logo
(Trust Registration No. 393)
AIMA MEDIA
logo

ಚಿಕ್ಕೋಡಿ ಶೈಕ್ಷಣಿಕ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಅಥಣಿ ಮತಕ್ಷೇತ್ರದ ಕಟಗೇರಿ ಗ್ರಾಮದ ಸರಕಾರಿ ಪ್ರೌಢ ಶಾಲೆಯ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿನಿಯಾದ ಕುಮಾರಿ ಪ್ರಾರ್ಥನಾ ನಾಗಪ್ಪ ಬಿರಾದರ ಪಾಟೀಲ ಎಸ್,ಎಸ್,ಎಲ್,ಸಿ ಪರೀಕ್ಷೆಯಲ್ಲಿ 625/625 ಅಂಕಗಳನ್ನು ಪಡೆದು ರಾಜ್ಯಕ್ಕೆ ಪ್ರಥಮ ಸ್ಥಾನ ಪಡೆದಿದ್ದಾಳೆ ಹಾಗೂ ಐಗಳಿ ಗ್ರಾಮದ ಆದರ್ಶ ಶಿಕ್ಷಣ ಸಂಸ್ಥೆಯ, ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಯಾದ ಕುಮಾರ ದಶರಥ ಶಿವಾಜಿ ಭೋಸಲೆ ಅವರು 624/625 ಅಂಕಗಳನ್ನು ಪಡೆಯುವ ಮೂಲಕ ರಾಜ್ಯಕ್ಕೆ ದ್ವಿತೀಯ ಸ್ಥಾನ ಪಡೆದುಕೊಂಡಿದ್ದಾನೆ.ಇದು ನಮ್ಮ ಉತ್ತರ ಕರ್ನಾಟಕ ಹೆಮ್ಮೆಯ ಸಂಗತಿಯಾಗಿದೆ ಈ ಇಬ್ಬರು ವಿಧ್ಯಾರ್ಥಿಗಳಿಗೆ ಹಾರ್ದಿಕ ಅಭಿನಂದನೆಗಳು.

ಪರೀಕ್ಷೆಯಲ್ಲಿ ತೇರ್ಗಡೆಯಾದ ಎಲ್ಲಾ ಮಕ್ಕಳಿಗೆ ತುಂಬ ಹೃದಯದ ಅಭಿನಂದನೆಗಳು🌹🌹🌹

@highlight
ಹನುಮಂತಪ್ಪ. ಎಸ್ ಮೇಡೆಗಾರ
#ಸಂಸ್ಥಾಪಕರಾಜ್ಯಾಧ್ಯಕ್ಷರು
#ಉತ್ತರಕರ್ನಾಟಕಜಾನಪದಪರಿಷತ್
#uttarakarnatakajananapaparishath
Udayavani
090084 94453
#ನಮ್ಮ #ಸಂಸ್ಕ್ಥತಿ
@

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares


आसनसोल :- आसानसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार Agnimitra Paul की गाड़ी पर हमले की खबर सामने आई है। यह घटना गुरुवार दोपहर करीब दो बजे आसनसोल के हीरापुर थाना अंतर्गत बरनपुर स्थित रहमतनगर के बूथ संख्या 135 पर हुई। जानकारी के अनुसार, जब Agnimitra Paul मतदान केंद्र का जायजा लेकर बाहर निकल रही थीं, तभी अचानक उनकी कार पर हमला कर दिया गया। भाजपा प्रत्याशी का आरोप है कि जब वह गाड़ी में बैठ रही थीं, उसी समय तृणमूल कांग्रेस के असामाजिक तत्वों ने पीछे से ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया। इस हमले में उनकी कार के पीछे का शीशा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया। इस घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके में जबरदस्त तनाव फैल गया। हमले के बाद Agnimitra Paul क्षतिग्रस्त गाड़ी के साथ सीधे हीरापुर थाना पहुंचीं और वहां पुलिस के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई। थाने के बाहर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस घटना के लिए सीधे तौर पर सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस तरह के हमलों से डरने वाली नहीं हैं और उन्होंने घोषणा की कि वह स्थिति का जायजा लेने के लिए दोबारा रहमतनगर जाएंगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

0
0 views    0 comment
0 Shares

नांदेड प्रतिनिधी पद्माकर
​'घरात घुसून मारू, तुझा पानसरे करू'; आमदार संजय गायकवाड यांची प्रकाशकाला उघड धमकी
​बुलढाणा:
आपल्या वादग्रस्त विधानांसाठी चर्चेत असणारे शिंदे गटाचे आमदार संजय गायकवाड यांनी आता एका पुस्तकाच्या प्रकाशकाला थेट जीवे मारण्याची धमकी दिल्याने खळबळ माजली आहे. 'शिवाजी महाराज कोण होते' या शीर्षकाखालील पुस्तकामुळे भावना दुखावल्याचा आरोप करत गायकवाड यांनी "तुझा पानसरे करू" अशा शब्दांत इशारा दिला आहे.
​नेमकं प्रकरण काय?
​मिळालेल्या माहितीनुसार, संबंधित पुस्तकातील काही संदर्भांवरून आमदार गायकवाड संतापले होते. त्यांनी प्रकाशकाला फोन करून अत्यंत आक्रमक भाषेत जाब विचारला. "छत्रपती शिवाजी महाराजांचा चुकीचा इतिहास मांडला तर सहन करणार नाही. तू जिथे असशील तिथे घरात घुसून मारू," असे त्यांनी बजावले. इतकेच नाही तर, "तुझा पानसरे करू" असे म्हणत त्यांनी गोविंद पानसरे यांच्या हत्याकांडाचा संदर्भ देत थेट जीवे मारण्याची धमकी दिली.
​राजकीय वर्तुळात पडसाद
​एका लोकप्रतिनिधीने अशा प्रकारे कायद्याची भीती न बाळगता हिंसाचाराची भाषा वापरल्याने सर्वच स्तरातून टीका होत आहे.
​पुरोगामी संघटनांची भूमिका: विचारवंतांच्या हत्येचा दाखला देऊन धमकी देणे हे लोकशाहीसाठी घातक असल्याचे मत सामाजिक कार्यकर्त्यांनी व्यक्त केले आहे.
​पोलीस कारवाईची मागणी: संबंधित प्रकाशकाने याप्रकरणी सुरक्षेची मागणी केली असून, आमदारावर गुन्हा दाखल करण्याची मागणी जोर धरत आहे.
​या धमकीच्या सत्रानंतर आता पोलीस प्रशासन यावर काय भूमिका घेते आणि राज्य सरकार आपल्या आमदाराच्या या विधानावर काय प्रतिक्रिया देते, याकडे सर्वांचे लक्ष लागले आहे.

0
1 views    0 comment
0 Shares

देश में जहां एक ओर बेरोज़गारी, महंगाई और आरक्षण जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस जारी है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर एक अनोखा और व्यंग्यात्मक “आंदोलन” तेजी से चर्चा में आ गया है। इस कथित अभियान में कुछ युवतियों द्वारा “करंट मारने वाली पेंटियों” की मांग ने लोगों को चौंका भी दिया है और हंसी का विषय भी बना दिया है।

क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट और वीडियो में कुछ लड़कियां मजाकिया अंदाज में कहती नजर आ रही हैं कि उन्हें आरक्षण या अन्य सुविधाओं की बजाय “करंट देने वाली पेंटियां” चाहिए। उनका तर्क है कि जब हर चीज़—बिजली बिल, पेट्रोल की कीमतें, और रोजमर्रा की जरूरतें—झटका दे रही हैं, तो कम से कम इस तरीके से “करंट” का कुछ फायदा तो मिलना चाहिए।

मीडिया से बातचीत में क्या कहा?

जब इस अनोखे ट्रेंड पर मीडिया ने सवाल उठाया कि यह किस तरह का आंदोलन है, तो जवाब भी उतना ही व्यंग्यपूर्ण मिला। लड़कियों का कहना था—
“जब चाय पर चर्चा हो सकती है, तो पेंटियों पर पॉलिटिक्स क्यों नहीं?”

उन्होंने इसे समाज और सिस्टम पर एक तंज बताते हुए कहा कि आजकल हर क्षेत्र में “स्पार्क” की कमी है—चाहे रिश्ते हों, नौकरी हो या फिर व्यवस्था।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

इस ट्रेंड ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है।

कुछ लोग इसे महज मजाक और क्रिएटिव एक्सप्रेशन मान रहे हैं

वहीं कुछ इसे गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला बता रहे हैं

कई यूजर्स ने इसे “व्यंग्य के जरिए सिस्टम पर कटाक्ष” बताया

विशेषज्ञों की राय

सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के ट्रेंड अक्सर युवाओं के भीतर बढ़ती निराशा और सिस्टम के प्रति असंतोष को हल्के-फुल्के अंदाज में व्यक्त करते हैं। यह सीधे आंदोलन नहीं, बल्कि एक तरह का डिजिटल व्यंग्य है।

असल संदेश क्या है?

हालांकि यह मुद्दा हास्य और मजाक में प्रस्तुत किया जा रहा है, लेकिन इसके पीछे छिपा संदेश साफ है—
लोग आज के हालात से निराश हैं और अपनी बात रखने के लिए नए-नए, अनोखे तरीके अपना रहे हैं।

निष्कर्ष:
“करंट वाली पेंटियों” की मांग भले ही हंसी-मजाक का विषय हो, लेकिन यह कहीं न कहीं समाज में चल रही वास्तविक समस्याओं पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी है।

आपकी क्या राय है?

क्या यह सिर्फ मजाक है या सिस्टम पर एक तीखा कटाक्ष? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें।

1
3 views    0 comment
0 Shares


भोपाल, प्रतिनिधि। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती इला तिवारी ने गुरुवार को भोपाल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर विभिन्न पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। ग्राम पंचायत मेंडोरा में निर्माणाधीन पंचायत भवन का निरीक्षण करते हुए सीईओ ने मुख्य कार्यपालन इंजीनियर, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को निर्देशित किया कि भवन निर्माण कार्य आगामी डेढ़ माह में पूर्ण किया जाए। साथ ही उन्होंने शेड निर्माण कार्य एवं बंद पड़े बायोगैस प्लांट का निरीक्षण कर उसे शीघ्र पुनः प्रारंभ करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में श्रीमती तिवारी ने ग्राम पंचायत सिकंदराबाद, आंवला मुगलिया छाप तथा केरवा नदी के उद्गम स्थल का भी दौरा किया। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, अमृत सरोवर योजना, तालाब गहरीकरण एवं जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर जनपद पंचायत फंदा की सीईओ शिवानी मिश्रा, मुख्य कार्यपालन यंत्री जितेंद्र अहिरवार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

1
0 views    0 comment
0 Shares

मांधना के चंडी वास में धूमधाम से मनाया गया नगर खेड़ा बाबा का जन्मोत्सव
हवन, भंडारा व श्रद्धालुओं की भीड़ से गूंजा आयोजन स्थल
मोरनी (पंचकूला)। गांव मांधना के चंडी वास में वीरवार को नगर खेड़ा बाबा का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। हर वर्ष 23 अप्रैल को आयोजित होने वाले इस धार्मिक उत्सव में इस बार भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत हवन-पूजन से हुई, जिसमें गांव की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई। इस दौरान सरपंच पंचपाल शर्मा, पंच हरीश शर्मा (पुनीत), प्रमिला, महिपाल सहित गांव के युवा और अन्य ग्रामीणों ने आहुति डालकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इसके पश्चात भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और बाबा के चरणों में मत्था टेककर मनोकामनाएं मांगी। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
इस अवसर पर साधना न्यूज़ के सीनियर पत्रकार देव दर्शन शर्मा ने भी शिरकत कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा कमेटी के प्रधान प्रमील शर्मा और उनकी टीम की अहम भूमिका रही, जिनके प्रयासों से आयोजन भव्य रूप में संपन्न हुआ।
#मांधना #चंडीवास #नगरखेड़ाबाबा #भंडारा #धार्मिकआयोजन #मोरनी #पंचकूला #samacharsansarnews24

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

दिल्ली में पहली बार लोककल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सिविल सेवकों को सम्मानित करने की गौरवशाली परंपरा का शुभारंभ हुआ है।

सिविल सेवा दिवस के अवसर पर माननीय उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधु जी की गरिमामयी उपस्थिति में समर्पित अधिकारियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी ने अखिल भारतीय सिविल सेवा को राष्ट्र की सशक्त प्रशासनिक रीढ़ कहा था। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी उसी विरासत को नई ऊर्जा देते हुए प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, संवेदनशील और जनकेंद्रित बना रहे हैं। विकसित भारत के संकल्प के साथ दिल्ली भी विकसित दिल्ली के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर है।

इस राष्ट्रनिर्माण यात्रा में हमारे सिविल सेवकों की भूमिका केवल व्यवस्था संचालन तक सीमित नहीं, बल्कि जनविश्वास, पारदर्शिता, सेवा और परिवर्तन की आधारशिला है। दिल्ली के जन-जन से जुड़कर, सहभागिता और समर्पण के भाव से विकसित दिल्ली का निर्माण करना है।

सभी सम्मानित अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

#CivilServicesDay

4
85 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

जमशेदपुर में बीते कुछ दिनों से बुनियादी सुविधाओं को लेकर हालात चिंताजनक हो गए हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में पेयजल, बिजली और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे आम लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

पानी के लिए मची हाहाकार

शहर के अधिकांश इलाकों में नल से पानी नहीं पहुंच रहा है। लोग सुबह-शाम पानी के इंतजार में घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। कई जगहों पर टैंकर से पानी की सप्लाई भी नियमित नहीं हो रही, जिससे स्थिति और गंभीर बनती जा रही है। बढ़ती गर्मी में यह समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है।

बिजली की आंख-मिचौली से लोग त्रस्त

बिजली आपूर्ति की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है। बिजली कम आ रही है और कटौती ज्यादा हो रही है, जिससे घरों के साथ-साथ छोटे व्यवसायों पर भी असर पड़ रहा है। लगातार बिजली कटने से गर्मी में लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।

सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त

शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर भी भारी असमंजस की स्थिति है। क्यूब कंपनी (Cube Company) को लेकर नगर निगम के आदेश के बाद यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कर्मचारी काम पर हैं या नहीं। नतीजतन, कचरे का उठाव ठप है और जगह-जगह गंदगी का अंबार लग गया है। इससे बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।

लोगों में बढ़ रहा आक्रोश

तीनों समस्याओं के एक साथ सामने आने से शहरवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए, नहीं तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

आपकी राय क्या है?

क्या आपके इलाके में भी पानी, बिजली या सफाई की यही स्थिति है?

👉 अपनी जानकारी और अनुभव कमेंट में जरूर साझा करें, ताकि इस मुद्दे की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।

1
0 views    0 comment
0 Shares

રાજૂલા મા શંખેશ્ર્વરી માતાજી નો પાટોત્સવ ઉજવાયો.
------------------------------------------
રાજુલામા શહેર માં દર વર્ષની માફક આ વર્ષે પણ શંખેશ્ર્વરી માતાજી નો 36 પાટોત્સવ ભવ્ય રીતે ઉજવાયો હતો. પાટોત્સવમાં ગુજરાત, મહારાષ્ટ્ર તેમજ વિદેશો મા વસતા કપોળ વણિક પરીવાર આ પાટોત્સવમાં હાજરી આપે છે વણિક પરિવાર ના કૂળદેવી એવા શંખેશ્ર્વરી માતાજી નો દર વર્ષે પાટોત્સવ ઉજવવામા આવે છે. જેમાં બહોળી સંખ્યા મા ભક્તો હાજર રહે છે.
પાટોત્સવ મા નવગ્રહ હોમ હવન શક્તિ પૂજા, બ્રમ્હ ભોજન, ગૌરણી નુ જમણવાર તેમજ સાંજે મહાપ્રસાદ સહિત ધાર્મિક ઉત્સવ ઉજવવામા આવ્યા .મુંબઈ સ્થિત વણિક શ્રેષ્ઠીઓ મનોજભાઈ વળીયા, અનુપભાઈ હાજર હતા સ્થાનિક વણીક શ્રેષ્ઠીશ્રી મનોજભાઈ સંઘવી, ભરતભાઇ સંઘવી, ધરમદાસ ભાઈ મુંબઈ, કમલેશભાઈ સંઘવી તેમજ સ્થાનિક અગ્રણીઓ મનુભાઈ ધાખડા, કનુભાઈ વરુ પત્રકારશ્રી,યોગેશભાઈ કાનાબાર (કાનાબાર ન્યુઝ )કવિશ્રી શશિભાઈ રાજ્યગુરુ,સહિત વિશાળ ભાવિકો હાજર રહ્યા હતા તેમજ આ કાર્યક્રમ દરમિયાન તમામ દાતાઓનું તેમજ કાર્યકરો નું સન્માન પણ કરવામાં આવ્યું

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

9
91 views    0 comment
0 Shares

ब्रेकिंग: सोनभद्र (चोपन)...
एक दिन में दो हादसे, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
चोपन थाना क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर दो सड़क दुर्घटनाएं
बाइक सवार गंभीर रूप से घायल, दूसरा मामला हिट एंड रन
चोपन पुल पर अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत एंबुलेंस की देरी से घायल तड़पता रहा, समय पर नहीं मिला इलाज घटनाओं ने स्वास्थ्य व्यवस्था और ट्रैफिक सिस्टम की खोली पोल
गड्ढों से भरी सड़कें, पुल पर न रोशनी और न ही CCTV कैमरे
आरोपी फरार, पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर उजागर
सबसे बड़ा सवाल — क्या सिस्टम आम आदमी की जान की कीमत समझता है?
जनता में आक्रोश, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज....
#Sonbhadra #RoadAccident #HitAndRun #SystemFailure #BreakingNews

0
0 views    0 comment
0 Shares

पौड़ी: जिला मुख्यालय से सटे मात्र १० किमी दूरी पर एक गांव बमठी में ६० वर्षीय महिला हुई गुलदार की शिकार। सुबह खेत में काम करती हुई महिला पर गुलदार ने हमला किया और शव को पास की झाड़ी में ले गया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर शव को गुलदार के मुंह से छुड़ाया। इससे पहले भी आस पास के गांवों में कई लोग गुलदार के हमले में अपनी जान गवां बैठे है। ग्रामीणों ने सरकार और वनविभाग के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया।

गुलदार के हमले से बचाव के लिए कुछ आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं:

१. अकेले जंगल न जाएं, हमेशा 3-4 लोगों के समूह में रहें।

२. सुबह और शाम के समय जब गुलदार ज्यादा सक्रिय होते हैं बाहर जाने से बचें।

३. जंगल या खेतों के रास्ते चलते हुए बात करें या शोर मचाएं।

४. छोटे बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर अकेला न छोड़ें।

0
7 views    0 comment
0 Shares

कछौना (हरदोई) :- त्रिमूर्ति प्लांट साइंस के तत्वावधान में मौर्या बीज भंडार, गोपी मार्केट, फल मंडी कछौना (बालामऊ, हरदोई) द्वारा एक भव्य किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
गोष्ठी के दौरान उन प्रगतिशील किसानों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने त्रिमूर्ति कंपनी के इनाम खीरा की सफल खेती की। इन किसानों को उपहार मौर्या बीज भंडार के प्रोपराइटर माननीय रघुनाथ प्रसाद मौर्य के हाथों द्वारा प्रदान किए गए।

सम्मानित किसानों में प्रमुख रूप से शामिल रहे:
राजकुमार कश्यप (ग्राम हथौड़ा) – 3 बीघा, शिव शंकर (हथौड़ा) – 5 बीघा, नरेश (हथौड़ा) – 3 बीघा, विनीत कश्यप (हथौड़ा) – 2 बीघा, पंकज (हथौड़ा) – 1 बीघा, रामकिशोर मौर्य (अरसेनी) – 2 बीघा, अमरीश कश्यप (हथौड़ा) – 1 एकड़, रईस अली (हथौड़ा) – 3 बीघा, संजय (हथौड़ा) – 4 बीघा तथा नंदकिशोर मौर्य (लोनाहरा) – 3 बीघा में खीरे की खेती की।

गोष्ठी में त्रिमूर्ति प्लांट साइंस के एरिया मैनेजर सचिन गंगवार जी ने किसानों को आधुनिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इनाम खीरा की उन्नत खेती, बेहतर उत्पादन तकनीक एवं बाजार की मांग के अनुसार फसल उत्पादन के बारे में जानकारी दी।
वहीं मार्केट डेवलपमेंट ऑफिसर सुमित सिंह ने किसानों को आगामी फसलों जैसे धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, चारा एवं सब्जियों—भिंडी, लौकी, तोरई, कद्दू, करेला—की खेती के सही समय, बुवाई विधि तथा उन्नत किस्मों के चयन के बारे में विस्तार से बताया।
साथ ही शाक्य आशीष सिंह मौर्य (एम.एससी. कृषि) ने किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी देते हुए उर्वरकों (फर्टिलाइजर) के संतुलित उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि अधिक मात्रा में उर्वरकों के प्रयोग से लागत बढ़ जाती है तथा फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे किसानों का मुनाफा कम हो जाता है। संतुलित पोषण एवं सही तकनीक अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में मौर्या बीज भंडार की ओर से सभी किसानों को एक-एक टॉर्च भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही त्रिमूर्ति प्लांट साइंस की ओर से सभी किसानों के लिए नाश्ता एवं पानी की व्यवस्था की गई तथा गोष्ठी के समापन पर सभी किसानों को नाश्ता कराकर सम्मानपूर्वक उनके घर के लिए विदा किया गया।
यह किसान गोष्ठी किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई।

रिपोर्ट :- शाक्य आशीष सिंह मौर्य (न्यूज़ रिपोर्टर)

0
0 views    0 comment
0 Shares


श्यामकानु और सिद्धार्थ द्वारा दायर जमानत याचिकाओं पर आज फास्टट्रैक अदालत में सुनवाई निर्धारित की गई है। यह मामला हाल के दिनों में कानूनी और सार्वजनिक दृष्टि से काफी चर्चाओं में रहा है, जिस पर अब अदालत की सुनवाई महत्वपूर्ण मोड़ ला सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्यामकानु ने अपनी जमानत याचिका 10 अप्रैल को न्यायालय में प्रस्तुत की थी, जबकि सिद्धार्थ ने 20 अप्रैल को अपनी याचिका दाखिल की। अदालत ने दोनों याचिकाओं को एक साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है, जिससे मामले के सभी पहलुओं पर समग्र रूप से विचार किया जा सके।सुनवाई के दौरान न्यायालय दोनों पक्षों की दलीलों, उपलब्ध साक्ष्यों तथा मामले की परिस्थितियों का गहन परीक्षण करेगा। बचाव पक्ष द्वारा जमानत की मांग के पीछे दिए गए तर्कों के साथ-साथ अभियोजन पक्ष की आपत्तियों को भी विस्तार से सुना जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुनवाई यह तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है कि आरोपितों को राहत मिलती है या उन्हें आगे भी न्यायिक हिरासत में रहना पड़ेगा। पूरे मामले पर अब सभी की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हुई हैं, जो आगामी कानूनी दिशा को स्पष्ट करेगा।

0
0 views    0 comment
0 Shares

अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव एक बार फिर तीखा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित सीजफायर विस्तार के फैसले को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान ने इसे “एकतरफा और अस्वीकार्य” कदम बताते हुए स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के निर्णय बिना आपसी सहमति के मान्य नहीं हो सकते। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि किसी भी युद्धविराम या कूटनीतिक व्यवस्था पर निर्णय केवल पारस्परिक बातचीत के आधार पर ही लिया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बाहरी दबाव या थोपे गए फैसले स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इस बीच, ईरानी संसद अध्यक्ष के सलाहकार महदी मोहम्मदी ने ट्रंप के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “ऐसे सीजफायर विस्तार का कोई महत्व नहीं है” और यह भी जोड़ा कि “हारने वाले शर्तें नहीं थोप सकते।” यह बयान ईरान के सख्त रुख को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान स्थिति अत्यंत संवेदनशील और अस्थिर बनी हुई है। दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर अडिग रहने से शांति वार्ता पटरी से उतर सकती है। यदि तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है।

0
0 views    0 comment
0 Shares

नेपाल से जुड़ी घटना सिंगरौली बैंक लूट कांड में नेपाल कनेक्शन की जांच तेज, पुलिस की कई टीमें अलर्ट

21 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में हुई दिनदहाड़े की करोड़ों की डकैती के मामले में अब नेपाल कनेक्शन सामने आने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, लुटेरों ने लूट की तैयारी के दौरान नेपाल की सीमा से जुड़े इलाकों या नेपाल स्थित संपर्कों का इस्तेमाल किया हो सकता है।
पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी ने मजदूर बंकर मोरवा में किराए पर कमरा लेकर एक महीने तक रेकी की थी। अब पूछताछ में नेपाल से संबंधित मोबाइल नंबर, संपर्क या लूट के माल को नेपाल ले जाने की प्लानिंग का सुराग मिलने की संभावना पर पुलिस फोकस कर रही है।
क्या है नेपाल से जुड़ा पहलू?
लुटेरों की टीम में कुछ सदस्यों के नेपाल बॉर्डर क्षेत्र (उत्तर प्रदेश-बिहार-नेपाल ट्राई-जंक्शन) से पुराने संपर्क होने की बात सामने आ रही है।
पुलिस ने इंडो-नेपाल बॉर्डर पर अलर्ट जारी कर दिया है। एसएसबी और नेपाल पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाया गया है।
लूट का कुछ हिस्सा (सोना या नकदी) नेपाल ले जाने की कोशिश की जा सकती है, इसी आशंका से सीमा चौकियों पर सख्ती बरती जा रही है।
पिछले दिनों नेपाल के सिंधुली जिले में हुई नेपाल एसबीआई बैंक लूट की घटना से भी तुलना की जा रही है, जहां लुटेरों ने इसी तरह की प्लानिंग की थी।
पुलिस का बयान:
सिंगरौली एसपी ने बताया कि बैंक लूट के मुख्य आरोपी और अन्य सदस्यों की तलाश में नेपाल बॉर्डर क्षेत्रों में विशेष टीमें भेजी गई हैं। बिहार से दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नजर रखी जा रही है। लूट का कुल अनुमानित मूल्य 15 करोड़ रुपये के आसपास बताया जा रहा है, जिसमें 7-10 किलो सोना और 20 लाख नकदी शामिल है।
स्थानीय लोगों और विपक्ष ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने तीन राज्यों (मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश) और नेपाल बॉर्डर पर 10 से ज्यादा टीमों को मैदान में उतार दिया है। 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई है।

0
0 views    0 comment
0 Shares

RLD Leader Mohammad Anees Choudary Lambasts Govt Over Power Crisis Amid Scorching Heatwave in J&K
Srinagar/Jammu | April 23, 2026 – Mohammad Anees Choudary, State General Secretary of the Jammu and Kashmir Rashtriya Lok Dal (RLD) unit, today issued a scathing statement against the administration regarding the worsening power crisis in the Union Territory.
As a severe heatwave grips both divisions of Jammu and Kashmir, Choudary highlighted the "inhumane" conditions being faced by the public, particularly school-going children who are bearing the brunt of unscheduled power cuts.
Key Concerns Raised by RLD:
Impact on Students: Choudary emphasized that while temperatures are soaring, students are forced to sit in classrooms without fans or proper ventilation. "Our children are going to school in record-breaking heat, only to return to homes with no electricity. This is not just a policy failure; it is a threat to their health," he stated.
Infrastructure Failure: The RLD leader criticized the Power Development Department (PDD) for failing to provide a consistent power supply despite repeated assurances of infrastructure upgrades.
Health Risks: With the IMD predicting a further rise in temperatures, the State General Secretary warned that the combination of heat and lack of power for cooling could lead to a spike in heatstroke and dehydration cases among the elderly and the young.
Demands to the Administration:
Mohammad Anees Choudary has urged the Lieutenant Governor’s administration and the concerned department to take immediate action:
Stop Unscheduled Power Cuts: Ensure 24/7 power supply during peak afternoon hours to provide relief from the heat.
Adjust School Timings: The RLD unit demands that school timings be further shortened or shifted to earlier morning hours to ensure children are home before the peak heat begins.
Accountability: Choudary called for an immediate review of the power distribution strategy to prioritize residential and educational zones.
"The government cannot remain a mute spectator while the common man suffers. If the power situation does not improve immediately, the Rashtriya Lok Dal will be forced to take to the streets to protest this administrative apathy."
— Mohammad Anees Choudary, State General Secretary, J&K RLD.
Issued by: Office of the State General Secretary Rashtriya Lok Dal (RLD), Jammu & Kashmir Unit

0
0 views    0 comment
0 Shares

‘वारिस पंजाब दे’ के प्रमुख एवं खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत निरुद्धि अवधि समाप्त होने के बाद पंजाब पुलिस ने डिब्रूगढ़ केंद्रीय कारागार से अपनी हिरासत में ले लिया है। इस घटनाक्रम के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच डिब्रूगढ़ सदर थाना लाया गया, जहां अजनाला थाना हमले से जुड़े मामले में उनसे पूछताछ की जा रही है।जानकारी के अनुसार, अमृतपाल सिंह की एनएसए के तहत निरुद्धि की अवधि बीती रात समाप्त हो गई थी। इसके तुरंत बाद पंजाब पुलिस ने दूसरे दर्ज मामले में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने की प्रक्रिया शुरू की। आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। मेडिकल प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात अदालत से दो दिन की पुलिस रिमांड हासिल की गई, जिसके आधार पर उन्हें पूछताछ के लिए डिब्रूगढ़ सदर थाना लाया गया। सूत्रों के अनुसार, अमृतपाल सिंह को रिमांड अवधि के दौरान डिब्रूगढ़ सदर थाना में ही रखा जाएगा। पंजाब पुलिस की एक वरिष्ठ टीम पहले से ही डिब्रूगढ़ में मौजूद थी और उसने असम पुलिस एवं जेल प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर यह कार्रवाई पूरी की। पूरी प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीयता और सुरक्षा के साथ अंजाम दिया गया, क्योंकि मामला संवेदनशील होने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित भी है।अधिकारियों ने बताया कि अमृतपाल सिंह से फरवरी 2023 के अजनाला थाना हमले के मामले में पूछताछ की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में आरोप है कि अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों ने पुलिस थाना पर दबाव बनाते हुए धावा बोला था, ताकि उसके एक करीबी सहयोगी को रिहा कराया जा सके। यही मामला बाद में पंजाब में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर बड़े विवाद का कारण बना था। पंजाब सरकार ने इसी पृष्ठभूमि में उनके खिलाफ एनएसए लगाया था। डिब्रूगढ़ सदर थाना के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है तथा थाने और उसके आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। अमृतपाल सिंह को लाने और थाने में रखने की पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहीं। अमृतपाल सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश और पुलिसकर्मियों पर हमले जैसे कई गंभीर आरोप पहले से दर्ज हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान उनसे अजनाला प्रकरण, समर्थकों की भूमिका, घटना की योजना और उससे जुड़े अन्य पहलुओं पर विस्तार से पूछताछ की जाएगी। यह पूछताछ आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कानूनी सूत्रों के अनुसार, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की अनुमति के बाद पंजाब पुलिस को यह रास्ता साफ मिला कि एनएसए की अवधि समाप्त होने के बाद अमृतपाल सिंह को संबंधित आपराधिक मामले में गिरफ्तार कर आगे की जांच और मुकदमे की प्रक्रिया चलाई जाए। इसी कानूनी ढांचे के तहत अब पंजाब पुलिस सक्रिय रूप से पूछताछ कर रही है। गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह पिछले लगभग तीन वर्षों से डिब्रूगढ़ केंद्रीय कारागार में बंद था। एनएसए समाप्त होने के बाद यह माना जा रहा था कि उसे रिहा किया जा सकता है, लेकिन दूसरे मामले में गिरफ्तारी और पुलिस रिमांड मिलने से यह स्पष्ट हो गया है कि उसकी कानूनी मुश्किलें अभी समाप्त नहीं हुई हैं। फिलहाल सभी की नजरें पूछताछ के नतीजों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।

0
0 views    0 comment
0 Shares

ମାଲକାନଗିରି:ମାଲକାନଗିରି ଜିଲ୍ଲାର କାଲିମେଳା ଅଞ୍ଚଳର ମୋଟୁ ଚେକପୋଷ୍ଟରେ ବନବିଭାଗ ଏକ ବଡ ସଫଳତା ହାସଲ କରିଛି। ଗୁପ୍ତ ସୂଚନା ଆଧାରରେ କରାଯାଇଥିବା ବିଶେଷ ଅଭିଯାନରେ ବହୁ ପରିମାଣରେ କଇଁଛ ଜବତ କରାଯାଇଛି, ଯାହା ଅଞ୍ଚଳରେ ଚଞ୍ଚଳତା ସୃଷ୍ଟି କରିଛି।

ବନବିଭାଗ ସୂଚନା ଅନୁସାରେ, ମୋଟ 761ଟି କଇଁଛ ଜବତ ହୋଇଥିବା ବେଳେ, ସେଗୁଡିକର ମୋଟ ଓଜନ ପ୍ରାୟ 2 ଟନ 305 କେଜି (2305 କେଜି) ହୋଇଛି। ଏହାର ଆନୁମାନିକ ବଜାର ମୂଲ୍ୟ ପ୍ରାୟ 7 ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କା ବୋଲି ଅନୁମାନ କରାଯାଇଛି।

ଅଭିଯାନ ସମୟରେ ଆନ୍ଧ୍ରପ୍ରଦେଶରୁ ଓଡିଶାକୁ ଆସୁଥିବା ଏକ ସନ୍ଦେହଜନକ ବୋଲେରୋ ଗାଡ଼ିକୁ ଅଟକାଯାଇଥିଲା। ତଲାଶି କାଳରେ ଗାଡ଼ି ଭିତରୁ ଏହି ବହୁ ପରିମାଣର କଇଁଛ ମିଳିଥିଲା। ବନବିଭାଗ ତୁରନ୍ତ କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ନେଇ ଡ୍ରାଇଭର ସହ ଗାଡ଼ିକୁ ଜବତ କରିଛି।

ପ୍ରାରମ୍ଭିକ ତଦନ୍ତରୁ ଜଣାପଡ଼ିଛି ଯେ, ଏହି କଇଁଛଗୁଡିକ ମୋଟୁ ଥାନା ଅଞ୍ଚଳର MPV-83 ଗ୍ରାମର ଦଲାଲ ଶକ୍ତିପଦ ଗାଇନଙ୍କ ପାଖକୁ ପଠାଯାଉଥିଲା। ତେବେ ମୁଖ୍ୟ ଅଭିଯୁକ୍ତ ଶକ୍ତିପଦ ଗାଇନ ବର୍ତ୍ତମାନ ଫେରାର ରହିଥିବା ସୂଚନା ମିଳିଛି।

ମୋଟୁ ଫୋରେଷ୍ଟର ମୁରୁଲୀଧର ଅନୁଗୁଳିଆ କହିଛନ୍ତି ଯେ, ଏହା ଏକ ବଡ ଚୋରାଚାଳାଣ ଚକ୍ରର ଅଂଶ ହୋଇପାରେ। ଘଟଣାର ଗଭୀର ତଦନ୍ତ ଜାରି ରହିଛି ଓ ଅଭିଯୁକ୍ତଙ୍କୁ ଧରିବା ପାଇଁ ଜୋରଦାର ଖୋଜାଖୋଜି କରାଯାଉଛି।

ଏହି ଘଟଣା ପରେ କାଲିମେଳା ଓ ପାଶ୍ୱର୍ବର୍ତ୍ତୀ ଅଞ୍ଚଳରେ ଚଞ୍ଚଳତା ଦେଖାଦେଇଛି। ବନ୍ୟଜୀବ ଚୋରାଚାଳାଣ ଉପରେ ଏହି ପ୍ରକାର ଅଭିଯାନ ଆଗାମୀ ଦିନରେ ଆହୁରି କଡ଼ା କରାଯିବ ବୋଲି ବନବିଭାଗ ସୂଚନା ଦେଇଛି।



83
2557 views    0 comment
0 Shares

सैखोवाघाट :- 22 अप्रैल, 2026, बुधवार को धौला के ‘गोरखा भवन’ में ‘माकुम–सैखोवा (सदिया) रेलपथ सुरक्षा समिति’ द्वारा क्षेत्र के विभिन्न दलों एवं संगठनों को लेकर एक विस्तारित बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता सैखोवा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य श्री शांतनु दास ने की। बैठक में पिछले वर्षों के कार्यों तथा भविष्य की कार्ययोजना के संबंध में सचिव धीरेंद्र डेका ने अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने ने सभा को अवगत कराया कि उत्तर-पूर्व रेलवे का माकुम–डांगरी खंड, जो पूर्व डिब्रू–सदिया रेलवे का एक महत्वपूर्ण भाग है और जिसका निर्माण 1881 में असम रेलवे एंड ट्रेडिंग कंपनी द्वारा किया गया था, उसे सैखोवा (वर्तमान धौला ) तक विस्तारित किया जाना चाहिए, जो 1950 के असम के भयंकर भूकंप से पहले अंतिम स्टेशन था।

भूकंप में सैखोवा का अंतिम स्टेशन नष्ट हो जाने के कारण रेलपथ को डांगरी तक सीमित किया गया , जो सैखोवा से लगभग छः सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस प्रकार, उस समय से लगभग 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी सदिया सह-जिले के दक्षिणी तट के लोग रेल संपर्क सुविधा से वंचित है।

यदि इस रेलपथ का विस्तार किया जाता है, तो यह असम के पूर्वतम भाग में स्थित भारत के एक महत्वपूर्ण नदी बंदरगाह से जुड़ जाएगा, अर्थात ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित अंतर्देशीय जलमार्ग संख्या 2 से। यहाँ यात्री, पार्सल और माल परिवहन की अपार संभावनाएँ हैं। इसके अलावा, चीन सीमा के निकट स्थित होने के कारण इसका सामरिक महत्व भी अधिक है।

वर्ष 2012 के बजट घोषणा के अनुसार, माकुम–डांगरी खंड को सैखोवा तक विस्तारित (वास्तव में पुनः प्रारंभ) करने के प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड द्वारा स्वीकृति दी गई थी, लेकिन तब से यह प्रस्ताव स्थगित अवस्था में पड़ा हुआ है।

समिति के कोषाध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्य क्रमशः श्री अर्जुन बरुआ और श्री प्रकाश दत्ता ने भी समिति के कार्यों के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। उक्त सभा में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों जैसे अखिल असम छात्र संस्था आंचलिक समिति के अभिनन्दन कलिता, अखिल असम बंगाली युवा छात्र फेडेरेशन केंद्रीय समिति के सचिव अजीत देवनाथ, अखिल असम गोर्खा छात्र संस्था के केंद्रीय समिति के सचिव नुमल छेत्री, सोनोवाल कछारी छात्र संस्था के रितुपर्न सोनोवाल,रंटु सोनोवाल, कलिता जनगोष्ठीय छात्र परिषद के जितु कलिता, अखिल असम चाय जनजाति छात्र संस्था के राजेश गंजु, मारवाड़ी युवा मंच के राजेश वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता सीमांत शर्मा,हेम गोगोई आदि ने सभा को सम्बोधित किया।संतोषजनक बात यह रही कि बैठक में उपस्थित विभिन्न दलों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने समिति के कार्यों में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन प्रदान किया।

0
11 views    0 comment
0 Shares

गढ़मुक्तेश्वर: गजरौला में मदरसा चलाने वाले मौलाना कारी शकील के बेटे फाजिल के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में अपहरण कर 25 लाख रुपये की फिरौती वसूल ली। हालांकि, गढ़मुक्तेश्वर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया।
जानकारी के अनुसार, फाजिल देवबंद से बस के जरिए मेरठ पहुंचा था और वहां से गजरौला जाने के लिए कार में बैठा। थाना गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के गांव अल्लाहबख्शपुर के पास कार में पहले से मौजूद तीन बदमाशों ने तमंचे के बल पर उसका अपहरण कर लिया।
इसके बाद आरोपी उसे दादरी ले गए, जहां एटीएम कार्ड से 75 हजार रुपये निकाले गए। फिर फाजिल के फोन से उसके पिता को कॉल कर 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
पहले पिता 8 लाख रुपये लेकर पहुंचे, लेकिन बदमाशों ने रकम कम बताकर लेने से इनकार कर दिया। बाद में 24 घंटे का अल्टीमेटम देकर एटा बुलाया गया, जहां पूरी 25 लाख की रकम वसूली गई।
रकम मिलने के बाद बदमाशों ने छात्र को हापुड़ जनपद में छोड़ दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई कर आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस अब पूरे गैंग से पूछताछ कर अन्य वारदातों के खुलासे में जुटी है।

0
11 views    0 comment
0 Shares



विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

मधुबनी जिले के दहिला गाँव (थाना-अरेर) के रवींद्र यादव अपनी जमीन से अतिक्रमण हटवाने के लिए बेनीपट्टी अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहे थे।
उन्हें क्या पता था कि सरकारी दफ्तर में उनके हक की फाइल आगे बढ़ने से पहले एक "कीमत" तय होगी।

लिपिक साकेत कुमार सिंह ने 30,000 रुपए माँगे।

मोलभाव हुई —
15,000 पर सौदा तय हुआ।
पहली किस्त के रूप में 10,000 अग्रिम तय हुए।

लेकिन जैसे ही बुधवार दोपहर 12 बजे रवींद्र यादव ने नोट थमाए — निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की टीम ने जाल कस दिया।

मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अंचल कार्यालय में निगरानी विभाग की टीम ने डीएसपी के नेतृत्व में छापेमारी कर अंचल कर्मी साकेत कुमार और एक बिचौलिए परमानंद झा को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

पूरा घटनाक्रम
मधुबनीः
पटना निगरानी की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बेनीपट्टी अंचल कार्यालय में 10 हजार रुपया रिश्वत लेते क्लर्क साकेत कुमार और एक बिचौलिया को गिरफ्तार किया है।

रवींद्र यादव ने निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। ब्यूरो ने सत्यापन कराया —
आरोप सही पाए जाने पर DSP समीर चंद्र झा के नेतृत्व में धावादल गठित हुआ।
पटना से चलकर टीम बेनीपट्टी पहुँची और जाल बिछाया।
प्राथमिक अभियुक्त साकेत कुमार सिंह और अप्राथमिक अभियुक्त दलाल परमानंद झा को अंचल कार्यालय परिसर से गिरफ्तार कर लिया गया।
अब दोनों को विशेष न्यायालय, निगरानी, मुजफ्फरपुर में उपस्थापित किया जाएगा। आगे की जाँच जारी है।

विश्लेषण: चार सवाल

पहला —
जो काम सरकारी कर्तव्य है, उस पर 'मूल्य' क्यों?
भूमि अतिक्रमण मुक्त कराना राजस्व तंत्र का दायित्व है — अधिकार नहीं जो बिके।
रवींद्र यादव को वह राहत पाने का हक था जो कानून उन्हें देता है।
लेकिन बेनीपट्टी अंचल में उनके हक की कीमत 30,000 थी, जो मोलभाव के बाद 15,000 पर आई। यह भ्रष्टाचार नहीं — यह जनता के अधिकारों की खुली नीलामी है।

दूसरा —
दलाल की भूमिका: अंचल के भीतर 'एजेंसी'?
इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू है परमानंद झा जैसे निजी दलाल की उपस्थिति।
परिवादी रवींद्र यादव से जमीन अतिक्रमण खाली करवाने के एवज में 30 हजार रुपए की मांग की गई थी, बाद में 15 हजार रुपए पर सौदा तय हुआ।
रिश्वत का पैसा सरकारी लिपिक तक पहुँचाने के लिए दलाल का होना —
यह बताता है कि यह कोई अचानक की गई माँग नहीं, एक सुनियोजित व्यवस्था है।

तीसरा —
बिहार में निगरानी ब्यूरो की सक्रियता: सराहनीय, पर पर्याप्त नहीं,
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की यह कार्रवाई निश्चित रूप से सराहनीय है।
वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध 121वीं प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें 107 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है और रिश्वत की कुल बरामद राशि 37,80,300 रही।
लेकिन सवाल यह है — जितने पकड़े जाते हैं, उससे कहीं अधिक रोज बच निकलते हैं।
ट्रैप ऑपरेशन तभी होता है जब कोई साहसी नागरिक शिकायत करे — पर कितने लोग डरकर चुप रहते हैं और रिश्वत दे देते हैं?

चौथा —
राजस्व तंत्र की जवाबदेही कहाँ है?
बेनीपट्टी अंचल कार्यालय में यह पहली बार नहीं हुआ होगा।
प्रश्न यह है कि अंचलाधिकारी, अपर समाहर्ता और जिला प्रशासन को इस प्रकार की रिश्वतखोरी की सूचना पहले क्यों नहीं मिली?
क्या आंतरिक निगरानी तंत्र केवल बाहरी शिकायत का इंतज़ार करता है?

निष्कर्ष
रवींद्र यादव ने हिम्मत दिखाई —
और निगरानी ब्यूरो ने कर्तव्य निभाया।
यह दोनों बातें बिहार के लिए उम्मीद की किरण हैं।

लेकिन जब तक राजस्व तंत्र में दलाल-लिपिक गठजोड़ की जड़ें नहीं उखाड़ी जातीं, जब तक हर अंचल कार्यालय में पारदर्शी सेवा वितरण सुनिश्चित नहीं होती —
तब तक ऐसी गिरफ्तारियाँ उस विशाल भ्रष्ट व्यवस्था के सामने बूँद भर ही रहेंगी।
जनता का हक माँगने पर रिश्वत —
और रिश्वत देने पर हक मिले —
यह चक्र तोड़ना होगा।
निगरानी ब्यूरो एकला नहीं जीत सकता —
जनता की जागरूकता और प्रशासन की आंतरिक जवाबदेही दोनों ज़रूरी हैं।

0
0 views    0 comment
0 Shares

देश भारत की संप्रभुता बचाने व संवैधानिक संस्थाओं को स्वतंत्र कराने के लिए शहीद होना चाहता हूँ : श्यामलाल

सुलतानपुर। मोस्ट निदेशक शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरूजी" ने समाजवादी पार्टी में शामिल होने के अपने निर्णय का औचित्य स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य देश की संप्रभुता की रक्षा करना और संवैधानिक संस्थाओं को स्वतंत्र कराना है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह शहीद होने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयता, लोकतंत्र की जो परिभाषा चुनाव आयोग की जो विशेषता, संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिबद्धता का जो पाठ हम बच्चों को क्लास रूम में पढ़ाते हैं वह वास्तव में देश के अंदर यथार्थ में दिखाई नहीं देता, हम संविधान में दिए गए अधिकार और कर्तव्यों के बारे में जो बातें बच्चों को क्लास रूम में पढ़ाते हैं समाज में वह नहीं दिखती। देश के संसाधनों और सत्ता न्याय पूर्ण भागीदारी आज भी नहीं दिख रही है हम चाहते हैं कि जो संविधान में है वैसा समाज में भी होना चाहिए, इसी आशा और विश्वास से हम समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना चाहते हैं। देश भारत के संविधान में बच्चों की प्राथमिक शिक्षा की गारंटी दी गई है लेकिन उत्तर प्रदेश में एक तरफ जनसंख्या बढ़ रही है तो दूसरी तरफ प्राइमरी स्कूल बंद किए जा रहे हैं प्रदेश में प्राइमरी स्कूल बंद होने से बचाने के लिए हम मोस्ट के लोगो ने सरकार के गलत निर्णय के विरोध में विभिन्न जनपदों में भीषण प्रदर्शन भी किए किंतु मौजूदा सरकार संवैधानिक गारंटी के अनुकरण में पर्याप्त शिक्षकों की भर्ती, ग्रामीणों/पिछड़ों के बच्चों की शिक्षा के लिए बजट में वृद्धि करने के बजाय स्कूल बंद कर रही है। आज अमीर लोग यह कह कर कि गांव में शिक्षा का माहौल नहीं है अपने बच्चों को शहर भेज दे रहे हैं किंतु जो साधन संपन्न नहीं है ऐसे गरीब/पिछड़ों के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा भी मिलना मुश्किल हो रही है योगी सरकार को इतना भी ज्ञान नहीं कि राष्ट्र का निर्माण किसी फैक्ट्री में नहीं बल्कि विद्यालयों में होता है इसी लिए हम मोस्ट के लोग प्रदेश में खास करके पूर्वांचल में निःशुल्क मोस्ट पाठशालाएं चलवाने का काम कर रहे हैं हमें उम्मीद है कि समाजवादी सत्ता में आने के बाद प्रदेश की बर्बाद की जा रही प्राथमिक शिक्षा पर विशेष ध्यान देंगे।
श्यामलाल निषाद ने कहा कि बीजेपी संविधान और संवैधानिक संस्थाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक स्वतंत्रता का खत्म कर रही है देश की संप्रभुता अमेरिका के हाथों सौंप चुकी है! ऐसा लगता है कि देश भारत आज अमेरिका का उपनिवेश बनकर रह गया है, देश के संसाधनों और संपत्ति अपने चहेते चंद पूंजीपतियों के हवाले करते चले जा रहे हैं।
मोस्ट निदेशक ने कहा कि बीजेपी धर्म की आड़ में अंधविश्वास, पाखंडवाद, जाति श्रेष्ठ को बढ़ावा देकर देश की एकता और अखंडता भाई चारा को कमजोर कर रही है और जो उसके खिलाफ बोलता है उसके खिलाफ एफआईआर, निलंबन आदि का डर दिखाकर आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है जिसका मैं खुद भुक्तभोगी रहा हूं।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि धार्मिक उन्माद फैलाने वालों को बीजेपी राष्ट्रवादी घोषित करती है और लोकतंत्र का गला घोट कर हिंदू-मुस्लिम करके चुनाव जीत रही है। बीजेपी चुनाव आचार संहिता को तार-तार करके हिंदुत्व के नाम पर पिछड़ों का वोट तो लेती है किंतु पिछड़ों की सबसे ज्यादा शोषण अत्याचार हकमारी इसी के शासनकाल में देखा जा रहा है।
मोस्ट निदेशक ने पिछड़ों से अपील की कि बीजेपी के हिंदुत्व की रक्षा के बजाय वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास, मानवता भाईचारा देश की एकता अखंडता को मजबूत करने के लिए संविधान, लोकतंत्र व संवैधानिक संथाओं को स्वतंत्र कराने, पिछड़ों को शोषण-अत्याचार से मुक्त कराने के लिए समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर संघर्ष किया जाय।
उल्लेखनीय है कि बीते 21 अप्रैल को मोस्ट निदेशक शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरूजी" ने लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय जाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष सपा में शामिल हो गए हैं।

0
0 views    0 comment
0 Shares


गौहाटी हाईकोर्ट ने असम सरकार, विशेष रूप से गृह एवं राजनीतिक विभाग को निर्देश दिया है कि राज्य में कहीं भी भैंसों की लड़ाई (मोह जूज) आयोजित न होने दी जाए। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि इस प्रकार के आयोजन होते हैं तो उनके आयोजकों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। यह अंतरिम आदेश अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।न्यायमूर्ति अंजन मोनी कलिता ने यह आदेश ‘पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स इंडिया’ (PETA इंडिया) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि जनवरी माह में असम के विभिन्न जिलों में अवैध रूप से भैंसों की लड़ाई आयोजित की गई, जिसमें पशुओं के साथ गंभीर क्रूरता बरती गई। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि ‘प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स एक्ट, 1960’ के तहत इस प्रकार की गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि ऐसे आयोजन न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि पूर्व में स्थापित न्यायिक निर्णयों के भी विपरीत हैं। PETA इंडिया द्वारा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों में कई चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं। फोटो और वीडियो के माध्यम से यह दिखाया गया कि भैंसों को जबरन लड़ाने के लिए उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, भैंसों को मोटे डंडों से लगातार पीटा गया, उनकी नाक में रस्सी डालकर खींचा गया और उन्हें जबरन भिड़ाया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। कई मामलों में भैंसों के शरीर पर गहरे घाव और खून से लथपथ हालत भी देखी गई। साक्ष्यों में यह भी सामने आया कि एक घटना के दौरान एक व्यक्ति को भागते हुए भैंस ने बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे इस प्रकार के आयोजनों के दौरान मानव जीवन के लिए भी खतरा उजागर हुआ है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद राज्य प्रशासन के सामने अब यह चुनौती है कि वह इस प्रतिबंध को प्रभावी रूप से लागू करे और भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाए। इस फैसले को पशु अधिकार संगठनों ने एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, वहीं सामाजिक संगठनों ने भी इसे कानून और मानवीय संवेदनाओं की दिशा में आवश्यक निर्णय बताया है।

0
0 views    0 comment
0 Shares



*मध्यप्रदेश* उमरिया जनपद पंचायत मानपुर के ग्राम पंचायत बचहा में लगभग 35 से अधिक सीएम हेल्पलाइन 560 दिन से अधिक समय से लंबित है जिनका निराकरण आज दिनांक तक नहीं हुआ है सोचने वाली बात है सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा हर सोमवार को की जाती है तो भी आज दिनांक तक इन शिकायतों का नहीं हुआ निराकरण सोचने की बात है की ग्रेडिंग कैसे इनकी बनी है

*सरपंच द्वारा अपने सगे-संबंधियों के नाम पर लगाए जा रहे बिल*
ग्राम पंचायत बचाहा में सरपंच द्वारा अपने ही भाई लड़के बहु के सफाई के नाम पर लगभग 45 हजार से ज्यादा का घोटाला फर्जी वेंडर बना के पैसे आहरण किए गए है
*भूमि पूजन के नाम पर*

ग्राम पंचायत बचहा में भूमि पूजन के नाम पर 50 हजार से अधिक का भुगतान बिना जीएसटी के बिलों में अपने परिवार के भाई के नाम पर टेंट पर पैसा आहरण किए गए है

*गुणवत्ता हीन कार्य*
ग्राम पंचायत में बन रहे सी सी रोड ,स्कूल बाउंड्री, पंचायत भवन का कार्य समस्त प्रेसेंट में कराए जा रहे है सूत्रों की मिलो जानकारी अनुसार सरपंच को 20% सचिव को 20% इंजीनियर को 10% जनपद सीईओ 10% कमीशन ले कर समस्त कार्य कराए जा रहे है आदतन फर्जी कार्य करने वाली सचिव श्रीमती चित्रा देवी गुप्ता द्वारा का कथन है कि हमारी हाथ बहुत लंबे है हमारा कमीशन भोपाल तक जाता है हमे कुछ नहीं होने वाला है हम ऐसे ही कार्य करते है यह पूर्व में भी ग्राम पंचायत रक्शा से फर्जी कार्य पर सस्पेंड हो चुकी है

St/sc एक्ट धारा 376 की धमकी
सरपंच पति श्री रामकृपाल साहू जी व सचिव श्रीमती चित्र देवी गुप्ता जी द्वारा आए दिन ग्राम पंचायत के ग्राम वासियों को आए दिन सीएम हेल्पलाइन नहीं करने पर st/sc एक्ट धारा 376 की जुड़े केश fir करने की आए दिन धमकी दी जा रही है

9
4715 views    0 comment
0 Shares

असम हायर सेकेंडरी एजुकेशन काउंसिल (एएचएसईसी) द्वारा कक्षा 12 (हायर सेकेंडरी) परीक्षा 2026 के परिणाम 28 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे। इस घोषणा के साथ ही राज्यभर के हजारों छात्रों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार समाप्त होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से परिणाम की तिथि की जानकारी साझा करते हुए सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि हायर सेकेंडरी के परिणाम 28 अप्रैल को जारी किए जाएंगे और सभी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस वर्ष आयोजित परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया था और परिणाम को लेकर छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों में भी उत्सुकता बनी हुई है। परीक्षा के बाद से ही छात्र अपने प्रदर्शन को लेकर परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, जो अब जल्द समाप्त होने वाला है। परिणाम घोषित होने के बाद छात्र एएचएसईसी की आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकेंगे। इसके लिए छात्रों को अपने रोल नंबर और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करने होंगे। बोर्ड द्वारा परिणाम को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, जिससे छात्र आसानी से और बिना किसी परेशानी के अपने अंक प्राप्त कर सकें।शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, परिणाम जारी करने की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और इसे सुचारु रूप से घोषित करने के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है, ताकि अधिक संख्या में छात्रों द्वारा एक साथ वेबसाइट पर पहुंचने की स्थिति में भी किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। राज्य में हायर सेकेंडरी परीक्षा को छात्रों के शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है, क्योंकि इसके आधार पर ही उनके उच्च शिक्षा और करियर की दिशा तय होती है। ऐसे में इस परिणाम का छात्रों के भविष्य पर विशेष प्रभाव पड़ता है। शिक्षा विशेषज्ञों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखें और आगे की योजनाओं के लिए संतुलित निर्णय लें। वहीं अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों का मनोबल बढ़ाएं और उन्हें हर परिस्थिति में सहयोग प्रदान करें। 28 अप्रैल को घोषित होने वाले इस परिणाम को लेकर पूरे असम में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।

0
0 views    0 comment
0 Shares

कछौना (हरदोई) :- त्रिमूर्ति प्लांट साइंस के तत्वावधान में मौर्या बीज भंडार, गोपी मार्केट, फल मंडी कछौना (बालामऊ, हरदोई) द्वारा एक भव्य किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
गोष्ठी के दौरान उन प्रगतिशील किसानों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने त्रिमूर्ति कंपनी के इनाम खीरा की सफल खेती की। इन किसानों को उपहार मौर्या बीज भंडार के प्रोपराइटर माननीय रघुनाथ प्रसाद मौर्य के हाथों द्वारा प्रदान किए गए।

सम्मानित किसानों में प्रमुख रूप से शामिल रहे:
राजकुमार कश्यप (ग्राम हथौड़ा) – 3 बीघा, शिव शंकर (हथौड़ा) – 5 बीघा, नरेश (हथौड़ा) – 3 बीघा, विनीत कश्यप (हथौड़ा) – 2 बीघा, पंकज (हथौड़ा) – 1 बीघा, रामकिशोर मौर्य (अरसेनी) – 2 बीघा, अमरीश कश्यप (हथौड़ा) – 1 एकड़, रईस अली (हथौड़ा) – 3 बीघा, संजय (हथौड़ा) – 4 बीघा तथा नंदकिशोर मौर्य (लोनाहरा) – 3 बीघा में खीरे की खेती की।

गोष्ठी में त्रिमूर्ति प्लांट साइंस के एरिया मैनेजर सचिन गंगवार जी ने किसानों को आधुनिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इनाम खीरा की उन्नत खेती, बेहतर उत्पादन तकनीक एवं बाजार की मांग के अनुसार फसल उत्पादन के बारे में जानकारी दी।
वहीं मार्केट डेवलपमेंट ऑफिसर सुमित सिंह ने किसानों को आगामी फसलों जैसे धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, चारा एवं सब्जियों—भिंडी, लौकी, तोरई, कद्दू, करेला—की खेती के सही समय, बुवाई विधि तथा उन्नत किस्मों के चयन के बारे में विस्तार से बताया।
साथ ही शाक्य आशीष सिंह मौर्य (एम.एससी. कृषि) ने किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी देते हुए उर्वरकों (फर्टिलाइजर) के संतुलित उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि अधिक मात्रा में उर्वरकों के प्रयोग से लागत बढ़ जाती है तथा फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे किसानों का मुनाफा कम हो जाता है। संतुलित पोषण एवं सही तकनीक अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में मौर्या बीज भंडार की ओर से सभी किसानों को एक-एक टॉर्च भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही त्रिमूर्ति प्लांट साइंस की ओर से सभी किसानों के लिए नाश्ता एवं पानी की व्यवस्था की गई तथा गोष्ठी के समापन पर सभी किसानों को नाश्ता कराकर सम्मानपूर्वक उनके घर के लिए विदा किया गया।
यह किसान गोष्ठी किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई।

रिपोर्ट :- शाक्य आशीष सिंह मौर्य (न्यूज़ रिपोर्टर)

0
0 views    0 comment
0 Shares


ऊपरी असम के लिए यह अत्यंत गर्व का क्षण रहा, जब प्रख्यात वरिष्ठ चिकित्सक, साहित्यिक व्यक्तित्व तथा असम आदित्य समाचारपत्र के प्रधान संपादक डॉ. निर्मल साहेवाला को ज्योतिप्रताप ज्ञानमार्ग विद्यालय द्वारा प्रतिष्ठित “स्वास्थ्य रत्न” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान डिब्रूगढ़ में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान औपचारिक रूप से प्रदान किया गया।यद्यपि विद्यालय का स्थापना दिवस समारोह मूल रूप से 29 मार्च को आयोजित किया गया था, किन्तु पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं के कारण डॉ. साहेवाला उस अवसर पर उपस्थित नहीं हो सके थे। उन्हें सम्मानित करने के उद्देश्य से विद्यालय के आयोजक प्रताप सैकिया और बिजु शर्मा विशेष रूप से डिब्रूगढ़ पहुंचे और उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया, जिससे यह सम्मान और भी अधिक अर्थपूर्ण बन गया। इस सम्मान समारोह में अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया, जिनमें आदित्य डायग्नोस्टिक एंड हॉस्पिटल की प्रमुख सरिता साहेवाला तथा असम आदित्य के संपादक मंजीत बोरा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। समारोह के दौरान शिक्षा क्षेत्र में प्रताप सैकिया के योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। लगभग सात वर्ष पूर्व उन्होंने एक ऐसे संस्थान की कल्पना की थी, जो नई पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर सके। आज ज्योतिप्रताप ज्ञानमार्ग विद्यालय एक आधुनिक, सुसज्जित और सुव्यवस्थित शैक्षणिक संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है, जहां डिजिटल कक्षाएं, आकर्षक शिक्षण वातावरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। विद्यालय के हालिया स्थापना दिवस समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले कई विशिष्ट व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें पद्मश्री जादव पायेंग को एक अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। इसके साथ ही वरिष्ठ पत्रकार परागमणि आदित्य, डॉ. सौमित्र पुजारी, डॉ. माखन कलिता, अंजन शर्मा तथा ऋतुराज फुकन को भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए डॉ. निर्मल साहेवाला ने इस सम्मान को अपने लिए अत्यंत गर्व और भावनात्मक महत्व का विषय बताया। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि व्यक्तिगत रूप से डिब्रूगढ़ आकर उन्हें सम्मानित करना अत्यंत आत्मीय और सम्मानपूर्ण पहल है। उन्होंने दो वर्ष पूर्व विद्यालय के अपने दौरे को याद करते हुए कहा कि वहां की आधारभूत संरचना, डिजिटल शिक्षण प्रणाली और शैक्षणिक वातावरण की आत्मीयता ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया था। वहीं प्रताप सैकिया ने कहा कि डॉ. साहेवाला जैसे विशिष्ट और सम्मानित व्यक्तित्व को सम्मानित करना विद्यालय के लिए अत्यंत गौरव की बात है। उन्होंने दोहराया कि विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता बनाए रखने तथा नवीन और समावेशी शिक्षा के माध्यम से भावी पीढ़ी को सशक्त बनाने के अपने संकल्प को आगे भी जारी रखेगा।

0
0 views    0 comment
0 Shares

हुसैनगंज फतेहपुर संवाददाता।
फतेहपुर जनपद के भिटौरा ब्लॉक क्षेत्र के मथैयापुर चौराहा पर राहगीरों व बाजार आने वाले लोगों की सुविधा के लिए ब्लॉक प्रमुख अमित तिवारी द्वारा लगवाया गया जल प्याऊ गर्मी के मौसम में शोपीस बनकर रह गया है। ग्रामीण क्षेत्र में पानी की समस्या के बीच यह प्याऊ पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मथैयापुर चौराहा पर साप्ताहिक बाजार लगती है, जहां आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, व्यापारी और राहगीर पहुंचते हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए लगभग दस माह पहले यहां जल प्याऊ स्थापित कराया गया था, जिस पर करीब 50 से 60 हजार रुपये खर्च किए गए थे।
ग्रामीणों का कहना है कि जल प्याऊ शुरू होने के बाद मात्र एक माह तक ही संचालित हुआ, इसके बाद तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गया। कई बार ब्लॉक प्रमुख से शिकायत करने के बावजूद अब तक इसे दुरुस्त नहीं कराया गया है।
गर्मी बढ़ने के साथ क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में बंद पड़ा जल प्याऊ लोगों के लिए निराशा का कारण बना हुआ है। बाजार आने वाले लोगों और राहगीरों ने प्रशासन व जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द जल प्याऊ चालू कराने की मांग की है, ताकि गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो लोगों को दूर-दूर तक पानी के लिए भटकना पड़ेगा।

0
0 views    0 comment
0 Shares

🌞 गर्मी के मौसम में गर्भवती माताओं और शिशुओं की सुरक्षा बेहद जरूरी
बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। हाल ही में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं एवं समुदाय को निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें बताई गईं—
✅ हल्के, ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें
✅ पर्याप्त मात्रा में पानी एवं तरल पदार्थ का सेवन करें
✅ बच्चों को तेज धूप से बचाकर छांव में रखें
✅ हीट स्ट्रेस/डिहाइड्रेशन के लक्षण पहचानें और तुरंत उपचार लें
⚠️ खास ध्यान दें:
गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं पर गर्मी का असर अधिक होता है, जिससे—
• समय से पहले जन्म (Preterm Birth)
• कम वजन (Low Birth Weight)
• डिहाइड्रेशन एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याएं
का खतरा बढ़ सकता है।
👉 इसलिए सतर्क रहें, नियमित जांच कराएं और सही देखभाल अपनाएं।
📢 लक्षण पहचानें • सतर्क रहें • सुरक्षित रहें
👨‍⚕️ Dr. Md Firoz Alam
🏥 Aleena Health Care, Naraini
📞 Mob: 8969285878
#HeatSafety #MaternalHealth #ChildCare #NHM #ClimateAndHealth #StaySafe

4
56 views    0 comment
0 Shares

कछौना (हरदोई) :- त्रिमूर्ति प्लांट साइंस के तत्वावधान में मौर्या बीज भंडार, गोपी मार्केट, फल मंडी कछौना (बालामऊ, हरदोई) द्वारा एक भव्य किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
गोष्ठी के दौरान उन प्रगतिशील किसानों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने त्रिमूर्ति कंपनी के इनाम खीरा की सफल खेती की। इन किसानों को उपहार मौर्या बीज भंडार के प्रोपराइटर माननीय रघुनाथ प्रसाद मौर्य के हाथों द्वारा प्रदान किए गए।

सम्मानित किसानों में प्रमुख रूप से शामिल रहे:
राजकुमार कश्यप (ग्राम हथौड़ा) – 3 बीघा, शिव शंकर (हथौड़ा) – 5 बीघा, नरेश (हथौड़ा) – 3 बीघा, विनीत कश्यप (हथौड़ा) – 2 बीघा, पंकज (हथौड़ा) – 1 बीघा, रामकिशोर मौर्य (अरसेनी) – 2 बीघा, अमरीश कश्यप (हथौड़ा) – 1 एकड़, रईस अली (हथौड़ा) – 3 बीघा, संजय (हथौड़ा) – 4 बीघा तथा नंदकिशोर मौर्य (लोनाहरा) – 3 बीघा में खीरे की खेती की।

गोष्ठी में त्रिमूर्ति प्लांट साइंस के एरिया मैनेजर सचिन गंगवार जी ने किसानों को आधुनिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इनाम खीरा की उन्नत खेती, बेहतर उत्पादन तकनीक एवं बाजार की मांग के अनुसार फसल उत्पादन के बारे में जानकारी दी।
वहीं मार्केट डेवलपमेंट ऑफिसर सुमित सिंह ने किसानों को आगामी फसलों जैसे धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, चारा एवं सब्जियों—भिंडी, लौकी, तोरई, कद्दू, करेला—की खेती के सही समय, बुवाई विधि तथा उन्नत किस्मों के चयन के बारे में विस्तार से बताया।
साथ ही शाक्य आशीष सिंह मौर्य (एम.एससी. कृषि) ने किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी देते हुए उर्वरकों (फर्टिलाइजर) के संतुलित उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि अधिक मात्रा में उर्वरकों के प्रयोग से लागत बढ़ जाती है तथा फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे किसानों का मुनाफा कम हो जाता है। संतुलित पोषण एवं सही तकनीक अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में मौर्या बीज भंडार की ओर से सभी किसानों को एक-एक टॉर्च भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही त्रिमूर्ति प्लांट साइंस की ओर से सभी किसानों के लिए नाश्ता एवं पानी की व्यवस्था की गई तथा गोष्ठी के समापन पर सभी किसानों को नाश्ता कराकर सम्मानपूर्वक उनके घर के लिए विदा किया गया।
यह किसान गोष्ठी किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई।

रिपोर्ट :- शाक्य आशीष सिंह मौर्य (न्यूज़ रिपोर्टर)

0
0 views    0 comment
0 Shares

దేశవ్యాప్తంగా ఉన్న ప్రైవేట్ పాఠశాలల్లో పాఠ్యపుస్తకాల ఎంపిక, అధిక ధరలకు ప్రైవేట్ పబ్లిషర్ల పుస్తకాలను విక్రయించడంపై వస్తున్న ఫిర్యాదులను జాతీయ మానవ హక్కుల కమిషన్ (NHRC) తీవ్రంగా పరిగణించింది. ఈ విషయంలో ప్రైవేట్ పాఠశాలల యాజమాన్యాలు అనుసరిస్తున్న తీరును 'విద్యా వివక్ష'గా అభివర్ణిస్తూ, అన్ని రాష్ట్ర ప్రభుత్వాలకు, కేంద్ర విద్యా మంత్రిత్వ శాఖకు నోటీసులు జారీ చేసింది.ప్రైవేట్ పాఠశాలలు తమపై ఒత్తిడి తెచ్చి, అధిక ధరలు కలిగిన ప్రైవేట్ ప్రచురణకర్తల పుస్తకాలను కొనుగోలు చేయిస్తున్నాయని వివిధ ప్రాంతాల తల్లిదండ్రులు ఫిర్యాదులు చేశారు. ఈ అంశంపై నమో ఫౌండేషన్ దాఖలు చేసిన ఫిర్యాదును పురస్కరించి, ప్రియాంక్ కనూంగో నేతృత్వంలోని ధర్మాసనం ఈ కీలక నిర్ణయం తీసుకుంది. కమిషన్ తన నోటీసుల్లో రాష్ట్ర ప్రభుత్వాల నుండి పలు అంశాలపై సవివరమైన నివేదికలను కోరింది. విద్యార్థులపై పుస్తకాల భారం తగ్గించే దిశగా అమలు చేస్తున్న జాతీయ పాఠశాల బ్యాగుల విధానం గురించి ఆరా తీసింది. విద్యా హక్కు చట్టం (RTE) సెక్షన్ 29లో నిర్దేశించిన నిబంధనల ప్రకారం పాఠ్యాంశాల అమలు తీరుపై వివరణ కోరింది. SCERT ప్రచురిస్తున్న పుస్తకాల సంఖ్య ఎంత? ప్రైవేట్, ప్రభుత్వ పాఠశాలల్లో చదువుతున్న విద్యార్థుల నిష్పత్తికి అనుగుణంగా ఇవి అందుబాటులో ఉన్నాయా? అనే సమాచారం ఇవ్వాల్సిందిగా విద్యాశాఖను ఆదేశించింది.

ప్రభుత్వ పాఠశాలల్లో విద్యార్థులకు SCERT/NCERT పాఠ్యపుస్తకాలను ఉచితంగా అందిస్తున్నప్పుడు, ప్రైవేట్ పాఠశాలలు కూడా అదే నాణ్యమైన పుస్తకాలను నిర్ణీత రుసుము ప్రాతిపదికన ఎందుకు అమలు చేయడం లేదని కమిషన్ ప్రశ్నించింది. “పాఠశాల ప్రభుత్వానిదా లేక ప్రైవేట్ యాజమాన్యానిదా అనే దానిని బట్టి పాఠ్యపుస్తకాలు, పాఠ్యాంశాల్లో తేడాలు చూపడం స్పష్టంగా విద్యాపరమైన వివక్ష కిందకే వస్తుంది.” అని కమిషన్ స్పష్టం చేసింది. ముఖ్యంగా 8వ తరగతి వరకు వివిధ పరీక్షా బోర్డులు (CBSE, ICSE వంటివి) నిర్దేశించిన సిలబస్, విద్యా అధికార సంస్థ నిర్దేశించిన సిలబస్ కంటే ఎందుకు భిన్నంగా ఉందో వివరణ ఇవ్వాలని కేంద్ర విద్యా మంత్రిత్వ శాఖను NHRC కోరింది.ఈ చర్యల ద్వారా ప్రైవేట్ పాఠశాలల ఏకపక్ష ధోరణికి అడ్డుకట్ట పడటమే కాకుండా, దేశవ్యాప్తంగా ఒకే విధమైన ప్రామాణిక విద్యా విధానం అందుబాటులోకి వచ్చే అవకాశం ఉంది

0
12 views    0 comment
0 Shares

कानपुर नगर। Ex-Servicemen Contributory Health Scheme (ECHS) की त्रैमासिक सलाहकार समिति एवं ओपन फोरम की बैठक 18 अप्रैल 2026 को 1200 बजे 7 AF Hospital परिसर में आयोजित की गई। बैठक में Armed Forces Veterans एवं उनके आश्रितों को बेहतर, सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
बैठक में AOC 7 AFH, Registrar, C Adm O, MOs, OIC ECHS कानपुर सहित ECHS के सदस्य उपस्थित रहे। अधिकारियों द्वारा पिछली बैठक में उठाए गए बिंदुओं पर प्रगति की जानकारी साझा की गई। साथ ही नए बिंदुओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। टॉयलेट की उपयोगिता और कमी के बारे में विस्तार से चर्चा के उपरांत निर्णय लिया गया कि एक नए बड़े टॉयलेट रूम की आवश्यकता है। जिसके लिए प्रपोजल बनाया जाएगा।
ओपन फोरम के दौरान पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में ECHS विंग खोलने की प्रक्रिया प्रगति पर है, जिससे स्थानीय स्तर पर Veterans एवं उनके आश्रितों को अधिक सुविधाजनक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इसके अतिरिक्त, 7 AFH परिसर में जन औषधि स्टोर स्थापित करने की कार्यवाही भी प्रगति पर है, जिससे गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
बैठक में सभी पूर्व सैनिकों से सकारात्मक और सक्रिय सहभागिता का आग्रह किया गया, ताकि सामूहिक सुझावों के आधार पर चिकित्सा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके। प्रतिभागियों ने Armed Forces Veterans के हित में निरंतर समन्वय एवं सहयोग बनाए रखने का आश्वासन दिया।
बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके पश्चात चाय एवं अल्पाहार की व्यवस्था की गई।

8
167 views    0 comment
0 Shares

मौदहा/हमीरपुर: स्मार्ट मीटर हटाए जाने की मांग को लेकर गुरुवार को मौदहा कस्बे में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। दर्जनों की संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव कर वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अनशन भी शुरू कर दिया।
बिजली उपभोक्ता
मौदहा में स्मार्ट मीटर के विरोध में आम लोगों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता पहले भी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं और अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं। बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज लोगों ने एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाया।
गुरुवार को जब प्रदर्शनकारी विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे तो वहां कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला और काउंटर भी बंद मिले। इससे आक्रोशित लोगों ने कार्यालय परिसर में ही डेरा डाल दिया और अनशन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और पुरुषों ने सड़कों पर उतरकर बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार हल्लाबोल किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिल जमा करने के बावजूद बिजली आपूर्ति नियमित नहीं हो रही है। भीषण गर्मी में बिजली कटौती से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि:
स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर लगाए जाएं
बिजली बिलों की जांच कराई जाए
बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जाए
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इस प्रदर्शन की अगुवाई संदीप बाल्मीकि, याकूब गड्डी और रमजानी ने की।

0
384 views    0 comment
0 Shares

सिरमौर। नाहन में 22 अप्रैल 2026 को पृथ्वी दिवस के अवसर पर माता पद्मावती कॉलेज ऑफ नर्सिंग, नाहन द्वारा “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” थीम के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता एवं जनसहभागिता कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना तथा लोगों को सतत जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
इस अवसर पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय, बनोग में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 60 प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नर्सिंग के विद्यार्थियों ने प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति (स्किट) तथा संवादात्मक सत्र के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, अपशिष्ट प्रबंधन की सही विधियाँ, जल संरक्षण एवं स्वच्छता के महत्व के बारे में सरल और प्रभावी तरीके से जागरूक किया। कार्यक्रम अत्यंत रोचक, शिक्षाप्रद और प्रेरणादायक रहा, जिसमें विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बाल्यावस्था से ही विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था, ताकि वे अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, विचार साझा करने तथा व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से सीखने का अवसर भी प्रदान किया गया।
इसके अतिरिक्त महाविद्यालय परिसर में एक रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 8 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, हरित जीवनशैली एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे विषयों पर आधारित आकर्षक और संदेशपूर्ण रंगोलियाँ प्रस्तुत कीं। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों की रचनात्मकता को निखारने के साथ-साथ पर्यावरण जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम भी बनी।
इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष अनिल जैन ने छात्रों, स्टाफ तथा प्राचार्या के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उत्साह, अनुशासन एवं टीम भावना की प्रशंसा की। उन्होंने प्राचार्या श्रीमती रिजी जीवरघीस के दूरदर्शी नेतृत्व को संस्थान की प्रगति का प्रमुख आधार बताया। वहीं महासचिव सचिन जैन ने भी छात्रों एवं स्टाफ के उत्कृष्ट समन्वय की सराहना करते हुए संस्थान के कौशल-आधारित शिक्षण दृष्टिकोण तथा प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने की प्रणाली को सराहा।
प्राचार्या श्रीमती रिजी जीवरघीस ने छात्रों की उत्कृष्ट भागीदारी पर गर्व व्यक्त करते हुए शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नर्सिंग एक सम्मानजनक एवं रोजगारोन्मुखी पेशा है और संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार की सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं व्यावहारिक कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
समग्र रूप से सभी गतिविधियाँ उत्कृष्ट योजना, प्रभावी समन्वय तथा विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति छोटे-छोटे सकारात्मक कदम उठाए और सामूहिक प्रयास करे, तो हम एक स्वच्छ, हरित एवं सतत भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
587 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

23/04/2026 தென்காசி மாவட்டம் ,கடையநல்லூர் சட்டமன்ற தொகுதியில் வெற்றி வேட்பாளர் தி.மு.ராஜேந்திரன் போட்டியிடுகிறார்.
தமிழக சட்டமன்றத்தின் 17 ஆவது தேர்தல் திருவிழா வான இன்றைய தினம் ,தமிழ்நாடு காங்கிரஸ் கமிட்டி மாநில அமைப்பு செயலாளர் ராம் மோகன் அவர்கள், கடையநல்லூர் அரசு பெண்கள் மேல்நிலைப் பள்ளியில் உள்ள பூத் சாவடியை பார்வையிட்டு வாக்கு சதவீத விவரங்களை கேட்டறிந்தார்.
இந்த நிகழ்வில் தமிழ்நாடு காங்கிரஸ் கமிட்டியின் கலைப்பிரிவு மாநில துணைத்தலைவர் Dr. R.S.K.துரை, தமிழ்நாடு காங்கிரஸ் கமிட்டி எஸ்சி துறை மாநிலச் செயலாளர் நல்லூர் நாயகன் K.S.கணேசன், செங்கை கண்ணன் ,எஸ்.ஆர். சுப்பிரமணியன், ஜேம்ஸ் ,ஆயிரப்பேரி லட்சுமணன் ,அப்துல் காதர் , கடையநல்லூர் விசிக நகர செயலாளர் E. பாக்கியநாதன்,நகரத் துணைச் செயலாளர் எஸ் தில்லை நடராஜன் ,எம். மணிகண்டன் மற்றும் பலர் கலந்து கொண்ட தருணம்.

