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यावल
शासन जनता की सेवा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर दफ्तर बनाता है, अधिकारियों को मोटा वेतन दिया जाता है, लेकिन यावल तहसील के सरकारी कार्यालयों में नजारा इसके बिल्कुल उलट है। यहाँ दफ्तरों में नागरिक तो नजर आते हैं, लेकिन साहब की कुर्सियां अक्सर खाली मिलती हैं। अधिकारियों की इस 'मनमर्जी' और अनुपस्थिति ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है।
'कल आना' और 'मीटिंग है' के बहानों से जनता त्रस्त
तहसील के विभिन्न कार्यालयों में दूर-दराज से लोग अपने काम लेकर आते हैं। किसी को जाति का प्रमाण पत्र चाहिए, किसी को अनुदान की प्रतीक्षा है, तो कोई सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने आता है। लेकिन कार्यालय पहुँचते ही उन्हें रटा-रटाया जवाब मिलता है "साहब मीटिंग में हैं," "साहब बाहर गए हैं," या "कल आना।"
बार-बार चक्कर काटने के कारण नागरिकों को न केवल आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, बल्कि उन्हें भारी मानसिक प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ रहा है।
सिर्फ तहसील और पुलिस विभाग में थोड़ी राहत
स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, तहसील कार्यालय और पुलिस प्रशासन में कुछ अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाते दिखते हैं, जिससे वहाँ का कामकाज पटरी पर नजर आता है। लेकिन इसके विपरीत, अन्य कई विभागों में अनुशासनहीनता अपनी चरम सीमा पर है। इन विभागों में अधिकारियों का गायब रहना अब एक 'नया रिवाज' बन गया है।
जनता के चुभते सवाल:
जब शासन की घोषणा "जनता के लिए प्रशासन" की है, तो अधिकारी जनता से दूर क्यों भाग रहे हैं?
अगर एक छोटा कर्मचारी लेट हो जाए तो उस पर कार्रवाई होती है, फिर इन 'लाटसाहबों' पर लगाम कौन कसेगा?
क्या सरकारी दफ्तर अब सिर्फ खाली कुर्सियों के प्रदर्शन केंद्र बनकर रह जाएंगे?
कार्रवाई की मांग ने पकड़ा जोर
यावल की जनता अब इस ढर्रे से तंग आ चुकी है। नागरिकों ने मांग की है कि इन लापरवाह और निष्क्रिय अधिकारियों की तत्काल जांच की जाए और उनकी उपस्थिति अनिवार्य की जाए। लोगों का कहना है कि जो अधिकारी समय पर काम न करें, उन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।
निष्कर्ष:
यदि सरकारी दफ्तरों में ताले लटकते रहे और कुर्सियां खाली रहीं, तो सरकार के 'पारदर्शी प्रशासन' के दावों की हवा निकलना तय है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन बेपरवाह अधिकारियों पर कब हंटर चलाता है।

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सिक्किम,नामची जिले के अंतर्गत लिंगमुकोल्थांग क्षेत्र में पूर्व में क्लस्टर के माध्यम से की गई कोदो खेती से अत्यंत सकारात्मक और उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए थे। इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए लिंगमुकोल्थांग FPO ने हाल ही में स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित सामग्री का उपयोग कर कोदो (मिलेट) बिस्कुट उत्पादन शुरू करने की पहल की है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्वस्थ एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देना, साथ ही स्थानीय किसानों को प्रोत्साहन, बाजार उपलब्ध कराना और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पारंपरिक अनाज कोदो को आधुनिक खाद्य उत्पाद के रूप में बाजार में लाने का यह प्रयास स्थानीय कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस पहल का विधिवत उद्घाटन उपसभामुख तथा क्षेत्र विधायक Raj Kumari Thapa द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने वाली ऐसी पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने भी इस पहल पर खुशी व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि भविष्य में इस प्रकार के कृषि आधारित उद्योग युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करेंगे।

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कलेक्टर ने गैपरा गेहूं खरीदी केंद्र का किया औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को अधिक सरल, सुगम एवं किसान हितैषी बनाया गया है। इसी क्रम में स्लॉट बुकिंग की तिथि में वृद्धि की गई है तथा किसानों को उपज का भुगतान समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जा रहा है।

इसी कड़ी में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने सोमवार को जौरा विकासखंड अंतर्गत गैपरा गेहूं खरीदी केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उपार्जन केंद्र पर उपस्थित किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर ने केंद्र पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा पेयजल, छाया, बैठने एवं तौल व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशानुरूप खरीदी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, व्यवस्थित एवं किसान हितैषी ढंग से संचालित की जाए, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ समय पर प्राप्त हो सके।
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कैंथल (पुष्पा रानी )श्री खाटू श्याम एवं सालासर सेवा समिति की विशेष बैठक आज दिनांक 9 मई दिन शनिवार को जिंदल मार्केट कार्यालय में हुई , जिसमें गोकुल जल सेवा परिवार के प्रधान अशोक मित्तल एवं सभी सदस्य वहां पहुंचे, प्रधान मनोज सिंगला ने सभी सदस्यों का पहुंचने पर स्वागत किया, बैठक में सभी सदस्यों ने अपने अपने विचार रखे, गोकुल जल सेवा परिवार के प्रधान अशोक मित्तल ने कहा कि आप हर महीने निशुल्क बस खाटू श्याम एवं सालासर बस लेकर जाते है में आपको बहुत बहुत बधाई देता हु, समाज सेवा के लिए आप बहुत ही सराहनीय कार्य कर रहे हैं सभी ने विचार रखते हुए कहा कि सिस्ला धाम बाबा श्याम का दरबार है इसलिए अपरा एकादशी पर हर महीने निशुल्क बस चलाई जाए सभी सदस्यों ने मिलकर निर्णय लिया 13 मई से यात्रा प्रारंभ की जाए इस बस के मुख्यातिथि शहर के जाने माने समाज सेवी पवन गर्ग बक्कल वाले होंगे , यह बस 33 फूटा रोड से चलकर पिहोवा चौंक, पुराना बस स्टैंड, जखोली अड्डा से होते हुए जाएगी , जिस भी श्रद्धालु ने हर महीने सिस्ला धाम जाना हो वो गोकुल जल सेवा परिवार के प्रधान अशोक मित्तल,रेनू जिंदल से संपर्क कर सकते है ,
इस मौके पर , चिराग बंसल, मनोज सिंगला, सोमनाथ गर्ग, प्रकाश बंसल, भीम सेन वधवा, राजीव चौधरी, वीरभान केमिस्ट,विकास गर्ग एडवोकेट,अंजू बंसल , सुनीता रानी आदि उपस्थित रहे

पुष्पा रानी रिपोर्टर कैंथल

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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर संगोष्ठी एवं निबंध प्रतियोगिता आयोजित
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#श्योपुर-/ युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत मेरा युवा भारत (MY Bharat) के द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के उपलक्ष्य में श्योपुर नगर में संगोष्ठी एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अभाविप जिला संयोजक श्री गणेश शर्मा उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता नगर अध्यक्ष श्री कैलाश गुप्ता ने की। अभाविप जिला संयोजक श्री गणेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि तकनीकी विकास देश की प्रगति का आधार है तथा युवाओं को नई तकनीकों और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय विकास में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। अंत में उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया तथा आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त मेरा युवा भारत के रवि समाधिया ने किया गया।
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दिनांक 23/05/2026 को आसपुर टोल प्लाजा पर प्रदर्शन होगा

आपको अवगत कराना है कि आज दिनांक 11/05/2026 को अखिल भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले एटा कचहरी स्थित धरना स्थल पर संगठन के पदाधिकारी/कार्यकर्ताओं ने बैठक कर तय किया कि निम्नलिखित समस्याओं के समाधान हेतु दिनांक 23/05/2026 को आसपुर टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया जाएगा बैठक के अंत जिलाधिकारी एटा के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा उक्त ज्ञापन में निम्नलिखित मांगो को प्रमुख रूप से उठाया गया

1:- हाइवे के निर्माण में गई किसानों की जमीन का बड़ी संख्या में आज तक मुआवजा नहीं मिला है तत्काल दिलाया जाए।

2:- आसपुर टोल प्लाजा के मैनेजर स्थानीय किसानों के साथ अभद्रता कर रहे हैं तत्काल ससम्मान किसानों की गाड़ियों को निकलवाया जाए।

3:- हाइवे स्थित गाँव कंगरोल पर कट बनवाया जाए जिससे स्थानीय किसानों को लाभ मिल सके।

4:- कृषि विभाग के अधिकारी एवं थोक विक्रेताओं की मिली भगत से किसानों को खाद ब्लेक में मिल रही हैं तत्काल कठोर कार्यवाही कर शत प्रतिशत किसानों को खाद कंट्रोल रेट पर दिलाई जाए दुर्भाग्यवश यूरिया 400 से 500 रुपए बोरी में बिक रही हैं।

5:- लम्बित समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से :- राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी, राष्ट्रीय महासचिव तेज सिंह वर्मा - सुरेन्द्र शास्त्री, प्रदेश संगठन मंत्री प्रदीप अहीर, प्रदेश सचिव बबलू नागर, मंडल प्रभारी जदुवीर सिंह, जिलाध्यक्ष अरविन्द शाक्य, प्रेम सिंह, रामनिवास वर्मा, अशोक कुमार, भगवान सिंह वर्मा, रामवीर सिंह, सुरेन्द्र सिंह लोधी, हरदेव सिंह वर्मा सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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वाराणसी- बनारस कचहरी इन दिनों कई बड़े मुद्दों को लेकर लगातार चर्चा में बनी हुई है। कचहरी के संभावित स्थानांतरण को लेकर अधिवक्ताओं और राजनीतिक दलों में विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर कचहरी को दूसरी जगह शिफ्ट करने का विरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि वर्तमान परिसर का विस्तार कराया जाए ताकि न्यायिक व्यवस्था प्रभावित न हो।

वहीं जगह की कमी और बढ़ते दबाव को लेकर अधिवक्ताओं ने हाल ही में धरना प्रदर्शन भी किया। वकीलों ने कहा कि कचहरी में पर्याप्त जगह न होने से न्यायिक कार्यों में दिक्कत आ रही है। अधिवक्ताओं ने बनारस क्लब की जमीन न्यायालय को दिए जाने की मांग उठाई है।

इसी बीच कचहरी परिसर में रंगदारी मांगने का मामला भी सामने आया है। कैंट थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार एक व्यक्ति से 12 लाख रुपये की रंगदारी मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कुछ समय पहले कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर आ गई थीं। जिला जज को ईमेल के जरिए धमकी मिलने के बाद पूरे परिसर की गहन जांच कराई गई थी।

लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद वाराणसी कचहरी एक बार फिर प्रशासनिक, सुरक्षा और न्यायिक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गई है।

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जल संरचनाओं को सहेजने के कार्य जारी
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#श्योपुर-/ कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती सौम्या आनंद के निर्देशन में #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान के तहत जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण के कार्य जारी है।

इसी क्रम में आदिवासी विकासखण्ड कराहल के ग्राम बरगवा में कूप तथा पशु होद के नवीनीकरण, बुढेरा में स्पोट सोर्स पेयजल टंकी तथा सेसईपुरा में कूप नवीनीकरण के कार्य कराये गये है। इसी के साथ ग्राम सेसईपुरा में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण भी कराया गया है।

इसी प्रकार विकासखण्ड श्योपुर अंतर्गत प्राचीन एवं एतिहासिक बावडियों के संरक्षण के लिए कराये जा रहे कार्यो के क्रम में बर्धा बुजुर्ग स्थित प्राचीन बावडी का रंग-रोगन कर आकर्षक बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि श्योपुर से 6 किलोमीटर दूर ग्राम बर्धा बुजुर्ग की बावडी का निर्माण श्योपुर के गौड राजाओं के शासनकाल में करवाया गया था।
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लखनऊ- उत्तर प्रदेश सरकार ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए प्रदेश भर में चल रही प्रीपेड व्यवस्था समाप्त करने का फैसला लिया है। अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में संचालित किए जाएंगे। यानी उपभोक्ताओं को पहले बिजली इस्तेमाल करनी होगी और बाद में बिल का भुगतान करना होगा।

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जा रही है। मई 2026 में हुई बिजली खपत का बिल जून 2026 में पोस्टपेड सिस्टम के तहत जारी होगा।

प्रदेश के पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम और केस्को कानपुर क्षेत्र में यह नई व्यवस्था लागू होगी। उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख तक बिजली बिल SMS और WhatsApp के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा।

जिन क्षेत्रों में नेटवर्क समस्या के कारण स्मार्ट मीटर की ऑटोमैटिक रीडिंग नहीं मिल पाएगी, वहां एजेंसियों के माध्यम से मैनुअल रीडिंग लेकर समय से बिल जारी किया जाएगा।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि अब प्रदेश में सभी नए बिजली कनेक्शन स्मार्ट पोस्टपेड मोड में ही दिए जाएंगे। वहीं पहले प्रीपेड सिस्टम में समायोजित की गई सिक्योरिटी धनराशि को चार समान मासिक किस्तों में उपभोक्ताओं के बिल में जोड़ा जाएगा।

पोस्टपेड उपभोक्ताओं को बिल जारी होने के बाद 15 दिन तक भुगतान का समय मिलेगा। इसके बाद भी भुगतान न होने पर 7 दिन की अतिरिक्त अवधि दी जाएगी। तय समय सीमा पार होने पर नियमानुसार सरचार्ज लगाया जाएगा।

घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सरकार ने 30 अप्रैल 2026 तक के बकाया बिजली बिल को 10 आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा दी है। जबकि अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को तीन किस्तों में भुगतान का विकल्प मिलेगा।

स्मार्ट मीटर और बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए 15 मई से 30 जून 2026 तक विशेष सहायता शिविर लगाए जाएंगे। साथ ही 1912 हेल्पलाइन और WhatsApp चैटबॉट के माध्यम से भी उपभोक्ताओं को सहायता दी जाएगी।

