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बृजमनगंज, महाराजगंज - थाना बृजमनगंज के गोपालपुर के पास एक ट्रैक्टर पलटने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। घटना शुक्रवार शाम 5 बजे की है, जब ट्रैक्टर नंबर यूपी 56 ए एम 1792 महिंद्रा पर सरिया लोड कर बहादुरी बाजार से पंडितपुर की ओर जा रहा था।

थानाध्यक्ष ने बताया कि ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे धर्मेंद्र उर्फ कोबरा (30) पुत्र बिल्लू निवासी अमवा थाना कोल्हुई जनपद महाराजगंज की सरिया में दब जाने से मौत हो गई। अन्य मजदूर रवि निवासी इंद्राजोत, सिकंदर और सुरेमन निवासीगण जीयनजोत थाना कोल्हुई जनपद महाराजगंज घायल हो गए।

घायलों को एम्बुलेंस से सीएचसी बृजमनगंज भेजा गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उन्हें जनपद सिद्धार्थनगर उपचार हेतु ले गए। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामा भरकर विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है। सड़क पर गिरी ट्रैक्टर ट्राली को खींचकर सड़क के किनारे कर आवागमन चालू कर दिया गया है।

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भोपाल | विशेष रिपोर्ट
— डॉ. महेश प्रसाद मिश्रा, भोपाल

इतिहास गवाह है—घमंड का अंत तय होता है। रावण का अहंकार टूटा था, और सत्ता का अहंकार भी एक दिन टूटता है। आज मध्यप्रदेश में यही चेतावनी हवा में तैर रही है। सत्ता के शिखर पर बैठी सरकार ऐसी आत्ममुग्ध प्रतीत होती है कि उसे न सही दिख रहा है, न गलत। यही वह स्थिति है जहाँ लोकतंत्र सबसे अधिक खतरे में पड़ता है।

इंदौर जैसे बड़े शहर में जहरीला पानी पीने से लोगों की मौतें होना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि संवेदनहीन शासन का प्रमाण है। इसके विपरीत, एक तथाकथित अति वरिष्ठ नेता की सार्वजनिक भाषा ऐसी है कि सामान्य नागरिक भी शर्म से सिर झुका ले—पर सत्ता को कोई फर्क नहीं पड़ता। यह दोहरा मापदंड नहीं तो और क्या है?

प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व मानो सत्ता के नशे में इतना डूबा है कि न्याय का तराजू हाथ से छूट गया है। जब पूरे प्रदेश में अराजक तत्वों द्वारा मनुस्मृति जलाने जैसी घटनाएँ हुईं, तब शासन-प्रशासन मूकदर्शक बना रहा; आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं। परंतु जब प्रतिक्रिया में आंबेडकर की तस्वीर जलाने की घटना हुई, तो तत्क्षण एफआईआर दर्ज कर सात लोगों को जेल भेज दिया गया। यही वह पक्षपात है जिसे जनता कुंठित मानसिकता के रूप में देख रही है।

सत्ता को यह समझना होगा कि अराजक तत्वों को संरक्षण देकर लोकतंत्र सुरक्षित नहीं होता। इतिहास बार-बार बताता है—जो शक्तियाँ अनुशासन तोड़ती हैं, वे अंततः व्यवस्था को ही नुकसान पहुँचाती हैं। यह चेतावनी है, धमकी नहीं; सबक है, आरोप नहीं।

आज मध्यप्रदेश में अराजकता का आलम यह है कि हत्या, बलात्कार, चोरी, लूट और डकैती सामान्य समाचार बन चुके हैं। रिश्वतखोरी चरम पर है। अधिकारी बेलगाम होकर जनता को निचोड़ रहे हैं, और शासन की चुप्पी सवालों के घेरे में है। विडंबना यह कि जब आम नागरिक इन कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाता है, तो उसे दबाने के प्रयास तेज हो जाते हैं।

