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टिनप्लेट कंपनी में ठेका मजदूरों का शोषण? 16 मजदूरों को नहीं मिला अंतिम भुगतान, बहाली की मांग तेज

झारखंड में श्रमिकों के अधिकारों को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है। टिनप्लेट कंपनी के नर्सरी विभाग में कार्यरत 16 ठेका मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उनसे वर्ष 2019 से 2025 तक लगातार काम लिया गया, लेकिन अब तक उनका अंतिम पावना (सेटलमेंट राशि) नहीं दिया गया है।

मजदूरों का कहना है कि बीच में करीब 6 महीने के लिए कंपनी प्रबंधन ने काम किसी दूसरे ठेकेदार को दे दिया था। इसके बाद फिर से पुराने ठेकेदार को काम सौंप दिया गया, लेकिन जब मजदूरों ने अपने बकाया भुगतान की मांग की, तो ठेकेदार ने उन्हें नौकरी से ही निकाल दिया।

बताया जा रहा है कि ये सभी मजदूर पिछले 20 से 25 वर्षों से नर्सरी में कार्यरत हैं। ऐसे में अचानक नौकरी से हटाए जाने के बाद उनके सामने रोज़गार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस उम्र में नई नौकरी मिलना भी आसान नहीं है, जिससे मजदूरों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है।

इस पूरे मामले को लेकर AITUC के जिला अध्यक्ष अंबुज ठाकुर, जय किशन और झारखंड मजदूर यूनियन की उपाध्यक्ष पिंकी सिंह ने संयुक्त रूप से टिनप्लेट कंपनी प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि:

सभी 16 मजदूरों को एक सप्ताह के भीतर पुनः काम पर बहाल किया जाए

मजदूरों का बकाया सेटलमेंट (अंतिम पावना) तुरंत दिया जाए

यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी प्रबंधन द्वारा समय पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो मजदूरों के साथ मिलकर आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।

मजदूरों की आवाज उठाने में सामाजिक कार्यकर्ता बंटी सिंह का भी समर्थन मिला है, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या कंपनी प्रबंधन मजदूरों की मांगों पर ध्यान देगा, या फिर ये मामला आंदोलन और संघर्ष का रूप लेगा?

आप अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं क्या मजदूरों के साथ न्याय हो रहा है?

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