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ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ: ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ 6 ਮਈ ਨੂੰ ਖਾਲਸੇ ਦੀ ਜਨਮ ਭੂਮੀ ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਤੋਂ ਸ਼ੁਕਰਾਨਾ ਯਾਤਰਾ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨਗੇ। ਇਸ ਯਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪਹਿਲਾਂ ਤਖਤ ਸ੍ਰੀ ਕੇਸਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਨਤਮਸਤਕ ਹੋ ਕੇ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਦਾ ਆਸ਼ੀਰਵਾਦ ਲੈਣਗੇ ਅਤੇ ਫਿਰ ਪੜਾਅਵਾਰ ਤੌਰ 'ਤੇ ਯਾਤਰਾ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਵਧਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹ ਯਾਤਰਾ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੇਵਾ ਲਈ ਮਿਲੇ ਮੌਕੇ ਦੇ ਸ਼ੁਕਰਾਨੇ ਵਜੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਲਈ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨਾਲ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੀਟਿੰਗ ਕਰਕੇ ਯਾਤਰਾ ਦੀਆਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ।

ਯਾਤਰਾ ਦੌਰਾਨ ਸੁਰੱਖਿਆ, ਆਵਾਜਾਈ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੁਵਿਧਾ ਲਈ ਪੂਰੇ ਇੰਤਜ਼ਾਮ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ ਤਾਂ ਜੋ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਅਸੁਵਿਧਾ ਨਾ ਹੋਵੇ। ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹ ਯਾਤਰਾ ਰੂਪਨਗਰ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਕੇ ਸ੍ਰੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਸਾਹਿਬ, ਦਮਦਮਾ ਸਾਹਿਬ, ਮਸਤੂਆਣਾ ਸਾਹਿਬ, ਦੁੱਖ ਨਿਵਾਰਨ ਸਾਹਿਬ ਅਤੇ ਸ਼੍ਰੀ ਫਤਹਿਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਤਕ ਪਹੁੰਚੇਗੀ। ਇਹ ਯਾਤਰਾ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬਾਨ ਦਾ ਸ਼ੁਕਰਾਨਾ ਅਦਾ ਕਰਨ ਲਈ ਹੈ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਵਿੱਚ ਭਾਈਚਾਰੇ, ਨਿਮਰਤਾ ਅਤੇ ਸੇਵਾ ਦਾ ਸੰਦੇਸ਼ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰੇਗੀ।

ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਪਰੰਤ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਅਦਿਤਿਆ ਡੇਚਲਵਾਲ, ਵਧੀਕ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਚੰਦਰ ਜਯੋਤੀ ਸਿੰਘ, ਐਸਡੀਐਮ ਸੁਖਪਾਲ ਸਿੰਘ, ਡੀਐੱਸਪੀ ਜਸ਼ਨਦੀਪ ਸਿੰਘ, ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਸਾਬਕਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀਤਾ, ਵਪਾਰ ਮੰਡਲ ਪ੍ਰਧਾਨ ਇੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਅਰੋੜਾ ਅਤੇ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਹੋਰ ਪਤਵੰਤੇ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਸਨ।

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నంద్యాల జిల్లా: ఆళ్లగడ్డ పట్టణ శివారులోని కోవెలకుంట్ల రోడ్డుపై ఉన్న టిడ్కో గృహాలకు వెళ్లే ప్రధాన రహదారిలో గుంతల సమస్యకు ఎట్టకేలకు పరిష్కారం లభించింది. గత కాలంగా ఈ రహదారి గుంతలతో నిండిపోయి, ప్రయాణికులకు పెద్ద ఇబ్బంది కలిగిస్తోంది. ముఖ్యంగా రాత్రిపూట వాహనదారులు ప్రమాదాలకు గురవుతారేమోనని భయంతో ఉన్నారు.

స్థానిక ప్రజలు, వాహనదారులు ఈ సమస్యను అధికారుల దృష్టికి తీసుకువెళ్లగా, రోడ్డు భవనాల శాఖ అధికారులు సానుకూలంగా స్పందించారు. ఈరోజు ఉదయం యుద్ధ ప్రాతిపదికన రహదారిపై గుంతలను పూడ్చి మరమ్మతులు పూర్తిచేశారు. ఈ చర్యలతో టిడ్కో నివాసితులు మరియు రహదారి ప్రయాణికులు ఊపిరి పీల్చుకుంటున్నారు. స్థానికులు ఈ తక్షణ చర్యలకు కృతజ్ఞతలు తెలుపుతూ, నియోజకవర్గంలోని ఇతర రహదారులపై కూడా అధికారులు దృష్టి పెట్టాలని కోరుతున్నారు.

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बहराइच (उत्तर प्रदेश) के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत वजीरबाग (मछली मंडी इलाके) में रविवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक रिहायशी मकान पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान वहां देह व्यापार (सेक्स रैकेट) और जुए का अवैध अड्डा संचालित होता मिला।
मुख्य बिंदु:
गिरफ्तारी: पुलिस ने मौके से 2 महिलाओं सहित कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया।
कार्रवाई: यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की शिकायत और विरोध के बाद की गई। छापेमारी का नेतृत्व सीओ सिटी नारायण दत्त मिश्रा ने किया।
मामले का खुलासा: जांच में सामने आया कि मकान में बाहर से महिलाओं को बुलाकर देह व्यापार कराया जाता था। साथ ही वहां जुआ भी खेला जाता था, जिससे क्षेत्र का माहौल लगातार खराब हो रहा था।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है, ताकि इसमें शामिल अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी

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कलवा भास्कर नगर पानी न मिलने की वजह से आम जनता पार्टी ने किया हड़ताल और इस हड़ताल के द्वारा आम जनता पार्टी ने महानगरपालिका ऑफिस के सामने दिया धरना जिससे पानी और बाल्टी बजाई गई पानी को ऊपर डाला गया और महानगरपालिका ने कोई भी एक्शन नहीं लिया जिससे आम जनता पार्टी ने अपने साथ आम आदमियों को साथ में लेकर महानगरपालिका के ऑफिस में गई जिससे महानगरपालिका ने कोई भी रिप्लाई नहीं किया ना ही कोई पानी देने का वादा इस तरह से कलवा जूझ रहा है पानी के लिए क्या कभी पानी का समय अच्छा आएगा यहां पर पानी न मिलने के कारण गंदगी बहुत ज्यादा रहती है और सफाई कर्मी भी नहीं आते हैं ऐसा कहना था आम जनता पार्टी का

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ज्येष्ठ माह के मंगलवार (बड़ा मंगल) हनुमान जी को समर्पित हैं, जो राम-हनुमान मिलन की स्मृति में मनाए जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन पूजा से कष्ट, रोग और मंगल दोष दूर होते हैं, साहस बढ़ता है और हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। उत्तर भारत में, विशेषकर लखनऊ में, भंडारे और भजन-कीर्तन के साथ इसे भव्यता से मनाया जाता है।ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार का महत्व:ऐतिहासिक मिलन: रामायण के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ही हनुमान जी की पहली बार भगवान श्रीराम से मुलाकात हुई थी।शक्ति और संजीवनी: इस माह हनुमान जी की पूजा करने से शारीरिक और मानसिक शक्ति मिलती है, क्योंकि उन्हें अमरता का वरदान है।बुढ़वा मंगल कथा: मान्यता है कि महाभारत काल में हनुमान जी ने भीम का अहंकार तोड़ा था, इसलिए इसे "बुढ़वा मंगल" भी कहा जाता है।भंडारा और सेवा: इस दिन भक्त हनुमान मंदिरों में चोला चढ़ाते हैं और जगह-जगह भंडारे (प्रसाद वितरण) का आयोजन कर समाज में सेवा भाव को बढ़ावा देते हैं।ग्रहदोष से मुक्ति: बड़ा मंगल पर हनुमान जी की पूजा करने से शनि और मंगल दोष से राहत मिलती है।

वर्ष 2026 में ज्येष्ठ माह में अधिक मास के कारण, 4 या 5 के बजाय कुल 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जो एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग है। पहला बड़ा मंगल 5 मई को मनाया जाएगा।



ज्येष्ठ मास में आने वाले बड़े मंगल का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास में जो मंगल आता है उसमें हनुमान जी की गई उपासना से बजरंगबली जल्दी प्रसन्न होते हैं। ज्येष्ठ मास के मंगल को लेकर कई तरह की कहानियां बताई गई हैं। इस साल ज्येष्ठ मास में 19 साल बाद बेहद ही दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस बार ज्येष्ठ मास में 4 नहीं बल्कि 8 बड़े मंगल होंगे। आइए जानते हैं ज्येष्ठ मास के मंगल का महत्व और कथाएं।



राम-हनुमान मिलन की कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान राम माता सीता की खोज में वन-वन भटक रहे थे, तब उनकी मुलाकात हनुमान जी से हुई थी. यह दिव्य मिलन ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हुआ था. इसी घटना के कारण इस महीने के मंगलवारों को विशेष रूप से पवित्र माना जाता है. भक्त मानते हैं कि इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से भगवान राम की कृपा भी प्राप्त होती है.



बड़े मंगल की दूसरा कथा

एक अन्य कथा के अनुसार, मंगलवार को हनुमान जी को अमरत्व का वरदान मिला था। पौराणिक कथाएं बताती है कि जिस दिन हनुमान जी को चिरंजीवी का वरदान मिला था उस दिन ज्येष्ठ मास का मंगलवार था। इसलिए भी इस मंगल का विशेष महत्व माना गया है।



बड़ा मंगल पर क्या करें

इस पावन दिन पर श्रद्धालु कई पुण्य कार्य करते हैं. जरूरतमंदों के लिए भंडारा कराना, मंदिर में पूजा या यज्ञ करवाना और दान-पुण्य करना बेहद शुभ माना जाता है. इसके अलावा, राहगीरों को ठंडा पानी या शरबत पिलाना, पक्षियों के लिए पानी रखना और जरूरतमंदों की मदद करना भी पुण्यदायी होता है. संतों के अनुसार, इस दिन किए गए छोटे-छोटे अच्छे कार्य भी बड़ा फल देते हैं.



ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार का महत्व:ऐतिहासिक मिलन: रामायण के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ही हनुमान जी की पहली बार भगवान श्रीराम से मुलाकात हुई थी।शक्ति और संजीवनी: इस माह हनुमान जी की पूजा करने से शारीरिक और मानसिक शक्ति मिलती है, क्योंकि उन्हें अमरता का वरदान है।बुढ़वा मंगल कथा: मान्यता है कि महाभारत काल में हनुमान जी ने भीम का अहंकार तोड़ा था, इसलिए इसे "बुढ़वा मंगल" भी कहा जाता है।भंडारा और सेवा: इस दिन भक्त हनुमान मंदिरों में चोला चढ़ाते हैं और जगह-जगह भंडारे (प्रसाद वितरण) का आयोजन कर समाज में सेवा भाव को बढ़ावा देते हैं।ग्रहदोष से मुक्ति: बड़ा मंगल पर हनुमान जी की पूजा करने से शनि और मंगल दोष से राहत मिलती है।2026 में विशेष संयोग:वर्ष 2026 में ज्येष्ठ माह में अधिक मास के कारण, 4 या 5 के बजाय कुल 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जो एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग है। पहला बड़ा मंगल 5 मई को मनाया जाएगा।पूजा के विशेष उपाय:हनुमान जी को सिंदूर और चोला अर्पित करें।हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।गुड़-चने का भोग लगाए
रिपोर्ट अंजनी मिश्रा

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జగిత్యాల: బుగ్గారం మండలం మద్దునూర్ గ్రామపంచాయతీ కార్యాలయంలో 2019-20 ఆర్థిక సంవత్సరం నుంచి 2025-26 కొత్త పాలకవర్గం ఏర్పడేవరకు గత పాలకవర్గం, స్పెషల్ ఆఫీసర్ కాలంలో గ్రామపంచాయతీ నిధుల వినియోగంలో చట్ట ఉల్లంఘనలూ, ఆర్థిక దుర్వినియోగం జరిగిందని మేకల అక్షయ్ కుమార్ సోమవారం జిల్లా కలెక్టర్ బి. సత్యప్రసాద్, అదనపు కలెక్టర్ బి. రాజగౌడ్ కు పిర్యాదు చేశారు. ఈ విషయంపై పత్రికా ప్రకటన విడుదల చేసి ఆయన మాట్లాడారు.

అక్షయ్ కుమార్ ఆరోపణల ప్రకారం, జిల్లా పంచాయతీ అధికారి చీకోటి మదన్ మోహన్ మద్దునూర్ గ్రామపంచాయతీ పనులు, బిల్లుల చెల్లింపు రికార్డులు తనిఖీ చేయలేదు. సమాచార హక్కు చట్ట బోర్డు ఏర్పాటు చేయకపోవడం, రిజిస్టర్ల నిర్వహణలో లోపాలు ఉన్నాయని, పలు ఫిర్యాదులను పర్యవేక్షించకుండా కాలయాపన చేస్తూ అవినీతి పరిస్థితులను ప్రోత్సహిస్తున్నారని పేర్కొన్నారు. దీంతో, చీకోటి మదన్ మోహన్ పై శాఖాపరమైన, చట్టపరమైన చర్యలు తగిన విధంగా తీసుకోవాలని కోరారు.

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BREAKING NEWS
West Bengal में सत्ता परिवर्तन के बाद CM रेस तेज कौन संभालेगा कमान?
कोलकाता से बड़ी खबर सामने आ रही है। हालिया विधानसभा चुनाव में Bharatiya Janata Party (BJP) की ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है। केंद्रीय नेतृत्व, जिसमें Narendra Modi और शीर्ष रणनीतिकार शामिल हैं, अंतिम नाम पर मंथन कर रहे हैं।
TOP CONTENDER
Suvendu Adhikari
राज्य की राजनीति में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। जमीनी पकड़, संगठन पर प्रभाव और बड़े चुनावी मुकाबलों में प्रदर्शन उन्हें रेस में सबसे आगे रखता है।
KEY NAMES IN RACE
Dilip Ghosh संगठन के पुराने और भरोसेमंद चेहरा
Sukanta Majumdar युवा नेतृत्व, साफ छवि और नया विकल्प
HIGH COMMAND FACTOR
सूत्रों के अनुसार, BJP नेतृत्व surprise candidate पर भी विचार कर सकता हैऐसा चेहरा जो संतुलन, प्रशासनिक छवि और संगठनात्मक वफादारी को साथ लेकर चले।
POLITICAL CONTEXT
इस चुनाव में Mamata Banerjee की All India Trinamool Congress (TMC) को बड़ा झटका लगा है, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
ANALYSIS SNAPSHOT
Adhikari Strong front-runner
Others Backup या balance candidates
Final Call दिल्ली नेतृत्व करेगा
WHAT NEXT?
विधायक दल की बैठक जल्द
CM के नाम का आधिकारिक ऐलान कभी भी संभव
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी शुरू
Stay tuned अगली बड़ी अपडेट कभी भी!

