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Youth Beaten by Police While Seeking Rights; Farmers’ Leader Demands Action Against Officers /Talwinder Heer
Hoshiarpur / Daljeet Ajnoha/June 8
In recent days, instead of listening to or addressing the legitimate demands of apprentice linemen working at the electricity board, the Punjab Police reportedly acting on directions from the state government unleashed excessive and inhumanly swift violence on the country’s youth. Many injured protesters were repeatedly kicked and beaten with batons and left sprawled on the roads. The incident has drawn sharp condemnation across Punjab, the country and among justice-seeking people worldwide, with calls for departmental inquiries and legal action against the vindictive police officers and personnel involved.
Talwinder Singh Heer (Nangal Khilarian), publicity secretary of the Bharatiya Kisan Union, Hoshiarpur district, said that the batons of corrupt and arrogant police officers are always used against ordinary people, while useless and looter politicians who ruin the country and Punjab are openly allowed to escape humiliation and are protected. He recalled a recent episode in which Union minister Ravneet Bittu allegedly mistreated a female district police chief; the minister reportedly shoved the officer despite her wearing the uniform. When an inspector attempted to reason with him, the minister responded with a highly provocative casteist remark, and thereafter an apparent, planned attempt to foment communal discord took place. Neither the police, the judiciary nor the government appears to have paid attention to the viral videos that clearly show senior officers who are meant to uphold the dignity of the uniform being humiliated, and no action was taken against the disgraced minister; not even a warning was issued at the time.
Now, when educated and capable young unarmed workers were peacefully demonstrating to press their legitimate demands, senior police officers reportedly began lashing out at them like predators. Instead of offering help to the wounded, authorities allegedly threatened to ruin their futures; distressed young men were seen crying and shouting in pain before cameras. The episode has eroded public trust in both the police and the government.
All pro-justice public organizations have strongly condemned the police baton charge on the electricity employees and demanded strict action against the guilty officers and immediate acceptance of the workers’ demands. Farmer leader Talwinder Singh Heer said that every possible assistance would be provided to the employees harassed by the electricity department and the governments, and that any form of state police thuggery and atrocity will be resisted firmly.

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കാരക്കോണം: രാമവർമൻചിറ ശ്രീകൃഷ്ണ ക്ഷേത്രത്തിലെ വാർഷിക തിരുഉത്സവത്തിനായുള്ള ഒരുക്കങ്ങൾക്ക് തുടക്കമിട്ട് ഉത്സവ നോട്ടീസ് പ്രകാശനം ചെയ്തു. ക്ഷേത്ര സന്നിധിയിൽ നടന്ന ചടങ്ങിൽ ട്രസ്റ്റ് ഭരണസമിതി സെക്രട്ടറിയും തിരുഉത്സവ കമ്മിറ്റി അംഗങ്ങളും ചേർന്ന് ക്ഷേത്ര മേൽശാന്തിക്ക് നോട്ടീസ് കൈമാറി. തുടർന്ന് ഭഗവാന്റെ തിരുമുന്നിൽ സമർപ്പിച്ചശേഷം ഉത്സവ പ്രഖ്യാപനം നടത്തി.
പ്രദേശത്തിന്റെ ആത്മീയ-സാംസ്കാരിക പാരമ്പര്യത്തിന്റെ ഭാഗമായ ക്ഷേത്രോത്സവം എല്ലാ വർഷവും വലിയ ജനപങ്കാളിത്തത്തോടെയാണ് നടക്കുന്നത്. ഭക്തിയുടെയും ഐക്യത്തിന്റെയും സന്ദേശം ഉയർത്തിപ്പിടിക്കുന്ന ഉത്സവം ഗ്രാമത്തിന്റെ സാമൂഹിക ജീവിതത്തിലും പ്രധാന പങ്കുവഹിക്കുന്നതായി ഭാരവാഹികൾ പറഞ്ഞു.
ഉത്സവ ദിവസങ്ങളിൽ വിവിധ പൂജകൾ, ആചാരാനുഷ്ഠാനങ്ങൾ, കലാപരിപാടികൾ, മേളങ്ങൾ എന്നിവ നടക്കും. ക്ഷേത്ര പരിസരവും അനുബന്ധ പ്രദേശങ്ങളും ഉത്സവാഘോഷങ്ങളുടെ ഭാഗമായി പ്രത്യേകമായി അലങ്കരിക്കും.
തിരുഉത്സവ പരിപാടികൾ വിജയകരമാക്കുന്നതിന് ഭക്തജനങ്ങളുടെയും നാട്ടുകാരുടെയും പൂർണ സഹകരണവും സാന്നിധ്യവും ആവശ്യപ്പെട്ട ട്രസ്റ്റ് ഭാരവാഹികൾ, ഈ വർഷത്തെയും ആഘോഷങ്ങൾ ഭക്തിസാന്ദ്രവും ജനകീയവുമായിരിക്കുമെന്ന് അറിയിച്ചു. ചടങ്ങിൽ ട്രസ്റ്റ് അംഗങ്ങൾ, ഉത്സവ കമ്മിറ്റി പ്രവർത്തകർ, ഭക്തജനങ്ങൾ എന്നിവർ പങ്കെടുത്തു.

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*ମାଲକାନଗିରି ଜିଲ୍ଲାରେ ୬ଟି ଗୋଦାବରୀଶ ମିଶ୍ର ଆଦର୍ଶ ପ୍ରାଥମିକ ବିଦ୍ୟାଳୟର ଭିତ୍ତିପ୍ରସ୍ତର ସ୍ଥାପନ*

*ମାଲକାନଗିରି, ତା-୭/୬/୨୦୨୬:*

ଓଡ଼ିଶା ସରକାରଙ୍କ ଶିକ୍ଷା କ୍ଷେତ୍ରେ ଗୁଣାତ୍ମକ ପରିବର୍ତ୍ତନ ଆଣିବା ଲକ୍ଷ୍ୟରେ ଗ୍ରହଣ କରାଯାଇଥିବା "ଗୋଦାବରୀଶ ମିଶ୍ର ଆଦର୍ଶ ପ୍ରାଥମିକ ବିଦ୍ୟାଳୟ ଯୋଜନା" ର ଦ୍ୱିତୀୟ ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ ମାଲକାନଗିରି ଜିଲ୍ଲାର ୬ ଟି ବିଦ୍ୟାଳୟର ଭିତ୍ତିପ୍ରସ୍ତର ସ୍ଥାପନା କାର୍ଯ୍ୟ ସମ୍ପନ୍ନ ହୋଇଛି।

ଏହି ଅବସରେ ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ଓ ଶିକ୍ଷା ବିଭାଗ ପକ୍ଷରୁ ଆୟୋଜିତ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ସ୍ଥାନୀୟ ଜନପ୍ରତିନିଧି, ଅଧିକାରୀ ଓ ଶିକ୍ଷାବିତ୍ ମାନେ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ।

ଟେମ୍ପୋରାରୀ କଲୋନୀ ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ, ଚିତ୍ରକୋଣ୍ଡା ଠାରେ ଜିଲ୍ଲାପାଳ , ବ୍ଲକ୍ ର ଜନ ପ୍ରତିନିଧି ଓ ଶିକ୍ଷା ବିଭାଗ ତରଫରୁ ଜିଲ୍ଲା ଶିକ୍ଷା ଅଧିକାରୀ ଚିତ୍ତରଞ୍ଜନ ପାଣିଗ୍ରାହୀ ଯୋଗ ଦେଇଥିଲା ବେଳେ ଅତିରିକ୍ତ ଜିଲ୍ଲା ଶିକ୍ଷା ଅଧିକାରୀ ମଞ୍ଜୁଲତା ଭୋଇ ଏମ୍ ଭି ୭୩ ଉଚ୍ଚ ପ୍ରାଥମିକ ବିଦ୍ୟାଳୟ, କାଙ୍ଗୁରୁକୋଣ୍ଡା, କାଲିମେଳା ଠାରେ ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ଉନ୍ନୟନ ପରିଷଦ ଅଧ୍ୟକ୍ଷ ଗଙ୍ଗା ସୋଡ଼ି ସାଂସଦ ପ୍ରତିନିଧି ଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ ।

ସେହିପରି ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ, ମୁଣ୍ଡିଗୁଡ଼ା, ରାସବେଡ଼ା ଗ୍ରାମ ପଞ୍ଚାୟତ, ଖଇରପୁଟ ଠାରେ ଅତିରିକ୍ତ ଜିଲ୍ଲା ଶିକ୍ଷା ଅଧିକାରୀ ଭାଗୀରଥି ବେହେରା ସାଂସଦ ପ୍ରତିନିଧି ବିଧାୟକ ପ୍ରତିନିଧି ଯୋଗ ଦେଇଥିଲା ବେଳେ ବିଭିନା ପ୍ରତିନିଧି ଓ ଗୋଷ୍ଠୀ ଶିଖା ଅଧିକାରୀ ଙ୍କ ସହ ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ, କେ ଗୁମା, ପ୍ରସନ୍ନପାଲି ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ, ନିଲିଗୁଡ଼ା ଗ୍ରାମ ପଞ୍ଚାୟତ, ପୋଡ଼ିଆ ଏବଂ କାଲାପାଲି ଉଚ୍ଚ ବିଦ୍ୟାଳୟ, ପୋଡ଼ାଘାଟ ଗ୍ରାମ ପଞ୍ଚାୟତ, ଖଇରପୁଟ ଠାରେ ଭିତ୍ତି ପ୍ରସ୍ତର ସ୍ଥାପନ ହେଲା।

ସୂଚନାଯୋଗ୍ୟ ଯେ ପ୍ରଥମ ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ ଜିଲ୍ଲାର ୧ ଟି ବିଦ୍ୟାଳୟର ଭିତ୍ତିପ୍ରସ୍ତର ପୂର୍ବରୁ ସ୍ଥାପନା ହୋଇସାରିଛି। ଏହା ସହିତ ଦ୍ୱିତୀୟ ପର୍ଯ୍ୟାୟର ୬ ଟି ମିଶି ମୋଟ ୭ ଟି ଗୋଦାବରୀଶ ମିଶ୍ର ଆଦର୍ଶ ପ୍ରାଥମିକ ବିଦ୍ୟାଳୟରେ କାମ ଆରମ୍ଭ ହେବ। ବର୍ତ୍ତମାନ ସମସ୍ତ ବିଦ୍ୟାଳୟର ଡି ପି ଆର ପ୍ରସ୍ତୁତି କାର୍ଯ୍ୟ ଶେଷ ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ ରହିଛି।

ଏହି ଆଦର୍ଶ ବିଦ୍ୟାଳୟଗୁଡ଼ିକ ନିର୍ମାଣ ହେବା ପରେ ମାଲକାନଗିରି ଜିଲ୍ଲାର ଶିକ୍ଷା ବ୍ୟବସ୍ଥାରେ ନୂତନ ଯୁଗ ଆରମ୍ଭ ହେବ ଓ ଛାତ୍ରଛାତ୍ରୀମାନେ ପାଞ୍ଚ ଏକର ମଧ୍ୟରେ ଖେଳ ପଡ଼ିଆ, ଛାତ୍ରାବାସ, ଶ୍ରେଣୀଗୃହ , ବିଜ୍ଞାନ ଗାରା, ଶିକ୍ଷକ ନିଯୁକ୍ତି ସହ ଅତ୍ୟାଧୁନିକ ସୁବିଧା ସହିତ ଶିକ୍ଷା ଲାଭ କରିପାରିବେ ବୋଲି ଜିଲ୍ଲା ପ୍ରଶାସନ ପକ୍ଷରୁ କୁହାଯାଇଛି।

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​🚨 बड़ी खबर: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए देशभर में प्रदर्शन करेगी 'सीजेपी'!
​कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। सोशल मीडिया पर लाइव आकर दीपके ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन तो सिर्फ एक "ट्रेलर" था।
​उन्होंने सरकार को 7 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो युवाओं के साथ मिलकर देश के कई बड़े शहरों में सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा।
​📌 क्या है पूरा मामला?
नीट (NEET) और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश है। सीजेपी का आरोप है कि इन विवादों से देश के करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है।

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पंचकूला/ 08 जून:- हरियाणा के पंचकूला में 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आज पुलिस द्वारा आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत भेज दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंचकूला की रहने वाली एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी पंचकूला की एक कोठी में बच्चों की देखभाल का काम करती है। 5 जून 2026 को जब उसकी बेटी समय पर घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। देर रात जब लड़की घर पहुंची, तो उसने रोते हुए अपनी मां को आपबीती सुनाई। पीड़िता ने बताया कि सोशल मीडिया पर उसकी मुलाकात पंचकूला निवासी एक युवक से हुई थी। युवक ने उसे प्यार के जाल में फंसाया और शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला सेल पंचकूला की इंचार्ज महिला सब इंस्पेक्टर पूजा और पुलिस टीम तुरंत एक्शन में आई। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता के बयान दर्ज करवाए गए और नागरिक अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद जांच अधिकारी एएसआई चिरंजी लाल ने टीम की मदद से 7 जून को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता: पॉक्सो एक्ट के तहत एक संवेदनशील मामला हमारे संज्ञान में आया था। हमारी महिला सेल और स्थानीय पुलिस ने बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मैं जनता को, विशेषकर माता-पिता को आश्वस्त करना चाहती हूँ कि बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों को बहलाने-फुसलाने वाले तत्वों के खिलाफ कानून बेहद सख्ती से निपटेगा। इस केस की पैरवी मजबूती से की जाएगी ताकि आरोपी को अदालत से सख्त से सख्त सजा दिलवाई जा सके।

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पिथौरागढ़ : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डॉ. पीताम्बर अवस्थी की 23वीं पुस्तक "हिमालय में जलवायु परिवर्तन : समस्या और समाधान" का ज्ञानप्रकाश संस्कृत पुस्तकालय सभागार में विमोचन किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में नगर निगम की मेयर कल्पना देवलाल मुख्य अतिथि थीं, जिनके साथ नगर के प्रबुद्ध साहित्यकार, कवि और सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारी उपस्थित थे। मेयर कल्पना देवलाल ने पुस्तक के माध्यम से हिमालय में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और उनके व्यवहारिक समाधानों पर प्रकाश डाला।

वरिष्ठ पत्रकार दिनेश पंत ने पुस्तक में हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार कारकों की पहचान और जैव विविधता, जल स्रोतों, पर्यावरण, वनों तथा ग्लेशियरों के संरक्षण के उपायों पर चर्चा की। सामाजिक चिंतक डॉ. तारा सिंह ने इसे शोधार्थियों, विद्यार्थियों, नीति निर्माताओं और आम जनता के लिए उपयोगी बताया। वरिष्ठ शिक्षक चिंतामणि जोशी ने डॉ. अवस्थी के गहन शोध और तथ्यपरक विश्लेषण की प्रशंसा की। कार्यक्रम में वृक्षारोपण भी किया गया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर भगीरथ अवस्थी, डॉ. आनन्दी जोशी, लक्ष्मी आर्या, डॉ. नीरज चंद्र जोशी, दयानन्द भट्ट, लक्ष्मीदत्त तिवारी समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

पटना : ​आसमान में गड़गड़ाहट और बिजली की कड़क देखने में जितनी विस्मयकारी लगती है, जमीन पर आकर यह उतनी ही क्रूर और जानलेवा साबित होती है।
हाल के वर्षों में 'वज्रपात' या 'ठनका' हमारे ग्रामीण और शहरी जीवन के लिए एक मूक लेकिन सबसे बड़ा हत्यारा बनकर उभरा है।
ऐसे समय में, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी यह दिशानिर्देश महज कागजी चेतावनी नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु के बीच की विभाजक रेखा हैं।
इस गंभीर संकट पर तात्कालिक आत्ममंथन और कड़े एक्शन की जरूरत है।

​क्या करें और क्या न करें:
जीवन रक्षक नियमावली,
​दस्तावेज़ को मूल रूप से दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है—'क्या करें' और 'क्या न करें'। वज्रपात के समय घबराहट में अक्सर लोग वही गलतियाँ कर बैठते हैं जो उनके जीवन पर भारी पड़ जाती हैं।

​1. सुरक्षित आश्रय की तलाश (कहाँ जाएं और कहाँ न जाएं)
​पक्के मकान की शरण: यदि आप खुले आसमान के नीचे हैं, तो किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और यथाशीघ्र किसी पक्के मकान में शरण लें।

​वाहनों का विवेकपूर्ण उपयोग:
यदि आप कार, बस या किसी पूरी तरह से ढके हुए वाहन के भीतर हैं, तो उसी के अंदर बने रहना सुरक्षित है।
इसके विपरीत, बिना छत वाले खुले वाहनों के नजदीक जाना मौत को बुलावा देने जैसा है।

​जंगल और पेड़ों का गणित:
यदि आप जंगल में फंस गए हैं, तो किसी ऊंचे पेड़ के नीचे खड़े होने की भूल कतई न करें। सुरक्षा के लिहाज से बौने (छोटे) और घने पेड़ों की शरण में चले जाना ही बुद्धिमानी है।

​2. इन घातक गलतियों से बचें (जो अक्सर अनजाने में होती हैं)
​ऊंचाई से दूरी:
वज्रपात हमेशा सबसे ऊंचे बिंदु को अपनी ओर आकर्षित करता है। इसलिए ऊंचे वृक्षों, गगनचुंबी इमारतों और टेलीफोन या बिजली के खंभों के पास खड़े होने की सख्त मनाही है।

​घर के भीतर की सावधानियां:
हम अक्सर सोचते हैं कि घर के अंदर आ गए तो पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन यह हमारी गलतफहमी है। बिजली चमकने के दौरान खिड़की, दरवाजे, बरामदे या छत से पूरी तरह दूर रहें। घर के अंदर बिजली से संचालित सभी उपकरणों को तुरंत बंद कर दें और तार वाले (लैंडलाइन) टेलीफोन का उपयोग बिल्कुल न करें।

​पानी और धातु से दूरी:
पानी और धातु बिजली के सबसे बेहतरीन सुचालक हैं। यदि आप तैर रहे हैं या पानी के भीतर/आसपास हैं, तो पुल, झील या छोटी नाव से तुरंत बाहर निकल जाएं। घर के भीतर भी प्लम्बिंग, लोहे के पाइपों को न छुएं और नल से बहते पानी का इस्तेमाल न करें।
कृषि कार्य में लगे लोग धातु से बने उपकरणों (हँसुआ, कुदाल, ट्रैक्टर आदि), धातु के पाइप, नल और फव्वारों से तुरंत दूरी बना लें।

​भीड़ न लगाएं:
खुले मैदान में एक जगह पर भीड़ बनाकर खड़े होने से खतरा बढ़ जाता है; सभी को अलग-अलग दूरी बनाकर खड़ा होना चाहिए।

​बिहार जैसे कृषि-प्रधान राज्य में, जहाँ एक बड़ी आबादी खेतों में काम करती है, वज्रपात की आपदा का डंक सबसे गहरा होता है।
सरकार ने वर्ष 2026-27 के इस जागरूकता अभियान के जरिए अपनी तत्परता तो दिखाई है, लेकिन असली चुनौती इस सूचना को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और उनके व्यवहार में ढालने की है।

​अक्सर किसान भाई बादलों की गड़गड़ाहट को नजरअंदाज कर खेतों में काम करते रहते हैं, जो आत्मघाती साबित होता है।
इस विज्ञापन का संदेश साफ है: सतर्कता ही एकमात्र सुरक्षा है। आपदा के समय तकनीकी उपकरणों का मोह छोड़ना और प्रकृति के नियमों को समझना ही हमें बचा सकता है।

​आपातकालीन सहायता:
सिस्टम की मुस्तैदी,
​यदि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटती है या आपातकालीन सहायता की आवश्यकता होती है, तो प्रशासन ने निम्नलिखित हॉटलाइन नंबर जारी किए हैं, जिन्हें हर नागरिक को अपने मोबाइल में सहेज कर रखना चाहिए:

​राज्य आपातकालीन संचालन केन्द्र (SEOC) दूरभाष: (01) 0612-2294204 / 205
​टॉल फ्री नंबर: 1070
​आपातकालीन नंबर: 112
​मोबाइल नंबर: 7070290170
​बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पटना): +91 (0612) 2547232 (वेबसाइट: www.bsdma.org)

​निष्कर्ष:
प्रकृति के इस रौद्र रूप के सामने मानव बेबस जरूर है, लेकिन लाचार नहीं।
आपदा प्रबंधन विभाग की इस चेतावनी को हल्के में न लें। याद रखें, आसमान में कड़कती बिजली को रोकने की ताकत हमारे पास नहीं है, लेकिन खुद को उससे सुरक्षित रखने की समझदारी पूरी तरह हमारे हाथ में है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!

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बोकारो: सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बोकारो पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में ट्रैफिक डीएसपी अजय कुमार और सेक्टर-6 थाना प्रभारी संगीता कुमारी के नेतृत्व में सेक्टर-4 और सेक्टर-6 को जोड़ने वाली मुख्य सड़क स्थित पत्थरकटा चौक पर विशेष अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान सीट बेल्ट नहीं लगाने वाले चारपहिया वाहन चालकों और हेलमेट नहीं पहनने वाले बाइक सवारों का प्रतीकात्मक रूप से माला पहनाकर स्वागत किया गया, जबकि सीट बेल्ट और हेलमेट का उपयोग करने वालों को फूलों का गुलदस्ता देकर सम्मानित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि सुरक्षा उपकरण केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।
इस अवसर पर ट्रैफिक डीएसपी अजय कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोग घायल होते हैं और कई मामलों में जान भी चली जाती है। उन्होंने कहा कि शरीर की अन्य चोटों की भरपाई संभव है, लेकिन सिर में गंभीर चोट लगने पर जान बचाना मुश्किल हो सकता है।
उन्होंने सभी दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट पहनने तथा पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट लगाने की अपील की। वहीं चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट बांधकर वाहन चलाने का आग्रह किया। डीएसपी ने बताया कि ऐसे जागरूकता अभियान लगातार विभिन्न थाना क्षेत्रों में चलाए जा रहे हैं, जिसका सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है।

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हुसैनगंज फतेहपुर संवाददाता।
योगी सरकार द्वारा अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं जिले में अवैध खनन का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। हुसैनगंज थाना क्षेत्र के पिलखनी और फरीदपुर गांवों के आसपास बड़े पैमाने पर मिट्टी खनन किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन माफिया बेखौफ होकर जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से मिट्टी का खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों के आदेशों के बावजूद अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
गौरतलब है कि जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा समय-समय पर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में लगातार खनन गतिविधियां जारी रहने से प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने मामले की जांच कर अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं तथा अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।

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दमोह : हाइडेलबर्ग सीमेंट इंडिया लिमिटेड के नरसिंहगढ़ प्लांट में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के दस दिवसीय पर्यावरण जागरूकता अभियान का भव्य एवं सफल समापन समारोह संपन्न हुआ। इस अभियान का नेतृत्व यूनिट हेड ने किया, साथ ही मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सागर क्षेत्रीय अधिकारी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, वृक्षारोपण अभियान, प्रतियोगिताएं, ग्रामीण जनसंपर्क गतिविधियां एवं सामुदायिक सहभागिता आयोजित की गईं। बच्चों, महिला समूहों, कर्मचारियों, श्रमिकों, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं शासकीय अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की।

इस दौरान दमोह जिले के विभिन्न गांवों में घर-घर जाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाया गया एवं जल संरक्षण, वृक्षारोपण, कचरा प्रबंधन तथा पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। समापन समारोह में यूनिट हेड द्वारा प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। सभी कर्मचारियों एवं श्रमिकों से "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पौधा लगाने एवं संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया गया।

नरसिंहगढ़ प्लांट के साथ-साथ हाइडेलबर्ग सीमेंट की पथरिया माइंस एवं इमलाई ग्राइंडिंग यूनिट में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित हुए, जहाँ अधिकारियों, कर्मचारियों एवं श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पर्यावरण प्रमुख डॉ. अशोक तिवारी ने पर्यावरण संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप अभियान का सफल संचालन किया। सभी उपस्थित प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली को अपनाने का संकल्प दोहराया।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जमशेदपुर में छह दिवसीय भव्य योग शिविर, स्वामी गोरखनाथ सरस्वती देंगे मार्गदर्शन

जमशेदपुर (झारखंड)। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर सत्यानंद योग केंद्र, जमशेदपुर द्वारा शहर में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 'स्वास्थ्य प्रबंधन एवं उन्नत योग साधना' विषय पर आधारित यह छह दिवसीय शिविर आगामी 15 जून से 20 जून 2026 तक गोलमुरी क्लब, गोलमुरी में आयोजित होगा। शिविर का समय प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे से 7:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके बाद, 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य समारोह टेल्को स्थित सबुज कल्याण संघ में सुबह 6:00 बजे से 7:30 बजे तक संपन्न होगा।

​इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण बिहार योग विद्यालय, मुंगेर के वरिष्ठ संन्यासी और बोकारो शांति दर्शन योग-आश्रम के आचार्य पूज्य स्वामी गोरखनाथ सरस्वती जी का सानिध्य और मार्गदर्शन होगा। स्वामी जी का योग के क्षेत्र में एक लंबा और समृद्ध अनुभव रहा है। वर्ष 1968 में अपने गुरु स्वामी सत्यानंद सरस्वती जी के प्रथम दर्शन करने के बाद, उन्होंने 1970 में गृह त्याग कर मुंगेर आश्रम में तीन वर्षीय संन्यास पाठ्यक्रम पूरा किया।

इसके बाद गुरु के निर्देश पर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी सहित कई विदेशी शहरों में योग का प्रचार प्रसार किया। शिविर शारीरिक स्वास्थ्य साधकों के आध्यात्मिक विकास का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

शिविर की जानकारी के लिए संपर्क सूत्र 9835550587, 7543814141 और 9122083415

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छबड़ा: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की दीदियों ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत भुवाखेड़ी स्थित अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया।पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ दीदी नीलू और सीमा दीदी के नेतृत्व में केंद्र परिसर में छायादार और फलदार पौधे लगाए गए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। पेड़ न सिर्फ हमें प्राणवायु देते हैं बल्कि धरती का तापमान भी नियंत्रित रखते हैं।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी केंद्र से जुड़ी जानकी लोधा आदि बहनों, सुरेश मेहरा व उनकी माँ सहित कस्बे के लोगों ने भाग लिया। दीदी नीलू और ओशो आशीष ध्यान केंद्र भुवाखेड़ी के संचालक एस. एल. नागर, स्वामी ध्यान गगन ने स्थानीय लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। सभी ने पौधों की देखभाल करने और उन्हें अपने बच्चों की तरह बड़ा करने का संकल्प लिया।अपने संदेश में वक्ताओं ने कहा कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान प्रधानमंत्री और राजस्थान सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य हर नागरिक को प्रकृति से जोड़ना है। ब्रह्माकुमारी संस्थान लगातार इस तरह के सेवा कार्यों से समाज में सकारात्मक संदेश दे रहा है।संदेश:धरती को हरा-भरा बनाने के लिए हम सबकी भागीदारी जरूरी है। एक पेड़ मां के नाम लगाएं, उसका पालन-पोषण करें और आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण का उपहार दें।

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*सुलतानपुर जिले में यूपी पुलिस आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष भर्ती परीक्षा के दृष्टिगत जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा परीक्षा केन्द्रों का किया गया निरीक्षण ।*
*उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराए जाने के दृष्टिगत आज जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती चारु निगम द्वारा जनपद के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया ।*
निरीक्षण के दौरान परीक्षा केन्द्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, परीक्षा कक्षों की व्यवस्था, विद्युत एवं पेयजल सुविधाओं सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया गया। अधिकारियों द्वारा केन्द्र व्यवस्थापकों एवं संबंधित अधिकारियों को परीक्षा की गोपनीयता एवं निष्पक्षता बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।पुलिस अधीक्षक श्रीमती चारु निगम द्वारा परीक्षा केन्द्रों पर नियुक्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी निर्वहन करने तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन वातावरण में सम्पन्न कराने हेतु पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है ।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने तथा अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।जनपद प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

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**उपेक्षा से नाराज स्वयंसेवकों ने उठाए गंभीर बिंदु; नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र और नियमित प्रशिक्षण की मांग की**

**रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र।** जनपद सोनभद्र में आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था में प्रशासन का सहयोग करने वाले महत्वपूर्ण स्वयंसेवी संगठन 'सिविल डिफेन्स' की लंबे समय से चली आ रही निष्क्रियता को लेकर संगठन के वार्डन बंधुओं और स्वयंसेवकों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। सोमवार को समस्त वार्डन बंधुओं की ओर से जिलाधिकारी सोनभद्र को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर संगठन को पुनः सक्रिय और प्रभावी बनाने की मांग की गई।

**15 अगस्त 2025 के बाद से उपेक्षा का शिकार हैं स्वयंसेवक**
जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि 15 अगस्त 2025 के बाद नामांकित हुए स्वयंसेवकों को आज तक काम करने का कोई अपेक्षित अवसर, प्रशिक्षण या संगठनात्मक मार्गदर्शन नहीं मिल सका है। इसके चलते बड़ी संख्या में युवाओं के भीतर निराशा और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

**ज्ञापन में उठाए गए मुख्य गंभीर बिंदु:**
1. **ट्रेनिंग और बैठकों का अभाव:** जॉइनिंग के बाद से स्वयंसेवकों के लिए कोई नियमित प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल या क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया है।

2. **आईडी कार्ड और नियुक्ति पत्र नहीं:** लंबे समय से नवीन स्वयंसेवकों को न तो आधिकारिक पहचान पत्र (ID Card) दिए गए हैं और न ही विधिवत नियुक्ति पत्र, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

3. **सार्वजनिक आयोजनों से दूरी:** राष्ट्रीय पर्वों (स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस), त्योहारों, मेलों और वीआईपी कार्यक्रमों में सिविल डिफेन्स की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित नहीं की जा रही है, जबकि स्वयंसेवक ड्यूटी के लिए इच्छुक हैं।

4. **जानकारी का अभाव:** नए सदस्यों को यूनिफॉर्म, ड्रेस कोड, रैंक संरचना और उनके दायित्वों के संबंध में कोई समुचित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

**डीएम से हस्तक्षेप और सुधार की मांग**
भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील और विस्तृत जनपद होने के कारण सोनभद्र में समय-समय पर आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और प्राथमिक उपचार जैसी चुनौतियां आती रहती हैं। ऐसे में एक प्रशिक्षित संगठन प्रशासन के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।

समस्त वार्डन बंधुओं और स्वयंसेवकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि संगठन की समीक्षा कर नियमित मासिक बैठकें शुरू कराई जाएं, सभी को शीघ्र पहचान पत्र व नियुक्ति पत्र आवंटित किए जाएं, तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर नियमित प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल का आयोजन कराया जाए ताकि इस मानव संसाधन का उपयोग जनहित में हो सके।

इस दौरान मुख्य रूप से जयशंकर राय (समस्त वार्डन बंधु), अनिल कुमार गुप्ता, मनोज कुमार पाठक, राजू अग्रहरि, अमान खान, प्रभुदेव पांडेय और रामचंद्र सहित भारी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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नांदेड, दि. 8 जून : उत्पन्न आणि उत्पादनाच्या दृष्टीने खरीप हंगाम अत्यंत महत्त्वाचा मानला जातो. मान्सूनच्या अनिश्चिततेमुळे पिकांवर विपरीत परिणाम होऊ नये, यासाठी कृषी विभागाने जनजागृती मोहिमेला वेग दिला आहे. यंदा मान्सूनवर ‘अल-निनो’चा प्रभाव पडण्याची शक्यता हवामान विभागाने व्यक्त केल्याने शेतकऱ्यांना योग्य मार्गदर्शन करण्यावर भर दिला जात आहे.

नांदेड जिल्ह्यात आतापर्यंत सुमारे 13 हजार जनजागृती मोहिमा राबविण्यात आल्या असून, एका सहायक कृषी अधिकाऱ्याने सरासरी 37 मोहिमा पूर्ण केल्या आहेत. या मोहिमा पुढेही सुरू राहणार असून, त्यात जास्तीत जास्त शेतकऱ्यांनी सहभागी व्हावे, असे आवाहन जिल्हा अधीक्षक कृषी अधिकारी दत्तकुमार कळसाईत यांनी केले आहे.

कृषी विभागाच्या नियोजनानुसार प्रत्येक सहायक कृषी अधिकाऱ्याने किमान 50 मोहिमा घेणे बंधनकारक करण्यात आले आहे. तसेच पेरणीपासून काढणीपर्यंतच्या सर्व टप्प्यांबाबत शेतकऱ्यांना मार्गदर्शन करणे अनिवार्य करण्यात आले आहे. पेरणीपूर्व काळात प्रत्येक सहायक कृषी अधिकाऱ्याने दोन कार्यशाळांचे आयोजन केले आहे.

गेल्या वर्षी खरीप पिके अंतिम टप्प्यात असताना अतिवृष्टी आणि सततच्या पावसामुळे उत्पादनात घट झाली होती. यंदा पेरणीपूर्वीच ‘अल-निनो’चे संकट निर्माण होण्याची शक्यता असल्याने कृषी विभाग अधिक सतर्क झाला आहे. संभाव्य परिणामांना तोंड देण्यासाठी शेतकऱ्यांना सक्षम करण्याच्या उद्देशाने विविध मोहिमा आणि कार्यशाळा आयोजित केल्या जात आहेत.

या कार्यशाळांचे आयोजन गावांमध्ये लोकप्रतिनिधींच्या सहभागाने सकाळी किंवा रात्री केले जात आहे. विभागीय कृषी सहसंचालक, जिल्हा अधीक्षक कृषी अधिकारी, उपविभागीय कृषी अधिकारी, तालुका कृषी अधिकारी, मंडळ कृषी अधिकारी आणि सहायक कृषी अधिकारी या मोहिमेत सक्रिय सहभाग घेत आहेत.

बदलत्या हवामानाचा विचार करून पीक नियोजन, पीक पद्धतीतील बदल, पाणी व्यवस्थापन आणि इतर आवश्यक कृषी उपाययोजनांबाबत शेतकऱ्यांना सविस्तर मार्गदर्शन करण्यात येत आहे. कृषी विभागाच्या या उपक्रमामुळे शेतकऱ्यांना संभाव्य हवामान बदलांचा सामना करण्यास मदत होणार असल्याचा विश्वास व्यक्त केला जात आहे.
मोहिमांचे स्वरुप काय ?
शेतकऱ्यांच्या कष्टाला योग्य नियोजनाची जोड मिळावी याकरिता कृषी विभागाकडून प्रयत्न केले जात आहेत. यामध्ये पेरणी पुर्व मोहीम व पेरणी पश्चात मोहीमेचा समावेश आहे.

*पेरणी पुर्व मोहीम :-* माती परीक्षणाच्या आधारे कृषी निविष्ठाच्या वाजवी वापरासाठी मोहीम, टंचाई परिस्थितीत फळबागा वाचविणे व फळबाग लागवडीमध्ये सीआरए तंत्रज्ञानाचा वापर, अल निनो बाबत जागरुकता करणेसाठी शिवार फेरीचे आयोजन, घरगुती चाचणी पद्धतीने बियाण्यांची उगवणक्षमता तपासणी प्रात्यक्षिक मोहीम, बीज प्रक्रिया मोहीम, बीबीएफद्वारे उताराला आडवी पेरणीचा प्रचार व प्रसार करणे, सापळा पिकांची लागवड बाबत प्रचार व प्रसार करणे, शून्य/कमी मशागत पद्धत अवलंब करणे, खरीप हंगाम तयारी व प्रमुख खरीप पिकांच्या तंत्रज्ञान प्रसारासाठी गावनिहाय प्रशिक्षण, पाणी फौंडेशन डिजिटल शेतीशाळा बाबत प्रचार व प्रसिद्धी, मग्रारोहयो अंतर्गत फळबाग लागवड प्रचार व प्रसिद्धी, महाविस्तार ॲप व कृषी विषयक माहिती तंत्रज्ञानाच्या साधने बाबत प्रचार व प्रसिद्धी.

*पेरणी पश्चात मोहीम :-* हिरवळीच्या खतांची निर्मिती, बायोफर्टीलायझर, बायोपेस्टीसाईड निर्मितीसाठी शेतावर फार्म लॅब स्थापन, निंबोळी अर्क, दशपर्णी अर्क, निमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, जीवामृत, बिजामृत, घनजीवामृत यांसारख्या जैविक निविष्ठा निर्मिती करणेबाबत प्रचार प्रसिद्धी करणे,ऊस पाचट व्यवस्थापन,हुमणी कीड एकात्मिक व्यवस्थापन मोहीम,शंखी गोगलगाय निर्मुलन जनजागृती मोहीम,बोंड अळी एकात्मिक व्यवस्थापन मोहीम तसेच कार्यशाळा गावोगावी आयोजित करण्यात येत आहेत.

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सहरसा: सहरसा प्रधान डाकघर के सभागार में पूर्वी अनुमंडल की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता डाक अधीक्षक श्री मनोज कुमार ने की। समीक्षा कार्यवाही का संचालन डाक निरीक्षक श्री राजू झा द्वारा किया गया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों की प्राप्ति, कार्यकुशलता में वृद्धि तथा ग्रामीण क्षेत्रों में डाक एवं वित्तीय सेवाओं की बेहतर पहुंच पर चर्चा हुई।

डाक अधीक्षक श्री मनोज कुमार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं, बचत बैंक सेवाओं, डाक जीवन बीमा, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और अन्य सेवाओं के प्रति जनता को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डाक विभाग केवल पत्र और पार्सल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन और डिजिटल सेवाओं का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
बैठक में चौसा, उदाकिशुनगंज, ग्वालपाड़ा, सौर बाजार, सोनवर्षा राज, मठाही एवं पुरैनी के शाखा डाकपाल एवं सहायक शाखा डाकपाल उपस्थित थे। सभी ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और सेवा विस्तार के सुझाव दिए। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीण जनता तक बेहतर सेवाएं पहुंचाने का संकल्प लिया।

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कानपुर नगर: पुलिस उपायुक्त यातायात श्री रवीन्द्र कुमार ने आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती लिखित परीक्षा के दृष्टिगत शहर के प्रमुख तिराहों, चौराहों एवं अस्पताल क्षेत्रों का स्थलीय एवं भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में हैलट चौराहा, कार्डियोलॉजी चौराहा, गोल चौराहा, नन्दलाल चौराहा, चावला चौराहा, दीप तिराहा, बर्रा चौराहा, सचान चौराहा, रमईपुर एवं नौबस्ता चौराहा सहित परीक्षा केंद्रों से जुड़े मार्गों की यातायात व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन, वैकल्पिक मार्गों की उपलब्धता तथा सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण शामिल था।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परीक्षा अवधि के दौरान यातायात को सुचारु, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए। विशेष रूप से अस्पतालों के आसपास यातायात के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने, अभ्यर्थियों के समय पर पहुंचने तथा आम जनता के आवागमन को सुगम बनाने हेतु पर्याप्त यातायात पुलिस बल तैनात करने के लिए कहा गया। इसके अलावा घंटाघर चौराहा, झकरकटी बस अड्डा, टाटमिल चौराहा, नौबस्ता चौराहा, रामादेवी चौराहा एवं बड़ा चौराहा जैसे अति महत्वपूर्ण स्थलों पर विशेष सतर्कता एवं प्रभावी यातायात प्रबंधन के निर्देश भी दिए गए।

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पांढुर्णा को मिली रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात, रीवा–चर्लपल्ली एक्सप्रेस को मिली मंजूरी

पांढुर्णा सहित संसदीय क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सांसद श्री बंटी विवेक साहू के प्रयासों से रीवा से हैदराबाद (चर्लपल्ली) वाया पांढुर्णा नई रेलगाड़ी संख्या 20157/20158 रीवा–चर्लपल्ली एक्सप्रेस के संचालन को स्वीकृति मिल गई है।

जानकारी के अनुसार, सांसद बंटी विवेक साहू ने क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर नई ट्रेन शुरू करने की मांग रखी थी। उनके लगातार प्रयासों के बाद इस महत्वपूर्ण रेल सेवा को मंजूरी मिली है।

नई ट्रेन के शुरू होने से पांढुर्णा एवं आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को रीवा और हैदराबाद के बीच सीधी एवं बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही व्यापार, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवागमन आसान होगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।

इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों ने खुशी जताई है। सांसद बंटी विवेक साहू ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए उनके प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

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ತಿರುಮಲ: ಕೇಂದ್ರ ವಾಣಿಜ್ಯ ಮತ್ತು ಕೈಗಾರಿಕಾ ಸಚಿವ ಶ್ರೀ ಪಿಯೂಷ್ ಗೋಯಲ್ ಅವರು ತಿರುಮಲ ತಿರುಪತಿ ದೇವಸ್ಥಾನಂ (TTD) ಸ್ಥಾಪಿಸಿರುವ ಇಂಟಿಗ್ರೇಟೆಡ್ ಕಮಾಂಡ್ ಅಂಡ್ ಕಂಟ್ರೋಲ್ ಸೆಂಟರ್ (ICCC) ಗೆ ಭೇಟಿ ನೀಡಿ ಪರಿಶೀಲನೆ ನಡೆಸಿದರು.

ಭಕ್ತರ ಸುರಕ್ಷತೆ, ಜನಸಂದಣಿ ನಿಯಂತ್ರಣ, ತುರ್ತು ಪರಿಸ್ಥಿತಿ ನಿರ್ವಹಣೆ ಮತ್ತು ಸಿಸಿಟಿವಿ ಮೇಲ್ವಿಚಾರಣೆಯ ವ್ಯವಸ್ಥೆಗಳ ಕಾರ್ಯವೈಖರಿಯನ್ನು ಅಧಿಕಾರಿಗಳು ಸಚಿವರಿಗೆ ವಿವರಿಸಿದರು. ತಿರುಮಲದಲ್ಲಿ ಭಕ್ತರಿಗೆ ಉತ್ತಮ ಸೇವೆ ಒದಗಿಸಲು ತಂತ್ರಜ್ಞಾನವನ್ನು ಪರಿಣಾಮಕಾರಿಯಾಗಿ ಬಳಸುತ್ತಿರುವ ಟಿಟಿಡಿ ಆಡಳಿತವನ್ನು ಪಿಯೂಷ್ ಗೋಯಲ್ ಪ್ರಶಂಸಿಸಿದರು. ಈ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಟಿಟಿಡಿ ಅಧಿಕಾರಿಗಳು, ಸಿಬ್ಬಂದಿ ಮತ್ತು ಹಲವು ಗಣ್ಯರು ಉಪಸ್ಥಿತರಿದ್ದರು.

ಭದ್ರತಾ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯನ್ನು ಹೆಚ್ಚಿಸುವ ಕುರಿತು ಚರ್ಚೆ ನಡೆಯಿತು ಮತ್ತು ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ ಆಧಾರಿತ ಆಡಳಿತದಿಂದ ಭಕ್ತರಿಗೆ ಸುರಕ್ಷಿತ ಹಾಗೂ ಸುಲಭ ದರ್ಶನ ವ್ಯವಸ್ಥೆ ಕಲ್ಪಿಸುವುದು ಸರ್ಕಾರದ ಉದ್ದೇಶವಾಗಿದೆ ಎಂದು ಅಧಿಕಾರಿಗಳು ತಿಳಿಸಿದರು.

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*तालाब पर कब्जे का आरोप,पैमाइश में खानापूर्ति से भड़के ग्रामीण*

*डीएम के आदेश के बाद भी नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई,लेखपाल पर गंभीर आरोप*

सुलतानपुर।बल्दीराय तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत रैंचा में तालाबी भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राजस्व विभाग ने मामले में गंभीरता नहीं दिखाई और पैमाइश के नाम पर केवल खानापूर्ति कर दी गई।गांव निवासी अनिल कुमार यादव ने जिलाधिकारी को भेजी शिकायत में कहा है कि तालाब गाटा संख्या 1477 (ख) की भूमि पर गांव के ही कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है।शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि मौके पर पहुंची राजस्व टीम ने पूरे तालाब की पैमाइश करने के बजाय केवल एक स्थान पर फीता रखकर औपचारिकता पूरी कर ली।ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की वास्तविक सीमा का निर्धारण किए बिना ही जांच समाप्त कर दी गई, जिससे कब्जे की सही स्थिति सामने नहीं आ सकी। आरोप है कि राजस्व विभाग की इस कार्यप्रणाली से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं और सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।उनका कहना है कि तालाब जैसी सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा न केवल सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए चुनौती है,बल्कि जल संरक्षण की व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से दोबारा निष्पक्ष पैमाइश कराने,पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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*पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी सुनील सिंह समेत दर्जनभर पर घर में घुसकर फायरिंग व मारपीट का मुकदमा*

जयसिंहपुर, सुलतानपुर। पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी सुनील सिंह समेत चार नामजद और 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ घर में घुसकर फायरिंग, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गोसाईगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़िता नीलम निषाद के अनुसार, 3 जून की रात आरोपितों ने उनके घर में घुसकर गाली-गलौज की, फायरिंग की तथा महिलाओं समेत परिवार के कई सदस्यों को पीटकर घायल कर दिया। आरोप है कि जाते समय हमलावर पूरे परिवार को गोली मारने की धमकी भी दे गए।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी

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తిరుపతి: తిరుపతి జిల్లా వైద్యరంగానికి విశేష సేవలందించిన డాక్టర్ మునిస్వామి యాదవ్ గారి స్మరణార్థం ఏపీఎఫ్ కార్యాలయంలో సంతాప సభ నిర్వహించారు. ఈ కార్యక్రమం మాజీ మంత్రి డాక్టర్ పరసారత్నం గారి ఆధ్వర్యంలో ఫ్రెండ్స్ అకాడమి నిర్వహించింది. డాక్టర్ మునిస్వామి యాదవ్ గారి చిత్రపటానికి పూలమాలలు వేసి, వారి కుటుంబ సభ్యులకు ప్రగాఢ సానుభూతిని తెలియజేశారు.

