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संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भोपाल ने गोहद में निर्वाचन कार्यों की समीक्षा की

समस्त निर्वाचन संबंधी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश

संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भोपाल श्री रामप्रताप सिंह जादौन द्वारा अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय गोहद में विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 12-मेहगांव एवं विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 13-गोहद के निर्वाचन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में निर्वाचन संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए श्री जादौन द्वारा विशेष रूप से Book a Call तथा DSC संबंधी कार्यों पर प्राथमिकता के साथ ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री एल.के. पांडे, अनुविभागीय अधिकारी गोहद श्री राजन नाडिया एवं अनुविभागीय अधिकारी मेहगांव श्री नवनीत शर्मा सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जादौन ने समस्त निर्वाचन संबंधी कार्यों को समय-सीमा में एवं प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया सुचारू एवं त्रुटिरहित रूप से संपादित की जा सके।
Chief Electoral Officer Madhya Pradesh
#ECISVEEP
#JansamparkMP
#भिण्ड
#Bhind

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Bharatiya Janata Party की ओर से हावड़ा जिले के संकराइल में रविवार को भव्य विजय मিছিল का आयोजन किया गया।
यह विजय मিছিল शीतलातला से शुरू होकर चांपतला तक पूरे उत्साह और जोश के साथ निकाला गया।
मিছিল में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक एवं स्थानीय लोग शामिल हुए।
कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर लेकर जोरदार नारेबाजी की।
पूरे रास्ते भारत माता की जय और पार्टी के समर्थन में गगनभेदी नारे लगाए गए।
मিছিল के दौरान ढोल-नगाड़ों, अबीर और आतिशबाजी से उत्सव जैसा माहौल बन गया।
स्थानीय निवासियों ने कई स्थानों पर मিছিল का स्वागत किया और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।
भाजपा नेताओं ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए इसे जनता के विश्वास की जीत बताया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
नेताओं ने कहा कि जनता के सहयोग और समर्थन से क्षेत्र में विकास कार्यों को और तेज किया जाएगा।

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IndianOil के ऐप पर इसे DAC = Delivery Authentication Code बोलते हैं। DCS शायद आप DAC ही बोल रहे हैं।

IndianOil ONE App में DAC/DCS कोड ऐसे देखें

1. बुकिंग के बाद ऑटो दिखेगा
- सिलेंडर बुक करते ही App के होम स्क्रीन पर "Active Booking" में DAC दिख जाएगा।
- App में नोटिफिकेशन भी आ जाता है: `Your DAC for booking #XXXX is 123456`

2. अगर बुकिंग के बाद कोड नहीं दिखा तो
1. IndianOil ONE App खोलो
2. नीचे "LPG" वाले सेक्शन पर टैप करो
3. "Booking History" या "Track Refill" में जाओ
4. अपनी Active/Latest Booking पर टैप करो
5. वहां *"Delivery Authentication Code - DAC" लिखा होगा। 4 या 6 अंकों का कोड होगा।

3. SMS/WhatsApp भी चेक करो
कंपनी DAC को आपके रजिस्टर्ड नंबर पर SMS और WhatsApp दोनों पर भेजती है। मैसेज कुछ ऐसा आता है:
`Dear Customer, Your DAC for LPG refill delivery is 123456. Share only with delivery person. -IndianOil`

4. कोड नहीं मिल रहा?
- App में "Resend DAC" का ऑप्शन होता है।
Booking Details में जाकर Resend दबाओ।
- या 7718955555 पर `DAC` लिखकर SMS करो।
- या Missed call: 8454955555
दे - वापस SMS आ जाएगा।

जरूरी बातें
1. DAC डीलर नहीं बनाता - ये कंपनी का सिस्टम बुकिंग के बाद ऑटो जनरेट करता है।
2. कोड सिर्फ डिलीवरी वाले भैया को देना है,
सिलेंडर लेते समय। फोन पर कोई मांगे तो मत देना।
3. बिना DAC के डिलीवरी नहीं होगी। DAC mandatory है।

आपका ऐप अपडेटेड है न?
पुराने वर्जन में कभी-कभी DAC नहीं दिखता। Play Store से "IndianOil ONE" अपडेट कर लो।

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मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का डर दिखाकर 85 लाख सब्सक्राइबर्स वाले 4PM युटुब चैनल को बंद कर दिया.
लेकिन जब मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुँचा तो सच अदालत के रिकॉर्ड में खुद सामने आ गया.