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नई दिल्ली/लखनऊ: गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को अगले पाँच वर्षों के लिए पश्चिम बंगाल में प्रतिनियुक्ति पर भेजने का आदेश जारी किया है। इस निर्णय को प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में प्रयास तेज हो सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, यह नियुक्ति केंद्र और राज्य के बीच समन्वय को मजबूत करने और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से की गई है। अधिकारी के अनुभव और पूर्व कार्यशैली को देखते हुए उनसे संवेदनशील मामलों में सख्त एवं संतुलित कार्रवाई की अपेक्षा जताई जा रही है।

हालांकि, इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज है, जहां विभिन्न दल अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आने वाले समय में इस नियुक्ति का प्रभाव राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर देखने को मिल सकता है।

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जिले में जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। अवासीय कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा स्व-गणना की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है, जिसके बाद अब आम नागरिकों से भी इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की जा रही है।

प्रशासन ने जिलावासियों से आग्रह किया है कि वे 01 मई से 15 मई तक चलने वाले इस विशेष अभियान में शामिल होकर अपनी जनगणना स्वयं करें। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और सरल बनाई गई है, जिससे लोग घर बैठे आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह देश और समाज के विकास की आधारशिला है। इसके माध्यम से सरकार को सही और सटीक जानकारी मिलती है, जिसके आधार पर भविष्य की योजनाएं बनाई जाती हैंचाहे वह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार या बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी हों।

स्व-गणना से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों को भी अपनी जानकारी सही ढंग से दर्ज करने का अवसर मिलेगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से बचें और निर्धारित समय के भीतर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

अब आपकी बारी:
क्या आप स्व-गणना प्रक्रिया में भाग ले चुके हैं? इस पहल को आप कितना प्रभावी मानते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

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वेलगूर येथे अपंगाला ट्रायसिकल व वाकरचे वितरण
वेलगूर :::
अपंग (दिव्यांग) व्यक्ती व विद्यार्थ्यांना स्वावलंबी बनविण्यासाठी शासनाकडून त्यांना आवश्यक साहित्याचे वितरण योजनेअंतर्गत केले जाते. याच योजनेचा लाभ अस्थिव्यंग असणाऱ्या वेलगुर येथील जिल्हा परिषद उच्च प्राथमिक शाळेतील विद्यार्थी संदीप आलम याला एक मे महाराष्ट्र दिनी पालकांसमक्ष ट्रायसीकल व वाकरचे वितरण करून त्याला लाभ देण्यात आला.
अपंग वित्त व विकास महामंडळ आणि समाज कल्याण विभागात मार्फत ८० टक्के पेक्षा जास्त दिव्यांगत्व असलेल्या व्यक्तींना याची मदत मिळते. याचा लाभार्थी वेलगुर शाळेतील विद्यार्थी असल्याने त्याला मान्यवरांच्या हस्ते ट्रायसिकल व वाकरचे वितरण यावेळी करण्यात आले.
वितरणावेळी मुख्याध्यापक टी.बी नैनलवार, प्रभाकर आचेवार, विनोद खांडेकर, लक्ष्मण रत्नम,मीनाक्षी कुमरे, वंदना येलावार व रापरतीवार तसेच पालक वर्ग यावेळी उपस्थित होते.

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भवानीपुर में मतगणना के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। मतगणना केंद्र के बाहर TMC और BJP के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक ने देखते ही देखते बड़ा हंगामा का रूप ले लिया। दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले बहस हुई, फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ ही देर में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई जगहों पर कुर्सियां और बैरिकेड्स टूटे नजर आए, जिससे हिंसा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। भारी पुलिस बल की तैनाती की गई और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

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सब बाहर से उजले दिखते हैं,
भीतर अब भी अनदेखा अंधकार है।
सभ्यता का चेहरा सजा हुआ है,
पर भीतर की कोई गारंटी नहीं।
व्यवहार तब तक मधुर है
जब तक बात अपने पक्ष में हो;
विपरीत होते ही
सभ्यता ही रास्ता बदलकर
बदले का माध्यम बन जाती है।
यही आज की सभ्यता है
जहाँ पाप भी कानून की भाषा में सही ठहर जाता है।
कानून मनुष्य बनाता है,
और वही उसे मोड़ना भी जानता है।
चालाक लोग नियमों के भीतर रहकर
विपरीत रास्तों से भी अपने लक्ष्य तक पहुँच जाते हैं,
और समाज उन्हें सही मान लेता है।
फिर वही कर्म,
गंगा में धोने की कोशिश
पर कुछ दाग जल से नहीं उतरते,
क्योंकि वे भीतर के हैं।
दुनिया ऐसे व्यक्ति को
महान, अहिंसक, संत कह देती है,
इतिहास उसे सम्मान दे देता है
क्योंकि उसने सब कुछ
सभ्य तरीके से किया है।
मैं व्यक्ति को दोष नहीं देता।
डॉक्टर हो या गरीब
कोई अकेला दोषी नहीं।
दोष उस व्यवस्था का है
जिसे हमने मिलकर रचा है।
एक डॉक्टर सबके लिए एक ही फीस रखता है
व्यवस्था कहती है: यह न्याय है।
पर उसी में एक गरीब की
सालों की कमाई एक दिन में समाप्त हो जाती है।
यह अन्याय दिखता है,
पर कानून इसे सही मानता है।
तब समझ आती है
शायद कोई करता ही नहीं।
सब हो रहा है।
डॉक्टर नहीं करता,
गरीब नहीं करता,
सत्ता भी नहीं करती
सिस्टम चलता है।
फिर दोष किसका?
जिसके पास देखने की आँख है
वही उत्तरदायी लगता है।
पर वह भी अकेला क्या बदले?
भीड़ के पास आँख नहीं,
और यही चक्र चलता रहता है।
गलती कहाँ हुई?
मैं आया
और संसार हिल गया।
यह मैं ही केंद्र है,
जहाँ से शक्ति, संघर्ष और भ्रम जन्म लेते हैं।
मैं कहता हूँमैंने किया
और यहीं से बोझ शुरू होता है।
जीत-हार, डर-चिंता,
अराजकतासब उसी से उपजते हैं।
यदि मैं कर्ता हूँ,
तो हर परिणाम मेरा भार है।
और यदि मैं जीतता हूँ,
तो वही जीत
नई समस्या का बीज बनती है।
यदि समझ आ जाए
मैं कर्ता नहीं, मुझसे हो रहा है
तो जीत-हार खेल हो जाते हैं,
सुख-दुख लहरें बन जाते हैं।
लेकिन जैसे ही ऊपर कोई कहता है
मैं कर्ता हूँ
तो नीचे तक सब कर्ता बनने लगते हैं।
और यदि कोई श्रेष्ठ यह कह दे
मैं नहीं करता, मुझसे होता है
तो नीचे तक संतुलन उतर सकता है।
दुख, बर्बादी, नर्क
यह भी एक विज्ञान है।
और अंततः
सब इसके आगे झुकते हैं।
पर जो जाग गया
कि मैं नहीं हूँ, मुझसे हो रहा है
वहीं से संतुलन जन्म लेता है।
वहीं से शांति,
वहीं से मुक्ति।
यह संसार
सृष्टि की एक गहरी नीति से चल रहा है
वह नीति सुंदर है, सहज है।
पर मैं ने
हर जगह समस्या के घर बना दिए हैं।
अब दुनिया
समाधान बेचती है
धर्म, गुरु, मोटिवेशन, विचार
और हर समाधान
एक नई समस्या बन जाता है।
क्योंकि हर समाधान
किसी कर्ता से आता है।
जब गुरु, शास्त्र, संस्था कहते हैं
हम तुम्हें सफलता देंगे, हमारे पीछे चलो
तभी खतरा शुरू होता है।
एक व्यक्ति का अहंकार सीमित होता है,
पर जब धर्म, भगवान, या संस्था को कर्ता बना दिया जाता है
तो पूरा समूह कर्ता बन जाता है।
फिर मेरा धर्म, तेरा धर्म,
मेरा भगवान, तेरा भगवान
यहीं से संघर्ष, युद्ध, हिंसा जन्म लेते हैं।
यही अंधकार है
अंधे गुरु, अंधी संस्थाएँ,
जो मार्ग नहीं दिखातीं,
बल्कि कर्ता बनाती हैं।
यदि गुरु केवल इतना कहे
हो रहा है
और खुद कर्ता न बने,
तो न कोई संस्था जन्म ले,
न कोई विभाजन।
यदि मनुष्य जाग जाए
कि मैं कर्ता नहीं
तो न युद्ध बचे,
न द्वेष, न टकराव।
पर जहाँ मैं है,
वहीं चक्र है।
इसलिए
न कोई अंतिम समाधान है,
न कोई अंतिम विजय।
क्योंकि हर समाधान
फिर एक नए कर्ता को जन्म देता है।
यही संसार का चक्र है।

https://orcid.org/0009-0000-8083-0685

Independent Researcher & Philosopher
Focus: The Science of Existence, Non-Dualism, and Consciousness Studies

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महराजगंज जनपद के कोल्हुई थाना क्षेत्र स्थित कोल्हुई चौराहे पर सोमवार शाम 6 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला ने बीच चौराहे पर जमकर हंगामा शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के कारण पूरे इलाके में भारी भीड़ जुट गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। स्थिति को संभालने में पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला अचानक चौराहे के बीच पहुंची और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगी। इस दौरान वह राहगीरों से उलझती रही, किसी की कॉलर पकड़ ली तो किसी के सामने सड़क पर लेट गई। इतना ही नहीं, महिला ने कई वाहनों को रोकने की कोशिश की और एक चार पहिया वाहन के बोनट पर चढ़कर उसकी छत पर खड़ी होकर जोर-जोर से नारेबाजी करने लगी।
महिला के इस अप्रत्याशित व्यवहार से चौराहे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही कोल्हुई पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को शांत कराने का प्रयास करती रही, लेकिन वह लगातार पुलिसकर्मियों से उक्त महिला उलझती रही।
स्थिति बिगड़ती देख महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया गया। थाना प्रभारी के मौके पर पहुंचने के बाद महिला वहां से भागने का प्रयास करने लगी, लेकिन महिला पुलिसकर्मियों ने दौड़ाकर उसे पकड़ लिया और काबू में कर लिया। इसके बाद पुलिस उसे चौराहे से हटाकर अपने साथ ले गई, तब जाकर यातायात व्यवस्था बहाल हो सकी।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक संबंधित महिला मोहनापुर क्षेत्र के आसपास की रहने वाली बताई जा रही है। चर्चा है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, जिसके चलते वह घर से निकलकर कोल्हुई चौराहे तक पहुंच गई और हंगामा करने लगी।
फिलहाल पुलिस महिला की पहचान और उसके परिजनों का पता लगाने में जुटी है। घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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తిరుపతి జిల్లా పెళ్లకూరు మండలం పెరుమాళ్ళపల్లి ప్రాథమిక పాఠశాలలో ఎస్జీటీగా పనిచేసిన జి. భాస్కర్, రెండేళ్ల క్రితం జరిగిన రోడ్డు ప్రమాదం కారణంగా కోమాలోకి వెళ్లి చికిత్స పొందుతూ మృతి చెందారు. ఆయన చికిత్స కోసం రోజుకు లక్ష రూపాయల ఖర్చు చేసిన కుటుంబం ప్రస్తుతం అప్పుల ఊబిలో పడింది.

జి. భాస్కర్ మరణానంతరం ఆయన కుమారుడు గుమ్మా నందకుమార్ కారుణ్య నియామక ఉద్యోగం కోసం అన్ని అర్హతలతో దరఖాస్తు చేసుకున్నప్పటికీ, జెడ్పీ కార్యాలయం 'ఖాళీలు లేవు' అని సమాధానం ఇస్తోంది. మండల విద్యాశాఖ అధికారి ప్రతిపాదనలు పంపినా ఫలితం రాలేదు. సోమవారం కలెక్టరేట్ మెట్టుకున్న గుమ్మా నందకుమార్ తన ఆర్థిక పరిస్థితి విషమంగా ఉందని, ప్రభుత్వ స్పందన కోరుతూ మీడియా ముందు కన్నీటి పర్యంతమవుతూ ఆవేదన వ్యక్తం చేశాడు.

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फर्रुखाबाद |
फर्रुखाबाद स्थित सी.पी. इंटरनेशनल स्कूल में एक बार फिर शैक्षिक नेतृत्व को मजबूती मिली, जब डॉ. पी. रथ ने प्रधानाचार्य पद की कमान पुनः संभाल ली। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने उनका भव्य स्वागत किया। निदेशक डॉ. मिथिलेश अग्रवाल, उपनिदेशक श्रीमती अंजू राजे, उप-प्रधानाचार्य श्री नवीन शाक्य और प्राइमरी हेड श्रीमती शिवानी दीक्षित ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।
इसी क्रम में ज्ञानफोर्ट स्कूल, याकूतगंज में आयोजित विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) लेवल-1 एवं 2 के सम्मान समारोह में विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर स्कूल का नाम रोशन किया। मानवी कटियार, राधिका अग्रवाल, आराध्या शुक्ला और श्रेष्ठा यादव ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विशेष रूप से मानवी कटियार का चयन प्रदेश स्तर के लिए हुआ, जबकि अन्य छात्राओं ने जिला स्तर पर शानदार स्थान प्राप्त किया।
विज्ञान मेले में विद्यालय के छात्रों ने सौर ऊर्जा का उपयोग धातु डिस्क द्वारा सोलर कुकर विषय पर कार्यशील मॉडल प्रस्तुत कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, जिसे काफी सराहना मिली।
इस उपलब्धि पर निदेशक डॉ. मिथिलेश अग्रवाल, एम.डी. श्रीमती ज्योत्सना अग्रवाल और उपनिदेशक श्रीमती अंजू राजे ने छात्रों की प्रशंसा की। प्रधानाचार्य डॉ. पी. रथ ने विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, वहीं उप-प्रधानाचार्य श्री नवीन शाक्य ने सभी का आभार जताया।
इस सफलता के पीछे अनुज चतुर्वेदी, ज्योति प्रधान, मोहम्मद निहाल सहित समस्त शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विद्यालय की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