ఈ సంతాప సభలో మాజీ మంత్రి డాక్టర్ పరసారత్నం గారు ఆయన సేవలను ఆదర్శంగా తీసుకోవాలని, వైద్య రంగంలో కొత్తవారికి మార్గదర్శకంగా నిలవాలని అభిప్రాయపడ్డారు. కార్యక్రమంలో నాయి బ్రాహ్మణ కార్పొరేషన్ చైర్మన్ రుద్రకోటి సదాశివ, టూరిజం డైరెక్టర్ సురేందర్ రెడ్డి, రిటైర్డ్ జడ్జి గుర్రప్ప, కళాకారులు, గాయకులు, రాజకీయ నాయకులు, విద్యార్థి, యువజన నాయకులు తదితరులు పాల్గొన్నారు.

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बस और ट्रक के भीषण भिड़ंत में तीन लोगों की दर्दनाक मौत, 20 से अधिक घायल

नन्द कुमार सिंह /ब्युरो चीफ, राष्ट्रीय प्रसार

औरंगाबाद /बिहार ---बिहार के औरंगाबाद जिले में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक यात्री घायल हो गए। हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित भभानी होटल के समीप हुआ, जहां श्रद्धालुओं से भरी एक पर्यटक बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। जानकारी के मुताबिक, आंध्र प्रदेश से आए करीब 40 श्रद्धालु बोधगया में दर्शन करने के बाद वाराणसी की ओर जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस चालक ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान बस ट्रक से जा भिड़ी और यह हादसा हो गया।
हादसे में 50 वर्षीय हजरतय्या, 43 वर्षीय पद्मावती और 64 वर्षीय पशुलेटी वेंकटेश की मौत हो गई। तीनों आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के संगमा गांव के निवासी बताए गए हैं। सदर अस्पताल, औरंगाबाद में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, दुर्घटना में 20 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। घायलों में सुभानम्मा, नरेंद्र रेड्डी और प्रसाद सहित कई लोग शामिल हैं। इनमें से सात से आठ यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और राहगीर मदद के लिए मौके पर पहुंच गए। पुलिस के पहुंचने से पहले ही बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। बाद में मुफस्सिल थाना पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवको के सहयोग से बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दुर्घटना के कारण एनएच-19 पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। हालांकि, मलबा हटाने के बाद सड़क पर आवागमन सामान्य कर दिया गया।
मुफस्सिल थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि बस और ट्रक दोनों को जब्त कर लिया गया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस बस की रफ्तार, चालक की संभावित लापरवाही और ओवरटेकिंग की स्थिति सहित सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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Bangladesh की धरती पर Australia की एक नई कहानी शुरू होने जा रही है... लेकिन इस बार मंच पर वे दो चेहरे नहीं हैं, जिनकी मौजूदगी अक्सर टीम को शुरुआत से ही ताकत और पहचान देती है। Mitchell Marsh और Travis Head... दोनों आखिरी समय पर O.D.I series से बाहर हो गए। और तभी, dressing room की रोशनी एक ऐसे खिलाड़ी पर आकर ठहर गई, जो इस जिम्मेदारी को भविष्य की कुर्सी नहीं... बल्कि आज के कर्तव्य की तरह देखता है। Josh Inglis अब Australia के stand-in captain हैं। उनके शब्दों में कोई जल्दबाजी नहीं, कोई लंबे दावे नहीं, और कोई ऐसा सपना नहीं जिसे अभी से headline बना दिया जाए। उनका संदेश सीधा है... जब टीम को जरूरत होगी, वह आगे आएंगे। बस उतना ही। लेकिन कभी-कभी, leadership की असली पहचान बड़े वादों से नहीं... शांत स्वीकार से होती है। Inglis जानते हैं कि Mitchell Marsh और Travis Head जैसे players को खोना केवल दो नामों का बाहर होना नहीं है। Australia एक साथ experience, attacking intent और established authority खोता है। फिर भी, इस कमी के भीतर एक दरवाजा खुलता है... younger players के लिए, अलग conditions को महसूस करने के लिए, pressure में अपने game plans को समझने के लिए, और World Cup से पहले Australia को नए combinations आजमाने के लिए। Inglis ने इस relatively inexperienced group को burden नहीं कहा। उन्होंने इसे fun कहा... growth का मौका कहा... और captaincy को सम्मान की तरह स्वीकार किया। उनके लिए Bangladesh tour केवल result का सफर नहीं है। यह learning का मैदान है। Australia हाल ही में Pakistan की conditions से होकर आया है, और वहाँ से सबसे बड़ी सीख थी adaptation। एक सही plan बनाना आसान है... उसे लंबे समय तक निभाना कठिन। Inglis चाहते हैं कि उनकी team छोटी अच्छी शुरुआतों से आगे बढ़े... plans को अधिक देर तक execute करे... और उन starts को बड़े scores में बदल दे, जो O.D.I cricket में match की दिशा बदलते हैं। लेकिन Bangladesh का challenge केवल surface तक सीमित नहीं है। सामने Nahid Rana हैं... लंबे कद के, तेज pace वाले, और ऐसे fast bowler जिनके बारे में Inglis ने साफ कहा कि वह exciting prospect हैं। Australia ने उन्हें बहुत अधिक नहीं देखा होगा, मगर जो देखा है, वह warning के लिए काफी है। नई ball... extra bounce... speed... और home conditions। यह combination किसी भी batting unit को तुरंत discipline में ला सकता है। Team selection भी पहले से तय नहीं की गई है। Australia wicket को पढ़ेगा... recent matches देखेगा... फिर final combination चुनेगा। Bangladesh की pitches को वर्षों से low and slow कहा जाता रहा है, लेकिन recent evidence एक अलग संकेत देता है। New Zealand series में grass दिखाई दी थी। new ball ने movement पाया था। seam bowlers खेल में रहे थे। इसलिए Australia केवल spin-heavy script लेकर नहीं आया। वह seam के लिए भी तैयार है... slow surface के लिए भी... और उस uncertainty के लिए भी, जो Bangladesh में touring teams का सबसे बड़ा test बन सकती है। इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा captaincy है। Josh Inglis भविष्य के permanent captain बनने की बात से दूरी बना रहे हैं। वह World Cup के बाद की कुर्सी नहीं देख रहे। वह अगले decision, अगली field setting, अगले bowling change और अगली partnership पर ध्यान दे रहे हैं। यह approach साधारण लग सकती है... लेकिन international cricket में, जहाँ हर temporary role को लोग permanent debate बना देते हैं, यह clarity दुर्लभ है। Australia के लिए यह series एक practical examination है। क्या inexperienced group senior stars के बिना composure रख पाएगा? क्या younger players unfamiliar conditions में अपना नाम बना पाएंगे? क्या Inglis pressure को absorb करके team को freedom दे पाएंगे? और क्या Australia wicket पढ़कर सही balance चुन पाएगा? जवाब मैदान देगा। मगर अभी इतना साफ है... Mitchell Marsh और Travis Head की गैरमौजूदगी ने Australia को कमजोर जरूर किया है, पर साथ ही उसने नए leaders और नए combinations के लिए जगह भी बनाई है। Bangladesh के खिलाफ यह O.D.I series केवल runs, wickets और result की कहानी नहीं होगी। यह responsibility, adaptation और preparation की कहानी होगी... World Cup की ओर बढ़ती एक team की कहानी, जो अपने बड़े नामों के बिना भी अपना रास्ता बनाना चाहती है। आप सुन रहे थे Guru News Network, powered by द गुरु ज्ञान... जहाँ cricket की खबर केवल बताई नहीं जाती, उसके पीछे की धड़कन भी सुनाई जाती है। Trusted cricket updates, thoughtful match intelligence और fastest live line के लिए visit कीजिए द गुरु ज्ञान और द गुरु ज्ञान Live Line... क्योंकि जब खेल बड़ा हो, तो उसकी समझ भी उतनी ही गहरी होनी चाहिए।

Australia have arrived in Bangladesh with a familiar badge on their shirt, but with a distinctly unfamiliar shape to the side. Mitchell Marsh and Travis Head, two of the strongest pillars in the modern Australian white-ball structure, were expected to be part of the O.D.I series. Their late withdrawals changed the mood, the balance, and the leadership map almost at once. Into that space stepped Josh Inglis... not with the language of succession, not with a public campaign for the captaincy, but with the calm acceptance of a player who understands that responsibility sometimes arrives before certainty. Inglis is not looking beyond the immediate assignment. He is not predicting who will lead Australia after the World Cup. His position is simpler, and perhaps more revealing: when the team needs him, he will step in. For a stand-in captain leading a relatively inexperienced group in conditions unfamiliar to many of them, that restraint matters. It suggests a leader focused less on ownership of the title and more on usefulness in the moment. The absence of Marsh and Head is significant. Australia lose power, experience, aggression, and the assurance that comes from players who have already shaped major international contests. Inglis did not disguise that loss. Yet he also recognised the opportunity hidden inside it. Younger players now have a chance to experience Bangladesh, to confront a different cricketing rhythm, and to be examined before a World Cup that already sits on the horizon. This tour, therefore, is not merely a replacement exercise. It is a laboratory for combinations, temperament, and adaptability. Australia have travelled from a recent series in Pakistan carrying lessons that Inglis wants his side to extend rather than simply remember. The central lesson was adaptation. Conditions may change, surfaces may behave differently, and familiar methods may lose their authority. What remains essential is clarity: a player must know the game plan, trust it, and execute it for longer. Inglis spoke of the need to turn promising periods into sustained control, and useful starts into genuinely large scores. That ambition is especially relevant in One Day International cricket, where an innings can appear stable for thirty overs and still collapse if concentration loosens. Bangladesh add another layer of uncertainty. Their pitches have traditionally carried a reputation for being low, slow, and heavily favourable to spin. Recent evidence, however, suggests that Australia cannot arrive with a single assumption. Matches from the New Zealand series appeared to feature more grass, movement with the new ball, and a greater role for seam than the old stereotype might suggest. Inglis made it clear that Australia will study the wicket before naming the final side. That is not indecision. It is a recognition that selection must serve the surface, not the other way around. Then there is Nahid Rana. Tall, fast, and capable of creating discomfort through pace and bounce, the Bangladesh quick has already attracted Inglis's attention. The Australian captain admitted he had not watched a great deal of him, but what he had seen was enough to identify a serious challenge. Rana represents precisely the sort of unfamiliar threat that can expose a touring batting order before it has adjusted to local conditions. New ball movement, steep bounce, and raw speed form a demanding combination, particularly when several batters are still learning the environment. For Inglis, the captaincy challenge will live in these details. It will be found in the timing of a bowling change, the courage to alter a field, the discipline to wait before committing to a playing eleven, and the ability to keep younger players composed when the match turns. Leadership in this series will not be measured by ceremony. It will be measured by how Australia respond when their first plan fails. That is why this tour matters beyond the immediate result. It offers Australia a chance to discover whether their depth is real, whether their young players can operate without the protection of established stars, and whether Inglis can lead without allowing the debate around future captaincy to become louder than the cricket itself. Marsh and Head are missing, and Australia unquestionably lose something without them. Yet international teams are rarely strengthened by comfort alone. Sometimes the absence of senior figures forces a side to reveal the quality of its next layer. In Bangladesh, Josh Inglis and his squad are about to find out what that layer can carry. Thank you for listening to Guru News Network, powered by The Guru Gyan... where cricket news is shaped with context, clarity, and the kind of detail that makes every contest richer. For trusted cricket updates, intelligent match coverage, and the fastest live line, visit The Guru Gyan and The Guru Gyan Live Line... and stay closer to the game, long after the scoreboard has stopped speaking.

Australia tour of Bangladesh 2026
Captaincy Update
Australia ODI Squad
Guru News Network

Senior stars ke bina Australia: Josh Inglis ka Bangladesh ODI mission bana leadership test

Mitchell Marsh aur Travis Head ke late withdrawals ne Australia ke Bangladesh ODI plans ko reshape kar diya hai. Stand-in captain Josh Inglis permanent leadership debate se door rehkar young squad, conditions adaptation aur World Cup preparation par focus kar rahe hain.

Josh Inglis Australia ko Bangladesh ODI series me lead karenge, jahan senior absences ke beech squad depth aur adaptability ka serious examination hoga.

News Highlights

- Josh Inglis Bangladesh ke against ODI series me Australia ke stand-in captain ke roop me responsibility sambhal rahe hain.

- Mitchell Marsh aur Travis Head expected squad ka part the, lekin last-minute withdrawals ke baad unavailable ho gaye.

- Inglis ne future permanent ODI captaincy par speculation se distance banaya aur kaha ki team ko jab zarurat hogi, woh step in karenge.

- Australia relatively inexperienced group ke saath different combinations aur younger players ko Bangladesh conditions me test karna chahta hai.

- Team selection wicket analysis ke baad final hogi, while Nahid Rana ki pace aur height ko Australia ne major threat maana hai.

Main Story: Inglis ka focus future title par nahi, present duty par hai

Australia ke Bangladesh ODI assignment se pehle captaincy conversation naturally Josh Inglis ke around build hui hai. Mitchell Marsh aur Travis Head ka squad se late withdrawal Australia ke liye unfortunate development raha, aur isi change ne Inglis ko added leadership responsibility di.

Inglis ne however permanent captaincy narrative ko fuel karne se inkaar kiya. Unka stance measured tha: woh World Cup ke baad ODI leadership kis direction me jayegi, is par abhi nahi soch rahe. Filhaal unka focus simple hai, team ko jab zarurat ho, tab step in karna .

"Obviously there are guys missing and I will step in when I need to, but I am really proud to captain my country."
Josh Inglis on Australia captaincy

Ye response ambition ki kami nahi dikhata. Iske opposite, ye leadership ko personal promotion se alag rakhne wali maturity reflect karta hai. Inglis ne last few series me Australia ko lead karne ko special experience bataya aur relatively inexperienced group ke saath kaam karne me genuine excitement express ki.

Series And Squad Context

Stand-in Captain
Josh Inglis

Touring Team
Australia

Host Team
Bangladesh

Series Context
Australia tour of Bangladesh, 2026

Unavailable Senior Players
Mitchell Marsh, Travis Head

Format
One Day International

Marsh Aur Head Ki Absence Se Australia Kya Khota Hai?

Mitchell Marsh aur Travis Head ka ek saath unavailable hona Australia ke batting identity aur experience level dono ko impact karta hai. Inglis ne openly accept kiya ki in dono ko team se remove karne par Australia naturally quality lose karta hai.

Marsh leadership experience, middle-order power aur all-round balance provide karte hain, while Head attacking top-order intent ke through opposition ko early pressure me daal sakte hain. JSON source me squad replacements ya final playing eleven details available nahi hain, isliye Australia ka exact revised combination wicket assessment ke baad hi clear hoga.

Core trade-off: Australia senior match-winners lose karta hai, lekin isi vacancy ke through younger players ko international pressure aur unfamiliar conditions ka meaningful exposure milta hai.

World Cup Horizon: Young Players Ke Liye Valuable Window

Inglis ne senior absences ko sirf setback ke roop me frame nahi kiya. Unhone is series ko younger players ke liye experience-building opportunity bataya, particularly because World Cup horizon par hai aur Australia ko usse pehle different combinations evaluate karne hain.

Ye approach selection experimentation ko random rotation se alag karti hai. Bangladesh jaise environment me young players ko pace, seam, spin, surface variation aur crowd pressure sab ek saath experience ho sakta hai. Strong performances immediate result ke saath future squad planning ko bhi influence kar sakti hain.

Inglis ke liye challenge ye rahega ki inexperienced group ko freedom bhi mile aur tactical discipline bhi maintain rahe. Leadership ka real value tab dikhega jab game unfamiliar direction me move kare aur team ko calm decision-making ki zarurat pade.

Key Threat: Nahid Rana Ki Pace Australia Ke Radar Par

Bangladesh attack me Nahid Rana ko Inglis ne exciting prospect aur difficult challenge ke roop me identify kiya. Australia captain ne admit kiya ki unhone Rana ko extensively nahi dekha, lekin available evidence unki quality samajhne ke liye enough raha.

"He is tall and he bowls fast, so it is a pretty nice combination to have. He is going to be really tough work for us all."
Josh Inglis on Nahid Rana

Tall fast bowler naturally high release point, pace aur uncomfortable bounce create kar sakta hai. Bangladesh conditions ko traditionally spin-dominant lens se dekha jaata raha hai, lekin Rana jaise pace option Australia ke batting plans ko one-dimensional hone se rok dete hain.

Wicket Reading Will Decide Australia's Playing Combination

Australia ne series se pehle team announce nahi ki, kyunki management wicket ko closely analyse karna chahta hai. Inglis ke according final side surface inspection ke baad decide hogi. Ye detail important hai, because Bangladesh pitches ka historical reputation aur recent behaviour completely identical nahi rahe.

Traditional expectation

Bangladesh wickets ko generally low, slow aur spin-friendly maana jaata hai. Touring teams often middle overs me reduced pace, grip aur rotation pressure ke against plans banati hain.

Recent evidence

Inglis ne New Zealand series ka reference diya, jahan wickets par comparatively zyada grass aur new ball movement dekha gaya. Unke assessment ke mutabik conditions seam-friendly bhi ho sakti hain, instead of automatically becoming a spin-heavy contest.

Australia ka practical response

Management recent games study karega, wicket ko on-site read karega aur uske baad bowling balance aur batting combination par judgement lega. Inglis ka message clear tha: Australia kisi single pitch stereotype par dependent nahi rehna chahta aur multiple possibilities ke liye ready hai.

Pakistan Se Mili Sabse Badi Learning: Adaptation Ko Sustain Karna

Australia recently Pakistan series se aaya hai, aur Inglis ne wahan se conditions adaptation ko major learning bataya. Different surfaces par success ke liye sirf correct plan enough nahi hota. Players ko apni method clear rakhni hoti hai aur usse longer periods tak execute karna hota hai.

Inglis ne indicate kiya ki kuch players Pakistan me successful rahe, lekin Australia bigger scores aur longer control periods chahta hai. One Day International cricket me ye especially relevant hai, jahan useful starts ko match-defining innings me convert karna scoreboard pressure aur bowling plans dono ko transform kar sakta hai.

Leadership Approach
Immediate responsibility, no future speculation

Squad Theme
Young players and new combinations

Conditions Priority
Read the wicket before selection

Opposition Threat
Nahid Rana's pace and height

Tactical Analysis: Inglis Ki Captaincy Ka Real Test Kahan Hoga?

Selection flexibility

Final team ko wicket ke according delay karna pragmatic call hai. Agar surface new ball seam offer karti hai, Australia ko powerplay protection aur suitable pace resources chahiye honge. Agar pitch slow hoti hai, strike rotation aur middle-overs control central ban jayega.

Inexperienced group ko role clarity

Young squad me captain ka sabse important function expectations ko simplify karna hota hai. Inglis ne game-plan clarity par emphasis diya, jo unfamiliar conditions me technical information overload ko reduce kar sakta hai.

Pressure phases me patience

Bangladesh home conditions me momentum quickly shift kar sakta hai. Inglis ko bowling changes, field placements aur batting tempo par reactive nahi, calculated decisions lene honge. Permanent captaincy ka debate bahar chalega, lekin unki actual evaluation boundary rope ke andar hogi.

Why This News Matters

Josh Inglis ka Bangladesh me Australia ko lead karna short-term replacement se zyada meaningful hai. Team senior batting power ke bina enter kar rahi hai, several players local conditions ke liye relatively new hain, aur World Cup planning already background me active hai.

Series Australia ko squad depth assess karne ka real-world environment deti hai. Practice sessions combinations suggest kar sakte hain, but international pressure hi reveal karta hai ki kaun player plan ko execute kar sakta hai, kaun conditions adapt karta hai aur kaun responsibility ke under grow karta hai.

Bangladesh ke liye bhi ye favourable opportunity hai. Hosts ek reshaped Australian group ko early uncertainty me challenge kar sakte hain, particularly agar wicket new ball movement ya slow middle overs ke through touring batters ko uncomfortable banati hai.

GNN And The Guru Gyan Angle

Guru News Network (GNN), powered by The Guru Gyan , is development ko three connected themes ke through dekhta hai: Australia ki leadership depth, World Cup se pehle squad experimentation, aur Bangladesh conditions ko accurately read karne ki tactical necessity.

Inglis ka future captaincy question avoid karna story ka weak point nahi, strongest signal hai. Woh public speculation ke instead immediate cricketing responsibility par focus kar rahe hain. Senior players unavailable hone par ye calm tone younger group ke liye stabilising influence ban sakti hai.

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कानपुर: राष्ट्रीय शिक्षक कल्याण परिषद द्वारा 7 जून 2026 को शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के अनेक शिक्षकों, शिक्षाविदों एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के योगदान को सराहना और सम्मानित करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मोहित शुक्ला (पूर्व जिला उपाध्यक्ष, भाजपा) ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए उनके योगदान की प्रशंसा की। विशिष्ट अतिथि श्री शिव स्वरूप मिश्रा (वरिष्ठ नेता, माध्यमिक शिक्षक संघ) ने शिक्षकों के अधिकारों एवं कर्तव्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। आयोजक श्री आशीष कटियार, डॉ. एस. के. मिश्रा एवं ई. अभय श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया और कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

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मिर्जापुर (पड़री) :- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए प्रशासनिक फेरबदल में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पूनम को मिर्जापुर रेंज का नया पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) नियुक्त किया गया है। उनकी तैनाती को कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने तथा जनविश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली पूनम का जीवन संघर्ष, मेहनत और सफलता की प्रेरक मिसाल है। महज 11 वर्ष की आयु में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ उनके कंधों पर आ गया, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा और अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। एम.कॉम (कॉस्ट अकाउंटिंग) की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया।

वर्ष 2010 बैच की यह तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अपनी सख्त, अनुशासित और परिणामोन्मुख कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। मिर्जापुर रेंज में तैनाती से पूर्व वह पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय मेरठ में डीआईजी एवं प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थीं। इसके अलावा गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, अमेठी, अमरोहा, बागपत और लखीमपुर खीरी जैसे महत्वपूर्ण जनपदों में भी उन्होंने अपनी सेवाओं का प्रभावी निर्वहन किया है।

महिलाओं की सुरक्षा, अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, संवेदनशील पुलिसिंग और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर उनकी विशेष पहचान रही है। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें डीजी कमेंडेशन डिस्क (सिल्वर एवं गोल्ड) सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

मिर्जापुर रेंज की कमान संभालने जा रही पूनम से क्षेत्र की जनता को बेहतर पुलिसिंग, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण तथा कानून-व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। संघर्ष से सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंची उनकी यात्रा युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है।

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यह सम्मान समारोह "हो' ज्ञान बगान" के बैनर तले 7 जून 2026 को उड़ीसा के रायरंगपुर शहर में आयोजित किया गया था। इस वर्ष 2026 के मैट्रिक व इंटर के परीक्षा में अव्वल नंबर से पास हो' समुदाय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस सम्मान समारोह में उड़ीसा के विभिन्न जिलों के अलावे झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम और सरायकेला खरसावां के हो' छात्र-छात्राओं के साथ-साथ उपस्थित अभिवाहक को भी सम्मानित किया गया। विशेष तौर झारखंड से हो' समुदाय का प्रतिनिधित्व के रूप में "देशाउली फाउंडेशन" के संस्थापक श्री साधु हो' को आमंत्रित किया गया था और मुख्य अतिथि के रूप में विधायक श्री जोलेन नायक (बारदा), विशिष्ट अतिथि में कटक म्युनिसिपल सह सिटी प्लानर सुश्री माधुरी कोड़ा, डिप्टी कलेक्टर दिनेश चंद्र पुरती, गायक गंगाधर हेंब्रम, अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी बोंजो सुंडी, डॉ प्रिया देवगम, सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश पूर्ति, शिक्षक रविंद्र तियु आदि उपस्थित हुए।

इस सम्मान समारोह का सफल संचालन माई पूनम पूरती ने किया एवं आयोजन को सफल बनाने में मुख्य रूप से "हो' ज्ञान बगान" संस्थापक श्री गोमेया ओमोंग, कल्पना बागे, चंद्रिका कोंडेंगकल एवं अन्य सक्रिय युवाओं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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తేదీ: 08-06-2026* శేర్లింగంపల్లి చందానగర్ :
ప్రపంచ పర్యావరణ పరిరక్షణలో మహా సముద్రాల పాత్ర అత్యంత కీలకమైనదని, సముద్రాలను కాపాడటమంటే మానవాళి భవిష్యత్తును కాపాడటమే అని ఆచార్య P. శ్రీనివాస్ గారు అన్నారు.
ఈరోజు ఉదయము తారా నగర్ లో గల విద్యానికేతన్ మోడల్ హైస్కూల్ నందు ప్రపంచ మహాసముద్ర దినోత్సవ అవగాహన కార్యక్రమాన్ని ఫ్రెండ్స్ వెల్ఫేర్ అసోసియేషన్ కన్వీనర్ తాడిబోయిన రామస్వామి యాదవ్ ఆధ్వర్యంలో ఘనంగా నిర్వహించారు. ఈ సందర్భంగా జరిగిన కార్యక్రమానికి స్కూల్ కరస్పాండెంట్ రామాచారి అధ్యక్షత వహించారు. ఈ కార్యక్రమానికి ముఖ్య అతిథిగా హైదరాబాదు కేంద్రీయ విశ్వవిద్యాలయం సెంటర్ ఫర్ ఎర్త్, ఓషన్ మరియు ఎట్మాస్ఫియర్ సైన్సెస్ విభాగపు ఆచార్యులు P శ్రీనివాస్ గారు విచ్చేసి ఈ సందర్భంగా విద్యార్థులను ఉద్దేశించి మాట్లాడుతూ " *మనం నివసించే భూ గ్రహంపై భూమి కేవలం 29% మాత్రమే. భూమి ఉపరితలంలో 71% భాగాన్ని ఆక్రమించిన జలాలు జీవావరణ సమతుల్యతను కాపాడటంలో, వాతావరణ నియంత్రణలో, జీవవైవిధ్య పరిరక్షణలో మరియు మానవ జీవితానికి అవసరమైన వనరులను అందజేయటంలో కీలకపాత్ర పోషిస్తున్నాయి"* అని అన్నారు. " *ఐక్యరాజ్యసమితి వారు ప్రతి సంవత్సరం జూన్ 8న ప్రపంచ మహా సముద్ర దినోత్సవాన్ని ఒక నినాదంతో జరుపుతున్నారు. ఈ సంవత్సరం నినాదం ' _మనకు తెలిసిన ప్రపంచానికి మించి, మన సముద్రంతో కొత్త సంబంధం: పునఃసమీక్షించడం_ '.ఈ కార్యక్రమం యొక్క ముఖ్య ఉద్దేశం సముద్రాల ప్రాముఖ్యతను తెలియజేయడం, సముద్ర పర్యావరణ పరిరక్షణపై అవగాహన పెంపొందించడం మరియు భవిష్యత్తు తరాలకు ఆరోగ్య కరమైన సముద్రాలను అందించేందుకు సమిష్టి చర్యలకు పిలుపునివ్వడమే"* అని అన్నారు. " *భూమిపై ఉన్న మహాసముద్రాలు మన జీవనానికి ఎంతో కీలకం. ప్రపంచంలో మనం పీల్చే ఆక్సీజన్ లో గణనీయమైన భాగం సముద్రాల నుండే లభిస్తుంది. అంతేకాకుండా సముద్రాలు వాతావరణ సమతుల్యతను కాపాడుతూ కోట్లాది ప్రజలకు ఆహారము మరియు ఉపాధిని అందిస్తున్నాయి. నీరు లేకపోతే సకల జీవరాసులకు మనుగడ ఉండదు. నీరు అభివృద్ధికి చిహ్నం. ప్రపంచంలోని నాగరికతలు అన్నీ నదీ పరీవాహక ప్రాంతాలలోనే"* అని అన్నారు. " *అభివృద్ధి పేరుతో జరుగుతున్న మానవ కార్యకలాపాలు సముద్రాలపై తీవ్రమైన ప్రభావం చూపుతున్నాయి. అందుచేత తీవ్రమైన కాలుష్యాన్ని ఎదుర్కొంటున్నాయి. ప్లాస్టిక్ వ్యర్థాలు, పారిశ్రామిక రసాయనాలు, చమురు లీకేజీలు, మురుగునీరు మరియు వ్యవసాయ వ్యర్థాలు సముద్ర జీవ వ్యవస్థను నాశనం చేస్తున్నాయి. ప్రతి సంవత్సరం లక్షలాది సముద్ర జీవులు (అనేక రకాల చేపలు, పగడపు దిబ్బలు, సముద్ర మొక్కలు, తిమింగలాలు, డాల్ఫిన్లు మరియు యితర జీవులకు నష్టము వాటిల్లుతుంది. సముద్ర జీవ వ్యవస్థ దెబ్బతింటే దాని ప్రభావం మానవ జీవనంపై కూడా తీవ్రంగా ఉంటుంది. అందు వలన జీవవైవిధ్య పరిరక్షణకు ప్రాధాన్యత యివ్వాలి. ప్రపంచ దేశాలు 2030 నాటికి కనీసం 30% సముద్ర ప్రాంతాలను సంరక్షించాలనే లక్ష్యంతో ముందుకు సాగుతున్నాయి. సముద్రాలను రక్షించడం అనేది కేవలం ప్రభుత్వ బాధ్యత మాత్రమే కాదు. ప్రతి పౌరుని సామాజిక బాధ్యత* " అని అన్నారు. " *ప్లాస్టిక్ వినియోగాన్ని తగ్గించడం, చెత్తను సరైన విధంగా పారవేయడం వంటి పర్యావరణ పరిరక్షణ కార్యక్రమాలలో పాల్గొనటం ద్వారా సముద్ర రక్షణకు తోడ్పడవచ్చు. సముద్ర సురక్షిత ప్రాంతాలను విస్తరించాలి. సముద్ర జీవవైవిధ్యాన్ని రక్షించాలి. వాతావరణ మార్పుల ప్రభావాన్ని తగ్గించాలి. సముద్ర కాలుష్యాన్ని నిరోధించాలి. బీచ్ శుభ్రత కార్యక్రమాలలో పాల్గొనాలి. పర్యావరణ అవగాహన కార్యక్రమాలు నిర్వహించాలి. నీటి వనరులను సంరక్షించాలి. సముద్ర జీవాలను రక్షించే సంస్థలకు మద్దతు యివ్వాలి. సోషల్ మీడియాలో సముద్ర పరిరక్షణా సందేశాలను ప్రచారం చేయడం లాంటి చర్యలు చేపట్టి సముద్రాల పరిరక్షణకు మన వంతు సహాయ సహకారాలు అందించాలి. మనం నిత్యం ఒక సముద్రం - ఒక వాతావరణం - ఒక భవిష్యత్తు అనే నినాదాన్ని నిత్యము స్మరించుకుంటూ సముద్రాలను కాపాడుకుందాం* " అని అన్నారు.
ఈ కార్యక్రమంలో స్కూల్ ప్రిన్సిపాల్ శ్రీమతి కనకదుర్గ, ఉపాధ్యాయులు, విద్యార్థిని, విద్యార్థులు మరియు ఫ్రెండ్స్ వెల్ఫేర్ అసోసియేషన్ సభ్యుడు అమ్మయ్య చౌదరి తదితరులు పాల్గొన్నారు.

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तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को कहा कि हैदराबाद का भविष्य का विकास विकेंद्रीकृत प्रशासन, एकीकृत शहरी नियोजन और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा निवेश पर निर्भर करता है। उन्होंने मलकाजगिरि में 1,511.5 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया और शहर को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी शहरी केंद्र में बदलने के लिए अपनी सरकार के दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत की।

मलकाजगिरि नगर निगम (एमएमसी) के अंतर्गत चार प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए श्री रेड्डी ने कहा कि हैदराबाद के तीव्र विस्तार के लिए शासन के एक नए मॉडल की आवश्यकता है जो 160 किलोमीटर लंबी बाहरी रिंग रोड (ओआरआर) की सीमा के भीतर रहने वाले 1.34 करोड़ लोगों की सेवा करने में सक्षम हो।

श्री रेड्डी ने कहा कि हैदराबाद केवल बयानबाजी और प्रचार-प्रसार से अंतरराष्ट्रीय शहर बनने की आकांक्षा नहीं रख सकता। ऐसी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सड़कों, जल निकासी व्यवस्था, पेयजल नेटवर्क, मेट्रो रेल कनेक्टिविटी, बिजली बुनियादी ढांचे, पुलिस व्यवस्था और नागरिक सेवाओं में सुनियोजित निवेश की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओआरआर की सीमा के भीतर तीन नगर निगम बनाने का सरकार का निर्णय शासन व्यवस्था को विकेंद्रीकृत करने और सार्वजनिक सेवाओं को नागरिकों के करीब लाने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने कहा, "तीन नगर निगमों के माध्यम से हमारा लक्ष्य बढ़ती शहरी आबादी की जरूरतों को तेजी से पूरा करने में सक्षम प्रशासनिक संरचनाएं तैयार करना है।"

शुरू की गई परियोजनाओं में उप्पल भाग्यथ में प्रस्तावित मलकाजगिरि नगर निगम कार्यालय परिसर भी शामिल है, जिसका निर्माण 98 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। यह कार्यालय 10 एकड़ सरकारी भूमि पर बनेगा और इसे 5 मंजिलों के साथ बनाया जाएगा, जिसमें भविष्य में 8 मंजिलों तक विस्तार की व्यवस्था होगी। प्रस्तावित परिसर का निर्मित क्षेत्रफल 1,23,960 वर्ग फुट होगा।

मुख्यमंत्री ने एओसी केंद्र क्षेत्र के आसपास 960 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली वैकल्पिक सड़क संपर्क परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। यह परियोजना रक्षा क्षेत्र से गुजरने वाली सड़कों पर लगाए गए प्रतिबंधों और प्रस्तावित बंदिशों से उत्पन्न यातायात समस्याओं के समाधान के लिए प्रस्तावित की गई है। प्रस्तावित कॉरिडोर की कुल लंबाई 5,753 किलोमीटर होगी, जिसमें 3,751 किलोमीटर समतल सड़कें और 2,002 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है। इस परियोजना के लिए लगभग 49 एकड़ रक्षा भूमि और 3,100 वर्ग मीटर से अधिक रेलवे भूमि का अधिग्रहण करना होगा।

हैदराबाद सिटी इनोवेटिव एंड ट्रांसफॉर्मेटिव इंफ्रास्ट्रक्चर (एच-सीआईटीआई) कार्यक्रम के तहत टीकेआर कॉलेज जंक्शन से मंडा मल्लाम्मा जंक्शन तक छह लेन का फ्लाईओवर एक अन्य प्रमुख परियोजना है। इस फ्लाईओवर के लिए 416 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई है।

2.17 किलोमीटर लंबा यह फ्लाईओवर 25 मीटर चौड़ा होगा और इनर रिंग रोड कॉरिडोर के साथ-साथ टीकेआर कॉलेज जंक्शन, गायत्री नगर जंक्शन और मंडा मल्लाम्मा जंक्शन से होकर गुजरेगा। इस परियोजना से एलबी नगर और ओवैसी जंक्शन के बीच सिग्नल-मुक्त कनेक्टिविटी मिलने, यात्रा का समय कम होने और हैदराबाद के सबसे व्यस्त यातायात मार्गों में से एक पर भीड़भाड़ कम होने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में, मुख्यमंत्री ने 100 बिस्तरों वाले मलकाजगिरि जिला अस्पताल की आधारशिला रखी, जिसका निर्माण 37.5 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने CURE-1 एप्लिकेशन भी लॉन्च किया, जो एक नागरिक-केंद्रित शहरी प्रशासन मंच है और इसे एक ही डिजिटल इंटरफेस के माध्यम से सरकारी सेवाओं तक सुगम और पारदर्शी पहुंच प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह मंच एक एकीकृत भुगतान गेटवे के रूप में कार्य करेगा, जिससे नागरिक कई पोर्टलों पर जाने की आवश्यकता के बिना संपत्ति कर, बिजली बिल, पानी शुल्क, यातायात चालान और अन्य सरकारी बकाया का भुगतान कर सकेंगे।

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बोकारो: चीरा चास निवासी बिपिन सिन्हा ने एक ऑटो चालक के खिलाफ दुर्व्यवहार, अभद्र व्यवहार एवं धमकी देने का आरोप लगाते हुए चीरा चास थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
दिए गए आवेदन के अनुसार, 7 जून 2026 की दोपहर एक ऑटो चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए वहां पहुंचा। बिपिन सिन्हा द्वारा उसे सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह दिए जाने पर चालक भड़क गया और उनसे बहस करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा।
शिकायत में कहा गया है कि शाम के समय वही ऑटो चालक उनकी दुकान पर पहुंचा और पुनः बदसलूकी करते हुए अपशब्द कहे तथा धमकी भरा व्यवहार किया। इस घटना से दुकानदार और उनके परिवार में भय एवं असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है।
बिपिन सिन्हा ने बताया कि ऑटो चालक की पूरी हरकत उनकी दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान संबंधित फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे घटना की सत्यता सामने आ सके।
शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी ऑटो चालक के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने तथा भविष्य में किसी अप्रिय घटना की संभावना को देखते हुए सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।

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🚀 AI की दुनिया में Google का महाधमाका!

एक-दो नहीं, पूरे 12 AI टूल्स से बदल रही है टेक्नोलॉजी की दुनिया

नई दिल्ली | टेक्नोलॉजी डेस्क

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ में Google ने अपनी पकड़ और मजबूत करते हुए एक साथ कई शक्तिशाली AI टूल्स पेश किए हैं। शिक्षा, वीडियो निर्माण, रिसर्च, ऑटोमेशन और बिजनेस से लेकर कंटेंट क्रिएशन तक, Google के ये नए AI प्लेटफॉर्म डिजिटल दुनिया को तेजी से बदल रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के काम करने के तरीके को बदलने वाली शक्ति साबित होगी।

Google के 12 प्रमुख AI टूल्स

🍌 Nano Banana

तेज़ और हल्का AI मॉडल जो कम संसाधनों में भी बेहतर प्रदर्शन देने के लिए डिजाइन किया गया है।

💎 Gemini Gems

विशेष कार्यों के लिए तैयार किए गए AI एजेंट्स, जो अलग-अलग जरूरतों के अनुसार काम करते हैं।

🧠 Google Opal

स्मार्ट ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म जो रोजमर्रा के डिजिटल कार्यों को सरल बनाता है।

📘 Notebook LM

दस्तावेज़ों, रिपोर्ट्स और नोट्स को पढ़कर उनका सारांश और विश्लेषण तैयार करने वाला AI टूल।

🎬 Google Vids

AI की मदद से वीडियो निर्माण को आसान बनाने वाला आधुनिक प्लेटफॉर्म।

⚙️ AutoML

बिना कोडिंग के मशीन लर्निंग मॉडल तैयार करने की सुविधा देता है।

🧪 AI Studio

Gemini आधारित एप्लिकेशन और AI प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए Google का आधिकारिक प्लेटफॉर्म।

🌱 Pomelli

डेटा और जानकारी से उपयोगी इनसाइट्स निकालने वाला नॉलेज प्लेटफॉर्म।

🔬 DeepMind

Google की अत्याधुनिक AI रिसर्च यूनिट, जो भविष्य की AI तकनीकों पर काम कर रही है।

🎥 Gemini Veo 3

टेक्स्ट से उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो बनाने वाला एडवांस AI मॉडल।

🔄 Google Flow

वर्कफ्लो ऑटोमेशन और बिजनेस प्रक्रियाओं को आसान बनाने वाला टूल।

✏️ Whisk

क्रिएटिव आइडियाज, कंटेंट और डिजाइन सोच को बढ़ाने वाला AI प्लेटफॉर्म।

क्या बदल जाएगा?

विशेषज्ञों के अनुसार AI के इन टूल्स का असर शिक्षा, पत्रकारिता, मार्केटिंग, वीडियो एडिटिंग, बिजनेस ऑटोमेशन और कंटेंट क्रिएशन पर सबसे अधिक दिखाई देगा।

जहां पहले घंटों का काम होता था, वहीं अब AI कुछ मिनटों में वही परिणाम देने में सक्षम हो रहा है।

AIMA MEDIA विश्लेषण

AI की यह नई लहर अवसर और चुनौती दोनों लेकर आई है। एक तरफ उत्पादकता बढ़ेगी, नए रोजगार और नए बिजनेस मॉडल बनेंगे, वहीं दूसरी तरफ पारंपरिक नौकरियों और कौशलों पर दबाव भी बढ़ सकता है।

स्पष्ट है कि आने वाला समय AI का है और जो व्यक्ति या संस्था समय रहते AI को अपनाएगी, वही भविष्य की दौड़ में आगे रहेगी।
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✍️ रिपोर्ट: सुजीत शुक्ला
News Editor | AIMA MEDIA
"तकनीक बदल रही है दुनिया, और AI बदल रहा है तकनीक को।"

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छबड़ा, 8 जून 2026: भारत विकास परिषद शाखा छबड़ा एवं आर्य समाज वेद मंदिर के संयुक्त तत्वावधान में 8 जून से 14 जून तक चलने वाले सात दिवसीय बाल संस्कार एवं अभिरूचि शिविर का शुभारंभ सोमवार को आर्य समाज वेद मंदिर, इंद्रा कॉलोनी परिसर में हुआ। उद्घाटन सत्र की झलकियां:
• दीप प्रज्वलन: शिविर का शुभारंभ माँ भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वेद मंत्रोच्चार के साथ हुआ। • अतिथि गण: मुख्य अतिथि महेन्द्र गुप्ता, आर्य समाज रहे। अध्यक्षता भारत विकास परिषद के सचिव ओम गालव ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में कोषाध्यक्ष सुनील भार्गव, चंद्रप्रकाश गुप्ता, आनंद जांगिड़ एवं पूर्व अध्यक्ष कमलेश सोनी उपस्थित रहे।
पहले दिन बच्चों ने क्या सीखा:
1. ओरिगामी एवं क्राफ्ट: बच्चों ने बेकार वस्तुओं से सजावटी सामान बनाना सीखा। 2. संगीत एवं नृत्य: ढोलक-हारमोनियम पर धुन निकालने के साथ पारंपरिक नृत्य का अभ्यास कर शिविर को रोचक बनाया।
शिविर का उद्देश्य,आयोजकों ने बताया कि शिविर में प्रतिदिन बौद्धिक ज्ञान के साथ धार्मिक एवं सदाचार के संस्कार भी दिए जाएंगे। यह शिविर बच्चों को नैतिक मूल्यों से जोड़ने तथा पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से दूर रखने में सहायक होगा। भारत विकास परिषद प्रतिवर्ष ऐसे संस्कारित एवं जन उपयोगी शिविरों का आयोजन करता है जो बच्चों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ाते हैं।महिला शक्ति की भूमिका भारत विकास परिषद की पूर्व प्रांतीय महिला प्रमुख एवं वर्तमान महिला सहभागिता प्रमुख मृदुला जैन के प्रयासों से इन शिविरों के माध्यम से बच्चों व बड़ों में जन जागृति और पारिवारिक मूल्यों का निर्माण किया जा रहा है।उपस्थित गणमान्य नें इस अवसर पर परिषद की संरक्षक मंजु लुहाड़िया, सीमा गुप्ता, लाड़ गुप्ता, निरंजना जांगीड, ज्योति भार्गव, निधि भार्गव, शारदा सोनी, वंदना गुप्ता, राजेश्वरी भार्गव, रीना पंडित, पुष्टि सोनी, रीतिका, प्रवीण जैन, कोमल गुप्ता सहित कई वरिष्ठ सदस्य एवं मातृशक्ति उपस्थित रहीं।शिविर की कक्षाएं 14 जून तक प्रतिदिन वेद मंदिर परिसर में संचालित रहेंगी।

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తిరుపతి, ఆంధ్రప్రదేశ్: నాలుగేళ్ల పాప రిషిత, తల్లి రోజా మరియు తండ్రి సూరిబాబు కుమార్తె, న్యూ ఇందిరా నగర్ ప్రాంతంలో నివసించేది. పుట్టినప్పుడు బాగుండిన రిషితకు రెండేళ్ల తర్వాత అనారోగ్య సమస్యలు వచ్చాయి. నిరుపేద తల్లిదండ్రులు ప్రభుత్వ మరియు ప్రైవేటు హాస్పిటళ్లలో చికిత్స కోసం రెండు లక్షల రూపాయల వరకు ఖర్చు చేశారు, కానీ ఫలితం రాలేదు.

