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जानेवारी महिन्यात देवणी तालुक्यातील दोन घटनेनंतर देवणी येथे एका अल्पवयीन मुलीचा विनयभंग करण्याचा प्रकार घडल्याने विनयभंगाची मालिका कधी थांबणार अशी चर्चा सुरू आहे.विनयभंग प्रकरणी आरोपींविरोधात देवणी ठाण्यात गुन्हा दाखल करण्यात आला असून आरोपीस अटक करण्यात आली आहे.

याबाबत पोलिसांनी दिलेल्या माहितीनुसार, देवणी येथे मंगळवारी (दि. २०) मध्यरात्री आरोपी सोहेल मिर्झा (रा. देवणी) याने फिर्यादीच्या घरी जाऊन ती अल्पवयीन असल्याचे माहित असूनही तिचा वाईट हेतूने हात धरून विनयभंग केला असल्याची फिर्याद पिडिताने दिली. या फिर्यादीनंतर आरोपी विरोधात आज (दि.२२) दुपारी भादवि ३५४ ब व कलम ८ आणि १७ पोक्सो कायदा प्रमाणे गुन्हा दाखल करण्यात आला असून आरोपीस अटक करण्यात आली आहे. पुढील तपास पोलीस निरीक्षक एम.ए डोके हे करीत आहेत. गेल्या एक महिन्यात तालुक्यात अल्पवयीन मुलीचा विनयभंग करण्याची ही तिसरी घटना आहे.
जन जन की आवाज सोशल मीडिया रिपोर्ट शिवाजी श्रीमंगले.

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मेरठ। मेरठ में लाखों का कर्ज चुकाने से बचने के लिए ब्रह्मपुरी क्षेत्र के रहने वाले एक ज्वेलर्स ने सपा के पूर्व पदाधिकारी के साथ मिलकर अपने ही अपहरण और लूट का मुकदमा देहली गेट थाने में दर्ज करा दिया। आधी रात तक जांच के बाद असलियत सामने आने पर पुलिस ने ज्वेलर्स और सपा के पूर्व पदाधिकारी सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, इस मामले में कोतवाली थाने के दो सिपाही विश्वास और सुंदर को सस्पेंड कर दिया गया है।

देहली गेट थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि ब्रह्मपुरी के रहने वाले दीपांशु जैन की शहर सर्राफा बाजार में ज्वैलरी शॉप है। बुधवार देर रात दीपांशु के कर्मचारी ऋषभ ने थाने में सूचना दी कि तीन अज्ञात बदमाश और दो पुलिसकर्मी खुद को डीआरएम टीम बातकर दुकान पर बैठे दीपांशु का अपहरण करके लाखों का माल समेटकर ले गए हैं। जिस पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी।

वहीं, ज्वेलर्स के अपहरण की सूचना मिलते ही तमाम आला अधिकारी भी थाने पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने दीपांशु और उसके साथी अजय शर्मा उर्फ अज्जू, ऋषभ, कृष्ण, गौरव, रजत और दौलत राम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पता चला कि दीपांशु के ऊपर व्यापारियों का लाखों का कर्ज है। जिसे चुकाने से बचने के लिए उसने खुद ही अपने साथियों की मदद से अपने अपहरण और लूट की सूचना पुलिस को दी थी। जिससे उसे कर्ज न चुकाना पड़े।

बताया गया कि आरोपियों के कब्जे से लगभग दो किलो सोना और छह लाख कैश बरामद किया गया है। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। अजय शर्मा उर्फ अज्जू सपा व्यापार सभा का जिला अध्यक्ष था। जिसे पूर्व में पद से हटा दिया गया था।

सपा जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी का कहना है कि 17 फरवरी को अज्जू पंडित को पद से हटा दिया गया था। अब उस पर सपा में कोई पद नहीं है।

ज्वेलर्स के अपहरण और लूट के मामले में आरोपी अज्जू पंडित ने कोतवाली थाने के दो सिपाहियों से सेटिंग की थी। दोनों सिपाही का क्षेत्र न होते हुए भी वे मौके पर पहुंच गए थे। इस मामले में सिपाहियों ने आरोपियों का बचाव करने का भी प्रयास किया था। एसएसपी ने इसकी जांच कराई। जांच रिपोर्ट के बाद कोतवाली के सिपाही विश्वास और सुंदर को निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी है। विश्वास और सुंदर को अज्जू पंडित ने पूरा वाकया बता दिया था। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि कुछ आरोपियों की सिपाहियों से सेटिंग थी। इस मामले में एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने सिपाहियों को फटकार लगाई। दो सिपाही निलंबित कर दिए गए।

