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टाटा बाय बाय, एक और दरोगा जी चले ससुराल...🥺

ससुराल यानी जेल और वह भी बुढ़ापे में ....!

रिटायरमेंट से पहले सोचा होगा कि काली स्कार्पियो ले लूं जवान दारोगाओं की तरह, पर रिश्वतखोरी में बुरा फंस गए।

तो भैया, मामला यह है कि #बहराइच में मोतीपुर थाने की दौलतपुर चौकी में तैनात दरोगा सुरेशचंद्र गिरि अपनी चौकी के नाम के हिसाब से दौलतमंद बनने के चक्कर में पड़ गए।

दरोगा सुरेश ने एक लड़के से मारपीट के फर्जी मुकदमे से नाम निकालने के लिए 10 हजार रुपये की घूस मांगी।

लड़के ने कर दी एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत।

टीम ने बुजुर्ग दरोगा को घूस के पैसे लेते ही दबोच लिया।

बताइए, इस गर्मी में अब दरोगा जी को जेल की कोठरी में छटपटाना पड़ेगा शायद 2 या 3 महीने तक।

रिश्वतखोरी के चक्कर में बुढ़ापा खराब हो गया।

#uppolicenews #AntiCorruptionBureau
#UPNews #BriberyCase #PoliceAction

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Dhar, Madhya Pradesh – April 30, AIMA Media Update News : A horrific road accident has occurred in Madhya Pradesh. A van transporting laborers overturned and subsequently collided with another vehicle. In this accident, 12 people lost their lives, while 20 others sustained severe injuries. According to the details of the incident, 35 laborers were returning home in a pickup van from Baggad in the Dhar district. Around 8:30 PM on Wednesday, near the Chikliya crossing, the driver lost control of the vehicle.


As a result, the van veered out of control and overturned. Immediately thereafter, it collided with an SUV approaching from the opposite direction. Twelve people died in this accident, and another 20 sustained serious injuries. Upon receiving the information, the police and a rescue team rushed to the scene and initiated relief operations. The injured were transported to a nearby hospital for immediate medical attention. The bodies of the 12 deceased individuals were shifted to a government hospital for post-mortem examination.



The police have registered a case regarding this incident and have commenced an investigation. Prime Minister Narendra Modi expressed his condolences over this tragedy. He announced an ex-gratia payment of ₹2 lakh for the families of the deceased. He also stated that ₹50,000 would be provided to those who sustained injuries. The Prime Minister's Office (PMO) shared this information via a post on the social media platform 'X'.


--- M Venkata T Reddy, News Editor and Investigative Journalist

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शाजापुर न्यूज! सोशल मीडिया पर इन दिनों पुलिस भर्ती को लेकर भ्रामक वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है और ऐसे कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार, कुछ पोस्ट में “सिंहस्थ पुलिस वालंटियर्स” के चयन को पुलिस भर्ती से जोड़कर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। इस पर पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सिंहस्थ वालंटियर्स का चयन पुलिस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है।
हाल ही में उज्जैन में आयोजित एक कार्यशाला में विभिन्न जिलों के पुलिस अधिकारियों को नगर एवं ग्राम रक्षा समितियों के पुनर्गठन और उनके सदस्यों को वालंटियर के रूप में उपयोग करने के निर्देश दिए गए थे। इसी जानकारी को गलत तरीके से प्रस्तुत कर सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि वालंटियर्स का चयन सामुदायिक सेवा के तहत स्वयंसेवक के रूप में किया जाता है, न कि किसी स्थायी भर्ती के रूप में। इस संबंध में कोई आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया जारी नहीं की गई है।

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भितरवार मंडी घटना में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई,

किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई
ग्वालियर, 29 अप्रैल 2026/ कृषि उपज मंडी भितरवार में मंगलवार को बारदाने में आग लगने की आकस्मिक घटना के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई करते हुए स्थिति को शीघ्र सामान्य किया। प्रशासन ने किसानों एवं व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उपज विक्रय व्यवस्था बहाल कराई और शांति व्यवस्था बनाए रखी।
एसडीएम भितरवार श्री राजीव समाधिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज मंडी में गेहूं उपज की बिक्री के लिए लगभग 200 ट्रैक्टर-ट्रॉली पहुँची थीं। दोपहर एक बजे तक लगभग 150 ट्रॉलियों की डाँक (नीलामी) की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी थी। इसी दौरान मंडी के बारदाने में अचानक आग लगने की घटना हुई। घटना के बाद व्यापारी, मंडी कर्मचारी और संबंधित अमले ने तत्काल आग बुझाने के प्रयास किए। खरीदी, तुलाई और भुगतान कार्य प्रभावित होने के कारण कुछ समय के लिए डाँक प्रक्रिया बाधित हुई।
प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया। शेष लगभग 50 ट्रॉलियों के किसानों की चिंता को ध्यान में रखते हुए नायब तहसीलदार भितरवार श्री हरनाम सिंह एवं श्री शिवदयाल शर्मा मौके पर पहुँचे। उन्होंने किसानों और व्यापारियों से संवाद स्थापित कर पुनः डाँक प्रारंभ कराने पर सहमति बनाई। इससे स्थिति सामान्य हो गई और किसानों के हित में समाधान सुनिश्चित किया गया।
इसी दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने मौके पर पहुँचकर अनावश्यक विवाद उत्पन्न किया और नायब तहसीलदार श्री हरनाम सिंह के साथ मारपीट कर शासकीय कार्य में बाधा डाली। प्रशासन ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है।
प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अजय रावत पुत्र देवीसिंह रावत निवासी ग्राम स्याऊ, थाना करहिया को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों, जिनमें मुख्य आरोपी जयेन्द्र गुर्जर निवासी ग्राम सीहोर, तहसील नरवर, जिला शिवपुरी शामिल है, की तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि जयेन्द्र गुर्जर के नाम से मंडी में प्रवेश हेतु कोई पास जारी नहीं किया गया था। वह मंडी में वैध प्रवेश के बिना केवल उपद्रव करने के उद्देश्य से पहुँचा था। इस तथ्य को भी जांच में शामिल कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की रक्षा, मंडी संचालन की निरंतरता और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन किसानों एवं व्यापारियों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। साथ ही शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने और अधिकारियों पर हमला करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने किसानों एवं व्यापारियों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की है।

*रोहित पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ डबरा*

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ଅସ୍ତରଙ୍ଗ, ୩୦/୦୪/୨୦୨୬: ଆଜି ମାସର ଶେଷ ଗୁରୁବାର ଦିନ ଅସ୍ତରଙ୍ଗ ବଜାର ଅଞ୍ଚଳରେ ସବୁଜ ଶାଖାର କର୍ମକର୍ତା ମାନଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ବ୍ୟାପକ ସଫେଇ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି। ସକାଳ ୭ଟାରୁ ହିଁ ସଙ୍ଗଠନର ସଦସ୍ୟମାନେ ବଜାର ରାସ୍ତା, ଦୋକାନ ଆଗ ଓ ଆଖପାଖ ଅଞ୍ଚଳକୁ ସଫା କରିବାରେ ଲାଗି ପଡ଼ିଥିଲେ।

ମୁଖ୍ୟ ଦୃଶ୍ୟ:
• ପ୍ରଥମ ଚିତ୍ରରେ କର୍ମକର୍ତାମାନେ ଏକ ଟ୍ରାକ୍ଟର ଟ୍ରଲିରେ ଅଳିଆ ବୋହୁଥିବା ବେଳେ ଜଣେ ବ୍ୟକ୍ତି ରାସ୍ତା କଡ଼ରୁ ଅଳିଆ ଉଠାଇ ପାତ୍ରରେ ରଖୁଥିବା ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଛି। ସ୍ଥାନୀୟ ଲୋକେ ମଧ୍ୟ ଏଥିରେ ସହଯୋଗ କରୁଛନ୍ତି। • ଦ୍ୱିତୀୟ ଚିତ୍ରରେ ଦୁଇଜଣ ସଦସ୍ୟ ଝାଡୁ ଧରି ଦୋକାନ ସମ୍ମୁଖ ଓ ରାସ୍ତାରେ ଜମିଥିବା ଧୂଳି, ପତ୍ର ଓ ଅଳିଆ ସଫା କରୁଛନ୍ତି। ମେଡିସିନ୍ ଦୋକାନ ଓ ଅନ୍ୟ ବ୍ୟବସାୟିକ ପ୍ରତିଷ୍ଠାନ ଆଗ ଅଞ୍ଚଳ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ସଫା କରାଯାଉଛି।
ସଙ୍ଗଠନର ବକ୍ତବ୍ୟ:
ସବୁଜ ଶାଖାର ଜଣେ କର୍ମକର୍ତ୍ତା କହିଛନ୍ତି, "ପ୍ରତି ମାସ ଶେଷ ଗୁରୁବାରରେ ଆମେ ଅସ୍ତରଙ୍ଗର କୌଣସି ଗୋଟିଏ ଅଞ୍ଚଳକୁ ବାଛି ସଫେଇ କରୁଛୁ। ଆଜି ବଜାର ଅଞ୍ଚଳକୁ ନେଇଥିଲୁ କାରଣ ଏଠାରେ ଜନଗହଳି ଅଧିକ ଓ ଅଳିଆ ଜମିବାର ସମ୍ଭାବନା ଅଧିକ। ସ୍ୱଚ୍ଛ ଅସ୍ତରଙ୍ଗ, ସୁସ୍ଥ ଅସ୍ତରଙ୍ଗ ଆମର ଲକ୍ଷ୍ୟ।"

ସ୍ଥାନୀୟ ପ୍ରତିକ୍ରିୟା:
ବଜାରର ଦୋକାନୀ ଓ ସ୍ଥାନୀୟ ବାସିନ୍ଦା ଏହି ଉଦ୍ୟମକୁ ପ୍ରଶଂସା କରିଛନ୍ତି। ଜଣେ ଦୋକାନୀ କହିଲେ, "ସକାଳୁ ସକାଳୁ ଏମାନେ ଆସି ସବୁ ସଫା କରିଦେଲେ। ଏଭଳି କାମ ନିୟମିତ ହେଲେ ବଜାରର ରୂପ ବଦଳିଯିବ।"

ଏହି ସଫେଇ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ପରେ ସଂଗୃହିତ ଅଳିଆକୁ ଟ୍ରାକ୍ଟର ଯୋଗେ ନିର୍ଦ୍ଧାରିତ ଡମ୍ପିଂ ୟାର୍ଡକୁ ନିଆଯାଇଥିଲା। ସବ

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మహానంది (మన ప్రజాపక్షం): బుక్కాపురం వెలుగు ఆఫీస్ నందు ప్రకృతి వ్యవసాయంపై మండల వ్యవసాయ అధికారి నాగేశ్వరరెడ్డి ఆధ్వర్యంలో ప్రకృతి వ్యవసాయంపై గ్రామ వ్యవసాయ మరియు ఉద్యాన సహాయకులకు మరియు ప్రకృతి వ్యవసాయ ఐ సి ఆర్ పి లకు రెండు రోజుల శిక్షణా కార్యక్రమం నిర్వహించారు.ఈ కార్యక్రమంలో ప్రకృతి వ్యవసాయం సిబ్బంది సిసింద్రీ మరియు అంజనమ్మ మాట్లాడుతూ ఈ సంవత్సరం ఎల్ నినో ప్రభావం వలన వాతావరణంలో మార్పులు సంభవిస్తాయని కావున రైతులు పంటల ప్రణాళికపై తగిన ముందు జాగ్రత్తలు తీసుకోవాలని తెలియజేశారు. రైతులు ముందు జాగ్రత్తగా 30 రకాల విత్తనాలు కలిగిన ఫ్రీ మాన్సూన్ డ్రైసోయింగ్ కిట్లను పొలంలో వేసుకోవడం ద్వారా నేల సారవంతతను మరియు నేల నీటి నిల్వ సామర్థ్యాన్ని పెంచుకోవచ్చని సూచించారు.విత్తన గుళికలను తయారు చేసుకోవడం ద్వారా బెట్ట పరిస్థితులలో విత్తనాలు మొలకెత్తడానికి సులభతరం అవుతుందని తెలిపారు.రైతులు రసాయనిక ఎరువులకు బదులుగా ఘనజీవామృతం మరియు ద్రవ జీవామృతం వాడాలని వాటి తయారీ విధానాన్ని కూడా శిక్షణలో చేసి చూపించడం జరిగినది. వివిధ పంటలలో ప్రకృతి వ్యవసాయ పద్ధతుల ద్వారా తక్కువ ఖర్చుతో అధిక దిగుబడి పొందే పద్ధతులను గురించి వివరించారు. నేలలో వివిధ రకాల మేలు కలిగించే సూక్ష్మజీవుల సంఖ్యను పెంచుట ద్వారా నేలలో కర్బన శాతాన్ని మరియు భూ ఆరోగ్యాన్ని పెంచుకోవచ్చునని తెలియజేయడం జరిగినది. ఈ కార్యక్రమంలో ప్రకృతి వ్యవసాయ ఇన్చార్జులు అంజనమ్మ కృష్ణవేణి, ట్రైనర్ సిసింద్రీ, వ్యవసాయ విస్తరణ అధికారి వెంకటేశ్వర్లు, వివిధ గ్రామాల రైతు సేవా కేంద్రం గ్రామ వ్యవసాయ మరియు ఉద్యాన సహాయకులు, వివిధ గ్రామాల ప్రకృతి వ్యవసాయ ఐసిఆర్పీలు పాల్గొన్నారు.

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रुदौली/ अयोध्या
रुदौली विधानसभा के पूरे परसन मजरे बारी निवासी सुरेन्द्र लोधी की सऊदी अरब में अज्ञात कारणों से मृत्यु को लेकर परिवार का रो रो कर बुरा हाल था परिजन लगातार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी यहां तक सत्ता में बैठे जिम्मेदारों तक भी पीड़ित पहुंचा कागजात ले लिए गए और बाद में उसका फोन भी उठाना वाजिब नहीं समझा गया घटना की जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री सैयद अब्बास अली जैदी रुश्दी मियां भी मौके पर पहुंचे उन्होंने पहुंचकर परिवार की आर्थिक मदद की तथा विदेश में जहां पर सुरेंद्र लोधी का शव था वहां पर मेराज अंसारी को भेजा, जिन्होंने अल बिसा रूककर,जावेद तेली की मदद से शव को भिजवाने सम्बंधित प्रक्रिया रुशदी मियां के लगातार संपर्क में रहकर पूर्ण की..लगभग 19 दिन की कानूनी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मृतक का शव आज भारत लाया गया है जिसको लेने स्वयं पूर्व मंत्री सैयद *अब्बास अली जैदी रुश्दी मियां* व उनके साथ हंसराज लोधी, कमलेश यादव, बाबा फरीद अहमद, सुरजीत लोधी, अमरेश निषाद, नरेंद्र लोधी, डॉ प्रवेश लोधी, ब्लॉक अध्यक्ष विंध्याचल सिंह, सुरजीत चौहान, इकबाल, साजिद राइन, व मृतक के पिता रामदेव लोधी जी के साथ लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे आज पार्थिक शव पूर्व विधायक के प्रयासों से पैतृक गांव पूरे परसन रुदौली लाया गया है उनके इस दरियादिली को लेकर परिवार सहित तमाम क्षेत्रीय संभ्रांत लोगों ने आभार जताया है।

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झारखंड में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता सामने आई है। हाल ही में हजारीबाग में एक पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटना ने पूरे राज्य के मीडिया जगत को झकझोर दिया है। इस घटना के विरोध में अब राजधानी राँची में पत्रकारों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

राजधानी के प्रमुख स्थल अल्बर्ट एक्का चौक पर बड़ी संख्या में पत्रकार इकट्ठा हुए। हाथों में तख्तियां, बैनर और नारों के साथ उन्होंने घटना की कड़ी निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।

प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने कहा कि राज्य में लगातार पत्रकारों पर हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के लिए खतरे का संकेत है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते इस पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।

इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से भी इस मामले में जवाब और संवेदनशीलता की अपेक्षा जताई गई। पत्रकारों का कहना है कि सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

प्रदर्शन में हजारीबाग के पीड़ित पत्रकार भी शामिल हुए। उन्होंने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि किस तरह उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें मानसिक व शारीरिक पीड़ा का सामना करना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई।

अंत में पत्रकारों ने उम्मीद जताई कि सरकार और प्रशासन इस मामले में जल्द कार्रवाई करेंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

आपकी क्या राय है? क्या पत्रकारों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून और व्यवस्था की जरूरत है? कमेंट करके जरूर बताएं।

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Rally on Nasha Mukht Bharat
Under the banner of Nasha Mukt Bharat Abhiyan, Tehsil Administration Mendhar, J&K Police SCS Government Degree College Mendhar, Govt Higher Secondries and GGM School Mendhar organized a massive anti-drug awareness rally today on 29 April 2026. The rally commenced from the college campus, passed through the main market of Mendhar, and concluded back at the college after covering major public areas to spread awareness against drug abuse. A large number of students, faculty members, local residents, and members of Beopar Mandhar actively participated in the rally. The participants raised powerful slogans highlighting the harmful effects of drug abuse and emphasizing the importance of building a drug-free society. A huge gathering was addressed near Bus Stand Mendhar by prominent dignitaries including Tehsildar Mendhar Rahul Ji Basotra, SDPO Mendhar Mr. Tussif Ahmed, and SHO Mendhar Mr. Habib Pathan. In their addresses, they stressed the urgent need for collective social responsibility to eradicate the menace of drugs from society. Dr. Mohd. Riaz, NCORD Coordinator of the college, also addressed the gathering and highlighted the crucial role of educational institutions, youth, and civil society in combating substance abuse. He urged students and the public to remain vigilant and work together for a healthier and safer future. The rally witnessed enthusiastic participation from all sections of society, making it a successful awareness campaign aimed at promoting the message of a drug-free India. The event concluded with renewed commitment from participants to continue spreading awareness and supporting the mission of Nasha Mukt Bharat.

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सूरतगढ़ उपखंड के गांव गुरुसार मोडिया स्थित शाह सतनाम गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए 3 माह का समर स्पोर्ट्स कैंप शुरू किया गया है। इस कैंप का आयोजन कॉलेज की स्पोर्ट्स कमेटी और आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। कैंप का उद्देश्य छात्राओं को खेलों में दक्ष बनाना और उन्हें उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।
कैंप के दौरान प्रतिभागी छात्राओं को हैंडबॉल, वेटलिफ्टिंग, पावरलिफ्टिंग, ताइक्वांडो, जूडो, बास्केटबॉल और एथलेटिक्स जैसे विभिन्न खेलों का विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षकों द्वारा तकनीकी और शारीरिक दक्षता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे छात्राएं खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

कॉलेज प्रशासन ने खिलाड़ियों के लिए पौष्टिक आहार की विशेष व्यवस्था की है, ताकि उनका शारीरिक विकास बेहतर तरीके से हो सके। इसके अलावा राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क में छूट देने का भी प्रावधान रखा गया है। सभी प्रतिभागियों को आवश्यक स्पोर्ट्स किट उपलब्ध करवाई जा रही है।

कॉलेज प्रशासन ने क्षेत्र की छात्राओं से अधिक से अधिक संख्या में इस कैंप में भाग लेने का आह्वान किया है। विशेष रूप से 12वीं उत्तीर्ण छात्राओं को कॉलेज में प्रवेश लेकर इस अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया है।
Aima media jhalawar

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झालावाड़ में पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान के लिए बुधवार को ट्रेजरी कार्यालय में आयोजित विशेष शिविर पेंशनर्स के लिए निराशा का कारण बन गया। कोटा स्थित पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग के अतिरिक्त निदेशक की ओर से लगाए गए इस शिविर में सक्षम अधिकारी ही नहीं पहुंचे। जिले के अलग-अलग इलाकों से करीब 65 पेंशनर्स अपनी सालों पुरानी समस्याएं लेकर पहुंचे थे, लेकिन समाधान तो दूर, उन्हें बिना सुनवाई के ही वापस लौटना पड़ा।
राजस्थान पेंशनर्स मंच के जिला सचिव आरिफ हुसैन गौरी ने बताया कि यह शिविर विशेष रूप से क्षेत्रीय कार्यालय, कोटा से संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए रखा गया था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के गैरमौजूद होने से पेंशनर्स में भारी नाराजगी रही।

कलेक्टर के निर्देश पर मांगी गई समस्याओं की सूची


जब पेंशनर्स ने अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई तो जिला कलेक्टर से संपर्क किया गया। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर झालावाड़ के कोषाधिकारी ने पेंशनर्स की समस्याएं एकत्रित कीं और उन्हें कोटा कार्यालय व संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि, मौके पर मौजूद पेंशनर्स का कहना था कि वे समाधान की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन सिर्फ आश्वासन देकर लौटा दिया गया।

9 साल बाद भी नहीं मिली ग्रेच्युटी

शिविर में पहुंचे भवानीमंडी के सेवानिवृत्त ग्रामसेवक लखनलाल बैरागी ने बताया कि उन्हें पेंशन मिले नौ साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक ग्रेच्युटी राशि का भुगतान नहीं हुआ है। कई बार विभाग के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

22 महीने बाद भी नहीं मिला एरियर


झालावाड़ निवासी जफर अली ने बताया कि उनकी पेंशन शुरू हुए 22 महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन राशि और मासिक पेंशन का एरियर जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि हर बार केवल प्रक्रिया जारी होने का जवाब मिलता है।
11 साल से पति की पेंशन के लिए भटक रही महिला

भवानीमंडी क्षेत्र की रीना गुप्ता ने शिविर में अपनी दर्दभरी कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि उनके पति जितेंद्र कुमार गुराड़िया माना के राजकीय संस्कृत स्कूल में कार्यरत थे। 20 अप्रैल 2015 को उनके निधन के बाद से आज तक पेंशन प्रकरण का निस्तारण नहीं हुआ है।
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रीना गुप्ता ने बताया कि वह पिछले 11 सालों से लगातार विभागों के चक्कर लगा रही हैं। जयपुर संपर्क पोर्टल पर शिकायत के बाद आदेश भी हुए, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उनकी एकमात्र बेटी बीटेक की पढ़ाई कर रही है और आर्थिक तंगी के कारण उसकी पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो रहा है।

पेंशनर्स मंच ने जताई नाराजगी

शिविर में राजस्थान पेंशनर्स मंच के जिला अध्यक्ष सईद अहमद, सचिव आरिफ हुसैन गौरी सहित ललित शर्मा, आफताब आलम, रमेशचंद्र शर्मा, अमीन बेग, घनश्याम वर्मा सहित कई सदस्य मौजूद रहे। सभी ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पेंशनर्स के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।

समाधान कब मिलेगा, यही बड़ा सवाल

पेंशनर्स का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाना बेहद मुश्किल है। ऐसे में समाधान शिविर में भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचे तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन लंबित मामलों का समाधान कब तक कराता है।

Aima media jhalawar



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ओडिशा के क्योंझर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे देश की रूह कंपा दी।
एक बेबस भाई, जीतू मुंडा, को अपनी मृत बहन के बैंक खाते से जमा पूँजी निकालने के लिए
उसका कंकाल कंधे पर लादकर बैंक पहुँचना पड़ा।
आरोप है कि बैंक अधिकारी बार-बार 'अकाउंट होल्डर' को खुद लाने की जिद पर अड़े थे,
जबकि बहन की मृत्यु महीनों पहले हो चुकी थी। आखिर में हारकर और हताश होकर जीतू ने
कब्र खोदी और अपनी बहन के कंकाल को बैंक के सामने रख दिया ताकि 'बैंक' को उसकी मौत का यकीन हो सके।
खुशी की बात यह है कि अब प्रशासन जागा है और जीतू को उसकी हक की राशि ब्याज सहित लौटा दी गई है।
साथ ही रेड क्रॉस की ओर से आर्थिक सहायता भी दी गई है। लेकिन सवाल वही है—क्या नियम इंसानियत से बड़े हैं?

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Srinagar, Apr 30: Weather conditions across Jammu and Kashmir are expected to improve from today with partly cloudy skies and isolated light rain, while a fresh spell of rain and thunderstorms is likely between May 3 and 5, the India Meteorological Department said.
According to MeT officials in Srinagar, the UT is likely to witness largely dry weather on May 1 and 2, although brief, isolated showers cannot be ruled out in some areas.
The department has forecast generally cloudy conditions with light to moderate rain and thundershowers at scattered to many places from May 3 to May 5.
From May 6 to 9, weather is expected to remain mostly dry, with chances of brief and isolated showers at a few locations.
Meanwhile, data shows that daytime temperatures across the Kashmir Valley have remained below normal. In Srinagar, the maximum temperature was recorded at 23.1°C, around 1.9°C below normal, while the minimum settled at 11.7°C.
Other places including Qazigund, Pahalgam and Kupwara also recorded below-normal day temperatures.
Tourist destination Gulmarg recorded a maximum temperature of 13.8°C, while Pahalgam registered 20.2°C.In the Jammu division, Jammu recorded a maximum of 35.7°C, around 3.1°C below normal, while Kathua and Samba reported temperatures above 33°C.
Light rainfall activity was recorded in parts of Udhampur, Ramban, Rajouri, Reasi, Budgam and Anantnag during the past 24 hours.
The MeT department said the prevailing weather pattern may bring temporary relief from heat, though intermittent rainfall activity is expected in phases over the coming days.

