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दरवर्षी 26 जानेवारी रोजी भारतात प्रजासत्ताक दिन मोठ्या थाटामाटात संविधान स्वीकारल्याची आणि भारताला पूर्ण प्रजासत्ताक म्हणून घोषित केल्याची आठवण करून देतो. आपण या वर्षी 77 वा प्रजासत्ताक दिनानिमित्त श्री दत्त पॅरामेडीकल कॉलेज सावनेर येथे 8. वाजता ध्वजारोहणाचा व 11 वाजता सांस्कृतिक कार्यक्रम, करण्यात येत असून या प्रसंगी प्रमुख पाहूणे डॉ परेशजी झोपे डॉ प्रविणजी चव्हाण, श्री पंकजजी घाटोडे संजयजी टेंभेकर संजयजी राऊत गजाननजी चौधरी दिलीपराव घोरमारे पत्रकार राहुलजी सावजी पत्रकार तसेच 3.30 वाजता विद्यार्थी सत्कार व बक्षीस वितरण समारंभ कार्यक्रमाचे अध्यक्ष जयंत भास्करराव मुलमुले संघचालक, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ रामटेक विभाग, सचिव श्री गणपती देवस्थान ट्रस्ट आदासा, अध्यक्ष स्वामी विवेकानंद सेवा शिक्षण समिती नागपूर, अध्यक्ष भारतीय उत्कर्ष मंडळ खापरी नागपूर. कार्यक्रमाचे प्रमुख पाहुणे, सौ. अश्विनीताई घाटोडे, सुमनताई झाडे, पंकजजी घाटोडे सावनेर तालुका अध्यक्ष, महेश चकोले नगरसेवक. नगरपरिषद सावनेर, अरून कळंबे समाजसेवक, भाऊसाहेब गोतमारे गुरूकुल संचालक, भुषन भाउ कुबडे समाजसेवक, सांस्कृतिक कार्यक्रमांमध्ये जजेस प्रमुख पाहुणे म्हणून मेघा बागडे मेघा म्युझिक अकॅडमी सावनेर, स्वाती लोकेश पोटोडे मेकवोर पार्लर सावनेर, संस्था कोषाध्यक्ष सुषमा भरबत, कार्यक्रमाचे आयोजक श्री दत्त पॅरामेडीकल कॉलेज सावनेर चे संस्थापक, अध्यक्ष जामुवंत वारकरी, उपाध्यक्ष नंदुकुमार भरबत, सचिव शुभांगी टेकाडे, शिक्षक गण शिवानी कळमकर, डॉली गावंडे, जुही मोवाडे विशाखा पाटील, श्री दत्त पॅरामेडीकल कॉलेज सावनेर येथे मोठ्या प्रमाणात ध्वजारोहण सांस्कृतिक कार्यक्रमांमध्ये सावनेर शहरातील नागरीकांना व विद्यार्थी, पालकांना उपस्थित राहण्याची विनंती आयोजका कडुन करण्यात येत आहे

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लंका, असम | 23 जनवरी, 2026कल, 22 जनवरी 2026 को असम के लंका में राम मंदिर के सामने एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। अयोध्या उत्सव की याद में यहाँ आयोजित भव्य कार्यक्रम ने आस्था के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए।सबके सहयोग से रचा इतिहास:इस भव्य आयोजन की सबसे बड़ी खूबी सामूहिक सहयोग रही। बजरंग दल के प्रमुख के कुशल नेतृत्व के साथ-साथ, लंका के स्थानीय निवासियों और आस-पास के क्षेत्रों से आए हजारों राम भक्तों ने कंधे से कंधा मिलाकर अपना सहयोग दिया। इसी एकजुटता के कारण इतने विशाल आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सका।आयोजन के मुख्य बिंदु:श्रद्धालुओं का सैलाब: आयोजन में 11,000 से भी अधिक लोग शामिल हुए। भक्तों का उत्साह ऐसा था कि आयोजन के लिए मंगवाई गई 11,000 हनुमान चालीसा की पुस्तकें भी कम पड़ गईं।55,000 बार हनुमान चालीसा गान: उपस्थित 11,000 श्रद्धालुओं ने एक सुर में 5 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस प्रकार कुल 55,000 बार पाठ के साथ पूरा आकाश 'जय श्री राम' के उद्घोष से गूँज उठा।11,001 दीपों का दीपोत्सव: शाम को राम मंदिर के सम्मुख 11,001 दीये जलाए गए, जिससे पूरा लंका शहर रोशनी से जगमगा उठा।सालों से जारी है परंपरा:स्थानीय लोगों का कहना है कि जब से यहाँ राम मंदिर की स्थापना हुई है, हर साल यहाँ बड़े स्तर पर कार्यक्रम होता है। लेकिन इस बार बजरंग दल, स्थानीय जनता और बाहर से आए श्रद्धालुओं के त्रिवेणी संगम ने इसे एक नया और भव्य रूप दे दिया।#LankaAssam #ShriRamMandir #HanumanChalisa #HistoricMoment #JaiShreeRam #22Jan2026 #SpiritualAwakening #AssamDevotion #BajrangDal #Deepotsav2026 #55000HanumanChalisa #UnityInDevotion#liveassamnews Live Assam News