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झारखण्ड विधान सभा (नया विधान सभा) परिसर के 500 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा

अनुमंडल दण्डाधिकारी, सदर, राँची द्वारा जारी की गयी निषेधाज्ञा

दिनांक 23.02.2024 के प्रातः 08:00 बजे से दिनांक 02.03.2024 के रात्रि 10:00 बजे तक के लिए निषेधाज्ञा

रांची (झारखंड)। नये विधान सभा भवन में पंचम झारखण्ड विधान सभा का पंचदश (बजट) सत्र दिनांक 23.02.2024 से 02.03.2024 तक आहूत है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची के संयुक्तादेश (ज्ञापांक 459/वि०व्य० दिनांक 21.02.2024) में निहित निर्देश के आलोक में विधान सभा परिसर के दायरे में किसी तरह के जुलूस, रैली, प्रदर्शन, घेराव आदि आयोजित नहीं किये जा सकेंगे। इसके मद्देनजर सुरक्षा के दृष्टिकोण से विधान सभा सत्रावधि के लिए अनुमंडल दण्डाधिकारी, सदर, राँची द्वारा दं०प्र०सं० की धारा 144 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए झारखण्ड विधान सभा (नया विधान सभा) परिसर के 500 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा जारी की गई है, जो निम्न है :-

1- उक्त क्षेत्र में पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना या चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों एवं न्यायालय कार्य एवं धार्मिक तथा अंत्येष्टि कार्यक्रम को छोड़कर)।

2- किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, पिस्टल, बम, बारूद आदि लेकर निकलना या चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

3- किसी प्रकार का हरवे-हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि लेकर निकलना या चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

4- किसी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली या आमसभा का आयोजन करना।

5- किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों तथा कर्मचारियों को छोड़कर)।

यह निषेधाज्ञा दिनांक 23.02.2024 के प्रातः 08:00 बजे से दिनांक 02.03.2024 के रात्रि 10:00 बजे तक के लिए प्रभावी रहेगा।

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छत्तीसगढ़ में 33 हजार शिक्षकों की भर्ती की तैयारियां तेज

जल्द होगा टीईटी (TET) परीक्षा का आयोजन

शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने SCERT को जल्द टीईटी परीक्षा आयोजित कराने के दिए निर्देश


रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने SCERT संचालक श्री राजेंद्र कटारा को राज्य में जल्द शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित कराने के निर्देश दिए है।

शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल के निर्देश के बाद SCERT ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) को पत्र लिखकर राज्य में जल्द से जल्द टीईटी परीक्षा के आयोजन के लिए कहा है।

श्री अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने विधानसभा में राज्य में 33 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी। उसी क्रम में राज्य में टीईटी की परीक्षा के आयोजन की तैयारी की जा रही। हमारी सरकार में किसी भी युवा के साथ अन्याय नहीं होगा। ज्यादा से ज्यादा युवा भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सके इसके लिए टीईटी परीक्षा के आयोजन की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किया जाएगा।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में करीब 3 साल से टीईटी परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ है, जिसके कारण शिक्षक बनने का सपना देखने वाले युवाओं में काफी निराशा है, जिसके चलते युवा अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल को राज्य में टीईटी परीक्षा आयोजित करने के लिए ज्ञापन सौंपा था।

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महाराष्ट्राचे (Maharashtra) माजी मुख्यमंत्री मनोहर जोशी (Manohar Joshi) यांचं निधन झालं आहे. वयाच्या 87व्या वर्षी त्यांची प्राणज्योत मालवली. मध्यरात्री 3 वाजता मुंबईच्या (Mumbai) हिंदुजा रुग्णालयात (Hinduja Hospital) उपचारा दरम्यान त्यांनी अखेरचा श्वास घेतला.दरम्यान, मनोहर जोशी (Manohar Joshi Passed Away) यांना हृदयविकाराचा झटका आल्यानं त्यांना रुग्णालयात दाखल करण्यात आलं होतं. त्यांच्यावर आयसीयूमध्ये उपचार सुरू होते.