एक और कड़वी सच्चाई सत्ता को आत्ममंथन के लिए मजबूर करनी चाहिए। वर्षों तक जिन पर जातिवाद का आरोप लगाया गया, आज वही आरोप सत्ता के व्यवहार में झलकते हैं। सत्ता तक पहुँचने में समाज के सभी वर्गों का योगदान रहा है, परंतु एक वर्ग विशेष—जो लंबे समय से एकतरफा समर्थन देता आया—आज स्वयं को उपेक्षित और शोषित महसूस कर रहा है। यह भावना किसी दल के खिलाफ नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ है।
सत्ता स्थायी नहीं होती, जनविश्वास होता है। यदि जनविश्वास टूटता है, तो सत्ता का पतन तय है। आज आवश्यकता है आत्मावलोकन की—कठोर आलोचना से नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण सुधार से। लोकतंत्र में चेतावनी को शत्रुता नहीं, अवसर समझा जाना चाहिए।
समय रहते आँखें खोलना ही समझदारी है।

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✒️ हरिदयाल तिवारी)

पटना। सर्द पछुआ हवाओं के सक्रिय होने से बिहार इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है। मौसम का मिज़ाज लगातार सख्त होता जा रहा है और आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। तापमान में यह गिरावट शनिवार और रविवार से प्रभावी रूप से महसूस होगी, जिससे शीतलहर जैसे हालात बनने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम से चल रही सर्द पछुआ हवा ने वातावरण में नमी और ठंडक को बढ़ा दिया है। इसके असर से प्रदेश के उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में ठंड का असर समान रूप से देखा जा रहा है। अगले एक सप्ताह तक मौसम में किसी बड़े सुधार की उम्मीद नहीं है, यानी लोगों को अभी राहत मिलने के आसार कम हैं।

शुक्रवार को प्रदेश के 21 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, जो इस बात का संकेत है कि ठंड ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर बिहार के कई जिलों—सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज—के साथ-साथ राज्य के पश्चिमी भाग के जिलों में शनिवार को घने कोहरे की संभावना जताई गई है। वहीं दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में भी एक-दो स्थानों पर घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी दी गई है।

राजधानी पटना में शुक्रवार की सुबह साढ़े सात बजे तक घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम होने के कारण सुबह के समय आवागमन प्रभावित हुआ, हालांकि दिन चढ़ने के साथ मौसम साफ हुआ और धूप निकली। बावजूद इसके, तापमान में गिरावट के कारण ठंड का असर दिन भर महसूस किया गया। मौसम विभाग ने राजधानी समेत राज्य के अधिकांश शहरों में सुबह के समय घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है।

ठंड और कोहरे का सबसे गंभीर असर गया में देखने को मिला। गया में इस मौसम में पहली बार दृश्यता शून्य मीटर तक रिकॉर्ड की गई, जिसे मौसम विशेषज्ञों ने असामान्य और चिंताजनक बताया है। अत्यधिक घने कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात पर खासा असर पड़ा। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो शुक्रवार को प्रदेश में न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री से लेकर 13.1 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि अधिकतम तापमान 16.3 से 24.2 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। राज्य में सबसे कम तापमान सहरसा के अगवानपुर में 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो ठंड की तीव्रता को दर्शाता है। वहीं सबसे अधिक अधिकतम तापमान किशनगंज में 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग का मानना है कि तापमान में गिरावट और सर्द हवाओं के चलते बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सुबह और देर रात के समय घर से निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, बिहार में ठंड का सितम अभी थमने वाला नहीं है। आने वाले दिन और रातें और ठंडी हो सकती हैं। ऐसे में जनजीवन पर इसका असर स्वाभाविक है। मौसम की इस चुनौती के बीच सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

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मानसरोवर जयपुर राजस्थान 3 जनवरी 2026

मानसरोवर जयपुर के 31 सेक्टर वरूण पथ से लगभग सभी घरों से पानी के मीटर चोरी हो चुके हैं। कुछ ने दुबारा मीटर लगवाये और शिकायत भी दर्ज करवाई पर उनके मीटर नहीं मिले। मेरा अपना भी दूसरी बार मीटर चोरी हुआ है। राज्य से बाहर जरुरी काम से गये थे लौटे तो पानी का मीटर गायब और सुबह घर में पानी नहीं आया।

पहली बार चोरी हुआ तो 181 पर शिकायत दर्ज करवाई और नया मीटर खरीद कर लगवाया। इस बार जेब में ज्यादा पैसा थे नहीं तो दूसरों की तरह डायरेक्ट करवाना पड़ा है। शिकायत के बावजूद कार्यवाही होती नहीं तो क्या करें इस सेक्टर के लोग।

