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प्रेस विज्ञप्ति
जिले में 50,148 लोगों को शिक्षा का वरदान मिला है
मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी जिन्होंने 26.97 करोड़ रुपये जमा किए
अच्छे से पढ़ो और आगे बढ़ो : कलेक्टर
विजयनगर, 30 नवंबर: राज्य के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने विद्या दिवेना योजना के तहत जिले के 50,148 छात्रों को 26 करोड़, 97 लाख, 29 हजार, 987 रुपये जारी किए। अन्नामैय्या जिले के मदनपल्ले में बुधवार को हुए इस कार्यक्रम में सीएम ने बटन दबाया और यह राशि सीधे छात्रों के अभिभावकों के खाते में जमा करा दी. जिले में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया।
यह राशि विभिन्न महाविद्यालयों, आई.टी.आई. एवं पॉलिटेक्निक में पढ़ने वाले प्रत्येक गरीब छात्र-छात्रा को पूर्ण शुल्क प्रतिपूर्ति के तहत जारी की गई है। कुल 50,148 छात्रों में से 40,408 बीसी, 4,843 एससी, 2,843 ईबीसी, 1,007 कापू, 248 मुस्लिम और 42 ईसाई हैं। बोब्बिली निर्वाचन क्षेत्र में छात्रों के लिए 4.37 करोड़ रुपये, चीपुरपल्ली में 3.06 करोड़ रुपये, कोटा में 6,809 लोगों को 3.81 करोड़ रुपये, विजयनगर में 5,966 लोगों को 3.83 करोड़ रुपये और कुल 26.97 रुपये जारी किए गए। विद्यादिवेना के तहत जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए करोड़ रुपये जारी किए गए थे।
जिला कलेक्टर ए. सूर्यकुमारी ने छात्रों से आग्रह किया कि वे सरकार द्वारा प्रदान किए गए अवसर का लाभ उठाएं और अच्छी तरह से अध्ययन करें। कलेक्टर ने छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों को विद्या दिवेवेना योजना से संबंधित चेक का वितरण किया. इस कार्यक्रम में संयुक्त कलेक्टर मयूर अशोक, डीआरओ एम गणपति राव, जिला बीसी कल्याण अधिकारी एम यशोधन राव, आदिम जाति कल्याण अधिकारी चंद्रशेखर सहित अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया.
जिला सूचना नागरिक संपर्क अधिकारी, विजयनगरम द्वारा जारी।

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3 व 4 दिसंबर को जिले में होने वाली एचटेट परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता के साथ करवाएं संपन्न - एडीसी अंकिता चौधरी।

खरखौदा/सोनीपत-सोमपाल सैनी- 7988804545, 8950236002।

-हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए शहर के 22 स्कूलों में बनाएं गए हैं 32 परीक्षा केन्द्र।

-एचटेट लेवल-3 के लिए 6851, लेवल-2 के लिए 9625 तथा लेवल-1 के लिए 4066 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा।

-आवेदन के समय अपलोड की गई आईडी की मूल प्रति को साथ लेकर आएं सभी परीक्षार्थी।

- ट्रेजरी से प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्र तक ले जाने और संकलन केंद्र तक पहुंचाने के लिए भी पुख्ता इंतजाम।

-सभी परीक्षा केंद्रों में लगाए गए हैं मैटल डिटैक्टर, सीसीटीवी कैमरों व जैमर।

-सुपरवाईजर व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई, फ्लाईंग स्कवायड भी तैनात।

- हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के आयोजन की तैयारियों के दृष्टिगत लघु सचिवालय में अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित की गई बैठक।

जिला सोनीपत में बुधवार को अतिरिक्त उपायुक्त अंकिता चौधरी ने बताया कि जिला में हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा(एचटेट) 3 व 4 दिसंबर को आयोजित की जाएगी।

जिसको लेकर प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि लेवल-3 पीजीटी लेक्चरर के लिए पात्रता परीक्षा 3 दिसंबर को सांय 3 से 5:30 बजे तक, लेवल-2 टीजीटी की परीक्षा 4 दिसंबर को प्रात: 10 बजे से सांय 12:30 बजे तक और लेवल-1 प्राईमरी की परीक्षा 4 दिसंबर को सांय 3 से 05:30 बजे तक आयोजित की जाएगी।

अतिरिक्त उपायुक्त अंकिता चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को लघु सचिवालय के तृतीय तल स्थित कांफ्रेंस हाल में परीक्षा से संबंधित अधिकारियों की बैठक का आयोजन किया गया।