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बिलासपुर/छत्तीसगढ़: जब आसमान से आग बरस रही हो और पारा 46 डिग्री के पार पहुँच चुका हो, ऐसे में राष्ट्र के महत्वपूर्ण कार्यों को पूर्ण करना किसी तपस्या से कम नहीं है। वर्तमान में चल रही 2026 की जनगणना (जन गाड़ना) के इस महा-अभियान में जहाँ हमारे शिक्षक पूरी निष्ठा से जुटे हैं, वहीं ग्राम पंचायत सचिव उनके सबसे बड़े मार्गदर्शक और सहयोगी बनकर उभरे हैं।
शिक्षक: ज्ञान के साथ निभा रहे नागरिक कर्तव्य
तपती धूप और लू के थपेड़ों के बीच, हाथ में रजिस्टर लिए घर-घर दस्तक देते शिक्षकों का जज्बा काबिले तारीफ है। इस कार्य में महिला शिक्षक भी पीछे नहीं हैं, जो परिवार और कर्तव्य के बीच सामंजस्य बिठाकर धूप से जूझ रही हैं। अक्सर उन्हें विचित्र चुनौतियों का सामना करना पड़ता हैकहीं दरवाजा खटखटाने पर लोग 'कल आना' कह देते हैं, तो कहीं घर के सामने खड़ी अपनी गाड़ी को 'पड़ोसी की है' बताकर जानकारी छुपाते हैं। लेकिन शिक्षक अपनी वाकपटुता और धैर्य से हर बाधा को पार कर रहे हैं।
पंचायत सचिव: योजनाओं के असली सारथी और जमीनी मार्गदर्शक
इस पूरे अभियान में ग्राम पंचायत सचिव की भूमिका एक "धुरी" की तरह है।
अंतिम व्यक्ति तक पहुँच: शासन की समस्त जन-कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और उनका लाभ दिलाने का वास्तविक श्रेय पंचायत सचिव को ही जाता है।
गली-मोहल्लों के ज्ञाता: शिक्षकों को प्रत्येक पारा-टोला और गली-मोहल्ले की सही जानकारी देना, लोगों से परिचय कराना और गणना कार्य को सुगम बनाना पंचायत सचिवों के सहयोग से ही संभव हो पा रहा है। वे शासन और जनता के बीच की वह अटूट कड़ी हैं, जो हर सरकारी योजना को धरातल पर सफल बनाते हैं।
सुरक्षा के साथ सेवा: बचाव के उपाय
मैदान में डटे इन जाँबाजों के लिए कुछ विशेष सुझाव:
शीतलता बनाए रखें: अपने पास हमेशा ठंडे पानी की बोतल, नींबू पानी या ओआरएस (ORS) रखें।
धूप से बचाव: सिर को सूती गमछे, टोपी या छाते से जरूर ढँकें। खाली पेट फील्ड पर न निकलें।
समय प्रबंधन: दोपहर की भीषण गर्मी के दौरान किसी छायादार स्थान पर बैठकर कागजी प्रविष्टियाँ पूर्ण करें।
एक सलाम इन कर्मयोगियों के नाम
अपनी सुख-सुविधाओं का त्याग कर, तपती दुपहरी में गली-गली घूम रहे इन शिक्षकों और पंचायत सचिवों की जितनी तारीफ की जाए, वह कम है। शासन की योजनाओं को सफल बनाने और राष्ट्र का सही आंकड़ा तैयार करने में इनका यह 'पसीना' कल देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगा।

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कृषि मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना 12 मई को मुरैना जिले के भ्रमण पर रहेंगे

ग्राम बरवासिन में सड़क एवं पलपुरा में पंचायत भवन का करेंगे भूमिपूजन

प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना 12 मई को मुरैना जिले के भ्रमण पर रहेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री श्री कंषाना प्रातः 9:30 बजे निज निवास से प्रस्थान करेंगे। इसके पश्चात प्रातः 10 बजे थाना बागचीनी क्षेत्रांतर्गत ग्राम बरवासिन में शासकीय प्राथमिक विद्यालय से शिवलाल का पुरा तक निर्मित होने वाली सड़क का भूमिपूजन करेंगे।

इसके बाद प्रातः 10:30 बजे मंत्री श्री कंषाना ग्राम पलपुरा के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां वे प्रातः 11 बजे पंचायत भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम उपरांत प्रातः 11:30 बजे ग्राम पलपुरा से निज निवास के लिए रवाना होंगे।
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बोर्ड परीक्षाओं में लापरवाही पाए जाने पर दो शिक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित

माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 मई से संचालित की जा रही हैं। 9 मई को कक्षा 12वीं की परीक्षा के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टी.सी. जैन, अंबाह परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों द्वारा उत्तर-पुस्तिकाओं का आदान-प्रदान एवं ताक-झांक करते हुए पाए जाने की घटना सामने आई।

परीक्षा के दौरान शासकीय प्राथमिक विद्यालय धोवाटी संकुल केंद्र, शासकीय उ.मा.वि. जग्गा पुरा की पर्यवेक्षक श्रीमती अंजूबाला ड्यूटी पर उपस्थित थीं। वहीं, शासकीय प्राथमिक विद्यालय पंचम पुरा के प्रभारी शिक्षक श्री शिवराज सिंह भी परीक्षा केंद्र पर मौजूद थे। दोनों शिक्षकों द्वारा परीक्षा संचालन में गंभीर लापरवाही बरते जाने की पुष्टि हुई।

परीक्षा केंद्र से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एस. इंदोलिया ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय खंड शिक्षा कार्यालय, अंबाह निर्धारित किया गया है। साथ ही नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
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हायर सेकेंडरी की परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न

हाईस्कूल के गणित स्टैंडर्ड एवं गणित बेसिक विषय की परीक्षा में 171 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे

माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 मई से प्रारंभ हुई थीं। कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के नेतृत्व में मुरैना जिले में बोर्ड परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जा रही हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एस. इंदोलिया ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को हायर सेकेंडरी स्तर पर एनएसक्यूएफ (नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क) के समस्त विषयों, शारीरिक शिक्षा एवं एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) विषय की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में कुल 15 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें सभी 15 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए।
इसी क्रम में हाईस्कूल के गणित स्टैंडर्ड एवं गणित बेसिक विषय की परीक्षा भी आयोजित की गई। इस परीक्षा में कुल 5,357 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 5,186 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 171 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
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केरल विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बावजूद कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति नहीं बना पाई है। चुनाव नतीजों के एक सप्ताह बाद भी पार्टी के भीतर खींचतान जारी है, जिससे कार्यकर्ताओं और सहयोगी दलों में बेचैनी बढ़ती जा रही है।

दिल्ली में हाईकमान की मैराथन बैठकें

कांग्रेस नेतृत्व ने मामले को सुलझाने के लिए केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के पूर्व अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाया है। सूत्रों के मुताबिक, अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं और इसी दौरान मुख्यमंत्री के नाम पर बड़ा फैसला हो सकता है।

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के. मुरलीधरन और वी.एम. सुधीरन ने पुष्टि की है कि उन्हें चर्चा के लिए बुलाया गया है। सुधीरन ने कहा कि उनसे राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात और पार्टी के माहौल पर राय ली जा सकती है।

UDF की बड़ी जीत, लेकिन CM चेहरे पर फंसी कांग्रेस

केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 102 सीटें जीतकर शानदार वापसी की है। लेकिन सत्ता मिलने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर लॉबिंग तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री पद की रेस में तीन बड़े नाम

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में फिलहाल तीन नेताओं के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं
वीडी सतीशन
रमेश चेन्निथला
केसी वेणुगोपाल

तीनों नेताओं के समर्थक अपने-अपने स्तर पर दिल्ली दरबार में सक्रिय हैं और हाईकमान को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

खरगे-राहुल की बैठक भी रही बेनतीजा

9 मई को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बड़ी बैठक हुई, जिसमें राहुल गांधी, दीपा दासमुंशी, सनी जोसेफ, केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला और वीडी सतीशन समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। हालांकि लंबी चर्चा के बावजूद कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका।

मुरलीधरन बोले- देरी से कार्यकर्ताओं में बेचैनी

के. मुरलीधरन ने कहा कि उन्होंने अपनी राय आलाकमान को स्पष्ट रूप से बता दी है और वे उसी पर कायम हैं। उन्होंने यह भी माना कि मुख्यमंत्री के नाम में हो रही देरी से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष और बेचैनी बढ़ रही है।

चेन्निथला का बयान- आलाकमान का फैसला मंजूर

रमेश चेन्निथला ने साफ कहा कि वे कांग्रेस के अनुशासित कार्यकर्ता हैं और आलाकमान जो भी फैसला करेगा, उसे स्वीकार करेंगे।

सहयोगी IUML भी नाराज

कांग्रेस की सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने भी मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। पार्टी के जिला महासचिव पी. अब्दुल हमीद ने चेतावनी दी कि लगातार हो रही देरी से जनता और कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश जा रहा है।

अब सबकी नजर दिल्ली में चल रही बैठकों पर टिकी है, जहां अगले 48 घंटों में केरल के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।

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आईटीआई नूराबाद में 14 मई को कैंपस प्लेसमेंट का आयोजन

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार शासकीय आईटीआई टेकरी के प्राचार्य ने जानकारी दी है कि 14 मई को प्रातः 11 बजे आईटीआई नूराबाद परिसर में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा कैंपस प्लेसमेंट का आयोजन किया जाएगा।

कैंपस में शामिल होने वाली कंपनियों में मोटर्स नोएडा सेक्टर-84, इंडिया यामाहा प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोएडा तथा हाईवे रूप प्रिसीजन टेक्नोलॉजी लिमिटेड, मानेसर शामिल हैं। इन कंपनियों द्वारा डीजल मैकेनिक, ट्रैक्टर मैकेनिक, वेल्डर, मोटर मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, फिटर, टर्नर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक एवं इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक ट्रेड के पदों हेतु भर्ती की जाएगी।

मोटर्स नोएडा सेक्टर-84 द्वारा 18 से 32 वर्ष आयु वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को 15,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा।

इंडिया यामाहा प्राइवेट लिमिटेड, ग्रेटर नोएडा द्वारा 18 से 26 वर्ष आयु वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अवसर उपलब्ध रहेगा। चयनित उम्मीदवारों को 17,200 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा।

इसी प्रकार हाईवे रूप प्रिसीजन टेक्नोलॉजी लिमिटेड, मानेसर द्वारा 18 से 32 वर्ष आयु वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को 27,640 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा।

प्राचार्य ने इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे कैंपस में सम्मिलित होने हेतु अपने समस्त आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर निर्धारित समय पर उपस्थित हों।
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*विधानसभा 120 भोजीपुरा मासिक बैठक संपन्न*

*विधानसभा भोजीपुरा की मासिक बैठक दिनांक 10 मई 2026 को भोजीपुरा कार्यालय पर बिधान सभा अध्यक्ष रामकृष्ण गंगवार*की अध्यक्षता में संपन्न हुई।* *बैठक का संचालन बिधान सभा उपाध्यक्ष नोनीराम प्रजापति ने किया।*
*बैठक में उपस्थित जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक मंच शकील अहमद जी, इंजी. मनीष कुमार जिला सचिव एवं सह प्रभारी जी, जिला महासचिव मनोज गंगवार प्रत्याशी बार्ड नम्बर 22 से, Anupriya Patel अनुप्रिया पटेल जिला मीडिया सचिव (युवा मंच)प्रभाग कश्यप, बिधान सभा उपाध्यक्ष नदीम Apna Dal-S रब्बानी जी प्रधान प्रत्याशी ग्राम ईसापुर, बिधान सभा महासचिव नरपत कश्यप जी प्रत्याशी बार्ड नम्बर 20,जोन अध्यक्ष शमशेर सिंह सागर जी, जोन अध्यक्ष सतीश पटेल जी प्रत्याशी बार्ड नम्बर 17, बिधान सभा अध्यक्ष अनुसूचित जाति मंच डा हरिप्रसाद सागर जी प्रधान प्रत्याशी ग्राम पखुन्नी, बिधान सभा सचिव जितेंद्र गंगवार जी, विधानसभा सचिव अरुण गंगवार जी, बिधान सभा महासचिव प्रेम शंकर जी, सैक्टर अध्यक्ष गेंदल लाल मौर्य जी जिला पंचायत प्रत्याशी बार्ड* *26,बिधान सभा अध्यक्ष शिक्षक मंच सजीव कुमार गंगवार जी, वसीम, फईम, विशाल, सर्वेश आदि पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।*
*बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक सुदृढ़ करने,* *आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों तथा जनसंपर्क अभियान को गति देने पर विस्तार से चर्चा लम्वेसमय तक की गई। कार्यकर्ताओं को अवगत कराते हुए।* *नियुक्ति पत्र जारी किए गए एवं संगठन की मजबूती,* *अनुशासन एवं सक्रियता पर विशेष बल दिया। एवं अन्य कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे।*
*बैठक के अंत में बिधानसभा अध्यक्ष रामकृष्ण गंगवार ने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प दिलाया।* रिपोर्टर प्रभाग

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शहर के आसपास की सभी पहाड़ियों को हरा-भरा करने के लिये चिन्हांकन का कार्य तत्परता से करें कलेक्टर

वन विभाग द्वारा 2 एवं नगर निगम के माध्यम से 2 पहाड़ियों को हरा-भरा करने हेतु किया गया चिन्हित

कलेक्टर श्रीमती चौहान ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

ग्वालियर शहर के आसपास स्थित पहाड़ियों को हरा-भरा करने के साथ-साथ नागरिकों के लिये पर्यटन के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इस कड़ी में वन विभाग द्वारा दो पहाड़ियों और नगर निगम द्वारा दो पहाड़ियों को चिन्हित कर उसके विकसति करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इन पहाड़ियों को हरा-भरा करने के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जायेगा।
माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा एक जनहित याचिका के संबंध में दिए गए निर्देश के पालन में गठित कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णयों के परिपालन में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित बैठक में यह जानकारी दी गई है। बैठक में शहर के आसपास की सभी पहाड़ियों को चिन्हित करने के निर्देश भी नगर निगम, वन विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं।
पहाड़ियों को हरा-भरा बनाने के इस पुनीत अभियान के तहत आयोजित बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय, वन मण्डलाधिकारी श्री मुकेश पटेल, एडीएम श्री सी बी प्रसाद, डॉ. धर्मेन्द्र रिछारिया, एसडीएम श्री अतुल सिंह, श्री नरेन्द्र बाबू यादव, श्री प्रदीप शर्मा, अपर आयुक्त नगर निगम श्री प्रदीप तोमर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा है कि ग्वालियर शहर के आसपास स्थित सभी पहाड़ियों को चिन्हित करने कार्य किया जाए। इसके लिये वन विभाग अपने विभाग से संबंधित पहाड़ियों को, राजस्व विभाग अपने विभाग से संबंधित पहाड़ियों को चिन्हित करने का कार्य करें। इसके साथ ही नगर निगम भी नगरीय क्षेत्र में स्थित पहाड़ियों पर वृहद वृक्षारोपण के लिये चिन्हांकन का काम करें। उन्होंने कहा कि इन पहाड़ियों को न केवल हरा-भरा बनाया जाए बल्कि नागरिकों के लिये पर्यटन के हित में भी विकसित किया जाए।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने खनिज विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पहाड़ियों पर अवैध उत्खनन एवं परिवहन न हो यह सुनिश्चित किया जाए। कहीं पर भी अवैध उत्खनन की जानकारी मिलती है तो उसके विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाए।
वन मण्डलाधिकारी श्री मुकेश पटेल ने बताया कि वन विभाग के माध्यम से कैंसर पहाड़ी एवं गुप्तेश्वर पहाड़ी का चयन कर उसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय द्वारा बताया गया कि नगर निगम के माध्यम से मानपुर पहाड़ी एवं कैप्टन हिल का चयन कर कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस अभियान में अपने विभाग से संबंधित सभी दायित्वों का समय-सीमा में पालन सुनिश्चित कराएं।
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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक चिंता के बीच भारत सरकार पूरी तरह सतर्क मोड में है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए विशेष 24x7 कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है, जहां अब तक हजारों कॉल और ईमेल प्राप्त हो चुके हैं।

भारत सरकार के मुताबिक अब तक 2,549 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें अधिकतर लोगों को ज़मीनी रास्तों के जरिए बाहर लाया गया। भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास लगातार लोगों की मदद में जुटे हुए हैं।

हवाई यात्रा को लेकर भी राहत की खबर है। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और ओमान में उड़ान सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं, जबकि कतर और ईरान का हवाई क्षेत्र फिलहाल आंशिक या सीमित रूप से खुला हुआ है।

वहीं समुद्री सुरक्षा को लेकर पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि पिछले तीन दिनों में किसी भी भारतीय जहाज़ या नाविक के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। अब तक 3,096 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।

सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

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सूरज से मिली शक्ति ने बदली मानसिंह की तकदीर

