चित रूप से हम ऐसा करेंगे। हम बाजारों का विश्लेषण करेंगे और सदस्य देशों के साथ परामर्श करेंगे।" इस महीने की शुरुआत में, संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल के बाजारों में आई तेजी के बाद कीमतों को स्थिर करने के लिए एजेंसी के सदस्य रणनीतिक भंडार से रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमत हुए थे।

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब भू-राजनीतिक तनाव तब बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि तेहरान वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोलता है, तो 48 घंटों के भीतर ईरानी बिजली संयंत्रों को "नष्ट और समाप्त" कर दिया जाएगा। श्री ट्रम्प ने 'टुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा कि जलमार्ग तक पहुंच बहाल करने में विफल रहने पर प्रमुख ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमले किए जाएंगे। यह चेतावनी तनाव में भारी वृद्धि का संकेत है, विशेष रूप से उनके हालिया बयानों के बाद जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका इस क्षेत्र में सैन्य अभियानों को "कम करने" पर विचार कर रहा है।

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🌟 आज का राशिफल (24 मार्च 2026) – सभी राशियों के लिए
आज का दिन ज्यादातर राशियों के लिए संतुलन, धैर्य और प्रगति का संकेत दे रहा है। कुछ राशियों को करियर और धन में स्थिरता मिलेगी, वहीं कुछ को अपने व्यवहार और स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा। �
Navbharat Times
🔴 मेष (Aries)
आज आर्थिक और पारिवारिक मामलों पर ध्यान देना जरूरी है। जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। वाणी में संयम रखें।
🟢 वृषभ (Taurus)
आज का दिन आपके लिए काफी अच्छा है। करियर में उन्नति और सम्मान मिल सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा। �
The Times of India
🟡 मिथुन (Gemini)
आज आप थोड़ा अकेलापन पसंद करेंगे। आत्मचिंतन और आध्यात्मिकता की ओर झुकाव रहेगा। धैर्य रखें। �
Navbharat Times
🟣 कर्क (Cancer)
परिवार का सहयोग मिलेगा। काम में सफलता मिल सकती है। भावनात्मक संतुलन बनाए रखें।
🔵 सिंह (Leo)
आज आपकी सामाजिक छवि मजबूत होगी। सम्मान और पहचान मिलने के योग हैं। लेकिन अहंकार से बचें।
⚪ कन्या (Virgo)
करियर में प्रगति और विदेश से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। निवेश के लिए अच्छा दिन है। �
Navbharat Times
🟤 तुला (Libra)
रिश्तों और साझेदारी में ध्यान देने की जरूरत है। संतुलन बनाकर चलें, फायदा होगा।
⚫ वृश्चिक (Scorpio)
आज आपकी क्रिएटिविटी बढ़ेगी। पार्टनरशिप में लाभ और रिश्तों में सुधार होगा। �
Navbharat Times
🟠 धनु (Sagittarius)
स्वास्थ्य और दिनचर्या पर ध्यान दें। काम में लापरवाही नुकसान दे सकती है।
🟩 मकर (Capricorn)
आर्थिक मामलों में स्थिरता आएगी। नए अवसर मिल सकते हैं। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। �
Navbharat Times
🟦 कुंभ (Aquarius)
घर और परिवार से जुड़ी बातें महत्वपूर्ण रहेंगी। भावनात्मक संतुलन बनाए रखें।
🟪 मीन (Pisces)
आज साहस और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे। आध्यात्मिक रुचि बढ़ सकती है।
⭐ आज के लिए खास सलाह
गुस्से और जल्दबाजी से बचें
धन संबंधी फैसले सोच-समझकर लें
रिश्तों में स्पष्टता बनाए रखें
स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें

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सहारा इंडिया में जिन निवेशकों का पैसा फंसा हैं उनके लिए एक राहत की खबर आ रही है. जिन लोगों का पैसा पहले किसी गलती की वजह से नहीं मिल पाया था, वे अब अपनी जानकारी सुधार कर दोबारा आवेदन कर सकते हैं फंसे हुए पैसे का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने Sahara India से जुड़े रिफंड मामलों में प्रक्रिया को तेज करते हुए अब Resubmission Portal शुरू किया है, जिससे पहले रिजेक्ट हुए आवेदन भी दोबारा किए जा सकेंगे।

🔄 क्या है नया अपडेट?

सरकार ने Sahara Refund Portal पर Resubmission (दोबारा आवेदन) की सुविधा शुरू की है।
अब वे निवेशक, जिनका आवेदन किसी गलती या तकनीकी कारण से पहले अस्वीकार हो गया था, अपनी जानकारी सुधारकर फिर से क्लेम कर सकते हैं।

💰 ₹10 लाख तक के क्लेम पर मौका
इस बार सरकार ने राहत का दायरा बढ़ाते हुए अधिकतम रिफंड सीमा ₹10 लाख तक कर दी है।
पहले जहां छोटे अमाउंट वाले दावों पर फोकस था, अब बड़े निवेशकों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

⏱️ कितने समय में मिलेगा पैसा?

आवेदन की जांच: लगभग 30 दिन
अंतिम निर्णय और भुगतान प्रक्रिया: अगले 15 दिन
👉 कुल मिलाकर करीब 45 कार्य दिवस में रिफंड मिलने की उम्मीद है।

📋 आवेदन के लिए जरूरी शर्तें

रिफंड के लिए आवेदन करते समय निवेशकों को ये बातें ध्यान में रखनी होंगी:
आधार से लिंक मोबाइल नंबर होना जरूरी
बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए
निवेश से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे
सही और अपडेटेड जानकारी देना अनिवार्य है

📢 निवेशकों के लिए सुनहरा मौका

यह कदम उन लाखों निवेशकों के लिए राहत लेकर आया है जिनका पैसा लंबे समय से फंसा हुआ है। अब उन्हें एक और मौका दिया गया है कि वे अपनी गलती सुधारकर फिर से दावा कर सकें और अपना पैसा वापस पा सकें।

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23 मार्च 2026, सोमवार को कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर दोनों कीमती धातुओं के दामों में आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है।

📉 घरेलू बाजार में कीमतों का हाल
सोना: 9,759 रुपये गिरकर लगभग 1.34 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया
चांदी: 20,400 रुपये की बड़ी गिरावट के साथ 2.06 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई
यह गिरावट बाजार खुलते ही देखने को मिली, जिससे निवेशकों में हलचल बढ़ गई।

🌍 अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
वैश्विक बाजार में भी सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई:
सोना पिछले सप्ताह 5,200 डॉलर से गिरकर 4,354 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया
कॉमेक्स (COMEX) पर सोना करीब 3% गिरकर 4,462 डॉलर प्रति औंस रहा
चांदी की कीमत भी लगभग 3% गिरकर 67.5 डॉलर प्रति औंस तक आ गई
यह गिरावट 1983 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है।

⚠️ गिरावट की मुख्य वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार, सोना-चांदी में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं:

1. 🌐 भू-राजनीतिक तनाव
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान-इजरायल से जुड़े हालात, ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई है।

2. 🛢️ कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई का दबाव बढ़ा है, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरें घटाने में हिचक रहे हैं।

3. 💵 मजबूत डॉलर
अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोना विदेशी निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है।

4. 📈 बढ़ती बॉन्ड यील्ड
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशक सोने जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट से दूरी बना रहे हैं।

📊 निवेशकों के लिए क्या संकेत?
सोना और चांदी को आमतौर पर सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा हालात में:

शॉर्ट टर्म में दबाव बना रह सकता है
ब्याज दरों और डॉलर की चाल पर नजर रखना जरूरी है
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट अवसर भी बन सकती है

📝 निष्कर्ष
23 मार्च 2026 को दर्ज हुई यह गिरावट सिर्फ एक दिन की हलचल नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों का असर है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक ब्याज दरों, डॉलर और अंतरराष्ट्रीय तनाव पर निर्भर करेगी।

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*प्रकाशनार्थ*

*अमेरिका-इजरायल धुरी को चुनौती देता वामपंथ*
*(आलेख : डॉ. सिद्धार्थ रामू)*

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद दुनिया का जो देश इसके खिलाफ सबसे पहले मुखर होकर सामने आया और ठोस तरीके से अमेरिका-इजरायल के खिलाफ खड़ा हुआ, वह देश स्पेन है, इसके बावजूद कि स्पेन अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन नाटो का सदस्य है। वह उस यूरोपीय यूनियन का भी सदस्य है, जिसके अधिकांश देश खुले या थोड़ा ढंके तरीके से अमेरिका-इजरायल का समर्थन कर रहे हैं और उनका साथ दे रहे हैं। स्पेन में इस समय वामपंथ की ओर झुकी हुई स्पेनिश सोशिलिस्ट वर्कस पार्टी की सरकार है। वामपंथी पेड्रो सांचेज प्रधानमंत्री हैं।

यूरोप और पश्चिमी दुनिया में स्पेन की सरकार एकमात्र ऐसी सरकार है, जिसने साफ शब्दों में इस हमले को गैर-कानूनी (अवैध) कहा, इसे एक तरफ सैन्य कार्रवाई बताया। स्पेन के प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि हम इस युद्ध के खिलाफ हैं और इसमें नाटो के सदस्य के रूप में शामिल नहीं होंगे। स्पेन की वर्कर्स पार्टी की सरकार ने सिर्फ बयान नहीं जारी किया, इसके साथ उसने ठोस कदम भी उठाए। स्पेन ने अपने सैन्य बेस का इस्तेमाल करने की अमेरिका को इजाजत नहीं दी। इसके बाद ट्रंप ने स्पेन के खिलाफ बहुत कुछ अनाप-शनाप बका और धमकी भी दी। इतना ही नहीं, नाटो का सदस्य होते हुए भी स्पेन ने अपने देश के भीतर अमेरिकी सैन्य गतिविधियों पर रोक लगा दी। इजरायल से अपने राजदूत को वापस बुला लिया।

स्पेन की वामपंथी सरकार के लिए अमेरिका-इजरायल के खिलाफ खड़े होना कोई आसान काम नहीं था। स्पेन एक यूरोपीय देश है, जिसका अमेरिका से घनिष्ठ आर्थिक, राजनीतिक, तकनीकी और सैन्य संबंध है। स्पेन की सरकार एक बड़ा रिस्क लेकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ खड़ी हुई। इसमें उसके स्पेन के मजदूर वर्ग और आमजन के बीच वर्कर्स पार्टी के जनाधार की भूमिका के साथ उनकी उस वामपंथी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता भी है, जो देशों की संप्रभुता, राष्ट्रों की स्वतंत्रता और न्यायपूर्ण दुनिया में विश्वास करती है।

यूरोपीय स्पेन की ही तरह हमें श्रीलंका की वामपंथी सरकार के उन दो बड़े कदमों की भी दाद देनी चाहिए, जो उन्होंने अमेरिका-इजरायल को चुनौती देते हुए उठाए। श्रीलंका की सरकार से अमेरिका ने अनुरोध किया कि उनकी जमीन (सैन्य अड्डे) का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ युद्ध में करने दे। श्रीलंका की सरकार ने अमेरिका की इस मांग को साफ शब्दों में खारिज कर दिया। यह सूचना श्रीलंका के वामपंथी राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने श्रीलंका की संसद को दी।