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रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
जिले में समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फण्ड के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। इसी क्रम में उन्होंने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की। कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि सीएसआर फण्ड के माध्यम से भोपाल की झीलों, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि औद्योगिक इकाइयाँ अपने वार्षिक सीएसआर प्लान में झीलों के किनारों पर मियावाकी तकनीक से वृक्षारोपण, ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार, पार्कों का पुनर्विकास तथा प्राचीन बावड़ियों और कुओं के संरक्षण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दें।उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में भी योगदान बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि वृद्धाश्रम, दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष स्कूल, ग्रामीण क्षेत्रों में मॉडल स्कूल निर्माण तथा स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे प्रोजेक्ट्स को भी सीएसआर के तहत शामिल किया जाए। साथ ही मेट्रो एवं फ्लाईओवर के नीचे स्पोर्ट्स टर्फ विकसित करने जैसे नवाचारों को भी प्रोत्साहित किया गया।कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सीएसआर से किए जाने वाले सभी कार्यों की प्रशासनिक स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी, जिससे कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे। बैठक में एमपीआईडीसी के अधिकारियों के साथ समन्वय कर इंडस्ट्रियल हाउसिंग प्रोजेक्ट, स्लम पुनर्वास, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और भविष्य की शहरी योजनाओं पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि इन पहलों से न केवल आधारभूत सुविधाओं का विकास होगा, बल्कि औद्योगिक इकाइयों को कुशल मानव संसाधन भी उपलब्ध हो ससकेगा एमपीआईडीसी के ईडी श्री विशाल सिंह चौहान ने बताया कि बैठक में टेक्सटाइल, गारमेंट एवं अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि सीएसआर फण्ड का उपयोग स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाएगा, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल और पर्यावरण संरक्षण प्रमुख क्षेत्र रहेंगे। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती इला तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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झारखंड में श्रमिकों के अधिकारों को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है। टिनप्लेट कंपनी के नर्सरी विभाग में कार्यरत 16 ठेका मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उनसे वर्ष 2019 से 2025 तक लगातार काम लिया गया, लेकिन अब तक उनका अंतिम पावना (सेटलमेंट राशि) नहीं दिया गया है।

मजदूरों का कहना है कि बीच में करीब 6 महीने के लिए कंपनी प्रबंधन ने काम किसी दूसरे ठेकेदार को दे दिया था। इसके बाद फिर से पुराने ठेकेदार को काम सौंप दिया गया, लेकिन जब मजदूरों ने अपने बकाया भुगतान की मांग की, तो ठेकेदार ने उन्हें नौकरी से ही निकाल दिया।

बताया जा रहा है कि ये सभी मजदूर पिछले 20 से 25 वर्षों से नर्सरी में कार्यरत हैं। ऐसे में अचानक नौकरी से हटाए जाने के बाद उनके सामने रोज़गार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस उम्र में नई नौकरी मिलना भी आसान नहीं है, जिससे मजदूरों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है।

इस पूरे मामले को लेकर AITUC के जिला अध्यक्ष अंबुज ठाकुर, जय किशन और झारखंड मजदूर यूनियन की उपाध्यक्ष पिंकी सिंह ने संयुक्त रूप से टिनप्लेट कंपनी प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि:

सभी 16 मजदूरों को एक सप्ताह के भीतर पुनः काम पर बहाल किया जाए

मजदूरों का बकाया सेटलमेंट (अंतिम पावना) तुरंत दिया जाए

यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी प्रबंधन द्वारा समय पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो मजदूरों के साथ मिलकर आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।

मजदूरों की आवाज उठाने में सामाजिक कार्यकर्ता बंटी सिंह का भी समर्थन मिला है, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या कंपनी प्रबंधन मजदूरों की मांगों पर ध्यान देगा, या फिर ये मामला आंदोलन और संघर्ष का रूप लेगा?

आप अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं क्या मजदूरों के साथ न्याय हो रहा है?

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मिल्लत जूनियर कॉलेज का शानदार 98.30% नतीजा

जलगांव : (एजाज़ गुलाब शाह)
इंटरनेट पर घोषित कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम के अनुसार शहर के मेहरूण स्थित मिल्लत जूनियर कॉलेज ने इस वर्ष 98.30% का उत्कृष्ट परिणाम हासिल किया है कुल 59 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी जिनमें से 58 विद्यार्थी सफल रहे परिणाम में 5 विद्यार्थियों ने विशेष प्रावीण्य (डिस्टिंक्शन), 21 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी तथा 29 विद्यार्थियों ने द्वितीय श्रेणी में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की कॉलेज की टॉपर्स सूची इस प्रकार रही:
महेक तरन्नूम सलीम शाह ने 81.50% अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया, शेख शिफा कौसर जावेद (80.00%) और सीकलगर सनोबर सलीम (80.00%) ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया , शाह सरवत जहां अब्दुल वहिद (79.00%) तृतीय स्थान पर रही, शाह शमीमा खातून मुहम्मद शरीफ (77.50%) ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया, जबकि हुमैरा बी शेख फरीद (74.67%) पंचम स्थान पर रहीं विद्यार्थियों की इस सफलता के उपलक्ष्य में कॉलेज में एक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया इस अवसर पर शीर्ष पांच विद्यार्थियों उनके अभिभावको प्राचार्य और शिक्षको का मिठाई खिलाकर सम्मान किया गया कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष मुहम्मद रफीक शाह, सहसचिव सय्यद आबिद अली, खजिनदार शेख अयाजुद्दीन, प्राचार्य हफीज मन्यार, पूर्व पर्यवेक्षक सय्यद रफीक पटवे, सुमय्या शाह, शेख ज़य्यान अहमद, फरहाना मैडम तथा विद्यार्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे मिल्लत एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष मुहम्मद रफीक शाह और सभी ट्रस्टियों ने प्राचार्य, शिक्षकों और विद्यार्थियों को इस सफलता पर बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

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Telangana: The Intermediate Board has released the admission schedule for the two-year Intermediate General and Vocational courses for the academic year 2026-27. The first phase of admissions will begin on May 8, with the last date for applications being May 31. Classes for the first year will commence from June 1, and the first phase admission process will conclude on June 30. The schedule was announced by Intermediate Board Secretary Abhilash Abhinav.

Admissions will be conducted across government, private aided, private unaided, residential, welfare, minority, KGBV, model school junior colleges, and composite degree colleges as per the schedule. Students are advised to prepare the necessary certificates in advance and complete the admission process within the stipulated timeframe to avoid last-minute issues. The board emphasized that admissions will be provisional based on internet mark memos and will be confirmed only after submission of original SSC certificates and transfer certificates.

The board has mandated that admissions be based solely on GPA and subject-wise grade points without conducting any written exams. Aadhaar number submission is compulsory for all students seeking admission. Additionally, students and parents must submit an anti-drug affidavit as part of the admission process. Reservation quotas include 15% for SC, 10% for ST, 29% for BC, 10% for EWS, and 33.33% for girls in places without special colleges. Private colleges must display authorized seat details daily on the notice board and report foreign student admissions to local police within 24 hours. Admissions must be limited to board-recognized affiliated colleges, and violations of rules may lead to fines or cancellation of affiliation.

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హైదరాబాద్: రాష్ట్రంలోని పాఠశాలల్లో పాఠ్యాంశాల బోధన మరియు సిలబస్ పూర్తిచేయడంలో ఉన్న ఉల్లంఘనలపై పాఠశాల విద్యాశాఖ సీరియస్‌గా స్పందించింది. కొన్ని పాఠశాలల్లో సిలబస్ వేగంగా పూర్తవుతూ, మరికొన్నిల్లో సకాలంలో పూర్తి చేయడంలేదు. విద్యార్థులు అర్థం చేసుకున్నారా లేదా పట్టించుకోవడం లేదని పాఠశాల విద్యాశాఖ డైరెక్టర్ నవీన్ నికోలస్ సూచించారు.

విద్యాశాఖ తాజా ఆదేశాలలో ప్రతి అధ్యాయం పూర్తిచేసి కాలపరిమితిని పాటించాలని, బోధనా వేగం సముచితంగా ఉండాలని, పునశ్చరణ అభ్యాసాలు నిర్వహించాలని పేర్కొంది. హెడ్మాస్టర్లు సిలబస్ పురోగతిని పర్యవేక్షించి, షెడ్యూల్‌కు అనుగుణంగా బోధన సాగించేలా చూడాలని ఆదేశాలు జారీ చేశారు.

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कटनी: मध्यप्रदेश में गरुड़ पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की केंद्रीकृत रीयल-टाइम मॉनिटरिंग शुरू की जाएगी। इस पहल से संचालन की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार होगा, जिससे समय पर बेहतर निर्णय लिए जा सकेंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (एमपीयूडीसी) ने इस योजना को लागू किया है, जो राज्य में सीवेज प्रबंधन को आधुनिक, पारदर्शी और सुदृढ़ बनाएगी।

आयुक्त संकेत भोंडवे के अनुसार, कुल 42 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स में एससीएडीए और ओसीईएमएस प्रणाली सफलतापूर्वक स्थापित की गई है। ये तकनीकें रीयल-टाइम में बॉयोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD), केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (COD), पीएच और टोटल सस्पेंडेड सॉलिड्स (TSS) जैसे जल गुणवत्ता मापदंडों की निगरानी सुनिश्चित करती हैं। इस डेटा की केंद्रीकृत मॉनिटरिंग गरुड़ पोर्टल पर होती है, जिससे प्लांट के संचालन पर प्रभावी नजर रखी जा सकती है।

मध्यप्रदेश में लगभग 52 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हैं, जिनमें से 42 में यह उन्नत प्रणाली लागू है। विभाग ने लक्ष्य रखा है कि बाकी 12 प्लांट्स का डेटा भी 30 अप्रैल 2026 तक गरुड़ पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगा, जिससे पूरे राज्य के प्रमुख एसटीपी एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी के अंतर्गत आ सकेंगे।

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गुरदासपुर/धारीवाल (. जर्नलिस्ट) 05 मई 2026 शहीद भगत सिंह प्रेस एसोसिएशन पंजाब के एडवाइजर हरबंस सिंह ने जर्नलिस्ट से बातचीत में आम लोगों की भलाई के लिए एक ज़रूरी बात शेयर की। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से गोड्डन एवेन्यू सरीवाल के रेजिडेंशियल एरिया में खाली प्लॉट में गंदगी, कचरा और बारिश का पानी जमा होने की वजह से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और दूसरी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। यह मामला पहले भी संबंधित बड़े अधिकारियों और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन/म्युनिसिपल कमेटी ऑफिस धारीवाल के सामने लिखकर उठाया गया था, लेकिन अफसोस है कि अभी तक कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया है। ये खाली प्लॉट लोगों के लिए बीमारियों का खुला एरिया बन गए हैं। इनमें जमा पानी की वजह से मच्छर पनप रहे हैं और बच्चे और बूढ़े सभी इस खतरे में हैं। बारिश के मौसम में यह समस्या खास तौर पर गंभीर हो गई है। पिछले साल भी इसी वजह से इलाके में डेंगू के कई मामले सामने आए थे। हम संबंधित बड़े अधिकारियों से मांग करते हैं कि: इन खाली प्लॉट की तुरंत जांच की जाए और गंदगी और जमा पानी को साफ किया जाए। खाली प्लॉट मालिकों के खिलाफ लागू धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए और उन्हें नोटिस जारी किए जाएं। फॉगिंग और बीमारी की रोकथाम के लिए इलाके में एक टीम भेजी जाए। भविष्य में ऐसी लापरवाही से बचने के लिए रेगुलर चेकिंग का इंतज़ाम किया जाए। पब्लिक हेल्थ से ऊपर कोई प्राथमिकता नहीं हो सकती। अगर फिर भी लापरवाही बरती गई, तो हम इस मुद्दे को ऊंचे लेवल पर ले जाएंगे और मीडिया के ज़रिए इस पर नज़र रखते रहेंगे।
मीडिया के दोस्तों से रिक्वेस्ट है कि इस गंभीर मुद्दे को उठाएं ताकि पब्लिक हेल्थ को बचाया जा सके

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विधानसभा चुनाव 2026 में पश्चिम बंगाल एवं पुडुचेरी में भाजपा तथा तमिलनाडु में विजय थालापति की ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।बता दें कि साउथ के सुपर स्टार अभिनेता विजय थालापति ने वर्ष 2024 टीवीके पार्टी बनाई थी और लगातार कड़ी मेहनत की और आज चुनावी नतीजे आपके सामने है कि वे तमिलनाडु के नये सीएम बनने जा रहे हैं, तो वहीं पश्चिम बंगाल में जयललिता के बाद लगातार सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा, भाजपा पार्टी की ऐतिहासिक जीत हुई खबरों की मानें तो इसमें सिर्फ और सिर्फ SIR तथा हिन्दू मुस्लिम कार्ड पर जीत हुई ना कि नारी शक्ति वंदन वाले मुद्दे पर। वहीं पुडुचेरी में भी रंगास्वामी सरकार का हार का सामना करना पड़ा,यह भी लगातार सत्ता पर काबिज थे, किन्तु भाजपा ने सत्ता छीन ली यहां भी लगभग वहीं मुद्दे थे और भाजपा पार्टी ने असम में सत्ता पर वापसी की।इस बार कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) को जीत मिली है तो वहीं दो कार्यकालों से सत्ता में रहे वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सत्ता से बाहर हो गई। भाजपा पार्टी की जीत पर जश्न कटनी में भी मनाया गया।

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ग्राम पंचायत भयपुरा के अंतर्गत ग्राम झंडा का पुरा में जल संवर्धन एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन गुरुकुल विद्या मंदिर स्कूल परिसर एवं जागेश्वर महादेव मंदिर परिसर में किया गया। इस अभियान का आयोजन प्राथमिक महिला आजीविका बहुउद्देशीय सहकारी संस्थान एवं अटल संकुल स्तरीय संगठन के सहयोग से सफल युवा मंडल द्वारा किया गया।

अभियान के दौरान स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने दोनों स्थानों पर व्यापक स्तर पर साफ-सफाई करते हुए श्रमदान किया। ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन के प्रति जागरूक करने हेतु विभिन्न गतिविधियाँ भी संचालित की गईं। खासकर जागेश्वर महादेव मंदिर परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ। कार्यक्रम में असिस्टेंट ब्लॉक मैनेजर घाटीगांव सुश्री शिखा चौबे एवं सफल युवा मंडल ग्वालियर के अध्यक्ष श्री अरविंद कुशवाह सहित स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भागीदारी की।

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ग्वालियर : किसान कल्याण वर्ष के तहत जिले में किसानों को टिकाऊ, उन्नत और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई हैं। केंद्रीय आलू अनुसंधान क्षेत्रीय केंद्र ग्वालियर और राज्य शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के सहयोग से ग्राम बिलौआ में मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग के लाभ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इस दौरान प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुभाष कटारे ने संतुलित उर्वरक उपयोग, हरी खाद और फसल चक्र के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।

मुख्य तकनीकी अधिकारी डॉ. संजय कुमार शर्मा ने मिट्टी के नमूने लेने की विधि समझाई और आलू, टमाटर, बैंगन जैसी फसलों में लागत कम करने के उपाय बताए। डॉ. एस.के. गुप्ता ने हरी खाद जैसे ढैंचा और सनई के उपयोग पर जोर दिया। बी.टी.एम. श्री मलखान सिंह गहलोत ने प्राकृतिक खेती के फायदे साझा करते हुए जीवामृत, नीमास्त्र, बीजामृत, ब्रह्मास्त्र, दशपर्णी अर्क बनाने की विधि समझाई। उत्कृष्ट कृषक श्री प्राण सिंह माथुर ने संतुलित उर्वरक उपयोग की संकल्पना साझा की। कार्यक्रम में 61 किसान शामिल हुए, जिनमें 4 महिलाएं और 57 पुरुष किसान थे। अंत में वैज्ञानिकों ने हरी खाद और जैव उर्वरकों के उपयोग की अपील की।

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स्थायी राजधानी गैरसैंण की माँग को लेकर चल रहा क्रमिक आंदोलन अब अपने 60वें दिन की दहलीज पर पहुँच चुका है। यह केवल धरना नहीं, बल्कि उत्तराखंड के स्वाभिमान, पहाड़ के अधिकार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है।
इसी महत्वपूर्ण अवसर पर समिति के संयोजक विनोद प्रसाद रतूड़ी ने अब तक आंदोलन में बैठे सभी साथियों, संघर्षशील साथियों और उत्तराखंड हितैषियों और सम्पूर्ण उत्तराखंड की जनता से 6 मई को एकत्र होने का आह्वान किया है, ताकि आगे की रणनीति पर गंभीर चर्चा हो सके और आंदोलन को नई दिशा दी जा सके।
यह समय घर बैठकर देखने का नहीं, बल्कि मैदान में उतरकर अपने अधिकार की आवाज़ बुलंद करने का है। हर उत्तराखंडी, हर युवा, हर मातृशक्ति, हर बुजुर्ग से निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर इस जनआंदोलन को शक्ति दें।
यदि आज हम नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ियाँ पूछेंगी कि जब गैरसैंण के लिए संघर्ष हो रहा था, तब आप कहाँ थे?
आइए, 6 मई को संकल्प लें
स्थायी राजधानी गैरसैंण बनेगी,
उत्तराखंड जीतेगा.