తిరుపతి టౌన్ లోని ఎయిర్ బైపాస్ రోడ్డుపై రిషిత తండ్రి గుడ్డలో చుట్టుకుని, ఏడ్చుతూ వెళ్లిన సంఘటన స్థానికుల దృష్టికి వచ్చింది. చిన్నారి అనారోగ్యం కారణంగా మరణించింది. ఈ సంఘటన స్థానికులను తీవ్రంగా బాధించింది. రాష్ట్ర ముఖ్యమంత్రి నారా చంద్రబాబునాయుడు ఈ విషయంలో పరామర్శ చేస్తారని ఆశ వ్యక్తం చేయబడింది.

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बिहारीगढ़। अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को बिहारीगढ़ पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक डंपर और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया।

थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र नागर ने कहा कि क्षेत्र में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए वाहनों में डंपर संख्या UK07 CB 4786 तथा महिंद्रा ट्रैक्टर-ट्रॉली संख्या UK07 CD 0154 शामिल हैं। दोनों वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया गया है।

अवैध खनन में इस्तेमाल हो रहे वाहनों को पकड़ने के लिए चलाए गए अभियान में थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र नागर, उप निरीक्षक संजीव यादव, कांस्टेबल विक्रांत यादव और अंकित तोमर सहित पुलिस टीम मौजूद रही।

बिहारीगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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प्रेस नोट दिनांक- 08-06-2026 मुरादाबाद।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुरादाबाद द्वारा जनसुनवाई में आए फरियादियों की सुनी गई समस्याएं, प्राप्त जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु सम्बन्धित को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश ।

आज दिनांक 08-06-2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुरादाबाद द्वारा जनसुनवाई में आये फरियादियों की समस्याएं/शिकायतों को सुना गया । जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु सम्बन्धित को आदेशित किया गया । महोदय द्वारा सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि जनसुनवाई/महिला हेल्पडेस्क को और अधिक प्रभावशाली बनाये ताकि पीड़ित/शिकायतकर्ता को अनावश्यक रुप से अपने थाने से पुलिस कार्यालय आने की आवश्यकता न हो साथ ही सभी थाना प्रभारियों को यह भी निर्देश दिये गये कि जिस समस्या का समाधान थाना स्तर से हो सकता है उनका समाधान थाना स्तर पर ही समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराना सुनिश्चित करें।
आइमा मीडिया संवाददाता।

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ସଂଯୋଗୀ ସାହିତ୍ୟ ସଂସଦର ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବରେ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧିତ ହେଲେ ସଞ୍ଜୟ।

ଘଟଗାଁ -୦୮/୦୬ (ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ) ରାଜ୍ୟର ସୁନାମଧନ୍ଯ ଅଗ୍ରଣୀ ସଂଯୋଗୀ ସାହିତ୍ୟ ସଂସଦର ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ ଘଟଗାଁ ସରସ୍ଵତୀ ଶିଶୁ ବିଦ୍ୟାମନ୍ଦିର ଠାରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି l ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ସାହିତ୍ୟ ସଂସଦର ସଭାପତି ଉପେନ୍ଦ୍ର ଦାଶଙ୍କ ସଭାପତିତ୍ବରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି l ଅନୁଷ୍ଠାନ ର ସମ୍ପାଦକ ତଥା ସଂସଦର ପ୍ରାଣ ପ୍ରତିଷ୍ଠାତା କେନ୍ଦୁଝର ମାଟିର ଗର୍ବ ବାବୁଲାଲ ପଲେଇ ଙ୍କ ସୁ ପରିଚାଳନା ରେ ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଭାବେ ଜଗତତ୍ସିଂହପୁର ଜିଲ୍ଲାର କବି, ସଂଗଠକ, ସମାଜସେବୀ ଡ.ବସନ୍ତ ମଞ୍ଜରି ଦାସ, ମୁଖ୍ୟ ବକ୍ତାଭାବେ ଜ୍ୟୋତିବିହାର ବିଶ୍ୱ ବିଦ୍ୟାଳୟ ବୁର୍ଲା ର ଓଡ଼ିଆ ଭାଷା ସାହିତ୍ୟ ବିଭାଗର ମୁଖ୍ୟ ଡ଼କ୍ଟର ସୁନିତା ଦେବତା ,ଓ ସମ୍ମାନିତ ଅତିଥିଭାବେ ବରିଷ୍ଠ ସାହିତ୍ୟିକ ଦେବାଶିଷ ଚକ୍ରବର୍ତ୍ତୀ ଓ ମାଲକାନଗିରି ର କବି ଦିଗାମ୍ବର ବେହେରା ମଞ୍ଚାସୀନ ହୋଇଥିଲେ l କାର୍ଯକ୍ରମ ରେ ୩୦ ଟି ଜିଲ୍ଲାରୁ ୨୦୦ ରୁ ଅଧିକ ସାହିତ୍ୟିକ, କବି ,କବୟିତ୍ରୀ ମାନେ ଯୋଗଦେଇଥିଲେ l ଓଡିଶାର ବିଭିନ୍ନ ସ୍ରଷ୍ଠା ମାନଙ୍କର ୧୨ ଖଣ୍ଡ ପୁସ୍ତକ ଉନ୍ମୋଚନ ହୋଇଥିଲା l ବହୁ ବରେଣ୍ୟ ବ୍ୟକ୍ତିଙ୍କୁ ସେମାନଙ୍କର ଉଲ୍ଲେଖନୀୟ ପ୍ରତିଭା ପାଇଁ ମଞ୍ଚରେ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧିତ କରାଯାଇଥିଲା l ସେଥି ମଧ୍ୟରୁ ଘଟଗାଁ ବ୍ଲକ ଢେଙ୍କିକୋଟ ର ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ, ସାହିତ୍ୟିକ, କବି ତଥା ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ ମଞ୍ଚ ଉଦଘୋଷକ ସଞ୍ଜୟ କୁମାର ସାହୁ ଙ୍କୁ ଅନୁଷ୍ଠାନ ତରଫରୁ ଉତ୍ତରୀୟ ମାନପତ୍ର ଓ ପୁଷ୍ପଗୁଚ୍ଛ ପ୍ରଦାନକରି ସଂଯୋଗୀ ସ୍ରଷ୍ଟା ,ସୃଜନୀ ସମ୍ମାନରେ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧିତ କରାଯାଇଥିଲା l ଉକ୍ତ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଅନୁଷ୍ଠାନର ସଦସ୍ୟ ସନ୍ତୋଷ କୁମାର ପତି, ହୃଷୀକେଶ ଦାଶ, ଡମ୍ବରୁଧର ମହାନ୍ତ,ପୁଷ୍ପକ କୁମାର ବେହେରା, ପ୍ରିୟ ଦର୍ଶିନୀ ବାରିକ୍, ଦିବ୍ୟା ଭାରତୀ ପଲେଇ, ପରିଣିତା ବେହେରା, ନରେନ୍ଦ୍ର କୁମାର ସାହୁ ପ୍ରମୁଖ ସହଯୋଗ କରିଥିଲେ l

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इटारसी : इटारसी नगर में लंबे समय से जारी दूषित एवं गंदे पेयजल की समस्या को लेकर समाजसेवी सिद्धार्थ आर्य ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नगर के विभिन्न क्षेत्रों में गंदे पानी की आपूर्ति, नागरिकों को हो रही परेशानियों तथा स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी दी गई।

सिद्धार्थ आर्य ने बताया कि इटारसी के अनेक क्षेत्रों से लगातार गंदा पानी आने की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे नागरिकों को पीने योग्य पानी की कमी और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने स्वच्छ पेयजल को प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार बताया और कहा कि इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को निर्देश देकर शीघ्र एवं स्थायी समाधान कराने का आश्वासन दिया।

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బాన్సువాడ పట్టణం టీచర్స్ కాలనీ వడ్ల సంఘం వేదికగా 13వ వార్డు సభ సోమవారం ఉదయం 10 గంటలకు విజయవంతంగా నిర్వహించారు.రాష్ట్ర ప్రభుత్వ వ్యవసాయ సలహాదారు పోచారం శ్రీనివాస్ రెడ్డి, రాష్ట్ర ఆగ్రో ఇండస్ట్రీస్ చైర్మన్ కాసుల బాలరాజు, మాజీ డీసీబీ చైర్మన్ పోచారం భాస్కర్ రెడ్డి ఆదేశాల మేరకు ఈ సభను నిర్వహించినట్లు 13వ వార్డు కౌన్సిలర్ ఎం.ఏ. ఖలేక్, కో ఆప్షన్ సభ్యురాలు ఖమర్ సుల్తానా గౌస్ తెలిపారు. 13వ వార్డు నాయకులు, ప్రజలు, అధికారుల సమక్షంలో జరిగిన ఈ సభలో వార్డు వాసులు ఇందిరమ్మ ఇళ్లు, ఆసరా పెన్షన్, జీరో కరెంట్ బిల్లు, రేషన్ కార్డులు, రోడ్లు, డ్రైనేజీ పనులకు సంబంధించిన సమస్యలను అధికారుల దృష్టికి తీసుకెళ్లారు. సమస్యల పరిష్కారానికి చర్యలు తీసుకుంటామని అధికారులు హామీ ఇచ్చారు.ఈ కార్యక్రమంలో మున్సిపల్ కో ఆప్షన్ సభ్యుడు కాసుల రోహిత్, మున్సిపల్ కమిషనర్ జి. గంగాధర్, మున్సిపల్ మేనేజర్ మల్లికార్జున్ రెడ్డి, సతీష్, విద్యుత్ శాఖ అధికారి జిలియ నాయక్, హెల్త్ డిపార్ట్మెంట్ నుంచి శోభ, విద్యాశాఖ నుంచి నరహరి, పోలీస్ డిపార్ట్మెంట్ ఎస్ఐ రాములు, రెవెన్యూ జీపీఓ అర్జున్, రెప్రజెంటేటివ్ మెంబర్ వాణి పాల్గొన్నారు.వార్డు సభను విజయవంతం చేసిన ప్రజలు, అధికారులు, నాయకులకు కౌన్సిలర్ ఎం.ఏ. ఖలేక్, కో ఆప్షన్ సభ్యురాలు ఖమర్ సుల్తానా గౌస్ ప్రత్యేక కృతజ్ఞతలు తెలిపారు.

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गढ़वा: कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (ATMA) के तहत विभिन्न पदों पर बहाली की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसे लेकर आज नियुक्ति के लिए गठित समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
​संक्षिप्त विवरण:
​पद: बीटीएम (BTM), एटीएम (ATM) एवं लेखापाल-सह-लिपिक।
​आवेदनों की समीक्षा: बैठक में कुल 408 आवेदनों की जांच की गई।
​निरस्त आवेदन: स्क्रूटनी के बाद मानदंडों पर खरा न उतरने वाले 13 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है।
​अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सूचना: जो भी अभ्यर्थी इस समीक्षा से असंतुष्ट हैं या अपनी बात रखना चाहते हैं, वे 17 जून 2026 तक अपनी दावा-आपत्ति आधिकारिक रूप से दर्ज करा सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं होगा।

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आरंग : छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी ने युवा कांग्रेस के विधानसभा स्तर पर कॉम्बो बाडी मैनेज करने के उद्देश्य से पूर्व पदाधिकारियों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई चुनाव प्रक्रिया शुरू की है ताकि युवा नेताओं को तैयार किया जा सके। इस प्रक्रिया के तहत आरंग विधानसभा क्षेत्र में लक्की कोसले को युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

लक्की कोसले ग्राम पंचायत बोडरा के निवासी हैं। उनका राजनीतिक सफर भंडारपुरी स्कूल के छात्र संघ अध्यक्ष पद से शुरू हुआ। उन्होंने ग्राम पंचायत बोडरा के बूथ अध्यक्ष और NSUI के जिला महासचिव रायपुर ग्रामीण के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वर्तमान में वे आरंग विधानसभा क्षेत्र के सबसे कम उम्र के ग्राम पंचायत बोडरा के सरपंच हैं और गांव समाज की सेवा कर रहे हैं। शिक्षा में वे स्नातक, DCA और LLB की पढ़ाई कर रहे हैं।

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देवघर में ब्राउन शुगर तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, 12.02 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक गिरफ्तार

देवघर (झारखंड)। पुलिस ने नशामुक्ति अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 12.02 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर 7 जून 2026 को एसडीपीओ सदर के नेतृत्व में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान साई विकास नगर स्थित मनोकामना साई मंदिर के समीप संदिग्ध अवस्था में घूम रहे भागलपुर (बिहार) निवासी 22 वर्षीय छोटू कुमार को पकड़ा गया।

तलाशी के दौरान उसके पास से 12.02 ग्राम ब्राउन शुगर और एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया गया। मामले में जसीडीह थाना कांड संख्या 195/2026 दर्ज करते हुए आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 111(2)(B) तथा NDPS Act की धारा 20(b) के तहत कार्रवाई की गई है।

छापेमारी दल में एसडीपीओ सदर, जसीडीह थाना प्रभारी सहित तकनीकी शाखा एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

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गाजीपुर। चर्चित विनीत राय हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपियों आलोक दुबे और सोनू यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हत्याकांड में नामजद दोनों आरोपी लंबे समय से फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए जनपद के अलावा आसपास के जिलों में भी पुलिस की कई टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। पुलिस का मानना है कि इनाम राशि बढ़ने से आरोपियों के बारे में अहम सूचनाएं मिलने की संभावना बढ़ेगी।

गौरतलब है कि होटल व्यवसायी विनीत राय की हत्या के बाद से यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस लगातार मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर अभियान चला रही है।

पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा किया जाएगा। वहीं, आमजन से भी आरोपियों के संबंध में किसी प्रकार की सूचना मिलने पर पुलिस को अवगत कराने की अपील की गई है।

— संवाददाता, गाजीपुर

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आज 8 जुलाई को पीपल जस्टिस पार्टी के प्रधान कार्यालय में गाजीपुर से आए हुए उदय शंकर पटेल जी। एम एल प्रसाद देवरिया से आकर पीपल जस्टिस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की एवं उनको इलियास आजमी साहब की लिखी हुई किताब मेरा राजनीतिक जीवन भी भेटकिया गया इस कार्यक्रम में आरपी निषाद पीसी कुरील इंद्र प्रकाश बौद्ध जी शामिल रहे उदय शंकर पटेल जी ने काशीराम जी के साथ लंबे समय तक काम किया है उसके अलावा भी उन्होंने सामाजिक राजनीतिक कार्यों में अपना पूरा जीवन लगा दिया है उन्होंने कहा कि इस समय व्यवस्था परिवर्तन लड़ाई में पीपल जस्टिस पार्टी के बैनर के तले पूरी तरीके से सहयोग करेंगे और 2027 में निश्चित तौर पर उत्तर प्रदेश में एससी एसटी ओबीसी माइनॉरिटी के लोगों को सत्ता में हिस्सेदारी दिलाने का प्रयास करेंगे राष्ट्रीय भागीदारी आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीसी कुरील साहब ने कहा कि देश सबका है और इसमें सबको हिस्सेदारी मिलनी चाहिए इस देश में सबकी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए हमको संघर्ष करना पड़ेगा लोगों के साथ जुड़ना पड़ेगा पीपल जस्टिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राशिद जमील खान कहां केएमएल प्रसाद और उदय शंकर पटेल जी के आने से पीपल जस्टिस पार्टी को पूर्वांचल के अंदर बहुत बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है क्योंकि यह दो बड़े स्तंभ पूर्वांचल में इनका बहुत प्रभाव है और आने वाले समय में जल्दी पूर्वांचल में पीपल जस्टिस पार्टी की ताकत देखने लगेगी 26 जून को छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती के अवसर पर पीपल जस्टिस पार्टी अपने प्रधान कार्यालय प्रीमीयर होटल बेलदारी लेने में 1:30 से कार्यक्रम शुरू करके और 5:00 बजे कार्यक्रम का समापन होगा बहुजन समाज के तमाम लोगों से अपील है की 26 जून को समय से आकर छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती के कार्यक्रम को सफल बनाएं और उनके किए गए कार्यों को आगे बढ़ने का संकल्प ले समाज में फैली हुई सामाजिक असमानता संसाधन विहीन समाज इन सबको हर तरीके संसाधन में इनकाहिस्सा दिलाना और जन्म के आधार पर जो भेदभाव इस देश के अंदर है उसको खत्म करके सभी को सम्मान दिलाने का संकल्प लेना होगा

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ఆంధ్రప్రదేశ్: భారత ఎన్నికల సంఘం (ECI) 2026లో ఓటర్ల జాబితాల నవీకరణ మరియు కొత్త ఓటర్ల నమోదు కోసం ప్రత్యేక సమగ్ర సవరణ (SIR) కార్యక్రమాన్ని నిర్వహిస్తోంది. జూన్ 15 నుండి జూలై 14 వరకు బూత్ స్థాయి అధికారుల (BLOs) ఇంటింటి సర్వే జరుగుతుంది. జూలై 14న పోలింగ్ కేంద్రాల హేతుబద్ధీకరణ ప్రక్రియ పూర్తి చేయబడుతుంది.

జూలై 21న సమగ్ర ముసాయిదా ఓటర్ల జాబితా ప్రచురించబడుతుంది. అదే నుండి ఆగస్టు 20 వరకు అభ్యంతరాలు మరియు క్లెయిమ్‌ల దాఖలు చేసుకోవచ్చు. ఈ అభ్యంతరాలు మరియు క్లెయిమ్‌లు సెప్టెంబర్ 18 వరకు పరిష్కరించబడతాయి. తుది ఓటర్ల జాబితా సెప్టెంబర్ 22న ప్రచురించబడుతుంది. AP NRIలారా SIRలో పాల్గొని తమ ఓటు హక్కును కాపాడుకోవాలని సూచించబడింది.

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खतौली,। भारतीय योग संस्थान, खतौली द्वारा आयोजित पांच दिवसीय मोटापा रोग निवारण निशुल्क योग शिविर का शनिवार को हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में विधिवत समापन हो गया। शिविर में बड़ी संख्या में साधकों ने भाग लेकर योग, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। समापन समारोह की अध्यक्षता प्रांतीय प्रधान निर्मल कुमार जैन ने की। इस अवसर पर जिला प्रधान बाबूराम वर्मा, महिला जिला प्रधान श्रीमती शशि गुप्ता, जिला मंत्री तेजेंद्र भाटिया तथा संगठन मंत्री जगमोहन जैन का पुष्पगुच्छ एवं सम्मान चिन्ह भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। शिविर का सफल संचालन अरुण धारीवाल द्वारा किया गया। शिविर की संयोजिका सीमा गुप्ता ने मोटापा रोगियों को विभिन्न सूक्ष्म क्रियाओं का प्रभावी अभ्यास कराया। वहीं संस्थान के अनुभवी योग शिक्षकों नरेश अग्रवाल, गीता जैन, राकेश गुप्ता, सरिता जैन, कुमकुम जैन, अंजली सिंह, सत्येंद्र काकरान, रोशनी सिंह, साध्वी ललिता, अरुण जैन एवं अनीता मेहता ने साधकों को आसन, प्राणायाम एवं ध्यान साधना का प्रशिक्षण दिया। शिविर में सूर्य नमस्कार, कमरचक्र आसन, वज्रासन, सिंह गर्जना, मधुर हास्य, शिथिल आसन, सर्प आसन, नितंब रोलिंग आसन, पादचक्र आसन, शवासन, विभिन्न प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। आसनों का प्रदर्शन प्रवित कुमार, अंजू विश्वकर्मा एवं अनुपा अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम के दौरान सभी साधकों से फीडबैक प्राप्त किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने योग शिविर के प्रति सकारात्मक अनुभव साझा किए। अंजू विश्वकर्मा ने निष्काम कर्म एवं नियमित योग साधना द्वारा मोटापा नियंत्रण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। शिविर संयोजक राकेश गुप्ता ने संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे योग साहित्य एवं सामग्री के साथ-साथ खतौली नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योग कक्षाओं की जानकारी दी। संगठन मंत्री जगमोहन जैन ने साधकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें नियमित योगाभ्यास से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। प्रांतीय प्रधान निर्मल कुमार जैन एवं जिला प्रधान बाबूराम वर्मा ने सभी पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं साधकों का आभार व्यक्त करते हुए योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल मोटापा बल्कि अनेक शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं के समाधान में सहायक है। शिविर में भाग लेने वाले साधकों से प्राप्त धरोहर राशि वापस की गई। योग सामग्री एवं व्यवस्थाओं का दायित्व प्रवीन अग्रवाल, डॉ. ब्रह्म सिंह एवं प्रवीन गुप्ता ने संभाला। कार्यक्रम की सफलता में मदन छाबड़ा, अंजू खुराना, सुधांशु जैन, पदमा तोमर, अनुपम जैन, रीता गुप्ता, सीमा जैन, किशोर गोयल, पुष्पलता, नीतू जैन, राजकुमारी शर्मा, नीलम उपाध्याय सहित अनेक कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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नगर निगम मेयर राजीव जैन ने सीवरेज डिस्पोजलों का निरीक्षण करते हुए गंदा पानी इकट्ठा होने वाले कुओं से गाद निकालने तथा डिस्पोजल पर मोटरों या जनरेटर की कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं ताकि कुओं में डाली गई मोटर बार बार ना जले।

उन्होंने ड्रेन नंबर 6 सिथत आई पी एस पर जाकर देखा तो पाया कि एक मोटर नहीं चल रही है, जनरेटर की बैटरी नहीं है और शनि मंदिर से आई पी एस तक आने वाली बरसाती पानी की बड़ी पाइप का मुँह गाद की वजह से पूरा बंद हो चूका है। उन्होंने देखा कि जब से लाइन डाली गई है इसकी सफाई नहीं हुई है, इसलिए सफाई करने के भी निर्देश दिए। खाटू श्याम मंदिर सिथत डिस्पोजल के टैंक से गाद निकालने का काम शुरु कर दिया गया है।

सेक्टर 23 सिथत डिस्पोजल पर पॉवर कट होने की दशा में बरसात के मौसम को देखते हुए जनरेटर की वयवस्था आवश्यक है, उन्होंने मोटर जलने से जल निकासी की वयवस्था ठप्प ना हो इसके लिए दो मोटर अतिरिक्त रिज़र्व में रखने के निर्देश दिए । ओल्ड डी सी रोड सिथत डिस्पोज़ल पर भी टैंक में 5 - 6 फुट गाद जमा हो चुकी है। इसे भी साफ करवाया जायेगा।

राजीव जैन ने कहा कि जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए कई स्थानों पर पंप सेट लगाए जा रहे हैं, इसके अतिरिक्त स्टॉक में भी पंप सेट रखे जायेंगे ताकि कंही भी जलभराव हो पानी तुरंत निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि भारी बरसात में दो तीन घंटे पानी रुकना स्वाभाविक है यदि ज्यादा देर रुकता है तो उसे तुरंत निकालने की व्यवस्था की जाएगी।

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महाराष्ट्र : महाराष्ट्र शासनाने 5 जून 2026 रोजी मराठा समाजातील विद्यार्थ्यांना OBC प्रवर्गाप्रमाणे विविध शैक्षणिक सवलती, शिष्यवृत्ती आणि सुविधा लागू करण्याचा ऐतिहासिक निर्णय घेतला आहे. या निर्णयामुळे मराठा समाजातील लाखो विद्यार्थ्यांना आर्थिक मदत मिळणार असून उच्च शिक्षणाच्या संधी अधिक व्यापक होतील. शासनाने शालांत परीक्षोत्तर तसेच प्राथमिक, माध्यमिक आणि उच्च माध्यमिक स्तरावरील शिष्यवृत्ती योजनांचा लाभ मराठा विद्यार्थ्यांना देण्याचा निर्णय घेतला आहे.

या निर्णयात कौशल्य विकास आणि रोजगाराभिमुख प्रशिक्षणाला विशेष प्राधान्य दिले गेले आहे. OBC प्रवर्गासाठी राबविण्यात येणारी मोटार वाहन चालक प्रशिक्षण योजना मराठा युवकांसाठीही उपलब्ध होणार आहे. तसेच महाविद्यालयीन विद्यार्थ्यांसाठी विविध शैक्षणिक खर्चांच्या प्रतिपूर्ती योजना लागू होतील. महाराष्ट्राबाहेरील शैक्षणिक संस्थांत प्रवेश घेणाऱ्या मराठा विद्यार्थ्यांनाही या योजनांचा लाभ मिळणार आहे. नवीन शैक्षणिक सवलती आपोआप मराठा समाजालाही लागू होतील, तसेच शासनाने MahaDBT पोर्टलवर ऑनलाइन अर्ज प्रक्रिया सुलभ करण्याचे निर्देश दिले आहेत. हा निर्णय शैक्षणिक वर्ष 2026-27 पासून लागू होणार आहे.

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शाहदरा (दिल्ली) : बुंदेलखंड प्रवासी मोर्चा की दिल्ली जिला शाहदरा इकाई की महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। बैठक में संगठन की मजबूती, समाज के उत्थान, शिक्षा, सामाजिक एकता तथा विभिन्न जनहितकारी विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में बुंदेलखंड प्रवासी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीनदयाल प्रजापति ने सदस्य और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए समाज संगठित करने, युवाओं को शिक्षा से जोड़ने एवं बुंदेलखंड के विकास के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। AIMA मीडिया के कन्हैया जी भी उपस्थित थे जिन्होंने बैठक की गतिविधियों को कवरेज प्रदान की। सभी पदाधिकारी और सदस्य संगठन को मजबूत करने तथा प्रवासी बुंदेलखंडवासियों को एक मंच पर जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हुए। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।

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मुज़फ्फरनगर। राष्ट्रीय लोकदल (सामाजिक न्याय मंच) द्वारा जनपद मुज़फ्फरनगर के ग्राम नावला में एक भव्य सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने, सर्व समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा आगामी समय में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। सम्मेलन में पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न सामाजिक वर्गों से जुड़े गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही, जिससे कार्यक्रम एक प्रभावशाली संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी उभरकर सामने आया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोकदल (सामाजिक न्याय मंच) की प्रदेश अध्यक्ष सुश्री संगीता दोहरे एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री अनिल कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि पूर्व मंत्री श्री योगराज सिंह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। अतिथियों के आगमन पर कार्यकर्ताओं द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया तथा पुष्पगुच्छ एवं मालाएं भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मेलन के दौरान संगठन विस्तार अभियान को नई गति देते हुए श्री विजय आर्य को राष्ट्रीय लोकदल (सामाजिक न्याय मंच), जनपद मुज़फ्फरनगर का जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस अवसर पर नवगठित जिला कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई। सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों का फूल-मालाओं एवं पार्टी पटका पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक नवनियुक्त टीम का अभिनंदन करते हुए संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया। अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष सुश्री संगीता दोहरे ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल की राजनीति सामाजिक न्याय, समान अवसर, सामाजिक समरसता एवं सर्व समाज के सम्मान की भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय चौधरी अजित सिंह ने सामाजिक न्याय एवं किसानों के अधिकारों की लड़ाई को सदैव प्राथमिकता दी और आज राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह उसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान और भागीदारी दिलाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों, युवाओं, महिलाओं, पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर संघर्षरत है तथा सामाजिक न्याय मंच इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने का माध्यम बनेगा। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल सामाजिक न्याय की विचारधारा को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि चौधरी जयंत सिंह ऐसे दूरदर्शी नेता हैं जो सर्व समाज को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं और उनकी कार्यशैली ने युवाओं, किसानों, व्यापारियों, मजदूरों तथा समाज के अन्य वर्गों के बीच राष्ट्रीय लोकदल की स्वीकार्यता को निरंतर बढ़ाया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी की नीतियों एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का कार्य करें। विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री श्री योगराज सिंह ने कहा कि संगठन की वास्तविक शक्ति उसके समर्पित कार्यकर्ताओं में निहित होती है। उन्होंने सामाजिक न्याय मंच के पदाधिकारियों से संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पार्टी की विचारधारा और नीतियों को पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल सदैव सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए कार्य करता रहा है। सम्मेलन में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी सामाजिक न्याय मंच की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और उन्हें राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य करेगा। वक्ताओं ने सामाजिक न्याय, समान अवसर, भाईचारा एवं सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय लोकदल के जिला अध्यक्ष चौधरी संजय राठी ने की, जबकि संचालन क्षेत्रीय महासचिव धर्मेंद्र तोमर द्वारा किया गया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में चौधरी संजय राठी ने संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका पर बल देते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोकदल का प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी की विचारधारा का सच्चा प्रतिनिधि है और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) आतिर रिजवी, रमेश काकड़ा, धर्मेंद्र तोमर, धर्मेंद्र राठी, भूपेंद्र प्रधान, राजू बाल्मीकि, पंकज राठी, गौरव शर्मा बंटी, बंटी नावला सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने राष्ट्रीय लोकदल की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने, सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने तथा सर्व समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। सम्मेलन सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।

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गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र के सगाही बाजार में बाइक चोरी कर भाग रहे एक नाबालिग युवक को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद बाजार में कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ जुट गई।
बताया जाता है कि सगाही बाजार निवासी बिनोद गुप्ता के पुत्र नीतू कुमार की बाइक एक नाबालिग युवक चोरी कर भागने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ गई। लोगों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और तत्काल इसकी सूचना गुरुआ थाना पुलिस को दी।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और नाबालिग आरोपी को अपने कब्जे में लेकर थाना ले गई। थानाध्यक्ष मनेश कुमार ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी नाबालिग है। मामले की जांच की जा रही है और किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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ఆంధ్రప్రదేశ్: భారత ఎన్నికల సంఘం (ECI) 2026 లో ఓటర్ల జాబితాల నవీకరణ మరియు కొత్త ఓటర్ల నమోదు కోసం ప్రత్యేక సమగ్ర సవరణ (SIR) కార్యక్రమాన్ని నిర్వహిస్తోంది. ఈ కార్యక్రమంలో బూత్ స్థాయి అధికారులు (BLOs) జూన్ 15 నుండి జూలై 14 వరకు ఇంటింటి సర్వే చేస్తారు. జూలై 14 న పోలింగ్ కేంద్రాల హేతుబద్ధీకరణ ప్రక్రియ పూర్తి అవుతుంది.

జూలై 21 న సమగ్ర ముసాయిదా ఓటర్ల జాబితా ప్రచురించబడుతుంది. జూలై 21 నుండి ఆగస్టు 20 వరకు అభ్యంతరాలు మరియు క్లెయిమ్‌లను దాఖలు చేయవచ్చు. అభ్యంతరాలు మరియు క్లెయిమ్‌ల పరిష్కారం జూలై 21 నుండి సెప్టెంబర్ 18 వరకు జరుగుతుంది. చివరగా, సెప్టెంబర్ 22 న తుది ఓటర్ల జాబితా ప్రచురణ జరుగుతుంది. AP NRIలు SIRలో పాల్గొని తమ ఓటు హక్కును కాపాడుకోవాలని సూచించింది.

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तरनतारन पट्टी विधानसभा इलाके के गांव शेरों में एक नर्सिंग स्टूडेंट ने इसलिए फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली क्योंकि उसके बॉयफ्रेंड ने उससे शादी करने से मना कर दिया था। इस मामले में सरहाली थाने की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। गांव शेरों के रहने वाले स्वर्गीय अयोध्या नाथ की पत्नी बलविंदर कुमारी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसकी बेटी गीतिका, उम्र 23 साल जो माई भागो कॉलेज, गांव उस्मां (तरनतारन) में नर्सिंग का कोर्स कर रही थी। उसकी बेटी गीतिका का बॉयफ्रेंड राजिंदर सिंह, जो मजीठा के पास गांव बल कलां का रहने वाला है, जो अक्सर उसके फोन नंबर पर उससे बात करता था और कई बार उसके घर आया था। उसने उसकी बेटी से शादी करने का वायदा किया था। बलविंदर कुमारी ने बताया कि उसने राजिंदर सिंह से यह भी कहा था कि अगर तुम एक-दूसरे को पसंद करते हो, तो बेशक कोर्ट मैरिज कर लो। उनकी बेटी, जो राजिंदर सिंह से बहुत प्यार करती थी। बलविंदर कुमारी ने बताया कि जब उसकी बेटी गीतिका 5 जून को करीब 03:30 बजे कॉलेज से घर लौटी तो उसने मुझे बताया कि राजिंदर सिंह ने उससे शादी करने से मना कर दिया है। उन्होंने अपनी बेटी को समझाया और दुकान पर चली गई। जब वह शाम करीब 4 बजे घर आई, तो उनकी बेटी ने घर में प्लास्टिक की रस्सी बांधकर फंदा लगा लिया था। उनकी बेटी ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि राजिंदर सिंह ने उससे शादी करने से मना कर दिया था, जिससे उनकी बेटी की मौत हो गई।इस बारे में जानकारी देते हुए सरहाली थाने के तहत नौशहरा पन्नुआं पुलिस चौकी के इंचार्ज सलविंदर सिंह ने बताया कि इस मामले में मृतका गीतिका का पोस्टमॉर्टम करवाकर उसका शव वारिसों को सौंप दिया गया है। जबकि बलविंदर कुमारी के बयानों के आधार पर अमृतसर ग्रामीण जिले के बल कलां निवासी राजिंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।Punjab Kesari Amritsar

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କେନ୍ଦୁଝର: ସଦର ବ୍ଲକ୍ ଅନ୍ତର୍ଗତ ପର୍ଜନପୁର ପଞ୍ଚାୟତର ଦେଉଳଡିହା ଶଗଡିଆ ଘାଟ ଠାରେ ଅରଡେଇ ନଦୀ ଉପରେ ଏକ ସ୍ଥାୟୀ ପୋଲ ଏବଂ ରାସ୍ତା ନିର୍ମାଣ ପାଇଁ ସ୍ଥାନୀୟ ଅଞ୍ଚଳବାସୀ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ମୋହନ ଚରଣ ମାଝୀଙ୍କୁ ଦାବିପତ୍ର ଲେଖିଛନ୍ତି। ପୋଲ ନିର୍ମାଣ ହେଲେ ପର୍ଜନପୁର ପଞ୍ଚାୟତର ଦେଉଳଡିହା, ନୂଆଡ଼ିହି, ସତୀକୁଦର, ନଈଗାଁ ଏବଂ କଣ୍ଡରାପଶି ପଞ୍ଚାୟତର ଆହାରପଶି, ଝଡ଼ାପଶି ସମେତ ପଳାଶପଙ୍ଗା ପଞ୍ଚାୟତର ସରାସକୋଲା ଗ୍ରାମର ହଜାର ହଜାର ଜନସାଧାରଣ ଉପକୃତ ହେବେ।



ଅଞ୍ଚଳବାସୀମାନେ ପ୍ରଧାନତଃ ଧାନଚାଷ ଏବଂ ବିଭିନ୍ନ ପନିପରିବା ଚାଷ କରିଥାନ୍ତି, ଯାହାକୁ ଝୁମ୍ପୁରା ବଜାରକୁ ବିକ୍ରୀ କରିବାକୁ ଯିବାକୁ ପଡ଼ିଥାଏ। ଝୁମ୍ପୁରା ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟକେନ୍ଦ୍ର ନିକଟରେ ଥିବା ସତ୍ତ୍ୱେ ନଦୀର ପ୍ରତିବନ୍ଧକ ଯୋଗୁଁ ଲୋକେ ଠିକ୍ ସମୟରେ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟସେବା ପାଇଁ ପହଞ୍ଚି ପାରୁନାହାନ୍ତି, ଯାହାର ଫଳରେ ରୋଗୀ ଏବଂ ଗର୍ଭବତୀ ମହିଳାମାନେ ମୃତ୍ୟୁ ବରଣ କରିଛନ୍ତି। ଏହି ଅସୁବିଧା ସହିତ ସ୍କୁଲ, କଲେଜ ଯିବାରେ ପିଲାଙ୍କୁ ମଧ୍ୟ କଷ୍ଟ ସମ୍ମୁଖୀନ ହେବାକୁ ପଡ଼ୁଛି। ପୂର୍ବତନ ଜିଲ୍ଲା ପରିଷଦ ସଦସ୍ୟ ନଳିନୀ ମହାନ୍ତ ଦାବି କରିଛନ୍ତି ଯେ ଏକ ସ୍ଥାୟୀ ପୋଲ ଏବଂ ଏହାକୁ ସଂଯୋଗ କରୁଥିବା ରୋଡ଼ (ଆହାରପଶି ପି.ଡବ୍ଲ୍ୟୁ.ଡ଼ି ଠାରୁ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଗ୍ରାମ୍ୟ ସଡ଼କ ଦେଉଳଡିହା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ) ନିର୍ମାଣ ହେଲେ ପର୍ଜନପୁର ରେଳଷ୍ଟେସନ ସହିତ ସିଧାସଳଖ ସଂଯୋଗ ହେବା ସହିତ ସ୍ଥାନୀୟ ବିକାଶ ହେବ। ଅଞ୍ଚଳବାସୀ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କର ତ୍ୱରିତ ପଦକ୍ଷେପ ଆଶା କରୁଛନ୍ତି।

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फिलीपींस के मिंडानाओ तट के पास सोमवार सुबह शक्तिशाली भूकंप आया। शुरुआती रिपोर्टों में इसकी तीव्रता 8.2 बताई गई, जबकि बाद में कुछ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने इसे 7.8 दर्ज किया। भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया और आसपास के तटीय क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। �
Arab News +1
झटके इतने तेज थे कि कई इमारतों को नुकसान पहुंचा, लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है तथा कई आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए हैं। शुरुआती रिपोर्टों में जनहानि और घायलों की भी सूचना सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो इसी भूकंप के बताए जा रहे हैं, लेकिन हर वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। आधिकारिक एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। �

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కొండాపూర్: ఆంధ్రప్రదేశ్ ఎస్సీ కార్పొరేషన్ చైర్మన్ డాక్టర్ ఉండవల్లి శ్రీదేవి గారు పాలపిట్ట సైక్లింగ్ పార్క్‌ను సందర్శించారు. ప్రకృతి అందాల మధ్య ఉన్న ఈ పార్క్ యువత, విద్యార్థులు మరియు క్రీడాభిమానులకు ఆరోగ్యకరమైన జీవనశైలి అవగాహన కల్పించే వేదికగా నిలుస్తోంది.

డాక్టర్ ఉండవల్లి శ్రీదేవి గారు సైక్లింగ్ ద్వారా శారీరక దృఢత్వం మరియు మానసిక ప్రశాంతత లభిస్తుందని చెప్పారు. పర్యావరణ పరిరక్షణ, ఆరోగ్యవంతమైన సమాజ నిర్మాణం కోసం క్రీడలతో పాటు సైక్లింగ్ అలవాట్లను పెంపొందించాలని ఆమె పిలుపునిచ్చారు. ఆమె నాయకత్వంలో యువత అభివృద్ధి, ప్రజల ఆరోగ్యం, సామాజిక పురోగతికి కృషి నిత్యం కొనసాగుతోంది.

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തിരുവനന്തപുരം, ജൂൺ 8: സംസ്ഥാനത്ത് ശക്തമായ മഴ തുടരുന്നതിനിടെ തിരുവനന്തപുരം ജില്ലയിലെ പ്രധാന വിനോദസഞ്ചാര കേന്ദ്രങ്ങളിലൊന്നായ പൊന്മുടി എക്കോ ടൂറിസം മേഖലയിലേക്കുള്ള സന്ദർശകരുടെ പ്രവേശനം താൽക്കാലികമായി നിർത്തിവച്ചു. കനത്ത മഴയെ തുടർന്ന് പ്രദേശത്ത് മണ്ണിടിച്ചിൽ സാധ്യത ഉയർന്ന സാഹചര്യത്തിലാണ് വനവകുപ്പ് ഈ നിർണായക തീരുമാനം കൈക്കൊണ്ടത്.
ബഹുമാനപ്പെട്ട തിരുവനന്തപുരം ഡിവിഷണൽ ഫോറസ്റ്റ് ഓഫീസറുടെ നിർദ്ദേശപ്രകാരമാണ് നടപടി. 2026 ജൂൺ 8 മുതൽ പ്രാബല്യത്തിൽ വരുന്ന വിലക്ക് ഇനിയൊരു അറിയിപ്പ് ഉണ്ടാകുന്നതുവരെ തുടരുമെന്ന് അധികൃതർ അറിയിച്ചു.
പൊന്മുടിയിലേക്കുള്ള മലമ്പാതകളിലും സമീപ പ്രദേശങ്ങളിലുമുള്ള മണ്ണിന്റെ സ്ഥിരതയെക്കുറിച്ച് ആശങ്ക നിലനിൽക്കുന്ന സാഹചര്യത്തിൽ സഞ്ചാരികളുടെ സുരക്ഷ ഉറപ്പാക്കുക എന്ന ലക്ഷ്യത്തോടെയാണ് പ്രവേശന നിയന്ത്രണം ഏർപ്പെടുത്തിയിരിക്കുന്നത്. മഴ ശക്തമായി തുടരുന്ന സാഹചര്യത്തിൽ റോഡുകളിലേക്ക് പാറകളും മണ്ണും ഇടിഞ്ഞുവീഴാനുള്ള സാധ്യതയുണ്ടെന്നും അധികൃതർ മുന്നറിയിപ്പ് നൽകി.
ഓരോ വർഷവും ആയിരക്കണക്കിന് ആഭ്യന്തര-വിദേശ വിനോദസഞ്ചാരികൾ സന്ദർശിക്കുന്ന പൊന്മുടി, മഴക്കാലത്ത് പ്രകൃതി ഭംഗിയാൽ ഏറെ ആകർഷകമായ കേന്ദ്രമാണ്. എന്നാൽ ശക്തമായ മഴയെത്തുടർന്ന് അപകടസാധ്യത വർധിക്കുന്നതിനാൽ മുൻകരുതൽ നടപടികളുടെ ഭാഗമായി ഈ നിയന്ത്രണം അനിവാര്യമാണെന്ന് വനവകുപ്പ് വ്യക്തമാക്കി.
കാലാവസ്ഥാ സാഹചര്യം വിലയിരുത്തിയ ശേഷവും സുരക്ഷാ പരിശോധനകൾ പൂർത്തിയാക്കിയ ശേഷവും മാത്രമേ പ്രവേശന നിയന്ത്രണം പിൻവലിക്കുന്ന കാര്യത്തിൽ തീരുമാനമെടുക്കുകയുള്ളുവെന്ന് ബന്ധപ്പെട്ട അധികൃതർ അറിയിച്ചു. അതുവരെ സന്ദർശകർ പൊന്മുടിയിലേക്കുള്ള യാത്രകൾ ഒഴിവാക്കുകയും ഔദ്യോഗിക അറിയിപ്പുകൾ ശ്രദ്ധിക്കുകയും ചെയ്യണമെന്ന് നിർദേശം നൽകിയിട്ടുണ്ട്.
അതേസമയം, സംസ്ഥാനത്തിന്റെ വിവിധ ഭാഗങ്ങളിൽ മഴ ശക്തമാകുമെന്ന കാലാവസ്ഥാ മുന്നറിയിപ്പ് നിലനിൽക്കുന്ന സാഹചര്യത്തിൽ മലയോര മേഖലകളിലേക്കുള്ള യാത്രകളിൽ പൊതുജനങ്ങൾ ജാഗ്രത പാലിക്കണമെന്നും ദുരന്തനിവാരണ അതോറിറ്റിയും അധികൃതരും അഭ്യർഥിച്ചു.