काही महिन्यांपूर्वी मनोहर जोशी यांना ब्रेन हॅमरेजचा त्रास होत असल्यानं हिंदुजा रुग्णालयात उपचारासाठी दाखल करण्यात आलं होतं. मात्र त्यानंतर प्रकृती स्थिर झाल्यानंतर त्यांना डिस्चार्ज देण्यात आला होता. गेल्या अनेक दिवसांपासून प्रकृती अस्वास्थामुळे मनोहर जोशी सक्रीय राजकारणापासून दूर होते.

मनोहर जोशींची कारकीर्द

प्रकृती अस्वास्थामुळे मनोहर जोशी गेल्या बऱ्याच काळापासून सक्रीय राजकारणापासून दूर होते. त्यांचा जन्म 2 डिसेंबर 1937 ला रायगड जिल्ह्यातील नांदवी या गावी झाला. 1995 साली ते युतीच्या सत्तेत महाराष्ट्राचे मुख्यमंत्री झाले होते. बालपण-ध्येयाकडे खडतर सुरुवात सुसंस्कृत पण गरिब कुटुंबात जन्म झाल्यामुळे 'कमवा आणि शिका' या तंत्रानं लहानपणापासूनच संघर्ष त्यांच्या नशीबी होता. वडिलांबरोबर भिक्षुकी करून पैसे मिळवू लागले.

राजकीय कारकीर्द

प्रकृतीच्या कारणास्तव गेल्या काही काळापासून ते राजकारणात सक्रिय नव्हते. मनोहर जोशी यांनी मुंबई महापालिकेचे नगरसेवक, महापौर, विधान परिषदेचे सदस्य, आमदार, महाराष्ट्राचे मुख्यमंत्री, खासदार, केंद्रीय अवजड उद्योगमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष आणि राज्यसभा सदस्य अशा विविध पदांवर काम केलं आहे.

मनोहर जोशी मूळचे बीडचे

मनोहर जोशी हे मूळचे बीडचे. त्यांचा जन्म 2 डिसेंबर 1937 मध्ये रायगड जिल्ह्यातील नांदवी या गावी एका मध्यमवर्गीय कुटुंबात झाला. शिक्षणाच्या निमित्तानं मनोहर जोशी मुंबईत स्थलांतरित झाले. शिक्षण पूर्ण झाल्यानंतर त्यांना मुंबई महानगरपालिकेत अधिकाऱ्याची नोकरी मिळाली, त्यानंतर ते मुंबईत स्थायिक झाले. नंतरच्या काळात बाळासाहेब ठाकरेंच्या नेतृत्वाखाली त्यांनी शिवसेनेत काम सुरू केलं. 1995 साली राज्यात ज्यावेळी युतीची सत्ता आली त्यावेळी मनोहर जोशी राज्याचे मुख्यमंत्री बनले. गेल्या काही काळापासून ते राजकारणात सक्रिय नव्हते.

बंडानंतर घेतलेली एकनाथ शिंदेंची भेट

शिवसेनेत बंड झाल्यानंतर बाळासाहेब ठाकरे यांच्या काळात, त्यांच्या हाताखाली तयार झालेल्या ज्येष्ठ नेत्यांची भेट एकनाथ शिंदे यांनी घ्यायला सुरूवात केली. आम्ही जुन्या जाणत्या नेत्यांना विसरलेलो नाही. त्यांच्या गाठीभेटी घेत त्यांची विचारपूस करत आहे, हे दाखवण्याचा शिंदे यांचा प्रयत्न होता. त्यावेळी एकनाथ शिंदे यांनी मनोहर जोशी यांची भेट घेतली होती.
जन जन की आवाज सोशल मीडिया
रिपोर्ट शिवाजी श्रीमंगले.

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महिंद्रा ने Z8 सिलेक्ट वेरिएंट के साथ स्कॉर्पियो N (Mahindra Scorpio-N) लाइनअप में एक नया वेरिएंट जोड़ा है, जो Z8 रेंज को और ज्यादा किफायती बनाता है. इसके साथ, Z8 रेंज की एक्स शोरूम कीमत अब 16.9 लाख रुपये से शुरू होती है. Z8 सेलेक्ट वेरिएंट 6-स्पीड मैनुअल और ऑटोमेटिक सहित डीजल और पेट्रोल ऑप्शंस के साथ आता है.