कोर्ट ने साफ लिखा कि 4PM पर लगभग 50 हजार वीडियो थे और उनमें से सिर्फ 26 वीडियो पर आपत्ति जताई गई.

फिर सवाल ये है कि 50 हजार वीडियो वाले पूरे चैनल को क्यों बंद किया गया ! क्या यही लोकतंत्र है !

अगर 26 वीडियो पर विवाद था तो कानून के मुताबिक उन्हीं वीडियो पर कार्रवाई होनी चाहिए थी.

लेकिन यहाँ पूरा चैनल बंद कर दिया गया. यानी निशाना वीडियो नहीं था. निशाना आवाज थी.

सरकार अदालत में राष्ट्रीय सुरक्षा और पब्लिक ऑर्डर जैसे भारी-भरकम शब्द लेकर पहुँची. लेकिन आखिर में कोर्ट को कहना पड़ा कि कथित आपत्तिजनक वीडियो अस्थायी रूप से ब्लॉक करो और चैनल बहाल करो.

मतलब साफ है. करोड़ों दर्शकों की आवाज बंद करने की कोशिश की गई.

आज देश में हालत ये है कि सरकार से सवाल पूछो तो राष्ट्रविरोधी सच दिखाओ तो खतरा और सत्ता की आलोचना करो तो पूरा चैनल बंद.

लेकिन याद रखिए.

4PM बिकने वालों में नहीं है.
डरने वालों में नहीं है.
झुकने वालों में नहीं है.

मोदी सरकार पूरी ताकत लगाकर भी सच की आवाज को स्थायी रूप से बंद नहीं कर सकी.

आखिरकार अदालत के रिकॉर्ड में दर्ज हो गया कि 50 हजार वीडियो वाले चैनल को सिर्फ 26 वीडियो के नाम पर बंद किया गया था. साथ ही ये आज तक नहीं बताया गया कि इन 26 विडियो में आपत्तिजनक क्या था !

इतिहास गवाह है.
सत्ता हमेशा सवालों से डरती है.
और जब सरकार मीडिया से डरने लगे, समझ लीजिए सच अभी जिंदा है

यूट्यूब चैनल ब्लॉकिंग पर सरकार ने फैसला वापस लिया, सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी: 73 लाख सब्सक्राइबर वाला चैनल फिर बहाल"*

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय सुरक्षा' और 'पब्लिक ऑर्डर' का हवाला देकर ब्लॉक किए गए यूट्यूब न्यूज चैनल '4PM' पर लगाया गया प्रतिबंध वापस ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट में 13 मई 2025 को सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बेंच को बताया कि "ब्लॉकिंग ऑर्डर वापस ले लिया गया है"। इसके बाद 73 लाख सब्सक्राइबर्स वाला चैनल फिर से बहाल हो गया। 5fa8

क्या था पूरा मामला
1. चैनल ब्लॉक: 29 अप्रैल 2025 को सरकार के आदेश पर यूट्यूब ने '4PM News' चैनल ब्लॉक कर दिया था। यूट्यूब पर मैसेज आया कि चैनल 'राष्ट्रीय सुरक्षा या पब्लिक ऑर्डर' से जुड़े सरकारी आदेश के कारण भारत में उपलब्ध नहीं है।

2. याचिका दाखिल: चैनल के एडिटर संजय शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ब्लॉकिंग ऑर्डर रद्द करने की मांग की। याचिका में कहा गया कि ब्लॉकिंग "पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला" है और जनता के सूचना पाने के अधिकार का उल्लंघन है।