14
569 views    0 comment
0 Shares

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में स्मार्ट मीटर को लेकर जनता का विरोध तेज होता जा रहा है। गुरुवार को बड़ी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव किया।
सड़क पर उतरे लोग, लगाया जाम
प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़कों पर जुलूस निकाला। कई जगहों पर लोगों ने रास्ता जाम कर दिया, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। गुस्साए लोगों ने सीधे बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
बढ़े हुए बिल और प्रीपेड सिस्टम से नाराज़गी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्मार्ट (प्रीपेड) मीटर लगने के बाद बिजली बिल में अचानक बढ़ोतरी हो रही है।
लोगों का कहना है कि वास्तविक खपत से ज्यादा बिल आ रहा है
बैलेंस खत्म होते ही बिजली तुरंत काट दी जाती है
गरीब उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है �

कुछ जगहों पर लोगों ने मीटर उखाड़कर विरोध भी जताया और अधिकारियों के सामने तोड़फोड़ तक की घटनाएं सामने आईं।
महिलाएं भी प्रदर्शन में आगे
हमीरपुर के कांशीराम कॉलोनी सहित कई इलाकों में महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर विरोध किया। उन्होंने स्मार्ट मीटर को “मुसीबत” बताते हुए इसे हटाने की मांग की। �

राजनीतिक रंग भी लेने लगा मामला
यह मुद्दा अब राजनीतिक रूप भी ले रहा है। विपक्षी नेताओं ने सरकार पर हमला बोलते हुए इसे आम जनता पर आर्थिक बोझ बताया है। �

लोगों की मुख्य मांगें
स्मार्ट मीटर योजना पर रोक लगे
बढ़े हुए बिजली बिल की जांच हो
पुराने मीटर सिस्टम को वापस लाया जाए
उपभोक्ताओं को राहत दी जाए
चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

5
641 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

रिपोर्ट- सुनील कुमार पुरैना
भटगांव- नगर पंचायत भटगांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत जानी। इस दौरान उन्होंने मरीजों को मिल रही सुविधाओं, प्रसूति वार्ड की स्थिति और दवाओं की उपलब्धता का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के विस्तार को भी लेकर जायजा लिया।

निरीक्षण में स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ की कमी सामने आई, साथ ही स्टाफ क्वार्टर की जरूरत भी बताई गई। कलेक्टर ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र के विस्तार के लिए डीएमएफ फंड से 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नया जिला होने के कारण स्टाफ की कमी है, लेकिन एनएचएम के तहत भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही स्थिति सुधरेगी। कलेक्टर ने यह भी जानकारी दी कि यहां हर महीने करीब 15 से 16 प्रसव कराए जा रहे हैं, ऐसे में सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।

निरीक्षण के दौरान जिला स्वास्थ्य अधिकारी सहित स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ मौजूद रहा। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

0
333 views    0 comment
0 Shares


*27 अप्रेल को गौ सम्मान दिवस पर ज्ञापन देंगे*

गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने व गौ सेवा के लिए सशक्त कानुन बनाने की मांग को लेकर इन दिनों गौ सम्मान आव्हान अभियान क्षेत्र में चलाया जा रहा है। 27 अप्रेल को गौ सम्मान दिवस पर ज्ञापन भी दिया जाएगा।

गौसेवकों द्वारा इन दिनों नगर समेत अंचल में गांव, मजरे व टोले में जाकर बैठके लेकर अभियान के बारे में जानकारी देकर पत्रक भेंट व हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। ताकि अभियान में अधिक से अधिक लोग जुड सके।

27 अप्रैल को गौ सम्मान दिवस मनाया जाएगा। इसके तहत सुबह 10 बजे गौसेवक स्थानीय लोह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल बस स्टैंड पर एकत्रित होकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम एसड़ीएम प्रियंका मिमरोट को ज्ञापन दिया जाएगा।

0
0 views    0 comment
0 Shares



विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

बुधवार, 22 अप्रैल 2026 —
गया समाहरणालय के उस कार्यालय कक्ष में जहाँ फाइलों और आदेशों की दुनिया बसती है, आज कुछ घंटों के लिए बिहार के आम आदमी की दुनिया आ गई।
भूमि विवाद से परेशान किसान,
आवास योजना से वंचित गरीब,
स्वास्थ्य सेवा के लिए तरसते ग्रामीण,
और शिक्षा विभाग की उलझनों में फँसे अभिभावक?

जिले के विभिन्न प्रखंडों से लगभग 40 आवेदक जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर के समक्ष अपनी व्यथा लेकर पहुँचे।
जनता दरबार चला।
समस्याएँ सुनी गईं।
निर्देश दिए गए।

यह खबर अच्छी है —
और इसे अच्छी खबर के रूप में ही दर्ज होना चाहिए। लेकिन एक जागरूक पत्रकार का दायित्व केवल सूचना देना नहीं, जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में प्रश्न उठाना भी है।

आज क्या हुआ?
जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने अपने नियमित दैनिक जनता दरबार में आज भी जनता की बात सुनी।

प्रमुख मामलों में —
कुजापी नगर अंचल से एक आवेदक ने शिकायत दर्ज कराई कि आहर एवं जल निकासी की सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण हो रहा है।
DM ने जिला पंचायत राज पदाधिकारी (DPRO) को जाँच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
कुछ आवेदकों ने जमीन मापी की माँग की, जिस पर DM ने संबंधित अंचलाधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए।

विश्लेषण
DM शशांक शुभंकर का जनता दरबार —
एक सकारात्मक परंपरा,
यह स्वीकार करना ज़रूरी है कि DM शशांक शुभंकर ने पदभार संभालते ही स्पष्ट कर दिया था कि जिले में कामचोरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी —
और दैनिक जनता दरबार उनकी उसी प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है।
जिलाधिकारी ने जनता दरबार को प्रशासन और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बताया और
जमीन विवाद,
राजस्व,
शिक्षा,
स्वास्थ्य,
पेंशन,
आवास सहित सभी मामलों की सुनवाई का आश्वासन दिया था।
यह परंपरा निभाई जा रही है —
यह गया जिले के लिए शुभ संकेत है।

पर असली सवाल 'निर्देश' के बाद का है,
आहर और जल निकासी की ज़मीन पर अतिक्रमण — यह केवल कुजापी की नहीं, गया जिले के दर्जनों प्रखंडों की समस्या है।
सरकारी तालाब, आहर, पइन — ये सार्वजनिक जल संसाधन धीरे-धीरे अतिक्रमण की भेंट चढ़ रहे हैं।

DPRO को जाँच का निर्देश मिला —
लेकिन कितने दिन में रिपोर्ट आएगी?
रिपोर्ट के बाद क्या होगा?
अतिक्रमण हटाने की समयसीमा क्या है?
— इन सवालों के जवाब जनता दरबार में नहीं मिले।

जमीन मापी का मामला और भी पुराना दर्द है।
गया जिले में राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों की संख्या सैकड़ों में है।
अंचलाधिकारियों पर काम का बोझ इतना अधिक है कि आज का निर्देश महीनों बाद भी ज़मीन पर न उतरे — यह आशंका निराधार नहीं।
जनता दरबार की सीमाएँ
जनता दरबार एक उत्कृष्ट माध्यम है —
लेकिन यह अंतिम समाधान नहीं, पहली सुनवाई है।

यदि दरबार में दिए गए निर्देशों की अनुपालन निगरानी नहीं हुई, तो यह व्यवस्था धीरे-धीरे एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी।
जो आवेदक आज 22 अप्रैल को आया —
वह एक महीने बाद भी वही समस्या लेकर दोबारा आए,
तो जनता दरबार की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग जाएगा।
प्राथमिक विद्यालय अफजलपुर शेरघाटी में कार्यरत महिला शिक्षक शान्ति कुमारी अपनी बकाया वैध वेतन भुगतान के लिए 15 बार वर्तमान जिलाधिकारी के जनता दरबार में न्याय की गुहार लगा रही है किंतु आज तक निराकरण नहीं हुआ है।जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा बार बार टाल मटोल किया जा रहा है। जबकि उच्च न्यायालय का आदेश और अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग का 15 दिनों में वेतन भुगतान करने का निर्देश है। भ्रष्टाचार में डूबे हुए अधिकारी एवं कर्मचारी ने आर टी आईं को भी लटका दिया। मंशा साफ है बिल बनाने में रिश्वत चाहिए।

शशांक शुभंकर की पहचान एक तेज-तर्रार और जवाबदेह अधिकारी के रूप में रही है —
जहाँ भी रहे, विकास का पर्याय बने।
गया जैसे बड़े और संवेदनशील जिले में उनसे अपेक्षाएँ स्वाभाविक रूप से अधिक हैं।

निष्कर्ष
जनता दरबार का दरवाज़ा खुला है —
यह शुभ है।
DM शशांक शुभंकर की यह पहल गया जिले में जन-प्रशासन के बीच की खाई को पाटने का सार्थक प्रयास है।
लेकिन दरबार की सफलता का पैमाना आवेदकों की संख्या नहीं —
आदेशों के अनुपालन की दर होनी चाहिए।
कुजापी का आहर अतिक्रमण मुक्त होता है या नहीं, जमीन मापी समय पर होती है या नहीं —
यही इस दरबार की असली परीक्षा है।

जनता की उम्मीद है कि DM का निर्देश फाइल में नहीं, खेत और गली में दिखे।

0
0 views    0 comment
0 Shares

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी के निर्देश पर जनपद हरदोई के विधानसभा क्षेत्र बिलग्राम अंतर्गत ग्राम गढ़ी रसूलपुर निवासी श्री राम रहीम कुशवाहा की पुत्री की दबंग व्यक्ति द्वारा धारदार हथियार से की गई निर्मम हत्या की जानकारी लेने और शोकाकुल परिवार से संवेदना व्यक्त करने तथा न्याय की माँग को मजबूती से उठाने हेतु एक प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया गया था, जिसमें श्री शराफत अली, श्री आर एस कुशवाहा, डॉक्टर राजपाल कश्यप, श्री मोहम्मद शकील नदवी, डॉक्टर अरुण कुमार मौर्य, डॉक्टर एस पी सिंह कुशवाहा, बृजेश कुमार टिल्लू, प्रदीप कुशवाहा, नाजिम खान, अनुराग यादव, विक्रम कुशवाहा और ऊषा वर्मा आदि नेताओं का सामिल होना था।
ऊषा वर्मा द्वारा जानकारी के अनुसार प्रशासन ने कल रात से हाउस अरेस्ट कर लिया, जिससे प्रतिनिधिमंडल का पीड़ित परिवार तक पहुँचना संभव नहीं हो सका। इस कार्रवाई ने लोकतांत्रिक अधिकारों और जनसेवा के कर्तव्य पर ही रोक लगा दी और यह सवाल खड़ा करता है कि जब एक जनप्रतिनिधि दुखी परिवार के साथ खड़ा होना चाहता है तो उसे ही कैद कर दिया जाता है।

*रिपोर्टर यूनुश सिद्दीकी
हरदोई*

4
756 views    0 comment
0 Shares


सारंगढ़-बिलाईगढ़। जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के ग्राम पंचायत पेंड्रावन में मनरेगा कार्य “Renovation of Pond for Community (शनि देव मंदिर तालाब)” (खसरा क्र. 74, रकबा 3.844 हेक्टेयर, कार्य कोड 3316006030/WH/1111587084) में बड़ा खुलासा सामने आया है।
दिनांक 09 मार्च 2026 से 14 मार्च 2026 तक जारी किए गए मनरेगा मस्टररोल को भरा ही नहीं गया बल्कि शून्य (Zero) कर दिया गया, जबकि मजदूर कई दिनों तक नियमित रूप से कार्य करते रहे थे। इससे मजदूरी भुगतान में गंभीर बाधा उत्पन्न होने की आशंका है।
मजदूरों की उपस्थिति थी दर्ज—फिर भी मस्टररोल ‘Zero’ क्यों?
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, रोजगार सहायक द्वारा मजदूरों की उपस्थिति व उनके हस्ताक्षर के साथ नियमित गणना कर मस्टररोल जनपद पंचायत बिलाईगढ़ में जमा किया गया था। इसके बावजूद मस्टररोल को फील न कर शून्य करना गंभीर संदेह खड़ा करता है।
किन अधिकारियों पर उठ रहे सवाल?
सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले में—
पंचायत सचिव
तकनीकी सहायक (TA)
कार्यक्रम अधिकारी
कंप्यूटर ऑपरेटर
की लापरवाही सामने आई है। मस्टररोल फील न करना और मजदूरों की उपस्थिति को नजरअंदाज करना मनरेगा दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।
मजदूरों को मजदूरी से वंचित होने का खतरा
मस्टररोल शून्य किए जाने से मजदूरों का भुगतान रुक सकता है। ग्रामीणों ने इसे “मज़दूरी हड़पने की साजिश” तक बताया है और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ितों की मांग—तत्काल जांच और दोषियों पर कार्रवाई
ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि—
1. मस्टररोल की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की पहचान की जाए।
2. दोषियों पर विभागीय व अनुशासनात्मक कार्रवाई तत्काल प्रभाव से की जाए।
प्रशासन मौन, ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के कई दिनों बाद भी उच्च अधिकारियों द्वारा स्पष्ट कार्रवाई सामने न आने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि मजदूरों की मेहनत को “कागजी हेराफेरी” से दबाना असहनीय है।

4
255 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

“मम्मी-पापा माफ करना…” लिखकर एक छात्र ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। बताया जा रहा है कि वह किसी परीक्षा/रिज़ल्ट को लेकर परेशान था।

यह बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है। जीवन में असफलता आना कोई असामान्य बात नहीं है—यह सफलता की यात्रा का हिस्सा है। आज के युवाओं को यह समझना बेहद जरूरी है कि आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह एक स्थायी अंत है एक अस्थायी समस्या का।

अगर किसी चीज़ में सफलता नहीं मिलती, तो रास्ता बदलना चाहिए, न कि जीवन छोड़ देना चाहिए। हो सकता है कि जिस दिशा में हम जा रहे हैं, वह हमारे लिए सही न हो—लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हमारे लिए कोई और रास्ता नहीं है।

👉 हर असफलता एक नई शुरुआत का मौका होती है।
👉 जीवन बहुत कीमती है—इसे एक रिज़ल्ट से मत तौलो।

🙏 सभी अभिभावकों और समाज से भी निवेदन है कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, उनका साथ दें, उन्हें समझें।

0
0 views    0 comment
0 Shares

बिहार की सड़कों और गली-कूचों में अब स्कूल-कॉलेज जाने वाली बेटियों को डरने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की पहली बैठक में महिला सुरक्षा को लेकर एक क्रांतिकारी फैसला लिया गया है। सरकार ने राज्य में 'पुलिस दीदी' की गश्ती को प्रभावी बनाने के लिए भारी संख्या में वाहनों की खरीद को हरी झंडी दे दी है।

महिला पुलिसकर्मियों की गतिशीलता (Mobility) बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने कुल 4700 नए वाहनों की खरीद को मंजूरी दी है। इसमें महिला पुलिसकर्मियों के लिए 1500 स्कूटी और 3200 मोटरसाइकिलें शामिल हैं। इन वाहनों के आने से 'पुलिस दीदी' अब उन संकरी गलियों और नुक्कड़ों तक भी आसानी से पहुंच सकेंगी, जहाँ बड़ी पुलिस गाड़ियाँ नहीं जा पाती थीं।

इस फैसले के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य मनचलों और छेड़खानी करने वाले तत्वों पर लगाम लगाना है। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास 'पुलिस दीदी' अब स्कूटी और बाइक पर तैनात रहेंगी। इससे न केवल छात्राओं में सुरक्षा का भाव जगेगा, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पुलिस का 'रिस्पॉन्स टाइम' भी काफी कम हो जाएगा।

कैबिनेट बैठक के बाद बताया गया कि राज्य की कानून-व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी और उनकी सक्रियता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब 'पुलिस दीदी' हर उस मोड़ पर मौजूद रहेंगी जहाँ बेटियों को असुरक्षित महसूस होता था। यह फैसला बिहार सरकार की 'महिला सशक्तिकरण' और 'अपराध मुक्त समाज' की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।

0
0 views    0 comment
0 Shares

ମାଲକାନଗିରି (୨୩/୦୪) – ଜିଲ୍ଲାର ଶ୍ରମିକମାନଙ୍କୁ ସାମାଜିକ ସୁରକ୍ଷା ଜାଲରେ ସାମିଲ କରିବା ପାଇଁ ମାଲକାନଗିରି ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ଅନୁଷ୍ଠାନ କରୁଥିବା ପଦକ୍ଷେପ ଜୋରଦାର ଭାବେ ଚାଲିଛି। ଏହି ପରିପ୍ରେକ୍ଷୀରେ ଜିଲ୍ଲାପାଳ ପ୍ରଥମେଶ ଅରବିନ୍ଦ ରାଜଶିର୍କେଙ୍କ ମାର୍ଗଦର୍ଶନରେ ମାଲକାନଗିରି ବ୍ଲକର ଗୋରାଖୁଣ୍ଟା ଗ୍ରାମ ପଞ୍ଚାୟତରେ ଏକ ବିଶାଳ ସଚେତନତା ଓ ପଞ୍ଜିକରଣ ଶିବିର ଆୟୋଜିତ ହୋଇଥିଲା।
ଓଡ଼ିଶା କୋଠାବାଡ଼ି ଓ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ନିର୍ମାଣ ଶ୍ରମିକ କଲ୍ୟାଣ ବୋର୍ଡ ଏବଂ ଓଡ଼ିଶା ଅସଂଗଠିତ ଶ୍ରମିକ ସାମାଜିକ ସୁରକ୍ଷା ବୋର୍ଡର ସଂଯୁକ୍ତ ପ୍ରୟାସରେ ଆୟୋଜିତ ଏହି ଶିବିରରେ ମୋଟ ୯୧ ଜଣ ଶ୍ରମିକ ଯୋଗଦେଇଥିଲେ। ସେଥିରୁ ୫୧ ଜଣ ନୂତନ ଭାବେ ପଞ୍ଜିକରଣ କରିଥିବାବେଳେ ୨୯ ଜଣଙ୍କର ନବୀକରଣ ଏବଂ ୨୧ ଜଣଙ୍କର ପୁନଃ ପଞ୍ଜିକରଣ କାର୍ଯ୍ୟ ସମ୍ପନ୍ନ ହୋଇଛି।
ସ୍ଥାନୀୟ ସ୍ତରରେ ବ୍ୟାପକ ପ୍ରଚାର ପ୍ରସାର ଫଳରେ ଶ୍ରମିକମାନେ ଏହି ଶିବିରରୁ ଲାଭାନ୍ବିତ ହୋଇପାରିଥିଲେ। ସହକାରୀ ଶ୍ରମ ଅଧିକାରୀ ତନ୍ମୟ ମଣ୍ଡଳଙ୍କ ଅଧ୍ୟକ୍ଷତାରେ ଆୟୋଜିତ ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ସରପଞ୍ଚ, ପଞ୍ଚାୟତ ନିର୍ବାହୀ ଅଧିକାରୀ ଓ ସିଏସସି କର୍ମଚାରୀମାନେ ସକ୍ରିୟ ଭାଗ ନେଇଥିଲେ।
ଦୁର୍ଗମ ଅଞ୍ଚଳରେ ଏଭଳି ଶିବିର ମାଧ୍ୟମରେ ସରକାରୀ ଯୋଜନାକୁ ଶ୍ରମିକଙ୍କ ଦୁଆରେ ପହଞ୍ଚାଇବାରେ ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନର ପଦକ୍ଷେପକୁ ସାଧାରଣରେ ପ୍ରଶଂସା କରାଯାଇଛି।

0
0 views    0 comment
0 Shares

रिपोर्ट: प्रदीप सिंह, महराजगंज
महराजगंज, 23 अप्रैल 2026।
जनपद के सिंदुरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बलुईधुस में गुरुवार को एक हृदयविदारक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक मोटरसाइकिल पर सवार एक पुरुष, एक महिला और करीब 5 वर्षीय मासूम बच्चा कहीं जा रहे थे। इसी दौरान गिट्टी (पत्थर) से लदा एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर बाइक से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही सिंदुरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हादसे के बाद पुलिस ने ट्रेलर चालक को हिरासत में ले लिया है और वाहन को भी कब्जे में कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
घटना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई थी, लेकिन पुलिस की सूझबूझ से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होने दी गई।
इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना अत्यंत दुखद है। पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आरोपी चालक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही पर सवाल खड़ा करता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की गति पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

1
0 views    0 comment
0 Shares

“शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार—महिला थाना की कार्रवाई”
पीड़िता की शिकायत आरोपी ने 3 माह तक पत्नी की तरह रखकर किया शारीरिक शोषण
शादी की बात पर टालमटोल और मारपीट—घर से निकाला, फिर भी करता रहा शोषण
लिव-इन रिलेशनशिप के बाद आरोपी ने किया छल—शादी का झूठा भरोसा देकर फरार और फिर शादी से साफ इंकार
महिला थाना में अपराध दर्ज कर रिपोर्ट पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई आरोपी गिरफ्तार कर भेजा न्यायिक रिमांड पर
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश — “महिला, बच्चों के साथ अपराध करने वालों पर सख्त कार्रवाई”
23 अप्रैल, रायगढ़ । महिला थाना की टीम द्वारा दुष्कर्म पीडिता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है । बीते 21 अप्रैल को प्रार्थिया/पीड़िता द्वारा महिला थाना में बादल सारथी (20 वर्ष) निवासी रायगढ़ के विरुद्ध शादी का प्रलोभन देकर दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पीड़िता ने बताया कि अप्रैल 2025 में दिल्ली काम करने गई थी, जहां से रायगढ़ लौटने के बाद उसकी पहचान आरोपी से हुई थी, आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसे अपने घर करीब तीन माह तक पत्नी की तरह रखा और लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा।
पीड़िता द्वारा जब भी शादी के लिए दबाव बनाया गया, आरोपी टालमटोल करता रहा और मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। जनवरी 2026 में पीड़िता दिल्ली काम करने गई, जहां आरोपी भी उसके पास पहुंचा और लगभग एक माह तक उसके साथ रहा। इस दौरान गर्भवती होने की जानकारी देने पर आरोपी ने जल्द शादी करने का झूठा भरोसा दिया, लेकिन 24 मार्च 2026 को बिना बताए दिल्ली से वापस रायगढ़ आ गया।
पीड़िता 2 अप्रैल 2026 को वापस रायगढ़ आई और आरोपी के घर पहुंची, जहां आरोपी ने उसे घर में घुसने नहीं दिया और शादी से साफ इंकार कर दिया। प्रकरण पर महिला थाना में अपराध क्रमांक 33/2026

0
0 views    0 comment
0 Shares

12
960 views    0 comment
0 Shares

काशीपुर:-अघोषित विद्युत कटौती पर महानगर कांग्रेस की जिला अध्यक्ष अलका पाल ने बिजली विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शीघ्र ही अघोषित विद्युत कटौती बंद नहीं की गई तो कांग्रेस बिजली विभाग के खिलाफ आंदोलन छोड़ देगी। महानगर जिला अध्यक्ष अलका पाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि कई क्षेत्रों में रात भर बिजली गुल रहने त्राहि_त्राहि मची है । बिना पूर्व सूचना के अघोषित विद्युत कटौती से जहां आम जीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं बच्चों की पढ़ाई, पानी की आपूर्ति एवं खेती_ किसानी भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत कटौती की मार से जनता त्रस्त है। एक और गेहूं की कटाई होने के कारण सुबह से शाम तक विद्युत कटौती हो रही है, वहीं कुछ क्षेत्रों में सुबह 10 से रात 12:00 बजे तक की कटौती हो रही है। बिजली विभाग ना तो इस विषय में आम जनता को अपना कोई शेड्यूल बताता है ना ही कोई पूर्व सूचना दी जाती है, जो कि गलत है। महानगर कांग्रेस जिला अध्यक्ष अलका पाल ने कहा कि कई क्षेत्रों में जर्जर विद्युत तारों के कारण लंबी कटौती हो रही है। विद्युत विभाग को गर्मी के सीजन से पूर्व ही सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद करनी चाहिए थी । अघोषित विद्युत कटौती से किसान और आम जनमानस पूरी तरह प्रभावित है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शीघ्र ही विद्युत विभाग ने अघोषित विद्युत कटौती पर प्रतिबंध न लगाया तो महानगर कांग्रेस कमेटी विद्युत विभाग के कार्यालय पर बड़ा आंदोलन करेगी।

0
0 views    0 comment
0 Shares

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंगा एक्सप्रेस-वे तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी का हरदोई दौरा आज

हरदोई, 23 अप्रैल 2026:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज हरदोई दौरा गंगा एक्सप्रेस-वे के आगामी लोकार्पण (29 अप्रैल) से पूर्व तैयारियों की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री मल्लावां स्थित कार्यक्रम स्थल पर निरीक्षण करेंगे तथा प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। इस दौरान वे हरदोई, उन्नाव, शाहजहांपुर व कन्नौज के जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे।

प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यह दौरा अहम माना जा रहा है, जिससे कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

रिपोर्टर: सत्यपाल चौधरी

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

*1.00बजे की झूम एप मीटिंग हुई समपन्न 7 बजे फिर होगी ऑनलाइन बैठक सभी उपस्थिति दर्ज करें।*
• बारां: कांग्रेस की मांग- पंचायत व निकाय चुनाव जल्द कराए जाएं,कल सुबह 10 बजे कलेक्टरी पर जुटान •

बारां न्यूज: प्रेम सिंह मीणा के नेतृत्व में कांग्रेस की रैली,चुनाव की मांग को लेकर सौंपेंगे ज्ञापन।

बारां में कल 24 अप्रैल को पंचायत राज दिवस पर कांग्रेस प्रदर्शन करेगी। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के बैनर तले जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह मीणा के नेतृत्व में कार्यकर्ता सुबह 10 बजे जिला कलेक्टरी पहुंचेंगे। जुलूस और रैली के बाद संगोष्ठी होगी। फिर माननीय राज्यपाल महोदय एवं मुख्य निर्वाचन आयुक्त जयपुर के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देकर पंचायत राज और नगर निकायों के चुनाव जल्द कराने की मांग की जाएगी।प्रवक्ता एस.एल. नागर,मीडिया प्रभारी राधेश्याम सेन ने सभी कार्यकर्ताओं से पहुंचने की अपील की है।

1
76 views    0 comment
0 Shares

24
1011 views    0 comment
0 Shares

खबर विस्तार से:
लखनऊ के सरोजिनी नगर क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने एक बार फिर ओवरलोड वाहनों और लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, कानपुर निवासी वैन चालक सतीश कुमार अपनी पत्नी और बच्चे के साथ एक शादी समारोह में शामिल होकर वापस लखनऊ लौट रहे थे।

बताया जा रहा है कि रात करीब 3 बजे, जब उनकी मारुति वैन दरोगा खेड़ा चौराहे के पास, कानपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे पर पहुंची, तभी सामने से आ रहे गिट्टी से ओवरलोड एक ट्रक चालक ने अचानक बिना किसी संकेत के वाहन मोड़ दिया। अचानक सामने आए इस खतरे के कारण वैन चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और वैन सीधे ट्रक से जा टकराई।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में वैन चालक सतीश कुमार और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके साथ मौजूद बच्चे को भी चोटें आई हैं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीरों ने तुरंत घायलों को बाहर निकालने में मदद की।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची ट्रैफिक पुलिस ने स्थिति को संभाला और घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है, हालांकि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।

हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार होने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता के चलते उसे मौके से ही पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे नजदीकी पुलिस चौकी में सौंप दिया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक में निर्धारित क्षमता से अधिक गिट्टी लदी हुई थी, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ सकता था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि ट्रक चालक नशे की हालत में तो नहीं था और वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज वैध थे या नहीं।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद एक बार फिर हाईवे पर ओवरलोड वाहनों और लापरवाह ड्राइविंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

0
60 views    0 comment
0 Shares

एलआईसी बीमा पॉलिसी: आम लोगों के जीवन में सुरक्षा और भरोसे का मजबूत सहारा

विशेष रिपोर्ट:
आज के अनिश्चित समय में जीवन बीमा पॉलिसी आम लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सुरक्षा कवच बन चुकी हैं। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की विभिन्न बीमा योजनाएं न केवल भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में परिवार को आर्थिक सहारा भी प्रदान करती हैं।

एलआईसी की बीमा पॉलिसी व्यक्ति के जीवन में कई प्रकार से वरदान साबित होती हैं। सबसे पहले, यह पॉलिसी किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार को आर्थिक रूप से सुरक्षित करती है। कमाने वाले सदस्य की अचानक मृत्यु होने पर बीमा राशि परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद करती है।

इसके अलावा, एलआईसी की कई योजनाएं बचत और निवेश का भी बेहतर विकल्प देती हैं। पॉलिसीधारक नियमित प्रीमियम जमा करके एक निश्चित समय के बाद अच्छी रकम प्राप्त कर सकता है, जो भविष्य की योजनाओं जैसे घर बनवाने, बच्चों की पढ़ाई या विवाह में सहायक होती है।

एलआईसी की पॉलिसियों में टैक्स लाभ भी मिलता है, जिससे लोगों को आर्थिक रूप से अतिरिक्त फायदा होता है। साथ ही, यह योजनाएं लोगों में बचत की आदत विकसित करती हैं और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में मदद करती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि एलआईसी की विश्वसनीयता और सरकारी समर्थन के कारण लोग इसमें अधिक भरोसा करते हैं। यही कारण है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में एलआईसी की पॉलिसियां तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।

अंततः कहा जा सकता है कि एलआईसी बीमा पॉलिसी केवल एक निवेश नहीं, बल्कि हर परिवार के लिए एक सुरक्षा कवच है, जो मुश्किल समय में सहारा बनकर खड़ी रहती है।

रिपोर्टर: सत्यपाल चौधरी

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

4
25 views    0 comment
0 Shares

*हरदोई*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज हरदोई दौरा है। यह दौरा खास तौर पर गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण (29 अप्रैल) से पहले तैयारियों की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

📍 पूरा कार्यक्रम (23 अप्रैल 2026)

➡ लखनऊ से प्रस्थान
3:30 बजे – 5, कालिदास मार्ग, लखनऊ से कार द्वारा रवाना
3:35 बजे – ला मार्टिनियर कॉलेज ग्राउंड, लखनऊ (हेलीपैड) पहुंचना

➡ हरदोई आगमन:
3:35 बजे – हेलीकॉप्टर से प्रस्थान
4:05 बजे – हेलिपैड, मल्लावां (हरदोई) पहुंचना
4:10 बजे – कार्यक्रम स्थल, मल्लावां पहुंचना

➡ मुख्य कार्यक्रम
4:10 से 5:10 बजे तक
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे से संबंधित सभा स्थल का निरीक्षण
तैयारियों की समीक्षा
हरदोई, उन्नाव, शाहजहांपुर व कन्नौज के जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठक।

➡ वापसी कार्यक्रम
5:10 बजे – कार्यक्रम स्थल से प्रस्थान
5:15 बजे – हेलिपैड, मल्लावां
5:20 बजे – हेलीकॉप्टर से लखनऊ के लिए प्रस्थान
5:50 बजे – ला मार्टिनियर कॉलेज ग्राउंड, लखनऊ आगमन
5:55 बजे – 5, कालिदास मार्ग (आवास) पहुंचना

हरदोई में मुख्यमंत्री का यह दौरा आगामी गंगा एक्सप्रेस-वे उद्घाटन की तैयारियों को लेकर बेहद अहम है। प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक भी प्रस्तावित है, जिससे कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति तय की जाएगी।
*रिपोर्टर यूनुश सिद्दीकी
हरदोई*

6
67 views    0 comment
0 Shares

ಹುಣಸಗಿ : ತಾಲೂಕಿನಾದ್ಯಂತ ಇತ್ತೀಚೆಗೆ ಬೀಸಿದ ಭೀಕರ ಬಿರುಗಾಳಿ ಸಹಿತ ಮಳೆಗೆ ಹಲವು ಗ್ರಾಮಗಳಲ್ಲಿ ವ್ಯಾಪಕ ಬೆಳೆ ಹಾನಿಯಾಗಿದ್ದು, ಸಂಕಷ್ಟದಲ್ಲಿರುವ ರೈತರಿಗೆ ಸರ್ಕಾರ ತಕ್ಷಣವೇ ವೈಜ್ಞಾನಿಕವಾಗಿ ಪರಿಹಾರ ಘೋಷಿಸಬೇಕೆಂದು ರಾಜ್ಯ ರೈತ ಸಂಘ ಹಸಿರುಸೇನೆ ಜಿಲ್ಲಾಧ್ಯಕ್ಷ ಮಲ್ಲನಗೌಡ ಹಗರಟಗಿ ಪತ್ರಿಕಾ ಪ್ರಕಟಣೆ ಮೂಲಕ ಆಗ್ರಹಿಸಿದ್ದಾರೆ.
ಕೈಗೆ ಬಂದ ತುತ್ತು ಬಾಯಿಗೆ ಬಾರದಂತಾಗಿದ್ದು, ತಾಲೂಕಿನ ವಿವಿಧ ಹಳ್ಳಿಗಳಲ್ಲಿ ಬೆಳೆದು ನಿಂತಿದ್ದ ಭತ್ತದ ಪೈರುಗಳು ಬಿರುಗಾಳಿಯ ಹೊಡೆತಕ್ಕೆ ನೆಲಸಮವಾಗಿವೆ. ಇದರಿಂದ ರೈತರು ಹಾಕಿದ ಬಂಡವಾಳವೂ ವಾಪಸ್ ಬರದ ಸ್ಥಿತಿ ನಿರ್ಮಾಣವಾಗಿದೆ. ಕಂದಾಯ ಮತ್ತು ಕೃಷಿ ಇಲಾಖೆಯ ಅಧಿಕಾರಿಗಳು ತಕ್ಷಣವೇ ಜಂಟಿ ಸಮೀಕ್ಷೆ ನಡೆಸಿ, ಹಾನಿಯ ವರದಿಯನ್ನು ಸರ್ಕಾರಕ್ಕೆ ಸಲ್ಲಿಸಬೇಕು. ಸಂತ್ರಸ್ತ ರೈತರ ಖಾತೆಗಳಿಗೆ ವಿಳಂಬ ಮಾಡದೆ ಸೂಕ್ತ ಪರಿಹಾರ ಧನ ಜಮೆ ಮಾಡುವ ಮೂಲಕ ಅನ್ನದಾತನ ನೆರವಿಗೆ ಧಾವಿಸಬೇಕೆಂದು ಅವರು ಒತ್ತಾಯಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಒಂದು ವೇಳೆ ಪರಿಹಾರ ನೀಡುವಲ್ಲಿ ವಿಳಂಬ ಧೋರಣೆ ಅನುಸರಿಸಿದರೆ ಮುಂದಿನ ದಿನಗಳಲ್ಲಿ ಹೋರಾಟ ಹಮ್ಮಿಕೊಳ್ಳಲಾಗುವುದು ಎಂದು ಅವರು ಎಚ್ಚರಿಸಿದ್ದಾರೆ.

5
609 views    0 comment
0 Shares

10
67 views    0 comment
0 Shares

🚨 *महत्वपूर्ण सूचना: हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्लाई का नया शेड्यूल लागू* ⚡

हरियाणा सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गर्मी में राहत देने के लिए बिजली आपूर्ति के समय में बड़ा बदलाव किया गया है। यह नया शेड्यूल *23 अप्रैल 2026 की आधी रात से लागू* हो चुका है।

💡 *नया बिजली शेड्यूल (ग्रामीण घरेलू फीडर):*

🌙 *रात की सप्लाई:*
➡️ शाम 07:00 बजे से सुबह 06:30 बजे तक
✅ बिना किसी कट के लगातार लगभग 11.5 घंटे बिजली

☀️ *दिन की सप्लाई:*
➡️ दोपहर 12:00 बजे से शाम 04:30 बजे तक
✅ तेज गर्मी और लू के समय राहत

📍 *कहां लागू होगा?*
यह शेड्यूल हरियाणा के सभी ग्रामीण क्षेत्रों जैसे हिसार, रोहतक, पंचकूला आदि में लागू किया गया है।

📌 *मुख्य उद्देश्य:*
✔️ ग्रामीण लोगों को रात में आरामदायक नींद मिल सके
✔️ दिन की भीषण गर्मी में जरूरी बिजली उपलब्ध हो

🌾 *कृषि फीडर (खेती के लिए):*
➡️ इनके समय अलग हो सकते हैं (आमतौर पर 8 घंटे सप्लाई)

📞 *अधिक जानकारी के लिए:*
➡️ बिजली विभाग हेल्पलाइन: 1912
➡️ या अपने क्षेत्र के बिजली कार्यालय से संपर्क करें

🙏 इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं, ताकि सभी को इसका लाभ मिल सके।

#जनहित_में_जारी #बिजली_अपडेट #हरियाणा #ग्रामीण_विकास #AwarenessPost #IqbalAtalSewaKendraNaushera

37
2459 views    0 comment
0 Shares

0
13 views    0 comment
0 Shares


जयपुर। स्टैंडफोर्ड क्रिकेट ग्राउंड, जयपुर में खेले जा रहे अंडर 12 पिंक सिटी कप के लीग मुकाबले में डीएससीए टाइगर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्धमान क्रिकेट अकादमी को 10 विकेट से हराकर एकतरफा जीत दर्ज की।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वर्धमान क्रिकेट अकादमी की पूरी टीम 24.2 ओवर में 64 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। टीम की ओर से मयंक कुमावत ने सर्वाधिक 20 रन बनाए, जबकि उत्कर्ष उपाध्याय ने 14 रन का योगदान दिया। बाकी बल्लेबाज डीएससीए टाइगर्स के गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सके।
डीएससीए टाइगर्स की ओर से हर्ष ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में मात्र 7 रन देकर 5 विकेट झटके और मैच के हीरो साबित हुए। उनके अलावा राजवीर ने 2 विकेट, जबकि दीपक सैनी और आर्यवीर ने 1-1 विकेट हासिल किया।
65 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी डीएससीए टाइगर्स की टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए सिर्फ 8 ओवर में 69 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। टीम की ओर से भूमिका मंडावरिया ने 24 रन और हैप्पी भार्गव ने 23 रन की नाबाद पारियां खेलीं।
डीएससीए टाइगर्स ने इस प्रभावशाली जीत के साथ टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी। टीम का हर विभाग—बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—उत्कृष्ट नजर आया

24
1580 views    0 comment
0 Shares

4
58 views    0 comment
0 Shares


इंदिरा नगर में एलआईसी अभिकर्ताओं को ANANDA 3.0 का विशेष प्रशिक्षण

लखनऊ, 22 अप्रैल 2026:
इंदिरा नगर, लखनऊ में 22 अप्रैल 2026 को भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के अभिकर्ताओं के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अभिकर्ताओं को ANANDA 3.0 के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

प्रशिक्षण के दौरान विशेष अधिकारियों द्वारा अभिकर्ताओं को ANANDA 3.0 की नई सुविधाओं, कार्यप्रणाली एवं इसके उपयोग से बीमा सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाने के तरीकों के बारे में समझाया गया।

इस कार्यक्रम में महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों के अभिकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्रशिक्षण का लाभ उठाया। अधिकारियों ने अभिकर्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अभिकर्ताओं को नवीन तकनीकी जानकारी से सशक्त बनाना और बीमा सेवाओं को और अधिक पारदर्शी एवं तेज बनाना था।

रिपोर्टर: सत्यपाल चौधरी

8
4105 views    0 comment
0 Shares

0
89 views    0 comment
0 Shares

30
11976 views    0 comment
0 Shares

6
13 views    0 comment
0 Shares

राहील शाह मीडिया न्यूज़ | रायगड
📅 दिनांक: 23 अप्रैल 2026 | गुरुवार
🔥 रायगड में भीषण गर्मी का कहर, तापमान 35 से 40 डिग्री के पार
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिला में आज गुरुवार को भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जिससे आम जनजीवन पर खासा असर देखने को मिल रहा है।
दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग जरूरी काम के अलावा घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। खासकर बुजुर्ग और बच्चों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
🌡️ स्वास्थ्य विभाग की सलाह:
ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखें
दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें

2
25 views    0 comment
0 Shares

रीवा मिर्जापुर नेशनल हाईवे के डायमंडगंज घाट में बुधवार रात हुए भीषण सड़क हादसे ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। मिर्जापुर-रीवा नेशनल हाईवे पर रात करीब 9:30 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक के ब्रेक फेल होने से यह दर्दनाक हादसा हुआ। बेकाबू ट्रक ने पहले बोलेरो और स्विफ्ट कार को टक्कर मारी, जिसके बाद दोनों गाड़ियां आगे चल रहे ट्रॉले से जा भिड़ीं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो उछलकर अलग जा गिरी और उसमें आग लग गई। कुछ ही पलों में आग ने पूरी गाड़ी को घेर लिया और उसमें सवार 9 लोग जिंदा जल गए।

बताया जा रहा है कि बोलेरो में सवार लोग एक ही परिवार के थे और मैहर से एक बच्चे का मुंडन कराकर लौट रहे थे। वही स्विफ्ट सवार दो लोग किसी काम से मिर्जापुर की तरफ जा रहे थे।

हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई, आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कोई पास नहीं जा सका। करीब ढाई घंटे बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।

इस हादसे में स्विफ्ट कार के ड्राइवर और ट्रॉले के क्लीनर की भी मौत हो गई, जिससे कुल मृतकों की संख्या 11 हो गई। शव इस कदर जल चुके थे कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया। पुलिस और राहत टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और जांच शुरू कर दी है।

इस हादसे में जान गंवाने वालों के नाम इस प्रकार हैं:

1. प्रियंका सिंह (42 वर्ष), पत्नी कमलेश सिंह, निवासी सतना
2. कार्तिकेय सिंह (18–19 वर्ष), पुत्र कमलेश सिंह, निवासी सतना
3. पियूष सिंह (14–15 वर्ष), पुत्र प्रदीप कुमार, निवासी जिगना
4. पंकज सिंह (40 वर्ष), पुत्र स्व. रामचंद्र सिंह, निवासी जिगना
5. बीना सिंह (47 वर्ष), पत्नी प्रदीप सिंह, निवासी जिगना
6. वंदना सिंह (43 वर्ष), पत्नी अरुण सिंह, निवासी जिगना
7. शिवा सिंह (48 वर्ष), पुत्र अरुण सिंह, निवासी जिगना
8. सोनम सिंह (19 वर्ष), पुत्री प्रदीप कुमार, निवासी जिगना
9. विष्णु सिंह (45 वर्ष), पुत्र ठिनकू सिंह, निवासी रामपुर
10. विकास शर्मा (32 वर्ष), पुत्र ओमकार शर्मा, निवासी सागर (मध्य प्रदेश)
11. जय प्रकाश (28 वर्ष), पुत्र मुन्नर, निवासी भटियागांव

यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों की दुनिया उजाड़ देने वाला दर्द है। अब सवाल यह है कि आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों पर सुरक्षा और व्यवस्था कब तक मजबूत होगी?

3
36 views    0 comment
0 Shares

ଚମ୍ପୁଆ : - (ହେମନ୍ତ କୁମାର ମହାନ୍ତ ) ରାଜ୍ୟ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ଓ ପରିବାର କଲ୍ୟାଣ ବିଭାଗ ପକ୍ଷରୁ ବର୍ଷ ୨୦୨୫-୨୬ ପାଇଁ ପ୍ରତିଷ୍ଠିତ 'କାୟାକଳ୍ପ' ପୁରସ୍କାର ତାଲିକା ପ୍ରକାଶ ପାଇଛି। ତେବେ ଏହି ତାଲିକାରେ ଭଣ୍ଡା ଗୋଷ୍ଠୀ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ କେନ୍ଦ୍ରର ପ୍ରଦର୍ଶନକୁ ନେଇ ସ୍ଥାନୀୟ ଅଞ୍ଚଳରେ ନୈରାଶ୍ୟ ଖେଳିଯାଇଛି। ଗତ ବର୍ଷ ରାଜ୍ୟରେ ପ୍ରଥମ ସ୍ଥାନ ଅଧିକାର କରି ଗୌରବ ଆଣିଥିବା ଏହି ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ କେନ୍ଦ୍ର ଚଳିତ ବର୍ଷ ୧୫ତମ ସ୍ଥାନକୁ ଖସି ଆସିଛି।
​ଗତ ବର୍ଷ ଭଣ୍ଡା ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ କେନ୍ଦ୍ର ନିଜର ସ୍ୱଚ୍ଛତା, ସୁନ୍ଦର ପରିବେଶ ଏବଂ ଉତ୍ତମ ସେବା ପାଇଁ ସମଗ୍ର ଓଡ଼ିଶାରେ ନମ୍ବର ୱାନ ସ୍ଥାନ ପାଇ ସମସ୍ତଙ୍କ ଦୃଷ୍ଟି ଆକର୍ଷଣ କରିଥିଲା। ମାତ୍ର ମାତ୍ର ବର୍ଷକ ମଧ୍ୟରେ ଏହି ସଫଳତା ଫିକା ପଡ଼ିଯାଇଛି। ପ୍ରଥମରୁ ସିଧା ପଞ୍ଚଦଶ ସ୍ଥାନକୁ ଖସିବା ଏହାର ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ସେବା ଏବଂ ରକ୍ଷଣାବେକ୍ଷଣର ମାନ ଉପରେ ଏକ ବଡ଼ ପ୍ରଶ୍ନବାଚୀ ସୃଷ୍ଟି କରିଛି।​ସ୍ଥାନୀୟ ବୁଦ୍ଧିଜୀବୀ ଓ ସାଧାରଣ ଜନତାଙ୍କ ମତରେ, ଏହି ବିପର୍ଯ୍ୟୟ ପଛରେ ମେଡିକାଲ ଇନଚାର୍ଜ ଏବଂ NHM (National Health Mission) କର୍ମଚାରୀଙ୍କ ଚରମ ଅବହେଳା ହିଁ ମୁଖ୍ୟ କାରଣ। ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ କେନ୍ଦ୍ରର ପରିଚାଳନାରେ ଶିଥିଳତା, ସ୍ୱଚ୍ଛତା ପ୍ରତି ଦୃଷ୍ଟି ନଦେବା ଏବଂ କର୍ତ୍ତବ୍ୟରେ ଗାଫିଲତି ଯୋଗୁଁ ଆଜି ଭଣ୍ଡା ତାର ପୂର୍ବ ଗୌରବ ହରାଇଛି ବୋଲି ସାଧାରଣରେ ଆଲୋଚନା ହେଉଛି।
​"ଯେଉଁ ହସ୍ପିଟାଲ ଦିନେ ରାଜ୍ୟ ପାଇଁ ଉଦାହରଣ ଥିଲା, ଆଜି କର୍ମଚାରୀଙ୍କ ସମନ୍ୱୟ ଅଭାବ ଓ ଅବହେଳାରୁ ତାହା ପଛକୁ ପଡ଼ିଯିବା ଅତ୍ୟନ୍ତ ଦୁର୍ଭାଗ୍ୟଜନକ।"​ସୂଚନାଯୋଗ୍ୟ ଯେ, ସରକାରୀ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ କେନ୍ଦ୍ରଗୁଡ଼ିକରେ ସ୍ୱଚ୍ଛତା, ସଂକ୍ରମଣ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ଏବଂ ସେବା ପ୍ରଦାନର ମାନକୁ ପରଖିବା ପାଇଁ ପ୍ରତିବର୍ଷ ଏହି ପୁରସ୍କାର ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଥାଏ। ଏଥିରେ ବିଭିନ୍ନ ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ ଯାଞ୍ଚ କରାଯାଇ ମାର୍କ ଦିଆଯାଏ।​ଭଣ୍ଡା ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ କେନ୍ଦ୍ରର ଏହି ବିଫଳତା ପରେ ଏବେ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ବିଭାଗ କି ପଦକ୍ଷେପ ନେଉଛି, ତାହା ଦେଖିବାକୁ ବାକି ରହିଲା। ଜନସାଧାରଣ ଦାବି କରିଛନ୍ତି ଯେ, ଏହାର ଉଚ୍ଚସ୍ତରୀୟ ତଦନ୍ତ ହେଉ ଏବଂ ପୁଣି ଥରେ କିଭଳି ଭଣ୍ଡା ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ କେନ୍ଦ୍ର ଶୀର୍ଷ ସ୍ଥାନକୁ ଫେରିବ, ସେଥିପାଇଁ ଉପଯୁକ୍ତ କର୍ମଚାରୀଙ୍କୁ ନିୟୋଜିତ କରାଯାଉ।

21
1178 views    0 comment
0 Shares

🚩 विराट हिंदू संमेलन – इंद्रायणी नगर , भोसरी 🚩

हिंदू धर्म, हिंदू संस्कृती आणि हिंदू समाजाचे संरक्षण करून राष्ट्राला परमवैभवाकडे नेण्यासाठी सर्व जागरूक हिंदू बांधवांनी एकत्र येणे ही काळाची गरज आहे.

याच पवित्र उद्देशाने सकल हिंदू समाज, इंद्रायणी नगर यांच्या वतीने भव्य विराट हिंदू संमेलनाचे आयोजन करण्यात आले आहे.

सर्व हिंदू बांधव-भगिनींनी मोठ्या संख्येने उपस्थित राहून कार्यक्रमाची शोभा वाढवावी, ही नम्र विनंती. 🙏🚩

📍 स्थळ: द्वारका प्लॅटिनम शेजारील मैदान सेक्टर नंबर ७, इंद्रायणी नगर

दिनांक: शनिवार, २५ एप्रिल २०२६

⏰ वेळ: सायंकाळी ५:०० वाजता

आपली उपस्थितीच हिंदू एकतेची ताकद आहे!

🚩 जय श्रीराम | जय भवानी | जय शिवाजी 🚩

आयोजक:

हिंदू सकल समाज

23
1534 views    0 comment
0 Shares

कुपवी स्कूल में पृथ्वी दिवस पर जागरूकता का संगम, प्रतियोगिताओं व गतिविधियों से गूंजा “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” संदेश

शिमला। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से प्रयास सोसाइटी, सिरमौर द्वारा 22 अप्रैल को पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुपवी (ब्लॉक कुपवी, जिला शिमला) में पृथ्वी दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह: सामुदायिक आधारित जलवायु कार्रवाई और पर्यावरणीय सततता पहल” रही, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों एवं स्थानीय समुदाय को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसएमसी अध्यक्ष सुरेश कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य राज सिंह रावत ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापकगण, प्रयास सोसाइटी के सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में रजत शर्मा (प्रवक्ता, रसायन विज्ञान) ने गतिविधि आयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें प्रकृति भ्रमण, पेंटिंग प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, भाषण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता, रैली, मानव श्रृंखला, पौधारोपण अभियान तथा स्वच्छता अभियान प्रमुख रहे। विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और जलवायु परिवर्तन के प्रति अपनी समझ को प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में सृष्टि ठाकुर ने वाद-विवाद/भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अमन बिसांता ने चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं क्विज़ प्रतियोगिता में अंशिका, सोमकाशी, गोरेशांश, अदिति एवं सम्वी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया तथा उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। प्रयास सोसाइटी द्वारा हरियाणा के सिरसा निवासी पर्यावरण प्रेमी रणजीत सिंह को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया और उन्हें संस्था के होनहार स्वयंसेवकों में से एक बताया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई, जिससे उनमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित हो सके। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रयास सोसाइटी के समन्वयक नरेश कुमार ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य समुदाय आधारित जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा देना और युवाओं को पर्यावरणीय सततता के प्रति प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

0
12 views    0 comment
0 Shares

ଅଦାଲତ ଅବମାନନା ମାମଲା: ମୁଖ୍ୟ ଶାସନ ସଚିବ ଅନୁ ଗର୍ଗଙ୍କ ସମେତ ବରିଷ୍ଠ ଅଧିକାରୀଙ୍କୁ ହାଇକୋର୍ଟଙ୍କ ‘ଏମର୍ଜେଣ୍ଟ ପୁଲିସ ନୋଟିସ୍‌’।

କେନ୍ଦୁଝର,୨୩/୦୪ (ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ ବ୍ୟୁରୋ) ରାଜ୍ୟ ପ୍ରଶାସନିକ କଳର ଶିଥିଳତା ଏବଂ କୋର୍ଟଙ୍କ ନିର୍ଦ୍ଦେଶକୁ ଅବଜ୍ଞା କରିବା ଘଟଣାରେ ଓଡ଼ିଶା ହାଇକୋର୍ଟ କଠୋର ଆଭିମୁଖ୍ୟ ଗ୍ରହଣ କରିଛନ୍ତି। ଏକ ଅବମାନନା ମାମଲାର ଶୁଣାଣି କରି ଅଦାଲତ ରାଜ୍ୟର ମୁଖ୍ୟ ଶାସନ ସଚିବ ଅନୁ ଗର୍ଗଙ୍କ ସମେତ ପ୍ରଶାସନର ଚାରି ଜଣ ବରିଷ୍ଠ ଅଧିକାରୀଙ୍କ ବିରୋଧରେ ‘ଏମର୍ଜେଣ୍ଟ ପୁଲିସ ନୋଟିସ୍‌’ ଜାରି କରିଛନ୍ତି।

୨୦୨୪ ମସିହାର ଏକ ରିଟ୍ ଅପିଲ୍‌ (WA/1328/2024) ରେ ହାଇକୋର୍ଟ ଦେଇଥିବା ନିର୍ଦ୍ଦେଶକୁ କାର୍ଯ୍ୟକାରୀ କରାଯାଇ ନଥିବା ଅଭିଯୋଗ କରି ଡକ୍ଟର ସଞ୍ଜୟ କୁମାର ପଣ୍ଡା ଏକ ଅବମାନନା ପିଟିସନ (CONTC No. 1992 of 2026) ଦାଖଲ କରିଥିଲେ। ଜଷ୍ଟିସ କ୍ରିଷ୍ଣା ଶ୍ରୀପଦ ଦୀକ୍ଷିତ ଏବଂ ଜଷ୍ଟିସ ଚିତ୍ତରଞ୍ଜନ ଦାଶଙ୍କୁ ନେଇ ଗଠିତ ଖଣ୍ଡପୀଠ ଏହି ମାମଲାର ଶୁଣାଣି କରି ପ୍ରଶାସନିକ ଅବହେଳା ଉପରେ ଅସନ୍ତୋଷ ବ୍ୟକ୍ତ କରିଛନ୍ତି।

ନୋଟିସ୍‌ ପାଇଥିବା ପ୍ରମୁଖ ଅଧିକାରୀ:

ଅନୁ ଗର୍ଗ: ମୁଖ୍ୟ ଶାସନ ସଚିବ

• ଅଶ୍ୱତୀ ଏସ୍‌:ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ସଚିବ

• ଅରୁଣ କୁମାର ଷଡ଼ଙ୍ଗୀ: ଅଧ୍ୟକ୍ଷ, ଓପିଏସ୍‌ସି
• ବିଜୟ କୁମାର ଖଣ୍ଡାୟତ ରାୟ: ସଚିବ,ଓପିଏସ୍‌ସି

ସାଧାରଣତଃ କୋର୍ଟ ନୋଟିସ୍‌ ପଠାଇବାର ଯେଉଁ ପାରମ୍ପରିକ ପ୍ରକ୍ରିୟା ରହିଛି, ତାହାକୁ ବାଦ୍‌ ଦେଇ ଖଣ୍ଡପୀଠ ଏଠାରେ ସିଧାସଳଖ ପୁଲିସର ସହାୟତା ନେଇଛନ୍ତି। ସମ୍ପୃକ୍ତ ଅଞ୍ଚଳର ପୁଲିସ ଅଧିକ୍ଷକ ବ୍ୟକ୍ତିଗତ ଭାବେ ଏହି ନୋଟିସ୍‌ ଅଧିକାରୀମାନଙ୍କ ପାଖରେ ପହଞ୍ଚାଇବାକୁ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଦିଆଯାଇଛି। ଏହାସହ ଏକ ସପ୍ତାହ ମଧ୍ୟରେ ରେଜିଷ୍ଟ୍ରାର ଜେନେରାଲଙ୍କୁ ଇ-ମେଲ୍‌ ଯୋଗେ ଅନୁପାଳନ ରିପୋର୍ଟ ଦେବାକୁ ଏସ୍‌ପିଙ୍କୁ କୁହାଯାଇଛି।

ଅଦାଲତ ନିଜ ଆଦେଶରେ ସ୍ପଷ୍ଟ କରିଛନ୍ତି ଯେ, କୋର୍ଟଙ୍କ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ପାଳନ ନକରିବା ଏକ ଦଣ୍ଡନୀୟ ଅପରାଧ।
"ଅଦାଲତ ଅବମାନନା ଆଇନ, ୧୯୭୧ ଏବଂ ସମ୍ବିଧାନର ଧାରା ୨୧୫ ଅନୁଯାୟୀ ଏଥିପାଇଁ କାରାଦଣ୍ଡର ବ୍ୟବସ୍ଥା ମଧ୍ୟ ରହିଛି। ଆବଶ୍ୟକ ପଡ଼ିଲେ ସମ୍ପୃକ୍ତ ପକ୍ଷଙ୍କୁ ବ୍ୟକ୍ତିଗତ ଭାବେ ହାଜର ହେବାକୁ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଦିଆଯାଇପାରେ।"

ଆବେଦନକାରୀଙ୍କ ପକ୍ଷରୁ ବରିଷ୍ଠ ଆଇନଜୀବୀ ଉପେନ୍ଦ୍ର କୁମାର ସାମଲ ମାମଲା ପରିଚାଳନା କରୁଥିଲେ। ମାମଲାର ପରବର୍ତ୍ତୀ ଶୁଣାଣି ମେ ୧୨ ତାରିଖରେ ଧାର୍ଯ୍ୟ କରାଯାଇଛି। ସେହିଦିନ ସମ୍ପୃକ୍ତ ଅଧିକାରୀମାନେ ନିଜର ପକ୍ଷ ରଖିବେ। ରାଜ୍ୟର ଶୀର୍ଷ ପ୍ରଶାସକଙ୍କ ବିରୋଧରେ ହାଇକୋର୍ଟଙ୍କ ଏଭଳି କଠୋର ଆଭିମୁଖ୍ୟ ଏବେ ସଚିବାଳୟରେ ଚର୍ଚ୍ଚାର ବିଷୟ ପାଲଟିଛି। ମାନ୍ୟବର ହାଇକୋର୍ଟ ଙ୍କ ଏପରି ପଦକ୍ଷେପର ସୂଚନା ପାଇବା ପରେ ବର୍ତ୍ତମାନ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ର ଅନେକ ବରିଷ୍ଠ ପଦାଧିକାରୀ ମାନଙ୍କର ମନରେ ଛନକା ପଶି ଯାଇଥିବା ଜାଣିବା ପାଇଁ ମିଳୁଅଛି।

12
940 views    0 comment
0 Shares

हरियाणा में यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने अहम फैसला लागू कर दिया है। अब तक स्टूडेंट पास और बुढ़ापा (सीनियर सिटीजन) पास केवल हरियाणा रोडवेज बसों में मान्य होते थे, लेकिन अब इन्हें प्राइवेट बसों में भी मान्यता दे दी गई है।
इस फैसले से प्रदेशभर के छात्रों और बुजुर्गों को यात्रा में काफी सुविधा मिलेगी और किराए का बोझ भी कम होगा। सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ और समान बनाना है, ताकि सभी यात्रियों को एक जैसी सुविधा मिल सके।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार ने प्राइवेट बस ऑपरेटरों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक नियम और किराया प्रणाली तय की है।

👉 इस निर्णय से लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्टर: राज पाल शर्मा (कुरुक्षेत्र) AIMA MEDIA

15
4731 views    0 comment
0 Shares

हरियाणवी एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही का शव गाजियाबाद के घर में अकड़ा हुआ मिला, बॉडी पर सूजन भी थी...  हुआ क्या

हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री की उभरती हुई कलाकार दिव्यांका सिरोही की मंगलवार के दिन गाजियाबाद में मौत हो गई. 30 साल की दिव्यांका सिरोही की राजनगर एक्सटेंशन स्थित अपने घर पर अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर गईं. जमीन पर गिरने से उनके सिर पर चोट लगी और उनकी पलभर में मौत हो गई.दिव्यांका की मौत की खबर से हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है. कई कलाकारों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी है.

शरीर अकड़ा हुआ मिला
पीड़ित परिजनों का कहना है कि उन्हें दिव्यांका का शव अकड़ा हुआ मिला. शरीर पर सूजन भी थी. परिवार हार्ट अटैक मानकर चल रहा है. फिलहाल मौत की असल वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है.तबीयत खराब की बात परिवार को बताई थी
घटना के बारे में परिवार ने बताया, मंगलवार को वह सामान्य थीं और उन्होंने अपने भाई के लिए खाना भी बनाया था. हालांकि उन्होंने हल्की तबीयत खराब होने की बात जरूर कही थी. इसी बीच उनका भाई किसी जरूरी काम से बाहर चला गया था. बाहर जाते समय उसने घर का गेट बंद करने के लिए मैसेज किया, जिसका दिव्यांका ने ओके में जवाब भी दिया. पीड़ित परिवार के मुताबिक, जब परिवार के सदस्य घर वापस लौटे तो दिव्यांका मृत अवस्था में गिरी हुई थी. उसका शरीर अकड़ा हुआ था और हल्की सूजन भी थी. अचानक क्या हुआ, यह अब तक साफ नहीं हो पाया है.

यूपी से थीं दिव्यांका सिरोही
परिवार के अनुसार, दिव्यांका का जन्म 19 नवंबर 1996 को बुलंदशहर में हुआ था. उनका पैतृक गांव भी बुलंदशहर में है. फिलहाल वह अपने भाई-बहन के साथ गाजियाबाद में रह रही थीं. आपको बता दें कि दिव्यांका सिरोही सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थीं. इंस्टाग्राम पर उनके करीब 1.3 मिलियन फॉलोअर्स थे. उन्होंने 50 से अधिक हरियाणवी गानों में काम किया था. उन्हें ‘मेरी मम्मी नू पसंद नी तू’ गाने से खास पहचान मिली थी.

दिव्यांका सिरोही ने मासूम शर्मा, अमित सैनी रोहतकिया और केडी जैसे कलाकारों के साथ भी काम किया था. फिलहाल इस घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है.

पत्रकार आमिर महफूज खान
Aima media reporter

1
13 views    0 comment
0 Shares

रीवा मिर्जापुर नेशनल हाईवे के डायमंडगंज घाट में बुधवार रात हुए भीषण सड़क हादसे ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। मिर्जापुर-रीवा नेशनल हाईवे पर रात करीब 9:30 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक के ब्रेक फेल होने से यह दर्दनाक हादसा हुआ। बेकाबू ट्रक ने पहले बोलेरो और स्विफ्ट कार को टक्कर मारी, जिसके बाद दोनों गाड़ियां आगे चल रहे ट्रॉले से जा भिड़ीं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो उछलकर अलग जा गिरी और उसमें आग लग गई। कुछ ही पलों में आग ने पूरी गाड़ी को घेर लिया और उसमें सवार 9 लोग जिंदा जल गए।



बताया जा रहा है कि बोलेरो में सवार लोग एक ही परिवार के थे और मैहर से एक बच्चे का मुंडन कराकर लौट रहे थे। वही स्विफ्ट सवार दो लोग किसी काम से मिर्जापुर की तरफ जा रहे थे।



हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई, आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कोई पास नहीं जा सका। करीब ढाई घंटे बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।



इस हादसे में स्विफ्ट कार के ड्राइवर और ट्रॉले के क्लीनर की भी मौत हो गई, जिससे कुल मृतकों की संख्या 11 हो गई। शव इस कदर जल चुके थे कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया। पुलिस और राहत टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और जांच शुरू कर दी है।



इस हादसे में जान गंवाने वालों के नाम इस प्रकार हैं:



1. प्रियंका सिंह (42 वर्ष), पत्नी कमलेश सिंह, निवासी सतना

2. कार्तिकेय सिंह (18–19 वर्ष), पुत्र कमलेश सिंह, निवासी सतना

3. पियूष सिंह (14–15 वर्ष), पुत्र प्रदीप कुमार, निवासी जिगना

4. पंकज सिंह (40 वर्ष), पुत्र स्व. रामचंद्र सिंह, निवासी जिगना

5. बीना सिंह (47 वर्ष), पत्नी प्रदीप सिंह, निवासी जिगना

6. वंदना सिंह (43 वर्ष), पत्नी अरुण सिंह, निवासी जिगना

7. शिवा सिंह (48 वर्ष), पुत्र अरुण सिंह, निवासी जिगना

8. सोनम सिंह (19 वर्ष), पुत्री प्रदीप कुमार, निवासी जिगना

9. विष्णु सिंह (45 वर्ष), पुत्र ठिनकू सिंह, निवासी रामपुर

10. विकास शर्मा (32 वर्ष), पुत्र ओमकार शर्मा, निवासी सागर (मध्य प्रदेश)

11. जय प्रकाश (28 वर्ष), पुत्र मुन्नर, निवासी भटियागांव



यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों की दुनिया उजाड़ देने वाला दर्द है। अब सवाल यह है कि आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों पर सुरक्षा और व्यवस्था कब तक मजबूत होगी?

AimA मीडिया

ज्ञानेन्द्र कुमार पाण्डेय

14
1562 views    0 comment
0 Shares

शहापूर साजिद शेख
ठाणे जिल्हा प्रतिनिधी
ठाणे जिल्हा परिषदेच्या शिक्षण विभागातील दोन अधिकाऱ्यांना २० हजारांची लाच घेताना ठाणे लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाने रंगेहात पकडले. एका निवृत्त शिक्षकाविरोधात सुरू असलेली विभागीय चौकशी बंद करून सेवानिवृत्ती अशंदान व उपदान काढून देण्यासाठी एक लाखांची लाच मागितली होती. त्यापैकी ८० हजार रुपये यापूर्वीच घेतले होते तर, उर्वरित २० हजार रुपये घेताना त्यांना पथकाने पकडले.

ठाणे जिल्हा परिषदेच्या शिक्षण विभागातील कनिष्ठ प्रशासन अधिकारी शंकर सोमनाथ आरे (४४) आणि सहाय्यक प्रशासन अधिकारी श्रीकांत अनंत खंडागळे (५६) अशी अटक करण्यात आलेल्या लोकसेवकांची नावे आहेत. तक्रारदार हे ६२ वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक असून त्यांच्या विरोधात सुरू असलेली विभागीय चौकशी बंद करण्यासाठी तसेच सेवानिवृत्तीनंतर मिळणारे आर्थिक लाभ (अंशदान व उपदान) मंजूर करून देण्यासाठी संबंधित अधिकाऱ्यांनी तब्बल १ लाख रुपयांची लाच मागितली होती. तक्रारदाराने याबाबत २१ एप्रिल २०२६ रोजी ठाणे लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाकडे तक्रार दाखल केली होती.या तक्रारीची पडताळणी केल्यानंतर २२ एप्रिल रोजी सापळा पथकाने रचला. त्यावेळी तक्रारदाराकडून उर्वरित २० हजार रुपयांची लाच स्वीकारताना शंकर आरे यांना पथकाने रंगेहात पकडले. या कारवाईत श्रीकांत खंडागळे यांचाही सहभाग उघड झाल्याने त्यांच्याविरोधातही गुन्हा नोंदवण्यात आला आहे. सध्या दोन्ही अधिकाऱ्यांविरोधात पुढील कायदेशीर कारवाई सुरू आहे, अशी माहिती ठाणे लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाने दिली.

ही कारवाई पोलीस अधीक्षक शिवराज पाटील, अपर पोलीस अधीक्षक सुहास शिंदे आणि अपर पोलीस अधीक्षक भागवत सोनावणे यांच्या मार्गदर्शनाखाली पोलीस निरीक्षक प्रमोद आहिरे आणि त्यांच्या पथकाने केली. दरम्यान, कोणत्याही शासकीय कामासाठी लाच मागितल्यास तात्काळ तक्रार नोंदवावी. भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासनासाठी नागरिकांचे सहकार्य अत्यंत महत्त्वाचे आहे, असे आवाहन लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाने केले आहे

11
305 views    0 comment
0 Shares

कुमारगंज (पश्चिम बंगाल) से बड़ी खबर
कुमारगंज क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता एवं प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी पर कथित रूप से हमला किए जाने की खबर सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी चुनावी कार्यक्रम के तहत कुमारगंज पहुंचे थे, इसी दौरान कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनके काफिले को निशाना बनाते हुए हमला कर दिया। हमले के दौरान अफरा-तफरी मच गई और समर्थकों में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हमले में कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं, हालांकि शुभेंदु अधिकारी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
बीजेपी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने आरोपों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल और भी गरमा गया है।
फिलहाल, क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

12
1049 views    0 comment
0 Shares


[ 22 ఏప్రిల్ 2026 మొదటి డ్యూటి నుండి జరుగు

డిమాండ్లు :-

1. ఆర్టీసి ఉద్యోగులను ప్రభుత్వంలో విలీనం చేసే ప్రక్రియను వెంటనే ప్రారంభించాలి.

2. 2021 వేతన సవరణ 30% ఫిట్మెంట్ తో అమలు చేయాలి. 2025 వేతన సవరణ అమలు చేయాలి.

3. మహాలక్ష్మి పథకం కింద ప్రభుత్వం ఇవ్వాల్సిన డబ్బులు ప్రతినెల 400 కోట్లు ఆర్టీసికి ఇవ్వాలి

4. ఆర్టీసీ కార్మికులకు ఉద్యోగ భద్రత కల్పించాలి / బెడ్ విన్నర్ పోస్టులను పర్మినెంట్ ఉద్యోగాల కింద భర్తీ చేయాలి.

5. ట్రేడ్ యూనియన్లపై ఆంక్షలు ఎత్తివేసి, గుర్తింపు సంఘం ఎన్నికలు నిర్వహించాలి.

6. ఆర్టీసి ఉద్యోగులపై పనిభారాలు తగ్గించాలి / కండక్టర్ డ్రైవర్లలపై KMPL, EPK వేధింపులు మానుకోవాలి.

7. ఎలక్ట్రిక్ బస్సులను రాష్ట్ర ప్రభుత్వమే కొని ఆర్టీసికి ఇవ్వాలి / ఆర్టీసి స్థలాలను ఈవీ బస్సులకు ఇవ్వరాదు. 8. అద్దె బస్సులను, అద్దె బస్సుల డ్రైవర్లలను ఆర్టీసిలో విలీనం చేసుకోవాలి (గతంలో మాదిరిగా జాతీయం చేసుకోవాలి)

9. గ్రేటర్ హైదరాబాద్ జోన్లో పనిచేస్తున్న సిబ్బందిని కరీంనగర్ జోన్, హైదరాబాద్ జోన్లకు బలవంతగా బదిలి చేసే ఉత్తర్వులను రద్దు చేయాలి /2019 సమ్మే కాలంలో నమోదైన పోలీస్ కేసులను ఎత్తివేయాలి

10. మహిళా కార్మికులు ఎదుర్కొంటున్న సమస్యలను పరిష్కరించాలి.

11. రద్దీకనుగుణంగా బస్సుల సంఖ్యను పెంచాలి / అన్ని కేటగిరీలలోని ఖాళీలను భర్తీ చేయాలి.

12. రిటైరైన ఉద్యోగుల బకాయిలను అన్నిటినీ చెల్లించాలి / చెల్లించటంతో పాటు దీర్ఘకాలిక పెండింగ్ సమస్యలను పరిష్కరించాలి.

TGSRTC జాయింట్ యాక్షన్ కమిటీ

4
99 views    0 comment
0 Shares

ચાણસ્મા:

વધતા જતા ઉનાળાના આકરા તાપ અને ગરમીને ધ્યાનમાં રાખીને ચાણસ્મા એસ.ટી. ડેપો દ્વારા એક સરાહનીય માનવતાવાદી અભિગમ અપનાવવામાં આવ્યો છે. ચાણસ્મા ડેપોના ડેપો મેનેજર મનીષાબા ચાવડાના માર્ગદર્શન હેઠળ અને ડેપોના સમગ્ર કર્મચારી ગણના સહયોગથી મુસાફરો માટે ઠંડી છાશના વિતરણનું સુંદર આયોજન કરવામાં આવ્યું હતું.
ચૈત્ર-વૈશાખના ધખધખતા તાપમાં મુસાફરી કરી રહેલા મુસાફરોને ગરમીમાં રાહત મળે તેવા હેતુથી ડેપો પરિસરમાં ૨૦૦ લિટર ઠંડી છાશનું નિઃશુલ્ક વિતરણ કરવામાં આવ્યું હતું. એસ.ટી. તંત્રના અધિકારીઓ અને કર્મચારીઓએ સ્વયંભૂ રીતે આગળ આવીને મુસાફરોને છાશ પીવડાવી સેવાનું ઉમદા ઉદાહરણ પૂરું પાડ્યું હતું.
આ સેવાયજ્ઞને કારણે એસ.ટી. બસની રાહ જોઈને ઉભેલા અને મુસાફરી કરી રહેલા સેંકડો મુસાફરોએ તૃપ્તિનો અહેસાસ કર્યો હતો અને ડેપો મેનેજર સહિતના સ્ટાફની આ કામગીરીને બિરદાવી હતી. સરકારી વિભાગ દ્વારા જનસેવાના આવા કાર્યો થતા રહે તે સામાજિક જવાબદારીનું શ્રેષ્ઠ ઉદાહરણ છે તેમ સ્થાનિકોએ જણાવ્યું હતું.

રિપોર્ટર મુકેશ પિત્રોડા ચાણસ્મા

25
4729 views    0 comment
0 Shares

विश्व पुस्तक दिवस के सार्थकता हमारे जीवन में श्रुति स्मृति आधारित धर्म ग्रंथो शिक्षण संस्थाओं के पाठ पुस्तक वर्तमान आधुनिक युग के डिजिटल लाइब्रेरी का मूल उत्कर्ष पुस्तक से ही पुस्तकालय का लक्ष्य केंद्रित करते हुए भारत वर्ष वैश्विक पटल पर विकास संवर्धन संरक्षण के रूप में अपने उपस्थिति दर्ज कराई है।
आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए हमें शिक्षा सुचिता अनुशासन पारदर्शिकता के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए निर्वाचित पंचायत सदस्य के साथ-साथ आम पंचायत सदस्य के दो तिहाई बहुमत से ही ग्राम पंचायत के परियोजना लागू किया जाए जिसमें मनरेगा स्वच्छता स्वास्थ्य और चिकित्सा जैसे मूलभूत आवश्यकताओं को पूर्ण करनी है रोजगार सृजन प्राथमिक शिक्षा को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करते हुए ग्राम पंचायत में पत्र राशन कार्ड के पाल्यों को नामांकन करते हुए शिक्षा का आधार मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण पहल होगा साथ ही साथ दो पंचवर्षीय योजना के संपूर्ण लागत खर्च विकास मद में तुलनात्मक श्रेणीकृत करते हुए जनमानस में समाजिक समन्वय संतुलन कृषि क्षेत्र में औषधीय गुणों युक्त पौधा रोपण सरकारी मानक मूल्य से उत्पादन विक्री पर रोक लगा कर जांच शुरू किया जाएं।
आत्मनिर्भर ग्रामपंचायत विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने का महत्व पूर्ण योगदान है।
कृषि उत्पादन निर्यात पर किसानों को बोनस का लाभ दिया जाए जो कृषि सम्मान निधि राशि में जोड़ कर लाभान्वित करने का अध्यादेश जारी करना चाहिए किसानों के हित में महत्वपूर्ण पहल होगा।
कृष्ण कुमार पाठक
लेखक/पत्रकार

20
4872 views    0 comment
0 Shares

3
36 views    0 comment
0 Shares

गढ़वा: प्रदेश में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ऐसे में लू और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से बचने के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। स्थानीय फार्मासिस्ट अशफाक अंसारी ने आम जनमानस के लिए स्वास्थ्य संबंधी विशेष सलाह जारी की है, जिसमें उन्होंने खान-पान और जीवनशैली में जरूरी बदलाव करने पर जोर दिया है।
​पानी की कमी न होने दें
​अशफाक अंसारी ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर से पसीने के रूप में काफी मात्रा में तरल पदार्थ बाहर निकल जाता है। इसकी भरपाई के लिए दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। प्यास न लगने पर भी थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिए। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, बेल का शरबत और छाछ का सेवन शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखने में मददगार होता है।
​खान-पान में बरतें ये सावधानियां
​उन्होंने खान-पान को लेकर निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
​हल्का और ताजा भोजन: गर्मी में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, इसलिए सुपाच्य और हल्का भोजन ही करें। बासी भोजन से बचें, क्योंकि गर्मी में खाना जल्दी खराब होता है जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है।
​मौसमी फलों का सेवन: तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे फलों का अधिक सेवन करें, जिनमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है।
​मसालेदार और तली चीजों से परहेज: अधिक मिर्च-मसाले, तेल और जंक फूड के सेवन से शरीर में गर्मी बढ़ती है, इसलिए इनसे बचना चाहिए।
​धूप से बचाव है जरूरी
​फार्मासिस्ट अंसारी ने सलाह दी कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक, जब धूप सबसे तेज होती है, अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो सिर को कपड़े या टोपी से ढंककर रखें और सूती व ढीले कपड़े पहनें।
​दवाइयों का रखें विशेष ध्यान
​एक फार्मासिस्ट के तौर पर उन्होंने यह भी आगाह किया कि कुछ विशेष बीमारियों (जैसे बीपी या शुगर) की दवाइयां ले रहे मरीज अपनी मर्जी से खुराक न बदलें और दवाइयों को ठंडे व सूखे स्थान पर ही स्टोर करें, क्योंकि अत्यधिक तापमान से दवाओं की प्रभावशीलता कम हो सकती है।
​निष्कर्ष: अशफाक अंसारी ने अंत में कहा कि यदि किसी को अत्यधिक थकान, सिरदर्द, चक्कर आना या तेज बुखार जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर डॉक्टर से सलाह लें। सतर्कता ही बचाव है।

43
6865 views    0 comment
0 Shares

3
57 views    0 comment
0 Shares

5
100 views    0 comment
0 Shares

3
77 views    0 comment
0 Shares

4
78 views    0 comment
0 Shares

4
77 views    0 comment
0 Shares

5
13 views    0 comment
0 Shares

पुलिस विभाग में 8 निरीक्षक/उपनिरीक्षकों के तबादले

सुल्तानपुर। पुलिस विभाग में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने बड़ा फेरबदल किया है। कुल 8 निरीक्षक एवं उपनिरीक्षकों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण किया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल नए तैनाती स्थल पर रवाना होकर आज ही अनुपालन आख्या गोपनीय कार्यालय में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

स्थानांतरण इस प्रकार ह

निरीक्षक प्रेमचन्द्र सिंह को प्रभारी न्यायालय सुरक्षा से हटाकर PRO पुलिस अधीक्षक बनाया गया।

निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार मिश्र को अपराध शाखा से प्रभारी न्यायालय सुरक्षा भेजा गया।

उपनिरीक्षक रवीन्द्र सिंह को PRO पुलिस अधीक्षक से थाना जयसिंहपुर स्थानांतरित किया गया।

उप निरीक्षक अनिल सक्सेना को क्षेत्राधिकारी बल्दीराय कार्यालय से थाना गोसाईगंज भेजा गया।

उप निरीक्षक यशवन्त द्विवेदी को पुलिस लाइन से थाना कादीपुर तैनात किया गया।

उप निरीक्षक कैलाश सिंह यादव को पुलिस लाइन से न्यायालय सुरक्षा में भेजा गया।

उप निरीक्षक मोहन लाल राणा को पुलिस लाइन से न्यायालय सुरक्षा में स्थानांतरित किया गया।

कम्प्यूटर ऑपरेटर अनुज कुमार शुक्ल को आईजीआरएस सेल बनाया गया।

8
58 views    0 comment
0 Shares

4
58 views    0 comment
0 Shares

5
67 views    0 comment
0 Shares

3
36 views    0 comment
0 Shares

ఆపై మున్సిపల్ కౌన్సిల్ సమావేశంలో పాల్గొన్నారు. ఈ సందర్భంగా మంత్రి మాట్లాడుతూ ఇల్లందు పట్టణ అభివృద్ధికి ప్రత్యేక మున్సిపల్ సమావేశం ఏర్పాటు చేసి సమగ్ర ప్రణాళికతో ముందుకు సాగాలని సూచించారు. ఎన్నికల సమయంలో ఇచ్చిన హామీలను తప్పకుండా నెరవేర్చుతామన్నారు. ఇల్లందు అభివృద్ధికి రూ.50 కోట్లు మంజూరు చేస్తామని ఇచ్చిన మాట ప్రకారం, త్వరలో రెండు విడతల్లో నిధులు విడుదల చేయనున్నట్లు వెల్లడించారు. ప్రజల శ్రేయస్సే ప్రభుత్వ ప్రధాన లక్ష్యమని, రాజకీయాలకు అతీతంగా అందరికీ సమానంగా అభివృద్ధి ఫలాలు అందేలా కృషి చేయాలని సూచించారు. వేసవి కాలంలో తాగునీటి సమస్యలు తలెత్తకుండా చైర్పర్సన్, వైస్ చైర్పర్సన్, కౌన్సిలర్లు ప్రతిరోజూ సమస్యలను గుర్తించి వెంటనే పరిష్కరించాలని ఆదేశించారు. ప్రజలతో నిత్యం సంబంధం పెంచుకుంటూ ఉదయం, సాయంత్రం సమయం కేటాయిస్తే మంచి ఫలితాలు సాధ్యమవుతాయని తెలిపారు. ప్రజా ప్రభుత్వం నిరంతరం ప్రజల కోసం పని చేస్తుందని, ప్రతి ప్రజాప్రతినిధి బాధ్యతగా ప్రజలకు సేవ చేయాలని మంత్రి కోరారు. కొత్తగా ఎన్నికైన సభ్యులు అనుభవం లేదని భావించకుండా అధికారులతో సమన్వయం చేసుకొని సమస్యలను పరిష్కరించాలని సూచించారు. ఇల్లందు శాసనసభ్యులు కోరం కనకయ్య మాట్లాడుతూ మంత్రి నాయకత్వంలో నియోజకవర్గం అభివృద్ధి పథంలో దూసుకెళ్తాందని తెలిపారు. రాష్ట్రవ్యాప్తంగా జరిగిన ఎన్నికల్లో ఇల్లందు మున్సిపాలిటీ పరిధిలో 200 నుంచి 700 ఓట్ల మెజారిటీతో గెలుపొందారున్నారు. కొత్తగా వార్డు కౌన్సిలర్లు ప్రతి వార్డులో సంక్షేమ పథకాలు అర్హులందరికీ అందేలా చర్యలు తీసుకోవాలని అన్నారు. జిల్లా కలెక్టర్ అంకిత్ మాట్లాడుతూ ఇల్లందు మున్సిపాలిటీ పరిధిలోని 24 వార్డుల్లో పారిశుద్ధ్యం, లైటింగ్, తాగునీటి సరఫరాపై ప్రత్యేక దృష్టి సారిస్తున్నట్లు తెలిపారు. వేసవిలో నీటి సమస్యలు లేకుండా ప్రత్యేక కార్యాచరణ అమలు చేస్తున్నామని, వాట్సాప్ గ్రూప్ ల ద్వారా నిరంతర పర్యవేక్షణ చేస్తూ సమస్యలను తక్షణమే పరిష్కరిస్తున్నామని వివరించారు. ఈ కార్యక్రమంలో స్థానిక సంస్థల అదనపు కలెక్టర్ విద్యా చందన, కొత్తగూడెం ఆర్డీవో మధు, గృహ నిర్మాణ శాఖ ఫీడింగ్ రవీందర్ నాథ్, తాసిల్దార్ ఎంపీడీవో ధన్సింగ్, మున్సిపల్ వైస్ చైర్మన్ రాజు, మున్సిపల్ కమిషనర్ సంబంధిత శాఖల అధికారులు ప్రజా ప్రతినిధులు లబ్ధిదారులు అధిక సంఖ్యలో పాల్గొన్నారు.

