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నంద్యాల: పి డి ఎస్ యు రాష్ట్ర అధ్యక్షుడు ఎస్ ఎం డి రఫీ ప్రైవేట్ కార్పొరేట్ విద్యాసంస్థల అక్రమ దోపిడిని అరికట్టాలని డిమాండ్ చేశారు. సాయిబాబా నగరంలో జరిగిన జిల్లా కార్యవర్గ సమావేశంలో ఎస్ ఎం డి రఫీ, పి డి ఎస్ యు నాయకులతో కలిసి ప్రభుత్వ నిబంధనలు ఉల్లంఘిస్తూ గుర్తింపు లేకుండా ముందస్తు అడ్మిషన్లు నిర్వహిస్తున్న విద్యాసంస్థలపై చర్యలు తీసుకోవాలని కోరారు.

వీరు పేర్కొన్నట్లు, నంద్యాల జిల్లాలో కొన్ని విద్యాసంస్థలు ఫ్లెక్సీలు, బోర్డులు పెట్టి తప్పుడు ప్రచారాలు చేయడం, భారీ ఫీజులు వసూలు చేయడం ద్వారా విద్యను వ్యాపారంగా మారుస్తున్నాయి. అలాగే, విద్యాశాఖ అధికారులు ఈ ఉల్లంఘనలను పట్టించుకోకపోవడం సమస్యగా ఉన్నది. పి డి ఎస్ యు తక్షణ చర్యలు తీసుకోవాలని, లేకపోతే ప్రత్యక్ష ఆందోళన కార్యక్రమాలు నిర్వహిస్తామని హెచ్చరించారు.

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केसला रोड में पेयजल संकट गहराया

वार्ड क्रमांक 10 और 16 में एक हफ्ते से नल में नहीं आया पानी, नगर पंचायत के खिलाफ लोगों में आक्रोश

सीतापुर नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 10 और 16 अंतर्गत केसला रोड में पिछले एक सप्ताह से नलों में पानी नहीं आने से स्थानीय रहवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराने से लोगों में नगर पंचायत प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि समस्या को लेकर नगर पंचायत के कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार फोन के माध्यम से सूचना दी गई, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे आम नागरिक खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

रहवासियों के अनुसार पानी की समस्या के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। लोगों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्रवासियों ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नगर पंचायत में भ्रष्टाचार चुस्त और कर्मचारी सुस्त की स्थिति बन गई है। नागरिकों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देने तक सीमित हैं।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल करने तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। यदि समस्या का समाधान शीघ्र नहीं हुआ तो नागरिक आंदोलन करने की चेतावनी भी दे रहे हैं।

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8 मई, 2026
भागलपुर | आज का युवा देश की प्रगति का आधार है, लेकिन दुर्भाग्यवश युवाओं का एक बड़ा हिस्सा 'सूखे नशे' (सिंथेटिक ड्रग्स, पाउडर, गोलियां) के ऐसे दलदल में फंसता जा रहा है, जहाँ से वापसी का रास्ता धुंधला होता जा रहा है। यह अब केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और मानसिक महामारी का रूप ले चुका है।
भागलपुर जिला भी इस समस्या से अछूता नहीं है। पुलिस प्रशासन इस खतरे से निपटने के लिए लगातार सक्रिय है। एसएसपी भागलपुर, प्रमोद कुमार ने कई मौकों पर नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने और युवाओं को बचाने के लिए सामाजिक भागीदारी पर जोर दिया है। उनका स्पष्ट मानना है कि नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ परिवार और समाज का जागरूक होना भी उतना ही जरूरी है।
क्यों बढ़ रहा है 'सूखे जहर' का चलन?
विशेषज्ञों और मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इसके पीछे कई गहरे सामाजिक और मानसिक कारण छिपे हैं:
पढ़ाई का बोझ, करियर की अनिश्चितता और बढ़ते अकेलेपन के बीच युवा 'क्षणभंगुर शांति' की तलाश में इन घातक पदार्थों की ओर खिंचे चले जा रहे हैं।
दोस्तों के बीच "कूल" दिखने की चाहत और "सिर्फ एक बार ट्राई करने" की जिज्ञासा अक्सर जीवन भर की तबाही का कारण बन जाती है।भागदौड़ भरी जिंदगी में माता-पिता और बच्चों के बीच बढ़ती दूरियां युवाओं को भावनात्मक रूप से कमजोर बना रही हैं, जिसका फायदा नशा तस्कर आसानी से उठाते हैं।यदि आपके आसपास भी किसी युवा के व्यवहार में ये बदलाव दिखें, तो सावधान हो जाएं:
अचानक एकांतप्रिय या चिड़चिड़ा हो जाना।चोरी करना या पैसों की मांग करना।नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस या प्रशासन की नहीं, बल्कि हम सबकी है। बच्चों को डांटने या उन पर शक करने के बजाय उनके दोस्त बनें। उन्हें विश्वास दिलाएं कि वे अपनी हर समस्या आपसे साझा कर सकते हैं।
याद रखें, नशा एक बीमारी है। यदि स्थिति गंभीर है, तो मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने में संकोच न करें।
वक्त आ गया है कि हम अपनी नींद से जागें। सूखे नशे की यह गिरफ्त हमारे आने वाले कल को खोखला कर रही है। एक जागरूक परिवार, सख्त पुलिसिंग और सशक्त समाज ही इस 'सूखे जहर' को हरा सकता है।
हमारी अपील: आइए, हम सब मिलकर एक नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लें। नशे को 'ना' कहें और जीवन को 'हां'।
आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि समाज की चुप्पी और पुलिस की कार्रवाई में समन्वय की कमी इस समस्या को और बढ़ा रही है? क्या भागलपुर में नशे के खिलाफ अभियान और तेज होना चाहिए? अपनी प्रतिक्रिया कमेंट बॉक्स में अवश्य दें।

