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भ्रष्ट सरपंच-सचिव की रक्षा में अंधा-बहरा बना प्रशासनबेलढाना पंचायत पर जनपद अधिकारियों की मेहरबानी, 300 मीटर सीसी सड़क चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट।

देवरी (सागर)।

जनपद पंचायत देवरी की ग्राम पंचायत बेलढाना में विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में सरपंच-सचिव द्वारा निर्माण कार्यों में खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है, जबकि जनपद स्तर के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे हुए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार दादा बेरीसाल मंदिर से लगभग 300 मीटर तक बनाई गई सीसी सड़क पूरी तरह गुणवत्ताहीन है। निर्माण के दौरान मानक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि सड़क निर्माण में धूलयुक्त डस्ट और लोकल सीमेंट का उपयोग किया गया, न तो वाइब्रेटर चलाया गया, न पॉलिथीन बिछाई गई और न ही थर्माकोल लगाया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मोटाई मात्र दो से तीन इंच रखी गई और दोनों ओर नाली खोदकर सड़क को मोटा दिखाने का प्रयास किया गया। ऐसे में पूरी सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।

इतना ही नहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि गुड्डन के घर से लेकर हल्लू के घर तक लगभग 200-250 मीटर सड़क का निर्माण होना था, जिसकी राशि करीब छह माह पहले ही निकाल ली गई, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ। वहां आज भी रास्ता कीचड़ से भरा पड़ा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं श्मशान घाट निर्माण कार्य में भी गुणवत्ताहीन काम किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद जनपद पंचायत के अधिकारी और इंजीनियर मौन बने हुए हैं। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जनपद पंचायत देवरी के अधिकारी, जिनमें सीईओ मनीषा चतुर्वेदी और संबंधित इंजीनियर बिरेंद्र लोधी सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं, पंचायत के सरपंच-सचिव पर मेहरबान दिखाई दे रहे हैं, जिसके चलते कार्रवाई नहीं हो रही है।

हालांकि इस पूरे मामले में जनपद पंचायत देवरी की सीईओ मनीषा चतुर्वेदी का कहना है कि गुरुवार को जांच दल भेजकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अब देखना यह होगा कि जांच के बाद वाकई दोषियों पर कार्रवाई होती है या फिर बेलढाना पंचायत में भ्रष्टाचार का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।

AIMa मीडिया नेटवर्क सागर देवरी से
संवाददाता सोनू प्रजापति की रिपोर्ट

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सिंगरौली: सिंगरौली: मोरवा थाना क्षेत्र से लापता नाबालिग लड़के का 3 दिन बाद शव मिलने पर जमकर बवाल हुआ. नाबालिग की हत्या के बाद परिजन और स्थानीय लोगों ने पहले तो मोरवा थाने के गेट पर जमकर प्रदर्शन किया. इसके बाद थाने के गेट के सामने तोड़फोड़ करते हुए जमकर पथराव किया. पथराव में पुलिस का सुरक्षा वाहन क्षतिग्रस्त हो गया. मौके को देखते हुए थाने के पास भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया.

3 दिन पहले मोरवा थाना क्षेत्र से 15 वर्षीय नाबालिग लापता हो गया था. जिसके बाद बुधवार को ही झाड़ियों में शव मिला. पुलिस के अनुसार युवक की हत्या में उसके दोस्त ही कातिल निकले. फिलहाल पुलिस आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

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-धनबाद में फूड सेफ्टी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1400 किलो मिलावटी पनीर और घी जब्त किया है। गोपनीय सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में बिहार से आने वाली बस से भारी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री बरामद की गई, जिसे स्थानीय बाजारों में खपाने की तैयारी थी।

जानकारी के अनुसार गुरुवार तड़के करीब 4 से 5 बजे के बीच पूजा टॉकीज इलाके में फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान बुंदेला एसी बस नंबर BR 21P 3632 से लगभग 1400 किलोग्राम संदिग्ध पनीर और घी के 6 टिन बरामद किए गए।

छापेमारी का नेतृत्व डॉ. राजा कुमार ने किया। मौके पर ही जब्त पनीर का स्टार्च टेस्ट किया गया, जिसमें सभी नमूने फेल पाए गए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पनीर मिलावटी और निम्न गुणवत्ता का था, जिसे बाजार में बेचने की तैयारी थी।

फूड सेफ्टी विभाग ने जब्त खाद्य सामग्री के नमूनों को आगे की जांच के लिए स्टेट फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी, रांची भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ Food Safety and Standards Authority of India के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के दौरान डीएसपी-2 धीरेंद्र बांका, धनबाद थाना प्रभारी मनोज पांडे और सब इंस्पेक्टर देव आनंद यादव सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

वहीं कार्रवाई के बाद बरटांड़ बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना तुरंत विभाग को दें।

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लागल रहा बताशा चाचा 2': मनोज सिंह टाइगर ने खुद लिखी है फिल्म की हर लाइन, बाप-बेटे के रिश्तों की दिखेगी अनोखी झलक
​मनोरंजन डेस्क: भोजपुरी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग के लिए मशहूर मनोज सिंह टाइगर जल्द ही अपनी सुपरहिट फिल्म के सीक्वल 'लागल रहा बताशा चाचा 2' के साथ बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। इस फिल्म को लेकर अभिनेता ने हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत की और फिल्म की बारीकियों पर प्रकाश डाला।
​लेखन में झोंकी अपनी पूरी ताकत
​मनोज सिंह टाइगर ने बताया कि यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है। उन्होंने साझा किया कि फिल्म की हर एक लाइन उन्होंने अपने हाथों से लिखी है। यह महज मनोरंजन के लिए बनाई गई फिल्म नहीं है, बल्कि इसमें लेखन के जरिए भावनाओं को गहराई से पिरोने की कोशिश की गई है।
​पारिवारिक मूल्यों और कॉमेडी का अनूठा संगम
​फिल्म की कहानी के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि यह एक विशुद्ध पारिवारिक और कॉमेडी फिल्म है। इसमें समाज के एक अहम पहलू— बाप और बेटे की जिम्मेदारियों को दिखाया गया है। एक पिता और पुत्र को अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए किन-किन कठिनाइयों और 'पिछड़ाइयों' (चुनौतियों) का सामना करना पड़ता है, फिल्म इसी संघर्ष को हंसी-मजाक के साथ पर्दे पर उतारेगी।
​"यह फिल्म दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ उन्हें भावुक भी करेगी। हमने यह दिखाने का प्रयास किया है कि एक परिवार को जोड़ने के लिए किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।" - मनोज सिंह टाइगर
​दर्शकों से की आशीर्वाद की अपील
​फिल्म के पहले भाग की जबरदस्त सफलता के बाद, मनोज सिंह टाइगर को पूरी उम्मीद है कि दर्शक इसके दूसरे पार्ट का भी भरपूर आनंद लेंगे। उन्होंने दैनिक भास्कर के माध्यम से दर्शकों से अनुरोध किया कि वे इस फिल्म को भी उतना ही प्यार और आशीर्वाद दें, जितना पहले भाग को मिला था। उन्हें पूरा विश्वास है कि यह फिल्म दर्शकों के मनोरंजन पर खरी उतरेगी और उनके साथ एक गहरा

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*जिला गंगा समिति, दरभंगा द्वारा आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा अभियान में एनएसएस करेगा सक्रिय सहयोग*

*एनएसएस समन्वयक की अध्यक्षता में हुई कार्यक्रम पदाधिकारियों की ऑनलाइन बैठक में रूपरेखा पर हुआ विचार-विमर्श*

*आगामी 16 से 31 मार्च के बीच आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा रैली, स्वच्छता कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताएं होंगी आयोजित*

जिला गंगा समिति, दरभंगा द्वारा 16 से 31 मार्च, 2026 के बीच आयोजित होने वाले गंगा स्वच्छता पखवाड़ा अभियान में एनएसएस सक्रिय सहयोग करेगा। इस संबंध में दरभंगा के जिलाधिकारी सह अध्यक्ष, जिला गंगा समिति, दरभंगा ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं कार्यक्रम समन्वयक सहित सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को पत्र के माध्यम से सूचित किया है। कार्यक्रम की रूपरेखा पर विचार- विमर्श हेतु एनएसएस समन्वयक डॉ आर एन चौरसिया की अध्यक्षता में दरभंगा के सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों की ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला गंगा समिति के परियोजना पदाधिकारी फारूक इमाम, डॉ कीर्ति चौरसिया, डॉ अभिमन्यु कुमार, डॉ रीता कुमारी, डॉ सुनीता कुमारी, डॉ अनुपम प्रिया, प्रो महंत अवधेश कुमार दास, प्रो शिव नारायण राय, मुकेश कुमार झा, अमित कुमार झा, संजीव कुमार, रवीन्द्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान अलग-अलग तिथियां में जागरूकता रैली तालाब एवं नदी घाटों की सफाई वृक्षारोपण कर्नाटक के साथ ही पेंटिंग्स रंगोली तथा भाषण प्रतियोगिता आदि का भी आयोजन कियाजाएगा।
फारूक इमाम ने बताया कि यह कार्यक्रम दरभंगा जिला में 2022 से संचालित हो रहा है। यह अभियान गंगा एवं सहायक नदियों के संरक्षण में आम लोगों की भागीदारी हेतु नियमित जन जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन से संबंधित है जो भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन तथा बिहार राज्य गंगा नदी संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए प्रत्येक कॉलेज के स्वयंसेवकों की टीम बनाई जाएगी जो प्रति माह दो-तीन दिन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। ऐसे सक्रिय स्वयंसेवकों को वार्षिक प्रमाण पत्र, सम्मान एवं पुरस्कार भी दिया जाएगा।
डॉ आर एन चौरसिया ने कहा कि प्रत्येक कॉलेज से न्यूनतम 10 इच्छुक, सक्रिय तथा पर्यावरण एवं नदी संरक्षण के प्रति रुचि रखने वाले स्वयंसेवकों एवं छात्रों को नामित किया जाएगा, ताकि जन जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान को प्रभावित, सतत एवं परिणामोन्मुख संचालन किया जा सके। बैठक में कार्यक्रम पदाधिकारियों ने कई तरह के प्रश्न पूछे, जिनका संतोष जनक उत्तर फारूक इमाम ने दिया। पदाधिकारियों का स्वागत एनएसएस सहायक अमित कुमार झा ने, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मारवाड़ी कॉलेज की एनएसएस पदाधिकारी डॉ सुनीता कुमारी ने किया।

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रमजान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस महीने के आखिरी जुमे (शुक्रवार) को अलविदा जुमा कहा जाता है। इसे रमजान के विदाई और ईद-उल-फितर के आगमन के तौर पर भी देखा जाता है। इस बार 13 मार्च को अलविदा की नमाज पढ़ी जाएगी। इस संबंध में ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी ने ऐलान कर दिया है। उन्होंने बताया कि अलविदा की नमाज इस साल 13 मार्च 2026 को है। इसको लेकर नमाज 12:45 पर पढ़ी जाएगी।

लखनऊ की जामा मस्जिद ईदगाह में 12:45 बजे नमाज होगी। मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि सभी मुसलमानों से अपील है कि रमजान के आखिरी असरे में और जुमे के इस मुबारक दिन पर अपने और अपने मुल्क की तरक्की के लिए दुआ करें। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनियों की हिफाजत और ईरान-इजरायल जंग के खात्मे के लिए भी दुआ करें। अलविदा जुमे को अरबी में जमात उल विदा के नाम से जाना जाता है। अलविदा जुमे की नमाज को लेकर मस्जिदों में विशेष तैयारियां की जाती हैं।

#lucknow #ramzan

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*सुबह की देश राज्यों से बड़ी खबरें.=======================
*1* पीएम मोदी बोले-कांग्रेस के युवराज छोटे दायरे में सिमटे, उन्हें विकास नहीं दिखेगा; तमिलनाडु में कहा-वेस्ट एशिया मामले ने सबपर असर डाला, पैनिक होने की जरूरत नहीं

*2* घबराने या अफवाहों पर ध्यान देने की कोई जरूरत नहीं', पश्चिम एशिया संघर्ष पर बोले प्रधानमंत्री मोदी

*3* अमित शाह बोले- आंख मारने वाले स्पीकर पर सवाल उठा रहे, सदन चलता है तो राहुल विदेश में घूमते हैं; वो बोलना ही नहीं चाहते, हम क्यों रोकेंगे

*4* जो नियम तोड़ेगा, उसका माइक बंद होना ही चाहिए', विपक्ष के माइक बंद के आरोपों पर अमित शाह का पलटवार

*5* लोक सभा में स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान, वोटिंग और इसके ध्वनिमत से खारिज होने के बाद पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने सदन की कार्यावाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

*6* ढाई दिन में मिलेगा सिलिंडर: सरकार का दावा- LPG की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में, नहीं होगी कोई किल्लत

*7* इसरो प्रमुख वी नारायणन ने कहा कि चंद्रयान-5 में भारी लैंडर और लंबी मिशन अवधि होगी, जबकि चंद्रयान-4 में चंद्रमा से नमूने लाए जाएंगे। इसरो मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम, मंगल और शुक्र मिशन समेत कई भविष्य परियोजनाओं पर काम कर रहा है

*8* पश्चिम एशिया संकट पर संसद में चर्चा की मांग: खरगे का आरोप- सरकार को पहले से थी जंग की जानकारी, नहीं की तैयारी

*9* CEC: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष एकजुट, आज महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी

*10* बजट सत्र का दूसरा फेज, आज चौथा दिन, लगातार 3 दिन से विपक्ष का हंगामा; कल लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज हुआ

*11* पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहे एक मालवाहक जहाज पर हमला होने की घटना सामने आई है। भारत सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि संघर्ष के दौरान व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है

*12* जम्मू में फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग, शादी समारोह में गए थे पूर्व मुख्यमंत्री; डिप्टी सीएम भी थे मौजूद

*13* होर्मुज में ईरान की नौसेना पर अमेरिका का वार जारी', ट्रंप बोले- 58 जहाज और बारूदी नावों को किया नष्ट

*14* मैं जब चाहूंगा, ईरान से युद्ध खत्म हो जाएगा', अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा बयान,पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने साफ कहा है कि वे जब चाहेंगे, ईरान से युद्ध खत्म हो जाएगा। उनके मुताबिक, इस संघर्ष में अब निशाना बनाने के लिए लगभग कुछ भी नहीं बचा है।

*15* रूस से 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदेगा भारत, रिलायंस-IOC ने बुकिंग की, ईरान जंग के बीच सप्लाई बंद होने के बाद फैसला

*16* IPL के शुरुआती 20 मैच का शेड्यूल जारी, 28 मार्च को बेंगलुरु में RCB-SRH का ओपनिंग मैच,

*17* छत्तीसगढ़, MP, बिहार में 2-3 दिन में बारिश की चेतावनी, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड में आज भी बर्फबारी का अलर्ट; राजस्थान में पारा 40°C के करीब
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*गुरुवार, 12 मार्च 2026 के मुख्य समाचार*

🔶LPG New Rules : 25 दिन से पहले नहीं बुक होगा LPG, सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव

🔶ईरान का UN को सख्त संदेश: अमेरिकी-इजराइली हमले रुकवाओ, चुप्पी प़ेगी दुनिया पर भारी

🔶श्रीलंका अदालत का बड़ा फैसला: US हमले में मारे गए 84 नाविकों के शव ईरान को सौपने का आदेश

🔶अमेरिकी राजदूत ने की भारत की जमकर तारीफ, कहा- ईरान संकट में India के दम पर टिका वैश्विक तेल बाजार

🔶ट्रंप का बड़ा धमाका: अमेरिका में 50 साल बाद बनेगी पहली ऑयल रिफाइनरी, भारत और रिलायंस को कहा थैंक यू

🔶ईरान ने होर्मुज में भारत जा रहे थाई कार्गो शिप पर किया हमला, जंग के बीच वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

🔶पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग की कोशिश: हमलावर ने सिर पर बंदूक तानी, सुरक्षाकर्मियों ने बचाया; डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी भी मौजूद थे

🔶मिडिल ईस्ट में जंग का भारत पर नहीं होगा असर, LPG की भी कोई कमी नहीं, सरकार ने उठाए बड़े कदम

🔶स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज: शाह बोले- आंख मारने वाले स्पीकर पर सवाल उठा रहे; विपक्ष ने माफी मांगो के नारे लगाए

🔶मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव तैयार:लोकसभा के 120, राज्यसभा के 60 सांसदों ने दस्तखत किए, आज संसद में पेश किया जा सकता है

🔶सुप्रीम कोर्ट की बिल्डर्स-बैंक गठजोड़ पर CBI को फटकार:कहा-घर खरीदने वालों के मामले लंबा नहीं खींच सकते, कब्जा दिए बिना किश्त लेने का मामला

🔶रूसी तेल पर U-Turn, होर्मुज पर गर्दन फंसी तो भारत-भारत च‍िल्‍लाने लगी दुन‍िया

🔶 'व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण', पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत की सख्त टिप्पणी

🔶'ईरान में टारगेट करने के लिए कुछ भी नहीं बचा', ट्रंप का दावा- जल्द खत्म हो जाएगा युद्ध

🔶भारत में पहली बार इच्छामृत्यु को मिली मंजूरी, भावुक कर देंगी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की पंक्तियां

🔶अमेरिकी-इजरायली हमले में घायल हुए ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई, पैर में लगी चोट

🔶दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला, एक भारतीय सहित 4 घायल; ईरान और अमेरिका-इजरायल तनाव के बीच बढ़ी हलचल

🔶प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु में 5,650 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं की शुरुआत की

🔶मोदी ने 'केरलम' नाम परिवर्तन का किया स्वागत, धीवरा समुदाय को बताया 'समुद्र की संतान'

🔶ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई 'पूरी तरह सुरक्षित', राष्ट्रपति के पुत्र ने चोटिल होने की खबरों का किया खंडन

🔷BAN vs PAK: बांग्‍लादेश के बुमराह बनेंगे Nahid Rana? वर्ल्‍ड कप के बाद पाकिस्‍तानियों की फजीहत करते हुए मारा 'पंजा'

🔷संदीप पाटिल बोले- युवराज को धोनी ने ड्रॉप नहीं कराया: योगराज सिंह ने गलत आरोप लगाए; सचिन और गंभीर विवाद पर भी बात की

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मुंबईहून कोकणात जाणाऱ्या प्रवाशांसाठी सुरू करण्यात आलेल्या मुंबई–विजयदुर्ग रो-रो फेरी सेवेच्या तिकीट दरांवरून प्रवाशांमध्ये नाराजी व्यक्त होत आहे. जलमार्गाने कोकणातील प्रवास अधिक जलद, आरामदायी आणि सोयीस्कर व्हावा या उद्देशाने ही सेवा सुरू करण्यात आली असली, तरी जाहीर करण्यात आलेले तिकीट दर सर्वसामान्य प्रवाशांच्या आवाक्याबाहेर असल्याची प्रतिक्रिया कोकणवासीयांकडून व्यक्त होत आहे. त्यामुळे या तिकीट दरांचा फेरविचार करून ते कमी करावेत, अशी मागणी आता जोर धरू लागली आहे.
मुंबईतील भाऊचा धक्का (फेरी व्हार्फ) येथून सिंधुदुर्ग जिल्ह्यातील विजयदुर्ग बंदरापर्यंत ही रो-रो फेरी सेवा सुरू करण्यात आली आहे. रस्ते मार्गाने मुंबई ते कोकण प्रवास करताना मोठा वेळ लागतो तसेच वाहतूक कोंडीचा त्रास सहन करावा लागतो. या पार्श्वभूमीवर जलमार्गाने प्रवासाचा पर्याय उपलब्ध करून देण्यासाठी ही सेवा सुरू करण्यात आली. या फेरीमुळे प्रवाशांना तसेच वाहनांसह प्रवास करण्याची सुविधा मिळणार असून कोकणातील पर्यटन आणि व्यापारालाही चालना मिळेल, असा दावा करण्यात येत आहे.
मुंबई ते विजयदुर्ग हा प्रवास रस्ते मार्गाने साधारण दहा ते बारा तासांचा होतो. रो-रो फेरीद्वारे हा प्रवास अंदाजे आठ ते नऊ तासांत पूर्ण होऊ शकतो, त्यामुळे प्रवाशांचा वेळ वाचणार असल्याचे सांगितले जात आहे. मात्र या सेवेचे तिकीट दर जाहीर होताच प्रवाशांमध्ये नाराजी निर्माण झाली आहे. उपलब्ध माहितीनुसार, या फेरीसाठी एका प्रवाशाला सुमारे १८०० ते २५०० रुपये इतके तिकीट मोजावे लागणार आहे. तर चारचाकी वाहनासह प्रवास करायचा असल्यास सुमारे ५००० ते ७५०० रुपये इतका खर्च येणार असल्याची माहिती समोर आली आहे.
सध्या मुंबईहून कोकणात जाण्यासाठी एसटी किंवा खासगी बसने साधारण सातशे ते हजार रुपये इतका खर्च येतो. त्याच्या तुलनेत रो-रो फेरीचे तिकीट दुप्पट ते तिप्पट असल्याने अनेक प्रवाशांनी नाराजी व्यक्त केली आहे. सोशल मीडियावरही या तिकीट दरांवर टीका होत असून, एवढ्या खर्चात विमानप्रवासही करता येईल, अशी प्रतिक्रिया काही प्रवाशांनी व्यक्त केली आहे.
कोकणातील प्रवाशांना जलद आणि आरामदायी प्रवासाचा पर्याय उपलब्ध करून देण्याचा उद्देश चांगला असला, तरी तिकीट दर जास्त असल्याने ही सेवा सर्वसामान्यांसाठी परवडणारी ठरणार का, असा प्रश्न उपस्थित केला जात आहे. त्यामुळे शासनाने आणि संबंधित कंपनीने या तिकीट दरांचा फेरविचार करून ते सर्वसामान्यांना परवडतील असे करावेत, अशी मागणी आता कोकणवासीयांकडून केली जात आहे. दर कमी झाल्यास ही सेवा कोकणातील प्रवाशांसाठी अधिक उपयुक्त आणि लोकप्रिय ठरेल, असे मतही व्यक्त होत आहे.

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ɪɴꜰᴏʀᴍᴀᴛɪᴏɴ ʙʏ ᴍᴀɴʀᴀᴊ ᴍᴇᴇɴᴀ 👉🏻इच्छा मृत्यु विधेयक (Euthanasia / Right to Die with Dignity) ऐसा प्रस्ताव या कानूनी व्यवस्था है जिसमें गंभीर और लाइलाज बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को अपनी इच्छा से सम्मानपूर्वक मृत्यु (Right to Die with Dignity) का विकल्प दिया जा सकता है। �
👇🏻
1️⃣ इच्छा मृत्यु क्या होती है
इच्छा मृत्यु का अर्थ है –
जब कोई व्यक्ति लाइलाज बीमारी, असहनीय दर्द या कोमा जैसी स्थिति में हो और उसकी सहमति से उसके जीवन को समाप्त करने की अनुमति दी जाए ताकि उसे कष्ट से मुक्ति मिल सके। �
👇🏻
2️⃣ इच्छा मृत्यु के प्रकार
सक्रिय इच्छा मृत्यु (Active Euthanasia)
डॉक्टर दवा या इंजेक्शन देकर मृत्यु कराता है।
भारत में यह अवैध है। �

निष्क्रिय इच्छा मृत्यु (Passive Euthanasia)
मरीज का वेंटिलेटर, दवाइयाँ या जीवन-रक्षक उपचार बंद कर दिया जाता है ताकि प्राकृतिक मृत्यु हो सके।
भारत में सीमित परिस्थितियों में यह कानूनी है। �
👇🏻
3️⃣ भारत में वर्तमान कानून (2026 तक स्थिति)
2011 : अरुणा शानबाग केस – सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमति दी।
2018 : कॉमन कॉज केस – “गरिमा के साथ मरने का अधिकार” को मौलिक अधिकार माना गया। �
ᴍᴍᴍᴍ👇🏻
2023 : सुप्रीम कोर्ट ने प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नए दिशानिर्देश दिए। �

4️⃣ “लिविंग विल” क्या है
यह एक कानूनी दस्तावेज है जिसमें व्यक्ति पहले से लिख देता है कि
अगर वह लाइलाज बीमारी में चला जाए
और निर्णय लेने की स्थिति में न हो
तो उसे जीवन-रक्षक उपचार दिया जाए या नहीं है
ʀᴀᴊꜱᴛʜᴀɴ(ʙᴜɴᴅɪ)👌🏻🎯
5️⃣ 2026 में चर्चा क्यों हो रही है
हाल के वर्षों में कई कोमा मरीजों के मामलों में सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएँ आई हैं, जिससे इच्छामृत्यु के नियमों को और स्पष्ट करने की बहस चल रही है। �
ʙᴜɴᴅɪ ɴ.1
✅ सरल शब्दों में:
इच्छा मृत्यु विधेयक का उद्देश्य ऐसे गंभीर मरीजों को असहनीय पीड़ा से मुक्ति और गरिमापूर्ण मृत्यु का अधिकार देना है, लेकिन भारत में अभी केवल निष्क्रिय इच्छा मृत्यु ही सीमित रूप से अनुमति प्राप्त है।

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पश्चिम एशिया संकट के बीच सीमित आपूर्ति के मद्देनजर रसोई गैस (एलपीजी) की लंबे समय तक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने उत्पादन बढ़ाने समेत कई उपायों की घोषणा की है। देश भर के ईंधन भंडारों में कमी आई है। चूंकि रसोई गैस बेहद आवश्यक वस्तु है, इसलिए केंद्र सरकार हर घर में इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहती है। यही वजह है कि सरकार ने घरेलू गैस पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 (Essential Commodities Act, 1955) लागू कर दिया है। एक्ट लागू करने का मुख्य उद्देश्य जरूरी वस्तुओं के उत्पादन, वितरण और आपूर्ति को नियंत्रित करना है, ताकि कोई भी किसी तरह की कालाबाजारी न हो सके।

बता दें कि गैस की किल्लत को देखते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अब 21 दिन की बजाय 25 दिन के अंतराल पर कर दी है। साथ ही रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा गया है जिसका इस्तेमाल घरेलू आपूर्ति के लिए किया जाएगा। गैर-घरेलू जरूरतों के लिए आयातित एलपीजी से आपूर्ति की जायेगा। इसमें अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी। रेस्तरां, होटलों तथा अन्य उद्योगों को आपूर्ति पर विचार करने के लिए तेल विपणन कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है।

