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ग्रामीणो ने मेंटली टॉर्चर किया, जिससे एक प्रधानाध्यापक हुए ब्रेन स्ट्रोक का शिकार।

गढ़वा : लोगों ने माइण्डली टॉर्चर किया, जिससे एक प्रधानाध्यापक ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो गए। अब वे अस्पताल में जिंदगी व मौत के बीच जंग जितने की प्रयत्न कर रहे हैं। इस प्रकार की घटना जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय घोड़दाग के प्रधानाध्यापक के साथ घटी। प्रधानाध्यापक गणेश महतो की उम्र 58 वर्ष की है। वे ब्रेन स्ट्रोक से उक्त विद्यालय में ही बेहोश हो गए। मौके पर उपस्थित शिक्षकों ने घटना की जानकारी उक्त प्रधानाध्यापक के बड़े पुत्र संतोष पाल को दी। संतोष पाल उक्त विद्यालय में पहुंचे, जहां से एक निजी वाहन से सदर अस्पताल गढ़वा ले जाया गया। चिकित्सकों ने बेहतर इलाज हेतु वाराणसी के लिए उन्हें रेफर कर दिया। फिलहाल गणेश महतो वाराणसी के बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में जिंदगी व मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानाध्यापक गणेश महतो के साथ घोड़दाग गांव के कुछ लोगों ने कुछ दिन पूर्व विद्यालय में पहुंचकर बदतमीजी की थी। तब से श्री महतो काफी तनाव में थे। इधर श्री महतो का बड़ा पुत्र संतोष कुमार पाल ने कांडी थाना में लिखित आवेदन देकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाई की मांग की है।

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वादग्रस्त विधानाचे समर्थन केल्याबद्दल केला शिरच्छेद...................सात वार करून मान कापलीराजस्थानमधील उदयपूरमध्ये नुपूर शर्माच्या वादग्रस्त विधानाचे समर्थन केल्याबद्दल एका व्यक्तीची हत्या करण्यात आली. मंगळवारी कपड्याचे माप देण्याच्या बहाण्याने दोन मुस्लीम तरुण शिंप्याच्या दुकानात पोहोचले आणि त्याच्यावर धारदार शस्त्राने वार केले. वेगवान हल्ल्यांनी त्याला सावरण्याची संधीही दिली नाही. त्याची मान कापली गेली आणि त्याचा जागीच मृत्यू झाला. या हल्ल्यात दुकानात काम करणारा त्याचा सहकारी ईश्वर सिंग गंभीर जखमी झाला. त्यांना उपचारासाठी एमबी हॉस्पिटलमध्ये दाखल करण्यात आले आहे. सूत्रांनी दिलेल्या माहितीनुसार, पोलिसांनी दोन्ही मारेकऱ्यांना राजसमंद जिल्ह्यातील भीमा येथून अटक केली आहे.काही दिवसांपूर्वी शिंपी कन्हैयालालने सोशल मीडियावर एक पोस्ट शेअर केली होती. यामध्ये त्यांनी नुपूर शर्माच्या वादग्रस्त विधानाचे समर्थन केले. कन्हैयालालच्या हत्येनंतर सोशल मीडियावर दोन व्हिडिओ व्हायरल होत आहेत. एकात मारेकऱ्यांनी हत्येचा लाईव्ह व्हिडिओ बनवला आहे. यात कन्हैयालाल जीवाची भीक मागत आहे. त्याचवेळी दुसऱ्या व्हिडिओमध्ये दोन्ही तरुण हत्येची जबाबदारी घेत आहेत. दोन्ही तरुण पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांना जीवे मारण्याच्या धमक्याही देत ​​आहेत.पोलिसांकडून मिळालेल्या माहितीनुसार, हे प्रकरण शहरातील धनमंडी परिसरातील भूत महाल परिसरातील आहे. येथे राहणारा कन्हैयालाल शिंप्याचे दुकान चालवतो. मंगळवारी तो आपल्या सहकाऱ्यांसोबत दुकानात काम करत होता. यादरम्यान दुचाकीवरून आलेल्या दोन मुस्लिम तरुणांनी त्याला कपड्यांचे माप देण्यास सुरुवात केली. त्यानंतर अचानक शस्त्राने हल्ला केला. सुमारे सात वार करून त्याची मान कापली. हल्ल्यादरम्यान बचावासाठी आलेला त्याचा साथीदार ईश्वर सिंग हाही गंभीर जखमी झाला. त्यांना उपचारासाठी शहरातील एमबी हॉस्पिटलमध्ये दाखल करण्यात आले आहे.या घटनेनंतर परिसरात तणावही घटना घडलेल्या उदयपूर परिसरातील व्यापाऱ्यांमध्ये संतापाचे वातावरण आहे. या निषेधार्थ व्यापाऱ्यांनी बाजारपेठ बंद ठेवली आहे. निदर्शनेही होऊ लागली आहेत. वास्तविक, कन्हैयालाल यांच्या पोस्टनंतरही परिसरात तणावाचे वातावरण होते. मुस्लिम समाजाने तीव्र नाराजी व्यक्त केली होती. कन्हैयालालला जीवे मारण्याच्या धमक्याही येत होत्या. गेल्या काही दिवसांपासून त्यांनी दुकान उघडले नव्हते. त्यांनी दुकान उघडले असता दोन तरुणांनी त्यांची हत्या केली. याप्रकरणी पोलिसांनी दोन्ही पक्षांना समोरासमोर उभे करून वाद मिटवण्याचा प्रयत्नही केला होता.