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भारत एक धार्मिक देश है जहाँ सत्य, तर्क, ईमानदारी का पालन किया जाना चाहिए लेकिन कई जगहों पर इसके विपरीत रहा है। बाबों ने लोगों को भूत, नरक, स्वर्ग, झूठी विद्या, जाति और धर्म के घेरे में रखा। इसी तरह, लोकतंत्र लोगों के माध्यम से लोगों के लिए है, लेकिन सरकारों, तथाकथित विशेषज्ञों, तथाकथित मीडिया विद्वानों और विश्वासघाती नेताओं के मतलबी सहयोगियों ने मिलकर लोगों को राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक राक्षस दिए, ताकि लोग उनसे मुंह मोड़ लें।धर्म का अर्थ है जीवन शैली और जीवन शैली का अभ्यास दैनिक पूजा, बाबाओं के डेरा, सुबह और शाम को तेज शोर और डिजिटल (सोशल मीडिया शिक्षा, हुकुमनामा) प्रदूषण के बजाय किया जाता।
वैसे ही राजनीति का मतलब था शहरों और गांवों का काम, तो फिर नेताओं की शादी और प्रार्थनाओं में कौन से काम और कर का पैसा मुफ्त में बांटा जाता था, शीर्ष पर की सरकारें धार्मिक प्रथाओं और पूजा स्थलों में हस्तक्षेप क्यों कर रही हैं, धर्म को एक निजी मामला माना जाता था। जब तक डॉक्टर बीमारी का ठीक से निदान नहीं करता है और रोगी को बीमारी से बचने के लिए नहीं समझाता है, तब तक बीमारी नियंत्रित/समाप्त नहीं होती है। इसी तरह, जब तक लोग धर्म और राजनीति के बीच का अंतर नहीं समझते, तब तक सब कुछ भ्रमित रहेगा और तथाकथित नेता, विशेषज्ञ, मीडिया हमारा शोषण करते रहेंगे।
कई वर्षों तक तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता, विशेषज्ञ और कुछ राजनीतिक दल ईवीएम से चुनाव जीतने के बारे में झूठ फैलाते रहे और अंत में जब आप ने चुनाव जीता या अदालत ने कहा कि ईवीएम गलत नहीं हैं तो उन्हें चुप करा दिया गया। अब कुछ सोशल मीडिया विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक दल एक नया सांप लेकर आए हैं जिसे ममता ने एस. आई. आर. (विशेष गहन संशोधन) करके बंगाल में खो दिया है और अब कह रही हैं कि पंजाब में भी ऐसा ही होगा। जबकि एस. आई. आर. 23 वर्षों के बाद आयोजित किया जा रहा है, मतों को नवीनीकृत और छोटा किया जाना निर्धारित है। बंगाल पर लगभग पैंतीस वर्षों तक साथियों का और फिर पंद्रह वर्षों तक ममता का शासन रहा। पचास साल के ईमानदार शासन के बावजूद बंगाल अभी भी किसी भी मामले में आगे नहीं है। यानी शासन के तरीके में कुछ बड़ी खामियां हैं।
अगर वे अब हार जाते हैं, तो वे कहते हैं कि वे सर की वजह से हार गए। तमिलनाडु और केरल में भी यही स्थिति है। भाजपा को जीत नहीं मिली। यही बात पहले ई. वी. एम. के बारे में थी, अगर विपक्षी दल जीतता है, तो ई. वी. एम. ठीक थी और अगर वे हार जाते हैं, तो ई. वी. एम. हार जाते हैं। संबंधित सामाजिक कार्यकर्ताओं, सोशल मीडिया विशेषज्ञों और सभी राजनीतिक दलों को तथ्यों के आधार पर लोगों को जागरूक करना चाहिए और केवल वोट हासिल करने के लिए झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए और तथाकथित विशेषज्ञों और तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ताओं के आंकड़ों और गलत सूचनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर अपने मीडिया चेहरे को बनाए नहीं रखना चाहिए

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गढ़वा: मेराल प्रखंड में आज प्रशासनिक तत्परता देखने को मिली। अधिकारियों द्वारा प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय, नवनिर्मित आवासीय विद्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया गया।
मुख्य बिंदु:
स्वास्थ्य सेवाएँ: CHC में साफ-सफाई, बिजली की उपलब्धता और दवाओं के स्टॉक का प्रबंधन जांचा गया। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के सख्त निर्देश दिए गए।
शिक्षा: नवनिर्मित आवासीय विद्यालय के संचालन और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया गया ताकि छात्रों को पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
दिशानिर्देश: निरीक्षण के दौरान संबंधित पदाधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने और जनसुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
उद्देश्य: सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आम जनता तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुँचाना सुनिश्चित करना।

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रामनगर, गन्नौर: भारतीय सेना के पूर्व सैनिक और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लेखक नरेश दास वैष्णव निंबार्क की सात प्रमुख पुस्तकें अब भारत और अमेरिका समेत कई देशों में ऑनलाइन स्टोर्स पर हार्डकवर और पेपरबैक रूप में उपलब्ध हैं। इन पुस्तकों में सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा के इतिहास और शौर्य को व्यापक रूप से दर्शाया गया है।

नरेश दास वैष्णव निंबार्क ने 18 वर्षों की मेहनत और साधना के बाद इन पुस्तकों की रचना की है, जिनमें 'महंत बने महाराजा' विशेष चर्चा में है। इसके अलावा 'रणभूमि से तीर्थभूमि तक', 'निम्बार्क संप्रदाय: सनातन वैष्णव बैरागी' और 'Sanatan Vaishnav Bairagi: Warriors and Soldiers' जैसी कृतियाँ भी शामिल हैं। लेखक ने आगामी पुस्तक "रामनगर: 422 वर्षों का अनसुना इतिहास" की घोषणा भी की है।

साथ ही, लेखक द्वारा संपादित मासिक डिजिटल पत्रिका 'सनातन भारत – नया सवेरा' का अप्रैल अंक भी जारी किया गया है, जो शोधार्थियों एवं धर्मप्रेमियों के लिए पठनीय सामग्री प्रदान करता है। इच्छुक पाठक लेखक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पुस्तकों के लिंक प्राप्त कर सकते हैं।

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वाराणसी: पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल खुद उतरे सड़क पर, ताबड़तोड़ चेकिंग से मचा हड़कंप; 1000 से ज्यादा चालान, 142 वाहन सीज: धर्मनगरी काशी में अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वाराणसी पुलिस अब पूरी तरह 'एक्शन मोड' में है। गुरुवार, 07 मई 2026 को पुलिस आयुक्त (CP) मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में पूरे कमिश्नरेट क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। खुद पुलिस कमिश्नर ने सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, जिससे नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मच गया। पर खुद उतरे पुलिस कमिश्नर
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने पहड़िया और जेएचवी (JHV) मॉल के आसपास चल रही चेकिंग का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर तैनात अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए ताकि आम जनता को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

आंकड़ों में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
अभियान के दौरान पुलिस और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से मुख्य चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में घेराबंदी की। कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:कुल चालान: 1082 वाहनों के खिलाफ नियम उल्लंघन पर कार्रवाई।

वाहन सीज: 142 वाहनों को विभिन्न अनियमितताओं के चलते सीज किया गया।

काली फिल्म: 31 वाहनों के शीशों से मौके पर ही काली फिल्म उतरवाई गई।

लावारिस वाहन: चेकिंग के दौरान एक लावारिस वाहन को भी बरामद कर सीज किया गया।

विशेष रूप से बिना नंबर प्लेट, तीन सवारी, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और तेज रफ्तार वाहनों पर पुलिस का डंडा चला।

नए आरक्षियों को 'ऑन-फील्ड' ट्रेनिंग
इस चेकिंग अभियान की खास बात यह रही कि पुलिस आयुक्त ने नवागत आरक्षियों (नए सिपाहियों) को व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया। उन्होंने जवानों को सिखाया कि चेकिंग के दौरान संदिग्धों की पहचान कैसे करें, शालीन व्यवहार कैसे रखें और कानून सम्मत कार्रवाई करते समय अपनी सुरक्षा का ध्यान कैसे रखें।

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अंबाला शहर में मेयर चुनावों के दौरान भाजपा का परिवारवाद साफ नजर आ रहा है। मेयर पद की उम्मीदवार अक्षिता सैनी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की भतीजी हैं। सवाल यह उठता है कि क्या टिकट योग्यता के आधार पर दी गई है या रिश्तेदारी के आधार पर?