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"आयुष्यातील अत्यंत महत्त्वाच्या लग्नाच्या दिवशीही शिक्षणाला प्राधान्य देत थेट लग्न मंडपातून परीक्षेला हजेरी लावून एक आदर्श निर्माण"

(वैष्णवीला पारंपरिक वेशभूषेत नववधू परीक्षा देताना पाहून परीक्षा केंद्रातील विद्यार्थी व शिक्षकही आश्चर्यचकित झाले)


वाशीम, प्रतिनिधी दि. 28 एप्रिल 2026 रोजी,
वाशीम तालुक्यातील ग्राम भटउमारा येथील एक प्रेरणादायी घटना सध्या सर्वत्र चर्चेचा विषय ठरत आहे. समाजकार्याचे शिक्षण घेणारी विद्यार्थिनी आणि नववधू कु. वैष्णवी संतोष काळे हिने आपल्या आयुष्यातील अत्यंत महत्त्वाच्या दिवशी—लग्नाच्या दिवशीही—शिक्षणाला प्राधान्य देत थेट लग्न मंडपातून परीक्षेला हजेरी लावून एक आदर्श निर्माण केला आहे.
दि. 28 एप्रिल 2026 रोजी वैष्णवीचा विवाह ज्ञानेश्वर राजू चौधरी (रा. भटउमारा) यांच्याशी मोठ्या उत्साहात पार पडत होता. लग्नाच्या विधी सुरू असतानाच, ठरलेल्या वेळेत परीक्षा देणे आवश्यक असल्यामुळे वैष्णवीने कोणतीही तडजोड न करता मंडपातून बाहेर पडण्याचा निर्णय घेतला. पारंपरिक लग्नाच्या वेशभूषेतच ती वाशीम येथील राजस्थान महाविद्यालय या परीक्षा केंद्रावर पोहोचली आणि आपली परीक्षा दुपारी 2 ते 5 या वेळेत दिली.
पारंपरिक वेशात नववधू परीक्षा देताना पाहून परीक्षा केंद्रातील विद्यार्थी व शिक्षकही आश्चर्यचकित झाले. तिच्या या जिद्दीचे आणि शिक्षणावरील निष्ठेचे सर्वत्र कौतुक होत आहे. अनेकांनी या घटनेला “शिक्षण प्रथम” या विचाराचे उत्तम उदाहरण म्हणून गौरवले आहे.
वैष्णवीच्या या कृतीने समाजासमोर एक सकारात्मक संदेश गेला असून, विशेषतः महिलांसाठी ती प्रेरणादायी ठरली आहे. कोणत्याही परिस्थितीत शिक्षणाला प्राधान्य द्यावे, हे तिने कृतीतून दाखवून दिले आहे. आजही अनेक ठिकाणी मुलींच्या शिक्षणाकडे दुय्यम नजरेने पाहिले जाते, अशा परिस्थितीत वैष्णवीसारख्या तरुणींची उदाहरणे समाजात बदल घडवून आणणारी ठरत आहेत. यावेळी वैष्णवी ने सांगितले की "शिक्षण हे वाघिणीचे दूध आहे. जो प्राशन करेल तो गुरगुरल्या शिवाय राहणार नाही " बाबासाहेब दिलेला संदेश आणि अधिकार अंगी कारून,राजमाता जिजाऊ व सावित्रीबाई फुले त्यांचे विचार वारसा या शिक्षणाच्या माध्यमातून नेण्याचा मानस असल्याचे सांगितले. वैष्णवी ही वाशिम येथील श्री.रामराव सरनाईक समाजकार्य महाविद्यालयाची बीए.स.डब्ल्यू भाग तीन चि विद्यार्थिनी असून तिने समाजकार्याच्या शिक्षणाला प्राधान्य देत आज लग्नाच्या दिवशीही तिने पेपरला हजेरी लावली आहे. ही शिक्षणाचे महत्त्व निर्णय घेण्याची क्षमता आणि ताकद दाखवून दिली आहे. स्थानिक नागरिक, शिक्षक व सामाजिक क्षेत्रातील व्यक्तींनी वैष्णवीच्या या निर्णयाचे मनापासून कौतुक केले. असून, तिच्यावर अभिनंदनाचा वर्षाव होत आहे. वैष्णवी आणि तिचे आई वडील,झालेला पती, सासू - सासरे नातेवाईक यांच्या धाडसी आणि सकारात्मक कृतीमुळे भटउमारा गावाचे नावही अभिमानाने घेतले जात आहे.

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मिथापुर पटना
भारतीय रेलवे में रोज़ लाखों लोग सफ़र करते हैं, लेकिन भीड़ और वेटिंग टिकट की समस्या कई यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। हाल ही में एक यात्री के साथ हुई घटना ने इस समस्या के साथ-साथ इंसानियत पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

बताया जा रहा है कि यात्री को लगभग 1500 किलोमीटर का सफ़र करना था, लेकिन उसकी टिकट आख़िरी समय तक वेटिंग में ही रह गई। मजबूरी में वह ट्रेन में चढ़ गया और टीटीई (TT) से भी सीट के लिए अनुरोध किया, लेकिन ट्रेन में भारी भीड़ होने के कारण कोई सीट उपलब्ध नहीं हो सकी।

गैलरी में बैठकर काटना पड़ा सफ़र

सीट न मिलने पर यात्री ट्रेन की गैलरी में बैठ गया, लेकिन वहां भी उसे आराम नहीं मिल सका। जिन यात्रियों की सीट थी, उन्होंने उसे वहां बैठने से मना कर दिया। नतीजा यह हुआ कि वह पूरी रात कभी यहाँ तो कभी वहाँ बैठकर सफ़र करता रहा।

थकान और नींद से परेशान होकर उसने एक अन्य यात्री से थोड़ी सी जगह मांगी, लेकिन पूरी ट्रेन में किसी ने भी उसे बैठने की जगह नहीं दी।

इंसानियत पर उठे सवाल

इस घटना के बाद यात्री का कहना है कि,

“जब मेरी सीट कन्फर्म होती है, तो मैं वेटिंग वाले लोगों को बैठने देता हूँ, लेकिन आज समझ आया कि ट्रेन में कोई किसी का नहीं होता।”

यह घटना केवल एक व्यक्ति की परेशानी नहीं, बल्कि समाज के बदलते व्यवहार को भी दर्शाती है। जहां पहले लोग एक-दूसरे की मदद करते थे, वहीं अब भीड़ और निजी सुविधा के कारण लोग मदद करने से कतराते हैं।

क्या कहती है हकीकत?

ट्रेन में भीड़ और सीट की कमी एक बड़ी समस्या है

यात्री अपनी सीट को लेकर असुरक्षित महसूस करते हैं

कई लोग डर या असुविधा के कारण दूसरों को जगह नहीं देते

लेकिन कुछ मामलों में संवेदनशीलता की कमी भी साफ़ दिखाई देती है

जरूरत है संतुलन की

विशेषज्ञों का मानना है कि:

यात्रियों को मानवता और सहयोग की भावना बनाए रखनी चाहिए

वहीं रेलवे को भी अतिरिक्त कोच और बेहतर प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए

आपकी राय क्या है?

क्या ट्रेन में लोग अब सच में एक-दूसरे की मदद नहीं करते?
या यह सिर्फ भीड़ और परिस्थितियों की मजबूरी है?

अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं

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प्रेमनगर ब्रेकिंग न्यूज़
देहरादून में लूट के बाद मुठभेड़, इंस्पेक्टर को गोली – एक बदमाश ढेर

काली कार में आए बदमाशों ने व्यापारी से 2 लाख लूटे, पीछा करने पर पुलिस पर झोंकी फायरिंग

देहरादून।प्रेमनगर क्षेत्र में देर रात लूट की वारदात के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। काली रंग की गुजरात नंबर कार में सवार बदमाशों ने देवराज नामक व्यक्ति से तमंचे के बल पर करीब 2 लाख रुपये, मोबाइल व अन्य कागजात लूट लिए।

सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाना पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बदमाशों का पीछा शुरू किया। जंगल की ओर भाग रहे बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसमें प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर गोली लगने से घायल हो गए।

पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। घायल बदमाश को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई, जबकि उसके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद पूरे जनपद में हाई अलर्ट जारी कर नाकाबंदी और सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। फरार बदमाशों की तलाश में पुलिस द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है।

एसएसपी देहरादून व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके और अस्पताल पहुंचकर स्थिति की जानकारी ले रहे हैं।
इंस्पेक्टर नरेश राठौर गोली लगने से घायल
एक बदमाश ढेर, अन्य फरार
2 लाख रुपये, मोबाइल व दस्तावेज लूटे
जिलेभर में नाकाबंदी, सर्च ऑपरेशन जारी

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जमशेदपुर शहर में आने वाले मानसून को ध्यान में रखते हुए नगर प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर “मानसून पूर्व विशेष नाला सफाई अभियान” चलाया जा रहा है। ULB कोड 801781 के अंतर्गत इस अभियान का उद्देश्य शहर के सभी प्रमुख एवं छोटे नालों की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना है, ताकि बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या से नागरिकों को राहत मिल सके।

अभियान के तहत नगर निगम की टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में नालों की सफाई, गाद (सिल्ट) निकासी और अवरुद्ध जलमार्गों को खोलने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। खासकर उन इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां हर साल बारिश के समय पानी भरने की समस्या अधिक रहती है। प्रशासन का दावा है कि समय रहते इन कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति कम होगी।

नगर प्रशासन ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील की है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे नालों में कूड़ा, प्लास्टिक या अन्य अपशिष्ट न डालें, क्योंकि इससे जल निकासी बाधित होती है और जलजमाव की समस्या बढ़ जाती है। स्वच्छता बनाए रखने में आम जनता की भागीदारी को बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: कई नागरिकों का कहना है कि हर साल सफाई अभियान चलाया जाता है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में समस्या जस की तस बनी रहती है। लोगों ने मांग की है कि इस बार सफाई कार्य की नियमित निगरानी हो और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। वहीं कुछ लोगों ने इस पहल को सराहनीय बताया और उम्मीद जताई कि इससे इस बार बारिश में राहत मिलेगी।

निष्कर्ष: अगर प्रशासन की तैयारी और जनता का सहयोग साथ-साथ चलता है, तो इस बार जमशेदपुर में मानसून के दौरान जलजमाव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अब देखने वाली बात होगी कि यह अभियान जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी साबित होता है।

आप भी अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं — क्या आपके क्षेत्र में नाला सफाई सही तरीके से हो रही है?

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காசாவில், இஸ்ரேல் பாதுகாப்பு படை நடத்திய, 'ட்ரோன்' தாக்குதலில் ஹமாஸ் பயங்கரவாத அமைப்பின் முக்கிய தளபதி இயாத் அகமது அப்துல் ரஹ்மான் ஷம்பாரி கொல்லப்பட்டார்.

மேற்காசிய நாடான இஸ்ரேல் மீது, 2023ல், பாலஸ்தீனத்தின் காசாவை நிர்வகித்து வந்த ஹமாஸ் பயங்கரவாதிகள் ஏவுகணை தாக்குதல் நடத்தினர். இதையடுத்து, காசா மீது இஸ்ரேல் போரை தொடங்கியது. இதில் காசாவின் உட்கட்டமைப்பு முழுதும் சேதமடைந்ததுடன், பெண்கள், குழந்தைகள் என, ஆயிரக்கணக்கானோர் கொல்லப்பட்டனர்.

உலக நாடுகள் தலையிட்டதை அடுத்து, 2025 அக்டோபரில் தற்காலிக போர் நிறுத்தம் அமலுக்கு வந்தது. தரை வழி தாக்குதல்கள் தற்காலிகமாக நிறுத்தப்பட்டிருந்தாலும், வான்வழி தாக்குதல்கள் மூலம் ஹமாஸின் முக்கிய தலைவர்களை இஸ்ரேல் வேட்டையாடி வருகிறது.

அந்த வகையில், இஸ்ரேல் நடத்திய தாக்குதலில், ஹமாஸ் ராணுவ உளவுப்பிரிவின் செயல்பாட்டு துறை தலைவரான இயாத் அகமது அப்துல் ரஹ்மான் ஷம்பாரி கொல்லப்பட்டார். காசாவில், அல் ரிமால் குடியிருப்பு பகுதியில் காரில் சென்ற போது, இஸ்ரேல் நடத்திய ட்ரோன் தாக்குதலில், அவர் உட்பட நான்கு பேர் கொல்லப்பட்டனர்; ஆறு பேர் படுகாயமடைந்தனர்.

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अहिल्यानगर:
अपघातातील जप्त केलेली दुचाकी सोडण्यासाठी आणि कोर्टाच्या कामात मदत करण्यासाठी ५ हजार रुपयांची लाच स्वीकारताना पाथर्डी पोलीस ठाण्यातील दोन पोलीस कर्मचाऱ्यांना नाशिक लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाने (ACB) रंगेहात पकडले. या कारवाईमुळे पोलीस दलात मोठी खळबळ उडाली आहे.तक्रारदार यांचा मार्च महिन्यात मढी गावाजवळ मोटारसायकलचा अपघात झाला होता. याप्रकरणी २४ एप्रिल रोजी पाथर्डी पोलीस ठाण्यात फिर्याद दाखल करण्यात आली होती. २८ एप्रिल रोजी बीट हवालदार अभय लबडे यांनी तक्रारदाराला पोलीस ठाण्यात बोलावून त्यांची गाडी जमा करून घेतली होती.
ही गाडी सोडण्यासाठी आणि लायसन्स असलेल्या ड्रायव्हरला तपासात दाखवून कोर्टाच्या कामात मदत करण्यासाठी हवालदार लबडे यांनी ७ हजार रुपयांच्या लाचेची मागणी केली होती. तडजोडीअंती ५ हजार रुपये देण्याचे ठरले.तक्रारदाराने याप्रकरणी नाशिक लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाकडे तक्रार केली होती. २९ एप्रिल रोजी पडताळणी केल्यानंतर आज, ३० एप्रिल २०२६ रोजी पोलीस ठाण्याच्या बीट अंमलदार कक्षात सापळा रचण्यात आला.
अटक करण्यात आलेले आरोपी:
१) अभयसिंह काकासाहेब लबडे (वय ४०) – पोलीस हवालदार, पाथर्डी पोलीस स्टेशन.
२) ज्ञानेश्वर मारुती सानप (वय ३६) – पोलीस नाईक (बीट मदतनीस), पाथर्डी पोलीस स्टेशन.
हवालदार लबडे यांनी लाचेची ५ हजार रुपयांची रक्कम स्वीकारून ती ज्ञानेश्वर सानप यांच्याकडे दिली. याच वेळी एसीबीच्या पथकाने दोघांनाही रंगेहात ताब्यात घेतले. त्यांच्यावर भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कायद्याच्या विविध कलमान्वये गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे.

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अहिल्यानगर:
अपघातातील जप्त केलेली दुचाकी सोडण्यासाठी आणि कोर्टाच्या कामात मदत करण्यासाठी ५ हजार रुपयांची लाच स्वीकारताना पाथर्डी पोलीस ठाण्यातील दोन पोलीस कर्मचाऱ्यांना नाशिक लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाने (ACB) रंगेहात पकडले. या कारवाईमुळे पोलीस दलात मोठी खळबळ उडाली आहे.तक्रारदार यांचा मार्च महिन्यात मढी गावाजवळ मोटारसायकलचा अपघात झाला होता. याप्रकरणी २४ एप्रिल रोजी पाथर्डी पोलीस ठाण्यात फिर्याद दाखल करण्यात आली होती. २८ एप्रिल रोजी बीट हवालदार अभय लबडे यांनी तक्रारदाराला पोलीस ठाण्यात बोलावून त्यांची गाडी जमा करून घेतली होती.
ही गाडी सोडण्यासाठी आणि लायसन्स असलेल्या ड्रायव्हरला तपासात दाखवून कोर्टाच्या कामात मदत करण्यासाठी हवालदार लबडे यांनी ७ हजार रुपयांच्या लाचेची मागणी केली होती. तडजोडीअंती ५ हजार रुपये देण्याचे ठरले.तक्रारदाराने याप्रकरणी नाशिक लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाकडे तक्रार केली होती. २९ एप्रिल रोजी पडताळणी केल्यानंतर आज, ३० एप्रिल २०२६ रोजी पोलीस ठाण्याच्या बीट अंमलदार कक्षात सापळा रचण्यात आला.
अटक करण्यात आलेले आरोपी:
१) अभयसिंह काकासाहेब लबडे (वय ४०) – पोलीस हवालदार, पाथर्डी पोलीस स्टेशन.
२) ज्ञानेश्वर मारुती सानप (वय ३६) – पोलीस नाईक (बीट मदतनीस), पाथर्डी पोलीस स्टेशन.
हवालदार लबडे यांनी लाचेची ५ हजार रुपयांची रक्कम स्वीकारून ती ज्ञानेश्वर सानप यांच्याकडे दिली. याच वेळी एसीबीच्या पथकाने दोघांनाही रंगेहात ताब्यात घेतले. त्यांच्यावर भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कायद्याच्या विविध कलमान्वये गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे.

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கிர்கிஸ்தானில் நடந்த எஸ்.சி.ஓ., எனப்படும் ஷாங்காய் ஒத்துழைப்பு மாநாட்டுக்கு இடையே, சீன ராணுவ அமைச்சர் டாங் ஜுனை, நம் ராணுவ அமைச்சர் ராஜ்நாத் சிங் சந்தித்து பேசினார். அப்போது, எல்லையில் அமைதி, மேற்காசிய நிலவரம் குறித்து இருவரும் விவாதித்தனர்.
மத்திய ஆசிய நாடான கிர்கிஸ்தானின் தலைநகர் பிஷ்கேக் நகரில், எஸ்.சி.ஓ., அமைப்பில் அங்கம் வகிக்கும் நாடுகளின் ராணுவ அமைச்சர்களின் மாநாடு நேற்று முன்தினம் நடந்தது. இதில், இந்தியா, சீனா, ரஷ்யா, கிர்கிஸ்தான் உட்பட 10 நாடுகளின் ராணுவ அமைச்சர்கள் பங்கேற்றனர்.
இந்த மாநாட்டுக்கு இடையே, சீன ராணுவ அமைச்சர் டாங் ஜுனை, நம் ராணுவ அமைச்சர் ராஜ்நாத் சிங் சந்தித்து பேசினார். அப்போது, எல்லையில் அமைதியை நிலைநாட்டுவது, மேற்காசிய போர் நிலவரம் உட்பட முக்கிய விவகாரங்கள் குறித்து இருவரும் விவாதித்தனர்.
தொடர்ந்து, ரஷ்ய ராணுவ அமைச்சர் ஆண்ட்ரி பெலுாசோவையும் ராஜ்நாத் சிங் சந்தித்து பேசினார். அப்போது, 'எஸ் - 400' வான் பாதுகாப்பு ஏவுகணை அமைப்பு கொள்முதல் குறித்து ஆலோசிக்கப்பட்டது.
ஏற்கனவே, மூன்று எஸ் - 400 வான் பாதுகாப்பு ஏவுகணை அமைப்புகளை நம் நாட்டுக்கு ரஷ்யா வழங்கியுள்ள நிலையில், விரைவில் நான்காவது ஏவுகணை அமைப்பு வரும் என்றும், ஐந்தாவது அமைப்பு நவம்பருக்குள் வழங்கப்படும் என்றும் எதிர்பார்க்கப்படுகிறது.
இதே போல், பெலாரஸ், கிர்கிஸ்தான், கஜகஸ்தான் ஆகிய நாடுகளின் ராணுவ அமைச்சர்களை தனித்தனியாக சந்தித்து ராஜ்நாத் சிங் ஆலோசனை நடத்தினார்.

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अपघातातील जप्त केलेली दुचाकी सोडण्यासाठी आणि कोर्टाच्या कामात मदत करण्यासाठी ५ हजार रुपयांची लाच स्वीकारताना पाथर्डी पोलीस ठाण्यातील दोन पोलीस कर्मचाऱ्यांना नाशिक लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाने (ACB) रंगेहात पकडले. या कारवाईमुळे पोलीस दलात मोठी खळबळ उडाली आहे.तक्रारदार यांचा मार्च महिन्यात मढी गावाजवळ मोटारसायकलचा अपघात झाला होता. याप्रकरणी २४ एप्रिल रोजी पाथर्डी पोलीस ठाण्यात फिर्याद दाखल करण्यात आली होती. २८ एप्रिल रोजी बीट हवालदार अभय लबडे यांनी तक्रारदाराला पोलीस ठाण्यात बोलावून त्यांची गाडी जमा करून घेतली होती.
ही गाडी सोडण्यासाठी आणि लायसन्स असलेल्या ड्रायव्हरला तपासात दाखवून कोर्टाच्या कामात मदत करण्यासाठी हवालदार लबडे यांनी ७ हजार रुपयांच्या लाचेची मागणी केली होती. तडजोडीअंती ५ हजार रुपये देण्याचे ठरले.तक्रारदाराने याप्रकरणी नाशिक लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाकडे तक्रार केली होती. २९ एप्रिल रोजी पडताळणी केल्यानंतर आज, ३० एप्रिल २०२६ रोजी पोलीस ठाण्याच्या बीट अंमलदार कक्षात सापळा रचण्यात आला.
अटक करण्यात आलेले आरोपी:
१) अभयसिंह काकासाहेब लबडे (वय ४०) – पोलीस हवालदार, पाथर्डी पोलीस स्टेशन.
२) ज्ञानेश्वर मारुती सानप (वय ३६) – पोलीस नाईक (बीट मदतनीस), पाथर्डी पोलीस स्टेशन.
हवालदार लबडे यांनी लाचेची ५ हजार रुपयांची रक्कम स्वीकारून ती ज्ञानेश्वर सानप यांच्याकडे दिली. याच वेळी एसीबीच्या पथकाने दोघांनाही रंगेहात ताब्यात घेतले. त्यांच्यावर भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कायद्याच्या विविध कलमान्वये गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे.

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सावनेर में अपने बच्चे को किस स्कूल में भेजना है, यह आपके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक है। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा ऐसे स्कूल में पढ़े जो उसे जीवन में सफलता प्राप्त करने में सहायक हो। कई ऐसे स्कूल हैं जो उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और देखभाल प्रदान करते हैं। यदि आप अपने बच्चे को सावनेर में सर्वश्रेष्ठ स्कूल और आपकी बचत ज्यादा हो सकती है जितना आपके बच्चे का नर्सरीका प्रशिक्षण एक साल का होता है उतने ख़र्च में आप nursery, KG 1 kg2 प्रशिक्षण अभी प्राप्त कर सकते हैं इस लिये गुरु ग्लोबल प्रि-स्कूल सावनेर में पिता अपने बच्चे के लिए सबसे उपयुक्त स्कूल चुनने के लिए कई विकल्पों में से चुनाव कर सकते हैं।

गुरू ग्लोबल प्रि-स्कुल सावनेर में बच्चों के प्रवेश के लिये आप स्कुल आकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं

* श्री दत्त पॅरामेडीकल कॉलेज सटवा माता मंदिर रोड सावनेर *

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अपघातातील जप्त केलेली दुचाकी सोडण्यासाठी आणि कोर्टाच्या कामात मदत करण्यासाठी ५ हजार रुपयांची लाच स्वीकारताना पाथर्डी पोलीस ठाण्यातील दोन पोलीस कर्मचाऱ्यांना नाशिक लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाने (ACB) रंगेहात पकडले. या कारवाईमुळे पोलीस दलात मोठी खळबळ उडाली आहे.तक्रारदार यांचा मार्च महिन्यात मढी गावाजवळ मोटारसायकलचा अपघात झाला होता. याप्रकरणी २४ एप्रिल रोजी पाथर्डी पोलीस ठाण्यात फिर्याद दाखल करण्यात आली होती. २८ एप्रिल रोजी बीट हवालदार अभय लबडे यांनी तक्रारदाराला पोलीस ठाण्यात बोलावून त्यांची गाडी जमा करून घेतली होती.
ही गाडी सोडण्यासाठी आणि लायसन्स असलेल्या ड्रायव्हरला तपासात दाखवून कोर्टाच्या कामात मदत करण्यासाठी हवालदार लबडे यांनी ७ हजार रुपयांच्या लाचेची मागणी केली होती. तडजोडीअंती ५ हजार रुपये देण्याचे ठरले.तक्रारदाराने याप्रकरणी नाशिक लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाकडे तक्रार केली होती. २९ एप्रिल रोजी पडताळणी केल्यानंतर आज, ३० एप्रिल २०२६ रोजी पोलीस ठाण्याच्या बीट अंमलदार कक्षात सापळा रचण्यात आला.
अटक करण्यात आलेले आरोपी:
१) अभयसिंह काकासाहेब लबडे (वय ४०) – पोलीस हवालदार, पाथर्डी पोलीस स्टेशन.
२) ज्ञानेश्वर मारुती सानप (वय ३६) – पोलीस नाईक (बीट मदतनीस), पाथर्डी पोलीस स्टेशन.
हवालदार लबडे यांनी लाचेची ५ हजार रुपयांची रक्कम स्वीकारून ती ज्ञानेश्वर सानप यांच्याकडे दिली. याच वेळी एसीबीच्या पथकाने दोघांनाही रंगेहात ताब्यात घेतले. त्यांच्यावर भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कायद्याच्या विविध कलमान्वये गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे.