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने संसद को बताया कि सरकार ने मार्च की शुरुआत में अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को देश के दक्षिण-पूर्व स्थित मत्ताला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। दिसानायके ने कहा कि जिबूती स्थित अमेरिकी अड्डे से दो युद्धक विमानों ने चार और आठ मार्च को श्रीलंका आने की अनुमति मांगी थी, लेकिन दोनों अनुरोध अस्वीकार कर दिए गए।

इसके साथ ही श्रीलंका के तट के पास ईरान की नौसेना की जहाज पर अमेरिकी पनडुब्बी ने हमला किया। जिसमें 87 लोग मारे गए। कई लोग बुरी तरह घायल हुए। श्रीलंका ने इस पर सवार सैनिकों को बचाने, घायलों का इलाज कराने और शवों को निकालने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। 32 लोगों को बचाने में श्रीलंका की नौ सेना सफल रही। हालांकि यह कार्रवाई श्रीलंका ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का अनुपालन करते हुए एक मानवीय सहायता के रूप में की, लेकिन अमेरिका ने इसे भी अपने खिलाफ और ईरान के पक्ष में की गई कार्रवाई की तरह देखा।

श्रीलंका के ये कदम देखने में छोटे कदम लग सकते हैं, लेकिन इन कदमों का कितना बड़ा महत्व है और यह करके श्रीलंका ने कितना बड़ा जोखिम लिया, इसको दो बातों से समझा जा सकता है। पहला यह कि श्रीलंका एक गंभीर आर्थिक संकट से जूझ कर निकला है, अभी उसके आर्थिक संकट का पूरी तरह समाधान नहीं हुआ है। इस संकट के समाधान में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्व बैंक और अमेरिका-यूरोप की बड़ी भूमिका है। इसके बावजूद भी श्रीलंका ने अमेरिका को मना करने और उसकी इच्छा के खिलाफ खड़ा होने का साहस किया। दूसरी बात यह कि जब दुनिया के अधिकांश देश और श्रीलंका के पड़ोसी भारत-पाकिस्तान अमेरिका-इजरायल के साथ खड़े दिख रहे हैं, उस हालात में श्रीलंका की वामपंथी सरकार और राष्ट्रपति का निर्णय बहुत मायने रखता है।

स्पेन का निर्णय पश्चिमी दुनिया, यूरोपियन यूनियन और नाटों का सदस्य होने के चलते बहुत मायने रखता है, तो श्रीलंका निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है कि वह युद्ध क्षेत्र के दायरे का एक देश है। वह ईरान का कई मायने में पड़ोसी भी है। लैटिन अमेरिका की इस युद्ध में सीधे कोई भूमिका नहीं हैं, लेकिन वामपंथ की ओर झुके हुए ब्राजील के राष्ट्रपति और उनकी सरकार ने खुलकर अमेरिका और इजरायल की निंदा की है। ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले को दादागिरी और ईरान का संप्रभुता का खुला उल्लंघन कहा है। रूस-चीन की चर्चा की इसलिए विशेष जरूरत यहां नहीं है, क्योंकि उनका अमेरिका से पहले से ही सीधी टकराहट है और भविष्य में गंभीर टकराहटों की संभावना भी है। ये दो देश हैं, जिन्होंने इस हमले की सबसे पहले निंदा की थी।

स्पेन और श्रीलंका जैसी वामपंथी सरकारों या श्रमिकों आधारों वाली ब्राजील की सरकार का अमेरिका-इजरायल के खिलाफ खड़ा होना यह बताता है कि वामपंथी वैचारिकी आज भी पार्टियों, नेताओं और व्यक्तियों को हर तरफ के अन्याय के खिलाफ खड़ा होने की दर्शन, विचार और कूबत देती है। बात सिर्फ पार्टियों की नहीं है, बल्कि दुनिया भर की वामपंथी पार्टियां और उनके नेता-कार्यकर्ता और समर्थक बुद्धिजीवी किसी भी अन्य वैचारिकी की पार्टियों की तुलना में इस युद्ध की मुखालफत में खुलकर खड़े हैं।

ये पार्टियां-ग्रुप, नेता और वामपंथी बुद्धिजीवी और उनकी पत्र-पत्रिकाएं (मीडिया) बिना किसी किंतु-परंतु के इस अमेरिका-इजरायल को बर्बर हमलावर और नरसंहार कर के रूप में देख रहे हैं। अपने-अपने देशों और विभिन्न मंचों पर इसका विरोध कर रहे हैं। यहां तक कि सड़कों पर अमेरिका-इजरायली हमले के खिलाफ उतरे हैं।

एक तरफ दुनिया में वामपंथी सरकारें, वामपंथी पार्टियां और वामपंथी कार्यकर्ता खुलकर अमेरिका-इजरायल के खिलाफ खड़े हैं, वहीं दूसरी ओर खुद को इस्लामिक राष्ट्र दर्जा देने वाले या मुसलमानों का देश कहने वाले दुनिया के देश, विशेषकर पश्चिम के ईरान के पड़ोसी पूरी तरह इस हमले में अमेरिका-इजरायल के साथ खड़े हैं। ईरान और ईरानी जनता के खिलाफ बर्बर हमले में ये देश पूरे के पूरे अमेरिका-इजरायल के सहयोगी हैं।

सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत, बेरूत आदि खाड़ी देशों के साथ और सहयोग के बिना न तो इजरायल और न ही अमेरिका ईरान का कुछ बिगाड़ सकते थे। खाड़ी देशों के इन इस्लामिक राष्ट्रों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे के बिना अमेरिका और इजरायल ईरान का कुछ खास बिगाड़ नहीं सकते थे और हैं। पाकिस्तान तो अमेरिका और ट्रंप की चापलूसी करने की सारी हदें पार कर चुका है। सच यह है कि खुद को इस्लामिक देश-राष्ट्र कहने वाले बहुलांश देश, विशेषकर ईरान के पड़ोसी देश पूरी तरह अमेरिका-इजरायल के सामने लेट गए हैं।

हिंदू राष्ट्र और हिंदुत्व हृदय सम्राट कहे जाने वाले हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में स्वतंत्र विदेश नीति और संप्रभुता को किनारे लगाकर इस युद्ध में इजरायल-अमेरिका के साथ खड़ा हुए। ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के 36 घंटे पहले उन्होंने इजरायल की यात्रा की, उसे फादर लैंड कहा। हर स्थिति में उसके साथ खड़ा होने का वादा किया। ईरान जैसे लंबे समय के साथी के साथ पूरी तरह विश्वासघात किया। ईरान के राष्ट्र प्रमुख खुमैनी की इजरायल-अमेरिका द्वारा गुंडे की तरह हत्या पर भारत सरकार लगातार चुप्पी साधे रही, आज तक भारत के प्रधानमंत्री या किसी मंत्री ने इसकी निंदा नहीं की।

सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करके ईरान पर हमला और वहां के सर्वोच्च नेता और नेताओं और अन्य लोगों की हत्या पर भारत चुप रहा। यहां तक ईरान कि सैकड़ों मासूम बच्चियों की हत्या पर भारत ने मुंह नहीं खोला। भारत के अधिकांश पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने एक स्वर से भारत की पोजिशन की आलोचना की है। इसे न केवल राष्ट्र की संप्रभुता, गरिमा और ऐतिहासिक विरासत के खिलाफ कहा है, बल्कि इसे राष्ट्रीय हितों के खिलाफ भी माना है।

खुद को इस्लामिक राष्ट्र कहने वाले ईरान के पड़ोसी पश्चिम एशिया के देशों या हिंदू राष्ट्र और विश्व गुरु का दंभ भरने वाली भारत सरकार का ईरान के खिलाफ बर्बर अमेरिका-इजरायल हमले में सहभागी होना या चुप्पी साधे रखना तो बातें साफ कर देता है- पहली तो यह कि इनके लिए धर्म सिर्फ अपनी सत्ता को कायम रखने और बनाए रखने का एक सिर्फ जनता को धोखा देने का आवरण है। इन सरकारों-शासकों का धर्म से कोई खास लेना-देना नहीं है।

दूसरी बात यह है कि जिस धर्म की ये कसमें खाते हैं और जिसके संरक्षक और चैंपियन होने का दावा करते हैं, उसके न्याय-न्याय के किसी तत्व से इनका कोई लेना-देना नहीं हैं। असल में ये देश अपने-अपने देशों के मुट्ठी भर उच्च मध्यवर्ग और मध्यवर्ग के एक हिस्से हितों के प्रतिनिधि हैं, उनके चाकर हैं। उनके सुख-सुविधा और विलासिता के रक्षक हैं। अपने देशों के व्यापारियों-कारोबारियों- मुनाफाखोरों के कारोबार के प्रबंधक हैं, कई तो खुद के कारोबारी-व्यापारी हैं या बड़े कारोबारियों-व्यापारियों के मित्र हैं। इन सब का हित अमेरिकी कार्पोरेट-कार्पोरेशन, शेयर बाजारों, बैंकों और इनके प्रबंधकों से जुड़ा हुआ है, जिनके हितों के मैनेजर आजकल ट्रंप हैं। हां इन शासकों के पास न्याय, गरिमा, संप्रभुता और व्यापक मानवता को केंद्र में रखने वाला कोई दर्शन, विचार, एजेंडा, स्वप्न और कार्यक्रम भी नहीं हैं।

जहां तक पश्चिमी उदारवाद या नवउदारवादी कहे जाने वाले देशों ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली आदि का प्रश्न है। इनके देशों की जनता का एक बड़ा हिस्सा फिलिस्तीन की जनता के साथ खड़ा है और इजरायल और उसके सबसे बड़े सहयोगी अमेरिका के खिलाफ भी है। जनमत के इस दबाव में इन देशों की सरकारें खुलकर अमेरिका-इजरायल का साथ नहीं दे पा रही हैं। लेकिन ब्रिटेन ईरान के खिलाफ इस हमले में तमाम शाब्दिक आडंबरों के बाद भी अमेरिका-इजरायल को युद्ध में सैन्य मदद कर रहा है। फ्रांस की स्थिति भी कमोबेश यही है। जर्मनी थोड़ी ज्यादा दूरी बनाए हुए है।

इटली भी पूरी तरह अमेरिका-इजरायल के साथ खड़ा नहीं हो पा रहा है। पर इन सब बातों के बावजूद भी यह खुला तथ्य है कि ये देश इस अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन करके ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले की निंदा तक अभी नहीं किए हैं। ईरान की संप्रभुता और आजादी के मनमाने तरीके से रौंदने की कोशिशों का इन देशों ने खुला विरोध नहीं किया है। भले ही अपने देशों के जनमत, विश्व जनमत और दुनिया को बिला वजह संकट में डाल देने वाले इस युद्ध में वे अमेरिका के हर आह्वान का साथ नहीं दे रहे हैं और यह भी कह रहे हैं कि यह युद्ध नाटों का युद्ध नहीं हैं।

इन तमाम सहमतियों-असहमतियों के बीच भी सच यह है कि पश्चिमी दुनिया के अधिकांश उदारवादी लोकतांत्रिक देश की सरकारें ट्रंप-इजरायल के सामने इस्लामिक देशों और हिंदू राष्ट्र के मसीहा की तरह भले ही लेटे हुए न हों, पर वे उनके सामने झुके हुए हैं, कोई कम झुका है और कोई ज्यादा। यही स्थिति दुनिया भर के उदारवादी-लोकतांत्रिक कहे जाने वाली पार्टियों, नेताओं और बुद्धिजीवियों के भी बड़े हिस्से की है।