10
470 views    0 comment
0 Shares

3
25 views    0 comment
0 Shares

2
78 views    0 comment
0 Shares

KOLKATA/NANDIGRAM: (Apr 23) The TMC on Thursday accused the police of working in favour of the BJP in Nandigram, while Leader of the Opposition Suvendu Adhikari alleged that goons backed by the ruling party were threatening people in the area as voting was underway in the first phase of West Bengal assembly polls.

Addressing a press conference, state minister Shashi Panja alleged that police personnel deployed in Nandigram in Purba Medinipur district were acting in favour of the BJP.

She said a TMC delegation met Chief Electoral Officer Manoj Agarwal and lodged a formal complaint, seeking the removal of two police officers from poll duty.

"The presence of these officers is raising serious concerns about the neutrality in the polling process," she claimed.

The BJP rejected the allegations, with Adhikari alleging that "TMC-sheltered goons" were threatening voters.

"Murder accused Sheikh Sahabuddin is roaming in the area freely. He is visiting booths where Hindu voters are in the majority and threatening them. I am visiting those booths to reassure the voters," he told reporters before rushing to one of the booths.

"I am not here for Hindu-Muslim polarisation. I am here to fight criminals and stop them. The criminals here are TMC leaders belonging to a particular community," he alleged.

Polling for 152 seats across 16 districts began at 7 am amid unprecedented security arrangements.

Besides seeking a re-election from Nandigram, Adhikari is also fighting against Chief Minister Mamata Banerjee in Bhabanipur, which will go to the polls in the second phase on April 29.

The TMC has fielded Pabitra Kar, a former aide of Adhikari, in the seat.

Nandigram hit the national headlines during the 2021 assembly elections, when Adhikari defeated Banerjee in a high-stakes contest.

After casting his vote at Nandanayakbar Primary School in the morning, Adhikari hailed the arrangements made by the Election Commission.

"I pray for peaceful voting. They (TMC) could not create much disturbance, nor will they be able to. The night before polling is usually crucial. Prima facie, the Election Commission and the central forces deserve thanks," he said at that time.

1
78 views    0 comment
0 Shares

6
78 views    0 comment
0 Shares

21
1789 views    0 comment
0 Shares

*भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के प्रदेश मीडिया प्रभारी जीवनलाल जैन चायवाले को अधिमान्य पत्रकार कल्याण संघ*
*द्वारा मध्यप्रदेश इकाई में महासचिव पद पर मनोनीत किया गया है*

*उज्जैन/गिरधारी लाल गेहलोत जन जन की आवाज की खास खबर*

नागदा:-अधिमान्य पत्रकार कल्याण संघ के राष्ट्रीय नेतृत्व की सहमति से एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय लिया गया है। संघ के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. मिथिलेश कुमार पाठक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रजनीश चौहान एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज बेरागी की अनुशंसा एवं सहमति से नागदा जंक्शन के वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी श्री जीवनलाल जैन (चाय वाले) को मध्यप्रदेश इकाई में महासचिव पद पर मनोनीत किया गया है।
यह नियुक्ति उनके लंबे समय से पत्रकारिता एवं सामाजिक क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए की गई है। संगठन को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश इकाई और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनेगी तथा पत्रकारों के हितों की रक्षा हेतु प्रभावी कार्य किए जाएंगे।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने अपने संदेश में कहा कि:"श्री जीवनलाल जैन जी एक समर्पित, कर्मठ एवं ईमानदार व्यक्तित्व के धनी हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि वे संगठन के मूल उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके हितों के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करेंगे। उनकी नियुक्ति संगठन के लिए एक मजबूत कदम है।"
संगठन के शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता ने संयुक्त रूप से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि:
"हमें आशा है कि आप संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करते हुए पत्रकारों के हितों की रक्षा करेंगे तथा संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। आपका नेतृत्व संगठन के लिए प्रेरणादायक सिद्ध होगा।"
अंत में संगठन द्वारा श्री जीवनलाल जैन जी के उज्जवल भविष्य की मंगलमय कामनाएं की गईं।

22
4479 views    0 comment
0 Shares

20 साल बड़ी गर्लफ्रेंड का मर्डर: फरीदाबाद में पैर से गला दबाकर नाले में फेंका
बोला.मैं शादीशुदा, ब्लैकमेल कर रही थी, स्ट्रीट डॉग ने शव ढूंढा था
फरीदाबाद। नाले में मिले 42 वर्षीय अनीता का शव मिलने के मामले में क्राईम ब्रांच ने बड़ा खुलासा करते हुए महिला से 20 साल छोटे बॉयफ्रेंड ब्रहमजीत को गिरफ्तार कर लिया है, ब्रह्मजीत ने गला घोंटकर की थी। युवक ने पहले जमीन पर पटका, फिर पैर से गला दबाया और गंदे नाले में फेंक दिया।
एसीपी क्राईम अमन यादव ने हत्या के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि दोनों की मुलाकात डेढ़ साल पहले हुई थी, जिसके बाद वो रिलेशन में आए। एक साल पहले जब युवक की शादी हो गई तो उसने महिला से दूरी बना ली। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके बाद से अनीता उसे ब्लैकमेल कर रही थी, जिसके चलते उसने महिला का मर्डर कर दिया।
महिला के लापता होने के 6 दिन बाद दो लावारिस कुत्तों ने उसके शव को ढूंढ निकाला था। खास बात यह थी कि ये वही कुत्ते थे, जिन्हें महिला रोजाना अपने हाथों से रोटी खिलाती थी। महिला के लापता होने के बाद से ही दोनों मायूस दिखाई दे रहे थे। अब मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उस पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले में आगे की जांच कर रही है।
गौरतलब है कि गांव कबूलपुर की रहने वाली अनीता देवी की मुलाकात गांव के रहने वाले ब्रहमजीत से करीब डेढ़ साल पहले हुई थी। जिसके बाद दोनों की दोस्ती हो गई और दोनों रिलेशन में आ गए। लेकिन जनवरी 2025 में ब्रहमजीत की शादी हो गई। जिसके बाद ब्रहमजीत ने अनीता से मिलना बंद कर दिया। दोनों के बीच मिलने को लेकर अक्सर कॉल पर विवाद होने लगा।
महिला अनीता, ब्रहमजीत पर मिलने के लिए दबाव बनाने लगी, लेकिन जब ब्रहमजीत ने मिलने से मना कर दिया तो अनीता ने उसके परिवार को सब कुछ बताने की बात कहकर लेकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। महिला की ब्लैकमेलिंग से युवक परेशान रहने लगा था।
पुलिस के मुताबिक 15 अप्रैल को वह अनीता को अपनी बाइक पर बैठाकर बिजली का बिल भरने के लिए बिजली ऑफिस ले गया। जिसके बाद वह महिला को गांव कबूलपुर से कुछ दूर गांव मोहला के जंगल में ले गया। जहां पर एक गंदे नाले पर ले जाकर उसकी हत्या कर दी। गांव मोहला के जंगल में गंदे नाले पर दोनों के बीच में जमकर कहासुनी हुई। जहां पर ब्रहमजीत ने पहले अनीता को जमीन पर पटक कर मारा और उसकी गर्दन पर पैर रख कर दबा दिया। जिसके बाद उसको गंदे नाले में डाल दिया।
जब ब्रहमजीत ने देखा कि अनीता का शरीर नाले में नहीं डुबा है तो उसने उसको बाहर निकाला और पहचान छुपाने के लिए उसके कपड़े उतारकर अपने साथ ले गया। इसके बाद लाश को छुपाने की नीयत से वापस नाले में डाल दिया।
आरोपी ने घर जाकर अपने पिता जगविंद्र को पूरी बात बताई। जिसके बाद उसका पिता बाइक पर बैठाकर उसे पलवल में एक रिश्तेदार के घर छोड़ आया। पुलिस ने आरोपी के पिता को 18 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया। अभी आरोपी पिता 2 दिन के पुलिस रिमांड पर है।
महिला गांव कबूलपुर में पिछले काफी समय से अकेली रह रही थी। उसका बेटा और बहू चेन्नई रहता है और पति काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहता है। महिला के घर के बाहर दो कुत्ते अक्सर रोटी खाने आते थे। जब महिला गायब हुई तो जंगल में इन्ही रॉकी और शेरू नाम के दो कुत्तों ने उसकी लाश को नाले में खोज लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा।

4
57 views    0 comment
0 Shares

*नानपारा (बहराइच) से बड़ी खबर*
*जनपद बहराइच के नानपारा क्षेत्र अंतर्गत मालंगपुरवा गांव स्थित बाईपास रोड पर अजय ऑटो फ्यूल्स पेट्रोल पंप का भव्य उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ।* *इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति एवं राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।*
*कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय राम निवास वर्मा जी (विधायक, नानपारा एवं नेता विधान मंडल दल, अपना दल (एस)) उपस्थित रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. संतोष वर्मा जी (प्रदेश उपाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी), सावित्री बाई फुले (पूर्व सांसद), तथा राजेश चौधरी जी (समाजवादी पार्टी प्रत्याशी, विधानसभा 283) ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।*
*इसके अलावा प्रमुख शिवपुर सुधीर याज्ञसेनी जी, विधायक प्रतिनिधि हरिहर वर्मा जी, अमन वर्मा जी, सौरभ वर्मा जी, अंचल वर्मा जी, राम वर्मा जी एवं क्षेत्राधिकारी मिहीपुरवा प्रद्युम्न सिंह जी भी उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहे।*
*समारोह के दौरान मुख्य अतिथियों ने फीता काटकर पेट्रोल पंप का उद्घाटन किया और क्षेत्रवासियों को इस नई सुविधा के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस पेट्रोल पंप के शुरू होने से आसपास के ग्रामीणों को अब ईंधन के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।*
*कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे और सभी ने इस नई पहल का स्वागत किया। समारोह का समापन आभार व्यक्त करते हुए किया गया।*

रामेश्वर सिंह भदोरिया पत्रकार जिला बहराइच

7
100 views    0 comment
0 Shares

गोंडा। 2010 बैच की आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंगलवार को गोंडा पहुंचकर देवीपाटन मंडल की नई आयुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। उनके आगमन पर सर्किट हाउस में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन एवं मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
कार्यभार संभालने के बाद आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर मंडल के चारों जिलों की प्रशासनिक व्यवस्थाओं, विकास परियोजनाओं एवं जनहित से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित एवं विकास कार्य उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेंगे।
बैठक के दौरान उन्होंने विशेष रूप से नेपाल सीमा से सटे जिलों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए और इन क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि धार्मिक और विकास की दृष्टि से देवीपाटन मंडल प्रदेश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है, इसलिए यहां के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

6
58 views    0 comment
0 Shares

कटनी रेलवे स्टेशन पर 167 मुस्लिम बच्चों और उनके 8 शिक्षकों को मानव तस्करी के संदेह में ट्रेन से उतारे जाने का मामला अब राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गया है। इस घटना को लेकर मुस्लिम समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने मऊगंज कांग्रेस विधायक राहुल सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बच्चों की तत्काल ससम्मान घर वापसी या मदरसे भेजने की मांग की है।

मानव तस्करी के संदेह में उतारे गए थे 167 बच्चे
यह घटना 11 अप्रैल 2026 को हुई थी। पटना-पुणे एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 17609) के स्लीपर कोच (S2, S3, S4) में 6 से 15 वर्ष की आयु के लगभग 167 बच्चे अपने शिक्षकों के साथ यात्रा कर रहे थे। शाम करीब 6:30 बजे कटनी जंक्शन पर पुलिस ने मानव तस्करी के संदेह में इन सभी को ट्रेन से उतार लिया।
मुस्लिम परिषद का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी ठोस साक्ष्य या प्रारंभिक जांच के तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली। इसके बाद बच्चों को कटनी और जबलपुर के बाल कल्याण समिति (CWC) केंद्रों में भेज दिया गया।
#Katni #KatniNews #HumanTrafficking #ChildSafety #Breaking News

1
24 views    0 comment
0 Shares

प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 31/04-2026
दिनांक: 23 अप्रैल 2026

मेदिनीनगर (पलामू)


मेदिनीनगर, पलामू- उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के नाम से फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाकर कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा लोगों को गुमराह करने का मामला सामने आया है।

जानकारी मिली है कि उक्त फर्जी प्रोफाइल के माध्यम से कुछ पदाधिकारियों एवं आम नागरिकों को व्हाट्सएप संदेश भेजे जा रहे हैं।

🚫 जिला प्रशासन, पलामू द्वारा सभी नागरिकों एवं पदाधिकारियों से अपील की जाती है कि इस प्रकार के किसी भी संदिग्ध व्हाट्सएप या फेसबुक संदेश पर विश्वास न करें।

किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत या आर्थिक जानकारी साझा करने से बचें।

✔️ साथ ही, किसी भी संदेश की सत्यता की पुष्टि संबंधित कार्यालय से अवश्य कर लें।

3
13 views    0 comment
0 Shares

5
300 views    0 comment
0 Shares

गढ़वा। शहर में इन दिनों नियमों को ताक पर रखकर चिकन और मटन की दुकानों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। गढ़वा जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 60-70 ऐसी दुकानें हैं, जिनके पास न तो नगर परिषद की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) है और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति।
​नियमों का उल्लंघन और स्वास्थ्य पर खतरा
​जांच में सामने आया है कि शहर के कई प्रमुख स्थानों, जैसे संकट मोचन मंदिर और गोविंद प्लस टू विद्यालय के पास भी मांस की दुकानें संचालित हो रही हैं। नियमों के अनुसार, किसी भी धार्मिक स्थल या शिक्षण संस्थान से मीट दुकान की दूरी कम से कम 100 मीटर होनी चाहिए, लेकिन यहाँ इसका पालन नहीं किया जा रहा है। खुले में मांस बेचे जाने और गंदगी के कारण स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
​सादे कागज पर मिली अनुज्ञप्ति?
​हैरानी की बात यह है कि जिले में जिन 32 दुकानों (5 मटन और 27 चिकन) को खाद्य सुरक्षा विभाग ने लाइसेंस दिया है, उनमें से कई ने वार्ड सदस्यों से सादे कागज पर लिखवाकर अनुमति प्राप्त कर ली है, जो पूरी तरह से नियमों के विरुद्ध है। स्थानीय प्रशासन द्वारा हाल ही में उंचरी मोहल्ले में एक अवैध बूचड़खाने को सील किया गया है, जिसके बाद अब अन्य अवैध दुकानों पर भी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
​क्या कहते हैं नियम (गाइडलाइन्स):
​सरकार और जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अनुसार मीट दुकान संचालन के कड़े नियम हैं:
​अनिवार्य दस्तावेज: स्थानीय निकाय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी जरूरी है।
​दुकान की बनावट: दुकान की ऊंचाई कम से कम 3 मीटर होनी चाहिए, दरवाजे स्वतः बंद होने वाले हों और उनमें काले शीशे लगे होने चाहिए।
​स्वच्छता: मांस को खुले में लटकाना मना है। फर्श पक्का और फिसलन रहित होना चाहिए।
​औजार: मीट काटने के लिए केवल स्टेनलेस स्टील के चाकू का उपयोग होना चाहिए।
​स्पष्ट जानकारी: दुकान पर 'झटका' या 'हलाल' मांस का स्पष्ट उल्लेख होना अनिवार्य है।
​अधिकारियों का रुख
​जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी (डीएफएसओ) दीपश्री ने सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि सभी दुकानदार स्थानीय अथॉरिटी और प्रदूषण बोर्ड से एनओसी लेकर ही संचालन करें। गाइडलाइन का पालन नहीं करने वाली दुकानों को चिन्हित कर बंद किया जाएगा और उन पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

0
1077 views    0 comment
0 Shares

रांची (वरीय संवाददाता): झारखंड की राजधानी रांची में जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की हत्या के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में मुख्य शूटर सत्यम पाठक के दोनों पैरों में गोली लगी है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। सत्यम पाठक बक्सर (बिहार) भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की तत्परता ने उसे दबोच लिया।
​मुठभेड़ और जवाबी कार्रवाई
​पुलिस की विशेष टीम (SIT) आरोपी सत्यम को गिरफ्तार करने के बाद उसकी निशानदेही पर कांके डैम के पास हथियार बरामद करने ले गई थी। हथियार बरामद कर लौटते समय, सुबह लगभग 7:30 बजे सत्यम ने चालाकी दिखाते हुए ASI लालमोहन खड़िया का हथियार छीन लिया और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में 6 राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से दो गोलियां सत्यम के पैरों में लगीं। घायल शूटर को रिम्स (RIMS) में भर्ती कराया गया है, जबकि घायल ASI का इलाज सिटी अस्पताल में चल रहा है।
​हत्या के पीछे ₹70 लाख का विवाद
​जांच में यह बात सामने आई है कि भार्गव सिंह की हत्या की सुपारी विजय हेनरी टेटे ने दी थी। वारदात के पीछे ₹70 लाख के लेनदेन का विवाद बताया जा रहा है। विजय टेटे रांची के रातू इलाके में स्थित ITBP की जमीन को लेकर विवाद में था, जिसमें भार्गव सिंह उसका विरोध कर रहे थे। इसी रंजिश के कारण सत्यम पाठक को सुपारी देकर भार्गव सिंह की हत्या करवाई गई।
​अपराधिक इतिहास और बरामदगी
​सत्यम पाठक कोई नया अपराधी नहीं है; वह पूर्व पार्षद वेद प्रकाश सिंह की हत्या का भी मुख्य आरोपी है। पुलिस ने उसके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
​एक पिस्टल और दो कारतूस।
​तीन मोबाइल फोन।
​फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी।
​एक पॉकेट डायरी और नगद ₹5,980।
​भार्गव सिंह ने दम तोड़ने से पहले दिया था सुराग
​गोली लगने के बाद भी होश में रहते हुए भार्गव सिंह ने पुलिस और अपने परिजनों को बताया था कि विजय टेटे ने उन पर हमला करवाया है। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ी और मुख्य शूटर तक पहुँचने में कामयाबी हासिल की।

6
194 views    0 comment
0 Shares

WASHINGTON, D.C. | April 23, 2026
U.S. President Donald Trump has ignited a fresh diplomatic firestorm and widespread condemnation after reposting a derogatory rant on social media that labeled India and China as "hell-holes." The controversy comes at a critical time as the U.S. Supreme Court deliberates on the legality of his executive order to end birthright citizenship.
The Controversial Repost
Early Thursday morning, President Trump shared a post from a supporter on his social media platform that criticized the United States' long-standing policy of granting citizenship to anyone born on U.S. soil. The post explicitly targeted immigrants from "China, India, or some other hell-hole," accusing them of "exploiting" American laws to secure citizenship for their children.
The use of the term "hell-hole" echoes similar rhetoric from Trump’s first term and has been widely interpreted as a direct insult to two of the world's most populous nations and key global players.
Policy Context: The Battle Over the 14th Amendment
The repost is seen as a strategic move to rally his base as the U.S. Supreme Court prepares to issue a landmark ruling on Trump v. Barbara.
The Executive Order: On January 20, 2025, Trump signed an order seeking to deny citizenship to children born in the U.S. if neither parent is a citizen or a legal permanent resident.
The Legal Hurdle: Critics argue this violates the 14th Amendment, which states that "all persons born or naturalized in the United States... are citizens."
Supreme Court Status: Oral arguments held in early April 2026 suggested a skeptical bench, but a final decision is not expected until June or July.
Impact on Indian-American Community
The timing of the remark has proved particularly damaging. A new survey released today, April 23, reveals that nearly 40% of Indian Americans are now considering leaving the United States, citing a "hostile political climate" and "uncertainty over legal status" as primary reasons.
The Indian-American community, which has traditionally been one of the most affluent and influential immigrant groups in the U.S., expressed "deep hurt and betrayal," according to community leaders in Washington.
Diplomatic and Political Reactions
India’s Response: While the Ministry of External Affairs (MEA) has not issued an official formal protest yet, sources indicate that Indian diplomats have raised the matter with the U.S. State Department, emphasizing that such rhetoric is "inconsistent with the spirit of the Indo-US strategic partnership."
Opposition Criticism: Political rivals have labeled the repost as "xenophobic" and "damaging to American soft power," arguing that it pushes vital allies like India closer to other geopolitical blocs.
White House Stance: Administration officials have defended the President’s right to highlight "loopholes in the immigration system," asserting that the focus remains on "America First" policies.
Conclusion:
As the legal battle moves toward a climax in the Supreme Court, the President's rhetoric has shifted the focus from legal technicalities to a broader debate on national identity and the United States' relationship with its key Asian partners.
Reported by: Global News Desk

0
488 views    0 comment
0 Shares

बढ़नी, सिद्धार्थनगर - बुधवार को बढ़नी नगर पंचायत सभागार में चेयरमैन सुनील अग्रहरि की अध्यक्षता एवं अधिशाषी अधिकारी अजय कुमार की उपस्थिति में नगर पंचायत बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व में कराए गए विकास कार्यों की समीक्षा की गई तथा आगामी योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के दौरान विकास कार्य प्रमुख मुद्दा रहा। विभिन्न वार्डों में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार, अधूरे कार्यों को पूर्ण करने तथा नई परियोजनाओं के निर्माण को लेकर रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही सभासदों से उनके-अपने क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुसार प्रस्ताव मांगे गए, ताकि योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जा सके। बैठक में सभासद निसार अहमद, श्रीमती सरोजा देवी, मनोज यादव, मो. अकबर, निजाम अहमद, सतीश चन्द्र शर्मा, सुश्री दरख्शा, श्रीमती आरशमा खातून, श्रीमती दीपमाला, श्री कन्हैया लाल मित्तल एवं रजीउद्दीन उपस्थित रहे। इसके अलावा मनोनीत सभासद त्रियुगी अग्रहरि, रामधनी मौर्य, श्रीमती अनीता जायसवाल, लिपिक ऋषभ मोदनवाल सहित अन्य कर्मचारी एवं गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। बैठक के अंत में चेयरमैन ने सभी सभासदों से क्षेत्रीय समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु सक्रिय सहयोग की अपील की।

7
825 views    0 comment
0 Shares

8
1956 views    0 comment
0 Shares

4
222 views    0 comment
0 Shares

5
172 views    0 comment
0 Shares

हजारीबाग/कटकमसांडी: जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में बुधवार को हुए भीषण सड़क हादसों में एक महिला समेत दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सबसे प्रमुख घटना कटकमसांडी थाना क्षेत्र की है, जहाँ मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने घंटों सड़क जाम रखा।
​1. तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से महिला की मौत, मुआवजे पर अड़े ग्रामीण
​कटकमसांडी थाना क्षेत्र के बानादाग-कुसुम्भा रोड पर पुल के पास एक तेज रफ्तार हाइवा ने खेत से लौट रही महिला को अपनी चपेट में ले लिया।
​मृतका की पहचान: खैरून निशा (45 वर्ष), निवासी बानादाग।
​घटना का विवरण: बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे महिला काम करके घर लौट रही थी, तभी विपरीत दिशा से आ रहे हाइवा ने उसे कुचल दिया।
​सड़क जाम और हंगामा: घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर बानादाग-कुसुम्भा मार्ग जाम कर दिया। पुलिस और एनटीपीसी अधिकारियों की समझाइश के बाद 7 लाख रुपये मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी का आश्वासन मिलने पर जाम हटाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज भेज दिया है।
​2. दनुआ घाटी में कार दुर्घटना: एक की मौत, तीन घायल
​चौपारण स्थित जीटी रोड पर दनुआ घाटी में एक अनियंत्रित कार डिवाइडर से टकराकर गड्ढे में गिर गई।
​विवरण: कार (WB 40AQ-6673) पश्चिम बंगाल से बिहार के सोनपुर जा रही थी।
​हताहत: हादसे में कार चालक अमरनाथ यादव (40 वर्ष, निवासी सारण, बिहार) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि आकाश कुमार (20), विनोद यादव (53) और सुनीता देवी (40) गंभीर रूप से घायल हैं। सभी घायलों का इलाज चौपारण स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
​3. बरकट्ठा में भी दो सड़क हादसों में दो घायल
​बरकट्ठा प्रखंड के अलग-अलग स्थानों पर हुई सड़क दुर्घटनाओं में दो लोग घायल हुए।
​घायल: ग्राम सलैया निवासी पोखराज यादव (46 वर्ष) और ग्राम बंडासिंघा निवासी श्रीकांत कुमार (25 वर्ष) घायल हो गए। दोनों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरकट्ठा में किया गया।
​4. चरही में कोयला लदा ट्रक पलटा, चालक बाल-बाल बचा
​चरही थाना क्षेत्र के 45 कांटा गोलचक्कर के पास 12 चक्का कोयला लदा ट्रक (BR 06G-7352) अनियंत्रित होकर पलट गया। स्टीयरिंग लॉक होने के कारण ट्रक पेड़ से टकरा गया, जिससे वाहन के परखच्चे उड़ गए। हालांकि, चालक सुरक्षित है और उसे मामूली चोटें आई हैं।
​नोट: पुलिस ने सभी मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया गया है।

3
381 views    0 comment
0 Shares

जमशेदपुर के मानगो नगर निगम (MNAC) में मेयर चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है। हाल ही में मेयर बनीं सुधा गुप्ता की जीत पर सवाल उठाते हुए बीजेपी नेता नीरज सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है और विवाद चुनाव आयोग से लेकर अदालत तक पहुंच चुका है।

क्या है पूरा मामला?

बीजेपी व्यवसायी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-समन्वयक नीरज सिंह ने आरोप लगाया है कि मेयर चुनाव में कई स्तरों पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने न केवल चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाया है, बल्कि इसे “फर्जीवाड़े से हासिल जीत” तक करार दिया है।

नीरज सिंह ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग और झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर कर जांच की मांग की है
मुख्य आरोप क्या-क्या हैं?

1. चुनावी कार्यालय को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप
नीरज सिंह का कहना है कि डिमना रोड स्थित चुनावी कार्यालय को लेकर मतदाताओं को भ्रमित किया गया। जनता को यह विश्वास दिलाया गया कि जीत के बाद मेयर वहीं उपलब्ध रहेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

2. गलत पते पर दस्तावेज तैयार करने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी दस्तावेज Lotus Apartment के पते पर बनाए गए, जो कथित रूप से गलत है। इसे उन्होंने चुनावी नियमों का उल्लंघन बताया।

3. जनता दरबार को लेकर विवाद
नीरज सिंह ने कहा कि मानगो की जनता के लिए चुनी गई मेयर अगर बिष्टुपुर स्थित तिलक पुस्तकालय (जिसे उन्होंने राजनीतिक कार्यालय बताया) में जनता दरबार लगाती हैं, तो यह क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है।

4. घोषित पते पर अनुपस्थिति
आरोप है कि चुनावी दस्तावेजों में दिए गए पते पर मेयर की मौजूदगी नहीं पाई गई। स्थानीय लोगों ने भी कथित रूप से कहा कि वे वहां कभी नहीं रहती थीं।

5. स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा
नीरज सिंह ने सवाल उठाया कि मानगो की समस्याओं को वही समझ सकता है जो वहां का निवासी हो, न कि कोई बाहरी व्यक्ति।

कानूनी पहलू क्या हो सकते हैं?

अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कुछ धाराएं लागू हो सकती हैं:

धोखाधड़ी (धारा 318)

जालसाजी (धारा 336)

झूठे दस्तावेज का उपयोग (धारा 340)

हालांकि, इन धाराओं का लागू होना पूरी तरह जांच और सबूतों पर निर्भर करेगा।

आगे क्या?

अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और मेयर सुधा गुप्ता इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। साथ ही चुनाव आयोग और अदालत की कार्रवाई भी इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।

💬 आपकी राय क्या है?
क्या यह मामला वाकई चुनावी गड़बड़ी का है या सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी? कमेंट में अपनी राय जरूर साझा करें।🙏

5
278 views    0 comment
0 Shares


पौड़ी गढ़वाल, 23 अप्रैल 2026 (विशेष संवाददाता):
जनपद पौड़ी गढ़वाल के मुख्यालय से सटे बमठी गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। एक गुलदार (तेंदुआ) ने 60 वर्षीय महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों व्याप्त हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 6 बजे महिला अपने घर के पास खेतों में चारा-पत्ती लेने गई थी। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक उस पर हमला कर दिया। महिला के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक गुलदार उसे घसीटकर जंगल की ओर ले जा चुका था।
कुछ देर बाद ग्रामीणों ने तलाश अभियान चलाया और काफी खोजबीन के बाद महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद किया। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। आए दिन मवेशियों के साथ-साथ अब इंसानों पर भी हमले बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग हर महीने ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है।

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों ने वन विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए जल्द से जल्द गुलदार को पकड़ने या मारने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। अधिकारियों ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और गुलदार की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। साथ ही, ग्रामीणों से सतर्क रहने, अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाने और समूह में ही बाहर निकलने की अपील की गई है।

इस दुखद घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में वन्यजीव-मानव संघर्ष की गंभीरता को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्रशासन प्रभावी कदम नहीं उठाता, तब तक इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा।

बमठी गांव की यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक चेतावनी भी है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और वन विभाग इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।

124
7300 views    0 comment
0 Shares

ସିଲିକନ ଉଦୟ ଓ ସେମିକଣ୍ଡକ୍ଟର ଅଗ୍ରଗତି : ଓଡିଶାର ଆର୍ଥିକ ଭବିଷ୍ୟତର ନୂଆ ପରିଚୟ।
--------------------------------------------------------------------------
କେନ୍ଦୁଝର,୨୩/୦୪, ଆଜିର ଡିଜିଟାଲ୍ ଯୁଗରେ “ସେମିକଣ୍ଡକ୍ଟର” ଶବ୍ଦଟି ଆମ ପାଇଁ ଅତ୍ୟନ୍ତ ପରିଚିତ ହୋଇପାରିଛି, କିନ୍ତୁ ଏହାର ମୂଳ ଅର୍ଥ ଓ ଗୁରୁତ୍ୱକୁ ଅନେକେ ଏପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ସଠିକ୍ ଭାବରେ ବୁଝିପାରୁନାହାନ୍ତି। ସେମିକଣ୍ଡକ୍ଟର ହେଉଛି ଏକ ପ୍ରକାର ଦ୍ରବ୍ୟ, ଯାହା ନା ସୁପରିବାହୀ (conductors) , ନା ହିଁ କୁପରିବାହୀ (insulators) — ବରଂ ଏହା ଦୁଇଟିର ମଧ୍ୟବର୍ତ୍ତୀ ଗୁଣ ଧାରଣ କରେ। ସିଲିକନ ଏହାର ସର୍ବାଧିକ ବ୍ୟବହୃତ ଉଦାହରଣ। ଏହି ସେମିକଣ୍ଡକ୍ଟର ଉପରେ ଆଧାର କରି ତିଆରି ହୁଏ ମାଇକ୍ରୋଚିପ୍, ଯାହା ଆମର ମୋବାଇଲ୍ ଫୋନ୍, କମ୍ପ୍ୟୁଟର, କାର, ଟେଲିଭିଜନ୍ ଏବଂ ଏକାଧିକ ଆଧୁନିକ ଯନ୍ତ୍ରର ମସ୍ତିଷ୍କ ଭାବେ କାମ କରେ।
ଏହି ପରିପ୍ରେକ୍ଷିତରେ “3D ଗ୍ଲାସ୍ ଚିପ୍ ପ୍ୟାକେଜିଂ ୟୁନିଟ୍” ଏକ ଅତ୍ୟାଧୁନିକ ପ୍ରଯୁକ୍ତିଗତ ପଦକ୍ଷେପ। ସାଧାରଣତଃ ଚିପ୍ ଗୁଡ଼ିକୁ ଦୁଇ-ମାତ୍ରିକ (2D) ଭାବରେ ପ୍ୟାକେଜିଂ କରାଯାଏ, କିନ୍ତୁ 3D ପ୍ୟାକେଜିଂରେ ଚିପ୍ ଗୁଡ଼ିକୁ ଉପରେ ଉପରେ ସ୍ଥାପିତ କରାଯାଏ, ଯାହା ଫଳରେ ତାହାର କ୍ଷମତା, ଗତି ଓ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ଷମତା ବହୁଗୁଣ ଆରୋହଣ କରେ। ଗ୍ଲାସ୍ ଭିତ୍ତିକ ପ୍ୟାକେଜିଂ ଚିପ୍ ଗୁଡ଼ିକୁ ଅଧିକ ସ୍ଥିରତା, ତାପ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ଓ ଦୀର୍ଘାୟୁ ଦେଇଥାଏ। ଏହା ମୁଖ୍ୟତଃ ହାଇ-ପର୍ଫର୍ମାନ୍ସ କମ୍ପ୍ୟୁଟିଂ, ଆର୍ଟିଫିସିଆଲ୍ ଇଣ୍ଟେଲିଜେନ୍ସ, 5G ନେଟୱର୍କ ଓ ଡାଟା ସେଣ୍ଟର ଭଳି କ୍ଷେତ୍ରରେ ବ୍ୟବହୃତ ହୁଏ।
ଏହି ପ୍ରଯୁକ୍ତି ମାନବଜୀବନକୁ କିପରି ଉପକୃତ କରେ? ଏହାର ଉତ୍ତର ସରଳ — ଆମେ ଦିନକୁ ଯେତେ ଡିଜିଟାଲ୍ ସେବା ବ୍ୟବହାର କରୁଛୁ, ସେସବୁର ମୂଳରେ ଏହି ଚିପ୍ ରହିଛି। ଦ୍ରୁତ ଇଣ୍ଟରନେଟ୍, ସ୍ମାର୍ଟଫୋନ୍, ଅନଲାଇନ୍ ଶିକ୍ଷା, ଡିଜିଟାଲ୍ ବ୍ୟାଙ୍କିଂ, ଏକାଧିକ ଚିକିତ୍ସା ସାଧନ — ସବୁଠି ସେମିକଣ୍ଡକ୍ଟରର ଆବଶ୍ୟକତା ରହିଛି। ଏହା ଜୀବନକୁ ସହଜ, ଦ୍ରୁତ ଓ ସୁବିଧାଜନକ କରୁଛି।
ଏହି ପରିପ୍ରେକ୍ଷିତରେ ଭୁବନେଶ୍ୱରରେ ଏକ 3D ଗ୍ଲାସ୍ ଚିପ୍ ପ୍ୟାକେଜିଂ ୟୁନିଟ୍ ସ୍ଥାପନ ଓଡିଶା ପାଇଁ ଏକ ଐତିହାସିକ ସଙ୍କେତ। ଏହା କେବଳ ଏକ ଶିଳ୍ପ ପ୍ରକଳ୍ପ ନୁହେଁ; ଏହା ରାଜ୍ୟର ଆର୍ଥିକ ଦିଗକୁ ପୁନର୍ନିର୍ଦ୍ଦେଶ କରୁଥିବା ଏକ ମହତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ପଦକ୍ଷେପ।
ପ୍ରଥମତଃ, ଏହି ପ୍ରକଳ୍ପ ଓଡିଶାରେ ଉଚ୍ଚ କୌଶଳ ଭିତ୍ତିକ ଚାକିରି ସୃଷ୍ଟି କରିବ। ଇଞ୍ଜିନିୟରିଂ, ଚିପ୍ ଡିଜାଇନ୍, ଗବେଷଣା ଓ ଉତ୍ପାଦନ କ୍ଷେତ୍ରରେ ଯୁବମାନଙ୍କ ପାଇଁ ନୂତନ ସୁଯୋଗ ଉଦ୍ଭବିତ ହେବ। ଏହା ଦ୍ୱାରା ରାଜ୍ୟରେ ଏକ ଦକ୍ଷ ଓ ଆଧୁନିକ କାର୍ଯ୍ୟଶକ୍ତି ଗଠିତ ହେବ।
ଦ୍ୱିତୀୟତଃ, ଏହା ଶିଳ୍ପୀୟ ପରିବେଶକୁ ଉତ୍ସାହିତ କରିବ। ଏକ ସେମିକଣ୍ଡକ୍ଟର ୟୁନିଟ୍ ଆସିଲେ ତାହା ସହ ଜଡିତ ଅନେକ ଆନୁସଙ୍ଗିକ ଶିଳ୍ପ — ଲଜିଷ୍ଟିକ୍ସ, ମେଣ୍ଟେନାନ୍ସ, ସପ୍ଲାଇ ଚେନ୍ — ମଧ୍ୟ ବିକଶିତ ହେବ। ଏହା ଏକ ଶକ୍ତିଶାଳୀ ଶିଳ୍ପ କ୍ଲଷ୍ଟର ତିଆରି କରିବ।
ତୃତୀୟତଃ, ଓଡିଶାର ପାରିକଳ୍ପିକ ଉନ୍ନତି ଏଥିରୁ ଅଧିକ ଗତି ପାଇବ। ବିଦ୍ୟୁତ୍, ଜଳ, ସଡ଼କ, ଡିଜିଟାଲ୍ କନେକ୍ଟିଭିଟି — ସବୁକିଛିର ଗୁଣାତ୍ମକ ସୁଧାର ହେବ। ଏହା ଅନ୍ୟ ନିବେଶକୁ ଆକର୍ଷିତ କରିବାରେ ସହାୟକ ହେବ।
ଚତୁର୍ଥତଃ, ଏହା ଓଡିଶାକୁ ବିଶ୍ୱ ଆପୂର୍ତ୍ତି ଶୃଙ୍ଖଳରେ ଏକ ନୂତନ ସ୍ଥାନ ଦେଇପାରିବ। ଆଜିର ଦିନରେ ସେମିକଣ୍ଡକ୍ଟର ହେଉଛି ଏକ ରଣନୀତିଗତ ସମ୍ପଦ, ଯାହାର ଉପରେ ଦେଶର ଆର୍ଥିକ ଓ ସୁରକ୍ଷା ନିର୍ଭର କରେ। ଏଥିରେ ଓଡିଶାର ଅବଦାନ ଭାରତକୁ ଆତ୍ମନିର୍ଭରତା ଦିଗରେ ଆଗକୁ ନେଇଯିବ।
ତଥାପି, ଏହି ସୁଯୋଗକୁ ସଫଳ କରିବା ପାଇଁ ନୀତିଗତ ସମର୍ଥନ ଅତ୍ୟନ୍ତ ଆବଶ୍ୟକ। ଶିକ୍ଷା, ଗବେଷଣା, ଦକ୍ଷତା ବିକାଶ ଓ ଉଦ୍ୟମୀତାରେ ନିରନ୍ତର ନିବେଶ କରିବା ଦରକାର। ଏହା ସହିତ ପରିବେଶ ସୁରକ୍ଷା ଓ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟର ଉନ୍ନତିକୁ ମଧ୍ୟ ସମାନ ଗୁରୁତ୍ୱ ଦେବା ଦରକାର।
ଶେଷକଥା ଏହାଯେ, ସେମିକଣ୍ଡକ୍ଟର ଶିଳ୍ପରେ ଓଡିଶାର ପ୍ରବେଶ କେବଳ ଏକ ଶିଳ୍ପୀୟ ପଦକ୍ଷେପ ନୁହେଁ, ବରଂ ଏହା ଏକ ଆର୍ଥିକ ପୁନର୍ଜାଗରଣର ସୂଚନା। ଯଦି ସଠିକ୍ ଯୋଜନା ଓ ଦୃଢ଼ ସଙ୍କଳ୍ପ ସହିତ ଏହାକୁ ଆଗେଇ ନିଆଯାଏ, ତେବେ ଆଗାମୀ ଦିନରେ ଓଡିଶା “ସିଲିକନ ହବ୍” ଭାବେ ଉଦୟ ହେବା ନିଶ୍ଚିତ।

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ଉପସ୍ଥାପନା: କାରକ ମହାନ୍ତି।

10
998 views    0 comment
0 Shares

ब्राह्मणवाडा येथे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांची १३५ वी जयंती उत्साहात साजरी
​ब्राह्मणवाडा: भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या १३५ व्या जयंतीनिमित्त ब्राह्मणवाडा येथे विविध कार्यक्रमांचे आयोजन करून जयंती मोठ्या जल्लोषात साजरी करण्यात आली. यावेळी संपूर्ण परिसर भीममय झाला होता.
​सकाळी गावातील मुख्य चौकात डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या प्रतिमेचे पूजन मान्यवरांच्या हस्ते करण्यात आले. याप्रसंगी डॉ. बाबासाहेबांच्या विचारांचे स्मरण करत अभिवादन करण्यात आले. गावातील मुख्य रस्त्यावरून काढण्यात आलेल्या मिरवणुकीत अबालवृद्धांसह महिलांनी मोठ्या संख्येने सहभाग नोंदवला. निळ्या ध्वजांनी आणि 'जय भीम'च्या जयघोषाने अवघा परिसर दुमदुमून गेला होता.
​या जयंती उत्सवासाठी जयंती उत्सव समितीच्या वतीने विशेष तयारी करण्यात आली होती. मिरवणुकीमध्ये पारंपारिक वाद्यांच्या गजर आणि भीमगीतांच्या सुरावटीवर कार्यकर्त्यांनी ठेका धरला होता. ठिकठिकाणी पिण्याच्या पाण्याची आणि अल्पोपहाराची सोय करण्यात आली होती.
​संध्याकाळी झालेल्या मुख्य कार्यक्रमात वक्त्यांनी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरांच्या शैक्षणिक, सामाजिक आणि राजकीय क्रांतीवर प्रकाश टाकला. "डॉ. बाबासाहेबांचे विचार केवळ एका समाजापुरते मर्यादित नसून ते संपूर्ण मानवजातीसाठी प्रेरणादायी आहेत," असे मत यावेळी व्यक्त करण्यात आले.
​या सोहळ्यासाठी स्थानिक ग्रामस्थ, तरुण मंडळी आणि विविध क्षेत्रातील मान्यवर मोठ्या संख्येने उपस्थित होते. अतिशय शिस्तबद्ध आणि उत्साहपूर्ण वातावरणात ही जयंती संपन्न झाली.

3
965 views    0 comment
0 Shares

पलामू: जिले में साइबर ठगों का दुस्साहस बढ़ गया है। अब साइबर अपराधियों ने सीधे जिले के उपायुक्त (DC) के नाम और तस्वीर का दुरुपयोग कर ठगी की कोशिश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, किसी अज्ञात ठग द्वारा उपायुक्त, पलामू के नाम से एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया गया है।
​अधिकारियों को बनाया जा रहा निशाना
इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए साइबर अपराधी जिले के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचल अधिकारी (CO) और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों को संदेश भेजकर पैसों की मांग कर रहे हैं। प्रशासन को जैसे ही इसकी भनक लगी, तुरंत सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।
​प्रशासन की अपील: न दें जानकारी, न करें पैसा ट्रांसफर
​पलामू प्रशासन ने जिले के सभी अधिकारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल के झांसे में न आएं। स्पष्ट किया गया है कि उपायुक्त या किसी भी वरिष्ठ कार्यालय द्वारा इस तरह सोशल मीडिया पर पैसों की मांग नहीं की जाती है।
​सतर्क रहने के लिए जारी किए गए ये निर्देश:
​भरोसा न करें: DC पलामू के नाम से आने वाले किसी भी संदिग्ध मैसेज पर बिना पुष्टि के विश्वास न करें।
​लेनदेन से बचें: किसी भी परिस्थिति में अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें और न ही अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी साझा करें।
​तुरंत दें सूचना: यदि आपको ऐसा कोई मैसेज प्राप्त होता है, तो तुरंत उसका स्क्रीनशॉट लें और अपने वरीय पदाधिकारी या नजदीकी थाना को सूचित करें।
​हेल्पलाइन का लें सहारा: साइबर ठगी की शिकायत के लिए तत्काल भारत सरकार के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
​प्रशासन ने सख्त लहजे में कहा है कि 'सावधानी ही सुरक्षा है'। लोग सतर्क रहें ताकि इन साइबर अपराधियों के मंसूबों को नाकाम किया जा सके।

26
808 views    0 comment
0 Shares

5
184 views    0 comment
0 Shares

બાલવાટિકા સહિત ધોરણ ૧ થી ૮ માં અભ્યાસ કરતાં વિદ્યાર્થીઓને પરિણામ પત્રક આપવાની પદ્ધતિમાં મહત્વપૂર્ણ ફેરફાર

ગુજરાત રાજ્યનાં પ્રાથમિક શિક્ષણ વિભાગ દ્વારા બાલવાટિકા તથા ધોરણ ૧ થી ૮ માં અભ્યાસ કરતાં વિદ્યાર્થીઓને પરિણામ પત્રક આપવાની પદ્ધતિમાં મહત્વપૂર્ણ ફેરફાર કરેલ છે. જે અંતર્ગત બાલવાટિકા તથા ધોરણ ૧ અને ર નાં વિદ્યાર્થીઓને હાલમાં અપાતા પરિણામ પત્રકને બદલે હોલિસ્ટિક પ્રોગ્રેસ કાર્ડ આપવામાં આવશે. ઉપરાંત જે વિદ્યાર્થીઓ ધોરણ ૩ થી ૮ માં અભ્યાસ કરે છે, તેમનું પરિણામ રાજ્ય કક્ષાએ ઓનલાઈન તૈયાર થશે, જેને શાળાઓ ડાઉનલોડ કરી વિદ્યાર્થીઓને આપશે.
આ બાબતે વધુ સ્પષ્ટતા કરતાં ઓલપાડનાં બી.આર.સી. કો-ઓર્ડિનેટર બ્રિજેશ પટેલે જણાવ્યું હતું કે કેન્દ્ર સરકારનાં શિક્ષણ વિભાગ હેઠળની પરખ સંસ્થાએ ૩૬૦ ડિગ્રી મૂલ્યાંકન માટે નવું માળખું બનાવ્યું છે. જેનાં પગલે સમગ્ર રાજ્યનાં વિદ્યાર્થીઓ માટે સર્વાંગી ગુણ પત્રક તૈયાર કરવામાં આવેલ છે. આ પત્રકમાં વિદ્યાર્થીઓનાં ભાવનાત્મક, બોધાત્મક અને માનસિક વિકાસની વિગતાનુસાર માહિતીની નોંધ લેવાશે. મૂલ્યાંકનમાં શિક્ષક, વાલી, સહપાઠી તેમજ વિદ્યાર્થી પોતે પણ સામેલ થશે. જેને પગલે વિદ્યાર્થીઓની સુધારાત્મક જરૂરિયાતો સ્પષ્ટ થશે. શાળાઓએ પરીક્ષા પૂરી થયા બાદ વિદ્યાર્થીઓનાં ગુણ ઓનલાઈન અપલોડ કરવા પડશે. ધોરણ ૩ થી ૮ નાં વિદ્યાર્થીઓનું પરિણામ રાજ્ય કક્ષાએ ઓનલાઈન તૈયાર કરવામાં આવશે. જે બાદ રાજ્ય કક્ષાએ તૈયાર કરાયેલા ગુણ પત્રકો શાળાઓ ડાઉનલોડ કરીને વિદ્યાર્થીઓને આપશે.

5
183 views    0 comment
0 Shares

न्यूज बंडा

➡️ देखी स्वास्थ्य सुविधाएं, दिए आवश्यक निर्देश

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर एसडीएम बण्डा श्रीमती आरती यादव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंडा का निरीक्षण किया। जहां उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाएं देख, स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे व्यक्तियों एवं उनके परिजनों से जानकारी ली एवं आवश्यक निर्देश दिए।

एसडीएम बण्डा श्रीमती आरती यादव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रशव वार्ड, लेवर रूम, जनरल ओपीडी, स्टोर रूम, आपातकालीन वार्ड, नर्सिंग रूम, डॉक्टर ड्यूटी रूम सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता सहित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित रहें इसके लिए दवाओं का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित किया जावे। इसी प्रकार ऑक्सीजन सहित अन्य सर्जिकल संसाधन भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहें।

उन्होंने कहा कि अस्पताल के अंदर एवं अस्पताल परिसर में साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए एवं सफाई कर्मियों की रोस्टर के हिसाब से 24 घंटे ड्यूटी सुनिश्चित की जावे जिससे कि अस्पताल परिसर स्वच्छ एवं साफ रहे। उन्होंने पेयजल के लिए लगाए गए वाटर कूलर की भी समय-समय पर सफाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में एंबुलेंस 24 घंटे उपलब्ध रहे एवं कॉल आने पर तत्काल उसको रवाना किया जावे। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर के मुख्य गेट पर डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ एवं पैथोलॉजिस्ट के नाम, मोबाइल नंबर एवं उनकी ड्यूटी समय का चार्ट चस्पा किया जावे जिससे कि किसी भी व्यक्ति को कोई असुविधा का सामना न करना पड़े और आसानी से उसका स्वास्थ्य परीक्षण हो सके।

2
109 views    0 comment
0 Shares

15
709 views    0 comment
0 Shares

ଗଭୀର ଶୋକବାର୍ତ୍ତା!

କେନ୍ଦୁଝର ନଗରପାଳିକା ର ଅଧ୍ୟକ୍ଷା ଶ୍ରୀମତୀ ନିକୁ ସାହୁଙ୍କର ଆଦରଣୀୟ ସୁପୁତ୍ର (ବି.ଏସ୍. ତଥ୍ଯ)ଙ୍କ ମର୍ମନ୍ତୁଦ ସଡ଼କ ଦୁର୍ଘଟଣାରେ ଅସମୟରେ ଚିରନିଦ୍ରାରେ ଲୀନ ହେବାର ଦୁଃଖଦ ସମ୍ବାଦ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ମର୍ମାହତ କରିଦେଇଛି!
ଏପରି ଦୁଃଖଦାୟକ ବିୟୋଗର ବେଦନାକୁ ଶବ୍ଦରେ ବ୍ୟକ୍ତ କରିବା ଅସମ୍ଭବ! ଏହି ଅପୂରଣୀୟ କ୍ଷତି କେବଳ ପରିବାର ପାଇଁ ନୁହେଁ, ସମଗ୍ର କେନ୍ଦୁଝର ଅଞ୍ଚଳ ପାଇଁ ଏକ ଗଭୀର ଶୋକର ବିଷୟରେ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ନିସ୍ତବ୍ଧ କରିଦେଇଛି। ଏମିତି ଦୁଃଖଦ ଘଡ଼ିରେ ଶୋକସନ୍ତପ୍ତ ପରିବାରବର୍ଗ ଙ୍କ ସହିତ ମୁଁ, ଆତ୍ମିୟତାର ସହ ଦଣ୍ଡାୟମାନ ଅଛି ଓ ମୋର ହୃଦୟର ଅତଳ ଗଭୀରତାରୁ ଗଭୀର ସମବେଦନା ଜଣାଉଛି।
ମହାପ୍ରଭୁ ଶ୍ରୀ ବଳଦେବଜୀଉ ଓ ମା ତାରିଣୀଙ୍କ ଚରଣରେ କୋଟି କୋଟି ପ୍ରାର୍ଥନା— ଅମର ଆତ୍ମାକୁ ସଦଗତି ଦିଅନ୍ତୁ ଓ ଏପରି ଏକ ଅଭାବନୀୟ ଅସହ୍ୟ ଦୁଃଖକୁ ସହିବା ପାଇଁ ପରିବାରବର୍ଗ କୁ ଅସୀମ ଶକ୍ତି, ଧୈର୍ଯ୍ୟ ଓ ମନୋବଳ ପ୍ରଦାନ କରନ୍ତୁ।
ଓଁ ଶାନ୍ତି 🙏

ଡ. ନରେନ୍ଦ୍ର ରାଠୋର
କେନ୍ଦୁଝର ସହର (ମୋବାଇଲ: 94382 41998)

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ।

57
1629 views    0 comment
0 Shares

14
343 views    0 comment
0 Shares

जमशेदपुर
लौहनगरी जमशेदपुर इस समय भीषण जल संकट की गिरफ्त में है। एक ओर आसमान से बरसती आग ने तापमान को 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा दिया है, वहीं दूसरी ओर तेजी से गिरते जलस्तर ने हालात को और भी भयावह बना दिया है। शहर के गैर-कंपनी क्षेत्रों (Non-Tata Command Areas) में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है, जहां भूजल स्तर 600 फीट से नीचे पहुंच चुका है और अधिकांश बोरिंग पूरी तरह सूख चुके हैं।

मानगो और शंकोसाई में टैंकरों पर निर्भर जिंदगी

मानगो और शंकोसाई जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में नल पूरी तरह सूख चुके हैं। यहां लोगों की दिनचर्या अब पानी के टैंकरों पर टिकी हुई है। भीषण गर्मी के बीच महिलाएं घंटों लंबी कतारों में खड़ी होकर पानी का इंतजार करने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासी सुनीता और गीता बताती हैं,
"टैंकर कब आएगा, इसका कोई तय समय नहीं होता। रात में भी नींद छोड़कर पानी भरने के लिए दौड़ना पड़ता है।"

दयाल सिटी में भड़का लोगों का गुस्सा

छोटा गोविंदपुर स्थित दयाल सिटी में जल संकट ने उग्र रूप ले लिया है। जलापूर्ति पूरी तरह ठप होने से लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। हाल ही में पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने जलापूर्ति से जुड़े मेंटेनेंस कर्मियों पर हमला कर दिया।
स्थानीय निवासी रमेश कहते हैं,
"अब पानी सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि संघर्ष का कारण बन गया है।"

बागबेड़ा से आदित्यपुर तक हाहाकार

बागबेड़ा और आदित्यपुर क्षेत्रों में भी हालात बेहद खराब हैं। सुबह होते ही पानी के लिए जद्दोजहद शुरू हो जाती है। नहाना, कपड़े धोना जैसी बुनियादी जरूरतें भी अब विलासिता बन चुकी हैं।
आदित्यपुर के बुजुर्ग कामेश्वर बताते हैं,
"इतनी भीषण गर्मी और पानी की ऐसी कमी पहले कभी नहीं देखी।"

प्रशासनिक दावे बनाम जमीनी हकीकत

जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा टैंकरों से जलापूर्ति के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। कई इलाकों में टैंकर समय पर नहीं पहुंच रहे, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ रही है।
उधर, नदियां और तालाब सूखने की कगार पर हैं, जबकि चापाकल भी जवाब दे चुके हैं।

आने वाले समय में और गहरा सकता है संकट

भीषण गर्मी और जल संकट का यह दोहरा प्रहार शहर की जीवनरेखा को प्रभावित कर रहा है। यदि जल्द ही कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो यह स्थिति गंभीर मानवीय संकट का रूप ले सकती है।

समाधान की जरूरत

विशेषज्ञों के अनुसार, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और पाइपलाइन जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना ही इस संकट से निपटने का स्थायी उपाय हो सकता है।

👉 आप क्या सोचते हैं? क्या प्रशासन इस संकट से निपटने में सक्षम है? अपनी राय कमेंट में जरूर दें।🙏

4
129 views    0 comment
0 Shares

ବରଗଡ଼ ରେଲୱେ ଷ୍ଟେସନ ରେ ଏକ ବିବାହିତ ଯୁବତୀ ଙ୍କୁ କେହି ଜଣେ ଦୃର୍ବୁତ୍ତ ମୁଣ୍ଡ ଫଟାଇ ଆକ୍ରମଣ କରିଥିବା ବେଳେ ଯୁବତୀ ଜଣକ ରକ୍ତାକ୍ତ ହୋଇ ଯାଇଥିଲେ ।ପୂର୍ବରୁ ରହିଥିବା ପ୍ରେମ ସମ୍ପର୍କ କୁ ନେଇ ବଚସା ହୋଇ ଏଭଳି ଘଟଣା ଘଟିଥିବା ବେଳେ ତାଙ୍କ ପ୍ରେମିକ ଆକ୍ରମଣ କରି ରେଲୱେ ଷ୍ଟେସନ ରୁ ଫେରାର ହୋଇ ଯାଇଥିଲା । ତେବେ ଏହି ଘଟଣା ପରେ ଯୁବତୀ କୁ ଉଦ୍ଧାର ଓ ଥଇଥାନ ପାଇଁ ରେଲୱେ ପୋଲିସ ବରଗଡ଼ ର ସାମାଜିକ କର୍ମୀ ସଂଘମିତ୍ରା ପଟେଲ ଙ୍କୁ ଫୋନ୍ କରି ଡକାଇ ଥିବା ବେଳେ ପ୍ରଚଣ୍ଡ ଖରା ସତ୍ବେ ସଂଘମିତ୍ରା ରେଲୱେ ଷ୍ଟେସନ ପହଞ୍ଚି ସେହି ଯୁବତୀ ଙ୍କୁ ଉଦ୍ଧାର କରି ପ୍ରାଥମିକ ଚିକିତ୍ସା କରାଇ ଯୁବତୀ ଙ୍କ ନିଜ ଘର ସମ୍ବଲପୂର୍ କଟାପାଲି କୁ ବସ ଯୋଗେ ପଠାଇଥିଲେ ।ତେବେ କେସ ଟି ସମ୍ବଲପୁର ପୋଲିସ ଅଧୀନ ରେ ରହିଥିବାରୁ ବରଗଡ଼ ପୋଲିସ ସାମାଜିକ କର୍ମୀ ସଂଘମିତ୍ରା ପଟେଲ ଙ୍କୁ କେସ ଟି ହସ୍ତାନ୍ତର କରିଥିବା ବେଳେ ଏ ନେଇ ବରଗଡ଼ ରେଲୱେ ପୋଲିସ ପକ୍ଷରୁ କୌଣସି ମାମଲା ରୁଜୁ ହୋଇ ନ ଥିବା ଜଣା ପଡ଼ିଛି ।ବୁର୍ଲା ପୋଲିସ ଷ୍ଟେସନ ରେ ମାମଲା ରୁଜୁ ହଇଛି

41
1545 views    0 comment
0 Shares

मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत समस्त गाँव/नगर तक सभी गलियों मे दिखा गौ सम्मान आह्वान अभियान का समर्थन करते हुए सभी लोग अपने घरों से निकलकर अपनी तहसील मे दिनांक 27 अप्रैल को सुबह 10 बजे तहसीलदार कार्यालय व उप ज़िलाधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर शान्ति पूर्वक प्रार्थना पत्र ज्ञापन देकर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित करने की माँग करेंगे। यही देखा जाये तो। सदर तहसील व मधुबन तहसील व घोसी व मुहम्मदाबाद गोहना पर चल रही है हस्ताक्षर अभियान में जनपद के सभी ग्राम पंचायत व नगर पंचायत व नगर पालिका मे हस्ताक्षर पर जोर दिया गया है। ताकि कार्यकता घर घर जाकर लोगों से सम्पर्क कर रहे है। मैके पर कार्तिकेय दुबे को सदर की ज़िम्मेदारी दी गई है व मनोज यादव महराज जी व मनोज गुप्ता व संजय मदेसिया को मु॰ बाद गोहना व मधुबन नैतिक भारद्वाज को ज़िम्मेदारी दी गई है साथ में घोसी से राजन सोनकर को बड़ी ज़िम्मेदारी दी गई है। यह कार्यक्रम मे अखिल भारत हिन्दू महासभा के ज़िलाध्यक्ष मऊ मनोज यादव महराज जी व जिला संगठन मंत्री संतोष कुमार व जिला महामंत्री मनोज गुप्ता व संजय मदेसिया व कार्तिकेय दुबे व जिला उपाध्यक्ष दिनेश ठटेरा युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष राजन सोनकर जिला अध्यक्ष गौरक्षा गोलू प्रताप सोनकर व समाजसेवी के नेतृत्व में सकुशल सम्पन्न होने पर कार्यकर्ताओं ने जोश भरा प्रदर्शन पर खुशी ज़ाहिर की गई।

14
5497 views    0 comment
0 Shares

6
494 views    0 comment
0 Shares

हजारीबाग: जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिस उपाधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, निरीक्षक और थाना प्रभारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को विशेष रूप से महिला उत्पीड़न, अनुसूचित जाति एवं जनजाति से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए 60 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
निर्देश में वर्ष 2025 से पहले के सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने पर जोर दिया गया है। साथ ही जमानती और गैर-जमानती वारंट, इश्तेहार और कुर्की-जब्ती से जुड़े लंबित मामलों के निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया है।
पुलिस अधीक्षक ने सिविल कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा कर सभी मानकों को पूरा करने का निर्देश दिया है। नशे के कारोबार में लिप्त गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और संगठित अपराध, अवैध खनन तथा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
अवैध कोयला, बालू और पत्थर के उत्खनन पर पूर्ण रोक लगाने के लिए संबंधित अंचल अधिकारी और जिला खनन पदाधिकारी के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई करने को कहा गया है। वहीं साइबर अपराध से जुड़े लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा सभी थाना प्रभारियों को आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समय पर समाधान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

9
260 views    0 comment
0 Shares

उपखंड क्षेत्र के सोडाना गांव की सहरिया बस्ती डांडा में दुकानों पर शराब की अवैध बिक्री से नाराज सहरिया समाज की महिलाओं ने बड़ी संख्या में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर भीम आर्मी के पूर्व जिलाध्यक्ष कमल बैरवा के नेतृत्व में एसडीएम राकेश कुमार रावत को ज्ञापन सौंपा।
महिलाओं ने बताया कि 3 दिन पहले भी एसडीएम को ज्ञापन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए बुधवार को फिर से ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया कि सोडाना गांव की सहरिया डांडा बस्ती में लगी दुकानों पर अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। जिसके चलते सहरिया मजदूर कमाई को शराब में उड़ा रहे हैं। दुकानों पर बैठकर लोग शराब पीकर उत्पात मचाते हैं। जिससे महिलाओं एवं युवतियों को परेशानी होती है। कई व्यक्ति शराब पीकर घर पर बच्चों व महिलाओं से मारपीट करते हैं। शराब से तंग आकर 2 महिलाओं ने आत्महत्या का प्रयास भी किया था, जिन्हें बड़ी मुश्किल से बचाया गया। ज्ञापन में मांग की गई कि 24 घंटे के अंदर सहरिया बस्ती से ठेका हटवाकर शराब की बिक्री पर रोक लगाई जाए। कार्रवाई नहीं होने पर महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी। ज्ञापन देने के दौरान नंदन बाई, सावित्री बाई, कौशल्या बाई, सरस्वती, मिथिलेश, द्वारक्या बाई, बसंती बाई, कौशल्या बाई, भरोसी बाई, धनिया बाई, माना बाई, राधा बाई, उर्मिला बाई मौजूद थी।
Aima media jhalawar

8
585 views    0 comment
0 Shares

9
771 views    0 comment
0 Shares

झालावाड़ जिले की डग पंचायत समिति के सरकारी उच्च प्राथमिक स्कूल टोकड़ा में भीषण गर्मी के मद्देनजर पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था हेतु "एक विद्यार्थी एक परिंदा" महाअभियान शुरू किया गया।
इस अभियान के तहत पहले चरण में कुल 101 परिंडे लगाए गए हैं। अभियान के संयोजक टीचर राम सिंह यादव ने बताया कि ये परिंडे स्कूल परिसर के साथ-साथ गांव में घरों के पास भी लगाए गए हैं।
इस कार्यक्रम में सभी स्टूडेंट्स, टीचर्स और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने संकल्प लिया कि वे प्रतिदिन इन परिंडों में दाना और पानी की व्यवस्था का ध्यान रखेंगे।

इस अवसर पर ग्रामवासी और स्कूल स्टाफ मौजूद रहे। इनमें प्रिंसिपल बगदू सिंह, सोनू मीणा, शिवचरण मीणा, विवेक चौधरी, सुरेंद्र कुमार, भुवनेश कुमार, प्रवीण कुमार और सुनील सैनी शामिल थे।

Aima media jhalawar

18
589 views    0 comment
0 Shares

कस्बे में पुलिस ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान 10 चालान काटे गए और वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी गई। पुलिस की सक्रियता देख बिना हेलमेट और अधूरे कागजातों वाले कई वाहन चालक मौके से भागते नजर आए।
अभियान के तहत मुख्य रूप से बिना हेलमेट बाइक चला रहे युवाओं को रोका गया और उनके चालान किए गए। इसके अलावा, वाहनों के रजिस्ट्रेशन (आरसी), बीमा और ड्राइविंग लाइसेंस की भी जांच की गई। एक बाइक पर तीन सवारी बैठाने वाले युवकों को कड़ी चेतावनी देकर चालानी कार्रवाई की गई।

इस अभियान के दौरान थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने केवल चालान नहीं काटे, बल्कि लोगों को सड़क सुरक्षा का महत्व भी समझाया। उन्होंने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि हेलमेट सिर पर बोझ नहीं, बल्कि परिवार की खुशियों का रक्षक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सड़क दुर्घटनाएं अचानक होती हैं और सुरक्षा उपकरण ही जान बचा सकते हैं।

इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य चौराहों और बाजारों में भी वाहन चालक सतर्क दिखे। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक दिन के लिए नहीं है, बल्कि भविष्य में भी विभिन्न चौराहों पर नियमित रूप से औचक चेकिंग जारी रहेगी।

Aima media jhalawar

10
693 views    0 comment
0 Shares

*ఆర్టీసీ బస్టాండ్ ను సందర్శించిన పోలీస్ కమిషనర్...*

టీజీఎస్‌ఆర్టీసీ జేఏసీ సమ్మె నేపథ్యంలో నగరంలోని బైపాస్ రోడ్డులో గల ఆర్టీసీ నూతన బస్టాండ్ ను పోలీస్ కమిషనర్ సునీల్ దత్ సందర్శించారు. స్థానిక పరిస్థితులపై ఆర్టీసీ అధికారులతో మాట్లాడారు. బందోబస్త్ లో వున్న పోలీస్, అధికారులు సిబ్బంది మొత్తం అప్రమత్తంగా ఉండాలని సూచించారు. ఆర్టీసీ జేఏసీ కార్మికుల సమ్మె సందర్బంగా ప్రైవేట్ డ్రైవర్లు ఆందోళన చెందాల్సిన అవసరం లేదని, పూర్తిస్థాయిలో పోలీస్ రక్షణ ఉంటుందని పేర్కొన్నారు. అదేవిదంగా ప్రజా రవాణా వ్యవస్థకు (బస్సులు) ప్రభుత్వ అస్తులకు నష్టం కలిగించడం, ఆటంకాలు సృష్టించడం వంటి చర్యలకు పాల్పడితే వారిపై వెంటనే చర్యలు తీసుకోవాలని టౌన్ ఏసీపీ రమణమూర్తి కి ఆదేశించారు.

3
281 views    0 comment
0 Shares

*రఘనాధపాలెం మండలం*
*23/04/2026*
--------------------------------------------

*పేదల సొంతింటి కల సాకారం కాంగ్రెస్ ప్రభుత్వంతోనే సాధ్యం*
*:- కాంగ్రెస్ పార్టీ నాయకులు తుమ్మల యుగంధర్ గారు*

*ఈరోజు ఖమ్మం నియోజకవర్గం,బూడిదెంపాడు గ్రామంలో ఇందిరమ్మ ఇళ్లు గృహప్రవేశానికి ముఖ్య అతిథిగా హాజరై,లబ్దిదారుని కుటుంబానికి శుభాకాంక్షలు తెలిపిన కాంగ్రెస్ పార్టీ రాష్ట్ర నాయకులు డాక్టర్ శ్రీ తుమ్మల యుగంధర్ గారు*

*లబ్దిదారు మాట్లాడుతూ ఇందిరమ్మ ఇళ్ల పధకం ద్వారా మాకు అండగా నిలిచి,ఒక నీడను కల్పంచి,మా సొంతింటి కలను నిజం చేసిన మంత్రి తుమ్మల నాగేశ్వరరావు గారికి హృదయపూర్వక ధన్యవాదాలు తెలిపారు*

*ఈ కార్యక్రమంలో పాల్గొన్న మార్కెట్ కమిటీ చైర్మన్ యరగర్ల హనుమంతరావు గారు,నగర కాంగ్రెస్ పార్టీ అధ్యక్షుడు నాగండ్ల దీపక్ చౌదరి గారు,ఆత్మ కమిటీ చైర్మన్ దిరిశాల చిన్న వెంకటేశ్వర్లు గారు,జిల్లా నాయకులు తాతా రఘురాం గారు, సర్పంచ్ కూరపాటి విజయ కుమారి,ఉప సర్పంచ్ మందా గోపి,స్థానిక నాయకులు, అభిమానులు,కార్యకర్తలు పాల్గొన్నారు*

3
159 views    0 comment
0 Shares

67
2903 views    0 comment
0 Shares

*నేడు తెలంగాణ కేబినెట్ భేటీ*

ముఖ్యమంత్రి రేవంత్ రెడ్డి అధ్యక్షతన సచివాలయంలో 3 గంటలకు సమావేశం

సమావేశంలో చర్చకు రానున్న పలు కీలక అంశాలు?

ఆర్టీసీ ఉద్యోగుల సమ్మెపై కీలక చర్చ

32 డిమాండ్లపై నిర్ణయం తీసుకునే అవకాశం

ఆర్టీసీ విలీనంపై కూడా ‌ చర్చించనున్న క్యాబినెట్

ఉద్యోగ సంఘాల డిమాండ్లపై ఫోకస్

కాళేశ్వరం అంశంలో హైకోర్టు తీర్పు తర్వాత తదుపరి చర్యలపై చర్చించనున్న క్యాబినెట్

పీసీ ఘోష్ కమిషన్ నివేదికపై నిర్ణయాలకు అవకాశం

మెట్రో స్వాధీనం ..జడ్పీటీసీ ఎంపీటీసీ జీహెచ్ఎంసీ ఎన్నికలపై కీలక నిర్ణయం పై చర్చించనున్న క్యాబినెట్

ఎన్నికల షెడ్యూల్‌పై స్పష్టత వచ్చే ఛాన్స్

ఇందిరమ్మ కుటుంబ బీమా పథకానికి విధివిధానాల ఖరారు

జూన్ 2 నుంచి అమలు లక్ష్యంగా చర్చ

కోదండరాం అజారుద్దీన్ ఎమ్మెల్సీ అభ్యర్థిత్వంపై చర్చ

గవర్నర్ కోటా నియామకాలపై క్లారిటీ వచ్చే అవకాశం

సీపెక్ కుల సర్వే వివరాలపై క్యాబినెట్ ఫోకస్

ప్రజాపాలన ప్రగతి ప్రణాళిక అమలుపై సమీక్ష

వర్షాల వల్ల పంట నష్టపోయిన రైతులకు పరిహారం అంశం చర్చించనున్న క్యాబినెట్

ధాన్యం సేకరణపై నిర్ణయాలు తీసుకునే అవకాశం

పలు కంపెనీలకు భూముల కేటాయింపు పై క్యాబినెట్ నిర్ణయాలు

సీఎస్ఆర్ ఫండ్ పెంపుపై చర్చ జరిగే అవకాశం

4
153 views    0 comment
0 Shares

उत्तर प्रदेश में प्रमुख निषाद समाज खेवनहार के नाम से प्रसिद्ध राष्ट्रीय जनवादी पार्टी सोशलिस्ट उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. राम सजीवन निषाद इस समय लगातार सुर्खियों में रहते हैं। इस समय प्रमुख निषाद समाज खेवनहार डॉ. राम सजीवन निषाद उत्तर प्रदेश के निषाद समाज के अच्छे एवं कुशल नेता माने जाते हैं। डॉ. राम सजीवन निषाद उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के मूल निवासी हैं। उनका जीवन बहुत ही साधारण एवं मृदुल स्वभाव के माने जाते हैं। वह अपने कार्यकर्ताओं को हमेशा अपना परिवार मानते हैं, उनके साथ हमेशा प्रेम और स्नेह से मिलते हैं । सूत्रों के अनुसार डॉ. राम सजीवन निषाद उत्तर प्रदेश में निषाद समाज के आरक्षण की आवाज को लेकर काफी सक्रिय है। उनका कहना है अगर प्रत्येक जिले में हमारे समाज के युवाओं को को राजनीतिक भागीदारी में अधिकतर मौका दिया जाता है तो आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्येक जनपदों में निषाद समाज के विधायक हो जायेंगे। अगर प्रत्येक जनपद में निषाद समाज के विधायक होंगे तो जाहिर है निषाद समाज की आवाज को वह बुलन्द करेंगे। निषाद समाज खेवनहार प्रमुख डॉ. राम सजीवन निषाद का हमेशा सोच रहता है कि किसी तरह हमारा समाज आत्मनिर्भर बनें तभी निषाद समाज का भला हो सकता है क्योंकि निषाद समाज की पीड़ा निषाद समाज का व्यक्ति ही समझ सकता है। प्रमुख निषाद समाज खेवनहार डॉ
राम सजीवन निषाद ने निषाद समाज के लोगों से अपील भी कर रहे हैं कि प्रत्येक चुनाव में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को को मौका दिया जाए जिससे चुनावी परिणाम ज्यादा से ज्यादा आएं और जीते युवा विधायक या राजनीति में नए सक्रिय युवा भविष्य में एक अच्छा राजनीतिक व्यक्ति बनेंगे जो निषाद समाज के प्रति काफी अनुभव युक्त एवं प्रभावशाली होगें।

0
67 views    0 comment
0 Shares

5
301 views    0 comment
0 Shares

उत्तर प्रदेश में प्रमुख निषाद समाज खेवनहार के नाम से प्रसिद्ध राष्ट्रीय जनवादी पार्टी सोशलिस्ट उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. राम सजीवन निषाद इस समय लगातार सुर्खियों में रहते हैं। इस समय प्रमुख निषाद समाज खेवनहार डॉ. राम सजीवन निषाद उत्तर प्रदेश के निषाद समाज के अच्छे एवं कुशल नेता माने जाते हैं। डॉ. राम सजीवन निषाद उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के मूल निवासी हैं। उनका जीवन बहुत ही साधारण एवं मृदुल स्वभाव के माने जाते हैं। वह अपने कार्यकर्ताओं को हमेशा अपना परिवार मानते हैं, उनके साथ हमेशा प्रेम और स्नेह से मिलते हैं । सूत्रों के अनुसार डॉ. राम सजीवन निषाद उत्तर प्रदेश में निषाद समाज के आरक्षण की आवाज को लेकर काफी सक्रिय है। उनका कहना है अगर प्रत्येक जिले में हमारे समाज के युवाओं को को राजनीतिक भागीदारी में अधिकतर मौका दिया जाता है तो आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्येक जनपदों में निषाद समाज के विधायक हो जायेंगे। अगर प्रत्येक जनपद में निषाद समाज के विधायक होंगे तो जाहिर है निषाद समाज की आवाज को वह बुलन्द करेंगे। निषाद समाज खेवनहार प्रमुख डॉ. राम सजीवन निषाद का हमेशा सोच रहता है कि किसी तरह हमारा समाज आत्मनिर्भर बनें तभी निषाद समाज का भला हो सकता है क्योंकि निषाद समाज की पीड़ा निषाद समाज का व्यक्ति ही समझ सकता है। प्रमुख निषाद समाज खेवनहार डॉ
राम सजीवन निषाद ने निषाद समाज के लोगों से अपील भी कर रहे हैं कि प्रत्येक चुनाव में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को को मौका दिया जाए जिससे चुनावी परिणाम ज्यादा से ज्यादा आएं और जीते युवा विधायक या राजनीति में नए सक्रिय युवा भविष्य में एक अच्छा राजनीतिक व्यक्ति बनेंगे जो निषाद समाज के प्रति काफी अनुभव युक्त एवं प्रभावशाली होगें।

5
300 views    0 comment
0 Shares

5
98 views    0 comment
0 Shares

✊ *మహా ధర్నా ఆహ్వానం* ✊

కాంగ్రెస్ ప్రభుత్వం రైతుల వద్ద మొక్కజొన్న తక్షణమే కొనుగోలు చేయాలి… కొనుగోలు కేంద్రాలు వెంటనే ప్రారంభించాలి… అన్నదాతల ఆవేదన!
*BRS పార్టీ గర్జన*
కాంగ్రెస్ ప్రభుత్వం రైతు వ్యతిరేక విధానాలు నశించాలి…
మద్దతు ధర కల్పించాలి…
బోనస్ ప్రకటించాలి… ✊

📢 *24న ఖమ్మం జిల్లా BRS పార్టీ కమిటీ ఆధ్వర్యంలో*
రైతాంగ సమస్యల పరిష్కారం కోసం
*మహా ధర్నా – జయప్రదం చేద్దాం*!

📅 *తేదీ:* 24-04-2026 (శుక్రవారం)
⏰ *సమయం:* ఉదయం 9:00 గంటలకు
📍 *వేదిక:* ధర్నా చౌక్, కొత్త కలెక్టరేట్, వెంకటాయపాలెం, ఖమ్మం

👥 *ఈ మహా ధర్నాకు విచ్చేయుచున్న ప్రముఖులు:*

* *మాజీ మంత్రివర్యులు శ్రీ పువ్వాడ అజయ్ కుమార్ గారు*
* *శ్రీ తాత మధుసూదన్ గారు, ఖమ్మం జిల్లా అధ్యక్షులు & MLC*
* *శ్రీ వద్దిరాజు రవిచంద్ర గారు, రాజ్యసభ సభ్యులు*
* *శ్రీ నామ నాగేశ్వరరావు గారు, మాజీ లోక్‌సభ పక్ష నేత & మాజీ ఎంపీ*
* *శ్రీ సండ్ర వెంకట వీరయ్య గారు, మాజీ ఎమ్మెల్యే (సత్తుపల్లి)*
* *శ్రీ కందాల ఉపేందర్ రెడ్డి గారు, మాజీ ఎమ్మెల్యే (పాలేరు)*
* *శ్రీ కమల్ రాజు గారు, మాజీ జడ్పీ చైర్మన్*
* *జిల్లా మాజీ చైర్మన్లు మరియు పార్టీ సీనియర్ నాయకులు*

🌾 *ఖమ్మం జిల్లా అన్నదాతల కోసం మనమంతా ఒక్కటవుదాం*!
రైతుల హక్కుల సాధన కోసం భారీగా పాల్గొని ఈ ధర్నాను విజయవంతం చేద్దాం.