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मध्य प्रदेश के धार जिले में बुधवार रात (29 अप्रैल 2026) एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसमें 15 मजदूरों की मौत हो गई है और 20 से अधिक लोग घायल हैं।हादसे की मुख्य जानकारी:स्थान: यह दुर्घटना इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर तिरला थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिकलिया फाटा गांव के पास हुई।कैसे हुआ हादसा: करीब 35 मजदूरों को ले जा रही एक पिकअप वैन का टायर फटने के बाद वह अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर गई और सामने से आ रही एक SUV (स्कॉर्पियो) से टकराकर पलट गई।हताहत: मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इंदौर संभाग आयुक्त ने अब तक 15 मौतों की पुष्टि की है।घायलों का हाल: घायलों का इलाज धार के जिला अस्पताल में चल रहा है, जिनमें से 8-10 लोगों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।राहत और मुआवजा:प्रधानमंत्री: पीएम नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख तथा घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।मुख्यमंत्री: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों को ₹4 लाख, गंभीर घायलों को ₹1 लाख और अन्य घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।

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रांची।
महिलाओं के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर आज राजधानी रांची में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। इस रैली का नेतृत्व अन्नपूर्णा देवी ने किया। रैली मोराबादी मैदान से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुँची, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।

रैली के दौरान महिलाओं ने “नारी शक्ति जिंदाबाद” के नारों के साथ अपने अधिकारों की आवाज बुलंद की। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम में कथित अवरोध और महिलाओं के प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज कराना था। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के खिलाफ नाराजगी जताई और महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने का आरोप लगाया।

इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि देश की महिलाएँ अब अपने सम्मान और अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नारी सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज में बराबरी और भागीदारी की मांग है।

रैली में जमशेदपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आई महिला कार्यकर्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे यह प्रदर्शन और अधिक प्रभावशाली बन गया।

आयोजकों का कहना है कि यह रैली एक संदेश है कि अगर महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की गई, तो लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया जाएगा।

जनता से अपील:
आप इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं? क्या महिलाओं को राजनीति में और अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।

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सवाई माधोपुर/जयपुर। राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष खुशीराम मीना के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस पर राजस्थान में नर्सेज निदेशालय खोलने की पुरजोर मांग की गई। मीणा ने चिकित्सा मंत्री से संवाद कायम कर कहा की नर्सेज निदेशालय खुलने से उनकी लंबीत मांगों के निस्तारण को बल मिलेगा , इसलिए वर्तमान भाजपानीत सरकार निदेशालय की घोषणा कर नर्सेज को तोहफा दे सकती है ।
राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष मनोज दुब्बी ने जानकारी देते हुए बताया की राज्य सरकार नर्सिंग निदेशालय खोलती हैं ,तो उस पर किसी भी तरह के वित्तीय भार की संभावना नहीं के बराबर है।
इस विषय को लेकर प्रतिनिधि मंडल में उदयपुर जिला अध्यक्ष प्रवीण चरपोटा, जयपुर जिला अध्यक्ष प्रदीप निमरोट प्रदेश महासचिव सतवीर सिंह, लालचंद , कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रमेश मीणा एवं जिला सचिव अभिषेक शर्मा
आदि भी उपस्थित रहे।
उदयपुर जिला अध्यक्ष चरपोटा एवं जयपुर अध्यक्ष निमरोट ने भी अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि 15 वर्षों से लंबित नर्सेज की माँग को सरकार समय रहते मतलब नर्सेज दिवस पर घोषणा कर पूरा करती है , तो यह सरकार की बड़ी उपलब्धि और संपूर्ण नर्सेज के लिए खुशी का सबसे बड़ा तोहफा होगा। घोषणा से नर्सेज केडर की पदोन्नति और फिक्शेशन आदि कार्य समय पर पूर्ण होंगे।

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🚨 सूरत में SBI डकैती: गंभीर चिंता का विषय

सूरत के वराछा इलाके में SBI की एक ब्रांच में दिन-दहाड़े डकैती की खबर आई है। बताया जा रहा है कि हथियारबंद लुटेरों ने बंदूक की नोक पर कर्मचारियों और ग्राहकों को धमकाकर करीब ₹50 लाख लूट लिए।

लुटेरों के इस गिरोह ने अलार्म सिस्टम को बंद कर दिया था और किसी भी तरह की चेतावनी या मदद के लिए कॉल को रोकने के लिए लोगों के मोबाइल फोन भी छीन लिए थे।

लेकिन यह कोई इकलौती घटना नहीं है।

बताया जा रहा है कि अकेले अप्रैल महीने में ही PSU बैंकों से जुड़ी डकैती की यह तीसरी घटना है।

इससे एक गंभीर सवाल खड़ा होता है:

आज के समय में PSU बैंकों की ब्रांचें कितनी सुरक्षित हैं, खासकर ज़मीनी सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों (emergency response systems) के मामले में?

क्या यह कोई बार-बार दोहराया जाने वाला पैटर्न बनता जा रहा है, या फिर यह सुरक्षा में कोई ऐसी गंभीर चूक है जिस पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है?

इस मामले पर स्पष्टीकरण और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।
Social Media activist
Sandeep Trivedi
Kanpur
#6388677326

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शहादा : अनुसूचित जाती व नवबौद्ध घटक वस्ती विकास योजनेच्या प्रशासकीय मंजुरीच्या आदेशाची प्रत देण्यासाठी २० हजार रुपयांची लाच स्वीकारताना शहादा येथील कंत्राटी अभियंत्याला लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाने रंगेहाथ पकडले. या प्रकरणी समाज कल्याण विभागातील एका वरिष्ठ सहायक लेखा सहायकासह अधिकाऱ्यावरही गुन्हा दाखल झाला.

भूपेंद्र सरचंदराव राठोड (३१) कंत्राटी अभियंता, पंचायत समिती शहादा

(ग्रामीण गृहनिर्माण), रमेश मन्साराम बागुल (५६) वरिष्ठ सहायक, समाज कल्याण विभाग, जिल्हा परिषद नंदुरबार. चंद्रेश जगजीवनदास शहा (५१) सहायक लेखा अधिकारी, समाज कल्याण विभाग, जिल्हा परिषद नंदुरबार अशी गुन्हा दाखल करण्यात आलेल्यांची नावे आहेत.

तक्रारदाराने कुकावल (ता. शहादा) येथील अनुसूचित जाती व नवबौद्ध वस्तीत पेव्हर ब्लॉक बसविण्याच्या कामासाठी जिल्हा परिषद, नंदुरबार येथे प्रस्ताव सादर केला होता. या कामासाठी ३१ ऑक्टोबर २०२५ रोजी २ लाख

रुपयांचा निधी मंजूर झाला होता. मात्र, या मंजुरीच्या प्रशासकीय आदेशाची प्रत समाज कल्याण विभागातील वरिष्ठ सहायक रमेश बागुल याने कंत्राटी अभियंता भूपेंद्र राठोड याच्याकडे परस्पर देऊन टाकली होती.

तक्रारदाराने रमेश बागुल यांची भेट घेतली, तेव्हा बागुल यांनी तक्रारदाराकडे २० हजार रुपयांची मागणी केली राठोड याच्याकडे पैसे देऊन आदेशाची प्रत घेण्यास सांगितले. या मागणीला सहायक लेखा अधिकारी चंद्रेश शहा यांनी प्रोत्साहन दिल्याने त्यांच्यावर गुन्हा दाखल झाला.

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मनरेगा काम पूर्ण… तरीही मजुरांचे पैसे थकले; जामखेडमध्ये संताप
📌 Sub-headline:
जानेवारीपासून मजुरी प्रलंबित; निधीअभावी पेमेंट थांबवणे नियमबाह्य
📝 Description (वृत्त):
अहिल्यानगर जिल्ह्यातील जामखेड तालुक्यात मनरेगा अंतर्गत काम पूर्ण करूनही मजुरांचे वेतन अद्याप जमा झालेले नाही. जानेवारी महिन्यापासून अनेक मजूर आपल्या मेहनतीच्या मोबदल्यासाठी प्रतीक्षा करत आहेत.
सदर प्रकरणात FTO क्रमांक
MH1809007999_220126APB_FTO_327105 आणि
MH1809007999_200226APB_FTO_348453 अंतर्गत मजुरी प्रलंबित असल्याची माहिती समोर आली आहे.
मनरेगा कायद्यानुसार वेळेत मजुरी देणे बंधनकारक असताना निधीअभावी पेमेंट थांबवणे हे नियमांचे उल्लंघन मानले जाते. यामुळे मजुरांवर आर्थिक संकट ओढवले असून कुटुंबाच्या उदरनिर्वाहाचा प्रश्न निर्माण झाला आहे.
संबंधित प्रशासनाने तात्काळ निधी उपलब्ध करून मजुरांची थकीत मजुरी जमा करावी, अशी जोरदार मागणी होत आहे. अन्यथा आंदोलनाचा इशाराही देण्यात आला आहे.

#MGNREGA #PendingPayment #WageDelay #Maharashtra #Jamkhed #Ahmednagar #RuralIssues #WorkersRights #BreakingNews #IndiaNews

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पाटन (पलामू): पाटन प्रखंड के सिक्की कला स्थित पीएम श्री स्तरोन्नत उच्च विद्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया जब स्थानीय मुखिया छोटू सिंह ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्कूल में व्याप्त अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं को देखकर मुखिया का पारा चढ़ गया। उन्होंने विद्यालय में दो अलग-अलग कार्यालय संचालित होते देख कड़ी आपत्ति जताई और तुरंत एक कार्यालय में ताला जड़ दिया।
​राजनीति का अड्डा न बनाएं स्कूल: मुखिया
​मुखिया छोटू सिंह ने कहा कि विद्यालय शिक्षा का मंदिर है, इसे गुटबाजी और राजनीति का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि डीईओ (DEO) के स्पष्ट निर्देश हैं कि स्कूल में एक ही कार्यालय रहेगा। दो कार्यालयों का चलना शिक्षकों के बीच आपसी मतभेद को दर्शाता है। उन्होंने प्रिंसिपल, एसएमसी अध्यक्ष और शिक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया।
​मिड-डे मील (MDM) में धांधली का आरोप
​निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन योजना (MDM) के चावल में भी भारी गड़बड़ी सामने आई। रसोइयों और एसएमसी अध्यक्ष ने शिकायत की कि संवेदक द्वारा चावल कभी तौलकर नहीं दिया जाता। 50 किलो की बोरी में कम वजन का चावल मिलता है, जिससे विद्यालय पर लगभग 16 क्विंटल राशन का उधार हो गया है। मुखिया ने इस मामले की शिकायत पाटन बीडीओ (BDO) से करने की बात कही है।
​शौचालय में पानी नहीं, छात्राओं को हो रही परेशानी
​स्कूल की बुनियादी सुविधाओं की हालत बेहद खस्ता पाई गई।
​पानी का अभाव: शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण छात्राओं को खुले में शौच जाने को मजबूर होना पड़ता है।
​शौचालयों की कमी: सैकड़ों छात्र-छात्राओं के बीच लड़कियों के लिए केवल दो और लड़कों के लिए दो ही शौचालय हैं।
​शिक्षकों की समस्या: विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए अलग से कोई शौचालय या यूरिनल की सुविधा नहीं है।
​चार पंचायतों का भविष्य दांव पर
​मुखिया ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह विद्यालय चार पंचायतों का एकमात्र उच्च विद्यालय है। यहाँ गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उम्मीद में आते हैं, लेकिन प्रबंधन की लापरवाही इसे बर्बाद कर रही है। उन्होंने प्रबंधन को जल्द सुधार का अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी।

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मझिआंव (गढ़वा): जिले में रफ़्तार का जुनून एक बार फिर काल बन कर आया है। मझिआंव-गढ़वा मुख्य मार्ग पर बकोइया प्राथमिक विद्यालय के समीप एक अनियंत्रित बाइक पेड़ से जा टकराई। इस भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। मृतकों की पहचान 18 वर्षीय रितेश कुमार और 20 वर्षीय योगेंद्र राम के रूप में हुई है।
​हादसे का मुख्य कारण: लापरवाही और हेलमेट की कमी
​प्रत्यक्षदर्शियों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर पलामू जिले के हैदरनगर से एक तिलक समारोह में शामिल होकर अपने घर खजुरी लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक असंतुलित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए।
​प्रमुख बिंदु:
​हेलमेट की अनदेखी: बताया जा रहा है कि बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहना था। यदि उन्होंने सुरक्षा नियमों का पालन किया होता, तो शायद उनकी जान बच सकती थी।
​घायल की स्थिति: मृतक रितेश कुमार का बड़ा भाई, राकेश कुमार (23 वर्ष) इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका इलाज गढ़वा सदर अस्पताल में चल रहा है।
​परिजनों में कोहराम: रितेश कुमार चार भाइयों में सबसे छोटा था और आईएससी (I.Sc) का छात्र था। इस घटना के बाद खजुरी और आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है।
​भास्कर इनसाइट: जिले में बढ़ता मौत का आंकड़ा
​गढ़वा जिले में पिछले सात दिनों के भीतर सड़क हादसों में अब तक 19 लोगों की जान जा चुकी है। पुलिस प्रशासन और सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद, तेज रफ़्तार और सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
​पुलिस की कार्रवाई
​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। एक अन्य वाहन (बोलेरो) द्वारा कट मारने की बात भी सामने आ रही है, जिसकी तलाश जारी है।
​अपील: हम अपने पाठकों से अपील करते हैं कि वाहन चलाते समय गति सीमा का ध्यान रखें और अनिवार्य रूप से हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग करें। आपकी थोड़ी सी सावधानी आपके परिवार को बड़े दुख से बचा सकती है।

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గోస్పాడు (AIMA MEDIA): రైతులకు సమగ్ర సేవలు అందించేందుకు కట్టుబడి ఉన్న ఏపీసీఎన్ఎఫ్ మరియు ఆర్ఎస్కే సిబ్బందికి మంగళవారం మరియు బుధవారం రెండు రోజులపాటు ప్రత్యేక శిక్షణ మండల వ్యవసాయ అధికారి స్వప్నిక రెడ్డి మరియు APCNF మాస్టర్ ట్రైనర్ రామాంజనేయరెడ్డి అధ్యక్షతన నిర్వహించారు. ఈ శిక్షణలో ముఖ్యంగా ఎల్‌నినో ప్రభావాలు మరియు ప్రకృతి వ్యవసాయ పద్ధతులు పై అవగాహన కల్పించారు.ఎల్‌నినో కారణంగా వర్షపాతం లో వచ్చే మార్పులు, పంటలపై దాని ప్రభావం, ముందస్తు జాగ్రత్తలు వంటి అంశాలను నిపుణులు వివరిస్తూ, రైతులకు అందించాల్సిన సలహాలపై సిబ్బందికి శిక్షణ ఇచ్చారు. అదేవిధంగా, ప్రకృతి వ్యవసాయం ద్వారా తక్కువ ఖర్చుతో, పర్యావరణానికి అనుకూలంగా, స్థిరమైన దిగుబడులు సాధించే విధానాలపై విశ్లేషణాత్మకంగా చర్చించారు.మరియు తొలకరి కి ముందు PMDS సాగు చేసి భూసారాన్ని పెంచి ఎరువుల వినియోగాన్ని తగ్గించుకోవాలని సూచించారు.విత్తన శుద్ధి మరియు విత్తన గుళికలు తయారీ డెమో ద్వారా తెలియజేశారు.

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गढ़वा। आज के दौर में जहाँ स्वार्थ के बिना इंसान इंसान की मदद नहीं करता, वहीं झारखंड के गढ़वा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो न केवल हैरान करती है, बल्कि बेजुबानों के प्रति हमारे नजरिए को बदलने का दम रखती है।
​भरोसे की एक अद्भुत दास्तां
​पिछले कई महीनों से शहर की एक दुकान में एक गाय 🐄 नियमित रूप से आ रही है। यह महज एक जानवर का आना नहीं है, बल्कि दुकानदार और इस बेजुबान के बीच एक अटूट विश्वास का रिश्ता बन चुका है। आलम यह है कि दुकानदार बेफिक्र होकर अपनी पूरी दुकान इस गाय के भरोसे छोड़कर चले जाते हैं और यह गाय एक सच्चे 'चौकीदार' की तरह दुकान की रखवाली करती है।
​प्रेम और सेवा का प्रत्यक्ष प्रमाण
​यह घटना हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है:
​"यदि आप किसी अनजान जीव को भी निस्वार्थ प्रेम और सम्मान देते हैं, तो वह भी आपसे एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव बना लेता है।"
​सिक्के के दो पहलू: सेवा बनाम स्वार्थ
​एक तरफ जहाँ समाज में ऐसे नेक दिल लोग हैं जो बिना किसी मतलब के इन बेजुबानों की सेवा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ एक कड़वी सच्चाई यह भी है कि कई लोग गाय के दूध देने तक तो उसे पालते हैं, लेकिन मतलब निकलते ही उसे सड़कों पर बेसहारा छोड़ देते हैं।
​सीखने योग्य बात
​गढ़वा की यह तस्वीर हमें याद दिलाती है कि सेवा के लिए किसी खास उद्देश्य की जरूरत नहीं होती। इन महान लोगों से हमें सीखना चाहिए कि असल मानवता क्या है— "ना लेना, ना देना... बस सेवा का भाव।

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मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान के मल्टीस्पेशियलिटी हाॅस्पीटल ’’विम्स’’ के अस्थि रोग विभाग के चिकित्सको ने बिजनौर के एक 18 वर्षीय युवक अयान को बहुत जटिल टोटल हिप रिप्लेसमेंट (टी0एच0आर0) की सफल सर्जरी द्वारा नया जीवन दे दिया। सर्जरी करने वाले चिकित्सको की टीम ने बताया कि वैसे तो प्रतिवर्ष अपने हाॅस्पीटल में सैकडों ’’कूल्हा एवं टुटना प्रत्यारोपण’’ होते है पर इस केस में युवक की कूल्हे के आस-पास की सभी हड्डियाँ एवं मासपेशियाँ पूरी तरह विकृत/खराब हो चुकी थी।

ऐसे में यह पूर्णतया सफल सर्जरी ना सिर्फ उस मरीज के लिए बल्कि पूरे अस्थि रोग विभाग के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। हड्डी रोग विभाग की इस शानदार उपलब्धि से गदगद समूह अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि ने सभी को शुभकामनाऐं देते हुए पश्चिमी यू0पी0 के लोगों को सबसे सस्ती विश्वस्तरीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सीय सेवाऐं देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।

टोटल हिप रिप्लेसमेन्ट (सम्पूर्ण कूल्हा प्रत्यारोपण) टी0एच0आर0 की इस सफल जटिल सर्जरी के बारे में विस्तार से बताते हुए वेंक्टेश्वरा के प्रतिकुलाधिपति एवं संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि के आधिकारिक प्रतिनिधि डाॅ0 राजीव त्यागी एवं इस सफल सर्जरी को अंजाम देने वाले वरिष्ठ आर्थो सर्जन डाॅ0 अल्ताफ ने बताया कि आमतौर पर बीस वर्ष की आयु से पहले कूल्हा प्रत्यारोपण बहुत ही दुर्लभ होता है।

कोई भयानक चोट ट्रामा या एक्सीडेंट होने पर ही ऐसी स्थिति आती है। अयान की कूल्हे की हड्डी के साथ-2 आस-पास की छोटी हड्डियां व मासपेशियां बहुत ही विकृत/खराब हालत में थी, एवं यह दिल्ली व गुरूग्राम के नामचीन हाॅस्पीटल से ईलाज कराकर वापस निराश लौटा था।

आज इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक करके युवक का सफल कूल्हा प्रत्यारोपण हो गया है। मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है एवं कुछ दिनों में पूरी तरह चलने फिरने लगेगा। सबसे बड़ी बात कि आयुष्मान के अन्र्तगत यह बिल्कुल मुफ्त हुई है। टी0एच0आर0 की इस जटिल सफल सर्जरी करने वालो की टीम में एच0ओ0डी0 डाॅ0 नजमुल हुदा के निर्देशन में वरिष्ठ हड्डी रोग डाॅ0 अल्ताफ, डाॅ0 अरविन्द, डाॅ0 सचिन टूटू, एनस्थीसिया के डाॅ0 विपिन एवं डाॅ0 सुखविन्दर सूक्कू आदि लोग उपस्थित रहे।

आर्थो विभाग की इस शानदार उपलब्धि पर बधाईयां देने वालो में कुलपति प्रो0 (डाॅ0) कृष्ण कान्त दवे, वित्त सलाहकार सी0ए0 युवराज सिंह, डीन डाॅ0 प्रभु एम0एच0, मेडिकल सुप्रींटेंडेन्ट डाॅ0 डी0 पाटिल, हाॅस्पीटल जी0एम0 मेघा सबरवाल, मेरठ परिसर से निदेशक डाॅ0 पंकज सिंह, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।

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#शहीद_हसन_खां_गवर्मेन्ट_मेड़िकल_कॉलेज_एवं_हस्पताल_नलहर_नूह_मेवात
मेड़िकल कॉलेज नलहर बना अव्यवस्थाओं का अड़्ड़ा,
#व्यवस्था :-
1. 3 एक्सरा मशीन,
2. 1 अल्ट्रासाऊण्ड़ मशीन,
3. 90 वेकेन्सी Dr. J.R.
4. 4 ड़ी फार्मेसी
5. 4 सीवीसी मशीन
6. दवाईयां लगभग 85% मरीजों को बाहर से
7. खून टेस्ट 85% बाहर से होतें है
8. मरीजों के लिए पीने का पानी बाहर से
9. ड़ेस्टबीन ना के बराबर
10. वार्ड़ों मे कूलर व एसी व अन्य

#अव्यवस्था
1. 1 एक्सरा मशीन चालू,
2. अल्ट्रामशीन चालू नहीं,
3. लगभग 15-20 Dr. J. R. ऑन ड्यूटी,
4. 1 ड़ी फार्मेसी ऑन ड्यूटी,
5. 1 सीवीसी मशीन चालू 12 साल पुरानी,
6. मरीजों को लगभग 15% दवाईयां मिलती है,
7. खून टेस्ट व अन्य टेस्ट 15% मेडिकल मे होते हैं,
8. पूरे कॉलेज मे 5 जगह पीने का पानी की व्यवस्था जो काफी नही है,
9. वार्ड़ों मे व मेड़िकल परिसर मे ड़स्टबीनों की काफी कमी,
10. वार्ड़ो मे मरीजों के लिए कूलर व एसी नहीं हैं पंखे भी बहुत कम चल रहे हैं व स्पीड़ बहुत कम होती है व अन्य
जिला प्रासाशन व हरियाणा सरकार व स्वास्थय मन्त्री मेड़िकल की तरफ ध्यान दे,
मरीजों को होने वाली असुविधाओं से निपटा जा सकें
मेड़िकल कॉलेज मे हरियाणा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश व अन्य राज्यों के मरीज भी इलाज कराने आते हैं
सभी 36 बिरादरी के लोग इस मेड़िकल से फायदा उठा रहे हैं
#मेड़िकल_बचाओ_संघर्ष_समिति
CMO Haryana Arti Singh Rao
Ajay Singh Chautala Dushyant Chautala Digvijay Chautala

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मेरठ। उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति देने वाले ऐतिहासिक गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण माननीय प्रधानमंत्री द्वारा जनपद हरदोई से किया गया। लगभग 36 हजार 230 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 594 किलोमीटर लंबे मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जनपद मेरठ के ग्राम बिजौली में भी आयोजित किया गया, जहां मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक देखा।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रभारी मंत्री एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों का शॉल ओढ़ाकर एवं पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण हेतु भूमि देने वाले ग्राम प्रधान एवं ब्लॉक अध्यक्षों को सम्मानित भी किया गया। सूचना विभाग की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुति दी गई।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेसवे का यह वरदान मां गंगा का आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि जैसे मां गंगा सदियों से देश की जीवन रेखा रही हैं, उसी प्रकार आधुनिक भारत में गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा। इस एक्सप्रेसवे से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच दूरी कम होगी, किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंच मिलेगी तथा औद्योगिक विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार मेरठ से आगे हरिद्वार तक करने की योजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को देश में सर्वाधिक एक्सप्रेसवे वाला प्रदेश बताते हुए कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ही विकसित भारत की आधारशिला है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि नया भारत और नया उत्तर प्रदेश आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में एक्सप्रेसवे, हाईवे और ग्रामीण सड़कों का लगभग चार लाख किलोमीटर का मजबूत नेटवर्क तैयार हो चुका है, जो अर्थव्यवस्था और आवागमन दोनों को सशक्त बना रहा है।

प्रभारी मंत्री श्री धर्मपाल सिंह ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वर्ष 2021 में शिलान्यास और वर्ष 2026 में लोकार्पण के साथ गंगा एक्सप्रेसवे विकास की नई कहानी लिख रहा है। अब मेरठ से प्रयागराज की दूरी लगभग छह घंटे और मेरठ से लखनऊ की दूरी चार घंटे में तय की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह लोकार्पण केवल एक परियोजना का उद्घाटन नहीं बल्कि भारत की सभ्यता, संस्कृति और आत्मा को जोड़ने वाला क्षण है।

राज्यमंत्री ऊर्जा डॉ. सोमेन्द्र तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मेरठ सहित पूरा प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे न केवल आर्थिक प्रगति बल्कि सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनेगा।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में भारी मतदान दर्ज किया गया है। इस चरण में 91.66% वोटिंग हुई, जबकि पूरे राज्य में कुल मतदान प्रतिशत 92.47% तक पहुंच गया—जो चुनावी उत्साह का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

अन्य राज्यों की बात करें तो असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान हुआ था, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले गए।

मतदान खत्म होते ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। टीएमसी और बीजेपी—दोनों ही पार्टियों ने अपनी-अपनी जीत का दावा ठोक दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भरोसा जताया कि टीएमसी फिर से सरकार बनाएगी और इस बार दो-तिहाई बहुमत हासिल करेगी।

वहीं, एग्जिट पोल के आंकड़े तस्वीर को और दिलचस्प बना रहे हैं। 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है।
• पी-मार्क एग्जिट पोल: बीजेपी 150-175 सीटें, टीएमसी 118-138, अन्य 2-6
• मैटराइज एग्जिट पोल: बीजेपी 146-161, टीएमसी 125-140, अन्य 6-10
• पीपल्स पल्स एग्जिट पोल: टीएमसी 178-189, बीजेपी 95-110, कांग्रेस 1-3, लेफ्ट 0-1
• चाणक्य स्ट्रैटेजीज़: बीजेपी 150-160, टीएमसी 130-140, अन्य 6-10

इन अलग-अलग एग्जिट पोल्स में कहीं बीजेपी आगे दिख रही है तो कहीं टीएमसी को बढ़त मिल रही है, जिससे साफ है कि मुकाबला बेहद कड़ा है। अब सबकी नजरें चुनाव नतीजों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
कृपया exit poll चेक करें

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मेरठ। मोहनपुरी इलाके में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने मीटर उखाड़े जाने के बाद बाधित बिजली आपूर्ति बहाल कराने और पोस्टपेड मीटर लगाने की मांग को लेकर जुलूस निकाला।

नारेबाजी करती हुई महिलाएं मोहनपुरी बिजलीघर पहुंचीं और वहां धरना देकर बैठ गईं। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने स्मार्ट प्रीपेड मीटर हटाकर बिजलीघर पर जमा कर दिए, लेकिन इसके बावजूद बिजली विभाग के कर्मचारी उनकी बिजली चालू कराने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