भारत में यदि वामपंथी पार्टियों-नेताओं -कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया जाए तो कोई पार्टी-नेता भारतीय जनमत को इस मुद्दे पर अमेरिका-इजरायल के खिलाफ खड़ा करने के कोई पहलकदमी करता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। उनकी भारत सरकार की आलोचना शब्दों तक सीमित है। हालांकि भारत में ऐसे मुद्दों पर वामपंथी पहलकदमी भी कमजोर पड़ी है।

व्यापक जन को केंद्र में रखने वाला कोई दर्शन, विचार, स्वप्न, एजेंडा, कार्यक्रम और उस पर आधारित संगठन-पार्टी-नेता ही अंत में राष्ट्रों की संप्रभुता, देशों की आजादी और जनता शोषण-उत्पीड़न से जनता की मुक्ति का पक्ष ले सकता है। एक दुनिया की रचना कर सकता है, जहां हर व्यक्ति, हर राष्ट्र और देश का समान मूल्य हो। किसी पर किसी का कोई वर्चस्व न हो।

कोई किसी के अधीन और मातहत न हो। वामपंथ के पराजय के इस दौर में बची-खुची पार्टियों, उनकी कुछ सरकारों, नेताओं और कार्यकर्ताओं का अमेरिकी-इजरायली के हमले के खिलाफ खड़ा होना यह साफ संकेत देता है कि व्यापक मेहनतकश जन को केंद्र में रखनी वाली वामपंथी वैचारिकी ही दुनिया का भविष्य है। हां यह सच है कि वह कोई सिर्फ अतीत का दुहराव नहीं होगा, बल्कि 21 वीं सदी की मानव जाति की जरूरतों को केंद्र में रखकर सामने आएगी।

*(साभार : जन चौक। डॉ. सिद्धार्थ रामू लेखक और पत्रकार हैं।)*

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(सरगुजा): जगदीश जायसवाल उदयपुर
प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा संचालित “मिशन गाँव चलो अभियान” के तहत संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का कार्य तेजी से जारी है। इस अभियान में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज स्वयं सक्रिय रूप से अग्रणी भूमिका में हैं और उनके नेतृत्व में संगठन को गांव-गांव तक सशक्त किया जा रहा है।
इसी क्रम में आज सीतापुर विधानसभा के अंतर्गत ग्राम बोदा में एक सशक्त पंचायत कमेटी तथा दो बूथ कमेटियों का सफलतापूर्वक गठन किया गया। यह पहल संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आमजन से सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री श्री द्वितेन्द्र मिश्रा एवं श्रीमती आरती सिंह, सरगुजा जिलाध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक, जशपुर जिलाध्यक्ष श्री यू. डी. मिंज, अंबिकापुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष श्री शफी अहमद, श्री भानुप्रताप सिंह, पूर्व विधायक श्री विनय भगत, ब्लॉक अध्यक्ष श्री पालू गुप्ता, श्री तिलक बेहरा एवं श्री बलराम यादव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
इस दौरान नेताओं ने संगठन को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आम जनता की समस्याओं को सीधे सुनकर समाधान की दिशा में काम करने पर जोर दिया।
बताया गया कि “मिशन गाँव चलो अभियान” को अब सीतापुर विधानसभा के प्रत्येक पंचायत और प्रत्येक बूथ तक विस्तारित किया जाएगा, ताकि संगठन को और अधिक मजबूती मिल सके और हर गांव में कांग्रेस की पहुंच सुनिश्चित हो।
समापन:
प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की सक्रिय अगुवाई में यह अभियान कांग्रेस संगठन को नई ऊर्जा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में जनाधार मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहा है।

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నంద్యాల (AIMA MEDIA): గ్రామీణ ప్రాంతాల్లో క్షేత్రస్థాయిలో ప్రాథమిక ఆరోగ్య సేవలను బలోపేతం చేయాలనే లక్ష్యంతో ఇండియన్ రెడ్ క్రాస్ సొసైటీ ఆధ్వర్యంలో అమలు చేస్తున్న “మీ ఇంటికి – మీ డాక్టర్” విన్నూత్న ప్రాజెక్ట్‌లో భాగంగా మొబైల్ మెడికల్ యూనిట్‌ను జిల్లా కలెక్టర్ శ్రీమతి జి. రాజకుమారి ప్రారంభించారు. సోమవారం నంద్యాల కలెక్టరేట్‌లోని పీజీఆర్ఎస్ (PGRS) ఆవరణలో సుమారు రూ. 1.20 కోట్ల వ్యయంతో ఏర్పాటు చేసిన ఈ మొబైల్ మెడికల్ యూనిట్‌ను కలెక్టర్ అధికారికంగా ప్రారంభించారు. ఈ కార్యక్రమంలో జాయింట్ కలెక్టర్ కొల్లా బత్తుల కార్తీక్, డిఆర్ఓ రాము నాయక్ తదితరులు పాల్గొన్నారు.ఈ సందర్భంగా జిల్లా కలెక్టర్ మరియు ఇండియన్ రెడ్ క్రాస్ సొసైటీ అధ్యక్షురాలు జి. రాజకుమారి మాట్లాడుతూ, గ్రామీణ ప్రజలకు అందుబాటులోనే నాణ్యమైన వైద్య సేవలు అందించాలనే ఉద్దేశంతో ఈ ప్రాజెక్ట్‌ను అమలు చేస్తున్నామని తెలిపారు. రెడ్ క్రాస్ వంటి సేవా సంస్థలు సమాజానికి అందిస్తున్న సేవలు ప్రశంసనీయమని పేర్కొన్నారు. అత్యవసర పరిస్థితుల్లో రక్తదానం ప్రాణదానంతో సమానమని, యువత స్వచ్ఛందంగా ముందుకు వచ్చి రక్తదాన శిబిరాల్లో పాల్గొనాలని పిలుపునిచ్చారు.ఈ మొబైల్ మెడికల్ యూనిట్ మార్చి నుండి మే వరకు నంద్యాల జిల్లాలోని బండి ఆత్మకూరు మండలంలోని 15 గ్రామాల్లో సేవలు అందించనున్నట్లు జిల్లా కలెక్టర్ తెలిపారు. ఈ కార్యక్రమంలో రెడ్ క్రాస్ జిల్లా చైర్మన్ దస్తగిరి పర్ల, సాంకేతిక నైపుణ్య అభివృద్ధి అధికారి శ్రీకాంత్ రెడ్డి, కోశాధికారి నాగేశ్వరరావు, రెడ్ క్రాస్ సంస్థ సభ్యులు తదితరులు పాల్గొన్నారు.

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संवाददाता,,धोरैय अंग संदेश
न्यूज़।

बांका जिला के धोरैया प्रखंड अंतर्गत मनीहाट हाई स्कूल के समीप सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहां सवारियों से भरी एक ऑटो गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में ऑटो पर सवार कुल 6 लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं, पुरुष और एक मासूम बच्चा शामिल हैं।
घायलों की पहचान सठियारी गांव निवासी पिंकी देवी (65 वर्ष, पति अर्जुन सिंह), बीरबल सिंह (35 वर्ष, पिता चुटारी सिंह), राखी कुमारी (35 वर्ष, पति बलवीर सिंह), पंचलाल सिंह (45 वर्ष, पिता चुटारी सिंह), देबू कुमार (6 वर्ष, पिता बीरबल सिंह) और कचरती गांव की ज्ञानी देवी (70 वर्ष, पति चिगुरु सिंह) के रूप में हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऑटो गाड़ी तेज रफ्तार में थी, तभी संतुलन बिगड़ने से वाहन पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत धोरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।
सावधानी ही सुरक्षा है
लगातार हो रहे सड़क हादसे यह साफ संकेत देते हैं कि यातायात नियमों की अनदेखी खतरनाक साबित हो सकती है। वाहन चालकों को गति पर नियंत्रण रखना चाहिए, ओवरलोडिंग से बचना चाहिए और पूरी सतर्कता के साथ वाहन चलाना चाहिए।
प्रशासन की अपील है कि सभी लोग सड़क पर सावधानी बरतें, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।

रिपोर्ट,,ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन जन जन की आवाज सहितजय भारत🇳🇪

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పాణ్యం (AIMA MEDIA): శాంతిరామ్ ఇంజినీరింగ్ కళాశాలలో (SREC) మేధో సంపత్తి హక్కులు పై అవగాహన కార్యక్రమం ఘనంగా నిర్వహించారు.ఈ కార్యక్రమాన్ని RTIH మరియు వారి బృందం సహకారంతో నిర్వహించారు. రిసోర్స్ పర్సన్‌గా పాల్గొన్న శ్రీనివాస్ మద్దిపాటి మాట్లాడుతూ, ఆధునిక యుగంలో ఆవిష్కరణలు, పేటెంట్లు, కాపీరైట్స్ వంటి మేధో సంపత్తి హక్కుల ప్రాధాన్యతను వివరించారు. విద్యార్థులు తమ ఆలోచనలను సురక్షితంగా ఉంచుకోవడానికి IPR నమోదు ఎంతో అవసరమని ఆయన తెలిపారు.ముఖ్య అతిథిగా హాజరైన డాక్టర్ హఫీజ్ బాషా మరియు వారి బృందం కార్యక్రమానికి ప్రత్యేక ఆకర్షణగా నిలిచారు. ఆయన మాట్లాడుతూ, విద్యార్థులు పరిశోధన మరియు ఆవిష్కరణలపై దృష్టి సారించి, తమ ఆలోచనలను సమాజానికి ఉపయోగపడే విధంగా అభివృద్ధి చేయాలని సూచించారు.కళాశాల ప్రిన్సిపాల్ డాక్టర్ ఎం.వి. సుబ్రహ్మణ్యం గారు కార్యక్రమాన్ని ప్రారంభిస్తూ, విద్యార్థులు కొత్త ఆలోచనలను అభివృద్ధి చేయడంతో పాటు వాటిని చట్టపరంగా రక్షించుకోవడం కూడా నేర్చుకోవాలని పేర్కొన్నారు.డేటా సైన్స్ విభాగాధిపతి రమాదేవి మాట్లాడుతూ, సాంకేతిక రంగంలో ఉన్న విద్యార్థులకు IPR పై అవగాహన అత్యంత ముఖ్యమని, ఇది వారి భవిష్యత్తు పరిశోధనలకు మరియు స్టార్టప్‌లకు దోహదపడుతుందని తెలిపారు.ఈ అవగాహన కార్యక్రమం SREC IEEE స్టూడెంట్ బ్రాంచ్ మరియు IEEE కంప్యూటేషనల్ ఇంటెలిజెన్స్ సొసైటీ ఆధ్వర్యంలో నిర్వహించారు.