जिस उम्मीदवार को मंच पर खड़े होकर प्रभावी तरीके से अपनी बात तक रखना नहीं आता, उसे शहर का नेतृत्व सौंपने की तैयारी की जा रही है। वहीं दूसरी ओर, उनके पति पर विभिन्न न्यूज चैनलों में लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में जनता यह जानना चाहती है कि क्या यही हमारे शहर की तकदीर बनने जा रही है?

जनप्रतिनिधि जनता के सेवक होते हैं, लेकिन आज स्थिति उलटी नजर आती है। चुनाव जीतने के बाद जनता को ही इनके आगे झुकना पड़ता है। सड़कें बनवाना, सफाई व्यवस्था बनाए रखना और शहर का विकास करना इनकी जिम्मेदारी और कर्तव्य हैं, फिर इन्हें चुनावी वादों की तरह क्यों पेश किया जाता है?

हकीकत यह है कि विकास शहर का कम और नेताओं के निजी हितों का ज्यादा दिखाई देता है। जनता अब सवाल पूछ रही है और जवाब चाहती है।

आपकी इस मुद्दे पर क्या राय है?

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8 मई, 2026
भागलपुर। जिले में अपराध नियंत्रण और कांडों के सफल उद्भेदन को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने उत्कृष्ट अनुसंधान और सराहनीय कार्य करने वाले जिले के विभिन्न थानों से कुल 23 जांबाज पुलिस अधिकारियों का चयन किया गया और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस सम्मान सूची में जगदीशपुर थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह का नाम भी शामिल है।जगदीशपुर थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह को जगदीशपुर क्षेत्र में लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन, अपराधियों की गिरफ्तारी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर बेहतर अनुसंधान सुनिश्चित करने के लिए यह सम्मान दिया गया है। उनके नेतृत्व में जगदीशपुर पुलिस ने हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण मामलों को सुलझाने में सफलता पाई है।वरीय पुलिस अधीक्षक ने गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान करने वाले थानाध्यक्षों और जांच अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिसिंग में अनुसंधान की गुणवत्ता ही न्याय की पहली सीढ़ी है।जगदीशपुर थानाध्यक्ष सहित 23 पुलिसकर्मियों के पुरस्कृत होने पर जिले के पुलिस महकमे में हर्ष का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह को मिली इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है। इस पहल से उम्मीद है कि आने वाले समय में जिले की पुलिसिंग और अधिक धारदार होगी।

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बीड के पूर्व जिलाधिकारी अविनाश पाठक गिरफ्तार, करोड़ों के भूमि घोटाले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
महाराष्ट्र के बीड जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। बीड के पूर्व जिलाधिकारी अविनाश पाठक को जमीन अधिग्रहण घोटाले के मामले में पुलिस ने लातूर स्थित उनके घर से हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, अविनाश पाठक जब बीड में जिलाधिकारी के पद पर कार्यरत थे, उस दौरान राष्ट्रीय महामार्ग (हाईवे) के लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगा है। जांच में सामने आया कि किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे में भारी अनियमितताएं की गईं और सरकारी दस्तावेजों पर कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर कर शासन को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया गया।
इस मामले में बीड में पहले ही गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पिछले कई दिनों से पुलिस इस घोटाले की गहराई से जांच कर रही थी। आज सुबह बीड पुलिस की एक विशेष टीम लातूर पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से अविनाश पाठक के निवास पर छापा मारकर उन्हें हिरासत में लिया।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद महसूल विभाग और प्रशासनिक गलियारों में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। सूत्रों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस घोटाले से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
सवाल जो अब पूरे महाराष्ट्र में गूंज रहा है:
क्या करोड़ों के इस घोटाले में सिर्फ एक अधिकारी शामिल था या पूरी चेन काम कर रही थी?
पुलिस अब अविनाश पाठक को बीड ले जाकर आगे की पूछताछ करेगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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पाली सिधी समाज द्वारा महायज्ञ का आयोजन, देश विदेश से पधारे भक्तों द्वारा आहुतियां देने वालों का लगा तांता।

पाली, 7 मई (गुरुवार)। सिंधी समाज के जन्मोत्सव एवं मूर्ति स्थापना के अंतर्गत गुरूवार को महायज्ञ का आयोजन वैदिक विधि-विधान के साथ किया जा रहा है। महायज्ञ के लिए भरूच धाम से पधारे विद्वान पंडितों के सान्निध्य में अनुष्ठान संपन्न हो रहा है। हवन का कार्यक्रम अनवरत जारी है, जिसमें देश विदेश से पधारे श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति से आहुतियां अर्पित कर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। जन्मोत्सव एवं मूर्ति स्थापना के अवसर पर दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति से आयोजन स्थल भक्तिमय वातावरण से परिपूर्ण दिखाई दे रहा है। 8 मई को पूज्य बहिराणा साहिब के अवसर पर महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ पूज्य ठकुर सांई ओमलाल साहिब की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। पश्चात प्रसाद स्वरूप सर्व सिंधी समाज का पूज्य भंडारा साहिब का आयोजन होगा।

सेवादार हेमन्त तनवानी ने बताया कि पूज्य ठकुर सांई ओमलाल साहिब का उद्देश्य सिंधियत की भावना तथा वरुण अवतार भगवान झूलेलाल की महिमा का जन-जन तक प्रचार-प्रसार करना था । देश विभाजन के बाद सिंध से भारत आए अनेक सिंधी परिवार देश के विभिन्न शहरों में जाकर बस गए, लेकिन परिस्थितियां बदलने पर भी उन्होंने अपने हृदय में लाल सांई के प्रति श्रद्धा, आस्था और अपनत्व सदैव जीवित बनाए रखा। सांई ओमलाल साहिब ने देशभर का भ्रमण किया और घर-घर तक पूज्य बहिराणा साहिब के महत्व का संदेश दिया। उन्होंने समाजबंधुओं को अपनी जड़ों, संस्कारों और सिंधी परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा दी। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि आज भी देश-विदेश में बसे सिंधी समाज के लोग श्रद्धा, भक्ति और एकात्म भाव से उनसे जुड़े हुए हैं।

रिपोर्ट घेवरचन्द आर्य पाली

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दृढ़ इच्छाशक्ति से देश की टीम में खेलने का सपना किया साकार।
पाली के भरत पंवार का भारतीय क्रिकेट टीम ने चयन, श्रीलंका खेलनें जायेंगे।

पाली हर भारतीय युवा का सपना होता है कि वह भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पहनकर अपने देश के लिए खेलकर देश का नाम रोशन करें। पाली शहर के भेरूघाट स्थित घासीयो का बास निवासी भरत पंवार पुत्र कालूराम ने इस सपने को साकार कर पाली शहर और राजस्थान सहित देश का नाम रोशन किया है। भरत पंवार का चयन श्रीलंका में होने वाली इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में हुआ है। भरत पंवार बचपन में तीन वर्ष की आयु में पोलीयो ग्रस्त होने के कारण शारीरिक रूप से प्रभावित हुए हैं लेकिन उन्होंने अपनी हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत के दम पर पैरा खेल में विशेष पहचान बनाई।