🔥 *కాంగ్రెస్ ప్రభుత్వ వైఫల్యాలను ఎండగడుదాం!*

*ప్రత్యేకంగా*:
BRS పార్టీ మైనార్టీ నాయకులు, కార్యకర్తలు భారీ సంఖ్యలో పాల్గొని విజయవంతం చేయగలరు.

ఇట్లు,
*పగడాల నాగరాజు*
నగర అధ్యక్షుడు, BRS పార్టీ, ఖమ్మం

0
87 views    0 comment
0 Shares

ಯಾದಗಿರಿ : ಜಿಲ್ಲೆಯ ವಡಗೇರಾ ತಾಲೂಕಿನ ಕೋರ್ ಗ್ರೀನ್ ಸಕ್ಕರೆ ಕಾರ್ಖಾನೆಯು ರೈತರಿಂದ ಕಬ್ಬು ಖರೀದಿ ಮಾಡಿ ತಿಂಗಳು ಕಳೆದರೂ ಬಾಕಿ ಹಣ ಪಾವತಿಸದ ಹಿನ್ನೆಲೆಯಲ್ಲಿ, ಗುರುಮಿಠಕಲ್ ಶಾಸಕ ಶರಣಗೌಡ ಕಂದಕೂರ ಅವರು ಜಿಲ್ಲಾಧಿಕಾರಿಗಳಿಗೆ ಪತ್ರ ಬರೆದು ಕಠಿಣ ಕ್ರಮಕ್ಕೆ ಒತ್ತಾಯಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಯಾದಗಿರಿ ಮತ್ತು ಕಲಬುರಗಿ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಸುಮಾರು 3,314 ರೈತರು ಈ ಕಾರ್ಖಾನೆಗೆ ಕಬ್ಬು ಮಾರಾಟ ಮಾಡಿದ್ದು, ಒಟ್ಟು ಪಾವತಿಸಬೇಕಾದ 142.86 ಕೋಟಿ ರೂಪಾಯಿಗಳ ಪೈಕಿ 100 ಕೋಟಿ ರೂಪಾಯಿಗಳನ್ನು ಮಾತ್ರ ನೀಡಲಾಗಿದೆ. ಉಳಿದ 42 ಕೋಟಿ ರೂಪಾಯಿಗಳ ಬಾಕಿ ಮೊತ್ತವನ್ನು ಪಾವತಿಸಲು ಕಾರ್ಖಾನೆಯ ಆಡಳಿತ ಮಂಡಳಿಯು ಫೆಬ್ರವರಿ ಮತ್ತು ಮಾರ್ಚ್ ತಿಂಗಳ ಗಡುವು ನೀಡಿದ್ದರೂ ಸಹ, ಏಪ್ರಿಲ್ ಅಂತ್ಯದವರೆಗೂ ಹಣ ಬಿಡುಗಡೆ ಮಾಡದೆ ರೈತರನ್ನು ಸತಾಯಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ ಎಂದು ಶಾಸಕರು ಅಸಮಾಧಾನ ವ್ಯಕ್ತಪಡಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಇದರಿಂದ ಈ ಭಾಗದ ರೈತರು ತೀವ್ರ ಸಂಕಷ್ಟಕ್ಕೆ ಸಿಲುಕಿದ್ದು, ಮೇ ತಿಂಗಳ ಮೊದಲ ವಾರದೊಳಗೆ ಬಾಕಿ ಮೊತ್ತವನ್ನು ಬಿಡುಗಡೆ ಮಾಡಲು ಕಾರ್ಖಾನೆ ಮಾಲೀಕರಿಗೆ ಜಿಲ್ಲಾಧಿಕಾರಿಗಳು ಕಡಕ್ ನಿರ್ದೇಶನ ನೀಡಬೇಕು ಎಂದು ಅವರು ಆಗ್ರಹಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಒಂದು ವೇಳೆ ನಿಗದಿತ ಸಮಯದಲ್ಲಿ ಹಣ ಪಾವತಿಯಾಗದಿದ್ದರೆ, ರೈತರೊಂದಿಗೆ ಸೇರಿ ಕಾರ್ಖಾನೆಗೆ ಬೀಗ ಜಡಿದು ಬಂದ್ ಮಾಡಲಾಗುವುದು ಎಂದು ಶಾಸಕರು ಎಚ್ಚರಿಕೆ ನೀಡಿದ್ದಾರೆ.

30
9912 views    0 comment
0 Shares

बृहस्पतिवार 23अप्रैल 2026 रिपोर्ट सत्यप्रकाश सोनी मुख्य संपादक मुंबई/संवाददाता छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक भयानक और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां मोबाइल की लत एक पिता की जान की दुश्मन बन गई। सितंबर 2025 में डीडी नगर इलाके के वीरेंद्र भारती गोस्वामी की संदिग्ध मौत को परिजनों ने 'बाथरूम में गिरने' का हादसा बताया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मिले 17 गहरे जख्मों ने इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि बेटी को मोबाइल देखने से मना करने पर हुए विवाद में पत्नी दीपा और दो बेटियों ने मिलकर बैट और ईंट से पीट-पीटकर वीरेंद्र की हत्या कर दी थी। हद तो तब हो गई जब आरोपी पत्नी ने इस हत्या को हादसा बताकर अनुकंपा नियुक्ति भी हासिल कर ली। 6 महीने बाद पुलिस की पूछताछ में सच सामने आने पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि कैसे डिजिटल सनक रिश्तों के खून की वजह बन रही है।

5
170 views    0 comment
0 Shares

ହିନ୍ଦୁ, ମୁସଲିମ, ସିଖ, ଇଂଗ୍ରାଜ, ସମସ୍ତ ଧର୍ମକୁ ଏକ ଧର୍ମରେ ବିଭାଜିତ କରିବା ନାହିଁ, ସମସ୍ତଙ୍କୁ ସାଥିରେ ନେଇଚଳିବାର କଥା କୁହ। ଯଦି ଆମର ଦେଶରେ କୌଣସି ଅନ୍ୟ ଦେଶ ଆକ୍ରମଣ କରେ, ତାଲେ ସମସ୍ତେ ମିଶି ଯୁଦ୍ଧ କରିବେ, ତୁମେ ଏକା ଲଂଗିବା ନାହିଁ, ବୁਝିଲେ ଭଲେ। ତେଣୁ, ଆମେ ସମସ୍ତେ ମିଶି ଆମର ଦେଶ ପାଇଁ ଯୁଦ୍ଧ କରିବୁ, ଏବଂ ଆମର ଦେଶ ପାଇଁ ଏକ ସରକାର ଚାହିଁ, ଯେଉଁ ସରକାର ସମସ୍ତଙ୍କର କଥା ଶୁଣେ ଏବଂ ସମସ୍ତଙ୍କର ସହଯୋଗ ନେଏ।
ସମସ୍ତେ ତାଙ୍କର ଧର୍ମରେ ରହିବେ, ଭଲଭାବେ ରହିବେ, ସମସ୍ତ ପରିବାର ତାଙ୍କର ଭଲଭାବେ ରହିବ, ତେବେ ଆମର ଦେଶ ଆଗକୁ ଯିବ। ଆମର ଦେଶର ଜିଡିପି ଆଗକୁ ଯିବ, ଆମର ଦେଶର ଡଲାର ସହିତ ଆମର କରେନ୍ସି ଆଗକୁ ଯିବ। ଏହି ବିଷୟରେ ସମସ୍ତେ କଥା କରନ୍ତୁ, ଭଲଭାବେ ଦେଶକୁ ଆଗେ ବଢାନ୍ତୁ, ଦେଶକୁ ବିଭାଜନ ଏବଂ ଭାଙ୍ଗିଦେବା ପାଇଁ Chesta koroni..

2
390 views    0 comment
0 Shares

फर्जी स्कूलों पर कसा शिकंजा: बीएसए का औचक निरीक्षण, जल्द चलेगा छापामार अभियान

शामली:

जनपद के जलालाबाद और थानाभवन क्षेत्र में बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर अब शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) लता राठी ने औचक निरीक्षण कर ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध रूप से संचालित सभी स्कूलों की सूची तत्काल तैयार कर मुख्यालय भेजी जाए, ताकि जल्द ही संयुक्त टीम बनाकर छापेमारी अभियान शुरू किया जा सके।



निरीक्षण के दौरान बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी, लिपिक और अन्य अधिकारियों के साथ क्षेत्र के कई स्कूलों का दौरा किया और उनकी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक स्कूल का पूरा विवरण तैयार कर जल्द उपलब्ध कराया जाए, जिससे ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।



बीएसए ने बताया कि जलालाबाद क्षेत्र में पहले से नोटिस जारी किए जा चुके हैं और कुछ स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। वहीं थानाभवन क्षेत्र में भी बिना मान्यता के संचालित स्कूलों को चिन्हित कर नोटिस भेजे जा रहे हैं।



शिक्षा की गुणवत्ता पर भी जोर

निरीक्षण के दौरान बीएसए ने एक जूनियर हाई स्कूल में शिक्षण गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने कक्षा 6 के छात्रों से हिंदी विषय के प्रश्न पूछे, जिनके संतोषजनक उत्तर न मिलने पर मौके पर ही शिक्षण पद्धति सुधारने के निर्देश दिए। इसके बाद बीआरसी कार्यालय में बैठक कर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई।



बीएसए ने साफ कहा कि बिना मान्यता स्कूल चलाना कानूनन अपराध है और इससे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

0
98 views    0 comment
0 Shares

8
698 views    0 comment
0 Shares

6
965 views    0 comment
0 Shares

मोबाइल नंबर का जीवन पर प्रभाव (डॉ अजय कुमार पी एच डी वास्तु शास्त्र) मोबाइल फोन केवल एक संचार साधन हीनहीं बल्कि यह हमारी पहचान सामाजिक ,स्थिति और दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है मोबाइल नंबर सिर्फ अंकों का समूह नहीं बल्कि व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव डालने वाला एक महत्वपूर्ण तत्व है अंक ज्योतिष के आधार पर मोबाइल नंबर चुनकर जीवन मे अनेकों लाभकारी अवसर प्राप्त किये जा सकते हैं तथा जीवन में सकारात्मक बदलाव प्राप्त किया जा सकते हैं मोबाइल नंबर अंक शास्त्र के अनुसार मोबाइल नंबर में छिपे हुए अंक कैरियर ,स्वास्थ्य तथा व्यक्तिगत संबंध पर गहरा प्रभाव डालते हैं मोबाइल नंबर लेते समय कुछ विशेष अंकों का ध्यान रखना चाहिए जैसे 487 का समूह किसी भी स्थिति में नहीं बनना चाहिए यह राहु,केतु तथा शनि का समूह बन जाता है इसी क्रम में 84, 48, 43,34, 45 ,54 समूह वाले अंकों से बचना चाहिए तथा एकाधिक 8,9,4,7,2 के समूह से बचना चाहिए यह जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं तथा समस्याएं उत्पन्न करते हैं जबकि एकाधिक 1,3,5,6 शुभ मन जाता है सही मोबाइल नंबर चुनने के लिए अपने जन्मांक ,राशि, जन्म तिथि को ध्यान में रखकर ऐसा नंबर चुनना चाहिए जो जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए क्योंकि सही मोबाइल नंबर वाले व्यक्ति में नेतृत्व क्षमता निर्णय लेने की शक्ति अधिक पाई जाती है इस संबंध में अंक विशेषज्ञ की सलाह ली जानी चाहिए इसलिए हमें मोबाइल नंबर का चयन और प्रयोग सोच समझकर करना चाहिए !!

21
3440 views    0 comment
0 Shares

मो. जावेद शेख
उपसंपादक
राईट हेडलाईन्स नाशिक

“बोल के लब आज़ाद हैं…” ये सिर्फ एक शेर नहीं, बल्कि एक सोच है, एक हिम्मत है, एक पुकार है। यह हमें याद दिलाता है कि इंसान की सबसे बड़ी ताक़त उसकी आवाज़ होती है। जब इंसान सच बोलता है, अपने हक़ के लिए खड़ा होता है, तब वह सिर्फ खुद के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी रास्ता बनाता है।
आज के दौर में, जहाँ हर तरफ़ सूचनाओं की भरमार है, वहीं सच्चाई की आवाज़ कभी-कभी दबती हुई भी नज़र आती है। ऐसे में “बोलना” सिर्फ एक अधिकार नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदारी बन जाता है। खामोशी कई बार ज़ुल्म को बढ़ावा देती है, जबकि आवाज़ उठाना बदलाव की शुरुआत करता है।
हमारे समाज में कई ऐसे लोग हैं, जो डर, दबाव या हालात के कारण अपनी बात खुलकर नहीं रख पाते। लेकिन इतिहास गवाह है कि जब-जब किसी ने हिम्मत करके अपनी बात कही है, तब-तब बदलाव आया है। चाहे वह आज़ादी की लड़ाई हो, सामाजिक सुधार हों या फिर अन्याय के खिलाफ़ संघर्ष—हर जगह एक आवाज़ ने चिंगारी का काम किया है।
“बोल के लब आज़ाद हैं…” हमें यह भी सिखाता है कि अपनी बात कहने का तरीका भी उतना ही अहम है। आवाज़ में सच्चाई हो, शब्दों में संवेदनशीलता हो और मक़सद में साफ़गोई हो—तभी बात दिल तक पहुँचती है। सिर्फ शोर मचाना ही बोलना नहीं होता, बल्कि समझदारी से, सलीके से अपनी बात रखना ही असली ताक़त है।
आज सोशल मीडिया के ज़माने में हर किसी के पास एक मंच है। यह एक बड़ा अवसर भी है और एक बड़ी चुनौती भी। यहाँ सच और झूठ दोनों तेज़ी से फैलते हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि हम अपनी आवाज़ का इस्तेमाल सोच-समझकर करें, ताकि हमारी बात समाज को जोड़ने का काम करे, तोड़ने का नहीं।
आख़िर में, “बोल के लब आज़ाद हैं…” सिर्फ एक पंक्ति नहीं, बल्कि एक संदेश है—डर के आगे खामोशी नहीं, बल्कि हिम्मत के साथ सच्चाई को सामने लाना ही असली आज़ादी है।
जब तक हमारे लब आज़ाद हैं, तब तक उम्मीद ज़िंदा है।

“بول کہ لب آزاد ہیں…” — آواز کی طاقت پر ایک خیال
“بول کہ لب آزاد ہیں…” یہ صرف ایک شعر نہیں بلکہ ایک فکر، ایک حوصلہ اور ایک پکار ہے۔ یہ ہمیں یاد دلاتا ہے کہ انسان کی سب سے بڑی طاقت اس کی آواز ہے۔ جب کوئی شخص سچ بولتا ہے اور اپنے حق کے لیے کھڑا ہوتا ہے، تو وہ صرف اپنے لیے نہیں بلکہ پورے معاشرے کے لیے راستہ ہموار کرتا ہے۔
آج کے دور میں جہاں معلومات کی بھرمار ہے، وہیں سچ کی آواز اکثر دبتی ہوئی محسوس ہوتی ہے۔ ایسے میں بولنا صرف ایک حق نہیں بلکہ ایک ذمہ داری بن جاتا ہے۔ خاموشی کئی بار ظلم کو بڑھاوا دیتی ہے، جبکہ آواز اٹھانا تبدیلی کی ابتدا بنتا ہے۔
ہمارے معاشرے میں بہت سے لوگ ایسے ہیں جو خوف، دباؤ یا حالات کی وجہ سے اپنی بات کھل کر نہیں کہہ پاتے۔ لیکن تاریخ گواہ ہے کہ جب بھی کسی نے ہمت کے ساتھ اپنی آواز بلند کی، تب تب تبدیلی آئی ہے۔ چاہے وہ آزادی کی جدوجہد ہو، سماجی اصلاحات ہوں یا ناانصافی کے خلاف لڑائی—ہر جگہ ایک آواز نے چنگاری کا کام کیا ہے۔
“بول کہ لب آزاد ہیں…” یہ بھی سکھاتا ہے کہ بات کہنے کا انداز بھی بہت اہم ہوتا ہے۔ الفاظ میں سچائی ہو، لہجے میں نرمی ہو اور مقصد صاف ہو—تبھی بات دلوں تک پہنچتی ہے۔ صرف شور مچانا بولنا نہیں ہوتا، بلکہ سمجھداری اور سلیقے سے بات رکھنا ہی اصل طاقت ہے۔
آج سوشل میڈیا کے دور میں ہر کسی کے پاس ایک پلیٹ فارم ہے۔ یہ ایک بڑا موقع بھی ہے اور ایک چیلنج بھی۔ یہاں سچ اور جھوٹ دونوں تیزی سے پھیلتے ہیں۔ اس لیے ضروری ہے کہ ہم اپنی آواز کو سوچ سمجھ کر استعمال کریں تاکہ وہ معاشرے کو جوڑنے کا سبب بنے، نہ کہ توڑنے کا۔

30
1139 views    0 comment
0 Shares

6
372 views    0 comment
0 Shares

शामली ब्रेकिंग न्यूज़ 🔥
शामली में पत्रकार पर हुए जानलेवा हमले के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। पीर शेर नाथ के शिष्य और पत्रकार अभय शर्मा पर हुए हमले को लेकर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पंकज जैन और उसके चार साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, यह हमला सुनियोजित तरीके से किया गया था, जिसमें पत्रकार को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश जारी है।
सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपी पंकज जैन पर पहले से भी कई गंभीर आरोप लगे हुए हैं, और बताया जा रहा है कि वह शामली जिले में बड़े स्तर पर अवैध गतिविधियों, यहां तक कि देह व्यापार जैसे कामों में भी संलिप्त रहा है।
📌 मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर बढ़ सकती हैं धाराएं
डॉक्टरी परीक्षण (मेडिकल) की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं, जिससे आरोपियों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
👉 फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन की नजर बनी हुई है, और आगे की कार्रवाई मेडिकल रिपोर्ट व जांच के आधार पर की जाएगी।

8
1355 views    0 comment
0 Shares


शामली/क्षेत्र विशेष:
क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब एक पत्रकार पर कार सवार चार लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, पत्रकार को साइड से टक्कर मारकर घायल कर दिया गया, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि मामला किसी मंदिर से जुड़े विवाद को लेकर चल रहा था, जिसमें पहले से ही तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इसी विवाद के चलते आरोप है कि पंकज जैन, अमित तरार,जितेंद्र भारद्वाज और पुष्पेंद्र भारद्वाज सहित चार लोग एक गाड़ी में सवार होकर आए और पत्रकार अभय शर्मा को निशाना बनाते हुए टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमला सुनियोजित प्रतीत होता है और इसमें पत्रकार को जान से मारने की कोशिश की गई है। जिससे घटना के बाद अभय शर्मा टक्कर लगने के बाद घटना स्थल पर अचेत पड़ा रहा और आम जन में अफरा-तफरी मच गई, वहीं घायल पत्रकार को तुरंत स्थानीय लोगों ने नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जिसमें आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही गिरफ्तारी की बात कही जा रह बड़ा सवाल:
क्या क्षेत्र में पत्रकार अब सुरक्षित नहीं हैं?
क्या मंदिर विवाद के नाम पर कानून को हाथ में लेना आम होता जा रहा है?
पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जा सके।
रिपोर्टर
सुमित कुमार उपाध्याय

7
864 views    0 comment
0 Shares

1
243 views    0 comment
0 Shares

6
232 views    0 comment
0 Shares

4
931 views    0 comment
0 Shares

गढ़वा- एक ऐसा शहर,जहां इन दिनों सड़क नहीं बन रही,बल्कि लोगों की ज़िंदगी रोज़ रोज़ बिखर रही है,सुबह की पहली किरण के साथ जहां कभी बाजार की चहल पहल शुरू होती थी,आज वहीं धूल का धुंधलका छाया रहता है,दुकानदार दुकान खोलने से पहले झाड़ू नहीं,बल्कि धूल के पहाड़ से जंग लड़ते हैं,सड़क पर चलने वाला हर शख्स अपने साथ एक अदृश्य डर लेकर चलता है सांस का डर,बीमारी का डर और भविष्य का डर।

पिछले दो साल से गढ़वा शहर से गुजरने वाली एनएच सड़क का निर्माण कार्य जारी है,कागजों में ये विकास की कहानी है,लेकिन ज़मीन पर ये दर्द की दास्तान बन चुकी है,जहां सड़क बननी थी,वहां अधूरापन पसरा है,कहीं गिट्टी बिखरी है,कहीं गड्ढे मुंह बाए खड़े हैं और हर गुजरती गाड़ी अपने पीछे ऐसा धूल का गुबार छोड़ जाती है,जैसे शहर को धीरे धीरे ढक रही हो।

इस धूल ने सिर्फ कपड़े और दुकानें ही नहीं ढकीं,बल्कि लोगों की सांसों पर भी कब्जा कर लिया है,स्थानीय लोग बताते हैं कि खांसी,सांस फूलना और टीबी जैसी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है,जिन लोगों को पहले से श्वसन संबंधी दिक्कत थी,उनके लिए ये सड़क किसी सजा से कम नहीं।


इसी पीड़ा और आक्रोश को आवाज़ दिए गढ़वा के विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने,उन्होंने इस मुद्दे को सिर्फ राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं रखा,बल्कि खुलकर उस दर्द को सामने रखा जिसे शहर का हर आम नागरिक रोज़ महसूस कर रहा है।
विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने साफ कहा कि ये सड़क लोगों की सुविधा के लिए बन रही थी,लेकिन आज यही सड़क लोगों के लिए आफत बन चुकी है,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच थी कि सड़कें बनें,ताकि जनता को राहत मिले,उनका जीवन आसान हो,लेकिन गढ़वा में हो रहा निर्माण उस सोच के बिल्कुल उलट दिखाई देता है,उन्होंने सीधे तौर पर निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप संवेदक और इंजीनियर पर लगाया,उनका कहना है कि सड़क निर्माण में न तो तय मानकों का पालन हो रहा है और न ही इंजीनियरिंग मैनुअल का,काम ऐसा किया जा रहा है,मानो किसी को जवाबदेही का डर ही नहीं।

9
175 views    0 comment
0 Shares

4
715 views    0 comment
0 Shares

20 अप्रैल 2026 को एनटीए द्वारा आयोजित देश की प्रतिष्ठित परीक्षा जेईई मेन्स 2026 का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें लाखों छात्रों ने भाग लिया। इस कठिन प्रतिस्पर्धा में एम.के. डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, डाल्टनगंज के छात्र प्रणय प्रत्यूष ने 99.15 परसेंटाइल हासिल कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।

प्रणय प्रत्यूष, श्री कुमार प्रफुल्ल किरण एवं श्रीमती पूनम किरण के सुपुत्र हैं। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय के साथ-साथ उनके परिवार का भी मान बढ़ा है। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती इंद्राणी चटर्जी ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उनके अभिभावक भी मौजूद रहे।
प्राचार्या ने बताया कि विद्यालय के अनुभवी एवं योग्य शिक्षकों द्वारा छात्रों को बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष रूप से तैयार किया जाता है। आधुनिक शिक्षण सामग्री, स्मार्ट बोर्ड और अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से छात्रों की अवधारणाओं को मजबूत किया जाता है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षाओं का सामना कर सकें।

उन्होंने कहा कि छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के निरंतर प्रयास और अभिभावकों के सहयोग से ही ऐसे उत्कृष्ट परिणाम संभव हो पाते हैं। अंत में प्राचार्या ने प्रणय प्रत्यूष के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

1
189 views    0 comment
0 Shares

शामली में राशन घोटाले का खुलासा: 289 क्विंटल अनाज गायब, डीलर पर केस दर्ज





शामली जिले में सरकारी राशन वितरण प्रणाली में बड़ा घोटाला सामने आया है। आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के गांव कसेरवा कला में खाद्य विभाग की जांच के दौरान राशन डीलर की दुकान से 289 क्विंटल गेहूं और चावल कम पाए गए, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।



जांच के बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित डीलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर मिला, जो सीधे तौर पर अनाज की कालाबाजारी की ओर इशारा करता है।



ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से राशन वितरण में अनियमितताएं चल रही थीं। कई कार्डधारकों को पूरा राशन नहीं मिल रहा था, जिसकी शिकायतें लगातार की जा रही थीं। बावजूद इसके, समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई।



वहीं, इस मामले में दुकान के निलंबन को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमों के अनुसार इतनी बड़ी गड़बड़ी पर तत्काल निलंबन होना चाहिए था, लेकिन अभी तक ऐसी कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है।



फिलहाल पुलिस और सप्लाई विभाग की संयुक्त कार्रवाई के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उच्च अधिकारियों की निगरानी में पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

रिपोर्टर
सुमित कुमार उपाध्याय

0
219 views    0 comment
0 Shares

0
198 views    0 comment
0 Shares

आजकल सभी गैस एजेंसियों पर लंबी-लंबी लाइन और भीड़ देखी जा रही है गैस बुक करने पर भी बुक नहीं हो रही है हो भी रही है तो DOC नंबर नहीं मिल रहा। एजेंसी पर केवाईसी के नाम गैस पाइप दिए जा रहे हैं एक एजेंसी पर कर्मचारियों से बात करने पर मालूम हुआ की जैसा मलिक का आदेश होगा वैसा होगा जनता इस काउंटर से उस काउंटर पर परेशान बिना केवाईसी के डीओसी नंबर नहीं आ रहा है क्या सिस्टम ही फेल हो गया सभी एजेंसियों का है इधर सिस्टम फेल हुआ और उधर ब्लैक मार्केट वालों की हो रही बल्ले बल्ले। ब्लैक मार्केट पूरी तरह सक्रिय है इसके लिए गैस कंपनियां जिम्मेदार हैं या एजेंसी मालिक जनता को जवाब कौन देगा कौन है जिम्मेदार

4
213 views    0 comment
0 Shares

2
92 views    0 comment
0 Shares

0
167 views    0 comment
0 Shares

परशुराम शोभायात्रा रही भव्य, जयकारों से गूंजा शहर एटा

दो किलोमीटर से अधिक लंबी झांकियों के दर्शन कर श्रद्धालु अभिभूत, आतिशवाजी और पुष्प वर्षा कर हुआ स्वागत

, एटा शहर में धूमधाम से भगवान परशुराम की शोभायात्रा निकाली गई। इस भव्य, दिव्य शोभायात्रा में दो किलोमीटर से भी अधिक लंबी झांकियों की कतार देख श्रद्धालु अभिभूत हो उठे। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया तथा आरती उतारी गई। रास्ते में जगह-जगह आतिशबाजी हुई। ब्राहाण समाज द्वारा निकाली गई शोभायात्रा में विभिन्न वर्गों के लोग भी शामिल हुए। भगवान परशुराम के जयकारों से माहौल गुंजायमान रहा।

शोभायात्रा का शुभारंभ रेलवे रोड स्थित अतिथि निवास से हुआ। यहां झांकियों की लंबी कतार लगी हुई थी।

अधिकांश झांकियों के साथ नृत्य करने वाले कलाकार और बैंडबाजे शामिल थे। दो दर्जन डीजे वाहन भी शामिल रहे। रेलवे रोड पर तमाम समाजसेवियों ने स्वागत के लिए शिविर लगाए थे, जहां प्रसाद वितरण भी किया जा रहा था। शोभायात्रा के शुभारंभ अवसर पर भगवान परशुराम की आरती उत्तारी गई। इसके बाद एक-एक कर झांकियां आगे बढ़ना शुरू हुई तो अतिथि निवास से लेकर जीटी रोड स्थित ठंडी सड़क तिराहे तक झांकियों की कतार

लग गई। आधा दर्जन खुली कारें जिनका इस्तेमाल सादियों में होता है श्री सोभायात्र में शामिल रहीं, जिन पर ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ नागरिक सवार थे।

शोभायात्रा में डेढ़ दर्जन नृत्य मंडलियां भी शामिल थी जो डीजे पर गूंज रहे भगवान के भजनों पर नृत्य करते हुए चल रहीं थीं। इन कलाकारों को दूर-दराज से यहां बुलाया गया था। शोभायात्रा में आधा दर्जन से अधिक काली मंडल भी शामिल रहे। काली मंडलों का तलवारबाजी का प्रदर्शन देखने को मिला। शोभायात्रा जब ठंडी सड़क के लिए मुड़ी ती महाराणा प्रताप नगर, विजय नगर, कटरा मुहल्ला आदि मुहल्लों के लोग, महिलाएं आरती के थाल लिए सड़कों पर आ गई और भगवान की आरती उतारी।

शोभायात्रा में शामिल भगवान परशुराम

की झांकी करण

शोभायात्रा ननूमल चौराहा, लोकमनदास तिराहा, होली मुहल्ला, बजरंग बली चौराहा सहित अन्य स्थानों पर होते हुए फिर से जीटी रोड पर दूसरी दिशा में पहुंची। स्वागत सत्कार का दौर यहां भी चलता रहा।

परशुराम शोभायात्रा की तैयारियां कई दिनों से चल रहीं थीं। यह पहले ही तय कर लिया गया था कि इस बार शोभायात्रा का स्वरूप पिछली बार की अपेक्षा और अधिक भव्य होगा। तैयारियों का अंजाम सड़कों पर भी दिखाई दिया। शोभायात्रज में शहर के लोग तो शामिल थे ही, आसपास के गांवों के लोग भी शामिल होने के लिए पहुंचे। सोभायात्रा को लेकर शहर में

शहर में बुधवार को निकाली गई परशुराम शोभायात्रा में उमड़ी लोगों की भीड़ करण

ड्रोन से निगरानी, भारी पुलिस वल की रही तैनाती

परशुराम शोभायात्रा में शामिल झाकियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस कर्मियों के जत्थों ने संभाल रखी थी। प्रत्येक झांकी के साथ पुलिस की सशस्त्र टीम लगाई गई। यात्रा मार्ग की छावनी बना दिया गया। जिलेभर के थानों का फोर्स, पीएसी सड़कों पर दिखाई दी।

भव्य सजा की गई। चौराहों को भगवा झंडों से पाट दिया गया। जगह-जगह बिजली की झालरों से सजावट की गई। यात्रा मार्ग की सड़कों पर लोगों ने रंगोली भी बनाई।

इस अवसर पर उद्योगपति अजय चतुर्वेदी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा. दिनेश वशिष्ठ, प्रेमीराम मिश्र, सत्यप्रकाश शर्मा एडवोकेट, शिवेंद्र मिश्रा, निशीत शर्मा बीबी, मेला अध्यक्ष चंदन शर्मा, आदर्श मिश्रा हैनी, स्वागत पचौरी, सूर्यकांत शर्मा, विपलव तिवारी, सचिन उपाध्याय, हेमंत उपाध्याय, अर्पित उपाध्याय, दिलीप पचौरी बिट्टू, मुकेश देक्षित, सचिन दुबे, प्रमोद दीक्षित, उमाशंकर गिरि, अविनाश जी

बंद करनी पड़ी भारी वाहनों की आमद

भगवान परशुराम शोभायात्रा में उमड़ी भीड़ और झांकियों की बहुतायत के चलते भारी वाहनों की आमद पुलिस को रोकनी पड़ी। हालांकि एक दिन पूर्व ही बुधवार रात 11 बजे तक नो एंट्री धोषित कर दी गई थी, फिर भी कुछ कामर्शियल वाहन जी शहर के अंदर आते है उन्हें नहीं आने दिया गया। हालांकि सड़क पर झांकिया भी निकलती रहीं और हल्के वाहनों का ट्रैफिक नहीं रोका गया। इसका लाभयह रहा कि ज्यादा देर के लिए जाम नहीं लगा। जिन वाहनों का शहर में दाखिल होना जरूरी था, उन्हें बाईपास होते हुए अलीगंज रोड से दाखिल होने की अनुमति दी गई।

ठंडी सड़क तिराहे पर पहुंची शोभायात्रा में शामिल ब्राह्मण समाज के लोग करण

अतिथि निवास पर बुधवार को भगवान परशुराम शोभायात्रा के शुभारंभ अवसर पर जयकारे लगाते लोग जार

शर्मा, अवधेश मिश्रा, रामेश्वर पचौरी, ब्रजेश तिवारी, अमित मिश्र, विनीत भारद्वाज, राजीव शर्मा एडवोकेट, रजनीकांत शर्मा, विवेक वशिष्ठ, राजीव शुक्ला, सोनी वशिष्ठ, प्रवेश मिश्रा, संजय उपाध्याय एडवोकेट,

सौरभ मिश्रा, पूर्व विधायक सुधाकर वर्मा, अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता, गणेश वाष्र्णेय, अनुज जैन, पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी एवं मीरा गांधी आदि मौजूद रहे।

24
11268 views    0 comment
0 Shares

3
930 views    0 comment
0 Shares

પ્રાથમિક શાળા કોબા માં દાનનો પ્રવાહ

શ્રી પુણા વિભાગ કેળવણી મંડળ, પુણાગામના “દાનં સર્વश्रेष्ठ ધર્મઃ” ને સાકાર કરતા આપણા ગામના પ્રિન્સિપલ કમલેશભાઈ મગનભાઈ પટેલ દ્વારા કોબા પ્રાથમિક શાળાને 20 બેન્ચ, 1 કબાટ, 27 ખુરશી, 1 પ્રોજેક્ટર, 1 ટેબલ અને 1 સ્ક્રીન જેવા મૂલ્યવાન સામાન દાન સ્વરૂપે મળ્યા છે. તેમના આ ઉદાર સહયોગ બદલ શાળા પરિવાર તરફથી હાર્દિક આભાર વ્યક્ત કરીએ છીએ. તેમજ આ તમામ સામાન શાળા સુધી પહોંચાડવામાં મહત્વપૂર્ણ સહયોગ આપનાર સંદીપભાઈ પટેલનો પણ દિલથી આભાર માનીએ છીએ. આપનો આ સહકાર શિક્ષણ વિકાસમાં પ્રેરણારૂપ બનશે.
શાળા ના આચાર્ય શ્રી ધર્મેન્દ્ર પટેલ સતત બાળકો માટે સુવિધાઓ ઉપલબ્ધ કરાવવા માટેના પ્રયાસો કરી રહ્યા છે.શ્રી પુણા વિભાગ કેળવણી મંડળ,અને
અંતે ગામના સરપંચ શ્રી દિલીપ ભાઈ પટેલ આભાર વ્યક્ત કર્યો.

2
449 views    0 comment
1 Shares

आज के समय में जहां बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, वहीं AISEA Academy युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आई है। Academy ने अपना नया Franchise Model लॉन्च किया है, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति बिना बड़े निवेश के अपना खुद का एजुकेशन बिज़नेस शुरू कर सकता है।
इस पहल का उद्देश्य है – शिक्षा के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाना और लोगों को आत्मनिर्भर बनाना। AISEA Academy के पास 50+ से अधिक skill-based courses हैं, जो “Learning by Doing” पर आधारित हैं और छात्रों को practical knowledge देते हैं।
खास बात यह है कि Franchise लेने के लिए किसी बड़े ऑफिस या भारी निवेश की आवश्यकता नहीं है। कोई भी व्यक्ति अपने क्षेत्र में इस मॉडल के साथ जुड़कर कमाई के साथ-साथ समाज में शिक्षा का प्रसार भी कर सकता है।
Academy का दावा है कि यह मॉडल न केवल युवाओं को रोजगार देगा, बल्कि NGOs और सामाजिक संगठनों के लिए भी एक स्थायी आय (Sustainable Income) का जरिया बन सकता है।
📞 अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
AISEA Academy
08062181066

8
669 views    0 comment
0 Shares

ଚମ୍ପୁଆ : -(୨୩/୦୪) :
ସହରର ବିକାଶ ଓ ଜନସାଧାରଣଙ୍କୁ ମୌଳିକ ସୁବିଧା ଯୋଗାଇଦେବା ପାଇଁ ଚମ୍ପୁଆ NAC କର୍ତ୍ତୃପକ୍ଷ ବଡ଼ ବଡ଼ ଦାବି କରୁଥିବା ବେଳେ ବାସ୍ତବ ଚିତ୍ର କିନ୍ତୁ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ଓଲଟା। ଚମ୍ପୁଆରୁ ଫଗୁ ବ୍ରିଜ୍‌କୁ ସଂଯୋଗ କରୁଥିବା ମୁଖ୍ୟ ରାସ୍ତାର ଅବସ୍ଥା ଏବେ ଅତ୍ୟନ୍ତ ମ୍ରିୟମାଣ ହୋଇପଡ଼ିଛି। ପ୍ରାୟ ଅଧା କିଲୋମିଟର ରାସ୍ତାରେ ଲାଗିଥିବା ଷ୍ଟ୍ରିଟ୍ ଲାଇଟ୍‌ ମଧ୍ୟରୁ ଗୋଟିଏ ହେଲେ ଜଳୁ ନଥିବାରୁ ସନ୍ଧ୍ୟା ହେଲେ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ଅଞ୍ଚଳ ଅନ୍ଧକାରମୟ ହୋଇପଡ଼ୁଛି।​ଉକ୍ତ ରାସ୍ତାଟି ସ୍ଥାନୀୟ ଅଞ୍ଚଳର ବହୁ ବରିଷ୍ଠ ନାଗରିକ ଓ ମହିଳାମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଏକ ପ୍ରମୁଖ ଚଲାପଥ। ପ୍ରତିଦିନ ଶତାଧିକ ଲୋକ ଏଠାରେ ମର୍ଣ୍ଣିଂ ୱାକ୍ ଏବଂ ଇଭିନିଂ ୱାକ୍ କରନ୍ତି। ମାତ୍ର ଆଲୋକ ଅଭାବରୁ ଏବଂ ରାସ୍ତାର ଖରାପ ଅବସ୍ଥା ଯୋଗୁଁ ସେମାନେ ନାହିଁ ନଥିବା ଅସୁବିଧାର ସମ୍ମୁଖୀନ ହେଉଛନ୍ତି। ଅନ୍ଧାର ଯୋଗୁଁ ଯେକୌଣସି ସମୟରେ ବଡ଼ ଧରଣର ଦୁର୍ଘଟଣା ଘଟିବାର ଆଶଙ୍କା ଘେରି ରହିଛି।​ଚମ୍ପୁଆବାସୀ ନିୟମିତ ଭାବେ NAC କୁ ହୋଲଡିଂ ଟ୍ୟାକ୍ସ (Holding Tax) ପ୍ରଦାନ କରୁଛନ୍ତି। ଟ୍ୟାକ୍ସ ଆଦାୟରେ ପ୍ରଶାସନ ତପ୍ତରତା ଦେଖାଉଥିବା ବେଳେ ସର୍ବସାଧାରଣଙ୍କ ସୁବିଧା କଥା ପଚାରେ କିଏ? ଖାଲି ଷ୍ଟ୍ରିଟ୍ ଲାଇଟ୍ ନୁହେଁ, ବରଂ:
​ରାସ୍ତାଘାଟର ଅବସ୍ଥା ଅତ୍ୟନ୍ତ ଶୋଚନୀୟ।
​ନର୍ଦ୍ଦମା ବା ଡ୍ରେନ୍‌ଗୁଡ଼ିକ ନିୟମିତ ସଫା କରାଯାଉ ନାହିଁ।
​ପରିମଳ ବ୍ୟବସ୍ଥା ବିପର୍ଯ୍ୟସ୍ତ ହୋଇପଡ଼ିଛି।
​"ଆମେ ଟ୍ୟାକ୍ସ ଦେଉଛୁ କିନ୍ତୁ ସର୍ବନିମ୍ନ ସୁବିଧା ପାଉନାହୁଁ। ଅନ୍ଧାରରେ ବ୍ରିଜ୍ ଆଡକୁ ଯିବା ଏବେ ବିପଜ୍ଜନକ ହୋଇପଡ଼ିଛି।"
​​ପ୍ରଶାସନର ଏଭଳି ଉଦାସୀନତାକୁ ନେଇ ସ୍ଥାନୀୟ ଲୋକଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ତୀବ୍ର ଅସନ୍ତୋଷ ପ୍ରକାଶ ପାଇଛି। ଚମ୍ପୁଆ NAC କର୍ତ୍ତୃପକ୍ଷ ତୁରନ୍ତ ଏହି ରାସ୍ତାରେ ଷ୍ଟ୍ରିଟ୍ ଲାଇଟ୍ ମରାମତି କରିବା ସହ ରାସ୍ତା ଓ ଡ୍ରେନ୍‌ର ସଫେଇ ଉପରେ ଦୃଷ୍ଟି ଦେବାକୁ ଦାବି ହୋଇଛି।

22
743 views    0 comment
0 Shares

चंदौली। अलीनगर थाना क्षेत्र के एकौनी गांव में बुधवार को एक बाउंड्री के भीतर युवक का अधजला शव मिलने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

*मामले की मुख्य बातें:*
- *मृतक की उम्र*: लगभग 35 साल बताई जा रही है।
- *शव की हालत*: शव का ज्यादातर हिस्सा बुरी तरह जला हुआ है, लेकिन चेहरा आंशिक रूप से सुरक्षित है। इसी से पहचान की कोशिश की जा रही है।
- *पुलिस का बयान*: सीओ अरुण सिंह के मुताबिक पहचान के लिए आसपास के थानों और जनपदों में मृतक की तस्वीर भेजी गई है। गुमशुदगी के मामलों से भी मिलान कराया जा रहा है।
- *प्राथमिक जांच*: पुलिस को शक है कि युवक की हत्या कहीं और करके सबूत मिटाने के लिए शव को सुनसान जगह लाकर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जलाया गया।

*आगे क्या*: पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शव की पहचान के बाद ही साफ होगा कि यह हादसा था या सोची-समझी हत्या।

फिलहाल इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस टीम साक्ष्य जुटाने में लगी है।

13
633 views    0 comment
0 Shares

“ਜਿਵੇਂ ਸਾਇਕਲ ਨੂੰ ਖੜ੍ਹਾ ਕਰਨ ਲਈ ਸਟੈਂਡ ਲੋੜੀਂਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਓਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਇਨਸਾਨ ਨੂੰ ਵੀ ਆਪਣੀ ਗੱਲ ਤੇ ਕਾਇਮ ਰਹਿਣ ਲਈ ਅਸੂਲ, ਹਿੰਮਤ ਅਤੇ ਮਕਸਦ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਸਾਇਕਲ ਬਿਨਾਂ ਸਟੈਂਡ ਦੇ ਚੱਲ ਤਾਂ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਪਰ ਖੜ੍ਹੀ ਨਹੀਂ ਰਹਿ ਸਕਦੀ; ਓਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਬੰਦਾ ਵੀ ਬਿਨਾਂ ਅਸੂਲਾਂ ਦੇ ਜੀ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ ਥਿਰ ਨਹੀਂ ਰਹਿ ਸਕਦਾ।” ਵਿਚਾਰ ਬਹੁਤ ਹੀ ਡੂੰਘੇ ਅਤੇ ਸਾਰਥਕ ਹਨ। ਸਾਈਕਲ ਅਤੇ ਸਟੈਂਡ ਦੀ ਉਦਾਹਰਣ ਦੇ ਕੇ ਇਨਸਾਨੀ ਕਿਰਦਾਰ ਦੀ ਇੱਕ ਬਹੁਤ ਵੱਡੀ ਸੱਚਾਈ ਹੈ। ਅਸੂਲ ਹੀ ਉਹ ਬੁਨਿਆਦ ਹਨ ਜੋ ਇਨਸਾਨ ਨੂੰ ਭੀੜ ਵਿੱਚੋਂ ਵੱਖਰਾ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਇੱਕ ਪਛਾਣ ਦਿੰਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਵਿਚਾਰ ਦੇ ਕੁਝ ਅਹਿਮ ਪਹਿਲੂ: ਸਥਿਰਤਾ (Stability): ਜਿਵੇਂ ਤੁਸੀਂ ਕਿਹਾ, ਬਿਨਾਂ ਸਟੈਂਡ ਦੇ ਸਾਈਕਲ ਡਿੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਉਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਜਿਸ ਇਨਸਾਨ ਦੇ ਜੀਵਨ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਨਿਯਮ ਜਾਂ ਅਸੂਲ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੇ, ਉਹ ਮਾੜੇ ਵਕਤ ਜਾਂ ਲਾਲਚ ਅੱਗੇ ਗੋਡੇ ਟੇਕ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਕਿਰਦਾਰ ਦੀ ਮਜ਼ਬੂਤੀ: ਅਸੂਲਾਂ 'ਤੇ ਡਟੇ ਰਹਿਣਾ ਸੌਖਾ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ। ਇਸ ਲਈ ਹਿੰਮਤ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਕਈ ਵਾਰ ਸੱਚੇ ਰਸਤੇ 'ਤੇ ਚੱਲਦਿਆਂ ਬੰਦਾ ਇਕੱਲਾ ਰਹਿ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਮਕਸਦ ਦੀ ਅਹਿਮੀਅਤ: ਜੇਕਰ ਜੀਵਨ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਵੱਡਾ ਮਕਸਦ ਹੋਵੇ, ਤਾਂ ਅਸੂਲ ਆਪਣੇ ਆਪ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਬਣ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਚੱਲਣਾ (ਜੀਵਨ ਬਤੀਤ ਕਰਨਾ) ਤਾਂ ਹਰ ਕੋਈ ਜਾਣਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਸਿਰ ਉੱਚਾ ਕਰਕੇ ਖੜ੍ਹਨਾ (ਸਵੈ-ਮਾਣ ਨਾਲ ਜਿਉਣਾ) ਸਿਰਫ਼ ਉਹੀ ਜਾਣਦੇ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪੱਲੇ ਅਸੂਲ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਅੱਜ ਦੇ ਦੌਰ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਪ੍ਰਸੰਗਿਕ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ ਲੋਕ ਅਕਸਰ ਫ਼ਾਇਦੇ ਲਈ ਆਪਣੇ ਅਸੂਲ ਬਦਲ ਲੈਂਦੇ ਹਨ। ਇਹ ਵਿਚਾਰ ਕਿਸੇ ਖ਼ਾਸ ਸੰਦਰਭ ਵਿੱਚ ਲਿਖੇ ਹਨ ਇਹ ਜੀਵਨ ਦਾ ਨਿੱਜੀ ਤਜ਼ਰਬਾ ਹੈ । 🍳*ਹਰਬੰਸ ਸਿਘ, ਸਲਾਹਕਾਰ* 🙏🏻 ਸਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਪੰਜਾਬ +91-8054400953,

5
179 views    0 comment
0 Shares

Beware of cloth traders and scammers based in Surat city, Gujarat state!

The person shown in the photo below, posing as a cloth trader from Surat city in Gujarat state, is actually known for duping people. This individual does not own any business establishment of his own. However, he pretends to be a big cloth trader and gives speeches! In reality, he creates cloth trading videos to lure people by calling himself a Gujarat state trader, uploading them on various social media platforms, and after the videos gain good views and mesmerize people, he scams them. The name of the person shown in the said photo and videos, posing as a cloth trader but actually a scammer, is Bhagirathi Singh @ Raju. He has no business establishment, not even any registered business entity. He dupes people by taking their money into his own savings bank account after mesmerizing them. It is advisable to stay cautious of this scammer trader based in Surat city, Gujarat state. If anyone has already fallen victim to this scammer, it is appropriate to file a written complaint at the nearest police station. Additionally, if you receive any information regarding the said scammer, i.e., the trader based in Surat city, Gujarat state, it is appropriate to provide accurate information to the Town Police in Kendujhar district, Odisha state. A complaint has been filed against the said scammer at Kendujhar district Town Police Station. Legal action is underway by Kendujhar Town Police to arrest the said scammer. Share this information with as many people as possible so that the scammer can be arrested soon and cannot dupe anyone else. According to the information received, this person has already duped many people by making excuses, issuing fake notes, betraying trust, committing fraud, and scamming. Therefore, one should exercise caution with such scammers and also alert others.

(Report by- Purushottam Patra, kendujhar, Odisha)

25
931 views    0 comment
0 Shares

2
200 views    0 comment
0 Shares

पलामू: जिले में रंगदारी और जमीन विवाद से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शहर थाना क्षेत्र में जमीन को लेकर 1 करोड़ 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में पुलिस ने अपराधी जय प्रकाश शुक्ला उर्फ जे.पी. शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है।

मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि 21 अप्रैल 2026 को नन्द कुमार यादव ने शहर थाना में लिखित आवेदन देकर रंगदारी मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कांड संख्या 133/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई।


पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हाउसिंग कॉलोनी स्थित उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार, जय प्रकाश शुक्ला का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पलामू, गढ़वा और रांची के विभिन्न थानों में हत्या, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और साक्ष्य के आधार पर जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

8
233 views    0 comment
0 Shares

आज़ भदोही जिले के सभी पदाधिकारी गण के लिए सौभाग्य साली दिन था जिसमें हमारे नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष न्यायिक मानवाधिकार परिषद डॉक्टर श्याम सुन्दर पाण्डेय जी का भव्य स्वागत हुआ, कार्यालय पर सभी पदाधिकारी गण के साथ उनके समक्ष कुछ विशेष चर्चाएं भी हुई, और उनके माध्यम से भदोही टीम को कुछ सीखने को भी मिला, और सभी का उत्साहवर्धन भी हुआ, डॉक्टर जी के, बातों को सुनकर आने वाले समय में भदोही टीम सूर्य के प्रकाश की तरह तेज साबित होगी और कुछ कर दिखाएगी, भदोही टीम आने वाले समय में एक मिसाल तैयार करेगी इतनी बड़ी सशक्त टीम बनकर उभरेगी कि न्यायिक मानवाधिकार परिषद समाज में पीड़ितों शोषितो के सहयोग में मिसाल कायम करेगी , और ईश्वर करें की भदोही टीम के ऊपर सदैव उच्च पदाधिकारियो की छत्रछाया बनी रहे, और उनका मार्गदर्शन समय-समय पर प्राप्त होता रहे, जिससे भदोही टीम एक ऐसे विशाल चोटी के जैसा उभर के सामने आवे की समाज को एक मिसाल दे सके,

उपस्थित रहे पदाधिकारी :-

1:- श्री आशुतोष मिश्रा जी

मंडल अध्यक्ष मिर्जापुर व संयुक्त सचिव उत्तर प्रदेश

2:- श्री लाल जी मिश्रा

जिला प्रभारी भदोही

3:- सुशील कुमार सिंह

जिला कार्यालय प्रभारी भदोही

4:- श्री कृष्णा मौर्य

जिला युवा प्रकोष्ठ महासचिव भदोही

5:- केशव लाल सिंह

जनसंपर्क प्रभारी भदोही

6:- रमेश चंद्र प्रजापति

मुख्य शाखा जनसंपर्क प्रभारी भदोही

7:- जंग बहादुर यादव

जनसंपर्क प्रभारी भदोही

37
1445 views    0 comment
0 Shares

संवाददाता : आकाश सिंह (AIMA) लखीमपुर खीरी।
पलिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकासखंड बिजुआ, बांकेगंज एवं पलिया में विधायक रोमी साहनी ने मानवता और सेवा का परिचय देते हुए अपनी विधायक निधि से दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित कीं। इस सराहनीय पहल से दिव्यांगजनों को अब आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी और वे आत्मनिर्भर जीवन की ओर मजबूत कदम बढ़ा सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान विधायक रोमी साहनी ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरतमंदों की मदद के लिए वह हमेशा तत्पर रहेंगे।
इस दौरान नन्हकी, धर्मेंद्र, पवन कुमार, गुड्डी देवी, अमित कुमार मौर्या, मोहित, सुनील कुमार, मंजीत एवं विपिन कुमार समेत कई दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। ट्राईसाइकिल पाकर लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने विधायक का आभार व्यक्त किया।

4
156 views    0 comment
0 Shares



Activist Kokila Annamalai charged with failing to comply with POFMA order


Kokila Annamalai had said on social media days after receiving the POFMA order that she defied it.

Kokila Annamalai arrives at the State Courts on Apr 23, 2026. (Photo: CNA/Ili Mansor)

SINGAPORE: Activist Kokila Annamalai was charged on Thursday (Apr 23) with failing to comply with a correction direction issued to her in 2024 under the Protection from Online Falsehoods and Manipulation Act (POFMA).

Annamalai, whose full name was listed as Annamalai Kokila Parvathi in court documents, is believed to be the second person charged under POFMA since it became law in 2019. The first, Jay Ish'haq Rajoo, was charged in March over false statements he made on TikTok.

Annamalai, a 37-year-old Singaporean, is accused of failing to comply with a correction direction issued to her on Oct 5, 2024, over posts she made a few days earlier on social media.

The posts were about a drug trafficker on death row named Mohammad Azwan Bohari and he and his family's experience with his scheduled execution dates.

The authorities later said that Annamalai's posts falsely stated that "the government schedules and stays executions arbitrarily without regard for due legal process", and that "the state does not bear the legal burden of providing a drug trafficking charge against the accused person".

Annamalai was issued a correction direction on Oct 5, 2024, to carry correction notices on her posts. She did not comply. Instead, on Oct 22, 2024, she made a post on Facebook saying she defied the POFMA correction direction and stood by "everything" she said in the earlier posts.

Annamalai further alleged that "there are no false facts" in the posts.

She was joined by several supporters at the State Courts on Wednesday, but made no indication of how she would plead.

She will return to court for a pre-trial conference in May.

Annamalai was previously charged in a separate case, along with two other women, for organising a pro-Palestinian procession to the Istana.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

4
262 views    0 comment
0 Shares

ಗೋ ಸಮನಾ ದಿವಸ್: ಸಮಾನತೆ, ಸಹಬಾಳ್ವೆ ಸಂದೇಶ ಸಾರಿದ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮಗಳು
ಏಪ್ರಿಲ್ 27 ರಂದು ಆಚರಿಸಲ್ಪಡುವ ಗೋ ಸಮನಾ ದಿವಸ್ ಅಂಗವಾಗಿ ರಾಜ್ಯದ ವಿವಿಧ ಭಾಗಗಳಲ್ಲಿ ಜಾಗೃತಿ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮಗಳು, ಉಪನ್ಯಾಸಗಳು ಮತ್ತು ಸಮಾನತೆ ಸಂದೇಶ ಸಾರುವ ಸಭೆಗಳು, ಸಮಾಜದಲ್ಲಿ ಸಹಬಾಳ್ವೆ, ಪರಸ್ಪರ ಗೌರವ ಹಾಗೂ ಪರಿಸರ–ಪಶು ಸಂರಕ್ಷಣೆ ಕುರಿತಾಗಿ ಜನರಲ್ಲಿ ಅರಿವು ಮೂಡಿಸುವುದು ಈ ದಿನದ ಉದ್ದೇಶವಾಗಿದ್ದು, ಸಂಘಟನೆಗಳು ಹಾಗೂ ಸಾರ್ವಜನಿಕರು ಉತ್ಸಾಹದಿಂದ ಕೂಡಬೇಕು,
ಶಾಲೆ–ಕಾಲೇಜುಗಳಲ್ಲಿ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳಿಗೆ ವಿಶೇಷ ಉಪನ್ಯಾಸಗಳನ್ನು ಆಯೋಜಿಸಿ, ಗೋವುಗಳ ಸಂರಕ್ಷಣೆ, ಗ್ರಾಮೀಣ ಆರ್ಥಿಕತೆಯಲ್ಲಿ ಅವುಗಳ ಪಾತ್ರ ಮತ್ತು ಪ್ರಕೃತಿ ಸ್ನೇಹಿ ಜೀವನಶೈಲಿಯ ಬಗ್ಗೆ,ಹಲವೆಡೆ ರ‍್ಯಾಲಿಗಳು, ಘೋಷಣೆಗಳು ಹಾಗೂ ಪೋಸ್ಟರ್ ಪ್ರದರ್ಶನಗಳ ಮೂಲಕ ಜನಜಾಗೃತಿ ಮೂಡಿಸಬೇಕು .
ಸಾಮಾಜಿಕ ಮುಖಂಡರು ಮಾತನಾಡಿ, “ಗೋ ಸಮನಾ ದಿವಸ್ ಕೇವಲ ಆಚರಣೆಯ ದಿನವಲ್ಲ, ಸಮಾನತೆ ಮತ್ತು ಸಹಾನುಭೂತಿ ಮನೋಭಾವ ಬೆಳೆಸುವ ಸಂಕಲ್ಪ ದಿನ” ಎಂದು . ರೈತರು ಮತ್ತು ಪಶುಪಾಲಕರಿಗೆ ಸಹಾಯ ಮಾಡುವ ಯೋಜನೆಗಳನ್ನು ಜಾರಿಗೆ ತರಬೇಕು ಎಂಬ ಬೇಡಿಕೆಯೂ ಕೇಳಿಬಂತು.
ಕಾರ್ಯಕ್ರಮವು ಸಂರಕ್ಷಣೆ, ಪಶುಗಳ ಕಾಳಜಿ ಹಾಗೂ ಸಾಮಾಜಿಕ ಏಕತೆ ಕಾಪಾಡುವ ಸಂಕಲ್ಪವನ್ನು ಪಾಲ್ಗೊಂಡವರು ಅನುಶ್ರೀಸಬೇಕು ಎoದು ಕರೆ.

ರಿಪೋರ್ಟ್ : ರಾಘವೇಂದ್ರ. ಕೆ

12
1497 views    0 comment
0 Shares

🚨 बड़ी खबर | ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨

कुर्ला एल विभाग, वार्ड क्रमांक 163, तार गली, अंधेरी-कुर्ला रोड में बड़ा खुलासा!

सूत्रों के मुताबिक एयरपोर्ट अधिकारियों और कुर्ला एल विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से करीब 5000 स्क्वायर फीट का अवैध निर्माण तेजी से किया जा रहा है।

चौंकाने वाली बात यह भी सामने आ रही है कि इस कथित अवैध निर्माण के जरिए लगभग 3 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग होने के आरोप लग रहे हैं।

👉 इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी अगले भाग में सामने लाई जाएगी।

अब बड़ा सवाल: क्या महाराष्ट्र सरकार की संबंधित एजेंसियां इस गंभीर मामले में कार्रवाई करेंगी? या फिर जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने की कोशिश होगी?

✈️ एयरपोर्ट प्रशासन की भूमिका पर भी उठ रहे हैं गंभीर सवाल।

38
2857 views    0 comment
0 Shares

*प्रकाशनार्थ*

*प्रधानमंत्री को खुला पत्र : मोदी जी, कृपया भारत की महिलाओं के लिए आँसू न बहाएँ*
*(लेखिका : बृंदा करात, अनुवाद : संजय पराते)*

*(उस प्रधानमंत्री के नाम एक खुला पत्र, जिन्होंने देश की महिलाओं के साथ कई बार विश्वासघात किया है।)*

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,

महिलाओं के लिए आरक्षण के मुद्दे पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में आपने कहा था कि, “महिलाओं को सत्ता में भागीदारी दिलाने की लड़ाई दशकों से चल रही है... कितनी ही महिलाओं ने मेरे सामने यह विषय उठाया है। कितनी ही बहनों ने मुझे पत्र लिखकर पूरी बात समझाई है।”

मोदी जी, आपके लिए यह एक और पत्र है उस व्यक्ति की ओर से, जो उस "दशकों लंबी लड़ाई" में एक सक्रिय भागीदार रही है, जिसका आपने अपने संबोधन में ज़िक्र किया है। उस ऐतिहासिक लड़ाई का नेतृत्व महिला संगठनों ने किया था ; इसका नेतृत्व पंचायतों में मौजूद उन लाखों महिलाओं ने किया था, जिन्होंने पितृसत्तात्मक संस्कृति से लोहा लेते हुए यह साबित किया है कि वे महज़ "मुखौटे" नहीं हैं। यह लड़ाई हज़ारों-लाखों प्रदर्शनों, रैलियों, विरोध प्रदर्शनों, धरनों और याचिकाओं के ज़रिए लड़ी गई थी। आपने अपने संबोधन में यह भी कहा था, "मैं भी उन लोगों में शामिल रहा हूँ, जिन्होंने इसके लिए प्रयास किए हैं।" नहीं मोदी जी, नहीं, संघर्ष के इन तमाम वर्षों के दौरान हमें आपकी ओर से कभी भी किसी तरह का कोई समर्थन नहीं मिला। आपका यह दावा सच्चाई से उतना ही दूर है, जितना कि गोडसे की विचारधारा गांधी की विचारधारा से दूर थी।

आइए मोदी जी, तथ्यों को प्रचार से अलग करके देखें। लेकिन उससे पहले महिलाओं के "दुख को बांटने" वाले आपके बयान और आपकी इस प्रतिज्ञा कि, "मैं देश की हर महिला को भरोसा दिलाता हूं, हम महिलाओं के आरक्षण की राह में आने वाली हर बाधा को दूर करेंगे", के संदर्भ में यहां एक ठोस सुझाव है, जो आपके दुख और हर बाधा को दूर कर देगा। उस सबसे बड़ी बाधा को हटा दीजिए, जिसे आपकी सरकार द्वारा 2023 में लाए गए 106वें संविधान संशोधन में खड़ा किया गया था। यह संशोधन महिलाओं के आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़ता है। मोदी जी, इस वाक्य को हटा दीजिए, और महिलाओं के लिए आरक्षण कल से ही लागू किया जा सकता है। लेकिन आप ऐसा नहीं करेंगे, मोदी जी। आपकी प्रतिबद्धता कभी भी महिलाओं के आरक्षण के प्रति थी ही नहीं।

आप 2014 में प्रधानमंत्री चुने गए थे। आपकी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का वादा किया था। आपके नेतृत्व वाले गठबंधन ने 336 सीटें जीतीं थीं, जिनमें से आपकी अपनी पार्टी ने 282 सीटें हासिल की थीं। उस समय आपने इस दिशा में क्या "प्रयास" किया था? भारत की महिलाओं को बताइए कि आपने अपने पहले कार्यकाल में महिला आरक्षण विधेयक क्यों पारित नहीं किया? इतना ही नहीं मोदी जी, आपने तो इस विधेयक को सरकारी एजेंडा में शामिल करने से भी इंकार कर दिया था। 2017 के मानसून सत्र में, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के तत्कालीन महासचिव सीताराम येचुरी ने राज्यसभा के सदस्य के तौर पर, महिला आरक्षण विधेयक को सदन की कार्यसूची में शामिल करने की मांग की थी। आपने ऐसा करने से इंकार क्यों किया? जुलाई 2018 में, लोकसभा में सीपीआई(एम) की सांसद पी.के. श्रीमती (जो अब अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की अध्यक्ष हैं) ने इस मुद्दे को उठाया था। उस समय यह मुद्दा बेहद ज़रूरी था, क्योंकि 2019 में होने वाले चुनावों में सिर्फ़ एक साल का समय ही बचा था। कई पार्टियों ने उनका समर्थन किया, लेकिन आपकी सरकार ने उनकी इस अपील को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर दिया था। कई विपक्षी पार्टियों की महिला सांसदों ने संसद के भीतर धरना दिया था और महिला आरक्षण विधेयक को पारित करने की मांग की थी। संसद के बाहर भी, महिलाएं सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही थीं और इस विधेयक को कार्यसूची में शामिल करके पारित करने की मांग कर रही थीं। लेकिन आपने कुछ भी नहीं किया। ऐसा क्यों, मोदी जी? इसका नतीजा यह हुआ कि 2019 के लोकसभा चुनावों में महिलाएं एक-तिहाई आरक्षण से वंचित रह गईं। इस मुद्दे पर यह आपका पहला विश्वासघात था।

2019 में आपने और भी बड़े बहुमत से जीत हासिल की थी ; आपके गठबंधन ने कुल 353 सीटें जीतीं, जिनमें से 303 सीटें आपकी पार्टी को मिली थी। यह एक बहुत बड़ा बहुमत था। आपने इसका इस्तेमाल कैसे किया? आपकी प्राथमिकता कारोबारियों की मदद करना थी। आप मज़दूरों के हितों के खिलाफ़ चार श्रम संहिताएं लेकर आए, और अपने बहुमत का इस्तेमाल करके किसानों के हितों के खिलाफ़ तीन विधेयक पारित करवा दिया। आपने अपने बहुमत का इस्तेमाल 'महिला आरक्षण विधेयक' लाने के लिए क्यों नहीं किया? आपने अपने कार्यकाल के लगभग आखिरी सत्र तक इंतज़ार क्यों किया, ताकि जब आप 'महिला आरक्षण विधेयक' का एक दोषपूर्ण मसौदा लेकर आएं, तो उसे किसी संसदीय समिति के पास भेजने के लिए बिल्कुल भी समय न बचे?

सितंबर 2023 में ही आपने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (एनएसवीए) नाम का एक विधेयक पेश किया था। इस खुले पत्र में आगे चलकर मैं आपके द्वारा चुने गए इस नाम पर फिर से बात करूँगी। कई लोगों ने कहा कि आपकी सरकार यह विधेयक इसलिए लाई थी, ताकि आने वाले 2024 के चुनावों के दौरान उसे इस बात की आलोचना का सामना न करना पड़े कि उसने दूसरी बार अपने वादे से मुँह मोड़ लिया है। लेकिन इस विधेयक का असली एजेंडा तो और भी ज़्यादा बुरा था। एनएसवीए के ज़रिए संविधान में संशोधन करते हुए एक नई धारा 334 (अ) जोड़ी गई, जिसमें यह कहा गया था कि महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था तभी लागू होगी, जब जनगणना और परिसीमन का काम पूरा हो जाएगा। महिलाओं के लिए काम करने वाले संगठनों ने इस शर्त का ज़ोरदार विरोध किया था। हमने यह तर्क दिया था कि महिलाओं के लिए आरक्षण का जनगणना या परिसीमन से कोई लेना-देना नहीं है ; दूसरा, कि इस वजह से 2024 के चुनावों में महिलाओं को आरक्षण के अधिकार से वंचित रहना पड़ेगा ; और तीसरा, कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि यह पूरी प्रक्रिया आखिर कब तक पूरी हो पाएगी। संसद में विपक्षी दलों ने भी इनमें से कई मुद्दों को ज़ोर-शोर से उठाया था। तब आपने और केंद्रीय गृह मंत्री ने यह "गारंटी" दी थी कि 2029 के चुनावों से पहले जनगणना और परिसीमन का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। आखिरकार, इस बिल को मंज़ूरी मिल गई। लेकिन, आपके द्वारा दिए गए उन आश्वासनों में से किसी पर भी अब तक अमल नहीं किया गया है।

मोदी जी, इसकी कीमत महिलाओं को चुकानी पड़ी है।

अगर आपने इस 'लिंकेज' (महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़ने) पर ज़ोर न दिया होता और 2010 वाला विधेयक पेश किया होता —जिसके पक्ष में आपकी अपनी पार्टी ने उस समय वोट दिया था — तो आज लोकसभा में 180 महिलाएँ होतीं। इसके बजाय, उनकी संख्या घटकर सिर्फ़ 74 रह गई है, जो कि 2019 के मुकाबले भी कम है। इस दौरान दस विधानसभा चुनाव हुए हैं। एक-तिहाई होने के बजाय, उनकी संख्या 10% से भी कम है। आपके अपने गृह राज्य गुजरात में, 182 विधानसभा सीटों में से, 2022 में हुए चुनावों में, सिर्फ़ 15 महिलाएँ हैं, यानी लगभग 8 प्रतिशत। संसद में दो-तिहाई बहुमत होने के बावजूद, आपने ऐसा कानून बनाने से इंकार कर दिया, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो सकता था। मोदी जी, यह आपका दूसरा विश्वासघात था।

राज्यों के महत्वपूर्ण चुनावों के बीच, 16 अप्रैल को, आपने महिला आरक्षण के मुद्दे पर संवैधानिक संशोधनों का एक नया सेट पारित करवाने के लिए संसद सत्र को आगे बढ़ा दिया। विपक्षी दलों के साथ न तो कोई पूर्व चर्चा हुई और न ही महिला संगठनों के साथ कोई परामर्श किया गया। सदन में ये संवैधानिक संशोधन पारित नहीं हो सके। महिला आरक्षण के मुद्दे का इस्तेमाल करके, 2011 की पुरानी जनगणना के आधार पर परिसीमन के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने की आपकी चाल नाकाम हो गई। अब यह साफ़ है कि आपकी सरकार ने जान-बूझकर जनगणना की प्रक्रिया शुरू नहीं की, क्योंकि आपने शुरू से ही इस चालबाजी की योजना बना रखी थी। मोदी जी, यह आपका तीसरा विश्वासघात था।

आप संसद में सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करना चाहते थे। अपने संबोधन में आपने कहा, “नारी शक्ति वंदन संशोधन का मकसद किसी से कुछ छीनना नहीं था। नारी शक्ति वंदन संशोधन का मकसद तो सबको कुछ देना था ; यह देने के लिए किया गया एक संशोधन था।” दूसरे शब्दों में कहें तो, राजनीति में पितृसत्ता को छेड़ा नहीं जाना है — पुरुषों के पास ही सत्ता बनी रहे, उनकी संख्या बढ़ती रहे — और महिलाएँ बस एक ‘अतिरिक्त’ के तौर पर शामिल हो जाएँ। आपने अपनी ही पार्टी के भीतर मौजूद उस सामंती और जातिवादी ‘सरदारों’ वाले विपक्ष के साथ समझौता कर लिया, जो अपनी-अपनी ‘रियासतें’ चलाते हैं और जो महिलाओं के लिए आरक्षण के सबसे बड़े विरोधी रहे हैं। सीटों की संख्या बढ़ा देने से, उनकी स्थिति पर कोई आँच नहीं आती।

इसके अलावा, मनुवादी दृष्टिकोण भी स्पष्ट है। क्या यह सच नहीं है कि 2011 की जनगणना का इस्तेमाल करके, आपने दलित और आदिवासी महिलाओं को उनके लिए आरक्षित सीटों में उनके हक के हिस्से से वंचित कर दिया होता? 2001 और 2026 के बीच अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की आबादी बढ़ी है, इसलिए उनकी सीटों का अनुपात भी बढ़ना चाहिए। लेकिन आपका प्रस्ताव उन्हें इस अधिकार से वंचित कर देता।

और आखिर में, आइए हम परिसीमन और सीटों की संख्या बढ़ाने के मुद्दे पर आते हैं। इस पर अलग से चर्चा की जाए। राज्यों की आबादी को आनुपातिक हिस्से का आधार नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि ऐसा करने से राज्यों को उनके विकास के लिए दंडित किया जाएगा। तो फिर आधार क्या हो सकता है? इस पर चर्चा और परामर्श होना चाहिए। वैसे भी, इसका महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है।

महिलाएँ इस बात से खुश हैं कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर आपकी हेरा-फेरी नाकाम रही। आप विपक्ष पर "पाप" करने का, "भ्रूण हत्या" करने का आरोप लगा रहे हैं, जिसके लिए उन्हें "सज़ा मिलेगी।" मोदी जी, अपने शब्दों का इस्तेमाल ज़रा सोच-समझकर कीजिए। अगर आपको ऐसी अशोभनीय उपमाएँ देनी ही हैं, तो आपको यह पता होना चाहिए कि वहाँ कोई भ्रूण नहीं था। वहाँ तो 2010 के आरक्षण विधेयक के रूप में एक पूरी तरह से विकसित "अस्तित्व" था, जिसके पक्ष में आपकी पार्टी ने वोट दिया था। आपने उस अस्तित्व को दफ़ना दिया। अगर कोई पाप है, तो वह यही है।

महिलाएँ आपकी सरकार द्वारा किए गए लगातार विश्वासघातों से तंग आ चुकी हैं। इसे "वंदन" का नाम न दें। हम सम्मान नहीं, बल्कि अपने अधिकार चाहते हैं। हमारी यह माँग इस दृढ़ विश्वास पर आधारित है कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी में संवैधानिक रूप से अनिवार्य वृद्धि भारत में लोकतंत्र को और अधिक मज़बूत करेगी। हम जाति जनगणना की माँग का समर्थन करते हैं। एक ऐसी माँग है, जिससे आप बचना चाहते हैं, क्योंकि आप नहीं चाहते कि भारत में मौजूद जातीय असमानताओं का सच अकाट्य आँकड़ों के माध्यम से दर्ज हो और उन पर उचित कार्रवाई की जाए।

और मोदी जी, कृपया हमारे लिए आँसू मत बहाइए – बस वैसा कीजिए, जैसा आपको 2014 में करना चाहिए था : संसद के अगले सत्र में बिना किसी शर्त या रोक-टोक के 'महिला आरक्षण बिल' लाइए, ताकि इसे अगले चुनावों में लागू किया जा सके। हमें दिखावा नहीं, काम चाहिए।

भवदीय,
*बृंदा करात*

*(पत्र-लेखिका राज्यसभा की पूर्व सांसद, माकपा पोलिट ब्यूरो की पूर्व सदस्य तथा देश में जनवादी महिला आंदोलन की वरिष्ठ नेत्री हैं। अनुवादक अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष हैं। संपर्क : 94242-31650)*
*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

6
155 views    0 comment
0 Shares

4
146 views    0 comment
0 Shares

16
2530 views    0 comment
0 Shares

4
233 views    0 comment
0 Shares

“जैसे साइकिल को खड़ा करने के लिए स्टैंड की ज़रूरत होती है, वैसे ही इंसान को भी अपनी बातों पर खड़े रहने के लिए उसूलों, हिम्मत और मकसद की ज़रूरत होती है। साइकिल बिना स्टैंड के चल सकती है, लेकिन खड़ी नहीं हो सकती; वैसे ही इंसान बिना उसूलों के भी जी सकता है, लेकिन ज़िंदगी में स्थिर नहीं रह सकता।” विचार बहुत गहरे और मतलब वाले हैं। साइकिल और स्टैंड का उदाहरण देकर इंसान के कैरेक्टर के बारे में एक बड़ी सच्चाई बताई गई है। उसूल ही वह बुनियाद हैं जो इंसान को भीड़ से अलग करती हैं और उसे एक पहचान देती हैं। इस विचार के कुछ ज़रूरी पहलू: स्थिरता: जैसा आपने कहा, बिना स्टैंड के साइकिल गिर जाती है, वैसे ही जिस इंसान की ज़िंदगी में कोई नियम या उसूल नहीं होते, वह बुरे समय या लालच के आगे झुक जाता है। चरित्र की मज़बूती: उसूलों पर टिके रहना आसान नहीं है। इसके लिए हिम्मत चाहिए, क्योंकि कभी-कभी इंसान सच्चे रास्ते पर चलते हुए अकेला रह जाता है। मकसद की अहमियत: अगर ज़िंदगी में कोई बड़ा मकसद हो, तो उसूल अपने आप ज़िंदगी का हिस्सा बन जाते हैं। चलना (ज़िंदगी जीना) तो सबको आता है, लेकिन जिसके उसूल होते हैं, वही सिर ऊँचा करके खड़ा होना (आत्म-सम्मान के साथ जीना) जानता है। यह आज के ज़माने में बहुत काम का है, जहाँ लोग अक्सर फ़ायदे के लिए अपने उसूल बदल लेते हैं। ये विचार एक खास संदर्भ में लिखे गए हैं; ये ज़िंदगी का एक निजी अनुभव है।
🍳*हरबंस सिंह, एडवाइजर* 🙏🏻 शहीद भगत सिंह एसोसिएशन पंजाब +91-8054400953,

2
156 views    0 comment
0 Shares


जमशेदपुर में लगातार बढ़ रहे चापड़ हमलों ने कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। अब इस खतरे पर लगाम कसने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। नए सिटी एसपी ललित मीणा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई कड़े और ठोस कदम उठाने की शुरुआत कर दी है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री पर कड़ा शिकंजा

पुलिस अब सिर्फ स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी चापड़ की बिक्री रोकने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जल्द ही ई-कॉमर्स कंपनियों को पत्र भेजकर इस तरह के हथियारों की बिक्री बंद करने का निर्देश दिया जाएगा।

साथ ही शहर के दुकानदारों को भी सख्त निर्देश दिए जाएंगे कि:

चापड़ बेचने से पहले खरीदार का पूरा सत्यापन करें

हर चापड़ के हैंडल (बट्ट) को अलग-अलग रंगों से कोड करें

इस नई व्यवस्था से पुलिस को किसी भी वारदात के बाद आरोपी की पहचान करने में काफी मदद मिलेगी।

छोटे-बड़े हमले में नहीं होगा फर्क

पुलिस ने साफ कर दिया है कि चापड़ से किए गए हमले को हल्के में नहीं लिया जाएगा।
अब चाहे हमला छोटा हो या बड़ा—हर मामले को सीधे हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज किया जाएगा। इससे अपराधियों में डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

सभी थाना क्षेत्रों में चलेगा विशेष अभियान

आने वाले दिनों में जमशेदपुर के सभी थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत:

अवैध हथियारों की जांच

चापड़ की उपलब्धता कम करना

संदिग्ध गतिविधियों पर नजर

अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई

अपराध पर रोक लगाने की बड़ी रणनीति

पुलिस का मानना है कि चापड़ जैसे धारदार हथियारों की आसान उपलब्धता ही इन हमलों की बड़ी वजह बन रही है। ऐसे में सप्लाई चेन को तोड़कर और सख्त कानूनी कार्रवाई के जरिए ही इस पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

संदेश साफ: अब बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी

सिटी एसपी की इस सख्त पहल से यह साफ संकेत दिया गया है कि अब जमशेदपुर में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की इस नई रणनीति से उम्मीद है कि शहर में बढ़ते चापड़ हमलों पर जल्द ही प्रभावी नियंत्रण देखने को मिलेगा।

1
197 views    0 comment
0 Shares

*प्रकाशनार्थ*
*नारी वंदन के भाजपाई तरीके और प्रधानमंत्री की जुगाली*
*(आलेख : एम.ए. बेबी, अनुवाद : संजय पराते)*

17 अप्रैल को प्रधानमंत्री को संसद में एक बड़ा झटका लगा। इसके बाद, प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक प्रसारक, दूरदर्शन का दुरुपयोग करके राष्ट्र के नाम अपने तथाकथित संबोधन को प्रसारित किया, जो कि आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का घोर उल्लंघन है। यह उल्लंघन ऐसे समय में किया गया है, जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं, और आदर्श आचार संहिता अभी भी पूरी तरह से लागू है।

संविधान संशोधन विधेयक को पेश करना अपने आप में आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन था, क्योंकि चुनावी प्रक्रिया अभी भी जारी थी। भाजपा की अपनी राजनीतिक गणना के अलावा, संसद का विशेष सत्र बुलाने का कोई और कारण नहीं था। यह विधेयक और इसके साथ आए दो अन्य विधेयक, जो इस पैकेज का हिस्सा थे, आसानी से 12 और दिनों तक इंतज़ार कर सकते थे।

खैर, लोकसभा में हुई घोर अपमानजनक स्थिति के बाद, प्रधानमंत्री का भाषण अपना चेहरा बचाने की एक नाकाम कोशिश के अलावा और कुछ नहीं था ; और यह तब हुआ, जब विपक्ष की एकता के चलते उनका संविधान संशोधन विधेयक गिर गया था। सरासर यह एक बिना सोचे-समझे दिया गया राजनीतिक भाषण था। उन्होंने विपक्षी दलों को निशाना बनाया, उनके नाम लिए और सत्ताधारी दल के पक्ष में जनमत को प्रभावित करने की कोशिश की। लेकिन हमारे देश की जनता — खासकर महिलाएँ — उनकी इस बेतुकी नौटंकी को अच्छी तरह समझ गई हैं!