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উত্তর-পূর্ব ভারতের ইতিহাসে এক গৌরবোজ্জ্বল অধ্যায় হিসেবে স্মরণীয় হয়ে থাকবে ঐতিহাসিক ও মর্যাদাপূর্ণ (khatm e bukhari) খতমে বুখারী শরীফ অনুষ্ঠান। এই বিশাল ও ঐতিহাসিক সমাবেশে উত্তর-পূর্ব ভারতের একজন অসাধারণ ব্যক্তিত্ব, দু’বারের নির্বাচিত অসম বিধানসভার প্রাক্তন বিধায়ক, সর্বজনশ্রদ্ধেয় আলেমে দ্বীন, প্রজ্ঞাবান নেতা, সমাজসংস্কারক ও মানবসেবী হযরত মাওলানা আতাউর রহমান মাঝারভূইয়া সাহেব-কে প্রদান করা হয় “Dynamic Community Leader of North East India Award”।

এই সম্মাননা তাঁর হাতে তুলে দেন অল ইন্ডিয়া মিল্লি কাউন্সিলের কেন্দ্রীয় কমিটির কার্যকরী সভাপতি, বিশ্ববরেণ্য আলেমে দ্বীন, আন্তর্জাতিক খ্যাতিসম্পন্ন ইসলামী চিন্তাবিদ ও দূরদর্শী অভিভাবক হযরত মাওলানা আনিসুর রহমান কাসেমী সাহেব (দা.বা.)। একজন সর্বভারতীয় নেতৃত্বের অধিকারী আন্তর্জাতিক মানের আলেমের হাত থেকে এই অ্যাওয়ার্ড প্রদান নিঃসন্দেহে এর মর্যাদা ও গুরুত্বকে বহুগুণে বৃদ্ধি করেছে।

হযরত মাওলানা আতাউর রহমান মাযহারভূঁইয়া সাহেব এমন এক বিরল ব্যক্তিত্ব, যাঁর জীবনে রাজনীতি, সমাজ, শিক্ষা ও মানবসেবা কখনো বিচ্ছিন্ন কোনও অধ্যায় নয়।বরং সবকিছু একসূত্রে গাঁথা একটি পূর্ণাঙ্গ জীবনদর্শন।

তিনি অল ইন্ডিয়া মুসলিম পার্সোনাল ল বোর্ডের অন্যতম সদস্য, অল ইন্ডিয়া মিল্লি কাউন্সিলের সদস্য, উত্তর-পূর্ব ভারতের একমাত্র নিয়মিত মাসিক দ্বীনি পত্রিকা “নেদায়ে দীন”-এর প্রায় চার দশকের প্রতিষ্ঠাতা সম্পাদক এবং বর্তমানে এমারতে শরিয়াহ-এর মহাসচিব হিসেবে অত্যন্ত দক্ষতা, সততা ও দূরদর্শিতার সঙ্গে দায়িত্ব পালন করে যাচ্ছেন।

রাজনৈতিক জীবনে তিনি একটি বিশেষ রাজনৈতিক দলের উচ্চস্তরের নেতা হলেও বাস্তবে তিনি দল-মত, জাতি, ধর্ম ও বর্ণের ঊর্ধ্বে উঠে একজন সর্বজনগ্রাহ্য, বিশ্বাসযোগ্য ও শ্রদ্ধেয় নেতৃত্বে পরিণত হয়েছেন।

