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ମାଲକାନଗିରି:୧୧/୫/୨୬
ମାଲକାନଗିରି ସହରର ମୁଖ୍ୟ ରାସ୍ତାରେ ଖୁଲମଖୁଲା ଟ୍ରାଫିକ ନିୟମକୁ ଧୂଳିସାତ୍ କରି ଗତି କରୁଛି କେନ୍ଦୁପତ୍ର ବୋଝେଇ ଗାଡ଼ି।ଏହି ଦୃଶ୍ୟ ଦେଖିଲେ ସ୍ପଷ୍ଟ ଜଣାପଡ଼ୁଛି ଯେ, ଗାଡ଼ିର କ୍ଷମତାଠାରୁ ଦୁଇ ଗୁଣା ଅଧିକ ଉଚ୍ଚତାରେ କେନ୍ଦୁପତ୍ର ବସ୍ତା ଏଥିରେ ଅତି ବିପଦପୂର୍ଣ୍ଣ ଭାବେ ଲଦା ଯାଇଛି। ବସ୍ତାଗୁଡ଼ିକ ଗାଡ଼ିର ଦୁଇ ପାର୍ଶ୍ୱକୁ ଏମିତି ଭାବେ ବାହାରି ରହିଛି ଯେ, ଯେକୌଣସି ମୁହୂର୍ତ୍ତରେ ଏହା ଖସିପଡ଼ି ଜଣେ ପଥଚାରୀଙ୍କ ଜୀବନ ନେଇପାରେ। କିନ୍ତୁ ଆଶ୍ଚର୍ଯ୍ୟର ବିଷୟ ହେଉଛି, ସହରର ବ୍ୟସ୍ତବହୁଳ ଟ୍ରାଫିକ ଛକଗୁଡ଼ିକୁ ଅତିକ୍ରମ କରି ଏହି ଗାଡ଼ିଟି ଯାଉଥିବା ବେଳେ ସେଠାରେ ନିୟୋଜିତ ଟ୍ରାଫିକ ପୋଲିସ ଓ ପରିବହନ ବିଭାଗ କରୁଛି କଣ?ପ୍ରଶ୍ନ ଉଠୁଛି, ଏତେ ବଡ଼ 'ଚଳନ୍ତା ମରଣ ଯନ୍ତା' ଟ୍ରାଫିକ କର୍ମଚାରୀଙ୍କ ନଜରକୁ କେମିତି ଆସୁନାହିଁ? ସାଧାରଣ ଲୋକଟିଏ ହେଲମେଟ ପିନ୍ଧିନଥିଲେ ଜୋରିମାନା କାଟୁଥିବା ପ୍ରଶାସନ, ଏଭଳି ଗୁରୁତର ନିୟମ ଉଲ୍ଲଂଘନକାରୀଙ୍କୁ କାହିଁକି ଛାଡ଼ି ଦେଉଛି? ଏହା ଟ୍ରାଫିକ ବିଭାଗର ଦାୟିତ୍ୱହୀନତା ନା ଏହା ପଛରେ ଅନ୍ୟ କିଛି କାରଣ ରହିଛି? ଯଦି ଏହି ବସ୍ତା କୌଣସି ବ୍ୟକ୍ତିଙ୍କ ଉପରେ ଖସିପଡ଼େ ଏବଂ ଏକ ବଡ଼ ଦୁର୍ଘଟଣା ଘଟେ, ତେବେ ସେଥିପାଇଁ ଦାୟୀ କିଏ ହେବ? ଗାଡ଼ି ମାଲିକ ନା କର୍ତ୍ତବ୍ୟରେ ଅବହେଳା କରୁଥିବା କର୍ତ୍ତୃପକ୍ଷ? ସାଧାରଣ ଜନତାଙ୍କ ଜୀବନ ସହ ଏଭଳି ଖେଳ ଖେଳିବା ଆଦୌ ଗ୍ରହଣୀୟ ନୁହେଁ। ଅଘଟଣ ଘଟିବା ପୂର୍ବରୁ ପ୍ରଶାସନ କୁମ୍ଭକର୍ଣ୍ଣ ନିଦ୍ରାରୁ ଜାଗିବା ଉଚିତ ଏବଂ ଏଭଳି ବେପରୁଆ ପରିବହନ ଉପରେ ତୁରନ୍ତ ରୋକ ଲଗାଇବା ଆବଶ୍ୟକ।

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11६ १कमी पंजाब सीमा में होनी थीं मरम्मत. 3 कां जगह 6 साल लग गए
नहर बंदो समाप्त. बहंी मरूगंगा: पंजाब ने 12 घटे देरां से छोड़ा, 18 तक पहंचेगा पानी
सिटी रिपोर्टर I बीकानेर
इदिरा गंधी नहर की मरम्त का काम पुरा होने के बाद आखरकार 45 दिन की नहखबंदी समाप्त हो गईड है। मरम्मत के काम में कुछ घंटै ज्यादा लगने के कारण सोमवार को पंजाब से करीब 12 घंटे की देरी से दोपहर 12 बजे 100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रात तक पानी की मात्रा बढाकर 500 क्यसेक कर दी गईं। यह पानी करीब 6 दिन का सफर तय करके 17 से 18 मई के बीच बीकानेर पहंचेगा। इससे पिछले एक महीने से रिजव स्टॉक ( भंडारित पानी) के भरोसे चल रही शहर और गांवों की पेयजल व्यवस्था को बडी राहत मिलेगी। 27 मार्चं से नहरबंदी शुरू हुई थी। ये ऑशिक नहरबंदी थी और 12 अप्रैल तक 2000 कयसेक पानी पीने के लिए मिलता रहा लेकिन 12 अप्रैल से पूर्ण नहरबंदी शुरू हो गईं जिसमें पींने का पानी भी बंद हो गया। बीते 30 दिनों से इंदिरा गांधी नहर पर आश्रित शहर और गांव भंडार किए गए पानी से ही प्यास बझा रहे हैं। बीती रात 12 बजे हरिके से पानी छोड़ा जाना चाहिए था मगर नहर में फिनिशिंग काम अधुरा होने के कारण करीब 12 घंटे बाद सोमवार की दोपहर 12 बजे 100 क्यसेक पानी छोड़ा गया। पंजाब से छोड़ा गया पानी करीब 50 से 60 घंटे का सफर तय कर 204 किलोमीटर दूर राजस्थान की सीमा मसातावाली हेड पहंचेगा। वहां से बीकानेर जिला सीमा ( सतासर ) की दृरी करीब 150 से 170 किलोमीटर है। कंवरसेन लिपर नहर के बिरधवाल हैड ( आरडी 620) से बीछवाल जलाशय के लिए पानी लिया जाएगा जिसकी दूरी करीब 160 किलोमीटर है। यह नहर ऊंचाई पर ह्यने के कारण यहं पानी पंप करके आगे बढाया जाता है। नहर में एक महीने से जमा कचरे के
3 की जगह 6 साल में हुई मरम्मत, अब 18000 क्यसेक पानी मिलेगा
पंजाब सीमा में 116 किलोमीटर क्षेत्र में नहर की मरम्मत का जो काम 3 साल में परा होना था उसे परा होने में 6 साल का वक्त लगा। अब तक पंजाब सरकार नहर का जजर बताकर राजस्थान का 11 हजार क्यूसक से ज्यादा पानी नहीं दे रही थीं। मरम्मत परी होने के बाद अब अभियंताओं को यह देखना होगा कि क्या राजस्थान का उसक हिस्से का 15 से 18 हजार क्यूसेक पानी मिल पाएगा और नहर में पानी की होने वाली 500 से 1000 क्यूसेक की बर्बांदी स्केगी या नहीं।
बीछवाल में 7.शोसासर में 9 दिन का पार्न
बीछवाल जलाशय में सोमवार सबह तक 310 एमएलडी पानी क 'स्टॉक था। रोजाना 40 एमएलडी की खपत के हिसाब से यहां सिर्फ 7 दिन का पानी बचा है। यदि 17-18 मईं तक पानी नहीं पहुंचता है, तो बीछवाल इलाके में पानी की कटौती बढ़ानी पड़ सकती है। इसके लिए कंवरसेन लिफ्र के पंपिंग स्टेशनां का दरुस्त रखन होगा। दूसरी ओर, गजनेर लिफ्ट से जुड़ने वाले शोभासर जलाशय में 370 एमएलडी पानीहै, जो 40 एमएलडी की दैनिक खपत के अनुसार 9 दिन तक चलेगा।
यह सही है कि हरिके से पानी रात 12 बजे छोड़ा जाना था, लेकिन अच्छी बात यह है कि सोमवार दोपहर को 100 क्यूसेक पानी छोड़कर नहरबंदी खत्म कर दीगई है। इस यपानी की बीकानेर तक पहुंचन में करीब 6 दिन का समय लग सकता है। उम्मीद है कि बीकानेर मैं पीने के पानी की कोई किल्लत नहीं होगी। विवेक गोयल, चीफ इंजंीनियर, आईंगीएर्प
कारण पानी पहंचने में करीब 6 दिन का समय लगेगा।

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मिरौनी बैराज बना छत्तीसगढ़ का नया पर्यटन हब; उमड़ी हजारों की भीड़, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मिरौनी (सारंगढ़-बिलागढ़): छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलागढ़ जिले में स्थित मिरौनी बैराज इन दिनों पूरे प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है। भीषण गर्मी के बीच यहां पानी का आनंद लेने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
प्रमुख विशेषताएं और वर्तमान स्थिति:
पर्यटन का नया केंद्र: महानदी पर स्थित यह बैराज अब एक पिकनिक स्पॉट के रूप में तब्दील हो चुका है। यहां न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश के विभिन्न कोनों से लोग परिवार और दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करने पहुंच रहे हैं।
हजारों की तादाद: रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में यहां प्रतिदिन 10,000 से अधिक लोगों की भीड़ देखी जा रही है। डीजे और संगीत की धुनों पर युवा और पर्यटक पानी में नहाने का आनंद ले रहे हैं।
सुरक्षा की कमी: पर्यटकों की भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नदारद हैं। विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और किसी भी अप्रिय घटना (जैसे डूबने या विवाद) को रोकने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल या प्रशासनिक टीम की कमी देखी गई है।
प्रशासन से स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय पर्यटकों और पत्रकार दारिकांत रत्नेश (आइमा मीडिया) ने शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। उनका कहना है कि:
"यहाँ भारी संख्या में महिलाएं और बच्चे आ रहे हैं। इतनी बड़ी भीड़ में कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है। प्रशासन को तत्काल यहाँ कड़े सुरक्षा नियम लागू करने चाहिए और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करनी चाहिए।"
निष्कर्ष
मिरौनी बैराज की खूबसूरती और वहां की व्यवस्था पर्यटन को बढ़ावा तो दे रही है, लेकिन प्रशासनिक अनदेखी इसे जोखिम भरा बना सकती है। समय रहते उचित प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
ब्यूरो रिपोर्ट: आइमा मीडिया (संपादक: दारिकांत रत्नेश)

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*भारतवाडा , येथे चैताली भस्मे यांचा " संविधान दीप सन्मानाने " गौरव* श्रमजीवी ग्रामीण पत्रकार संघ आणि VBN TV यांच्या संयुक्त विद्दमाने गोविंद लॉन अँड बँकेट हॉल भारतवाडा ,नागपूर येथे भारतरत्न डॉ बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या १३५ व्या जयंती निमित्त भव्य सत्कार समारंभाचे आयोजन करण्यात आले .या समारंभात समाजात उल्लेखनीय कार्य करणाऱ्या विशिष्ट व्यक्तींचा " संविधान दीप सन्मान " म्हणून गौरव करण्यात आला सर्पमित्र ,प्राणीमित्र ,वन्यजीव रक्षक आणि मांगल्य फाऊंडेशन च्या अध्यक्षा व संस्थापिका चैताली भस्मे यांच्या समाजातील उल्लेखनीय कार्याबद्दल " संविधान दीप सन्मान पुरस्कार २०२६ देऊन सन्मानित करण्यात आले . २००५ पासून ते आजपर्यंतच्या अखंड निस्वार्थ समाजसेवा , प्राणिसेवा, आणि निसर्ग सेवेसाठी चैताली भस्मे यांना सन्मानित करण्यात आले .याप्रसंगी श्रमजीवी ग्रामीण पत्रकारसंघ संस्थापक महेश ठाकूर सोनी ,आयोजक प्रदेश अध्यक्ष व संपादक प्रदीप बॅनर्जी आणि संस्थेचे सर्व पदाधिकारी उपस्थितीत होते

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अमृतसर के साइको किलर की उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले एनकाउंटर के दौरान मारे जाने की खबर सामने आई है। आरोपी की पहचान अमृतसर के रहने वाले 45 साल के गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है जिसने 26 घंटे में 3 लोगों की बेवजह गोलियां मारकर हत्या की थी। इन तीनों वारदातों को उसने चलती ट्रेन और अस्पताल में अंजाम दिया था। खबर मिली है कि 2021 में उसे फौज से बर्खास्त कर दिया गया था।



जानकारी के अनुसार 10 मई को उसने 34 साल के युवक की पैसेंजर ट्रेन में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने 10-11 मई की रात 2 बजे के करीब जम्मूतवी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक और यात्री को गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया। वहीं अगले दिन 11 मई को सुबह उसने एक निजी अस्पताल में भर्ती महिला को गोली मार दी थी। इन तीनों वारदातों में आरोपी ने लोगों की कनपटी में गोली मारी था।



इसके बाद अस्पताल में मौजूद लोगों द्वारा उसे मौके से काबू कर पुलिस के हवाले किया गया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे 2021 में उसे फौज से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद वह बिहार नौकरी करने के लिए आया था पर यहां भी शराब की लत के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इस कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। इस दौरान आरोपी ने खुलासा किया है कि उसने ट्रेन में भी हत्या की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस द्वारा उसे क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए ले जाया गया था यहां आरोपी ने पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीन फायरिंग कर भागमे की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को काबू करने की कोशिश की और जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
Punjab Kesari, Amritsar

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इनसेप्शन डेली न्यूज़/ID News
ब्यूरो चीफ: संदीप शास्त्री

नई दिल्ली। मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली देश की सबसे बड़ी परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है। केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है।

बताया जा रहा है कि परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने, अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। मामला तूल पकड़ने के बाद सरकार और एजेंसियों पर लगातार दबाव बढ़ रहा था।

सरकार का कहना है कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसी के तहत पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच के आदेश दिए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, अब NTA जल्द ही नई परीक्षा तिथि की घोषणा कर सकता है। वहीं, परीक्षा रद्द होने से लाखों अभ्यर्थियों और अभिभावकों में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET जैसी परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। मामले की जांच के बाद कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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औरंगाबाद सहित कई जिलों में ऑनलाइन सट्टेबाजी का बढ़ता जाल:

सट्टेबाजी बिगाड़ रहा युवायों का भविष्य

नन्द कुमार सिंह /ब्युरो चीफ,राष्ट्रीय प्रसार

औरंगाबाद /बिहार--- आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के दौरान औरंगाबाद सहित कई जिलों में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है। स्थानीय युवा इस जाल में फंसकर आर्थिक रूप से बर्बाद हो रहे हैं, जबकि कई परिवार अपनी जमा-पूंजी गंवा बैठे हैं।। सूत्रों के अनुसार, यह महज सट्टेबाजी नहीं बल्कि एक संगठित डिजिटल सिंडिकेट है, जो तकनीकी धोखाधड़ी के जरिए लोगों को लूट रहा है।।

11 स्पोर्ट, गो एक्सचेंज समेत कई अवैध ऐप सक्रिय

विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, औरंगाबाद सहित कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में 11 स्पोर्ट, एचएन स्पोर्ट, गो एक्सचेंज और BSF365 जैसी अवैध वेबसाइट्स और ऐप्स के जरिए सट्टेबाजी का धंधा चलाया जा रहा है। इन साइटों का पूरा नियंत्रण स्थानीय बुकी और उनके आकाओं के हाथ में है। गिरोह का मुख्य केंद्र पड़ोसी जिले रोहतास में बताया जा रहा है, जहां से बारुण के एजेंटों को संचालन के निर्देश मिलते हैं।।

गिरोह की कार्यशैली काफी चालाक है

सरगना पहले PhonePe, Google Pay जैसी डिजिटल भुगतान ऐप्स के माध्यम से पैसे जमा करवाते हैं और बदले में यूजर को आईडी पर पॉइंट्स या कॉइन देते हैं। इसी वर्चुअल करेंसी से सट्टेबाजी शुरू होती है।

जीतते ही टेक्निकल ग्लिच या आईडी ब्लॉक

इस धंधे का सबसे बड़ा फ्रॉड यह है कि जीतने की कोई गुंजाइश नहीं रखी गई है। जैसे ही कोई खिलाड़ी लगातार दांव जीतने लगता है या उसकी रकम बढ़ने लगती है, पर्दे के पीछे बैठे ऑपरेटर सक्रिय हो जाते हैं। वे जानबूझकर साइट में टेक्निकल ग्लिच (तकनीकी खराबी) पैदा कर देते हैं या खिलाड़ी की आईडी को ब्लॉक कर देते हैं। नतीजतन, जीता हुआ सारा पैसा डूब जाता है और खिलाड़ी बिना कुछ कहे चुपचाप रह जाता है।।

रोहतास कनेक्शन और बढ़ता नेटवर्क
सूत्र बताते हैं कि यह सिंडिकेट औरंगाबाद तक सीमित नहीं है। इसका नेटवर्क रोहतास जिले तक फैला हुआ है। डिजिटल ट्रांजैक्शन और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के कारण यह गिरोह अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। जहां एक तरफ युवा कर्ज के दलदल में फंसकर परिवारों को आर्थिक संकट में डाल रहे हैं, वहीं सरगना आलीशान जीवन जी रहे हैं।।

झांसी छापेमारी के बाद औरंगाबाद में भी मांग

महज दो दिन पहले उत्तर प्रदेश के झांसी में आईपीएल सट्टेबाजी के एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया, जिसमें करोड़ों रुपये के लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय लिंक सामने आए। इस घटना के बाद बारुण और औरंगाबाद के स्थानीय निवासियों, युवाओं और बुद्धिजीवियों ने औरंगाबाद पुलिस प्रशासन से मांग की है कि यहां भी विशेष छापेमारी अभियान चलाया जाए और युवाओं को इस दलदल से बचाया जाए।।

साइबर सेल पर टिकी हैं उम्मीदें

पुलिस प्रशासन के समक्ष यह डिजिटल चुनौती है। चूंकि पूरा खेल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से चल रहा है, इसलिए औरंगाबाद पुलिस की साइबर सेल की भूमिका अहम हो गई है। जानकारों का कहना है कि इन सट्टेबाजों के बैंक खातों, यूपीआई आईडी और डिजिटल ट्रांजैक्शन की ट्रेल खंगालने से रोहतास और बारुण के कई सफेदपोश चेहरों का खुलासा हो सकता है।।

स्थानीय लोग चेतावनी दे रहे हैं कि यदि समय रहते इस संगठित सिंडिकेट पर नकेल नहीं कसी गई तो क्षेत्र में अपराध का नया और खतरनाक स्वरूप उभर सकता है।।

निष्कर्ष: क्रिकेट के प्रति जुनून को हथियार बनाकर युवाओं का शोषण करने वाले इस डिजिटल माफिया पर तुरंत अंकुश लगाने की जरूरत है। आमजन से भी अपील है कि ऐसे अवैध ऐप्स से दूर रहें और किसी भी आर्थिक नुकसान की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।।

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टीकमगढ़। मध्यप्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के निर्देशानुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका की नियुक्ति हेतु जिला स्तरीय दावा/आपत्ति निराकरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राप्त दावा एवं आपत्तियों का परीक्षण कर उनका निराकरण किया गया।

समिति के निर्णयनुसार निराकरण की कार्यवाही विवरण चयन पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। जारी अनंतिम चयन सूची पर प्राप्त सभी दावा/आपत्तियों के निराकरण उपरांत पोर्टल द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों की अंतिम चयन सूची का प्रकाशन किया गया। विभाग द्वारा अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे चयन पोर्टल पर जाकर अपनी अंतिम चयन स्थिति का अवलोकन करें।

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The Sixteen Prahari Namajagyna has begun in the Jagannath Temple courtyard in Talpadar village of Bijepur block, Bargarh district. A festive atmosphere has been created in the entire Talpadar area due to this religious event, and hundreds of devotees and devotees have gathered. The entire village is enchanted with devotion with the Harinaam Dhwani, Bhajans and Sankirtan. A magnificent Kalas Yatra was held at 9 am. Hundreds of women of the village took part in the procession, carrying the holy Kalas on their heads and circumambulating the village with the Harinaam Sankirtan. The entire environment was transformed into a spiritual atmosphere with the Haribol Dhwani. Devotees joined this Kalas Yatra. This religious event is being successfully conducted with the efforts and cooperation of the villagers. While the youth are engaged in maintaining order and serving the guests, the women are taking an active role in distributing the prasad and performing the puja. In this Nama Yagya, Gitakrushna Padhan and his wife Hemabati Padhan are the Karta, while the priests Pitabas Mishra and Premananda Mishra are performing the Jagyna along with reciting the Beda mantras. Shibu Mahapatra and Barik Sartik Barik are performing the pujari. Under their good management, all the rituals and religious rituals are being performed as per the scriptures. In the evening, the temple premises are seen to be illuminated in a devotional atmosphere. This sixteen prahari Namajagyna is not only a religious institution, but it is also believed to further strengthen brotherhood, friendship and spiritual awareness among the villagers.

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AIMA मीडिया न्यूज , खगड़िया(बिहार)10 मई।
शहर के सीढ़ी घाट स्थित विवाह भवन में 45वें जिला स्थापना दिवस के ऐतिहासिक काल में बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन जिला इकाई खगड़िया द्वारा 7वां जिला सम्मेलन सह मातृ दिवस व नारी सशक्तिकरण गोष्ठी का भव्य गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगठन की मजबूती, महिला अधिकारों, सेविका-सहायिकाओं की समस्याओं एवं उनके हक-अधिकार को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
समारोह की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मीनाक्षी कुमारी ने की, जबकि मंच संचालन यूनियन की जिला महासचिव कुमारी निर्मला ने अत्यंत प्रभावशाली एवं आकर्षक शैली में किया। कार्यक्रम की शुरुआत आगत अतिथियों के अंगवस्त्र एवं पुष्पमाला से भव्य स्वागत-सम्मान के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और ऊर्जा से भर उठा।
इस अवसर पर यूनियन का पुनर्गठन भी सर्वसम्मति से किया गया, जिसमें उर्मिला कुमारी को जिला अध्यक्ष, कुमारी निर्मला को महासचिव तथा राका सहाय , आशुतोष पोद्दार व प्रेमलता मिश्रा को संरक्षक के रूप में चयन किया गया। पुनर्गठन प्रक्रिया पुरा करने के बाद उपस्थित सदस्यों ने संगठन को और अधिक मजबूत एवं संघर्षशील बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रावती ने खगड़िया जिला इकाई की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि खगड़िया का संगठन राज्य के सबसे सशक्त, संगठित और धारदार इकाइयों में शामिल है। उन्होंने कहा कि सेविका एवं सहायिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की लड़ाई लगातार जारी रहेगी तथा संगठन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा।
वहीं बिहार राज्य संविदा कर्मी महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने सेविकाओं का उत्साहवर्धन और हौसला अफजाई करते हुए इन कर्मियों के संघर्षशील जज्बे को शैल्यूट की।साथ ही श्री शास्त्री ने सेविकाओं के उज्ज्वल भविष्य, सम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई में सदैव साथ खड़े रहने का विश्वास दिलाया।
जबकि महासचिव कुमारी निर्मला ने आगत अतिथियों का स्वागत-अभिनंदन करते हुए स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संगठन की एकता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और इसी सामूहिक ताकत के बल पर सेविका-सहायिकाएं अपने अधिकार एवं उज्ज्वल भविष्य के लक्ष्य को प्राप्त कर सकती हैं।
समारोह में प्रदेश सचिव विन्देश्वर कुमार, या0टै0यू0कां0 के जिला अध्यक्ष रमेशचंद्र चौधरी, राका सहाय, प्रभाकर चौधरी मंटून, श्वेता कुमारी, श्रीमालिनी सिंह, वीणा कुमारी यादव, चन्द्रजीत कुमार यादव, मनोज कुमार अधिवक्ता, वन्दना भारती, वीणा कुमारी, सोनी देवी, कुशेश्वर ठाकुर, कुमारी कमला, कंचन कुमारी, गीता कुमारी, सिंकी कुमारी, अनिता देवी, मीरा कुमारी, अन्नपूर्णा सिंह, सिम्पी, नीतू देवी सहित बड़ी संख्या में यूनियन के सदस्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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1 ದಿನದಲ್ಲಿ 700 ಬಾರ್ಗಳಿಗೆ ಬೀಗ! ಮದ್ಯದಂಗಡಿಗಳ ಕಿಕ್ ಇಳಿಸಿದ ವಿಜಯ್
Vijay ನೇತೃತ್ವದ ರಾಜಕೀಯ ಚಟುವಟಿಕೆಗಳು ತಮಿಳುನಾಡಿನಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಚರ್ಚೆಗೆ ಕಾರಣವಾಗಿವೆ. ರಾಜ್ಯದಲ್ಲಿ ಒಂದೇ ದಿನದಲ್ಲಿ ಸುಮಾರು 700 ಬಾರ್ಗಳು ಮತ್ತು ಮದ್ಯದಂಗಡಿಗಳು ಬಂದ್ ಆಗಿರುವ ಸುದ್ದಿ ದೊಡ್ಡ ಮಟ್ಟದಲ್ಲಿ ವೈರಲ್ ಆಗಿದೆ.
ಮದ್ಯಪಾನದ ವಿರುದ್ಧ ಕಠಿಣ ನಿಲುವು ತೆಗೆದುಕೊಂಡಿರುವ ವಿಜಯ್, ಜನಾರೋಗ್ಯ ಮತ್ತು ಯುವಜನರ ಭವಿಷ್ಯವನ್ನು ಗಮನದಲ್ಲಿಟ್ಟುಕೊಂಡು ಈ ವಿಷಯವನ್ನು ರಾಜಕೀಯ ಅಜೆಂಡಾದ ಭಾಗವಾಗಿಸಿದ್ದಾರೆ ಎನ್ನಲಾಗುತ್ತಿದೆ.
ಈ ಬೆಳವಣಿಗೆ ತಮಿಳುನಾಡು ರಾಜಕೀಯದಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಸಂಚಲನ ಮೂಡಿಸಿದ್ದು, ವಿಜಯ್ ಅವರ TVK ಪಕ್ಷದ ಮುಂದಿನ ಹೆಜ್ಜೆಗಳತ್ತ ಎಲ್ಲರ ಗಮನ ಸೆಳೆದಿದೆ.
ಮದ್ಯಮುಕ್ತ ತಮಿಳುನಾಡು ಎಂಬ ಘೋಷಣೆ ಇದೀಗ ರಾಜ್ಯ ರಾಜಕೀಯದ ಹಾಟ್ ಟಾಪಿಕ್ ಆಗಿದೆ.

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बारां में आवारा श्वानों का आतंक

ये घटना सच में परेशान करने वाली है। अखबार की कटिंग के मुताबिक सोमवार सुबह रिद्धि-सिद्धि एंक्लेव में आवारा कुत्तों के झुंड ने एक बछड़े को घेरकर नोच डाला। गनीमत रही कि आसपास के लोगों ने तुरंत दौड़कर उसे बचा लिया, वरना बछड़े की जान जाना तय था। फोटो में भी बछड़े के पैर पर गहरे जख्म दिख रहे हैं।

स्थिति क्यों गंभीर है
बार-बार हो रहे हमले: रिपोर्ट में लिखा है कि कुछ दिन पहले कुंज विहार कॉलोनी में भी ऐसी ही घटना हुई थी। लोगों में डर: कॉलोनी वालों का कहना है कि अब अकेले निकलना दुश्वार हो गया है। अगला निशाना कोई बच्चा भी हो सकता है। सिस्टम पर सवाल: खबर के अनुसार नगर परिषद ने कुत्तों को पकड़ने का टेंडर तो निकाला था, पर कुछ विरोध के बाद अभियान रुक गया।
आयुक्त का पक्ष
नगर परिषद आयुक्त भुवनेश मीणा ने बताया कि फिलहाल अस्थायी डॉग सेंटर बनाया गया है। स्थायी सेंटर का काम भी शुरू हो गया है। तैयार होने के बाद कुत्तों को पकड़कर वहां रखा जाएगा। साथ ही एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना भी किसी संस्था के साथ मिलकर लागू करने की तैयारी है।

नागरिक क्या कर सकते हैं
1. लिखित शिकायत: नगर परिषद में सामूहिक हस्ताक्षर के साथ शिकायत दें। लिखित शिकायत पर कार्रवाई की जवाबदेही बनती है। 2. हेल्पलाइन: राजस्थान में नगर निकाय की हेल्पलाइन 181 पर कॉल करके भी समस्या दर्ज करा सकते हैं। 3. ABC नियम: सुप्रीम कोर्ट के अनुसार आवारा कुत्तों को मारा नहीं जा सकता, सिर्फ पकड़कर नसबंदी + वैक्सीनेशन करके उसी इलाके में छोड़ा जाता है। इसलिए दबाव नसबंदी अभियान तेज करने पर रखें। 4. स्थानीय पार्षद: वार्ड पार्षद के जरिए परिषद की बैठक में मुद्दा उठवाएं।
बछड़े पर हमला वाकई खतरनाक संकेत है। प्रशासन ने काम शुरू किया है, लेकिन जब तक स्थायी सेंटर और नसबंदी अभियान रफ्तार नहीं पकड़ते, डर बना रहेगा। बड़े हादसे का इंतजार करने से बेहतर है कि परिषद अभी एक्शन तेज करे और कॉलोनी वाले भी लगातार फॉलो-अप करते रहें।

आप चाहें तो मैं इस मामले में नगर परिषद बारां को भेजने के लिए एक शिकायत ड्राफ्ट भी बना दूं।

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टीएल बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को किया सम्मानित कलेक्टर ने दी बधाई, शेष अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश

खरगोन, 11 मई 2026। जिले में जनगणना कार्य को सर्वप्रथम पूर्ण करने पर टीएल बैठक के दौरान कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल द्वारा कसरावद टीम को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एसडीएम कसरावद श्री सत्येंद्र बेरवा, तहसीलदार श्री मुकेश मचार, नगर परिषद कसरावद के सीएमओ एवं नगर परिषद भीकनगांव के सीएमओ को प्रशस्ति देकर सम्मानित किया गया। जानकारी के अनुसार कसरावद ग्रामीण क्षेत्र में कुल 481 HLB का कार्य पूर्ण किया गया। वहीं नगर परिषद कसरावद में 44 HLB तथा नगर परिषद भीकनगांव में 27 HLB ब्लॉकों का जनगणना कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।

कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल ने जनगणना कार्य को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने बैठक में उपस्थित अन्य चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भी निर्धारित समय-सीमा में अपने-अपने क्षेत्रों का जनगणना कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती रेखा राठौड़, जिला पंचायत सीईओ श्री मिलिंद कुमार नागदेव तथा जिला जनगणना अधिकारी श्री अनिल जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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मेरठ के शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट स्थित सेक्टर-2 की महिलाओं का संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। आवास विकास परिषद की कार्रवाई के विरोध में आंदोलन कर रही महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल समाजवादी पार्टी के विधायक Atul Pradhan से मिला।

मुलाकात के दौरान विधायक अतुल प्रधान ने महिलाओं को स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें अपना धरना समाप्त नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा, *आपको मेरा पूरा समर्थन है। मैं पहले भी आपके साथ खड़ा था और आज भी आपके साथ हूं।* विधायक के इस बयान के बाद महिलाओं के आंदोलन को नई मजबूती मिलती दिखाई दे रही है।

गौरतलब है कि आवास विकास परिषद के खिलाफ महिलाओं का यह धरना अब लगभग एक महीने से लगातार जारी है। परिषद द्वारा क्षेत्र में सेटबैक को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार बड़े मकानों से आवास विकास परिषद पहले ही सेटबैक ले चुका है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि छोटे मकानों के सेटबैक को लेकर परिषद आगे क्या कदम उठाता है।

इससे पहले आंदोलनरत महिलाओं ने आवास विकास परिषद कार्यालय का घेराव कर आवास आयुक्त से वार्ता की थी। उस दौरान आवास आयुक्त ने महिलाओं को आश्वासन देते हुए साफ कहा था कि छोटे मकानों से सेटबैक नहीं लिया जाएगा और नोटिसों का लिखित जवाब देने को कहा गया था।

फिलहाल शास्त्री नगर की महिलाओं का आंदोलन क्षेत्र में बड़ा जन मुद्दा बनता जा रहा है, जिसमें लगातार राजनीतिक समर्थन भी बढ़ता दिखाई दे रहा है।

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BHUBANESWAR: Prime Minister Narendra Modi has launched a nationwide Nation First appeal, urging citizens to adopt lifestyle and consumption changes aimed at strengthening Indias economic resilience and reducing dependence on imports.

The campaign, promoted through the governments "MyGov India" platform, outlines seven key appeals focusing on self-reliance, sustainable living, and support for domestic industries.

The Prime Minister called upon citizens to embrace small but impactful changes, stating that collective public participation can significantly reduce pressure on the countrys economy during a period of global uncertainty.
According to local reports and customer accounts, petrol pumps in the city are currently dispensing fuel with temporary caps of 200 worth of petrol for two-wheelers and 1000 worth of petrol or diesel for four-wheelers.
Seven Key Appeals

Under the initiative, citizens have been urged to:

1. Prefer work-from-home options wherever possible to reduce fuel consumption and infrastructure burden.

2. Avoid purchasing gold for one year in an effort to reduce import expenditure and manage the trade deficit.

3. Use metro services and public transport instead of private vehicles to lower petrol and diesel consumption.

4. Reduce the use of cooking oil to improve public health and decrease edible oil imports.

5. Encourage natural farming and reduce dependence on chemical fertilizers.

6. Prioritize Indian-made products and reduce reliance on foreign brands under the Vocal for Local initiative.

7. Avoid unnecessary foreign travel for one year to support domestic tourism and conserve foreign exchange.

Focus on Economic Stability

Government officials indicated that the initiative is designed to strengthen Indias economic foundation by reducing imports of high-value commodities such as crude oil, gold, edible oils, and fertilizers.

Economists note that India spends billions of dollars annually on such imports, and even moderate reductions in consumption could significantly improve foreign exchange reserves and help stabilize the rupee.

The campaign also aims to encourage domestic manufacturing, support local businesses, and create employment opportunities within the country.

Mixed Public Reaction

The announcement has generated widespread discussion across the country. Supporters described the initiative as a patriotic and practical step toward economic self-reliance, while critics questioned whether citizens should bear the burden of economic challenges.

Industry experts observed that sectors such as jewellery, aviation, and imported consumer goods may witness temporary demand fluctuations if the appeals gain widespread acceptance.

Power of One Philosophy

The campaign emphasizes the idea that individual contributions from Indias 1.4 billion citizens can collectively create a major national impact.

The promotional visuals feature the Prime Minister in a traditional Namaste gesture against the backdrop of the Indian tricolour and cheering crowds, symbolizing unity and collective responsibility.

Officials described the initiative as more than an economic measure, calling it a mindset shift encouraging citizens to place national interest above individual convenience.Several fuel stations in Bhubaneswar witnessed long queues throughout the day as residents rushed to refill their vehicles amid uncertainty over future supply conditions. Many commuters expressed concern over possible shortages, while others described the restrictions as precautionary measures aimed at preventing panic buying.Fuel station operators indicated that the temporary limits were introduced to ensure equitable distribution and maintain uninterrupted availability for essential services.