अपने पूरे भाषण के दौरान, प्रधानमंत्री भारतीय महिलाओं को माँ, बहन और बेटी के रूप में ही संबोधित करते रहे। ऐसा लग रहा था, मानो वे इस देश के समाज, अर्थव्यवस्था और राजनीति में महिलाओं को बराबर का भागीदार मानने के लिए तैयार ही नहीं है। इस बात को स्वीकार न करने की उनकी अनिच्छा इस तथ्य से और भी ज़्यादा साफ़ हो गई है कि उनकी सरकार संसद और राज्य विधानसभाओं में पहले से मौजूद सीटों की संख्या के भीतर ही महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने को तैयार नहीं थी। उन्होंने भारतीय महिलाओं से साफ़-साफ़ कह दिया कि देश के फ़ैसले लेने की प्रक्रिया में उन्हें अपना उचित हिस्सा तभी मिल सकता है, जब फ़ैसले लेने वालों की संख्या बढ़ाई जाए। प्रधानमंत्री की यह स्वीकारोक्ति उन कई बेहद परेशान करने वाली घटनाओं के साथ बिल्कुल मेल खाती है, जो उनके अपने शासनकाल में महिलाओं को न्याय दिलाने के मामले में व्यवस्थागत विफलताओं, राजनीतिक चुप्पी और, कभी-कभी, तो साफ़-साफ़ मिलीभगत को भी उजागर करती हैं।

*बिलकिस बानो और उससे आगे : यही है भाजपा का 'नारी वंदन'

बिलकिस बानो का ही मामला ले लीजिए, जिनका 2002 के दंगों के दौरान हुआ सामूहिक बलात्कार, क्रूरता और जुझारूपन, दोनों का प्रतीक बन गया था। 2022 में, उनके दोषी बलात्कारियों की सज़ा माफ़ करके उन्हें रिहा किया गया, और उसके बाद भाजपा नेताओं ने माला पहनाकर उनका सार्वजनिक रूप से स्वागत किया। इस घटना ने एक बेहद डरावना संदेश दिया कि आख़िर किसका न्याय मायने रखता है। मोदी और उनके साथियों की चुप्पी ने इस ज़ख्म को और भी गहरा कर दिया। उन्नाव में, बलात्कार की उस पीड़िता को — जिसने भाजपा के एक ताक़तवर विधायक पर आरोप लगाया था — धमकियों को झेलना पड़ा, एक संदिग्ध सड़क दुर्घटना, जिसमें उसके रिश्तेदारों की जान चली गई, का शिकार होना पड़ा और न्याय के लिए एक लंबी लड़ाई का सामना करना पड़ा। इसी तरह, कठुआ मामले में — जहाँ आठ साल की एक बच्ची के साथ बेरहमी से बलात्कार करके उसकी हत्या कर दी गई थी — भाजपा के राजनीतिक नेताओं को आरोपियों के बचाव में रैलियाँ निकालते हुए देखा गया। ये महज़ अपराध नहीं थे ; ये ऐसे पल थे, जिन्होंने हमारे देश के नेताओं की नैतिक दृढ़ता की परीक्षा ली, और यह भी बेनकाब कर दिया कि उनमें नैतिकता पूरी तरह से नदारद है।

उत्तराखंड में 18 साल की अंकिता भंडारी की हत्या ने एक और कड़वी सच्चाई को उजागर किया है ; महिलाओं के खिलाफ हिंसा करने वालों और राजनीतिक रसूख रखने वाले लोगों के बीच के संबंधों को। राज्य की भाजपा सरकार द्वारा इस मामले को जिस धीमी गति और अपारदर्शी तरीके से संभाला गया, उससे इस बात पर गंभीर चिंता पैदा हो गई हैं कि क्या राजनीतिक दबाव के आगे न्याय झुक जाता है, क्योंकि आरोपी ऐसे परिवारों से थे, जिनके संबंध भाजपा से थे। उतनी ही परेशान करने वाली बात भाजपा सरकारों द्वारा गुरमीत राम रहीम सिंह और आसाराम बापू जैसे दोषी 'धर्मगुरुओं' के प्रति दिखाई गई नरमी का रवैया है। बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में दोषी ठहराए जाने के बावजूद, उन्हें बार-बार पैरोल दिया जाना न्याय व्यवस्था में लोगों के भरोसे को कमज़ोर करता है और यौन अपराधियों को भाजपा द्वारा दिए जा रहे राजनीतिक संरक्षण पर वाजिब सवाल खड़े करता है।

*महिलाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनकर आरक्षण की जुगाली*

राजधानी के करीब, विरोध प्रदर्शन कर रही महिलाओं के साथ किया जाने वाला बर्ताव — चाहे वे जवाबदेही की मांग करने वाली पहलवान हों या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में अपनी शिकायतों के निवारण की मांग करने वाले मजदूर — यह दिखाता है कि सरकार महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने में ज़्यादा दिलचस्पी रखती है। महिलाओं को पीटे जाने, घसीटे जाने, हिरासत में लिए जाने और चुप कराए जाने की तस्वीरें, महिलाओं के सशक्तिकरण के सरकारी दावों के बिल्कुल विपरीत हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद, ज़्यादातर राज्यों में मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं के नाम हटाए जाने की चिंता, चुपके-चुपके और खतरनाक तरीके से उनका मताधिकार छीनने की ओर इशारा करती हैं। जब महिलाओं को लोकतांत्रिक भागीदारी से बाहर कर दिया जाता है, तो उनकी सुरक्षा और अधिकार और भी ज़्यादा खतरे में पड़ जाते हैं।

लगभग तीन सालों से, भाजपा सरकार मणिपुर की महिलाओं को इंसाफ़ दिलाने में नाकाम रही है। वहाँ बलात्कार की घटनाएँ लगातार हो रही हैं और राज्य में महिलाओं के लिए बनी हेल्पलाइन पर काम का बोझ बहुत ज़्यादा है। मणिपुर से सामने आई दिल दहला देने वाली कहानियों ने, जिनमें महिलाओं को नग्न अवस्था में घुमाने के वीडियो भी शामिल थे, पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। फिर भी, इस मामले में तुरंत जवाबदेही की कमी और देर से की गई कार्रवाई ने, देश के शासन के सर्वोच्च स्तरों पर मौजूद उस उदासीनता की धारणा को ही और मज़बूत किया है, जो तब देखने को मिलती है, जब लोगों के असल ज़िंदगी के मुद्दे भाजपा की राजनीतिक प्राथमिकताओं से मेल नहीं खाते। ये सभी बातें एक साफ़ पैटर्न की ओर इशारा करती हैं कि शासन का एक ऐसा ढाँचा मौजूद है, जहाँ महिलाओं की सुरक्षा को अक्सर राजनीतिक सहूलियत के आगे गौण मान लिया जाता है, जहाँ आक्रोश भी चुनिंदा होता है, और जहाँ इंसाफ़ भी एक जैसा नहीं मिलता।

*महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन था मकसद*

आम तौर पर वामपंथी दल, और विशेष रूप से सीपीआई(एम), देश में लैंगिक न्याय सुनिश्चित करने की लड़ाई में हमेशा सबसे आगे रहे हैं। गीता मुखर्जी समिति की सिफ़ारिशों ने ही लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का आधार तैयार किया था। हमने संविधान (108वाँ संशोधन) विधेयक, 2010 का ज़ोरदार समर्थन किया था, जिसे राज्यसभा ने पारित कर दिया था। भाजपा सरकार को जो करना चाहिए था, वह यह था कि वह उस विधेयक को लोकसभा में भी पेश करती।

बहरहाल, भाजपा की दिलचस्पी हमेशा से मुख्य रूप से अपने संकीर्ण राजनीतिक एजेंडे को साधने में ही रही है। यही वजह है कि वे 2023 में संविधान (128वाँ संशोधन) विधेयक लेकर आए। वामपंथी दलों समेत पूरे विपक्ष ने दोनों सदनों में इसका समर्थन किया, ताकि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत सुनिश्चित किया जा सके। इसके बावजूद, भाजपा ने इसे आगामी जनगणना से जोड़ दिया, जो अभी चल रही है। वरना, 2024 के आम चुनावों में ही महिलाओं को उनके लिए आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने का अवसर मिल गया होता। हालाँकि, पूरे विपक्ष ने यही माँग की थी, फिर भी भाजपा ने ऐसा क्यों नहीं किया?

इस बार वे असल में परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहते थे, और महिलाओं के लिए आरक्षण तो बस उनकी एक राजनीतिक आड़ थी! यह एक बेहद कुटिल चाल थी, जिसका मकसद संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में इस तरह हेर-फेर करना था कि संघ परिवार को अनुचित लाभ मिल सके। वे जम्मू-कश्मीर और असम में सीमित पैमाने पर ऐसा पहले ही कर चुके हैं। 1971 की जनगणना के आधार पर होने वाले परिसीमन पर रोक लगा दी गई थी, क्योंकि उसके बाद 1976 में राष्ट्रीय जनसंख्या नीति की घोषणा की गई थी। पाँच दशकों के बाद, जिन राज्यों की जनसंख्या दूसरों के मुकाबले तेज़ी से बढ़ी है, उन्हें इस बात की चिंता है कि 'एक वोट, एक मूल्य' का सिद्धांत अब बेमानी होता जा रहा है, क्योंकि उनके सांसदों और विधायकों को अब कहीं ज़्यादा लोगों का प्रतिनिधित्व करना पड़ रहा है। लेकिन परिसीमन की कोई भी ऐसी प्रक्रिया, जो उन राज्यों की वास्तविक चिंताओं का समाधान न करे —जिनके मौजूदा आनुपातिक प्रतिनिधित्व में संसद में कमी आने का खतरा है, और वह भी सिर्फ इसलिए, क्योंकि उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के उपायों को ईमानदारी से लागू करने के लिए सचेत प्रयास किए थे — अत्यंत अन्यायपूर्ण होगी।

संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण को बिना किसी परिसीमन या जनगणना से जोड़े, तुरंत लागू किया जा सकता है और किया भी जाना चाहिए। दूसरों की तुलना में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के प्रति अधिक प्रतिबद्ध होने का दिखावा करना महज़ एक छलावा है। 'नारी शक्ति वंदन' का जाप करना एक अर्थहीन बयानबाज़ी है।

*[लेखक सीपीआई(एम) के महासचिव, राज्य सभा के पूर्व सदस्य और केरल के पूर्व शिक्षा मंत्री हैं। अनुवादक अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष हैं। संपर्क : 94242-31650]*
*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

9
297 views    0 comment
0 Shares

*प्रकाशनार्थ*

*नारी वंदन के भाजपाई तरीके और प्रधानमंत्री की जुगाली*
*(आलेख : एम.ए. बेबी, अनुवाद : संजय पराते)*

17 अप्रैल को प्रधानमंत्री को संसद में एक बड़ा झटका लगा। इसके बाद, प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक प्रसारक, दूरदर्शन का दुरुपयोग करके राष्ट्र के नाम अपने तथाकथित संबोधन को प्रसारित किया, जो कि आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का घोर उल्लंघन है। यह उल्लंघन ऐसे समय में किया गया है, जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं, और आदर्श आचार संहिता अभी भी पूरी तरह से लागू है।

संविधान संशोधन विधेयक को पेश करना अपने आप में आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन था, क्योंकि चुनावी प्रक्रिया अभी भी जारी थी। भाजपा की अपनी राजनीतिक गणना के अलावा, संसद का विशेष सत्र बुलाने का कोई और कारण नहीं था। यह विधेयक और इसके साथ आए दो अन्य विधेयक, जो इस पैकेज का हिस्सा थे, आसानी से 12 और दिनों तक इंतज़ार कर सकते थे।

खैर, लोकसभा में हुई घोर अपमानजनक स्थिति के बाद, प्रधानमंत्री का भाषण अपना चेहरा बचाने की एक नाकाम कोशिश के अलावा और कुछ नहीं था ; और यह तब हुआ, जब विपक्ष की एकता के चलते उनका संविधान संशोधन विधेयक गिर गया था। सरासर यह एक बिना सोचे-समझे दिया गया राजनीतिक भाषण था। उन्होंने विपक्षी दलों को निशाना बनाया, उनके नाम लिए और सत्ताधारी दल के पक्ष में जनमत को प्रभावित करने की कोशिश की। लेकिन हमारे देश की जनता — खासकर महिलाएँ — उनकी इस बेतुकी नौटंकी को अच्छी तरह समझ गई हैं!

अपने पूरे भाषण के दौरान, प्रधानमंत्री भारतीय महिलाओं को माँ, बहन और बेटी के रूप में ही संबोधित करते रहे। ऐसा लग रहा था, मानो वे इस देश के समाज, अर्थव्यवस्था और राजनीति में महिलाओं को बराबर का भागीदार मानने के लिए तैयार ही नहीं है। इस बात को स्वीकार न करने की उनकी अनिच्छा इस तथ्य से और भी ज़्यादा साफ़ हो गई है कि उनकी सरकार संसद और राज्य विधानसभाओं में पहले से मौजूद सीटों की संख्या के भीतर ही महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने को तैयार नहीं थी। उन्होंने भारतीय महिलाओं से साफ़-साफ़ कह दिया कि देश के फ़ैसले लेने की प्रक्रिया में उन्हें अपना उचित हिस्सा तभी मिल सकता है, जब फ़ैसले लेने वालों की संख्या बढ़ाई जाए। प्रधानमंत्री की यह स्वीकारोक्ति उन कई बेहद परेशान करने वाली घटनाओं के साथ बिल्कुल मेल खाती है, जो उनके अपने शासनकाल में महिलाओं को न्याय दिलाने के मामले में व्यवस्थागत विफलताओं, राजनीतिक चुप्पी और, कभी-कभी, तो साफ़-साफ़ मिलीभगत को भी उजागर करती हैं।

*बिलकिस बानो और उससे आगे : यही है भाजपा का 'नारी वंदन'

बिलकिस बानो का ही मामला ले लीजिए, जिनका 2002 के दंगों के दौरान हुआ सामूहिक बलात्कार, क्रूरता और जुझारूपन, दोनों का प्रतीक बन गया था। 2022 में, उनके दोषी बलात्कारियों की सज़ा माफ़ करके उन्हें रिहा किया गया, और उसके बाद भाजपा नेताओं ने माला पहनाकर उनका सार्वजनिक रूप से स्वागत किया। इस घटना ने एक बेहद डरावना संदेश दिया कि आख़िर किसका न्याय मायने रखता है। मोदी और उनके साथियों की चुप्पी ने इस ज़ख्म को और भी गहरा कर दिया। उन्नाव में, बलात्कार की उस पीड़िता को — जिसने भाजपा के एक ताक़तवर विधायक पर आरोप लगाया था — धमकियों को झेलना पड़ा, एक संदिग्ध सड़क दुर्घटना, जिसमें उसके रिश्तेदारों की जान चली गई, का शिकार होना पड़ा और न्याय के लिए एक लंबी लड़ाई का सामना करना पड़ा। इसी तरह, कठुआ मामले में — जहाँ आठ साल की एक बच्ची के साथ बेरहमी से बलात्कार करके उसकी हत्या कर दी गई थी — भाजपा के राजनीतिक नेताओं को आरोपियों के बचाव में रैलियाँ निकालते हुए देखा गया। ये महज़ अपराध नहीं थे ; ये ऐसे पल थे, जिन्होंने हमारे देश के नेताओं की नैतिक दृढ़ता की परीक्षा ली, और यह भी बेनकाब कर दिया कि उनमें नैतिकता पूरी तरह से नदारद है।

उत्तराखंड में 18 साल की अंकिता भंडारी की हत्या ने एक और कड़वी सच्चाई को उजागर किया है ; महिलाओं के खिलाफ हिंसा करने वालों और राजनीतिक रसूख रखने वाले लोगों के बीच के संबंधों को। राज्य की भाजपा सरकार द्वारा इस मामले को जिस धीमी गति और अपारदर्शी तरीके से संभाला गया, उससे इस बात पर गंभीर चिंता पैदा हो गई हैं कि क्या राजनीतिक दबाव के आगे न्याय झुक जाता है, क्योंकि आरोपी ऐसे परिवारों से थे, जिनके संबंध भाजपा से थे। उतनी ही परेशान करने वाली बात भाजपा सरकारों द्वारा गुरमीत राम रहीम सिंह और आसाराम बापू जैसे दोषी 'धर्मगुरुओं' के प्रति दिखाई गई नरमी का रवैया है। बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में दोषी ठहराए जाने के बावजूद, उन्हें बार-बार पैरोल दिया जाना न्याय व्यवस्था में लोगों के भरोसे को कमज़ोर करता है और यौन अपराधियों को भाजपा द्वारा दिए जा रहे राजनीतिक संरक्षण पर वाजिब सवाल खड़े करता है।

*महिलाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनकर आरक्षण की जुगाली*

राजधानी के करीब, विरोध प्रदर्शन कर रही महिलाओं के साथ किया जाने वाला बर्ताव — चाहे वे जवाबदेही की मांग करने वाली पहलवान हों या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में अपनी शिकायतों के निवारण की मांग करने वाले मजदूर — यह दिखाता है कि सरकार महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने में ज़्यादा दिलचस्पी रखती है। महिलाओं को पीटे जाने, घसीटे जाने, हिरासत में लिए जाने और चुप कराए जाने की तस्वीरें, महिलाओं के सशक्तिकरण के सरकारी दावों के बिल्कुल विपरीत हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद, ज़्यादातर राज्यों में मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं के नाम हटाए जाने की चिंता, चुपके-चुपके और खतरनाक तरीके से उनका मताधिकार छीनने की ओर इशारा करती हैं। जब महिलाओं को लोकतांत्रिक भागीदारी से बाहर कर दिया जाता है, तो उनकी सुरक्षा और अधिकार और भी ज़्यादा खतरे में पड़ जाते हैं।

लगभग तीन सालों से, भाजपा सरकार मणिपुर की महिलाओं को इंसाफ़ दिलाने में नाकाम रही है। वहाँ बलात्कार की घटनाएँ लगातार हो रही हैं और राज्य में महिलाओं के लिए बनी हेल्पलाइन पर काम का बोझ बहुत ज़्यादा है। मणिपुर से सामने आई दिल दहला देने वाली कहानियों ने, जिनमें महिलाओं को नग्न अवस्था में घुमाने के वीडियो भी शामिल थे, पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। फिर भी, इस मामले में तुरंत जवाबदेही की कमी और देर से की गई कार्रवाई ने, देश के शासन के सर्वोच्च स्तरों पर मौजूद उस उदासीनता की धारणा को ही और मज़बूत किया है, जो तब देखने को मिलती है, जब लोगों के असल ज़िंदगी के मुद्दे भाजपा की राजनीतिक प्राथमिकताओं से मेल नहीं खाते। ये सभी बातें एक साफ़ पैटर्न की ओर इशारा करती हैं कि शासन का एक ऐसा ढाँचा मौजूद है, जहाँ महिलाओं की सुरक्षा को अक्सर राजनीतिक सहूलियत के आगे गौण मान लिया जाता है, जहाँ आक्रोश भी चुनिंदा होता है, और जहाँ इंसाफ़ भी एक जैसा नहीं मिलता।

*महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन था मकसद*

आम तौर पर वामपंथी दल, और विशेष रूप से सीपीआई(एम), देश में लैंगिक न्याय सुनिश्चित करने की लड़ाई में हमेशा सबसे आगे रहे हैं। गीता मुखर्जी समिति की सिफ़ारिशों ने ही लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का आधार तैयार किया था। हमने संविधान (108वाँ संशोधन) विधेयक, 2010 का ज़ोरदार समर्थन किया था, जिसे राज्यसभा ने पारित कर दिया था। भाजपा सरकार को जो करना चाहिए था, वह यह था कि वह उस विधेयक को लोकसभा में भी पेश करती।

बहरहाल, भाजपा की दिलचस्पी हमेशा से मुख्य रूप से अपने संकीर्ण राजनीतिक एजेंडे को साधने में ही रही है। यही वजह है कि वे 2023 में संविधान (128वाँ संशोधन) विधेयक लेकर आए। वामपंथी दलों समेत पूरे विपक्ष ने दोनों सदनों में इसका समर्थन किया, ताकि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत सुनिश्चित किया जा सके। इसके बावजूद, भाजपा ने इसे आगामी जनगणना से जोड़ दिया, जो अभी चल रही है। वरना, 2024 के आम चुनावों में ही महिलाओं को उनके लिए आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने का अवसर मिल गया होता। हालाँकि, पूरे विपक्ष ने यही माँग की थी, फिर भी भाजपा ने ऐसा क्यों नहीं किया?

इस बार वे असल में परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहते थे, और महिलाओं के लिए आरक्षण तो बस उनकी एक राजनीतिक आड़ थी! यह एक बेहद कुटिल चाल थी, जिसका मकसद संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में इस तरह हेर-फेर करना था कि संघ परिवार को अनुचित लाभ मिल सके। वे जम्मू-कश्मीर और असम में सीमित पैमाने पर ऐसा पहले ही कर चुके हैं। 1971 की जनगणना के आधार पर होने वाले परिसीमन पर रोक लगा दी गई थी, क्योंकि उसके बाद 1976 में राष्ट्रीय जनसंख्या नीति की घोषणा की गई थी। पाँच दशकों के बाद, जिन राज्यों की जनसंख्या दूसरों के मुकाबले तेज़ी से बढ़ी है, उन्हें इस बात की चिंता है कि 'एक वोट, एक मूल्य' का सिद्धांत अब बेमानी होता जा रहा है, क्योंकि उनके सांसदों और विधायकों को अब कहीं ज़्यादा लोगों का प्रतिनिधित्व करना पड़ रहा है। लेकिन परिसीमन की कोई भी ऐसी प्रक्रिया, जो उन राज्यों की वास्तविक चिंताओं का समाधान न करे —जिनके मौजूदा आनुपातिक प्रतिनिधित्व में संसद में कमी आने का खतरा है, और वह भी सिर्फ इसलिए, क्योंकि उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के उपायों को ईमानदारी से लागू करने के लिए सचेत प्रयास किए थे — अत्यंत अन्यायपूर्ण होगी।

संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण को बिना किसी परिसीमन या जनगणना से जोड़े, तुरंत लागू किया जा सकता है और किया भी जाना चाहिए। दूसरों की तुलना में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के प्रति अधिक प्रतिबद्ध होने का दिखावा करना महज़ एक छलावा है। 'नारी शक्ति वंदन' का जाप करना एक अर्थहीन बयानबाज़ी है।

*[लेखक सीपीआई(एम) के महासचिव, राज्य सभा के पूर्व सदस्य और केरल के पूर्व शिक्षा मंत्री हैं। अनुवादक अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष हैं। संपर्क : 94242-31650]*

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

4
171 views    0 comment
0 Shares

*కొడవలూరు మండలం నార్త్ రాజుపాలెం గ్రామంలో నెల్లూరు జిల్లా సూపర్నెంట్ ఆఫ్ పోలీస్ డాక్టర్ అజిత వేజెండ్ల గారి ఆదేశాల మేరకు సుమారు 50 మందికి పైగా పోలీసు సిబ్బందితో కలిసి కాటన్ సెర్చ్ నిర్వహించిన కొడవలూరు మండల సిఐ దుర్గాప్రసాద్ గారికి ఎస్ఐ కోటిరెడ్డి గారికి మరియు వారితో కలిసి కాటన్ సెర్చ్ లో పాల్గొన్న బుచ్చి సిఐ శ్రీనివాసరావు గారికి కోవూరు సీఐ సుధాకర్ రెడ్డి గార్లకు విడవలూరు ఎస్సై నరేష్ , బుచ్చి ఎస్సై సంతోష్ రెడ్డి, ఇందుకూరుపేట ఎస్సై నాగార్జున రెడ్డి గార్లకు ఇంకా అనేకమంది పోలీసు యంత్రాంగానికి ప్రత్యేక ధన్యవాదాలు* 🙏🙏🙏

*అనుమానాస్పద వ్యక్తులు, ఇతర మాదక ద్రవ్యాలు ఎవరైనా ఉపయోగించి వాటి వలన యువత జీవితం నాశనం చేసుకుని చుట్టుపక్కల ప్రజలను భయభ్రాంతులను చేస్తూ... అనేక హత్యలు , ఇవిటీజింగ్, ఇంకా చెడు వ్యసనాలకు బానిసలు అయ్యే యువతను మంచి మార్గంలో నడిపించేందుకు ఇది ఒక మంచి కార్యక్రమం.*

*ఇటువంటి కార్యక్రమాలు చేయడం వలన ప్రజలలో పోలీసులుగా మేము ప్రజలకు ఎల్లప్పుడూ అండగా ఉంటామని భరోసా కల్పిస్తున్నట్లు వారికి తెలియజేయడం, ఎల్లప్పుడూ ఫ్రెండ్లీ పోలీస్ గా వారి యొక్క మంచి చెడులు తెలుసుకునే అవకాశం ఉంటుంది.*

*అలాగే ఏదైనా చెడు వ్యసనాలకు పిల్లలు బానిసలు అయితే వారి తల్లిదండ్రులే పోలీసులకు సమాచారం ఇచ్చే విధంగా సమాజం తయారు అవుతుంది*

* *ఇంకా ప్రయాణం చేసేటప్పుడు ప్రతి ఒక్కరూ తీసుకోవలసిన జాగ్రత్తలు మరియు తక్కువ ధరలకు వస్తున్నాయి అని కాగితాలు సరిగ్గా లేని బండ్లు కొని వాటి వలన ప్రజలు జైలు పాలు కాకుండా అవగాహన కూడా కల్పించేల చాలా మంచి కార్యక్రమం ఏర్పాటు చేశారు*

*యాక్సిడెంట్ అనుకోకుండా జరిగినప్పుడు బాధితుడుని ఎవరైనా వెంటనే హాస్పిటల్ కు చేరవేసే ప్రాణాలు కాపాడే ప్రక్రియ ప్రజలకు తెలియజేస్తూ అనేకమంది ప్రాణాలు కాపాడేందుకు యువతకు ఒక మంచి సందేశం ఇచ్చిన పోలీసు యంత్రాంగానికి మరొకసారి ప్రత్యేక కర్టన్ సెర్చ్ ఈ కార్యక్రమంలో పాల్గొన్న పోలీసు వారికి పేరుపేరునా ధన్యవాదాలు తెలుపుకుంటూ...*


*మీ బండి కిరణ్ కుమార్* తెలుగుదేశం పార్టీ నాయకులు నార్త్ రాజుపాలెం
కోవూరు నియోజకవర్గం

15
296 views    0 comment
0 Shares

5
157 views    0 comment
0 Shares

📰 रतलाम से बड़ी मेडिकल उपलब्धि
रतलाम शहर ने न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है।
डॉ. मिलेश नागर, Minimally Invasive & Endoscopic Neurosurgeon, द्वारा
Endoscopic Chronic Subdural Hematoma Evacuation सफलतापूर्वक किया गया — जो रतलाम में पहली बार हुआ है।
यह एक आधुनिक मिनिमली इनवेसिव ब्रेन सर्जरी तकनीक है, जिसमें दिमाग में जमा खून के थक्कों को एंडोस्कोप (दूरबीन) की मदद से सुरक्षित तरीके से निकाला जाता है।
💡 क्या है इस सर्जरी की खासियत?
इस नई तकनीक के कई महत्वपूर्ण फायदे हैं:
✔️ छोटा चीरा — बड़े ऑपरेशन की जरूरत नहीं
✔️ कम खून बहना — सुरक्षित प्रक्रिया
✔️ बेहतर विज़न — अंदर का साफ और बड़ा व्यू
✔️ कम दर्द — मरीज को कम तकलीफ
✔️ तेजी से रिकवरी — जल्दी चलना-फिरना संभव
✔️ कम जटिलताएँ — इंफेक्शन का कम जोखिम
✔️ कम हॉस्पिटल स्टे — जल्दी डिस्चार्ज
✔️ री-करेंस कम — दोबारा समस्या की संभावना कम
🏥 मेडिकल सुविधा अब रतलाम में ही
अब तक ऐसी हाई-एंड न्यूरोसर्जरी केवल बड़े मेट्रो शहरों में उपलब्ध थी,
लेकिन अब रतलाम में भी अत्याधुनिक इलाज संभव है।
👨‍⚕️ विशेषज्ञ डॉक्टर
Dr. Milesh Nagar
Minimally Invasive & Endoscopic Neurosurgeon
🏥 Raghav Neuro Trauma Care (RNTC) Hospital, Ratlam
🧠 24×7 Advanced Neuro Trauma & Spine Center
📞 संपर्क: 9520790752

30
1421 views    0 comment
0 Shares



ਫਰੀਦਕੋਟ 22.04.26(ਨਾਇਬ ਰਾਜ)

ਕ੍ਰਿਸ਼ਨਾ ਵੰਤੀ ਸੇਵਾ ਸੋਸਾਇਟੀ ਫਰੀਦਕੋਟ ਵੱਲੋਂ ਘੰਟਾ ਘਰ ਚੌਂਕ ,ਘੰਟਾ ਘਰ ਫਰੀਦਕੋਟ ਵਿਖੇ ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਮੈਮੋਰੀਅਲ ਓਪਨ ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀ ਚਲਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ।ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਆਮ ਲੋਕ ਬੈਠ ਕੇ ਕਿਤਾਬਾਂ,ਅਖ਼ਬਾਰ ਅਤੇ ਰਸਾਲੇ ਪੜਦੇ ਹਨ। ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀ ਵਿੱਚ ਬੜੇ ਹੀ ਸੁਚੱਜੇ ਢੰਗ ਨਾਲ ਕਿਤਾਬਾਂ ਰੱਖੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ।ਇਹਨਾਂ ਕਿਤਾਬਾਂ ਦੀ ਸਾਂਭ ਸੰਭਾਲ ਲਈ ਲਾਇਨਜ ਕਲੱਬ ਵਿਸ਼ਾਲ ਵੱਲੋਂ ਇੱਕ ਅਲਮਾਰੀ ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀ ਲਈ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨਾ ਵੰਤੀ ਸੇਵਾ ਸੋਸਾਇਟੀ ਫਰੀਦਕੋਟ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਗਈ।ਇਸ ਮੌਕੇ ਦੇ ਦੋਵੇਂ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ ਅਹੁਦੇਦਾਰ ਅਤੇ ਨੁਮਾਇੰਦੇ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ।ਕ੍ਰਿਸ਼ਨਾ ਵੰਤੀ ਸੇਵਾ ਸੋਸਾਇਟੀ ਫਰੀਦਕੋਟ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਪ੍ਰਿੰ.ਸੁਰੇਸ਼ ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਸਭਨਾ ਨੂੰ ਜੀ ਆਇਆਂ ਆਖਿਆ ਨੂੰ ਕਿਹਾ ਅਤੇ ਸੋਸਾਇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਚਲਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਓਪਨ ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀ ਬਾਰੇ ਵਿਸਥਾਰ ਪੂਰਵਕ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਸ਼੍ਰੀ ਸੁਰੇਸ਼ ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਆਪਣੇ ਸੋਸਾਇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਲਾਇਨਜ ਕਲੱਬ ਵਿਸ਼ਾਲ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ। ਲਾਇਨਜ ਕਲੱਬ ਵਿਸ਼ਾਲ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ ਅਮਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਗਰੋਵਰ ਸੋਸਾਇਟੀ ਦੇ ਇਸ ਉਪਰਾਲੇ ਦੀ ਭਰਪੂਰ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੋਸਾਇਟੀ ਦਾ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਉੱਦਮ ਹੈ ਸਾਡੀ ਕਲੱਬ ਵੱਲੋਂ ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀ ਦੀ ਲੋੜ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਰੱਖਦੇ ਹੋਏ ਸ਼੍ਰੀ ਹਰਿੰਦਰ ਦੂਆ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ਇੱਕ ਅਲਮਾਰੀ ਅੱਜ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨਾ ਵੰਤੀ ਸੇਵਾ ਸੋਸਾਇਟੀ ਨੂੰ ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਗਈ। ਸ ਅਮਰਦੀਪ ਗਰੋਵਰ ਨੇ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਕਿਤਾਬਾਂ। ਸਾਡੀਆਂ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਦੋਸਤ ਹਨ।ਸਾਨੂੰ ਆਪਣੀ ਸੋਚ ਨੂੰ ਸਹੀ ਰੱਖਣ ਲਈ ਕਿਤਾਬਾਂ ਪੜ੍ਹਨੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਕਰਨ ਲਈ ਉਪਰਾਲੇ ਕਰਨੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ।ਕ੍ਰਿਸ਼ਨਾ ਵੰਤੀ ਸੇਵਾ ਸੋਸਾਇਟੀ ਵੱਲੋ ਕਲੱਬ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ ਅਮਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਗਰੋਵਰ ਨੂੰ ਸਨਮਾਨ ਚਿੰਨ ਦੇ ਕੇ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।ਸ਼੍ਰੀ ਜਨਿੰਦਰ ਜੈਨ ਨੇ ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀ ਲਈ ਕੁਝ ਪੁਸਤਕਾਂ ਵੀ ਦਿੱਤੀਆਂ।ਇਸ ਮੌਕੇ ਤੇ ਹੋਰਨਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਜਗਜੀਤ ਸਿੰਘ,ਰਾਜੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ,ਬਲਦੇਵ ਤੇਰੀਆ,ਹਰਿੰਦਰ ਕੁਮਾਰ ਦੂਆ, ਲੈਕਚਰਾਰ ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਹੈੱਡ ਮਾਸਟਰ ਜਸਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਕੈਂਥ,ਜੀਤ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ,ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬਿੰਦੀ ਅਤੇ ਰੋਹਿਤ ਕਸ਼ਯਪ ਹਾਜਰ ਸਨ।
ਫੋਟੋ:ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਮੈਮੋਰੀਅਲ ਓਪਨ ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀ ਲਈ ਅਲਮਾਰੀ ਦੇਣ ਮੌਕੇ ਲਾਇਨਜ ਕਲੱਬ ਵਿਸ਼ਾਲ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ ਅਮਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਗਰੋਵਰ ਨੂੰ ਸਨਮਾਨਤ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨਾ ਵੰਤੀ ਸੇਵਾ ਸੋਸਾਇਟੀ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਪ੍ਰਿੰ.ਸੁਰੇਸ਼ ਅਰੋੜਾ ਅਤੇ ਮੈਂਬਰ।

6
325 views    0 comment
0 Shares

हिडमा गाण्यावर नृत्य केल्यामुळे दोन आदिवासी विद्यार्थ्यांवर गुन्हा; गुन्हे मागे न अन्यथा, राज्यात आंदोलनाचा इशारा - आदिवासी टायगर सेना

आकाश गेडाम : प्रतिनिधी

महात्मा जोतिबा फुले व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या जयंतीनिमित्त विश्रांतवाडी, पुणे येथील वसतीगृहात आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमात “हिडमा” या गाण्यावर नृत्य सादर केल्यामुळे गडचिरोली जिल्ह्यातील दोन आदिवासी महाविद्यालयीन विद्यार्थ्यांवर गुन्हा दाखल करण्यात आल्याची धक्कादायक घटना समोर आली आहे.
किरण गोमासे आणि श्रीनिवास कुमरी हे दोन्ही विद्यार्थी उच्च शिक्षणासाठी पुण्यात वास्तव्यास असून, त्यांनी आपल्या पारंपरिक संस्कृतीचे दर्शन घडवण्यासाठी नृत्य सादर केले होते. मात्र, या कृतीवर गुन्हा दाखल झाल्याने संताप व्यक्त केला जात आहे.
महाविद्यालयीन विद्यार्थ्यांवर अशा प्रकारे गुन्हे दाखल करून त्यांच्या भविष्यास बाधा आणण्याचा प्रयत्न होत असल्याची चर्चा सुरू आहे. जर नृत्य सादर केल्याबद्दल गुन्हा दाखल होत असेल, तर संबंधित गाणे तयार करणारे आणि ते सोशल मीडियावर प्रसारित करणाऱ्यांवर किती कारवाई करण्यात आली आहे, असा सवाल आदिवासी टायगर सेनेने उपस्थित केला आहे.
या प्रकरणी आदिवासी टायगर सेनेच्या वतीने मा. मुख्यमंत्री यांना निवेदन देण्यात आले असून, संबंधित विद्यार्थ्यांवरील गुन्हे तात्काळ मागे घ्यावेत, अशी मागणी करण्यात आली आहे. अन्यथा राज्यभर तीव्र आंदोलन छेडण्याचा इशारा संघटनेने दिला आहे.
या निवेदनावर विदर्भ महिला अध्यक्षा मीनल ताई आत्राम, जिल्हा अध्यक्ष ड्रेफूल आत्राम, सुमित्रा आलाम, विदर्भ युवा अध्यक्ष अभिलाष परचाके, जिल्हा उपाध्यक्ष संगीता येरकाडे, जिल्हा सचिव रेखा सोरते, जिल्हा प्रसिद्धी प्रमुख वर्षा आत्राम, चंद्रपूर तालुका अध्यक्ष माणिक जुमनाके, गोंडपिपरी तालुका अध्यक्ष गणेश कोवे तसेच शेकडो कार्यकर्त्यांच्या स्वाक्षऱ्या असून, जिल्हाधिकारी, चंद्रपूर मार्फत हे निवेदन पाठविण्यात आले आहे

9
244 views    0 comment
0 Shares

अनपरा कॉलोनी परिसर में स्थित शिव मन्दिर से चांदी का त्रिशूल, दान पेटी की नकदी,व DVR चोरी, दो और वारदात से पुलिस पर उठे सवाल नवागत थाना प्रभारी निरीक्षक को चोरों ने लगातार चोरी की घटना को अंजाम देकर दे डाली खुली चुनौती।दो चोरी की घटना का अभी तक खुलासा भी नहीं हो पाया था कि बदमाशों ने तीसरी वारदात को अंजाम देकर क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

ताजा मामला अनपरा कॉलोनी परिसर स्थित प्राचीन शिव मंदिर का है, जहां देर रात अज्ञात चोर मंदिर में घुस गए और चोरी की घटना को शातिराना अंदाज में अंजाम दिया। चोरों में मंदिर में स्थापित भगवान शिव के ऊपर रखा चांदी का त्रिशूल, दान पेटी में रखा नगदी, तथा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का DVR तक उड़ा ले गए।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही शातिर चोरों को गिरफ्तारी कर घटना का खुलासा किया जाएगा। वहीं लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर धब्बे लग रहे हैं।।

10
909 views    0 comment
0 Shares

5
866 views    0 comment
0 Shares

30
1116 views    0 comment
0 Shares

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के गांवों में स्थित पारंपरिक जोहड़/तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इन जलस्रोतों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने और उनके पुराने स्वरूप को बहाल करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने हर गांव में मौजूद जोहड़ों का विस्तृत रिकॉर्ड जुटाना शुरू कर दिया है। इसमें यह पता लगाया जा रहा है कि किस गांव में कितने जोहड़ थे, उनकी कुल जमीन कितनी है, वर्तमान स्थिति क्या है और उन पर कितने अवैध कब्जे हैं।
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जोहड़, गौचर भूमि और फिरनी जैसी सार्वजनिक जमीनों पर कब्जा करने वालों को किसी भी प्रकार का मालिकाना हक नहीं दिया जाएगा। कई गांवों में कब्जाधारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और जल्द ही कार्रवाई भी की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जोहड़ केवल जल संग्रहण का साधन नहीं, बल्कि गांवों की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संतुलन का अहम हिस्सा हैं। इनके पुनर्जीवन से भूजल स्तर में सुधार, पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता और गांवों की सुंदरता में भी वृद्धि होगी।
सरकार के इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
HKM NEWS

58
3059 views    0 comment
0 Shares

11
319 views    0 comment
0 Shares

जनपद बहराइच के अंतर्गत नगर पंचायत जरवल में वेदवती सोसाइटी ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत "स्वच्छ जरवल,सुंदर जरवल" मिशन का मुख्य विषय बनाकर निशुल्क अपनी सेवाएं शुरू की है,निशुल्क सेवाओं में नगर पंचायत के अंतर्गत रहने वाले समुदाय के विकास हेतु वार्ड में स्वच्छ कम्युनिटी का निर्माण, प्रत्येक वार्ड में वाटर फ्रीजर,बगीचे के साथ-साथ मनमोहक वातावरण बनाने का संकल्प लिया है,आगामी समय में नगर पंचायत जरवल को स्वच्छ भारत मिशन अर्बन 2.0 में नंबर वन बनाने का वेदवती सोसाइटी ने संकल्प लिया है,वेदवती सोसाइटी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर संतोष कुमार का कहना है कि सर्वप्रथम हम नगर पंचायत जरवल को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराएंगे,साथ-साथ स्वच्छ वातावरण में नगर पंचायत जरवल वासियों को ताज़ी हवा हेतु गार्डन की भी उपलब्धता कराएंगे,इसके पश्चात यदि आम जनमानस का साथ मिलता रहा तो यहां 50 बेडो से सुसज्जित एक अस्पताल का भी संचालन होगा जो यहां के नजदीकी आम जनमानस के लिए मिल का पत्थर साबित होगा,

54
2122 views    0 comment
0 Shares

भारत सरकार भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का नया उच्चायुक्त (High Commissioner) नियुक्त करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को ब्रसेल्स स्थानांतरित किया जा सकता है और उनकी जगह त्रिवेदी को ढाका भेजा जाएगा।

यह संभावित नियुक्ति ऐसे समय पर सामने आई है जब भारत और बांग्लादेश के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत जारी है और दोनों देश अपने संबंधों में संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले इस नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा हो सकती है। त्रिवेदी के पश्चिम बंगाल से गहरे राजनीतिक संबंध इस फैसले को और भी महत्वपूर्ण बना देते हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?
दिनेश त्रिवेदी लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा में पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वे रेल मंत्री और स्वास्थ्य राज्य मंत्री जैसे अहम पद संभाल चुके हैं। तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका और प्रभाव और भी बढ़ा है।

हाल के महीनों में भारत-बांग्लादेश संबंध कई वजहों से चर्चा में रहे हैं। शेख हसीना के इस्तीफे और नई सरकार के गठन के बाद बदली राजनीतिक परिस्थितियों ने दोनों देशों के रिश्तों में नई चुनौतियां पैदा की हैं। हालांकि, दोनों पक्ष संबंधों को सामान्य और मजबूत करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।

सरकार क्या संदेश देना चाहती है?
इस कदम को दो स्तरों पर देखा जा रहा है। पहला, बांग्लादेश के साथ कूटनीतिक रिश्तों को मजबूती देना। दूसरा, पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक स्पष्ट संदेश देना कि भाजपा क्षेत्रीय नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दे रही है।

कब हो सकती है आधिकारिक घोषणा?
सूत्रों के अनुसार, जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है, संभवतः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

क्या यह सामान्य नियुक्ति है?
आमतौर पर उच्चायुक्त जैसे पदों पर करियर डिप्लोमैट्स की नियुक्ति होती है, लेकिन समय-समय पर राजनीतिक नेताओं को भी यह जिम्मेदारी दी जाती रही है। ऐसे में यह नियुक्ति कुछ हद तक अलग और रणनीतिक मानी जा रही है।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि एक अनुभवी राजनीतिक नेता की नियुक्ति से बातचीत को नया आयाम मिल सकता है। इससे दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ाने और लंबित मुद्दों को सुलझाने में मदद मिल सकती है।

क्या इसका असर बंगाल चुनाव पर पड़ेगा?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला चुनावी माहौल में भाजपा के लिए सकारात्मक संकेत दे सकता है। इससे यह संदेश जाएगा कि पार्टी बंगाल के नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका दे रही है।

8
2264 views    0 comment
0 Shares

ଶ୍ରମିକ ସଚେତନତା ଶିବିର ଅନୁଷ୍ଠିତ।

କେନ୍ଦୁଝର,୨୨ା୦୪: କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ଶ୍ରମ ବିଭାଗ ଏବଂ ବ୍ଲକ ପ୍ରଶାସନ ମିଳିତ ଆନୁକୂଲ୍ୟରେ ହରିଚନ୍ଦନପୁର ବ୍ଲକ ଶଗଡପଟା ଗ୍ରାମ ପଂଚାୟତ ଅନ୍ତର୍ଗତ ବିଲା ଗାଁରେ ନିର୍ମାଣ କାର୍ଯ୍ୟରେ ନିୟୋଜିତ ଶ୍ରମିକମାନଙ୍କ ଏକ ସଚେତନତା ଶିବିର ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି । ଏହି ଶିବିରରେ ୧୮୮ଜଣ ଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ । ଏଥିମଧ୍ୟରୁ ୯୮ଜଣ ବିଭିନ୍ନ ନିର୍ମାଣ କାର୍ଯ୍ୟରେ ନିୟୋଜିତ ଶ୍ରମିକ,ଅଣ ସଂଗଠିତ କାର୍ଯ୍ୟରେ ନିୟୋଜିତ ୬୪ଜଣ ଶ୍ରମିକ,୬୦ ବର୍ଷରୁ ଉର୍ଦ୍ଧ୍ୱ ୧୨ଜଣ ଏବଂ ୧୭ଜଣ ଅଣଶ୍ରମିକ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ । ଜିଲ୍ଲା ଶ୍ରମ ଅଧିକାରୀ ଆକାଶ ବିଷୋୟୀଙ୍କ ପ୍ରତକ୍ଷ୍ୟ ତତ୍ତ୍ୱାବଧାନରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ଏହି କ୍ୟାମ୍ପରେ ସହକାରୀ ଶ୍ରମ ଅଧିକାରୀ ସୁଚିସ୍ମିତା ପାଣିଗ୍ରାହୀ ୧୪ଜଣ ନିର୍ମାଣ ଶ୍ରମିକଙ୍କୁ ଲେବର କାର୍ଡ ବଂଟନ କରିଥିଲେ ଏବଂ ଅନ୍ୟ ଯୋଗ୍ୟ ଶ୍ରମିକମାନଙ୍କୁ ଓଡିଶା କୋଠାବାଡି ଏବଂ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ନିର୍ମାଣ ଶ୍ରମିକ କଲ୍ୟାଣ ବୋର୍ଡ ଅଧିନରେ ପଞ୍ଜିକରଣ କରିବା ପାଇଁ ପରାମର୍ଶ ଦେଇଥିଲେ । ବ୍ଲକ ପ୍ରଶାସନ ପକ୍ଷରୁ ୭୦ଜଣଙ୍କୁ ଜବକାର୍ଡ ପ୍ରଦାନ କରାଯାଇଥିଲା । ଏଥିସହିତ ଶ୍ରମିକମାନଙ୍କୁ ସରକାରଙ୍କ ପକ୍ଷରୁ ଦିଆଯାଉଥିବା ବିଭିନ୍ନ ଯୋଜନା ବିଷୟରେ ଅବଗତ କରାଯାଇଥିଲା । ନିଯୁକ୍ତିଦାତାମାନଙ୍କୁ ଗ୍ରୀଷ୍ମପ୍ରବାହ ସମୟରେ କାର୍ଯ୍ୟ ସମୟକୁ ପରିବର୍ତ୍ତନ କରିବା ପାଇଁ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଦିଆଯାଇଥିଲା । ପୂର୍ବାହ୍ନ ୧୧ଟାରୁ ଅପରାହ୍ନ ୩ଟା ମଧ୍ୟରେ କାମ ନ କରିବାକୁ ସଚେତନ କରାଯାଇଥିଲା । ନିର୍ମାଣଧିନ ସ୍ଥାନରେ ଶୀତଳ ପାନୀୟ ଜଳର ସୁବ୍ୟବସ୍ଥା,ଛାୟା ପ୍ରଦାନ ନିମନ୍ତେ ଉପଯୁକ୍ତ ବ୍ୟବସ୍ଥା ଏବଂ ଓଆରଏସ୍ ପ୍ୟାକେଟର ବ୍ୟବସ୍ଥା କରିବାକୁ କୁହାଯାଇଥିଲା । ସଚେତନତା କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଶ୍ରମିକମାନଙ୍କ ନିମନ୍ତେ ସରକାରଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ଧାର୍ଯ୍ୟ ସର୍ବନିମ୍ନ ମଜୁରୀ ବିଷୟରେ ଅବଗତ କରାଯାଇଥିଲା । ଶିଶୁ ଶ୍ରମିକ ନିରୋଧ ଆଇନ ଏବଂ ଏଥିରେ ଥିବା ଦଣ୍ଡବିଧାନ,ପ୍ରବାସୀ ଶ୍ରମିକମାନଙ୍କୁ ପଂଚାୟତସ୍ତରରେ ପଞ୍ଜିକରଣ ବାବଦରେ ଅବଗତ କରାଯାଇଥିଲା । ବିଶେଷ କରି ବାହାର ରାଜ୍ୟକୁ କାମ କରିବାକୁ ଯାଉଥିବା ଶ୍ରମିକମାନେ ପଂଚାୟତସ୍ତରରେ ସ୍ୱେଚ୍ଛାକୃତ ଭାବେ ପଞ୍ଜିକରଣ କରି କେଉଁ ସ୍ଥାନକୁ ଏବଂ କେଉଁ ଠିକାଦାରଙ୍କ ଦ୍ୱାରା କାମ କରିବାକୁ ଯାଉଛନ୍ତି ତାହାର ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ତଥ୍ୟ ଦେବାକୁ କୁହାଯାଇଥିଲା । ଏହା ମୁଖ୍ୟତଃ ଶ୍ରମିକମାନଙ୍କ ସାମାଜିକ ସୁରକ୍ଷା ଏବଂ ସରକାରୀ ସୁବିଧା ସହିତ ଯୋଡିବା ପାଇଁ କରାଯାଇଥାଏ । ଶ୍ରମିକମାନେ ନିଜ ଗ୍ରାମ ପଂଚାୟତ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟରେ ଉପଲବ୍ଧ ଫର୍ମ ପୂରଣ କରି ଅଫ୍‌ଲାଇନରେ ପଞ୍ଜିକରଣ କରିପାରିବେ । ପଂଚାୟତ ବ୍ୟତିତ ଶ୍ରମିକମାନେ ମୋ ସେବା କେନ୍ଦ୍ର ମାଧ୍ୟମରେ ପାରିଶ୍ରମ ପୋର୍ଟାଲରେ ମଧ୍ୟ ସ୍ୱେଚ୍ଛାକୃତ ପଞ୍ଜିକରଣ କରିପାରିବେ ।

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

7
572 views    0 comment
0 Shares

✍️ डॉ. महेश प्रसाद मिश्रा, भोपाल
भारत का लोकतंत्र आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहाँ सबसे बड़ा प्रश्न “न्याय” नहीं, बल्कि “समान न्याय” बन चुका है।
हाल के घटनाक्रमों ने एक खतरनाक प्रवृत्ति की ओर संकेत किया है—
👉 एक तरफ खुलेआम धार्मिक ग्रंथों का अपमान करने वाले लोग बिना किसी डर के घूमते नजर आते हैं,
👉 वहीं दूसरी तरफ, ऐतिहासिक तथ्यों या वैचारिक मत रखने वाले व्यक्तियों पर तुरंत कठोर कार्रवाई होती है।
क्या यह वही भारत है जहाँ संविधान सबको समान अधिकार देता है?
इतिहास गवाह है कि भारत का संविधान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक सामूहिक प्रयास का परिणाम है, जिसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अनेक विद्वानों और सदस्यों का योगदान रहा। इस तथ्य को स्वीकार करना न तो अपराध है, न ही अपमान।
लेकिन आज स्थिति यह बनती जा रही है कि—
✔ कुछ विचारों को “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” का संरक्षण मिलता है,
✔ जबकि अन्य विचारों को “अपराध” की श्रेणी में डाल दिया जाता है।
यह दोहरा मापदंड केवल कानून व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा पर भी सवाल खड़ा करता है।
राजनीति का खेल भी इस पूरे घटनाक्रम में कम महत्वपूर्ण नहीं है।आरोप लगते हैं कि समाज को “विचारधाराओं” के नाम पर बांटकर राजनीतिक लाभ लिया जा रहा है।कभी “तुष्टिकरण” तो कभी “ध्रुवीकरण”—ये शब्द अब केवल बहस का हिस्सा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बनते जा रहे हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि समाज में वैचारिक असहमति अब संवाद से नहीं, बल्कि टकराव से सुलझाई जा रही है।
मूल सवाल:
• क्या कानून सभी के लिए समान रूप से लागू हो रहा है?
• क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अब “चयनात्मक” हो गई है?
• क्या सरकारें निष्पक्ष हैं या राजनीतिक समीकरणों से प्रभावित?
निष्कर्ष:
भारत का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि हम—
👉 कानून को “समानता” के साथ लागू करते हैं या नहीं,
👉 और क्या हम असहमति को “अपराध” नहीं, बल्कि “लोकतंत्र की ताकत” मानते हैं।
जनता अब देख रही है, समझ रही है—और समय आने पर जवाब भी देगी।

समाज में बढ़ता वैचारिक टकराव
• “क्या हम संवाद से दूर और टकराव की ओर बढ़ रहे हैं?”
• “एक ही देश में दो तरह के कानून क्यों?”
• “अपमान करने वालों पर खामोशी और सवाल उठाने वालों पर कार्रवाई—क्यों?”
• “क्या लोकतंत्र अब ‘नैरेटिव’ से चल रहा है, न कि ‘न्याय’ से?”
“सवाल उठाना गुनाह नहीं है—लेकिन अगर सवाल उठाने पर ही सज़ा मिलने लगे,तो समझिए लोकतंत्र खतरे में है।”

7
255 views    0 comment
0 Shares

13
181 views    0 comment
0 Shares

हरियाणा पुलिस में चयनित होने पर सुनीता को मिली बधाइयाँ, क्षेत्र में खुशी की लहर
ऐलनाबाद क्षेत्र के मिर्जापुर की बेटी और गंधेली की बहू सुनीता ने हरियाणा पुलिस में चयनित होकर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है तथा लोगों द्वारा उन्हें लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं।
सुनीता ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ हौसले के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि आज बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और निरंतर नई ऊँचाइयों को छू रही हैं।
परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि सुनीता की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा है। उनकी सफलता से युवाओं, विशेषकर बेटियों को आगे बढ़ने की नई दिशा मिलेगी।
ईश्वर से सभी ने प्रार्थना की कि सुनीता आगे भी इसी तरह सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ती रहें और समाज व प्रदेश का नाम रोशन करती रहें।

7
192 views    0 comment
0 Shares

4
260 views    0 comment
0 Shares

डिजिटल डेस्क: नेपाल की नई-नई बनी सरकार को बड़ा झटका तब लगा जब गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सरकार गठन के कुछ ही हफ्तों के भीतर उनका नाम शेयर बाजार से जुड़े विवादों में सामने आया, जिसने पूरे देश की राजनीति में हलचल मचा दी।

बताया जा रहा है कि गुरुंग पर शेयर बाजार में निवेश और उससे जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे थे। जैसे-जैसे मामला गरमाता गया, विपक्ष के साथ-साथ आम जनता ने भी जवाब मांगना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर जगह इस मुद्दे की चर्चा होने लगी।

बढ़ते दबाव और लगातार हो रही आलोचनाओं के बीच आखिरकार गुरुंग ने बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह जनता की भावनाओं और भरोसे का सम्मान करते हुए नैतिकता के आधार पर यह फैसला ले रहे हैं।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि सत्ता में आने के कुछ ही दिनों के भीतर एक और केंद्रीय मंत्री का इस तरह विवादों में फंसना सरकार की छवि पर सवाल खड़े करता है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक मंत्री का इस्तीफा है या फिर आने वाले समय में नेपाल की राजनीति में और भी बड़े खुलासे देखने को मिल सकते हैं? देश की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस पूरे मामले पर टिकी हुई है।

5
2961 views    0 comment
0 Shares

8
394 views    0 comment
0 Shares

বিভিন্ন গোট আৰু নাগৰিক সমাজ সংগঠনসমূহে ঘোষণা কৰা একাধিক বন্ধৰ পৰিপ্ৰেক্ষিতত Manipurত স্বাভাৱিক জীৱন অব্যাহতভাৱে প্ৰভাৱিত হৈ আছিল। শিক্ষা প্ৰতিষ্ঠান আৰু বজাৰসমূহ বন্ধ থকাৰ লগতে উপত্যকাৰ সকলো জিলা আৰু নাগা অধ্যুষিত অঞ্চলত জনসাধাৰণৰ পৰিবহন ব্যৱস্থা বন্ধ আছিল বুলি Economic Times-এ কৰ্মকর্তাসকলৰ উদ্ধৃতি দি জনায়। শেহতীয়া হত্যাকাণ্ডৰ বিৰুদ্ধে ৰাজ্যখনৰ বিভিন্ন ঠাইত ধৰ্ণাও অনুষ্ঠিত হৈছিল।
মণিপুৰৰ গৃহ মন্ত্ৰী K. Govindas Singh-এ কয় যে ৰাজ্যখনত নিয়োজিত ২৭২টা কেন্দ্ৰীয় সশস্ত্ৰ আৰক্ষী বাহিনী (CAPF) কোম্পানীৰ ভিতৰত ৮৮টা বঙাল নিৰ্বাচনৰ বাবে প্ৰত্যাহাৰ কৰা হৈছে।
৭ এপ্ৰিলত Bishnupur districtৰ Tronglaobi villageত এটা ঘটনাত দুটা শিশুৰ মৃত্যু আৰু তেওঁলোকৰ মাতৃ গুৰুতৰভাৱে আহত হোৱাৰ পিছত ৰাজ্যখনত নতুন প্ৰতিবাদ আৰম্ভ হৈছে। এই ঘটনা এটা প্ৰক্ষেপণাস্ত্ৰ, যাক কুকি উগ্ৰপন্থীয়ে নিক্ষেপ কৰা বুলি সন্দেহ কৰা হৈছে, সিহঁতৰ ঘৰখনত পৰাৰ ফলত সংঘটিত হৈছিল।
সোমবাৰ (২০ এপ্ৰিল) আছিল নাগৰিক সমাজ গোটসমূহে আহ্বান কৰা পাঁচদিনীয়া বন্ধৰ দ্বিতীয় দিন। পৃথকভাৱে, নাগা সংগঠনসমূহে সোমবাৰৰ নিশাৰ পৰা আৰম্ভ কৰি তিনি দিনীয়া বন্ধ ঘোষণা কৰে বুলি Economic Times-এ জনায়।
ইতিমধ্যে, মঙলবাৰ (২১ এপ্ৰিল)ত দুটা জনজাতীয় সম্প্ৰদায়ৰ প্ৰতিবাদকাৰীয়ে Senapati আৰু তাৰ সংলগ্ন Kangpokpi জিলাৰ সীমান্তত সংঘৰ্ষত লিপ্ত হয়। এই সংঘৰ্ষ নাগৰিক সমাজ সংগঠনৰ আহ্বান কৰা বন্ধক লৈ সংঘটিত হয় আৰু অঞ্চলটোত উত্তেজনা সৃষ্টি কৰে বুলি Press Trust of India-এ জনায়।
পুলিচৰ মতে, এই সংঘৰ্ষ তেতিয়া আৰম্ভ হয় যেতিয়া স্থানীয় পুলিচে United Naga Council-এ আহ্বান কৰা তিনি দিনীয়া বন্ধ কাৰ্যকৰী কৰিবলৈ নাগা স্বেচ্ছাসেৱকসকলে স্থাপন কৰা পথ অৱৰোধ আঁতৰাবলৈ চেষ্টা কৰিছিল। এই বন্ধ ১৮ এপ্ৰিলত Ukhrul districtত দুজন লোকৰ হত্যাৰ বিৰুদ্ধে প্ৰতিবাদ হিচাপে আহ্বান কৰা হৈছিল।

3
292 views    0 comment
0 Shares

నంద్యాల (AIMA MEDIA): నంద్యాలలో ఆర్జీఎం ఇంజనీరింగ్ కళాశాలలో ఏప్రిల్ 22వతేది బుధవారం ప్రపంచ భూమి దినోత్సవం సందర్భంగా ప్రథమ సంవత్సరం విద్యార్థులు మరియు ఎన్ఎస్ఎస్ వాలంటీర్ల కోసం అవగాహన కార్యక్రమాన్ని విజయవంతంగా నిర్వహించాయి. ఈ కార్యక్రమానికి ముఖ్య వక్తగా కెమిస్ట్రీ విభాగం ప్రొఫెసర్ & హెచ్ఓడీ డా. ఎ. బాలకృష్ణ గారు హాజరై ప్రసంగించారు. తన ఉపన్యాసంలో ఆయన పర్యావరణ పరిరక్షణ యొక్క ప్రాముఖ్యతను వివరించి, వాతావరణ మార్పు, కాలుష్యం, సహజ వనరుల తగ్గుదల వంటి సమస్యలను అత్యవసరంగా పరిష్కరించాల్సిన అవసరాన్ని వివరించారు.విద్యార్థులు తమ రోజువారీ జీవితంలో పర్యావరణహిత అలవాట్లను అవలంబించాలని, ప్లాస్టిక్ వినియోగాన్ని తగ్గించాలని, నీటిని సంరక్షించాలని, వృక్షారోపణ కార్యక్రమాల్లో పాల్గొనాలని సూచించారు. యువత సుస్థిర భవిష్యత్తు నిర్మాణంలో కీలక పాత్ర పోషించగలదని ఆయన పేర్కొన్నారు.కార్యక్రమం పరస్పర చర్చలతో సాగి, విద్యార్థులు కూడా తమ అభిప్రాయాలను పంచుకున్నారు. ఎన్ఎస్ఎస్ వాలంటీర్లు కార్యక్రమ నిర్వహణలో చురుకుగా పాల్గొని విజయవంతం చేశారు. ఈ కార్యక్రమం ద్వారా విద్యార్థుల్లో పర్యావరణంపై అవగాహన పెరిగి, భవిష్యత్ తరాల కోసం భూమిని సంరక్షించాల్సిన బాధ్యతను గ్రహించేలా ప్రేరణ కలిగింది.

5
280 views    0 comment
0 Shares

5
413 views    0 comment
0 Shares

ଅଜଣା ଗାଡି ଧକ୍କାରେ ଜଣେ ମୃତ!

ପାଟଣା-୨୨/୦୪, ପାଟଣା ଥାନା ଅଞ୍ଚଳ 220 ନଂ ଜାତୀୟ ରାଜପଥ ର କାଶିଆ ନିକଟରେ ବୁଧବାର ଭୋରରୁ ଅଜଣା ଗାଡି ଧକ୍କାରେ ଜଣେ ବ୍ୟକ୍ତି ଗୁରୁତର ଆହତ ଅବସ୍ଥାରେ ରାସ୍ତାଉପରେ ପଡି ରହିଥିଲେ। ସ୍ଥାନୀୟ ଲୋକମାନେ ଏହା ଦେଖି ପାଟଣା ପୁଲିସକୁ ଖବର ଦେଇଥିଲେ। ଖବର ପାଇ ଘଟଣା ସ୍ଥଳରେ ପୁଲିସ ପହଞ୍ଚି ଗୁରୁତରଙ୍କୁ ଉଦ୍ଧାର କରି ପାଟଣା ଡାକ୍ତରଖାନାରେ ଭର୍ତ୍ତି କରିଥିଲେ। ଡାକ୍ତରଖାନାରେ ଚିକିତ୍ସାଧିନ ଅବସ୍ଥାରେ ତାଙ୍କର ମୃତ୍ୟୁ ଘଟିଥିଲା। ମୃତ ବ୍ୟକ୍ତି ଜଣଙ୍କର ସଠିକ ପରିଚୟ କିମ୍ବା କେହି ଆତ୍ମୀୟ ବ୍ୟକ୍ତି ପହଞ୍ଚି ନଥିବାରୁ ସନ୍ଧ୍ୟା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଶବ ପଡି ରହିଥିଲା। ତେବେ କିଭଳି ଏବଂ କେଉଁ ପରିସ୍ଥିତିରେ ଦୁର୍ଘଟଣା ଘଟିଥିଲା ଓ ମୃତକର ପରିଚୟ ଜାଣିବା ପାଇଁ ପୁଲିସ ଉଦ୍ୟମ ଜାରୀରଖିଛି।

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ସାମ୍ବାଦିକ ବିଜୟ ରତ୍ନ ପତି ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

32
1306 views    0 comment
0 Shares

ਚੰਦਰ ਜਯੋਤੀ ਸਿੰਘ ਵਧੀਕ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਵਿਕਾਸ ਨੇ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਦਾ ਲਿਆ ਜਾਇਜ਼ਾ
ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਫਸਲ ਬਿਨਾ ਦੇਰੀ ਚੁੱਕਣ ਅਤੇ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਲਈ ਸਾਰੇ ਸੁਚਾਰੂ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰਨ ਦੇ ਦਿੱਤੇ ਨਿਰਦੇਸ
ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ 22 ਅਪ੍ਰੈਲ : ਚੰਦਰ ਜਯੋਤੀ ਸਿੰਘ ਆਈ.ਏ.ਐਸ ਵਧੀਕ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਵਿਕਾਸ ਨੇ ਅੱਜ ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਅਧੀਨ ਆਉਂਦੀਆਂ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀਆਂ ਦਾ ਦੌਰਾ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਕਣਕ ਦੀ ਖਰੀਦ ਦੇ ਚੱਲ ਰਹੇ ਕੰਮ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲਿਆ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਲਈ ਕੀਤੇ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਦਾ ਵੀ ਨਿਰੀਖਣ ਕੀਤਾ। 
    ਇਸ ਮੌਕੇ ਵਧੀਕ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਚੰਦਰ ਜਯੋਤੀ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਫਸਲ ਦੀ ਖਰੀਦ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਸਾਰੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਮੁਕੰਮਲ ਕਰਨ ਦੇ ਦਿਸ਼ਾ-ਨਿਰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤੇ ਜਾ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਰੂਪਨਗਰ ਦੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਖਰੀਦ ਦੇ ਸਾਰੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਮੁਕੰਮਲ ਹਨ। ਉਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀਆ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਲਈ ਤਰਪਾਲਾਂ , ਬਾਰਦਾਨਾ ,ਸਫਾਈ ,ਪੀਣ ਵਾਲਾ ਪਾਣੀ, ਪਖਾਨੇ ਅਤੇ ਰੋਸ਼ਨੀ ਦੀ ਢੁੱਕਵੀਂ ਵਿਵਸਥਾ ਕੀਤੀ ਹੋਈ ਹੈ।
      ਵਧੀਕ  ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਫਸਲ ਦਾ ਦਾਣਾ - ਦਾਣਾ ਖਰੀਦਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰਾ ਦੀ ਖੱਜਲ ਖੁਆਰੀ  ਨਹੀਂ ਹੋਣ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਰਹੀ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣੀ ਫਸਲ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸੁਕਾ ਕੇ ਲਿਆਉਣ ਤਾਂ ਜੋ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਿਨਾ ਦੇਰੀ ਖਰੀਦ ਕਰਕੇ ਅਦਾਇਗੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕੇ।
     ਵਧੀਕ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ  ਨੇ ਹੋਰ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਸਾਰੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਸ਼ੈਡ ਆਦਿ ਉਪਲੱਬਧ ਕਰਵਾਏ ਗਏ ਹਨ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਇਹ ਵੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣੀ ਫਸਲਾਂ ਦੀ ਰਹਿੰਦ ਖੂੰਹਦ ਨੂੰ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਮਿਲਾਉਣ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅੱਗ ਨਾ ਲਗਾਉਣ ਕਿਉਂਕਿ ਅੱਗ ਲਗਾਉਣ ਨਾਲ ਮਿੱਤਰ ਕੀੜੇ ਮਰ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖਾਦਾਂ ਅਤੇ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਅੰਨੇਵਾਹ ਵਰਤੋ ਨਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ  ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿਸ਼ੈਲਾ ਬਣਦਾ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅੱਗ ਲਾਉਣ ਨਾਲ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਪੰਛੀਆਂ ਦਾ ਵੀ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵੀ ਦੂਸ਼ਿਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।
    ਵਧੀਕ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਸੀ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀਆ ਤੇ ਨਿਰੰਤਰ ਨਜ਼ਰ ਰੱਖ ਰਹੇ ਹਾਂ ਸਾਰੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਸੁਚਾਰੂ ਕੀਤੇ ਹੋਏ ਹਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕੋਈ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਪੇਸ਼ ਨਹੀਂ ਆ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਅਗੰਮਪੁਰ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀ ਵਿੱਚ ਹੁਣ ਤੱਕ ਕੁੱਲ 1950 ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਟਨ ਕਣਕ ਦੀ ਆਮਦ ਹੋਈ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚੋ 1836 ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਟਨ ਕਣਕ ਦੀ ਖ਼ਰੀਦ ਹੋਈ ਕੀਤੀ ਜਾ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਅਤੇ 1465 ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਟਨ ਕਣਕ ਦੀ ਲਿਫਟਿੰਗ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਪਨਗਰੇਨ ਵੱਲੋ 1816 ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਟਨ ਕਣਕ ਦੀ ਖਰੀਦ ਕੀਤੀ ਹੈ ਅਤੇ ਮਾਰਕਫੈਡ ਨੇ 20 ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਟਨ ਕਣਕ ਦੀ ਖਰੀਦ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਖਰੀਦ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ, ਆੜਤੀਆਂ , ਕਿਸਾਨਾਂ ਅਤੇ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਤੋਂ ਚੱਲ ਰਹੇ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹਾਸਲ ਕੀਤੀ।
ਤਸਵੀਰ - ਵਧੀਕ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਚੰਦਰ ਜਯੋਤੀ ਸਿੰਘ ਆਈ.ਏ. ਐਸ ਅਨਾਜ ਮੰਡੀ ਅਗੰਮਪੁਰ ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ ਖਰੀਦ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਦਾ ਜਾਇਜਾ ਲੈਂਦੇ ਹੋਏ।

39
1711 views    0 comment
0 Shares

ਕੀਰਤਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਸਥਾਪਨਾ ਦਿਵਸ ਮੌਕੇ ਸੰਗਤਾਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਲਈ ਹੋਣਗੇ ਢੁਕਵੇ ਪ੍ਰਬੰਧ- ਅਦਿੱਤਿਆ ਡੇਚਲਵਾਲ
ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਸੇਵਾ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕਰਨ ਦੀ ਕੀਤੀ ਹਦਾਇਤ
29 ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ 1 ਮਈ ਤੱਕ ਕੀਰਤਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਮਨਾਏ ਜਾਣਗੇ ਸਥਾਪਨਾ ਦਿਵਸ ਸਮਾਗਮ
ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ 22 ਅਪ੍ਰੈਲ: ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਵੱਲੋਂ ਕੀਰਤਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਸਥਾਪਨਾ ਦਿਵਸ ਮੌਕੇ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਸਮਾਗਮਾਂ ਅਤੇ ਸੰਗਤਾਂ ਦੇ ਲਈ ਸਾਰੇ ਸੁਚਾਰੂ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ ਇਸ ਦੇ ਲਈ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਵੱਲੋਂ ਅਗਾਊਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ।
     ਇਹ ਜਾਣਕਾਰੀ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਸ੍ਰੀ ਅਦਿੱਤਿਆ ਡੇਚਲਵਾਲ ਆਈ.ਏ.ਐਸ ਨੇ ਅੱਜ ਇਥੇ ਉਪ ਮੰਡਲ ਦਫਤਰ ਦੇ ਮੀਟਿੰਗ ਹਾਲ ਵਿੱਚ ਬੁਲਾਈ ਜਿਲ੍ਹਾ ਪੱਧਰ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦੀ ਇੱਕ ਮੀਟਿੰਗ ਉਪਰੰਤ ਦਿੱਤੀ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਕੀਰਤਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਸਥਾਪਨਾ ਦਿਵਸ ਦੇ ਸਮਾਗਮ 29,30 ਅਪ੍ਰੈਲ ਅਤੇ 1 ਮਈ ਨੂੰ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਦੋ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬਾਨ ਦੇ ਜਨਮ ਸਥਾਨ ਅਤੇ ਛੇ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬਾਨ ਦੀ ਚਰਨ ਛੋਹ ਪ੍ਰਾਪਤ ਇਸ ਪਵਿੱਤਰ ਧਰਤੀ ਕੀਰਤਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਸਮਾਗਮਾਂ ਮੌਕੇ ਪਹੁੰਚਣ ਵਾਲੀਆਂ ਸੰਗਤਾਂ ਲਈ ਸਾਰੇ ਸੁਚਾਰੂ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ।
    ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਵੱਲੋ ਸਫਾਈ,ਪੀਣ ਵਾਲਾ ਪਾਣੀ,ਆਰਜੀ ਪਖਾਨੇ, ਟ੍ਰੈਫਿਕ ਮੈਨੇਜਮੈਂਟ, ਪਾਰਕਿੰਗ ਸੁਰੱਖਿਆ ਅਤੇ ਹੋਰ ਜਰੂਰੀ ਦਿਸ਼ਾ-ਨਿਰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮੈਡੀਕਲ ਟੀਮਾਂ ਨੂੰ ਸਥਾਈ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਇਥੇ ਤੈਨਾਤ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਤਾਂ ਜੋ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਮੁਫਤ ਸਿਹਤ ਸਹੂਲਤਾ ਉਪਲੱਬਧ ਹੋ ਸਕਣ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਵਿਭਾਗ ਨੂੰ ਸਮੁੱਚੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਟ੍ਰੈਫਿਕ ਦੀ ਬਿਹਤਰ ਵਿਵਸਥਾ ਕਰਨ ਦੀ ਹਦਾਇਤ ਕੀਤੀ ਹੈ ਅਤੇ ਲੋਕ ਨਿਰਮਾਣ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਇਸ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਢੁਕਵੀਆਂ ਥਾਵਾਂ ਤੇ ਪਾਰਕਿੰਗ ਬਣਾਈ ਜਾਵੇਗੀ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਨਗਰ ਪੰਚਾਇਤ ਵੱਲੋਂ ਸਮੁੱਚੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਸਫਾਈ ਫੋਗਿੰਗ ਅਤੇ ਸਟ੍ਰੀਟ ਲਾਈਟ ਦੀ ਵਿਵਸਥਾ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ, ਜਦੋਂ ਕਿ ਜਲ ਸਪਲਾਈ ਅਤੇ ਸੈਨੀਟੇਸ਼ਨ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਨਿਰੰਤਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਲਾਈ ਅਤੇ ਟਾਇਲਟ ਬਲਾਕ ਬਣਾਏ ਜਾਣਗੇ, ਲੋਕ ਨਿਰਮਾਣ ਵਿਭਾਗ ਇਲੈਕਟੀਕਲ ਵਿੰਗ ਵੱਲੋਂ ਸੜਕ ਉਤੇ ਰੋਸ਼ਨੀ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਭਾਵੇਂ ਰਾਹ ਥੋੜੇ ਘੱਟ ਚੋੜੇ ਹਨ ਇਸਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਸੁਚਾਰੂ ਟ੍ਰੈਫਿਕ ਪੁਲਿਸ ਲਈ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਇਹ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣੇ ਦੁਕਾਨਾਂ ਦੇ ਬਾਹਰ ਫਾਲਤੂ ਸਮਾਨ ਨਾ ਲਗਾਉਣ ਤਾਂ ਜੋ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਨੂੰ ਆਉਣ ਜਾਣ ਸਮੇਂ ਕੋਈ ਪ੍ਰੇਸ਼ਾਨੀ ਨਾ ਹੋਵੇ।
     ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸੀ ਅਸੀਂ ਸਾਰੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਸੁਚਾਰੂ ਕੀਤੇ ਹਨ। ਅਧਿਕਾਰੀ ਨਿਰੰਤਰ ਗੁਰੂਧਾਮਾਂ ਦੇ ਆਲੇ ਦੁਆਲੇ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲੈ ਰਹੇ ਹਨ ਤਾਂ ਜੋ ਸ਼ਰਧਾਲੂ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਦਿੱਕਤ ਤੋ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਦਰਸ਼ਨ ਕਰ ਸਕਣ।  ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਪੂਰੀ ਵਿਵਸਥਾ ਨੂੰ 27 ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਮੁਕੰਮਲ ਕਰ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੇ ਹਦਾਇਤ ਕੀਤੀ ਕਿ ਸੰਗਤਾਂ ਦੀ ਆਸਥਾ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰੱਖਦੇ ਹੋਏ 29,30 ਅਪ੍ਰੈਲ  ਤੇ 1 ਮਈ ਨੂੰ ਇਸ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਰਾਬ ਦੇ ਠੇਕੇ ਬੰਦ ਰੱਖੇ ਜਾਣਗੇ।
    ਇੱਕ ਮੌਕੇ ਐਸਐਸਪੀ ਰੂਪਨਗਰ ਮਨਿੰਦਰ ਸਿੰਘ,ਵਧੀਕ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਚੰਦਰ ਜਯੋਤੀ ਸਿੰਘ ਆਈ.ਏ.ਐਸ,ਸੁਪਰਡੈਂਟ ਆਫ  ਪੁਲਿਸ ਅਰਵਿੰਦ ਮੀਨਾ ਆਈ.ਪੀ.ਐਸ , ਐਸਡੀਐਮ ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਸੁਖਪਾਲ ਸਿੰਘ , ਐਸਡੀਐਮ ਚਮਕੌਰ ਸਾਹਿਬ ਪਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ , ਐਸਡੀਐਮ ਮਰਿੰਡਾ ਚੇਤਨ ਬੰਗੜ , ਐਸਡੀਐਮ  ਨੰਗਲ ਸਚਿਨ ਪਾਠਕ ,  ਡੀਐਸਪੀ ਜਸ਼ਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਸਮੇਤ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀ ਹਾਜਰ ਸਨ।

39
1511 views    0 comment
0 Shares

📍 हरदोई | रिपोर्ट: सत्यपाल चौधरी
हरदोई जनपद में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर माहौल गरमाने लगा है। गांव-गांव में चुनावी चर्चाएं तेज हो गई हैं और संभावित प्रत्याशी सक्रिय नजर आने लगे हैं।
📌 दावेदारों ने शुरू किया जनसंपर्क
चुनाव की आहट मिलते ही प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य पद के दावेदारों ने जनता के बीच पहुंचना शुरू कर दिया है। घर-घर जाकर समर्थन जुटाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
📌 वादों की भरमार
प्रत्याशी विकास, सड़क, पानी, बिजली और रोजगार जैसे मुद्दों पर बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। जनता भी इस बार सोच-समझकर वोट देने की बात कर रही है।
📌 जातीय समीकरणों पर नजर
पंचायत चुनाव में जातीय समीकरण अहम भूमिका निभाते हैं, ऐसे में प्रत्याशी अपने-अपने समाज को साधने में जुटे हैं।
📌 प्रशासन की तैयारी शुरू
चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने के लिए प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। सुरक्षा व्यवस्था और मतदान केंद्रों की तैयारियों पर काम शुरू हो चुका है।

जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, राजनीतिक गतिविधियां और तेज होंगी। अब देखना यह है कि जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।

5
160 views    0 comment
0 Shares

9
652 views    0 comment
0 Shares

11
586 views    0 comment
0 Shares

ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਗ੍ਰਹਿ ਮੰਤਰਾਲੇ, ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਦਿਸ਼ਾ-ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਆਉਂਦੀ 24 ਅਪ੍ਰੈਲ 2026 ਨੂੰ ਰਾਤ 8:00 ਵਜੇ (20:00 ਵਜੇ) ਪੂਰੇ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ 'ਸਿਵਲ ਡਿਫੈਂਸ ਏਅਰ ਰੇਡ/ਬਲੈਕਆਊਟ' ਮੌਕ ਐਕਸਰਸਾਈਜ਼ (ਨਕਲੀ ਅਭਿਆਸ) ਕਰਵਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਸ ਅਭਿਆਸ ਦਾ ਮੁੱਖ ਉਦੇਸ਼ ਕਿਸੇ ਵੀ ਹੰਗਾਮੀ ਹਾਲਤ ਜਾਂ ਹਵਾਈ ਹਮਲੇ ਵਰਗੀ ਸਥਿਤੀ ਦੌਰਾਨ ਸਿਵਲ ਡਿਫੈਂਸ ਵਿਭਾਗ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੀਆਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲੈਣਾ ਹੈ।

ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸਿਵਲ ਡਿਫੈਂਸ ਕੰਟਰੋਲਰ ਦੀਆਂ ਹਦਾਇਤਾਂ ’ਤੇ ਇਸ ਮੋਕ ਡਰਿੱਲ ਦੀਆਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ਸਬੰਧੀ ਸਿਵਲ ਡਿਫੈਂਸ ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਦੀ ਇਕ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੀਟਿੰਗ ਸਿਵਲ ਡਿਫੈਂਸ ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਦੇ ਚੀਫ ਵਾਰਡਨ ਪਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਥਿੰਦ ਅਤੇ ਹੋਮ ਗਾਰਡਜ਼ ਦੇ ਸਟੋਰ ਸੁਪਰਡੈਂਟ ਪਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬਾਠ ਦੀ ਅਗੁਵਾਈ ਵਿਚ ਸਥਾਨਕ ਸਿਵਲ ਡਿਫੈਂਸ ਦਫਤਰ ਵਿਖੇ ਹੋਈ। ਇਸ ਵਿੱਚ ਸਿਵਲ ਡਿਫੈਂਸ ਦੇ ਸਮੂਹ ਪੋਸਟ ਵਾਰਡਨਜ਼, ਸੈਕਟਰ ਵਾਰਡਨਜ਼ ਅਤੇ ਵਲੰਟੀਅਰਾਂ ਨੇ ਭਾਗ ਲਿਆ। ਇਸ ਮੋਕੇ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਸਿਵਲ ਡਿਫੈਂਸ ਵਾਰਡਨਜ਼ ਦੀਆਂ ਡਿਊਟੀਆਂ ਲਗਾਈਆਂ ਗਈਆਂ।