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ग्वालियर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य श्री सुरेश सोनी, उच्च शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, एवं प्रांत संघ चालक श्री अशोक पाण्डे सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय के महत्व पर प्रकाश डाला और राज्य सरकार द्वारा हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। यह विश्वविद्यालय ग्वालियर जिले के बेलागांव में लगभग 55 बीघा भूमि पर 110 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा है और आगामी वर्ष 18 जुलाई 2027 से शैक्षणिक सत्र प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित है।

कार्यक्रम में मध्य भारत शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र बांदिल ने बताया कि विश्वविद्यालय रोजगारपरक शिक्षा और चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देगा। कुलपति को कुलगुरू का सम्मान दिया जाएगा और विश्वविद्यालय में आधुनिक सुविधाएं जैसे स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब और प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। कार्यक्रम में राज्य के अन्य गणमान्य व्यक्ति जैसे सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह, पूर्व मंत्री श्री अनूप मिश्रा, ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री मधुसूदन सिंह भदौरिया सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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पश्चिम बंगाल: चुनाव नतीजों के साथ ही सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, जल्द लागू हो सकता है 7वां वेतन आयोग.
कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम (Bengal Election Result 2026) सामने आ चुके हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ चुकी है। इस बीच, राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है।
चुनावी रैलियों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए '7वें वेतन आयोग' के वादे को अब जल्द ही अमली जामा पहनाया जा सकता है।
7वें वेतन आयोग की गारंटी:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान राज्य के कर्मचारियों को 'मोदी की गारंटी' देते हुए वादा किया था कि बीजेपी सरकार बनते ही प्रदेश में 7वां वेतन आयोग लागू किया जाएगा। वर्तमान में बंगाल के कर्मचारी 6वें वेतन आयोग के आधार पर वेतन पा रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने भी घोषणा की थी कि सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर इसे लागू कर दिया जाएगा, जिससे राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
केंद्रीय कर्मचारियों की नजर 8वें वेतन आयोग परएक तरफ जहां बंगाल में 7वें वेतन आयोग की सुगबुगाहट है, वहीं केंद्रीय कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चा जोरों पर है।
सक्रिय हुआ आयोग: 8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था और यह इस समय काफी सक्रिय है।
बड़ी बैठक: हाल ही में दिल्ली में आयोग और कर्मचारी संगठनों (NC-JCM) के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है।प्रमुख मांगें: कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन को 18,000 से बढ़ाकर 69,000 करने और फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक ले जाने की मांग रखी है।

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ग्वालियर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को गोले के मंदिर के समीप निर्माणाधीन आरोग्यधाम सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय की ओपीडी का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से संवाद कर उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने ओपीडी में पंजीयन, जांच एवं उपचार की प्रक्रिया का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह, अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री महेन्द्र यादव, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामनिवास रावत, ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री मधुसूदन सिंह भदौरिया, भाजपा जिला अध्यक्ष शहर श्री जयप्रकाश राजौरिया, ग्रामीण श्री प्रेम सिंह राजपूत, श्री अनिल ओक, आरोग्यधाम न्यास के पदाधिकारी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण व चिकित्सकगण उपस्थित रहे।

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नई दिल्ली, 04 मई:
भारत ने एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार ओडिशा के तट से लंबी दूरी की हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण कर अपनी रक्षा क्षमता का दम दिखाया है। करीब 1500 किलोमीटर तक सटीक वार करने में सक्षम यह मिसाइल देश की समुद्री सुरक्षा के लिए एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है। इससे पहले 2 मई को भी DRDO ने इसी प्रकार की मिसाइल का सफल परीक्षण किया था।

क्या हैं खास बातें:
यह अत्याधुनिक मिसाइल उन्नत टर्मिनल गाइडेंस सिस्टम से लैस है, जिसने लॉन्च से लेकर लक्ष्य भेदन तक हर चरण में अपनी सटीकता साबित की। इसे तटीय क्षेत्रों में तैनात किए जाने के लिए विकसित किया गया है, जिससे भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और मजबूत होगी।

पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार यह दो चरणों वाली ठोस प्रणोदक (solid propellant) हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल है, जिसे DRDO की एडवांस्ड सिस्टम्स लैबोरेटरी और औद्योगिक साझेदारों ने मिलकर विकसित किया है।

रणनीतिक रूप से यह मिसाइल हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की ताकत को कई गुना बढ़ाने वाली मानी जा रही है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसकी हाइपरसोनिक गतिमैक 10 तक पहुंचने और औसतन मैक 5 की स्पीड बनाए रखने की क्षमता।

रडार को दे सकती है चकमा:
यह मिसाइल अर्ध-बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र अपनाती है और कम ऊंचाई पर बार-बार दिशा बदलते हुए उड़ान भरती है, जिससे दुश्मन के रडार के लिए इसका पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है। स्वदेशी सेंसर तकनीक की मदद से यह स्थिर और गतिशील दोनों प्रकार के लक्ष्यों को सटीकता से निशाना बना सकती है।

इस सफल परीक्षण को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और उन्नत सैन्य तकनीक की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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.. *जय श्री राम*
यूरोप ने ट्रंप के आगे टेके घुटनेः सैन्य ठिकानों और रक्षा सहयोग पर बदला रुख ! NATO चीफ के बयान से दुनिया हैरान

बंगाल की जीत हमारी है, अब पंजाब की बारी है... BJP दिल्ली हेडक्वार्टर पर लगे पंजाब के लिए नारे

शादी पर 8 ग्राम सोना... तमिलनाडु में 'सुपरस्टार' विजय के 7 बड़े वादों ने बदला चुनावी माहौल

West Bengal : भवानीपुर से हारी ममता बनर्जी, शुभेंदु अधिकारी ने बड़े अंतर से दर्ज की जीत

असम में NDA की शानदार जीत, सरकार के काम और विकास के एजेंडे पर जनता ने लगाई मुहर...

"मेरी बेटी पूरे बंगाल में कमल खिलाएगी..." रेप पीड़िता की मां को मिली चुनावों में जीत

बिहार-हरियाणा में आंधी-बारिश से 21 की मौत: राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से पर चक्रवात बना; ओडिशा के अगले 6 दिन बारिश की चेतावनी

चुनाव नतीजे के बाद कांग्रेस में पहला इस्तीफा! जितेन्द्र सिंह ने छोड़ा पद, खरगे को भेजी चिट्ठी

केरल में एलडीएफ की करारी हार, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने CM पद से दिया इस्तीफा

Election Results 2026: 'बंगाल की धरा पर नया सूर्योदय हुआ, एक ऐसा सवेरा जिसका इंतजार पीढ़ियों ने किया', पीएम मोदी

सुप्रीम कोर्ट का ट्रांसजेंडर संशोधन एक्ट पर केंद्र-राज्यों को नोटिस: 6 हफ्ते में जवाब मांगा; सिंघवी बोले- संशोधन पहचान खुद तय करने का अधिकार छीनता है

क्रूज हादसे के को-पायलट का खुलासा-एक इंजन स्लो था: बोला- हमें आंधी का कोई अलर्ट नहीं मिला; 3 साल पहले हुआ था क्रूज का मेंटेनेंस

बिहार- विक्रमशिला पुल का 34 मीटर स्लैब गंगा में गिरा: 16 जिलों की कनेक्टिविटी प्रभावित; CM ने केंद्र से बात की, आर्मी की मदद मांगी

तमिलनाडु में विजय की पार्टी 107 सीटें जीतीं: असम में तीसरी बार भाजपा; केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी, पुडुचेरी में NDA सरकार

रक्षा मंत्री बोले- डिफेंस की तरह नॉलेज कॉरिडोर तैयार करें: प्रयागराज में राजनाथ सिंह ने कहा- हमें सरप्राइज एलिमेंट पर प्रो-एक्टिव होकर काम करना है

खराब मौसम के कारण लखनऊ-दिल्ली इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग: UP के दोनों डिप्टी सीएम सवार थे; 10 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट

शिमला के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी: पेरेंट्स-स्टूडेंट्स में हड़कंप, बच्चों को लेने पहुंचे, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; खाली कराए परिसर

बंगाल में ममता बनर्जी के घर के बाहर लगे 'जय श्री राम' के नारे, मतणगना के बीच TMC-BJP कार्यकर्ताओं में भारी झड़प; लाठीचार्ज

अमेरिका ने ईरानी जहाज के चालक दल के 22 सदस्यों को पाकिस्तान को सौंपा, चेतावनियों के बावजूद की थी नौसैनिक नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश

Election Results 2026 : बंगाल-असम-पुडुचेरी में जीत पर बोले PM मोदी- गंगोत्री से गंगासागर तक 'कमल' खिल रहा, ये बदला नहीं बदलाव है

IPL 2026 : मुंबई ने लखनऊ को 6 विकेट से दी मात, रोहित शर्मा ने खेली शानदार पारी....

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*बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार, असम में हैट्रिक: तमिलनाडु में एक्टर विजय बनेंगे CM; केरलम में कांग्रेस लौटी, लेफ्ट सरकार अब देश में कहीं नहीं*

*'आज भयमुक्त हुआ बंगाल', BJP मुख्यालय से PM मोदी का राजनीतिक दलों को संदेश, बोले- बदला नहीं, बदलाव की हो बात*

*ये हिंदुत्व की जीत है, भवानीपुर में ममता बनर्जी को हरा बोले शुभेंदु अधिकारी,बंगाल में भवानीपुर की जनता ने भी ममता को ठुकराया, सुवेंदु ने 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया*

*ट्रंप की ईरान को चेतावनी, कहा- अमेरिकी जहाजों पर किया हमला तो दुनिया के नक्शे से मिटा देंगे*

*1* बंगाल जीत पर मोदी बोले-गंगोत्री से गंगासागर तक कमल खिला, घुसपैठियों के खिलाफ एक्शन लेंगे, पहली कैबिनेट में आयुष्मान भारत को मंजूरी मिलेगी

*2* पीएम ने बताया कि आज देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि हमारा मंत्र है नागरिक देवो भवः। हम जनता की सेवा में जुटे हुए हैं। इसलिए जनता भाजपा पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा कर रही है। जनता साफ देख रही है कि जहां भाजपा, वहां गुड गवर्नेंस। जहां भाजपा, वहां विकास।

*3* पीएम मोदी ने कहा कि जय-पराजय लोकतंत्र और चुनावी राजनीति का स्वाभाविक हिस्सा होता है, लेकिन पांच राज्यों की जनता ने पूरे विश्व को दिखाया है कि ये हमारा भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी क्यों है। लोकतंत्र हमारे लिए सिर्फ एक तंत्र नहीं है। ये हमारी रगों में दौड़ता हुआ संस्कार है। आज सिर्फ भारत का लोकतंत्र नहीं जीता है, आज भारत का संविधान भी जीता है

*4* आप बीते दो साल के ट्रेंड को देखिए। हरियाणा में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनी। महाराष्ट्र में जबरदस्त जीत मिली। दिल्ली में अभूतपूर्व जीत मिली। बिहार में भी हमें बड़ी जीत हासिल हुई। यह जीत सिर्फ राज्यों में ही नहीं लोकल गवर्नेंस में भी दिख रही है। गुजरात में इस बार भाजपा को स्थानीय चुनाव में सबसे बड़ा वोट शेयर मिला है। ये भाजपा की गुड गवर्नेंस का सबसे बड़ा उदाहरण है

*5* आज भाजपा कार्यकर्ता के रूप में मेरे मन में एक और बात आ रही है। डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा को कितनी शांति मिली होगी। उन्होंने 1951 में जनसंघ की स्थापना कर के प्रत्येक कार्यकर्ता को संदेश दिया था कि देश के लिए जीना है और देश के लिए मरना है। उन्होंने अपने जीवन से साबित किया कि राष्ट्र सर्वोपरि का मंत्र लेकर चलने वाले अपना जीवन देने में एक पल का भी संकोच नहीं करते।

*6*मैं आज हर बंगाल वासी को भरोसा देता हूं कि बंगाल के बेहतर भविष्य के लिए भाजपा दिन-रात एक कर देगी। बंगाल में अब महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिलेगा। युवाओं को रोजगार मिलेगी। पलायन रुकेगा। पहली कैबिनेट में ही आयुष्मान भारत योजना को हरी झंडी दिखाई जाएगी और घुसपैठियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई होगी

*7* 49 साल में पहली बार देश में लेफ्ट सरकार नहीं, 1957 में केरलम में नंबूदरीपाद ने सत्ता दिलवाई; 2026 में केरलम से ही खत्म

*8* नए शीर्ष पर भाजपा: देश की 76 फीसदी आबादी और 72% क्षेत्रफल अब भगवामय, टूटा 2018 का रिकॉर्ड

*9* पश्चिम बंगाल परिणाम: ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, बोलीं- BJP ने लूटीं 100 सीटें, चुनाव आयोग उनका; हम वापसी करेंगे

*10* राहुल ने असम-बंगाल के नतीजों पर साधा निशाना, कहा- चुनाव चोरी, संस्था चोरी - अब और चारा ही क्या है!