सोलर पंप से लहलहा रही फसलें, डीजल खर्च और बिजली बिल से मिली राहत

बदलती तकनीक और सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ किस प्रकार एक किसान की जिंदगी बदल सकता है, इसका जीवंत उदाहरण हैं प्रगतिशील किसान श्री मानसिंह बघेल। उन्होंने सरकार की कुसुम-बी योजना के तहत अपने खेत में सोलर पंप लगवाया है। सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था से उनकी खेती की लागत कम हो गई है। साथ ही फसल उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।
ग्वालियर जिले के विकासखंड भितरवार के ग्राम भरथरी (टेकनपुर) निवासी मानसिंह बघेल ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कुसुम योजना (घटक-बी) के अंतर्गत 90 प्रतिशत अनुदान पर स्टैंडअलोन सोलर पंप स्थापित कराया है। इस एक निर्णय ने उनकी खेती की दशा और दिशा दोनों बदल दीं। अब दिनभर सूर्य की रोशनी से उनके खेतों में निर्बाध और नि:शुल्क सिंचाई हो रही है। इससे सिंचाई पर होने वाला डीजल व बिजली बिल का खर्च पूरी तरह समाप्त हो गया है।
मानसिंह बघेल के पास पर्याप्त कृषि भूमि है, किंतु सिंचाई सदा उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती रही। पहले वे डीजल पंप और अस्थायी बिजली कनेक्शन के सहारे अपने खेतों की सिंचाई करते थे। डीजल व बिजली बिल पर काफी धनराशि खर्च हो जाती थी, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती और इसका सीधा असर परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ता था।
सोलर पंप स्थापित होने के बाद मानसिंह बघेल के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आया है। अब दिनभर सूरज की रोशनी से उनके खेतों में निःशुल्क और निर्बाध सिंचाई होती है। समय पर सिंचाई सुनिश्चित होने से उनकी फसलों में 25 से 30 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
मानसिंह बघेल बताते हैं कि सोलर पंप लगने से समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है। सिंचाई समय पर होने से फसलें बेहतर हुई हैं और उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना है कि अब मुझे बिजली बिल की चिंता नहीं रहती। मेरा घर भी सौर ऊर्जा से रोशन हो रहा है। मानसिक बघेल सरकार के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहते हैं कि कुसुम-बी योजना हम जैसे हजारों किसानों के लिए ऊर्जा स्वावलंबन और समृद्धि का द्वार खोल रही है। उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी शासन की अनुदान आधारित योजना से सोलर पंप लगवाकर खेती को लाभकारी बनाने की अपील की है।
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22 वर्षीय युवती के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 55 वर्षीय आजाद अली को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया है।

जांच में पता चला है कि आरोपी और युवती के बीच पिछले करीब डेढ़ साल से प्रेम संबंध थे। बताया जा रहा है कि जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाना शुरू किया, तब आरोपी ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने युवती को मिलने के बहाने सुनसान इलाके में बुलाया। वहां उसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई।

कुछ समय बाद युवती का शव नदी किनारे बरामद हुआ, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी आजाद अली को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके फरार साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और बढ़ते अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को भूमि हस्तांतरण की मंजूरी दे दी है।

उन्होंने कहा कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी और 45 दिनों के भीतर पूरी हो जाएगी।

उन्होंने केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत और राज्य सरकार की कई अन्य योजनाओं को लागू करने की भी घोषणा की।

अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, "पश्चिम बंगाल सरकार ने बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को भूमि हस्तांतरण की मंजूरी दे दी है। यह प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है और 45 दिनों के भीतर पूरी हो जाएगी।"

उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने स्कूल में दाखिले के आवेदकों की आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है, जैसा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था।

अधिकारी ने कहा, "बंगाल कैबिनेट ने मुख्य सचिव को राष्ट्रीय और राज्य कैडर के अधिकारियों के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रशिक्षण शुरू करने के लिए कदम उठाने का अधिकार दिया है।"

अधिकारी ने कहा, "पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने मुख्य सचिव को राष्ट्रीय और राज्य कैडर के अधिकारियों के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रशिक्षण शुरू करने के लिए कदम उठाने का अधिकार दिया है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने संविधान का उल्लंघन करते हुए बीएनएस (बंगाल जनगणना) को लागू नहीं किया, और कहा कि मंत्रिमंडल ने राज्य में इस आपराधिक कानून को लागू करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने आगे कहा, "पिछली सरकार ने गृह मंत्रालय के जून 2025 की जनगणना संबंधी परिपत्र की अनदेखी की थी। बंगाल मंत्रिमंडल ने इसे तत्काल लागू करने का आदेश दिया है।"

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पुलिस के घर पुलिस की दबिश, यूपी पुलिस में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सिपाही सुनील शुक्ला की मुसीबतें शुरू, आधी रात घर में घुस आई पुलिस।

दरअसल, बीते दिनों यूपी पुलिस के कांस्टेबल ने बड़े-बड़े अधिकारियों पर लखनऊ पुलिस लाइन में ड्यूटी के बदले रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगाया था, जिसके बाद सिपाही सुनील कुमार शुक्ला के घर पर बीती रात करीब 1 बजे 6 से 7 पुलिसकर्मी घुस आए।

सिपाही सुनील शुक्ला ने वीडियो के माध्यम से बताया है कि काले अंग्रेजों के आदेश पर मेरे घर आधी रात को पुलिस आई। वीडियो में सिपाही मुख्यमंत्री से पूछ रहा है, क्या मैं आतंकवादी हूं? क्या मैं नक्सली हूं? या मैंने किसी का बलात्कार किया है, या कोई लूट की है? क्या मैं किसी का हत्यारा हूं?

सिपाही ने आगे कहा, माननीय मुख्यमंत्री जी, मैं पूछना चाहता हूं क्या काले अंग्रेजों के पास मेरी आवाज दबाने का यही तरीका रह गया है? मेरी माताजी को प्रताड़ित किया जाएगा?

सिपाही कह रहा है, माननीय मुख्यमंत्री जी, इन काले अंग्रेजों द्वारा मुझे इस तरह तोड़ा नहीं जा सकेगा। अगर मुझे शांत कराना है, तो इन काले अंग्रेजों को मेरी हत्या करनी होगी।

सिपाही ने कहा, मेरी आवाज तभी बंद की जा सकेगी, जब पुलिस महकमे के भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और शोषण की जांच के लिए कमेटी बनाकर सुधार किया जाएगा।
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जल गंगा संवर्धन अभियान में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी

ढिलाई बरत रहे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

अंतरविभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर ने की शासन के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की समीक्षा

जल गंगा संवर्धन अभियान को सभी विभागीय अधिकारी गंभीरता से लें। निर्माणाधीन जल संरचनाओं को जल्द से जल्द पूर्ण कराएं, जिससे इन संरचनाओं का उपयोग इस साल की बारिश के पानी को सहेजने में हो सके। इसमें जो अधिकारी ढ़िलाई बरतेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में अधिकारियों को आगाह करते हुए दिए।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने जल गंगा संवर्धन अभियान में जिन विभागों की प्रगति ठीक नहीं है, उन विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिये कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। इनमें जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी वाटरशेड, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास व अपर आयुक्त नगर निगम शामिल हैं। बैठक में बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के प्रति लगातार उदासीनता सामने आने पर जिला पंचायत की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना शाखा के उपयंत्री पंकज पाठक की सेवायें समाप्त कर दी गई हैं।
सोमवार को कलेक्ट्रेट के स्व. टी धर्माराव सभागार में आयोजित हुई बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर अमल, बाढ़ प्रबंधन कार्ययोजना, सीएम हैल्पलाइन, समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन, किसान कल्याण वर्ष के तहत जिले में चल रहीं गतिविधियां, फार्मर आईडी एवं सांदीपनि स्कूलों से संबंधित समस्याओं के समाधान सहित सरकार की अन्य प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों व योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री कुमार सत्यम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सोजान सिंह रावत व एडीएम श्री सी बी प्रसाद सहित जिले के एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

जल भराव वाले क्षेत्रों के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार करें

आगामी मानसून और वर्षा ऋतु के दौरान संभावित बाढ़ एवं जल भराव की स्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पहले से ही पुख्ता तैयारी की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही जिले के सभी संभावित जल भराव वाले क्षेत्रों के लिये पुख्ता कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले जल भराव वाले इलाकों में विगत वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखकर उन बस्तियों और गांवों की सूची अपडेट करें, जहाँ पानी भरने की संभावना अधिक रहती है। साथ ही एहतियात बतौर राहत व बचाव की कार्ययोजना बनाएं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला एवं तहसील स्तर पर 15 जून से बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए जाएं, जो 24 घंटे कार्य करें। ग्वालियर नगर निगम सहित जिले के सभी नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में नालों व ड्रेनेज सिस्टम की साफ-सफाई और जल निकासी के अवरोधों को अभियान बतौर हटवाने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को ठहराने के लिए सुरक्षित भवनों, स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों का चयन कर वहाँ बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही होमगार्ड और आपदा प्रबंधन टीम को नाव, लाइफ जैकेट और अन्य रेस्क्यू उपकरणों के साथ तैयार रखें। कलेक्टर ने राहत व बचाव कार्य के लिये जरूरी सामग्री व उपकरणों एवं स्थानीय गोताखोरों की सूची तैयार कर लें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिले की ऐसी पुल-पुलियां जिनमें बरसात के दौरान पानी ओवर फ्लो होता है उन पर ड्रॉप गेट और इस आशय के सूचना पट लगवाएं कि पुल पर पानी होने पर न निकलें।
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां, ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीन की गोलियों की उपलब्धता रखने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि आपातकालीन स्थिति के लिए खाद्यान्न का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित रखें। आपात स्थिति में संबंधित क्षेत्रों में तत्काल अलर्ट व सूचना पहुँचाने के लिये मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने पर भी उन्होंने बल दिया।


समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचने आ रहे किसानों को कोई दिक्कत न हो

कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा कि आगामी दिनों के लिये बड़ी संख्या में किसानों द्वारा स्लॉट बुक कराए गए हैं। इसलिये खरीदी केन्द्रों पर बड़ी संख्या में किसान ट्रॉली में अपनी उपज लेकर पहुँचेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर उपार्जन केन्द्र पर ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे किसानों से जल्द से जल्द खरीदी हो जाए। खरीदी के लिये टोकन व्यवस्था भी बनाएं। साथ ही हर केन्द्र पर किसानों के लिये पर्याप्त छाया, शीतल पेयजल, ओआरएस व शरबत इत्यादि की व्यवस्था भी रहे।

बैठक की खास बातें एवं निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा ग्वालियर जिले के कार्यक्रमों में की गई घोषणाओं पर अमल के लिये तत्परता से कार्रवाई करें अन्यथा होगी सख्त कार्रवाई।
शेष किसानों की फार्मर आईडी बनाने के अभियान को और तेज करें। अगले 8 दिन में शेष सभी किसानों की बन जाएं आईडी। सभी एसडीएम इस पर व्यक्तिगत ध्यान दें।
स्कूलों के अत्यंत क्षतिग्रस्त भवनों में कदापि कक्षायें न लगें। नजदीकी शासकीय भवन में लगाएं कक्षायें।
कलेक्टर ने अधिकारियों के मोबाइल फोन में परख ऐप डाउनलोड कराया और दिए निर्देश कि शासकीय संस्थाओं का निरीक्षण कर इस ऐप पर जानकारी भरें।
जिले के बांधों व जलाशयों से पानी छोड़ने की सूचना पहले से ही दी जाए।
किसान कल्याण वर्ष के उपलक्ष्य में सरकार की मंशा के अनुरूप सभी विभाग किसानों को लाभान्वित कराएं।
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CM Madhya Pradesh

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देश में बढ़ती वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल, गैस या जरूरी सामानों की कोई कमी नहीं है। सरकार के मुताबिक भारत के पास करीब 60 दिनों का कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का भंडार मौजूद है, जबकि एलपीजी का 45 दिनों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

सरकार ने यह भी बताया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है और देश आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल रिफाइनर बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार बढ़ने के बावजूद सरकार ने आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखे हैं, जबकि सरकारी तेल कंपनियां भारी आर्थिक नुकसान झेल रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि वे ईंधन की बचत को आदत बनाएं। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो और कारपूलिंग का ज्यादा इस्तेमाल करने की सलाह दी। साथ ही किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 50% तक कम करने, प्राकृतिक खेती अपनाने और सोलर पंप के इस्तेमाल को बढ़ाने का आग्रह किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ईंधन बचाना सिर्फ आज की जरूरत नहीं बल्कि देश की भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा बड़ा कदम है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वैश्विक संकट लंबे समय तक चलता है तो भारत को आत्मनिर्भर और हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। सरकार की प्राथमिकताओं में ऊर्जा आपूर्ति को लगातार जारी रखना, आर्थिक स्थिरता बनाए रखना और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।

सरकार ने MSME और उद्योगों को राहत देने के लिए 2.55 लाख करोड़ की इमरजेंसी क्रेडिट योजना को मंजूरी दी है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि घबराकर अतिरिक्त खरीदारी न करें क्योंकि देश में खाद्य सामग्री, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

उर्वरकों को लेकर भी सरकार ने बड़ा दावा किया है। 11 मई तक देश में कुल खाद भंडार 199.65 लाख टन बताया गया है, जो पिछले साल की समान अवधि के 178.58 लाख टन से काफी ज्यादा है। खरीफ 2026 के लिए अनुमानित जरूरत 390.54 लाख टन है, जिसके मुकाबले मौजूदा स्टॉक 51% से अधिक है, जबकि सामान्य स्थिति में यह स्तर लगभग 33% रहता है।

सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में जिम्मेदार खपत यानी जरूरत के हिसाब से उपयोग की संस्कृति अपनाना बेहद जरूरी होगा, ताकि किसी भी वैश्विक संकट के दौरान देश मजबूत और आत्मनिर्भर बना रहे।

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मुस्लीम महिलांना मशिदीत जाण्याबाबत इस्लाम काय सांगतं? सुप्रीम कोर्टात कुणाला आव्हान दिलं गेलंय?

सर्वोच्च न्यायालयामध्ये कलम-25 आणि कलम-26 च्या संदर्भातील 7 प्रश्नांवर महत्त्वाची सुनावणी सुरू आहे. कलम-25 हे धार्मिक स्वातंत्र्याशी संबंधित आहे, तर कलम-26 अंतर्गत धार्मिक व्यवस्थापनाशी संबंधित आहे.

या 7 प्रश्नांच्या माध्यमातून, धार्मिक बाबींमध्ये न्यायालय किती हस्तक्षेप करू शकतं हे जाणून घेण्याचा न्यायालयाचा प्रयत्न आहे.

केरळच्या सबरीमाला मंदिरात महिलांना प्रवेश देण्याच्या मुद्द्यावरून जी सुनावणी सुरू आहे, त्यात हा मुद्दा पुढे आला आहे.

सर्वोच्च न्यायालयातील 9 सदस्यांच्या घटनात्मक खंडपीठासमोर ही सुनावणी होते आहे. या खंडपीठाचे अध्यक्ष सरन्यायाधीश सूर्यकांत आहेत.

यास्मीन जुबैर पीरजादा यांनी मशिदीतील महिलांच्या प्रवेशाशी संबंधित याचिका दाखल केली आहे.

या याचिकेत, मशिदीत महिलांना पहिल्या रांगेत नमाज पठण करू देण्याव्यतिरिक्त इतर अनेक मागण्या करण्यात आल्या आहेत.

यात मुसल्ला म्हणजे नमाजाचं पठण करवून घेणाऱ्या इमामाला पाहण्याची आणि एकाच दरवाजातून मशिदीमध्ये प्रवेश करण्याच्या मागणीचादेखील समावेश आहे.