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पुलिस मुख्यालय, भोपाल में आज सादगी, गरिमा एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित ईद मिलन कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने सभी को ईद की हार्दिक मुबारकबाद देते हुए उनके जीवन में सुख, समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस मुख्यालय में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया तथा एक-दूसरे को ईद की शुभकामनाएँ देते हुए आपसी भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
ईद का पावन पर्व प्रेम, करुणा, सह-अस्तित्व और सामाजिक एकता की भावना को सुदृढ़ करने का प्रतीक है। मध्यप्रदेश पुलिस इन मूल्यों को आत्मसात करते हुए समाज में शांति, विश्वास और सामुदायिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
प्रदेशवासियों को ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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*ऐतिहासक रहा हरियाणा के श्रमजीवी पत्रकारों का पहला व विशाल महाधरना : डॉ इंदु बंसल*

- दिल्ली जंतर-मंतर पर गरजे हरियाणा के सैकड़ों श्रमजीवी पत्रकार।

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम सौंपा गया ज्ञापन।

क्राइम बुलेट न्यूज़ पटौदी करण सिंह लखेरा

हरियाणा के इतिहास में पहली बार श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा द्वारा संघ की संस्थापक व प्रदेश अध्यक्ष डॉ इंदु बंसल जैन के नेतृत्व में हरियाणा के श्रमजीवी पत्रकारों के हितों एवं अधिकारों की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक दिवसीय महाधरना आयोजित किया गया। राजधानी स्थित जंतर-मंतर पर आयोजित इस महाधरना प्रदर्शन में हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों श्रमजीवी पत्रकारों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया।
जंतर - मंतर महाधरने पर श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा ने पत्रकार सुरक्षा कानून सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए महाधरने की संयोजिका डॉ बंसल ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकार समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अनेक चुनौतियों का सामना करते हैं, किंतु उनकी सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता तथा पेशेवर संरक्षण के लिए अपेक्षित व्यवस्थाएं अभी भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं।

डॉ. बंसल ने कहा संगठन ने अपने ज्ञापन में पत्रकारों के हितों की रक्षा हेतु व्यापक नीतिगत सुधारों की आवश्यकता पर बल देते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार से त्वरित एवं प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की है।

डॉ बंसल ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकारों के लिए मासिक पेंशन के नियमों में सरलीकरण कर इस का नाम बदल कर पत्रकार सम्मान निधि किया जाए व राशि 25 हजार की जाए।, ताकि वरिष्ठ पत्रकार अपने जीवन के उत्तरार्ध में सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। डॉ बंसल नं कहा इसके अतिरिक्त पत्रकारों के लिए प्रभावी स्वास्थ्य सुरक्षा, परिवार के बच्चों के लिय निःशुल्क शिक्षा व आवास व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई है, जिससे श्रमजीवी पत्रकार व उनके परिवार गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा, निःशुल्क शिक्षा व आवास योजना जैसी सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

डॉ बंसल ने कहा श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान समय में मीडिया परिदृश्य तेजी से डिजिटल माध्यमों की ओर अग्रसर हो रहा है। ऐसे में डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों को भी समान अधिकार, सुरक्षा एवं मान्यता प्रदान की जानी चाहिए। संगठन का मानना है कि सूचना के प्रसार में डिजिटल पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए उन्हें भी नीतिगत ढांचे में शामिल करना अत्यंत आवश्यक है।
श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा ने सरकार से मांग की है कि पत्रकारों के हितों की रक्षा हेतु प्रभावी दिशा-निर्देश जारी करे।

श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा के अनुसार पत्रकारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

डॉ बंसल ने कहा श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा सरकार से अपेक्षा रखता है कि सरकार जल्द से जल्द पत्रकारों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी, जिससे पत्रकार समुदाय का मनोबल सुदृढ़ होगा और वे निष्पक्ष, निर्भीक एवं उत्तरदायी पत्रकारिता के अपने दायित्व का निर्वहन और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।

महाधरने में हरियाणा के मशहूर हरियाणवी कलाकार दिनेश भारद्वाज व उन साथी कलाकारों ने देशभक्ति रागनियों से श्रमजीवी पत्रकारों का हौंसला बढ़ाया।

श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा के आह्वान पर हरियाणा के इतिहास के इस पहले व विशाल महाधरने को दिल्ली जंतर - मंतर पर उत्तरप्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप शर्मा, राजस्थान जर्नलिस्ट एसोसियेशन के पूर्व प्रदेश महासचिव घनश्याम बाघी,राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सैनी ने धरना स्थल पर पहुंच कर समर्थन दिया।

इस महाधरने में श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा की फतेहाबाद जिला इकाई के अध्यक्ष संजीव शर्मा,रेवाड़ी जिला इकाई अध्यक्ष धनेश विद्यार्थी,पलवल जिला इकाई अध्यक्ष भूषण ओहलियांन,नूंह जिला इकाई अध्यक्ष नरेश मेंहदीरत्ता,पटौदी इकाई जिला अध्यक्ष नरेश शर्मा,गुरुग्राम जिला इकाई अध्यक्ष सतबीर भारद्वाज,गोहाना जिला इकाई अध्यक्ष अनिल जिंदल, झज्जर जिला इकाई अध्यक्ष ललित गोठवाल सहित हरियाणा प्रदेश के सैकड़ों श्रमजीवी पत्रकार शामिल हुए।

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हजारीबाग आगमन पर स्नेहिल स्वागत
आज हजारीबाग आगमन के अवसर पर सर्किट हाउस में मिले स्नेहिल स्वागत एवं आत्मीय अभिनंदन के लिए पंचायती राज विभाग की निदेशक श्रीमती बी. राजेश्वरी जी, उपायुक्त हजारीबाग एवं उपविकास आयुक्त हजारीबाग सहित सभी सम्मानित अधिकारियों का हृदय से आभार व्यक्त करता/करती हूँ।

इस अवसर पर क्षेत्र के समग्र विकास, जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई।
हजारीबाग प्रवास के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया।

विशेष रूप से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं ग्रामीण अवसंरचना से संबंधित परियोजनाओं पर गहन चर्चा हुई। सभी योजनाओं को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया।
इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं को गंभीरता से सुना गया।
जनहित को सर्वोपरि रखते हुए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया गया बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे जनसमस्याओं के त्वरित समाधान हेतु सक्रिय एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं।
भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन को प्राथमिकता देते हुए सभी विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
मेरा संकल्प है कि क्षेत्र के समग्र विकास एवं जनकल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत रहूँगा/रहूँगी।
हजारीबाग के सर्वांगीण विकास के लिए सभी संबंधित विभागों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों के सहयोग से एक मजबूत और सकारात्मक दिशा में कार्य किया जाएगा।

आप सभी के स्नेह, सहयोग और विश्वास के लिए पुनः हृदय से धन्यवाद।

“जनसेवा ही मेरा धर्म है, और विकास ही मेरा लक्ष्य।”

Dr Md Firoz Alam
ALEENA HEALTH CARE NARAINI

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शहीद दिवस पर पाली में निकला विशाल मशाल जुलूस, शहरवासियों में जगाया देशभक्ति का जोश ।

पाली 23 मार्च सोमवार। आर्य समाज महिला आर्य समाज और उसकी युवा शाखा आर्य वीर दल पाली की और से शहीद दिवस पर आर्य समाज प्रधान मगाराम आर्य, मंत्री विजयराज आर्य, आर्य वीर दल संरक्षक संरक्षक धनराज आर्य, अध्यक्ष दिलीप परिहार, महिला आर्य समाज की संरक्षक सीमा परिहार, प्रधान अंकिता सिरवी, उप प्रधान निर्मला मेवाड़ा के नैतृत्व में विशाल मशाल जुलूस निकला जिसको जिला कलेक्टर एल एन मंत्री भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भण्डारी एवं उद्यमी उगमराज सांड के मुख्य आतिथ्य में शहीद स्मारक पर दीप प्रज्जवलन कर शहीदों की झांकी के साथ रवाना किया गया।

शहीद स्मारक से यह जुलूस देशभक्ति के गीतो और भगत सिंह...... अमर रहे। शहीदों की...... जय हो। आर्य समाज...... अमर रहे। हम बदलेंगे ........जग बदलेगा। हम सुधरेगे.........जग सुधरेगा। आर्य वीरो .......जागो.............। संसार के सर्वश्रेष्ठ पुरुषो......एक हो । 'वेदिक धर्म की........जय हो। सत्य को ......ग्रहण करो। असत्य को ........छोड़ दो। शहीदो का बलिदान अमर रहें......। देश का नाम रोशन रहे। भगत सिंह का सपना.......स्वतंत्र और खुशहाल हो भारत अपना । आजादी की लौ........ बुझझने न पाएगी, शहीदों का बलिदान हमें सदा राह दिखाएगी।
मौत को गले लगाना है.........देश को जगाना है। जैसें नारे लगाते हुए और जय घोष करते शहरवासियों में जोश व उत्साह का संचार करते हुए यह विशाल मशाल जुलूस निकला जिसमे 10 वर्ष के बच्चे से लेकर 75 वर्ष के बुजुर्गो ने अत्यन्त उत्साह और श्रद्धा से भाग लिया जिसको देखने के लिए शहरवासियों का हुजूम उमड़ पड़ा।

प्रचार मंत्री घेवरचन्द आर्य ने बताया की जुलूस महर्षि दयानंद सरस्वती व्यायामशाला लाखोटिया मार्ग से शहीद स्मारक पहुंचा जहां शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद जिला कलेक्टर एल एन मंत्री द्वारा जुलूस को रवाना किया जो गांधी मुर्ति भेरू घाट सोमनाथ धोला चोतरा सूरज पोल अम्बेडकर सर्कल से पुनः गाधीमुर्ति से आर्य वीर दल शाखा में आकर समाप्त हुआ। जुलूस का भेरू घाट व्यापार मण्डल सोमनाथ व्यापार मण्डल और सुरज पोल व्यापार मण्डल द्वारा पुष्प वर्षा कर साफा बंधवाकर स्वागत किया गया व्यापारियों द्वारा बच्चों को आइसक्रीम चाकलेट बिस्कुट दिये गये।

रिपोर्ट घेवरचन्द आर्य

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अभियान आज तक यशपाल सोलंकी भरतपुर। महाराजा सूरजमल संगठन, भारत (MSSB) को यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि सुरेश डिंडा को प्रदेशाध्यक्ष राजस्थान (मुख्यधारा) के पद पर आधिकारिक रूप से नियुक्त किया गया है। संगठन को पूर्ण विश्वास है कि सुरेश डिंडा अपने संगठनात्मक अनुभव, नेतृत्व क्षमता एवं निष्ठा के साथ राजस्थान प्रदेश में संगठन को और अधिक सशक्त बनाएँगे तथा संगठन के उद्देश्यों को मजबूती प्रदान करेंगे। यह नियुक्ति महाराजा सूरजमल संगठन, भारत (MSSB) के संगठन अध्यक्ष – मनोज कुमार इंदौलिया, राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. एस. चौधरी के निर्देशन, सहमति एवं अनुमोदन से की गई है। संगठन द्वारा यह निर्णय सुरेश डिंडा की सामाजिक सक्रियता, कार्यकुशलता एवं संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए लिया गया है। महाराजा सूरजमल संगठन, भारत (MSSB) की ओर से सुरेश डिंडा जी को इस महत्वपूर्ण दायित्व हेतु हार्दिक बधाई एवं उनके सफल, सशक्त और उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएँ प्रेषित की जाती हैं।