*11* बंगाल की जीत के साथ और ताकतवर हुई भाजपा: अब 21 राज्यों में एनडीए का दबदबा, छह राज्यों तक सिमटा इंडिया गठबंधन

*12* हारते ही कांग्रेस में शुरू हुआ इस्तीफों का दौर, असम के प्रभारी ने छोड़ दिया पद, जितेंद्र सिंह ने ली असम में कांग्रेस की करारी हार की जिम्मेदारी; दिया जनरल सेक्रेटरी इंचार्ज के पद से इस्तीफा

*13* बंगाल चुनाव में मुस्लिम वोटों के बंटवारे ने टीएमसी का खेल बिगाड़ दिया। पार्टी की मुस्लिम बहुल सीटें 75 से घटकर 50 रह गईं। कांग्रेस, वाम दल और हुमायूं कबीर ने टीएमसी के वोट काटे, जिसका फायदा भाजपा को मिला। भाजपा ने इन इलाकों में 18 सीटें जीतीं, जबकि ओवैसी का खाता भी नहीं खुला।

*14* सुनेत्रा पवार ने जीत का इतिहास बनाया, 2.18 लाख वोटों से जीतीं; 5 राज्यों की 7 सीटों पर उपचुनाव में भाजपा 4, कांग्रेस 2 जीती

*15* पंजाब समेत उत्तर भारत में आंधी के साथ तेज बारिश, पारा गिरा; आज भी आंधी-पानी का अलर्ट

*16* दावा- होर्मुज में अमेरिकी जहाज पर ईरान का मिसाइल अटैक, अमेरिका बोला- ये झूठ; ट्रम्प ने कहा था यहां फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालेंगे

*17* IPL में मुंबई का सबसे बड़ा रन चेज, लखनऊ को 6 विकेट से हराया; रोहित-रिकेल्टन की फिफ्टी

*18* BHEL का मुनाफा 156% बढ़कर 1,290 करोड़ हुआ, रेवेन्यू में 37% की ग्रोथ, निवेशकों को हर शेयर पर 1.40 का डिविडेंड देने का ऐलान
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पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ी हार का सामना करना पड़ा, जबकि भाजपा (BJP) ने 200 से अधिक सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। राज्य में सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत थी।

इस हार का सबसे बड़ा असर खुद ममता बनर्जी की राजनीतिक स्थिति पर पड़ा है। न सिर्फ उन्होंने सत्ता खोई, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर उनकी भूमिका और विपक्षी INDIA गठबंधन का नेतृत्व करने की संभावनाओं को भी झटका लगा है।

हार के बाद TMC के भीतर अस्थिरता के संकेत मिलने लगे हैं। दलबदल की अटकलें तेज हैं और कुछ विधायकों के भाजपा में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, पार्टी के अंदर अभिषेक बनर्जी की बढ़ती भूमिका को लेकर असंतोष भी खुलकर सामने आ सकता है।

इस चुनाव परिणाम का असर सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली की राजनीति पर भी पड़ेगा। राज्यसभा के समीकरण बदल सकते हैं और 2029 के लोकसभा चुनावों में TMC की स्थिति कमजोर हो सकती है।

बंगाल, 42 लोकसभा सीटों के साथ देश का तीसरा सबसे अहम राज्य है। ऐसे में भाजपा के लिए यह जीत राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मजबूती लेकर आई है। वहीं कांग्रेस के लिए यह हार उतनी नुकसानदायक नहीं मानी जा रही, क्योंकि केरल में उसकी मजबूती के बाद विपक्षी गठबंधन में उसका पक्ष मजबूत हो सकता है।

चौंकाने वाली बात यह रही कि TMC को अपने पारंपरिक गढ़नंदीग्राम, सिंगूर और भंगारमें भी हार का सामना करना पड़ा, जो इस राजनीतिक बदलाव की गहराई को दर्शाता है।

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ग्वालियर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्तरीय पशुपालक एवं दुग्ध उत्पादक सम्मेलन में मध्यप्रदेश को देश की मिल्क केपिटल बनाने के संकल्प की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन और पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनाया जाएगा। साथ ही सरकार दूध खरीदेगी और पशुपालकों को उचित मूल्य दिलाएगी। ग्वालियर में पशुओं के लिए वेलनेस सेंटर खोलने, पशु स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन और डबरा में नया पशु चिकित्सालय बनाये जाने की भी घोषणा की गई।

ग्वालियर जिले में 68,737 पशुपालक हैं जो 4 लाख से अधिक पशुधन की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लाल टिपारा आदर्श गौशाला का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें 10 हजार से अधिक गौवंश हैं और यह आत्मनिर्भरता का उदाहरण है। प्रदेश में गौशालाओं की संख्या बढ़ाकर करीब 5 लाख से अधिक गौवंश पालन किया जा रहा है। उन्होंने किसानों की जमीन लेने पर चार गुना मुआवजा देने और वृंदावन ग्राम बनाने जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया। सम्मेलन में कई मंत्री, सांसद और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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4 मई को आए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति की दिशा ही बदल दी। जहां एक तरफ सत्तारूढ़ DMK को भारी हार का सामना करना पड़ा, वहीं अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने 108 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन अपनी खुद की सीट भी नहीं बचा सके, और पूरा DMK गठबंधन (DMK प्लस) केवल 73 सीटों पर सिमट गया।

यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि TVK ने बिना किसी गठबंधन के अकेले चुनाव लड़कर यह सफलता हासिल की, जिससे उसने राज्य के पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया।

इस हार के पीछे कई बड़े कारण सामने आए हैं। सबसे प्रमुख कारण रहा एंटी-इंकम्बेंसी, जहां स्टालिन सरकार के खिलाफ जनता में धीरे-धीरे असंतोष बढ़ता गया। बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों ने लोगों की नाराजगी को और बढ़ाया।

DMK नेतृत्व इन संकेतों को समय रहते समझने में असफल रहा। वहीं, विजय की राजनीतिक पकड़ को कम आंकना भी स्टालिन के लिए भारी पड़ गया। उनकी चुप्पी की रणनीति को जनता ने कमजोरी और ढिलाई के रूप में देखा।

जमीनी स्तर पर भी DMK की पकड़ कमजोर नजर आई, जबकि विजय सीधे जनता से जुड़ते गए। पार्टी के भीतर सीट बंटवारे को लेकर असंतोष ने भी वोट ट्रांसफर को प्रभावित किया।

दूसरी ओर, विजय की नई राजनीति ने खासकर युवाओं को आकर्षित किया। रोजगार, शिक्षा और बदलाव के वादों के साथ-साथ सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेन का आक्रामक इस्तेमाल कर TVK ने शहरी वोटर्स को अपनी ओर खींचा।

गठबंधन से दूर रहकर चुनाव लड़ने की रणनीति ने भी TVK को एक साफ-सुथरा और स्वतंत्र विकल्प के रूप में स्थापित किया, जिससे उसे विभिन्न वर्गों का समर्थन मिला।

इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि अब सिर्फ पुराना राजनीतिक अनुभव जीत की गारंटी नहीं है। तमिलनाडु की जनता बदलाव चाहती है, और इस बार उसने उसी दिशा में वोट किया।

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प्रदेश में सोमवार को बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था पूरी तरह से खत्म कर दी गई। जिन उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगे हैं, वे भी पोस्टपेड की तरह ही काम करेंगे। प्रदेश भर के विभिन्न शहरों में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा था। लोगों ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर उखाड़ कर सड़क पर फेंक दिए थे।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतें मिली रही थीं। विद्युत उपभोक्ताओं को स्मार्ट /प्रीपेड मीटर से आ रही तकनीकी दिक्कत के मद्देनजर फैसला लिया गया है कि सभी उपभोक्ताओं का स्मार्ट मीटर सामान्य पोस्ट-पेड मीटर की तरह ही कार्य करेगा। जैसे उपभोक्ता पहले मासिक बिल भरते थे वैसे ही हर माह की एक से 30 तारीख तक का बिल अगले दस दिन में एसएमएस या ह्वाट्सऐप पर भेजा जाएगा। बिल मिलने के बाद दी गई समय सीमा में उपभोक्ता को बिल जमा करना होगा।

उपभोक्ता परिषद की लड़ाई रंग लाई,स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगना शुरू होते ही राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने विरोध शुरू किया था। परिषद ने नियामक आयोग में याचिकाएं लगाईं। आयोग ने पावर कार्पोरेशन से जवाब तलब किया। निरंतर हो रहे विरोध और आयोग की सख्ती को देखते हुए पावर कार्पोरेशन ने अपना फैसला बदला। सोमवार दोपहर बाद ऊर्जा मंत्री और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। इसके बाद फैसला वापस लेने का ऐलान किया गया।

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झालावाड़ जिले की डग नगर पालिका को जनहित और स्वच्छता कार्यों के लिए चार नए वाहन मिले हैं। विधायक कालूराम मेघवाल ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना कियाइन वाहनों में सूखे कचरे के निस्तारण के लिए एक गाड़ी, गीले कचरे के लिए एक गाड़ी, विद्युत विभाग से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु 30 मीटर लंबी और 9 फीट चौड़ी एयरलिफ्टिंग मशीन, और एक अग्निशमन गाड़ी शामिल है। इन सभी वाहनों का विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शुभारंभ किया गया।।इस अवसर पर विधायक कालूराम मेघवाल ने क्षेत्र में दी जा रही सुविधाओं और जनहित कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि ये वाहन नगर पालिका की सेवाओं को बेहतर बनाने में सहायक कार्यक्रम में जिला महामंत्री दिनेश अग्रवाल, पंचायत समिति सदस्य राजेंद्र सिंह परिहार, मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह प्रतिहार, जिला उपाध्यक्ष नारायण सिंह तिसाई, पूर्व किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष तूफान सिंह सोलंकी, पूर्व उपसरपंच दिलीप सोनी, लोकेश तलेसरा, सुनील व्यास सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।होंगे।Aima media jhalawar

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खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर ने क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सड़क सुविधा बेहतर बनाने के लिए पहल की है। उन्होंने जिला कलेक्टर के माध्यम से उपमुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दीया कुमारी को 32 सड़कों के निर्माण की अनुशंसा भेजी है।विधायक गुर्जर ने राज्य सरकार की बजट घोषणा वर्ष 2026-27 के बिंदु संख्या 295 के तहत इन सड़कों को शीघ्र स्वीकृति देकर निर्माण कार्य शुरू करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 'मिसिंग लिंक' और 'नॉन पेचेबल' सड़कों का निर्माण अत्यंत आवश्यक है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलेगी।प्रस्तावित 32 सड़कों में से 11 'मिसिंग लिंक' सड़कें हैं। इनमें खटकड-कोटडाकुंज, खमावदा-ओदपुर, लीमी-कड़ीखेड़ी, खंडी-सुनारिया, दहीखेडा बांगडसी रोड-जठेड़ी, दुमडियाखेड़ी रोड-पनवाड़ (श्मशान), सलावद-झितापुरा, झुमकी रोड-बारां किशनपुरा, लक्ष्मीपुरा-सूरी वाया राजपुरा, जेके सीमेंट फैक्ट्री-पिपल्या और भालता रोड-मोखमपुरा शामिल हैं।21 'नॉन पेचेबल' सड़कों का भी प्रस्तावइसके अलावा, 21 'नॉन पेचेबल' सड़कों का भी प्रस्ताव दिया गया है। ये सड़कें रामपुरा-सिंघोला, रान्याखेड़ी-सिंघोला, केथूनी भगवानपुरा रोड-रामछेड़ा जी महाराज, नालोदी-कानपुरा कल्ला जी महाराज, चुनाभाटी-कुआभाव दयाभाव, भालता रोड-मेलकी-गडारिया, तारज-अम्बाला, सारोला कलां-ईरली, सम्पर्क सड़क-पुरा, मरायता-पखराना, गुरजनी रोड-हथाईखेड़ा, पनवाड़ लक्ष्मीपुरा रोड-अकोदिया, ठुगनी-डडवाड़ा, शंकरपुरा-पखराना, रूपाहेड़ा-लोढागुढा, गणेशपुरा चौन्सला रोड-गुरायता (खानपुर बॉर्डर), मेघा हाईवे रोड-खंडी, सम्पर्क सड़क-जगदीशपुरा, गोलाना-डुंडा वाया हालीहेड़ा, पिपलिया नग्गा-सूरजपुरा और रटलाई रोड-दिन्याखेड़ी हैं।विधायक ने इस संबंध में जिला प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी प्रतिलिपि भेजकर इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का आग्रह किया है। साथ ही, विभागीय उच्च अधिकारियों को भी आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

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रविवार शाम बकानी कस्बे और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अचानक मौसम बदल गया। तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ मावठे की बारिश हुई। इस बारिश से एक ओर जहां भीषण गर्मी से राहत मिली और तापमान गिरा, वहीं दूसरी ओर किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।बकानी गौण मंडी में खुले में रखा सरकारी गेहूं और किसानों की फसल बारिश से भीग गई। तेज हवाओं के कारण तिरपाल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं, जिससे बड़ी मात्रा में अनाज खराब होने की आशंका है। किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी में पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण उनकी उपज को नुकसान हुआ।अचानक बदले मौसम से जनजीवन भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर अव्यवस्था देखी गई। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का तत्काल आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए और भविष्य में मंडी में उपज की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।Aima media jhalawar

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## **आईमा मीडिया न्यूज़**
**स्थान:** गोगरी, खगड़िया
**संवाददाता:** विकास कुमार
### **पकरैल मध्य विद्यालय का मैदान बना 'तालाब', जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से छात्रों में आक्रोश**
**गोगरी प्रखंड (खगड़िया):** विकास के दावों के बीच गोगरी प्रखंड अंतर्गत पकरैल पंचायत के मध्य विद्यालय की तस्वीर व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर रही है। विद्यालय के प्रांगण में जलजमाव की समस्या इतनी विकराल हो चुकी है कि थोड़ी सी बारिश होते ही पूरा मैदान टापू में तब्दील हो जाता है।
**सालों से बनी है समस्या** विद्यालय के मैदान में पानी जमा होने के कारण न केवल छात्रों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है, बल्कि खेल-कूद और प्रार्थना सभा जैसी गतिविधियां भी पूरी तरह ठप पड़ गई हैं। जलजमाव की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडराने लगा है।
**जनप्रतिनिधियों की चुप्पी** स्थानीय ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए कई बार गुहार लगाई गई है। लेकिन दुखद पहलू यह है कि **न तो स्थानीय विधायक और न ही सांसद** ने अभी तक इस गंभीर समस्या की सुध ली है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधियों की इस अनदेखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
**प्रमुख मांगें:**
* विद्यालय के मैदान में मिट्टी भराई का कार्य जल्द शुरू हो।
* पानी निकासी के लिए पक्की नाली का निर्माण किया जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस खबर के बाद नींद से जागते हैं या नौनिहाल इसी तरह नारकीय स्थिति में पढ़ने को मजबूर रहेंगे।
**आईमा मीडिया के लिए पकरैल से विकास कुमार की रिपोर्ट।**