ভারত ও বাংলাদেশ জুড়ে তাঁর হাজার হাজার শুভানুধ্যায়ী ও গুণগ্রাহী রয়েছেন। সংকটের মুহূর্তে আজও মানুষ তাঁর নামেই ভরসা খোঁজে।

বন্যা, প্রাকৃতিক দুর্যোগ, দুর্ঘটনা কিংবা করোনার মতো ভয়াবহ সময়ে তিনি বারবার প্রমাণ করেছেন যে নেতৃত্ব মানে কেবল বক্তৃতা বা মঞ্চের আলো নয়, বরং মানুষের পাশে দাঁড়ানো, কাঁধে কাঁধ মিলিয়ে দায়িত্ব নেওয়া। তাঁর নেতৃত্বে এমারতে শরিয়াহর মাধ্যমে লক্ষ লক্ষ টাকার ত্রাণসামগ্রী ও নগদ অর্থ অসহায় ও বিপন্ন মানুষের মাঝে বিতরণ করা হয়েছে। বিপদের সময় তিনি নিজেই সামনে এসে দায়িত্ব গ্রহণ করেছেন এবং সমাজের সর্বস্তরের মানুষকে সহযোগিতায় উদ্বুদ্ধ করেছেন।

তিনি একজন আন্তর্জাতিক মানের বক্তা, তথ্যভিত্তিক ও যুক্তিনির্ভর আলোচক, বিদগ্ধ ইসলামী চিন্তাবিদ ও প্রথিতযশা লেখক। তাঁর বক্তব্যের মধ্যে থাকে গভীর জ্ঞান, বাস্তবতা ও প্রজ্ঞার অপূর্ব সমন্বয়। তিনি যখন বক্তব্য রাখেন, তখন হাজার হাজার মানুষের বিশাল সমাবেশেও নেমে আসে গভীর নীরবতা। কারণ তিনি কথা বলেন দায়িত্ব নিয়ে, যুক্তি ও প্রমাণের আলোকে। তাঁর প্রতিটি বক্তব্য মানুষকে ভাবতে শেখায়, আত্মসমালোচনায় উদ্বুদ্ধ করে এবং কাজে অনুপ্রেরণা জোগায়।

হযরত মাওলানা আতাউর রহমান মাযহারভূঁইয়া সাহেব শুধু একটি নাম নন, তিনি এক চলমান প্রতিষ্ঠান, এক নবজাগরণের প্রতীক। সহজ-সরল প্রাঞ্জল বাংলায় তাঁর বক্তব্য যেমন মানুষের হৃদয় স্পর্শ করে, তেমনি সিলেটি ভাষায় তাঁর কথায় থাকে এক অনন্য মাধুর্য ও আবেগ, যা শ্রোতাদের মন জয় করে নেয়। যেকোনো মাসআলা-মাসায়েল বা জটিল প্রশ্নের উত্তর তিনি এমন সাবলীলভাবে দেন, যেন সবকিছু তাঁর সামনে সাজানো রয়েছে। গভীর জ্ঞান, স্মরণশক্তি ও উপস্থিত বুদ্ধির এক অনন্য সমন্বয় তাঁর ব্যক্তিত্বকে করেছে আরও উজ্জ্বল।

তিনি একজন শায়খুল হাদিস, যুগশ্রেষ্ঠ আলেমে দ্বীন, সফল নেতা, দক্ষ সংগঠক, যোগ্য প্রশাসক এবং সাম্প্রদায়িক সম্প্রীতি রক্ষার এক অনন্য দৃষ্টান্ত। দশ বছর বিধায়ক থাকাকালে তিনি কাটিগড়া বিধানসভা নির্বাচনী এলাকাকে আধুনিকতার পথে এগিয়ে নিয়ে গেছেন। উন্নয়ন, শিক্ষা, অবকাঠামো ও সামাজিক ভারসাম্যে তাঁর অবদান আজও মানুষ শ্রদ্ধার সঙ্গে স্মরণ করে। সত্যিকারের মানবপ্রেমী হিসেবে মানুষের দুঃখ-কষ্টে তিনি কখনো অনুপস্থিত ছিলেন না।

এই সব কিছুর পরিপ্রেক্ষিতেই “Dynamic Community Leader of North East India Award” তাঁর জন্য কেবল একটি সম্মাননা নয়; বরং এটি তাঁর দীর্ঘদিনের ত্যাগ, দূরদর্শী নেতৃত্ব, মানবসেবা এবং উম্মাহর প্রতি নিঃস্বার্থ খেদমতের এক প্রাপ্য ও মর্যাদাপূর্ণ স্বীকৃতি।