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নিজস্ব প্রতিনিধি: ফুটবল মাঠ যেমন রাতারাতি কাউকে তারকা বানায়, তেমনই আবার কখনো কখনো নিষ্ঠুরভাবে দূরে সরিয়ে দেয়। ২০২২ সালের গুয়াহাটি ফুটবল লিগে রাজবাড়ি অ্যাথলেটিক ক্লাবের হয়ে যখন মাহরুস সিদ্দিকী নাদিমকে ব্রেকআউট প্লেয়ার হিসেবে ঘোষণা করা হয়েছিল, ফুটবল মহলে সাড়া পড়ে গিয়েছিল। সবার ধারণা ছিল, বাংলার এই মিডফিল্ডার খুব শীঘ্রই দেশের বড় কোনো ক্লাবে জায়গা করে নেবেন। কিন্তু সময়ের সাথে সাথে সেই প্রত্যাশার পারদ কি আজ তলানিতে?
মোহনবাগান অ্যাকাডেমি থেকে শুরু করে মিনার্ভা অ্যাকাডেমি, এমনকি ইউরোপের ক্লাব এফসি স্ট্রুগা-তে ট্রায়াল দেওয়ার বর্ণিল রেকর্ড রয়েছে নাদিমের ঝুলিতে। কিন্তু এক সময়ের সেই রাইজিং স্টার আজ আই-লিগ বা বড় কোনো ক্লাবের চুক্তির জন্য হন্যে হয়ে ঘুরছেন। ফুটবলার হিসেবে তার এই ডাউনফল বা নিম্নমুখী গ্রাফ নিয়ে এখন ফুটবল প্রেমীদের মনে বড় প্রশ্ন চিহ্ন দেখা দিয়েছে।
বর্তমানে তাকে মাঠের মূল লড়াইয়ে দেখার চেয়ে বেশি দেখা যাচ্ছে সোশ্যাল মিডিয়া বা মেন্টরশিপের ভূমিকায়। সম্প্রতি Y.S.P ফুটবল অ্যাকাডেমির বাচ্চাদের পরামর্শ দিতে দেখা গেছে তাকে। কিন্তু প্রশ্ন ওঠে, যে খেলোয়াড়ের বয়স এবং অভিজ্ঞতা তাকে এখন আই-লিগের বড় মঞ্চে খেলার কথা ছিল, তিনি কেন আজ কেবল মেন্টরশিপ আর অ্যাকাডেমিতে সময় কাটাচ্ছেন?
চোট, সুযোগের অভাব নাকি সঠিক পরিকল্পনার অভাবকোনটা নাদিমের এই থমকে যাওয়ার কারণ? বর্তমানে ফ্রি এজেন্ট হিসেবে থাকা এই ফুটবলার কি পারবেন আবার কামব্যাক করতে, নাকি ২০২২-এর সেই সাফল্য কেবলই এক সোনালী অতীত হয়ে রয়ে যাবে? ভারতীয় ফুটবলের অন্দরে এমন বহু প্রতিভা হারিয়ে যায়, নাদিম কি সেই তালিকায় যোগ হতে চলেছেন, নাকি নতুন কোনো চমক নিয়ে ফিরবেন তিনি? উত্তর দেবে সময়।

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ਪਿੰਡ ਹਿੰਮਤਪੁਰਾ ਸੈਦੋਵਾਲਾ ਕੱਚਾ ਰਾਹ ਬਸਤੀ ਵਿੱਚ ਕੱਲ੍ਹ ਆਈ ਤੇਜ਼ ਹਨੇਰੀ, ਝੱਖੜ, ਮੀਂਹ ਅਤੇ ਗੜੇਮਾਰੀ ਨੇ ਜਿੱਥੇ ਫਸਲਾਂ, ਦਰੱਖਤਾਂ ਅਤੇ ਬਿਜਲੀ ਦੀਆਂ ਤਾਰਾਂ ਦਾ ਭਾਰੀ ਨੁਕਸਾਨ ਕੀਤਾ, ਉੱਥੇ ਕਈ ਘਰ ਵੀ ਇਸ ਕੁਦਰਤੀ ਆਫ਼ਤ ਦੀ ਚਪੇਟ ਵਿੱਚ ਆ ਗਏ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਮੱਖਣ ਸਿੰਘ ਪੁੱਤਰ ਬਲੌਰੀ ਸਿੰਘ ਦਾ ਪਰਿਵਾਰ ਵੀ ਸ਼ਾਮਲ ਹੈ, ਜਿਸ ਦੇ ਘਰ ਦੀਆਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਨਾਜ਼ੁਕ ਹਾਲਤਾਂ ਸਨ।

ਮੱਖਣ ਸਿੰਘ, ਜੋ ਕਿ ਪੰਜ ਧੀਆਂ ਦਾ ਪਿਤਾ ਹੈ, ਬਹੁਤ ਹੀ ਮੁਸ਼ਕਲ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਗੁਜ਼ਾਰਾ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਕੱਲ੍ਹ ਆਈ ਹਨੇਰੀ ਕਾਰਨ ਉਸ ਦੇ ਘਰ ਦਾ ਗੇਟ, ਕੰਧ ਅਤੇ ਰਸੋਈ ਟੁੱਟ ਕੇ ਬਿਖਰ ਗਏ। ਘਰ ਦਾ ਜਿਹੜਾ ਪੜਦਾ ਅਤੇ ਕੰਧ ਪਹਿਲਾਂ ਭਾਰੀ ਮੀਂਹ ਦੌਰਾਨ ਵੀ ਡਿੱਗ ਚੁੱਕੇ ਸਨ, ਉਹ ਮੁੜ ਤੋਂ ਢਹਿ ਗਏ। ਇੱਕ ਲੋੜਵੰਦ ਇਨਸਾਨ ਲਈ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਘਰ ਦਾ ਟੁੱਟਣਾ ਸਿਰਫ਼ ਆਰਥਿਕ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਮਾਨਸਿਕ ਤੌਰ ਤੇ ਵੀ ਵੱਡਾ ਝਟਕਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।

ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਦੋਵੇਂ ਮੀਆਂ-ਬੀਵੀ ਮਿਹਨਤ ਮਜ਼ਦੂਰੀ ਕਰਕੇ ਆਪਣੀਆਂ ਧੀਆਂ ਦਾ ਪਾਲਣ-ਪੋਸ਼ਣ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਘਰ ਦੀ ਮਹਿਲਾ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਘਰਾਂ ਵਿੱਚ ਗੋਹਾ-ਕੂੜਾ ਅਤੇ ਪੋਚੇ ਲਗਾ ਕੇ ਘਰ ਚਲਾਉਂਦੀ ਹੈ, ਜਦਕਿ ਮੱਖਣ ਸਿੰਘ ਦਿਹਾੜੀ ਕਰਕੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਸਹਾਰਾ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ।

ਇਲਾਕਾ ਵਾਸੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਅਤੇ ਦਾਨੀ ਸੱਜਣਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਗਰੀਬ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਮਦਦ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਜੋ ਘਰ ਦੀ ਟੁੱਟੀ ਕੰਧ, ਚਾਰਦਿਵਾਰੀ ਅਤੇ ਰਸੋਈ ਦਾ ਦੁਬਾਰਾ ਨਿਰਮਾਣ ਹੋ ਸਕੇ। ਜੇ ਕੋਈ ਸਹਾਇਤਾ ਲਈ ਅੱਗੇ ਆਵੇ ਤਾਂ ਇਹ ਪਰਿਵਾਰ ਲਈ ਵੱਡਾ ਸਹਾਰਾ ਸਾਬਤ ਹੋਵੇਗਾ

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"यूपी में 25 हजार करोड़ का स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रोजेक्ट संकट में: सरकार की रोक से बिजली कंपनियों में हड़कंप, उपभोक्ताओं में गुस्सा"

मेरठ। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना पर लगी रोक ने बिजली विभाग और ऊर्जा कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। करीब 25 हजार करोड़ रुपये के इस बड़े प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े हो गए हैं कि अगर सरकार पूरी तरह प्रीपेड मॉडल से पीछे हटती है तो इतनी बड़ी राशि आखिर एडजस्ट कैसे होगी?

ऊर्जा मंत्री की रोक के बाद बैकफुट पर विभाग
जनविरोध और लगातार मिल रही शिकायतों के दबाव में सरकार ने स्मार्ट मीटर योजना पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद कंपनियों के अनुबंध और भुगतान पर भी सवाल उठने लगे हैं। विभागीय गलियारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

क्या था प्रोजेक्ट का मकसद
स्मार्ट मीटर योजना को बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता लाने, लाइन लॉस कम करने और बिलिंग सिस्टम को डिजिटल बनाने का बड़ा कदम बताया गया था। इसके तहत उपभोक्ताओं के घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने थे।

जमीनी हकीकत उलट
लेकिन जमीनी स्तर पर हालात उलट दिखाई दे रहे हैं। उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। कई लोगों का आरोप है कि रिकॉर्ड में पोस्टपेड मीटर दर्ज होने के बावजूद कुछ दिनों बाद मीटर प्रीपेड मोड में दिखाई देने लगता है।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा नाराजगी
कंकरखेड़ा, शास्त्री नगर और जागृति विहार समेत कई इलाकों में उपभोक्ताओं ने बिना स्पष्ट सहमति प्रीपेड सिस्टम लागू किए जाने पर नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि उन्हें न तो इसकी पूरी जानकारी दी गई और न ही मोड बदलने की पारदर्शी सूचना मिली।

रिमोट से बदल रहा मोड, बढ़ा विवाद
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उसका मोड रिमोट सिस्टम से बदला जा सकता है, लेकिन यही सुविधा अब विवाद की वजह बन गई है। उपभोक्ताओं को डर है कि भविष्य में पूरी व्यवस्था जबरन प्रीपेड मॉडल में बदल सकती है।

अब आगे क्या
25 हजार करोड़ के इस प्रोजेक्ट पर रोक के बाद अब सबसे बड़ा सवाल कंपनियों के अनुबंध और खर्च हुई राशि का है। अगर सरकार प्रीपेड मॉडल से पूरी तरह पीछे हटती है तो इतनी बड़ी रकम का क्या होगा, इस पर विभाग में मंथन चल रहा है।

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आगरा के जिला महिला अस्पताल (लेडी लॉयल) स्थित सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (SNCU) आज न केवल बीमार नवजातों के लिए जीवनदायिनी बन रही है, बल्कि परिवारों के टूटे भरोसे को जोड़ने का केंद्र भी बन गई है। विश्व नर्सिंग दिवस की पूर्व संध्या पर अस्पताल के आँकड़े सुखद तस्वीर पेश कर रहे हैंवर्ष 2024 से अब तक कुल 1151 नवजात पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं।
तस्वीरें जो उम्मीद जगाती हैं: "SNCU ग्रेजुएट"
अस्पताल में शुरू की गई SNCU ग्रेजुएट पहल चर्चा का विषय बनी हुई है। नर्सिंग ऑफिसर श्वेता सिंह के अनुसार, जब एक गंभीर बच्चा स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होता है, तो स्टाफ के साथ उसकी एक तस्वीर क्लिक कर यूनिट में लगाई जाती है। इन्हें 'ग्रेजुएट' का दर्जा दिया जाता है। ये तस्वीरें केवल यादें नहीं हैं, बल्कि उन नए माता-पिता के लिए उम्मीद की किरण हैं जो अपने बच्चे की गंभीर स्थिति देखकर घबरा जाते हैं। इन मुस्कुराते चेहरों को देखकर उन्हें विश्वास होता है कि उनका बच्चा भी ठीक होकर घर जाएगा।
उपचार के साथ 'कंगारू मदर केयर' का जादू
SNCU में केवल दवाएं ही नहीं, बल्कि ममता का स्पर्श भी इलाज का हिस्सा है। स्टाफ द्वारा माताओं को कंगारू मदर केयर (KMC) और सही फीडिंग तकनीक सिखाई जाती है। नर्सिंग स्टाफ पूर्णिमा, रिंकी, रिताक्षा, अमित और अखिलेश बताते हैं कि कई बार माता-पिता अपने छोटे से बच्चे को छूने से भी डरते हैं। ऐसे में उन्हें धीरे-धीरे देखभाल की प्रक्रिया से जोड़ना और उनका डर दूर करना नर्सिंग सेवा का अहम हिस्सा है।
अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक सुविधाएं
एसआईसी डॉ. पुष्पलता ने बताया कि यूनिट में 12 बेड, सी-पैप मशीन और समर्पित KMC वार्ड की सुविधा उपलब्ध है। वहीं, SNCU इंचार्ज रेखा गुप्ता और केके शर्मा का कहना है कि "ग्रेजुएट" पहल ने वार्ड के माहौल को सकारात्मक बना दिया है

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*माधोपुर दरपीपुर में गोपाल बीर बाबा के स्थान पर भव्य भंडारे का आयोजन, श्रद्धालुओं से पहुंचने की अपील*

*गौरीगंज।* गढ़ा धाम स्थित ग्राम माधोपुर दरपीपुर में गोपाल बीर बाबा के पावन स्थान पर भव्य शर्बत वितरण एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से भारी संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह किया है।

आयोजक अतुल शुक्ला ने बताया कि यह भंडारा पिछले पांच वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष भी राहुल, शुभम, आदर्श, शोभनाथ, संजय, बबलू, रिंकू, दीपू, अंकित, विकास, शुभम तिवारी, अजय, श्याम, सत्यप्रकाश, शोभित, अर्पित, प्रणव मिश्रा, सहित समस्त भक्तगणों के सहयोग से आयोजन भव्य रूप से संपन्न कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गोपाल बीर बाबा के दरबार में आने वाले सभी भक्तों के लिए प्रसाद एवं शर्बत की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु बाबा का आशीर्वाद लेकर पुण्य लाभ अर्जित करें।

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भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से संस्कार भारती इकाई झालावाड़ द्वारा मदर्स डे के अवसर पर पंच परिवर्तन एवं कुटुंब प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मातृ शक्ति का पारंपरिक तरीके से सम्मान किया गया, वहीं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को समर्पित भजनों, कविताओं और ओजपूर्ण गीतों ने पूरे माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। इस दौरान संस्कार भारती की डग इकाई के गठन की घोषणा भी की गईदीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ।संस्था के अध्यक्ष अशोक जांगिड़ ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत मां भारती एवं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुई। यह शुभारंभ जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष ईश्वरी लाल वर्मा और उनकी धर्मपत्नी मोहिनी देवी द्वारा किया गया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों और संस्कार भारती के सदस्यों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।मातृ शक्ति चरण वंदन बना आकर्षण का केंद्रमदर्स डे के अवसर पर आयोजित मातृ शक्ति चरण वंदन कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें उपस्थित मातृ शक्तियों और वरिष्ठजनों का चरण पखारकर, माल्यार्पण कर, शाल ओढ़ाकर तथा मुंह मीठा कराकर सम्मान किया गया।सम्मानित होने वालों में रुक्मणी शर्मा, मोहिनी देवी, इंद्रावती, रुपेश सोनी, रितु सोनी, सौरभ सोनी, दीपाली सोनी, अशोक जांगिड़, हेमलता जांगिड़, कंचन गुप्ता, नरेंद्र दुबे और पुष्पलता दुबे कार्यक्रम में संस्कार भारती की साहित्य विधा प्रमुख डॉ. प्रीति शर्मा को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनकी पांडुलिपि थोड़ी जमीन थोड़ा आसमान का चयन राष्ट्रीय साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशन के लिए किए जाने पर संस्था की ओर से माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया।शामिल रहे।डॉ. प्रीति शर्मा का विशेष सम्मानभजनों और कविताओं ने जगाई देशभक्ति की भावनाकार्यक्रम में पंकज खंडेलवाल, कोमल टेलर, गोपाल विलास रावल और हरीश शर्मा ने भगवान श्रीराम के भजनों की प्रस्तुतियां देकहल्दीघाटी में समर लड़्यो वो चेतक रो असवार कठे,
नीला घोड़ा रा असवार म्हारा मेवाड़ी सरदार राणा,
हल्दीघाटी का झगड़ा में अकेले लड़ रहे महाराणा
और फिल्म जय चित्तौड़ के प्रसिद्ध गीत ओ पवन वेग से उड़ने वाले घोड़े रखियो रे आज उनकी लाज हो जैसे गीतों ने पूरे माहौल को वीर रस और देशभक्ति से भर दिया। उपस्थित लोगों ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

र सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।महाराणा प्रताप के गीतों से गूंज उठा कार्यक्रम स्थलaimamediajhalawar

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झालावाड़ जिले के सुनेल क्षेत्र के किसानों ने रोशनबाड़ी और गागरिन लघु सिंचाई परियोजनाओं की बदहाल व्यवस्था को लेकर जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार अजहर बैग को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने पाइपलाइनों और नहरी तंत्र को शीघ्र दुरुस्त कर अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की मांग की है।ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया कि परियोजना पूर्ण होने के बावजूद आज तक खेतों तक सुचारू रूप से पानी नहीं पहुंच पाया है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि रोशनबाड़ी लघु सिंचाई परियोजना के तहत बांध का निर्माण वर्ष 2023 में पूरा हो चुका है और बांध में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है।इसके बावजूद टूटी पाइपलाइनों और क्षतिग्रस्त नहरी तंत्र के कारण किसानों को समय पर सिंचाई हेतु पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि संवेदक और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के चलते तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया। उन्होंने कई बार लिखित रूप से अधिकारियों और संवेदक को समस्या से अवगत कराया, लेकिन मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया। इस वर्ष भी किसान रबी फसल के लिए बांध के पानी का इंतजार करते रहे, मगर खेतों तक पानी नहीं पहुंच सका।रिछड़ नदी पर बने रोशनबाड़ी बांध से दो मुख्य नहरें निकाली गई हैं, जिन पर 18 डिग्गियों का निर्माण किया गया है। इनसे किसानों के खेतों तक भूमिगत पाइपलाइन बिछाई गई है। लगभग प्रत्येक 7 हेक्टेयर भूमि पर 20 से 22 पाइंट बनाए गए हैं ताकि किसान आसानी से सिंचाई कर सकें। क्षेत्र में 90 एमएम से 180 एमएम तक की पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन कई स्थानों पर पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त होने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सिंचाई तंत्र को दुरुस्त नहीं किया गया तो खेतों तक पानी पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। इससे फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी।किसानों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर सिंचाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी सिंचाई योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा जब निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो और समय-समय पर रखरखाव किया जाए। किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराना कृषि प्रधान क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता है।इस दौरान किसान पीरुलाल धाकड़, मनोहर धाकड़, सत्यनारायण गुप्ता ,रामसिंह नागर,दयाराम पटेल ,रामसिंह पटेल,जितेंद्रसिंह मंडलोई, तुलेश मोड, नरेंद्रसिंह हाडा, गजराज सिंह, दीपचंद नागर,शोभाराम गुर्जर, लालचंद गुर्जर, शोभाराम मेघवाल सहित अन्य किसान मौजूद रहे।Aimamediajhalawar

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मुंबई : महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष Raj Thackeray ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राज ठाकरे ने कहा कि जब कच्चे तेल की कीमतें 60 से 65 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थीं, तब भी जनता को महंगे दामों पर पेट्रोल और डीजल बेचा गया।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय सरकार ने जनता से जो लाखों करोड़ रुपये वसूले, आखिर वह पैसा कहां गया और उसका क्या उपयोग हुआ? राज ठाकरे ने यह भी कहा कि देश और राज्यों की अर्थव्यवस्था पर पड़े असर को लेकर सरकार खुलकर कुछ नहीं बोल रही है।
उन्होंने मांग की कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों और उससे प्राप्त राजस्व का पूरा हिसाब जनता के सामने रखा जाए। राज ठाकरे के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई

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ଚମ୍ପୁଆ :-୧୨/୦୫(ହେମନ୍ତ କୁମାର ମହାନ୍ତ) "ଦେଶର ପ୍ରଗତି ପାଇଁ ସଶକ୍ତ ନାରୀ, ବିଜେଡି-କଂଗ୍ରେସ ମାରିଲେ ଛୁରୀ" ଏହି ନାରାକୁ ପାଥେୟ କରି ଭାରତୀୟ ଜନତା ପାର୍ଟି ଚମ୍ପୁଆ ଗ୍ରାମୀଣ ମଣ୍ଡଳ ପକ୍ଷରୁ ଗତକାଲି (୧୧ ମଇ) ଜାମୁଦଲକ ଠାରେ ଏକ ବିଶାଳ ଜନ-ଆକ୍ରୋଶ ମହିଳା ସମାବେଶ ଓ ପଦଯାତ୍ରା ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି। ରାଜ୍ୟର ବିରୋଧୀ ଦଳ ବିଜେଡି ଓ କେନ୍ଦ୍ର ବିରୋଧୀ କଂଗ୍ରେସର ମହିଳା ବିରୋଧୀ ନୀତି ବିରୁଦ୍ଧରେ ଏହି ପ୍ରତିବାଦ ସଭା ଆୟୋଜନ କରାଯାଇଥିଲା। ଏହି ସମାବେଶରେ ବିଜେପିର ବହୁ ବରିଷ୍ଠ ନେତୃବୃନ୍ଦ ଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ। ପଙ୍କଜ ମହାନ୍ତ ଚମ୍ପୁଆ ଗ୍ରାମୀଣ ମଣ୍ଡଳ ସଭାପତି, ସିଦ୍ଧାର୍ଥ ସିଂ ଜିଲ୍ଲା ଉପ ସଭାପତି, ଝରଣା ମହାନ୍ତ ଜିଲ୍ଲା ସମ୍ପାଦିକା, ଜୁଲି ରାଣୀ ବାରିକ ମହିଳା ନେତ୍ରୀ, ଜୀତେନ୍ଦ୍ର ମହାନ୍ତ ମଣ୍ଡଳ ସାଧାରଣ ସମ୍ପାଦକ, ସନ୍ତୋଷ ମହାନ୍ତ ମଣ୍ଡଳ ଉପ ସଭାପତି, ମାଧବ ଚନ୍ଦ୍ର ମହାନ୍ତମଣ୍ଡଳ ଉପ ସଭାପତି, ରାଜୁ ଦାସ ମଣ୍ଡଳ ସମ୍ପାଦକ ଏହି ପଦଯାତ୍ରାରେ ଅଞ୍ଚଳରୁ ପ୍ରାୟ ୪୦୦ରୁ ଅଧିକ ମହିଳା ଓ ବିଜେପି କାର୍ଯ୍ୟକର୍ତ୍ତା ସାମିଲ ହୋଇଥିଲେ। ମହିଳାମାନେ ହାତରେ ପ୍ଲାକାର୍ଡ ଧରି ସରକାରଙ୍କ ବିଫଳତା ବିରୁଦ୍ଧରେ ସ୍ୱର ଉତ୍ତୋଳନ କରିବା ସହ ନାରୀ ଶକ୍ତିର ସଶକ୍ତିକରଣ ଉପରେ ଗୁରୁତ୍ୱାରୋପ କରିଥିଲେ। ସମାବେଶକୁ ସମ୍ବୋଧିତ କରି ନେତୃବୃନ୍ଦ କହିଥିଲେ ଯେ, ଦେଶର ବିକାଶ ପାଇଁ ମହିଳାମାନଙ୍କୁ ସଶକ୍ତ କରିବା ଜରୁରୀ, କିନ୍ତୁ ବିଜେଡି ଓ କଂଗ୍ରେସ ମହିଳାମାନଙ୍କୁ କେବଳ ଭୋଟ ବ୍ୟାଙ୍କ ଭାବେ ବ୍ୟବହାର କରୁଛନ୍ତି। ଆଗାମୀ ଦିନରେ ଏହାର ଉଚିତ ଜବାବ ଦିଆଯିବ ବୋଲି ସେମାନେ ଚେତାବନୀ ଦେଇଥିଲେ।

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*आधी रात महिला के घर में घुसी लखनऊ पीजीआई पुलिस!*

बिना स्थानीय पुलिस को सूचना दबिश का आरोप, महिला ने जेवर गायब होने और धमकाने की शिकायत की

इनसेप्शन डेली न्यूज़/ID News
संदीप शास्त्री (ब्यूरो चीफ)

रायबरेली। जनपद रायबरेली के थाना बछरावां क्षेत्र में लखनऊ के उत्तर प्रदेश पुलिस के थाना पीजीआई पुलिसकर्मियों की कथित दबिश अब विवादों में घिर गई है। पीड़ित महिला रंजना सैनी पत्नी अमित सैनी निवासी ग्राम कुर्री सुदौली ने आरोप लगाया है कि 10 मई 2026 की रात करीब 1:20 बजे थाना पीजीआई लखनऊ की पुलिस बिना महिला पुलिसकर्मी, बिना तलाशी वारंट और बिना स्थानीय थाना बछरावां पुलिस को सूचना दिए उनके घर में घुस गई।
महिला के अनुसार उस समय वह अपने छोटे बच्चों के साथ घर के कमरे में सो रही थीं, जबकि उनके पति घर पर मौजूद नहीं थे। आरोप है कि कई पुलिसकर्मी और दरोगा सीधे कमरे में घुस आए, पूछताछ की और परिवार को डराया-धमकाया। पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो पुलिसकर्मी वहां से निकलने लगे।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद कमरे में रखे सोने के आभूषण गायब मिले। महिला ने एक एसआई अशोक सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों की पहचान करने का दावा किया है।
स्थानीय पुलिस को सूचना न देने पर उठे सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि दूसरे जनपद की पुलिस जब किसी अन्य जिले में दबिश देती है, तो संबंधित स्थानीय थाना पुलिस को सूचना देना आवश्यक माना जाता है। लेकिन पीड़िता का आरोप है कि थाना बछरावां पुलिस को इस कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं दी गई।
कानूनी प्रक्रिया पर भी उठे गंभीर सवाल
कानूनी जानकारों के अनुसार
दूसरे जिले में दबिश के दौरान स्थानीय थाना पुलिस को सूचना देना जरूरी प्रक्रिया मानी जाती है।
महिलाओं से जुड़े मामलों में महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी महत्वपूर्ण होती है।
रात में पुलिस कार्रवाई के दौरान पहचान और कार्रवाई का आधार स्पष्ट करना आवश्यक माना जाता है।
बिना वारंट घर में प्रवेश और तलाशी को लेकर भी गंभीर कानूनी प्रश्न खड़े हो सकते हैं।

परिवार में दहशत, ग्रामीणों में नाराजगी
घटना के बाद पीड़ित परिवार दहशत में बताया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों में भी कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कानून लागू कराने वाली एजेंसियां ही नियमों का पालन नहीं करेंगी, तो आम जनता का भरोसा कमजोर होगा।

उच्चस्तरीय जांच की मांग
पीड़िता ने रायबरेली पुलिस अधीक्षक समेत आला अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने और कठोर कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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जिसमें छबड़ा नगर पालिका, जिला बारां से जुड़ी खबर दिखाई गई है।



मुख्य बातें:



1. 'एक रोटी गाय के नाम' मुहिम को मिला जन सहयोग

नगर पालिका ने आवारा गायों के लिए "एक रोटी गाय के नाम" अभियान शुरू किया है। इसमें चारा और रोटी एकत्रित कर प्रतिदिन गायों को खाना खिलाया जाएगा। जनता से इस मुहिम को अच्छा सहयोग मिल रहा है।

2. नगर पालिका को मिला दान में एल्फा मॉडल वाहन

इसी मुहिम के लिए नगर पालिका को दान में एक एल्फा मॉडल वाहन मिला है। इस वाहन से गायों के लिए चारा-रोटी इकट्ठा करके उन्हें खिलाया जाएगा।

3. EO संदीप गहलोत ने जताया आभार

छबड़ा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संदीप गहलोत ने सभी दानदाताओं का आभार जताया। वीडियो में दिख रहा है कि वाहन को माला पहनाकर पूजा की गई और लोगों की भीड़ मौजूद थी।


अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी टक्कर किशनगंज क्षेत्र के मिसाई रोड पर हुआ हादसा, 2 युवक गंभीर घायल अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर CM भजनलाल शर्मा का X पोस्ट बारां पहुंचने से पहले एक गंभीर घायल युवक ने तोड़ा दम



छबड़ा नगर पालिका की ये पहल गौ सेवा से जुड़ी है और इसे स्थानीय लोगों का समर्थन मिल रहा है। EO ने दानदाताओं को धन्यवाद दिया है।

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औरैया जनपद के भाग नगर ब्लॉक के शहीद वीरांगना अवंती बाई इंटर कॉलेज नगला जयसिंह में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस धूमधाम से मनाया गया पूर्व राष्ट्रपति एवं वैज्ञानिक अब्दुल कलाम के चित्र पर माल्यार्पण करकार्यक्रम का शुभारंभ किया गया इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य आशीष पोरवाल ने कहा ज्ञान और विज्ञान एक ही सिक्के के दो पहलू हैं आजके आधुनिक परिवेश में विज्ञान की महती आवश्यकता है पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी सरकार में पोखरण परीक्षण कर एक मिसाल कायम की थी भारत वर्ष आज विश्व में एक विशेष छवि रखता है विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उपलब्धि प्राप्त की है जिससे देश-विदेश में डंका बज रहा है युवा पूर्वजों का अनुसरण कर बढ़े और देश की उन्नति में सहायक बनेमाईभारत के उपनिदेशक अनवरवारसी ने कहा युवा बढ़ेगा तो भारत बढ़ेगा युवा देश का भविष्य है युवा वैज्ञानिक पद्धति को अपनाकर अंधविश्वास को त्याग कर देश को सशक्त बनाएं पोखरण परीक्षण के बाद जो भी परीक्षण हुए उस से भारत वर्ष कीताकत बड़ी है जिससे विदेशियों के हौसले गिरे हैं आज तिरछी नजर से देखने में सोचना पड़ता है योगाचार्य अजय राजपूत ने कहा सफलता असफलता अपने ऊपर निर्भर करती हैसफल हुए तो सच्चे मन से कार्य किया गया असफल हुए तो कहीं ना कहीं कमी रह गईयुवा मेहनत और लगन से पढ़ाई पढ़ कर अपना अपने परिवार और देश का नाम रोशन करें मोबाइल वही वरदान है वही अभिशाप भी होता जा रहा है इसलिए सदुपयोग करें इस अवसर पर प्रमुख रूप से गीता राजपूत सहायक अध्यापक गौतम सिंह शेर सिंह वर्षा आर्य पोरवाल आदर्श कुमार रवि कुमार अध्यापक अध्यापक एवं तमाम लोग उपस्थित रहे अतिथियों कोबैच लगाकर शील्डदेकर सम्मान किया गया प्रबंधक पूर्व प्रधान अहिबरन सिंह के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ

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जो पिता की विरासत से बड़े हो सकते थे, उन्होंने उसे और ऊँचा उठाया बिहार के पूर्व मंत्री व समाजवाद के सच्चे वारिस बागी कुमार वर्मा का दिल्ली में निधन,

विजय कुमार , वरिष्ठ पत्रकार

गया। मगध की धरती आज शोक में डूबी है।
बिहार की राजनीति में समाजवाद की मशाल जलाने वाले लोक रत्न, प्रखर समाजवादी चिंतक और जुझारू स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय उपेंद्र नाथ वर्मा के द्वितीय सुपुत्र बागी कुमार वर्मा का दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हो गया।
उनके जाने की खबर फैलते ही गया जिले समेत पूरे मगध क्षेत्र शेरघाटी, बांके बाजार, जहानाबाद में शोक की गहरी लहर दौड़ गई।

वे केवल एक पूर्व मंत्री के पुत्र नहीं थे। वे स्वयं बिहार सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पूर्व मंत्री थे
एक ऐसी विरासत के उत्तराधिकारी जिसे उन्होंने न केवल संभाला, बल्कि अपनी सेवा और सादगी से और समृद्ध किया।

पिता जिनकी जड़ें मगध की मिट्टी में थीं,
बागी कुमार वर्मा को समझने के लिए पहले उनके पिता को जानना होगा।

उपेंद्र नाथ वर्मा 1989-90 में विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री (ग्रामीण विकास) रहे।
वे एक विशिष्ट समाज सुधारक और लेखक थे, वे मूक आवाज पत्रिका के संपादक भी थे।जिन्होंने भारतीय समाज की समस्याओं पर अनेक ग्रंथों की रचना की।

गया के जिला पदाधिकारी ने उनके बारे में कहा था कि उपेंद्र नाथ वर्मा ने शिक्षा के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान देते हुए जिले में 22 उच्च विद्यालय एवं दो महाविद्यालय की स्थापना की।
एक सहायक शिक्षक के पद से लेकर केंद्र सरकार में मंत्री पद तक उन्होंने सदा आम जनता का प्रतिनिधित्व किया।

मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार ने स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व मंत्री स्व. उपेंद्र नाथ वर्मा की जयंती को राजकीय समारोह का दर्जा दिया है।
यह सम्मान उन्हें उनके असाधारण जनसेवा के लिए मिला था।

बागी कुमार वर्मा विरासत के सच्चे वाहक,

पूर्व मंत्री, खाद्य एवं आपूर्ति, बिहार सरकार, श्री बागी कुमार वर्मा अपने पिता की 11वीं पुण्यतिथि पर आयोजित राजकीय समारोह में उपस्थित होकर उनके कार्यों को याद करते हुए कहा था कि उन्होंने समाज को एक नई दिशा दी।

बिहार की राजनीति में यह अक्सर देखा जाता है कि बड़े नेताओं की संतानें या तो राजनीतिक जोड़-तोड़ में उलझ जाती हैं, या चकाचौंध में खो जाती हैं।
बागी कुमार वर्मा इसके अपवाद थे।
उन्होंने राज्य सरकार में मंत्री रहते हुए भी वही सादगी और जमीनी जुड़ाव बनाए रखा जो उनके पिता की पहचान थी।
उपेंद्र नाथ वर्मा इंटर कॉलेज (इटवा, बांके बाजार) के अध्यक्ष के रूप में उनका जुड़ाव बताता है कि सत्ता छोड़ने के बाद भी वे शिक्षा और समाज सेवा से विमुख नहीं हुए।
सुदूर बांके बाजार जैसे क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाना यह सत्ता का नहीं, संस्कार का काम है।

मगध की अपूरणीय क्षति
बागी कुमार वर्मा का निधन शेरघाटी और बांके बाजार अनुमंडल के लिए एक गहरी रिक्तता है।

वे उस पीढ़ी के प्रतिनिधि थे जब राजनीति का अर्थ था लोहिया के सिद्धांत, कर्पूरी ठाकुर की सादगी और जनता की सेवा।

उपस्थित लोगों ने लोकरत्न उपेंद्र नाथ वर्मा को देश का प्रखर समाजवादी नेता व जुझारू स्वतंत्रता सेनानी बताया।

उनके पुत्र बागी कुमार वर्मा ने उस परंपरा को जीवित रखा न शोर से, न प्रचार से, बल्कि चुपचाप अपने काम से।

दिल्ली में इलाज के दौरान अंतिम साँसें लेना यह भी बताता है कि उन्होंने अंत तक संघर्ष किया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

आज बिहार की राजनीति में जब हर ओर सत्ता की भूख, कुर्सी की होड़ और विरासत के दुरुपयोग की खबरें आम हो चली हैं ऐसे में बागी कुमार वर्मा जैसे व्यक्तित्व का जाना और भी खलता है।

एक बड़े सवाल के साथ हम उन्हें याद करते हैं:
क्या हमारी राजनीतिक संस्कृति में अब भी वह जगह बची है जहाँ सेवा, सादगी और सिद्धांत को सम्मान मिलता हो?
जहाँ नेता की पहचान उसकी जाति, धन या बाहुबल से नहीं, बल्कि उसके जनसेवा के कार्यों से बनती हो?

बागी कुमार वर्मा ने यह जगह जीवित रखी। उनका जाना उस परंपरा की एक और कड़ी का टूटना है।

"कुछ लोग जाते नहीं वे बस उस मिट्टी में मिल जाते हैं
जिसे उन्होंने अपने जीवन भर सींचा।
बागी कुमार वर्मा मगध की उसी मिट्टी का हिस्सा थे।"

श्रद्धांजलि
परिवार एवं समाज की ओर से बागी कुमार वर्मा जी को भावभीनी श्रद्धांजलि।
उनके परिवार, समर्थकों और मगध क्षेत्र के लाखों लोगों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएँ।
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें और परिजनों को यह असह्य वेदना सहने का सामर्थ्य प्रदान करें।

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ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗରେ ପରିବର୍ତ୍ତନର ଏକ ନୂତନ ଅଧ୍ୟାୟ।
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*_କାରକ ମହାନ୍ତି_*

ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ନିକଟତମ ନିର୍ବାଚନୀ ପରିବର୍ତ୍ତନ ଭାରତୀୟ ରାଜନୀତିରେ ଏକ ବଡ଼ ମୋଡ଼ ଭାବେ ଦେଖାଯାଉଛି। ଏହା କେବଳ ଗୋଟିଏ ସରକାର ବଦଳ ନୁହେଁ; ଏହା ଏକ ଦୀର୍ଘ ଆର୍ଥିକ ଅବନତି ପରେ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ ପୁନର୍ବାର ଉଠିଦାଣ୍ଡିବାର ସୁଯୋଗ ପାଇଥିବାର ସଙ୍କେତ। ଏହି ମାଣ୍ଡେଟ୍ ସ୍ପଷ୍ଟ କରୁଛି ଯେ ଲୋକମାନେ କେବଳ ରାଜନୀତିକ ସ୍ଲୋଗାନ୍ ନୁହେଁ, ବରଂ ଚାକିରି, ଶିଳ୍ପ, ନିବେଶ ଓ ସୁଶାସନ ଚାହୁଁଛନ୍ତି।
ଏକ ସମୟରେ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ ଭାରତର ଶିଳ୍ପ, ବୌଦ୍ଧିକ ଚିନ୍ତାଧାରା ଓ ସାଂସ୍କୃତିକ ଜୀବନର କେନ୍ଦ୍ର ଥିଲା। ଏହି ମାଟି ଭାରତକୁ ରବୀନ୍ଦ୍ରନାଥ ଠାକୁର, ବଙ୍କିମ ଚନ୍ଦ୍ର ଚଟ୍ଟୋପାଧ୍ୟାୟ, ଶ୍ୟାମା ପ୍ରସାଦ ମୁଖର୍ଜୀଙ୍କ ଭଳି ଅସାଧାରଣ ବ୍ୟକ୍ତିତ୍ୱ ଦେଇଛି। ରବୀନ୍ଦ୍ରନାଥ ଠାକୁର କେବଳ ସାହିତ୍ୟିକ ନୁହେଁ, ସେ ଭାରତୀୟ ଚିନ୍ତାଧାରାର ଏକ ବିଶ୍ୱମାନବୀୟ ମୁହଁ ଥିଲେ। ତାଙ୍କର କବିତା, ସଙ୍ଗୀତ ଓ ଶିକ୍ଷା ଦର୍ଶନ ବଙ୍ଗର ସାଂସ୍କୃତିକ ଆତ୍ମାକୁ ଗଢ଼ିଥିଲା। ବଙ୍କିମ ଚନ୍ଦ୍ରଙ୍କ ବନ୍ଦେ ମାତରମ୍ ଭାରତୀୟ ସ୍ୱାଧୀନତା ଆନ୍ଦୋଳନକୁ ନୂତନ ଜୀବନ ଦେଇଥିଲା। ବଙ୍ଗର ରାଜନୀତି ଓ ସଂସ୍କୃତିରେ ଏହି ଦୁଇ ମହାନ ବ୍ୟକ୍ତିତ୍ୱଙ୍କ ପ୍ରଭାବ ଆଜି ମଧ୍ୟ ଗଭୀର ଭାବେ ଦେଖାଯାଏ। ବନ୍ଦେ ମାତରମ୍ ଭଳି ଜାତୀୟ ଜାଗରଣର ପ୍ରତୀକ ଏହି ମାଟିରୁ ଉଦ୍ଭବ ହୋଇଥିଲା। ଶ୍ୟାମା ପ୍ରସାଦ ମୁଖର୍ଜୀଙ୍କ ଭଳି ନେତାମାନେ ଜାତୀୟ ଏକତା, ସଂସ୍କୃତି ଓ ଆର୍ଥିକ ସ୍ୱାଧୀନତାର ଧାରଣାକୁ ଏଠାରୁ ଆଗକୁ ନେଇଥିଲେ। କିନ୍ତୁ ଗତ କିଛି ଦଶକରେ ନୀତିଗତ ଭୁଲ, ଶାସନୀୟ ଅସ୍ପଷ୍ଟତା ଓ ଶିଳ୍ପ ପ୍ରତି ଅନିଶ୍ଚିତ ଦୃଷ୍ଟିକୋଣ ଏହି ରାଜ୍ୟକୁ ଧୀରେ ଧୀରେ ଅବନତିରେ ନେଇଗଲା।
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*_# ସ୍ୱାଧୀନତା ପରବର୍ତ୍ତୀ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ: ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀମାନଙ୍କ ଯୁଗ ଓ ରାଜ୍ୟର ଗଢ଼ଣା_*
ସ୍ୱାଧୀନତା ପରେ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ ଭାରତର ସବୁଠାରୁ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ରାଜ୍ୟମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ଥିଲା।
ସ୍ୱାଧୀନତା ପରେ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀମାନଙ୍କ ରାଜନୈତିକ ଯାତ୍ରା ରାଜ୍ୟର ଅର୍ଥନୀତି, ସମାଜ ଓ ସଂସ୍କୃତିକୁ ଗଭୀର ଭାବେ ପ୍ରଭାବିତ କରିଛି।
* ପ୍ରଫୁଲ୍ଲ ଚନ୍ଦ୍ର ଘୋଷ (19471948) ବିଭାଜନ ପରବର୍ତ୍ତୀ ପ୍ରାରମ୍ଭିକ ପ୍ରଶାସନୀୟ ସ୍ଥିରତା ଦେବାର ଚେଷ୍ଟା।
* ଡ଼. ବିଧାନ ଚନ୍ଦ୍ର ରାୟ (19481962) ଆଧୁନିକ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ନିର୍ମାତା।
* ପ୍ରଫୁଲ୍ଲ ଚନ୍ଦ୍ର ସେନ୍ (19621967) ଖାଦ୍ୟ ସଂକଟ ଓ ଅସନ୍ତୋଷର ସମୟ।
* ଅଜୟ ମୁଖର୍ଜୀ (19671968, 19691970) ଯୁକ୍ତମୋର୍ଚ୍ଚା ରାଜନୀତିର ଯୁଗ।
* ସିଦ୍ଧାର୍ଥ ଶଙ୍କର ରାୟ (19721977) ନକ୍ସଲ ଦମନ ଓ କଠୋର ପ୍ରଶାସନୀୟ ପଦକ୍ଷେପ ପାଇଁ ପରିଚିତ।
* ଜ୍ୟୋତି ବସୁ (19772000) ଦୀର୍ଘତମ ବାମ ଶାସନର ମୁହଁ।
* ବୁଦ୍ଧଦେବ ଭଟ୍ଟାଚାର୍ଯ୍ୟ (20002011) ଶିଳ୍ପ ପୁନରୁତ୍ଥାନର ଚେଷ୍ଟା।
* ମମତା ବାନାର୍ଜୀ (2011ବର୍ତ୍ତମାନ/କଳ୍ପିତ ପରିବର୍ତ୍ତନ ପୂର୍ବରୁ) ପରିବର୍ତ୍ତନ ରାଜନୀତିର ମୁହଁ।
* କଳ୍ପିତ ନୂତନ ପରିଦୃଶ୍ୟରେ ଶୁଭେନ୍ଦୁ ଅଧିକାରୀ BJPର ନୂତନ ରାଜନୈତିକ ଅଧ୍ୟାୟର ପ୍ରତୀକ। ବିଭାଜନର ଯନ୍ତ୍ରଣା, ଶରଣାର୍ଥୀ ସମସ୍ୟା ଓ ଆର୍ଥିକ ଚାପ ସତ୍ତ୍ୱେ ଏହି ରାଜ୍ୟ ଦେଶର ବୌଦ୍ଧିକ ଓ ଶିଳ୍ପୀୟ ଶକ୍ତିକୁ ଧରିରଖିଥିଲା।
ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ଜାତୀୟ ରାଜନୀତିରେ ଅବଦାନ କଥା ଆସିଲେ ପ୍ରଣବ ମୁଖର୍ଜୀଙ୍କ ନାମ ଅବଶ୍ୟ ଆସେ। ଦୀର୍ଘ ଦଶକ ଧରି ସେ ଭାରତର ଅର୍ଥନୀତି, ବିଦେଶନୀତି ଓ ସଂସଦୀୟ ରାଜନୀତିରେ ଗଭୀର ପ୍ରଭାବ ରଖିଥିଲେ। ଅର୍ଥମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବେ ତାଙ୍କ ଅନେକ ନୀତି ଭାରତର ଆର୍ଥିକ ଢଞ୍ଚାକୁ ପ୍ରଭାବିତ କରିଥିଲା। ପରେ ସେ ଭାରତର ରାଷ୍ଟ୍ରପତି ହେଲେ। ତାଙ୍କୁ ଅନେକେ ଚାଲୁଥିବା ରାଜନୈତିକ ବିଶ୍ୱକୋଷ ଭାବେ ବର୍ଣ୍ଣନା କରୁଥିଲେ। ଦିଲ୍ଲୀର ରାଜନୀତିରେ ତାଙ୍କ ଗୁରୁତ୍ୱ ବହୁତ ଥିଲା ଏବଂ ସେ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ବୌଦ୍ଧିକ ଓ ରାଜନୈତିକ ପରମ୍ପରାକୁ ଜାତୀୟ ସ୍ତରରେ ପ୍ରତିନିଧିତ୍ୱ କରୁଥିଲେ।
ସ୍ୱାଧୀନତା ପରବର୍ତ୍ତୀ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ସବୁଠାରୁ ପ୍ରଭାବଶାଳୀ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ଡ଼. ବିଧାନ ଚନ୍ଦ୍ର ରାୟଙ୍କ ନାମ ସର୍ବପ୍ରଥମେ ଆସେ। ଡ଼. ବିଧାନ ଚନ୍ଦ୍ର ରାୟ କେବଳ ଜଣେ ରାଜନେତା ନୁହେଁ, ସେ ଜଣେ ମହାନ ଡାକ୍ତର, ଯୋଜନାକାରୀ ଓ ଆଧୁନିକ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ନିର୍ମାତା ଭାବେ ପରିଚିତ। ତାଙ୍କ ଶାସନକାଳରେ ଦୁର୍ଗାପୁର, କଲ୍ୟାଣୀ, ବିଧାନନଗର (ସଲ୍ଟଲେକ୍) ଭଳି ଆଧୁନିକ ସହରର ଭିତ୍ତି ପକାଯାଇଥିଲା। ଶିଳ୍ପ, ଶିକ୍ଷା ଓ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟକୁ ସେ ନୂତନ ଦିଗ ଦେଇଥିଲେ। ଆଜି ମଧ୍ୟ ଅନେକେ ତାଙ୍କୁ ଆଧୁନିକ ବଙ୍ଗର ନିର୍ମାତା ଭାବେ ସ୍ମରଣ କରନ୍ତି।
ତାଙ୍କ ପରେ ପ୍ରଫୁଲ୍ଲ ଚନ୍ଦ୍ର ସେନ୍ ଓ ଅଜୟ ମୁଖର୍ଜୀଙ୍କ ଭଳି ନେତାମାନେ ଆସିଥିଲେ। କିନ୍ତୁ ୬୦ ଓ ୭୦ ଦଶକରେ ଖାଦ୍ୟ ସଂକଟ, ରାଜନୈତିକ ଅସ୍ଥିରତା ଓ ନକ୍ସଲ ଆନ୍ଦୋଳନ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗକୁ ଗଭୀର ଭାବରେ ପ୍ରଭାବିତ କଲା। ଏହି ସମୟରେ ଶିଳ୍ପ ଉପରେ ମଧ୍ୟ ଅସର ପଡ଼ିଲା।
ଏହା ପରେ ବାମମୋର୍ଚ୍ଚା ଯୁଗ ଆରମ୍ଭ ହେଲା।
_*# ଜ୍ୟୋତି ବସୁ ଯୁଗ: ସାମାଜିକ ସୁଧାର, କିନ୍ତୁ ଶିଳ୍ପର ଧୀର ଅବନତି*_
ଜ୍ୟୋତି ବସୁଙ୍କ ନେତୃତ୍ୱରେ ବାମମୋର୍ଚ୍ଚା ସରକାର ୧୯୭୭ ଠାରୁ ୨୦୦୦ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଦୀର୍ଘ ସମୟ ଶାସନ କରିଥିଲା। ଏହି ସମୟରେ ଜମି ସୁଧାର ଓ ଗ୍ରାମୀଣ ଶକ୍ତିକରଣ ଦ୍ୱାରା ଚାଷୀମାନେ କିଛି ଲାଭ ପାଇଥିଲେ। ଗ୍ରାମୀଣ ସ୍ତରରେ ବାମ ଶାସନର ଏକ ମଜବୁତ ସଂଗଠନ ଗଢ଼ିଉଠିଥିଲା।
କିନ୍ତୁ ଏହି ସମୟରେ ଶିଳ୍ପ କ୍ଷେତ୍ରରେ ପରିସ୍ଥିତି ଧୀରେ ଧୀରେ ଖରାପ ହେବାକୁ ଲାଗିଲା। କଠୋର ଶ୍ରମ ନୀତି, ହଡତାଳ ଓ ବେସରକାରୀ ପୁଞ୍ଜି ପ୍ରତି ଅନିଚ୍ଛା ନିବେଶକମାନଙ୍କ ଆତ୍ମବିଶ୍ୱାସ କମାଇଦେଲା। କୋଲକାତା ଏବଂ ହାଓଡ଼ା ଭଳି ଏକ ସମୟର ଶିଳ୍ପ କେନ୍ଦ୍ରଗୁଡ଼ିକ ଧୀରେ ଧୀରେ ତାହାର ଗୁରୁତ୍ୱ ହାରାଇଲା। ଅନେକ କମ୍ପାନୀ ଗୁଜରାଟ, ମହାରାଷ୍ଟ୍ର, କର୍ଣ୍ଣାଟକ ଭଳି ରାଜ୍ୟକୁ ମୁହାଁଇବା ଆରମ୍ଭ କଲା।
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_*# ବୁଦ୍ଧଦେବ ଭଟ୍ଟାଚାର୍ଯ୍ୟ: ଶିଳ୍ପ ଫେରାଇବାର ଚେଷ୍ଟା, କିନ୍ତୁ ବିବାଦରେ ଆଘାତ*_
୨୦୦୦ ରେ ବୁଦ୍ଧଦେବ ଭଟ୍ଟାଚାର୍ଯ୍ୟ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ହେବା ପରେ ପରିସ୍ଥିତି ବଦଳାଇବାର ଚେଷ୍ଟା ଆରମ୍ଭ କରିଥିଲେ। ସେ ଆଇଟି ସେକ୍ଟର, ବିଦେଶୀ ନିବେଶ ଓ ନୂତନ ଶିଳ୍ପ ପ୍ରତି ଖୋଲା ମନୋଭାବ ଦେଖାଇଥିଲେ। କୋଲକାତାକୁ ପୁନଃ ଶିଳ୍ପ ଓ ଟେକ୍ନୋଲୋଜିର ମାନଚିତ୍ରରେ ଫେରାଇବାର ପ୍ରୟାସ ହୋଇଥିଲା।
କିନ୍ତୁ ସିଙ୍ଗୁର ଓ ନନ୍ଦୀଗ୍ରାମ ଏହି ଚେଷ୍ଟାକୁ ଗଭୀର ଆଘାତ ଦେଲା। ଟାଟା ନାନୋ ପ୍ରକଳ୍ପ ପାଇଁ ଜମି ଅଧିଗ୍ରହଣକୁ ନେଇ ଚାଷୀ ଆନ୍ଦୋଳନ ଜୋର ଧରିଲା। ନନ୍ଦୀଗ୍ରାମର ଘଟଣା ତ ରାଜନୈତିକ ଭାବେ ବାମ ସରକାରକୁ ଭୟଙ୍କର କ୍ଷତି କରିଦେଲା। ଏହା ପରେ ବାମ ଶାସନ ପ୍ରତି ଲୋକମାନଙ୍କର ବିଶ୍ୱାସ ଧୀରେ ଧୀରେ କମିବାକୁ ଲାଗିଲା।
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_*# ମମତା ବାନାର୍ଜୀଙ୍କ ଉଦୟ: ମା, ମାଟି, ମାନୁଷ ଓ ପରିବର୍ତ୍ତନର ରାଜନୀତି*_
ମମତା ବାନାର୍ଜୀ ଏହି ଅସନ୍ତୋଷକୁ ରାଜନୈତିକ ଶକ୍ତିରେ ପରିଣତ କରିଥିଲେ। ମା, ମାଟି, ମାନୁଷ ଓ ପରିବର୍ତ୍ତନ ସ୍ଲୋଗାନ୍ ସହ ସେ ଚାଷୀ, ଗରିବ ଓ ସାଧାରଣ ମଣିଷଙ୍କ ଭିତରେ ନୂତନ ଆଶା ସୃଷ୍ଟି କଲେ। ୨୦୧୧ ରେ ୩୪ ବର୍ଷର ବାମ ଶାସନକୁ ଶେଷ କରି ସେ ସତ୍ତାରେ ଆସିଥିଲେ।
ଶାସନରେ ଆସିବା ପରେ ସେ କନ୍ୟାଶ୍ରୀ, ସବୁଜ ସାଥୀ ଭଳି ଅନେକ କଲ୍ୟାଣ ଯୋଜନା ଆରମ୍ଭ କଲେ। ଗରିବ ଓ ମହିଳାମାନଙ୍କ ଭିତରେ ଏହି ଯୋଜନାଗୁଡ଼ିକ ଲୋକପ୍ରିୟ ହେଲା।
କିନ୍ତୁ ଆର୍ଥିକ ମାନଚିତ୍ରରେ ଆଶାଯୋଗ୍ୟ ପରିବର୍ତ୍ତନ ଦେଖାଯାଇଲା ନାହିଁ। ଶିଳ୍ପ ଉନ୍ନତି ଧୀର ହୋଇଗଲା, ନୂତନ ନିବେଶ କମିଗଲା ଏବଂ ଅନେକ କମ୍ପାନୀ ରାଜ୍ୟ ଛାଡ଼ିବା ଜାରି ରଖିଲେ। ବିରୋଧୀମାନଙ୍କ ଅଭିଯୋଗ ଥିଲା ଯେ ସରକାର ଶିଳ୍ପ ଠାରୁ ଅଧିକ ରାଜନୀତି ଓ କଲ୍ୟାଣ ଯୋଜନାକୁ ଗୁରୁତ୍ୱ ଦେଉଛି।
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_*# ତଥ୍ୟ କଣ କହୁଛି?*_
ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ଆର୍ଥିକ ଅବସ୍ଥାକୁ କିଛି ତଥ୍ୟ ସ୍ପଷ୍ଟ କରୁଛି:
* ୧୯୬୦-୬୧ ରେ ଭାରତର GDPରେ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ଅଂଶ ୧୦.୫ % ଥିଲା, ଯାହା ଏବେ ପ୍ରାୟ ୫.୬ % କୁ ଖସିଛି।
* ପ୍ରତି ବ୍ୟକ୍ତି ଆୟ ଯାହା ଏକ ସମୟରେ ଜାତୀୟ ସ୍ତରଠାରୁ ୨୭ % ଅଧିକ ଥିଲା, ଏବେ ପ୍ରାୟ ୧୬ % କମ୍।
* ଶିଳ୍ପ ଉତ୍ପାଦନର ଅଂଶ ୨୪ % ଠାରୁ ପ୍ରାୟ ୩.୫ % କୁ ଖସିଛି।
ଶିଳ୍ପ କ୍ଷେତ୍ରରେ:
* ୨୦୧୬ ଠାରୁ ୨୦୨୧ ମଧ୍ୟରେ ୨୧,୫୦୦ ରୁ ଅଧିକ ଶିଳ୍ପ ଏକକ ବନ୍ଦ ହୋଇଛି।
* ୨୦୧୯ ଠାରୁ ୨୦୨୪ ମଧ୍ୟରେ ପ୍ରାୟ ୬,୮୦୦ କମ୍ପାନୀ ରାଜ୍ୟ ଛାଡ଼ିଛନ୍ତି ।
ଚାକିରି କ୍ଷେତ୍ରରେ:
* ପ୍ରାୟ ୩୦ ଲକ୍ଷ ଅନୌପଚାରିକ ଚାକିରି ନଷ୍ଟ ହୋଇଛି।
* ରୋଜଗାରହୀନତା ପ୍ରାୟ ୪୫-୪୮ % ଚାରିପାଖରେ ଘୂରୁଛି।
ବିଦେଶୀ ନିବେଶ (FDI)ରେ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ଅଂଶ ୧୯୯୦ ଦଶକରେ ୧୨ % ଥିବା ସ୍ଥାନରୁ ଏବେ ପ୍ରାୟ ୧ % କୁ ଖସିଛି।
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_*# କିପରି ଜିତିଲା ବିଜେପି ?*_
ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗରେ ଭାରତୀୟ ଜନତା ପାର୍ଟିର ଉଦୟ ହଠାତ୍ ହୋଇନଥିଲା। ଗତ ଦଶକରେ ପାର୍ଟି ଧୀରେ ଧୀରେ ଗ୍ରାମ ଓ ସହର ଦୁଇ ସ୍ତରରେ ନିଜ ସଂଗଠନକୁ ମଜବୁତ କରିଥିଲା। ହିନ୍ଦୁ ମତଦାତାଙ୍କର ଏକତା, ତୃଣମୂଳ ବିରୋଧୀ ଭୋଟର ସଂକଳନ, ଦୁର୍ନୀତି ଅଭିଯୋଗ ଓ ଚାକିରି ସଙ୍କଟ ଭାଜପା ପାଇଁ ରାଜନୈତିକ ଭିତ୍ତି ତିଆରି କଲା।
ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀଙ୍କ ନେତୃତ୍ୱ ଓ ସ୍ବରାଷ୍ଟ୍ର ମନ୍ତ୍ରୀ ଅମିତ ଶାହଙ୍କ ଆକ୍ରମଣାତ୍ମକ ସଙ୍ଗଠନ ରଣନୀତି ମଧ୍ୟ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗରେ ପାର୍ଟିକୁ ଦ୍ରୁତ ଭାବେ ଶକ୍ତିଶାଳୀ କରିଦେଲା। ବନ୍ଦେ ମାତରମ୍, ସାଂସ୍କୃତିକ ଜାତୀୟତା ଓ ଶିଳ୍ପ ଉନ୍ନତିର ମିଶ୍ରଣକୁ ଭାଜପା ଏକ ନୂତନ ରାଜନୈତିକ ବର୍ଣ୍ଣନା ଭାବେ ଉପସ୍ଥାପନ କଲା।
ପାର୍ଟିର ମୁଖ୍ୟ ମୁହଁ ଭାବେ ଉଭରିଲେ ଶୁଭେନ୍ଦୁ ଅଧିକାରୀ। ନନ୍ଦୀଗ୍ରାମ ଆନ୍ଦୋଳନରୁ ଉଠିଆସିଥିବା ଶୁଭେନ୍ଦୁ ପୂର୍ବରୁ ତୃଣମୂଳର ଏକ ପ୍ରଭାବଶାଳୀ ନେତା ଥିଲେ। ପରେ ସେ ବିଜେପିରେ ଯୋଗଦେଇ ତୃଣମୂଳ ବିରୋଧୀ ରାଜନୀତିର ମୁଖ୍ୟ ଚେହେରା ହୋଇଉଠିଲେ।
ଏକଦା ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମୋଦିଜୀ ତୃଣମୂଳ ନେତା ଶୁଭେନ୍ଦୁ ଅଧିକାରୀଙ୍କୁ ଲାଞ୍ଚ ନେବା ଯୋଗୁଁ ୨୦୧୬ ବେଳକୁ ସମାଲୋଚନା କରିଥିଲେ, ୨୦୧୯ ନିର୍ବାଚନ ବେଳକୁ ଶୁଭେନ୍ଦୁ ଅଧିକାରୀ ମୋଦିଜୀ ଓ ତାଙ୍କ ନେତୃତ୍ୱାଧୀନ ସରକାରଙ୍କ ବିରୋଧରେ ସମାଲୋଚନାର ବନ୍ୟା ବୁହାଇ ଦେଇଥିଲେ, କିନ୍ତୁ ପରିବର୍ତ୍ତିତ ରାଜନୈତିକ ଦୃଶ୍ୟପଟରେ ଆଜି ସେହି ଶୁଭେନ୍ଦୁ ଅଧିକାରୀ ବଙ୍ଗ-ଭାଜପାର ମଉଡମଣି ହୋଇପାରିଛନ୍ତି l ନିର୍ବାଚନୀ ଫଳାଫଳ ପରେ ଭାରତୀୟ ଜନତା ପାର୍ଟିର ବିଧାୟକ ଦଳ ଶୁଭେନ୍ଦୁ ଅଧିକାରୀଙ୍କୁ ନେତା ଭାବେ ଚୟନ କରିଥିଲା। ପରେ କୋଲକାତାର ରାଜଭବନରେ ରାଜ୍ୟପାଳଙ୍କ ସମ୍ମୁଖରେ ସେ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଭାବେ ଶପଥ ନେଇଥିବା ଦୃଶ୍ୟକୁ ବିଜେପି ସମର୍ଥକମାନେ ପରିବର୍ତ୍ତନର ନୂତନ ଅଧ୍ୟାୟ ଭାବେ ବର୍ଣ୍ଣନା କରିଥିଲେ।
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_*# ଗୋର୍ଖାଲ୍ୟାଣ୍ଡ ଆନ୍ଦୋଳନ: ପାହାଡ଼ର ଅସ୍ମିତା ଓ ରାଜନୀତି*_
ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ରାଜନୀତିରେ ଗୋର୍ଖାଲ୍ୟାଣ୍ଡ ଆନ୍ଦୋଳନ ଏକ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଅଧ୍ୟାୟ। ଦାର୍ଜିଲିଂ ଓ ପାହାଡ଼ ଅଞ୍ଚଳର ଗୋର୍ଖା ସମୁଦାୟ ଦୀର୍ଘଦିନ ଧରି ଅଲଗା ରାଜ୍ୟର ଦାବି କରୁଥିଲେ। ଭାଷା, ସଂସ୍କୃତି ଓ ପରିଚୟର ପ୍ରଶ୍ନ ଏହି ଆନ୍ଦୋଳନର ମୂଳ ଭିତ୍ତି ଥିଲା।
୧୯୮୦ ଦଶକରେ ସୁଭାଷ ଘିସିଂଙ୍କ ନେତୃତ୍ୱରେ ଗୋର୍ଖା ନ୍ୟାସନାଲ ଲିବରେସନ ଫ୍ରଣ୍ଟ ଆନ୍ଦୋଳନକୁ ତୀବ୍ର କରିଥିଲା। ପରେ ବିମଲ ଗୁରୁଙ୍ଗଙ୍କ ଗୋର୍ଖା ଜନମୁକ୍ତି ମୋର୍ଚ୍ଚା ଏହାକୁ ନୂତନ ଗତି ଦେଇଥିଲା। ଆନ୍ଦୋଳନ ମଧ୍ୟରେ ହିଂସା, ବନ୍ଦ ଓ ଅର୍ଥନୈତିକ କ୍ଷତି ଦେଖାଯାଇଥିଲା।
ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ ସରକାର ଓ କେନ୍ଦ୍ର ସରକାର ଅନେକ ସମୟରେ ଆଲୋଚନା ମାଧ୍ୟମରେ ପରିସ୍ଥିତି ସମ୍ଭାଳିବାକୁ ଚେଷ୍ଟା କରିଥିଲେ। ଦାର୍ଜିଲିଂ ଗୋର୍ଖା ହିଲ୍ କାଉନସିଲ୍ ଓ ପରେ ଗୋର୍ଖାଲ୍ୟାଣ୍ଡ ଟେରିଟୋରିଆଲ ଆଡମିନିଷ୍ଟ୍ରେସନ୍ ଗଠନ ହୋଇଥିଲା। ତଥାପି ଅଲଗା ରାଜ୍ୟ ଦାବି ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ଶେଷ ହୋଇନାହିଁ।
ଗୋର୍ଖାଲ୍ୟାଣ୍ଡ ଆନ୍ଦୋଳନ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗକୁ ସ୍ମରଣ କରାଇଛି ଯେ ରାଜ୍ୟର ଅଞ୍ଚଳୀୟ ଅସ୍ମିତା ଓ ସଂସ୍କୃତିକ ଚାହିଦାକୁ ଅବହେଳା କରିହେବ ନାହିଁ।
# ସୀମା, ସୁରକ୍ଷା ଓ ଆର୍ଥିକ ପ୍ରଭାବ
ବାଂଲାଦେଶ ସହ ୨,୨୦୦ କି.ମି.ରୁ ଅଧିକ ସୀମା ଥିବାରୁ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ ଭାରତର ସବୁଠାରୁ ସେନସିଟିଭ୍ ସୀମାନ୍ତ ରାଜ୍ୟମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରୁ ଗୋଟିଏ। କେନ୍ଦ୍ର ସରକାର ସୀମା ବାଡ଼, ବନ୍ୟା ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ଓ ନଜରଦାରୀ ପାଇଁ ପାଖାପାଖି ୨୦,୦୦୦ ରୁ ୨୫,୦୦୦ କୋଟି ଟଙ୍କା ଖର୍ଚ୍ଚ କରିଥିଲେ ମଧ୍ୟ ୫୦୦ କି.ମି. ଅଞ୍ଚଳ ଏବେ ମଧ୍ୟ ଅସୁରକ୍ଷିତ ରହିଛି।
ଏହାର ପ୍ରଭାବ ଶ୍ରମ ବଜାର, ସୁରକ୍ଷା ଓ ରାଜ୍ୟର ଅର୍ଥନୀତି ଉପରେ ପଡ଼ୁଛି।
---
_*# ନୂତନ ସରକାର ସମ୍ମୁଖରେ ଚ୍ୟାଲେଞ୍ଜ*_
* ନିବେଶକ ଆତ୍ମବିଶ୍ୱାସ ପୁନଃସ୍ଥାପନ
* ଶିଳ୍ପ ପୁନରୁତ୍ଥାନ
* ଯୁବମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଚାକିରି
* ବ୍ୟବସାୟ ସହଜତା
* ଶାସନର ପାରଦର୍ଶିତା
ଭାଜପା ୫ ଲକ୍ଷ ଚାକିରି, ସପ୍ତମ ବେତନ କମିଶନ୍ ଓ ନୂତନ ଶିଳ୍ପ ପାର୍କ ଭଳି ପ୍ରତିଶ୍ରୁତି ଦେଇଛି। କିନ୍ତୁ ଲୋକମାନଙ୍କ ଆଶା ଏବେ କେବଳ ଘୋଷଣାରେ ନୁହେଁ -- ସେମାନେ ଫଳ ଚାହୁଁଛନ୍ତି।
ନେପାଳ, ଭୁଟାନ ଓ ବାଂଲାଦେଶ ସହ ଭୌଗୋଳିକ ସଂଯୋଗ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗକୁ ଏକ ବଡ଼ ରପ୍ତାନି କେନ୍ଦ୍ର ଭାବେ ଗଢ଼ିଉଠିବାର ସୁଯୋଗ ଦେଇପାରେ। ଯଦି ଠିକ ଭାବରେ ଶିଳ୍ପ ନୀତି ଓ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ଉନ୍ନତି କରାଯାଏ, ତେବେ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ ପୁନର୍ବାର ପୂର୍ବ ଭାରତର ଆର୍ଥିକ ଇଞ୍ଜିନ୍ ହୋଇଉଠିପାରେ।
_*# ଉପସଂହାର*_
ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ଏହି ରାଜନୈତିକ ପରିବର୍ତ୍ତନ ଏକ ବଡ଼ ସନ୍ଦେଶ ଦେଉଛି ଲୋକମାନେ ଏବେ ବିକାଶ, ଚାକିରି ଓ ସୁଶାସନକୁ ଆଗରେ ରଖୁଛନ୍ତି। ଏହି ବିଜୟ କେବଳ ରାଜନୈତିକ ନୁହେଁ; ଏହା ଆର୍ଥିକ ପୁନର୍ଜନ୍ମର ଏକ ସୁଯୋଗ।
ନୂତନ ମାଣ୍ଡେଟ୍ ସଂଶୋଧନର ଆଶା ଜାଗ୍ରତ କରିଛି l
ଜାତୀୟ ରାଜନୀତିରେ BJPର ବୃଦ୍ଧି ଏହାକୁ ଆଉ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ କରୁଛି, ଯାହା 2029 ନିର୍ବାଚନ ପାଇଁ ପରିଣାମ ରଖିପାରେ।
ମାଣ୍ଡେଟ୍ ସ୍ପଷ୍ଟ।
ଅର୍ଥନୀତିର ସନ୍ଦେଶ ସ୍ପଷ୍ଟ।
ଏବେ ଭବିଷ୍ୟତ ନିର୍ଭର କରିବ --- କାର୍ଯ୍ୟାନ୍ବୟନ ଉପରେ।
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*_ହରିଚନ୍ଦନପୁର, କେନ୍ଦୁଝର_*
*_ମୋବାଇଲ - +୯୧- ୯୪୩୮୪୧୪୧୨୧_*

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पालमपुर (कांगड़ा) के बिंद्रावन क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा पेश आया है, जहाँ मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से एक 33 वर्षीय सहायक लाइनमैन, मोहन लाल, की मौके पर ही मौत हो गई। मोहन लाल रानीताल के फरना गाँव के रहने वाले थे।
कैसे हुआ हादसा?
रविवार रात आए अंधड़ के कारण बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। सोमवार को मोहन लाल बिंद्रावन के फटा क्षेत्र में एक 11 केवी (KV) लाइन के ट्रांसफार्मर पर 'जंपर' जोड़ने के लिए खंभे पर चढ़े थे।
दोपहर करीब 12:10 बजे, अचानक लाइन में करंट आ गया। करंट की चपेट में आने से मोहन लाल की वहीं मृत्यु हो गई। उनके साथी सहायक लाइनमैन वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कार्य शुरू करने से पहले नगरी सब-स्टेशन और मारंडा से विधिवत अनुमति (पर्मिशन) लेकर लाइन को 'शटडाउन' किया गया था।
परिजनों का हंगामा और पुलिस कार्रवाई
इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया। उन्होंने बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि जब दो मुख्य केंद्रों से स्विच कटा हुआ था, तो लाइन में करंट कहाँ से आया? यह सीधे तौर पर अधिकारियों की लापरवाही है।
FIR दर्ज: पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है।
आश्वासन: प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच का भरोसा देने के बाद ही ग्रामीण शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
बोर्ड की प्रतिक्रिया
बिजली बोर्ड पालमपुर के अधिशासी अभियंता, अमित पटियाल ने बताया कि विभाग ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी इस बात का पता लगाएगी कि शटडाउन होने के बावजूद लाइन में करंट कैसे आया।
"हादसे के कारणों और लापरवाही के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है।"
बीर बहादुर, एसपी कांगड़ा

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ପ୍ରସ୍ତାବିତ ଜେ ଏମ ଏଫ ସି କୋର୍ଟ ସରକାରୀ ଜମିରୁ ଜବର ଦଖଲ ହଟାଇଲା ରାଜସ୍ୱ ବିଭାଗ।

ପାଟଣା-୧୧/୦୫ (ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ) ପାଟଣା ମୁଖ୍ୟାଳୟ ରେ ଜେ ଏମ ଏଫ ସି କୋର୍ଟ ସ୍ଥାପନ ପାଇଁ ପାଟଣା ବଜାର ନିକଟ ପୁଟୁଳିଆ ଗ୍ରାମରେ ଥିବା ସରକାରୀ ଜମି ପ୍ଲଟ ନମ୍ବର 774 କୁ ଚିହ୍ନଟ କରା ଯାଇଥିଲା। ତେବେ ଏହି ସରକାରୀ ଜାଗାରେ ଅବୈଧ ଭାବେ 3 ଟି ପରିବାର ଘର କରି ଜବର ଦଖଲ କରି ରହିଥିଲେ। ଆଜି ଉଛେଦ ବେଳେ ମାଜିଷ୍ଟ୍ରେଟ ଦାୟିତ୍ୱରେ ଥିବା ପାଟଣା ଅତିରିକ୍ତ ତହସିଲଦାର ରବିଶଙ୍କର ହେମ୍ବ୍ରମ ଙ୍କ ଉପସ୍ଥିତି ରେ ତହସିଲଦାର ଅଶ୍ୱିନୀ କୁମାର ନାଏକ, ଅତିରିକ୍ତ ତହସିଲଦାର ସରଣ କୁମାର ଜେନା ପ୍ରମୁଖ ପାଟଣା ଥାନା ଅଧିକାରୀ କିରଣ ପ୍ରସାଦ ସାହୁ ଓ 1 ପ୍ଲାଟୁନ ପୁଲିସ ଫୋର୍ସ ଙ୍କ ଉପସ୍ଥିତି ରେ ଏଠାରୁ ଜବର ଦଖଲ ଉଛେଦ କରିଛନ୍ତି। ଦଖଲ କରିଥିବା ପରିବାର ଘର ଭାଙ୍ଗୁଥିବା ଜେସିବି ମେସିନ ସାମ୍ମା କୁ ଆସି ଜବର ଦଖଲ କାରୀ ମାନେ ହାଙ୍ଗାମା କରିଥିଲେ। ପୁଲିସ ଫୋର୍ସ ଉପସ୍ଥିତ ଥିବାରୁ ସମ୍ଭାବ୍ୟ ଗଣ୍ଡଗୋଳ କୁ ବିଫଳ କରିଥିଲେ। କିଛି ମହିଳା ଜେସିପି କୁ ଅଟକାଇବା ପାଇଁ ଚେଷ୍ଟା କରିଥିଲେ ଉଛେଦ ରେ ବାଧା ହୋଇ ନଥିଲା।ଏଠାରେ ନିରାକାର ମହାନ୍ତ, ଟାଇଲ ଛପର ଘର କରିଥିବା ବେଳେ, ଅର୍ଜୁନ ମହାନ୍ତ କରିଥିବା ବ୍ରଏଲର କୁକୁଡ଼ା ଫାର୍ମ କୁ ଜେସିବି ସାହାଯ୍ୟରେ ଭାଙ୍ଗି ଦିଆଯାଇଛି। (ସାମ୍ବାଦିକ ବିଜୟ ରତ୍ନ ପତିଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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शिमला: राज्य चुनाव आयोग ने आगामी चुनावों की शुचिता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आयोग द्वारा जारी किए गए नए सख्त निर्देशों के अनुसार, अब किसी भी मतदाता को मतदान केंद्र (Polling Station) के भीतर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
मुख्य बातें:
गोपनीयता का संरक्षण: मतदान की गोपनीयता भंग न हो, इसके लिए यह कदम उठाया गया है। मतदान केंद्र के अंदर फोटो खींचना या वीडियो बनाना कानूनन अपराध माना जाएगा।
सख्त चेकिंग: मतदान केंद्रों के प्रवेश द्वार पर ही सुरक्षाकर्मियों द्वारा चेकिंग की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति मोबाइल के साथ पाया जाता है, तो उसे बाहर ही जमा कराना होगा या वापस रखकर आना होगा।
अनुशासनात्मक कार्रवाई: निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चुनाव नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
आयोग की अपील:
राज्य चुनाव आयोग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने में सहयोग करें। मतदाता अपने साथ मोबाइल फोन, डिजिटल कैमरा, स्मार्ट वॉच या अन्य कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर केंद्र के भीतर न आएं।

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హైదరాబాద్:తెలంగాణ సాయుధ పోరాట యోధురాలు చాకలి ఐలమ్మ కుటుంబీకులకు రాష్ట్ర మహిళా కమిషన్ సభ్యురాలిగా అవకాశం.. ఐలమ్మ కుటుంబాన్ని గుర్తించి,
కుటుంబ సభ్యులలో ఒకరికి
మహిళా కమిషన్ సభ్యురాలుగా తీసుకుంటామని ఇచ్చిన మాటను నిలబెట్టుకున్న తెలంగాణ రాష్ట్ర ముఖ్యమంత్రి.రేవంత్ రెడ్డి గారికి,ఐలమ్మ కుటుంబ సభ్యుల తరఫున చిట్యాల శ్వేత ప్రత్యేక ధన్యవాదాలు తెలిపారు..ఈ సందర్భంగాఐలమ్మ మనవరాలు చిట్యాల శ్వేత మాట్లాడుతూ..నా మీద నమ్మకంతో. నాకు రాష్ట్ర మహిళా కమిషన్ సభ్యురాలిగా ఇంతటి గొప్ప అవకాశాన్ని కల్పించిన
తెలంగాణ రాష్ట్ర ముఖ్యమంత్రి వర్యులు ఎ.రేవంత్ రెడ్డి గారికి,
ఉప ముఖ్యమంత్రి భట్టి విక్రమార్క గారికి,
టిపిసిసి చీఫ్ మహేష్ కుమార్ గౌడ్ గారికి, క్యాబినెట్ మంత్రులకు,
రాజ్యసభ సభ్యులు వేం నరేందర్ రెడ్డి గారికి,
ఎంపీ కడియం కావ్య గారికి,స్థానిక పాలకుర్తి నియోజకవర్గ ఎమ్మెల్యే
యశస్విని రెడ్డి గారికి , టీపీసీసీ ఉపాధ్యక్షురాలు హనుమాండ్ల ఝాన్సీ రాజేందర్ రెడ్డి గారికి,
జనగామ జిల్లా డిసిసి అధ్యక్షులు లకావత్ ధన్వంతీ లక్ష్మీనారాయణ నాయక్ గారికి,మాజీ ఎమ్మెల్యే కొమ్మూరి ప్రతాపరెడ్డి గారికి.ప్రత్యేక కృతజ్ఞతలు చిట్యాల శ్వేత గారు తెలిపారు..

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एएमयू के आफताब हॉल के मुख्य गेट पर गंदगी और सीवर लीकेज से छात्रों में भारी नाराज़गी!

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के आफताब हॉल के उस मुख्य गेट पर, जो शमशाद मार्केट की तरफ जाता है, पिछले काफी समय से गंदा पानी भरा हुआ है। सड़क पर फैली बदबू और सीवर लीकेज ने छात्रों का आना-जाना मुश्किल कर दिया है।

छात्रों का कहना है कि यह रास्ता आफताब हॉल के छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन लगातार जलभराव और गंदगी के कारण रोज़ाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।

हालात इतने खराब हैं कि रास्ते से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। बदबू और गंदगी से बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। छात्रों में इस लापरवाही को लेकर काफी नाराज़गी देखी जा रही है।

छात्रों ने आफताब हॉल के प्रोवोस्ट और एएमयू प्रशासन से अपील की है कि इस समस्या को नजरअंदाज न किया जाए और जल्द से जल्द सीवर लीकेज व जलभराव क

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एएमयू इंतज़ामिया ने आठ सालों से न कन्वोकेशन कराया है, न ही स्टूडेंट यूनियन कराई है और ना एलुमिनी मीट करवाया है, यहाँ तक कि केनेडी ऑडिटोरियम में सर सय्यद प्ले भी नहीं हो रहा, केनेडी में जितने भी प्रोग्राम हुए उसमें नाच गानों के प्रोग्राम ज़रूर हुए जिसमें हर दिन लड़ाई हुई मगर इसपर कोई रोक टोक नहीं हुआ, कोई एक्शन नहीं लिया गया, नए आए स्टूडेंटस सर सय्यद प्ले को देख कर ही अपने बानी-ए-दर्सगाह के बारे में कुछ जान समझ पाते थे, मगर यह प्ले भी सर सय्यद बनने को लेकर लड़ाई की भेंट चढ़ गया और बंद हो गया... कैंपस में हो रहा है तो सिर्फ सूफी नाइट (रंगारंग कार्यक्रम) के नाम पर फ़हहाशी का प्रोग्राम जो हर हॉल में बहुत धूमधाम से किया जा रहा, नए आए तालिब-ए-इल्मों को इस अज़ीम इदारे के वक़ार और मायर, अपने हॉल और डिपार्टमेंट की रिच लीगेसी के बार में नहीं मालूम मगर हॉल के प्रोवोस्ट वार्डेन और सीईसी के कॉर्डिनेटर को तो पता है मगर वो रंगारंग कार्यक्रम कर कर इसे पमाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे... ना एएमयू के रिच लेगेसी के बारे में कुछ बताया जा रहा है, ना इसके हेरिटेज को संजोया जा रहा... AMU में डिग्री मिलने के साथ साथ तमीज़ तहज़ीब सीखने को मिलती थी जो इसे बाक़ी यूनिवर्सिटीज से अलग करती थी मगर अब ये सब ख़त्म होने के कगार पर है!

इवेन सेमेस्टर के एग्जाम चल रहे मगर अभी तक ऑड सेमेस्टर के रिजल्ट्स नहीं आए इसके लिए ज़िम्मेदार कौन है? स्टूडेंट्स जो अपने कोर्स में या फैकल्टी में रैंक लाते उन्हें मालूम तक नहीं होता उनकी क्या रैंक है और ये भी कि टॉप थ्री रैंकर्स को रैंक सर्टिफिकेट भी मिलता है, स्टूडेंट्स के काम छोड़ कर इंतजामिया हर वो काम कर रही जो अपने लिए ज़रूरी है चाहे वो फ़ीता काटना हो या प्रोग्राम में जाना.

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ଘରୟୀ ଗ୍ୟାସ୍ ଉପଭୋକ୍ତା ହନ୍ତସନ୍ତ - ଯୋଗାଣ ବିଭାଗ ନୀରବଦ୍ରଷ୍ଟା!

