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ग्वालियर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्तरीय पशुपालक एवं दुग्ध उत्पादक सम्मेलन में मध्यप्रदेश को देश की मिल्क केपिटल बनाने के संकल्प की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन और पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनाया जाएगा। साथ ही सरकार दूध खरीदेगी और पशुपालकों को उचित मूल्य दिलाएगी। ग्वालियर में पशुओं के लिए वेलनेस सेंटर खोलने, पशु स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन और डबरा में नया पशु चिकित्सालय बनाये जाने की भी घोषणा की गई।

ग्वालियर जिले में 68,737 पशुपालक हैं जो 4 लाख से अधिक पशुधन की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लाल टिपारा आदर्श गौशाला का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें 10 हजार से अधिक गौवंश हैं और यह आत्मनिर्भरता का उदाहरण है। प्रदेश में गौशालाओं की संख्या बढ़ाकर करीब 5 लाख से अधिक गौवंश पालन किया जा रहा है। उन्होंने किसानों की जमीन लेने पर चार गुना मुआवजा देने और वृंदावन ग्राम बनाने जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया। सम्मेलन में कई मंत्री, सांसद और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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4 मई को आए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति की दिशा ही बदल दी। जहां एक तरफ सत्तारूढ़ DMK को भारी हार का सामना करना पड़ा, वहीं अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने 108 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन अपनी खुद की सीट भी नहीं बचा सके, और पूरा DMK गठबंधन (DMK प्लस) केवल 73 सीटों पर सिमट गया।

यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि TVK ने बिना किसी गठबंधन के अकेले चुनाव लड़कर यह सफलता हासिल की, जिससे उसने राज्य के पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया।

इस हार के पीछे कई बड़े कारण सामने आए हैं। सबसे प्रमुख कारण रहा एंटी-इंकम्बेंसी, जहां स्टालिन सरकार के खिलाफ जनता में धीरे-धीरे असंतोष बढ़ता गया। बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों ने लोगों की नाराजगी को और बढ़ाया।

DMK नेतृत्व इन संकेतों को समय रहते समझने में असफल रहा। वहीं, विजय की राजनीतिक पकड़ को कम आंकना भी स्टालिन के लिए भारी पड़ गया। उनकी चुप्पी की रणनीति को जनता ने कमजोरी और ढिलाई के रूप में देखा।

जमीनी स्तर पर भी DMK की पकड़ कमजोर नजर आई, जबकि विजय सीधे जनता से जुड़ते गए। पार्टी के भीतर सीट बंटवारे को लेकर असंतोष ने भी वोट ट्रांसफर को प्रभावित किया।

दूसरी ओर, विजय की नई राजनीति ने खासकर युवाओं को आकर्षित किया। रोजगार, शिक्षा और बदलाव के वादों के साथ-साथ सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेन का आक्रामक इस्तेमाल कर TVK ने शहरी वोटर्स को अपनी ओर खींचा।

गठबंधन से दूर रहकर चुनाव लड़ने की रणनीति ने भी TVK को एक साफ-सुथरा और स्वतंत्र विकल्प के रूप में स्थापित किया, जिससे उसे विभिन्न वर्गों का समर्थन मिला।

इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि अब सिर्फ पुराना राजनीतिक अनुभव जीत की गारंटी नहीं है। तमिलनाडु की जनता बदलाव चाहती है, और इस बार उसने उसी दिशा में वोट किया।

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प्रदेश में सोमवार को बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था पूरी तरह से खत्म कर दी गई। जिन उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगे हैं, वे भी पोस्टपेड की तरह ही काम करेंगे। प्रदेश भर के विभिन्न शहरों में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा था। लोगों ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर उखाड़ कर सड़क पर फेंक दिए थे।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतें मिली रही थीं। विद्युत उपभोक्ताओं को स्मार्ट /प्रीपेड मीटर से आ रही तकनीकी दिक्कत के मद्देनजर फैसला लिया गया है कि सभी उपभोक्ताओं का स्मार्ट मीटर सामान्य पोस्ट-पेड मीटर की तरह ही कार्य करेगा। जैसे उपभोक्ता पहले मासिक बिल भरते थे वैसे ही हर माह की एक से 30 तारीख तक का बिल अगले दस दिन में एसएमएस या ह्वाट्सऐप पर भेजा जाएगा। बिल मिलने के बाद दी गई समय सीमा में उपभोक्ता को बिल जमा करना होगा।

उपभोक्ता परिषद की लड़ाई रंग लाई,स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगना शुरू होते ही राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने विरोध शुरू किया था। परिषद ने नियामक आयोग में याचिकाएं लगाईं। आयोग ने पावर कार्पोरेशन से जवाब तलब किया। निरंतर हो रहे विरोध और आयोग की सख्ती को देखते हुए पावर कार्पोरेशन ने अपना फैसला बदला। सोमवार दोपहर बाद ऊर्जा मंत्री और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। इसके बाद फैसला वापस लेने का ऐलान किया गया।

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झालावाड़ जिले की डग नगर पालिका को जनहित और स्वच्छता कार्यों के लिए चार नए वाहन मिले हैं। विधायक कालूराम मेघवाल ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना कियाइन वाहनों में सूखे कचरे के निस्तारण के लिए एक गाड़ी, गीले कचरे के लिए एक गाड़ी, विद्युत विभाग से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु 30 मीटर लंबी और 9 फीट चौड़ी एयरलिफ्टिंग मशीन, और एक अग्निशमन गाड़ी शामिल है। इन सभी वाहनों का विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शुभारंभ किया गया।।इस अवसर पर विधायक कालूराम मेघवाल ने क्षेत्र में दी जा रही सुविधाओं और जनहित कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि ये वाहन नगर पालिका की सेवाओं को बेहतर बनाने में सहायक कार्यक्रम में जिला महामंत्री दिनेश अग्रवाल, पंचायत समिति सदस्य राजेंद्र सिंह परिहार, मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह प्रतिहार, जिला उपाध्यक्ष नारायण सिंह तिसाई, पूर्व किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष तूफान सिंह सोलंकी, पूर्व उपसरपंच दिलीप सोनी, लोकेश तलेसरा, सुनील व्यास सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।होंगे।Aima media jhalawar

