logo
(Trust Registration No. 393)
AIMA MEDIA
logo
0
11 views    0 comment
0 Shares

डीडवाना। (विशेष संवाददाता) ग्राम गणेशपुरा में तालीमुल कुरान मदरसा परिसर में सर्व समाज के युवाओं द्वारा एक प्रेरणादायी और ऐतिहासिक सामाजिक पहल के रूप में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। "रक्तदान – महादान" के संकल्प के साथ आयोजित इस शिविर में युवाओं, ग्रामवासियों और समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कुल 80 से अधिक यूनिट स्वेच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी रक्त उपलब्ध कराया।

यह शिविर न केवल एक स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम था, बल्कि गणेशपुरा गांव की सामाजिक चेतना, एकजुटता और मानवता के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण बन गया। पूरे क्षेत्र में युवाओं के इस जज़्बे और सेवा भावना की प्रशंसा की जा रही है।
---

जयपुर से पहुंची अर्जुन ब्लड सेंटर की विशेष मेडिकल टीम

रक्त संग्रहण के लिए जयपुर से अर्जुन ब्लड सेंटर की विशेष मेडिकल टीम शिविर में पहुंची। डॉ. शोएब के नेतृत्व में आई इस टीम ने न केवल सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से रक्त संग्रह किया, बल्कि सभी रक्तदाताओं की आवश्यक स्वास्थ्य जांच भी की। टीम द्वारा रक्तदान के महत्व, सावधानियों और इसके सामाजिक लाभों पर भी युवाओं को जागरूक किया गया, जिससे लोगों में रक्तदान को लेकर और अधिक उत्साह देखने को मिला।
---

सफल आयोजन में इनका रहा विशेष योगदान

शिविर के सफल आयोजन और व्यवस्थाओं को संभालने में मो.फारुख (पूर्व उपप्रधान), सदर इमामुद्दीन, हाजी कमरुदीन, जाकिर खत्री, मो. अयूब, मो. सद्दीक मास्टर, जमील टेलर, मो. ईस्माइल, मो. कयामुद्दीन, मो. बिलाल खत्री और शरीफ नागौरी का विशेष सहयोग रहा।

इसके साथ ही खालिद सर, मौलाना जरीफ अहमद, रुस्तम मोम, जब्बार जिन्दारण, फजलुद्दीन, शरीफ टेलर, फारूक नागोरी, फैसल मास्टर, इरफ़ान खत्री, मो. जावेद, मो. वासिद नागौरी, मो. वासिद, मो. इमरान एवं डॉ. शोएब की मेडिकल टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए युवाओं का उत्साहवर्धन किया।
---

युवाओं की एकजुटता बनी आयोजन की सबसे बड़ी ताकत

आयोजकों ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य उन मरीजों की मदद करना है, जिन्हें आपातकाल या गंभीर बीमारियों के दौरान समय पर रक्त नहीं मिल पाता। युवाओं ने घर-घर जाकर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया और समाज में यह संदेश दिया कि रक्तदान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।

इस पुनीत कार्य में विशेष रूप से शोयब मेडिकल स्टोर की टीम का योगदान उल्लेखनीय रहा। टीम के कार्यकर्ता मो. शोएब, मो. अज़ीम, मो. सोयल, मो. मोहसिन, मो. ज़ुबैर, मो. ज़ाकिर, मो. हारून पोस्टमेन, मो. समीर, मो. शाहिद, मो. नौशाद, मो. ज़ाहिद, मो. अबरार ने आयोजन की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए युवाओं और ग्रामीणों को प्रेरित किया।
---

रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित

शिविर के अंत में सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि –

“आपका दिया गया रक्त किसी माँ की ममता, किसी पिता की आशा और किसी परिवार की मुस्कान बनकर न जाने कितनी जिंदगियों को नया जीवन देगा।”

सभी 80 से अधिक रक्तदाताओं को सलाम करते हुए कहा गया कि उनका यह योगदान हमेशा के लिए समाज के लिए एक अमिट प्रेरणा बनकर रहेगा।
---

मील का पत्थर साबित हुआ गणेशपुरा का रक्तदान शिविर

यह आयोजन सिद्ध करता है कि जब नेक इरादों के साथ प्रयास किए जाते हैं, तो संसाधनों की कमी भी बाधा नहीं बनती। गणेशपुरा जैसे गांव में इतने बड़े स्तर पर रक्त संग्रह होना इस बात का प्रमाण है कि सामाजिक चेतना निरंतर बढ़ रही है और लोग मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निरंतर रख रहे है।

आयोजकों को तहेदिल से बधाई देते हुए कहा गया कि यह शिविर इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों से अंकित हो गया है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
---