3. कोर्ट में सुनवाई: 5 मई को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा। याचिकाकर्ता के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि बिना कोई नोटिस दिए पूरा चैनल ब्लॉक कर दिया गया और कोई कारण भी नहीं बताया गया।

4. सरकार ने आदेश वापस लिया:
13 मई की सुनवाई में सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने ब्लॉकिंग ऑर्डर वापस ले लिया है। 037081a288885fa8

'26 वीडियो' वाला दावा कहां से आया
आपके मैसेज में '50 हजार वीडियो में से 26 पर आपत्ति' का जिक्र है। सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट के सार्वजनिक आदेशों में अभी तक 26 वीडियो की संख्या का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिला है। याचिका में कहा गया कि ब्लॉकिंग "अघोषित निर्देश" के तहत हुई और याचिकाकर्ता को कोई आदेश या शिकायत नहीं दी गई। 5fa84341

प्रेस संगठनों ने उठाए सवाल
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, IWPC समेत 5 पत्रकार संगठनों ने 1 मई को बयान जारी कर कहा कि '4PM' ने पहलगाम हमले में सुरक्षा चूक पर सवाल उठाए थे। संगठनों ने इसे "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला" बताया और चैनल बहाल करने की मांग की। 0370

T रूल्स को भी दी चुनौती
संजय शर्मा की याचिका में IT ब्लॉकिंग रूल्स 2009 के नियम 9 और 16 को भी चुनौती दी गई है। नियम 16 के तहत ब्लॉकिंग की सारी कार्रवाई गोपनीय रखी जाती है। याचिका में मांग की गई कि कंटेंट हटाने से पहले नोटिस और सुनवाई का मौका देना अनिवार्य किया जाए। कोर्ट ने इस याचिका को नियम 16 को चुनौती देने वाली अन्य लंबित याचिकाओं के साथ टैग कर दिया है। 5fa8

अभी स्थिति क्या है
सरकार ने ब्लॉकिंग ऑर्डर वापस ले लिया है और चैनल YouTube पर फिर से उपलब्ध है। लेकिन IT रूल्स की वैधता पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी रहेगी।

संजय शर्मा जी के वाल से

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सिंगरौली में भूमि अधिग्रहण को लेकर फिर गरमाई बहस, अभ्युदय सिंह (डैनी) की नई अपील

सिंगरौली में कोयला परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण को लेकर चल रहा असंतोष अब केवल स्थानीय विरोध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह जनअधिकार और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा प्रश्न बनता जा रहा है। कांग्रेस के वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव अभ्युदय सिंह (डैनी) ने एक बार फिर सार्वजनिक अपील जारी कर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
डैनी द्वारा जारी संदेश में आरोप लगाया गया है कि नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के माध्यम से सिंगरौली में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी, प्रभावित परिवारों की उपेक्षा और मनमाने निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने Ipsedixitism शब्द का प्रयोग करते हुए तंज कसा कि कई फैसले जो हम कहें वही सही वाली मानसिकता के साथ लागू किए जा रहे हैं, जबकि प्रभावित लोगों को प्रक्रिया में उचित भागीदारी तक नहीं दी जा रही।
अपने संदेश में उन्होंने विस्थापितों और अधिग्रहण प्रभावित परिवारों से जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग किसी भी निर्णय को केवल सरकारी आदेश मानकर बिना जानकारी स्वीकार न करें, बल्कि अपने अधिकारों, उचित मुआवजे, पुनर्वास और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर सवाल पूछें।
यह अपील केवल प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाती, बल्कि सिंगरौली के सामाजिक और राजनीतिक माहौल पर भी टिप्पणी करती है। डैनी ने अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार तंत्र पर भी निशाना साधते हुए संकेत दिया कि विकास के नाम पर प्रभावित लोगों की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने नागरिकों से अपने फेसबुक पर साझा खुले पत्र को पढ़ने, परिवार और समुदाय में चर्चा करने तथा जागरूकता फैलाने की अपील की है। उनके अनुसार विकास का अर्थ लोगों के अधिकारों और सम्मान की कीमत पर नहीं होना चाहिए।
सिंगरौली लंबे समय से देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में पहचाना जाता रहा है, लेकिन इसके साथ ही विस्थापन, प्रदूषण और पुनर्वास के मुद्दे भी लगातार सामने आते रहे हैं। ऐसे में अभ्युदय सिंह (डैनी) की यह नई सार्वजनिक अपील एक बार फिर इस बहस को केंद्र में ले आई है कि विकास और मानवीय अधिकारों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और खनन कंपनियां इन सवालों पर किस प्रकार प्रतिक्रिया देती हैं, क्योंकि क्षेत्र में बढ़ती जनचर्चा यह संकेत दे रही है कि लोग अब अपने अधिकारों को लेकर पहले से अधिक मुखर हो रहे हैं।

