बंगाल में TMC की करारी हार, BJP की डबल सेंचुरी से सियासत में बड़ा उलटफेर
पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ी हार का सामना करना पड़ा, जबकि भाजपा (BJP) ने 200 से अधिक सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। राज्य में सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत थी।
इस हार का सबसे बड़ा असर खुद ममता बनर्जी की राजनीतिक स्थिति पर पड़ा है। न सिर्फ उन्होंने सत्ता खोई, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर उनकी भूमिका और विपक्षी INDIA गठबंधन का नेतृत्व करने की संभावनाओं को भी झटका लगा है।
हार के बाद TMC के भीतर अस्थिरता के संकेत मिलने लगे हैं। दलबदल की अटकलें तेज हैं और कुछ विधायकों के भाजपा में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, पार्टी के अंदर अभिषेक बनर्जी की बढ़ती भूमिका को लेकर असंतोष भी खुलकर सामने आ सकता है।
इस चुनाव परिणाम का असर सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली की राजनीति पर भी पड़ेगा। राज्यसभा के समीकरण बदल सकते हैं और 2029 के लोकसभा चुनावों में TMC की स्थिति कमजोर हो सकती है।
बंगाल, 42 लोकसभा सीटों के साथ देश का तीसरा सबसे अहम राज्य है। ऐसे में भाजपा के लिए यह जीत राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मजबूती लेकर आई है। वहीं कांग्रेस के लिए यह हार उतनी नुकसानदायक नहीं मानी जा रही, क्योंकि केरल में उसकी मजबूती के बाद विपक्षी गठबंधन में उसका पक्ष मजबूत हो सकता है।
चौंकाने वाली बात यह रही कि TMC को अपने पारंपरिक गढ़नंदीग्राम, सिंगूर और भंगारमें भी हार का सामना करना पड़ा, जो इस राजनीतिक बदलाव की गहराई को दर्शाता है।