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अभियान आज तक यशपाल सोलंकी भरतपुर। दिनांक 23 मार्च को बंशीवाल मानव सेवा समिति के प्रधान कार्यालय पर चर्चा की जिसमे समिति द्वारा ज्योतिबा फुले और आंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी जिसकी तैयारी के लिए सभी पदाधिकारियों के लिए समिति के अध्यक्ष द्वारा जिम्मेदारी दी गईं।
समिति के अध्यक्ष डॉ.हेमन्त बंशीवाल (पीरनगर वाले) ने बताया की आगामी 19 अप्रैल 2026 दिन रविवार आखातीज को सर्वजातिय सामूहिक विवाह सम्मेलन कराया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारियां सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को दी गई है। और ज्योतिबा फुले की जयंती के शुभ अवसर पर सभी नव विवाहित जोड़ों को बाइक,जेवर,एवं वर-वधु के कपडे व हाथ की घड़ी आदि सामान दिया जाएगा तथा जिन लोगों ने अभी तक सम्मेलन में पंजीयन नहीं कराया है उन लोगों के लिए अंतिम तिथि 20 मार्च से बढ़ाकर 30 मार्च कर दी गई है जो रतन वाटिका मैरिज होम, पक्का बाग, मोती महल के पास, अछनेरा रोड, प्रधान कार्यालय पर प्रभारी अंशु माहौर व विवेक बंशीवाल से संपर्क करें। तथा समिति द्वारा अगस्त में सम्मान समारोह का आयोजन किया जायेगा तथा गर्मियों के दिनों में,सभी कार्यकर्त्ता व पदाधिकारियों ने पक्षियों के लिए परिंदे व पौधा लगाने की सपथ ली। इस मीटिंग का संचालन डॉ.राहुल देव (कुरका) ने किया इस मौके पर सचिव भगवानसिंह, सुभाष चन्द (कुरका) रतन सिंह सैनी, मयंक सैनी, मधु डागुर, देवराज, विष्णु मीणा, बाबूलाल सैनी, रोहित सैनी, अतर सिंह, तेजपाल, डब्बू, सुमित, हरेन्द्र सिंह, सत्यपाल इकलेहरा, आदि मौजूद रहे।

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ईरान, इजराइल, अमेरिका युद्ध में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा। अब ऐसा लग रहा है कि इस जंग में नाटो कूदने वाला है। यह लड़ाई अब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर होने वाली है। क्योंकि नाटो के सेक्रेटरी जनरल मार्क रूटे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले के फैसले को सही ठहराते हुए कह दिया है कि नाटो के सदस्य और दक्षिण कोरिया जापान जैसे सहयोगी देश होर्मुज स्ट्रीट में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

रूटे ने न्यूज़ संडे की एंकर शेरन ब्रम से बातचीत के दौरान कई अहम बातें कही हैं। मार्क रूटे ने कहा है कि 22 देशों का एक समूह जिसमें ज्यादातर नाटो के सदस्य हैं। लेकिन जापान, कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड से लेकर यूएई और बहरीन तक के देश शामिल हैं। एक साथ आ रहे हैं ताकि यह पक्का किया जा सके कि हारमूस स्ट्रेट सुरक्षित रहे। जल्द से जल्द जहाजों की आवाजाही खुल जाए।

Pakistan पर हमला करने आए लाखों शिया मुस्लिम, एक्शन में आया भारत

यह घोषणा ऐसे वक्त में हुई है जब चौतरफा तनाव बढ़ा हुआ है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम तो वहीं दूसरी तरफ ईरान के पावर प्लांट को पूरी तरह से तबाह कर देने की धमकी। वहीं इसके जवाब में ईरान का भी पलटवार ये कहते हुए कि अमेरिका संरक्षित जितने भी जगह हैं उन तमाम देशों को वो निशाना बनाएंगे और वो भी भारी तबाही मचा देंगे और इन सबके बीच 22 देशों का एक साथ आना वो भी स्ट्रेट ऑफ हार्मोस के लिए ऐसा लगता है कि अब यह वर्ल्ड वॉर 3 बिल्कुल करीब आ चुका है और अगर नाटो देश मिलकर यह हमला करना शुरू करते हैं तो फिर अब आगे की कहानी क्या होगी? ईरान कैसे पलटवार करेगा?

ईरान की रक्षा परिषद ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर जमीनी आक्रमण हुआ, तो वह ''पूरे फारस की खाड़ी'' में समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछा सकता है। रक्षा परिषद का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब तेहरान में इस बात को लेकर चिंता बढ़ रही है कि अमेरिकी मरीन नौसैनिक क्षेत्र में तैनात किए जा सकते हैं। रक्षा परिषद ने कहा, ''दुश्मन द्वारा ईरान के तटों या द्वीपों को निशाना बनाने का कोई भी प्रयास स्वाभाविक रूप से और स्थापित सैन्य प्रथाओं के अनुसार फारस की खाड़ी और तटीय इलाकों में पहुंच के सभी मार्गों को बारूदी सुरंगों से भर देने का कारण बनेगा।

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Australia की मिट्टी पर Ashes की धूल चाटने के बाद, जब England Cricket गहरे सवालों के घेरे में थी, तब उनके Test Captain Ben Stokes ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने हर किसी का ध्यान खींचा है। 'Bazball' के इस वास्तुकार ने अपने Captaincy के सबसे कठिन दौर का खुलासा किया है, लेकिन साथ ही Head Coach Brendon McCullum और Managing Director Rob Key पर अपना पूरा भरोसा भी जताया है।

The Inner Story / Asli Maajra:
Ashes Series में 4-1 की करारी हार के बाद England Cricket में तूफ़ान खड़ा हो गया था। यह सिर्फ एक Series की हार नहीं थी, बल्कि Bazball के उस बेबाक और आक्रामक Cricket Style पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न था, जिसकी England ने इतनी तारीफ की थी। इस हार के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं कि क्या Ben Stokes, Brendon McCullum और Rob Key की तिकड़ी को एक साथ बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। लेकिन, ECB ने सभी कयासों पर विराम लगाते हुए सोमवार को पुष्टि कर दी कि Stokes Test Captain बने रहेंगे, जबकि McCullum और Key भी अपने पदों पर बरकरार रहेंगे।

Ben Stokes ने अपने Social Media पर एक खुले Letter के माध्यम से समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि Australia में मिली हार के बाद का समय उनकी Captaincy का "सबसे मुश्किल दौर" रहा है। उनके शब्दों में, "पिछले तीन महीने निस्संदेह मेरी Captaincy की यात्रा का सबसे कठिन दौर रहा है, इसने मुझे कई अलग-अलग तरीकों से परखा है।" यह स्वीकारोक्ति अपने आप में बहुत बड़ी बात है, खासकर एक ऐसे Player के लिए जो अपनी मानसिक दृढ़ता के लिए जाना जाता है।

एक वक्त पर, Stokes और McCullum के बीच रणनीतिक मतभेद की खबरें भी सामने आई थीं। Stokes ने माना था कि विरोधी Teams ने उनके Cricket Style का "जवाब ढूंढ लिया है", जबकि McCullum ने Team से और "विश्वास" के साथ खेलने की अपील की थी। Rob Key को तो यहां तक सफाई देनी पड़ी थी कि उनके बीच कोई "झगड़ा" नहीं हुआ था। लेकिन Stokes ने अब कहा है कि वह McCullum और Key के साथ काम करते रहने से "बहुत खुश" हैं। उन्होंने अपनी Team और Captaincy के प्रति अपने जुनून को भी व्यक्त किया, "मैं Cricket से प्यार करता हूँ, मैं इस Team से प्यार करता हूँ, मैं England Captain होने से प्यार करता हूँ और मेरे पास इस भूमिका को देने के लिए बहुत कुछ है।" यह भावना बताती है कि चुनौतियाँ कितनी भी बड़ी क्यों न हों, Stokes पीछे हटने वालों में से नहीं हैं। England अब June में New Zealand के खिलाफ तीन Test Matches की Home Series खेलेगी।

Analysis & Numbers:
- Australia में खेली गई Ashes Series में England को 4-1 से हार का सामना करना पड़ा, जो Bazball के लिए एक बड़ा झटका था।
- Ben Stokes का Ashes में व्यक्तिगत प्रदर्शन भी औसत रहा: उन्होंने 15 Wickets लिए लेकिन 25.13 की Economy से। Batting में 10 Innings में सिर्फ 184 Runs बनाए और groin Injury से भी जूझते दिखे।
- Stokes ने एक अनुभवी Bowling Attack को Manage करने में संघर्ष किया, जिससे उनकी Captaincy पर दबाव बढ़ा।
- Rob Key ने सार्वजनिक रूप से Stokes और McCullum की साझेदारी की सराहना की है, इसे "English Cricket की बेहतर साझेदारियों में से एक" बताया।

The Guru Gyan Verdict:
Ben Stokes का यह बयान सिर्फ एक Captain की भावना नहीं, बल्कि Bazball की Philosophy के लिए एक अग्निपरीक्षा है। यह स्पष्ट है कि Ashes की हार ने England Cricket को हिला दिया है, और Captain खुद स्वीकार कर रहे हैं कि यह उनके लिए एक कठोर Reality Check था। England ने अपनी आक्रामक शैली से कुछ वक्त तक दुनिया को चौंकाया, लेकिन Australia ने दिखा दिया कि हर Masterclass का एक Counter होता है। Stokes की यह प्रतिबद्धता सराहनीय है, लेकिन अब उन्हें सिर्फ 'आई लव Cricket' कहने से ज्यादा, मैदान पर Results दिखाने होंगे। McCullum और Key पर उनका विश्वास या तो दूरदर्शिता का प्रतीक है, या फिर हार के बावजूद 'अपनी लाइन' पर टिके रहने की जिद। Cricket में गलतियों से सीखना बहुत महत्वपूर्ण है, जैसा कि Stokes ने खुद कहा है। अब देखना यह है कि क्या Bazball इस 'सबसे मुश्किल दौर' से निकलकर एक Gamechanger बन पाएगी या फिर इसका जलवा सिर्फ कुछ वक्त का ही था। England के लिए यह समय आत्म-चिंतन और रणनीतिक बदलाव का है, क्योंकि अगले Tests में New Zealand से भिड़ंत इतनी आसान नहीं होगी।

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New Labour Codes 2025: नए लेबर कोड 2025 को लेकर कर्मचारियों और कंपनियों के बीच जो सबसे बड़ा कन्फ्यूजन था (ग्रेच्युटी (Gratuity) कैसे और कब से लागू होगी) अब उस पर सरकार ने साफ जवाब दे दिया है। श्रम मंत्रालय ने नई FAQs जारी कर बताया है कि ग्रेच्युटी के नए नियम 21 नवंबर 2025 से ही लागू माने जाएंगे, न कि 1 अप्रैल 2026 से जैसा कई लोग समझ रहे थे।

सरकार ने क्या कहा
सरकार ने साफ किया है कि ग्रेच्युटी की नई गणना पुराने समय पर लागू नहीं होगी। यानी पहले की नौकरी के वर्षों के लिए कोई दोबारा हिसाब नहीं होगा। यह नियम सिर्फ 21 नवंबर 2025 के बाद की अवधि पर लागू होगा। साथ ही ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन कर्मचारी की नौकरी छोड़ने के समय मिलने वाली आखिरी सैलरी के आधार पर ही किया जाएगा।

क्यों हुआ था कन्फ्यूजन
असल में कन्फ्यूजन इसलिए हुआ क्योंकि लेबर कोड 21 नवंबर 2025 से लागू हुए, लेकिन इसके ड्राफ्ट नियम 30 दिसंबर 2025 को जारी किए गए और सरकार ने 1 अप्रैल 2026 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा था। इसी टाइमलाइन के अंतर के कारण कई लोगों को लगा कि ग्रेच्युटी जैसे अहम नियम अप्रैल 2026 से लागू होंगे, लेकिन अब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि असली प्रभावी तारीख नवंबर 2025 ही है।

नए नियमों के तहत ग्रेच्युटी अब 'वेज की नई परिभाषा' से जुड़ी होगी, जो कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी के तहत तय की गई है। इसमें सिर्फ तय किए गए वेज कंपोनेंट ही शामिल होंगे, जबकि कुछ अलाउंस और अन्य पेमेंट इसमें नहीं जोड़े जाएंगे। कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स के मामले में, 5 साल की सेवा पूरी होने के बाद ग्रेच्युटी देने की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी।

फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों के लिए बदलाव
सबसे बड़ा बदलाव फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों के लिए आया है। अब अगर कोई कर्मचारी एक साल के कॉन्ट्रैक्ट पर काम करता है और वह अवधि पूरी करता है, तो उसे भी ग्रेच्युटी का हक मिलेगा। पहले आमतौर पर इसके लिए कम से कम 5 साल की नौकरी जरूरी होती थी, इसलिए यह बदलाव कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

50% वेज रूल को लेकर भी स्थिति साफ
इसके अलावा 50% वेज रूल को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। अगर किसी कर्मचारी की सैलरी में अलाउंस 50% से ज्यादा हैं, तो अतिरिक्त हिस्सा बेसिक वेज में जोड़ दिया जाएगा, जिससे PF और ग्रेच्युटी जैसे बेनिफिट बढ़ सकते हैं। ओवरटाइम वेज में शामिल होगा, लेकिन बोनस, ग्रेच्युटी और रिटायरमेंट बेनिफिट्स इसमें शामिल नहीं होंगे। वहीं काम के घंटे 8 घंटे रोज और 48 घंटे हफ्ते के ही रहेंगे, और ओवरटाइम का भुगतान दोगुना मिलेगा। कुल मिलाकर, सरकार ने इन FAQs के जरिए कर्मचारियों और कंपनियों के बीच फैली बड़ी उलझन को काफी हद तक दूर करने की कोशिश की है।

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England Cricket में फिर वही 'पुराना ड्रामा'? Ashes की करारी हार के बाद भी ECB ने 'बदलाव' को क्यों टाल दिया है? क्रिकेट की दुनिया हैरान है, और 'द गुरु ज्ञान' आपको इस पूरे माजरे की Unfiltered Inside Story बताएगा!

The Inner Story / Asli Maajra:
Ashes में 4-1 की हार के बाद ECB ने एक गहन Review बैठाया। लेकिन जो नतीजा सामने आया, उसे सुनकर सभी ने अपना सिर खुजा लिया। Richard Gould, ECB Chief Executive, और Rob Key, Men's Managing Director, ने Lord's में एक Presentation दी। इसमें चौंकाने वाली बात यह थी कि उनके पास बताने के लिए कोई खास 'नई बात' नहीं थी! Gould ने खुद माना कि Review में 'केवल 30 से 40 Percent' Material ही ऐसा था जो पहले से Action में नहीं था। ऐसा लग रहा था मानो ECB ने इतिहास से कोई सबक सीखा ही नहीं।

असल में, Gould ने 2006-07 Ashes whitewash के बाद Schofield Report का जिक्र किया, और लगभग 20 Years बाद भी Situation वैसी ही है। बेहतर Planning और Preparation, Skill Coaches पर जोर, County Game से बेहतर Connection, England Setup के बाहर के Players को International Standards के लिए तैयार करना, Management और Selection में ज्यादा Accountability – ये सभी Concept पहले भी थे। यह English Cricket के उस Cyclical और Insular Ecosystem को उजागर करता है, जहां Lessons सीखे नहीं जाते, सिर्फ दोहराए जाते हैं।

इस बार, उन्होंने फैसला लिया कि 'No one has explicitly been held responsible'। यह कैसा Stance है? Brendon McCullum और Ben Stokes को 'आगे बढ़ने' और अपने 'परिचित तरीके' से Test Side को आगे ले जाने की पूरी छूट दी गई है। Gould ने कहा कि ये सभी Individual England के लिए 'सबसे अच्छा' करना चाहते हैं और Lessons सीख रहे हैं। लेकिन क्या Ashes की शर्मनाक हार के बाद भी इन्हीं लोगों को Power देना, Supporters को गवारा होगा?

Management ने 2027 Ashes को अपनी 'Highest Priority' बताया है, भले ही इस Summer उन्हें New Zealand और Pakistan के खिलाफ Matches खेलने हों। लेकिन McCullum और Stokes के नेतृत्व में, England ने Big Ticket Opponents के खिलाफ चार Winless Series देखी हैं। यह सवाल खड़े करता है कि क्या यह Pairing उन Battles के लिए उपयुक्त है।

Review Process के दौरान, McCullum और Stokes Room में मौजूद नहीं थे। दोनों Captain और Coach को Formal Meetings और PowerPoint Presentations पसंद नहीं हैं। लेकिन Gould और Key ने इस बात पर जोर दिया कि Ashes के दौरान Captain और Coach के बीच कोई Bust-up नहीं हुआ था, हालांकि इस बात पर जोर देने की जरूरत ही एक 'Opinion में अंतर' को दर्शाती है। यह समझा गया है कि दोनों ने Australia में एक-दूसरे के Approach में Fault पाया था और अब वे Realign हो रहे हैं।

Ashes Squad इस Winter दो Philosophies के बीच फंसा हुआ था; एक Man-manager जो Cricketers को Liberate करना चाहता है (McCullum), और दूसरा जो मानता है कि Cricketers तब सबसे अच्छे होते हैं जब वे Doubt से लड़ते हैं (Stokes)। Brisbane Test के बाद यह अंतर सबसे ज्यादा स्पष्ट था, जब England 2-0 से पीछे था। Stokes ने Press Conference में कहा था कि 'Australia isn't a place for weak men'। यह Comment पूरे Week Noosa में एक 'बुरी गंध' की तरह फैल गया।

घरेलू Cricket से बेहतर Connection बनाने और Six-tiered Selection Structure का पालन करने के वादे के बावजूद, इस Summer New Zealand और Pakistan के खिलाफ Performances पर Judgements बहुत Harsh और Swift होंगे। Asa Tribe का नाम Key द्वारा लिया जाना एक Hint है कि Spots अभी भी Up for Grabs हैं, और Domestic Players के पास County Championship के शुरुआती Rounds में कुछ खेलने के लिए होगा।

कुल मिलाकर, इस Summer तीन Factors पर बहुत कुछ निर्भर करता है: McCullum की 'चीजें अलग तरीके से करने' की असली Appetite, Stokes के Body की Rigours को सहने की Ability, और सबसे महत्वपूर्ण – Results। ये सब एक Slideshow, Boardroom या Ashes Review में तय नहीं हो सकते। इन्हें तो Pitch पर ही साबित करना होगा।

Analysis & Numbers:
1. England ने Ashes 2023 में Australia से 4-1 से करारी हार झेली, जिससे उनके 'Bazball' Approach पर सवाल उठे।
2. ECB Review में 'केवल 30 से 40 Percent' Material ही ऐसा था जो पहले से Action में नहीं था – साफ संकेत कि नया कुछ भी नहीं है।
3. 2006-07 Ashes whitewash के बाद Ken Schofield Report की सिफारिशें लगभग 20 Years बाद भी दोहराई जा रही हैं, जो English Cricket के Cyclical Problems को दर्शाती हैं।
4. Brendon McCullum और Ben Stokes की Captain-Coach Partnership में Big Ticket Opponents के खिलाफ चार Winless Series रही हैं।
5. Ashes 11 Days के भीतर ही relinquish कर दी गई थी, यह दिखाता है कि England की तैयारी कितनी कमजोर थी।

The Guru Gyan Verdict:
The Guru Gyan का मानना है कि ECB ने एक सुनहरा मौका गंवा दिया है। Ashes जैसी बड़ी Defeat के बाद 'नो चेंज' का फैसला लेना, यह दर्शाता है कि English Cricket Management अभी भी अपनी 'Insular Ecosystem' से बाहर नहीं निकल पाया है। यह सिर्फ पुरानी गलतियों को दोहराने जैसा है। Captain और Coach के बीच की 'फिलॉसफी की लड़ाई' भी Test Team के Performance को प्रभावित कर रही है। The Guru Gyan की Prophecy यह है कि अब सब कुछ Pitch पर निर्भर करेगा। अगर इस Summer Results नहीं आए, तो यह 'नो चेंज' फैसला English Cricket के लिए एक Gamechanger नहीं, बल्कि एक और Catastrophe साबित होगा।

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पुणे जिल्हा रिपोर्टर 23 मार्च 26 बलिदान दिन निमित्त अमर शहीद भगतसिंग यांचे विचार आणि घोषणा देश प्रेमाची प्रेरणा देतात. अशीच एक भेट भारतीय जनवादी पार्टी महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष श्री अनिल मल्लाव,व भारतीय जनवादी पार्टी पुणे जिल्हाध्यक्ष श्री लक्ष्मण मल्लाव यांनी आज तहसील कार्यालय येथे सावळाराम आवारी यांची भेट घेतली व त्यांची आंदोलन, व अतिक्रमण विषयी चर्चा करण्यात आली. आजच्या दिवशी सामाजिक कार्यकर्ते सावळाराम आवारी शिरूर शहरातील वाढत्या अतिक्रमणाबाबत शिरूर तहसीलदार कार्यालय शिरूर येथे 23 मार्च 2026उपोषनास सुरुवात केली.जिल्हा प्रशासन असो या तालुका प्रशासन असो अथवा शिरूर नगरपरिषद असो वारंवार निवेदन देऊनही कोणती ठोस कारवाई न केल्यामुळे अखेर त्यांना आंदोलनाचा मार्ग पत्करावा लागला शिरूर शहरातील बेकायदा बांधकाम प्रश्न पुन्हा एकदा ऐरणीवर आला आहे. सामाजिक कार्यकर्ते श्री सावळाराम आवारी यांनी जोपर्यंत मागणी पूर्ण होत नाही तोपर्यंत उपोषण असेच चालू राहील शिरूर शहरात कोरोनाच्या काळापासून झपाट्याने अतिक्रमण वाढले आहे जे मागील नगरपालिका मुख्याधिकारी यांनी दुर्लक्ष केले. त्या काळात प्रशासनाचे राज्य असल्याकारणाने मनमानी कारभार करण्यात आले. त्यात प्रामुख्याने पुर नियंत्रण रेषा केंद्र शासनाच्या आदेशानुसार नदीचे पात्र वाढल्यामुळे रमनगरी परिसरात टाऊन प्लॅन डीपी रोड पूर रेषेच्या क्षेत्रात येत असल्यामुळे त्या ठिकाणी अनेक अनधिकृत बांधकामे करण्यात आली. तसेच जिजामाता गार्डन ते सेंट्रल दवाखाना रोड या भागात फूथपाट फूथपाट वरील मोठ्या प्रमाणात व्यावसायिक टपऱ्या चे अतिक्रमण दिसून येत आहे. फूथपाटच गायब झाले आहे ज्यामुळे पादत्रांना चालणे ही कठीण झाले आहे. त्या रोड वरती वारंवार अपघात ही होतात. प्रामुख्याने झपाट्याने वाढलेला मंगलमूर्ती नगर या ठिकाणी काही ठिकाणी नोटीस देऊनही अद्याप कारवाई करण्यात आली नाही. समाजसेवक म्हणून सावळा आवारी यांनी वारंवार प्रशासन व शिरूर नगरपरिषद यांना वारंवार पत्रव्यवहार निवेदन देऊनही काही कारवाई करण्यात आली नाही. अतिक्रमण तात्काळ आणि निष्कासित करण्याबाबत वेळोवेळी आदेश निर्गमित करण्यात आलेली आहे मात्र अद्यापही क्षेत्रीय स्तरावर त्या अनुषंगाने गांभीर्यपूर्वक कारवाई होत नसल्याचे निदर्शनास आले आहे तरी शिरूर नगरपरिषद अंमलबजावणीस उदासीन दिसून येत आहे. अतिक्रमणातील मुद्द्यांवरती प्रशासन काय भूमिका घेत आहे यावर आता शिरूर नगरीतील नागरिकांचे लक्ष लागून आहे.