এই ঐতিহাসিক দিনটি আরও মহিমান্বিত হয়ে উঠেছে, কারণ এই সম্মাননা প্রদান করা হয়েছে এমন এক সমাবেশে যেখানে সভাপতিত্ব করছেন আমিরে শরীয়ত হযরত মাওলানা ইউসুফ আলী সাহেব (দা.বা.) এবং প্রধান অতিথি হিসেবে উপস্থিত রয়েছেন হযরত মাওলানা আনিসুর রহমান কাসেমী সাহেব (দা.বা.)।

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Nitin Nabin Ji represents the essence of organisational politics—quiet strength, discipline, and earned leadership. His appointment as BJP Bihar President is not the result of loud campaigns or factional battles, but the outcome of years of trust built through consistent performance within the party structure.
Born and raised in Bihar, Nitin Ji’s early life was shaped by simplicity, hard work, and a deep respect for discipline. From a young age, he showed an inclination toward collective responsibility rather than personal spotlight. Politics, for Nitin Ji, was never about shortcuts—it was about preparation, patience, and purpose.
Rising through the BJP’s cadre-based system, Nitin Ji worked at the grassroots, strengthening booth-level organisation and earning credibility among karyakartas. Those who have worked with him often describe him as a leader who listens attentively, decides calmly, and acts decisively. His journey stands as proof that organisational loyalty and capability still matter in Indian politics.
What makes Nitin Ji’s rise truly significant is that his elevation came through selection, not spectacle. In a party known for internal discipline, senior leadership placed its confidence in his organisational acumen rather than public theatrics. This reflects a deeper truth—leadership is not always chosen by applause, but by trust.
For young party workers across the country, Nitin Ji’s story is deeply inspiring. It sends a clear message: you don’t need lineage to lead, only integrity, perseverance, and dedication to ideology. His journey reinforces the belief that the BJP remains a party where silent work can lead to powerful responsibility.
Nitin Nabin Ji’s leadership marks not just a new role, but a renewed faith in grassroots-driven politics—where commitment shapes destiny.

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कर्नाटक के धारवाड़ में प्रेम संबंध से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शादी की तैयारी कर रहे प्रेमी साबिर मुल्ला ने अचानक हुई बहस के बाद अपनी प्रेमिका जकिया की ग!ला दबाकर ह*त्या कर दी। चौंकाने वाली बात यह है कि ह*त्या की सूचना खुद साबिर ने पुलिस को दी और मा!सूम बनने का नाटक करता रहा। 21 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा जकिया 20 जनवरी की शाम लैब का काम बताकर निकली थी, लेकिन लौटकर नहीं आई। अगले दिन मंसूर रोड पर एक डेयरी के पास उसकी ला;श मिली। शरीर पर चो;ट के निशान नहीं थे, लेकिन गर्दन पर निशान से ग;ला घों;टकर ह*त्या की पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि जकिया की ह*त्या उसी के दुपट्टे से की गई। पुलिस को शक तब गहराया जब सूचना देने वाला साबिर ही मौके पर मौजूद मिला। पूछताछ के दौरान उसकी घबराहट और बदलते बयान उसे बेनकाब कर गए। हिरासत में लेने पर साबिर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया है, जबकि एक अन्य युवक से पूछताछ जारी है।