ਉਧਰ, ਸਥਾਨਕ ਸਿਵਲ ਡਿਫੈਂਸ ਦਫਤਰ ਵਿਖੇ ਐਕਸਰਸਾਈਜ਼ ਸਬੰਧੀ ਹਦਾਇਤਾਂ ਬਾਰੇ ਦੱਸਦਿਆਂ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾਂ ਕਮਾਂਡਰ ਗੁਰਲਵਦੀਪ ਸਿੰਘ ਗਰੇਵਾਲ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ , ਇਸ ਮੌਕ ਡਰਿੱਲ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ 'ਏਅਰ ਰੇਡ ਵਾਰਨਿੰਗ' (ਹਵਾਈ ਹਮਲੇ ਦੀ ਚੇਤਾਵਨੀ) ਦੇ ਸਾਇਰਨ ਨਾਲ ਹੋਵੇਗੀ। ਇਹ ਸਾਇਰਨ 02 ਮਿੰਟਾਂ ਲਈ ਉੱਚੀ-ਨੀਵੀਂ ਪਿੱਚ (High-Low pitch) 'ਤੇ ਵਜਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਸਾਇਰਨ ਵੱਜਦੇ ਹੀ ਸਬੰਧਤ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਚੁਣੇ ਗਏ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਮੁਕੰਮਲ 'ਬਲੈਕਆਊਟ' ਲਾਗੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ।
ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਤੇ ਫਾਇਰ ਬ੍ਰਿਗੇਡ ਵਰਗੀਆਂ ਸੇਵਾਵਾਂ ਰਹਿਣਗੀਆਂ ਜਾਰੀ

ਆਮ ਜਨਤਾ ਲਈ ਹਦਾਇਤਾਂ ਹਨ ਕਿ ਬਲੈਕਆਊਟ ਦੌਰਾਨ ਪਛਾਣੇ ਗਏ ਖੇਤਰਾਂ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀਆਂ ਗੈਰ-ਜ਼ਰੂਰੀ ਲਾਈਟਾਂ ਬੰਦ ਰੱਖਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਹਾਲਾਂਕਿ, ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਅਤੇ ਫਾਇਰ ਬ੍ਰਿਗੇਡ ਵਰਗੀਆਂ ਜ਼ਰੂਰੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਚਾਲੂ ਰਹਿਣਗੀਆਂ। ਅਭਿਆਸ ਖ਼ਤਮ ਹੋਣ 'ਤੇ 'ਆਲ ਕਲੀਅਰ' ਦਾ ਸੰਕੇਤ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ, ਜੋ ਕਿ 02 ਮਿੰਟਾਂ ਲਈ ਲਗਾਤਾਰ ਉੱਚੀ ਪਿੱਚ 'ਤੇ ਵੱਜਣ ਵਾਲਾ ਸਾਇਰਨ ਹੋਵੇਗਾ।

ਇਸ ਮੌਕ ਗਤੀਵਿਧੀ ਦੌਰਾਨ ਕੇਵਲ ਬਲੈਕਆਊਟ ਹੀ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਕਈ ਰਾਹਤ ਕਾਰਜਾਂ ਦਾ ਵੀ ਨਕਲੀ ਅਭਿਆਸ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਸ ਵਿੱਚ ਮੁੱਖ ਤੌਰ 'ਤੇ ਸਿਵਲ ਡਿਫੈਂਸ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਜਨਤਾ ਨੂੰ ਸੂਚਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਇੱਕ ਨਿਯਮਤ ਅਭਿਆਸ (Routine Drill) ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਡਰ ਜਾਂ ਪੈਨਿਕ ਵਿੱਚ ਆਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰਾਂ-ਕਮ-ਕੰਟਰੋਲਰਾਂ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦਾ ਸਾਥ ਦੇਣ ਤਾਂ ਜੋ ਸੂਬੇ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਬਣਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇ।

55
2508 views    0 comment
0 Shares

📍 हरदोई | रिपोर्ट: सत्यपाल चौधरी
हरदोई जनपद में इन दिनों चोरी की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग गांवों और कस्बों में लगातार हो रही चोरियों से स्थानीय निवासी दहशत में हैं।
📌 रात में बन रहे निशाना
जानकारी के अनुसार, चोरों का गिरोह रात के समय सुनसान घरों को निशाना बना रहा है। कई जगहों पर नकदी और जेवरात चोरी होने की खबरें सामने आई हैं।
📌 पुलिस गश्त पर उठे सवाल
लगातार हो रही घटनाओं के बाद पुलिस की रात्रि गश्त पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ती दिख रही है।
📌 ग्रामीणों में डर का माहौल
चोरी की घटनाओं के चलते लोग रात में जागकर पहरा देने को मजबूर हो गए हैं। गांवों में असुरक्षा का माहौल बन गया है।
📌 पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामलों की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

4
177 views    0 comment
0 Shares

📍 हरदोई | रिपोर्ट: सत्यपाल चौधरी
हरदोई जनपद में इस समय भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है।
📌 लू का प्रकोप बढ़ा
तेज धूप और गर्म हवाओं (लू) के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
📌 बिजली-पानी की समस्या गहराई
गर्मी के चलते बिजली की मांग बढ़ गई है, जिससे कटौती की समस्या भी सामने आ रही है। कई इलाकों में पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
📌 बाजारों में दिखा असर
तेज गर्मी के कारण बाजारों में भीड़ कम हो गई है। दुकानदारों का कहना है कि कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है।
📌 प्रशासन अलर्ट मोड में
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और अधिक से अधिक पानी का सेवन करें।

16
306 views    0 comment
0 Shares

ରଙ୍ଗାମାଟିଆ ରେ ଜୈବିକ ପ୍ରଣାଳୀରେ କୃଷି କାର୍ଯ୍ୟ ନିମନ୍ତେ ମାର୍ଗଦର୍ଶନ କର୍ମଶାଳା।

ଚମ୍ପୁଆ -୨୨/୦୪(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ) ଚମ୍ପୁଆ ବ୍ଲକ ରଙ୍ଗାମାଟିଆ ପଞ୍ଚାୟତ ଅନ୍ତର୍ଗତ ରଙ୍ଗାମାଟିଆ ଗ୍ରାମ ହାଟ ପଡିଆ ପରିସରରେ ସେଚ୍ଛାସେବୀ ସଂଗଠନ "ଫlରମର ଟିୟୁଟର " ଏବଂ ଉମାଶଙ୍କର ସବୁଜ ବାହିନୀ ଲିମିଟେଡ଼ ଆନୁକୂଲ୍ୟରେ ଜୈବିକ ପ୍ରଣାଳୀରେ କୃଷିକାର୍ଯ୍ୟ ନିମନ୍ତେ ମାର୍ଗଦର୍ଶନ କର୍ମଶାଳା ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି l ଡ଼କ୍ଟର ନାରାୟଣ ଦଣ୍ଡସେନା ଙ୍କ ସଂଯୋଜନାରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ କର୍ମଶାଳା ରେ ମୁଖ୍ୟଅତିଥି ଭାବେ ରଙ୍ଗାମାଟିଆ ସରପଞ୍ଚ ମାଧୁରୀ ନାଏକ, ସମ୍ମାନିତ ଅତିଥି, ବକ୍ତା ଭାବେ କୃଷି ଅଧୀଦର୍ଶକ ଚିତ୍ତ ରଞ୍ଜନ ସାହୁ, ପଞ୍ଚାୟତ କାର୍ଯ୍ୟନିର୍ବାହୀ ଅଧିକାରୀ ପୂର୍ଣ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ମହାନ୍ତ, ନାଏବ ସରପଞ୍ଚ ଟିକିରାଣୀ ମହାନ୍ତ, ଓଡିଶା ବିଗ୍ରେଡ଼ ସ୍କୁଲ ର ଶିକ୍ଷକ ବୀରେନ୍ଦ୍ର କୁମାର ପାତ୍ର, ଲେଖକ, ସଂଗଠକ ଶ୍ରୀ ଡମ୍ବରୁ ମହାନ୍ତ ପ୍ରମୁଖ ଯୋଗ ଦେଇଥିଲା ବେଳେ ତାଲିମଦାତା ଭାବେ ଘାସିରାମ ରାଣା ଯୋଗଦେଇ ରଙ୍ଗାମାଟିଆ ପଞ୍ଚାୟତ ର ଅଗ୍ରଣୀ ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ଦିଗଦର୍ଶନ ଦେଇ ଜୈବିକ କୃଷି, ଜୈବିକ ସାର ଜମିରେ ପ୍ରୟୋଗ କରି ମାଟି ମା ' କୁ ବଞ୍ଚାଇବାକୁ ମାର୍ଗଦର୍ଶନ କରିଥିଲେ l କୃଷି ଅଧୀଦର୍ଶକ ରାଜ୍ୟ ଓ କେନ୍ଦ୍ର ସରକାରଙ୍କ ସି. ଏମ କିସାନ, ପି. ଏମ କିସାନ ସହାୟତା ରାଶି ପାଇବାକୁ କୃଷକ ରେଜିଷ୍ଟେସନ, କୃଷକ ଓଡିଶା ପୋଟାଲ ରେ ନିଜ ନାମ ପଞ୍ଜିକରଣ କରିବାକୁ କହିଥିଲେ l ଟ୍ରେନର ଘାସିରାମ ରାଣା ଜୈବିକ ସାର ଓ ଖତ ପ୍ରସ୍ତୁତି ର ପ୍ରଣାଳୀ ବାବଦରେ ଚାଷୀ ମାନଙ୍କୁ ଦିଗଦର୍ଶନ ଦେଇଥିଲେ l କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ରେ ରଙ୍ଗାମାଟିଆ ପଞ୍ଚାୟତର ରରୁଆଁଗୋଡ଼ା, ଚିଲିକାପଶି, ବାଙ୍କିଆ, ଟିଆଁସିପଶି, ହୃଦୁରାମପୁର, ପୋଖରୀଆ ଇତ୍ୟାଦି ଗ୍ରାମରୁ ସହସ୍ରାଧିକ ମହିଳା, ପୁରୁଷ ଅଗ୍ରଣୀ ଚାଷୀମାନେ ଯୋଗ ଦେଇ ଅଂଶଗ୍ରହଣ କରିଥିଲେ l ଚାଷୀ ମାନଙ୍କ ଯୋଗାଯୋଗ ରେ ଯଜ୍ଞଦତ୍ତ କୁମ୍ବାର, ତୁଳସୀ ନାଗ, ବସନ୍ତ ପଟେଲ, ଦୀନବନ୍ଧୁ ସାହୁ ପ୍ରମୁଖ ପରିଚାଳନାରେ କର୍ମଶାଳା ପରିଚାଳିତ ହୋଇଥିଲା l

ଡମ୍ବରୁଧର ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

17
1144 views    0 comment
0 Shares

11
748 views    0 comment
0 Shares

अमदाबाद के डुमरिया गांव, वार्ड नंबर में चूल्हे की एक चिंगारी ने 6 परिवारों के 13 घरों को पलभर में राख कर दिया। खाना बनाते समय लगी आग तेज हवा में इतनी फैली कि कोई कुछ नहीं बचा पाया।
सबसे दर्दनाक की बात है कि अब्दुल हन्नान की बेटी की शादी 28 अप्रैल को है। शादी के लिए रखे 3 लाख नगद, जेवर, कपड़े,फर्नीचर सब जलकर खाक हो गया। एक पिता की सालों की कमाई और बेटी के अरमान पल में स्वाहा।
14 लोग आज खुले आसमान के नीचे हैं।
जिला प्रशासन मौके पर पहुंच कर मदद का भरोसा दिया है।
गर्मी में जरा सी लापरवाही दर्जनों जिंदगियों पर भारी पड़ गई आप सभी से अपील है, चूल्हे-गैस के पास सावधानी बरतें | न्यूज कटिहार से राजू चौधरी उर्फ राजेश अग्रवाल की रिपोर्ट

11
2154 views    0 comment
0 Shares

📍 हरदोई (कोथावां) | रिपोर्ट: सत्यपाल चौधरी
हरदोई जनपद के कोथावां ब्लॉक में इंडियन गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। क्षेत्र के उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस सिलेंडर वितरण व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है, जिससे उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
📌 बार-बार दी जा रही तारीख
ग्रामीणों का कहना है कि गैस लेने के लिए उन्हें बार-बार अलग-अलग तारीख दी जाती है, लेकिन समय पर सिलेंडर नहीं मिलता। दूर-दराज से आने वाले लोग कई बार बिना गैस के ही वापस लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
📌 महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी
इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है, जिन्हें घंटों लाइन में लगना पड़ता है और फिर भी गैस मिलने की कोई गारंटी नहीं होती।

19
970 views    0 comment
1 Shares

ବିପ୍ଲବୀ ଧରଣୀଧରଙ୍କ ଜୟନ୍ତୀ ପାଳନ ପାଇଁ ପ୍ରସ୍ତୁତି ବୈଠକ ଅନୁଷ୍ଠିତ।

କେନ୍ଦୁଝର -୨୨/୦୪(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ) କେନ୍ଦୁଝରଠାରେ ଜିଲ୍ଲାସ୍ତରୀୟ ଧରଣୀଧର ଜୟନ୍ତୀ ଆୟୋଜନର ବିଭିନ୍ନ ବ୍ୟବସ୍ଥା ସମୀକ୍ଷା କରିବା ପାଇଁ ଆଜି ଏକ ପ୍ରସ୍ତୁତି ବୈଠକ ଜିଲ୍ଲାପାଳଙ୍କ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟସ୍ଥ କ୍ଷୁଦ୍ର ସଭାଗୃହରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି। ଜିଲ୍ଲାପାଳ ଵିଶାଲ ସିଂହଙ୍କ ନିର୍ଦ୍ଦେଶକ୍ରମେ ଅତିରିକ୍ତ ଜିଲ୍ଲାପାଳ ମନ୍ଦରଧର ମହାଳିକଙ୍କ ଅଧ୍ୟକ୍ଷତାରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ଏହି ବୈଠକରେ ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ନିମନ୍ତ୍ରିତ ଅତିଥିଭାବେ ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ଉନ୍ନୟନ ପରିଷଦ, କେନ୍ଦୁଝରର ଅଧ୍ୟକ୍ଷା ଶ୍ରୀମତୀ ମମିତା ନାଏକ ଯୋଗଦେଇଥିବା ବେଳେ, ସମନ୍ବିତ ଆଦିବାସୀ ଉନ୍ନୟନ ସଂସ୍ଥାର ପ୍ରକଳ୍ପ ପ୍ରଶାସକ ଶିବଶଙ୍କର ମିଶ୍ର, ଭୂୟାଁ ସାଂସ୍କୃତିକ ସଙ୍ଘର ସମ୍ପାଦକ ଶ୍ୟାମସୁନ୍ଦର ନାଏକ, ଅତିରିକ୍ତ ଜିଲ୍ଲା ଶିକ୍ଷାଧିକାରୀ ଶ୍ରୀକାନ୍ତ ବେହେରା, ଜିଲ୍ଲା ମଙ୍ଗଳ ଅଧିକାରୀ ବିକାଶ ମହାନ୍ତି, ଜିଲ୍ଲା ସଂସ୍କୃତି ଅଧିକାରୀ ରମେଶ ଚନ୍ଦ୍ର ନାୟକ ଏବଂ ଜିଲ୍ଲା ସୂଚନା ଓ ଲୋକସମ୍ପର୍କ ଅଧିକାରୀ ସାର୍ଥକ ରାୟଙ୍କ ସମେତ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ଅଧିକାରୀମାନେ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେl
୫ ମଇ, ୨୦୨୬ ରେ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ଅଡିଟୋରିୟମ୍ ଠାରେ ଜିଲ୍ଲାସ୍ତରୀୟ ବିପ୍ଲବୀ ଧରଣୀଧରଙ୍କ ଜୟନ୍ତୀ ପାଳନ କରାଯିବା ସହ ଜିଲ୍ଲାର ଅନ୍ୟ ସମସ୍ତ ସ୍ଥାନରେ ମଧ୍ୟ ସମାନ୍ତରାଳ ଭାବେ ଜୟନ୍ତୀ ଉତ୍ସବ ଧୂମଧାମରେ ପାଳନ କରାଯିବା ନେଇ ନିଷ୍ପତ୍ତି ହୋଇଥିଲା। ଜୟନ୍ତୀ ସମାରୋହର ସୁପରିଚାଳନା ସମ୍ପର୍କରେ ବିସ୍ତୃତ ଆଲୋଚନା କରାଯାଇଥିଲା। ବିଭାଗ ମଧ୍ୟରେ ସମନ୍ୱୟ ଏବଂ ଜନସାଧାରଣଙ୍କ ଅଂଶଗ୍ରହଣ ଭଳି ପ୍ରମୁଖ ଦିଗଗୁଡ଼ିକ ଉପରେ ଆଲୋଚନା କରାଯାଇଥିଲା।
ଅନୁଷ୍ଠାନର ପ୍ରମୁଖ ବିଷୟବସ୍ତୁ ମଧ୍ୟରେ ଧରଣୀଧରଙ୍କ ପ୍ରତିମୂର୍ତ୍ତିରେ ମାଲ୍ୟାର୍ପଣ ଏବଂ ବିଭିନ୍ନ କ୍ଷେତ୍ରରେ ସେମାନଙ୍କ ଅବଦାନ ପାଇଁ ବିଶିଷ୍ଟ ବ୍ୟକ୍ତି ଓ ଉତ୍କୃଷ୍ଟତା ହାସଲ କରିଥିବା ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀ ମାନଙ୍କୁ ସମ୍ମାନିତ କରିବା ପାଇଁ ନିଷ୍ପତ୍ତି ନିଆଯାଇଥିଲା। ଏହି ଉତ୍ସବର ଗୁରୁତ୍ୱ ସହିତ ମର୍ଯ୍ୟାଦାପୂର୍ଣ୍ଣ ଏବଂ ସୁସମନ୍ୱିତ ଢଙ୍ଗରେ ଉତ୍ସବ ପାଳନ ସୁନିଶ୍ଚିତ କରିବା ଉପରେ ଆଲୋଚନା କରାଯାଇଥିଲା। ଜୟନ୍ତୀର ସଫଳ ଆୟୋଜନା ପାଇଁ ପୂର୍ବରୁ ସମସ୍ତ ବ୍ୟବସ୍ଥା କରିବାକୁ ସମ୍ପୃକ୍ତ ବିଭାଗଗୁଡ଼ିକୁ ଆବଶ୍ୟକୀୟ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଦିଆଯାଇଥିଲା।

ଡମ୍ବରୁଧର ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

30
1736 views    0 comment
0 Shares

मोहनगढ़ तहसील के प्रशासनिक तंत्र की एक बेहद गंभीर और चिंताजनक तस्वीर पेश करती है। 'अंधेर नगरी-चौपट राजा' का शीर्षक सीधे तौर पर उस प्रशासनिक अराजकता पर प्रहार करता है जहाँ नियम-कायदे ताक पर रख दिए गए हैं।
​इस पूरे मामले के मुख्य अंश और विश्लेषण नीचे दिए गए हैं:
​1. कानूनी आदेश की अवमानना (धारा 250 का उल्लंघन)
​सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि किसान के पास राजस्व न्यायालय का स्पष्ट आदेश है। मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 250 का उपयोग ही तब किया जाता है जब किसी की भूमि पर अवैध कब्जा हो और उसे खाली करवाना हो। जब कोर्ट ने बेदखली का आदेश दे दिया, तो तहसील कार्यालय का काम केवल उसे 'लागू' करना (Execution) था। इसे लागू न करना न केवल किसान के साथ अन्याय है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की भी तौहीन है।
​2. भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के संगीन आरोप
​पीड़ित किसान सुकन घोष बाई का आरोप है कि काम करने के नाम पर 10,000 रुपये की रिश्वत ली गई। यह मामला भ्रष्टाचार के उस गहरे जाल को दिखाता है जहाँ सरकारी कर्मचारी अपना संवैधानिक कर्तव्य निभाने के लिए भी अवैध धन की मांग करते हैं। रिश्वत लेने के बावजूद 2021 से 2026 तक कार्रवाई न होना सिस्टम की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
​3. डराना-धमकाना और माफिया जैसा व्यवहार
​रिपोर्ट में सबसे डरावना पहलू 'खुली धमकी' है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और पीड़ित को उसकी अपनी जमीन से हमेशा के लिए हाथ धोने की धमकी दें, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाना यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों को कानून या उच्च अधिकारियों का कोई खौफ नहीं है।
​4. सीएम हेल्पलाइन और शिकायतों का 'Force Close' होना
​मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) को जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बनाया गया था। लेकिन यहाँ 'सांठगांठ' के जरिए शिकायतों को बिना समाधान के जबरन बंद किया जाना यह साबित करता है कि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों ने एक ऐसा 'सिंडिकेट' बना लिया है जो ऊपर तक सही जानकारी पहुँचने ही नहीं देता।
​निष्कर्ष और पीड़ित का सवाल
​किसान का यह सवाल कि "आम आदमी न्याय के लिए कहाँ जाए?" पूरे शासन-प्रशासन के मुंह पर तमाचा है। रामनगर के इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि:
​कागजी आदेश और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है।
​टीकमगढ़ प्रशासन को इस पर तुरंत संज्ञान लेकर कलेक्टर और कमिश्नर स्तर पर जांच करानी चाहिए।
​दोषी कर्मचारियों पर न केवल विभागीय कार्रवाई, बल्कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर (FIR) भी होनी चाहिए।
​यह मामला अब केवल एक जमीन के टुकड़े का नहीं, बल्कि कानून के इकबाल और जनता के भरोसे को बचाने का है।
​क्या आप चाहते हैं कि मैं इस रिपोर्ट के आधार पर जिले के कलेक्टर या लोकायुक्त के लिए कोई आधिकारिक शिकायत पत्र का प्रारूप (Draft) तैयार करूँ?

11
729 views    0 comment
0 Shares

4
200 views    0 comment
0 Shares

ସରକାରୀ ମହିଳା ମହାବିଦ୍ୟାଳୟ ରେ ଅନ୍ତର୍ଜାତୀୟ ଧରିତ୍ରୀ ଦିବସ ପାଳିତ।

କେନ୍ଦୁଝର-୨୨/୪(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ)
କେନ୍ଦୁଝର ସରକାରୀ ମହିଳା ମହାବିଦ୍ୟାଳୟ ପରିସରରେ ଧରିତ୍ରୀ ଦିବସ ମହାବିଦ୍ୟାଳୟର ଅଧ୍ୟକ୍ଷ ପ୍ରଫେସର ଡକ୍ଟର ଲଳିତ ରଞ୍ଜନ ସାହୁଙ୍କ ଅଧ୍ୟକ୍ଷତାରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇ ଯାଇଛି। ଭୁତତ୍ୱ ବିଜ୍ଞାନ ବିଭାଗ ଆନୁକୂଲ୍ୟରେ କରାଯାଇଥିବା ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ବିଭାଗର ସମସ୍ତ ଅଧ୍ୟାପକ ଅଧ୍ୟାପିକା ଓ ଛାତ୍ରୀ ଯୋଗଦେଇଥିଲେ। ମହାବିଦ୍ୟାଳୟର ପ୍ରଶାସନିକ ଅଧିକାରୀ ଡକ୍ଟର ଚିତ୍ତରଞ୍ଜନ ସାହୁ, ଶିକ୍ଷା ଅଧିକାରୀ ଡକ୍ଟର ବିଷ୍ଣୁ ଚରଣ ଦାସ ପ୍ରମୁଖ ଅତିଥି ଭାବେ ଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ। ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଅଧ୍ୟକ୍ଷ ଡକ୍ଟର ଲଳିତ ରଞ୍ଜନ ସାହୁ ଯୋଗଦେଇ ମାନବକୃତ ଅସନ୍ତୁଳିତ ପରିବେଶ ଓ ବିଶ୍ୱ ତାପନ ବିଷୟରେ ଆଲୋଚନା କରିବା ସହ ନିଜର ବକ୍ତବ୍ୟ ପ୍ରଦାନ କରିଥିଲେ। ପରିବେଶର ସୁରକ୍ଷା ପାଇଁ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ଗଛ ଲଗାଇବା ଓ ତାହାକୁ ବଞ୍ଚାଇ ବଡ଼ କରିବା ଏକ ମାତ୍ର ଉପାୟ ବୋଲି ସେ ଉପଦେଶ ଦେଇଥିଲେ। ଗଛ ରହିଲେ ଜୀବଜଗତ ରହିବ ବର୍ଦ୍ଧିତ ଜନସଂଖ୍ୟା ଓ ଶିଳ୍ପ ଅଭିବୃଦ୍ଧି ସହ ଯାନବାହାନ ବୃଦ୍ଧି ପରିବେଶ ପ୍ରଦୂଷଣର ମୁଖ୍ୟ କାରଣ ବୋଲି ସେ କହିଥିଲେ। ପରେ ଭୁତତ୍ୱ ବିଜ୍ଞାନ ବିଭାଗ ଅଧ୍ୟାପିକା ସୌମିତା ଦୀକ୍ଷିତ ଅନ୍ତର୍ଜାତୀୟ ଧରିତ୍ରୀ ଦିବସ ଉପଲକ୍ଷେ ସମସ୍ତ ଛାତ୍ରୀ ଓ ଅଧ୍ୟାପକ ଅଧ୍ୟାପିକାଙ୍କୁ ପରିବେଶ ସୁରକ୍ଷା ଆମ ସମସ୍ତଙ୍କର ଦାୟିତ୍ୱ ଓ ଆମ ପୃଥିବୀ ଆମ ଶକ୍ତି , ଆମେ ମିଳିମିଶି ପରିବେଶ ପ୍ରଦୂଷଣକୁ ରୋକିବା ସମ୍ପର୍କିତ ଶପଥ ପାଠ କରାଇଥିଲେ। ପରିବେଶରେ କର୍ବନ ଏମିଶନ କୁ କମାଇବା, ସୌରଶକ୍ତିର ବ୍ୟବହାର କରିବା, ପାରମ୍ପରିକ ଶକ୍ତି ବ୍ୟବହାରକୁ କମାଇବା ଆଦି ଉପରେ ବିସ୍ତୃତ ଆଲୋଚନା କରା ଯାଇଥିଲା। ଶେଷରେ ଶ୍ରୀ ରଜତ କୁମାର ପାଢ଼ୀଙ୍କ ଧନ୍ୟବାଦ ଅର୍ପଣ ସହ ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମକୁ ଶେଷ କରା ଯାଇଥିଲା।

ଡମ୍ବରୁଧର ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

21
1158 views    0 comment
0 Shares

ପୁର୍ଣିମା ରାୟଙ୍କ ନେତୃତ୍ୱରେ କେନ୍ଦୁଝର ମହିଳା କ୍ରିକେଟ ଦଳ ଘୋଷଣା।

କେନ୍ଦୁଝର - ୨୨/୦୪ (ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ) ଓଡିଶା କ୍ରିକେଟ ଆସୋସିଏସନ ଆନୁକୂଲ୍ୟରେ କଟକ ବାରବାଟୀ ଷ୍ଟାଡିୟମ ଠାରେ ଟି -୨୦ ଫର୍ମାଟ ଚାଲିଥିବା ଆନ୍ତଃ ଜିଲ୍ଲା ମହିଳା କ୍ରିକେଟ ଟୁର୍ନାମେଣ୍ଟ ପାଇଁ ପୁର୍ଣିମା ରାୟଙ୍କ ନେତୃତ୍ୱରେ ଏକ ୧୫ ଜଣିଆ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ଦଳ ମଙ୍ଗଳବାର ସନ୍ଧ୍ୟାରେ ଘୋଷଣା କରାଯାଇଛି l ଜିଲ୍ଲା ଦଳ ପାଇଁ ମନୋନୀତ ହୋଇଥିବା ଖେଳାଳି ମାନେ ହେଲେ ପୁର୍ଣିମା ରାଏ (ଅଧିନାୟକ ), ତନବୀ ରଞ୍ଜନ (ଉପ ଅଧିନାୟକ ), ରାନୀ କେ ପ୍ରସାଦ, ସ୍ଵାତିଲଗ୍ନ ପ୍ରଧାନ, ଯଶସ୍ୱିନୀ ନାଏକ, ଦୀପା ଗାଗରାଇ , ସୀତା ସିଙ୍କୁ, ନାମୀ ମିଶ୍ର, ପୂଜା ଗାଗରାଇ, ସାଇ ପ୍ରତୀକ୍ଷା ଜେନା, ସାଇ ଲକ୍ଷ୍ମୀ ଜେନା, ତମନ୍ନା ସିଂହ, ଲିପସା ଜେନା, ସୋନାଲି ଦାସ, ମନୀଷା ନାଏକ l ଷ୍ଟାଣ୍ଡବାଇ ଖେଳାଳି ଭାବେ ଅନିଶା ସାହା, ସୁଶ୍ରୀ ମହାନ୍ତ, ଆର୍ଯ୍ୟସୂତ ଜେନା, ଭାଗ୍ୟଶ୍ରୀ ବଳ, ଶ୍ରେୟା ସାହୁ ରହିଛନ୍ତି l ଦଳ ସହ ମ୍ୟାନେଜର ଭାବେ ସସ୍ମିତା ମୁଣ୍ଡା ଏବଂ କୋଚ ଭାବେ ଅମରେନ୍ଦ୍ର ମହାନ୍ତି କେନ୍ଦୁଝର ଦଳ ସହ ଆଜି ସଖାଳେ ଟ୍ରେନ ଯୋଗେ କଟକ ଅଭିମୁଖେ ଯାତ୍ରା କରିଛନ୍ତି l ଲିଗ କମ ନକ ଆଉଟ ପଦ୍ଧତିରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହେବାକୁଥିବା ଏହି ପ୍ରତିଯୋଗିତାରେ କେନ୍ଦୁଝର ତାର ପ୍ରଥମ ଖେଳରେ ନିମପୁର ପଡିଆରେ ଗତବର୍ଷର ଚମ୍ପିୟାନ ବଲାଙ୍ଗୀର ଜିଲ୍ଲାକୁ ଭେଟିବ ବୋଲି ଜିଲ୍ଲା କ୍ରୀଡା ସଂସ୍ଥା ସାଧାରଣ ସମ୍ପାଦକ ସଂଗ୍ରାମ କେଶରୀ ପଟ୍ଟନାୟକ ଠାରୁ ପ୍ରକାଶ l

ଡମ୍ବରୁଧର ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

14
1058 views    0 comment
0 Shares


🔷 व्यवस्थाओं का लिया जायजा, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश
🚨 दिनांक 20 अप्रैल 2026 की रात्रि में राघौगढ़ थाने का औचक निरीक्षण किया गया।
🔍 निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, कार्यालयीन व्यवस्थाओं एवं अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन कर पुलिस कार्यप्रणाली की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया गया।
📂 थाना रिकॉर्ड, अपराध पंजी, लंबित प्रकरण, मालखाना एवं हवालात की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
⚖️ लंबित मामलों के त्वरित एवं निष्पक्ष निराकरण तथा फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए।
🗣️ आमजन से संवाद को और अधिक सशक्त बनाने एवं शिकायतों के समयबद्ध, संवेदनशील निराकरण पर जोर दिया गया।
🚓 रात्रि गश्त को सक्रिय व प्रभावी बनाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
🧹 थाना परिसर की स्वच्छता, अनुशासन एवं अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
👏 उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना भी की गई।
👉 इस औचक निरीक्षण से पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने एवं आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का सकारात्मक संदेश गया है।
#GunaPolice #MPPolice #NightInspection #LawAndOrder #PublicSafety

0
87 views    0 comment
0 Shares


श्रीमती ज्योत्सना महंत की अध्यक्षता में ‘दिशा’ बैठक सम्पन्न, योजनाओं की प्रगति पर हुई विस्तृत चर्चा

भीषण गर्मी से पहले हर गांव-शहर में पानी की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें - सांसद महंत का सख्त निर्देश

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़े हुए बिजली

बिलों की हो जांच, स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करें... सांसद ज्योत्सना महंत

(छत्तीसगढ़)एम.सी.बी. 22 अप्रैल 2026 जिले में विकास कार्यों को गति देने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की एक महत्वपूर्ण और व्यापक बैठक जिला पंचायत कार्यालय कोरिया के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई। यह बैठक न केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित रही, बल्कि जिले के समग्र विकास के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करने का माध्यम भी बनी।
बैठक की अध्यक्षता कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने की।
इस दौरान एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, कोरिया कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी, एमसीबी पुलिस अधीक्षक रतना सिंह, चिरमिरी महापौर रामनरेश राय, मनेंद्रगढ़ नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष प्रतिमा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिले में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए सांसद महंत ने स्पष्ट रूप से कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और हर कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा हो।

सड़क सुरक्षा पर सख्ती, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के निर्देश

बैठक की शुरुआत करते हुए सांसद ज्योत्सना महंत ने जिले की सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
विशेष रूप से उन्होंने हेलमेट पहनने की अनिवार्यता को सख्ती से लागू करने, राष्ट्रीय राजमार्गों पर रेडियम संकेतकों की व्यवस्था करने तथा शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर एल्कोमीटर के माध्यम से नियमित जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है। इसके लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों को विशेष रूप से शामिल करने पर जोर दिया गया।
पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि वह नियमित रूप से अभियान चलाकर ट्रैफिक नियमों के पालन को सुनिश्चित करे।

जल संरक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर, “मोर गांव-मोर पानी” अभियान की सराहना

बैठक में जल संरक्षण को लेकर किए जा रहे कार्यों की विशेष सराहना की गई। मनरेगा के तहत जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश पहले से दिए गए थे, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है। “मोर गांव-मोर पानी” अभियान के तहत किए गए कार्यों का जीआईएस आधारित प्रस्तुतीकरण भी बैठक में प्रस्तुत किया गया, जिसे सांसद ने सराहा।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले में जल संरचनाओं का निर्माण और उनका सुदृढ़ीकरण हुआ है, जिससे न केवल जल संकट में कमी आई है बल्कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
तालाब, कुएं, जलाशय और स्टॉप डैम जैसे निर्माण कार्यों ने गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सांसद महंत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन कार्यों की गुणवत्ता और स्थायित्व पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि आने वाले वर्षों में भी इनका लाभ मिलता रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया जाए, जिससे आमजन भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभा सके।

महिला सशक्तिकरण में नई उड़ान, हजारों महिलाएं बनी आत्मनिर्भर

बैठक में महिला सशक्तिकरण और आजीविका से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
सामाजिक समावेशन के तहत हजारों परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है, जिससे लगभग 95 प्रतिशत संतृप्ति हासिल की गई है।
जिले में 3245 से अधिक स्व-सहायता समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनसे जुड़ी महिलाएं आज आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। “लखपति दीदी” जैसी पहल ने महिलाओं की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इसके तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है और उन्हें प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है।
चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश कोष और आपदा राहत कोष के माध्यम से करोड़ों रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर समूहों को सशक्त बनाया गया है।
इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
सांसद ने इस दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण ही वास्तविक विकास की कुंजी है और इसे और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।

कृषि और उद्यमिता में नवाचार, किसानों को मिल रहा सशक्त मंच

कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में जिले में किए जा रहे नवाचारों की भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे किसानों की लागत कम हो और उत्पादन में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही कृषिसखी और पशुसखी जैसे नवाचारों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को
कृषि और पशुपालन से जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
वहीं सिद्ध बाबा महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, मनेंद्रगढ़ जैसे प्रयासों ने किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक सशक्त बनाया है।
इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और बिचौलियों पर निर्भरता कम हो रही है।
एकीकृत कृषि केंद्रों और आजीविका सेवा केंद्रों के माध्यम से किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और संसाधनों से जोड़ा जा रहा है। इससे न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि हो रही है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
सांसद महंत ने निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे और उन्हें आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा में तेजी, बुनियादी सुविधाओं में दिखा बदलाव

बैठक में विभिन्न आधारभूत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत जिले में 79 प्रतिशत आवास पूर्ण हो चुके हैं। शेष आवासों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों और पुलों का निर्माण तेजी से हो रहा है, जिससे ग्रामीण संपर्कता में सुधार आया है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ी संख्या में कार्ड बनाकर जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। सिकल सेल स्क्रीनिंग में 99 प्रतिशत उपलब्धि जिले की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

स्वच्छता, पेयजल और डिजिटल सेवाओं से बदली तस्वीर

शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे कुपोषण में कमी आई है और शिक्षा का स्तर भी बेहतर हुआ है। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण और कचरा प्रबंधन में सुधार से स्वच्छता के नए मानक स्थापित हुए हैं।
जल जीवन मिशन के माध्यम से हजारों घरों तक नल से जल पहुंचाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है।
वहीं डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत भूमि रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से पारदर्शिता और सुविधा में वृद्धि हुई है। इससे आम नागरिकों को काफी राहत मिली है और सरकारी प्रक्रियाएं सरल हुई हैं।
बैठक के समापन पर सांसद ज्योत्सना महंत ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक उद्देश्य आम जनता के जीवन स्तर में सुधार लाना है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि एमसीबी जिला तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है और यदि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें तो यह जिला प्रदेश में एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो सकता है।

बैठक में सांसद के कड़े निर्देश, पानी-बिजली-स्वास्थ्य पर फोकस

इस महत्वपूर्ण बैठक में सांसद ज्योत्सना महंत ने स्पष्ट संकेत दिया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में पानी की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए पहले से तैयारी की जाए और वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही उन्होंने माड़ीसरई क्षेत्र में ग्रामीणों के घरों में अत्यधिक बिजली बिल आने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच कराने के निर्देश दिए।
संबंधित विभाग को स्पष्ट रूप से कहा गया कि जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए और यदि कहीं त्रुटि हो तो तत्काल सुधार किया जाए।
और स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देशित किया गया कि टीकाकरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए, एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा डॉक्टरों की कमी को शीघ्र पूरा किया जाए ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने विशेष ध्यान देने को कहा।
गर्मी के मौसम को देखते हुए स्कूलों के समय और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
उन्होंने कहा कि स्कूलों का नियमित भ्रमण कर बच्चों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
सांसद ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर ही जिले के समग्र विकास को गति दे सकते हैं।
योजनाओं की नियमित समीक्षा, पारदर्शिता पर जोर और जनहित को सर्वोपरि रखने की सोच ही एमसीबी जिले को एक विकसित और आत्मनिर्भर जिले के रूप में स्थापित करेगी।
बैठक के अंत में एमसीबी और कोरिया कलेक्टर द्वारा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

18
7283 views    0 comment
0 Shares

US intercepts three Iranian oil tankers in Asian waters, sources say

At least three Iranian-flagged tankers have been redirected from their positions near India, Malaysia and Sri Lanka, shipping and security sources said.

Iranian-flagged supertanker Dorena was intercepted off the coast of Southern India on Apr 19, 2026, amid a US naval blockade. (File photo: X/Iran Consulate Hyderabad)

LONDON: The US military has intercepted at least three Iranian-flagged tankers in Asian waters and is redirecting them away from their positions near India, Malaysia and Sri Lanka, shipping and security sources said on Wednesday (Apr 22).

Washington has imposed a blockade on Iran's trade by sea while Iran has fired on ships to prevent them sailing through the Strait of Hormuz waterway at the entrance to the Middle East Gulf. Nearly two months after the US and Israel began their war on Iran, there is little sign of peace talks resuming during an uneasy ceasefire.

The closure of the strait has disrupted supply of a fifth of the world's oil and gas supplies and caused a global energy crisis. US forces have seized an Iranian cargo ship and an oil tanker in recent days. Iran said it had captured two container ships seeking to exit the Gulf via the Strait of Hormuz on Wednesday after firing on them and another vessel, its first seizures since the war began.

The US has diverted at least three more Iranian-flagged oil tankers in recent days, according to two US and Indian shipping sources and two separate Western maritime security sources who spoke to Reuters on Wednesday.

The US military did not immediately respond to a request for comment on the interceptions.

One of the vessels was the Iranian-flagged Deep Sea supertanker, which was part-loaded with crude and last seen on its public tracking transponder off Malaysia's coast a week ago, according to the sources and ship tracking data on the MarineTraffic platform.

The smaller Iranian-flagged Sevin, which had a maximum capacity of 1 million barrels and was carrying 65 per cent of its load, was also intercepted. The vessel was last seen off Malaysia’s coast a month ago, ship tracking data showed.

The Iranian-flagged supertanker Dorena was also intercepted, fully loaded with 2 million barrels of crude, and last seen off the coast of southern India three days ago, according to the sources and ship tracking data on the MarineTraffic platform.

The US Central Command said on Wednesday in a post on X that the Dorena has been under the escort of a US Navy destroyer in the Indian Ocean after attempting to violate the blockade.

US forces may have intercepted the Iranian-flagged Derya tanker, shipping sources said. The vessel failed to discharge its cargo of Iranian oil in India before a US waiver on Iranian crude purchases expired on Sunday. That vessel was last seen off India’s western coast on Friday, according to MarineTraffic data.

US Central Command said on Wednesday that since the start of its blockade against ships entering or exiting Iranian ports, US forces had directed 29 vessels to turn around or return to port.

The US military has not listed all the ships it has intercepted and did not immediately respond to requests for comment about the Deyra and the Deep Sea.

A third maritime security source said the US military was looking to target Iranian ships away from the Strait of Hormuz and in open waters to avoid any risk of floating mines during operations.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

10
364 views    0 comment
0 Shares

ନିତ୍ୟାନନ୍ଦପୁରରେ ମହିଳା ବାଦି ପାଲା ଅନୁଷ୍ଠିତ।

ହରିଚନ୍ଦନପୁର, ୨୨/୦୪ (ଶୂନ୍ୟରଞ୍ଜନ ଘଣା): ହରିଚନ୍ଦନପୁର ବ୍ଲକ ଅନ୍ତର୍ଗତ ନିତ୍ୟାନନ୍ଦପୁର ଗ୍ରାମରେ ମା ମଙ୍ଗଳା ପାଲା କମିଟିର ପ୍ରୟାସରେ ୩୨ତମ ବାର୍ଷିକ ତିନିଦିନିଆ ବାଦି ପାଲା ଉତ୍ସବ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଛି।

ଅଧିବାସ ଦିବସରେ ଗ୍ରାମ ପାଖର କାନିଝର ନଦୀରୁ ପୂର୍ଣ୍ଣ କଳସ ଆଣି ପୂଜା ମଣ୍ଡପରେ ସ୍ଥାପନ କରାଯାଇଥିଲା। ପରେ ସତ୍ୟନାରାୟଣଙ୍କ ଶିରିଣି ପୂଜା ନିୟମାନୁସାରେ ପୂଜକ ନରେନ୍ଦ୍ର ନନ୍ଦଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ସମ୍ପନ୍ନ ହୋଇଥିଲା। ଗ୍ରାମର ଲଛମନ ବାରିକ ସଂକଳ୍ପରେ ବସିଥିବା ବେଳେ ଦୟାନିଧି ଘଣା ସହଯୋଗ କରିଥିଲେ।

ଏହି ଅବସରରେ କଟକ ଆଠଗଡ଼ର ପ୍ରସିଦ୍ଧ ଗାୟିକା ବାଣୀ ବୈଜନ୍ତୀ ଅସୀମାରାଣୀ ବରାଳ ଓ ବରି-ଯାଜପୁରର ଗାୟିକା ମଞ୍ଜୁଳା ସୁଲଚନା ଦାସ ପାଲା ପରିବେଷଣ କରି ଦର୍ଶକମାନଙ୍କୁ ମନୋରଞ୍ଜିତ କରିଥିଲେ।

ସତ୍ୟନାରାୟଣ ପାଲା ଦେଖିବା ପାଇଁ ଧାନବେଣୀ, ବକ୍ସିବାରିଗାଁ, ଓସ୍ତପଙ୍ଗା, ବଲାଣିପଶି, କାଳିମାଟି, ଜୁଙ୍ଗା, କାବେରୀପସୀ, ଭଗମୁଣ୍ଡା, ଜଂଘିରା, ନଇଗୋଡା, ଦୁଆରସୁଣୀ ପ୍ରମୁଖ ଗ୍ରାମରୁ ବହୁ ଶ୍ରଦ୍ଧାଳୁଙ୍କ ଭିଡ଼ ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଥିଲା।

କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ପରିଚାଳନାରେ କମିଟି ସଦସ୍ୟ ମଧୁସୂଦନ ଘଣା, ଆଲୋକ ଘଣା, ଅଯଧ୍ୟା ଘଣା, ଦାମୋଦର ଘଣା, ଧରଣୀ ଅରୁକ, ସୁରେଶ ବାରିକ, ଧୀର ଘଣା, ବବୁଲୁ ଘଣା, ବାବୁଲା ବାରିକ, ପଞ୍ଚୁ ଘଣା, ବଙ୍ଗାଳି ଘଣା, କ୍ଷେତ୍ରବାସୀ ବାରିକ, ବିପିନ ଅରୁକ, ସନ୍ତୋଷ ଘଣା, ନୀଳମଣି ବେହେରା, ମହି ଘଣା, ମହି ମହାକୁଡ଼, ମାୟା ଘଣା, ପ୍ରଦୀପ ଘଣା, ପଦ୍ମଲାଭ ଘଣା, ଦାଶରଥି ଅରୁକ, ଯଦୁ ଘଣା, ଗଣ୍ଡ ମହାକୁଡ଼, ବିଜୟାନନ୍ଦ ବାରିକ, ଦୁଷ୍ମନ୍ତ ଘଣା, ତପନ ଘଣା, ଦିବ୍ୟରଞ୍ଜନ ଘଣା, ଗେଡ଼ ଘଣା ଆଦି ସକ୍ରିୟ ସହଯୋଗ କରିଥିଲେ।

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ଶୂନ୍ଯ ରଞ୍ଜନ ଘଣା ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

8
1052 views    0 comment
0 Shares

ମହିଳା ସଂରକ୍ଷଣ ପାଇଁ ବିଜେପି କୁମ୍ଭୀର କାନ୍ଦଣା ବନ୍ଦ କରୁ।

କେନ୍ଦୁଝର,୨୨/୦୪: ପିସିସି ନିର୍ଦ୍ଦେଶକ୍ରମେ ସମସ୍ତ ଜ଼ିଲ୍ଲା କଂଗ୍ରେସ ପକ୍ଷରୁ ସାମ୍ବାଦିକ ସମ୍ମିଳନୀ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇ ଯାଇଛି l ୨୦୧୧ ଜନଗଣନା ଅନୁସାରେ ମହିଳା ସଂରକ୍ଷଣ କରିବାର ଥିଲା ନାରୀଶକ୍ତି ବନ୍ଦନ ଅଧିନିୟମ ନାମରେ ପାରିତ କରାଗଲାନି କାହିଁକି? ସରକାରଙ୍କୁ ଜନମତ ଥିଲା ସଂସଦରେ ୧୩୧ ତମ ସମ୍ବିଧାନ ସଂଶୋଧନ ଆଇନ ପାରିତ ହେବାକୁ ଦୁଇ ତୃତୀୟାଂଶ ସଦସ୍ୟଙ୍କର ସମର୍ଥନ ଲୋଡ଼ା କିନ୍ତୁ ଏହି ବିଲ କାହିଁକି ପାରିତ କରୁଥିଲେ କଣ ପାଇଁ? କିଛି ଖରାପ ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟ ଥିଲା କି? ଏବଂ ଅଯଥାରେ ସୀମା ନିର୍ଦ୍ଦାରଣ ବିଲ ଆଗତ କରି ଲୋକହସା ହେବା ଦୁର୍ଭାଗ୍ୟଜନକ ଏବଂ ବିଜେପି ସରକାର କୁମ୍ଭୀର କାନ୍ଦଣା ବନ୍ଦ କରୁ ବୋଲି ପୂର୍ବତନ ମନ୍ତ୍ରୀ ତଥା ପୂର୍ବତନ ପିସିସି ସଭାପତି ଜୟଦେବ ଜେନା ସ୍ଥାନୀୟ କଂଗ୍ରେସ ଭବନରେ ଏକ ସାମ୍ବାଦିକ ସମ୍ମିଳନୀ କହିଛନ୍ତି l ଏଥିରେ ଜ଼ିଲ୍ଲା କଂଗ୍ରେସ କମିଟି ସଭାପତି ମନୋଜ କୁମାର ଜେନା, ପୂର୍ବତନ ଜ଼ିଲ୍ଲା କଂଗ୍ରେସ ସଭାପତି ମୋହନ ପରିଡା, ପୂର୍ବତନ ପିସିସି ସାଧାରଣ ସମ୍ପାଦକ ଆଲୋକ ମିଶ୍ର, ପୂର୍ବତନ ପିସିସି ସମ୍ପାଦକ ସଂଗ୍ରାମ ଦାସ, ପୂର୍ବତନ ବିଧାୟକ ଇଂ ସୁବର୍ଣ୍ଣ ନାଏକ,
ପୂର୍ବତନ ସାଂସଦ ପ୍ରାର୍ଥୀ ଇଂ ବିନୋଦ ବିହାରୀ ନାଏକ, ଜ଼ିଲ୍ଲା ଯୁବ କଂଗ୍ରେସ ସଭାପତି ସୁନେଶ ଧୀର, ଜ଼ିଲ୍ଲା ଛାତ୍ର କଂଗ୍ରେସ ସଭାପତି ଶୁଭମ ରାଜ, ସଦର ବିଧୟିକା ପ୍ରାର୍ଥୀ ପ୍ରତିଭା ମଞ୍ଜରୀ ନାଏକ, ମହିଳା ନେତ୍ରୀ ସବିତା ସାହୁ, ଜ଼ିଲ୍ଲା ଉପସଭାପତି ଲଳିତ ମୋହନ ନାୟକ,ଚିତ୍ତରଞ୍ଜନ ପାତ୍ର, କଂଗ୍ରେସ ନେତା ସୁଢଳ ସେଠି,ଦିନେଶ ରାଉତ, ରତ୍ନାକର ଜେନା ଏବଂ ସମସ୍ତ ବ୍ଲକ ସଭାପତିମାନେ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ l

ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ ବ୍ୟୁରୋ।

9
914 views    0 comment
0 Shares

​विकासनगर (देहरादून):
शाहपुर कल्याणपुर स्थित NHAI टोल टैक्स बचाने की फिराक में वाहन चालकों ने अब आदूवाला गांव की सुरक्षा को दांव पर लगा दिया है। ग्राम प्रधान मंजीता ने इस विषय में पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है और स्पष्ट किया है कि गांव की गलियों को कमर्शियल वाहनों का शॉर्टकट नहीं बनने दिया जाएगा।

​ग्राम प्रधान ने पुलिस को अवगत कराया कि टोल की बचत करने के चक्कर में भारी वाहन गांव के भीतर से होकर गुजर रहे हैं। चूंकि आदूवाला एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है, इसलिए इन भारी और तेज रफ्तार वाहनों के कारण ग्रामीणों, विशेषकर पैदल स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों की जान पर हर समय खतरा मंडरा रहा है।

​प्रधान मंजीता ने एक हालिया घटना का हवाला देते हुए बताया कि एक तेज रफ्तार वाहन ने एक व्यक्ति को टक्कर मार दी और चालक मौके से फरार हो गया, जिसका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया है कि क्या अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? प्रधान का कहना है कि ये वाहन न केवल लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि गांव की आंतरिक सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

​ग्राम पंचायत की ओर से चौकी प्रभारी को सौंपे गए पत्र में प्रधान ने पुरजोर मांग की है कि इन वाहनों पर तुरंत नियंत्रण लगाया जाए और अवैध रूप से गांव में घुसने वाले व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने शासन-प्रशासन से ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।

203
11537 views    0 comment
0 Shares

नारी शक्ति वंदन" पखवाड़े पर व्याख्यान/संगोष्ठी का हुआ आयोजन

आज शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय भिण्ड में "नारी शक्ति वंदन" पखवाड़े पर व्याख्यान/संगोष्ठी का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में श्रीमती रूपल पुरोहित (प्रभारी सिविल/नोडल अधिकारी), श्री आशीष शर्मा (वरिष्ठ व्याख्याता), श्रीमती प्राची बाजपेयी, श्रीमती हेमलता परिहार, श्रीमती साधना शर्मा, श्रीमती प्रियंका चौहान, श्रीमती किरण नरवरिया, श्रीमती प्रियंका पचौरी, श्रीमती रितु परिहार तथा समस्त फैकेल्टी एवं विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती रूपल पुरोहित नोडल अधिकारी "नारी शक्ति वंदन" ने नारी सशक्तिकरण, महिला अधिकारों, शिक्षा के महत्व एवं समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को महिलाओं के प्रति सम्मान, समानता एवं संवेदनशीलता रखने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किए गए तथा उन्होंने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में विभिन्न उदाहरणों एवं प्रेरणादायक प्रसंगों के माध्यम से महिलाओं की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया तथा संवादात्मक सत्र में उन्होंने जागरूक होकर नारी सम्मान व सशक्तिकरण का संकल्प लिया।
अंत में सभी सहभागियों को संस्था प्राचार्य द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किये जिसमें पोस्टर मेकिंग में प्रथम स्थान पर कु. राधिका मिश्रा, द्वितीय स्थान पर कु. रागिनी सक्सेना, तृतीय स्थान पर कु. अनुष्का शर्मा तथा व्याख्यान/संगोष्ठी में प्रथम स्थान पर कु. छाया राजावत, द्वितीय स्थान पर कु. श्रुति दुबे, तृतीय स्थान पर कु. अर्जिता भदौरिया रहीं।
#CMMadhyaPradesh
#JansamparkMP
#NariShaktiVandan
#भिण्ड
#Bhind

37
1250 views    0 comment
0 Shares

धुळे : तालुक्यातील शिरुड येथील शेतकऱ्यांच्या ठिबक सिंचन फाइल्स मंजूर करण्यासाठी २८ हजार रुपयांची लाच स्वीकारताना पिंप्री येथील कृषी पर्यवेक्षक कैलास रामदास तेले याला दि. २१ रोजी दुपारी शहरातील गजबजलेल्या जयहिंद चौकात लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाने रंगेहाथ पकडले. याप्रकरणी मंगळवारी रात्री उशिरा गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे.

तक्रारदाराची खांडबारा (जि. नंदुरबार) येथे ठिबक सिंचन साहित्य विक्रीची फर्म असून, दुसरी शाखा शिरुड येथे आहे. या दुकानातून शेतकरी शासकीय अनुदान योजनेंतर्गत साहित्य खरेदी करतात. या खरेदीची 'मोका तपासणी' करून फाइल्स मंडल अधिकाऱ्यांकडे पाठवण्याचे काम कृषी पर्यवेक्षक कैलास तेले यांच्याकडे होते. हे काम करण्यासाठी तेले यांनी तक्रारदाराकडे ३५ हजार रुपयांची मागणी केली होती. त्यापैकी १० हजार रुपये त्यांनी आधीच घेतले होते.

उर्वरित रकमेसाठी तेले यांनी तगादा लावल्याने तक्रारदाराने २१ एप्रिल
धुळे एसीबी कार्यालयात नोंदवली. बुधवारी दुपारी एसीबीच्या तक्रार
जयहिंद चौकात दबा धरून बसलेल्या पथकाने, तक्रारदाराकडून लाचेची रक्कम स्वीकारताच कैलास तेलें (वय ४९) यांना पंचांसमक्ष ताब्यात घेतले. याप्रकरणी देवपूर पोलिस ठाण्यात भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कायद्यान्वये गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे.

17
443 views    0 comment
0 Shares

In wake of multiple shutdowns announced by various groups and civil society organisations, normal life continued to be affected in Manipur. While educational bodies and markets remained closed, public transport didn’t function in all valley districts and Naga-inhabited areas, reported Economic Times, citing officials.

Sit-ins against the recent killings were also held at various parts of the state. Manipur home minister K. Govindas Singh said that out of 272 companies of Central Armed Police Forces (CAPF) deployed in Manipur, 88 have been withdrawn owing to Bengal polls.

Fresh protests are currently rocking Manipur after two children were killed and their mother seriously injured on April 7 in Tronglaobi village in Bishnupur district. The incident occurred due a projectile, suspected to have been fired by Kuki militants, falling on their home.

Monday (April 20), was the second day of the five-day shutdown called by civil society groups. Separately, Naga organisations announced a three-day shutdown starting Monday midnight, reported Economic Times.

Meanwhile, protesters from two tribal communities on Tuesday (April 21) clashed on the borders of Senapati and its adjacent Kangpokpi districts of Manipur, over a shutdown called by a civil society organisation, leading to tension in the area, reported Press Trust of India.

According to the police, the clash was sparked as the local police were attempting to clear a roadblock set up by Naga volunteers to enforce a three-day shutdown by the United Naga Council to protest the April 18 killing of two persons in Ukhrul district.

Read more on thewire.in

5
221 views    0 comment
0 Shares

आईगॉट मिशन कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर जिले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को किया गया पुरस्कृत

कलेक्टर भिण्ड ने सिविल सेवा दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार भिण्ड में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों को सम्मानित किया। यह सम्मान “साधना सप्ताह” अभियान के अंतर्गत आईगॉट मिशन कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर जिले में लोक सेवकों की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर किया गया।
इस अवसर पर उच्च मा. शिक्षक शास. उच्च मा.शाला पांडरी श्री देव कुमार दुबे (313 कोर्स), आयुष मेडिकल ऑफिसर डॉ. नीरज पाण्डेय (249 कोर्स), ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी श्री शंकर लाल निथरवाल (224 कोर्स), सिटी मिशन मैनेजर (डूडा) श्री विजय सक्सेना (212 कोर्स), सहा.ग्रेड 2 (डीटीआईसी) श्री नवीन सिंह तोमर (156 कोर्स), लीड ट्रेनर ई-गवर्नेंस श्रीमती चेष्टा जैन (130 कोर्स), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मेहगांव श्री राजीव कुमार मिश्र (120 कोर्स), स्वास्थ्य विभाग से डॉ आलोक शर्मा (119 कोर्स), होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर डॉ माधवी कौल (116 कोर्स), सिटी मिशन मैनेजर नगर पालिका परिषद भिण्ड श्री अमरीश कुमार शुक्ला (115 कोर्स) ने प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया।
इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भिण्ड, अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
#CMMadhyaPradesh
#JansamparkMP
Department Of Revenue, Madhya Pradesh
#भिण्ड
#Bhind

31
1201 views    0 comment
0 Shares

भवनाथपुर (गढ़वा): भवनाथपुर-केतार मुख्य मार्ग पर दासीपुर के समीप गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ। एक तेज रफ्तार पिकअप वैन और ऑटो के बीच हुई आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत में ऑटो सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
​घटना का विवरण
​जानकारी के अनुसार, सभी घायल चौरिया गांव के निवासी हैं और एक ही ऑटो पर सवार होकर भवनाथपुर की ओर आ रहे थे। इसी दौरान केतार थाना क्षेत्र के दासीपुर के पास विपरीत दिशा से आ रही एक अनियंत्रित पिकअप वैन ने ऑटो को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो सड़क पर ही पलट गया, जिससे उसमें सवार यात्री दब गए और चीख-पुकार मच गई।
​स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल
​घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और निजी वाहनों की मदद से सभी घायलों को तुरंत भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया। अस्पताल में महिला चिकित्सक डॉ. अनुपमा कुमारी ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया।
​घायलों की पहचान
​हादसे में घायल हुए लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है:
​पार्वती देवी (पति- शिवचरण विश्वकर्मा)
​ओमप्रकाश पटेल (पिता- टिभू पटेल)
​निधि कुमारी (पिता- विनोद यादव)
​बस्ती देवी (पति- कामेश्वर यादव)
​ये सभी घायल चौरिया गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
​चालक मौके से फरार
​हादसे के बाद पिकअप वैन का चालक वाहन सहित मौके से फरार होने में सफल रहा। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वैन चौरिया निवासी कृष्णा यादव की है, जबकि ऑटो उसी गांव के विष्णु गुप्ता का है। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और फरार चालक की तलाश जारी है।

19
1050 views    0 comment
0 Shares

10
886 views    0 comment
0 Shares

गढ़वा। जिले में अवैध बालू खनन पर प्रशासन द्वारा की गई कड़ी कार्रवाई के बाद बालू की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। पिछले एक महीने के भीतर बालू की कीमत 1500 रुपये प्रति ट्रैक्टर से बढ़कर 5000 रुपये तक पहुंच गई है। कीमतों में अचानक आए इस उछाल ने न केवल आम जनता की जेब पर बोझ डाला है, बल्कि जिले में चल रही कई विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों की गति को भी रोक दिया है।
​आम जनता और मजदूरों पर दोहरी मार
​बालू की आसमान छूती कीमतों और इसकी अनुपलब्धता के कारण सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। कई लोग जो अपने घरों का निर्माण या मरम्मत करवा रहे थे, उन्हें बजट बिगड़ने के कारण काम बीच में ही रोकना पड़ा है। निर्माण कार्य धीमा होने से दिहाड़ी मजदूरों के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
​प्रशासनिक कार्रवाई का असर
​स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले महीने तक बालू का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था, जिससे कम दाम पर बालू आसानी से उपलब्ध हो जाता था। लेकिन जैसे ही प्रशासन ने अवैध खनन पर रोक लगाई, बाजार में बालू की आपूर्ति घट गई और कीमतों में सीधा 3500 रुपये तक का इजाफा देखा गया।
​क्यों हो रही है बालू की कमी?
​जिले में बालू संकट का एक मुख्य कारण बालू घाटों की समय पर नीलामी न हो पाना है। प्रशासन की ओर से लगातार टेंडर निकाले जाने के बावजूद कोई भी संवेदक (Contractor) सामने नहीं आ रहा है। नीलामी न होने के कारण वैध तरीके से बालू का उठाव नहीं हो पा रहा है, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग चोरी-छिपे ऊंचे दामों पर बालू बेच रहे हैं।
​जल्द होगा समाधान: खनन पदाधिकारी
​मामले पर संज्ञान लेते हुए जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव ने कहा कि प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बालू घाटों को फिर से चालू करने की प्रक्रिया जारी है और सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। घाटों की नीलामी होते ही बाजार में बालू की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतें पुनः नियंत्रित हो जाएंगी।

7
180 views    0 comment
0 Shares

15
772 views    0 comment
0 Shares

हरिहरगंज (पलामू): सरकार एक तरफ किसानों की आय दोगुनी करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक उदासीनता इन दावों की पोल खोल रही है। हरिहरगंज प्रखंड परिसर में सहकारिता विभाग द्वारा 30 लाख रुपये की लागत से बना 30 एमटी (मीट्रिक टन) क्षमता का कोल्ड स्टोरेज पिछले तीन वर्षों से बनकर तैयार है, लेकिन आज तक इसे चालू नहीं किया गया है।
​जंग खा रही मशीनें, झाड़ियों में तब्दील हुआ भवन
​प्रखंड कार्यालय परिसर में बना यह कोल्ड स्टोरेज अब खंडहर में तब्दील हो रहा है। देखरेख के अभाव में भवन के चारों ओर झाड़ियाँ उग आई हैं और भीतर लगी कीमती मशीनें जंग खाकर बर्बाद हो रही हैं। तीन साल बीत जाने के बाद भी विभाग ने इसे हैंडओवर नहीं किया है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग साफ नजर आ रहा है।
​70 किमी दूर बिहार जाने को मजबूर किसान
​स्थानीय किसानों और फल-सब्जी व्यापारियों का दर्द है कि उन्हें अपनी फसल सुरक्षित रखने के लिए यहाँ से 70 किलोमीटर दूर बिहार के सासाराम जाना पड़ता है। इस भीषण गर्मी में फसल बर्बाद होने से बचाने के लिए वे सासाराम स्थित आईसीआई कोल्ड स्टोर में अतिरिक्त किराया और भाड़ा देकर अपनी उपज रखते हैं। यदि हरिहरगंज का यह स्टोर शुरू हो जाता, तो किसानों को आर्थिक नुकसान से बड़ी राहत मिलती।
​क्या कहते हैं किसान और अधिकारी?
​किसान अजीत कुमार सिंह, सुनील मेहता और अन्य ने बताया कि निर्माण के समय उन्हें उम्मीद थी कि अब उनकी सब्जियाँ बर्बाद नहीं होंगी, लेकिन विभाग की लापरवाही ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
​प्रखंड कृषि पदाधिकारी, ब्रजेश कुमार: उन्होंने स्वीकार किया कि कोल्ड स्टोरेज अभी तक विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है और न ही इस संबंध में उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी प्राप्त है।
​प्रखंड कृषि सलाहकार समिति: समिति के अध्यक्ष राजू कुमार मेहता ने कहा कि जनहित के लिए लाखों खर्च किए गए, लेकिन धरातल पर योजना का लाभ न मिलना चिंताजनक है।
​निष्कर्ष:
हरिहरगंज के किसानों और व्यापारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस कोल्ड स्टोरेज को चालू करने की मांग की है ताकि उन्हें पड़ोसी राज्य बिहार पर निर्भर न रहना पड़े और उनकी मेहनत की कमाई बर्बाद होने से बच सके।

0
80 views    0 comment
0 Shares

झालावाड़ वृत्त में बुधवार को डिस्कॉम के निजीकरण प्रस्ताव के विरोध में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने ज्ञापन सौंपा। जयपुर डिस्कॉम के अंतर्गत आने वाले विभिन्न सब-डिवीजनों में यह विरोध दर्ज कराया गया।
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री दिवाकर शर्मा, जयपुर डिस्कॉम श्रमिक संघ के उपाध्यक्ष दीपक शर्मा, सह मंत्री पवन शर्मा सहित श्रमिक संघ के सदस्यों और कई कर्मचारियों ने एकजुट होकर संबंधित अधिकारियों को शासन सचिव, ऊर्जा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों ने निजीकरण को उनके हितों, विद्युत व्यवस्था और जनसेवा के खिलाफ बताया। उन्होंने मांग की कि डिस्कॉम का निजीकरण तुरंत रोका जाए। सरकारी स्वामित्व में ही सुधार किए जाएं। यह प्रदर्शन प्रदेशभर में चल रहे डिस्कॉम निजीकरण विरोधी आंदोलन का हिस्सा है।
Aima media jhalawar

15
892 views    0 comment
0 Shares

मेरठ। बेगमबाग स्थित दि लिटिल एपेक्स स्कूल में बुधवार को ‘अर्थ डे’ मनाया गया। जिसकी थीम ‘सेव अर्थ’ रही। इस अवसर पर नन्हे बच्चों ने प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।

प्रिंसीपल संगीता नोटानी ने बच्चों को अर्थ डे के विषय में बताने के साथ उन्हे पृथ्वी को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के महत्व और उपाय सरल भाषा में समझाये। इस दौरान सभी बच्चे नीले व हरे परिधान में नजर आये। बच्चों ने रंग बिरंगे चार्ट, पोस्टर व क्राफ्ट के माध्यम से ‘सेव अर्थ, गो ग्रीन’ के संदेशों के साथ पौधे भी लगाये।

इस अवसर पर स्कूल चेयरमैन डा.ब्रजभूषण, चीफ एक्जीक्यूटीव डायरेक्टर संदीप गोयल व डायरेक्टर संजय गोयल ने सभी बच्चो का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी टीचर्स रश्मि, रिचा, पारूल, सांची, सुरभि, नैंसी, तनु, अदिति, रूपाली, क्षितिका, तन्वी, पलक व आंचल का योगदान रहा।

10
252 views    0 comment
0 Shares

3
190 views    0 comment
0 Shares

हजारीबाग: "मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।" इस कहावत को हजारीबाग की कीर्ति ने सच कर दिखाया है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) परीक्षा में सफलता हासिल कर कीर्ति ने न केवल अपने जिले का मान बढ़ाया है, बल्कि उन महिलाओं के लिए एक मिसाल पेश की है जो पारिवारिक और सामाजिक दबाव के आगे हार मान लेती हैं।
​शिक्षा के लिए ससुराल का त्याग
​कीर्ति की कहानी संघर्ष और दृढ़ निश्चय की है। करीब 10 साल पहले उनकी शादी चौपारण में हुई थी। शादी के बाद वह अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती थीं, लेकिन ससुराल वालों ने इस पर पाबंदी लगा दी। उनके सामने दो रास्ते थे—या तो वह अपने सपनों का गला घोंट दें या फिर संघर्ष का रास्ता चुनें। कीर्ति ने अपनी शिक्षा और स्वाभिमान को चुना और ससुराल छोड़कर मायके लौट आईं।
​पिता का साथ और सामाजिक चुनौतियां
​एक बेटे की जिम्मेदारी और समाज के तानों के बीच कीर्ति के लिए यह सफर आसान नहीं था। इस कठिन दौर में उनके रिटायर्ड पुलिसकर्मी पिता उनके सबसे बड़े संबल बने। बेटी की पढ़ाई के प्रति लगन देख पिता ने उन्हें हर संभव सहयोग दिया। शांत माहौल में पढ़ाई करने के लिए कीर्ति ने गर्ल्स हॉस्टल में एक कमरा किराए पर लिया और दिन-रात मेहनत में जुट गईं।
​आर्थिक तंगी को दी मात
​तैयारी के दौरान कई बार आर्थिक तंगी और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ा, लेकिन कीर्ति का लक्ष्य स्पष्ट था। उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः JPSC CDPO परीक्षा में चयनित होकर अपनी काबिलियत साबित कर दी।
​प्रेरणा का स्रोत बनी सफलता
​कीर्ति की यह सफलता आज पूरे इलाके में चर्चा का विषय है। उनकी उपलब्धि संदेश देती है कि यदि हौसला बुलंद हो और परिवार का साथ मिले, तो कोई भी बाधा मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती। कीर्ति अब बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के रूप में समाज की सेवा करने के लिए तैयार हैं।

6
270 views    0 comment
0 Shares

8
775 views    0 comment
0 Shares

झालावाड़| रेलवे स्टेशन पर बुधवार को एयर स्ट्राइक परिदृश्य आधारित मॉक ड्रिल किया गया। आपदा स्थिति में विभिन्न विभागों की तैयारियों और समन्वय क्षमता को परखने के लिए यह अभ्यास किया गया, जिसमें जिला प्रशासन, पुलिस, सिविल डिफेंस, चिकित्सा व फायर ब्रिगेड की टीमों ने भाग लिया।
ड्रिल के दौरान आपात स्थिति का काल्पनिक परिदृश्य बनाकर जनहानि, आगजनी और घायलों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई प्रदर्शित की गई। सूचना मिलते ही सभी टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस व सिविल डिफेंस ने क्षेत्र को घेरकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जबकि मेडिकल टीम ने घायलों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भिजवाया। फायर ब्रिगेड ने आग पर नियंत्रण किया। मॉक ड्रिल की सूचना पर कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ और एसपी अमित कुमार मौके पर पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे अभ्यास आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में मददगार होते हैं। इस दौरान एसडीएम अनुराग भार्गव, सीईओ शंभुदयाल मीणा, एएसपी भागचंद मीणा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
Aima media jhalawar

4
575 views    0 comment
0 Shares

चतरा: जिले में अफीम माफियाओं के विरुद्ध पुलिस ने एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। सिमरिया एसडीपीओ कार्यालय के नेतृत्व में की गई एक बड़ी छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अफीम बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। इस कार्रवाई से इलाके के नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है।
​गुप्त सूचना पर तीताही भरगांव में छापेमारी
​जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तीताही भरगांव क्षेत्र में भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की खेप छिपाकर रखी गई है। सूचना के सत्यापन के बाद सिमरिया एसडीपीओ (SDPO) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब संबंधित घर में छापेमारी की, तो वहां से लगभग 16 लाख रुपये मूल्य की अफीम बरामद हुई। मौके से एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है, जिससे पूछताछ जारी है।
​एसपी अनिमेश नैथानी का सख्त संदेश
​इस सफल ऑपरेशन के बाद चतरा के पुलिस अधीक्षक (SP) अनिमेश नैथानी ने अफीम माफियाओं को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
​"चतरा जिला अब अफीम माफियाओं के लिए सुरक्षित चारागाह नहीं है। पुलिस न केवल तस्करों को पकड़ रही है, बल्कि इनके पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने की तैयारी कर ली गई है।"
​नेटवर्क की पहचान में जुटी पुलिस
​पुलिस अब गिरफ्तार तस्कर के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि अफीम की यह खेप कहाँ भेजी जानी थी और इस काले कारोबार के पीछे और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा मुक्ति के इस अभियान के तहत आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।

6
124 views    0 comment
0 Shares


बलौदाबाजार। ग्राम मगरवाय में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बेटे ने ही अपनी मां की बेरहमी से हत्या कर दी। रिश्तों को शर्मसार करने वाली इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, जमीन बंटवारे को लेकर मृतिका बेबी वर्मा और उसके बेटे धनेश्वर वर्मा उर्फ धन्नू के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। 21 अप्रैल की शाम विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर जलाऊ लकड़ी से अपनी ही मां के सिर पर प्राणघातक वार कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में अपराध क्रमांक 334/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपी धनेश्वर वर्मा (42 वर्ष), निवासी ग्राम मगरवाय को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।

थाना प्रभारी लखेश केवट ने बताया जमीन विवाद के चलते आरोपी ने अपनी मां पर प्राणघातक हमला किया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।”

9
732 views    0 comment
0 Shares

30
1065 views    0 comment
0 Shares

मेरठ। गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल, मेरठ कैंट ने आज 22 अप्रैल को 'पृथ्वी दिवस' मनाया। इस अवसर पर स्कूल में विभिन्न प्रकार की जीवंत गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता और ज़िम्मेदारी को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम की शुरुआत एक संबोधन के साथ हुई, जिसमें पृथ्वी की रक्षा करने और रोज़मर्रा के जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया।

श्रीमती सुषमा चौहान और पूजा मेहता के मार्गदर्शन में आयोजित बेस्ट आउट ऑफ़ वेस्ट' यानी कचरे से उपयोगी वस्तुएँ बनाना—जिसमें छात्रों ने विभिन्न प्रकार की बेकार पड़ी चीज़ों उपयोग करके कागज़ के थैले, लिफाफे, बुकमार्क और पक्षियों के लिए दाना-पात्र आदि बनाए।

अंजू तोमर के मार्गदर्शन में, कक्षा तीन की छात्रा 'अदीना' ने हिंदी कविता—"दे दो इसे जीवनदान"— कविता माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी से अपील की एवं इस सुन्दर प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।

गुंजन जैन और हरमनदीप कौर के मार्गदर्शन में, छात्रों ने रंग-बिरंगे पोस्टर्स, बैजों और प्रभावशाली नारों के माध्यम से 'धरती माँ' के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की।

वही दूसरी और संगीत शिक्षक श्री विलायत हुसैन के प्रशिक्षण में छात्रों के एक समूह ने प्रकृति को समर्पित एक मधुर गीत प्रस्तुत किया जिसने कार्यक्रम में एक नई ऊर्जा और उत्साह भर दिया।

अंत में प्रधानाचार्य डॉ० गोपाल दीक्षित ने वसुंधरा को बचने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की सलाह देते हुए पर्यावरण को बचाने के लिए सभी को जागरूक व सचेत रहने का सन्देश दिया।

2
58 views    0 comment
0 Shares

0
185 views    0 comment
0 Shares

मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में ’’विश्व पृथ्वी दिवस’’ पर ’’फसलो में अन्धाधुंध केमिकल फर्टीलाईजर, कीटनाशको के इस्तेमाल का मानव स्वास्थ्य पर असर’’ विषय पर राष्ट्रीय सेमीनार एवं वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम एवं पर्यावरण संरक्षण/संवर्धन पर जागरूकता रैली’’ का अयोजन किया गया।

इस अवसर पर संस्थापक अध्यक्ष डाॅ0 सुधीर गिरि ने उपस्थित स्टाफ एवं छात्र-छात्राओ को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ दिलाते हुए प्रकृति के अन्धाधुन्ध दोहन पर विराम लगाने की बात कही।

’’विश्व पृथ्वी दिवस’’ पर राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान के मुख्य परिसर में आयोजित ’’राष्ट्रीय सेमीनार एवं वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम, डिबेट प्रतियोगिता का शुभारम्भ संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डाॅ0 राजीव त्यागी, कुलपति प्रो0 कृष्णकान्त दवे आदि ने सरस्वती माँ की प्रतिमा के सन्मुख दीप प्रज्जवलित करके किया।

अपने सम्बोधन में मुख्य अतिथि प्रो0 अरविन्द कुमार मिश्रा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एवं प्रकृति के अन्धाधुन्ध अवैध दोहन से पूरा विश्व आज ग्लोबल वार्मिंग की चपेट मंे है। आज अप्रैल माह में ही औसत तापमान 40 डिग्री से 45 डिग्री के बीच है। यही हालात रहे तो पूरा विश्व विनाश की ओर होगा। हमे समय रहते अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्राकृतिक एवं देशी खाद्य पदार्थो की ओर लौटना होगा।

इसके साथ ही, फसलों में अन्धाधुन्ध केमिकल फर्टिलाईजर एवं कीटनाशनको जो कि कैंसर समेत सैकड़ो बिमारियों के जनक है, के प्रयोग के बजाय ’’आर्गेनिक फार्मिंग’’ की ओर लौटना होगा।
प्रतिकुलाधिपति डाॅ0 राजीव त्यागी ने कहा कि समय रहते वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया तो सभी को इसके गम्भीर परिणाम भुगतने होंगे।

इसलिए सिर्फ वृक्षारोपण नहीं बल्कि इसके लिए आजीवन संरक्षण संवर्धन की भी शपथ ले एवं देशी खाद्य शैली को अपने जीवन में अपनाकर ’’स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत’’ भारत अभियान को आगे बढ़ाये। ’’पर्यावरण संरक्षण वैश्विक जरूरत के साथ-साथ मौलिक कर्तव्य भी’’ विषय पर आयोजित डिबेट काॅम्पिटीशन में लगभग 150 विद्यार्थियों ने अपने तर्क प्रस्तुत किये। जिनमें से निर्णायक मण्डल ने विजेता छात्र-छात्राओ को मेडल एवं सर्टीफिमेट देकर सम्मानित भी किया एवं सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र दिये गये।

इस अवसर पर डीन एग्रीकल्चर डाॅ0 थाॅमस अब्राहीम, डाॅ0 विनय कुमार सिंह, डाॅ0 ज्योति सिंह, डाॅ0 शेषनाथ मिश्रा, डाॅ0 लक्ष्मीकान्त, डाॅ0 माता प्रसाद, डाॅ0 वरूण त्रिपाठी, डाॅ0 चन्द्रकान्त, डाॅ0 ब्रजकिशोर, डाॅ0 अभिषेक सिंह, डाॅ0 आसिया वाहिद, एस0एस0 बघेल, कौशल कुमार, उदित तिवारी, अनुपम, आदेश, मेरठ परिसर से डाॅ0 पंकज सिंह एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य संचालक डाॅ0 विनय कमार सिंह और डाॅ0 ज्योति सिंह रहे।

15
485 views    0 comment
0 Shares

20 अप्रैल 209 तक किसानों ने गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक कराए

जिले में कुल 31 उपार्जन केन्द्र संचालित है, जिन पर 15 अप्रैल 2026 से गेहूं उपार्जन हेतु सम्पूर्ण व्यवस्थाएँ शासन द्वारा निर्धारित की गई है। 20 अप्रैल 2026 तक जिले में संचालित समस्त उपार्जन केन्द्रों पर कुल 209 स्लॉट बुक हो चुके है, जिनमें से 46 किसानो से 1889.50 क्विंटल गेहू का उपार्जन किया गया है।
जिला प्रबंधक मुरैना ने बताया कि जिले में उपार्जन हेतु 1300 गठान बारदाना भण्डारित है एवं 600 गठान जूट बारदाना एवं 1000 गठान पीपी बारदाना आगामी 08 दिवस में प्राप्त होना संभावित है, जो कि जिले में उपार्जन के लक्ष्य अनुसार पर्याप्त है। जिले में निरंतर स्लॉट बुकिंग की प्रकिया चल रही है। 20 अप्रैल की स्थिति में 30 अप्रैल 2026 तक कुल 762 स्लॉट बुक हो चुके है एवं निरंतर उपज विक्रय हेतु किसान उपार्जन केन्द्रों पर भी उपस्थित हो रहे है।
-
#JansamparkMP #morena2026 #Morena #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh Department of Agriculture, Madhya Pradesh

84
1469 views    0 comment
0 Shares

मेरठ। डीएवी सैंटेनरी पब्लिक स्कूल, शास्त्री नगर, मेरठ के प्रांगण में स्कूल के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।

कक्षा 4 ,5 के विद्यार्थियों ने महर्षि दयानंद एवं उनके अनुयायियों की झलक दिखाते हुए एक लघु नाटिका प्रस्तुत की। जिसमें उन्होंने यह संदेश दिया कि भारत को जगतगुरु बनाना है। नन्हे बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई नाटिका ने सबको मंत्र मुग्ध कर दिया।

कक्षा दसवीं की छात्रा ने दयानंद सरस्वती जी के विचारों एवं डीएवी की स्थापना के मूल ध्येय तथा 'ओम' का महत्व बताया।

प्रार्थना सभा के अंत में डीएवी प्रांगण डीएवी गान से गुंजायमान हो उठा।

डीएवी क्षेत्रीय अधिकारी, डॉ अल्पना शर्मा जी ने स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर संदेश देते हुए कहा कि डीएवी का उद्देश्य बच्चों के लिए सर्वांगीण विकास की रूपरेखा तैयार कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

हम महर्षि दयानंद के विचारों को बच्चों के अंदर निरूपित करना चाहते हैं, जिससे कि वे शिक्षा के साथ-साथ अपने चारित्रिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास कर सकें और दुनिया में भारत को जगतगुरु बनाने के लिए आगे बढ़ सकें।

प्रधानाचार्या श्रीमती अपर्णा जैन ने स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर समस्त डीएवी परिवार के लिए शुभ मंगल कामनाएं प्रेषित कीं।

12
351 views    0 comment
0 Shares


Palestinian schoolboy among two killed by Israeli settlers, amid spate of attacks on education in the West Bank

Apr 22, 2026, 3:31 AM

Relatives mourn over the bodies of two Palestinians allegedly killed earlier in the day by Israeli settler gunfire the village of Al-Mughayyir, east of Ramallah in the Israeli-occupied West Bank, at a hospital in Ramallah on Tuesday. Zain Jaafar/AFP/Getty Images

World
World

Middle East

4 min read
Palestinian schoolboy among two killed by Israeli settlers, amid spate of attacks on education in the West Bank
By
Zeena Saifi
18 hr ago
PUBLISHED Apr 22, 2026, 3:31 AM ET
Relatives mourn over the bodies of two Palestinians allegedly killed earlier in the day by Israeli settler gunfire the village of Al-Mughayyir, east of Ramallah in the Israeli-occupied West Bank, at a hospital in Ramallah on Tuesday.
Relatives mourn over the bodies of two Palestinians allegedly killed earlier in the day by Israeli settler gunfire the village of Al-Mughayyir, east of Ramallah in the Israeli-occupied West Bank, at a hospital in Ramallah on Tuesday. Zain Jaafar/AFP/Getty Images




Two Palestinians, among them a 14-year-old boy, have been shot and killed at a school in the occupied West Bank amid an attack by Israeli settlers, the Palestinian Health Ministry and multiple eyewitnesses said.