क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम
क्या है ECA? आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (Essential Commodities Act, 1955) जरूरी वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करता है। इस कानून के जरिए जमाखोरी और कालाबाजारी को रोककर कीमतों को काबू में रखा जाता है। इसके तहत सरकार स्टॉक सीमा तय कर सकती है।

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श्री अमरेन्द्र धारी सिंह राजद से राज्यसभा उम्मीदवार, ख़ानदानी भूमिहार नेता की प्रतिष्ठा दांव पर, भाजपा को पटखनी देने की रणनीति तैयार। पढ़िए धारी राजपरिवार के बारे में पुरा, बिहार की राजनीति और समाज में कुछ नाम केवल व्यक्ति नहीं होते, बल्कि एक लंबे इतिहास और परंपरा के प्रतीक होते हैं। श्री अमरेन्द्र धारी सिंह उसी परंपरा के प्रतिनिधि माने जाते हैं। इतिहासकारों और स्थानीय परंपराओं के अनुसार 14वीं शताब्दी में कोंकण, महाराष्ट्र क्षेत्र से उपजाऊ भूमि की तलाश में चितपावन ब्राह्मण श्री न्याय भट्ट बिहार के पालीगंज (पटना) क्षेत्र में आए। कालांतर में उनके वंशज शेरशाह सूरी के समय सैन्य नेतृत्व में उभरे और इस क्षेत्र में अपना प्रभाव स्थापित किया। आगे चलकर यही वंश ‘धारी राजपरिवार’ के नाम से प्रसिद्ध हुआ। मुगल काल हो या अंग्रेज़ी शासन, इस परिवार की सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिष्ठा कायम रही। इसी गौरवशाली परंपरा के वंशज बाबू श्री अमरेन्द्र धारी सिंह ने आधुनिक दौर में भी अपनी अलग पहचान बनाई। दिल्ली के प्रतिष्ठित किरोड़ी मल कॉलेज से स्नातक करने के बाद उन्होंने उर्वरक (फर्टिलाइज़र) व्यापार में कदम रखा और इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम स्थापित किया। राजनीतिक जीवन में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। सन् 2020 में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के समर्थन से वे राज्यसभा सदस्य बने। वर्तमान समय में वे पुनः राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं। अपने राजनीतिक जीवन में कई जांच-पड़ताल और दबावों का सामना करने के बावजूद वे अपने सामाजिक आधार और पारिवारिक विरासत के कारण निरंतर चर्चा में बने रहे। व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो अमरेन्द्र धारी सिंह अपने सादगीपूर्ण और स्वतंत्र जीवन के लिए भी जाने जाते हैं। वे अविवाहित हैं और अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा समाज सेवा तथा विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क आवासीय शिक्षा जैसे कार्यों में लगाते हैं।
धारी राजपरिवार का इतिहास आज भी भरतपुरा लाइब्रेरी जैसे ऐतिहासिक स्रोतों में दर्ज बताया जाता है, जो इस परिवार की दीर्घकालीन सामाजिक उपस्थिति का प्रमाण माना जाता है। राजनीति में जीत और हार अपनी जगह है, लेकिन यह भी सच है कि सात सौ वर्षों की परंपरा और सामाजिक पहचान किसी एक चुनाव से तय नहीं होती।

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मानव इतिहास के लंबे कालखंड को देखें तो यह स्पष्ट दिखाई देता है कि समाज में अधिकांश संघर्ष धन, सत्ता, भूमि, प्रतिष्ठा और अहंकार के कारण हुए हैं। अक्सर कहा जाता है कि दुनिया में लड़ाइयों की जड़ “जर, जोरू और जमीन” रही है। इसके साथ-साथ धर्म, जाति और भाषा को भी कई बार ऐसे रूप में इस्तेमाल किया गया, जिससे समाज में नफरत और विभाजन पैदा हुआ।

भारत जैसे महान और विविधतापूर्ण देश में यह और भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि सदियों से चली आ रही जातिगत भेदभाव और संकीर्ण मानसिकता ने समाज को कई हिस्सों में बांट दिया। तथाकथित “छोटी जातियों” के साथ लंबे समय तक सामाजिक अन्याय हुआ—उन्हें शिक्षा, सम्मान और धार्मिक अधिकारों से वंचित रखा गया।

लेकिन इस अंधकार के बीच भारत की भूमि ने ऐसे संत, फकीर और गुरुओं को जन्म दिया जिन्होंने मानवता का दीपक जलाया और समाज को प्रेम, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाया।

गुरु नानक देव जी का मानव धर्म

Guru Nanak

गुरु नानक देव जी ने उस समय समाज में फैले कर्मकांड, अंधविश्वास और जातिगत अहंकार का खुलकर विरोध किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईश्वर एक है और सभी मनुष्य उसकी संतान हैं।

उन्होंने सिखाया कि धर्म केवल पूजा-पाठ और बाहरी आडंबर का नाम नहीं है, बल्कि सच्चा धर्म ईमानदार जीवन, सेवा और मानव प्रेम में है।

उनकी शिक्षा—

नाम जपो

किरत करो

वंड छको

मानव समाज को समानता और सहयोग का मार्ग दिखाती है। लंगर की परंपरा इस बात का प्रतीक है कि सभी मनुष्य एक साथ बैठकर भोजन करें—कोई ऊँच-नीच नहीं।

संत रविदास जी का बेगमपुरा

Ravidas

संत रविदास जी ने अपने जीवन और वाणी से यह संदेश दिया कि मनुष्य की पहचान उसकी जाति नहीं बल्कि उसके कर्म और भक्ति से होती है।

उन्होंने एक ऐसे समाज का सपना देखा जिसे उन्होंने “बेगमपुरा” कहा—जहाँ कोई भेदभाव नहीं, कोई अन्याय नहीं, और सभी मनुष्य समान अधिकारों के साथ जीवन जी सकें।

संत नामदेव जी का संदेश

Namdev

संत नामदेव जी ने भी भक्ति के माध्यम से यह बताया कि ईश्वर मंदिरों और मस्जिदों की सीमाओं में कैद नहीं है। वह हर मनुष्य के हृदय में बसता है।

उनकी वाणी समाज को यह सिखाती है कि सच्ची भक्ति वही है जिसमें मानव प्रेम और सत्य जीवन हो।

मुस्लिम सूफी संतों का प्रेम का संदेश

भारत की भूमि पर मुस्लिम सूफी संतों ने भी प्रेम, भाईचारे और इंसानियत की अनमोल शिक्षा दी।

शेख फरीद

Fariduddin Ganjshakar

शेख फरीद की वाणी में विनम्रता, प्रेम और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम दिखाई देता है। उन्होंने सिखाया कि मनुष्य को घमंड छोड़कर विनम्रता और सेवा का मार्ग अपनाना चाहिए। उनकी बाणी आज भी Guru Granth Sahib में शामिल है।

बुल्ले शाह

Bulleh Shah

बुल्ले शाह ने धर्म के नाम पर फैलाए जा रहे पाखंड और विभाजन का विरोध किया।

उन्होंने कहा कि मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म इंसानियत है।
उनकी कविताएँ यह संदेश देती हैं कि जब तक मनुष्य अपने भीतर के अहंकार को समाप्त नहीं करता, तब तक वह ईश्वर तक नहीं पहुँच सकता।

कबीर दास

Kabir

कबीर दास ने हिन्दू और मुस्लिम दोनों समाजों में फैले कर्मकांड और संकीर्ण सोच की आलोचना की।

उनका प्रसिद्ध संदेश था:
“मस्जिद चढ़ि कर मौलवी, क्या बहरा हुआ खुदाय
जो तू भीतर जागता, बाहर क्यों चिल्लाय।”

कबीर ने कहा कि ईश्वर मंदिर और मस्जिद से पहले मनुष्य के हृदय में बसता है।

राजनीति और समाज की विडंबना

इतिहास के इन महान संतों ने समाज को जोड़ने का प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्य से कई बार राजनीति ने समाज को जोड़ने के बजाय विभाजन की राह अपनाई।

युगों से चली आ रही संकीर्ण और ओछी राजनीति ने कई बार धर्म, जाति और भाषा के नाम पर लोगों को बांटा। इससे समाज में आपसी सहयोग और विश्वास का विकास कमजोर पड़ता रहा।

आज भी देश की संसद में कई बार बहस राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के बजाय एक-दूसरे को नीचा दिखाने और आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह जाती है। लोकतंत्र में यह अपेक्षा की जाती है कि संसद देश के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा का मंच बने।

कई बार राजनीतिक विमर्श अतीत की बहसों में उलझ जाता है—कौन क्या कर गया और किसने क्या नहीं किया। लेकिन देश के नागरिक के रूप में लोगों की अपेक्षा यह भी रहती है कि वर्तमान सरकारें अपनी उपलब्धियों, योजनाओं और विकास कार्यों को स्पष्ट रूप से सामने रखें और भविष्य की दिशा बताएं।

लोकतंत्र में नागरिक की जिम्मेदारी

लोकतंत्र केवल सरकार या विपक्ष का नहीं होता—यह पूरे देश के नागरिकों का होता है।

हर नागरिक को यह अधिकार है कि वह

अपने विचार और भावनाएँ व्यक्त करे

सरकार से प्रश्न पूछे

समाज में भाईचारा और सद्भाव की बात करे

यह लोकतंत्र की शक्ति है, कमजोरी नहीं।

निष्कर्ष

भारत की महान संत परंपरा—गुरु नानक देव जी, संत रविदास जी, संत नामदेव जी, शेख फरीद, बुल्ले शाह और कबीर—सभी ने एक ही संदेश दिया:

मनुष्य की सबसे बड़ी पहचान उसकी मानवता है।

यदि हम इन संतों की शिक्षाओं को अपने जीवन और समाज में अपनाएँ, तो धर्म, जाति और भाषा के नाम पर होने वाले संघर्ष कम हो सकते हैं और समाज फिर से प्रेम और भाईचारे के मार्ग पर चल सकता है।

लेखक:
देश चिंतक
डॉ. मोहिंदर सिंह बाली

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मकान सूचीकरण तथा मकानों की गणना कार्य' का एक दिवसीय प्रशिक्षण हुआ आयोजित

जनगणना-2027 का प्रथम चरण के अंतर्गत आज कार्यालय ई-दक्ष केन्द्र कलेक्ट्रेट भिण्ड में जिला स्तरीय नगरीय क्षेत्र के चार्ज अधिकारी नगरपालिका/नगर परिषद जिला भिण्ड एवं उनके जनगणना लिपिक का जनगणना कार्य (प्रथम चरण) 'मकान सूचीकरण तथा मकानों की गणना कार्य' का द्वितीय 01 दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिसमें जनगणना कार्य निदेशालय म०प्र० भोपाल से श्री भानुप्रताप सिंह (जिला जनगणना प्रभारी) द्वारा सी.एम.एम.एस. पोर्टल पर हैण्ड्स ऑन का कम्प्यूटर पर जनगणना 2027 से सम्बंधित विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। उक्त प्रशिक्षण प्रातः 10.30 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित किया गया। जिसमें सभी नगरीय क्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित हुए।
#CMMadhyaPradesh
#JansamparkMP
Department Of Revenue, Madhya Pradesh
#भिण्ड
#Bhind

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LPG सिलेंडर की बुकिंग के बाद भी नहीं हो रही डिलीवरी? डीलर की मनमानी पर यहाँ करें शिकायत; ये रहे हेल्पलाइन नंबर

📣 नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर आम जनता में चिंता की लहर है। हालांकि, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन धरातल पर कई शहरों से बुकिंग के बावजूद सिलेंडर न मिलने और डीलरों द्वारा अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं।

📣 सरकार का आश्वासन: सप्लाई पर नहीं पड़ेगा अंतरराष्ट्रीय असर

सरकार ने साफ कर दिया है कि घरेलू रसोई गैस (LPG) को प्राथमिकता दी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव के बावजूद देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि आम उपभोक्ताओं की जरूरतों को सबसे ऊपर रखा जाएगा।

📣 नियमों में बदलाव: अब 25 दिन बाद ही होगी अगली बुकिंग

हाल ही में सरकार ने सिलेंडर बुकिंग के नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर अब 25 दिन कर दिया गया है। यानी, एक बार सिलेंडर लेने के बाद उपभोक्ता अगली बुकिंग केवल 25 दिन के अंतराल के बाद ही कर सकेंगे।

📣 डीलर मांगे ज्यादा पैसे या करे देरी, तो तुरंत उठाएं ये कदम

अक्सर देखा गया है कि सप्लाई में देरी का बहाना बनाकर कुछ गैस डीलर ग्राहकों से अतिरिक्त पैसों की मांग करते हैं या डिलीवरी में जानबूझकर देरी करते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसी स्थिति बनती है, तो आप चुप बैठने के बजाय संबंधित कंपनी के आधिकारिक टोल-फ्री नंबरों पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

📣 प्रमुख गैस कंपनियों के हेल्पलाइन नंबर
नीचे दी गई तालिका में अपनी संबंधित कंपनी का नंबर देखें और शिकायत दर्ज करें:

📌 .गैस कंपनी : Indane (इंडेन)
टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबऱ : 1800-2333-555
बुकिंग/अन्य संपर्क नंबर : 7718955555

📌 गैस कंपनी: Bharat Gas (भारत गैस)
टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबऱ : 1800-22-4344
बुकिंग/अन्य संपर्क नंबर : 7715012345

📌 गैस कंपनी : HP Gas (एचपी गैस)
टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबऱ : 1800-2333-555
बुकिंग/अन्य संपर्क नंबर : 9493602222

📣 घबराएं नहीं, जागरूक बनें
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। डिलीवरी में आ रही समस्याएं स्थानीय स्तर पर डीलर की लापरवाही या नए बुकिंग नियमों की समझ न होने के कारण हो सकती हैं। उपभोक्ता के तौर पर जागरूक रहें और किसी भी अनियमितता की स्थिति में तुरंत आधिकारिक चैनल पर शिकायत दर्ज करें।

नोट: शिकायत करते समय अपना उपभोक्ता नंबर (Consumer Number) और बुकिंग आईडी अपने पास जरूर रखें ताकि प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके।

#IOCL #india #socialmedia #ioclrefinery #NewsUpdate #news

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🔶LPG New Rules : 25 दिन से पहले नहीं बुक होगा LPG, सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव

🔶ईरान का UN को सख्त संदेश: अमेरिकी-इजराइली हमले रुकवाओ, चुप्पी प़ेगी दुनिया पर भारी

🔶श्रीलंका अदालत का बड़ा फैसला: US हमले में मारे गए 84 नाविकों के शव ईरान को सौपने का आदेश

🔶अमेरिकी राजदूत ने की भारत की जमकर तारीफ, कहा- ईरान संकट में India के दम पर टिका वैश्विक तेल बाजार

🔶ट्रंप का बड़ा धमाका: अमेरिका में 50 साल बाद बनेगी पहली ऑयल रिफाइनरी, भारत और रिलायंस को कहा थैंक यू

🔶ईरान ने होर्मुज में भारत जा रहे थाई कार्गो शिप पर किया हमला, जंग के बीच वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

🔶पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग की कोशिश: हमलावर ने सिर पर बंदूक तानी, सुरक्षाकर्मियों ने बचाया; डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी भी मौजूद थे

🔶मिडिल ईस्ट में जंग का भारत पर नहीं होगा असर, LPG की भी कोई कमी नहीं, सरकार ने उठाए बड़े कदम

🔶स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज: शाह बोले- आंख मारने वाले स्पीकर पर सवाल उठा रहे; विपक्ष ने माफी मांगो के नारे लगाए

🔶मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव तैयार:लोकसभा के 120, राज्यसभा के 60 सांसदों ने दस्तखत किए, आज संसद में पेश किया जा सकता है

🔶सुप्रीम कोर्ट की बिल्डर्स-बैंक गठजोड़ पर CBI को फटकार:कहा-घर खरीदने वालों के मामले लंबा नहीं खींच सकते, कब्जा दिए बिना किश्त लेने का मामला

🔶रूसी तेल पर U-Turn, होर्मुज पर गर्दन फंसी तो भारत-भारत च‍िल्‍लाने लगी दुन‍िया

🔶 'व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण', पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत की सख्त टिप्पणी

🔶'ईरान में टारगेट करने के लिए कुछ भी नहीं बचा', ट्रंप का दावा- जल्द खत्म हो जाएगा युद्ध

🔶भारत में पहली बार इच्छामृत्यु को मिली मंजूरी, भावुक कर देंगी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की पंक्तियां

🔶अमेरिकी-इजरायली हमले में घायल हुए ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई, पैर में लगी चोट

🔶दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला, एक भारतीय सहित 4 घायल; ईरान और अमेरिका-इजरायल तनाव के बीच बढ़ी हलचल

🔶प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु में 5,650 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं की शुरुआत की

🔶मोदी ने 'केरलम' नाम परिवर्तन का किया स्वागत, धीवरा समुदाय को बताया 'समुद्र की संतान'

🔶ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई 'पूरी तरह सुरक्षित', राष्ट्रपति के पुत्र ने चोटिल होने की खबरों का किया खंडन

🔷BAN vs PAK: बांग्‍लादेश के बुमराह बनेंगे Nahid Rana? वर्ल्‍ड कप के बाद पाकिस्‍तानियों की फजीहत करते हुए मारा 'पंजा'

🔷संदीप पाटिल बोले- युवराज को धोनी ने ड्रॉप नहीं कराया: योगराज सिंह ने गलत आरोप लगाए; सचिन और गंभीर विवाद पर भी बात की

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*1* पीएम मोदी बोले-कांग्रेस के युवराज छोटे दायरे में सिमटे, उन्हें विकास नहीं दिखेगा; तमिलनाडु में कहा-वेस्ट एशिया मामले ने सबपर असर डाला, पैनिक होने की जरूरत नहीं

*2* घबराने या अफवाहों पर ध्यान देने की कोई जरूरत नहीं', पश्चिम एशिया संघर्ष पर बोले प्रधानमंत्री मोदी

*3* अमित शाह बोले- आंख मारने वाले स्पीकर पर सवाल उठा रहे, सदन चलता है तो राहुल विदेश में घूमते हैं; वो बोलना ही नहीं चाहते, हम क्यों रोकेंगे

*4* जो नियम तोड़ेगा, उसका माइक बंद होना ही चाहिए', विपक्ष के माइक बंद के आरोपों पर अमित शाह का पलटवार

*5* लोक सभा में स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान, वोटिंग और इसके ध्वनिमत से खारिज होने के बाद पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने सदन की कार्यावाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

*6* ढाई दिन में मिलेगा सिलिंडर: सरकार का दावा- LPG की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में, नहीं होगी कोई किल्लत

*7* इसरो प्रमुख वी नारायणन ने कहा कि चंद्रयान-5 में भारी लैंडर और लंबी मिशन अवधि होगी, जबकि चंद्रयान-4 में चंद्रमा से नमूने लाए जाएंगे। इसरो मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम, मंगल और शुक्र मिशन समेत कई भविष्य परियोजनाओं पर काम कर रहा है

*8* पश्चिम एशिया संकट पर संसद में चर्चा की मांग: खरगे का आरोप- सरकार को पहले से थी जंग की जानकारी, नहीं की तैयारी

*9* CEC: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष एकजुट, आज महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने की तैयारी

*10* बजट सत्र का दूसरा फेज, आज चौथा दिन, लगातार 3 दिन से विपक्ष का हंगामा; कल लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज हुआ

*11* पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहे एक मालवाहक जहाज पर हमला होने की घटना सामने आई है। भारत सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि संघर्ष के दौरान व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है

*12* जम्मू में फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग, शादी समारोह में गए थे पूर्व मुख्यमंत्री; डिप्टी सीएम भी थे मौजूद

*13* होर्मुज में ईरान की नौसेना पर अमेरिका का वार जारी', ट्रंप बोले- 58 जहाज और बारूदी नावों को किया नष्ट

*14* मैं जब चाहूंगा, ईरान से युद्ध खत्म हो जाएगा', अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा बयान,पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने साफ कहा है कि वे जब चाहेंगे, ईरान से युद्ध खत्म हो जाएगा। उनके मुताबिक, इस संघर्ष में अब निशाना बनाने के लिए लगभग कुछ भी नहीं बचा है।

*15* रूस से 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदेगा भारत, रिलायंस-IOC ने बुकिंग की, ईरान जंग के बीच सप्लाई बंद होने के बाद फैसला

*16* IPL के शुरुआती 20 मैच का शेड्यूल जारी, 28 मार्च को बेंगलुरु में RCB-SRH का ओपनिंग मैच,

*17* छत्तीसगढ़, MP, बिहार में 2-3 दिन में बारिश की चेतावनी, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड में आज भी बर्फबारी का अलर्ट; राजस्थान में पारा 40°C के करीब

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सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी 'पीएम राहत योजना'

अब बिना पैसों के होगा 1.5 लाख रूपये तक का मुफ्त इलाज

दुर्घटना होने पर जिले में 16 प्राईवेट नर्सिंग होम सेवा प्रदान करने हेतु किए गए हैं चिन्हित

सड़क दुर्घटनाओं के दौरान 'गोल्डन ऑवर' (दुर्घटना के बाद का पहला घंटा) में पीड़ितों की जान बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी रहित उपचार स्कीम (पीएम राहत) शुरू की गई है। इस योजना के तहत अब दुर्घटना का शिकार हुए किसी भी व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने के लिए तुरंत पैसों की चिंता नहीं करनी होगी।
प्रत्येक पीड़ित को दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रूपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। योजनांतर्गत आयुष्मान भारत से जुड़े सभी अस्पताल और योजना में विशेष रूप से नामांकित अन्य अस्पताल इस सेवा को प्रदान करेंगे। अस्पताल को पूर्व-प्राधिकरण का इंतजार किए बिना तुरंत उपचार शुरू करना होगा।
भिण्ड जिले में 16 प्राईवेट नर्सिंग होम को सेवा प्रदान करने हेतु नामांकित किया गया है। जिसमें आरोग्य सदन नर्सिंग होम नई आबादी लश्कर रोड़ भिण्ड, भिण्ड मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल रन बाई ऑलवेज फॉर यू ट्रस्ट वार्ड नं. 08 शास्त्री नगर बी-ब्लॉक भिण्ड, सीएलपी मेमोरियल हॉस्पिटल अटेर रोड़ भिण्ड, गीता आरोग्य हॉस्पिटल लश्कर रोड़ भिण्ड, गुलाब नर्सिंग होम डॉक्टर लेन जिला अस्पताल के पास भिण्ड, जेएएम हॉस्पिटल जिला अस्पताल के सामने सक्सेना कॉम्प्लेक्स भिण्ड, खाटू श्याम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल हनुमान मंदिर के सामने आर्य नगर भिण्ड, मां गायत्री नर्सिंग होम वार्ड नं. 12 गली नं. 02 नई आबादी हाऊसिंग कॉलोनी भिण्ड, नयन दृष्टि नेत्रालय बैंक ऑफ इंडिया के ऊपर लश्कर रोड़ भिण्ड, निगौटिया नर्सिंग होम हाउस नं. 95 वार्ड नं. 06 मारकंडेश्वर मंदिर के पास गोहद, निरामया नर्सिंग होम भूता कम्पाउन्ड भूता बाजार भिण्ड, पूर्णा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल प्राईवेट लिमिटेड 18/12 ग्वालियर रोड़ भिण्ड, श्री राधारानी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल नई आबादी हाऊसिंग कॉलोनी भिण्ड, त्रिपाठी आयुष हॉस्पिटल वार्ड नं. 01 अटेर रोड़ भिण्ड, विमल हॉस्पिटल एण्ड ट्रॉमा सेंटर अवंतीबाई स्कूल के पास आर्य नगर भिण्ड, विवेकानंद हॉस्पिटल 344, 345 दबोहा ग्वालियर रोड़ भिण्ड शामिल हैं।

हेल्पलाइन नंबर और शिकायत निवारण

यदि कोई अस्पताल इलाज से मना करता है या किसी तकनीकी सहायता की आवश्यकता है, तो सरकार ने राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14555 जारी किया है। इसके अलावा, जिला स्तर पर शिकायत निवारण अधिकारी की भी नियुक्ति की गई है।
#CMMadhyaPradesh
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Directorate of Health Services, Madhya Pradesh
#पीएम_राहत_योजना
#प्रधानमंत्री_राहत_योजना
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पवित्र रमज़ान माह के अवसर पर हनवारा स्थित महागामा रेफरल अस्पताल परिसर में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व चिकित्सा पदाधिकारी खालिद अंजुम ने किया।

इस अवसर पर अस्पताल के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, कर्मचारी एवं स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। अज़ान के साथ रोजेदारों ने खजूर, फल, शरबत और अन्य पारंपरिक व्यंजनों के साथ रोज़ा खोला तथा देश की तरक्की, समाज में अमन-चैन और सभी लोगों की खुशहाली के लिए दुआ की।

मौके पर उपस्थित लोगों ने कहा कि रमज़ान का महीना त्याग, संयम, सेवा और मानवता का संदेश देता है तथा ऐसे आयोजन समाज में आपसी एकता और भाईचारे को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष टाइगर याहिया सिद्दीकी, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष मिलनुल हक, मुन्ना राजा, शौएब अहमद, अजमेर, नौशेरवा आदिल एवं मो. तस्लीम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

#Ramzan #Iftar #Godda #Mahagama #Jharkhand

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राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स ने नगरीय क्षेत्रों के लिए नियुक्त चार्ज अधिकारियों को जनगणना 2027 का दिया प्रशिक्षण

भारत की जनगणना 2027 का प्रथम चरण का कार्य (मकान सूचीकरण और मकानों की गणना) 01 मई से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। इस संबंध में प्रदेश स्तर से नियुक्त राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स डॉ. रघुवंश मणि सिंह ने ई-दक्ष केन्द्र में नगरीय क्षेत्रों के लिए नियुक्त चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया।
यह प्रशिक्षण आयुक्त नगर निगम, नगरीय निकायों के सीएमओ, जोनल तथा लिपिकीय वर्ग से कर्मचारियों को दिया गया। इस अवसर पर जिला जनगणना अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री अरविन्द माहौर सहित नगरीय निकायों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा भारत की जनगणना 2027 में प्रथम चरण में आने वाले सभी बिन्दुओं को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रशिक्षण के तौर पर दिया। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 में स्व-गणना पोर्टल (एसई पोर्टल), मोबाइल एप (एचएलओ एप) के माध्यम से विस्तार से अवगत कराया। इसी क्रम में मकानसूचीकरण ब्लॉक क्रिएटर, वेब पोर्टल के माध्यम से अवगत कराया। जनगणना अधिनियम के अनुसार संकलित व्यक्तिगत जानकारियां गोपनीय होती है। साथ ही इन्हें कहीं पर भी साक्ष्य के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। मास्टर ट्रेनर्स डॉ. रघुवंश मणि सिंह ने विस्तार से प्रशिक्षण के बिन्दुओं को अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो, आवश्यकतानुसार बार-बार पूछें।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena Jansampark Madhya Pradesh

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जल संचय-जन भागीदारी अभियान में
देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है मध्यप्रदेश

प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के आह्वान पर जल संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन के लिए देश में आरंभ हुआ जल संचय-जन भागीदारी अभियान सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। मध्यप्रदेश ने इस अभियान के प्रथम चरण में 2 लाख 79 हजार जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। द्वितीय चरण में भी मध्यप्रदेश में 64 हजार 395 कार्य प्रगति पर हैं और 72 हजार 647 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। इस प्रकार 1 लाख 37 हजार 42 संरचनाओं के साथ प्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

🔹डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री

Dr Mohan Yadav CM Madhya Pradesh
Department of Water Resources, Madhya Pradesh
Panchayat, Rural Development and Social Welfare Department of Madhya Pradesh
#JansamparkMP #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान_MP

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चोरी का सोना-चांदी और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद

एटा, 11 मार्च 2026 थाना राजा का रामपुर पुलिस ने चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुए एक अभियुक्त और दो अभियुक्ताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किया गया सोना-चांदी का सामान तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है।

पुलिस के अनुसार वादिया ने थाना राजा का रामपुर में लिखित तहरीर देकर बताया कि 25 फरवरी 2026 को वह अलीगंज से खैरपुरा की ओर ऑटो से जा रही थी। रास्ते में खैरपुरा के पास दो अज्ञात महिलाएं ऑटो में आकर बैठ गईं और मौका पाकर उसके पर्स से सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। इस संबंध में पुलिस ने मुकदमा संख्या 27/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी अलीगंज के नेतृत्व में थाना राजा का रामपुर पुलिस ने जांच के दौरान घटना में शामिल एक अभियुक्त सोनू पुत्र विजयपाल निवासी नगला गूजर थाना डबुआ, जनपद फरीदाबाद (हरियाणा) तथा दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक हाय, एक मंगलसूत्र (काले मोती व पीली धातु), एक जोड़ी कुंडल, एक गुच्छा सफेद धातु तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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NEW DELHI: (Mar 12) The Centre on Wednesday advised all the states and Union territories to monitor LPG supplies daily, take strict action against the violators, quell rumour mongering and maintain law and order in the wake of public apprehensions about restricted supply of LPG cylinders in the domestic market due to the widening crisis in West Asia, officials said.