भविष्य के लिए संदेश

गणेशपुरा की इस धरती पर आयोजित रक्तदान शिविर ने यह सिद्ध कर दिया कि गणेशपुरा सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि संवेदनशील और जिम्मेदार समाज का नाम है। भविष्य में भी ऐसे सेवा-कार्य निरंतर होते रहें, यही कामना है।

अल्लाह सभी आयोजकों, रक्तदाताओं और समाजसेवियों को स्वस्थ, ऊर्जावान रखे और मानवता की सेवा के कार्यों में और अधिक सशक्त बनाए।

एक बार फिर इस ऐतिहासिक और सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों, युवाओं और रक्तदाताओं को हार्दिक बधाई एवं मुबारकबाद।
---

रक्तदान करने वाले रक्तवीरों की सम्मान सूची

नीचे रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं के नाम व पिता/पति का नाम दिए गए हैं —

मो० खालिद S/o जमालुद्दीन बड़गुजर, मो० वासिद S/o जमालुद्दीन बड़गुजर, मो० इमरान S/o मो० फारुख, मो० फारुख S/o अनवर नागौरी, अब्दुल हक S/o मो० खालिद बड़गुजर, मो० जुबैर (फौजी) S/o फजलुद्दीन बड़गुजर, मो० गुलफाम खत्री S/o बाबू खत्री, उमर जाहिद S/o नवाब खत्री, मो० सोयल S/o मो० फारुख, मो० समीर S/o अनवर नागौरी, मो० अमन S/o मो० जमील, समीर खत्री S/o मो० शब्बीर खत्री, मो० मजीद S/o हाजी फजलुद्दीन, अब्दुल मजीद, इरफान बागड़ जी, मो० शाहिद S/o नवाब खत्री, मो० नदीम S/o नवाब खत्री, मो० जाहिद S/o मो० हारून, मो० शोयब S/o फजलुद्दीन, सलाउद्दीन S/o कयामुद्दीन, अनिशा बानो W/o मो० बबलू, शाहरूख S/o रुस्तम अली, मो० जुबैर S/o मो० जमील, मो० वासिद S/o मो० नवाब, मो० खालिद S/o महबूब हाजी, मो० सैफ अली S/o जमील नागौरी, मो० वसीम S/o अब्दुल जब्बार जिन्द्राण, मो० सिकन्दर नागौरी, मो० इदरिश S/o मो० जमील, शमी S/o मो० शरीफ नागौरी, समीर S/o रूस्तम अली, उमर तौफीक S/o उमर फारूख, मो. तारिफ S/o मो. रफीक, मो. रमजान S/o युसूफ नागौरी, मो. सद्दाम S/o जमालूद्दीन, मो. अलताफ S/o मो० शरीफ, मो. कैफ S/o मो० नबाब, मो. खालिद, मो. आकिब S/o मो. रफीक, मो. इरफान S/o युसूफ खत्री, मो. इकरामउद्दीन S/o मो० सहजाद, उमर अरशद S/o उमदीन, मो. फरियाद S/o इमामुद्दीन, मो. आदिल S/o मो० जमील नागौरी, मो. आसिफ S/o कासिम खत्री, मो. इमरान S/o इमामुद्दीन, मो. इरफान S/o बुन्दू, मो. खालिद मोम, मो. साकीर S/o मो० नबाब, मो. समीर S/o रफीक जीन्दराण, मो. गुलफाम S/o मो० खलील, मो. राशीद S/o मो० हारुन, मो. वासीद S/o जाफर अली नागौरी, मो. नयूम S/o जाफर अली नागौरी, मो. आजम S/o मो० सलीम हाजी, मो. इरफान S/o कयामुद्दीन, मो. कैफ S/o मो० साजिद, मो. सजाऊ S/o मो० माजिद, जगदीश S/o नाथूराम, मो. मंजूर S/o नूरदीन, मो. शोयब S/o मो० हनीफ, मो. जुबेर कुरैशी S/o मो० असलम कुरैशी, मो. जाहिद कुरैशी S/o मो० जावेद कुरैशी, मो. असीम कुरैशी S/o मो० शरीफ कुरैशी, मो. शोयब खत्री S/o मो० गुलाम हुसैन खत्री, मो. आरिफ खान S/o सादुल खान (मावा सरपंच), मो. रफीक S/o सादुल खान (मावा), मो. जावेद S/o इमामुद्दीन, मो. इरशाद S/o मो. नवाब, मो. समीर S/o अब्दुल, मो. साजिद S/o मो० सलीम हाजी, मो. फैसल S/o हाजी याकूब, मो. साहिद S/o हाजी महबूब अली, मो. मोहम्मद मोहसन S/o मोहम्मद शकूर (प्रिंस), शेर मोहम्मद S/o हाजी नवाब, शहजाद S/o मो० जमील

सभी रक्तवीरों को गणेशपुरा एवं सर्व समाज की ओर से सलाम!

