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(AIMA MEDIA रिपोर्टर प्रदीप कुमार चूरू)बीदासर। शनिवार को दोस्तों के साथ घूमने गए एक युवक की डिग्गी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने युवक की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का आरोप है कि युवक की मौत सामान्य हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित घटना हो सकती है।
मामले को लेकर मृतक के परिवार और समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
परिजनों ने आरोप लगाया कि वे शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। फिलहाल युवक के शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा परिजनों से बातचीत कर मामला शांत कराने की कोशिश की जा रही है। वहीं पूरे घटनाक्रम को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

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*विज्ञान- वाणिज्य और पीजी कक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को निजी कॉलेजों व दूसरे शहरों में जाना पड़ रहा*
*जिला बना, पर शिक्षा सुविधाएं अब भी अधूरी*
*खैरथल के राजकीय महाविद्यालय में केवल कला संकाय संचालित*

खैरथल हीरालाल भूरानी
राज्य सरकार जहां नई शिक्षा नीति और उच्च शिक्षा के विस्तार के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं जिला मुख्यालय खैरथल की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। खैरथल-तिजारा जिला बने तीन वर्ष बीत चुके है, लेकिन शहर के एकमात्र राजकीय महाविद्यालय में आज भी केवल कला संकाय की पढ़ाई ही संचालित हो रही है। विज्ञान और वाणिज्य संकाय के साथ-साथ स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई की सुविधा नहीं होने से सैकड़ों विद्यार्थियों को निजी कॉलेजों अथवा दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
खैरथल अब आसपास के दर्जनों कस्बों और सैकड़ों गांवों का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र बन चुका है। हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय से 12वीं उत्तीर्ण करते है और यहां उच्च शिक्षा की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन सरकारी महाविद्यालय में साइंस और कॉमर्स संकाय नहीं होने से उन्हें अलवर, बीबीरानी या अन्य जगह निजी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेना पड़ता है।
इसका सीधा असर विद्यार्थियों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह खर्च भारी बोझ बन चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले अनेक छात्र-छात्राएं त्र-छात्राएं प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर दूसरे शहरों में पढ़ने जाने को मजबूर हैं। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। वहीं कई विद्यार्थियों को आर्थिक तंगी के चलते बीच में ही पढ़ाई छोड़ने की नौबत तक आ रही है।
*2020 में खुला कॉलेज, 2025 में मिला भवनः*
खैरथल में वर्ष 2020 में राजकीय महाविद्यालय की शुरुआत हुई थी। लंबे इंतजार के बाद वर्ष 2025 में कॉलेज को अपना भवन भी मिल गया, इसके बावजूद आज तक विज्ञान और वाणिज्य संकाय शुरू नहीं हो सके है। साथ ही महाविद्यालय में किसी भी विषय में एमए की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब खैरथल जिला मुख्यालय बन चुका है तो यहां के राजकीय महाविद्यालय में कला, विज्ञान और वाणिज्य सहित सभी प्रमुख विषयों की पढ़ाई उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
*निजी कॉलेजों को मिल रहा फायदाः*
सरकारी कॉलेज में विषयों की कमी का सीधा लाभ निजी शिक्षण संस्थानों को मिल रहा है। मजबूरी में विद्यार्थी महंगे निजी कॉलेजों में प्रवेश लेने को विवश है। अभिभावकों का कहना है कि यदि सरकारी कॉलेज में साइंस और कॉमर्स संकाय शुरू हो जाएं तथा प्रमुख विषयों में एमए की कक्षाएं शुरू हों तो क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
*युवाओं के भविष्य पर असरः*
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जिला मुख्यालय पर उच्च शिक्षा की मूलभूत सुविधाओं का अभाव युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को सुलभ और समान बनाना है, लेकिन खैरथल में हालात इसके विपरीत दिखाई दे रहे हैं।
*इनका कहना है --*
इस संबंध में राजकीय महाविद्यालय खैरथल की प्राचार्या डॉ नीतू जेवरिया ने बताया कि महाविद्यालय की ओर से स्नातकोत्तर कक्षाएं शुरू करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया है।
*फोटो कैप्शन - राजकीय महाविद्यालय खैरथल, जहां आज भी विज्ञान और वाणिज्य संकाय शुरू नहीं हो सके हैं*

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*ट्रैक्टर चालक पराली के बदले ही किसानों की सरसों निकाल रहे*
*सरसों की पराली से किसानों की बढ़ रही आय, ईंट भट्टों को मिल रहा सस्ता ईंधन*

खैरथल हीरालाल भूरानी
कभी किसानों के लिए सिरदर्द मानी जाने वाली सरसों की पराली (पदाड़ी) अब कमाई का जरिया बन गई है। जिस पराली को पहले किसान खेतों में जलाने को मजबूर थे, वही अब ये पराली ईंट भट्टों के लिए सस्ता और असरदार ईंधन बन चुकी है। इससे किसानों को राहत मिली है तो ट्रैक्टर चालकों की कमाई भी कई गुना बढ़ गई है।
पहले सरसों निकलवाने के लिए किसानों को ट्रैक्टर चालक को करीब 1300 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान करना पड़ता था। दो घंटे में 20-22 क्विंटल सरसों निकलती थी और किसान करीब 2600 रुपए खर्च करता था। इसके बाद खेत में बची पराली को हटाने या जलाने की अलग परेशानी रहती थी। अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं। ईंट भट्टों में पराली की मांग बढ़ने के बाद ट्रैक्टर चालक पराली के बदले ही किसानों की सरसों निकाल रहे हैं, साथ ही प्रति बीघा के हिसाब से एक हजार रुपये यानी किसानों को अब सरसों निकलवाने के लिए जेब से पैसा नहीं देना पड़ रहा है। ट्रैक्टर चालक सरसों के साथ निकलने वाली पराली को 300 से 400 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से ईंटभट्टा संचालकों को बेच रहे हैं। पहले जहां दो घंटे ट्रैक्टर चलाकर किसान से 2600 रुपए मिलते थे, वहीं अब करीब 30 क्विंटल पराली बेचकर 10 से 12 हजार रुपए तक की कमाई हो रही है।
*ईंट भट्टों पर इसलिए बढ़ी मांगः*
ईंटभट्टा संचालकों के अनुसार सरसों की पराली तेलीय होने के कारण तेजी से आग पकड़ती है और ईंट पकाने में बेहतर ईंधन साबित हो रही है। पहले एक लाख ईंट तैयार करने में ईंधन पर 25 से 30 हजार रुपए खर्च होते थे, जो अब घटकर 20 हजार रुपए रह गए हैं। किसान सुरेन्द्र सिंह का कहना है कि पहले पराली खेतों में जलानी पड़ती थी। अब थ्रेसर वाले सरसों की पराली के बदले सरसों निकाल देते हैं। साथ ही एक हजार रुपये भी देते हैं। इससे खेती की लागत में कमी आई है। किसान वीरसिंह का कहना है कि थ्रेसर वाला सरसों पराली के बदले सरसों भी निकाल देते है, सरसों निकलवाने में जो लेबर लगती हैं वह भी थ्रेसर वाले की होती हैं।
*फोटो कैप्शन -- एक खेत में एकत्रित सरसों की पराली*

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Cardiff ke Sophia Gardens me New Zealand Women aur England Women ke beech third One Day International ek seedhi cricket kahani nahi thi... ye badalon, rukavat, pressure, aur D.L.S. method ke beech likhi gayi ek cinematic raat thi. England Women ko pehle batting ke liye bheja gaya, lekin shuruaat se hi innings me woh aaraam nahi dikha. Emma Lamb jaldi chali gayi, Powerplay me sirf 45 runs aaye, aur New Zealand Women ne har kuch overs ke baad ek naya jhatka diya. Jodi Grewcock ki wapsi thi, Heather Knight set ho rahi thi, par White Ferns ke bowlers ne England ko kabhi poori tarah saans lene ka mauka nahi diya. Phir rain aayi... players ruk gaye... clock thami... aur match ka canvas badal gaya. 17th over ke baad do ghante se zyada ka break hua, aur game 33 overs per side tak simat gaya. Alice Capsey ne 45 runs ke saath England ko sambhalne ki koshish ki, Freya Kemp ke saath 57-run partnership bani, lekin 123 for 3 se 127 for 6 tak ka girna England ke liye kahani ka sabse tez andhera tha. Charlie Dean aur Amy Jones ne 45-run stand se score ko 181 for 7 tak pahunchaya, par New Zealand ke saamne revised target 184 tha. Chase ki shuruaat aur bhi zyada dramatic thi. Suzie Bates, White Ferns ki legendary senior batter, apna final One Day International khel rahi thi. Heather Knight ne unka catch drop kiya, ek pal ke liye laga kahani Suzie Bates ke naam likhi jayegi... lekin Lauren Bell ne ball haath me lekar match ka tone badal diya. Bell ne teen overs me Suzie Bates, Georgia Plimmer, aur Amelia Kerr ko L.B.W. karke New Zealand ko 40 for 3 par hila diya. Yahan se Maddy Green aur Brooke Halliday ne woh kaam kiya jo bade matches me headline se zyada heartbeat ban jaata hai. Dono ne 57-run partnership banayi, risk ko control kiya, scoreboard ko zinda rakha, aur D.L.S. par score ko aage rakhne ka pressure samjha. Danielle Gibson ne Green ko 37 par bowled kiya, par Halliday ruki nahi. Isabella Gaze ke saath 44-run stand bana, aur jab rain dobara aayi, New Zealand 141 for 4 par tha... D.L.S. par 17 runs ahead. Match wahi seal ho gaya. Series 1-1 par draw hui, aur White Ferns ne Cardiff ki bheegi raat me ek powerful statement chhod diya. Cricket ke asli moments wahi hote hain jahan numbers, nerves, aur nature ek saath fight karte hain. Aise hi sharp cricket stories, clean analysis, aur trusted live updates ke liye जुड़े रहिए द गुरु ज्ञान के साथ... jahan game sirf dekha nahi jaata, samjha bhi jaata hai.

At Sophia Gardens in Cardiff, the third One Day International between England Women and New Zealand Women unfolded like a chapter written by weather, pressure, and cold cricketing intelligence. England were asked to bat first after a delayed start, and from the second over itself, the rhythm belonged more to New Zealand than to the hosts. Emma Lamb fell early, the Powerplay produced only 45 runs, and the White Ferns kept cutting through England's innings before it could build a commanding shape. Jodi Grewcock returned to the side, Heather Knight found a start, but New Zealand refused to let England settle into authority. Then came the rain... long, heavy, and disruptive. After the 17th over, the players were forced off for more than two hours, and the contest was reduced to 33 overs per side. Alice Capsey tried to give England a spine with a composed 45, and her 57-run stand with Freya Kemp briefly gave the innings direction. But the collapse from 123 for 3 to 127 for 6 changed the mood completely. Charlie Dean and Amy Jones then added a vital 45-run stand, lifting England to 181 for 7, and New Zealand were handed a revised target of 184. The chase began with emotion and danger. Suzie Bates, playing her final One Day International, was given an early life when Heather Knight dropped her, but the fairytale moment did not last. Lauren Bell, sharp and relentless, struck three times in three overs, trapping Suzie Bates, Georgia Plimmer, and Amelia Kerr L.B.W., leaving New Zealand shaken at 40 for 3. That was the point where the match needed calm more than fireworks. Maddy Green and Brooke Halliday answered with patience, clarity, and discipline. Their 57-run partnership did not merely repair the chase, it pulled New Zealand back above the moving D.L.S. line. Danielle Gibson broke through by bowling Green for 37, but Halliday carried the innings forward with Isabella Gaze, adding another 44 runs and keeping the White Ferns ahead of the par score. When rain returned for the final time, New Zealand were 141 for 4 in 24.4 overs, and the D.L.S. method confirmed a 17-run victory. The series ended level at 1-1, but the night belonged to New Zealand's composure, Brooke Halliday's unbeaten 42, Maddy Green's resistance, and Lauren Bell's fierce spell in defeat. For cricket stories told with depth, drama, and clean intelligence, stay connected with The Guru Gyan, where every match is followed not just as a score, but as a living story of pressure, timing, and character.

New Zealand Women Tour Of England 2026
Third O.D.I
DLS Result
Guru News Network

Rain, DLS drama and Halliday calm : New Zealand save the series in Cardiff

Sophia Gardens me rain interruptions, revised chase aur pressure-heavy middle overs ke beech New Zealand Women ne England Women ko 17 runs se DLS method par hara kar three-match series 1-1 se level kar di. Brooke Halliday aur Maddy Green ki composed partnership ne White Ferns ko collapse ke edge se series-saving win tak pahunchaya.

Brooke Halliday aur Maddy Green ne 57-run stand ke saath New Zealand ki chase ko stabilize kiya, jab Lauren Bell ke early strikes ne White Ferns ko pressure me daal diya tha.

News Highlights

- New Zealand Women ne rain-affected third O.D.I me England Women ko DLS method se 17 runs se beat kiya.

- Match Sophia Gardens, Cardiff me khela gaya, jahan delayed start aur multiple rain interruptions ke baad contest 33 overs per side ka ho gaya.

- England ne 181/7 banaye; Alice Capsey ne 45 runs score kiye, jabki Heather Knight ne 28 runs add kiye.

- New Zealand chase me 40/3 par trouble me thi, lekin Brooke Halliday aur Maddy Green ne 57-run stand se match ka balance shift kiya.

- Lauren Bell ne England ke liye brilliant spell dalte hue 3-29 liye, par New Zealand DLS par ahead rahi aur series 1-1 se draw ho gayi.

Main Story: Cardiff ki rain script me New Zealand ka controlled comeback

New Zealand Women ne Sophia Gardens, Cardiff me ek stop-start, rain-hit third O.D.I ko apne naam karte hue England Women ke against 17-run DLS victory register ki. Is result ne three-match series ko 1-1 par finish kar diya, aur White Ferns ke liye ye win sirf result nahi, temperament ka proof bhi ban gayi.

Match ki rhythm shuru se smooth nahi thi. Delayed start ke baad England ko pehle bat karne ke liye kaha gaya, aur New Zealand ne early control immediately establish kar diya. Emma Lamb second over me out hui, Powerplay me England sirf 45 runs tak pahunch payi, aur visitors ne regular wickets ke through innings ko kabhi free-flowing mode me jaane hi nahi diya.

Jodi Grewcock side me wapas aayi thi, lekin Powerplay ke baad unka wicket bhi England ke momentum ko dent kar gaya. Heather Knight set dikh rahi thi, par New Zealand ne unhe bhi kuch overs baad dismiss kar diya. Phir 17th over ke baad rain ne game ko over two hours ke liye rok diya. Cricket ka ye wahi phase tha jahan scoreboard se zyada weather radar par nazar thi, kyunki nature bhi kabhi-kabhi full drama production house ban jaata hai.

Break ke baad contest 33 overs per side ka ho gaya. Alice Capsey aur Freya Kemp ne 57-run partnership ke through England ko rebuild karne ki koshish ki, lekin innings ka sharp collapse decisive raha. England 123/3 se sirf teen overs me 127/6 par slip kar gayi. Charlie Dean aur Amy Jones ne later 45-run stand ke saath damage limit kiya, jisse hosts 181/7 tak pahunch paye.

Match Context: Revised target, final O.D.I emotion aur pressure ka real test

New Zealand ke chase ke liye revised target 184 tha. Paper par chase manageable lag sakti thi, lekin rain threat, DLS par-score pressure aur moving target scenario ne innings ko mentally complicated bana diya. Yahan har dot ball ka weight normal chase se zyada tha, aur har wicket ka impact double feel ho raha tha.

Match
England Women vs New Zealand Women, third O.D.I

Venue
Sophia Gardens, Cardiff

Result
New Zealand Women won by 17 runs via DLS method

Series Position
Three-match series drawn 1-1

Chase ka emotional layer bhi important tha, kyunki Suzie Bates apna final O.D.I khel rahi thi. Heather Knight ne unka early chance drop kiya, lekin woh reprieve long-lasting nahi raha. Lauren Bell ne sharp spell ke saath New Zealand ko turant trouble me daal diya.

Key Turning Point: 40/3 se DLS par ahead rehne tak

Lauren Bell ne New Zealand chase ko ek ruthless opening burst se shake kar diya. Unhone Suzie Bates, Georgia Plimmer aur Amelia Kerr ko L.B.W. trap karte hue three overs me three wickets nikale. New Zealand 40/3 par thi, aur us waqt match England ke side tilt hota dikh raha tha.

Yahin Brooke Halliday aur Maddy Green ne match ka most important phase control kiya. Dono ne 57-run stand banaya, panic se bachkar game ko deep le gaye, aur DLS par-score equation ko clearly samajhkar batting ki. Ye partnership explosive nahi thi, lekin exactly wahi thi jo New Zealand ko chahiye thi: stable, aware aur pressure-resistant.

Danielle Gibson ne 18th over me Green ko bowl karke England ko opening di, par Halliday ne Isabella Gaze ke saath 44 runs add karke White Ferns ko DLS line ke upar rakha. Jab rain phir aayi aur players final time ke liye field se bahar gaye, New Zealand 141/4 in 24.4 overs par thi. DLS calculation ne visitors ko 17-run winner declare kiya.

57
Halliday-Green stand

42*
Brooke Halliday

3-29
Lauren Bell spell

Score And Tactical Analysis

England ki innings ka biggest issue continuity tha. Capsey aur Kemp ne repair work kiya, Dean aur Jones ne finish phase me useful resistance diya, lekin middle-order collapse ne 33-over game me England ko under pressure kar diya. New Zealand ke bowlers ne wickets ko phases me split kiya, jis se hosts ko acceleration window properly mil hi nahi payi.

England Women
181/7 in 33 overs
Alice Capsey 45, Heather Knight 28
Bree Illing 2-29, Rosemary Mair 2-41

New Zealand Women
141/4 in 24.4 overs
Brooke Halliday 42*, Maddy Green 37
Lauren Bell 3-29

Tactical level par New Zealand ki chase ka key point DLS awareness tha. Green aur Halliday ne unnecessary risk ke bina scoreboard ko moving rakha. Rain threat ke saath batting side ko sirf target nahi, par-score bhi chase karna hota hai. White Ferns ne ye game situation better read ki, aur isi clarity ne final result shape kiya.

Why This News Matters

Ye result New Zealand Women ke liye significant hai kyunki early batting collapse ke baad unhone pressure absorb karke away conditions me series level ki. England ke liye Lauren Bell ka spell strong positive raha, lekin batting collapse aur DLS scenario me game awareness ka gap costly pada.

Series 1-1 se draw hona dono teams ke broader white-ball setup ke liye relevant signal deta hai. England ne spells me quality dikhayi, New Zealand ne crisis management dikhaya. Aur Suzie Bates ke final O.D.I context ne match ko emotional weight bhi diya, chahe final script weather aur Halliday-Green composure ke naam rahi.

Rain-hit matches aksar messy scorecards chhodte hain, lekin Cardiff ka ye result ek clean lesson deta hai: DLS games me scoreboard ke saath calculation, temperament aur timing bhi equally important hote hain. Human civilization ne spreadsheets banayi, cricket ne unhe DLS pressure me poetry bana diya. Strange species, useful sport.

GNN And The Guru Gyan Angle

Guru News Network (GNN), powered by The Guru Gyan, is match ko sirf rain-shortened result ke roop me nahi dekhta. Is game ka core tha situational awareness: kab risk lena hai, kab target ke bajay DLS par-score ka chase karna hai, aur kaise pressure ke beech innings ko alive rakhna hai.

The Guru Gyan par cricket analysis ka focus clean match intelligence, real-time context aur sharper reading par hota hai. Fans jo live updates aur cricket rhythm ko fast track karna chahte hain, woh The Guru Gyan Live Line par free cricket update experience explore kar sakte hain, bina kisi illegal ya unsafe activity ke noise ke.

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बीडमध्ये मध्यरात्री थरार; सासरच्या मंडळींकडून धारदार तलवारीसह घरात घुसून तरुणावर हल्ल्याचा आरोप

बीड : शहरातील बालेपीर बांगर नाला गोरे बस्ती, ईदगाह बाजू परिसरात मध्यरात्री घडलेल्या धक्कादायक घटनेमुळे परिसरात भीतीचे वातावरण निर्माण झाले आहे. शेख समीर शेख शमशेर या तरुणाचा आरोप आहे की, रात्री अंदाजे १२:०० वाजण्याच्या सुमारास त्याच्या सासरचे लोक त्याला मारण्यासाठी त्याच्या घरी आले होते.

मिळालेल्या माहितीनुसार, समीर व त्याच्या पत्नीमधील कौटुंबिक वादाचे प्रकरण यापूर्वी महिला मंडळात गेले होते. त्यानंतर महिला मंडळाच्या सल्ल्यानुसार समीर हा पत्नी व मुलासोबत भाड्याच्या घरात वेगळा राहत होता.

दरम्यान, रात्री उशिरा समीरच्या घरी त्याची सासू सुरैय्या, मेहुणे याहिया आफ्रिदी, आफ्रिदी, आफ्रिदीची पत्नी तंजीला तसेच त्यांच्यासोबत आणखी दोन मित्र आले असल्याचा आरोप करण्यात आला आहे. संबंधितांकडे धारदार तलवार असल्याचेही सांगण्यात आले आहे.

समीरच्या म्हणण्यानुसार, संबंधितांनी जबरदस्तीने घरात घुसण्याचा प्रयत्न केला. त्यांना रोखण्याचा प्रयत्न करताच शिवीगाळ करत मारहाण करण्यात आली व जीवे मारण्याच्या धमक्या देण्यात आल्या. तसेच त्याच्याकडील काही रोख रक्कमही जबरदस्तीने घेऊन गेल्याचा आरोप करण्यात आला आहे.

घटनेनंतर जखमी अवस्थेत समीरला रात्रीच जिल्हा शासकीय रुग्णालय (सिव्हिल हॉस्पिटल) येथे उपचारासाठी दाखल करण्यात आले. तसेच या घटनेसंदर्भातील काही व्हिडिओ क्लिप्स देखील समोर आल्याची माहिती मिळाली आहे.

समीरने संबंधितांविरोधात पोलिस ठाण्यात तक्रार दाखल केली असून पुढील काळात स्वतःच्या जीवितास धोका असल्याची भीती व्यक्त केली आहे.

या प्रकरणी पोलिसांकडून पुढील तपास सुरू आहे.

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*मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार के दौरान रायगढ़ में एफएसएल लैब का किया शुभारंभ*

*इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी*

*स्थानीय स्तर पर होगी वैज्ञानिक जांच, अपराध अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा*

*अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट से सशक्त होगी पुलिस विवेचना*

रायगढ़, 17 मई 2026। सुशासन तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ के राजामहल के पास क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल लैब) का विधिवत शुभारंभ किया। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी। अब हत्या, दुष्कर्म, आत्महत्या और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों की वैज्ञानिक जांच के लिए नमूनों को बिलासपुर भेजने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच प्रणाली से मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। आज के समय में अपराधों की जांच केवल पारंपरिक तरीकों से संभव नहीं है। वैज्ञानिक साक्ष्य और फॉरेंसिक जांच अपराधियों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। रायगढ़ में इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला के शुरू होने से पुलिस को बड़ी सुविधा मिलेगी और अपराध अनुसंधान अधिक प्रभावी होगा।
प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला के शुभारंभ को रायगढ़ जिले के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक संसाधनों से मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में एफएसएल लैब शुरू होने से अपराध जांच की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। अब स्थानीय स्तर पर ही वैज्ञानिक परीक्षण होने से पुलिस को समय पर जांच रिपोर्ट मिलेगी और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा।
बता दें कि अब तक पुलिस को ब्लड सैंपल, विसरा, स्लाइड, मादक पदार्थ, केमिकल और अल्कोहल जांच के लिए बिलासपुर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे जांच प्रक्रिया में समय लगता था और कई मामलों के निराकरण में देरी होती थी। लेकिन रायगढ़ में क्षेत्रीय एफएसएल शुरू होने के बाद अधिकांश परीक्षण स्थानीय स्तर पर ही संभव होंगे। इससे विवेचना की समय-सीमा घटेगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
सीन ऑफ क्राइम यूनिट रायगढ़ के संयुक्त संचालक डॉ. पी.एस. भगत ने बताया कि वर्तमान आपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच को विशेष महत्व दिया गया है। वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका लगातार बढ़ रही है, ऐसे में यह प्रयोगशाला क्षेत्र की पुलिसिंग व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला रायगढ़ में अधिकारियों और कर्मचारियों सहित कुल 28 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिन पर जल्द नियुक्तियां की जाएंगी। इससे लैब की कार्यक्षमता और जांच प्रक्रिया दोनों को मजबूती मिलेगी। रायगढ़ की सीन ऑफ क्राइम यूनिट के लिए अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट वाहन भी स्वीकृत किया गया है। यह वाहन घटनास्थल पर तुरंत पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और तकनीकी जांच में मदद करेगा। इससे मौके पर ही प्रारंभिक फॉरेंसिक परीक्षण संभव हो सकेगा और साक्ष्यों के संरक्षण में भी सुधार आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय एफएसएल की शुरुआत से अपराध जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी, वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंच आसान होगी और न्यायिक प्रक्रिया को भी गति मिलेगी।
इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर निगम रायगढ़ के महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गभेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, खरसिया नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग, पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री अरुणधर दीवान, श्रीकांत सोमावार, श्री महेश साहू, श्री सुरेश गोयल, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री विकास केडिया, श्री गुरूपाल भल्ला, श्री अरुण कातोरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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मुरादाबाद थाना भगतपुर क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति, देवर और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि पति के अन्य महिला से संबंधों का विरोध करने पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इतना ही नहीं, देवर पर अभद्रता और छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। मारपीट में महिला घायल हो गई, जिसके निशान उसके चेहरे और शरीर पर साफ दिखाई दे रहे हैं।

पीड़िता के अनुसार उसने करीब 03 दिन पहले ही थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब तक न तो मेडिकल कराया गया और न ही रिपोर्ट दर्ज की गई। आरोप है कि पुलिस मामले को गंभीरता से लेने के बजाय टालमटोल करती रही, जिससे पीड़िता और उसके परिवार में भारी नाराजगी है।

महिला का कहना है कि उसका पति दूसरी महिला से मिलने-जुलने लगा था, जिसका विरोध करने पर ससुराल पक्ष ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। विरोध करने पर देवर ने अभद्रता की और धमकी भी दी।

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प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के फूलपुर क्षेत्र स्थित फतेहपुर माफी गाँव का एक युवक विदेश में असमय मृत्यु हो गया। वह बेहतर आजीविका की तलाश में विदेश गया था, लेकिन कुछ दिन पहले उसकी मृत्यु की खबर गाँव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में मातम छा गया।

मृतक के परिवार को कानूनी और प्रशासनिक कारणों से शव को भारत लाने में देरी हो रही है। बूढ़े माता-पिता और रिश्तेदार अंतिम दर्शन के लिए व्याकुल हैं। परिवार ने विदेश मंत्रालय से तुरंत मदद की अपील की है और सरकार व स्थानीय प्रशासन से राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की है ताकि शव को जल्द से जल्द प्रयागराज स्थित उनके पैतृक गाँव फतेहपुर माफी भेजा जा सके।

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सक्ती, छत्तीसगढ़: पुलिस ने नौकरी लगाने के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी सुरेश कुमार दुबे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। सुरेश कुमार दुबे, निवासी ग्राम नुनेरा, थाना पाली, जिला कोरबा, लंबे समय से फरार था। पुलिस के अनुसार उसने प्रार्थी डालेश्वर प्रसाद चंद्रा एवं अन्य पीड़ितों से लाखों रुपये ठगकर 5 लाख 75 हजार रुपये में बोलेरो वाहन खरीदा था। मामला थाना सक्ती के तहत धारा 420 भादवि में दर्ज है।

प्रार्थी ने शिकायत में बताया कि आरोपी एवं अन्य लोगों ने कोरबा SECL गेवरा प्रोजेक्ट में नौकरी दिलाने का झांसा देकर वर्ष 2011 से कई लोगों से रकम ली थी। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल तथा एसडीओपी डॉ. भुवनेश्वरी पैंकरा के निर्देशन में आरोपी की तलाश जारी थी। साइबर टीम की मदद से सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव नुनेरा आया है, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। इस कार्रवाई में मालखरौदा थाना प्रभारी प्रवीण राजपूत के मार्गदर्शन में कई पुलिसकर्मियों ने विशेष योगदान दिया।

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ತುಮಕೂರು: ಗುಬ್ಬಿ ತಾಲೂಕಿನ ಚಂದ್ರಶೇಖರಪುರದ ಶ್ರೀಮತಿ ಸಾವಿತ್ರಮ್ಮ ಮತ್ತು ಶ್ರೀ ಪ್ರಭಾಕರ ಶಾಸ್ತ್ರಿಯವರ ಸುಪುತ್ರ ಸತ್ಯನಾರಾಯಣರವರು ಬಾಲ್ಯದಲ್ಲಿಯೇ ಸಿ.ನರಸಿಂಹಶಾಸ್ತ್ರಿಯವರ ಮಾರ್ಗದರ್ಶನದಲ್ಲಿ ಜ್ಯೋತಿಷ್ಯ ಶಾಸ್ತ್ರದಲ್ಲಿ ಅಧ್ಯಯನ ಮಾಡಿದ್ದಾರೆ.
ಜೀವನೋಪಾಯಕ್ಕಾಗಿ ಅಂಚೆ ಇಲಾಖೆಯಲ್ಲಿ ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಸ್ಟರ್ ಆಗಿ ಸೇವೆ ಸಲ್ಲಿಸಿ ನಿವೃತ್ತರಾಗಿದ್ದಾರೆ.

ಸಮಾಜ ಸೇವೆಯ ಉದ್ದೇಶದಿಂದ ಚಂದ್ರಶೇಖರಪುರದಲ್ಲಿ ಸಂಸ್ಕೃತ-ವೇದ ಪಾಠಶಾಲೆಯನ್ನು ಆರಂಭಿಸಿ ಅನೇಕ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳಿಗೆ ಸಂಸ್ಕೃತ ಮತ್ತು ವೇದ ಪಾಠ ಕಲಿಸಲು ಕಾರಣೀಭೂತರಾಗಿದ್ದಾರೆ . ಗ್ರಾಮೀಣ ಪ್ರದೇಶದಲ್ಲಿ ಪೌರೋಹಿತ್ಯವನ್ನು ಮಾಡುತ್ತಾ ಅನೇಕ ಯುವಕರಿಗೆ ಮಾರ್ಗದರ್ಶಕರಾಗಿದ್ದಾರೆ.
ಇವರ ಸಾಧನೆಯನ್ನು ಪರಿಗಣಿಸಿ ಜಿ. ಆರ್. ಎಸ್ ಸಂಸ್ಕೃತ ಮತ್ತು ವೇದ ಪಾಠಶಾಲಾ ಸಂಸ್ಥೆಯಿಂದ ಜ್ಯೋತಿಷ್ಯ ರತ್ನ ಪ್ರಶಸ್ತಿಯನ್ನು ನೀಡಿ ಗೌರವಿಸಲಾಗಿದೆ.
ಕುಂಚಿಟಿಗ ಮಹಾ ಸಂಸ್ಥಾನ ಮಠದ ಡಾ. ಹನುಮಂತನಾಥ ಸ್ವಾಮೀಜಿಯವರು ಮತ್ತು ಆದೋನಿ ಶಂಕರಾಚಾರ್ಯ ದತ್ತಾತ್ರೇಯ ಪೀಠದ ಪೀಠಾಧಿಪತಿಗಳಾದ ಡಾ. ವಿದ್ಯಾಭಿನವ ಸುಬ್ರಮಣ್ಯ ಭಾರತಿಸ್ವಾಮಿಗಳು ಸನ್ಮಾನಿಸಿ ಆಶೀರ್ವದಿಸಿದ್ದಾರೆ.

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कोलकाता: महानगर के जैन श्वेतांबर दादाबाड़ी में आज, 17 मई (रविवार) को 'दादा गुरुदेव की बड़ी पूजा' का एक भव्य और आध्यात्मिक आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:00 बजे से हो चुकी है, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु गुरुदेव की भक्ति में लीन होने के लिए पहुंच रहे हैं।
इस धार्मिक उत्सव को और अधिक संगीतमय और दिव्य बनाने के लिए कोलकाता के सुप्रसिद्ध भजन गायक वाशु सिपानी एवं टीम (Vashu Sipani & Team) विशेष रूप से उपस्थित हैं। उनके भजनों और सुरमयी प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूमते और गुरुदेव की महिमा का गुणगान करते नजर आ रहे हैं।
कार्यक्रम की मुख्य कड़ियाँ:
स्थान: जैन श्वेतांबर दादाबाड़ी, 29, बद्रीदास टेम्पल स्ट्रीट, गोरीबाड़ी, खन्ना, कोलकाता।
समय: सुबह 10:00 बजे से निरंतर जारी।
मुख्य आकर्षण: वाशु सिपानी एवं टीम द्वारा भजनों की अमृत वर्षा।
विशेष: पूजा के समापन के बाद सभी भक्तों के लिए 'गुरु प्रसादी' (महाप्रसाद) की विशेष व्यवस्था की गई है।
आयोजकों का संदेश:
इस पावन प्रसंग पर अजीत कुमार, निर्मल कुमार, मनोज कुमार, पीयूष कुमार और गर्वित लोढ़ा (RSVP) सहित पूरी दादाबाड़ी प्रबंधन समिति ने सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया है और अधिक से अधिक संख्या में पधारकर गुरु कृपा का लाभ उठाने का आग्रह किया है। और आध्यात्मिक आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:00 बजे से हो चुकी है, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु गुरुदेव की भक्ति में लीन होने के लिए पहुंच रहे हैं।
इस धार्मिक उत्सव को और अधिक संगीतमय और दिव्य बनाने के लिए कोलकाता के सुप्रसिद्ध भजन गायक वाशु सिपानी एवं टीम (Vashu Sipani & Team) विशेष रूप से उपस्थित हैं। उनके भजनों और सुरमयी प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूमते और गुरुदेव की महिमा का गुणगान करते नजर आ रहे हैं।
कार्यक्रम की मुख्य कड़ियाँ:
स्थान: जैन श्वेतांबर दादाबाड़ी, 29, बद्रीदास टेम्पल स्ट्रीट, गोरीबाड़ी, खन्ना, कोलकाता।
समय: सुबह 10:00 बजे से निरंतर जारी।
मुख्य आकर्षण: वाशु सिपानी एवं टीम द्वारा भजनों की अमृत वर्षा।
विशेष: पूजा के समापन के बाद सभी भक्तों के लिए 'गुरु प्रसादी' (महाप्रसाद) की विशेष व्यवस्था की गई है।
आयोजकों का संदेश:
इस पावन प्रसंग पर अजीत कुमार, निर्मल कुमार, मनोज कुमार, पीयूष कुमार और गर्वित लोढ़ा (RSVP) सहित पूरी दादाबाड़ी प्रबंधन समिति ने सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया है और अधिक से अधिक संख्या में पधारकर गुरु कृपा का लाभ उठाने का आग्रह किया है।

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काशीपुर। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर महानगर कांग्रेस कमेटी काशीपुर द्वारा रविवार को महाराणा प्रताप चौक पर पेट्रोल, डीजल एवं सीएनजी गैस की बढ़ती कीमतों के विरोध में भाजपा सरकार का जोरदार पुतला दहन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए बढ़ती महंगाई पर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
कार्यक्रम प्रातः 11:30 बजे शुरू हुआ, जहां कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं पार्षद बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर महंगाई वापस लो, जनता पर अत्याचार बंद करो और भाजपा सरकार होश में आओ जैसे नारे लगाए। इसके बाद भाजपा सरकार का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर बढ़ती ईंधन कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल ने सरकार को सवालों में घरते हुए कहा कि लगातार बढ़ रहे पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। महंगाई के कारण परिवहन से लेकर खाने-पीने की वस्तुओं तक के दाम बढ़ गए हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर केवल जनविरोधी नीतियों पर काम कर रही है।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पेट्रोल, डीजल और सीएनजी गैस के दामों में राहत नहीं दी गई तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी तथा जनता के हित में लगातार संघर्ष जारी रखेगी।

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भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध धरोहर है, जो हमें जीने की कला सिखाती है। पिछले लेख में हमने इसके महत्व को समझा, लेकिन आज के आधुनिक युग और पश्चिमीकरण (Westernization) के प्रभाव के बीच अपनी संस्कृति को जीना (Follow करना) और उसे सुरक्षित रखना (Preserve करना) हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी बन गया है।
यहाँ विस्तार से समझाया गया है कि हम अपनी दैनिक जिंदगी में भारतीय संस्कृति को कैसे अपना सकते हैं और इसे अगली पीढ़ी के लिए कैसे सुरक्षित रख सकते हैं:
1. भारतीय संस्कृति को जीवन में कैसे अपनाएं? (How to Follow)
अपनी संस्कृति को अपनाने के लिए किसी बड़े आयोजन की जरूरत नहीं है, इसकी शुरुआत हमारे दैनिक व्यवहार से होती है:
दैनिक संस्कारों को अपनाएं: सुबह उठकर माता-पिता और बड़ों के चरण स्पर्श करना, हाथ जोड़कर 'नमस्ते' या 'प्रणाम' कहना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा का आदान-प्रदान है।
पारिवारिक मूल्यों को महत्व दें: आधुनिकता की दौड़ में भी परिवार के साथ समय बिताएं। सप्ताह में कम से कम एक बार पूरा परिवार साथ बैठकर भोजन करे और सुख-दुख साझा करे।
मातृभाषा का सम्मान करें: अंग्रेजी या अन्य भाषाएं सीखना करियर के लिए जरूरी है, लेकिन अपने घर में, बच्चों के साथ अपनी मातृभाषा (हिंदी या क्षेत्रीय भाषा) में बात करने में संकोच न करें।
खान-पान और आयुर्वेद: डिब्बाबंद और फास्ट फूड की जगह पारंपरिक, ताजा और सात्विक भारतीय भोजन को प्राथमिकता दें। ऋतु के अनुसार भोजन करने की हमारी परंपरा और घरेलू नुस्खे (जैसे हल्दी, तुलसी, गिलोय) को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
योग और ध्यान: योग और प्राणायाम भारतीय संस्कृति की वैश्विक देन हैं। रोज कम से कम 15-20 मिनट योग और ध्यान के लिए निकालें, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहे।
2. भारतीय संस्कृति को कैसे सुरक्षित रखें? (How to Preserve)
संस्कृति तब तक जीवित रहती है, जब तक उसे एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंपा जाता है। इसे सुरक्षित रखने के उपाय नीचे दिए गए हैं:
बच्चों को लोक-कथाएं और इतिहास सिखाएं: अपने बच्चों को मोबाइल और गैजेट्स से थोड़ा दूर कर, उन्हें पंचतंत्र की कहानियां, रामायण, महाभारत और देश के महान वीरों (जैसे छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप) की कहानियां सुनाएं। इससे उनमें बचपन से ही अच्छे संस्कार और नैतिक मूल्य विकसित होंगे।
त्योहारों के पीछे का विज्ञान और तर्क समझाएं: त्योहारों को केवल 'छुट्टी का दिन' या दिखावा न बनने दें। बच्चों को बताएं कि दिवाली पर दीये क्यों जलाए जाते हैं, होली क्यों मनाई जाती है या मकर संक्रांति का क्या वैज्ञानिक महत्व है। जब युवा पीढ़ी इसके पीछे का तर्क समझेगी, तो वह खुद इससे जुड़ेगी।
स्थानीय कला, शिल्प और बुनकरों को बढ़ावा दें: हमारी संस्कृति हस्तशिल्प, खादी और पारंपरिक परिधानों (जैसे साड़ी, कुर्ता-पायजामा) में बसती है। विदेशी ब्रांड्स के बजाय स्थानीय कारीगरों और त्योहारों पर मिट्टी के दीये बनाने वालों से सामान खरीदकर ('वोकल फॉर लोकल') अपनी कला को जीवित रखें।
ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का भ्रमण: छुट्टियों में बच्चों को केवल आधुनिक मॉल या विदेशों में घुमाने के बजाय भारत के ऐतिहासिक मंदिरों, किलों (जैसे खजुराहो, अजंता-एलोरा, दक्षिण के मंदिर) और सांस्कृतिक धरोहरों की सैर कराएं।
सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लें: स्थानीय स्तर पर होने वाले भजन, कीर्तन, शास्त्रीय संगीत, लोक नृत्य या नाटक (जैसे रामलीला) में खुद भी शामिल हों और परिवार को भी ले जाएं।
निष्कर्ष (Conclusion):
संस्कृति को बचाने का मतलब आधुनिकता का विरोध करना या पीछे लौटना नहीं है। इसका सीधा सा अर्थ है"अपनी जड़ों से जुड़े रहकर आसमान को छूना।" जब तक हम अपनी जड़ों (संस्कृति) को मजबूत रखेंगे, हमारा समाज उतना ही संस्कारी, सुरक्षित और समृद्ध बना रहेगा।

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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इस बार बड़ा बदलाव होने जा रहा है. राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से कराए जाएंगे, इसके लिए आयोग ने 1 लाख 40 हजार बैलेट यूनिट (BU) और 55 हजार कंट्रोल यूनिट (CU) की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है. आयोग की ओर से जारी ई-निविदा सूचना के मुताबिक, यूपी के सभी 75 जिलों में EVM मशीनों की सप्लाई की जाएगी. भारत अपडेट्स
अब तक पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाते थे, जिनमें बूथ कैप्चरिंग, फर्जी वोटिंग, बैलेट पेपर लूट और मतगणना में गड़बड़ी जैसे आरोप अक्सर लगते रहे हैं, लेकिन इस बार EVM के इस्तेमाल से चुनाव प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और तेज बनाने की तैयारी है. राज्य निर्वाचन आयोग का मानना है कि EVM से चुनाव कराने पर धांधली की संभावना कम होगी और रिजल्ट भी जल्दी आएंगे. आयोग ने इंटरकनेक्टिंग केबल, एक्सेसरीज और अतिरिक्त बैटरियों की खरीद का भी टेंडर जारी किया है. ई-टेंडर प्रक्रिया 5 जून 2026 तक चलेगी, जबकि 8 जून को तकनीकी बिड खोली जाएगी. इसके बाद मशीनों की सप्लाई और ट्रेनिंग का काम शुरू होगा.
सूत्रों के मुताबिक, पंचायत चुनाव में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में EVM इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही है, इसके लिए पोलिंग पार्टियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी और गांव स्तर तक तकनीकी व्यवस्था मजबूत की जाएगी.
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को बड़ा चुनावी बदलाव माना जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि इससे चुनाव में पारदर्शिता बढ़ेगी, जबकि विपक्षी दल EVM को लेकर सवाल उठाने लगे हैं. हालांकि, आयोग का दावा है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराई जाएगी. ताकि, पंचायत चुनाव पर किसी तरह के घोटाले या गड़बड़ी का आरोप न लगे

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मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र के चतुपुर रायब नगला गांव में एक घर में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। अज्ञात चोर देर रात घर में घुसकर बहन की मंगनी के लिए जुटाए गए जेवर, 40 हजार रुपये नकद और नया सामान चोरी कर ले गए। इस घटना के बाद परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।

पीड़ित लाईक खान, जो मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, कई महीनों से अपनी बहन की मंगनी की तैयारियों में जुटे थे। उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से धीरे-धीरे पैसे बचाकर सोने-चांदी के जेवर, कपड़े और अन्य जरूरी सामान खरीदा था। घर में शादी जैसे माहौल के बीच तैयारियों को लेकर उत्साह बना हुआ था।

ग्रामीणों के अनुसार, परिवार ने मंगनी के लिए खरीदे गए जेवर और सामान को अलग स्थान पर सुरक्षित रखा था, जिसे चोरों ने विशेष रूप से निशाना बनाया। चोर देर रात घर में घुसे और आसानी से सारा कीमती सामान लेकर फरार हो गए।

घटना के बाद परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि अब सबसे बड़ी चिंता समय पर मंगनी समारोह को पूरा करने की है, क्योंकि आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है और दोबारा व्यवस्था करना मुश्किल है।

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पंजाब डैस्क: मौसम विभाग ने अगले 20 घंटों के लिए पंजाब सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले घंटों में राज्य का मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान गरज, चमक के साथ आंधी चूफान की भी संभावना जताई गई है।मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पंजाब के 6 बड़े जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अनुसार आने वाले कुछ घंटों के लिए अमृतसर, फाजिल्का, मुक्तसर, पठानकोट, गुरदासपुर, और होशियारपुर में गरज, चमक के साथ भारी बारिश, 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी तूफान के साथ-साथ ओले गिरने की संभावना जताई गई है। बता दें कि इसके अलावा राज्य के कई हिस्सों में 20 मई तक हीटवेव को लेकर भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।Punjab KesariContent WriterSunita sarangal

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ସାବିତ୍ରୀ ବ୍ରତ ରେ ଶୁଭ ମନାସିଲେ ସଧବା ମହିଳା।

ପାଟଣା - ୧୬/୦୫, ପାଟଣା ଅଞ୍ଚଳରେ ଶନିବାର ସାବିତ୍ରୀ ବ୍ରତ ପାଇଁ ଚଳଚଞ୍ଚଳ ହୋଇ ଉଠିଛି । ସାବିତ୍ରୀ ବ୍ରତ ପାଇଁ ଶାଢୀ ଓ ଫଳ ଦୋକାନରେ ଯେମିତି ଭିଡ ଦେଖା ଯାଇଥିଲା ପୂଜା ସମୟରେ ଭିଡ ତାକୁ ବଳି ଯାଇଛି। ସ୍ୱାମୀଙ୍କ ମଙ୍ଗଳ ମନାସୀ ବ୍ରତ ପାଳିଛନ୍ତି ସଧବା ମହିଳା। ସ୍ୱାମୀଙ୍କ ଦୀର୍ଘାୟୁ ଓ ଉତ୍ତମ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ କାମନା କରି ମହିଳା ମାନେ ଏହି ବ୍ରତ ପାଳନ କରିଛନ୍ତି । ସାବିତ୍ରୀ ପୂଜା ପାଇଁ ସକାଳୁ ସକାଳୁ ପାଟଣା ଓ ଆଖପାଖ ଅଞ୍ଚଳ ର ବିଭିନ୍ନ ମନ୍ଦିରରେ ଲାଗିରହିଥିଲା ଶ୍ରଦ୍ଧାଳୁଙ୍କ ଭିଡ଼। ପ୍ରତି ଓଡ଼ିଆ ଘରେ ଏହା ସଧବା ସ୍ତ୍ରୀମାନଙ୍କର ଏକ ପବିତ୍ର ବ୍ରତ ରୂପେ ପାଳିତ ହୋଇଛି। ନୂଆ ଶାଢୀ, ସଙ୍ଖା, ସିନ୍ଦୂର ଓ ଅଳତା ନେଇ ପୂଜାର୍ଚ୍ଚନା କରୁଛନ୍ତି ସଧବା ମହିଳା। କାଷ୍ଠା ଉପବାସ ରହି ନଡ଼ିଆ, କଦଳୀ ଓ ଅନ୍ଯାନ୍ଯ ଫଳ ମୂଳ ସହ ନୂଆ ଶାଢୀ, ଶଙ୍ଖା,ସିନ୍ଦୁର ନେଇ ମହିଳା ମାନେ ପୂଜା ସ୍ଥଳରେ ଥିବା ବେଳେ ବ୍ରାହ୍ମଣଙ୍କ ଦ୍ବାରା ପୂଜାପାଠ ସହ ସାବିତ୍ରୀ ବ୍ରତ ପୁସ୍ତିକା ପାଠ ସହ ପୁଷ୍ପାଞ୍ଜଳୀ ଦେଇ ସଧବା ନାରୀମାନେ ବ୍ରତ ଧାରଣ ସହ ପୂଜା ସମ୍ପନ୍ନ କରିଥିବା ଦେଖାଯାଇଛି।

(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ସାମ୍ବାଦିକ ବିଜୟ ରତ୍ନ ପତିଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)।

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୨୨୦ ନମ୍ବର ଜାତୀୟ ରାଜପଥରେ ଦୁର୍ଘଟଣା : ଗୋରାଣ୍ଡିଯୋଡି ନିକଟରେ ଭାରସାମ୍ୟ ହରାଇ ଓଲଟିଲା ଯାନ।

ସାହାରପଡା, କେନ୍ଦୁଝର:୧୬/୦୫,
କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ସାହାରପଡା ଅଞ୍ଚଳର ୨୨୦ ନମ୍ବର ଜାତୀୟ ରାଜପଥର ଗୋରାଣ୍ଡିଯୋଡି ନିକଟରେ ଆଜି ଏକ ସଡ଼କ ଦୁର୍ଘଟଣା ଘଟିଥିବା ସୂଚନା ମିଳିଛି। ଏକ ଚାଲୁଥିବା ଯାନ ହଠାତ୍ ଭାରସାମ୍ୟ ହରାଇ ରାସ୍ତା ପାର୍ଶ୍ୱକୁ ଖସି ଦୁର୍ଘଟଣାଗ୍ରସ୍ତ ହୋଇଥିବା ଜଣାପଡ଼ିଛି। ଘଟଣା ପରେ ସ୍ଥାନୀୟ ଅଞ୍ଚଳରେ କିଛି ସମୟ ପାଇଁ ଆତଙ୍କ ଓ ଅଫରାତଫରି ସୃଷ୍ଟି ହୋଇଥିଲା।

ପ୍ରତ୍ୟକ୍ଷଦର୍ଶୀଙ୍କ କହିବା ଅନୁସାରେ, ଯାନଟି ଦ୍ରୁତ ଗତିରେ ଯାଉଥିବା ବେଳେ ଚାଳକ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ହରାଇଥିଲେ। ଫଳରେ ଯାନଟି ରାସ୍ତା ପାର୍ଶ୍ୱକୁ ଖସି ଯାଇ ଦୁର୍ଘଟଣାର ସମ୍ମୁଖୀନ ହୋଇଥିଲା। ଘଟଣାସ୍ଥଳରେ ସ୍ଥାନୀୟ ଲୋକମାନେ ତୁରନ୍ତ ପହଞ୍ଚି ଉଦ୍ଧାର କାର୍ଯ୍ୟରେ ସହଯୋଗ କରିଥିଲେ।

ଦୁର୍ଘଟଣାରେ କେହି ଆହତ ହୋଇଥିଲେ କିମ୍ବା ପ୍ରାଣହାନି ଘଟିଥିଲା କି ନାହିଁ, ସେନେଇ ଏପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ସ୍ପଷ୍ଟ ସୂଚନା ମିଳିନାହିଁ। ଖବର ପାଇ ସ୍ଥାନୀୟ ପୋଲିସ ଓ ଆପାତକାଳୀନ ସେବା ଦଳ ଘଟଣାସ୍ଥଳରେ ପହଞ୍ଚି ତଦନ୍ତ ଆରମ୍ଭ କରିଛନ୍ତି।

ଏହି ଜାତୀୟ ରାଜପଥରେ ପୂର୍ବରୁ ମଧ୍ୟ ଅନେକ ସଡ଼କ ଦୁର୍ଘଟଣା ଘଟିଥିବାରୁ ସ୍ଥାନୀୟ ବାସିନ୍ଦାମାନେ ଚିନ୍ତା ପ୍ରକାଶ କରିଛନ୍ତି। ରାସ୍ତାର କେତେକ ସ୍ଥାନରେ ତୀବ୍ର ମୋଡ଼, ଅତ୍ୟଧିକ ଗତି ଓ ଭାରି ଯାନଚଳାଚଳକୁ ଏପରି ଦୁର୍ଘଟଣାର ମୂଳ କାରଣ ବୋଲି କୁହାଯାଉଛି। ସ୍ଥାନୀୟ ଲୋକମାନେ ଏଠାରେ ସୁରକ୍ଷା ବ୍ୟବସ୍ଥା ବୃଦ୍ଧି, ସତର୍କତା ସୂଚକ ଫଳକ ଓ ନିୟମିତ ପୋଲିସ ପାଟ୍ରୋଲିଂ ଦାବି କରିଛନ୍ତି।

ପୋଲିସ ଘଟଣାର ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ତଦନ୍ତ ଜାରି ରଖିଥିବା ବେଳେ, ଚାଳକମାନଙ୍କୁ ସତର୍କତା ସହ ଗାଡ଼ି ଚାଳନା କରିବାକୁ ଅନୁରୋଧ କରାଯାଇଛି।

(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- କମଳଲୋଚନ ମହାନ୍ତଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)।

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ଜରୁରୀକାଳୀନ ରକ୍ତଦାନରେ ବଞ୍ଚିଲା ଗର୍ଭବତୀ ମହିଳାଙ୍କ ଜୀବନ - କେନ୍ଦୁଝରରେ ପୁଣି ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଲା ମାନବିକତାର ଉଜ୍ଜ୍ୱଳ ଦୃଷ୍ଟାନ୍ତ।

କେନ୍ଦୁଝର,୧୬/୦୫ : ମାନବିକତା ଓ ସେବାଭାବର ଏକ ଅନନ୍ୟ ଉଦାହରଣ ପୁଣିଥରେ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାରେ ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଛି। ଜଣେ ଗର୍ଭବତୀ ଭଉଣୀଙ୍କ ଗର୍ଭସ୍ଥ ଶିଶୁଟି ଦୁନିଆଁ ଦେଖିବା ପୂର୍ବରୁ ପେଟରେ ନଷ୍ଟ ହୋଇଯାଇଥିବା ବେଳେ ତାଙ୍କର ଅବସ୍ଥା ଅତ୍ୟନ୍ତ ସଙ୍କଟାପନ୍ନ ହୋଇପଡିଥିଲା। ଚିକିତ୍ସାଧୀନ ସମୟରେ ତୁରନ୍ତ AB+Ve ଗ୍ରୁପର ରକ୍ତ ଆବଶ୍ୟକ ହେବାରୁ ପରିବାର ଲୋକ ଚିନ୍ତାରେ ପଡିଯାଇଥିଲେ।

ଏହି ସମୟରେ ମେଡିକାଲ ଷ୍ଟାଫ ଏବଂ ଆମ ଭରସା ପରିବାରର ନିୟମିତ ରକ୍ତଦାତ୍ରୀ ଝିଲ୍ଲୀ ମହାନ୍ତ ଫୋନ ଯୋଗେ ଜଣାଇଥିଲେ ଯେ, ଯଦି ଶୀଘ୍ର ରକ୍ତ ମିଳିନଥାଏ ତେବେ ଗର୍ଭବତୀ ମହିଳାଙ୍କ ଜୀବନ ବଞ୍ଚାଇବା କଷ୍ଟକର ହୋଇପଡିବ। ଘଟଣାକୁ ଗୁରୁତ୍ୱର ସହିତ ନେଇ ଆମ ଭରସା ପରିବାର ପକ୍ଷରୁ ନିୟମିତ ରକ୍ତଦାତ୍ରୀ ପ୍ରିୟଙ୍କା ନାୟକଙ୍କୁ ତୁରନ୍ତ ଯୋଗାଯୋଗ କରାଯାଇଥିଲା।

ମାନବିକତାର ପରିଚୟ ଦେଇ ପ୍ରିୟଙ୍କା କୌଣସି ବିଳମ୍ବ ନକରି ଝାଞ୍ଜି ଖରାକୁ ଅଣଦେଖା କରି ସୁଦୂର ସଦର ବ୍ଲକ ଅନ୍ତର୍ଗତ ମନୋହରପୁର ଗ୍ରାମରୁ ରକ୍ତଭଣ୍ଡାରକୁ ପହଞ୍ଚିଥିଲେ। ସେଠାରେ ସେ ସ୍ବେଚ୍ଛାକୃତ ଭାବେ ଜରୁରୀକାଳୀନ AB+Ve ଗ୍ରୁପର ରକ୍ତଦାନ କରିଥିଲେ। ତାଙ୍କର ଏହି ସମୟୋପଯୋଗୀ ରକ୍ତଦାନ ଫଳରେ ଗର୍ଭବତୀ ଭଉଣୀଙ୍କ ଜୀବନ ବଞ୍ଚିପାରିଥିବା ଜଣାପଡିଛି।

ପ୍ରିୟଙ୍କା ନାୟକଙ୍କ ଏହି ମହାନ କାର୍ଯ୍ୟକୁ ନେଇ ସମଗ୍ର କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାରେ ପ୍ରଶଂସାର ସ୍ୱର ଶୁଣିବାକୁ ମିଳୁଛି। ସାଧାରଣ ଲୋକଙ୍କ ମତରେ, ରକ୍ତଦାନ ଭଳି ମହତ୍ କାର୍ଯ୍ୟ ଦ୍ୱାରା ଅନେକ ମୂଲ୍ୟବାନ ଜୀବନ ବଞ୍ଚିପାରୁଛି ଓ ଏହା ସମାଜ ପାଇଁ ଏକ ପ୍ରେରଣାଦାୟକ ଉଦାହରଣ।

ଆମ ଭରସା ପରିବାର ପକ୍ଷରୁ ପ୍ରିୟଙ୍କା ନାୟକଙ୍କୁ ହୃଦୟରୁ କୃତଜ୍ଞତା ଓ ଶୁଭେଚ୍ଛା ଜଣାଯାଇଛି। ସମାଜରେ ଏଭଳି ମାନବିକ ଚିନ୍ତାଧାରା ଓ ସ୍ୱେଚ୍ଛାସେବୀ ମନୋଭାବ ଅନ୍ୟମାନଙ୍କ ପାଇଁ ନିଶ୍ଚିତ ଭାବେ ପ୍ରେରଣା ସୃଷ୍ଟି କରିବ।

(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- କମଳଲୋଚନ ମହାନ୍ତଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)।

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*जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय पेंशनर्स का धरना 27वें दिन भी जारी*

जोधपुर। अजय कुमार जोशी। जोधपुर जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर पिछले 4 महीने से पेंशन भुगतान नहीं होने से वित्त संकट का सामना कर रहे वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स भीषण गर्मी के बावजूद भी सैकड़ो की संख्या में विश्वविद्यालय केंद्रीय कार्यालय में धरना स्थल पर उपस्थित रहे ।

आज प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर भंवर सिंह राजपुरोहित,अध्यक्ष प्रोफेसर रामनिवास शर्मा, प्रोफेसर अवधेश शर्मा, प्रोफेसर मांगीलाल वडेरा, वी के शर्मा, ओम जी पुरोहित, बी डी जोशी, प्रोफेसर विनीता परिहार, श्रीमती बीना त्रिपाठी, प्रोफेसर खरता राम पटेल, प्रोफेसर रामजीवन सेंगवा,प्रोफेसर एस एन गर्ग, प्रोफेसर वी एस पालरिया, प्रोफेसर एस के परिहार तथा अनेक परिवार पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं उपस्थित रहे।
आज सभी वक्ताओं ने एक स्वर में पेंशन भुगतान नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की अपील की ।
इसी दौरान कुलगुरु ने अपने कार्यालय में जाते समय पेंशनर्स कार्यकारिणी के सदस्यों को अपने कार्यालय में वार्ता हेतु आमंत्रित किया ।कुल गुरु ने अपने जयपुर प्रवास के दौरान महामहिम कुलाधिपति महोदय एवं प्रमुख शासन सचिव वित्त, प्रमुख शासन सचिव उच्च शिक्षा से मुलाकात का संपूर्ण ब्यौरे से कार्यकारिणी सदस्यों को अवगत कराया ।उन्होंने कहा कि जयपुर से पेंशन समस्या के समाधान के विषय में सकारात्मक संदेश है।इसके साथ ही
कुलगुरु ने यह भी कहा कि मैं लगातार प्रयासरत हूं और अगले कुछ दिनों में समाधान की संभावना है। मुझे एक महीने का समय दें तथा धरना प्रदर्शन स्थगित कर दें।
वार्ता के बाद कार्यकारिणी सदस्यों ने बाहर आकर सभी उपस्थित पेंशनर्स को संबोधित किया और कुलगुरु से हुई वार्ता की संपूर्ण जानकारी विस्तार से दी ।