Price and Specifications

नई Scorpio-N Z8 Select, पहले से मौजूद Z8 पेट्रोल-MT से लगभग 1.65 लाख रुपये सस्ती है, जबकि Z8 सिलेक्ट डीजल-MT Z8 वेरिएंट से लगभग 1.11 लाख रुपये सस्ती है. कार का ये नया वेरिएंट मॉडल में प्रमुख विशेषताएं लाता है, जिसमें एलईडी डीआरएल के साथ डबल बैरल एलईडी हेडलैंप, एलईडी प्रोजेक्टर फॉग लैंप और ओआरवीएम में इंटीग्रेटेड सेक्योंशियल टर्न इंडिकेटर शामिल हैं. इसमें डायमंड-कट 17-इंच के अलॉय व्हील भी मिलते हैं और ये मिडनाइट ब्लैक कलर स्कीम में उपलब्ध होगी.

Safety Features

सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो इस कार में 6 एयरबैग्स स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर मिलेंगे. साथ में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर मिलता है. इसके अलावा कंपनी की Scorpio-N’s को ग्लोबल एनकैप से 5 स्टार रेटिंग मिली है.


Interior

केबिन में कॉफी-ब्लैक लेदरेट अपहोल्स्ट्री, साथ ही बिल्ट-इन एलेक्सा के साथ एड्रेनॉक्स कनेक्ट मिलता है. ये यूनिट 8 इंच की टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट स्क्रीन और 7 इंच के टीएफटी इंस्ट्रूमेंट कंसोल के साथ आती है. नई एड्रेनॉक्स तकनीक एसयूवी में 60 से अधिक कनेक्टेड कार सुविधाएं भी लाती है, जबकि सनरूफ और वायरलेस एपल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो जैसे फीचर्स भी शामिल किए गए हैं.


Engine

कंपनी ने इस कार में 2 लीटर का टर्बो इंजन मिलता है, जो 200 पीएस की मैक्सिमम पावर और 380 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है. इसके अलावा कार में 2.2 लीटर डीजल वेरिएंट भी मिलता है, जो 175 पीएस की पावर और 400 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है. कार मं 6 स्पीड मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन मिलता है.


कॉम्पैक्ट एसयूवी के ग्राहक होंगे टारगेट

स्कॉर्पियो एन भारतीय बाजार में बेहद सफल रही है और हाल के दिनों में इस प्राइस रेंज में लॉन्च की गई नई एसयूवी का मुकाबला करने के लिए, महिंद्रा अब स्कॉर्पियो एन को और ज्यादा आकर्षक बनाना चाहती है और इसे कॉम्पैक्ट एसयूवी खरीदारों के लिए भी एक विकल्प बनाना चाहती है. हाई एंड Z8 वेरिएंट की तुलना में नए वेरिएंट में डुअल ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और पुश बटन स्टार्ट/स्टॉप की कमी है.

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आज दिनांक 22 फरवरी, 2024 को राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, डी जी कॉलेज, कानपुर द्वारा सिविल लाइंस स्थित मलिन बस्ती मकबरा, खलासी लाइन में एक निशुल्क स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ पार्षद उमर मंसूरी के द्वारा किया गया। डी जी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही ने बताया कि यह शिविर उजाला सिगनेस कुलवंती हॉस्पिटल, कानपुर के द्वारा लगाया गया है। जिसमें सीबीसी, ब्लड ग्रुप, हीमोग्लोबिन, शुगर, बीपी, ब्लड ग्रुप तथा आंखों से संबंधित विभिन्न रोगों जैसे मोतियाबिंद दूर दृष्टि दोष निकट दृष्टि दोष आदि से संबंधित 100 से ज्यादा लोगों की जांच की गई। एनएसएस वॉलिंटियर्स के द्वारा बस्ती में जाकर सर्वेक्षण भी किया गया तथा उन लोगों को चिन्हित किया गया जिन्हें कोई संक्रामक या गंभीर रोग हैं। उन लोगों के आगे की उपचार आदि की व्यवस्था मुख्यमंत्री राहत कोष योजना, दैनिक वेतन भोगी, मजदूरों और जरूरतमंदों की निशुल्क इलाज योजना के अंतर्गत किया जाएगा। शिविर को सफलतापूर्वक संचालित करने में डॉक्टर आर के तिवारी,डॉ आफरीन के साथ उनकी टीम रूपेश गुप्ता, प्रकाश भारत, मोनी दीक्षित, दीपा तथा देवेंद्र सिंह का विशेष सहयोग रहा। कैंप में एनएसएस वॉलिंटियर्स लक्ष्मी मुस्कान नंदिनी शुभी समेत 56 वॉलिंटियर्स ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