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खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर ने क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सड़क सुविधा बेहतर बनाने के लिए पहल की है। उन्होंने जिला कलेक्टर के माध्यम से उपमुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री दीया कुमारी को 32 सड़कों के निर्माण की अनुशंसा भेजी है।विधायक गुर्जर ने राज्य सरकार की बजट घोषणा वर्ष 2026-27 के बिंदु संख्या 295 के तहत इन सड़कों को शीघ्र स्वीकृति देकर निर्माण कार्य शुरू करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 'मिसिंग लिंक' और 'नॉन पेचेबल' सड़कों का निर्माण अत्यंत आवश्यक है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलेगी।प्रस्तावित 32 सड़कों में से 11 'मिसिंग लिंक' सड़कें हैं। इनमें खटकड-कोटडाकुंज, खमावदा-ओदपुर, लीमी-कड़ीखेड़ी, खंडी-सुनारिया, दहीखेडा बांगडसी रोड-जठेड़ी, दुमडियाखेड़ी रोड-पनवाड़ (श्मशान), सलावद-झितापुरा, झुमकी रोड-बारां किशनपुरा, लक्ष्मीपुरा-सूरी वाया राजपुरा, जेके सीमेंट फैक्ट्री-पिपल्या और भालता रोड-मोखमपुरा शामिल हैं।21 'नॉन पेचेबल' सड़कों का भी प्रस्तावइसके अलावा, 21 'नॉन पेचेबल' सड़कों का भी प्रस्ताव दिया गया है। ये सड़कें रामपुरा-सिंघोला, रान्याखेड़ी-सिंघोला, केथूनी भगवानपुरा रोड-रामछेड़ा जी महाराज, नालोदी-कानपुरा कल्ला जी महाराज, चुनाभाटी-कुआभाव दयाभाव, भालता रोड-मेलकी-गडारिया, तारज-अम्बाला, सारोला कलां-ईरली, सम्पर्क सड़क-पुरा, मरायता-पखराना, गुरजनी रोड-हथाईखेड़ा, पनवाड़ लक्ष्मीपुरा रोड-अकोदिया, ठुगनी-डडवाड़ा, शंकरपुरा-पखराना, रूपाहेड़ा-लोढागुढा, गणेशपुरा चौन्सला रोड-गुरायता (खानपुर बॉर्डर), मेघा हाईवे रोड-खंडी, सम्पर्क सड़क-जगदीशपुरा, गोलाना-डुंडा वाया हालीहेड़ा, पिपलिया नग्गा-सूरजपुरा और रटलाई रोड-दिन्याखेड़ी हैं।विधायक ने इस संबंध में जिला प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी प्रतिलिपि भेजकर इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का आग्रह किया है। साथ ही, विभागीय उच्च अधिकारियों को भी आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

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रविवार शाम बकानी कस्बे और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अचानक मौसम बदल गया। तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ मावठे की बारिश हुई। इस बारिश से एक ओर जहां भीषण गर्मी से राहत मिली और तापमान गिरा, वहीं दूसरी ओर किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।बकानी गौण मंडी में खुले में रखा सरकारी गेहूं और किसानों की फसल बारिश से भीग गई। तेज हवाओं के कारण तिरपाल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं, जिससे बड़ी मात्रा में अनाज खराब होने की आशंका है। किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी में पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण उनकी उपज को नुकसान हुआ।अचानक बदले मौसम से जनजीवन भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर अव्यवस्था देखी गई। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का तत्काल आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए और भविष्य में मंडी में उपज की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।Aima media jhalawar

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## **आईमा मीडिया न्यूज़**
**स्थान:** गोगरी, खगड़िया
**संवाददाता:** विकास कुमार
### **पकरैल मध्य विद्यालय का मैदान बना 'तालाब', जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से छात्रों में आक्रोश**
**गोगरी प्रखंड (खगड़िया):** विकास के दावों के बीच गोगरी प्रखंड अंतर्गत पकरैल पंचायत के मध्य विद्यालय की तस्वीर व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर रही है। विद्यालय के प्रांगण में जलजमाव की समस्या इतनी विकराल हो चुकी है कि थोड़ी सी बारिश होते ही पूरा मैदान टापू में तब्दील हो जाता है।
**सालों से बनी है समस्या** विद्यालय के मैदान में पानी जमा होने के कारण न केवल छात्रों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है, बल्कि खेल-कूद और प्रार्थना सभा जैसी गतिविधियां भी पूरी तरह ठप पड़ गई हैं। जलजमाव की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडराने लगा है।
**जनप्रतिनिधियों की चुप्पी** स्थानीय ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए कई बार गुहार लगाई गई है। लेकिन दुखद पहलू यह है कि **न तो स्थानीय विधायक और न ही सांसद** ने अभी तक इस गंभीर समस्या की सुध ली है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधियों की इस अनदेखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
**प्रमुख मांगें:**
* विद्यालय के मैदान में मिट्टी भराई का कार्य जल्द शुरू हो।
* पानी निकासी के लिए पक्की नाली का निर्माण किया जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस खबर के बाद नींद से जागते हैं या नौनिहाल इसी तरह नारकीय स्थिति में पढ़ने को मजबूर रहेंगे।
**आईमा मीडिया के लिए पकरैल से विकास कुमार की रिपोर्ट।**

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भिण्ड: कलेक्टर भिण्ड की अध्यक्षता में समय सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभागार में आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और अन्य विभागों के जिला अधिकारी वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पर विशेष फोकस करते हुए विभागवार लंबित शिकायतों के शत-प्रतिशत निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक दिनों से लंबित शिकायतों को शिकायतकर्ता से बातचीत कर समाधान करें।

कलेक्टर ने नल जल योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जहां योजना हैंडओवर हो चुकी है, वह सुचारू रूप से चलनी चाहिए। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत शिक्षा विभाग को पानी की टंकी की सफाई करवाकर पोर्टल में एंट्री करने और सफाई की दिनांक अंकित करने के निर्देश दिए। डॉग बाइट मामलों के बढ़ने पर कलेक्टर ने टीकाकरण अभियान चलाने, एंटीरेबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नागरिकों को जागरूक करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने ईकेवाईसी और विभिन्न मॉनिटरिंग प्रणालियों की भी समीक्षा की।

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक स्वर में प्रतिक्रिया देते हुए इसे कार्यकर्ताओं के त्याग, संघर्ष और जनता के अटूट विश्वास की जीत बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव परिणामों को जनशक्ति की विजय करार देते हुए कहा कि यह सुशासन के प्रति जनता के भरोसे का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने बंगाल के सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया और भरोसा दिलाया कि नई सरकार राज्य के लोगों के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी, साथ ही हर नागरिक को अवसर और सम्मान दिलाने की दिशा में काम करेगी।

वहीं, अमित शाह ने इस जीत को पार्टी के अनगिनत कार्यकर्ताओं के समर्पण और संघर्ष का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कई कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों ने हिंसा और उत्पीड़न सहने के बावजूद अपनी विचारधारा से समझौता नहीं कियायह जीत उनके धैर्य और साहस की जीत है।

शाह ने आगे कहा कि शून्य से पूर्ण बहुमत तक पहुंचने की इस यात्रा में जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी और अत्याचार सहा, यह जनादेश उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

उन्होंने पार्टी नेतृत्व और राज्य इकाई के सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत केवल राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि एक विकसित, समृद्ध और सर्वांगीण बंगाल की नई शुरुआत का संकेत है।

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा मुकाबला देखने को मिला, जहां भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर में उन्हें कड़ी टक्कर दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति के तहत अधिकारी को नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर से भी चुनाव मैदान में उतारने का फैसला लिया गया, ताकि सीधे ममता बनर्जी को उनके मजबूत क्षेत्र में चुनौती दी जा सके।

चुनावी नतीजों के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से जीत हासिल की, वहीं भवानीपुर में भी मुकाबला बेहद करीबी रहा। 20 राउंड की गिनती के बाद अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट प्राप्त हुए, जिससे भाजपा नेता ने 15,000 से अधिक मतों की बढ़त बनाई।