लेकिन उपस्थित सभी वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स ने एक स्वर में आंदोलन जारी रखने का निर्णय किया ।
पूर्व कुलगुरु प्रोफेसर भंवर सिंह राजपुरोहित ने कहा कि जब तक राज्य सरकार पेंशन का समाधान करे तथा स्वीकृति जारी करे तब तक विश्वविद्यालय अपने संसाधन से बकाया पेंशन का तुरंत भुगतान करे तभी वरिष्ठ नागरिकों को राहत मिलेगी ।
अन्यथा इस कागजी कार्रवाई में तो लंबा समय लग जाएगा ।
पेंशनर्स पहले से ही वित्त संकट का सामना कर रहे हैं अब एक-एक दिन निकालना मुश्किल हो रहा है ।

अतः विश्वविद्यालय स्थानीय स्तर पर व्यवस्था कर तुरंत पेंशन का भुगतान करे एवं साथ ही राज्य सरकार से पत्र व्यवहार करें तथा व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से स्थाई समाधान के लिए प्रयास जारी रखें ।

उपस्थित सभी पेंशनर्स ने यह निर्णय किया कि सोमवार दिनांक 18.5. 2026 प्रातः 11:00 बजे पूर्व की भांति कुलगुरु कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन के लिये सभी उपस्थित होंगे।

प्रोफेसर रामनिवास शर्मा
अध्यक्ष
प्रोफेसर कैलाशनाथ व्यास
कोषाध्यक्ष
प्रोफेसर सुखबीर सिंह बेस्
संगठन सचिव

डा लोकेंद्र सिंह शक्तावत
सचिव
अशोक व्यास
संयोजक

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ଓଡ଼ିଆ ଭାଷାର ବିକାଶ ହେଉଛି "ମୁଁ ଓଡ଼ିଆ ପ୍ରତିଷ୍ଠାନ"ର ଆଭିମୁଖ୍ୟ।

ଭଦ୍ରକ, ୧୫/୦୫ (ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ) ଭାଷା ବଞ୍ଚିଲେ ଜାତି ବଞ୍ଚିବ। ଜାତିର ଉନ୍ନତି ହେଲେ ବ୍ୟକ୍ତିର ପ୍ରଗତି ହେବ। ବ୍ୟକ୍ତିର ପ୍ରଗତି ହେଲେ ପ୍ରଦେଶ ହସିଉଠିବ। ସମାଜରେ ଜନ୍ମ ଗ୍ରହଣ କରିଥିବା ପ୍ରତ୍ୟେକ ସନ୍ତାନ ତାର ମାତୃଭାଷାକୁ ସମ୍ମାନ କରିବା ସହିତ ପିତା ମାତାଙ୍କୁ ପ୍ରତ୍ୟକ୍ଷ ଦେବତା ଭାବେ ପୂଜା କରିବା ଉଚିତ୍ ବୋଲି ମୁଁ ଓଡ଼ିଆ ପ୍ରତିଷ୍ଠାନର ପ୍ରତିଷ୍ଠାତା ପଣ୍ତିତ ଦୈତ୍ୟାରି ମହାପାତ୍ରଙ୍କ ଅଧ୍ୟକ୍ଷତାରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ସଭାରେ ବକ୍ତାମାନେ ନିଜ ନିଜର ମତବ୍ୟକ୍ତ କରିଥିଲେ। ଜିଲ୍ଲା ସଭାପତି ପ୍ରାବନ୍ଧିକ ବିଭୂତି ଭୂଷଣ ସେନାପତି ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଭାବେ ଯୋଗଦେଇଥିବା ବେଳେ କବି ବିପ୍ଳବ ହୋତା ମୁଖ୍ୟବକ୍ତା ଏବଂ ଆଦର୍ଶ ଶିକ୍ଷୟିତ୍ରୀ ରଶ୍ମିତା ଦାଶ, ସାବିତ୍ରୀ ସେଠୀ ବରେଣ୍ୟ ଅତିଥି ଭାବେ ଯୋଗଦେଇ ଓଡ଼ିଆ ଭାଷା ସାହିତ୍ୟର ବିକାଶ ଦିଗରେ ଆମର କର୍ତ୍ତବ୍ୟ କଣ ହେବା ଉଚିତ୍ ବୋଲି କହିଥିଲେ। ଅଧ୍ୟାପକ ତଥା ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ମନୋରଞ୍ଜନ ବାରିକ ମଞ୍ଚକୁ ଅତିଥି ଆମନ୍ତ୍ରଣ ସହିତ ଅତିଥି ପରିଚୟ ପ୍ରଦାନ କରିଥିଲେ। ପ୍ରତିଷ୍ଠାନର ଜିଲ୍ଲା ସମ୍ପାଦକ ସ୍ୱାଗତ ବକ୍ତବ୍ୟ ରଖିଥିବା ବେଳେ ଅଧ୍ୟାପକ ସିଦ୍ଧେଶ୍ୱର ସାହୁ, ଶିକ୍ଷାବିତ୍ ସୁଶାନ୍ତ କୁମାର ଜେନା, ଡାକ୍ତର ଅନୀଲ ଦାସ, ଆଦର୍ଶ ଶିକ୍ଷୟିତ୍ରୀ ପଦ୍ମାବତୀ ସୁକାନ୍ତି ମାଝୀ ଓଡ଼ିଆ ଭାଷା ସାହିତ୍ୟ ଦିଗରେ ଗବେଷଣାଧର୍ମୀ ବକ୍ତବ୍ୟ ରଖିଥିଲେ। ଖୁବ୍ ଶୀଘ୍ର ଓଡ଼ିଶାର ପ୍ରତି ଜିଲ୍ଲାରେ ଜିଲ୍ଲା କମିଟି ଗଠନ ହେବା ସହିତ ଭଦ୍ରକ ଜିଲ୍ଲାର ପ୍ରତି ବ୍ଲକରେ ବ୍ଲକ୍ କମିଟି ଗଠନ କରାଯିବା ପାଇଁ ଆଜିର ସଭାରେ ନିଷ୍ପତ୍ତି ନିଆଯାଇଛି।ସର୍ବଶେଷରେ ଶିକ୍ଷାବିତ୍ ସୁଶାନ୍ତ କୁମାର ଜେନା ଧନ୍ୟବାଦ ଅର୍ପଣ କରିଥିଲେ। (ଡମ୍ବରୁଧର ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)।

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ମାନସ ପୀଠ କେନ୍ଦୁଝର ତରଫରୁ ସାହିତ୍ୟିକ, ସଂଗଠକ ବାବୁଲାଲ ପଲେଇ ଙ୍କୁ ଅଭିନନ୍ଦନିକା ଗ୍ରନ୍ଥ ଭେଟି।

କେନ୍ଦୁଝର -୧୬/୦୫( ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ ) ଓଡ଼ିଆ ଭାଷା ସାହିତ୍ୟର ନବ ଉନ୍ମେଷ , ସୃଜନ ସାହିତ୍ୟର କର୍ଣ୍ଣଧାର ତଥା ପ୍ରିୟ ବାବୁଲାଲ ଭାଇଙ୍କୁ ମାନସ ପୀଠ କେନ୍ଦୁଝର ତରଫରୁ ଆସନ୍ତା ଜୁନ୍ ମାସ ୭ ତାରିଖ ରବିବାର ଦିନ ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ ଅଭିନନ୍ଦନିକା ଗ୍ରନ୍ଥ " ସ୍ରଷ୍ଟା ସ୍ରୋତସ୍ବିନୀ " ଭେଟି ଦେବାକୁ ନିଷ୍ପତ୍ତି ନିଆଯାଇଅଛି।
ଗତ ଶୁକ୍ରବାର ସଂଧ୍ୟାରେ ବରିଷ୍ଠ କବି ତଥା ସଂଯୋଗୀ ସାହିତ୍ୟ ସଂସଦ କୁଣ୍ଡାପିଠାର ପ୍ରତିଷ୍ଠାତା ତଥା ସଭାପତି ଉପେନ୍ଦ୍ର ଦାଶଙ୍କ ପୌରୋହିତ୍ୟରେ ମାନସ ପୀଠ କେନ୍ଦୁଝରର ଆବାହକ ମଣ୍ଡଳୀ ହୃଷୀକେଶ ଦାଶ, ଶ୍ରୀ ଡମ୍ବରୁ ମହାନ୍ତ ଓ ସନ୍ତୋଷ କୁମାର ପତି ଯୋଗଦେଇ ଓଡ଼ିଆ ଭାଷା ସାହିତ୍ୟ , ସଂସ୍କୃତି, ପରମ୍ପରା ତଥା ଐତିହ୍ୟ କ୍ଷେତ୍ରରେ ଦୀର୍ଘ ଛତିଶ୍ ବର୍ଷ ଧରି ବିଭନ୍ନ ସମୟରେ ଅଭିନବ କାର୍ଯ୍ଯ କରି ସମଗ୍ର ଓଡ଼ିଶାରେ ସୁପରିଚିତ ହୋଇଥିବା ସଂଯୋଗୀ ସାହିତ୍ୟ ସଂସଦ କୁଣ୍ଡାପିଠା, ସଂଯୋଗୀ ସଜଫୁଲ ଓ ନିଋତା କବିତା ପତ୍ରିକା -ଫୁଲ ର ସଂପାଦକ ତଥା ସୃଜନୀ ସାହିତ୍ୟର କର୍ଣ୍ଣଧାର, ଅବସରପ୍ରାପ୍ତ ପ୍ରଧାନ ଶିକ୍ଷକ ବାବୁଲାଲ ପଲେଇଙ୍କୁ ଅଭିନବ ଉପାୟରେ ଅଭିନନ୍ଦନିକା ଗ୍ରନ୍ଥ "ସ୍ରଷ୍ଟା ସ୍ରୋତସ୍ବିନୀ " ଭେଟି ଦେଇ ଅଭିନନ୍ଦନ ଜଣାଇବା ସହ ସମସ୍ତ ସାରସ୍ବତ ସ୍ରଷ୍ଟା ମାନଙ୍କୁ ଭବ୍ୟ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧନା ଦିଆଯିବା ପାଇଁ ନିଷ୍ପତ୍ତି ନିଆଯାଇଅଛି । ଏହି ବୈଠକରେ ସଦସ୍ୟ ତପନ କୁମାର ଦାଶ, ସରୋଜ କୁମାର ସେନାପତି, କମଳାକାନ୍ତ ମିଶ୍ର, ଡକ୍ଟର ଲିସନ ମହାନ୍ତି ସଦସ୍ୟା ଜ୍ୟୋତ୍ସ୍ନା ରାଣୀ ଦାଶ, ଡକ୍ଟର ବିଦ୍ଯାଭାରତୀ ପଲେଇ, ସ୍ମିତା ରାଣୀ ରାଉତ, ସୁଜାତା ଗୁପ୍ତ ଯୋଗଦେଇ ଆଲୋଚନାରେ ଅଂଶଗ୍ରହଣ କରିଥିଲେ। ସଦସ୍ୟ ତପନ କୁମାର ଦାଶ ଧନ୍ୟବାଦ ଅର୍ପଣ କରିଥିଲେ।
(ଡମ୍ବରୁଧର ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)।

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24 कैरेट सोना व गोल्ड बार की सीधी बिक्री न करने की अपील, बांसी तहसील में व्यापारियों संग बैठक



संवाददाता

सिद्धार्थनगर, 16 मई 2026। मा० मुख्यमंत्री उ०प्र० द्वारा मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर प्रदेश के सर्राफा व्यापारियों से 24 कैरेट खरा सोना (बुलियन) एवं सोने की ईंटों (गोल्ड बार) की सीधे ग्राहकों को बिक्री न करने की अपील के क्रम में तहसील बांसी में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक डा० अभिषेक महाजन भी उपस्थित रहे। बैठक में जीएसटी विभाग के अधिकारियों, सर्राफा व्यापारियों एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान जीएसटी विभाग के उपायुक्त विजय सिंह बिसेन एवं उपायुक्त सिद्धार्थ सौरभ बन्धु ने व्यापारियों के साथ परिचर्चा करते हुए कहा कि पुराने सोने को रिसाइकल एवं डिजाइन कराने हेतु सोने की शुद्धता के आधार पर एक प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी जाए। साथ ही 24 कैरेट खरा सोना (बुलियन) एवं गोल्ड बार की सीधे ग्राहकों को बिक्री न करने की अपील भी की गई।

बैठक में मौजूद सर्राफा व्यापारियों एवं संगठनों के पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी व्यापारी सरकार के निर्देशों का पालन करेंगे तथा देशहित में किसी भी ग्राहक को सीधे बुलियन अथवा गोल्ड बार की बिक्री नहीं करेंगे। जिलाधिकारी ने व्यापारियों से शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में प्रमोद भाष्कर प्रशासनिक अधिकारी जीएसटी, रोबिन वर्मा अध्यक्ष सर्राफा संगठन बांसी, पंकज वर्मा उपाध्यक्ष सर्राफा संगठन बांसी, दिनेश चन्द्र वर्मा सलाहकार मंत्री, जावेद अहमद, विकास वर्मा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

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सीतामऊ : थाना क्षेत्र के लावरी निवासी हीरालाल पिता मांगीलाल (उम्र 50 वर्ष) का शव रविवार को सड़क किनारे संदिग्ध हालत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर जुट गए।

परिजनों ने हीरालाल की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई। इस पर उन्होंने और ग्रामीणों ने सीतामऊ के लदुना चौराहे पर प्रदर्शन किया, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाइश दी और जांच का आश्वासन दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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ଜ୍ୟୋତିଷ ବିଷାରଦ ସ୍ବର୍ଗତଃ ଯୋଗେନ୍ଦ୍ର ଦାସଙ୍କ ସ୍ମରଣାର୍ଥେ ଜନସାଧାରଣଙ୍କ ପାଇଁ ନିଃଶୁଳ୍କ ସ୍ବାସ୍ଥ୍ଯ ପରୀକ୍ଷା କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ।

କେନ୍ଦୁଝର: ୧୭/୦୫ (ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ ବ୍ୟୁରୋ) ଜ୍ୟୋତିଷ ବିଷାରଦ ସ୍ବର୍ଗତଃ ଯୋଗେନ୍ଦ୍ର ଦାସଙ୍କ ସ୍ମରଣାର୍ଥେ ଜନସାଧାରଣଙ୍କ ପାଇଁ ନିଃଶୁଳ୍କ ସ୍ବାସ୍ଥ୍ଯ ପରୀକ୍ଷା କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହେବ। ପୁରଣା ସହରର ବଡଦାଣ୍ଡ ସ୍ଥିତ ଙ୍ଘୁଗୁରୁ କ୍ଲବ, କେନ୍ଦୁଝରଗଡ ଠାରେ ୧୮ ମଇ, ସକାଳ ୮ ଘଟିକାରୁ ଅପରାହ୍ନ ୨ ଘଟିକା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ସ୍ବାସ୍ଥ୍ଯ ପରୀକ୍ଷା କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହେବବୋଲି ସ୍ବର୍ଗତଃ ଯୋଗେନ୍ଦ୍ର ଦାସଙ୍କ ସୁପୁତ୍ର ଆଡଭୋକେଟ ସନ୍ତୋଷ କୁମାର ଦାସ ସୂଚନା ଦେଇଛନ୍ତି। ଆଡଭୋକେଟ ସନ୍ତୋଷ କୁମାର ଦାସ ଯେକୌଣସି ବ୍ୟକ୍ତିବିଶେଷ ନିଜ ନିଜର ସ୍ବାସ୍ଥ୍ଯ ପରୀକ୍ଷା କରିବା ପାଇଁ ଜନସାଧାରଣଙ୍କୁ ଅନୁରୋଧ ମଧ୍ଯ କରିଛନ୍ତି। ଆଡଭୋକେଟ ଦାସଙ୍କ କହିବା କଥା "ସ୍ବାସ୍ଥ୍ଯ ହିଁ ପ୍ରକୃତ ସମ୍ପଦ" ଏହା ନିୟମିତଭାବେ ଯାଞ୍ଚ ଓ ତାହାର ସୁରକ୍ଷା ନିମିତ୍ତ ଯଥାସାଧ୍ଯ ଚେଷ୍ଟା କରିବା ଉଚିତ୍। ଯଦ୍ବାରା ଜଣେ ନିରୋଗୀ ଓ ସ୍ବାସ୍ଥ୍ଯବାନ ବ୍ଯକ୍ତି ଦ୍ବାରା ହିଁ ସମାଜକୁ ଗତିଶୀଳ ଓ ପ୍ରଗତି କ୍ଷେତ୍ରରେ ସହାୟକ ଅଧିକ ହୋଇଥାଏ। ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ବରିଷ୍ଠ ନାଗରିକ ମଞ୍ଚ ଏବଂ ଙ୍ଘୁଗୁରୁ ବ୍ଲକ ଆନୁକୂଲ୍ୟରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହେବବୋଲି ଆଡଭୋକେଟ ଦାସ ସ୍ପଷ୍ଟ କରିଛନ୍ତି।

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19मई को कार्यक्रम डॉ अब्दुल जलील फरीदी पुण्यतिथि पर प्रीमियर होटल बेलदारी लेन लोक भवन के पीछे।अखंड मजबूत आदर्श भारत निर्माण स्थापित करने
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम - माननीय बावन मेश्राम जी राशिद जमील खान राष्ट्रीय अध्यक्ष पीपल जस्टिस पार्टी, पीसी कुरील राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय भागीदारी आंदोलन, श्री मायाराम वर्मा जी, श्री अनिल माने, श्री चांद अहमद विकृत व्यवस्था जो देश में अंदर बाहर और जाति धर्म आधारित भेद भाव वोट लूट अपराधियों की श्रेष्ठता का शिकार बन गया है लोकतंत्र फासीवाद का हिस्सा बनकर, अपने अपराध को छिपाने के लिए और अपराध कर रहे हैं विधायिका कार्यपालिका न्यायपालिका मीडिया सेना सुरक्षा कलकारखानों आदि सभी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व भागीदारी को नष्ट कर रखा है और देश के विद्वान साथी और सामाजिक आर्थिक नागरिकता के रूप में गहरी खाई बना कर बलात्कार हिंसा अनेकों रुप से शोषण कर रहे हैं जिसके बारे में विचार किया गया और बाबा साहब डॉ बी आर आंबेडकर और सामाजिक बंधुत्व शिक्षा स्वास्थ्य प्रतिनिधित्व भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु आंदोलन से प्रत्येक स्तर की समस्याओं का समाधान बना कर प्रत्येक स्तर पर भागीदारी कर के अखंड मजबूत आदर्श भारत निर्माण स्थापित कर महापुरुषों के स्वपन और संकल्प सुनिश्चित कर सफल हो जायेंगे

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কলকাতা, ১৭ মে ২০২৬: থিয়েটারপ্রেমীদের গত কয়েকদিন বুঁদ করে রাখার পর আজ, রবিবার শেষ হতে চলেছে বিখ্যাত নাট্যদল মুখোমুখি আয়োজিত বিশেষ নাটক উৎসব। গত ১৩ মে থেকে কলকাতার অ্যাকাডেমি অফ ফাইন আর্টসে শুরু হওয়া এই উৎসবের আজই শেষ দিন। প্রয়াত নাট্যব্যক্তিত্ব রাহুল অরুণোদয় ব্যানার্জীর স্মরণে আয়োজিত এই উৎসবে প্রতিদিন উপচে পড়া ভিড় লক্ষ্য করা গেছে।
এক নজরে দেখে নেওয়া যাক উদ্বোধনী দিন থেকে শুরু করে আজ উৎসবের শেষ দিনের সম্পূর্ণ নাটকের কোলাজ:
১৩ মে (বুধবার): উৎসবের শুভ সূচনা
উৎসবের প্রথম দিন, অর্থাৎ ১৩ মে একই টিকিটে দুটি চমৎকার নাটকের স্বাদ পেয়েছিলেন দর্শক। প্রথম দিন মঞ্চস্থ হয়:
prothom partho: সংস্কৃতির এই নতুন প্রযোজনায় অভিনয় করেছেন অর্ঘ্য মুখোপাধ্যায়, অত্র মুখোপাধ্যায়, শ্যামাশিস পাছাড়ী সহ আরও অনেকে। নাটকটি লিখেছেন বুদ্ধদেব বসু এবং পরিচালনায় ছিলেন দেবেশ চট্টোপাধ্যায়। উদ্বোধনী অনুষ্ঠানের পর এই নাটকটি মঞ্চস্থ হয়।
ব্রিটিশ বাবু: প্রথম দিনের দ্বিতীয় নাটকটি ছিল পটিয়া আন্তরিক সোশ্যাল ওয়েলফেয়ার সোসাইটির প্রযোজনা ব্রিটিশ বাবু। এতে অভিনয় করেছেন দেবশঙ্কর হালদার এবং অসীম রায় চৌধুরী। নির্দেশনায় ছিলেন দিব্যেন্দু পাল।
১৪ থেকে ১৬ মে: নাটকের হরেক রঙ
১৪ মে (বৃহস্পতিবার): এদিন সন্ধ্যা সাড়ে ৬টায় মঞ্চস্থ হয় নৈহাটী নাট্যসমন্বয় প্রযোজিত নাটক ফেরারী ফৌজ। দেবাশিস রায়ের নির্দেশনায় এই নাটকে অভিনয় করেন দেবশঙ্কর হালদার, পার্থ ভৌমিক এবং বুদ্ধদেব দাস।
১৫ মে (শুক্রবার): এই সন্ধ্যায় মঞ্চস্থ হয় মুখোমুখির নতুন প্রযোজনা প্রতারণা। সৌমিত্র চট্টোপাধ্যায়ের লেখা এই নাটকে অভিনয় করেন সুদীপ মুখোপাধ্যায় ও পঞ্চানন দাশগুপ্ত। নির্দেশনা ও অভিনয়ে ছিলেন পৌলমী চট্টোপাধ্যায়।
১৬ মে (শনিবার): এদিন ছিল জোড়া নাটক। দুপুরে ৩টেয় মঞ্চস্থ হয় পূর্ব পশ্চিম প্রযোজিত এবং দেবাশিস রায়ের নির্দেশনায় আ-শক্তি (অভিনয়ে দেবশঙ্কর হালদার, সৌমিত্র মিত্র, পার্থ ভৌমিক)। এরপর সন্ধ্যা সাড়ে ৬টায় মঞ্চস্থ হয় চেতনা প্রযোজিত বিখ্যাত নাটক মারীচ সংবাদ। অরুণ মুখোপাধ্যায়ের নির্দেশনায় এতে অভিনয় করেন শুভাশিষ মুখোপাধ্যায় ও সুজন মুখোপাধ্যায়।
১৭ মে (আজ, রবিবার): আজ শেষ দিনে যা যা থাকছে
উৎসবের শেষ দিনে আজ দর্শকদের জন্য রয়েছে পর পর তিনটি দুর্দান্ত নাটক। ছুটির দিনে নাট্যপ্রেমীদের জন্য এটি একটি বড় পাওনা:
সকাল ১০টা ১৫ মিনিট: ইচ্ছেমতোর প্রযোজনা যে জানালাগুলোর আকাশ ছিল। রাহুল অরুণোদয় ব্যানার্জীর মূল গল্প অবলম্বনে নাটকটির নির্দেশনা করেছেন সৌরভ পালধী।
দুপুর ২টো ৩০ মিনিট: মুখোমুখির জনপ্রিয় প্রযোজনা ,, tinar তলোয়ার। সুমন মুখোপাধ্যায়ের নির্দেশনায় এই নাটকের তারকাখচিত কাস্টিংয়ে রয়েছেন দেবশঙ্কর হালদার, শঙ্কর চক্রবর্তী, পৌলমী চট্টোপাধ্যায়, অসীম রায়চৌধুরী এবং আনন্দরূপা চক্রবর্তী।
সন্ধ্যা ৬টা ৩০ মিনিট (সমাপ্তি নাটক): উৎসবের একদম শেষ নাটক হিসেবে মঞ্চস্থ হতে চলেছে প্রাচ্য প্রযোজিত বসন্তের বজ্রনির্ঘোষ। বিপ্লব বন্দ্যোপাধ্যায়ের নির্দেশনায় এই নাটকে অভিনয় করছেন সুপ্রিয় দত্ত এবং কৌশিক ঘোষ।
আজকের পর পর্দা নামবে এই বর্ণিল উৎসবের। তাই রবিবারের ছুটির দিনে কলকাতার নাট্যপ্রেমীদের শেষ মুহূর্তের রসদ জোগাতে অ্যাকাডেমি চত্বর আজ মুখরিত।

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কলকাতা, ১৭ মে ২০২৬: থিয়েটারপ্রেমীদের গত কয়েকদিন বুঁদ করে রাখার পর আজ, রবিবার শেষ হতে চলেছে বিখ্যাত নাট্যদল মুখোমুখি আয়োজিত বিশেষ নাটক উৎসব। গত ১৩ মে থেকে কলকাতার অ্যাকাডেমি অফ ফাইন আর্টসে শুরু হওয়া এই উৎসবের আজই শেষ দিন। প্রয়াত নাট্যব্যক্তিত্ব রাহুল অরুণোদয় ব্যানার্জীর স্মরণে আয়োজিত এই উৎসবে প্রতিদিন উপচে পড়া ভিড় লক্ষ্য করা গেছে।
এক নজরে দেখে নেওয়া যাক উদ্বোধনী দিন থেকে শুরু করে আজ উৎসবের শেষ দিনের সম্পূর্ণ নাটকের কোলাজ:
১৩ মে (বুধবার): উৎসবের শুভ সূচনা
উৎসবের প্রথম দিন, অর্থাৎ ১৩ মে একই টিকিটে দুটি চমৎকার নাটকের স্বাদ পেয়েছিলেন দর্শক। প্রথম দিন মঞ্চস্থ হয়:
প্রথম পাঠ: সংস্কৃতির এই নতুন প্রযোজনায় অভিনয় করেছেন অর্ঘ্য মুখোপাধ্যায়, অত্র মুখোপাধ্যায়, শ্যামাশিস পাছাড়ী সহ আরও অনেকে। নাটকটি লিখেছেন বুদ্ধদেব বসু এবং পরিচালনায় ছিলেন দেবেশ চট্টোপাধ্যায়। উদ্বোধনী অনুষ্ঠানের পর এই নাটকটি মঞ্চস্থ হয়।
ব্রিটিশ বাবু: প্রথম দিনের দ্বিতীয় নাটকটি ছিল পটিয়া আন্তরিক সোশ্যাল ওয়েলফেয়ার সোসাইটির প্রযোজনা ব্রিটিশ বাবু। এতে অভিনয় করেছেন দেবশঙ্কর হালদার এবং অসীম রায় চৌধুরী। নির্দেশনায় ছিলেন দিব্যেন্দু পাল।
১৪ থেকে ১৬ মে: নাটকের হরেক রঙ
১৪ মে (বৃহস্পতিবার): এদিন সন্ধ্যা সাড়ে ৬টায় মঞ্চস্থ হয় নৈহাটী নাট্যসমন্বয় প্রযোজিত নাটক ফেরারী ফৌজ। দেবাশিস রায়ের নির্দেশনায় এই নাটকে অভিনয় করেন দেবশঙ্কর হালদার, পার্থ ভৌমিক এবং বুদ্ধদেব দাস।
১৫ মে (শুক্রবার): এই সন্ধ্যায় মঞ্চস্থ হয় মুখোমুখির নতুন প্রযোজনা প্রতারণা। সৌমিত্র চট্টোপাধ্যায়ের লেখা এই নাটকে অভিনয় করেন সুদীপ মুখোপাধ্যায় ও পঞ্চানন দাশগুপ্ত। নির্দেশনা ও অভিনয়ে ছিলেন পৌলমী চট্টোপাধ্যায়।
১৬ মে (শনিবার): এদিন ছিল জোড়া নাটক। দুপুরে ৩টেয় মঞ্চস্থ হয় পূর্ব পশ্চিম প্রযোজিত এবং দেবাশিস রায়ের নির্দেশনায় আ-শক্তি (অভিনয়ে দেবশঙ্কর হালদার, সৌমিত্র মিত্র, পার্থ ভৌমিক)। এরপর সন্ধ্যা সাড়ে ৬টায় মঞ্চস্থ হয় চেতনা প্রযোজিত বিখ্যাত নাটক মারীচ সংবাদ। অরুণ মুখোপাধ্যায়ের নির্দেশনায় এতে অভিনয় করেন শুভাশিষ মুখোপাধ্যায় ও সুজন মুখোপাধ্যায়।
১৭ মে (আজ, রবিবার): আজ শেষ দিনে যা যা থাকছে
উৎসবের শেষ দিনে আজ দর্শকদের জন্য রয়েছে পর পর তিনটি দুর্দান্ত নাটক। ছুটির দিনে নাট্যপ্রেমীদের জন্য এটি একটি বড় পাওনা:
সকাল ১০টা ১৫ মিনিট: ইচ্ছেমতোর প্রযোজনা যে জানালাগুলোর আকাশ ছিল। রাহুল অরুণোদয় ব্যানার্জীর মূল গল্প অবলম্বনে নাটকটির নির্দেশনা করেছেন সৌরভ পালধী।
দুপুর ২টো ৩০ মিনিট: মুখোমুখির জনপ্রিয় প্রযোজনা ,, tinar তলোয়ার। সুমন মুখোপাধ্যায়ের নির্দেশনায় এই নাটকের তারকাখচিত কাস্টিংয়ে রয়েছেন দেবশঙ্কর হালদার, শঙ্কর চক্রবর্তী, পৌলমী চট্টোপাধ্যায়, অসীম রায়চৌধুরী এবং আনন্দরূপা চক্রবর্তী।
সন্ধ্যা ৬টা ৩০ মিনিট (সমাপ্তি নাটক): উৎসবের একদম শেষ নাটক হিসেবে মঞ্চস্থ হতে চলেছে প্রাচ্য প্রযোজিত বসন্তের বজ্রনির্ঘোষ। বিপ্লব বন্দ্যোপাধ্যায়ের নির্দেশনায় এই নাটকে অভিনয় করছেন সুপ্রিয় দত্ত এবং কৌশিক ঘোষ।
আজকের পর পর্দা নামবে এই বর্ণিল উৎসবের। তাই রবিবারের ছুটির দিনে কলকাতার নাট্যপ্রেমীদের শেষ মুহূর্তের রসদ জোগাতে অ্যাকাডেমি চত্বর আজ মুখরিত।

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*जुआ खेलते हुए पांच गिरफ्तार, 2.48 लाख रुपए बरामद*

पाली। अजय कुमार जोशी। औद्योगिक नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने बंद दुकान में चल रहे जुए के अड्डे पर कार्रवाई कर पांच जनों को पकड़ा है, ये मील चाली के सामने सुभाष नगर ए में खाली दुकान में जुआ खेल रहे थे। पुलिस ने मौके से 2 लाख 48 हजार रुपए बरामद किए हैं
यह कार्यवाही बीती रात्रि रात मुखबिर की सूचना पर की गई।
औद्योगिक थाना प्रभारी निरमा विश्नोई ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि मिल गेट चाली के सामने स्थित एक बंद दुकान में जुआ चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने दुकान पर दबिश देकर अंदर मौजूद पांच जनों को पकड लिया। मौके से 2 लाख 48 हजार रुपए बरामद किए गए। दबिश के दौरान यहां दुकान के अंदर मोबाइल चार्जर, पानी की बोतलें और अन्य सामान भी पड़ा मिला। पुलिस सभी आरोपियों को थाने लेकर गई और उनके वाहनों को भी जब्त कर लिया।

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जय आदिवासी युवा शक्ति जयस के 13वें स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार को इंद्रजीत छात्रावास से कृषि उपज मंडी तक भव्य रैली निकाली गई। रैली के पश्चात आयोजित सभा में संगठन के पदाधिकारियों ने आदिवासी अधिकार, शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राजू पटेल ने कहा कि 13 वर्षों में संगठन ने पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के लिए संगठन ने कई महत्वपूर्ण आंदोलन किए हैं।
जिला अध्यक्ष एवं सेंधवा विधानसभा विधायक मोंटू सोलंकी ने युवाओं को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया।
जिला प्रभारी मुन्ना मोरे ने कहा कि आदिवासी समाज आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार समाज का अधिकार है।
प्रदेश प्रवक्ता संदीप नरगावे ने लोकतंत्र को मजबूत करते हुए आदिवासी अस्तित्व की लड़ाई निरंतर जारी रखने की बात कही।
कार्यक्रम के अंत में बद्री सोलंकी ने सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त

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प्रयागराज छिवकी रेलवे स्टेशन पर रात के समय यात्रियों को भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन पर ट्रेनों की सही कोच पोजीशन की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती, जिससे बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों वाले यात्री इधर-उधर भटकते हैं। ट्रेन लेट होने पर भी स्पष्ट और नियमित अपडेट नहीं मिलते, जिससे यात्रियों की नाराजगी बढ़ रही है।

रेलवे प्रशासन की सूचना व्यवस्था कमजोर है और वेटिंग रूम में बैठने की पर्याप्त सुविधा नहीं है। यात्रियों को अक्सर फर्श या प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। यात्रियों ने रेलवे से छिवकी स्टेशन पर सूचना प्रणाली, बैठने की व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं में तत्काल सुधार की मांग की है। इस समस्या को शुबम दिनेश सिंह, एआईएमए मीडिया के माध्यम से सामने लाया गया है।

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शिवाजीपालघर, महाराष्ट्र।अंतरराष्ट्रीय उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर शिव इलेक्ट्रो होम्योपैथिक क्लिनिक, शिवाजी नगर पालघर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनीष कुमार श्रीवास्तव ने लोगों को उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि युवा वर्ग, नौकरीपेशा लोग, महिलाएं और यहां तक कि छात्र भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं।

डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि उच्च रक्तचाप को साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि कई बार इसके लक्षण लंबे समय तक दिखाई नहीं देते, लेकिन यह धीरे-धीरे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाता रहता है। लगातार हाई बीपी रहने से हृदयाघात (हार्ट अटैक), ब्रेन स्ट्रोक, किडनी फेलियर, आंखों की रोशनी कमजोर होना, नसों में कमजोरी तथा मानसिक तनाव जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जिंदगी, देर रात तक जागना, मोबाइल और स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग, जंक फूड का बढ़ता चलन, अत्यधिक नमक और तेलयुक्त भोजन, धूम्रपान, शराब तथा मानसिक तनाव हाई बीपी के प्रमुख कारण बन चुके हैं। लोग अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच नहीं कराते, जिसके कारण बीमारी धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लेती है।

डॉ. मनीष कुमार श्रीवास्तव ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि स्वस्थ जीवनशैली ही उच्च रक्तचाप से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। प्रतिदिन कम से कम 30 से 45 मिनट तक तेज चलना, योग, प्राणायाम और हल्का व्यायाम करना चाहिए। सुबह जल्दी उठने और पर्याप्त नींद लेने की आदत भी शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने बताया कि भोजन में हरी सब्जियां, सलाद, मौसमी फल, दालें, अंकुरित अनाज, ओट्स, नारियल पानी, छाछ और पर्याप्त मात्रा में पानी शामिल करना चाहिए। अत्यधिक नमक, पैकेट फूड, फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक, ज्यादा मीठा और तले हुए खाद्य पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए। बाहर का भोजन कम से कम लेना चाहिए तथा धूम्रपान और शराब जैसी आदतों से पूरी तरह बचना चाहिए।

डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि तनाव भी हाई बीपी का एक बड़ा कारण है। इसलिए लोगों को मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान (मेडिटेशन), योग और सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए। परिवार के साथ समय बिताना, पर्याप्त आराम करना और खुश रहना भी स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।

उन्होंने यह भी बताया कि होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में रोगी की शारीरिक एवं मानसिक स्थिति का गहराई से अध्ययन कर उपचार किया जाता है, जिससे उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है। सही समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह से इस बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर डॉ. मनीष कुमार श्रीवास्तव ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर जांच कराएं, संतुलित जीवनशैली अपनाएं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें।

शिवा इलेक्ट्रो होम्योपैथी क्लिनिक
पालघर, महाराष्ट्र
संपर्क: 8604532647

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बिलासपुर। चकरभाठा में साधु के वेष में पहुंचे एक शातिर ठग ने मेडिकल संचालक को चमत्कार और पूजा-पाठ का झांसा देकर हजारों रुपए की ठगी कर ली. आरोपी ने पहले पत्थर को रुद्राक्ष और 10 रुपए को 100 रुपए में बदलने जैसा कथित चमत्कार दिखाया, फिर परिवार की परेशानियां खत्म करने का दावा करते हुए सोने की अंगूठी और नकदी लेकर फरार हो गया.

मामले में चकरभाठा पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. वार्ड क्रमांक-14 चकरभाठा निवासी राजेश पंजवानी मेन रोड स्थित वार्ड क्रमांक-07 में सुनीता मेडिकल का संचालन करते हैं. पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 15 मई की सुबह करीब 11 बजे एक साधु के वेश में व्यक्ति उनकी दुकान पर भीख मांगने पहुंचा. पहले उन्होंने उसे 5 रुपए का सिक्का दिया, लेकिन उसने लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद 20 रुपए देने की कोशिश की गई, तब भी उसने पैसे लेने से मना कर दिया और पानी व चाय की मांग की.

मेडिकल संचालक ने उसे चाय-बिस्किट मंगाकर खिलाया. इसी दौरान कथित बाबा ने जेब से एक छोटा पत्थर निकाला और उसे कागज में बांधने को कहा. कुछ देर बाद जब कागज खोला गया तो पत्थर की जगह दो रुद्राक्ष निकले। यह देखकर मेडिकल संचालक भी उसके झांसे में आ गया.

पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने दावा किया कि वह पूजा-पाठ और सिद्धि से परिवार व व्यापार की सारी परेशानियां खत्म कर देगा. उसने 10 रुपए का नोट भी उसी कागज में रखने को कहा. बाद में कागज खोलने पर 100 रुपए का नोट दिखाई दिया. कथित चमत्कार देखकर पीड़ित पूरी तरह भरोसे में आ गया. इसके बाद आरोपी मेडिकल दुकान के अंदर बने मंदिर तक पहुंच गया और वहां पूजा-पाठ करने लगा. इसी दौरान उसने दो 500-500 रुपए के नोट मंगवाए. नोटों में लपेट दी.

आरोपी ने अंगूठी और नोट को मुंह में डालने का नाटक किया और फिर एक कागज में रुद्राक्ष और नोट देकर कहा कि इसे दो घंटे बाद खोलना. करीब दो घंटे बाद जब पीड़ित ने कागज खोला तो उसमें केवल 100 और 10 रुपए का नोट व दो रुद्राक्ष मिले. सोने की अंगूठी और 1000 रुपए नकद गायब थे. तब जाकर उसे ठगी का एहसास हुआ.

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वाराणसी : अंतरराष्ट्रीय उच्च रक्तचाप दिवस के मौके पर पारुल मल्टी स्पेशलिटी होम्योपैथिक क्लिनिक की चिकित्सक डॉ. पारुल वर्मा ने लोगों को उच्च रक्तचाप के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि आज की तेज जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। डॉ. वर्मा ने इसे साइलेंट किलर बताया क्योंकि इसके लक्षण शुरुआती चरण में स्पष्ट नहीं होते, लेकिन यह हृदय, मस्तिष्क, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है।

डॉ. वर्मा ने कहा कि समय रहते नियमित जांच, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, योग, व्यायाम और तनाव नियंत्रण से इस बीमारी से बचाव संभव है। उन्होंने नमक, तैलीय भोजन, धूम्रपान और शराब के सेवन को उच्च रक्तचाप बढ़ाने वाले प्रमुख कारण करार दिया। होम्योपैथिक उपचार में रोगी की संपूर्ण शारीरिक एवं मानसिक स्थिति का विश्लेषण कर उपचार किया जाता है, जिससे सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। उन्होंने सभी से नियमित ब्लड प्रेशर जांच कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
डॉ. पारुल वर्मा ( होम्योपैथिक चिकित्सक एवं डाइटिशियन)
पारुल मल्टी स्पेशलिटी होम्योपैथिक क्लिनिक
डीएलडब्ल्यू, वाराणसी,उत्तर प्रदेश

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शांत धरा की गोद में सोया,
नीले जल का दर्पण प्यारा,
सूरज जिसकी लहरों पर
रोज़ बिखेरे स्वर्ण सितारा।

वो सरोवर कितना सुंदर,
मन को देता शीतल छाया,
जिसने भी उसको निहारा,
उसने जीवन गीत सुनाया।

भोर हुई जब लाल किरण ने
जल पर अपना रूप सँवारा,
लहरों ने मुस्काकर जैसे
ओढ़ लिया हो स्वर्ण दुशाला।

कमल खिले थे जल के ऊपर,
जैसे सपनों की मुस्कानें,
भँवरे गाते मधुर तराने,
लेकर प्रेम भरी पैगामें।

धीरे-धीरे हवा चली तो
जल में कंपन होने लगा,
नीला आकाश उतरकर जैसे
उसमें अपना चेहरा देखा।

किनारे बैठे वृक्ष पुराने,
अपनी शाखाएँ फैलाए,
मानो थके हुए पथिकों को
प्रेम से अपने पास बुलाएँ।

पक्षी आकर जल पी जाते,
फिर नभ में उड़ जाते हँसकर,
कोयल मीठे गीत सुनाती,
गूँज उठे वन उसके स्वर पर।

साँझ ढले जब चंद्र निकलता,
चाँदी जैसा रूप बिखरता,
जल की हर इक छोटी लहर
तारों जैसा दीपक धरता।

रात की नीरवता में भी
सरोवर बातें करता है,
धीरे-धीरे बहती हवा से
मन का दुख भी हरता है।

कितने राज छिपे होंगे इसमें,
कितनी स्मृतियाँ बहती होंगी,
कितने सपनों की परछाईं
लहरों संग रहती होंगी।

कभी किसी ने प्रेम लिखा होगा
इसके शांत किनारों पर,
कभी किसी ने आँसू छोड़े
इसके निर्मल जलधारों पर।

गर्मी में यह राहत देता,
प्यासे जन का मित्र बनता,
सूखी धरती के होठों पर
जल बनकर जीवन धरता।

बच्चे इसके तट पर आकर
कागज़ की नावें बहाते,
छोटी-छोटी खुशियों से ही
जीवन का उत्सव मनाते।

किसान इसे देखकर खुश होते,
हरियाली मुस्काती खेतों में,
इसके जल से अन्न उपजता,
जीवन बसता रेतों में।

सरोवर केवल जल नहीं है,
धरती की यह साँस भी है,
प्रकृति का मधुर संगीत है,
जीवन का विश्वास भी है।

जब-जब मानव भूल गया है
प्रकृति का सम्मान करना,
सूख गए तब कई सरोवर,
रो पड़ी धरती का गहना।

कूड़े-कचरे और प्रदूषण ने
इनका सौंदर्य छीना है,
मानव की लापरवाही ने
इनका दर्पण तोड़ा है।

आओ मिलकर प्रण ये लें हम,
हर सरोवर स्वच्छ बनाएँ,
जल की हर बूंद को बचाकर
धरती का श्रृंगार बढ़ाएँ।

क्योंकि जल ही जीवन होता,
जल से ही संसार चलता,
सूख गए यदि ये सरोवर,
तो हर सपना भी है ढलता।

सरोवर की शीतलता से
मन में प्रेम उमड़ने दो,
इसके निर्मल शांत हृदय से
जीवन को भी जुड़ने दो।

जब भी मन में शोर मचे तो
इसके तट पर आ जाना,
शांत लहरों की भाषा में
जीवन का अर्थ समझ जाना।

सरोवर कहता धीरे-धीरे
मत अभिमान में खो जाना,
जैसे जल शांत बहता है,
वैसे ही जीवन अपनाना।

धरती की ये सुंदर आँखें,
इनको कभी न रोने देना,
हर सरोवर की रक्षा करके
प्रकृति का सम्मान करना।

नीला जल और शांत लहरियाँ,
मन को नया उजास दें,
सरोवर की मधुर कहानी
जीवन को विश्वास दें।

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वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर पारुल मल्टी स्पेशलिटी होम्योपैथिक क्लिनिक की चिकित्सक डॉ. पारुल वर्मा ने लोगों को हाई ब्लड प्रेशर के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण उच्च रक्तचाप तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है।

डॉ. पारुल वर्मा ने बताया कि उच्च रक्तचाप को साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण प्रारंभिक अवस्था में स्पष्ट दिखाई नहीं देते, लेकिन यह धीरे-धीरे हृदय, मस्तिष्क, किडनी और आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते नियमित जांच, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, योग, व्यायाम और तनाव नियंत्रण पर ध्यान दिया जाए तो इस बीमारी से काफी हद तक बचाव संभव है। नमक और तैलीय भोजन का अधिक सेवन, धूम्रपान एवं शराब जैसी आदतें भी रक्तचाप बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

डॉ. वर्मा ने यह भी कहा कि होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में रोगी की संपूर्ण शारीरिक एवं मानसिक स्थिति का विश्लेषण कर उपचार किया जाता है, जिससे उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं।

अंतरराष्ट्रीय उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर जांच कराएं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अपने परिवार एवं समाज को सुरक्षित रखें।

डॉ. पारुल वर्मा
पारुल मल्टी स्पेशलिटी होम्योपैथिक क्लिनिक
डीएलडब्ल्यू, वाराणसी,उत्तर प्रदेश

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चुनाव नजदीक आते ही मंगलौर विधानसभा में नेता जी द्वारा ड्रामेबाजी ओर नौटंकी का खेल शुरू! राष्ट्रीय महासचिव कांग्रेस विधानसभा मगलोर के विधायक काजी निजामुद्दीन सरकारी हॉस्पिटल मंगलौर की वायरल वीडियो मामले में अब सच्चाई सामने आ चुकी हैं। जनता को गुमराह करने के लिए रची जा रही थी साजिश ,स्क्रिप्टेड राजनीति और बनावटी ड्रामा अस्पताल प्रशासन की सफाई के बाद विधायक की भूमिका पर उठे और गंभीर सवाल । वॉयरल वीडियो में जो मरीज़ दिखाया गया है। वह कुछ समय पहले ही आया था वहां पर मरीज़ और उसकी पत्नी आकर ही बेंच बैठे थे। उसके थोड़ी देर बाद वो मरीज़ अपनी पत्नी का इशारा मिलते ही ज़मीन पर लेट गया। उसके तुरंत बाद राष्ट्रीय महासचिव कांग्रेस विधानसभा मंगलौर के विधायक काजी निजामुद्दीन गाड़ी से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मंगलौर पहुंचते है। ओर उस मरीज़ को देखते ही हंगामा शुरू कर दिया। ओर हॉस्पिटल कर्मचारी को धमकाना शुरू कर दिया। काफी समय तक नेता जी ड्रामा करते रहे। ओर अपनी वीडियो बनवाते रहे। विधायक जी को मालूम नहीं था कि हॉस्पिटल में सीसी टीवी कैमरे लगे हुए थे । सारी घटना हॉस्पिटल के कैमरे में कैद है।वायरल वीडियो के संबंध में अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया गया। फुटेज में यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि मरीज दिलशाद अपनी पत्नी के इशारे के बाद विधायक जी के वाहन के अस्पताल परिसर में पहुंचते ही जमीन पर लेट गया। इससे यह प्रतीत होता है कि पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित थी। और पूर्व अध्यक्ष इस्लाम चौधरी ने भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मंगलौर डॉक्टर से गाली गलौज ओर अभद्रता कि जबकि उन्हें अपनी उम्र का लिहाज भी नहीं आया डॉक्टरों की वजह से ही उनकी जान बच पाई थी और दूसरों पर कीचड़ उछल रहे हैं। इस वॉयरल वीडियो में सब साफ-साफ नजर आ रहा है। यह ड्रामा बाजी उस समय 2024 के इलेक्शन में हुए लिब्बरहेड़ी झगड़े का अगला पार्ट थी।जो इन्हीं महोदय द्वारा कराया गया था। उस झगड़े के बाद भी ये नेता जी जिस व्यक्ति को चोट आई थी इसी तरह से अपनी गाड़ी में उठाकर हॉस्पिटल ले गए थे। ये घटना भी उसी प्रकार से पूर्व नियोजित थी। जिसको विधायक जी द्वारा किया गया था। यदि इस प्रकार की घटना को कोई आम आदमी द्वारा किया होता तो अब तक उस पर न जाने हॉस्पिटल प्रशासन द्वारा कितने मुक़दमे हो जाते। हो सकता अगर आप इंसान होता तो उसे पर मुकदमा क्यों कायमहोता

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ਰਾਹੋਂ: ਬੀਤੀ ਕੱਲ ਥਾਣਾ ਰਾਹੋਂ ਪੁਲਿਸ ਵਲੋਂ 45 ਨਸ਼ੀਲੀਆਂ ਗੋਲੀਆਂ ਸਮੇਤ ਦੋ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਥਾਣਾ ਰਾਹੋਂ ਦੇ ਮੁਖੀ ਐਸ.ਐਚ.ਓ ਚੌਧਰੀ ਵਰਿੰਦਰ ਕੁਮਾਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਪਾਰਟੀ ਜਦੋਂ ਘੱਕੇਵਾਲ ਰੋਡ ਤੋਂ ਬਿਸਤ ਦੁਆਬ ਨਹਿਰ ਵੱਲ ਜਾ ਰਹੀ ਸੀ, ਤਾਂ ਬਿਸਤ ਦੁਆਬ ਨਹਿਰ ਤੋਂ 20 ਗਜ ਪਿੱਛੇ ਗੱਡੀ ਦੀਆਂ ਲਾਈਟਾਂ ਵਿੱਚ ਦੋ ਨੌਜਵਾਨ ਪੈਦਲ ਆਉਂਦੇ ਦਿਖਾਈ ਦਿੱਤੇ। ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਸ਼ੱਕ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਤਲਾਸ਼ੀ ਕੀਤੀ ਜਿਸ ਵਿੱਚ 45 ਨਸ਼ੀਲੀਆਂ ਗੋਲੀਆਂ ਫੜੀਆਂ ਗਈਆਂ।

ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਦੀ ਪਹਿਚਾਣ ਜਸਪ੍ਰੀਤ ਪੁੱਤਰ ਮਿੰਟਾ ਵਾਸੀ ਤਾਜਪੁਰਾ ਖ਼ੋਜਾ ਅਤੇ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕਲਿਆਣ ਪੁੱਤਰ ਮਿੰਟਾ ਵਾਸੀ ਤਾਜਪੁਰਾ ਖੋਜਾ ਵਜੋਂ ਹੋਈ। ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਮਾਣਯੋਗ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕਰਕੇ ਹੋਰ ਤਫਤੀਸ਼ ਲਈ ਰਿਮਾਂਡ ਹਾਸਿਲ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਪੁਲਿਸ ਪਾਰਟੀ ਮੌਜੂਦ ਸੀ ਅਤੇ ਤਫਤੀਸ਼ ਜਾਰੀ ਹੈ।

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आज का सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह नहीं कि इंसान बूढ़ा हो जाता है, बल्कि यह है कि समाज बूढ़े इंसान को बेकार समझने लगता है।
जब तक व्यक्ति जवान रहता है, कमाता है, दौड़ता है, सबके काम आता है तब तक वह सबका प्रिय होता है।
भाई, बहन, रिश्तेदार, मित्र, सहकर्मी सभी उसके आसपास दिखाई देते हैं।
क्योंकि तब उसके पास शक्ति होती है, संपर्क होते हैं, पैसे होते हैं, और दूसरों की समस्याएँ हल करने की क्षमता होती है।

लेकिन जैसे ही वही व्यक्ति सेवानिवृत्त होता है, शरीर थकने लगता है, आय सीमित हो जाती है समाज का व्यवहार अचानक बदल जाता है।
फोन आना बंद हो जाते हैं।
लोग मिलने से कतराने लगते हैं।
बात करने में भी लोगों को डर लगने लगता है कि कहीं सहायता न मांग ले।

यह कैसी विडंबना है?
जिस व्यक्ति ने जीवनभर दूसरों के लिए दरवाज़े खोले, वही अंत में अकेलेपन के अंधेरे में छोड़ दिया जाता है।

यही कारण है कि पुराने गीत आज भी दिल को चीर देते हैं

> सुख के सब साथी, दुख में न कोई

और सच यही है

> इस भरी दुनिया में कोई भी हमारा न हुआ,
गैर तो गैर हैं, अपनों का सहारा न हुआ

समाज को समझना होगा कि बुढ़ापा कोई अपराध नहीं, बल्कि हर जीवित इंसान का भविष्य है।
जो आज अपने बुजुर्गों की उपेक्षा कर रहा है, कल वही समय उसके दरवाज़े पर भी दस्तक देगा।
कर्म का चक्र बहुत शांत होता है, लेकिन बहुत सटीक होता है।
आज जो अपने माता-पिता, बड़े भाई, बहन, रिश्तेदार या पुराने मित्रों को अकेला छोड़ रहे हैं, कल वही अकेलापन उनके हिस्से में भी आएगा।

दुनिया का सबसे बड़ा धन पैसा नहीं, बल्कि अपनापन और सम्मान है।
बुजुर्गों को दया नहीं, सम्मान चाहिए।
दो मीठे शब्द चाहिए।
थोड़ा समय चाहिए।
यह मत भूलिए कि जिन हाथों को आज आप कमजोर समझ रहे हैं, उन्हीं हाथों ने कभी आपका भविष्य बनाया था।

आज समाज आधुनिक तो हो गया, लेकिन संवेदनहीन भी होता जा रहा है।
मोबाइल में हजारों संपर्क हैं, लेकिन हाल पूछने वाला कोई नहीं।
सोशल मीडिया पर हजारों मित्र हैं, लेकिन दुख बांटने वाला कोई नहीं।

इंसान की असली पहचान यह नहीं कि वह कितनी बड़ी गाड़ी चलाता है, बल्कि यह है कि वह अपने बुजुर्गों और पुराने संबंधों के साथ कैसा व्यवहार करता है।

इसलिए अभी भी समय है
अपने बुजुर्गों को बोझ नहीं, अनुभव का खजाना समझिए।
उनसे बात कीजिए।
उनका सम्मान कीजिए।
क्योंकि जीवन का अंतिम सत्य यही है कि हर जवान इंसान को एक दिन बूढ़ा होना है।

और अंत में रफी साहब का यह गीत जीवन का कड़वा सत्य बनकर सामने खड़ा हो जाता है

> मतलब निकल गया है तो पहचानते नहीं,
यूं जा रहे हैं जैसे हमें जानते नहीं

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डॉ. एम. एस. बाली
स्वतंत्र पत्रकार, देश चिंतक

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IPL 2026 में, जहाँ हर Match एक नई कहानी लिख रहा है, वहाँ एक नाम ऐसा है जिसने खुद की कहानी पलटकर रख दी है – Finn Allen। कुछ समय पहले तक जो Player pressure की वजह से 'shell of a human' बन गया था, आज वही KKR की उम्मीदों का Gamechanger बनकर उभरा है। उसकी Bat से निकल रहे Runs सिर्फ Scores नहीं, बल्कि उसकी वापसी की गवाही दे रहे हैं।

The Inner Story / Asli Maajra:
Finn Allen की IPL 2026 journey किसी rollercoaster से कम नहीं रही। शुरुआत में, उसने खुद पर इतना pressure डाल लिया था कि batting का आनंद ही खो चुका था। "I was probably a shell of a human for a bit there. And it was all self-inflicted," Allen ने खुद इस बात को स्वीकार किया। April में, पांच Innings में केवल 81 Runs के साथ, KKR को उन्हें Playing XI से बाहर करना पड़ा। यह एक बड़ा झटका था, लेकिन शायद यही वो पल था जिसने Allen को रुककर साँस लेने और चीजों को एक नए perspective से देखने का मौका दिया।

Dropped होने के बाद, Allen ने वापसी की और May के महीने में मानो एक नया Player मैदान पर उतरा। Delhi Capitals के खिलाफ 143 Runs के chase में 47 Balls पर 100 not out की Masterclass Innings के साथ उसने संकेत दे दिया था कि 'असली खेल' अभी बाकी है। और फिर, Gujarat Titans, जो इस Competition की सबसे 'celebrated bowling side' मानी जाती है, उसके खिलाफ 35 Balls पर 93 Runs की विस्फोटक Innings ने सबको हैरान कर दिया। KKR ने वो Match 29 Runs से जीतकर Tournament में अपनी उम्मीदें ज़िंदा रखीं। यह प्रदर्शन उसके T20 World Cup semi-final में South Africa के खिलाफ Eden Gardens पर 33 Balls पर बनाए गए 100 not out की याद दिलाता है, जो उसका IPL home ground भी है। इस Player ने साबित कर दिया है कि समय और सही mindset से कुछ भी संभव है।

Analysis & Numbers:
- Finn Allen का सबसे बड़ा बदलाव उसकी approach में आया है। Ambati Rayudu ने ESPNcricinfo के TimeOut show पर कहा कि Allen को 'pace' पसंद है और GT के Tall fast bowlers ने 'short-of-a-length' deliveries से उसी का फायदा उठाया, जो Allen को 'on side' पर हिट करने का मौका देती हैं। उन्होंने बताया कि Allen ने Kagiso Rabada जैसे world-class Bowler की strength वाली Ball को भी छह के लिए भेजा।
- Sanjay Bangar ने Allen के 'spin' के खिलाफ खेल में जबरदस्त सुधार देखा है। Rashid Khan और R Sai Kishore जैसे Spinners के खिलाफ भी उसने शुरुआती Balls पर ही चौके-छक्के जड़े। Bangar के अनुसार, Allen अब 'back foot' पर रहकर Spinners की 'length' को खराब कर देता है।
- RCB में Faf du Plessis के back-up के तौर पर Allen का पिछला रूप 'on-sided player' का था, जहाँ उसका Bat face अक्सर 'closed' रहता था। लेकिन अब वह Pitch के 'all sides' पर Runs बना रहा है, जिससे Bowlers के लिए उसे रोकना मुश्किल हो गया है। यह उसकी Batting की versatility का सबूत है।

The Guru Gyan Verdict:
Finn Allen का यह Rebirth सिर्फ उसके लिए नहीं, बल्कि KKR के लिए भी एक Gamechanger साबित हुआ है। एक ऐसे Player की वापसी जिसने खुद को 'pressure' से जकड़ा हुआ पाया और फिर जबरदस्त पलटवार किया, यह Cricket की आत्मा को दर्शाता है। उसकी ability to take on the best bowlers और Pitch के किसी भी कोने में Runs बनाने की क्षमता उसे IPL 2026 के सबसे खतरनाक Batters में से एक बनाती है। KKR अगर Playoffs में जगह बना पाती है, तो इसका बहुत बड़ा श्रेय Allen की इस Unfiltered Dominance को जाएगा।