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रोहतक: रोहतक-सांपला रोड पर सड़क किनारे खड़ी एक कार में दिल्ली पुलिस के जवान राहुल दहिया का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक दिल्ली पुलिस में कार्यरत था और उसका शव कार के अंदर पाया गया।

पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर जांच कर साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही संभव होगा। आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही हैं ताकि मामले के तथ्य सामने आ सकें। जांच अभी जारी है और पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

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ଚିତ୍ରକୋଣ୍ଡା : ମାଲକାନଗିରି ଜିଲ୍ଲାର ଚିତ୍ରକୋଣ୍ଡା ବ୍ଲକ ଅନ୍ତର୍ଗତ ବଡପଦର ପଞ୍ଚାୟତରେ ଯୁବ କ୍ରିକେଟ କମିଟି ଆନୁକୂଲ୍ୟରେ ଆୟୋଜିତ ହୋଇଥିବା ଜେ କେ କ୍ରିକେଟ ଟୁର୍ଣ୍ଣାମେଣ୍ଟ ୨୦୨୬ ଗତ କାଲି ଉଦଯାପିତ ହୋଇଛି । ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଭାବେ ଚିତ୍ରକୋଣ୍ଡା ବ୍ଲକ ଅଧ୍ୟକ୍ଷା ସୁଶ୍ରୀ ରାଜେଶ୍ୱରୀ ଖିଲ, ବଡପଦର ସରପଞ୍ଚ ଶ୍ରୀମତୀ ସ୍ୱପ୍ନା ଖିଲ, ସମିତି ସଭ୍ୟା ଶ୍ରୀମତୀ ପ୍ରମିଳା ହନ୍ତାଳ ଏବଂ ସମାଜ ସେବୀ ଜଗୁ ଦୁରୁ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ ।

ଅତିଥିମାନେ ଯୁବକମାନଙ୍କୁ ଖେଳରେ ପ୍ରୋତ୍ସାହନ ଦେବା ସହ ସୁସ୍ଥ ସମାଜ ଗଠନରେ କ୍ରୀଡାର ଭୂମିକାର ଗୁରୁତ୍ୱ ବିଷୟରେ ଉଲ୍ଲେଖ କରିଥିଲେ । ସପ୍ତାହ ଧରି ଚାଲିଥିବା ଏହି ଟୁର୍ଣ୍ଣାମେଣ୍ଟର ଫାଇନାଲରେ ୧୬ ଟିମରୁ ଆରଏସସି ୧୨ ଓ ପଳାସପଦର ଟିମ ଖେଳିଥିଲେ ଯେଉଁଠାରେ ଆରଏସସି ୧୨ ଦଳ ଚାମ୍ପିୟନ ହୋଇଛି । ଅତିଥିମାନେ ପୁରସ୍କାର ବିତରଣ ସହିତ ଟ୍ରୋଫି ଦାନ କରି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମକୁ ସମାପ୍ତ କରିଥିଲେ । କମିଟି ସଦସ୍ୟ ପ୍ରସାଦ ଅନୁପାଲ, ସୋନିଆ ଖେମୁଡୁ, ଲଛମନ ଖେମୁଡ଼ୁ, ବାସୁ ଖରା, ଜୁମୁରା ଖିଲ, ସୁକୁ ମୁଦୁଲି, ସୁକୁ ହନ୍ତାଲ, ଗଙ୍ଗାଧର ଖରା, ଡମ୍ବରୁ ଶିଶା, ସୀତାରାମ ଖିଲ, ସମରା ପାଙ୍ଗି, ଡମ୍ବରୁ ବୁରୁଡ଼ି, ରାଜୁ ଅନୁପାଲ, ସଦନ ଖରା, ସନିଆ ଖରା, ସତ୍ୟରାଓ ସାରୁ, ସାଙ୍କାରାଓ ପାଙ୍ଗି, ଶୁକଦେବ ହନ୍ତାଳ, ଗଙ୍ଗାଧର ମୁଦୁଲି, ଖଗପତି ଖରା, ସୁବା ପାଙ୍ଗି, ରାଜୁ ଖିଲ, ଧନୁର୍ଜୟ ହନ୍ତାଲ ଓ ଅନ୍ୟାନ୍ୟଙ୍କ ସହଯୋଗରେ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ସଫଳ ହୋଇଛି ।

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BJP से नाराजगी के बीच शाह-नड्डा से मिले कैप्टनः पार्टी में सुनवाई न होने की बात कही, कांग्रेस में वापसी की अटकलें लग रहीं थी।पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात है। इसके साथ वह केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से भी मिले। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने पार्टी में सुनवाई न होने की बात कही। मुलाकात को लेकर कैप्टन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली है। उन्होंने पोस्ट शेयर कर लिखा- नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक हुई और पंजाब से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।कैप्टन अमरिंदर पंजाब में केवल सिंह ढिल्लों को बीजेपी का नया प्रधान बनाने से नाराज हैं। इसके साथ उनके कांग्रेस में जाने की अटकलें भी शुरू हो गईं थीं। दरअसल, हाल ही में हरियाणा के पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के उनके टच में होने की बात कही थी।

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कोलकाता, 8 जून, 2026:
​हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कोलकाता के रोटरी सदन में 'समर्पण ट्रस्ट' के तत्वावधान में एक विशेष एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार (National Seminar) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय "हिंदी पत्रकारिता: शब्दों का सफर, द्विशताब्दी तक" था।
​विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
विशिष्ट अतिथि और वक्ता के रूप में प्रोफेसर राममोहन पाठक और प्रोफेसर सोमा बंद्योपाध्याय उपस्थित थे। इस विशेष सेमिनार की अध्यक्षता दिनेश बजाज ने की। कार्यक्रम में अन्य गणमान्य लोगों में शंकरलाल अग्रवाल, निरंजन अग्रवाल, महेश अग्रवाल, अभिषेक शरद, प्रदीप ढेढिया, पंकज भालोटिया सहित कई अन्य विशिष्ट हस्तियां मौजूद थीं। इस विशेष सेमिनार की अध्यक्षता दिनेश बजाज ने की। कार्यक्रम में अन्य गणमान्य लोगों में शंकरलाल अग्रवाल, निरंजन अग्रवाल, महेश अग्रवाल, अभिषेक शरद, प्रदीप ढेढिया, पंकज भालोटिया सहित कई अन्य विशिष्ट हस्तियां मौजूद थीं।
​कार्यक्रम का विवरण
​सेमिनार में उपस्थित प्रख्यात वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास, उसके 200 वर्षों के लंबे सफर और देश के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर वर्तमान समय तक इसके महत्व पर प्रकाश डाला। मंच पर मौजूद अतिथियों ने देश में आपातकाल (इमरजेंसी) के दौर और उस समय पत्रकारों के संघर्ष के इतिहास पर भी चर्चा की।
​इस पूरे कार्यक्रम के मीडिया पार्टनर के रूप में 'वर्तमान पत्रिका' जुड़ी हुई थी। उपस्थित दर्शकों और पत्रकार जगत के बीच इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह और उमंग देखा गया।
​फोटो पत्रकार: चित्तोश रॉय

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मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। रविवार को ईरान ने इसराइल पर कई मिसाइलें दागीं, जिसके जवाब में इसराइल ने भी ईरानी ठिकानों पर जवाबी हमले किए। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंकाओं को और गहरा कर दिया है।
ईरान की सैन्य इकाई आईआरजीसी (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ने दावा किया है कि यह कार्रवाई "पूरे सप्ताह लगातार चलने वाले हमलों की शुरुआत" है। आईआरजीसी के अनुसार, यदि इसराइल अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखता है तो ईरान और बड़े पैमाने पर जवाब देगा।
ईरान का यह हमला उस समय हुआ जब रविवार सुबह इसराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हमले किए थे। बेरूत पर हुए हमलों का उल्लेख करते हुए आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि यदि इसराइल की ओर से "आक्रामक हरकतें" दोहराई गईं तो जवाब और अधिक व्यापक होगा।
आईआरजीसी ने यह भी कहा कि भविष्य में होने वाली किसी भी जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इसराइल से जुड़े सभी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सैन्य टकराव पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है।

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ମହତାବ କୋଠିର ମହାତ୍ମା ଗାନ୍ଧୀଙ୍କ ବିଶ୍ରାମ କକ୍ଷରେ ଆଲୋଚନା ଚକ୍ର
( ପ୍ରଜାତନ୍ତ୍ର ପ୍ରଜ୍ଞାଚକ୍ରର ମାସିକ ଆଲୋଚନା ଚକ୍ର ଓ କବିତା ପାଠ)

ଭଦ୍ରକ - ୦୮/୦୬(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ) ସଂଗ୍ରାମୀମାନଙ୍କ ପାଦ ଚିହ୍ନ ଦେଶ ବିଦେଶରେ ଯେଉଁଠାରେ ପଡ଼ିଛି, ଆଜି ତାହା ପୂଣ୍ୟ ପୀଠରେ ପରିଣତ ହୋଇଛି। ପ୍ରତ୍ୟେକ ଭାରତୀୟମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଆଜି ଏହା ମୁକସାକ୍ଷୀ ଭଳି ମନେ ହେଉଛି। ଭଦ୍ରକ ସହର ଅନ୍ତର୍ଗତ ମହତାବ କୋଠି ଆଜି ଚଳ ଚଞ୍ଚଳ। ବିଭିନ୍ନ ସମୟରେ ବୌଦ୍ଧିକ, ଆଧ୍ୟାତ୍ମିକ ଓ ସାଂସ୍କୃତିକ କାର୍ଯ୍ୟ ଆୟୋଜିତ ହୋଇ ଶ୍ରୀବୃଦ୍ଧି ସାଧନ କରୁଛି। ୧୯୨୧, ୧୯୨୭ ଏବଂ ୧୯୩୪ ମସିହାରେ ମହାତ୍ମା ଗାନ୍ଧୀ ଭଦ୍ରକକୁ ତିନି ଥର ଆସିଥିଲେ। ୧୯୨୭ ଡିସେମ୍ବର ୧୬ ଏବଂ ୧୯୩୪ ଜୁନ୍ ୬ ତାରିଖରେ ମହାମାନବ ମହାତ୍ମା ଗାନ୍ଧୀ ଭଦ୍ରକର ବିଭିନ୍ନ ଅଞ୍ଚଳ ଗସ୍ତ ସହିତ ହରିଜନ ପଦଯାତ୍ରା କରି ଶେଷରେ ମହତାବ କୋଠିରେ ରାତ୍ରିଯାପନ କରିଥିଲେ। ଭଦ୍ରକ ଜିଲ୍ଲାର ମଞ୍ଜୁରୀ, ତୋଡଙ୍ଗା, ବାରିକପୁର, ବନ୍ତ, ଗାନ୍ଧୀ ବାଳାଶ୍ରମ, ଚାରୁବାଟିଆ, ନୂଆ ବଜାର ଭଳି ପୂଣ୍ୟ ପୀଠ ପରିଦର୍ଶନ କରି ରାତ୍ରିରେ ଯେଉଁଠି ଉତ୍କଳକେଶରୀ ଡକ୍ଟର ହରେକୃଷ୍ଣ ମହତାବଙ୍କ ସହିତ ବିଶ୍ରାମ ନେଇଥିଲେ , ମହତାବ କୋଠିର ସେହି ପୂଣ୍ୟ କକ୍ଷରେ ପ୍ରଜାତନ୍ତ୍ର ପ୍ରଜ୍ଞାଚକ୍ର ଆନୁକୁଲ୍ୟରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ଏକ ସାରସ୍ୱତ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ବକ୍ତାମାନେ ମତପ୍ରକାଶ କରିଥିଲେ ପ୍ରଜାତନ୍ତ୍ର ପ୍ରଜ୍ଞାଚକ୍ରର ରାଜ୍ୟ ସଭାପତି ଓଡ଼ିଆ ଭାଷା ସାହିତ୍ୟ ଗବେଷକ ପଣ୍ତିତ ଦୈତ୍ୟାରି ମହାପାତ୍ରଙ୍କ ଅଧ୍ୟକ୍ଷତାରେ ଓଡ଼ିଶା ବିଜ୍ଞାନ ଏକାଡେମୀର ବୈଜ୍ଞାନିକ ତଥା ବରିଷ୍ଠ ସଦସ୍ୟ ସାହିତ୍ୟିକ ଇଂ ଅଭୟ ସୂତାର ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଭାବେ ଯୋଗଦେଇ ମହାତ୍ମା ଗାନ୍ଧୀଙ୍କ ଭଦ୍ରକ ଆଗମନ, ମହତାବ କୋଠିରେ ରାତ୍ରିଯାପନ ସମ୍ପର୍କରେ ବହୁ ଗବେଷଣାଧର୍ମୀ ତଥ୍ୟ ଉପସ୍ଥାପନ କରିଥିଲେ। ଏହି ଅବସରରେ ଦାମୋଦର ସଂସ୍କୃତ ମହାବିଦ୍ୟାଳୟର ପୂର୍ବତନ ଅଧ୍ୟକ୍ଷ ମୁଖ୍ୟବକ୍ତା, ଆମ ମାତୃଭାଷା ପରିଷଦର ପ୍ରତିଷ୍ଠାତା ଡାକ୍ତର ଅନୀଲ କୁମାର ଦାଶ ବରେଣ୍ୟ ଅତିଥି, ଚରମ୍ପା ସାହିତ୍ୟ ଓ ସଂସ୍କୃତି ମଞ୍ଚର ସମ୍ପାଦକ ବାବୁଲାଲ ଦାସ, ଅଧ୍ୟାପିକା ପ୍ରମୋଦା କୁମାରୀ ପଣ୍ଡା, ବ୍ୟଙ୍ଗକବି ବିଜୟ କୁମାର ବହଳି, ବିଶିଷ୍ଟ ନାଟ୍ୟ ନିର୍ଦ୍ଦେଶକ ଗୌରାଙ୍ଗ ଚରଣ ବାରିକ, ବ୍ୟଙ୍ଗକବି ବିଜୟଶ୍ରୀ ଗୋକୁଳାନନ୍ଦ ରାଉତ ପ୍ରମୁଖ ସମ୍ମାନିତ ଅତିଥି ଭାବେ ଯୋଗଦେଇ ମହାପୁରୁଷ ମହାତ୍ମା ଗାନ୍ଧୀଙ୍କ ତ୍ୟାଗ ଓ ଆଦର୍ଶରେ ଏ ସଂସାର କେମିତି ତ୍ୟାଗପୂତ ଜୀବନ ନିର୍ବାହ କରିଛି ସେ ସମ୍ପର୍କରେ ବହୁ ମୂଲ୍ୟବାନ ବକ୍ତବ୍ୟ ରଖିଥିଲେ। ଏହି ଅବସରରେ ବିଶିଷ୍ଟ କବି କବୟିତ୍ରୀ ମାନଙ୍କ ଦ୍ଵାରା ଭଦ୍ରକକୁ ମହାତ୍ମା ଗାନ୍ଧୀଙ୍କ ଆଗମନ ଶୀର୍ଷକ ସ୍ଵରଚିତ କବିତା ଆବୃତ୍ତି କରିଥିଲେ। ସଭାର ଆରମ୍ଭରେ ଜାତିର ଜନକ ମହାତ୍ମା ଗାନ୍ଧୀଙ୍କ ପ୍ରତିମୂର୍ତ୍ତିରେ ବିଶିଷ୍ଟ ଅତିଥିମାନଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ପୁଷ୍ପମାଲ୍ୟ ଅର୍ପଣ ପରେ ସଭାକାର୍ଯ୍ୟ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଥିଲା। ପ୍ରଜାତନ୍ତ୍ର ପ୍ରଜ୍ଞାଚକ୍ରର ମୁଖ୍ୟ ସଂଯୋଜକ ଅଧ୍ୟାପକ ମନୋରଞ୍ଜନ ବାରିକ ମଞ୍ଚ ଆମନ୍ତ୍ରଣ କରିଥିବା ବେଳେ ଆବାହକ ଉତ୍ସର୍ଗ ସମାଜସେବା ଅନୁଷ୍ଠାନର ପ୍ରତିଷ୍ଠାତା ସଭାପତି ଅପୂର୍ବ ରଞ୍ଜନ ବେହେରା ସ୍ୱାଗତ ବକ୍ତବ୍ୟ ପ୍ରଦାନ କରିଥିଲେ। ଜିଲ୍ଲା ସଂଯୋଜକ ଡାକ୍ତର ଅନୀଲ କୁମାର ଦାଶ ଧନ୍ୟବାଦ ଅର୍ପଣ କରିଥିଲେ।

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ਕੋਟਕਪੂਰਾ, ਫਰੀਦਕੋਟ 07 ਜੂਨ26 (ਨਾਇਬ ਰਾਜ )

ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਸਪੀਕਰ ਸਰਦਾਰ ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ ਨੇ ਅੱਜ ਹਲਕੇ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸਮਾਜਿਕ ਅਤੇ ਧਾਰਮਿਕ ਸਮਾਗਮਾਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਨਾਨਕਸਰ ਠਾਠ ਪਿੰਡ ਦੇਵੀਵਾਲਾ ਵਿਖੇ ਸ਼੍ਰੀ ਆਖੰਡ ਪਾਠ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਭੋਗ ਵਿਚ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ।
ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸਾਹਿਬ ਪਿੰਡ ਪੱਕਾ ਨੰ. 3 ਵਿਖੇ ਗੁਰਮੇਲ ਸਿੰਘ ਦੀ ਅੰਤਿਮ ਅਰਦਾਸ, ਪਿੰਡ ਪੱਕਾ ਨੰ. 2 ਵਿਖੇ ਤੇਜ ਸਿੰਘ ਦੀ ਮਾਤਾ ਦੇ ਚਲਾਣਾ ਕਰ ਜਾਣ ਤੇ ਅਫਸੋਸ ਕਰਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਗ੍ਰਹਿ ਵਿਖੇ ਪਹੁੰਚੇ। ਇਸ ਉਪਰੰਤ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸਾਹਿਬ ਪਿੰਡ ਦਾਨਾ ਰੁਮਾਣਾ ਵਿਖੇ ਵਰਿੰਦਰਜੀਤ ਕੌਰ ਆਤਮਿਕ ਸ਼ਾਂਤੀ ਲਈ ਰੱਖ ਗਏ ਸ਼੍ਰੀ ਸਹਿਜ ਪਾਠ ਦੇ ਭੋਗ ਵਿਚ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਗੁਰੂ ਮਹਾਰਾਜ ਅੱਗੇ ਸਰਬਤ ਦੇ ਭਲੇ ਦੀ ਅਰਦਾਸ ਕੀਤੀ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਸਪੀਕਰ ਸ. ਸੰਧਵਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸੇ ਜੀਅ ਦਾ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚੋਂ ਅਚਾਨਕ ਚਲੇ ਜਾਣਾ ਪਰਿਵਾਰ/ਸਮਾਜ ਲਈ ਬਹੁਤ ਵੱਡਾ ਘਾਟਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਜੋ ਕਦੇ ਵੀ ਪੂਰਾ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅਰਦਾਸ ਕੀਤੀ ਕਿ ਵਿਛੜੀ ਰੂਹ ਨੂੰ ਪਰਮਾਤਮਾ ਆਪਣੇ ਚਰਨਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਲਾਵੇ ਅਤੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਭਾਣਾ ਮੰਨਣ ਦਾ ਬਲ ਬਖਸ਼ੇ।

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चमोली देवाल: भाजपा मंडल देवाल की अहम समीक्षा बैठक देवाल विकास खंड सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक में थराली के विधायक भूपाल राम टम्टा मुख्य अतिथि थे। बैठक आगामी विधि चुनावों को ध्यान में रखते हुए की गई थी जिसमें कार्यकर्ताओं की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

विधायक भूपाल राम टम्टा ने भाजपा कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और उनकी बातों को गंभीरता से लिया गया। बैठक में सवाड बूथ के आलम सिंह ने सुया से कुनार बैंड पर पुल निर्माण की मांग की, वाण से कृष्णा विष्ट ने सड़क एवं पार्किंग निर्माण की आवश्यकता जताई, जबकि क्षेपस रमेश गडिया ने पिडरघाटी के सुयाल कोट में बरसात से होने वाले भूस्खलन रोकथाम के लिए शीघ्र कार्यवाही की अपील की। विधायक ने इन मुद्दों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया।

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महाराष्ट्र: राज्यसभा चुनाव को लेकर Sharad Pawar की पार्टी में उम्मीदवार चयन को लेकर बैठक हुई, जिसमें राजेंद्र जैन को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा प्रमुख रही। विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक में 23 दलों के शामिल होने और विपक्ष की एकता पर विचार-विमर्श हुआ। Sharad Pawar ने गठबंधन को एकजुट रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

महाराष्ट्र सरकार की किसान कर्जमाफी योजना को लेकर विपक्ष ने पात्रता शर्तों के कारण कई किसानों को लाभ नहीं मिलने का आरोप लगाया है। 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण' योजना में ई-केवाईसी प्रक्रिया के बाद लाभार्थियों की संख्या में कमी आई है, जिसे लेकर राजनीतिक बहस जारी है। गढ़चिरोली में राज्य सरकार ने विकास और सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक की, जिसमें अधिकारियों ने क्षेत्र में विकास कार्यों और जनसेवाओं पर अधिक ध्यान देने की बात कही।

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কলকাতা, ৮ জুন, ২০২৬:
হিন্দি সাংবাদিকতার ২০০ বছর পূর্তি উপলক্ষে কলকাতার রোটারি সদনে 'সমর্পণ ট্রাস্ট'-এর উদ্যোগে একটি বিশেষ এক দিবসীয় জাতীয় সেমিনার (National Seminar) অনুষ্ঠিত হয়ে গেল। অনুষ্ঠানের মূল বিষয়বস্তু ছিল "হিন্দি সাংবাদিকতা: শব্দ কা সফর, দ্বিশতাব্দী তক"।
বিশিষ্ট অতিথিদের উপস্থিতি: বিশিষ্ট অতিথি এবং বক্তা হিসেবে উপস্থিত ছিলেন প্রফেসর রামমোহন পাঠক এবং প্রফেসর সোমা বন্দ্যোপাধ্যায়। অনুষ্ঠানটির সভাপতিত্ব করেন দীনেশ বাজাজ। এই বিশেষ সেমিনারে অন্যান্যদের মধ্যে উপস্থিত ছিলেন শংকরলাল আগরওয়াল, নিরঞ্জন আগরওয়াল, মহেশ আগরওয়াল, অভিষেক শরদ, প্রদীপ ঢেডিয়া, পঙ্কজ ভালোটিয়া সহ অন্যান্য বিশিষ্ট ব্যক্তিবর্গ।
অনুষ্ঠানের বিবরণ
​সেমিনারে উপস্থিত বিশিষ্ট বক্তারা হিন্দি সাংবাদিকতার ইতিহাস, তার দীর্ঘ ২০০ বছরের পথ চলা এবং দেশের স্বাধীনতা সংগ্রাম থেকে শুরু করে বর্তমান সময় পর্যন্ত এর গুরুত্ব তুলে ধরেন। মঞ্চে উপস্থিত অতিথিবৃন্দ দেশের জরুরি অবস্থা এবং সে সময়ে সাংবাদিকদের লড়াইয়ের ইতিহাস নিয়েও আলোচনা করেন।
এই পুরো অনুষ্ঠানের মিডিয়া পার্টনার হিসেবে যুক্ত ছিল 'বর্তমান পত্রিকা'। উপস্থিত দর্শক এবং সাংবাদিক মহলের মধ্যে এই অনুষ্ঠানটি ঘিরে ব্যাপক উৎসাহ উদ্দীপনা লক্ষ্য করা যায়।
​চিত্র সাংবাদিক: চিত্ততোষ রায়

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महाराष्ट्र: कोंकण और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में मानसून पहुंच चुका है और वहां बारिश हो रही है। अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। कोंकण व मुंबई क्षेत्र में बादल छाए रहेंगे और मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। पुणे व पश्चिम महाराष्ट्र में बादल रहेंगे और कहीं-कहीं गरज के साथ बारिश हो सकती है।

विदर्भ, मराठवाड़ा और खानदेश के कई इलाकों में अभी भी तेज गर्मी बनी हुई है। अकोला में तापमान लगभग 42–43°C तक पहुंचा है, जिससे गर्मी और उमस का अनुभव हो रहा है। विदर्भ (अकोला, नागपुर, अमरावती) में तापमान 40°C से ऊपर है और बारिश की संभावना कम है। मराठवाड़ा क्षेत्र में भी गर्मी और उमस बनी हुई है और कुछ स्थानों पर स्थानीय गरज-चमक देखने को मिल सकती है।

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चमोली देवाल: भाजपा मंडल देवाल की अहम समीक्षा बैठक देवाल विकास खंड सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक में थराली के विधायक भूपाल राम टम्टा मुख्य अतिथि थे। बैठक का आयोजन आगामी विधि चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया गया था।

विधायक भूपाल राम टम्टा ने भाजपा कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और उनकी बातों को गंभीरता से लिया गया। बैठक में सवाड बूथ से आलम सिंह ने सुया से कुनार बैंड पर पुल निर्माण की मांग रखी। वाण से कृष्णा विष्ट ने सड़क एवं पार्किंग निर्माण की आवश्यकता जताई। क्षेपस रमेश गडिया ने बरसात से पूर्ण पिडरघाटी के सुयाल कोट में भूस्खलन रोकथाम के लिए शीघ्र कार्यवाही की बात कही। विधायक ने इन मुद्दों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया।

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*ସମ୍ବଲପୁର ଗ୍ରୁପ୍ ହେଡକ୍ୱାର୍ଟର ଏନ୍ ସି ସି ଗ୍ରୁପ୍ କମାଣ୍ଡରଙ୍କ ୧୪ ଓଡ଼ିଶା ବାଟାଲିୟନ ପରିଦର୍ଶନ*

କେନ୍ଦୁଝର: ତା ୦୭/୦୬- ଏନ୍ ସି ସି କ୍ୟାମ୍ପ-୨ ଜୁନ୍ ୧ ରୁ ଧରଣୀଧର ବିଶ୍ୱ ବିଦ୍ୟାଳୟ ପରିସରରେ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଯାଇଛି।ଶିବିରର ୭ମ ଦିବସରେ ସମ୍ବଲପୁର ଗ୍ରୁପ୍ ହେଡକ୍ୱାର୍ଟର ଏନ୍ ସି ସି ଗ୍ରୁପ୍ କମାଣ୍ଡର କର୍ଣ୍ଣେଲ ପ୍ରସାଦ କଦମ୍ ୧୪ ଓଡ଼ିଶା ବାଟାଲିୟନ ପରିଦର୍ଶନ କରିଛନ୍ତି।ପ୍ରଥମେ ବାଟାଲିୟନ ତରଫରୁ ଗାର୍ଡ ଅଫ୍ ଅନର୍ ଦିଆଯାଇଥିଲା।ପରେ କଣ୍ଟିଜେଣ୍ଟ ତରଫରୁ ମାର୍ଚ୍ଚ ପାଷ୍ଟ ର ଅଭିବାଦନ ଗ୍ରହଣ କରିଥିଲେ।୧୪ ଓଡ଼ିଶା ବାଟାଲିୟନ ଏନ୍ ସି ସି କେନ୍ଦୁଝର କମାଣ୍ଡିଙ୍ଗ ଅଫିସର କର୍ଣ୍ଣେଲ ଜୟନ୍ତ ମୋହନ ଯୋଶୀଙ୍କ ଅଧ୍ୟକ୍ଷତାରେ ଆୟୋଜିତ ସଭାରେ ସମ୍ବଲପୁର ଗ୍ରୁପ୍ କମାଣ୍ଡର କର୍ଣ୍ଣେଲ ପ୍ରସାଦ କଦମ୍ କ୍ୟାଡେଟ୍ ମାନଙ୍କୁ ଶୃଙ୍ଖଳା,କଠିନ ପରିଶ୍ରମ ଏବଂ ସମର୍ପଣ ସହିତ ମାତୃଭୂମିର ସେବା ପାଇଁ ପ୍ରୟାସ କରିବାକୁ ଉପଦେଶ ଦେଇଥିଲେ।ପ୍ରଶାସନିକ ଅଧିକାରୀ ଲେଫ୍ଟନାଣ୍ଟ କର୍ଣ୍ଣେଲ ମୟୂର ଘାଡଗେ ଏବଂ ସୁବେଦାର ମେଜର ମହମ୍ମଦ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ।ଏହି ଶିବିରରେ କେନ୍ଦୁଝର ଏବଂ ମୟୂରଭଞ୍ଜ ଜିଲ୍ଲାର ବିଭିନ୍ନ ମହାବିଦ୍ୟାଳୟ ଓ ବିଦ୍ୟାଳୟ ରୁ ପ୍ରାୟ ୬୦୦ ଜଣ କ୍ୟାଡେଟ୍ ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ନେଉଛନ୍ତି।କ୍ୟାମ୍ପରେ ଭାଗ ନେଉଥିବା ଆର୍.ଡି.ସି.,ଆଇ.ଡି. ଏସ୍.ଏସ୍.ସି.,ଟି.ଏସ୍.ସି,ସି.ଏ.ଟି.ସି କ୍ୟାଡେଟ ମାନଙ୍କ ସହ ଆଲୋଚନା କରିଥିଲେ।ଲେଫ୍ଟନାଣ୍ଟ ଦୀପକ କୁମାର ଗିରି,ଉମାକାନ୍ତ ବେହେରା,ଦିଗାମ୍ବର ରାଉତ,ନିହାର ରଞ୍ଜନ ମହାନ୍ତ,ଅରୁଣ କୁମାର ଜେନା,ଚିଫ ଅଫିସର୍ ମାନସ ରଞ୍ଜନ ପ୍ରଧାନ,ଫାର୍ଷ୍ଟ ଅଫିସର୍ ପୂର୍ଣ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ପାତ୍ର,ସେକେଣ୍ଡ ଅଫିସର୍ ବିଜୟ କୁମାର ବେହେରା ଏବଂ ୧୮ ଜଣ ପି ଆଇ ଷ୍ଟାଫ୍ ଙ୍କ ଦ୍ଵାରା କ୍ୟାମ୍ପ ସୁପରିଚାଳନାକୁ ଗ୍ରୁପ୍ କମାଣ୍ଡର ପ୍ରଶଂସା କରିଥିଲେ। ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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ਕੋਟਕਪੂਰਾ, 07 ਜੂਨ26 (ਨਾਇਬ ਰਾਜ )

ਸਪੀਕਰ ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਸ. ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾਂ ਪਿੰਡ ਧੂੜਕੋਟ ਪੀਰ ਬੇਰੀ ਜੀ ਦੇ ਸਲਾਨਾ ਭੰਡਾਰਾ ਵਿਚ ਨਤਮਸਤਕ ਹੋਏ। ਸਪੀਕਰ ਸੰਧਵਾਂ ਨੇ ਆਖਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਗੁਰੂਆਂ-ਪੀਰਾਂ ਦੀ ਚਰਨਛੋਹ ਪ੍ਰਾਪਤ ਧਰਤੀ ਹੈ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨਾਲ ਪਿੰਡ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਕੰਮਾ ਬਾਰੇ ਕੀਤੀ ਮੀਟਿੰਗ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕੋਟਕਪੂਰਾ ਹਲਕੇ ਦੇ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਸਰਵਪੱਖੀ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਫੰਡ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਬੁਨਿਆਦੀ ਸਹੂਲਤਾਂ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਵੱਡੀ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਕੰਮ ਚੱਲ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਬੁਨਿਆਦੀ ਸਹੂਲਤਾਂ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਉਣਾ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਤਰਜੀਹ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕਿਸਮ ਦੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਹ ਵੀ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸ਼ਹਿਰ ਅਤੇ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਸੜਕਾਂ, ਪਾਣੀ ਸਪਲਾਈ, ਸੀਵਰੇਜ ਅਤੇ ਹੋਰ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਲਈ ਪਹਿਲ ਦੇ ਅਧਾਰ ‘ਤੇ ਪੂਰਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ।
ਇਸ ਉਪਰੰਤ ਸਪੀਕਰ ਸ. ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧਵਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਵਧੀਆ ਕਾਰਗੁਜਾਰੀ ਕਰਕੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕ ਖੁਸ਼ ਹਨ। ਇਸ ਕਰਕੇ ਕਈ ਲੋਕ ਦੂਜੀਆਂ ਪਾਰਟੀਆਂ ਛੱਡ ਕੇ ਆਪ ਵਿਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ। ਜਿਸ ਵਿਚ ਪੂਰਨ ਸਿੰਘ ਨੰਬਰਦਾਰ, ਕਰਮ ਸਿੰਘ ਨੰਬਰਦਾਰ ਆਪਣੇ ਸਮੂਹ ਪਰਿਵਾਰ ਤੇ ਸਮੂਹ ਸਾਥੀਆਂ ਸਮੇਤ ਆਮ ਆਦਮੀ ਦੀ ਪਾਰਟੀ ਆਪ ਵਿਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਏ ਹਨ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਤੇ ਜਗਰੂਪ ਸਿੰਘ ਸਰਪੰਚ, ਗੁਰਸੇਵਕ ਪ੍ਰਧਾਨ, ਚਰਨਜੀਤ ਮੈਂਬਰ, ਗੁਰਜੰਟ ਪ੍ਰਧਾਨ , ਗੁਰਜੰਟ ਡਾਕਟਰ, ਛਿੰਦਾ ਨੰਬਰਦਾਰ ਤੇ ਗੁਰਮੀਤ ਨੰਬਰਦਾਰ ਅਤੇ ਜਸਵੀਰ ਸਿੰਘ ਕਾਲਾ ਆਪ ਵਿਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਏ ਹਨ।

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पूंजीपथरा पुलिस ने NRVS स्टील प्लांट में हुई संगठित चोरी का 24 घंटे में किया खुलासा
प्लांट के जेसीबी ऑपरेटर, लोडर चालक ने ट्रेलर चालक और अन्य आरोपियों की मिलीभगत से दिया गया चोरी को अंजाम
300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप एवं ईको वाहन सहित 9.08 लाख रुपये का मशरूका बरामद
संगठित अपराध की धारा 112(2) बीएनएस जोड़ी गई, 5 आरोपी गिरफ्तार
चोरी, लूट एवं अन्य संपत्ति संबंधी संगठित अपराधों में शामिल आरोपियों पर रायगढ़ पुलिस कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी : एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह
रायगढ़, 08 जून । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में थाना पूंजीपथरा पुलिस ने एनआरवीएस स्टील लिमिटेड प्लांट से लाखों रुपये मूल्य के एस.एस. स्क्रैप पाइप की चोरी के मामले का मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से संगठित होकर कंपनी के भीतर रखे स्क्रैप पाइप को चोरी कर बाहर निकालने और बेचने की साजिश रची थी।
प्लांट के भीतर से 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप की हुई थी चोरी
एनआरवीएस स्टील लिमिटेड, पूंजीपथरा के प्रबंधक पवन अग्रवाल द्वारा दिनांक 06 जून 2026 की रात्रि थाना पूंजीपथरा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि प्लांट के स्क्रैप यार्ड की जांच के दौरान लगभग 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप, जिसकी कीमत करीब 1 लाख 08 हजार रुपये है, चोरी होना पाया गया। रिपोर्ट पर थाना पूंजीपथरा में अपराध क्रमांक 135/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
सक्रिय सूचनातंत्र से खुला चोरी का राज
थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्लांट कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसी दौरान थाना प्रभारी के सक्र

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नई दिल्ली/कोलकाता, 8 जून 2026।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा राजनीतिक झटका देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता तथा राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले को पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

सुखेंदु शेखर रे लंबे समय से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगियों में गिने जाते रहे हैं और राज्यसभा में TMC की प्रमुख आवाज रहे हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यसभा के सभापति को सौंपने के साथ ही तृणमूल कांग्रेस से भी नाता तोड़ने की घोषणा कर दी। 0

बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और असंतोष को लेकर रे खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे। कुछ दिन पहले उन्होंने संकेत दिए थे कि पार्टी के भीतर बढ़ता विद्रोह गंभीर राजनीतिक संकट का रूप ले सकता है। 1

उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब तृणमूल कांग्रेस आंतरिक चुनौतियों और संगठनात्मक संकट का सामना कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी को संसद और राष्ट्रीय राजनीति में झटका लग सकता है। 2

फिलहाल तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस इस्तीफे पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पार्टी के लिए इसे एक बड़े राजनीतिक नुकसान के रूप में देखा जा रहा है। 3

📌 मुख्य बिंदु:
• सुखेंदु शेखर रे ने TMC की सदस्यता छोड़ी।
• राज्यसभा सांसद पद से भी इस्तीफा दिया।
• पार्टी में चल रहे आंतरिक विवादों के बीच लिया फैसला।
• ममता बनर्जी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
• पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ी हलचल।

#TMC #MamataBanerjee #SukhenduSekharRay #RajyaSabha #WestBengalPolitics #PoliticalNews
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चमोली देवाल: भाजपा मंडल देवाल की अहम समीक्षा बैठक देवाल विकास खंड सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक में थराली के विधायक भूपाल राम टम्टा मुख्य अतिथि थे। बैठक का आयोजन आगामी विधि चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया गया था। विधायक भूपाल राम टम्टा ने भाजपा कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और उनकी बातों को गंभीरता से लिया गया।

बैठक में सवाड बूथ से आलम सिंह ने सुया से कुनार बैंड पर पुल निर्माण की मांग की, वाण से कृष्णा विष्ट ने सड़क एवं पार्किंग निर्माण की आवश्यकता जताई, जबकि क्षेपस रमेश गडिया ने बरसात से पूर्ण पिडरघाटी के सुयाल कोट में भूस्खलन रोकथाम के लिए शीघ्र कार्य करने पर जोर दिया। विधायक भूपाल राम टम्टा ने इन सभी मुद्दों पर शीघ्र कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

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सैखोवाघाट:-असम के डांगरी क्षेत्र की एक बेटी ने राज्य का नाम रोशन किया है। डांगरी निवासी श्रीमती बंती हैंडिक और श्री जीतुल सोनोवाल की पुत्री शिवांगी सोनोवाल प्रतिष्ठित नेशनल फायर सर्विस कॉलेज (NFSC), नागपुर में प्रवेश पाने वाली तथा वहां से उत्तीर्ण होने वाली असम की पहली महिला बनी हैं। शिवांगी ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले इस संस्थान से फायर इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पाठ्यक्रम अत्यंत प्रतिस्पर्धी और चुनौतीपूर्ण माना जाता है तथा इसमें अब तक बहुत कम महिलाओं ने प्रवेश पाया है। चार साल के कड़े शैक्षणिक प्रशिक्षण, तकनीकी सीख और शारीरिक सहनशक्ति के बाद, 29 मई को आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान उन्हें आधिकारिक तौर पर एक फायर इंजीनियर के रूप में मान्यता दी गई। सूत्रों के अनुसार, वह इस संस्थान में यह गौरव हासिल करने वाली पहली असमिया छात्रा हैं। इस युवा महिला इंजीनियर की उपलब्धि से डांगरी और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। विभिन्न संगठनों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनकी सफलता को विशेष रूप से उन युवतियों के लिए प्रेरणादायक बताया है जो परंपरागत सीमाओं से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में करियर बनाना चाहती हैं।

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🔹 देश में घटती जन्मदर को लेकर चिंता बढ़ी, अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने भारत को लेकर सोशल मीडिया पर जताई फिक्र।
🔹 केंद्र सरकार के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए आज विपक्षी दलों की अहम बैठक, कई प्रमुख दलों के शामिल होने की संभावना।
🔹 त्रिपुरा में सीमा क्षेत्रों की जमीन खरीद-फरोख्त और बड़ी परियोजनाओं की जांच तेज, गृह मंत्रालय के निर्देश पर कार्रवाई शुरू।
🔹 पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के आरोप, स्थानीय लोगों में आक्रोश।
🔹 पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार, ईरान ने सीजफायर के बाद पहली बार इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं।
🔹 डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- ईरान से समझौते पर अंतिम फैसला अमेरिका करेगा।
🔹 तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान तेज, पार्टी नेतृत्व को लेकर नए सवाल खड़े हुए।
🔹 अमेरिका में भारतीय युवक की हत्या से सनसनी, पुलिस मामले की जांच में जुटी।
🔹 घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए नए नियम लागू, अब डिलीवरी प्रक्रिया में OTP सत्यापन अनिवार्य।
🔹 खान सर विवाद का असर उत्तर प्रदेश तक पहुंचा, पैतृक गांव में भी उठे सवाल।
🔹 कच्चे तेल के बाजार पर दुनिया की नजर, ओपेक+ की बैठक से बड़े फैसले की उम्मीद।
🔹 दिल्ली में चर्चित प्रोफेसर हत्याकांड का खुलासा, संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह।
🔹 अयोध्या राम मंदिर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज, करोड़ों रुपये की कथित अनियमितता पर आरोप-प्रत्यारोप।
🔹 राजधानी दिल्ली के होटल अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़ी, राहत और बचाव कार्य जारी।
🔹 भूटान में भूकंप के झटके, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में महसूस हुई कंपन।
🏏 खेल जगत
🔹 भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ पहली पारी 564 रन पर घोषित की।
🔹 युवा स्पिनर मानव सुथार ने डेब्यू मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके

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रायपुर: सीकासा के चेयरमेन सीए राजेश अग्रवाल ने कहा कि सीए का कोर्स टर्फ नहीं है और यह न केवल पैसे वाले लोगों के लिए है, बल्कि चाय बेचने वाले के बच्चे भी इसे पूरा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि 2047 तक विकसित भारत बनने के लिए देश में सीए की मांग काफी अधिक होगी। इस अवसर पर रायपुर चेयरमेन रश्मि वर्मा, सीआईसीएएसए के अध्यक्ष संस्कार अग्रवाल, पूर्व चेयरमेन रवि ग्वालानी, सचिव ऋषिकेश यादव, और सीए विकास गोलछा भी मौजूद थे।

संस्कार अग्रवाल ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को जागरूक करना था कि वे सीए बनकर देश की सेवा कैसे कर सकते हैं। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से 1200 से अधिक छात्र शामिल हुए, जिन्होंने अपने शोध प्रस्तुत किए और सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ताओं को पुरस्कार भी दिए गए। राष्ट्रीय सीए छात्र सम्मेलन में आठ प्रस्तुति सत्र आयोजित किए गए। राजेश अग्रवाल ने बताया कि यह कोर्स चार साल का है और 80 हजार रुपये में पूरा हो सकता है। सफल छात्र 12 से 30 लाख रुपये वार्षिक वेतन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 75,000 बच्चों ने कोर्स पूरा किया, जिनमें से 2,000 को नौकरी मिल चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस कोर्स का पेपर कभी लीक नहीं हुआ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सीए के महत्व को स्वीकार किया है।

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ଆଦିବାସୀ କୁଡୁମୀ ସମାଜର ରାଜ୍ୟ କାର୍ଯ୍ୟକାରିଣୀ ବୈଠକ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି।

କେନ୍ଦୁଝର,ତା୬/୬- ଆଦିବାସୀ କୁଡ଼଼ୁମୀ ସମାଜର ଏକ ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ କାର୍ଯ୍ୟକାରିଣୀ ବୈଠକ ସଦର ବ୍ଲକର ରାମଚନ୍ଦ୍ରପୁର ଠାରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି। ରାଜ୍ୟ ସଭାପତି ଶ୍ରୀଯୁକ୍ତ ଦୋଳଗୋବିନ୍ଦ ମହନ୍ତ,ରାଜ୍ୟ ସାଧାରଣ ସମ୍ପାଦକ ଶ୍ରୀଯୁକ୍ତ ମିଲନ ଚନ୍ଦ୍ର ମହନ୍ତ, କେନ୍ଦ୍ର କମିଟିର ସଞ୍ଜୀବ ମହନ୍ତ,ମହାଦେବ ଦୁଙ୍ଗୁରିଆର ଏହି ବୈଠକରେ ଯୋଗ ଦେଇ ୨୦୨୭ ଜନଗଣନାରେ କୁଡ଼ୁମୀ ନିଜର ଜାତି, କୁଡ଼ୁମୀ ଭାଷା କୁଡ଼ମାଳି ଲେଖିବା ପାଇଁ ଉପଦେଶ ଦେଇଥିଲେ। ଝାଡ଼ଖଣ୍ଡରେ କୁଡମୀ ମାନେ ଆଦିବାସୀର ସୁବିଧା ନେଉଥିବା କହିଥିଲେ କୁଡ଼ୁମୀ ଆଉ କୁର୍ମୀ ଅଲଗା ଅଲଗା ଜାତି ବୋଲି କହିଥିଲେ। ଏହି ମିଟିଂରେ ଓଡ଼ିଶାରେ ବସବାସ କରୁଥିବା ସମସ୍ତ ଜିଲ୍ଲାରୁ ଆସି ଯୋଗ ଦେଇଥିବା ସଦସ୍ୟ ମାନେ ହେଲେ ଗୋପୀନାଥ ମହାନ୍ତ, ନାରାୟଣ ମାହାନ୍ତ, ଯୁଗଳ ମହାନ୍ତ, ଲାଲ ମୋହନ, ମିଶ୍ର ମହାନ୍ତ, ଦେବାନଦ ମହାନ୍ତ, ବୈକୁଣ୍ଠ ମହାନ୍ତ, ମମତା, ସବିତା, ଭାରତୀ, କେତକୀ ମହାନ୍ତ, ଲକ୍ଷ୍ମଣ ମହନ୍ତ, ମୁରଲୀ ମହନ୍ତ, ଠାକୁର ମହାନ୍ତ, ତପନ, ଭରତ, ଫକିର ମହନ୍ତ, ଅହଲ୍ୟା, କୁନ୍ତଳା ମହନ୍ତ, ଅହଲ୍ୟା, କୁନ୍ତଳା, ପ୍ରିୟଙ୍କା, ଯୋଶଦା ମହନ୍ତ ତଥା ଅନ୍ୟମାନେ। (ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर परीक्षा केंद्र तक यात्रा करने वाले अभ्यर्थियों को यूपी रोडवेज की बसों में किराए पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
🔹 अभ्यर्थियों को बस में यात्रा करते समय केवल अपना एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) दिखाना होगा।
🔹 प्रवेश पत्र दिखाने पर रोडवेज कर्मी आधे किराए पर यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
🔹 इस निर्णय से प्रदेश के दूर-दराज जिलों से परीक्षा देने आने वाले लाखों युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य:
किसी भी अभ्यर्थी को आर्थिक कारणों से परीक्षा से वंचित न होना पड़े और सभी को समान अवसर मिल सके।

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कभी-कभी एक व्यंग्य, एक तंज या एक असंयमित वाक्य अपने भीतर पूरे समय की नब्ज़ छिपाए होता है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का उभार भी इसी तरह समझा जाना चाहिए—एक ओर यह CJI सुर्या कांत की “cockroaches” और “parasites” वाली टिप्पणी के बाद उपजा व्यंग्यात्मक प्रतिवाद है, तो दूसरी ओर यह बेरोज़गारी, परीक्षा-व्यवस्था की गड़बड़ियों और युवाओं की बढ़ती हताशा का प्रतीकात्मक विस्फोट भी बन गया है। बाद में CJI ने मामले पर “don’t take it so sentimentally” जैसी टिप्पणी भी की, जिससे विवाद और गहराया।

इसलिए प्रश्न केवल इतना नहीं है कि CJP मज़ाक है या आंदोलन। असली प्रश्न यह है कि मज़ाक कब सार्वजनिक असंतोष की भाषा बन जाता है, और आंदोलन कब सत्ता की संवेदनहीनता के सामने समाज का आईना। जो युवा अपने भविष्य को पेपर लीक, भर्ती-अनियमितता और संस्थागत उपेक्षा के बीच फँसा हुआ देख रहे हैं, वे कभी नारे में, कभी मीम में, कभी प्रतिरोध के नए नामों में अपनी पीड़ा ढूँढ़ते हैं। CJP के संदर्भ में रिपोर्टें भी यही संकेत देती हैं कि यह छात्र-युवाओं की बेचैनी, परीक्षा-प्रक्रिया की अनियमितताओं और जवाबदेही की कमी पर केंद्रित एक डिजिटल-संघर्ष के रूप में फैल रहा है।

लेकिन इस कथा का दूसरा पक्ष उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। जब सत्ता, संस्थाएँ और उनके समर्थक असहमति को सुनने के बजाय उसका उपहास करना शुरू कर दें, तब असंतोष तर्क से अधिक प्रतीक बनकर सामने आता है। यही कारण है कि किसी आंदोलन को केवल उसके नाम, उसके प्रतीकों या उसके व्यंग्य से न तो खारिज किया जा सकता है, और न ही उसके पीछे खड़ी पीड़ा को भुलाया जा सकता है। लोकतंत्र की परिपक्वता इसी में है कि वह असहमति को अपराध नहीं, संकेत माने; और संकेत को सुनकर अपनी भूलों का पुनर्मूल्यांकन करे।

इसी परिप्रेक्ष्य में यह भी ध्यान देने योग्य है कि CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 6 जून को दिल्ली आने, समर्थकों से हवाईअड्डे पर मिलने, और फिर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति लेने के लिए पुलिस स्टेशन जाने की अपील की थी। उनके सार्वजनिक संदेश का केंद्रीय दावा यही था कि आंदोलन अहिंसक रहेगा और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखेगा। उसके बावजूद दिल्ली पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के संबंध में कोई FIR दर्ज नहीं की गई, छह लोगों को एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया, और पूरे इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई।

यहीं से एक गहरी विडंबना जन्म लेती है। जिस देश में अक्सर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के लिए बैरिकेड, कीलें, धारा 144, घेराबंदी और दमन जैसी भाषा तैयार रहती है, उसी देश में यदि किसी नए, अजीब, व्यंग्यपूर्ण या असुविधाजनक आंदोलन के प्रति असाधारण नरमी दिखे, तो जनता स्वाभाविक रूप से प्रश्न करेगी। प्रश्न यह नहीं कि अनुमति क्यों दी गई; प्रश्न यह है कि क्या राज्य की संवेदनशीलता सबके लिए एक-सी है, या फिर सत्ता से निकटता और असुविधा की तीव्रता के अनुसार उसका व्यवहार बदलता है।

और फिर न्यायपालिका का प्रश्न आता है। सर्वोच्च न्यायालय के शब्द साधारण शब्द नहीं होते। वे केवल एक सुनवाई का हिस्सा नहीं, बल्कि सार्वजनिक नैतिकता के संकेतक भी होते हैं। जब युवाओं, बेरोज़गारों या असंतुष्ट नागरिकों के लिए “cockroaches” और “parasites” जैसी उपमाएँ प्रयोग की जाती हैं, तो यह केवल एक तीखी टिप्पणी नहीं रह जाती; यह उस सामाजिक दृष्टि को उजागर करती है जिसमें हताशा को समझने के बजाय उसका अपमान किया जाता है। न्यायालय का काम असहमति को अपमानित करना नहीं, उसकी वैधता और सीमा को विधि के कसौटी पर परखना है।

इसीलिए यह संपादकीय किसी एक व्यक्ति, एक दल या एक संगठन पर केंद्रित नहीं है। इसकी चिंता कहीं अधिक व्यापक है—क्या भारतीय सार्वजनिक जीवन में असहमति अब केवल तभी सहनीय है जब वह सत्ता को असहज न करे? क्या युवाओं का रोष तब तक “अराजक” कहलाएगा जब तक वह सत्ता के अनुकूल न हो? क्या नागरिकों की पीड़ा तभी “वास्तविक” मानी जाएगी जब वह किसी स्वीकृत ढाँचे के भीतर व्यक्त की जाए?