इस चुनाव में लेफ्ट के श्रीजीब बिस्वास तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस के प्रदीप प्रसाद चौथे स्थान पर रहे। नंदीग्राम में भी अधिकारी ने टीएमसी के पवित्र कर को हराकर अपनी पकड़ मजबूत दिखाई।

जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी ने इसे निर्णायक राजनीतिक क्षण बताते हुए कहा कि ममता बनर्जी को उनके गढ़ में चुनौती देना और बढ़त बनाना रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। उन्होंने इसे हिंदुत्व की जीत बताते हुए दावा किया कि विभिन्न वर्गों, यहां तक कि विपक्षी दलों के पारंपरिक वोटर्स का भी उन्हें समर्थन मिला, जिससे टीएमसी विरोधी वोटों का ध्रुवीकरण हुआ।

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ଚମ୍ପୁଆ: ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ, ଆସାମ ଏବଂ ପୁଡୁଚେରୀର ନିର୍ବାଚନରେ ବିଜେପିର ବିପୁଳ ବିଜୟ ପରେ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାର ଚମ୍ପୁଆ ଏବଂ ଭଣ୍ଡା ମଣ୍ଡଳରେ ବିଜୟ ଉତ୍ସବ ପାଳିତ ହେଲା। ଚମ୍ପୁଆ ନଗର ମଣ୍ଡଳର ମହାବୀର ଛକରେ ବିଜେପି କର୍ମୀମାନେ ମିଠା ବଣ୍ଟନ କରିବା ସହ ପ୍ରବଳ ବାଣ ଫୁଟାଇ ଖୁସି ଜଣାଇଥିଲେ।

ଭଣ୍ଡା ମଣ୍ଡଳର ବାଙ୍କି ସାହି ଠାରେ ମଧ୍ୟ ବିଜେପି ପକ୍ଷରୁ ବିଜୟ ସଂକେତ ସ୍ୱରୂପ ବାଣ ଫୁଟାଇ ମିଠା ବଣ୍ଟନ କରାଯାଇଥିଲା। ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ବିଜେପି କାର୍ଯ୍ୟକର୍ତ୍ତା ଓ ସମର୍ଥକମାନେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ ଏବଂ ଦଳୀୟ ନେତୃତ୍ୱଙ୍କ ପକ୍ଷରେ ସ୍ଲୋଗାନ ଦେଇଥିଲେ। ଉଭୟ ମଣ୍ଡଳରେ ସ୍ଥାନୀୟ ନେତା ଓ ଶତାଧିକ କାର୍ଯ୍ୟକର୍ତ୍ତା ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ ଏବଂ ଏହି ବିଜୟକୁ ସାଧାରଣ ଜନତାଙ୍କ ବିଜୟ ବୋଲି ବର୍ଣ୍ଣନା କରିଥିଲେ।

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आजादी के 78 साल बाद भी कांडी प्रखंड अंतर्गत हरिहरपुर पंचायत के आदिवासी टोला लुका में सड़क नहीं बन पायी है. करीब 300 की आबादी वाले इस गांव के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ग्रामीण राजेंद्र सिंह , सतेंद्र सिंह , सुदर्शन सिंह, मधेशर सिंह ने बताया कि गर्मी में धूल और बरसात में कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है. बारिश के दिनों में पूरा गांव टापू बन जाता है. रामप्रसाद सिंह ने कहा कि बीमार को खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है. कई बार रास्ते में ही मरीज की हालत बिगड़ जाती है. एंबुलेंस गांव तक नहीं आ पाती. गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है. सड़क नहीं होने से स्कूली बच्चों को भी परेशानी होती है. कीचड़ के कारण बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं. बरसात में स्कूल जाना बंद हो जाता है. रामपुकार सिंह ने कहा कि शादी-ब्याह में भी दिक्कत होती है. बारात की गाड़ी गांव तक नहीं आती. सामान ढोकर लाना पड़ता है. कोई रिश्ता करने से भी कतराता है कि सड़क नहीं है. इसी समस्या को लेकर आदिवासी ग्रामीणों ने मुखिया अनुज कुमार सिंह को बुलाकर एक बैठक शनिवार को किया गया जिसमें सभी ग्रामीणों ने अपना रैयति जमीन में रास्ता बनाने के लिए सहयोग किया वही अमीन नवलेश सिंह द्वारा 2 किलोमिटर रास्ता निकालने का मापी किया गया जो की लुका स्कूल से लेकर पश्चिम पहाड़ तक हैं सभी मापी किया गया जमीन में जेसीबी से साफ कराया गया मौके पर उपस्थित भुवनेश्वर सिंह, नंदकिशोर सिंह, राजा सिंह, ओम प्रकाश सिंह, अरविंद सिंह, अखिलेश सिंह, जितेंद्र सिंह ,नवीन सिंह एवं सैकड़ो लोग उपस्थित थे

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दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार Vijay ने राजनीति में अपनी एंट्री को ऐतिहासिक बना दिया है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी पार्टी और समर्थकों के दम पर जबरदस्त जीत हासिल की। यह जीत सिर्फ एक राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि एक बड़े जनआंदोलन का संकेत मानी जा रही है।
विजय लंबे समय से अपनी फिल्मों के जरिए सामाजिक मुद्दों को उठाते रहे हैं, और उसी छवि को उन्होंने राजनीति में भी मजबूती से पेश किया। चुनाव प्रचार के दौरान उनकी रैलियों में भारी भीड़ उमड़ीखासतौर पर युवा वर्ग और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं ने खुलकर समर्थन दिया।
जनता के बीच क्यों बने लोकप्रिय?
फिल्मों में सामाजिक संदेश देने की छवि
युवाओं और गरीब वर्ग से सीधा जुड़ाव
साफ-सुथरी और नई राजनीति का वादा
करिश्माई व्यक्तित्व और मजबूत फैन बेस
चुनाव में क्या रहा खास?
कई सीटों पर अप्रत्याशित बढ़त
पारंपरिक पार्टियों को कड़ी टक्कर
शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समर्थन
पहली ही कोशिश में बड़ी राजनीतिक पहचान
आगे की राह
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Vijay की यह जीत दक्षिण भारत की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वे अपने वादों को जमीन पर कैसे उतारते हैं और जनता की उम्मीदों पर कितना खरे उतरते हैं।

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*बारामती विधानसभा उपचुनाव 2026 की ऐतिहासिक विजय पर हार्दिक बधाई!*

आदरणीय श्रीमती सुनेत्रा अजितदादा पवार जी को इस शानदार और रिकॉर्ड मतों से मिली जीत पर मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई।
यह विजय जनता के विश्वास, आपके समर्पण और निरंतर जनसेवा का परिणाम है।

आपके नेतृत्व में क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और जनता की उम्मीदें निश्चित रूप से पूरी होंगी।

ईश्वर से प्रार्थना है कि आप इसी तरह जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ते रहें और प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।

