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ଚମ୍ପୁଆ (୨୯/୦୩ ) ଚୋରା଼ ଦେଶୀ ମଦ ବେପାରୀ ଓ ମଦୁଆଙ୍କ ଉପରେ ବ୍ୟାପକ କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ନିଆ ଯାଉଛି ସତ ମାତ୍ର ଅନିୟମିତତା ଭାବରେ ସରକାରୀ ଦେଶୀ (ପଲିଥିନ) ମଦ ବେପାରୀଙ୍କ ପ୍ରତି ଆଖି ବୁଜି ଦେଇଛି ସ୍ଥାନୀୟ ପ୍ରଶାସନ। ଏହି ସରକାରୀ ଦେଶୀ (ପୋଲିଥିନ) ମଦ ବେପାରୀ ମାନେ ଗାଁ ଗାଁ ରେ ଥିବା ଦୋକାନ ମାନଙ୍କରେ ଦେଶୀ (ପଲିଥିନ) ମଦ ସପ୍ଲାଇ ଦେଇ ଚୋରା ମଦ କାରବାରକୁ ବ୍ୟାପକ କରୁଥିଲେ ମଧ୍ୟ ଏହି ଚୋରା ମଦ କାରବାରକୁ ଅବକାରୀ ବିଭାଗ ଏବଂ ଚମ୍ପୁଆ ପୋଲିସ ପ୍ରଶାସନର ଅହେତୁକ ଅନୁକମ୍ପା ରହିଥିବା କୁହାଯାଉଛି। ଯାହାକୁ ନେଇ ଦିନକୁ ଦିନ ସାଧାରଣରେ ଅସନ୍ତୋଷ ପୁଞ୍ଜିଭୁତ ହେଉଛି।
ଗତ କିଛି ବର୍ଷ ହେବ ରାଜ୍ୟରେ ମଦ ବିରୋଧୀ ଆନ୍ଦୋଳନ ଯେତେ ତୀବ୍ରତର ହେଉଛି ରାଜ୍ୟ ସରକାର ରାଜସ୍ବ ଆଳରେ ସେତେ ଅଧିକା ମଦ ଦୋକାନକୁ ସ୍ୱୀକୃତି ଦେଇ ମଦ ବ୍ୟବସାୟକୁ ବ୍ୟାପକ କରିବାରେ ଲାଗିଛନ୍ତି। ଯାହା ପାଇଁ ରାଜ୍ୟରେ ମଦ କଳା ବଜାରୀ ମଧ୍ୟ ସମାନ୍ତରାଳ ଭାବେ ବୃଦ୍ଧି ପାଇବାରେ ଲାଗିଛି। ଅବକାରୀ ବିଭାଗ ଏବଂ ପୋଲିସ ପ୍ରଶାସନର ଅପାରଗତା ହେଉ କି ଆନ୍ତରିକତା ଅଭାବ ପାଇଁ ଅଞ୍ଚଳରେ ମଦ କଳା ବଜାରୀ ବୃଦ୍ଧି ପାଉଛି। ଅବକାରୀ ବିଭାଗ ପକ୍ଷରୁ ବିଭିନ୍ନ ସମୟରେ ଦେଶୀ ମହୁଲି ମଦ ଉପରେ ଚଢ଼ାଉ କରା ଯାଉଥିବାବେଳେ ଚୋରା (ପଲିଥିନ) ମଦ କାରବାର ଉପରେ ଆଖି ବୁଜି ଦେଇଛି ବିଭାଗ। ଖବର ଅନୁସାରେ, ଚମ୍ପୁଆ ଥାନା ଅନ୍ତର୍ଗତ ପ୍ରତାପପଶି ଠାରେ ଥିବା ସରକାରୀ ଦେଶୀ (ପୋଲିଥିନ) ମଦ ଦୋକାନ ମାଲିକ ବେନିୟମ ଭାବେ ଚମ୍ପୁଆ ଏନଏସି ର ଦୁଇ ନମ୍ବର ୱାର୍ଡ ପାଞ୍ଚପୋଖରିଆ (ଶଙ୍କରପୁର) ନିକଟରେ ଚମ୍ପୁଆ -ଯୋଡ଼ା ରାସ୍ତା କଡରେ ଏକ ଭଡା ଗୃହରେ ଗୋଦାମ କରି ଚମ୍ପୁଆ ଏନଏସି ର ବିନା ଅନୁମତିରେ ବିଭିନ୍ନ ୱାର୍ଡ ସହିତ ଚମ୍ପୁଆ ବ୍ଲକର ବିଭିନ୍ନ ଗ୍ରାମରେ ଥିବା ଦୋକାନ ମାନଙ୍କରେ ମଦ ସପ୍ଲାଇ ଦେଇ ବେନିୟମ ଭାବେ ମଦ ବିକ୍ରି କରି ଗ୍ରାମାଞ୍ଚଳରେ ବିଶୃଙ୍ଖଳିତ ପରିବେଶ ସୃଷ୍ଟି କରୁଥିବାର ଅଭିଯୋଗ ହେଉଛି। ତେବେ ଚମ୍ପୁଆ ଅଞ୍ଚଳର କୌଣସି ଗୋଟିଏ କିମ୍ବା ଦୁଇଟି ସ୍ଥାନରେ ନୁହେଁ ପାଞ୍ଚପୋଖରିଆସ୍ଥିତ ବେନିୟମ ଗୋଦାମରୁ ଏହି ଦେଶୀ ପୋଲଥିନ ମଦ ଚମ୍ପୁଆ ଏନଏସି ର ପାଞ୍ଚପୋଖରିଆ, ଗୋଧୂଳି, ରାମଲା ସମେତ କୋଦଗାଡ଼ିଆ, ଜାମୁଦଲକ ସୁନାପଶି, ରଜିଆ ଆଦି ପଞ୍ଚାୟତର ବିଭିନ୍ନ ଗ୍ରାମ ମାନଙ୍କରେ ଥିବା ଦୋକାନୀ ମାନଙ୍କୁ ପ୍ରଲୋଭୀତ କରି ଦୀର୍ଘ ଦିନରୁ ଏହି ଚୋରାମଦ କାରବାର ବ୍ୟାପକ ଭାବେ ବୃଦ୍ଧି କରି ଚାଲିଥିଲେ ମଧ୍ୟ ଏହା ଉପରେ ରୋକ ଲଗାଇ ପାରୁ ନାହିଁ ଅବକାରୀ ବିଭାଗ ଅବା ସ୍ଥାନୀୟ ପ୍ରଶାସନ। ଚମ୍ପୁଆ ଅବକାରୀ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟ ଏବଂ ଚମ୍ପୁଆ ଥାନାରୁ ମାତ୍ର ଚାରି କିଲୋମିଟର ଦୂରରେ ଦୀର୍ଘ ଦିନରୁ ବେନିୟମ ଭାବେ ଦେଶୀ ପଲିଥିନ ମଦ ଗୋଦାମ କରି ବିଭିନ୍ନ ଅଞ୍ଚଳକୁ ସପ୍ଲାଇ କରା ଯାଉଥିଲେ ମଧ୍ୟ ଏଥି ପ୍ରତି ବିଭାଗୀୟ ଅଧିକାରୀ ମାନେ ଜାଣି ଶୁଣି ନିରବଦ୍ରଷ୍ଟା ସାଜିବା ସାଧାରଣରେ ପ୍ରଶ୍ନବାଚୀ ସୃଷ୍ଟି କରିଛି।
ଦେଶୀ ପଲିଥିନ ମଦ ବେପାରୀ ବେନିୟମ ଭାବେ ମଦ କାରବାର କରୁଥିଲେ ମଧ୍ୟ ତା ପ୍ରତି କୌଣସି କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ଗ୍ରହଣ କରାଯାଉ ନ ଥିବାରୁ ଚମ୍ପୁଆ ଏନଏସି ଏବଂ ବ୍ଲକର ବିଭିନ୍ନ ଗ୍ରାମରେ ଚୋରା ଦେଶୀ ମଦ କାରବାର ଦିନକୁ ଦିନ ସୀମା ଟପିବାରେ ଲାଗିଛି। ଚୋରା ଓ ଅପମିଶ୍ରିତ ଦେଶୀ ପଲିଥିନ ମଦ ପିଇ ପୁରୁଷ ମାନେ କମ ବୟସରେ ଅକାଳ ମୃତ୍ୟୁବରଣ କରୁଥିବା ବେଳେ ଅଞ୍ଚଳରେ ବିଧବାଙ୍କ ସଂଖ୍ୟା ବୃଦ୍ଧି ପାଇବାରେ ଲାଗିଛି । ଅକାଳରେ ପରିବାର ମୁଖିଆ ମୃତ୍ୟୁବରଣ କରୁଥିବାରୁ ବାପା, ମା ଛେଉଣ୍ଡଙ୍କ ସଂଖ୍ୟା ମଧ୍ୟ ବୃଦ୍ଧି ପାଉଛି । ଯାହାଫଳରେ ଅଶିକ୍ଷା, ଦାରିଦ୍ର୍ୟ ଜନିତ ସମସ୍ୟା ଏମାନଙ୍କର ଚିର ସହଚର ହୋଇଛି। ଯାହାକୁ ନେଇ ବୁଦ୍ଧିଜୀବୀ ମହଲରେ ଚିନ୍ତାର ବିଷୟ ପାଲଟିଥିବା ବେଳେ ଏହାକୁ ନେଇ ଅଞ୍ଚଳରେ ଦିନକୁ ଦିନ ଅସନ୍ତୋଷ ବୃଦ୍ଧି ପାଇବାରେ ଲାଗିଛି।
ଏଣୁ ଏ ଦିଗରେ ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ଦୃଷ୍ଟି ଦେଇ ତୁରନ୍ତ ଚୋରା ଦେଶୀ (ପୋଲିଥିନ) ମଦ କାରବାରକୁ ବନ୍ଦ କରିବା ପାଇଁ ସାଧାରଣରେ ଦାବୀ ହେଉଛି।