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भिण्ड: कलेक्टर भिण्ड की अध्यक्षता में समय सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभागार में आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और अन्य विभागों के जिला अधिकारी वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पर विशेष फोकस करते हुए विभागवार लंबित शिकायतों के शत-प्रतिशत निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक दिनों से लंबित शिकायतों को शिकायतकर्ता से बातचीत कर समाधान करें।

कलेक्टर ने नल जल योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जहां योजना हैंडओवर हो चुकी है, वह सुचारू रूप से चलनी चाहिए। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत शिक्षा विभाग को पानी की टंकी की सफाई करवाकर पोर्टल में एंट्री करने और सफाई की दिनांक अंकित करने के निर्देश दिए। डॉग बाइट मामलों के बढ़ने पर कलेक्टर ने टीकाकरण अभियान चलाने, एंटीरेबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नागरिकों को जागरूक करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने ईकेवाईसी और विभिन्न मॉनिटरिंग प्रणालियों की भी समीक्षा की।

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक स्वर में प्रतिक्रिया देते हुए इसे कार्यकर्ताओं के त्याग, संघर्ष और जनता के अटूट विश्वास की जीत बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव परिणामों को जनशक्ति की विजय करार देते हुए कहा कि यह सुशासन के प्रति जनता के भरोसे का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने बंगाल के सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया और भरोसा दिलाया कि नई सरकार राज्य के लोगों के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी, साथ ही हर नागरिक को अवसर और सम्मान दिलाने की दिशा में काम करेगी।

वहीं, अमित शाह ने इस जीत को पार्टी के अनगिनत कार्यकर्ताओं के समर्पण और संघर्ष का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कई कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों ने हिंसा और उत्पीड़न सहने के बावजूद अपनी विचारधारा से समझौता नहीं कियायह जीत उनके धैर्य और साहस की जीत है।

शाह ने आगे कहा कि शून्य से पूर्ण बहुमत तक पहुंचने की इस यात्रा में जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी और अत्याचार सहा, यह जनादेश उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

उन्होंने पार्टी नेतृत्व और राज्य इकाई के सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत केवल राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि एक विकसित, समृद्ध और सर्वांगीण बंगाल की नई शुरुआत का संकेत है।

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा मुकाबला देखने को मिला, जहां भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर में उन्हें कड़ी टक्कर दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति के तहत अधिकारी को नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर से भी चुनाव मैदान में उतारने का फैसला लिया गया, ताकि सीधे ममता बनर्जी को उनके मजबूत क्षेत्र में चुनौती दी जा सके।

चुनावी नतीजों के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से जीत हासिल की, वहीं भवानीपुर में भी मुकाबला बेहद करीबी रहा। 20 राउंड की गिनती के बाद अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट प्राप्त हुए, जिससे भाजपा नेता ने 15,000 से अधिक मतों की बढ़त बनाई।

इस चुनाव में लेफ्ट के श्रीजीब बिस्वास तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस के प्रदीप प्रसाद चौथे स्थान पर रहे। नंदीग्राम में भी अधिकारी ने टीएमसी के पवित्र कर को हराकर अपनी पकड़ मजबूत दिखाई।

जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी ने इसे निर्णायक राजनीतिक क्षण बताते हुए कहा कि ममता बनर्जी को उनके गढ़ में चुनौती देना और बढ़त बनाना रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। उन्होंने इसे हिंदुत्व की जीत बताते हुए दावा किया कि विभिन्न वर्गों, यहां तक कि विपक्षी दलों के पारंपरिक वोटर्स का भी उन्हें समर्थन मिला, जिससे टीएमसी विरोधी वोटों का ध्रुवीकरण हुआ।

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ଚମ୍ପୁଆ: ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ, ଆସାମ ଏବଂ ପୁଡୁଚେରୀର ନିର୍ବାଚନରେ ବିଜେପିର ବିପୁଳ ବିଜୟ ପରେ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାର ଚମ୍ପୁଆ ଏବଂ ଭଣ୍ଡା ମଣ୍ଡଳରେ ବିଜୟ ଉତ୍ସବ ପାଳିତ ହେଲା। ଚମ୍ପୁଆ ନଗର ମଣ୍ଡଳର ମହାବୀର ଛକରେ ବିଜେପି କର୍ମୀମାନେ ମିଠା ବଣ୍ଟନ କରିବା ସହ ପ୍ରବଳ ବାଣ ଫୁଟାଇ ଖୁସି ଜଣାଇଥିଲେ।

ଭଣ୍ଡା ମଣ୍ଡଳର ବାଙ୍କି ସାହି ଠାରେ ମଧ୍ୟ ବିଜେପି ପକ୍ଷରୁ ବିଜୟ ସଂକେତ ସ୍ୱରୂପ ବାଣ ଫୁଟାଇ ମିଠା ବଣ୍ଟନ କରାଯାଇଥିଲା। ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ବିଜେପି କାର୍ଯ୍ୟକର୍ତ୍ତା ଓ ସମର୍ଥକମାନେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ ଏବଂ ଦଳୀୟ ନେତୃତ୍ୱଙ୍କ ପକ୍ଷରେ ସ୍ଲୋଗାନ ଦେଇଥିଲେ। ଉଭୟ ମଣ୍ଡଳରେ ସ୍ଥାନୀୟ ନେତା ଓ ଶତାଧିକ କାର୍ଯ୍ୟକର୍ତ୍ତା ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ ଏବଂ ଏହି ବିଜୟକୁ ସାଧାରଣ ଜନତାଙ୍କ ବିଜୟ ବୋଲି ବର୍ଣ୍ଣନା କରିଥିଲେ।

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आजादी के 78 साल बाद भी कांडी प्रखंड अंतर्गत हरिहरपुर पंचायत के आदिवासी टोला लुका में सड़क नहीं बन पायी है. करीब 300 की आबादी वाले इस गांव के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ग्रामीण राजेंद्र सिंह , सतेंद्र सिंह , सुदर्शन सिंह, मधेशर सिंह ने बताया कि गर्मी में धूल और बरसात में कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है. बारिश के दिनों में पूरा गांव टापू बन जाता है. रामप्रसाद सिंह ने कहा कि बीमार को खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है. कई बार रास्ते में ही मरीज की हालत बिगड़ जाती है. एंबुलेंस गांव तक नहीं आ पाती. गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है. सड़क नहीं होने से स्कूली बच्चों को भी परेशानी होती है. कीचड़ के कारण बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं. बरसात में स्कूल जाना बंद हो जाता है. रामपुकार सिंह ने कहा कि शादी-ब्याह में भी दिक्कत होती है. बारात की गाड़ी गांव तक नहीं आती. सामान ढोकर लाना पड़ता है. कोई रिश्ता करने से भी कतराता है कि सड़क नहीं है. इसी समस्या को लेकर आदिवासी ग्रामीणों ने मुखिया अनुज कुमार सिंह को बुलाकर एक बैठक शनिवार को किया गया जिसमें सभी ग्रामीणों ने अपना रैयति जमीन में रास्ता बनाने के लिए सहयोग किया वही अमीन नवलेश सिंह द्वारा 2 किलोमिटर रास्ता निकालने का मापी किया गया जो की लुका स्कूल से लेकर पश्चिम पहाड़ तक हैं सभी मापी किया गया जमीन में जेसीबी से साफ कराया गया मौके पर उपस्थित भुवनेश्वर सिंह, नंदकिशोर सिंह, राजा सिंह, ओम प्रकाश सिंह, अरविंद सिंह, अखिलेश सिंह, जितेंद्र सिंह ,नवीन सिंह एवं सैकड़ो लोग उपस्थित थे

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दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार Vijay ने राजनीति में अपनी एंट्री को ऐतिहासिक बना दिया है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी पार्टी और समर्थकों के दम पर जबरदस्त जीत हासिल की। यह जीत सिर्फ एक राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि एक बड़े जनआंदोलन का संकेत मानी जा रही है।
विजय लंबे समय से अपनी फिल्मों के जरिए सामाजिक मुद्दों को उठाते रहे हैं, और उसी छवि को उन्होंने राजनीति में भी मजबूती से पेश किया। चुनाव प्रचार के दौरान उनकी रैलियों में भारी भीड़ उमड़ीखासतौर पर युवा वर्ग और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं ने खुलकर समर्थन दिया।
जनता के बीच क्यों बने लोकप्रिय?
फिल्मों में सामाजिक संदेश देने की छवि
युवाओं और गरीब वर्ग से सीधा जुड़ाव
साफ-सुथरी और नई राजनीति का वादा
करिश्माई व्यक्तित्व और मजबूत फैन बेस
चुनाव में क्या रहा खास?
कई सीटों पर अप्रत्याशित बढ़त
पारंपरिक पार्टियों को कड़ी टक्कर
शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समर्थन
पहली ही कोशिश में बड़ी राजनीतिक पहचान
आगे की राह
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Vijay की यह जीत दक्षिण भारत की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वे अपने वादों को जमीन पर कैसे उतारते हैं और जनता की उम्मीदों पर कितना खरे उतरते हैं।

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*बारामती विधानसभा उपचुनाव 2026 की ऐतिहासिक विजय पर हार्दिक बधाई!*

आदरणीय श्रीमती सुनेत्रा अजितदादा पवार जी को इस शानदार और रिकॉर्ड मतों से मिली जीत पर मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई।
यह विजय जनता के विश्वास, आपके समर्पण और निरंतर जनसेवा का परिणाम है।

आपके नेतृत्व में क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और जनता की उम्मीदें निश्चित रूप से पूरी होंगी।

ईश्वर से प्रार्थना है कि आप इसी तरह जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ते रहें और प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।

सादर,
*श्री अभिषेक चदेंल* ( NCP)
*दिल्ली प्रदेश सचिव*
_पूर्व विधायक प्रत्याशी रोहताश नगर विधान सभा_
*राष्ट्रीय वादी कांग्रेस पार्टी दिल्ली कार्यालय*

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बूंटा निवासी अक्रम के पुलिस एनकाउंटर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अक्रम के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए एनकाउंटर को संदिग्ध बताया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिवार का आरोप है कि अक्रम को पहले से हिरासत में लिया गया था और बाद में एनकाउंटर की कहानी बनाई गई। परिजनों ने कहा कि उन्हें मामले की सही जानकारी नहीं दी गई और पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि अक्रम एक वांछित/इनामी बदमाश था और पुलिस टीम पर फायरिंग के दौरान जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई कानून के दायरे में की गई।
घटना के बाद इलाके में चर्चा और तनाव का माहौल बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
हालांकि अभी तक किसी अदालत, एसआईटी या सरकारी जांच एजेंसी ने इस एनकाउंटर को फेक एनकाउंटर घोषित नहीं किया है। मामले में जांच और बयानबाज़ी लगातार जारी है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सच सामने आता है।
रिपोर्ट: राव शोकीन
राव डिजिटल इंडिया न्यूज़

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दिल व्यापार में पकड़ी गई पत्नी को देखकर,
होश उड़ गए पति के
बेगूसराय पुलिस ने शहर के व्यस्त इलाके में चल रहे एक बड़े देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में होटल गणपति के मैनेजर को भी देह व्यापार कराने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।

नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सुभाष चौक पर स्थित होटल गणपति पर शनिवार की रात पुलिस की टीम ने अचानक छापेमारी की। सूचना के आधार पर पहुंची पुलिस ने होटल के अंदर सर्चिंग शुरू की और एक कमरे से 25 वर्षीय एक महिला को संदिग्ध स्थिति में पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि वह पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और देह व्यापार के लिए यहां लाई गई थी।

पुलिस ने उसी दौरान एक ग्राहक को भी मौके पर गिरफ्तार कर लिया। आगे की जांच में होटल का मैनेजर और कुछ स्टाफ सदस्य भी इस रैकेट में शामिल पाए गए। पुलिस के मुताबिक होटल को देह व्यापार का अड्डा बनाकर चलाया जा रहा था। बाहर से महिलाओं को बुलाकर उन्हें होटल के कमरों में रखा जाता था और ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाता था।

इस पूरे मामले में पुलिस ने कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें होटल मैनेजर, पश्चिम बंगाल की 25 वर्षीय महिला, एक ग्राहक और होटल का एक स्टाफ सदस्य शामिल हैं। सभी आरोपियों को थाने ले जाकर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने होटल के रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत भी जब्त कर लिए हैं।

स्थानीय लोगों ने इस छापेमारी का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से इस होटल को लेकर शिकायतें आ रही थीं। पुलिस ने आईपीसी की संबंधित धाराओं के साथ-साथ मानव तस्करी और देह व्यापार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है
#hindi #hindistory #goodindia #highlight #newsindia #viralpost #PostViral #post

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लखनऊ। प्रदेश सरकार ने विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था को समाप्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब सभी स्मार्ट मीटर सामान्य पोस्ट-पेड मीटर की तरह कार्य करेंगे। यह फैसला उपभोक्ताओं को आ रही तकनीकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ऊर्जा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिजली का बिल मिलेगा। महीने की 1 तारीख से 30 तारीख तक की खपत का बिल अगले 10 दिनों के भीतर एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाएगा, जिसे निर्धारित समय सीमा में जमा करना अनिवार्य होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में महीने के भीतर बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी। वहीं, जिन उपभोक्ताओं पर बकाया बिल है, उन्हें राहत देते हुए 10 किश्तों में भुगतान करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, पुराने मीटरों को स्मार्ट प्री-पेड मीटर से बदलने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। हालांकि, जहां पहले से स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, उनसे जुड़ी शिकायतों के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी।
ऊर्जा विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराएं और विभाग से आने वाले संदेशों पर ध्यान दें, ताकि समय पर बिल की जानकारी मिल सके। गर्मी के मौसम को देखते हुए बिजली आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए शक्ति भवन में उच्चस्तरीय बैठक कर विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सरकार ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि समय पर बिल भुगतान कर व्यवस्था को सुचारु बनाए रखें।

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श्रीरामपूर : रविवारी सकाळी बेलापूर रेल्वेस्टेशन हद्दीत दोन तरुणांचे, सुदेश आणि अल्पवयीन तरुणीचे, रेल्वे रुळावर छिन्न-विछिन्न अवस्थेत मृतदेह आढळले. रेल्वे यंत्रणेने ही माहिती श्रीरामपूर शहर पोलिसांना दिली. पोलीस निरीक्षक नितिन देशमुख फौज फाटा यांच्यासह तपास पथक घटनास्थळी पोहचले. पंचनामा करून मृतदेह साखर कामगार रुग्णालयात नेण्यात आले, जिथे डॉक्टरांनी दोघेही मृत असल्याची नोंद केली.