At a meeting chaired by Home Secretary Govind Mohan on Wednesday, it was conveyed that an LPG control order dated March 8 directed the refineries and petrochemical complexes to maximise LPG production and prioritise domestic supply for household consumers, they said.

At the meeting attended by the secretaries in the ministries of petroleum and natural gas, information and broadcasting, and consumer affairs, along with chief secretaries and DGPs of states and UTs, it was conveyed that restrictions have been imposed on the distribution of LPG cylinders to commercial establishments, including hotels and restaurants, but “not to hospitals or educational institutions”.

The home secretary advised the chief secretaries and DGPs to keep an eye on LPG supply in their respective jurisdictions daily and prevent any hoarding or black marketing of cylinders, the officials said.

The states and UTs were also advised to ensure protection of the LPG supply chain by ramping up security arrangements, they said.

They were also told to take strict action against the violators, and maintain law and order on the ground, besides undertaking sufficient awareness drives – both directly and through the oil marketing companies – to quell fears of LPG shortage and counter rumour mongering.

The Centre is taking active measures to ensure adequate availability of LPG for households, the meeting was told.

The states and UTs have also been advised to closely monitor social media and take prompt action to remove fake news and check the spread of false narratives by circulating old or unrelated material.

The Ministry of Home Affairs has set up a 24x7 control room with nodal officers from the information and broadcasting, and petroleum and natural gas ministries.

The control room will enable fact-checking and the issuance of immediate clarifications to states and UTs on any matter on the current situation.

India consumes about 31.3 million tonnes of LPG annually. As much as 87 per cent of this is in the domestic sector, i.e., household kitchens, and the rest in commercial establishments such as hotels and restaurants.

Of this total requirement, 62 per cent is met through imports.

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गढ़वा - खरौंधी में यूजीसी के समर्थन में एससी-एसटी ओबीसी एकता मंच खरौंधी के द्वारा एक समर्थन मार्च निकाला गया। इस समर्थन मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और यूजीसी कानून के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
समर्थन मार्च में मुख्य रूप से जिला परिषद अध्यक्ष शांति देवी भी शामिल हुईं। उन्होंने यूजीसी के समर्थन में हुंकार भरते हुए कहा कि यह कानून समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी है और सभी लोगों को इसके समर्थन में एकजुट होना चाहिए।
वहीं झामुमो के केंद्रीय समिति सदस्य सह जिला परिषद सदस्य खरौंधी धर्मराज पासवान ने कहा कि यूजीसी को लागू करना समाज में समानता और न्याय के लिए अहम कदम है। उन्होंने कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी समाज के लोग इसके समर्थन में पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं।

भवनाथपुर की जिला परिषद सदस्य शर्मा रंजनी ने भी समर्थन मार्च में शामिल होकर कहा कि यूजीसी के समर्थन में लोगों की एकता यह दिखाती है कि समाज अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुका है।

इसी क्रम में पूर्व विधायक प्रत्याशी बरुण बिहारी ने कहा की यूजीसी कानून समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसे लागू करने के लिए जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है।

वहीं झामुमो युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष श्यामसुंदर राम ने कहा की समाज के सभी वर्गों को मिलकर इस कानून के समर्थन में आगे आना चाहिए, ताकि सामाजिक न्याय और समान अधिकार सुनिश्चित हो सके।

समर्थन मार्च के दौरान लोगों ने नारेबाजी करते हुए यूजीसी के समर्थन में अपनी एकजुटता दिखाई।

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जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, चार्ज अधिकारियों के प्रशिक्षण का दूसरा दिन संपन्न

एटा, 11 मार्च 2026 भारत की जनगणना-2027 के अंतर्गत जनपद में चार्ज अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का द्वितीय दिवस बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे चार्ज अधिकारियों और जनपद स्तरीय अधिकारियों को जनगणना कार्य की महत्ता और उसकी प्रक्रिया से अवगत कराया।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है, इसलिए सभी अधिकारी प्रशिक्षण के दौरान पूरी प्रक्रिया को गंभीरता से समझें। उन्होंने बताया कि मंडल और जिला स्तर से आए प्रशिक्षकों द्वारा जनगणना से जुड़ी प्रत्येक प्रक्रिया को विस्तार से समझाया जा रहा है। यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को प्रशिक्षण के दौरान कोई बिंदु समझ में न आए तो उसे तुरंत स्पष्ट कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे।

उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना कार्य दो चरणों में संपन्न कराया जाएगा। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य 22 मई से 20 जून तक किया जाएगा, जबकि इसके बाद फरवरी-मार्च में मुख्य जनगणना कार्य कराया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित तहसीलों के तहसीलदार चार्ज अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे, वहीं शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी इस जिम्मेदारी को निभाएंगे।

डीएम ने बताया कि जनपद में जनगणना कार्य के लिए रिजर्व सहित 3896 प्रगणक (एन्यूमरेटर) और 644 सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को सीएमएमएस पोर्टल और एचसीबीसी वेब पोर्टल की भी जानकारी दी जाएगी। फील्ड स्तर के कर्मचारियों को लखनऊ से प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे मास्टर ट्रेनर संजय शर्मा और रजतपाल द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम में जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) लालता प्रसाद, उप जिलाधिकारी पीयूष रावत, श्वेता सिंह, जनगणना प्रशिक्षक आदेश कुमार मौर्य, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हर्षवर्धन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रदीप कुमार सहित सभी तहसीलदार, नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारी, कंप्यूटर सहायक और संबंधित स्टाफ मौजूद रहे।

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एटा 11 मार्च 2026 जनपद में साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सकीट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सकीट साइबर हेल्प डेस्क टीम ने तत्परता दिखाते हुए साइबर ठगी के शिकार एक पीड़ित के खाते में 15,300 रुपये की पूरी धनराशि वापस कराई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) के निकट पर्यवेक्षण में साइबर अपराध की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एक आवेदक के बैंक खाते से 15,300 रुपये की ऑनलाइन ठगी हो गई थी। इस संबंध में पीड़ित ने 2 मार्च 2026 को थाना सकीट में शिकायत दर्ज कराई थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) ने थाना सकीट साइबर क्राइम टीम को जांच कर पीड़ित की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुपालन में साइबर क्राइम टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित संस्थाओं से समन्वय स्थापित किया और पीड़ित के खाते में पूरी धनराशि वापस कराई।

धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने थाना सकीट साइबर हेल्प डेस्क टीम तथा एटा पुलिस का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि वापस कराई जा सके।

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నంద్యాల (AIMA MEDIA): రాజీవ్ గాంధీ మెమోరియల్ కాలేజ్ ఆఫ్ ఇంజినీరింగ్ అండ్ టెక్నాలజీ (RGMCET) ఆధ్వర్యంలో నిర్వహించిన DEFEND-X – RIPPLE-2K26 జాతీయ స్థాయి టెక్నికల్ సింపోజియంలో శాంతిరాం ఇంజినీరింగ్ కళాశాల (స్వయం ప్రతిపత్తి) విద్యార్థులు ప్రతిభ కనబరచి కళాశాలకు గౌరవం తీసుకొచ్చారు.ఈ సింపోజియంలో దేశవ్యాప్తంగా వివిధ ఇంజినీరింగ్ కళాశాలల నుండి వచ్చిన విద్యార్థులు పాల్గొని తమ సాంకేతిక నైపుణ్యాలను ప్రదర్శించారు. ఇందులో భాగంగా నిర్వహించిన ఎస్క్యుఎల్ హంటర్ పోటీలో శాంతిరాం ఇంజినీరింగ్ కళాశాలకు చెందిన అశ్వత్ కంఠ మెరిట్ సాధించి ప్రత్యేక ప్రతిభ చూపించారు. అదే విధంగా నిర్వహించిన కాగిల్ పోటీలో వై. అశోక్, కాసా క్రాంతి కిరణ్, కే. రోహిత్ కుమార్ గౌడ్ అద్భుత ప్రతిభ కనబరిచి ద్వితీయ స్థానం కైవసం చేసుకున్నారు. ఇక అదే సింపోజియంలో నిర్వహించిన ప్రాంప్ట్ ఇంజినీరింగ్ పోటీలో శాంతిరాం ఇంజినీరింగ్ కళాశాలకు చెందిన రాహుల్ బరికీ విశేష ప్రతిభ కనబరచి ద్వితీయ స్థానం సాధించి కళాశాలకు మరొక గౌరవాన్ని తీసుకొచ్చారు.ఈ సందర్భంగా కళాశాల ప్రిన్సిపాల్, విభాగాధిపతులు మరియు అధ్యాపకులు విజేత విద్యార్థులను అభినందించారు. ముఖ్యంగా డా. ఎం.వి. సుబ్రహ్మణ్యం మరియు డా. జె. డేవిడ్ సుకీర్తి కుమార్ విద్యార్థులను అభినందిస్తూ, భవిష్యత్తులో కూడా ఇలాంటి జాతీయ స్థాయి పోటీల్లో పాల్గొని మరిన్ని విజయాలు సాధించాలని ఆకాంక్షించారు. విద్యార్థులు సాధించిన ఈ విజయాలు కళాశాల ప్రతిష్ఠను మరింత పెంచాయని తెలిపారు.

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मेनू बार

निर्णय
कार्यस्थल
होम > कोर्ट अपडेट्स > हाई कोर्ट > बॉम्बे हाई कोर्ट > भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर...
भ्रष्टाचार मामले में दर्ज एफआईआर को समझौते के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाई कोर्ट ने रिश्वतखोरी में सहायता करने के आरोप में वकील के खिलाफ कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया।
उच्च न्यायालय ने यह माना कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लगाए गए आरोपों से उत्पन्न आपराधिक कार्यवाही को केवल शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच हुए समझौते के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता है, विशेष रूप से जहां आरोप लोक सेवकों से जुड़े रिश्वतखोरी में सहायता करने से संबंधित हों।
मुहिब मखदूमी द्वारा
अपडेट: 2026-03-11 11:50 GMT
न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फाल्के, बॉम्बे हाई कोर्ट, नागपुर बेंच
न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फाल्के, बॉम्बे हाई कोर्ट, नागपुर बेंच

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज अपराधों से संबंधित एफआईआर को केवल इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता क्योंकि शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच समझौता हो गया है, और शिकायतकर्ता के बेटे को जेल में बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए पुलिस अधिकारियों की ओर से रिश्वत मांगने के आरोपी एक वकील के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया।

न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 12 और 15 के तहत अपराधों के लिए दर्ज की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट और विशेष न्यायालय के समक्ष लंबित परिणामी कार्यवाही को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था।

न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी फाल्के की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि "यद्यपि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 लोक सेवकों द्वारा किए गए कृत्यों से संबंधित है, और आवेदक, जो पेशे से वकील है, लोक सेवक नहीं है", फिर भी 'उकसाने' की परिभाषा और आवश्यक तत्वों पर विचार करने के बाद, यह माना कि "आवेदक का कृत्य आईपीसी की धारा 107 के स्पष्टीकरण-1 के अंतर्गत आता है, और इसलिए, आवेदक के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 12 लागू होती है"।

तदनुसार न्यायालय ने यह माना कि "माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एफआईआर रद्द करने के उद्देश्य से निर्धारित मापदंड, यदि वर्तमान मामले पर लागू किए जाते हैं, तो यह स्वीकार किया जाता है कि 'उकसाने' के संबंध में वर्तमान आवेदक के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है और इसलिए, आवेदन खारिज किए जाने योग्य है"।

पृष्ठभूमि
एफआईआर एक आपराधिक मामले में गिरफ्तार और पुलिस हिरासत में रखे गए आरोपी व्यक्ति के पिता द्वारा भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो के समक्ष दर्ज कराई गई शिकायत से उत्पन्न हुई

शिकायत के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने शिकायतकर्ता के वकील के माध्यम से शिकायतकर्ता के बेटे को जेल में बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के बदले में पैसे की मांग की। शुरू में यह मांग 5 लाख रुपये बताई गई थी, जिसे बाद में बातचीत के बाद 1.25 लाख रुपये में कम कर दिया गया।

शिकायत मिलने के बाद, भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो ने पंच गवाहों की उपस्थिति में सत्यापन कार्यवाही की। इस प्रक्रिया के दौरान, शिकायतकर्ता और वकील के बीच हुई बातचीत को रिकॉर्ड किया गया, जिससे कथित तौर पर यह पता चला कि वकील ने पुलिस अधिकारियों की ओर से रिश्वत की राशि के भुगतान की मांग को शिकायतकर्ता तक पहुंचाया था।

इस रिपोर्ट के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए गए और आवेदक तथा अन्य आरोपियों के आवाज के नमूने एकत्र कर विश्लेषण के लिए भेजे गए। जांच पूरी होने पर विशेष न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।

उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका पर सुनवाई लंबित रहने के दौरान, शिकायतकर्ता ने एक हलफनामा दायर किया जिसमें कहा गया कि शिकायत गलतफहमी के कारण दर्ज की गई थी और पक्षों के बीच समझौता हो गया था।

अतः, याचिकाकर्ता के वकील ने मुख्य रूप से समझौते के आधार पर एफआईआर को रद्द करने की मांग की और यह भी तर्क दिया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं होते हैं।

न्यायालय की टिप्पणी
उच्च न्यायालय ने सबसे पहले यह जांच की कि क्या शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच समझौते के आधार पर भ्रष्टाचार के आरोप वाली आपराधिक कार्यवाही को रद्द किया जा सकता है

मध्य प्रदेश राज्य बनाम लक्ष्मी नारायण मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए, न्यायालय ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जैसे विशेष कानूनों के तहत अपराधों को केवल इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता क्योंकि पक्षों ने विवाद का निपटारा कर लिया है। न्यायालय ने यह भी कहा कि समझौते के आधार पर आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की शक्ति का प्रयोग आम तौर पर ऐसे मामलों में किया जाता है जिनका स्वरूप मुख्य रूप से दीवानी होता है, जैसे वैवाहिक विवाद या व्यावसायिक लेन-देन।

न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि भ्रष्टाचार के अपराध एक अलग श्रेणी के होते हैं क्योंकि वे सार्वजनिक प्रशासन और जनविश्वास को प्रभावित करते हैं। इसलिए, शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच हुए समझौते के आधार पर ऐसी कार्यवाही को रद्द करना न्याय के हित में नहीं होगा।

न्यायालय ने सर्वोच्च न्यायालय की उन टिप्पणियों का भी उल्लेख किया जिनमें भ्रष्टाचार को एक गंभीर सामाजिक बुराई के रूप में उजागर किया गया था और यह उल्लेख किया गया था कि संवैधानिक न्यायालयों को ऐसे अपराधों के प्रति "शून्य सहिष्णुता" दिखानी चाहिए।

इसके बाद पीठ ने जांच के दौरान एकत्रित सामग्री की जांच की। न्यायालय ने पाया कि सत्यापन कार्यवाही के दौरान, शिकायतकर्ता और वकील के बीच हुई बातचीत से यह संकेत मिलता है कि वकील ने पुलिस अधिकारियों द्वारा हिरासत में बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के बदले पैसे की मांग को स्पष्ट रूप से बताया था।

सत्यापन पंचनामा में दर्ज बातचीत से पता चलता है कि वकील ने शिकायतकर्ता को भुगतान करने के लिए राजी करने का प्रयास किया था।

न्यायालय ने आगे पाया कि आवेदक के आवाज के नमूने एकत्र किए गए थे, और फोरेंसिक रिपोर्ट से पता चला कि रिकॉर्ड की गई बातचीत आवेदक की आवाज से मेल खाती है। शिकायतकर्ता ने यह भी विशेष रूप से आरोप लगाया था कि वकील ने जांच अधिकारी की ओर से यह मांग रखी थी।

इसके बाद न्यायालय ने इस बात पर विचार किया कि क्या भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत अपराध सिद्ध होते हैं। यह पाया गया कि अधिनियम की धारा 7 लोक सेवकों द्वारा आधिकारिक कार्यों के संबंध में रिश्वत स्वीकार करने पर लागू होती है और इसलिए यह आवेदक अधिवक्ता पर लागू नहीं होगी, जो लोक सेवक नहीं है।

हालांकि, न्यायालय ने माना कि अभिलेख में मौजूद सामग्री से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 12 के तहत उकसाने के प्रथम दृष्टया तत्व प्रकट होते हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 107 के तहत उकसाने की परिभाषा का हवाला देते हुए न्यायालय ने कहा कि जो व्यक्ति जानबूझकर किसी अपराध को अंजाम देने में सहायता करता है या उकसाता है, वह उकसाने के लिए उत्तरदायी हो सकता है।

न्यायालय ने माना कि अधिवक्ता और शिकायतकर्ता के बीच हुई बातचीत, सत्यापन पंचनामा और आवाज विश्लेषण रिपोर्ट के साथ मिलकर, पर्याप्त सबूत प्रदान करती है जो यह संकेत देते हैं कि अधिवक्ता ने पुलिस अधिकारियों की ओर से अवैध रिश्वत की मांग को सुविधाजनक बनाया था या उसे संप्रेषित किया था।

न्यायालय ने विधि पेशे के सदस्यों के कर्तव्यों के संबंध में भी टिप्पणियां कीं, जिसमें कहा गया कि अधिवक्ताओं से न्यायालय के अधिकारियों और एक प्रतिष्ठित पेशे के सदस्यों के रूप में ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।

निष्कर्ष
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि आरोपों और रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से आवेदक अधिवक्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 12 के तहत भ्रष्टाचार के लिए उकसाने का प्रथम दृष्टया मामला सामने आया है

तदनुसार, एफआईआर और आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी गई।

मामले का शीर्षक: सचिन चंद्रमणि वानखेड़े बनाम महाराष्ट्र राज्य और अन्य (तटस्थ उद्धरण: 2026:BHC-NAG:4062-DB)

उपस्थिति

आवेदक : श्री परवेज़ मिर्ज़ा, अधिवक्ता

प्रतिवादी : एम.ए. बरबदे, एपीपी; एम. हुसैन, अधिवक्ता

निर्णय पढ़ने/डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें


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बॉम्बे हाई कोर्ट न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी फाल्के
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जमा की गई ग्रेच्युटी पर ब्याज जमा करने की तारीख से रुक जाता है; वेतन के रूप में 'विशेष भत्ता' जारी करने के मुद्दे पर नए सिरे से जांच की आवश्यकता है: बॉम्बे उच्च न्यायालय
2026-03-11 10:00 GMT
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ऑपरेशन दहन चलाया गया

कानपुर। पुलिस आयुक्त, कानपुर नगर के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन दहन’ अभियान के अंतर्गत आज को थाना काकादेव क्षेत्रांतर्गत कोचिंग मंडी, पाडूनगर क्षेत्र में मादक पदार्थों की रोकथाम हेतु विशेष चेकिंग एवं प्रवर्तन अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान पुलिस उपायुक्त सेन्ट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव स्वयं मौके पर उपस्थित रहे। उनके साथ सहायक पुलिस आयुक्त कर्नलगंज महोदय, प्रभारी निरीक्षक काकादेव एवं थाना काकादेव पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र के चिन्हित हॉट-स्पॉट्स पर सघन चेकिंग एवं दबिश की कार्रवाई की गई।

चेकिंग के दौरान कई दुकानों पर गोगो पाइप पाए गए, जिन्हें मौके पर ही जब्त करते हुए संबंधित दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी गई तथा भविष्य में इस प्रकार की सामग्री का अवैध रूप से विक्रय न करने हेतु सख्त हिदायत दी गई।

उक्त अभियान का उद्देश्य सूखे नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा इसके सेवन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

खास रिपोर्ट - किशोर मोहन गुप्ता
जिला - कानपुर नगर
राज्य - उत्तर प्रदेश
मोबाईल नंबर - 6387202969

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निधौली कलां पुलिस की कार्रवाई, आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज


एटा 11 मार्च 2026 जनपद में अपराध एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना निधौली कलां पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक अभियुक्त को 26 पव्वा अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक एटा के निकट पर्यवेक्षण में अवैध शराब तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।

थाना निधौली कलां पुलिस ने चेकिंग के दौरान मुन्नालाल पुत्र सोहनपाल निवासी ग्राम मंगरौली, थाना निधौली कलां जनपद एटा को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 26 पव्वा अवैध देशी शराब बरामद हुई।

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना निधौली कलां पर मुअस संख्या 29/2026 धारा 60 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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Source by : CNA Digital NEWS

12 Mar 2026 09:07 AM

Iran says war could destroy global economy, Trump vows to 'finish' job

The statement from Tehran came as fighting around the strategic Strait of Hormuz sent shockwaves through energy markets, prompting emergency releases from global reserves and a limited draw on US stockpiles.

Smoke rises from the site of an Israeli airstrike that targeted an area in Beirut’s southern suburbs on Mar 11, 2026. (Photo: AFP)

TEHRAN: Iran warned it could wage a prolonged war with the United States and Israel that would "destroy" the world economy, even as US President Donald Trump vowed on Thursday (Mar 12) to "finish the job", saying there was little left for American forces to strike.

The statement from Tehran came as fighting around the strategic Strait of Hormuz - the waterway carrying a fifth of the world's oil - sent shockwaves through energy markets, prompting emergency releases from global reserves and a limited draw on US stockpiles.

Oil prices have surged since Feb 28, when the US and Israel launched air strikes on Iran that killed its supreme leader and plunged the Middle East into conflict.

Iranian missile strikes and drone attacks have brought shipping through the strait almost to a halt, forcing governments to scramble to contain the fallout, but Trump said on Wednesday the United States must "finish the job".

"We don't want to leave early, do we?" Trump said while talking about the US-Israeli operation during a speech in Hebron, Kentucky.

Trump said Washington would also tap US strategic reserves "a little" to help stabilise markets, while the International Energy Agency agreed to release a record 400 million barrels.

The president had earlier suggested the war itself might soon wind down. US forces have struck 28 Iranian mine-laying vessels, he said, adding that there was "practically nothing left to target".

"Any time I want it to end, it will end," he said in an interview with Axios.

Israel's military, however, signalled the campaign was far from finished, and that it still had "a broad bank of targets".

ECONOMIC SHOCK
With the conflict in its 12th day, Iran's Revolutionary Guards (IRGC) warned they would strike "economic centres and banks" linked to US and Israeli interests, prompting more international firms to evacuate staff from Dubai.

The US and Israel "must consider the possibility that they will be engaged in a long-term war of attrition that will destroy the entire American economy and the world economy", Ali Fadavi, an adviser to the Guards' commander-in-chief, told state television.

Iran said it targeted two commercial vessels in the Gulf after they entered the Strait of Hormuz "after ignoring the warnings" of its navy.

The IRGC also insisted Tehran retained full control over the strategic waterway, adding that "armed forces are not neglecting their duties for even a moment".

Analysts warn that a prolonged disruption to shipping through the strait - which also carries roughly a third of the fertiliser used in global food production - would deliver a severe economic shock, particularly in Asia and Europe.

The UN Security Council passed a resolution demanding Iran halt attacks on Gulf states, prompting the Islamic Republic's ambassador to the United Nations to accuse it of a "blatant misuse" of its mandate.

The conflict has already disrupted two pillars of the Gulf economy - energy production and commercial aviation.

On Wednesday, drones fell near Dubai airport, injuring four people, authorities said. Others struck fuel tanks at Oman's Salalah port, according to the Oman News Agency.

LEBANON DRAWN IN DEEPER
In an apparent first since the war began, Israeli drones also struck targets in Tehran on Wednesday evening, killing members of the security forces, Iran's Fars news agency reported.

The IRGC said just after midnight on Thursday they had carried out a joint missile operation with Hezbollah against targets in Israel.

Pentagon officials have meanwhile briefed US lawmakers that the cost of the war exceeded US$11.3 billion in its first six days, The New York Times reported, citing people familiar with the classified briefing.

Lebanon said the death toll from ten days of fighting between Israel and Iran-backed militant group Hezbollah had reached more than 630, while more than 800,000 people have registered as displaced.

The conflict has continued to spill across the region.

Lebanon was pulled into the war last week when Hezbollah attacked Israel following the killing of Iranian Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei.