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दस दिनों से आंदोलित किसानों को केंद्र सरकार ने फिर से बातचीत के लिए बुलाया है और शांति की अपील की है। वहीं, दिल्ली कूच न कर पाने से चिंतित जरूर हैं, लेकिन उनके जोश में कमी नहीं है। शंभू सीमा से करीब 25 प्रतिशत लोग व ट्रैक्टर-ट्रालियां कम हो गई हैं। वहीं किसान नेताओं का कहना है कि खनौरी सीमा पर ज्यादा नुकसान होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग व वाहन उस तरफ चले गए हैं।
अगले आदेशों तक उससे भी ज्यादा संख्या में किसान-मजदूर बाॅर्डर पर डट जाएंगे। बृहस्पतिवार को मौके पर ही एक पोकलेन व एक जेसीबी मशीन ही मौजूद रही, जबकि भारी भरकम क्रेन, ट्रैक्टर व अन्य जेसीबी वहां पर नहीं दिखीं। हरियाणा के टोल बैरियर से शंभू सीमा तक जहां बुधवार को पांव रखने की जगह नहीं थी।अगले आदेशों तक उससे भी ज्यादा संख्या में किसान-मजदूर बाॅर्डर पर डट जाएंगे।
वीरवार को मौके पर ही एक पोकलेन व एक जेसीबी मशीन ही मौजूद रही, जबकि भारी भरकम क्रेन, ट्रैक्टर व अन्य जेसीबी वहां पर नहीं दिखीं। हरियाणा के टोल बैरियर से शंभू बॉर्डर तक जहां बुधवार को पांव रखने की जगह नहीं थी। वीरवार शाम तक वह वीरान नजर आ रहा था। थोड़े बहुत किसान बांधी गई रस्सी के नजदीक जरूर टहलते नजर आए। मंच पर किसान लगातार अपनी बात रखकर किसानों में जोश भरने का काम करते नजर आए।
सुनने वालों की भीड़ में भी कमी नजर आई। किसानों का दिल्ली कूच 13 फरवरी को शुरू हुआ था तभी से किसान पंजाब-हरियाणा सीमा पर जमे हुए हैं। किसान नेता केंद्र सरकार के मंत्रियों से चौथे दौर की बातचीत को भी नामंजूर कर चुके हैं। अब केंद्र की ओर से पांचवें दौर की बातचीत के लिए आमंत्रित कर शांति की अपील की गई है। शुक्रवार को किसान संगठनों की मीटिंग के बाद ही किसान नेता अपने पत्ते खोलेंगे। तब तक उनमें मंच से जोश भरा जा रहा है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को छह घंटे में तीन कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। दो जनसभाएं करेंगे। विकास परियोजनाओं की सौगात देने के साथ ही आस्था के प्रमुख केंद्र सीर गोवर्धन में संत रविदास की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। अलग-अलग प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित भी करेंगे। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पीएम मोदी शुक्रवार को सुबह 10 बजे से शाम चार बजे के बीच कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर बाबतपुर एयरपोर्ट से अगले पड़ाव के लिए रवाना हो जाएंगे। पीएम मोदी शुक्रवार को बरेका गेस्ट हाउस से बीएचयू के स्वतंत्रता भवन जाएंगे। सुबह 10 बजे ही सांसद ज्ञान प्रतियोगिता, संस्कृत प्रतियोगिता, फोटोग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं के साथ ही संस्कृत विद्यालय के छात्रों को पुरस्कृत करेंगे। वाराणसी के संस्कृत छात्रों को किताब, ड्रेस, वाद्ययंत्र और छात्रवृत्ति का चेक देंगे। काशी सांसद फोटोग्राफी प्रतियोगिता गैलरी को भी देखेंगे। प्रतिभागियों के साथ संवरती काशी विषय पर फोटोग्राफ की प्रविष्टियों बात करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे तक चलेगा। इसके बाद सीर गोवर्धन जाएंगे।

