
कलेक्टर के निर्देशानुसार दूषित पेयजल की रोकथाम हेतु पाइपलाइन से टैंक तक इंटेंसिव कार्रवाई
कलेक्टर के निर्देशानुसार दूषित पेयजल की रोकथाम हेतु पाइपलाइन से टैंक तक इंटेंसिव कार्रवाई
लीकेज, टेस्टिंग व क्लोरीनेशन में लापरवाही नहीं, ‘संकल्प से समाधान’ अभियान प्रारंभ
सीएम हेल्पलाइन: तीन दिवस में प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई
जिले में दूषित पेयजल की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड ने नगर निगम, एमपीयूडीसी,पीएचई एवं संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि शुद्ध पेयजल आपूर्ति से जुड़ी किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि पाइपलाइन शिफ्टिंग से लेकर उनके बीच उचित स्पेसिंग सुनिश्चित की जाए। यदि किसी भी स्थान पर लीकेज पाया जाता है तो उसका तत्काल सुधार कर मौके पर ही दुरुस्त किया जाए। वे कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को टीएल बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, समस्त एसडीएम, समस्त जिला अधिकारी, आयुक्त नगर निगम, नगरीय निकायों के सीएमओ एवं तहसीलदार उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि नगर निगम एवं संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि पेयजल उपयोग के लिए सभी व्यवस्थाएं पुनः एक्सपर्ट स्टैंडर्ड के अनुरूप हों और आम जनता को कहीं भी किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने पीएचई एवं अन्य संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जल आपूर्ति के प्रत्येक सोर्स की टेस्टिंग कराई जाए, चाहे वह टैंक से टैंक तक की सप्लाई हो, कोई अन्य सोर्स हो अथवा वह स्थान हो जहां आम जनता द्वारा पानी का उपभोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर दूषित जल की समस्या न रहे।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी जल आपूर्ति स्रोतों जैसे टैंक आदि की एक बार पूर्ण रूप से प्रोपर क्लीनिंग कराई जाए और यह प्रक्रिया केवल एक बार की न होकर निरंतर समय-समय पर जारी रखी जाए, ताकि भविष्य में दोबारा गंदगी की कोई समस्या न हो। उन्होंने कहा कि क्लीनिंग के बाद टैंकों और जल स्रोतों का क्लोरीनेशन अनिवार्य रूप से किया जाए, लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि क्लोरीन की मात्रा एक्सपर्ट स्टैंडर्ड के अनुसार ही हो, कहीं भी अधिक मात्रा का उपयोग न किया जाए। इसके साथ ही सभी अंडरग्राउंड बोरवेल पर भी क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद कलेक्टर ने नालियों के अंदर या नालियों के पास से गुजर रही पाइपलाइनों से जुड़ी समस्याओं पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन नालियों के अंदर या नालियों से होकर गुजर रही हैं, ऐसे सभी स्थानों पर पाइपलाइन की इंटेंसिव क्लीनिंग एवं जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी लीकेज न हो। यदि कहीं लीकेज की समस्या पाई जाती है तो उसे त्वरित दुरूस्त कराया जाये अथवा पाइपलाइन को प्रॉपर तरीके से शिफ्ट किया जाए तथा पाइपों की कैसिंग भी अनिवार्य रूप से कराई जाए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने एमपीयूडीसी से दूषित पेयजल से जुड़ी समस्याओं की भी जानकारी ली और नगर निगम एवं सभी नगरों के सीएमओ को निर्देश दिए कि प्राप्त सभी शिकायतों का री-इवैल्यूएशन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैनपावर या मशीनरी के कारण किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य इंटेंसिव रूप से कराए जाएं।
बैठक में कलेक्टर ने संकल्प से समाधान अभियान की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान 12 जनवरी 2026 से प्रारंभ होकर 31 मार्च 2026 तक चलेगा। जिसमें प्रथम चरण 12 जनवरी से प्रारंभ होकर 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। उन्होंने अभियान को सफल बनाने के संबंध में कहा कि संबंधित अधिकारी स्वयं प्रेरणा से आवेदन लें और निर्धारित समय-सीमा से पहले ही उनका समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अभियान को इंटेंसिव मोड में चलाया जाए, ताकि प्रथम चरण में अधिकतम आवेदनों का निराकरण हो सके।
कलेक्टर ने बताया कि जो आवेदन प्रथम चरण में निराकृत नहीं हो पाएंगे, उनका समाधान द्वितीय चरण में किया जाएगा, जो 16 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक चलेगा। इसके बाद तृतीय चरण 16 मार्च से 26 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें शेष आवेदनों का निराकरण ब्लॉक स्तर पर किया जाएगा। इसके बाद चतुर्थ चरण 26 मार्च 2026 से 31 मार्च 2026 तक चलेगा। जिसमें जिला स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने हेतु ई-केवाईसी, आधार अपडेट एवं बायोमेट्रिक अपडेट का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत जिन सेवाओं को शामिल किया गया है, उनके लिए आवश्यक दस्तावेजों एवं पात्रता मापदंडों को संबंधित अधिकारियों द्वारा स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्यूमेंटेशन फेसीलिटेशन में सभी अधिकारी अपनी पूरी जवाबदेही सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की विभागवार समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि वर्तमान रैंकिंग संतोषजनक नहीं है और सभी संबंधित एल-वन अधिकारियों को तीन दिवस में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य योजनाओं से संबंधित सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का निपटारा त्वरित रूप से एल-वन अधिकारी स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए और इसकी मॉनीटरिंग संबंधित विभाग प्रमुख द्वारा की जाएगी।
कलेक्टर ने आधार अपडेशन को भी क्लस्टर स्तर पर इंटेंसिव कैंप मोड में चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान एवं ई-विकास प्रणाली सहित शासन की विभिन्न योजनाओं में किसानों और आम नागरिकों के लिए आधार का अपडेट रहना आवश्यक है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि पात्र हितग्राहियों का आधार अपडेटेड हो।
इसके पश्चात कलेक्टर ने भूमि अधिग्रहण, आवंटन एवं अतिक्रमण से जुड़े मामलों की समीक्षा की तथा अंतरविभागीय मुद्दों को भी सुना। बैठक में संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।
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