Israeli strikes on Wednesday hit an apartment building in central Beirut. AFPTV footage captured the sound of an incoming strike followed by a fireball erupting from the building.

"I ran from room to room, pulled my wife and daughter out of the rooms and hid them behind a wall, then the second strike hit," said Fawzi Asmar, a bakery owner on the same street.

Israel later launched what it described as a "large-scale wave of strikes" in response to Hezbollah rocket fire. Lebanon's health ministry said eight people were killed in an Israeli strike in the country's east.

"SATAN HIMSELF"
The US-Israeli assault began only weeks after Iranian authorities crushed mass protests, though the allies insist regime change is not necessarily their goal.

Iranian officials warned dissent would be treated as treason.

Police chief Ahmad-Reza Radan said protesters would be viewed and dealt with as "enemies".

Iran's new supreme leader, Ayatollah Mojtaba Khamenei, has yet to appear in public, and officials said Wednesday he had been wounded but was "safe".

Iran's health ministry said on March 8 that more than 1,200 people had been killed in US and Israeli strikes. AFP could not independently verify the figure.

Thousands of mourners gathered in Tehran to commemorate commanders killed in the attacks, the largest public gathering since the war began, held under a heavy security presence.

Yahya Rahim Safavi, a senior adviser to the new supreme leader, also struck a defiant tone, calling Trump the "most corrupt and stupid American president" and "Satan himself".

Devashish Govind Tokekar
VANDE Bharat live tv news Nagpur
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
Indian Council of press,Nagpur
Journalist Cell
All India Media Association
Nagpur District President
Delhi Crime Press
RNI NO : DELHIN/2005/15378
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9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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गंगटोक, सिक्किम: गंगटोक के मानन केन्द्र में “किराई को कोख” शीर्षक का एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति मंचित की गई, जिसे दर्शकों और विशिष्ट अतिथियों से भरपूर सराहना मिली। इस नाटक का मंचन Creative Mind Studio ने Sikkim Assemble Theatre के सहयोग से किया।
यह नाटक साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित पुस्तक “किराई को कोख” पर आधारित है, जिसे प्रसिद्ध लेखक Shanker Deo Dhakal ने लिखा है। नाटक का निर्देशन Suman Rai ने किया, जिन्होंने अपनी सशक्त और भावनात्मक प्रस्तुति के माध्यम से कहानी को जीवंत रूप में दर्शकों के सामने पेश किया।
कार्यक्रम में सिक्किम के मुख्यमंत्री Prem Singh Tamang (गोले) भी उपस्थित रहे। उन्होंने नाटक की सराहना करते हुए पूरी टीम को उनकी मेहनत और रचनात्मक प्रयासों के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से आयोजकों, कलाकारों और पूरी प्रोडक्शन टीम को एक महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक विषय पर सशक्त प्रस्तुति देने के लिए शुभकामनाएँ दीं।
मानन केन्द्र में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे। नाटक प्रेमियों ने इसकी प्रभावशाली कहानी, कलाकारों के अभिनय और उत्कृष्ट निर्देशन की खूब प्रशंसा की।
इस प्रस्तुति ने एक बार फिर सिक्किम में बढ़ती रंगमंच संस्कृति को उजागर किया और यह दिखाया कि स्थानीय कलाकार महत्वपूर्ण साहित्यिक कृतियों को मंच के माध्यम से दर्शकों तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

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सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज कस्बे में पारिवारिक विवाद के चलते एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह घटना डुमरियागंज थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 कृष्णा नगर की है। यहां के निवासी लगभग 30 वर्षीय अबराक की शादी करीब एक वर्ष पहले वासा गांव में हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।
मृतक की पत्नी हुदा अक्सर मायके जाने को लेकर पति से झगड़ा करती थी और अपने भाई को बुलाकर मायके चली जाती थी। करीब तीन महीने पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद मामला थाने तक पहुंचा था। उस समय पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया था।
समझौते के बाद पत्नी अपने भाई के साथ मायके चली गई, जबकि अबराक काम करने के लिए मुंबई चला गया। मृतक के भाई मोहम्मद शमशाद ने आरोप लगाया है कि अबराक की सास और साला उसे लगातार प्रताड़ित करते थे। कुछ दिन पहले ससुराल पक्ष ने अबराक को फोन कर बताया कि उसकी पत्नी की डिलीवरी होने वाली है, जिसके बाद वह मुंबई से घर लौट आया।
और साले ने अबराक के साथ मारपीट और झगड़ा किया। किसी तरह वह वहां से अपने घर लौट आया, लेकिन ससुराल पक्ष की कथित प्रताड़ना से आहत होकर उसने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

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मोटार सायकल सिलीप झाल्याने रविराज गोरे यांचे अपघाती निधन

विलास केजरकर भंडारा.

भंडारा:- परी. मूल्यांकन दुय्यम निबंधक सजिनी कार्यालय भंडारा येथील रविराज गोरे ( वय २७ वर्षे ) रा. सातारा हे नागपूर येथून भंडारा कडे मोटार सायकल ने येत असतांना राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक ६ वरील जवाहर नगर येथील उड्डाणपूलावर अचानक दुचाकी साईन गाडी स्लीप होऊन अपघात झाला. त्या अपघातात रविराज गोरे यांच्या डोक्याला मार लागल्याने त्यांचे दुःखद निधन झाले. अपघाताची माहिती वाऱ्यासारखी पोहताच नागरिकांनी मोठी गर्दी केली. त्या अपघातात रविराज गोरे यांच्या डोक्याला मार लागल्याने लगेच रुग्ण वाहिनीने त्याला उपचारासाठी जिल्हा सामान्य रुग्णालयात दाखल करण्यात आले. आणि त्याचा उपचारादरम्यान मृत्यू झाला. त्याचा मृतदेह सातारा जिल्ह्यात पाठविण्यात आला आहे.

Devashish Govind Tokekar
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युवा पत्रकार प्रेस क्लब शोहरतगढ़़ के आगामी चुनाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। चुनाव अधिकारी कमलेश मिश्रा एवं सरताज आलम ने कहा कि प्रेस क्लब का चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से सम्पन्न कराया जायेगा। इसके लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि चुनाव प्रक्रिया शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो सकें। कमलेश मिश्रा ने बताया कि प्रेस क्लब के सभी सदस्य पत्रकार लोकतांत्रिक परम्पराओं का पालन करते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। वहीं सरताज आलम ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाये रखने के लिए निर्धारित नियमों और आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जायेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता या विवाद की स्थिति में तत्काल उचित कार्रवाई की जायेगी।
चुनाव अधिकारी सलमान हिन्दी एवं अब्दुल कुददुश ने कहा कि प्रेस क्लब पत्रकारों की एक महत्वपूर्ण संस्था है, जो क्षेत्र में पत्रकारों के हितों की रक्षा और उनके अधिकारों को मजबूत करने का कार्य करती है। ऐसे में क्लब का चुनाव भी आपसी सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप सम्पन्न होना चाहिए। चुनाव अधिकारी ने सभी सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि वे चुनाव प्रक्रिया में सहयोग करें और आपसी भाईचारे व गरिमा को बनाए रखते हुए मतदान में भाग लें। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी पत्रकार मिलकर चुनाव को सफल बनाएंगे और प्रेस क्लब को और अधिक मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभायेंगे।

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केन्द्र सरकार ने देशभर में 'एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955' लागू कर दिया है। हॉर्मुज जलमार्ग के रास्ते होने वाली गैस सप्लाई ठप होने के बाद सरकार ने ये कदम उठाया है। गैस किल्लत को देखते हुए दिल्ली मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ एवं उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस रोक की वजह से रेस्टोरेंट्स और होटलों के बन्द होने की नौबत आ गई है। छोटे होटल और भोजनालय चलाने वालों ने सरकार से कहा है कि सप्लाई बहाल की जायें। वहीं कमोडिटी एक्ट लागू होने के बाद 4 कैटेगरी में गैस बंटेगी, जो निम्न हैं:-
👉 पहली कैटेगरी (पूरी सप्लाई) :-
इसमें आपके घर की रसोई गैस (पीएनजी) और गाड़ियों में डलने वाली सीएनजी आती है। इन्हें पहले की तरह पूरी गैस मिलती रहेगी।
👉 दूसरी कैटेगरी (खाद कारखाने) :-
खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को करीब 70% गैस दी जायेगी। बस उन्हें यह साबित करना होगा कि गैस का इस्तेमाल खाद बनाने में ही हुआ है।
👉 तीसरी कैटेगरी (बड़े उद्योग) :-
नेशनल ग्रिड से जुड़ी चाय की फैक्ट्रियों और दूसरे बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत की लगभग 80% गैस मिलेगी।
👉चौथी कैटेगरी (छोटे बिजनेस और होटल) :-
शहरों के गैस नेटवर्क से जुड़े छोटे कारखानों, होटल और रेस्टोरेन्ट को भी उनकी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस दी जायेगी।
👉आपको बता दें कि एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 का एक ऐसा कानून है, जो सरकार को यह ताकत देता है कि वह किसी भी जरूरी चीज जैसे- अनाज, दालें, खाने का तेल, दवाइयां या ईंधन की सप्लाई और कीमतों को कन्ट्रोल कर सकें। इसे आसान भाषा में 'जमाखोरी रोकने वाला कानून' कह सकते हैं।
👉 कभी किसी चीज की कमी होने लगती है या उसकी कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ने लगती हैं, तो सरकार इस कानून को लागू कर देती है। इसके तहत व्यापारियों के लिए स्टॉक की एक लिमिट तय कर दी जाती है कि वे एक सीमा से ज्यादा सामान गोदामों में नहीं भर सकते।
👉अन्य राज्यों सहित उत्तर प्रदेश में सप्लाई पर सबसे ज्यादा असर :-
तमाम अन्य राज्यों सहित उत्तर प्रदेश में कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पर अघोषित रोक से होटल-रेस्टोरेन्ट और ढाबा संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कम्पनियों ने एजेंसियों को पूरा फोकस सिर्फ घरेलू गैस पर रखने को कहा है, लेकिन इसके बावजूद आम लोगों में घबराहट का माहौल है। लखनऊ, कानपुर और वाराणसी, गोरखपुर एवं सिद्धार्थनगर जैसे शहरों में बुकिंग के 4-5 दिन बाद भी डिलीवरी नहीं हो पा रही है।
👉वहीं संकट से निपटने भारत सरकार ने 4 जरूरी कदम उठायें हैं :-
1. हाई-लेवल कमेटी बनाई :-
संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने 03 तेल कम्पनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी।
2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू :-
गैस की सप्लाई को कन्ट्रोल करने के लिए केन्द्र सरकार ने देशभर में 'एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955' लागू कर दिया है।
3. 21 दिन बाद होगी एलपीजी बुकिंग :-
घरेलू सिलेण्डर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेण्डर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेण्डर 21 दिन बाद ही बुक होगा।
4. ओटीपी और बायोमेट्रिक अनिवार्य :-
गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेन्ट ओटीपी या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं।
5. एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश :-
सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरी कम्पनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। इस एक्स्ट्रा उत्पादन का इस्तेमाल घरेलू रसोई गैस के लिए होगा।
👉 सप्लाई संकट की 2 वजह जो निम्न हैं -
1. 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का लगभग बन्द होना :-
भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का बन्द होना है। ये करीब 167 किमी लम्बा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा।
दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है।
2. प्लान्ट पर ड्रोन हमले से एलएनजी का प्रोडक्शन रुका:
पिछले हफ्ते अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसके जवाब में ईरान ने यूएई, कतर, कुवैत और सऊदी जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने एलएनजी प्लान्ट का प्रोडक्शन रोक दिया है। इससे भारत में गैस की सप्लाई घट गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% एलएनजी (करीब 2.7 करोड़ टन सालाना) कतर से ही आयात करता है।
आपको बता दें कि इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबन्धक (एलपीजी) के एम0 ठाकुर ने बताया कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार अब अमेरिका जैसे देशों से वैकल्पिक कार्गो मंगाने पर विचार कर रही है। वहीं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर G7 देश अपने इमरजेंसी तेल भण्डार से सप्लाई जारी करने पर चर्चा कर रहे हैं, ताकि ग्लोबल मार्केट में ऊर्जा संकट को कम किया जा सकें। रूस और अल्जीरिया से भी अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है। वहीं पांच दिन पहले सरकार ने घरेलू गैस सिलेण्डर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की एलपीजी गैस अब 913 रुपए की मिल रही है। पहले यह 853 रुपए की थी। जबकि 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेण्डर में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। यह अब 1883 रुपए का मिल रहा है। वहीं सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़़ में 19 किग्रा वाले कमर्शियल सिलेण्डर 1953.50 रुपए में था जो 115 रुपये में बढ़कर अब 2068.50 रुपए है। वहीं बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं। इससे पहले सरकार ने 8 अप्रैल 2025 को घरेलू सिलेण्डर के दामों में 50 रुपए का इजाफा किया था। यानी ये बढ़ोतरी करीब एक साल बाद की गई है। वहीं 1 मार्च 2026 को कॉमर्शियल गैस सिलेण्डर के दाम 31 रुपए तक बढ़ाये गये थे। भारत सरकार ने गैस के दामों में बढ़ोत्तरी ऐसे वक्त की है जब अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के चलते देश में गैस की किल्लत की आशंका जताई गई है।

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नमो नमो क्रांति फाउंडेशन के सभी पदाधिकारियों को अभय कुमार प्रदेश संगठन महामंत्री की तरफ से नमस्कार आप सभी को बताने में खुशी हो रही है कि अपने संगठन को मजबूत बनाने के लिए अपनी राष्ट्रीय टीम और अपने प्रदेश अध्यक्ष जी के द्वारा एक कार्यक्रम रखा गया है।

परिचय सम्मेलन जो 15 मार्च 2026 दिन रविवार समय 11:00 बजे को लखनऊ में प्रस्तावित किया जाएगा जिसमें राष्ट्रीय स्तर प्रदेश स्तर क्षेत्रीय स्तर जिले के सभी पदाधिकारियों को इस कार्यक्रम में पहुंचाना अनिवार्य है बहुत से पदाधिकारी संगठन में जुड़े हुए हैं। लेकिन वह किसी को जानते नहीं हैं और इस संगठन को भी नहीं समझते हैं कि हमें इस संगठन में क्या काम करना है और कैसे करना है इसिलिये पदाधिकारियों का स्वागत एवं परिचय सम्मेलन का कार्यक्रम रखा जा रहा है इस कार्यक्रम को रखने के लिए हमारे जिले के बहुत से ऐसे पदाधिकारी हैं जो हमेशा बोलते रहते थे कि एक बार आप सभी लोग लखनऊ में मीटिंग रखिए और हम सभी लोगों का परिचय करवाइए और संगठन के बारे में बताइए कि हम सभी लोग कैसे काम करें अब वह टाइम आ गया है, इसलिए जिले के सभी छोटे और बड़े पदाधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल होकर इस कार्यक्रम को एक अच्छा मजबूत और शानदार बनाने के लिए आप सभी प्रदेश और जिले के सभी पदाधिकारियों को आमंत्रित किया जाता है।

आप सभी लोग इस कार्यक्रम में पहुंचने का काम कीजिए और इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आप सभी लोग एकजुट होकर इसको अच्छे कार्यक्रम का रूप बनाने में सहयोग करें एक अच्छे कार्यकर्ता के रूप में आप सभी लोग एकजुट होकर आइए और इस कार्यक्रम को सफल बनाइए आप सभी लोगों से निवेदन किया जाता है। आपके आने से ही यह संगठन का पता चलेगा कि हमारा संगठन कितना मजबूत और कितना बड़ा है और हम दिखा सकते हैं कि हमारा संगठन भाईचारा प्रेम मित्र सभी लोगों से मिलकर बना है।

आपका अपना
नमो नमो क्रांति फाउंडेशन

रिपोर्ट - पंकज गुप्ता
जिला - जालौन, उरई
राज्य - उत्तर प्रदेश

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बढ़नी शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर
विकास खंड बढ़नी क्षेत्र के कई गांवों में 'ग्राम स्वराज' का सपना फिलहाल पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। ग्राम स्वराज के लिए जरूरी ग्राम सचिवालयों की स्थिति काफी खराब है। ज्यादातर गांवों में पंचायत भवनों का उपयोग पंचायतों के लिए नहीं हो रहा है। कहीं ग्रामीण अवैध कब्जा कर रह रहे हैं तो कहीं कंडा पाथा जा रहा है तो कहीं पशुओं का तबेला बने हैं।
ग्राम स्वराज का सपना देखे भले ही कई दशक बीत गया हो, लेकिन यह सपना अभी तक पूरा नहीं हो सका है। मौजूदा समय में हालत यह है कि न तो हर गांवों में पंचायत सचिव हैं और न ही सचिवालय। पंचायतों की बैठक कागजों में हो जाती है ,जो भवन बने भी हैं वह जर्जर हो गए हैं तो कई पर अवैध कब्जा है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार विकास खंड बढ़नी क्षेत्र के ग्राम पंचायत ताल कुंडा की बात करें तो यहां के पंचायत भवन पर कुछ बाहरी लोग मेहनत मजदूरी करने वाले अपना गैस सिलेंडर चूल्हा बर्तन रखकर आवास के रूप में प्रयोग किया जा रहा है।
पंचायत भवन में सुविधाओं का अभाव एक गंभीर समस्या है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में 'ग्राम स्वराज' का सपना प्रभावित हो रहा है। ताल कुंडा पंचायत भवन काफी जर्जर अवस्था में है टाइल्स उखड़ चुका है। सुविधा के नाम पर कंप्यूटर, लैपटॉप, कुर्सी मेज इनवार्टर बैट्री कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। पंचायत भवन की स्थिति काफी खराब है। जबकि पंचायत सहायक सुरेंद्र कुमार निषाद की नियुक्ति कर हर माह भुगतान भी किया जा रहा है। फिर भी सुविधाएं नदारद है और पंचायत भवन ग्रामीण जनता के काम नहीं आ पा रहा हैं।
वहीं कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लाखों रुपये की लागत से बने पंचायत भवन सुविधाजनक नहीं और खंडहर में तब्दील हो गए है। पंचायत भवन निर्माण कागजों में पूर्ण दिखाया गया है, लेकिन वहां शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं अधूरी या नदारद हैं। जिसमें प्रशासनिक उदासीनता को दर्शा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से पंचायत भवन की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

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जे. एम. पटेल महाविद्यालयामध्ये झुंबा प्रशिक्षणाला विद्यार्थांचा उत्स्फूर्त प्रतिसाद

विलास केजरकर भंडारा.

भंडारा: येथील जे. एम. पटेल महाविद्यालयात प्राचार्य डॉ. प्रदीप मेश्राम यांच्या मार्गदर्शनाखाली व क्रीडा विभाग प्रमुख डॉ. भीमराव पवार, क्रीडा संचालक डॉ. रोमी बिष्ट यांच्या वतीने महाविद्यालयाच्या परिसरात झुंबा प्रशिक्षणाचे आयोजन करण्यात आले होते.
NEP)2020 च्या अनुषंगाने महाविद्यालयातील सर्व विद्यार्थ्यांसाठी "झुंबा" कार्यक्रमाचे आयोजन करण्यात आले. विद्यार्थी -विद्यार्थीनीच्या सर्वांगीण विकासासाठी, विद्यार्थ्यांमध्ये तणावमुक्ती आणि सकारात्मक ऊर्जा निर्माण व्हावी हा उपक्रमाच्या मागचा उद्देश होता.
झुंबा प्रशिक्षक म्हणून कु. रौनक या बी. कॉमच्या विद्यार्थिनीनी हलक्या आणि ऊर्जा देणाऱ्या गाण्यांच्या तालावर विद्यार्थ्यांना झुंबा व्यायामाचे विविध प्रकार शिकवले. या उपक्रमात महाविद्यालयातील विद्यार्थ्यांचा उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिळाला.
या झुंबा प्रशिक्षणामध्ये महाविद्यालयाचे प्राध्यापक डॉ. शिरीष नखाते, प्रा. खोमेश लांजेवार, प्रा. अमोल सातपुते, डॉ. अजय घाटोळे, डॉ. विजया कन्नाके, प्रा. कविता बडवाईक, डॉ. विशाखा वाघ, प्रा.भावना रॉय, प्रा. नयना सोनवणे, डॉ. ममता राऊत उपस्थित होते.
कार्यक्रमाचे सूत्रसंचालन डॉ. अजय देवकते यांनी केले. तर उपस्थितांचे आभार क्रीडा संचालक डॉ. रोमी बिष्ट यांनी मानले.
कार्यक्रमाच्या यशस्वीतेसाठी जे. एम. पटेल महाविद्यालयातील प्राध्यापक, कर्मचारीवर्ग, विद्यार्थी विद्यार्थिनींनी सहकार्य केले.

Devashish Govind Tokekar
VANDE Bharat live tv news Nagpur
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
Indian Council of press,Nagpur
Journalist Cell
All India Media Association
Nagpur District President
Delhi Crime Press
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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కోటబొమ్మాళి: హరిశ్చంద్రపురం రైలు నిలయం సమీపంలో బుధవారం ఇదే మండలం నిమ్మాడ జంక్షన్‌కు చెందిన తంగుడు వెంకటరమణ (60) రైలు కిందపడి మృతి చెందాడు. పలాస రైల్వే పోలీసులు తెలిపిన వివరాల మేరకు.. వెంకటరమణ నిమ్మాడ జంక్షన్‌లో పాన్‌షాపు నడుపుకుంటూ జీవనం సాగిస్తున్నాడు. కుటుంబ కలహాలతో భార్య భారతి, కుమారులు మహేష్‌, సందీప్‌ కొన్నేళ్ల కిందట వెంకటరమణను వదిలేసి జలుమూరు మండలం చల్లపేటలో నివాసముంటున్నారు. అప్పటి నుంచి ఒక్కడే పాన్‌షాపును నడుపుకుంటూ జీవనం సాగిస్తున్నాడు. వెంకటరమణ మృతికి గల కారణాలు తమకు తెలియదని గ్రామస్థులు చెబుతున్నారు. ఈ మేరకు పలాస జీఆర్‌పీ ఎస్‌ఐ ఎ.కోటేశ్వరరావు కేసు నమోదు చేసి దర్యాప్తు చేస్తున్నారు.

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गॅस सिलेंडर दरवाढ विरोधात आज काँग्रेस पक्षाचे आंदोलन...!

नांदेड - केंद्रातील नरेंद्र मोदी सरकारने घरगुती गॅस सिलेंडर मध्ये प्रतिनग ६० रूपये दर वाढ केली असुन सर्व सामान्यांच आर्थिक कंबरडे मोडले आहे. या दरवाढी विरोधात उद्या गुरूवारी नांदेड जिल्हाधिकारी कार्यालयासमोर सकाळी ११ वाजता जिल्हा काँग्रेस पक्षाच्यावतीने खासदार श्री रविंद्र चव्हाण यांच्या नेतृत्वाखाली धरणे आंदोलन व निदर्शने करण्यात येणार आहेत. या धरणे आंदोलनात नांदेड जिल्ह्य़ातील काँग्रेस पक्षाचे सर्व पदाधिकारी, महिला काँग्रेस, युवक काँग्रेस, काँग्रेस सेवा दल, एन एस यु आय ओबीसी सेल आदी विविध सेलच्या कार्यकर्त्यांनी सहभागी व्हावे असे आवाहन नांदेड जिल्हा काँग्रेस (उतर) चे अध्यक्ष श्री राजेश पावडे, दक्षिणेचे जिल्हाध्यक्ष हणमंतराव पाटील बेटमोगरेकर, नांदेड महानगर अध्यक्ष अब्दूल सत्तार, ओबीसी सेलचे प्रदेशाध्यक्ष यशपाल भिंगे, काँग्रेस महानगर सरचिटणीस आनंद कल्याणकर यांनी केले आहे.

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నరసన్నపేట: జమ్ము గ్రామం వద్ద ఎన్‌హెచ్‌-326 రహదారిపై బుధవారం ద్విచక్ర వాహనం ఢీకొన్న ఘటనలో అదే గ్రామానికి చెందిన కొత్తరెడ్డి కృష్టారావు (73) మృతి చెందాడు.పోలీసులు తెలిపిన వివరాల మేరకు.. కృష్ణారావు తన ఇంటి నుంచి సైకిల్‌పై మామిడి తోటకు వెళ్తుండగా.. తోట సమీపంలో జాతీయ రహదారిపై నరసన్నపేట నుంచి పాతపట్నం వైపు వెళ్తు ద్విచక్రవాహనం ఢీకొంది. ఈ ఘటనలో కృష్ణారావు తలకు బలమైన గాయాలు కాగా చికిత్స నిమిత్తం నరసన్నపేటలోని ఓ ప్రైవేట్‌ ఆసుపత్రికి తరలించారు. పరిస్థితి విషమించడంతో అంబులెన్స్‌లో శ్రీకాకుళం సర్వజన ఆసుపత్రి (రిమ్స్‌)కి తరలిస్తుండగా.. మార్గమధ్యలో మృతిచెందారు. కృష్ణారావు భార్య పాపమ్మ ఫిర్యాదు మేరకు కేసు నమోదు చేసి దర్యాప్తు చేస్తున్నట్టు ఎస్‌ఐ గణేష్‌ తెలిపారు. కాగా వీరికి ముగ్గురు కుమార్తెలు ఉన్నారు.