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आज सुबह 10 बजे से आयोजित होगा जिला स्तरीय मूक-बधिर सेमिनार, हाथों की अंगुलियों के इशारो से करेंगे भावों का इज़हार।

पाली- रविवार 29 मार्च दिव्यांग सेवा समिति पाली का जिला स्तरीय तृतीय मूक-बधिर सेमिनार आज 10 बजे से श्री विश्वकर्मा जांगिड़ समाज भवन दुर्गादास नगर पाली में आयोजित होगा। जिसमें विधायक भीमराज भाटी, जिला कलेक्टर लक्ष्मी नारायण मंत्री अध्यक्षता करेंगे। जबकि उपखण्ड अधिकारी विमलेन्द्र राणावत मुख्य अतिथि होंगे।सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग पाली उप निदेशक ज्योति प्रकाश अरोड़ा, ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ गौरव कटारिया सहित उद्योगपति समाज सेवी तथा खेल प्रेमीयो को आमंत्रित करके अतिथि के रूप में सेमिनार में पधारकर मूक-बधिरो का उत्साह वर्धन करने का अनुरोध किया गया है।

अध्यक्ष मुकेश सोनी ने बताया कि सेमिनार में मूक-बधिर हाथों की अंगुलियों के संकेत लेंग्वेज भाषा से एक दुसरे से वार्तालाप करके अपने भावों को व्यक्त करेंगे। साथ ही मूक-बधिरो को आत्मरक्षार्थ बंदूक से निशाना लगाना, कराटे, लाठी, तलवार संचालन के गुर सिखाए जायेंगे। इसके अलावा अपनी अपनी जीवनचर्या और रोजगार के बारे में चर्चा करेंगे। साथ ही मूक-बधिरो की विभिन्न समस्याओं यथा यूनिक डिसेबल कार्ड, रेल पास, रोडवेज पास की विसंगतियों रोजगार आदि के बारे में चर्चा कर करेंगे । कार्यक्रम को लेकर समिति कार्यकारिणी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता तैयारीयों में जुटे हैं।

रिपोर्ट- घेवरचन्द आर्य

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गया / बिहार
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

गया जिला प्रशासन ने हाल ही में 34 आपदा पीड़ित परिवारों को ₹1.36 करोड़ की अनुग्रह राशि तत्काल उनके बैंक खातों में भेजकर संवेदनशील प्रशासन का परिचय दिया है। यह कदम सराहनीय है—क्योंकि संकट में त्वरित राहत ही सरकार की असली पहचान होती है।
लेकिन यही तस्वीर तब चुभने लगती है, जब हम उसी व्यवस्था के दूसरे चेहरे को देखते हैं—