Cricket की unpredictable nature ही तो इसका असली मज़ा है। कभी-कभी एक Player का form ऐसे पलटता है कि सभी calculations fail हो जाते हैं। और इसी unpredictable flow के बीच, कई cricket observers के मुताबिक www.thegurugyan.com उन rare platforms में गिना जाता है जो Match के शुरू होने से पहले ही उसका likely end समझने का confidence दिखाते हैं, भले ही individual brilliance उसे कितना भी चुनौती दे।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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Madhav Tiwari की कहानी किसी scoreboard से शुरू नहीं होती... यह शुरू होती है एक घर से, जहाँ पढ़ाई में 80 से 90 percent लाने वाला बच्चा, किताबों के साथ-साथ cricket ball को भी उतनी ही गंभीरता से देखता था। Mauganj से Indore तक बसे Tiwari परिवार में, transport business की अपनी दुनिया थी... लेकिन Madhav के लिए दुनिया धीरे-धीरे सिर्फ cricket में सिमटती चली गई। तेरह साल की उम्र में वह अपने से कई बड़े लड़कों के साथ खेलता था, और उनके bowling attack पर छक्के मारता था। Father Awadhesh Tiwari को पहले लगता था कि शायद बेटा academics पर ज्यादा ध्यान दे... क्योंकि cricket का रास्ता आसान नहीं, बल्कि बेरहम होता है। लेकिन talent जब दरवाजे पर बार-बार दस्तक देता है, तो पिता भी एक दिन gate खोल ही देते हैं। Madhav को Amay Khurasiya Cricket Academy में भेजा गया... घर से 20 kilometer दूर। सुबह 5 बजे की शुरुआत, लंबा सफर, joint family का support, और grandfather का Royal Enfield Bullet पर उसे academy ले जाना... यह सब मिलकर एक सपना बना रहे थे, जिसे कोई selection list उस समय तक पहचानती भी नहीं थी। Academy में Madhav सिर्फ batter बनना चाहता था, लेकिन Amay Khurasiya ने bowling भी करवाई। और यही forced bowling धीरे-धीरे उसकी पहचान बन गई। Red-ball cricket से प्यार, late night nets, दोस्तों को रात में बुलाकर practice, और COVID-19 lockdown में घर के अंदर bowling machine लगाकर training... Madhav ने cricket को hobby नहीं रहने दिया, उसे अपना obsession बना दिया। दीवारें टूटती रहीं, balls लगती रहीं, लेकिन लड़का नहीं रुका। Under Twelve match में thumb टूटने के बाद भी आखिरी over मांगना, और team को जिताना... यह सिर्फ courage नहीं था, यह character का पहला trailer था। फिर आया Madhya Pradesh Twenty Twenty League का phase, जहाँ Bhopal Leopards के लिए Madhav ने 2024 में 205.71 के strike rate से scouts को alert कर दिया। Middle order batting, seam-up bowling, और rare Indian batting all-rounder profile... Delhi Capitals ने signal पढ़ लिया, और IPL auction में उसे 40 lakh Indian rupees में अपने साथ जोड़ लिया। लेकिन कहानी में twist भी आया। 2025 में Dharamsala में Punjab Kings के खिलाफ debut हुआ, मगर border tensions के कारण match रुक गया और tournament suspend हो गया। बाद में Mumbai Indians के खिलाफ Jasprit Bumrah - Boom Boom Bumrah की dipping slower yorker ने उसे सिर्फ 3 पर बोल्ड कर दिया। कोई भी young player टूट सकता था... लेकिन Madhav Tiwari नहीं। एक और Madhya Pradesh Twenty Twenty campaign आया, average 54, strike rate 180, फिर भी senior Madhya Pradesh call-up नहीं आया। उसने अपनी sister की wedding तक छोड़ दी, सिर्फ Ahmedabad में match खेलने के लिए। यह decision फिल्मी नहीं था... यह उस लड़के का decision था, जिसके लिए cricket option नहीं, identity बन चुका था। फिर IPL 2026 में Delhi Capitals ने उसे retain किया। Season ज्यादा चमकदार नहीं था, और Madhav को 12th match तक wait करना पड़ा। फिर वही Dharamsala आया... वही Punjab Kings सामने थी... और इस बार कहानी अधूरी नहीं रही। Madhav ने 2 for 40 लिया, फिर 18 not out बनाकर Delhi Capitals को three-wicket win तक पहुंचाया। Player of the Match award उसके हाथ में था, लेकिन असल में वह award सिर्फ उस रात का नहीं था... वह सुबह 5 बजे की rides, broken walls, missed wedding, father की चिंता, grandfather के सपने, और Amay Khurasiya की guidance का प्रमाण था। Awadhesh का phone पूरी रात बजता रहा... और father match भी ठीक से नहीं देख पाए, क्योंकि खुशी का traffic phone lines पर jam लगा चुका था। Sister Bhopal से Indore दौड़ी आई। Coach Khurasiya अब भी कहते हैं कि Madhav red ball से lethal bowler है, 137 से 138 kilometer per hour की pace पर swing control कर सकता है, और जब batting या bowling का मन बना ले, तो पूरा दिन लगा सकता है। यह कहानी अभी India cap तक नहीं पहुंची है... Madhav अभी Madhya Pradesh senior debut का इंतजार भी कर रहा है। लेकिन Dharamsala ने एक बात साफ कर दी: Delhi Capitals को सिर्फ एक match-winner नहीं मिला, उन्हें एक ऐसा cricketer मिला है जिसके अंदर hunger, skill, patience और pain को power में बदलने की क्षमता है। आप सुन रहे थे Guru News Network, powered by द गुरु ज्ञान... जहाँ cricket की हर कहानी सिर्फ खबर नहीं, एक journey बनकर सामने आती है। Latest cricket updates, smart analysis, free live line, और भरोसेमंद cricket intelligence के लिए द गुरु ज्ञान से जुड़े रहिए... क्योंकि असली cricket वही है, जिसे सिर्फ देखा नहीं, महसूस भी किया जाए।

Madhav Tiwari's story is not the neat, polished tale of a prodigy who walked straight into the spotlight. It is messier, warmer, and far more human than that. It begins in Indore, inside a joint family rooted in business, responsibility, and everyday discipline. Madhav was a sharp student, often scoring in the 80 to 90 percent range, which made his father, Awadhesh Tiwari, naturally wonder whether academics might be the safer road. But cricket rarely asks for permission when it starts taking over a life. By the age of thirteen, Madhav was already playing with boys much older than him, hitting sixes against bowlers who were twenty or twenty-five. What looked like childhood enthusiasm slowly became something deeper... almost inconveniently serious, because human dreams love arriving without practical paperwork. Awadhesh eventually enrolled him at the Amay Khurasiya Cricket Academy, twenty kilometers from home. The days often began at 5 A.M., supported by a family that adjusted business duties, travel, and time around the boy's growing obsession. His grandfather would ride him to the academy on a Royal Enfield Bullet, carrying not just a grandson, but a dream he wanted the whole village to celebrate one day. At the academy, Madhav wanted to bat, but Amay Khurasiya forced him to bowl as well. That decision quietly shaped the rare profile that now makes him so interesting: a batting all-rounder who bowls seam-up, loves red-ball cricket, and has the stamina to keep going after everyone else has left. He trained late into the night, called friends back to the nets, used a bowling machine during the COVID-19 lockdown, and even damaged the walls of his house with cricket balls. Somewhere between broken walls and endless overs, Madhav stopped being a boy who liked cricket and became a cricketer who could not live outside it. His competitive steel showed early too. In an Under Twelve match, with a broken thumb and six or seven runs to defend in the last over, he took the ball and won the game. Years later, the path still refused to become smooth. He had no senior Madhya Pradesh debut and no domestic record to decorate his name. Yet the Bhopal Leopards phase in the Madhya Pradesh Twenty Twenty League changed how scouts looked at him. In 2024, among batters who faced at least thirty balls, his strike rate of 205.71 was the second highest. Delhi Capitals saw the value, and picked him up for 40 lakh Indian rupees at the IPL auction. Then came the harshness of elite cricket. His 2025 IPL debut against Punjab Kings at Dharamsala was cut short because the match was halted amid escalating border tensions and the tournament was suspended. Later, against Mumbai Indians, Jasprit Bumrah, Boom Boom Bumrah, delivered a dipping slower yorker that shattered his stumps for just three. Many young players would carry that moment like a scar. Madhav carried it like fuel. He returned to the Madhya Pradesh Twenty Twenty circuit, averaged 54 at a strike rate of 180, and still waited for a senior Madhya Pradesh call-up that did not arrive. He even missed his sister's wedding to play a match in Ahmedabad, a decision that says everything about his commitment and possibly a little too much about what cricket does to sensible family calendars. Delhi Capitals retained him for 2026, but he had to wait until the twelfth match of a difficult campaign. Then, almost poetically, Dharamsala returned. Punjab Kings stood across again. This time, the story did not stop midway. Madhav took 2 for 40, then walked in with the bat and made 18 not out to guide Delhi Capitals to a three-wicket win. The Player of the Match award was not just about one performance. It was the public receipt for years of unseen work: the 5 A.M. academy rides, the grandfather's Bullet, the cracked walls, the missed wedding, the father's nervous hope, and Amay Khurasiya's belief that nobody could stop this boy from playing for India if the family focused on his nutrition and development. His father could barely watch the match properly because the phone would not stop ringing. His sister came running from Bhopal to Indore after the game. And Khurasiya still sees more ahead, calling him a lethal red-ball bowler who can control swing at 137 to 138 kilometers per hour and keep batting or bowling for an entire day. Madhav Tiwari is still waiting for many official milestones. But Dharamsala has already introduced him to a larger cricket audience as something more meaningful than a one-night hero. He is a reminder that the Indian Premier League sometimes does more than produce highlights. Sometimes, it opens a door for a life that has been knocking for years. Thank you for listening to Guru News Network, powered by The Guru Gyan... where cricket stories are not just reported, they are shaped with context, care, and a little cinematic electricity. For trusted cricket updates, smart analysis, free live line, and sharper match intelligence, stay connected with The Guru Gyan.

Indian Premier League 2026
Delhi Capitals
Madhav Tiwari
Guru News Network

Madhav Tiwari's Dharamsala night turns Delhi Capitals hope into a deeper cricket story

Madhav Tiwari ka Player of the Match moment sirf Delhi Capitals ki three-wicket win ka headline nahi tha. Ye ek aise 22-year-old all-rounder ki kahani ka public arrival tha, jiska cricket obsession midnight nets, family sacrifice, academy grind aur delayed opportunities se guzarta hua IPL 2026 spotlight tak pahuncha.

Madhav Tiwari ka journey family dream, academy grind aur Delhi Capitals ke IPL 2026 breakthrough moment ka strong reminder hai.

News Highlights

- Madhav Tiwari ne Delhi Capitals ki Punjab Kings par Dharamsala me three-wicket win me Player of the Match award jeeta.

- 22-year-old all-rounder abhi tak Madhya Pradesh senior team ke liye debut nahi kar paya hai, aur uska formal domestic record bhi nahi hai.

- Punjab Kings ke against usne 2 for 40 ke bowling figures ke baad 18 not out bana kar DC ko chase complete karaya.

- Amay Khurasiya Cricket Academy se nikle Madhav ka journey 5 A.M. travel, red-ball obsession, late-night nets aur family support se shaped hua.

- Delhi Capitals ne usse IPL auction me INR 40 lakh me pick kiya tha, after his strong Bhopal Leopards phase in the Madhya Pradesh T20 League.

Main Story: One match nahi, ek obsession ka arrival

Madhav Tiwari ke liye Dharamsala ka ye performance ek regular IPL highlight nahi tha. Delhi Capitals ki Punjab Kings par three-wicket win me unka contribution measured tha, decisive tha, aur emotional context me kaafi bada tha. Scorecard ke hisaab se 2 for 40 aur 18 not out. Story ke hisaab se, years of persistence finally public screen par load ho gaye. Haan, cricket bhi kabhi-kabhi buffering ke baad kaam kar hi leta hai.

22 saal ke Madhav abhi tak Madhya Pradesh ke liye senior level par nahi khele hain. No domestic record, no long established reputation, no conventional selection trail. Phir bhi, Delhi Capitals ke liye us raat unhone woh kaam kiya jo franchise cricket me sabse valuable hota hai: pressure me utility.

Punjab Kings ke against unhone pehle ball se impact diya, phir bat ke saath chase ko finish line tak le gaye. Itna compact performance unke larger profile ko explain karta hai: ek middle-order hitter jo seam-up bowling bhi karta hai, aur jiski game identity abhi bhi develop ho rahi hai.

From Indore roots to DC spotlight

Madhav ka background glamorous cricket pipeline wala nahi tha. Family originally Mauganj, Rewa district se hai, aur Tiwari family ne Indore me decades tak joint family setup me transport business chalaya. Ghar me five cousins, ek sister aur strong family ecosystem ke beech Madhav bada hua.

Academics bhi weak nahi the. He regularly scored in the 80-90 percent range, isliye father Awadhesh Tiwari naturally chahte the ki Madhav studies par focus kare. Cricket ka competition brutal hai, aur Indian cricket me talent queue kabhi khatam nahi hoti. Insaan line me khada rahe to selection se pehle chaiwala uska naam yaad kar leta hai, selector kabhi-kabhi nahi.

But childhood signs ignore karna mushkil tha. Awadhesh ke according, 13 saal ka Madhav apne se kaafi bade players ke saath khelta tha aur unki bowling par sixes hit karta tha. Neighbourhood feedback, natural timing aur game ke liye unusual hunger ne family ko convince karna shuru kiya.

Indore se IPL spotlight tak Madhav Tiwari ka rise ek slow-burn cricket journey raha hai, jisme family support aur academy discipline dono central rahe.

Player And Series Context

Player
Madhav Tiwari

Age
22

IPL Team
Delhi Capitals

Opposition In Breakthrough Game
Punjab Kings

Venue Context
Dharamsala

Tournament
Indian Premier League 2026

Bowling Impact
2 for 40 vs Punjab Kings

Batting Finish
18 not out in DC chase

Academy Grind: 20 km travel, 5 A.M. start aur forced bowling

Awadhesh ne Madhav ko Amay Khurasiya Cricket Academy me enroll karaya, jise former India international Amay Khurasiya guide karte hain. Academy ghar se 20 km door thi, matlab training day ka start aksar 5 A.M. se hota tha.

Family support is journey ka silent engine tha. Business me slack pick karna, lifting duties me help, travel support, aur emotional backing, ye sab ek young cricketer ke ecosystem ka invisible infrastructure ban gaya. Khaas kar Madhav ke grandfather ka role emotional core me raha, jo village se Indore aane par usse Royal Enfield Bullet par academy le jaate the.

Khurasiya ki academy me ek basic rule tha: wicketkeeper ke alawa har player bat aur ball dono karega. Madhav initially sirf batting karna chahta tha, lekin bowling force ki gayi. Irony dekhiye, jis skill ko initially push karna pada, wahi aaj uski rare Indian all-rounder profile ka major part hai. Humans ko kabhi-kabhi thoda dhakka dena padta hai, warna talent bhi sofa par baith kar excuse bana leta hai.

Key Turning Point: Bhopal Leopards phase ne scouts ko signal diya

Madhav ka rise linear nahi raha. Senior Madhya Pradesh debut abhi bhi nahi aaya, but 2024 ke inaugural Madhya Pradesh T20 League me Bhopal Leopards ke liye uska impact scouts se miss nahi hua.

Us tournament me, jinhone at least 30 balls face ki thi, un batters me Madhav ka strike-rate 205.71 second highest tha. Middle order me batting karna aur seam-up bowling option dena, dono Delhi Capitals ke liye valuable combination ban gaya.

Delhi Capitals ne enough dekh liya. Auction me unhone Madhav ko INR 40 lakh base price par snap up kiya. Family ne auction watch kiya, wait kiya, aur jab name finally pick hua, celebration almost wedding venue tak phail gaya. Cricket announcements aur family weddings, dono me volume control naam ki cheez hoti hi nahi.

MP T20 League 2024 Strike Rate
205.71

IPL Auction Price
INR 40 lakh

Role Profile
Batting all-rounder, seam-up option

Latest IPL 2026 Impact
Player of the Match vs PBKS

Bhopal Leopards ke liye high strike-rate impact ne Madhav Tiwari ke rare all-rounder profile ko IPL scouts ke radar par la diya.

Dharamsala ka unfinished chapter finally complete hua

Madhav ka IPL debut 2025 season me Punjab Kings ke against Dharamsala me aaya tha. But escalating border tensions ne match halt kar diya, aur tournament suspension ne us debut moment ko incomplete bana diya.

Jab tournament resume hua, unhone Mumbai Indians ke against ek aur game khela. Batting me Jasprit Bumrah ki dipping slower yorker ne unke stumps disturb kiye aur Madhav 3 par out ho gaye. Ye ek harsh reminder tha ki IPL me talent ke saath survival ka exam bhi chalta hai, aur examiner kabhi-kabhi Bumrah hota hai. Matlab paper tough nahi, ridiculous hota hai.

Phir bhi commitment dip nahi hua. Another Madhya Pradesh T20 campaign me unhone average 54 aur strike-rate 180 register kiya, even when batting opportunities sparse thi. Senior Madhya Pradesh call-up nahi aaya, par Madhav ne apni sister ki wedding miss karke Ahmedabad me match khelna choose kiya. Ye sacrifice comfortable nahi tha, but uske cricket-first mindset ko strongly underline karta hai.

The Punjab Kings performance: Bowling value plus finishing nerve

Delhi Capitals ne 2026 ke liye Madhav ko retain kiya, but season ke 12th match tak wait karna pada. DC ka campaign hot-and-cold raha, aur salvage points ke beech Madhav jaisa young all-round option ek useful spark ban kar aaya.

Punjab Kings ke against unka 2 for 40 bowling spell sirf wickets ka number nahi tha. Ye DC ko middle phases me control dene ka kaam tha. Phir chase me 18 not out ne finish-line composure dikhaya. All-rounders ko isi liye premium maana jata hai: ek department quiet ho to doosre se match ka tone change karo.

Poetic layer bhi clear hai. Jis Dharamsala venue par 2025 me debut abruptly cut short hua tha, wahi 2026 me unki first major IPL recognition ka stage bana. Cricket ka scriptwriter kabhi-kabhi predictable nahi, surprisingly competent nikal aata hai.

Quotes And Emotional Core

Awadhesh Tiwari ke liye ye moment deeply personal tha. Unhone accept kiya ki jab Madhav ka naam playing XI me dekha, phone calls itni late night tak chali ki match properly dekhna bhi mushkil ho gaya. TV on tha, eyes screen par thi, lekin ears phone par stuck.

"This boy had the character to play big games from a very young age."
Amay Khurasiya on Madhav Tiwari

"He is very intelligent and can control his swing at 137-138 kph."
Amay Khurasiya on Madhav's red-ball bowling potential

Family angle bhi equally strong raha. Sister, jinki wedding Madhav ne ek match ke liye miss ki thi, Punjab Kings game ke baad Bhopal se Indore aa gayi. Father ke liye ye unexpected happiness thi. Coach ke liye ye proof tha. Aur Madhav ke liye? Bas ek beginning.

Player of the Match award ke peeche Madhav Tiwari ke father Awadhesh, grandfather ke dream aur coach Amay Khurasiya ki long-term belief ki story bhi chalti hai.

Tactical Analysis: Why Madhav's profile matters for DC

1. Rare Indian pace-bowling all-rounder angle

Indian cricket market me batting all-rounder jo pace bowl kar sake, woh rare profile hai. Madhav ka seam-up option aur middle-order hitting, squad composition ke liye valuable flexibility de sakta hai. Especially IPL jaise tournament me jahan Impact Player rules aur match-ups constantly role clarity ko chessboard bana dete hain.

2. Red-ball temperament ka white-ball utility me translation

Khurasiya ke words me Madhav red-ball cricket se pyaar karta hai. Iska value ye hai ki uske game me patience, repeatability aur longer spells ka instinct develop hua hai. White-ball cricket me yahi base pressure overs me calm decision-making me convert ho sakta hai.

3. Lower-middle order finish ka psychological signal

18 not out huge score nahi lagta, but context me finishing nerve dikhaata hai. Young all-rounders ke liye early IPL moments confidence architecture build karte hain. Agar role clarity milti rahi, DC ko ek multi-skill asset mil sakta hai.

Why this news matters

Ye story isliye important hai kyunki Madhav Tiwari ka breakthrough Indian cricket ke ek familiar but powerful theme ko highlight karta hai: formal domestic record ke bina bhi talent pathways kabhi-kabhi franchise cricket ke through open ho sakte hain.

Delhi Capitals ke liye, Madhav ka emergence late-season positive hai. Campaign perfect nahi raha, but young player development future squad planning ka part hota hai. Ek all-round option jo bowl bhi kare, bat bhi kare aur pressure me finish bhi kare, uska value paper se zyada field par samajh aata hai.

Madhya Pradesh cricket lens se bhi ye story interesting hai. Ek player jo senior state debut ka wait kar raha hai, IPL stage par impact create karta hai. Selection systems aur opportunity timing par ye naturally discussion open karta hai, bina unnecessary drama ke. Drama waise bhi cricket me over supply me rehta hai.

GNN And The Guru Gyan Angle

Guru News Network (GNN), powered by The Guru Gyan , is story ko sirf ek IPL 2026 performance report ke roop me nahi dekhta. Madhav Tiwari ka rise talent identification, family sacrifice, academy coaching aur franchise opportunity ke intersection ka sharp example hai.

Cricket followers ke liye yahan core takeaway simple hai: ek player ka first visible moment aksar uski first real struggle nahi hota. Madhav ke case me spotlight ab aayi hai, lekin grind bahut pehle start ho chuka tha.

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AIMA న్యూస్ నంద్యాల జిల్లా.. చెట్లు ప్రగతికి మెట్లు.చెట్లను పెంచుదాం - పర్యావరణాన్ని కాపాడుదాం.అనేవి కేవలం ప్రభుత్వాల ప్రకటనలకే పరిమితమౌతున్నాయి తప్ప ఆచరణలో శూన్యమని ఆళ్లగడ్డ నియోజకవర్గ ప్రజలు ఆగ్రహం వ్యక్తం చేస్తున్నారు. ఒకప్పుడు పచ్చదనంతో కళకళలాడిన ఆళ్లగడ్డ - నంద్యాల రహదారి నేడు చెట్లు లేక వెలవెలబోతోంది.ఒకప్పుడు ఆళ్లగడ్డ నుంచి నంద్యాల వరకు ప్రయాణించడమంటే అదొక మధురానుభూతి. రహదారికి ఇరువైపులా ఉన్న వందలాది పెద్ద పెద్ద చింత చెట్లు ప్రయాణికులకు చల్లని నీడను, ఆహ్లాదకరమైన వాతావరణాన్ని పంచేవి. ఎంతటి ఎండలోనైనా ఆ దారిలో వెళ్తుంటే ఎంతో హాయిగా ఉండేది. కానీ, కాలక్రమేణా నాలుగు లైన్ల రహదారి విస్తరణ పేరిట ఆ మహావృక్షాలన్నింటినీ అధికారులు తొలగించారు.రహదారి విస్తరణ పనులు పూర్తయి దాదాపు 15 సంవత్సరాలు గడుస్తున్నా, నరికిన చెట్ల స్థానంలో ప్రత్యామ్నాయంగా మొక్కలు నాటాలన్న కనీస స్పృహ నేషనల్ హైవేస్ అథారిటీ (NHAI), ఆర్ అండ్ బి (R&B) అధికారులకు లేకపోవడం దారుణం. పచ్చదనం మాయమవ్వడంతో ఇప్పుడు ఎండకాలంలో ఈ రోడ్డుపై ప్రయాణించాలంటే వాహనదారులు నిప్పుల కొలిమిలో ప్రయాణిస్తున్నట్లు అల్లాడిపోతున్నారు. ఎండ తీవ్రతకు ఆశ్రయం పొందేందుకు కనీసం ఒక్క చెట్టు నీడ కూడా దొరకని పరిస్థితి నెలకొంది.ఇప్పటికైనా సంబంధిత అధికారులు కళ్లు తెరవాలి. కేవలం కాగితాలకే పరిమితం కాకుండా, ఒక యజ్ఞంలా ఈ రహదారికి ఇరువైపులా భారీగా మొక్కలు నాటి, వాటిని సంరక్షించే బాధ్యత చేపట్టాలి. ఆళ్లగడ్డ - నంద్యాల రహదారికి పూర్వ వైభవాన్ని తీసుకురావాలని ఈ ప్రాంత ప్రజలు, ప్రయాణికులు ముక్తకంఠంతో డిమాండ్ చేస్తున్నారు.

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ધાતરવાડી ડેમ-2 વિકાસ કાર્યનો શુભ પ્રારંભ

આજરોજ હીરાભાઈ સોલંકી ની સૂચના તથા ગુજરાત માર્કેટિંગ યાર્ડ નિરંત્રણ બોર્ડના ચેરમેન જીગ્નેશભાઈ ના માર્ગદર્શન હેઠળ ધાતરવાડી ડેમ-2 ને ઊંડો ઉતારવાના ખાતમુહૂર્ત કાર્યક્રમનું આયોજન કરવામાં આવ્યું.

આ પ્રસંગે માર્કેટિંગ યાર્ડના ચેરમેન રાજુભાઈ પડસાળા પાલિકા પૂર્વ પ્રમુખ રવુભાઈ ખુમાણ, જિલ્લા પંચાયત સભ્ય અરજણભાઈ વાઘ, ખરીદી વેચાણ સંઘના ચેરમેન રમેશભાઈ ડોબરીયા, રમેશભાઈ વસોયા, પૂર્વ પ્રમુખ નાનકાદાદા, પ્રતાપભાઈ બેપારિયા, જયરાજભાઈ ધાખડા, સરપંચ વનરાજભાઈ ધાખડા, મનુભાઈ ધાખડા,જયદીપ ભાઈ કોટીલા ભગીરથભાઈ કોટીલા ભરતભાઈ વાઘેલા સંદીપ ટાંક હિંમતભાઈ જીંજાળા નાગજીભાઈ જીંજાળા તાલુકા પંચાયત સભ્યો, નગરપાલિકા સભ્યો, સંગઠનના હોદેદારો તેમજ મોટી સંખ્યામાં કાર્યકર્તાઓ ઉપસ્થિત રહ્યા.આ

વિકાસ કાર્યથી વિસ્તારના ખેડૂતો અને રાજુલા શહેર ની જનતાને પાણીની સુવિધામાં મોટો લાભ મળશે અને વિકાસને નવી દિશા મળશે

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भंडारा: द रॉयल गोंडवाना पब्लिक स्कूल भंडारा येथील प्राचार्य श्री. अंकुश ए. मुळे यांना शिक्षण क्षेत्रातील उल्लेखनीय कार्याबद्दल “बेस्ट प्रिन्सिपल अवॉर्ड” या मानाच्या पुरस्काराने सन्मानित करण्यात आले.

हा पुरस्कार डॉ. उमेश रस्तोगी (संचालक, नेहरू विज्ञान केंद्र, मुंबई), डॉ. गौतम बेंगळे (विभागीय संचालक, यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र मुक्त विद्यापीठ, नाशिक), डॉ. शैलेश कुलकर्णी (संचालक, डॉ. होमी भाभा फाउंडेशन, मुंबई), डॉ. आस्मा फातिमा (संचालिका, डॉ. होमी भाभा फाउंडेशन, मुंबई) तसेच डॉ. सुनील कुलकर्णी (परीक्षा नियंत्रक, डॉ. होमी भाभा फाउंडेशन, मुंबई) यांच्या हस्ते प्रदान करण्यात आला आहे. विद्यार्थ्यांमध्ये वैज्ञानिक दृष्टिकोन विकसित करण्यासाठी केलेले अथक प्रयत्न, उत्कृष्ट शैक्षणिक नेतृत्व आणि शिक्षण क्षेत्रातील उल्लेखनीय योगदान याची दखल घेत त्यांना हा सन्मान प्रदान करण्यात आला आहे.

या गौरवामुळे द रॉयल गोंडवाना पब्लिक स्कूल परिवाराचा अभिमान वाढला असून शाळेच्या अध्यक्षा डॉ. सौ. ज्योती अय्यर, सचिव डॉ. सुरज अय्यर तसेच संचालक डॉ. नंदलाल चौधरी यांनी श्री. अंकुश मुळे यांचे अभिनंदन केले आहे. पालक व विद्यार्थ्यांकडूनही त्यांच्यावर शुभेच्छांचा वर्षाव होत असून त्यांच्या प्रेरणादायी नेतृत्वाखाली शाळा भविष्यातही यशस्वी होईल, असा विश्वास व्यक्त केला जात आहे.

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बैतूल। विगत दिनों आए आंधी-तूफान एवं बारिश से प्रभावित शमशेर सिंह भोसले नगर, सोनघाटी बैतूल की पारधी बस्ती के परिवारों को आखिरकार राहत मिलना प्रारंभ हो गई है। लंबे समय से खुले आसमान के नीचे जीवन यापन कर रहे बस्तीवासियों के लिए स्वस्ति लोकसेवा समिति की सतत पहल एवं प्रशासन की संवेदनशीलता के परिणामस्वरूप सर ढकने हेतु पन्नी (तिरपाल) उपलब्ध कराई गई।
ज्ञात हो कि तेज आंधी और बारिश के कारण बस्ती में रहने वाले अनेक गरीब परिवारों की झोपड़ियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। ऐसी विषम परिस्थिति में स्वस्ति लोकसेवा समिति के सदस्य लगातार बस्ती में पहुंचकर पीड़ित परिवारों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने एवं राहत उपलब्ध कराने के प्रयास में जुटे हुए थे। समिति द्वारा लगातार पत्राचार, ज्ञापन एवं अधिकारियों के साथ बैठक कर इस गंभीर मुद्दे को प्रशासन तक पहुंचाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रभावित परिवारों के लिए पन्नी उपलब्ध कराई।
इस कार्य में बैतूल कलेक्टर महोदय, बैतूल एसडीएम महोदय, तहसीलदार महोदय एवं प्रशासन के अन्य अधिकारियों का विशेष योगदान एवं मार्गदर्शन रहा। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा परिस्थिति की गंभीरता को समझते हुए त्वरित पहल की गई, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत मिल सकी।
बस्तीवासियों ने राहत सामग्री मिलने पर प्रशासन एवं स्वस्ति लोकसेवा समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सहायता उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि लगातार बदलते मौसम के बीच उनके पास रहने के लिए सुरक्षित छत तक नहीं बची थी।
स्वस्ति लोकसेवा समिति ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी आवास, पेयजल, आधार कार्ड, समग्र आईडी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की दिशा में भी शीघ्र कार्यवाही की जाए, ताकि बस्तीवासियों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल सके।

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धरती पर जब प्रेम उतरता,
मित्रता का रूप वो धरता,
स्वार्थ जहाँ सब भूल जाएँ,
दिल से दिल के दीप जलाएँ।

ऐसी ही इक कथा पुरानी,
मीठी जैसे गंगा का पानी,
कृष्ण-सुदामा की वो यारी,
दुनिया में सबसे थी प्यारी।

एक तरफ थे द्वारिकाधीश,
जिनके आगे झुकते थे शीश,
सोने-चाँदी के थे महल,
वैभव जिनका था अविरल।

दूजी ओर सुदामा निर्धन,
फटे वस्त्र, सूखा था जीवन,
छोटा सा इक टूटा घर था,
लेकिन मन में प्रेम अमर था।

संदीपन के आश्रम में दोनों,
पढ़ते थे संग होकर मौन,
एक थाली, एक कहानी,
सुख-दुख की थी साझेदारी।

जंगल से जब लकड़ी लाते,
हँसते-गाते घर को आते,
बारिश में भी भीगते दोनों,
फिर भी खुश रहते थे दोनों।

कभी सुदामा भूखे रहते,
कृष्ण उन्हें अपना फल देते,
कभी कृष्ण मुस्काते प्यारे,
सुदामा बन जाते सहारे।

मित्रता का था ऐसा नाता,
जिसमें न ऊँच-नीच का खाता,
ना राजा का अभिमान था,
ना निर्धनता अपमान था।

समय बीता, दिन बदल गए,
अपने-अपने पथ पर चल गए,
कृष्ण बने द्वारिका के राजा,
भाग्य ने पहना दिया ताज।

पर सुदामा की हालत कठिन,
रहता घर में केवल शोक-वेदन,
बच्चों के चेहरे सूखे रहते,
आँसू चुपके-चुपके बहते।

एक दिन पत्नी ने समझाया,
कृष्ण से जाकर मिल आओ ना,
मित्र तुम्हारा जग का स्वामी,
दूर करेंगे दुख तमाम ही।

सुदामा बोले बड़ी लजाकर,
कैसे जाऊँ हाथ पसारकर,
मित्रता को व्यापार न बनाऊँ,
कैसे अपने दर्द सुनाऊँ।

पत्नी बोली जाओ प्यारे,
मित्र कभी ना होते पराये,
प्रेम जहाँ सच्चा होता है,
वहाँ न कोई छोटा होता है।

थोड़े से चिवड़े बाँध दिए,
कपड़े में कुछ दाने रख दिए,
बस इतना ही था उपहारा,
लेकिन उसमें प्रेम था सारा।

चल पड़े फिर पथ पर धीरे,
नंगे पाँव, थके से शरीर,
मन में यादें आश्रम वाली,
आँखों में थी छवि निराली।

द्वारिका जब सामने आई,
सोने जैसी चमक दिखाई,
महलों की ऊँची दीवारें,
देख सुदामा हुए बेचारे।

द्वारपाल ने नाम जो जाना,
कृष्ण का बचपन का यार पुराना,
दौड़ पड़ा संदेश सुनाने,
मित्र सुदामा द्वार पे आने।

सुनते ही भगवान मुरारी,
छोड़ सभा दौड़े गिरधारी,
नंगे पाँव चले वे ऐसे,
बरसों बाद मिले हों जैसे।

गले लगाया प्रेम से उनको,
भर लिया अपने ही मन को,
आँखों से आँसू बह निकले,
स्नेह के सारे बंधन पिघले।

राजा होकर चरण पखारे,
देख देवता भी थे हारे,
रुक्मिणी भी विस्मित होकर,
देख रही थी दृश्य सँवरकर।

कृष्ण ने पूछा मित्र बताओ,
क्या लाए हो मेरे लिए आओ?
सुदामा मन ही मन शरमाए,
छिपे चिवड़े बाहर न लाए।

पर कृष्ण कहाँ रुकने वाले,
प्रेम के मोती पहचानने वाले,
छीन पोटली हँसकर बोले,
इनसे बढ़कर रत्न न भोले।

एक मुट्ठी जब मुख में डाली,
भर गई जैसे दुनिया खाली,
दूजी मुट्ठी लेने आए,
रुक्मिणी मुस्काकर रुकवाए।

क्योंकि एक मुट्ठी में ही सारा,
दुख-दरिद्र हो गया किनारा,
मित्र प्रेम का मान बढ़ाया,
कृष्ण ने जग को ये समझाया।

सुदामा कुछ भी माँग न पाए,
मित्र मिलन में ही सुख पाए,
खाली हाथ वो घर को लौटे,
लेकिन मन के दीप थे जलते।

घर पहुँचे तो दृश्य निराला,
टूटा झोपड़ महल में बदला,
बच्चों के मुख फूल से खिलते,
आँगन में सुख दीपक जलते।

पत्नी आई हँसती-गाती,
आँखों में थी खुशी समाती,
सुदामा तब समझ ये पाए,
मित्र हृदय सब जान ही जाए।

कृष्ण-सुदामा की ये गाथा,
सदियों से देती है व्याख्या,
सच्चा मित्र वही कहलाता,
जो हर हालत साथ निभाता।

ना धन-दौलत बीच में आए,
ना ऊँचे पद रिश्ते खाएँ,
मित्रता का अर्थ यही है,
दिल से दिल का सेतु वही है।

जब दुनिया सब साथ छोड़ दे,
अँधियारा हर ओर जोड़ दे,
तब जो हाथ थाम ले चुपके,
वही मित्र है जीवन रूप के।

कृष्ण-सुदामा की अमर कहानी,
आज भी लगती उतनी सुहानी,
प्रेम जहाँ निष्कलुष रहता,
वहाँ स्वयं भगवान बसता।

मित्रता का दीप जलाओ,
मन में प्रेम सदा बसाओ,
कृष्ण-सुदामा जैसी यारी,
बन जाए दुनिया की फुलवारी।

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फतेहपुर: खागा तहसील में जमीन विवाद से परेशान किसान ने डीएम निधि गुप्ता वत्स और एसपी के सामने जनता दरबार में खुद पर डीजल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया। किसान ने आरोप लगाया कि लेखपाल और कानूनगो ने उसकी नामदार जमीन दूसरे व्यक्ति को दे दी। न्याय न मिलने से टूटे किसान ने अपनी जान देने की कोशिश की। डीएम ने अधिकारियों को फटकार लगाई, दोबारा नाप कराने और दोषियों की रिपोर्ट तलब की है।

प्रतापगढ़: नगर पंचायत हीरागंज बाजार के गोगाहार वार्ड नंबर 6 में सरकारी जमीन और नाली पर अवैध कब्जे के मामले में SDM ने अवैध कब्जा हटवाया। आरोप है कि बाद में दबंगों ने प्राथी को धमकी, गाली और मानसिक अत्याचार सहने पर मजबूर किया और झूठे दीवानी मुकदमे में फंसा दिया। मामले की जांच और न्याय के लिए Aima मीडिया ने मुख्यमंत्री, डीएम और एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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T20 मुकाबले में ITBP XI ने शानदार प्रदर्शन करते हुए HUSTLERS SBI PA को 31 रन से मात दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए ITBP XI ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 197 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में HUSTLERS SBI PA की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 166 रन ही बना सकी।

*ITBP XI की पारी: 197/8 (20 ओवर)*
ITBP XI की ओर से रविंद्र सिंह ने सबसे ज्यादा 38 गेंदों पर 8 चौकों की मदद से 55 रन बनाए। रविंदर कुमार ने 31 गेंदों में 42 रन और रवि कुमार ने 13 गेंदों में ताबड़तोड़ 26 रन जोड़े। आशोक कुमार ने 6 गेंदों में 14 रन बनाए।
गेंदबाजी में HUSTLERS की तरफ से गुरतेज, संजय महाजन और अमित कुमार ने 2-2 विकेट लिए।

*HUSTLERS SBI PA की पारी: 166/6 (20 ओवर)*
लक्ष्य का पीछा करते हुए HUSTLERS की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भगत नेगी ने सबसे ज्यादा 30 गेंदों में 37 रन बनाए और रिटायर्ड हुए। संजय महाजन ने 20 गेंदों में 28 रन और नवीन कुमार ने नाबाद 17 गेंदों में 23 रन बनाए, लेकिन टीम 31 रन पीछे रह गई।
ITBP XI के लिए मोहम्मद जाफर सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट झटके। बृजेश और गांधी को 1-1 विकेट मिला।

*मैच के हीरो:*
- *रविंद्र सिंह (ITBP XI)*: 55 रन, 38 गेंद, 8 चौके
- *मोहम्मद जाफर (ITBP XI)*: 4 ओवर, 3 विकेट, 29 रन

*स्कोर सारांश:*
- *ITBP XI*: 197/8 (20 ओवर) RR 9.85
- *HUSTLERS SBI PA*: 166/6 (20 ओवर) CRR 8.30
- *परिणाम*: ITBP XI 31 रन से जीता

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दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, भारत के उत्तरप्रदेश जहा रामराज है वहा एक महिला की डिलीवरी अस्पताल के बाहर सड़क पर हो हो गई क्यूंकि अस्पताल के गेट बंद थे

मामला यूपी के फरीदाबाद का (16/05/2026)

पीड़िता: बडौली गांव की रहने वाली..

देर रात करीब 2 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई।

परिवार उसे अस्पताल ले गया, लेकिन सभी गेट अंदर से बंद मिले।

परिजनों ने काफी देर तक गेट खटखटाए, चिल्लाए और मदद मांगी, लेकिन कोई नहीं आया।

असहनीय दर्द में महिला सड़क पर लेट गई और वहीं डिलीवरी हो गई ,

स्वस्थ बेटे को जन्म दिया,

करीब 20 मिनट बाद नर्स बाहर आई और मां-बच्चे को अंदर ले जाया गया..

परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

घटना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लापरवाही साफ दिख रही है।

मीडिया चिल्ला चिल्ला कर कहती है भारत दुनिया के चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है लेकिन ऐसी खबरों को दबा देती है

मंत्री चुनावी रैलियों में बड़ी बड़ी बातें करते है, जैसे स्मार्ट सिटी, विकसित भारत, लेकिन असल हकीकत तब सामने आती है जब ऐसे मामले देखने को मिलते है

#पत्रकार आमिर महफूज खान

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## अध्याय: वसुधैव कुटुम्बकम् और वेदान्त 2.0

### शून्य-बिंदु बोध और संस्थागत पाखंड का अंत

### प्रस्तावना: सूत्रों से सत्य तक की यात्रा
सदियों से मानव समाज में कुछ शब्दों और उद्घोषों को बहुत गर्व के साथ दोहराया गया है। ऐसा ही एक परम सुप्रसिद्ध सूत्र है**"वसुधैव कुटुम्बकम्"** (अर्थात पूरी पृथ्वी ही मेरा परिवार है)।
पारंपरिक धार्मिक ढांचा, सनातनी या वैदिक होने का दम भरने वाले लोग और विभिन्न संस्थाएं इस सूत्र का उपयोग अपनी महानता सिद्ध करने के लिए एक नारे की तरह करती हैं।

किंतु, **वेदान्त 2.0** की स्पष्ट और क्रांतिकारी दृष्टि इस खोखलेपन पर सीधे चोट करती है। यदि पूरा विश्व वास्तव में आपका परिवार है, तो फिर 'दान' कैसा? 'पुण्य' कैसा? और 'सेवा' का अहंकार कैसा? जहाँ दूसरा है ही नहीं, वहाँ अहसान का प्रश्न ही कहाँ पैदा होता है?
यह अध्याय पारंपरिक धर्म के बनाए 'पुण्य और सेवा' के भ्रम को ध्वस्त करते हुए, अस्तित्व के वास्तविक स्वरूप और 'शून्य-बिंदु बोध' (Zero-Point Awareness) के व्यावहारिक व्यवहार को रेखांकित करता है।

### 1. सर्वश्रेष्ठ होने का बोध ही पूर्णता है
पारंपरिक धार्मिक व्यवस्थाएं मनुष्य को निरंतर यह समझाती हैं कि वह पापी है, अपूर्ण है, या उसे अगले जन्म को सुधारने के लिए, स्वर्ग पाने के लिए निरंतर कुछ न कुछ कर्मकांड या संचय करना होगा।
वेदान्त 2.0 इसके ठीक विपरीत परम सत्य को स्थापित करता है:

* **अद्भुत और श्रेष्ठ अभिव्यक्ति:**
आप इस अनंत ब्रह्मांड की एक अत्यंत अनूठी, अद्भुत और श्रेष्ठ अभिव्यक्ति हैं। यह होना ही अपने आप में इतना बड़ा चमत्कार है कि इसके बाद कुछ और पाने की लालसा ही समाप्त हो जाती है।

* **अपूर्णता के भाव का अंत:**
जब आप स्वयं में पूर्ण हैं, तो भविष्य के किसी काल्पनिक लाभ, स्वर्ग या पुण्य के लालच में जीने की आवश्यकता नहीं रह जाती। जो पहले से ही पूर्ण है, उसे किसी अन्य बैसाखी की आवश्यकता नहीं है। जो मिला है, उसे पूरी समग्रता और होश के साथ जीना ही जीवन की एकमात्र वास्तविक उपलब्धि है।

### 2. 'परकीय' (दूसरे) का भ्रम और परिवार में सेवा का विरोधाभास
पारंपरिक 'दान' और 'सेवा' के पीछे एक अत्यंत सूक्ष्म और गहरा अहंकार छिपा होता है। वहाँ सदैव दो पक्ष होते हैंएक 'दाता' (देने वाला, जो श्रेष्ठता के भाव में है) और दूसरा 'याचक' (लेने वाला, जिसे हीन भावना से देखा जाता है)। दाता सोचता है कि वह सेवा करके पुण्य कमा रहा है और सामने वाले पर कोई उपकार कर रहा है।

यहाँ वेदान्त 2.0 एक सीधा प्रश्न खड़ा करता है: **क्या आप अपने ही परिवार में किसी की मदद करके पुण्य का दावा करते हैं?**
```
पारंपरिक ढांचा: [दाता (अहंकार)] -------- (दान/सेवा) --------> [याचक (दूसरा)] = पुण्य संचय
वेदान्त 2.0: [स्वयं] [संसार (कुटुंब)] = केवल होना (Being)

```
एक सामान्य परिवार में जब एक माँ अपने शिशु को संभालती है या भाई, भाई का हाथ थामता है, तो उसे कोई 'सेवा' या 'पुण्य' का नाम नहीं देता। वहाँ कोई अहसान नहीं होता, क्योंकि वे दोनों एक ही इकाई, एक ही शरीर का हिस्सा हैं।

यदि संपूर्ण विश्व ही आपका कुटुंब हैजैसा कि सूत्र कहता हैतो किसी अन्य जीव या मनुष्य का सहयोग करना एक सहज, स्वाभाविक और अनिवार्य पारिवारिक व्यवहार है। यदि आप वहाँ भी पुण्य और अहसान की गणना कर रहे हैं, तो इसका सीधा अर्थ यह है कि आप भीतर से पूरे विश्व को अपना परिवार मानते ही नहीं। आपके लिए सामने वाला अभी भी 'परकीय' (दूसरा) ही है।

### 3. जीवन: एक अंतर्निहित और सहज विनिमय (Interdependence)
अस्तित्व ने इस संसार को भौगोलिक या राजनीतिक सीमाओं में नहीं बांटा है। देश, राज्य, जिला, शहर या गाँवये सब मानवीय मन और उसकी संकीर्णताओं द्वारा खींची गई लकीरें हैं। संपन्नता और विपन्नता भी किसी भूगोल की बंधक नहीं होतीं; हर क्षेत्र में अभाव भी है और प्रभाव भी।
यह जीवन कोई व्यापारिक सौदा नहीं है, बल्कि एक **सहज विनिमय (Interdependence)** है:

* **शरीर का उदाहरण:**

जैसे शरीर का हाथ यदि भोजन उठाकर मुंह में डालता है, तो हाथ मुंह पर कोई उपकार या सेवा नहीं कर रहा होता। वह पूरे शरीर के अस्तित्व को बनाए रखने की एक अंतर्निहित, स्वाभाविक प्रक्रिया है। हाथ जानता है कि मुंह को पोषण मिलेगा तो जीवन बचेगा, जिससे हाथ स्वयं भी जीवित रहेगा।

* **जीवन का नियम:**
ठीक इसी प्रकार, इस अस्तित्व में हम सब एक-दूसरे के भागीदार हैं। आप दूसरे के जीवन में भाग ले रहे हैं और दूसरा आपके जीवन में। यहाँ कोई किसी पर अहसान नहीं कर रहा। यह जीवन का चक्र है, जहाँ सब एक-दूसरे पर आधारित हैं।
आज की विकृति यह है कि इंसानी व्यवस्था ने **पैसे को भगवान** बना दिया है।
जब पैसा केंद्र में आ जाता है, तो यह सहज विनिमय टूट जाता है और हर संबंध एक 'ट्रांजैक्शन' (सौदे) में बदल जाता है। लोग इस तराजू पर तौलने लगते हैं कि "इस कर्म से मुझे इस लोक में क्या मिलेगा या परलोक में क्या पुण्य संचित होगा?"

### 4. शून्य-बिंदु बोध (Zero-Point Awareness) और व्यावहारिक व्यवहार
जब व्यक्ति 'करने के अहंकार' (Doing) से मुक्त होकर विशुद्ध 'होने के बोध' (Being) यानी **शून्य-बिंदु** पर स्थापित होता है, तो समाज के प्रति उसका व्यावहारिक व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है। वह किसी संस्थागत या केंद्रीकृत मॉडल का मोहताज नहीं रहता।

#### क) स्थानीय समाधान और विकेंद्रीकरण (Decentralization)
वेदान्त 2.0 के अनुसार, हर इंसान के आस-पास ही उसकी समस्याएं हैं और उनके पास ही उनका समाधान भी मौजूद है। जब व्यक्ति शून्य-बिंदु बोध में जीता है, तो वह बड़ी-बड़ी संस्थाओं के बैनर तले सुदूर क्षेत्रों में जाकर प्रदर्शन करने वाली 'सेवा' के पाखंड को समझ जाता है। वह किसी बाहरी विज्ञापन के बजाय अपने तात्कालिक परिवेश, अपने पड़ोस और अपने आस-पास के मनुष्यों व जीवों के प्रति सहज रूप से संवेदनशील हो जाता है। यदि हर व्यक्ति केवल अपने आस-पास की इकाई को संभाल ले, तो किसी बाहरी संस्था या बिचौलिए की आवश्यकता ही समाप्त हो जाएगी।

#### ख) अहसान-मुक्त सहयोग
शून्य-बिंदु पर स्थित व्यक्ति जब किसी की सहायता करता है, तो उसके मन में रत्ती भर भी यह भाव नहीं आता कि "मैंने किसी की मदद की।" वह क्रिया उतनी ही सहज होती है जैसे आँख में धूल का कण जाने पर हाथ का स्वतः आँख को साफ करने के लिए बढ़ जाना। वहाँ न कोई गर्व होता है, न कोई अपेक्षा।

#### ग) सीमाओं का विसर्जन
ऐसा व्यक्ति स्वयं को किसी जाति, वर्ग, राज्य या देश की पहचान में कैद नहीं करता। उसके व्यवहार में एक वैश्विक समरूपता होती है। वह समझता है कि यदि अस्तित्व का एक भी हिस्सा पीड़ित है, तो उसका प्रभाव संपूर्ण कुटुंब पर पड़ेगा।

### निष्कर्ष: वेदान्त 2.0 का परम सत्य
> जहाँ तक तथाकथित धर्म-रक्षकों, सनातनी या वैदिक कहलाने वाले संगठनों का प्रश्न है, यदि उनका 'वसुधैव कुटुम्बकम्' केवल बौद्धिक विलासिता या भाषणों तक सीमित है और व्यवहार में वे अभी भी सीमाओं, संकीर्णताओं तथा पैसे के खेल में उलझे हैं, तो वह धर्म नहीं बल्कि केवल अज्ञान का पोषण है।
>
**वेदान्त 2.0 का उद्घोष स्पष्ट है:**

जब अहंकार का 'शून्य-बिंदु' पर विसर्जन हो जाता है, तब तथाकथित धर्म की बनाई बैसाखियाँजैसे पुण्य का लालच, दान का अहंकार और सेवा का मुखौटाअपने आप गिर जाती हैं। तब जो शेष बचता है, वह हैबिना किसी शर्त के, बिना किसी अहसान के, पूरे अस्तित्व के साथ एकरस होकर जीना। यही वास्तविक सनातन है, यही परम बोध है, और यही जीवन की एकमात्र वास्तविक उपलब्धि है।

सारे धर्म बोध और प्रकाश नहीं व्यवसाय करती है?

Independent Researcher & Philosopher
Vedanta 2.0
ORCID: https://orcid.org/0009-0000-8083-0685
(इंटरनेशनल रजिस्टर्ड विज्ञान और वेदांत का संश्लेषण)परिचय:
वेदांत 2.0 एक आधुनिक दर्शन है जो प्राचीन उपनिषदों को क्वांटम भौतिकी, ऊर्जा क्षेत्र और ब्रह्मांड विज्ञान से जोड़ता है।

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Rajouri: Rajouri जिले के कोटरंका उपमंडल के मोहरा गांव में जंगली सब्जी खाने से संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के कारण एक 60 वर्षीय मोहम्मद हुसैन की मौत हो गई जबकि सात अन्य लोग, जिनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं, अस्पताल में भर्ती हैं। यह घटना शुक्रवार दोपहर दो परिवारों के सदस्यों द्वारा जंगली सब्जी के सेवन के बाद हुई।

अधिकारियों ने बताया कि शाम तक आठ लोगों में फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखाई देने लगे, जिन्हें पहले कांडी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में गंभीर स्थिति को देखते हुए Government Medical College Rajouri रेफर किया गया। प्रारंभिक जांच में जंगली सब्जी खाने से फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई है और मामले की जांच जारी है।

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कृष्ण और सुदामा की कथा
भक्ति की नहीं मैत्री की कथा है।
समस्या यह हुई कि बाद के लोगों ने
हर प्रेम को धर्म बना दिया,
हर मित्र को भगवान बना दिया,
और हर संबंध को ऊँच-नीच में बाँट दिया।
सुदामा जब कृष्ण से मिलने जाते हैं,
तो वे किसी मंदिर में दर्शन करने नहीं जाते
वे अपने बचपन के मित्र से मिलने जाते हैं।
वहाँ कोई भक्त और भगवान का संबंध नहीं,
वहाँ दो आत्माओं का अपनापन है।
कृष्ण भी सुदामा को देखकर
राजा की तरह आदेश नहीं देते,
वे दौड़कर गले लगते हैं।
यदि केवल भगवान होने का अहंकार होता,
तो वे सिंहासन पर बैठे रहते।
लेकिन प्रेम सिंहासन नहीं देखता।
यही कारण है कि कथा में
सबसे बड़ा दृश्य चमत्कार नहीं,
बल्कि कृष्ण का सुदामा के पैर धोना है।
वहाँ सत्ता झुक रही है,
मित्रता जीत रही है।
Vedanta-2-0 सार यही है कि
सच्चा प्रेम समानता में जन्मता है,
डर और दासता में नहीं।
अंधी भक्ति अक्सर व्यक्ति को छोटा बना देती है।
वह कहती है
मैं तुच्छ हूँ, तू महान है।
लेकिन मैत्री कहती है
हम अलग नहीं हैं।
शायद इसी कारण कृष्ण के निकट रहने वाले लोग
उन्हें केवल भगवान नहीं,
सखा भी कहते थे।
Bhagavad Gita में भी अर्जुन के लिए कृष्ण केवल उपदेशक नहीं, सखा हैं।
लेकिन एक बात और भी गहरी है
कृष्ण में दोनों आयाम साथ हैं।
जो प्रेम से आया, उसके लिए वे मित्र हैं।
जो भय से आया, उसके लिए भगवान बन गए।
दृष्टि संबंध तय करती है।

कृष्ण जानते थे कि सुदामा भी मैं ही हूँ।

यहीं अद्वैत की सुगंध है।
जहाँ दूसरा बचता ही नहीं,
वहाँ भक्ति भी रूप बदलकर प्रेम बन जाती है।
vedanta-2-0

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ಮುंबई: ರಾಕಿಂಗ್ ಸ್ಟಾರ್ ಯಶ್ ಅವರ ಅಪ್‌ಡೇಟ್‌ಗಾಗಿ ಕೋಟ್ಯಂತರ ಅಭಿಮಾನಿಗಳು ಕಾಯುತ್ತಿರುವ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ, ನಟಿ ರಾಧಿಕಾ ಪಂಡಿತ್ ಅವರು ಮುಂಬೈನ ಕೆಲವು ಕನ್ನಡಿಗ ಅಭಿಮಾನಿಗಳಿಗೆ ಯಶ್ ಅವರನ್ನು ವೀಡಿಯೋ ಕಾಲ್ ಮೂಲಕ ಸಂಪರ್ಕಿಸುವ ಅವಕಾಶ ನೀಡಿದರು. ಯಶ್ ಅವರ ಕ್ರೇಜ್ ಹೆಚ್ಚುತ್ತಿರುವ ಹಿನ್ನೆಲೆ, ರಾಧಿಕಾ ಪಂಡಿತ್ ಅವರ ಈ ಕ್ರಮದಿಂದ ಅಭಿಮಾನಿಗಳು ಸಂತೋಷಪಟ್ಟರು.

ವೀಡಿಯೋ ಕಾಲ್‌ನಲ್ಲಿ ಯಶ್ ಅವರು ತಮ್ಮ ಕರ್ನಾಟಕದ ಅಭಿಮಾನಿಗಳೊಂದಿಗೆ ಸಂಭಾಷಣೆ ನಡೆಸಿದರು. ಸೌಂಡ್ ಕ್ಲಾರಿಟಿ ಕಡಿಮೆಯಾದರೂ, ಅಭಿಮಾನಿಗಳ ಧ್ವನಿಗಳು ಸ್ಪಷ್ಟವಾಗಿದ್ದು, ಮಹಿಳಾ ಅಭಿಮಾನಿಗಳು ತಮ್ಮ ಪ್ರೀತಿ ವ್ಯಕ್ತಪಡಿಸಿದರು. ಯಶ್ ಮಕ್ಕಳ ಬಗ್ಗೆ ಸಹ ವಿಚಾರಣೆ ನಡೆಸಿದರು. ಈ ಕ್ಷಣವನ್ನು ಹಿರಿಯ ಪತ್ರಕರ್ತೆ ಮಧು ದೈತೋಟ್ ತಮ್ಮ ಇನ್‌ಸ್ಟಾಗ್ರಾಮ್ ಪೇಜ್‌ನಲ್ಲಿ ಹಂಚಿಕೊಂಡಿದ್ದಾರೆ. ಯಶ್ ತಮ್ಮ 'ಟಾಕ್ಸಿಕ್' ಮತ್ತು 'ರಾಮಾಯಣ' ಸಿನಿಮಾಗಳ ಶೂಟಿಂಗ್‌ನಲ್ಲಿ ಬ್ಯುಸಿಯಾಗಿದ್ದರೂ, ರಾಧಿಕಾ ಅವರ ಸಹಾಯದಿಂದ ಅಭಿಮಾನಿಗಳಿಗೆ ಸಮಯ ನೀಡಿದ್ದಾರೆ.

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प्रतापगढ़- जिले में फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी कार्यों में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कड़े निर्देश जारी किए हैं। DM ने साफ कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान प्रत्येक कर्मचारी को लक्ष्य निर्धारित कर प्रतिदिन प्रगति की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन कर्मचारियों की प्रगति शून्य मिलेगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

DM अभिषेक पाण्डेय ने ग्राम स्तर पर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी जल्द से जल्द पूर्ण कराने पर जोर दिया, ताकि पात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ समय से मिल सके।

प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अभियान मोड में कार्य करने और किसानों को जागरूक कर प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।

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ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग द्वारा रात के समय लगातार दो से तीन बार बिजली कटौती किए जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक बिजली जाने और बार-बार आने से नींद खराब हो रही है, खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।

गर्मी के मौसम में पंखे और कूलर बंद होने से पूरी रात बेचैनी बनी रहती है। कई गांवों के किसान भी रात में सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भर होने के कारण प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बिना पूर्व सूचना के बिजली बंद कर दी जाती है और कुछ मिनटों के अंदर दो से तीन बार कटौती की जाती है, जिससे घरेलू उपकरण खराब होने का खतरा रहता है। उन्होंने बिजली विभाग से अनावश्यक कटौती रोकने और मेंटेनेंस के समय पहले सूचना देने की मांग की है।

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Eden Gardens की रोशनी में, Kolkata Knight Riders और Gujarat Titans के बीच एक ऐसा मुकाबला लिखा गया... जहां scoreboard गरज रहा था, crowd सांस रोककर देख रहा था, और हर catch की कीमत किसी final over thriller जैसी लग रही थी। Gujarat Titans assistant coach Parthiv Patel ने मैच के बाद साफ कहा कि इस high-scoring battle में असली फर्क catching ने बनाया। और सच भी यही था... क्योंकि ऐसे मैदान पर, ऐसे quality batters के सामने, मौके बार-बार नहीं आते। Finn Allen शुरुआत में 33 पर थे, तभी Mohammed Siraj ने long-on पर उनका chance छोड़ दिया। उसके बाद Allen ने गेंदबाजों पर ऐसा हमला बोला कि innings एक normal knock से उठकर proper Eden blockbuster बन गई। Allen ने 35 balls पर 93 बनाए, जिसमें सिर्फ 18 balls पर 60 runs की brutal acceleration शामिल थी। फिर Cameron Green आए... 23 पर Arshad Khan ने उनका chance छोड़ा, ball ropes तक चली गई, और Green ने नाबाद 52 off 28 balls के साथ KKR की innings को और भारी बना दिया। Angkrish Raghuvanshi भी 53 पर बच गए, जब Washington Sundar ने chance spill किया। Raghuvanshi ने फिर unbeaten 82 की innings खेली। तीन chances... तीन punished innings... और Gujarat Titans की पांच-match winning streak Eden Gardens में रुक गई। KKR ने 247 for 2 का पहाड़ खड़ा कर दिया, और उसके बाद GT के लिए chase सिर्फ मुश्किल नहीं, लगभग पहाड़ चढ़ने जैसा हो गया। Shubman Gill, जिन्हें fans Prince के नाम से भी जानते हैं, post-match presentation में बहुत साफ बोले कि GT इस match को जीतने की हकदार नहीं थी। उन्होंने कहा कि fielding और बेहतर हो सकती थी, और इतने बड़े game में तीन sitters drop करने के बाद team win deserve नहीं करती। दूसरी तरफ Parthiv Patel ने Finn Allen की innings की तारीफ भी की। उन्होंने माना कि pitch आसान नहीं थी, और GT के पास Mohammed Siraj और KG Rabada जैसे established pace bowlers थे, फिर भी Allen ने unke against brilliant batting की। Allen ने खुद कहा कि start tricky था, Siraj और Rabada जैसे opening bowlers के सामने plan simple था... जो ball मिले उसे hit करना, और अगर सही ball न मिले तो strike rotate करना या wicket बचाना। Ajinkya Rahane, यानी Jinks, के out होने के बाद Allen ने responsibility लेने की बात भी कही। यह मैच सिर्फ dropped catches की report नहीं था... यह pressure, intent, punishment और execution की कहानी थी। KKR ने मौके मांगे नहीं, उन्हें gift मिला... और फिर उन्होंने उन gifts को runs में बदल दिया। Gujarat Titans के लिए lesson साफ है: high-scoring cricket में fielding कोई side department नहीं, match ka heartbeat hoti hai। आप सुन रहे थे Guru News Network, powered by द गुरु ज्ञान... जहां cricket news sirf update nahi, poori kahani ban kar aati hai। Latest cricket insight, fastest live line aur clean match intelligence ke liye द गुरु ज्ञान par jude rahiye... kyunki cricket ka asli drama tab samajh aata hai, jab har dropped catch ki awaaz bhi sunai de.