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21 पुलिस कर्मियों सहित 31 सरकारी कर्मचारियों को किया गया नौकरी से बर्खास्त

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने एनकॉर्ड बैठक की अध्यक्षता की

रिपोर्ट : देवेश आर्य, मण्डी हिमाचल प्रदेश
शिमला, 11 मई 2026

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू जी ने आज यहां नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 1 जून से 20 अगस्त 2026 तक प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों में एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान के दूसरे चरण को व्यापक स्तर पर शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी संबंधित क्षेत्रों में कम से कम 10 शिक्षण संस्थानों का दौरा कर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि दवा निर्माण और वितरण को लेकर फार्मास्यूटिकल कंपनियों द्वारा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा दवाओं के दुरुपयोग के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। अवैध रूप से दवाइयां बेचने वाली दुकानों के लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज से चिट्टे के समूल नाश के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है ताकि स्वस्थ समाज का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में नशे के विरुद्ध कार्रवाई और एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान के क्रियान्वयन के आधार पर संख्यात्मक ग्रेडिंग शामिल करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को जब्त किए गए वाहनों और शराब के समयबद्ध निपटान के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि चिट्टे के मामलों से संबंधित फॉरेंसिक रिपोर्ट पांच दिनों के भीतर तैयार की जानी चाहिए ताकि जांच और मुकदमों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को नशा तस्करी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने तथा चिट्टा तस्करों द्वारा अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन को आदतन अपराधियों की मैपिंग करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ नशे के आदी लोगों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में भर्ती तथा व्यावसायिक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए एंटी-चिट्टा परीक्षण अनिवार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि 15 नवंबर 2025 को रिज शिमला से एंटी-चिट्टा जन आंदोलन की ऐतिहासिक शुरुआत एंटी-चिट्टा वॉकाथॉन के माध्यम से की गई थी। उन्होंने कहा कि आज चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि व्यापक जन आंदोलन बन चुका है।

उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 12 हजार व्यक्तियों की पहचान की जा चुकी है तथा प्रदेश की 234 अति संवेदनशील पंचायतों में विशेष पुलिस और सीआईडी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत शिमला, सोलन, सिरमौर, बद्दी, बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू, मण्डी, कांगड़ा, चंबा, नूरपुर, देहरा और ऊना जिलों की कुल 234 पंचायतों को अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 6,811 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछली सरकार के कार्यकाल की तुलना में 33.18 प्रतिशत अधिक हैं। इस दौरान 10,357 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा 45,867 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए। उन्होंने कहा कि अब तक 174 नशा तस्करों और माफियाओं को एनडीपीएस अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है।

उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में लगभग 51 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई है, जो पिछली सरकार की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। एसटीएफ ने 700 से अधिक मामलों की जांच की और 300 मामलों को वित्तीय जांच एवं संपत्ति फ्रीज़ करने के लिए चिन्हित किया। अब तक 76 अवैध संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है तथा 17 मामलों में अवैध संपत्तियों को तोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। नशा संबंधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए 123 सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए 10 सरकारी कर्मचारियों तथा 21 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है।

उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों के अलावा एचआरटीसी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा ग्रामीण विकास विभाग के दो-दो कर्मचारी शामिल हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, बैंकिंग क्षेत्र, जल शक्ति विभाग और पशुपालन विभाग के एक-एक कर्मचारी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट कहा कि सरकार ईमानदारी, अनुशासन और जनविश्वास को सर्वोपरि मानते हुए नशा तस्करी में संलिप्त किसी भी सरकारी कर्मचारी के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति अपना रही है।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी और सजा तक सीमित नहीं है, बल्कि पुनर्वास-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से युवाओं को उपचार, परामर्श और पुनर्वास सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। मशोबरा में स्थापित किया जा रहा पुनर्वास केंद्र 20 मई से कार्यशील हो जाएगा, जबकि दूसरा केंद्र डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में शीघ्र शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री जी ने पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत उत्कृष्ट वित्तीय जांच कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह जी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऊना रेनू शर्मा जी और एएसआई पारुल नैन्टा जी को सम्मानित भी किया।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी जी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह जी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान जी, मुख्य सचिव संजय गुप्ता जी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के.के. पंत जी, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी जी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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सेवा में,मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मध्यप्रदेशजिला कलेक्टर महोदय, दतिया (म.प्र.)

प्रतिलिपि: पुलिस अधीक्षक, दतिया

विषय: गंभीर संज्ञेय अपराधों में FIR दर्ज न किए जाने, पुलिस की लापरवाही, परिवार को घर छोड़ने पर मजबूर किए जाने एवं सुरक्षा हेतु त्वरित हस्तक्षेप की प्रार्थना।

महोदय,

मैं राधा दुबे, पुत्री श्री सियासरण दुबे, निवासी ग्राम रछार, जिला दतिया (म.प्र.), अत्यंत भय एवं मानसिक पीड़ा की स्थिति में यह प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रही हूँ।

घटना का संक्षिप्त विवरण:

दिनांक ___ को प्रातः लगभग 10 बजे करीब 25 लोग, जिनमें अरविंद दांगी, आशीष, आशिक दांगी, राघवेंद्र दांगी एवं अन्य अज्ञात व्यक्ति (कुछ मुखौटा लगाए हुए) शामिल थे, हमारे घर में अवैध रूप से घुस आए। उन्होंने मेरे एवं मेरी माता के साथ अभद्र व्यवहार किया, जबरदस्ती की, पूरे घर की तलाशी ली तथा मेरे भाई के बारे में पूछताछ की।

भाई के संबंध में तथ्य:

मेरा भाई दिनांक ___ की रात्रि लगभग 12:30 बजे यह कहकर घर से निकला था कि मेरे मित्र की गाड़ी खराब हो गई है, मैं उसे लेने जा रहा हूँ। इसके बाद हमें लगा कि वह वापस आ गया होगा और हम सो गए। उस समय तक हमें यह बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी कि वह कहाँ गया है या किसके साथ है।

इसी संबंध में सुबह मेरे पिताजी की बातचीत अरविंद दांगी (जो मुस्कान दांगी के चाचा हैं) से हुई थी, जिसमें उन्होंने भी स्पष्ट कहा था कि उन्हें इस विषय में कोई जानकारी नहीं है।

बाद में संबंधित लड़की मुस्कान दांगी द्वारा स्वयं सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर स्पष्ट रूप से बताया गया कि वह अपनी इच्छा एवं सहमति से मेरे भाई के साथ गई है। इसके बावजूद भी हमारे पूरे परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है तथा हमारी FIR अब तक दर्ज नहीं की गई है।

घटना की गंभीरता:

जब आरोपियों को मेरे भाई के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, तब उन्होंने मुझे जबरदस्ती अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। मेरी माता को धक्का देकर गिराया गया, उनके गले से मंगलसूत्र छीन लिया गया, गंदी एवं अश्लील गालियाँ दी गईं तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट कर गंभीर चोटें पहुँचाई गईं। हमारे घर की संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया।