କେନ୍ଦୁଝର:୧୧/୦୫ (ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ ବ୍ୟୁରୋ) ବର୍ତ୍ତମାନ ସମୟରେ କେନ୍ଦୁଝର ସହରର ଘରୟୀ ଗ୍ୟାସ୍ ଉପଭୋକ୍ତା ମାନଙ୍କୁ ସ୍ବାଭାବିକ ଭାବରେ ଏଲପିଜି ଗ୍ୟାସ୍ ଯୋଗାଇଦେବାରେ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ତରଫରୁ ସମୁଚିତ ପଦକ୍ଷେପ ଗ୍ରହଣ କରିବାକୁ ଅସମର୍ଥ ହୋଇଥିବା ଜାଣିବା ପାଇଁ ମିଳୁଅଛି। ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ର ଯୋଗାଣ ବିଭାଗ ଏକପ୍ରକାର ନୀରବଦ୍ରଷ୍ଟା ପାଲଟିଛି! ଖୁଲମଖୁଲା କଳାବଜାରୀ କାରବାର ବନ୍ଦ କରିବାକୁ ପ୍ରଶାସନ ଅସମର୍ଥ ହୋଇଥିବା ଜାଣିବା ପାଇଁ ମିଳୁଅଛି। ବିଶେଷକରି ଏପରି ଗ୍ୟାସ୍ କଳାବଜାରୀ କାରବାର କାରଣରୁ ଘରୟୀ ଗ୍ୟାସ୍ ଉପଭୋକ୍ତା ମାନଙ୍କୁ ନାହିଁନଥିବା ସମସ୍ୟାର ସମ୍ମୁଖ ହେଉଥିବା ବେଳେ ପ୍ରଶାସନ ନୀରବଦ୍ରଷ୍ଟା ପାଲଟିଛି। ଆନ୍ତର୍ଜାତୀୟ ବଜାରରେ ଯୁଦ୍ଧ କାରଣରୁ ଗ୍ୟାସ୍ ଯୋଗାଣରେ ବ୍ୟାଘାତ ଉତ୍ପନ୍ନ ହୋଇଥିଲା। କିନ୍ତୁ ଏହା ସତ୍ତ୍ବେ ଭାରତ ସରକାର ରାଷ୍ଟ୍ରର ନାଗରିକ ମାନଙ୍କୁ ସ୍ବାଭାବିକ ଭାବରେ ଏଲପିଜି ଗ୍ୟାସ୍ ଯୋଗାଇଦେବାକୁ ନୂତନ ନିୟମାବଳୀ କାର୍ଯ୍ୟକାରୀ କରି ବିଭିନ୍ନ ରାଜ୍ଯକୁ ଉଭୟ କମରସିଆଲ୍ ଏବଂ ଘରୟୀ ଗ୍ୟାସ୍ ଯୋଗାଣରେ ବ୍ୟାଘାତ ଉତ୍ପନ୍ନ ନହେବା ପାଇଁ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ପ୍ରଦାନ କରିଥିଲେ। ବର୍ତ୍ତମାନ ଆମେରିକା, ଇଜ୍ରାଏଲ ଓ ଇରାନ ମଧ୍ଯରେ ଏକପ୍ରକାର ଯୁଦ୍ଧ ବିରାମ ଲାଗିଥିବା ସତ୍ତ୍ବେ ଭାରତରେ ପର୍ଯ୍ୟାପ୍ତ ପରିମାଣର ଏଲପିଜି ଗ୍ୟାସ୍ ଗଚ୍ଛିତ ରହିଥିବା ଜାଣିବା ପାଇଁ ମିଳୁଅଛି। କେନ୍ଦ୍ର ସରକାର ବିଭିନ୍ନ ରାଜ୍ଯ ଗୁଡିକୁ ଆବଶ୍ଯକ ପରିମାଣର ଏଲପିଜି ଗ୍ୟାସ୍ ଯୋଗାଣ କରୁଥିବା ଜାଣିବା ପାଇଁ ମିଳୁଅଛି। ସେହିପରି ଓଡ଼ିଶା ରାଜ୍ଯ ସରକାରଙ୍କ ଯୋଗାଣ ବିଭାଗ ତରଫରୁ ବିଭିନ୍ନ ଜିଲ୍ଲା ଗୁଡିକୁ ଆବଶ୍ଯକତା ଅନୁସାରେ ଗ୍ୟାସ୍ ଯୋଗାଣ କରୁଥିବା ଜାଣିବା ପାଇଁ ମିଳୁଅଛି। କିନ୍ତୁ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ର ଯୋଗାଣ ବିଭାଗର ଅବହେଳା କାରଣରୁ କେନ୍ଦୁଝର ସହରର ଘରୟୀ ଗ୍ୟାସ୍ ଉପଭୋକ୍ତା ମାନଙ୍କୁ ସ୍ବାଭାବିକ ଭାବରେ ଏଲପିଜି ଗ୍ୟାସ୍ ଯୋଗାଣରେ ଅବହେଳିତ କରାଯାଉଥିବା ଜାଣିବା ପାଇଁ ମିଳୁଅଛି। ଘରୟୀ ଗ୍ୟାସ୍ ଉପଭୋକ୍ତା ମାନଙ୍କର ବୁକିଙ୍ଗ କରାଯାଇଥିବା ଗ୍ୟାସ୍ ସ୍ବାଭାବିକ ଭାବରେ ଉପଭୋକ୍ତା ମାନଙ୍କୁ ଯୋଗାଣ କରାଯାଉନାହିଁ। ଯାହାଫଳରେ ଉପଭୋକ୍ତା ମାନଙ୍କୁ ନାହିଁନଥିବା ସମସ୍ୟାର ସମ୍ମୁଖ ହେବା ସହିତ ହୀନସ୍ତା ହେଉଥିବା ଦେଖିବାକୁ ମିଳୁଅଛି। ଉପଭୋକ୍ତା ମାନଙ୍କର ବୁକିଙ୍ଗ କରାଯାଇଥିବା ଗ୍ୟାସ୍ ଟାଙ୍କି ଗୁଡିକୁ ବାଟମାରଣା ନୀତି ଅବଲମ୍ବନ କରି ଚଢାଦରରେ କଳାବଜାରୀ କାରବାର କରାଯାଉଥିବା ଜାଣିବା ପାଇଁ ମିଳୁଅଛି। ଏହି କଳାବଜାରୀ କାରବାରରେ ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନର ଯୋଗାଣ ବିଭାଗ ଏବଂ ଗ୍ୟାସ୍ ଯୋଗାଣକାରୀ ବିଭିନ୍ନ ଏଜେନ୍ସି ଗୁଡିକ ମଧ୍ଯରେ ଭିତିରିଆ ସଲାସୁତୁରା ହୋଇ ମୁନାଫା କମାଉ ଥିବା ସୂତ୍ରରୁ ଜାଣିବା ପାଇଁ ମିଳୁଅଛି। କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ଓ ପୋଲିସ ପ୍ରଶାସନ ତରଫରୁ ତ୍ବରିତ ପଦକ୍ଷେପ ଗ୍ରହଣ କରି କଳାବଜାରୀ କାରବାର କରୁଥିବା ସରକାରୀ ଅଧିକାରୀ ଏବଂ ଗ୍ୟାସ୍ ଯୋଗାଣ ଏଜେନ୍ସି ଗୁଡିକ ବିରୁଦ୍ଧରେ ଦ୍ରୁଷ୍ଟାନ୍ତମୂଳକ କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ଗ୍ରହଣ କରିବାକୁ ବୁଦ୍ଧିଜୀବୀଙ୍କ ମହଲରେ ଦାବୀ କରିଛନ୍ତି।

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दोनों आरोपियों ने बी-टेक की पढ़ाई के दौरान बनाई थी यह आईडी, 7 दिन के पुलिस रिमांड के दौरान दोनों से पूछताछ जारी

पंचकूला/ 11 मई:-पंचकूला पुलिस के साइबर क्राइम थाना की टीम ने शेयर मार्केट में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गुजरात से दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जैमिन हंसमुख भाई ठुमर निवासी सूरत गुजरात तथा दर्शक प्रकाश भाई गजेरा निवासी सूरत गुजरात के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को इसी वर्ष 30 अप्रैल को साइबर क्राइम थाना में दर्ज एक मामलें में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) के तहत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ एवं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 7 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार पंचकूला वासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जनवरी 2026 में वह इंस्टाग्राम पर रील देख रहे थे, जहां उन्हें शेयर मार्केट में हुए नुकसान की भरपाई और अधिक मुनाफा कमाने का दावा करने वाली एक वीडियो दिखाई दी। वीडियो में दिए गए व्हाट्सएप लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्हें विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में जोड़ा गया, जहां खुद को निवेश विशेषज्ञ बताने वाले लोगों ने उन्हें प्राइमरी ट्रेडिंग अकाउंट खोलने और विशेष शेयर खरीदने का लालच दिया। आरोपियों ने खुद को कोटक सिक्योरिटीज से जुड़ा बताते हुए शिकायतकर्ता का भरोसा जीता और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म एवं नकली मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से निवेश करवाना शुरू कर दिया।

साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर ने बताया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाकर उसमें आईडी बनवाई और विभिन्न बैंक खातों में अलग-अलग तारीखों में पैसे जमा करवाने शुरू कर दिए। शिकायतकर्ता ने फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग कंपनियों एवं खातों में कुल 49 लाख 31 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में विश्वास कायम रखने के लिए आरोपियों ने शिकायतकर्ता के खाते में लगभग 7 हजार रुपये का मुनाफा भी ट्रांसफर किया, जबकि फर्जी ऐप में कुल राशि 1 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक दिखाई जा रही थी।

जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने सर्विस चार्ज और ब्रोकरेज फीस और अन्य टैक्स के नाम पर अतिरिक्त 13 लाख 65 हजार रुपये जमा करवाने की मांग की। इस पर शिकायतकर्ता को शक हुआ और वह कोटक सिक्योरिटीज के कार्यालय पहुंचे, जहां जांच में पता चला कि उनके मोबाइल में मौजूद ऐप पूरी तरह फर्जी है तथा कंपनी के रिकॉर्ड में उनका कोई ट्रेडिंग अकाउंट मौजूद नहीं है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई। मामलें की जांच एएसआई बृजेश द्वारा की जा रही है।

एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज के अनुसार साइबर क्राइम पंचकूला की टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान व्हाट्सएप, गूगल तथा सेबी से रिकॉर्ड प्राप्त किया गया। पुलिस को फर्जी ऐप से जुड़ी जानकारी मिली, जिसके आधार पर टीम गुजरात पहुंची। जांच में सामने आया कि फर्जी एप्लीकेशन एवं संबंधित गूगल अकाउंट जैमिन हंसमुख भाई ठुमर द्वारा अपने साथी दर्शक गजेरा के साथ मिलकर तैयार किए गए थे। दोनों आरोपियों ने वर्ष 2021 में बी-टेक की पढ़ाई के दौरान यह आईडी बनाई थी, जिसका इस्तेमाल बाद में साइबर फ्रॉड में किया गया।

दोनों आरोपियों को 10 मई को गिरफ्तार कर लिया गया। आज दोनों को कोर्ट में पेश कर 7 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है जिसमें कई संदिग्ध शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने कितनी अन्य फर्जी गूगल आईडी एवं मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर देशभर में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया।

पंचकूला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम रील, व्हाट्सएप ग्रुप या अनजान लिंक के माध्यम से शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देने वाले लोगों से सतर्क रहें। किसी भी अनधिकृत ऐप या लिंक पर भरोसा करने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट अथवा कार्यालय से सत्यापन अवश्य करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं।

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लुधियाना। Ludhiana Readymade Garments Manufacturers Association (LRGMA) द्वारा आयोजित होने वाली Autumn/Winter Exhibition26 को लेकर Hosiery एवं Fashion Industry में उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। आगामी 26, 27 और 28 जुलाई को Punjab Agricultural University (PAU), Ludhiana में आयोजित होने वाली इस Mega Exhibition में Ludhiana के 200+ बड़े Garment Brands अपनी नई Autumn/Winter Collections प्रदर्शित करेंगे।
तीन दिनों तक चलने वाले इस Mega Fashion Event में Womens Wear, Mens Wear, Kids Wear, Premium Comfortwear, Stylish Bottom Wear और Modern Winter Fashion आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगे। Hosiery और Fashion Industry से जुड़े Buyers, Retailers, Distributors और Business Professionals को एक ही मंच पर नए Fashion Trends, Innovative Designs और Business Opportunities देखने का अवसर मिलेगा।
Industry Experts का मानना है कि LRGMA आज केवल एक Exhibition Platform नहीं, बल्कि Ludhiana की Hosiery एवं Garment Industry को India Level पर नई पहचान दिलाने वाला एक मजबूत Business Networking Platform बन चुका है। लगातार बढ़ती Exhibitions और National Level Participation ने Ludhiana के Fashion एवं Garment Sector को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस Exhibition में तेजी से उभरता Fashion Brand ZAPS भी अपनी विशेष मौजूदगी दर्ज करवाएगा। Brand अपनी नई Premium Comfortwear Range, Trend-Based Womens Fashion Collection और Research-Based Product Development को Exhibition में प्रस्तुत करेगा।
मीडिया से बातचीत करते हुए ZAPS Brand में Product Developer के रूप में कार्यरत Md. Kausar Reza ने कहा कि आज Womens Fashion Industry तेजी से बदल रही है और Customers केवल Stylish Designs ही नहीं, बल्कि Comfort, Perfect Fitting, Skin-Friendly Fabrics और Long-Lasting Quality की भी मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ZAPS Brand लगातार Research, Market Analysis और Fabric Testing के आधार पर ऐसे Products तैयार करता है, जो हर Age Group और हर Body Type की महिलाओं के लिए Comfortable, Stylish और Practical हों।
Kausar Reza ने कहा,
Womens Wear Segment में हर Customer की जरूरत अलग होती है। कोई Teenager होती है, कोई Working Professional, कोई Motherhood Phase में होती है और कोई Slim या Plus Size Category में आती है। ZAPS Brand ऐसे Products Develop करता है, जो हर प्रकार की Body Structure और हर Age Group में आसानी से Adjust हो सकें।
उन्होंने आगे बताया कि Brand किसी भी Product को Market में Launch करने से पहले उसके Fabric, Comfort, Strength, Fitting और Durability पर विशेष Research और Testing करता है। Fabric की Stretchability, Softness, Breathability और Skin Comfort को ध्यान में रखकर Product Development किया जाता है, ताकि Product लंबे समय तक अपनी Quality और Fashion Appeal बनाए रख सके।
उन्होंने कहा,
हम Fabric के According Product Development करते हैं। हमारा उद्देश्य केवल Fashionable Garments बनाना नहीं, बल्कि ऐसा Fashion तैयार करना है जो हर महिला को Confidence और Comfort दे सके। चाहे Customer Slim हो या Plus Size Category में, ZAPS Brand के Products हर प्रकार की Body Structure में आसानी से Fit हो सकें, इसी सोच के साथ हमारी Team कार्य करती है।
मीडिया से बातचीत के दौरान Kausar Reza ने यह भी कहा कि आज Fashion Industry में Competition लगातार बढ़ रहा है, इसलिए केवल अच्छे Designs बनाना ही पर्याप्त नहीं है। Customers अब ऐसे Products चाहते हैं जो Fashion के साथ-साथ Daily Wear Comfort भी प्रदान करें।
उन्होंने कहा,
आज Customer Fashion के साथ Comfort और Quality को सबसे ज्यादा महत्व देता है। इसी वजह से ZAPS Brand लगातार ऐसे Products Develop कर रहा है, जिनमें Modern Fashion Trends के साथ Practical Comfort भी मौजूद हो।
उन्होंने बताया कि Brand की पूरी Team नए Fashion Trends, Customer Behaviour और Fabric Innovations पर लगातार कार्य कर रही है, ताकि आने वाले समय में Customers को बेहतर और अधिक Comfortable Fashion Products उपलब्ध करवाए जा सकें।
Kausar Reza ने कहा कि LRGMA लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और Ludhiana की Hosiery एवं Garment Industry को India Level पर मजबूत पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा,
LRGMA लगातार एक-एक कर नई ऊंचाइयों तक पहुंच रहा है। आज यह Platform Ludhiana की Garment Industry को India Level पर नई पहचान दिला रहा है। Industry से जुड़े लोगों को National Level Exposure मिल रहा है और नए Business Opportunities भी लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि Ludhiana की Hosiery Industry अब तेजी से Modern Fashion Trends और Research-Based Product Development की ओर बढ़ रही है। Brands केवल Traditional Manufacturing तक सीमित नहीं हैं, बल्कि International Fashion Trends, Customer Comfort और Premium Quality Standards को ध्यान में रखकर Products तैयार कर रहे हैं।
Kausar Reza ने ZAPS Brand की सफलता का श्रेय JT International के Owners श्री राजीब जैन जी और श्री राजीव तलबार जी को देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और Strong Market Strategy ने Brand को Industry में नई पहचान दिलाई है।
उन्होंने कहा,
श्री राजीब जैन जी और श्री राजीव तलबार जी के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में ZAPS Brand लगातार आगे बढ़ रहा है। उनकी Quality Thinking, Customer Understanding और Market Vision Brand को नई ऊंचाइयों तक लेकर जा रही है।
ZAPS Brand की सबसे बड़ी सोच यह है कि चाहे कोई Distributor हो, Wholesaler हो, Retailer हो या अंतिम Customer सभी के साथ भरोसे और Quality आधारित संबंध बनाए जाएं। Brand हमेशा Genuine Quality Products, सही Customer Strategy और Long-Term Business Trust के साथ कार्य करता है।
हमारी Planning केवल Products बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर Business Partner और Customer के साथ एक मजबूत और सच्चा रिश्ता बनाने की सोच पर आधारित है। यही वजह है कि पूरी Team एक सकारात्मक सोच, बेहतर Quality और Customer Satisfaction को प्राथमिकता देते हुए लगातार आगे बढ़ रही है।
साथ ही Kausar Reza ने LRGMA Exhibition के Organizers और पूरी Management Team का विशेष धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि आज जिस Professional तरीके से LRGMA Industry को एक मजबूत Platform प्रदान कर रहा है, वह पूरे Ludhiana की Hosiery एवं Garment Industry के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा,
हम LRGMA के सभी Organizers, Management Team और इससे जुड़े प्रत्येक सदस्य का दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं। जिस तरह से LRGMA लगातार बड़े स्तर पर Exhibitions आयोजित कर रहा है, उससे Ludhiana की Garment Industry को National Level पर नई पहचान मिल रही है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में LRGMA और Ludhiana की Hosiery Industry दोनों National और International Level पर और अधिक मजबूत होकर उभरेंगे तथा ऐसे Platforms Industry के Growth Engine के रूप में कार्य करते रहेंगे।
Industry Experts का मानना है कि LRGMA Exhibition केवल Fashion Showcase नहीं, बल्कि Ludhiana की Hosiery और Garment Industry के लिए एक बड़ा Business Networking Platform भी है। यह आयोजन Industry को नए व्यापारिक अवसर, National Level Exposure और Fashion Market में नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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सीकर वाले ज्यादातर शिक्षा माफिया तन भाजपा मन भाजपा के नारे लगाते हुए मिल जायेंगे इन नादान परिंदो को ये नहीं पता जिस दिन योगी जी प्रधानमंत्री बन जायेंगे तब इनका क्या होगा अरे उन्होंने उत्तर प्रदेश के भू -माफियाओं को मिट्टी में मिला दिया... तो तुम सारे शिक्षा माफिया किस खेत की मूली हो? तुम्हारा भी नंबर आयेगा थोड़ा इंतज़ार करो, एक बार योगी जी को प्रधानमंत्री बनने दो.... सारे शिक्षा माफियाओ की दुकान वही बन्द करेंगे.... तब पता चलेगा आप सब लोग उस वक़्त कहा खड़े मिलोगे... इसलिए आप सब कार्यकर्ता सोच समज कर ही शिक्षा माफियाओं का समर्थन किया करो!

NOTE- में यहाँ पे योगी जी की इसलिए तारीफ नहीं कर रहा हुँ की में उनका कोई बहुत बड़ा fan हुँ...क्योंकि में उनका work of style जानता हुँ

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इतिहास गवाह है कि जब-जब रक्षक भक्षक बन जाते हैं और सत्ता के गलियारे अपराधियों की शरणस्थली बन जाते हैं, तब व्यवस्था को उखाड़ने के लिए किसी 'पद' की नहीं, बल्कि 'पात्रता' की ज़रूरत होती है। तिहावली में प्रकाश सिंह का लहू अभी सूखा नहीं है, लेकिन फतेहपुर के स्वघोषित नेताओं के ज़मीर का पानी ज़रूर सूख चुका है।

यह कितनी बड़ी विडंबना है कि जो नेता वोट माँगते वक्त जनता के चरणों में लोट जाते हैं, वही विधायक हाकम अली खान और विपक्षी सूरमा श्रवण चौधरी, मधुसूदन भिंडा व नंदकिशोर महरिया आज पीड़ित परिवार की सिसकियों से मुंह फेर कर बैठे हैं। आखिर इन 'माननीयों' को किस बात का डर है? क्या प्रकाश सिंह की उठाई गई भ्रष्टाचार की फाइलें इनके भी काले चिट्ठों को बेनकाब करने वाली थीं?

अपनी छाती पर जनप्रतिनिधि का तमगा टांगने वालों, याद रखना जनता के पैसों का हिसाब मांगना अगर मौत को दावत देना है, तो तुम्हारी यह खामोशी भी इस 'लोकतांत्रिक हत्या' में बराबर की साझीदार है।

लेकिन अंधेरा कितना भी गहरा हो, कपिल, कैलाश, अशोक जैसे युवाओं ने मशाल थाम ली है। इन युवाओं का संघर्ष इसलिए महान नहीं है कि ये लड़ रहे हैं, बल्कि इसलिए महान है क्योंकि इन्हें हार का डर नहीं है। इन्हें पता है कि यह वही स्वार्थी समाज है जो चुनाव आते ही फिर उन्हीं भ्रष्ट चेहरों के पीछे घूमेगा, फिर भी ये लड़ रहे हैं। इन्होंने सत्ता की गुलामी के बदले संघर्ष की शहादत को चुना है।

#PolKhol

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रिपोर्टर वाई एस जांगड़े
शक्ति छत्तीसगढ़

जिला शक्ति के थाना मालखरौदा क्षेत्र के अंतर्गत बीती रात्रि बदमाशों ने दर्जनों गाड़ियों के शीशे सीसीटीवी में तोड़ते दिखे जिसमे जैजैपुर से लेकर ग्राम जमगहन तक के कर के शीशे को बेखौप होकर तोड़ते दिखे पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है सीसीटीवी कंगाले जा रहे हैं, लेकिन बदमाशों का अभी तक कोई पहचान या जानकारी नहीं मिल पाई, इस घटना से लगभग 30 किलोमीटर के अंदर दर्जनों गांव के लोग डरे हुए हैं, रातों में लोगों की नींद उड़ गई है, इस घटना से कार मालिकों को भारी नुकसान हुआ है, अब देखना है यह है की यह किसी के द्वारा किया गया मजाक है या फिर किसी की साजिश या आने वाले समय की बड़ी दुर्घटना की ओर इशारा तो नहीं कर रही है, फिलहाल पुलिस जांच कर रही है, लोगों को सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है |

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शौर्य और न्याय का ऐतिहासिक दिवस
महायोद्धा बंदा वीर बैरागी ने 12 मई 1710 को रचा था इतिहास; चप्पर चिड़ी की विजय और सरहिंद के न्याय पर विशेष शोध रिपोर्ट जारी
रामनगर (हरियाणा): आज का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। 12 मई 1710 को ही महायोद्धा बंदा वीर बैरागी ने चप्पर चिड़ी के मैदान में अत्याचारी वजीर खान को परास्त कर न्याय की स्थापना की थी। यह वही वजीर खान था जिसने मासूम छोटे साहबजादों को जीवित दीवार में चुनवा देने जैसा जघन्य अपराध किया था।
इतिहासकार और लेखक नरेश दास वैष्णव निंबार्क ने अपने नवीनतम शोध के माध्यम से इस गौरवशाली गाथा के अनछुए पहलुओं को दुनिया के सामने रखा है। उनके शोध के अनुसार, 12 मई की यह जीत केवल एक युद्ध की विजय नहीं थी, बल्कि यह अत्याचार के विरुद्ध सनातन धर्म और मानवता की सामूहिक हुंकार थी।
प्रेस नोट के मुख्य बिंदु:
न्याय का विधान: 12 मई 1710 को वजीर खान का अंत कर वीर बंदा बैरागी ने साहबजादों की शहादत का प्रतिशोध लिया।
सैन्य कौशल: शोध में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि कैसे एक बैरागी साधु ने अल्प समय में एक विशाल सैन्य शक्ति खड़ी की।
विरासत का संरक्षण: लेखक ने अपनी पुस्तकों और डिजिटल पत्रिका 'सनातन भारत - नया सवेरा' के माध्यम से इस महान योद्धा के सही नाम और पहचान को स्थापित करने का संकल्प लिया है।
लेखक नरेश दास वैष्णव निंबार्क का कहना है कि, "हमारी आने वाली पीढ़ियों को यह जानना आवश्यक है कि 12 मई का दिन आत्मसम्मान और धर्म की रक्षा का प्रतीक है। महायोद्धा बंदा वीर बैरागी का बलिदान और उनकी रणनीति आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है।"
इस शोध और ऐतिहासिक दस्तावेज़ों की विस्तृत जानकारी लेखक की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
प्रेषक:
नरेश दास वैष्णव निंबार्क
लेखक एवं स्वतंत्र शोधकर्ता
वेबसाइट: [www.nareshswaminimbark.in]
(जैसे: www.sanatanbharat.com)

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अखिल भारतीय महिला प्रमुख ने किया एक दिवसीय प्रवास

मथुरा। भारतीय किसान संघ की अखिल भारतीय महिला प्रमुख श्रीमती मंजू दीक्षित जी ने ब्रज प्रांत के जनपद मथुरा अंतर्गत राया विकासखंड के गांव सिहोरा में एक दिवसीय प्रवास किया। इस दौरान उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए जिला कार्यकारिणी के साथ मासिक जिला बैठक में सहभागिता की।

बैठक में विकासखंड समितियों के प्रशिक्षण, ग्राम समितियों के गठन, सदस्यता अभियान को गति देने तथा जिले की प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से जलभराव, खाद की अव्यवस्था एवं आवारा पशुओं से किसानों को हो रही परेशानियों को लेकर विचार-विमर्श किया गया तथा इनके समाधान हेतु संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया गया।

बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष श्री राजवीर सिंह जी ने की, जबकि संचालन ब्रज प्रांत महामंत्री धर्मेंद्र कुमार जी द्वारा किया गया। बैठक में जिला प्रभारी केशव देव शर्मा जी, कोषाध्यक्ष पौहप सिंह जी, जिला उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह, गोविंद जी, कार्यालय प्रभारी हर प्रसाद शर्मा जी, सहमंत्री विष्णु जी, जिला महिला प्रमुख मंजू राजावत जी, महानगर अध्यक्ष शिशिर चौधरी जी सहित विभिन्न विकासखंडों के अध्यक्ष एवं ग्राम समितियों की कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे।

प्रवास के दौरान अखिल भारतीय महिला प्रमुख श्रीमती मंजू दीक्षित जी ने ग्राम समिति की महिलाओं के साथ महिला संगीत कार्यक्रम में भी सहभागिता की। इस अवसर पर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा संगठन के प्रति जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने पर बल दिया गया।

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पंचकूला, 12 मई। पंचकूला नगर निगम चुनाव में मात्र 52 फीसदी मतदान होने पर सामाजिक चिंतक ओ.पी. सिहाग ने लोकतांत्रिक व्यवस्था और शहरी मतदाताओं की सोच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय सरकार चुनने जैसे महत्वपूर्ण चुनाव में आधी आबादी का मतदान से दूर रहना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है।
ओ.पी. सिहाग ने कहा कि चुनाव आयोग, जिला प्रशासन, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा हर चुनाव में लोगों को मतदान के लिए लगातार जागरूक किया जाता है। इसके बावजूद शहरों और पॉश सेक्टरों में रहने वाले बड़ी संख्या में लोग मतदान केंद्र तक पहुंचना जरूरी नहीं समझते।
उन्होंने कहा कि गांवों और गरीब बस्तियों में लोग उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं, जहां कई बार मतदान प्रतिशत 80 से 90 फीसदी तक पहुंच जाता है। वहीं दूसरी ओर शहरों के पढ़े-लिखे और संपन्न वर्ग का एक बड़ा हिस्सा मतदान को महत्वहीन मानकर घरों में बैठा रहता है। यह मानसिकता लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती है।
सिहाग ने कहा कि जब जागरूक और सक्षम वर्ग चुनाव प्रक्रिया से दूरी बना लेता है तो इसका सीधा असर चुनाव परिणामों पर पड़ता है। कई बार योग्य और सक्षम नेतृत्व के बजाय ऐसे लोग चुनकर सामने आ जाते हैं जो जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरते। बाद में यही लोग सरकारी व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को लेकर शिकायत करते नजर आते हैं, जबकि उन्होंने स्वयं लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी नहीं निभाई होती।
उन्होंने सरकार से मांग की कि मतदान को लेकर सख्त नीति बनाई जानी चाहिए। उनका सुझाव है कि जो लोग जानबूझकर मतदान से दूर रहते हैं, उनके लिए कानून बनाया जाए ताकि चुनाव के समय मतदान करना कानूनी रूप से अनिवार्य किया जा सके।
सिहाग ने कहा कि लोकतंत्र केवल अधिकारों से नहीं बल्कि जिम्मेदारियों से भी मजबूत होता है और मतदान हर नागरिक की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है।
#Panchkula #MunicipalElection #Voting #Democracy #OPSihag #मतदान #पंचकूला #लोकतंत्र #नगरनिगमचुनाव #samacharsansarnews24 See less

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वृंदावन। मंदिरों की नगरी वृंदावन में इन दिनों आध्यात्म और वेद ज्ञान की अनूठी छटा बिखर रही है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु भक्ति और ज्ञान के इस संगम में डुबकी लगाकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
पानीघाट क्षेत्र स्थित श्री रास बिहारी आश्रम (जगन्नाथ मंदिर) में निकुंजवासी संत रास बिहारी महाराज के निकुंज लीला प्रवेश के सप्तम वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित चतुर्वेद व्याख्यान माला का सप्तम दिवस गौ माता की महिमा के विस्तारपूर्ण वर्णन के साथ संपन्न हुआ।
व्यासपीठ से रजनीश महाराज ने अथर्ववेद पर व्याख्यान देते हुए गौ माता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गौ माता का महत्व केवल मानव जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण प्रकृति और पर्यावरण के संतुलन में भी उसकी अहम भूमिका है। प्रत्येक व्यक्ति को गौ सेवा से जुड़कर उनकी रक्षा और सुरक्षा का संकल्प लेना चाहिए।
व्याख्यान के दौरान भूगोल और खगोल विज्ञान पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण से जुड़े वेदों में वर्णित तथ्यों का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं को वैदिक ज्ञान से अवगत कराया गया

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जौनपुर में नए जिलाधिकारी का सख्त एक्शन, लापरवाही पर राजस्व निरीक्षक निलंबित
रिपोर्ट: विनय कुमार यादव
जौनपुर। जिले में नए जिलाधिकारी सेमुअल पॉल एन ने कार्यभार संभालते ही प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान तहसीलों में लंबित राजस्व मामलों की गहन समीक्षा की गई, जिसमें कई मामलों में गंभीर लापरवाही सामने आई।
समीक्षा के दौरान धारा-24 के तहत पैमाइश से जुड़े 139 तथा पत्थरगड़ी के 84 मामले लंबे समय से लंबित पाए गए। मामलों के निस्तारण में देरी और अधिकारियों की उदासीनता पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। इसी क्रम में तहसील सदर के एक राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी लंबित मामलों का शीघ्र एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
इसके साथ ही सभी तहसील स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि राजस्व संबंधी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी की इस सख्ती के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और अधिकारियों व कर्मचारियों में जवाबदेही को लेकर गंभीरता बढ़ गई है।

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डॉ. अब्दुल जलील फ़रीदी (रह.) एक विचार, एक आंदोलन
डॉ. अब्दुल जलील फ़रीदी (रह.) सिर्फ़ एक नाम नहीं थे, बल्कि इंसाफ़, हक़ और अवाम की आवाज़ का प्रतीक थे। उन्होंने पूरी ज़िंदगी ज़ुल्म के ख़िलाफ़, मज़लूमों के हक़ में और समाज में जागरूकता पैदा करने के लिए समर्पित कर दी। जब हालात लोगों को ख़ामोश रहने पर मजबूर कर रहे थे, तब डॉ. फ़रीदी (रह.) ने सच बोलने और सच पर डटे रहने की हिम्मत दिखाई।
आज उनकी याद हमें यह सिखाती है कि सच्ची राजनीति सेवा से जन्म लेती है और असली क़यादत कुर्बानी मांगती है। अगर हम वाक़ई उन्हें श्रद्धांजलि देना चाहते हैं, तो हमें उनके मिशनशिक्षा, एकता, सामाजिक न्याय और संविधान के दायरे में संघर्षको आगे बढ़ाना होगा।
आइए, यौम-ए-क़ायद-ए-मिल्लत पर यह संकल्प लें कि हम अन्याय के ख़िलाफ़ खड़े होंगे, सच का साथ देंगे और डॉ. अब्दुल जलील फ़रीदी (रह.) के सपनों को हक़ीक़त में बदलने के लिए संगठित संघर्ष करेंगे। यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।
जारीकर्ता:
सुहैब उर रहमान अबू इंक़लाब
पार्टी प्रवक्ता
पीपल्स जस्टिस पार्टी

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मुरादाबाद की एक छोटी बच्ची ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर जिला अधिकारी (DM) से सड़क बनवाने की गुहार लगाई। बच्ची ने वीडियो में कहा कि वह रोज स्कूल जाती है, लेकिन बारिश के मौसम में सड़क पर पानी भर जाने से आने-जाने में काफी परेशानी होती है। बच्ची ने भावुक अंदाज में कहा DM अंकल, हमारी रोड बनवा दीजिए प्लीज।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। बच्ची की अपील को गंभीरता से लेते हुए DM खुद मौके पर पहुंचे और बच्ची से मुलाकात की। उन्होंने इलाके का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को तुरंत सड़क निर्माण का आदेश दिया।
DM ने आश्वासन देते हुए कहा कि 7 दिनों के अंदर सड़क का निर्माण कार्य पूरा करा दिया जाएगा, ताकि बच्चों और ग्रामीणों को बारिश में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थानीय लोगों ने DM के इस कदम की सराहना की और कहा कि प्रशासन द्वारा इतनी जल्दी कार्रवाई करना सराहनीय है। बच्ची की हिम्मत और सोशल मीडिया की ताकत ने आखिरकार गांव की समस्या का समाधान करा दिया।

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तमिलनाडु में TVK ने सरकार बना ली है, इसी बीच अब AIADMK ने भी टीवीके को अपना समर्थन दे दिया है. AIADMK नेता CV शनमुगम ने कहा कि हमने TVK को अपना समर्थन देने का फैसला किया, जो विजयी रही, अगर हम DMK के साथ गठबंधन करते, तो AIADMK का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता, हम अभी बिना किसी गठबंधन के खड़े हैं और अब हमारा ध्यान अपनी पार्टी को फिर से मजबूत और जीवंत बनाने का है, जिसके चलते हमने TVK को समर्थन दिया है.

TVK को समर्थन देने का किया फैसला

इसके अलावा कहा कि हमने इस पार्टी की स्थापना DMK के खिलाफ की थी, 53 सालों से, हमारी राजनीति DMK के खिलाफ रही है, इस इतिहास को देखते हुए, एक प्रस्ताव रखा गया था जिसमें सुझाव दिया गया था कि DMK के समर्थन से AIADMK की सरकार बनाई जाए. हालांकि, हमारे ज्यादातर सदस्यों ने इसे अस्वीकार कर दिया और इसका विरोध किया, अगर हम DMK के साथ गठबंधन करते, तो AIADMK का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता, उन्होंने ऐसी स्थिति को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, हम अभी बिना किसी गठबंधन के खड़े हैं, और अब हमारा ध्यान अपनी पार्टी को फिर से मजबूत और जीवंत बनाने पर होना चाहिए. आखिरकार हमने TVK को अपना समर्थन देने का फैसला किया है. www.merabharatsamachar.com

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अजमेर की मुकद्दस सरज़मीन पर सफ़ेद संगमरमर से तराशा गया यह 'सोलह खंबा' महज़ एक तारीखी इमारत नहीं, बल्कि अहदे-मुगलिया की शान और चिश्ती घराने की रूहानियत का एक अनमोल दस्तावेज़ है। सन् 1659 (1070 हिजरी) में तामीर किया गया

यह मक़बरा हज़रत शेख अलाउद्दीन की याद दिलाता है, जो न सिर्फ शहंशाह शाहजहाँ के दौर के एक मर्तबेदार बुज़ुर्ग थे, बल्कि सुल्तान-उल-हिंद हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ (र.अ.) के ही ख़ानदान के चश्म-ओ-चिराग थे। 16 मज़बूत सुतूनों (खंभों) पर टिकी यह आयताकार संरचना अपनी सादगी और नफ़ासत के लिए मशहूर है, जिसके मग़रिबी हिस्से में तीन मेहराबों वाली एक बेहद पुर-सुकून मस्जिद वाक़े है।

यहाँ की दीवारों पर मौजूद फारसी कतबे और अंदर मौजूद छह मुकद्दस मज़ारें आज भी उस दौर की अज़मत की गवाही देती हैं। अजमेर शरीफ आने वाले ज़ायरीन के लिए यह एक ऐसी 'हिडन जेम' है, जहाँ हुजूम से दूर रूह को एक खास तस्कीन और ख़ामोशी मयस्सर होती है।

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ಮಾನ್ಯರೆ,
ಈ ಮೇಲ್ಕಂಡ ವಿಷಯಕ್ಕೆ ಸಂಬಂಧಿಸಿದಂತೆ ಈ ಅರ್ಜಿಯ ಮೂಲಕ ತಮ್ಮಲ್ಲಿ ವಿನಂತಿಸಿಕೊಳ್ಳಲೆಂದರೆ ಕರ್ನಾಟಕ ಯುವ ರಕ್ಷಣಾ ವೇದಿಕೆ ವತಿಯಿಂದ ಮಳೆಗಾಲ ಮತ್ತು ಕಂಗ್ಟಿ ಗ್ರಾಮದ ಸುತ್ತಮುತ್ತ ಗ್ರಾಮೀಣಗಳಲ್ಲಿ ಶಾಲೆಗಳು ಮಂದಿರಗಳು ಮಸ್ಜಿದ್ ಗಳು ಚರ್ಚ್ ಗಳು ಮತ್ತು ಅಂಬೇಡ್ಕರ್ ವೃತ್ತದ ಹತ್ತಿರ ಸರಾಯಿಯನ್ನು ಮಾರಾಟ ಮಾಡುವುದನ್ನು ನಿಷೇಧಿಸಬೇಕೆಂದು ಈ ಹತ್ತಿರದ ಮುಖಾಂತರ ತಮ್ಮಲ್ಲಿ ಮನವಿ ಮಾಡಿಕೊಳ್ಳುತ್ತೇವೆ ಸರಾಯಿ ನಿಷೇಧಿಸಲ್ಲಾಗಿಲ್ಲ ಅಂದರೆ ಮುಂದಿನ ದಿನಗಳಲ್ಲಿ ಉಗ್ರವಾದ ಹೋರಾಟವನ್ನು ಮಾಡುತ್ತೇವೆ ಧನ್ಯವಾದಗಳು ,

ಜಿಲ್ಲಾಧ್ಯಕ್ಷರು ವಿಲ್ಸನ್ ದೊಡ್ಮನಿ ರಾಜ್ಯ ಪ್ರಧಾನ ಕಾರ್ಯದರ್ಶಿಗಳು ರಾಕೇಶ್ ಡಿ. ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿ ಘಟಕದ ಜಿಲ್ಲಾಧ್ಯಕ್ಷರು ಸಚಿನ್ ಈ ಕಲಾಲ್ ಯುವ ಘಟಕದ ಜಿಲ್ಲಾಧ್ಯಕ್ಷರು ಡೇವಿಡ್ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿ ಘಟಕದ ಜಿಲ್ಲಾ ಉಪಾಧ್ಯಕ್ಷರು ಅಮರ್ ಗಾಯಕ್ವಾಡ್ ಇತರರು ಉಪಸ್ಥಿತರಿದ್ದರು

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उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज अपने सरकारी आवास 7-कालिदास मार्ग पर आयोजित 'जनता दर्शन' में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों लोगों की समस्याओं को अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना।

आज के जनता दर्शन में लोगों का भारी हुजूम उमड़ा, जिसमें विशेष रूप से महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और किसान बड़ी संख्या में अपनी शिकायतों व सुझावों के साथ पहुंचे थे।

प्रमुख बिंदु: जनता दर्शन की मुख्य विशेषताएं
अत्यधिक भीड़ और सीधा संवाद: सुबह से ही आवास पर लोगों का तांता लगा रहा। उपमुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी आगंतुकों से मुलाकात की और उनके प्रार्थना पत्र प्राप्त किए।

समाज के हर वर्ग की भागीदारी:
महिलाएं: घरेलू विवाद, पेंशन और सुरक्षा से संबंधित मामले साझा किए।

बुजुर्ग: स्वास्थ्य सेवाओं और राजस्व संबंधी शिकायतों को लेकर पहुंचे।

किसान: सिंचाई, खाद की उपलब्धता और आवारा पशुओं की समस्या से अवगत कराया।

युवा: रोजगार और शिक्षा संबंधी बाधाओं पर चर्चा की।

मौके पर निस्तारण के आदेश: कई गंभीर मामलों में उपमुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को फोन कर वस्तुस्थिति जानी और प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की भावना के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना तथा उसकी समस्याओं का समाधान करना है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश
जनता को संबोधित करते हुए श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि सरकार जनता के द्वार पर है और किसी भी गरीब या असहाय व्यक्ति को न्याय के लिए भटकने नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा:
> "जनता की समस्याओं का समाधान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर न हो, बल्कि धरातल पर फरियादी को राहत महसूस होनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।"

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Can global knowledge truly become global if large parts of the world remain underrepresented in shaping it?