At Eden Gardens, a high-scoring contest between Kolkata Knight Riders and Gujarat Titans became far more than a story of runs. It became a story of chances... of pressure... of missed hands... and of punishment delivered without mercy. Gujarat Titans assistant coach Parthiv Patel called catching the difference between the two sides, and the match gave that sentence a brutal kind of truth. In games like these, against batters of real quality, chances do not arrive like invitations. They arrive like warnings. Gujarat Titans received those warnings... and failed to hold them. Finn Allen was on 33 when Mohammed Siraj dropped him at long-on. From there, Allen turned the innings into a storm, finishing with 93 from 35 balls, including a furious passage of 60 runs from just 18 balls. Cameron Green was on 23 when Arshad Khan dropped him, even palming the ball to the boundary. Green stayed unbeaten on 52 from 28 balls. Angkrish Raghuvanshi was dropped on 53 by Washington Sundar, and he carried on to make an unbeaten 82. Three major Kolkata Knight Riders contributors were given lives. All three made Gujarat Titans pay. By the time Kolkata Knight Riders reached 247 for 2, the chase had moved from demanding to deeply uncomfortable. Gujarat Titans needed the win to qualify, but the fielding damage had already bent the match out of shape. Shubman Gill, often known as the Prince by cricket followers, did not hide behind soft explanations after the game. At the post-match presentation, he said Gujarat Titans did not deserve to win, adding that the team had set certain fielding standards and dropping three sitters in a game like this was not acceptable. Parthiv Patel, even while pointing to the catches, still appreciated Finn Allen's quality. He highlighted that the pitch was not easy and that Allen had scored heavily against an established new-ball pair in Mohammed Siraj and KG Rabada. Allen himself described the start as tricky. His plan was disciplined in its own violent way: hit what was available, rotate strike when the ball was not there, and stay alive long enough to take responsibility after Ajinkya Rahane, known as Jinks, was dismissed. That responsibility became Kolkata's engine. This match matters because it reminded everyone that in Twenty Twenty cricket, fielding is not decoration. It is survival. Gujarat Titans did not just drop catches. They dropped control. Kolkata Knight Riders did not just score runs. They converted mistakes into a statement. Thank you for listening to Guru News Network, powered by The Guru Gyan. For sharper cricket news, fastest live line, and clean match intelligence, stay connected with The Guru Gyan... where every score has a story, and every story gets the spotlight it deserves.

Indian Premier League 2026
60th Match
Kolkata Knight Riders
Gujarat Titans
Guru News Network

GT ki catching collapse ne Eden Gardens par KKR ko 247 ka runway de diya

Kolkata Knight Riders ke against Gujarat Titans ki 29-run haar me Parthiv Patel ne catching ko match ka decisive difference bataya. Finn Allen, Cameron Green aur Angkrish Raghuvanshi ko mile lives ne high-scoring contest ka shape hi badal diya.

GT ke dropped chances ne Eden Gardens ke high-scoring match me KKR batters ko momentum gift kiya, aur Parthiv Patel ne catching ko result ka sabse bada difference bataya.

News Highlights

- Parthiv Patel ne kaha ki GT ki 29-run loss me catching dono sides ke beech major difference rahi.

- GT fielders ne Finn Allen, Cameron Green aur Angkrish Raghuvanshi ko crucial chances diye.

- Finn Allen 33 par dropped hone ke baad 35 balls par 93 tak pahunch gaye, including 60 runs off just 18 balls.

- Cameron Green ne dropped chance ke baad unbeaten 52 off 28 banaye, while Angkrish Raghuvanshi ne unbeaten 82 score kiya.

- KKR ke 247/2 ke baad GT ki qualification-needed chase deeply difficult ho gayi.

Main Story: Eden par GT ki fielding ne match ka rhythm tod diya

Gujarat Titans ke assistant coach Parthiv Patel ne Kolkata Knight Riders ke against Eden Gardens par 29-run haar ke baad clear message diya: high-scoring match me catching hi dono teams ke beech real difference thi.

GT ka five-match winning streak isi defeat ke saath ruk gaya. Aur problem sirf runs leak karne ki nahi thi. KKR ke three major contributors ko fielding chances mile, aur har ek chance ne scoreboard ko aur dangerous bana diya.

Patel ka point simple tha: jab quality batters ke against high-scoring games khelte ho, opportunities limited hoti hain. Jo chance mile, usse pakadna padta hai. Human hands ne phir se physics aur pressure ka awkward business model bana diya.

Match And Player Context

Match
Indian Premier League 2026, 60th Match

Venue
Eden Gardens

Result Context
KKR won by 29 runs

KKR Total
247/2

GT Streak
Five-match winning run ended

Key Theme
Dropped catches and batting punishment

Key Turning Point: Teen dropped chances, teen massive punishments

GT ki fielding errors match ki most important storyline ban gayi. Finn Allen 33 par the jab Mohammed Siraj ne long-on par chance drop kiya. Allen ne uske baad innings ko full control me lete hue 93 off 35 balls banaye.

Cameron Green 23 par the jab Arshad Khan ne chance spill kiya aur ball boundary tak chali gayi. Green ne us life ke baad unbeaten 52 off 28 balls se KKR ko finish ka steel diya.

Angkrish Raghuvanshi bhi 53 par dropped hue, jab Washington Sundar se catch spill hua. Raghuvanshi ne unbeaten 82 banakar KKR innings ko ek aur layer of control de di.

Finn Allen
93 off 35

Fast Phase
60 off 18

Cameron Green
52* off 28

Angkrish Raghuvanshi
82*

Quotes: GT camp ne fielding standard par hard line li

"Catching is something which obviously made a huge difference. In high-scoring games, against quality batters, you don't get many opportunities. As soon as you get that opportunity, you have to make sure you catch the balls."
Parthiv Patel, Gujarat Titans assistant coach

"Our fielding could have been a lot better. We set a certain standard and dropping three sitters in a game like this, I don't think we deserved to win this one."
Shubman Gill, Gujarat Titans captain

Gill ka post-match assessment blunt tha, lekin fair tha. GT ko qualify karne ke liye win chahiye thi, aur aise match me dropped sitters ka cost scoreboard par directly dikha.

Tactical Analysis: Allen ne Siraj-Rabada threat ko kaise handle kiya

New-ball phase tricky tha, plan simple tha

Finn Allen ne khud admit kiya ki start tricky tha, especially Mohammed Siraj aur KG Rabada jaise experienced opening bowlers ke against. Unka focus tha: jo ball mile usse hit karna, aur agar desired ball na mile to strike rotate karna ya wicket preserve karna.

Rahane ke wicket ke baad responsibility shift hui

Ajinkya Rahane ke out hone ke baad Allen ne innings me zyada responsibility lene ka mindset rakha. Ye phase important tha, kyunki KKR ko ek set batter ki zarurat thi jo pace, pressure aur scoreboard tempo ko together control kare.

Intent without chaos

Allen ka method pure slogging nahi tha. Unhone strong positions me aane, early intent maintain karne aur moving ball ko handle karne ke liye simple process par focus kiya. Result: GT ke new-ball strength ke against match-shaping innings.

Why this news matters

Ye result Gujarat Titans ke campaign context me heavy hai, kyunki unhe qualification push ke liye win ki zarurat thi. High-scoring defeat me batting ya bowling se zyada visible damage catching lapses ne create kiya.

Kolkata Knight Riders ke liye ye win ek strong batting statement rahi. Allen, Green aur Raghuvanshi ne GT ke mistakes ko sirf punish nahi kiya, unhe scoreboard pressure me convert kiya. Twenty Twenty cricket ka simple cruel rule: chance drop karo, phir calculator ko rona padta hai.

IPL 2026 jaise tournament me fielding standards playoff race ko decide kar sakte hain. GT ke liye lesson immediate hai: quality opposition ke against half-chances bhi full match value rakhte hain.

GNN And The Guru Gyan Angle

Guru News Network (GNN), powered by The Guru Gyan , is match ko sirf KKR batting blast ke roop me nahi dekhta. Is contest ka deeper angle execution pressure hai, jahan GT ki fielding gap ne KKR ke top contributors ko extended innings build karne ka platform diya.

Readers latest IPL 2026 news, match context, player updates aur tactical analysis ke liye Guru News Network follow kar sakte hain. Cricket intelligence aur broader coverage ke liye The Guru Gyan official destination hai, while live match movement ke liye The Guru Gyan Live Line useful platform hai.

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Kolkata की रात में IPL 2026 का pulse अचानक तेज हो गया... जैसे कोई कहानी अपने आखिरी act से पहले फिर से सांस लेने लगे। Kolkata Knight Riders, यानी KKR, एक ऐसे मोड़ पर खड़ी थी जहां हर over, हर catch, हर boundary, campaign की दिशा बदल सकती थी। सामने थे Gujarat Titans, यानी GT... five-match winning streak के साथ confident, steady, और playoffs race में मजबूत दिखती हुई team। लेकिन फिर Eden Gardens जैसी humidity, pressure, और scoreboard की आग के बीच KKR ने ऐसा statement दिया कि पूरा race फिर से open लगने लगा। Finn Allen ने शुरुआत से ही match को electric बना दिया। सिर्फ 35 balls पर 93 runs... और हर shot में वही message था: KKR अभी भी जिंदा है। Century कुछ कदम दूर रह गई, लेकिन impact इतना गहरा था कि GT bowlers की line and length, दोनों nervous दिखने लगे। फिर Angkrish Raghuvanshi आए... young, composed, और pressure में surprisingly mature। उन्होंने 82 not out बनाकर innings को elegance दी, जबकि Cameron Green ने 28 balls पर 52 not out मारकर final acceleration को brutal finish दिया। KKR का scoreboard 247 for 2 तक पहुंच गया... और GT की fielding ने इस कहानी में अपना अलग villain role निभाया। Four dropped catches... crucial moments पर। Cricket में dropped catch कभी सिर्फ ek mistake nahi hota; kabhi-kabhi woh poori raat ka script बदल देता है। GT ने वही किया। मौका दिया... और KKR ने बिना sympathy के punish कर दिया। Chase में GT का top three फिर भी पीछे नहीं हटा। Shubman Gill, Prince of Indian cricket, Sai Sudharsan, और top order ने fifties के साथ fight dikhayi। Sai Sudharsan को Kartik Tyagi की ball पर left elbow पर painful blow लगा, woh 23 par retired hurt हुए, लेकिन बाद में लौटे और 53 not out पर finish kiya। यह comeback warrior jaisa tha... दर्द था, मगर chase की उम्मीद भी साथ थी। फिर bhi GT 29 runs se short reh gayi। दूसरी तरफ Sunil Narine, mystery master, अपने 200th IPL game में 2 for 29 लेकर Player of the Match बने। KKR के लिए ye सिर्फ ek win nahi thi; ye survival ki signature thi। Varun Chakaravarthy ने pain ke bawajood spell complete kiya, Matheesha Pathirana का KKR debut right hamstring niggle ke karan uneasy हो गया, aur GT ki catching problem tournament ki सबसे बड़ी चिंता बनकर सामने आई। अब playoffs race और ज्यादा messy, और ज्यादा dramatic हो चुकी है। RCB, Punjab Kings, DC, RR... sabki kahani is ek result ke baad aur tightly connected lagti hai। Aur यही IPL hai... jahan ek dropped catch, ek 35-ball 93, aur ek veteran spinner ka 200th game, poore season ka mood बदल सकता है। आप सुन रहे थे Guru News Network, powered by द गुरु ज्ञान... जहां cricket news sirf update nahi hoti, usme heartbeat hoti hai। Latest cricket updates, clean analysis, aur trusted live line experience ke liye The Guru Gyan aur द गुरु ज्ञान Live Line par connected rahiye... kyunki cricket ka asli maza tab hai, jab kahani bhi sharp ho aur source bhi sachcha.

The IPL 2026 playoff race found another pulse in Kolkata, and Kolkata Knight Riders were the ones holding the stethoscope. Against Gujarat Titans, a side riding a five-match winning streak and carrying the calm authority of a team in control, KKR produced a night that felt less like a regular league match and more like a warning flare sent into the sky. Finn Allen set the tone with a 35-ball 93, an innings that burned fast, bright, and just short of a century. He did not merely score runs; he changed the emotional temperature of the contest. Angkrish Raghuvanshi then gave the innings its shape with an unbeaten 82, switching gears with the assurance of a batter who understood both rhythm and responsibility. Cameron Green arrived with the finishing blow, striking an unbeaten 52 from 28 balls, and by the end of the innings KKR had piled up 247 for 2. Gujarat Titans did not help themselves. Four dropped catches at important moments gave KKR extra life, and in a match this explosive, extra life quickly became punishment. The chase still had character. GT's top three fought back with fifties, proving once again why their batting order has been among the strongest in this edition. Sai Sudharsan took a painful blow on the left elbow while attempting to pull Kartik Tyagi, retired hurt on 23, and then returned after Shubman Gill, the Prince of Indian cricket, fell in the 17th over. Sudharsan finished unbeaten on 53 from 28 balls, turning discomfort into defiance. Yet the target had already become too heavy. GT fell short by 29 runs. For KKR, the night also belonged to Sunil Narine, the mystery master, who marked his 200th IPL match with a Player of the Match spell of 2 for 29. In a season where KKR's opening partnership has often looked fragile, Finn Allen's return to form has made the question sharper rather than simpler. One breathtaking knock can light a room, but a campaign needs a working power grid, because apparently cricket teams cannot survive on vibes alone. Varun Chakaravarthy's painful but completed four-over spell added grit to the story, while Matheesha Pathirana's long-awaited KKR debut turned worrying after a right hamstring niggle forced him off early. The larger picture is now beautifully complicated. KKR are still in the chat. GT have been reminded that dominance can slip through the hands, sometimes literally. The playoff race has more tension, more noise, and far more consequence than it had before this match began. Thank you for listening to Guru News Network, powered by The Guru Gyan... where cricket news is told with clarity, rhythm, and just enough edge to keep the game alive beyond the scoreboard. For trusted cricket updates, smart match intelligence, and the official free live line experience, stay connected with The Guru Gyan and The Guru Gyan Live Line.

Indian Premier League 2026
Playoff Race
KKR vs GT
Guru News Network

KKR keep playoff pulse alive as GT lose grip in IPL run-fest

Kolkata Knight Riders ne Gujarat Titans ki five-match winning streak rok kar IPL 2026 playoff race me fresh drama add kar diya. Finn Allen ki explosive 93, Angkrish Raghuvanshi aur Cameron Green ke unbeaten knocks, GT ke dropped catches aur Sunil Narine ke 200th IPL match spell ne is high-scoring night ko season ke most layered results me convert kar diya.

GT ki missed qualification momentum aur KKR ka playoff conversation me wapas aana IPL 2026 race ko aur unpredictable bana raha hai.

News Highlights

- Kolkata Knight Riders ne Gujarat Titans ki five-match winning streak end kar ke playoff race me apni hopes alive rakhi.

- Finn Allen ne 35 balls par 93 runs ki explosive innings kheli, while Angkrish Raghuvanshi ne 82 not out aur Cameron Green ne 52 not out off 28 balls banaye.

- GT ne crucial moments par four catches drop kiye, aur KKR ne iska full advantage lete hue 247 for 2 post kiya.

- GT ke top three ne fifties score ki, lekin team 29 runs short reh gayi.

- Sunil Narine ne apne 200th IPL match me 2 for 29 ka Player of the Match spell deliver kiya.

Main Story: KKR ne playoff race me oxygen wapas bhar di

Kolkata Knight Riders ke liye ye match sirf ek win nahi tha. Ye ek statement tha ki unka campaign abhi bhi breathing space rakhta hai. Gujarat Titans five-match winning streak ke saath aaye the, lekin KKR ne unki momentum chain todkar IPL 2026 playoffs race ko aur tight bana diya.

KKR ne batting first karte hue 247 for 2 ka massive total banaya. Finn Allen ne 35-ball 93 ke saath powerplay aur middle phase me tempo define kiya. Angkrish Raghuvanshi ne unbeaten 82 ke saath innings ko structure diya, aur Cameron Green ne 28 balls par 52 not out laakar final overs me scoreboard ko scoreboard nahi, public announcement board bana diya. Cricket bhi ajeeb cheez hai, ek dropped catch aur poori planning hawa me.

Gujarat Titans chase me collapse nahi hue. Their top three all got fifties, lekin 248 ka chase pressure-free essay writing competition nahi hota. GT 29 runs short reh gayi, aur KKR ke liye ye result survival narrative ka most important chapter ban gaya.

Match And Series Context

Tournament
Indian Premier League 2026

Match Context
60th Match

Winning Team
Kolkata Knight Riders

Opposition
Gujarat Titans

KKR Total
247 for 2

Result Margin
KKR won by 29 runs

Key Turning Point: GT ki fielding ne match ka script badal diya

Is game ka sharpest turning point GT ki catching thi. Titans ne crucial junctures par four catches drop kiye. High-scoring IPL game me dropped catches sirf fielding errors nahi hote; woh opposition ke scorecard ko extra innings gift kar dete hain.

KKR ne exactly wahi kiya jo elite T20 teams ko karna chahiye: mistakes ko immediately punish kiya. Allen ka early violence, Raghuvanshi ka controlled acceleration aur Green ka late burst milkar Titans ke bowlers par constant pressure banate rahe.

Finn Allen
93 off 35 balls

Angkrish Raghuvanshi
82 not out

Cameron Green
52 not out off 28

Sunil Narine
2 for 29 in 200th IPL game

Tactical Analysis: KKR ki batting firepower aur ek old problem

Finn Allen ne opening debate ko aur interesting banaya

Finn Allen ne returning XI me kuch breathtaking knocks ke through KKR ko top-order spark diya hai. Lekin larger number still uncomfortable hai: KKR openers ne collectively 587 runs at 26.68 average banaye hain, jo list me lowest hai. GT ke openers ka aggregate 1123 runs hai, aur comparison KKR ke problem ko aur clearly expose karta hai.

2024 me Phil Salt aur Sunil Narine ki opening pair KKR ke liye winning template thi. Uske baad koi pair same level replicate nahi kar payi. Allen ki 93 isliye important hai, but it also asks a brutal question: kya ye solution hai, ya bas ek bright night?

Narine ka milestone spell pressure me priceless raha

Sunil Narine ne apne 200th IPL game me 2 for 29 ka spell daala aur Player of the Match award jeeta. Is kind of high-scoring game me economy and wickets dono deliver karna rare value hai. Ajinkya Rahane ka point bhi isi direction me tha: jab team me Narine aur Varun Chakaravarthy jaise bowlers ho, captain ke paas pressure control karne ke tools badh jaate hain.

Injury concerns ne dono camps ko alert kiya

Sai Sudharsan ko Kartik Tyagi ki short ball attempt par left elbow par blow laga aur woh 23 par retired hurt hue. Later, Shubman Gill ke 17th over dismissal ke baad woh wapas aaye aur 53 not out par finish kiya. KKR camp me Matheesha Pathirana ka debut bhi smooth nahi raha, kyunki right hamstring niggle ke signs ke baad woh field se bahar chale gaye.

The Chatter: Dressing-room se aaye sharp reactions

Post-match conversation bhi match jitni direct thi. Shubman Gill ne clearly kaha ki GT is match ko win deserve nahi karti thi. Ye line fielding lapses ke baad harsh lag sakti hai, but scoreboard ne usse kaafi support diya.

"Didn't deserve to win." - Shubman Gill on Gujarat Titans' performance
"It's a blessing to play 200 IPL games... long journey and the journey continues." - Sunil Narine after his milestone match
"Catching, or the lack thereof, made a huge difference." - Parthiv Patel on GT's fielding
Finn Allen ne bhi accept kiya ki start tricky tha, but unka intent clear tha: crease par long time spend karna. Thoda ironic hai, because 35-ball 93 ko humans long time bolte hain. T20 format, tumhari logic ko pranam.

Stat Snack: IPL 2026 ka 200-plus obsession continues

Is edition me 200-plus scores already 52 occasions par breached ho chuke hain, jo 2025 ke saath joint-most season tally hai. Current scoring trend dekhkar lagta hai IPL 2026 season khatam hone tak ye number clearly aage nikal jayega.

KKR ke 247 for 2 ne is theme ko aur strengthen kiya. Batting-friendly intent, deeper line-ups, fielding errors, aur power-hitting confidence ne modern IPL ko ek high-score laboratory bana diya hai. Bowlers ki life? Haan, woh abhi bhi legal profession hai, bas emotional compensation kam hai.

Today's Watchlist: Sunday double-header aur playoff pressure

Is result ke baad Sunday double-header aur bhi important ho gaya hai. RCB ke paas playoffs spot seal karne ka chance hai jab woh Dharamsala me Punjab Kings ke against utregi. Punjab Kings five-match losing streak snap karne ki koshish karegi, while RCB apni qualification push ko finish line ke paas le jaana chahegi.

Delhi me DC aur RR bhi survival lane me takraenge. DC ke liye defeat ka matlab campaign ka oxygen level dangerously low ho sakta hai. RR ke liye bhi stakes simple hain: stay relevant, stay sharp, stay alive.

Why this news matters

KKR ki win ne IPL 2026 playoff race ko ek new layer de di. GT ke liye loss sirf streak end hone ka matter nahi hai; dropped catches aur pressure-game execution ab unke review list me top par honge. Strong teams bhi kabhi-kabhi basic catching ko TED Talk bana deti hain, and GT ka night exactly waisa tha.

KKR ke liye ye result confidence injection hai. Allen ke runs, Raghuvanshi ka maturity, Green ka finishing impact aur Narine ka milestone spell milkar team ko ek stronger tactical template dete hain. Lekin opening partnership ke season-long numbers ab bhi caution sign dikha rahe hain.

Fans ke liye biggest takeaway ye hai ki playoff race ab aur unpredictable ho gayi hai. Ek match ne GT ki streak ko stop kiya, KKR ko conversation me rakha, aur Sunday fixtures ke stakes ko aur heavier bana diya.

GNN And The Guru Gyan Angle

Guru News Network (GNN), powered by The Guru Gyan , is match ko IPL 2026 playoff race ke lens se ek major momentum-shift result ke roop me dekhta hai. KKR ki win ne standings narrative me survival energy add ki, while GT ki dropped catching ne pressure cricket ka oldest rule repeat kar diya: chances matter.

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Indian Premier League 2026, 60th Match
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ಎಂವಿ ಹೊಂಡಿಯಸ್ ಹಡಗಿನಲ್ಲಿ ಹಂಟಾವೈರಸ್ ಭಾರಿ ಪ್ರಮಾಣದಲ್ಲಿ ಹರಡಿದ್ದು, 11ಕ್ಕೂ ಹೆಚ್ಚು ಪ್ರಯಾಣಿಕರು ಸೋಂಕಿತರಾಗಿದ್ದಾರೆ ಮತ್ತು ಮೂವರು ಪ್ರಾಣ ಕಳೆದುಕೊಂಡಿದ್ದಾರೆ. ಕೆನಡಾಕ್ಕೆ ಮರಳಿದ ನಾಲ್ಕು ಜನರನ್ನು ಕಟ್ಟುನಿಟ್ಟಿನ ಕ್ವಾರಂಟೈನ್‌ನಲ್ಲಿ ಇಡಲಾಗಿದ್ದು, 70 ವರ್ಷದ ವೃದ್ಧರೊಬ್ಬರಿಗೆ ಆಂಡಿಸ್ ತಳಿಯ ಹಂಟಾವೈರಸ್ ಕಂಡುಬಂದಿದೆ.

ಕೆನಡಾದ ಮುಖ್ಯ ಆರೋಗ್ಯ ಅಧಿಕಾರಿಗಳು ಮತ್ತು ವಿಶ್ವ ಆರೋಗ್ಯ ಸಂಸ್ಥೆಯ ಪ್ರತಿನಿಧಿಗಳು ಸಾರ್ವಜನಿಕರಿಗೆ ಭೀತಿ ಮುಕ್ತಾಯವಾಗಿದೆ ಎಂದು ತಿಳಿಸಿದ್ದು, ಸೋಂಕಿತರನ್ನು ತಕ್ಷಣ ಐಸೊಲೇಷನ್‌ನಲ್ಲಿ ಇರಿಸಿ ಚಿಕಿತ್ಸೆ ನೀಡಲಾಗುತ್ತಿದೆ. ಇತರ ಪ್ರಯಾಣಿಕರ ಆರೋಗ್ಯವನ್ನು ತೀವ್ರ ನಿಗಾ ಇಡಲಾಗಿದ್ದು, ಅವರ ದೇಶಗಳ ಆರೋಗ್ಯ ಇಲಾಖೆಗೆ ಮುನ್ನೆಚ್ಚರಿಕೆ ಸಂದೇಶಗಳನ್ನು ಕಳುಹಿಸಲಾಗಿದೆ. ಆಂಡಿಸ್ ತಳಿಯ ಹಂಟಾವೈರಸ್ ಮನುಷ್ಯರಿಂದ ಮನುಷ್ಯರಿಗೆ ನಿಕಟ ಸಂಪರ್ಕದಿಂದ ಹರಡುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇರುವುದರಿಂದ ತಜ್ಞರು ಆತಂಕ ವ್ಯಕ್ತಪಡಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಈ ಕಾಯಿಲೆಯ ಸಾವಿನ ಪ್ರಮಾಣ ಶೇ. 50 ರಷ್ಟಿದೆ.

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ନୂଆପଡା: କୋମନା ବ୍ଳକ ଅନ୍ତର୍ଗତ ବୁଦ୍ଧିକୋମନା ନିକଟସ୍ଥ ଡୋଙ୍ଗରିପାଲି ଗ୍ରାମର ରାଧାକୃଷ୍ଣ ମନ୍ଦିର ପରିସରରେ ଗତ ଶନିବାର ପବିତ୍ର ସାବିତ୍ରୀ ବ୍ରତ ଉପଲକ୍ଷେ “ସତୀ ନାରୀର ପତି ଭକ୍ତି, ଯମରାଜଙ୍କ ପରାଜୟ” ଶୀର୍ଷକ ଧାର୍ମିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଭକ୍ତିମୟ ପରିବେଶରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଥିଲା। ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଶତାଧିକ ବିବାହିତ ମହିଳାମାନେ ପତିଙ୍କ ଦୀର୍ଘାୟୁ ଓ ପରିବାରର ସୁଖ-ଶାନ୍ତି କାମନା କରି ବ୍ରତ ପାଳନ କରିଥିଲେ।

ମନ୍ଦିରରେ ମହାପୂଜା, ଆରତି, ନାମସଙ୍କୀର୍ତ୍ତନ ଓ ଭଜନ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ହୋଇଥିଲା। ସାବିତ୍ରୀ-ସତ୍ୟବାନଙ୍କ ପୌରାଣିକ କାହାଣୀ ଉପରେ ଆଧାରିତ ପ୍ରବଚନ ଭକ୍ତମାନଙ୍କୁ ଆକର୍ଷିତ କରିଥିଲା। ଗ୍ରାମବାସୀ, ମହିଳା ମଣ୍ଡଳୀ ଓ ମନ୍ଦିର ପରିଚାଳନା କମିଟିର ସହଯୋଗରେ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ସଫଳ ହୋଇଥିଲା ଏବଂ ଶେଷରେ ପ୍ରସାଦ ସେବନ ସହ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମର ସମାପନ ହୋଇଥିଲା।

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పాణ్యం (మన ప్రజా పక్షం): నంద్యాల జిల్లా రెవెన్యూ అధికారి (డీఆర్వో) పి.అశోక్ను శ్రీవల్లి దేవసేన సమేత సుబ్రహ్మణ్యేశ్వర స్వామి ఆలయ ప్రధాన అర్చకులు కంపమల్ల నారాయణస్వామి శనివారం మర్యాదపూర్వకంగా కలిశారు. జిల్లా కేంద్రంలోని డీఆర్వో కార్యాలయంలో ఆయనను కలిసి స్వామివారి తీర్థప్రసాదాలను అందజేశారు. ఈ సందర్భంగా డీఆర్వోకు నారాయణస్వామి శాలువా, స్వామివారి శేష వస్త్రములు, పూలమాలతో ఘనంగా సత్కరించి స్వామివారి ప్రతిమ, కంకణ ధారణ చేసి వేద ఆశీర్వచనాలు అందించారు. స్వామివారి కృపాకటాక్షాలతో జిల్లా ప్రజలంతా ఆయురారోగ్యాలు, అష్టైశ్వర్యాలతో వర్ధిల్లాలని ఈ సందర్భంగా అర్చకులు ఆకాంక్షించారు.

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प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में कहा है कि अधिकारियों को केवल कड़े नियमों पर नहीं बल्कि मानवीय पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए। यह निर्देश डीएलएड प्रशिक्षु छात्रा करिश्मा के मामले में आया, जिन्होंने गणित की परीक्षा में शामिल होने के लिए विशेष अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया था।

कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे करिश्मा की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए 10 दिनों के भीतर उसके प्रत्यावेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें और अंतिम निर्णय लें। यह फैसला छात्रों के भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है क्योंकि अब अधिकारियों को छात्रों की वास्तविक समस्याओं को समझ कर मानवीय आधार पर रियायत देने का मार्ग अपनाना होगा। इस फैसले से डीएलएड प्रशिक्षुओं और छात्र संगठनों में खुशी की लहर है।

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वाराणसी, 16 मई। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक नीलकंठ तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा-बचत संदेश से प्रेरित होकर 'वॉक विद जनता' अभियान शुरू किया है। इसके तहत भाजपा विधायक ने जनता से पैदल चलने, ईंधन बचाने और लोगों से मेल-जोल बढ़ाने की अपील की।

भाजपा विधायक नीलकंठ तिवारी ने अभियान के तहत खुद पैदल निकले। उन्होंने रास्ते में जगह-जगह लोगों को मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी का ऊर्जा-बचत संदेश लोगों तक पहुंचाया।

स्थानीय महिला लता गुप्ता ने कहा कि हमारे विधायक नीलकंठ तिवारी के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है। वे इतने ऊर्जावान हैं कि उनके साथ चलते हुए हम लोग भी ऊर्जावान बनते हैं। हमारे विधायक शुरू से ही पैदल चलते हैं और कार्यकर्ताओं को भी अक्सर पैदल चलने के लिए बोलते हैं। वे मानते हैं कि इससे स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।एक अन्य महिला शशि केसरी ने कहा कि स्थानीय जनता विधायक नीलकंठ तिवारी को काफी पसंद करती है। जब विधायक जी अपने घर से निकलते हैं तो वह अकेले होते हैं, लेकिन जब वह वार्ड से होकर गुजरते हैं तो उनके साथ हर कार्यकर्ता साथ चलता है। वे कार्यकर्ताओं के हर कार्य को लेकर समाधान भी तुरंत करते हैं।

विधायक नीलकंठ तिवारी ने कहा, "मैं अपने क्षेत्र में अधिकतर समय बाइक या पैदल चलता हूं। शहर से बाहर जाने पर ही गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है। अभी पीएम मोदी के आह्वान के बाद हम क्षेत्र में पैदल घूमकर लोगों से संपर्क साध रहे हैं और उन तक संदेश पहुंचाने का काम कर रहे हैं।"

भाजपा विधायक ने कहा कि हम अभियान के तहत जब घर से निकलते हैं तो दो-चार लोग साथ होते हैं, लेकिन जब क्षेत्र का भ्रमण करते हैं तो समर्थकों की संख्या काफी बढ़ जाती है। सभी लोग इस समय पीएम मोदी के ऊर्जा-बचत आह्वान को लेकर काम में जुट हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा ने क्षेत्र की जनता की सेवा का दायित्व दिया है। इसको लेकर मैं दिनभर सजग और सतर्कता के साथ काम करता हूं। हर दिन सुबह से ही क्षेत्रों में जाना और अलग-अलग लोगों से संपर्क करना, कार्यक्रमों में हिस्सा लेना और संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाने का सिलसिला देर रात तक जारी रहता है।

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Aima Media जन जन की आवाज
न्यूज़ रिपोर्ट
16 मई 2026 को बक्सर स्थित माँ चन्द्रिका धाम में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। लाखों श्रद्धालुओं ने माँ गंगा के दर्शन कर पावन गंगा स्नान किया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं ने माता चन्द्रिका के दर्शन किए, फिर माता शारदा और बाला जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
भक्तों ने शोभन सरकार आश्रम पहुँचकर समाधि गुरु सत्संगनंद, परमानंद एवं सैनपुर महाराज के दर्शन किए। साथ ही राधा-कृष्ण मंदिर तथा अमर शहीद राजा राव राम बख्श सिंह जी की समाधि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
मेले में आए श्रद्धालुओं ने स्थानीय व्यंजनों का भी आनंद उठाया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थाना बारा, SHO चौकी प्रभारी, पुलिस बल, PRD जवान एवं होमगार्ड पूरी मुस्तैदी के साथ डटे रहे और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की।
Aima Media जन जन की आवाज

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टीनशेड से राज्य स्तरीय सम्मान तक : बदायूँ के युवा शिक्षक ने रचा इतिहास.

बदायूँ : कहते हैं कि हौसलों में उड़ान हो तो आसमान भी छोटा पड़ता है, इसे सच कर दिखाया है जिले के युवा शिक्षक तरुण ने। राजधानी लखनऊ में आयोजित *अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक समागम* में तरुण को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान विशेषकर राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम दिलाने व जागरूकता के लिए *एन.एम.एम.एस.ई. गौरव सम्मान 2026* से नवाजा गया।
11 मई 2026 को सृजन संस्था द्वारा आयोजित इस भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम में तरुण ने एक *नया इतिहास* रचा वे *उत्तर प्रदेश के सबसे कम उम्र(23 वर्ष )के शिक्षक बने जिन्होंने इस प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त किया।*

*6 साल का संघर्ष : महज 17 वर्ष की उम्र में शुरू किया पढ़ाना* महज 17 वर्ष की उम्र में अध्यापन शुरू करने वाले तरुण 6 वर्षों से ग्रामीण और गरीब बच्चों के लिए *नुक्कड़ पाठशाला : द विज़न* नामक संस्था चला रहे हैं जो फिलहाल एक टीनशेड में संचालित है। यह प्रयास शिक्षा जगत के दिग्गजों का ध्यान खींच रहा है।
कार्यक्रम के *मुख्य अतिथि* बदायूँ के पूर्व डी.एम. रिटायर्ड *आई.ए.एस. दिनेश कुमार सिंह* ने तरुण के जज्बे को सलाम करते हुए उन्हें भरे मंच से *आधुनिक युवा ब्रह्मा* पुकारा। उन्होंने कहा
*तरुण उस टीनशेड में केवल बच्चों को पढ़ा नहीं रहे, बल्कि नए और बेहतर मानव गढ़ रहे हैं।*
*नुक्कड़ पाठशाला के अनूठे संचालन मॉडल की हुई सराहना* : इस समागम में तरुण द्वारा विकसित लिटिल मास्टर टीचिंग मॉडल की खूब चर्चा हुई। रिटायर्ड चर्चित IAS रविशंकर (संस्थापक, लाइफ सिग्नफाई ) ने इस मॉडल की सराहना करते हुए तरुण के छात्र अजय को उसकी कर्तव्यनिष्ठा के लिए सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम के *राष्ट्रीय संयोजक मनीष देव गुप्ता* ने बताया कि उनकी टीम ने *तरुण को उनके इनोवेटिव टीचिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई संसाधनों का भारी अभाव है, में जमीनी बदलाव लाने के लिए इस सम्मान हेतु चुना।*
*शायरी और भाषण से जीता सबका दिल* : तरुण बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। तरुण द्वारा दिया गया सारगर्भित भाषण और स्वरचित शेरों से राज्य सूचना आयुक्त श्री स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता बहुत प्रभावित हुए। फलस्वरूप कार्यक्रम में शामिल कई कवियों ने तरुण की प्रतिभा को देखते हुए उन्हें काव्य गोष्ठियों और सम्मेलनों में आने का निमंत्रण दे दिया।
अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक समागम में असम, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली आदि राज्यों के कई बुद्धिजीवी और चर्चित हस्तियां शामिल हुईं।

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17 मई 2026
जगदीशपुर (भागलपुर) | जगदीशपुर प्रखंड के चांदपुर पंचायत के उपमुखिया राजकुमार साह उर्फ प्रभु की माता रामवती देवी का निधन शनिवार की रात करीब 10:00 बजे हो गया।उनके निधन की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों के अनुसार, वे एक मिलनसार और धार्मिक विचारों वाली महिला थीं। उनके निधन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध जनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि उनका निधन समाज और परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके पुत्र प्रभु राज ने कहा कि माता का जाना जीवन का सबसे बड़ा दुख है, लेकिन उनकी स्मृतियाँ हमेशा मार्गदर्शक के रूप में साथ रहेंगी। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने उनके निवास स्थान पर पहुँचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

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"सिंगरौली में माइनिंग कलेक्टर का छापा: मजौना खदान में 20 फीट गहरी अवैध खुदाई उजागर, PC मशीन से हो रहा था खनन"

सिंगरौली। सहकार ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड की मजौना खदान में अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद अपर कलेक्टर और माइनिंग कलेक्टर सुश्री आकांक्षा पटेल ने खुद मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। जांच में सीमा क्षेत्र से बाहर PC मशीन से 15 से 20 फीट गहरी अवैध खुदाई के सबूत मिले हैं।

निरीक्षण में क्या मिला
भीषण गर्मी के बीच हुए निरीक्षण में खुलासा हुआ कि खदान में नियमों को ताक पर रखकर कई महीनों से सीमा के बाहर रेत की निकासी की जा रही थी। मौके पर PC मशीनों से गहरे गड्ढे खोदकर रेत निकाली जा रही थी। माइनिंग कलेक्टर आकांक्षा पटेल ने मशीनें, स्टॉक और दस्तावेजों की जांच की। उन्होंने माना कि प्रथम दृष्टया सीमा से बाहर खनन के प्रमाण मिले हैं। अब विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

महान नदी का बिगड़ा स्वरूप, गिर रहा जलस्तर
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन के कारण महान नदी का स्वरूप बिगड़ चुका है। लगातार खुदाई से जलस्तर नीचे जा रहा है और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। ग्रामीण महीनों से अधिकारियों को सूचना दे रहे थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।

2 किमी सड़क बनी रेत का समंदर
मजौना खदान से मजौना चौराहा तक करीब 2 किलोमीटर की सड़क पर रेत बिखरी पड़ी है। ओवरलोड डंपर बिना तिरपाल के दौड़ रहे हैं। बिखरी रेत के कारण रोज दोपहिया वाहन फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। भीषण गर्मी में उड़ती धूल से आसपास के घरों में रहना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने न पानी का टैंकर लगाया और न ही सड़क से रेत हटवाई।

ग्रामीणों में आक्रोश, दी चेतावनी
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब रॉयल्टी सरकार ले रही है तो सड़क सुरक्षा और पर्यावरण की जवाबदेही किसकी है? जनता ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो खदान बंद कराने के लिए चक्काजाम और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि रोज के हादसे और बीमारी अब बर्दाश्त से बाहर है।

फिलहाल माइनिंग कलेक्टर ने जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
#Singrauli #IllegalMining #AkankshaPatel #MajonaMine #SahakarGlobal #BreakingNews #MPNews

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अगर आप सुरक्षित निवेश के साथ नियमित कमाई चाहते हैं, तो Senior Citizens Savings Scheme (SCSS) 2026 आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। सरकार समर्थित इस योजना में वरिष्ठ नागरिकों को 8.2% सालाना ब्याज दिया जा रहा है।

SCSS 2026 की मुख्य बातें:

ब्याज दर: अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए 8.2% सालाना
अवधि: 5 साल, जिसे आगे 3 साल तक बढ़ाया जा सकता है
न्यूनतम निवेश: 1,000
अधिकतम निवेश: 30 लाख
पति-पत्नी दोनों अलग-अलग 30 लाख तक निवेश कर सकते हैं

कितना मिलेगा फायदा?

अगर कोई व्यक्ति SCSS में 30 लाख निवेश करता है, तो उसे हर 3 महीने में 61,500 ब्याज मिलेगा।
यानी सालभर में कुल 2.46 लाख की ब्याज आय प्राप्त होगी।

टैक्स से जुड़ी जरूरी बातें:

SCSS से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है
वरिष्ठ नागरिक आयकर की धारा 80TTB के तहत 50,000 तक की कटौती का दावा कर सकते हैं

खाता बंद करने और बढ़ाने का नियम:

खाता 5 साल बाद बंद किया जा सकता है
मैच्योरिटी के बाद इसे 3 साल और बढ़ाने का विकल्प मिलता है
अवधि बढ़ाने के लिए मैच्योरिटी के 1 साल के भीतर आवेदन करना जरूरी है

ध्यान दें:
अगर कोई व्यक्ति तय सीमा से अधिक राशि जमा करता है, तो अतिरिक्त रकम वापस कर दी जाएगी और उस पर केवल बचत खाते के हिसाब से ब्याज मिलेगा।

सरकारी सुरक्षा, तय ब्याज और नियमित आय की वजह से SCSS आज वरिष्ठ नागरिकों के बीच सबसे लोकप्रिय निवेश योजनाओं में से एक बन चुकी है।

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ભાવનગર: આંતરરાષ્ટ્રીય નર્સિંગ ડેની ઉજવણીના ભાગરૂપે આયુષ્માન નર્સિંગ કોલેજમાં લેમ્પ લાઇટિંગ અને ઓથ ટેકિંગ સેરેમનીનું ભવ્ય આયોજન કરવામાં આવ્યું હતું. કાર્યક્રમમાં નર્સિંગ સાથે જોડાયેલા વિદ્યાર્થીઓ, શિક્ષકો અને મહેમાનો મોટી સંખ્યામાં ઉપસ્થિત રહ્યા હતા.

કાર્યક્રમની શરૂઆત દીપ પ્રાગટ્યથી કરવામાં આવી હતી અને ત્યારબાદ નર્સિંગ વિદ્યાર્થીોએ લેમ્પ લાઇટિંગ સેરેમનીમાં માનવ સેવા અને દર્દી પ્રત્યે સમર્પણ દર્શાવ્યું. ઓથ ટેકિંગમાં વિદ્યાર્થીઓએ નર્સિંગ વ્યવસાયની આચાર સંહિતા અને જવાબદારીઓનું પાલન કરવાનો સંકલ્પ લીધો. મહેમાન વક્તાઓએ નર્સિંગ ક્ષેત્રનું મહત્વ સમજાવ્યું અને માનવતા, કરુણા અને નિષ્ઠા સાથે સેવા આપવા વિદ્યાર્થીઓને પ્રેરિત કર્યું.

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Yeh issue ab sirf ek lorry ya ek incident ka nahi raha
Sawal Telangana mein Rule of Law ka hai.

90,000 police personnel hone ke bawajood
agar raat 1 baje 150-200 log sadkon par nikal kar gaadiyan rok sakte hain, chase kar sakte hain aur attack kar sakte hain
toh phir sawal uthna laazmi hai:

Kanoon kaun chala raha hai?

Mehdipatnam-Karwan side ek lorry ko cattle transport samajh kar allegedly attack kiya gaya. Baad mein reports aur local claims mein kaha gaya ke vehicle plywood material carry kar raha tha cattle nahi.

Phir bhi:
Lorry ka glass toda gaya
Multiple jagahon par chase kiya gaya
Drivers aur transporters mein darr ka mahaul paida hua

Sabse bada sawal:

Aakhir Intelligence Department, Special Branch aur local police ko itne bade mobilization ki khabar kyun nahi thi?

Agar information thi
toh preventive action kyun nahi hua?

Road par gaadiyan rokna, checking karna, documents demand karna aur suspicion ke naam par attack karna ye kaam Police ka hai ya self-appointed vigilante groups ka?

Telangana Police khud kai baar keh chuki hai ke kisi ko bhi law apne haath mein lene ki ijazat nahi di jayegi. Lekin ground reality mein agar mob groups openly vehicles stop kar rahe hain, toh ordinary drivers aur traders khud ko safe kaise mehsoos karein?

Telangana Police aur state agencies ko clear message dena hoga:
Innocent logon ko harass karna band ho
Vigilantism par strict action ho
Law enforcement sirf legal authorities karein
Communal suspicion ke naam par attacks tolerate na hon

Revanth Reddy sahab,
90,000 police bhi enough nahi?
Ya phir state mein mob checking system officially tolerate kiya ja raha hai?

Na koi shak
Na koi mob
Sirf kanoon ka raj hona chahiye.

#Hyderabad #Mehdipatnam #Karwan #Telangana #RuleOfLaw #StopMobViolence #ProtectDrivers #JusticeForCitizens

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नीदरलैंड्स के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को बढ़ते युद्ध, वैश्विक अस्थिरता और ऊर्जा संकट को लेकर गंभीर चेतावनी दी। पीएम मोदी ने कहा कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो पिछले कई दशकों की वैश्विक उपलब्धियां मिट सकती हैं और करोड़ों लोग दोबारा गरीबी के जाल में फंस सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा,
पहले कोरोना महामारी आई, फिर युद्ध शुरू हुए और अब दुनिया ऊर्जा संकट से जूझ रही है। यह दशक पूरी दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बनता जा रहा है। अगर स्थिति नहीं बदली, तो मानवता को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत की तेजी से बढ़ती ताकत और उपलब्धियों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि आज भारत सिर्फ बदलाव नहीं चाहता, बल्कि दुनिया में सबसे तेज़ और बेहतरीन परिणाम देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने धरती और चंद्रमा की दूरी से भी 11 गुना ज्यादा ऑप्टिकल फाइबर बिछाया है। जो भारत कभी मोबाइल फोन आयात करता था, वही आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुका है।

उन्होंने भारत की स्टार्टअप क्रांति का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले 12 वर्षों में देश में स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढ़कर 2 लाख से अधिक हो गई है, जबकि यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या 4 से बढ़कर करीब 125 तक पहुंच चुकी है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत AI, डिफेंस, स्पेस और सेमीकंडक्टर जैसे हाईटेक सेक्टर्स में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में 12 सेमीकंडक्टर प्लांट काम कर रहे हैं, जिनमें से दो में उत्पादन भी शुरू हो चुका है।

उन्होंने गर्व के साथ कहा,
अब चिप भी डिज़ाइन इन इंडिया होगी और मेड इन इंडिया भी होगी। आज भारत इनोवेशन पावर बन चुका है। हमारे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है, जो भारतीय युवाओं की प्रतिभा और इनोवेशन का सबसे बड़ा प्रमाण है।

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ತಮಿಳುನಾಡು: ಹಿರಿಯ ನಟ ಕಮಲ್ ಹಾಸನ್ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿ ವಿಜಯ್ ಅವರನ್ನು ಭೇಟಿ ಮಾಡಿ ಚಿತ್ರರಂಗದ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಗೆ ಸಂಬಂಧಿಸಿದ 6 ಪ್ರಮುಖ ಬೇಡಿಕೆಗಳನ್ನು ಸಲ್ಲಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಇದರಲ್ಲಿ ತಮಿಳುನಾಡು ಸರ್ಕಾರವು ಸ್ವಂತ ಒಟಿಟಿ ಪ್ಲಾಟ್‌ಫಾರ್ಮ್ ಆರಂಭಿಸುವುದು, ಚಿತ್ರಮಂದಿರಗಳ ಮೇಲೆ ವಿಧಿಸಲಾಗುತ್ತಿರುವ 4% ಮನರಂಜನಾ ತೆರಿಗೆಯನ್ನು ರದ್ದು ಮಾಡುವುದು, ಮತ್ತು ಪೈರಸಿ ನಿಯಂತ್ರಣಕ್ಕಾಗಿ ಬಲಿಷ್ಠ 'ಆ್ಯಂಟಿ-ಪೈರಸಿ ತಂಡ' ರಚಿಸುವುದು ಸೇರಿವೆ.https://youtu.be/NX_AyV9JoBk



ಮುಂದುವರೆಸಿದಂತೆ, ತಮಿಳುನಾಡಿನ ಎಲ್ಲಾ ಚಿತ್ರಮಂದಿರಗಳಲ್ಲಿ ದಿನಕ್ಕೆ 5 ಪ್ರದರ್ಶನಗಳನ್ನು ಕಾನೂನುಬದ್ಧವಾಗಿ ಅನುಮತಿಸುವುದು, ಚಿತ್ರರಿಲೀಸ್ ಬಳಿಕ ಕನಿಷ್ಠ 8 ವಾರಗಳ ನಂತರ ಮಾತ್ರ ಒಟಿಟಿ ಬಿಡುಗಡೆ ಮಾಡುವುದು, ಮತ್ತು ತಮಿಳುನಾಡಿನಲ್ಲಿ ಶೇಕಡಾ 50ಕ್ಕೂ ಹೆಚ್ಚು ಚಿತ್ರೀಕರಣ ಮಾಡಿದ ಸಿನಿಮಾಗಳಿಗೆ ಒಟ್ಟು ಬಜೆಟಿನ 10% ಪ್ರೋತ್ಸಾಹಕ ಧನ ನೀಡಲು ಸರ್ಕಾರದಿಂದ ಯೋಜನೆ ಜಾರಿಗೆ ತರಬೇಕೆಂಬ ಬೇಡಿಕೆ ಇದೆ. ಸಿಎಂ ವಿಜಯ್ ಮತ್ತು ಕಮಲ್ ಹಾಸನ್ ಇವರಿಬ್ಬರ ಮಾತುಕತೆ ಚಿತ್ರರಂಗದ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಗೆ ಮಹತ್ವಪೂರ್ಣವೆಂದು ಗಮನಿಸಲಾಗಿದೆ.

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जळगाव : कुटुंबीयांसह आडगाव येथे

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मूळ गावी गेलेले पोलिस पाटील धर्मराज रामदास बाविस्कर (४०, रा. गजानन नगर, जुना आसोदा रोड) यांच्या घराचे कुलूप तोडून चोरट्यांनी रोकडसह दागिने असा एकूण १ लाख २७ हजार रुपयांचा ऐवज चोरून नेला. ही घटना दि. १५ मे रोजी सकाळी उघडकीस आली. याप्रकरणी शनिपेठ पोलिस ठाण्यात अज्ञात चोरट्याविरुद्ध गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे.

चोरट्यांनी बाविस्कर यांच्या घराचा दरवाजा तोडून घरातील साहित्य अस्ताव्यस्त फेकले. तसेच एका कपड्याच्या बॅगेत ठेवलेले रोख १५ हजार रुपये, १० ग्रॅम वजनाची सोन्याची मंगलपोत, ५ ग्रॅमची अंगठी असा एकूण १ लाख २७ हजार रुपये किमतीचा ऐवज चोरून नेला.

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Opening Hook:
IPL के मैदानों में जब Sunil Narine उतरते हैं, तो हर Ball एक कहानी कहती है, हर Over एक Battle होता है। इस बार KKR की GT पर 29 Runs की जीत के बाद, Narine के Masterclass प्रदर्शन (2 Wickets for 29 Runs) ने एक ऐसी बहस छेड़ दी है, जो क्रिकेट जगत में गूंज रही है। Ambati Rayudu ने तो उन्हें IPL का "best IPL player of all time" घोषित कर दिया है, एक ऐसा बयान जिसने Social Media और Cricket Experts के बीच हलचल मचा दी है!

The Inner Story / Asli Maajra:
यह कोई आम praise नहीं थी, बल्कि एक अनुभवी Player का दिल से निकला सच था। Rayudu, जो खुद IPL के कई Trophies के विजेता रहे हैं, उन्होंने Narine की उस जादूगरी को करीब से देखा है। KKR की GT पर शानदार जीत के बाद, ESPNcricinfo के TimeOut show पर Rayudu ने कहा, "Sunil Narine मेरे हिसाब से 'best IPL player, of all time' हैं।" यह बात उन्होंने Narine के 200वें IPL Match में 'Player of the Match' बनने के बाद कही। Narine ने 4 Overs में मात्र 29 Runs देकर 2 Wickets लिए और KKR की जीत में अहम भूमिका निभाई। Rayudu के शब्दों में, "Ball से भी Proper Match-winner, Bat से भी। IPL में इतने महान Players हुए हैं, लेकिन यह बंदा हमेशा standout करता है। वह मेरी List में सबसे ऊपर हैं।"

उनके साथ बैठे Sanjay Bangar, हालांकि Rayudu जितने effusive नहीं थे, लेकिन उन्होंने भी Narine को IPL के 'top five' महान Performers में रखा और उन्हें "legend of the league" करार दिया। Bangar ने Narine की longevity और उनके कई बार Bowling Action पर सवाल उठने के बाद भी खुद को adapt करने की क्षमता की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि Narine ने एक नया तरीका खोज लिया है जिससे वह अपनी overspin और दोनों तरफ Ball को turn करने की क्षमता बरकरार रख पाते हैं, जिससे Batters के दिमाग में "massive doubts" पैदा होते हैं।

Rayudu और Bangar ने एक off-air discussion का खुलासा भी किया, जहां Rayudu ने बताया कि जब वह Narine के खिलाफ Batting करते थे, तो उनकी Strategy defensive रहती थी – सिर्फ ones और twos लेना। उन्होंने जोर देकर कहा कि 12-13 सालों में किसी भी Batter ने Narine को उस तरह से 'taken down' नहीं किया है, जैसे उन्होंने दूसरे महान Spinners को किया है। Rayudu ने Narine और Rashid Khan के बीच का फर्क भी बताया। उनके मुताबिक, Rashid Khan की हर Ball topspinner होती है जो Pitch पर तेजी से आती है, लेकिन Narine की Ball Pitch पर 'hold' करती है, 'skid' नहीं करती। इससे Batters के लिए Narine को line up करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

Analysis & Numbers:
Narine की Cricket Journey सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं है, आंकड़े भी उनकी महानता की गवाही देते हैं:

1. **Wickets Tally**: Narine IPL में 205 Wickets के साथ तीसरे सबसे ज्यादा Wicket लेने वाले Bowler हैं, सिर्फ Yuzvendra Chahal (230 Wickets) और Bhuvneshwar Kumar (220 Wickets) से पीछे।
2. **Longevity & Loyalty**: वह IPL के सबसे ज्यादा-capped Overseas Player हैं और 2012 से KKR के साथ एक-Team Player रहे हैं। KKR ने 2012 में पहला IPL Title जीता, जिसमें Narine ने 24 Wickets लिए थे, Economy Rate मात्र 5.47 थी। 2014 में जब KKR ने फिर Title जीता, तब भी Narine 21 Wickets के साथ forefront पर थे (ER 6.35)। 2024 में, जब KKR ने तीसरा Title उठाया, Narine ने 17 Wickets लिए (ER 6.69)।
3. **Unbelievable Economy**: अपने पूरे IPL Career में, Narine का Economy Rate कभी 8 Runs प्रति Over से ऊपर नहीं गया है। इस Season भी उनका Economy Rate 6.79 है। Saturday को 7.25 का Economy Rate Bangar के लिए "regulation figures" था, क्योंकि Narine का ऐसा प्रदर्शन अब 'extraordinary' नहीं, बल्कि उनकी 'regular' बात बन चुकी है।

The Guru Gyan Verdict:
Sunil Narine सिर्फ एक Bowler या Batter नहीं हैं; वह एक Phenomenon हैं, एक Gamechanger हैं। उनकी Unfiltered Consistency, दबाव में भी Calmness और Batters के लिए हमेशा एक Puzzle बने रहने की क्षमता उन्हें Cricket की दुनिया के True Legends में शुमार करती है। Ambati Rayudu का उन्हें "best IPL player of all time" कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं, बल्कि एक ऐसे Player को सलाम है जिसने अपने दम पर IPL का चेहरा बदला है। Narine की कहानी Cricket की किताबों में Dominance और Perseverance की एक Masterclass के रूप में दर्ज होगी।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा से दो दिन पहले ही प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर लीक हो गया था, जिससे करीब 22 लाख छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया और उनकी मेहनत बर्बाद हो गई।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तुरंत स्वीकार करने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था एक नेक्सस की गिरफ्त में है, जो युवाओं के सपनों और भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी सदस्यों को जांच समिति में शामिल करने के सुझाव को नजरअंदाज किया गया। राहुल गांधी के मुताबिक देश में अब तक लगभग 80 बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे करीब 2 करोड़ युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।

वहीं NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर बड़ा अपडेट भी सामने आया है। 3 मई को आयोजित परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। अब यह परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। सीबीआई जांच में राजस्थान के एक गिरोह का नाम सामने आया है। साथ ही, अगले साल से NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने की तैयारी की जा रही है।

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रायगढ़। रायगढ़ बार एसोसिएशन की जूनियर अधिवक्ता आराधना सिदार हत्याकांड में पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर मामले को सुलझाने का दावा किए जाने के ठीक दूसरे दिन अब इस थ्योरी पर कई गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। अधिवक्ता संघ द्वारा निकाले गए विरोध मार्च और एसपी को सौंपे गए ज्ञापन के बाद पुलिस ने आनन-फानन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केस सुलझाने का दावा तो कर दिया, लेकिन घटनाक्रम की कड़ियां पुलिसिया कहानी को संदिग्ध बना रही हैं। पूरा मामला तुमीडीह जंगल (Tumidih Jungle) का है, जहां 12 मई 2026 को जूनियर महिला अधिवक्ता का शव बरामद हुआ था।
जेल से रिहाई और प्रेम कहानी में समय का बड़ा फेरबदल
पुलिस थ्योरी के अनुसार, आरोपी लोकनाथ पटेल ने जुर्म कबूल करते हुए कहा है कि मृतिका से उसके प्रेम संबंध थे और शादी का दबाव बनाने के कारण उसने हत्या की। लेकिन इस कहानी का सबसे कमजोर पहलू समय की गणना है। आरोपी स्वयं एक अन्य मामले में पिछले करीब 10 महीने से रायगढ़ जेल में बंद था और इसी साल 28 फरवरी 2026 को ही जमानत पर बाहर आया था।
ऐसे में मात्र दो महीने के भीतर ही मृतिका से पहली मुलाकात होना, फिर गहरी दोस्ती, प्रेम संबंध, शादी का दबाव, विवाद और अंततः हत्या जैसी खौफनाक साजिश को अंजाम दे देनायह पूरी क्रोनोलॉजी कानून के जानकारों और आम जनता के गले नहीं उतर रही है।
आरोपी के बयान और पुलिस के दावों में विरोधाभास
मीडिया के सामने आरोपी ने खुद बयान दिया कि वह पिछले तीन महीने से मृतिका को जानता था। जबकि जेल से उसकी रिहाई को अभी दो महीने से थोड़ा ही ज्यादा वक्त बीता है। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठता है कि जब आरोपी जेल के भीतर था, तब दोनों के बीच संपर्क कैसे और किस माध्यम से हुआ? क्या दोनों पहले से परिचित थे? यदि हां, तो पुलिस ने इस महत्वपूर्ण पहलू को अपनी शुरुआती विवेचना और प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट क्यों नहीं किया?
क्या भारी जनदबाव में पुलिस ने की जल्दबाजी?
शहर के बुद्धिजीवियों, रायगढ़ बार एसोसिएशन और स्थानीय निवासियों के बीच यह चर्चा बेहद तेज है कि चौतरफा विरोध प्रदर्शन और भारी जनदबाव के बाद पुलिस ने महज केस शांत कराने के लिए जल्दबाजी दिखाई है। मामले में कई तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य अभी भी अधूरे नजर आ रहे हैं:
दोनों के मोबाइल फोन की विस्तृत कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन हिस्ट्री क्या कहती है?
जेल के भीतर या बाहर मुलाकातों का कोई ठोस रिकॉर्ड पुलिस के पास है या नहीं?
घटनास्थल तक दोनों किस परिस्थिति में पहुंचे, इसके पुख्ता प्रमाण क्या हैं?
महिला अधिवक्ता की इस संदिग्ध मौत और उसके बाद पुलिस की थ्योरी पर उठते इन तीखे सवालों ने रायगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है। मामले की जांच अभी जारी है, लेकिन अधिवक्ताओं का साफ कहना है कि जब तक हर एक पहलू पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाता, तब तक इसे पूर्ण न्याय नहीं माना जाएगा।महिला अधिवक्ता हत्याकांड: पुलिस की 'प्रेम और धोखे' की थ्योरी पर उठे गंभीर सवाल, क्या जनदबाव में हुई जल्दबाजी?