#पत्रकार आमिर महफूज खान
Aima media reporter

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लखनऊ, 24 जनवरी 2026: देश की सबसे बड़ी चुनौती – संक्रामक रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, टीबी और गैर-संचारक बीमारियां जैसे डायबिटीज, हाई बीपी, हार्ट अटैक, कैंसर! केंद्र-राज्य सरकारें NHM-NUHM, e-Sanjeevani, NPCDCS जैसी मेगा स्कीम्स चला रही हैं, लेकिन ग्रामीण-दुर्गम इलाकों में डॉक्टरों की कमी से लाखों परेशान। अब एक नया धमाका – टेलीमेडिसिन रेवोल्यूशन RMP डॉक्टरों को पूरे देश में ऑडियो-वीडियो कॉल से इलाज की खुली छूट!Indian Medical Council Act 1956 के तहत 25 मार्च 2020 को गजट नोटिफिकेशन, NMC की 2022 गाइडलाइंस और 2 अगस्त 2023 के 'पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर (प्रोफेशनल कंडक्ट) रेगुलेशंस' ने रास्ता साफ किया। अब RMP डॉक्टर हेल्थ वर्कर (ANM, नर्स) या केयरगिवर के जरिए पेशेंट को घर बैठे चेकअप, दवा और मॉनिटरिंग दे सकते हैं – बिना हॉस्पिटल की भीड़!संस्था की सुपर पहल: 'National Rural Programme for Prevention and Control of Disease' के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया से लेकर सर्पदंश, सड़क हादसों, डायबिटीज कंट्रोल तक तुरंत प्राथमिक उपचार। ट्रेंड हेल्थ वर्कर और केयरगिवर के साथ टेली-डॉक्टर 24/7 एक्टिव – यात्रा का खर्चा जीरो, लाइफ सेविंग स्पीड हाई! e-Sanjeevani से जुड़कर प्रदूषण, पोषण, फैमिली प्लानिंग जैसी प्रॉब्लम्स पर भी फोकस। नतीजा? मॉर्टेलिटी रेट डाउन, हेल्थ सिस्टम स्ट्रॉन्ग!चटपटा फैक्ट:
क्या पता अगली बार सांप काटे तो मोबाइल से ही डॉक्टर पहुँच जाएं घर! ग्रामीण भारत अब डिजिटल हेल्थ का हब बन रहा – असमानता खत्म, सबको टॉप केयर!
यही नहीं अब आप, अपने ही गाँव मे खोल सकते है शुगर जांच सब सेंटर, तो बिना देर किये, अपने बच्चों, को भारतीय ग्रामीण रोग नियंत्रण संस्था मे अपना रजिस्ट्रेशन करवाये, और सेंटर हेतु आवेदन करे।
अधिक जानकारी या जॉइन करने के लिए संस्था के सुपरवाइजर मिस्टर अनिरुद्ध कुमार विश्वकर्मा से संपर्क करें: मोबाइल 9044446058 (कॉल/व्हाट्सएप)।
रिपोर्टर
अनिरुद्ध कुमार
देवरिया, उत्तर प्रदेश

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माझी आदिवासी सर्व संगठन समन्वय समिति के तत्वावधान में आयोजित सामाजिक संवाद यात्रा ने एकता, राजनीतिक चेतना और संगठन को नई दिशा दीमाझी आदिवासी सर्व संगठन समन्वय समिति के तत्वावधान में आयोजित सामाजिक संवाद एवं जनजागरण यात्रा समाज में एकता, आत्मसम्मान, संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति एवं राजनीतिक चेतना को सशक्त करने के उद्देश्य से संचालित की गई। यह यात्रा दिनांक 19 जनवरी को दतिया जिले से प्रारंभ होकर विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक संवाद, जनसंपर्क एवं वैचारिक विमर्श के साथ आगे बढ़ी।यह संपूर्ण यात्रा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेश केवट जी के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुई। यात्रा के संचालन एवं मार्गदर्शन में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती मीना ललित रायकवार, विधि प्रकोष्ठ प्रमुख श्री लाल मणि सोधिया तथा वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता श्री हरिदास रैकवार की सक्रिय, प्रभावी एवं प्रेरक भूमिका रही।यात्रा के दौरान निवाड़ी, टीकमगढ़ एवं छतरपुर जिलों के विभिन्न ब्लॉकों में समाज के प्रबुद्धजनों, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ व्यापक संवाद किया गया। धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप पूजा-अर्चना कर समाज की एकजुटता एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई, साथ ही संगठनात्मक मजबूती, सामाजिक मुद्दों एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता पर गंभीर चर्चा हुई।सामाजिक संवाद के दौरान उपस्थित सामाजिक बंधुओं द्वारा सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि समाज आगामी 2027 एवं 2028 में संगठित और सशक्त रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा, जिससे समाज को उसका न्यायसंगत राजनीतिक प्रतिनिधित्व, सहभागिता एवं संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित हो सकें।यह यात्रा निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर स्थित अछरु माता कर प्रांगण में सामाजिक बंधुओं की व्यापक उपस्थिति के साथ दिनांक 23 जनवरी को इस संकल्प के साथ सम्पन्न हुई कि समाज को अब संगठित, जागरूक और निर्णायक भूमिका में आगे बढ़ना है।समापन अवसर पर यह भी स्पष्ट किया गया कि सामाजिक जागरूकता, संगठन विस्तार एवं संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति के इस अभियान को और व्यापक रूप देने हेतु यात्रा के द्वितीय चरण की शुरुआत शीघ्र की जाएगी, ताकि समाज की आवाज को और अधिक मजबूती के साथ स्थापित किया जा सके।यह सामाजिक संवाद यात्रा समाज के भीतर नई ऊर्जा, स्पष्ट दिशा और सामूहिक संकल्प का सशक्त प्रतीक बनकर उभरी है।— जारीकर्ताअंश बाथम