This fundamental question posed by Shri Dharmendra Pradhan, Honble Union Minister of Education, set the tone for the inaugural day of the Global Colloquium 2026: Building Bridges in Social Sciences, held on 11 May 2026 at the Tata Institute of Social Sciences.

As TISS celebrates its 90-year journey, Shri Pradhan highlighted the institutes legacy from its pre-independence origins envisioned by the Tata Group to its current role as a living classroom in the cosmopolitan melting pot of Mumbai. He commended TISS for translating values of social responsibility into lived practice, standing at the forefront during crises ranging from the Odisha super cyclone crisis to the COVID-19 pandemic.
Drawing upon Indias civilisational strength, the Minister illustrated the concept of Samvad (dialogue) through the lens of the Mahabharata and the Bhagavad Gita. He emphasised that while material science drives tangible progress, it is social science that provides the moral compass and ethical direction required to navigate challenges such as Artificial Intelligence and global conflicts.

Social science ultimately shapes society more profoundly than material science. It is an intangible heritage that defines the moral direction of humanity.

Shri Pradhan also lauded Indias governance model of Sabka Saath, Sabka Vikas, noting that the countrys democratic experience and digital transformation offer valuable case studies for the Global South.

During the event, the Honble Minister officially released two key publications: the Global Insights Newsletter and the Global Engagement Review Report.

The session was enriched by diverse perspectives from distinguished dignitaries. It began with a welcome address by Prof. Madhushree Sekher (Chairperson, Office for International Affairs, TISS), followed by a contextual overview on Indias new social science research optics by Prof. Badri Narayan Tiwari (Vice-Chancellor, TISS). Dr. Surjit Bhalla (Former Member, Prime Ministers Economic Advisory Council) delivered the keynote address, while Prof. Siri Hettige (Professor Emeritus, University of Colombo) offered a special guest talk reflecting on civilisational challenges.

The gathering also heard addresses from Dr. Vineet Joshi (Secretary, Department of Higher Education, Ministry of Education) and Prof. D.P. Singh (Chancellor, TISS).

The proceedings concluded with meaningful remarks by Dr. Narendra Mishra (Officiating Registrar), encapsulating the spirit of the days deliberations.

We extend our deepest gratitude to Shri Dharmendra Pradhan and all dignitaries for their presence. We look forward to three days of collaborative dialogue.

#TISS #GlobalColloquium2026 #Edu.SyedAfzalAliShah.

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होशियारपुर जिले में रविवार देर रात तेज आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार जिले में लगभग 1.50 मिमी वर्षा दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारिश से मक्की और गन्ने की फसलों को लाभ मिलेगा। हालांकि खराब मौसम के कारण जिले के कई क्षेत्रों में नुकसान भी हुआ।
बारिश के बाद सोमवार को दिन का तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया।
सूसा में बड़ा झूला गिरा
तेज आंधी के कारण सूसा क्षेत्र में मेले में लगा एक बड़ा झूला गिर गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया।
सलवाड़ा मोहल्ले में घर पर गिरी आसमानी बिजली
रविवार रात शहर के मोहल्ला सलवाड़ा में एक मकान पर आसमानी बिजली गिरने से आग लग गई। आग लगने से घर में रखा कीमती सामान जलकर राख हो गया।
मकान मालकिन मंदीप कौर, पत्नी देशराज, ने बताया कि अचानक बिजली गिरने के बाद घर में आग भड़क उठी। आग की चपेट में आकर 53 इंच की एलसीडी टीवी, पांच पंखे, बैड सहित अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जल गया।
घटना के समय मंदीप कौर और उनका बेटा घर में मौजूद थे। आग लगते ही दोनों ने तुरंत घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राज्य में संचालित TASMAC शराब दुकानों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार के आदेश के अनुसार पूजा स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और बस स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे में मौजूद 717 TASMAC शराब खुदरा दुकानों को अगले दो सप्ताह के भीतर बंद किया जाएगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरे राज्य में चल रही लगभग 4,765 TASMAC दुकानों का सर्वे कराया गया, जिसमें नियमों के दायरे में आने वाली 717 दुकानों की पहचान की गई। इनमें धार्मिक स्थलों के पास 276, शैक्षणिक संस्थानों के पास 186, और बस स्टैंड के पास 255 दुकानें शामिल हैं।

यह फैसला मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण (10 मई 2026) के कुछ ही दिनों बाद आया है और इसे उनकी सरकार के शुरुआती बड़े फैसलों में माना जा रहा
सीएम विजय का बड़ा एक्शन: मंदिर-स्कूलों के पास 717 शराब दुकानें होंगी बंद

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उत्तराखंड देहरादून
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने राजधानी क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त अभियान चलाते हुए पटेलनगर और देहराखास क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की।
पटेलनगर सहारनपुर रोड पर बिना स्वीकृत मानचित्र के कराए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को सील किया गया। इस निर्माण में प्राधिकरण की अनुमति नहीं ली गई थी, जिसके चलते नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए स्थल को सील कर दिया गया।
इसी क्रम में देहराखास क्षेत्र में किए जा रहे अवैध आवासीय निर्माण पर भी कार्रवाई करते हुए उसे सील किया गया। जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य बिना आवश्यक स्वीकृति एवं स्वीकृत नक्शे के किया जा रहा था, जो प्राधिकरण नियमों का सीधा उल्लंघन है।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध निर्माणों पर प्रभावी अंकुश लगाना, शहर के सुनियोजित विकास को सुनिश्चित करना तथा नागरिकों के हितों की सुरक्षा करना है। क्या इसी तरह संबंधित विभाग कार्रवाई करेगा या कुछ खास ठिकानों पर ही सील और धवस्ती करण का नाटक करेगा

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चंपुआ:- (12/05):- ओडिशा सरकार के निर्देशानुसार, तेज गर्मी को देखते हुए सभी सरकारी ऑफिस का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक तय किया गया है। लेकिन क्योंझर जिले के चंपुआ ब्लॉक ऑफिस में इस नियम का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। सरकारी बाबू सुबह 9 या 10 बजे से पहले ऑफिस नहीं आ रहे हैं। दूर-दराज से आने वाले बेचारे लोग सुबह से ही ऑफिस के बाहर घंटों इंतजार कर रहे हैं। जब गैरहाजिर बाबू के बारे में पूछा जाता है, तो दूसरे कर्मचारी यह कहकर जवाब टाल रहे हैं कि "वे फील्ड में हैं"। आरोप है कि ऑफिस में अनुशासन नहीं है और जनता की सेवा करने के बजाय कर्मचारियों की मनमानी चल रही है। लोगों का कहना है कि अगर सरकारी अधिकारी समय पर अपनी सीट पर नहीं बैठेंगे, तो आम लोगों की समस्याएं कैसे हल होंगी? स्थानीय बुद्धिजीवियों और जनता ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि वे तुरंत इस अव्यवस्था की जांच करें और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

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अकोले :- भंडारदरा गावात गेल्या पंधरा-वीस दिवसांपासून नळाला गाळ मिश्रित पाणी येत असल्यामुळे नागरिकांचे आरोग्य धोक्यात आले आहे. ग्रामपंचायतीत वारंवार तक्रार करुनदेखील हा प्रश्न सोडवला जात नसल्यामुळे दाद कुणाकडे मागायची असा प्रश्न नागरिकांसमोर निर्माण झाला आहे.

गावात पिण्याच्या पाण्याची समस्या तीव्र आहे. प्रवरा नदी पात्रातुन गावाला पाणी पुरवठा केला जातो. नदीपात्रातील पाणी अतिशय शुध्द असुन सद्या याच नदीपात्रात ग्रामपंचायतने नविन विहिरीची बांधकाम चालु केल्याने संबंधित ठेकेदाराने नवीन विहिरीची माती जुण्या विहिरीत टाकल्याने गावात गेल्या महिनाभरापासून गढुळ व माती मिश्रित अतिशय खराब पाणी पुरवठा केला जात आहे. याबाबत अगोदर पर्यायी व्यवस्था करावी ग्रामपंचायतने किमान शुध्द पाण्याचा पुरवठा करावा अशी नागरिकांची अपेक्षा आहे, पण भंडारदरा गावातील नागरिकांची ही अपेक्षा पूर्ण होत नसल्याचे चित्र आहे.

भंडारदरा ग्रामपंचायतने पुर्व नियोजन न करता नविन विहिरीची काम चालू केल्याने पिण्याचे पाणी कुठून आणावे असा प्रश्न नागरिकांच्या समोर निर्माण झाला आहे, कोणतेही पुर्व नियोजन न करता मनमानी पद्धतीने नागरिकांच्या आरोग्याचा विचार न करता घाईघाईने नविन विहिरीची काम चालू केल्याने नळांना माती मिश्रित अतिशय खराब पाणी येत असल्यामुळे नागरिकांचे आरोग्य धोक्यात आले आहे. एकीकडे कडक उन्हाळा सुरू असताना दुसरीकडे दूषित पाण्याचे संकट देखील निर्माण झाल्याची भावना नागरिकांमध्ये आहे. ग्रामपंचायत यंत्रणेने याची दखल घ्यावी व जोपर्यंत शुद्ध पाण्याची पर्यायी व्यवस्था होत नाही तोपर्यंत नवीन विहिरीचे बांधकाम थांबवावे अशी मागणी होत आहे.

तर दुसरीकडे पाण्याचे नमुने तपासणारे आरोग्य विभाग मात्र सुस्त असल्याने गावात दुषित पाण्यामुळे नागरिकांचे आरोग्य धोक्यात आले आहे, याबाबत आरोग्य विभागाने आपली भुमिका स्पष्ट करावी असे ग्रामस्थांचे म्हणण

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ನೊಳಂಬ ಸಂಸ್ಕೃತಿ ಅಧ್ಯಯನ ಪೀಠ ಉದ್ಘಾಟನೆ ಹಾಗೂ ಸಂವಾದ-ವಿಚಾರಸಂಕಿರಣ ನಡೆಯಲಿದೆ-ಡಾ. ಈ. ವಿರೂಪಾಕ್ಷಪ್ಪ



ತುಮಕೂರು, ಮೇ 14:

ತುಮಕೂರು ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ನೊಳಂಬ ಸಂಸ್ಕೃತಿ ಅಧ್ಯಯನ ಪೀಠ ಹಾಗೂ ನೊಳಂಬ ಲಿಂಗಾಯತ ಸಂಘ (ರಿ.), ಬೆಂಗಳೂರು ಇವರ ಸಹಯೋಗದಲ್ಲಿ ನೊಳಂಬ ಸಂಸ್ಕೃತಿ ಅಧ್ಯಯನ ಪೀಠ ಉದ್ಘಾಟನೆ ಮತ್ತು ನೊಳಂಬ ಸಂಸ್ಕೃತಿ ಸಂವಾದ-ವಿಚಾರಸಂಕಿರಣ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮವು ಗುರುವಾರ ಬೆಳಿಗ್ಗೆ 10.00 ಗಂಟೆಗೆ ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಡಾ. ಶ್ರೀ ಶ್ರೀ ಶ್ರೀ ಶಿವಕುಮಾರ ಮಹಾಸ್ವಾಮೀಜಿ ಸಭಾಂಗಣದಲ್ಲಿ ನಡೆಯಲಿದೆ.



ಕಾರ್ಯಕ್ರಮವನ್ನು ಕುಲಪತಿಗಳಾದ ಪ್ರೊ. ಮೋಹನ ಹೆಚ್.ಎಸ್. ಅವರು ಉದ್ಘಾಟಿಸಲಿದ್ದಾರೆ. ನೊಳಂಬ ಸಂಸ್ಕೃತಿ, ಇತಿಹಾಸ ಮತ್ತು ಪರಂಪರೆಯ ಮಹತ್ವವನ್ನು ಅವರು ತಮ್ಮ ಭಾಷಣದಲ್ಲಿ ವಿವರಿಸಲಿದ್ದಾರೆ.



ಸಮಾರಂಭದಲ್ಲಿ ನೊಳಂಬ ಲಿಂಗಾಯತ ಸಂಘದ ಅಧ್ಯಕ್ಷರು ಹಾಗೂ ಗಣ್ಯರು ಉಪಸ್ಥಿತರಿರುವರು. ಪೀಠದ ಸ್ಥಾಪನೆಯಿಂದ ಸಂಸ್ಕೃತಿ ಅಧ್ಯಯನಕ್ಕೆ ಹೊಸ ದಿಕ್ಕು ದೊರೆಯಲಿದೆ ಎಂದು ಅಭಿಪ್ರಾಯ ವ್ಯಕ್ತವಾಗಲಿದೆ.



ವಿಚಾರಸಂಕಿರಣದಲ್ಲಿ ನೊಳಂಬ ಸಂಸ್ಕೃತಿಯ ಇತಿಹಾಸ, ಸಾಮಾಜಿಕ-ಧಾರ್ಮಿಕ ಪರಂಪರೆ, ಸಾಹಿತ್ಯ, ಕಲೆ, ಶಾಸನಗಳು ಮತ್ತು ವಾಸ್ತುಶಿಲ್ಪ ಕುರಿತು ಪ್ರಬಂಧ ಮಂಡನೆಗಳು ನಡೆಯಲಿವೆ. ವಿವಿಧ ಕ್ಷೇತ್ರಗಳ ವಿದ್ವಾಂಸರು ತಮ್ಮ ಸಂಶೋಧನಾ ಪ್ರಬಂಧಗಳನ್ನು ಮಂಡಿಸಲಿದ್ದಾರೆ.



ಜಿಲ್ಲಾ ಸಂಘದ ಕಾರ್ಯದರ್ಶಿ ಡಾ. ಈ. ವಿರೂಪಾಕ್ಷಪ್ಪ ಅವರು ಪತ್ರಿಕಾ ಪ್ರಕಟಣೆಯಲ್ಲಿ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಜನತೆ ಹೆಚ್ಚಿನ ಸಂಖ್ಯೆಯಲ್ಲಿ ಭಾಗವಹಿಸಲು ಕೋರಿದ್ದಾರೆ.



ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದಲ್ಲಿ ಪ್ರಾಧ್ಯಾಪಕರು, ಸಂಶೋಧಕರು, ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳು ಹಾಗೂ ನೊಳಂಬ ಸಮುದಾಯದ ಸದಸ್ಯರು ಹೆಚ್ಚಿನ ಸಂಖ್ಯೆಯಲ್ಲಿ ಭಾಗವಹಿಸಲಿದ್ದಾರೆ ಎಂದು ನಿರೀಕ್ಷಿಸಲಾಗಿದೆ.

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अंडमान में बसे बंगाली शरणार्थियों ने उठाई आवाज़।
ज़मीन और बुनियादी सुविधाओं के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग।

उत्तर तथा मध्य अण्डमान जिले में बसे बंगाली शरणार्थी समुदाय के बीच गहरी चिंता और असंतोष का माहौल बनता जा रहा है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने दशकों से जारी प्रशासनिक उपेक्षा का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार और अंडमान प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
समुदाय का कहना है कि उन्हें भारत सरकार द्वारा विभाजन और विस्थापन के बाद पुनर्वासित किया गया था तथा उन्होंने उत्तर और मध्य अंडमान के दूरस्थ जंगल क्षेत्रों को खेती योग्य भूमि में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समुदाय के लोगों का दावा है कि उन्होंने राष्ट्र-निर्माण और सीमांत क्षेत्रों के विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया, लेकिन आज भी वे बुनियादी सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हैं।
समुदाय के प्रवक्ता का कहना है कि सबसे गंभीर समस्या तब सामने आती है जब दूरदराज़ क्षेत्रों जैसे , , और से लोग इलाज या मेडिकल इमरजेंसी के लिए राजधानी पहुँचते हैं।
उन्होंने कहा,
कई परिवारों को बेहद कठिन परिस्थितियों में रहना पड़ता है। उन्हें भीड़भाड़ वाली लॉज में ठहरना पड़ता है या बिना किसी उचित आश्रय के दिन बिताने पड़ते हैं। इससे आर्थिक, मानसिक और सामाजिक परेशानियाँ लगातार बढ़ रही हैं।
समुदाय का आरोप है कि राजधानी में अभी तक उनके लिए कोई समर्पित सरकारी ट्रांज़िट आवास, राहत केंद्र या कल्याण सुविधा उपलब्ध नहीं कराई।

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नवी मुंबई:
नवी मुंबई महानगरपालिका क्षेत्रातील बेलापूर विभागांतर्गत सीवूड्स सेक्टर ४८ येथील उद्यान, सेक्टर ५० येथील जुने गटार आणि कचरा कुंडीच्या कामात झालेल्या अनियमिततेची आता सखोल चौकशी होणार आहे. या कामात दोषी आढळणाऱ्या अधिकारी आणि कंत्राटदारांवर कठोर कारवाई करण्याचे आदेश महाराष्ट्र विधानसभा उपाध्यक्ष अण्णासाहेब बनसोडे यांनी दिले आहेत.
सोमवारी नेरूळ-सीवूड्स येथे राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी (अजित पवार गट) नवी मुंबई जिल्हा अध्यक्ष व माजी नगरसेवक भरत जाधव यांनी आयोजित केलेल्या पत्रकार परिषदेत ही माहिती देण्यात आली. चुकीच्या पद्धतीने गटार निर्माण बैठकीत सादर करण्यात आलेल्या अहवालानुसार, सीवूड्स सेक्टर ५० मधील गटाराचे काम तांत्रिकदृष्ट्या चुकीच्या पद्धतीने करण्यात आले आहे. रस्त्याचा उतार एका बाजूला असताना, जुने गटार व फुटपाथ काढून दुसऱ्या बाजूला (उताराच्या विरुद्ध दिशेला) नवीन गटार बांधण्यात आले आहे. या अनावश्यक कामामुळे पालिकेच्या निधीचा अपव्यय झाल्याचे समोर आले आहे.
खर्चाचा तपशील गहाळ: या कामासाठी नेमका किती खर्च झाला आणि उद्यान कामात किती रॉयल्टी भरली गेली, याची कोणतीही माहिती उपलब्ध नसल्याचे अहवालात नमूद करण्यात आले आहे.
विभागीय सावळागोंध: धक्कादायक बाब म्हणजे, हे काम उद्यान विभागाशी संबंधित असताना ते अभियांत्रिकी विभागाने पूर्ण केले आहे.
३३० कचराकुंड्यांचे गूढ
घनकचरा व्यवस्थापन विभागाकडून एकूण ३३० कचराकुंड्या बसवण्यात आल्या होत्या. मात्र, प्रत्यक्षात केवळ २८७ कुंड्या जागेवर उपलब्ध आहेत. उर्वरित ४३ कचराकुंड्या नेमक्या कुठे गेल्या, याची कोणतीही नोंद पालिकेकडे नाही. या कुंड्यांची चोरी झाली की त्या डम्पिंग ग्राऊंडमध्ये जमा केल्या गेल्या, याबाबत पोलीस तक्रार किंवा अहवाल नसल्याचे निदर्शनास आले आहे.
दोषींवर कारवाईची मागणी
या प्रकरणाचा चौकशी अहवाल अतिरिक्त आयुक्त सुनील पवार यांनी २९ ऑक्टोबर २०२५ रोजीच सादर केला होता. मात्र, सहा महिने उलटूनही दोषींवर कोणतीही कारवाई करण्यात आली नाही. "दोषी अधिकारी आणि कंत्राटदारांवर मनपा प्रशासन मेहेरबान का आहे?" असा सवाल भरत जाधव यांनी याप्रसंगी उपस्थित केला.
> "नवी मुंबई मनपा बेलापूर विभागातील उद्यान, गटार आणि कचरा कुंडी कामात अनियमितता आढळली आहे. मनपा आयुक्तांनी संबंधितांना नोटिसा बजावल्या असून पुढील कायदेशीर कारवाई केली जाईल."
> सुनील पवार, अतिरिक्त आयुक्त, नवी मुंबई मनपा
>
विधानसभा उपाध्यक्षांनी या प्रकरणाची गंभीर दखल घेत, संबंधित कंत्राटदारांना काळ्या यादीत (Blacklist) टाकण्याचे आणि अपव्यय झालेल्या रकमेची वसुली करण्याचे स्पष्ट निर्देश दिले आहेत.

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सड़क केवल रास्ता नहीं होती,
यह कहानियों की एक खुली किताब होती है।
हर मोड़ पर एक किस्सा ठहर जाता है,
हर कदम पर एक सफर नया जन्म लेता है।

सुबह की पहली किरण जब इसे छूती है,
तो यह सुनहरी चादर ओढ़ लेती है,
दौड़ते कदमों की आहट में
जीवन की रफ्तार झलकने लगती है।

कहीं स्कूल जाते बच्चों की हंसी है,
तो कहीं काम पर जाते लोगों की जल्दी,
किसी के सपनों की शुरुआत है यह,
तो किसी की मजबूरी की अगली कड़ी।

दोपहर में धूप जब तपती है,
तो सड़क तपकर भी मुस्कुराती है,
थके हुए पांवों को सहारा देकर
चुपचाप अपना फर्ज निभाती है।

यह सड़क जानती है हर दर्द, हर खुशी,
यह सुनती है हर आवाज़ बिना बोले,
किसी के आँसू इसमें खो जाते हैं,
तो किसी के गीत इसमें घुल जाते हैं।

शाम होते ही यह रंग बदल लेती है,
लाल-पीली रोशनी में जगमगाती है,
गाड़ियों की कतारों के बीच
शहर की धड़कन बन जाती है।

कभी यह सुनसान भी हो जाती है,
रात के सन्नाटे में खो जाती है,
तब इसके सीने पर चाँदनी उतरती है,
और यह खामोशी में भी कुछ कह जाती है।

यह सड़क गवाह है अनगिनत कहानियों की,
मिलन और बिछड़न के अफसानों की,
कभी किसी ने यहां वादा किया,
तो किसी ने यहां रिश्ता तोड़ा।

किसी के लिए यह मंज़िल तक का रास्ता है,
तो किसी के लिए सिर्फ एक पड़ाव,
लेकिन यह कभी रुकती नहीं,
न ही करती है कोई हिसाब।

बारिश में जब बूंदें गिरती हैं,
तो सड़क आईने सी चमक जाती है,
हर एक बूंद में जैसे
पुरानी यादें झिलमिला जाती हैं।

यह सड़क सिखाती है हमें,
चलते रहना, कभी न रुकना,
गिरकर भी संभल जाना,
और हर दर्द में मुस्कुराना।

क्योंकि सड़क जानती है,
कि मंज़िल से ज्यादा जरूरी है सफर,
हर कदम एक नई सीख देता है,
हर मोड़ पर मिलता है नया असर।

सड़क पर चलते-चलते हम
खुद को भी पहचान लेते हैं,
भीड़ के बीच कहीं
अपने ही अरमानों को जान लेते हैं।

इसलिए सड़क को सिर्फ रास्ता मत समझो,
यह जिंदगी का आईना है,
जो हर पल हमें दिखाता है
कि सफर ही असली नगीना है।

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पटना: बिहार सरकार के नवनियुक्त मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र ने विधिवत पूजा-अर्चना और ईश्वर के आशीर्वाद के साथ पथ निर्माण विभाग के मंत्री के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालने के पश्चात उन्होंने विभाग की भविष्य की योजनाओं और प्राथमिकताओं को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा किया।

आर्थिक प्रगति का आधार है मजबूत सड़क तंत्र

पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने कहा कि पथ निर्माण विभाग की भूमिका केवल सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह विभाग राज्य की समग्र प्रगति, आर्थिक विकास और जनसंपर्क का सबसे मजबूत आधार है। बेहतर सड़कें व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी को एक नई गति प्रदान करती हैं।

पारदर्शिता और समर्पण पर जोर

मंत्री ने विभाग की कार्यप्रणाली में पूर्ण निष्ठा और पारदर्शिता बरतने का संकल्प लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य राज्य के हर क्षेत्र को सुदृढ़ सड़क नेटवर्क से जोड़ना है, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके। उन्होंने कहा, "मजबूत आधारभूत संरचना ही समृद्ध बिहार के निर्माण की नींव है।"

विकसित बिहार का संकल्प

अपनी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में 'विकसित और सशक्त बिहार' के संकल्प को पूरा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नई ऊर्जा के साथ बुनियादी ढांचे को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

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सेवा में,
जिलाधिकारी महोदय,
जनपद अलीगढ़।

विषय: गाटा संख्या 1051अ व 1051ब की भूमि पर यथास्थिति आदेश पारित कर अवैध कब्जा हटवाने एवं दबंग विपक्षियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही किए जाने बाबत प्रार्थना पत्र।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि प्रार्थी आले नवी पुत्र साह मोहम्मद, निवासी ग्राम रामपुर शाहपुर, थाना चंदौस, तहसील गभाना, जनपद अलीगढ़ का निवासी एवं शामिल खाते की भूमि का वैध खातेदार है। प्रार्थी का हिस्सा गाटा संख्या 1051अ एवं 1051ब में स्थित है, जिसका राजस्व अभिलेखों में रकबा लगभग 26 बीघा दर्ज है, जबकि मौके पर भूमि लगभग 32 बीघा के आसपास मौजूद है।

प्रार्थी पूर्व से ही अपने वैध हिस्से की भूमि पर शांतिपूर्वक जुताई-बुवाई करता चला आ रहा था तथा कब्जेदार काश्तकार के रूप में खेती कर रहा था। किन्तु अब कुछ दबंग एवं अवैध कब्जाधारी खातेदारों ने अपने हिस्से से अधिक भूमि पर जबरन कब्जा करते हुए प्रार्थी के हिस्से की भूमि को भी दबाकर उस पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है तथा जबरन जुताई-बुवाई करने का प्रयास कर रहे हैं।

प्रार्थी द्वारा कई बार अपना वैध हिस्सा मांगा गया, लेकिन विपक्षीगण कब्जा देने से साफ इंकार करते हुए गाली-गलौज, मारपीट एवं जान से मारने की धमकी देते हैं। जब प्रार्थी एवं गांव के अन्य लोग विपक्षीगण को भूमि पर जबरन कब्जा एवं जुताई-बुवाई करने से रोकते हैं, तब विपक्षीगण खुलेआम कहते हैं कि
कोई आदेश दिखाओ, बिना आदेश के हम नहीं रुकेंगे, हम ऐसे ही जुताई-बुवाई करेंगे।

इस प्रकार विपक्षीगण प्रशासनिक आदेशों एवं कानून व्यवस्था की खुली अवहेलना करते हुए भूमि की वर्तमान स्थिति बदलकर अपना अवैध कब्जा मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। विपक्षीगण पूर्व में भी गांव में कई बार विवाद एवं तनाव की स्थिति उत्पन्न कर चुके हैं, जिससे भविष्य में किसी भी समय गंभीर दंगा-फसाद एवं अप्रिय घटना होने की पूर्ण आशंका बनी हुई है।

प्रार्थी द्वारा उक्त मामले की शिकायत कई बार आईजीआरएस पोर्टल, उपजिलाधिकारी महोदय (एसडीएम), तहसील प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्यवाही अथवा स्थायी समाधान नहीं किया गया। शिकायतों के बावजूद विपक्षीगण लगातार अवैध कब्जा एवं जुताई-बुवाई करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे प्रार्थी को भारी मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।

विपक्षीगण के नाम निम्न प्रकार हैं

1. अमीरा पुत्र शब्बीर खान

2. जमशेद, अली मोहम्मद, शान मोहम्मद, इस्तकबाल, वाहिद पुत्र अब्दुल अली

3. आमीन, मोमीन पुत्र लाल मोहम्मद

4. तौसीफ पुत्र लखमीर खान

5. तोहिद अली पुत्र लखमीर खान

अतः श्रीमान जी से विनम्र निवेदन है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल गाटा संख्या 1051अ एवं 1051ब पर यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का आदेश पारित करने की कृपा करें, ताकि कोई भी पक्ष भूमि की वर्तमान स्थिति में परिवर्तन न कर सके।

साथ ही राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मौके की निष्पक्ष पैमाइश कराकर प्रार्थी को उसके वैध हिस्से की भूमि पर पुनः कब्जा दिलाया जाए तथा अवैध कब्जा हटवाने की कृपा करें।

इसके अतिरिक्त विपक्षीगण द्वारा कानून व्यवस्था को चुनौती देने एवं प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करने के कारण उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही करते हुए थाना चंदौस पुलिस को शांति व्यवस्था बनाए रखने, संभावित दंगा-फसाद रोकने तथा प्रार्थी एवं उसके परिवार की सुरक्षा हेतु आवश्यक निर्देश देने की कृपा करें।

दिनांक: ___12/5/2026________

प्रार्थी
आले नवी पुत्र साह मोहम्मद
निवासी: ग्राम रामपुर शाहपुर, थाना चंदौस, तहसील गभाना, जनपद अलीगढ़
मोबाइल नंबर: __6396605845________________
हस्ताक्षर: __________________आलेनबी

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यावल
शासन जनता की सेवा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर दफ्तर बनाता है, अधिकारियों को मोटा वेतन दिया जाता है, लेकिन यावल तहसील के सरकारी कार्यालयों में नजारा इसके बिल्कुल उलट है। यहाँ दफ्तरों में नागरिक तो नजर आते हैं, लेकिन साहब की कुर्सियां अक्सर खाली मिलती हैं। अधिकारियों की इस 'मनमर्जी' और अनुपस्थिति ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है।
'कल आना' और 'मीटिंग है' के बहानों से जनता त्रस्त
तहसील के विभिन्न कार्यालयों में दूर-दराज से लोग अपने काम लेकर आते हैं। किसी को जाति का प्रमाण पत्र चाहिए, किसी को अनुदान की प्रतीक्षा है, तो कोई सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने आता है। लेकिन कार्यालय पहुँचते ही उन्हें रटा-रटाया जवाब मिलता है "साहब मीटिंग में हैं," "साहब बाहर गए हैं," या "कल आना।"
बार-बार चक्कर काटने के कारण नागरिकों को न केवल आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, बल्कि उन्हें भारी मानसिक प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ रहा है।
सिर्फ तहसील और पुलिस विभाग में थोड़ी राहत
स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, तहसील कार्यालय और पुलिस प्रशासन में कुछ अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाते दिखते हैं, जिससे वहाँ का कामकाज पटरी पर नजर आता है। लेकिन इसके विपरीत, अन्य कई विभागों में अनुशासनहीनता अपनी चरम सीमा पर है। इन विभागों में अधिकारियों का गायब रहना अब एक 'नया रिवाज' बन गया है।
जनता के चुभते सवाल:
जब शासन की घोषणा "जनता के लिए प्रशासन" की है, तो अधिकारी जनता से दूर क्यों भाग रहे हैं?
अगर एक छोटा कर्मचारी लेट हो जाए तो उस पर कार्रवाई होती है, फिर इन 'लाटसाहबों' पर लगाम कौन कसेगा?
क्या सरकारी दफ्तर अब सिर्फ खाली कुर्सियों के प्रदर्शन केंद्र बनकर रह जाएंगे?
कार्रवाई की मांग ने पकड़ा जोर
यावल की जनता अब इस ढर्रे से तंग आ चुकी है। नागरिकों ने मांग की है कि इन लापरवाह और निष्क्रिय अधिकारियों की तत्काल जांच की जाए और उनकी उपस्थिति अनिवार्य की जाए। लोगों का कहना है कि जो अधिकारी समय पर काम न करें, उन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।
निष्कर्ष:
यदि सरकारी दफ्तरों में ताले लटकते रहे और कुर्सियां खाली रहीं, तो सरकार के 'पारदर्शी प्रशासन' के दावों की हवा निकलना तय है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन बेपरवाह अधिकारियों पर कब हंटर चलाता है।

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सिक्किम,नामची जिले के अंतर्गत लिंगमुकोल्थांग क्षेत्र में पूर्व में क्लस्टर के माध्यम से की गई कोदो खेती से अत्यंत सकारात्मक और उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए थे। इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए लिंगमुकोल्थांग FPO ने हाल ही में स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित सामग्री का उपयोग कर कोदो (मिलेट) बिस्कुट उत्पादन शुरू करने की पहल की है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्वस्थ एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देना, साथ ही स्थानीय किसानों को प्रोत्साहन, बाजार उपलब्ध कराना और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पारंपरिक अनाज कोदो को आधुनिक खाद्य उत्पाद के रूप में बाजार में लाने का यह प्रयास स्थानीय कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस पहल का विधिवत उद्घाटन उपसभामुख तथा क्षेत्र विधायक Raj Kumari Thapa द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने वाली ऐसी पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने भी इस पहल पर खुशी व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि भविष्य में इस प्रकार के कृषि आधारित उद्योग युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करेंगे।

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कलेक्टर ने गैपरा गेहूं खरीदी केंद्र का किया औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को अधिक सरल, सुगम एवं किसान हितैषी बनाया गया है। इसी क्रम में स्लॉट बुकिंग की तिथि में वृद्धि की गई है तथा किसानों को उपज का भुगतान समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जा रहा है।

इसी कड़ी में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने सोमवार को जौरा विकासखंड अंतर्गत गैपरा गेहूं खरीदी केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उपार्जन केंद्र पर उपस्थित किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर ने केंद्र पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा पेयजल, छाया, बैठने एवं तौल व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशानुरूप खरीदी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, व्यवस्थित एवं किसान हितैषी ढंग से संचालित की जाए, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ समय पर प्राप्त हो सके।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh Department of Agriculture, Madhya Pradesh

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कैंथल (पुष्पा रानी )श्री खाटू श्याम एवं सालासर सेवा समिति की विशेष बैठक आज दिनांक 9 मई दिन शनिवार को जिंदल मार्केट कार्यालय में हुई , जिसमें गोकुल जल सेवा परिवार के प्रधान अशोक मित्तल एवं सभी सदस्य वहां पहुंचे, प्रधान मनोज सिंगला ने सभी सदस्यों का पहुंचने पर स्वागत किया, बैठक में सभी सदस्यों ने अपने अपने विचार रखे, गोकुल जल सेवा परिवार के प्रधान अशोक मित्तल ने कहा कि आप हर महीने निशुल्क बस खाटू श्याम एवं सालासर बस लेकर जाते है में आपको बहुत बहुत बधाई देता हु, समाज सेवा के लिए आप बहुत ही सराहनीय कार्य कर रहे हैं सभी ने विचार रखते हुए कहा कि सिस्ला धाम बाबा श्याम का दरबार है इसलिए अपरा एकादशी पर हर महीने निशुल्क बस चलाई जाए सभी सदस्यों ने मिलकर निर्णय लिया 13 मई से यात्रा प्रारंभ की जाए इस बस के मुख्यातिथि शहर के जाने माने समाज सेवी पवन गर्ग बक्कल वाले होंगे , यह बस 33 फूटा रोड से चलकर पिहोवा चौंक, पुराना बस स्टैंड, जखोली अड्डा से होते हुए जाएगी , जिस भी श्रद्धालु ने हर महीने सिस्ला धाम जाना हो वो गोकुल जल सेवा परिवार के प्रधान अशोक मित्तल,रेनू जिंदल से संपर्क कर सकते है ,
इस मौके पर , चिराग बंसल, मनोज सिंगला, सोमनाथ गर्ग, प्रकाश बंसल, भीम सेन वधवा, राजीव चौधरी, वीरभान केमिस्ट,विकास गर्ग एडवोकेट,अंजू बंसल , सुनीता रानी आदि उपस्थित रहे

पुष्पा रानी रिपोर्टर कैंथल

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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर संगोष्ठी एवं निबंध प्रतियोगिता आयोजित
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#श्योपुर-/ युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत मेरा युवा भारत (MY Bharat) के द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के उपलक्ष्य में श्योपुर नगर में संगोष्ठी एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अभाविप जिला संयोजक श्री गणेश शर्मा उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता नगर अध्यक्ष श्री कैलाश गुप्ता ने की। अभाविप जिला संयोजक श्री गणेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि तकनीकी विकास देश की प्रगति का आधार है तथा युवाओं को नई तकनीकों और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय विकास में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। अंत में उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया तथा आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त मेरा युवा भारत के रवि समाधिया ने किया गया।
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दिनांक 23/05/2026 को आसपुर टोल प्लाजा पर प्रदर्शन होगा

