बूंटा निवासी अक्रम के एनकाउंटर पर उठे सवाल, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
बूंटा निवासी अक्रम के पुलिस एनकाउंटर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अक्रम के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए एनकाउंटर को संदिग्ध बताया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिवार का आरोप है कि अक्रम को पहले से हिरासत में लिया गया था और बाद में एनकाउंटर की कहानी बनाई गई। परिजनों ने कहा कि उन्हें मामले की सही जानकारी नहीं दी गई और पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि अक्रम एक वांछित/इनामी बदमाश था और पुलिस टीम पर फायरिंग के दौरान जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई कानून के दायरे में की गई।
घटना के बाद इलाके में चर्चा और तनाव का माहौल बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
हालांकि अभी तक किसी अदालत, एसआईटी या सरकारी जांच एजेंसी ने इस एनकाउंटर को फेक एनकाउंटर घोषित नहीं किया है। मामले में जांच और बयानबाज़ी लगातार जारी है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सच सामने आता है।
रिपोर्ट: राव शोकीन
राव डिजिटल इंडिया न्यूज़