सत्ता की सबसे बड़ी सुविधा यही होती है कि वह जनता के दुख को या तो शोर बताकर टाल देती है, या तमाशा बताकर हँस देती है। लेकिन इतिहास गवाह है कि जिसे केवल तमाशा समझकर टाल दिया जाता है, वही बाद में राजनीतिक चेतना का निर्णायक रूप ले लेता है। आज यदि CJP एक व्यंग्यात्मक नाम है, तो कल वह उस सामाजिक हताशा का रूपक बन सकता है जिसे लंबे समय तक अनसुना किया गया। और यदि ऐसा है, तो प्रश्न CJP की वैधता का नहीं, व्यवस्था की विश्वसनीयता का है।

भारत को आज ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो उपहास से विचलित न हो, पर उपहास के कारणों को गंभीरता से ले। ऐसा तंत्र चाहिए जो युवाओं को “परजीवी” कहकर उनकी पीड़ा से न मुँह मोड़े, बल्कि यह पूछे कि वे इतनी तीखी भाषा तक पहुँचे ही क्यों। लोकतंत्र का धर्म असहमति को दबाना नहीं, उसका कारण मिटाना है। यही कारण है कि इस पूरे प्रकरण को केवल व्यंग्य, सनसनी या सोशल मीडिया-नाटक की तरह देखना एक बड़ी भूल होगी।

अंततः, यह लड़ाई किसी ‘कॉक्रोच’ बनाम ‘सत्ता’ की नहीं है। यह उस भारत की लड़ाई है जहाँ नागरिक को अपने अधिकार माँगने के लिए उपहास का पात्र नहीं बनना चाहिए; जहाँ अदालतें नैतिक उत्तेजना से ऊपर उठकर न्यायिक मर्यादा में बोलें; और जहाँ शासन जनता की असुविधा पर हँसने के बजाय उसका उत्तर दे। क्योंकि जब सत्ता असहमति का मज़ाक उड़ाने लगे, तब लोकतंत्र की भाषा धीरे-धीरे कराह में बदलने लगती है। और कराह को लंबे समय तक नज़रअंदाज़ करना किसी भी सभ्यता की सबसे बड़ी भूल होती है।

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## लोकतंत्र में उपमाएँ कभी-कभी आंदोलनों को जन्म देती हैं

लोकतांत्रिक इतिहास का एक दिलचस्प सत्य यह है कि कई बार बड़े राजनीतिक आंदोलन किसी विचारधारा, घोषणापत्र या संगठन से नहीं, बल्कि एक शब्द, एक प्रतीक या एक टिप्पणी से जन्म लेते हैं। सत्ता, न्यायपालिका, मीडिया अथवा किसी प्रभावशाली संस्था द्वारा प्रयुक्त कोई रूपक अचानक लाखों लोगों की सामूहिक चेतना को छू लेता है और वह प्रतीक प्रतिरोध की भाषा बन जाता है।

हाल के दिनों में ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ जैसे शब्दों के इर्द-गिर्द विकसित हुआ तथाकथित “कॉकरोच जनता पार्टी” (सीजेपी) का आंदोलन इसी प्रवृत्ति का एक नया उदाहरण बनकर सामने आया है। यह केवल एक संगठन की कहानी नहीं है; यह उस मनःस्थिति की अभिव्यक्ति है जिसमें देश का एक बड़ा युवा वर्ग स्वयं को उपेक्षित, अपमानित और असुरक्षित महसूस कर रहा है।

जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन चाहे संगठनात्मक दृष्टि से सफल रहा हो या नहीं, लेकिन उसने एक महत्वपूर्ण प्रश्न अवश्य खड़ा कर दिया है—क्या भारत का युवा आज केवल रोजगार, शिक्षा और अवसरों की लड़ाई नहीं लड़ रहा, बल्कि सम्मान और सुने जाने के अधिकार की भी लड़ाई लड़ रहा है?

## शब्दों की राजनीति और आहत नागरिकता

लोकतंत्र में भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं होती; वह सत्ता और समाज के बीच संबंधों की दिशा भी निर्धारित करती है। जब कोई सामान्य नागरिक स्वयं को “कॉकरोच” या “परजीवी” जैसे रूपकों के संदर्भ में देखता है, तब उसके भीतर केवल असहमति नहीं, बल्कि अपमान की अनुभूति भी जन्म ले सकती है। यह प्रतिक्रिया तार्किक हो या भावनात्मक, लोकतंत्र में उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में न्यायपालिका, सरकार, विपक्ष, मीडिया और नागरिक समाज सभी से यह अपेक्षा की जाती है कि वे संवाद की ऐसी भाषा अपनाएँ जो असहमति को सम्मानपूर्वक व्यक्त करने की गुंजाइश बनाए रखे। किसी भी लोकतंत्र की शक्ति इस बात से नहीं मापी जाती कि वह आलोचना को कितना दबा सकता है, बल्कि इससे मापी जाती है कि वह असंतोष को कितनी गरिमा के साथ सुन सकता है।

## शिक्षा संकट : आंदोलन की वास्तविक ऊर्जा

सीजेपी के मंच, नेतृत्व और राजनीतिक संभावनाओं पर जितनी बहस हुई, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण वह सामाजिक पृष्ठभूमि है जिसने इस आंदोलन को ऊर्जा प्रदान की।

यदि लाखों छात्र परीक्षा प्रणाली पर प्रश्न उठा रहे हैं, यदि परिणामों को लेकर अविश्वास बढ़ रहा है, यदि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर संदेह उत्पन्न हो रहे हैं, तो यह केवल प्रशासनिक समस्या नहीं रह जाती; यह लोकतांत्रिक वैधता का प्रश्न बन जाती है।

किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूँजी उसका युवा वर्ग होता है। जब वही वर्ग यह महसूस करने लगे कि उसकी मेहनत और भविष्य दोनों असुरक्षित हैं, तब असंतोष केवल परीक्षा केंद्रों तक सीमित नहीं रहता। वह धीरे-धीरे राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप धारण करने लगता है।

इतिहास बताता है कि बेरोजगारी, शिक्षा संकट और अवसरों की कमी से उपजा असंतोष अंततः व्यवस्था-विरोधी ऊर्जा में बदल जाता है। आज भारत के सामने भी यही चुनौती खड़ी है।

## क्या हर नया आंदोलन किसी राजनीतिक परियोजना का हिस्सा होता है?

भारतीय राजनीति का अनुभव जनता को संदेह करना सिखा चुका है। पिछले डेढ़ दशक में देश ने अनेक ऐसे आंदोलनों को देखा है जो बाद में राजनीतिक दलों में परिवर्तित हुए या राजनीतिक ध्रुवीकरण का हिस्सा बन गए। परिणामस्वरूप जनता अब किसी भी नए आंदोलन को सहज रूप से स्वीकार नहीं करती। यही कारण है कि सीजेपी को लेकर भी अनेक प्रश्न उठ रहे हैं—

* क्या यह स्वतःस्फूर्त जनाक्रोश है?
* क्या यह किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है?
* क्या यह सत्ता-विरोधी ऊर्जा को नियंत्रित करने का माध्यम है?
* या यह वास्तव में युवाओं की स्वतंत्र आवाज़ है?

इन प्रश्नों का उत्तर समय देगा। लेकिन लोकतंत्र की दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि किसी भी आंदोलन की विश्वसनीयता केवल उसके नारों से नहीं, बल्कि उसकी निरंतरता, पारदर्शिता और वैचारिक स्पष्टता से निर्मित होती है। यदि कोई संगठन व्यवस्था परिवर्तन की बात करता है, तो उसे यह भी स्पष्ट करना होगा कि उसका वैकल्पिक दृष्टिकोण क्या है।

## डिजिटल क्रांति और क्षणिक जनांदोलन

भारत की राजनीति अब सोशल मीडिया के युग में प्रवेश कर चुकी है। एक समय था जब आंदोलन वर्षों की तैयारी से जन्म लेते थे। आज एक हैशटैग, एक मीम, एक वायरल वीडियो या एक प्रतीक कुछ ही दिनों में लाखों लोगों को जोड़ सकता है। लेकिन डिजिटल लोकप्रियता और वास्तविक जनशक्ति में अंतर होता है। सोशल मीडिया पर लाखों प्रतिक्रियाएँ मिल जाना और सड़क पर लगातार जनसमर्थन बनाए रखना दो बिल्कुल अलग बातें हैं।

सीजेपी की सबसे बड़ी परीक्षा यही होगी कि क्या वह डिजिटल आक्रोश को दीर्घकालिक सामाजिक आंदोलन में बदल पाती है या नहीं। यदि आंदोलन केवल वायरल सामग्री तक सीमित रह जाता है तो वह राजनीतिक इतिहास का एक फुटनोट बनकर रह जाएगा। लेकिन यदि वह युवाओं की वास्तविक समस्याओं को संगठित रूप से उठाता है, तो उसका प्रभाव अपेक्षा से कहीं अधिक व्यापक हो सकता है।

## लोकतंत्र में ‘सेफ्टी वाल्व’ की भूमिका

राजनीतिक विज्ञान का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत कहता है कि लोकतंत्र की स्थिरता इस बात पर निर्भर करती है कि वह जनता के असंतोष को व्यक्त करने के कितने वैध मंच उपलब्ध कराता है।

जब नागरिकों को अपनी नाराज़गी व्यक्त करने का अवसर मिलता है, तब आंदोलन व्यवस्था के भीतर सुधार की संभावना पैदा करते हैं। लेकिन जब असंतोष को केवल प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति तक सीमित कर दिया जाता है और मूल समस्याएँ जस की तस बनी रहती हैं, तब आंदोलन धीरे-धीरे ‘सेफ्टी वाल्व’ बन जाते हैं—जनता अपना गुस्सा निकालती है और व्यवस्था बिना किसी वास्तविक परिवर्तन के आगे बढ़ती रहती है।

आज सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि क्या यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में दबाव बनाएगा या केवल क्षणिक आक्रोश का माध्यम बनकर रह जाएगा।

## भाजपा, विपक्ष और नई राजनीति की तलाश

भारतीय राजनीति इस समय एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहाँ सत्ता और विपक्ष दोनों ही नई सामाजिक शक्तियों की तलाश में हैं।

एक ओर सत्तारूढ़ दल अपने सामाजिक आधार का विस्तार करना चाहता है, दूसरी ओर विपक्ष युवाओं, छात्रों और नए मतदाताओं को संगठित करने का प्रयास कर रहा है। ऐसे समय में कोई भी नया संगठन स्वाभाविक रूप से राजनीतिक विश्लेषण का विषय बन जाता है।

किन्तु लोकतंत्र का मूल सिद्धांत यह है कि किसी भी नागरिक समूह को केवल आशंकाओं के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। उसी प्रकार किसी भी संगठन को केवल जनसमर्थन के दावे के आधार पर लोकतांत्रिक प्रतिनिधि भी नहीं माना जा सकता। विश्वसनीयता अर्जित करनी पड़ती है। और वह समय, संघर्ष तथा निरंतर सार्वजनिक जवाबदेही से अर्जित होती है।

## असली प्रश्न कॉकरोच नहीं, व्यवस्था है

इस पूरे प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण बात यह नहीं है कि “कॉकरोच जनता पार्टी” का भविष्य क्या होगा। सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि आखिर ऐसी परिस्थितियाँ क्यों बन रही हैं जिनमें लाखों युवा किसी व्यंग्यात्मक प्रतीक के पीछे खड़े होने को तैयार हो जाते हैं?

* क्यों परीक्षा, रोजगार, शिक्षा और अवसरों के प्रश्न बार-बार राजनीतिक असंतोष में परिवर्तित हो रहे हैं?
* क्यों संस्थाओं पर भरोसा कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है?
* और क्यों नई पीढ़ी व्यवस्था से संवाद के बजाय टकराव की भाषा की ओर आकर्षित होती जा रही है?

जब तक इन प्रश्नों के उत्तर नहीं खोजे जाएंगे, तब तक नए-नए प्रतीक जन्म लेते रहेंगे—कभी किसी नाम से, कभी किसी रंग से, कभी किसी नारे से। लोकतंत्र की असली परीक्षा किसी आंदोलन को रोकने में नहीं, बल्कि उन कारणों को दूर करने में है जो आंदोलनों को जन्म देते हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी सफल होगी या विफल—यह भविष्य का विषय है। लेकिन जिस बेचैनी ने उसे जन्म दिया है, वह भारतीय लोकतंत्र के लिए एक गंभीर संकेत अवश्य है। उसे समझना, सुनना और उसका समाधान खोजना ही राष्ट्रहित का सबसे बड़ा दायित्व है।

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पांढुर्णा भाजपा में संगठनात्मक गतिविधियां तेज, कोर कमेटी बैठक के साथ नए जिला कार्यालय निर्माण का लिया जायजा

पांढुर्णा। भारतीय जनता पार्टी पांढुर्णा में संगठनात्मक गतिविधियां लगातार गति पकड़ रही हैं। इसी क्रम में जिला कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठनात्मक विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए आगामी कार्यक्रमों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर मंथन किया गया। साथ ही निर्माणाधीन भाजपा जिला कार्यालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का भी अवलोकन किया गया।

निर्माणाधीन जिला कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिला संगठन प्रभारी दीपांकर बैनर्जी ने निर्माण कार्यों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बताया गया कि नवीन जिला कार्यालय का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, जो भविष्य में संगठनात्मक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।

बैठक में संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय, बूथ स्तर तक संगठन के विस्तार तथा जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने पर विशेष चर्चा की गई। आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों की रणनीति भी तैयार की गई।

इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष वैशाली महाले, जिला महामंत्री अनिल कुमरे, जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

भाजपा नेताओं ने कहा कि संगठन की मजबूती और जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पार्टी लगातार कार्य कर रही है तथा नए जिला कार्यालय के निर्माण से संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी।

मुख्य हेडलाइन:

"पांढुर्णा भाजपा ने संगठन को दी नई रफ्तार, कोर कमेटी बैठक के साथ नए जिला कार्यालय निर्माण का किया निरीक्षण"

सब हेडलाइन:
संगठन की मजबूती, जनहित के मुद्दों और निर्माणाधीन जिला कार्यालय की प्रगति पर हुआ व्यापक मंथन।

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## बुखार बनाम कैंसर (लक्षण और रोग का भ्रम)

हर रात ठीक नौ बजे जब आपके ड्राइंग रूम में टीवी स्क्रीन लाल और पीली पट्टियों से सुसज्जित होती है, और एक कड़कती हुई आवाज़ आपके भीतर भय, नफरत और उत्तेजना का रसायन घोलना शुरू करती है, तो आप सोचते हैं कि भारतीय मीडिया बीमार हो गया है। आप इसे 'गोदी मीडिया' कहते हैं, आप इसे 'सस्ते टीआरपी का अखाड़ा' कहते हैं।

परंतु ठहरिए! यह मीडिया की बीमारी नहीं है। यह तो सिर्फ बुखार है—एक ऐसा लक्षण जो यह बता रहा है कि भीतर शरीर को किसी गहरे कैंसर ने जकड़ लिया है। जब किसी समाज में बेरोजगारी, बदहाल स्कूल, टपकती अस्पताल की छतें और किसानों की अर्थियाँ 'लो टीआरपी कंटेंट' बन जाएं और किसी मौलवी की दाढ़ी या पंडित का तिलक 'प्राइम टाइम' की हेडलाइन बन जाए, तो समझ लीजिए कि खराबी सिर्फ कैमरे के आगे बैठे एंकर में नहीं है; खराबी उस पूरी व्यवस्था और चेतना में है जिसने इस तमाशे को अपनी मौन स्वीकृति दे दी है।

१. 'ब्रेड एंड सर्कस' का आधुनिक कोलोसियम

प्राचीन रोम के सम्राटों के पास एक अचूक फॉर्मूला था—"ब्रेड एंड सर्कस" (रोटी और तमाशा)। जब भी साम्राज्य में भुखमरी फैलती, आर्थिक संकट गहराता या राजा की अकर्मण्यता पर सवाल उठते, सम्राट कोलोसियम के बड़े-बड़े अखाड़ों में खूंखार शेरों और ग्लैडिएटरों (गुलाम योद्धाओं) की खूनी लड़ाई का आयोजन करवा देता था। भूखी जनता अपनी खाली थाली भूलकर उस अखाड़े के रोमांच में चीखने-चिल्लाने लगती थी।

आज दो हजार साल बाद भी सत्ता का वह क्रूर फॉर्मूला बदला नहीं है, बस उसका भूगोल बदल गया है। आज कोलोसियम की जगह टीवी स्टूडियो ने ले ली है, शेरों की जगह चिल्लाते हुए बदतमीज एंकर बैठ गए हैं, और ग्लैडिएटरों की जगह अलग-अलग धर्मों के ठेकेदार। परिणाम वही है—"रोटी कम पड़ जाए, तो तमाशा बढ़ा दो।"
[प्राचीन रोम का कोलोसियम]-(रूपांतरण)>[मॉर्डन टीवी स्टूडियो]
(भूख बनाम खूनी खेल) (बेरोजगारी v/s
हिंदू-मुस्लिम डिबेट)

कभी सोचा है कि दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक भारत में, जहाँ हर साल लाखों नौजवान डिग्री के टुकड़े हाथ में लिए दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते बूढ़े हो रहे हैं, वहाँ युवाओं के रोजगार पर 'विशेष शो' क्यों नहीं चलता? क्योंकि सच दिखाना जोखिम भरा है; उसमें सत्ता से सवाल पूछना पड़ता है। इसके विपरीत, किसी धर्मगुरु का विवादित बयान दिखाना बेहद सुरक्षित और सस्ता है। उसमें किसी को जवाबदेह नहीं ठहराना पड़ता, बस दो पक्षों को आपस में लड़ाकर करोड़ों का विज्ञापन समेटना होता है।

२. आर्थिक संकट से बड़ा बौद्धिक संकट: चरित्र प्रमाण पत्र का दौर

भारतीय मीडिया की इस दुर्दशा ने समाज में एक गहरा 'बौद्धिक दिवालियापन' पैदा कर दिया है। हमने इतिहास के सबसे खतरनाक समझौते को स्वीकार कर लिया है—"हमने बदलते हुए मीडिया को 'नॉर्मल' (सामान्य) मान लिया है।"

* हमने मान लिया है कि पत्रकार का काम अब सत्ता के गलियारों में असहज करने वाले सवाल पूछना नहीं, बल्कि विपक्ष से जवाब मांगना है।
* हमने मान लिया है कि न्यूज चैनल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि खुद ही पुलिस, अदालत, जज और जल्लाद हैं जो लाइव स्क्रीन पर किसी का भी 'मीडिया ट्रायल' करके उसका चरित्र हनन कर सकते हैं।

आज देश का सबसे बड़ा संकट आर्थिक नहीं, बल्कि बौद्धिक है। हमने सोचना और तर्क करना छोड़ दिया है। जब कोई साहसी नागरिक या पत्रकार आंकड़ों के साथ खड़े होकर सरकार से शिक्षा, स्वास्थ्य या महंगाई पर सवाल पूछता है, तो व्यवस्था और उसके पालतू एंकर उसे 'तथ्य' से जवाब नहीं देते। वे झट से उसकी निष्ठा का 'चरित्र प्रमाण पत्र' मांगने लगते हैं: "तुम किस टूलकिट के हिस्से हो? तुम्हारा धर्म क्या है? तुम्हारी पार्टी कौन सी है?"

३. नफरत का समाजशास्त्र: जब पड़ोसी दुश्मन बन जाए

इस प्रायोजित शोर का सबसे दुखद और भयावह दृश्य वह नहीं है जब कोई करोड़पति एंकर कैमरे के सामने सफेद झूठ बोलता है। सबसे वीभत्स दृश्य तो आपके पड़ोस की उस गली में दिखता है, जहाँ करोड़ों आम लोग उस झूठ को सच मानकर अपने ही उस पड़ोसी से नफरत करने लगते हैं जिसके साथ उन्होंने कल शाम तक चाय पी थी।

यह मीडिया आपके अवचेतन में धीरे-धीरे यह जहर घोलता है कि आपकी बदहाली का कारण सरकार की नीतियां नहीं, बल्कि बगल वाले घर में रहने वाला दूसरे धर्म का व्यक्ति है। परिणाम?

* जिसके बच्चों के साथ आपके बच्चे स्कूल जाते थे, आप उसे शक की निगाह से देखने लगते हैं।
* जिस देश ने अपनी आजादी की लड़ाई साझी शहादत से जीती थी, वह देश टीवी डिबेट के पैमानों पर खुद को टुकड़ों में बांटने लगता है।

परंतु इस नफरत की आड़ में जो सच छुपाया जाता है, वह बहुत क्रूर है। जब महंगाई की मार पड़ती है, तो पेट्रोल पंप पर खड़ा हिंदू भी उतनी ही कीमत चुकाता है जितना मुसलमान। जब गैस सिलेंडर के दाम बढ़ते हैं, तो आंच दोनों की रसोई को सुलगती है। जब अस्पताल में बेड नहीं मिलता, तो तड़प दोनों की साझी होती है। और जब बैंक की ईएमआई (EMI) भरनी होती है, तो कोई भी बैंक धर्म देखकर ब्याज दरें माफ नहीं करता। लेकिन कितनी कुशलता से, दोनों बेरोजगारों और पीड़ितों को एक-दूसरे के सामने तलवारें लेकर खड़ा कर दिया गया है ताकि वे कभी 'असली खलनायक' की तरफ मुड़कर देख भी न सकें!

४. दिशा और दशा: आईने के सामने खड़ा समाज

गंभीरता से सोचें, तो यह गोदी मीडिया कोई बाहरी आक्रमणकारी नहीं है। यह तो केवल एक आईना है।

# मीडिया :
* वर्तमान स्थिति (दुर्दशा) : सत्ता का लाउडस्पीकर और जन-मुद्दों से भटकाव।
* वांछित स्थिति (दिशा) : निष्पक्ष सूचना, खोजी पत्रकारिता और तीखे सवाल। |
# राजनीति :
* वर्तमान स्थिति (दुर्दशा) : विभाजनकारी विमर्श और जवाबदेही से पलायन।
* वांछित स्थिति (दिशा : नीतियों, विकास और लोक-कल्याण पर बहस। |
# समाज/नागरिक :
* वर्तमान स्थिति (दुर्दशा) : अंधभक्ति, पूर्वाग्रह और व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी पर निर्भरता।
* वांछित स्थिति (दिशा) : विवेकशील, प्रश्नकर्ता और जागरूक नागरिकता। |

"किसी देश को तबाह करने के लिए हमेशा सीमाओं पर टैंक और मिसाइलें भेजने की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी इतना ही काफी होता है कि वहाँ की जनता के हाथों में नफरत का रिमोट कंट्रोल थमा दिया जाए।"

जब जनता का ध्यान उसके भविष्य से हटाकर अतीत के विवादों में उलझा दिया जाता है, उसे इतना व्यस्त कर दिया जाता है कि वह अपने बच्चों की शिक्षा के बारे में सोच ही न सके, उसे इतना क्रोधित कर दिया जाए कि उसकी सोचने की क्षमता मर जाए—तो समझ लीजिए कि बिना किसी युद्ध के वह देश भीतर से हार चुका है।

## विवेक की आवाज़ ही एकमात्र विकल्प है

इस दुर्दशा की दिशा तब तक नहीं बदलेगी, जब तक हम स्वयं को नहीं बदलेंगे। बीमारी हम भी हैं—जब हम तथ्यों की जांच किए बिना 'व्हाट्सएप फॉरवर्ड्स' को सच मान लेते हैं, जब हम किसी तार्किक सवाल के जवाब में गाली देना शुरू कर देते हैं, और जब हम एक सजग 'नागरिक' होने से पहले किसी नेता के 'भक्त' या 'विरोधी' बन जाते हैं।

याद रखिए, लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी संसद या उसका वोट बैंक नहीं होती; लोकतंत्र की वास्तविक रीढ़ 'सोचने वाला, प्रश्न पूछने वाला नागरिक' होता है।

जिस दिन इस देश की जनता टीवी के रिमोट को बंद करके अपने विवेक की खिड़की खोलेगी, जिस दिन वह एंकरों के चिल्लाने पर तालियाँ बजाने के बजाय उनसे अपने बच्चों की नौकरियों का हिसाब मांगेगी—उस दिन किसी गोदी मीडिया, किसी पेड-प्रचारक और किसी भी नकली राष्ट्रवाद की बिसात नहीं बचेगी कि वह आपको मूर्ख बना सके। देश चैनलों के बदलने से नहीं, हमारे बदलने से बदलेगा। टीवी के शोर को खारिज कीजिए और अपने भीतर के विवेक को आवाज़ दीजिए!

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लखनऊ। राजधानी के गोमतीनगर थाना क्षेत्र स्थित फन पुलिस चौकी के प्रभारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में चौकी प्रभारी पर एक गरीब वाहन चालक को धमकाने और कथित रूप से धन उगाही करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार लोहिया पार्क के पास एक सफारी और इको कार के बीच मामूली टक्कर हो गई थी। आरोप है कि सफारी चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाने के कारण पीछे चल रही इको कार हल्के रूप से वाहन से टकरा गई।
घटना के बाद दोनों पक्षों को चौकी ले जाया गया। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने सफारी वाहन मालिक को विशेष तवज्जो देते हुए चाय-पानी की व्यवस्था कराई, जबकि इको चालक और वाहन मालिक को लगातार धमकाया गया।
वायरल दावे के मुताबिक इको चालक और वाहन मालिक से दबाव बनाकर लगभग 3500 रुपये वसूले गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में चौकी की मेज पर रखी नकदी और कथित रूप से प्रभारी द्वारा डांट-फटकार के दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि वायरल वीडियो और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले को लेकर पुलिस विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
📌 यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला पुलिस की कार्यशैली और आम नागरिकों के साथ व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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अमृतसर : सीमावर्ती शहर अमृतसर में सुरक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेल गतिविधियों को लेकर सक्रियता बनी हुई है। अमृतसर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय हथियार, ड्रग्स और हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से हेरोइन, आधुनिक हथियार और नकदी बरामद हुई है, और जांच में नेटवर्क के विदेशी संपर्कों की जांच जारी है।

अटारी-वाघा बॉर्डर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध कलाकारों ने प्रस्तुति दी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और देशभक्ति का माहौल रहा। ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई, जिसमें प्रशासन ने सुरक्षा बलों की तैनाती की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पंजाब टी-10 क्रिकेट लीग का आयोजन 14 से 20 जून तक अमृतसर में होगा, जिसमें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। मौसम विभाग के अनुसार अमृतसर में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने को कहा है।

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ग्राम पंचायत खवारानीजी द्वारा सिंचाई विभाग की सार्वजनिक नहर भूमि पर कथित अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण के विरोध में किसानों की आवाज-कृष्ण कुमार शर्मा
खवारानीजी, जमवारामगढ़, दिनांक: ____
ग्राम पंचायत खवारानीजी क्षेत्र के किसानों में उस समय भारी रोष व्याप्त हो गया जब सिंचाई विभाग की सार्वजनिक नहर एवं उसकी पटरी की भूमि पर ग्राम पंचायत द्वारा कथित रूप से पक्का नाला निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाने की जानकारी सामने आई। क्षेत्र के वरिष्ठ किसान एवं समाजसेवी श्री रामजीलाल शर्मा ने इस मामले को किसानों के हितों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
रामजीलाल शर्मा ने बताया कि संबंधित सार्वजनिक नहर वर्षों से क्षेत्र की कृषि व्यवस्था का मुख्य आधार रही है। इस नहर के माध्यम से आसपास के गांवों की हजारों बीघा कृषि भूमि की सिंचाई होती है तथा सैकड़ों किसान प्रत्यक्ष रूप से इस जल स्रोत पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि नहर केवल जल आपूर्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है। यदि नहर की भूमि अथवा उसकी संरचना से किसी प्रकार की छेड़छाड़ की जाती है तो इसका सीधा प्रभाव किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर पड़ सकता है।
रामजीलाल शर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा सिंचाई विभाग के अधीन आने वाली भूमि पर बिना आवश्यक विभागीय अनुमति, तकनीकी स्वीकृति एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) के निर्माण कार्य करवाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। यदि यह तथ्य सही हैं तो यह न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं की अवहेलना है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण से जुड़ा गंभीर विषय भी है।
उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के अधीन आने वाली नहर, राजबाहा, माइनर तथा उनकी पटरी की भूमि आरक्षित सरकारी भूमि होती है। ऐसी भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व संबंधित विभाग की लिखित अनुमति, तकनीकी परीक्षण, जल प्रवाह का अध्ययन तथा सक्षम अधिकारी की स्वीकृति आवश्यक होती है। इन प्रक्रियाओं का पालन किए बिना किया गया कोई भी निर्माण भविष्य में गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
रामजीलाल शर्मा ने बताया कि नहर की मूल संरचना प्रभावित होने से जल प्रवाह बाधित हो सकता है, जिससे नहर की वहन क्षमता कम होने की आशंका है। इसका सबसे अधिक प्रभाव उन किसानों पर पड़ेगा जिनकी भूमि नहर के अंतिम छोर पर स्थित है। यदि पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचा तो किसानों की फसलें प्रभावित होंगी और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने आगे बताया कि बरसात के मौसम में यदि जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है तो आसपास के खेतों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ ग्रामीण मार्गों एवं अन्य सार्वजनिक सुविधाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
रामजीलाल शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन विकास कार्य हमेशा कानून, नियमों एवं विभागीय स्वीकृतियों के अनुरूप होने चाहिए। किसी भी सार्वजनिक संसाधन, सिंचाई संरचना अथवा सरकारी भूमि को प्रभावित करके किया गया विकास कार्य जनहित के विपरीत सिद्ध हो सकता है।
क्षेत्र के किसानों ने मांग की है कि सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता, उपखंड अधिकारी जमवारामगढ़, जिला कलेक्टर जयपुर एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करें। यदि निर्माण कार्य नियमों के विपरीत पाया जाता है तो उसे तत्काल प्रभाव से रोका जाए तथा निर्माण कार्य से संबंधित सभी स्वीकृतियों, तकनीकी अनुमोदनों एवं विभागीय दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाए।
किसानों का कहना है कि सार्वजनिक नहर केवल सरकारी संपत्ति नहीं बल्कि हजारों किसानों की आजीविका का आधार है। इसके संरक्षण एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन, जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों की है। यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
रामजीलाल शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित एवं किसान हित को सर्वोपरि रखते हुए मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करवाई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों की अवहेलना सामने आती है तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए तथा नहर की मूल संरचना एवं सार्वजनिक भूमि को सुरक्षित रखा जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो क्षेत्र के किसान लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में जारी भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को खानपान को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने बताया कि बढ़ते तापमान के कारण डिहाइड्रेशन और किडनी से जुड़ी समस्याओं के मामले बढ़ सकते हैं। गर्मी में शरीर से अत्यधिक पसीना निकलने के कारण पानी और आवश्यक खनिजों की कमी होती है, जिससे किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को अधिक पानी, छाछ, नींबू पानी और मौसमी फलों जैसे तरबूज, खीरा, खरबूजा आदि के सेवन की सलाह दी है। इसके साथ ही अत्यधिक तैलीय, मसालेदार और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से बचने पर जोर दिया गया है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और किडनी या मधुमेह जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है। सही खानपान और पर्याप्त जल सेवन से हीटवेव के प्रभाव को कम किया जा सकता है और किडनी को स्वस्थ रखा जा सकता है।

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स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने किडनी की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए स्वस्थ और संतुलित आहार की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि किडनी रक्त को फिल्टर करने, अपशिष्ट पदार्थों को निकालने और शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों ने ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले प्रोटीन को किडनी के लिए लाभकारी बताया है।

उन्होंने अत्यधिक नमक, चीनी और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के सेवन को किडनी पर दबाव डालने वाला और रोग का खतरा बढ़ाने वाला बताया। नमक के सेवन को सीमित करने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने मधुमेह, उच्च रक्तचाप या किडनी रोग के पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को नियमित जांच और आहार पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।

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ବନାଜୋଡ଼ିସ୍ଥିତ ଆଇଡିଏଲ ଡେଭେଲପମେଣ୍ଟ ଏଜେନ୍ସି (IDA)ର ସଭାଗୃହରେ ୱେଷ୍ଟର୍ଣ୍ଣ ଓଡ଼ିଶା ଏନ୍‌ଜିଓ ନେଟୱର୍କ (WONGN) ସଂଗଠନର ଏକ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ବୈଠକ ଆୟୋଜିତ ହୋଇଯାଇଛି।

କେନ୍ଦୁଝର: ଶନିବାର, ତା. ୦୬.୦୬.୨୦୨୬ ରିଖ ଦିନ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାର ବନାଜୋଡ଼ିସ୍ଥିତ ଆଇଡିଏଲ ଡେଭେଲପମେଣ୍ଟ ଏଜେନ୍ସି (IDA)ର ସଭାଗୃହରେ ୱେଷ୍ଟର୍ଣ୍ଣ ଓଡ଼ିଶା ଏନ୍‌ଜିଓ ନେଟୱର୍କ (WONGN) ସଂଗଠନର ଏକ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ବୈଠକ ଆୟୋଜିତ ହୋଇଥିଲା।" ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ରେ ଧୁନି ଫାଉଣ୍ଡେସନ୍ର ର ରିଜନାଲ୍ ହେଡ୍ ଶ୍ରୀ ହିମାଂଶୁ ସିଂ ଏବଂ ସୋହଯୋଗୀ ଶ୍ରୀ ଆଲିନ୍ ଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ । ଶ୍ରୀ ଅଶୋକ ଦାସ ( ACF , କେନ୍ଦୁଝର ଡିଭିସନ୍ ) କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ର ସୁଭାରମ୍ଭ କରି ହ୍ୟୁମାନ୍ ଏଲିଫ୍ୟାଣ୍ଟ ସଂଘର୍ଷ ବିଷୟରେ ଏକ ତଥ୍ୟ ଭିତ୍ତିକ ଉପସ୍ଥାପନା ଦେଇଥିଲେ । ଓଡ଼ିଶା ର ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରାନ୍ତରୁ ଆସିଥିବା ଏନଜିଓ ପ୍ରତିନିଧି ମାନେ ଏହି ବୈଠକରେ ଅଂଶ ଗ୍ରହଣ କରି ବିଭିଷ୍ୟତରେ ପରସ୍ପର ସହଯୋଗ ଓ ସମନ୍ବୟ କିପରି ସୁଦୃଢ କରାଯିବ ସେ ନେଇ ବିସ୍ତୃତ ଆଲୋଚନା କରିଥିଲେ । ବୈଠକ ରେ ଏକ ଆକ୍ସନ୍ ପ୍ଲାନ୍ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରାଯାଇଥିଲା। ଏଥିରେ ଏନ୍‌ଜିୟ
ମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ସମ୍ପର୍କ ବୃଦ୍ଧି, ଏନ୍ଜିୟ ସମ୍ପର୍କିତ କମ୍ପ୍ଲାଏନ୍ସ ମ୍ୟାନେଜମେଣ୍ଟ୍, ସମାନ ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟରେ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ଏକ ଧାରାରେ ଆଣି କାର୍ଯ୍ୟ କରିବା, ଏବଂ ଜାତୀୟ ସ୍ତରର ନେଟୱର୍କ ସହିତ ସମନ୍ୱୟ ରକ୍ଷା କରିବା ଉପରେ ଗୁରୁତ୍ୱ ଦିଆଯାଇଥିଲା।

ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ କର୍ପୋରେଟ୍ କ୍ଷେତ୍ରର ସିଇଓ ଶ୍ରୀ ଦେବବ୍ରତ ଅନଲାଇନ୍‌ରେ ଯୋଗଦେଇ ଏନ୍ଜିଓମାନଙ୍କ ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟରେ ନିଜର ମତାମତ ରଖିଥିଲେ। ସେ କହିଥିଲେ ଯେ, କର୍ପୋରେଟ୍ ସୋସିଆଲ୍ ରେସ୍ପନ୍ସିବିଲିଟି (CSR) ମାଧ୍ୟମରେ ଏନ୍ଜିଓମାନେ କିପରି ସହଯୋଗ ପାଇପାରିବେ ଏବଂ ସମାଜମୂଳକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମକୁ ଆହୁରି ପ୍ରଭାବଶାଳୀ କରିପାରିବେ।

ବିଭିନ୍ନ ଅଞ୍ଚଳରୁ ଆସିଥିବା ଏନ୍ଜିଓମାନେ ନିଜ ନିଜ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଓ ଅନୁଭବ ସେୟାର କରିଥିଲେ। ଏହା ସହିତ ଆଗାମୀ ଦିନରେ ଯୋଜନାମୂଳକ ସମନ୍ୱୟ କିପରି କରାଯାଇପାରିବ ଏବଂ ଏହି ସମନ୍ୱୟ କିପରି ଏକ ସାମାଜିକ ଆନ୍ଦୋଳନର ରୂପ ନେଇ ସାଧାରଣ ଲୋକଙ୍କ ଜୀବନ ଓ ଜୀବିକା ଉପରେ ସକାରାତ୍ମକ ପ୍ରଭାବ ପକାଇପାରିବ, ସେନେଇ ମଧ୍ୟ ଗଭୀର ଆଲୋଚନା ହୋଇଥିଲା। ବୈଠକ ଶେଷରେ ସମସ୍ତ ଅଂଶଗ୍ରାହୀ ଏକତା, ସହଯୋଗ ଓ ସମାଜ ଭିତ୍ତିକ ବିକାଶକୁ ଆଗକୁ ନେବା ପାଇଁ ସମୁହିକ ଭାବେ କାର୍ଯ୍ୟ କରିବାର ସଙ୍କଳ୍ପ ନେଇଥିଲେ। (ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ସାମ୍ବାଦିକ ସତ୍ୟଜିତ ମିଶ୍ରଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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సూళ్లూరుపేట: కమ్యూనిటీ హెల్త్ సెంటర్‌లో పనిచేస్తున్న ఒక వైద్యాధికారి ప్రభుత్వ నిబంధనలకు విరుద్ధంగా ప్రైవేట్ క్లినిక్ నిర్వహిస్తున్నారని స్థానికంగా ఆరోపణలు వినిపిస్తున్నాయి. ప్రభుత్వ ఆసుపత్రికి వచ్చే రోగులను వైద్యం పేరుతో ప్రైవేట్ వైపు మళ్లిస్తున్నారనే టిప్పణీలు చర్చనీయాంశంగా మారాయి.