इन घटनाओं एवं लगातार मिल रही धमकियों के कारण मेरे माता-पिता एवं हम सभी को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। आज हमारा पूरा परिवार भय, असुरक्षा एवं मानसिक तनाव में जीवन व्यतीत कर रहा है। FIR दर्ज न होने के कारण हम अंदर से पूरी तरह टूट चुके हैं और हमें यह डर बना हुआ है कि आरोपियों द्वारा दोबारा कोई गंभीर घटना की जा सकती है।

पुलिस की लापरवाही एवं पक्षपात:

घटना के पश्चात मैंने थाना उनाव में शिकायत दर्ज कराई, परंतु वहाँ उपस्थित पुलिस अधिकारी श्री यतेन्द्र भदौरिया द्वारा

हमें लगभग 5 घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया,

हमारे बयान सही तरीके से दर्ज नहीं किए गए,

हमारी शिकायत के अनुरूप FIR दर्ज नहीं की गई,

केवल अत्यंत हल्की धाराओं में NCR दर्ज कर मामले को कमजोर किया गया,था दूसरी पार्टी के साथ अलग से बातचीत कर पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया गया।

यह आचरण न केवल कर्तव्य की घोर उपेक्षा है, बल्कि न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला है।

जान-माल का खतरा:

जिस प्रकार आरोपियों ने संगठित होकर हमारे घर में प्रवेश कर हमला किया, उससे हमें अपनी जान एवं संपत्ति का गंभीर खतरा है। आशंका है कि वे पुनः हमला कर सकते हैं।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि:

1. इस प्रकरण में तत्काल प्रभाव से गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कराई जाए।
2. आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
3. हमारे परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
4. संबंधित थाना उनाव के पुलिस अधिकारियों की भूमिका एवं लापरवाही की उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए तथा उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जाए।
5. मेरे भाई की स्थिति के संबंध में निष्पक्ष एवं त्वरित जाँच कराई जाए।

महोदय, जब संबंधित लड़की स्वयं सोशल मीडिया पर यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह अपनी इच्छा से गई है, तब हमारे परिवार को प्रताड़ित करना और हमारी FIR दर्ज न करना अत्यंत अन्यायपूर्ण है।

आपसे निवेदन है कि मेरे प्रार्थना पत्र पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि मेरे परिवार को न्याय एवं सुरक्षा मिल सके।

भवदीया,
राधा दुबे
पुत्री श्री सियासरण दुबे
निवासी: ग्राम रछार, जिला दतिया (म.प्र.)

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विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में एक ऐसी खौफनाक त्रासदी घटी है जिसने पूरे इलाके की रूह को हिलाकर रख दिया।

कुंडवा चैनपुर थाना क्षेत्र के बड़हरवा फतेह मोहम्मद गांव में शुक्रवार की रात एक किराना दुकान में लगी भीषण आग ने तीन जिंदगियाँ निगल लीं
एक मासूम बालक, एक बालिका और एक दुकान कर्मचारी।

यह महज एक आग की खबर नहीं है।
यह एक पिता की चीख है, जो अपने बच्चों को देखने के लिए जलते गेट को तोड़कर अंदर घुसा और वहाँ पाया कि उसके खून से उसके दो बच्चे एक-दूसरे से लिपटे राख हो चुके थे।

घटना का पूरा विवरण,
पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में शुक्रवार देर रात भीषण अग्निकांड हुआ।
ढाका प्रखंड के बड़हरवा फतेह मोहम्मद गांव में एक होलसेल दुकान में लगी आग ने देखते ही देखते दो मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
इस हादसे में दो मासूम बच्चों समेत तीन लोगों की जलकर मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, राजकुमार साह के मकान के निचले हिस्से में किराना दुकान थी, जबकि ऊपरी मंजिल पर परिवार रहता था।
रात करीब 11 बजे दुकान में अचानक आग लग गई जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
पिता राजकुमार साह ने बताया:
"सब मना कर रहे थे, मत जाओ, अभी आग जल रही है, फँस जाओगे।
मैंने कहा अब इंतजार नहीं कर सकते।
गेट राख बन गया था, एक धक्के में टूट गया।