शिक्षक शांति कुमारी का
मामला:
एक तरफ मौत पर संवेदना, दूसरी तरफ ज़िंदा इंसाफ की मौत
जहाँ एक ओर—
आपदा में मृतकों के परिवार को कुछ ही दिनों में ₹4 लाख
प्रशासन की सक्रियता, जवाबदेही और तत्परता
वहीं दूसरी ओर—
एक जीवित शिक्षिका
जिनकी नियुक्ति उच्च स्तरीय जांच में वैध साबित।
फिर भी 19 वर्षों से वेतन लंबित क्यों?
क्यों फाइलें दफ्तरों में धूल खा रही हैं?
सवाल सीधा है:
क्या इस व्यवस्था में मरना ही “योग्यता” बन गया है, न्याय पाने की?
व्यवस्था का दोहरा चरित्र
यह तुलना केवल दो घटनाओं की नहीं, बल्कि
पूरे सिस्टम के दोहरे चेहरे की कहानी है।
जब मामला “आपदा” का होता है:
सिस्टम तेज़ दौड़ता है,
फाइलें उड़ती हैं,
पैसे सीधे खाते में,
जब मामला “अधिकार” का होता है:
क्या सिस्टम सो जाता है?
क्या फाइलें दब जाती हैं?
क्या इंसान थक जाता है?

शांति कुमारी: एक जीवित त्रासदी
शांति कुमारी कोई आंकड़ा नहीं हैं—
वे एक संघर्ष की प्रतीक हैं:
19 साल से उत्पीड़न क्यों?
सामाजिक, मानसिक और आर्थिक पीड़ा क्यों?
न्याय के लिए दर-दर भटकना क्यों?
प्रशासनिक चुप्पी क्यों?
यह किसी एक व्यक्ति का नहीं,
पूरे शिक्षा तंत्र की विफलता का केस स्टडी है।

सबसे बड़ा सवाल:

जब गया प्रशासन
34 मामलों में त्वरित जांच, स्वीकृति और भुगतान कर सकता है,
तो फिर—
एक ही शिक्षक के मामले में 19 साल क्यों लग रहे हैं?
क्या:
इच्छाशक्ति की कमी है?
या फिर भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं?
या “जीवित पीड़ित” सिस्टम के लिए प्राथमिकता ही नहीं?

न्याय बनाम मुआवजा:

क्या मुआवजा देना आसान है?
या न्याय देना मुश्किल?

लेकिन एक लोकतांत्रिक व्यवस्था की असली परीक्षा
मृतकों को पैसे देने में नहीं, बल्कि जीवित लोगों को न्याय
देने में होती है।

समाधान: अब क्या होना चाहिए?
शांति कुमारी मामले की समयबद्ध जांच (Time-bound inquiry),
लंबित वेतन का तत्काल भुगतान आदेश,
दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई,
ऐसे मामलों के लिए विशेष न्याय तंत्र (Fast Track System),

निष्कर्ष
गया प्रशासन ने साबित किया कि
अगर इच्छा हो तो राहत “घंटों में” पहुंच सकती है,
तो फिर यह भी साबित करना होगा कि...
बकाया वेतन भुगतान करने में 19 बर्षो से उत्पीड़न क्यों?

अंतिम सवाल :-
“क्या इस देश में इंसाफ पाने के लिए मरना जरूरी है?”