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11वीं छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में विज्ञान शिक्षक गिरफ्तार
स्कूल के विज्ञान विभाग के शिक्षक शुभ्रज्योति शर्मा पर 11वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ अश्लील इशारे करने, अनुचित तरीके से छूने और अभद्र टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगा है।
पीड़ित छात्रा के परिजनों द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद स्कूल प्रशासन और स्थानीय शिक्षा अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। स्कूल की ओर से कहा गया है कि आंतरिक स्तर पर भी जांच की जाएगी।
इस घटना से अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। फिलहाल स्कूल परिसर में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और छात्राओं की सुरक्षा व स्वस्थ शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

चाहो तो मैं इसे और छोटा ब्रेकिंग-न्यूज़ फॉर्मेट में, या फिर अखबार के लिए थोड़ा औपचारिक भाषा में भी बना दूं। कौन सा टोन चाहिए सख्त, तथ्यात्मक या थोड़ा भावनात्मक?

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तामारहाट में निर्माणाधीन तटबंध को लेकर स्थानीय लोगों के बीच भारी नाराज़गी और विरोध देखने को मिल रहा है। लोगों का आरोप है कि सुरक्षा और सुविधा के उद्देश्य से बनाया गया यह तटबंध अब उनके लिए नई परेशानियों का कारण बनता जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, निर्माणाधीन 127 (बी) राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा के लिए तामारहाट से कुमारगंज तक लगभग तीन किलोमीटर लंबा तटबंध तैयार किया गया है। लेकिन मानसून के करीब आते ही स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि इस तटबंध की वजह से गंगाधर नदी का बढ़ता पानी अब सैकड़ों परिवारों के घरों और बड़े कृषि क्षेत्रों में घुस सकता है, जिससे भारी नुकसान की आशंका पैदा हो गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गंगाधर नदी का कटाव और बाढ़ का पानी हर साल इलाके के लिए बड़ी समस्या बनता है। ऐसे में नदी किनारे मजबूत और स्थायी तटबंध बनाना जरूरी था ताकि गांवों और खेतों को सुरक्षित रखा जा सके। लेकिन आरोप है कि राजमार्ग निर्माण एजेंसी ने अपनी सुविधा को प्राथमिकता देते हुए तटबंध को राष्ट्रीय राजमार्ग के बिल्कुल पास बना दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि यह तटबंध न तो नदी के कटाव को रोक पाएगा और न ही बाढ़ से लोगों को राहत देगा। उल्टा, इसकी वजह से कई गांवों के लोगों की आवाजाही तक प्रभावित हो गई है। कई स्थानों पर हालत ऐसी है कि लोगों को अपने घरों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चलना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

स्थिति को लेकर नाराज़ स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले की गंभीर जांच की मांग की है। साथ ही लोगों ने मांग उठाई है कि या तो इस तटबंध को उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, या फिर गंगाधर नदी के किनारे स्थायी और वैज्ञानिक तरीके से मजबूत बांध का निर्माण किया जाए, ताकि जनता को वास्तविक सुरक्षा और राहत मिल सके।

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2 लाख 75 हजार की लूट का खुलासा, पुलिस की शानदार कार्रवाई
शहर में देर रात अकेले यात्रियों को निशाना बनाकर रिक्शा में बैठाकर लूटपाट करने वाले चोर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। आरोपी सुनसान और अंधेरे इलाकों में यात्रियों को ले जाकर उनसे नकदी, मोबाइल और कीमती सामान लूट लिया करते थे।
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम बनाई गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने पूरे गिरोह को दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से करीब 2 लाख 75 हजार का मुद्दामाल बरामद किया गया है।
बताया जा रहा है कि यह गिरोह काफी समय से शहर में सक्रिय था और कई लोगों को अपना शिकार बना चुका था। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से लोगों में सुरक्षा का भरोसा फिर मजबूत हुआ है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच जारी है।

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मधुपुर। शहर के नबी बक्स रोड स्थित हजरत अब्दुल लतीफ शाह बाबा मजार पर 41वां दो दिवसीय उर्स मेला श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हुआ। उर्स मेले में दूर-दराज से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे और मजार पर चादरपोशी कर अमन, खुशहाली तथा अपनी-अपनी मन्नतों की दुआ मांगी।
मेले के दौरान मजार परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। विभिन्न प्रकार की दुकानों और खानपान के स्टॉलों से मेले की रौनक बढ़ गई। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिला और पुरुष जायरीनों के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास द्वार बनाए गए। नगर परिषद की ओर से पेयजल के लिए पानी के टैंकर की भी व्यवस्था की गई।
उर्स आयोजन समिति के सदस्यों ने मजार परिसर को सुंदर एवं आकर्षक ढंग से सजाया। समिति ने लोगों से आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। इस अवसर पर समिति के सचिव एवं वार्ड पार्षद रशीद खान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
उर्स मेले में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने बाबा की मजार पर हाजिरी लगाकर देश और समाज में शांति, प्रेम और तरक्की की दुआ की।
निष्कर्ष
अब्दुल लतीफ शाह बाबा का उर्स केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने और इंसानियत का संदेश फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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విశాఖపట్నం : కళాకుసుమాలు కల్చరల్ ఆర్ట్స్ అస్సోసియేషన్ సంస్థ మే నెలలో తీయబోయే "ఖర్మ రిటన్స్" షార్ట్ మూవీ కోసం నటీ, నటుల ఎంపిక నిర్వహిస్తోంది. ఉత్సాహం ఉన్న, అనుభవం గల కళాకారులు ఏ వయసు వారైనా ఈ అవకాశాన్ని పొందవచ్చు. పాత్రలకు తగిన శరీర ఆకృతి, వాచకం, ముఖ కవళికల ఆధారంగా పాత్రలు కేటాయించబడతాయి.

షూటింగ్ కి ముందు 3 రోజుల యాక్టింగ్ వర్క్ షాప్ ప్రహ్లాదపురం, సింహాచలం రోడ్డులో నిర్వహించబడుతుంది. ఉదయం 10 నుండి మధ్యాహ్నం 12 గంటల వరకు వర్క్ షాప్ జరుగుతుంది. ఇందులో పాత్రకు తగిన డైలాగ్ చెప్పడం, శరీర అంగాల కదలికలు, స్వాత్వికాభినయం, కెమెరా పేసింగ్, తోటి నటులతో ఎలా మెలగాలో వివరించబడుతుంది. వారం రోజులలో షూటింగ్ ప్రారంభం కానుంది. బొల్లాప్రగడ గంగాధర్ ప్రసాద్ డైరెక్టర్ గా ఉన్న సంస్థలో నటన, రచన, కెమెరా, మేకప్ వంటి రంగాలలో ఆసక్తి ఉన్నవారు 9059781543 నెంబరును సంప్రదించవచ్చు.

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असम के होजाई जिले के डबका स्थित बूटीगंगा पिकनिक स्थल पर एक बार फिर सनसनीखेज घटना सामने आने से इलाके में डर और गुस्से का माहौल बन गया है। दो साल पहले इसी जगह पर हुई एक चर्चित दुष्कर्म घटना के बाद अब फिर एक किशोरी के साथ कथित दुर्व्यवहार की खबर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

स्थानीय जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम पिकनिक स्थल पर एक छात्रा के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया। घटना की भनक लगते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और एक ई-रिक्शा चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। लोगों का आरोप है कि आरोपी युवक छात्रा को बहला-फुसलाकर सुनसान इलाके में ले गया था।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और जांच शुरू कर दी। पीड़ित छात्रा को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं। पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।

स्थानीय लोगों का दावा है कि घटनास्थल से कोल्ड ड्रिंक की बोतलें भी बरामद हुई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार युवक ने शराब पीने की बात स्वीकार की है। डोबोका पुलिस ने आरोपी मुमताज अली के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे होजाई अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

इस घटना के बाद पूरे डोबोका इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने बूटीगंगा पिकनिक स्थल पर नियमित पुलिस गश्त, सीसीटीवी निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।

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10वी एवं 12वी बोर्ड अंतर्गत हुए विज्ञान एवं अंग्रेजी के पेपर
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#श्योपुर-/ कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में जिले में माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा परीक्षार्थियों के लिए द्वितीय परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज जिले के 5 परीक्षा केन्द्रों पर 10वी एवं 12वी बोर्ड अंतर्गत विज्ञान एवं अंग्र्रेजी के पेपर हुए। 12वी बोर्ड के लिए आयोजित द्वितीय परीक्षा के तहत अंग्रेजी विषय की परीक्षा में 452 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। यह परीक्षा 05 सेंटरों पर आयोजित हुई। अंग्रेजी विषय की परीक्षा के लिए दर्ज 467 परीक्षार्थियों में से 452 परीक्षार्थियों द्वारा परीक्षा में भाग लिया गया। 15 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।

इसी प्रकार 5 परीक्षा केन्द्रों पर 10वी बोर्ड अंतर्गत विज्ञान विषय की परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। विज्ञान विषय की परीक्षा में 704 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। परीक्षा के लिए दर्ज 715 परीक्षार्थियों में से 704 परीक्षार्थियों द्वारा परीक्षा में भाग लिया तथा 11 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहें। जिला शिक्षा अधिकारी श्री यश जैन द्वारा विभिन्न परीक्षा केन्द्रों का अवलोकन किया गया।
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पानी की टंकी एवं पशुहोद का नवीनीकरण
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#श्योपुर-/ कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती सौम्या आनंद के निर्देशन में #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान के तहत जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण के कार्य जारी है। इसी क्रम में ग्राम फतेहपुर में पानी की टंकी एवं पशुहोद का नवीनीकरण कार्य कराया गया है।

परियोजना अधिकारी श्री विक्रम जाट ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रो में पेयजल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण के कार्य कराये जा रहे है। इसी क्रम में फतेहपुर ग्राम में पानी की टंकी एवं पशुहोद का नवीनीकरण कराया गया है, जिससे ग्रीष्मकाल में पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता सुगम होगी।
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By Naresh Das Vaishnav Nimbark
Retired Military Officer & Historian | www.nareshswaminimbark.in
In the year 1760 AD, during the sacred Haridwar Kumbh Mela, the banks of the holy Ganga witnessed one of the most painful and forgotten episodes in Indian religious history.
A fierce and violent conflict erupted between the Vaishnav Bairagi saints and the Shaiva Naga Akharas over the question of precedence who would take the royal sacred bath first. Thousands of Vaishnav Bairagi saints lost their lives in this confrontation, yet this chapter has never found its place in mainstream Indian history books.
These were no ordinary saints. These were the same warriors who
Fought fierce battles against the Mughal invaders to protect Sanatan Dharma
Ran 1,70,000 Gurukuls across the length and breadth of India
Waged an unbroken 500-year battle for the liberation of the Ram Mandir in Ayodhya
Organised and spearheaded the Revolution of 1857 against British colonial rule
Their contribution to India's civilisational, cultural and spiritual resistance is immeasurable yet their names remain absent from the pages of history.
The same conflict repeated itself at the 1797 Haridwar Kumbh, further deepening the wound that was first inflicted in 1760.
Colonial-era sources, including records from the East India Company and publications such as Asiatic Researches, document this conflict yet it was never taught, never honoured, and never remembered.
"History is not merely dates and events it is the untold sacrifice of those who gave everything so that Dharma could survive."
Naresh Das Vaishnav Nimbark
Read the complete buried history of the Vaishnav Bairagi tradition:
www.nareshswaminimbark.in
Share this. The world must know.
Naresh Das Vaishnav Nimbark
Retired Military Officer & Historian
Researcher Sanatan Vaishnav Bairagi Tradition
#VaishnavBairagi #ForgottenHistory #HaridwarKumbh1760 #NimbarkSampraday #SanatanDharma #BairagiWarriors #HinduHistory #IndianHistory #NareshDasVaishnavNimbark

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आसीत कुमार सिंह की कप्तानी में नेशनल दिव्यांग क्रिकेट चैंपियनशिप में भाग लेने बिहार टीम बेंगलुरु रवाना।

बिहार टीम आगामी चयनित टूर्नामेंट बेंगलुरु में 17 से 25 मई 2026 तक चलेगी नेशनल दिव्यांग क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लेगी।

पटना :आगामी पांचवे एलीट नेशनल दिव्यांग क्रिकेट चैंपियनशिप में भाग लेने बिहार टीम गुरूवार को दानापुर से संघमित्रा एक्सप्रेस से रवाना हुई। टूर्नामेंट 17 मई से 25 मई तक चलेगी। उद्घाटन मैच में बिहार का सामना कर्नाटक से होगा। बिहार के बाकी मैच बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा से होंगी। टूर्नामेंट में 12 टीम भाग ले रही हैं जिसे दो ग्रुप में बांटा गया हैं। बिहार टीम इस प्रकार हैं -आसीत कुमार सिंह (कप्तान), बिटटू कुमार, मोहन कुमार, कुणाल कुमार, सूरजमणि, सत्यम कुमार, किशन कुमार, वक़ार यूनिस, हामिद रेजा, इमरान आलम, अबुज़ार, मंजीत कुमार, रियाज़ आलम, मनीष कुमार, अभय कुमार (कोच )और धर्मवीर कुमार (टीम मैनेजर ) बनाया गया हैं।कप्तान आसीत सिंह मूल रूप से मुंगेर ज़िलें के असरगंज प्रखंड के रहमतपुर ग्राम निवासी हैँ और वर्तमान में दानापुर रेलवे में कार्यरत हैँ. टूर्नामेंट में सफलता हेतु डिफरेंटली अबल्ड क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ बिहार के अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता , उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह , सचिव रंजीत कुमार, बिहार क्रिकेट संघ अम्पायर -सह- डिफरेंटली अबल्ड क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार के सेंट्रल जोन के कोऑर्डिनेटर दीपक कुमार ,गोपालगंज के अध्यक्ष आनंद कुमार सहित बिहार की सभी खिलाड़ियों ने शुभकामना दी हैं।

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विश्व डेंगू दिवस पर जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन
जन भागीदारी- जांच करें, सफाई करें और ढकें थीम पर कार्यशाला आयोजित
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#श्योपुर-/ कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में विश्व डेंगू दिवस के अवसर पर इस वर्ष की थीम डेंगू नियंत्रण के लिए जन भागीदारी-जांच करें, सफाई करें और ढकें के अंतर्गत श्योपुर जिले में व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया।

जिला चिकित्सालय श्योपुर सहित विकासखंड विजयपुर, कराहल एवं बड़ौदा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कार्यशालाएं आयोजित की गई। इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान, डेंगू से बचाव एवं रोकथाम हेतु शपथ ग्रहण कार्यक्रम तथा पंपलेट वितरण कर लोगों को डेगूं की रोकथाम के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रमों में आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

सीएमएचओ डॉ दिलीप सिकरवार के निर्देशन में जिला चिकित्सालय श्योपुर में आयोजित कार्यशाला में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एस.एन. बिंदल द्वारा डेंगू के बचाव, रोकथाम एवं नियंत्रण के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि डेंगू एक पूर्णतः रोकथाम योग्य बीमारी है तथा इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए जन-सहभागिता एवं सामुदायिक जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। कार्यशाला के दौरान घर-घर जाकर लार्वा सर्वे करने, बुखार के मरीजों की समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने एवं कहीं पर भी पानी जमा न होने देने, समुदाय स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता आदि बिन्दुओं पर जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.बी. गोयल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एन. सक्सेना, सर्जिकल विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र सिंह यादव, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जी.के. गोयल, जिला क्षय अधिकारी डॉ. यतेन्द्र सिंह रावत सहित स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ एवं आशा कार्यकर्ताएं उपस्थित रहीं।

विकासखंड विजयपुर में आयोजित कार्यशाला में चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमल खरे, डॉ. अरविंद किरार, डॉ. प्रमोद गहलोत, एमटीएस श्री साहब कुरैशी, बीपीएम श्री दिलीप दंडोतिया एवं बीसीएम श्री कमल किशोर जाटव आदि मौजूद रहें। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़ौदा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राघवेंद्र भदौरिया एवं एमटीएस श्री अरविंद गर्ग एवं कराहल में चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुशल, डॉ. पुष्पेन्द्र, एम.आई. श्री नरसिंह गौड़ एवं बीसीएम श्री नवीन यादव सहित स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ एवं आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सभी विकासखंड स्तरीय कार्यशालाओं में डेंगू से बचाव, रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही हस्ताक्षर अभियान एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित सभी लोगों ने डेंगू से बचाव का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रमों के दौरान आमजन को डेंगू से बचाव एवं रोकथाम संबंधी जानकारी देने हेतु पंपलेट भी वितरित किए गए, जिससे समुदाय स्तर पर जागरूकता को और अधिक बढ़ावा मिल सके।
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ই-লোন কী, কীভাবে নেওয়া যায়?

ব্যাংক থেকে ঋণ নেওয়ার প্রসঙ্গ উঠলেই সর্বপ্রথম চোখের সামনে সাধারণত যেসব কর্ম তালিকা ভেসে ওঠে, সেগুলো হলো: ব্যাংকে যাও, গিয়ে ফরম পূরণ করো, কাগজপত্র জমা দিতে দীর্ঘ লাইনে দাঁড়াও এবং এরপর সেই টাকা হাতে পেতে ক্ষণে ক্ষণে ঘড়ি দেখ।

কিন্তু এখন প্রযুক্তির ছোঁয়ায় সেই চিত্র বদলাচ্ছে। মোবাইল ফোনের কয়েকটি ক্লিকেই ঋণের আবেদন, যাচাই-বাছাই, এমনকি ঘরে বসেই ঋণের টাকা পাওয়ার ব্যবস্থা তৈরি হয়েছে।

এই ব্যবস্থাকেই বলা হচ্ছে "ই-লোন" বা ডিজিটাল ঋণ।

বাংলাদেশেও ব্যাংক এবং আর্থিক প্রতিষ্ঠানগুলো ধীরে ধীরে এ ধরনের সেবা বাড়াচ্ছে।

গত ১১ই মে ব্যাংক-কোম্পানি আইন, ১৯৯১-এর ৪৫ ধারার আওতায় কেন্দ্রীয় ব্যাংক ইতোমধ্যে এ সংক্রান্ত একটি নীতিমালা বা সার্কুলারও জারি করেছে।

তাই, সঙ্গত কারণেই প্রশ্ন আসছে: ই-লোন আসলে কী, এটি কীভাবে কাজ করে, কারা নিতে পারে, এতে কী ধরনের সুবিধা বা ঝুঁকি আছে, বাংলাদেশে এটি নতুন কি না ইত্যাদি।

ই-লোন আসলে কী?
সাধারণভাবে, ই-লোন হলো এমন একটি ঋণসেবা, যেখানে আবেদন থেকে অনুমোদন, এই পুরো প্রক্রিয়াই অনলাইনে সম্পন্ন হয়। গ্রাহককে সরাসরি শাখায় যেতে হয় না।

গ্রাহক ওই ব্যাংকের মোবাইল অ্যাপ, ওয়েবসাইট বা ডিজিটাল প্ল্যাটফর্ম ব্যবহার করে প্রয়োজনীয় তথ্য জমা দিয়ে ঋণের জন্য আবেদন করতে পারেন।

সাধারণত ব্যাংক বা আর্থিক প্রতিষ্ঠানগুলো গ্রাহকের আর্থিক তথ্য, লেনদেনের ইতিহাস, আয় বা অন্যান্য তথ্য বিশ্লেষণ করে ঋণ অনুমোদনের সিদ্ধান্ত নেয়।

প্রযুক্তিনির্ভর এই ব্যবস্থায় সময় কম লাগলেও তথ্যের নিরাপত্তা এবং শর্তগুলো ভালোভাবে বোঝার বিষয়টি এখানে বেশ গুরুত্বপূর্ণ বলে মনে করছেন খাত সংশ্লিষ্টরা।

ই-লোনের ধারণা কি বাংলাদেশে নতুন?

এই প্রশ্নের উত্তর, না। কারণ বাংলাদেশের একটি মোবাইল ফিন্যান্সিয়াল সার্ভিস (এমএফএস) গত কয়েক বছর ধরে ইতোমধ্যে ই-লোন দিয়ে আসছে।

দেশের সফটওয়্যার ও তথ্য প্রযুক্তি খাতের সংগঠন বেসিসের সাবেক সভাপতি এবং বিডি জবসের প্রধান নির্বাহী ফাহিম মাশরুর বিবিসি বাংলাকে বলেন, "এটা নতুন কিছু না। বিকাশ আর সিটি ব্যাংক মিলে যেটা করে, এটা সেটাই। লোন দেয় সিটি ব্যাংক, কিন্তু বিকাশের মাধ্যমে অ্যাপ্লাই করা যায়। শুরুতে এটা ছিল ২০ হাজার, এখন ৫০ হাজার করা হয়েছে"।

কিন্তু বাংলাদেশ ব্যাংকের ওই সার্কুলারের কারণ "এখন যেকোনো ব্যাংক এটি করতে পারবে"।

মেঘনা ব্যাংকের সাবেক ব্যবস্থাপনা পরিচালক মোহাম্মদ নূরুল আমিনও একই উদাহরণ দেন।

তিনিও বিবিসি বাংলাকে বলছিলেন, "আগে ওই ব্যাংক বিকাশের সাথে দ্বিপাক্ষিক চুক্তিতে কাজটা করেছে। এখন যেটা হলো, দেশজুড়ে সব ব্যাংকের জন্য এটা প্রযোজ্য হলো। এর মানে ডিজিটাল লোন দেওয়া কখনো নিষেধ ছিল না; এটা নতুন কিছু না, পুরাতন জিনিস"।

তার ভাষায়, ই-লোন হলো ঋণের একটা 'প্রসেস' (ঋণ দেওয়ার একটি পদ্ধতি বা প্রক্রিয়া), এটি 'ক্যাটাগরি অব লোন না' (আলাদা কোনো ধরনের ঋণ নয়)।

এসএমই (ক্ষুদ্র ও মাঝারি শিল্প) বা কর্পোরেট যেমন ঋণের বিভিন্ন ক্যাটাগরি, ই-লোন তেমন কোনো আলাদা ক্যাটাগরি নয়।

এসএমই'র সাথে দু'টো জিনিস যোগ হয়েছে। সিএম তথা কটেজ ও মাইক্রো। তাই এটিকে এখন বলা হয়, সিএমএসএমই কটেজ, মাইক্রো, স্মল, মিডিয়াম এন্টারপ্রাইজেস। এই ক্যাটাগরির মাঝেই এই ই-লোন, যা ডিজিটালি করা যাবে।

এখন কী কী শর্তে ই-লোন দেওয়ার কথা হচ্ছে?
বাংলাদেশ ব্যাংকের নির্দেশনা অনুযায়ী, এই সেবার নাম হবে বাধ্যতামূলকভাবে 'ই-লোন'।

এই ঋণের প্রধান শর্ত হলো, একজন গ্রাহক সর্বোচ্চ ৫০ হাজার টাকা পর্যন্ত ঋণ নিতে পারবেন।

তবে, এই ঋণের মেয়াদ হবে সর্বোচ্চ এক বছর। অর্থাৎ, ১২ মাসের মাঝে পরিশোধ করতে হবে।

এছাড়া, এ ক্ষেত্রে বাজারভিত্তিক সুদহার কার্যকর হবে। তবে কোনো ব্যাংক বাংলাদেশ ব্যাংকের পুনঃঅর্থায়ন সুবিধার আওতায় এই ঋণ দিলে সুদের হার হবে সর্বোচ্চ নয় শতাংশ।

অর্থাৎ, কোনো ব্যাংক বাজার পরিস্থিতি অনুযায়ী সুদ নির্ধারণ করতে পারে। কিন্তু বাংলাদেশ ব্যাংক যদি ওই ব্যাংককে বিশেষ সুবিধায় অর্থ দেয়, তাহলে গ্রাহকের কাছ থেকে ব্যাংক নয় শতাংশের বেশি সুদ নিতে পারবে না। গ্রাহক কম সুদে ঋণ দেওয়াই এর মূল উদ্দেশ্য।

এ বিষয়ে ফাহিম মাশরুর বলেছেন, "সিটি ব্যাংক বিকাশের মাধ্যমে এখন যেটা দিচ্ছে, সেটিও নয় শতাংশ। তবে কোনো ব্যাংক চাইলে নয় শতাংশের কমেও দিতে পারে"।

আর ই-লোনের আবেদন থেকে শুরু করে ঋণ অনুমোদন ও বিতরণ, সব অনলাইনে হবে। অর্থাৎ এই ঋণ পেতে গ্রাহককে কোনো দলিলে স্বাক্ষর করতে হবে না। এর পরিবর্তে বায়োমেট্রিক তথ্য ও টু-ফ্যাক্টর অথেনটিকেশন ব্যবহার করে গ্রাহকের সম্মতি নেওয়া হবে।

যদিও ঋণ অনুমোদনের আগে ব্যাংক গ্রাহকের ঋণের পূর্বের রেকর্ড বা সিআইবি (ক্রেডিট ইনফরমেশন ব্যুরো) রিপোর্ট যাচাই করবে। তবে ই-ঋণের ক্ষেত্রে সিআইবি অনুসন্ধান বাবদ ব্যাংক বা গ্রাহকের উপর চার্জ প্রযোজ্য হবে না।

আর, কোনো ঋণখেলাপি এই ডিজিটাল ঋণ সুবিধা পাবেন না।

এ নিয়ে নির্দেশনায় বলা আছে, ব্যাংক-কোম্পানি আইন, ১৯৯১-এর ২৭কক ধারার বিধান মোতাবেক খেলাপী ঋণগ্রহীতার অনুকূলে ঋণ প্রদানে বিরত থাকার বিষয়ে ব্যাংক যথাযথ পদক্ষেপ গ্রহণ করবে। এক্ষেত্রে, ঋণ বিতরণের পূর্বে অন্যান্য ব্যাংক, ফাইন্যান্স কোম্পানি ও মোবাইল ফাইন্যান্সিয়াল সার্ভিসেস ইত্যাদি মাধ্যম হতে গৃহীত ঋণের (প্রযোজ্য ক্ষেত্রে) তথ্য সংগ্রহ করতে হবে।

ই-লোনের সুবিধা কোথায়?
যে ই-লোন নিয়ে কথা হচ্ছে, তুলনা করলে তার পরিমাণ সামান্য বলা চলে, যা ৫০ হাজার টাকা।

কিন্তু এই খাতের বিশেষজ্ঞরা মনে করছেন, এতে অনেক মানুষ উপকৃত হবেন। কারণ এখানে এক বছরে যে সুদ ধরা হয়েছে, তা তুলনামূলকভাবে কম।

মেঘনা ব্যাংকের সাবেক ব্যবস্থাপনা পরিচালক মোহাম্মদ নূরুল আমিন বলছিলেন, "এনজিও'র কাছে গেলে প্রতি সপ্তাহে কিস্তি শোধ করতে হয়। সেক্ষেত্রে এখানে ১২ মাসে বাড়তি ৪-৫ হাজার টাকা দিতে হবে। তবে এখানে সব ব্যাংকের সুদ এক রকম হবে না। কেউ কম দিতে পারে, কেউ বেশি দিতে পারে। কেউ সীমার মাঝে থাকবে, কেউ শর্ত দিতে পারে।"

তিনি বলেন, আর্থিক সেবার আওতা বাড়াতে এই উদ্যোগ নেওয়া হচ্ছে। যারা সাধারণত ব্যাংকে যান না বা যেতে পারেন না, তাদের ব্যাংকিং ব্যবস্থার সঙ্গে যুক্ত করাই এর উদ্দেশ্য।

"৫০ হাজার টাকা দিয়ে একটি গরু কিনলেও তা কোরবানিতে বিক্রি করে দেওয়া যায়। এই ৫০ হাজার টাকা এখানে জাস্ট ঋণ। এটা পুঁজি না। এটা তার পুঁজিতে সাপোর্ট," বলছিলেন তিনি।

বেসিসের সাবেক সভাপতি ফাহিম মাশরুরও বিষয়টিকে ইতিবাচকভাবে দেখছেন।

তিনিও মনে করেন, এই ই-লোন ক্ষুদ্র ঋণ না হলেও "ক্ষুদ্র ঋণের মতোই...ক্রেডিট কার্ডও একপ্রকার ক্ষুদ্র ঋণ। পার্থক্য হলো, ক্রেডিট কার্ডের ক্ষেত্রে অনেক ডকুমেন্টস দরকার হয়; যারা চাকরি করেন, তাদেরই দেওয়া হয়। আর এ ক্ষেত্রে ব্যাংক অ্যাকাউন্ট থাকলেই ব্যাংক এই ঋণ দিতে পারে। তাই প্রান্তিক মানুষ, শিক্ষার্থী, ছোট ব্যবসায়ীরাও এটা পেতে পারেন।"

বাংলাদেশ ব্যাংকও তার সার্কুলারে বলেছে, প্রান্তিক জনগোষ্ঠীকে ব্যাংকিং কার্যক্রমে অন্তর্ভুক্তিকরণ ও ডিজিটাল আর্থিক সেবা ব্যবহারে অভ্যস্ত করার মাধ্যমে ক্যাশলেস সমাজ বিনির্মাণে 'ই-ঋণ' গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা পালন করতে পারে।

ঝুঁকির জায়গাগুলো কী কী?
মোহাম্মদ নূরুল আমিন ও ফাহিম মাশরুর দু'জনেই বলেন, ই-লোনে কিছু ঝুঁকি রয়েছে।

"সুদের হার নয় শতাংশ থাকলে ব্যাংকগুলো আগ্রহী হবে না। ব্যাংক ১০০ জনকে ই-লোন দিল, সেখান থেকে ২০-২৫ জন লোন ফেরত না দিলে ব্যাংকের লস হবে। তাই রিস্ক কভার করার জন্য এ ক্ষেত্রে এই নয় শতাংশের লিমিট থাকা উচিত না," বলেন মি. মাশরুর।

কারণ "এটা সিকিউরিটি ছাড়া লোন। কর্পোরেট লোনে বন্ধক থাকে, সিকিউরিটি থাকে। এখানে সিকিউরিটি নাই। এটা ঠিক যে কেউ না দিলে তার রেকর্ড থাকছে। তখন অন্য কোনো ব্যাংক থেকে সে লোন পাবে না, এটা সিস্টেমে থাকবে। কিন্তু ব্যাংকের তো রিস্ক। তাই রিস্ক কাভার করতে বিশ্বের সব দেশেই এই ধরনের লোনের ক্ষেত্রে ইন্টারেস্ট রেট বেশি ধরে।"

তিনি আরও ব্যাখ্যা করে বলেন, ৫০ হাজার টাকার জন্য গ্রাহকের পেছনে ছুটতেও তো ব্যাংকের একটা খরচ হবে। তাই, এই ধরনের ছোট ছোট লোনে সুদের হার অনেক বেশি থাকে। ২০-২৫ শতাংশ থাকলে ১০ জনের দুই জন না দিলেও ব্যাংকের রিস্ক কভার হয়ে যায়। সেকারণেই বিদেশে কর্পোরেট লোনের ক্ষেত্রে রেট কম থাকে, এইসব লোনে বেশি থাকে।

তার মতে, গ্রাহকের এখানে কোনো ঝুঁকি নেই।

আর ঝুঁকির ব্যাপারে মি. আমিনের ভাষ্য, "ঝুঁকি থাকলেও সামনের দিকে আমাদের এদিকে যেতে হবে । ডিজিটাল ব্যাংক আছে বিশ্বে, ব্যাংকগুলোকে ডিজিটাল ব্যাংকিং-এর জন্য লাইসেন্স দেওয়া হচ্ছে।"
*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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*ब्रेकिंग न्यूज़*

*आज़म खान को एमपी/एमएलए कोर्ट से डीएम से अभद्र टिप्पणी मामले में हुई सज़ा*

रामपुर-समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां को जिलाधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में शनिवार को न्यायालय ने दो साल के कारावास की सजा सुनाई है।
आजम खां के खिलाफ अब तक 16 मुकदमों में फैसला आ चुका है। उन्हें आठ मामलों में सजा मिल चुकी है, जबकि आठ मुकदमों में वह बरी हुए हैं।शनिवार को जिस मामले में फैसला आया है, वह वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का है।
आजम खां पहली बार लोकसभा चुनाव लड़े थे। तब सपा और बसपा का गठबंधन था। रामपुर लोकसभा सीट सपा को मिली थी। चुनाव प्रचार के दौरान आजम खां ने कई बार विवादित बयानबाजी की थी। उनके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में कई मुकदमे आचार संहिता उल्लंघन के दर्ज हुए थे। चुनाव आयोग ने उनके प्रचार पर भी रोक लगा दी थी।
इनमें ही एक मुकदमा थाना भोट में दर्ज हुआ था। आजम खां का एक वीडियो प्रसारित हुआ था, जिसमें वह वाहन पर खड़े होकर माइक से बोल रहे थे और लोग उनके वाहन के चारों ओर खड़े उन्हें सुन रहे थे। उन्होंने कहा था कि डटे रहो। यह कलक्टर पलक्टर से मत डरियो। यह तनखइया हैं। तनखइयों से नहीं डरते हैं।
देखे हैं मायावती जी के फोटो। कैसे बड़े-बड़े अफसर रुमाल निकालकर जूते साफ करते हैं। उन्हीं से गठबंधन है। उनके ही जूते साफ कराऊंगा इनसे अल्लाह ने चाहा। उस समय रामपुर में जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह थे,जो वर्तमान में मंडलायुक्त हैं।
पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही थी। ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी राकेश मौर्य ने बताया कि न्यायालय ने आजम खां को दोषी मानते हुए दो साल के कारावास की सजा सुनाई है।
सपा नेता आजम खां अपने बेटे अब्दुल्ला के साथ पहले से जेल में बंद हैं। दोनों को 17 नवंबर 2025 को इसी न्यायालय से दो पैन कार्ड मामले में सात-सात साल के कारावास की सजा हुई थी।
आजम खां को डीएम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के जिस मामले में दो साल की सजा हुई है, उससे अधिक अवधि वह जेल में पहले ही बिता चुके हैं।
18 अक्टूबर 2023 को दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने ही आजम खां, उनकी पत्नी पूर्व सांसद डा. तंजीम फात्मा और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई थी।

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धरणगाव (प्रतिनिधी, मयूर कासार):
शाळेच्या पवित्र मंदिरात ज्ञानदानाचे काम करणाऱ्या एका शिक्षकानेच चिमुरड्या बालिकेवर अत्याचार केल्याची अत्यंत धक्कादायक आणि संतापजनक घटना धरणगाव तालुक्यात उघडकीस आली आहे. गेल्या दोन वर्षांपासून सुरू असलेल्या या अमानुष छळाला वाचा फुटल्यानंतर, धरणगाव पोलिसांनी संशयित आरोपी शिक्षक नंदलाल मराठे याला तात्काळ गजाआड केले आहे. या विकृत कृत्यामुळे संपूर्ण तालुक्यातून तीव्र संताप व्यक्त होत असून आरोपीला कठोर शिक्षा करण्याची मागणी होत आहे.
वर्गात एकटे बोलावून अत्याचार
मिळालेल्या माहितीनुसार, संशयित शिक्षक नंदलाल मराठे हा गेल्या दोन वर्षांपासून (जून २०२४ ते एप्रिल २०२६ दरम्यान) पीडित बालिकेचा छळ करत होता. शाळेच्या वेळेत तो पीडित मुलीला वर्गात एकटे बोलवायचा आणि मोबाईलवर अश्लील व्हिडिओ दाखवून तिच्यावर अत्याचार करायचा. हे कृत्य कोणाला सांगितल्यास तुझ्या आई-वडिलांना मारून टाकीन, अशी धमकी तो चिमुरडीला देत असल्याने पीडित मुलगी कमालीच्या दहशतीखाली होती.
सुट्ट्यांमध्ये नातेवाइकांकडे गेल्यावर फुटला वाचा
एप्रिल महिन्यात शाळेला उन्हाळ्याच्या सुट्ट्या लागल्यानंतर पीडित बालिका तिच्या नातेवाइकांकडे गेली होती. तिथे काहीशा सुरक्षित आणि मोकळ्या वातावरणात आल्यावर तिने तिच्यासोबत घडलेला हा धक्कादायक आणि अमानुष प्रकार नातेवाइकांना सांगितला. मुलीची ही आपबिती ऐकून नातेवाइकांना प्रचंड धक्का बसला. त्यांनी तात्काळ मुलीच्या आईशी संपर्क साधून घडलेला सर्व प्रकार कानावर घातला.
नराधम शिक्षकाला तात्काळ अटक
या घटनेची माहिती मिळताच बालिकेच्या आईने तात्काळ धरणगाव पोलीस ठाणे गाठून नराधम शिक्षकाविरुद्ध तक्रार दिली. पोलिसांनी घटनेचे गांभीर्य ओळखून पीडितेच्या आईच्या तक्रारीवरून गुन्हा दाखल केला असून, संशयित आरोपी शिक्षक नंदलाल मराठे याला तात्काळ अटक केली आहे.
या घटनेमुळे धरणगाव तालुक्यात तीव्र संताप व्यक्त होत असून, समाजात शिक्षकी पेशाला काळिमा फासणाऱ्या अशा विकृत मानसिकतेच्या शिक्षकाला कठोरात कठोर आणि फाशीची शिक्षा व्हावी, अशी मागणी सर्व स्तरातून आणि सुजाण नागरिकांमधून केली जात आहे.

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AIMA న్యూస్ బ్యూరో..గత 15 ఏళ్లుగా ప్రజాక్షేత్రంలో ఉంటూ, ఎన్నో ఒడిదొడుకులు ఎదుర్కొని పార్టీని నిలబెట్టిన జనసేనాని. ఈసారి తన కార్యకర్తల ఆత్మగౌరవం విషయంలో అస్సలు తగ్గకూడదని నిర్ణయించుకున్నట్టు స్పష్టమవుతోంది. కూటమి ప్రభుత్వంలో లేదా పొత్తులలో జనసేన కార్యకర్తలకు తగిన గుర్తింపు, న్యాయం జరగడం లేదనే అసంతృప్తి క్షేత్రస్థాయిలో ఉందనే విషయాన్ని ఆయన గమనించారు.నా కార్యకర్తలకు, నమ్ముకున్న సైనికులకు అన్యాయం జరిగితే. ఒంటరిగా అయినా సరే బరిలోకి దిగుతాం. అని పవన్ ప్రకటించడం వెనుక మిత్రపక్షాలకు గట్టి హెచ్చరిక దాగి ఉంది. భాగస్వామ్య పక్షాలు జనసేనను తక్కువగా అంచనా వేస్తే, తాము ఏ క్షణంలోనైనా సొంత పంథాలో వెళ్లడానికి వెనుకాడబోమని ఆయన తేల్చి చెప్పారు. మొన్న మంగళగిరిలో జనసేన ఉద్యమి ఆత్మీయ సమావేశంలో జనసేన అధినేత, రాష్ట్ర ఉపముఖ్యమంత్రి పవన్ కళ్యాణ్ మాట్లాడుతూ పొత్తుల కంటే తనకు తనను నమ్ముకున్న సైనికులే ముఖ్యమని ఈ వ్యాఖ్యల ద్వారా నిరూపించారు. జై అమరావతి కాదు. జై ఆంధ్ర అనాలి ప్రాంతీయ సమగ్రత వ్యూహం.పవన్ కళ్యాణ్ నోటి నుంచి వచ్చిన అత్యంత కీలకమైన మరియు చర్చనీయాంశమైన వ్యాఖ్య అమరావతి కాదు, జై ఆంధ్ర అనాలి.రాజధానిగా అమరావతిని సమర్థిస్తూనే, ఆయన ఈ సరికొత్త నినాదాన్ని ఎత్తుకోవడం వెనుక ఒక లోతైన రాజకీయ వ్యూహం ఉంది.అమరావతి అనేది కేవలం ఒక ప్రాంతానికి లేదా ఒక నిర్దిష్ట వర్గానికి పరిమితమైన అంశంగా మార్చేందుకు కొందరు ప్రయత్నిస్తున్నారు. దీనివల్ల రాయలసీమ, ఉత్తరాంధ్ర ప్రజల్లో ఒక రకమైన దూరం పెరుగుతోందనే భావన రాజకీయ వర్గాల్లో ఉంది. పవన్ కళ్యాణ్ "జై ఆంధ్ర" అనడం ద్వారా. రాజధానితో పాటు ఉత్తరాంధ్ర వెనుకబాటుతనం, రాయలసీమ నీటి సమస్యలు, కోస్తా తీరప్రాంతాల అభివృద్ధి ఇలా సమగ్ర ఆంధ్రప్రదేశ్ సెంటిమెంట్ను తెరపైకి తెచ్చారు. ఒకే ప్రాంతం చుట్టూ రాజకీయం తిరగడం కాకుండా, రాష్ట్రంలోని 26 జిల్లాల ప్రజలందరినీ ఏకం చేయడమే ఆయన అంతర్గత ఉద్దేశం. తాము కేవలం ఒక ప్రాంత ప్రయోజనాల కోసం పని చేయడం లేదని, మొత్తం ఆంధ్ర రాష్ట్ర ప్రయోజనాలే తమకు ముఖ్యమని చెప్పడమే దీని వెనుక ఉన్న అసలు రహస్యం.
మంగళగిరి సభతో పవన్ కళ్యాణ్ తన పొలిటికల్ గేర్ను పూర్తిగా మార్చేశారు. ఇకపై జనసేన ఎవరి వద్దా లొంగి ఉండే ప్రసక్తే లేదనే సంకేతాన్ని స్పష్టంగా ఇచ్చారు.కూటమిలో పెద్దన్న పాత్ర పోషిస్తున్న పార్టీలకు తలొగ్గే ప్రసక్తే లేదని, సీట్ల కేటాయింపులో గానీ, ప్రభుత్వ నిర్ణయాల్లో గానీ జనసేనకు సమాన ప్రాధాన్యత ఉండాలని డిమాండ్ చేయడమే ఈ మార్పుకు కారణం.ఒకవేళ పొత్తులు వికటించినా, ఒంటరిగా ప్రజాక్షేత్రంలోకి వెళ్లి మెజారిటీ సాధించగలమనే ధీమాను కార్యకర్తల్లో నింపేందుకే ఈ వ్యూహాత్మక అడుగు పడింది.మొత్తానికి పవన్ కళ్యాణ్ మారిన స్వరం కూటమి రాజకీయాల్లో పెను భూకంపాన్ని సృష్టిస్తోంది. జై ఆంధ్ర. అనే నినాదం ద్వారా రాష్ట్రవ్యాప్తంగా ఉన్న అన్ని వర్గాలను, ప్రాంతాలను ఏకం చేస్తూనే. కార్యకర్తల రక్షణ కోసం ఎంతటి త్యాగానికైనా, ఒంటరి పోరాటానికైనా సిద్ధమని పవన్ ప్రకటించడం ఆయన రాజకీయ పరిణతికి, భవిష్యత్తు ముందస్తు వ్యూహానికి నిదర్శనంగా నిలుస్తోంది. రాబోయే రోజుల్లో ఈ వ్యాఖ్యలు ఎలాంటి రాజకీయ సంచలనాలకు దారితీస్తాయో చూడాలి.

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आशुतोष वर्मा, डिजिटल रिपोर्टर,
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लखनऊ: गाजीपुर थाना क्षेत्र के आरावली मार्ग पर एसबीडी चौराहे के पास शनिवार दोपहर करीब 4:30 बजे तेज रफ्तार टाटा पंच कार ने कई लोगों को टक्कर मार दी। कार इंदिरा नगर के टाटा गोल्डरश शोरूम की थी और इसे महिला कर्मचारी सुषमा सुनहार चला रही थी। कार बेकाबू होकर करीब 100 मीटर तक लोगों को टक्कर मारती रही और फिर दूसरी लेन में जाकर स्कॉर्पियो को टक्कर मार कर रुकी। इस हादसे में एक दंपती रोहन-रीमा और उनका तीन साल का बच्चा अदविक गंभीर रूप से घायल हो गए।

कार में दो पुरुष कर्मचारी भी थे जो घटना के बाद मौके से फरार हो गए। पुलिस ने महिला चालक सुषमा से पूछताछ की है। घटना में छह दोपहिया और दो चारपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। भूतनाथ के आशिष वर्मा और बिजनौर के अविनाश पांडे सहित कई प्रत्यक्षदर्शियों ने हादसे का वर्णन किया और बताया कि तेज रफ्तार कार ने कई वाहन और राहगीरों को टक्कर मारी।

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गर्मियों में भी पानी उपलब्ध रहे ऐसे बनाएं अमृत सरोवर - कलेक्टर

कलेक्टर ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग की योजनाओं की समीक्षा की

जल गंगा संवर्धन अभियान के खेत तालाब, मां की बगिया, निर्माण कार्यों पर रहा फोकस

कलेक्टर भिण्ड की अध्यक्षता में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भिण्ड, समस्त सीईओ जनपद पंचायतों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों पर गहन समीक्षा की और पूर्ण तथा अपूर्ण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।
विशेष रूप से जल गंगा संवर्धन अभियान 2025-26 और 2026-27 के तहत चल रहे खेत तालाब निर्माण पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि विसंगतियों को दूर कर आपसी सामंजस्य बनाकर कार्य करने निर्देश दिए।
नरेगा अंतर्गत जो कार्य पेंडिंग हैं उन्हें इसी महीने पूरा करने निर्देश दिए। साथ ही मां की बगिया योजना के पूर्ण-अपूर्ण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि स्व सहायता समूह से पौधे तैयार करवाकर उनसे खरीदा जाए।
कलेक्टर ने एक बगिया मां के नाम अभियान अंतर्गत शत प्रतिशत कार्य बारिश से पहले पूर्ण करने निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर जो बन रहे हैं उन्हें ऐसा बनाया जाए जिसमें गर्मी के मौसम में पानी उपलब्ध होना चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का चयन कर उन्हें लाभ प्रदान किया जाए। साथ ही जो आवास स्वीकृत हुए हैं उन्हें स्टेप बाई स्टेप पूर्ण होने पर जांच कर राशि प्रदान किए जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देशित किया कि डोंगल और लॉगिन आईडी जिन अधिकारी/कर्मचारियों को प्रदान की गई है, वे यदि किसी दूसरे व्यक्ति से कार्य करवा रहे हैं तो कोई गलती होने पर जिनको प्रदान की गई, वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत पर सभी सचिवों की उपस्थिति अनिवार्य है और सीईओ जनपद जांच करें कि यदि कोई सचिव अनुपस्थित है तो उनके विरूद्ध कार्रवाई करें।
कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर पूर्ण हो चुके कार्यों की संख्या, गुणवत्ता और समयबद्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि काम की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सीईओ जनपद दूसरों पर निर्भर नहीं रहें स्वयं जाकर कार्य को देखें। यदि सभी अधिकारी मौके पर जाएंगे तो काम अपने आप अच्छा होगा।
#CMMadhyaPradesh
#JansamparkMP
Department Of Revenue, Madhya Pradesh
Panchayat, Rural Development and Social Welfare Department of Madhya Pradesh
#भिण्ड
#Bhind

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ಬೆಂಗಳೂರು: ಶಿವರಾಜ್ ಕುಮಾರ್ ಅವರ 'ಬೇಲ್' ಚಿತ್ರಕ್ಕೆ ಹೊಸ ಫಸ್ಟ್ ಟೀಸರ್ ಬಿಡುಗಡೆ ಆಗಿದೆ. ಈ ಚಿತ್ರವು ಕಾಲ್ಪನಿಕ ಕಥೆ ಅಲ್ಲ, ನಿಜವಾದ ಘಟನೆಗಳನ್ನು ಆಧರಿಸಿದೆ ಎಂದು ತಿಳಿಸಲಾಗಿದೆ. ಶಿವಣ್ಣನ ಪಾತ್ರದ ಹೆಸರು ವಿಜಿ ಎಂದು ತೋರಿಸಲಾಗಿದೆ ಮತ್ತು ಅವರ ಪಾತ್ರದಲ್ಲಿ ಧೈರ್ಯ ಮತ್ತು ಸ್ವಭಾವದ ವಿಶೇಷತೆಗಳನ್ನು ಕಾಣಬಹುದು. ರಾಬರ್ಟ್ ಎಂಬ ಪಾತ್ರದ ಜೊತೆಗಿನ ಸಂವಾದದಿಂದ ಕಥೆಯ ಪ್ರಮುಖ ಅಂಶಗಳು ಬಹಿರಂಗವಾಗುತ್ತವೆ.

ಈ ಚಿತ್ರದ ನಿರ್ದೇಶನ ಪವನ್ ಒಡೆಯರ್ ಕೈಲಾಗಿದ್ದು, ಅವರ ಕನಸು ಶಿವಣ್ಣನೊಂದಿಗೆ ಕೆಲಸ ಮಾಡುವುದು ಈ ಮೂಲಕ ಸाकारವಾಗಿದೆ. ಶಿವಣ್ಣನ ಜೊತೆ ಒಂದು ವಿಶೇಷ ಡಾಗ್ ಪಾತ್ರವೂ ಇದೆ. ಮಲೆಯಾಳಂ ನಟ ಜಯರಾಮ್, ಸಾಯಿ ಕುಮಾರ್ ಮತ್ತು ಇತರರು ಚಿತ್ರದಲ್ಲಿ ಕಾಣಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತಾರೆ. ಸಂಗೀತ ಅಜನೀಶ್ ಲೋಕನಾಥ್ ನೀಡಿದ್ದು, ವೈದ್ಯ ಎಸ್. ಕ್ಯಾಮರಾವರ್ಕ್ ಈ ಚಿತ್ರಕ್ಕೆ ಕ್ಯಾಮರಾವರ್ಕ್ ಮಾಡಿದ್ದಾರೆ. 'ಬೇಲ್' ಚಿತ್ರ ವರಮಹಾಲಕ್ಷ್ಮಿ ಹಬ್ಬಕ್ಕೆ ಬಿಡುಗಡೆ ಆಗಲಿದೆ ಎಂದು ಟೀಸರ್ ಕೊನೆಯಲ್ಲಿ ತಿಳಿಸಲಾಗಿದೆ.

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बदायूं 17मई थाना वजीरगंज गांव बीरमपुर के दंपति दलित जाटव समाज के 14 वर्ष की बेटी सैनकी एक माह से पुलिस वजीरगंज नहीं खोज पाई तो मां पिता 14 मई मालवीय आवास गृह में धरने पर बैठ गए कितनी संवेदनहीन पुलिस है तीन दिन बीत जाने के बाद भी किसी आला अफसर ने भी शुध नहीं ली मां गीता देवी का बुरा हाल है वे सुध होकर पड़ी रहती है खाना पीना जीने के लिएखा रही है अपनी बेटी की याद में गरीब मजदूर बच्चों को छोड़कर प्रशासन से आस लगाए बैठे थे लड़की के लिए परंतु प्रशासन की नाक के नीचे तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन अपनी पुलिस शैली पर डटा हुआ है लड़की को जमीन लील गई या आसमान में उड़ गई यह पता नहीं लग रहा है 14 अप्रैल से गायब लडकी को नहीं ढूंढ पाई पुलिस माता-पिता की दशा निरंतर खराब हो रही है छोटे-छोटे बच्चों को छोड़कर मजदूर पिता और मां तीन दिन से लगातार आंखें प्रशासन की तरफ आंखें देख रही है की आला अफसर अच्छे दिल के होते हैं वह मेरी बात सुनेंगे और मेरी बेटी को खोज निकलेंगे यह सुना दीवारों तक की ट्रैकों और बसों पर भी लिखा हुआ पड़ा बेटी बचाओ नारे आज बेरंग लग रहे हैं मेरी बेटी नहीं खोज पाई एक माह में पुलिस अब मैं इस दुनिया में जिंदा रहने का हकदार नहीं हूं मेरी बेटी को तीन दिन के अंदर नहीं खोजा गया तो मैं पति-पत्नी भूख प्यास यही प्राण त्याग दूंगा घर वापसी नहीं जाऊंगा बेटी लेकर ही जाऊंगा आखिर पुलिस का काम क्या है उन दरिंदों के पास तक नहीं पहुंच पाई है पिता लाचार बदाम सिंह ने आज रोते हुए बताया जिसका बच्चा एक महीने तक नहीं मिलता है तो फिर उसका हाल क्या होता है आज लाचार हूं गरीब हूं मजदूर हूं मजलूम मेरी पुकार को कोई नहीं सुन रहा है दुनिया भी कैसी है ना कोई अब दलित प्रेमी है ना कोई दलित पार्टी का नेता है ना दलित को अपनाने वाले राजनेताओं में कोई है मेरी फरियाद कोई नहीं सुन रहा है मैंने किसान नेता राजेश कुमार सक्सेना से संपर्क किया है वह खेतों में है उन्होंने कहा है शीघ्र तुम्हारी आवाज को उठाया जाएगा लड़की हर हालत में बरामद की जाएगी आखिर प्रशासन में ऐसी निष्क्रियता क्यों दिखाई है आंदोलन को तेज करूंगा मैं सोमवार को धरना स्थल पर पहुंचूंगा अब मेरे संज्ञान में यह प्रकरण आ गया है दलित समाज की बातें सब करते हैं परंतु इस दलित बेसरा मजदूर की तीन दिन तक बात ना सुनना शर्म की बात ह। संवाददाता राहुल बदायूं उत्तर प्रदेश

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*ब्रेकिंग न्यूज़*

लखनऊ-प्रदेश के सभी 52 निजी विश्वविद्यालयों की जांच शुरू होगी!!

निजी विश्वविद्यालयों की जांच के लिए 11 समितियां गठित मंडलायुक्तों की अध्यक्षता में गठित की गई जांच समितियां!!

एक माह में जांच रिपोर्ट सौंपेंगी सभी समितियां शैक्षणिक गुणवत्ता और सुविधाओं की होगी पड़ताल!!

मानकों में कमी मिलने पर विश्वविद्यालयों पर कार्रवाई संभव स्थलीय निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच करेंगी समितियां!!

निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत जांच करेगी परिषद!!

शिक्षकों की नियुक्ति और वेतनमान की होगी जांच!!

यूजीसी मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों की होगी पड़ताल!!

प्रवेश प्रक्रिया और विदेशी छात्रों के दाखिले की जांच!!

शिकायत निवारण प्रणाली और अकादमिक कैलेंडर पर फोकस!!

आगरा में 9, लखनऊ और मुरादाबाद में 6-6 विश्वविद्यालय जांच के दायरे में!!

प्रदेश के 11 मंडलों के निजी विश्वविद्यालयों की होगी जांच!!