1
0 views    0 comment
0 Shares

फिरोजाबाद जनपद के शिकोहाबाद नगर में सोमवार को एक हृदयविदारक सड़क हादसे में शिक्षा जगत से जुड़े दंपति की दर्दनाक मृत्यु हो गई। एटा चौराहे पर स्कूटी और डंपर की टक्कर में ए.के. इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य रघुवीर सिंह यादव एवं उनकी पत्नी बी.डी.एम. कॉलेज की पूर्व शिक्षिका की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दंपति स्कूटी से कहीं जा रहे थे, तभी एटा चौराहे पर तेज रफ्तार डंपर ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। डंपर को कब्जे में लेकर चालक की तलाश की जा रही है। हादसे के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित रहा।
इस दुखद घटना से शिकोहाबाद नगर में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षा जगत, विद्यार्थियों, सहकर्मियों एवं स्थानीय नागरिकों ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। लोग उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ, सरल और समाजसेवी शिक्षाविद् दंपति के रूप में याद कर रहे हैं।

नगरवासियों ने प्रशासन से एटा चौराहे पर यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

6
608 views    0 comment
0 Shares

सिंगरौली। मध्य प्रदेश सिंगरौली जिले की राजनीति में उस समय बड़ी हलचल मच गई जब पार्टी की मंडल कार्यकारिणी से एक साथ कई पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने संगठन के भीतर लंबे समय से चल रहे असंतोष को खुलकर सामने ला दिया है।सामूहिक इस्तीफों के बाद पार्टी संगठन में अस्थिरता की स्थिति बन गई है और जिलाध्यक्ष के सामने संगठन को एकजुट बनाए रखना बड़ी चुनौती के रूप में उभर रहा है। सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक निर्णयों में पारदर्शिता की कमी, आपसी समन्वय का अभाव और स्थानीय कार्यकर्ताओं की अनदेखी को लेकर नाराजगी काफी समय से पनप रही थी, जो अब इस्तीफों के रूप में सामने आई है।बताया जा रहा है कि सिंगरौली जिले में यह पहला मौका है जब मंडल कार्यकारिणी के कई पदाधिकारियों ने एक साथ पद छोड़ने का फैसला लिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर आने वाले समय में पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक मजबूती और जमीनी पकड़ पर पड़ सकता है।इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि संगठन के भीतर हालात संतोषजनक नहीं थे और कार्यकर्ताओं की बातों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था। वहीं, पार्टी की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।कयास लगाए जा रहे हैं कि वरिष्ठ नेतृत्व जल्द ही स्थिति की समीक्षा कर सकता है और डैमेज कंट्रोल के प्रयास तेज किए जा सकते हैं। फिलहाल, सिंगरौली की राजनीति में यह सामूहिक इस्तीफा चर्चा का विषय बना हुआ है और सबकी नजर पार्टी नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई है।

0
0 views    0 comment
0 Shares

पलिया कलां (लखीमपुर खीरी)।पलिया में रेलवे विभाग की घोर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। लंबे समय से जर्जर हालत में खड़ा रेलवे फाटक का एक तरफ का पोल अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गिर गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेलवे फाटक का पोल काफी समय से टूटा और कमजोर अवस्था में था, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। घटना के बाद जब स्थानीय लोगों ने इस लापरवाही की बात कही तो मौके पर मौजूद संतकुमार नामक एक कर्मचारी जनता से बहस पर उतर आया और उल्टा ट्रैक्टर चालक को ही हादसे का जिम्मेदार ठहराने लगा।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रेलवे विभाग समय रहते जर्जर पोल को बदल देता तो यह हादसा टल सकता था। लोगों ने आरोप लगाया कि रेलवे विभाग अक्सर अपनी गलतियों को छिपाने का प्रयास करता है और आम जनता को दोषी ठहराता है।जानकारी मिली है कि इससे पहले भी इसी रेलवे फाटक पर विभाग की मनमानी का मामला सामने आ चुका है। कुछ दिन पूर्व एक ट्रक का शायद एक्सल टूट जाने से वह एक तरफ झुक गया था। उसी दौरान ट्रेन आने का समय हो गया, जिससे करीब आधा घंटा तक ट्रेन लेट रही। इस पर रेलवे विभाग ने अपनी खामी स्वीकारने के बजाय ट्रक को कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी थी, जबकि फाटक पर सड़क की हालत बेहद जर्जर है और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। इन्हीं गड्ढों के कारण ट्रक का एक्सल टूटने की बात कही जा रही है।स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि रेलवे विभाग फाटक के दोनों ओर जरूरत से ज्यादा ऊंचे ब्रेकर बनवा देता है, जो आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। लोगों का सवाल है कि जब ट्रेन आने से पहले फाटक बंद कर दिया जाता है, तो फिर ऊंचे ब्रेकर बनाने की क्या आवश्यकता है।उधर, स्टेशन मास्टर एस.के. पाल ने बताया कि पोल टूटने के मामले को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