अंदर जाते ही मेरे होश उड़ गए।
मेरे सामने सृष्टि और रूद्र कंकाल बने लिपटे हुए थे।
ऐसा लग रहा था कि दोनों एक-दूसरे को पकड़कर बचने की कोशिश कर रहे थे।
उनसे करीब दो फीट की दूरी पर स्टाफ प्रिंस का कंकाल पड़ा था।"

मृतकों की पहचान,
पुलिस के मुताबिक, मृतकों में किराना व्यवसायी राजकुमार साह की 12 वर्षीय पुत्री सृष्टि कुमारी, 8 वर्षीय पुत्र रुद्र कुमार, और 28 वर्षीय सेल्समैन पिंटू कुमार सिंह (उर्फ प्रिंस) शामिल हैं।

राजकुमार साह ने बच्चों को बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगाई, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो गया था।
ग्रामीण विजय बैठा भी आग बुझाने में मदद करने की कोशिश के दौरान झुलस गए।

फायर ब्रिगेड देर से आई, जान नहीं बचा सकी
घटना की सूचना पर अग्निशमन दस्ता देर से पहुँचा।
टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सुबह आठ बजे तक फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुटी रही
तब तक तीन जिंदगियाँ जलकर राख हो चुकी थीं।

यहाँ एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है रात 11 बजे लगी आग और सुबह 8 बजे काबू? करीब 9 घंटे! क्या समय पर फायर ब्रिगेड पहुँचती तो तीन जानें बचाई जा सकती थीं?

संपत्ति का नुकसान,
इस आगजनी में डेढ़ करोड़ से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया।
आग इतनी भयावह थी कि पड़ोस की एक अन्य किराना दुकान भी इसकी चपेट में आ गई, जिससे लाखों का सामान जलकर खाक हो गया।

आग का कारण अभी अनुत्तरित
आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालाँकि प्रशासन ने जाँच के बाद ही कुछ स्पष्ट होने की बात कही है।

सवाल जो उठने चाहिए
पहला सवाल:
बिहार में हर साल गर्मियों में दर्जनों अग्निकांड होते हैं फिर भी फायर ब्रिगेड की त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था क्यों नहीं सुधरती?

दूसरा सवाल:
आवासीय इमारत के नीचे होलसेल किराना-स्टोर क्या इसके लिए उचित अग्निशमन सुरक्षा उपकरण (स्प्रिंकलर, अलार्म) अनिवार्य नहीं होने चाहिए?

तीसरा सवाल:
सिकरहना डीएसपी ने दो मंजिला मकान में आग लगने की पुष्टि की।
क्या जिला प्रशासन पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा चार चार लाख रुपए मृतक के परिजनों को दिया है।

गाँव में पसरा मातम
घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है और लोग इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं।

12 साल की सृष्टि और 8 साल का रुद्र दो भाई-बहन जो मौत के आगोश में भी एक-दूसरे को थामे रहे।
यह तस्वीर किसी भी संवेदनशील इंसान को झकझोर देगी।
लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकारी तंत्र भी झकझोरा जाएगा, या अगले अग्निकांड का इंतजार किया जाएगा?