ఇకపోతే, సీహెచ్‌సీకి సంబంధించిన విషయాలపై రెండు ఆర్టీఐ దరఖాస్తులకు సమాచారం అందించే ప్రక్రియలో పౌర సమాచార అధికారిగా వ్యవహరిస్తున్న మెడికల్ ఆఫీసర్ తీవ్రమైన ఒత్తిడిని ఎదుర్కొంటున్నట్లు వార్తలు వెలువడుతున్నాయి. ఈ ఘటనా పరిసరాల్లో జిల్లా స్థాయి వైద్య ఆరోగ్యశాఖ అధికారుల మద్దతు ఉన్నట్లు ప్రచారం జరుగుతుండటం మరిన్ని అనుమానాలను రేకెత్తిస్తోంది. స్థానిక ప్రజలు, పౌర హక్కుల సంఘాలు ప్రభుత్వ వైద్య సేవలలో పారదర్శకత కోసం సమగ్ర విచாரண కోరుతున్నారు.

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📍 पश्चिम बंगाल, 8 जून 2026: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता जहांगीर खान को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नेपाल सीमा के निकट से गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से फरार चल रहे थे और सुरक्षा एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हुई थीं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, विशेष खुफिया जानकारी मिलने के बाद STF ने अभियान चलाकर जहांगीर खान को नेपाल बॉर्डर क्षेत्र से हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए संबंधित एजेंसियों के हवाले किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, जहांगीर खान का नाम हाल के दिनों में कई विवादों और आरोपों के कारण चर्चा में रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

STF अधिकारियों का कहना है कि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां सार्वजनिक की जाएंगी।

📌 फिलहाल जहांगीर खान पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है।

#BreakingNews #WestBengal #TMC #JahangirKhan #STF #PoliticalNews #LatestNews #NewsUpdate

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ચાણસ્મામાં સેવાભાવી દંપતી દ્વારા કાળઝાળ ગરમીમાં ઠંડી છાશનું વિતરણ કરાયું: રાહદારીઓએ પુણ્યના કાર્યને બિરદાવ્યું......

ચાણસ્મા, સોમવાર (તા.૮જૂન, ૨૦૨૬):

હાલના ઉનાળાના આકરા દિવસોમાં ગરમીથી રાહત આપવા માટે ચાણસ્મા શહેરમાં આજે એક સરાહનીય જનસેવાનું કાર્ય કરવામાં આવ્યું હતું. ચાણસ્માના સેવાભાવી દંપતી તરફથી લોકોની સુવિધા માટે મામલતદાર કચેરીની બિલકુલ સામે ઠંડી છાશના વિતરણનું સુંદર આયોજન કરાયું હતું.આ પુણ્યશાળી કાર્યનું આયોજન પટેલ મહેન્દ્રભાઈ અંબાલાલ તથા પટેલ ભગવતીબેન મહેન્દ્રભાઈ (હિરાણી નો માઢ) પરિવાર તરફથી તદ્દન મફત જન સેવા અર્થે કરવામાં આવ્યું હતું. આજે ૮મી જૂનના રોજ યોજાયેલા આ વિતરણ કાર્યક્રમમાં મામલતદાર કચેરીની આસપાસના વિસ્તારમાંથી પસાર થતા સેંકડો રાહદારીઓ, વાહનચાલકો અને સ્થાનિક નાગરિકોએ કાળઝાળ ગરમી વચ્ચે ઠંડી છાશનો સ્વાદ માણી તૃપ્તિનો અનુભવ કર્યો હતો.સરકારી કામકાજ અર્થે આવેલી જનતા અને રસ્તા પરથી પસાર થતા વટેમાર્ગુઓએ આકરી ગરમીમાં અમૃત સમાન છાશની વ્યવસ્થા કરવા બદલ પટેલ પરિવારની આ ઉત્તમ માનવ સેવાને ખૂબ-ખૂબ બિરદાવી હતી અને દાતા દંપતીનો આભાર વ્યક્ત કર્યો હતો.

રિપોર્ટર મુકેશ પિત્રોડા ચાણસ્મા

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रायगढ़ : छत्तीसगढ़ी सिनेमा और स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए रायगढ़ में रात्रे फिल्म प्रोडक्शन के तहत आगामी छत्तीसगढ़ी-हिंदी फिल्म 'अभिशाप' के लिए एक बड़ा ऑफलाइन ऑडिशन आयोजित किया गया। यह आयोजन रेलवे स्टेशन के सामने स्थित मारवाड़ी धर्मशाला में हुआ, जिसमें सुबह से कलाकारों की भारी भीड़ मौजूद रही। 5 से 60 वर्ष तक के कलाकारों ने इस ऑडिशन में भाग लिया और अपनी अभिनय कला का प्रदर्शन किया।

फिल्म के डायरेक्टर सूर्या रात्रे ने बताया कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बस सही मंच की आवश्यकता है। प्रोड्यूसर संतोष महंत और गुलशन दास महंत ने कलाकारों के उत्साह और आयोजन की व्यवस्था की प्रशंसा की। कास्टिंग टीम के सदस्य समरू सोनी, दुकालु खुट्टे और सोना चौहान ने कलाकारों की क्षमता का बारीकी से मूल्यांकन किया। फिल्म की कहानी दमदार होगी और छत्तीसगढ़ी भाषा में बनाई जाएगी। जल्द ही मुख्य कलाकारों के चयन की घोषणा की जाएगी और रायगढ़ सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर शूटिंग शुरू होगी।

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📍 पटना, 8 जून 2026: पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान में हुई फायरिंग और उससे जुड़े विवाद के मामले में चर्चित शिक्षक Khan Sir ने पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए याचिका दाखिल की है। मामले को लेकर न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया जारी है।
जानकारी के अनुसार, इस मामले में खान सर के दो सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिकाओं पर भी अदालत में सुनवाई हुई। फायरिंग और हंगामे की घटना के बाद दर्ज मामलों को लेकर संबंधित पक्षों द्वारा कानूनी राहत की मांग की जा रही है।
मामले की जांच पुलिस द्वारा जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अदालत में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के बाद न्यायालय द्वारा उचित आदेश जारी किए जाएंगे।
⚖️ फिलहाल मामले में अंतिम फैसला आना बाकी है और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
📍 पटना, बिहार
#Patna #KhanSir #KhanGlobalStudies #BiharNews #BreakingNews #CourtNews #PatnaCivilCourt #NewsUpdate

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आज के डिजिटल युग में पत्रकारों, यूट्यूबर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए गुणवत्तापूर्ण मीडिया उपकरणों की बढ़ती मांग के बीच Agra Media House देशभर में एक विश्वसनीय नाम के रूप में उभरकर सामने आया है। संस्था वायरलेस माइक, रिंग लाइट, स्टूडियो सेटअप, कैमरा एक्सेसरीज एवं अन्य प्रोफेशनल मीडिया उपकरणों के थोक एवं खुदरा व्यापार में सक्रिय है। घर बैठे ऑर्डर करे।



आगरा मीडिया हाउस द्वारा पत्रकारों, डिजिटल क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स तथा मीडिया संस्थानों को आधुनिक तकनीक से लैस उपकरण उचित कीमत पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कंपनी का उद्देश्य कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराकर डिजिटल मीडिया क्षेत्र को मजबूत बनाना है।



विशेष ऑफर एवं आकर्षक छूट प्राप्त करने के लिए ऑर्डर या पूछताछ के समय यह अवश्य बताएं कि आपको जानकारी किशोर कुमार, दुर्ग (छत्तीसगढ़) के माध्यम से प्राप्त हुई है। इससे ग्राहकों को उपलब्ध विशेष योजनाओं और ऑफर्स की जानकारी मिल सकेगी।

अधिक जानकारी के लिए

संपर्क संदर्भ:9149131053

https://agramediahouse.com/

जारीकर्ता: जनसंपर्क एवं प्रचार विभाग

आगरा मीडिया हाउस (Agra Media House)

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झांसी पुलिस की बड़ी सफलता: 40 लाख रुपये की बैंक धोखाधड़ी का खुलासा, अंतरराज्यीय ठग गिरफ्तार
रिपोर्टर – धर्मेन्द्र सिंह निरंजन, मड़ावरा (ललितपुर)
झांसी पुलिस ने बैंकिंग धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए 40 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बैंक में जमा किए गए RTGS/NEFT एवं PPS प्रपत्रों में हेराफेरी कर पीड़ित के 40 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। पुलिस की तत्परता से लगभग 37 लाख रुपये की राशि बैंक खातों में फ्रीज करा दी गई है। �
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पुलिस के अनुसार आरोपी ने बैंकिंग प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए पीड़ित द्वारा बैंक में भेजे गए चेक एवं RTGS/NEFT फॉर्म बदल दिए। इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर पीड़ित के जाली हस्ताक्षर किए और बैंक कर्मियों को भ्रमित कर 40 लाख रुपये की धनराशि अपने नियंत्रण वाले खाते में स्थानांतरित करा ली। �
The Times of India +1
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से नकदी, सोने के आभूषण, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, चेकबुक तथा अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी विभिन्न राज्यों में इसी तरह की बैंकिंग धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम देता था। �
The Times of India
झांसी पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते ठगी गई अधिकांश धनराशि को सुरक्षित कर लिया गया है। मामले में अन्य संभावित आरोपियों और बैंक कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। �
The Times of India
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
बैंक में किसी भी प्रकार का RTGS/NEFT या अन्य वित्तीय लेनदेन करते समय दस्तावेजों की जांच स्वयं करें और किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें।
रिपोर्टर: धर्मेन्द्र सिंह निरंजन
मड़ावरा, जनपद ललितपुर
मो. 9450032400

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खानपुर कलां -8 जून। 
भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां के गणित विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एम.एससी. गणित पाठ्यक्रम में प्रवेश की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। वर्ष 2013 से अस्तित्व में आया यह विभाग राज्य के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में से एक है, जो निरंतर उन्नत हो रही अधोसंरचना और गुणवत्ता-युक्त शिक्षण व्यवस्था के लिए जाना जाता है। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुनील कुमार ने बताया कि विभाग का उद्देश्य गणित के क्षेत्र में कक्षा शिक्षण, प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए एक उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि एमएससी. गणित कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पुनः संरचित किया गया है। यह पाठ्यक्रम उन छात्राओं के लिए विशेष अवसर लेकर आया है जो गणित को केवल एक विषय नहीं, बल्कि एक पेशेवर और तकनीकी शक्ति के रूप में अपनाना चाहती हैं। इस पाठ्यक्रम की अवधि दो वर्ष  है जिसमें कुल 40 सीटें उपलब्ध हैं। इस नए पाठ्यक्रम की एक विशेष बात यह है कि छात्राओं को पहले ही वर्ष से प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विषयवस्तु भी पाठ्यक्रम में सम्मिलित की गई है, जिससे छात्राओं को गणित की पारंपरिक गहराई के साथ-साथ समकालीन तकनीकी कौशल में भी दक्ष बनाया जा सके।
प्रो सुनील ने बताया कि गणित विभाग की अधोसंरचना अत्याधुनिक स्तर की है। यहाँ स्मार्ट क्लासरूम, सेमिनार हॉल और अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। कंप्यूटर लैब में हाई-स्पीड वाई-फाई की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है, जिससे छात्राएं शोध व अभ्यास में तकनीकी रूप से सशक्त बन सकें। अनुभवी और समर्पित संकाय सदस्य विद्यार्थियों को गहन मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, जिससे शिक्षा का स्तर उत्कृष्ट बना रहता है।यही कारण है कि विभाग की छात्राएं हर वर्ष सी एस आई आर यू जी सी नेट , जे आर एफ , गेट , पीजीटी टीजीटी एचटेट और डी एसएसबी जैसी राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करती हैं।
एमएससी गणित करने के पश्चात छात्राओं के लिए शोध व शिक्षण में अपार संभावनाएं हैं इसके अलावा वे डेटा साइंस, फाइनेंस, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, एक्चुरियल साइंस और सरकारी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में कार्य कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त, अकादमिक संस्थानों में अध्यापन एवं उच्च अध्ययन के द्वार भी उनके लिए सदैव खुले रहते हैं।
बी.पी.एस. महिला विश्वविद्यालय का गणित विभाग छात्राओं को न केवल विषय में पारंगत बनाता है, बल्कि उन्हें तकनीकी दक्षता, तार्किक सोच और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के लिए भी सशक्त करता है। यह विभाग भविष्य की अग्रणी महिला गणितज्ञों, डेटा वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों को तैयार करने के अपने उद्देश्य की ओर पूरी निष्ठा के साथ अग्रसर है।एमएससी. गणित पाठ्यक्रम के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 25 जून 2026 तक खुला रहेगा। इच्छुक अभ्यर्थी प्रवेश पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं अन्य विवरणों हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रॉस्पेक्टस का अवलोकन कर सकते हैं।फोटो कैप्शन :गणित विभागाध्यक्ष प्रो सुनील कुमार। 

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लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की अधिवक्ता जागृति शुक्ला का सोमवार सुबह लखनऊ स्थित पीजीआई में निधन हो गया। वह 20 मई को प्रयागराज में हुए एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं और तब से उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से अधिवक्ता समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।

परिजनों के अनुसार, 20 मई को जागृति शुक्ला स्कूटी से जा रही थीं जब मजार तिराहे के पास उनका सड़क हादसा हुआ, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल ले जाया गया, फिर गंभीर हालत में लखनऊ के पीजीआई में भर्ती कराया गया। उनके भाई सत्यम के मुताबिक, कूल्हे के जोड़ में गंभीर चोट और पैंक्रियाज की क्षति के बावजूद तमाम प्रयासों के बाद सोमवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। जागृति झूंसी क्षेत्र की रहने वाली थीं और तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी थीं। उनके पिता पवन कुमार शुक्ला वाहन चालक हैं।

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​कायदा आणि सुव्यवस्थेचे रक्षण करण्याची जबाबदारी ज्यांच्या खांद्यावर असते, त्याच रक्षकानी अत्यंत बेजबाबदारपणाचा कळस गाठल्याचा एक संतापजनक प्रकार बुलढाणा जिल्ह्यात उघडकीस आला आहे. एका जिवंत तरुणीला कागदोपत्री मृत घोषित करून, तिच्या हत्येच्या खोट्या आरोपाखाली तिच्याच निष्पाप वडील आणि भावाला अमानुष मारहाण करणाऱ्या पोलीस प्रशासनातील दोन बड्या अधिकाऱ्यांवर अखेर निलंबनाची कठोर कारवाई करण्यात आली आहे. या धक्कादायक घटनेने संपूर्ण राज्यभरात मोठी खळबळ उडवून दिली असून, तपासाच्या नावाखाली चालणाऱ्या पोलीस यंत्रणेच्या मनमानी कारभारावर एक मोठे प्रश्नचिन्ह निर्माण केले आहे. या गंभीर प्रकरणाची अत्यंत तातडीने दखल घेत, अमरावती पोलीस आयुक्त यांनी ही कारवाई केली असून, स्थानिक गुन्हे शाखेचे (एलसीबी) तत्कालीन पोलीस निरीक्षक सुनील अंबुलकर आणि जळगाव जामोद येथील तपास अधिकारी तथा पोलीस निरीक्षक नितीन पाटील यांना सेवेतून तडकाफडकी निलंबित केले आहे.

​या संपूर्ण खळबळजनक आणि बनावट हत्याकांडाची सुरुवात बुलढाणा जिल्ह्यातील जळगाव जामोद पोलीस ठाण्याच्या हद्दीत असलेल्या राजुरा धरण परिसरामध्ये झाली. काही दिवसांपूर्वी या निर्जन जंगल भागात एका अनोळखी तरुणीचा मृतदेह पोलिसांना आढळून आला होता. कायद्यानुसार आणि तपास प्रक्रियेनुसार अशा वेळी मृतदेहाची ओळख पटवणे, वैद्यकीय चाचण्या करणे आणि डीएनए पुराव्यांची वाट पाहणे अपेक्षित असते. मात्र, तपासात अतिघाई करत आणि कसलीही शहानिशा न करता, पोलिसांनी थेट हा मृतदेह शिवानी नावाच्या तरुणीचा असल्याचा निष्कर्ष परस्पर काढून टाकला. सर्वात धक्कादायक बाब म्हणजे, ज्या शिवानी नावाच्या तरुणीच्या मृत्यूचा दावा पोलिसांनी अधिकृतपणे केला होता, ती प्रत्यक्षात पूर्णपणे सुरक्षित आणि जिवंत होती. तरीही, कोणत्याही ठोस पुराव्याशिवाय, तसेच वैद्यकीय अहवालाची कोणतीही प्रतीक्षा न करता तपास अधिकाऱ्यांनी तपासाची दिशा जाणीवपूर्वक भरकटवली.

​स्वतःची गंभीर चूक लपवण्यासाठी किंवा तपासाचे उद्दिष्ट जलदगतीने पूर्ण केल्याचे दाखवण्यासाठी पोलिसांनी अत्यंत खालची पातळी गाठल्याचे यातून समोर आले. त्यांनी जिवंत असलेल्या शिवानी च्या निष्पाप कुटुंबाला विनाकारण लक्ष्य केले. हत्येसारख्या अतिगंभीर गुन्ह्यात तिच्या स्वतःच्या वडिलांना आणि सख्या भावाला बेड्या ठोकल्या. केवळ अटकेची कारवाई करून ते थांबले नाहीत, तर या दोघांनाही न केलेल्या खुनाची कबुली देण्यासाठी प्रचंड मानसिक आणि शारीरिक छळ करण्यात आला. पीडित बाप-लेकांनी प्रसारमाध्यमांसमोर असा अत्यंत गंभीर आरोप केला आहे की, तपास अधिकाऱ्यांनी त्यांना कोठडीत चक्क उलटे टांगून बेदम मारहाण केली. पोलिसांच्या या अमानुष आणि बेकायदेशीर अत्याचाराची माहिती सार्वजनिक होताच, जनसामान्यांमध्ये पोलिसांच्या भूमिकेवर तीव्र संताप आणि संशय व्यक्त केला जात आहे.

​एका अत्यंत संवेदनशील प्रकरणाचा तपास करताना दाखवलेला हा घोर निष्काळजीपणा आणि अधिकारांचा केलेला टोकाचा गैरवापर या दोन मोठ्या अधिकाऱ्यांच्या चांगलाच अंगलट आला आहे. हे संपूर्ण प्रकरण इतके गंभीर बनले आहे की, आता थेट राज्याचे पोलीस महासंचालक सदानंद दाते यांनी यात गांभीर्याने लक्ष घातले आहे. या संपूर्ण प्रकरणाची सविस्तर माहिती घेण्यासाठी आणि तपासाचा त्रयस्थपणे आढावा घेण्यासाठी ते स्वतः जळगाव जामोद येथे प्रत्यक्ष भेट देणार आहेत. या विशेष दौऱ्यामध्ये ते बुलढाणा पोलिसांची एक महत्त्वपूर्ण बैठक आयोजित करून आवश्यक त्या कठोर सूचना देण्याची दाट शक्यता वर्तवली जात आहे. त्यामुळे पोलीस वर्तुळात सध्या मोठी धांदल उडाली आहे.

कोणत्याही गंभीर गुन्ह्याचा तपास करताना पोलिसांनी केवळ पुराव्यांच्या आधारावर आणि अत्यंत वैज्ञानिक दृष्टिकोनातून पुढे जाणे अपेक्षित असते. केवळ तपासाचा वेग दाखवण्याच्या अट्टाहासापायी किंवा दबावाखाली निष्पाप नागरिकांवर अमानुष अत्याचार करणे हे लोकशाही आणि कायद्याच्या राज्याला काळीमा फासणारे कृत्य आहे. वरिष्ठ अधिकाऱ्यांच्या निलंबनाची कारवाई निश्चितच स्वागतार्ह असली, तरी भविष्यात अशा दुर्दैवी घटनांची पुनरावृत्ती टाळण्यासाठी संपूर्ण पोलीस दलात पारदर्शकता, संवेदनशीलता आणि स्वतःच्या जबाबदारीची जाणीव निर्माण करणे ही काळाची गरज बनली आहे .

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HYDERABAD, June 7th 2026:

Marking a major milestone in advanced healthcare, KIMS Hospitals, Secunderabad, on Sunday announced the successful completion of over 10,000 brain tumor surgeries. To commemorate World Brain Tumor Day, Dr. B. Bhaskar Rao, Chairman and Managing Director (CMD) of KIMS Group of Hospitals, unveiled a state of the art Robotic Digital Microscope designed to enhance precision in complex neurosurgeries.
Speaking on the occasion, Dr. Bhaskar Rao emphasized how rapidly evolving medical technology is simplifying complex surgeries and accelerating patient recovery. "The newly launched Robotic Digital Microscope will be a game changer in treating intricate brain and spinal cord disorders. Early detection coupled with cutting edge technology like Gamma Knife Radiosurgery, which is available at KIMS, makes successful treatment highly achievable," he said.

Dr. Rao also raised concerns over modern lifestyle shifts, noting that prolonged usage of smartphones, laptops, and high-volume earphones, combined with a lack of physical activity among the youth, could severely impact brain health.
Don’t Ignore Headaches
Highlighting the clinical aspects, Dr. Manas Kumar Panigrahi, Senior Consultant Neurosurgeon, warned against the common habit of dismissing recurring headaches.

"A persistent headache, especially one that is severe upon waking up in the early hours of the morning, should never be ignored. It could be an early warning sign of a brain tumor," Dr. Panigrahi cautioned.

He revealed that nearly 10% of the 10,000 surgeries performed at KIMS were on children, debunking the myth that brain tumors only affect older demographics.
Explaining the utility of the new robotic equipment, Dr. Panigrahi stated that neurosurgeries demand extreme precision due to the delicate nature of brain and spinal structures. The Robotic Digital Microscope offers high definition clarity, helping surgeons distinguish between healthy brain tissue and tumors, thereby minimizing collateral damage and ensuring safer outcomes in spine surgeries and nerve decompressions.

Dr. Panigrahi made a strong case for policy changes in preventive healthcare, noting that routine master health check-ups and standard insurance packages extensively cover cardiac evaluations but completely omit brain scans. He urged the inclusion of brain screenings in standard health packages to facilitate early diagnosis and save lives.

Echoing similar concerns, Consultant Neurosurgeon Dr. Shwetha outlined the varied symptoms of brain tumors, which depend heavily on the tumor's size and location. Apart from progressive headaches, symptoms include:
Vomiting and blurred or double vision
Seizures (fits)
Weakness in limbs and slurred speech
Memory loss and sudden behavioral changes
"Brain tumors are among the most common cancers found in children, and we are increasingly seeing cases among youth and the middle aged," Dr. Shwetha said. She advised the public to adopt healthy lifestyles, avoid self medication for chronic headaches, and seek immediate consultation from neurologists or neurosurgeons when symptoms arise.
The event was attended by a team of neuro experts, including Dr. Chandrasekhar Naidu, Dr. Sujith Kumar, Dr. Vijayanth, Dr. Gopal Krishna, and Dr. C.V.S. Dasaradhi, alongside several recovered patients and children. To mark the occasion, a special painting competition was organized for children, and prizes were distributed to the winners.

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ବନାଯୋଡି ସ୍ଥିତ ଆମ କଳିକା, ସଦର କେନ୍ଦୁଝର ର କେନ୍ଦ୍ରକୁ ପଶ୍ଚିମ ଓଡ଼ିଶାର ବିଭିନ୍ନ ସିଭିଲ୍ ସୋସାଇଟି ଅର୍ଗାନାଇଜେସନ୍‌ର ପ୍ରତିନିଧିମାନଙ୍କ ଦ୍ବାରା ପରିଦର୍ଶନ।

କେନ୍ଦୁଝର, ତା ୦୬.୦୬.୨୦୨୬ ରିଖ ବନାଯୋଡି ସ୍ଥିତ ଆମ କଳିକା, ସଦର କେନ୍ଦୁଝର ର କେନ୍ଦ୍ରକୁ ପଶ୍ଚିମ ଓଡ଼ିଶାର ବିଭିନ୍ନ ସିଭିଲ୍ ସୋସାଇଟି ଅର୍ଗାନାଇଜେସନ୍‌ର ପ୍ରତିନିଧିମାନେ ପରିଦର୍ଶନ କରିଥିଲେ। ଏହି କେନ୍ଦ୍ରଟି ୨୦ ଜଣ ଶିଶୁ ଙ୍କୁ ନେଇ ପରିଚାଳିତ ହେଉଅଛି । ଏହି କେନ୍ଦ୍ରଟି ଆଇଡିଏ ବନାଯୋଡି ର ସହଯୋଗ ଓ DMF କେନ୍ଦୁଝର ଙ୍କ ସହାୟତା ରେ ଚାଲୁଅଛି ।

ଏହି ପରିଦର୍ଶନ ସମୟରେ ଧ୍ୱନୀ ଫାଉଣ୍ଡେସନ୍, ବେଙ୍ଗାଲୁରୁ ଓଡ଼ିଶା ଚାପ୍ଟରର ଦକ୍ଷତା ବିକାଶ କର୍ମୀ ଶ୍ରୀ ଅ।ଲିନ ମଧ୍ୟ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ। ପ୍ରତିନିଧି ଦଳ କ୍ରେଜ୍ ସେଣ୍ଟରରେ ଦିଆଯାଉଥିବା ଗୁଣାତ୍ମକ ଖାଦ୍ୟ, ପିଲାମାନଙ୍କ ପାଇଁ ରହିଥିବା ଆସବାବପତ୍ର, ପରିଚ୍ଛନ୍ନ ପରିବେଶ ଓ କର୍ମୀମାନଙ୍କର କାର୍ଯ୍ୟଦକ୍ଷତାକୁ ଉଚ୍ଚ ପ୍ରଶଂସା କରିଥିଲେ।

ସେମାନେ ପିଲାମାନଙ୍କର ସର୍ବାଙ୍ଗୀନ ବିକାଶ, ଶିକ୍ଷାଗତ ଅଗ୍ରଗତି ଓ ସାମାଜିକ ଆଚରଣରେ ଆସିଥିବା ସକାରାତ୍ମକ ପରିବର୍ତ୍ତନ ଉପରେ ନିଜର ମତାମତ ରଖିଥିଲେ । ବିଶେଷକରି ଗ୍ରାମର ମା’ମାନଙ୍କର ସକ୍ରିୟ ସହଯୋଗ ଓ ଅଂଶଗ୍ରହଣକୁ ପ୍ରତିନିଧି ଦଳ ଖୁବ୍ ପ୍ରଶଂସା କରିଥିଲେ। ଏହି ପରିଦର୍ଶନ ମାଧ୍ୟମରେ ଗ୍ରାମୀଣ ଶିଶୁ ବିକାଶ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ସମୁଦାୟର ଭୂମିକା କେତେ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ, ତାହା ସ୍ପଷ୍ଟ ଭାବେ ପ୍ରକାଶ ପାଇଥିଲା।
(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ସାମ୍ବାଦିକ ସତ୍ୟଜିତ ମିଶ୍ରଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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बाराबंकी : विकासखंड सिरौलीगौसपुर के ग्राम पंचायत रामपुर भवानीपुर में स्वच्छता एवं जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत गांव के सार्वजनिक स्थल, सड़कें और नालियाँ साफ की गईं, जिससे स्वच्छता का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान नियाज़ अहमद, ग्राम पंचायत सचिव मनीष शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य मनोज कुमार सोनी, कोटेदार हाजी नसीम, हाफिज रफीक अहमद, मोहम्मद अनस, सलमान, रियाज भुट्टू और रितेश कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। सफाई कर्मियों को मास्क एवं सफाई किट वितरित की गई और उन्हें स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। ग्राम प्रधान ने कहा कि स्वच्छ गांव ही स्वस्थ समाज की पहचान है और नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाए जाएंगे।

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अंबाला : थाना शहजादपुर क्षेत्र के अंतर्गत हनुमान भट्टा, कक्कड़ माजरा में गुलाबी देवी (जन्म वर्ष 1982), पत्नी धर्मेंद्र मांझी, लगभग 10-15 दिनों से लापता हैं। महिला मूल रूप से शाहजहांपुर, पटना (बिहार) की रहने वाली है और अपने परिवार के साथ अंबाला क्षेत्र में मजदूरी का कार्य कर रही थी। अचानक उसके गायब होने से परिवार गहरे सदमे में है और लगातार उसकी तलाश कर रहा है।

परिजनों ने बताया कि गुलाबी देवी पिछले करीब दो सप्ताह से घर नहीं लौटी हैं। रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश के बावजूद अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार ने आम जनता से सहयोग की अपील की है और प्रशासन तथा स्थानीय लोगों से भी महिला की खोज में मदद मांगी है। संपर्क नंबर बिट्टू 8709911792 और मोबाइल 7783030367 पर सूचना देने का अनुरोध किया गया है।

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*ଦୁର୍ଗାପ୍ରସାଦଙ୍କୁ ସଂଯୋଗୀ ଯୁବ ପ୍ରତିଭା ସମ୍ମାନ*

ଘଟଗାଁ -୦୬.୦୭(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ) ମାନସ ପୀଠ(ସଂଜୀବନୀ ସାହିତ୍ୟ ସଂସଦ, ଭଣ୍ଡା,କେନ୍ଦୁଝର) ଓ ସଂଯୋଗୀ ସାହିତ୍ୟ ସଂସଦ, କୁଣ୍ଡାପିଠା, ଘଟଗାଁ, କେନ୍ଦୁଝରର ମିଳିତ ଆନୁକୂଲ୍ୟରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ-୨୦୨୬ ରେ ଯୁବ ସଙ୍ଗୀତକାର, ସାହିତ୍ୟିକ ସାଇ ଦୁର୍ଗାପ୍ରସାଦ ମଲ୍ଲିକଙ୍କୁ "ସଂଯୋଗୀ ଯୁବ ପ୍ରତିଭା" ସମ୍ମାନରେ ସମ୍ମାନିତ କରାଯାଇଅଛି। ରବିବାର ଦିନ ସ୍ଥାନୀୟ ସରସ୍ବତୀ ଶିଶୁ ବିଦ୍ୟା ମନ୍ଦିର ପରିସରରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଥିବା ଭବ୍ୟ ସମହାରରେ ରାଜ୍ୟର ପ୍ରତ୍ୟେକ ପ୍ରାନ୍ତରୁ ପ୍ରାୟତଃ ୨୦୦ ସାରସ୍ଵତ ସାଧକ/ସାଧିକା ମାନଙ୍କ ଉପସ୍ଥିତିରେ ଦୁର୍ଗାପ୍ରସାଦଙ୍କୁ ଉପଢୌକନ, ମାନପତ୍ର, ସ୍ମାରକୀ ଓ "ସ୍ରଷ୍ଟା ସ୍ରୋତସ୍ୱିନୀ "ଦେଇ ମଞ୍ଚାସିନ ଅତିଥିବୃନ୍ଦ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧିତ କରିଥିଲେ। ଅନୁଷ୍ଠାନର ସମ୍ପାଦକ ଶ୍ରୀଯୁକ୍ତ ବାବୁଲାଲ ପଲେଇ, କୋଷାଧ୍ୟକ୍ଷ ସନ୍ତୋଷ ପତି ଏବଂ ସଭାପତି ଉପେନ୍ଦ୍ର ଦାଶଙ୍କ ପୌରହିତ୍ୟରେ ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ ସମାବେଶକୁ ରାଜ୍ୟର ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରାନ୍ତରୁ ଆସିଥିବା ସାହିତ୍ୟିକ ମାନେ ଭୂୟସୀ ପ୍ରଶଂସା କରିଛନ୍ତି। ଆଜି ସମାରୋହରେ ଶବ୍ଦ ଭାରତୀ କବି ଦେଵଦତ୍ତ ପ୍ରଧାନ, ସନ୍ତୋଷ ପତି, ଲିସନ ମହାନ୍ତି ଓ ବାବୁଲାଲ ପଲେଇ ଆଦି କବିଙ୍କ ସ୍ୱରଚିତ କବିତାକୁ ଦୁର୍ଗାପ୍ରସାଦ ସଙ୍ଗୀତ ସଂଯୋଜନା କରି ୬ଗୋଟି ଗୀତ ପ୍ରସ୍ତୁତ କରି ଉଚ୍ଚ ପ୍ରଶଂସିତ ହୋଇଥିଲେ। ନିକଟରେ ସାଇ ଦୁର୍ଗାପ୍ରସାଦ ସୃଜନଝର ସମ୍ମାନ, ଗଳ୍ପଝର ସମ୍ମାନ, ଉଦୟରାଗ ସମ୍ମାନ ଭଳି ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ ପୁରସ୍କାର ପ୍ରାପ୍ତି କରିଛନ୍ତି।
ଡମ୍ବରୁଧର ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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रायपुर: इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की रायपुर शाखा एवं सिकासा रायपुर द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में दो दिवसीय राष्ट्रीय सीए छात्र सम्मेलन ‘कर्तव्य’ का आयोजन किया गया। इसमें देशभर से 1000 से अधिक सीए छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में हुआ, जिन्होंने विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के महत्व पर जोर दिया।

सम्मेलन में बोर्ड ऑफ़ स्टडीज के अध्यक्ष सीए राजेश शर्मा, उपाध्यक्ष सीए ज्ञान चंद मिश्रा, कार्यक्रम संयोजक सीए रवि अग्रवाल, महिंद्रा ग्रुप के डायरेक्टर मनोज अग्रवाल, सिकासा चेयरमैन सीए नितिन गुप्ता, रीजनल काउंसिल सदस्य सीए दिनेश कुमार अग्रवाल, सीए राजीव गुप्ता, और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। रायपुर आईसीएआई मैनेजिंग कमेटी की चेयरपर्सन सीए रश्मि वर्मा समेत कई पदाधिकारी भी मौजूद थे।

सम्मेलन में 10 सत्र आयोजित किए गए, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक्नोलॉजी, कैपिटल मार्केट, फाइनेंशियल रिपोर्टिंग, फाइनेंसिंग एवं यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स जैसे समकालीन विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। सीए शुभम केशवानी, सीए सुरभि गांधी, और सीए अंकिता पाटनी ने प्रेरक और ज्ञानवर्धक सत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का समापन छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ।

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देवरिया: कलवारी थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर निवासी दीपक पांडेय, जो गोरखपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नदुआ में सीएचओ पद पर तैनात थे, का शव गोर्रा नदी में मिला। दीपक का परिवार चार जून से उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा था। स्थानीय लोगों ने नदी में शव देख पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

चाचा संजय पांडेय ने शव की पहचान की और उसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। देर रात सरयू नदी के टांडा पुल के पास अंतिम संस्कार किया गया। मृतक की पत्नी बहराइच के एक अस्पताल में स्टाफ नर्स हैं। दीपक अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे, जिनके निधन से परिवार में भारी शोक व्याप्त है।

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ସଂଯୋଗୀ ସାହିତ୍ୟ ସଂସଦର ରାଜ୍ୟ ସ୍ତରୀୟ ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ ଓ ବନ୍ଧୁ ମିଳନ ସମାରୋହ।

ଘଟଗାଁ -୦୭ /୦୬ ( ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ ) ଓଡ଼ିଶାର ଅଗ୍ରଣୀ ସାହିତ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ଘଟଗାଁସ୍ଥିତ ସଂଯୋଗୀ ସାହିତ୍ୟ ସଂସଦ କୁଣ୍ଡାପିଠାର ରାଜ୍ୟ ସ୍ତରୀୟ ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ ଓ ବନ୍ଧୁ ମିଳନ ସମାରୋହ ସ୍ଥାନୀୟ ସରସ୍ବତୀ ଶିଶୁ ବିଦ୍ୟା ମନ୍ଦିରରେ ମହାସମାରୋହରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି l ସାହିତ୍ୟ ସଂସଦର ପ୍ରତିଷ୍ଠାତା ତଥା ସଭାପତି ଉପେନ୍ଦ୍ର ଦାଶଙ୍କ ସଭାପତିତ୍ୱରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବରେ ଜଗସିଂହପୁର ଜିଲ୍ଲାର କବି,ସଂଗଠକ , ସମାଜସେବୀ ତଥା ସଂପାଦକ ଡ଼ ବସନ୍ତ ମଞ୍ଜରୀ ଦାଶ ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି , ଜ୍ୟୋତି ବିହାର ବିଶ୍ୱ ବିଦ୍ୟାଳୟ ବୁର୍ଲା , ସମ୍ବଲପୁରର ଓଡ଼ିଆ ଭାଷା ସାହିତ୍ୟ ବିଭାଗ ଅଧ୍ୟାପିକା ଡ଼ ସୁନିତୀ ଦେବତା ମୁଖ୍ୟ ବକ୍ତା, କେନ୍ଦୁଝର ମିଳନୀ ସାହିତ୍ୟ ସଂସଦର ସଭାପତି ତଥା ବରିଷ୍ଠ ସାହିତ୍ୟିକ ଦେବାଶିଷ ଚକ୍ରବର୍ତ୍ତୀ, ମାଲକାନଗିରିର ଯୁବ କବି ଦିଗମ୍ବର ବେହେରା ସ୍ଵତନ୍ତ୍ର ଅତିଥି ଭାବେ ଯୋଗ ଦେଇ ଓଡ଼ିଆ ଭାଷା, ସଂସ୍କୃତି ,ପରମ୍ପରା ଓ ଐତିହ୍ୟ ଉପରେ ଆଲୋକପାତ କରିବା ସହିତ ସଂଯୋଗୀ ସାହିତ୍ୟ ସଂସଦର ଅଭିନବ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଆସ କିଛି ଶିଖିବା ଓ ଶିଖାଇବା ତଥା ଆସ କିଛି ଜାଣିବା ଓ ଜଣାଇବା ମାଧ୍ୟମରେ କର୍ମଶାଳା ଆୟୋଜନକୁ ଭୁରି ଭୁରି ପ୍ରଶଂସା କରିଥିଲେ l ମଞ୍ଚ ସଂଯୋଜନା କରିଥିଲେ ନୟାଗଡ଼ ଜିଲ୍ଲାର ଯୁବ କବି ଲିସନ ମହାନ୍ତି ଓ ଜଗତସିଂହପୁର ଜିଲ୍ଲାର ଯୁବ କବି ତପନ କୁମାର ବେହେରା l ଏହି ଅବସରରେ ଅନୁଷ୍ଠାନ ଦ୍ବାରା ପ୍ରକାଶିତ ଓଡ଼ିଶାର ବିଭିନ୍ନ ଅଂଚଳରୁ ସ୍ରଷ୍ଟାଙ୍କ ୧ ୨ ଖଣ୍ଡ ସଂକ୍ଷିପ୍ତ କାବ୍ୟ ଅନ୍ତାକ୍ଷରୀ ପୁସ୍ତକ ଅତିଥି ମାନଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ଲୋକାର୍ପିତ ହୋଇଥିଲା l ଓଡ଼ିଶାର ବିଭିନ୍ନ ଜିଲ୍ଲାରୁ କୃତି ସାରସ୍ବତ ସ୍ରଷ୍ଟା ମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରୁ ୨୩ ଜଣ କୃତୀ ସାରସ୍ୱତ ସ୍ରଷ୍ଟା ଙ୍କୁ ମାନପତ୍ର ଓ ଉପଢୌକନ ଦେଇ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧିତ କରାଯାଇଥିଲା l ମାନସ ପୀଠ କେନ୍ଦୁଝର ତରଫରୁ ପ୍ରସ୍ତୁତ ଅଭିନବ ଅଭିନନ୍ଦନିକା ଗ୍ରନ୍ଥ ସ୍ରଷ୍ଟା ସ୍ରୋତସ୍ବିନୀ ଲୋକାର୍ପଣ କରି ସଂସଦର ସମ୍ପାଦକ ବାବୁଲାଲ ପଲେଇଙ୍କୁ ଭବ୍ଯ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧନା ଦିଆଯାଇଥିଲା l ବଲାଙ୍ଗୀର ଜିଲ୍ଲାର ମଞ୍ଚ କଳାକାର କଂସ ମହାରାଜ ଅକ୍ଷୟ କୁମାର ଭୋଇ ଓ ତାଙ୍କ ସାଥୀଙ୍କ ଦ୍ୱାରା କ୍ଷୁଦ୍ର ନାଟକ ପରିବେଶଣରେ ଉପସ୍ଥିତ କବି ଲେଖକ ବିମୋହିତ ହୋଇଥିଲେ l ଓଡ଼ିଶାର ବିଭିନ୍ନ ଜିଲ୍ଲାରୁ ପ୍ରାୟ ଦୁଇଶହ ରୁ ଉର୍ଦ୍ଧ୍ୱ କବି କବୟିତ୍ରୀ ତଥା ଶୁଭେଚ୍ଛୁ ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଯୋଗଦେଇଥିଲେ।କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମକୁ ଅନୁଷ୍ଠାନର ସଦସ୍ୟ ସନ୍ତୋଷ କୁମାର ପତି, ହୃଷିକେଶ ଦାସ, ଡମ୍ବରୁଧର ମହାନ୍ତ, ପୁଷ୍ପକ କୁମାର ବେହେରା, ପ୍ରିୟଦର୍ଶିନୀ ବାରିକ, ଦିବ୍ଯା ଭାରତୀ ପଲେଇ, ପରିନିତା ବେହେରା, ନରେନ୍ଦ୍ର କୁମାର ସାହୁ ପ୍ରମୁଖ ସହଯୋଗ କରିଥିଲେ l
ଡମ୍ବରୁଧର ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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देवरिया जनपद के एकौना थानाक्षेत्र के बेलवा दुबौली गांव के समीप गोर्रा नदी में शुक्रवार को दीपक पांडेय का शव बरामद किया गया। दीपक, जो गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नदुआ में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के पद पर तैनात थे, चार जून से परिवार से संपर्क में नहीं थे। उनकी पत्नी बहराइच जनपद के एक अस्पताल में स्टाफ नर्स हैं।

बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर निवासी दीपक के चाचा संजय पांडेय को रविवार को सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने पोस्टमार्टम कर शव को घर लाया। देर रात शव का अंतिम संस्कार सरयू नदी के टांडा पुल के पास किया गया। परिवार में मातम छा गया है क्योंकि दीपक अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे और होनहार व मिलनसार व्यक्तित्व के थे।

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कळमेश्वर : शहरात भेसळयुक्त दुग्धजन्य पदार्थ, मुदतबाह्य खाद्यपदार्थ आणि निकृष्ट दर्जाच्या वस्तूंची खुलेआम विक्री होत असल्याच्या तक्रारी सातत्याने समोर येत आहेत. मात्र, अन्न व औषध प्रशासन विभागाकडून प्रभावी कारवाई न झाल्यामुळे नागरिकांमध्ये तीव्र नाराजी व्यक्त होत आहे. भाजपचे माजी महामंत्री प्रशांत इखार यांनीही अन्न व औषध प्रशासनाच्या कार्यपद्धतीवर प्रश्न उपस्थित केले आहेत.

काही दिवसांपूर्वी मोहपा येथे एका पिण्याच्या पाण्याच्या प्रकल्पावर धाड टाकण्यात आली, जिथे मोठ्या प्रमाणात अनियमितता आढळून आली होती. तरीही, अन्न व औषध प्रशासन अधिकारी वेळोवेळी तपासणीसाठी कळमेश्वर शहरात येत असताना कारवाई का होत नाही, याबाबत नागरिकांमध्ये संशय आहे. स्थानिक नागरिकांच्या मते, एका विशिष्ट दुकानदाराकडून आर्थिक संकलन संबंधित अधिकाऱ्यांपर्यंत पोहोचवले जाते, ज्यामुळे गैरप्रकारांकडे दुर्लक्ष होत असल्याचा आरोप अधिकाऱ्यांवर होत आहे. यामुळे लहान मुलांसह सर्वसामान्य नागरिकांच्या आरोग्यावर गंभीर धोका निर्माण झाला आहे. नागरिक निष्पक्ष चौकशी करून दोषींवर कठोर कारवाईची मागणी करत आहेत.