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ऑडियो वायरल: मुमताज अली की नितेश उपाध्याय को 'सख्त' लहजे में संगठन से जुड़ने की नसीहत

*सोनभद्र/मिर्जापुर:* जनपद में मानवाधिकारों के संरक्षण का दावा करने वाले संगठन 'समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन' के भीतर आंतरिक कलह और दबाव की राजनीति का मामला गरमाता नजर आ रहा है। संगठन के सोनभद्र जिला अध्यक्ष मुमताज अली और मिर्जापुर के पूर्व उपाध्यक्ष नितेश उपाध्याय के बीच हुई बातचीत का एक कथित ऑडियो सामने आया है, जिसमें मुमताज अली पूर्व उपाध्यक्ष पर संगठन में वापस लौटने और पद संभालने के लिए भारी दबाव बनाते सुनाई दे रहे हैं।

*मर्यादाओं को ताक पर रखकर दी जा रही नसीहत*

वायरल ऑडियो में मुमताज अली द्वारा नितेश उपाध्याय को संगठन की मजबूती की दुहाई देते हुए वापस आने को कहा जा रहा है। बातचीत के दौरान मुमताज अली का लहजा काफी सख्त और प्रभाव जमाने वाला है। वे नितेश उपाध्याय को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि संगठन में रहने से ही उनकी ताकत बनी रहेगी, जबकि नितेश उपाध्याय पूर्व में हुए खराब अनुभवों और संगठन के भीतर मिली 'बदनामी' का हवाला देकर खुद को इससे दूर रखने की बात कह रहे हैं।

*बदनामी और अभद्रता का लगा आरोप*

नितेश उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि संगठन में रहते हुए उन्हें सम्मान के बजाय अपमान झेलना पड़ा है। उन्होंने पूर्व की घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह संगठन के ही लोगों द्वारा फैलाए गए भ्रम के कारण उन्हें अभद्रता का सामना करना पड़ा था। बावजूद इसके, मुमताज अली द्वारा उनकी बातों को दरकिनार कर लगातार 'सिपाही' बनने और संगठन में वापस आने का दबाव बनाया जा रहा है, जो किसी भी लोकतांत्रिक संस्था की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है।

*सत्ता और रसूख का दिखाया जा रहा डर?*

बातचीत के दौरान मुमताज अली द्वारा बड़े अधिकारियों और राजनीतिक रसूख का हवाला भी दिया गया, जिसे नितेश उपाध्याय पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। संगठन के भीतर चल रही इस खींचतान ने यह साफ कर दिया है कि मानवाधिकारों की बात करने वाले खुद अपने पूर्व पदाधिकारियों की इच्छा और स्वाभिमान का सम्मान नहीं कर पा रहे हैं।

*क्षेत्र में चर्चा का विषय*

यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। जानकारों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को उसकी मर्जी के बिना किसी संगठन में बने रहने के लिए विवश करना अनैतिक है। अब देखना यह होगा कि इस दबाव की राजनीति के बाद नितेश उपाध्याय क्या रुख अपनाते हैं और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं।

*मुमताज अली का दबावपूर्ण तर्क:*

"मुमताज अली ऑडियो में स्पष्ट रूप से नितेश उपाध्याय को यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि संगठन में वापस आ जाओ, संगठन सिपाही से ही मजबूत होता है। उन्होंने सत्ता और रसूख का हवाला देते हुए यहाँ तक कह दिया कि 'यदि हमारे पास दम है तो हमें किसी चेयरमैन या नेता की जरूरत नहीं है, हमारी वाणी में दम होना चाहिए।' यह बयान दर्शाता है कि किस तरह संगठन के नाम पर व्यक्तिगत प्रभाव जमाने की कोशिश की जा रही है।"