भरत ने वर्ष 2019 में व्हील चेयर क्रिकेट खेलना शुरू किया लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया अथक परिश्रम और खेल के प्रति जुनून के कारण वर्ष 2022 में राजस्थान क्रिकेट टीम के कप्तान बने। उसके बाद तो उन्होंने पिछे मुडकर नहीं देखा वे नेशनल चेम्पियन भी बने। अब उनकी यह कड़ी मेहनत रंग लाई है । आज उनका चयन भारतीय क्रिकेट टीम में आलराउंडर के रूप में हुआ। वे श्री लंका में 25 से 28 मई तक होने वाले इंटरनेशनल व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में खेलेंगे।

पाली के भेरूघाट स्थित घांसीयों का बास निवासी भरत पंवार का चयन भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में हुआ। उनके संघर्ष और सफलता की कहानी प्रेरणादायक है। 3 वर्ष की आयु में पोलीयो का आक्रमण हुआ किसने सोचा होगा कि यह बालक एक दिन क्रिकेट का राष्ट्रीय खिलाड़ी बनकर परिवार समाज और राष्ट्र को गोरवान्वित करेगा। भरत ने 2019 में पहली बार व्हील चेयर क्रिकेट खेलना शुरू किया दो वर्ष तक आर्य वीर दल की शाखा में नियमित फिटनेस और खेलने के प्रति जुनून से वर्ष 2022 में राजस्थान क्रिकेट टीम के कप्तान बने। इसी वर्ष नेशनल चेम्पियन भी बने। वर्ष 2022 में क्रिकेट के अलावा पैरा स्विमिंग में गोल्ड मेडल जीता तथा वर्ष 2025 में नेशनल व्हील चेयर में रूग्बी में सिल्वर पदक प्राप्त कर पाली शहर और देश का नाम रोशन किया। वे अब प्रेक्टिस के लिए खेल संकुल पाली तथा सनराइज एकेडमी में प्रकाश वैष्णव के पास कोचिंग करतें हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम में भरत के चयन की सूचना मिलने पर परिवार घांची समाज और दिव्यांग साथियों में खुशी की लहर फेल गई है। दिव्यांग सेवा समिति से जुड़े भरत पंवार की उपलब्धि पर विधायक भीमराज भाटी दिव्यांग सेवा समिति संस्थापक घेवरचन्द आर्य कोषाध्यक्ष विनोद कुमार जैन सहित दिव्यांग साथियों ने खुशी व्यक्त करते हुए भरत और उसके परिवार को बधाई दी है।
रिपोर्ट घेवरचन्द आर्य पाली

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*_नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का इस्तीफा नहीं देने का दांव नहीं चला, राज्यपाल ने भंग कर दी बंगाल विधानसभा_*
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*नई दिल्ली:* पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार करने वाली ममता बनर्जी का दांव नहीं चला। राज्यपाल आरएन रवि ने बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया है। चार मई को आए चुनावी नतीजों में न सिर्फ ममता बनर्जी को भवानीपुर से हार का सामना करना पड़ा, बल्कि 15 सालों तक रही टीएमसी की सत्ता भी चली गई थी। भाजपा ने बंपर जीत हासिल करते हुए 207 सीटें हासिल की थी।

एक आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, राज्यपाल आरएन रवि ने पश्चिम बंगाल राज्य विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद, सात मई से उसे भंग कर दिया है। वर्तमान विधानसभा का गठन मई 2021 में हुआ था, जब ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी थी। विधानसभा का भंग किया जाना हाल ही में संपन्न हुए दो चरणों के चुनावों के बाद मौजूदा विधानसभा के कार्यकाल की औपचारिक समाप्ति का प्रतीक है।

*चुनावी नतीजे लोगों का जनादेश नहीं, बल्कि साजिश थे:*

आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद राज्य में एक संवैधानिक अनिश्चितता और राजनीतिक टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। बनर्जी ने नतीजे को मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि उनकी पार्टी भाजपा से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग से लड़ रही है। हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, ''मैं इस्तीफा क्यों दूं? हम हारे नहीं हैं। जनादेश को लूट लिया गया है। इस्तीफे का सवाल ही कहां उठता है?'' उन्होंने कहा, "मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हम लोगों के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश की वजह से हारे हैं... मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी।

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वार्ड नंबर 17 : निर्दलीय उम्मीदवार अशोक कुमार ने वार्ड नंबर 17 में एक विशाल रोड शो आयोजित किया, जिसमें क्षेत्रवासियों ने जबरदस्त उत्साह और समर्थन दिखाया। यह रोड शो सेक्टर 25 से शुरू होकर सेक्टर 24, सेक्टर 23, गांव खड़क मंगोली, गांव चौंकी, नाडा साहिब, मोगीनंद और नग्गल से होते हुए पुनः सेक्टर 25 में भव्य जनसभा के साथ समाप्त हुआ।

रास्ते में लोगों ने पुष्पवर्षा, फूलमालाओं और जोरदार नारों के साथ अशोक कुमार का स्वागत किया। जनसभा में क्षेत्रवासियों ने टूटी सड़कों, सफाई और सीवरेज की समस्याओं पर चिंता जताई और विकास के लिए नए प्रतिनिधि की आवश्यकता बताई। विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं, पूर्व सरपंचों और प्रधानों ने भी मतदान में पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र के हित में सोचने की अपील की। अशोक कुमार ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए आगामी चुनाव में समर्थन देने की अपील की।

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दोनों पैरों में लगी गोली, जंगल में तीन थानों की फोर्स और एसओजी ने की घेराबंदी

फ़तेहपुर जिले के खागा क्षेत्र में हुए चर्चित गैंगरेप कांड के फरार एक लाख रुपये के इनामी आरोपी बबलू सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद घायल अवस्था में उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक आरोपी बबलू सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए सात टीमों का गठन किया गया था। भोर पहर ससुर खदेरी नदी के जंगल क्षेत्र में तीन थानों की फोर्स और एसओजी टीम ने संयुक्त घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपी द्वारा फायरिंग किए जाने पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से 1600 रुपये नगद, अवैध असलहा और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में चार आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि 24 अप्रैल को आरोपी बबलू सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवती और उसके मंगेतर को जंगल में बंधक बना लिया था और उसके बाद तीनों आरोपियों ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मुख्य आरोपी बबलू सिंह लगातार फरार चल रहा था।
इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे जिले में पुलिस पर आरोपी की गिरफ्तारी का भारी दबाव था। आखिरकार पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसे गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।