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गाजियाबाद। विश्व हिंदू महासंघ, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में गाजियाबाद में “वंदे मातरम चौक” निर्माण की मांग को लेकर जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन जिला अध्यक्ष राजेंद्र कुमार शर्मा एवं प्रदेश मंत्री श्री कृष्ण कुमार के नेतृत्व में माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के नाम प्रेषित किया गया।
विश्व हिंदू महासंघ गाजियाबाद के जिला सचिव के. एन. डंगवाल के हवाले से मीडिया प्रभारी संजय शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन द्वारा उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में “वंदे मातरम चौक” के निर्माण की मांग को लेकर एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश भर के जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाना तथा युवा पीढ़ी में देश के प्रति समर्पण, सम्मान एवं गौरव की भावना को सुदृढ़ करना है। संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार जनभावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र ही इस मांग को स्वीकार करेगी।
इस दौरान संगठन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि यदि “वंदे मातरम चौक” के निर्माण की मांग को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो प्रदेशव्यापी जन-जागरूकता अभियान एवं आंदोलन चलाया जाएगा। इसके माध्यम से आमजन को इस विषय में जागरूक करते हुए सरकार तक अपनी आवाज प्रभावी रूप से पहुंचाई जाएगी।
अंत में पदाधिकारियों ने कहा कि “वंदे मातरम चौक” का निर्माण केवल एक विकास कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक गौरव और एकता का प्रतीक बनेगा, जो समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा।

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मानगो मेयर सुधा गुप्ता व पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने छठ व्रतधारियों के घर जाकर लिया खरना प्रसाद, दी शुभकामनाएं

जमशेदपुर (झारखंड)। लोक-आस्था के महापर्व चैती छठ के पावन अवसर पर मानगो की मेयर सुधा गुप्ता एवं पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता विभिन्न छठ व्रतधारियों के घर पहुंचे और श्रद्धा के साथ खरना का प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने व्रतधारियों का आशीर्वाद लिया और उनकी आस्था एवं तपस्या की सराहना की।

दोनों जनप्रतिनिधियों ने कहा कि छठ पर्व भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है, जो सामाजिक समरसता, आस्था और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का संदेश देता है। उन्होंने सभी छठ व्रतधारियों को नमन करते हुए कहा कि उनकी कठिन साधना समाज के लिए प्रेरणादायक है।

इस अवसर पर उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को चैती छठ की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए प्रार्थना की कि छठी मैया सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें।

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खुर्सीपार क्षेत्र में सिवरेज का कार्य जल्द पूर्ण हो-आयुक्त

नगर पालिक निगम भिलाई आयुक्त श्री राजीव कुमार पाण्डेय जी द्वारा जोन 4 खुर्सीपार अंतर्गत डामरीकरण सड़क, प्रस्तावित सड़क निर्माण स्थल, पेवर ब्लाक सहित सिवरेज लाईन का सघन निरीक्षण किया गया है। इस दौरान उन्होने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सड़क की मजबूती और तकनीकी मानकों का बारीकी से जायजा लिये हैं।

निगम आयुक्त ने स्थानीय पार्षद शुभम झा के साथ वार्ड क्रमांक 48 जोन 3 अंतर्गत नवीन डामरीकरण एवं प्रस्तावित सड़क का निरीक्षण किये। इस सड़क के निर्माण से नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही उन्होने प्रस्तावित सड़क निर्माण स्थल का अवलोकन किये और उपस्थित अधिकारियों को कार्य जल्द प्रारंभ कराने कहा गया है। जिससे आम नागरिको को सुगम यातायात की सुविधा मिल सके। आयुक्त ने वार्ड में सौंदर्यीकरण की दृष्टि से लगाए गये पेवर ब्लाक का निरीक्षण किये। पेवर ब्लाक पूर्व से लगे होने के कारण बीच-बीच से उखड़ गया है, जिसे व्यवस्थित कराने कहा गया है। वार्ड क्रं. 46 दुर्गा मंदिर खुर्सीपार क्षेत्र में चल रहे सिवरेज लाईन संधारण कार्य का जायजा लिए और संधारण कार्य जल्द पूर्ण कराने कहा गया है। साथ ही उन्होने लिकेज की समस्या न आए इस पर विशेष ध्यान देने कहा है।

पेयजल प्रबंधन को विशेष प्राथमिकता देने हेतु निर्देशित किये हैं, सभी स्थलों में टैब एवं वॉल लगाने को कहा गया है। भवन निर्माण सामग्री रखकर रोड बाधित करने वाले व्यक्तियों के ऊपर कड़े कार्रवाई हेतु निर्देशित किए हैं ।

नियमानुसार आवागमन बाधित करना दंडनीय है और निर्माण कार्य में ग्रीन नेट लगाना होता है।

निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कार्यपालन अभियंता संजय वर्मा, उप अभियंता चंद्रकांत साहू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी, राजस्व निरीक्षक विजेन्द्र परिहार, स्वच्छता निरीक्षक अतुल यादव एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

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जमशेदपुर: शहर के बारिडीह मैदान में आगामी 30 मार्च को एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस विशाल आयोजन का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है। सम्मेलन को लेकर आयोजकों द्वारा जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित कर कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति बनाई जा रही है।
इस हिंदू सम्मेलन में देश के प्रख्यात संत एवं धर्मगुरु शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में पूज्य महंत आनंद श्री विभूषित रामानुजाचार्य जी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी, वहीं परमार्थ शिरोमणि चित्रकूट गौरव श्री श्री 1008 डॉ. देवाचार्य जी महाराज भी विशेष रूप से शामिल होंगे, जो राम जानकी शक्तिपीठ परमधाम एवं जगन्नाथ पुरी, कलिंग बिहार (उड़ीसा) से पधारेंगे। उनके प्रवचन और मार्गदर्शन से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होगा।
आयोजकों के अनुसार, इस सम्मेलन के माध्यम से समाज में सनातन धर्म के मूल्यों को मजबूत करने और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। विशेष रूप से युवाओं को धर्म, संस्कार और भारतीय परंपराओं के प्रति जागरूक करने पर जोर रहेगा, ताकि वे अपनी जड़ों को समझ सकें और समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम की सफलता को लेकर विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरी तरह सक्रिय हैं। सभी लोग मिलकर आयोजन स्थल की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस सम्मेलन में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

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नाबालिग को फिल्मी अंदाज़ में उठाया, पुलिस ने घेराबंदी कर किया बड़ा खुलासा
जिला नर्मदापुरम के सोहागपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने बिना समय गंवाए ऐसा ताबड़तोड़ एक्शन लिया कि महज 4 घंटे के भीतर बालिका को सकुशल बरामद कर लिया गया और पूरे गैंग को दबोच लिया।
घटना के अनुसार, अपहर्ता लाल रंग की स्विफ्ट कार में बालिका को मैन मार्केट की गली से उठाकर बाबई की ओर फरार हो रहे थे। बालिका के भाई ने सूझबूझ दिखाते हुए पीछा किया और तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद शुरू हुआ हाई-वोल्टेज पीछा।
पुलिस अधीक्षक सांई कृष्णा एस थोटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन और एसडीओपी संजू चौहान के निर्देशन में सोहागपुर, बाबई, बक्तरा और बाड़ी थानों की संयुक्त टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी कर आरोपियों को धर दबोचा।
जैसे ही आरोपियों को लगा कि पुलिस करीब है, उन्होंने चालाकी दिखाते हुए एक कार बदल दी और बालिका को छोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी एक नहीं चली।
*पुलिस की बड़ी उपलब्धियां*
दो जिलों की पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
4 थानों की त्वरित घेराबंदी
4 घंटे में अपहृत बालिका सकुशल बरामद
5 आरोपी गिरफ्तार
2 कारें जब्त (स्विफ्ट और क्रेटा)
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक ऊषा मरावी, उपनिरीक्षक मेघा उदेनिया, प्रधान आरक्षक नरेन्द्र पटेल और आरक्षक दिनेश धुर्वे की निर्णायक भूमिका रही।
सउनि गणेश राय, आरक्षक सुनील ओझा, विवेक सोनपुरे और राजकुमार ने भी ऑपरेशन को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।

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পূর্ব বর্ধমানের জামালপুর বিধানসভা কেন্দ্রকে সামনে রেখে তৃণমূল কংগ্রেসের প্রার্থী ভূতনাথ মালিককে নিয়ে জোরকদমে প্রচার শুরু হয়েছে। ঈদের পর থেকেই ব্লকের বিভিন্ন অঞ্চলে ধারাবাহিক কর্মী বৈঠকের মাধ্যমে সংগঠনকে আরও মজবুত করার উদ্যোগ নিয়েছে দল। গতকাল থেকে শুরু হওয়া এই প্রচার কর্মসূচিতে নেতৃত্ব দিচ্ছেন ব্লক সভাপতি মেহেমুদ খাঁন সহ ব্লকের অন্যান্য শীর্ষ নেতৃত্ব।
আজ সকালেই প্রথম কর্মসূচি হিসেবে জৌগ্রাম অঞ্চলে পৌঁছান প্রার্থী ভূতনাথ মালিক ও ব্লক নেতৃত্ব। সেখানে কর্মীদের সঙ্গে একটি গুরুত্বপূর্ণ বৈঠক অনুষ্ঠিত হয়। উপস্থিত ছিলেন প্রার্থী ভূতনাথ মালিক, ব্লক সভাপতি মেহেমুদ খাঁন, প্রাক্তন ব্লক সভাপতি অরবিন্দ ভট্টাচার্য, অঞ্চল সভাপতি মৃদুল কান্তি মণ্ডল, প্রধান মল্লিকা মণ্ডল, উপপ্রধান শাজাহান মণ্ডল, সোমনাথ চ্যাটার্জী সহ অন্যান্য নেতৃত্ব ও কর্মীরা। প্রার্থী ও নেতৃত্বকে উষ্ণ অভ্যর্থনা জানানো হয়।
বৈঠকে ব্লক সভাপতি মেহেমুদ খাঁন কর্মীদের উদ্দেশ্যে বলেন, “এই বিধানসভা নির্বাচন আমাদের জন্য অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ। দলের পক্ষ থেকে আমাদের দায়িত্ব অনেকটাই বাড়ানো হয়েছে। বিশেষ করে আমাদের দাবির ভিত্তিতে দল এই এলাকার ভূমিপুত্র ভূতনাথ মালিককে প্রার্থী করেছে। তাই তাঁকে রেকর্ড ভোটে জয়ী করা আমাদের প্রধান লক্ষ্য।” তিনি আরও বলেন, সকল কর্মীকে একজোট হয়ে মাঠে নামতে হবে এবং দলের নির্দেশ অক্ষরে অক্ষরে পালন করতে হবে।
প্রার্থী ভূতনাথ মালিকের পরিচিতি গোটা জামালপুর জুড়ে সুপ্রতিষ্ঠিত। তিনি দীর্ঘদিন ধরে এলাকার মানুষের সুখ-দুঃখের সঙ্গী হিসেবে কাজ করে আসছেন। ফলে কর্মীদের মধ্যে তাঁর প্রতি এক বিশেষ আস্থা ও সমর্থন লক্ষ্য করা যাচ্ছে। কর্মী বৈঠকে উপস্থিত প্রত্যেককে নিজ নিজ এলাকায় সক্রিয়ভাবে প্রচারে নামার নির্দেশ দেওয়া হয়।
এরপর প্রার্থী ও নেতৃত্ব আবুঝহাটি ১ ও ২ নম্বর অঞ্চলেও যান এবং সেখানে কর্মী বৈঠক করেন। এই বৈঠকে উপস্থিত ছিলেন অঞ্চল সভাপতি তরুণ কুমার ঘোষ ও রমেন্দ্রনাথ কোনার, প্রধান রমজান শাহ ও ঝর্না দাস, শ্যামল চ্যাটার্জী সহ অন্যান্য নেতৃত্ব। সেখানেও কর্মীরা একসঙ্গে শপথ নেন যে, তাঁরা সর্বশক্তি দিয়ে ভোটের ময়দানে নেমে প্রার্থী ভূতনাথ মালিককে বিপুল ভোটে জয়ী করবেন।
প্রার্থী ভূতনাথ মালিক কর্মীদের উদ্দেশ্যে বলেন, “দল আমার উপর আস্থা রেখে আমাকে প্রার্থী করেছে। এজন্য আমি দলনেত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় এবং অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়কে আন্তরিক ধন্যবাদ জানাই। আমি আশাবাদী, জামালপুরের মানুষ আমাকে সমর্থন করবেন।” তিনি আরও দাবি করেন, এলাকায় বিরোধীদের তেমন কোনো প্রভাব নেই এবং রাজ্যের অন্যান্য অংশের মতোই জামালপুরেও ব্যাপক উন্নয়ন হয়েছে।
সব মিলিয়ে, তৃণমূল কংগ্রেস জামালপুরে সংগঠনকে শক্তিশালী করে প্রার্থীকে জয়ের পথে এগিয়ে নিয়ে যেতে মরিয়া। ধারাবাহিক কর্মী বৈঠক, নেতৃত্বের সক্রিয় উপস্থিতি এবং কর্মীদের ঐক্যবদ্ধ প্রচেষ্টা এই নির্বাচনে দলের পক্ষে ইতিবাচক প্রভাব ফেলবে বলেই মনে করা হচ্ছে।