सादर,
*श्री अभिषेक चदेंल* ( NCP)
*दिल्ली प्रदेश सचिव*
_पूर्व विधायक प्रत्याशी रोहताश नगर विधान सभा_
*राष्ट्रीय वादी कांग्रेस पार्टी दिल्ली कार्यालय*

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बूंटा निवासी अक्रम के पुलिस एनकाउंटर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अक्रम के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए एनकाउंटर को संदिग्ध बताया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिवार का आरोप है कि अक्रम को पहले से हिरासत में लिया गया था और बाद में एनकाउंटर की कहानी बनाई गई। परिजनों ने कहा कि उन्हें मामले की सही जानकारी नहीं दी गई और पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि अक्रम एक वांछित/इनामी बदमाश था और पुलिस टीम पर फायरिंग के दौरान जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई कानून के दायरे में की गई।
घटना के बाद इलाके में चर्चा और तनाव का माहौल बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
हालांकि अभी तक किसी अदालत, एसआईटी या सरकारी जांच एजेंसी ने इस एनकाउंटर को फेक एनकाउंटर घोषित नहीं किया है। मामले में जांच और बयानबाज़ी लगातार जारी है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सच सामने आता है।
रिपोर्ट: राव शोकीन
राव डिजिटल इंडिया न्यूज़

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दिल व्यापार में पकड़ी गई पत्नी को देखकर,
होश उड़ गए पति के
बेगूसराय पुलिस ने शहर के व्यस्त इलाके में चल रहे एक बड़े देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में होटल गणपति के मैनेजर को भी देह व्यापार कराने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।

नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सुभाष चौक पर स्थित होटल गणपति पर शनिवार की रात पुलिस की टीम ने अचानक छापेमारी की। सूचना के आधार पर पहुंची पुलिस ने होटल के अंदर सर्चिंग शुरू की और एक कमरे से 25 वर्षीय एक महिला को संदिग्ध स्थिति में पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि वह पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और देह व्यापार के लिए यहां लाई गई थी।

पुलिस ने उसी दौरान एक ग्राहक को भी मौके पर गिरफ्तार कर लिया। आगे की जांच में होटल का मैनेजर और कुछ स्टाफ सदस्य भी इस रैकेट में शामिल पाए गए। पुलिस के मुताबिक होटल को देह व्यापार का अड्डा बनाकर चलाया जा रहा था। बाहर से महिलाओं को बुलाकर उन्हें होटल के कमरों में रखा जाता था और ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाता था।

इस पूरे मामले में पुलिस ने कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें होटल मैनेजर, पश्चिम बंगाल की 25 वर्षीय महिला, एक ग्राहक और होटल का एक स्टाफ सदस्य शामिल हैं। सभी आरोपियों को थाने ले जाकर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने होटल के रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत भी जब्त कर लिए हैं।

स्थानीय लोगों ने इस छापेमारी का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से इस होटल को लेकर शिकायतें आ रही थीं। पुलिस ने आईपीसी की संबंधित धाराओं के साथ-साथ मानव तस्करी और देह व्यापार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है
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लखनऊ। प्रदेश सरकार ने विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था को समाप्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब सभी स्मार्ट मीटर सामान्य पोस्ट-पेड मीटर की तरह कार्य करेंगे। यह फैसला उपभोक्ताओं को आ रही तकनीकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ऊर्जा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिजली का बिल मिलेगा। महीने की 1 तारीख से 30 तारीख तक की खपत का बिल अगले 10 दिनों के भीतर एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाएगा, जिसे निर्धारित समय सीमा में जमा करना अनिवार्य होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में महीने के भीतर बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी। वहीं, जिन उपभोक्ताओं पर बकाया बिल है, उन्हें राहत देते हुए 10 किश्तों में भुगतान करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, पुराने मीटरों को स्मार्ट प्री-पेड मीटर से बदलने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। हालांकि, जहां पहले से स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, उनसे जुड़ी शिकायतों के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी।
ऊर्जा विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराएं और विभाग से आने वाले संदेशों पर ध्यान दें, ताकि समय पर बिल की जानकारी मिल सके। गर्मी के मौसम को देखते हुए बिजली आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए शक्ति भवन में उच्चस्तरीय बैठक कर विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सरकार ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि समय पर बिल भुगतान कर व्यवस्था को सुचारु बनाए रखें।

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श्रीरामपूर : रविवारी सकाळी बेलापूर रेल्वेस्टेशन हद्दीत दोन तरुणांचे, सुदेश आणि अल्पवयीन तरुणीचे, रेल्वे रुळावर छिन्न-विछिन्न अवस्थेत मृतदेह आढळले. रेल्वे यंत्रणेने ही माहिती श्रीरामपूर शहर पोलिसांना दिली. पोलीस निरीक्षक नितिन देशमुख फौज फाटा यांच्यासह तपास पथक घटनास्थळी पोहचले. पंचनामा करून मृतदेह साखर कामगार रुग्णालयात नेण्यात आले, जिथे डॉक्टरांनी दोघेही मृत असल्याची नोंद केली.

मयत तरुण सुदेश भैरवनाथनगर परिसरातील असून, तरुणी घरकुल परिसरातील आहे. घटनास्थळी दुचाकी एमएच १२ डीके १७६७ सापडली आहे. पोलीस तपास करत असून प्रेमसंबंधातून आत्महत्या की अन्य कारणे आहेत का, हे शोधत आहेत. या घटनेने श्रीरामपूर शहरात खळबळ उडाली असून नातेवाईक आणि नागरिक हळहळ व्यक्त करत आहेत.

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टीकमगढ़: भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा 4 मई 2026 से 10 मई 2026 तक मनाए जा रहे अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने अग्नि सुरक्षा के प्रति शपथ ली। सभी ने संकल्प लिया कि वे अस्पताल में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करेंगे और जागरूकता फैलाएंगे।

सहायक प्रबंधक डॉ. अंकुर साहू ने मरीजों के साथ आए परिजनों को अग्नि सुरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. डी.डी.एस. भदौरिया, डॉ. आभा सिंह, डॉ. शालू जोहरी, डॉ. मेघा खरे, डॉ. विनय सोनी, डॉ. अजय चौरासिया, श्रीमती सरोज प्रजापति, कंचन तिवारी, शेख मकबूल, ज्योति घोष, रागिनी पाठक, भारती सिंगरौली समेत अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने सुरक्षित वातावरण बनाने और अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए निरंतर प्रयास करने का भी संकल्प लिया।