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गाजियाबाद। शास्त्री नगर स्थित जवाहरलाल नेहरू गर्ल्स पब्लिक स्कूल में नागरिक सुरक्षा के पांच दिवसीय सामान्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन पर घटना नियंत्रण अधिकारी नागरिक सुरक्षा संजय शर्मा को स्कूल प्रबंधक गौरव सिंह द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा यह सम्मान प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन एवं छात्र-छात्राओं तथा अध्यापक-अध्यापिकाओं को नागरिक सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान करने के उपलक्ष्य में दिया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अपर जिलाधिकारी नगर एवं उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा श्री विकास कश्यप के दिशा-निर्देशन तथा सहायक उप नियंत्रक नेम सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के संचालन में घटना नियंत्रण अधिकारी संजय शर्मा के साथ पोस्ट वार्डन रिजर्व अरुण कुमार श्रीवास्तव, वार्डन अखिल भटनागर, मोनिका गोयल सहित अन्य नागरिक सुरक्षा अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों का विशेष सहयोग रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 150 छात्र-छात्राओं एवं अध्यापक-अध्यापिकाओं ने भाग लेकर आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, सुरक्षा उपायों तथा नागरिक सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। विद्यालय प्रबंधक गौरव सिंह ने प्रशिक्षण दल के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने की बात कही।

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उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने प्रदेश के सभी स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। विभाग के अनुसार मई 2026 की बिजली खपत का बिल पोस्टपेड माध्यम से तैयार कर जून 2026 में उपभोक्ताओं को SMS एवं WhatsApp के जरिए भेजा जाएगा।

बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर पंजीकृत नहीं है या गलत दर्ज है, वे संबंधित कार्यालय अथवा टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर अपना नंबर अपडेट करा सकते हैं।

यदि किसी उपभोक्ता को SMS या WhatsApp पर बिल प्राप्त नहीं होता है, तो वह अपने डिस्कॉम के WhatsApp Chatbot के माध्यम से बिल प्राप्त कर सकता है।

डिस्कॉम अनुसार WhatsApp Chatbot नंबर इस प्रकार हैं

पूर्वांचल डिस्कॉम : +91 8010968292

मध्यांचल डिस्कॉम : +91 7669003409

पश्चिमांचल डिस्कॉम : +91 7859804803

दक्षिणांचल डिस्कॉम : +91 8010957826

केस्को : +91 8287835233

किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने कहा है कि UPPCL उपभोक्ताओं की सेवा में सदैव तत्पर है।

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छत्तीसगढ़ के मुंगेली नगर पालिका पर गंभीर और बड़ा आरोप लगा है। नगर में मृत गायों को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने के बजाय कचरा डंपिंग स्थल पर फेंक दिए जाने का आरोप लगा है। जानकारी के मुताबिक करीब एक दर्जन मृत गायों को उस स्थान पर डाल दिया गया, जहां नगर का कचरा डंप किया जाता है। कचरे में आग लगने के कारण कई गायों के शव अधजली अवस्था में पाए गए, जिन्हें पक्षियों द्वारा नोचते देखा गया। इस वीभत्स दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है, वहीं गौसेवकों और गौप्रेमियों में भी जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है।

गौसेवकों ने नगर पालिका प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
गौसेवा से जुड़े लोगों ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मृत गायों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि पहले नगर पालिका द्वारा मृत मवेशियों को गड्ढा खोदकर मिट्टी में दफनाया जाता था, लेकिन इस बार नियम और संवेदनाओं दोनों की अनदेखी की गई है। गौसेवकों ने मांग की है कि नगर में कहीं भी किसी गाय की मृत्यु होने पर वैज्ञानिक और सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार सुनिश्चित किया जाए।

मामले को लेकर लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल नगर पालिका की प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती हैं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को भी आहत करती हैं।

जांच कर दोषियों पर की जाएगी कार्रवाई CMO
इधर मुख्य नगर पालिका अधिकारी अंकुर पांडेय ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि मृत गायों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया जाएगा और इसके लिए आदेश भी जारी किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।

CMO अंकुर पांडेय ने यह आशंका भी जताई कि कहीं यह घटना नगर पालिका को बदनाम करने की साजिश के तहत जानबूझकर तो नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इस पहलू को ध्यान में रखते हुए भी जांच की जाएगी। फिलहाल यह मामला नगर में चर्चा और आक्रोश का बड़ा विषय बना हुआ है।

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हायर सेकेंडरी परीक्षा 2025 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने वाले 30 शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंडल द्वारा जारी आदेश में संबंधित शिक्षकों को अगले तीन वर्षों के लिए मंडल के विभिन्न कार्यों से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के दौरान कई छात्रों के अंकों में 20 से 40 तक की बढ़ोतरी सामने आई। इसे गंभीर त्रुटि मानते हुए मंडल ने जांच के बाद संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई की है। मंडल ने संबंधित शिक्षकों की एक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने की भी अनुशंसा की है। बताया जा रहा है कि मूल्यांकन कार्य में लापरवाही और अंक देने में गंभीर गड़बड़ी पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया।

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं इस निर्णय के बाद शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।

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श्योपुर: कलेक्टर एवं भारतीय रेडक्रॉस की अध्यक्ष सुश्री शीला दाहिमा के निर्देशन में विश्व रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य में 2 मई से 8 मई तक सेवा सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला जेल परिसर श्योपुर में बंदियों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण, एसीजी व स्वास्थ्य शिविर एवं नशा मुक्ति पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

शिविर में सिविल सर्जन डॉ आरबी गोयल के निर्देशन में डॉ संजय जैन, डॉ प्रेमराज मीणा, डॉ अरसद अय्यूब सहित नर्सिंग स्टाफ ने 65 बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां प्रदान कीं। अपर कलेक्टर श्री रूपेश उपाध्याय ने मानसिक तनाव से दूर रहने पर बंदियों से चर्चा की। भाजपा कार्यसमिति सदस्य श्री कैलाशनारायण गुप्ता ने नशा मुक्ति और जीवनशैली पर जानकारी दी। जेलर श्री प्रभात कुमार ने जेल में बंदियों की सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन रेडक्रॉस सचिव श्री दिनेश राज दूबोलिया और कोषाध्यक्ष श्री राजेंद्र शर्मा ने किया। रेडक्रॉस के जिला प्रतिनिधि श्री वीके सक्सेना, मो.अशरफ ख्वाजा, श्री नवल राठौर, श्री ओपी जारोलिया सहित जेल स्टाफ उपस्थित रहे।

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श्योपुर: प्रदेश में खरीफ फसलों की बोनी की तैयारियों के तहत किसानों के लिए खाद का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 6.40 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.57 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 3.56 लाख मीट्रिक टन एनपीके, तथा 3.50 लाख मीट्रिक टन एसएसपी खाद उपलब्ध है। भारत सरकार के सतत प्रयासों से विषम वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद खाद की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है।

किसानों की सुविधा के लिए खाद की उपलब्धता की जानकारी ई-विकास पोर्टल पर सोसायटीवार, मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रवार एवं निजी दुकानवार उपलब्ध कराई गई है। किसान ई-विकास पोर्टल के माध्यम से खाद की बुकिंग कर अपनी सोसायटी या पसंदीदा दुकान से खाद प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा राजस्व पट्टाधारी, वन पट्टाधारी, सिकमी किसान, शारीरिक रूप से अक्षम किसान, वृद्ध किसान, मृतक किसान के वारिस और धार्मिक संस्थान/ट्रस्ट की भूमि के लिए भी उपलब्ध है। कृषि विभाग ने किसानों से अनुशंसित मात्रा के अनुसार खाद का उपयोग करने और आवश्यकता अनुसार पुनः बुकिंग करने की अपील की है।