देर शाम बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता कमर्शियल द्वितीय महेश कुमार और अधिशासी अभियंता प्रशांत सोनी मौके पर पहुंचे। इस दौरान महिलाओं और अधिकारियों के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। हालांकि बाद में अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि संबंधित उपभोक्ताओं के मीटर जल्द लगाए जाएंगे और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

उधर बिजली विभाग ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर उखाड़ने वाले उपभोक्ताओं की सूची मीटर नंबर के आधार पर तैयार कर ली है। विभाग की ओर से यह सूची पुलिस को सौंपे जाने की तैयारी है। अधीक्षण अभियंता मोहम्मद अरशद ने बताया कि शासन स्तर से मिलने वाले आदेशों के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।

स्मार्ट मीटर को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने तीन मई से थाली-ताली बजाकर आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है, वहीं कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने भी धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी आंदोलन का समर्थन किया है।

इसी क्रम में मोदीपुरम के पल्लवपुरम फेस-1 स्थित बिजलीघर पर भी क्षेत्र की महिलाओं ने स्मार्ट मीटर के विरोध में प्रदर्शन किया और अपनी नाराज़गी जताई।

फिलहाल स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों और बिजली विभाग के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है, और आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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सोशल मीडिया पर हाल ही में एक पोस्ट तेजी से वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में ₹10 और डीजल में ₹12.50 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस खबर ने आम लोगों के बीच चिंता पैदा कर दी।

लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। प्रेस इन्फार्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भी साफ किया है कि इस तरह का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है और फिलहाल ईंधन की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी को ही सही मानें।

हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण तेल कंपनियों पर दबाव जरूर है और भविष्य में कीमतों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कुछ रिपोर्ट्स में कानूनी प्रावधानों का हवाला भी दिया गया है, लेकिन फिलहाल इसका कोई आधिकारिक असर नहीं दिख रहा है।

वर्तमान स्थिति:
अभी देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

प्रमुख शहरों में कीमतें:
• दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77 | डीजल ₹87.67
• मुंबई: पेट्रोल ₹103.54 | डीजल ₹90.03

👉 निष्कर्ष: अभी के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबर पूरी तरह फर्जी है, इसलिए सतर्क रहें और गलत जानकारी फैलाने से बचें।

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रायपुर में कथित पेपर लीक को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने साफ कहा है कि अब तक पेपर लीक का कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। उनके इस बयान के बाद सियासी माहौल और ज्यादा गरमा गया है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अगर पेपर लीक नहीं हुआ, तो फिर परीक्षा दोबारा कराने की जरूरत क्यों पड़ी? उनके मुताबिक, सरकार अपने ही बयानों में उलझी नजर आ रही है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।

बैज ने आगे कहा कि एक तरफ सरकार पेपर लीक से इनकार कर रही है, वहीं दूसरी ओर छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी और असमंजस बढ़ रहा है।

कांग्रेस नेता ने इस मामले में राजनीतिक कनेक्शन की आशंका भी जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अक्सर सत्ता पक्ष के लोगों की भूमिका सामने आती रही है, इसलिए इस एंगल से भी जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर शिक्षा मंत्री किसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके। फिलहाल सरकार की ओर से इस पर कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस मुद्दे ने प्रदेश की राजनीति को फिर से गरमा दिया है और आने वाले दिनों में यह और बड़ा रूप ले सकता है।

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ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर देश में सियासी बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस महत्वाकांक्षी योजना को “आदिवासी विरासत के खिलाफ अपराध” और “सबसे बड़ा घोटाला” करार दिया है।

राहुल गांधी का आरोप है कि इस परियोजना के नाम पर लाखों पेड़ों की कटाई की जा रही है और स्थानीय आदिवासी समुदायों को नजरअंदाज कर उनके घरों और जीवन पर खतरा पैदा किया जा रहा है। उन्होंने इसे “विकास के नाम पर विनाश” बताया।

वहीं, केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट का बचाव करते हुए कहती है कि करीब ₹81,000 करोड़ की यह योजना भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। सरकार के अनुसार, इससे समुद्री व्यापार, कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

इस मेगा प्रोजेक्ट में एक आधुनिक बंदरगाह, एकीकृत टाउनशिप, नागरिक और सैन्य उपयोग वाला एयरपोर्ट, और ऊर्जा संयंत्र जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

अब सवाल यह है कि यह प्रोजेक्ट देश के विकास की दिशा में बड़ा कदम है या पर्यावरण और आदिवासी अस्तित्व पर खतरा—इस पर बहस लगातार जारी है।

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ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਮਹਿਲਾ ਕਮਿਸ਼ਨ ਵੱਲੋਂ 30 ਅਪ੍ਰੈਲ ਨੂੰ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿਖੇ ਲੋਕ ਅਦਾਲਤ/ ਖੁੱਲਾ ਦਰਬਾਰ ਲਗਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ

ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ, ( )

ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਮਹਿਲਾ ਕਮਿਸ਼ਨ ਵੱਲੋਂ, ਚੇਅਰਪਰਸਨ ਸ੍ਰੀਮਤੀ ਰਾਜ ਲਾਲੀ ਗਿੱਲ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ, 30 ਅਪ੍ਰੈਲ, 2026 (ਵੀਰਵਾਰ) ਨੂੰ ਸਵੇਰੇ 10.30 ਵਜੇ ਪੰਚਾਇਤ ਭਵਨ, ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿਖੇ ਲੋਕ ਅਦਾਲਤ ਲਗਾਈ ਜਾਵੇਗੀ।

ਇਸ ਲੋਕ ਅਦਾਲਤ ਦਾ ਉਦੇਸ਼ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਅਤੇ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਨੂੰ ਸਿੱਧਾ ਕਮਿਸ਼ਨ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਰੱਖਣ ਲਈ ਇੱਕ ਸਿੱਧਾ ਅਤੇ ਸੁਗਮ ਮੰਚ ਉਪਲਬਧ ਕਰਵਾਉਣਾ ਹੈ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਲਗਾਏ ਗਏ ਮਾਮਲਿਆਂ ਦਾ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਨਿਪਟਾਰਾ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਉੱਚ ਅਧਿਕਾਰੀ ਮੌਜੂਦ ਰਹਿਣਗੇ।

ਚੇਅਰਪਰਸਨ ਰਾਜ ਲਾਲੀ ਗਿੱਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਗੁੰਝਲਦਾਰ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਦਾ ਤੁਰੰਤ ਹੱਲ ਕਰਵਾਉਣਾ ਕਮਿਸ਼ਨ ਦੀ ਪ੍ਰਾਥਮਿਕਤਾ ਹੈ। ਇਹ ਖੁੱਲਾ ਦਰਬਾਰ ਪੀੜਤ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ਼ ਦਿਲਵਾਉਣ ਵੱਲ ਇਕ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਕਦਮ ਹੋਵੇਗਾ।

ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਮਹਿਲਾ ਕਮਿਸ਼ਨ ਵੱਲੋਂ ਸਮੂਹ ਜਨਤਾ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਲੋਕ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਹਿੱਸਾ ਲੈ ਕੇ ਆਪਣੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਸਿੱਧਾ ਕਮਿਸ਼ਨ ਅੱਗੇ ਰੱਖਣ ਦਾ ਲਾਭ ਉਠਾਇਆ ਜਾਵੇ।

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April 29, 2026
पुलिस अधीक्षक पन्ना निवेदिता नायडू के निर्देशन में थाना देवेन्द्रनगर क्षेत्रांतर्गत गुमशुदा नाबालिग बालक को पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए सकुशल दस्तयाब किया गया है तथा प्रकरण में आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है।

दिनांक 20.04.2026 को फरियादिया सरस्वती कोरी पति सुनील कोरी उम्र 38 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 13 बमरी द्वारा थाना देवेन्द्रनगर में रिपोर्ट की गई कि उनका नाबालिग पुत्र संगम कोरी उम्र 13 वर्ष, दिनांक 19.04.2026 को सुबह घर से बिना बताए कहीं चला गया है। फरियादिया द्वारा आशंका व्यक्त की गई कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बालक को बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। फरियादिया की रिपोर्ट पर थाना देवेन्द्रनगर में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 185/2026 धारा 137(2) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर तत्काल बालक की तलाश प्रारंभ की गई। पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया एवं विभिन्न व्यक्तियों से पूछताछ कर जानकारी संकलित की गई। साथ ही संभावित स्थानों पर लगातार सर्चिंग की गई।
सतत प्रयासों के फलस्वरूप दिनांक 28.04.2026 को उक्त नाबालिग बालक संगम कोरी को सगमा सीमेंट फैक्ट्री, मैहर के वाहन पार्किंग स्थल से सकुशल दस्तयाब किया गया। बालक पूर्णतः सुरक्षित है।
प्रकरण में आरोपी गुलजीत दहायत उर्फ राज पिता राघवेन्द्र दहायत, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम दुबहियाँ थाना देवेन्द्रनगर* जिला पन्ना को अभिरक्षा मे लेकर आरोपी से पूछताछ जारी है।
बालक की सकुशल बरामदगी से परिजन अत्यंत प्रसन्न हैं एवं उन्होंने देवेन्द्रनगर पुलिस की तत्परता एवं प्रभावी कार्यवाही के लिए आभार व्यक्त किया है। उक्त संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी देवेन्द्रनगर उप निरीक्षक संतोष यादव सहित समस्त थाना स्टॉफ का सराहनीय योगदान रहा है।

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👉हरदोई के सनबीम स्कूल का यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है.

👉हरदोई सनबीम स्कूल विवाद:

▪️घटना का कारण: यह विवाद 24 अप्रैल 2026 को हरदोई के कैनाल रोड स्थित सनबीम स्कूल में हुआ। आरोप है कि एक अभिभावक, नीलम वर्मा, ने स्कूल के बजाय बाहर से कॉपियां खरीद ली थीं, जिससे स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा नाराज हो गईं.

▪️प्रिंसिपल का व्यवहार: सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में प्रिंसिपल को अभिभावक पर चिल्लाते हुए और 'शटअप' (Shut Up) जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए देखा गया। उन्होंने बच्चे का नाम स्कूल से काटने की धमकी भी दी।

▪️प्रशासनिक कार्रवाई: मामला बढ़ने पर 27 अप्रैल को बीएसए (BSA) डॉ. अजीत सिंह ने पुलिस और साइबर टीम के साथ स्कूल में छापेमारी की। प्रशासन ने इसे गंभीर माना और जांच पूरी होने तक प्रिंसिपल के स्कूल आने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, नगर खंड शिक्षा अधिकारी को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

▪️प्रिंसिपल का पक्ष: विवाद के बाद प्रिंसिपल ममता मिश्रा ने एक स्पष्टीकरण वीडियो जारी किया। उन्होंने अपनी भाषा के लिए माफी मांगते हुए कहा कि वह तनाव में थीं क्योंकि अभिभावक लंबे समय से फीस कम करने का दबाव बना रहे थे।

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నంద్యాల (AIMA MEDIA ): సుమారు 23 ఏళ్లపాటు కలిసి కాపురం చేసి, తన సర్వస్వాన్ని ఆమెకే ధారపోస్తే.. ఇప్పుడు కృతజ్ఞత లేకుండా తనపైనే ఎదురుదాడికి దిగుతోందని షేరు బాషా మండిపడ్డారు. బుధవారం జరిగిన మీడియా సమావేశంలో ఆయన సమీరా బేగం వైఖరిని ఎండగట్టారు. పెళ్ళైన నాటి నుండి ఆమెను కంటికి రెప్పలా చూసుకున్నానని, నమ్మకంతో ఆస్తులన్నీ ఆమె పేరు మీదనే పెట్టానని గుర్తు చేశారు. అయితే, గత మూడు సంవత్సరాల క్రితం చిన్నపాటి కారణాలతో తనను వదిలి వెళ్ళిపోయి, హైదరాబాద్‌లో ఉంటూ తనకు తెలియకుండానే అక్రమ సంబంధం పెట్టుకుందని ఆరోపించారు. చట్టబద్ధంగా విడాకులు తీసుకోకుండానే మరో వ్యక్తిని వివాహం చేసుకుందని, ఇప్పుడు ఆ నిజాన్ని కప్పిపుచ్చుకోవడానికి తనపై వేధింపుల ముసుగులో తప్పుడు ఫిర్యాదులు చేస్తోందని ధ్వజమెత్తారు. అసలు బాధితుడిని తానేనని, తన ఆస్తిని కాజేసేందుకు ఆమె ఆడుతున్న నాటకాలను ఎవరూ నమ్మవద్దని కోరారు. తనను మోసం చేసి రెండో పెళ్లి చేసుకున్న సమీరా బేగంపై చట్టపరమైన చర్యలు తీసుకోవాలని, తన పిల్లలకు, తనకు రక్షణ కల్పించాలని ఆయన పోలీసు యంత్రాంగాన్ని డిమాండ్ చేశారు. ఒక పక్క ఆస్తి కాజేసి, మరోపక్క అక్రమ సంబంధాలు పెట్టుకుని సమాజంలో తనను దోషిగా నిలబెట్టాలని చూడటం ఆమె విచక్షణకే వదిలేస్తున్నానని బాషా ఆవేదన వ్యక్తం చేశారు.

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वाराणसी में दबंगई की हद पार — मामूली विवाद में युवक की बेरहमी से हत्या
📍 वाराणसी (घमहापुर) | 26 अप्रैल, रविवार
वाराणसी के घमहापुर क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और आक्रोशित करने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रधानी के वर्चस्व की लड़ाई में मनीष सिंह नामक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत एक मामूली सड़क हादसे से हुई, जिसमें एक महिला को हल्की चोट लगी थी। लेकिन इस छोटी सी बात को लेकर दबंगों ने अपना रौब दिखाने के लिए मनीष सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
इस निर्मम घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोगों में भारी आक्रोश है। एक निर्दोष युवक की इस तरह हत्या ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
💔 परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मनीष सिंह के परिवार पर इस घटना के बाद गहरा दुख और संकट छा गया है। उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। समाज के हर वर्ग में इस घटना को लेकर संवेदना व्यक्त की जा रही है।
⚖️ सख्त कार्रवाई की मांग
मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, पीड़ित परिवार को उचित सरकारी सहायता और न्याय दिलाने की अपील की है।
🙏 न्याय की उम्मीद
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द दोषियों को सजा दिलाई जाए, ताकि समाज में कानून का डर बना रहे और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
📢 #JusticeForManishSingh #VaranasiNews #CrimeNews #HumanRights #BreakingNews #UPNews #LawAndOrder

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नगांव के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान 'ललन इंटीग्रेटेड एकेडमी' की पहल पर मंगलवार को साल 2026 की उच्चतर माध्यमिक अंतिम परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया।संस्थान के अध्यक्ष आशिष पांडे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों को 'गामोछा' और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि 'ललन इंटीग्रेटेड एकेडमी' से पहली बार 6 परीक्षार्थी उच्चतर माध्यमिक परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें से:चिराग बिहान हुहिन: 85%दीपांशु दत्त: 76.4%डिम्बेश्वर दास: 65.8%रूबी बांठा: 69%माधुर्य भुइयां: 56.2%चादिया अख्तर: 56.8%इन सभी छात्रों ने अच्छे अंक प्राप्त कर संस्थान के लिए 100% उत्तीर्ण परिणाम सुनिश्चित किया और गौरव बढ़ाया।इस समारोह में एकेडमी की प्रबंध निदेशक राजश्री भट्टाचार्य ने भी शिरकत की। उन्होंने सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को बधाई दी और उन्हें भविष्य में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारियों को निभाने और जीवन पथ पर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।

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स्तरीय पर्यटन विकास समिति की बैठक सोमवार को मिनी सचिवालय सभागार में हुई। बैठक में प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास, जीर्णोद्धार, भावी योजनाओं पर चर्चा हुई।
कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि डीएमएफटी और श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना के तहत ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों के संरक्षण, विकास, जीर्णोद्धार के लिए प्रस्तावित बजट और कार्य योजनाओं पर कार्य करें। विकास कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता, उपयोगिता का ध्यान रखा जाए। कलेक्टर ने सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आकर्षक सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। बोर्ड पर स्थल का इतिहास, विशेषताएं, सांस्कृतिक महत्व, उपयोगी जानकारी रहेगी।
झालरापाटन के ऐतिहासिक मदन विलास पैलेस के समग्र विकास, संरक्षण, पर्यटन उपयोगिता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। संबंधित अधिकारियों को विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए गए। खंडिया चौराहा स्थित अश्व प्रतिमा परिसर की चारदीवारी निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए।

प्रसिद्ध रेन बसेरा के पुनर्निर्माण के बाद उसे जल संसाधन विभाग को सुपुर्द करने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में एडीएम अनुराग भार्गव, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभु दयाल मीणा, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक सिराज कुरैशी, इंटेक के संयोजक राज्यपाल शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
Aima media jhalawar

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जनगणना कार्य को ध्यान में रख कर ग्वालियर जिले में शासकीय सेवकों के अवकाश पर प्रतिबंध

1 मई से 30 मई तक लागू रहेगा आदेश

भारत की जनगणना-2027 के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर जिले में
शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के सभी प्रकार के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध एक मई से 30 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा।
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा है कि जनगणना महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना है। इसी उद्देश्य से अवकाश पर प्रतिबंध लगाया गया है।उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों, कार्यालय प्रमुखों और प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस अवधि में सामान्य परिस्थितियों में अवकाश स्वीकृत न किए जाएं।
विशेष परिस्थितियों में अवकाश की आवश्यकता होने पर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। अनुमति मिलने के बाद ही अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा।
कलेक्टर ने सभी विभागों से समन्वय के साथ कार्य करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय-सीमा में मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य पूर्ण कराया जाए।
#jangadna2027
#Gwalior
CM Madhya Pradesh

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इस किसान का नाम दत्तात्रय बाबूराव घाडगे है और उन्होंने जो सावता आम उगाया है, वह आजकल पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक आम का वज़न दो किलोग्राम तक होता है, जिससे यह देखने में बहुत सुंदर लगता है।
इस ज़मीन की विरासत को संभालकर रखते हुए, दत्तात्रेय घाडगे जी ने अपनी कड़ी मेहनत और रिसर्च की भावना से आम की एक नई वैरायटी बनाई है। उन्होंने बड़ी लगन से इस वैरायटी का नाम सवाता आम रखा है। इस आम की सबसे बड़ी खासियत इसका साइज़ और वज़न है। आम आमों के मुकाबले यह आम साइज़ में बहुत बड़ा होता है, और एक फल का वज़न डेढ़ से दो किलोग्राम होता है। घाडगे ने सवाता आम की वैरायटी के लिए पेटेंट भी हासिल किया है।
दत्तात्रय घाडगे जी ने यह एक्सपेरिमेंट सिर्फ़ शौक के तौर पर ही नहीं किया है, बल्कि इसके कमर्शियल मैथेमेटिक्स को भी अच्छे तरीके से पेश किया है। उन्होंने अपनी 8 एकड़ ज़मीन में यह सवाता माला आम का बाग लगाया है। सही प्लानिंग, फर्टिलाइज़र मैनेजमेंट और पेड़ों की देखभाल की वजह से आज यह बाग फलों से लदा हुआ है।
पारंपरिक खेती से हटकर, घाडगे जी ने बाग की खेती पर ध्यान दिया। उनके इस अनोखे प्रयोग से उन्हें अच्छा फाइनेंशियल रिटर्न मिल रहा है। अभी, मार्केट में इस आम की बहुत डिमांड है, और इससे वह हर साल 10 से 12 लाख रुपये की इनकम कर रहे हैं। कम मेहनत और सही टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके मिली यह सफलता दूसरे किसानों को भी इंस्पायर कर रही है।

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए कोलकाता समेत कई इलाकों में मतदान जारी है, लेकिन इसी बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा है कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं कराए जा रहे हैं।

वहीं, बीजेपी ने कई बूथों पर EVM मशीन से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि ‘कमल’ निशान वाले बटन पर टेप लगाया गया, ताकि मतदाता बीजेपी को वोट न दे सकें।

बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो साझा किए हैं, जिनमें कथित तौर पर गड़बड़ी दिखाई गई है, और इसके लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया गया है।

इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने बयान जारी कर कहा है कि जहां भी शिकायतें सही पाई जाएंगी, वहां तुरंत दोबारा मतदान कराया जाएगा।

फाल्टा इलाके के प्रभावित बूथों को लेकर पुनर्मतदान की मांग तेज हो गई है। बीजेपी ने सबूतों के साथ कई बूथों की जानकारी आयोग को सौंप दी है।

अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या वाकई इन बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाएगा।

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सीईओ जिला पंचायत ने ग्राम पंचायत रानी विरगवां, सकराया एवं जामपुरा का किया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले उपयंत्री, पीसीओ को दिया नोटिस

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भिण्ड श्री वीर सिंह चौहान द्वारा आज ग्राम पंचायत रानी विरगवां, ग्राम पंचायत सकराया जनपद पंचायत अटेर, ग्राम पंचायत जामपुरा जनपद पंचायत भिण्ड का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य मांगलिक भवन, शांति धाम, सी.सी. रोड का जायजा लिया तथा समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जल गंगा संवर्धन अभियान के पुराने कार्य सात दिन में पूर्ण कर फोटो अपलोड करने निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित कर कहा कि नरेगा ई-केवाईसी, समग्र ई-केवाईसी एवं 2011 की जनगणना के अनुपात में जिन ग्राम पंचायतों में समग्र आईडी कम बनी उनको बनाना है और जिनमें डुप्लिकेट बन गई उसे हटाना है।
निरीक्षण के दौरान उपयंत्री, पीसीओ को अनुपस्थित पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जल गंगा संवर्धन के तहत तालाब की सफाई एवं गहरीकरण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्कूल एवं आंगनवाड़ी का निरीक्षण कर बच्चों की अपार आईडी बनाने एवं सभी बच्चों को शाला में प्रवेश दिलाने एवं जर्जर भवन को डिस्मेंटल कराने के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
#CMMadhyaPradesh
#JansamparkMP
Panchayat, Rural Development and Social Welfare Department of Madhya Pradesh
#भिण्ड
#Bhind

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ਮਹਿਲ ਕਲਾਂ (ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ) : ਟੱਲੇਵਾਲ ਪੁਲਸ ਵੱਲੋਂ ਟੱਲੇਵਾਲ ਪੁਲ ਉੱਪਰ ਨਾਕਾ ਲਗਾਇਆ ਗਿਆ ਸੀ। ਐੱਸ. ਐੱਚ. ਓ ਟੱਲੇਵਾਲ ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ ਰੰਗੀਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮੁਖਬਰੀ ਮਿਲਣ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਏ. ਐੱਸ. ਆਈ ਜਸਮੇਲ ਸਿੰਘ ਨੇ ਹਰਬੰਸ ਸਿੰਘ ਪੁੱਤਰ ਮੱਖਣ ਸਿੰਘ ਵਾਸੀ ਟੱਲੇਵਾਲ ਤੇ ਉਸਦਾ ਸਾਥੀ ਜਸ਼ਨਦੀਪ ਪੁੱਤਰ ਰੇਸ਼ਮ ਵਾਸੀ ਬੀਹਲਾ ਦੋਵਾਂ ਨੂੰ ਪੁਲਸ ਪਾਰਟੀ ਸਮੇਤ ਕਾਬੂ ਕੀਤਾ। ਜਿੰਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਚੋਰੀ ਦਾ ਮੋਟਸਾਈਕਲ ਕਾਬੂ ਕਰਕੇ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ।

ਥਾਣਾ ਮੁਖੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਸ਼ਰਾਰਤੀ ਅਨਸਰਾਂ ਨੂੰ ਬਖਸ਼ਿਆ ਨਹੀਂ ਜਾਵੇਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਸ਼ਰਾਰਤੀ ਅਨਸਰਾਂ ਨੂੰ ਤਾੜਨਾ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਬਾਜ਼ ਆ ਜਾਣ, ਕਿਸੇ ਵੀ ਅਪਰਾਧੀ ਨਾਲ ਕੋਈ ਢਿੱਲ ਨਹੀਂ ਵਰਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਸਖਤੀ ਨਾਲ ਪੇਸ਼ ਆਇਆ ਜਾਵੇਗਾ।

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जिला मुख्यालय पर कलेक्टर ने की जनसुनवाई

जनसुनवाई में 81 आवेदकों के प्रकरणों की हुई सुनवाई

मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित हुई जनसुनवाई में कलेक्टर भिण्ड ने जिले के विभिन्न अंचलों से अपनी समस्याओं का आवेदन लेकर आये 81 आवेदकों की समस्याएं सुनी और उनके निराकरण करने के संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर अपर कलेक्टर द्वारा भी आवेदकों की समस्याओं पर जनसुनवाई की गई।
जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने गंभीर बीमारी से संबंधित इलाज, विद्युत बिलों में सुधार, हैण्डपंपों का संधारण, पेंशन, सड़क दुघर्टना सहायता, हितग्राही मूलक योजनाओं, बीपीएल राशन कार्ड एवं जमीन पर कब्जा से संबंधित आवेदनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके संबंध में आवेदक को भी कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश भी दिए।
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ਭਵਾਨੀਗੜ੍ਹ (ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ)– ਇੱਥੋਂ ਨੇੜਲੇ ਪਿੰਡ ਘਾਬਦਾਂ ਵਿਚ ਇਕ ਦਿਲ ਦਹਿਲਾ ਦੇਣ ਵਾਲੀ ਘਟਨਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ ਪੀ.ਜੀ.ਆਈ. ਵਿਚ ਡਿਊਟੀ ਕਰਦੇ ਇਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਗਾਰਡ ਵੱਲੋਂ ਜ਼ਹਿਰੀਲੀ ਚੀਜ਼ ਖਾਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਗੰਭੀਰ ਹਾਲਤ ਵਿਚ ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿਚ ਦਾਖਲ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ ਉਸ ਦਾ ਇਲਾਜ ਜਾਰੀ ਹੈ।

ਮਿਲੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਜਗਸੀਰ ਸਿੰਘ ਜੱਗੀ, ਜੋ ਬੁਢਲਾਡਾ ਨੇੜਲੇ ਇਲਾਕੇ ਦਾ ਵਸਨੀਕ ਹੈ ਅਤੇ ਇਕ ਨਿੱਜੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਏਜੰਸੀ ਰਾਹੀਂ ਡਿਊਟੀ ਕਰ ਰਿਹਾ ਸੀ, ਨੇ ਕਿਸੇ ਗੱਲਬਾਤ ਦੌਰਾਨ ਇਹ ਕਦਮ ਚੁੱਕਿਆ। ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਾਥੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਹਸਪਤਾਲ ਪਹੁੰਚਾਇਆ ਗਿਆ, ਜਿੱਥੋਂ ਡਾਕਟਰਾਂ ਨੇ ਉਸ ਦੀ ਨਾਜ਼ੁਕ ਹਾਲਤ ਦੇ ਮੱਦੇਨਜ਼ਰ ਪਟਿਆਲਾ ਰੈਫਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ।

ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨਾਲ ਸਬੰਧਿਤ ਕੁਝ ਚਰਚਾਵਾਂ ਵੀ ਸਾਹਮਣੇ ਆ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਕਿ ਉਸ ਕੋਲੋਂ ਕੋਈ ਲਿਖਤੀ ਪੱਤਰ ਮਿਲਿਆ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿਚ ਕੁਝ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਦੇ ਨਾਮ ਦਰਜ ਹੋਣ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਹਾਲਾਂਕਿ ਪੁਲਸ ਵੱਲੋਂ ਇਸ ਦੀ ਪੁਸ਼ਟੀ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਗਈ।

ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ, ਥਾਣਾ ਸਦਰ ਸੰਗਰੂਰ ਦੇ ਮੁਖੀ ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜਗਸੀਰ ਸਿੰਘ ਵੱਲੋਂ ਜਹਿਰੀਲੀ ਚੀਜ਼ ਖਾਣ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਉਹ ਇਸ ਸਮੇਂ ਇਲਾਜ ਅਧੀਨ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੁਲਸ ਵੱਲੋਂ ਪੂਰੇ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਗਹਿਰਾਈ ਨਾਲ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜਲਦ ਹੀ ਬਿਆਨਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਅਗਲੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕਿਸਮ ਦੇ ਲਿਖਤੀ ਪੱਤਰ ਮਿਲਣ ਦੀ ਗੱਲ ਤੋਂ ਇਨਕਾਰ ਕੀਤਾ ਹੈ।

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धुळे | प्रतिनिधि
महाराष्ट्र राज्य के शिक्षक आंदोलन को सशक्त नेतृत्व प्राप्त हुआ है। महाराष्ट्र राज्य-राष्ट्रीय तथा राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक संगठन में नाशिक विभागीय महिला प्रतिनिधि के रूप में श्रीमती नूतनवर्षा राजेश वळवी (नंदुरबार) का लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत निर्विरोध चयन किया गया है। उनके चयन से नाशिक विभाग सहित पूरे शिक्षक समुदाय, विशेष रूप से महिला शिक्षकों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है।
श्रीमती वळवी शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय, अध्ययनशील एवं संगठनात्मक कार्यों में समर्पित व्यक्तित्व के रूप में जानी जाती हैं। शिक्षक समस्याओं के समाधान, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, महिला शिक्षकों के सशक्तिकरण तथा संगठन को मजबूत बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता के कारण सहकर्मियों में उनके प्रति विश्वास लगातार बढ़ता गया है।
चयन प्रक्रिया के दौरान संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सर्वसम्मति से उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें निर्विरोध चुना। यह चयन केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व को मिली बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि श्रीमती वळवी के नेतृत्व में नाशिक विभाग के शिक्षकों के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं सामाजिक मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाया जाएगा। महिला शिक्षकों को संगठनात्मक मंच प्रदान करना तथा शैक्षणिक उपक्रमों को गति देना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
उनके चयन पर विभिन्न शिक्षक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, शिक्षा प्रेमियों एवं सहकर्मी शिक्षकों ने हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की है।
“यह जिम्मेदारी विश्वास की है, और मैं शिक्षक एवं विद्यार्थियों के हित में समर्पित भाव से कार्य करूंगी,” ऐसा विश्वास श्रीमती नूतनवर्षा वळवी ने व्यक्त किया।
नाशिक विभाग में शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है तथा उनके नेतृत्व से संगठनात्मक कार्यों में नई ऊर्जा आने की संभावना जताई जा रही है।

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद स्वीकार किया है कि इस संघर्ष के कारण देश को भारी आर्थिक झटका लग रहा है।

सबसे बड़ा असर तेल आयात पर पड़ा है। पहले जहां पाकिस्तान का तेल आयात बिल करीब 30 करोड़ डॉलर था, वहीं अब यह बढ़कर 80 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है—यानी ढाई गुना से भी ज्यादा वृद्धि। इससे पहले से ही दबाव में चल रही अर्थव्यवस्था पर और बोझ बढ़ गया है।

स्थिति को संभालने के लिए पाकिस्तान सरकार ने एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है, जो हालात की निगरानी कर रही है और संकट से निपटने की रणनीति बना रही है। साथ ही, सरकार पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने की बात भी कह रही है।

शहबाज शरीफ के अनुसार, इस्लामाबाद ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए ईमानदारी से प्रयास किए हैं। 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत को पाकिस्तान एक बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में देख रहा है। इस प्रक्रिया में आर्मी चीफ असीम मुनीर, उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों की अहम भूमिका रही।

प्रधानमंत्री ने यह भी दावा किया कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम की दिशा में हुई प्रगति इन प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ हुई बैठक का भी जिक्र किया।

हालांकि, बातचीत को आगे बढ़ाने में अभी भी अड़चनें हैं। पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता शुरू कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल पाई है। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने पाकिस्तान का दौरा तो किया, लेकिन अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से सीधे बातचीत करने से इनकार कर दिया।

इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने वार्ताकारों की इस्लामाबाद यात्रा रद्द कर दी और कहा कि ईरान सीधे वॉशिंगटन से संपर्क कर सकता है।

इसी बीच, रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने अमेरिका को बातचीत के लिए तीन चरणों वाला नया प्रस्ताव भेजा है। इसमें पहले युद्ध रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की बात कही गई है, जबकि परमाणु मुद्दे पर चर्चा बाद में करने का सुझाव दिया गया है।

कुल मिलाकर, यह पूरा घटनाक्रम न केवल क्षेत्रीय राजनीति को प्रभावित कर रहा है, बल्कि पाकिस्तान जैसी अर्थव्यवस्थाओं पर भी गहरा असर डाल रहा है।

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कलेक्टर ने गेहूं उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण कर देखी व्यवस्थाएं

किसानों से संवाद कर पूछी समस्या

कलेक्टर भिण्ड ने नवीन कृषि उपज मण्डी भिण्ड एवं उपार्जन केन्द्र ऊमरी पहुंचकर गेहूं उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा शासन के निर्देशानुसार सभी केन्द्रों पर किसानों के लिए आवश्यक मूलभूत प्रबंध सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
कलेक्टर ने खरीदी केन्द्रों पर गर्मी के मौसम के दृष्टिगत पेयजल एवं छाया संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया तथा आवश्कता अनुसार व्यवस्था के निर्देश भी दिए। इस दौरान केन्द्र पर उपस्थित किसानों से उपार्जन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों को समय पर तुलाई और भंडारण इत्यादि की समुचित व्यवस्थाओं के निर्देश दिए। इसके अलावा खरीदी केन्द्र प्रभारियों से केन्द्रों पर उपज की आवक, बारदाना, तुलाई और पंखा सहित इत्यादि व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकारियों को उपार्जन केन्द्रों पर सतत रूप से बेहतर व्यवस्थाओं के मद्देनजर नियमित मॉनिटरिंग के लिए निर्देशित किया।
कलेक्टर द्वारा स्लॉट बुकिंग अनुसार वरीयता क्रम में किसानों की उपज के तौल और भुगतान कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि किसानों से पारदर्शी तरीके से गेहूं खरीदी का कार्य संचालित हो तथा कृषकों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।

कलेक्टर ने गेहूं उपार्जन एवं भंडारण व्यवस्था तथा उपार्जन की लक्षित मात्रा अनुसार पूर्व से समुचित व्यवस्थाओं के लिए निर्देशित किया। इसके अलावा उपज के नमूना जांच तथा सर्वर एवं स्लॉट बुकिंग व्यवस्था की जानकारी भी ली। इस दौरान एसडीएम भिण्ड सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का किया निरीक्षण

कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊमरी का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला जनरल वार्ड, आयुष कक्ष, दवा वितरण, जांच सुविधाओं, ओपीडी सहित अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने चिकित्सा अधिकारी से स्टाफ की उपलब्धता और मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली तथा मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान किए जाने निर्देश दिए।
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बीबीएयू में छात्रा की मौत पर बवाल, देर रात तक चला प्रदर्शन

इनसेप्शन डेली न्यूज़/ID News
पत्रकार संदीप शास्त्री

लखनऊ: राजधानी लखनऊ स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में मंगलवार देर रात छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) से जुड़े विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि इंटीग्रेटेड बेसिक साइंस की छात्रा अनामिका की तबीयत दूषित मेस का खाना खाने से बिगड़ी थी, जिसके बाद इलाज के दौरान बुधवार को वाराणसी में उसकी मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि अनामिका यशोधरा गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी और कुछ दिन पहले फूड पॉइजनिंग की शिकायत के बाद विश्वविद्यालय के क्लिनिक से दवा ली थी। इसके बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजन उसे घर ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।

घटना की खबर मिलते ही परिसर में छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया। सैकड़ों छात्र कुलपति राजकुमार मित्तल के आवास के बाहर जमा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए देर रात तक प्रदर्शन जारी रखा। छात्रों ने कुलपति आवास का घेराव भी किया, जिससे परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

मामले पर कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल ने फोन पर बताया कि वह फिलहाल शहर से बाहर हैं और लखनऊ लौटने के बाद ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी दे सकेंगे।

सुरक्षा कड़ी, बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
हंगामे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। प्रॉक्टर प्रो. रामचंद्र द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, रात 10:30 बजे के बाद गेट नंबर 2 और 3 से प्रवेश केवल वैध हार्ड कॉपी आईडी दिखाने पर ही मिलेगा। बिना पहचान पत्र किसी को भी परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही गैर-छात्र, पूर्व छात्र और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

फिलहाल परिसर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और छात्र संगठन प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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भिंड में जल प्रदाय परियोजना स्थल पर हीट स्ट्रेस अवेयरनेस प्रशिक्षण एवं श्रमिकों हेतु प्रेरक कार्यक्रम आयोजित

नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा भिंड में जल प्रदाय परियोजना का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी क्रम में परियोजना स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए हीट स्ट्रेस अवेयरनेस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान श्रमिकों को गर्मी के मौसम में होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों, बचाव के उपायों तथा कार्य के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, श्रमिकों को गर्मी से राहत प्रदान करने के उद्देश्य से ग्लूकोज युक्त पानी का वितरण भी किया गया। इसके अतिरिक्त पुरानी गल्ला मंडी ओएचटी साइट पर एक प्रेरणात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें श्रमिकों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों के पालन, टीम भावना को मजबूत करने तथा कार्यस्थल पर सतर्कता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रमिकों को प्रोत्साहित करने हेतु "बेस्ट सेफ्टी परफॉर्मर ऑफ द मंथ" का सम्मान प्रदान किया गया एवं उन्हें उपहार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समन्वय सामुदायिक विकास अधिकारी सुश्री सोनिका शर्मा द्वारा किया गया।
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वैशाख की आग में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कभी ओले, तो कभी सिर्फ तूफानी हवाएं। ऐसे में बारिश का दूत कहे जाने वाले चातक पक्ष इस साल के मानसून के आने का एक महीने पहले ही ऐलान करने कृष्ण तीर पर आ गए हैं। हर साल रोहिणी नक्षत्र के आखिर में आने वाला चातक इस साल बारिश का अनुमान एक महीने पहले ही लेकर हजारों किलोमीटर का सफर तय करके कृष्ण तीर पर बस गया है। इसे खेती के मौसम के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।

मानसून का एक जैसा संकेत देने वाले प्रकृति के दूत के तौर पर मशहूर 'चातक' पक्षी ने इस साल सबको हैरान कर दिया है और रेगुलर समय से डेढ़ से दो महीने पहले कृष्णा नदी पर आ गया है। हर साल 25 मई से रोहिणी नक्षत्र में या 7 जून को मृग नक्षत्र से पहले प्रवेश करने वाला चातक इस साल डेढ़ महीने पहले ही कृष्णा नदी पर डेरा डाल चुका है। अफ्रीका से हजारों किलोमीटर का सफर तय करके आया यह मेहमान इस साल अप्रैल के आखिर में कृष्णा नदी पर पहुंचा है। अम्नापुर के पक्षी प्रेमी और रिसर्चर संदीप नज़ारे ने कृष्णा नदी के किनारे अंबाजीबुवा घाट इलाके में इस पक्षी को रिकॉर्ड किया है और यह पिछले सात सालों में सबसे पहले आने वाला पक्षी है।

चातक को मौसम में बदलाव और बारिश के आने का सही अनुमान लगाने वाले पक्षी के तौर पर देखा जाता है। पक्षी पर्यवेक्षक श्री नज़ारे ने पिछले सात सालों से इस पक्षी के आने का रिकॉर्ड रखा है। उनके ऑब्ज़र्वेशन के अनुसार, चातक 2019 में 1 जून को, 2020 में 5 जून को, 2021 में 15 मई को, 2022 में 13 जून को, 2023 में 11 जून को और 2025 में 7 जून को आया। हालांकि, इस साल 2026 में सिर्फ़ 26 अप्रैल को इसका दिखना बताता है कि कुदरती चक्र में बड़े बदलाव होने वाले हैं। अप्रैल महीने में ही कृष्ण के किनारे चातक के 'पिउ.. पिउ' के नारे गूंजने लगे हैं, जिससे पक्षी प्रेमियों में उत्सुकता बढ़ गई है।

इस पक्षी को इसके सिर पर सुंदर कलगी, काले और सफेद रंग और पंखों पर सफेद धारियों की वजह से आसानी से पहचाना जा सकता है। चातक एक ऐसे पक्षी के तौर पर जाना जाता है जो सिर्फ़ बारिश की बूंदों से अपनी प्यास बुझाता है, और किसानों का पक्का मानना है कि इसके आने के कुछ ही दिनों में बारिश हो जाती है। अब इस बात पर बहस चल रही है कि क्या मानसून जल्दी एक्टिव होगा क्योंकि इस साल चातक अप्रैल में पड़ता है। यह विदेशी मेहमान अभी अमनापुर की हरी-भरी प्रकृति में रह रहा है, और उसके आने से कृष्णा नदी के किनारे पक्षियों की दुनिया में जान आ गई है।

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पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर टेक्नीशियन के प्रशिक्षण हेतु पंजीयन 04 मई तक

प्राचार्य शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था भिण्ड ने बताया है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर टेक्नीशियन के प्रशिक्षण शासकीय संभागीय आईटीआई भिण्ड में प्रशिक्षण प्रारंभ किये जाना है। जिस हेतु पंजीयन संस्था में दिनांक 04 मई 2026 तक किये जा रहे हैं। पंजीयन हेतु 10वीं अंकसूची, आधारकार्ड, फोटो, आईटीआई इलेक्ट्रीशियन की उत्तीर्ण अंकसूची, लाना अनिवार्य है। यह सूचना जिले की समस्त शासकीय एवं निजी आईटीआई के व्यवसाय - इलेक्ट्रीशियन एवं इलेक्ट्रॉनिक मेकेनिक उत्तीर्ण या द्वतीय वर्ष छात्रों हेतु है। प्रशिक्षण अवधि 7 दिवस है। योजना से जुड़ी अधिक जानकारी हेतु संस्था के कार्यालयीन समय में श्री महेन्द्र सोनी प्रशिक्षण अधिकारी से संपर्क कर ली जा सकती है। प्रशिक्षण हेतु आवेदकों का चयन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जायेगा। प्रथम 30 आवेदकों को किया जायेगा, यह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क है।
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Trump warns Iran blockade could last months, sending oil soaring

Trump contends that the blockade of Iranian ports is more effective than bombing.

USS Rafael Peralta (DDG 115) near what the US Central Command said was a vessel attempting to sail to an Iranian port at an unknown location, in a photo released on Apr 24, 2026. (Photo: US Central Command/Handout via REUTERS)

WASHINGTON: President Donald Trump said that a US naval blockade against Iran could last months, leading oil prices on Wednesday (Apr 29) to spike to their highest in more than four years.

With diplomacy between Iran and the United States at a standstill after false starts, Trump spoke by phone with Russian President Vladimir Putin, who warned him of "damaging consequences" if the United States and Israel resume their war on Iran.

Meeting oil executives, Trump contended that the blockade of Iranian ports - which Tehran has demanded must end before any deal - was more effective than bombing.

Trump, at the meeting that took place Tuesday, discussed his efforts "to alleviate global oil markets and steps we could take to continue the current blockade for months if needed and minimise impact on American consumers", a White House official said on condition of anonymity.

Trump, speaking to Axios, said of the naval action on Iran: "They are choking like a stuffed pig. And it is going to be worse for them."

Brent oil futures soared another 7.6 per cent to US$119.69, the highest price since the early days of the Ukraine war in 2022.

Iran has sought to extract a price for being attacked by exerting control over the Strait of Hormuz, the narrow waterway through which one-fifth of global oil typically transits.

COSTS MOUNT
Trump has faced intense political pressure to end the war, which is unpopular even with much of his base and has increased costs for American consumers paying at the pump.

The Pentagon confirmed to lawmakers on Wednesday that the war has already cost US$25 billion to US taxpayers.

Top US officials including Vice President JD Vance twice aborted trips last week to Pakistan to negotiate with Iran, which has voiced doubts about Trump's sincerity for diplomacy.

Trump again threatened war, posting on social media a mocked-up picture of himself toting a rifle in front of explosions wrecking a desert fortress.

"Iran can't get their act together ...They better get smart soon," Trump wrote. "No more Mr Nice Guy!"

US officials contend they do not know who is speaking for Iran, whether it is the hardline and increasingly empowered Revolutionary Guards or diplomats, after Israeli strikes killed a series of top leaders.

The UN Development Programme warned that the war, which has also seen the price of fertiliser soaring, could plunge more than 30 million people into poverty in 160 countries.

"It's development in reverse," UNDP chief Alexander De Croo told AFP.

Despite the defiance of the cleric-run state, the Iranian rial fell to historic lows against the dollar.

Tehran residents speaking to AFP journalists in Paris reported a sense of despair.

"Every time in recent years that negotiations have taken place, the economic situation of the people has only gotten worse. Sanctions have either started or intensified," a 52-year-old architect told AFP, speaking on condition of anonymity.

"They go to negotiate and come back with even more sanctions, and the issue is always nuclear. There's no talk about people, the economy or freedom. People have the right to not even want to hear the word 'negotiation'," he said.

"NO TRUST"
An Iranian army spokesman said Tuesday that "we do not consider the war to be over", saying Tehran had "no trust in America".

"We have many cards that we have not yet used," Amir Akraminia told state television.

Iran has proposed easing its chokehold over the Strait of Hormuz as Washington lifts its blockade and broader negotiations take place. The Trump administration has viewed the proposal sceptically.

Iran's speaker of parliament Mohammad Bagher Ghalibaf, who has emerged as a key figure since the start of the war, said on Wednesday the US naval blockade of the country aimed to create division and "make us collapse from within".

He said Trump "divides the country into two groups: hardliners and moderates, and then immediately talks about a naval blockade to force Iran into submission through economic pressure and internal discord", state TV reported. He called for unity in response.

"ATTACKS CANNOT CONTINUE"
Violence has continued on the war's Lebanese front, despite a recently extended ceasefire between Israel and Hezbollah, the Iran-backed armed group that drew Lebanon into the war by firing rockets at Israel. Israel responded with strikes and a ground invasion.

For the first time since the ceasefire began, the Lebanese army said on Tuesday that an Israeli strike had targeted its troops, wounding two soldiers in the south. Another strike on Wednesday killed a Lebanese soldier, it said.

"Israel must finally realise that the only path to security is through negotiations, but it must first fully implement the ceasefire in order to move on to negotiations," Lebanese President Joseph Aoun said in a statement.

"Israeli attacks cannot continue as they are," he said. "We are now waiting for the United States to set a date to begin direct negotiations."

A UN-backed report said on Wednesday that more than 1.2 million people in Lebanon were expected to face acute hunger due to the latest war.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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Srikakulam:సింహాచలం నరసింహస్వామిని దర్శించుకుందామని అత్త కోరడంతో సరే అన్న అల్లుడు దైవ దర్శనానికి పయనమయ్యారు. అంతలో 'అమ్మమ్మ, బాబాయ్‌ నేనూ వస్తాను' అని చిన్నారి మారాం చేయడంతో బైక్‌మీద ముగ్గురూ శ్రీకాకుళం నుంచి బయలుదేరారు. సింహాచలంలో స్వామిని దర్శించుకొన్నారు. అనంతరం అదే ద్విచక్రవాహనంపై స్వగ్రామం తిరిగి వస్తున్నారు. జాతీయ రహదారిపై భోగాపురం సచివాలయం సమీపానికి వచ్చేసరికి ముందు వెళ్తూ అకస్మాత్తుగా ఆగిన లారీని ఢీకొన్నారు. రెప్పపాటులో రోడ్డుపై పోడిపోయారు. తలకు బలమైన గాయాలు కావడంతో ముగ్గురూ అక్కడికక్కడే ప్రాణాలు కోల్పోయారు. సంఘటనను చూసిన స్థానికులు చలించిపోయారు. తేరుకొని చూసే సరికి మూడు ప్రాణాలు గాల్లో కలిసిపోవడంతో అయ్యో పాపం అంటూ కన్నీరు పెట్టుకొన్నారు. ప్రమాదంలో శ్రీకాకుళం జిల్లా ఎచ్చెర్ల మండలం ఫరీదుపేటకు చెందిన సంచన సాయికుమార్‌(24), అత్త గార మండలం దీపావళి గ్రామానికి చెందిన లావేటి చిన్నమ్మలు(45) ఈమె మనవరాలు సీహెచ్‌ రుత్విక(4) అక్కడకక్కడే మృతి చెందారు. పోలీసులు, స్థానికులు తెలిపిన వివరాలిలా ఉన్నాయి.

శ్రీకాకుళం జిల్లా ఎచ్చెర్ల మండలం ఫరీదుపేటకు చెందిన సంచన సాయికి గార మండలం దీపావళి గ్రామానికి చెందిన లావేటి తేజతో ఆరు నెలల కిందట వివాహం జరిగింది. తేజ ప్రస్తుతం గర్భిణి. సాయి కుటుంబంతో కలిసి విశాఖనగరంలోని మర్రిపాలెంలో నివాసముంటున్నాడు. డోర్‌ డెలివరీ బోయ్‌గా పనిచేస్తున్నాడు. ఈనెల 28న వారాల పండుగ కోసం సాయికుమార్‌ స్వగ్రామం ఫరీదుపేటకు భార్య, తల్లిదండ్రులతో కలిసి వచ్చాడు. మంగళవారం వరసకు అన్న అయిన ఈశ్వరరావు ఇంట్లో వారాల పండుగలో పాల్గొన్నాడు. బుధవారం ఉదయానే సాయికుమార్‌ తల్లిదండుల్రు బస్సులో మర్రిపాలెం వెళ్లిపోయారు. భార్య తేజను అత్తవారి గ్రామమైన గార మండలం దీపావళికి తీసుకెళ్లాడు. సాయికుమార్‌ అత్త సింహాచలం స్వామిని దర్శించుకోవాలని ఉందని అనడంతో కాదనలేక అత్త లావేటి చిన్నమ్మడును తీసుకొని ద్విచక్రవాహనంపై బయలుదేరడానికి సిద్ధపడ్డారు. అంతలో చిన్నమ్మడు పెద్ద కుమారై కూతురు రుత్విక కూడా తానూ వస్తాను అని అల్లరి చేయడంతో ముగ్గురూ ద్విచక్రవాహనంపై బయలు దేరారు. సింహాచలంలో దైవ దర్శనం చేసుకొని అనంతరం ద్విచక్రవాహనంపై తిరిగి శ్రీకాకుళం వైపు జాతీయ రహదారిపై వస్తున్నారు. భోగాపురం సచివాలయం-2 సమీపానికి వచ్చేసరికి ముందు వెళ్తూ అకస్మాత్తుగా ఆగిన లారీని ఢీకొన్నారు. దీంతో ముందు కూర్చున్న బాలికతో సహా ముగ్గురూ కింద పడిపోయారు. ముగ్గురికీ తలకు బలమైన గాయాలు కావడంతో క్షణాల్లో ప్రాణాలు కోల్పోయారు. సమీపంలో టీ షాపుల్లో ఉన్న పలువురు ఘటనను చూసి దిగ్ర్భాంతికి లోనయ్యారు. క్షణాల్లో తేరుకొని ఘటనా స్థలానికి చేరుకుని సపర్యలు చేసేందుకు ప్రయత్నించారు. కానీ అప్పటికే ముగ్గురూ మృతిచెందారు. అచేతనంగా చిన్నారిని చూసిన స్థానికులు కన్నీరు పెట్టుకొన్నారు. సీఐ కె.దుర్గాప్రసాదరావు, ఎస్‌ఐలు వి.పాపారావు, పి.సూర్యకుమారి పోలీస్‌ సిబ్బందితో ఘటనా స్థలానికి చేరుకొన్నారు. వారి కుటుంబ సభ్యులకు సమాచారం అందించారు. అనంతరం మృతదేహాలను పోస్టుమార్టం కోసం విజయనగరం ప్రభుత్వ ఆసుపత్రికి తరలించారు. ఎడిషనల్‌ ఎస్పీ(అడ్మిన్‌) పి.సౌమ్యలత, ఇన్‌చార్జి డీఎస్పీ రాఘవులు సంఘటనా స్థలానికి చేరుకొని ప్రమాదంపై విచారించారు. కుటుంభ సభ్యులు, స్థానికులతో మాట్లాడారు. మోటర్‌ వెహికల్‌ ఇన్‌స్పెక్టర్‌ వి.వెంకటరావు కూడా సంఘటనా స్థలాన్ని పరిశీలించారు.

