6 मई के ऐतिहासिक आह्वान पर उत्तराखंडवासियों से अपील.....धरनास्थल...एकताविहा..देहरादून
स्थायी राजधानी गैरसैंण की माँग को लेकर चल रहा क्रमिक आंदोलन अब अपने 60वें दिन की दहलीज पर पहुँच चुका है। यह केवल धरना नहीं, बल्कि उत्तराखंड के स्वाभिमान, पहाड़ के अधिकार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है।
इसी महत्वपूर्ण अवसर पर समिति के संयोजक विनोद प्रसाद रतूड़ी ने अब तक आंदोलन में बैठे सभी साथियों, संघर्षशील साथियों और उत्तराखंड हितैषियों और सम्पूर्ण उत्तराखंड की जनता से 6 मई को एकत्र होने का आह्वान किया है, ताकि आगे की रणनीति पर गंभीर चर्चा हो सके और आंदोलन को नई दिशा दी जा सके।
यह समय घर बैठकर देखने का नहीं, बल्कि मैदान में उतरकर अपने अधिकार की आवाज़ बुलंद करने का है। हर उत्तराखंडी, हर युवा, हर मातृशक्ति, हर बुजुर्ग से निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर इस जनआंदोलन को शक्ति दें।
यदि आज हम नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ियाँ पूछेंगी कि जब गैरसैंण के लिए संघर्ष हो रहा था, तब आप कहाँ थे?
आइए, 6 मई को संकल्प लें
स्थायी राजधानी गैरसैंण बनेगी,
उत्तराखंड जीतेगा.