A video from the scene shows a man in military fatigues armed with a rifle advancing slowly on the village of Al-Mughayyir before crouching and firing at least eight rounds toward the school. Activists said the man was a known settler who has attacked the village in the past.

Residents say Al-Mughayyir is targeted by settler attacks on a near-daily basis.

The Health Ministry named the two Palestinians killed as Aws Al-Naasan, 14, and Jihad Abu Naim, 32, a parent at the school.

The killings are among a spate of attacks on Palestinian schools or schoolchildren in the West Bank in recent days, which have seen a school building razed to the ground and, in a separate incident, settlers putting up razor wire to block children as young as five from getting to school.

Students in schoolyard as gunfire starts
Bassam Abu-Assaf, the principal of the all-boys school that came under fire, said at least five armed settlers had approached the village of Al-Mughayyir, northeast of Ramallah, around noon. Some of the students were outside in the schoolyard when the gunfire began, he added.

The Israeli military claimed the incident had started after rocks were thrown at a vehicle carrying several Israeli passengers, including a reserve soldier, whom the military said, “exited the vehicle and opened fire at suspects in the area.”

World
World

Middle East

4 min read
Palestinian schoolboy among two killed by Israeli settlers, amid spate of attacks on education in the West Bank
By
Zeena Saifi
18 hr ago
PUBLISHED Apr 22, 2026, 3:31 AM ET
Relatives mourn over the bodies of two Palestinians allegedly killed earlier in the day by Israeli settler gunfire the village of Al-Mughayyir, east of Ramallah in the Israeli-occupied West Bank, at a hospital in Ramallah on Tuesday.
Relatives mourn over the bodies of two Palestinians allegedly killed earlier in the day by Israeli settler gunfire the village of Al-Mughayyir, east of Ramallah in the Israeli-occupied West Bank, at a hospital in Ramallah on Tuesday. Zain Jaafar/AFP/Getty Images




Two Palestinians, among them a 14-year-old boy, have been shot and killed at a school in the occupied West Bank amid an attack by Israeli settlers, the Palestinian Health Ministry and multiple eyewitnesses said.

A video from the scene shows a man in military fatigues armed with a rifle advancing slowly on the village of Al-Mughayyir before crouching and firing at least eight rounds toward the school. Activists said the man was a known settler who has attacked the village in the past.

Residents say Al-Mughayyir is targeted by settler attacks on a near-daily basis.

The Health Ministry named the two Palestinians killed as Aws Al-Naasan, 14, and Jihad Abu Naim, 32, a parent at the school.

The killings are among a spate of attacks on Palestinian schools or schoolchildren in the West Bank in recent days, which have seen a school building razed to the ground and, in a separate incident, settlers putting up razor wire to block children as young as five from getting to school.

Students in schoolyard as gunfire starts
Bassam Abu-Assaf, the principal of the all-boys school that came under fire, said at least five armed settlers had approached the village of Al-Mughayyir, northeast of Ramallah, around noon. Some of the students were outside in the schoolyard when the gunfire began, he added.

The Israeli military claimed the incident had started after rocks were thrown at a vehicle carrying several Israeli passengers, including a reserve soldier, whom the military said, “exited the vehicle and opened fire at suspects in the area.”

Relatives mourn at a hospital in Ramallah, where their loved ones were taken after being killed in alleged Israeli settler gunfire in the village of Al-Mughayyir, east of Ramallah in the Israeli-occupied West Bank, on Tuesday.
Relatives mourn at a hospital in Ramallah, where their loved ones were taken after being killed in alleged Israeli settler gunfire in the village of Al-Mughayyir, east of Ramallah in the Israeli-occupied West Bank, on Tuesday. Zain Jaafar/AFP/Getty Images
The military said it had deployed soldiers to the scene and was “aware of the claim” that two Palestinians were killed and others injured, saying “the incident is under review.”

Video obtained by CNN shows the moment 14-year-old Aws, who was in ninth grade, was shot and killed. His friends can be seen rushing to him and carrying his body away.

The second Palestinian killed, Abu Naim, was a parent at the school who lived nearby. He rushed to the school when he heard the gunshots, and was then shot himself, Abu-Assaf, the school principal said.

“It was a disaster. Everybody was screaming. It was unbelievable. I’m still processing it. I don’t know how long it will take for the teachers and students to overcome the shock,” he said, adding that four others were injured, including students and parents.

Videos from in front of the school show the streets splattered with blood, gunshots sounding in the distance, and a flurry of men — young and old — frantically running around and calling for help. Injured boys and men, one with an exposed and bloodied torso, are seen being carried away.

The fatal shooting is the latest in a surge of increasingly brazen and violent attacks against Palestinians, waged by Israeli settlers and, at times, by soldiers as well. While the Israeli military frequently says it is investigating such incidents, it often fails to make any arrests or hold perpetrators accountable.

School bulldozed
In a separate incident, activists say settlers bulldozed a school in Hammamat al-Maleh in the northern Jordan Valley Monday evening, near the village of Tayasir, where a CNN team was detained and assaulted by soldiers last month.

The area has been targeted by settlers in recent months, forcing its Palestinian inhabitants there off the land, local activists told CNN.

Activists say the settlers are from the same group responsible for building an illegal outpost nearby and using it as a base from which to launch attacks on Palestinians.

Even though the school was within sight of an Israeli military base, soldiers there made no attempt to prevent the demolition, the activists added.

CNN has reached out to the Israeli military for comment.

“It is important to emphasize that the destruction of the school in Hammamat ius part of a systematic, serious and ongoing violation of the ability of Palestinian girls and boys to exercise their basic right to education,” the Jordan Valley activist group said in a statement.

Razor wire blocks the way to school

In a third incident also targeting schoolchildren, settlers from the Karmiel settlement have set up razor wire near the village of Umm al-Khair in the South Hebron Hills, blocking young students’ route to school, according to community leader Khaleel Alhathaleen

“This road is the main artery upon which the village’s students depend, making its closure a clear violation of their freedom of movement and a direct impediment to the educational process,” Alhathaleen said in a statement.

When settlers blocked the road last Monday, video sent to CNN by the community showed Israeli soldiers standing at the top of the hill - with what appeared to be tear gas blowing around them – surrounding more than two dozen children.

Alhathaleen says children have been protesting near the road every day since the wire went up. Photos sent to CNN show them holding pieces of paper bearing slogans like, ‘we miss our school’, ‘protect us’ and ‘let kids learn.’

Umm Al-Khair has been subjected to repeated settler attacks and land grabs by settlers. Prominent Palestinian activist, Awdah Alhathaleen, who worked on the Oscar-winning documentary No Other Land, was shot dead during a settler attack last year.

The man accused of his death, Yonin Levi, was placed under three days of house arrest, and later released by an Israeli court .

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

5
330 views    0 comment
0 Shares

मिर्जापुर में अनियंत्रित ट्रक ने बोलेरो को मारी टक्कर, 09 लोग जिंदा जले

मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश): वाराणसी-रीवा नेशनल हाईवे पर बुधवार को एक भीषण सड़क हादसे में 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज रफ्तार ट्रक का ब्रेक फेल हो गया, जिसके बाद उसने सड़क पर कहर बरपाना शुरू कर दिया। ट्रक ने पहले एक बोलेरो को टक्कर मारी और फिर एक स्विफ्ट डिजायर कार को रौंदते हुए ट्रेलर में जा घुसा।

हादसे का घटनाक्रम

ब्रेक फेल होना बना कारण: शुरुआती जानकारी के अनुसार, ट्रक का ब्रेक फेल हो गया था, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा।

बोलेरो बनी आग का गोला: ट्रक की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो गाड़ी में तुरंत भीषण आग लग गई। आग ने इतनी तेजी से विकराल रूप लिया कि बोलेरो के अंदर सवार 8 यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और वे गाड़ी के भीतर ही जिंदा जल गए।

डिजायर कार और ट्रेलर की भिड़ंत: ट्रक बोलेरो को टक्कर मारने के बाद रुका नहीं, उसने पास से गुजर रही एक डिजायर कार को भी अपनी चपेट में लिया। टक्कर के बाद डिजायर कार आगे चल रहे एक ट्रेलर में जा घुसी, जिसमें एक और व्यक्ति की मौत हो गई।

राहत और बचाव कार्य

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक बोलेरो पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी।

शवों की पहचान: पुलिस प्रशासन शवों को बाहर निकाल कर उनकी पहचान करने की कोशिश कर रहा है।

ट्रैफिक जाम: हादसे के बाद नेशनल हाईवे पर काफी देर तक लंबा जाम लगा रहा, जिसे पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद खुलवाया।

घायलों की स्थिति: अन्य वाहनों में सवार कुछ लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल (मिर्जापुर ट्रॉमा सेंटर) में भर्ती कराया गया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने के निर्देश दिए हैं।
पत्रकार शुभम तिवारी
9452452428

16
1031 views    0 comment
0 Shares

थाना। जानी पुलिस को हत्या के एक सनसनीखेज मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्या के आरोपी दो अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान के तहत थाना जानी पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त हर्ष उर्फ हरसू और आशीष को गिरफ्तार किया।

बताया जा रहा है कि 18 अप्रैल 2026 की रात नेशनल हाईवे-334बी स्थित कुराली अड्डे पर नरेश शर्मा उर्फ भोलू की उसकी दुकान पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घायल नरेश शर्मा को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पत्नी की तहरीर पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल नंबरों के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान की।

22 अप्रैल को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने टिकरी बम्बा क्षेत्र में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी आशीष के कब्जे से एक अवैध पिस्टल 7.65 बोर और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना वाली रात तीनों ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान पुराने उधार के पैसों को लेकर विवाद हुआ, जो गाली-गलौज और झगड़े में बदल गया। गुस्से में आकर आरोपी आशीष ने नरेश शर्मा पर दो राउंड फायर कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद दोनों आरोपी फरार होकर पुलिस से बचते फिर रहे थे और जंगल के रास्ते हरिद्वार जाने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

8
188 views    0 comment
0 Shares

मौजा छौंदा स्थित सर्वे क्रमांक 142 पर नवीन फायर स्टेशन प्रस्तावित

आपत्ति 3 दिवस में प्रस्तुत करें

एसडीएम मुरैना के निर्देश पर अतिरिक्त तहसीलदार मुरैना ने बताया कि आयुक्त नगर पालिका निगम मुरैना श्री सतेन्द्र सिंह धाकरे द्वारा नवीन फायर स्टेशन हेतु मौजा छौंदा स्थित भूमि सर्वे कमांक 142 रकवा 0.12 आरे एवं सर्वे कमांक 143 रकवा 0.14 आरे एवं सर्वे कमांक 145 रकवा 0.33 आरे कुल किता 03 कुल रकवा 0.59 आरे भूमि को आवंटित किये जाने हेतु प्रकरण इस न्यायालय में लंम्बित हैं।
उक्त भूमि को आरक्षित किये जाने में किसी भी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो वह प्रकरण में 3 दिवस के अन्दर न्यायालय में उपस्थित होकर स्वंय अथवा अभिभाषक के माध्यम से अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। म्याद उपरांत प्रस्तुत आपत्ति पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
-
#JansamparkMP #Morena #morena2026 #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh

62
1350 views    0 comment
0 Shares

मेरठ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं के आरक्षण मुद्दे को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi, Akhilesh Yadav और Mamata Banerjee के पुतले फूंके। इस दौरान नारी शक्ति की एकजुटता दिखाते हुए अखिलेश यादव के पोस्टर को पैरों से कुचलकर विरोध जताया गया।

महिला कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संसद में महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर विपक्षी दलों द्वारा क्रॉस वोटिंग की गई, जिससे नाराज होकर यह प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शन का जुलूस Ismail Degree College (बुढ़ाना गेट) से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विपक्षी नेताओं के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया।

0
221 views    0 comment
0 Shares

Palestinian schoolboy among two killed by Israeli settlers, amid spate of attacks on education in the West Bank

Apr 22, 2026, 3:31 AM

Relatives mourn over the bodies of two Palestinians allegedly killed earlier in the day by Israeli settler gunfire the village of Al-Mughayyir, east of Ramallah in the Israeli-occupied West Bank, at a hospital in Ramallah on Tuesday. Zain Jaafar/AFP/Getty Images

World
World

Middle East

4 min read
Palestinian schoolboy among two killed by Israeli settlers, amid spate of attacks on education in the West Bank
By
Zeena Saifi
18 hr ago
PUBLISHED Apr 22, 2026, 3:31 AM ET
Relatives mourn over the bodies of two Palestinians allegedly killed earlier in the day by Israeli settler gunfire the village of Al-Mughayyir, east of Ramallah in the Israeli-occupied West Bank, at a hospital in Ramallah on Tuesday.
Relatives mourn over the bodies of two Palestinians allegedly killed earlier in the day by Israeli settler gunfire the village of Al-Mughayyir, east of Ramallah in the Israeli-occupied West Bank, at a hospital in Ramallah on Tuesday. Zain Jaafar/AFP/Getty Images




Two Palestinians, among them a 14-year-old boy, have been shot and killed at a school in the occupied West Bank amid an attack by Israeli settlers, the Palestinian Health Ministry and multiple eyewitnesses said.

A video from the scene shows a man in military fatigues armed with a rifle advancing slowly on the village of Al-Mughayyir before crouching and firing at least eight rounds toward the school. Activists said the man was a known settler who has attacked the village in the past.

Residents say Al-Mughayyir is targeted by settler attacks on a near-daily basis.

The Health Ministry named the two Palestinians killed as Aws Al-Naasan, 14, and Jihad Abu Naim, 32, a parent at the school.

The killings are among a spate of attacks on Palestinian schools or schoolchildren in the West Bank in recent days, which have seen a school building razed to the ground and, in a separate incident, settlers putting up razor wire to block children as young as five from getting to school.

Students in schoolyard as gunfire starts
Bassam Abu-Assaf, the principal of the all-boys school that came under fire, said at least five armed settlers had approached the village of Al-Mughayyir, northeast of Ramallah, around noon. Some of the students were outside in the schoolyard when the gunfire began, he added.

The Israeli military claimed the incident had started after rocks were thrown at a vehicle carrying several Israeli passengers, including a reserve soldier, whom the military said, “exited the vehicle and opened fire at suspects in the area.”

World
World

Middle East

4 min read
Palestinian schoolboy among two killed by Israeli settlers, amid spate of attacks on education in the West Bank
By
Zeena Saifi
18 hr ago
PUBLISHED Apr 22, 2026, 3:31 AM ET
Relatives mourn over the bodies of two Palestinians allegedly killed earlier in the day by Israeli settler gunfire the village of Al-Mughayyir, east of Ramallah in the Israeli-occupied West Bank, at a hospital in Ramallah on Tuesday.
Relatives mourn over the bodies of two Palestinians allegedly killed earlier in the day by Israeli settler gunfire the village of Al-Mughayyir, east of Ramallah in the Israeli-occupied West Bank, at a hospital in Ramallah on Tuesday. Zain Jaafar/AFP/Getty Images




Two Palestinians, among them a 14-year-old boy, have been shot and killed at a school in the occupied West Bank amid an attack by Israeli settlers, the Palestinian Health Ministry and multiple eyewitnesses said.

A video from the scene shows a man in military fatigues armed with a rifle advancing slowly on the village of Al-Mughayyir before crouching and firing at least eight rounds toward the school. Activists said the man was a known settler who has attacked the village in the past.

Residents say Al-Mughayyir is targeted by settler attacks on a near-daily basis.

The Health Ministry named the two Palestinians killed as Aws Al-Naasan, 14, and Jihad Abu Naim, 32, a parent at the school.

The killings are among a spate of attacks on Palestinian schools or schoolchildren in the West Bank in recent days, which have seen a school building razed to the ground and, in a separate incident, settlers putting up razor wire to block children as young as five from getting to school.

Students in schoolyard as gunfire starts
Bassam Abu-Assaf, the principal of the all-boys school that came under fire, said at least five armed settlers had approached the village of Al-Mughayyir, northeast of Ramallah, around noon. Some of the students were outside in the schoolyard when the gunfire began, he added.

The Israeli military claimed the incident had started after rocks were thrown at a vehicle carrying several Israeli passengers, including a reserve soldier, whom the military said, “exited the vehicle and opened fire at suspects in the area.”

Relatives mourn at a hospital in Ramallah, where their loved ones were taken after being killed in alleged Israeli settler gunfire in the village of Al-Mughayyir, east of Ramallah in the Israeli-occupied West Bank, on Tuesday.
Relatives mourn at a hospital in Ramallah, where their loved ones were taken after being killed in alleged Israeli settler gunfire in the village of Al-Mughayyir, east of Ramallah in the Israeli-occupied West Bank, on Tuesday. Zain Jaafar/AFP/Getty Images
The military said it had deployed soldiers to the scene and was “aware of the claim” that two Palestinians were killed and others injured, saying “the incident is under review.”

Video obtained by CNN shows the moment 14-year-old Aws, who was in ninth grade, was shot and killed. His friends can be seen rushing to him and carrying his body away.

The second Palestinian killed, Abu Naim, was a parent at the school who lived nearby. He rushed to the school when he heard the gunshots, and was then shot himself, Abu-Assaf, the school principal said.

“It was a disaster. Everybody was screaming. It was unbelievable. I’m still processing it. I don’t know how long it will take for the teachers and students to overcome the shock,” he said, adding that four others were injured, including students and parents.

Videos from in front of the school show the streets splattered with blood, gunshots sounding in the distance, and a flurry of men — young and old — frantically running around and calling for help. Injured boys and men, one with an exposed and bloodied torso, are seen being carried away.

The fatal shooting is the latest in a surge of increasingly brazen and violent attacks against Palestinians, waged by Israeli settlers and, at times, by soldiers as well. While the Israeli military frequently says it is investigating such incidents, it often fails to make any arrests or hold perpetrators accountable.

School bulldozed
In a separate incident, activists say settlers bulldozed a school in Hammamat al-Maleh in the northern Jordan Valley Monday evening, near the village of Tayasir, where a CNN team was detained and assaulted by soldiers last month.

The area has been targeted by settlers in recent months, forcing its Palestinian inhabitants there off the land, local activists told CNN.

Activists say the settlers are from the same group responsible for building an illegal outpost nearby and using it as a base from which to launch attacks on Palestinians.

Even though the school was within sight of an Israeli military base, soldiers there made no attempt to prevent the demolition, the activists added.

CNN has reached out to the Israeli military for comment.

“It is important to emphasize that the destruction of the school in Hammamat ius part of a systematic, serious and ongoing violation of the ability of Palestinian girls and boys to exercise their basic right to education,” the Jordan Valley activist group said in a statement.

Razor wire blocks the way to school

In a third incident also targeting schoolchildren, settlers from the Karmiel settlement have set up razor wire near the village of Umm al-Khair in the South Hebron Hills, blocking young students’ route to school, according to community leader Khaleel Alhathaleen

“This road is the main artery upon which the village’s students depend, making its closure a clear violation of their freedom of movement and a direct impediment to the educational process,” Alhathaleen said in a statement.

When settlers blocked the road last Monday, video sent to CNN by the community showed Israeli soldiers standing at the top of the hill - with what appeared to be tear gas blowing around them – surrounding more than two dozen children.

Alhathaleen says children have been protesting near the road every day since the wire went up. Photos sent to CNN show them holding pieces of paper bearing slogans like, ‘we miss our school’, ‘protect us’ and ‘let kids learn.’

Umm Al-Khair has been subjected to repeated settler attacks and land grabs by settlers. Prominent Palestinian activist, Awdah Alhathaleen, who worked on the Oscar-winning documentary No Other Land, was shot dead during a settler attack last year.

The man accused of his death, Yonin Levi, was placed under three days of house arrest, and later released by an Israeli court.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

6
286 views    0 comment
0 Shares

*హజ్ 2026 అప్‌డేట్: హరమ్ షరీఫ్‌లో ఫోటోగ్రఫీపై నిషేధం*
*హజ్ 2026* కు సంబంధించి సౌదీ అరేబియా ప్రభుత్వం ఈ ఏడాది కొన్ని కఠినమైన నిబంధనలను అమలు చేస్తోంది. ఆ వివరాలు ఇక్కడ ఉన్నాయి:
1. *ఫోటోగ్రఫీ మరియు వీడియోలపై నిషేధం:* మస్జిద్-అల్-హరామ్ లోపల, బయట లేదా తవాఫ్ సమయంలో ఎటువంటి ఫోటోలు తీయడం లేదా వీడియోలు చేయడం ఖచ్చితంగా నిషేధించబడింది.
2. *శిక్ష మరియు జరిమానా:* ఈ నిబంధనను ఉల్లంఘించే పురుషులు లేదా మహిళా యాత్రికులను వెంటనే అరెస్ట్ చేసి, వారికి *10,000 సౌదీ రియాల్స్* జరిమానా విధిస్తారు.
3. *డిపోర్టేషన్ (బహిష్కరణ):* అంతేకాకుండా, వారి హజ్ వీసాను రద్దు చేసి, వెంటనే వారి స్వదేశానికి తిరిగి పంపించివేస్తారు (డిపోర్ట్ చేస్తారు).
*ముఖ్య గమనిక:* ఈ సంవత్సరం హజ్ యాత్రకు వెళ్తున్న మీ స్నేహితులు, బంధువులు మరియు తెలిసిన వారిని ఈ విషయం ప్రజలందరికీ ఈఅవగాహన కల్పించే ఉద్దేశంతో ఈ సమాచారాన్ని షేర్ చేయండి.
*అల్లాహ్ హాజీలందరి యాత్రను సులభతరం చేయుగాక. ఆమీన్!*

6
286 views    0 comment
0 Shares

लोहा, लकड़ी, प्लास्टिक की नीलामी 27 अप्रैल को

सहायक संचालक उद्यान जिला मुरैना ने बताया कि लोहा, लकड़ी, प्लास्टिक अनुपयोगी सामग्री की नीलामी 27 अप्रैल को कार्यालय परिसर में दोपहर 12 बजे से की जाएगी। इच्छुक व्यक्ति 500 रूपए की रसीद कार्यालय में जमा कर नीलामी में भाग ले सकता है। नीलामी हेतु अनुपयोगी सामग्री का अवलोकन कार्यालयीन समय में सहायक संचालक उद्यान जिला मुरैना में किया जाएगा। उच्चतम बोलीकर्ता द्वारा अंतिम बोली के उपरांत उसी समय, उसी दिन एक मुश्त राशि जमा कर सामग्री उठाकर ले जानी होगी। सामग्री की शासकीय बोली राशि 2 हजार रूपए से प्रारंभ होगी। नीलामी की स्वीकृति, अस्वीकृति का अंतिम निर्णय सहायक संचालक उद्यान का मान्य होगा।
-
#JansamparkMP #morena2026 #Morena Jansampark Madhya Pradesh

42
1323 views    0 comment
0 Shares

6
221 views    0 comment
0 Shares

*5. चापड़ा चटनी वाली खबर डिटेल में:*

CM भूपेश बघेल बस्तर के बारसूर में रामलाल नेगी के घर पहुंचे और वहां का लोकल खाना खाया

*क्या-क्या खाया:*
- *चापड़ा चटनी*: आम के पेड़ की पत्तियों में रहने वाली लाल चीटियों से बनती है। बस्तर के हाट बाजार का सबसे चर्चित पकवान है। स्वादिष्ट होने के साथ औषधीय गुण भी हैं।
- *छिंदाड़ी*: छिंद की एक खास किस्म की चटनी। बारसूर में छिंद के पेड़ बहुत हैं।
- *तीखूर बर्फी*: मीठे में परोसी गई।
- *सैगोड़ा*: इड़हर की सब्जी, कोचई के पत्ते से बनती है।
- *जोंदरा का पेज*: मक्का से बना।

CM ने कहा कि बस्तर के खान-पान में बहुत विविधता है और खाना खाकर अच्छा लगा। भोजन के बाद उन्होंने परिजनों को उपहार भी दिए।

चापड़ा चटनी टूरिस्ट्स के लिए भी आकर्षण है।

33
1555 views    0 comment
0 Shares

8वाँ पोषण पखवाड़ा - जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र का अवलोकन

कलेक्टर के मार्गदर्शन में पोषण पखवाड़ा अभियान के तहत जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री ओपी पांडे द्वारा मुरैना ग्रामीण परियोजना के गोपियाँ पुरा आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित गतिविधियों का अवलोकन किया गया।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र पर उपस्थित गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं किशोरियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान आयरन फोलिक एसिड के महत्व, शीघ्र पंजीयन की आवश्यकता तथा फोलिक एसिड के स्वास्थ्य लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने उपस्थित लाभार्थियों को परिवार में पोषण आधारित भोजन को प्राथमिकता देने हेतु प्रेरित किया।
इसी क्रम में मंगल दिवस के अवसर पर 6 माह पूर्ण कर चुकी बालिका आयुषी का अन्नप्राशन संस्कार जिला कार्यक्रम अधिकारी की उपस्थिति में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूरक आहार के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि 6 माह की आयु के पश्चात शिशु के संपूर्ण शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए माँ के दूध के साथ-साथ पोषणयुक्त पूरक आहार अत्यंत आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, सुपरवाइजर कुसुम यादव द्वारा उपस्थित लाभार्थियों को पोषण परामर्श प्रदान किया गया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि केंद्र पर प्रतिदिन आयोजित की जाने वाली 4 से 5 गतिविधियों की ऑनलाइन प्रविष्टि नियमित रूप से दर्ज की जाए, जिससे जिले की ऑनलाइन रिपोर्टिंग में सुधार हो सके।
उल्लेखनीय है कि मुरैना जिले की ऑनलाइन प्रविष्टि की स्थिति में सुधार की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों को नियमित एवं सटीक डेटा प्रविष्टि हेतु विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अंतरा फाउंडेशन की प्रतिनिधि सुरम्या नायर द्वारा खेल-आधारित गतिविधि के माध्यम से पौष्टिक एवं अपौष्टिक भोजन के बीच अंतर को सरल एवं रोचक ढंग से समझाया गया, जिसे उपस्थित महिलाओं एवं किशोरियों ने उत्साहपूर्वक ग्रहण किया। यह कार्यक्रम पोषण पखवाड़ा के उद्देश्यों की पूर्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।
-
#jansamparkmp #morena #JansamparkMP Jansampark Madhya Pradesh @mp_wcdmp

56
1371 views    0 comment
0 Shares

भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर ‘देश गरिमा’ सफलतापूर्वक दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुका है। यह भारत की समुद्री क्षमता और ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। जहाज में सवार 31 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और 22 अप्रैल तक इसके मुंबई पहुँचने की उम्मीद है।

यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब इस क्षेत्र में लगातार तनाव बढ़ रहा है। हाल ही में यहाँ गोलीबारी, जहाजों को रोकने और आक्रामक समुद्री गतिविधियों की घटनाएँ बढ़ी हैं। कई जहाजों को चेतावनी दी गई, कुछ को रास्ता बदलना पड़ा और कुछ पर हमले भी हुए।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी मार्ग से गुजर रहे कम से कम दो भारतीय-संबंधित जहाजों को गोलीबारी का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें पीछे हटना पड़ा। ऐसे खतरनाक माहौल में ‘देश गरिमा’ का बिना किसी नुकसान के सुरक्षित निकलना एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता बेहतर रूट प्लानिंग, रियल-टाइम इंटेलिजेंस और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल के सख्त पालन का नतीजा है। साथ ही, शिपिंग अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय ने भी अहम भूमिका निभाई।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल सप्लाई का एक अहम रास्ता है, जहाँ से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल गुजरता है। भारत जैसे देश के लिए, जो तेल आयात पर काफी निर्भर है, इस मार्ग की सुरक्षा बेहद जरूरी है।

हाल के समय में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने इस इलाके को और संवेदनशील बना दिया है। जहाजों की निगरानी, रोकथाम और जवाबी कार्रवाइयों ने स्थिति को और जटिल कर दिया है, जिससे शिपिंग कंपनियों की चिंता बढ़ गई है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए भारत ने भी अपने समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए कदम तेज कर दिए हैं। नौसेना की तैनाती, लगातार निगरानी और सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने जैसे उपाय लागू किए जा रहे हैं।

‘देश गरिमा’ की यह सुरक्षित यात्रा न केवल एक राहत की खबर है, बल्कि यह भारत की रणनीतिक तैयारी और मजबूत समुद्री प्रबंधन का भी प्रमाण है।

1
3143 views    0 comment
0 Shares

49
3199 views    0 comment
0 Shares

कॉमर्शियल टेक्स कार्यालय के भवन निर्माण हेतु मौजा छौंदा सर्वे क्र. 1104 पर प्रस्तावित

आपत्ति 3 दिवस में प्रस्तुत करें

एसडीएम मुरैना के निर्देश पर अतिरिक्त तहसीलदार मुरैना ने बताया कि सहायक आयुक्त वाणिज्यकर मुरैना श्री सतेन्द्र चोरसिया द्वारा कॉमर्शियल टेक्स कार्यालय भवन निर्माण हेतु मौजा छौंदा तहसील व जिला मुरैना में स्थित भूमि सर्वे कमांक 1104 रकवा 2.1600 हे. में से रकवा 0.070 हे. भूमि हस्तांतरित किये जाने के प्रकरण इस न्यायालय में लंम्बित है।
उक्त भूमि को आरक्षित किये जाने में किसी भी व्यक्ति को कोई आपत्ति हो तो वह प्रकरण में 3 दिवस के अन्दर न्यायालय में उपस्थित होकर स्वंय अथवा अभिभाषक के माध्यम से अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। म्याद उपरांत प्रस्तुत आपत्ति पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
-
#JansamparkMP #Morena #morena2026 Jansampark Madhya Pradesh

47
1365 views    0 comment
0 Shares

*कानपुर में ब्राह्मण महिला का आरोप: 'प्रेम विवाह के बाद पति ने दोस्तों से कराया दुष्कर्म, विरोध पर SC-ST एक्ट में फंसाने की धमकी दी'*
*कानपुर, 21 अप्रैल 2026।* कानपुर से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक युवती ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि प्रेम विवाह के बाद पति ने उसके साथ शारीरिक प्रताड़ना की, दोस्तों से दुष्कर्म करवाया और विरोध करने पर SC-ST एक्ट में फंसाने की धमकी दी। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी है।
*पीड़िता के आरोप: तहरीर में क्या लिखा*
1. *शादी कैसे हुई:* पीड़िता के मुताबिक उसकी शादी 2 साल पहले प्रेम विवाह के जरिए हुई थी। युवती ब्राह्मण समुदाय से है और पति SC वर्ग से है।
2. *गंभीर आरोप:* युवती का आरोप है कि पति सेक्स वर्धक गोलियों का आदी है। आरोप है कि पति ने उसके साथ मारपीट की और कथित तौर पर अपने दोस्तों से भी उसका शारीरिक शोषण करवाया। विरोध पर बेरहमी से पीटता था।
3. *कानूनी धमकी का आरोप:* पीड़िता ने तहरीर में लिखा कि जब भी उसने विरोध किया, पति ने SC-ST एक्ट के तहत फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। आरोप है कि पहले भी पति ने उसके परिवार वालों पर SC-ST एक्ट में केस दर्ज कराया था, जिससे पूरा परिवार डरा हुआ था।
*पुलिस ने क्या कार्रवाई की*
DCP साउथ रवीना त्यागी ने बताया, _"पीड़िता की तहरीर मिली है। मामला बेहद संवेदनशील है। महिला थाना प्रभारी को जांच सौंपी गई है। पीड़िता का मेडिकल कराया जा रहा है और बयान दर्ज किए जाएंगे।"_
पुलिस ने बताया कि BNS की संबंधित धाराओं और साक्ष्य के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा। SC-ST एक्ट के दुरुपयोग के आरोप की भी जांच होगी। पति को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
*दोनों पक्षों की जांच जरूरी: पुलिस*
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये मामला दो पहलुओं से जुड़ा है- पहला घरेलू हिंसा और यौन शोषण के आरोप, दूसरा SC-ST एक्ट के कथित दुरुपयोग का आरोप। _"दोनों पक्षों के बयान, कॉल डिटेल, मेडिकल रिपोर्ट और पहले दर्ज केसों की फाइल मंगाई गई है। निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी,"_ एक अधिकारी ने कहा।
*शादी के बाद बिगड़े हालात: पीड़िता का दावा*
पीड़िता ने बताया कि शादी के 3 महीने बाद ही पति का व्यवहार बदल गया था। _"मैंने घर बसाने का सपना देखा था, लेकिन वो दरिंदगी पर उतर आया। मैं कई बार मायके गई, पर लोक-लाज और केस के डर से वापस आ जाती थी। अब हद हो गई तो पुलिस के पास आई हूं,"_ पीड़िता ने कहा।
फिलहाल पुलिस ने पीड़िता को महिला वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षा दी है। पति का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि उसका बयान भी दर्ज किया जाएगा।
*नोट:* _यह खबर पीड़िता की तहरीर और पुलिस के शुरुआती बयान पर आधारित है। पति पर लगे सभी आरोप कथित हैं। जांच पूरी होने और कोर्ट में आरोप सिद्ध होने तक किसी को दोषी नहीं कहा जा सकता। मामले में जातिगत पहचान का जिक्र सिर्फ पीड़िता के आरोप के संदर्भ में है। कानून सभी नागरिकों के लिए समान है।_
अगर आप घरेलू हिंसा की शिकार हैं तो 181 महिला हेल्पलाइन या 112 पर संपर्क करें।
#KanpurNews #CrimeNews #Kanpur #महिला_सुरक्षा

4
126 views    0 comment
0 Shares

0
132 views    0 comment
0 Shares

5
147 views    0 comment
0 Shares

Iran seizes ships in Strait of Hormuz after Trump extends ceasefire

Iran has seized two vessels in the Strait of Hormuz, saying reopening the waterway would be “impossible” if US President Donald Trump continues a blockade on Iranian ports.

Ships and boats in the Strait of Hormuz, Musandam, Oman on Apr 22, 2026. (Photo: Reuters)

WASHINGTON: Iran seized two ships in the Strait of Hormuz on Wednesday (Apr 22), tightening its grip on the strategic waterway after US President Donald Trump called off attacks with no sign of peace talks restarting.

Trump maintained the US Navy blockade of Iran's trade by sea, and Iran's parliament speaker and top negotiator Mohammad Baqer Qalibaf said a full ceasefire only made sense if it was lifted. Reopening the strait was impossible with such a "flagrant breach of the ceasefire", Qalibaf said in a post on X.

"You did not achieve your goals through military aggression and you will not achieve them by bullying either. The only way is recognising the Iranian people's rights," he said in his first response to Trump's ceasefire extension.

Trump has backed away from recent threats to bomb critical Iranian infrastructure, but little progress has been made in resolving issues key to ending the war that started with joint US-Israeli strikes on Feb 28.


That leaves the two sides in a holding pattern with the crucial Strait of Hormuz still effectively shut, stranding about one-fifth of the world's oil and gas supplies, straining economies across the world.

Iran's semi-official Tasnim news agency earlier said the Revolutionary Guards had seized two vessels for maritime violations and escorted them to Iranian shores. It was the first time Iran had seized ships since the war began at the end of February.

The Revolutionary Guards also warned that any disruption to order and safety in the strait would be considered a "red line", Tasnim said.

Brent, the international crude oil benchmark, closed above US$100 a barrel for the first time in two weeks. The ongoing blockade of the strait is driving up costs for businesses while major economies run down reserves and restrict consumption with millions of oil barrels cut off from key markets.

NO NEW DEADLINE FOR CEASEFIRE
Trump said on social media late on Tuesday that the US had agreed to a request by Pakistani mediators "to hold our Attack on the Country of Iran until such time as their leaders and representatives can come up with a unified proposal ... and discussions are concluded, one way or the other".

Trump has not set a new end date for the extended ceasefire, White House press secretary Karoline Leavitt told reporters.

Leavitt said Trump wants to see a "unified" response from Iran's leadership to his proposals to end hostilities. US officials believe Iran's actions suggest it is internally divided on how to respond.

Pakistan, which has acted as a mediator, was still trying to bring the sides together after both failed to show up for talks on Tuesday before the two-week-old ceasefire had been due to expire.

"We were all prepared for the talks," a Pakistani official briefed on the preparations told Reuters. "If you ask me honestly, it was a setback we were not expecting, because the Iranians never refused, they were up to come and join, and they still are."

Iran seizes ships in Strait of Hormuz after Trump extends ceasefire
Bookmark
Share
World

Iran seizes ships in Strait of Hormuz after Trump extends ceasefire
Iran has seized two vessels in the Strait of Hormuz, saying reopening the waterway would be “impossible” if US President Donald Trump continues a blockade on Iranian ports.

Iran seizes ships in Strait of Hormuz after Trump extends ceasefire
Ships and boats in the Strait of Hormuz, Musandam, Oman on Apr 22, 2026. (Photo: Reuters)

23 Apr 2026 12:43AM (Updated: 23 Apr 2026 07:34AM)
Bookmark
Share
Set CNA as your preferred source on Google
Read a summary of this article on FAST.
FAST
WASHINGTON: Iran seized two ships in the Strait of Hormuz on Wednesday (Apr 22), tightening its grip on the strategic waterway after US President Donald Trump called off attacks with no sign of peace talks restarting.

Trump maintained the US Navy blockade of Iran's trade by sea, and Iran's parliament speaker and top negotiator Mohammad Baqer Qalibaf said a full ceasefire only made sense if it was lifted. Reopening the strait was impossible with such a "flagrant breach of the ceasefire", Qalibaf said in a post on X.

"You did not achieve your goals through military aggression and you will not achieve them by bullying either. The only way is recognising the Iranian people's rights," he said in his first response to Trump's ceasefire extension.

Trump has backed away from recent threats to bomb critical Iranian infrastructure, but little progress has been made in resolving issues key to ending the war that started with joint US-Israeli strikes on Feb 28.


That leaves the two sides in a holding pattern with the crucial Strait of Hormuz still effectively shut, stranding about one-fifth of the world's oil and gas supplies, straining economies across the world.

Iran's semi-official Tasnim news agency earlier said the Revolutionary Guards had seized two vessels for maritime violations and escorted them to Iranian shores. It was the first time Iran had seized ships since the war began at the end of February.

The Revolutionary Guards also warned that any disruption to order and safety in the strait would be considered a "red line", Tasnim said.

Brent, the international crude oil benchmark, closed above US$100 a barrel for the first time in two weeks. The ongoing blockade of the strait is driving up costs for businesses while major economies run down reserves and restrict consumption with millions of oil barrels cut off from key markets.


A satellite image shows ship movements in the Strait of Hormuz on Apr 17, 2026. (Image: European Union via Reuters)
NO NEW DEADLINE FOR CEASEFIRE
Trump said on social media late on Tuesday that the US had agreed to a request by Pakistani mediators "to hold our Attack on the Country of Iran until such time as their leaders and representatives can come up with a unified proposal ... and discussions are concluded, one way or the other".

Trump has not set a new end date for the extended ceasefire, White House press secretary Karoline Leavitt told reporters.

Leavitt said Trump wants to see a "unified" response from Iran's leadership to his proposals to end hostilities. US officials believe Iran's actions suggest it is internally divided on how to respond.

Pakistan, which has acted as a mediator, was still trying to bring the sides together after both failed to show up for talks on Tuesday before the two-week-old ceasefire had been due to expire.

"We were all prepared for the talks," a Pakistani official briefed on the preparations told Reuters. "If you ask me honestly, it was a setback we were not expecting, because the Iranians never refused, they were up to come and join, and they still are."

Related:

Traders place $430 million bet on lower oil price before Trump ceasefire extension

Snap Insight: Trump's unilateral ceasefire extension - what it reveals about him and about Iran
SHOW OF DEFIANCE
In a show of defiance, Iran showcased some of its ballistic weapons at a parade in Tehran on Tuesday evening, with images on state TV showing large crowds waving Iranian flags and a banner in the background with a fist choking off the strait.

Captions read: "Indefinitely under Iran's Control" and "Trump could not do a damn thing", referring to the strait, which Iran has effectively shut to ships other than its own by attacking vessels that attempt to transit without its permission.

The Revolutionary Guards accused the seized ships, the Liberia-flagged Epaminondas and Panama-flagged MSC Francesca, of operating without required permits and tampering with their navigation systems.

Greece's Technomar Shipping, which operates Epaminondas, confirmed the ship was captured. Epaminondas reported being fired upon about 20 nautical miles northwest of Oman, sustaining damage to its bridge, though no one was hurt in the incident.

MSC, the world's biggest container shipping group, did not respond to a Reuters request for immediate comment.

A third, Liberia-flagged container ship was fired upon in the same area but was not damaged and had resumed sailing, according to maritime security sources.

Leavitt told Fox News’ The Story with Martha MacCallum that since the ships were not US or Israeli vessels, the seizure was not a violation of the ceasefire. She called it an act of "piracy" and said the use of small gunboats showed that Iran's navy had been destroyed and that Iran does not have control over the Strait of Hormuz.

Normally, around 130 vessels transit the strait on a daily basis. That figure has dwindled sharply since the outset of the war.

The US military said on Wednesday afternoon that it had so far directed 29 vessels to turn around or return to port as part of the US blockade against Iran.

World

Iran seizes ships in Strait of Hormuz after Trump extends ceasefire
Bookmark
Share
World

Iran seizes ships in Strait of Hormuz after Trump extends ceasefire
Iran has seized two vessels in the Strait of Hormuz, saying reopening the waterway would be “impossible” if US President Donald Trump continues a blockade on Iranian ports.

Iran seizes ships in Strait of Hormuz after Trump extends ceasefire
Ships and boats in the Strait of Hormuz, Musandam, Oman on Apr 22, 2026. (Photo: Reuters)

23 Apr 2026 12:43AM (Updated: 23 Apr 2026 07:34AM)
Bookmark
Share
Set CNA as your preferred source on Google
Read a summary of this article on FAST.
FAST
WASHINGTON: Iran seized two ships in the Strait of Hormuz on Wednesday (Apr 22), tightening its grip on the strategic waterway after US President Donald Trump called off attacks with no sign of peace talks restarting.

Trump maintained the US Navy blockade of Iran's trade by sea, and Iran's parliament speaker and top negotiator Mohammad Baqer Qalibaf said a full ceasefire only made sense if it was lifted. Reopening the strait was impossible with such a "flagrant breach of the ceasefire", Qalibaf said in a post on X.

"You did not achieve your goals through military aggression and you will not achieve them by bullying either. The only way is recognising the Iranian people's rights," he said in his first response to Trump's ceasefire extension.

Trump has backed away from recent threats to bomb critical Iranian infrastructure, but little progress has been made in resolving issues key to ending the war that started with joint US-Israeli strikes on Feb 28.


That leaves the two sides in a holding pattern with the crucial Strait of Hormuz still effectively shut, stranding about one-fifth of the world's oil and gas supplies, straining economies across the world.

Iran's semi-official Tasnim news agency earlier said the Revolutionary Guards had seized two vessels for maritime violations and escorted them to Iranian shores. It was the first time Iran had seized ships since the war began at the end of February.

The Revolutionary Guards also warned that any disruption to order and safety in the strait would be considered a "red line", Tasnim said.

Brent, the international crude oil benchmark, closed above US$100 a barrel for the first time in two weeks. The ongoing blockade of the strait is driving up costs for businesses while major economies run down reserves and restrict consumption with millions of oil barrels cut off from key markets.


A satellite image shows ship movements in the Strait of Hormuz on Apr 17, 2026. (Image: European Union via Reuters)
NO NEW DEADLINE FOR CEASEFIRE
Trump said on social media late on Tuesday that the US had agreed to a request by Pakistani mediators "to hold our Attack on the Country of Iran until such time as their leaders and representatives can come up with a unified proposal ... and discussions are concluded, one way or the other".

Trump has not set a new end date for the extended ceasefire, White House press secretary Karoline Leavitt told reporters.

Leavitt said Trump wants to see a "unified" response from Iran's leadership to his proposals to end hostilities. US officials believe Iran's actions suggest it is internally divided on how to respond.

Pakistan, which has acted as a mediator, was still trying to bring the sides together after both failed to show up for talks on Tuesday before the two-week-old ceasefire had been due to expire.

"We were all prepared for the talks," a Pakistani official briefed on the preparations told Reuters. "If you ask me honestly, it was a setback we were not expecting, because the Iranians never refused, they were up to come and join, and they still are."

Related:

Traders place $430 million bet on lower oil price before Trump ceasefire extension

Snap Insight: Trump's unilateral ceasefire extension - what it reveals about him and about Iran
SHOW OF DEFIANCE
In a show of defiance, Iran showcased some of its ballistic weapons at a parade in Tehran on Tuesday evening, with images on state TV showing large crowds waving Iranian flags and a banner in the background with a fist choking off the strait.

Captions read: "Indefinitely under Iran's Control" and "Trump could not do a damn thing", referring to the strait, which Iran has effectively shut to ships other than its own by attacking vessels that attempt to transit without its permission.

The Revolutionary Guards accused the seized ships, the Liberia-flagged Epaminondas and Panama-flagged MSC Francesca, of operating without required permits and tampering with their navigation systems.

Greece's Technomar Shipping, which operates Epaminondas, confirmed the ship was captured. Epaminondas reported being fired upon about 20 nautical miles northwest of Oman, sustaining damage to its bridge, though no one was hurt in the incident.

MSC, the world's biggest container shipping group, did not respond to a Reuters request for immediate comment.

A third, Liberia-flagged container ship was fired upon in the same area but was not damaged and had resumed sailing, according to maritime security sources.

Leavitt told Fox News’ The Story with Martha MacCallum that since the ships were not US or Israeli vessels, the seizure was not a violation of the ceasefire. She called it an act of "piracy" and said the use of small gunboats showed that Iran's navy had been destroyed and that Iran does not have control over the Strait of Hormuz.

Normally, around 130 vessels transit the strait on a daily basis. That figure has dwindled sharply since the outset of the war.

The US military said on Wednesday afternoon that it had so far directed 29 vessels to turn around or return to port as part of the US blockade against Iran.

Related:

From paint to flights, Iran war lifts costs, darkens outlooks

War on Iran: Trump extends ceasefire until talks conclude, Iran submits proposal
US-IRANIAN DIFFERENCES REMAIN ON KEY ISSUES
With his announcement on Tuesday, Trump again pulled back at the last moment from warnings to bomb Iran's power plants and bridges, a threat condemned by the United Nations and others as potentially constituting war crimes. Iran had said it would strike its Arab neighbours if its civilian infrastructure was hit.

A first session of peace talks 11 days ago produced no agreement.

Washington wants Iran to give up highly enriched uranium and forgo further enrichment to prevent it getting a weapon. Iran, which says its nuclear programme is peaceful, wants an end to the war, the lifting of sanctions, reparations for damage and recognition of its control over the strait.

An Israeli strike killed two people in southern Lebanon on Wednesday, Lebanon's state news agency reported, and Hezbollah said it launched an attack drone at Israeli forces in the south, further straining a ceasefire between the Iran-backed group and Israel.

The Lebanon ceasefire had been a precondition for Iran agreeing to talks.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

10
246 views    0 comment
0 Shares

**🌱 بھیگے ہوئے چیا سیڈز (Chia Seeds) – چھوٹے بیج، بڑے فائدے**
**💧 پیٹ کی صفائی اور بہتر ہاضمہ**
فائبر سے بھرپور ہونے کی وجہ سے یہ آنتوں کی صفائی میں معاون مانے جاتے ہیں اور قبض کی شکایت میں راحت دینے میں مدد کر سکتے ہیں۔
**⚖️ وزن کنٹرول کرنے میں مددگار**
پانی میں پھول کر یہ جیل کی شکل اختیار کر لیتے ہیں، جس سے پیٹ دیر تک بھرا ہوا محسوس ہوتا ہے اور بار بار بھوک نہیں لگتی۔
**❤️ دل کی صحت کے لیے بہترین**
اومیگا-3 فیٹی ایسڈز سے بھرپور، جو دل کی صحت (Heart Health) کو بہتر بنانے میں مددگار تصور کیے جاتے ہیں۔
**🩸 شوگر لیول کو متوازن رکھنے میں معاون**
یہ آہستہ آہستہ ہضم ہوتے ہیں، جس کی وجہ سے بلڈ شوگر کو متوازن رکھنے میں مدد مل سکتی ہے۔
**⚡ توانائی اور قوتِ برداشت (Stamina) میں اضافہ**
پروٹین، معدنیات اور اینٹی آکسیڈنٹس سے بھرپور ہونے کی وجہ سے یہ جسم کو قدرتی توانائی فراہم کرتے ہیں۔
⚠️ **تبصرہ:** یہ تحریر محض صحت کے متعلق آگاہی کے لیے ہے۔ یہ کوئی طبی مشورہ یا علاج کا دعویٰ نہیں ہے۔ کسی بھی فیصلے سے پہلے مستند معالج یا ماہر سے مشورہ ضرور لیں۔
اگر آپ کو کسی دوا یا اپنے کسی مسئلے سے متعلق آیورویدک یا یونانی معلومات چاہیے تو **Follow** کر کے کمنٹ کریں۔ 24 گھنٹے کے اندر آپ کی رہنمائی کی جائے گی۔ اس پوسٹ کو **Share** کریں — ہو سکتا ہے کسی کو اس کی ضرورت ہو۔
#ChiaSeeds
#WeightLossSupport
#HealthyDigestion
#NaturalWellness
#wellness #health #selfcare

0
0 views    0 comment
0 Shares

7
255 views    0 comment
0 Shares

8
297 views    0 comment
0 Shares

*बड़ी खबर: आज आएगा 54 लाख छात्रों का इंतजार खत्म, शाम 4 बजे तक UP बोर्ड का रिजल्ट*

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) हाईस्कूल और इंटरमीडिएट 2026 का परिणाम आज यानी 23 अप्रैल 2026 को जारी करेगी। बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक शाम 4 बजे तक रिजल्ट की घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए की जाएगी।

*क्यों है खास ये रिजल्ट?*
- इस साल रिकॉर्ड 50 से 54 लाख छात्रों ने 10वीं-12वीं की परीक्षा दी थी
- नतीजे जारी होते ही http://upresults.nic.in और http://upmsp.edu.in पर लिंक एक्टिव हो जाएगा
- छात्र DigiLocker से भी अपनी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे

*कैसे चेक करें रिजल्ट?*
1. ऑफिशियल वेबसाइट http://upresults.nic.in या http://upmsp.edu.in खोलें
2. "UP Board Result 2026" लिंक पर क्लिक करें
3. रोल नंबर और जन्म तिथि डालकर सबमिट करें
4. स्क्रीन पर रिजल्ट दिखेगा, डाउनलोड या प्रिंटआउट ले लें

*जरूरी सावधानी*
बोर्ड ने छात्रों को फर्जी वेबसाइट और SMS लिंक से बचने की सलाह दी है। सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें। अगर किसी छात्र के मार्क्स में गड़बड़ी लगती है तो स्क्रूटनी/रीचेकिंग के लिए रिजल्ट के बाद प्रक्रिया घोषित की जाएगी।

आज शाम 4 बजे के बाद लखनऊ मुख्यालय से प्रेस कॉन्फ्रेंस में टॉपर्स के नाम और पास प्रतिशत का भी ऐलान होगा।

18
658 views    0 comment
0 Shares

कृषि उपज मंडी समिति मुरैना में कृषकों द्वारा फसल विक्रय हेतु मोबाइल नंबर एवं आधार कार्ड की अनिवार्यता

अब कृषकों को नगद भुगतान 2 लाख रूपये तक इससे अधिक की राशि आरजीटीएस के माध्यम से

प्रदेश की समस्त कृषि उपज मण्डी समितियों में ई-मण्डी योजना प्रभावशील है। जिसके अन्तर्गत मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल द्वारा प्रदेश की समस्त कृषि उपज मण्डियों में किसानों को अपनी फसल (कृषि उपज) विक्रय हेतु ई-मण्डी ऐप में मोबाइल नम्बर एवं आधार कार्ड की अनिवार्यता के निर्देश दिये गये हैं।
इसके अतिरिक्त मण्डी बोर्ड भोपाल द्वारा प्रदेश की समस्त कृषि उपज मण्डियों में कृषकों की फसल विक्रय से लेकर भुगतान तक की समस्त प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गयी है। जिसमें किसानों को 2 लाख रूपये तक नगद भुगतान एवं 2 लाख से अधिक की राशि सम्बंधित किसान के बैंक खाते में आरजीटीएस के माध्यम से भेजे जाने का प्रावधान किया गया है।
-
#Morena #JansamparkMP Department of Agriculture, Madhya Pradesh #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh

52
1315 views    0 comment
0 Shares

Apr 22, 2026, 9:55 AM ET

This small sea area between Europe and Africa is the site of 124 shipwrecks,archaeologists find

The majority of the 151 archaeological sites identified were shipwrecks. Felipe Cerezo Andreo

Like the Strait of Hormuz, the Strait of Gibraltar, which lies between the southern tip of Europe and the northwestern tip of Africa, holds a history of shipping and conflict in its waters.

A lot of the archaeological evidence for this sits to the east of the strait, in the Bay of Algeciras, also known as the Bay of Gibraltar — a stopping-off point for transatlantic shipping, nowadays mainly of oil.

Spanish archaeologists say they identified 151 underwater archaeological sites, including 124 shipwrecks, in the 29-square-mile bay while conducting an archaeological survey between 2020 and 2023.

The shipwrecks are from a range of eras and civilizations, including the ancient Punic (Carthaginian) civilization, and the Roman, medieval and modern periods, according to a recent research paper.

The discovery of the shipwrecks confirms the importance of the bay as a maritime hub of regional and global significance, the researchers said. It has been surrounded by urban settlements since the ancient period, been an entry point to the Iberian Peninsula in the medieval period, and a point of naval confrontation over control of the strait in modern times.

While most of the wrecks relate to modern history, the researchers also found “some very interesting unseen shipwrecks,” lead researcher Felipe Cerezo Andreo, an associate professor of underwater archaeology at the University of Cádiz in Spain, told CNN Tuesday.

While thousands of naval accidents are mentioned in historical and archival sources, many wrecks remain undiscovered because there has so far been little archaeological study of the history buried under the waters.

The oldest find was a wreck from the 5th century BC, Andreo said, adding that the ship would have carried fish sauce produced in the southern Spanish city of Cádiz, and was probably carrying that cargo through the Mediterranean.

The “most interesting” from modern times were the wrecks related to the Napoleonic wars, fought between France and shifting European allies in the early 19th century, Andreo said.

The researchers also identified wrecks from as recent as the beginning of World War II, documenting the remains of a Maiale, or Pig — a kind of submarine used by the Italian navy to attack the British fleet in the Strait of Gibraltar during World War II, according to Andreo.

The Strait of Gibraltar, “like the Hormuz now, is a narrow pass mandatory for all vessels,” Andreo said.

“All vessels that want to go from (the) Mediterranean to (the) Atlantic have to pass through the Strait of Gibraltar, and probably most of them have to anchor and wait for better weather conditions in the Bay of Algeciras,” the “harbor of the strait,” he added.

The researchers did not have archaeological documentation of most of the wrecks before the project. Prior to 2019, only four underwater archaeological sites were known in the area, and only one of those could be considered the result of a shipwreck, according to the researchers.

Climate change is affecting ocean currents and the movement of sediment in the bay, according to the researchers — and “this is causing the uncovering of all these shipwrecks,” Andreo said.

The archaeologists used geophysical techniques — such as a multibeam echosounder that emits sound to map the seabed in 3D, and a magnetometer that measures magnetic fields — to identify objects on the seabed and anomalies buried in the sediment, before diving to measure and make a digital model of the archaeological finds.

The researchers say they want to study and protect the archaeological sites, which hold information about the maritime history of the area, including on maritime traffic, trade, naval technology and those who traveled the sea, explaining that they remain vulnerable to changing landscapes and the activity of large ships anchoring at the bay.

“For us, it’s important to record them, document it virtually and technically in order to protect them,” legally or physically, Andreo said.

The team have so far only looked at a “very shallow depth” of about 10 meters (33 feet), but the Bay of Algeciras is about 400 meters (1,312 feet) deep, said Andreo, who believes there are archaeological remains deep in the bay dating as far back as prehistoric times, because the shore from the Paleolithic period, or Old Stone Age, “is now underwater.”

The researchers said future projects will focus on carrying out a detailed study of each shipwreck — they have so far studied 24% of the archaeological sites identified — as well as exploring the sites at greater depths.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

1
76 views    0 comment
0 Shares

Apr 22, 2026, 9:55 AM ET

This small sea area between Europe and Africa is the site of 124 shipwrecks,archaeologists find

The majority of the 151 archaeological sites identified were shipwrecks. Felipe Cerezo Andreo

Like the Strait of Hormuz, the Strait of Gibraltar, which lies between the southern tip of Europe and the northwestern tip of Africa, holds a history of shipping and conflict in its waters.

A lot of the archaeological evidence for this sits to the east of the strait, in the Bay of Algeciras, also known as the Bay of Gibraltar — a stopping-off point for transatlantic shipping, nowadays mainly of oil.

Spanish archaeologists say they identified 151 underwater archaeological sites, including 124 shipwrecks, in the 29-square-mile bay while conducting an archaeological survey between 2020 and 2023.

The shipwrecks are from a range of eras and civilizations, including the ancient Punic (Carthaginian) civilization, and the Roman, medieval and modern periods, according to a recent research paper.

The discovery of the shipwrecks confirms the importance of the bay as a maritime hub of regional and global significance, the researchers said. It has been surrounded by urban settlements since the ancient period, been an entry point to the Iberian Peninsula in the medieval period, and a point of naval confrontation over control of the strait in modern times.

While most of the wrecks relate to modern history, the researchers also found “some very interesting unseen shipwrecks,” lead researcher Felipe Cerezo Andreo, an associate professor of underwater archaeology at the University of Cádiz in Spain, told CNN Tuesday.

While thousands of naval accidents are mentioned in historical and archival sources, many wrecks remain undiscovered because there has so far been little archaeological study of the history buried under the waters.

The oldest find was a wreck from the 5th century BC, Andreo said, adding that the ship would have carried fish sauce produced in the southern Spanish city of Cádiz, and was probably carrying that cargo through the Mediterranean.

The “most interesting” from modern times were the wrecks related to the Napoleonic wars, fought between France and shifting European allies in the early 19th century, Andreo said.

The researchers also identified wrecks from as recent as the beginning of World War II, documenting the remains of a Maiale, or Pig — a kind of submarine used by the Italian navy to attack the British fleet in the Strait of Gibraltar during World War II, according to Andreo.

The Strait of Gibraltar, “like the Hormuz now, is a narrow pass mandatory for all vessels,” Andreo said.

“All vessels that want to go from (the) Mediterranean to (the) Atlantic have to pass through the Strait of Gibraltar, and probably most of them have to anchor and wait for better weather conditions in the Bay of Algeciras,” the “harbor of the strait,” he added.

The researchers did not have archaeological documentation of most of the wrecks before the project. Prior to 2019, only four underwater archaeological sites were known in the area, and only one of those could be considered the result of a shipwreck, according to the researchers.

Climate change is affecting ocean currents and the movement of sediment in the bay, according to the researchers — and “this is causing the uncovering of all these shipwrecks,” Andreo said.

The archaeologists used geophysical techniques — such as a multibeam echosounder that emits sound to map the seabed in 3D, and a magnetometer that measures magnetic fields — to identify objects on the seabed and anomalies buried in the sediment, before diving to measure and make a digital model of the archaeological finds.

The researchers say they want to study and protect the archaeological sites, which hold information about the maritime history of the area, including on maritime traffic, trade, naval technology and those who traveled the sea, explaining that they remain vulnerable to changing landscapes and the activity of large ships anchoring at the bay.

“For us, it’s important to record them, document it virtually and technically in order to protect them,” legally or physically, Andreo said.

The team have so far only looked at a “very shallow depth” of about 10 meters (33 feet), but the Bay of Algeciras is about 400 meters (1,312 feet) deep, said Andreo, who believes there are archaeological remains deep in the bay dating as far back as prehistoric times, because the shore from the Paleolithic period, or Old Stone Age, “is now underwater.”

The researchers said future projects will focus on carrying out a detailed study of each shipwreck — they have so far studied 24% of the archaeological sites identified — as well as exploring the sites at greater depths.
*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

4
231 views    0 comment
0 Shares

15
361 views    0 comment
0 Shares

Apr 22, 2026, 9:55 AM ET

This small sea area between Europe and Africa is the site of 124 shipwrecks, archaeologists find

The majority of the 151 archaeological sites identified were shipwrecks. Felipe Cerezo Andreo

Like the Strait of Hormuz, the Strait of Gibraltar, which lies between the southern tip of Europe and the northwestern tip of Africa, holds a history of shipping and conflict in its waters.

A lot of the archaeological evidence for this sits to the east of the strait, in the Bay of Algeciras, also known as the Bay of Gibraltar — a stopping-off point for transatlantic shipping, nowadays mainly of oil.

Spanish archaeologists say they identified 151 underwater archaeological sites, including 124 shipwrecks, in the 29-square-mile bay while conducting an archaeological survey between 2020 and 2023.

The shipwrecks are from a range of eras and civilizations, including the ancient Punic (Carthaginian) civilization, and the Roman, medieval and modern periods, according to a recent research paper.

The discovery of the shipwrecks confirms the importance of the bay as a maritime hub of regional and global significance, the researchers said. It has been surrounded by urban settlements since the ancient period, been an entry point to the Iberian Peninsula in the medieval period, and a point of naval confrontation over control of the strait in modern times.

While most of the wrecks relate to modern history, the researchers also found “some very interesting unseen shipwrecks,” lead researcher Felipe Cerezo Andreo, an associate professor of underwater archaeology at the University of Cádiz in Spain, told CNN Tuesday.

While thousands of naval accidents are mentioned in historical and archival sources, many wrecks remain undiscovered because there has so far been little archaeological study of the history buried under the waters.

The oldest find was a wreck from the 5th century BC, Andreo said, adding that the ship would have carried fish sauce produced in the southern Spanish city of Cádiz, and was probably carrying that cargo through the Mediterranean.

The “most interesting” from modern times were the wrecks related to the Napoleonic wars, fought between France and shifting European allies in the early 19th century, Andreo said.

The researchers also identified wrecks from as recent as the beginning of World War II, documenting the remains of a Maiale, or Pig — a kind of submarine used by the Italian navy to attack the British fleet in the Strait of Gibraltar during World War II, according to Andreo.

The Strait of Gibraltar, “like the Hormuz now, is a narrow pass mandatory for all vessels,” Andreo said.

“All vessels that want to go from (the) Mediterranean to (the) Atlantic have to pass through the Strait of Gibraltar, and probably most of them have to anchor and wait for better weather conditions in the Bay of Algeciras,” the “harbor of the strait,” he added.

The researchers did not have archaeological documentation of most of the wrecks before the project. Prior to 2019, only four underwater archaeological sites were known in the area, and only one of those could be considered the result of a shipwreck, according to the researchers.

Climate change is affecting ocean currents and the movement of sediment in the bay, according to the researchers — and “this is causing the uncovering of all these shipwrecks,” Andreo said.

The archaeologists used geophysical techniques — such as a multibeam echosounder that emits sound to map the seabed in 3D, and a magnetometer that measures magnetic fields — to identify objects on the seabed and anomalies buried in the sediment, before diving to measure and make a digital model of the archaeological finds.

The researchers say they want to study and protect the archaeological sites, which hold information about the maritime history of the area, including on maritime traffic, trade, naval technology and those who traveled the sea, explaining that they remain vulnerable to changing landscapes and the activity of large ships anchoring at the bay.

“For us, it’s important to record them, document it virtually and technically in order to protect them,” legally or physically, Andreo said.

The team have so far only looked at a “very shallow depth” of about 10 meters (33 feet), but the Bay of Algeciras is about 400 meters (1,312 feet) deep, said Andreo, who believes there are archaeological remains deep in the bay dating as far back as prehistoric times, because the shore from the Paleolithic period, or Old Stone Age, “is now underwater.”

The researchers said future projects will focus on carrying out a detailed study of each shipwreck — they have so far studied 24% of the archaeological sites identified — as well as exploring the sites at greater depths.
*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

5
308 views    0 comment
0 Shares

22 अप्रैल तक जिले में 246 किसानों से 8291 क्विंटल गेहूँ का उपार्जन

किसान 30 अप्रैल तक स्लॉट बुक कराकर समर्थन मूल्य पर गेहूँ का विक्रय करें

रबी विपणन वर्ष 2026-27 में जिले में समर्थन मूल्य पर एफ.ए.क्यू. गुणवत्ता के गेहूँ का उपार्जन 15 अप्रैल 2026 से प्रारम्भ हो चुका है। 22 अप्रैल 2026 तक जिले में 246 किसानों से 8291 क्विंटल गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।
जिला आपूर्ति नियंत्रक मुरैना ने बताया कि शासन स्तर से प्राप्त निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु वर्तमान में छोटे किसान (2 हेक्टेयर से कम रकबा वाले) किसानों के स्लॉट बुक 30 अप्रैल 2026 तक किया जाना है। ऐसे सभी किसानों से आग्रह है कि अपने स्लॉट 30 अप्रैल 2026 तक बुक कराकर समर्थन मूल्य पर गेहूँ का विक्रय करें। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु 34 उपार्जन केन्द्र खोले गये है, जिन पर सुगमता से गेहूँ का उपार्जन कार्य चल रहा है। बड़े किसानों के 30 अप्रैल 2026 के बाद स्लॉट बुक होंगे।
-
#JansamparkMP #morena2026 #Morena Department of Agriculture, Madhya Pradesh

68
1373 views    0 comment
0 Shares

11
244 views    0 comment
0 Shares

Wednesday 22 April 2026 23:16, UK

Singer D4vd's alleged murder victim died from penetrating injuries, post - mortem finds

The 21-year-old musician, whose legal name is David Anthony Burke, had been under investigation by a grand jury after the dismembered and decomposed body of Celeste Rivas Hernandez was found in a car registered to him in September.

D4vd, whose real name is David Anthony Burke. Pic: AP

A 14-year-old girl, who was allegedly murdered by singer D4vd, died from "multiple penetrating injuries caused by objects", according to a post-mortem report.

The 21-year-old US musician, whose legal name is David Anthony Burke, had been under investigation by a grand jury after the dismembered and decomposed body of Celeste Rivas Hernandez was found in a car registered to him in September.

He was arrested last Thursday and charged with Ms Hernandez's murder on Monday. He pleaded not guilty to first-degree murder, lewd and lascivious acts with a person under 14 and mutilating a dead body.

The girl's death was ruled a homicide in the post-mortem report by the Los Angeles County Medical Examiner's Office.

It found she had significant wounds to her torso, likely caused by a sharp object.

Her body was so degraded that experts could not establish her eye colour. And some of her body parts were missing.

The report, published on Wednesday, had been blocked from release for months.

A judge had ordered the report to be sealed in November at the request of law enforcement.

But prosecutors agreed this week to allow its release.

Family tribute to 'beautiful, strong girl'

The victim's parents, Jesus Rivas and Mercedes Martinez, paid tribute to her, saying she was "a beautiful, strong girl who loved to sing and dance" as they made their first public statement.

"Every Friday night was movie night and we spent wonderful times together."

"We love her very much and she always told us that she loved us. We miss her deeply," they said in a joint statement released through their lawyer.

Prosecutors allege Burke killed the girl because she threatened to report they had a sexual relationship that began when she was 13 years old and he feared it would ruin his rising career.

A criminal complaint alleges he killed her with a sharp object and dismembered the body about two weeks later.

LA County's chief medical examiner Dr Odey C Ukpo said: "After several months, I am grateful this information can now be released, not only to the public, but also to the grieving family enduring loss.

"It is unfathomable they have had to wait this long to learn what happened to their daughter."
*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

7
211 views    0 comment
0 Shares

2
132 views    0 comment
0 Shares

1
432 views    0 comment
0 Shares

13
985 views    0 comment
0 Shares

भीषण गर्मी के बीच आसनसोल उत्तर में मतदान की शांतिपूर्ण शुरुआत, वरिष्ठ नागरिकों ने दिखाया उत्साह
​आसनसोल | 23 अप्रैल, 2026
पत्रकार तापेंद्र, AI एजेंट द्वारा
​आसनसोल उत्तर में आज सुबह की पहली किरण के साथ ही लोकतंत्र का महापर्व शुरू हो गया। एलआईसी (LIC) ट्रेनिंग हॉल स्थित चुनावी बूथ पर मतदान की शुरुआत बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में हुई।
​बढ़ती गर्मी के बावजूद, मतदाताओं में भारी उत्साह देखा गया। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही, जो मतदान केंद्र पर सबसे पहले पहुँचने वालों में शामिल थे। बुजुर्ग मतदाताओं का कहना था कि वे दिन की "भीषण गर्मी" और बढ़ते तापमान से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना वोट डालना चाहते थे।
​एक नज़र: आज आसनसोल का मौसम
​गुरुवार, 23 अप्रैल, 2026: आसमान में बादल छाए रहेंगे, अधिकतम तापमान 41°C और न्यूनतम 26°C रहने का अनुमान है। पश्चिम से 7 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
​प्रशासन द्वारा भीषण गर्मी को देखते हुए बूथ पर पीने के पानी और छायादार प्रतीक्षा क्षेत्रों के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अभी तक की रिपोर्ट के अनुसार, मतदान बिना किसी व्यवधान के सुचारू रूप से जारी है।
​मुख्य बिंदु:
​स्थान: एलआईसी (LIC) ट्रेनिंग हॉल, आसनसोल उत्तर।
​माहौल: पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुरक्षित।
​प्रेरणा: गर्मी की परवाह किए बिना वरिष्ठ नागरिकों ने निभाई जिम्मेदारी।

11
1089 views    0 comment
0 Shares

6
257 views    0 comment
0 Shares

भितरवार सड़क हादसे में मृत दंपति के आश्रितों को मिलेगी 4 लाख की आर्थिक सहायता

जिला प्रशासन ने तात्कालिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई

ग्वालियर जिले की भितरवार तहसील अंतर्गत फायर ब्रिगेड एवं मोटरसाइकिल की टक्कर में मृत दंपति के आश्रितों को सरकार द्वारा संचालित संबल योजना के तहत 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर मृतक दंपति के परिवार को रेडक्रॉस सोसाइटी से 10 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता तथा अंत्येष्टि के लिए 5 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। साथ ही मृतक दंपति के दोनों बच्चों को छात्रावास में प्रवेश दिलाकर निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
एसडीएम भितरवार श्री राजीव समाधिया ने बताया कि बीते रोज फायर ब्रिगेड और मोटरसाइकिल के बीच हुई दुःखद दुर्घटना में ग्राम रिछारी कला निवासी बंटी जाटव की घटनास्थल पर मृत्यु हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी प्रीति जाटव गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। प्रीति जाटव को बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर में भर्ती कराया गया था, जहां आज उपचार के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई।
जिला प्रशासन द्वारा मृतक दंपति के बच्चों के भविष्य की सुरक्षा एवं परिवार को सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
#gwalior
#mukhymantrisambalyojna
CM Madhya Pradesh
#bhitarwar

65
1404 views    0 comment
0 Shares

👉 ई-केवायसीसाठी सेतूकेंद्रावर जाऊन प्रक्रिया पूर्ण करा; जिल्हाधिकारी अविश्यांत पंडा यांचे आवाहन



📍 गडचिरोली, दि. 23 : जिल्ह्यातील वनपट्टेधारक शेतकऱ्यांना ॲग्रिस्टॅक अंतर्गत शेतकरी ओळख क्रमांक (फार्मर आयडी) देण्यासाठी नोंदणी प्रक्रिया सुरू करण्यात आली असून, सर्व पात्र लाभार्थ्यांनी शासनाच्या विविध योजनांचा लाभ मिळवण्यासाठी लवकरात लवकर ई-केवायसी करून ही प्रक्रिया पूर्ण करावी, असे आवाहन जिल्हाधिकारी अविश्यांत पंडा यांनी केले आहे.



📌 राज्य शासनाच्या निर्णयानुसार वनपट्टेधारकांची नावे ७/१२ उताऱ्यात ‘इतर हक्क’ या स्तंभाखाली नोंद असल्यामुळे त्यांना पूर्वी फार्मर आयडी मिळण्यात अडचणी येत होत्या. मात्र, शासनाने विशेष निर्णय घेतल्यामुळे आता वनपट्टेधारकांनाही फार्मर आयडी देण्याची प्रक्रिया सुरू झाली आहे.



💻 नोंदणीसाठी [https://mhfr.agristack.gov.in](https://mhfr.agristack.gov.in) या पोर्टलवर किंवा “Farmer Registry MH” मोबाईल ॲपद्वारे प्रक्रिया करता येते. तसेच नागरिकांनी आपल्या जवळच्या सेतू केंद्रावर (CSC) जाऊनही नोंदणी करून घ्यावी. या प्रक्रियेत आधार क्रमांकाद्वारे ओटीपी किंवा बायोमेट्रिक पडताळणी करून ई-केवायसी करणे आवश्यक आहे.



📝 नोंदणी प्रक्रियेत ई-केवायसी पूर्ण झाल्यानंतर जमीन संलग्नता व ई-साईन करून अर्ज सादर केला जातो. त्यानंतर २४ ते ४८ तासांत फार्मर आयडी तयार होऊन लाभार्थ्यांच्या मोबाईलवर संदेशाद्वारे पाठविला जातो.



🤝 जिल्हाधिकारी अविश्यांत पंडा यांनी सर्व संबंधित यंत्रणांना या प्रक्रियेसाठी समन्वय ठेवून काम करण्याच्या सूचना दिल्या असून, वनपट्टेधारक शेतकऱ्यांनी या संधीचा लाभ घेऊन तात्काळ ई-केवायसी प्रक्रिया पूर्ण करून फार्मर आयडी मिळवावा व विविध शासकीय योजनांचे लाभ मिळवावा असे आवाहन केले आहे.