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एसडीएम गोहद ने किया वेयरहाउस निरीक्षण, किसानों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री राजन बी. नाड़िया द्वारा गोहद तहसील क्षेत्र में स्थित एमएम वेयरहाउस एवं एमएन वेयरहाउस का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किसानों द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया गया, जिसमें बताया गया कि उनकी उपज की बोली समय पर नहीं लग रही है।
एसडीएम श्री राजन नाड़िया ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और तत्काल लंबित टोकन/तौल की प्रक्रिया शुरू करवाई। साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि उपार्जन कार्य नियमित एवं सुचारू रूप से संचालित किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों की सुविधा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
#CMMadhyaPradesh
#JansamparkMP
Department Of Revenue, Madhya Pradesh
#भिण्ड
#Bhind

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गर्मी को ध्यान में रखते हुए जन अभियान परिषद द्वारा पक्षियों के लिए पेड़ों पर सकोरे लगाए

मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा गठित नवांकुर समिति उम्मेदगढ़ बांसी के सहयोग से सेक्टर बागचीनी प्रस्फुटन समिति भैंसरोली में ब्लॉक समन्वयक श्री बीडी शर्मा के मार्गदर्शन में पेड़ पर पक्षियों के लिए पानी के सकोरे लगाऐ गये। इसी प्रकार सेक्टर बैठक का आयोजन भी किया गया। मौके पर श्री विष्णु सिंह तोमर, श्री राकेश सिंह सिकरवार, श्री अरविंद अवस्थी, श्री लवकुश सिकरवार, श्री अवधेश पवैया, श्री कालीचरण सिंह उपस्थित रहे। श्री विष्णु सिंह तोमर ने भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था हेतु जगह - जगह सकोरे लगाए जाने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव में पेड़ों पर सकोरे लगाए गये।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena #MadhyaPradesh

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*१५०० एकरवर श्रीरामपुरात होणार DRDO चा प्रकल्प...*

श्रीरामपूर (*शिवप्रहार न्यूज नेटवर्क*) : याबाबत अधिक माहिती अशी की,सरकारच्या वतीने जिल्ह्यात संरक्षण संशोधन आणि विकास विभागाची (डीआरडीओ) आणखी एक प्रयोगशाळा उभारण्याचे प्रस्तावित आहे. त्यासाठी आपल्या श्रीरामपूर तालूक्यातील शेती महामंडळाची हरेगाव मळ्यातील १५०० एकर जमीन संपादित होणार आहे.
नुकतेच या संपादनास राज्य सरकारने मंजुरी दिली असल्याची माहिती मिळत आहे.हा प्रकल्प उच्च ऊर्जा पदार्थ संशोधन प्रयोगशाळा (हाय एनर्जी मटेरियल रिसर्च लॅबोरेटरी) म्हणून ओळखला जाणार आहे.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
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*Indian Council of press,Nagpur*
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*All India Media Association
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ਫਰੀਦਕੋਟ/ਸਾਦਿਕ, 29 ਅਪ੍ਰੈਲ(ਨਾਇਬ ਰਾਜ)

ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਹਦਾਇਤਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਅਤੇ ਸਿਵਲ ਸਰਜਨ, ਫਰੀਦਕੋਟ ਡਾ. ਪਰਵਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗੁਲਾਟੀ ਜੀ ਦੇ ਦਿਸ਼ਾ ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਹੇਠ ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਟੀਕਾਕਰਨ ਅਫ਼ਸਰ, ਫਰੀਦਕੋਟ ਡਾ. ਹੁਸਨ ਪਾਲ ਅਤੇ ਡਾ. ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਬਰਾੜ ਸੀਨੀਅਰ ਮੈਡੀਕਲ ਅਫ਼ਸਰ ਇੰਚਾਰਜ ਪੀ. ਐਚ. ਸੀ. ਜੰਡ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੀ ਯੋਗ ਅਗਵਾਈ ਵਿੱਚ ਸਰਕਾਰੀ ਕੰਨਿਆਂ ਸੀਨੀਅਰ ਸੈਕੰਡਰੀ ਸਕੂਲ, ਸਾਦਿਕ ਵਿਖੇ ਸਕੂਲ ਦੀਆਂ ਬੱਚੀਆਂ ਨੂੰ ਐਚ.ਪੀ.ਵੀ ਵੈਕਸੀਨ ਸਬੰਧੀ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ l



ਇਸ ਮੌਕੇ ਡਾ. ਹੁਸਨ ਪਾਲ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹ ਨਵੀਂ ਐਚ.ਪੀ.ਵੀ (ਹਿਊਮਨ ਪੈਪੀਲੋਮਾ ਵੈਕਸੀਨ) 14 ਸਾਲ ਦੀ ਲੜਕੀ ਨੂੰ ਇਹ ਵੈਕਸੀਨ ਲੱਗਣੀ ਹੈ, ਭਾਵ ਜਿਸ ਲੜਕੀ ਨੇ ਆਪਣਾ 14ਵਾਂ ਜਨਮਦਿਨ ਮਨਾ ਲਿਆ ਹੋਵੇ ਅਤੇ 15ਵਾਂ ਜਨਮਦਿਨ ਨਹੀਂ ਮਨਾਇਆl ਇਹ ਵੈਕਸੀਨ ਲੜਕੀ ਦੇ ਖੱਬੇ ਮੋਢੇ ਤੇ ਲਗਾਈ ਜਾਵੇਗੀl ਇਹ ਵੈਕਸੀਨ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਦੇ ਮੂੰਹ ਦੇ ਕੈਂਸਰ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਸਹਾਈ ਹੋਵੇਗੀl ਕਿਉਂਕਿ ਇਹ ਕੈਂਸਰ ਔਰਤਾਂ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈl ਇਹ ਵੈਕਸੀਨ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋ ਬਿਲਕੁੱਲ ਮੁਫ਼ਤ ਲਗਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈl ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹ ਵੈਕਸੀਨ ਮਾਪਿਆਂ ਦੀ ਸਹਿਮਤੀ ਨਾਲ ਲਗਾਈ ਜਾਵੇਗੀ l

ਇਸ ਮੌਕੇ ਡਾ. ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਬਰਾੜ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਹ ਐਚ.ਪੀ.ਵੀ ਵੈਕਸੀਨ ਮਾਰਕੀਟ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਾਇਵੇਟ ਤੌਰ ਤੇ ਵੀ ਲਗਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਜਿਸਦੀ ਕੀਮਤ ਹਜਾਰਾਂ ਰੁਪਏ ਵਿੱਚ ਹੈ, ਪਰ ਇਸਦੇ ਉਲਟ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋ ਇਹ ਵੈਕਸੀਨ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਬਿਲਕੁੱਲ ਮੁਫ਼ਤ ਲਗਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ l

ਇਸ ਮੌਕੇ ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਬਲਾਕ ਅਕਾਊਂਟੰਟ, ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਸਿਹਤ ਵਰਕਰ, ਕਮਲਜੀਤ ਕੌਰ ਐਲ. ਐਚ. ਵੀ., ਅਨੁਰਾਧਾ ਰਾਣੀ ਤੇ ਵੀਰਪਾਲ ਕੌਰ ਏ. ਐਨ. ਐਮ, ਰਮਨਦੀਪ ਕੌਰ ਸੀ. ਐਚ. ਓ. ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਸਮੂਹ ਆਸ਼ਾ ਵਰਕਰ ਅਤੇ ਸਕੂਲ ਦੇ ਮੁੱਖੀ ਸਮੇਤ ਸਮੂਹ ਸਕੂਲ ਸਟਾਫ਼ ਹਾਜ਼ਰ ਸੀl

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*प्रकाशनार्थ*

*बंगाल: मताधिकार पर डाका या जनतंत्र का अपहरण!*
*(आलेख : राजेंद्र शर्मा)*

पिछले साल के शुरू में जब बिहार से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण उर्फ सर की प्रक्रिया शुरू की गयी थी, तभी जनतंत्र की तथा आम जनता के अधिकारों की चिंता करने वाले अनेक संगठनों तथा व्यक्तियों ने, और इनमें विपक्षी राजनीतिक पार्टियां भी शामिल थीं, देश को आगाह किया था कि जिस तरह से इस प्रक्रिया को गढ़ा गया था और विधानसभाई चुनाव से पहले पूरा करने की जल्दबाजी में और इकतरफा फैसलों के जरिए, जिस तरह संचालित किया जा रहा था, वह बड़ी तादाद में लोगों को मताधिकार से वंचित करने का ही साधन बनेगा। इसमें गरीब-गुरबा, सामाजिक रूप से कमजोर, अशिक्षित या कम शिक्षित लोगों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के मताधिकार के लिए खतरे की ओर खास तौर पर ध्यान खींचा गया था।

उसके करीब एक साल बाद, जबकि देश के बड़े हिस्से में, जिसमें विधानसभा चुनाव के मौजूदा चक्र में शामिल राज्य खासतौर पर शामिल हैं और 2024 के आम चुनाव के बाद, सामान्य रूप से अपडेट की गयी मतदाता सूचियों के अनुसार देश के करीब 60 करोड़ मतदाता आते थे, मतदाता सूचियों के शुद्घीकरण के नाम पर करीब 6 करोड़ यानी कुल 10 फीसदी मतदाताओं की छंटनी कर दी गयी है। इस पूरी कसरत का मकसद ही मतदाता सूचियों के शुद्घीकरण के बजाए, मतदाताओं के खासे बड़े हिस्से का बहिष्करण ही होने और देश के वर्तमान सत्ताधिकारियों के राजनीतिक फायदे के लिए मतदाताओं के चुनिंदा हिस्सा का बहिष्करण होने में अगर किसी को संदेह रहा भी होगा तो, पश्चिम बंगाल में एसआइआर की प्रक्रिया के जरिए जिस तरह से 35 लाख लोगों को कम से कम मौजूदा चुनाव में तो मताधिकार से वंचित कर ही दिया गया है, उससे दूर हो जाना चाहिए। जाहिर है कि एसआईआर (सर) की प्रक्रिया के नाम पर चुनाव आयोग द्वारा लाखों लोगों का मताधिकार छीने जाने की वंचना, सुप्रीम कोर्ट के यह कहने से कम नहीं हो जाती है कि वे अगले चुनावों के लिए मतदाता सूची में अपनी जगह बनाए रखने के लिए प्रयास जारी रख सकते हैं!

याद रहे कि मतदाताओं के ऐसे ही बहिष्करण की आशंकाओं को लेकर, अनेक संगठनों तथा व्यक्तियों ने, सर की पूरी प्रक्रिया को ही चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इस चुनौती में अन्य चीजों के अलावा सर की प्रक्रिया में ढांचागत रूप से ही, मतदाता सूचियों को अद्यतन बनाने के बजाए, एक प्रकार से नये सिरे से मतदाता रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बना देने और उसके लिए नागरिकता परीक्षण को शर्त बना देेने को चुनौती दी गयी थी, क्योंकि यह सभी संविधान के प्रावधानों के खिलाफ है। यह दूसरी बात है कि सर्वोच्च न्यायालय ने अब तक इस चुनौती पर तो निर्णय नहीं दिया है, उल्टे अपने अनेक हस्तक्षेपों के जरिए उसने, सर की प्रक्रिया को लागू कराने के लिए सुगमताकारक की ही भूमिका जरूर बड़े उत्साह से संभाली है। प. बंगाल का 34 लाख लोगों का मताधिकार, चुनाव के बाद तक न्यायाधीन बने रहने का भयावह कांड, इसी का नतीजा है।

फिर भी यह कहना पड़ेगा कि बंगाल को यह अनोखा 'तोहफा' सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दिया था। यह तोहफा दिया था चुनाव आयोग ने, जिसे बंगाल के मामले में एसआइआर के लिए शेष देश में अपनायी गयी प्रक्रिया के जरिए, पचास लाख से ज्यादा नामों के काटे जाने से संतोष नहीं हुआ था। इसका सीधा-सा कारण विभिन्न स्तरों पर केंद्रीय सत्ता की इस शिकायत में छिपा था कि चूंकि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सत्ता में थी, उसने जरूर राज्य कर्मचारी तंत्र से जुड़े बीएलओ आदि को प्रभाव में लेकर, नाम कटने वाले मतदाताओं की संख्या कम करा दी होगी। याद रहे कि बिहार से सर की प्रक्रिया शुरू होने के समय से ही, संघ-भाजपा और उसकी केंद्रीय सत्ता द्वारा इसका प्रचार किया जा रहा था कि, इस छंटनी का असली मकसद बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता सूचियों से निकालना था। यह सत्ताधारी संघ-भाजपा के इस आम प्रचार से बखूबी मेल खाता है कि भारत के विभिन्न हिस्सों में बहुत भारी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिये आकर जम गए हैं। याद रहे कि पिछले साल अप्रैल में पहलगांव के आतंकवादी हमले के बाद, खासतौर पर उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में, जिसमें राजधानी तथा उसके आस-पास के इलाके खास तौर पर शामिल थे, बांग्लादेशी होने के संदेह के नाम पर, बड़ी संख्या में बंगाली मुसलमानों की पकड़-धकड़ और कहीं-कहीं उन्हें जबरन बांग्लादेश की सीमाओं में धकेलने की मुहिम भी छेड़ी गयी थी। इस पृष्ठभूमि में सर प्रक्रिया से हिंदुत्ववादी ताकतों की कथित घुसपैठिया-विरोधी और वास्तव में मुस्लिम-विरोधी अपेक्षाएं और भी बढ़ गयीं।

बेशक, बिहार में और उसके बाद दूसरे कई राज्यों में भी सर की प्रक्रिया के जरिए, किसी उल्लेखनीय संख्या में घुसपैठियों की पहचान होने की सचाई सामने नहीं आयी। वास्तव में चुनाव आयोग द्वारा सर के नाम पर, 2002-03 की मतदाता सूचियों से संबंध स्थापित करने और विभिन्न दस्तावेजों की मांग के जरिए, एक प्रकार से नागरिकता परीक्षा थोपे जाने के बावजूद, किसी उल्लेखनीय संख्या में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के नाम भी छंटनी में नहीं आ पाए थे। इसके बजाए, गरीबों, अशिक्षितों या कम शिक्षितों तथा महिलाओं के अलावा, बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों पर ही इस छंटनी की गाज गिरी थी, जिनमें, कमाई के लिए अस्थायी रूप से बाहर जाने वाले और इसी तरह बाहर से आकर संबंधित क्षेत्र में रहने वाले मजदूर ही ज्यादा थे। बहरहाल, बड़े पैमाने पर बांग्लादेशी घुसपैठ के सत्ताधारी संघ-भाजपा के नैरेटिव को और वास्तव में उनके चुनावी हितों को आगे बढ़ाने की चुनाव आयोग की तत्परता में, घुसपैठियों के नहीं मिलने की सचाई से कोई कमी नहीं आयी। उल्टे उसकी यह धारणा और पक्की हो गयी कि बंगाल में और जाहिर है कि असम में भी, बहुत बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूचियों में होंगे ही।

लेकिन, चूंकि असम में मतदाता सूची में इस तरह की छंटनी सत्ताधारी पार्टी के हित में नहीं बैठती थी और इस राज्य में परिसीमन के जरिए, विधानसभाई सीटों को सत्तापक्ष के हितों के हिसाब से पहले ही ढाला जा चुका था, असम को वहां एनआरसी का मामला लंबित होने का गोलमोल बहाना बनाकर, विधानसभाई चुनाव से पहले सर कराने के तकाजे से अपवाद बनाकर बाहर कर दिया गया। मतदाता सूचियों की इस तरह की सफाई का सारा नज़ला उतरा बंगाल पर। संघ-भाजपा के वैचारिक आख्यान से संचालित चुनाव आयोग के लिए समीकरण आसान था — बंगलाभाषी+मुसलमान = घुसपैठिया! बंगाल के सीमावर्ती जिलों में, इस समीकरण के हिसाब से बीसियों लाख लोग छंटनी के लिए उपलब्ध थे। सत्ताधारी पार्टी की नजरों में ये वैसे भी, उसके विरोधी मतदाता थे। उनका मताधिकार छीना जाना, उसकी जीत में ही मददगार होता।

इसका नतीजा यह हुआ कि इसके बावजूद कि, सर की सामान्य प्रक्रिया में बंगाल में करीब 5 फीसदी नाम कटे थे, जो मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि अनेक राज्यों से ज्यादा ही था, चुनाव आयोग ने बंगाल के लिए एक खास तजुर्बा करना तय किया। इस सामान्य छंटाई के बाद, संशोधित मतदाता सूचियों का और गहन परीक्षण के लिए, एक पूरी तरह के अपरीक्षित साफ्टवेयर के हवाले कर दिया गया, जिसके एल्गोरिदम की न किसी ने जांच की थी और न उसका किसी ने अध्ययन किया था। इस सॉफ्टवेयर ने 1 करोड़ 35 लाख नामों को तार्किक विसंगति या लॉजीकल डिस्क्रीपेंसी की श्रेणी में डाल दिया। बेशक, बाद में उनमें से आधे नामों को इस श्रेणी से निकाल भी दिया गया, लेकिन अमर्त्य सेन से लेकर, पूर्व-जनरलों तक अनेक नामों के मतदाता के रूप में संदिग्ध सूची में डाले जाने का शोर मचने के बाद।

इसके बाद, लाखों लोगों की दस्तावेजों के साथ अंतहीन दौड़ शुरू हुई। अंतत: 35 लाख मतदाताओं का नाम न्यायाधीन की श्रेणी में डाल दिया गया, जिस पर विचार के काम में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद, न्यायाधीशों को लगाया गया। और नतीजा क्या निकला? कुल 35 लाख मतदाताओं में से 0.01 फीसद के मताधिकार पर, मतदान के पहले चरण तक न्यायिक ट्रिब्यूनल का फैसला आ पाया था। अधिकांश फैसले प्रार्थियों के मताधिकार के पक्ष में होने से यह भी साफ हो गया कि इनमें अधिकांश वैध मतदाता थे। लेकिन, चुनाव आयोग ने जिस तरह की समय सूची सर के लिए थोपी थी और जिस तरह सोचे-समझे तरीके से और अकारण, लाखों लोगों के मताधिकार पर सवालिया निशान लगाया था, उसने यह सुनिश्चित किया कि मतदाताओं की यह विशाल संख्या अपने मताधिकार का प्रयोग ही नहीं कर सके। बेशक, सुप्रीम कोर्ट ने भी इन मतदाताओं को वर्तमान चुनाव में मतदान का अधिकार देने के बजाए, इस चुनाव को भूलकर आगे अपने मताधिकार के लिए लड़ाई जारी करने का उपदेश देना ही काफी समझा। सर्वोच्च न्यायालय ने तो अपने दरवाजे पर आए, ऐसे 65 चुनाव अधिकारियों को भी कोई राहत देने से इंकार कर दिया, जिन पर चुनाव कराने का जिम्मा तो है, लेकिन जिनका अपना मताधिकार छीन लिया गया है।

कहने की जरूरत नहीं है कि यह पागलपन भी बिना योजना के नहीं है। न्यायाधीन के नाम पर, मताधिकार से वंचित किए गए कुल मतदाताओं में हिंदुओं की संख्या बेशक ज्यादा है, लेकिन आबादी के अनुपात में मुसलमानों का हिस्सा काफी ज्यादा है। इसके ऊपर से मुसलमानों के नामों की छंटनी टार्गेटेड तरीके से की गयी है। एक उदाहरण से ही बात साफ हो जाएगी। मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले में एक विधानसभाई क्षेत्र है —शमशेरगंज। इस विधानसभाई क्षेत्र में कुल 2,35,592 मतदाता हैं। इनमें 82 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं यानी 1, 93,129। यहां कुल 1,07,683 मतदाताओं को न्यायाधीन की श्रेणी में डाल दिया गया। इनमें 98.8 फीसदी यानी 1,06,407 मुसलमान हैं, जबकि हिंदू कुल 964 यानी 0.94 फीसदी हैं। कहने की जरूरत नहीं है कि चुनाव आयोग का यह फैसला, चुनाव के नतीजों को किस ओर धकेल सकता है।

बंगाल में इस पूरी प्रक्रिया के बीच, छ: लाख नाम मतदाता सूचियों में जोड़े जाने में भी टार्गेटिंग के आरोपों को जोड़ दिया जाए तो, चुनाव प्रक्रिया के ही बनाए जाने की कहानी पूरी हो जाती है। इस सब के बावजूद अगर भाजपा का बंगाल फतेह करने का अभियान नाकाम हो जाता है, तो यह मोदीशाही की जनतंत्र को खोखला करने की वृहत्तर मुहिम के लिए एक बड़ा धक्का होगा और बंगाल की जनता की जीत। लेकिन, इस सब धतकर्म के बाद अगर संघ-भाजपा किसी तरह बंगाल में सत्ता पर काबिज हो जाते हैं, तब भारतीय जनतंत्र के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह और बड़े हो जाएंगे। आखिर, चुनाव आयोग से लेकर न्यायपालिका तक, सब हिंदुत्व की पालकी के कहार बनकर जो खड़े होंगे।

*(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और साप्ताहिक पत्रिका 'लोकलहर' के संपादक हैं।)*

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
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*All India Media Association
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RNI NO : DELHIN/2005/15378
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*INDIAN PRESS UNION*
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गया जी, शेरघाटी प्रखंड के चिलम पंचायत के ग्रामीणों को इन दिनों भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, NH-19 से जुड़ी ग्रामीण सड़क को बिहार विधानसभा चुनाव से पहले निर्माण के नाम पर जेसीबी द्वारा खोद दिया गया था, लेकिन अब तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया है।
सड़क खोदे जाने के बाद स्थिति पहले से भी अधिक खराब हो गई है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन काफी कठिन हो गया है। विशेष रूप से टोटो (ई-रिक्शा) चालकों को इस ऊबड़-खाबड़ सड़क पर चलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सड़क निर्माण का काम शुरू किया गया था और ठेकेदार द्वारा जल्द निर्माण पूरा करने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं दिख रही है।
इधर शादी-विवाह के मौसम में बढ़ती भीड़ के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है। छोटे वाहनों के टायर पंचर होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त आर्थिक और समय की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर आक्रोश है। कुछ ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार और ठेकेदार के इस रवैये से ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है, ताकि उन्हें इस समस्या से राहत मिल सके।

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पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों हेतु शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026

आवेदन की अंतिम तिथि 11 मई: प्रशिक्षण 12 मई से होगा प्रारंभ

मध्यप्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों, पुलिस होमगार्ड एवं निजी सुरक्षा एजेसियों में भर्ती के लिए गुणवत्तापूर्ण आवासीय प्रशिक्षण में पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा एक नवीन योजना के तहत पिछड़ा वर्ग के युवाओं हेतु शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026 तैयार की गई है।
मध्यप्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं में राष्ट्र प्रेम की भावना, अनुशासन एवं कर्तव्य बोध विकसित करते हुए प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिसमें शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ सैद्धांतिक विषयों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण पूर्णतः निशुल्क एवं आवासीय है। योजनांतर्गत मुरैना जिले में पिछड़ा वर्ग के 100 बालक एवं 100 बालिकाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। शिष्यवृत्ति प्रशिक्षण अवधि में चयनित पात्र पुरुष प्रशिक्षणार्थियों को 1000 रूपए प्रतिमाह तथा पात्र महिला प्रशिक्षणार्थियों को 1100 रूपए प्रतिमाह की दर से शिष्यवृत्ति भी उपलब्ध करायी जाएगी। यह आवासीय प्रशिक्षण है, जिसकी कुल अवधि 45 दिवस निर्धारित है।
पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि योजना में सम्मिलित होने के लिए आवश्यक अर्हताएं जैसे शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण, आवेदक मध्यप्रदेश का मूल निवासी, मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए घोषित अनुसूची में सम्मिलित अन्य पिछड़ा वर्ग का मध्यप्रदेश राज्य का सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी (नॉन क्रीमीलेयर) जाति प्रमाण-पत्र होना आवश्यक है। सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों, पुलिस, होमगार्ड एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती हेतु निर्धारित आयु सीमा निर्धारित है। शारीरिक माप न्यूनतम ऊँचाई पुरुष 168 से.मी. एवं महिला 155 से.मी. (सम्बंधित भर्ती विज्ञापन में प्रदत्त छूट लागू होगी)। आवेदक के पैरो के तलवे फ्लैट फूट श्रेणी में नहीं होना चाहिए। सावधान की मुद्रा में आवेदक के घुटने परस्पर नहीं मिलना चाहिए। अन्य शारीरिक मापदण्ड दृष्टि, जबड़े, निरोगी होना एवं अन्य निर्धारित मापदण्ड संतोषजनक होना चाहिए। सैद्धांतिक प्रशिक्षण योग्य एवं अनुभवी ट्रेनर के निर्देशन में निर्धारित पाठ्यक्रम अनुसार सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति, गणित, कम्प्यूटर, अंग्रेजी एवं अन्य आवश्यक विषयों का प्रतिदिन 04 घण्टे प्रशिक्षण। शारीरिक प्रशिक्षण शारीरिक क्षमता विकास हेतु योग्य एवं अनुभवी ट्रेनर के निर्देशन में प्रतिदिन 03 घण्टे (प्रातः एवं सायंकाल), शारीरिक प्रशिक्षण यथा रनिंग, ऊँची कूद, लंबी कूद, गोला फेक, भाला फेक एवं अन्य समकक्ष खेल-कूद गतिविधियां होगी। निःशुल्क प्रशिक्षण, आवासीय व्यवस्था, भोजन व्यवस्था एवं अध्ययन सामग्री तथा प्रशिक्षण स्थल पर पुरुष अभ्यर्थियों हेतु पिछड़ा वर्ग बालक पोस्ट मैट्रिक छात्रावास ए.बी. रोड मुरैना, महिला अभ्यर्थियों हेतु पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, बडोखर मुरैना, आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 मई 2026 है। प्रशिक्षण 12 मई 2026 से विधिवत प्रारंभ होगा। आवेदन प्रारूप विभागीय वेवसाइट www. bcwelfare.mp.gov.in एवं कार्यालय कलेक्टर पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण, कक्ष क्रमांक 208, द्वित्तीय तल कलेक्ट्रेट परिसर मुरैना से कार्यालयीन समय में प्राप्त किये जा सकते हैं।
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गेहूँ उपार्जन हेतु स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई तक की गई