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चंडीगढ़ सोमवार 11/05/2026 आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा रक्षत शर्मा----सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ का हॉट कहां जाने वाला सेक्टर 17 आजकल व्यवस्थाओं का अड्डा बना हुआ आ है। यहां वहां गंदगी के ढ़ेर और टूटी फूटी सदके देखने को मिलती हैं जो कि शहर की सुंदरता को दागदार बनाते हैं। ऐसी ही जानलेवा और विकट समस्या की ओर समाजसेवक लक्की शर्मा जो स्टेट ऑफिस के नीचे बैठे एक टाइपिस्ट हैं। उन्होंने अल्फा न्यूज़ इंडिया के माध्यम से चंडीगढ़ प्रशासन का, नगर-निगम चंडीगढ़ और चंडीगढ़ के पुलिस प्रशासन सहित समाज सेवी संस्थाओं का ध्यान आकर्षित किया है। यहां बिना ढक्कन के मेनहाल कभी भी जानलेवा हादसे का सबब बन सकते हैं। हैरत की बात है कि चंडीगढ़ के दिल कहे जाने वाले सेक्टर में इतनी अव्यवस्था और दुर्दशा पसरी पड़ी है। और किसी भी बड़े से लेकर छोटा अधिकारी कर्मचारी तक इस सबसे बेखबर हैं। जो अधिकारियों की घोर लापरवाही और लोगों की जान माल के खामियाजा से उदासीनता का इशारा करती है । अल्फा न्यूज़ इंडिया की प्रशासन से, नगर निगम से पुलिस से पुरजोर मांग है कि इस जानलेवा हादसे को न्योता देते बिना ढक्कन वाले सीवरेज मेनहाल के तुरन्त मजबूत ढक्कन लगाए जाएं। ताकि किसी भी अमुक की अनचाही दर्दनाक दुर्घटना से आकस्मिक जीवन लीला समाप्त ना हो। और सेक्टर 17 में पसरी गंदगी को भी तुरंत प्रभाव से उठाया जाए। और शहर की शान सेक्टर 17 में पसरी अव्यवस्थाओं को हटाकर दुरुस्त करने की ओर प्रभावी कार्यवाही को अंजाम दिया जाए।।।

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हाईकोर्ट की बेंच के सामने शुक्रवार को जो कुछ हुआ, उसने धार की भोजशाला के कानूनी इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। एक तरफ सलमान खुर्शीद थे जो सुप्रीम कोर्ट की रोक का हवाला दे रहे थे, तो दूसरी तरफ विष्णु शंकर जैन ने एक ऐसी कानूनी बारीकी पकड़ी जिसने मामले का रुख ही मोड़ दिया। सारा झगड़ा इस बात पर है कि क्या 1991 का 'प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट' इस ऐतिहासिक ढांचे पर लागू होता है या नहीं?

हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से पेश हुए वकील विष्णु शंकर जैन ने जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने सूट (दीवानी मुकदमों) पर रोक लगाई है। लेकिन भोजशाला का यह मामला एक रिट याचिका है।

#HighCourt #Bhojshala #SupremeCourt

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CII ANNUAL BUSINESS SUMMIT 2026
Vision for India @ 100 The Future Global Economy, Industry & Society
New Delhi | 1112 May 2026
The prestigious Confederation of Indian Industry Annual Business Summit 2026 commenced in New Delhi with the theme Vision for India @ 100 The Future Global Economy, Industry & Society. The two-day summit has brought together leading industrialists, policymakers, economists, entrepreneurs, and global thought leaders to discuss Indias roadmap towards becoming a developed nation by 2047.
The summit focuses on critical areas including economic transformation, industrial innovation, digital growth, sustainability, global partnerships, manufacturing excellence, and social development. Delegates from across India and several international organizations are participating in high-level discussions and strategic sessions aimed at shaping the future of Indias economy and society.
A major highlight of the opening day on Monday, 11 May 2026, is the Special Plenary Session scheduled from 17:00 hrs to 18:00 hrs, featuring Yogi Adityanath, Honble Chief Minister of Uttar Pradesh.
During the plenary session, the Chief Minister is share his vision on industrial growth, investment opportunities, infrastructure development, employment generation, and the role of Uttar Pradesh in Indias journey towards becoming a global economic powerhouse.
Business leaders and industry experts attending the summit emphasized that India stands at a historic turning point, with strong economic momentum, rapid technological advancement, and increasing global influence. The summit is expected to produce key recommendations and collaborative strategies that will contribute to Indias long-term growth vision.
The CII Annual Business Summit 2026 continues on 12 May with multiple sessions, panel discussions, leadership dialogues, and networking engagements involving national and international stakeholders.

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