एडीसी ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी कर्मचारी परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता के साथ करवाएं, ताकि परीक्षा को शांतिपूर्ण संपन्न करवाया जा सके।

अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि एचटेट परीक्षा के लिए जिला के 22 स्कूलों में कुल 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें तीनों लेवलों में कुल 20 हजार 542 परीक्षार्थी भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि लेवल-3 के लिए 6851, लेवल-2 के लिए 9625 तथा लेवल-1 के लिए 4066 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।

परीक्षा सुरक्षा को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर मैटल डिटैक्टर, सीसीटीवी कैमरे और जैमर सहित सभी सभी जरूरी सुरक्षा प्रबंध पूरे किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यह परीक्षा काफी संवेदनशील है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यही वजह है कि सभी परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद की गई है। परीक्षा के लिए प्रश्न पत्रों को ट्रैजरी को भारी सुरक्षा के बीच ही परीक्षा केंद्रों तक लेकर जाया जाएगा। परीक्षा के लिए सुपरवाईजर व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी के साथ-साथ फ्लाईंग स्कवायड की भी तैनाती की गई है।

अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि *आवेदन के समय परीक्षार्थियों ने जो आईडी अपलोड की थी, परीक्षा देने के समय उसी आईडी की मूल प्रति साथ लेकर आएं।*

परीक्षा केंद्रों में सभी परीक्षार्थियों को पूरी जांच के बाद ही अंदर इंट्री दी जाए और परीक्षा से 30 मिनट पहले इंट्री बंद कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थी कोई भी घड़ी या इलैक्ट्रानिक गैजेट भी अंदर लेकर नहीं जा सकता।

इस अवसर पर नगराधीश डॉ० अनमोल, डीएसपी विरेन्द्र, डीआरओ हरिओम अत्री, जिला शिक्षा अधिकारी आदर्श राजन, डीपीसी नवीन गुलिया, पीडब्ल्यूडी विभाग से एक्सईएन प्रशांत कौशिक, सहित संबंधित सभी अधिकारी मौजूद रहे।

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राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो द्वारा मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 पर एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन सम्पन्न

*संस्था सम्पूर्ण भारत में मानवाधिकारों के संरक्षण एवं प्रचार प्रसार के लिए काम करती है*


*लाखों असहाय शोषित पीड़ित वंचित नागरिकों को सरकार / मानवाधिकारी आयोग / महिला आयोग / न्यायलय / सामान्य प्रशासन आदि के माध्यम से न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर चुकी है संस्था*

संवाददाता रतलाम दिनांक 29 नवम्बर 2022 को राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो द्वारा मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 पर एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौहाटी श्री विनोद कुमार चंदक एवं मुख्य वक्ता के रूप में श्री संदीप कुमार मानवाधिकार कार्यकर्ता व सदस्य एनएचआरसीसीबी द्वारा भाग लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को संबोधित किया गया। वेबिनार की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रणधीर कुमार द्वारा की गई एवं वेबिनार का संचालन राष्ट्रीय समन्वयक श्री प्रभात कुमार मिश्रा द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौहाटी श्री विनोद कुमार चंदक द्वारा अपने संबोधन में बाल अधिकारों के हनन एवं पोक्सो एक्ट पर प्रकाश डालते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को इस दिशा में कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया गया और विभिन न्यायलय के जजमेंट और निर्णयों पर प्रकाश डालते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का उत्साह बढाया गया एवं उन्हें आश्वस्त किया की वह संस्था के सदस्यों के मार्गदर्शन के लिए हमेशा उपलब्ध है। मुख्य वक्ता श्री संदीप कुमार द्वारा मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 / मानवाधिकार संरक्षण संशोधित अधिनियम 2019 / राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्यों की पात्रता एवं कार्यावधि / राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की शक्तियां / राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कर्त्तव्य एवं जिम्मेदारी / प्रकरण निराकरण / प्रकरण में संज्ञान लेना / शिकायत के माध्यम आदि पर विस्तार से संबोधित किया गया एवं संस्था के सदस्यों को इस क्षेत्र में बेहतर भविष्य बनाने के लिए मार्गदर्शन किया गया। वेबिनार में राष्ट्रीय कार्यकारिणी से श्री विवेक पटेरिया राष्ट्रीय सचिव श्री शिराज हुसैन राष्ट्रीय संयुक्त सचिव श्री जतिंदरपाल सिंह प्रदेश अध्यक्ष (छग) श्रीमती प्रीति कानूनगो प्रदेश अध्यक्षा मप्र (महिला विंग) श्री प्रेम नारायण आर्य प्रदेश अध्यक्ष (मप्र) श्री अभिनव सिंह पवार प्रदेश अध्यक्ष यूथ विंग (मप्र) श्री निशांत थर्ड प्रदेश अध्यक्ष (असम) श्री संतोष कुमार कानू प्रदेश अध्यक्ष यूथ विंग (असम) श्रीमति सीतल सोमानी प्रदेश अध्यक्षा महिला विंग (असम) प्रिया कुमारी प्रदेश अध्यक्षा महिला विंग (बिहार) सदानंद प्रसाद प्रदेश अध्यक्ष यूथ विंग (बिहार) श्री अमित माहेश्वरी प्रदेश अध्यक्ष (उप्र) श्री शिशिर गुप्ता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष (उप्र) श्री मति श्वेता साहू पूर्व प्रदेश अध्यक्षा (उप्र) सहित सभी राज्यों के सेंकडों मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