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विजय कुमार वरिष्ठ पत्रकार गया के जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर के निर्देश पर, आज 34 आपदा प्रभावित परिवारों के खातों में ₹4-4 लाख की अनुग्रह अनुदान राशि भेजी गई है। जिलाधिकारी का उद्देश्य पीड़ितों को त्वरित न्याय और सहायता पहुँचाना है।​आंकड़ों का आईना: कहाँ और कैसे हुई मौतें?​प्रशासन द्वारा जारी सूची का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर कुछ गंभीर चिंताएँ उभरती हैं:​डूबने से सर्वाधिक मौतें: 34 में से 25 मौतें (लगभग 73%) तालाब, नदी, आहर या कुएं में डूबने के कारण हुई हैं। यह दर्शाता है कि जल निकायों के पास सुरक्षा और जागरूकता की कितनी कमी है।​नगर अंचल की त्रासदी: नगर अंचल के काजीचक में एक ही स्थान (आहर) पर डूबने से तीन लोगों (इरशाद, मो. फरियाद और दिलशाद) की जान जाना दिल दहला देने वाली घटना है।​प्राकृतिक प्रकोप: वज्रपात, लू (Heatstroke) और सर्पदंश जैसी घटनाओं ने भी परिवारों को उजाड़ा है, जो बदलते मौसम और जलवायु जोखिम की ओर इशारा करते हैं।​सड़क दुर्घटना और अगलगी: टिकारी और अतरी में सड़क हादसों और मानपुर में अगलगी ने प्रशासन को सुरक्षा मानकों पर पुनः विचार करने का संदेश दिया है।​प्रशासनिक जवाबदेही और राहत​प्रत्येक पीड़ित परिवार को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खातों में भेजना पारदर्शी शासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। जिला पदाधिकारी ने अंचल अधिकारियों के माध्यम से जिस तत्परता से 'अनुग्रह अनुदान' सुनिश्चित किया है, वह अन्य जिलों के लिए भी नजीर है।​निष्कर्ष और सुझाव​यद्यपि आर्थिक सहायता से किसी के प्राण वापस नहीं लाए जा सकते, लेकिन इससे टूटे हुए परिवारों को नई शुरुआत करने का संबल मिलता है। हालांकि, प्रशासन को अब राहत (Relief) से आगे बढ़कर बचाव (Prevention) पर ध्यान देने की आवश्यकता है:​गाँवों के खतरनाक तालाबों और आहरों के पास चेतावनी बोर्ड लगाए जाएँ।​वज्रपात से बचने के लिए 'इंद्रवज्र' ऐप का प्रचार ग्रामीण स्तर पर बढ़ाया जाए।​गर्मी के मौसम में 'लू' से बचाव के लिए स्वास्थ्य शिविरों को और सक्रिय किया जाए।​गया जिला प्रशासन की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन हमारा लक्ष्य 'शून्य आपदा मृत्यु' होना चाहिए। पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा आज विभिन्न अंचल क्षेत्र में आपदा से घटित घटनाओं से मृत व्यक्तियों के उनके निकटतम आश्रित परिवार को अनुग्रह अनुदान राशि का भुगतान संबंधित अंचल अधिकारी के माध्यम से की गई है। `आज कुल चौतीस (34) आश्रित परिवार को 4-4 लाख रुपये अनुग्रह अनुदान की राशि भेजी जा रही है।` 01. मानपुर अंचल क्षेत्र के बुद्धगेरे गाँव निवासी गोलू कुमार की मृत्यु तालाब में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।02. बाराचट्टी अंचल क्षेत्र के सुरौंधा बिंदा गाँव निवासी बसंती देवी की मृत्यु नदी में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।03. कोच अंचल क्षेत्र के गोरकट्टी तरारी गाँव निवासी बरतनी देवी की मृत्यु मोरहर नदी में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।04. बाकेबजार अंचल क्षेत्र के हरिदया लुटुआ गाँव निवासी राजू कुमार की मृत्यु वज्रपात से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।05. टिकारी अंचल क्षेत्र के पंचानपुर गाँव निवासी जनार्धन पासवान की मृत्यु सड़क दुर्घटना से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।06. टिकारी अंचल क्षेत्र के नीमसर अलीपुर गाँव निवासी प्रशांत कुमार की मृत्यु नदी में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।07. टिकारी अंचल क्षेत्र के खनेतु पंचानपुर गाँव निवासी कार्तिक कुमार की मृत्यु तालाब से डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।08. टिकारी अंचल क्षेत्र के बरसीमा मठ सलेमपुर गाँव निवासी संजू कुमारी की मृत्यु पइन में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।09. आमस अंचल क्षेत्र के नवगढ़ गाँव निवासी लक्ष्मण कुमार की मृत्यु सर्पदंश से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।10. आमस अंचल क्षेत्र के शमशेर खाप गाँव निवासी मोनू कुमार की मृत्यु आहर में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।11. गुरारू अंचल क्षेत्र के पहरा गाँव निवासी राकेश महाराज की मृत्यु तालाब में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।12. नगर अंचल क्षेत्र के काजीचक गाँव निवासी इरशाद की मृत्यु आहर में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।13. नगर अंचल क्षेत्र के काजीचक गाँव निवासी मो० फरियाद की मृत्यु आहर में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।14. नगर अंचल क्षेत्र के काजीचक गाँव निवासी दिलशाद की मृत्यु आहर में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।15. नगर अंचल क्षेत्र के कंडी नवादा गाँव निवासी जितेंद्र यादव की मृत्यु नदी में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।16. नगर अंचल क्षेत्र के रामधन पुर बंगला स्थान मोहल्ला निवासी रवि रजक की मृत्यु लू लगने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।17. बोधगया अंचल क्षेत्र के जमड़ी गाँव निवासी अखिलेश कुमार की मृत्यु नदी में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।18. गुरुआ अंचल क्षेत्र के बनिया गाँव निवासी नीतू कुमारी की मृत्यु वज्रपात से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।19. गुरुआ अंचल क्षेत्र के इटहरी गाँव निवासी मुक्कदार सिंह की मृत्यु तालाब में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।20. मोहड़ा अंचल क्षेत्र के बरबीघा निवासी राजकुमार राजबंशी की मृत्यु नदी में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।21. मोहड़ा अंचल क्षेत्र के रिउला टोला नवैल गाँव निवासी शूकर चौहान की मृत्यु कुआँ में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।22. मोहड़ा अंचल क्षेत्र के धरम बीघा गाँव निवासी रामेश्वर राज बंशी की मृत्यु नदी में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।23. मोहड़ा अंचल क्षेत्र के सेवतर गाँव निवासी उमेश चौधरी की मृत्यु नदी में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।24. शेरघाटी अंचल क्षेत्र के पत्थर कट्टी गाँव निवासी रविन्द्र कुमार की मृत्यु आहर में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।25. बेलागंज अंचल क्षेत्र के श्रीपुर गाँव निवासी सीता कुमारी की मृत्यु नदी में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।26. वजीरगंज अंचल क्षेत्र के उसरी गाँव निवासी प्रेम कुमार की मृत्यु नदी में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।27. इमामगंज अंचल क्षेत्र के मैरा गाँव निवासी कलवा देवी की मृत्यु पोखर में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।28. डोभी अंचल क्षेत्र के नीमा गाँव निवासी रीना कुमारी की मृत्यु कुआँ में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।29. अतरी अंचल क्षेत्र के खरौना गाँव निवासी विनोद चौधरी की मृत्यु सामूहिक सड़क दुर्घटना से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।30. फतेहपुर अंचल क्षेत्र के रामनगर गाँव निवासी रवि कुमार की मृत्यु नदी में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।31. टनकुप्पा अंचल क्षेत्र के मतासो गाँव निवासी राहुल कुमार की मृत्यु आहर में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।32. टनकुप्पा अंचल क्षेत्र के सिमरिया गाँव निवासी कृष्ण यादव की मृत्यु आहर में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।33. डोभी अंचल क्षेत्र के पंचरतन गाँव निवासी विलास यादव की मृत्यु नहर में डूबने से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।34. मानपुर अंचल क्षेत्र के संगीता देवी की मृत्यु अग्नि कांड से हुई थी, उनके निकटतम परिजन को ₹400000 का अनुग्रह अनुदान राशि भुगतान की जा रही है।

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Chinnaswamy Stadium में गूँज उठी 'Kohli, Kohli' की गर्जना, जब IPL 2026 के पहले Match में King Virat Kohli ने दिखा दिया कि क्यों उन्हें इस Game का Master माना जाता है! Royal Challengers Bengaluru (RCB) और Sunrisers Hyderabad (SRH) के बीच के इस High-Voltage मुक़ाबले में, Cricket के सबसे बड़े Superstars में से एक ने फिर से अपनी Dominance साबित की। Fans ने जो Show देखा, वह सिर्फ़ एक Cricket Match नहीं, बल्कि एक Power-Packed Performance और Unfiltered Passion का संगम था!