आपको अवगत कराना है कि आज दिनांक 11/05/2026 को अखिल भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले एटा कचहरी स्थित धरना स्थल पर संगठन के पदाधिकारी/कार्यकर्ताओं ने बैठक कर तय किया कि निम्नलिखित समस्याओं के समाधान हेतु दिनांक 23/05/2026 को आसपुर टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया जाएगा बैठक के अंत जिलाधिकारी एटा के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा उक्त ज्ञापन में निम्नलिखित मांगो को प्रमुख रूप से उठाया गया

1:- हाइवे के निर्माण में गई किसानों की जमीन का बड़ी संख्या में आज तक मुआवजा नहीं मिला है तत्काल दिलाया जाए।

2:- आसपुर टोल प्लाजा के मैनेजर स्थानीय किसानों के साथ अभद्रता कर रहे हैं तत्काल ससम्मान किसानों की गाड़ियों को निकलवाया जाए।

3:- हाइवे स्थित गाँव कंगरोल पर कट बनवाया जाए जिससे स्थानीय किसानों को लाभ मिल सके।

4:- कृषि विभाग के अधिकारी एवं थोक विक्रेताओं की मिली भगत से किसानों को खाद ब्लेक में मिल रही हैं तत्काल कठोर कार्यवाही कर शत प्रतिशत किसानों को खाद कंट्रोल रेट पर दिलाई जाए दुर्भाग्यवश यूरिया 400 से 500 रुपए बोरी में बिक रही हैं।

5:- लम्बित समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से :- राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी, राष्ट्रीय महासचिव तेज सिंह वर्मा - सुरेन्द्र शास्त्री, प्रदेश संगठन मंत्री प्रदीप अहीर, प्रदेश सचिव बबलू नागर, मंडल प्रभारी जदुवीर सिंह, जिलाध्यक्ष अरविन्द शाक्य, प्रेम सिंह, रामनिवास वर्मा, अशोक कुमार, भगवान सिंह वर्मा, रामवीर सिंह, सुरेन्द्र सिंह लोधी, हरदेव सिंह वर्मा सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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वाराणसी- बनारस कचहरी इन दिनों कई बड़े मुद्दों को लेकर लगातार चर्चा में बनी हुई है। कचहरी के संभावित स्थानांतरण को लेकर अधिवक्ताओं और राजनीतिक दलों में विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर कचहरी को दूसरी जगह शिफ्ट करने का विरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि वर्तमान परिसर का विस्तार कराया जाए ताकि न्यायिक व्यवस्था प्रभावित न हो।

वहीं जगह की कमी और बढ़ते दबाव को लेकर अधिवक्ताओं ने हाल ही में धरना प्रदर्शन भी किया। वकीलों ने कहा कि कचहरी में पर्याप्त जगह न होने से न्यायिक कार्यों में दिक्कत आ रही है। अधिवक्ताओं ने बनारस क्लब की जमीन न्यायालय को दिए जाने की मांग उठाई है।

इसी बीच कचहरी परिसर में रंगदारी मांगने का मामला भी सामने आया है। कैंट थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार एक व्यक्ति से 12 लाख रुपये की रंगदारी मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कुछ समय पहले कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर आ गई थीं। जिला जज को ईमेल के जरिए धमकी मिलने के बाद पूरे परिसर की गहन जांच कराई गई थी।

लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद वाराणसी कचहरी एक बार फिर प्रशासनिक, सुरक्षा और न्यायिक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गई है।

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जल संरचनाओं को सहेजने के कार्य जारी
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#श्योपुर-/ कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती सौम्या आनंद के निर्देशन में #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान के तहत जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण के कार्य जारी है।

इसी क्रम में आदिवासी विकासखण्ड कराहल के ग्राम बरगवा में कूप तथा पशु होद के नवीनीकरण, बुढेरा में स्पोट सोर्स पेयजल टंकी तथा सेसईपुरा में कूप नवीनीकरण के कार्य कराये गये है। इसी के साथ ग्राम सेसईपुरा में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण भी कराया गया है।

इसी प्रकार विकासखण्ड श्योपुर अंतर्गत प्राचीन एवं एतिहासिक बावडियों के संरक्षण के लिए कराये जा रहे कार्यो के क्रम में बर्धा बुजुर्ग स्थित प्राचीन बावडी का रंग-रोगन कर आकर्षक बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि श्योपुर से 6 किलोमीटर दूर ग्राम बर्धा बुजुर्ग की बावडी का निर्माण श्योपुर के गौड राजाओं के शासनकाल में करवाया गया था।
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लखनऊ- उत्तर प्रदेश सरकार ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए प्रदेश भर में चल रही प्रीपेड व्यवस्था समाप्त करने का फैसला लिया है। अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में संचालित किए जाएंगे। यानी उपभोक्ताओं को पहले बिजली इस्तेमाल करनी होगी और बाद में बिल का भुगतान करना होगा।

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जा रही है। मई 2026 में हुई बिजली खपत का बिल जून 2026 में पोस्टपेड सिस्टम के तहत जारी होगा।

प्रदेश के पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम और केस्को कानपुर क्षेत्र में यह नई व्यवस्था लागू होगी। उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख तक बिजली बिल SMS और WhatsApp के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा।

जिन क्षेत्रों में नेटवर्क समस्या के कारण स्मार्ट मीटर की ऑटोमैटिक रीडिंग नहीं मिल पाएगी, वहां एजेंसियों के माध्यम से मैनुअल रीडिंग लेकर समय से बिल जारी किया जाएगा।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि अब प्रदेश में सभी नए बिजली कनेक्शन स्मार्ट पोस्टपेड मोड में ही दिए जाएंगे। वहीं पहले प्रीपेड सिस्टम में समायोजित की गई सिक्योरिटी धनराशि को चार समान मासिक किस्तों में उपभोक्ताओं के बिल में जोड़ा जाएगा।

पोस्टपेड उपभोक्ताओं को बिल जारी होने के बाद 15 दिन तक भुगतान का समय मिलेगा। इसके बाद भी भुगतान न होने पर 7 दिन की अतिरिक्त अवधि दी जाएगी। तय समय सीमा पार होने पर नियमानुसार सरचार्ज लगाया जाएगा।

घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सरकार ने 30 अप्रैल 2026 तक के बकाया बिजली बिल को 10 आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा दी है। जबकि अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को तीन किस्तों में भुगतान का विकल्प मिलेगा।

स्मार्ट मीटर और बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए 15 मई से 30 जून 2026 तक विशेष सहायता शिविर लगाए जाएंगे। साथ ही 1912 हेल्पलाइन और WhatsApp चैटबॉट के माध्यम से भी उपभोक्ताओं को सहायता दी जाएगी।

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बिलासपुर/छत्तीसगढ़: जब आसमान से आग बरस रही हो और पारा 46 डिग्री के पार पहुँच चुका हो, ऐसे में राष्ट्र के महत्वपूर्ण कार्यों को पूर्ण करना किसी तपस्या से कम नहीं है। वर्तमान में चल रही 2026 की जनगणना (जन गाड़ना) के इस महा-अभियान में जहाँ हमारे शिक्षक पूरी निष्ठा से जुटे हैं, वहीं ग्राम पंचायत सचिव उनके सबसे बड़े मार्गदर्शक और सहयोगी बनकर उभरे हैं।
शिक्षक: ज्ञान के साथ निभा रहे नागरिक कर्तव्य
तपती धूप और लू के थपेड़ों के बीच, हाथ में रजिस्टर लिए घर-घर दस्तक देते शिक्षकों का जज्बा काबिले तारीफ है। इस कार्य में महिला शिक्षक भी पीछे नहीं हैं, जो परिवार और कर्तव्य के बीच सामंजस्य बिठाकर धूप से जूझ रही हैं। अक्सर उन्हें विचित्र चुनौतियों का सामना करना पड़ता हैकहीं दरवाजा खटखटाने पर लोग 'कल आना' कह देते हैं, तो कहीं घर के सामने खड़ी अपनी गाड़ी को 'पड़ोसी की है' बताकर जानकारी छुपाते हैं। लेकिन शिक्षक अपनी वाकपटुता और धैर्य से हर बाधा को पार कर रहे हैं।
पंचायत सचिव: योजनाओं के असली सारथी और जमीनी मार्गदर्शक
इस पूरे अभियान में ग्राम पंचायत सचिव की भूमिका एक "धुरी" की तरह है।
अंतिम व्यक्ति तक पहुँच: शासन की समस्त जन-कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और उनका लाभ दिलाने का वास्तविक श्रेय पंचायत सचिव को ही जाता है।
गली-मोहल्लों के ज्ञाता: शिक्षकों को प्रत्येक पारा-टोला और गली-मोहल्ले की सही जानकारी देना, लोगों से परिचय कराना और गणना कार्य को सुगम बनाना पंचायत सचिवों के सहयोग से ही संभव हो पा रहा है। वे शासन और जनता के बीच की वह अटूट कड़ी हैं, जो हर सरकारी योजना को धरातल पर सफल बनाते हैं।
सुरक्षा के साथ सेवा: बचाव के उपाय
मैदान में डटे इन जाँबाजों के लिए कुछ विशेष सुझाव:
शीतलता बनाए रखें: अपने पास हमेशा ठंडे पानी की बोतल, नींबू पानी या ओआरएस (ORS) रखें।
धूप से बचाव: सिर को सूती गमछे, टोपी या छाते से जरूर ढँकें। खाली पेट फील्ड पर न निकलें।
समय प्रबंधन: दोपहर की भीषण गर्मी के दौरान किसी छायादार स्थान पर बैठकर कागजी प्रविष्टियाँ पूर्ण करें।
एक सलाम इन कर्मयोगियों के नाम
अपनी सुख-सुविधाओं का त्याग कर, तपती दुपहरी में गली-गली घूम रहे इन शिक्षकों और पंचायत सचिवों की जितनी तारीफ की जाए, वह कम है। शासन की योजनाओं को सफल बनाने और राष्ट्र का सही आंकड़ा तैयार करने में इनका यह 'पसीना' कल देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगा।

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कृषि मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना 12 मई को मुरैना जिले के भ्रमण पर रहेंगे

ग्राम बरवासिन में सड़क एवं पलपुरा में पंचायत भवन का करेंगे भूमिपूजन

प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना 12 मई को मुरैना जिले के भ्रमण पर रहेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री श्री कंषाना प्रातः 9:30 बजे निज निवास से प्रस्थान करेंगे। इसके पश्चात प्रातः 10 बजे थाना बागचीनी क्षेत्रांतर्गत ग्राम बरवासिन में शासकीय प्राथमिक विद्यालय से शिवलाल का पुरा तक निर्मित होने वाली सड़क का भूमिपूजन करेंगे।

इसके बाद प्रातः 10:30 बजे मंत्री श्री कंषाना ग्राम पलपुरा के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां वे प्रातः 11 बजे पंचायत भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम उपरांत प्रातः 11:30 बजे ग्राम पलपुरा से निज निवास के लिए रवाना होंगे।
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बोर्ड परीक्षाओं में लापरवाही पाए जाने पर दो शिक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित

माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 मई से संचालित की जा रही हैं। 9 मई को कक्षा 12वीं की परीक्षा के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टी.सी. जैन, अंबाह परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों द्वारा उत्तर-पुस्तिकाओं का आदान-प्रदान एवं ताक-झांक करते हुए पाए जाने की घटना सामने आई।

परीक्षा के दौरान शासकीय प्राथमिक विद्यालय धोवाटी संकुल केंद्र, शासकीय उ.मा.वि. जग्गा पुरा की पर्यवेक्षक श्रीमती अंजूबाला ड्यूटी पर उपस्थित थीं। वहीं, शासकीय प्राथमिक विद्यालय पंचम पुरा के प्रभारी शिक्षक श्री शिवराज सिंह भी परीक्षा केंद्र पर मौजूद थे। दोनों शिक्षकों द्वारा परीक्षा संचालन में गंभीर लापरवाही बरते जाने की पुष्टि हुई।

परीक्षा केंद्र से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एस. इंदोलिया ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय खंड शिक्षा कार्यालय, अंबाह निर्धारित किया गया है। साथ ही नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
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हायर सेकेंडरी की परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न

हाईस्कूल के गणित स्टैंडर्ड एवं गणित बेसिक विषय की परीक्षा में 171 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे

माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 मई से प्रारंभ हुई थीं। कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के नेतृत्व में मुरैना जिले में बोर्ड परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जा रही हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एस. इंदोलिया ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को हायर सेकेंडरी स्तर पर एनएसक्यूएफ (नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क) के समस्त विषयों, शारीरिक शिक्षा एवं एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) विषय की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में कुल 15 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें सभी 15 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए।
इसी क्रम में हाईस्कूल के गणित स्टैंडर्ड एवं गणित बेसिक विषय की परीक्षा भी आयोजित की गई। इस परीक्षा में कुल 5,357 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 5,186 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 171 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
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केरल विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बावजूद कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति नहीं बना पाई है। चुनाव नतीजों के एक सप्ताह बाद भी पार्टी के भीतर खींचतान जारी है, जिससे कार्यकर्ताओं और सहयोगी दलों में बेचैनी बढ़ती जा रही है।

दिल्ली में हाईकमान की मैराथन बैठकें

कांग्रेस नेतृत्व ने मामले को सुलझाने के लिए केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के पूर्व अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाया है। सूत्रों के मुताबिक, अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं और इसी दौरान मुख्यमंत्री के नाम पर बड़ा फैसला हो सकता है।

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के. मुरलीधरन और वी.एम. सुधीरन ने पुष्टि की है कि उन्हें चर्चा के लिए बुलाया गया है। सुधीरन ने कहा कि उनसे राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात और पार्टी के माहौल पर राय ली जा सकती है।

UDF की बड़ी जीत, लेकिन CM चेहरे पर फंसी कांग्रेस

केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 102 सीटें जीतकर शानदार वापसी की है। लेकिन सत्ता मिलने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर लॉबिंग तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री पद की रेस में तीन बड़े नाम

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में फिलहाल तीन नेताओं के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं
वीडी सतीशन
रमेश चेन्निथला
केसी वेणुगोपाल

तीनों नेताओं के समर्थक अपने-अपने स्तर पर दिल्ली दरबार में सक्रिय हैं और हाईकमान को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

खरगे-राहुल की बैठक भी रही बेनतीजा

9 मई को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बड़ी बैठक हुई, जिसमें राहुल गांधी, दीपा दासमुंशी, सनी जोसेफ, केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला और वीडी सतीशन समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। हालांकि लंबी चर्चा के बावजूद कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका।

मुरलीधरन बोले- देरी से कार्यकर्ताओं में बेचैनी

के. मुरलीधरन ने कहा कि उन्होंने अपनी राय आलाकमान को स्पष्ट रूप से बता दी है और वे उसी पर कायम हैं। उन्होंने यह भी माना कि मुख्यमंत्री के नाम में हो रही देरी से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष और बेचैनी बढ़ रही है।

चेन्निथला का बयान- आलाकमान का फैसला मंजूर

रमेश चेन्निथला ने साफ कहा कि वे कांग्रेस के अनुशासित कार्यकर्ता हैं और आलाकमान जो भी फैसला करेगा, उसे स्वीकार करेंगे।

सहयोगी IUML भी नाराज

कांग्रेस की सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने भी मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। पार्टी के जिला महासचिव पी. अब्दुल हमीद ने चेतावनी दी कि लगातार हो रही देरी से जनता और कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश जा रहा है।

अब सबकी नजर दिल्ली में चल रही बैठकों पर टिकी है, जहां अगले 48 घंटों में केरल के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।

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आईटीआई नूराबाद में 14 मई को कैंपस प्लेसमेंट का आयोजन

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार शासकीय आईटीआई टेकरी के प्राचार्य ने जानकारी दी है कि 14 मई को प्रातः 11 बजे आईटीआई नूराबाद परिसर में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा कैंपस प्लेसमेंट का आयोजन किया जाएगा।

कैंपस में शामिल होने वाली कंपनियों में मोटर्स नोएडा सेक्टर-84, इंडिया यामाहा प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोएडा तथा हाईवे रूप प्रिसीजन टेक्नोलॉजी लिमिटेड, मानेसर शामिल हैं। इन कंपनियों द्वारा डीजल मैकेनिक, ट्रैक्टर मैकेनिक, वेल्डर, मोटर मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, फिटर, टर्नर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक एवं इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक ट्रेड के पदों हेतु भर्ती की जाएगी।

मोटर्स नोएडा सेक्टर-84 द्वारा 18 से 32 वर्ष आयु वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को 15,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा।

इंडिया यामाहा प्राइवेट लिमिटेड, ग्रेटर नोएडा द्वारा 18 से 26 वर्ष आयु वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अवसर उपलब्ध रहेगा। चयनित उम्मीदवारों को 17,200 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा।

इसी प्रकार हाईवे रूप प्रिसीजन टेक्नोलॉजी लिमिटेड, मानेसर द्वारा 18 से 32 वर्ष आयु वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को 27,640 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा।

प्राचार्य ने इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे कैंपस में सम्मिलित होने हेतु अपने समस्त आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर निर्धारित समय पर उपस्थित हों।
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*विधानसभा 120 भोजीपुरा मासिक बैठक संपन्न*

*विधानसभा भोजीपुरा की मासिक बैठक दिनांक 10 मई 2026 को भोजीपुरा कार्यालय पर बिधान सभा अध्यक्ष रामकृष्ण गंगवार*की अध्यक्षता में संपन्न हुई।* *बैठक का संचालन बिधान सभा उपाध्यक्ष नोनीराम प्रजापति ने किया।*
*बैठक में उपस्थित जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक मंच शकील अहमद जी, इंजी. मनीष कुमार जिला सचिव एवं सह प्रभारी जी, जिला महासचिव मनोज गंगवार प्रत्याशी बार्ड नम्बर 22 से, Anupriya Patel अनुप्रिया पटेल जिला मीडिया सचिव (युवा मंच)प्रभाग कश्यप, बिधान सभा उपाध्यक्ष नदीम Apna Dal-S रब्बानी जी प्रधान प्रत्याशी ग्राम ईसापुर, बिधान सभा महासचिव नरपत कश्यप जी प्रत्याशी बार्ड नम्बर 20,जोन अध्यक्ष शमशेर सिंह सागर जी, जोन अध्यक्ष सतीश पटेल जी प्रत्याशी बार्ड नम्बर 17, बिधान सभा अध्यक्ष अनुसूचित जाति मंच डा हरिप्रसाद सागर जी प्रधान प्रत्याशी ग्राम पखुन्नी, बिधान सभा सचिव जितेंद्र गंगवार जी, विधानसभा सचिव अरुण गंगवार जी, बिधान सभा महासचिव प्रेम शंकर जी, सैक्टर अध्यक्ष गेंदल लाल मौर्य जी जिला पंचायत प्रत्याशी बार्ड* *26,बिधान सभा अध्यक्ष शिक्षक मंच सजीव कुमार गंगवार जी, वसीम, फईम, विशाल, सर्वेश आदि पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।*
*बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक सुदृढ़ करने,* *आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों तथा जनसंपर्क अभियान को गति देने पर विस्तार से चर्चा लम्वेसमय तक की गई। कार्यकर्ताओं को अवगत कराते हुए।* *नियुक्ति पत्र जारी किए गए एवं संगठन की मजबूती,* *अनुशासन एवं सक्रियता पर विशेष बल दिया। एवं अन्य कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे।*
*बैठक के अंत में बिधानसभा अध्यक्ष रामकृष्ण गंगवार ने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प दिलाया।* रिपोर्टर प्रभाग

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शहर के आसपास की सभी पहाड़ियों को हरा-भरा करने के लिये चिन्हांकन का कार्य तत्परता से करें कलेक्टर

वन विभाग द्वारा 2 एवं नगर निगम के माध्यम से 2 पहाड़ियों को हरा-भरा करने हेतु किया गया चिन्हित

कलेक्टर श्रीमती चौहान ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

ग्वालियर शहर के आसपास स्थित पहाड़ियों को हरा-भरा करने के साथ-साथ नागरिकों के लिये पर्यटन के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इस कड़ी में वन विभाग द्वारा दो पहाड़ियों और नगर निगम द्वारा दो पहाड़ियों को चिन्हित कर उसके विकसति करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इन पहाड़ियों को हरा-भरा करने के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जायेगा।
माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा एक जनहित याचिका के संबंध में दिए गए निर्देश के पालन में गठित कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णयों के परिपालन में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित बैठक में यह जानकारी दी गई है। बैठक में शहर के आसपास की सभी पहाड़ियों को चिन्हित करने के निर्देश भी नगर निगम, वन विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं।
पहाड़ियों को हरा-भरा बनाने के इस पुनीत अभियान के तहत आयोजित बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय, वन मण्डलाधिकारी श्री मुकेश पटेल, एडीएम श्री सी बी प्रसाद, डॉ. धर्मेन्द्र रिछारिया, एसडीएम श्री अतुल सिंह, श्री नरेन्द्र बाबू यादव, श्री प्रदीप शर्मा, अपर आयुक्त नगर निगम श्री प्रदीप तोमर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा है कि ग्वालियर शहर के आसपास स्थित सभी पहाड़ियों को चिन्हित करने कार्य किया जाए। इसके लिये वन विभाग अपने विभाग से संबंधित पहाड़ियों को, राजस्व विभाग अपने विभाग से संबंधित पहाड़ियों को चिन्हित करने का कार्य करें। इसके साथ ही नगर निगम भी नगरीय क्षेत्र में स्थित पहाड़ियों पर वृहद वृक्षारोपण के लिये चिन्हांकन का काम करें। उन्होंने कहा कि इन पहाड़ियों को न केवल हरा-भरा बनाया जाए बल्कि नागरिकों के लिये पर्यटन के हित में भी विकसित किया जाए।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने खनिज विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पहाड़ियों पर अवैध उत्खनन एवं परिवहन न हो यह सुनिश्चित किया जाए। कहीं पर भी अवैध उत्खनन की जानकारी मिलती है तो उसके विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाए।
वन मण्डलाधिकारी श्री मुकेश पटेल ने बताया कि वन विभाग के माध्यम से कैंसर पहाड़ी एवं गुप्तेश्वर पहाड़ी का चयन कर उसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय द्वारा बताया गया कि नगर निगम के माध्यम से मानपुर पहाड़ी एवं कैप्टन हिल का चयन कर कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस अभियान में अपने विभाग से संबंधित सभी दायित्वों का समय-सीमा में पालन सुनिश्चित कराएं।
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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक चिंता के बीच भारत सरकार पूरी तरह सतर्क मोड में है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए विशेष 24x7 कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है, जहां अब तक हजारों कॉल और ईमेल प्राप्त हो चुके हैं।

भारत सरकार के मुताबिक अब तक 2,549 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें अधिकतर लोगों को ज़मीनी रास्तों के जरिए बाहर लाया गया। भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास लगातार लोगों की मदद में जुटे हुए हैं।

हवाई यात्रा को लेकर भी राहत की खबर है। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और ओमान में उड़ान सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं, जबकि कतर और ईरान का हवाई क्षेत्र फिलहाल आंशिक या सीमित रूप से खुला हुआ है।

वहीं समुद्री सुरक्षा को लेकर पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि पिछले तीन दिनों में किसी भी भारतीय जहाज़ या नाविक के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। अब तक 3,096 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।

सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

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सूरज से मिली शक्ति ने बदली मानसिंह की तकदीर

सोलर पंप से लहलहा रही फसलें, डीजल खर्च और बिजली बिल से मिली राहत

बदलती तकनीक और सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ किस प्रकार एक किसान की जिंदगी बदल सकता है, इसका जीवंत उदाहरण हैं प्रगतिशील किसान श्री मानसिंह बघेल। उन्होंने सरकार की कुसुम-बी योजना के तहत अपने खेत में सोलर पंप लगवाया है। सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था से उनकी खेती की लागत कम हो गई है। साथ ही फसल उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।
ग्वालियर जिले के विकासखंड भितरवार के ग्राम भरथरी (टेकनपुर) निवासी मानसिंह बघेल ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कुसुम योजना (घटक-बी) के अंतर्गत 90 प्रतिशत अनुदान पर स्टैंडअलोन सोलर पंप स्थापित कराया है। इस एक निर्णय ने उनकी खेती की दशा और दिशा दोनों बदल दीं। अब दिनभर सूर्य की रोशनी से उनके खेतों में निर्बाध और नि:शुल्क सिंचाई हो रही है। इससे सिंचाई पर होने वाला डीजल व बिजली बिल का खर्च पूरी तरह समाप्त हो गया है।
मानसिंह बघेल के पास पर्याप्त कृषि भूमि है, किंतु सिंचाई सदा उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती रही। पहले वे डीजल पंप और अस्थायी बिजली कनेक्शन के सहारे अपने खेतों की सिंचाई करते थे। डीजल व बिजली बिल पर काफी धनराशि खर्च हो जाती थी, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती और इसका सीधा असर परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ता था।
सोलर पंप स्थापित होने के बाद मानसिंह बघेल के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आया है। अब दिनभर सूरज की रोशनी से उनके खेतों में निःशुल्क और निर्बाध सिंचाई होती है। समय पर सिंचाई सुनिश्चित होने से उनकी फसलों में 25 से 30 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
मानसिंह बघेल बताते हैं कि सोलर पंप लगने से समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है। सिंचाई समय पर होने से फसलें बेहतर हुई हैं और उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना है कि अब मुझे बिजली बिल की चिंता नहीं रहती। मेरा घर भी सौर ऊर्जा से रोशन हो रहा है। मानसिक बघेल सरकार के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहते हैं कि कुसुम-बी योजना हम जैसे हजारों किसानों के लिए ऊर्जा स्वावलंबन और समृद्धि का द्वार खोल रही है। उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी शासन की अनुदान आधारित योजना से सोलर पंप लगवाकर खेती को लाभकारी बनाने की अपील की है।
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22 वर्षीय युवती के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 55 वर्षीय आजाद अली को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया है।

जांच में पता चला है कि आरोपी और युवती के बीच पिछले करीब डेढ़ साल से प्रेम संबंध थे। बताया जा रहा है कि जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाना शुरू किया, तब आरोपी ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने युवती को मिलने के बहाने सुनसान इलाके में बुलाया। वहां उसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई।

कुछ समय बाद युवती का शव नदी किनारे बरामद हुआ, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी आजाद अली को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके फरार साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और बढ़ते अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को भूमि हस्तांतरण की मंजूरी दे दी है।

उन्होंने कहा कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी और 45 दिनों के भीतर पूरी हो जाएगी।

उन्होंने केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत और राज्य सरकार की कई अन्य योजनाओं को लागू करने की भी घोषणा की।

अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, "पश्चिम बंगाल सरकार ने बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को भूमि हस्तांतरण की मंजूरी दे दी है। यह प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है और 45 दिनों के भीतर पूरी हो जाएगी।"

उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने स्कूल में दाखिले के आवेदकों की आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है, जैसा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था।

अधिकारी ने कहा, "बंगाल कैबिनेट ने मुख्य सचिव को राष्ट्रीय और राज्य कैडर के अधिकारियों के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रशिक्षण शुरू करने के लिए कदम उठाने का अधिकार दिया है।"

अधिकारी ने कहा, "पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने मुख्य सचिव को राष्ट्रीय और राज्य कैडर के अधिकारियों के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रशिक्षण शुरू करने के लिए कदम उठाने का अधिकार दिया है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने संविधान का उल्लंघन करते हुए बीएनएस (बंगाल जनगणना) को लागू नहीं किया, और कहा कि मंत्रिमंडल ने राज्य में इस आपराधिक कानून को लागू करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने आगे कहा, "पिछली सरकार ने गृह मंत्रालय के जून 2025 की जनगणना संबंधी परिपत्र की अनदेखी की थी। बंगाल मंत्रिमंडल ने इसे तत्काल लागू करने का आदेश दिया है।"

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पुलिस के घर पुलिस की दबिश, यूपी पुलिस में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सिपाही सुनील शुक्ला की मुसीबतें शुरू, आधी रात घर में घुस आई पुलिस।

दरअसल, बीते दिनों यूपी पुलिस के कांस्टेबल ने बड़े-बड़े अधिकारियों पर लखनऊ पुलिस लाइन में ड्यूटी के बदले रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगाया था, जिसके बाद सिपाही सुनील कुमार शुक्ला के घर पर बीती रात करीब 1 बजे 6 से 7 पुलिसकर्मी घुस आए।

सिपाही सुनील शुक्ला ने वीडियो के माध्यम से बताया है कि काले अंग्रेजों के आदेश पर मेरे घर आधी रात को पुलिस आई। वीडियो में सिपाही मुख्यमंत्री से पूछ रहा है, क्या मैं आतंकवादी हूं? क्या मैं नक्सली हूं? या मैंने किसी का बलात्कार किया है, या कोई लूट की है? क्या मैं किसी का हत्यारा हूं?

सिपाही ने आगे कहा, माननीय मुख्यमंत्री जी, मैं पूछना चाहता हूं क्या काले अंग्रेजों के पास मेरी आवाज दबाने का यही तरीका रह गया है? मेरी माताजी को प्रताड़ित किया जाएगा?

सिपाही कह रहा है, माननीय मुख्यमंत्री जी, इन काले अंग्रेजों द्वारा मुझे इस तरह तोड़ा नहीं जा सकेगा। अगर मुझे शांत कराना है, तो इन काले अंग्रेजों को मेरी हत्या करनी होगी।

सिपाही ने कहा, मेरी आवाज तभी बंद की जा सकेगी, जब पुलिस महकमे के भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और शोषण की जांच के लिए कमेटी बनाकर सुधार किया जाएगा।
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जल गंगा संवर्धन अभियान में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी

ढिलाई बरत रहे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

अंतरविभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर ने की शासन के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की समीक्षा

जल गंगा संवर्धन अभियान को सभी विभागीय अधिकारी गंभीरता से लें। निर्माणाधीन जल संरचनाओं को जल्द से जल्द पूर्ण कराएं, जिससे इन संरचनाओं का उपयोग इस साल की बारिश के पानी को सहेजने में हो सके। इसमें जो अधिकारी ढ़िलाई बरतेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में अधिकारियों को आगाह करते हुए दिए।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने जल गंगा संवर्धन अभियान में जिन विभागों की प्रगति ठीक नहीं है, उन विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिये कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। इनमें जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी वाटरशेड, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास व अपर आयुक्त नगर निगम शामिल हैं। बैठक में बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के प्रति लगातार उदासीनता सामने आने पर जिला पंचायत की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना शाखा के उपयंत्री पंकज पाठक की सेवायें समाप्त कर दी गई हैं।
सोमवार को कलेक्ट्रेट के स्व. टी धर्माराव सभागार में आयोजित हुई बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर अमल, बाढ़ प्रबंधन कार्ययोजना, सीएम हैल्पलाइन, समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन, किसान कल्याण वर्ष के तहत जिले में चल रहीं गतिविधियां, फार्मर आईडी एवं सांदीपनि स्कूलों से संबंधित समस्याओं के समाधान सहित सरकार की अन्य प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों व योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री कुमार सत्यम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सोजान सिंह रावत व एडीएम श्री सी बी प्रसाद सहित जिले के एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

जल भराव वाले क्षेत्रों के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार करें

आगामी मानसून और वर्षा ऋतु के दौरान संभावित बाढ़ एवं जल भराव की स्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पहले से ही पुख्ता तैयारी की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही जिले के सभी संभावित जल भराव वाले क्षेत्रों के लिये पुख्ता कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले जल भराव वाले इलाकों में विगत वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखकर उन बस्तियों और गांवों की सूची अपडेट करें, जहाँ पानी भरने की संभावना अधिक रहती है। साथ ही एहतियात बतौर राहत व बचाव की कार्ययोजना बनाएं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला एवं तहसील स्तर पर 15 जून से बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए जाएं, जो 24 घंटे कार्य करें। ग्वालियर नगर निगम सहित जिले के सभी नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में नालों व ड्रेनेज सिस्टम की साफ-सफाई और जल निकासी के अवरोधों को अभियान बतौर हटवाने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को ठहराने के लिए सुरक्षित भवनों, स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों का चयन कर वहाँ बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही होमगार्ड और आपदा प्रबंधन टीम को नाव, लाइफ जैकेट और अन्य रेस्क्यू उपकरणों के साथ तैयार रखें। कलेक्टर ने राहत व बचाव कार्य के लिये जरूरी सामग्री व उपकरणों एवं स्थानीय गोताखोरों की सूची तैयार कर लें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिले की ऐसी पुल-पुलियां जिनमें बरसात के दौरान पानी ओवर फ्लो होता है उन पर ड्रॉप गेट और इस आशय के सूचना पट लगवाएं कि पुल पर पानी होने पर न निकलें।
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां, ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीन की गोलियों की उपलब्धता रखने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि आपातकालीन स्थिति के लिए खाद्यान्न का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित रखें। आपात स्थिति में संबंधित क्षेत्रों में तत्काल अलर्ट व सूचना पहुँचाने के लिये मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने पर भी उन्होंने बल दिया।


समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचने आ रहे किसानों को कोई दिक्कत न हो

कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि आगामी दिनों के लिये बड़ी संख्या में किसानों द्वारा स्लॉट बुक कराए गए हैं। इसलिये खरीदी केन्द्रों पर बड़ी संख्या में किसान ट्रॉली में अपनी उपज लेकर पहुँचेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर उपार्जन केन्द्र पर ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे किसानों से जल्द से जल्द खरीदी हो जाए। खरीदी के लिये टोकन व्यवस्था भी बनाएं। साथ ही हर केन्द्र पर किसानों के लिये पर्याप्त छाया, शीतल पेयजल, ओआरएस व शरबत इत्यादि की व्यवस्था भी रहे।

बैठक की खास बातें एवं निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा ग्वालियर जिले के कार्यक्रमों में की गई घोषणाओं पर अमल के लिये तत्परता से कार्रवाई करें अन्यथा होगी सख्त कार्रवाई।
शेष किसानों की फार्मर आईडी बनाने के अभियान को और तेज करें। अगले 8 दिन में शेष सभी किसानों की बन जाएं आईडी। सभी एसडीएम इस पर व्यक्तिगत ध्यान दें।
स्कूलों के अत्यंत क्षतिग्रस्त भवनों में कदापि कक्षायें न लगें। नजदीकी शासकीय भवन में लगाएं कक्षायें।
कलेक्टर ने अधिकारियों के मोबाइल फोन में परख ऐप डाउनलोड कराया और दिए निर्देश कि शासकीय संस्थाओं का निरीक्षण कर इस ऐप पर जानकारी भरें।
जिले के बांधों व जलाशयों से पानी छोड़ने की सूचना पहले से ही दी जाए।
किसान कल्याण वर्ष के उपलक्ष्य में सरकार की मंशा के अनुरूप सभी विभाग किसानों को लाभान्वित कराएं।
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देश में बढ़ती वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल, गैस या जरूरी सामानों की कोई कमी नहीं है। सरकार के मुताबिक भारत के पास करीब 60 दिनों का कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का भंडार मौजूद है, जबकि एलपीजी का 45 दिनों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

सरकार ने यह भी बताया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है और देश आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल रिफाइनर बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार बढ़ने के बावजूद सरकार ने आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखे हैं, जबकि सरकारी तेल कंपनियां भारी आर्थिक नुकसान झेल रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि वे ईंधन की बचत को आदत बनाएं। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो और कारपूलिंग का ज्यादा इस्तेमाल करने की सलाह दी। साथ ही किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 50% तक कम करने, प्राकृतिक खेती अपनाने और सोलर पंप के इस्तेमाल को बढ़ाने का आग्रह किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ईंधन बचाना सिर्फ आज की जरूरत नहीं बल्कि देश की भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा बड़ा कदम है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वैश्विक संकट लंबे समय तक चलता है तो भारत को आत्मनिर्भर और हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। सरकार की प्राथमिकताओं में ऊर्जा आपूर्ति को लगातार जारी रखना, आर्थिक स्थिरता बनाए रखना और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।

सरकार ने MSME और उद्योगों को राहत देने के लिए 2.55 लाख करोड़ की इमरजेंसी क्रेडिट योजना को मंजूरी दी है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि घबराकर अतिरिक्त खरीदारी न करें क्योंकि देश में खाद्य सामग्री, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

उर्वरकों को लेकर भी सरकार ने बड़ा दावा किया है। 11 मई तक देश में कुल खाद भंडार 199.65 लाख टन बताया गया है, जो पिछले साल की समान अवधि के 178.58 लाख टन से काफी ज्यादा है। खरीफ 2026 के लिए अनुमानित जरूरत 390.54 लाख टन है, जिसके मुकाबले मौजूदा स्टॉक 51% से अधिक है, जबकि सामान्य स्थिति में यह स्तर लगभग 33% रहता है।

सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में जिम्मेदार खपत यानी जरूरत के हिसाब से उपयोग की संस्कृति अपनाना बेहद जरूरी होगा, ताकि किसी भी वैश्विक संकट के दौरान देश मजबूत और आत्मनिर्भर बना रहे।

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घमूड़वाली ग्राम पंचायत में ग्राम रथ अभियान कार्यक्रम आयोजित
घमूड़वाली। ग्राम पंचायत घमूड़वाली में राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्राम रथ अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं फ्लैगशिप कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास, जनसंपर्क एवं जनजागरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई तथा पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार गांव-गांव एवं ढाणी-ढाणी तक गरीब, किसान एवं अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। अंत में जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
#आपणो_अग्रणी_राजस्थान
#ग्राम_रथ_अभियान
#जन_कल्याण
#बीजेपी_राजस्थान

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मुस्लीम महिलांना मशिदीत जाण्याबाबत इस्लाम काय सांगतं? सुप्रीम कोर्टात कुणाला आव्हान दिलं गेलंय?

सर्वोच्च न्यायालयामध्ये कलम-25 आणि कलम-26 च्या संदर्भातील 7 प्रश्नांवर महत्त्वाची सुनावणी सुरू आहे. कलम-25 हे धार्मिक स्वातंत्र्याशी संबंधित आहे, तर कलम-26 अंतर्गत धार्मिक व्यवस्थापनाशी संबंधित आहे.

या 7 प्रश्नांच्या माध्यमातून, धार्मिक बाबींमध्ये न्यायालय किती हस्तक्षेप करू शकतं हे जाणून घेण्याचा न्यायालयाचा प्रयत्न आहे.

केरळच्या सबरीमाला मंदिरात महिलांना प्रवेश देण्याच्या मुद्द्यावरून जी सुनावणी सुरू आहे, त्यात हा मुद्दा पुढे आला आहे.

सर्वोच्च न्यायालयातील 9 सदस्यांच्या घटनात्मक खंडपीठासमोर ही सुनावणी होते आहे. या खंडपीठाचे अध्यक्ष सरन्यायाधीश सूर्यकांत आहेत.

यास्मीन जुबैर पीरजादा यांनी मशिदीतील महिलांच्या प्रवेशाशी संबंधित याचिका दाखल केली आहे.