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अपडेट
भाकियू अवध हरदोई


धरना प्रदर्शन
जतन गंज पुल गोमती नदी राष्ट्रीय राजमार्ग 24

नगर पालिका पिहानी में व्याप्त भ्रष्टाचार को पूर्व में लेकर दिए गए ज्ञापन पर कार्यवाही
तथा
पंडरवा किला की किसान पंचायत में उपजिलाधिकारी शाहाबाद को दिए गए ज्ञापन पर कार्यवाही न होने को लेकर

किसान नेता राहुल मिश्रा की अगुवाई में किसान अनिश्चित कालीन धरने पर
धरना स्थल पर पहुंचे संगठन के कार्य वाहक प्रदेश अध्यक्ष श्यामू शुक्ला
धरना प्रदर्शन के अतुल दीक्षित,वाशिम खान , रफ्फन खान ,आफाक ,सरवन शर्मा ,रामकुमार ,असफाक ,कमलेश ,आदि दर्जनों किसान मौजूद

धरना प्रदर्शन की सुरक्षा व्यवस्था में थाना पिहानी ,टड़ियावां , हरियावा , मंझीला पुलिस के साथ अग्निशमन यंत्र मौजूद

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वैष्णवी दुर्गा मंदिर कार्यालय में शराब और चिकन का मामला ने पकड़ा तुल
कुछ संदिग्ध समान बरामदगी में पुलिस ने 8 दिनों बाद जांच कर किया मामला दर्ज
बताते चलें कि मामला बखरी ....14/नवंबर की रात का है जहां कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा वैष्णवी दुर्गा मंदिर के कार्यालय में चिकन बनाने का कार्य किया जा रहा था
स्थानीय कुछ लोगों के द्वारा उनलोगों को मारपीट कर भगाते हुए रूम में ताला मारकर थाना को सुचना दिया गया और स्थानीय लोगों का भीड़ इक्कठा कर लिया गया, सुचना के बाद पहुंची बखरी थाना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शराब की एक बोतल जिसमें 25 ml शराब थी और चिकन जब्त कर लिया जिसमें मारपीट कर भगाने वाले चश्मदीद लोगों के द्वारा जिन 3-4 लोगों का नाम बताया गया उनमें से 3 लोगों को पुलिस के द्वारा त्वरित करवाई करते हुए 1 घंटे के अंदर गिरफ्तार भी किया गया,चुकि मंदिर कार्यालय में शराब पीने का मामला था तो तीनो अभियुक्त का ब्रेथ एनालाईजर से शराब पिने की जांच की गई जिसमें सभी लोग शराब पिए हुए नहीं पाए गए

मामला बेहद पेचीदा होने लगा कि जैसा आरोप था कि कार्यालय में शराब की पार्टी हो रही थी और अभियुक्त शराब पिए हुए नहीं हैं तो फिर शराब पिया कौन,अगर किसी ने पिया नही तो शराब की बोतल जिसमें मात्रा 25 ml शराब थी लाकर रखकर माहौल बना कर धार्मिक उन्माद करने का योजना बनाया कौन।पुलिस के लिए बना सरदर्द इस मामला की जांच के लिए बखरी पुलिस ने गंभीरतापूर्ण ऐक टीम बनाया गया। पुलिस के द्वारा पकड़े गए लोग और स्थानीय लोगों के साथ गंभीरता से लोगों की भावना को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू किया गया जिसमें बहुत सारी जानकारी पुलिस के हाथ लगी।