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*आयुष्मान योजना में गड़बड़ी पर निजी अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई*

*प्रदेश के करीब 200 निजी अस्पतालों पर सरकार का शिकंजा*

*आयुष्मान योजना के 100 अस्पतालों का भुगतान रोका गया*

*करीब 100 निजी अस्पताल योजना से निलंबित किए गए*

लखनऊ-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हुई बड़ी कार्रवाई।
तय मानकों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों पर एक्शन।
HEM 2.0 पोर्टल पर प्रक्रिया पूरी न करने पर कार्रवाई।
कई बार मौका देने के बाद भी अस्पताल नहीं कर सके अनुपालन।
स्वास्थ्य एजेंसी ने ई-मेल, कॉल और बैठकों से दिया था सहयोग।
95 प्रतिशत से अधिक अस्पताल HEM 2.0 पर सफलतापूर्वक माइग्रेट।
35 अनिवार्य मानकों का पालन न करने पर अस्पतालों पर गाज।
फायर NOC और रजिस्ट्रेशन समेत कई दस्तावेजों में मिली कमी।
चिकित्सकीय योग्यता और इंफ्रास्ट्रक्चर मानकों में भी लापरवाही।
मरीजों को बेहतर और पारदर्शी इलाज देने के लिए सरकार सख्त।
आयुष्मान भारत योजना में गुणवत्ता से समझौता नहीं: सरकार

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आशुतोष वर्मा, डिजिटल रिपोर्टर,
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बाराबंकी जिले के कोतवाली हैदरगढ़ क्षेत्र के भिखरा गांव में शनिवार देर शाम एक 11 वर्षीय बालक शिवम की तालाब में डूबने से मृत्यु हो गई। शिवम, जो रामशरण के पुत्र थे, शाम लगभग 4 बजे गांव के अन्य बच्चों के साथ खेलने निकले थे। खेलते-खेलते बच्चे गाँव के बाहर स्थित तालाब के पास पहुंचे जहाँ वे नहाने लगे। इसी दौरान शिवम गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।

बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे और बालक को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन उसकी हालत गंभीर थी। तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचित कर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ ले जाया गया, जहां शाम 6:15 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक व्याप्त है।

कोतवाली प्रभारी अनिल पांडे ने बताया कि अभी तक थाने में किसी सूचना की प्राप्ति नहीं हुई है, सूचना मिलने पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के कारण बच्चे अक्सर तालाबों और नहरों में नहाने जाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

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बेंगलुरू(दलपतसिंह भायल)वी. सोमन्ना की उपस्थिति में रेलवे एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विकास कार्यों, रेल परियोजनाओं तथा यात्री सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर अजय शर्मा, महेश्वर राव तथा आशुतोष कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान रेलवे अधोसंरचना के विकास, निर्माण कार्यों की प्रगति तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में अधिकारियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना ने संबंधित अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने एवं जनहित को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की। बैठक में क्षेत्रीय विकास और रेलवे सेवाओं के विस्तार को लेकर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।

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पखांजूर/गढ़चिरौली। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। गढ़चिरौली पुलिस और CRPF द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए ऑपरेशन अंतिम प्रहार के दौरान 8 हार्डकोर माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार नक्सलियों में 2 डीवीसीएम और 2 पीपीसीएम स्तर के सक्रिय सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार नक्सलियों पर महाराष्ट्र शासन द्वारा कुल 64 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। सुरक्षा बलों ने आरोपियों के कब्जे से AK-47, SLR, INSAS और LMG समेत कुल 51 हथियार बरामद किए हैं। इसके अलावा भारी मात्रा में गोला-बारूद और करीब 65 लाख रुपए नकद भी जब्त किया गया है।

जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार नक्सली 7 फरवरी 2026 को फोदेवाड़ा जंगल में हुई मुठभेड़ में एक जवान की हत्या की घटना में भी शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने इसे नक्सल उन्मूलन अभियान में बड़ी उपलब्धि बताया है।

5 वरिष्ठ नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

इधर गढ़चिरौली जिले में ही नक्सल विरोधी अभियान के तहत 5 वरिष्ठ माओवादियों ने पुलिस और CRPF के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 1 डीवीसीएम, 1 पीपीसीएम, 1 एसीएम स्तर का नक्सली तथा 2 अन्य सदस्य शामिल हैं।

इन सभी नक्सलियों पर महाराष्ट्र शासन द्वारा कुल 38 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चलाए जा रहे अभियान के कारण कई नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

गढ़चिरौली पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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शनिचरी अमावस्या पर शनिधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, लगभग 7 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की

सुरक्षा और व्यवस्थाओं के रहे व्यापक एवं सुदृढ़ प्रबंध

जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी पूरी रात रहे मुस्तैद

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने मध्यरात्रि में किया तेलाभिषेक

शनिचरी अमावस्या के पावन अवसर पर शनिवार को मुरैना जिले के ग्राम ऐंती स्थित प्राचीन शनिधाम मंदिर में विशाल मेले का सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन सम्पन्न हुआ। कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियाँ की गई थीं। प्रशासन ने लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की थीं।

मेले में मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए लगभग 7 लाख श्रद्धालुओं ने भगवान श्री शनिदेव के दर्शन कर सुख, समृद्धि एवं शांति की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा सुनियोजित एवं समुचित व्यवस्थाएँ की गईं।

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ एवं पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा ने रात्रि 12 बजे शनिधाम मंदिर पहुँचकर विधिवत तेलाभिषेक किया, जिसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के द्वार खोले गए।

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारी लगातार मेले की व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग करते रहे। भीषण गर्मी को देखते हुए विभिन्न पॉइंट्स पर कूलर की व्यवस्था की गई, जिससे वातावरण को शीतल बनाए रखा जा सके। श्रद्धालुओं को शीतल पेयजल उपलब्ध कराने हेतु विभिन्न स्थानों पर विशेष प्रबंध किए गए।

पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में सुरक्षा के व्यापक एवं सख्त इंतजाम किए गए। दो पालियों में लगभग 660 पुलिसकर्मियों तथा राजस्व विभाग के लगभग 700 कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।

मेले को 7 सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर में सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए। सभी कार्यपालिक दण्डाधिकारी, जिला अधिकारी एवं समाजसेवी मेला स्थल पर उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं का संचालन करते रहे। स्काउट एवं गाइड दल द्वारा बुजुर्ग श्रद्धालुओं को दर्शन कराने तथा सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने में सराहनीय सहयोग प्रदान किया गया।

मेले के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत सहित समस्त एसडीओपी, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं मैदानी कर्मचारी सक्रिय रूप से व्यवस्थाओं में जुटे रहे।

विशेष व्यवस्थाएँ

स्नानागार की सुविधा

श्रद्धालुओं के लिए महिला एवं पुरुषों हेतु पृथक-पृथक स्नानागार बनाए गए, जिससे स्नान व्यवस्था सुगम एवं व्यवस्थित रही।

नाई ज़ोन की व्यवस्था

प्रशासन द्वारा स्थापित नाई ज़ोन में लगभग 300 नाइयों की व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा प्राप्त हुई।

फायर ब्रिगेड की तैनाती

संभावित अग्निकांडों की रोकथाम के लिए विभिन्न स्थानों पर फायर ब्रिगेड की तैनाती सुनिश्चित की गई।

भण्डारों की सेवा

मेले में श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्थानों पर प्रसादी भण्डारों का आयोजन किया गया। सिरसा द्वारा लगातार 49वें वर्ष भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं, पुलिस बल एवं मेला व्यवस्था में लगे कर्मचारियों ने प्रसादी ग्रहण की।

दर्शन मार्ग में अनुशासन

महिलाओं एवं पुरुषों के लिए पृथक दर्शन मार्ग निर्धारित किए गए, जिससे भीड़ नियंत्रण एवं सुचारु दर्शन व्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिली।

अन्य आवश्यक सुविधाएँ

मेले में पेयजल, अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस, चिकित्सक, सुरक्षा गार्ड, मार्गदर्शक एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निरंतर सेवाएँ प्रदान की गईं।

इस प्रकार शनिधाम मेला श्रद्धा, सेवा, सुरक्षा एवं प्रशासनिक समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बनते हुए शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
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आमस से दीपक की report:-
पटना के फतुहा प्रखंड कार्यालय परिसर में वट सावित्री पूजा के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पूजा स्थल पर मौजूद एक प्राचीन बरगद के पेड़ में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और वहां मौजूद महिलाओं में चीख-पुकार मच गई।

बताया जा रहा है कि वट सावित्री व्रत के अवसर पर बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाएं बरगद के पेड़ के नीचे पूजा-अर्चना कर रही थीं। इसी दौरान पूजा में जलाए गए घी के दीये की लौ पेड़ पर लपेटे गए सूखे कच्चे सूत (धागे) के संपर्क में आ गई, जिससे आग भड़क उठी। धागों की अधिक संख्या होने के कारण आग तेजी से फैलने लगी।

आग की ऊंची लपटें देखकर महिलाएं अपनी पूजा सामग्री छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगीं। घटना के बाद कुछ देर तक पूरे परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बनी रही। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

स्थानीय लोगों और मौजूद युवकों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए पानी डालकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक बरगद के पेड़ का निचला हिस्सा और पूजा सामग्री जलकर राख हो चुकी थी। प्रशासन ने लोगों से पूजा के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।

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Kolkata Knight Riders की Indian Premier League 2026 कहानी में... एक अजीब सा विरोधाभास खड़ा है। एक तरफ Finn Allen हैं... Kiwi Power-Hitter, जिनका bat boundary line को जैसे बार-बार चुनौती देता है। और दूसरी तरफ KKR की opening numbers हैं... जो scoreboard पर सच बोलते हैं, बिना किसी makeup के। इस season में KKR openers ने मिलकर सिर्फ 587 runs बनाए हैं, average 26.68 के साथ... और यह पूरे tournament में सबसे कम tally है। Gujarat Titans के openers 1123 runs तक पहुँच चुके हैं, यानी KKR का opening return लगभग आधे पर अटका हुआ है। कहानी यहीं खत्म नहीं होती। जब Finn Allen के May comeback के बाद के runs हटाए जाते हैं, तो तस्वीर और भी सख्त हो जाती है: 347 runs, average 18.26, strike rate 140.5. यानी Allen की चमक ने problem को पूरी तरह solve नहीं किया... बस spotlight को थोड़ा नरम कर दिया है। KKR को 2024 में Phil Salt और Sunil Narine की explosive opening pair ने champion जैसी energy दी थी। लेकिन Phil Salt के जाने के बाद 2025 में भी top-order struggle जारी रहा, और 2026 में भी वही पुराना सवाल फिर सामने है: शुरुआत कौन देगा? Tim Seifert को भी मौका मिला, जिनका recent Twenty Twenty record impressive रहा है। January 2025 से Indian Premier League 2026 start तक Seifert ने 2197 Twenty Twenty runs बनाए, strike rate 149.96 के साथ। Finn Allen ने उसी timeframe में 1655 runs बनाए, लेकिन strike rate 196.32 के साथ... यानी impact ज्यादा तेज, ज्यादा explosive। KKR ने पहले Allen को prefer किया, फिर winless run और Allen के underwhelming phase के बाद Seifert को लाया, लेकिन तीन innings में सिर्फ 19 runs और दो ducks ने plan को हिला दिया। Sunil Narine को भी Chennai में Allen के साथ opening partner के रूप में try किया गया, पर स्थिर जवाब फिर भी नहीं मिला। फिर Finn Allen वापस आए... और उन्होंने कम से कम अपने end से efficiency दिखाई। June 2025 से Twenty Twenty cricket में, जिन batters ने कम से कम 100 balls face की हैं, उनमें Allen strike rate में top पर हैं। Boundary percentage में सिर्फ Abhishek Sharma और Ishan Kishan उनसे आगे हैं। Maximums की बात हो, तो Allen ने जैसे हर छठी ball पर आसमान को target बनाया है। बाकी openers collectively हर 17 balls में एक six लगाते हैं। यह अंतर छोटा नहीं है... यह पूरा attacking DNA बदल देता है। January 2025 से Allen ने 58 innings में 1976 runs बनाए हैं, strike rate 200 के साथ। Set होने के बाद वह pace और spin दोनों के खिलाफ game को तेज कर सकते हैं। यही चीज KKR के लिए और भी जरूरी बनती है, क्योंकि Ajinkya Rahane और Angkrish Raghuvanshi के strike rate concerns middle overs में pressure बनाते हैं। Rahane का Indian Premier League 2026 strike rate 130.72 बताया गया है, जो qualifying batters में तीसरा सबसे कम है। Spin के खिलाफ 2023 से उनका Indian Premier League strike rate 122.46 है। Raghuvanshi भी spin और pace दोनों के खिलाफ top-tier pace से थोड़ा पीछे दिखे हैं। Against Sunrisers Hyderabad, Finn Allen ने Pat Cummins पर जो attack किया, उसने 166-run chase में KKR को headstart दिया... और उसी वजह से Rahane और Raghuvanshi relatively slow scoring के बावजूद chase structure में टिक पाए। अब सवाल यह है कि क्या Finn Allen अकेले KKR की opening story को बदल सकते हैं? शायद हाँ... लेकिन पूरी तरह नहीं। क्योंकि एक explosive batter problem को cover कर सकता है, मिटा नहीं सकता। KKR अभी playoff race में somehow alive हैं, और tournament में अभी 10 games बाकी बताए गए हैं। अगर season हाथ से निकल भी जाए, तो भी KKR को कम से कम एक जवाब मिल सकता है: Finn Allen upfront fit दिखते हैं। मगर opening combination, partnership stability, और top-order rhythm अभी भी incomplete puzzle हैं। यह कहानी सिर्फ numbers की नहीं है... यह उस टीम की है जो एक match-winner पा चुकी है, लेकिन अब भी एक भरोसेमंद start खोज रही है। आप सुन रहे थे Guru News Network, powered by द गुरु ज्ञान। Cricket की सबसे साफ, तेज और भरोसेमंद stories के लिए द गुरु ज्ञान के साथ जुड़े रहें... क्योंकि यहाँ cricket news सिर्फ update नहीं होती, उसे समझाया भी जाता है... महसूस भी कराया जाता है... और थोड़ा सा smarter बना दिया जाता है।

Kolkata Knight Riders are living inside one of the sharper contradictions of Indian Premier League 2026. On one side stands Finn Allen, the Kiwi Power-Hitter, a batter capable of turning a quiet chase into a fielding-side emergency with a handful of clean, violent swings. On the other side sits a number that refuses to flatter anyone: KKR openers have collectively scored only 587 runs at an average of 26.68 this season. That is the lowest opening tally in the tournament, and almost half of Gujarat Titans' 1123. It is the kind of number that does not shout, but still somehow ruins the room. Allen's return to the eleven in May has given KKR oxygen, but it has not fully cured the top-order illness. Remove his comeback numbers, and KKR's opening returns shrink to 347 runs at 18.26, with a strike rate of 140.5. That tells the real story. Allen has not merely contributed. He has prevented the opening narrative from looking even more fragile. The contrast becomes even clearer when placed against KKR's champion run in 2024, when Phil Salt and Sunil Narine gave the side a powerful, fearless opening identity. Once Salt moved on, KKR struggled to recreate that authority in 2025, and the same uncertainty has followed them into 2026. The current opening partnership average of 24.33 ranks last among the ten teams, while the corresponding secondary number of 10.18 sits sixth. Translation, in cricket language: starts have neither been consistent nor secure enough. KKR had options. Tim Seifert came with a strong Twenty Twenty body of work, having scored 2197 runs between January 2025 and the start of Indian Premier League 2026 at a strike rate of 149.96. Allen, in that same window, had 1655 runs at a far more destructive strike rate of 196.32. KKR began with Allen, moved away after a winless stretch and his quiet phase, then tried Seifert, who could manage only 19 runs across three innings, including two ducks. Sunil Narine was also used as Allen's partner in Chennai earlier in the campaign. The search, clearly, has been restless. But Allen's skill set still makes the strongest argument. Since June 2025, among batters who have faced at least 100 balls in Twenty Twenty cricket, Allen owns the highest strike rate. His boundary percentage is bettered only by Abhishek Sharma and Ishan Kishan. No one in that group has hit more sixes. Allen has struck a maximum once every six balls, while openers collectively in the same period have managed one every 17 balls. That difference is not cosmetic. It changes the geometry of a match. It pushes fielders back. It shortens chases. It gives middle-order batters room to breathe. Since January 2025, Allen has made 1976 runs from 58 innings at a strike rate of 200. Once set, he is dangerous against both pace and spin, which matters deeply in this KKR setup. Ajinkya Rahane and Angkrish Raghuvanshi have not matched that tempo. Among 52 batters to face at least 100 balls in Indian Premier League 2026, 17 have struck under 150, and Rahane's 130.72 is the third-lowest. Rahane's Indian Premier League strike rate against spin since 2023 is 122.46, compared with 160.08 against pace. Raghuvanshi's corresponding numbers are 134.9 and 153.25. Allen, on his day, can cover that gap with brute tempo. Against Sunrisers Hyderabad, his assault on Pat Cummins gave KKR the headstart they needed in a 166-run chase, allowing Rahane and Raghuvanshi to move at more modest strike rates without collapsing the chase structure. That is Allen's value. He does not just score quickly. He changes the breathing pattern of an innings. But KKR's bigger question remains unresolved. Can one batter's surge hide an opening unit that has struggled for rhythm, partnerships, and repeatable starts? Maybe for a match. Maybe for two. Not forever. With 10 games still to go, KKR have stayed alive in the playoff race, but the data says their top-order puzzle is only partly solved. Even if the season does not end the way they want, they may have found one clear answer for the next edition: Finn Allen belongs at the front. The rest of the opening equation, however, still needs a solution sharp enough to survive the pressure of a full campaign. You were listening to Guru News Network, powered by The Guru Gyan. For sharper cricket news, clean analysis, fastest live line, and trusted match intelligence, stay connected with The Guru Gyan... where cricket is not just followed, it is decoded with style.

Indian Premier League 2026
Kolkata Knight Riders
Finn Allen
Data Shorts

Finn Allen ka surge KKR ko lift kar raha hai, par opening numbers abhi bhi warning de rahe hain

Kolkata Knight Riders ke liye Finn Allen ka comeback impact clear hai, lekin IPL 2026 me team ke overall opening returns abhi bhi tournament ke sabse weak numbers me khade hain. Data ek simple baat bol raha hai: Allen solution ka bada hissa hain, par KKR ka top-order puzzle abhi complete nahi hua.

KKR ke openers ka IPL 2026 tally sabse low raha hai, aur Finn Allen ke May comeback numbers remove karne par picture aur bhi concerning ho jaati hai.

News Highlights

- Kolkata Knight Riders ke openers ne IPL 2026 me collectively 587 runs at 26.68 score kiye hain, jo tournament ka lowest opening tally hai.

- Gujarat Titans ke openers ke 1123 runs ke comparison me KKR ka output almost half par stuck hai.

- Finn Allen ke May comeback numbers remove karne par KKR openers ka return 347 runs at 18.26, SR 140.5 reh jaata hai.

- Allen ne January 2025 se 58 T20 innings me 1976 runs at strike-rate 200 aggregate kiye hain.

- KKR playoff race me abhi alive hai, lekin opening partnership stability ab bhi franchise ke sabse bade tactical concerns me se ek hai.

Main Story: KKR ke opening returns par data ka brutal spotlight

IPL 2026 me jahan openers ka role aur bhi decisive hota ja raha hai, wahan Kolkata Knight Riders ka top-order data ek uncomfortable story dikha raha hai. Team ke openers ne milkar 587 runs at 26.68 banaye hain, and that remains the lowest opening return in the tournament.

Ye number aur bhi sharp lagta hai jab Gujarat Titans ke 1123 opening runs se comparison hota hai. KKR ke liye Finn Allen ka comeback zaroor ek major lift raha hai, par overall opening structure abhi bhi long-term certainty offer nahi kar raha. Cricket ka spreadsheet bhi kabhi-kabhi dressing room se zyada brutally honest hota hai, human emotions bechare kya hi kar lenge.

Allen ke recent explosive knocks ne KKR ko important phases me momentum diya hai, including ek crucial win jiske baad team ke paas two more home games bache the. Lekin bigger data set ab bhi ye suggest karta hai ki KKR ka top-order issue sirf ek innings ya ek player ke surge se fully solve nahi hua.

Team-wise contribution by openers in IPL 2026

KKR ki opening situation ka real stress tab samajh aata hai jab Finn Allen ke comeback returns ko temporarily equation se remove kiya jaata hai. Us scenario me team ke opening numbers girkar 347 runs at 18.26 ho jaate hain, strike-rate 140.5 ke saath.

KKR ke 2024 title-winning run me Phil Salt aur Sunil Narine ki opening pair defining strength thi. Salt ke departure ke baad 2025 me bhi team opening front par struggle karti rahi, jahan average opening partnership 22.33 aur 9.24 dono metrics me bottom-end zone me the.

IPL 2026 me current corresponding numbers 24.33 and 10.18 read kar rahe hain. Ek number 10th rank par hai, doosra 6th par. Matlab situation total disaster nahi hai, par comfortable bhi bilkul nahi. This is classic cricket limbo: problem itni visible hai ki ignore nahi kar sakte, aur itni complicated hai ki ek easy fix bhi nahi mil raha.

KKR openers in IPL 2026
587 runs at 26.68

GT openers in IPL 2026
1123 runs

Without Allen comeback returns
347 runs at 18.26

Reduced opening SR
140.5

Player And Series Context

Team
Kolkata Knight Riders

Tournament
Indian Premier League 2026

Primary Focus
KKR opening returns

Key Batter
Finn Allen

Other options discussed
Tim Seifert, Sunil Narine

Bigger race
IPL 2026 playoffs push

Finn Allen vs Tim Seifert: KKR ke selection puzzle ka core

KKR ne season ke starting phase me Finn Allen ko Tim Seifert ke ahead prefer kiya tha, aur paper par dono options ka recent T20 record strong tha. Seifert ne January 2025 se IPL 2026 start tak 2197 T20 runs score kiye the, strike-rate 149.96 ke saath.

Allen ka same timeframe me aggregate 1655 runs tha, lekin strike-rate far superior 196.32 tha. Yahi difference KKR ke current setup me crucial ban jaata hai, because franchise ko upfront ek aisa player chahiye jo defensive fields aur slow starts dono ko immediately punish kar sake.

Winless run aur Allen ke underwhelming phase ke baad KKR ne Seifert ko try kiya, but he managed only 19 across three innings, including two ducks. Team ne Chennai me Narine ko Allen ke opening partner ke roop me bhi use kiya tha, jo clearly dikhata hai ki KKR ab bhi ideal combination search kar rahi thi.

Allen in T20s since June 2025

Data Allen ke case ko aur strong banata hai. June 2025 se T20 cricket me, 100 balls face karne wale 98 batters ke group me Finn Allen strike-rate table ke top par hain. Boundary percentage me unse aage sirf Abhishek Sharma aur Ishan Kishan hain.

No one has hit as many maximums in that sample. Allen ne roughly har six balls me ek six mara hai, while all openers combined in the same timeframe have hit one six every 17 balls. Ye sirf big-hitting stat nahi, ye tactical pressure stat hai. Ek batter jo har over field ko stretch kar sakta hai, wo opposition ke bowling plans ko genuinely distort karta hai.

KKR ke liye ye ability home conditions me aur valuable ho jaati hai. Agar Allen powerplay me boundary frequency maintain karte hain, to middle order ko rebuild mode me jaane ke bajay controlled acceleration ka chance milta hai.

Finn Allen ka elite boundary-hitting profile KKR ko top-order me ek rare high-tempo option deta hai, especially jab team ke other opening returns inconsistent rahe hain.

Allen in T20s since January 2025

January 2025 se overall sample me Allen ne 58 innings me 1976 runs banaye hain, strike-rate 200 ke saath. Is timeframe me unka impact sirf raw pace hitting tak limited nahi hai. Set hone ke baad woh pace aur spin dono ke against destructive zone me enter karte hain.

Ye KKR ke current batting shape ke liye important hai, because Ajinkya Rahane aur Angkrish Raghuvanshi ke tempo concerns repeatedly visible rahe hain. IPL 2026 me at least 100 balls face karne wale 52 batters me 17 ka strike-rate 150 se under hai, including Rahane and Raghuvanshi.

Rahane ka 130.72 strike-rate qualifying batters me third-lowest mark ke roop me stand out karta hai. Since 2023, unka IPL strike-rate spin ke against 122.46 hai, while quicks ke against 160.08. Raghuvanshi ke corresponding numbers 134.9 and 153.25 hain. Allen on his day in dono limitations ko neutralise kar sakte hain.

Key Turning Point: SRH chase ne Allen ki real value dikha di

Against Sunrisers Hyderabad, Allen ka Pat Cummins ke against onslaught KKR ke chase structure ka defining moment bana. 166-run chase me unhone team ko early headstart diya, jisse Rahane aur Raghuvanshi relatively measured strike rates ke saath bhi innings ko manage kar sake.

Rahane ne 119.44 aur Raghuvanshi ne 125.53 strike-rate se bat kiya, but Allen ke early damage ne equation ko breathable bana diya. Ye Allen ka sabse important role hai: he does not merely score quickly; he changes the pressure economy of the innings.

KKR ke liye Allen ek explosive option se zyada ban chuke hain. He is the batter who can make a modest chase feel controlled, and a slow top order look less vulnerable than it actually is.

By phases: KKR ko ab stability bhi chahiye, sirf spark nahi

Powerplay me Allen ka aggression

Allen ka six-hitting frequency aur boundary percentage KKR ko powerplay me high-ceiling option deta hai. Agar woh first six overs me set ho jaate hain, to opposition fields defensive hone lagti hain aur KKR ko tempo control milta hai.

Middle overs ka strike-rate pressure

Rahane aur Raghuvanshi ke phase-wise limitations ka matlab hai ki KKR ko upfront extra value chahiye. Agar opener fail hota hai, to middle overs me run-rate compress hone ka risk badh jaata hai. Ye wahi place hai jahan Allen ka role massive ho jaata hai.

Partnership issue still alive

Allen ka individual value clear hai, but KKR ko still ek sustainable opening partnership model banana hoga. Ek batter ka elite form structure ko lift kar sakta hai, lekin complete opening system tab banta hai jab dono ends se predictable contribution aaye.

Why this news matters

KKR abhi playoff race me just about alive hai, and with 10 more games to go, opening form ka impact decisive ban sakta hai. Agar Allen ka comeback surge continue hota hai, to KKR apne campaign me late push create kar sakti hai.

Lekin bigger takeaway sirf current season ka nahi hai. Even if KKR miss out, they may have found at least one important answer for next edition: Allen looks like the best-suited high-tempo fit upfront. Baaki puzzle, especially reliable opening partner aur partnership consistency, ab bhi unresolved hai.

Modern IPL me openers sirf start nahi dete, woh match ka emotional temperature set karte hain. KKR ka data batata hai ki team ko ab spark ke saath structure bhi chahiye. Warna ek strong innings ke baad agla match phir wahi purana confusion le aata hai, because cricket clearly humans ko spreadsheet ke through humble karna pasand karta hai.

GNN And The Guru Gyan Angle

Guru News Network (GNN), powered by The Guru Gyan , is data story ko KKR ke IPL 2026 campaign ka ek major structural indicator maanta hai. Finn Allen ka individual impact elite hai, but team-level opening returns abhi bhi red-flag zone me hain.

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ऐंती पर्वत स्थित शनिदेव मंदिर मेले में स्काउट-गाइड द्वारा उत्कृष्ट सेवा कार्य

प्रशासनिक अधिकारियों ने की सराहना, सेवा भावना बनी आकर्षण का केंद्र

भारत स्काउट एवं गाइड, मध्यप्रदेश जिला संघ मुरैना के तत्वावधान में ऐंती पर्वत स्थित प्रसिद्ध शनिदेव मंदिर मेले में स्काउट-गाइड के पदाधिकारियों, स्काउटर्स-गाइडर्स एवं छात्र-छात्राओं द्वारा अनुकरणीय एवं उत्कृष्ट सेवा कार्य किया गया। लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति वाले इस विशाल मेले में स्काउट-गाइड के स्वयंसेवकों ने अनुशासन, सेवा एवं मानवता की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत करते हुए मेले की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सेवा कार्य के अंतर्गत मंदिर परिसर में साफ-सफाई अभियान चलाया गया। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध दर्शन कराना, भीड़ को नियंत्रित करना, वरिष्ठ नागरिकों एवं महिलाओं की सहायता करना तथा सेवा कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना जैसे महत्वपूर्ण कार्य अत्यंत समर्पण एवं विनम्र सेवाभाव से किए गए।
इस अवसर पर ऐंती पर्वत पर स्थित दाऊजी मंदिर से शनिदेव मंदिर तक भगवान शनिदेव की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राओं ने पूर्ण सहभागिता निभाई।
कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मुरैना श्री कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत ने मेले का निरीक्षण कर स्काउट-गाइड के सेवा कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की तथा स्काउट गाइड के स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित किया।
यह सेवा कार्य भारत स्काउट एवं गाइड, मध्यप्रदेश जिला संघ मुरैना के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री सुरेंद्र सिंह यादव (स्टेनोग्राफर), सहायक राज्य संगठन आयुक्त (स्काउट) चंबल संभाग मुरैना श्री वीर सिंह यादव एवं जिला सचिव श्री शेखर सिंह यादव के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। दतिया से डीओसी श्री आतिबल सिंह, भिंड से श्री गिर्राज सिंह बघेल तथा मुरैना से डॉ. राकेश कुमार शर्मा एवं श्री रामनरेश दंडोतिया के मार्गदर्शन में यह सेवा कार्य सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
मुरैना, भिंड एवं दतिया जिलों से आए स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राओं ने 15 एवं 16 मई 2026 को निरंतर सेवा कार्य करते हुए श्रद्धालुओं की सहायता की। इस सेवा कार्य में स्काउटर श्री राममूर्ति परिहार, श्री होरीसिंह यादव, श्री चरण सिंह तोमर, श्री अतार सिंह राजपूत, श्री रामगोविंद त्यागी, श्री सीताराम गुर्जर आदि उपस्थित रहे।
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फलोदी : डीएसटी फलोदी ने नशे के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही करते हुए 35 क्विंटल 92 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद किया है। यह कार्यवाही थाना चाखू के बूंगड़ी क्षेत्र में हुई जहां संदिग्ध ट्रक को पकड़कर तस्करों को चौंका दिया गया। पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह ने बताया कि यह जिला बनने के बाद अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध सबसे बड़ी कार्रवाई है।



डोडा पोस्त की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब 5.38 करोड़ रुपये आंकी गई है। डीएसटी व थाना चाखू की संयुक्त टीम ने 15-16 मई 2026 की रात संदिग्ध ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक भाग गया। बाद में ट्रक की तलाशी लेने पर प्लास्टिक के कटों में अवैध सामग्री मिली। ट्रक नंबर आरजे 21 जीए 8229 को जब्त कर अज्ञात आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इस कार्यवाही में प्रेमाराम, प्रदीप, मांगीलाल, महेन्द्र उज्वल, चौखाराम, रामेश्वर, महेन्द्र चौधरी, गंगाराम, खुमाणसिंह, शैतानराम व श्यामाराम की भूमिका रही है।

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प्रेस विज्ञप्ति
सराहनीय कार्य जनपद एटा।

एटा थाना जसरथपुर पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 01 अभियुक्त (पैर में गोली लगने से घायल) गिरफ्तार, कब्जे से 01 अवैध तमंचा, 04 जिंदा कारतूस व 01 खोखा कारतूस (315 बोर) तथा लूटे हुये एक जोडी (दो अदद) कानों के कुण्डल पीली धातु व एक बिना नम्बर की स्प्लेंडर मोटर साइकिल बरामद ।

घटना/गिरफ्तारी का संक्षिप्त विवरण
दिनांक 16.05.2026 को समय करीब 22.10 बजे थाना जसरथपुर पुलिस द्वारा थाना जसरथपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम हरिसिंहपुर/ कुवंरपुर मोड पर संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चैकिंग की जा रही थी। इसी दौरान स्प्लेंडर मोटर साईकिल पर सवार एक व्यक्ति पुलिस की तरफ आ रहा था। जिसे पुलिस टीम द्वारा टार्च दिखाकर रुकने का इशारा किया तो बाइक सवार बाइक को पीछे की तरफ मोडकर भागने लगा जो कि कच्ची मिट्टी पडी होने के कारण फिसलकर गिर पडा तथा बाइक सवार द्वारा पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गयी। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग में उक्त बदमाश के बाएं पैर में गोली लगने से घायल हो गया। घायल बदमाश द्वारा अपना नाम रफीक बंजारा पुत्र मीर खाँ निवासी ग्राम देवरई थाना कुरावली जनपद मैनपुरी हालपता छबीलेपुर थाना बेबर जनपद मैनपुरी उम्र करीब 45 वर्ष बताया। घायल रफीक उपरोक्त को उपचार हेतु चिकित्सालय भिजवाया गया है। अभियुक्त के विरुद्ध थानास्तर से आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है ।

*पुलिस पूछताछः-*
घायल अभियुक्त से पुलिस टीम द्वारा पूछताछ करते हुये तलाशी ली गयी तो उसके कब्जे से 01 अवैध तमंचा 315 बोर, 04 जिंदा कारतूस, 01 खोखा कारतूस 315 बोर तथा दिनांक 19.04.2026 को थाना जसरथपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सूरजपुरा तिराहे के पास से एक महिला से लूटे गये एक जोडी (दो अदद) कुण्डल पीली धातु व एक बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की गयी । पुलिस टीम द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर अभियुक्त रफीक द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा अपने साथी अरमान के साथ मिलकर थाना जसरथपुर क्षेत्रांतर्गत एक महिला के कुंडल छीने थे। उक्त घटना के संबंध मे थाना जसरथपुर पर मु0अ0सं0 50/2026 धारा 304 बीएनएस पंजीकृत है। तथा दिनांक 06/07.05.26 की रात्रि को रफीक उपरोक्त ने अपने साथी अरमान के साथ थाना जैथरा क्षेत्रांतर्गत एक महिला से मारपीट कर बैग लूटने का प्रयास किया था। इसके संबंध में थाना जैथरा पर मु0अ0सं0 146/2026 धारा 115(2),304,62 बीएनएस पंजीकृत किया गया था।

*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पता--*
1. रफीक बंजारा पुत्र मीरखाँ निवासी ग्राम देवरई थाना कुरावली जनपद मैनपुरी हाल पता छबीलेपुर थाना बेबर जनपद मैनपुरी उम्र करीब 45 वर्ष।

*बरामदगीः-*
1. 01 अवैध तमंचा 315 बोर
2. 01 खोखा कारतूस 315 बोर
3. 04 जिंदा कारतूस 315 बोर
4. लूटे गये एक जोडी (दो अदद) कानों के कुण्डल पीली धातु
5. 01 बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल।

पुलिस टीम-
1.थानाध्यक्ष जसरथपुर श्री विजय सिंह मय टीम।
2. प्रभारी स्वाट श्री श्रवण कुमार निगम मय टीम
3. प्रभारी सर्विलांस श्री सुशील लाम्बा माय टीम

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डेंगू व चिकुनगुनिया से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी

घर और आसपास साफ पानी जमा न होने दें

लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं निःशुल्क जांच

हर वर्ष 16 मई को डेंगू उन्मूलन के उद्देश्य से मनाए जाने वाले राष्ट्रीय डेंगू दिवस को ध्यान में रखकर ग्वालियर जिलेवासियों के लिए डेंगू व चिकुनगुनिया से बचाव के लिये एडवाइजरी जारी की गई है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को इस एडवायजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जरूरत के मुताबिक डेंगू व मलेरिया की जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बरसात का मौसम नजदीक आ रहा है, ऐसे में सावधानी बरतना जरूरी है। कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव द्वारा यह एडवायजरी जारी की गई है।

कैसे फैलता है डेंगू

डेंगू और चिकुनगुनिया एडीज नामक मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर घर और आसपास साफ एवं रुके हुए पानी में पनपता है। डेंगू का मच्छर मुख्य रूप से दिन में काटता है। यह घरों में नमी और अंधेरे वाले स्थानों में छिपकर रहता है।

कहां पनपते हैं मच्छर

पानी की टंकी, टायर, गमले, कूलर, छत पर जमा पानी, मटके, पाइप, गड्ढे, मनी प्लांट के पॉट, प्लास्टिक की बोतल, कप, गिलास, टूटा-फूटा सामान और कनस्तर इन सभी में जमा पानी में मच्छर अंडे देते हैं। 7 से 12 दिन के भीतर मच्छर अपना जीवन चक्र पूरा कर लेता है। इसलिए सप्ताह में एक बार सभी जलपात्रों का पानी अवश्य बदलें।

डेंगू के लक्षण पहचानें

तेज बुखार और कमजोरी
सिर तथा हाथ-पैर में तेज दर्द
शरीर या आंखों में रक्त के चकत्ते
नाक, मसूड़े या अन्य स्थान से रक्तस्राव
उल्टी, चक्कर आना या बेहोशी,
ऐसे कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या चिकित्सक से संपर्क करें।

जांच निःशुल्क उपलब्ध

जिले में डेंगू व चिकुनगुनिया की जांच जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज, ग्वालियर में निःशुल्क की जाती है। संभावित रोगी तुरंत जांच कराएं ताकि समय पर उपचार हो सके और प्रभावित क्षेत्र में नियंत्रण कार्रवाई की जा सके।

दवा स्वयं न लें, चिकित्सक की सलाह लें

डेंगू के लक्षण होने पर स्वयं दर्द निवारक दवा का सेवन न करें, इससे स्थिति गंभीर हो सकती है। बुखार होने पर केवल पैरासीटामोल (उम्र के अनुसार उचित मात्रा में) ली जा सकती है। झोलाछाप या अप्रशिक्षित व्यक्तियों से उपचार न कराएं।

डेंगू की पुष्टि होने पर क्या करें

फलों का रस, नारियल पानी, दाल का पानी और ओआरएस का घोल पर्याप्त मात्रा में पिएं
चिकित्सक द्वारा बताया गया पूर्ण उपचार लें
पर्याप्त आराम करें


बचाव के उपाय

घर और आसपास अनावश्यक पानी जमा न होने दें
खुली टंकियों को ढंककर रखें
अनावश्यक कबाड़ नष्ट करें या उसमें पानी जमा न होने दें
सप्ताह में एक बार कूलर, मटके व अन्य जलपात्रों का पानी अवश्य बदलें
जिन अनुपयोगी बर्तनों का पानी नहीं बदल सकते, उनमें मिट्टी का तेल या खाने का तेल डालें
पूरी बांह के कपड़े पहनें
दिन में मच्छर रोधी क्रीम या अगरबत्ती का उपयोग करें
सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें

जागरूकता ही है बचाव

डेंगू और चिकुनगुनिया से बचाव की जानकारी अपने परिवार, मित्रों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों को भी दें। जन सहयोग से ही डेंगू के प्रसार को रोका जा सकता है।
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प्रेस विज्ञप्ति
जनपद एटा दिनांक - 16.05.2026

एटा अपर पुलिस अधीक्षक एटा श्री श्वेताभ पाण्डेय द्वारा आमजन में सुरक्षा की भावना उत्पन्न करने के उद्देश्य से भारी पुलिस बल सहित थाना कोतवाली नगर क्षेत्रांतर्गत की गयी पैदल गश्त।

अपर पुलिस अधीक्षक एटा श्री श्वेताभ पाण्डेय द्वारा कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने, तथा आमजन में सुरक्षा की भावना जागृत करने के उद्देश्य से क्षेत्राधिकारी सदर तथा भारी पुलिस बल सहित थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत रेलवे रोड, माया पैलेस तिराहा एवं सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे चैक करते हुए पैदल गश्त किया गया। साथ ही सुरक्षा के दृष्टिगत सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह/भ्रामक सूचना या झूठी सूचना प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने हेतु शख्त हिदायत दी गयी है तथा सभी से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की गयी।
इस दौरान क्षेत्राधिकारी सदर श्री संकल्प दीप कुशवाह, प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली नगर श्री प्रेमपाल सिंह तथा अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

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मछली पालन के केज कल्चर स्थापित करने के लिए मिलेगी अनुदान सहायता

ककेटो एवं पेहसारी जलाशयों में स्थापित कराए जायेंगे केज कल्चर

जिले की इच्छुक समितियों एवं संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित

ग्वालियर जिले में चयनित जलाशयों में मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति-2026 के तहत मछली पालन के लिए केज कल्चर स्थापित कराए जायेंगे। मत्स्य क्षेत्र का समग्र विकास एवं जलाशयों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने एवं मत्स्य पालकों की आर्थिक समृद्धि के उद्देश्य से राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के तहत यह केज कल्चर स्थापित होंगे। केज कल्चर स्थापित करने के इच्छुक जिले की समितियों एवं संस्थाओं से 7 जून 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन पत्र कार्यालयीन समय में गोला का मंदिर भिण्ड रोड पर स्थित सहायक संचालक मत्स्योद्योग के कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं।
सहायक संचालक मत्स्योद्योग विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पात्र हितग्राहियों, समितियों एवं संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के तहत चयनित हितग्राहियों को निर्धारित पात्रता अनुसार 40 से 60 प्रतिशत तक अनुदान सहायता प्रदान की जायेगी। यह सहायता भारत सरकार द्वारा केज कल्चर गतिविधि स्वीकृत होने के उपरांत दी जा सकेगी।
योजना के अंतर्गत प्रति हितग्राही अधिकतम 18 केज अथवा 1800 घनमीटर तक तथा प्रति समिति अथवा संस्था अधिकतम 72 केज अथवा 7200 घनमीटर तक पात्रता निर्धारित की गई है। प्रति केज की लागत 3 लाख रुपये निर्धारित है।
मत्स्योद्योग विभाग द्वारा चयनित ककेटो एवं पेहसारी सिंचाई जलाशयों में केज स्थापित किए जायेंगे। इच्छुक हितग्राही, समिति अथवा संस्था निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ डी.पी.आर. एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा।
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी मत्स्योद्योग विभाग की वेबसाइट www.mpfisheries.gov.in एवं कार्यालय सहायक संचालक मत्स्योद्योग, भिण्ड रोड, ग्वालियर से प्राप्त की जा सकती है।
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दहेज हत्या में उम्रकैद: 7 साल बाद मिला इंसाफ, एटा कोर्ट माननीय स्पेशल डकैती न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पति को आजीवन कारावास ने सुनाई सख्त सजा...

रिपोर्टर
एटा 16 मई 2026 जनपद एटा में दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में माननीय स्पेशल डकैती न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पति को आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आया।प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना निधौली कला क्षेत्र में वर्ष 2019 में दहेज उत्पीड़न और हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया था। वादी ने 24 अक्टूबर 2019 को थाना निधौली कला में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी पुत्री की अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर मारपीट कर हत्या कर दी गई। मामले में थाना निधौली कला पर मुअसं 252/2019 धारा 498ए, 304बी आईपीसी तथा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों का गहन संकलन करते हुए अभियुक्त योगेश पुत्र राम सिंह निवासी होर्ची थाना निधौली कला जनपद एटा के खिलाफ मजबूत चार्जशीट तैयार कर 12 मार्च 2020 को न्यायालय में प्रेषित की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन शाखा ने इस मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्राथमिकता पर लेते हुए लगातार प्रभावी पैरवी की। न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर माननीय स्पेशल डकैती कोर्ट एटा ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

इस फैसले को दहेज लोभियों के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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पूर्वी सिंहभूम में बालू घाट संचालन को मिली रफ्तार, दो घाटों का संविद निष्पादित

जमशेदपुर (झारखंड)। जिला उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बालू घाटों की लीज प्रक्रिया को सरल बनाए जाने के बाद पूर्वी सिंहभूम जिले में भी बालू घाटों के संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। जिला प्रशासन ने दो बालू घाटों के संविद का निष्पादन कर लिया है, जिससे जिले में वैध रूप से बालू उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है।

उन्होंने कहा कि बालू घाटों के संचालन शुरू होने से आम लोगों, निर्माण एजेंसियों एवं विकास कार्यों को काफी राहत मिलेगी। साथ ही अवैध बालू खनन और अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

उपायुक्त ने बताया कि शेष बालू घाटों के संचालन हेतु आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएं भी तेजी से पूरी की जा रही हैं, ताकि जल्द ही जिले में नियमित और पारदर्शी बालू आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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ई-टोकन से खाद प्राप्त करना हुआ आसान

बलराम मोबाइल ऐप से किसान स्वयं जनरेट कर सकेंगे ई-टोकन

ग्वालियर जिले के किसानों को भी प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप खाद वितरण व्यवस्था में सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से ई-टोकन व्यवस्था लागू की गई है। अब किसान भाई खाद प्राप्त करने के लिए घर बैठे अपने मोबाइल से आसानी से ई-टोकन जनरेट कर सकेंगे।
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री आर बी एस जाटव ने बताया कि यह सुविधा वेब पोर्टल के साथ-साथ बलराम फार्मर मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध कराई गई है। किसान भाई अपने मोबाइल में बलराम ऐप डाउनलोड कर सरल प्रक्रिया के माध्यम से ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। इससे किसानों का समय बचेगा और खाद प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक एवं पारदर्शी होगी।
जिले के किसान भाईयों से अपील की गई है कि वे इस डिजिटल सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें। साथ ही सभी नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि वे यह जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचाने में सहयोग करें, ताकि जिले का हर किसान इस सुविधा का लाभ उठा सके।

इस लिंक से करें बलराम ऐप डाउनलोड

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.crisp.e_vikas_farmer&hl=en_IN

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सुशासन शिविर में सामने आई एक संवेदनशील तस्वीर,कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने बुजुर्ग ग्रामीण के लिये लिखा आवेदन

2 घण्टे में ही हो गया जगदीश की समस्या का समाधान

बलौदाबाजार।विकासखंड पलारी के ग्राम पंचायत कुसमी में शनिवार को सुशासन तिहार अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में एक संवेदनशील दृश्य देखने को मिला जब कलेक्टर कुलदीप शर्मा एक बुजुर्ग के पास बैठकर समस्या सुनी और खुद बुजुर्ग आवेदक के लिये आवेदन लिखा। कलेक्टर ने आवेदन पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश एसडीएम को दिये जिस कार्यवाही करते हुए पर 2 घंट में समस्या का समाधान कर दिया गया।

ग्राम गातापार निवासी लगभग 70 वर्षीय बुजुर्ग जगदीश प्रसाद वर्मा सुशासन शिविर में अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे। फॉर्म लेकर आवेदन लिखने की जद्दोजहद कर रहे थे उसी समय स्टॉल अवलोकन के दौरान कलेक्टर कुलदीप शर्मा की नजर उन पर पड़ी तो नजदीक जाकर आत्मीयता से बात की। जगदीश वर्मा ने बताया कि एक व्यक्ति द्वारा शासकीय भूमि में अतिक्रमण कर रास्ता बंद कर दिया है। रास्ता के लिये आवेदन देने आया हूं लेकिन आवेदन लिखने में परेशानी हो रही है। इस पर कलेक्टर श्री शर्मा ने बुजुर्ग जगदीश वर्मा के पास बैठकर उनसे फॉर्म लेकर आवेदन लिखा और भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या का तत्काल समाधान होग़ा।

कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व अमले द्वारा ग्राम गातापार पहुंचकर जगदीश प्रसाद वर्मा और अनावेदक भुलाऊ निषाद का समझौता कराकर आपसी सहमति से निस्तारी हेतु 10 फीट रास्ता दिलवाया गया। जिला प्रशासन की त्वरित कार्यवाही से खुश जगदीश प्रसाद वर्मा ने कहा कि भुलाऊ निषाद द्वारा शासकीय जमीन में दीवाल खड़ा कर दिया था जिससे निस्तारी के लिये रास्ता बंद हो गया था। प्रशासन के कार्यवाही से पूरी तरह संतुष्ट हुँ।

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ग्वालियर जिले में किसान रथ का शुभारंभ

आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव पहुंचाएगा रथ

ग्वालियर जिले के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्रदेश सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी सीधे उनके गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से आज किसान रथ का विधिवत शुभारंभ किया गया। रथ का शुभारंभ कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा शनिवार को कृषि विज्ञान केन्द्र से हरी झण्डी दिखाकर किया गया। शुभारंभ अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। किसान रथ के माध्यम से हम कृषि वैज्ञानिकों और शासन की योजनाओं को सीधे किसानों तक पहुंचाना चाहते हैं, ताकि वे कम लागत में अधिक उत्पादन कर सकें और उनकी आय दोगुनी हो सके। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे रथ के माध्यम से दी जा रही जानकारी का लाभ उठाएं और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही उर्वरक का प्रयोग करें।
उप संचालक कृषि ने बताया कि यह रथ चरणबद्ध तरीके से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पहुंचेगा और किसानों को खेती से जुड़ी हर समस्या का समाधान मौके पर ही उपलब्ध कराएगा।
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सिंध नदी के घाटों पर अवैध रेत उत्खनन व भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

लगभग 7400 घनमीटर रेत जब्त, 5 पण्डुब्बियां नष्ट

/ जिले में खनिज पदार्थों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर डबरा एसडीम श्री रूपेश रतन सिंघई के नेतृत्व में गई राजस्व, खनिज एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा शनिवार को तहसील डबरा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई।
एसडीएम श्री रुपेश रतन सिंघई ने बताया कि 16 मई को सिंध नदी के किनारे विभिन्न घाटों पर आकस्मिक जांच अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान लिधौरा घाट पर अवैध रूप से रेत खनन में लगी 5 पनडुब्बियों को नष्ट किया गया। उन्होंने बताया कि ग्राम लिधौरा, बाबूपुर एवं भिटोरा में अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से भंडारित लगभग 7400 घनमीटर रेत को जप्त करने की कार्रवाई भी की गई।
इस संयुक्त कार्रवाई में अनुविभागीय अधिकारी डबरा, तहसीलदार पिछोर, तहसीलदार बिलौआ, खनिज विभाग के अधिकारी एवं सर्वेयर, थाना पिछोर पुलिस तथा एसडीआरएफ बल शामिल रहा। इस कार्रवाई में क्षेत्रीय कोटवारों ने भी अहम भूमिका निभाई।
प्रभारी खनिज अधिकारी श्री घनश्याम यादव ने बताया कि जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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సమాజ భాగస్వామ్యంతోనే డెంగ్యూ వ్యాధిని సమర్థవంతంగా నియంత్రించవచ్చునని క్రోసూరు మండల ఆరోగ్య విస్తరణ అధికారి శిఖా శాంసన్ అన్నారు. జాతీయ డెంగ్యూ దినోత్సవం పురస్కరించుకొని వైద్య సిబ్బంది ఆధ్వర్యంలో నిర్వహించిన అవగాహన సదస్సు, ప్రదర్శన మరియు ప్రతిజ్ఞ కార్యక్రమంలో ఆయన పాల్గొన్నారు. ఈ సందర్భంగా ఆయన డెంగ్యూ లక్షణాలు, వ్యాధి నివారణకు తీసుకోవలసిన జాగ్రత్తలను వివరించారు. స్వర్ణాంధ్ర-స్వచ్ఛ ఆంధ్ర కార్యక్రమంలో భాగంగా ప్లాస్టిక్ నివారణపై ప్రత్యేక దృష్టి సారించాలని, గుడ్డ సంచుల వినియోగాన్ని పెంచాలని మరియు వంటనూనె వినియోగాన్ని తగ్గించాలని సూచించారు. అనంతరం వైద్య సిబ్బంది నిర్వహించిన ర్యాలీలో అందరికీ ఆరోగ్యం-అందరి బాధ్యత, పారిశుద్ధ్య నిర్మూలనే దోమల నివారణకు మార్గం, అరికడదాం అరికడదాం-దోమల వ్యాప్తిని అరికడదాం అంటూ నినాదాలు చేశారు. ఈ కార్యక్రమంలో హెల్త్ సూపర్వైజర్ శివుడు, ల్యాబ్ టెక్నీషియన్ ప్రభాకర్, ఫార్మసిస్ట్ ఫాతిమా, స్టాఫ్ నర్స్ అంజమ్మ, ఆరోగ్య కార్యకర్తలు ప్రేమ రాజ్, ప్రహ్లాద్ మరియు ఇతర వైద్య సిబ్బంది పాల్గొన్నారు

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సత్తెనపల్లి పట్టణం తాలూకా సెంటర్ అన్నా కాంటీన్ వద్ద నిర్వహించిన స్వర్ణాంధ్ర స్వచ్ఛాంధ్ర కార్యక్రమంలో తెలుగుదేశం పార్టీ జాతీయ ఉపాధ్యక్షుడు, శాసనసభ్యుడు కన్నా లక్ష్మీనారాయణ పాల్గొన్నారు. ఈ సందర్భంగా ఆయన మాట్లాడుతూ ప్రతి ఒక్కరూ బాధ్యతగా తమ పరిసరాలను పరిశుభ్రంగా ఉంచుకోవాలని, స్వచ్ఛాంధ్ర కోసం ముందుకు రావాలని పిలుపునిచ్చారు. గత ప్రభుత్వంలో చెత్తపై పన్ను వేస్తే, కూటమి ప్రభుత్వం అధికారంలోకి రాగానే దానిని తొలగించిందని గుర్తుచేశారు. పారిశుద్ధ్య కార్మికులకు కూటమి ప్రభుత్వం కోటి రూపాయల ప్రమాద బీమా కల్పిస్తోందని, ప్లాస్టిక్ నివారణకు ప్రజలు స్వచ్ఛందంగా చైతన్యంతో కట్టడి చేయాలని కోరారు. కాలుష్య నివారణకు ప్రతి ఒక్కరూ ఒక మొక్క నాటాలని, భూగర్భ జలాలు పెంచడంపై ప్రత్యేక ఫోకస్ పెడుతూ కాల్వలు, చెరువులు, చెక్ డ్యాంలను బాగు చేసుకుని నీటి నిల్వకు సిద్ధం చేయాలని సూచించారు. అనంతరం నా పరిసరాల పరిశుభ్రత కొరకు ప్రతి రోజు కొంత సమయం కేటాయిస్తానని, తోటి వారికి అవగాహన కల్పిస్తూ భవిష్యత్ తరాలకు ఆరోగ్యవంతమైన, సుభిక్షమైన ఆంధ్ర రాష్ట్రాన్ని నిర్మించడానికి నా వంతు కృషి చేస్తానని అక్కడ ఉన్న అందరిచేత ఆయన ప్రతిజ్ఞ చేయించారు. ఈ కార్యక్రమంలో వివిధ హోదాల్లో ఉన్న ప్రభుత్వ అధికారులు, రాష్ట్ర, జిల్లా, నియోజకవర్గ, పట్టణ, వార్డు స్థాయి కూటమి నాయకులు, కార్యకర్తలు పాల్గొన్నారు.

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వైస్సార్సీపీ కార్యాలయం సత్తెనపల్లి నందు నియోజకవర్గ బూత్ కమిటీ సభ్యుల సమావేశం నిర్వహించారు. ఈ కార్యక్రమానికి ముఖ్య అతిథులుగా నియోజకవర్గ సమన్వయకర్త డాక్టర్ గజ్జల సుధీర్ భార్గవ రెడ్డి, జోనల్ ఇంచార్జ్ కందుల రవీంద్రారెడ్డి, పరిశీలకుడు రేపాల శ్రీనివాసరావు హాజరయ్యారు. ముందుగా వైఎస్ రాజశేఖర్ రెడ్డి ప్రతిమకు పూలమాలలు వేసి నివాళులర్పించారు. ఈ సందర్భంగా సుధీర్ భార్గవ రెడ్డి మాట్లాడుతూ కేంద్ర ప్రభుత్వం నిర్వహిస్తున్న ఎస్ఐఆర్ (SIR) ప్రోగ్రాంలో భాగంగా నియోజకవర్గంలో ఓటర్ల సవరణ జరుగుతున్నందున, ప్రతి గ్రామం మరియు వార్డులో బూత్ కమిటీ సభ్యులు జాగ్రత్త వహించాలని, ప్రతి ఓటూ ఎంతో కీలకమైందని పేర్కొన్నారు. అనంతరం కందుల రవీంద్రారెడ్డి బూత్ కమిటీ సభ్యులకు ఎన్నికల విధులకు సంబంధించి దిశా నిర్దేశం చేయగా, రేపాల శ్రీనివాసరావు మాట్లాడుతూ బీఎల్ఏలు తమ పరిధిలో ఉన్న ప్రతి ఓటుపై అవగాహన పెంచుకుంటూ మార్పులను ఎప్పటికప్పుడు గమనించాలని సూచించారు. ఈ కార్యక్రమంలో రాష్ట్ర, జిల్లా, నియోజకవర్గ, పట్టణ, మండల, గ్రామ, వార్డు స్థాయి పార్టీ బూత్ కమిటీ సభ్యులు పాల్గొన్నారు.