मयत तरुण सुदेश भैरवनाथनगर परिसरातील असून, तरुणी घरकुल परिसरातील आहे. घटनास्थळी दुचाकी एमएच १२ डीके १७६७ सापडली आहे. पोलीस तपास करत असून प्रेमसंबंधातून आत्महत्या की अन्य कारणे आहेत का, हे शोधत आहेत. या घटनेने श्रीरामपूर शहरात खळबळ उडाली असून नातेवाईक आणि नागरिक हळहळ व्यक्त करत आहेत.

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टीकमगढ़: भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा 4 मई 2026 से 10 मई 2026 तक मनाए जा रहे अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने अग्नि सुरक्षा के प्रति शपथ ली। सभी ने संकल्प लिया कि वे अस्पताल में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करेंगे और जागरूकता फैलाएंगे।

सहायक प्रबंधक डॉ. अंकुर साहू ने मरीजों के साथ आए परिजनों को अग्नि सुरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. डी.डी.एस. भदौरिया, डॉ. आभा सिंह, डॉ. शालू जोहरी, डॉ. मेघा खरे, डॉ. विनय सोनी, डॉ. अजय चौरासिया, श्रीमती सरोज प्रजापति, कंचन तिवारी, शेख मकबूल, ज्योति घोष, रागिनी पाठक, भारती सिंगरौली समेत अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने सुरक्षित वातावरण बनाने और अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए निरंतर प्रयास करने का भी संकल्प लिया।

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वाराणसी फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में एक सप्ताह पूर्व हुई मनीष सिंह की जघन्य हत्या के मामले में वाराणसी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सोमवार देर रात करखियांव इलाके में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने 50-50 हजार रुपये के दो इनामी बदमाशों, मनीष राजभर और आशीष राजभर को गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली दोनों बदमाशों के पैर में लगी है।एसओजी और फूलपुर पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, वाराणसी एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह और फूलपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह की टीम को बदमाशों के मूवमेंट की सटीक सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने करखियांव इलाके में घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों इनामी बदमाशों को दौड़ाकर गोली मारी, जिससे वे घायल होकर गिर पड़े। उन्हें तत्काल चिकित्सा के लिए अस्पताल भेजा गया है। सूचना मिलते ही मौके पर डीसीपी गोमती/क्राइम आईपीएस नीतू कादयान भी पहुंची।अंकिता की सिसकियों को मिला मरहम
बीते शनिवार को भदैनी मिरर से खास बातचीत में मनीष सिंह की पत्नी अंकिता ने अपना दर्द साझा किया था। कांपती आवाज और आंखों में आंसू लिए अंकिता ने केवल एक ही मांग की थी "मेरे पति के हत्यारों का एनकाउंटर हो।" सात दिनों के अंतहीन सन्नाटे और 'मांग का सिंदूर' उजड़ने के गम में डूबी अंकिता की गुहार आखिरकार रंग लाई। पुलिस की इस कार्रवाई को अंकिता की उस 'इंसाफ' की पुकार से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। था मामला?
एक सप्ताह पूर्व रविवार की रात घमहापुर गांव में एक कार की मामूली टक्कर के बाद मॉब लिंचिंग की खौफनाक वारदात हुई थी। 38 वर्षीय मनीष सिंह की भीड़ ने पीट-पीटकर नृशंस हत्या कर दी थी। पुलिस इस मामले में मनोज प्रजापति, हरिश्चंद्र राजभर, योगेंद्र प्रजापति और अभिषेक को पहले ही जेल भेज चुकी है।
इनकी तलाश जारी
मुठभेड़ में दो इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की दबिश जारी है। इस मामले के 50-50 हजार के इनामी दीपक राजभर, गोविन्द राजभर और नागेन्द्र राजभर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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દિલ્હી: પશ્ચિમ બંગાળ અને આસામની ચૂંટણીમાં ભાજપની મોટી જીત બાદ વડા પ્રધાન નરેન્દ્ર મોદીએ દિલ્હીની ભાજપ કાર્યાલયથી કાર્યકર્તાઓને સંબોધિત કર્યા હતા. તેમણે આ જીતને ઐતિહાસિક અને અભूतપૂર્વ ગણાવતા જણાવ્યું કે આ દિવસ ભારતની મહાન લોકશાહી માટે ભરોસાનો દિવસ છે. મોદીએ બંગાળ, આસામ, તામિલનાડુ, કેરળ અને પુડુચેરીની જનતાને તેમજ ભાજપ કાર્યકર્તાઓને હૃદયથી આભાર માન્યો.

મોદીએ કહ્યું કે પાંચ પ્રદેશોની જનતાએ સમગ્ર વિશ્વને બતાવ્યું કે ભારતમાં લોકતંત્ર, બંધારણ અને બંધારણીય સંસ્થાઓ જિંદા છે. પશ્ચિમ બંગાળમાં 93 ટકા મતદાન અને મહિલાઓની વધતી ભાગીદારી આ જીતના મુખ્ય પાસા છે. તેમણે ચૂંટણીપંચ, ચૂંટણી કર્મચારીઓ અને સુરક્ષા કર્મચારીઓનો પણ આભાર વ્યક્ત કર્યો અને કહ્યું કે તેમની મહેનતને વર્ષો સુધી યાદ રાખવામાં આવશે. વડા પ્રધાન મોદીએ ગંગોત્રીથી ગંગાસાગર સુધી કમળ ફૂલ્લાની વાત કરી અને માં ગંગા, બ્રહ્મપુત્રા અને માં કામાખ્યાના આશીર્વાદનો ઉલ્લેખ કર્યો.

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તામિલનાડુ: દક્ષિણ ભારતીય સુપરસ્ટાર સી. જૉસેફ વિજયે 2024માં તેમના રાજકીય પક્ષ તામિલગા વેટ્રી કઝગમ (ટીવીકે)ની સ્થાપના કરી અને ફરીથી રાજકારણમાં પ્રવેશ કર્યો છે. જાન્યુઆરીમાં તેમના દ્વારા રિલીઝ થયેલી ફિલ્મ "જન નાયગન" તેમની છેલ્લી ફિલ્મ હોવાનું નિવેદન છે, જેમાં તેમણે સંપૂર્ણ સમય રાજકારણને આપવાનો નિર્ણય કર્યો છે. વિજયની પાર્ટી તામિલનાડુ વિધાનસભાની ચૂંટણીમાં પ્રારંભિક પરિણામોમાં આગળ છે અને તે રાજકીય દ્રવિડિયન પક્ષો સામે એક મહત્વપૂર્ણ વિકલ્પ તરીકે ઉભર્યો છે.

વિજયની ફિલ્મો અને તેમના રાજકીય સંદેશાઓ તામિલનાડુના દ્રવિડિયન રાજકારણ સાથે સંકળાયેલા છે. તે પ્રમુખ રાજકીય મુદ્દાઓ જેમ કે ભ્રષ્ટાચાર, સામાજિક ન્યાય અને રાજ્ય ગૌરવને પોતાના પ્લેટફોર્મ પર રાખે છે. તેમનો ફેન ફોલોઇંગ વિશાળ છે અને તેમની જાહેરસભાઓમાં મોટી સંખ્યા માટે લોકો જોડાય છે. તેમ છતાં, 2025માં કરૂર ખાતે ટીવીકેની જાહેર સભામાં નાસભાગમાં 41 લોકોએ જાન ગુમાવવાથી વિજયને સંગઠનાત્મક અને નેતૃત્વ સંબંધિત ટીકાઓ સામનો કરવી પડી છે. વિજયની રાજકીય યાત્રા પર વિશ્લેષકો મિશ્ર અભિપ્રાય વ્યક્ત કરે છે, ખાસ કરીને પક્ષની દ્વિતીય પંક્તિ અને ગઠબંધન મુદ્દાઓને લઈને.

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તામિલનાડુ: દક્ષિણ ભારતીય સિનેમાના સુપરસ્ટાર સી. જૉસેફ વિજયે 2024માં તેમની રાજકીય પાર્ટી તામિલગા વેટ્રી કઝગમ (ટીવીકે)ની સ્થાપના કરી હતી અને હવે તેઓ સંપૂર્ણપણે રાજકારણમાં પ્રવેશ્યા છે. તેમની છેલ્લી ફિલ્મ 'જન નાયગન' જાન્યુઆરીમાં ભારતમાં અને વિદેશમાં લગભગ 5,000 સિનેમાઘરોમાં રિલીઝ થઈ હતી. વિજયે કહ્યું હતું કે રાજકારણમાં શોખ માટે નહીં પરંતુ સંપૂર્ણ પ્રતિબદ્ધતાથી જ જોડાવા જોઈએ. તેઓએ પોતાના કારકિર્દીનાં લાંબા સમય બાદ ફિલ્મોથી નિવૃત્તિ લઇ રાજકારણ પર ધ્યાન કેન્દ્રિત કર્યું છે.

તામિલનાડુમાં એમજીઆર અને જયલલિતા જેવા ફિલ્મ સ્ટાર્સ રાજકારણમાં સફળ રહ્યા છે અને હવે વિજયનું નામ પણ આ યાદીમાં સામેલ થયું છે. વિજયના રાજકીય સંઘર્ષમાં 2025માં કરૂરમાં યોજાયેલી ટીવીકેની જાહેર સભામાં થયેલ નાસભાગમાં 41 લોકોના મોત થયા હતા, જેના કારણે તેમને ટીકાઓનો સામનો કરવો પડ્યો હતો. વિજયનો પ્રભાવ વિશાળ છે, ખાસ કરીને યુવા મતદારોમાં, જેઓ દ્રવિડિયન પક્ષોથી નારાજ છે. વિજયનો પક્ષ ભાજપનો વિરોધી છે અને ડીએમકે સામે મુખ્ય વિરોધ પક્ષ તરીકે ઉભર્યો છે. તાજેતરના ચૂંટણી પરિણામોમાં વિજયની પાર્ટી આગળ છે, જે તામિલનાડુના રાજકીય દૃશ્યમાં મહત્વપૂર્ણ ફેરફાર દર્શાવે છે.

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તામિલનાડુ: દક્ષિણ ભારતીય સુપરસ્ટાર સી. જૉસેફ વિજયે 2024માં પોતાની રાજકીય પાર્ટી તામિલગા વેટ્રી કઝગમ (ટીવીકે)ની સ્થાપના કરી અને તેનો ફોકસ સંપૂર્ણપણે રાજકારણ પર મૂક્યો છે. તેમની છેલ્લી ફિલ્મ "જન નાયગન" જાન્યુઆરીમાં ભારતમાં અને વિદેશમાં લગભગ 5,000 સિનેમાઘરોમાં રિલીઝ થઈ હતી. વિજયએ ફિલ્મોમાંથી નિવૃત્તિ લઈને રાજકીય ક્ષેત્રે પોતાનું સ્થાન મજબૂત કરવા માટે કાર્ય શરૂ કર્યું છે.

તામિલનાડુમાં ફિલ્મ અને રાજકારણ વચ્ચે લાંબી પરંપરા છે, જેમાં એમજીઆર અને જયલલિતા જેવી શખ્સિયતો મુખ્યમંત્રી બની ચુક્યા છે. વિજયનું ફૅન ફોલોઇંગ ભારે પ્રભાવશાળી છે અને તે રાજકીય સભાઓમાં વિશાળ ભીડ એકત્રિત કરે છે. તાજેતરના ચૂંટણીમાં વિજયની પાર્ટી આગેવાની કરી રહી છે, જોકે ટૂંકા સમયમાં કરૂરમાં થયેલી નાસભાગ ઘટના પછી તેમના નેતૃત્વ પર આલોચના પણ થઈ છે. રાજકીય વિશ્લેષકો વિજયના યુવા મતદારોમાં વધતા પ્રભાવ અને દ્રવિડિયન પક્ષોથી નિરાશા પર ધ્યાન આપે છે. વિજયનો પક્ષ ભાજપને વિરોધી ગણાવે છે અને ડીએમકે સાથે તેનુ રાજકીય વિરોધ ચાલુ છે.

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तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में एक ऐसा भूकंप आया है जिसने सत्ता के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है, जहाँ द्रमुक (DMK) के दिग्गज नेता एम.के. स्टालिन को न केवल अपनी सरकार गंवानी पड़ी, बल्कि अपनी सीट पर भी उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। राज्य भर में इस समय अविश्वास का माहौल है, क्योंकि मुख्यमंत्री का वह अभियान, जो द्रविड़ विचारधारा और समाज कल्याण योजनाओं की विरासत पर टिका था, सत्ता विरोधी लहर और विपक्ष के मजबूत नैरेटिव के सामने ताश के पत्तों की तरह ढह गया। मतगणना के दिन के आंकड़ों ने ग्रामीण इलाकों और शहरी केंद्रों में पनप रहे उस मौन विद्रोह की कहानी बयां की, जिसने स्थापित व्यवस्था को नकार कर बदलाव का रास्ता चुना।

यह हार पार्टी नेतृत्व के आत्मविश्वास और बढ़ती महंगाई व प्रशासनिक थकान से जूझ रही जनता की जमीनी हकीकत के बीच के गहरे फासले को उजागर करती है। स्टालिन के लिए यह केवल सत्ता का जाना नहीं है, बल्कि एक व्यक्तिगत आत्ममंथन का क्षण है, जो पार्टी की रणनीति में आमूल-चूल बदलाव और इस बात की गहराई से जांच की मांग करता है कि 'द्रविड़ मॉडल' शासन का वादा आम आदमी की उम्मीदों पर कहाँ खरा नहीं उतरा। जहाँ उनके समर्थक सदमे में हैं, वहीं विपक्ष ने इसे एक युग का अंत घोषित करते हुए इस जनादेश को पारदर्शिता और जमीनी विकास की जीत बताया है। जैसे-जैसे उनके करियर के इस अध्याय का सूरज ढल रहा है, अब सारा ध्यान इस बात पर है कि उनके कद का नेता इस राजनीतिक वनवास से कैसे बाहर निकलता है और क्या द्रमुक खुद को फिर से संगठित कर इस बदलते चुनावी रणक्षेत्र में अपनी खोई हुई गरिमा वापस पा सकेगी।

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अलीगढ़: भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय नेता एवं भाजपा शक्ति केन्द्र प्रभारी सिधौली ठाकुर राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर जोरदार जश्न मनाया गया। भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सिधौली में लड्डुओं का वितरण किया और इस अवसर पर उत्साह व्यक्त किया।

ठाकुर राकेश कुमार सिंह ने कहा कि टीएमसी द्वारा की गई गुंडागर्दी समाप्त हो गई है और ममता बनर्जी की राजनीति अब खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने भाजपा को भारी जनादेश दिया है और टीएमसी अब सत्ता में कभी वापसी नहीं कर सकेगी। सिंह ने यह भी कहा कि टीएमसी के गुंडे या तो पश्चिम बंगाल छोड़ देंगे या भूमिगत हो जाएंगे।