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वाराणसी फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में एक सप्ताह पूर्व हुई मनीष सिंह की जघन्य हत्या के मामले में वाराणसी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सोमवार देर रात करखियांव इलाके में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने 50-50 हजार रुपये के दो इनामी बदमाशों, मनीष राजभर और आशीष राजभर को गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली दोनों बदमाशों के पैर में लगी है।एसओजी और फूलपुर पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, वाराणसी एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह और फूलपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह की टीम को बदमाशों के मूवमेंट की सटीक सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने करखियांव इलाके में घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों इनामी बदमाशों को दौड़ाकर गोली मारी, जिससे वे घायल होकर गिर पड़े। उन्हें तत्काल चिकित्सा के लिए अस्पताल भेजा गया है। सूचना मिलते ही मौके पर डीसीपी गोमती/क्राइम आईपीएस नीतू कादयान भी पहुंची।अंकिता की सिसकियों को मिला मरहम
बीते शनिवार को भदैनी मिरर से खास बातचीत में मनीष सिंह की पत्नी अंकिता ने अपना दर्द साझा किया था। कांपती आवाज और आंखों में आंसू लिए अंकिता ने केवल एक ही मांग की थी "मेरे पति के हत्यारों का एनकाउंटर हो।" सात दिनों के अंतहीन सन्नाटे और 'मांग का सिंदूर' उजड़ने के गम में डूबी अंकिता की गुहार आखिरकार रंग लाई। पुलिस की इस कार्रवाई को अंकिता की उस 'इंसाफ' की पुकार से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। था मामला?
एक सप्ताह पूर्व रविवार की रात घमहापुर गांव में एक कार की मामूली टक्कर के बाद मॉब लिंचिंग की खौफनाक वारदात हुई थी। 38 वर्षीय मनीष सिंह की भीड़ ने पीट-पीटकर नृशंस हत्या कर दी थी। पुलिस इस मामले में मनोज प्रजापति, हरिश्चंद्र राजभर, योगेंद्र प्रजापति और अभिषेक को पहले ही जेल भेज चुकी है।
इनकी तलाश जारी
मुठभेड़ में दो इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की दबिश जारी है। इस मामले के 50-50 हजार के इनामी दीपक राजभर, गोविन्द राजभर और नागेन्द्र राजभर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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દિલ્હી: પશ્ચિમ બંગાળ અને આસામની ચૂંટણીમાં ભાજપની મોટી જીત બાદ વડા પ્રધાન નરેન્દ્ર મોદીએ દિલ્હીની ભાજપ કાર્યાલયથી કાર્યકર્તાઓને સંબોધિત કર્યા હતા. તેમણે આ જીતને ઐતિહાસિક અને અભूतપૂર્વ ગણાવતા જણાવ્યું કે આ દિવસ ભારતની મહાન લોકશાહી માટે ભરોસાનો દિવસ છે. મોદીએ બંગાળ, આસામ, તામિલનાડુ, કેરળ અને પુડુચેરીની જનતાને તેમજ ભાજપ કાર્યકર્તાઓને હૃદયથી આભાર માન્યો.

મોદીએ કહ્યું કે પાંચ પ્રદેશોની જનતાએ સમગ્ર વિશ્વને બતાવ્યું કે ભારતમાં લોકતંત્ર, બંધારણ અને બંધારણીય સંસ્થાઓ જિંદા છે. પશ્ચિમ બંગાળમાં 93 ટકા મતદાન અને મહિલાઓની વધતી ભાગીદારી આ જીતના મુખ્ય પાસા છે. તેમણે ચૂંટણીપંચ, ચૂંટણી કર્મચારીઓ અને સુરક્ષા કર્મચારીઓનો પણ આભાર વ્યક્ત કર્યો અને કહ્યું કે તેમની મહેનતને વર્ષો સુધી યાદ રાખવામાં આવશે. વડા પ્રધાન મોદીએ ગંગોત્રીથી ગંગાસાગર સુધી કમળ ફૂલ્લાની વાત કરી અને માં ગંગા, બ્રહ્મપુત્રા અને માં કામાખ્યાના આશીર્વાદનો ઉલ્લેખ કર્યો.

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તામિલનાડુ: દક્ષિણ ભારતીય સુપરસ્ટાર સી. જૉસેફ વિજયે 2024માં તેમના રાજકીય પક્ષ તામિલગા વેટ્રી કઝગમ (ટીવીકે)ની સ્થાપના કરી અને ફરીથી રાજકારણમાં પ્રવેશ કર્યો છે. જાન્યુઆરીમાં તેમના દ્વારા રિલીઝ થયેલી ફિલ્મ "જન નાયગન" તેમની છેલ્લી ફિલ્મ હોવાનું નિવેદન છે, જેમાં તેમણે સંપૂર્ણ સમય રાજકારણને આપવાનો નિર્ણય કર્યો છે. વિજયની પાર્ટી તામિલનાડુ વિધાનસભાની ચૂંટણીમાં પ્રારંભિક પરિણામોમાં આગળ છે અને તે રાજકીય દ્રવિડિયન પક્ષો સામે એક મહત્વપૂર્ણ વિકલ્પ તરીકે ઉભર્યો છે.

વિજયની ફિલ્મો અને તેમના રાજકીય સંદેશાઓ તામિલનાડુના દ્રવિડિયન રાજકારણ સાથે સંકળાયેલા છે. તે પ્રમુખ રાજકીય મુદ્દાઓ જેમ કે ભ્રષ્ટાચાર, સામાજિક ન્યાય અને રાજ્ય ગૌરવને પોતાના પ્લેટફોર્મ પર રાખે છે. તેમનો ફેન ફોલોઇંગ વિશાળ છે અને તેમની જાહેરસભાઓમાં મોટી સંખ્યા માટે લોકો જોડાય છે. તેમ છતાં, 2025માં કરૂર ખાતે ટીવીકેની જાહેર સભામાં નાસભાગમાં 41 લોકોએ જાન ગુમાવવાથી વિજયને સંગઠનાત્મક અને નેતૃત્વ સંબંધિત ટીકાઓ સામનો કરવી પડી છે. વિજયની રાજકીય યાત્રા પર વિશ્લેષકો મિશ્ર અભિપ્રાય વ્યક્ત કરે છે, ખાસ કરીને પક્ષની દ્વિતીય પંક્તિ અને ગઠબંધન મુદ્દાઓને લઈને.

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તામિલનાડુ: દક્ષિણ ભારતીય સિનેમાના સુપરસ્ટાર સી. જૉસેફ વિજયે 2024માં તેમની રાજકીય પાર્ટી તામિલગા વેટ્રી કઝગમ (ટીવીકે)ની સ્થાપના કરી હતી અને હવે તેઓ સંપૂર્ણપણે રાજકારણમાં પ્રવેશ્યા છે. તેમની છેલ્લી ફિલ્મ 'જન નાયગન' જાન્યુઆરીમાં ભારતમાં અને વિદેશમાં લગભગ 5,000 સિનેમાઘરોમાં રિલીઝ થઈ હતી. વિજયે કહ્યું હતું કે રાજકારણમાં શોખ માટે નહીં પરંતુ સંપૂર્ણ પ્રતિબદ્ધતાથી જ જોડાવા જોઈએ. તેઓએ પોતાના કારકિર્દીનાં લાંબા સમય બાદ ફિલ્મોથી નિવૃત્તિ લઇ રાજકારણ પર ધ્યાન કેન્દ્રિત કર્યું છે.