0
0 views    0 comment
0 Shares

निर्जेश मिश्र
पलियाकलां-खीरी।
पलिया क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीती रात्रि ग्राम पंचायत पटिहन के मजरा अतरनगर में हाथियों का झुंड पहुंच गया, जहां उन्होंने विजय बहादुर के घर के बाहर खड़ी स्विफ्ट डिजायर कार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बीते कई दिनों से जंगली हाथी क्षेत्र में सक्रिय हैं और अब तक एकड़ों गन्ने की फसल को रौंदकर बर्बाद कर चुके हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जब पीड़ित किसान क्षेत्रीय लेखपाल को सूचना देते हैं तो कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। वहीं वन विभाग को कई बार समस्या से अवगत कराने के बावजूद आज तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
वन विभाग की कथित लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। किसानों का कहना है कि जंगली हाथियों के कारण जनहानि और धनहानि दोनों की आशंका बनी रहती है, लेकिन विभागीय स्तर पर न तो निगरानी बढ़ाई जा रही है और न ही मुआवजे की प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्ट पहल की जा रही है।
ग्रामीणों ने दुधवा टाइगर रिजर्व में चल रहे पर्यटन सत्र पर भी सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि पर्यटन सत्र के दौरान प्रतिदिन सैकड़ों जंगल सफारी संचालित की जा रही हैं। टैक्सियों की लगातार आवाजाही से जंगली जानवर जंगल छोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब वन विभाग पर्यटन से करोड़ों रुपये की कमाई करता है, तो जंगल से बाहर आ रहे जंगली जानवरों पर नियंत्रण की भी प्रभावी व्यवस्था की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने मांग की है कि हाथियों की निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की जाए, प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा दिया जाए और जंगल व आबादी क्षेत्र के बीच सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

0
0 views    0 comment
0 Shares

निर्जेश मिश्रपलिया क्षेत्र के ग्राम सैय्यदपुरवा निवासी अरविन्द कुमार के बीती 17 जनवरी को भीरा स्थित वनबीट अस्पताल में दवा लेने गया था। उसी दौरान शाम करीब 4:30 बजे अस्पताल के बाहर खड़ी उसकी प्लेटिना बाइक (संख्या यूपी 31 सीसी 3745) अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ली गई।चोरी की पूरी घटना अस्पताल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पीड़ित अरविन्द कुमार का कहना है कि वह घटना के बाद भीरा थाना पहुंचा और पुलिस को लिखित तहरीर के साथ सीसीटीवी फुटेज भी सौंपी, ताकि उसकी बाइक की तलाश कराई जा सके। इसके बावजूद पुलिस ने न तो चोरी की रिपोर्ट दर्ज की और न ही बाइक बरामदगी को लेकर कोई कार्रवाई की।पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने उसे उल्टा यह कहकर लौटा दिया कि पहले तुम खुद अपनी बाइक तलाश करो, जब नहीं मिलेगी तब आना, रिपोर्ट लिख ली जाएगी। पुलिस के इस रवैये से पीड़ित बेहद परेशान है। अरविन्द कुमार का कहना है कि वह एक गरीब व्यक्ति है और बाइक ही उसकी रोजी-रोटी का सहारा थी।वहीं इस सम्बन्ध में भीरा थानाध्यक्ष रोहित दुबे ने बताया कि बाइक चोरी की एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। अरविन्द को दस बजे थाने बुलाया था,‌ लेकिन वो समय से थाने नहीं पहुंचा, फिलहाल एफआईआर दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है। कोशिश की जा रही है कि पीड़ित की बाइक जल्द मिल जाए और चोर के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।