पीएम मोदी सड़क मार्ग से सुबह 11.10 बजे रविदास मंदिर पहुंचेंगे। यहां संत श्री रविदास जयंती की 647वीं जयंती कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके जन्मस्थली स्थित मंदिर में दर्शन करेंगे। दर्शन-पूजन के बाद 25 फीट की ऊंची प्रतिमा का अनावरण करने के लिए कॉरिडोर पहुंचेंगे। प्रतिमा का अनावरण करने के बाद संत निरंजन दास से मिलने के लिए सत्संग मंच पर पहुंचेंगे। तबीयत खराब होने की वजह से संत निरंजन दास बृहस्पतिवार को नहीं आ सके। संभावना जताई जा रही है कि वे शुक्रवार की सुबह हवाई मार्ग से बनारस पहुंचेंगे। पीएम लंगर भी छकेंगे। यहां श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। मंदिर परिसर का भ्रमण भी कर सकते हैं। दोपहर 12.30 बजे से वह बीएचयू हेलिपैड के लिए रवाना हो जाएंगे। संत रविदास मंदिर से निकलकर पीएम मोदी सड़क मार्ग से बीएचयू स्थित हेलिपैड जाएंगे। वहां से हेलिकॉप्टर के जरिये से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां सड़क मार्ग से करखियांव स्थित जनसभा स्थल पर पहुंचेंगे। दोपहर 1.25 बजे पीएम मोदी सड़क मार्ग से सीधे बनास काशी संकुल (अमूल डेयरी) पहुंचकर प्लांट देखेंगे। इसके बाद एग्रो पार्क स्थित परिसर से विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करके जनता को समर्पित करेंगे। बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री सरकार की अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद करेंगे। अपराह्न 3.30 बजे यहां से निकलकर बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और लगभग 4 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। करखियांव में पीएम मोदी करीब पौने दो घंटे का समय बिताएंगे।

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मन्सूर शहा चिखली बुलढाणा आयमा न्यूज:-चिखली में एक सभा में उद्धव ठाकरेबागियों के साथ बीजेपी पर भी साधा निशाना; नरेन्द्र खेडेकर का भाषण भी प्रभावशाली रहा! उन्होंने कहा, हमारे हिंदुत्व का मतलब है मन में राम और हाथ में काम!तानाशाही की ओर बढ़ रही केंद्र की मोदी सरकार से लोकसभा चुनाव में इस्तीफा देने और जिले में शिवसेना के गद्दारों को हराने की अपील की है.गुरुवार (22 फरवरी) से बुलढाणा के दो दिवसीय दौरे पर आए उद्धव ठाकरे की पहली बैठक कीचड़ में हुई. उस वक्त बोलते हुए ठाकरे ने बागियों और बीजेपी पर जमकर हमला बोला था. चिलचिलाती धूप में राजा टावर में हुई इस बैठक में ठाकरे गुट के नेता सांसद संजय राऊत, अरविंद सावंत, विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे समेत जिला संपर्क प्रमुख प्रो. नरेन्द्र खेडेकर, जिला प्रमुख जालन्दर बुधवत सहित बड़ी संख्या में शिवसैनिक उपस्थित थे। इस बार ठाकरे ने गद्दारों पर निशाना साधा. शिवसैनिक और जनता जनबल के साथ वहां गए. लेकिन यह तय है कि जनता का समर्थन और आशीर्वाद अब उन्हें नहीं मिलेगा. उन्होंने हमारा धनुष चुरा लिया, वे पार्टी चुराने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन वे कुछ भी कर लें, उनके माथे पर लगा विश्वासघात का काला दाग नहीं मिटेगा! आगामी चुनाव में जनता जनार्दन उन्हें उनकी सीट दिखायेगी. उन्होंने कहा कि फिलहाल किसानों के लिए कोई गारंटी नहीं है लेकिन गद्दारों के लिए 5 डिब्बे हैं। मैं व्यक्तिगत तौर पर नरेंद्र मोदी के खिलाफ नहीं हूं, बल्कि उनकी तानाशाही और निरंकुशता के खिलाफ हूं. इसलिए इस बार का लोकसभा चुनाव इस तानाशाही के खिलाफ है. इसलिए इस बार का चुनाव मतदाताओं की भी परीक्षा लेगा.होगा आप तानाशाही चाहते हैं या लोकतंत्र? ठाकरे ने कहा कि अब इस बारे में सोचने और वोट करने का समय आ गया है.कहां गया महाराष्ट्र का गौरव?अबूपुर जैसे केंद्र के अन्याय को सहते हुए हजारों उत्तरी किसान फिर से दिल्ली की सीमाओं पर आकर निडर होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वे अपने आंदोलन और अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। लेकिन महाराष्ट्र में किसान चुप हैं, भले ही न कोई गारंटीकृत मूल्य है न कोई कीमत, न कोई भारी बारिश का मुआवजा, न कोई फसल बीमा। बुलडाणा की भी कुछ ऐसी ही तस्वीर है. इस समय, ठाकरे ने पूछा कि जिजाऊ के बुलडाणा जिले और शिव राय के महाराष्ट्र का स्वाभिमान चला गया है। आप कांग्रेस के साथ क्यों गए? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि बीजेपी ने ढाई- ढाई साल मुख्यमंत्री पद का वादा तोड़ दिया था, उन्हें ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि उन्होंने अपना वादा तोड़ा था. उन्होंने यह भी आलोचना की कि जब प्रधान मंत्री वाजपेयी ने मोदी को बाहर फेंकने की कोशिश की, तो केवल बालासाहेब ठाकरे ने उन्हें बचाया, उनका समर्थन किया और इस तथ्य को भूल गए।नरेंद्र खेड़कर ने कहा, ''हमारा हिंदुत्व मन में राम और हाथ में काम है!चिखली में जंगी की आमसभा में जिला संचार प्रमुख नरेंद्र खेडेकर का संक्षिप्त भाषण प्रभावी रहा. चूंकि बैठक में देरी हुई और उद्धव ठाकरे को अधिकतम समय मिला, इसलिए अन्य नेताओं ने अपना भाषण संक्षेप में समाप्त कर दिया। नरेंद्र खेडेकर ने शिवसेना में अब तक हुए काम की समीक्षा भी की और सेना के हिंदुत्व को परिभाषित किया, जिसके बाद उन्होंने सांसद प्रतापराव जाधव की आलोचना की. 15 साल तक तीन बार विधायक, मंत्री, सांसद रहे लेकिन भरपेट खाना नहीं मिला तो धोखाधड़ी की। लेकिन जिला पिछड़ा रहा। जालना- खामगांव रेलवे, नदी जोड़ो परियोजना अप्रलेखित रही। इसलिए खेड़ेकर ने आने वाले चुनाव में गद्दारों को हराकर जमीन में गाड़ देने की अपील की.गयी है!