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श्योपुर: मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्योपुर, श्रीमती सौम्या आनंद की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में एसीईओ श्री अजय उपाध्याय, परियोजना अधिकारी श्री विक्रम जाट, श्रीमती राजेश शर्मा, श्रीमती सारिका पाटीदार, डीपीएम एनआरएलएम श्री सोहनकृष्ण मुदगल, डीपीएम आरजीएसए श्री उदय सिंह धाकड सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। जनपद पंचायत श्योपुर, कराहल एवं विजयपुर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी जुड़े।

बैठक में लंबित टी.एल., जनसुनवाई प्रकरण, शाखावार लंबित शिकायतें, प्राथमिकता पत्र एवं हाईकोर्ट प्रकरणों के जवाब समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान, मुक्तिधाम विकास कार्य तथा पीएम श्रमयोगी मानधन योजना की समीक्षा हुई। सामुदायिक भवन निर्माण, बाढ़ राहत समितियों का गठन, नाव संचालन हेतु अनुमति एवं सुरक्षा के निर्देश भी प्रदान किए गए। वर्षाकाल से पूर्व ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, अनुपयोगी कुओं की तार फेंसिंग, 300 दिनों से अधिक की सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण तथा पेयजल शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण कर शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

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मुरैना : कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा जिले में निर्माण कार्यों के लिए खनिज रेत की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 5 रेत भंडारण अनुज्ञप्तियां और 27 एम-सेण्ड खदानों को स्वीकृति दी गई है। इससे आमजन, शासकीय विभागों, फर्मों एवं कंपनियों को निर्माण कार्यों के लिए रेत और एम-सेण्ड की उपलब्धता में आसानी होगी।

स्वीकृत रेत भंडारण स्थलों में ग्राम मुरवई (सबलगढ़ तहसील) में कुशवाह कन्स्ट्रक्शन कंपनी के पार्टनर श्री चंद्रभान सिंह जादौन, ग्राम उरहाना (तानमोर तहसील) में घिरौंगी मिनरल के पार्टनर श्री कौशलेन्द्र सिंह गुर्जर, ग्राम सिकरोदा में श्री अवदेश कुमार सिंह और श्री गजेन्द्र सिंह जादौन, तथा ग्राम बमरौली में एमसीसी इंफ्राटेक प्रा.लि. शामिल हैं।

एम-सेण्ड खदानें ग्राम बिसेठा, रंचोली, अरदोनी, पढ़ावली, उरहाना, बड़वारी, खेरिया चुन्हेटी और मलखानपुरा में संचालित होंगी। ये खदानें आमजन, शासकीय विभागों और निर्माण कंपनियों को कृत्रिम रेत उपलब्ध कराएंगी, जो निर्माण कार्यों में उपयोगी विकल्प के रूप में काम आएगी।

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मुरैना : कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। ग्राम अल्लाबेली, ए.बी. रोड तथा बामोर ए.बी. रोड स्थित ई-चेक गेट पर जांच के दौरान 05 वाहनों पर कुल 22 लाख 48 हजार रुपये के ई-चालान जारी किए गए।

जांच में वाहनों में बिना ई-टीपी, ओवरलोडिंग, डबल ट्रिप, मिनरल मिसमैच तथा बिना रॉयल्टी रसीद के खनिज परिवहन जैसी अनियमितताएं पाई गईं। वाहन क्रमांक एमपी-06-एचसी-5146, आरजे-32-जीडी-9162, आरजे-34-जीए-3595, आरजे-11-जीबी-3573, और एचआर-38-एएल-1287 पर अलग-अलग आर्थिक दंड लगाए गए। कलेक्टर ने बताया कि यह कार्रवाई 24×7 निरंतर जारी रहेगी और अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा। जिला खनि अधिकारी श्री सुखदेव कुमार निर्मल के नेतृत्व में विभागीय टीम द्वारा समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है।

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मुरैना: कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न वितरण में लापरवाही बरतने वाले मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के परिवहनकर्ता प्रभात सिंह तोमर पर अनुबंध की शर्तों के अनुसार ₹50,451 का दंड लगाया है। मई एवं जून 2026 के खाद्यान्न आवंटन के उठाव कार्य में परिवहनकर्ता ने निर्धारित समयावधि का पालन नहीं किया और उचित मूल्य दुकानों तक समय पर राशन नहीं पहुंचाया।

जिला आपूर्ति नियंत्रक से प्राप्त जानकारी के आधार पर कलेक्टर ने इस मामले को गंभीर लापरवाही माना और सख्त कार्रवाई की। श्री जांगिड़ ने जिले के सभी परिवहनकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे खाद्यान्न आवंटन का उठाव निर्धारित समय में करें और उचित मूल्य दुकानों तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रभावित न हो और पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन उपलब्ध हो सके।

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ग्वालियर: जिले के किसानों को ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ई-टोकन द्वारा उर्वरक प्रदान किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खाद वितरण केवल ई-टोकन के माध्यम से ही किया जाए। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री आरबीएस जाटव ने बताया कि जिले में 9344 मैट्रिक टन यूरिया, 2259 मैट्रिक टन डीएपी, 8612 मैट्रिक टन एनपीके, तथा 4388 मैट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध हैं, जिससे कुल खाद की उपलब्धता 24,921 मैट्रिक टन है।

भारत सरकार की आपूर्ति कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में निरंतर खाद की आपूर्ति की जा रही है। खाद की जानकारी सोसायटी, मार्कफेड के डबल लॉक केंद्र और निजी दुकानों के अनुसार ई-विकास पोर्टल पर उपलब्ध है। किसान अपनी पसंदीदा दुकान या सोसायटी से पोर्टल पर खाद की बुकिंग कर निर्धारित प्रक्रिया से खाद ले सकते हैं। ई-विकास प्रणाली में राजस्व पट्टाधारी, वन पट्टाधारी, सिकमी किसान, शारीरिक रूप से अक्षम, वृद्ध किसान, मृतक किसान के वारिस तथा धार्मिक संस्थान एवं ट्रस्ट की भूमि के लिए भी खाद उपलब्ध है।

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ग्वालियर : सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर ग्वालियर जिले को लक्ष्य से अधिक अंशदान राशि एकत्रित करने पर प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान भोपाल के राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल द्वारा टीम ग्वालियर को प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान कर दिया गया। कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान की ओर से यह सम्मान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल नरेन्द्र सिंह तोमर (सेवानिवृत्त) ने प्राप्त किया।

कर्नल नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि 7 मई को कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने बताया कि 7 दिसंबर 2024 को आयोजित सशस्त्र सेना झंडा दिवस के लिए निर्धारित 12 लाख 74 हजार 100 रुपए के लक्ष्य से अधिक 13 लाख 23 हजार 520 रुपए की राशि ग्वालियर जिले में संग्रहित की गई। कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने इस उपलब्धि पर जिले के सभी अधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और सक्रिय सहयोग की अपील की।