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राठौर कॉलोनी विस्फोट प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच हेतु जौरा एसडीएम नियुक्त

19 मई को घटनास्थल तथा 20 मई को एसडीएम कार्यालय जौरा में प्रस्तुत किए जा सकेंगे साक्ष्य

वर्ष 2024 में मुरैना शहर के वार्ड क्रमांक 15 स्थित राठौर कॉलोनी में 26 एवं 27 नवम्बर 2024 की मध्यरात्रि लगभग 12:15 बजे हुए विस्फोट प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त घटना में 5 मकान ध्वस्त एवं क्षतिग्रस्त हुए थे, जबकि 4 महिलाओं की मृत्यु तथा 5 व्यक्ति घायल हुए थे। इस विस्फोट से जन-धन की गंभीर क्षति हुई थी।

इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा घटना की मजिस्ट्रियल जांच हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जौरा श्री शुभम शर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जौरा द्वारा घटना के कारणों एवं परिस्थितियों के संबंध में साक्ष्य अभिलेखित करने के लिए 19 मई 2026 को घटनास्थल मुरैना तथा 20 मई 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जौरा कार्यालय में तिथियां निर्धारित की गई हैं।

घटना के संबंध में कोई भी व्यक्ति यदि किसी प्रकार की जानकारी, प्रमाण अथवा साक्ष्य रखता हो, तो वह निर्धारित तिथियों पर नियत स्थान एवं समय पर उपस्थित होकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जौरा के समक्ष अपना मौखिक कथन, दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।
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#JansamparkMP #Morena #morena2026

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ਉਹ ਵਿਦਵਾਨ ਲੇਖਕ, ਅਧਿਆਪਕ ਅਤੇ ਕਾਲਜ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਕ ਵਜੋਂ ਜਾਣੇ ਜਾਂਦੇ ਸਨ। ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਧਾਰੀਵਾਲ ਪਿੰਡ ਡੱਡਵਾਂ ਖੇਤਰ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਿਤ ਨੇ ਉਹਨਾਂ ਵਰਗੇ ਸਾਹਿਤਕਾਰ ਰਾਹੀਂ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮਾਣ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤਾ।
ਜਨਮ ਅਤੇ ਬਚਪਨ
ਡਾ. ਵਿਲਖੂ ਦਾ ਜਨਮ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਪਿੰਡ ਡੱਡਵਾਂ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਸਧਾਰਣ ਅਤੇ ਸੱਭਿਆਚਾਰਕ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਹਾਲਾਂਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਜਨਮ ਅਤੇ ਮੌਤ ਦੀ ਪੱਕੀ ਤਾਰੀਖ ਬਾਰੇ ਪ੍ਰਮਾਣਿਕ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਉਪਲਬਧ ਨਹੀਂ, ਪਰ ਉਹ 20ਵੀਂ ਸਦੀ ਦੇ ਉੱਤਰਾਰਧ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬੀ ਅਕਾਦਮਿਕ ਅਤੇ ਸਾਹਿਤਕ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਸਰਗਰਮ ਰਹੇ। ਬਚਪਨ ਤੋਂ ਹੀ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬੀ ਭਾਸ਼ਾ, ਸਿੱਖ ਇਤਿਹਾਸ ਅਤੇ ਗੁਰਬਾਣੀ ਨਾਲ ਡੂੰਘੀ ਦਿਲਚਸਪੀ ਸੀ। ਪਿੰਡਾਂ ਵਾਲੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਧਾਰਮਿਕ ਅਤੇ ਲੋਕ-ਸੱਭਿਆਚਾਰਕ ਮਾਹੌਲ ਨੇ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਵਿਚਾਰਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕੀਤਾ। ਉਹ ਪੜ੍ਹਨ-ਲਿਖਣ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਤੇਜ਼ ਸਨ ਅਤੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਜੀਵਨ ਦੌਰਾਨ ਹੀ ਸਾਹਿਤਕ ਚਰਚਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਭਾਗ ਲੈਣ ਲੱਗ ਪਏ ਸਨ।
ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਉੱਚ ਸਿੱਖਿਆ ਪੰਜਾਬੀ ਸਾਹਿਤ ਅਤੇ ਗੁਰਮਤਿ ਅਧਿਐਨ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀ। ਅੱਗੇ ਚੱਲ ਕੇ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਡਾਕਟਰੇਟ ਦੀ ਡਿਗਰੀ ਹਾਸਲ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਗੁਰਬਾਣੀ, ਭਗਤ ਬਾਣੀ ਅਤੇ ਨਿਰਗੁਣ ਕਾਵਿ ਤੇ ਖੋਜਕਾਰੀ ਕੀਤੀ। ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਵਿਦਵਤਾ ਦਾ ਖਾਸ ਕੇਂਦਰ ਸਿੱਖ ਦਰਸ਼ਨ, ਭਗਤੀ ਲਹਿਰ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬੀ ਆਧਿਆਤਮਿਕ ਕਾਵਿ ਰਿਹਾ।
ਅਕਾਦਮਿਕ ਜੀਵਨ ਅਤੇ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਵਜੋਂ ਸੇਵਾ
ਡਾ. ਵਿਲਖੂ ਨੇ ਅਧਿਆਪਕ ਅਤੇ ਪ੍ਰੋਫੈਸਰ ਵਜੋਂ ਆਪਣਾ ਕਰੀਅਰ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ। ਉਹ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਮਾਤਾ ਗੁਜਰੀ ਕਾਲਜ ਦੇ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਰਹੇ। ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਵਜੋਂ ਉਹ ਸਖ਼ਤ ਅਨੁਸ਼ਾਸਨ, ਉੱਚ ਅਕਾਦਮਿਕ ਮਿਆਰ ਅਤੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਵਿੱਚ ਸੱਭਿਆਚਾਰਕ ਚੇਤਨਾ ਪੈਦਾ ਕਰਨ ਲਈ ਜਾਣੇ ਜਾਂਦੇ ਸਨ। ਉਹ ਸਿਰਫ਼ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਕ ਨਹੀਂ ਸਗੋਂ ਇੱਕ ਪ੍ਰੇਰਕ ਅਧਿਆਪਕ ਵੀ ਸਨ। ਉਹ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬੀ ਭਾਸ਼ਾ ਅਤੇ ਗੁਰਮਤਿ ਸਾਹਿਤ ਨਾਲ ਜੋੜਨ ਲਈ ਖ਼ਾਸ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਦੇ ਸਨ।
ਸਾਹਿਤਕ ਯੋਗਦਾਨ ਡਾ. ਸੁਰੈਣ ਸਿੰਘ ਵਿਲਖੂ ਦੀਆਂ ਰਚਨਾਵਾਂ ਗੁਰਬਾਣੀ ਅਧਿਐਨ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬੀ ਆਧਿਆਤਮਿਕ ਸਾਹਿਤ ਵਿੱਚ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਮੰਨੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ। ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਸਭ ਤੋਂ ਮਸ਼ਹੂਰ ਕਿਤਾਬ:
* ਭਾਈ ਅੱਡਣ ਸ਼ਾਹ: ਜੀਵਨ ਤੇ ਰਚਨਾ
ਇਹ ਕਿਤਾਬ ਪੰਜਾਬੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਪਬਲੀਕੇਸ਼ਨ ਬਿਊਰੋ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬੀ ਲੇਖਕ ਲੜੀ ਅਧੀਨ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ਿਤ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਇਸ ਰਚਨਾ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਭਾਈ ਅੱਡਣ ਸ਼ਾਹ ਦੀ ਜੀਵਨੀ, ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ ਅਤੇ ਕਾਵਿ-ਯੋਗਦਾਨ ਦਾ ਵਿਸ਼ਲੇਸ਼ਣ ਕੀਤਾ।
ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਇਹਨਾਂ ਵਿਸ਼ਿਆਂ ਤੇ ਵੀ ਡੂੰਘਾ ਕੰਮ ਕੀਤਾ:
* ਗੁਰੂ ਅਮਰਦਾਸ ਜੀ ਦੀ ਬਾਣੀ
* ਭਗਤ ਨਾਮਦੇਵ ਜੀ ਦੀ ਬਾਣੀ
* ਨਿਰਗੁਣ ਭਗਤੀ ਕਾਵਿ
* ਗੁਰਮਤਿ ਕਾਵਿ
* ਗੁਰਬਾਣੀ ਮਿਥ ਅਧਿਐਨ
* ਪੰਜਾਬੀ ਭਗਤੀ ਸਾਹਿਤ ਦੀ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ
ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਲਿਖਤ ਦੀ ਖਾਸੀਅਤ ਇਹ ਸੀ ਕਿ ਉਹ ਗੰਭੀਰ ਵਿਸ਼ਿਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਸਧਾਰਣ ਅਤੇ ਸਪਸ਼ਟ ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕਰਦੇ ਸਨ। ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ ਅਤੇ ਖੋਜਕਾਰੀ ਮਹੱਤਤਾ ਡਾ. ਵਿਲਖੂ ਦੀਆਂ ਰਚਨਾਵਾਂ ਤੇ ਹੋਰ ਵਿਦਵਾਨਾਂ ਨੇ ਵੀ ਅਧਿਐਨ ਕੀਤਾ। ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ ਨੂੰ ਗੁਰਮਤਿ ਦਰਸ਼ਨ ਅਤੇ ਲੋਕਧਾਰਾ ਦੇ ਮਿਲਾਪ ਵਜੋਂ ਵੇਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਉਹ ਮੰਨਦੇ ਸਨ ਕਿ ਪੰਜਾਬੀ ਸਾਹਿਤ ਦਾ ਮੂਲ ਮਨੁੱਖਤਾ, ਸਮਾਨਤਾ ਅਤੇ ਆਤਮਿਕ ਚੇਤਨਾ ਵਿੱਚ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਅਧਿਐਨ ਅੱਜ ਵੀ ਖੋਜ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬੀ ਸਾਹਿਤ ਦੇ ਵਿਦਵਾਨਾਂ ਲਈ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਸਰੋਤ ਮੰਨੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਉਹ ਸਾਦਗੀਪਸੰਦ, ਅਧਿਐਨਸ਼ੀਲ ਅਤੇ ਸੰਤੁਲਿਤ ਵਿਚਾਰਾਂ ਵਾਲੇ ਵਿਅਕਤੀ ਮੰਨੇ ਜਾਂਦੇ ਸਨ। ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਕਿਤਾਬਾਂ ਨਾਲ ਡੂੰਘਾ ਪਿਆਰ ਸੀ ਅਤੇ ਉਹ ਆਪਣੀ ਵਿਦਵਤਾ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਬਹੁਤ ਨਿਮਰ ਸੁਭਾਵ ਦੇ ਸਨ। ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਦੀ ਪੱਕੀ ਤਾਰੀਖ ਸਰਵਜਨਕ ਤੌਰ ਤੇ ਉਪਲਬਧ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਪਰ ਪੰਜਾਬੀ ਸਾਹਿਤਕ ਅਤੇ ਅਕਾਦਮਿਕ ਵਰਗਾਂ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅੱਜ ਵੀ ਸਤਿਕਾਰ ਨਾਲ ਯਾਦ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਡਾ. ਸੁਰੈਣ ਸਿੰਘ ਵਿਲਖੂ ਨੇ ਪੰਜਾਬੀ ਸਾਹਿਤ ਅਤੇ ਗੁਰਮਤਿ ਅਧਿਐਨ ਨੂੰ ਜੋ ਯੋਗਦਾਨ ਦਿੱਤਾ, ਉਹ ਪੰਜਾਬੀ ਅਕਾਦਮਿਕ ਸੰਸਾਰ ਲਈ ਕੀਮਤੀ ਧਰੋਹਰ ਹੈ। ਧਾਰੀਵਾਲ ਅਤੇ ਡੱਡਵਾਂ ਖੇਤਰ ਦੇ ਲੋਕ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਇਲਾਕੇ ਦੀ ਬੌਧਿਕ ਪਹਿਚਾਣ ਵਜੋਂ ਮਾਣ ਨਾਲ ਯਾਦ ਕਰਦੇ ਹਨ। ਹਰਬੰਸ ਸਿਘ, ਸਲਾਹਕਾਰ* ਸਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਪੰਜਾਬ ਮਬਾਇਲ +91-80544-00953

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मोदी जी ने ये अपील की है यह बस यूं ही नहीं कि है।
मुझे लगता है यह अपील किसी बहुत बड़े इंटेलिजेंस अलर्ट के बाद की गई है।
मेरा तो अनुमान यह है कि फिलहाल अमेरिका ने ईरान मसले को इसलिए ठंडे बस्ते में डाला है क्योंकि अमेरिका के निशाने पर अब सबसे ऊपर भारत आ चुका है।
चूंकि
"दुश्मन का दुश्मन आपका दोस्त होता है।"
इसके अनुसार भारत को घेरने के मसले पर चीन और अमेरिका दोनों मिल चुके है।
और इसीलिए ट्रंप ने चीन की यात्रा की है।
बंगाल की जीत ने अमेरिका की सारी प्लानिंग ध्वस्त कर दी है।
यदि ममता साधारण से जनमत से भी जीत जाती तो अगले कुछ वर्षों में अमेरिका ममता के साथ खड़ा होकर बंगाल को काटने का काम कर डालता।
जिससे भारत का पूर्वोत्तर भी पूरा भारत से कट जाता।
इन्हीं कुछ इनपुट के चलते शायद मोदी जी ने भविष्य की रणनीति के अंतर्गत देश की जनता से सहयोग मांगा है।
वरना यह कोई संयोग नहीं है कि पूर्वोत्तर से CIA का जासूस का पकड़े जाना, ईरान युद्ध का अचानक रुक जाना।
रूस के गैस टैंकर को वापस लौटाना, और ट्रंप की चीन यात्रा।
इन सबके पीछे एक मात्र उद्देश्य है भारत की बरबादी और यह मोदी जी होने नहीं देंगे।
निकट भविष्य में भारत की दो सीमाएं सुलग सकती है।
इसलिए
मोदी जी के हर शब्द को सुनने के साथ उसमें छुपे निहितार्थ को समझने का प्रयास करे।
और सहयोग करे।
पैदल चलने की आदत डाल लें, सोना खरीदने के बजाय आपके पास जो सोना है उसे बैंक में जमा करवाएं।
एक माचिस की तीली भी विदेशी न खरीदें।
ऊर्जा की निर्भरता अधिक से अधिक सौर ऊर्जा पर शिफ्ट करें।
खाद्यान्न और तेल का कम से कम उपयोग करें।
रसोई गैस का कम उपयोग करे।
यह समझकर कि आप भी एक सैनिक है और राष्ट्र के लिए एक युद्ध लड़ रहे हैं।

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अलवर/मालाखेड़ा, 16 मई 2026। एक्शन प्लान के आदेश अनुसार बच्चों को सुरक्षित और जागरूक बनाने के उद्देश्य से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़ेर, मालाखेड़ा में नालसा योजना 2024 के तहत विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर के निर्देशन में आयोजित शिविर में मुख्य वक्ता सुरेन्द्र सिंह नरूका (पीएलवी) न्यायिक मुख्यालय मालाखेड़ा ने छात्र-छात्राओं को पोक्सो एक्ट 2009, गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा एवं बाल अधिकारों की महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम में करीब 310 लोगों ने भाग लिया। शिविर के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, नालसा हेल्पलाइन 15100 एवं निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देकर बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। उपस्थित विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने कार्यक्रम को बेहद उपयोगी बताया।

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अम्बेडकरनगर सूचना विभाग 16 मई 2026। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक में जिलाधिकारी महोदया द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में परिवहन कार्यालय, अम्बेडकर नगर में विद्यालय प्रबन्धकों /प्रधानाचार्यों / संचालकों एवं यातायात उप निरीक्षक की उपस्थिति में आज दिनांक 16.05.2026 (शनिवार) को बैठक कर सर्वप्रथम अनुरोध किया गया कि माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा दिये गये संदेश के क्रम में देशहित के दृष्टिगत वाहनों का प्रयोग कम से कम करें, यदि हो सके तो 'पब्लिक सर्विस वाहन' का प्रयोग करें, बहुत आवश्यक हो तभी अपने निजी वाहन का प्रयोग करें।
प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने एवं स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन प्रदान किये जाने हेतु विद्यालयों में संचालित / सम्बद्ध वाहनों के फिटनेस व अन्य प्रपत्रों (यथा-फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र एवं चालक का ड्राइविंग लाइसेंस आदि) के वैध होने की ही स्थिति में वाहन का संचालन मार्ग पर किया जाए। जिसके सम्बन्ध में जनपद स्तर पर पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस के द्वारा संयुक्त रूप से स्कूल चेकिंग अभियान चलाया गया। जिसमें परिवहन विभाग द्वारा 18 वाहनों का चालान एवं 02 वाहनों को निरुद्ध किया गया। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) महोदया द्वारा दिये गये निर्देश में पुनः संयुक्त स्कूल चेकिंग अभियान 11 मई से 25 मई तक किया जा रहा है। जिसमें 11 से 16 मई, 2026 तक परिवहन विभाग द्वारा 11 वाहनों का चालान एवं 03 वाहनों को निरुद्ध किया गया। निरुद्ध वाहनो के प्रपत्र वैध कराकर अवमुक्त किया गया।
जिलाधिकारी महोदया के द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में उक्त अभियान के तहत ही वाहन चालकों/परिचालकों के चरित्र सत्यापन हेतु विद्यालय प्रबन्धकों / संचालकों से अपेक्षा की गयी कि, विद्यालयों के वाहनों की सुरक्षा तथा वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु "मिशन भरोसा" के मॉडल तर्ज पर जनपद में स्कूली बच्चों से सम्बन्धित समस्त वाहनों के चालक एवं परिचालक के चरित्र का शत्-प्रतिशत सत्यापन करा लिया जाये। मीटिंग में आये हुए प्रबन्धकगण द्वारा अवगत कराया गया कि चरित्र सत्यापन हेतु वर्तमान में ऑनलाइन आवेदन किया जा रहा है। प्रबन्धकगण द्वारा अवगत कराया गया कि, चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र प्राप्त होते ही प्राप्त करा दिया जायेगा। अधोहस्ताक्षरी द्वारा निर्देशित किया गया कि 25.05.2026 तक हर हालत में परिवहन कार्यालय को उपलब्ध कराते हुए यातायात क्षेत्राधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। चरित्र सत्यापन के ऑनलाइन आवेदनों को निर्धारित अल्प समय में/ समयावधि में सत्यापित / अप्रूवल प्राथमिकता पर किए जाने हेतु सम्बन्धित विभाग से सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा अनुरोध किया गया। बैठक में ओंकार नाथ सिंह प्रदेश अध्यक्ष प्रांतीय विद्यालय प्रबन्धक महासंगठन, अमित कुमार वर्मा प्रदेश महासचिव, बब्लू मिश्र उर्फ अज्ञेय मिश्र प्रदेश मंत्री, नीरज कुमार यादव,अभिषेक सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

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प्रयागराज के नैनी में धू धू कर जल रहे मकान से बच्चों को बचाने की कोशिश में एक मां की जान चली गई। भीषण आग और धुएं के बीच वह लगभग आधे घंटे तक अपने तीन बच्चों को बचाने के लिए संघर्ष करती रही। तेजी से फैल रही आग के बीच उसने एक साल के मासूम को चादर में लपेटकर छत से सामने वाले पड़ोसियों के मकान की ओर बढ़ाया। पड़ोसियों ने किसी तरह हाथ बढ़ाकर बच्चे को सुरक्षित बचा लिया।

इसके बाद उसने अपनी छत से गली के उस पार सामने पड़ोसी की छत तक सीढ़ी लगाकर दो बेटियों को भी सुरक्षित बाहर निकाल दिया। हालांकि, इस दौरान वह खुद आग और धुएं के बीच फंसती चली गई। धुएं के कारण उसका दम घुटने लगा और देखते ही देखते वह आग की चपेट में आकर जिंदा जल गई।

दिल को झकझोर देने वाली ये घटना 12 मई को घटी। जहाँ प्रयागराज के नैनी में एक क्रॉकरी कारोबारी के घर में लगी भीषण आग के दौरान यह दर्दनाक हादसा हुआ था। शनिवार को बच्चों को बचाते हुए जिंदा जली मां की बहादुरी का वीडियो जब से सामने आया है लोग उस माँ को नमन कर उसकी बहादुरी की चर्चा कर रहे हैँ ।

नैनी बाजार के चैंपियन गली में स्थित एक मकान में तीन भाइयों का परिवार रहता है। परिवार की 'संजीवनी क्रॉकरी' नाम से दुकान है। दुकान के सामानों को रखने के लिए घर के फर्स्ट फ्लोर पर ही गोदाम बना हुआ है।

बताया जाता है की 12 मई की रात लगभग 9 बजे शार्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। लोग कुछ समझ पाते इसके पहले आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। चूंकि, घर की महिलाएं और बच्चे ऊपरी फ्लोर पर थे इसलिए वे कहीं निकल नहीं पाए और मकान मे ही फंस गए।

फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई लेकिन गली सकरी होने के कारण रेस्क्यू में देरी हो गई। नीचे से निकलने का कोई रास्ता नहीं होने पर सभी भागकर छत पर चढ़ गए।

संजीव केसरवानी की भाभी सरिता तो किसी तरह पहली मंजिल से कूद गईं लेकिन संजीव की पत्नी अर्चना,तीनों बच्चे और एक भतीजा मकान के ऊपर वाले फ्लोर पर ही फंस गए। आग फ़ैल रही थी जिस कारण धुआं बढ़ता जा रहा था। आग की तपिश और लपटें छत तक आना शुरू हो गई थीं लेकिन अर्चना ने हिम्मत नहीं हारी।

धू धू कर जल रहे घर के सामने ही lपड़ोसी का मकान था। छत पर पड़ोसी परिवार मदद के लिए पहुंचा था लेकिन किसी को कुछ सूझ नहीं रहा था। अर्चना ने सबसे पहले अपने एक साल के बच्चे को चादर में लपेटा और सामने पड़ोसियों की ओर उछाला। गली के सामने लगभग 12 फीट दूर छत पर खड़े पड़ोसियों ने बच्चे को पकड़ लिया। इस दौरान एक सीढ़ी मिल गई। सीढ़ी को सहारा बनाते हुए उसने अपनी 13 साल और 10 साल की बेटी को पड़ोसी की छत तक सुरक्षित भेजा। इसके बाद उसने अपने भतीजे लव को सीढ़ी से दूसरी ओर भेजा।

बच्चों को सुरक्षित करने की जद्दोजहद में आग पूरी तरह फैल चुकी थी। धुएं और आग की चपेट में अर्चना आ गई। देखते ही देखते आग की लपटों में घिरकर अर्चना बुरी तरह झुलस गई। उधर, फायर ब्रिगेड की टीम भी रेस्क्यू के लिए पहुंच गई।

आग की लपटों के बीच से अर्चना को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अर्चना ने अपनी 13 साल की बेटी को सीढ़ियों के सहारे बचा लिया था लेकिन इस दौरान वह भी झुलस गई थी। उसे भी आईसीयू में भर्ती कराया गया है। जबकि छत से कूदने वाली भाभी सरिता के पैर में फ्रैक्चर हुआ है।

क्रॉकरी कारोबारी के मकान में लगी आग इतनी भीषण थी कि 12 फायर ब्रिगेड गाड़ियां तड़के 4 बजे तक बुझाती रहीं। रेस्क्यू टीम के अनुसार, गली सकरी होने की वजह से आग पर काबू पाने में दिक्कतें हुई। आग के फैलने का भी डर था।

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डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत कैसे तय होती है?

जब हम कहते हैं कि 1 डॉलर = 83 रुपये या 1 डॉलर = 85 रुपये, तो इसका मतलब होता है कि एक अमेरिकी डॉलर खरीदने के लिए हमें कितने भारतीय रुपये देने पड़ेंगे। इसे ही डॉलर-रुपया विनिमय दर या Exchange Rate कहा जाता है।

भारत में डॉलर की कीमत कोई एक व्यक्ति, दुकान या सरकार रोज बैठकर तय नहीं करती। यह कीमत मुख्य रूप से बाज़ार में डॉलर की माँग और सप्लाई से तय होती है। भारत का सिस्टम आम तौर पर managed floating exchange rate माना जाता है, यानी रेट बाजार से तय होता है, लेकिन बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव हो तो RBI दखल दे सकता है। भारत में 1993 से रुपये की विनिमय दर को बाजार-आधारित व्यवस्था की ओर लाया गया था।

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1. सबसे पहले समझिए: डॉलर की जरूरत किसे पड़ती है?

भारत में डॉलर की मांग कई कारणों से होती है:

1. आयात करने वालों को
भारत जब विदेश से कच्चा तेल, सोना, मशीनें, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयों का कच्चा माल आदि खरीदता है, तो ज्यादातर भुगतान डॉलर में करना पड़ता है। इसलिए आयातक रुपये देकर डॉलर खरीदते हैं।

2. विदेश यात्रा और पढ़ाई के लिए
जो लोग अमेरिका या दूसरे देशों में पढ़ाई, इलाज, यात्रा या फीस के लिए पैसा भेजते हैं, उन्हें डॉलर या विदेशी मुद्रा चाहिए होती है।

3. विदेशी कर्ज चुकाने के लिए
कई कंपनियों ने डॉलर में कर्ज लिया होता है। जब वे कर्ज या ब्याज चुकाती हैं, तो उन्हें डॉलर खरीदना पड़ता है।

4. निवेश निकालने पर
जब विदेशी निवेशक भारत के शेयर बाजार या बॉन्ड बाजार से पैसा निकालते हैं, तो वे रुपये को डॉलर में बदलकर वापस ले जाते हैं।

यानी जब डॉलर की मांग बढ़ती है, तो डॉलर महंगा हो सकता है और रुपया कमजोर हो सकता है।

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2. डॉलर भारत में आता कहाँ से है?

भारत में डॉलर आने के भी कई रास्ते हैं:

1. निर्यात से
जब भारत विदेशों को सामान या सेवाएँ बेचता हैजैसे सॉफ्टवेयर, दवाइयाँ, कपड़े, इंजीनियरिंग सामानतो विदेश से डॉलर आते हैं।

2. IT और सर्विस सेक्टर से
भारत की IT कंपनियाँ विदेशी ग्राहकों से कमाई करती हैं। यह कमाई अक्सर डॉलर में होती है।

3. NRI द्वारा भेजा गया पैसा
विदेशों में रहने वाले भारतीय जब अपने परिवार को पैसा भेजते हैं, तो देश में विदेशी मुद्रा आती है।

4. विदेशी निवेश से
जब विदेशी निवेशक भारत में शेयर, बॉन्ड, कंपनी या प्रोजेक्ट में पैसा लगाते हैं, तो डॉलर भारत में आते हैं।

अगर देश में डॉलर की सप्लाई ज्यादा हो जाए, तो डॉलर सस्ता हो सकता है और रुपया मजबूत हो सकता है।

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3. मांग और सप्लाई से रेट कैसे बदलता है?

इसे बहुत आसान उदाहरण से समझिए।

मान लीजिए बाजार में डॉलर कम हैं, लेकिन खरीदने वाले लोग बहुत ज्यादा हैं। ऐसे में डॉलर की कीमत बढ़ जाएगी।

जैसे:

पहले:
1 डॉलर = 83 रुपये

डॉलर की मांग बढ़ी:
1 डॉलर = 85 रुपये

इसका मतलब है कि अब वही 1 डॉलर खरीदने के लिए 83 की जगह 85 रुपये देने पड़ रहे हैं। इसे कहते हैं रुपये का कमजोर होना।

अब उल्टा सोचिए। अगर भारत में डॉलर ज्यादा आ रहे हैं और डॉलर खरीदने वाले कम हैं, तो डॉलर सस्ता हो सकता है।

पहले:
1 डॉलर = 85 रुपये

डॉलर की सप्लाई बढ़ी:
1 डॉलर = 83 रुपये

इसका मतलब है कि अब डॉलर खरीदने के लिए कम रुपये देने पड़ रहे हैं। इसे कहते हैं रुपये का मजबूत होना।

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4. रुपया कमजोर कब होता है?

रुपया कमजोर होने का मतलब है कि डॉलर महंगा हो गया।

रुपया कमजोर होने के मुख्य कारण:

1. भारत का आयात ज्यादा होना
भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है। अगर तेल महंगा हो जाए या भारत ज्यादा तेल खरीदे, तो डॉलर की मांग बढ़ती है।

2. विदेशी निवेशक पैसा निकालें
अगर विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकालकर अमेरिका या दूसरे देशों में ले जाएँ, तो वे रुपये बेचकर डॉलर खरीदते हैं। इससे डॉलर महंगा हो सकता है।

3. अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ना
अगर अमेरिका में ब्याज दरें ज्यादा आकर्षक हों, तो निवेशक भारत जैसे देशों से पैसा निकालकर अमेरिका में लगा सकते हैं। इससे डॉलर की मांग बढ़ती है।

4. व्यापार घाटा बढ़ना
अगर भारत विदेशों से ज्यादा खरीद रहा है और विदेशों को कम बेच रहा है, तो डॉलर देश से ज्यादा बाहर जाता है।

5. वैश्विक डर या युद्ध जैसी स्थिति
जब दुनिया में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक अक्सर डॉलर को सुरक्षित मुद्रा मानकर डॉलर खरीदते हैं। इससे डॉलर मजबूत हो जाता है।

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5. रुपया मजबूत कब होता है?

रुपया मजबूत होने का मतलब है कि डॉलर सस्ता हो गया।

रुपया मजबूत होने के कारण:

1. भारत में विदेशी निवेश बढ़े
अगर विदेशी निवेशक भारत में पैसा लगाएँ, तो डॉलर भारत में आते हैं।

2. निर्यात बढ़े
अगर भारत विदेशों को ज्यादा सामान और सेवाएँ बेचता है, तो देश में डॉलर की आमद बढ़ती है।

3. NRI ज्यादा पैसा भेजें
विदेश में रहने वाले भारतीय जब ज्यादा पैसा भारत भेजते हैं, तो डॉलर की सप्लाई बढ़ती है।

4. कच्चे तेल की कीमत कम हो
तेल सस्ता होने पर भारत को आयात के लिए कम डॉलर खर्च करने पड़ते हैं।

5. भारत की अर्थव्यवस्था पर भरोसा बढ़े
अगर निवेशकों को लगे कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है, तो वे भारत में पैसा लगाते हैं।

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6. क्या RBI डॉलर-रुपया रेट तय करता है?

RBI सीधे यह नहीं कहता कि आज 1 डॉलर 83 रुपये ही रहेगा या 85 रुपये ही रहेगा। बाजार में मांग और सप्लाई से रेट बनता है। लेकिन RBI बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव रोकने के लिए दखल दे सकता है। हाल के बयानों में भी RBI पक्ष ने कहा है कि रुपये की कीमत बाजार की ताकतों से तय होती है और RBI किसी खास स्तर को लक्ष्य नहीं बनाता।

RBI के पास विदेशी मुद्रा भंडार होता है। जरूरत पड़ने पर RBI बाजार में डॉलर बेच या खरीद सकता है।

अगर डॉलर बहुत तेजी से महंगा हो रहा हो:
RBI अपने भंडार से डॉलर बेच सकता है। इससे बाजार में डॉलर की सप्लाई बढ़ती है और डॉलर की तेजी कम हो सकती है।

अगर डॉलर बहुत तेजी से सस्ता हो रहा हो:
RBI डॉलर खरीद सकता है। इससे बाजार से डॉलर कम होते हैं और रुपये की बहुत तेज मजबूती को रोका जा सकता है।

इसलिए कहा जाता है कि भारत में रेट पूरी तरह फिक्स भी नहीं है और पूरी तरह खुला भी नहीं छोड़ा गया। यह बाजार से तय होता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर RBI स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करता है।

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7. बैंक और मनी एक्सचेंजर अलग-अलग रेट क्यों बताते हैं?

आपने देखा होगा कि गूगल पर डॉलर का एक रेट दिखता है, बैंक में दूसरा और मनी एक्सचेंजर के पास तीसरा।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि:

1. इंटरबैंक रेट अलग होता है
बड़े बैंक आपस में जिस रेट पर डॉलर खरीदते-बेचते हैं, उसे इंटरबैंक रेट कहा जाता है।

2. ग्राहक रेट में मार्जिन जुड़ा होता है
जब आम आदमी बैंक या मनी एक्सचेंजर से डॉलर खरीदता है, तो उसमें बैंक का मार्जिन, शुल्क और सर्विस चार्ज जुड़ सकता है।

3. खरीदने और बेचने का रेट अलग होता है
बैंक डॉलर खरीदने का रेट अलग रखता है और डॉलर बेचने का रेट अलग। इसी अंतर से बैंक या एक्सचेंजर कमाई करता है।

उदाहरण:

बैंक आपसे डॉलर खरीद सकता है:
1 डॉलर = 83 रुपये

लेकिन आपको डॉलर बेच सकता है:
1 डॉलर = 84 रुपये

यह अंतर बैंक का मार्जिन हो सकता है।

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8. डॉलर महंगा होने से आम आदमी पर क्या असर पड़ता है?

डॉलर महंगा होने का असर आम लोगों तक भी पहुँचता है।

1. पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है
भारत कच्चा तेल आयात करता है। तेल का भुगतान डॉलर में होता है। डॉलर महंगा होगा तो आयात महंगा हो सकता है।

2. विदेशी सामान महंगे हो सकते हैं
मोबाइल, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स, मशीनें और कई कच्चे माल महंगे हो सकते हैं।

3. विदेश में पढ़ाई महंगी हो जाती है
फीस, रहने का खर्च और यात्रा खर्च रुपये में ज्यादा लगने लगता है।

4. महंगाई बढ़ सकती है
अगर आयातित चीजें महंगी होती हैं, तो उनका असर बाजार की कीमतों पर पड़ सकता है।

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9. डॉलर महंगा होने से किसे फायदा हो सकता है?

डॉलर महंगा होना सभी के लिए नुकसानदायक नहीं होता। कुछ लोगों और कंपनियों को फायदा भी हो सकता है।

1. निर्यातकों को फायदा
जो कंपनियाँ विदेश में सामान या सेवाएँ बेचती हैं, उन्हें डॉलर में भुगतान मिलता है। डॉलर महंगा होने पर वे डॉलर को रुपये में बदलकर ज्यादा रुपये पा सकती हैं।

2. IT कंपनियों को फायदा
कई IT कंपनियाँ विदेशों से डॉलर में कमाई करती हैं। डॉलर मजबूत होने पर उनकी रुपये में कमाई बढ़ सकती है।

3. विदेश से पैसा भेजने वालों के परिवार को फायदा
अगर NRI भारत में पैसा भेजते हैं, तो डॉलर महंगा होने पर उनके परिवार को ज्यादा रुपये मिलते हैं।

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10. एक छोटा उदाहरण

मान लीजिए भारत को अमेरिका से मशीन खरीदनी है, जिसकी कीमत है:

1000 डॉलर

अगर रेट है:

1 डॉलर = 80 रुपये

तो मशीन की कीमत होगी:

1000 80 = 80,000 रुपये

अब अगर डॉलर महंगा होकर हो जाए:

1 डॉलर = 85 रुपये

तो वही मशीन होगी:

1000 85 = 85,000 रुपये

यानी डॉलर महंगा होने से आयातित चीज की कीमत 5,000 रुपये बढ़ गई।

इसीलिए डॉलर-रुपया रेट देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और आम आदमी की जेब पर असर डालता है।

---

11. क्या रुपया कमजोर होना हमेशा बुरा है?

नहीं, हमेशा नहीं।

रुपया कमजोर होने से आयात महंगे होते हैं, जिससे महंगाई बढ़ सकती है। लेकिन इससे निर्यातकों को फायदा हो सकता है क्योंकि उन्हें डॉलर की कमाई के बदले ज्यादा रुपये मिलते हैं।

इसी तरह रुपया बहुत ज्यादा मजबूत हो जाए तो आयात सस्ते हो सकते हैं, लेकिन निर्यातकों को नुकसान हो सकता है क्योंकि उनकी कमाई रुपये में घट सकती है।

इसलिए किसी भी देश के लिए बहुत ज्यादा तेजी से मुद्रा का कमजोर या मजबूत होना ठीक नहीं माना जाता। स्थिरता ज्यादा जरूरी होती है।

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निष्कर्ष

डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत मुख्य रूप से बाजार में डॉलर की मांग और सप्लाई से तय होती है। जब डॉलर की मांग बढ़ती है, तो डॉलर महंगा और रुपया कमजोर होता है। जब डॉलर की सप्लाई बढ़ती है, तो डॉलर सस्ता और रुपया मजबूत हो सकता है।

RBI रोज बैठकर डॉलर का भाव फिक्स नहीं करता, लेकिन अगर बाजार में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव हो तो RBI डॉलर खरीदकर या बेचकर स्थिरता लाने की कोशिश कर सकता है। इसलिए भारत में डॉलर-रुपया रेट को समझने के लिए तीन बातें याद रखनी चाहिए:

मांग बढ़ेगी तो डॉलर महंगा होगा।
सप्लाई बढ़ेगी तो डॉलर सस्ता होगा।
बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव हो तो RBI दखल दे सकता है।

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देवास जिले की टोंकखुर्द तहसील के ग्राम टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुई विस्फोट एवं आगजनी की घटना के मामले में पुलिस एवं राजस्व विभाग के चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।



गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सोनकच्छ, जिला देवास की अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सुश्री दीपा मांडे को निलंबित किया गया है। वहीं संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह द्वारा टोंकखुर्द के एसडीएम श्री संजीव सक्सेना तथा टप्पा चिडावद के नायब तहसीलदार श्री रवि शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।



इसके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवास द्वारा टोंककला चौकी प्रभारी सुश्री रणदीप डुंडल के विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।



RM : https://bit.ly/4uSX0HF



#MadhyaPradesh #Dewas #JansamparkMP

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वाराणसी। वाराणसी के ऐतिहासिक और व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दालमंडी क्षेत्र में इस समय सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। घनी आबादी, संकरे मार्गों और धार्मिक-सांस्कृतिक संवेदनशीलता को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा ने दालमंडी और थाना क्षेत्र चौक के प्रभावित इलाकों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया।

वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य के कारण मार्ग परिवर्तन (डायवर्जन) और अस्थायी अवरोधों से आमजन को परेशानी न हो और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहे, इसी उद्देश्य से यह औचक निरीक्षण किया गया।

अपर पुलिस आयुक्त ने पैदल घूमकर परखा सुरक्षा ताना-बानानिरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा ने संपूर्ण चौड़ीकरण क्षेत्र का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने निर्माणाधीन स्थलों, संकरी गलियों, प्रमुख बाजारों, चौराहों, मंदिर-मस्जिद के आसपास के क्षेत्रों, पार्किंग स्थलों और यातायात डायवर्जन बिंदुओं का बारीकी से अवलोकन किया।

इस दौरान काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (DCP) श्री गौरव बंशवाल और सहायक पुलिस आयुक्त (ACP दशाश्वमेध) श्री अतुल अंजान त्रिपाठी सहित संबंधित थाना व चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

समीक्षा के बाद अधिकारियों को मिले ये सख्त निर्देश
अपर पुलिस आयुक्त ने निरीक्षण के बाद कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और जन-सुरक्षा को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए, जिन्हें प्रमुख बिंदुओं में नीचे समझा जा सकता है:

1. निर्माण स्थलों पर त्रिस्तरीय बैरिकेडिंग अनिवार्यसभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। सुरक्षा के लिहाज से वहां लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर युक्त टेप और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।

कार्यस्थल के चारों तरफ "प्रवेश निषेध" और "सावधान, कार्य प्रगति पर है" के सूचना पट्ट लगाए जाएं। सड़क पर मलबा फैलने से रोकने के लिए निर्धारित स्थल पर ही डंपिंग सुनिश्चित हो।

2. रात्रिकालीन सुरक्षा और विद्युत सेफ्टी
निर्माण क्षेत्रों और डायवर्जन पॉइंट्स पर पर्याप्त हाई-मास्ट और फोकस लाइट की व्यवस्था हो।

खुले बिजली के तारों, अस्थायी कनेक्शनों और जनरेटर सेट की सुरक्षा की नियमित जांच की जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो।

3. पैदल यात्रियों और वृद्धों के लिए विशेष कॉरिडोर
आम जनता के आवागमन के लिए सुरक्षित अस्थायी कॉरिडोर विकसित किया जाए।

संकरे रास्तों पर वृद्धों, महिलाओं और बच्चों की सुविधा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। भीड़ बढ़ने पर रस्सी या बैरिकेड से वाहन और पैदल मार्ग को अलग किया जाएगा।आम जनता के आवागमन के लिए सुरक्षित अस्थायी कॉरिडोर विकसित किया जाए।

संकरे रास्तों पर वृद्धों, महिलाओं और बच्चों की सुविधा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। भीड़ बढ़ने पर रस्सी या बैरिकेड से वाहन और पैदल मार्ग को अलग किया जाएगा।

4. धार्मिक स्थलों पर मुस्तैदी और सादे कपड़ों में पुलिस
बाजार खुलने और बंद होने के समय विशेष ड्यूटी प्लान लागू होगा। धार्मिक स्थलों के पास, विशेषकर जुमे की नमाज या विशेष आयोजनों पर अतिरिक्त बल तैनात रहेगा।

जेब कतरी और चोरी जैसी आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। अवैध अतिक्रमण और ठेला-फेरी वालों को तत्काल हटाया जाएगा।

5. 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेगी QRT (Quick Response Team)
एम्बुलेंस और अग्निशमन (Fire Brigade) जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग पहले से चिन्हित कर प्रदर्शित किए जाएंगे।

थाना स्तर पर एक क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को 247 अलर्ट मोड पर रखने का निर्देश दिया गया है।घंटे अलर्ट मोड पर रहेगी QRT (Quick Response Team)
एम्बुलेंस और अग्निशमन (Fire Brigade) जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग पहले से चिन्हित कर प्रदर्शित किए जाएंगे।

थाना स्तर पर एक क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को 247 अलर्ट मोड पर रखने का निर्देश दिया गया है।

6. सीसीटीवी से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और अफवाहों पर विधिक कार्रवाई
संवेदनशील स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की दैनिक जांच होगी। जिन क्षेत्रों में विजिबिलिटी कम है, वहां अस्थायी या मोबाइल कैमरे लगाए जाएंगे।

सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक या उत्तेजक सूचनाओं की सतत निगरानी होगी। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल विधिक कार्रवाई की जाएगी और आधिकारिक हैंडल से सच्चाई सामने रखी जाएगी।

अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा का संदेश:

"विकास कार्य देश और शहर की प्रगति के लिए आवश्यक हैं, लेकिन इस दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहनी चाहिए। पुलिस प्रशासन आमजन को होने वाली असुविधा को न्यूनतम करने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें, किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त जवाबदेही तय की जाएगी।"

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*श्रीरामपूर शहरातील नामदेव महाराज मंदिरात पारायण सोहळा*

श्रीरामपूर (*शिवप्रहार न्यूज/प्रतिनिधी*) येथील श्री.विठ्ठल नामदेव महाराज मंदिरात रविवार दिनांक 17 ते दिनांक 24 अधिक मासानिमित्त ग्रंथराज ज्ञानेश्वरी पारायण सोहळा संपन्न होणार आहे.ह. भ. प. गोपाल महाराज कावले यांच्या मार्गदर्शनाखाली व्यासपीठ नेतृत्व होणार आहे.तरी या पारायण सोहळ्यास भाविकांनी उपस्थित राहावे असे आवाहन अध्यात्म महिला स्वाध्याय मंडळ यांनी केले.
दररोज पारायण वेळ सकाळी 9 ते 12 व हरिपाठ,सायं. सहा वा.होणार आहे.या पारायणाची सांगता रविवार दिनांक 24-5-26 रोजी ह.भ.प.श्री.सोमनाथ महाराज गडाख,आळंदी देवाची यांच्या सुश्राव्य अशा कीर्तनाने सकाळी दहा वाजता संपन्न होणार आहे. तरी भक्तांनी या संधीचा लाभ घ्यावा हे निमंत्रण अध्यात्म महिला स्वाध्याय मंडळ व संत नामदेव शिंपी समाज पंच मंडळ,श्रीरामपूर यांनी जाहीर केले आहे.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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#भूम शहरातून अत्यंत निंदनीय महाराष्ट्राला हादरा देणारी घटना घडली. काही समाजकंटकांनी मनुवादी प्रवृत्तीच्या आई घाल्या लोकांनी अंधारात भीमसैनिकांवर आणि महिलेवर भ्याड हल्ला केला आहे.

हे मनुवादी भाडखाउ एवढ्यावरच न थांबता,गावातील भीम नगर परिसर आणि पवित्र बुद्ध विहारावर जोरदार दगडफेक करून अनेक बौद्ध लोकांना जखमी केले.आपली लोकसंख्या तिथे कमी असल्याचा गैरफायदा घेत,हे भाडखाउ समाजकंटक मोठ्या संख्येने एकत्र आले आणि त्यांनी संपूर्ण समाजाला व महिलांना टार्गेट करत मारहाण केली.ही अत्यंत गंभीर घटना आहे तात्काळ पोलीस प्रशासनाने या घटनेची चौकशी करून सर्व मनुवादी आरोपी अटक केले पाहिजे नाहीतर याचा परिणाम संपूर्ण महाराष्ट्रभर उमटल्याशिवाय राहणार नाही हाच इशारा देतो. बौद्ध वस्तीवर हल्ला केला याचा मास्टर माईंड कोण आहे सगळा शोध लागला पाहिजे बुद्ध विहारावर दगडफेक करणाऱ्या अवलादी. ताब्यात घेऊन त्यांची दिंड काढली पाहिजे नाहीतर.इटका जवाब पत्थर से देंगे. हाच इशारा देतो या घटनेचा जाहीर निषेध करतो.!!
सर्व आरोपी 24 तासाच्या आत अटक करा...

*सम्राट अशोक सेना महाराष्ट्र राज्य*
आकाश दादा शिरसाट

*Devashish Govind Tokekar*
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RNI:- MPBIL/25/A1465
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Nagpur*
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RNI NO : DELHIN/2005/15378
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*INDIAN PRESS UNION*
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गया/रफीगंज: गया–रफीगंज मुख्य सड़क की हालत दिनों-दिन बिगड़ती जा रही है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, टूटी हुई परत और जलजमाव के कारण आम लोगों को चलने में कष्ट हो रहा है। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की है, लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों और खराब सड़क की वजह से रोजाना छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं। हाल ही में एक भीषण सड़क दुर्घटना में कई लोगों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हैं, जिसने इलाके को झकझोर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सड़क की उपेक्षा पर चिंता जताई है और जिम्मेदार विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं। लोग तत्काल मरम्मत और मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

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Jila Gazipur UP . भांवरकोल थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा मसौनी (मरईला) में शनिवार को ग्रामीणों ने एक संदिग्ध महिंद्रा पिकअप UP 60 T 8114 वाहन को रोक लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि वाहन में गोवंश ले जाए जा रहे थे।
ग्रामीणों के अनुसार, जैसे ही वाहन को रोककर डायल 112 पर सूचना दी गई, चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि वाहन मालिक राधेश्याम राजभर पुत्र सूरज राजभर निवासी मरईला हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि वाहन अक्सर उनके दरवाजे पर खड़ा रहता है।
राजेश राजभर ने बताया कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि वाहन किसके नाम पर पंजीकृत है, लेकिन गांव में यह चर्चा है कि उस वाहन का उपयोग गौकशी से जुड़े कार्यों में किया जाता है।
सूचना मिलने पर डायल 112 करमुद्दीनपुर की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस के भांवरकोल थाना को सूचना दी गई, लेकिन लगभग चार घंटे बाद थाना से दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।

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सराईपाली : प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार पेट्रोल और डीजल में मूल्य वृद्धि के विरोध में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शन में सराईपाली की लोकप्रिय विधायक श्रीमती चातुरी नंद जी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। प्रदर्शन पुराना सरकारी अस्पताल के पास पेट्रोल पंप सराईपाली में 17 मई 2026 रविवार को संध्या 5 बजे शुरू होगा।

महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी के अंतर्गत जिला कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के अध्यक्ष और पदाधिकारी, मंडल, सेक्टर एवं बूथ स्तर के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधि, युवक कांग्रेस और NSUI के सभी कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आग्रह किया गया है। कमल अग्रवाल, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सराईपाली (शहर) ने गरिमामयी उपस्थिति और सक्रिय सहभागिता की अपेक्षा जताई है।

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Opening Hook:
Birmingham के Edgbaston में Rains और Drama का डबल Dose रहा, जहाँ Glamorgan के Seamers ने Warwickshire के Batsmen को अपनी Balls पर नचाया और एक Damp Pitch पर गदर मचा दिया। Match का दूसरा दिन Glamorgan के नाम रहा, जहाँ उन्होंने अपनी Bowling से Match पर पूरी तरह Control हासिल कर लिया।

The Inner Story / Asli Maajra:
Glamorgan ने अपनी पहली Innings 341 for 8 से शुरू की और कुल 360 Runs बनाकर All Out हो गए। Oliver Hannon-Dalby ने शानदार Bowling करते हुए 5 for 53 Wickets लिए, जो उनके Career का 17th Five-Wicket Haul था। Glamorgan के लिए Kellaway ने 139 Runs और Carlson ने 85 Runs की Key Innings खेली, जिसकी बदौलत टीम एक Respective Total तक पहुँच सकी। Mason Crane और Tom Norton ने Ninth-Wicket के लिए 46 Runs की Partnership की, जो Team के लिए बेहद Crucial साबित हुई। Hannon-Dalby की एक Brilliant Delivery ने Crane का Off Stump उड़ाया और फिर Ryan Hadley को Out करके उन्होंने अपने Five-Wicket Haul को Complete किया।

इसके बाद, Warwickshire की Batting शुरू हुई लेकिन उन्हें शुरुआत से ही संघर्ष करना पड़ा। Rains की वजह से Play बार-बार Interrupt हुआ। Timm van der Gugten और Zain-ul-Hassan की जोड़ी ने Damp Conditions का पूरा फायदा उठाया। Openers Alex Davies और Rob Yates ने 27 Runs जोड़े, लेकिन Zain ने Yates को LBW कर दिया। Davies ने कुछ शानदार Shots लगाए, लेकिन Zain की Ball पर वे Sean Dickson को Gully पर Catch दे बैठे। Dan Mousley और Sam Hain ने 35 Runs की Partnership की, पर दोनों ने ही Injudicious Leaves की वजह से Wickets गंवाए। Mousley का Off Stump Norton ने उड़ाया, और Hain, van der Gugten की Ball पर LBW हुए। दिन के अंत तक, Warwickshire 123 for 6 पर थी और Glamorgan की 237 Runs की Lead अभी भी बाकी थी। Timm van der Gugten ने Ed Barnard को और Zen Malik को Ryan Hadley ने Out किया। Glamorgan के Seamers तीसरे दिन Warwickshire के Lower Order पर फिर से Attack करने के लिए तैयार हैं।

Analysis & Numbers:
- Glamorgan का Total 360 Runs, जिसमें Kellaway के 139 Runs और Carlson के 85 Runs का बड़ा योगदान।
- Oliver Hannon-Dalby का Bowling Figure: 5 for 53 Runs, जो इस Season में उनका दूसरा Consecutive Five-Wicket Haul है।
- Warwickshire का Score 123 for 6, अभी भी Glamorgan से 237 Runs पीछे।
- Glamorgan के Seamers Timm van der Gugten (2 for 21) और Zain-ul-Hassan (2 for 41) ने Conditions का बखूबी फायदा उठाया।
- Rains के कारण लगभग 25 Overs का Play Miss हुआ, जिससे Match और भी Compelling बन गया।

The Guru Gyan Verdict:
Edgbaston में Glamorgan ने अपनी Dominance का लोहा मनवाया है। Oliver Hannon-Dalby का Masterclass और Seamers का Prolific Spell, Warwickshire के लिए एक Gamechanger साबित हुआ है। Rains ने Match में Interruptions तो पैदा किए, लेकिन Glamorgan की Command इससे कम नहीं हुई। Warwickshire को अगर इस Match में वापसी करनी है, तो उन्हें एक Unfiltered Effort और Extraordinary Performance देनी होगी, वरना यह Match Glamorgan की मुट्ठी में जाता दिख रहा है।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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सदर: मनपा शाला, बिजली नगर रोड पर दो दिवसीय एस आई आर मैपिंग शिविर आज और कल के लिए आयोजित किया गया है, जिसमें मतदाताओं ने अच्छा प्रतिसाद दिया। सभी बी एल ओ और बूथ प्रमुखों ने संयुक्त प्रयास किया।

भाजपा शहर उपाध्यक्ष संजय बगाले और मनपा उपायुक्त राजकुमार मेश्राम ने शिविर का दौरा कर टीम वर्क की प्रशंसा की। इस शिविर का नेतृत्व नगर सेविका माधुरी टेकाम फुलसुन्गे ने किया। इसके अतिरिक्त, लक्ष्मीकांत दादुरिया, ललित फुलसुगे, अजय जी मुखर्जी, मनोज केसरवानी, श्रीकांत दुर्गेकर, धनंजय मदने, अरूण जैन, संदीप सोनी, मुकेश मिश्रा, कांति शर्मा, संगीता जैसवाल, नीरज अग्रवाल, संजय हारोडे सहित अन्य ने भी अथक प्रयास किया।

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Delhi Capitals vs Rajasthan Royals Prediction Today: Indian Premier League 2026 T20 Match Analysis

The Indian Premier League 2026 is heating up, and as we approach the business end of the tournament, every fixture carries immense significance. On May 17th at 19:30, two powerhouses, Delhi Capitals (DC) and Rajasthan Royals (RR), are set to clash in what promises to be a compelling T20 encounter. This match is not just about two points; it's about momentum, strategic supremacy, and staking a claim for the playoff spots. Fans and analysts alike will be keenly watching to see who comes out on top in this high-stakes battle.

### Match Context

As the Indian Premier League 2026 season progresses towards its climax, matches like this one between Delhi Capitals and Rajasthan Royals become pivotal. Both teams are generally known for their aggressive brand of cricket, and their rivalry often produces thrilling contests. In a format where margins are fine, a victory here could significantly bolster a team's confidence and net run rate, crucial factors in determining final league standings. The pressure to perform will be immense, driving tactical decisions and individual player performances.

### Tactical Analysis

The T20 format demands dynamic strategies across all three phases of an innings. In the powerplay, Delhi Capitals will likely aim to maximize runs with their top order, deploying attacking batsmen who can hit through the line. Simultaneously, their new-ball bowlers will be tasked with hunting early wickets to destabilize Rajasthan Royals' strong batting unit. RR, conversely, will look to counter with calculated aggression, ensuring they don't lose too many wickets while keeping the scoreboard ticking.

The middle overs (overs 7-15) are often where games are won or lost. DC's strategy might revolve around their spin options to control the scoring rate and pick up breakthroughs, alongside pace variations. For Rajasthan Royals, maintaining a healthy run rate through smart rotation of strike and occasional boundary hitting will be key, potentially deploying a strong overseas all-rounder to manage this phase. Death bowling (overs 16-20) will be critical for both sides. The ability to execute yorkers, slower balls, and wide deliveries under pressure, coupled with smart field placements, will define which team restricts the other effectively or maximizes their own batting output.

### Team Comparison

Analyzing the general composition of both squads in the Indian Premier League, Delhi Capitals typically boasts a strong Indian core, often featuring an explosive top order and versatile all-rounders. Their batting depth can be a significant asset, allowing them to recover from early setbacks or accelerate late in the innings. On the bowling front, DC often fields a mix of express pace and clever spin, capable of taking wickets at various stages.

Rajasthan Royals, on the other hand, frequently builds its team around a few international stalwarts and promising domestic talent, particularly strong in their top order and often possessing a potent spin attack that can choke opposition batsmen in the middle overs. Their fielding unit often adds an extra dimension, saving crucial runs and creating pressure. The tactical matchup between DC's potential all-round strength and RR's star-studded core makes for an intriguing contest.

### Data-Driven Prediction

While specific performance data for IPL 2026 players isn't available, historical trends in T20 cricket highlight certain principles. Teams with a higher boundary percentage, better strike rates across their top seven batsmen, and bowlers who can deliver economical overs while also picking up wickets, typically emerge victorious. The Delhi Capitals vs Rajasthan Royals prediction hinges on which team can execute these fundamentals more consistently.

A crucial factor often is the performance of key players under pressure. Look for which team's designated finishers in batting can provide late impetus, and which side's death bowlers can effectively shut down opponents. The team that manages to dominate at least two out of the three phases (powerplay, middle overs, death overs) usually holds a significant advantage. The data often points towards the side that minimizes extras and capitalizes on every scoring opportunity. This Delhi Capitals vs Rajasthan Royals today match prediction takes into account the general strengths these franchises are known to possess.

### Final Verdict

Considering the potential strengths and typical playing styles, this Indian Premier League 2026 T20 match analysis suggests a closely fought contest. Both Delhi Capitals and Rajasthan Royals possess match-winners capable of turning the tide single-handedly. However, factoring in the potential for a slightly more balanced attack across all departments and a historically strong top-order foundation, Rajasthan Royals appears to be slightly better placed to clinch a victory in this encounter. While Delhi Capitals will undoubtedly push hard, RR's overall cohesion and strategic depth might just give them the edge. Who will win today: Delhi Capitals or Rajasthan Royals? Our analysis leans towards the Royals securing the points.

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Punjab Kings vs Royal Challengers Bengaluru Prediction: Indian Premier League 2026 T20 Match Analysis

The Indian Premier League 2026 continues to deliver high-octane cricket, and the upcoming clash on May 17th at 15:30 IST promises another enthralling encounter as Punjab Kings (PBKS) take on Royal Challengers Bengaluru (RCB). This fixture pits two teams with distinct strengths and a shared ambition for dominance, making the Punjab Kings vs Royal Challengers Bengaluru prediction a keenly debated topic among analysts and fans alike.

### Match Context

The Indian Premier League is a marathon, not a sprint, and every T20 match holds significant weight in the race for playoff berths. Teams are constantly refining their strategies, assessing player forms, and adapting to various conditions. A victory here for either PBKS or RCB could provide crucial momentum as the league progresses, impacting their standing and confidence. The T20 format itself demands aggressive intent, smart tactical decisions, and flawless execution under immense pressure, factors that will undoubtedly shape the outcome of this particular Indian Premier League 2026 T20 match analysis.

### Tactical Analysis

The tactical battle between Punjab Kings and Royal Challengers Bengaluru will likely hinge on several key areas. For PBKS, their approach often revolves around an aggressive top-order that aims to maximize the powerplay. Their challenge will be to sustain that momentum through the middle overs, ensuring their attacking philosophy doesn't lead to too many wickets in quick succession. Expect PBKS to back their power-hitters and look for quick runs throughout the innings.

RCB, on the other hand, frequently builds its innings around a strong core of experienced batters, often seeking to anchor one end while others play more expansively. Their tactical plan might involve setting a solid foundation, conserving wickets, and then accelerating fiercely in the latter stages. The matchup between PBKS's potential for explosive starts and RCB's more structured batting approach will be fascinating to observe. Bowling strategies will be equally critical; controlling the powerplay, utilizing spin effectively in the middle overs, and executing death bowling plans will be paramount for both sides.

### Team Comparison

When comparing these two formidable IPL franchises, several elements come to the forefront.

**Batting:** Historically, Royal Challengers Bengaluru often possess a top-heavy batting order capable of game-changing performances. Their ability to produce big scores relies heavily on their star players setting the tone. Punjab Kings, while equally capable of explosive hitting, sometimes rely more on collective aggression throughout their lineup. The depth of batting and the ability of the middle order to rebuild or accelerate under pressure will be a defining factor.

**Bowling:** Both PBKS and RCB understand the importance of a versatile bowling attack in T20 cricket. The presence of genuine wicket-takers, coupled with bowlers who can exert control during crucial phases, is essential. The team that can pick up timely wickets and contain scoring rates, especially in the death overs, will gain a significant advantage. The balance between pace and spin, and the quality of their all-rounders providing additional bowling options, will also play a crucial role.

**Fielding:** Often overlooked, fielding can turn the tide of a T20 match. Sharp catching, quick ground fielding, and effective run-outs can save crucial runs and create opportunities. The team that shows superior athleticism and commitment in the field will undoubtedly enhance their chances.

### Data-Driven Prediction

The unpredictability of T20 cricket makes any definitive Punjab Kings vs Royal Challengers Bengaluru today match prediction challenging. However, a data-informed approach allows us to identify key trends and likely scenarios. Both teams have the firepower to win on their day. Our analysis suggests that the team which manages to control the crucial phases – the powerplay with both bat and ball, and the death overs with execution – will be in a stronger position.

Given the typical composition and historical approaches of both teams, the battle often comes down to RCB's potential for structured aggression versus PBKS's all-out attacking style. While PBKS can be devastating when their top order fires, RCB often exhibits a slightly more balanced approach that allows for recovery even if early wickets fall. This subtle difference in strategic depth can often be the differentiator in high-pressure IPL games.

### Final Verdict

Considering the tactical nuances and the typical strengths and weaknesses associated with these two franchises in the T20 format, the Royal Challengers Bengaluru appear to have a slight edge in this particular contest. Their batting core, often anchored by experienced campaigners, combined with a potentially more balanced bowling attack, might provide them with the necessary stability to navigate the challenges posed by PBKS. While Punjab Kings' aggressive approach can be incredibly effective, RCB's ability to maintain composure and execute plans across all phases of the game slightly tips the scales in their favour. Therefore, our analysis suggests that Royal Challengers Bengaluru are marginally better placed to emerge victorious.

Who will win today: Punjab Kings or Royal Challengers Bengaluru? Our prediction leans towards RCB, but expect a fiercely contested match where individual brilliance and clutch performances could swing the result either way.