यास्मीन जुबैर पीरजादा यांनी दाखल केलेल्या याचिकेत मिक्स्ड जेंडर नमाज पठण म्हणजे महिला आणि पुरुषांनी एकत्र नमाज पठण करण्याची परवानगी देण्याची मागणीदेखील करण्यात आली आहे.

ज्याप्रकारे पुरुष मशिदीत नमाज पठण करतात. त्याचप्रकारे नमाज पठण करण्याचं स्वातंत्र्य महिलांनादेखील असलं पाहिजे, अशी मागणी याचिका करणाऱ्यांनी केली आहे.

सध्या ही याचिकादेखील सबरीमाला मंदिराच्या सुनावणीशी जोडण्यात आली आहे. त्यामुळे याच सुनावणीच्या वेळेस मुस्लीम महिलांच्या या याचिकेवरदेखील सुनावणी होते आहे.

यास्मीन जुबैर पीरजादा यांनी केलेली याचिका 2019 सालची आहे. यात ऑल इंडिया मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डाला (एआयएमपीएलबी) प्रतिवादी करण्यात आलं आहे.

मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डाचं मत
यास्मीन जुबैर पीरजादा यांच्या याचिकेला उत्तर देताना ऑल इंडिया मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डानं (एआयएमपीएलबी) न्यायालयात प्रतिज्ञापत्र सादर केलं आहे.

मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डानं न्यायालयात सांगितलं आहे की, 'महिलांना मशिदीत जाण्याचं स्वातंत्र्य आहे. मात्र, काही नियमांच्या मर्यादेतच त्या मशिदीत नमाज पठण करू शकतात.'

मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डाचे सर्वोच्च न्यायालयातील वकील फुजैल अहमद अय्यूबी यांनी न्यायालयात सादर करण्यात आलेल्या प्रतिज्ञापत्राबद्दल बीबीसीला सांगितलं, "मशिदीत कोणतंही गर्भगृह किंवा गाभारा नसतो. मशिदीचा परिसरदेखील मशीदच असते. जो आधी येतो, त्याला आधीची जागा मिळते. इथे कोणत्याही प्रकारचं आरक्षण दिलं जाऊ शकत नाही."

अर्थात अय्यूबी यांचं म्हणणं आहे की, "न्यायालयात सध्या कलम-25 आणि कलम-26 शी निगडीत सुनावणी सुरू आहे. त्यावर निकाल आल्यानंतर ही सर्व प्रकरणं पुन्हा मूळ बेंचसमोर सुनावणीसाठी पाठवली जातील."

इस्लाममध्ये महिलांनी मशिदीत नमाज पठण करण्याचा इतिहास
इस्लामी कायद्याला शरियत असंदेखील म्हटलं जातं. त्यामध्ये महिलांच्या मशिदीतील प्रवेशबाबत अनेक हदीस (पैगंबर मोहम्मद यांची शिकवण) आहेत.

इस्लामी धर्मगुरू इमाम अहमद बिन हंबल यांचं 'मुसनद' हे पुस्तक आहे. त्यात जिल्द नंबर-9 मध्ये पैगंबरांचा संदर्भ देत म्हटलं आहे, "महिलांना जेव्हा मशिदीत जायचं असेल, तेव्हा त्यांना अडवू नका. कारण तो त्यांचा अधिकार आहे."

याच प्रकारे 'कुर्बुल असनद' या शिया समुदायाच्या हदीसमध्ये अब्दुल्ला बिन जाफर यांनी म्हटलं आहे, "हजरत अलींनी सांगितलं आहे की महिला पैगंबरांसोबत नमाज पठण करायच्या."

इस्लामचे विद्वान मौलाना वहीदुद्दीन खान यांनी 'वीमेन इन इस्लाम' हे पुस्तक लिहिलं आहे. या पुस्तकाच्या पान क्रमांक 59-60 मध्ये पैगंबर मोहम्मद यांच्या काळातील महिलांच्या परिस्थितीवर सविस्तर लिहिलेलं आहे.

त्यांनी लिहिलं आहे, "इस्लामी काळात मुस्लीम महिलांना मशिदीत जाण्याची आणि जमात किंवा एकट्यानं नमाज पठण करण्याची परवानगी होती."

संशोधक शब्बीर हसन यांचा 'द मॉडेल अँड एन्व्हायर्नमेंट ऑफ द प्रॉफेट्स मॉस्क्यू' हे संशोधन प्रकाशित झालेलं आहे. त्यात पैगंबरांच्या काळातील मुस्लीम महिलांच्या भूमिकेवर चर्चा करण्यात आली आहे.

या संशोधनात म्हटलं आहे, "पंधराव्या शतकातील इस्लामी विद्वान इब्न हजर अल-असकलानी यांची पत्नी, ज्या उन्स बिन्त अल-कादी किंवा उन्स खातून या नावानं ओळखल्या जात, नियमितपणे मशिदीत सार्वजनिक व्याख्यानं द्यायच्या."

त्यांचा दावा आहे की, "इजिप्तच्या 'अम्र इब्न अल-यास मस्जिद'मध्ये उन्स खातून यांना सार्वजनिकरित्या व्याख्यान देण्याच्या इतक्या संधी मिळाल्या होत्या की विख्यात विद्वान हदीस साहित्यातील त्यांच्या प्रचंड ज्ञान आणि आकलनाचा फायदा घेण्यासाठी त्यांच्या सभांमध्ये उपस्थित राहायचे."

याव्यतिरिक्त, शेख अकरम नदवी यांना महिला हदीस विदुषींवरील त्यांच्या कामामध्ये 'हिजाज (पश्चिम सौदी अरेबियाचा किनारी प्रदेश), सीरिया, इराक आणि मुस्लीम जगताच्या इतर भागांमधील सर्व प्रमुख मशिदींमध्ये शिक्षण घेणाऱ्या किंवा शिकवणाऱ्या शेकडो महिलांची उदाहरणं' आढळली आहेत.

शब्बीर हसन यांनी त्यांच्या संशोधनात लिहिलं आहे, "ही त्या काळी एक सामान्य गोष्ट होती. किंबहुना ज्ञान प्राप्तीमध्ये महिलांनी उत्तम कामगिरी करणं ही सामान्य बाब होती. त्यांच्यापैकी बहुतेकांसाठी मशीद हेच ज्ञान प्राप्तीचं प्रमुख केंद्र असायचं."

ऑल इंडिया वीमेन मुस्लीम पर्सनल लॉ च्या नेत्या आणि सामाजिक कार्यकर्त्या शाइस्ता अंबर म्हणतात, "इस्लाममध्ये महिलांना समान अधिकार आहेत. इस्लाममध्ये महिलांना व्यापार-व्यवसाय करण्याची परवानगी आहे. तसंच अनेक मुद्द्यांवर त्यांची मतं महत्त्वाची मानली गेली आहेत."

"पैगंबर मोहम्मद यांच्या पत्नी खदीजा या अरबस्तानातील एक प्रसिद्ध व्यावसायिक होत्या. मुस्लिमांमध्ये उपासनेच्या बाबतीत पुरुष आणि महिलांमध्ये कोणताही मूलभूत स्वरुपाचा भेदभाव करण्यात आलेला नाही."

लखनौमधील प्रमुख धर्मगुरू मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली बीबीसीला म्हणाले, "पैगंबर मोहम्मद साहेबांच्या काळापासूनच ही परंपरा आहे. सौदी अरेबिया, मक्केतील मस्जिद-ए-हरम म्हणजे काबा आणि मदिनेतील मस्जिद-ए-नबवी, इस्रायलमधील मस्जिद-अल-अक्सा ज्याला बैतुल मुकद्दस असंही म्हणतात, या सर्व ठिकाणी हज आणि उमराच्या वेळेस महिला पुरुषांसोबत नमाज पठण करतात."

अर्थात, मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली यांचा युक्तिवाद आहे की, "महिलांनी मशिदीमध्ये येण्यावर भर देण्यात आलेला नाही. कारण काही नमाजांच्या वेळेस अंधार असतो. उदाहरणार्थ पहाटे आणि संध्याकाळच्या नमाजांच्या वेळेस अंधार असतो. त्यामुळे त्याचा संबंध सुरक्षेशी आहे."

या मुद्द्यावर मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली म्हणाले, "मोठ्या मशिदींमध्ये महिलांसाठी वेगळी व्यवस्था आहे. मात्र भारतातील मशीदी छोट्या असतात. त्यामुळे वेगळी व्यवस्था करणं कठीण आहे. लखनौच्या ऐशबागमध्ये महिला समुदायासोबतच नमाज पठण करतात. कारण तिथे जागा आहे."

अर्थात, महिलांना नमाज पठण करता येईल, अशी परिस्थिती प्रत्येक मशिदीमध्ये नसते. यावर मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली म्हणाले, "जागेच्या अभावामुळे प्रत्येक मशिदीत व्यवस्था करणं कठीण आहे. मात्र जिथे महिला नमाज पठण करत आहेत, तिथे त्या बुरखा घालून किंवा पडद्या आडूनच नमाज पठण करू शकतात."

या प्रकरणातील सर्वोच्च न्यायालयातील मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डाचे वकील फुजैल अहमद अय्यूबी म्हणाले, "याबाबतीत मुस्लिमांची भूमिका राज्यघटनेनुसार आहे."

त्यांनी दावा केला की, "राज्यघटनेचं कलम-25 भेदभावाला प्रतिबंध करतं. त्यानुसार महिलांच्या मशिदीतील प्रवेशावर कोणतंही बंधन नाही. मात्र राज्यघटनेच्या कलम-26 आणि 26 ब अंतर्गत त्यांना मशिदीच्या आत व्यवस्थापन करण्याचं स्वातंत्र्यदेखील आहे."

शिया-सुन्नी विद्वानांचं मत
मुस्लीम महिलांना मशिदीत प्रवेश करण्याबाबत आणि नमाज पठण करण्याबाबत शिया आणि सुन्नी या दोन्ही प्रमुख मुस्लीम समुदायांचं मत जवळपास सारखंच आहे. म्हणजेच मशिदीमध्ये बुरखा घालून किंवा पडद्याआड राहून वेगळं नमाज पठण केलं जाऊ शकतं.

मुंबईतील शिया धर्मगुरू मौलाना अशरफ जैदी हे सुन्नी मौलवींच्या विचारांशी सहमत आहेत. ते म्हणाले, "इस्लाममध्ये मशिदीत येण्यावर कोणतंही बंधन नाही. मात्र महिलांसाठी घरालाच मशीद ठरवण्यात आलं आहे."

ते म्हणाले, "10 हिजरीमध्ये पैगंबर मोहम्मद यांनी हज केलं होतं. त्यावेळेस त्यांच्याबरोबर महिलासुद्धा होत्या."

त्यांच्या मते, "महिलांवर घरातील कामाचा ताण असतो, त्यामुळे मशिदीत जाऊन नमाज पठण करणं त्यांच्यासाठी अनिवार्य करण्यात आलेलं नाही."

"दुसऱ्या बाजूला पुरुषांसाठी मशिदीत नमाज पठण करण्याचं अधिक महत्त्वाचं आहे. अनेक ठिकाणी मशिदींमध्ये महिलांच्या प्रवेशासाठी स्वतंत्र दरवाजे तयार करण्यात आले आहेत."

या मुद्द्याबाबत मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली यांना वाटतं की, "इस्लाममध्ये पुरुषांवर नजरेचं बंधन आहे आणि महिलांनी शरीर झाकणं बंधनकारक आहे. त्यामुळेच, कोणाचीही गैरसोय होऊ नये, म्हणून वेगवेगळी प्रवेशद्वारं तयार करण्यात आली आहेत."

त्यांच्या मते, "हा शरीयतचा अनिवार्य नियम नाही. तर एक व्यवहारी स्वरुपाची व्यवस्था आहे. जेणेकरून प्रत्येकजण नमाजाच्या योग्य वेळी मशिदीत जाऊ शकेल."

जगात वेगवेगळ्या ठिकाणी काय पद्धत आहे?
एका अंदाजानुसार, जगभरात जवळपास 2 अब्ज मुस्लीम लोक आहेत. त्यामध्ये भारतात मुस्लिमांची संख्या जवळपास 20 कोटी आहे.

भारतातील मुस्लीम, हे जगातील तिसरी मोठी लोकसंख्या आहे. जगभरातील मुस्लिमांमध्ये वेगवेगळे पंथ आहेत. भारत, पाकिस्तान आणि सौदी अरेबियासारख्या देशांमध्ये सुन्नी मुस्लिमांची संख्या अधिक आहे. तर इराणमध्ये शिया मुस्लिमांची संख्या अधिक आहे.

मोहम्मद जावेद खान लखनौचे रहिवासी आहेत. ते जवळपास 30 वर्षांपासून जपानमध्ये राहत आहेत. ते तिथल्या संसदेच्या एका समितीमध्ये सल्लागारदेखील आहेत.

"जपानची राजधानी असलेल्या टोकियोमध्ये जवळपास 200 मशीद असतील. मात्र फक्त काही मशिदींमध्येच महिलांनी नमाज पठण करण्याची सुविधा आहे," असं ते म्हणाले.

"मी जगातील अनेक देशांमध्ये गेलो आहे. मात्र कुठेही मशिदीत महिलांच्या प्रवेशावर पूर्णपणे बंदी नाही. अर्थात, प्रत्येक मशिदीत नमाज पठण करता येत नाही कारण ज्या मशिदीत बुरखा किंवा पडद्याआतून नमाज पठण करण्याची सुविधा आहे, तिथेच महिला नमाज पठण करू शकतात," असं जावेद खान पुढे म्हणाले.

मुंबईतील इस्लामी विद्वान आणि शिया धर्मगुरू मौलाना अशरफ जैदी म्हणाले, "इस्लाममध्ये पडदा अनिवार्य आहे. त्यामुळे महिला मशिदीत वेगळ्या भागातच नमाज पठण करू शकतात."

लखनौच्या ताहिरा हसन सामाजिक कार्यकर्त्या आहेत. त्या महिलांच्या अधिकारांसाठी काम करतात. त्या बीबीसीला म्हणाल्या, "इस्लाममध्ये महिलांना समान अधिकार देण्यात आले आहेत. त्यामुळेच महिलांच्या मशिदीत जाण्याबद्दल कोणतेही निर्बंध नसावेत. उलट मुस्लीम समाजात आदर्श घालून देणाऱ्या महिला झाल्या आहेत."

ताहिरा हसन म्हणाल्या, "पैगंबर मोहम्मद साहेबांच्या पत्नी खदीजा या एक यशस्वी व्यावसायिक होत्या. त्यांची मुलगी फातिमा आणि नात जैनब या महिलांसाठी एक आदर्श आहेत. कर्बलाच्या लढाईनंतर जर जैनब यांनी यजीदच्या विरोधात आवाज उठवला नसता, तर आज इस्लामचं स्वरुप वेगळंच राहिलं असतं."

मौलाना वहीदुद्दीन खान यांनी 'वीमेन इन इस्लाम' हे पुस्तक लिहिलं आहे. त्यांनीदेखील या पुस्तकात लिहिलं आहे की, "युद्धाच्या वेळेस किंवा संकटाच्या वेळेस पैगंबर यांची मुलगी फातिमा लोकांची सेवा करायची."

दुसऱ्या बाजूला, काही सामाजिक कार्यकर्त्यांचा दावा आहे की महिलांना कोणत्याही अडथळ्याशिवाय मशिदीमध्ये जाण्या-येण्याचे पूर्ण स्वातंत्र्य नाही.

ऑल इंडिया वीमेन मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डाच्या अध्यक्ष शाइस्ता अंबर म्हणतात, "मी माझ्या मुलाला 1995 मध्ये लखनौमधील एका मशिदीत ईदची नमाज पठण करण्यासाठी घेऊन गेली होती. मात्र मशीद व्यवस्थापनानं मला चांगली वर्तणूक दिली नव्हती."