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वाडा (प्रतिनिधी):
एकेकाळी निसर्गरम्य आणि हिरवागार असलेला वाडा तालुका आज प्रदूषणाच्या विळख्यात अडकला आहे. परदेशातील टाकाऊ टायर आणून ते वाड्यातील मातीत जाळले जात असून, यामुळे इथली हवा विषारी आणि पाणी काळे पडले आहे. या गंभीर प्रश्नावर आता वाडावासीय आक्रमक झाले असून, भ्रष्ट प्रशासन आणि प्रदूषणकारी कंपन्यांविरुद्ध शनिवार, १४ मार्च २०२६ रोजी चिंचघर येथे एका भव्य निर्णायक बैठकीचे आयोजन करण्यात आले आहे.
काय आहे मुख्य प्रश्न?
गेल्या दीड-दोन वर्षांपासून वाडा तालुक्यातील उसर, दिनकरपाडा, वडवली, बिलोशी, कोनसई, पालसई, सापने, कोने, खरिवली, नेहरोली आणि तोरणे यांसारख्या अनेक गावांमध्ये बेकायदेशीर टायर जाळणाऱ्या कंपन्यांचे पेव फुटले आहे. या कंपन्यांमुळे परिसरात श्वसनाचे विकार वाढले असून, भविष्यात कॅन्सरसारख्या जीवघेण्या आजारांची भीती निर्माण झाली आहे.
प्रशासनाच्या भूमिकेवर संताप
स्थानिक नागरिकांचा आरोप आहे की, प्रदूषण नियंत्रण मंडळ (MPCB) आणि संबंधित सरकारी अधिकारी या कंपन्यांवर कारवाई करण्याऐवजी डोळेझाक करत आहेत. "आमच्या लेकरांच्या आरोग्यापेक्षा अधिकाऱ्यांना पैशांची बंडल मोठी वाटत आहेत का?" असा संतप्त सवाल आता विचारला जात आहे.
पक्षापलीकडे जाऊन एकवटणार 'वाडा'
ही लढाई आता कोणत्याही एका पक्षाची किंवा गटाची राहिलेली नसून, संपूर्ण वाडा तालुक्याच्या अस्तित्वाची लढाई बनली आहे. सर्व मतभेद बाजूला सारून 'मायबाप' जनतेने आपल्या येणाऱ्या पिढीच्या सुरक्षित भविष्यासाठी आणि शुद्ध हवेसाठी एकत्र येण्याचे आवाहन करण्यात आले आहे.
🚩 बैठकीचा तपशील:
• दिनांक: शनिवार, १४ मार्च २०२६
• वेळ: सायंकाळी ठीक ४:०० वाजता
• स्थळ: ह. वी. पाटील विद्यालय सभागृह, चिंचघर, ता. वाडा.
"आज जर आपण घरात बसलो, तर उद्या आपल्या लेकरांना श्वास घेणंही कठीण होईल. त्यामुळे आपल्या मातीसाठी आणि आपल्या रक्तासाठी या बैठकीला मोठ्या संख्येने उपस्थित राहा," असे आवाहन संघर्ष समिती आणि वाडावासीयांच्या वतीने करण्यात आले आहे.
घोषणा:
🔥 विषारी टायर कंपन्या वाड्यातून हद्दपार झाल्याच पाहिजेत!
🔥 भ्रष्ट प्रशासनाचा जाहीर धिक्कार!
🔥 एकजूट हीच आपली ताकद!

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శ్రీకాకుళం: ముఖ్యమంత్రి చంద్రబాబు నాయుడు ఆధ్వర్యంలో బుధవారం విజయవాడలో జరిగిన 6వ కలెక్టర్ల కాన్ఫరెన్స్‌లో జిల్లాకు సంబంధించి అనేక ఆసక్తికరమైన, ఆందోళనకరమైన గణాంకాలు వెలుగుచూశాయి. ప్రభుత్వ అధికారిక నివేదికల ప్రకారం.. ఒకవైపు పారిశ్రామిక వృద్ధి, నైపుణ్యాభివృద్ధిలో సిక్కోలు రాష్ట్రానికే ఆదర్శంగా నిలుస్తుండగా, ప్రజల జీవన ప్రమాణాలకు అద్దం పట్టే 'తలసరి ఆదాయం', పారిశుధ్య నిర్వహణ (స్వచ్ఛాంధ్ర)లో అట్టడుగున ఉండి నిరాశపరుస్తోంది.

స్కిల్‌ టెస్టులో..

రాష్ట్ర ప్రభుత్వం యువత కోసం నిర్వహిస్తున్న లక్ష నైపుణ్య పరీక్షల (స్కిల్‌ స్ర్కీనింగ్‌ టెస్టులు) నమోదులో జిల్లా యువత సత్తా చాటింది. రాష్ట్రవ్యాప్తంగా 32 సెక్టార్లలో ఏకంగా 6,412 మంది యువత రిజిస్టర్‌ చేసుకున్నారు. దీంతో రాష్ట్రంలోనే జిల్లా ప్రథమ స్థానంలో నిలిచింది.

తలసరి ఆదాయం..

జిల్లా స్థూల ఉత్పత్తి వృద్ధిబాటలోనే ఉన్నప్పటికీ, సామాన్యుడి ఆదాయం పెరగకపోవడం కలవరపెడుతోంది. 2025-26కు గాను జిల్లా జీడీపీ రూ.48,072 కోట్లగా అంచనా వేశారు. ఇది గత ఏడాదితో పోలిస్తే 10.67 శాతం వృద్ధి సాధించింది. ఇందులో పారిశ్రామిక రంగం రూ. 8,688 కోట్లతో అత్యధికంగా 16.74 శాతం అద్భుతమైన వృద్ధిని నమోదు చేసింది. సేవారంగం రూ.22,261 కోట్లతో (13.05 శాతం వృద్ధి), వ్యవసాయ రంగం రూ. 13,367 కోట్లతో (2.48 శాతం వృద్ధి) పురోగతి సాధించాయి. జిల్లా స్థూల ఉత్పత్తి పెరిగినా, ప్రజల తలసరి ఆదాయం మాత్రం రూ. 1,82,508 వద్దే నిలిచిపోయింది. దీంతో రాష్ట్రంలోనే జిల్లా ఏకంగా 26వ స్థానంలో (అట్టడుగున) ఉండటం అధికారుల వైఫల్యాన్ని, ప్రాంతీయ అసమానతలను ఎత్తిచూపుతోంది.

స్వచ్ఛాంధ్రలో అట్టడుగున..

స్వచ్ఛాంధ్ర-2026 లక్ష్యాలు, మురుగు నీటి శుద్ధి, పారిశుధ్య నిర్వహణ విభాగాల్లో రాష్ట్రంలో 'బాటమ్‌ పెర్ఫార్మన్స్‌'లో మొదటి స్థానంలో (అట్టడుగున) జిల్లా నిలవడం తీవ్ర ఆందోళన కలిగిస్తోంది. జిల్లాలోని 19 మురుగు నీటి శుద్ధి (ఎస్‌టీపీ) ప్రాజెక్టుల ఏర్పాటు కోసం 4.09 ఎకరాల భూమిని తక్షణమే కేటాయించాలని ప్రభుత్వం ఆదేశించింది. రానున్న 'స్వచ్ఛ సర్వేక్షన్‌-2025' కోసం శ్రీకాకుళం (రివర్‌-కోస్టల్‌ టౌన్‌ అవార్డు రేసులో), పలాస-కాశీబుగ్గ(స్వచ్ఛ షెహార్‌ జోడీ, కోస్టల్‌ టౌన్‌, ఫాస్టెస్ట్‌ మూవర్‌ రేసులో) మునిసిపాలిటీలను ప్రత్యేకంగా ఎంపిక చేసి ఫోకస్‌ పెంచాలని ప్రభుత్వం ఆదేశించింది.

వ్యవసాయ కేపీఐలో..

రాష్ట్రస్థాయి కీ పెర్మార్మన్స్‌ ఇండికేటర్స్‌ (కేపీఐ)లో 'ఎకానమీ-అగ్రి, అలైడ్‌ సెక్టార్‌' కింద శ్రీకాకుళం జిల్లా 40 సూచికలకు గాను 90 స్కోరుతో ఏ+ గ్రేడ్‌ సాధించి రాష్ట్రంలో 5వ స్థానంలో నిలిచింది. సర్వీస్‌ సెక్టార్‌లో 93 స్కోరుతో ఏ+ గ్రేడ్‌, ఇండస్ట్రీ సెక్టార్‌ లో 85 స్కోరుతో (ఏ) గ్రేడ్‌లో నిలిచింది. 311 ఓవరాల్‌ కేపీఐ సూచికలకు గాను 84 స్కోరుతో 'ఏ గ్రేడ్‌' 14వ ర్యాంకు తెచ్చుకుంది. ఏఐ అగ్రోనమిస్ట్‌ సేవలందించే 'ఫార్మర్‌ యాప్‌'లో జిల్లా నుంచి 20,128 మంది రైతులు రిజిస్టర్‌ చేసుకున్నారు. రైతు భరోసా కేంద్రాల అధికారులు సైతం 41 శాతం యాక్టివ్‌ లాగిన్స్‌తో ముందున్నారు.

పొందూరు ఖాదీ, పలాస జీడిపప్పు..

'వన్‌ డిస్ట్రిక్ట్‌.. వన్‌ ప్రొడక్ట్‌' (ప్రొడక్ట్‌ పర్ఫెక్షన్‌) కింద జిల్లా నుంచి పొందూరు ఖాదీ (కాటన్‌ చీరలు), నాణ్యమైన పలాస జీడిపప్పు ఎంపికయ్యాయి. వీటిని గ్లోబల్‌ బ్రాండ్లగా మార్చేందుకు ఎంఎస్‌ఎంఈ డెవలప్‌మెంట్‌ కార్పొరేషన్‌, హార్టికల్చర్‌, ఫుడ్‌ ప్రాసెసింగ్‌ శాఖలు సమన్వయంతో మార్కెటింగ్‌ సౌకర్యాలు కల్పించనున్నాయి.

రైల్వే ప్రాజెక్టులు.. ఉచిత సోలార్‌ విద్యుత్‌

జిల్లాలో మొత్తం 73 రైల్వే లెవల్‌ క్రాసింగ్‌, ఆర్వోబీ, ఆర్‌యూబీ ప్రాజెక్టులను ప్రతిపాదించగా... 54 మంజూరయ్యాయి. మరో 19 ప్రాజెక్టులు మంజూరు కావాల్సి ఉంది. పీఎం సూర్యఘర్‌ ఉచిత విద్యుత్‌ యోజనలో భాగంగా.. ఎస్సీ, ఎస్టీలకు సోలార్‌ విద్యుత్‌ అందించే ఈ (యూఎల్‌ఏ మోడల్‌) పథకంలో ఏపీఈపీడీసీఎల్‌ పరిధిలో జిల్లాలోని 16,278 మందిని (32.56 ఎండబ్ల్యూ సామర్థ్యం) లబ్ధిదారులుగా గుర్తించారు. ఇప్పటికే 12,737 ఇళ్లకు రూఫ్‌టాప్‌ సర్వే పూర్తి కాగా, 2,286 యూనిట్లకు అనుమతులు వచ్చేశాయి.

గ్రీన్‌ఫీల్డ్‌ విమానాశ్రయం..

జిల్లా వాసుల చిరకాల స్వప్నం గ్రీన్‌ఫీల్డ్‌ విమానాశ్రయానికి సంబంధించి ప్రభుత్వ ప్రణాళిక స్పష్టమైంది. పబ్లిక్‌ ప్రైవేట్‌ పార్టనర్‌షిప్‌(డీబీఎఫ్‌ఓటీ) విధానంలో నిర్మించనున్న ఈ ఎయిర్‌పోర్టు తొలి దశ అంచనా వ్యయం రూ.550 కోట్లు. ప్రాజెక్టు కోసం 1,383.71 ఎకరాలను ప్రభుత్వం గుర్తించగా.. 2026 మార్చి నాటికి భూసేకరణ పూర్తి చేయాలని కలెక్టర్‌కు సీఎం నిర్దేశించారు. ఎయిర్‌పోర్ట్‌ అథారిటీ ఆఫ్‌ ఇండియాతో జాయింట్‌ డెవలప్‌మెంట్‌ కోసం డిసెంబర్‌ 2025లోనే కేంద్రానికి ప్రతిపాదనలు పంపారు. 'రైట్స్‌' సంస్థ సర్వే కూడా పూర్తయింది. ప్రస్తుతం పౌర విమానయాన మంత్రిత్వ శాఖ గ్రీన్‌ సిగ్నల్‌ (సైట్‌ క్లియరెన్స్‌) కోసం ఎదురుచూస్తున్నారు.

- తాజా త్రైమాసిక (డిసెంబరు 2025 - ఫిబ్రవరి 2026) నివేదిక ప్రకారం జిల్లా యంత్రాంగం పనితీరుపై 70.2 శాతం సానుకూలత (పాజిటివ్‌) వ్యక్తంకాగా, 29.8 శాతం ప్రతికూలత (నెగిటివ్‌) నమోదైంది. గత డిసెంబర్‌ నాటికి జిల్లా స్కోరు 67.3గా ఉండగా, తాజా నివేదికలో అది 2.9 శాతం మేర పెరగడం గమనార్హం.

- ప్రభుత్వ పంపిణీ కార్యక్రమాలు, సంక్షేమ పథకాలు అమలుకు జిల్లాలో అత్యుత్తమ మార్కులు పడ్డాయి. ఎన్టీఆర్‌ భరోసా పెన్షన్ల పంపిణీ పట్ల అత్యధికంగా 89.0 శాతం మంది ప్రజలు సానుకూలత వ్యక్తం చేశారు. కాలుష్య నియంత్రణ మండలి (87.6శాతం), అన్న క్యాంటీన్లు (84.5శాతం), పాఠశాల విద్య (84.0శాతం), గర్భిణులు-బాలింతల సేవల్లో (82.5శాతం), ఆర్టీసీ బస్సు సేవలు (82.3శాతం) కూడా ప్రజల మన్ననలు పొందాయి. రేషన్‌ పంపిణీ, రీ-సర్వే (80.9శాతం), ఫైర్‌ ఎన్‌ఓసీ (80.3 శాతం), మధ్యాహ్న భోజన పథకం (80.0శాతం) విభాగాల్లోనూ జిల్లా మంచి స్కోరు సాధించింది.

- ఇసుక వ్యవహారాల్లో గతంలో కంటే ఏకంగా 21.7 శాతం మేర పాజిటివ్‌ స్కోర్‌ పెరిగింది. అలాగే ఎఫ్‌-లైన్‌ సర్వేలో 19.0 శాతం, కాలుష్య నియంత్రణలో 13.9 శాతం, విద్యుత్‌ సేవల్లో 12.8 శాతం, ఆర్‌ఓఆర్‌ సర్వేలో 12.5 శాతం మే సానుకూలత పెరిగింది.

- ఒకవైపు సంక్షేమంలో దూసుకుపోతున్నా.. క్రీడలు, రోడ్లు, రైతాంగ సమస్యల పరిష్కారంలో యంత్రాంగం వెనుకబడి ఉన్నట్లు నివేదిక స్పష్టం చేస్తోంది. క్రీడా ప్రాధికార సంస్థ సేవల్లో అత్యల్పంగా కేవలం 24.0 శాతం మాత్రమే పాజిటివ్‌ స్కోర్‌ నమోదైంది. రహదారలపై గుంతల సమస్యపై ప్రజలు తీవ్ర అసంతృప్తితో ఉన్నారు. దీనికి కేవలం 51.3 శాతం పాజటివ్‌ స్కోర్‌ రావడం పరిస్థితికి అద్దం పడుతోంది. సాగునీటి రంగం (52.8శాతం), రవాణా శాఖ పన్నులు (57.9 శాతం), యూరియా లభ్యత-ధరలు (59.9శాతం), ధాన్యం కొనుగోళ్లు (60.2శాతం) విభాగాల్లో పనితీరు మెరుగుపడాల్సి ఉంది. గంజాయి నియంత్రణలో గతంతో పోలిస్తే సానుకూలత 1 శాతం తగ్గగా, ఆర్టీసీ బస్టాండ్ల నిర్వహణలో ఏకంగా 8.0 శాతం మేర ప్రజాదరణ పడిపోవడం గమనార్హం.

- మొత్తం మీద చూస్తే.. ప్రభుత్వ లక్ష్యాలకు అనుగుణంగా సంక్షేమ పథకాలను పజ్రల్లోకి తీసుకెళ్లడంలో సఫలమవుతున్న జిల్లా యంత్రాంగం, ప్రజలకు అత్యవసరమైన రోడ్లు వంటి మౌలిక వసతులు, వ్యవసాయ రంగ సమస్యలపై మరింత దృష్టి సారించాల్సిన అవసరం ఉందని తాజా నివేదికను బట్టి తెలుస్తోంది.

నివేదికను నిశితంగా పరిశీలిస్తే..

నైపుణ్యాభివృద్ధి, అగ్రి వ్యవసాయ రంగ పనితీరు(కేపీఐ), ఎయిర్‌పోర్టు భూసేకరణ వేగవంతం కావడం జిల్లాకు అతిపెద్ద 'పాజిటివ్‌' అంశాలు. అయితే స్థానిక సంస్థల అలసత్వం వల్ల పారిశుధ్య నిర్వహణ (స్వచ్ఛాంధ్ర) పూర్తిగా అట్టడుగుకు పడిపోయింది. పారిశ్రామికంగా 16.74 శాతం అద్భుతమైన వృద్ధిరేటు నమోదైనా, అది సామాన్యుడి తలసరి ఆదాయం (26వ ర్యాంకు) పెంచడంలో విఫలమవుతోంది. పేదరికం, వలసల నివారణ జరగాలంటే జిల్లా యంత్రాంగం తలసరి ఆదాయం పెంపుపై, స్వచ్ఛాంధ్ర లక్ష్యాలపై ప్రత్యేక దృష్టి (స్పెషల్‌ డ్రైవ్‌) పెట్టాల్సిన అవసరం ఉందని ఈ నివేదికలు కుండబద్దలు కొడుతున్నాయి.

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శ్రీకాకుళం: నగరపాలక సంస్థ కార్యాలయంలోని టౌన్‌ ప్లానింగ్‌ విభాగం సిబ్బంది ముడుపుల కోసం ఏకంగా డిజిటల్‌ ప్లాట్‌ఫాంలను వాడుకున్నారు.ఏసీబీ అధికారుల రెండోరోజు (బుధవారం) తనిఖీల్లో ఈ వ్యవహారం వెలుగుచూసింది. భవన నిర్మాణ అనుమతులపై వస్తున్న అవినీతి ఆరోపణలపై మరింత లోతుగా విచారణ చేపడుతున్నారు. ప్రతి ఫైలును క్షుణ్ణంగా పరిశీలిస్తున్నారు. విస్తుపోయే వాస్తవాలు వెలుగుచూసినట్లు సమాచారం.

మంగళవారం కొందరు టౌన్‌ ప్లానింగ్‌ ఉద్యోగుల వద్ద లెక్కచూపని నగదును ఏసీబీ అధికారులు గుర్తించారు. కొంతమంది ప్రైవేట్‌ వ్యక్తుల నుంచి కొంత నగదును స్వాధీనం చేసుకున్నట్లు సమాచారం. ఆ నగదుకు సంబంధించిన మూలాలపై అధికారులు విచారణ జరుపుతున్నారు. రికార్డులను కూడా సరిగా నిర్వహించడం లేదని తేలింది.

ముడుపుల కోసం ఏకంగా ఫోన్‌పే, గూగుల్‌ పే వంటి డిజిటల్‌ ప్లాట్‌ఫారమ్‌లను ఉపయోగించి లంచాలు స్వీకరించినట్లు అధికారులు ఆధారాలు సేకరించారు. కొన్ని భవన నిర్మాణ దరఖాస్తులు పెండింగ్‌లో ఉండగా, నిబంధనలకు విరుద్ధంగా అనేక నిర్మాణాలకు అనుమతులు ఇచ్చినట్లు గుర్తించారు. బీపీఎస్‌ పథకం అధిక సంఖ్యలో దరఖాస్తులు రాగా.. అందులో సగంకంటే ఎక్కువ దరఖాస్తులపై ఎలాంటి చర్యలు తీసుకోకుండా పెండింగ్‌లోనే ఉంచినట్లు గుర్తించారు.

శ్రీకాకుళం నగరంలోని పలు ప్రాంతాలకు ఏసీబీ అధికారులు వెళ్లి ప్లాన్‌ అనుమతులు ఇచ్చిన భవనాలను పరిశీలించారు. ఆ భవనాల యాజమానులను, అనుమతులు ఇచ్చిన అధికారులను కూడా ప్రశ్నించారు. గురువారం పూర్తిస్థాయిలో వివరాలు వెల్లడికానున్నాయి.

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वाराणसी। आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए बुधवार को जनपद न्यायालय परिसर से जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई।

Sanjeev Shukla, जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष District Legal Services Authority, वाराणसी ने प्रचार-प्रसार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों के माध्यम से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को लोक अदालत के बारे में जानकारी दी जाएगी।अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण पर जोर
इस अवसर पर जिला जज संजीव शुक्ला ने कहा कि प्रचार-प्रसार वाहन आम जनता को राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति जागरूक करेंगे, जिससे अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण हो सकेगा।

लोक अदालत का उद्देश्य लंबित वादों का त्वरित और सुलह के आधार पर समाधान करना है, जिससे लोगों को सस्ता और शीघ्र न्याय मिल सके।कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में कई न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से:

भूमि अर्जन एवं दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी Satyanand Upadhyay

अपर जनपद न्यायाधीश व राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी Alok Kumar

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव Praveen Kumar

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) Dr. Sadanand Guptaइसके अलावा Union Bank of India के अग्रणी जिला प्रबंधक Avinash Agrawal, जनपद के न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक विभागों के कर्मचारी और अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

क्या है राष्ट्रीय लोक अदालत
राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक ऋण, बिजली बिल, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, राजस्व और अन्य सुलह योग्य मामलों का निस्तारण आपसी सहमति से किया जाता है।

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याद कीजिए वह दौर, जब अमेर‍िका भारत को नैतिकता का पाठ पढ़ा रहा था. रूसी तेल खरीदने पर आंखें द‍िखा रहा था. डोनाल्‍ड ट्रंप ने तो 50 फीसदी टैर‍िफ स‍िर्फ इसी बात के ल‍िए लगा द‍िया था क‍ि भारत उनके दबाव में नहीं आ रहा था.

ट्रंप चाहते थे कि भारत रूस से एक बूंद भी तेल न खरीदे. लेकिन आज जब स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज पर इनकी गर्दन फंस गई, तो सारी अकड़ हवा हो गई. आज वही अमेरिका, वही इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) भारत के सामने हाथ जोड़े खड़ी है और कह रही है कि भारत को रूस से तेल खरीदना चाहिए, ताकि ऑयल मार्केट को महंगाई की आग में जलने से बचाया जा सके.

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के कार्यकारी निदेशक फतह बिरोल अब भारत की शान में कसीदे पढ़ रहे हैं. बिरोल को यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि भारत सरकार इमरजेंसी ऑयल स्टॉक जारी करने की IEA की सामूहिक कार्रवाई का समर्थन कर रही है और वैश्विक बाजार की स्थिरता को बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाने को तैयार है.

अमेर‍िका की बेबसी का सार्वजन‍िक कबूलनामा

भारत को रोज धमकाने वाले अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट कह रहे क‍ि हमने 30 द‍िन की छूट दी है, ताक‍ि वैश्विक बाजार में तेल की सप्‍लाई बनी रहे. अंदाज अहसान जताने वाला है लेकिन असल में अमेरिका की अपनी बेबसी का सार्वजनिक कबूलनामा है. जिस वॉशिंगटन ने एक साल तक अपनी पूरी ताकत इस बात पर लगा दी कि रूस का खजाना खाली हो जाए, आज वही वॉशिंगटन कह रहा है कि भारत रूस को पैसे दे ताकि अमेरिका में पेट्रोल के दाम न बढ़ें. बात यहीं खत्म नहीं होती, ट्रंप ने तो यहां तक संकेत दे दिया है कि वे रूस की अन्य तेल आपूर्तियों से भी प्रतिबंध हटा सकते हैं.

भारत ने 50 फीसदी बढ़ा दी रूस से खरीद

भारत पीछे नहीं है… ना तो उसने ट्रंप के कहने पर रूस से तेल लेना छोड़ा है, ना छोड़ने को तैयार है. और तो और भारत ने तेल की खरीद 50 फीसदी बढ़ा दी है. जहाज न‍िगरानी के आंकड़ों को देखें तो पता चलता है क‍ि फरवरी में जहां भारत रूस से रोज करीब 10.4 लाख बैरल तेल खरीद रहा था, वहीं मार्च में यह बढ़कर रोजाना 15 लाख बैरल पहुंच गया है. यानी सीधे डेढ़ गुना हो गया है.

जयशंकर और रूसी व‍िदेश मंत्री की बात

इसी बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूसी व‍िदेशमंत्री सर्गेई लावरोव के साथ एक लंबी बातचीत की है. आधिकारिक बयानों में भले ही यह कहा जा रहा हो कि यह चर्चा मुख्य रूप से ईरान की स्थिति पर केंद्रित थी, लेकिन कूटनीति की समझ रखने वाला कोई भी नौसिखिया बता सकता है कि इस बातचीत का मुख्य एजेंडा क्या था. विशेषज्ञों का साफ मानना है कि इस दौरान रूसी तेल की खरीद और आपूर्ति को लेकर ही असली रणनीति बुनी गई है.

डेटा एनालिटिक्स फर्म 'केप्‍लर' के आंकड़े बताते हैं कि इस समय समुद्र में लगभग 13 करोड़ बैरल रूसी तेल तैर रहा है. होर्मुज में लगे जाम और पश्चिमी देशों की नई सहमति के बाद, इस बात की पूरी संभावना है कि इनमें से अधिकांश बैरल बहुत तेज से भारतीय बंदरगाहों की ओर मोड़ दिए जाएंगे. केप्‍लर के विश्लेषकों का भी यही अनुमान है कि भारत बहुत जल्द प्रतिबंधों से पहले वाली स्थिति में लौट आएगा और अपनी जरूरत का 40-45 प्रतिशत कच्चा तेल वापस रूस से ही खरीदने लगेगा.