जांच पुरी होने के बाद नामित व्यक्ति पर पुलिस ने ठोस कार्रवाई सुरू कर दिया।
बताते चले कि पूरी घटनाचक्र को देखने से इसमें कुछ लोगों के द्वारा मंदिर पर कब्जा करने और आगामी चुनाव में राजनीतिक फायदा के लिए षड्यंत्र रचने से भी इंकार नही किया जा सकता। लेकिन लोगों के धार्मिक भावना का इश्तेमाल निजी स्वार्थ के लिए किया जाना कहाँ तक उचित है ये तो पुलिस के द्वारा किये गए जांच में ही खुलासा होगा।
मगर पुलिस भी इस मामले में गंभीरता को देखते हुए फूंक फुक कर कदम बढ़ा रही है।

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विज्ञान वरदान या अभिशाप पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का ए.पी.गर्ग पब्लिक स्कूल खरखौदा में आयोजन।

खरखौदा/सोनीपत-सोमपाल सैनी- 7988804545, 8950236002

खरखौदा के सांपला रोड पर स्थित ए. पी. गर्ग पब्लिक स्कूल में बुधवार को वाद-विवाद ,भाषण ,कविता व सुविचार प्रतियोगिता आयोजित की गई।

इस प्रतियोगिता में चारों सदन(सत्यम,शिवम,सुंदरम एवं शुभम) के विद्यार्थियों ने भाग लिया। वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय विज्ञान वरदान या अभिशाप था।

भाषण कविता और सुविचार दास - प्रथा दिवस पर आयोजित की गई। वाद- विवाद प्रतियोगिता में सबसे शानदार प्रदर्शन सुंदरम सदन के प्रियांशु व परी का रहा। सुविचार कविता प्रदर्शन में शुभम सदन के दीपांशु तथा मानसी ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और शिवम सदन के वंश ने सुविचार प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक प्रधानाचार्य व सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

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पीथमपुर/ पीथमपुर नगर पालिका द्वारा "स्वच्छता सर्वेक्षण 2023" हेतू तैयारिया शुरू कर दी गई है। नगर पालिका द्वारा 2023 के सर्वेक्षण में नगर पालिका को नम्बर 1 पर लाने के प्रयास के लिऐ नागरिकों में एक स्पर्धा का अयोजन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार नगर पालिका ने लिंक के माध्यम से एक फार्मेट तैयार किया है जिसमे विभिन्न प्रतियोगिताओं में जेसे स्लोगन, निबंध, वाल पेंटिंग, ड्राइंग, म्यूरल, स्ट्रीट प्ले आदि प्रतियोगिता रखी गई है। दिनाक 20 नवंबर से 30 नवंबर तक पीथमपुर के नागरिक इस लिंक पर जा कर प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता के विजेता को आकर्षक पुरुस्कार से सम्मानित किया जायेगा मुख्य नगर पालिका अधिकारी डॉ. मधु सक्सेना के निर्देशन में 2023 के सर्वेक्षण हेतु नागरिकों को भागीदारी के लिऐ इस बार हमने निबंध प्रतियोगिता, पेंटिंग प्रतियोगिता, सहित कई विषयों पर प्रतियोगिता के अयोजन आज से प्रारम्भ किए है। प्रतियोगिता का उद्देश ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को सर्वेक्षण में भाग लेकर पीथमपुर को नम्बर 1 पर लाने के प्रयास में भागीदारी बड़ाना है।

https://dadwivedi11.blogspot.com/2022/10/blog-post.html

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नगर पालिका परिषद, पीथमपुर में कार्यरत 570 सफाई मित्रों को स्वास्थ्य का परीक्षण निकाय के वार्ड क्र 14 डाकबंगला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर किया गया, वहां पर समस्त स्वच्छता में कार्यरत कर्मचारियों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें स्वस्थ रहनें एवं निजी सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी डां. मधु सक्सेना एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री बी. एस. महते के निर्देषन में उक्त कार्य किया जा रहा है, ”स्वच्छ सर्वेक्षण 2023“ की दिषा निर्देषिकानुसार निकाय में बकाया स्वच्छता संबंधित कार्य किये जा रहें है नगर पालिका मुख्य अधिकारी द्वारा निकाय में कार्यरत कर्मचारियों को कार्य के दौरान सदैव सुरक्षा उपकरणों को पहन कर एवं स्वयं की सुरक्षा बरतनें हेतु जागरूक किया जाता है।