त्यांनी दावा केला की, "त्यानंतर मी लखनौमध्ये स्वत:च्या पैशांनी जमीन विकत घेऊन मशीद आणि धर्मशाळा बांधली. तिथे मुस्लिमांच्या सर्व पंथांना आणि महिलांना नमाज पठण करण्याचं स्वातंत्र्य आहे."

महिलांना मशिदीत जाण्याचं पूर्ण स्वातंत्र्य आहे, हा ऑल इंडिया मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डानं केलेला दावा, शाइस्ता अंबर यांना योग्य वाटत नाही.

"मुस्लीम पर्सनल लॉ बोर्डानं हे सांगितलं पाहिजे की किती मशिदींमध्ये महिलांसाठी स्वतंत्र जागा, वजू करण्याची जागा आणि शौचालयांची व्यवस्था आहे," असं शाइस्ता अंबर म्हणाल्या.

मुस्लिमांचं सर्वात पवित्र ठिकाण असलेल्या मक्केमध्ये महिलांना पुरुषांसोबत नमाज पठण करण्याचं स्वातंत्र्य आहे, असं त्या म्हणाल्या.

मुंबईतील मौलाना अशरफ जैदी म्हणाले, "महिला काबामध्ये त्यांची स्वतंत्र रांग बनवून नमाज पठण करतात."

सर्वोच्च न्यायालयाचे 7 प्रश्न काय आहेत?
सबरीमाला प्रकरणाच्या सुनावणीच्या वेळेस सर्वोच्च न्यायालयानं 7 प्रश्न उपस्थित केले आहेत. त्याच प्रश्नांच्या चौकटीत या सर्व याचिकांवर सुनावणी होते आहे.

सर्वोच्च न्यायालयातील वकील फुजैल अहमद अय्यूबी म्हणतात की न्यायालयानं सुनावणीसाठी पुढील 7 प्रश्न निश्चित केले आहेत. याच प्रश्नांच्या चौकटीत सुनावणी सुरू आहे.

भारताच्या राज्यघटनेच्या कलम-25 अंतर्गत धार्मिक स्वातंत्र्याच्या अधिकाराची व्याप्ती आणि मर्यादा काय आहे?
भारताच्या राज्यघटनेच्या कलम-25 अंतर्गत व्यक्तींचे अधिकार आणि कलम-26 अंतर्गत धार्मिक पंथांचे अधिकार यामध्ये काय संबंध आहे?
कलम-26 अंतर्गत एखाद्या धार्मिक पंथाचे अधिकार, सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता आणि आरोग्य याव्यतिरिक्त, राज्यघटनेच्या भाग-3 च्या इतर तरतुदींच्या अधीन आहेत का?
कलम-25 आणि कलम-26 अंतर्गत 'नैतिकता' या संज्ञेची व्याप्ती आणि मर्यादा काय आहेत आणि यामध्ये घटनात्मक नैतिकतेचा समावेश आहे?
कलम-25 मध्ये नमूद करण्यात आलेल्या कोणत्याही धार्मिक प्रथेबाबत न्यायालयीन पुनरावलोकनाची व्याप्ती आणि मर्यादा काय आहेत?
कलम-25 (2) (ख) मध्ये देण्यात आलेल्या 'हिंदूंचा वर्ग' या अभिव्यक्तीचा अर्थ काय आहे?
एखादी व्यक्ती, जी कोणत्याही धार्मिक पंथ किंवा धार्मिक समुदायाशी संबंधित नाही, ती जनहित याचिका दाखल करून दुसऱ्याच्या धार्मिक प्रथेला आव्हान देऊ शकते का?

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
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RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
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Unpredictable eruptions, ash inhalation: What hikers need to know about active volcanoes

While expeditions to active volcanoes come with risks, experts say informed preparation can make the difference.

A handout picture taken and released by Indonesias Geological Agency on May 8, 2026, shows smoke rising from the eruption of Mount Dukono as seen from Tobelo, North Maluku. (Photo: AFP/Indonesia's Geological Agency)

SINGAPORE: Every year, Mr Jeremy Tong takes expedition groups to some of Southeast Asias most popular mountains among them Mount Kerinci, the highest active volcano in Southeast Asia and one of Sumatras most active.

The draw is beauty and a sense of adventure, said Mr Tong, who runs a travel expedition company, JTrace, and has led expeditions for over 12 years.

When you climb the volcano, there's this sense of humility and respect for nature, because the mountain is alive, the 36-year-old said.

The recent deadly eruption at Indonesias Mount Dukono has put a spotlight on the risks of hiking active volcanoes. Experts told CNA that while such expeditions carry certain dangers, hikers can take precautions.

Don't be afraid of volcanoes. Not all volcanoes are the same. Some volcanoes more active, some volcanoes less active always do your research, do your homework, ask questions, said Mr Tong.

THE RISKS OF AN ACTIVE VOLCANO
One of the most underestimated risks hikers face on active volcanoes is the unpredictability of eruptions, said Dr Mirzam Abdurrachman, who works at the Petrology, Volcanology and Geochemistry Research Group at Bandung Institute of Technology in Indonesia.

Mount Dukono has been erupting almost continuously since 1933, yet many hikers underestimate how quickly conditions can change, he said.

Fridays eruption killed three hikers, including two Singaporeans. Seven other Singaporeans were among the 17 people who survived.

Volcanic hazards extend well beyond lava flows, Dr Abdurrachman said. Ash inhalation, falling rocks, crater explosions and lahars volcanic mudflows triggered by rain are often more dangerous for hikers.

Some active volcanoes are more dangerous for hikers because of their eruption style, frequency, gas emissions and crater accessibility, he added.

The death toll from active volcanoes has at times been severe. In 2023, Indonesia's Mount Marapi erupted, killing 23 hikers. In December 2019, an eruption on Whakaari Island in New Zealand killed 22 people, many of them tourists.

Some types of eruptions are especially dangerous because they occur with little warning.

Phreatic eruptions short-lived blasts of steam can catch hikers off guard, said Associate Professor Benoit Taisne from the Asian School of the Environment and Earth Observatory of Singapore at Nanyang Technological University. A phreatic explosion at Japan's Mount Ontake killed 63 hikers in 2014.

Volcanoes with small daily explosions that can be observed from a safe distance may pose less risk, he added.

You won't be close enough to be at risk because you know it's erupting, he said.

Volcanoes showing no signs of unrest or pending activity also tend to be safe for hikers.

Under the Global Volcanism Program's definition volcanoes that have erupted in the last 10,000 years active volcanoes can be safe to visit, depending on the information that relevant agencies hold, he said.

VOLCANO FORECASTING
The best precaution is to check official monitoring sources before making the hike, said Assoc Prof Taisne.

As soon as the alert level rises above the lowest, hikers should consult the local authority's website for guidance. In Indonesia, these include the geohazard monitoring platform MAGMA and the Volcanological Survey of Indonesia website.

Dr Abdurrachman, who is also secretary-general of the Indonesian Geologists Association, said hikers should understand that these risk assessments are scientific hazard evaluations, not suggestions.

A Level II or higher alert status does not mean the volcano is safe for tourism; it means volcanic activity is elevated and dangerous areas must be avoided, he said.

While volcano forecasting has improved significantly over recent decades, pinpointing the exact timing and scale of an eruption remains extremely challenging, Assoc Prof Taisne said.

Scientists rely on a combination of monitoring tools, including seismic activity, ground deformation, gas emissions and thermal observations, to identify changes within the volcanic system.

Changes can occur on different timescales, from short hours to long, days or months, he said.

For those already en route to a volcano, warning signs include visible degassing, an intensifying smell of sulphur or vibrations in the ground.

Mr Vivek Vaidya, founder of Trekkers@Heart, said expedition groups should check with local guides for any adverse signs.

A common mistake trekkers make is hiring unqualified local guides to save a few dollars, he said. Experienced, knowledgeable local guides can pick up subtle changes in weather, smells or sounds that may signal danger.

PREPARATION AND MINDSET
Safety precautions begin well before the trip, expedition guides said. Mr Vaidya's company runs monthly hikes in Malaysia and weekly hikes in Singapore across different terrains to build real-life trekking experience.

We insist that trekkers take fitness preparation, mental preparation and gear preparation very seriously, he said.

Ms Joanne Soo, 55, founder of Ace Adventure Expeditions, agreed. In 30 years of trekking, she has led trips to active volcanoes including Mount Rinjani in Indonesia and Mount Fuji in Japan. She advises hikers not to rely solely on their organisers for information.

Any mountain trip is always a risk. So it's important that we as individuals understand the risk we take on, and how ready are we to actually attempt it, she said.

Importantly, hikers must be prepared to turn back if conditions change, said Mr Tong.

People say, Oh, we're only here for a while. We have never been here before. We want to attempt the summit because what are the chances of coming back again? That needs to be removed, he said.

If a restricted zone has been issued, then it needs to be adhered to at all costs.

*Devashish Govind Tokekar*
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निरंतरता (Consistency) ही सफलता की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सीढ़ी है।
जो गिरकर फिर उठना सीख जाता है, वही एक दिन इतिहास लिखता और
इतिहास गवाह है कि आंदोलन एक दिन में सफल नहीं होते। उसके धीरे-धीरे जनसमर्थन जुटाना पड़ता हैं, संघर्ष करना पड़ता हैं, उपहास सहना पड़ता हैं, बाधाओं से लड़ना पड़ता हैं और तब जाकर अंततः विजय प्राप्त करते हैं। भारत का स्वतंत्रता आंदोलन।
शुरुआत में यह कुछ जागरूक लोगों की आवाज़ था। धीरे-धीरे यह जन-जन का आंदोलन बना। पहले छोटी सभाएँ हुईं, फिर सत्याग्रह हुए, फिर लाखों लोग जुड़े। वर्षों तक संघर्ष चला, अनेक बलिदान हुए, तब जाकर देश आज़ाद हुआ।
ऐसे ही हम अपने उत्तराखंड राज्य आंदोलन को ही लें तो पहले यह कुछ लोगों की मांग थी, लेकिन धीरे-धीरे पहाड़ के गांव-गांव से आवाज़ उठी। मातृशक्ति, युवा, छात्र, कर्मचारी, हर वर्ग सड़कों पर उतरा। लंबे संघर्ष, बलिदान और जनदबाव के बाद अलग उत्तराखंड राज्य बना और अब फिर इतिहास अपने आप को दोहराता दिख रहा है स्थायी राजधानी गैरसैंण का आंदोलन भी है धीरे धीरे अपने निर्धारित लक्ष्य की और बढ़ रहा है
यह संघर्ष कुछ लोगों को छोटा दिख सकता है, पर हर बड़े परिवर्तन की शुरुआत छोटी ही होती है। जब जनता जागती है, जब लोग अपने हक के लिए लगातार खड़े रहते हैं, जब आवाज़ गाँव-गाँव से उठती है, तब सत्ता को सुनना ही पड़ता है।
गैरसैंण केवल राजधानी नहीं, पहाड़ की अस्मिता, संतुलित विकास, जनभावनाओं का प्रतीक और 42+1 सहिदों को सच्ची श्रद्धांजलि है..
यदि संघर्ष निरंतर, शांतिपूर्ण और संगठित रहेगा, तो आज की छोटी चिंगारी कल उत्तराखंड के हर एक गाँव शहर मे ज्वालामुखी की तरह भी बन सकती है।

धीरे चलने वाला आंदोलन भी इतिहास बदल देता है, यदि उसके पीछे जनता का विश्वास और संकल्प हो।
जय भारत
जय उत्तराखंड
जय पहाड़

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शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से मिला परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल, समस्याओं के समाधान का मिला भरोसा

पटना। परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नवमनोनीत शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान महासंघ के पदाधिकारियों ने अंग वस्त्र और पुष्पगुच्छ (बुके) भेंट कर शिक्षा मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी।

शिक्षक समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा...........
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के शिक्षकों को आ रही विभिन्न प्रशासनिक और सेवा संबंधी समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया। महासंघ के नेताओं ने शिक्षकों के लंबित मामलों, वेतन विसंगतियों और कार्यदशाओं में सुधार को लेकर एक मांग पत्र भी सौंपा।

मंत्री का आश्वासन: "जल्द निकलेगा समाधान"......
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि,
"सरकार शिक्षकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। शिक्षक राष्ट्र के निर्माता हैं और उनकी जायज समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर यथाशीघ्र हल किया जाएगा।"

संगठन के पदाधिकारियों ने साझा किए विचार....
मुलाकात के बाद महासंघ के नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी:
नवनीत कुमार (प्रदेश अध्यक्ष) एवं प्रणय कुमार (प्रदेश संयोजक): "शिक्षा मंत्री के साथ सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई है। हमें पूर्ण विश्वास है कि उनके नेतृत्व में शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।"

शिशिर कुमार पाण्डेय (प्रदेश संगठन महामंत्री) एवं अशोक कुमार (प्रदेश अध्यक्ष, प्रधान शिक्षक प्रकोष्ठ): "शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया है कि विभागीय स्तर पर आने वाली बाधाओं को दूर कर जल्द ही राहत पहुंचाई जाएगी।"

मृत्युंजय ठाकुर (प्रदेश मीडिया प्रभारी): "महासंघ शिक्षकों की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री जी के सकारात्मक रुख से प्रदेश के हजारों शिक्षकों में आशा की नई किरण जगी है।"

इस अवसर पर संगठन के कई अन्य प्रमुख सदस्य भी मौजूद रहे, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षकों के सम्मान को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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Vidisha के Kurwai अंतर्गत ग्राम कलरयाई में विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही सामने देखने को मिली है। गांव में कई स्थानों पर बिजली के तार जमीन के बेहद करीब लटक रहे हैं, जिससे ग्रामीणों एवं पशुओं की जान को हमेशा खतरा बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी विद्युत विभाग के कर्मचारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लटकते तारों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, विशेषकर बारिश एवं तेज हवा के दौरान करंट फैलने की संभावना और अधिक बढ़ जाती है।

गांव के लोगों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द तारों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित ऊंचाई पर किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय दुर्घटना से बचा जा सके।

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वाराणसी के आंगनबाड़ी केंद्रों में अब बच्चों के पोषण के साथ-साथ उनकी शुरुआती शिक्षा (Pre-Primary) को भी नई धार दी जाएगी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सोमवार को जिला पोषण समिति की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निर्देश दिया कि प्राथमिक विद्यालयों की तर्ज पर अब आंगनबाड़ी के बच्चों का भी 'निपुण असेसमेंट' कराया जाएगा।

मई तक असेसमेंट, फिर प्राइमरी स्कूल में दाखिला
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर शैक्षिक गतिविधियों का दैनिक कैलेंडर जारी किया जाए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग हो। उन्होंने निर्देश दिया कि:मई माह के अंत तक सभी निर्धारित मानकों के आधार पर बच्चों का मूल्यांकन (Assessment) कर लिया जाए।

जो बच्चे मानक पूरे कर लेते हैं, उनका नामांकन सीधे प्राथमिक विद्यालय की कक्षा-1 में कराया जाए।

जो बच्चे मानक से पिछड़ रहे हैं, उन पर विशेष ध्यान देकर अगले 2 महीने के भीतर उन्हें 'निपुण' बनाया जाए।

क्या हैं आंगनबाड़ी के लिए 'निपुण लक्ष्य'?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए कुछ मानक तय किए गए हैं, जिन्हें हासिल करना अनिवार्य है:

आकृतियों (Shapes) और रंगों की पहचान।

हिंदी और अंग्रेजी वर्णमाला का बुनियादी ज्ञान।

1 से 20 तक की गिनती।

बिना मात्रा वाले दो अक्षरों के कम से कम पांच शब्दों को पढ़ने की क्षमता।अभिभावकों को मिलेगा 'असेसमेंट कार्ड'
बच्चों की प्रगति को पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने असेसमेंट कार्ड जारी करने के निर्देश दिए हैं। इससे अभिभावकों को अपने बच्चे के सुधार की जानकारी मिल सकेगी और आंगनबाड़ी में दी जाने वाली 'स्कूल पूर्व शिक्षा' के प्रति उनका विश्वास बढ़ेगा।

26 हजार से अधिक बच्चों का होगा मूल्यांकन
जिला कार्यक्रम अधिकारी डी.के. सिंह ने बैठक में बताया कि जनपद के 3914 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 5 से 6 वर्ष की आयु के कुल 26,664 बच्चे पंजीकृत हैं। इन सभी बच्चों का निपुण असेसमेंट चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा।

कुपोषण पर भी पैनी नजर
शिक्षा के साथ-साथ जिलाधिकारी ने गंभीर कुपोषित बच्चों के साप्ताहिक फॉलो-अप और उनके खान-पान की विशेष निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पोषण और शिक्षा दोनों ही बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं।

बैठक में इनकी रही मौजूदगी:समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय राय, जिला कार्यक्रम अधिकारी डी.के. सिंह, समाज कल्याण अधिकारी गिरीश दुबे, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित सभी ब्लॉकों के बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) उपस्थित रहे

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कल्याण विभाग की योजनाओं की प्रगति की उपायुक्त ने की व्यापक समीक्षा*

*जनकल्याणकारी योजनाओं को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के दिए निर्देश*

*उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप संवेदनशीलता, सक्रियता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।*

बैठक में मुख्य रूप से *पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, साइकिल वितरण योजना, बिरसा आवास योजना, धुमकुड़िया भवन निर्माण, कब्रिस्तान घेराबंदी, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना, संविधान की धारा 275(1) अंतर्गत संचालित योजनाओं तथा पीवीटीजी एंटाइटलमेंट सर्वे 2026 की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।*

उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा करते हुए सभी प्रखंडों के बीईईओ को अविलंब आवश्यक डेटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों की भी समीक्षा की गई। जिला कल्याण पदाधिकारी ने जानकारी दी कि जिले में विभाग द्वारा 5 आवासीय विद्यालय तथा एनजीओ के माध्यम से 6 विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। वहीं जिले में दो एकलव्य विद्यालयलिट्टीपाड़ा एवं पाकुड़िया में संचालित हैं। उपायुक्त ने दोनों एकलव्य विद्यालयों के आधारभूत संरचना विकास हेतु आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कल्याण विभाग द्वारा संचालित अस्पतालों की स्थिति, उपलब्ध बेड की संख्या एवं मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक संसाधनों की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। बैठक में अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय, हिरणपुर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया गया। साथ ही ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था को लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक को सर्वे कराने तथा विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का सर्वे स्पेशल डिवीजन के कार्यपालक अभियंता से कराने का निर्देश दिया गया।उपायुक्त ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को नियमित शिविर आयोजित कर आमजनों को योजनाओं के प्रति जागरूक करने, लाभुकों से फीडबैक प्राप्त करने तथा उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है, इसलिए सभी अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

*मौके पर परियोजना निदेशक आईटीडीए सह जिला कल्याण पदाधिकारी श्री अरूण कुमार एक्का, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री नयन कुमार, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी समेत अन्य उपस्थित थे।*
Hemant Soren

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तुरंबव प्रीमियर लीगमधून युवकांचा एकोपा आणि क्रीडाभावनेचे दर्शन !

चिपळूण : (विश्वनाथ पंडित) तुरंबव येथील युवकांनी तुरंबव प्रीमियर लीग (TPL) या क्रिकेट स्पर्धेचे यशस्वी आयोजन केले. गावामध्ये एकोपा, बंधुभाव वाढवणे, ग्रामीण भागातील क्रीडा संस्कृतीस चालना देणे, तेथील युवकांना आपले क्रीडा कौशल्य दाखवण्यासाठी एक व्यासपीठ उपलब्ध करून देणे हा या स्पर्धेमागील मुख्य उद्देश होता.
स्पर्धेच्या शुभारंभप्रसंगी शारदा टूस्टचे अध्यक्ष दशरथ पंडित, समाज सेवक सुनिलशेठ जाधव, बाळशेठ जाधव, शैलेश पंडित, दीपक घागरम, राजाराम पंडित, गौरव पवार यांच्यासह ग्रामस्थ, बाल क्रिडापटू मोठ्या संख्येने यावेळी उपस्थित उपस्थित होते. खेळाडूंनी उत्कृष्ट खेळ, एकजूट आणि बंधुप्रेमाचे दर्शन घडवत स्पर्धा यशस्वीरीत्या पार पाडली. या उपक्रमाला युवकांसह ग्रामस्थांकडूनही उत्स्फूर्त प्रतिसादही मिळाला. युवकांमधील ऐक्य, बंधुभाव आणि एकजूट कायम टिकून राहावी, हा या क्रिकेट लीगचा मुख्य उद्देश असून भविष्यातही ही लीग नियमितपणे आयोजित करण्याचा मानस आयोजकांनी व्यक्त केला.
यावेळी मोठ्यांचे आशीर्वाद आणि मार्गदर्शन गावातील तरुणांसाठी प्रेरणादायी ठरत राहील, असे मतही आयोजक समितीने व्यक्त केले.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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जामखेड : राज्यातील ग्राम रोजगार सहाय्यकांच्या विविध प्रलंबित प्रश्नांबाबत सामाजिक कार्यकर्ते तथा माहिती अधिकार कार्यकर्ते राविराज शिंदे यांनी पंतप्रधान कार्यालयाकडे ई-मेलद्वारे निवेदन सादर केले आहे. ग्रामीण विकास योजनांच्या प्रभावी अंमलबजावणीत ग्राम रोजगार सहाय्यकांची महत्त्वपूर्ण भूमिका असून त्यांच्या कामकाजातील अडचणी तातडीने सोडवाव्यात, अशी मागणी या निवेदनातून करण्यात आली आहे.
निवेदनात नमूद करण्यात आले आहे की, ग्राम रोजगार सहाय्यक हे अनेक वर्षांपासून ग्रामीण विकास योजनांची प्रभावी अंमलबजावणी करत असून शासनाच्या योजना तळागाळातील नागरिक आणि शेतकऱ्यांपर्यंत पोहोचविण्याचे महत्त्वाचे कार्य करत आहेत. मात्र, त्यांच्या कामकाजाशी संबंधित अनेक गंभीर समस्या निर्माण झाल्या असून त्यावर तातडीने निर्णय घेण्याची आवश्यकता आहे.
निवेदनामध्ये शासन निर्णयांची प्रभावी व तात्काळ अंमलबजावणी करण्याची मागणी करण्यात आली आहे. तसेच घरकुल व फलोत्पादन योजनांप्रमाणे वैयक्तिक सिंचन विहीर योजनेलाही NMMS फेस स्कॅन उपस्थिती प्रणालीतून वगळण्यात यावे, अशी मागणी करण्यात आली आहे.
याशिवाय NMMS फेस स्कॅन उपस्थिती प्रणालीमुळे ग्राम रोजगार सहाय्यकांचे काम पूर्णवेळ कर्मचाऱ्यांप्रमाणे झाले असल्याने २ मे २०११ च्या शासन निर्णयात आवश्यक सुधारणा करण्यात याव्यात, असेही निवेदनात नमूद करण्यात आले आहे.
ग्राम रोजगार सहाय्यकांचे मानधन नियमितपणे त्यांच्या वैयक्तिक बँक खात्यात थेट जमा करण्यात यावे, तसेच मनरेगा अंतर्गत सुरू असलेल्या तांत्रिक अडचणींमुळे मस्टर रोल तयार करणे आणि कामे वेळेत पूर्ण करणे कठीण होत असल्याने मुदतवाढ अथवा पर्यायी व्यवस्था उपलब्ध करून द्यावी, अशी मागणी देखील करण्यात आली आहे.
राज्यातील ग्राम रोजगार सहाय्यक व शेतकऱ्यांच्या हितासाठी या मागण्यांचा सहानुभूतीपूर्वक विचार करून आवश्यक कार्यवाही करावी, अशी विनंती निवेदनाद्वारे करण्यात आली आहे.

#GramRozgarSahayak #MGNREGA #PMO #RuralDevelopment #NMMS #मनरेगा #ग्रामरोजगारसहाय्यक #जामखेड #अहिल्यानगर #RTIActivist #SocialWorker

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नाशिक येथे दर्पणकार बाळशास्त्री जांभेकर पत्रकार संस्था (संघ) यांच्या वतीने आयोजित करण्यात आलेल्या इंटरनॅशनल ग्लोबल अचिव्हर्स अवॉर्ड पुरस्कार वितरण सोहळ्याला आज उत्साहपूर्ण वातावरणात सुरुवात झाली. सावित्री कलयुगातली या मराठी चित्रपटाचे निर्माते व अभिनेते कराटे मास्टर नानासाहेब बच्छाव यांनी दीप प्रज्वलन करून कार्यक्रमाची सुरुवात झाली.
महाराष्ट्र दिनानिमित्त आयोजित करण्यात आलेल्या या भव्य कार्यक्रमास विविध क्षेत्रातील मान्यवर, पत्रकार, समाजसेवक, उद्योजक तसेच सांस्कृतिक क्षेत्रातील व्यक्तींनी मोठ्या संख्येने उपस्थिती लावली.
गंगापूर रोड येथील मालोजीराव मोगल कॉलेज सभागृहात पार पडलेल्या या सोहळ्यात विविध क्षेत्रात उल्लेखनीय कार्य करणाऱ्या 60 व्यक्तींना गौरविण्यात आले.
कार्यक्रमात सेलिब्रिटी गेस्ट म्हणून सावित्री कलयुगातली या मराठी चित्रपटाचे निर्माते व खलनायक अभिनेते कराटे मास्टर नानासाहेब बच्छाव यांना प्रमुख पाहुणे म्हणून बोलवण्यात आले होते. त्यांचा सत्कार टीव्ही सीरियल अभिनेत्री यांच्या हस्ते केला.
डे केअर स्कूलचे संस्थापक अध्यक्ष गोपाल दादा पाटील, मा.अशा पाटील ग्राहक रक्षक समिती राष्ट्रीय संस्थापक अध्यक्ष ,
नूतन महापौर नाशिक मा. हीमगौरी अडके डॉ ज्योती शिंदे मिसेस इंडिया दुबई किशोर उपाध्ये भाजप प्रदेश उपाध्यक्ष इ.अनेक मान्यवर उपस्थित होते.
उपस्थित मान्यवरांच्या हस्ते पुरस्कार वितरण करण्यात आले.
या कार्यक्रमात अहमदाबाद, गुजरात येथून अतिथी म्हणून उपस्थित असलेले श्री. अशोक कुलकर्णी यांनी विशेष आकर्षण ठरले. यावेळी त्यांचा स्वागत सन्मान करण्यात आला. सन्मान स्वीकारताना श्री. अशोक त्र्यंबक कुलकर्णी यांनी संस्थेच्या कार्याचे कौतुक केले.
कार्यक्रमाचे आयोजन दर्पणकार बाळशास्त्री जांभेकर पत्रकार संस्था (संघ) यांच्या वतीने करण्यात आले होते. संस्थेचे पदाधिकारी, पत्रकार बंधू-भगिनी तसेच विविध क्षेत्रातील नागरिकांनी कार्यक्रमाच्या यशस्वी आयोजनासाठी परिश्रम घेतले. संपूर्ण कार्यक्रम उत्साह, गौरव आणि प्रेरणादायी वातावरणात संपन्न झाला.

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गाजियाबाद। साहिबाबाद क्षेत्र के झंडापुर स्थित कमला देवी पब्लिक स्कूल में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, साहिबाबाद विधानसभा द्वारा भव्य शपथ ग्रहण एवं स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य झंडापुर इकाई के अध्यक्ष की घोषणा, नई कार्यकारिणी का गठन एवं पदाधिकारियों का सम्मान करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथि देवो भव: की परंपरा के साथ हुई, जिसमें मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष प्रीतम लाल का झंडापुर के व्यापारियों द्वारा फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया।

इस अवसर पर जिला मीडिया प्रभारी संजय शर्मा, उपाध्यक्ष संजय जैन, साहिबाबाद विधानसभा अध्यक्ष राजकुमार सिंह राणा, वसुंधरा विधानसभा अध्यक्ष संजय अरोड़ा, विधानसभा 56 अध्यक्ष रवि कालिया, महासचिव कपिल गोयल, महिला अध्यक्ष मिस मीनू चौहान, साइट-4 इंडस्ट्रियल एरिया साहिबाबाद के अध्यक्ष इरशाद खान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन त्यागी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजवीर सिंह, उपाध्यक्ष महेश उपाध्याय, पार्षद भूपेंद्र उपाध्याय एवं शिवकुमार चौधरी सहित अनेक गणमान्य पदाधिकारियों का भी स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के दौरान रतन उपाध्याय को झंडापुर इकाई का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इसके बाद उपस्थित व्यापारियों ने नवनियुक्त अध्यक्ष एवं उनकी कार्यकारिणी का फूल-मालाओं से स्वागत किया। जिला अध्यक्ष प्रीतम लाल ने रतन उपाध्याय को विधिवत मनोनयन पत्र प्रदान करते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में जिला अध्यक्ष प्रीतम लाल ने संगठन की कार्यप्रणाली एवं व्यापारी हितों के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। वहीं मीडिया प्रभारी संजय शर्मा ने कहा कि संगठन के जिला अध्यक्ष पिछले लगभग 30 वर्षों से सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों में कार्य करने का व्यापक अनुभव है। नागरिक सुरक्षा में पूर्व डिवीजन वार्डन के रूप में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में वह पांचवीं बार जिला अध्यक्ष के दायित्व का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कर रहे हैं।

कार्यक्रम का संचालन मीडिया प्रभारी संजय शर्मा ने किया। समारोह में जिला कार्यकारिणी के अतिरिक्त शहर विधानसभा, साहिबाबाद विधानसभा, वसुंधरा साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया, झंडापुर आदि के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में व्यापारीगण एवं गणमान्य सम्मिलित हुए।

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कोलकाता में स्वामी श्री प्रखर जी महाराज के दिव्य कार्यक्रम का सफल आयोजन सम्पन्न
कोलकाता। परम पूज्य स्वामी श्री प्रखर जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित देव आराधना, दिव्य आशीर्वचन एवं महाप्रसाद कार्यक्रम सोमवार, 11 मई 2026 को श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह भव्य आध्यात्मिक आयोजन कोलकाता स्थित एजेस बैंक्वेट, रविन्द्र सरणी में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी श्री प्रखर जी महाराज ने धर्म, सेवा, संस्कार एवं मानव कल्याण पर प्रेरणादायक संदेश देते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए। भक्तों ने भक्ति भाव से देव आराधना में सहभागिता कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।
बताया गया कि ब्रह्मतीर्थ पुष्कर में आयोजित शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ अनुष्ठान की सफल पूर्णाहुति के पश्चात तीर्थ प्रणाम यात्रा के अंतर्गत स्वामी श्री प्रखर जी महाराज का कोलकाता आगमन हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महाप्रसाद वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन श्री प्रखर परोपकार मिशन ट्रस्ट एवं विप्र फाउंडेशन जोन-6 के तत्वावधान में किया गया। आयोजन की सफलता पर समिति के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने प्रसन्नता व्यक्त की।