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राज्यपाल ने मुस्कान ड्रीम क्रियेटिव फाउण्डेशन के ‘प्रोजेक्ट डिजिटल शाला’ का किया लोकार्पण

लखनऊ, 27 जून राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जनपद बाराबंकी में मुस्कान ड्रीम क्रियेटिव फाउण्डेशन के प्रोजेक्ट डिजिटल शाला का लोकार्पण किया। हिन्द मेडिकल कालेज, बाराबंकी में आयोजित इस लोकार्पण समारोह में सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने शिक्षकों को प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग पर आधारित डिजिटल कौशल और प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु डिजिटल शाला प्रोजेक्ट का माडल बाराबंकी के 75 स्कूलों में लागू करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इसे उत्तर प्रदेश के सभी स्कूलों में लागू किए जाने के स्तर का बताया।

उन्होंने कहा कि मुस्कान ड्रीम सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए डिजिटल सीखने के अवसरों को साकार करके और शिक्षकों को डिजिटल प्रणाली में सशक्त बनाकर उनके बीच की दूरी समाप्त करने का समाधान कर रहा है। डिजिटल शाला शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण पोर्टल है। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को बढ़ावा देना और इसे डिजिटल माध्यम से जोड़ना है।

राज्यपाल ने डिजिटल पोर्टल की जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षक इस पोर्टल पर छात्रों के प्रोफाइल का प्रबन्धन कर सकते हैं और शैक्षणिक परिणाम बना सकते हैं। छात्र शाला पोर्टल में लॉग इन कर सकते हैं और सूचनात्मक वीडियो के साथ समृद्ध वातावरण में सीख सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में आज एक तरफ इनोवेशेन का जुनून है तो दूसरी तरफ उन इनोवेशन को तेजी से स्वीकार करने का जज्बा भी है। वैश्विक महामारी कोविड-19 के परिणामस्वरूप ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिला। हमने शिक्षण के नए तरीके ऑनलाइन शिक्षण पद्धति को अपनाना सीख लिया है, ऑनलाइन शिक्षा को आउटकम आधारित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाना जरूरी है। टीचर्स डेवलपमेंट प्रोग्राम, न्यू टेक्नोलॉजी, टीचिंग लार्निंग के क्वॉलिटी बेंच मार्क बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने नई शिक्षा नीति में ऑनलाइन शिक्षा को विशेष स्थान मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह नीति हमारे देश को सतत् विकास के लिए अग्रसर करेगी।

इस अवसर पर प्रदेश के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चन्द्र शर्मा ने मुस्कान ड्रीम फाउण्डेशन द्वारा ‘डिजिटल शाला प्रोजेक्ट’ को बाराबंकी में प्रारम्भ करने पर टीम के सभी सदस्यों और प्रभारियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा ये वास्तव में आत्मनिर्भर भारत के लिए देश के प्रधानमंत्री की कल्पना को साकार करने की दिशा में बढ़ाया गया कदम है। इस अवसर पर सांसद लल्लू सिंह, मुस्कान ड्रीम फाउण्डेशन के संस्थापक और सीईओ अभिषेक दुबे, एक्यूइटी नॉलेज पार्टनर्स के सीएचआरओ अवधेश दीक्षित, शिक्षक एवं विद्यार्थी भी उपस्थित थे।

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बीआरपी - सीआरपी को दिया गया प्रशिक्षण

विद्यालय में अध्ययनरत छात्र – छात्राओं को शत–प्रतिशत आधार पंजीकरण का मामला

बोकारो (झारखंड)। उपायुक्त श्री कुलदीप चौधरी के निर्देशानुसार मंगलवार को जिला शिक्षा परियोजना कार्यालय स्थित सभागार में जिले के चिन्हित प्रखंड साधन सेवी (बीआरपी) एवं संकूल साधन सेवी (सीआरपी) को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य अपने – अपने पोषक क्षेत्र से संबंधित विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र – छात्राओं का शत प्रतिशत आधार पंजीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करना है।

प्रशिक्षण यूआइडी के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) शैलेंद्र कुमार ने दिया। उन्होंने बीआरपी – सीआरपी को यूआइडी (आधार कार्ड) के लिए भरे जाने वाले प्रपत्र, दस्तावेज व प्रक्रिया से अवगत कराया। प्रशिक्षु बीआरपी – सीआरपी को आधार पंजीकरण के अलावा आधार कार्ड में नाम, उम्र, पत्ता आदि के सुधार की प्रक्रिया से भी अवगत कराया। प्रशिक्षण में कुल 29 बीआरपी – सीआरपी शामिल हुए थे।

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