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आज झुंझुनू में भूतपूर्व सैनिक अपना विरोध प्रदर्शन करते हुए एक सभा आयोजित की जिसमें तमाम रिटायर्ड सैनिक अपनी मांग को रखा जिसमें जिसमें सैनिकों को जातिवाद में बांट के रख दिया उसके विरोध में राहुल गांधी की यात्रा के विरोध में इन्होंने संकल्प लिया है और पूरे सैनिक एक साथ सैनिक के संघ के साथ यात्रा का विरोध करेंगे और अपना ज्ञापन सौंपेंगे कि सैनिकों के साथ ऐसा अन्याय ना ह इससे पहले सीकर में भी के विरोध में रोड पर सैनिक मार्च कर चुके हैं विरोध दर्ज करा चुके हैं गवर्नर को अपना ज्ञापन दे चुके हैं सैनिकों में आक्रोश है कि उनको एक जातिवाद में बैठ कर रख दिया उनको पूरा भरोसा कहीं से नहीं मिल पा रहा है राजनीति में एक फौजी सैनिक को जातिवाद में बांट कर रख दिया है जो कि सेना एक राष्ट्र धर्म से बंधा हुआ है उन्होंने अपनी जिंदगी एक राष्ट्र के नाम अपने देश के नाम पूरी जिंदगी को एक जवानी और जोश को इस देश की सेवा में पूरा जीवन लगाया आज भी राष्ट्र के लिए देश के लिए सैनिक किसी भी संकट में खड़ा रहता है

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आज झुंझुनू में भूतपूर्व सैनिक अपना विरोध प्रदर्शन करते हुए एक सभा आयोजित की जिसमें तमाम रिटायर्ड सैनिक अपनी मांग को रखा जिसमें जिसमें सैनिकों को जातिवाद में बांट के रख दिया उसके विरोध में राहुल गांधी की यात्रा के विरोध में इन्होंने संकल्प लिया है और पूरे सैनिक एक साथ सैनिक के संघ के साथ यात्रा का विरोध करेंगे और अपना ज्ञापन सौंपेंगे कि सैनिकों के साथ ऐसा अन्याय ना ह इससे पहले सीकर में भी के विरोध में रोड पर सैनिक मार्च कर चुके हैं विरोध दर्ज करा चुके हैं गवर्नर को अपना ज्ञापन दे चुके हैं सैनिकों में आक्रोश है कि उनको एक जातिवाद में बैठ कर रख दिया उनको पूरा भरोसा कहीं से नहीं मिल पा रहा है राजनीति में एक फौजी सैनिक को जातिवाद में बांट कर रख दिया है जो कि सेना एक राष्ट्र धर्म से बंधा हुआ है उन्होंने अपनी जिंदगी एक राष्ट्र के नाम अपने देश के नाम पूरी जिंदगी को एक जवानी और जोश को इस देश की सेवा में पूरा जीवन लगाया आज भी राष्ट्र के लिए देश के लिए सैनिक किसी भी संकट में खड़ा रहता है

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मल्लिकार्जुन खड़गे के बिगड़े बोल उपजा बवाल

चुनाव प्रचार के दौरान राजनेताओं की बयानबाजी ऊट-पटांग रहती है जिसके लिए उन्हें और उनकी पार्टी या उम्मीदवार को दुष्परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं किन्तु कभी-कभी कुछ बयान राजनेताओं की अपनी ही पार्टी या प्रत्याशी के लिए घातक साबित हो जाते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ताजा बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘रावण’ हैं। उन्होंने एक चुनावी रैली में यह कहकर कि ‘मोदी हर चुनाव में दिख जाते हैं, क्या उनके रावण की तरह 100 सिर हैं’ सियासी बवाल की स्थिति पैदा कर दी।