रबी विपणन वर्ष 2026–27 के अंतर्गत जिले में समर्थन मूल्य पर एफ.ए.क्यू. (मानक गुणवत्ता) गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा अब 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक कर दी गई है।
इस संबंध में बुधवार, 29 अप्रैल को मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल द्वारा आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि स्लॉट बुकिंग से संबंधित तकनीकी समस्याओं के समाधान हेतु एन.आई.सी. की टीम द्वारा पोर्टल पर निरंतर कार्य किया जा रहा है, जिससे शीघ्र ही समस्या का पूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
जिले में अब तक 1242 किसानों से कुल 55,538 क्विंटल गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। उपार्जित गेहूँ का भुगतान जेआईटी (जस्ट-इन-टाइम) प्रणाली के माध्यम से सीधे किसानों के आधार से लिंक बैंक खातों में किया जा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा पंजीकृत कृषकों से अपील की गई है कि वे अपने निकटतम उपार्जन केंद्र पर निर्धारित अवधि में स्लॉट बुकिंग कराकर समर्थन मूल्य पर गेहूँ का विक्रय सुनिश्चित करें। साथ ही सभी खरीदी केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि शासन के नियमों के अनुरूप निर्धारित समयावधि में केवल एफ.ए.क्यू. गुणवत्ता का गेहूँ ही उपार्जित किया जाए।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh

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ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ/ਸਾਦਿਕ 29 ਅਪ੍ਰੈਲ ( ਨਾਇਬ ਰਾਜ)

ਸਿਹਤ ਤੇ ਪਰਿਵਾਰ ਭਲਾਈ ਵਿਭਾਗ, ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਹਦਾਇਤਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਤੇ ਸਿਵਲ ਸਰਜਨ, ਫਰੀਦਕੋਟ ਡਾ. ਪਰਵਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗੁਲਾਟੀ ਦੇ ਦਿਸ਼ਾ ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਹੇਠ ਅਤੇ ਡਾ. ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਬਰਾੜ ਸੀਨੀਅਰ ਮੈਡੀਕਲ ਅਫ਼ਸਰ ਇੰਚਾਰਜ ਪੀ. ਐਚ. ਸੀ. ਜੰਡ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਿੱਚ ਸਿਹਤ ਬਲਾਕ ਜੰਡ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਦਫ਼ਤਰ ਵਿਖੇ ਆਸ਼ਾ ਅਤੇ ਆਸ਼ਾ ਫੈਸਿਲੀਟੇਟਰ ਦਿਵਸ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਪੇਂਡੂ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਸੇਵਾਵਾਂ ਨਿਭਾਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਬਿਹਤਰੀਨ ਆਸ਼ਾ ਵਰਕਰਾਂ ਨੂੰ ਸਨਮਾਨ ਚਿੰਨ ਦੇ ਕੇ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।

ਇਸ ਮੌਕੇ ਡਾ. ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਬਰਾੜ ਨੇ ਇਸ ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਆਸ਼ਾ ਵਰਕਰਾਂ ਨੂੰ ‘ਆਸ਼ਾ ਦਿਵਸ’ ਦੀ ਵਧਾਈ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਸ਼ਾ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਰੀੜ੍ਹ ਦੀ ਹੱਡੀ ਹਨ, ਜੋ ਪੇਂਡੂ ਅਤੇ ਸ਼ਹਿਰੀ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਜ਼ਮੀਨੀ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਸੇਵਾਵਾਂ ਨਿਭਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਾਵਾਂ ਅਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਸੰਭਾਲ, ਮਾਵਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਦਰ ਨੂੰ ਘੱਟ ਕਰਨ, ਜੱਚਾ-ਬੱਚਾ ਦਾ ਟੀਕਾਕਰਨ ਅਤੇ ਸੰਸਥਾਗਤ ਜਣੇਪੇ ਨੂੰ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਆਸ਼ਾ ਵਰਕਰਾਂ ਦਾ ਯੋਗਦਾਨ ਬੇਮਿਸਾਲ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਿਹਤ ਯੋਜਨਾ ਕਾਰਡ ਰਜਿਸਟਰੇਸ਼ਨ ਵਿੱਚ ਆਸ਼ਾ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣਾ ਅਹਿਮ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈl

ਡਾ. ਬਰਾੜ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਹਾਈ-ਰਿਸਕ ਗਰਭਵਤੀ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਦੀ ਪਛਾਣ ਕਰਨ ਅਤੇ ਹਰ ਮਹੀਨੇ ਦੀ 9 ਅਤੇ 23 ਤਾਰੀਖ ਨੂੰ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਮਾਤ੍ਰਿਤਵ ਅਭਿਆਨ ਤਹਿਤ ਚੈੱਕਅਪ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਆਸ਼ਾ ਵਰਕਰਾਂ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਕਾਬਿਲ-ਏ-ਤਾਰੀਫ਼ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਸ਼ਾ ਵਰਕਰ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਇੱਕ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕੜੀ ਵਜੋਂ ਕੰਮ ਕਰਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਯਤਨਾਂ ਸਦਕਾ ਹੀ ਸਿਹਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਲੋਕਾਂ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚ ਰਹੀਆਂ ਹਨl

ਇਸ ਮੌਕੇ ਰਜਿੰਦਰ ਕੁਮਾਰ ਬੀ. ਈ. ਈ., ਸੁਖਦੀਪ ਸਿੰਘ ਫਾਰਮੇਸੀ ਅਫ਼ਸਰ, ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਬਲਾਕ ਅਕਾਊਂਟੈਂਟ, ਦਰਸ਼ਨ ਕੌਰ ਸਟੈਨੋ, ਪਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ ਤੇ ਦਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਯੂਨੀਅਰ ਸਹਾਇਕ ਅਤੇ ਲਵਜੀਤ ਸਿੰਘ ਸਮੇਤ ਸਮੂਹ ਸਟਾਫ਼ ਹਾਜ਼ਰ ਸੀl

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नागपुर शहर में भीषण गर्मी के बीच रक्त की भारी कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं ।

ब्लड बैंकों में चल रहे रक्त के संकट को देखते हुए सिंधु युवा फोर्स सामाजिक संस्था ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए एक विशाल रक्तदान शिविर का संकल्प लिया है ।
ये केवल एक आयोजन नहीं बल्कि उन थैलेसिमियां पीड़ित बच्चों और गंभीर मरीजों के लिए जीवनदान की उम्मीद है जिन्हें समय पर रक्त नहीं मिल पा रहा है ।
रक्तदान शिविर - 10 मई ( रविवार ) ।
समय - सुबह 8 से शाम 7 बजे तक ।
स्थान - संत सतरामदास धर्मशाला, ( समाधि साहिब ) जरीपटका नागपुर ।
इस पुनीत कार्य में श्री जीतू बेलानी जी, श्री राजकुमार पंजवानी जी, श्री जीतू कामनानी जी, श्री शंकर भोजवानी जी व संत सतरामदास साहिब ट्रस्ट का पूर्ण सहयोग प्राप्त है ।
प्रथम सभा में ही जिस तरह युवा साथियों ने 500 से अधिक यूनिट रक्त संकलन का संकल्प लिया है वो नागपुर की जीवंत और सेवाभावी संस्कृति को दर्शाता है ।
तपती गर्मी के कारण जब दानदाता कम हो जाते हैं, तब इस तरह के बड़े शिविर की योजना बनाना साहस और दूरदर्शिता का प्रमाण है ।
सभा में युवा साथियों का उत्साह ये बताता है कि आज की पीढ़ी सामाजिक सरोकारों के प्रति कितनी सजग है ।
रक्त के अभाव में सबसे ज्यादा कष्ट थैलेसमिया से जूझ रहे बच्चों को होता है।
ये शिविर उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का एक सशक्त ज़रिया बनेगा, ये विश्वास हमें है ।
आपसे निवेदन है,
जिनकी आयु 18 से 65 वर्ष के बीच है, जिनका वजन 45 किलो से अधिक है और आप शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ हैं तो कृपया इस रक्तदान शिविर में मानवता की खातिर स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए आगे आएं।

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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FIFA allows Afghan women to play for their country, defying Taliban

Afghanistan's players prepare to compete in the FIFA Unites Women's Series 2025 match between Afghan Women United and Chad in Berrechid, Morocco, on October 26, 2025. Abdel Majid Bziouat/AFP/Getty Images

For nearly five years, dozens of Afghanistan’s women soccer players have lived in exile — scattered across Australia, the United States and Europe — unable to officially represent their country’s national team. A landmark amendment to the regulations of soccer’s worldwide governing body is set to change that.

The ruling Tuesday by the International Federation of Association Football (FIFA) allows Afghan female players to compete as the Afghanistan women’s national team in official international matches for the first time with full sporting recognition.

The decision, issued at a FIFA Council meeting in Vancouver, British Columbia, rewrites a long-standing rule that required FIFA to recognize a national team through the country’s own soccer federation. Afghanistan’s federation, operating under Taliban influence since the radical Islamist group returned to power in 2021, has refused to acknowledge the women’s program, effectively keeping its female players off the international pitch.

soccer due to situations beyond their control.

“This is a powerful and unprecedented step in world sport,” FIFA President Gianni Infantino said in a statement. “By enabling Afghan women to compete for their country in official matches, we are turning principles into action.”

CNN has reached out to the Taliban-led Afghan government for comment.

A women’s team in exile
The team, which has played under the name Afghan Women United as a FIFA-supported refugee squad, has been pushing for this decision since the Taliban swept back into power and immediately suspended organized women’s sports across the country. Players were forced into hiding, their equipment and medals buried or abandoned, before a coordinated evacuation — led in part by former team captain and activist Khalida Popal — brought dozens of players out of the country.

What followed was years of fighting not just for the right to play but for FIFA to designate the group as Afghanistan’s official women’s national team. CNN reported in October that players had grown frustrated with the “refugee” label that defined their squad.

“We are tired of getting called refugee,” player Zainab Mozaffari told CNN Sports. Tuesday’s ruling directly addresses that grievance.

The team took its first tentative steps back onto the international stage in October, competing in an unofficial FIFA-organized tournament in Morocco.

“For these players, representing Afghanistan is about identity, dignity and hope,” Popal said in a statement Tuesday. “This moment also shows that when we stand united, we can achieve more.”

The change comes too late for Afghanistan to qualify for the 2027 Women’s World Cup in Brazil, but the team could now enter qualifying for the 2028 Olympics in Los Angeles. A training camp is scheduled for the first week of June in New Zealand, where the team will face the Cook Islands. FIFA has committed to providing financial, technical and human support for up to two years through the transition.

The governance amendment is also broader than one country, setting a precedent that could apply to any national federation that discriminates against its own players in the future.

*Devashish Govind Tokekar*
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महाराष्ट्र स्कूल रिजल्ट 2025-26: 1 मई को आएगा परिणाम, उत्तर पुस्तिकाएं दिखाना अब अनिवार्य
​मुंबई:
महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के परीक्षा परिणामों को लेकर एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसे शिक्षा जगत में 'क्रांतिकारी' माना जा रहा है। अब 1 मई को केवल प्रोग्रेस कार्ड (रिजल्ट) थमा देने से काम नहीं चलेगा; स्कूलों को अब अभिभावकों (Parents) को उनके बच्चों की असली उत्तर पुस्तिकाएं (Answer Sheets) दिखाना अनिवार्य होगा।
​1 मई को नतीजा, 2 मई से मौज!
​शिक्षा विभाग के नए शेड्यूल के अनुसार, राज्य के सभी प्राइमरी, सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों का रिजल्ट 1 मई 2026 को घोषित किया जाएगा। इसके ठीक अगले दिन, यानी 2 मई 2026 से पूरे महाराष्ट्र के राज्य बोर्ड स्कूलों में आधिकारिक तौर पर गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो जाएंगी।
​सिर्फ नंबर नहीं, अब काबिलियत दिखेगी
​नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत लिए गए इस फैसले का मुख्य उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। शिक्षा आयुक्त सचिन्द्र प्रताप सिंह द्वारा जारी आदेशों के अनुसार: ​अभिभावक अब देख सकेंगे कि उनके बच्चे ने परीक्षा में असल में क्या लिखा है। ​शिक्षकों ने पेपर कैसे चेक किए हैं, इसमें अब पूरी पारदर्शिता रहेगी। ​सिर्फ अंकों (Marks) के पीछे भागने के बजाय, बच्चा कहाँ गलती कर रहा है और उसकी लेखन शैली कैसी है, इसका सटीक अंदाजा लगाया जा सकेगा।
​क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
​शिक्षण निदेशालय का मानना है कि इस कदम से पालकों और शिक्षकों के बीच संवाद बढ़ेगा। इसके कई बड़े फायदे गिनाए गए हैं:
​कमी की पहचान: माता-पिता घर पर ही बच्चे की कमजोरियों को सुधारने में मदद कर पाएंगे।
​जिम्मेदारी का अहसास: बच्चे की पढ़ाई और लिखने की आदतों के प्रति अभिभावक अधिक सजग होंगे।
​भरोसा और पारदर्शिता: मूल्यांकन प्रक्रिया (Evaluation) पर पालकों का विश्वास बढ़ेगा।
​सभी स्कूलों को सख्त आदेश
​यह आदेश महाराष्ट्र के सभी मैनेजमेंट और सभी माध्यमों (मराठी, हिंदी, अंग्रेजी आदि) के स्कूलों पर लागू होगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम राज्य की शैक्षणिक गुणवत्ता को एक नए स्तर पर ले जाएगा। अब 1 मई का दिन केवल पास या फेल होने का नहीं, बल्कि बच्चे के भविष्य की नई प्लानिंग का दिन होगा।

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FIFA allows Afghan women to play for their country, defying Taliban

Afghanistan's players prepare to compete in the FIFA Unites Women's Series 2025 match between Afghan Women United and Chad in Berrechid, Morocco, on October 26, 2025. Abdel Majid Bziouat/AFP/Getty Images

For nearly five years, dozens of Afghanistan’s women soccer players have lived in exile — scattered across Australia, the United States and Europe — unable to officially represent their country’s national team. A landmark amendment to the regulations of soccer’s worldwide governing body is set to change that.

The ruling Tuesday by the International Federation of Association Football (FIFA) allows Afghan female players to compete as the Afghanistan women’s national team in official international matches for the first time with full sporting recognition.

The decision, issued at a FIFA Council meeting in Vancouver, British Columbia, rewrites a long-standing rule that required FIFA to recognize a national team through the country’s own soccer federation. Afghanistan’s federation, operating under Taliban influence since the radical Islamist group returned to power in 2021, has refused to acknowledge the women’s program, effectively keeping its female players off the international pitch.

soccer due to situations beyond their control.

“This is a powerful and unprecedented step in world sport,” FIFA President Gianni Infantino said in a statement. “By enabling Afghan women to compete for their country in official matches, we are turning principles into action.”

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The team, which has played under the name Afghan Women United as a FIFA-supported refugee squad, has been pushing for this decision since the Taliban swept back into power and immediately suspended organized women’s sports across the country. Players were forced into hiding, their equipment and medals buried or abandoned, before a coordinated evacuation — led in part by former team captain and activist Khalida Popal — brought dozens of players out of the country.

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“We are tired of getting called refugee,” player Zainab Mozaffari told CNN Sports. Tuesday’s ruling directly addresses that grievance.

The team took its first tentative steps back onto the international stage in October, competing in an unofficial FIFA-organized tournament in Morocco.

“For these players, representing Afghanistan is about identity, dignity and hope,” Popal said in a statement Tuesday. “This moment also shows that when we stand united, we can achieve more.”

The change comes too late for Afghanistan to qualify for the 2027 Women’s World Cup in Brazil, but the team could now enter qualifying for the 2028 Olympics in Los Angeles. A training camp is scheduled for the first week of June in New Zealand, where the team will face the Cook Islands. FIFA has committed to providing financial, technical and human support for up to two years through the transition.

The governance amendment is also broader than one country, setting a precedent that could apply to any national federation that discriminates against its own players in the future.
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'மூலப் பெயரிலான மருந்துகளை மட்டுமே, மத்திய அரசு மருத்துவமனைகளில் பரிந்துரைக்க வேண்டும்' என, மத்திய சுகாதார சேவைகளுக்கான தலைமை இயக்குநரகம் அறிவுறுத்தியுள்ளது.
நாட்டில் உள்ள அங்கீகரிக்கப்பட்ட மருத்துவர்களுக்கான, நெறிசார் வழிகாட்டுதல்கள் மற்றும் விதிகளை, தேசிய மருத்துவ ஆணையம், மூன்றாண்டுகளுக்கு முன்பு வெளியிட்டது. அதில், 'ஜெனரிக்' எனப்படும், மூலப் பெயர் கொண்ட மருந்துகளை மட்டுமே டாக்டர்கள் பரிந்துரைக்க வேண்டும் என்பது பிரதான விதியாக இருந்தது. அதை மீறுவோர் மீது, சட்ட நடவடிக்கை எடுக்கப்படும் என்றும் தெரிவிக்கப்பட்டிருந்தது.

இதற்கு பல்வேறு தரப்பிலிருந்தும் ஆட்சேபனைகள் எழுந்தன. மூலப் பெயர் கொண்ட மருந்துகளை பரிந்துரைப்பதில் தவறில்லை என்றாலும், அதன் தரத்தை எவ்வாறு உறுதி செய்வது என, கேள்வி எழுந்தது. பிரபல மருந்து நிறுவனங்களின் உற்பத்தி தரத்துக்கு, சிறிய அளவில் மருந்து உற்பத்தி செய்வோரால், ஈடு கொடுக்க முடியாது என, விமர்சனங்கள் முன் வைக்கப்பட்டன. இதனால், சிகிச்சைக்கு வரும் நோயாளிகள் குணமடைவதில் காலதாமதம் ஏற்படவும், தரமற்ற மருந்துகளால் பக்க விளைவுகள் ஏற்படவும் வாய்ப்புள்ளது என, இந்திய மருத்துவ சங்கம் தெரிவித்தது.

எனவே, நாட்டில் உற்பத்தியாகும் மருந்துகளின் தரத்தை உறுதிப்படுத்துவதை ஒழுங்குமுறைப்படுத்திய பின், இத்தகைய விதிகளை அமல்படுத்த வேண்டும் என வலியுறுத்தப்பட்டது. அதை ஏற்று, தேசிய மருத்துவ ஆணையம், அந்த விதிகளை தற்காலிகமாக ஒத்திவைப்பதாக தெரிவித்தது. இந்நிலையில், 2023 வழிகாட்டுதல்களை பின்பற்றி, மத்திய அரசு மருத்துவமனைகளில், மூலப்பெயர் மருந்துகளை மட்டுமே பரிந்துரைக்க வேண்டும் என, மத்திய சுகாதார சேவைகள் தலைமை இயக்ககம் அறிவுறுத்தியுள்ளது.

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ਫਰੀਦਕੋਟ, 29 ਅਪ੍ਰੈਲ 2026(ਨਾਇਬ ਰਾਜ)

ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਮੈਡਮ ਪੂਨਮਦੀਪ ਕੌਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹਦਾਇਤਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਫਸਲ ਦਾ ਇੱਕ-ਇੱਕ ਦਾਣਾ ਖਰੀਦਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਬੀਤੇ ਕੱਲ ਤੱਕ 422023 ਮੀਟਰਕ ਟਨ ਕਣਕ ਦੀ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਆਮਦ ਹੋਈ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚੋਂ 417854 ਮੀਟਰਕ ਟਨ ਦੀ ਖਰੀਦ ਹੋਈ ਹੈ। ਜੋ ਕਿ ਖਰੀਦ ਦੇ ਨਿਰਧਾਰਤ ਸਮੇਂ 24 ਘੰਟੇ ਅੰਦਰ ਕੀਤੀ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਖਰੀਦ ਦਾ 99.92 ਫੀਸਦੀ ਬਣਦਾ ਹੈ।
ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਬੀਤੇ ਕੱਲ ਪਨਗ੍ਰੇਨ ਕਣਕ ਵੱਲੋਂ 122601.00 ਮੀਟ੍ਰਿ਼ਕ ਟਨ, ਮਾਰਕਫੈੱਡ ਵੱਲੋਂ 106075.50 ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਟਨ, ਪਨਸਪ ਵੱਲੋਂ 94304.00 ਪੰਜਾਬ ਵੇਅਰਹਾਊਸ ਵੱਲੋਂ 73373.00 ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਟਨ ਅਤੇ ਖਰੀਦ ਏਜੰਸੀਆਂ ਵੱਲੋਂ 21500.00 ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਟਨ ਕਣਕ ਦੀ ਖ੍ਰੀਦ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਹੁਣ ਤੱਕ 233085 ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਕਣਕ ਦੀ ਲਿਫਟਿੰਗ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ। ਹੁਣ ਤੱਕ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਖਾਤੇ ਵਿੱਚ 910 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਆਨਲਾਈਨ ਅਦਾਇਗੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ।
ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੇ ਸੰਬੰਧਤ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਲਿਫਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਹੋਰ ਤੇਜੀ ਲਿਆਉਣ ਦੇ ਹੁਕਮ ਦਿੱਤੇ। ਉਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੰਡੀ ਬੋਰਡ , ਖੁਰਾਕ ਤੇ ਸਿਵਲ ਸਪਲਾਈ ਵਿਭਾਗ ਤੇ ਖਰੀਦ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀ ਚੁਕਾਈ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨੂੰ ਹੋਰ ਤੇਜ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਨਿੱਜੀ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਨਿਗਰਾਨੀ ਕਰਨ ।

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न्यूज:
हाल के दिनों में पूजा-पाठ के दौरान सिर ढकने की बढ़ती प्रथा को लेकर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है। कई लोग पूजन आरंभ होते ही रूमाल या कपड़ा सिर पर रख लेते हैं, जबकि कुछ विद्वानों और आचार्यों का कहना है कि यह शास्त्रसम्मत नहीं है।
धार्मिक ग्रंथों और पुराणों के हवाले से बताया जा रहा है कि जप, ध्यान और देवपूजन के समय सिर ढकना निषेध माना गया है। विशेष रूप से कुर्म पुराण सहित अन्य ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि सिर या कण्ठ ढककर, अशुद्ध अवस्था में या अनुचित आचरण के साथ किया गया जप निष्फल हो सकता है।
कुछ विद्वानों का यह भी कहना है कि पूजा के समय शारीरिक और मानसिक शुद्धता अत्यंत आवश्यक है, जिसमें सिर खुला रखना भी एक महत्वपूर्ण नियम बताया गया है। वहीं, समाज के एक वर्ग का मानना है कि यह आस्था और परंपरा का विषय है, जिसे व्यक्ति अपनी सुविधा और श्रद्धा के अनुसार अपनाता है।
इस मुद्दे पर स्पष्टता के लिए धर्माचार्यों की राय अहम मानी जा रही है। जानकारों का कहना है कि किसी भी धार्मिक कर्मकांड को करने से पहले उसके शास्त्रीय नियमों को समझना जरूरी है, ताकि श्रद्धा के साथ-साथ विधि-विधान का भी पालन हो सके।

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न्यूज:
उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के मालदेपुर क्षेत्र में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक पीपा पुल टूटने की सूचना सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही आपदा कंट्रोल रूम बलिया तुरंत सक्रिय हो गया और राहत एवं बचाव कार्य तेज़ी से शुरू कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार पुल टूटने के कारण करीब 5 से 6 लोग मौके पर फंस गए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी के निर्देश पर अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की टीम को तत्काल घटनास्थल पर भेजा गया। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और सदर उप जिलाधिकारी को भी सूचित किया गया।
घटनास्थल पर कोतवाली की पीआरबी 6430 टीम पहले ही पहुंच चुकी थी। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमों ने हालात को नियंत्रित करते हुए एलएनटी की स्टीमर की मदद से बचाव अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद पीपा पुल पर फंसे सभी पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मौके पर मौजूद नाविकों ने भी बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाई।
प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। खराब मौसम को देखते हुए आपदा कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