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नूरपुर, हिमाचल प्रदेश: पंचायती राज संस्थाओं के आगामी सामान्य चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। नूरपुर के एसडीएम अरुण शर्मा ने चुनावी कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि क्षेत्र में नामांकन की प्रक्रिया 7 मई 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने सभी इच्छुक प्रत्याशियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने आवेदन पूर्ण करें ताकि अंतिम समय की आपाधापी से बचा जा सके।
नामांकन और जांच का पूरा शेड्यूल
प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए 07, 08 और 11 मई 2026 की तिथियां निर्धारित की गई हैं। प्रत्याशी सुबह 11:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक अपने पर्चे दाखिल कर सकते हैं। इसके बाद प्राप्त नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) 12 मई को सुबह 10:00 बजे से शुरू होगी। नामांकन वापसी के लिए 14 और 15 मई का समय दिया गया है, जिसके तुरंत बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे।
तीन चरणों में होगा मतदान
इस बार मतदान की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी, जिसका विवरण इस प्रकार है:
प्रथम चरण: 26 मई 2026
द्वितीय चरण: 28 मई 2026
तृतीय चरण: 30 मई 2026
तीनों चरणों में मतदान का समय सुबह 07:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक रहेगा।

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ग्वालियर: सूरज उगने से पहले ग्वालियर जिले के सैकड़ों गांवों में जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर व्यापक गतिविधियाँ शुरू हो गईं। प्रदेश सरकार के “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की 55,000 से अधिक दीदियाँ अपने-अपने गांवों में पानी बचाने और स्वच्छता का संकल्प लेकर सक्रिय हुईं। जिला प्रशासन और जिला पंचायत ने इन दीदियों को प्रेरित किया, जिनके प्रयासों से हैंडपंपों की मरम्मत, स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों की सफाई, और मंदिरों की साफ-सफाई जैसे काम किए गए।

दीदियों ने “दीदी’स वॉल” नामक पहल के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों का लेखा-जोखा गांव की दीवार पर रंग-बिरंगी पेंटिंग के रूप में पेश किया, जो ग्रामीण महिलाओं की उद्यमिता और पारदर्शिता को दर्शाता है। साथ ही, दीदियों ने जल संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण का भी संकल्प लिया और “लखपति दीदी क्लब” तक गांव की पिछड़ी महिलाओं को पहुंचाने का उद्देश्य रखा। भितरवार की एक दीदी ने कहा, “हमारा गांव, हमारी जिम्मेदारी। पानी रहेगा तो खेत रहेगा, खेत रहेगा तो घर रहेगा।” इस अभियान ने साबित किया कि संगठित महिलाएं सरकारी अभियानों को गांव-गांव में जीवंत बना सकती हैं।

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भिण्ड: भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के लिए 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक अभियान चलाया जाएगा। इस संदर्भ में भिण्ड जिले में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सर्वप्रथम शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने वाले प्रगणकों को कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जिले में सर्वप्रथम कार्य पूर्ण करने वाले प्रगणक एचएलबी 22 श्री राकेश शर्मा, जो प्राथमिक शिक्षक एवं जनगणना चार्ज भिण्ड ग्रामीण से सम्बद्ध हैं, को कलेक्टर ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। सम्मान समारोह में अपर कलेक्टर, तहसीलदार, ग्रामीण चार्ज अधिकारी, जिला जनगणना कार्यालय के कर्मचारी तथा ग्रामीण चार्ज के लिपिक भी उपस्थित थे।

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उत्तर प्रदेश: सुप्रीम कोर्ट ने हनी निषाद उर्फ मोहम्मद इमरान उर्फ विक्की बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में यह निर्णय दिया कि यदि किसी अभियुक्त को कई मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है, तो हर मुकदमे में अलग-अलग जमानतदार मांगना व्यावहारिक रूप से कठिन और अनुचित है। अदालतों को न्यायसंगत और व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए अभियुक्त को एक ही व्यक्तिगत बांड और सीमित संख्या में जमानतदार प्रस्तुत करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

इस फैसले के अनुसार, 31 अलग-अलग मामलों के लिए बार-बार नए जमानतदार देने की आवश्यकता नहीं होगी। इस निर्णय का कानूनी महत्व तब और बढ़ गया जब इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राजीव निषाद मामले में सभी 9 मामलों के लिए एक ही बांड और दो जमानतदार स्वीकार करने का आदेश दिया। यह निर्णय खासकर उन मामलों में उपयोगी है जहाँ आरोपी गरीब हो और हर केस में अलग-अलग जमानतदार पेश करना असंभव हो।

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भोपाल: स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा होटल पलाश रेसीडेंसी में उपयोगित जल प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में प्रदेशभर से तकनीकी विशेषज्ञों, इंजीनियर्स एवं अधिकारियों ने भाग लिया और उपयोगित जल प्रबंधन, सीवरेज सिस्टम, एसटीपी डिज़ाइन, उपचारित जल के पुनरुपयोग तथा नाला टैपिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने कहा कि एसबीआर एवं बायोनेस्ट जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयसीमा के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में तकनीकी नवाचार, विभागीय समन्वय तथा प्रकृति आधारित समाधानों के माध्यम से स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल शहरों के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।

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कानूनी मामले में यदि जांच अधिकारी (IO) ने आपके केस में गलत विवेचना कर चार्जशीट दाखिल की है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कानून आपको हाई कोर्ट में Quashing Petition, ट्रायल कोर्ट में Discharge, Further Investigation की मांग, IO के खिलाफ शिकायत और Protest Petition जैसे कई अधिकार प्रदान करता है, जिनके जरिए आप न्याय प्राप्त कर सकते हैं। सही जानकारी और सही समय पर उठाया गया कदम आपके केस की दिशा बदल सकता है।

IO पुलिस विभाग का वह अधिकारी होता है जिसे किसी केस की जांच सौंपी जाती है। आमतौर पर सब-इंस्पेक्टर (SI), असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) या कभी-कभी इंस्पेक्टर (Inspector) IO नियुक्त होते हैं। IO का नाम और नंबर FIR की कॉपी में या पुलिस थाना के मुंशी, ड्यूटी ऑफिसर या SHO से प्राप्त किया जा सकता है। इस प्रकार, IO वही व्यक्ति होता है जो आपके केस की पूरी जांच करता है।

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प्रयागराज: एक ब्राह्मण जो माघ मास की संक्रांति पर त्रिवेणी में स्नान करता था, बीमार होने के कारण अपने पुत्र को गंगा जल लाने और स्नान कराने का आदेश देता है। पुत्र त्रिवेणी में स्नान कर जल लेकर जा रहा था, तभी उसे एक प्रेत मिला जो गंगाजल पीकर मुक्त होना चाहता था। प्रेत ने बताया कि वह क्रोधवश ब्रह्मवेत्ता ब्राह्मण की हत्या के कारण ब्रह्मराक्षस बना था और आठ वर्षों तक इस अवस्था में रहा।

प्रेत की इच्छा थी कि वह गंगाजल पाकर मुक्त हो जाए। ब्राह्मणपुत्र ने अपने पिता के नियम के कारण पहले हिचकिचाया, लेकिन प्रेत ने उपाय सुझाया कि पहले उसे जल पिला दे और नेत्र बंद करके वह अपने पिता के पास पहुंच जाएगा। पुत्र ने ऐसा किया और गंगाजल लेकर अपने पिता के पास पहुंच गया। इस कथा के माध्यम से गंगाजी के पुण्य और उसके पाप नाशक प्रभाव का उल्लेख भगवान व्यास और भगवान शंकर के वचनों से किया गया है।