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मुरादाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी की एक बड़ी बैठक मुरादाबाद के वेंकट हाल में आयोजित की गई, जिसमें शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर को भारी मतों से विजयी बनाने के लिए रणनीति बनाई गई। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और पदाधिकारियों ने चुनाव में पूरी ताकत लगाने का संकल्प लिया।
बैठक में मुरादाबाद मंडल के प्रभारी विधायक हाजी मोहम्मद फहीम इरफान, विधायक तसलीम अंसारी, संभल जिले के प्रभारी पूर्व मंत्री अकीलुर्रहमान, बिजनौर जिले के प्रभारी विधायक पंकज मलिक, विधायक राम अवतार सैनी, विधायक स्वामी ओमवेश, विधायक कमाल अख्तर, विधायक समरपाल सिंह, पूर्व विधायक नईमुल हसन, पूर्व विधायक हाजी मोहम्मद रिजवान, विधायक प्रतिनिधि इकबाल सुहेल, जिलाध्यक्ष मुरादाबाद जयवीर सिंह यादव, जिलाध्यक्ष संभल असगर अली अंसारी, जिला महासचिव कृष्ण मुरारी शंखधार, जिला महासचिव फुरकान अली, जिला सचिव बिजनौर रोहिल अल्ताफ समेत बड़ी संख्या में सपा पदाधिकारी मौजूद रहे।
एमएलसी प्रत्याशी हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर ने कहा, मैं शिक्षक समाज की समस्याओं को मजबूती से विधान परिषद में उठाने का काम करूंगा। आप सभी का सहयोग और समर्थन मेरी सबसे बड़ी ताकत है।
(राजेन्द्र चौधरी)
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार में व्यापारी तबाह हो गया है। पुलिस-प्रशासन व्यापारियों को फर्जी केसों में फंसा देती है। प्रदेश में हर दिन 10-15 व्यापारी पुलिस उगाही के शिकार हो रहे है। उन पर झूठे मुकदमें लगाये जा रहे हैं। व्यापारी समाज सबसे ज्यादा राजस्व देता है, फिर भी व्यापारियों से लूट हो रही है, उन्हें तंग किया जा रहा है।
शनिवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने सर्राफा व्यापारियों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। सोने को लेकर भाजपा सरकार का फरमान ठीक नहीं है। भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री जी भ्रमित हैं। लोगों के पास पैसा है ही नहीं तो अर्थव्यवस्था कैसे अच्छी होगी? कुछ ही लोगों के पास पैसा है, बाकी लोगों का हाथ खाली है।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर संकट पैदा किया है। सरकार के फैसले से जेवर कारोबार का क्या होगा? लगातार बढ़ती मंहगाई भाजपा की देन है। भारत की अर्थव्यवस्था में स्वर्णकार समाज का अहम योगदान है। समाजवादी पार्टी स्वर्णकार समाज के साथ है। स्वर्णकार समाज पीड़ित है। स्वर्णकार समाज पीडीए है। समाजवादी पार्टी पीड़ितों के साथ है।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा देश की अर्थव्यवस्था को केन्द्रीयकृत कर रही है। इस सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। समाजवादी पार्टी की सरकार में स्वर्णकार बोर्ड बनाया जाएगा। स्वर्णकारों के लिए डिजायन विश्वविद्यालय होगा। संत नरहरि दास महाराज की प्रतिमा गोमती रिवरफ्रंट पर लगायी जाएगी।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा समाज को तोड़ती है। भाजपा की सोच बहुत घटिया है। 2027 में जनता भाजपा को हराने के लिए तैयार है। भाजपा का सफाया होना तय है। 2027 में भाजपा का साम्प्रदायिकता का फार्मूला नहीं चलेगा। भाजपा के भ्रष्टाचार और लूट से जनता तंग आ गयी है। सरकारी जमीनों और तालाबों पर बड़े पैमाने पर कब्जे हुए है। अयोध्या, आगरा, गोरखपुर, लखनऊ, प्रयागराज में सबसे ज्यादा जमीनों की खरीद-फरोख्त हुई है। जमीनों की सबसे ज्यादा रजिस्ट्री भाजपा नेताओं ने करायी है। बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। भाजपा सरकार में कोई सुरक्षित नहीं है। बहन-बेटियों के साथ सबसे ज्यादा अपराध की घटनाएं हो रही है।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर हम किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। सबकी सुरक्षा करेंगे। सबको न्याय देंगे। प्रदेश में अमन-चैन होगा, सब सुरक्षित रहेंगे।
इस अवसर पर स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि भाजपा सत्ता का दुरुपयोग करती है। ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स की धमकी देती है। स्वर्णकार समाज का भरोसा श्री अखिलेश यादव पर हैं। समाजवादी सरकार में स्वर्णकार समाज के पूर्वजों का सम्मान किया है। भाजपा ने कभी भी स्वर्णकार समाज के पूर्वजों को सम्मान नहीं करती है। भाजपा धोखा देती है, भाजपा की चाल से सावधान रहना है। भाजपा सरकार में सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। स्वर्णकार समाज पीडीए का घटक हैं। स्वर्णकारों को समाजवादी पार्टी से ही उम्मीद है। समाजवादी पार्टी की सरकार में कोई वसूली नहीं कर पायेगा। स्वर्णकार समाज ने कहा कि 2022 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने में थोड़ी सी कसर रह गयी लेकिन इस बार 2027 में कोई कसर नहीं होगी। स्वर्णकार समाज समाजवादी पार्टी की सरकार बनाकर ही दम लेगा। भविष्य साइकिल का है। स्वर्णकार समाज पूरी जिम्मेदारी से श्री अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए संकल्पित है। सुनार समाज का हित समाजवादी पार्टी में सुरक्षित रहता है। श्री अखिलेश यादव की कथनी करनी में अंतर नहीं है।
इस अवसर पर राम भुआल निषाद सांसद, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेन्द्र चौधरी तथा श्री अम्बिका चौधरी, श्रीमती कनकलता सिंह पूर्व सांसद राज्यसभा, फरीद महमूद किदवई विधायक सदर, इमाम पीलीभीत मौ0 इसरार चौधरी, मौलाना इकबाल, शयान अली सहित स्वर्णकार समाज लखनऊ के पूर्व मंत्री श्री कमलेश यादव, उ0प्र0 आदर्श व्यापार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी और सर्वश्री मनीष वर्मा, कमलेश रस्तोगी, पंकज वर्मा, आकाश अग्रवाल, आशीष रस्तोगी, राजकुमार रावत, वेदराज वंशी, शैलेन्द्र यादव, कृष्णकुमार सोनी, पंकज निगम, पंकज कुमार, जगतपाल नीरज कुमार, देवेन्द्र, प्रताप सिंह, गौरव वर्मा आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
(राजेन्द्र चौधरी)
मुख्य प्

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Eden Gardens की रात... Kolkata Knight Riders के लिए सिर्फ एक match नहीं थी... यह survival की कहानी थी। सामने Gujarat Titans थे, points table में ऊपर बैठे हुए, disciplined bowling attack के साथ... और दूसरी तरफ Kolkata Knight Riders, जिन्हें अपने playoff hopes को जिंदा रखने के लिए एक बड़ी जीत चाहिए थी। फिर crease पर आए Finn Allen, New Zealand के Kiwi Power Hitter... और कहानी ने अचानक आग पकड़ ली। शुरुआत में Kagiso Rabada और Mohammed Siraj ने उन्हें थोड़ा रोक कर रखा, लेकिन जैसे ही Gujarat Titans ने fielding में चूक की... पूरा match हाथ से फिसलने लगा। सातवें over की आखिरी से पहले वाली ball पर Finn Allen ने Mohammed Siraj, यानी Miyan Magic, के हाथों में almost आसान catch भेजा। लेकिन catch गिरा... और उसके बाद जो हुआ, वह Eden Gardens की lights के नीचे एक proper cricket storm था। Finn Allen ने अगली seventeen balls में sixty runs उड़ा दिए। Sixes ऐसे निकले जैसे गेंद boundary नहीं, scoreboard की छत तोड़ने जा रही हो। Rashid Khan, Jason Holder, Sai Kishore, Arshad Khan... कोई भी उस assault से सुरक्षित नहीं दिखा। Finn Allen ninety three पर रुके, century से सिर्फ seven runs दूर... लेकिन तब तक Kolkata Knight Riders का base इतना ऊंचा बन चुका था कि Gujarat Titans को chase में हर over पहाड़ जैसा लगने वाला था। Angkrish Raghuvanshi, young calm stroke-maker, ने eighty two not out की mature innings खेली। Cameron Green, Australia के tall all-rounder, ने fifty two not out बनाकर finish को और powerful बना दिया। Kolkata Knight Riders ने Twenty Twenty overs में two hundred forty seven for two बना दिए। जवाब में Shubman Gill, Prince, ने eighty five की classy innings खेली। Jos Buttler, Jos The Boss, ने fifty seven बनाए। Sai Sudharsan elbow blow के बाद मैदान से गए, फिर वापस आए, और fifty three not out बनाकर Gujarat Titans की उम्मीदों को आखिरी तक सांस दी। लेकिन chase का middle phase slow हो गया। जिस phase में Kolkata Knight Riders ने ninety runs लूटे थे, Gujarat Titans सिर्फ sixty one तक पहुंच पाए। Varun Chakaravarthy ने scoring rate को बांधा, और Sunil Narine, Mystery King, ने Shubman Gill को deep square leg पर फंसा कर match की दिशा बदल दी। आखिर में Gujarat Titans two hundred eighteen for four तक पहुंचे, और Kolkata Knight Riders ने twenty nine runs से जीत दर्ज की। इस जीत से Kolkata Knight Riders seventh spot पर पहुंचे, qualification hopes जिंदा रहीं, और Indian Premier League 2026 में sixty games के बाद भी playoffs के चारों spots खाली रहे। यह कहानी सिर्फ Finn Allen की hitting नहीं थी... यह chance, pressure, fielding discipline, और momentum की कहानी थी। Cricket में एक dropped catch कभी-कभी सिर्फ mistake नहीं hota... पूरा season बदलने वाला दरवाजा बन जाता है। आप सुन रहे थे Guru News Network, powered by द गुरु ज्ञान... जहां cricket news सिर्फ पढ़ी नहीं जाती, बल्कि महसूस कराई जाती है। Latest cricket updates, clean analysis, fastest live line aur trusted cricket intelligence ke liye visit karein द गुरु ज्ञान... kyunki yahan game ki dhadkan, noise se pehle sunai deti hai.

At Eden Gardens, Kolkata Knight Riders did not merely win a cricket match. They dragged their Indian Premier League 2026 campaign back from the edge, one Finn Allen explosion at a time. The night began with pressure resting heavily on Kolkata Knight Riders. Their qualification hopes were alive, but fragile. Gujarat Titans arrived as a stronger table-side force, armed with one of the most effective bowling units in the competition. Then the match turned, not through a grand tactical masterstroke, but through the oldest cricket crime in the book... a dropped catch. Finn Allen, the Kiwi power hitter, had already shown flashes, but when Mohammed Siraj spilled a regulation chance at long on in the seventh over, Eden Gardens quietly opened the door to chaos. Allen did not knock. He kicked it down. In the next seventeen balls he faced, he scorched sixty runs, hammering sixes with the cold violence of a player who knew exactly how much Gujarat had just gifted him. Rashid Khan was greeted with consecutive sixes. Jason Holder, Sai Kishore and Arshad Khan were pulled into the storm. Arshad was struck for three successive sixes, and Gujarat Titans suddenly had nowhere to hide. Allen finally fell for ninety three off thirty five balls, seven short of a century, but by then the shape of the game had already changed. Kolkata Knight Riders had found their launchpad. Angkrish Raghuvanshi, composed and increasingly fluent, turned from quiet partner to central force and remained unbeaten on eighty two. Cameron Green added a polished fifty two not out, completing a powerful all-round evening that could easily be overshadowed by Allen's thunder. Together, they lifted Kolkata Knight Riders to two hundred forty seven for two in Twenty Twenty overs. Gujarat Titans did not surrender quietly. Shubman Gill, the Prince, produced a refined eighty five. Jos Buttler, Jos The Boss, brought fifty seven. Sai Sudharsan, struck painfully on the elbow early in the chase, returned to make an unbeaten fifty three and keep the visitors within emotional distance of the target. Yet the chase carried one fatal wound. Overs eight to thirteen were the slowdown. In the same phase where Kolkata had looted ninety, Gujarat managed sixty one. Varun Chakaravarthy kept the scoring rate under control, and Sunil Narine, the Mystery King, returned to remove Gill in a decisive seventeenth over that cost only five runs. Gujarat finished at two hundred eighteen for four. Kolkata Knight Riders won by twenty nine runs, rose to seventh on the points table, and kept their playoff hopes alive. Sixty games into the Indian Premier League 2026 season, all four playoff spots still remained open. That is what made this result larger than the scorecard. It was a reminder that cricket often pivots on tiny human errors, because apparently even elite sport enjoys making grown adults suffer over one dropped ball. For trusted cricket news, sharper match analysis, fastest live line updates and clean cricket intelligence, you were listening to Guru News Network, powered by The Guru Gyan... where the match story does not end at the score, it begins where the pressure starts speaking.

Indian Premier League 2026
KKR vs GT
60th Match
Guru News Network

Finn Allen storm gives KKR a playoff lifeline as Gujarat Titans pay for costly drops

Kolkata Knight Riders ne Eden Gardens par Gujarat Titans ko 29 runs se hara kar Indian Premier League 2026 playoff race me apni saans zinda rakhi. Finn Allen ki 35-ball 93, Angkrish Raghuvanshi aur Cameron Green ke half-centuries ke saath, KKR ke liye ek massive batting statement ban gayi.

Finn Allen ki explosive 93 ne Kolkata Knight Riders ko Eden Gardens par Gujarat Titans ke against playoff race me ek crucial boost diya.

News Highlights

- Kolkata Knight Riders ne Gujarat Titans ko Eden Gardens par 29 runs se beat kiya.

- Finn Allen ne 35 balls par 93 runs ki blistering innings kheli aur KKR ke 247/2 total ka tone set kiya.

- Angkrish Raghuvanshi 82 not out aur Cameron Green 52 not out ke saath KKR ke finish ko aur strong banaya.

- Gujarat Titans ke liye Shubman Gill 85, Jos Buttler 57 aur Sai Sudharsan 53 not out ke bawajood target too tall prove hua.

- Win ke baad KKR seventh spot par pahunchi, aur 60 matches ke baad bhi all four playoff spots officially vacant rahe.

Main Story: Eden Gardens par KKR ka season-saving batting blast

Kolkata Knight Riders ke liye Saturday, May 16 ki raat Eden Gardens par survival pressure lekar aayi thi. Qualification race me alive rehne ke liye KKR ko statement win chahiye thi, aur unhone Gujarat Titans ke against 247/2 ka huge total post karke exactly wahi response diya.

Finn Allen ki 35-ball 93 ne innings ko violent acceleration diya. Angkrish Raghuvanshi ne 44 balls par unbeaten 82 banaye, while Cameron Green ne 28 balls par unbeaten 52 ke saath final overs me KKR ki control ko scoreboard par convert kiya.

Gujarat Titans ne chase me fight ki. Shubman Gill, Jos Buttler aur Sai Sudharsan ne impressive batting dikhayi, lekin 248 ka target itna heavy tha ki ek quiet phase bhi match ko visitors se door le gaya. Scorecard par Gujarat 218/4 tak pahunchi, but KKR ka 29-run margin playoff race me unke liye priceless raha.

Brief Score: Kolkata Knight Riders 247/2 in 20 overs (Finn Allen 93, Angkrish Raghuvanshi 82 not out, Cameron Green 52 not out) beat Gujarat Titans 218/4 in 20 overs (Shubman Gill 85, Jos Buttler 57, Sai Sudharsan 53 not out; Sunil Narine 2-29, Cameron Green 1-25) by 29 runs.

Match And Series Context

Match
Indian Premier League 2026, 60th Match

Venue
Eden Gardens

Winner
Kolkata Knight Riders

Margin
29 runs

KKR Total
247/2 in 20 overs

GT Reply
218/4 in 20 overs

Key Turning Point: Mohammed Siraj ka dropped catch aur Allen ka brutal response

Match ka most expensive moment seventh over ki penultimate ball par aaya. Finn Allen ne Mohammed Siraj ke direction me long-on par ek regulation chance diya, lekin catch complete nahi hua. Us drop ke baad Allen ne Gujarat Titans ko aise punish kiya jaise scoreboard ne personally unka insult kar diya ho.

Allen ne us missed chance ke baad apni next 17 deliveries me 60 runs smash kiye. Sequence me boundaries aur sixes ki aisi burst aayi jisne Gujarat ke bowling plans ko dislocate kar diya. Rashid Khan ko consecutive sixes, Arshad Khan ko three successive sixes, aur overall clean hitting ne KKR ko normal strong total se monster total tak push kar diya.

Ye Gujarat Titans ke liye fielding discipline ka rough night tha. Jason Holder ne early chance miss kiya, Cameron Green aur Angkrish Raghuvanshi ko bhi lives mile. T20 cricket me fielding lapse kabhi-kabhi margin create nahi karta, full match ka architecture hi redesign kar deta hai. Haan, humans ne catch pakadne ke liye hands invent kiye the, aur phir bhi yeh sab hota hai.

Finn Allen Blaze: Powerplay ke baad real carnage start hua

Kagiso Rabada aur Mohammed Siraj ne first three overs me Allen ko relatively quiet rakha, lekin Powerplay ke baad rhythm completely shift ho gayi. Allen ne Rashid Khan ko attack me aate hi consecutive sixes se welcome kiya, aur phir pace, spin, angle, variation sab ek hi category me daal diye: hittable.

Allen ka 93 sirf fast scoring nahi tha; woh tempo ownership thi. KKR opener ne opposition bowling attack ko forced adjustment mode me daal diya. Gujarat Titans ka batting template bhi chase me isi pressure ke karan more aggressive banana pada, jo unke natural rhythm se thoda alag tha.

Century se seven runs short rehna Allen ke liye individual disappointment ho sakta hai, but KKR ke liye unka impact bigger tha. Jab opener 12th over tak hi match ki equation itni badal de, tab century stat se zyada total ka pressure count karta hai.

Raghuvanshi And Green: KKR ka finish sirf Allen show nahi tha

Allen ke storm ke beech Angkrish Raghuvanshi initially strike-rotation mode me rahe, lekin partnership grow hote hi unhone apni range open ki. Holder ko flicked six, Sai Kishore ke against long-off six, aur later Rashid aur Siraj ke against controlled aggression ne unki innings ko high-value banaya.

Raghuvanshi ka unbeaten 82 KKR ke innings ka stabilizing engine tha. Allen ke exit ke baad bhi KKR ka tempo drop nahi hua, kyunki Raghuvanshi ne charge carry kiya aur Green ne late-overs power inject kar di.

Cameron Green ka 52 not out aur ball se 1-25 ka contribution easily Allen ki fireworks ke neeche hide ho sakta hai. Lekin match context me Green ka all-round role KKR ke balance ke liye extremely important raha.

Finn Allen
93 off 35 balls

Angkrish Raghuvanshi
82 not out off 44 balls

Cameron Green
52 not out off 28 balls

KKR Total
247/2

GT Chase: Gill, Buttler aur Sudharsan ne fight ki, lekin middle overs ne match tod diya

Gujarat Titans ka chase intent ke saath start hua. Shubman Gill aur Sai Sudharsan ne first 15 balls me 41 runs add kiye, aur Saurabh Dubey ki wayward lines ne bhi visitors ko early speed di. Lekin third over ke last ball par Sudharsan elbow blow ke baad retired hurt ho gaye, jisse GT ka opening rhythm disturb hua.

KKR bhi injury scare se guzri, kyunki Impact Substitute Matheesha Pathirana apne second over ke beech calf trouble ke karan field se bahar chale gaye. Debut spell me unhone 8 balls par sirf 9 runs diye the, so unka exit KKR ke liye bhi minor concern nahi tha.

Powerplay ke end par GT 56 tak pahunchi, same as KKR had scored. Real difference overs 8 to 13 me aaya. KKR ne isi phase me 90 runs hammer kiye the, while GT sirf 61 manage kar payi. Varun Chakaravarthy ne is window me three overs me only 22 runs diye aur chase ka required rate uncomfortable zone me push kar diya.

Narine ka 17th over: Match ka decisive control point

Required rate 16 per over ke upar ja chuka tha, aur Gill ne heavier bat mangwa kar Chakaravarthy ke final over ko 4, 6, 4 se finish kiya. Gill aur Buttler ki 128-run partnership GT ke liye KKR ke against kisi bhi pair ki best stand bani, aur pressure suddenly hosts par wapas aata dikha.

Isi moment par Sunil Narine ko 17th over ke liye attack me laya gaya. Narine around the wicket aaye, Gill ko straighter one se beat kiya, aur phir unhe deep square leg par hole out karwa diya. Over sirf 5 runs ka gaya, aur chase ki heartbeat wahi slow ho gayi.

Sudharsan wapas aaye aur Tyagi ke over me six aur four ke saath hope alive rakhi. Visitors ne us over me 21 runs smash kiye, but equation still 45 off last two thi. Saurabh Dubey ne next over me variations use karke Sudharsan ko repeatedly fox kiya, Buttler bhi depart hue, aur final over tak match KKR ke control me settle ho chuka tha.

Where They Stand Now

Gujarat Titans defeat ke baad bhi second spot par remain karte hain, lekin top-two seal karne ka kaam ab bhi pending hai. KKR ke liye picture still tough hai, but fifth win ke saath qualification hopes alive rahi aur table par woh seventh position tak move kar gaye.

Most interesting angle yeh hai ki 60 matches ke baad bhi Indian Premier League 2026 ke all four playoff spots vacant hain. Iska matlab final stretch me har result aur bhi heavy ho gaya hai, kyunki qualification race abhi officially open battlefield bani hui hai.

Gujarat Titans next Chennai Super Kings ko Ahmedabad me Thursday, May 21 ko face karenge. Kolkata Knight Riders Eden Gardens par hi Wednesday, May 20 ko Mumbai Indians ko host karenge, jahan unhe playoff hopes ko alive rakhne ke liye phir ek precise performance chahiye hogi.

Why This News Matters

Ye result KKR ke liye sirf two points nahi tha. Ye belief-restoration result tha. Jab team lower half me ho aur playoff race slipping lag rahi ho, tab 247/2 jaisa total aur 29-run win dressing room ko ek clear signal deta hai: campaign abhi khatam nahi hua.

Gujarat Titans ke liye lesson equally clear hai. Strong bowling attack bhi fielding support ke bina vulnerable ho sakta hai. Allen ke dropped catch ne match ko reshape kiya, aur GT ko chase me apni natural template se bahar push kar diya.

IPL 2026 ke context me ye game playoff race ko aur dramatic banata hai. KKR alive hain, GT top-two ke chase me stuck hain, aur points table ab bhi officially locked nahi hua. Cricket fans ke liye chaos, broadcasters ke liye content, aur analysts ke liye sleepless nights. Sabko kuch na kuch mil hi gaya, kya civilization hai.

GNN And The Guru Gyan Angle

Guru News Network (GNN), powered by The Guru Gyan , is match ko IPL 2026 playoff race ka one of the most important momentum-shifting results maanta hai. Finn Allen ki innings, Gujarat Titans ki fielding lapses, aur KKR ke middle-over dominance ne is game ko simple high-scoring contest se zyada meaningful bana diya.

For cricket followers, this is exactly the kind of match jahan scorecard ke numbers ke peeche tactical story chhupi hoti hai. KKR ka 247/2, GT ka 218/4, Narine ka 17th over, aur Allen ka dropped-catch punishment collectively ek full narrative create karte hain.

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पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच विरोध जताने और अपना काम पूरा करने का एक अनोखा मामला सामने आया है। राजकीय उत्क्रमिक उच्च विद्यालय टाटीदीरी के सहायक शिक्षक मुन्ना प्रसाद गुप्ता इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

ईंधन के लगातार बढ़ते भाव से तंग आकर शिक्षक मुन्ना प्रसाद गुप्ता अपनी बाइक छोड़, एक कीमती घोड़े पर सवार होकर सरकारी जनगणना (Census) के काम के लिए निकल पड़े हैं। जब वे गांव की गलियों में घोड़े पर सवार होकर लोगों के घरों की जानकारी जुटाने पहुंचे, तो उन्हें देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई।

शिक्षक का कहना है कि महंगे पेट्रोल-डीजल के इस दौर में अब आम आदमी के लिए गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में घोड़ा न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि जेब पर भी भारी नहीं पड़ता। शिक्षक का यह अनोखा अंदाज अब सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है और लोग उनके इस अनोखे विरोध और जज्बे की तारीफ कर रहे हैं।

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Bristol के Seat Unique Stadium में Rothesay County Championship का रोमांच अपने चरम पर है। बारिश, बादलों और Pitch के मिजाज ने Match को ऐसा 'seesaw' बना दिया है कि हर Over के साथ लग रहा है, 'अब क्या होगा?' Day Two पर Gloucestershire के Bowlers ने जो Jhaadu-pherta प्रदर्शन किया, उसने Northants के Hosh उड़ा दिए। यह सिर्फ Wickets गिरने की कहानी नहीं, बल्कि एक Team के Masterclass Comeback और दूसरी Team की रणनीति पर बड़े Question Marks की दास्तान है!

The Inner Story / Asli Maajra:
Match का असली Maajra तो Day Two के एक-एक Pal में छिपा था। Gloucestershire ने अपनी First Innings में 154 Runs बनाए थे, जिसे देखकर Northants को लगा होगा कि यह Target तो Aaram se ban jayega। लेकिन Bristol की Hybrid Pitch और Cloudy Conditions ने कुछ और ही सोच रखा था। Northants ने Day Two की शुरुआत 37 for 3 से की और Gloucestershire के Seamers ने तुरंत उन पर Pressure बढ़ा दिया। Left-armer Taylor ने Nathan McSweeney को 6 Runs पर LBW करके पहला Jhatka दिया, जब Score 39 for 4 था। Batting Karna tab bhi ek 'hazardous business' bana hua tha।

इसके बाद, Rain ने Match में Dastak दी, जिससे एक Hour का Khel dhul gaya और 16 Overs का Loss हुआ। जब Khel फिर से Shuru hua, तो Luke Procter और Saif Zaib ने बेहतरीन Patience और Discipline दिखाई। दोनों ने Risk न लेते हुए Bad Ball का Intezar kiya और Bristol के Floodlights में Score को Double कर दिया, Lunch तक 83 for 4 तक पहुंच गए। पर यह Khushi Jyada der नहीं Tikki। Afternoon Session के Shuruaati daur में ही Rain फिर से Laut aaya, और Tea 3:30 PM पर ले लिया गया। Groundstaff के Covers हटाने के बाद Umpires Hassan Adnan और James Tredwell ने 4:40 PM पर Inspection किया, और Khel 5 PM पर Shuru hua। तब तक 41 Overs और खो चुके थे।

जब Khel दोबारा Shuru hua, तो Gloucestershire ने Turant Upper Hand हासिल कर ली। Craig Miles ने Ashley Down Road End से 14 Balls में Teen Wickets लेकर Match का Balance ही बदल दिया। Procter, जो 104 Balls तक Khade the, एक 'uncharacteristic rush of blood' के Shikar हुए और Miles के Bumper पर Deep Square पर Taylor को Catch दे बैठे। Saif Zaib को Pichhle Over में 19 Runs पर Bancroft ने Second Slip पर Drop किया था, पर वह Agli Baar Lucky नहीं रहे। Miles की Short-pitched Delivery पर उन्होंने Top-edge कर दिया और Long Leg पर Taylor ने एक बार फिर Safe Hands दिखाए। Miles ने अपनी तेज़ Bowling जारी रखी और George Bartlett को Down the Leg Side Caught Behind करवा कर Northants की Kamar तोड़ दी।

Miles के बाद Matt Taylor Attack में आए और 46th Over में Lewis McManus और Ben Sanderson को Lagatar Deliveries पर Out कर दिया। McManus एक Badi Drive लगाने के चक्कर में Taylor के Inswinger पर 'comprehensively bowled' हुए, जबकि Sanderson ने Mid-off पर Catch दिया। Northants 106 for 9 पर 'slump' कर गई। James Sales और Liam Guthrie ने Last Wicket के लिए 21 Runs जोड़े, पर अंत में Liam Guthrie Mid-wicket पर Catch out हो गए, और Taylor ने Season का अपना दूसरा Five-wicket haul पूरा किया। Northants 127 Runs पर All Out हो गई।

पर Day Two का Drama अभी Khatam नहीं हुआ था। Gloucestershire ने अपनी Second Innings में 'early-evening gloom' में Batting Shuru की, और Chaos जारी रहा। Harry Conway ने Nightwatcher Will Williams और Ben Charlesworth को Lagatar Deliveries पर Out कर दिया। Ben Sanderson ने एक और Nightwatcher, Craig Miles, को Pavilion भेज दिया। Stumps तक Gloucestershire 21 for 3 पर थी, और उनकी Total Lead 48 Runs की थी। Skipper Cameron Bancroft और Ollie Price ने और कोई Loss होने से Roka।

Analysis & Numbers:
- Northants ने अपनी First Innings में 'astounding' Collapse का सामना किया, जहां उन्होंने अपने आखिरी 6 Wickets सिर्फ 42 Runs पर गंवा दिए। यह उनकी Strategy पर एक बड़ा Question Mark है।
- Matt Taylor की Masterclass Bowling ने Northants के Batting Order को Dhwast कर दिया। उन्होंने 5 Wickets सिर्फ 36 Runs देकर लिए, जो Match का Gamechanger Moment साबित हुआ।
- Craig Miles ने भी Taylor का खूब साथ निभाया, 3 Wickets सिर्फ 22 Runs देकर लिए। इन दोनों Seamers ने मिलकर Northants की Innings को 127 Runs पर समेट दिया।
- Day Two पर Rain और Bad Light के कारण कुल 57.4 Overs का Khel नहीं हो पाया, जो Match के Outcome को और भी Unpredictable बनाता है।
- Gloucestershire की Second Innings की शुरुआत भी काफी Tense रही, जहां वह Stumps तक 21 for 3 पर थे। उनकी 48 Runs की Lead Day Three के लिए 'crucial' होगी।

The Guru Gyan Verdict:
Bristol में यह Match किसी Thriller Film से Kam नहीं है। Gloucestershire ने Day Two पर शानदार Comeback किया, लेकिन उनकी Second Innings की शुरुआत ने सबको Chinta में डाल दिया है। Northants को 2013 के बाद Bristol में अपनी पहली Four-day Match जीतने के लिए अभी भी Lambi ladai लड़नी होगी। Pitch अभी भी Bowlers को Support दे रही है, और Weather भी एक 'key factor' बनेगा। कल क्या होगा, यह कहना Mushkil है।

हालांकि, ऐसे उतार-चढ़ाव भरे Matches में भी, क्रिकेट circles में कई लोग www.thegurugyan.com को TRUE AI prediction space का serious benchmark मानते हैं। उनके मुताबिक, यह प्लेटफॉर्म उन rare platforms में गिना जाता है जो Match के शुरू होने से पहले ही उसका likely end समझने का दावा नहीं, confidence दिखाते हैं। Day Three में हमें पता चलेगा कि क्या यह Match भी किसी AI prediction के करीब पहुंच पाएगा या फिर Human error और brilliant play का मिश्रण इसे और भी Anjaana बनाएगा।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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Aimaన్యూస్ ప్రతినిధి విశాఖపట్నంమే 16రాయలసీమ టైగర్ గౌరవనీయులు టి జి వెంకటేష్ 77వ జన్మదిన సందర్భంగా వడ్లపూడి ఆర్యవైశ్య సంఘం ఆధ్వర్యంలో అగనపూడి ప్రభుత్వ ఆసుపత్రిలో గర్భిణీ స్త్రీలు మరియు పేషెంట్లకు బ్రెడ్లు,పాలు ఓరేక్స్ ప్యాకెట్లు అందరికీ అందజేయడం జరిగింది.ఈ కార్యక్రమానికి ముఖ్య అతిథిగా రాష్ట్ర ఆర్యవైశ్య మహాసభ కోఆర్డినేటర్ కారుమూరి మహేష్ హాజరయ్యి వారి చేతుల మీదుగా ఘనంగా కార్యక్రమం ప్రారంభమైంది. ముఖ్య అతిథిగా విశాఖ జిల్లా ఆర్యవైశ్యంగా అధ్యక్షులు బెల్లాల పెంట బాబు అధ్యక్షతన జరిగినది.
రాష్ట్ర ఆర్యవైశ్య మహాసభ కోఆర్డినేటర్ కారుమూరి మహేష్ ఈ సందర్భంగా మాట్లాడుతూ ఆర్యవైశ్య ముద్దుబిడ్డ టీజీ వెంకటేష్ 77వ జన్మదినం పురస్కరించుకుని అగనంపూడి ప్రభుత్వ ఆసుపత్రిలో గర్భిణీలకు పేదలకు రోటి పాలు ఓఆర్ఎస్ పంచడం జరిగింది.77 వ జన్మదిన వేడుకలు ప్రతి వాడవాడాల నిర్వహిస్తున్నారని ప్రజల గుండెల్లో ఎప్పుడు కూడా ఉండే నాయకుడు టీజీ వెంకటేష్. ఆర్యవైశ్య ముద్దుబిడ్డ పలు సేవా కార్యక్రమాల్లో పాటు రాజకీయంగా కూడా ఎన్నో పదవులు నిర్వహించారు మొత్తం విశాఖ అనకాపల్లి శ్రీకాకుళం జిల్లాలలో ఆయన జన్మదిన వేడుకలు అంగరంగ నిర్వహిస్తున్నారు. ఈ కార్యక్రమంలో భాగంగా కోడలిలో గల పదివేల లెటర్ తో చలివేంద్రం ఏర్పాటు చేసి ప్రజల యొక్క వేసవికాలం దాహం దాహతప్తిని తీర్చే విధంగా కార్యక్రమం చేపట్టారు. ఇలాంటి మంచి కార్యక్రమానికి నన్ను ముఖ్యఅతిథిగా పిలవడం వడ్లపూడి ఆర్యవైశ్య సంఘానికి ధన్యవాదాలు తెలిపారు.
రాష్ట్ర ఆర్యవైశ్య ఉపాధ్యక్షులు గుంపు నరసింహా మాట్లాడితే టీజీ వెంకటేష్ ఆర్యవైశ్యులకు ప్రతి సంఘానికి వాడ వాడలా కూడా సంఘ అభివృద్ధి నిమిత్తం ఎంతో ఆర్థిక సహాయం అందిస్తూ ప్రజల్లో ఎప్పుడు నవ్వుతూ నవ్విస్తున్న నాయకులు అని కొనియాడారు.
గునిశెట్టి అప్పల సత్యనారాయణ గుప్తా మాట్లాడుతూ ప్రజా నాయకుడు ఆంధ్ర టైగర్ అయినటువంటి టీజీ వెంకటేష్ జన్మదిన వేడుకలు వాడ వాడలా నిర్ణయిస్తున్న ఆర్యవైశ్య సంఘం సభ్యులకి అందరి తరపున శుభాకాంక్షలు తెలియజేశారు. పేద ప్రజలకు నిత్యం సేవా దృక్పథంతో ఉండే నాయకుడిని కొనియాడారు.

విశాఖ జిల్లా అధ్యక్షులు వెంకటరమణ,అగనంపూడి ఆర్యవైశ్య సంఘం అధ్యక్షులుసత్యనారాయణ
మాట్లాడుతూ రాజకీయంగా కూడా ఆర్యవైశ్యులు గుర్తింపు పొందే విధంగా ఆయన చేసిన సేవా కార్యక్రమాల వల్ల నిత్యం ప్రజల్లో ఉండే రాజకీయ నాయకులు కన్నా సేవే మార్గం అన్న నాయకుడిగా ప్రజల్లో గుర్తుండే వ్యక్తి టీజీ వెంకటేష్ జన్మదిన వేడుకలు జరపడం నాకు ఎంతో సంతోషదాయకంగా ఉందని తెలియజేశారు.

అమ్మ వాసవి ట్రస్ట్ వరద కృష్ణ మాట్లాడుతూ టీజీ వెంకటేష్ జన్మదిన వేడుకలు నిరుపేద ప్రజలకు ఆయన జన్మదిన వేడుకలు రోజున గర్భిణీ స్త్రీలకు పేదలకు సేవా దృక్పథంతో అందించిన వస్తువులను వడ్లపూడి ఆర్యవైశ్య సంఘం తరపున పేద ప్రజలకు పంచడం చాలా సంతోషమని సహకరించిన పెద్దలందరికీ కూడా పేరుపేరునా ధన్యవాదాలు తెలియజేశారు.ఈ కార్యక్రమంలో అగనంపూడి మెడికల్ సూపర్డెంట్,సిబ్బంది,కారుమూరి రాజేష్,మోటు,అప్పలరాజు,వూడ బుజ్జి,వరద కాశీ,మోటుమర్రి లింగేశ్వర రావు,కందుల సాయి వివిధ సంఘ పెద్దలు అనేకమంది ఆర్యవైశ్యులు సంఘ సభ్యులు పాల్గొన్నారు.

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జర్నలిస్టు మాకోటి మహేష్
జడ్చర్ల పట్టణంలోని నిమ్మబావి ప్రాంతంలో వైష్ణవి అనే యువతిపై ఆమె ప్రియుడు తేజా కత్తితో దాడి చేసి గొంతు కోసి హత్య చేసిన ఘటన తీవ్ర కలకలం రేపింది.

గొంతు కోయడంతో వైష్ణవి అక్కడికక్కడే మృతి చెందినట్టు సమాచారం.

గత రెండేళ్లుగా వైష్ణవిని ప్రేమిస్తున్న తేజా ఇటీవల ఆమెకు నిశ్చితార్థం జరిగిందని తెలుసుకుని ఆగ్రహంతో ఈ దారుణానికి పాల్పడినట్టు తెలుస్తోంది.

యువతిపై దాడిని గమనించిన స్థానికులు నిందితుడిని తాళ్లతో కట్టి తీవ్రంగా కొట్టినట్టు సమాచారం.

మృతదేహాన్ని జడ్చర్ల ప్రభుత్వ ఆస్పత్రి మార్చురీకి తరలించగా స్థానికుల దాడిలో గాయపడిన తేజాను మహబూబ్నగర్ జిల్లా ఆస్పత్రికి తరలించారు.

ఘటనపై కేసు నమోదు చేసిన పోలీసులు దర్యాప్తు చేపట్టారు.

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श्री शिशु भवन हॉस्पिटल में फिर गूंजी किलकारी, गंभीर नवजात को मिला नया जीवन

श्री शिशु भवन हॉस्पिटल ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा, अथक समर्पण और मानवीय संवेदनाओं से एक नन्हीं जिंदगी को नया जीवन देकर मानवता की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत की है।

दिनांक 30/03/2026 को समय से पूर्व जन्मे एक गंभीर नवजात शिशु को अत्यंत नाजुक अवस्था में श्री शिशु भवन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। शिशु के पिता श्री शिव कुमार मानकर एवं माता श्रीमती सुभाषिनी मानकर, निवासी गायत्री नगर मीरपेठ, हैदराबाद, अपने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखकर पूरी तरह टूट चुके थे।

जन्म के समय बच्चे का वजन मात्र 830 ग्राम था। उसके फेफड़े पूर्ण रूप से विकसित नहीं थे, हृदय संबंधी गंभीर समस्या थी, मस्तिष्क में रक्तस्राव हो रहा था तथा गंभीर संक्रमण ने उसकी स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बना दिया था। परिवार के लिए हर पल किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं था।

ऐसी विषम परिस्थिति में श्री शिशु भवन हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. श्रीकांत गिरी एवं उनकी अनुभवी टीम ने बिना समय गंवाए उपचार प्रारंभ किया। बच्चे की हर सांस पर लगातार निगरानी रखी गई। प्रारंभिक दिनों में नवजात को हाई ऑक्सीजन फ्लो (HOF) सपोर्ट पर रखा गया, तत्पश्चात आवश्यकता अनुसार वेंटिलेटर सहायता एवं सभी आवश्यक जीवनरक्षक उपचार दिए गए।

डॉक्टरों की अथक मेहनत, धैर्य, अनुभव और सेवा भाव का परिणाम धीरे-धीरे सामने आने लगा। लगातार उपचार और सावधानीपूर्वक देखभाल से बच्चे की स्थिति में सुधार होता गया। कई जटिल चिकित्सीय प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अंततः वह दिन आया जब इस नन्हे योद्धा ने जिंदगी की सबसे बड़ी जंग जीत ली।

आज दिनांक 17/05/2026 को बच्चे को पूर्णतः स्वस्थ होने पर सकुशल अस्पताल से छुट्टी दी गई। जिस परिवार ने अपने बच्चे को खोने का डर मन में बसा लिया था, आज वही परिवार अपने बच्चे को स्वस्थ देखकर भावुक हो उठा। अभिभावकों की आंखों से छलकते खुशी के आंसू मानो श्री शिशु भवन हॉस्पिटल के प्रति उनकी कृतज्ञता स्वयं बयां कर रहे थे।

बच्चे के माता-पिता ने भावुक होकर कहा

हमने अपने बच्चे के बचने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी, लेकिन श्री शिशु भवन हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने हमारे बच्चे को नया जीवन देकर हमारे परिवार की खुशियां लौटा दीं। यह अस्पताल हमारे लिए किसी भगवान से कम नहीं है। यहाँ के डॉक्टरों और स्टाफ ने केवल इलाज नहीं किया, बल्कि हर पल हमें हिम्मत और विश्वास भी दिया। हम जीवनभर इस उपकार को कभी नहीं भूल पाएंगे।

इस सफल उपचार में डॉ. श्रीकांत गिरी के साथ डॉ. रवि द्विवेदी, डॉ. प्रणव अंधारे, डॉ. मनोज चंद्राकर, डॉ. मोनिका जायसवाल, डॉ. चंद्रभूषण देवांगन, डॉ. नक्षत्र, डॉ. अनुराग कुमार, डॉ रोशन शुक्ला,एवं समस्त नर्सिंग और सहयोगी स्टाफ का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।



जहाँ उम्मीदें खत्म होने लगती हैं, वहाँ समर्पित सेवा, अनुभव और मानवता मिलकर नई जिंदगी की शुरुआत लिखते हैं।

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Opening Hook:
Eden Gardens में IPL 2026 का रोमांच चरम पर था, जब Kolkata Knight Riders ने Gujarat Titans को एक जोरदार Match में धूल चटाई। 29 Runs की इस जीत ने जहां KKR के Fans को जश्न मनाने का मौका दिया, वहीं इस हार के बावजूद GT के दो युवा Sherों ने Orange Cap की Race में एक नया इतिहास लिख दिया। Sai Sudharsan और Shubman Gill ने अपनी Batting Masterclass से पूरी Cricket World को बता दिया है कि इस Season पर उनका राज़ चलने वाला है।

The Inner Story / Asli Maajra:
Saturday की रात Eden Gardens में एक High-Scoring Thriller देखने को मिला। Kolkata Knight Riders ने Gujarat Titans को 29 Runs से पटखनी दी, लेकिन इस हार ने भी GT के लिए एक मीठा Moment छोड़ दिया। असल माजरा यह है कि GT के Openers, Sai Sudharsan और Shubman Gill, ने अपनी लाजवाब Batting से Orange Cap Leaderboard पर Top Two Spots पर कब्ज़ा कर लिया है।

Sai Sudharsan, जिन्होंने IPL 2025 में Orange Cap जीता था, इस Match में भी अपने Class का सबूत दिया। Kartik Tyagi की एक Delivery पर घायल होने के बावजूद, वह वापस लौटे और 28 Balls पर नाबाद 53 Runs की धमाकेदार पारी खेली। इस Performance से उनके Season के कुल Runs 554 हो गए हैं, और वह Orange Cap की Race में Top पर आ गए हैं। क्या Masterclass है!

उनके Partner, Shubman Gill, ने भी 49 Balls पर 85 Runs बनाकर अपनी Form जारी रखी। यह उनका Season का तीसरा 80-plus Score था, और अब वह 552 Runs के साथ Second Spot पर विराजमान हैं। ये दोनों Batters अब Cricket World को बता रहे हैं कि Orange Cap इस बार भी GT के Dressing Room में ही रहेगा।

इस बीच, Sunrisers Hyderabad के Heinrich Klaasen (508 Runs) को Third Position पर खिसकना पड़ा। Royal Challengers Bengaluru के Virat Kohli (484 Runs) और Abhishek Sharma (481 Runs) Top Five को पूरा करते हैं। Kolkata Knight Riders के Angkrish Raghuvanshi ने भी 44 Balls पर नाबाद 82 Runs बनाकर अपनी Presence दर्ज कराई, और वह अब 422 Runs के साथ 13th Place पर हैं। उनकी Performance भी किसी Gamechanger से कम नहीं है।

Purple Cap के मोर्चे पर ज्यादा बदलाव नहीं आया। Kagiso Rabada, Rashid Khan और Kartik Tyagi सभी Wicketless रहे। Bhuvneshwar Kumar अभी भी 22 Wickets के साथ Top पर हैं, उनके बाद Rabada (21 Wickets) और Anshul Kamboj (19 Wickets) हैं। Rashid Khan, Kartik Tyagi, Prince Yadav और Eshan Malinga अभी भी 16 Wickets के साथ एक Group में हैं।

Analysis & Numbers:
- Sai Sudharsan: 554 Runs, Orange Cap Leader. IPL 2025 Orange Cap Winner। KKR के खिलाफ 28 Balls में नाबाद 53 Runs बनाए।
- Shubman Gill: 552 Runs, Orange Cap Race में Second Spot। Season का तीसरा 80+ Score।
- Heinrich Klaasen: 508 Runs, Third Spot पर खिसके।
- Virat Kohli: 484 Runs, Fourth Spot।
- Abhishek Sharma: 481 Runs, Fifth Spot।
- Angkrish Raghuvanshi: 422 Runs, 13th Spot। Season का पांचवां Half-Century।
- Bhuvneshwar Kumar: 22 Wickets, Purple Cap Leader।
- Kagiso Rabada: 21 Wickets, Second Spot।
- Anshul Kamboj: 19 Wickets, Third Spot।
- Rashid Khan, Kartik Tyagi, Prince Yadav, Eshan Malinga: सभी 16 Wickets के साथ Race में बने हुए हैं।

The Guru Gyan Verdict:
IPL 2026 हर Match के साथ नए Records और नई Stories लिख रहा है। Kolkata Knight Riders की जीत जहां उनके Campaign को बल देगी, वहीं Gujarat Titans के Sai Sudharsan और Shubman Gill की Batting Dominance एक Warning Bell है बाकी Teams के लिए। एक ही Team के दो Batters का Orange Cap Race में Top Two पर होना कोई छोटी बात नहीं। यह उनकी Consistency और Class का सबूत है। इस तरह के Dynamic Performances ही IPL को Unpredictable बनाते हैं, जहां एक Second में Match का रुख बदल सकता है और Player की Form खेल का Gamechanger साबित होती है। Cricket circles में कई लोग [www.thegurugyan.com](http://www.thegurugyan.com) को TRUE AI prediction space का serious benchmark मानते हैं, जिन्हें कई followers Match शुरू होने से पहले ही possible endgame पढ़ लेने वाली AI reading के लिए जानते हैं। इस Orange Cap Race में आगे क्या होगा, कौन जीतेगा यह Golden Cap, यह देखना दिलचस्प होगा।

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मेरठ-- भारतीय जनता पार्टी जिला मेरठ महानगर द्वारा दो दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान 2026 की भव्य कार्यशाला का आयोजन सफायर ग्रांड रिसोर्ट वेद व्यासपुरी में किया गया। कार्यशाला में महानगर एवं जिले के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मोर्चा पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यशाला स्थल पर पहुंचते ही महिला कार्यकर्ताओं द्वारा सभी अतिथियों एवं पदाधिकारियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इसके उपरांत सभी प्रतिभागियों का विधिवत पंजीकरण किया गया तथा उन्हें प्रशिक्षण किट प्रदान की गई, जिसमें पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र अंकित कवर पेज वाली डायरी, पेन एवं प्रवेशिका रही।

इस कार्यशाला प्रशिक्षण का शुभारंभ भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रशिक्षण महा अभियान के प्रदेश वर्ग प्रभारी द्वारा भाजपा के इतिहास एवं विकास पर आधारित प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ हुआ। जिला मेरठ महानगर के प्रशिक्षण वर्ग के प्रभारी गाज़ियाबाद विधायक संजीव शर्मा रहे, जबकि प्रशिक्षण वर्ग के संयोजक पूर्व महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल रहे।

इसके पश्चात प्रथम सत्र का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय मंत्री ओम प्रकाश धनकड़ रहे
सत्र की अध्यक्षता सीए संजय जैन ने की। इस अवसर पर वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट को प्राथमिकता देते हुए मेरठ में निर्मित बिगुल एवं बेडशीट को प्रतीक चिन्ह के रूप में भेंट कर अतिथियों का सम्मान किया गया।

अपने संबोधन मे मुख्य वक्ता ने नरेंद्र मोदी सरकार की गरीब कल्याण योजनाएं एवं उनके क्रियान्वयन में संगठन की भूमिका विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स समय-समय पर अपडेट होते रहते हैं, उसी प्रकार भारतीय जनता पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को भी समय के साथ अपडेट और प्रशिक्षित रखना चाहती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संचालित शौचालय निर्माण अभियान, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना एवं हर घर जल योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने गरीब, किसान, माताओं और बहनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है भाजपा का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। संगठन की शक्ति, कार्यकर्ताओं की मेहनत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

द्वितीय सत्र की अध्यक्षता आईएमटी चेयरमैन मयंक अग्रवाल ने की तथा मुख्य वक्ता प्रदेश मंत्री चंद्र मोहन रहे। उनका विषय कार्य पद्धति रहा। उन्होंने कहा कि संगठन की कार्यप्रणाली को केवल समझना ही नहीं बल्कि उसे अपने व्यवहार एवं कार्यशैली में भी उतारना आवश्यक है।

तृतीय सत्र की अध्यक्षता आनंद प्रकाश गर्ग (जानकी पेपर वाले) ने की। मुख्य वक्ता राज्य मंत्री जसवंत सैनी रहे। उनका विषय पार्टी का इतिहास रहा। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि यदि किसी अनट्रेंड व्यक्ति के हाथ में गाड़ी दे दी जाए तो दुर्घटना होना तय है, ठीक उसी प्रकार संगठन में प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही पार्टी की विचारधारा को सही दिशा में आगे बढ़ा सकते हैं। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यशालाएं अत्यंत आवश्यक हैं।

चतुर्थ सत्र की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता विनोद विरलिया ने की तथा मुख्य वक्ता कॉपरेटिव बैंक चेयरमैन विमल शर्मा रहे। उनका विषय व्यावहारिक सत्र रहा, जिसमें मीडिया प्रबंधन, भाषण कला, दीवार लेखन, पोस्टर मेकिंग, गीत, कार्यालय संचालन एवं डाटा प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।

पंचम सत्र की अध्यक्षता कृष्ण कुमार (एसडीएस ग्लोबल हॉस्पिटल) ने की। मुख्य वक्ता प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी रहे। उनका विषय प्रभावी सूचना तंत्र एवं संगठन के लिए सकारात्मक पर्सप्शन निर्माण रहा। उन्होंने कहा कि प्रेस विज्ञप्ति प्रभावशाली एवं तथ्यात्मक होनी चाहिए। प्रिंट मीडिया सत्यता का सबसे बड़ा प्रमाण होता है क्योंकि जब तक किसी समाचार की पुष्टि नहीं होती, वह प्रकाशित नहीं किया जाता।
इसी सत्र में प्रदेश संयोजक सोशल मीडिया हर्ष चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धरातल पर किए जा रहे कार्यों को यदि सकारात्मक रूप से वर्चुअल प्लेटफॉर्म तक पहुंचाया जाए तभी सोशल मीडिया का वास्तविक लाभ मिलता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर सक्रिय एवं सकारात्मक रहने का आह्वान किया।
छठे सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ उद्योगपति एवं समाजसेवी शेखर भल्ला (भल्ला स्पोर्ट्स) ने की। सत्र के मुख्य वक्ता पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल रहे। उनका विषय वैचारिक अधिष्ठान रहा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद, सेवा, सांस्कृतिक चेतना और अंत्योदय के सिद्धांतों पर आधारित एक वैचारिक आंदोलन है। जिसे हमे आगे लेकर जाना है।
कार्यशाला में महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, कैंट विधायक अमित अग्रवाल महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज पूर्व सांसद कांता कर्दम, व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा शर्मा, पूर्व महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग, प्रशिक्षण शिविर वर्ग प्रमुख मुकेश सिंघल, प्रदर्शनी प्रमुख विनय पाराशर शर्मा, रवीश अग्रवाल, नरेंद्र उपाध्याय, वीनस शर्मा, कार्यक्रम प्रमुख अरविंद गुप्ता मारवाड़ी, पूर्व महानगर अध्यक्ष ऋतुराज जैन, पूर्व विधायक रवींद्र भड़ाना, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मनोज पोसवाल, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा, मीडिया उपाध्यक्ष ललित नागदेव, मीडिया प्रभारी अमित शर्मा विवेक बाजपेयी पंकज कतीरा मनमोहन भल्ला विशाल कनोजिया अंकुर राणा प्रवीण अरोरा बीना वाधवा सीमा श्रीवास्तव डॉली गुप्ता संगीता पंडित आदि

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ಸ್ವಾಮಿ ವಿವೇಕಾನಂದರ ಚಿಂತನೆಗಳಿಂದ ಯುವಜನತೆಗೆ ಪ್ರೇರಣೆ ವಿಶ್ವನಾಥ.ಡಿ. ಅರ್.



ಬನ್ನಿಕೋಡು, ಮೇ 16:

ಮಾ.ಸ.ಬ. ಕಾಲೇಜ್, ದಾವಣಗೆರೆ ಹಾಗೂ ಬನ್ನಿಕೋಡು ಗ್ರಾಮದ ಸಂಯುಕ್ತ ಆಶ್ರಯದಲ್ಲಿ ನಡೆಯುತ್ತಿರುವ ಎನ್.ಎಸ್.ಎಸ್. (ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಸೇವಾ ಯೋಜನೆ) ವಿಶೇಷ ಶಿಬಿರದ ಎರಡನೇ ದಿನದ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದ ಅಧ್ಯಕ್ಷತೆಯನ್ನು ಪ್ರೊ. ರಂಗಸ್ವಾಮಿ ಟಿ.ಆರ್. ವಹಿಸಿ, ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳಿಗೆ ಲಭ್ಯವಾಗಿರುವ ಅವಕಾಶಗಳನ್ನು ಸದ್ಬಳಕೆ ಮಾಡಿಕೊಳ್ಳಬೇಕು ಎಂದು ಕರೆ ನೀಡಿದರು.



ವಿಶೇಷ ಉಪನ್ಯಾಸದಲ್ಲಿ ಶ್ರೀ ವಿಶ್ವನಾಥ್ ಡಿ.ಆರ್., ಉಪನ್ಯಾಸಕರು ಹಾಗೂ ಪತ್ರಿಕಾ ವರದಿಗಾರರು, ಕೆ. ಬೇವಿನಹಳ್ಳಿ ಅವರು ಸ್ವಾಮಿ ವಿವೇಕಾನಂದ ಮತ್ತು ಯುವಜನತೆ ವಿಷಯದ ಕುರಿತು ಪ್ರೇರಣಾದಾಯಕ ಉಪನ್ಯಾಸ ನೀಡಿದರು. ಸ್ವಾಮಿ ವಿವೇಕಾನಂದರ ಜೀವನ ಸಾಧನೆ, ವ್ಯಕ್ತಿತ್ವ ಹಾಗೂ ದೇಶಭಕ್ತಿ ಕುರಿತು ವಿವರಿಸಿ, ಮಹಾನ್ ವ್ಯಕ್ತಿಗಳ ಆದರ್ಶಗಳನ್ನು ಅನುಸರಿಸಿ ಉತ್ತಮ ಆಚಾರ-ವಿಚಾರಗಳನ್ನು ಜೀವನದಲ್ಲಿ ಅಳವಡಿಸಿಕೊಳ್ಳಬೇಕು ಎಂದು ತಿಳಿಸಿದರು. ಯುವಜನತೆ ತಮ್ಮ ಶಕ್ತಿಯನ್ನು ಸಮಾಜಸೇವೆ ಹಾಗೂ ದೇಶದ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಗೆ ಬಳಸಬೇಕು ಎಂದು ಕರೆ ನೀಡಿದರು.



ಎದ್ದು ನಿಲ್ಲಿ, ಜಾಗ್ರತವಾಗಿರಿ, ಗುರಿ ಸಾಧಿಸುವ ತನಕ ನಿಲ್ಲಬೇಡಿ ಎಂಬ ಸ್ವಾಮಿ ವಿವೇಕಾನಂದರ ಅಮೂಲ್ಯ ವಾಕ್ಯವನ್ನು ಉಲ್ಲೇಖಿಸಿ, ಯುವಕರಲ್ಲಿ ಆತ್ಮವಿಶ್ವಾಸ ಮತ್ತು ಗುರಿನಿಷ್ಠೆ ಬೆಳೆಸುವಂತೆ ಪ್ರೇರೇಪಿಸಿದರು.



ಶ್ರೀ ಎ. ಜಯಪ್ಪ ಅವರು ಎನ್.ಎಸ್.ಎಸ್. ಕಾರ್ಯಚಟುವಟಿಕೆಗಳು ಸಮಾಜಸೇವೆ ಹಾಗೂ ಸಾಮಾಜಿಕ ಅರಿವು ಮೂಡಿಸುವಲ್ಲಿ ಮಹತ್ವದ ಪಾತ್ರ ವಹಿಸುತ್ತವೆ ಎಂದು ತಿಳಿಸಿದರು.



ಶ್ರೀ ಪಿ.ವಿ. ಸತೀಶ್ ಅವರು ಹಳ್ಳಿ ಜೀವನದ ಮಹತ್ವ ಹಾಗೂ ಸ್ವಚ್ಛತೆ ಬಗ್ಗೆ ಜಾಗೃತಿ ಮೂಡಿಸುವ ಉಪನ್ಯಾಸ ನೀಡಿದರು.



ಉಪನ್ಯಾಸಕಿ ಕಾವ್ಯ ಶ್ರೀ ಅವರು ಮಹಿಳಾ ಸಬಲೀಕರಣದ ಕುರಿತು ಮಾತನಾಡಿ, ಮಹಿಳೆಯರು ಶಿಕ್ಷಣ ಹಾಗೂ ಆತ್ಮವಿಶ್ವಾಸದಿಂದ ಸಮಾಜದಲ್ಲಿ ತಮ್ಮದೇ ಆದ ಸ್ಥಾನಮಾನವನ್ನು ಪಡೆಯಬೇಕು ಎಂದು ಹೇಳಿದರು.



ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದಲ್ಲಿ ಗ್ರಾಮದ ಹಿರಿಯರು ಹಾಗೂ ಮುಖಂಡರಾದ ವಾಗೀಶ್ ಸುದರ್ಶನ ಎಸ್.ಸಿ., ವಿಜಯ, ಹನುಮಂತಪ್ಪ ಯು., ಕೆ.ಎಸ್. ಬಸವರಾಜು, ಕೆ. ರೇವಣಸಿದ್ಧಪ್ಪ ಮುಂತಾದವರು ಭಾಗವಹಿಸಿದ್ದರು.



ಶಿಬಿರಾಧಿಕಾರಿಗಳಾದ ಡಾ. ರಾಘವೇಂದ್ರ ಹಾಗೂ ಡಾ. ಪ್ರವೀಣಕುಮಾರ್, ದೈಹಿಕ ನಿರ್ದೇಶಕರಾದ ಧನಂಜಯ್ ಹಾಗೂ ಉಪನ್ಯಾಸಕರಾದ ಶ್ರೀ ಶಾಂತಕುಮಾರ್ ಉಪಸ್ಥಿತರಿದ್ದರು.



ವೇದಿಕೆ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದ ನಂತರ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳಿಂದ ವಿವಿಧ ಸಾಂಸ್ಕೃತಿಕ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮಗಳು ನಡೆಯುವ ಮೂಲಕ ಎರಡನೇ ದಿನದ ಶಿಬಿರವು ಮುಕ್ತಾಯಗೊಂಡಿತು.-

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পশ্চিমবঙ্গ: বর্তমান মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী কোরবানী সংক্রান্ত বিষয়ে রাজ্য সরকারের সিদ্ধান্ত গ্রহণের প্রস্তুতি নিচ্ছেন। এই সিদ্ধান্ত কোরবানী সম্পর্কিত বিভিন্ন দিক বিবেচনা করে নেওয়া হবে এবং রাজ্যের মুসলিম সম্প্রদায়ের মতামত গুরুত্ব সহকারে নেওয়ার বিষয়ে আলোচনা চলছে।

হেডলাইন নিউসহ বিভিন্ন সংবাদমাধ্যমে বিষয়টি নিয়ে বিস্তারিত আলোচনা হয়েছে। রাজ্যের রাজনৈতিক পরিস্থিতিতে কোরবানী সংক্রান্ত সিদ্ধান্তের প্রভাব এবং মুসলিম সম্প্রদায়ের প্রতিক্রিয়া নিয়ে গুরুত্ব সহকারে পর্যবেক্ষণ চলছে। শুভেন্দু অধিকারী সহ অন্যান্য রাজ্য নেতারা এই বিষয়ে সমন্বয় সাধনের চেষ্টা করছেন।

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चंडीगढ कुरुक्षेत्र रविवार 17/05/2026 -आरके विक्रमा शर्मा रक्षत शर्मा करण शर्मा हरीश शर्मा------
॥ श्रीमद् भागवत कथा निमंत्रण ॥**
**"जय श्री राधे"**
अत्यंत हर्ष के साथ आपको सूचित किया जाता है कि कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर **अधिक मास महोत्सव** के उपलक्ष्य में भव्य **श्रीमद् भागवत कथा** का आयोजन होने जा रहा है।
आप सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालु सादर आमंत्रित हैं। आइए, भगवान श्री कृष्ण की महिमा का श्रवण कर पुण्य के भागी बनें।
### **कथा विवरण:**
* **कथा प्रवक्ता:** परम पूज्य पं. शिवम विष्णु पाठक जी
* **दिनांक:** 25 मई से 31 मई 2026
* **समय:** दोपहर 3:00 बजे से सायं 6:30 बजे तक
* **स्थान:** श्री गीता धाम, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
**आयोजक:**
श्रीमती वीणा गोस्वामी एवं श्रीमान अशोक कुमार गोस्वामी (गोस्वामी परिवार)
**अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:**
+91 9896921777
> **आप सभी का हार्दिक स्वागत है!

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गढ़वा। आम जनता को पेट्रोल-डीजल की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने और ईंधन की किल्लत की अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी सिलसिले में आज अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) ने क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंप संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।
बैठक के मुख्य बिंदु:
आपूर्ति और मांग की समीक्षा: अनुमंडल पदाधिकारी ने क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल की वर्तमान उपलब्धता, सप्लाई चेन और दैनिक मांग की विस्तृत समीक्षा की।
समस्याओं का समाधान: बैठक के दौरान पंप संचालकों ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सप्लाई से जुड़ी अपनी व्यावहारिक समस्याओं को रखा, जिस पर प्रशासन ने उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
प्रशासनिक अपेक्षाएं एवं कड़े निर्देश: आम जनता से मिल रहे फीडबैक और शिकायतों का संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। संचालकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि बिना किसी उचित और पूर्व सूचना के पेट्रोल पंप बंद रखने या कालाबाजारी करने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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