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स्कूलों का महंगी कॉपी, किताबें और स्टेशनरी पर अपना लोगो/ब्रांड लगाकर बेचना बच्चों के परिवारों के साथ सीधी लूट जैसा है। यह आम बाज़ार की चीज़ों से 2-3 गुना ज़्यादा पैसे लेता है, जबकि लोगो लगाने के अलावा इसमें कुछ खास नहीं होता। ऐसा क्यों होता है? स्कूल ये चीज़ें खुद या अपनी टाई-अप दुकानों के ज़रिए बेचते हैं। वे “यूनिफ़ॉर्मिटी और बच्चे को स्कूल से जोड़ने” का बहाना बनाते हैं। असल में, यह एक तरह की मोनोपॉली है जिससे माता-पिता से ज़्यादा पैसे ऐंठते हैं। सरकार का क्या रुख है? पंजाब (भारत और पाकिस्तान दोनों में) और दूसरे राज्यों की सरकारों ने इसके ख़िलाफ़ गाइडलाइंस जारी की हैं: प्राइवेट स्कूल माता-पिता को किसी खास दुकान से खरीदने के लिए मजबूर न करें। स्कूल सिर्फ़ ज़रूरी चीज़ों की लिस्ट दे सकता है, लेकिन लोगो वाली चीज़ें खरीदना ज़रूरी नहीं कर सकता। कई जगहों पर इसे गैर-कानूनी माना गया है और इसके ख़िलाफ़ कार्रवाई भी हुई है। लेकिन असल में, कई स्कूल इसे नज़रअंदाज़ करते हैं और बच्चों पर लोगो वाली कॉपी लाने का दबाव डालते हैं। आप क्या कर सकते हैं? स्कूल प्रिंसिपल से लिखकर पूछें कि बिना लोगो वाली सादी कॉपी लाने पर कोई रोक है या नहीं, तो उसका रेफरेंस मांगें। अपने इलाके के डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (DEO) या पंजाब स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट में शिकायत करें। ज़्यादातर जगहों पर ऐसी शिकायतों पर एक्शन लिया गया है। दूसरे पेरेंट्स से बात करें। अगर हम सब मिलकर आवाज़ उठाएंगे, तो बदलाव आना आसान है। आम मार्केट से अच्छी क्वालिटी की कॉपी खरीदकर ले जाएं। अगर बच्चा डरता है, तो उसे समझाएं कि यह उसका हक है। यह प्रैक्टिस बंद होनी चाहिए क्योंकि पढ़ाई महंगी नहीं होनी चाहिए, खासकर मिडिल क्लास और गरीब परिवारों के लिए। पढ़ाई बच्चों के लिए होनी चाहिए, स्कूल अथॉरिटीज़ की जेब भरने के लिए नहीं। 🍳*हरबंस सिंह, एडवाइजर* 🙏🏻 शहीद भगत सिंह एसोसिएशन पंजाब +91-8054400953,

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बेरमो में कुदरत का कहर, भीषण आंधी और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जगहों पर गिरे पेड़ और पोल, घरों के उड़े एस्बेस्टस सीट

बेरमो
बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और एक चक्रवाती परिसंचरण के सक्रिय होने के कारण बेरमो कोयलांचल क्षेत्र में बुधवार को मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि चारों ओर तबाही के निशान नजर आने लगे। दोपहर के बाद अचानक आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। चक्रवातीय प्रभाव के कारण 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी, ओलावृस्ट बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया। बहुत एज बारिश के साथ बड़े बड़े बर्फ के बारिश ने आम जीवन अस्त व्यस्त कर दिया। आंधी तूफान और बारिश के वजह से दोपहर के समय पूरा क्षेत्र मे अंधेरा छा गया। जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि क्षेत्र के कई हिस्सों में दशकों पुराने विशाल पेड़ जड़ से उखड़ गए। फुसरो-जैनामोड़ मुख्य मार्ग और बेरमो-गोमिया रोड पर पेड़ों के गिरने से आवाजाही घंटों बाधित रही। राहगीरों को अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेनी पड़ी। फुसरो, जारंगडीह, करगली और कथारा जैसे बड़े इलाकों में बिजली के पोल ताश के पत्तों की तरह गिर गए। हाई-टेंशन तार टूटने के कारण पूरे कोयलांचल में ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही। बिजली विभाग के अनुसार, नुकसान काफी अधिक है और बहाली में समय लग सकता है। शहरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कई कच्चे मकानों के एस्बेस्टस और छप्पर उड़ गए। बाजार क्षेत्रों में दुकानों के साइनबोर्ड और होर्डिंग्स उखड़कर सड़कों पर आ गिरे। कुछ स्थानों पर खड़ी गाड़ियों पर पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है। फुसरो नगर परिषद कार्यालय परिसर में खड़ी चलंत शौचालय के ऊपर विशाल पेड़ गिरने से चलंत शौचालय क्षतिग्रस्त हो गया।
पिछले कई दिनों से पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा था, जो इस तूफान के बाद गिरकर सीधे 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच आ गया है। हालांकि, इस राहत के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में लगी सब्जियों और अन्य फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है, जिससे स्थानीय किसान चिंतित हैं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, नगर परिषद और बिजली विभाग की टीमें राहत कार्य में जुट गई हैं। गैस कटर की मदद से सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाकर रास्ता साफ किया जा रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बोकारो सहित आसपास के जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। अगले 48 घंटों तक इसी तरह के मौसम और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम में घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

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विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

गयाजी:
​वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि जब भी जनता अपने संवैधानिक अधिकारों और अस्मिता की रक्षा के लिए उठ खड़ी होती है, तो सत्ता अक्सर 'कानून-व्यवस्था' का हवाला देकर दमन का मार्ग चुनती है।

​संवैधानिक विरोधाभास:
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण सभा करने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है।
पूर्व सूचना के बावजूद गिरफ्तारी करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर सवाल खड़े करता है।

​रणनीतिक चूक:
प्रशासन द्वारा की गई गिरफ्तारियां अक्सर आंदोलन को कमजोर करने के बजाय उसे और अधिक जन-समर्थन और धार प्रदान कर देती हैं।

​आंदोलन का स्वरूप:
'संविधान सुरक्षा महारैली' जैसे आयोजन वैचारिक होते हैं। विचार को सलाखों के पीछे कैद करना असंभव है।

​क्या संविधान की रक्षा की बात करना अब 'अपराध' है?

​आज जिला प्रशासन द्वारा अंबेडकर संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश कुमार और उनके साथियों की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या इस देश में असहमति की आवाज़ के लिए कोई जगह बची है?
शांतिपूर्ण धरना और अनशन किसी भी जीवित लोकतंत्र के सबसे बड़े हथियार होते हैं, लेकिन जब प्रशासन इन हथियारों को ही 'अपराध' मान ले, तो समझ लेना चाहिए कि तंत्र लोक से डरने लगा है।

​दमन का दौर और उठते सवाल,
महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन और संविधान सुरक्षा महारैली जैसे आयोजन किसी व्यक्ति विशेष के नहीं, बल्कि एक विचारधारा और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के प्रतीक हैं।

1 मई 2026 की महारैली को रोकने का प्रयास और अनशनकारियों को हिरासत में लेना सीधे तौर पर उन बुनियादी अधिकारों पर प्रहार है,
जिन्हें बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हमें सौंपा था।

​प्रशासन की भूमिका पर प्रश्नचिह्न ?
प्रशासन का कार्य व्यवस्था बनाए रखना है, न कि शांतिपूर्ण वैचारिक आंदोलनों का गला घोंटना।
जब आंदोलनकारियों ने पूर्व में विधिवत सूचना दे दी थी,
तो वार्ता के बजाय गिरफ्तारी का मार्ग चुनना प्रशासनिक विफलता और तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है।

​निष्कर्ष
इतिहास गवाह है कि जब-जब हक़ की आवाज़ को दबाया गया है, वह और अधिक बुलंद होकर गूंजी है।

सत्ता को यह समझना होगा कि संविधान की रक्षा का संकल्प लेने वाले लोग जेल की दीवारों से नहीं डरते।

यदि संविधान सुरक्षित नहीं रहेगा, तो लोकतंत्र की नींव ढह जाएगी।

​आज की यह गिरफ्तारी केवल कुछ नेताओं की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि यह हर उस नागरिक की आवाज को दबाने की कोशिश है जो न्याय और समानता की बात करता है। लेकिन याद रहे— "संविधान बचेगा, तो ही देश बचेगा!"

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हेडलाइन:
👉 रिश्तों की असली पहचान: जो बिना कहे समझ ले हर एहसास!
📄 डिस्क्रिप्शन:
आज के दौर में रिश्ते शब्दों से नहीं, समझ और भावनाओं से मजबूत बनते हैं।
सच्चा दोस्त, सच्चा प्यार वही होता है जो आपकी मुस्कान के पीछे छुपा दर्द, नाराज़गी के पीछे का प्यार और खामोशी की असली वजह बिना कहे समझ जाए।
मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन का यह संदेश समाज को एक नई दिशा देता है—
👉 रिश्तों में दिखावा नहीं, सच्ची समझ और सम्मान जरूरी है।
आइए, हम सभी अपने रिश्तों को और मजबूत बनाएं, एक-दूसरे की भावनाओं को समझें और मानवता को आगे बढ़ाएं।
📍 रिपोर्टर: सूर्य प्रकाश पाण्डेय
#Hashtags:
#रिश्ता #दोस्ती #सच्चाप्यार #मानवाधिकार #HumanRights #EmotionalConnect #TrueRelations #Respect #Understanding #SocialMessage #ViralPost #TrendingNow

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विजय कुमार,वरिष्ठ पत्रकार

​बरेली से आई यह तस्वीर केवल तीन आरोपियों की नहीं, बल्कि समाज के उस कड़वे सच की है जहाँ सरकारी नौकरी की चाहत को ठगों ने अपना हथियार बना लिया है।
दो सगी बहनें—विप्रा और शिखा—जिन्होंने न केवल कानून की आंखों में धूल झोंकी, बल्कि दर्जनों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया।
खुद को आईएएस ट्रेनी और एडीएम बताकर इन बहनों ने एक ऐसा मायाजाल बुना, जिसमें पढ़े-लिखे बेरोजगार आसानी से फंस गए।

​धोखाधड़ी का 'सिस्टम':
कैसे बनाया शिकार?
खबरों के मुताबिक, इन बहनों ने बड़ी चतुराई से सरकारी रसूख का दिखावा किया।
किसी को कंप्यूटर ऑपरेटर तो किसी को सचिवालय में नौकरी का झांसा दिया गया।
मामला तब खुला जब ठगी के शिकार युवा फर्जी जॉइनिंग लेटर लेकर लखनऊ पहुंचे और वहां उन्हें पता चला कि उनके साथ लाखों की धोखाधड़ी हुई है।

लगभग 11.5 लाख रुपये की ठगी का यह मामला तो महज एक शुरुआत है; पुलिस को अंदेशा है कि पीड़ितों की संख्या और भी अधिक हो सकती है।

​ सतर्कता ही बचाव है,
यह घटना हमारे सिस्टम और समाज के लिए कई सवाल खड़े करती है:

​अंधविश्वास और जल्दबाजी:
सरकारी नौकरी पाने की होड़ में लोग बुनियादी वेरिफिकेशन करना क्यों भूल जाते हैं?

​पहचान का संकट:
फर्जी आईडी और पद का इस्तेमाल कर अपराधी समाज में खुलेआम घूम रहे हैं।

​डिजिटल साक्षरता की कमी: क्या हम इतने भोले हैं कि व्हाट्सएप पर आए लेटर और मौखिक वादों पर लाखों रुपये लुटा दें?

​निष्कर्ष
बरेली पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह समाज के लिए एक चेतावनी भी है। किसी भी विभाग में नियुक्ति की एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया होती है।
"शॉर्टकट" और "सेटिंग" के नाम पर पैसे मांगने वाला हर व्यक्ति अपराधी हो सकता है।
यह तस्वीर हमें याद दिलाती है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथ उन तक पहुंच ही जाते हैं।
​सावधान रहें, जागरूक रहें। नौकरी मेहनत से मिलती है, घूस से नहीं।

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🔥 हेडलाइंस स्टाइल (Viral Headlines) 🔥
🇮🇳 देश की असली ताकत: ईमानदारी!
💥 झूठ से नहीं, सच से बनेगा भारत महान
⚖️ हर दिल में ईमानदारी, तभी मजबूत होगी जिम्मेदारी
🚨 भ्रष्टाचार पर वार—ईमानदारी ही हथियार!
🌟 सच्चाई का रास्ता ही असली जीत का रास्ता
🔔 30 अप्रैल: खुद से वादा—ईमानदार बनना है ज्यादा
✨ शॉर्ट वायरल कैप्शन (Poster/Status के लिए) ✨
👉 “ईमानदारी अपनाओ, देश को आगे बढ़ाओ 🇮🇳”
👉 “सच की राह—सबसे बड़ी चाह”
👉 “निष्ठा + कर्तव्य = मजबूत राष्ट्र”
👉 “ईमानदार बनो, देश का मान बढ़ाओ”
👉 “आज नहीं तो कब? ईमानदारी अब!”
👉 “ईमानदारी ही असली देशभक्ति है”
📢 एक लाइन का सुपर वायरल कैप्शन: “ईमानदारी ही पहचान है—यही सच्चा हिंदुस्तान है 🇮🇳”

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विजय कुमार,वरिष्ठ पत्रकार

​गया। जब पारा 45 डिग्री को पार करने की जिद पर अड़ा हो, तब बूंद-भर पानी की कीमत उस प्यासे परिवार से पूछिए जो घंटों सूखी टोंटियों को निहारता रहता है।
गया के जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर का पुलिस लाइन और सिंगरा स्थान जलापूर्ति केंद्र पर औचक धावा महज एक 'सरकारी दौरा' नहीं, बल्कि उन लापरवाह अधिकारियों के लिए 'वेक-अप कॉल' है, जो फाइलों में तो जलापूर्ति सुचारू दिखाते हैं, लेकिन धरातल पर वाल्व को जंग खाने के लिए छोड़ देते हैं।

​सिस्टम की 'सुलिस' में फंसी जनता की प्यास,
​यह विडंबना ही है कि एक तरफ सरकार करोड़ों की लागत से इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करती है, वहीं दूसरी ओर बुडको के जिम्मेवार अभियंताओं की नाक के नीचे मुख्य सड़क पर वाल्व बंद पड़े रहते हैं।
एपी कॉलोनी से लेकर गवालबीघा तक की जनता पिछले चार दिनों से पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही थी, और विभाग सोया रहा।
डीएम की नाराजगी जायज है—वेतन रोकना और स्पष्टीकरण मांगना उन अधिकारियों के लिए कड़ा संदेश है जो जनता की बुनियादी जरूरतों को 'कैजुअल' लेते हैं।

​समय प्रबंधन और तकनीकी गैप,
​सिंगरा स्थान केंद्र का डेटा डराने वाला है।
8 घंटे की मेहनत (टंकी भरना) का फल सिर्फ 45 मिनट (डिस्चार्ज) में समाप्त हो जाता है।
ऐसे में एक मिनट की भी लापरवाही हजारों घरों को प्यासा रख सकती है।
प्रशासन ने सही पकड़ा है कि यहाँ 'निगरानी' ही एकमात्र समाधान है।
अंतिम छोर (Tail End) तक पानी पहुंचाना केवल पाइपलाइन का काम नहीं, बल्कि उस पर तैनात कर्मी की ईमानदारी का काम है।

​आपदा प्रबंधन: अब कोताही बर्दाश्त नहीं
​भीषण गर्मी के इस दौर में पानी की किल्लत किसी प्राकृतिक आपदा से कम नहीं है।
डीएम द्वारा 'आपदा प्रबंधन अधिनियम' के तहत कार्रवाई की चेतावनी देना यह साबित करता है कि अब पानी की चोरी या सप्लाई में बाधा डालना एक दंडनीय अपराध माना जाएगा। 24 घंटे का अल्टीमेटम बुडको के लिए 'अग्निपरीक्षा' है।

​हमारा नजरिया:
प्रशासनिक सख्ती स्वागत योग्य है, लेकिन गया जैसे शहर को केवल 'निरीक्षणों' के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।
बुडको और नगर निगम को एक 'स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम' विकसित करना होगा ताकि वाल्व बंद होने या सप्लाई रुकने की जानकारी डीएम के पहुंचने से पहले मुख्यालय को मिल जाए। जनता को पानी चाहिए, बहाने नहीं।

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30 अप्रैल | भगवान नृसिंह जयंती विशेष 🔥
आज पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जा रही है भगवान नृसिंह जयंती। भगवान विष्णु के चौथे अवतार नृसिंह जी ने अन्याय और अधर्म का अंत कर धर्म और न्याय की स्थापना का संदेश दिया था।
🙏 इस पावन अवसर पर मानवाधिकार संरक्षण एवं सुरक्षा ऑर्गेनाइजेशन की ओर से सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
✨ संदेश:
जहां अन्याय हो, वहां आवाज उठाना ही सच्चा धर्म है।
न्याय, सत्य और मानवता की रक्षा ही हमारी असली पहचान है।
📢 संस्था के प्रतिनिधि सूर्य प्रकाश पांडेय ने कहा कि आज का दिन हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देता है।
🌼 भगवान नृसिंह जी की कृपा आप सभी पर बनी रहे, यही मंगलकामना।
📞 संपर्क: 8999396014
📍 मानवाधिकार संरक्षण एवं सुरक्षा

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गढ़वा सदर अस्पताल की बदहाली उजागर, स्लाइन स्टैंड तक नसीब नहीं

गढ़वा (झारखंड)। गढ़वा जिले के सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस अस्पताल को भले ही अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बताया जाता हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रही है।

ताजा मामले में सड़क दुर्घटना में घायल एक मरीज को इलाज के दौरान स्लाइन चढ़ाने के लिए स्टैंड तक उपलब्ध नहीं हो पाया। मजबूरी में मरीज के परिजनों को खुद हाथ में स्लाइन की बोतल पकड़कर ड्रिप चढ़वानी पड़ी। यह दृश्य अस्पताल की बदहाल व्यवस्था और स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही को साफ तौर पर उजागर करता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में आए दिन इस तरह की समस्याएं सामने आती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब बुनियादी सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं हैं, तो करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए इस अस्पताल का उद्देश्य आखिर क्या है।

इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं और लोगों ने जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

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शाहगंज, जौनपुर। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के सामने स्थित एक बिजली का खंभा इन दिनों बड़े हादसे की आशंका को जन्म दे रहा है। काफी हद तक झुक चुके इस खंभे पर कई बिजली के तारों का भार है, जिससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना हो सकती है। चिंताजनक बात यह है कि ठीक बगल में दूसरा बिजली का खंभा मौजूद होने के बावजूद अब तक तारों को उस पर स्थानांतरित नहीं किया गया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने होने के कारण इस मार्ग पर दिनभर मरीजों, तीमारदारों, एंबुलेंस तथा आम नागरिकों की आवाजाही बनी रहती है। आसपास मेडिकल स्टोर और अन्य दुकानें होने से यहां हमेशा भीड़भाड़ का माहौल रहता है। ऐसे में झुका हुआ खंभा और उस पर लटकते तार राहगीरों, मरीजों व दुकानदारों के लिए खतरे की घंटी बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, खंभा काफी समय से झुका हुआ है, लेकिन हाल के दिनों में इसकी स्थिति और अधिक खराब हो गई है। हल्की बारिश या तेज हवा चलने पर इसके गिरने की आशंका बनी रहती है। यदि खंभा गिरता है तो बिजली के तार टूटकर करंट फैलने से जनहानि हो सकती है। साथ ही यातायात बाधित होने और आसपास की दुकानों को नुकसान पहुंचने की संभावना भी जताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि खंभे के पास से प्रतिदिन मरीजों की एंबुलेंस गुजरती हैं। ऐसे में किसी भी क्षण यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। लोगों ने सवाल उठाया कि पास में दूसरा खंभा लगे होने के बावजूद उस पर तार स्थानांतरित क्यों नहीं किए गए, जबकि इससे समस्या का समाधान आसानी से हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने विद्युत विभाग से तत्काल संज्ञान लेकर झुके हुए खंभे को सीधा कराने अथवा तारों को दूसरे खंभे पर शिफ्ट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी बड़ी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देते हैं। फिलहाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने झुका यह खंभा हर आने-जाने वाले व्यक्ति के लिए चिंता और खतरे का सबब बना हुआ है।

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विजय कुमार,वरिष्ठ पत्रकार

​मध्य प्रदेश के विदिशा जिले का एक छोटा सा गांव 'कालादेव', जो कभी दशहरे पर होने वाले हिंसक 'पत्थर युद्ध' के लिए जाना जाता था,
आज सामाजिक चेतना और समरसता की एक नई इबारत लिख रहा है।

इस गांव ने अपनी सदियों पुरानी हिंसक परंपरा को त्यागकर शिक्षा, आध्यात्मिकता और संवैधानिक मूल्यों को अपनाया है।

​हिंसा से शांति का सफर,
कालादेव की पहचान कभी पत्थरों से होने वाली लड़ाई थी, जिसमें अक्सर लोग घायल होते थे।
लेकिन अप्रैल 2020 में हरिशंकर बौद्ध ने अपने घर से बोधगया के के के बौद्ध द्वारा मिली प्रेरणा से शुरू की गई एक छोटी सी पहल ने पूरे गांव की दिशा बदल दी।

आज यहाँ हर बुधवार को ग्रामीण एकत्रित होते हैं, बुद्ध वंदना करते हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात—सामूहिक रूप से भारतीय संविधान की प्रस्तावना का पाठ करते हैं।

​संविधान और शिक्षा पर जोर,
इस बदलाव की सबसे खूबसूरत बात यह है कि ग्रामीण अब केवल धार्मिक कर्मकांडों तक सीमित नहीं हैं।

गांव के 70 से अधिक परिवार इस मुहिम से जुड़ चुके हैं।
बच्चों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने का सपना दिखाया जा रहा है, और "खीर दान" जैसी परंपराओं के माध्यम से आपसी भाईचारे को मजबूत किया जा रहा है।

​निष्कर्ष
यदि समाज पुरानी और हानिकारक परंपराओं को छोड़कर शिक्षा और संवैधानिक मूल्यों की ओर बढ़ता है, तो कालादेव जैसे गांव पूरे देश के लिए 'मॉडल विलेज' बन सकते हैं।
यह लेख हमें याद दिलाता है कि वैचारिक परिवर्तन ही वास्तविक विकास की नींव है।

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गाजियाबाद। शास्त्री नगर स्थित जवाहरलाल नेहरू गर्ल्स पब्लिक स्कूल में नागरिक सुरक्षा द्वारा पांच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का किया गया समापन।

उक्त प्रशिक्षण अपर जिलाधिकारी नगर एवं उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा श्री विकास कश्यप के दिशा निर्देशन तथा सहायक उपनियंतक नेम सिंह के नेतृत्व में चलाया गया।

इस प्रशिक्षण में छात्र-छात्राओं एवं अध्यापकों को नागरिक सुरक्षा की बेसिक जानकारी, सहयोगी सेवाएं एवं विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं बाढ़, भूकंप, आग, दुर्घटना से सुरक्षा एवं बचाव तथा उसके उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आपदा के समय घायलों को बाहर निकालने के लिए उपलब्ध संसाधनों से बनाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के स्टेचर की जानकारी दी गई तथा छात्र-छात्राओं को अभ्यास भी कराया गया। विशेष कर आग एवं उसके प्रकार तथा आग से सुरक्षा एवं बचाव में प्रयोग होने वाले एंक्सटीगयूसर की विस्तार से जानकारी दी गई एवं अभ्यास भी कराया गया।

प्रशिक्षण उपरांत कुछ प्रतिभाशाली बच्चों एवं अध्यापिकाओं को नागरिक सुरक्षा की टाई देकर पुरस्कृत भी किया गया। सभी सफल छात्र छात्रों तथा अध्यापिकाओं को प्रशस्ति-पत्र वितरित किए गए।

प्रशिक्षण सहायक उप नियंत्रक नेम सिंह एवं घटना नियंत्रण अधिकारी संजय शर्मा पोस्ट वार्डन रिजर्व अरुण कुमार श्रीवास्तव द्वारा दिया गया।

कार्यक्रम के समापन पर डायरेक्टर गौरव सिंह एवं प्रधानाचार्य द्वारा सभी पदाधिकारी को पौधा देकर सम्मानित किया गया।

उक्त प्रशिक्षण में मुख्य रूप से घटना नियंत्रण अधिकारी संजय शर्मा, पोस्ट वार्डन रिजर्व अरुण कुमार श्रीवास्तव, वार्डन मोनिका गोयल अखिल भटनागर तथा स्कूल अध्यापिकाओं में श्रीमती चेतना चौधरी नेहा शर्मा, पिंकी दीक्षित, अभिलाष शर्मा, पूजा पंत, आदि ने सराहनीय सहयोग किया।

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रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे।
रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः॥

श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर, श्री अयोध्या धाम में प्रतिष्ठित

श्री शंभू महादेव मंदिर के शिखर पर आज भव्य पावन सनातनी धर्म ध्वजारोहण हेतु आयोजित समारोह में सम्मिलित हुआ।

इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव श्री चंपत राय जी व
अन्य सम्मानित पदाधिकारियों तथा पूज्य साधु-संतों एवं धर्माचार्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

प्रभु श्री राम के विराट त्रिकालदर्शी स्वरूप के अनुरूप भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण और

मंदिर परिसर में स्थित भगवान शिव के मंदिर में आज भगवा ध्वज का आरोहण पूर्ण भव्यता और दिव्यता के साथ हुआ है।

दीनू मिश्रा पत्रकार
जिला बहराइच
सभी सनातन धर्मावलंबियों को हार्दिक बधाई।

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रायबरेली। नगर कोतवाली में तैनात एक कॉन्स्टेबल पर युवक ने मारपीट करने और उसकी बहन के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत करते हुए न्याय की मांग की है।
जानकारी के अनुसार भदोखर थाना क्षेत्र के महंगू का पुरवा पोस्ट गोंदवारा निवासी कपिराज मिश्रा ने बताया कि कुछ दिन पहले उसकी बहन और जीजा के बीच आपसी विवाद हो गया था। उसकी बहन की शादी नगर कोतवाली क्षेत्र के निराला नगर में हुई है। विवाद के बाद उसकी बहन ने नगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर पति-पत्नी दोनों को थाने बुलाया गया था।
पीड़ित कपिराज मिश्रा का आरोप है कि वह अपनी बहन से मिलने नगर कोतवाली पहुंचा था, जहां तैनात कॉन्स्टेबल धीरज गौड़ उसकी बहन से अभद्र भाषा में बात कर रहे थे। जब उसने इसका विरोध करते हुए पूछा कि उसकी बहन को गाली क्यों दी जा रही है, तो कॉन्स्टेबल ने उसकी एक न सुनी और थप्पड़ों से पिटाई कर दी।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि कॉन्स्टेबल द्वारा उसकी बहन के साथ भी अपमानजनक व्यवहार किया गया। उसने कहा कि जब प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा और महिला सम्मान को लेकर अभियान चला रही है, तब इस प्रकार की घटनाएं सवाल खड़े करती हैं।
मामले को लेकर कपिराज मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी अरुण नौहवार ने बताया कि मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत करने की बात कही है। फिलहाल अब देखना होगा कि मामले में पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाता है।

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