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जयपुर/अजमेर: आईपीएल 2026 के शेड्यूल की घोषणा होते ही राजस्थान के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह की जगह मायूसी छा गई है। बीसीसीआई (BCCI) द्वारा जारी पहले चरण के 20 मैचों के कार्यक्रम में जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम को एक भी मैच नहीं मिला है। राजस्थान रॉयल्स के मैच गुवाहाटी शिफ्ट किए जाने से न केवल खेल भावना को ठेस पहुंची है, बल्कि प्रदेश को आर्थिक और भावनात्मक स्तर पर भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है।
​1. खेल प्रेमियों के उत्साह पर पानी फिरा
​राजस्थान रॉयल्स का घरेलू मैदान जयपुर रहा है, लेकिन इस बार रॉयल्स के शुरुआती तीन मैच गुवाहाटी में होंगे। जयपुर के फैंस अपने पसंदीदा सितारों को अपनी आंखों के सामने खेलते देखने के लिए साल भर इंतजार करते हैं। अचानक मैच शिफ्ट होने से क्रिकेट के दीवानों में भारी निराशा है।
​2. प्रदेश को बड़ा आर्थिक घाटा
​जयपुर में आईपीएल मैचों के आयोजन से स्थानीय व्यापार को नई गति मिलती है। मैच न होने से प्रदेश को निम्नलिखित नुकसान उठाना पड़ेगा:
​पर्यटन और होटल इंडस्ट्री: मैचों के दौरान देशभर से आने वाले दर्शकों से होटल और टूरिज्म सेक्टर में करोड़ों का टर्नओवर होता है, जो इस बार शून्य रहेगा।
​स्थानीय रोजगार: स्टेडियम के आसपास छोटे व्यापारियों, वेंडर्स और टैक्सी संचालकों की कमाई का एक बड़ा जरिया छिन गया है।
​सरकारी निवेश की बर्बादी: सरकार ने एसएमएस स्टेडियम की सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। मैच न होने से यह निवेश फिलहाल 'डेड इन्वेस्टमेंट' साबित हो रहा है।
​3. 'असम कनेक्शन' बना राजस्थान का नुकसान?
​रिपोर्ट के मुताबिक, मैच शिफ्ट होने के पीछे का मुख्य कारण राजस्थान रॉयल्स और बीसीसीआई में असम का बढ़ता वर्चस्व माना जा रहा है:
​बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया असम से हैं।
​राजस्थान रॉयल्स के अध्यक्ष रंजीत बारठाकुर असम के बड़े बिजनेसमैन हैं।
​टीम के कप्तान रियान पराग भी असम के मूल निवासी हैं।
इन 'तीन ट्रम्प कार्ड्स' के कारण राजस्थान की टीम अब धीरे-धीरे असम की ओर झुकती नजर आ रही है, जिसका खामियाजा जयपुर की जनता भुगत रही है।
​4. प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
​हैरानी की बात यह है कि इतना बड़ा आयोजन हाथ से निकलने के बावजूद राजस्थान के खेल विभाग, मुख्य सचिव या आरसीए (RCA) की ओर से अब तक बीसीसीआई से कोई ठोस सवाल नहीं किया गया है। राजस्थान रणजी के पूर्व कप्तानों और खिलाड़ियों ने भी इसे राजस्थान की भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया है।
​AIMA MEDIA निष्पक्ष विश्लेषण: क्या राजस्थान रॉयल्स अब सिर्फ नाम की 'राजस्थान' रह गई है? अपनी मिट्टी और अपने फैंस को छोड़कर दूसरे प्रदेश में 'होम ग्राउंड' बनाना न केवल प्रदेश के राजस्व का नुकसान है, बल्कि उन लाखों फैंस का अपमान भी है जो इस टीम को अपनी पहचान मानते हैं।

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ರಾಜಕೀಯ ಮತ್ತು ಆಡಳಿತ
​ರಾಜ್ಯ ಬಜೆಟ್ ಅನುಷ್ಠಾನ: ಇತ್ತೀಚೆಗೆ ಮಂಡನೆಯಾದ ಬಜೆಟ್‌ನ ವಿವಿಧ ಯೋಜನೆಗಳ ಜಾರಿಗೆ ಸರ್ಕಾರದಿಂದ ಇಂದು ಮಹತ್ವದ ಆದೇಶಗಳು ಹೊರಬೀಳುವ ನಿರೀಕ್ಷೆಯಿದೆ. ವಿಶೇಷವಾಗಿ ಗ್ರಾಮೀಣಾಭಿವೃದ್ಧಿ ಮತ್ತು ಕೃಷಿ ಕ್ಷೇತ್ರಕ್ಕೆ ಸಂಬಂಧಿಸಿದ ಅನುದಾನ ಬಿಡುಗಡೆಯ ಬಗ್ಗೆ ಚರ್ಚೆ ನಡೆಯುತ್ತಿದೆ.

​ಚುನಾವಣಾ ತಯಾರಿ: ರಾಜ್ಯದ ಮುಂಬರುವ ಸ್ಥಳೀಯ ಸಂಸ್ಥೆಗಳ ಚುನಾವಣೆಗಳ ಹಿನ್ನೆಲೆಯಲ್ಲಿ ರಾಜಕೀಯ ಪಕ್ಷಗಳು ತಮ್ಮ ಸಂಘಟನಾತ್ಮಕ ಸಭೆಗಳನ್ನು ಚುರುಕುಗೊಳಿಸಿವೆ.

ಬೆಳಗಾವಿ ಮತ್ತು ಸ್ಥಳೀಯ ಸುದ್ದಿ
​ಗಡಿ ಭಾಗದ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ: ಬೆಳಗಾವಿ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಕಾಮಗಾರಿಗಳ ಪರಿಶೀಲನೆಗಾಗಿ ಇಂದು ಉನ್ನತ ಮಟ್ಟದ ಅಧಿಕಾರಿಗಳ ತಂಡ ಭೇಟಿ ನೀಡುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇದೆ.

​ಬೇಸಿಗೆಯ ಮುನ್ಸೂಚನೆ: ಉತ್ತರ ಕರ್ನಾಟಕದ ಭಾಗಗಳಲ್ಲಿ ತಾಪಮಾನ ಏರಿಕೆಯಾಗುತ್ತಿದ್ದು, ಜನವಸತಿ ಪ್ರದೇಶಗಳಲ್ಲಿ ಕುಡಿಯುವ ನೀರಿನ ಪೂರೈಕೆಗೆ ಹೆಚ್ಚಿನ ಆದ್ಯತೆ ನೀಡಲು ಜಿಲ್ಲಾಡಳಿತ ಸೂಚಿಸಿದೆ.

ಕೃಷಿ ಮತ್ತು ಆರೋಗ್ಯ
​ಆಯುರ್ವೇದ ಜಾಗೃತಿ: ರಾಜ್ಯಾದ್ಯಂತ ಸಾಂಪ್ರದಾಯಿಕ ವೈದ್ಯ ಪದ್ಧತಿಗೆ ಹೆಚ್ಚಿನ ಒತ್ತು ನೀಡಲಾಗುತ್ತಿದ್ದು, ಸರ್ಕಾರಿ ಆಸ್ಪತ್ರೆಗಳಲ್ಲಿ ಆಯುಷ್ ಘಟಕಗಳನ್ನು ಬಲಪಡಿಸಲು ಕ್ರಮ ಕೈಗೊಳ್ಳಲಾಗುತ್ತಿದೆ.

​ಬೆಳೆ ಹಾನಿ ಪರಿಹಾರ: ಇತ್ತೀಚಿನ ಅಕಾಲಿಕ ಮಳೆಯಿಂದ ಹಾನಿಗೊಳಗಾದ ಬೆಳೆಗಳಿಗೆ ಪರಿಹಾರ ನೀಡುವ ಪ್ರಕ್ರಿಯೆ ಚುರುಕುಗೊಂಡಿದೆ.

ಇತರ ಪ್ರಮುಖಾಂಶಗಳು
​ಸಾರಿಗೆ ವ್ಯವಸ್ಥೆ: ಕೆಎಸ್‌ಆರ್‌ಟಿಸಿ ಮತ್ತು ಬಿಎಂಟಿಸಿ ಬಸ್‌ಗಳಲ್ಲಿ ಪ್ರಯಾಣಿಕರ ಅನುಕೂಲಕ್ಕಾಗಿ ಕೆಲವು ಹೊಸ ಮಾರ್ಗಗಳನ್ನು ಪರಿಚಯಿಸುವ ಬಗ್ಗೆ ಪ್ರಕಟಣೆ ಹೊರಬರುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇದೆ.
​ಹವಾಮಾನ ವರದಿ: ಬೆಂಗಳೂರು ಸೇರಿದಂತೆ ದಕ್ಷಿಣ ಒಳನಾಡಿನಲ್ಲಿ ಮೋಡ ಕವಿದ ವಾತಾವರಣವಿದ್ದರೆ, ಕರಾವಳಿ ಮತ್ತು ಉತ್ತರ ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಬಿಸಿಲು ಹೆಚ್ಚಿರಲಿದೆ.

​ಗಮನಿಸಿ: ಇಂದು ಗುರುವಾರವಾಗಿರುವುದರಿಂದ ದೇವಸ್ಥಾನಗಳಲ್ಲಿ ವಿಶೇಷ ಪೂಜೆಗಳು ನಡೆಯಲಿವೆ. ಬೆಳಗಾವಿ ಜಿಲ್ಲೆಯಲ್ಲಿ ಸ್ಥಳೀಯವಾಗಿ ಇಂದು ಕೆಲವು ಸಾಂಸ್ಕೃತಿಕ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮಗಳು ಆಯೋಜನೆಗೊಂಡಿವೆ.

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​ಮೇಷ ರಾಶಿ (Aries)
​ಇಂದು ನಿಮಗೆ ಮಿಶ್ರ ಫಲಿತಾಂಶಗಳಿವೆ. ಕೆಲಸದ ಸ್ಥಳದಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಜವಾಬ್ದಾರಿಗಳು ಬರಬಹುದು. ಆರೋಗ್ಯದ ಬಗ್ಗೆ ಗಮನವಿರಲಿ, ವಿಶೇಷವಾಗಿ ಪಚನಕ್ರಿಯೆಗೆ ಸಂಬಂಧಿಸಿದ ಸಮಸ್ಯೆಗಳು ಕಾಡಬಹುದು. ಆರ್ಥಿಕವಾಗಿ ದಿನವು ಸಾಧಾರಣವಾಗಿರಲಿದೆ.

ವೃಷಭ ರಾಶಿ (Taurus)
​ಕುಟುಂಬದೊಂದಿಗೆ ಸಂತೋಷದ ಸಮಯ ಕಳೆಯುವಿರಿ. ಹಳೆಯ ಸ್ನೇಹಿತರ ಭೇಟಿಯಾಗುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇದೆ. ವ್ಯಾಪಾರದಲ್ಲಿ ಲಾಭದಾಯಕ ಬದಲಾವಣೆಗಳನ್ನು ಕಾಣಬಹುದು. ಸಂಗಾತಿಯ ಬೆಂಬಲ ನಿಮಗೆ ಧೈರ್ಯ ನೀಡುತ್ತದೆ.

ಮಿಥುನ ರಾಶಿ (Gemini)
​ನಿಮ್ಮ ಮಾತಿನ ಮೇಲೆ ನಿಗಾ ಇರಲಿ, ಅನಗತ್ಯ ವಿವಾದಗಳಿಗೆ ಒಳಗಾಗಬೇಡಿ. ವೃತ್ತಿ ಜೀವನದಲ್ಲಿ ಸಣ್ಣಪುಟ್ಟ ಅಡೆತಡೆಗಳು ಎದುರಾಗಬಹುದು. ತಾಳ್ಮೆಯಿಂದ ಕೆಲಸ ಮಾಡಿದರೆ ಯಶಸ್ಸು ನಿಮ್ಮದಾಗುತ್ತದೆ. ಧಾರ್ಮಿಕ ಕಾರ್ಯಗಳಲ್ಲಿ ಆಸಕ್ತಿ ಹೆಚ್ಚಲಿದೆ.

ಕರ್ಕಾಟಕ ರಾಶಿ (Cancer)
​ಆರ್ಥಿಕ ಪರಿಸ್ಥಿತಿ ಸುಧಾರಿಸಲಿದೆ. ಬರಬೇಕಾಗಿದ್ದ ಹಣ ಕೈ ಸೇರುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇದೆ. ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳಿಗೆ ಓದಿನಲ್ಲಿ ಹೆಚ್ಚಿನ ಆಸಕ್ತಿ ಮೂಡುತ್ತದೆ. ಮನೆಯಲ್ಲಿ ಶುಭ ಕಾರ್ಯಗಳ ಬಗ್ಗೆ ಚರ್ಚೆ ನಡೆಯಬಹುದು.

​ಸಿಂಹ ರಾಶಿ (Leo)
​ಇಂದು ನೀವು ತುಂಬಾ ಕ್ರಿಯಾಶೀಲರಾಗಿರುತ್ತೀರಿ. ಕಚೇರಿಯಲ್ಲಿ ನಿಮ್ಮ ಕೆಲಸಕ್ಕೆ ಮೆಚ್ಚುಗೆ ವ್ಯಕ್ತವಾಗುತ್ತದೆ. ಸಾಮಾಜಿಕ ಗೌರವ ಹೆಚ್ಚಾಗಲಿದೆ. ಆದರೆ, ಅತಿಯಾದ ಆತ್ಮವಿಶ್ವಾಸದಿಂದ ತಪ್ಪು ನಿರ್ಧಾರಗಳನ್ನು ತೆಗೆದುಕೊಳ್ಳಬೇಡಿ.

ಕನ್ಯಾ ರಾಶಿ (Virgo)
​ದೂರದ ಪ್ರಯಾಣದ ಯೋಗವಿದೆ. ಭೂಮಿ ಅಥವಾ ವಾಹನ ಖರೀದಿಯ ಬಗ್ಗೆ ಆಲೋಚನೆ ಮಾಡುವಿರಿ. ಆರೋಗ್ಯದಲ್ಲಿ ಚೇತರಿಕೆ ಕಂಡುಬರುತ್ತದೆ. ಮಕ್ಕಳ ಕಡೆಯಿಂದ ಶುಭ ಸಮಾಚಾರ ಕೇಳುವಿರಿ.

​ತುಲಾ ರಾಶಿ (Libra)
​ಖರ್ಚುಗಳು ಹೆಚ್ಚಾಗುವ ಸಂಭವವಿದೆ, ಆದ್ದರಿಂದ ಬಜೆಟ್ ಬಗ್ಗೆ ಗಮನವಿರಲಿ. ಮಾನಸಿಕ ಒತ್ತಡವನ್ನು ಕಡಿಮೆ ಮಾಡಿಕೊಳ್ಳಲು ಯೋಗ ಅಥವಾ ಧ್ಯಾನ ಮಾಡಿ. ಪಾಲುದಾರಿಕೆ ವ್ಯವಹಾರದಲ್ಲಿ ಎಚ್ಚರಿಕೆ ಅಗತ್ಯ.

​ವೃಶ್ಚಿಕ ರಾಶಿ (Scorpio)
​ನಿಮ್ಮ ಕಾರ್ಯಕ್ಷಮತೆ ಹೆಚ್ಚಾಗಲಿದೆ. ಹೊಸ ಕೆಲಸಕ್ಕೆ ಸೇರಲು ಬಯಸುವವರಿಗೆ ಇಂದು ಉತ್ತಮ ದಿನ. ಪ್ರೀತಿಪಾತ್ರರ ಜೊತೆಗಿನ ಸಂಬಂಧ ಸುಧಾರಿಸುತ್ತದೆ. ಸಕಾರಾತ್ಮಕ ಯೋಚನೆಗಳು ನಿಮ್ಮನ್ನು ಮುನ್ನಡೆಸುತ್ತವೆ.

​ಧನು ರಾಶಿ (Sagittarius)
​ಕಠಿಣ ಪರಿಶ್ರಮಕ್ಕೆ ತಕ್ಕ ಪ್ರತಿಫಲ ದೊರೆಯಲಿದೆ. ಹಿರಿಯರ ಆಶೀರ್ವಾದ ನಿಮ್ಮ ಮೇಲಿರುತ್ತದೆ. ಆಸ್ತಿ ವಿವಾದಗಳು ಸುಲಭವಾಗಿ ಬಗೆಹರಿಯಲಿವೆ. ಆಹಾರ ಕ್ರಮದಲ್ಲಿ ಶಿಸ್ತು ಕಾಪಾಡಿಕೊಳ್ಳಿ.

ಮಕರ ರಾಶಿ (Capricorn)
​ಕೆಲಸದ ಒತ್ತಡದಿಂದಾಗಿ ದಣಿವು ಉಂಟಾಗಬಹುದು. ಇಂದು ಯಾವುದೇ ಪ್ರಮುಖ ನಿರ್ಧಾರಗಳನ್ನು ತೆಗೆದುಕೊಳ್ಳುವ ಮೊದಲು ಅನುಭವಸ್ಥರ ಸಲಹೆ ಪಡೆಯಿರಿ. ಸಂಗಾತಿಯೊಂದಿಗೆ ಸಣ್ಣಪುಟ್ಟ ಭಿನ್ನಾಭಿಪ್ರಾಯಗಳು ಬರಬಹುದು, ಶಾಂತವಾಗಿರಿ.

​ಕುಂಭ ರಾಶಿ (Aquarius)
​ಆಕಸ್ಮಿಕ ಧನಲಾಭದ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇದೆ. ಹೊಸ ಯೋಜನೆಗಳನ್ನು ಜಾರಿಗೆ ತರಲು ಇದು ಸೂಕ್ತ ಸಮಯ. ನಿಮ್ಮ ಸೃಜನಶೀಲತೆಗೆ ಮನ್ನಣೆ ಸಿಗಲಿದೆ. ಗೆಳೆಯರೊಂದಿಗೆ ಪ್ರವಾಸ ಕೈಗೊಳ್ಳುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇದೆ.

ಮೀನ ರಾಶಿ (Pisces)
​ಮನಸ್ಸು ಪ್ರಫುಲ್ಲವಾಗಿರುತ್ತದೆ. ಆರ್ಥಿಕ ಹೂಡಿಕೆಗೆ ಇಂದು ಲಾಭದಾಯಕ ದಿನ. ಕೌಟುಂಬಿಕ ಜೀವನದಲ್ಲಿ ಶಾಂತಿ ನೆಲೆಸುತ್ತದೆ. ದೈಹಿಕ ವ್ಯಾಯಾಮಕ್ಕೆ ಹೆಚ್ಚಿನ ಒತ್ತು ನೀಡಿ.

​ವಿಶೇಷ ಸೂಚನೆ: ಇದು ಸಾಮಾನ್ಯ ಭವಿಷ್ಯವಾಗಿದ್ದು, ನಿಮ್ಮ ಜನ್ಮ ಕುಂಡಲಿಯ ಆಧಾರದ ಮೇಲೆ ಫಲಿತಾಂಶಗಳು ವ್ಯತ್ಯಾಸವಾಗಬಹುದು.

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​ಇಂದಿನ ವಿಶೇಷತೆಗಳು
​ಸಂವತ್ಸರ: ಕ್ರೋಧಿ
​ಅಯನ: ಉತ್ತರಾಯಣ
​ಋತು: ವಸಂತ ಋತು
​ಮಾಸ: ಫಾಲ್ಗುಣ ಮಾಸ
​ಪಕ್ಷ: ಕೃಷ್ಣ ಪಕ್ಷ

​​ಪಂಚಾಂಗದ ವಿವರಗಳು
ತಿಥಿ : ನವಮಿ (ಮಧ್ಯಾಹ್ನ 01:22 ರವರೆಗೆ, ನಂತರ ದಶಮಿ)
ನಕ್ಷತ್ರ : ಮೂಲ (ರಾತ್ರಿ 09:15 ರವರೆಗೆ, ನಂತರ ಪೂರ್ವಾಷಾಢ)
ಯೋಗ : ವ್ಯತೀಪಾತ
ಕರಣ : ವಣಿಜ

ಶುಭ ಮತ್ತು ಅಶುಭ ಸಮಯಗಳು
​ಬ್ರಾಹ್ಮಿ ಮುಹೂರ್ತ: ಮುಂಜಾನೆ 05:08 ರಿಂದ 05:56
​ಅಮೃತ ಕಾಲ: ಮಧ್ಯಾಹ್ನ 03:10 ರಿಂದ 04:44
​ರಾಹು ಕಾಲ: ಮಧ್ಯಾಹ್ನ 01:58 ರಿಂದ 03:28 (ಅಶುಭ)
​ಗುಳಿಕ ಕಾಲ: ಬೆಳಿಗ್ಗೆ 09:28 ರಿಂದ 10:58 (ಅಶುಭ)
​ಯಮಗಂಡ ಕಾಲ: ಬೆಳಿಗ್ಗೆ 06:28 ರಿಂದ 07:58 (ಅಶುಭ)

ಗಮನಿಸಿ: ಸೂರ್ಯೋದಯ ಮತ್ತು ಸೂರ್ಯಾಸ್ತದ ಸಮಯವು ನೀವು ಇರುವ ಸ್ಥಳಕ್ಕೆ ಅನುಗುಣವಾಗಿ ಅಲ್ಪ ವ್ಯತ್ಯಾಸವಿರಬಹುದು. ಇಂದಿನ ದಿನವು ಗುರುವಾರವಾಗಿದ್ದು, ಇದು ಗುರು ಗ್ರಹದ ಆರಾಧನೆಗೆ ಅತ್ಯಂತ ಶ್ರೇಷ್ಠ ದಿನವಾಗಿದೆ.



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Hobart ki baarish, ek ka high-voltage drama, aur ek team jo ko bina ek bhi ball khele uthaane wali thi. Cricket ke maidaan par aise moments kam hi dekhne ko milte hain, jahan fate ka फैसला pitch par nahi, aasmaan se girte boondon par depend kare! Par jab ki aankhon ke saamne aisa action ho, toh hum bhi bina kisi sharam ke keh sakte hain, kya din tha!




The Inner Story / Asli Maajra




Khel shuru hone se pehle hi, Tasmania ki kismat chamakne wali thi.

One-Day Cup final

, jo Wednesday ko baarish ki vajah se rukne ke aakhri kuch minutes mein tha, agar cancel ho jaata toh table topper hone ke naate

Tasmania

ko automatic winner declare kar diya jaata. Socho, sirf 12 minutes ka wait aur trophy unki thi! Lekin destiny ka plan kuch aur hi tha. Char ghante se zyada ke delay ke baad, finally

New South Wales

ne toss jeeta aur 6:15 PM par game shuru hua. Aur jaise hi game shuru hua, maahol hi badal gaya!




Ekdum se,

Tasmania

ki batting line-up taash ke patton ki tarah bikhargayi, aur score board par 25 run par 5 wickets ka haal dikhne laga. Yeh tha

Ben Dwarshuis

aur

Sean Abbott

ka

Dominance

! New ball se unhone conditions ka pura fayda uthaya, aur wickets ki jhaadi laga di. Unke liye, yeh ek perfect pitch thi jahan ball swing kar rahi thi aur batsman pareshan ho rahe the. Aur toh aur,

Tasmania

ke captain

Jordan Silk

ka run out hona, unki musibaton ko aur bhi bada gaya. Maano, unki sari umeedon par paani phir gaya ho!




Lekin, cricket hai bhai! Jab

New South Wales

ko 119 run ka target mila, toh unki bhi saansein atakne lagi. Ek point par, 73 run par 5 wickets gawa kar,

NSW

bhi pressure mein dikhi. Par tab, captain cool

Kurtis Patterson

ne apni zimmedari sambhali. Unki 52 run ki unbeaten innings, is challenging pitch par ek

Masterclass

thi, jahan har batsman struggle kar raha tha. Unhone kaha, "I don't think it's quite sunk in yet to be honest. We were about 10 minutes more rain away from not even getting on the field. It's

wild

how the day panned out." Unhone dressing room ke andar ke माहौल ka bhi zikr kiya, "The people who were allowed a phone in there were looking at that radar like you wouldn't believe and trying to move the clouds with their hands. You get lucky sometimes."




Team ke liye

Abbott

aur

Dwarshuis

, jo dono

T20 World Cup

ka hissa the, gamechangers saabit hue. Unhone milkar 6 wickets liye aur

Dwarshuis

ne run chase mein ek pressure-easing six bhi jada.

Patterson

ne unki tareef karte hue kaha, "They've got so much finals experience in white-ball cricket with both

NSW

and the

Sixers

. They're guys I can give the first over to and they're guys I can give the 50th and everything in between and use them as my strike weapons, too. All three phases, they tick all those boxes." Unhone unke fielding aur batting contributions ko bhi highlight kiya, jo team ke balance ke liye bahut important the.




Individual level par,

Patterson

ka yeh performance unke liye bahut khas hai. Is tournament mein unhone

565 runs at 113.00 including three centuries

banaye. Pichhle mahine

Sheffield Shield

mein unka career-best 173 not out bhi aaya tha. Is sab se,

Australia

ke liye dobara khelne ki baatein tez ho gayi hain. Unhone apni इच्छा zaahir karte hue kaha, "I've absolutely got a desire to get back and play cricket for

Australia

and probably for different reasons to be honest. When I was a kid, you do it because it's what every kid wants and you want that baggy green. Now, that environment looks like such a fun place to play cricket. It looks like a place where I think I'd learn a lot and get better."




Dusri taraf,

Tasmania

ke captain

Jordan Silk

ke liye emotions alag the. Unki team ne shuru mein 5 games jeet kar final host karne ka mauka haasil kiya tha, lekin end mein do losses ne unki momentum tod di. "It's pretty raw," unhone kaha. "It's really disappointing. We had such a good campaign. It felt like a really good opportunity gone by. It probably hurts more when you're out of the [

Sheffield

]

Shield

race as well."




Analysis & Numbers







New South Wales

was just 12 minutes away from having no say in the

Dean Jones Trophy

destination due to rain.




Tasmania

collapsed dramatically to

25 for 5

in helpful bowling conditions.




Ben Dwarshuis

and

Sean Abbott

, both

T20 World Cup

players, shared

six wickets

between them.




Kurtis Patterson

's unbeaten

52 off 57 balls

was the only real

Masterclass

innings on a tough pitch.




Patterson

capped off a magnificent tournament with

565 runs at 113.00, including three centuries

.










The Guru Gyan Verdict:





Kya din tha! Yeh sirf ek cricket match nahi tha, balki aur ka ek jabardast muqabla tha.

Kurtis Patterson

ne na sirf apni team ko jeet dilayi, balki apni personal

Dominance

bhi sabit ki.

New South Wales

ne dikha diya ki asali champions mushkil conditions mein bhi ban jaate hain. Patterson ki form aur comeback ki baatein, yeh toh cricket ki jaisa lag raha hai. Ab toh intezaar hai unke mein wapas aane ka!








Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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प्रतापगढ़ में टैक्सी चालक आसिफ अली की हत्या का पुलिस ने तीसरे दिन खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार जमीन के पैसे के विवाद में अधिवक्ता सद्दाम ने अपने ही पड़ोसी टैक्सी चालक आसिफ अली की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
बताया गया कि करीब 58 लाख रुपये की जमीन खरीद का पैसा न देने के कारण यह विवाद हुआ। आरोपी अधिवक्ता सद्दाम ने आसिफ को पैसे देने के बहाने चोखड़ा जंगल के सुनसान इलाके में बुलाया। वहां बाइक पर पीछे बैठे सद्दाम ने पिस्टल से आसिफ पर तीन गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद कर ली है। इस घटना में आरोपी के साथ मौजूद रहे संदीप गुप्ता की तलाश की जा रही है।
एसपी दीपक भूकर ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी ने इस हत्याकांड में बड़ी चालाकी से आसिफ की पत्नी और ससुराल पक्ष को फंसाने की साजिश भी रची थी। आरोपी और उसकी पत्नी के बीच कई वर्षों से विवाद चल रहा था, इसलिए उसने पुलिस को भ्रमित करने के लिए कई लोगों के नाम से तहरीर दिलवाने की कोशिश भी की।
हालांकि पुलिस को शक होने पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

गोविंद कुमार
प्रतापगढ़

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पन्ना पवई
पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू द्वारा जिले के समस्त थाना प्रभारियों को लंबे समय से लंबित स्थाई वारंटियों की तामील सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया था। उक्त निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती वंदना सिंह एवं एसडीओपी पवई श्रीमती भावना दांगी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी पवई निरीक्षक श्री सुशील कुमार अहिरवार के नेतृत्व में पवई पुलिस द्वारा प्रभावी कार्यवाही की गई।

पवई पुलिस द्वारा उक्त वारंटियों की गिरफ्तारी हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे थे तथा उनकी तलाश के लिए मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि दोनों आरोपी होली का त्योहार मनाने अपने घर आए हुए हैं। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम द्वारा तत्काल दबिश देकर पिछले लगभग सात वर्षों से फरार चल रहे दो स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार किया गया।

माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय पवई के प्रकरण क्रमांक 681/18 धारा 457, 380 भादवि तथा प्रकरण क्रमांक 406/19 धारा 294, 323, 506 भादवि के आरोपी क्रमशः पंकज खम्परिया पिता अयोध्या प्रसाद निवासी पटना खम्परिया थाना सिमरिया एवं दयाराम चौधरी पिता टंटा चौधरी निवासी ग्राम महेडा को पवई पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के आदेशानुसार दोनों आरोपियों को उप जेल पवई दाखिल कर दिया गया है।

उल्लेखनीय भूमिका--
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी पवई निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक विजय गर्ग, प्रधान आरक्षक अंजनी तिवारी, प्रधान आरक्षक नीरज रैकवार एवं आरक्षक मनोज अहिरवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।।

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🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | रुदौली
सीएचसी रुदौली में जांच के नाम पर अवैध वसूली का मामला, आरोपी युवक पुलिस के हवाले
अयोध्या। तहसील रुदौली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों से जांच के नाम पर अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक अस्पताल आने वाले मरीजों से विभिन्न जांचों के नाम पर पैसे वसूल रहा था।
बताया जा रहा है कि एक गरीब महिला से जांच के नाम पर करीब ₹2000 से अधिक रुपये वसूले जाने के बाद मामला खुलकर सामने आया। शिकायत मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया।
सीएचसी प्रभारी डॉ. फातिमा हसन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद आरोपी युवक (निवासी मिल्कीपुर) को रुदौली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
वहीं कुछ मरीजों ने एक महिला डॉक्टर पर जरूरत से ज्यादा महंगी जांच लिखने का भी आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध वसूली के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
✍️ दिनेश कुमार वैश्य
विशेष संवाददाता

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ಹುಣಸಗಿ: ತಾಲೂಕಿನ ವಜ್ಜಲ ಗ್ರಾಮದ ಸರ್ಕಾರಿ ಪ್ರೌಢ ಶಾಲೆಯಲ್ಲಿ ದಿನಾಂಕ 10 ಮಾರ್ಚ್ 2026 ರಂದು ಎಸ್‌ಎಸ್‌ಎಲ್‌ಸಿ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳ ಬೀಳ್ಕೊಡುಗೆ ಹಾಗೂ ವಾರ್ಷಿಕ ಸ್ನೇಹ ಸಮ್ಮೇಳನ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮವನ್ನು ಅದ್ದೂರಿಯಾಗಿ ಹಮ್ಮಿಕೊಳ್ಳಲಾಯಿತು.
ಕಾರ್ಯಕ್ರಮಕ್ಕೆ ಮುಖ್ಯ ಅತಿಥಿಗಳಾಗಿ ಸಾರ್ವಜನಿಕ ಶಿಕ್ಷಣ ಇಲಾಖೆ ಯಾದಗಿರಿ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಉಪನಿರ್ದೇಶಕರಾದ ಶ್ರೀ ಚೆನ್ನಬಸಪ್ಪ ಮುದೋಳ ಆಗಮಿಸಿ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳಿಗೆ ಉತ್ತಮವಾಗಿ ಅಭ್ಯಾಸ ಮಾಡಿ ಜೀವನದಲ್ಲಿ ಉನ್ನತ ಸಾಧನೆ ಮಾಡಬೇಕು ಎಂದು ಸಲಹೆ ನೀಡಿದರು. ಕಾರ್ಯಕ್ರಮವನ್ನು ಮಾಜಿ ಜಿ.ಪಂ. ಅಧ್ಯಕ್ಷರಾದ ಶ್ರೀ ರಾಜಶೇಖರ ಪಾಟೀಲ ಉದ್ಘಾಟಿಸಿದರು.
ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದ ಅಧ್ಯಕ್ಷತೆಯನ್ನು ಶಾಲೆಯ ಮುಖ್ಯ ಶಿಕ್ಷಕರಾದ ಶ್ರೀ ಗುರು ಅಪ್ಪಾಗೋಳ ವಹಿಸಿಕೊಂಡಿದ್ದರು. ದಿವ್ಯ ಸಾನಿಧ್ಯವನ್ನು ವೇದಮೂರ್ತಿ ಸಿ.ಎಂ. ಹಿರೇಮಠ್, ನಿವೃತ್ತ ಮುಖ್ಯಗುರುಗಳು ಹಿರೂರ ಇವರು ವಹಿಸಿದ್ದರು.
ಈ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಎಸ್‌ಡಿಎಂಸಿ ಅಧ್ಯಕ್ಷರಾದ ಯಂಕಣ್ಣ ದೋರಿ ಹಾಗೂ ಗ್ರಾಮದ ಗಣ್ಯರಾದ ಬಸನಗೌಡ ಬಾಗೇವಾಡಿ, ಬಸಣ್ಣ ಯಾಳಗಿ, ಶಿವಲಿಂಗಪ್ಪ ಬಜನಿ, ಅಪ್ಪುಗೌಡ ಪಾಟೀಲ, ಬಸವರಾಜ ಮೇಟಿ, ಸಿರಿಗಿರಿ ಸೌಕಾರ, ಬಸವರಾಜ ಹುಣಸಗಿ, ಭೀಮಣ್ಣ ಕೋಳ್ಳಿ, ಶ್ರೀಮತಿ ನಂದಮ್ಮ, ಸಿದ್ದಣಗೌಡ, ಯಂಕಣಗೌಡ, ಮಲ್ಲಣಗೌಡ ಅಮಲಿಹಾಳ ಸೇರಿದಂತೆ ಅನೇಕರು ಉಪಸ್ಥಿತರಿದ್ದರು.
ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದ ನಿರೂಪಣೆಯನ್ನು ನಿಜಾಮುದ್ದೀನ್ ಶಿಕ್ಷಕರು ನೆರವೇರಿಸಿದರು. ಗುರುನಾಥ ಶಿಕ್ಷಕರು ವಂದನಾರ್ಪಣೆ ಸಲ್ಲಿಸಿದರು.
ವರದಿ: ಸಂಗನಗೌಡ ಗಬಸಾವಳಗಿ

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*कलेक्टर श्री सिंह ने आरओ बैठक लेकर राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा की*

*खाचरोद तहसीलदार श्री परिहार का बैंक आरआरसी वसूली पर किया गया सम्‍मान*

*उज्जैन/गिरधारी लाल गेहलोत जन जन की आवाज की खास खबर*

उज्जैन,11 मार्च। कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने बुधवार को प्रशासनिक संकुल भवन के कलेक्टर कार्यालय के सभागार में राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में अपर कलेक्‍टर श्री शाश्‍वत शर्मा, जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि‍ जिले में तहसील न्‍यायालय में तीन माह से अधिक समय तक कोई प्रकरण लंबित नहीं होना चाहिए। अविवादित नामांतरण के लंबित प्रकरणों को भी 10 दिन में निराकृत किया जाए। कलेक्‍टर श्री सिंह ने सभी अधिकारियों को स्‍पष्‍ट निर्देश दिए है कि पटवारियों से कार्य कराने की जिम्‍मेदारी अधिकारियों की है। लंबित प्रकरण होने पर प्रति रविवार को आरओ बैठक लेकर समीक्षा की जाएगी।

कलेक्‍टर श्री सिंह ने सभी अधिकारियों को राजस्व से संबंधित आवेदनों का समयसीमा में निराकरण करने के साथ ही बटांकन, सीमांकन, नामांतरण के कार्यों में विलम्ब न हो इसे लेकर निर्देश दिए। कलेक्‍टर श्री सिंह ने नाराजगी जताते हुए सीमांकन, अतिक्रमण, डायवर्जन, सायबर तहसील के प्रकरणों में निर्देश दिए कि 10 दिन से ज्‍यादा दिनों तक प्रकरण लंबित ना रहें। राजस्‍व वसूली को लेकर कलेक्‍टर श्री सिंह ने जिले की कुछ तहसीलों द्वारा कम वसूली होने पर नाराजगी जताते हुए निर्धारित लक्ष्‍य से कम वसूली होने पर वसूली करने के निर्देश दिए। कलेक्‍टर श्री सिंह ने कहा कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित कर लें कि पुराने बकायादारों से कितनी वसूली की जाना है। कलेक्‍टर श्री सिंह ने अनाधिकृत रूप से निर्मित कॉलोनी निर्माण के विरुद्ध कार्यवाही, अतिक्रमण के नवीन दर्ज निराकरण प्रकरण, अर्थदंड की वसूली, आधार से आरओआर की लिंकिंग ई-केवाईसी की समीक्षा कर स्थिति सुधारने की हिदायत दी।

कलेक्‍टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि सीएम मॉनिट, सीएम हाउस की शिकायत के प्रकरण लंबित नहीं होना चाहिए। कलेक्‍टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि जन सुनवाई में राजस्व के कार्यों से संबंधित अधिक शिकायतें न आए इसके लिए पटवारी स्तर से लेकर एसडीएम स्तर तक विशेष प्रयास किए जाए। एसडीएम प्रारंभिक रुप से शिकायतों पर संज्ञान लेंगे तो जनसुनवाई तक शिकायतें नहीं पहुंचेगी।

कलेक्‍टर श्री सिंह ने बैठक में निर्देश दिए कि भू-अर्जन के मामलों में अभियान चलाकर शीघ्र कार्य करें। बैठक में संतुष्टि‍ सें बंद सीएम हेल्प लाईन शिकायतों की कलेक्टर द्वारा तहसीलवार समीक्षा की गई।

तहसीलदार श्री परि‍हार का किया सम्‍मान

बैठक में कलेक्‍टर श्री रौशन कुमार सिंह ने तहसीलदार उज्जैन श्री प्रकाश परिहार का BANK RRC वसूली में उत्‍कृष्‍ट कार्य करने पर सम्‍मान किया। खाचरोद तहसीलदार श्री परिहार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 तक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा उज्जैन की कुल 23 लाख 70 हजार रुपए की BANK RRC वसूली की गई, जिसके फल स्वरुप शासन के नियमानुसार कुल वसूली की 1 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि का चेक खाचरोद तहसीलदार श्री प्रकाश परिहार को प्रदान किया गया।

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హైదరాబాద్ (12.03.2026)

ప్రభుత్వ శాఖలు ఇకనుంచి తప్పనిసరిగా ఎలక్ట్రిక్ వాహనాలను (EV) మాత్రమే కొనుగోలు చేయాలని ముఖ్యమంత్రి రేవంత్ రెడ్డి అధికారులను ఆదేశించారు. కాలుష్య రహిత రవాణా వ్యవస్థ లక్ష్యంగా పని చేయాలని చెప్పారు.

కోర్ అర్బన్ ఏరియా (CURE) పరిధిలోని ప్ర‌భుత్వ శాఖ‌లు అద్దెకు తీసుకునే వాహ‌నాలు సైతం ఈవీలే ఉండాల‌న్నారు. ర‌వాణా శాఖ‌లోని మాన్యువ‌ల్ విధానాలకు స్వ‌స్తి చెప్పాల‌ని, మొత్తం ఆన్‌లైన్‌లోనే కార్య‌క‌లాపాలు కొన‌సాగించాల‌ని ఆదేశించారు.

ముఖ్యమంత్రి రవాణా శాఖ అంశాలపై మంత్రి పొన్నం ప్రభాకర్ ఆ శాఖ ఉన్నతాధికారులతో సమీక్షించారు. ఆర్‌టీవో కార్యాల‌యాలు అద్దె భ‌వ‌నాల్లో కొన‌సాగడానికి వీల్లేద‌ని, వెంట‌నే సొంత‌ భ‌వ‌నాల నిర్మాణాలకు ప్ర‌ణాళిక‌లు సిద్ధం చేయాల‌ని ఈ సందర్భంగా ముఖ్యమంత్రి ఆదేశించారు.

రోడ్డు ప్ర‌మాదాల‌పై అవ‌గాహ‌న పెంచాల‌ని, ప్రజల్లో చైతన్యం తేవడానికి షార్ట్ ఫిల్మ్‌లు ప్ర‌ద‌ర్శించాల‌ని సూచించారు. శంషాబాద్ స‌మీపంలో హైస్పీడ్ రైలు కారిడార్ ప్రారంభ‌మ‌య్యే ప్రాంతంలో అధునాత‌న బస్ టెర్మినల్‌కు స్థ‌లం కేటాయిస్తామ‌ని, అందుకు త‌గిన ప్ర‌ణాళిక‌లు సిద్ధం చేయాల‌ని ముఖ్యమంత్రి ఆదేశించారు.

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श्री विश्वकर्मा जांगिड़ समाज सेवा समिति पाली की और से शीतला सप्तमी मेले में की गई ठंडे पानी की व्यवस्था।

पाली होली के सात दिन शीतला सप्तमी को पाली शहर के आदर्श नगर में नगर निगम पाली द्वारा आयोजित होने वाले मेले में श्री विश्वकर्मा जांगिड़ समाज सेवा समिति पाली के अध्यक्ष मोहनलाल सुथार, उपाध्यक्ष शेषाराम पारखवड, मदनलाल झडुलिया, सचिव ओमप्रकाश जांगिड़, सह सचिव जब्बरमल जांगिड़, कोषाध्यक्ष अमरचंद जांगिड़ सह कोषाध्यक्ष घीसूलाल सुथार एवं संगठन मंत्री ऋषिराज त्रिपाठी की गरिमामय मोजूदगी में मेलार्थियों के लिए ठंडे पानी की प्याऊ की व्यवस्था की गई। जिस पर पानी पीने वालों की भीड़ देखी गई।

समिति के कार्यकारिणी सदस्य चम्पालाल जैपालिया, मोहनलाल देवाण, भंवरलाल सायल, भूराराम छडिया, अशोक किंजा, ढलाराम गुजरावास, राजेन्द्र जोपिग, चन्द्र प्रकाश सिंघानिया, प्रकाश पिंड‌वा, भुण्डाराम सायल, मदन लाल वाणेचा, गोरधन लाल सायल,एवं नवयुवक मंडल की पूरी टीम दोपहर तीन बजे से मेला समाप्ति तक मेलार्थियों कि सेवा में लगी रही।
रिपोर्ट - घेवरचन्द आर्य

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HYDERABAD (12.03.2026)

In a decisive move toward environmental sustainability,Chief Minister A. Revanth Reddy has issued a mandatory directive for all government departments to procure only Electric Vehicles (EVs) moving forward. The Chief Minister emphasized that this shift is a critical step toward establishing a pollution-free transport ecosystem across the state.

​ This mandate extends to the Core Urban Region (CURE), where all government departments are now required to ensure that even rented vehicles are electric. Complementing this green initiative, the Chief Minister ordered the Transport Department to phase out all manual processes and transition to a fully digitized, online operational framework to enhance transparency and efficiency.

​ During a comprehensive review meeting with Transport Minister Ponnam Prabhakar and senior officials, the Chief Minister addressed infrastructural gaps, stating that RTO offices should no longer operate from rented premises. He instructed officials to immediately prepare architectural plans and proposals for the construction of dedicated, government-owned buildings for all RTO offices.

​ Prioritizing public safety, the Chief Minister suggested the use of short films and awareness campaigns to educate the public on road safety and accident prevention. Additionally, he announced the allocation of land for a state-of-the-art, modern bus terminal near Shamshabad, integrated with the upcoming High-Speed Rail Corridor, and directed officials to finalize the necessary blueprints for this multimodal hub.

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Is khabar ko dekhen pehle ;

https://aimamedia.org/newsdetails.aspx?type=Share&nid=582205

Chakbandi Aur Bulldozer/ghar demolition.

Jab desh me koi neta leader chakbandi nahi karakar use jameen diya hoto us ka ghar kaise demolition kiya ja sakta hai ,jab ki loan pr ya karje me ,ent ,saliya , cement se ghar banaya jata hai ,jo ki kaiyi kaiyi salon ka karja rehta hai ,jab bank wale karj na chuka pane pr ghar se tractor ,bike ,gadi le chale jaten hain to kiya balu , cement,saliya chad ,ent dene wala us k kabje me jis k ghar pr bulldozer chala hai unki jameen ,jis pr bulldozer chala hai ,ya khait kabje me nahi aajayega ,is k baad kiya honga crime rate badhenge ya jis ka karj hoga wo samne wale ki jameen pr najar rakhenga ...is ko kis tarah se koi neta dekhta hai ? Sab me ahem baat hai ,?
Jis tarah se 5 saal to Ghar banane wale k karj bharte bharte 5 saal chale jaaten hain ,to kiya koi neta kisi beghar ko 5 saal me land distribute kar k Ghar banane k liye jameen de sakti hai ya de sakta hai .
Jawab honga nahi .
To jis ka bhi ghar demolished kiya gaya honga us ka adhikaar hona chahiye ki wo compansation k liye demand kr sake ,ya tabhi honga jab judiciary cast k base pr janaganda karaye population ki counting karaye ,aur ye desh pr palvas cast ,gupta cast ,moriya cast ,shah cast ,sayyad cast ,khan cast ne badsahat ki thi jo sab ki sehmat se democractic bana ye desh ,warna discrimination kisi bhi cast ka displacement kisi bhi cast ka hona suru hojayenga ,isliye court ko apna democratic space ,face ,arena ,zone bachana hai to us tarah hi se dekhna honga ki histan me 550 state the kam ya jada ,to ye beghar log kahan jayenge .
Isliye har kisi ko right hona chahiye ghar demolition pr compensation ka or complaint ka .
Ye democratic judiciary khud apne muh se awam me kahe aur lago karne ki kosis kare.

In the love of beloved Indian.

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London ke

Piccadilly Circus

mein jab

Women's Hundred

ka auction chal raha tha, paisa paani ki tarah bah raha tha. Har team apna squad banane mein lagi thi, bids lag rahi thi aur future ke

Gamechangers

par daanv lagaya ja raha tha. Par is chamak-damak ke beech, ek aisi baat thi jisne sabka dhyan khinch liya – ek aisi reality jo

women's cricket

ke asli growth par sawal khada karti hai. Aakhir kya tha woh

asli maajra

?




The Inner Story:

Keightley

Ka Khulasa, System Par Sawal!




Auction ke baad, jab

MI London

ki

Head Coach Lisa Keightley

se sawal kiya gaya, unka jawaab

Unfiltered

aur point-blank tha. Unhone kaha ki

women's game

bahut tezi se badal raha hai, khaas kar jab

India, England aur Australia

jaise

powerhouses

ne apni

competitive T20 leagues

shuru ki hain. Isse

pay equity

aur

professionalism

ki taraf ek bada kadam badha hai, jo

Khatarnak

tareeke se game ko aage le ja raha hai.




Lekin, is

Progress

ke beech, unhe ek baat ki

disappointment

hai: woh

Women's Hundred auction

mein akeli

female head coach

thi! Is baat ne unhe sochne par majboor kar diya ki itne bade platform par, women coaches ko

opportunity

kyun nahin mil rahi. Unka message clear tha:

females

ko khud ko kam nahin samajhna chahiye. Jab

head coach

ka offer mile, toh usse

Daringly

accept karna chahiye,

brave

banna chahiye aur

खुद पर भरोसा

rakhna chahiye. Unhone ye bhi kaha ki yeh ek

challenging journey

hai, aur women coaches ko apni

hard yards

daalne honge taaki unhe

respect

mile aur

positions

milen.




Is

Historic Auction

mein sirf

Keightley

hi nahin thi,

Sarah Taylor

aur

Anya Shrubsole

jaise

legends

bhi coaching setup ka hissa thi, as assistant coaches.

Shrubsole

ne toh

WPL

mein

Royal Challengers Bangalore

ke liye bowling coach ka role nibhaya, jahan unhone

Title Victory

hasil ki. Aur

Sarah Taylor

ki

coaching portfolio

bhi

mind-blowing

hai, jisme

men's aur women's teams

dono ke assistant roles shaamil hain. Clearly,

talent

ki kami nahin hai, bas

opportunity

aur

trust

ki baat hai.




Meanwhile,

MI London

ne bhi apne squad ko

Solid

banaya. Pre-signed

Hayley Matthews, Melie Kerr, aur Danni Wyatt-Hodge

ke saath, unhone

Chinelle Henry aur Nicola Carey

ko bhi add kiya. Aur sabse

interesting pick

thi

Kira Chathli

, jinke liye whopping

£80,000

kharche gaye.

Keightley

ko lagta hai ki team ka batting lineup

deep

hai aur woh

pressure

mein

well-equipped

hain.




Analysis & Numbers: Kya Kehti Hai Tasveer?







One Female Head Coach

:

Women's Hundred

ke auction mein

8 teams

mein se sirf

Lisa Keightley

hi akeli

female head coach

thi, jo

gender gap

ko highlight karta hai.




Pay Equity Push

:

India, England, Australia

jaise nations ki

T20 leagues

, khaas kar

WPL

, ne

pay equity

aur

professional contracts

ko

boost

diya hai.




Coaching Talent Pool

:

Sarah Taylor

aur

Anya Shrubsole

jaise

former players

assistant coaching roles mein

active

hain, aur

Shrubsole

ne toh

RCB

ke saath

WPL Title

bhi jeeta hai.




MI London's Smart Buys

:

Hayley Matthews, Melie Kerr, Danni Wyatt-Hodge

already in, plus

Chinelle Henry, Nicola Carey

and

Kira Chathli

(

£80,000

) for a

strong squad

.










The Guru Gyan Verdict:





Ismein koi shaq nahin ki

women's cricket

ek

Revolutionary Phase

se guzar raha hai.

Pay equity

aur

professionalism

ki disha mein yeh

Phenomenal Growth

hai. Lekin,

Lisa Keightley

ki baat mein dum hai. Jab pitch par

महिला खिलाड़ी



Dominance

dikha rahi hain, toh sidelines par unki

leadership

kahan hai? It's time for cricket boards and franchises to not just talk the talk, but walk the walk. More

female head coaches

are not just an option, they are a

Necessity

for

true equity

and

diverse perspectives

.

India

jaise countries jahan

WPL

jaise platforms ne

नई उड़ान

di hai, wahan se bhi hamein aage badhkar

women coaches

ko

leading roles

mein dekhna chahiye.

The Guru Gyan

kahta hai: Yeh sirf game ka future nahin, yeh

महिला सशक्तिकरण

ka future hai!








Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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गया, विजय कुमार (वरिष्ठ पत्रकार):

जिले में घरेलू गैस (LPG) की कथित किल्लत की खबरों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। समाहरणालय में आयोजित बैठक के दौरान अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) मोहम्मद सफीक ने कहा कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। अफवाहों के कारण अचानक मांग बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बना है।
उन्होंने बताया कि जिले में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
उपभोक्ताओं के लिए 4 अहम बातें
1. कीमत में बढ़ोतरी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के कारण 7 मार्च से घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में ₹60 की वृद्धि की गई है।
2. बुकिंग का नया नियम
अब गैस रिफिल की बुकिंग के लिए न्यूनतम अवधि 15 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है।
3. ESMA लागू
एलपीजी आपूर्ति को अब आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) के दायरे में रखा गया है, ताकि किसी भी परिस्थिति में गैस की आपूर्ति बाधित न हो।
4. अफवाहों से बचें
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उपभोक्ता घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर न खरीदें, जिससे कालाबाजारी करने वालों को मौका न मिले।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। यदि कहीं कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत मिलती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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ब्रेकिंग न्यूज़ | गोड्डा
झारखंड के गोड्डा जिले में पुलिस प्रशासन की सक्रियता देखने को मिली। झारखंड पुलिस के गोड्डा पुलिस अधीक्षक ने ललमटिया स्थित इंस्पेक्टर कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कार्यालय भवन का मुआयना किया तथा विभिन्न शाखाओं के कार्यों की समीक्षा की। इस क्रम में उन्होंने लंबे समय से लंबित मामलों (कांड) के निष्पादन को लेकर संबंधित पदाधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादित किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
इसके साथ ही उन्होंने पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा पुलिस पर बना रहना अत्यंत आवश्यक है, इसलिए पुलिसकर्मियों को संवेदनशीलता के साथ लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र में नियमित रूप से जनसंपर्क बढ़ाएं, लोगों से संवाद स्थापित करें और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सामुदायिक सहयोग को बढ़ावा दें।
📍 ललमटिया
#Godda #Jharkhand #Mahagama #Lalmatia #JharkhandPolice

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गया | विशेष रिपोर्ट |
विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार,

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित 13 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए गया जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने समाहरणालय में समीक्षा बैठक कर साफ कहा कि योजनाओं में देरी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी और भूमि अर्जन की प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा किया जाए।
प्रमुख योजनाओं की स्थिति
मोरहर नदी (कोठी वीयर)
जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना का लगभग 10 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और निर्माण कार्य जारी है।
बारा बांध (लब्जी नदी)
लघु जल संसाधन विभाग की यह योजना अगस्त 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
घुघरीटांड़–मुफस्सिल फ्लाईओवर
परियोजना पर निविदा और भूमि अर्जन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
गया–परैया–गुरारू सड़क परियोजना
पथ निर्माण विभाग द्वारा 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है और अप्रैल 2027 तक पूरी परियोजना पूरी करने का लक्ष्य है।
इमामगंज डिग्री कॉलेज
भवन निर्माण विभाग द्वारा फरवरी 2027 तक कॉलेज भवन तैयार करने की समयसीमा तय की गई है।
14 नए प्रखंड भवन
भवन निर्माण विभाग के तहत 10 प्रखंड भवनों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
डीएम के सख्त निर्देश
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई:
बसतपुर वीयर से लोदीपुर पईन तक अतिक्रमण हटाने के लिए सदर एसडीएम को तत्काल साइट विजिट का निर्देश।
बिजली पोल हटाने का आदेश:
पईन जीर्णोद्धार कार्य में बाधक बिजली पोलों को हटाने के लिए बिजली विभाग को निर्देश।
भूमि अर्जन पर रोजाना निगरानी:
अपर समाहर्ता (राजस्व) को प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करने का निर्देश।
निष्कर्ष
यदि योजनाएं तय समय सीमा में पूरी होती हैं, तो गया जिले में सड़क, सिंचाई, शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। प्रशासन की सक्रियता से लोगों को अब इन घोषणाओं के धरातल पर उतरने की उम्मीद जगी है।

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शाहजहाँपुर/तिलहर: राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पंडित अजीत शर्मा बुधवार को अपने समर्थकों के साथ लखनऊ के लिए रवाना हुए। वे शंकराचार्य द्वारा चलाए जा रहे 'गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा' दिलाने के महत्वपूर्ण अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे। लखनऊ प्रस्थान से पूर्व शाहजहाँपुर जनपद के तिलहर नगर में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा उनका भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया।
काच्यानी खेड़ा हनुमत धाम पर हुआ भव्य स्वागत
तिलहर में नेशनल हाईवे स्थित काच्यानी खेड़ा हनुमत धाम पर पंडित अजीत शर्मा और उनके साथियों का जोरदार स्वागत किया गया। मानव जीवन कल्याण समिति के अध्यक्ष सुरेश शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष पर पुष्प वर्षा की और माल्यार्पण कर इस पावन अभियान के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।
प्रमुख वक्ताओं ने उठाई मांग
इस अवसर पर अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के पूर्व जिलाध्यक्ष व अधिवक्ता शीलेंद्र मोहन मिश्रा ने कहा कि गौ माता सनातन धर्म की रीढ़ हैं और केंद्र व राज्य सरकार को उन्हें तत्काल 'राष्ट्रमाता' घोषित करना चाहिए। वहीं, हिंदू युवा वाहिनी के जिला महामंत्री नीरज कुमार ने भी अजीत शर्मा का स्वागत करते हुए इस यात्रा की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।
'गौ माता की रक्षा ही सनातन की रक्षा'
प्रस्थान से पूर्व मीडिया को संबोधित करते हुए पंडित अजीत शर्मा ने कहा:
"प्रत्येक गौ भक्त और सनातनी की अटूट आस्था गौ माता में है। सरकार को बिना किसी विलंब के गौ माता को राष्ट्रमाता का गौरव प्रदान करना चाहिए।"
अभियान के संदर्भ में राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी पद्मनाभ जी महाराज और राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. यशवंत मैथिल ने भी संदेश देते हुए कहा कि सनातन धर्म के संरक्षण के लिए गौ माता का संरक्षण अनिवार्य है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे गणमान्य जन
स्वागत समारोह के दौरान भारी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
मंडल पदाधिकारी: उपाध्यक्ष अमर सिंह, सचिव राजीव गंगवार, मीडिया प्रभारी प्रमोद गंगवार, सचिव हेम गंगवार।
जिला पदाधिकारी: महामंत्री अनुज द्विवेदी, सचिव अखिलेश मिश्रा, उपाध्यक्ष आनंद गंगवार।
नगर पदाधिकारी: अध्यक्ष कृष्णा गंगवार, उपाध्यक्ष ठाकुर अभिजीत प्रताप सिंह।
अन्य सदस्य: केशव मिश्रा, नितिन गंगवार, राज गंगवार, प्रदीप गंगवार, अखिलेश पाठक, रानू पाठक, सचिन गंगवार आदि शामिल रहे।

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🇮🇳 पुरानी पेंशन (OPS) मामला: 13 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई! क्या इस बार मिलेगा फैसला?

देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और विशेष रूप से CAPF के जवानों की नजरें अब Supreme Court of India पर टिकी हुई हैं।
13 मार्च 2026 को पुरानी पेंशन योजना (#OPS) से जुड़े महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई होने वाली है, जिसे लेकर कर्मचारियों और सुरक्षा बलों में बड़ी उम्मीदें हैं।

📌 मामला क्या है?

पुरानी पेंशन योजना को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
कई कर्मचारी संगठनों और CAPF कर्मियों ने यह दलील दी है कि उन्हें 2004 से पहले के कर्मचारियों की तरह ही OPS का लाभ मिलना चाहिए, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया पहले शुरू हो चुकी थी लेकिन जॉइनिंग बाद में हुई।

इस मामले में पहले Delhi High Court ने CAPF कर्मियों के पक्ष में फैसला देते हुए **पुरानी पेंशन लागू करने का आदेश दिया था।**

लेकिन केंद्र सरकार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए Supreme Court of India में अपील कर दी, जिसके बाद फिलहाल उस आदेश पर स्टे (Stay) लगा हुआ है।

⚖️ 13 मार्च की सुनवाई क्यों महत्वपूर्ण है?

13 मार्च को होने वाली सुनवाई इसलिए बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि—

✔️ यह मामला लाखों कर्मचारियों और CAPF जवानों के भविष्य से जुड़ा है।
✔️ कोर्ट यह तय करेगा कि आगे मामले की दिशा क्या होगी।
✔️ यदि विस्तृत सुनवाई होती है तो सरकार और कर्मचारियों दोनों के तर्क सामने आएंगे।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के पैटर्न को देखते हुए यह भी संभव है कि—

➡️ संक्षिप्त सुनवाई के बाद अगली तारीख मिल जाए, या
➡️ कोर्ट सरकार से अतिरिक्त दस्तावेज या जवाब मांग ले।

👮 CAPF जवानों के लिए क्यों है बड़ा मुद्दा?

देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले
BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान लंबे समय से OPS की मांग कर रहे हैं।

उनका तर्क है कि—

🔹 जोखिम और सेवा परिस्थितियां बेहद कठिन हैं
🔹 रिटायरमेंट के बाद सामाजिक सुरक्षा जरूरी है
🔹 पुरानी पेंशन से परिवार को स्थिरता मिलती है

📊 क्या 13 मार्च को फैसला आ सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार—

🔹 एक ही दिन में अंतिम फैसला आने की संभावना कम होती है
🔹 लेकिन मामले की दिशा जरूर तय हो सकती है

🇮🇳 देशभर की निगाहें अब सुप्रीम कोर्ट पर

अब सबकी निगाहें 13 मार्च 2026 पर टिकी हैं।
देखना होगा कि देश की सर्वोच्च अदालत इस महत्वपूर्ण मामले में क्या रुख अपनाती है।

क्योंकि यह सिर्फ पेंशन का मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के भविष्य की सुरक्षा का सवाल है।

🙏 आपकी क्या राय है?
क्या #पुरानी पेंशन योजना (OPS) फिर से लागू होनी चाहिए?

और इस महत्वपूर्ण जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाने के लिए पोस्ट शेयर करें। 🇮🇳

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देश के करोड़ों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने महंगाई को देखते हुए महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके साथ ही कर्मचारियों को जनवरी से मार्च तक का एरियर भी एक साथ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार सरकार जल्द ही DA बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा कर सकती है। इससे लाखों कर्मचारियों की सैलरी में सीधा फायदा होगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

📊 AICPI-IW इंडेक्स के आधार पर तय होता है DA

महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला AICPI-IW (All India Consumer Price Index) के आंकड़ों के आधार पर लिया जाता है। यह इंडेक्स देश में बढ़ती महंगाई को दर्शाता है। जब महंगाई बढ़ती है तो कर्मचारियों को राहत देने के लिए सरकार DA बढ़ाती है।

पिछले कुछ महीनों में AICPI इंडेक्स में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिसके बाद यह तय माना जा रहा है कि इस बार कर्मचारियों के DA में बढ़ोतरी होगी।

💰 सैलरी में होगा सीधा फायदा-

DA बढ़ने का सबसे बड़ा फायदा कर्मचारियों की सैलरी पर पड़ता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹30,000 है और DA में बढ़ोतरी होती है, तो उसकी मासिक आय में हजारों रुपये का इजाफा हो सकता है।

इसके अलावा जनवरी से लागू होने के कारण तीन महीने का एरियर भी एक साथ मिलने की संभावना है, जिससे कर्मचारियों के खाते में अच्छी-खासी रकम आ सकती है।

👴 पेंशनर्स को भी मिलेगा लाभ

यह बढ़ोतरी सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। केंद्र सरकार के पेंशनर्स को भी इसका फायदा मिलेगा। उनके लिए महंगाई भत्ते को DR (Dearness Relief) कहा जाता है और इसमें भी समान प्रतिशत की वृद्धि की जाती है।

इस फैसले से देशभर के लाखों पेंशनर्स की मासिक पेंशन में भी बढ़ोतरी होगी।

📈 आगे भी बढ़ सकता है DA

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर महंगाई दर आगे भी बढ़ती है तो जुलाई में फिर से DA बढ़ने की संभावना बन सकती है।

सरकार आमतौर पर साल में दो बार महंगाई भत्ता बढ़ाती है —
1️⃣ जनवरी
2️⃣ जुलाई

इसलिए आने वाले समय में कर्मचारियों को और भी राहत मिल सकती है।

🇮🇳 कुल मिलाकर, यह फैसला देश के करोड़ों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आर्थिक राहत और बड़ी खुशखबरी साबित हो सकता है।

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સુરતવાસીઓ માટે ગૌરવની ક્ષણ…

સુરત શહેરની ઐતિહાસિક ઓળખ અને સ્થાનિક સંસ્કૃતિને વધુ મજબૂત બનાવતા મહત્વપૂર્ણ નિર્ણય તરીકે સુરત મહાનગર પાલિકા દ્વારા વર્ષો જૂના ‘મુગલીસરા’ વિસ્તારનું નામ બદલવામાં આવ્યું છે. હવે આ વિસ્તારને ‘તાપીપુરા’ તરીકે ઓળખ આપવામાં આવશે. આ સાથે પાલિકાના મુખ્ય વહીવટી મથકને પણ ‘તાપીભવન’ નામ આપવામાં આવ્યું છે. શહેરના ઇતિહાસ અને તાપી નદી સાથે જોડાયેલી ઓળખને ધ્યાનમાં રાખીને લેવામાં આવેલો આ નિર્ણય સુરતવાસીઓ માટે ગૌરવની ક્ષણ સમાન માનવામાં આવી રહ્યો છે.

સુરત શહેરની ઓળખ તાપી નદી સાથે અતિ પ્રાચીન સમયથી જોડાયેલી રહી છે. તાપી નદી શહેરના વિકાસ, વેપાર, સંસ્કૃતિ અને જીવનશૈલીમાં મહત્વપૂર્ણ ભૂમિકા ભજવતી આવી છે. આ નદીના કિનારે વસેલું સુરત શહેર આજે વિશ્વભરમાં પોતાના વેપાર, હીરા ઉદ્યોગ, કાપડ ઉદ્યોગ અને સાંસ્કૃતિક વૈવિધ્ય માટે ઓળખાય છે. આવી ઐતિહાસિક પૃષ્ઠભૂમિને ધ્યાનમાં રાખીને ‘મુગલીસરા’ જેવા વર્ષો જૂના વિસ્તારને ‘તાપીપુરા’ નામ આપવું શહેરની મૂળ ઓળખને વધુ ઉજાગર કરનાર નિર્ણય તરીકે જોવામાં આવી રહ્યું છે.

તે જ રીતે સુરત મહાનગર પાલિકાનું મુખ્ય વહીવટી મથક હવે ‘તાપીભવન’ તરીકે ઓળખાશે. આ નામ શહેરની જીવનદાયિની ગણાતી તાપી નદી પ્રત્યેના સન્માન અને લાગણીનું પ્રતિબિંબ છે. શહેરના વિકાસમાં તાપી નદીનું વિશેષ યોગદાન રહ્યું છે અને આ નિર્ણય દ્વારા તેની સાથે જોડાયેલી ઐતિહાસિક અને સાંસ્કૃતિક વારસાને સન્માન આપવામાં આવ્યું છે.

આ નિર્ણયથી સુરત શહેરની સ્થાનિક ઓળખ, ઇતિહાસ અને પરંપરા પ્રત્યેનો ગૌરવ વધુ મજબૂત બનશે તેવી આશા વ્યક્ત કરવામાં આવી રહી છે. શહેરના નાગરિકો માટે આ માત્ર નામ બદલવાનો નિર્ણય નથી, પરંતુ પોતાની સંસ્કૃતિ, પરંપરા અને ઐતિહાસિક વારસાને સન્માન આપવાનો એક મહત્વપૂર્ણ પ્રયાસ છે.

સુરત મહાનગર પાલિકાનો આ નિર્ણય શહેરના ગૌરવ અને ઓળખને નવી ઊંચાઈ આપનાર સાબિત થશે અને ભવિષ્યમાં પણ શહેરની સંસ્કૃતિ અને વારસાને જાળવવા માટે પ્રેરણા આપશે.

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श्रीशनिधाम गूढ़ा में भागवत कथा में
जालौन। नगर के श्रीशनिधाम गूढ़ा में आयोजित साप्ताहिक धार्मिक कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे श्रीविघ्न विनायक गणपति नवकुंडीय महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रद्धालुओं को बालि-वामन प्रसंग और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाई गई। श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पांडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
यज्ञाचार्य पंडित मिथलेश महाराज द्वारा यज्ञ क्रियाएं संपन्न कराई जा रही हैं, जबकि कथा व्यास गुरुप्रसाद रामायणी ने भक्तों को कथा का रसपान कराया। उन्होंने बालि-वामन प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान वामन ने राजा बालि से तीन पग भूमि दान में मांगी थी। भगवान ने दो ही पग में आकाश और पाताल को नापकर राजा बालि का अभिमान चूर कर दिया और उन्हें विनम्रता का संदेश दिया।
इसके बाद कथा व्यास ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि जब कंस का अत्याचार और अहंकार अत्यधिक बढ़ गया तथा वह अच्छाई और बुराई का भेद भूल गया, तब भगवान को पृथ्वी पर अवतार लेना पड़ा। मथुरा की कारागार में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद वासुदेव उन्हें रातों-रात गोकुल में नंद बाबा के घर ले गए और वहां जन्मी पुत्री को देवकी की गोद में सौंप दिया।
उन्होंने बताया कि जैसे ही गोकुल में सुबह लोगों को नंद बाबा के यहां लाला के जन्म का समाचार मिला, पूरा गोकुल उत्सव में डूब गया। ब्रजवासी नाचते-गाते हुए ‘नन्द घर आनन्द भयो, जय कन्हैया लाल की’ गाते नजर आए। कथा के दौरान संगीतमय भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालु झूम उठे और भक्तिभाव से नृत्य करने लगे।
इस अवसर पर विमला देवी, महंत बृजेश तिवारी, उमेश दीक्षित, सुनील महाराज, लल्ला सोनी, महेश ककरैया, विनोद गुप्ता, राकेश सेंगर, प्रमोद गुप्ता, अनुराग तिवारी, कृपाशंकर, उमेश ककरैया, अरविंद, अनुराग शर्मा, महेश कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
रिपोर्ट
राजू पाटकार...

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ब्रजराजनगर/झारसुगुड़ा:
ब्रजराजनगर निवासी और ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन (AIMA) तथा इंडियन प्रेस यूनियन के सदस्य प्रकाश पजियार ने झारसुगुड़ा स्थित रवि सागर ढाबा के मालिक और उसके बाउंसरों पर मारपीट और दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है।

प्रकाश पजियार के अनुसार, वह अपने मित्र पियूष कांत राय को रात करीब 12 बजे की हटिया–पुणे सुपरफास्ट ट्रेन पकड़ने के लिए झारसुगुड़ा जंक्शन छोड़ने गए थे। इसके बाद भूख लगने पर वे अपने दोस्तों के साथ पास के रवि सागर ढाबा में खाना खाने पहुंचे।

आरोप है कि ढाबा के मालिक और बाउंसरों ने उनसे बदसलूकी करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और बाद में उनके साथ मारपीट की। इस घटना में प्रकाश पजियार के नाक से खून निकलने की भी बात कही गई है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ढाबा में रात 10 बजे के बाद भी अवैध रूप से शराब बेची जाती है, जबकि नियम के अनुसार निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री प्रतिबंधित है।

प्रकाश पजियार ने इस मामले में आरटीओ पुलिस स्टेशन, झारसुगुड़ा में शिकायत दर्ज कराते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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कोलकाता :- ईरान के साथ इजरायल व अमेरिका के युद्ध के चलते देशव्यापी ईंधन और एलपीजी गैस संकट का असर अब पश्चिम बंगाल के कोने-कोने में दिखने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में रसोई गैस की कमी के कारण चूल्हे बुझने की नौबत आ गई है, वहीं परिवहन क्षेत्र में ऑटो का किराया बढ़ने से आम जनता बेहाल है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कृत्रिम संकट पैदा करने वाले जमाखोरों पर कड़ी नजर रखी जाए। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि कोई इस आपदा में निजी स्वार्थ के लिए गैस का भंडारण करता पाया गया, तो सरकार उसे तत्काल जब्त कर लेगी। मुख्यमंत्री ने इस अचानक पैदा हुए संकट के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त तैयारी और स्टॉक का आकलन किए एलपीजी बुकिंग पर कड़े प्रतिबंध लगाना एक 'गैर-जिम्मेदाराना' फैसला है। स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री बुधवार शाम को ही गैस डीलरों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करने वाली हैं। इसके बाद गुरुवार को पुनः प्रशासनिक बैठक बुलाई गई है, जिसमें आम जनता को इस समस्या से राहत दिलाने के लिए एक ठोस रूपरेखा तैयार की जा सकती है।

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🌍 अंतरराष्ट्रीय हालात

मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। Iran और Israel के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है।



⚔️ युद्ध क्यों होता है?

विशेषज्ञों के अनुसार युद्ध के मुख्य कारण ये होते हैं:

1️⃣ शक्ति और प्रभुत्व की लड़ाई – क्षेत्र में कौन ज्यादा ताकतवर रहेगा।
2️⃣ धार्मिक और राजनीतिक मतभेद – अलग विचारधारा और सोच।
3️⃣ सुरक्षा का डर – एक देश को दूसरे देश से खतरा महसूस होना।
4️⃣ परमाणु और सैन्य शक्ति – हथियारों की होड़ से तनाव बढ़ना।



🔎 ईरान–इज़राइल संघर्ष की वजह
• दोनों देशों के बीच कई वर्षों से दुश्मनी चल रही है।
• Iran कुछ ऐसे समूहों का समर्थन करता है जिन्हें Israel अपने लिए खतरा मानता है।
• परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी दोनों देशों के बीच तनाव बना रहता है।



⏳ कहाँ जाकर रुकेगी यह लड़ाई?

विश्लेषकों के अनुसार इस संघर्ष के तीन संभावित रास्ते हो सकते हैं:
• सीज़फायर (युद्धविराम) – अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद दोनों देश युद्ध रोक सकते हैं।
• लंबा तनाव – छोटे-छोटे हमले लंबे समय तक जारी रह सकते हैं।
• बड़ा क्षेत्रीय युद्ध – यदि अन्य देश शामिल हुए तो संघर्ष और बड़ा हो सकता है।



🌏 दुनिया की चिंता

संयुक्त राष्ट्र सहित कई देश इस संघर्ष को रोकने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि युद्ध बढ़ने से वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर बड़ा असर पड़ सकता है।



✔ निष्कर्ष:
Iran और Israel के बीच चल रहा तनाव केवल दो देशों का विवाद नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बन गया है।

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At first glance, Iran’s continued resistance in the face of overwhelming American military superiority appears irrational. Many observers interpret it as a weaker state refusing to acknowledge the inevitable. However, such a reading misunderstands the structural design of Iran’s military doctrine. Iran is not fighting because it expects to defeat the United States militarily. It is fighting because its system was deliberately engineered so that the war effort can continue even if the central leadership is incapacitated.

The present operational posture of the Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) is rooted in lessons drawn from the 2003 invasion of Iraq. When the United States dismantled the regime of Saddam Hussein in a matter of weeks, Iranian military strategists carefully studied how the destruction of a centralized command structure could collapse an entire state’s warfighting capability. Among those most influenced by this event was Mohammad Ali Jafari, who later rose to become commander of the IRGC. During his years at the IRGC Strategic Studies Centre, Jafari developed a long-term military restructuring plan designed to ensure that Iran could never be defeated through leadership decapitation.

When Jafari assumed command of the IRGC in 2007, he began implementing a sweeping structural transformation. Iran’s security apparatus was reorganized into 31 autonomous provincial commands, each corresponding to one of the country’s provinces. These commands were not merely administrative units but operationally independent military zones. Each command was provided with its own command and control infrastructure, missile and drone capabilities, stockpiled munitions, and integrated local militia networks through the Basij forces. In coastal regions, naval elements including fast-attack craft were incorporated to ensure maritime disruption capabilities. Crucially, each provincial command received pre-delegated wartime authorities and sealed contingency orders that could be activated in the event of central command disruption.

The deeper logic behind this structure lies in the constitutional framework of the Islamic Republic of Iran. According to Article 110 of the country’s constitution, supreme command over all armed forces is vested exclusively in the Supreme Leader. The authority to appoint military leadership, issue strategic directives, and initiate or halt military operations rests solely with this office. For decades that authority was exercised by Ali Khamenei, who held the position of Supreme Leader and commander-in-chief of Iran’s armed forces.

Because this authority is so centralized, pre-delegated wartime directives issued by the Supreme Leader carry enormous weight. Once issued, these orders remain operational until explicitly rescinded by a successor exercising the same constitutional authority. In a scenario where the Supreme Leader is killed or incapacitated, the system is designed not to collapse but to transition automatically into decentralized execution. Provincial commands continue operating based on the last standing directives.

This creates a unique political and military dilemma. Even if other political figures within the Iranian state seek to halt hostilities, they lack the constitutional authority to override those directives. Leaders within the elected government or the legislature can issue political statements, pursue diplomacy, or negotiate internationally, but they do not possess legal command authority over the IRGC’s operational decisions. Institutions such as the Guardian Council likewise function within legislative and constitutional oversight rather than military command. As a result, a provincial IRGC commander launching drones, missiles, or maritime operations is not acting independently or in defiance of the state; he is carrying out the standing orders issued by the last constitutionally empowered commander-in-chief.

The implications of this structure extend far beyond Iran’s borders. From a military standpoint, the decentralized doctrine removes the possibility of a single decisive strike that could end the conflict. Destroying central headquarters or eliminating senior leadership does not halt operations because operational authority has already been distributed across multiple autonomous commands. From a diplomatic perspective, negotiating a comprehensive ceasefire becomes extremely complicated, since no single political actor can guarantee compliance from every operational command unless centralized authority is firmly re-established.

For regional actors, particularly states around the Persian Gulf, this doctrine creates an environment of persistent localized pressure. Each coastal province retains the ability to deploy drones, anti-ship missiles, and fast-attack naval units capable of targeting maritime traffic. This decentralized maritime capability complicates naval deterrence and creates ongoing uncertainty for commercial shipping and energy infrastructure.

Financial and insurance markets also face an unusual strategic risk. Maritime insurers and shipping firms must account for the possibility that hostilities could continue even after diplomatic agreements are announced, simply because not all operational commands may immediately receive or recognize new directives. The probability of simultaneous compliance across numerous semi-autonomous military commands becomes difficult to guarantee, creating instability in shipping routes and energy markets.

Ultimately, the doctrine developed under Mohammad Ali Jafari was not primarily designed to deliver a decisive military victory against a technologically superior adversary. Its objective was far more strategic: to ensure that Iran could not be defeated through rapid leadership decapitation or centralized collapse. By transforming the country’s defense structure into a distributed network of semi-autonomous commands, Iran built a system that can continue functioning even when the political center is disrupted.

In this sense, the continued fighting of the IRGC is not necessarily the product of defiance or miscalculation. It is the natural outcome of a doctrine deliberately designed to operate without relying on a single command center. The system was built to ensure continuity of resistance under the most extreme circumstances.

In modern warfare, many militaries depend on centralized control to coordinate operations. Iran chose the opposite path. It created a structure where war can continue even if the leadership that started it is no longer present to command it.

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घनश्यामपुर थाना क्षेत्र से नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अपहृत लड़की को भी सुरक्षित बरामद कर लिया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता की मां ने घनश्यामपुर थाना में अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि एक युवक उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान, पुलिस ने आरोपी युवक मनीष कुमार महतो को गिरफ्तार कर लिया। मनीष घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के जिरात गांव निवासी मनोज कुमार महतो का पुत्र है। पुलिस ने गिरफ्तार युवक के कब्जे से नाबालिग लड़की को भी बरामद कर लिया। बरामद लड़की को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां धारा 164 के तहत उसका बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि पीड़िता की मां के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद किया। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपी युवक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। थानाध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में पुलिस पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई करती है। ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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కామారెడ్డి ప్రతినిధి (పాములసంతోష్ కుమార్)
తేది:11.03.2026

కామారెడ్డి జిల్లా బుధవారం
ప్రజాపాలన – ప్రగతి ప్రణాళిక కార్యక్రమం లో భాగంగా జిల్లాలోని సదాశివ నగర్ మండలం లోని వ్యవసాయ క్షేత్రం లో వ్యవసాయ శాఖ ఆధ్వర్యంలో నిర్వహించిన నానో యూరియా వాడకంపై అవగాహన కార్యక్రమంలో జిల్లా కలెక్టర్ ఆశిష్ సాంగ్వాన్ పాల్గొన్నారు.

ఈ సందర్భంగా జిల్లా కలెక్టర్ మాట్లాడుతూ రైతులు పంటలలో నానో యూరియాను డ్రోన్ సహాయంతో పిచికారీ చేయడం ద్వారా తక్కువ సమయంలో ఎక్కువ విస్తీర్ణంలో ఎరువులు వేయవచ్చని తెలిపారు. ఈ విధానం ద్వారా ఖర్చులు తగ్గడంతో పాటు పంటల దిగుబడి కూడా పెరుగుతుందని పేర్కొన్నారు. రైతులు ఆధునిక వ్యవసాయ పద్ధతులను అవలంబించి డ్రోన్ టెక్నాలజీని సద్వినియోగం చేసుకోవాలని సూచించారు.
రైతులకు నానో యూరియా ప్రయోజనాలు, డ్రోన్ ద్వారా పిచికారీ చేసే విధానం గురించి వ్యవసాయ శాఖ అధికారులు వివరించారు. ప్రభుత్వం చేపడుతున్న వ్యవసాయ అభివృద్ధి కార్యక్రమాలను రైతులు సద్వినియోగం చేసుకోవాలని జిల్లా కలెక్టర్ తెలిపారు.

ఈ కార్యక్రమంలో వ్యవసాయ శాఖ అధికారి మోహన్ రెడ్డి, సిబ్బంది రైతులు పాల్గొన్నారు.

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