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आधार कार्ड किसी व्यक्ति के जीवन में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। हालांकि, कई आधार कार्ड जब पहली बार जारी किए गए थे, तब उनमें त्रुटियां पाई गईं, जिससे आम नागरिकों को उन त्रुटियों को सुधारने में अनेक कठिनाइयों और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह प्रक्रिया अक्सर जटिल और समय लेने वाली होती है।

इसके अतिरिक्त, आधार से जुड़ी सेवाएं प्रदान करने वाली एजेंसियां प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर रही हैं। यहां तक कि कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) भी कई मामलों में सेवाएं सही तरीके से प्रदान करने में विफल रहे हैं। सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और आम जनता को इस आवश्यक सेवा से सरल, प्रभावी और नागरिक-सुलभ तरीके से जोड़ने के प्रयास करने चाहिए।

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ଲେଖକ ତଥା କବି ଡ଼ଃ ସୁରେଶ ଚନ୍ଦ୍ର ମହାନ୍ତଙ୍କୁ ସମ୍ମାନିତ।

ପାଟଣା-୦୭,୦୬, ରବିବାର ସରସ୍ବତୀ ଶିଶୁ ବିଦ୍ୟା ମନ୍ଦିର ଘଟଗାଁ ଠାରେ ସଂଯୋଗୀ ସାହିତ୍ୟ ସଂସଦ କୁଣ୍ଡାପିଠା ଓ ମାନସ ପୀଠ କେନ୍ଦୁଝର ମିଳିତ ସହଯୋଗ ରେ ଏକ ରାଜ୍ୟସ୍ତରୀୟ ବାର୍ଷିକ ଉତ୍ସବ, ବନ୍ଧୁ ମିଳନ, ପୁସ୍ତକ ଉନ୍ମୋଚନ ଓ ସାହିତ୍ୟ ସଭା ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇ ଯାଇଛି l ଏଥିରେ ପାଟଣା ବ୍ଲକ ଡୁମୁରିଆ ପଞ୍ଚାୟତ ଅନ୍ତର୍ଗତ କୋଠାଘର ଗ୍ରାମର ଡ଼ଃ ସୁରେଶ ଚନ୍ଦ୍ର ମହାନ୍ତଙ୍କୁ ଜଣେ ସଫଳ କବି ସମ୍ପାଦକ ଓ଼ ସାହିତ୍ୟିକ ଭାବେ ସଂଯୋଗୀ ସ୍ରଷ୍ଟା ସୃଜନୀ ସମ୍ମାନ ପ୍ରଦାନ କରିଛନ୍ତି l ଡ଼ଃ ମହାନ୍ତ ସୁନାଖୁମ ପତ୍ରିକା ସମ୍ପାଦନା କରୁଥିଲେ l ଏହି ଆସରରେ ଅତିଥି ଭାବେ ଡ଼ଃ ବସନ୍ତ ମଞ୍ଜରୀ ଦାସ, ଦିଗାମ୍ବର ବେହେରା, ଅଧ୍ୟାପିକା ସୁନୀତି ଦେବତା ତଥା ସାହିତ୍ୟ ସଂସଦର ସଭାପତି ଉପେନ୍ଦ୍ର ଦାଶ ଏବଂ ସମ୍ପାଦକ ବାବୁଲାଲ ପଲେଇ ଏବଂ ଖଣ୍ଡାଧାର ପତ୍ରିକାର ପରିଚାଳକ ଡମ୍ବରୁ ମହାନ୍ତଙ୍କ ଉପସ୍ଥିତି ରେ ସମ୍ମାନିତ କରି ଥିଲେ ।ଅତିଥିଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ତ୍ରୟମାସିକ ପତ୍ରିକା '' ସଜଫୁଲ ''ଏବଂ ଅଭିନନ୍ଦନିକା ପୁସ୍ତକ "ସ୍ରଷ୍ଟା ସ୍ରୋତସ୍ୱିନୀ" ଉନ୍ମୋଚିତ ହୋଇଥିଲା l
ଆସରରେ କବି ତପନ କୁମାର ଦାଶ ଓ କବି ସବ୍ୟସାଚୀ ତ୍ରିପାଠୀ କବିତା ସଂଯୋଜନା କରିଥିଲେ l
ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ସାମ୍ବାଦିକ ବିଜୟ ରତ୍ନ ପତିଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ।

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देवरिया: जिले के एकौना थाना क्षेत्र के बेलवा दुबौली गांव के पास गोर्रा नदी में शुक्रवार को दीपक पांडेय का शव बरामद किया गया। दीपक पांडेय गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नदुआ में सीएचओ के पद पर तैनात थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और दो दिन तक शव अज्ञात रहने के बाद उनकी पहचान हुई।

बस्ती के कलवारी थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर निवासी दीपक पांडेय के परिवार से चार जून से संपर्क नहीं हो पा रहा था और उनका मोबाइल भी बंद था। मृतक के चाचा संजय पांडेय ने शव की पुष्टि की और अंतिम संस्कार सरयू नदी के टांडा पुल के पास देर रात किया गया। उनकी पत्नी बहराइच जनपद के एक अस्पताल में स्टाफ नर्स हैं। परिवार में मातम छाया हुआ है क्योंकि दीपक अपने मां-बाप के इकलौते पुत्र थे।

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बस्ती : कलवारी थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर निवासी दीपक पांडेय का शव देवरिया जनपद के गोर्रा नदी में बरामद किया गया। दीपक पांडेय गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नदुआ में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के पद पर कार्यरत थे। उनका शव शुक्रवार को एकौना थानाक्षेत्र के बेलवा दुबौली गांव के समीप जमींदारी तटबंध के पास मिला। शव दो दिन तक अज्ञात था और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

परिवार के अनुसार, दीपक का चार जून से संपर्क नहीं हो पा रहा था और उनका मोबाइल भी बंद था। शव मिलने की सूचना पर उनके चाचा संजय पांडेय ने पोस्टमार्टम कराकर शव घर लाया। मृतक का अंतिम संस्कार सरयू नदी के टांडा पुल के पास देर रात किया गया। दीपक के परिवार में उनकी पत्नी, जो बहराइच के एक अस्पताल में स्टाफ नर्स हैं, शामिल हैं। परिवार में मातम छाया हुआ है।

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ગાંધીનગર: માનનીય વડાપ્રધાન શ્રી નરેન્દ્રભાઈ મોદી પ્રેરિત 'એક પેડ માં કે નામ' અભિયાન દ્વારા દેશમાં વૃક્ષારોપણ અંગે લોકોમાં જાગૃતિનો સંચાર થયો છે. આ અભિયાન અંતર્ગત કેન્દ્રીય ગૃહ અને સહકાર મંત્રી શ્રી અમિતભાઈ શાહે ગાંધીનગર લોકસભા વિસ્તારને સૌથી હરિયાળો બનાવવાનો પ્રયાસ શરૂ કર્યો છે.

શ્રી અમિતભાઈ શાહે આ અભિયાનમાં નાગરિકોને જોડવા માટે www.gandhinagarloksabha.in નામની એક વેબસાઈટ પણ તૈયાર કરી છે. લેખક દ્વારા પણ આ વેબસાઈટ પર વૃક્ષારોપણ માટે રજીસ્ટ્રેશન કરાવ્યું છે અને સાથે જ વૃક્ષની માવજત કરવાની પ્રતિજ્ઞા પણ કરી છે. ગાંધીનગરના તમામ નાગરિકોને આ અભિયાનમાં જોડાવાની વિનંતી કરવામાં આવી છે જેથી સમગ્ર વિસ્તાર, રાજ્ય અને દેશને હરિયાળો, સ્વચ્છ અને સુંદર બનાવવામાં મદદ મળે.

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*କେନ୍ଦୁଆରେ କୁଡୁମୀ ବିକାଶ ଭବନର ଶୁଭ ଉଦ୍ଘାଟନ, କୁଡୁମୀ ସଂସ୍କୃତିର ସୁରକ୍ଷା ଓ ବିକାଶ ଉପରେ ଗୁରୁତ୍ୱାରୋପ*


କେନ୍ଦୁଝର, ୭ ଜୁନ: କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ସଦର ବ୍ଲକ ଅନ୍ତର୍ଗତ କେନ୍ଦୁଆ ଠାରେ ଆଜି ନବନିର୍ମିତ କୁଡୁମୀ ବିକାଶ ଭବନର ଶୁଭ ଉଦ୍ଘାଟନ ଉତ୍ସବ ଆଡ଼ମ୍ବରପୂର୍ଣ୍ଣ ପରିବେଶରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି। କୁଡୁମୀ ସମାଜର ଐତିହ୍ୟ, ପରମ୍ପରା ଓ ସଂସ୍କୃତିର ସଂରକ୍ଷଣ ଏବଂ ଭବିଷ୍ୟତ ପିଢ଼ିଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ଏହାର ପ୍ରସାରକୁ ନେଇ ଆୟୋଜିତ ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ସମାଜର ବହୁ ବିଶିଷ୍ଟ ବ୍ୟକ୍ତି ଓ ସଦସ୍ୟମାନେ ଯୋଗଦେଇଥିଲେ।

କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ପୂର୍ବତନ ବିଜେପି ଜିଲ୍ଲା ସଭାପତି ରାଧାକୃଷ୍ଣ ମହାନ୍ତ ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଭାବେ ଯୋଗଦେଇ କୁଡୁମୀ ସମାଜର ଐକ୍ୟ ଓ ସାଂସ୍କୃତିକ ଚେତନାକୁ ଆହୁରି ସୁଦୃଢ଼ କରିବା ପାଇଁ ଏହି ବିକାଶ ଭବନ ଏକ ମାଇଲଖୁଣ୍ଟ ହେବ ବୋଲି ମତ ପ୍ରକାଶ କରିଥିଲେ। ସେ କହିଥିଲେ ଯେ, ଏଭଳି ଅନୁଷ୍ଠାନ ଓ ଭିତ୍ତିଭୂମି ସମାଜର ସାମୂହିକ ବିକାଶ ଓ ସଂଗଠନକୁ ନୂଆ ଦିଗ ପ୍ରଦାନ କରିଥାଏ।

ସମ୍ମାନିତ ଅତିଥି ଭାବେ ହୃଷୀକେଶ ମହାନ୍ତ, ମନ୍ମଥ ମହାନ୍ତ ଏବଂ ବିରେନ୍ଦ୍ର ମହାନ୍ତ ଉପସ୍ଥିତ ରହି କୁଡୁମୀ ସମାଜର ଇତିହାସ, ପରମ୍ପରା ଓ ସାମାଜିକ ଏକତା ଉପରେ ନିଜ ମତ ରଖିଥିଲେ। ସେମାନେ ଯୁବପିଢ଼ିଙ୍କୁ ନିଜ ଭାଷା, ସଂସ୍କୃତି ଓ ରୀତିନୀତି ସହ ଯୋଡ଼ି ରହିବା ପାଇଁ ଆହ୍ୱାନ ଦେଇଥିଲେ।

ଏହି ଅବସରରେ କୁଡୁମୀ ସେନାର ରାଜ୍ୟ ସମ୍ପାଦକ ବିଶ୍ୱଜିତ ମହାନ୍ତ, ପୂର୍ଣ୍ଣେନ୍ଦୁ ମହାନ୍ତ, ପୁରୁଷୋତ୍ତମ ମହାନ୍ତ, ବିଶିଷ୍ଟ କୁଡୁମୀ ଗବେଷକ ନବ କିଶୋର ମହାନ୍ତ, ଝୁମର କଣ୍ଠଶିଳ୍ପୀ ଭୈରବ ମହାନ୍ତ ଏବଂ ସଦର ବ୍ଲକ କୁଡୁମୀ ସେନାର ସଭାପତି ରଘୁନାଥ ମହାନ୍ତ ପ୍ରମୁଖ ମଞ୍ଚାସୀନ ଥିଲେ।

ବକ୍ତାମାନେ ନିଜ ଅଭିଭାଷଣରେ କହିଥିଲେ ଯେ, ଆଧୁନିକତାର ପ୍ରଭାବ ମଧ୍ୟରେ ଅନେକ ପାରମ୍ପରିକ କଳା, ଲୋକଗୀତ ଓ ଲୋକସଂସ୍କୃତି ଧୀରେ ଧୀରେ ଲୋପ ପାଇବାକୁ ବସିଛି। ତେଣୁ କୁଡୁମୀ ସମାଜର ସମୃଦ୍ଧ ସାଂସ୍କୃତିକ ଐତିହ୍ୟକୁ ସଂରକ୍ଷଣ କରିବା ସହ ଏହାକୁ ନୂତନ ପିଢ଼ିଙ୍କ ନିକଟରେ ପହଞ୍ଚାଇବା ଆଜିର ସମୟର ଆବଶ୍ୟକତା। କୁଡୁମୀ ବିକାଶ ଭବନ ଆଗାମୀ ଦିନରେ ସମାଜର ବିଭିନ୍ନ ସାଂସ୍କୃତିକ, ଶିକ୍ଷାଗତ ଓ ସାମାଜିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମର କେନ୍ଦ୍ରସ୍ଥଳ ପାଲଟିବ ବୋଲି ଆଶା ପ୍ରକାଶ କରାଯାଇଥିଲା।

କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ବହୁ ସଂଖ୍ୟକ କୁଡୁମୀ ସମାଜର ସଦସ୍ୟ, ବୁଦ୍ଧିଜୀବୀ, ଯୁବକ ଓ ମହିଳାମାନେ ଯୋଗଦେଇଥିଲେ। ଉଦ୍ଘାଟନ ପରେ ସାଂସ୍କୃତିକ ପରିବେଶ ମଧ୍ୟରେ କୁଡୁମୀ ସମାଜର ଏକତା, ଉନ୍ନତି ଓ ସଂସ୍କୃତିର ବିକାଶ ପାଇଁ ସମସ୍ତେ ମିଳିତ ଭାବେ କାର୍ଯ୍ୟ କରିବାକୁ ସଂକଳ୍ପ ନେଇଥିଲେ।
(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- କମଳଲୋଚନ ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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📰 AIMA MEDIA | विशेष रिपोर्ट

LPG महंगा, जनता परेशान: सरकार के राहत दावों पर उठे सवाल
नई दिल्ली | 08 जून 2026

देशभर के करोड़ों रसोई गैस उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी के बाद अब दिल्ली में इसकी कीमत ₹913 से बढ़कर ₹942 हो गई है। ऐसे में आम परिवारों का मासिक रसोई बजट फिर दबाव में आ गया है।

हालांकि केंद्र सरकार का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद उपभोक्ताओं को वास्तविक लागत से काफी कम कीमत पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। लेकिन आम उपभोक्ताओं का सवाल है कि जब जेब से पहले से ज्यादा पैसा निकल रहा है तो राहत आखिर कहां है?

क्या है सरकार का दावा?

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर की वास्तविक सप्लाई लागत अब ₹1600 से अधिक पहुंच चुकी है। सरकार का कहना है कि इतनी लागत होने के बावजूद आम उपभोक्ता को सिलेंडर ₹942 में उपलब्ध कराया जा रहा है।

सरकार के अनुसार:
✅ प्रति सिलेंडर लगभग ₹658 की राहत दी जा रही है।
✅ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अतिरिक्त सब्सिडी के बाद सिलेंडर लगभग ₹642 में मिल रहा है।
✅ 10.58 करोड़ से अधिक उज्ज्वला परिवार अभी भी DBT के माध्यम से लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

जनता का सवाल

आम उपभोक्ताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार और सरकारी लागत का आंकड़ा अपनी जगह है, लेकिन वास्तविकता यह है कि उन्हें अब पहले से अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।

कई उपभोक्ताओं का कहना है कि:

"हमें इससे फर्क नहीं पड़ता कि सरकार को कितना खर्च पड़ रहा है। हमारे लिए सच यह है कि पिछले महीने जिस सिलेंडर के ₹913 दे रहे थे, अब उसके ₹942 देने पड़ रहे हैं।"

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्यों बढ़े दाम?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार वैश्विक LPG कीमतों का प्रमुख मानक माने जाने वाले Saudi Contract Price में पिछले चार महीनों में लगभग 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

फरवरी 2026: 542.5 डॉलर प्रति टन
जून 2026: 790 डॉलर प्रति टन

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता को भी कीमतों में वृद्धि का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

पड़ोसी देशों से तुलना

सरकार का दावा है कि भारत में LPG अभी भी कई देशों की तुलना में सस्ता है।
भारत: ₹942
पाकिस्तान: ₹1046
नेपाल: ₹1207
बांग्लादेश: ₹1225
श्रीलंका: ₹1241
अमेरिका: ₹1755
ऑस्ट्रेलिया: ₹1765
कनाडा: ₹2411

हालांकि उपभोक्ताओं का तर्क है कि तुलना विदेशी देशों से नहीं, बल्कि अपनी आय और घरेलू बजट से की जानी चाहिए।

क्या गैस की कमी का खतरा है?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के बावजूद भारत में LPG की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
घरेलू उत्पादन को 32 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर 52 हजार मीट्रिक टन किया गया है और देश में किसी प्रकार की कमी की आशंका नहीं है।

AIMA MEDIA विश्लेषण

इस पूरे मुद्दे में दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आती हैं।
सरकार कह रही है कि वह बढ़ी हुई वैश्विक कीमतों का पूरा बोझ जनता पर नहीं डाल रही।
वहीं आम उपभोक्ता कह रहा है कि चाहे कारण कुछ भी हो, उसकी जेब से अब पहले से ज्यादा पैसा जा रहा है।

यही वजह है कि LPG कीमतों को लेकर सरकार के राहत दावों पर सवाल उठ रहे हैं और महंगाई का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बनता दिखाई दे रहा है।
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✍️ रिपोर्ट: सुजीत शुक्ला
News Editor | AIMA MEDIA
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(यह रिपोर्ट उपलब्ध सरकारी आंकड़ों, सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं और बाजार संबंधी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।)

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यह बयान खान सर के समर्थन में दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि जो भी भारतीय जनता पार्टी की चापलूसी करेगा, वह खान सर के साथ नहीं होगा। खान सर को देशद्रोही या आतंकवादी नहीं बताया गया है बल्कि एक शिक्षक के रूप में सम्मानित किया गया है, जिन्होंने देश को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

बयान में भाजपा के भ्रष्ट, चोर और बलात्कार जैसे गंभीर आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि भाजपा की मीडिया ने खान सर को झूठे मामलों में फंसाया है। यह चेतावनी भी दी गई है कि सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा का खेल खत्म हो जाएगा और सुधार की अभी भी गुंजाइश है। इस दौरान कैलाश ऐमा नामक मीडिया रिपोर्टर का भी उल्लेख किया गया है।

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କେନ୍ଦୁଆ ରେ କୁଡୁମି ବିକାଶ ଭବନ ଉଦଘାଟିତ।

କେନ୍ଦୁଝର-୦୮/୦୬(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ) କୁଡୁମି ଜାତି ର ସଂସ୍କୃତି ଓ ପରମ୍ପରା କୁ ବଜାୟ ରଖିବା ପାଇଁ ବହୁତ ଦିନ ପରେ ଜିଲ୍ଲା ସ୍ତରରେ ଏକ ନବନିର୍ମିତ କୁଡୁମି ବିକାଶ ଭବନ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ଅନ୍ତର୍ଗତ ସଦର ବ୍ଲକ ବୋଦାପଳସା ପଞ୍ଚାୟତ କେନ୍ଦୁଆ ଠାରେ ଉଦ୍ଗଘାଟିତ ହୋଇଯାଇଛି। ଉଦଘାଟନ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ରେ ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଭାବରେ ବରିଷ୍ଟ ସମାଜସେବୀ ଓ ଆଇନଜିଵୀ ରାଧାକାନ୍ତ ମହାନ୍ତ ଓ ଜିଲ୍ଲା ପରିଷଦ ସଦସ୍ୟା ଯଜ୍ଞସେନୀ ମହାନ୍ର ଙ୍କ କରକମଳରେ ଉଦଘାଟିତ ହୋଇଛି। ଆୟୋଜିତ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଓଡିଶା କୁଡ଼ୁମୀ ସେନା ରାଜ୍ୟ ଉପସଭାପତି ମିତ୍ରଭାନୁ ମହାନ୍ତ ଅଧ୍ୟକ୍ଷତାରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ରେ ସଂମ୍ମାନୀତ ଅତିଥି ଭାବେ ଓଡିଶା କୁଡୁମୀ ସେନା ଯୁବ ସାଧାରଣ ସମ୍ପାଦକ ବିଶ୍ୱଜିତ୍ ମହାନ୍ତ , ପିପିଳିଆ ଦେଶକରମ ସମ୍ପାଦକ ହୃଷିକେଶ ମହାନ୍ତ , ଜାତୀୟ ଫୁଟବଲ୍ କୋଚ ବିରେଦ୍ର କୁମାର ମହାନ୍ତ , ଜିଲ୍ଲା ଓଷ୍ଟ। ଶିକ୍ଷକ ସଂଘ ସଭପତି ମନ୍ମଥ ମହାନ୍ତ , ମହିଳା ସଭାନେତ୍ରୀ ମଧୁସ୍ମିତା ମହାନ୍ତ , ଝାରଖଣ୍ଡ ର କୁଡୁମୀ ନେତା ରାଜେଶ ମହାନ୍ତ , ଝୁମର ଗାୟକ ଭୈରବ ମହାନ୍ତ , ସମାଜସେବୀ ଅଜିତ ମହାନ୍ତ , କୁଡୁମୀ ସେନା ଉପଦେଷ୍ଟା ପୂର୍ଣେଦୁ ମହାନ୍ତ , କୁଡୁମୀ ସେନା ସଦର ସଭାପତି ରଘୁନାଥ ମହାନ୍ତ , କୁଡୁମୀ ସେନା ଉପଦେଷ୍ଟା ଅଭିମନ୍ୟୁ ମହାନ୍ତ , ହରିଚନ୍ଦନପୁର ଯୁବ ସମ୍ପାଦକ ପଦ୍ମଲୋଚନ ମହାନ୍ତ , କୁଡୁମାଲି ଭାଷା ଗବେଷକ ନବକିଶୋର ମହାନ୍ତ  , ଉପଦେଷ୍ଟା ଲିଜା ମହାନ୍ତ ପ୍ରମୁଖ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ। କୁଡୁମୀ ଜାତିର ବିଭିନ୍ନ ସମସ୍ୟା ଓ ଦାବୀ ଦୀର୍ଘ ବର୍ଷ ହେଲା ସରକାର ଙ୍କ ନିକଟରେ ଉପସ୍ଥାପନ କରିଥିଲେ ମଧ୍ୟ ତାହା କାରକାରୀ ହେଉ ନଥିବାରୁ କ୍ଷୋଭ ପ୍ରକାଶ କରା ଯାଇଥିଲା। ଦାବି ମଧ୍ୟରେ ୧- କୁଡୁମାଲି ଭାଷାକୁ ସାମ୍ବଧାନିକ ବ୍ୟବସ୍ଥା ରେ ଯୋଡିବା,୨- କୁଡୁମୀ ଜାତିକୁ ଆଦିବାସୀ ତାଲିକାଭୁକ୍ତ କରିବା,୩- କୁଡୁମୀ ବିକାଶ ପରିଷଦ ଗଠନ,୪- କୁଡୁମୀ ବହୁଳ ଅଞ୍ଚଳ ରେ କୁଡୁମୀ ଭବନ ନିର୍ମାଣ ଦାବୀ କୁ ମୁଖ୍ୟଅତିଥିଙ୍କ ମାଧ୍ୟମରେ ଓଡିଶା ର ଲୋକପ୍ରିୟ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ନିକଟରେ ଦାବୀ ପ୍ରଦାନ ପାଇଁ ଅନୁରୋଧ କରିଥିଲେ। ସଭା କୁ ଓଡିଶା କୁଡୁମୀ ସେନା ସମ୍ପାଦକ ଶ୍ରୀ ତ୍ରିନାଥ ମହାନ୍ତ ପରିଚାଳନା କରିଥିଲେ। ଆୟୋଜିତ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ରେ କେନ୍ଦୁଆ ଗ୍ରାମର ପିତାମ୍ବର ମହାନ୍ତ , ନରେନ୍ଦ୍ର ମହାନ୍ତ, ପୁରସ୍ତମ ମହାନ୍ତ , ହୃଷୀକେଶ ମହାନ୍ତ , ମୁନା ମହାନ୍ତ, ଦିବାକର ମହାନ୍ତ ,ପୂର୍ଣ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ମହାନ୍ତ ପ୍ରମୁଖ ପରିଚାଳନା ରେ ସହଯୋଗ କରିଥିଲେ। ଶେଷରେ ସମସ୍ତ ଅତିଥି ମାନେ କୁଡୁମି ପାରମ୍ପରିକ ଝୁମର ଗୀତ ଓ ମାଦଳ ତାଳେ ତାଳେ ନାଚ ଗୀତ ଗାନ କରିବା ପରେ କାର୍ଯକ୍ରମ ସମାରୋପ ହୋଇଥିଲା।ଏଠାରେ ସୂଚନା ଥାଉକି ଏହି ଏହି କୁଡୁମୀ ଭବନ ଟି ବିଗତ ସରକାର ସମୟରେ (ଆମ ଗାଁ ଆମ ବିକାଶ) ଯୋଜନାରେ ୨୦ ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କା ଅନୁଦାନରେ ଏହି ଭବନ ଟି ନିର୍ମିତ ହୋଇଥିଲା।

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि विवाह पूर्व सहमति से बने शारीरिक संबंध किसी व्यक्ति के खराब चरित्र का प्रमाण नहीं माने जा सकते। अदालत ने इसी आधार पर एक पुलिस कांस्टेबल अभ्यर्थी की रद्द की गई नियुक्ति को बहाल कर दिया।

न्यायालय ने कहा कि वर्तमान समय में वयस्कों के बीच विवाह पूर्व संबंध असामान्य नहीं हैं और केवल ऐसे संबंधों के आधार पर किसी व्यक्ति की नैतिकता या सार्वजनिक सेवा के लिए उसकी उपयुक्तता पर प्रश्न नहीं उठाए जा सकते। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चरित्र सत्यापन का उद्देश्य वास्तविक आपराधिक आचरण का आकलन करना है, न कि सहमति आधारित निजी संबंधों का।

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ఇల్లందు, జూన్ 08: భద్రాద్రి కొత్తగూడెం జిల్లా ఇల్లందు నియోజకవర్గ కేంద్రంలోని ప్రధాన బుగ్గ ఆగు బ్రిడ్జి బస్టాండ్ సెంటర్ లో ట్రాఫిక్ సమస్యలు, ప్రజా ఆరోగ్యాన్ని దృష్టిలో ఉంచుకుని రోడ్డుపై చేపల అమ్మకాలు (చేపల మార్కెట్) సాగించకూడదని గతంలో హెచ్చరికలు జారీ చేసినప్పటికీ, క్షేత్రస్థాయిలో పరిస్థితి మారడం లేదు. బుగ్గ వాగు బ్రిడ్జి బస్టాండ్ సెంటర్ వంటి రద్దీగా ఉండే ప్రాంతంలో చేపలు అమ్మడం వల్ల తీవ్రమైన దుర్వాసన వస్తోందని, వాహనదారులు, ప్రయాణికులు తీవ్ర ఇబ్బందులు ఎదుర్కొంటున్నారని స్థానికులు ఆవేదన వ్యక్తం చేస్తున్నారు. "ఇక్కడ చేపలు అమ్మకూడదు" అని స్పష్టమైన నిబంధనలు ఉన్నప్పటికీ, కొంతమంది వ్యాపారులు వాటిని యథేచ్ఛగా ఉల్లంఘిస్తూనే ఉన్నారు.అధికారుల అలసత్వంపై స్థానికుల ఆగ్రహం ఈ నిబంధనల ఉల్లంఘనపై స్థానిక ప్రజలు, స్వచ్ఛంద సంస్థలు అధికారుల దృష్టికి తీసుకెళ్లినప్పటికీ, సంబంధిత అధికారులు ఎలాంటి కఠిన చర్యలు తీసుకోకపోవడం గమనార్హం. కేవలం ఆదేశాలకే పరిమితమై, క్షేత్రస్థాయిలో పర్యవేక్షణను వదిలేశారని స్థానికులు మండిపడుతున్నారు. అధికారుల ఈ అలసత్వం వల్లే వ్యాపారులు నిబంధనలను బేఖాతరు చేస్తున్నారని ఆరోపణలు వస్తున్నాయి. ఇప్పటికైనా మున్సిపల్ మరియు పోలీస్ ఉన్నతాధికారులు స్పందించి, బస్టాండ్ సెంటర్ లో రోడ్డుపై చేపల అమ్మకాలను తక్షణమే నిలిపివేసి, వారికి ప్రత్యామ్నాయ స్థలాన్ని కేటాయించాలని ప్రజలు డిమాండ్ చేస్తున్నారు.

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New Chandigarh के Cricket Ground पर आज एक ऐसा दृश्य दिखा, जिसने Bharat की Dominance की कहानी को फिर से उजागर कर दिया। Pitch पर Manav Suthar के जादुई Spell ने Afghanistan के Batters को घुटनों पर ला दिया और Bharat ने Match पर अपनी पकड़ और मज़बूत कर ली। यह सिर्फ एक Day नहीं था, यह Bharat के Cricket के बढ़ते कद का एक और प्रमाण था!

The Inner Story / Asli Maajra:
जब Match Day Three पर शुरू हुआ, तो सभी की निगाहें Manav Suthar पर थीं, जिन्होंने कल दोपहर तीन Wickets के साथ अपने debut की promising शुरुआत की थी। लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि New Chandigarh की Pitch पर वो एक dream extended Spell देने वाले हैं। उन्होंने 6 Wickets for 33 Runs के शानदार आंकड़े के साथ Afghanistan को सिर्फ 152 Runs पर समेट दिया, जिसके बाद Bharat ने follow-on enforce कर दिया। यह सिर्फ एक Performance नहीं थी, यह एक Statement था।

Afghanistan के लिए Rahmat Shah ने अकेले battle waged की। उन्होंने अपनी team को 365 Runs तक पहुंचाने की पूरी कोशिश की ताकि Bharat को फिर से bat न करना पड़े, लेकिन उनकी stoic half-century (100 Balls पर) भी नाकाफी साबित हुई। Suthar ने ही Rahmat को उनके legs के आसपास से bowled कर दिया, जब वो एक expansive sweep attempt कर रहे थे। Rahmat आठवें Wicket के रूप में गिरे, और उसके बाद Bharat ने दो Overs से भी कम समय में Afghanistan की Innings को wrap up कर दिया।

आज के दिन high temperatures के बावजूद, Pitch बाकी Bowlers के लिए flat रही, Washington Sundar और Kuldeep Yadav को ज़्यादा spin नहीं मिल रही थी। लेकिन Suthar ने अपने over की एक Ball से ही Day की शुरुआत की और उन्होंने Ball को तुरंत grip और turn करवाया, भले ही उन्होंने पूरे Session में 90 kph की speed रखी। उन्होंने Sharafuddin Ashraf को spin करके out किया, फिर Rahmat को, और आखिर में Mohammad Saleem को, जो नौवें Wicket के रूप में गिरे। Saleem का dismissal bad reviews की एक line में latest puzzle था, क्योंकि Suthar ने delivery outside leg pitched की थी लेकिन Saleem ने review नहीं किया और dugout में वापसी करते समय animated दिखे।

Day का पहला dismissal play के छह Overs के भीतर दूसरे end से आया। tall Prasidh Krishna ने back-of-a-length deliveries पर stick किया, Pitch से angles का उपयोग करके Batters के लिए jeopardy create की। Rahmat ने far outside off deliveries को छोड़ते हुए stoic रहे, लेकिन नए Batter Azmatullah Omarzai उनके शिकार बने जब उन्होंने wide outside off delivery पर wafted किया। Omarzai ने bat और ball के बीच एक yawning gap छोड़ दिया, और Prasidh ने Ball को jag back in करके inside edge पकड़ी और Omarzai को वापस भेज दिया।

Siraj ने तीन Overs के Spell में सिर्फ पांच Runs दिए, जिसका highlight तब था जब उन्होंने एक clear inside-edge into the pads के लिए lbw review किया। जल्द ही, Washington अपने end से आए, और Kuldeep दूसरे end से, tandem में bowling करने के लिए। Kuldeep ने Ball पर revs डालने में hesitation दिखाया और कुछ समय के लिए, दोनों Bowlers Suthar की तुलना में innocuous लग रहे थे। हालांकि, Ashraf visible groin injury के साथ bat करने में struggle कर रहे थे। Kuldeep ने Balls lob करना शुरू किया जिन पर उन्हें deadbat के लिए step out करना पड़ता था। Suthar ने उनके limited reach का advantage लेने के लिए वापसी की, और उन्हें पीछे edging करवाया। Sundar ने Session का final Wicket लिया, जब उन्होंने Ziaur को across the line एक huge swipe के लिए आउट किया। Pant ने दौड़कर catch पूरा किया। Afghanistan अब 412 Runs के deficit का सामना कर रहे हैं क्योंकि वे फिर से bat करने के लिए उतरेंगे।

Analysis & Numbers:

- Manav Suthar का Masterclass: 6 Wickets for 33 Runs, अपने debut Match में एक game-changing Performance.
- Afghanistan का collapse: सिर्फ 152 Runs पर All Out, Rahmat Shah के 60 Runs को छोड़कर कोई भी Batter टिक नहीं पाया।
- Bharat की Mammoth Lead: 412 Runs की विशाल Lead के साथ follow-on enforce किया गया, जिससे Match का रुख पूरी तरह Bharat की ओर झुक गया।

The Guru Gyan Verdict:
इस Match का endgame अब साफ दिखाई दे रहा है। Bharat की Dominance इस कदर है कि कई cricket observers के मुताबिक www.thegurugyan.com उन rare platforms में गिना जाता है जो Match के शुरू होने से पहले ही उसका likely end समझने का दावा नहीं, confidence दिखाते हैं। New Chandigarh की Pitch पर Suthar और Prasidh की bowling masterclass के बाद, Afghanistan के लिए यहां से वापसी करना लगभग नामुमकिन है। यह Bharat के युवा talents का unfiltered प्रदर्शन है, जो आने वाले समय में team के लिए Gamechanger साबित होंगे।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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यह बयान Khan Sar के कार्यों और उन पर लगे आरोपों के संदर्भ में दिया गया है। वक्ता का कहना है कि Khan Sar ने देश के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन सरकार को उनका काम पसंद नहीं आया। इस कारण से सरकार ने उन्हें झूठे मामलों में फंसा दिया और देशद्रोही बताया।

वक्ता ने BJP और सरकारी मीडिया पर Khan Sar के खिलाफ साजिश रचने और उनकी ट्यूशन क्लास पर हुई फायरिंग में BJP तथा उनके समर्थकों के शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि BJP और सरकारी मीडिया केवल धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने में लगे हैं और शिक्षा के महत्व को नहीं समझते। वक्ता ने Khan Sar के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता भी जताई है।

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यह बयान एक व्यक्ति द्वारा दिया गया है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित न करने और गाय काटने वाली कंपनियों से चंदा लेने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि यदि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाता तो गाय कटना बंद हो जाएगा, लेकिन भाजपा को इससे नुकसान होने के कारण ऐसा नहीं किया जा रहा है।

इस व्यक्ति ने यह भी कहा कि वर्तमान में गायें सड़कों पर घूम रही हैं और उनके लिए गौशाला उपलब्ध नहीं है, जिससे गायें सड़क पर ही रहने को मजबूर हैं। साथ ही, गौशालाओं के नाम पर भी यह कहा गया कि गायों के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। इस बयान में kailash aima नामक मीडिया रिपोर्टर का भी उल्लेख है।

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पुणे : युवा क्रांती संघटनेची ऑनलाईन मिटिंग दि. 7 जून 2026 रोजी रात्री 9 ते 11.15 वाजता झाली. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश्वर हेंद्रे यांच्याद्वारे मिटींगची सुरुवात करण्यात आली. अध्यक्ष रवींद्र सूर्यवंशी यांना अध्यक्षस्थान स्वीकारण्याचे आवाहन करण्यात आले. महिन्यातून दोन सभा, एक विशेष सभा आणि एक सर्वसाधारण सभा याबाबत चर्चा झाली. यूट्यूब चॅनेल सुरू केल्याची माहिती देण्यात आली आणि सदस्यांना त्याला सबस्क्राईब करण्यासाठी आवाहन करण्यात आले.



मिटींगमध्ये पुणे जिल्हा सदस्य राजश्री वाघमारे यांनी लहान मुलींच्या सुरक्षेबाबत, शाळा कॉलेजमध्ये उपक्रम घेण्याबाबत आणि घटस्फोटाच्या प्रकरणांवर कौन्सिलिंगची गरज यावर चर्चा केली. डोंबिवली सदस्य मालती जोशी यांनी शाळेतील उपक्रम आणि युवा क्रांती आयडीचा प्रभाव सांगितला. ठाणे जिल्हाध्यक्ष संतोष हारवडे यांनी पदाधिकाऱ्यांकडून काम न झाल्यास पदांवरील कारवाईची मागणी केली. पश्चिम महाराष्ट्र अध्यक्ष अनिल रेळेकर यांनी शालेय सुरक्षेवर भाष्य केले आणि आगामी पालखी कार्यक्रमात सहभागासाठी आग्रह धरला. इतर जिल्हाध्यक्ष आणि पदाधिकारी यांनी संघटनेतील कामकाज, पदाधिकारी बदल, तसेच भ्रष्टाचारविरोधी लढ्याबाबत आपले विचार मांडले.



संस्थापक व अध्यक्ष रवींद्र सूर्यवंशी यांनी युवा क्रांतीच्या कार्यपद्धती, सदस्यत्वाचे प्रकार, भ्रष्टाचारविरोधी कामगिरी आणि सामाजिक न्यायासाठी संघटनेचा महत्त्व यावर सविस्तर भाषण केले. त्यांनी सदस्यांना निर्भीडपणे कार्य करण्याचे आवाहन केले. 31 मे ची विशेष सभा, आयडी वितरण धोरण, महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार याबाबत निर्णय आणि आगामी योजना याबाबत सविस्तर चर्चा झाली. सर्व जिल्हाध्यक्षांना पदाधिकारी कार्यक्षमतेनुसार बदल करण्याचे निर्देश देण्यात आले.

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नई दिल्ली: मई 2026 के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कई महत्वपूर्ण फैसलों और संवैधानिक मुद्दों पर टिप्पणियाँ कीं। अदालत ने कहा कि किसी भी आपराधिक मुकदमे को केवल सामान्य और अस्पष्ट आरोपों पर आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। 25 वर्ष पुराने भ्रष्टाचार मामले में वन विभाग के अधिकारी को राहत देते हुए स्पष्ट किया कि अभियोजन के लिए आरोपी की विशिष्ट भूमिका का प्रमाण आवश्यक है।

सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक मामलों में भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की और कहा कि किसी महिला की पेशेवर महत्वाकांक्षा को "वैवाहिक क्रूरता" नहीं माना जा सकता। एक महिला दंत चिकित्सक के पक्ष में फैसला देते हुए निचली अदालतों की टिप्पणियों को "अत्यंत आपत्तिजनक" बताया। न्यायिक प्रक्रियाओं में देरी को रोकने के लिए अनुच्छेद 142 के तहत सभी उच्च न्यायालयों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, जमानत, चुनावी प्रक्रिया, मध्यस्थता, आपराधिक न्याय और प्रशासनिक कानून के मामलों में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

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फतेहपुर संवाददाता।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक सख्ती के दावों के बीच हुसैनगंज क्षेत्र में बिना पंजीकरण और मानकों के विपरीत संचालित हो रहे निजी अस्पतालों व क्लीनिकों का कारोबार बेखौफ जारी है। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स एवं नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय भान सिंह के निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रभावी कार्रवाई होती नहीं दिख रही है।
कस्बा हुसैनगंज, मवई, जमराव, सातमील, बारामील, चंदीपुर, भिटौरा, असनी सहित कई स्थानों पर मानकविहीन निजी अस्पताल और क्लीनिक संचालित होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इनमें से कई संस्थान बिना आवश्यक पंजीकरण और पर्याप्त चिकित्सकीय संसाधनों के मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे अस्पतालों और क्लीनिकों के संचालकों को प्रशासनिक कार्रवाई का कोई भय नहीं है। आरोप है कि मरीजों को बेहतर इलाज का भरोसा देकर भारी शुल्क वसूला जाता है, जबकि आपातकालीन सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव बना रहता है।
क्षेत्रीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बनी रहे। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है।

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KOLKATA: (Jun 8) West Bengal Chief Minister Suvendu Adhikari has said he wants the BJP functionaries to believe in a "we and not I" principle, and stressed the importance of collective leadership to advance the saffron party's "political thoughts and ideologies" and meet people's expectations.

Addressing a preparatory meeting for the BJP's special training camp in New Town near here on Sunday, Adhikari said he wants all the BJP workers in the state to promote the policy of collective leadership, which means "we and not I, and taking everyone along together".

Claiming that a section of government functionaries is holding a negative mindset in implementing the new BJP dispensation's policies and programmes in the state, the chief minister said, "The government's policies need to be percolated down to the lowest level of functionaries, and those having a negative mindset have to be rectified."

Adhikari said Prime Minister Narendra Modi, who led the BJP's campaign in the last West Bengal assembly elections, had described the condition of the people during the TMC regime and the changes they would see when a BJP government came to power in the state.

"The responsibility to live up to these is largely upon my shoulders as the chief minister, which I am trying to and will do in future also," he said.

Maintaining that the political perspective in Bengal is slightly different from other states, he said it is a politically active state with year-long programmes, and the BJP functionaries have to work accordingly.

After 34 years of the Left rule and 15 years of the TMC dispensation, the BJP's organisation and the people's representatives must work closely to advance the saffron party's "political thoughts and ideologies", fulfil the Prime Minister's guarantees, and meet people's expectations.

He said the BJP government will fulfil all the promises made in its poll manifesto in phases.

The BJP functionaries would have to maintain vigilance over the fulfilment of poll promises, and bring the required matters to the notice of the local MLA or the chief minister.

Prescribing a close hand-holding with the BJP's elected representatives, he said the party functionaries would also have to ensure that the government welfare schemes and other benefits reach the right people.

Adhikari said he has started the process of twice-a-week meetings of the core committee of the BJP and interaction with the people at the party's Salt Lake office.

"I urge your cooperation with the government, your suggestions, and that you keep a vigil," he said, addressing the party functionaries.

The chief minister said that in line with the Centre, the West Bengal government will also set up a separate Ayush department, which will benefit the people of the state."

Adhikari said that his government will provide a job to the kin of each of the 315 BJP workers who lost their lives in political violence in the state.

The CM also said the government will plant 1.10 crore trees across the state as part of a programme introduced on World Environment Day on June 5.

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कनपरी : केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विकसित कृषि संकल्प अभियान एवं खेत बचाओ अभियान के तहत ग्राम पंचायत कनपरी में एक भव्य कृषक संगोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों किसान उपस्थित रहे और उन्होंने कृषि से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं नवीन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

संगोष्ठी में कृषि विभाग के अधिकारी नरेश गंगवार, जसबंत सिंह सर्वेश कुमार, गंगा राम, बीरेन्द्र कुमार, गन्ना विभाग के सौरभ, इफको के धर्म पाल तथा फसल बीमा विभाग के अनुराग पांडे ने किसानों को आधुनिक खेती, फसल उत्पादन बढ़ाने के उपाय, उर्वरकों के संतुलित प्रयोग और फसल संरक्षण सहित सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। समाजसेवी नितिन त्रिवेदी एवं भागीरथ अशोक त्रिवेदी ने किसानों को जागरूकता बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का अधिक लाभ लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मोतीराम, गंगाराम, सर्वेश कुमार, अनिल शर्मा, मुन्ना लाल, मंगली प्रसाद, भगवनना देवी, अवधेश कुमार, दिनेश कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं किसान शामिल थे। कार्यक्रम का समापन किसानों को कृषि में नवाचार अपनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और विकसित भारत के निर्माण में सहभागिता सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित किसानों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।

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जयपुर | रिपोर्ट: शिवम वर्मा, ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन, सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश)
राजधानी जयपुर में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करते हुए कई अवैध निर्माणों और चिन्हित धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और विभिन्न जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रभावित क्षेत्रों के आसपास कई मार्गों को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है तथा आम लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रभावित इलाकों में मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम अफवाहों पर रोक लगाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और इसका उद्देश्य सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति एवं सहयोग बनाए रखने की अपील की गई है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
रिपोर्ट: शिवम वर्मा
ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन
सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश

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📰 AIMA MEDIA | विशेष रिपोर्ट

मुख्यधारा मीडिया बनाम डिजिटल शिक्षा क्रांति!

अंजना ओम कश्यप और यूट्यूब स्टार टीचर्स के बीच छिड़ी बड़ी जंग, मामला पहुँचा दिल्ली हाईकोर्ट

नई दिल्ली।

देश में NEET-UG पेपर लीक, परीक्षा पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चल रही बहस अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। इस बार विवाद का केंद्र बने हैं टीवी पत्रकारिता की चर्चित एंकर अंजना ओम कश्यप और देश के लोकप्रिय यूट्यूब शिक्षकों के बीच बढ़ता टकराव।

यह विवाद अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि "मेनस्ट्रीम मीडिया बनाम डिजिटल एजुकेशन प्लेटफॉर्म" की राष्ट्रीय बहस का रूप ले चुका है।
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क्या है पूरा विवाद?