सवाल उठता है जलदाय विभाग को इस बात से आपत्ति क्यों नहीं है। पूरे 31 सेक्टर के पानी के मीटर चोरी हुए हैं कोई तो कारण होगा। पानी का बिल पहले हर महीने आता था अब कुछ महीने छोड़ कर आता है।

रहस्य और गहराता है जब घर से पानी के बिलों की फाइल भी चोरी हो जाती है । ऐसी स्थिति में मीटर का नम्बर ही पता नहीं चल पाता है।

क्या मानसरोवर में होटल और हास्पीटल खुलते जा रहे हैं तो यहां का पानी वहां दिया जाता है क्योंकि अक्सर कई कई दिन तक पानी नहीं आता और हमारी टंकियां खाली हो जाती है । पानी न आने का कारण पाइप लाइन टूट जाना या मरम्मत होना बताया जाता है।

सच क्या है सभी पानी के मीटर चोरी होने का।

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"इंदौर में लोग पानी से नहीं, पानी की वजह से मरे।"
​इस एक पंक्ति को पढ़कर अगर प्रशासन को शर्म नहीं आती, तो मान लीजिए कि व्यवस्था मर चुकी है। इंदौर के भागीरथपुरा में जो हुआ, उसे 'हादसा' कहना उन मृतकों का अपमान है। यह हादसा नहीं, यह 'सिस्टम द्वारा किया गया सामूहिक हत्याकांड' है।
​सफाई का ढोंग और नलों में बहता जहर : सात बार देश का 'सबसे स्वच्छ शहर' होने का ढोल पीटने वाले इंदौर का असली चेहरा बेनकाब हुआ। जिस शहर की सड़कें चमक रही हैं, वहां के नागरिकों की आंतों में सीवेज का गंदा पानी उतारा जा रहा है। शर्म आनी चाहिए उन अधिकारियों और नेताओं को जो मंच पर चढ़कर 'इंदौर नंबर वन' के नारे लगवाते हैं। क्या यही है आपका नंबर वन शहर? जहाँ एक इंसान अपनी प्यास बुझाने के लिए नल खोलता है और बदले में उसे मौत मिलती है?
​स्मार्ट सिटी नहीं, यह 'कातिल व्यवस्था' है: जांच में क्या निकला? पानी की पाइपलाइन के ठीक ऊपर टॉयलेट बना दिया गया! यह किस इंजीनियर की डिग्री का कमाल है? यह कौन सी स्मार्ट सिटी की प्लानिंग है? यह घोर लापरवाही नहीं, यह आपराधिक कृत्य है। बिना सेप्टिक टैंक के शौचालय बनाना और उसे पीने के पानी की लाइन से सटा देना—यह सीधे तौर पर शहर की जनता को जहर पिलाने की साजिश थी, जिसे प्रशासन ने अपनी नाक के नीचे पनपने दिया।
​शिकायतों को रद्दी समझने का अंजाम: लोग चिल्लाते रहे, शिकायतें करते रहे कि पानी गंदा आ रहा है, बदबू आ रही है। लेकिन प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। क्यों? क्योंकि वे तो 'स्वच्छता सर्वेक्षण' के लिए फोटो खिंचवाने और दीवारों पर पेंटिंग करवाने में व्यस्त थे। जब तक लाशें नहीं बिछीं, तब तक सरकारी तंत्र की नींद नहीं टूटी। आज जो लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं, उनका गुनहगार कौन है? सिर्फ सस्पेंड किए गए छोटे कर्मचारी या वो बड़े अफसर जो वातानुकूलित कमरों में बैठकर शहर को 'वर्ल्ड क्लास' बताते हैं?
​तमगे वापस कर दो, अगर साफ पानी नहीं दे सकते : बंद करिए यह स्वच्छता का नाटक। अगर आप अपने नागरिकों को साफ पानी जैसा बुनियादी अधिकार नहीं दे सकते, तो उन तमाम अवॉर्ड्स और ट्राफियों को कचरे के डब्बे में डाल दीजिये—उसी कचरे में, जिसे अलग करवाने का आप दंभ भरते हैं।
​जनता टैक्स इसलिए नहीं भरती कि उसे बदले में सीवर का पानी पीने को मिले। मुआवजे के चंद टुकड़े देकर आप किसी के घर का चिराग वापस नहीं ला सकते। यह वक्त जांच समितियों का नहीं, बल्कि हथकड़ियों का है। उन सभी को जेल में डालना चाहिए जिनकी अनदेखी ने हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया।
​याद रखिये, इंदौर की जनता ने आपको सिर आंखों पर बिठाया था, लेकिन अगर आप उन्हें पानी के नाम पर जहर पिलाएंगे, तो यह जनता आपको अर्श से फर्श पर लाने में देर नहीं लगाएगी।
​शर्म करो प्रशासन, शर्म करो!