ठीक इसी तरह एक सप्ताह पहले कांग्रेस के एक दिग्गज नेता मधु सूदन मिस्त्री ने भी मोदी को उनकी औकात दिखाने की बात कही थी। अब भाजपा इन बयानों को लेकर आरोप लगा रही है कि कांग्रेस और गांधी परिवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नफ़रत करता है। किसी व्यक्ति से नफरत करें, कोई विवाद नहीं। प्रधानमंत्री को पसंद न करें, तब भी कोई बात नहीं, किन्तु गुजरात में ही प्राचार के दौरान प्राधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रावण कहने का मतलब मोदी समर्थकों को अपने खिलाफ हमला करने के लिए अमोघ हथियार मुहैया कराना है। मोदी की छवि गुजरात में ऐसी भावनात्मक बन चुकी है कि उनके समर्थक कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर पूरी कांग्रेस पार्टी एवं गांधी परिवार को जिम्मेदार ठहराकर सियासी फायदा उठाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भी जो लोग उनके खिलाफ ऐसी अभद्र बयानबाजी करते थे, उसे बाद में पछतावा जरूर होता था।

उल्लेखनीय है कि 2007 के गुजरात चुनाव में कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ‘मौत का सौदागर’ बताकर नरेंद्र मोदी को 2002 के सांप्रादायिक दंगों की हिंसक घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया था, किन्तु इसका नतीजा यह निकला कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोनिया के इस बयान को इतना प्रचारित किया कि वह बयान कांग्रेस के लिए आत्मघाती साबित हुआ। कांग्रेस नेताओं को भी यह वास्तविकता पता है कि विपक्ष के किसी भी नेता के द्वारा नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई बयानबाजी को भाजपा अपने पक्ष में माहौल बनाने की कला जानती है। इसीलिए ताज्जुब होता है कि कांग्रेस के इतने तजुर्बेकार नेता को यह सामान्य बात भी समझ में नहीं आई कि प्रधानमंत्री मोदी की तुलना गुजरात की धरती पर ही रावण से करने पर कांग्रोस को फायदा होगा या नुकसान!

वास्तविकता तो यह है कि नेता कोई भी हो उसे शब्दों की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए तोल-मोल कर बोलना चाहिए, किन्तु बोलने से पहले उसे स्थान और समय का भी ध्यान रखना चाहिए।

गत सप्ताह ही असम के मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की दाढ़ी की तुलना सद्दाम हुसैन से करके निश्चित रूप से उनका उपहास उड़ाया। इस तरह की टिप्पणी गलत है। हेमंता विस्व सरमा राहुल की दाढ़ी की तुलना पाइथागोरस, कार्ल मार्क्‍स अथवा किसी और महापुरुष से कर सकते थे। इसलिए मुख्यमंत्री सरमा की तुलना भी अनावश्यक थी, किन्तु बदकिस्मती से गुजरात कांग्रेस हेमंता विस्व सरमा की इस अनावश्यक टिप्पणी से भाजपा का कितना नुकसान कर पाएगी, इसमें संदेह है। इसके​ विपरीत भाजपाई इस मामले में मोदी की बेइज्जती का मुद्दा उठाकर फायदा उठाने सिद्धहस्त हैं। गुजरात के स्थानीय कांग्रेसी नेता कदाचित इसीलिए मोदी और उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि पर कभी कोई टिप्पणी नहीं करते, जिससे कि बात का बतंगड़ बने और पार्टी को लेने के देने पड़ जाएं। उधर केंद्रीय नेतृत्व से जुड़े नेता शायद यह दिखाने के लिए नरेंद्र मोदी के खिलाफ अनावश्यक बयानबाजी करते हैं कि उन्हें इससे पार्टी में विशेष प्रतिष्ठा मिलेगी, किन्तु इतना तो सच है कि इस तरह की टिप्पणियों से सभी नेताओं को बचना चाहिए।



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कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच टकराव अनुचित


भारत की कार्यपालिका और न्यायपालिका में आजकल लगातार टकराव की खबरें सुनने को मिल रही हैं। देश की सर्वोच्च अदालत का मत है कि न्यायाधीशों की नियुक्तियों में सरकार की दखलंदाजी बिल्कुल भी उचित नहीं है। इसके विपरीत केंद्र सरकार के कानून मंत्री किरन रिजिजू का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश-परिषद (कालेजियम) अगर यह समझती है कि सरकार न्यायाधीशों की नियुक्ति में हस्तक्षेप कर रही है तो वह उनकी नियुक्ति के प्रस्ताव सरकार के पास भेजती ही क्यों है? कानून मंत्री के इस बयान ने न्यायाधीशों को काफी खफ़ा कर दिया है। वे कहते हैं कि न्याया​धीशों की नियुक्ति में सरकार को टाल मटोल करने की बजाय कानून का पालन करना चाहिए।