#FarmerID #AgriStack #Gadchiroli #Maharashtra #eKYC #Farmers 🌱 Maharashtra DGIPR CMOMaharashtra

75
3422 views    0 comment
0 Shares

8
168 views    0 comment
0 Shares

*नगर पालिका की लापरवाही और अधिशासी अधिकारी द्वारा फोन न उठाना एक गंभीर प्रशासनिक चूक*

जिसे अब सीधे उच्चाधिकारियों और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से हल करने की आवश्यकता है।चूंकि उर्स का कार्यक्रम कल 23 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहा है जबकि फोन पे अधिशासी अधिकारी जगदेव प्रसाद मौर्या ने कहा एक पत्र हमको रिसीव करबा दीजिए पत्र रिसीव करबाने के करीब 18 घंटे होने के पश्चात कोई कार्रवाई नहीं हुई है, *प्रशासनिक उदासीनता पर एक नज़र* दावा बनाम हकीकत नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ने आश्वासन तो दिया और पत्र भी प्राप्त कर लिया, लेकिन धरातल पर वार्ड नंबर 24 मोहल्ला सरैयां में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।और मच्छरों का प्रकोप अधिशासी अधिकारी का फोन न उठाना उनकी कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगाता है, विशेषकर तब जब हजारों श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा दांव पर है। नगर पालिका परिषद मोहम्मदी के अधिशासी अधिकारी जगदेव प्रसाद मौर्य संदर्भानुसार की जिम्मेदारी है कि वे जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दें यदि समय रहते फॉगिंग और सफाई नहीं होती है, तो सूफी खानकाह एसोसिएशन राष्ट्रीय सचिव सूफी कमरुल हसन कादरी एवं पदाधिकारी कार्यकर्ता स्थानीय निवासी नगर पालिका कार्यालय का घेराव करना ही अंतिम विकल्प बचता है *एम एच रज़ा वाहिदी राष्ट्रीय मीडिया सलाहकार सूफी खानकाह एसोसिएशन✍️*

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

8
232 views    0 comment
0 Shares

9
244 views    0 comment
0 Shares

खबर जिले की गैस संचालकों को विशेष निर्देश होम डिलीवरी को पहली प्राथमिकता लेकिन छिंदवाड़ा में कई कंपनी के गैस डीलर होम डिलीवरी सुचारू रूप से नहीं चला रहे है ।
परासिया ब्लॉक के ग्राम पलटवारा के पंडित मुक्तेश्वर बबलू महाराज १००८ महामंडलेश्वर बने जिससे उनके परिजन , शिष्यों और कई सामाजिक संगठन और रहवासी ने शुभकामनाएं दिया ।।।
जल्द ही नई कोयला खदान को केंद्र सरकार ने खोलने की मंजूरी दी ।
जिससे यह का व्यापार और नौकरी मिलने की उम्मीद है ।
भारत समाचार लाइव के जिला रिपोर्टर
रंजीत डेहरिया ने जानकारी देते हुए बताया है कि क्षेत्र और जिलों की जनहित खबर के लगाना मेरी पहली प्राथमिकता है ।।। जिसका असर और लोगो की मुख्य समस्या का शीघ्र निराकरण हो जाए ।
आप मेरे वाट्सअप नंबर पर आसपास की खबर वीडियो या फोटो भेज दे और कोई भी श्रमिक मजदूरों की समस्या हो उसे जरूर भेजे ।
हम सभी नागरिक का प्रथम कर्तव्य होता है कि आसपास की सामाजिक और ऐसे कुरीति प्रथा जनसमस्या हो उसे जरूर उठाए आज कल दुनिया डिजिटल युग है
कई सोशल प्लेटफॉर्म मंच है ।
कुछ समय के अंदर कम्युनिकेशन और संचार के माध्यम से कनेक्टिंग कर सकते है।।।।।।
छिंदवाड़ा
6263470137
रंजीत डेहरिया
भारत समाचार लाइव रिपोर्टर छिंदवाड़ा

2
264 views    0 comment
0 Shares

2
210 views    0 comment
0 Shares

कॅरियर काउंसलिंग देने के इच्छुक विषय विशेषज्ञ व मनोवैज्ञानिक काउंसलर से आवेदन आमंत्रित

30 अप्रैल तक आवेदन मान्य होंगे

जिला रोजगार कार्यालय द्वारा कॅरियर काउंसलिंग योजना के तहत विषय विशेषज्ञों एवं मनोवैज्ञानिक (काउंसलर्स) से 30 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। काउंसलर का चयन स्कूली विद्यार्थियों और शिक्षित बेरोजगार युवाओं को मार्गदर्शन देने के लिए किया जाएगा।
उप संचालक जिला रोजगार श्री पवन कुमार भिमटे से प्राप्त जानकारी के अनुसार काउंसलिंग के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रवेश परीक्षाओं, प्रोफेशनल कोर्स, शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थानों, रोजगार और स्वरोजगार की जानकारी दी जाएगी। यह किसी प्रकार की नौकरी नहीं है। आवश्यकता अनुसार काउंसलिंग कार्य के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
मनोवैज्ञानिक के लिए एम.ए. (मनोविज्ञान) या पी.जी. डिप्लोमा अनिवार्य है। विषय विशेषज्ञ के लिए डिग्री या डिप्लोमा के साथ संबंधित क्षेत्र में अनुभव जरूरी होगा। इच्छुक अभ्यर्थी 30 अप्रैल 2026 को सायं 5 बजे तक जिला रोजगार कार्यालय, रेडीमेड गारमेंट पार्क, गदाईपुरा मुरैना लिंक रोड, ग्वालियर में आवेदन जमा कर सकते हैं।
#gwalior
#Councillor
CM Madhya Pradesh

63
1459 views    0 comment
0 Shares

0
197 views    0 comment
0 Shares

*​सुलतानपुर: वन विभाग में वृक्षारोपण के नाम पर 'कागजी' हरियाली, लाखों के गबन का सनसनीखेज आरोप*

*धरातल पर न गड्ढे मिले न पौधे, मजदूरों के नाम पर फर्जी भुगतान का खुलासा; सूची में 27 बड़े घोटाले शामिल*

सुलतानपुर। जनपद के वन विभाग में वृक्षारोपण के नाम पर एक बहुत बड़े और व्यवस्थित घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिना कोई वास्तविक काम किए, कागजों पर फर्जी गड्ढा खुदाई और पौधरोपण दिखाकर लाखों रुपये की सरकारी धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया। शिकायती पत्र के साथ संलग्न सूची इस महाघोटाले की परतें खोल रही है।
​नवागत DM इंद्रजीत सिंह से न्याय की आस, जांच शुरू
​हाल ही में कार्यभार संभालने वाले जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के पास यह गंभीर मामला पहुंचने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। शिकायतकर्ता सतनाम (पुत्र स्व. मनीराम निषाद) ने ठोस साक्ष्यों के साथ डीएम से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने बताया कि नए जिलाधिकारी की ईमानदार कार्यप्रणाली को देखते हुए उन्हें उम्मीद है कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी और सरकारी धन की रिकवरी की जाएगी।
​महाघोटाले का मुख्य केंद्र: कुड़वार, दुबेपुर और धनपतगंज क्षेत्र
​शिकायत के मुताबिक, कुड़वार, दुबेपुर और धनपतगंज क्षेत्र के दर्जनों ग्राम समाजों, नहरों की पटरियों और मार्गों पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत सूची के अनुसार, कुल 27 स्थानों पर घोटाले को अंजाम दिया गया है। मुख्य विवरण निम्नलिखित हैं:
​कुड़वार–दुबेपुर क्षेत्र (प्रमुख स्थल):
​शादीपुर व कबरी ग्राम समाज: 5-5 हेक्टेयर में फर्जी काम दिखाकर भारी भुगतान।
​धमौर से रवि व कचनावा मार्ग: 10 हेक्टेयर क्षेत्र में बिना काम कराए सरकारी धन आहरित।
​शारदा सहायक नहर (महेश्वरगंज-लोहार पश्चिम): महेश्वरगंज से लोहार पश्चिम व कमलिया क्षेत्र में बिना काम कराए हजारों रुपये का गबन।
​अन्य प्रमुख स्थल: पलहीपुर, भुआंवा नाला, हाजीपट्टी, बेला पश्चिम और शनीचर से भाटी मार्ग जैसे स्थानों पर भी इसी तरह की हेराफेरी की गई है।
​धनपतगंज और कूरेभार क्षेत्र (सूची के अनुसार नए खुलासे):
फर्जीवाड़े का यह खेल धनपतगंज क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर खेला गया है। सूची में दर्ज प्रमुख स्थान हैं:
​ सैफुल्लागंज से मोतीगंज मार्ग: ₹15,000 का फर्जी भुगतान।
​शारदा सहायक नहर (मुजे से भगवानपुर): ₹15,000 का घोटाला।
​धनपतगंज से सरैया भरथी मार्ग: ₹15,000 की सरकारी रकम का गबन।
​शारदा सहायक नहर (सुल्तानपुर ब्रांच-पर्तुजा से हरौरा): ₹12,500 का फर्जीवाड़ा।
​देहली से हरन्टीनगंज मार्ग: ₹15,000 की हेराफेरी।
​हलियापुर बेलवाई मार्ग (देहली से बहुरावां): ₹12,500 का गबन।
​"जहां पौधरोपण का दावा है, वहां की जमीन आज भी सूखी है। न गड्ढे हैं, न खाद, बस कागजों पर पेड़ लहलहा रहे हैं। 27 स्थानों की सूची सबूत के तौर पर डीएम को दी गई है।" शिकायतकर्ता
​मजदूरों के नाम पर अपनों को 'रेवड़ी', फर्जी बैंक खातों का खेल
​आरोप है कि बीट प्रभारी और सेक्शन प्रभारी ने अपने खास व्यक्तियों और रिश्तेदारों को मजदूर दिखाकर उनके खातों में पैसा ट्रांसफर करवाया। वास्तविक मजदूरों के बजाय चहेतों के खातों का इस्तेमाल सरकारी धन के बंदरबांट के लिए किया गया। कई ऐसे नाम भी सामने आए हैं, जिनका कार्य से कोई संबंध नहीं था।
​शिकायत वापस लेने के लिए मिल रही धमकियां
​सतनाम निषाद ने जिलाधिकारी को बताया कि जब से उन्होंने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है, वन विभाग के कुछ कर्मचारी उन पर लगातार दबाव बना रहे हैं। उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए धमकाया जा रहा है और डराया जा रहा है, जो मामले की गंभीरता और विभाग के अंदरूनी डर को और स्पष्ट करता है।
​जांच की मुख्य मांगें:
​शिकायती पत्र में दी गई 27 स्थानों की सूची के आधार पर मौके पर फिजिकल वेरिफिकेशन (स्थलीय निरीक्षण) कराया जाए।
​फर्जी भुगतान पाने वाले 'तथाकथित' मजदूरों के खातों की उच्चस्तरीय जांच हो।
​दोषी बीट प्रभारियों, सेक्शन प्रभारियों और जिम्मेदार उच्च अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज हो।

अब देखना यह होगा कि भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने वाला जिला प्रशासन इन 'कागजी पेड़ों' के पीछे छिपे असली चेहरों को बेनकाब करता है या यह मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा। जनता की निगाहें अब नए डीएम इंद्रजीत सिंह के अगले कदम पर टिकी हैं।

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

5
361 views    0 comment
0 Shares

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अप्रैल 2026 को चारधाम यात्रा की शुरुआत और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष पत्र साझा किया है। उन्होंने इस यात्रा को भारत की अटूट आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का 'दिव्य उत्सव' बताया है।

▪️प्रधानमंत्री ने तीर्थयात्रियों से यात्रा के दौरान पाँच मुख्य संकल्प लेने का आग्रह किया है:
स्वच्छता: धामों और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखना。
नदियों की सफाई: पवित्र नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने में योगदान देना。
प्लास्टिक मुक्त यात्रा: सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करने का संकल्प。
पर्यावरण संरक्षण: हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता को समझते हुए प्रकृति की रक्षा करना。
वोकल फॉर लोकल: स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और खरीदारी करना。

इसके अलावा, पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं से आध्यात्मिक अनुभव को और गहरा करने के लिए यात्रा के दौरान 'डिजिटल फास्टिंग' (डिजिटल उपवास) करने और सोशल मीडिया से दूर रहकर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने का सुझाव भी दिया है।

#badaunharpalnews #budaunharpal #badaunharpal #UttarPradeshNews #budaun #badaun #ujhani #badaunnews #BreakingNews #socialmediamarketing #socialmedia #digitalmedia #chardhamyatra #uttrakhand बदायूँ हर पल न्यूज़ @badaunharpalnews

7
210 views    0 comment
0 Shares

(दानिश आलम फारूकी )
जनपद ​बिजनौर (काशीराम कॉलोनी): जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली 18 वर्षीय कशिश परवीन की उसके ही घर में घुसकर निर्मम हत्या कर दी गई ​आरोपी राहुल, जो पहले से ही शादीशुदा है और बच्चों का पिता है, पिछले काफी समय से कशिश के पीछे पड़ा था। जैसे ही उसे पता चला कि कशिश की शादी तय हो गई है, उसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। राहुल ने काशीराम कॉलोनी स्थित कशिश के घर में घुसकर उसके सीने पर चाकू से एक बार में 6 वार किए। कशिश की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई​आरोपी ने खुद को भी किया घायल ​वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी राहुल ने खुद को भी चाकू मारकर घायल कर लिया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है ​इलाके में भारी आक्रोश
​इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में जबरदस्त गुस्सा है। परिजनों और मोहल्ले वालों की मांग है कि आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा और 'बुलडोजर कार्रवाई' की जाए। एक होनहार बेटी के इस तरह चले जाने से पूरे इलाके में मातम और डर का माहौल है।

6
161 views    0 comment
0 Shares

दिव्यांग मेडिकल बोर्ड में 38 दिव्यांग प्रमाण पत्र स्वीकृत, व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के निर्देश

जयारोग्य चिकित्सालय परिसर स्थित जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में बुधवार को आयोजित जिला दिव्यांग मेडिकल बोर्ड में 45 दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ, जिनमें से 38 मामलों में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने की कार्यवाही पूर्ण की गई। यूडीआईडी हेतु तैयार सभी 38 प्रकरण सिविल सर्जन कार्यालय में पोर्टल पर संधारित कर जारी किए जाएंगे।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग सशक्तिकरण ग्वालियर संभाग के संयुक्त संचालक श्री विनोद सिंह ने मेडिकल बोर्ड का निरीक्षण कर दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि बोर्ड में आने वाले प्रत्येक दिव्यांगजन के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार किया जाए तथा पात्र हितग्राहियों के प्रमाण पत्र यथासंभव बनाए जाएं।
संयुक्त संचालक श्री सिंह ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने गर्मी को देखते हुए पर्याप्त कूलर लगाने, ठंडे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जरूरत पड़ने पर स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं का सहयोग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि कोई भी दिव्यांगजन केंद्र से निराश होकर न लौटे।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कृत्रिम अंग निर्माण अनुभाग एवं फिजियोथैरेपी अनुभाग का अवलोकन किया तथा कई दिव्यांगजनों की समस्याएं सुनकर मौके पर निराकरण के निर्देश दिए।
इस अवसर पर केंद्र के सचिव श्री पी.के. शर्मा तथा संचालन समिति के वरिष्ठ सदस्य श्री अजीत जुवेकर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
#Divyangjan
#gwalior

77
1627 views    0 comment
0 Shares

Telangana ke andar sabse zyada struggle karne wala department agar koi hai… to woh RTC hai.

Yeh sirf ek transport system nahi,
yeh woh backbone hai jahan roz hazaaron mazdoor apna paseena baha kar awaam ki zindagi chalate hain.

🚨 Sach kya hai?

- 12–14 ghante ki lagataar duty… bina proper rest ke
- Itni mehnat ke baad bhi kam salaries
- Basic facilities tak ki kami – na theek rest rooms, na health security
- Roz apni jaan ko hatheli par rakh kar kaam karna… logon ko unki manzil tak safely pahunchana
- Sabse zyada mehnat, sabse zyada zimmedari… phir bhi sabse zyada nazar andaaz

Yeh department sirf kaam nahi karta…
yeh har roz apni jaan risk me daal kar logon ki rozi-roti, padhai aur safar ko chalata hai.

😔 Aur sabse badi baat…
Itni mehnat ke baad bhi inke saath hamesha be-insaafi hoti hai.

📢 Demands bilkul seedhi hain:
✔️ RTC ko government me merge kiya jaye
✔️ Outsourcing workers ko permanent kiya jaye
✔️ New appointments ko achhi salary aur facilities di jaye
✔️ Duty hours ko insaani had tak laya jaye
✔️ Health, insurance aur family security ensure ki jaye

🔥 Yaad karo 2019 ka waqt…
Jab ke daur me strike hui thi,
tab pressure aur dhamki ke zariye mazdooron ko wapas kaam par laaya gaya…
permanent karne ka wada kiya gaya… lekin aaj tak woh wada poora nahi hua.

Yeh sirf siyasat nahi…
yeh mazdoor ke saath hua dhokha hai.

⚖️ Aaj zimmedari hai ke sahi faisla lein—
RTC workers ke saath insaaf karein, unki mehnat ki izzat karein.

❗ Kyunki history simple hai…
Jo mazdoor ko dabata hai,
woh khud zyada der tak tik nahi pata.

✊ RTC workers bheek nahi maang rahe…
apna haq maang rahe hain.
Aur haq liya jata hai.

#SupportRTCWorkers #JusticeForRTC #Telangana

5
308 views    0 comment
0 Shares

सातारा जिल्ह्यातील जावली तालुक्यातील ओझरे गावात आज सायंकाळी अंदाजे ५ ते ६ वाजण्याच्या दरम्यान मुसळधार पावसामुळे दुर्दैवी घटना घडली आहे.
जिल्हा परिषद शाळेची नव्याने बांधलेली भिंत अचानक कोसळल्याने शांताबाई बाबुराव लकडे (वय ६२) यांचा दुर्दैवी मृत्यू झाला आहे. प्राथमिक माहितीनुसार, पावसाच्या तीव्रतेमुळे भिंतीची मजबुती कमी होऊन ही दुर्घटना घडल्याचा अंदाज व्यक्त केला जात आहे.
घटनेनंतर स्थानिक नागरिकांनी तात्काळ मदतकार्य सुरू केले. संबंधित महिलेचा मृतदेह पोस्टमार्टमसाठी मेढा येथील ग्रामीण रुग्णालयात पाठविण्यात आला आहे.
घटनेची माहिती मिळताच प्रशासन आणि संबंधित अधिकारी घटनास्थळी दाखल झाले असून, पुढील तपास सुरू आहे. तसेच, बांधकामाच्या दर्जाबाबत प्रश्नचिन्ह उपस्थित होत असून, संबंधितांवर कारवाईची मागणी स्थानिकांकडून होत आहे.

0
45 views    0 comment
0 Shares

जिले में 38 उपार्जन केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी जारी,

अब तक 593 किसानों से 25,904 क्विंटल उपार्जन

मौजूदा रबी विपणन वर्ष में ग्वालियर जिले में वर्तमान में 38 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य निरंतर जारी है। बुधवार 22 अप्रैल तक 593 पंजीकृत किसानों से 25,904 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। साथ ही 1,710 किसानों ने अपनी सुविधा अनुसार उपार्जन केंद्र एवं तिथि चुनकर स्लॉट बुक किए हैं।
समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन शासन का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसके तहत किसानों को पारदर्शी और सुगम व्यवस्था के साथ उपज बेचने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए छाया, स्वच्छ पेयजल, टॉयलेट सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
गर्मी के मौसम को देखते हुए केंद्रों पर ओआरएस, गुड़-चना तथा आपात स्थिति के लिए फर्स्ट एड मेडिकल किट की भी व्यवस्था की गई है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी सुविधाजनक तिथि एवं उपार्जन केंद्र का चयन कर स्लॉट बुक करें और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय कर शासन की उपार्जन योजना का लाभ उठाएं।
#gwalior
#farmers
#agriculture
CM Madhya Pradesh

90
1620 views    0 comment
0 Shares

डॉ. भीमराव अंबेडकर पॉलीटेक्निक कॉलेज में बनेगा 100 बिस्तर का छात्रावास

कॉलेज के संचालक मंडल की बैठक सम्पन्न

डॉ. भीमराव अम्बेडकर पॉलीटेक्निक कॉलेज में 100 बिस्तर का छात्रावास 01 करोड 84 लाख रुपए की लागत से निर्मित किया जा रहा है। इस छात्रावास के लिये राज्य शासन द्वारा पॉलीटेक्निक कॉलेज को स्वीकृति एवं राशि प्रदान की है। इसका निर्माण पीआईयू सेल द्वारा किया जा रहा है। छात्रावास का निर्माण कार्य तत्परता से और गुणवत्ता के साथ करने के निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने दिए हैं। इसके साथ ही पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्रों के कौशल विकास पर भी विशेष जोर देने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को डॉ. भीमराव अम्बेडकर पॉलीटेक्निक कॉलेज के सभाकक्ष मे संचालक मंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कॉलेज के विकास से संबंधित कई निर्णय लिये गए। इसके साथ ही छात्रों के कौशल विकास के संबंध में भी सार्थक प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
कॉलेज की संचालक मंडल की बैठक में संचालक उच्च शिक्षा डॉ. वीरेन्द्र कुमार, कॉलेज के प्राचार्य श्री अजय कुमार जैन, प्रो. प्रतीक मानके, व्याख्याता श्री आर के जैन, व्खाख्याता डॉ. बिंदु खरे, व्याख्याता डॉ. अमित धवन, व्याख्याता श्री मदनलाल शर्मा के साथ ही डॉ. ए के सराठे, डॉ. सौरभ खरे उपस्थित थे।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बैठक में गत संचालक मंडल की बैठक में लिए गए निर्णयों के परिपालन में किए गए कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। साथ ही संचालक मंडल में रखे गए विभिन्न प्रस्तावों पर स्वीकृति भी प्रदान की। इनमें भवन निर्माण, मरम्मत, उपकरणों का क्रय, उन्नयन, स्मार्ट क्लासरूम, लायब्रेरी एवं फर्नीचर क्रय हेतु राशि की स्वीकृति के साथ ही कॉलेज के रख-रखाव के संबंध में रखे गए प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा है कि महाविद्यालय में सभी को शुद्ध पानी उपलब्ध हो, इसके लिये आरओ सिस्टम और वाटर कूलर लगाने का कार्य तत्परता से किया जाए। कॉलेज का दल बनाकर जिले में ऐसे विद्यालय जहां 10वी के बच्चे अध्ययनरत हैं वहां पर कॉलेज में संचालित पाठ्यक्रमों और सुविधाओं के संबंध में शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित कर जानकारी प्रदान की जाए। कॉलेज में संचालित होटल मैनेजमेंट के छात्रों को बाहर के होटलों एवं अन्य संस्थाओं के विशेषज्ञों को बुलाकर प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था की जाए। छात्र-छात्राओं को एआई के संबंध में जानकारी उपलब्ध हो, उसकी व्यवस्था भी की जाए।
बैठक में संस्था के प्राचार्य श्री अजय कुमार जैन ने कॉलेज में संचालित पाठ्यक्रमों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
#gwalior
#medicalfacility
CM Madhya Pradesh

90
1530 views    0 comment
0 Shares


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स भर्ती परीक्षा, स्मार्ट मीटर, पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने 25, 26 और 27 अप्रैल को प्रस्तावित होमगार्ड्स भर्ती परीक्षा की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बताया गया कि प्रदेश के 74 जनपदों में 41,424 होमगार्ड्स पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी, जो दो पालियों में संपन्न होगी। मुख्यमंत्री ने भीषण गर्मी को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर शीतल पेयजल, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आपूर्ति और वितरण की स्थिति सामान्य है।
उन्होंने नेपाल सीमा से सटे जिलों में कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए। स्मार्ट मीटर को लेकर उठ रही आशंकाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट जल्द प्राप्त होगी। इस बीच, सभी जिलों में फीडर-वार विशेष शिविर आयोजित कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य किया जाए।

5
199 views    0 comment
0 Shares

93
1516 views    0 comment
0 Shares

82
1684 views    0 comment
0 Shares


जालौन। जनपद के पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना चुर्खी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना कार्यालय के अभिलेखों का गहन अवलोकन किया गया, जिसमें एचएस इंडेक्स, मिशन शक्ति केंद्र, महिला एवं साइबर हेल्प डेस्क सहित अन्य अभिलेखों की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान हवालात एवं मालखाना का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। पुलिस अधीक्षक ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव एवं समय-समय पर उनके अद्यावधिक किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित विवेचनाओं का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने वांछित अभियुक्तों की जल्द गिरफ्तारी करने तथा थाना परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान थाना स्टाफ को अपने कार्यों के प्रति सतर्कता एवं जिम्मेदारी से कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।

13
4277 views    0 comment
0 Shares

92
2066 views    0 comment
0 Shares

81
1877 views    0 comment
0 Shares

77
2110 views    0 comment
0 Shares

रिपोर्ट- सुनील कुमार पुरैना
भटगांव/बिलाईगढ़- बिलाईगढ़ क्षेत्र के ग्राम सुरगुली में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। खेत में बने कुएं में एक ट्रैक्टर गिर जाने से एक नाबालिग बालक की मौके पर ही दबकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें से चार लोगों ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। हालांकि, इन चारों को मामूली चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, सभी लोग ग्राम धौराभाठा से सुरगुली ईंट लेने जा रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल मृतक के शव और ट्रैक्टर को कुएं से बाहर निकालने का प्रयास जारी है। वहीं, छत्तीसगढ़ पुलिस की सलीहा थाना टीम मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

20
565 views    0 comment
0 Shares

रिपोर्ट- सुनील कुमार पुरैना
भटगांव/बिलाईगढ़- बिलाईगढ़ क्षेत्र के ग्राम सुरगुली में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। खेत में बने कुएं में एक ट्रैक्टर गिर जाने से एक नाबालिग बालक की मौके पर ही दबकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें से चार लोगों ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। हालांकि, इन चारों को मामूली चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, सभी लोग ग्राम धौराभाठा से सुरगुली ईंट लेने जा रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल मृतक के शव और ट्रैक्टर को कुएं से बाहर निकालने का प्रयास जारी है। वहीं, छत्तीसगढ़ पुलिस की सलीहा थाना टीम मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

7
286 views    0 comment
0 Shares


वाराणसी, । पृथ्वी दिवस पर बुधवार को बनारस के शिक्षण संस्थानों में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प गूंजा। महाविद्यालयों के साथ प्राथमिक, माध्यमिक और निजी विद्यालयों में भी पृथ्वी दिवस पर विविध जागरूकता कार्यक्रम हुए। राजघाट स्थित वसंत महिला महाविद्यालय के भूगोल विभाग की तरफ से जागरूकता कार्यक्रम और पौध वितरण समारोह हुआ।

विभाग की ओर से प्राचार्य प्रो. अलका सिंह और विभागाध्यक्ष प्रो. अंजना सिंह को स्मृति स्वरूप पौधे भेंट किए गए। प्राचार्य ने विभाग के इस प्रयास की सराहना की। इसके बाद डॉ. अनामिका सिंह ने छात्राओं, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और जनसमूह के बीच औषधीय एवं छायादार पौधों का वितरण किया।

रवींद्रपुरी स्थित गोपी राधा बालिका इंटर कॉलेज में होम्योपैथी चिकित्सक और ग्रीन ईको मूवमेंट सोसायटी के संचालक डॉ. रमेश कुमार भाटिया ने बच्चों की लगाई प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
वाराणसी संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जितेंद्रधर द्विवेदी ने वैदिक मंत्रों से धरती माता की आराधना की। कार्यक्रम में प्रबंधक डॉ. मनोज कुमार शाह, निदेशिका डॉ. शालिनी शाह, उप प्रबंधक डॉ. अभिनव भट्ट, प्रधानाचार्य नीति जायसवाल मुख्य प्रशासनिक अधिकारी स्मृति साह, समन्वयक रत्नेश गोविंद, प्रशासनिक सलाहकार सुभाष सिंह आदि रहे।

इधर, प्राथमिक विद्यालय मंडुआडीह में बच्चों ने नाटक के जरिए पौधों का महत्व बताया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।बच्चों ने क्राफ्ट और बैज बनाकर अपनी सृजनात्मकता दिखाई।

राधा किशोरी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, रामनगर की 30 यूपी गर्ल्स बटालियन के 150 एनसीसी कैडेट्स की जागरूकता रैली को प्रवक्ता गीता वर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम में वेस इंडिया के निदेशक और जिला पर्यावरणीय समिति के सदस्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय जलीय जीव गंगा डॉल्फिन सहित अन्य जीव-जंतुओं के संरक्षण का संदेश दिया।

चिरईगांव के गौराकलां प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका आरती देवी के मार्गदर्शन में पृथ्वी दिवस कार्यक्रम हुआ।

7
264 views    0 comment
0 Shares


बदायूं। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में एक सड़क हादसे में महिला समेत कई लोग घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 अप्रैल 2026 को एक महिला कर्मचारी ड्यूटी समाप्त कर टेंपो से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान आवास विकास क्षेत्र के पास सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने टेंपो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेंपो पलट गया। हादसे में टेंपो में बैठी महिला के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके चलते उसे 5-7 टांके लगाने पड़े। वहीं अन्य सवारियों को भी चोटें आईं, जिनमें एक महिला के सिर में और एक युवक के पैर में गंभीर चोट बताई जा रही है। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि हादसा कार चालक की लापरवाही और तेज गति के कारण हुआ। पीड़िता का आरोप है कि वाहन स्वामी ने मामले को रफा-दफा करने के बजाय अभद्र व्यवहार किया और धमकी भी दी। घटना के बाद पीड़िता ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कार चालक और वाहन स्वामी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

2
68 views    0 comment
0 Shares

📍 পশ্চিমবঙ্গ জুড়ে আজ শুরু হল বিধানসভা নির্বাচনের প্রথম দফা ভোটগ্রহণ। সকাল থেকেই বিভিন্ন বুথে দীর্ঘ লাইনে দাঁড়িয়ে ভোট দিতে দেখা গেল সাধারণ মানুষকে।
🛡️ নিরাপত্তার কড়া বলয়ে চলছে ভোট প্রক্রিয়া। কেন্দ্রীয় বাহিনী ও রাজ্য পুলিশের তৎপরতায় শান্তিপূর্ণ ভোটগ্রহণ নিশ্চিত করতে প্রশাসন সতর্ক।
👥 জঙ্গলমহল সহ একাধিক স্পর্শকাতর এলাকায় বিশেষ নজরদারি রাখা হয়েছে। ভোটারদের উৎসাহ চোখে পড়ার মতো, বিশেষ করে প্রথমবার ভোট দিতে আসা তরুণ-তরুণীদের মধ্যে।
⚖️ নির্বাচন কমিশনের পক্ষ থেকে জানানো হয়েছে, অবাধ ও নিরপেক্ষ নির্বাচন নিশ্চিত করতে সব রকম ব্যবস্থা নেওয়া হয়েছে।
👉 প্রথম দফার এই ভোটকে ঘিরে রাজনৈতিক মহলেও উত্তেজনা তুঙ্গে, ফলাফল কোন দিকে যাবে তা নিয়ে জোর চর্চা শুরু হয়েছে ইতিমধ্যেই।

8
222 views    0 comment
0 Shares

11
210 views    0 comment
0 Shares

পশ্চিমবঙ্গে আসন্ন বিধানসভা নির্বাচনকে ঘিরে ইতিমধ্যেই রাজ্যজুড়ে রাজনৈতিক উত্তেজনা চরমে উঠেছে। শাসক দল থেকে বিরোধী শিবির—সবাই মাঠে নেমে পড়েছে জোরকদমে প্রচারে। শহর থেকে গ্রাম, সর্বত্র চলছে জনসভা, মিছিল ও ঘরে ঘরে প্রচার।
শাসক দল All India Trinamool Congress তাদের উন্নয়নমূলক কাজকে সামনে রেখে ভোটারদের সমর্থন চাইছে। অন্যদিকে Bharatiya Janata Party রাজ্যে পরিবর্তনের ডাক দিয়ে জোরদার প্রচার চালাচ্ছে। পাশাপাশি Indian National Congress এবং Communist Party of India (Marxist)-সহ বাম-কংগ্রেস জোটও নিজেদের অবস্থান মজবুত করতে সক্রিয়।
নির্বাচন কমিশনের পক্ষ থেকে শান্তিপূর্ণ ও স্বচ্ছ ভোট প্রক্রিয়া নিশ্চিত করতে নেওয়া হয়েছে কড়া নিরাপত্তা ব্যবস্থা। বিভিন্ন জেলায় কেন্দ্রীয় বাহিনী মোতায়েন করা হচ্ছে এবং সংবেদনশীল এলাকাগুলিতে বিশেষ নজর রাখা হচ্ছে।
সাধারণ ভোটারদের মধ্যেও দেখা যাচ্ছে ব্যাপক উৎসাহ। নতুন ভোটারদের অংশগ্রহণ এই নির্বাচনে বড় ভূমিকা রাখতে পারে বলে মনে করছেন বিশ্লেষকরা।
এবারের নির্বাচন শুধুমাত্র রাজনৈতিক লড়াই নয়, বরং রাজ্যের ভবিষ্যৎ উন্নয়ন ও স্থিতিশীলতার জন্য অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ বলেই মত রাজনৈতিক মহলের।

8
1103 views    0 comment
0 Shares

పాణ్యం (AIMA MEDIA):పాణ్యం మండలం ఎంపీడీఓ ఆఫీస్ పరిధిలో దివ్యాంగ JAC ఆధ్వర్యంలో అధ్యక్షడు అందనం దేవరాజు మరియు జిల్లా ప్రధాన కార్యదర్శి వనము రాజు ఆధ్వర్యంలో దివ్యాంగుల సమస్యలపై అవగాహన కార్యక్రమం నిర్వహించారు.దివ్యాంగుల సమస్యలు కోసం,దివ్యాంగుల హక్కుల విషయాల గురించి JAC అధ్యక్షడు అందనం దేవరాజు మాట్లాడుతూ పాణ్యం లో దివ్యాంగుల సమావేశం ఏర్పాటు చేసి వారి సమస్యలు గురించి మాట్లాడుతూ ఎన్నో ఏళ్లు గా పరిష్కారం కాకుండా ఉండే సమస్యల పై దివ్యాంగులు అందరూ కలసి కట్టుగా సాధించుకోవడానికి సిద్ధంగా ఉండాలని ఆయన కోరారు. జిల్లా ప్రధాన కార్యదర్శి వనము రాజు మాట్లాడుతూ ముఖ్యంగా 3 సెంట్ల ఇంటి స్థలం ఇచ్చి ప్రభుత్వం ఇల్లు నిర్మించడం,వివాహ ప్రోత్సాహం 5 లక్షలు,35 kg అంత్యోదయ రేషన్ కార్డు ఇవ్వడం మరియు ప్రభుత్వం రేషన్ షాప్ ఇచ్చే క్రమంలో 5% రిజర్వేషన్లు అమలు చేసి దివ్యాంగులకు రేషన్ షాప్ లు కేటాయించాలని ప్రభుత్వాన్ని హెచ్చరించారు .పాణ్యం మండలము లో నూతన కమిటీ నీ ఎన్నుకోవడం జరిగింది. మండల దివ్యంగా జేఏసీ అధ్యక్షుడు శివ కుమార్ ప్రధాన కార్యదర్శిగా, శ్రీనివాసులు ఉపాధ్యక్షులు గా,బాలక్రిష్ణని ప్రచార కార్యదర్శిగా, రవి కుమార్ కోశాధికారి గా బలపనుర్ మధు, మహిళ విభాగం లో షేక్ రేష్మా ను ఎన్నుకున్నారు
.

6
1122 views    0 comment
0 Shares

सरकारी वर्दी में होकर भी इंसानियत को सर्वोपरि रखने वाले सच्चे सिपाही...जब अंग्रेज हुकूमत ने अपनों पर ही वार करने को कहा, तब आपने ब्रिटिश सरकार का हुक्म न मानकर देशभक्ति का सर्वोच्च उदाहरण पेश किया ऐसे वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को सत सत नमन🙏🙏💐💐
आज दिनांक 23 अप्रैल को पुरे उत्तराखंड मे उत्तराखंड के सपूत श्री वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की याद मे क्रांति दिवस बड़े ही धूम धाम से मनाया जायेगा..... क्योंकि 1930 को इसी दिन उन्होंने पेशावार जो उस समय भारत का ही अभिन्न भाग था,ब्रिटिश सरकार से विद्रोह कर निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने से मना कर दिया था..... पर सायद हम उत्तराखंडी भूल गए है कि पहाड़ की राजधानी गैरसैण का सपना भी सबसे पहले उन्होंने ही देखा था 🤔
समस्त उत्तराखंड की देवतुल्य जनता से अनुरोध है कि स्थाई राजधानी गैरसैण समिति द्वारा गत 8 मार्च से देहरादून एकता विहार धरना स्थल पर उनके देखे हुऐ सपने को साकार करने के लिए स्थाई राजधानी गैरसैण की मांग को लेकर क्रमिक अनसन निरंतर चल रहा है..... आप लोग वहां पहुंच कर भी उनको सच्ची श्रधांजलि अर्पित कर सकते है.. ...
जय उत्तराखंड
जय अमर श्री वीरचंद्र सिँह गढ़वाली 🙏🙏🙏💐💐💐

16
407 views    0 comment
0 Shares


मुरादाबाद।
उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य में यह परीक्षा 25 से 27 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी। लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ा अवसर है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर कड़े इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज इस पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करने वाले हैं। माना जा रहा है कि परीक्षा को निष्पक्ष और नकलमुक्त बनाने के लिए विशेष निर्देश जारी किए जा सकते हैं। इसी बीच, होमगार्ड परीक्षा के एडमिट कार्ड भी जारी कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचने और सभी जरूरी दस्तावेज साथ लाने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।

आइमा मीडिया संवाददाता प्रेम मसीह

1
921 views    0 comment
0 Shares

9
264 views    0 comment
0 Shares

8
190 views    0 comment
0 Shares

3
159 views    0 comment
0 Shares

मुरादाबाद। सी एल गुप्ता स्कूल ऑफ़ ऑप्टोमेट्री के द्वारा विश्व पृथ्वी दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया।
इस मौके पर बीएससी ऑप्टोमेट्री एवं डिप्लोमा ऑप्टोमेट्री के छात्र-छात्राओं के बीच पर्यावरण संबंधित एक क्विज का आयोजन किया गया।
जीतने वाले सभी विजेताओं को पौधे उपहार स्वरूप भेंट किए गए, इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पर्यावरण सचेतक श्री नेपाल सिंह रहे।
उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को घर में पैदा होने वाले विभिन्न प्रकार के कचरो को अलग-अलग निस्तारण करने का तरीका बताया।
घर से निकलने वाला गीले कचरे से कंपोस्ट बनाने की विधि को समझाया गया।
साथ ही केले के छिलकों से बायोएंजाइम बनाने का तरीका बताया गया।
अपनी रसोई में उपस्थित हल्दी, गुड़, मट्ठा जैसी चीजों से विभिन्न प्रकार की बागवानी में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों को बनाना सिखाया गया।
इस कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता आकांक्षा गुप्ता ने किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में एजुकेशन डिपार्टमेंट के हेड श्री फनी कृष्णा मौजूद रहे
अन्य फैकल्टी मेंबर्स में राम गोपाल, शाफिया,उजमा, पिंकी आदि मौजूद रहे।

आइमा मीडिया संवाददाता प्रेम मसीह

19
1345 views    0 comment
0 Shares

रिपोर्ट- सुनील कुमार पुरैना
भटगांव/बिलाईगढ़- बिलाईगढ़ क्षेत्र के ग्राम सुरगुली में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। खेत में बने कुएं में एक ट्रैक्टर गिर जाने से एक नाबालिग बालक की मौके पर ही दबकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें से चार लोगों ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। हालांकि, इन चारों को मामूली चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, सभी लोग ग्राम धौराभाठा से सुरगुली ईंट लेने जा रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल मृतक के शव और ट्रैक्टर को कुएं से बाहर निकालने का प्रयास जारी है। वहीं, छत्तीसगढ़ पुलिस की सलीहा थाना टीम मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

0
11 views    0 comment
0 Shares

रिपोर्ट- सुनील कुमार पुरैना
भटगांव/बिलाईगढ़- बिलाईगढ़ क्षेत्र के ग्राम सुरगुली में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। खेत में बने कुएं में एक ट्रैक्टर गिर जाने से एक नाबालिग बालक की मौके पर ही दबकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें से चार लोगों ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। हालांकि, इन चारों को मामूली चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, सभी लोग ग्राम धौराभाठा से सुरगुली ईंट लेने जा रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल मृतक के शव और ट्रैक्टर को कुएं से बाहर निकालने का प्रयास जारी है। वहीं, छत्तीसगढ़ पुलिस की सलीहा थाना टीम मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

7
301 views    0 comment
0 Shares

रिपोर्ट- सुनील कुमार पुरैना
भटगांव/बिलाईगढ़- बिलाईगढ़ क्षेत्र के ग्राम सुरगुली में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। खेत में बने कुएं में एक ट्रैक्टर गिर जाने से एक नाबालिग बालक की मौके पर ही दबकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें से चार लोगों ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। हालांकि, इन चारों को मामूली चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, सभी लोग ग्राम धौराभाठा से सुरगुली ईंट लेने जा रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल मृतक के शव और ट्रैक्टर को कुएं से बाहर निकालने का प्रयास जारी है। वहीं, छत्तीसगढ़ पुलिस की सलीहा थाना टीम मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

4
207 views    0 comment
0 Shares

भागलपुर जिले के पंचायत सचिवों की 8 अप्रैल से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण ठप पड़े प्रशासनिक कार्यों को सुचारू बनाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। ग्रामीणों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं के लिए हो रही भारी असुविधा को देखते हुए DM ने जिले के 192 ग्राम पंचायत कार्यपालक सहायकों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों को पंचायत सचिवों का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। यह नई व्यवस्था पीरपैंती, कहलगांव, नवगछिया और सबौर समेत जिले के सभी प्रखंडों में तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है, जहाँ कर्मी अपनी मूल पंचायत के साथ पड़ोसी पंचायतों की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह वैकल्पिक व्यवस्था हड़ताल खत्म होने या स्थायी समाधान निकलने तक निरंतर जारी रहेगी।

9
9131 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

कामयाबी तो वह है की आसमान भी छू लो और पाँव भी ज़मीन पर ही रहें ज़िंदगी तो सभी जी लेते हैं परंतु ज़िंदगी में कुछ ऐसे कर्म कीजिए की सबके लिए आप एक उदाहरण बन जाएँ.lखुश रहिये मुस्कुराते रहिये.l सच्ची कामयाबी वही है जो न सिर्फ़ ऊँचाइयों को छूए, बल्कि विनम्रता और ज़मीन से जुड़ाव भी बनाए रखे। ज़िंदगी में ऐसे कर्म करना, जो दूसरों के लिए प्रेरणा बने, वाकई एक महान लक्ष्य है। आपका ये संदेश बहुत प्रेरणादायक है खुश रहें, मुस्कुराते रहें! विनम्रता एक ऐसा गुण है जो व्यक्ति को न केवल आंतरिक शांति प्रदान करता है, बल्कि उसे समाज में सम्मान और विश्वास भी दिलाता है। यह वह विशेषता है जो हमें ऊँचाइयों पर पहुँचने के बाद भी ज़मीन से जोड़े रखती है। आइए, विनम्रता के महत्व पर विस्तार से चर्चा करें:
1. विनम्रता और आत्म-सम्मान विनम्रता का अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति स्वयं को कम आँके या अपनी उपलब्धियों को नज़रअंदाज़ करे। बल्कि, यह आत्म-सम्मान के साथ दूसरों के प्रति सम्मान और सहानुभूति दर्शाने की कला है। विनम्र व्यक्ति अपनी सफलताओं को अभिमान में नहीं बदलता, बल्कि उन्हें दूसरों के साथ साझा करता है और दूसरों की उपलब्धियों को भी सराहता है।
2. सामाजिक रिश्तों में विनम्रता विनम्रता रिश्तों को मज़बूत बनाती है। एक विनम्र व्यक्ति दूसरों की बात ध्यान से सुनता है, उनकी भावनाओं का सम्मान करता है और बिना किसी अहंकार के संवाद करता है। इससे लोग उसके साथ सहज महसूस करते हैं और विश्वास का रिश्ता बनता है। उदाहरण के लिए, एक नेता जो विनम्रता से अपनी टीम का मार्गदर्शन करता है, वह न केवल सम्मान अर्जित करता है, बल्कि अपनी टीम को प्रेरित भी करता है।
3. विनम्रता और सीखने की प्रक्रिया विनम्र व्यक्ति यह स्वीकार करता है कि वह सब कुछ नहीं जानता। यह भावना उसे निरंतर सीखने और बेहतर बनने के लिए प्रेरित करती है। विनम्रता के कारण वह दूसरों के अनुभवों और ज्ञान से लाभ उठा सकता है। महान दार्शनिक सुकरात ने कहा था, “मैं केवल इतना जानता हूँ कि मैं कुछ नहीं जानता।” यह विनम्रता ही थी जो उन्हें महान बनाती थी।
4. सफलता के साथ संतुलन जैसा कि आपने अपने विचार में कहा, “आसमान छू लेना ही कामयाबी नहीं, बल्कि पाँव ज़मीन पर रखना भी ज़रूरी है।” विनम्रता सफलता को स्थायी बनाती है। अहंकार अक्सर व्यक्ति को पतन की ओर ले जाता है, जबकि विनम्रता उसे संतुलित और स्थिर रखती है। उदाहरण के लिए, भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अपनी सादगी और विनम्रता के लिए जाने जाते थे, जिसके कारण वे लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बने।
5. विनम्रता और सामाजिक प्रभाव
विनम्र व्यक्ति अपने व्यवहार से दूसरों के लिए एक उदाहरण बनता है। वह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखता है, क्योंकि लोग उसकी नम्रता और सच्चाई से प्रभावित होते हैं। महात्मा गांधी जैसे व्यक्तित्व ने अपनी विनम्रता और सादगी से न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित किया।
6. आध्यात्मिक दृष्टिकोण भारतीय संस्कृति में विनम्रता को एक आध्यात्मिक गुण माना जाता है। भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि विनम्रता और अहंकार का त्याग आत्म-विकास का मार्ग है। यह हमें यह सिखाता है कि सच्ची शक्ति विनम्रता में ही निहित है। वह गुण है जो व्यक्ति को न केवल अपने लिए, बल्कि दूसरों के लिए भी बेहतर बनाता है। यह हमें यह याद दिलाती है कि हमारी सफलता, ज्ञान और उपलब्धियाँ दूसरों के सहयोग और अवसरों का परिणाम हैं। विनम्र व्यक्ति न केवल अपने जीवन में शांति और संतुष्टि पाता है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा बनता है। “खुश रहिए, मुस्कुराते रहिए”विनम्रता इस खुशी और मुस्कान को और गहरा बनाती है।😊
✍🏿हरबंस सिंह धारीवाल 🙏🏻
मोबाइल +918054400953

0
233 views    0 comment
0 Shares

ਜੱਗਾ ਡਾਕੂ ਦੀ ਕਹਾਣੀ ਇੱਕ ਲੋਕ-ਕਥਾ ਵਜੋਂ ਬਹੁਤ ਮਸ਼ਹੂਰ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਉਹ ਅਮੀਰਾਂ ਨੂੰ ਲੁੱਟ ਕੇ ਗਰੀਬਾਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡਦਾ ਸੀ। ਇਹ ਇੱਕ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ “ਰੌਬਿਨ ਹੁੱਡ” ਵਰਗਾ ਚਰਿੱਤਰ ਹੈ, ਜਿਸ ਨੂੰ ਲੋਕ ਪਿਆਰ ਕਰਦੇ ਹਨ ਕਿਉਂਕਿ ਉਹ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ ਹੋਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਗਰੀਬਾਂ ਦੇ ਹੱਕ ਵਿੱਚ ਖੜ੍ਹਦਾ ਸੀ। ਪਰ ਅੱਜ ਦੇ ਲੀਡਰਾਂ ਬਾਰੇ ਤੁਹਾਡੀ ਗੱਲ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਡੂੰਘੀ ਸੱਚਾਈ ਹੈ – ਭਰੋਸੇ ਦੀ ਘਾਟ। ਜਦੋਂ ਲੀਡਰ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਵੋਟ ਲੈ ਕੇ ਸੱਤਾ ਵਿੱਚ ਆਉਂਦੇ ਹਨ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਉਮੀਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਸੇਵਾ ਕਰਨਗੇ, ਨਾ ਕਿ ਲੁੱਟ। ਜੇ ਉਹ ਆਪਣੇ ਲਈ ਦੌਲਤ ਇਕੱਠੀ ਕਰਦੇ ਹਨ, ਤਾਂ ਇਹ ਧੋਖਾ ਹੈ – ਅਤੇ ਇਹ ਡਾਕੂਆਂ ਤੋਂ ਵੀ ਬਦਤਰ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਡਾਕੂ ਤਾਂ ਖੁੱਲ੍ਹ ਕੇ ਲੁੱਟਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਲੀਡਰ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਦੀ ਆੜ ਵਿੱਚ ਲੁੱਟਦਾ ਹੈ। 🍳ਫਰਕ ਇਹ ਹੈ: ਜੱਗਾ ਡਾਕੂ ਅਮੀਰਾਂ ਨੂੰ ਲੁੱਟਦਾ ਗਰੀਬਾਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡਦਾ ਗੈਰ-ਕਾਨੂੰਨੀ, ਪਰ ਨਿਆਂ ਦੀ ਭਾਵਨਾ 🍳ਅੱਜ ਦੇ ਕੁਝ ਲੀਡਰ ਗਰੀਬਾਂ/ਮੱਧ ਵਰਗ ਨੂੰ ਲੁੱਟਦਾ ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰ/ਸਾਥੀਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡਦਾ ਕਾਨੂੰਨੀ, ਪਰ ਅਨੈਤਿਕ । ਸੱਚਾਈ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਸਾਰੇ ਲੀਡਰ ਇੱਕੋ ਜਿਹੇ ਨਹੀਂ। ਕਈ ਤਾਂ ਸੱਚਮੁੱਚ ਸੇਵਾ ਕਰਦੇ ਹਨ, ਪਰ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਭਰੋਸਾ ਤੋੜਿਆ, ਉਹ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਨਜ਼ਰ ਵਿੱਚ ਜੱਗੇ ਤੋਂ ਵੀ ਘਟੀਆ ਲੱਗਦੇ ਹਨ। ਇਹ ਟਿੱਪਣੀ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਨਿਰਾਸ਼ਾ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਹੈ – ਅਤੇ ਇਹ ਬਦਲਾਅ ਦੀ ਮੰਗ ਵੀ। ਜੇ ਅਸੀਂ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਾਂ ਕਿ ਲੀਡਰ ਜੱਗੇ ਵਰਗੇ ਨਾ ਬਣਨ, ਤਾਂ ਵੋਟਰ ਨੂੰ ਵੀ ਜਾਗਣਾ ਪਵੇਗਾ। ਕੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਕਿ ਅਜਿਹੇ ਲੀਡਰਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਕੀ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ?
🍳ਹਰਬੰਸ ਸਿੰਘ ਸਲਾਹਕਾਰ ✍🏿
ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਪ੍ਰੈਸ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਪੰਜਾਬ
ਮੋਬਾਇਲ +918054400953
Email: harbanssingh396@gmail.com

0
0 views    0 comment
0 Shares

6
819 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

*

తెలంగాణ రవాణా వ్యవస్థకు ప్రాణం పోస్తున్న ఆర్టీసీ కార్మికులు రేపటి నుండి చేపట్టబోయే సమ్మెకు తెలంగాణ రాజ్యాధికార పార్టీ తరఫున మేము సంపూర్ణ సంఘీభావాన్ని ప్రకటిస్తున్నాము.

📍 *మా డిమాండ్* :
ప్రభుత్వం మొండి వైఖరిని వీడి, కార్మికుల న్యాయమైన కోర్కెలను వెంటనే పరిష్కరించాలి. కార్మికుల పొట్ట కొట్టే ఆలోచనలు మానుకోవాలి.

📢 మా నినాదం:
కార్మికుల చెమట చుక్కకు విలువ ఇచ్చే వరకు.. మా పోరాటం ఆగదు! రాష్ట్రంలో ప్రతి డిపో వద్ద మా పార్టీ శ్రేణులు కార్మికులకు అండగా నిలుస్తాయి.

" *ఆర్టీసీ కార్మికుల విజయం - తెలంగాణ రాజ్యాధికార పార్టీ లక్ష్యం* !"

*ఇట్లు*
*మొహమ్మద్ అఖిల్ పాషా*
*స్టేట్ సెక్రటరీ*
*తెలంగాణ రాజ్యాధికార పార్టీ*

0
0 views    0 comment
0 Shares

ప్రమాదానికి ప్రభుత్వం బాధ్యత వహించాలి: తీన్మార్ మల్లన్న*

ఆర్టీసీ సమ్మె నేపథ్యంలో అనుభవం లేని ప్రైవేట్ డ్రైవర్లకు బస్సులు అప్పగించడం వల్ల కరీంనగర్‌లో జరిగిన ప్రమాదం తీవ్ర ఆందోళన కలిగిస్తోంది అని RTC బీసీ ఎంప్లాయిస్ రాష్ట్ర గౌరవ అధ్యక్షులు, MLC తీన్మార్ మల్లన్న గారు మండిపడ్డారు.

ఈ సందర్భంగా ఆయన మాట్లాడుతూ ప్రజల ప్రాణాలతో ప్రభుత్వం చెలగాటం ఆడుతోందని తీవ్ర విమర్శలు చేశారు. అనుభవం లేని వ్యక్తులకు బస్సులు ఇవ్వడం ద్వారా ప్రయాణికుల భద్రతను పూర్తిగా పక్కన పెట్టారని ఆరోపించారు. ఈ ప్రమాదానికి బాధ్యత వహించాల్సింది ప్రభుత్వమేనని, ముఖ్యమంత్రి నైతిక బాధ్యత తీసుకోవాలని డిమాండ్ చేశారు.

ప్రజల ప్రాణాలకు విలువ లేకుండా, కార్మికుల కష్టానికి గౌరవం ఇవ్వకుండా వ్యవహరిస్తున్న ఈ ప్రభుత్వానికి ప్రాధాన్యత ఏంటో అర్థం కావడం లేదని ఆయన అన్నారు. అనుభవం లేని డ్రైవర్లతో బస్సులు నడపడం ఎంత ప్రమాదకరమో అనుభవం లేని ముఖ్యమంత్రి ఈ రాష్టాన్ని నడపటం అంతే ప్రమాదకరం అని అయన స్పష్టం చేశారు.

కార్మికుల న్యాయమైన డిమాండ్లు పరిష్కరించకుండా, తాత్కాలిక చర్యలతో పరిస్థితిని మరింత విషమం చేస్తున్నారని, వెంటనే సరైన నిర్ణయాలు తీసుకుని ప్రజల ప్రాణాలను కాపాడాలని ప్రభుత్వాన్ని హెచ్చరించారు.

ప్రజల భద్రతకు హామీ ఇవ్వలేని పరిస్థితిలో ఉన్న ప్రభుత్వం తక్షణమే మార్గదర్శక చర్యలు తీసుకోవాలని తీన్మార్ మల్లన్న గారు కోరారు.

0
0 views    0 comment
0 Shares






“ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा रैकेट पर बड़ा प्रहार” — रायगढ़ पुलिस ने मास्टरमाइंड देव बंसल को रायपुर से दबोचा

इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और फोन पे के जरिए चल रहा था सट्टा नेटवर्क— कई राज्यों तक फैला कनेक्शन

पहले पकड़े गए आरोपियों से खुला राज— गगन अग्रवाल और देव बंसल सहित पूरी चेन आई सामने

रायगढ़ पुलिस की दबिश से फरार होकर राज्यों में बदलते थे ठिकाने— तकनीकी साक्ष्यों से घिरे आरोपी

16 प्रो से मिले अहम सबूत— टिकट, ट्रांजैक्शन और सट्टा नेटवर्क के डिजिटल प्रमाण जब्त







मुख्य आरोपी देव बंसल गिरफ्तार— अन्य साथियों की तलाश में पुलिस की लगातार दबिश जारी

सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में टीम की सटीक कार्रवाई— साइबर और थाना चक्रधरनगर का संयुक्त ऑपरेशन सफल

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश — “ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के नेटवर्क के हर लिंक तक पहुंच रही रायगढ़ पुलिस, ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टा पर कार्रवाई जारी”

22 अप्रैल, रायगढ़ । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चक्रधरनगर पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के मुख्य आरोपी देव बंसल पिता प्रमोद अग्रवाल उम्र 21 वर्ष पता पाल्म बेलेजियो फ्लैट नंबर एफ 202 थाना पण्डरी जिला रायपुर हामु पुरानी हटरी खरसिया जिला रायगढ छ०ग० को रायपुर स्थित उसके निवास से गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया है।

विदित हो कि दिनांक 16 फरवरी 2026 को चक्रधरनगर क्षेत्र अंतर्गत बोईरदादर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित श्याम फिनाइल उद्योग में रेड कार्रवाई के दौरान आरोपी विकास अग्रवाल उर्फ फून्नु एवं विनय अग्रवाल को इंग्लैंड और इटली के बीच चल रहे टी-20 क्रिकेट मैच पर मोबाइल के माध्यम से सट्टा खिलाते रंगे हाथ पकड़ा गया था। दोनों आरोपियों ने पूछताछ में खरसिया निवासी गगन अग्रवाल के साथ मिलकर सट्टा संचालन करना स्वीकार किया था, गिरफ्तार दोनों आरोपी – आरोपी (1) विकास अग्रवाल उर्फ फून्नु पिता श्यामसुंदर अग्रवाल उम्र 38 वर्ष पता फ्लैट नं. 110 हिमालया हाईट्स थाना चक्रधरनगर रायगढ (2) आरोपी विनय अग्रवाल पिता बजरंग अग्रवाल उम्र 49 वर्ष पता सांगीतराई थाना जूटमिल रायगढ़ को थाना चक्रधरनगर के अपराध क्रमांक 52/2026 धारा 7 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध की धारा 7 के तहत रिमांड पर भेजा गया । इसी कड़ी में 11 मार्च को चक्रधरनगर पुलिस ने फरार आरोपी गगन अग्रवाल पिता अनूप अग्रवाल 27 साल निवासी गंज बाजार खरसिया को हिमालया हाइट्स बैंक कॉलोनी को भी गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है ।

सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में जब पूरे नेटवर्क की गहन जांच की गई, तब सामने आया कि आरोपी गगन अग्रवाल, देव बंसल और अन्य साथी मिलकर इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और फोनपे के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहे थे। रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी लगातार स्थान बदलकर अन्य राज्यों में छिपकर इस अवैध गतिविधि को संचालित कर रहे थे।

गिरफ्तार आरोपी देव बंसल का प्रमोद अग्रवाल उम्र 21 साल पता Palm Bellagio flat number F 202 थाना पंडरी जिला रायपुर हाल मुकाम पुरानी हटरी खरसिया के कब्जे से आईफोन 16 प्रो जब्त किया गया है, जिसमें विभिन्न राज्यों की यात्रा से संबंधित टिकट, ऑनलाइन लेनदेन के रिकॉर्ड और क्रिकेट सट्टा से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। आरोपी की संलिप्तता गगन अग्रवाल और विनय अग्रवाल के साथ ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क में पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस जांच में इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों के भी प्रमाण मिले हैं, जिन्हें प्रकरण में आरोपी बनाया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

पूरी कार्रवाई एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें थाना चक्रधरनगर के उप निरीक्षक गेंदलाल साहू, एएसआई नंद कुमार सारथी, आरक्षक प्रशांत पंडा एवं जगमोहन ओग्रे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

👉🏻 एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश :

“ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होने वाले जुआ-सट्टा जैसे अपराधों पर रायगढ़ पुलिस की पैनी नजर है। ऐसे नेटवर्क के हर सदस्य और हर लिंक तक पहुंचकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आमजन से अपील है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों से दूर रहें और इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।”

0
45 views    0 comment
0 Shares

ఉమ్మడి ఆంధ్రప్రదేశ్ మాజీ ముఖ్యమంత్రి శ్రీ నాదెండ్ల భాస్కరరావు గారి మృతి పట్ల రాష్ట్ర ఉప ముఖ్యమంత్రి భట్టి విక్రమార్క మల్లు గారు తీవ్ర సంతాపం వ్యక్తం చేశారు.

జూబ్లీహిల్స్‌లోని వారి నివాసానికి వెళ్లి నాదెండ్ల భాస్కరరావు గారి భౌతికకాయానికి పుష్పగుచ్ఛం ఉంచి ఘన నివాళులర్పించారు.

ఈ సందర్భంగా నాదెండ్ల భాస్కరరావు గారు శాసనసభ్యుడిగా, మంత్రి, ఎంపీగా ప్రజా జీవితంలో అందించిన సేవలు చిరస్మరణీయమని భట్టి విక్రమార్క పేర్కొన్నారు.

అనంతరం నాదెండ్ల మనోహర్ గారు, మురళీధర్ గారిని కలిసి తమ ప్రగాఢ సానుభూతిని తెలియజేశారు.

నాదెండ్ల భాస్కరరావు గారి ఆత్మకు శాంతి చేకూరాలని భగవంతుడిని ప్రార్థించారు.

0
0 views    0 comment
0 Shares


పోలీస్ కమిషనర్ కార్యాలయం ఖమ్మం...

*ప్రజా రవాణా వ్యవస్థకు నష్టం కలిగిస్తే తీవ్రమైన చర్యలు*

*ప్రైవేట్ డ్రైవర్లు ఆందోళన పడాల్సిన అవసరం లేదు పూర్తి రక్షణ కల్పిస్తాం : పోలీస్ కమిషనర్*

టీజీఎస్‌ఆర్టీసీ జేఏసీ సమ్మె నేపథ్యంలో ప్రభుత్వ, ప్రవేటు ఆస్తులకు, ప్రజా రవాణా వ్యవస్థకు (బస్సులు) నష్టం కలిగించడం తీవ్రమైన నేరంమని, ఇటువంటి చర్యలకు పాల్పడే వారిపై చట్టప్రకారం కఠినమైన చర్యలు తీసుకుంటామని పోలీస్ కమిషనర్ సునీల్ దత్ బుధవారం ఓ ప్రకటనలో తెలిపారు. తెలంగాణలో ఆర్టీసీ కార్మికుల సమ్మె నేపథ్యంలో ప్రైవేట్ డ్రైవర్లు ఆందోళన, భయపడాల్సిన అవసరం లేదని, పోలీసులు పూర్తిస్థాయిలో రక్షణ కల్పిస్తారని పేర్కొన్నారు. అదేవిదంగా బస్సులకు, ప్రభుత్వ అస్తులకు నష్టం కలిగించడం, ఆటంకాలు సృష్టించడం వంటి చర్యలకు పాల్పడే వారిపై చట్టప్రకారం కఠిన చర్యలు తీసుకుంటామని అన్నారు. సమ్మె పేరుతో బస్సులపై రాళ్లు రువ్వడం, వాటిని ధ్వంసం చేయడం వంటి ఘటనలపై పోలీస్ కఠినంగా వ్యవహరిస్తోందన్నారు.

పి ఆర్ వో

0
0 views    0 comment
0 Shares

గాంధీ భవన్ మీడియా సమావేశం.

*ఎంపీ చామల కిరణ్ కుమార్ రెడ్డి హాట్ కామెంట్స్*

pc ఘోష్ కమిషన్ పై హై కోర్టు తీర్పు పూర్తి డాక్యుమెంట్ ఇంకా రాలేదు

ఘోష్ కమిషన్ రిపోర్ట్ ను కోర్టు ఎక్కడ తప్పుబట్టలేదు

రిపోర్ట్ లో ఉన్న చిన్న చిన్న ల్యాప్స్ ను సరిచేసుకోవాలని చెప్పింది

దీనికి బి ఆర్ ఎస్ నేతలు సంబరాలు చేసుకోవాల్సిన అవసరం లేదు
ప్రాజెక్ట్ లో అవకతవకలు జరిగాయని ndsa రిపోర్ట్ ఇచ్చింది

Pc ఘోష్ కమిషన్ ఆధారంగా ప్రభుత్వం సీబీఐ ఎంక్వైరీ అడగలేదు

అందుకే ఈ స్టే ఆర్డర్ సీబీఐ కి వర్తించదు

ఇప్పుడు బీజేపీ నాయకులు కిషన్ రెడ్డి, బండి సంజయ్ ల మీద బాధ్యత పెరిగింది

బి ఆర్ ఎస్ వాళ్లకు క్లీన్ చాట్ ఇవ్వడంపై బీజేపీ నేతలకు ఆనందం ఉందా?

లేదంటే వెంటనే సీబీఐ ను దింపాలి

0
275 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares



विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की लपटें अब बिहार के गरीब घरों के चूल्हे तक पहुँच गई हैं।
बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 21 अप्रैल 2026 को एक ऐसा आदेश जारी किया है जो एक साथ कई भावनाएँ जगाता है —
राहत भी,
और गहरी बेचैनी भी।

आदेश साफ कहता है:
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आच्छादित लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों के माध्यम से अब कुकिंग कोयला (Cooking Coal) उपलब्ध कराया जाएगा।

क्यों आई यह नौबत?
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से होर्मुज जलसंधि प्रभावित हुई है, जिससे भारत की LPG आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है।
भारत अपनी LPG जरूरतों का लगभग 60% कतर,
यूएई,
सऊदी
अरब ,
और कुवैत जैसे खाड़ी देशों से आयात करता है।

मार्च 2026 में देश में LPG की खपत में सालाना आधार पर करीब 13% की गिरावट दर्ज की गई, जो सीधे तौर पर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और आपूर्ति बाधाओं से जुड़ी है।

केंद्र सरकार ने पहले ही होटल,
रेस्तरां को कोयला,
बायोमास और RDF जैसे वैकल्पिक ईंधन इस्तेमाल करने की छूट दे दी थी —
और अब बिहार ने गरीब घरों तक यही विकल्प पहुँचाने का निर्णय लिया है।

बिहार समेत 9 राज्यों ने कमर्शियल LPG के आवंटन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

राहत और सवाल — दोनों एक साथ:
राहत यह है कि बिहार सरकार ने संकट को पहचाना और गरीब लाभुकों के लिए वैकल्पिक ऊर्जा की व्यवस्था की दिशा में कदम उठाया।
आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत त्वरित कार्रवाई का यह प्रयास सराहनीय है।

लेकिन सवाल गहरे हैं —
पहला सवाल —
उज्ज्वला योजना का क्या हुआ?
2016 से शुरू हुई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का नारा था —
"धुआँमुक्त रसोई,
स्वस्थ परिवार।
" करोड़ों बिहारी महिलाओं को LPG कनेक्शन दिया गया, उन्हें लकड़ी-कोयले के धुएँ से मुक्ति का सपना दिखाया गया।
बिहार जैसे राज्य के लिए,
जहाँ बड़ी आबादी उज्ज्वला योजना पर निर्भर है,
गैस की किल्लत ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ सकती है।
अब उन्हीं को फिर से कोयला थमाना — यह प्रगति का उलटा सफर नहीं तो क्या है?

दूसरा सवाल —
कितना,
कब,
कितने दाम पर?
राशन कार्ड धारी को कब और कितना कोयला मिलेगा, इसे लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

आदेश जारी हो गया — खान विभाग, परिवहन विभाग और सभी 38 जिलों के DM को पत्र भेज दिया —
लेकिन लाभुक के घर तक कोयला पहुँचने की ठोस समयसीमा, मात्रा और दर अभी भी अस्पष्ट है।
बिहार में PDS प्रणाली की जमीनी हकीकत किसी से छिपी नहीं —
राशन में अनाज के लिए भी महीनों इंतज़ार होता है, कोयला कब मिलेगा?

तीसरा सवाल — स्वास्थ्य और पर्यावरण का क्या?
कोयले से खाना पकाने पर घर के अंदर वायु प्रदूषण होता है जो फेफड़ों, आँखों और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक है।
WHO के अनुसार, घर के अंदर ठोस ईंधन के धुएँ से हर वर्ष लाखों मौतें होती हैं —
और इनमें सर्वाधिक पीड़ित महिलाएँ और बच्चे होते हैं।

चौथा सवाल — दीर्घकालिक ऊर्जा नीति कहाँ है?
यह संकट अचानक नहीं आया। होर्मुज जलसंधि पर खतरे की चेतावनियाँ महीनों से थीं। पाइपलाइन कनेक्टिविटी, PNG नेटवर्क और इंडक्शन कुकिंग जैसे दीर्घकालिक विकल्पों की ओर कदम बढ़ाने की ज़रूरत थी।
क्या बिहार सरकार के पास ऊर्जा विविधीकरण की कोई दूरदर्शी नीति है — या हर संकट में आपातकालीन जुगाड़?
निष्कर्ष
बिहार सरकार का यह आदेश जरूरी है, पर पर्याप्त नहीं।
वैश्विक युद्ध के कारण आए ऊर्जा संकट में गरीब परिवारों को वैकल्पिक ईंधन देना सरकार की जिम्मेदारी है —
यह सही कदम है।

लेकिन कोयले की राशन दुकान तक पहुँचाने की व्यावहारिक रूपरेखा, स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय, महिलाओं पर पड़ने वाले असर और इस संकट से दीर्घकालिक निकास की योजना —
ये सब अभी भी उत्तर की प्रतीक्षा में हैं।

"धुआँमुक्त बिहार" के नारे से "कोयला राशन" तक का यह सफर — यह बताता है कि वैश्विक युद्ध की आँच सबसे पहले और सबसे गहरे गरीब की रसोई में पहुँचती है।

0
0 views    0 comment
0 Shares

*మంత్రి పొన్నం ప్రభాకర్*
తెలంగాణ గ్రామీణ ప్రాంతాల పేద ప్రజలకు లైఫ్ లైన్ ఆర్టీసీ..
ఆర్టీసీ సంస్థ పరిరక్షణ,ప్రజా శ్రేయస్సు దృశ్య ఆర్టీసీ కార్మికులు సమ్మె విరమించాలని విజ్ఞప్తి చేస్తున్న..

ఆర్టీసీ లో రోజుకు 65 లక్షల మంది ప్రయాణికులు అందులో 40 లక్షల మంది మహిళా ప్రయాణికులు ప్రయాణిస్తున్నారు.వారు ఉద్యోగ రీత్యా,విద్యా,వైద్య అవసరాలకు ప్రయాణం చేస్తున్నారు

ఆర్టీసీ కార్మికులు లేవనెత్తిన 32 అంశాల్లో 29 అంశాలకు ప్రభుత్వం పరిష్కరించడానికి సిద్ధంగా ఉంది

మిగిలిన మూడు అంశాలపై చర్చిస్తున్నాం..

మేము రాగానే వేసిన మొట్ట మొదటి కమిటీ సీనియర్ ఐఏఏస్ లతో వేశాం..

అధికారుల కమిటీ తో ఐదు గంటలపైగా చర్చిస్తుండగానే సమ్మెకు పోతున్నామని మద్యలో వెళ్లిపోవడం ఇది కుట్ర లో భాగమే

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

0
375 views    0 comment
0 Shares



विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने 10 अप्रैल 2026 को एक ऐसा आदेश जारी किया जो बिहार की प्रशासनिक संस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आदेश संख्या 4626 के तहत श्री काशी नाथ माँझी — जो बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC), पटना में पुलिस उपाधीक्षक के पद से महज 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त हुए थे —
उन्हें संविदा के आधार पर उसी पद पर, उसी कार्यालय में पुनः नियोजित कर दिया गया।

सेवानिवृत्ति के सिर्फ 100 दिन बाद —
वही कुर्सी,
वही कार्यालय,
वही पद।

आदेश क्या कहता है?
सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार के संकल्प ज्ञापांक-10000, दिनांक 10.07.2015 के अंतर्गत बनाई गई राज्यस्तरीय चयन समिति की 16 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर यह नियोजन किया गया है।
यह संविदा दो वर्ष के लिए है —
अथवा उस पद पर नियमित नियुक्ति/प्रोन्नति होने तक।

आदेश की शर्तें यह भी कहती हैं कि यदि श्री माँझी के विरुद्ध किसी प्रकार का आरोप प्रमाणित होता है,
या उनका कार्य संतोषजनक नहीं पाया जाता है,
तो संविदा रद्द हो सकती है।

चार तीखे सवाल
1. क्या 2015 का संकल्प इसी काम के लिए बना था?
वर्ष 2015 में सामान्य प्रशासन विभाग का यह संकल्प वास्तविक रिक्तता और संस्थागत संकट की स्थिति में सेवानिवृत्त अनुभवी अधिकारियों की अस्थायी सेवा लेने के लिए बना था।
लेकिन जब BPSSC जैसे आयोग में —
जो स्वयं हज़ारों पुलिस पदों पर भर्ती करता है — पुलिस उपाधीक्षक का पद भरने के लिए कोई योग्य अधिकारी उपलब्ध नहीं है,
तो यह बिहार पुलिस व्यवस्था की दयनीय स्थिति को दर्शाता है —
या फिर किसी 'चहेते अधिकारी' को बचाए रखने की कोशिश।

2. वही कार्यालय,
वही पद —
पर नियमित नियुक्ति क्यों नहीं?
बिहार में पुलिस अधिकारियों की प्रोन्नति वर्षों से लंबित है। सैकड़ों इंस्पेक्टर DSP पद पाने की प्रतीक्षा में हैं।
ऐसे में एक सेवानिवृत्त DSP को संविदा पर रखना — बजाय किसी पात्र सेवारत अधिकारी को प्रोन्नत करने के —
प्रशासनिक तर्क से परे लगता है।
क्या 16 मार्च 2026 को चयन समिति की बैठक में यह विकल्प विचारा गया?

3. BPSSC में यह संविदा नियुक्ति —
विडंबना नहीं?
BPSSC वह आयोग है जो बिहार में दारोगा (SI), सार्जेंट जैसे पुलिस पदों पर भर्ती करता है।
हज़ारों युवा इस आयोग की परीक्षाओं के नतीजे और नियुक्ति का इंतज़ार कर रहे हैं।
जिस संस्था से बेरोजगार युवाओं को नौकरी की उम्मीद है —
उसी में एक सेवानिवृत्त अधिकारी को 2 साल के लिए वापस बैठा देना — यह संदेश क्या देता है?

4. पारदर्शिता कहाँ है?
आदेश में यह नहीं बताया गया कि इस पद के लिए और कितने उम्मीदवार विचारे गए?
चयन समिति ने क्या मानदंड अपनाए?
क्या किसी सेवारत अधिकारी की प्रोन्नति की संभावना खोजी गई?
2015 का संकल्प कहता है कि संविदा नियोजन "अंतिम विकल्प" होना चाहिए —
क्या यहाँ अन्य विकल्प आज़माए गए?

निष्कर्ष
श्री काशी नाथ माँझी की व्यक्तिगत योग्यता पर कोई प्रश्न नहीं है।
सवाल प्रक्रिया की पारदर्शिता पर है,
व्यवस्था की प्राथमिकता पर है।

जब बिहार में लाखों शिक्षित युवा पुलिस की वर्दी के लिए दशकों इंतज़ार करते हैं —
और जब उसी भर्ती करने वाले आयोग में एक सेवानिवृत्त अफसर को 100 दिन में वापस बैठा दिया जाता है —
तो यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है:
क्या बिहार में "संविदा नीति" वास्तव में संस्थागत ज़रूरत के लिए है —
या चुनिंदा अफसरों की सेवा-विस्तार का एक सुविधाजनक रास्ता बन गई है?

यह प्रश्न गृह विभाग, मुख्यमंत्री कार्यालय और जनता — तीनों को जवाब माँगता है।

1
0 views    0 comment
0 Shares

3
1055 views    0 comment
0 Shares

AIMA media Dr Riyasat saifi

*लखनऊ 21 अप्रैल, 2026 राजधानी के विकास नगर में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राहत कार्यों में जुटी संस्था 'रहमान फाउंडेशन' ने आज सहायता के दायरे को बढ़ाते हुए दैनिक जरूरत का सामान बांटा है। प्रख्यात इस्लामी विद्वान मौलाना खलील- उर -रहमान सज्जाद नोमानी, के दिशा-निर्देशों पर काम करते हुए, फाउंडेशन की महिला विंग ने मंगलवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और पीड़ित परिवारों, विशेषकर महिलाओं तक व्यक्तिगत रूप से पहुँचकर उन्हें जरूरी राहत सामग्री दी। अग्निकांड के कारण इन परिवारों का घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया था, जिससे उन्हें दैनिक जीवन के छोटे-छोटे कामों में भी बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी जरूरतों को समझते हुए रहमान फाउंडेशन के जनरल सेक्रेटरी मौलाना बिलाल सज्जाद नोमानी की अगुवाई में राहत सामग्री के रूप में नई किट वितरित की गई। प्रत्येक पीड़ित परिवार को खाना बनाने और भोजन करने के लिए जरूरी बर्तन और बाल्टी, स्वास्थ्य और स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से टूथपेस्ट, साबुन और सफाई से जुड़ी अन्य सामग्री प्रदान की गई। संस्था की महिला विंग ने विशेष रूप से पीड़ित महिलाओं की निजता और गरिमा का ध्यान रखते हुए उनसे जुड़ी आवश्यक व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं वितरित कीं। रहमान फाउंडेशन के जनरल सेक्रेटरी मौलाना बिलाल सज्जाद नोमानी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी टीम पहले स्थिति का जायजा लेती है और उसी के आधार पर जरूरत का सामान लोगों तक पहुंचाती है। उन्होंने बताया, "हम लोग विकास नगर में लगभग सातवीं-आठवीं बार आए हैं। मौजूदा समय में लोगों को खाने या कपड़ों की उतनी जरूरत नहीं है, जितनी अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की है। इसलिए जमीनी स्तर पर आकलन करने के बाद, इस बार मुख्य रूप से खाना पकाने के बर्तन, नहाने और कपड़े धोने के काम आने वाले जरूरी सामान का वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि आज इस राहत कार्य में 'रहमान फाउंडेशन' के महिला विंग का विशेष योगदान रहा। सबसे खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं की बुनियादी जरूरतों और उनकी हाइजीन (साफ-सफाई) से जुड़े सामानों पर विशेष ध्यान दिया गया। यह सारा सामान फाउंडेशन की महिला स्वयंसेविकाओं के हाथों ही बंटवाया गया ताकि महिलाओं को किसी तरह की झिझक न हो। मौलाना बिलाल नोमानी ने कहा कि उनकी टीम लगातार इस इलाके की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और भविष्य में भी, जिस वक्त जिस चीज की जरूरत होगी, उसे जरूरतमंदों तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। 'रहमान फाउंडेशन' की महिला विंग ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और पीड़ितों की मदद की। मीडिया से बात करते हुए प्रतिनिधि ने बताया, "हमें फाउंडेशन के जरिए यहाँ भेजा गया है। हमने खुद यहाँ का जायजा लिया है। इस वक्त लोगों को खाने और कपड़ों से ज्यादा अन्य बुनियादी चीजों की जरूरत है।" उन्होंने बताया कि लोगों के पास सामान रखने तक की जगह नहीं है, इसलिए उन्हें बर्तन, सामान रखने के लिए बैग या झोले, बैठने के लिए चटाई और हाथ वाले पंखों की सख्त जरूरत है। संस्था का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा ऐसी चीजें लोगों तक पहुंचाई जाएं। पीड़ितों का दर्द बयां करते हुए प्रतिनिधि काफी भावुक हो गईं।उन्होंने कहा, "एक औरत का दर्द एक औरत ही समझ सकती है। यहाँ लोगों के आंसू लगातार बह रहे हैं, उन्हें इस हाल में देखकर हमें भी बहुत रोना आ रहा है। इन गरीबों का सब कुछ जल चुका है। उनकी जिंदगी की तमाम चीजें, उनके ख्वाब और बच्चों का मुस्तक़बिल सब खाक हो गया है।" गौरतलब हो कि इससे पहले भी फाउंडेशन के जिम्मेदारों ने भोजन, पेयजल और रहने के लिए टेंट (तंबू) की व्यवस्था की गई थी। रहमान फाउंडेशन का कहना है कि वे इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ तब तक खड़े रहेंगे जब तक कि उनका जीवन सामान्य नहीं हो जाता। मौलाना सज्जाद नोमानी ने टीम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत वितरण में मानवीय गरिमा का पूरा ख्याल रखा जाए। विकास नगर के स्थानीय निवासियों ने फाउंडेशन की इस संवेदनशील पहल और विशेष रूप से महिला विंग द्वारा की गई मदद की सराहना की है।*

0
0 views    0 comment
0 Shares

4
1110 views    0 comment
0 Shares

0
0 views    0 comment
0 Shares

सीतामढ़ी: कन्हौली थाना परिसर में 720 लीटर नेपाली सौंफी शराब का विनष्टिकरण
सीतामढ़ी जिले के कन्हौली थाना परिसर में दिनांक 22 अप्रैल 2026 को मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 720 लीटर नेपाली सौंफी शराब का विधिवत् विनष्टिकरण किया गया। यह कार्रवाई बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून के तहत की गई, जिसका उद्देश्य अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाना और समाज में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह शराब विभिन्न मामलों में पुलिस द्वारा जब्त की गई थी। जब्ती के बाद संबंधित मामलों की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत न्यायालय के निर्देशानुसार इन सभी शराब की खेपों को नष्ट किया गया। विनष्टिकरण की पूरी प्रक्रिया मजिस्ट्रेट की निगरानी में पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई।
इस दौरान कन्हौली थाना के पुलिस पदाधिकारी, स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार छापेमारी, जांच अभियान और जब्ती की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में जब्त की गई अवैध शराब को समय-समय पर नष्ट किया जाता है ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे शराबबंदी कानून का पालन करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में सकारात्मक संदेश गया है और प्रशासन के प्रयासों की सराहना की जा रही है।

0
0 views    0 comment
0 Shares

​मेलघाट: जल संकट से जूझ रहे मेलघाट के बोरधा गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन की घोर अनदेखी के बाद आखिरकार खुद मोर्चा संभाल लिया है। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब शासन-प्रशासन ने पानी की विकट समस्या पर ध्यान नहीं दिया, तो गांव वालों ने आपसी सहयोग (लोक वर्गणी) से पैसे इकट्ठा कर खुद ही बोरवेल की खुदाई करवा ली।
​प्रशासन की विफलता और आदिवासियों की आत्मनिर्भरता
​ग्रामीणों के इस प्रयास को बड़ी सफलता मिली और बोरवेल में भरपूर पानी निकला है। पानी लगने की खुशी में स्थानिक लोगों ने अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपरा के अनुसार बोरवेल की महापूजा संपन्न की।
​यह पूरी घटना शासन और प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली पर एक करारा तमाचा है। इससे यह स्पष्ट रूप से साबित होता है कि मेलघाट के स्थानिक आदिवासी अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए पूरी तरह से सरकार के मोहताज नहीं हैं; वे अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं करने में सक्षम हैं। प्रशासन के लिए यह बेहद शर्म की बात है कि जो मूलभूत सुविधाएं उन्हें उपलब्ध करानी चाहिए थीं, उसके लिए ग्रामीणों को अपनी जेब से खर्च करना पड़ा।
​युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष के हाथों हुआ उद्घाटन
​ग्रामीणों की इस बड़ी उपलब्धि और सफलता के उपलक्ष्य में विशेष तौर पर युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राहुल येवले को आमंत्रित किया गया था। उनके हाथों इस नवनिर्मित बोरवेल का विधिवत उद्घाटन किया गया।
​उद्घाटन के अवसर पर इनकी रही प्रमुख उपस्थिति:
इस अवसर पर गांव के कई नागरिक और गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
​छन्नु भैया, लालाजी कास्देकर, सज्जु भैया, कज्जु कास्देकर, सोमा कास्देकर, मुगा धिकार, मुन्ना बेठेकर, अशोक भुसुम, मधु धिकार, संजू कास्देकर

14
851 views    0 comment
0 Shares

3
473 views    0 comment
0 Shares

5
1044 views    0 comment
0 Shares