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स्थळ पाहणी नाही, निर्णय नाही; उपोषण सुरू असतानाच अर्जाची नोंद
उपोषण माघार घेण्याच्या आधीच प्रशासनाकडून पत्राची नोंद; देऊळवाडी रस्त्यांचा प्रश्न पुन्हा ऐरणीवर
देऊळवाडी (ता. उदगीर)
देऊळवाडी गावातील पांदन रस्ते, अंतर्गत रस्ते तसेच देऊळवाडी ते गुंडोपंत दापका रस्त्यांच्या दयनीय अवस्थेबाबत शेतकरी व ग्रामस्थांच्या वतीने सातत्याने पाठपुरावा करूनही प्रशासनाकडून दुर्लक्ष होत असल्याचा आरोप करत केंद्रे प्रकाश मधुकर यांनी अन्नत्याग उपोषणाचा इशारा दिला होता.
या संदर्भात केंद्रे प्रकाश मधुकर यांनी महाराष्ट्राचे माननीय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय आयुक्त, जिल्हाधिकारी, जिल्हा परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पोलीस अधीक्षक, उपविभागीय अधिकारी व तहसीलदार यांच्याकडे लेखी अर्ज सादर केले होते. मुख्यमंत्री कार्यालयाकडेही थेट अर्ज करूनही कोणतीही चौकशी किंवा स्थळ पाहणी न झाल्याने तीव्र नाराजी व्यक्त करण्यात आली होती.
रस्त्यांच्या दुरवस्थेमुळे शेतकरी, विद्यार्थी, महिला, वृद्ध नागरिक तसेच आपत्कालीन सेवांना मोठ्या अडचणींना सामोरे जावे लागत असून प्रशासनाच्या निष्क्रियतेमुळे नागरिकांमध्ये असंतोष निर्माण झाला आहे. याच पार्श्वभूमीवर दिनांक 25 डिसेंबर 2025 पासून आदर्श गाव देऊळवाडी ग्रामपंचायत समोर अन्नत्याग उपोषणास बसण्याचा निर्णय केंद्रे यांनी जाहीर केला होता.
मात्र उपोषण माघार घेण्याच्या अगोदरच प्रशासनाने संबंधित पत्राची अधिकृत नोंद आपल्या रेकॉर्डवर जमा केल्याचे समोर आले आहे. त्यामुळे प्रशासन खडबडून जागे झाले की केवळ कागदी पूर्तता करण्यात आली, असा प्रश्न ग्रामस्थ उपस्थित करत आहेत. प्रत्यक्ष स्थळ पाहणी व ठोस निर्णय केव्हा होणार, याबाबत अद्याप स्पष्टता नाही.
दरम्यान, “जोपर्यंत माननीय मुख्यमंत्री स्वतः दखल घेऊन न्याय देत नाहीत, तोपर्यंत लढा सुरूच राहील,” असा ठाम इशारा केंद्रे प्रकाश मधुकर यांनी दिला आहे. प्रशासनाने तातडीने रस्त्यांच्या दुरुस्तीबाबत निर्णय न घेतल्यास आंदोलन अधिक तीव्र करण्यात येईल, असेही त्यांनी सांगितले.
या प्रकरणाकडे आता प्रशासन खर्‍या अर्थाने लक्ष देणार का, की केवळ कागदावरच कारवाई होणार, याकडे संपूर्ण तालुक्याचे लक्ष लागले आहे.