The Inner Story / Asli Maajra:
IPL 2026 की शुआत हुई एक ऐसे Moment से, जिसका Millions of Fans बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। Royal Challengers Bengaluru (RCB) और Sunrisers Hyderabad (SRH) के बीच के इस मुक़ाबले में, सबकी निगाहें King Virat Kohli पर थीं, जिन्होंने लम्बे समय बाद T20 Format में वापसी की थी। और उन्होंने निराश नहीं किया! Virat Kohli ने सिर्फ़ 38 Balls पर 69 Runs की एक Game-Changing Innings खेली, जिसमें एक के बाद एक Dazzling Fours और Towering Sixes शामिल थे। उनकी इस Masterclass Performance की बदौलत RCB ने SRH द्वारा दिए गए 202 Runs के विशाल Target को सिर्फ़ 15.4 Overs में ही चेज़ कर लिया और एक Commanding Win दर्ज की।

Match के बाद, Virat Kohli ने अपने दिल की बात कही, जो हर Fan सुनना चाहता था। उन्होंने बताया कि किस तरह Cricket से मिला Break उनके लिए एक Blessing साबित हुआ है। "Well, you know, the kind of Scheduling that we've had over the last 15 Years, और जिस तरह का Cricket मैंने खेला है, मेरे लिए हमेशा 'Burn Out' होने का Risk ज़्यादा था, बजाय 'Under-cooked' होने के," Kohli ने स्पष्ट शब्दों में कहा। "इसलिए, इन Breaks ने मुझे बहुत मदद की। मैं Fresh रहता हूँ, Excited रहता हूँ। जब भी मैं खेलने वापस आता हूँ, तो यह 120% होता है। मैं कभी Underprepared होकर वापस नहीं आता।"

Kohli ने आगे समझाया कि यह Extra Rest उन्हें Mentally Refresh करता है, और जब आप Physically Fit और Mentally Excited होते हैं, तो Performance खुद-ब-खुद निकल कर आती है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि एक Player के तौर पर आप Team के लिए Contribute करना चाहते हैं, न कि सिर्फ़ अपनी Spot को पकड़े रहना चाहते हैं। यह दर्शाता है कि King Kohli की Consistency और उनका Work Ethic सिर्फ़ मैदान पर ही नहीं, बल्कि उसके पीछे भी कितना गहरा है।

याद रहे, Virat Kohli का आख़िरी T20 Match IPL 2025 Final था, जिसे RCB ने जीतकर अपना पहला IPL Trophy हासिल किया था। और अब, उन्होंने अपने Title Defence की शुरुआत भी एक धमाकेदार Win के साथ की है। इस IPL से पहले भी Kohli शानदार Form में थे; उन्होंने January में New Zealand के ख़िलाफ़ तीन ODIs में 93, 23 और 124 Runs बनाए थे। वह उस Series में Bharat के Top-Scorer थे, और इससे पहले December में South Africa के ख़िलाफ़ ODI Series में भी उन्होंने 302 Runs बनाए थे, जिसमें दो Centuries शामिल थीं। SRH के ख़िलाफ़, Kohli ने Harshal Patel के 16वें Over में 6, 4, 4, 4 मारकर चेज़ ख़त्म किया। उन्होंने बताया कि T20 से दूर रहने के बावजूद, उनकी ODI Performances ने उन्हें उसी Momentum में बने रहने में मदद की। यह सिर्फ़ Virat Kohli ही कर सकते हैं!

Analysis & Numbers:

- Virat Kohli की धमाकेदार Innings: 69 Runs (Unbeaten)
- Balls Faced: सिर्फ़ 38 Balls
- Hitting Prowess: 5 Fours और 5 Sixes
- RCB की Domination: 202 Runs का Target चेज़ किया 15.4 Overs में
- Recent ODI Form: New Zealand के ख़िलाफ़ 93, 23, 124 Runs और South Africa के ख़िलाफ़ 302 Runs (2 Centuries)

The Guru Gyan Verdict:
The Guru Gyan का मानना है कि Virat Kohli सिर्फ़ एक Player नहीं, एक Phenomenon हैं। उनकी यह वापसी सिर्फ़ एक Match Win नहीं, बल्कि एक Prophecy है कि आने वाले Matches में King Kohli का Raj एक बार फिर देखने को मिलेगा। उनकी Mental Toughness, Physical Fitness और Game के प्रति Dedication बेमिसाल है। Breaks का सदुपयोग कर खुद को Fresh रखना और फिर 120% की Intensity से मैदान पर लौटना, यह हर Young Cricketer के लिए एक Masterclass है। यह दिखाता है कि क्यों उन्हें इस Generation का Gamechanger कहा जाता है। RCB के लिए यह शुरुआत एक Perfect Start है, और Bharat के लिए यह गर्व की बात है कि हमारे पास Virat Kohli जैसा बेजोड़ Talent है। King Kohli का जलवा बरक़रार रहेगा!

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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Vinod Verma [Aabhushan World News]
Iran, Israel और United States के बीच बढ़ता संघर्ष आज सिर्फ सीमाओं या ताकत का खेल नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे-सीधे आम इंसान की जिंदगी पर सबसे भारी पड़ रहा है। मिसाइलों और हथियारों की इस दौड़ में सबसे ज्यादा नुकसान उस व्यक्ति को हो रहा है जिसका इस युद्ध से कोई लेना-देना नहीं—एक आम नागरिक, जो अपने परिवार, अपने घर और अपने छोटे से जीवन को बचाने की कोशिश में हर दिन डर के साए में जी रहा है। हजारों लोगों की जान जा चुकी है, लाखों लोग बेघर हो गए हैं, और जो जिंदा हैं वे भी हर पल अपने कल के लिए अनिश्चितता में जी रहे हैं। शहरों की सड़कों से लेकर स्कूलों, अस्पतालों और बाजारों तक—हर जगह तबाही के निशान दिखाई दे रहे हैं, जहां कभी रौनक हुआ करती थी, वहां अब खामोशी और खंडहर हैं।

इस युद्ध ने केवल जान-माल का नुकसान ही नहीं किया, बल्कि इंसानियत के उस भरोसे को भी चोट पहुंचाई है जो समाज को जोड़कर रखता है। महंगाई आसमान छू रही है, रोज़गार खत्म हो रहे हैं, और आम आदमी की जरूरतें पूरी करना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। एक ओर जहां बड़े देश अपनी ताकत और रणनीति पर विचार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एक साधारण परिवार अपने बच्चों के लिए सुरक्षित भविष्य की उम्मीद में हर दिन संघर्ष कर रहा है। यह युद्ध हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर विकास और शक्ति का क्या मतलब है, अगर इंसान की जिंदगी ही सुरक्षित नहीं रह पाती।

Aabhushan World Mediaका संदेश:

Aabhushan World मानता है कि दुनिया की असली ताकत हथियारों में नहीं, बल्कि इंसानियत, समझ और शांति में है। हम सभी देशों और उनके नेतृत्व से यह अपील करते हैं कि वे संवाद, सहयोग और समझदारी का रास्ता अपनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण दुनिया मिल सके। जंग किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है—यह सिर्फ और ज्यादा दर्द, नुकसान और विभाजन को जन्म देती है। आज जरूरत है कि हम नफरत की जगह भरोसा, और संघर्ष की जगह शांति को चुनें। क्योंकि अंत में, जीत उसी की होगी जो इंसानियत को बचाए रखेगा।युद्ध केवल ज़मीन या सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी हार है। जब बम बरसते हैं, तो वे सरहद नहीं देखते, वे मासूम बचपन, घर और सपनों को ख़ाक कर देते हैं। आज के संघर्षों में, भुखमरी और डर के बीच, इंसानियत सचमुच रो रही है।

युद्ध के मैदान में इंसानियत की त्रासदी:

मासूमों का दर्द: जंग में बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब जाता है, और उनके लिए यह एक ऐसे संसार का अंत है, जहाँ वे सुरक्षित महसूस करते थे।

बर्बादी के निशान: घर और इमारतें तो फिर बनाई जा सकती हैं, लेकिन खोए हुए अपनों की यादें और इंसानियत की रिक्तता कभी नहीं भरती।

शिक्षा और स्वास्थ्य का पतन: युद्ध के कारण स्कूल और अस्पताल तबाह हो जाते हैं, जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य खतरे में पड़ जाता है।

घृणा की जीत, मानवता की हार: जब नफरत इतनी बढ़ जाए कि हम दूसरे इंसान की पीड़ा को न समझ सकें, तब इंसानियत का अस्तित्व खतरे में पड़ जाता है।

जब स्वार्थ और अहंकार के कारण संवाद बंद हो जाता है, और शांति की जगह बमों की गूंज सुनाई देती है, तब इंसानियत अपने ही हाथों कुचल दी जाती है। जो हाथ सृजन के लिए बने थे, वे विनाश में लग जाते हैं।

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ठाकुरगंज (किशनगंज)। ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत तातापौआ ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या 06, निकरबारी में 108 श्री श्री हरि नाम संकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान मुखिया प्रतिनिधि रसमुद्दीन फैज स्वयं मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन स्थल का जायजा लिया और सभी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही आयोजन में जुटे कार्यकर्ताओं और आयोजकों का हौसला अफजाई करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और संकीर्तन के माध्यम से क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। आयोजन को सफल बनाने में ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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ठाकुरगंज (किशनगंज)। ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत तातापौआ ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या 06, निकरबारी में 108 श्री श्री हरि नाम संकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान मुखिया प्रतिनिधि रसमुद्दीन फैज स्वयं मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन स्थल का जायजा लिया और सभी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही आयोजन में जुटे कार्यकर्ताओं और आयोजकों का हौसला अफजाई करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
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मीरा-भायंदर | प्रतिनिधि



लंबे इंतज़ार के बाद मीरा-भायंदर के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। 3 अप्रैल से मीरा-भायंदर मेट्रो सेवा शुरू होने जा रही है, जिसका उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के हाथों किया जाएगा।

इस मेट्रो सेवा के शुरू होने से लाखों यात्रियों को रोज़ाना सफर में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब तक ट्रैफिक जाम और लंबी यात्रा से परेशान रहने वाले लोगों के लिए मेट्रो एक तेज़, सुरक्षित और आरामदायक विकल्प साबित होगी। खासकर ऑफिस जाने वाले, छात्रों और व्यापारियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।

मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, सेवा शुरू होने से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी। यह परियोजना मीरा-भायंदर के विकास में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

मेट्रो के शुरू होने से शहर और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे लोगों का समय बचेगा और यात्रा का अनुभव पहले से अधिक सुविधाजनक बनेगा।

स्थानीय निवासियों में इस खबर को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह मेट्रो सेवा उनके रोज़मर्रा के जीवन को आसान बना देगी और शहर को एक नई पहचान मिलेगी।

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अरे Bhaiyon और Behanon, IPL के मैदान में एक बार फिर से शोर उठने वाला है! जब बात आती है Cricket के सबसे बड़े League की, तो कुछ Teams ऐसी होती हैं जिनका नाम सुनते ही दिल में एक अलग ही जोश भर जाता है. Mumbai Indians, वो Team जिसने 5 बार IPL Trophy उठाई है, जिसका नाम ही Rival Teams के लिए डर का दूसरा नाम था. लेकिन फिर एक सवाल है, जब आखिरी बार इस Powerhouse Team ने Final खेला था, आपको याद है? 2020! हाँ, पूरे 5 साल का इंतज़ार, एक लंबा सूखा, क्या इस बार बदलेगा Maajra?

The Inner Story / Asli Maajra:

Cricket की दुनिया में, खासकर IPL जैसे High-Pressure Tournament में, सिर्फ Talent ही नहीं, बल्कि Mindset भी बहुत मायने रखता है. और इस बार, Mumbai Indians के Head Coach Mahela Jayawardene ने अपने Cards पहले ही खोल दिए हैं. उनका कहना है कि Team का Focus सिर्फ "Trophy जीतना" नहीं है, बल्कि "Process" और "Culture" को बनाए रखना है. उन्होंने साफ़ कहा, "To be honest, every year we want to win, so it's not about the gap." Jayawardene के इस बयान में एक अजीब सी शांति है, या शायद एक गहरे आत्मविश्वास की झलक, जो बताता है कि उन्होंने Team को एक नए Framework में ढालने की कोशिश की है.

सवाल यह है कि क्या यह "Process" की बात, उस "Elephant in the Room" को छुपा पाएगी? वो Elephant, जिसने Mumbai Indians को 2012 के बाद से अपने पहले Season Match में जीत से दूर रखा है. 2012 के बाद से, MI ने कभी भी अपना पहला IPL Match नहीं जीता है! यह एक ऐसा Hoodoo है जिसे तोड़ने के लिए Team को कुछ तो extra करना ही पड़ेगा. और इस बार उनका सामना Kolkata Knight Riders (KKR) से है, जिनके खिलाफ MI का Overall Record बेहद शानदार रहा है. क्या यह वही मौका है जब वे इस Bad Luck की Chain को तोड़ पाएंगे?