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सनातन धर्म में लम्बे समय से सत्संग का वातावरण रहा है. सत्संग आध्यात्मिक और धार्मिक दोनों तरह के जीवन का हिस्सा रहा है लेकिन फिर भी लोगों के मन में सत्संग को लेकर कई सवाल होते हैं। जैसे कि, सत्संग का उद्देश्य क्या है, सत्संग सुनने के क्या फायदे हैं, यह क्यों किया जाता है, हमें सत्संग में क्यों जाना चाहिए वगैरह। तो, चलिए जानते हैं इस बारे में विस्तार से...

सत्संग क्यों करना चाहिए और सत्संग करने से क्या लाभ होता है?
आत्मिक शुद्धि: सत्संग आत्मा को शुद्ध कर हमें अपनी अंतरात्मा के साथ जोड़ता है।
सकारात्मकता:सत्संग सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देता है और नकारात्मकता को कम करता है।
आदर्श संगति: सत्संग आदर्श लोगों के साथ समय बिताने का मौका प्रदान करता है।
आत्मिक विकास: सत्संग ज्ञान, भक्ति, और आत्मिक विकास के लिए एक मार्ग प्रदान करता है।

हमें सत्‍संग में जाने की आवश्‍यकता क्‍यों पड़ती है?
सत्संग में धर्म और दर्शन के कई स्रोतों पर चर्चा की जाती है, जिससे हमें ज्ञान प्राप्त होता है, हमारी सोच विकसित होती है। सत्संग का माहौल न केवल हमारा आत्मिक विकास करता है बल्कि यह हमें ईश्वर के अस्तित्व को अनुभव करने के लिए अनुकूल परिस्थिति प्रदान करता है। सत्संग न केवल मन के बुरे विचारों व पापों को दूर करता है बल्कि हममें नैतिकता का विस्तार कर हमें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने में भी मदद करता है।


सत्संग के प्रकार
सत्संग चार प्रकार के होते हैं -
1. परम सत्य की संगति: यह सर्वश्रेष्ठ सत्संग है, जिसमें परमात्मा के साथ रहना और उनका दर्शन करना, दुःख में उनसे बातें करना शामिल है।
2. गुरु की संगति: इसमें गुरु के मार्गदर्शन में