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IPL 2026 का बिगुल बज चुका है, और हर Team अपनी Strategy को धार दे रही है। Kolkata Knight Riders, जो हमेशा से अपने Bowlers के लिए जाने जाते हैं, इस बार थोड़ी मुश्किल में दिख रहे थे। Injuries का साया उनके Squad पर मंडरा रहा था, लेकिन अब KKR ने एक bold move किया है, जिससे Cricket जगत में हलचल मच गई है। Team ने युवा Left-arm Seamer Saurabh Dubey को Akash Deep के replacement के तौर पर sign करने का ऐलान किया है! क्या यह Masterstroke होगा या सिर्फ एक Gamble? Guru Gyan इस पर से पर्दा उठाएगा!

The Inner Story / Asli Maajra:
Kolkata Knight Riders (KKR) के CEO Venky Mysore ने Kolkata में एक Intra-squad Practice Match के दौरान इस बड़े फैसले का ऐलान किया। Saurabh Dubey, Vidarbha के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज, अब KKR के Purple और Gold jersey में दिखेंगे। लेकिन असली कहानी यहीं से शुरू होती है। Dubey के पास IPL का कोई खास अनुभव नहीं है, वे अभी तक Uncapped हैं। इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि उन्होंने पिछले ढाई सालों में कोई Competitive Cricket नहीं खेला है! उनका आखिरी Competitive Match October 2023 में Vidarbha के लिए एक T20 था। यह सुनकर आप भी सोच में पड़ गए होंगे कि KKR ने यह फैसला क्यों लिया?

हालांकि, Dubey के Talent पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। 2019 में, वे ACC Emerging Teams Asia Cup में Bharat के लिए सबसे ज्यादा Wicket लेने वाले Bowler थे, और उनके प्रदर्शन ने सबका ध्यान खींचा था। 2022 में, Sunrisers Hyderabad (SRH) ने उन्हें खरीदा था, लेकिन एक Injury ने उनके Season को छोटा कर दिया। वे Mumbai Indians के साथ Net Bowler भी रह चुके हैं। यानी, Talent है, लेकिन एक लंबा break भी है।

KKR की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। Akash Deep अपनी Lower-back Injury से recover नहीं कर पाए हैं और उन्हें पूरी तरह ठीक होने में लगभग तीन महीने लगेंगे। Harshit Rana भी Knee Injury से जूझ रहे हैं। KKR ने Akash Deep के replacement के लिए एक हफ्ते तक Kolkata में Trials चलाए, जिसमें Navdeep Saini, KM Asif, Simarjeet Singh, Akash Madhwal और Sandeep Warrier जैसे नाम भी शामिल थे। Head Coach Abhishek Nayar ने इन potential Options को लाने में शानदार काम किया है। Mysore के मुताबिक, Saurabh Dubey ही थे जिन्होंने Coaches की आंखें पकड़ीं। "Tall, Vidarbha Left-arm Seamer" – यही शब्द थे जिनसे Dubey को describe किया गया। Coaches ने उत्साहित होकर कहा कि "यही वह हैं जिसे हम Akash Deep के replacement के तौर पर लेना चाहेंगे।"

Matheesha Pathirana की Injury भी KKR के लिए चिंता का विषय थी। CEO Venky Mysore ने कहा कि वे Pathirana के लिए "fingers crossed" हैं। KKR Sri Lanka Cricket (SLC) Board के साथ लगातार संपर्क में है, और किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचना चाहती है। Pathirana के Mid-April तक उपलब्ध होने की उम्मीद है। Dubey अब KKR के Seam-Bowling Unit का हिस्सा होंगे, जिसमें Pathirana, Blessing Muzarabani, Vaibhav Arora, Kartik Tyagi, Umran Malik और Allrounder Cameron Green जैसे नाम पहले से मौजूद हैं।

Analysis & Numbers:

- Saurabh Dubey ने पिछले ढाई सालों से कोई Competitive Cricket नहीं खेला है, और Senior Level पर सिर्फ 11 Games का अनुभव है। यह KKR के लिए एक बड़ा Gamble है।

- 2019 ACC Emerging Teams Asia Cup में Bharat के लिए Leading Wicket-taker बनना उनकी Potential और Quality को दर्शाता है। अगर वह अपनी पुरानी Rhythm में आते हैं, तो यह एक Gamechanger साबित हो सकता है।

- KKR की Bowling Unit इस समय Injuries से जूझ रही है (Akash Deep, Harshit Rana बाहर, Pathirana शुरुआती Games मिस करेंगे)। ऐसे में Dubey को तुरंत Impact बनाने का दबाव होगा।

The Guru Gyan Verdict:
The Guru Gyan का मानना है कि KKR ने एक High-Risk, High-Reward Strategy अपनाई है। Saurabh Dubey का Talent Unquestionable है, लेकिन Competitive Cricket से लंबा Break एक चुनौती होगी। KKR हमेशा से ही अपने अनोखे फैसलों और युवा Talent पर भरोसा करने के लिए जानी जाती है, और यह फैसला उसी परंपरा का एक और उदाहरण है। Head Coach Abhishek Nayar और KKR Management का यह विश्वास ही Dubey को वापसी करने और अपना जौहर दिखाने का मौका देगा। अगर दुबे अपनी Rhythm और Pace वापस पा लेते हैं, तो वे KKR के लिए एक Masterstroke साबित हो सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह युवा Speedster IPL के Pressure को कैसे handle करता है और KKR की Bowling Attack को कितनी मजबूती प्रदान करता है। KKR की IPL 2026 Journey में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका परिणाम समय ही बताएगा।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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6 एकड़ की जमीन पर ये हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण किया जाएगा. लंबे वक्त से आधुनिक बस स्टैंड की डिमांड की जा रही है.

धमतरी:शहर में एक आधुनिक बस स्टैंड की मांग लोग लंबे वक्त से नगर निगम से कर रहे हैं. अब उस मांग पर विराम लगता दिखाई पड़ रहा है. जल्द ही शहर में एक हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. हालाकि अभी इसकी स्वीकृति नहीं मिली है. लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही स्वीकृति भी मिल जाएगी और निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा. नए बस स्टैंड को लेकर नगर निगम द्वारा परियोजना की 3डी मैपिंग कर आधुनिक डिजाइन तैयार कर लिया गया है, जिससे आने वाले समय में धमतरी को एक व्यवस्थित और स्मार्ट परिवहन केंद्र मिल सकेगा.

हाईटेक बस स्टैंड का सपना होगा पूरा
बताया जा रहा है कि करीब 18 करोड़ की लागत से लगभग 6 एकड़ भूमि पर इस हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण किया जाएगा. परियोजना का पूरा रोड मैप तैयार कर लिया गया है, जिसमें बस स्टैंड के चारों ओर से सुगम सड़क कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े. बस स्टैंड परिसर को आधुनिक शहरी मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था भी सुचारू रहेगा और लोगों को भी आने जाने में सहूलियत रहेगी.

सभापति ने किया इंजीनियरों के साथ दौरा
धमतरी नगर निगम के पीडब्ल्यूडी सभापति विजय मोटवानी ने इंजीनियरों और तकनीकी टीम के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया है. टीम ने कार्य की प्रगति तथा प्रस्तावित सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा भी की है. निरीक्षण के दौरान पीडब्ल्यूडी सभापति विजय मोटवानी ने अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए. साथ ही कहा कि यह परियोजना धमतरी शहर के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगी और इससे जिले की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.

बस स्टैंड में मौजूद होगी यात्रियों के बेहतरीन सुविधा
प्रस्तावित हाईटेक बस स्टैंड में यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक वेटिंग हॉल, डिजिटल सूचना प्रणाली, टिकट काउंटर, स्वच्छ शौचालय, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग क्षेत्र और सुरक्षा व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी. यहां लगभग 250 बसों के आवागमन की क्षमता के अनुरूप प्लेटफॉर्म और पार्किंग स्पेस तैयार किया जाएगा, जिससे बसों का संचालन व्यवस्थित और सुगम हो सके. इसके अलावा परिसर में पुलिस सहायता केंद्र, रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट, स्थानीय व्यापारिक दुकानों के लिए कॉमर्शियल स्पेस, विश्राम कक्ष और यात्रियों के ठहरने के लिए पर्याप्त स्थान भी बनाया जाएगा. परियोजना के तहत हरित क्षेत्र और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि बस स्टैंड आधुनिक होने के साथ-साथ आकर्षक भी दिखाई दे.

सीएम का धमतरी दौरा संभावित

नगर निगम के पीडब्ल्यूडी सभापति विजय मोटवानी ने बताया कि भूमि पूजन कार्यक्रम के लिए अगले एक सप्ताह के भीतर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव के धमतरी आने की संभावना है. इस निर्माण कार्य के शुरू होने से न केवल शहर की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी. नगर निगम द्वारा तैयार 3डी डिजाइन और विस्तृत तकनीकी योजना के आधार पर जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाने की तैयारी अंतिम चरण में है. शहरवासियों को उम्मीद है कि सालों से जिस आधुनिक बस स्टैंड की मांग की जा रही थी, वह अब जल्द ही हकीकत में बदलने जा रही है.

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