તામિલનાડુમાં એમજીઆર અને જયલલિતા જેવા ફિલ્મ સ્ટાર્સ રાજકારણમાં સફળ રહ્યા છે અને હવે વિજયનું નામ પણ આ યાદીમાં સામેલ થયું છે. વિજયના રાજકીય સંઘર્ષમાં 2025માં કરૂરમાં યોજાયેલી ટીવીકેની જાહેર સભામાં થયેલ નાસભાગમાં 41 લોકોના મોત થયા હતા, જેના કારણે તેમને ટીકાઓનો સામનો કરવો પડ્યો હતો. વિજયનો પ્રભાવ વિશાળ છે, ખાસ કરીને યુવા મતદારોમાં, જેઓ દ્રવિડિયન પક્ષોથી નારાજ છે. વિજયનો પક્ષ ભાજપનો વિરોધી છે અને ડીએમકે સામે મુખ્ય વિરોધ પક્ષ તરીકે ઉભર્યો છે. તાજેતરના ચૂંટણી પરિણામોમાં વિજયની પાર્ટી આગળ છે, જે તામિલનાડુના રાજકીય દૃશ્યમાં મહત્વપૂર્ણ ફેરફાર દર્શાવે છે.

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તામિલનાડુ: દક્ષિણ ભારતીય સુપરસ્ટાર સી. જૉસેફ વિજયે 2024માં પોતાની રાજકીય પાર્ટી તામિલગા વેટ્રી કઝગમ (ટીવીકે)ની સ્થાપના કરી અને તેનો ફોકસ સંપૂર્ણપણે રાજકારણ પર મૂક્યો છે. તેમની છેલ્લી ફિલ્મ "જન નાયગન" જાન્યુઆરીમાં ભારતમાં અને વિદેશમાં લગભગ 5,000 સિનેમાઘરોમાં રિલીઝ થઈ હતી. વિજયએ ફિલ્મોમાંથી નિવૃત્તિ લઈને રાજકીય ક્ષેત્રે પોતાનું સ્થાન મજબૂત કરવા માટે કાર્ય શરૂ કર્યું છે.

તામિલનાડુમાં ફિલ્મ અને રાજકારણ વચ્ચે લાંબી પરંપરા છે, જેમાં એમજીઆર અને જયલલિતા જેવી શખ્સિયતો મુખ્યમંત્રી બની ચુક્યા છે. વિજયનું ફૅન ફોલોઇંગ ભારે પ્રભાવશાળી છે અને તે રાજકીય સભાઓમાં વિશાળ ભીડ એકત્રિત કરે છે. તાજેતરના ચૂંટણીમાં વિજયની પાર્ટી આગેવાની કરી રહી છે, જોકે ટૂંકા સમયમાં કરૂરમાં થયેલી નાસભાગ ઘટના પછી તેમના નેતૃત્વ પર આલોચના પણ થઈ છે. રાજકીય વિશ્લેષકો વિજયના યુવા મતદારોમાં વધતા પ્રભાવ અને દ્રવિડિયન પક્ષોથી નિરાશા પર ધ્યાન આપે છે. વિજયનો પક્ષ ભાજપને વિરોધી ગણાવે છે અને ડીએમકે સાથે તેનુ રાજકીય વિરોધ ચાલુ છે.

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तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में एक ऐसा भूकंप आया है जिसने सत्ता के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है, जहाँ द्रमुक (DMK) के दिग्गज नेता एम.के. स्टालिन को न केवल अपनी सरकार गंवानी पड़ी, बल्कि अपनी सीट पर भी उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। राज्य भर में इस समय अविश्वास का माहौल है, क्योंकि मुख्यमंत्री का वह अभियान, जो द्रविड़ विचारधारा और समाज कल्याण योजनाओं की विरासत पर टिका था, सत्ता विरोधी लहर और विपक्ष के मजबूत नैरेटिव के सामने ताश के पत्तों की तरह ढह गया। मतगणना के दिन के आंकड़ों ने ग्रामीण इलाकों और शहरी केंद्रों में पनप रहे उस मौन विद्रोह की कहानी बयां की, जिसने स्थापित व्यवस्था को नकार कर बदलाव का रास्ता चुना।

यह हार पार्टी नेतृत्व के आत्मविश्वास और बढ़ती महंगाई व प्रशासनिक थकान से जूझ रही जनता की जमीनी हकीकत के बीच के गहरे फासले को उजागर करती है। स्टालिन के लिए यह केवल सत्ता का जाना नहीं है, बल्कि एक व्यक्तिगत आत्ममंथन का क्षण है, जो पार्टी की रणनीति में आमूल-चूल बदलाव और इस बात की गहराई से जांच की मांग करता है कि 'द्रविड़ मॉडल' शासन का वादा आम आदमी की उम्मीदों पर कहाँ खरा नहीं उतरा। जहाँ उनके समर्थक सदमे में हैं, वहीं विपक्ष ने इसे एक युग का अंत घोषित करते हुए इस जनादेश को पारदर्शिता और जमीनी विकास की जीत बताया है। जैसे-जैसे उनके करियर के इस अध्याय का सूरज ढल रहा है, अब सारा ध्यान इस बात पर है कि उनके कद का नेता इस राजनीतिक वनवास से कैसे बाहर निकलता है और क्या द्रमुक खुद को फिर से संगठित कर इस बदलते चुनावी रणक्षेत्र में अपनी खोई हुई गरिमा वापस पा सकेगी।

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अलीगढ़: भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय नेता एवं भाजपा शक्ति केन्द्र प्रभारी सिधौली ठाकुर राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर जोरदार जश्न मनाया गया। भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सिधौली में लड्डुओं का वितरण किया और इस अवसर पर उत्साह व्यक्त किया।

ठाकुर राकेश कुमार सिंह ने कहा कि टीएमसी द्वारा की गई गुंडागर्दी समाप्त हो गई है और ममता बनर्जी की राजनीति अब खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने भाजपा को भारी जनादेश दिया है और टीएमसी अब सत्ता में कभी वापसी नहीं कर सकेगी। सिंह ने यह भी कहा कि टीएमसी के गुंडे या तो पश्चिम बंगाल छोड़ देंगे या भूमिगत हो जाएंगे।

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पश्चिम बंगाल की राजनीति के इतिहास में साल 2026 एक ऐसे मोड़ के रूप में दर्ज किया गया है जिसने दशकों पुराने राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से उलट कर रख दिया, जहाँ सबसे बड़ा उलटफेर कोलकाता की प्रतिष्ठित भवानीपुर विधानसभा सीट पर देखने को मिला। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जिन्हें उनके समर्थकों द्वारा 'बंगाल की बेटी' और राजनीति की 'अजेय योद्धा' माना जाता था, उन्हें अपने ही सबसे मजबूत गढ़ भवानीपुर में भाजपा के शुभेंदु अधिकारी के हाथों 15,105 मतों के अंतर से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। यह हार केवल एक विधानसभा सीट का नुकसान नहीं थी, बल्कि यह तृणमूल कांग्रेस के उस तिलस्म के टूटने का प्रतीक थी जिसे ममता बनर्जी ने सालों की मेहनत और जमीनी संघर्ष से खड़ा किया था। चुनाव के शुरुआती दौर से ही भवानीपुर में तनाव और उत्साह का माहौल था, जहाँ एक तरफ टीएमसी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थी, वहीं दूसरी तरफ शुभेंदु अधिकारी ने 'अन्याय के खिलाफ युद्ध' का नारा देकर मतदाताओं के बीच अपनी गहरी पैठ बना ली थी। मतगणना के दिन जैसे-जैसे राउंड दर राउंड नतीजे सामने आने लगे, भवानीपुर की गलियों में सन्नाटा पसरने लगा क्योंकि ममता बनर्जी लगातार पिछड़ रही थीं। शहरी मतदाताओं का मोहभंग, भ्रष्टाचार के आरोप और सत्ता विरोधी लहर ने उस भवानीपुर में सेंध लगा दी जिसने कभी ममता को भारी बहुमत से जिताया था।