*नितेश उपाध्याय की तीखी प्रतिक्रिया:*

"वहीं नितेश उपाध्याय ने दबाव को खारिज करते हुए मुमताज अली को आइना दिखाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 'मैं संगठन का मेम्बर नहीं बनना चाहता, आप मुझ पर ऐसा दबाव मत डालिए।' उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन के लिए काम करने के बदले उन्हें सिर्फ बदनामी और अपमान मिला है, यहाँ तक कि पूर्व में उन्हें अभद्र व्यवहार का भी सामना करना पड़ा था, जिसे वे अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे।"

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उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावो की तैयारी के लिए कांग्रेस हाईकमान अपने सभी जिला और महानगर अध्यक्षों को धार देने में लगी हुई है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में विगत 13 जनवरी से आयोजित 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने जिला और महानगर अध्यक्षों को 2027 में भाजपा की चुनौती को दरकिनार कर उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए अपने टिप्स दिए। प्रशिक्षण कार्यशाला में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रीय महासचिव कुमारी शैलजा, कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला, प्रशिक्षण शिविर के राष्ट्रीय संयोजक सचिन राव, एआईसीसी कोऑर्डिनेटर के.राजू, राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, राष्ट्रीय महासचिव बी. के. हरिप्रसाद,राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन,जितेंद्र बघेल, सुरेंद्र शर्मा, तमिलनाडु के सांसद श्रीकांत सेंथिल, हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य आदि सहित दिग्गज नेताओं ने जिला और महानगर अध्यक्षों को कांग्रेस की संघटनात्मक रूपरेखा, इतिहास, राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के ज्वलंत मुद्दों, बूथ स्तर तक संगठन की तैयारी जैसे गंभीर विषयों का आदान-प्रदान किया। कार्यशाला में भाग ले रही महानगर कांग्रेस कमेटी काशीपुर की अध्यक्ष अलका पाल ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यशाला में उत्तराखंड के सभी जनपदों के जिला अध्यक्षों के साथ कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के द्वारा संवाद और विचारों का आदान-प्रदान कर भविष्य की मजबूत आधारशिला के लिए एक प्रेरक का कार्य किया है। जो कि निश्चित ही 10 दिवसीय शिविर में सभी जिला महानगर अध्यक्षों को आगामी विधानसभा चुनाव की चुनौती से लड़ने में मिल का पत्थर साबित होगी।

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مالیگاؤں میونسپل کارپوریشن کے انتخابی نتائج نے نہ صرف مہاراشٹر بلکہ ملک کی سیاست میں ایک نئی بحث چھیڑ دی ہے۔ مقامی سطح پر ابھرنے والی ’اسلام‘ پارٹی کی کامیابی کو اب ’مالیگاؤں ماڈل‘ کے نام سے دیکھا جا رہا ہے۔ اہم سوال یہ ہے کہ کیا یہ ماڈل ملک کے مسلمانوں کے لیے ایک نئی سیاسی سمت اور امید بن سکتا ہے۔مالیگاؤں میں ہوئے انتخابات میں ’اسلام‘ پارٹی سب سے بڑی سیاسی قوت بن کر سامنے آئی، جبکہ کانگریس، بی جے پی اور یہاں تک کہ اے آئی ایم آئی ایم جیسی بڑی جماعتیں بھی خاطر خواہ کامیابی حاصل نہ کر سکیں۔ یہ نتائج اس بات کی طرف اشارہ کرتے ہیں کہ عوام اب صرف قومی جماعتوں کے نام پر ووٹ دینے کے بجائے مقامی قیادت اور زمینی مسائل کو ترجیح دے رہے ہیں۔سیاسی مبصرین کے مطابق ’مالیگاؤں ماڈل‘ کی سب سے بڑی خصوصیت یہ ہے کہ اس میں مذہب کے بجائے مقامی مسائل کو مرکز بنایا گیا۔ بجلی، پانی، پاورلوم صنعت، بے روزگاری اور شہری سہولتیں انتخابی مہم کے اہم موضوعات رہیں۔ یہی وجہ ہے کہ عوام نے اس قیادت پر اعتماد کیا جو ان کے روزمرہ مسائل سے براہ راست جڑی ہوئی دکھائی دی۔اس انتخابی تبدیلی کو مسلم سیاست میں ایک اہم موڑ کے طور پر دیکھا جا رہا ہے۔ طویل عرصے سے جسے مسلم ووٹ بینک کہا جاتا رہا ہے، وہ اب نئے متبادل تلاش کرتا نظر آ رہا ہے۔ ووٹرز محض ”کم نقصان“ کی سیاست کے بجائے موثر نمائندگی اور عملی حل چاہتے ہیں۔تاہم ماہرین کا کہنا ہے کہ ’مالیگاؤں ماڈل‘ کو پورے ملک پر من و عن لاگو کرنا آسان نہیں ہوگا۔ مالیگاؤں کی سماجی، معاشی اور سیاسی صورتحال منفرد ہے۔ قومی سطح پر اثر ڈالنے کے لیے مضبوط تنظیم، واضح پالیسی اور وسیع قبولیت درکار ہوگی۔فی الحال اتنا ضرور کہا جا سکتا ہے کہ مالیگاؤں کے انتخابی نتائج نے ایک واضح پیغام دیا ہے کہ عوام اب زیادہ باخبر ہیں اور اپنی سیاست خود طے کرنا چاہتے ہیں۔ آیا یہ ماڈل ملک کے دیگر حصوں میں بھی دہرایا جائے گا یا نہیں، اس کا فیصلہ آنے والا وقت کرے گا، مگر مالیگاؤں نے قومی سیاست کو سوچنے کا ایک نیا زاویہ ضرور دیا ہے۔