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संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भोपाल ने गोहद में निर्वाचन कार्यों की समीक्षा की

समस्त निर्वाचन संबंधी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश

संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भोपाल श्री रामप्रताप सिंह जादौन द्वारा अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय गोहद में विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 12-मेहगांव एवं विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 13-गोहद के निर्वाचन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में निर्वाचन संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए श्री जादौन द्वारा विशेष रूप से Book a Call तथा DSC संबंधी कार्यों पर प्राथमिकता के साथ ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री एल.के. पांडे, अनुविभागीय अधिकारी गोहद श्री राजन नाडिया एवं अनुविभागीय अधिकारी मेहगांव श्री नवनीत शर्मा सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जादौन ने समस्त निर्वाचन संबंधी कार्यों को समय-सीमा में एवं प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया सुचारू एवं त्रुटिरहित रूप से संपादित की जा सके।
Chief Electoral Officer Madhya Pradesh
#ECISVEEP
#JansamparkMP
#भिण्ड
#Bhind

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Bharatiya Janata Party की ओर से हावड़ा जिले के संकराइल में रविवार को भव्य विजय मিছিল का आयोजन किया गया।
यह विजय मিছিল शीतलातला से शुरू होकर चांपतला तक पूरे उत्साह और जोश के साथ निकाला गया।
मিছিল में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक एवं स्थानीय लोग शामिल हुए।
कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर लेकर जोरदार नारेबाजी की।
पूरे रास्ते भारत माता की जय और पार्टी के समर्थन में गगनभेदी नारे लगाए गए।
मিছিল के दौरान ढोल-नगाड़ों, अबीर और आतिशबाजी से उत्सव जैसा माहौल बन गया।
स्थानीय निवासियों ने कई स्थानों पर मিছিল का स्वागत किया और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।
भाजपा नेताओं ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए इसे जनता के विश्वास की जीत बताया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
नेताओं ने कहा कि जनता के सहयोग और समर्थन से क्षेत्र में विकास कार्यों को और तेज किया जाएगा।

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IndianOil के ऐप पर इसे DAC = Delivery Authentication Code बोलते हैं। DCS शायद आप DAC ही बोल रहे हैं।

IndianOil ONE App में DAC/DCS कोड ऐसे देखें

1. बुकिंग के बाद ऑटो दिखेगा
- सिलेंडर बुक करते ही App के होम स्क्रीन पर "Active Booking" में DAC दिख जाएगा।
- App में नोटिफिकेशन भी आ जाता है: `Your DAC for booking #XXXX is 123456`

2. अगर बुकिंग के बाद कोड नहीं दिखा तो
1. IndianOil ONE App खोलो
2. नीचे "LPG" वाले सेक्शन पर टैप करो
3. "Booking History" या "Track Refill" में जाओ
4. अपनी Active/Latest Booking पर टैप करो
5. वहां *"Delivery Authentication Code - DAC" लिखा होगा। 4 या 6 अंकों का कोड होगा।

3. SMS/WhatsApp भी चेक करो
कंपनी DAC को आपके रजिस्टर्ड नंबर पर SMS और WhatsApp दोनों पर भेजती है। मैसेज कुछ ऐसा आता है:
`Dear Customer, Your DAC for LPG refill delivery is 123456. Share only with delivery person. -IndianOil`

4. कोड नहीं मिल रहा?
- App में "Resend DAC" का ऑप्शन होता है।
Booking Details में जाकर Resend दबाओ।
- या 7718955555 पर `DAC` लिखकर SMS करो।
- या Missed call: 8454955555
दे - वापस SMS आ जाएगा।

जरूरी बातें
1. DAC डीलर नहीं बनाता - ये कंपनी का सिस्टम बुकिंग के बाद ऑटो जनरेट करता है।
2. कोड सिर्फ डिलीवरी वाले भैया को देना है,
सिलेंडर लेते समय। फोन पर कोई मांगे तो मत देना।
3. बिना DAC के डिलीवरी नहीं होगी। DAC mandatory है।

आपका ऐप अपडेटेड है न?
पुराने वर्जन में कभी-कभी DAC नहीं दिखता। Play Store से "IndianOil ONE" अपडेट कर लो।

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मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का डर दिखाकर 85 लाख सब्सक्राइबर्स वाले 4PM युटुब चैनल को बंद कर दिया.
लेकिन जब मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुँचा तो सच अदालत के रिकॉर्ड में खुद सामने आ गया.

कोर्ट ने साफ लिखा कि 4PM पर लगभग 50 हजार वीडियो थे और उनमें से सिर्फ 26 वीडियो पर आपत्ति जताई गई.

फिर सवाल ये है कि 50 हजार वीडियो वाले पूरे चैनल को क्यों बंद किया गया ! क्या यही लोकतंत्र है !

अगर 26 वीडियो पर विवाद था तो कानून के मुताबिक उन्हीं वीडियो पर कार्रवाई होनी चाहिए थी.

लेकिन यहाँ पूरा चैनल बंद कर दिया गया. यानी निशाना वीडियो नहीं था. निशाना आवाज थी.

सरकार अदालत में राष्ट्रीय सुरक्षा और पब्लिक ऑर्डर जैसे भारी-भरकम शब्द लेकर पहुँची. लेकिन आखिर में कोर्ट को कहना पड़ा कि कथित आपत्तिजनक वीडियो अस्थायी रूप से ब्लॉक करो और चैनल बहाल करो.

मतलब साफ है. करोड़ों दर्शकों की आवाज बंद करने की कोशिश की गई.

आज देश में हालत ये है कि सरकार से सवाल पूछो तो राष्ट्रविरोधी सच दिखाओ तो खतरा और सत्ता की आलोचना करो तो पूरा चैनल बंद.

लेकिन याद रखिए.

4PM बिकने वालों में नहीं है.
डरने वालों में नहीं है.
झुकने वालों में नहीं है.

मोदी सरकार पूरी ताकत लगाकर भी सच की आवाज को स्थायी रूप से बंद नहीं कर सकी.

आखिरकार अदालत के रिकॉर्ड में दर्ज हो गया कि 50 हजार वीडियो वाले चैनल को सिर्फ 26 वीडियो के नाम पर बंद किया गया था. साथ ही ये आज तक नहीं बताया गया कि इन 26 विडियो में आपत्तिजनक क्या था !

इतिहास गवाह है.
सत्ता हमेशा सवालों से डरती है.
और जब सरकार मीडिया से डरने लगे, समझ लीजिए सच अभी जिंदा है

यूट्यूब चैनल ब्लॉकिंग पर सरकार ने फैसला वापस लिया, सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी: 73 लाख सब्सक्राइबर वाला चैनल फिर बहाल"*

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय सुरक्षा' और 'पब्लिक ऑर्डर' का हवाला देकर ब्लॉक किए गए यूट्यूब न्यूज चैनल '4PM' पर लगाया गया प्रतिबंध वापस ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट में 13 मई 2025 को सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बेंच को बताया कि "ब्लॉकिंग ऑर्डर वापस ले लिया गया है"। इसके बाद 73 लाख सब्सक्राइबर्स वाला चैनल फिर से बहाल हो गया। 5fa8

क्या था पूरा मामला
1. चैनल ब्लॉक: 29 अप्रैल 2025 को सरकार के आदेश पर यूट्यूब ने '4PM News' चैनल ब्लॉक कर दिया था। यूट्यूब पर मैसेज आया कि चैनल 'राष्ट्रीय सुरक्षा या पब्लिक ऑर्डर' से जुड़े सरकारी आदेश के कारण भारत में उपलब्ध नहीं है।

2. याचिका दाखिल: चैनल के एडिटर संजय शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ब्लॉकिंग ऑर्डर रद्द करने की मांग की। याचिका में कहा गया कि ब्लॉकिंग "पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला" है और जनता के सूचना पाने के अधिकार का उल्लंघन है।

3. कोर्ट में सुनवाई: 5 मई को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा। याचिकाकर्ता के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि बिना कोई नोटिस दिए पूरा चैनल ब्लॉक कर दिया गया और कोई कारण भी नहीं बताया गया।

4. सरकार ने आदेश वापस लिया:
13 मई की सुनवाई में सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने ब्लॉकिंग ऑर्डर वापस ले लिया है। 037081a288885fa8

'26 वीडियो' वाला दावा कहां से आया
आपके मैसेज में '50 हजार वीडियो में से 26 पर आपत्ति' का जिक्र है। सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट के सार्वजनिक आदेशों में अभी तक 26 वीडियो की संख्या का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिला है। याचिका में कहा गया कि ब्लॉकिंग "अघोषित निर्देश" के तहत हुई और याचिकाकर्ता को कोई आदेश या शिकायत नहीं दी गई। 5fa84341

प्रेस संगठनों ने उठाए सवाल
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, IWPC समेत 5 पत्रकार संगठनों ने 1 मई को बयान जारी कर कहा कि '4PM' ने पहलगाम हमले में सुरक्षा चूक पर सवाल उठाए थे। संगठनों ने इसे "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला" बताया और चैनल बहाल करने की मांग की। 0370

T रूल्स को भी दी चुनौती
संजय शर्मा की याचिका में IT ब्लॉकिंग रूल्स 2009 के नियम 9 और 16 को भी चुनौती दी गई है। नियम 16 के तहत ब्लॉकिंग की सारी कार्रवाई गोपनीय रखी जाती है। याचिका में मांग की गई कि कंटेंट हटाने से पहले नोटिस और सुनवाई का मौका देना अनिवार्य किया जाए। कोर्ट ने इस याचिका को नियम 16 को चुनौती देने वाली अन्य लंबित याचिकाओं के साथ टैग कर दिया है। 5fa8

अभी स्थिति क्या है
सरकार ने ब्लॉकिंग ऑर्डर वापस ले लिया है और चैनल YouTube पर फिर से उपलब्ध है। लेकिन IT रूल्स की वैधता पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी रहेगी।

संजय शर्मा जी के वाल से

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सिंगरौली में भूमि अधिग्रहण को लेकर फिर गरमाई बहस, अभ्युदय सिंह (डैनी) की नई अपील

सिंगरौली में कोयला परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण को लेकर चल रहा असंतोष अब केवल स्थानीय विरोध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह जनअधिकार और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा प्रश्न बनता जा रहा है। कांग्रेस के वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव अभ्युदय सिंह (डैनी) ने एक बार फिर सार्वजनिक अपील जारी कर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
डैनी द्वारा जारी संदेश में आरोप लगाया गया है कि नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के माध्यम से सिंगरौली में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी, प्रभावित परिवारों की उपेक्षा और मनमाने निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने Ipsedixitism शब्द का प्रयोग करते हुए तंज कसा कि कई फैसले जो हम कहें वही सही वाली मानसिकता के साथ लागू किए जा रहे हैं, जबकि प्रभावित लोगों को प्रक्रिया में उचित भागीदारी तक नहीं दी जा रही।
अपने संदेश में उन्होंने विस्थापितों और अधिग्रहण प्रभावित परिवारों से जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग किसी भी निर्णय को केवल सरकारी आदेश मानकर बिना जानकारी स्वीकार न करें, बल्कि अपने अधिकारों, उचित मुआवजे, पुनर्वास और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर सवाल पूछें।
यह अपील केवल प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाती, बल्कि सिंगरौली के सामाजिक और राजनीतिक माहौल पर भी टिप्पणी करती है। डैनी ने अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार तंत्र पर भी निशाना साधते हुए संकेत दिया कि विकास के नाम पर प्रभावित लोगों की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने नागरिकों से अपने फेसबुक पर साझा खुले पत्र को पढ़ने, परिवार और समुदाय में चर्चा करने तथा जागरूकता फैलाने की अपील की है। उनके अनुसार विकास का अर्थ लोगों के अधिकारों और सम्मान की कीमत पर नहीं होना चाहिए।
सिंगरौली लंबे समय से देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में पहचाना जाता रहा है, लेकिन इसके साथ ही विस्थापन, प्रदूषण और पुनर्वास के मुद्दे भी लगातार सामने आते रहे हैं। ऐसे में अभ्युदय सिंह (डैनी) की यह नई सार्वजनिक अपील एक बार फिर इस बहस को केंद्र में ले आई है कि विकास और मानवीय अधिकारों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और खनन कंपनियां इन सवालों पर किस प्रकार प्रतिक्रिया देती हैं, क्योंकि क्षेत्र में बढ़ती जनचर्चा यह संकेत दे रही है कि लोग अब अपने अधिकारों को लेकर पहले से अधिक मुखर हो रहे हैं।

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21 पुलिस कर्मियों सहित 31 सरकारी कर्मचारियों को किया गया नौकरी से बर्खास्त

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने एनकॉर्ड बैठक की अध्यक्षता की

रिपोर्ट : देवेश आर्य, मण्डी हिमाचल प्रदेश
शिमला, 11 मई 2026

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू जी ने आज यहां नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 1 जून से 20 अगस्त 2026 तक प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों में एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान के दूसरे चरण को व्यापक स्तर पर शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी संबंधित क्षेत्रों में कम से कम 10 शिक्षण संस्थानों का दौरा कर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि दवा निर्माण और वितरण को लेकर फार्मास्यूटिकल कंपनियों द्वारा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा दवाओं के दुरुपयोग के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। अवैध रूप से दवाइयां बेचने वाली दुकानों के लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज से चिट्टे के समूल नाश के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है ताकि स्वस्थ समाज का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में नशे के विरुद्ध कार्रवाई और एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान के क्रियान्वयन के आधार पर संख्यात्मक ग्रेडिंग शामिल करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को जब्त किए गए वाहनों और शराब के समयबद्ध निपटान के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि चिट्टे के मामलों से संबंधित फॉरेंसिक रिपोर्ट पांच दिनों के भीतर तैयार की जानी चाहिए ताकि जांच और मुकदमों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को नशा तस्करी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने तथा चिट्टा तस्करों द्वारा अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन को आदतन अपराधियों की मैपिंग करने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ नशे के आदी लोगों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में भर्ती तथा व्यावसायिक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए एंटी-चिट्टा परीक्षण अनिवार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि 15 नवंबर 2025 को रिज शिमला से एंटी-चिट्टा जन आंदोलन की ऐतिहासिक शुरुआत एंटी-चिट्टा वॉकाथॉन के माध्यम से की गई थी। उन्होंने कहा कि आज चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि व्यापक जन आंदोलन बन चुका है।

उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 12 हजार व्यक्तियों की पहचान की जा चुकी है तथा प्रदेश की 234 अति संवेदनशील पंचायतों में विशेष पुलिस और सीआईडी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत शिमला, सोलन, सिरमौर, बद्दी, बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू, मण्डी, कांगड़ा, चंबा, नूरपुर, देहरा और ऊना जिलों की कुल 234 पंचायतों को अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 6,811 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछली सरकार के कार्यकाल की तुलना में 33.18 प्रतिशत अधिक हैं। इस दौरान 10,357 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा 45,867 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए। उन्होंने कहा कि अब तक 174 नशा तस्करों और माफियाओं को एनडीपीएस अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है।

उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में लगभग 51 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई है, जो पिछली सरकार की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। एसटीएफ ने 700 से अधिक मामलों की जांच की और 300 मामलों को वित्तीय जांच एवं संपत्ति फ्रीज़ करने के लिए चिन्हित किया। अब तक 76 अवैध संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है तथा 17 मामलों में अवैध संपत्तियों को तोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। नशा संबंधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए 123 सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए 10 सरकारी कर्मचारियों तथा 21 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है।

उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों के अलावा एचआरटीसी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा ग्रामीण विकास विभाग के दो-दो कर्मचारी शामिल हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, बैंकिंग क्षेत्र, जल शक्ति विभाग और पशुपालन विभाग के एक-एक कर्मचारी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट कहा कि सरकार ईमानदारी, अनुशासन और जनविश्वास को सर्वोपरि मानते हुए नशा तस्करी में संलिप्त किसी भी सरकारी कर्मचारी के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति अपना रही है।

मुख्यमंत्री श्री सुक्खू जी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी और सजा तक सीमित नहीं है, बल्कि पुनर्वास-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से युवाओं को उपचार, परामर्श और पुनर्वास सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। मशोबरा में स्थापित किया जा रहा पुनर्वास केंद्र 20 मई से कार्यशील हो जाएगा, जबकि दूसरा केंद्र डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में शीघ्र शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री जी ने पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत उत्कृष्ट वित्तीय जांच कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह जी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऊना रेनू शर्मा जी और एएसआई पारुल नैन्टा जी को सम्मानित भी किया।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी जी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह जी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान जी, मुख्य सचिव संजय गुप्ता जी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के.के. पंत जी, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी जी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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सेवा में,मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मध्यप्रदेशजिला कलेक्टर महोदय, दतिया (म.प्र.)