ममता बनर्जी की इस हार ने न केवल पश्चिम बंगाल में 15 साल के टीएमसी शासन का अंत किया, बल्कि पार्टी के भीतर और बाहर उनके नेतृत्व पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भवानीपुर के इस ऐतिहासिक जनादेश ने बंगाल की सत्ता की चाबी भाजपा को सौंप दी, जिससे राज्य में एक नए राजनीतिक युग का उदय हुआ है और ममता बनर्जी के राजनीतिक करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर की शुरुआत हो गई

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By Sourav K. Basu
Senior Correspondent, Broadcast International News (BI News), Kolkata
Date: 5 May 2026

Kolkata: The West Bengal Legislative Assembly Election 2026 has marked a defining political transition, with the Bharatiya Janata Party (BJP) emerging as the dominant force in the states electoral landscape. The outcome signals a historic breakthrough, as the party secures its first-ever mandate to govern Bengal, bringing an end to over a decade of entrenched regional dominance.

At the center of this transformation stands Prime Minister Narendra Modi, whose leadership-driven campaign significantly influenced the electoral narrative. A combination of high-energy rallies, targeted outreach, and a strong emphasis on governance and development reshaped voter engagement across rural and urban constituencies alike. The campaigns focus on economic aspirations, administrative accountability, and national integration resonated with a broad spectrum of voters.

The verdict reflects a deeper structural shift in Bengals political behavior. Regions once considered strongholds of the incumbent dispensation witnessed notable electoral realignments, while youth and women voters emerged as decisive contributors to the changing mandate. The BJPs sustained grassroots expansion and long-term organizational strategy played a crucial role in consolidating this support base.

Following the results, Prime Minister Modi described the mandate as a new beginning for the state, highlighting priorities such as employment generation, improved governance, and the expansion of welfare initiatives. The emphasis on stability and inclusive growth underscores the expectations attached to this historic victory.

This electoral outcome not only redefines governance in West Bengal but also carries wider national implications. It strengthens the BJPs political footprint in eastern India and signals an evolving alignment of voter aspirations, leadership perception, and development-driven politics in contemporary India.

(Hindi)
रचनात्मक एवं विश्लेषणात्मक समाचार रिपोर्ट, सौरव के. बसु, सीनियर संवाददाता, ब्रॉडकास्ट इंटरनेशनल न्यूज़ (BI News), कोलकाता
तिथि: 5 मई, 2026
कोलकाता: 2026 का पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव 2026 राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया है। इस चुनाव में Bharatiya Janata Party (भाजपा) ने पहली बार स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ते हुए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, जो लंबे समय से चली आ रही क्षेत्रीय राजनीतिक पकड़ के अंत का संकेत देता है।
इस परिवर्तन के केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रभावशाली नेतृत्व क्षमता रही है। उनके व्यापक जनसंपर्क अभियान, ऊर्जावान रैलियों और विकास तथा सुशासन पर केंद्रित संदेशों ने ग्रामीण और शहरीदोनों ही क्षेत्रों के मतदाताओं को प्रभावित किया है। रोजगार, प्रशासनिक पारदर्शिता और समावेशी विकास जैसे मुद्दों ने जनमत को निर्णायक रूप से प्रभावित किया।
यह जनादेश केवल एक चुनावी परिणाम नहीं, बल्कि राज्य के मतदाताओं की सोच में आए व्यापक बदलाव का संकेत है। जिन क्षेत्रों को पहले विरोधी दलों का गढ़ माना जाता था, वहां भी उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। विशेष रूप से युवा और महिला मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी इस बदलाव की प्रमुख शक्ति के रूप में उभरी है। साथ ही, जमीनी स्तर पर संगठन के विस्तार और दीर्घकालिक रणनीति ने भी इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
परिणाम सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे राज्य के लिए नई शुरुआत बताया और रोजगार सृजन, बेहतर शासन व्यवस्था तथा कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार पर जोर दिया।
यह चुनाव परिणाम पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दिशा को पुनर्परिभाषित करता है और आने वाले समय में राज्य तथा राष्ट्रीय राजनीति पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।

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चंबल : चंबल संभाग के कमिश्नर श्री सुरेश कुमार ने भिंड एवं मुरैना जिलों के विभिन्न गेहूं खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने खरीदी, तौल एवं अन्य प्रक्रियाओं के शासन निर्देशों के अनुरूप पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने किसानों को खरीदी प्रक्रिया में किसी भी असुविधा से बचाने तथा छाया, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

भिंड जिले के मेहगांव अनुभाग में सेवा सहकारी संस्था कचनाव कला द्वारा संचालित बहुउद्देश्यीय कृषि सेवा केन्द्र, सेवा सहकारी संस्था दोनियापुरा के बांके बिहारी वेयरहाउस एवं सहकारी समिति अकलोनी के केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। किसानों ने तौल और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। केन्द्रों पर बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता, गुणवत्ता परीक्षण के बाद उचित गुणवत्ता का गेहूं उपार्जन, और बरसात से बचाव के लिए तिरपाल एवं कवर की व्यवस्था पाई गई। मुरैना जिले की अंबाह तहसील के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रिठौना के श्री रामकृष्ण वेयरहाउस में भी संतोषजनक व्यवस्थाएं देखी गईं।

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मोरीना: सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में जिले में खनिज उत्खनन एवं परिवहन में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर, जेसीबी एवं अन्य वाहनों में GPS डिवाइस अनिवार्य किए जाने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन में गठित टीमें गांव-गांव जाकर वाहन स्वामियों को जागरूक कर रही हैं और GPS लगाने की समझाइश दे रही हैं।

पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने ए.बी. रोड स्थित ग्राम छौंदा में चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें 7 वाहनों के दस्तावेजों में कमियां पाई गईं। चालानी कार्रवाई करते हुए ₹64,500 का राजस्व वसूला गया। साथ ही, 5 ट्रैक्टर मोटरयान नियमों के उल्लंघन में जब्त कर थाना सिविल लाइन में रखे गए। मौके पर वाहन स्वामियों को GPS डिवाइस अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने अभियान जारी रखने और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही। इस कार्रवाई में प्रभारी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी स्वाती पाठक, परिवहन उपनिरीक्षक अशोक शर्मा, परिवहन प्रधान आरक्षक अभिषेक शर्मा, आरक्षक जितेंद्र तोमर एवं थाना सिविल लाइन के पुलिसकर्मी उपस्थित थे।