कानून यह है कि न्यायाधीश परिषद जिस न्यायाधीश का भी नाम कानून मंत्रालय को भेजे, उसे वह तुरंत नियुक्त करे या उसे कोई ऐतराज़ हो तो वह परिषद को बताए, लेकिन लगभग 20 नामों के प्रस्ताव लम्बे वक्त से अधर में लटके हुए हैं। न सरकार उनके नाम पर 'हाँ’ कहती है और न ही ’न’ कहती है, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने उस 99 वें संविधान संशोधन को 2015 में निरस्त कर दिया था, जिसमें राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग को अधिकार दिया गया था कि वह न्यायाधीशों को नियुक्त करे।
इस आयोग में सरकार की पूरी दखलंदाजी रह सकती थी। अब पिछले वर्ष सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायाधीश परिषद द्वारा न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए प्रस्तावित नामों पर सरकारी मोहर लगाने के लिए 3-4 माह की समय-सीमा तय कर दी थी। इस वक्त सरकार ने 20 न्यायाधीशों की नियुक्ति-प्रस्ताव वापस कर दिए हैं, उसमें एक न्यायाधीश घोषित समलैंगिक हैं और वह भी ऐसे कि जिनका भागीदार एक विदेशी नागरिक है। इसके अतिरिक्त सरकार और आम जनता को भी यह शिकायत रहती है कि ये जज परिषद अपने रिश्तेदारों और उनके मनपसंद अधिवक्ताओं को भी न्यायाधीश का ताज पहना देती है।


न्यायपालिका में भाई-भतीजावाद और करप्शन किसी न किसी तरह पनपता रहता है। न्यायाधीशों की नियुक्ति में सत्तारूढ़ नेताओं का हस्तक्षेप भी देखने को मिलता है। वे अपने मनपसंद अधिवक्ताओं को न्यायाधीश बनवाने पर अड़े रहते हैं और जो न्यायाधीश उनके पक्ष में फैसले दे देते हैं। ऐसे न्यायाधीशों को सेवा-निवृत्ति के बाद भी सौगात के रूप में राज्यपाल, उप-राष्ट्रपति, किसी आयोग का अध्यक्ष या राज्यसभा का सदस्य आदि कई पद थमा दिए जाते हैं। सरकारी दखलंदाजी के ये दुष्प्रभाव तो सबको पता हैं लेकिन यदि न्यायाधीशों की नियुक्ति भी सीधे सरकार करने लगेगी तो लोकतांत्रिक शक्ति-विभाजन के सिद्धांत के साथ​ ही संविधान की घोर अवहेलना होने लगेगी। सरकार को न्यायाधीशों की नियुक्ति पर या तो तुरंत मोहर लगानी चाहिए या न्यायाधीश परिषद के साथ बैठकर स्पष्ट संवाद करना चाहिए।

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जैन समाज का बहादुर बेटा अमर शहीद अर्चित वार्डिया जैन....

अर्चित वार्डिया जैन का जन्म झीलों की नगरी उदयपुर में २० जनवरी, १९८८ को हुआ था। आप बहुत धार्मिक एवं प्रतिष्ठित परिवार से थे। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रमण संघ के तृतीय आचार्य श्री देवेन्द्र मुनि के सांसारिक परिवार में आप उनके भतीजे लगते थे। अर्चित अपनी माँ वीना वार्डिया, बहिन दिव्यांशी के साथ रहते थे। पिताजी का अवसान पहले ही हो चुका था।
अपने पिता श्री दिनेश वार्डिया के स्वप्न को पूरा करने के लिए बी० काम० की पढ़ाई के बाद आपने भारतीय सेना में मार्च २०१० में प्रवेश लिया। सेना प्रवेश से पहले एन० डी० ए० की परीक्षा में पूरे भारत में ९वाँ स्थान प्राप्त किया था। एक साल की ट्रेनिंग के लिए चेन्नई गये, ट्रेनिंग के पूरा होते ही जम्मू- कश्मीर में लेफ्टिनेंट पद पर नियुक्त हुए। ६ महीने तक उन्होंने आर्टीलरी की ट्रेनिंग भी ली।

लेफ्टिनेंट अर्चित वार्डिया ने १७५ मेड रेजीमेंट में प्रवेश किया, उनने अपनी माँग पर सियाचीन ग्लेसियर जैसी सबसे कठिन पोस्ट ली। २० जुलाई, २०११ में रात्रि ९ बजे सियाचीन ग्लेसियर में दुश्मनों के बम ब्लास्ट से बहुत सारे सैनिकों एवं अपने सीनियर की रक्षा के लिए २० हजार फीट की ऊँचाई से अद्भुत साहस दिखाते हुए जलते हुए बंकर में कूद पड़े। जलने एवं दम घुटने के कारण अर्चित ने शहादत प्राप्त की। साथ में मेजर गुरफेज सिंह भी मृत्यु की गोद में समा गये।