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धौलपुर पुलिस ने मध्य प्रदेश के 5 हजार रुपये के इनामी बदमाश भारत गुर्जर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को शुक्रवार 2 जनवरी को एक अवैध देसी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर जिले में वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल कुमार एवं वृत्ताधिकारी बाड़ी महेंद्र कुमार के सुपरविजन में थानाधिकारी दुर्ग सिंह और उनकी टीम ने मानवीय सूचना के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार भारत गुर्जर बाबू महाराज मंदिर क्षेत्र से अपने गांव गंगोली की ओर बीहड़ के रास्ते जा रहा था, तभी टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 315 बोर का एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 35 वर्षीय भारत पुत्र रघुवर, निवासी गंगोली, थाना बसईडांग के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ किडनैपिंग, डकैती, नकबजनी और हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है इसकी हेडलाइंस बनाकर भेजें

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धौलपुर में नववर्ष के अवसर पर अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दिहौली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से 3 आरोपियों को अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार किया है। इनमें एक हत्या के मामले में करीब 1 साल से फरार स्थायी वारंटी भी शामिल है।

यह कार्रवाई धौलपुर पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान आईपीएस के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा आरपीएस और वृत्ताधिकारी वृत्त मनियां खलील अहमद आरपीएस के सुपरविजन में की गई। थानाधिकारी दिहौली छवी फौजदार ने टीम का नेतृत्व किया।

पहली कार्रवाई 1 जनवरी को माता मंदिर तोमर का अड्डा रोड, मजरा हथवारी में हुई। पुलिस टीम ने यहां से उदयगिरी उर्फ सम्राट उर्फ राज को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक अवैध देशी कट्टा और एक मिस कारतूस 315 बोर बरामद किया गया। उदयगिरी थाना दिहौली के हत्या प्रकरण संख्या 54/2020 में लगभग एक साल से फरार स्थायी वारंटी था। इस संबंध में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

इसी दिन ढौढ़ी का पुरा रोड से दीपक उर्फ दीपू दलाल को भी गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस 315 बोर मिला। आरोपी दीपक जिला भरतपुर में वर्ष 2023 से लूट, डकैती और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में वांछित था।

तीसरी कार्रवाई रैहना माता रोड स्थित रामसिंह का पुरा स्कूल के पास हुई। पुलिस ने यहां से रामू को एक अवैध देशी कट्टा और एक मिस कारतूस 12 बोर के साथ पकड़ा। इसकी हेडलाइंस बनाकर भेजें

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फरेंदा सर्कल के बृजमनगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक ट्रैक्टर पलटने से उस पर सवार एक मजदूर की मौत हो गई। यह दुर्घटना ग्राम गोपालपुर के सामने हुई, जिसमें तीन अन्य लोग घायल हो गए।

थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि डायल 112 पर सूचना मिली थी। महिंद्रा ट्रैक्टर (यूपी 56 ए एम 1792) पर सरिया लादकर बहादुरी बाजार से पंडितपुर, बृजमनगंज आ रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया।

इस हादसे में अमवा, थाना कोल्हुई, महाराजगंज निवासी मजदूर धर्मेंद्र उर्फ कोबरा (पुत्र बिल्लू) की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वह सरिया के नीचे दब गया था। इंद्राजोत, थाना कोल्हुई निवासी रवि और जीयनजोत, थाना कोल्हुई निवासी सिकंदर व सुरेमन घायल हो गए। उन्हें एम्बुलेंस से सीएचसी बृजमनगंज भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उन्हें सिद्धार्थनगर जनपद में आगे के इलाज के लिए ले गए। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है। सड़क पर गिरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को हटाकर आवागमन सामान्य कर दिया गया है।