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कानूनी मामलों में आजकल ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जहां रजिस्ट्री हो जाने के बाद भी जमीन का पूरा मूल्य विक्रेता को नहीं मिलता है या रजिस्ट्री में मूल्य चेक के रूप में मेंशन होता है जो बाद में बाउंस हो जाता है। भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 25 के अनुसार बिना प्रतिफल के अनुबंध शून्य होता है तथा संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 की धारा 54 के अनुसार विक्रय तभी पूर्ण माना जाता है जब मूल्य का भुगतान हो या भुगतान का वचन दिया गया हो।

तीन प्रमुख परिस्थितियां हैं: पहली, यदि प्रतिफल की धनराशि बिल्कुल नहीं मिली तो रजिस्ट्री शून्यकरणीय हो सकती है और विक्रेता Specific Relief Act 1963 की धारा 31 के तहत न्यायालय में विक्रय विलेख रद्द करने का वाद दायर कर सकता है। दूसरी, यदि विलेख में लिखा हो कि मूल्य मिल गया लेकिन वास्तव में नहीं मिला तो यह धोखाधड़ी मानी जाती है और IPC की धारा 420 के तहत आपराधिक मामला बनता है। तीसरी स्थिति में यदि दिया गया चेक बाउंस हो जाता है तो Negotiable Instruments Act 1881 की धारा 138 के तहत आपराधिक अपराध माना जाता है तथा रजिस्ट्री निरस्तीकरण और चेक बाउंस दोनों मामले एक साथ चलाए जा सकते हैं।

न्यायालय में दीवानी वाद, आपराधिक शिकायत और स्थगन आदेश के लिए समय सीमा सामान्यतः 3 वर्ष होती है। आंशिक भुगतान होने और शेष राशि न मिलने पर न्यायालय विक्रेता को विकल्प देता है कि वह रजिस्ट्री निरस्त कर संपत्ति वापस प्राप्त करे या शेष राशि का भुगतान करवाए। यदि खरीदार शेष राशि जमा नहीं करता तो निरस्तीकरण होता है और विक्रेता की इच्छा को प्राथमिकता दी जाती है।

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जो जन डाबर तैल लगावै
बाबर नाम निकट नही आवै

ये 16 मार्च 1527 का दिन था। बाबर की फौज खानवा के मैदान में राणा सांगा से लोहा लेने को खडी थी। लेकिन सांगा का प्लान अलग था।

उसकी सेनाएं तेल लेने गयी थी।
तेल वही-डाबर का।

जिसके बारे में मशहूर था कि वह बाबर का नाम मिटा देती है। लेकिन पेगागस की मदद से सांगा की पूरी वजट्सप चैट बाबर तक आ रही थी।

बाबर इस टेक्टीक से वाकिफ़ था। पिछले साल इब्राहिम लोधी ने यह तेल ईजाद किया था।

जिस तरह लाल हिट कॉकरोच को, और काला हिट मच्छरों के खात्मा करता है, वैसे ही डाबर तेल, बाबर की सेना का खात्मा करता था।

अब बस इस तेल की सप्लाई चाहिए थी। जो स्ट्रेट ऑफ होरमुज से आने वाली थी। बाबर ने अपने प्रिय कांग्रेसियो से सम्पर्क किया। उन लोगों ने चीन की मदद से स्ट्रेट ऑफ होरमुज बन्द कर दी।

सप्लाई अटक गई।

बिना डाबर के तेल, बाबर का नाम कैसे मिटता। आखिर इब्राहिम हारा, और बाबर पानीपत जीत गया। लेकिन यह टेक्निक किसी तरह राणा सांगा को मिल गयी थी।

अब भयंकर संकट सामने था।

बाबर ने सोची तदबीर
जिससे चमक उठे तकदीर

उसने अपने चार्ली और अल्फा कमांडो तेल की सप्लाई रोकने में लगा दिए।

रात के अंधेरे में जैसे ही सप्लाई आयी, कमांडोज ने उसे घेर लिया। कांच की बोतले तोड़ दी। और प्लास्टिक की बोतलों में डाबर तेल फेंक, उसमे अडानी जी का फार्च्यून रिफाइंड ऑयल भर दिया।

इसकी किसी को कानोकान खबर नही हुई।

अगली सुबह युद्ध शुरू हुआ।

राणा सांगा घोड़े पर सवार होकर बोले- अरे ओ सिपाहियो! आज डाबर आंवला केश किंग तेल लगाकर चलो। बाल चमकेंगे तो हौसला भी चमकेगा। बाबर को देखते ही तेल लगाओ, नाम मिटाओ" का नारा लगाना!

सिपाही: सर, लेकिन बाबर ने रात में ही हमारी सप्लाई रोक दी है!
सांगा- कैसे?
सिपाही: उसने अफगान गुर्गों को भेजकर सारे डाबर के तेल के कंटेनर पंचर कर दिए! आंवला, बादाम, ब्राह्मी सब सूखे पड़े हैं! अब हमारे बाल रूखे हैं,

और हौसला भी सूख गया है हुजूर।

दूसरी तरफ उसके सेनापति ने तोपचियों में तेल बांटा। उन्हें क्या पता था कि इसमे डाबर नही, फॉरच्यून का पाम ऑइल भरा है। वे तेल चुपड़ कर लड़े।

लेकिन पाम ऑइल में डाबर वाला दम कहाँ।

सारे खेत रहे। बाबर युद्ध जीत गया। पूरे हिंदुस्तान पर उसकी बादशाहत छा गयी। मुगल वंश उदय हुआ।

इतिहास की किताबो में पीएन ओक ने लिखा- राजपूत सेनाएं वीरता से लड़ी। मगर बिना तेल के बाल सूख गए, हौसला टूट गया।

इतिहास के इस चेप्टर की पंचलाइन थी- जिसकी तेल सप्लाई कट गई, उसकी जीत भी कट गई।

यह किताब कांग्रेसियो ने दबा दी।

मगर सत्य पराजित हो सकता है, परेशान नही। एक दिन, पराजित सत्य का वह पन्ना बिना परेशानी के, व्हाट्सप पर अवतरित हुआ। जिसमे लिखा था-

जो जन डाबर तैल लगावै
बाबर नाम निकट नही आवै

पन्ना वाइरल हो गया। डाबर तेल की बिक्री में इजाफा हुआ। पार्टी ने स्टॉक भर भरकर कैडर में बांटा। औऱ फिर सँगठन की शक्ति, ज्ञानेश के आशीर्वाद और डाबर तेल की चिकनाई से युद्ध का श्रीगणेश किया।

औऱ बाबर की मौत के 600 साल बाद, भारत के नौनिहालों ने उसका नाम बंगाल से मिटा दिया।

लेकिन जी अभी भरा नही है। वहां तीन दिन से गली गली गूंज रहा है

तेल लगाओ डाबर का
नाम मिटाओ बाबर का

भामाकीजै!!

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