या याचिकेत, मशिदीत महिलांना पहिल्या रांगेत नमाज पठण करू देण्याव्यतिरिक्त इतर अनेक मागण्या करण्यात आल्या आहेत.

यात मुसल्ला म्हणजे नमाजाचं पठण करवून घेणाऱ्या इमामाला पाहण्याची आणि एकाच दरवाजातून मशिदीमध्ये प्रवेश करण्याच्या मागणीचादेखील समावेश आहे.

यास्मीन जुबैर पीरजादा यांनी दाखल केलेल्या याचिकेत मिक्स्ड जेंडर नमाज पठण म्हणजे महिला आणि पुरुषांनी एकत्र नमाज पठण करण्याची परवानगी देण्याची मागणीदेखील करण्यात आली आहे.

ज्याप्रकारे पुरुष मशिदीत नमाज पठण करतात. त्याचप्रकारे नमाज पठण करण्याचं स्वातंत्र्य महिलांनादेखील असलं पाहिजे, अशी मागणी याचिका करणाऱ्यांनी केली आहे.

सध्या ही याचिकादेखील सबरीमाला मंदिराच्या सुनावणीशी जोडण्यात आली आहे. त्यामुळे याच सुनावणीच्या वेळेस मुस्लीम महिलांच्या या याचिकेवरदेखील सुनावणी होते आहे.

यास्मीन जुबैर पीरजादा यांनी केलेली याचिका 2019 सालची आहे. यात ऑल इंडिया मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डाला (एआयएमपीएलबी) प्रतिवादी करण्यात आलं आहे.

मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डाचं मत
यास्मीन जुबैर पीरजादा यांच्या याचिकेला उत्तर देताना ऑल इंडिया मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डानं (एआयएमपीएलबी) न्यायालयात प्रतिज्ञापत्र सादर केलं आहे.

मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डानं न्यायालयात सांगितलं आहे की, 'महिलांना मशिदीत जाण्याचं स्वातंत्र्य आहे. मात्र, काही नियमांच्या मर्यादेतच त्या मशिदीत नमाज पठण करू शकतात.'

मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डाचे सर्वोच्च न्यायालयातील वकील फुजैल अहमद अय्यूबी यांनी न्यायालयात सादर करण्यात आलेल्या प्रतिज्ञापत्राबद्दल बीबीसीला सांगितलं, "मशिदीत कोणतंही गर्भगृह किंवा गाभारा नसतो. मशिदीचा परिसरदेखील मशीदच असते. जो आधी येतो, त्याला आधीची जागा मिळते. इथे कोणत्याही प्रकारचं आरक्षण दिलं जाऊ शकत नाही."

अर्थात अय्यूबी यांचं म्हणणं आहे की, "न्यायालयात सध्या कलम-25 आणि कलम-26 शी निगडीत सुनावणी सुरू आहे. त्यावर निकाल आल्यानंतर ही सर्व प्रकरणं पुन्हा मूळ बेंचसमोर सुनावणीसाठी पाठवली जातील."

इस्लाममध्ये महिलांनी मशिदीत नमाज पठण करण्याचा इतिहास
इस्लामी कायद्याला शरियत असंदेखील म्हटलं जातं. त्यामध्ये महिलांच्या मशिदीतील प्रवेशबाबत अनेक हदीस (पैगंबर मोहम्मद यांची शिकवण) आहेत.

इस्लामी धर्मगुरू इमाम अहमद बिन हंबल यांचं 'मुसनद' हे पुस्तक आहे. त्यात जिल्द नंबर-9 मध्ये पैगंबरांचा संदर्भ देत म्हटलं आहे, "महिलांना जेव्हा मशिदीत जायचं असेल, तेव्हा त्यांना अडवू नका. कारण तो त्यांचा अधिकार आहे."

याच प्रकारे 'कुर्बुल असनद' या शिया समुदायाच्या हदीसमध्ये अब्दुल्ला बिन जाफर यांनी म्हटलं आहे, "हजरत अलींनी सांगितलं आहे की महिला पैगंबरांसोबत नमाज पठण करायच्या."

इस्लामचे विद्वान मौलाना वहीदुद्दीन खान यांनी 'वीमेन इन इस्लाम' हे पुस्तक लिहिलं आहे. या पुस्तकाच्या पान क्रमांक 59-60 मध्ये पैगंबर मोहम्मद यांच्या काळातील महिलांच्या परिस्थितीवर सविस्तर लिहिलेलं आहे.

त्यांनी लिहिलं आहे, "इस्लामी काळात मुस्लीम महिलांना मशिदीत जाण्याची आणि जमात किंवा एकट्यानं नमाज पठण करण्याची परवानगी होती."

संशोधक शब्बीर हसन यांचा 'द मॉडेल अँड एन्व्हायर्नमेंट ऑफ द प्रॉफेट्स मॉस्क्यू' हे संशोधन प्रकाशित झालेलं आहे. त्यात पैगंबरांच्या काळातील मुस्लीम महिलांच्या भूमिकेवर चर्चा करण्यात आली आहे.

या संशोधनात म्हटलं आहे, "पंधराव्या शतकातील इस्लामी विद्वान इब्न हजर अल-असकलानी यांची पत्नी, ज्या उन्स बिन्त अल-कादी किंवा उन्स खातून या नावानं ओळखल्या जात, नियमितपणे मशिदीत सार्वजनिक व्याख्यानं द्यायच्या."

त्यांचा दावा आहे की, "इजिप्तच्या 'अम्र इब्न अल-यास मस्जिद'मध्ये उन्स खातून यांना सार्वजनिकरित्या व्याख्यान देण्याच्या इतक्या संधी मिळाल्या होत्या की विख्यात विद्वान हदीस साहित्यातील त्यांच्या प्रचंड ज्ञान आणि आकलनाचा फायदा घेण्यासाठी त्यांच्या सभांमध्ये उपस्थित राहायचे."

याव्यतिरिक्त, शेख अकरम नदवी यांना महिला हदीस विदुषींवरील त्यांच्या कामामध्ये 'हिजाज (पश्चिम सौदी अरेबियाचा किनारी प्रदेश), सीरिया, इराक आणि मुस्लीम जगताच्या इतर भागांमधील सर्व प्रमुख मशिदींमध्ये शिक्षण घेणाऱ्या किंवा शिकवणाऱ्या शेकडो महिलांची उदाहरणं' आढळली आहेत.

शब्बीर हसन यांनी त्यांच्या संशोधनात लिहिलं आहे, "ही त्या काळी एक सामान्य गोष्ट होती. किंबहुना ज्ञान प्राप्तीमध्ये महिलांनी उत्तम कामगिरी करणं ही सामान्य बाब होती. त्यांच्यापैकी बहुतेकांसाठी मशीद हेच ज्ञान प्राप्तीचं प्रमुख केंद्र असायचं."

ऑल इंडिया वीमेन मुस्लीम पर्सनल लॉ च्या नेत्या आणि सामाजिक कार्यकर्त्या शाइस्ता अंबर म्हणतात, "इस्लाममध्ये महिलांना समान अधिकार आहेत. इस्लाममध्ये महिलांना व्यापार-व्यवसाय करण्याची परवानगी आहे. तसंच अनेक मुद्द्यांवर त्यांची मतं महत्त्वाची मानली गेली आहेत."

"पैगंबर मोहम्मद यांच्या पत्नी खदीजा या अरबस्तानातील एक प्रसिद्ध व्यावसायिक होत्या. मुस्लिमांमध्ये उपासनेच्या बाबतीत पुरुष आणि महिलांमध्ये कोणताही मूलभूत स्वरुपाचा भेदभाव करण्यात आलेला नाही."

लखनौमधील प्रमुख धर्मगुरू मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली बीबीसीला म्हणाले, "पैगंबर मोहम्मद साहेबांच्या काळापासूनच ही परंपरा आहे. सौदी अरेबिया, मक्केतील मस्जिद-ए-हरम म्हणजे काबा आणि मदिनेतील मस्जिद-ए-नबवी, इस्रायलमधील मस्जिद-अल-अक्सा ज्याला बैतुल मुकद्दस असंही म्हणतात, या सर्व ठिकाणी हज आणि उमराच्या वेळेस महिला पुरुषांसोबत नमाज पठण करतात."

अर्थात, मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली यांचा युक्तिवाद आहे की, "महिलांनी मशिदीमध्ये येण्यावर भर देण्यात आलेला नाही. कारण काही नमाजांच्या वेळेस अंधार असतो. उदाहरणार्थ पहाटे आणि संध्याकाळच्या नमाजांच्या वेळेस अंधार असतो. त्यामुळे त्याचा संबंध सुरक्षेशी आहे."

या मुद्द्यावर मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली म्हणाले, "मोठ्या मशिदींमध्ये महिलांसाठी वेगळी व्यवस्था आहे. मात्र भारतातील मशीदी छोट्या असतात. त्यामुळे वेगळी व्यवस्था करणं कठीण आहे. लखनौच्या ऐशबागमध्ये महिला समुदायासोबतच नमाज पठण करतात. कारण तिथे जागा आहे."

अर्थात, महिलांना नमाज पठण करता येईल, अशी परिस्थिती प्रत्येक मशिदीमध्ये नसते. यावर मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली म्हणाले, "जागेच्या अभावामुळे प्रत्येक मशिदीत व्यवस्था करणं कठीण आहे. मात्र जिथे महिला नमाज पठण करत आहेत, तिथे त्या बुरखा घालून किंवा पडद्या आडूनच नमाज पठण करू शकतात."

या प्रकरणातील सर्वोच्च न्यायालयातील मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डाचे वकील फुजैल अहमद अय्यूबी म्हणाले, "याबाबतीत मुस्लिमांची भूमिका राज्यघटनेनुसार आहे."

त्यांनी दावा केला की, "राज्यघटनेचं कलम-25 भेदभावाला प्रतिबंध करतं. त्यानुसार महिलांच्या मशिदीतील प्रवेशावर कोणतंही बंधन नाही. मात्र राज्यघटनेच्या कलम-26 आणि 26 ब अंतर्गत त्यांना मशिदीच्या आत व्यवस्थापन करण्याचं स्वातंत्र्यदेखील आहे."

शिया-सुन्नी विद्वानांचं मत
मुस्लीम महिलांना मशिदीत प्रवेश करण्याबाबत आणि नमाज पठण करण्याबाबत शिया आणि सुन्नी या दोन्ही प्रमुख मुस्लीम समुदायांचं मत जवळपास सारखंच आहे. म्हणजेच मशिदीमध्ये बुरखा घालून किंवा पडद्याआड राहून वेगळं नमाज पठण केलं जाऊ शकतं.

मुंबईतील शिया धर्मगुरू मौलाना अशरफ जैदी हे सुन्नी मौलवींच्या विचारांशी सहमत आहेत. ते म्हणाले, "इस्लाममध्ये मशिदीत येण्यावर कोणतंही बंधन नाही. मात्र महिलांसाठी घरालाच मशीद ठरवण्यात आलं आहे."

ते म्हणाले, "10 हिजरीमध्ये पैगंबर मोहम्मद यांनी हज केलं होतं. त्यावेळेस त्यांच्याबरोबर महिलासुद्धा होत्या."

त्यांच्या मते, "महिलांवर घरातील कामाचा ताण असतो, त्यामुळे मशिदीत जाऊन नमाज पठण करणं त्यांच्यासाठी अनिवार्य करण्यात आलेलं नाही."

"दुसऱ्या बाजूला पुरुषांसाठी मशिदीत नमाज पठण करण्याचं अधिक महत्त्वाचं आहे. अनेक ठिकाणी मशिदींमध्ये महिलांच्या प्रवेशासाठी स्वतंत्र दरवाजे तयार करण्यात आले आहेत."

या मुद्द्याबाबत मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली यांना वाटतं की, "इस्लाममध्ये पुरुषांवर नजरेचं बंधन आहे आणि महिलांनी शरीर झाकणं बंधनकारक आहे. त्यामुळेच, कोणाचीही गैरसोय होऊ नये, म्हणून वेगवेगळी प्रवेशद्वारं तयार करण्यात आली आहेत."

त्यांच्या मते, "हा शरीयतचा अनिवार्य नियम नाही. तर एक व्यवहारी स्वरुपाची व्यवस्था आहे. जेणेकरून प्रत्येकजण नमाजाच्या योग्य वेळी मशिदीत जाऊ शकेल."

जगात वेगवेगळ्या ठिकाणी काय पद्धत आहे?
एका अंदाजानुसार, जगभरात जवळपास 2 अब्ज मुस्लीम लोक आहेत. त्यामध्ये भारतात मुस्लिमांची संख्या जवळपास 20 कोटी आहे.

भारतातील मुस्लीम, हे जगातील तिसरी मोठी लोकसंख्या आहे. जगभरातील मुस्लिमांमध्ये वेगवेगळे पंथ आहेत. भारत, पाकिस्तान आणि सौदी अरेबियासारख्या देशांमध्ये सुन्नी मुस्लिमांची संख्या अधिक आहे. तर इराणमध्ये शिया मुस्लिमांची संख्या अधिक आहे.

मोहम्मद जावेद खान लखनौचे रहिवासी आहेत. ते जवळपास 30 वर्षांपासून जपानमध्ये राहत आहेत. ते तिथल्या संसदेच्या एका समितीमध्ये सल्लागारदेखील आहेत.

"जपानची राजधानी असलेल्या टोकियोमध्ये जवळपास 200 मशीद असतील. मात्र फक्त काही मशिदींमध्येच महिलांनी नमाज पठण करण्याची सुविधा आहे," असं ते म्हणाले.

"मी जगातील अनेक देशांमध्ये गेलो आहे. मात्र कुठेही मशिदीत महिलांच्या प्रवेशावर पूर्णपणे बंदी नाही. अर्थात, प्रत्येक मशिदीत नमाज पठण करता येत नाही कारण ज्या मशिदीत बुरखा किंवा पडद्याआतून नमाज पठण करण्याची सुविधा आहे, तिथेच महिला नमाज पठण करू शकतात," असं जावेद खान पुढे म्हणाले.

मुंबईतील इस्लामी विद्वान आणि शिया धर्मगुरू मौलाना अशरफ जैदी म्हणाले, "इस्लाममध्ये पडदा अनिवार्य आहे. त्यामुळे महिला मशिदीत वेगळ्या भागातच नमाज पठण करू शकतात."

लखनौच्या ताहिरा हसन सामाजिक कार्यकर्त्या आहेत. त्या महिलांच्या अधिकारांसाठी काम करतात. त्या बीबीसीला म्हणाल्या, "इस्लाममध्ये महिलांना समान अधिकार देण्यात आले आहेत. त्यामुळेच महिलांच्या मशिदीत जाण्याबद्दल कोणतेही निर्बंध नसावेत. उलट मुस्लीम समाजात आदर्श घालून देणाऱ्या महिला झाल्या आहेत."

ताहिरा हसन म्हणाल्या, "पैगंबर मोहम्मद साहेबांच्या पत्नी खदीजा या एक यशस्वी व्यावसायिक होत्या. त्यांची मुलगी फातिमा आणि नात जैनब या महिलांसाठी एक आदर्श आहेत. कर्बलाच्या लढाईनंतर जर जैनब यांनी यजीदच्या विरोधात आवाज उठवला नसता, तर आज इस्लामचं स्वरुप वेगळंच राहिलं असतं."

मौलाना वहीदुद्दीन खान यांनी 'वीमेन इन इस्लाम' हे पुस्तक लिहिलं आहे. त्यांनीदेखील या पुस्तकात लिहिलं आहे की, "युद्धाच्या वेळेस किंवा संकटाच्या वेळेस पैगंबर यांची मुलगी फातिमा लोकांची सेवा करायची."

दुसऱ्या बाजूला, काही सामाजिक कार्यकर्त्यांचा दावा आहे की महिलांना कोणत्याही अडथळ्याशिवाय मशिदीमध्ये जाण्या-येण्याचे पूर्ण स्वातंत्र्य नाही.

ऑल इंडिया वीमेन मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डाच्या अध्यक्ष शाइस्ता अंबर म्हणतात, "मी माझ्या मुलाला 1995 मध्ये लखनौमधील एका मशिदीत ईदची नमाज पठण करण्यासाठी घेऊन गेली होती. मात्र मशीद व्यवस्थापनानं मला चांगली वर्तणूक दिली नव्हती."

त्यांनी दावा केला की, "त्यानंतर मी लखनौमध्ये स्वत:च्या पैशांनी जमीन विकत घेऊन मशीद आणि धर्मशाळा बांधली. तिथे मुस्लिमांच्या सर्व पंथांना आणि महिलांना नमाज पठण करण्याचं स्वातंत्र्य आहे."

महिलांना मशिदीत जाण्याचं पूर्ण स्वातंत्र्य आहे, हा ऑल इंडिया मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डानं केलेला दावा, शाइस्ता अंबर यांना योग्य वाटत नाही.

"मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डानं हे सांगितलं पाहिजे की किती मशिदींमध्ये महिलांसाठी स्वतंत्र जागा, वजू करण्याची जागा आणि शौचालयांची व्यवस्था आहे," असं शाइस्ता अंबर म्हणाल्या.

मुस्लिमांचं सर्वात पवित्र ठिकाण असलेल्या मक्केमध्ये महिलांना पुरुषांसोबत नमाज पठण करण्याचं स्वातंत्र्य आहे, असं त्या म्हणाल्या.

मुंबईतील मौलाना अशरफ जैदी म्हणाले, "महिला काबामध्ये त्यांची स्वतंत्र रांग बनवून नमाज पठण करतात."

सर्वोच्च न्यायालयाचे 7 प्रश्न काय आहेत?
सबरीमाला प्रकरणाच्या सुनावणीच्या वेळेस सर्वोच्च न्यायालयानं 7 प्रश्न उपस्थित केले आहेत. त्याच प्रश्नांच्या चौकटीत या सर्व याचिकांवर सुनावणी होते आहे.

सर्वोच्च न्यायालयातील वकील फुजैल अहमद अय्यूबी म्हणतात की न्यायालयानं सुनावणीसाठी पुढील 7 प्रश्न निश्चित केले आहेत. याच प्रश्नांच्या चौकटीत सुनावणी सुरू आहे.

भारताच्या राज्यघटनेच्या कलम-25 अंतर्गत धार्मिक स्वातंत्र्याच्या अधिकाराची व्याप्ती आणि मर्यादा काय आहे?
भारताच्या राज्यघटनेच्या कलम-25 अंतर्गत व्यक्तींचे अधिकार आणि कलम-26 अंतर्गत धार्मिक पंथांचे अधिकार यामध्ये काय संबंध आहे?
कलम-26 अंतर्गत एखाद्या धार्मिक पंथाचे अधिकार, सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता आणि आरोग्य याव्यतिरिक्त, राज्यघटनेच्या भाग-3 च्या इतर तरतुदींच्या अधीन आहेत का?
कलम-25 आणि कलम-26 अंतर्गत 'नैतिकता' या संज्ञेची व्याप्ती आणि मर्यादा काय आहेत आणि यामध्ये घटनात्मक नैतिकतेचा समावेश आहे?
कलम-25 मध्ये नमूद करण्यात आलेल्या कोणत्याही धार्मिक प्रथेबाबत न्यायालयीन पुनरावलोकनाची व्याप्ती आणि मर्यादा काय आहेत?
कलम-25 (2) (ख) मध्ये देण्यात आलेल्या 'हिंदूंचा वर्ग' या अभिव्यक्तीचा अर्थ काय आहे?
एखादी व्यक्ती, जी कोणत्याही धार्मिक पंथ किंवा धार्मिक समुदायाशी संबंधित नाही, ती जनहित याचिका दाखल करून दुसऱ्याच्या धार्मिक प्रथेला आव्हान देऊ शकते का?

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Unpredictable eruptions, ash inhalation: What hikers need to know about active volcanoes

While expeditions to active volcanoes come with risks, experts say informed preparation can make the difference.

A handout picture taken and released by Indonesias Geological Agency on May 8, 2026, shows smoke rising from the eruption of Mount Dukono as seen from Tobelo, North Maluku. (Photo: AFP/Indonesia's Geological Agency)

SINGAPORE: Every year, Mr Jeremy Tong takes expedition groups to some of Southeast Asias most popular mountains among them Mount Kerinci, the highest active volcano in Southeast Asia and one of Sumatras most active.

The draw is beauty and a sense of adventure, said Mr Tong, who runs a travel expedition company, JTrace, and has led expeditions for over 12 years.

When you climb the volcano, there's this sense of humility and respect for nature, because the mountain is alive, the 36-year-old said.

The recent deadly eruption at Indonesias Mount Dukono has put a spotlight on the risks of hiking active volcanoes. Experts told CNA that while such expeditions carry certain dangers, hikers can take precautions.

Don't be afraid of volcanoes. Not all volcanoes are the same. Some volcanoes more active, some volcanoes less active always do your research, do your homework, ask questions, said Mr Tong.

THE RISKS OF AN ACTIVE VOLCANO
One of the most underestimated risks hikers face on active volcanoes is the unpredictability of eruptions, said Dr Mirzam Abdurrachman, who works at the Petrology, Volcanology and Geochemistry Research Group at Bandung Institute of Technology in Indonesia.

Mount Dukono has been erupting almost continuously since 1933, yet many hikers underestimate how quickly conditions can change, he said.

Fridays eruption killed three hikers, including two Singaporeans. Seven other Singaporeans were among the 17 people who survived.

Volcanic hazards extend well beyond lava flows, Dr Abdurrachman said. Ash inhalation, falling rocks, crater explosions and lahars volcanic mudflows triggered by rain are often more dangerous for hikers.

Some active volcanoes are more dangerous for hikers because of their eruption style, frequency, gas emissions and crater accessibility, he added.

The death toll from active volcanoes has at times been severe. In 2023, Indonesia's Mount Marapi erupted, killing 23 hikers. In December 2019, an eruption on Whakaari Island in New Zealand killed 22 people, many of them tourists.

Some types of eruptions are especially dangerous because they occur with little warning.

Phreatic eruptions short-lived blasts of steam can catch hikers off guard, said Associate Professor Benoit Taisne from the Asian School of the Environment and Earth Observatory of Singapore at Nanyang Technological University. A phreatic explosion at Japan's Mount Ontake killed 63 hikers in 2014.

Volcanoes with small daily explosions that can be observed from a safe distance may pose less risk, he added.

You won't be close enough to be at risk because you know it's erupting, he said.

Volcanoes showing no signs of unrest or pending activity also tend to be safe for hikers.

Under the Global Volcanism Program's definition volcanoes that have erupted in the last 10,000 years active volcanoes can be safe to visit, depending on the information that relevant agencies hold, he said.

VOLCANO FORECASTING
The best precaution is to check official monitoring sources before making the hike, said Assoc Prof Taisne.

As soon as the alert level rises above the lowest, hikers should consult the local authority's website for guidance. In Indonesia, these include the geohazard monitoring platform MAGMA and the Volcanological Survey of Indonesia website.

Dr Abdurrachman, who is also secretary-general of the Indonesian Geologists Association, said hikers should understand that these risk assessments are scientific hazard evaluations, not suggestions.

A Level II or higher alert status does not mean the volcano is safe for tourism; it means volcanic activity is elevated and dangerous areas must be avoided, he said.

While volcano forecasting has improved significantly over recent decades, pinpointing the exact timing and scale of an eruption remains extremely challenging, Assoc Prof Taisne said.

Scientists rely on a combination of monitoring tools, including seismic activity, ground deformation, gas emissions and thermal observations, to identify changes within the volcanic system.

Changes can occur on different timescales, from short hours to long, days or months, he said.

For those already en route to a volcano, warning signs include visible degassing, an intensifying smell of sulphur or vibrations in the ground.

Mr Vivek Vaidya, founder of Trekkers@Heart, said expedition groups should check with local guides for any adverse signs.

A common mistake trekkers make is hiring unqualified local guides to save a few dollars, he said. Experienced, knowledgeable local guides can pick up subtle changes in weather, smells or sounds that may signal danger.

PREPARATION AND MINDSET
Safety precautions begin well before the trip, expedition guides said. Mr Vaidya's company runs monthly hikes in Malaysia and weekly hikes in Singapore across different terrains to build real-life trekking experience.

We insist that trekkers take fitness preparation, mental preparation and gear preparation very seriously, he said.

Ms Joanne Soo, 55, founder of Ace Adventure Expeditions, agreed. In 30 years of trekking, she has led trips to active volcanoes including Mount Rinjani in Indonesia and Mount Fuji in Japan. She advises hikers not to rely solely on their organisers for information.

Any mountain trip is always a risk. So it's important that we as individuals understand the risk we take on, and how ready are we to actually attempt it, she said.

Importantly, hikers must be prepared to turn back if conditions change, said Mr Tong.

People say, Oh, we're only here for a while. We have never been here before. We want to attempt the summit because what are the chances of coming back again? That needs to be removed, he said.

If a restricted zone has been issued, then it needs to be adhered to at all costs.

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निरंतरता (Consistency) ही सफलता की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सीढ़ी है।
जो गिरकर फिर उठना सीख जाता है, वही एक दिन इतिहास लिखता और
इतिहास गवाह है कि आंदोलन एक दिन में सफल नहीं होते। उसके धीरे-धीरे जनसमर्थन जुटाना पड़ता हैं, संघर्ष करना पड़ता हैं, उपहास सहना पड़ता हैं, बाधाओं से लड़ना पड़ता हैं और तब जाकर अंततः विजय प्राप्त करते हैं। भारत का स्वतंत्रता आंदोलन।
शुरुआत में यह कुछ जागरूक लोगों की आवाज़ था। धीरे-धीरे यह जन-जन का आंदोलन बना। पहले छोटी सभाएँ हुईं, फिर सत्याग्रह हुए, फिर लाखों लोग जुड़े। वर्षों तक संघर्ष चला, अनेक बलिदान हुए, तब जाकर देश आज़ाद हुआ।
ऐसे ही हम अपने उत्तराखंड राज्य आंदोलन को ही लें तो पहले यह कुछ लोगों की मांग थी, लेकिन धीरे-धीरे पहाड़ के गांव-गांव से आवाज़ उठी। मातृशक्ति, युवा, छात्र, कर्मचारी, हर वर्ग सड़कों पर उतरा। लंबे संघर्ष, बलिदान और जनदबाव के बाद अलग उत्तराखंड राज्य बना और अब फिर इतिहास अपने आप को दोहराता दिख रहा है स्थायी राजधानी गैरसैंण का आंदोलन भी है धीरे धीरे अपने निर्धारित लक्ष्य की और बढ़ रहा है
यह संघर्ष कुछ लोगों को छोटा दिख सकता है, पर हर बड़े परिवर्तन की शुरुआत छोटी ही होती है। जब जनता जागती है, जब लोग अपने हक के लिए लगातार खड़े रहते हैं, जब आवाज़ गाँव-गाँव से उठती है, तब सत्ता को सुनना ही पड़ता है।
गैरसैंण केवल राजधानी नहीं, पहाड़ की अस्मिता, संतुलित विकास, जनभावनाओं का प्रतीक और 42+1 सहिदों को सच्ची श्रद्धांजलि है..
यदि संघर्ष निरंतर, शांतिपूर्ण और संगठित रहेगा, तो आज की छोटी चिंगारी कल उत्तराखंड के हर एक गाँव शहर मे ज्वालामुखी की तरह भी बन सकती है।

धीरे चलने वाला आंदोलन भी इतिहास बदल देता है, यदि उसके पीछे जनता का विश्वास और संकल्प हो।
जय भारत
जय उत्तराखंड
जय पहाड़

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शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से मिला परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल, समस्याओं के समाधान का मिला भरोसा

पटना। परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नवमनोनीत शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान महासंघ के पदाधिकारियों ने अंग वस्त्र और पुष्पगुच्छ (बुके) भेंट कर शिक्षा मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी।

शिक्षक समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा...........
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के शिक्षकों को आ रही विभिन्न प्रशासनिक और सेवा संबंधी समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया। महासंघ के नेताओं ने शिक्षकों के लंबित मामलों, वेतन विसंगतियों और कार्यदशाओं में सुधार को लेकर एक मांग पत्र भी सौंपा।

मंत्री का आश्वासन: "जल्द निकलेगा समाधान"......
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि,
"सरकार शिक्षकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। शिक्षक राष्ट्र के निर्माता हैं और उनकी जायज समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर यथाशीघ्र हल किया जाएगा।"

संगठन के पदाधिकारियों ने साझा किए विचार....
मुलाकात के बाद महासंघ के नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी:
नवनीत कुमार (प्रदेश अध्यक्ष) एवं प्रणय कुमार (प्रदेश संयोजक): "शिक्षा मंत्री के साथ सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई है। हमें पूर्ण विश्वास है कि उनके नेतृत्व में शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।"

शिशिर कुमार पाण्डेय (प्रदेश संगठन महामंत्री) एवं अशोक कुमार (प्रदेश अध्यक्ष, प्रधान शिक्षक प्रकोष्ठ): "शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया है कि विभागीय स्तर पर आने वाली बाधाओं को दूर कर जल्द ही राहत पहुंचाई जाएगी।"

मृत्युंजय ठाकुर (प्रदेश मीडिया प्रभारी): "महासंघ शिक्षकों की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री जी के सकारात्मक रुख से प्रदेश के हजारों शिक्षकों में आशा की नई किरण जगी है।"

इस अवसर पर संगठन के कई अन्य प्रमुख सदस्य भी मौजूद रहे, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षकों के सम्मान को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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Vidisha के Kurwai अंतर्गत ग्राम कलरयाई में विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही सामने देखने को मिली है। गांव में कई स्थानों पर बिजली के तार जमीन के बेहद करीब लटक रहे हैं, जिससे ग्रामीणों एवं पशुओं की जान को हमेशा खतरा बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी विद्युत विभाग के कर्मचारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लटकते तारों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, विशेषकर बारिश एवं तेज हवा के दौरान करंट फैलने की संभावना और अधिक बढ़ जाती है।

गांव के लोगों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द तारों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित ऊंचाई पर किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय दुर्घटना से बचा जा सके।

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वाराणसी के आंगनबाड़ी केंद्रों में अब बच्चों के पोषण के साथ-साथ उनकी शुरुआती शिक्षा (Pre-Primary) को भी नई धार दी जाएगी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सोमवार को जिला पोषण समिति की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निर्देश दिया कि प्राथमिक विद्यालयों की तर्ज पर अब आंगनबाड़ी के बच्चों का भी 'निपुण असेसमेंट' कराया जाएगा।

मई तक असेसमेंट, फिर प्राइमरी स्कूल में दाखिला
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर शैक्षिक गतिविधियों का दैनिक कैलेंडर जारी किया जाए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग हो। उन्होंने निर्देश दिया कि:मई माह के अंत तक सभी निर्धारित मानकों के आधार पर बच्चों का मूल्यांकन (Assessment) कर लिया जाए।

जो बच्चे मानक पूरे कर लेते हैं, उनका नामांकन सीधे प्राथमिक विद्यालय की कक्षा-1 में कराया जाए।

जो बच्चे मानक से पिछड़ रहे हैं, उन पर विशेष ध्यान देकर अगले 2 महीने के भीतर उन्हें 'निपुण' बनाया जाए।

क्या हैं आंगनबाड़ी के लिए 'निपुण लक्ष्य'?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए कुछ मानक तय किए गए हैं, जिन्हें हासिल करना अनिवार्य है:

आकृतियों (Shapes) और रंगों की पहचान।

हिंदी और अंग्रेजी वर्णमाला का बुनियादी ज्ञान।

1 से 20 तक की गिनती।

बिना मात्रा वाले दो अक्षरों के कम से कम पांच शब्दों को पढ़ने की क्षमता।अभिभावकों को मिलेगा 'असेसमेंट कार्ड'
बच्चों की प्रगति को पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने असेसमेंट कार्ड जारी करने के निर्देश दिए हैं। इससे अभिभावकों को अपने बच्चे के सुधार की जानकारी मिल सकेगी और आंगनबाड़ी में दी जाने वाली 'स्कूल पूर्व शिक्षा' के प्रति उनका विश्वास बढ़ेगा।

26 हजार से अधिक बच्चों का होगा मूल्यांकन
जिला कार्यक्रम अधिकारी डी.के. सिंह ने बैठक में बताया कि जनपद के 3914 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 5 से 6 वर्ष की आयु के कुल 26,664 बच्चे पंजीकृत हैं। इन सभी बच्चों का निपुण असेसमेंट चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा।

कुपोषण पर भी पैनी नजर
शिक्षा के साथ-साथ जिलाधिकारी ने गंभीर कुपोषित बच्चों के साप्ताहिक फॉलो-अप और उनके खान-पान की विशेष निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पोषण और शिक्षा दोनों ही बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं।

बैठक में इनकी रही मौजूदगी:समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय राय, जिला कार्यक्रम अधिकारी डी.के. सिंह, समाज कल्याण अधिकारी गिरीश दुबे, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित सभी ब्लॉकों के बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) उपस्थित रहे

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कल्याण विभाग की योजनाओं की प्रगति की उपायुक्त ने की व्यापक समीक्षा*

*जनकल्याणकारी योजनाओं को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के दिए निर्देश*

*उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप संवेदनशीलता, सक्रियता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।*

बैठक में मुख्य रूप से *पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, साइकिल वितरण योजना, बिरसा आवास योजना, धुमकुड़िया भवन निर्माण, कब्रिस्तान घेराबंदी, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना, संविधान की धारा 275(1) अंतर्गत संचालित योजनाओं तथा पीवीटीजी एंटाइटलमेंट सर्वे 2026 की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।*

उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा करते हुए सभी प्रखंडों के बीईईओ को अविलंब आवश्यक डेटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों की भी समीक्षा की गई। जिला कल्याण पदाधिकारी ने जानकारी दी कि जिले में विभाग द्वारा 5 आवासीय विद्यालय तथा एनजीओ के माध्यम से 6 विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। वहीं जिले में दो एकलव्य विद्यालयलिट्टीपाड़ा एवं पाकुड़िया में संचालित हैं। उपायुक्त ने दोनों एकलव्य विद्यालयों के आधारभूत संरचना विकास हेतु आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कल्याण विभाग द्वारा संचालित अस्पतालों की स्थिति, उपलब्ध बेड की संख्या एवं मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक संसाधनों की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। बैठक में अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय, हिरणपुर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया गया। साथ ही ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था को लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक को सर्वे कराने तथा विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का सर्वे स्पेशल डिवीजन के कार्यपालक अभियंता से कराने का निर्देश दिया गया।उपायुक्त ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को नियमित शिविर आयोजित कर आमजनों को योजनाओं के प्रति जागरूक करने, लाभुकों से फीडबैक प्राप्त करने तथा उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है, इसलिए सभी अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

*मौके पर परियोजना निदेशक आईटीडीए सह जिला कल्याण पदाधिकारी श्री अरूण कुमार एक्का, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री नयन कुमार, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी समेत अन्य उपस्थित थे।*
Hemant Soren

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तुरंबव प्रीमियर लीगमधून युवकांचा एकोपा आणि क्रीडाभावनेचे दर्शन !

चिपळूण : (विश्वनाथ पंडित) तुरंबव येथील युवकांनी तुरंबव प्रीमियर लीग (TPL) या क्रिकेट स्पर्धेचे यशस्वी आयोजन केले. गावामध्ये एकोपा, बंधुभाव वाढवणे, ग्रामीण भागातील क्रीडा संस्कृतीस चालना देणे, तेथील युवकांना आपले क्रीडा कौशल्य दाखवण्यासाठी एक व्यासपीठ उपलब्ध करून देणे हा या स्पर्धेमागील मुख्य उद्देश होता.
स्पर्धेच्या शुभारंभप्रसंगी शारदा टूस्टचे अध्यक्ष दशरथ पंडित, समाज सेवक सुनिलशेठ जाधव, बाळशेठ जाधव, शैलेश पंडित, दीपक घागरम, राजाराम पंडित, गौरव पवार यांच्यासह ग्रामस्थ, बाल क्रिडापटू मोठ्या संख्येने यावेळी उपस्थित उपस्थित होते. खेळाडूंनी उत्कृष्ट खेळ, एकजूट आणि बंधुप्रेमाचे दर्शन घडवत स्पर्धा यशस्वीरीत्या पार पाडली. या उपक्रमाला युवकांसह ग्रामस्थांकडूनही उत्स्फूर्त प्रतिसादही मिळाला. युवकांमधील ऐक्य, बंधुभाव आणि एकजूट कायम टिकून राहावी, हा या क्रिकेट लीगचा मुख्य उद्देश असून भविष्यातही ही लीग नियमितपणे आयोजित करण्याचा मानस आयोजकांनी व्यक्त केला.
यावेळी मोठ्यांचे आशीर्वाद आणि मार्गदर्शन गावातील तरुणांसाठी प्रेरणादायी ठरत राहील, असे मतही आयोजक समितीने व्यक्त केले.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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जामखेड : राज्यातील ग्राम रोजगार सहाय्यकांच्या विविध प्रलंबित प्रश्नांबाबत सामाजिक कार्यकर्ते तथा माहिती अधिकार कार्यकर्ते राविराज शिंदे यांनी पंतप्रधान कार्यालयाकडे ई-मेलद्वारे निवेदन सादर केले आहे. ग्रामीण विकास योजनांच्या प्रभावी अंमलबजावणीत ग्राम रोजगार सहाय्यकांची महत्त्वपूर्ण भूमिका असून त्यांच्या कामकाजातील अडचणी तातडीने सोडवाव्यात, अशी मागणी या निवेदनातून करण्यात आली आहे.
निवेदनात नमूद करण्यात आले आहे की, ग्राम रोजगार सहाय्यक हे अनेक वर्षांपासून ग्रामीण विकास योजनांची प्रभावी अंमलबजावणी करत असून शासनाच्या योजना तळागाळातील नागरिक आणि शेतकऱ्यांपर्यंत पोहोचविण्याचे महत्त्वाचे कार्य करत आहेत. मात्र, त्यांच्या कामकाजाशी संबंधित अनेक गंभीर समस्या निर्माण झाल्या असून त्यावर तातडीने निर्णय घेण्याची आवश्यकता आहे.
निवेदनामध्ये शासन निर्णयांची प्रभावी व तात्काळ अंमलबजावणी करण्याची मागणी करण्यात आली आहे. तसेच घरकुल व फलोत्पादन योजनांप्रमाणे वैयक्तिक सिंचन विहीर योजनेलाही NMMS फेस स्कॅन उपस्थिती प्रणालीतून वगळण्यात यावे, अशी मागणी करण्यात आली आहे.
याशिवाय NMMS फेस स्कॅन उपस्थिती प्रणालीमुळे ग्राम रोजगार सहाय्यकांचे काम पूर्णवेळ कर्मचाऱ्यांप्रमाणे झाले असल्याने २ मे २०११ च्या शासन निर्णयात आवश्यक सुधारणा करण्यात याव्यात, असेही निवेदनात नमूद करण्यात आले आहे.
ग्राम रोजगार सहाय्यकांचे मानधन नियमितपणे त्यांच्या वैयक्तिक बँक खात्यात थेट जमा करण्यात यावे, तसेच मनरेगा अंतर्गत सुरू असलेल्या तांत्रिक अडचणींमुळे मस्टर रोल तयार करणे आणि कामे वेळेत पूर्ण करणे कठीण होत असल्याने मुदतवाढ अथवा पर्यायी व्यवस्था उपलब्ध करून द्यावी, अशी मागणी देखील करण्यात आली आहे.
राज्यातील ग्राम रोजगार सहाय्यक व शेतकऱ्यांच्या हितासाठी या मागण्यांचा सहानुभूतीपूर्वक विचार करून आवश्यक कार्यवाही करावी, अशी विनंती निवेदनाद्वारे करण्यात आली आहे.

