logo
(Trust Registration No. 393)
AIMA MEDIA
logo
1
1 views    0 comment
0 Shares

हल्द्वानी (नैनीताल):
उत्तराखंड की पावन धरा से एक ऐसी शख्सियत उभर कर सामने आई है, जिसने अपना संपूर्ण जीवन 'गौ सेवा, जन सेवा और राष्ट्र सेवा' के लिए समर्पित कर दिया है। 'उन्नति स्वयं सहायता समिति' के सचिव श्री विनोद चंद्र भट्ट आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उनके जीवन का मुख्य संकल्प गौ माता को 'राष्ट्र माता' का संवैधानिक दर्जा दिलाना है, जिसके लिए वे कानूनी और सामाजिक धरातल पर निरंतर संघर्षरत हैं।
विनोद चंद्र भट्ट की पहचान उनके कठिन संघर्षों और ऐतिहासिक पदयात्राओं से है। उन्होंने जन-जागरूकता के लिए रामनगर से विशाल जन-आंदोलन की शुरुआत की और हल्द्वानी से अल्मोड़ा तक की 170 किमी की पैदल यात्रा पूरी कर शासन-प्रशासन को जगाने का काम किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने लालकुआं से रामनगर और हरिद्वार से देहरादून तक की अत्यंत कठिन दंडवत यात्राएं भी की हैं।
एक प्रखर RTI एक्टिविस्ट के रूप में वे प्रशासनिक पारदर्शिता और चारागाहों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। "सूचना ही शक्ति है" के मूल मंत्र के साथ वे 'उत्तराखंड गौ हुंकार' डिजिटल पोर्टल के माध्यम से समाज के अंतिम छोर की आवाज को बुलंद कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड हो या लंबी पैदल यात्राएं, उनका धैर्य और सनातन मूल्यों के प्रति समर्पण उन्हें एक सच्चे जन-नायक के रूप में स्थापित करता है।

0
64 views    0 comment
0 Shares

6
387 views    0 comment
0 Shares

राजधानी शिमला के जुब्बल थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में नेपाली मूल के युवक की आग से झुलसने के कारण मौत हो गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह घटना गांव मटासा, डाकघर झडगा, तहसील जुब्बल में बीती शाम पेश आई।
मृतक की पहचान टोपिन्द्र कार्की निवासी जिला देलेख, करनाली क्षेत्र नेपाल के रूप में हुई है। वह पिछले कुछ समय से जुब्बल क्षेत्र में मजदूरी का कार्य कर रहा था और गांव मटासा स्थित एक सेब बगीचे में काम करता था। घटना की जानकारी मृतक के भाई प्रेम कार्की ने पुलिस को दी।
प्रारंभिक जांच के अनुसार टोपिन्द्र कार्की बगीचे में काम करने के बाद रसोईघर में मौजूद था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर शराब के नशे में रसोई में पड़ी सेब की खाली ट्रे इकट्ठा कर उनमें आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और वह उसकी चपेट में आ गया। आग की लपटों ने उसके कपड़ों को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया।
बताया जा रहा है कि आग लगाने के बाद वह किसी तरह कमरे की ओर गया और वहां अपना जला हुआ लोअर उतार दिया। इसके बाद वह पानी की मदद से आग बुझाने के लिए दोबारा रसोईघर की तरफ आया, लेकिन अत्यधिक झुलसने और दर्द के कारण वह बेहोश होकर गिर पड़ा। गंभीर रूप से झुलसने के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही जुब्बल पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि मामले में धारा 194 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई अमल में लाई गई है। शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद आगामी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं पुलिस घटना के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।

2
517 views    0 comment
0 Shares