सबसे बड़ी Gamechanger बात यह है कि इस Team में Bharat की T20 World Cup Winner XI के चार बड़े Stars हैं: Suryakumar Yadav, Hardik Pandya, Tilak Varma और Jasprit Bumrah. World Cup जीत की Euphoria के बाद, इन Players के लिए वापस IPL के Mood में आना एक Challenge तो है. Jayawardene ने भी यह बात मानी, "That adrenaline is something that is difficult to match." इसीलिए Team Management ने उन्हें कुछ extra break दिया, ताकि वे Family के साथ Time बिता कर फिर से Fresh होकर लौटें. Coach को पूरा भरोसा है कि ये Experienced Players, MI के familiar setup में आसानी से ढल जाएंगे, भले ही उनके Roles Bharat Team से थोड़े अलग क्यों न हों.

और बात करें Captain Rohit Sharma की, तो उनके T20 Cricket से नौ महीने दूर रहने के बाद भी Jayawardene पूरी तरह Confident हैं. उन्होंने कहा, "there's a transformation in Rohit." Rohit ने Nets में लंबा Time बिताया है, Pace Bowling पर खास ध्यान दिया है, और उनकी Commitment साफ दिख रही है. Jayawardene ने Rohit की Hand Speed, Technique और 18 साल के IPL Experience की तारीफ की है. Rohit Sharma का Form, MI की Success के लिए एक Key Factor होगा, यह तय है.

Analysis & Numbers:

- Mumbai Indians ने 5 IPL Titles जीते हैं, जो Tournament के History में एक Record है.
- 2020 के बाद से, MI एक भी IPL Final तक नहीं पहुंची है, जो उनके Standard के हिसाब से एक लंबा सूखा है.
- 2012 के बाद से, MI ने किसी भी IPL Season का अपना पहला Match नहीं जीता है – यह 11 साल पुराना एक Unwanted Record है.
- Mumbai Indians का Kolkata Knight Riders (KKR) के खिलाफ IPL में एक Dominance Record रहा है.
- Rohit Sharma के पास IPL में 18 साल का Experience है, जो उन्हें League के सबसे Seasoned Players में से एक बनाता है.

The Guru Gyan Verdict:

हम The Guru Gyan वाले, किसी की मीठी बातों पर यकीन नहीं करते, हम सिर्फ Facts और Ground Reality पर बात करते हैं. Jayawardene की "Process and Culture" वाली बात अच्छी है, लेकिन IPL में अंततः Trophy ही गिनते हैं. Mumbai Indians के पास इस बार Bharat के World Cup Heroes का एक मजबूत Core है, जो उनके लिए एक Gamechanger साबित हो सकता है. Suryakumar Yadav का विस्फोटक Batting, Hardik Pandya की All-Round Brilliance, Tilak Varma की युवा Energy और Jasprit Bumrah की Death Overs की Masterclass - ये सब मिलकर Team को एक अलग Level पर ले जा सकते हैं.

लेकिन 2012 से चला आ रहा वो "पहले Match में हारने का Hoodoo" एक Mental Block की तरह है. अगर MI इसे तोड़ पाती है, तो यह उनके पूरे Season के लिए एक Positive Prophecy होगी. Rohit Sharma का Form और उनकी Captaincy, इस Team के लिए एक Test होगी. Jayawardene का आत्मविश्वास अपनी जगह है, लेकिन मैदान में Performance ही असली कहानी कहेगी. हमारी नजरें इस बार MI पर टिकी हैं, क्या वे इस बार सिर्फ "Process" ही नहीं, "Results" भी दिखा पाएंगे? इस बार IPL में 🔥 लगेगी या सिर्फ धुआँ रहेगा, हम देखेंगे!

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को उन अफ़वाहों को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और ईंधन की संभावित कमी के कारण भारत में लॉकडाउन लगाया जा सकता है।



नागरिकों को भरोसा दिलाते हुए, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि किसी भी तरह के लॉकडाउन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने ऐसे दावों को "बेबुनियाद" बताया और राजनीतिक चर्चाओं में फैल रही गलत जानकारियों पर चिंता जताई।



उन्होंने कहा, "कोई लॉकडाउन नहीं होगा। मैं लोगों को भरोसा दिलाना चाहती हूँ कि वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा जैसा हमने COVID के दौरान देखा था।"



उनकी बात का समर्थन करते हुए, पुरी ने इन अफ़वाहों को "गैर-जिम्मेदाराना और नुकसानदेह" बताया। उन्होंने जनता से शांत रहने और घबराहट फैलाने वाली बातों के झांसे में न आने की अपील की।



उन्होंने. पोस्ट में कहा, "भारत में लॉकडाउन की अफ़वाहें पूरी तरह से झूठी हैं। भारत सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।"



सरकार ने नागरिकों को ईंधन की कीमतों के झटके से बचाने के लिए कदम उठाए



ये आश्वासन ऐसे समय में आए हैं जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव – खासकर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष, और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी – के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की लगभग 20-25% तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।



भारतीय उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए, सरकार ने – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में – निर्णायक वित्तीय उपाय किए हैं।



वित्त मंत्री सीतारमण ने घोषणा की कि पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (excise duties) में भारी कटौती की गई है; इसे घटाकर पेट्रोल के लिए ₹3 प्रति लीटर और डीजल के लिए शून्य कर दिया गया है। इसके अलावा, घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्यात शुल्क भी लगाए गए हैं, जिसमें डीजल के निर्यात पर ₹21.5 प्रति लीटर का शुल्क शामिल है।



उन्होंने बताया कि इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में बढ़ोतरी को रोकना, बढ़ती इनपुट लागत का सामना कर रही तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को सहायता देना, और पूरे देश में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।



उन्होंने कहा, "सरकार यह बोझ खुद उठाएगी ताकि जनता को पेट्रोल, डीजल और LPG की किसी भी कठिनाई या कमी का सामना न करना पड़े।"



वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उछाल, भारत ने कीमतों में स्थिरता को चुना



पुरी ने बताया कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है – पिछले एक महीने में यह लगभग $70 प्रति बैरल से बढ़कर $120 प्रति बैरल से भी अधिक हो गई है – जिसके कारण दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है।