0
0 views    0 comment
0 Shares

5
709 views    0 comment
0 Shares

निर्जेश मिश्र
18/01/2026
पलियाकलां-खीरी। बीती 14 जनवरी को पलिया तहसील में सामने आया कंबल प्रकरण अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर अधिवक्ता और लेखपाल संघ आमने-सामने आ गए हैं। लेखपाल संघ की ओर से पलिया कोतवाली में दी गई तहरीर के आधार पर पलिया बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप मेनरो सहित 11 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
बताया जाता है कि 14 जनवरी की देर शाम करीब 7 बजे पलिया तहसील परिसर से एक ई-रिक्शा पर गरीबों में वितरण के लिए रखे गए कंबल लादकर ले जाए जा रहे थे। इतनी देर शाम तहसील से कंबल ले जाए जाने की बात पलिया बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को संदिग्ध लगी। उन्हें आशंका हुई कि गरीबों में बांटने के लिए आए कंबलों को बाहर बेचने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा है। इस पर वे मौके पर पहुंचे और कंबलों का कथित बंदरबांट होने से बचा लिया।
अध्यक्ष ने पूरे मामले की सूचना फोन के माध्यम से उपजिलाधिकारी को भी दी। आरोप है कि इस दौरान एसडीएम ने उनसे अभद्र भाषा में बात की। अध्यक्ष द्वारा कंबल प्रकरण उजागर करने से लेखपाल संघ के लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रदीप मेनरो के साथ अभद्रता की। आरोप यह भी है कि लेखपाल संघ की ओर से अध्यक्ष पर शराब पीने जैसे आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।
आज सोमवार को इस पूरे प्रकरण को लेकर पलिया तहसील परिसर में सभी अधिवक्ता एकत्र हुए। अधिवक्ताओं ने कंबल प्रकरण पर विस्तार से चर्चा करते हुए आगे की रणनीति तैयार की। अधिवक्ता संघ ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। इस मामले को लेकर आज लखीमपुर-खीरी के सभी अधिवक्ता जिलाधिकारी के पास पहुंचे और ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की। पलिया बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप मेनरो ने‌ बताया कि आज अधिवक्ता संघ द्वारा पलिया कोतवाली में भी तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गयी, लेकिन अधिवक्ता संघ की ओर से मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उनका कहना है कि पलिया थानाध्यक्ष द्वारा बताया कि उच्चाधिकारियों की अनुमति मिलने के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जा सकेगा।

0
0 views    0 comment
0 Shares

​गुवाहाटी, असम: असम के सरूसजई स्टेडियम में एक बेहद ही भव्य और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जहाँ बोडो समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया गया। इस मेगा इवेंट में 10,000 से अधिक कलाकारों ने एक साथ मिलकर प्रतिष्ठित 'बगरुम्बा' (बटरफ्लाई डांस) प्रस्तुत किया।​मुख्य बिंदु:​स्थान: सरूसजई स्टेडियम, गुवाहाटी।​समुदाय: बोडो समुदाय की संस्कृति और एकता का भव्य उत्सव।​विशेषता: इसे "बटरफ्लाई डांस" भी कहा जाता है, जो अपनी सुंदर वेशभूषा और तितली जैसी चालों के लिए प्रसिद्ध है।​यह कार्यक्रम सिर्फ एक कला प्रदर्शन नहीं था, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की पहचान और एकता का एक सशक्त संदेश भी था।#Bagurumba #BodoCulture #AssamTourism #Guwahati #NorthEastIndia #CulturalHeritage #10000Dancers #SarusajaiStadium #IdentityAndUnity #IndianCulture #BagurumbaDance #AssamDiaries #IncredibleIndia #BodoCommunity #TraditionalDance#Bagurumba #BodoCulture #Assam #Guwahati #NorthEastIndia #CulturalPride #HeritageInMotion#liveassamnews Live Assam News

9
755 views    0 comment
0 Shares

भगवान चित्रगुप्त राष्ट्रीय कायस्थ संगठन के सभी प्रदेशों पश्चिम बंगाल,बिहार,उत्तराखंड,राजस्थान,महाराष्ट्र,मध्य प्रदेश,गुजरात,उत्तर प्रदेश,दिल्ली दिल्ली एन सी आर,झारखंड,छत्तीसगढ,आसाम तथा अन्य प्रदेशों से प्रदेश अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्यों की सूची राष्ट्रीय अध्यक्ष को उपलब्ध कराए गए जिसे जूम मिटिंग में उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से सभी प्रस्ताव को पारित किए गए तथा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए श्री रमेश चंद्र श्रीवास्तव जी के नाम पर प्रस्ताव आया जिसे सर्व सम्मति से पारित प्रस्ताव कर दिए गए उसके बाद आज की जूम मिटिंग की बैठक सौहार्द पूर्ण वातावरण में स्थगित कर दी गई
दिगम्बर नाथ माथुर( राष्ट्रीय अध्यक्ष )

12
605 views    0 comment
0 Shares