प्रतिलिपि: पुलिस अधीक्षक, दतिया

विषय: गंभीर संज्ञेय अपराधों में FIR दर्ज न किए जाने, पुलिस की लापरवाही, परिवार को घर छोड़ने पर मजबूर किए जाने एवं सुरक्षा हेतु त्वरित हस्तक्षेप की प्रार्थना।

महोदय,

मैं राधा दुबे, पुत्री श्री सियासरण दुबे, निवासी ग्राम रछार, जिला दतिया (म.प्र.), अत्यंत भय एवं मानसिक पीड़ा की स्थिति में यह प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रही हूँ।

घटना का संक्षिप्त विवरण:

दिनांक ___ को प्रातः लगभग 10 बजे करीब 25 लोग, जिनमें अरविंद दांगी, आशीष, आशिक दांगी, राघवेंद्र दांगी एवं अन्य अज्ञात व्यक्ति (कुछ मुखौटा लगाए हुए) शामिल थे, हमारे घर में अवैध रूप से घुस आए। उन्होंने मेरे एवं मेरी माता के साथ अभद्र व्यवहार किया, जबरदस्ती की, पूरे घर की तलाशी ली तथा मेरे भाई के बारे में पूछताछ की।

भाई के संबंध में तथ्य:

मेरा भाई दिनांक ___ की रात्रि लगभग 12:30 बजे यह कहकर घर से निकला था कि मेरे मित्र की गाड़ी खराब हो गई है, मैं उसे लेने जा रहा हूँ। इसके बाद हमें लगा कि वह वापस आ गया होगा और हम सो गए। उस समय तक हमें यह बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी कि वह कहाँ गया है या किसके साथ है।

इसी संबंध में सुबह मेरे पिताजी की बातचीत अरविंद दांगी (जो मुस्कान दांगी के चाचा हैं) से हुई थी, जिसमें उन्होंने भी स्पष्ट कहा था कि उन्हें इस विषय में कोई जानकारी नहीं है।

बाद में संबंधित लड़की मुस्कान दांगी द्वारा स्वयं सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर स्पष्ट रूप से बताया गया कि वह अपनी इच्छा एवं सहमति से मेरे भाई के साथ गई है। इसके बावजूद भी हमारे पूरे परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है तथा हमारी FIR अब तक दर्ज नहीं की गई है।

घटना की गंभीरता:

जब आरोपियों को मेरे भाई के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, तब उन्होंने मुझे जबरदस्ती अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। मेरी माता को धक्का देकर गिराया गया, उनके गले से मंगलसूत्र छीन लिया गया, गंदी एवं अश्लील गालियाँ दी गईं तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट कर गंभीर चोटें पहुँचाई गईं। हमारे घर की संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया।

इन घटनाओं एवं लगातार मिल रही धमकियों के कारण मेरे माता-पिता एवं हम सभी को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। आज हमारा पूरा परिवार भय, असुरक्षा एवं मानसिक तनाव में जीवन व्यतीत कर रहा है। FIR दर्ज न होने के कारण हम अंदर से पूरी तरह टूट चुके हैं और हमें यह डर बना हुआ है कि आरोपियों द्वारा दोबारा कोई गंभीर घटना की जा सकती है।

पुलिस की लापरवाही एवं पक्षपात:

घटना के पश्चात मैंने थाना उनाव में शिकायत दर्ज कराई, परंतु वहाँ उपस्थित पुलिस अधिकारी श्री यतेन्द्र भदौरिया द्वारा

हमें लगभग 5 घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया,

हमारे बयान सही तरीके से दर्ज नहीं किए गए,

हमारी शिकायत के अनुरूप FIR दर्ज नहीं की गई,

केवल अत्यंत हल्की धाराओं में NCR दर्ज कर मामले को कमजोर किया गया,था दूसरी पार्टी के साथ अलग से बातचीत कर पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया गया।

यह आचरण न केवल कर्तव्य की घोर उपेक्षा है, बल्कि न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला है।

जान-माल का खतरा:

जिस प्रकार आरोपियों ने संगठित होकर हमारे घर में प्रवेश कर हमला किया, उससे हमें अपनी जान एवं संपत्ति का गंभीर खतरा है। आशंका है कि वे पुनः हमला कर सकते हैं।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि:

1. इस प्रकरण में तत्काल प्रभाव से गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कराई जाए।
2. आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
3. हमारे परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
4. संबंधित थाना उनाव के पुलिस अधिकारियों की भूमिका एवं लापरवाही की उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए तथा उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जाए।
5. मेरे भाई की स्थिति के संबंध में निष्पक्ष एवं त्वरित जाँच कराई जाए।

महोदय, जब संबंधित लड़की स्वयं सोशल मीडिया पर यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह अपनी इच्छा से गई है, तब हमारे परिवार को प्रताड़ित करना और हमारी FIR दर्ज न करना अत्यंत अन्यायपूर्ण है।

आपसे निवेदन है कि मेरे प्रार्थना पत्र पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि मेरे परिवार को न्याय एवं सुरक्षा मिल सके।

भवदीया,
राधा दुबे
पुत्री श्री सियासरण दुबे
निवासी: ग्राम रछार, जिला दतिया (म.प्र.)

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विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में एक ऐसी खौफनाक त्रासदी घटी है जिसने पूरे इलाके की रूह को हिलाकर रख दिया।

कुंडवा चैनपुर थाना क्षेत्र के बड़हरवा फतेह मोहम्मद गांव में शुक्रवार की रात एक किराना दुकान में लगी भीषण आग ने तीन जिंदगियाँ निगल लीं
एक मासूम बालक, एक बालिका और एक दुकान कर्मचारी।

यह महज एक आग की खबर नहीं है।
यह एक पिता की चीख है, जो अपने बच्चों को देखने के लिए जलते गेट को तोड़कर अंदर घुसा और वहाँ पाया कि उसके खून से उसके दो बच्चे एक-दूसरे से लिपटे राख हो चुके थे।

घटना का पूरा विवरण,
पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में शुक्रवार देर रात भीषण अग्निकांड हुआ।
ढाका प्रखंड के बड़हरवा फतेह मोहम्मद गांव में एक होलसेल दुकान में लगी आग ने देखते ही देखते दो मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
इस हादसे में दो मासूम बच्चों समेत तीन लोगों की जलकर मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, राजकुमार साह के मकान के निचले हिस्से में किराना दुकान थी, जबकि ऊपरी मंजिल पर परिवार रहता था।
रात करीब 11 बजे दुकान में अचानक आग लग गई जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
पिता राजकुमार साह ने बताया:
"सब मना कर रहे थे, मत जाओ, अभी आग जल रही है, फँस जाओगे।
मैंने कहा अब इंतजार नहीं कर सकते।
गेट राख बन गया था, एक धक्के में टूट गया।

अंदर जाते ही मेरे होश उड़ गए।
मेरे सामने सृष्टि और रूद्र कंकाल बने लिपटे हुए थे।
ऐसा लग रहा था कि दोनों एक-दूसरे को पकड़कर बचने की कोशिश कर रहे थे।
उनसे करीब दो फीट की दूरी पर स्टाफ प्रिंस का कंकाल पड़ा था।"

मृतकों की पहचान,
पुलिस के मुताबिक, मृतकों में किराना व्यवसायी राजकुमार साह की 12 वर्षीय पुत्री सृष्टि कुमारी, 8 वर्षीय पुत्र रुद्र कुमार, और 28 वर्षीय सेल्समैन पिंटू कुमार सिंह (उर्फ प्रिंस) शामिल हैं।

राजकुमार साह ने बच्चों को बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगाई, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो गया था।
ग्रामीण विजय बैठा भी आग बुझाने में मदद करने की कोशिश के दौरान झुलस गए।

फायर ब्रिगेड देर से आई, जान नहीं बचा सकी
घटना की सूचना पर अग्निशमन दस्ता देर से पहुँचा।
टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सुबह आठ बजे तक फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुटी रही
तब तक तीन जिंदगियाँ जलकर राख हो चुकी थीं।

यहाँ एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है रात 11 बजे लगी आग और सुबह 8 बजे काबू? करीब 9 घंटे! क्या समय पर फायर ब्रिगेड पहुँचती तो तीन जानें बचाई जा सकती थीं?

संपत्ति का नुकसान,
इस आगजनी में डेढ़ करोड़ से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया।
आग इतनी भयावह थी कि पड़ोस की एक अन्य किराना दुकान भी इसकी चपेट में आ गई, जिससे लाखों का सामान जलकर खाक हो गया।

आग का कारण अभी अनुत्तरित
आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालाँकि प्रशासन ने जाँच के बाद ही कुछ स्पष्ट होने की बात कही है।

सवाल जो उठने चाहिए
पहला सवाल:
बिहार में हर साल गर्मियों में दर्जनों अग्निकांड होते हैं फिर भी फायर ब्रिगेड की त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था क्यों नहीं सुधरती?

दूसरा सवाल:
आवासीय इमारत के नीचे होलसेल किराना-स्टोर क्या इसके लिए उचित अग्निशमन सुरक्षा उपकरण (स्प्रिंकलर, अलार्म) अनिवार्य नहीं होने चाहिए?

तीसरा सवाल:
सिकरहना डीएसपी ने दो मंजिला मकान में आग लगने की पुष्टि की।
क्या जिला प्रशासन पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा चार चार लाख रुपए मृतक के परिजनों को दिया है।

गाँव में पसरा मातम
घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है और लोग इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं।

12 साल की सृष्टि और 8 साल का रुद्र दो भाई-बहन जो मौत के आगोश में भी एक-दूसरे को थामे रहे।
यह तस्वीर किसी भी संवेदनशील इंसान को झकझोर देगी।
लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकारी तंत्र भी झकझोरा जाएगा, या अगले अग्निकांड का इंतजार किया जाएगा?

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चंडीगढ़ सोमवार 11/05/2026 आरके विक्रमा शर्मा अनिल शारदा रक्षत शर्मा----सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ का हॉट कहां जाने वाला सेक्टर 17 आजकल व्यवस्थाओं का अड्डा बना हुआ आ है। यहां वहां गंदगी के ढ़ेर और टूटी फूटी सदके देखने को मिलती हैं जो कि शहर की सुंदरता को दागदार बनाते हैं। ऐसी ही जानलेवा और विकट समस्या की ओर समाजसेवक लक्की शर्मा जो स्टेट ऑफिस के नीचे बैठे एक टाइपिस्ट हैं। उन्होंने अल्फा न्यूज़ इंडिया के माध्यम से चंडीगढ़ प्रशासन का, नगर-निगम चंडीगढ़ और चंडीगढ़ के पुलिस प्रशासन सहित समाज सेवी संस्थाओं का ध्यान आकर्षित किया है। यहां बिना ढक्कन के मेनहाल कभी भी जानलेवा हादसे का सबब बन सकते हैं। हैरत की बात है कि चंडीगढ़ के दिल कहे जाने वाले सेक्टर में इतनी अव्यवस्था और दुर्दशा पसरी पड़ी है। और किसी भी बड़े से लेकर छोटा अधिकारी कर्मचारी तक इस सबसे बेखबर हैं। जो अधिकारियों की घोर लापरवाही और लोगों की जान माल के खामियाजा से उदासीनता का इशारा करती है । अल्फा न्यूज़ इंडिया की प्रशासन से, नगर निगम से पुलिस से पुरजोर मांग है कि इस जानलेवा हादसे को न्योता देते बिना ढक्कन वाले सीवरेज मेनहाल के तुरन्त मजबूत ढक्कन लगाए जाएं। ताकि किसी भी अमुक की अनचाही दर्दनाक दुर्घटना से आकस्मिक जीवन लीला समाप्त ना हो। और सेक्टर 17 में पसरी गंदगी को भी तुरंत प्रभाव से उठाया जाए। और शहर की शान सेक्टर 17 में पसरी अव्यवस्थाओं को हटाकर दुरुस्त करने की ओर प्रभावी कार्यवाही को अंजाम दिया जाए।।।

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हाईकोर्ट की बेंच के सामने शुक्रवार को जो कुछ हुआ, उसने धार की भोजशाला के कानूनी इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। एक तरफ सलमान खुर्शीद थे जो सुप्रीम कोर्ट की रोक का हवाला दे रहे थे, तो दूसरी तरफ विष्णु शंकर जैन ने एक ऐसी कानूनी बारीकी पकड़ी जिसने मामले का रुख ही मोड़ दिया। सारा झगड़ा इस बात पर है कि क्या 1991 का 'प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट' इस ऐतिहासिक ढांचे पर लागू होता है या नहीं?

हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से पेश हुए वकील विष्णु शंकर जैन ने जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने सूट (दीवानी मुकदमों) पर रोक लगाई है। लेकिन भोजशाला का यह मामला एक रिट याचिका है।

#HighCourt #Bhojshala #SupremeCourt

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CII ANNUAL BUSINESS SUMMIT 2026
Vision for India @ 100 The Future Global Economy, Industry & Society
New Delhi | 1112 May 2026
The prestigious Confederation of Indian Industry Annual Business Summit 2026 commenced in New Delhi with the theme Vision for India @ 100 The Future Global Economy, Industry & Society. The two-day summit has brought together leading industrialists, policymakers, economists, entrepreneurs, and global thought leaders to discuss Indias roadmap towards becoming a developed nation by 2047.
The summit focuses on critical areas including economic transformation, industrial innovation, digital growth, sustainability, global partnerships, manufacturing excellence, and social development. Delegates from across India and several international organizations are participating in high-level discussions and strategic sessions aimed at shaping the future of Indias economy and society.
A major highlight of the opening day on Monday, 11 May 2026, is the Special Plenary Session scheduled from 17:00 hrs to 18:00 hrs, featuring Yogi Adityanath, Honble Chief Minister of Uttar Pradesh.
During the plenary session, the Chief Minister is share his vision on industrial growth, investment opportunities, infrastructure development, employment generation, and the role of Uttar Pradesh in Indias journey towards becoming a global economic powerhouse.
Business leaders and industry experts attending the summit emphasized that India stands at a historic turning point, with strong economic momentum, rapid technological advancement, and increasing global influence. The summit is expected to produce key recommendations and collaborative strategies that will contribute to Indias long-term growth vision.
The CII Annual Business Summit 2026 continues on 12 May with multiple sessions, panel discussions, leadership dialogues, and networking engagements involving national and international stakeholders.

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