उन्होंने कहा, "दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में कीमतों में लगभग 30%-50% की बढ़ोतरी हुई है, उत्तरी अमेरिकी देशों में 30%, यूरोप में 20% और अफ्रीकी देशों में 50% की बढ़ोतरी हुई है।"



इसके बावजूद, भारत ने कीमतों का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर न डालने का विकल्प चुना।



पुरी ने कहा, "सरकार ने नागरिकों के लिए कीमतों में भारी बढ़ोतरी करने के बजाय, अपने स्वयं के वित्त पर बोझ उठाना चुना।"



उन्होंने आगे कहा कि तेल कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग ₹24 प्रति लीटर और डीजल पर ₹30 प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था, जिसकी भरपाई करने में सरकार मदद कर रही है।



कोई कमी नहीं, पर्याप्त आपूर्ति का आश्वासन



दोनों मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि ईंधन या आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कोई कमी नहीं होगी; सरकार वैश्विक घटनाक्रमों और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर वास्तविक समय (real time) में बारीकी से नज़र रख रही है।



निर्यात कर और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को वित्तीय सहायता जैसे उपायों का उद्देश्य ईंधन का निरंतर आयात, घरेलू आपूर्ति में स्थिरता और वैश्विक उतार-चढ़ाव से सुरक्षा सुनिश्चित करना है। "हम उभरती चुनौतियों से निपटने और ईंधन तथा आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं," पुरी ने कहा।



गलत जानकारी के खिलाफ सख्त संदेश



सरकार ने अफवाहें फैलाने के खिलाफ भी सख्त चेतावनी जारी की, खासकर संवेदनशील जियोपॉलिटिकल हालात के दौरान।

सीतारमण और पुरी दोनों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि गलत जानकारी से बेवजह पैनिक हो सकता है और नागरिकों से ऑफिशियल कम्युनिकेशन पर भरोसा करने की अपील की।

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Chinnaswamy Stadium का माहौल बिजली से भरा था, जब King Kohli ने T20 Cricket में अपनी वापसी की और मैदान पर ऐसे छा गए जैसे कभी गए ही न हों! उनके Bat से निकले हर Shot ने Fans के दिलों में एक नई ऊर्जा भर दी। यह सिर्फ़ एक वापसी नहीं थी, यह एक Prophecy का आगाज़ था, एक Masterclass का पहला अध्याय।

The Inner Story / Asli Maajra:
Royal Challengers Bengaluru (RCB) और Sunrisers Hyderabad (SRH) के बीच यह Match सिर्फ़ एक Cricket Match नहीं था, बल्कि यह Virat Kohli के Fans के लिए एक त्योहार था। T20 Format से कुछ समय की दूरी के बाद, King Kohli ने 69 Runs की आतिशी Palli खेली, सिर्फ़ 38 Balls में! इस Palli में 5 Fours और 5 Sixes शामिल थे, जो बताते हैं कि उनके Bat में कितनी आग बची है।

Match के बाद, Virat Kohli ने खुलासा किया कि यह Breaks उनके लिए कितने ज़रूरी थे। उन्होंने कहा, "आप जानते हैं, पिछले 15 सालों से हमारा Scheduling जिस तरह का रहा है और मैंने जितना Cricket खेला है, मेरे लिए हमेशा Burn Out होने का Risk ज़्यादा था, बजाय Under Cooked होने के। इसलिए ये Breaks मेरे लिए बहुत फ़ायदेमंद रहे हैं। मैं Fresh रहता हूँ, Excited रहता हूँ। जब भी मैं वापस खेलने आता हूँ, तो 120% पर होता हूँ। मैं वापस Under Prepared होकर नहीं आता हूँ।" यह बयान उनके Unfiltered जज़्बे को दर्शाता है।

Kohli का आखिरी T20 Match IPL 2025 का Final था, जहाँ RCB ने अपनी पहली IPL Trophy जीतकर इतिहास रचा था। अब IPL 2026 में, RCB ने अपने Title Defence की शुरुआत 202 Runs के Target को 15.4 Overs में Chase करके की, जिसमें Kohli Not Out रहे।

हाल ही में Virat Kohli ने Bharat के लिए भी शानदार Performance दी है। उन्होंने January में New Zealand के खिलाफ तीन ODIs में 93, 23 और 124 Runs बनाए थे। इससे पहले December में South Africa के खिलाफ ODI Series में भी वह Bharat के Top Scorer थे, जहाँ उन्होंने दो Centuries सहित 302 Runs बनाए थे। उनका कहना था कि इन ODIs में Performance से उन्हें T20 Format में उसी Momentum को बनाए रखने में मदद मिली। SRH के खिलाफ, उन्होंने 16वें Over में Harshal Patel को 6, 4, 4, 4 मारकर Match को Finish किया। यह दिखाता है कि एक चैंपियन खिलाड़ी का Jashba कभी कम नहीं होता।

Analysis & Numbers:

- Virat Kohli ने SRH के खिलाफ 38 Balls में 69 Runs बनाए, जिसमें 5 Fours और 5 Sixes शामिल थे।
- RCB ने IPL 2026 में 202 Runs का Target सिर्फ़ 15.4 Overs में Chase किया।
- Virat Kohli ने New Zealand के खिलाफ तीन ODIs में 93, 23, और 124 Runs की Palli खेली।
- South Africa के खिलाफ ODI Series में उन्होंने दो Centuries सहित कुल 302 Runs बनाए थे।
- RCB की IPL 2025 Final जीत ने उन्हें पहला IPL Title दिलाया था।

The Guru Gyan Verdict:
The Guru Gyan हमेशा से कहता आया है कि एक चैंपियन खिलाड़ी का Form कुछ समय के लिए जा सकता है, लेकिन उसकी Class स्थायी होती है। Virat Kohli ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है। उनके Breaks लेना कोई कमज़ोरी नहीं, बल्कि उनकी बुद्धिमत्ता और लंबी Race का घोड़ा बनने की रणनीति है। जब King Kohli मैदान पर आते हैं, तो वह सिर्फ़ Runs नहीं बनाते, वह Records तोड़ते हैं, वह Spectators को एक Experience देते हैं। यह सिर्फ़ IPL की शुरुआत है, और अगर यह 120% है, तो हम इस Season में कई ऐतिहासिक Moments देखने वाले हैं। विरोधी Teams सावधान रहें, क्योंकि King का Bat अब आग उगलने को तैयार है!

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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