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कार्यालय, मुजफ्फरपुर में विधिवत रूप से पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण का कार्य सादगीपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें जिला पदाधिकारी मुजफ्फरपुर श्री सुब्रत कुमार सेन, आयुक्त के सचिव श्री संदीप शेखर प्रियदर्शी सहित आयुक्त कार्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
पदभार ग्रहण के उपरांत आयुक्त श्री सिंह ने प्रमंडल की जनता को नववर्ष की शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने कहा कि नया वर्ष सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लेकर आए, यही उनकी कामना है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि तिरहुत प्रमंडल की जनता की समस्याओं का समाधान करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी अधिकारी एवं कर्मी आपसी समन्वय , सक्रिय एवं तत्पर होकर टीम भावना के साथ कार्य करेंगे।
आयुक्त ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन जरूरी है। उन्होंने लोक शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी और बेहतर बनाने पर बल देते हुए कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा नहीं हो, बल्कि उनका वास्तविक एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर तय समय सीमा के भीतर निष्पादन किया जाए, ताकि जनता का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो।
श्री सिंह ने सरकार की नीतियों और योजनाओं को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को साकार करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने विकसित बिहार के संकल्प को पूरा करने हेतु सामूहिक एवं समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।
पदभार ग्रहण के पश्चात आयुक्त ने आयुक्त कार्यालय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के संधारण, साफ-सफाई, कर्मचारियों की उपस्थिति तथा जनसुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने पाया कि कुछ स्थानों पर व्यवस्थाओं में और सुधार की आवश्यकता है, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालयीय कार्यों में तकनीक के अधिकतम उपयोग, फाइलों के शीघ्र निष्पादन तथा कार्य संस्कृति में अनुशासन और संवेदनशीलता लाने पर जोर दिया।
अंत में आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि तिरहुत प्रमंडल के समग्र विकास, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए वे पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे टीमवर्क की भावना के साथ जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें, ताकि तिरहुत प्रमंडल विकास की नई ऊंचाइयों को छू सके।
आयुक्त कार्यालय में प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा विभिन्न विभागों के निरीक्षण के क्रम में कई अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रमंडलीय आयुक्त ने तीन अधिकारियों से स्पष्टीकरण करने और आज का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया। ये तीन अधिकारी निम्नवत हैं -
1/उपनिदेशक कल्याण
2/उपनिदेशक सांख्यिकी
3/क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी।
आयुक्त ने सभी अधिकारियों और कर्मियों को अपने-अपने कर्तव्य पर समय से उपस्थित रहने तथा सरकारी दायित्व का समय से निष्पादन करने का सख्त निर्देश दिया है।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि जनता के प्रति जवाबदेही तथा सरकारी कार्यों के समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निमित्त विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण का कार्य सतत एवं प्रभावी रूप से जारी रहेगा।

