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कलेक्टर की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन की जिला स्तरीय बैठक सम्पन्न

कलेक्टर की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न

हर घर नल से जल पहुँचाना सर्वोच्च प्राथमिकता – कलेक्टर

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से ही योजनाओं का सफल क्रियान्वयन संभव – सांसद शिवमंगल सिंह तोमर

जल जीवन मिशन जिला स्तरीय समीक्षा बैठक कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में नल–जल योजनाओं की अद्यतन स्थिति, भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, हैंडओवर की प्रक्रिया, लंबित कार्यों, भुगतान संबंधी समस्याओं तथा फील्ड स्तर पर आ रही व्यावहारिक चुनौतियों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक में सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुँचाने के लिए प्रशासन और शासन को मिलकर गंभीरता से कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे ग्राउंड लेवल पर जाकर आमजन की समस्याओं को समझें, जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करें और ठोस एवं व्यावहारिक कार्ययोजना बनाकर योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि तभी नल–जल योजना का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक परिवार तक सुनिश्चित हो सकेगा।

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जो भी नल–जल योजनाएं अधूरी हैं, उन्हें तत्काल प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने पालन प्रतिवेदन के माध्यम से 6 माह से बंद पड़े कार्यों, उनमें आ रही भुगतान संबंधी समस्याओं तथा हैंडओवर की स्थिति की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि जिन योजनाओं का हैंडओवर हो चुका है, उनकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित पंचायतों की होगी। पंचायतें यह सुनिश्चित करें कि छोटी–मोटी खराबियों के कारण कहीं भी पेयजल आपूर्ति बाधित न हो।

कलेक्टर ने फॉल्स रिपोर्टिंग पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर गलत या भ्रामक जानकारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पाइपलाइन की गुणवत्ता, प्रेशर टेस्टिंग, मशीनरी की कार्यशील स्थिति तथा रोड रिस्टोरेशन कार्यों की गुणवत्ता की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए,जहां भी पेयजल आपूर्ति बंद है, वहां पंचायतों द्वारा तत्काल मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में ग्रामों के आच्छादन की कार्ययोजना, एकल ग्राम नल–जल योजनाओं की भौतिक प्रगति, एफएचटीसी लक्ष्यों की पूर्ति, सहायक यंत्री एवं उपयंत्रीवार प्रगति, पूर्ण एवं प्रमाणीकृत हस्तांतरित योजनाओं, हस्तांतरण हेतु प्रस्तावित पूर्ण योजनाओं तथा प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही पुनरीक्षित योजनाओं की अद्यतन सूची, रोड रिस्टोरेशन की प्रगति तथा धरती आबा एवं पीवीटीजी बस्तियों में चल रहे कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कलेक्टर ने ईई पीएचई को निर्देश दिए कि 25 जनवरी तक शेष कार्यों को पूर्ण करने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और उसकी नियमित एवं सघन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने स्कूलों एवं आंगनबाड़ियों में नल कनेक्शन की शत–प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जहां आवश्यकता हो वहां नलों एवं संबंधित उपकरणों की मरम्मत तत्काल कराने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने फील्ड विजिट बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ग्राउंड लेवल पर जाकर ही वास्तविक समस्याओं की पहचान संभव है। उन्होंने ईई, एसडीओ, सब इंजीनियर एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड में जाकर कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और जनता को हो रही असुविधाओं का निरीक्षण करें, ताकि योजनाओं का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, मुरैना एवं जौरा विधायकों की तरफ से प्रतिनिधि, कार्यपालन यंत्री पीएचई श्री जितेंद्र मिश्रा, कृषि, जनजातीय, सिंचाई विभाग के जिला अधिकारी, पीएचई विभाग के एसडीओ एवं सब इंजीनियर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन एक क्रांतिकारी योजना है, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुँचाना है। यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि इस योजना का क्रियान्वयन निर्धारित मापदंडों, गुणवत्ता एवं समयसीमा के अनुरूप हो, ताकि आम जनता को इसका स्थायी और वास्तविक लाभ मिल सके।
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