अर्चित जैन का संदेश था – हर एक को मरना है लेकिन मेरी मौत सबको याद रहे।

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प्रायोगिक उपकरण की अनुपलब्धता का
दंश झेल रहा आईटीआई देवभोग

प्रशिक्षणार्थियों का घट रहा रूझान, रिक्त रह जाती है प्रवेश सीटें


गोंड चौहान सिंह ध्रुव
(स्वतंत्र युवा पत्रकार)



छत्तीसगढ़ / गरियाबंद /देवभोग - जिला गरियाबंद के अंतर्गत ब्लॉक देवभोग को शासन द्वारा वर्ष 2013 से आईटीआई की सौगात
मिली जिसमें वर्ष 2015 से देवभोग में आईटीआई का संचालन किया जा रहा है। आईटीआई में व्यवसायों की
बात करें तो पूर्व में एकमात्र कोपा व्यवसाय से आईटीआई की शुरूआत की गयी जिसमें कुल 48 सीटों पर
प्रवेश होता रहा है। इन प्रशिक्षणार्थियों के प्रायोगिक प्रशिक्षण के लिए संस्था में 10 कम्प्यूटर उपलब्ध कराया गया
था जिसमें आईटीआई का सफलतापूर्वक संचालन किया जाता था परन्तु वर्तमान स्थिति में इन 10 कम्प्यूटरों
में महज 3 ही चालू स्थिति में है अन्य 7 कम्प्यूटर पूर्णतः खराब हो चुके है। इसके साथ ही आईटीआई में वर्ष
2019 से व्यवसाय फिटर एवं विद्युतकार भी चालू किया गया। जिसमें कुल 20-20 सीटों में प्रशिक्षणार्थी प्रवेश
लेते रहे हैं। परन्तु शासन द्वारा व्यवसाय फिटर एवं विद्युतकार आरंभ करने के साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण के लिए
औजार एवं उपकरण उपलब्ध नहीं कराया गया जो आज तक लंबित हैं।
प्रायोगिक उपकरण की अनुपलब्धता के कारण आईटीआई में प्रवेशित प्रशिक्षणार्थियों का रूझान वर्ष दर वर्ष
घटता जा रहा है। आईटीआई में प्रशिक्षणार्थियों को केवल सैद्यांतिक प्रशिक्षण ही दिया जा रहा है। जबकि
प्रायोगिक प्रशिक्षण के साथ ही प्रशिक्षण पूर्ण होता है। देवभोग में आईटीआई खुलने के इतने वर्षों बाद भी इसकी
ओर शासन व विभाग का रूख नहीं है। दूरस्थ अंचल से प्रशिक्षण लेने के उद्देश्य से आए प्रशिक्षणार्थी प्रवेश लेने
के बाद भी आईटीआई की ऐसी हालत देख अपना नाम स्वयं खारिज करवा लेते हैं। इसलिए क्योंकि वे जानते
हैं कि बिना प्रायोगिक उपकरण वे किसी भी व्यवसाय का प्रशिक्षण लेने में असमर्थ रहेंगे।
विगत वर्ष प्रशिक्षणरत रहे प्रशिक्षणार्थियों द्वारा संस्था में व विभाग के उच्च अधिकारियों से अपनी समस्याओं को
आवेदन के माध्यम से रखा पर इस संबंध में आज तक किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।
ब्लॉक व जिला स्तर के अन्य उच्च अधिकारी एवं विधायक किसी ने भी आईटीआई का कभी जायजा नहीं लिया
न ही आईटीआई की व्यवस्थाओं की ओर ध्यान दिया। इंडिजिनस आर्गेनाईजेशन इंडिया ने प्रशिक्षणार्थियों की
समस्या को ध्यान में रखते हुए दिनांक 28 नवंबर 2022 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) देवभोग
जिला गरियाबंद के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन एवं माननीय उमेश पटेल, उच्च शिक्षा एवं
तकनीकि शिक्षा, कौशल विकास विभाग मंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा है। अनुविभागीय अधिकारी
(राजस्व) ने प्रशिक्षणार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द ही इस समस्या का समाधान करवाने का
आश्वासन दिया है।

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