#GramRozgarSahayak #MGNREGA #PMO #RuralDevelopment #NMMS #मनरेगा #ग्रामरोजगारसहाय्यक #जामखेड #अहिल्यानगर #RTIActivist #SocialWorker

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नाशिक येथे दर्पणकार बाळशास्त्री जांभेकर पत्रकार संस्था (संघ) यांच्या वतीने आयोजित करण्यात आलेल्या इंटरनॅशनल ग्लोबल अचिव्हर्स अवॉर्ड पुरस्कार वितरण सोहळ्याला आज उत्साहपूर्ण वातावरणात सुरुवात झाली. सावित्री कलयुगातली या मराठी चित्रपटाचे निर्माते व अभिनेते कराटे मास्टर नानासाहेब बच्छाव यांनी दीप प्रज्वलन करून कार्यक्रमाची सुरुवात झाली.
महाराष्ट्र दिनानिमित्त आयोजित करण्यात आलेल्या या भव्य कार्यक्रमास विविध क्षेत्रातील मान्यवर, पत्रकार, समाजसेवक, उद्योजक तसेच सांस्कृतिक क्षेत्रातील व्यक्तींनी मोठ्या संख्येने उपस्थिती लावली.
गंगापूर रोड येथील मालोजीराव मोगल कॉलेज सभागृहात पार पडलेल्या या सोहळ्यात विविध क्षेत्रात उल्लेखनीय कार्य करणाऱ्या 60 व्यक्तींना गौरविण्यात आले.
कार्यक्रमात सेलिब्रिटी गेस्ट म्हणून सावित्री कलयुगातली या मराठी चित्रपटाचे निर्माते व खलनायक अभिनेते कराटे मास्टर नानासाहेब बच्छाव यांना प्रमुख पाहुणे म्हणून बोलवण्यात आले होते. त्यांचा सत्कार टीव्ही सीरियल अभिनेत्री यांच्या हस्ते केला.
डे केअर स्कूलचे संस्थापक अध्यक्ष गोपाल दादा पाटील, मा.अशा पाटील ग्राहक रक्षक समिती राष्ट्रीय संस्थापक अध्यक्ष ,
नूतन महापौर नाशिक मा. हीमगौरी अडके डॉ ज्योती शिंदे मिसेस इंडिया दुबई किशोर उपाध्ये भाजप प्रदेश उपाध्यक्ष इ.अनेक मान्यवर उपस्थित होते.
उपस्थित मान्यवरांच्या हस्ते पुरस्कार वितरण करण्यात आले.
या कार्यक्रमात अहमदाबाद, गुजरात येथून अतिथी म्हणून उपस्थित असलेले श्री. अशोक कुलकर्णी यांनी विशेष आकर्षण ठरले. यावेळी त्यांचा स्वागत सन्मान करण्यात आला. सन्मान स्वीकारताना श्री. अशोक त्र्यंबक कुलकर्णी यांनी संस्थेच्या कार्याचे कौतुक केले.
कार्यक्रमाचे आयोजन दर्पणकार बाळशास्त्री जांभेकर पत्रकार संस्था (संघ) यांच्या वतीने करण्यात आले होते. संस्थेचे पदाधिकारी, पत्रकार बंधू-भगिनी तसेच विविध क्षेत्रातील नागरिकांनी कार्यक्रमाच्या यशस्वी आयोजनासाठी परिश्रम घेतले. संपूर्ण कार्यक्रम उत्साह, गौरव आणि प्रेरणादायी वातावरणात संपन्न झाला.

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रविवार सुबह पटानचेरु बस " target="_blank" style="text-decoration:none;color:#000;">


रविवार सुबह पटानचेरु बस स्टैंड के पास स्थित श्री शिवा खानावली होटल (मैस) में गैस सिलेंडर ब्लास्ट होने से इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि गैस लीकेज के बाद बिजली आते ही जोरदार धमाका हुआ, जिससे मैस में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पूरा मैस जलकर राख हो गया।

घटना के समय आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि नीचे स्थित दुकानों तक आग नहीं पहुंची और बड़ा हादसा टल गया।

हादसे में जगदीश और शोभा नामक दो लोग हल्के रूप से घायल हुए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस सुरक्षा को लेकर लापरवाही लगातार बड़े हादसों की वजह बन रही है। घटना के बाद एक बार फिर गैस सिलेंडर सुरक्षा और एहतियाती उपायों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

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गाजियाबाद। साहिबाबाद क्षेत्र के झंडापुर स्थित कमला देवी पब्लिक स्कूल में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, साहिबाबाद विधानसभा द्वारा भव्य शपथ ग्रहण एवं स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य झंडापुर इकाई के अध्यक्ष की घोषणा, नई कार्यकारिणी का गठन एवं पदाधिकारियों का सम्मान करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथि देवो भव: की परंपरा के साथ हुई, जिसमें मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष प्रीतम लाल का झंडापुर के व्यापारियों द्वारा फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया।

इस अवसर पर जिला मीडिया प्रभारी संजय शर्मा, उपाध्यक्ष संजय जैन, साहिबाबाद विधानसभा अध्यक्ष राजकुमार सिंह राणा, वसुंधरा विधानसभा अध्यक्ष संजय अरोड़ा, विधानसभा 56 अध्यक्ष रवि कालिया, महासचिव कपिल गोयल, महिला अध्यक्ष मिस मीनू चौहान, साइट-4 इंडस्ट्रियल एरिया साहिबाबाद के अध्यक्ष इरशाद खान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन त्यागी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजवीर सिंह, उपाध्यक्ष महेश उपाध्याय, पार्षद भूपेंद्र उपाध्याय एवं शिवकुमार चौधरी सहित अनेक गणमान्य पदाधिकारियों का भी स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के दौरान रतन उपाध्याय को झंडापुर इकाई का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इसके बाद उपस्थित व्यापारियों ने नवनियुक्त अध्यक्ष एवं उनकी कार्यकारिणी का फूल-मालाओं से स्वागत किया। जिला अध्यक्ष प्रीतम लाल ने रतन उपाध्याय को विधिवत मनोनयन पत्र प्रदान करते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में जिला अध्यक्ष प्रीतम लाल ने संगठन की कार्यप्रणाली एवं व्यापारी हितों के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। वहीं मीडिया प्रभारी संजय शर्मा ने कहा कि संगठन के जिला अध्यक्ष पिछले लगभग 30 वर्षों से सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों में कार्य करने का व्यापक अनुभव है। नागरिक सुरक्षा में पूर्व डिवीजन वार्डन के रूप में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में वह पांचवीं बार जिला अध्यक्ष के दायित्व का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कर रहे हैं।

कार्यक्रम का संचालन मीडिया प्रभारी संजय शर्मा ने किया। समारोह में जिला कार्यकारिणी के अतिरिक्त शहर विधानसभा, साहिबाबाद विधानसभा, वसुंधरा साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया, झंडापुर आदि के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में व्यापारीगण एवं गणमान्य सम्मिलित हुए।

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कोलकाता में स्वामी श्री प्रखर जी महाराज के दिव्य कार्यक्रम का सफल आयोजन सम्पन्न
कोलकाता। परम पूज्य स्वामी श्री प्रखर जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित देव आराधना, दिव्य आशीर्वचन एवं महाप्रसाद कार्यक्रम सोमवार, 11 मई 2026 को श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह भव्य आध्यात्मिक आयोजन कोलकाता स्थित एजेस बैंक्वेट, रविन्द्र सरणी में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी श्री प्रखर जी महाराज ने धर्म, सेवा, संस्कार एवं मानव कल्याण पर प्रेरणादायक संदेश देते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए। भक्तों ने भक्ति भाव से देव आराधना में सहभागिता कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।
बताया गया कि ब्रह्मतीर्थ पुष्कर में आयोजित शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ अनुष्ठान की सफल पूर्णाहुति के पश्चात तीर्थ प्रणाम यात्रा के अंतर्गत स्वामी श्री प्रखर जी महाराज का कोलकाता आगमन हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महाप्रसाद वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन श्री प्रखर परोपकार मिशन ट्रस्ट एवं विप्र फाउंडेशन जोन-6 के तत्वावधान में किया गया। आयोजन की सफलता पर समिति के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने प्रसन्नता व्यक्त की।

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संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भोपाल ने गोहद में निर्वाचन कार्यों की समीक्षा की

समस्त निर्वाचन संबंधी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश

संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भोपाल श्री रामप्रताप सिंह जादौन द्वारा अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय गोहद में विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 12-मेहगांव एवं विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 13-गोहद के निर्वाचन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में निर्वाचन संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए श्री जादौन द्वारा विशेष रूप से Book a Call तथा DSC संबंधी कार्यों पर प्राथमिकता के साथ ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री एल.के. पांडे, अनुविभागीय अधिकारी गोहद श्री राजन नाडिया एवं अनुविभागीय अधिकारी मेहगांव श्री नवनीत शर्मा सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जादौन ने समस्त निर्वाचन संबंधी कार्यों को समय-सीमा में एवं प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया सुचारू एवं त्रुटिरहित रूप से संपादित की जा सके।
Chief Electoral Officer Madhya Pradesh
#ECISVEEP
#JansamparkMP
#भिण्ड
#Bhind

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Bharatiya Janata Party की ओर से हावड़ा जिले के संकराइल में रविवार को भव्य विजय मিছিল का आयोजन किया गया।
यह विजय मিছিল शीतलातला से शुरू होकर चांपतला तक पूरे उत्साह और जोश के साथ निकाला गया।
मিছিল में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक एवं स्थानीय लोग शामिल हुए।
कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर लेकर जोरदार नारेबाजी की।
पूरे रास्ते भारत माता की जय और पार्टी के समर्थन में गगनभेदी नारे लगाए गए।
मিছিল के दौरान ढोल-नगाड़ों, अबीर और आतिशबाजी से उत्सव जैसा माहौल बन गया।
स्थानीय निवासियों ने कई स्थानों पर मিছিল का स्वागत किया और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।
भाजपा नेताओं ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए इसे जनता के विश्वास की जीत बताया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
नेताओं ने कहा कि जनता के सहयोग और समर्थन से क्षेत्र में विकास कार्यों को और तेज किया जाएगा।

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IndianOil के ऐप पर इसे DAC = Delivery Authentication Code बोलते हैं। DCS शायद आप DAC ही बोल रहे हैं।

IndianOil ONE App में DAC/DCS कोड ऐसे देखें

1. बुकिंग के बाद ऑटो दिखेगा
- सिलेंडर बुक करते ही App के होम स्क्रीन पर "Active Booking" में DAC दिख जाएगा।
- App में नोटिफिकेशन भी आ जाता है: `Your DAC for booking #XXXX is 123456`

2. अगर बुकिंग के बाद कोड नहीं दिखा तो
1. IndianOil ONE App खोलो
2. नीचे "LPG" वाले सेक्शन पर टैप करो
3. "Booking History" या "Track Refill" में जाओ
4. अपनी Active/Latest Booking पर टैप करो
5. वहां *"Delivery Authentication Code - DAC" लिखा होगा। 4 या 6 अंकों का कोड होगा।

3. SMS/WhatsApp भी चेक करो
कंपनी DAC को आपके रजिस्टर्ड नंबर पर SMS और WhatsApp दोनों पर भेजती है। मैसेज कुछ ऐसा आता है:
`Dear Customer, Your DAC for LPG refill delivery is 123456. Share only with delivery person. -IndianOil`

4. कोड नहीं मिल रहा?
- App में "Resend DAC" का ऑप्शन होता है।
Booking Details में जाकर Resend दबाओ।
- या 7718955555 पर `DAC` लिखकर SMS करो।
- या Missed call: 8454955555
दे - वापस SMS आ जाएगा।

जरूरी बातें
1. DAC डीलर नहीं बनाता - ये कंपनी का सिस्टम बुकिंग के बाद ऑटो जनरेट करता है।
2. कोड सिर्फ डिलीवरी वाले भैया को देना है,
सिलेंडर लेते समय। फोन पर कोई मांगे तो मत देना।
3. बिना DAC के डिलीवरी नहीं होगी। DAC mandatory है।

आपका ऐप अपडेटेड है न?
पुराने वर्जन में कभी-कभी DAC नहीं दिखता। Play Store से "IndianOil ONE" अपडेट कर लो।

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मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का डर दिखाकर 85 लाख सब्सक्राइबर्स वाले 4PM युटुब चैनल को बंद कर दिया.
लेकिन जब मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुँचा तो सच अदालत के रिकॉर्ड में खुद सामने आ गया.

कोर्ट ने साफ लिखा कि 4PM पर लगभग 50 हजार वीडियो थे और उनमें से सिर्फ 26 वीडियो पर आपत्ति जताई गई.

फिर सवाल ये है कि 50 हजार वीडियो वाले पूरे चैनल को क्यों बंद किया गया ! क्या यही लोकतंत्र है !

अगर 26 वीडियो पर विवाद था तो कानून के मुताबिक उन्हीं वीडियो पर कार्रवाई होनी चाहिए थी.

लेकिन यहाँ पूरा चैनल बंद कर दिया गया. यानी निशाना वीडियो नहीं था. निशाना आवाज थी.

सरकार अदालत में राष्ट्रीय सुरक्षा और पब्लिक ऑर्डर जैसे भारी-भरकम शब्द लेकर पहुँची. लेकिन आखिर में कोर्ट को कहना पड़ा कि कथित आपत्तिजनक वीडियो अस्थायी रूप से ब्लॉक करो और चैनल बहाल करो.

मतलब साफ है. करोड़ों दर्शकों की आवाज बंद करने की कोशिश की गई.

आज देश में हालत ये है कि सरकार से सवाल पूछो तो राष्ट्रविरोधी सच दिखाओ तो खतरा और सत्ता की आलोचना करो तो पूरा चैनल बंद.

लेकिन याद रखिए.

4PM बिकने वालों में नहीं है.
डरने वालों में नहीं है.
झुकने वालों में नहीं है.

मोदी सरकार पूरी ताकत लगाकर भी सच की आवाज को स्थायी रूप से बंद नहीं कर सकी.

आखिरकार अदालत के रिकॉर्ड में दर्ज हो गया कि 50 हजार वीडियो वाले चैनल को सिर्फ 26 वीडियो के नाम पर बंद किया गया था. साथ ही ये आज तक नहीं बताया गया कि इन 26 विडियो में आपत्तिजनक क्या था !

इतिहास गवाह है.
सत्ता हमेशा सवालों से डरती है.
और जब सरकार मीडिया से डरने लगे, समझ लीजिए सच अभी जिंदा है

यूट्यूब चैनल ब्लॉकिंग पर सरकार ने फैसला वापस लिया, सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी: 73 लाख सब्सक्राइबर वाला चैनल फिर बहाल"*

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय सुरक्षा' और 'पब्लिक ऑर्डर' का हवाला देकर ब्लॉक किए गए यूट्यूब न्यूज चैनल '4PM' पर लगाया गया प्रतिबंध वापस ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट में 13 मई 2025 को सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बेंच को बताया कि "ब्लॉकिंग ऑर्डर वापस ले लिया गया है"। इसके बाद 73 लाख सब्सक्राइबर्स वाला चैनल फिर से बहाल हो गया। 5fa8

क्या था पूरा मामला
1. चैनल ब्लॉक: 29 अप्रैल 2025 को सरकार के आदेश पर यूट्यूब ने '4PM News' चैनल ब्लॉक कर दिया था। यूट्यूब पर मैसेज आया कि चैनल 'राष्ट्रीय सुरक्षा या पब्लिक ऑर्डर' से जुड़े सरकारी आदेश के कारण भारत में उपलब्ध नहीं है।

2. याचिका दाखिल: चैनल के एडिटर संजय शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ब्लॉकिंग ऑर्डर रद्द करने की मांग की। याचिका में कहा गया कि ब्लॉकिंग "पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला" है और जनता के सूचना पाने के अधिकार का उल्लंघन है।

3. कोर्ट में सुनवाई: 5 मई को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा। याचिकाकर्ता के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि बिना कोई नोटिस दिए पूरा चैनल ब्लॉक कर दिया गया और कोई कारण भी नहीं बताया गया।

4. सरकार ने आदेश वापस लिया:
13 मई की सुनवाई में सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने ब्लॉकिंग ऑर्डर वापस ले लिया है। 037081a288885fa8

'26 वीडियो' वाला दावा कहां से आया
आपके मैसेज में '50 हजार वीडियो में से 26 पर आपत्ति' का जिक्र है। सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट के सार्वजनिक आदेशों में अभी तक 26 वीडियो की संख्या का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिला है। याचिका में कहा गया कि ब्लॉकिंग "अघोषित निर्देश" के तहत हुई और याचिकाकर्ता को कोई आदेश या शिकायत नहीं दी गई। 5fa84341

प्रेस संगठनों ने उठाए सवाल
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, IWPC समेत 5 पत्रकार संगठनों ने 1 मई को बयान जारी कर कहा कि '4PM' ने पहलगाम हमले में सुरक्षा चूक पर सवाल उठाए थे। संगठनों ने इसे "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला" बताया और चैनल बहाल करने की मांग की। 0370

T रूल्स को भी दी चुनौती
संजय शर्मा की याचिका में IT ब्लॉकिंग रूल्स 2009 के नियम 9 और 16 को भी चुनौती दी गई है। नियम 16 के तहत ब्लॉकिंग की सारी कार्रवाई गोपनीय रखी जाती है। याचिका में मांग की गई कि कंटेंट हटाने से पहले नोटिस और सुनवाई का मौका देना अनिवार्य किया जाए। कोर्ट ने इस याचिका को नियम 16 को चुनौती देने वाली अन्य लंबित याचिकाओं के साथ टैग कर दिया है। 5fa8

अभी स्थिति क्या है
सरकार ने ब्लॉकिंग ऑर्डर वापस ले लिया है और चैनल YouTube पर फिर से उपलब्ध है। लेकिन IT रूल्स की वैधता पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी रहेगी।

संजय शर्मा जी के वाल से

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सिंगरौली में भूमि अधिग्रहण को लेकर फिर गरमाई बहस, अभ्युदय सिंह (डैनी) की नई अपील

सिंगरौली में कोयला परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण को लेकर चल रहा असंतोष अब केवल स्थानीय विरोध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह जनअधिकार और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा प्रश्न बनता जा रहा है। कांग्रेस के वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव अभ्युदय सिंह (डैनी) ने एक बार फिर सार्वजनिक अपील जारी कर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
डैनी द्वारा जारी संदेश में आरोप लगाया गया है कि नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के माध्यम से सिंगरौली में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी, प्रभावित परिवारों की उपेक्षा और मनमाने निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने Ipsedixitism शब्द का प्रयोग करते हुए तंज कसा कि कई फैसले जो हम कहें वही सही वाली मानसिकता के साथ लागू किए जा रहे हैं, जबकि प्रभावित लोगों को प्रक्रिया में उचित भागीदारी तक नहीं दी जा रही।
अपने संदेश में उन्होंने विस्थापितों और अधिग्रहण प्रभावित परिवारों से जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग किसी भी निर्णय को केवल सरकारी आदेश मानकर बिना जानकारी स्वीकार न करें, बल्कि अपने अधिकारों, उचित मुआवजे, पुनर्वास और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर सवाल पूछें।
यह अपील केवल प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाती, बल्कि सिंगरौली के सामाजिक और राजनीतिक माहौल पर भी टिप्पणी करती है। डैनी ने अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार तंत्र पर भी निशाना साधते हुए संकेत दिया कि विकास के नाम पर प्रभावित लोगों की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने नागरिकों से अपने फेसबुक पर साझा खुले पत्र को पढ़ने, परिवार और समुदाय में चर्चा करने तथा जागरूकता फैलाने की अपील की है। उनके अनुसार विकास का अर्थ लोगों के अधिकारों और सम्मान की कीमत पर नहीं होना चाहिए।
सिंगरौली लंबे समय से देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में पहचाना जाता रहा है, लेकिन इसके साथ ही विस्थापन, प्रदूषण और पुनर्वास के मुद्दे भी लगातार सामने आते रहे हैं। ऐसे में अभ्युदय सिंह (डैनी) की यह नई सार्वजनिक अपील एक बार फिर इस बहस को केंद्र में ले आई है कि विकास और मानवीय अधिकारों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और खनन कंपनियां इन सवालों पर किस प्रकार प्रतिक्रिया देती हैं, क्योंकि क्षेत्र में बढ़ती जनचर्चा यह संकेत दे रही है कि लोग अब अपने अधिकारों को लेकर पहले से अधिक मुखर हो रहे हैं।

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21 पुलिस कर्मियों सहित 31 सरकारी कर्मचारियों को किया गया नौकरी से बर्खास्त

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने एनकॉर्ड बैठक की अध्यक्षता की

रिपोर्ट : देवेश आर्य, मण्डी हिमाचल प्रदेश
शिमला, 11 मई 2026

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू जी ने आज यहां नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 1 जून से 20 अगस्त 2026 तक प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों में एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान के दूसरे चरण को व्यापक स्तर पर शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी संबंधित क्षेत्रों में कम से कम 10 शिक्षण संस्थानों का दौरा कर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि दवा निर्माण और वितरण को लेकर फार्मास्यूटिकल कंपनियों द्वारा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा दवाओं के दुरुपयोग के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। अवैध रूप से दवाइयां बेचने वाली दुकानों के लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज से चिट्टे के समूल नाश के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है ताकि स्वस्थ समाज का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में नशे के विरुद्ध कार्रवाई और एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान के क्रियान्वयन के आधार पर संख्यात्मक ग्रेडिंग शामिल करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को जब्त किए गए वाहनों और शराब के समयबद्ध निपटान के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि चिट्टे के मामलों से संबंधित फॉरेंसिक रिपोर्ट पांच दिनों के भीतर तैयार की जानी चाहिए ताकि जांच और मुकदमों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को नशा तस्करी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने तथा चिट्टा तस्करों द्वारा अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन को आदतन अपराधियों की मैपिंग करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ नशे के आदी लोगों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में भर्ती तथा व्यावसायिक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए एंटी-चिट्टा परीक्षण अनिवार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि 15 नवंबर 2025 को रिज शिमला से एंटी-चिट्टा जन आंदोलन की ऐतिहासिक शुरुआत एंटी-चिट्टा वॉकाथॉन के माध्यम से की गई थी। उन्होंने कहा कि आज चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि व्यापक जन आंदोलन बन चुका है।

उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 12 हजार व्यक्तियों की पहचान की जा चुकी है तथा प्रदेश की 234 अति संवेदनशील पंचायतों में विशेष पुलिस और सीआईडी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत शिमला, सोलन, सिरमौर, बद्दी, बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू, मण्डी, कांगड़ा, चंबा, नूरपुर, देहरा और ऊना जिलों की कुल 234 पंचायतों को अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 6,811 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछली सरकार के कार्यकाल की तुलना में 33.18 प्रतिशत अधिक हैं। इस दौरान 10,357 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा 45,867 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए। उन्होंने कहा कि अब तक 174 नशा तस्करों और माफियाओं को एनडीपीएस अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है।

उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में लगभग 51 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई है, जो पिछली सरकार की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। एसटीएफ ने 700 से अधिक मामलों की जांच की और 300 मामलों को वित्तीय जांच एवं संपत्ति फ्रीज़ करने के लिए चिन्हित किया। अब तक 76 अवैध संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है तथा 17 मामलों में अवैध संपत्तियों को तोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। नशा संबंधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए 123 सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए 10 सरकारी कर्मचारियों तथा 21 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है।

उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों के अलावा एचआरटीसी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा ग्रामीण विकास विभाग के दो-दो कर्मचारी शामिल हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, बैंकिंग क्षेत्र, जल शक्ति विभाग और पशुपालन विभाग के एक-एक कर्मचारी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट कहा कि सरकार ईमानदारी, अनुशासन और जनविश्वास को सर्वोपरि मानते हुए नशा तस्करी में संलिप्त किसी भी सरकारी कर्मचारी के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति अपना रही है।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी और सजा तक सीमित नहीं है, बल्कि पुनर्वास-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से युवाओं को उपचार, परामर्श और पुनर्वास सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। मशोबरा में स्थापित किया जा रहा पुनर्वास केंद्र 20 मई से कार्यशील हो जाएगा, जबकि दूसरा केंद्र डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में शीघ्र शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री जी ने पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत उत्कृष्ट वित्तीय जांच कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह जी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऊना रेनू शर्मा जी और एएसआई पारुल नैन्टा जी को सम्मानित भी किया।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी जी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह जी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान जी, मुख्य सचिव संजय गुप्ता जी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के.के. पंत जी, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी जी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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सेवा में,मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मध्यप्रदेशजिला कलेक्टर महोदय, दतिया (म.प्र.)

प्रतिलिपि: पुलिस अधीक्षक, दतिया

विषय: गंभीर संज्ञेय अपराधों में FIR दर्ज न किए जाने, पुलिस की लापरवाही, परिवार को घर छोड़ने पर मजबूर किए जाने एवं सुरक्षा हेतु त्वरित हस्तक्षेप की प्रार्थना।

महोदय,

मैं राधा दुबे, पुत्री श्री सियासरण दुबे, निवासी ग्राम रछार, जिला दतिया (म.प्र.), अत्यंत भय एवं मानसिक पीड़ा की स्थिति में यह प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रही हूँ।

घटना का संक्षिप्त विवरण:

दिनांक ___ को प्रातः लगभग 10 बजे करीब 25 लोग, जिनमें अरविंद दांगी, आशीष, आशिक दांगी, राघवेंद्र दांगी एवं अन्य अज्ञात व्यक्ति (कुछ मुखौटा लगाए हुए) शामिल थे, हमारे घर में अवैध रूप से घुस आए। उन्होंने मेरे एवं मेरी माता के साथ अभद्र व्यवहार किया, जबरदस्ती की, पूरे घर की तलाशी ली तथा मेरे भाई के बारे में पूछताछ की।

भाई के संबंध में तथ्य:

मेरा भाई दिनांक ___ की रात्रि लगभग 12:30 बजे यह कहकर घर से निकला था कि मेरे मित्र की गाड़ी खराब हो गई है, मैं उसे लेने जा रहा हूँ। इसके बाद हमें लगा कि वह वापस आ गया होगा और हम सो गए। उस समय तक हमें यह बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी कि वह कहाँ गया है या किसके साथ है।

इसी संबंध में सुबह मेरे पिताजी की बातचीत अरविंद दांगी (जो मुस्कान दांगी के चाचा हैं) से हुई थी, जिसमें उन्होंने भी स्पष्ट कहा था कि उन्हें इस विषय में कोई जानकारी नहीं है।

बाद में संबंधित लड़की मुस्कान दांगी द्वारा स्वयं सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर स्पष्ट रूप से बताया गया कि वह अपनी इच्छा एवं सहमति से मेरे भाई के साथ गई है। इसके बावजूद भी हमारे पूरे परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है तथा हमारी FIR अब तक दर्ज नहीं की गई है।

घटना की गंभीरता:

जब आरोपियों को मेरे भाई के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, तब उन्होंने मुझे जबरदस्ती अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। मेरी माता को धक्का देकर गिराया गया, उनके गले से मंगलसूत्र छीन लिया गया, गंदी एवं अश्लील गालियाँ दी गईं तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट कर गंभीर चोटें पहुँचाई गईं। हमारे घर की संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया।

इन घटनाओं एवं लगातार मिल रही धमकियों के कारण मेरे माता-पिता एवं हम सभी को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। आज हमारा पूरा परिवार भय, असुरक्षा एवं मानसिक तनाव में जीवन व्यतीत कर रहा है। FIR दर्ज न होने के कारण हम अंदर से पूरी तरह टूट चुके हैं और हमें यह डर बना हुआ है कि आरोपियों द्वारा दोबारा कोई गंभीर घटना की जा सकती है।

पुलिस की लापरवाही एवं पक्षपात:

घटना के पश्चात मैंने थाना उनाव में शिकायत दर्ज कराई, परंतु वहाँ उपस्थित पुलिस अधिकारी श्री यतेन्द्र भदौरिया द्वारा

हमें लगभग 5 घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया,

हमारे बयान सही तरीके से दर्ज नहीं किए गए,

हमारी शिकायत के अनुरूप FIR दर्ज नहीं की गई,

केवल अत्यंत हल्की धाराओं में NCR दर्ज कर मामले को कमजोर किया गया,था दूसरी पार्टी के साथ अलग से बातचीत कर पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया गया।

यह आचरण न केवल कर्तव्य की घोर उपेक्षा है, बल्कि न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला है।

जान-माल का खतरा:

जिस प्रकार आरोपियों ने संगठित होकर हमारे घर में प्रवेश कर हमला किया, उससे हमें अपनी जान एवं संपत्ति का गंभीर खतरा है। आशंका है कि वे पुनः हमला कर सकते हैं।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि:

1. इस प्रकरण में तत्काल प्रभाव से गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कराई जाए।
2. आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
3. हमारे परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
4. संबंधित थाना उनाव के पुलिस अधिकारियों की भूमिका एवं लापरवाही की उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए तथा उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जाए।
5. मेरे भाई की स्थिति के संबंध में निष्पक्ष एवं त्वरित जाँच कराई जाए।

महोदय, जब संबंधित लड़की स्वयं सोशल मीडिया पर यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह अपनी इच्छा से गई है, तब हमारे परिवार को प्रताड़ित करना और हमारी FIR दर्ज न करना अत्यंत अन्यायपूर्ण है।

आपसे निवेदन है कि मेरे प्रार्थना पत्र पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि मेरे परिवार को न्याय एवं सुरक्षा मिल सके।

भवदीया,
राधा दुबे
पुत्री श्री सियासरण दुबे
निवासी: ग्राम रछार, जिला दतिया (म.प्र.)

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विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में एक ऐसी खौफनाक त्रासदी घटी है जिसने पूरे इलाके की रूह को हिलाकर रख दिया।

कुंडवा चैनपुर थाना क्षेत्र के बड़हरवा फतेह मोहम्मद गांव में शुक्रवार की रात एक किराना दुकान में लगी भीषण आग ने तीन जिंदगियाँ निगल लीं
एक मासूम बालक, एक बालिका और एक दुकान कर्मचारी।

यह महज एक आग की खबर नहीं है।
यह एक पिता की चीख है, जो अपने बच्चों को देखने के लिए जलते गेट को तोड़कर अंदर घुसा और वहाँ पाया कि उसके खून से उसके दो बच्चे एक-दूसरे से लिपटे राख हो चुके थे।

घटना का पूरा विवरण,
पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में शुक्रवार देर रात भीषण अग्निकांड हुआ।
ढाका प्रखंड के बड़हरवा फतेह मोहम्मद गांव में एक होलसेल दुकान में लगी आग ने देखते ही देखते दो मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
इस हादसे में दो मासूम बच्चों समेत तीन लोगों की जलकर मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, राजकुमार साह के मकान के निचले हिस्से में किराना दुकान थी, जबकि ऊपरी मंजिल पर परिवार रहता था।
रात करीब 11 बजे दुकान में अचानक आग लग गई जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
पिता राजकुमार साह ने बताया:
"सब मना कर रहे थे, मत जाओ, अभी आग जल रही है, फँस जाओगे।
मैंने कहा अब इंतजार नहीं कर सकते।
गेट राख बन गया था, एक धक्के में टूट गया।

अंदर जाते ही मेरे होश उड़ गए।
मेरे सामने सृष्टि और रूद्र कंकाल बने लिपटे हुए थे।
ऐसा लग रहा था कि दोनों एक-दूसरे को पकड़कर बचने की कोशिश कर रहे थे।
उनसे करीब दो फीट की दूरी पर स्टाफ प्रिंस का कंकाल पड़ा था।"

मृतकों की पहचान,
पुलिस के मुताबिक, मृतकों में किराना व्यवसायी राजकुमार साह की 12 वर्षीय पुत्री सृष्टि कुमारी, 8 वर्षीय पुत्र रुद्र कुमार, और 28 वर्षीय सेल्समैन पिंटू कुमार सिंह (उर्फ प्रिंस) शामिल हैं।

राजकुमार साह ने बच्चों को बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगाई, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो गया था।
ग्रामीण विजय बैठा भी आग बुझाने में मदद करने की कोशिश के दौरान झुलस गए।

फायर ब्रिगेड देर से आई, जान नहीं बचा सकी
घटना की सूचना पर अग्निशमन दस्ता देर से पहुँचा।
टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सुबह आठ बजे तक फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुटी रही
तब तक तीन जिंदगियाँ जलकर राख हो चुकी थीं।

यहाँ एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है रात 11 बजे लगी आग और सुबह 8 बजे काबू? करीब 9 घंटे! क्या समय पर फायर ब्रिगेड पहुँचती तो तीन जानें बचाई जा सकती थीं?

संपत्ति का नुकसान,
इस आगजनी में डेढ़ करोड़ से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया।
आग इतनी भयावह थी कि पड़ोस की एक अन्य किराना दुकान भी इसकी चपेट में आ गई, जिससे लाखों का सामान जलकर खाक हो गया।

आग का कारण अभी अनुत्तरित
आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालाँकि प्रशासन ने जाँच के बाद ही कुछ स्पष्ट होने की बात कही है।

सवाल जो उठने चाहिए
पहला सवाल:
बिहार में हर साल गर्मियों में दर्जनों अग्निकांड होते हैं फिर भी फायर ब्रिगेड की त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था क्यों नहीं सुधरती?

दूसरा सवाल:
आवासीय इमारत के नीचे होलसेल किराना-स्टोर क्या इसके लिए उचित अग्निशमन सुरक्षा उपकरण (स्प्रिंकलर, अलार्म) अनिवार्य नहीं होने चाहिए?

तीसरा सवाल:
सिकरहना डीएसपी ने दो मंजिला मकान में आग लगने की पुष्टि की।
क्या जिला प्रशासन पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा चार चार लाख रुपए मृतक के परिजनों को दिया है।

गाँव में पसरा मातम
घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है और लोग इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं।

12 साल की सृष्टि और 8 साल का रुद्र दो भाई-बहन जो मौत के आगोश में भी एक-दूसरे को थामे रहे।
यह तस्वीर किसी भी संवेदनशील इंसान को झकझोर देगी।
लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकारी तंत्र भी झकझोरा जाएगा, या अगले अग्निकांड का इंतजार किया जाएगा?

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चंडीगढ़ सोमवार 11/05/2026 आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा रक्षत शर्मा----सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ का हॉट कहां जाने वाला सेक्टर 17 आजकल व्यवस्थाओं का अड्डा बना हुआ आ है। यहां वहां गंदगी के ढ़ेर और टूटी फूटी सदके देखने को मिलती हैं जो कि शहर की सुंदरता को दागदार बनाते हैं। ऐसी ही जानलेवा और विकट समस्या की ओर समाजसेवक लक्की शर्मा जो स्टेट ऑफिस के नीचे बैठे एक टाइपिस्ट हैं। उन्होंने अल्फा न्यूज़ इंडिया के माध्यम से चंडीगढ़ प्रशासन का, नगर-निगम चंडीगढ़ और चंडीगढ़ के पुलिस प्रशासन सहित समाज सेवी संस्थाओं का ध्यान आकर्षित किया है। यहां बिना ढक्कन के मेनहाल कभी भी जानलेवा हादसे का सबब बन सकते हैं। हैरत की बात है कि चंडीगढ़ के दिल कहे जाने वाले सेक्टर में इतनी अव्यवस्था और दुर्दशा पसरी पड़ी है। और किसी भी बड़े से लेकर छोटा अधिकारी कर्मचारी तक इस सबसे बेखबर हैं। जो अधिकारियों की घोर लापरवाही और लोगों की जान माल के खामियाजा से उदासीनता का इशारा करती है । अल्फा न्यूज़ इंडिया की प्रशासन से, नगर निगम से पुलिस से पुरजोर मांग है कि इस जानलेवा हादसे को न्योता देते बिना ढक्कन वाले सीवरेज मेनहाल के तुरन्त मजबूत ढक्कन लगाए जाएं। ताकि किसी भी अमुक की अनचाही दर्दनाक दुर्घटना से आकस्मिक जीवन लीला समाप्त ना हो। और सेक्टर 17 में पसरी गंदगी को भी तुरंत प्रभाव से उठाया जाए। और शहर की शान सेक्टर 17 में पसरी अव्यवस्थाओं को हटाकर दुरुस्त करने की ओर प्रभावी कार्यवाही को अंजाम दिया जाए।।।

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हाईकोर्ट की बेंच के सामने शुक्रवार को जो कुछ हुआ, उसने धार की भोजशाला के कानूनी इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। एक तरफ सलमान खुर्शीद थे जो सुप्रीम कोर्ट की रोक का हवाला दे रहे थे, तो दूसरी तरफ विष्णु शंकर जैन ने एक ऐसी कानूनी बारीकी पकड़ी जिसने मामले का रुख ही मोड़ दिया। सारा झगड़ा इस बात पर है कि क्या 1991 का 'प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट' इस ऐतिहासिक ढांचे पर लागू होता है या नहीं?

हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से पेश हुए वकील विष्णु शंकर जैन ने जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने सूट (दीवानी मुकदमों) पर रोक लगाई है। लेकिन भोजशाला का यह मामला एक रिट याचिका है।

#HighCourt #Bhojshala #SupremeCourt

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CII ANNUAL BUSINESS SUMMIT 2026
Vision for India @ 100 The Future Global Economy, Industry & Society
New Delhi | 1112 May 2026
The prestigious Confederation of Indian Industry Annual Business Summit 2026 commenced in New Delhi with the theme Vision for India @ 100 The Future Global Economy, Industry & Society. The two-day summit has brought together leading industrialists, policymakers, economists, entrepreneurs, and global thought leaders to discuss Indias roadmap towards becoming a developed nation by 2047.
The summit focuses on critical areas including economic transformation, industrial innovation, digital growth, sustainability, global partnerships, manufacturing excellence, and social development. Delegates from across India and several international organizations are participating in high-level discussions and strategic sessions aimed at shaping the future of Indias economy and society.
A major highlight of the opening day on Monday, 11 May 2026, is the Special Plenary Session scheduled from 17:00 hrs to 18:00 hrs, featuring Yogi Adityanath, Honble Chief Minister of Uttar Pradesh.
During the plenary session, the Chief Minister is share his vision on industrial growth, investment opportunities, infrastructure development, employment generation, and the role of Uttar Pradesh in Indias journey towards becoming a global economic powerhouse.
Business leaders and industry experts attending the summit emphasized that India stands at a historic turning point, with strong economic momentum, rapid technological advancement, and increasing global influence. The summit is expected to produce key recommendations and collaborative strategies that will contribute to Indias long-term growth vision.
The CII Annual Business Summit 2026 continues on 12 May with multiple sessions, panel discussions, leadership dialogues, and networking engagements involving national and international stakeholders.

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