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पढ़ावली ग्राम पंचायत : मनरेगा योजना के तहत बने अमृत सरोवर तालाब ने ग्राम पंचायत पढ़ावली की पारिस्थितिकी और जीवनशैली में महत्वपूर्ण बदलाव लाया है। इस तालाब के बनने से सूखे की समस्या दूर हुई है, भू-जल स्तर बढ़ा है और खेतों में नमी लौट आई है। इससे किसानों के चेहरे पर फिर से उम्मीद जगी है और क्षेत्र में हरियाली फैल गई है।

बटेश्वर मंदिर समूह के पास स्थित यह तालाब अब केवल जलाशय नहीं है, बल्कि वन्य जीवों के लिए स्थायी जल स्रोत और जलीय जीवों का आवास बन चुका है। यहां पक्षियों की चहचहाहट गूंजती है और पारिस्थितिकी तंत्र संतुलित हुआ है। यह तालाब ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बन गया है, जो सामूहिक प्रयास की सफलता को दर्शाता है।

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मुरैना: प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती संगीता मदान के मार्गदर्शन में 09 मई 2026 को जिला मुख्यालय मुरैना के न्यायालय परिसर तथा अम्बाह, जौरा और सबलगढ़ के तहसील विधिक सेवा समितियों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में दीवानी प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा अभिकरण, बैंक प्रकरण, विद्युत प्रकरण एवं अन्य राजीनामा योग्य दाण्डिक लंबित प्रकरणों का पारस्परिक सहमति से राजीनामा के माध्यम से निराकरण किया जाएगा।

मुरैना: 04 मई को प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती संगीता मदान ने प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जिला न्यायालय परिसर से रवाना किया। इस अवसर पर अध्यक्ष अभिभाषक संघ मुरैना श्री हरी सिंह सिकरवार, अधिवक्तागण, न्यायालय कर्मचारीगण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। आमजन से अपील की गई है कि वे 09 मई को आयोजित लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण करा लाभ प्राप्त करें।

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मुरैना : प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय) में मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार "कॉलेज चलो अभियान" का शुभारम्भ किया गया। इस अभियान के तहत मुरैना नगर क्षेत्र के शासकीय एवं अशासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में अभियान दल द्वारा विद्यार्थियों और अभिभावकों को ई-प्रवेश प्रक्रिया एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी प्रदान की जाएगी।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल सिंह ने अभियान का शुभारम्भ करते हुए ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित छात्र हितैषी योजनाओं की भी जानकारी दी। एनसीसी एवं एनएसएस के विद्यार्थी ड्रॉपआउट विद्यार्थियों के नाम और मोबाइल नंबर संकलित कर नोडल अधिकारी डॉ. दिलीप कटारे को उपलब्ध कराएंगे, जो काउंसलिंग के माध्यम से पुनः प्रवेश के लिए प्रेरित करेंगे।

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मुरैना : कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने जिले के पिपरसेवा, रिठौराकलां एवं जैतपुर स्थित गेहूं उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केन्द्रों पर उपस्थित किसानों से संवाद कर खरीदी प्रक्रिया तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर ने तौल व्यवस्था, भंडारण प्रबंधन एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुचारु एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। ग्राम जैतपुर स्थित खरीदी केन्द्र पर एसडीएम को सुरक्षा सुदृढ़ करने हेतु पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने समिति प्रबंधक एवं सर्वेयरों को शासन द्वारा निर्धारित सभी व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान एसडीएम मुरैना श्री बी.एस. कुशवाह, जिला संयोजक श्री सौरभ राठौर, नायब तहसीलदार, पटवारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

इस मार्ग के विशेष मरम्मत कार्य के लिए 15 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री स्तर से 493 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन से जनता में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान किया जा सके।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

इस मार्ग के विशेष मरम्मत कार्य के लिए 15 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री स्तर से 493 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन से जनता में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान किया जा सके।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

इस मार्ग के विशेष मरम्मत कार्य के लिए 15 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री स्तर से 493 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन से जनता में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान किया जा सके।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

इस मार्ग के विशेष मरम्मत कार्य के लिए 15 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री स्तर से 493 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन से जनता में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान किया जा सके।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

इस मार्ग के विशेष मरम्मत कार्य के लिए 15 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री स्तर से 493 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन से जनता में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान किया जा सके।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

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सोनभद्र : ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और मलबा सड़क पर छोड़ने के कारण राहगीरों का सफर खतरनाक हो गया है। बरसात के बाद जलभराव ने इस मार्ग को दुर्घटना का केंद्र बना दिया है।

इस मार्ग के विशेष मरम्मत कार्य के लिए 15 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री स्तर से 493 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति और ठेकेदार द्वारा नियमों के उल्लंघन से जनता में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सड़क की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान किया जा सके।

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बड़ी खबर | उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती 2024 पर उठे गंभीर सवाल

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2024 में हुई शिक्षक भर्तियों को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आ रहा है। आरोप है कि कई अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए मेडिकल सर्टिफिकेट संदिग्ध हैं और दिव्यांग (Disability) कोटे का दुरुपयोग किया गया हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें मेडिकल प्रमाणपत्रों की वैधता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। हालांकि, संबंधित विभाग से जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाने के कारण पूरे मामले की सच्चाई सामने आने में बाधा उत्पन्न हो रही है।

उठ रहे बड़े सवाल:

क्या शिक्षक भर्ती में लगे सभी मेडिकल सर्टिफिकेट वास्तविक और प्रमाणित हैं?
क्या दिव्यांग कोटे का गलत तरीके से लाभ उठाया गया है?
क्या मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी प्रमाणपत्रों की सही तरीके से जांच हुई थी?
क्या संबंधित अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है?
विभाग जांच में पूर्ण सहयोग क्यों नहीं कर रहा है?
क्या यह एक संगठित स्तर पर हुआ घोटाला है?
क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी?
क्या योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है?

अब मांग उठ रही है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

क्या सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी?
क्या जांच एजेंसियां सच्चाई तक पहुंच पाएंगी?

फिलहाल, पूरे प्रदेश की निगाहें इस मुद्दे पर टिकी हुई हैं।

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लेहरागागा 04 मई 2026 प्रेस दिवस के अवसर पर, अरिहंत ज्वैलर्स के मालिक और सामाजिक कार्यकर्ता पुनीत जैन ने लेहरागागा प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनिल जैन को विशेष रूप से सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रेस क्लब के सभी सदस्यों को डायरी भेंट करके पत्रकार समुदाय के प्रति अपना आदर व्यक्त किया।

पुनीत जैन ने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज होते हैं और निडर होकर जनता तक सच्चाई पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रेस दिवस पर पत्रकारों को सम्मानित करना उनके लिए गर्व की बात है।

इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनिल जैन ने अरिहंत ज्वैलर्स को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह की पहल पत्रकारों को और अधिक प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब हमेशा सत्य और निष्पक्ष पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध रहेगा।

इस कार्यक्रम के दौरान प्रेस क्लब के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे और सभी पत्रकारों को उपलब्ध कराई गई डायरियां अध्यक्ष अनिल जैन को सौंप दी गईं।

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