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पश्चिम बंगाल की राजनीति के इतिहास में साल 2026 एक ऐसे मोड़ के रूप में दर्ज किया गया है जिसने दशकों पुराने राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से उलट कर रख दिया, जहाँ सबसे बड़ा उलटफेर कोलकाता की प्रतिष्ठित भवानीपुर विधानसभा सीट पर देखने को मिला। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जिन्हें उनके समर्थकों द्वारा 'बंगाल की बेटी' और राजनीति की 'अजेय योद्धा' माना जाता था, उन्हें अपने ही सबसे मजबूत गढ़ भवानीपुर में भाजपा के शुभेंदु अधिकारी के हाथों 15,105 मतों के अंतर से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। यह हार केवल एक विधानसभा सीट का नुकसान नहीं थी, बल्कि यह तृणमूल कांग्रेस के उस तिलस्म के टूटने का प्रतीक थी जिसे ममता बनर्जी ने सालों की मेहनत और जमीनी संघर्ष से खड़ा किया था। चुनाव के शुरुआती दौर से ही भवानीपुर में तनाव और उत्साह का माहौल था, जहाँ एक तरफ टीएमसी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थी, वहीं दूसरी तरफ शुभेंदु अधिकारी ने 'अन्याय के खिलाफ युद्ध' का नारा देकर मतदाताओं के बीच अपनी गहरी पैठ बना ली थी। मतगणना के दिन जैसे-जैसे राउंड दर राउंड नतीजे सामने आने लगे, भवानीपुर की गलियों में सन्नाटा पसरने लगा क्योंकि ममता बनर्जी लगातार पिछड़ रही थीं। शहरी मतदाताओं का मोहभंग, भ्रष्टाचार के आरोप और सत्ता विरोधी लहर ने उस भवानीपुर में सेंध लगा दी जिसने कभी ममता को भारी बहुमत से जिताया था।

ममता बनर्जी की इस हार ने न केवल पश्चिम बंगाल में 15 साल के टीएमसी शासन का अंत किया, बल्कि पार्टी के भीतर और बाहर उनके नेतृत्व पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भवानीपुर के इस ऐतिहासिक जनादेश ने बंगाल की सत्ता की चाबी भाजपा को सौंप दी, जिससे राज्य में एक नए राजनीतिक युग का उदय हुआ है और ममता बनर्जी के राजनीतिक करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर की शुरुआत हो गई

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By Sourav K. Basu
Senior Correspondent, Broadcast International News (BI News), Kolkata
Date: 5 May 2026

Kolkata: The West Bengal Legislative Assembly Election 2026 has marked a defining political transition, with the Bharatiya Janata Party (BJP) emerging as the dominant force in the states electoral landscape. The outcome signals a historic breakthrough, as the party secures its first-ever mandate to govern Bengal, bringing an end to over a decade of entrenched regional dominance.

At the center of this transformation stands Prime Minister Narendra Modi, whose leadership-driven campaign significantly influenced the electoral narrative. A combination of high-energy rallies, targeted outreach, and a strong emphasis on governance and development reshaped voter engagement across rural and urban constituencies alike. The campaigns focus on economic aspirations, administrative accountability, and national integration resonated with a broad spectrum of voters.

The verdict reflects a deeper structural shift in Bengals political behavior. Regions once considered strongholds of the incumbent dispensation witnessed notable electoral realignments, while youth and women voters emerged as decisive contributors to the changing mandate. The BJPs sustained grassroots expansion and long-term organizational strategy played a crucial role in consolidating this support base.

Following the results, Prime Minister Modi described the mandate as a new beginning for the state, highlighting priorities such as employment generation, improved governance, and the expansion of welfare initiatives. The emphasis on stability and inclusive growth underscores the expectations attached to this historic victory.

This electoral outcome not only redefines governance in West Bengal but also carries wider national implications. It strengthens the BJPs political footprint in eastern India and signals an evolving alignment of voter aspirations, leadership perception, and development-driven politics in contemporary India.

(Hindi)
रचनात्मक एवं विश्लेषणात्मक समाचार रिपोर्ट, सौरव के. बसु, सीनियर संवाददाता, ब्रॉडकास्ट इंटरनेशनल न्यूज़ (BI News), कोलकाता
तिथि: 5 मई, 2026
कोलकाता: 2026 का पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव 2026 राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया है। इस चुनाव में Bharatiya Janata Party (भाजपा) ने पहली बार स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ते हुए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, जो लंबे समय से चली आ रही क्षेत्रीय राजनीतिक पकड़ के अंत का संकेत देता है।
इस परिवर्तन के केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रभावशाली नेतृत्व क्षमता रही है। उनके व्यापक जनसंपर्क अभियान, ऊर्जावान रैलियों और विकास तथा सुशासन पर केंद्रित संदेशों ने ग्रामीण और शहरीदोनों ही क्षेत्रों के मतदाताओं को प्रभावित किया है। रोजगार, प्रशासनिक पारदर्शिता और समावेशी विकास जैसे मुद्दों ने जनमत को निर्णायक रूप से प्रभावित किया।
यह जनादेश केवल एक चुनावी परिणाम नहीं, बल्कि राज्य के मतदाताओं की सोच में आए व्यापक बदलाव का संकेत है। जिन क्षेत्रों को पहले विरोधी दलों का गढ़ माना जाता था, वहां भी उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। विशेष रूप से युवा और महिला मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी इस बदलाव की प्रमुख शक्ति के रूप में उभरी है। साथ ही, जमीनी स्तर पर संगठन के विस्तार और दीर्घकालिक रणनीति ने भी इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
परिणाम सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे राज्य के लिए नई शुरुआत बताया और रोजगार सृजन, बेहतर शासन व्यवस्था तथा कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार पर जोर दिया।
यह चुनाव परिणाम पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दिशा को पुनर्परिभाषित करता है और आने वाले समय में राज्य तथा राष्ट्रीय राजनीति पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।

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चंबल : चंबल संभाग के कमिश्नर श्री सुरेश कुमार ने भिंड एवं मुरैना जिलों के विभिन्न गेहूं खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने खरीदी, तौल एवं अन्य प्रक्रियाओं के शासन निर्देशों के अनुरूप पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने किसानों को खरीदी प्रक्रिया में किसी भी असुविधा से बचाने तथा छाया, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

भिंड जिले के मेहगांव अनुभाग में सेवा सहकारी संस्था कचनाव कला द्वारा संचालित बहुउद्देश्यीय कृषि सेवा केन्द्र, सेवा सहकारी संस्था दोनियापुरा के बांके बिहारी वेयरहाउस एवं सहकारी समिति अकलोनी के केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। किसानों ने तौल और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। केन्द्रों पर बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता, गुणवत्ता परीक्षण के बाद उचित गुणवत्ता का गेहूं उपार्जन, और बरसात से बचाव के लिए तिरपाल एवं कवर की व्यवस्था पाई गई। मुरैना जिले की अंबाह तहसील के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रिठौना के श्री रामकृष्ण वेयरहाउस में भी संतोषजनक व्यवस्थाएं देखी गईं।

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मोरीना: सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में जिले में खनिज उत्खनन एवं परिवहन में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर, जेसीबी एवं अन्य वाहनों में GPS डिवाइस अनिवार्य किए जाने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन में गठित टीमें गांव-गांव जाकर वाहन स्वामियों को जागरूक कर रही हैं और GPS लगाने की समझाइश दे रही हैं।

पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने ए.बी. रोड स्थित ग्राम छौंदा में चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें 7 वाहनों के दस्तावेजों में कमियां पाई गईं। चालानी कार्रवाई करते हुए ₹64,500 का राजस्व वसूला गया। साथ ही, 5 ट्रैक्टर मोटरयान नियमों के उल्लंघन में जब्त कर थाना सिविल लाइन में रखे गए। मौके पर वाहन स्वामियों को GPS डिवाइस अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने अभियान जारी रखने और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही। इस कार्रवाई में प्रभारी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी स्वाती पाठक, परिवहन उपनिरीक्षक अशोक शर्मा, परिवहन प्रधान आरक्षक अभिषेक शर्मा, आरक्षक जितेंद्र तोमर एवं थाना सिविल लाइन के पुलिसकर्मी उपस्थित थे।

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पढ़ावली ग्राम पंचायत : मनरेगा योजना के तहत बने अमृत सरोवर तालाब ने ग्राम पंचायत पढ़ावली की पारिस्थितिकी और जीवनशैली में महत्वपूर्ण बदलाव लाया है। इस तालाब के बनने से सूखे की समस्या दूर हुई है, भू-जल स्तर बढ़ा है और खेतों में नमी लौट आई है। इससे किसानों के चेहरे पर फिर से उम्मीद जगी है और क्षेत्र में हरियाली फैल गई है।

बटेश्वर मंदिर समूह के पास स्थित यह तालाब अब केवल जलाशय नहीं है, बल्कि वन्य जीवों के लिए स्थायी जल स्रोत और जलीय जीवों का आवास बन चुका है। यहां पक्षियों की चहचहाहट गूंजती है और पारिस्थितिकी तंत्र संतुलित हुआ है। यह तालाब ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बन गया है, जो सामूहिक प्रयास की सफलता को दर्शाता है।

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मुरैना: प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती संगीता मदान के मार्गदर्शन में 09 मई 2026 को जिला मुख्यालय मुरैना के न्यायालय परिसर तथा अम्बाह, जौरा और सबलगढ़ के तहसील विधिक सेवा समितियों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में दीवानी प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा अभिकरण, बैंक प्रकरण, विद्युत प्रकरण एवं अन्य राजीनामा योग्य दाण्डिक लंबित प्रकरणों का पारस्परिक सहमति से राजीनामा के माध्यम से निराकरण किया जाएगा।

मुरैना: 04 मई को प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती संगीता मदान ने प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जिला न्यायालय परिसर से रवाना किया। इस अवसर पर अध्यक्ष अभिभाषक संघ मुरैना श्री हरी सिंह सिकरवार, अधिवक्तागण, न्यायालय कर्मचारीगण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। आमजन से अपील की गई है कि वे 09 मई को आयोजित लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण करा लाभ प्राप्त करें।

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मुरैना : प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय) में मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार "कॉलेज चलो अभियान" का शुभारम्भ किया गया। इस अभियान के तहत मुरैना नगर क्षेत्र के शासकीय एवं अशासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में अभियान दल द्वारा विद्यार्थियों और अभिभावकों को ई-प्रवेश प्रक्रिया एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी प्रदान की जाएगी।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल सिंह ने अभियान का शुभारम्भ करते हुए ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित छात्र हितैषी योजनाओं की भी जानकारी दी। एनसीसी एवं एनएसएस के विद्यार्थी ड्रॉपआउट विद्यार्थियों के नाम और मोबाइल नंबर संकलित कर नोडल अधिकारी डॉ. दिलीप कटारे को उपलब्ध कराएंगे, जो काउंसलिंग के माध्यम से पुनः प्रवेश के लिए प्रेरित करेंगे।

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मुरैना : कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने जिले के पिपरसेवा, रिठौराकलां एवं जैतपुर स्थित गेहूं उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केन्द्रों पर उपस्थित किसानों से संवाद कर खरीदी प्रक्रिया तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर ने तौल व्यवस्था, भंडारण प्रबंधन एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुचारु एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। ग्राम जैतपुर स्थित खरीदी केन्द्र पर एसडीएम को सुरक्षा सुदृढ़ करने हेतु पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने समिति प्रबंधक एवं सर्वेयरों को शासन द्वारा निर्धारित सभी व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान एसडीएम मुरैना श्री बी.एस. कुशवाह, जिला संयोजक श्री सौरभ राठौर, नायब तहसीलदार, पटवारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

इस मार्ग के विशेष मरम्मत कार्य के लिए 15 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री स्तर से 493 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन से जनता में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान किया जा सके।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

इस मार्ग के विशेष मरम्मत कार्य के लिए 15 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री स्तर से 493 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन से जनता में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान किया जा सके।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

इस मार्ग के विशेष मरम्मत कार्य के लिए 15 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री स्तर से 493 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन से जनता में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान किया जा सके।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

इस मार्ग के विशेष मरम्मत कार्य के लिए 15 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री स्तर से 493 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन से जनता में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान किया जा सके।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

इस मार्ग के विशेष मरम्मत कार्य के लिए 15 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री स्तर से 493 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन से जनता में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान किया जा सके।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

इस मार्ग के विशेष मरम्मत कार्य के लिए 15 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री स्तर से 493 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन से जनता में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान किया जा सके।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

इस मार्ग के विशेष मरम्मत कार्य के लिए 15 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री स्तर से 493 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन से जनता में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान किया जा सके।

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बड़ी खबर | उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती 2024 पर उठे गंभीर सवाल

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2024 में हुई शिक्षक भर्तियों को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आ रहा है। आरोप है कि कई अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए मेडिकल सर्टिफिकेट संदिग्ध हैं और दिव्यांग (Disability) कोटे का दुरुपयोग किया गया हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें मेडिकल प्रमाणपत्रों की वैधता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। हालांकि, संबंधित विभाग से जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाने के कारण पूरे मामले की सच्चाई सामने आने में बाधा उत्पन्न हो रही है।

उठ रहे बड़े सवाल:

क्या शिक्षक भर्ती में लगे सभी मेडिकल सर्टिफिकेट वास्तविक और प्रमाणित हैं?
क्या दिव्यांग कोटे का गलत तरीके से लाभ उठाया गया है?
क्या मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी प्रमाणपत्रों की सही तरीके से जांच हुई थी?
क्या संबंधित अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है?
विभाग जांच में पूर्ण सहयोग क्यों नहीं कर रहा है?
क्या यह एक संगठित स्तर पर हुआ घोटाला है?
क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी?
क्या योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है?

अब मांग उठ रही है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

क्या सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी?
क्या जांच एजेंसियां सच्चाई तक पहुंच पाएंगी?

फिलहाल, पूरे प्रदेश की निगाहें इस मुद्दे पर टिकी हुई हैं।

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लेहरागागा 04 मई 2026 प्रेस दिवस के अवसर पर, अरिहंत ज्वैलर्स के मालिक और सामाजिक कार्यकर्ता पुनीत जैन ने लेहरागागा प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनिल जैन को विशेष रूप से सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रेस क्लब के सभी सदस्यों को डायरी भेंट करके पत्रकार समुदाय के प्रति अपना आदर व्यक्त किया।

पुनीत जैन ने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज होते हैं और निडर होकर जनता तक सच्चाई पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रेस दिवस पर पत्रकारों को सम्मानित करना उनके लिए गर्व की बात है।

इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनिल जैन ने अरिहंत ज्वैलर्स को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह की पहल पत्रकारों को और अधिक प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब हमेशा सत्य और निष्पक्ष पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध रहेगा।

इस कार्यक्रम के दौरान प्रेस क्लब के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे और सभी पत्रकारों को उपलब्ध कराई गई डायरियां अध्यक्ष अनिल जैन को सौंप दी गईं।

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