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मुजफ्फरपुर
02जनवरी, 2026

किसानों को सही समय पर और उचित मूल्य पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में कृषि टास्क फोर्स, धान अधिप्राप्ति, म्यूटेशन–परिमार्जन, एग्री एस्टेट परियोजना, सामाजिक सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ प्रखंड और अंचल स्तर के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक की शुरुआत उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा से हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले के किसानों को किसी भी स्थिति में उर्वरक की कमी नहीं होने दी जाएगी। समीक्षा में यह पाया गया कि वर्तमान में जिले में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। जिले में यूरिया 5748.135 मीट्रिक टन, डीएपी 3978.850 मीट्रिक टन, एनपीके 8840.624 मीट्रिक टन, एमओपी 1662.245 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 3064.500 मीट्रिक टन उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि थोक एवं खुदरा उर्वरक दुकानों पर नियमित निरीक्षण हेतु विशेष टीम गठित की जाए, ताकि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक सुनिश्चित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि उर्वरक की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवैध गतिविधि में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों और दुकानदारों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रबी फसल वर्ष 2025-26 के दौरान कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिले में कुल 375 छापेमारी की गई, जिनमें 33 मामलों में अनियमितता पाई गई। इसके परिणामस्वरूप पांच मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई, 13 लाइसेंस रद्द किए गए तथा 14 दुकानदारों से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी ने इस अभियान को आगे भी निरंतर जारी रखने का निर्देश दिया।
बैठक में एग्री एस्टेट परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने इस कार्य में तेजी लाने के लिए मिशन मोड में कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया। प्रथम चरण में 6 जनवरी से 9 जनवरी तक और द्वितीय चरण में 18 जनवरी से 21 जनवरी तक विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इसके लिए कृषि विभाग के पंचायत स्तरीय अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान अधिप्राप्ति की प्रखंडवार समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में अब तक 4129 किसानों से 28,107.350 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की जा चुकी है। इस कार्य में जिले की 302 सक्रिय पैक्स एवं सहकारी समितियां लगी हुई हैं। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को पूरी तरह सक्रिय और तत्पर रखें, ताकि धान अधिप्राप्ति की गति और तेज हो सके। इसके साथ ही पूर्वी एवं पश्चिमी अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारियों को इस कार्य की सतत और प्रभावी मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया।
भूमि सुधार से जुड़े मामलों की समीक्षा भी बैठक का एक अहम हिस्सा रही। जिलाधिकारी ने म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, भूमि मापी और अभियान बसेरा की अंचलवार प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। परिमार्जन प्लस के अंतर्गत लंबित मामलों की सूक्ष्मता से समीक्षा की गई और औराई, मोतीपुर, कुढ़नी, मुसहरी एवं मरवन अंचल में अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने अपने स्तर पर लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया।
ऑनलाइन म्यूटेशन मामलों की समीक्षा में सामने आया कि मोतीपुर में 112 प्रतिशत, कांटी में 110 प्रतिशत, औराई में 106 प्रतिशत, सरैया में 105 प्रतिशत, कुढ़नी में 102 प्रतिशत, मीनापुर में 102 प्रतिशत तथा कटरा में 100 प्रतिशत प्रदर्शन रहा। वहीं, सकरा में 86 प्रतिशत, गायघाट में 91 प्रतिशत, मरवन में 93 प्रतिशत, साहेबगंज और मुसहरी में 96 प्रतिशत मामलों का निष्पादन हुआ है। जिलाधिकारी ने सभी अंचलों को शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश देते हुए कहा कि आम जनता को भूमि संबंधी मामलों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
भूमि मापी अभियान के तहत जिलाधिकारी ने प्रत्येक अंचल में कार्यरत अमीनों के बीच स्पष्ट रूप से कार्य आवंटन करने और उसके नियमित फॉलोअप का निर्देश दिया। अभियान बसेरा की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रत्येक अंचलाधिकारी को निर्देश दिया कि बेघर एवं भूमिहीन परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने के लिए 14 जनवरी तक कम से कम 50-50 मामलों में भूमि आवंटन सुनिश्चित किया जाए। इस कार्य में अधिकारियों को गंभीर, संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने को कहा गया।
प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत पंचायत स्तर पर शिविर आयोजन की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पंचायतों में नियमित कैंप लगाकर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों के दरवाजे तक पहुंचाया जाए। मधुबनी पंचायत में आयोजित कैंप में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित मामलों का शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही मधुबनी के निकटवर्ती पंचायतों में भी कैंप आयोजित कर लोगों की समस्याएं सुनने और त्वरित समाधान करने पर जोर दिया।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा के क्रम में कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना पर विशेष चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने गायघाट और साहेबगंज प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि इस योजना का लाभ सभी योग्य लाभुकों तक समय पर पहुंचाया जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद परिवार को कठिन परिस्थिति में सहायता से वंचित न रहना पड़े।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों, गरीबों और आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।

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शमशाबाद स्थित श्री आईमाता मंदिर मे काग परिवार द्वारा आयोजित स्नेह मिलन कार्यक्रम मे उपस्थित आयोजक अखिल भारतीय सीरवी महासभा तेलंगाना प्रांतीय अध्यक्ष हरजीराम काग, गणपत काग , श्री कृष्ण गोपाल पंवार,दिनेश पंवार, सीरवी महासभा तेलंगाना प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रभुराम हाम्बड़,शमशाबाद शिक्षा समिति सचिव भीखाराम काग , कोषाध्यक्ष राजूराम परिहार, उपाध्यक्ष चेलाराम काग ,बाबूलाल पंवार सलाहकार भूराराम परिहार, वरिष्ठ सदस्य मलाराम पंवार, सीरवी समाज कोरेमुला अध्यक्ष कालुराम काग, सह सचिव राजाराम गेहलोत, कोषाध्यक्ष पोकरराम पंवार , सीरवी समाज वडेर संगा रेड्डी अध्यक्ष रुघाराम परिहारिया , लिकमाराम , मोहनलाल, चंद्राराम,सीरवी समाज बडेर मनिकोंण्डा अध्यक्ष बाबूलाल भायल, सीरवी समाज बडेर शादनगर अध्यक्ष कैलाश बफा, भंवरलाल सैणचा,सीरवी समाज युवा संगठन से केसाराम सोलंकी, पुनाराम पंवार, मोहनलाल एवं समस्त सीरवी समाज बन्धु।

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