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మరియు ఎస్పీ ఎస్. సతీష్ కుమార్ ఈరోజు పుట్టపర్తిలోని పోలీస్ పరేడ్ మైదానాన్ని సంయుక్తంగా తనిఖీ చేశారు. ప్రజలకు మరియు విఐపిలకు (VIPs) ఎటువంటి ఇబ్బంది లేకుండా సీటింగ్, తాగునీరు మరియు పారిశుద్ధ్య సౌకర్యాలను కల్పించాలని, అలాగే వివిధ శాఖల ప్రదర్శన శకటాలు (Tableaux) మరియు స్టాళ్ల ఏర్పాటులో సమన్వయంతో వ్యవహరించాలని కలెక్టర్ అధికారులను ఆదేశించారు.పరేడ్ మార్చ్-పాస్ట్, ధ్వజారోహణ, మరియు వివిధ శాఖల సంబంధించి కలెక్టర్ నిర్దిష్ట ఆదేశాలు జారీ చేశారు. ఈ వేడుకల స్థాయిని దృష్టిలో ఉంచుకుని, ఘనవిజయం సాధించాలంటే వివిధ ప్రభుత్వ శాఖల మధ్య పక్కా సమన్వయం అత్యవసరమని ఆయన పేర్కొన్నారు." తుది ఏర్పాట్లను సమీక్షించేందుకు జిల్లా కలెక్టర్ ఎ. శ్యామ్ ప్రసాద్ మరియు ఎస్పీ ఎస్. సతీష్ కుమార్ ఈరోజు పుట్టపర్తిలోని పోలీస్ పరేడ్ మైదానాన్ని సంయుక్తంగా తనిఖీ చేశారు. ప్రజలకు మరియు విఐపిలకు (VIPs) ఎటువంటి ఇబ్బంది లేకుండా సీటింగ్, తాగునీరు మరియు పారిశుద్ధ్య సౌకర్యాలను కల్పించాలని, అలాగే వివిధ శాఖల ప్రదర్శన శకటాలు (Tableaux) మరియు స్టాళ్ల ఏర్పాటులో సమన్వయంతో వ్యవహరించాలని కలెక్టర్ అధికారులను ఆదేశించారు.పరేడ్ మార్చ్-పాస్ట్, ధ్వజారోహణ, మరియు వివిధ శాఖల సంబంధించి కలెక్టర్ నిర్దిష్ట ఆదేశాలు జారీ చేశారు. ఈ వేడుకల స్థాయిని దృష్టిలో ఉంచుకుని, 77 గణతంత్ర దినోత్సవ వేడుకలు ఘనవిజయం సాధించాలంటే వివిధ ప్రభుత్వ శాఖల మధ్య పక్కా సమన్వయం అత్యవసరమని ఆయన పేర్కొన్నారు

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