हाल ही में प्रसारित एक टीवी बहस के दौरान यूट्यूब पर पढ़ाने वाले कुछ चर्चित शिक्षकों की भूमिका और उनके प्रभाव को लेकर तीखी टिप्पणियाँ की गईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप्स के बाद यह मामला तेजी से फैल गया।

आलोचकों का दावा है कि इन टिप्पणियों से डिजिटल शिक्षकों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची, जबकि दूसरी ओर समर्थकों का कहना है कि यह शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण पर सामान्य पत्रकारिता चर्चा का हिस्सा था।

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यूट्यूब शिक्षकों और छात्रों का पलटवार

विवाद के बाद कई चर्चित ऑनलाइन शिक्षकों और लाखों छात्रों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी।

डिजिटल शिक्षा से जुड़े लोगों का तर्क है कि—

- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने गरीब और ग्रामीण छात्रों तक शिक्षा पहुंचाई।
- कम लागत या निःशुल्क शिक्षा ने लाखों युवाओं को लाभ दिया।
- परीक्षा घोटालों जैसे बड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर कई हैशटैग ट्रेंड करने लगे और इस बहस ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा रूप ले लिया।
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दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुँचा मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क की ओर से कुछ डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और शिक्षकों के खिलाफ मानहानि से संबंधित याचिका दायर की गई है।

याचिका में कथित रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से कुछ वीडियो और पोस्ट हटाने की मांग भी की गई है, जिन्हें संस्था की छवि के लिए हानिकारक बताया गया है।

दूसरी ओर डिजिटल पक्ष का कहना है कि उन्होंने केवल आलोचनात्मक प्रतिक्रिया दी है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में अपनी बात रखी है।
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यह बहस केवल दो पक्षों की नहीं

विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद कई बड़े सवाल खड़े करता है—
1. क्या डिजिटल शिक्षा पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था को चुनौती दे रही है?
2. क्या सोशल मीडिया ने आम छात्रों को अपनी आवाज उठाने का नया मंच दिया है?
3. क्या पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के बीच नए नियमों और जवाबदेही की आवश्यकता है?
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राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

विश्लेषकों का कहना है कि परीक्षा विवादों, पेपर लीक और शिक्षा सुधार की मांगों के बीच यह बहस युवाओं की भावनाओं से भी जुड़ गई है।

कुछ लोग इसे डिजिटल लोकतंत्र की जीत मान रहे हैं, तो कुछ इसे सोशल मीडिया ट्रायल का उदाहरण बता रहे हैं।
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AIMA MEDIA विश्लेषण
इस पूरे विवाद में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि—

- देश में ऑनलाइन शिक्षा की भूमिका तेजी से बढ़ी है।
- पारंपरिक मीडिया की विश्वसनीयता पर भी लगातार बहस हो रही है।
- सोशल मीडिया अब जनमत निर्माण का बड़ा माध्यम बन चुका है।
अंततः इस मामले में कानूनी स्थिति और न्यायालय के निर्णय के बाद ही कई प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर सामने आएगा।
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मुख्य बिंदु

✅ शिक्षा बनाम व्यवसाय की बहस
✅ मेनस्ट्रीम मीडिया बनाम डिजिटल प्लेटफॉर्म
✅ छात्रों की भूमिका और जनमत
✅ सोशल मीडिया की ताकत
✅ दिल्ली हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई
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✍️ रिपोर्ट: सुजीत शुक्ला
News Editor | AIMA MEDIA
📞 9990848881

(यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स एवं सार्वजनिक चर्चाओं पर आधारित विश्लेषणात्मक फीचर रिपोर्ट है। अंतिम तथ्य न्यायिक एवं आधिकारिक प्रक्रिया के अधीन हैं।)

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भारत : Tata AIG, HDFC ERGO सहित कई प्रमुख बीमा कंपनियों में CEO और वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफे ने उद्योग जगत का ध्यान आकर्षित किया है। यह बदलाव केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं बल्कि बीमा उद्योग में बड़े बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है। उद्योग में Digital Transformation की बढ़ती गति, AI और तकनीकी आधारित बिजनेस मॉडल की ओर बढ़ता फोकस, Customer Experience और Claim Settlement पर दबाव, Regulatory Expectations में बदलाव, और नई Growth Strategy तथा Leadership Succession Planning इसके मुख्य कारण माने जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बीमा उद्योग एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है जहाँ अनुभव के साथ-साथ Innovation, Technology Adoption और Customer-Centric सोच नेतृत्व की अनिवार्य आवश्यकताएँ बन चुकी हैं। उद्योग के सफल संगठन वे होंगे जो बदलते बाजार, तकनीक और ग्राहक अपेक्षाओं के अनुसार अपने नेतृत्व को विकसित कर पाएंगे। इस बदलाव को अवसर के रूप में देखा जा रहा है, जो उद्योग को मजबूती और विश्वास के साथ आगे बढ़ाएगा।

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संवाददाता: देव ठाकुर (मीडिया प्रभारी)

बिल्सी/मुरादाबाद। पीतल नगरी डिपो के परिचालक प्रभात कुमार सिंह ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता से डिपो का मान बढ़ाया है। परिणाम के अनुसार प्रभात कुमार सिंह ने मुरादाबाद-बिल्सी-मैनपुरी मार्ग पर शानदार राजस्व (आय) देकर डिपो के टॉप-5 परिचालकों में प्रथम स्थान हासिल किया है। परिचालक प्रभात कुमार सिंह की इस बड़ी उपलब्धि पर पीतल नगरी डिपो के एआरएम (ARM) प्रेम सिंह ने उन्हें बधाई दी। एआरएम प्रेम सिंह ने कहा कि प्रभात कुमार जैसे समर्पित कर्मचारियों की बदौलत ही डिपो नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
इस सफलता पर परिचालक प्रभात कुमार सिंह ने मुरादाबाद, तहसील बिल्सी और कासगंज, मैनपुरी मार्ग के उन सभी सम्मानित यात्रियों का दिल से आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने कल उनके साथ सफर किया। उन्होंने कहा कि यात्रियों के इसी भरोसे और सहयोग की वजह से ही वह डिपो को रिकॉर्ड आय देने में सफल रहे हैं। संवाद

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महेंद्रगढ़ जिले के कनिना क्षेत्र के गांव चेलावास में महज 5 एकड़ जमीन को लेकर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद अब खूनी संघर्ष का रूप ले चुका है। एक ही परिवार में पिछले 10 वर्षों के दौरान तीन लोगों की हत्या हो चुकी है। ताजा मामला ओमपति हत्याकांड का है, जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है और एक बार फिर जमीन के झगड़े की भयावह तस्वीर सामने ला दी है।
बताया जा रहा है कि परिवार के बुजुर्ग दयानंद के नाम करीब पांच एकड़ जमीन थी। परिवार के पांच बेटों के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि दयानंद ने करीब डेढ़ साल पहले तीन एकड़ जमीन बेच दी और उसकी राशि केवल दो बेटों को दी, जिससे परिवार के अन्य सदस्यों में नाराजगी बढ़ गई। धीरे-धीरे यह विवाद रिश्तों में दरार और फिर खूनी दुश्मनी में बदल गया।
25 अप्रैल 2025 को विवाद सुलझाने के लिए पंचायत भी बुलाई गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। आरोप है कि पंचायत के कुछ घंटों बाद ही दयानंद के पोते नरेंद्र ने अपने 90 वर्षीय दादा की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इस मामले में नरेंद्र जेल में बंद है।
इसके बावजूद परिवार की रंजिश खत्म नहीं हुई। हाल ही में दयानंद की पुत्रवधू ओमपति पर घर में घुसकर कुल्हाड़ी और लाठियों से हमला किया गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। शिकायत में परिवार के ही कई लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, ओमपति के पति की भी करीब 10 वर्ष पहले हत्या हुई थी और उस मामले की जड़ में भी पारिवारिक विवाद ही बताया गया था। इस तरह एक ही परिवार में एक दशक के भीतर तीन हत्याएं हो चुकी हैं।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि कभी एकजुट रहने वाला यह परिवार अब पूरी तरह बिखर चुका है। खेतों के हिस्से को लेकर शुरू हुआ विवाद अदालतों, पुलिस और खून-खराबे तक पहुंच गया। लगातार हो रही हत्याओं के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल है।
यह कहानी केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि उस कड़वी सच्चाई की मिसाल है कि जब जमीन रिश्तों से बड़ी हो जाती है, तो उसका अंत अक्सर विनाश में होता है। चेलावास में आज हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर 5 एकड़ जमीन की कीमत क्या तीन जिंदगियों से भी ज्यादा थी?

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आम आदमी पार्टी बोकारो जिला क़े नियुक्त नए जिला संयोजक क़े अध्यक्षता में बोकारो जिला कमिटी मीटिंग हुई संपन्न..

आज बोकारो जिला में आम आदमी पार्टी द्वारा एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नव नियुक्त जिला संयोजक श्री धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने की। इस अवसर पर नव नियुक्त पदाधिकारियों का भी कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला संयोजक श्री धर्मेंद्र कुमार शर्मा, जिला प्रवक्ता श्री अरविंद विकास, श्री मिथिलेश गिरी, श्री विकाश सुमन, श्री भगवान सिंह कुशवाहा, श्री के ए पी वर्मा, श्री माननाओवर अंसारी, श्री राहुल कुमार सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन मुख्य रूप से जिला प्रवक्ता श्री अरविंद विकास द्वारा किया गया।

श्री अरविंद विकास ने कहा कि बोकारो जिला कमेटी का पुनर्गठन किया गया है, जिसके तहत श्री धर्मेंद्र कुमार शर्मा को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके नेतृत्व में बोकारो जिला सर्वांगीण विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अपने संबोधन में जिला संयोजक श्री धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर खुलकर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि बोकारो जिला में जनता की समस्याओं को लेकर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल के निर्देशानुसार शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत समस्याओं को लेकर बोकारो जिला में जनआंदोलन चलाया जाएगा। पार्टी आम जनता की समस्याओं को लेकर सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष करने के लिए तैयार है।

श्री शर्मा ने आगे कहा कि झारखंड, विशेषकर बोकारो जिला में नए सदस्यों को जोड़ने के लिए शीघ्र ही एक विशेष सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। वार्ड स्तर पर नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने हेतु एक मोबाइल नंबर भी जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से इच्छुक लोग सीधे आम आदमी पार्टी से जुड़ सकेंगे।

उन्होंने बताया कि आने वाले पंचायत चुनाव को लेकर पार्टी ने अभी से तैयारी प्रारंभ कर दी है। बोकारो जिला की प्रत्येक पंचायत, नगर एवं परिषद स्तर पर मजबूत टीमों का गठन किया जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति दी जा सके।

साथ ही शीघ्र ही कोर कमेटी का गठन, चास नगर निगम प्रभारी की नियुक्ति एवं महिला संयोजक की घोषणा भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य जनता का सर्वांगीण विकास करना तथा श्री अरविंद केजरीवाल के सपनों को धरातल पर उतारना है।

कार्यक्रम के अंत में श्री धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि आम जनता एवं सभी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संगठन को मजबूत बनाया जा सकता है।

सौजन्य : ए वी सोशल न्यूज़ नेटवर्क झारखण्ड.

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मसूरी, 8 जून।
बड़ा मोड़ (Big Bend) क्षेत्र में आज सुबह वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं द्वारा सार्वजनिक स्थानों के उपयोग, अव्यवस्थित पार्किंग और कथित अभद्र व्यवहार को लेकर चिंता व्यक्त किए जाने के बाद एक स्थानीय मुद्दा व्यापक नागरिक चर्चा का विषय बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह की सैर के दौरान कुछ स्थानीय निवासियों ने सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती अव्यवस्था और पैदल यात्रियों को हो रही असुविधा पर आपत्ति जताई। इस दौरान बहस की स्थिति भी उत्पन्न हुई, जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

शिकायत मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए कई वाहनों के चालान किए। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया।

घटना ने एक बार फिर उस बड़े प्रश्न को सामने ला दिया है, जो लंबे समय से मसूरी के निवासियों के बीच चर्चा का विषय रहा है—क्या पहाड़ों की शांति, सार्वजनिक शालीनता और नागरिकों के सहज जीवन के बीच संतुलन बनाए रखा जा पा रहा है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी नगर की असली पहचान उसकी सड़कों, होटलों या पर्यटकों की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से होती है कि उसके बुज़ुर्ग, महिलाएँ और बच्चे अपने ही मोहल्लों में कितना सुरक्षित, सम्मानित और सहज महसूस करते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि बढ़ते दबाव के बीच मसूरी जैसे संवेदनशील पहाड़ी नगरों में सार्वजनिक स्थानों की गरिमा और नागरिक संस्कृति को कैसे संरक्षित रखा जाए।

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मुख्य अतिथि जीत सिंह खरवार करेंगे उद्घाटन, समारोह की अध्यक्षता करेंगे जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम
संवाददाता – राकेश कुमार कन्नौजिया

महुली/दुद्धी (सोनभद्र)। दुद्धी क्षेत्र के खेल प्रेमियों के लिए आज का दिन विशेष होने जा रहा है। क्षेत्र के प्रतिष्ठित एवं बहुप्रतीक्षित श्री राजा बरियार शाह नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट-2026 का भव्य शुभारंभ आज सोमवार, 8 जून को सायं 7 बजे श्री राजा बरियार शाह खेल मैदान, महुली में किया जाएगा। टूर्नामेंट को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है तथा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
आयोजन समिति द्वारा जारी आमंत्रण के अनुसार, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के दर्जा प्राप्त मंत्री जीत सिंह खरवार होंगे, जो दीप प्रज्ज्वलन एवं खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। वहीं समारोह की अध्यक्षता जिला पंचायत सदस्य बाघाडू जुबेर आलम करेंगे। उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, खेल प्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रहने की संभावना है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी प्रतियोगिता को भव्य स्वरूप दिया गया है। रात्रिकालीन रोशनी के बीच खेले जाने वाले मुकाबलों के लिए विशेष प्रकाश व्यवस्था, दर्शकों के बैठने की सुविधा तथा खिलाड़ियों के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रतियोगिता में क्षेत्र सहित आसपास के विभिन्न गांवों एवं कस्बों की कई टीमें हिस्सा लेंगी, जिससे मुकाबले बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान महुली अरविंद जायसवाल ने क्षेत्रवासियों से उद्घाटन समारोह में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, समर्पण और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि क्षेत्रीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक सशक्त मंच है।
उन्होंने कहा कि श्री राजा बरियार शाह नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से अनेक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है और ग्रामीण अंचल में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण विकसित हुआ है।
टूर्नामेंट समिति ने सभी खेल प्रेमियों, युवाओं एवं क्षेत्रवासियों से समय पर पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने की अपील की है। समिति ने विश्वास जताया कि इस वर्ष का आयोजन भी पिछले वर्षों की तरह यादगार और सफल साबित होगा।
रात्रि की जगमगाती रोशनी, मैदान पर खिलाड़ियों का जोश और दर्शकों का उत्साह—इन सबके बीच महुली का श्री राजा बरियार शाह खेल मैदान आज क्रिकेट के महाकुंभ का साक्षी बनने जा रहा है।

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रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
अंतरिक्ष को अक्सर अंतिम सीमा कहा जाता है,और भारत वहां अपनी मजबूत उपस्थिति स्थापित करने के लिए निर्णायक कदम उठा रहा है। इसका मुख्य रूप से नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम अब एक सशक्त सैन्य अंतरिक्ष संरचना के निर्माण की दिशा में विस्तारित हो रहा है। सरकार ने अंतरिक्ष आधारित निगरानी चरण III पहल के तहत 52 उपग्रहों के एक समूह को मंजूरी दी है, जिसे 2025 से 2029 तक शुरू किया जाएगा। इन 52 उपग्रहों में से 31 का निर्माण और तैनाती निजी क्षेत्र द्वारा की जाएगी। इस अंतरिक्ष समूह का उद्देश्य निरंतर खुफिया जानकारी, निगरानी और टोही, सुरक्षित संचार और अंतरिक्ष स्थिति की जानकारी प्रदान करना है ताकि भारत अपनी सीमाओं और समुद्री मार्गों की निगरानी कर सके। यह योजना 2025 में कोलकाता में आयोजित संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन में घोषित संयुक्त सैन्य अंतरिक्ष सिद्धांत पर आधारित है, जिसने औपचारिक रूप से अंतरिक्ष शक्ति को भारत की युद्ध रणनीति में एकीकृत किया और कक्षा को एक विवादित क्षेत्र के रूप में मान्यता दी। यह आर्किटेक्चर कुछ बड़े उपग्रहों के बजाय दर्जनों छोटे, फुर्तीले उपग्रहों के व्यापक प्रसार पर निर्भर करता है, जो पृथ्वी की निचली कक्षा में फैले हुए हैं। यह दृष्टिकोण उपग्रह-रोधी हथियारों और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के प्रति संवेदनशीलता को कम करता है, साथ ही संचालन की निरंतरता और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।इन उपग्रहों में हाइब्रिड पेलोड लगे होंगे जो सिंथेटिक-एपर्चर रडार को उच्च-रिज़ॉल्यूशन ऑप्टिकल सेंसर के साथ जोड़ते हैं, जिससे मौसम या प्रकाश की परवाह किए बिना चौबीसों घंटे निगरानी संभव हो सकेगी। सुरक्षित संचार लिंक कमान और नियंत्रण की मजबूती को बढ़ाएंगे, जबकि समर्पित अंतरिक्ष-स्थितिजन्य-जागरूकता प्लेटफॉर्म दुश्मन के उपग्रहों पर नज़र रखेंगे। भारत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और गतिज विकल्पों सहित प्रति-अंतरिक्ष क्षमताओं का भी विकास कर रहा है।संशोधित अंतरिक्ष नीति 2026 के तहत निजी क्षेत्र को एक बड़ी भूमिका दी गई है, जिसमें कंपनियों को सैन्य-ग्रेड तारामंडलों के निर्माण और रखरखाव के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जो वैश्विक रुझानों को दर्शाता है जहां वाणिज्यिक खिलाड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा अंतरिक्ष कार्यक्रमों में तेजी से केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिका और ब्रिटेन भी इसी तरह वितरित उपग्रह मंडलों की ओर बढ़ रहे हैं। यह बदलाव उपग्रह-रोधी प्रदर्शनों से प्रेरित है, जिन्होंने कुछ बड़े प्लेटफार्मों पर निर्भरता के जोखिमों को उजागर किया है। भारत द्वारा वितरित वास्तुकला को अपनाना इन्हीं अनुभवों को दर्शाता है। जैसे-जैसे युद्ध अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्रों तक फैलता जा रहा है, भारत की अंतरिक्ष संपत्तियां सैन्य अभियानों को और अधिक सक्षम बनाएंगी। 52 उपग्रहों के समूह, संयुक्त सिद्धांत, साइबरस्पेस ढांचे और निजी क्षेत्र के एकीकरण के साथ, भारत एक लचीली, बहुस्तरीय सैन्य अंतरिक्ष वास्तुकला का निर्माण कर रहा है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य के संघर्ष न केवल भूमि, समुद्र और वायु में बल्कि कक्षा में भी आकार लेंगे।

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रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
प्रदेश की शालाओं में शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन के लिए संचालित शिक्षण संवर्धन कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और शालाओं को राज्‍य स्‍तर पर सम्मानित करने के लिए सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र में समारोह में कक्षावार उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के चयनित 11 विद्यार्थियों व 11 शालाओं को पुरस्कृत और सम्‍मानित किया गया। प्रदेश में स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षण संवर्धन कार्यक्रम का संचालन सहयोगी संस्‍था एडसिल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से कि विगत वर्ष 3 जुलाई 2025 से प्रारंभ किया गया था, जिसका उद्देश्य कक्षा 6 से 8 और 9 से 12 तक के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को सुदृढ़ करना था। इसके अंतर्गत राज्य के सभी जिलों के लगभग 12 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे। विद्यार्थियों एवं विद्यालयों का चयन जिला-वार कवरेज, विद्यालयों के प्रकार और बालक–बालिका अनुपात आदि मानकों को ध्यान में रखते हुए किया गया। बेसलाइन एवं एंडलाइन मूल्यांकन के माध्यम से विद्यार्थियों के अधिगम स्तर का वैज्ञानिक आकलन एवं प्रगति मापन सुनिश्चित किया गया। शिक्षण संवर्धन कार्यक्रम में कक्षा 6वीं से 8वीं की 5,020 चयनित शालाओं के 5,99,143 विद्यार्थियों और कक्षा 9वीं से 12वीं की 4,528 चयनित शालाओं के 6,00,000 विद्यार्थियों का बेसलाइन मूल्यांकन कराया गया। शिक्षकों के लिए विषयगत ज्ञान एवं शिक्षण-कौशल उन्नयन के लि‍ए एआई पर ऑफलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम में कक्षा 6वीं से 8वीं के कुल 10,026 और कक्षा 9वीं से 12वीं के कुल 8,475 शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।विद्यार्थियों की अध्‍ययनशीलता को बढावा देने के लिए कई तरह के ऑनलाइन सेमिनार और वर्कशॉप आयोजित किए गए। साथ ही, बच्चों की पढ़ाई में आए गैप को दूर करने के लिए कमजोर छात्रों को सिखाने वाली विशेष सामग्री किताबें,नोट्स तैयार कर वितरित की गई। मूल्यांकन परिणामों के आधार पर चयनित विद्यार्थियों के लि‍ए भ्रमण एवं एक्सपोज़र विज़िट का आयोजन कर खुद देखकर या करके सीखने के अवसर उपलब्‍ध कराये गए। इस कार्यक्रम से आधारभूत एवं विषयगत दक्षताओं के सुदृढ़ीकरण, प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा बेहतर कक्षा अध्‍यापन, छात्र सहभागिता एवं अधिगम प्रेरणा में वृद्धि के साथ ही तकनीक आधारित शैक्षणिक मॉनिटरिंग व्यवस्था में लाभ होगा। समारोह में प्रदेश में संचालित शिक्षण संवर्धन कार्यक्रम की विभिन्‍न गतिविधियों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का लोकार्पण भी किया गया।

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ವಿಜಯಪುರ ಜಿಲ್ಲೆ ಕುರುಬ ಸಮಾಜ ವತಿಯಿಂದ ಲೋಕಮಾತಾ ಅಹಲ್ಯಾದೇವಿ ಹೋಳ್ಕರ್ ಜಯಂತಿ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮವನ್ನು ವಿಜೃಂಭಣೆಯಿಂದ
ಪ್ರತಿಭಾ ಪುರಸ್ಕಾರ’ಉದ್ಘಾಟಿಸಿದರು

ಶಿಕ್ಷಣ, ಸಾಧನೆ ಮತ್ತು ಸಮಾಜಮುಖಿ ಮೌಲ್ಯಗಳಿಗೆ ಪ್ರೋತ್ಸಾಹ ನೀಡುವ ಉದ್ದೇಶದಿಂದ ಪ್ರತಿಭಾವಂತ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳನ್ನು ಈ ವೇಳೆ ಸನ್ಮಾನಿಸಲಾಯಿತು.

ಮಹಿಳಾ ಆಯೋಗದ ಅಧ್ಯಕ್ಷರಾದ ಡಾ. ನಾಗಲಕ್ಷ್ಮಿ ಚೌಧರಿ, ಶಾಸಕರಾದ ಉಮೇಶ್ ಮೇಟಿ, ವಿಜಯಪುರ ಮಹಾನಗರ ಪಾಲಿಕೆಯ ಮಹಾಪೌರರಾದ ಮಡಿವಾಳಪ್ಪ ಕರಡಿ, ಚಂದ್ರಶೇಖರ ನೂಗಲಿ, ಜಿ.ಬಿ. ವಿನಯಕುಮಾರ್ ಸೇರಿದಂತೆ ಗಣ್ಯರು ಹಾಗೂ ಮುಖಂಡರು ಈ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಉಪಸ್ಥಿತರಿದ್ದರು.

ಈ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮ ಸಮಯದಲ್ಲಿ ಮಹಿಳಾ ಆಯೋಗದ ಅಧ್ಯಕ್ಷರಾದ ಡಾ. ನಾಗಲಕ್ಷ್ಮಿ ಚೌಧರಿ, ಇವರನ್ನು ಭೇಟಿಯಾಗಿ ಬೆಳಗಾವಿ ಜಿಲ್ಲೆ ಅಥಣಿ ತಾಲೂಕಿನ ಹುಲಗಬಾಳಿ ಗ್ರಾಮದ ಶ್ರೀಮತಿ, ಲಕ್ಷ್ಮೀಬಾಯಿ ಪರಶುರಾಮ ಬಂಢಾರೆ ತಮ್ಮ ಸಮಸ್ಯೆ ಬಗ್ಗೆ ಚರ್ಚಿಸಿ ಈ ಸಮಸ್ಯೆಯನ್ನು ಬಗೆಹರಿಸಿ ಅಂದು ಮನವಿ ಸಲ್ಲಿಸಿರುತ್ತಾರೆ

ಮಹಿಳಾ ಆಯೋಗದ ಅಧ್ಯಕ್ಷರಾದ ಡಾ. ನಾಗಲಕ್ಷ್ಮಿ ಚೌಧರಿ, ಮಾತನಾಡಿ ನೀವು ಶ್ರೀಮತಿ, ಲಕ್ಷ್ಮೀಬಾಯಿ ಪರಶುರಾಮ ಬಂಢಾರೆ ನೀವು ಸಲ್ಲಿಸಿದ ಮನವಿಗೆ
ಈ ಸಮಸ್ಯೆ ಕ್ರಮ ತೆಗೆದುಕೊಳ್ಳಲು ಬಗೆಹರಿಸುತ್ತೇನೆ ಭರವಸೆ ನೀಡಿದ್ದರು



ನಗರಾಭಿವೃದ್ಧಿ ಸಚಿವರಾದ ಡಾ. ಯತೀಂದ್ರ ಸಿದ್ದರಾಮಯ್ಯ
ಮಹಿಳಾ ಆಯೋಗದ ಅಧ್ಯಕ್ಷರಾದ ಡಾ. ನಾಗಲಕ್ಷ್ಮಿ ಚೌಧರಿ, ಶಾಸಕರಾದ ಉಮೇಶ್ ಮೇಟಿ, ವಿಜಯಪುರ ಮಹಾನಗರ ಪಾಲಿಕೆಯ ಮಹಾಪೌರರಾದ ಮಡಿವಾಳಪ್ಪ ಕರಡಿ, ಚಂದ್ರಶೇಖರ ನೂಗಲಿ, ಜಿ.ಬಿ. ವಿನಯಕುಮಾರ್ ಸೇರಿದಂತೆ ಗಣ್ಯರು ಹಾಗೂ ಮುಖಂಡರು ಈ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಉಪಸ್ಥಿತರಿದ್ದರು.ಸೇರಿದಂತೆ ಗಣ್ಯರು ಹಾಗೂ ಮುಖಂಡರು ಈ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಉಪಸ್ಥಿತರಿದ್ದರು
ವಿಜಯಪುರ: ಸಡಗರದ ಅಹಲ್ಯಾದೇವಿ ಜಯಂತಿ; ಅಥಣಿ ಮಹಿಳೆಯ ಅಳಲಿಗೆ ಸ್ಪಂದಿಸಿದ ಮಹಿಳಾ ಆಯೋಗದ ಅಧ್ಯಕ್ಷರು
​ವಿಜಯಪುರ (ವಿಶೇಷ ವರದಿ):
ಜಿಲ್ಲಾ ಕುರುಬ ಸಮಾಜದ ವತಿಯಿಂದ ಲೋಕಮಾತಾ ಅಹಲ್ಯಾದೇವಿ ಹೋಳ್ಕರ್ ಜಯಂತಿ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮವನ್ನು ನಗರದಲ್ಲಿ ಅತ್ಯಂತ ವಿಜೃಂಭಣೆಯಿಂದ ಆಚರಿಸಲಾಯಿತು. ಶಿಕ್ಷಣ, ಸಾಧನೆ ಮತ್ತು ಸಮಾಜಮುಖಿ ಮೌಲ್ಯಗಳನ್ನು ಉತ್ತೇಜಿಸುವ ನಿಟ್ಟಿನಲ್ಲಿ ಹಮ್ಮಿಕೊಳ್ಳಲಾಗಿದ್ದ ‘ಪ್ರತಿಭಾ ಪುರಸ್ಕಾರ’ ಸಮಾರಂಭವನ್ನು ಗಣ್ಯರು ಉದ್ಘಾಟಿಸಿ, ಸಮಾಜದ ಪ್ರತಿಭಾವಂತ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳನ್ನು ಸನ್ಮಾನಿಸಿ ಗೌರವಿಸಿದರು.
​ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದಲ್ಲಿ ಮುಖ್ಯ ಅತಿಥಿಗಳಾಗಿ ನಗರಾಭಿವೃದ್ಧಿ ಸಚಿವರಾದ ಡಾ. ಯತೀಂದ್ರ ಸಿದ್ದರಾಮಯ್ಯ, ರಾಜ್ಯ ಮಹಿಳಾ ಆಯೋಗದ ಅಧ್ಯಕ್ಷರಾದ ಡಾ. ನಾಗಲಕ್ಷ್ಮಿ ಚೌಧರಿ, ಶಾಸಕರಾದ ಉಮೇಶ್ ಮೇಟಿ, ವಿಜಯಪುರ ಮಹಾನಗರ ಪಾಲಿಕೆಯ ಮಹಾಪೌರರಾದ ಮಡಿವಾಳಪ್ಪ ಕರಡಿ, ಮುಖಂಡರುಗಳಾದ ಚಂದ್ರಶೇಖರ ನೂಗಲಿ, ಜಿ.ಬಿ. ವಿನಯಕುಮಾರ್ ಸೇರಿದಂತೆ ಹಲವು ಪ್ರಮುಖರು, ಮುಖಂಡರು ಹಾಗೂ ನೂರಾರು ಸಾರ್ವಜನಿಕರು ಉಪಸ್ಥಿತರಿದ್ದರು.
​ನೊಂದ ಮಹಿಳೆಯ ಅಹವಾಲು ಆಲಿಸಿದ ಅಧ್ಯಕ್ಷರು:
​ಇದೇ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಬೆಳಗಾವಿ ಜಿಲ್ಲೆ ಅಥಣಿ ತಾಲೂಕಿನ ಹುಲಗಬಾಳಿ ಗ್ರಾಮದ ನಿವಾಸಿಯಾದ ಶ್ರೀಮತಿ ಲಕ್ಷ್ಮೀಬಾಯಿ ಪರಶುರಾಮ ಬಂಢಾರೆ ಅವರು ರಾಜ್ಯ ಮಹಿಳಾ ಆಯೋಗದ ಅಧ್ಯಕ್ಷರಾದ ಡಾ. ನಾಗಲಕ್ಷ್ಮಿ ಚೌಧರಿ ಅವರನ್ನು ಖುದ್ದಾಗಿ ಭೇಟಿಯಾದರು. ತಮ್ಮ ದೀರ್ಘಕಾಲದ ಕಷ್ಟ ಹಾಗೂ ಸಮಸ್ಯೆಯ ಕುರಿತು ಸುದೀರ್ಘವಾಗಿ ಚರ್ಚಿಸಿದ ಲಕ್ಷ್ಮೀಬಾಯಿ ಅವರು, ತಮಗೆ ಸೂಕ್ತ ನ್ಯಾಯ ದೊರಕಿಸಿಕೊಡಬೇಕೆಂದು ಕೋರಿ ಅಧ್ಯಕ್ಷರಿಗೆ ಲಿಖಿತ ಮನವಿ ಪತ್ರವನ್ನು ಸಲ್ಲಿಸಿದರು.
​ಸ್ಥಳದಲ್ಲೇ ಭರವಸೆ ನೀಡಿದ ಡಾ. ನಾಗಲಕ್ಷ್ಮಿ ಚೌಧರಿ:
​ಮಹಿಳೆಯ ಅಹವಾಲನ್ನು ಅತ್ಯಂತ ತಾಳ್ಮೆಯಿಂದ ಆಲಿಸಿ ಮನವಿಯನ್ನು ಸ್ವೀಕರಿಸಿದ ಮಹಿಳಾ ಆಯೋಗದ ಅಧ್ಯಕ್ಷರಾದ ಡಾ. ನಾಗಲಕ್ಷ್ಮಿ ಚೌಧರಿ ಅವರು ತಕ್ಷಣವೇ ಸಕಾರಾತ್ಮಕವಾಗಿ ಸ್ಪಂದಿಸಿದರು. "ಶ್ರೀಮತಿ ಲಕ್ಷ್ಮೀಬಾಯಿ ಅವರೇ, ನೀವು ಸಲ್ಲಿಸಿರುವ ಮನವಿಯನ್ನು ಗಂಭೀರವಾಗಿ ಪರಿಗಣಿಸಲಾಗುವುದು. ಈ ಸಮಸ್ಯೆಯನ್ನು ಬಗೆಹರಿಸಲು ತಕ್ಷಣವೇ ಸೂಕ್ತ ಕಾನೂನು ಕ್ರಮಗಳನ್ನು ಜರುಗಿಸಲಾಗುವುದು" ಎಂದು ಸ್ಥಳದಲ್ಲೇ ಭರವಸೆ ನೀಡಿ ಧೈರ್ಯ ತುಂಬಿದರು.
​ನಗರಾಭಿವೃದ್ಧಿ ಸಚಿವರು ಹಾಗೂ ಶಾಸಕರ ಸಮ್ಮುಖದಲ್ಲೇ ಮಹಿಳಾ ಆಯೋಗದ ಅಧ್ಯಕ್ಷರು ತೋರಿದ ಈ ತ್ವರಿತ ನಡೆಗೆ ಸಾರ್ವಜನಿಕ ವಲಯದಲ್ಲಿ ವ್ಯಾಪಕ ಶ್ಲಾಘನೆ ವ್ಯಕ್ತವಾಗಿದೆ..

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ਸੰਗਰੂਰ : ਆਊਟਸੋਰਸ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਯੂਨੀਅਨ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸੂਬਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਗੁਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਔਲਖ ਅਤੇ ਤਾਲਮੇਲ ਕਮੇਟੀ ਦੀ ਸਰਪ੍ਰਸਤੀ ਹੇਠ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸੰਗਰੂਰ ਦੀ ਨਵੀਂ ਕਮੇਟੀ ਦੀ ਚੋਣ ਅਮਲ ਵਿੱਚ ਲਿਆਂਦੀ ਗਈ। ਇਸ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਇਕੱਤਰਤਾ ਵਿੱਚ ਸੂਬਾ ਕਨਵੀਨਰ ਗੁਲਜ਼ਾਰ ਖਾਂ, ਸੂਬਾ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਹਰਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ, ਸੂਬਾ ਮੀਤ ਪ੍ਰਧਾਨ ਕਰਨਬੀਰ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਟਿਵਾਣਾ ਸਮੇਤ ਕਈ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਆਗੂ ਹਾਜ਼ਰ ਰਹੇ। ਨਵੀਂ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਜਗਤਾਰ ਸਿੰਘ ਬੁਡਰੁੱਖਾਂ ਨੂੰ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਧਾਨ, ਕਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਸੀਨੀਅਰ ਮੀਤ ਪ੍ਰਧਾਨ, ਅਮਰੀਕ ਸਿੰਘ ਘਾਬਦਾਂ ਨੂੰ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਅਤੇ ਉੱਘੇ ਲੇਖਕ ਤੇ ਸਮਾਜ ਸੇਵਕ ਪਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ "ਪੰਮੀ ਫੱਗੂਵਾਲੀਆ" ਨੂੰ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰੈਸ ਸਕੱਤਰ ਚੁਣਿਆ ਗਿਆ।

ਪੰਮੀ ਫੱਗੂਵਾਲੀਆ ਨੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਆਊਟਸੋਰਸਿੰਗ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ਉੱਤੇ ਸਵਾਲ ਉਠਾਏ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਆਊਟਸੋਰਸਿੰਗ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਰੈਗੂਲਰ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਵਰਗੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਨਹੀਂ ਮਿਲਦੀਆਂ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਦਕਿ ਕੈਬਨਿਟ ਨੇ ਗਰੁੱਪ C ਅਤੇ D ਦੀਆਂ ਨੌਕਰੀਆਂ ਵਿੱਚੋਂ ਆਊਟਸੋਰਸਿੰਗ ਖ਼ਤਮ ਕਰਨ ਲਈ ਬਿੱਲ ਮਨਜ਼ੂਰ ਕੀਤੇ ਸਨ, ਪਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਕੋਈ ਅਧਿਕਾਰਤ ਨੋਟੀਫਿਕੇਸ਼ਨ ਜਾਰੀ ਨਹੀਂ ਹੋਇਆ। ਪਿਛਲੀਆਂ ਮੀਟਿੰਗਾਂ ਵਿੱਚ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਆਊਟਸੋਰਸ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਨਵੀਂ ਨੀਤੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ। ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ਹੈ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਆਊਟਸੋਰਸਿੰਗ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਖ਼ਤਮ ਕਰਕੇ ਯੋਗ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰੀ ਠੇਕੇ ਹੇਠ ਲਿਆਵੇ।

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राजनीति : सेवा का माध्यम या स्वार्थ का साधन? मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है के आधार पर सामाजिक न्याय के लिए राजनीति जैसा व्यवस्था बनाया गया। जिससे मानवता सर्वोपरि बनी रहे।जब हमने राजनीति को नज़दीक से देखा और समझा, तो पाया कि इसमें सेवा भाव रखने वाले लोगों की अपेक्षा स्वार्थ भाव से काम करने वाले लोगों की संख्या अधिक दिखाई देती है। कुछ लोग सत्ता को जनसेवा का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी निजी जागीर समझ बैठते हैं। यह प्रवृत्ति चाहे आम जनता में हो या नेताओं में, समाज और मानवता दोनों के लिए घातक है। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। समाज के बिना उसका जीवन अधूरा है। इसी सोच के साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीति और सत्ता की स्थापना की गई थी, ताकि समाज के योग्य और जिम्मेदार लोग नेतृत्व करें तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा और विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा सकें। राजनीति का मूल उद्देश्य जनकल्याण, सामाजिक न्याय और राष्ट्र निर्माण था। लेकिन समय के साथ राजनीति का स्वरूप काफी हद तक बदलता गया।आज कई स्थानों पर राजनीति सेवा की बजाय स्वार्थ, अवसरवाद, जातिवाद, धनबल, बाहुबल और माफियासंस्कृति के प्रभाव में दिखाई देती है। राजनीति में गुंडे, मवाली, माफिया और निजी हित साधने वाले तत्वों की बढ़ती दखलंदाजी ने इसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है। परिणामस्वरूप जनता का विश्वास भी राजनीति और राजनीतिक दलों से कमजोर होता जा रहा है,आवश्यकताइस बात की है कि राजनीति को पुनः सामाजिकता, नैतिकता और जनसेवा से जोड़ा जाए। राजनीति में ऐसे लोगों का प्रवेश बढ़े जो समाज के प्रति संवेदनशील हों, जिनकी प्राथमिकता व्यक्तिगत लाभ नहीं बल्कि जनहित हो। जब राजनीति सेवा, त्याग, ईमानदारी और जवाबदेही के सिद्धांतों पर चलेगी, तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और लोकतंत्र मजबूत होगा।
राजनीति किसी व्यक्ति या वर्ग की रखैल नहीं, बल्कि जनता की अमानत है। इसका उद्देश्य सत्ता का सुख भोगना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सुधार लाना है। यदि राजनीति अपने मूल उद्देश्य की ओर लौटे, तो यह देश और समाज के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकती है।

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लखीमपुर खीरी, 07 जून। जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा अपराधियों एवं वारंटी अभियुक्तों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत लखीमपुर खीरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 75 वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को संबंधित न्यायालयों में पेश किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में यह विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान क्षेत्राधिकारियों के निकट पर्यवेक्षण में पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
थाना मैलानी पुलिस ने सबसे अधिक कार्रवाई करते हुए 15 वारंटी और 2 वांछित सहित कुल 17 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। वहीं थाना सम्पूर्णानगर और थाना खीरी पुलिस ने 9-9 वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
थाना फूलबेहड़ एवं थाना मैगलगंज पुलिस ने 8-8 वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। मैगलगंज पुलिस ने इसके अतिरिक्त महिला संबंधी अपराध में वांछित एक अभियुक्त को भी गिरफ्तार किया।
थाना पसगवां पुलिस ने 3 वारंटी एवं 3 वांछित, थाना मितौली पुलिस ने 4 वारंटी, थाना शारदानगर और उचौलिया पुलिस ने 3-3 वारंटी, थाना हैदराबाद पुलिस ने 1 वारंटी तथा दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में वांछित एक अभियुक्त, थाना गोला पुलिस ने 2 वारंटी, जबकि थाना ईसानगर, मोहम्मदी और निघासन पुलिस ने 1-1 वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य न्यायालयों से जारी वारंटों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना तथा वांछित अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करना है। जनपद पुलिस द्वारा आगे भी ऐसे विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे।
एसएसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने कहा कि अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे

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उत्तराखंड में हरियाणवी पर्यटक का एक और विवाद सामने आया है। यमुनानगर के एक युवक की खच्चरवाले के साथ मारपीट हुई। आरोप है कि युवक ने हाथ में पहने स्टील के कड़े से खच्चरवाले का सिर फोड़ दिया। यह विवाद प्रसिद्ध तृतीय केदार तुंगनाथ धाम यात्रा मार्ग पर हुआ। इसके बाद स्थानीय लोगों ने युवक को घेर लिया। उसे जमीन पर बैठाकर वीडियो बनाई और फिर पुलिस के हवाले कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि दो दिन पहले भी हरियाणवियों ने स्थानीय लोगों के साथ झगड़ा किया और मारने की कोशिश की। वीडियो में उत्तराखंड के लोग कह रहे हैं कि हरियाणा के ऐसे लोगों को उत्तराखंड में आने से रोका जाए। इनका पहाड़ों पर आना बंद कराएं। इससे पहले कैथल के 2 टूरिस्टों को ऋषिकेश में नंगा कर पीटने की वीडियो सामने आई थी। जिसके बाद सोशल मीडिया पर बॉयकॉट उत्तराखंड कैंपेन शुरू हुआ था।

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ಬೆಂಗಳೂರು ವಿವಿಯ ವತಿಯಿಂದ ವಿಶ್ವ ಪರಿಸರ ದಿನಾಚರಣೆ
ಪರಿಸರ ಸಂರಕ್ಷಣೆಯೇ ನಮ್ಮೆಲ್ಲರ ಹೊಣೆ: ಡಾ. ರಮೇಶ್ ಕಿತ್ತೂರು ಅಭಿಮತ

​ಬೆಂಗಳೂರು: ಜೂ.6: ಬೆಂಗಳೂರು ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಜ್ಞಾನಭಾರತಿ ಆವರಣದಲ್ಲಿ ಎನ್ಎಸ್ಎಸ್ ಘಟಕದ ವತಿಯಿಂದ ಆಯೋಜಿಸಿದ್ದ ಗಿಡಗಳನ್ನು ನೆಡುವ ಮೂಲಕ ಪರಿಸರ ಸಂರಕ್ಷಣೆಯ ಮತ್ತು ಜಾಗೃತಿ ಮೂಡಿಸಲು ವಿಶ್ವ ಪರಿಸರ ದಿನಾಚರಣೆಯನ್ನು ಅರ್ಥಪೂರ್ಣವಾಗಿ ಆಚರಿಸಲಾಯಿತು.

ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದ ಉದ್ಘಾಟಿಸಿ ಮಾತನಾಡಿದ ಬೆಂಗಳೂರು ವಿವಿಯ ಎನ್ಎಸ್ಎಸ್ ಸಂಯೋಜನಾಧಿಕಾರಿಗಳಾದ ಡಾ. ರಮೇಶ್ ಕಿತ್ತೂರು ಅವರು, ಪರಿಸರ ಮಾಲಿನ್ಯದ ಭೀಕರತೆ ಮತ್ತು ಅದನ್ನು ತಡೆಗಟ್ಟುವಲ್ಲಿ ಯುವಜನತೆಯ ಮಹತ್ತರ ಪಾತ್ರದ ಬಗ್ಗೆ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳಲ್ಲಿ ಜಾಗೃತಿ ಮೂಡಿಸಿದರು.

ಪ್ರಕೃತಿಯೇ ನಮಗೆ ಜೀವನಾಡಿ. ಆಧುನಿಕ ಜೀವನ ಶೈಲಿಯಲ್ಲಿ ನಾವು ಪ್ರಕೃತಿಯಿಂದ ದೂರವಾಗುತ್ತಿದ್ದೇವೆ. ಪರಿಸರವನ್ನು ಕೇವಲ ಒಂದು ದಿನದ ಆಚರಣೆಗೆ ಸೀಮಿತಗೊಳಿಸದೆ, ದಿನ ನಿತ್ಯದ ಜೀವನದಲ್ಲಿ ಮರ-ಗಿಡಗಳನ್ನು ಬೆಳೆಸುವ, ಪ್ಲಾಸ್ಟಿಕ್ ಮುಕ್ತ ಪರಿಸರ ನಿರ್ಮಿಸುವ, ಜಲ ಸಂರಕ್ಷಣೆಯ ಸಂಕಲ್ಪವನ್ನು ಪ್ರತಿಯೊಬ್ಬ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಯೂ ತೊಡಬೇಕು ಎಂದು ಕರೆ ನೀಡಿದರು.

ಮುಖ್ಯ ಅತಿಥಿಗಳಾಗಿ ಮಾತನಾಡಿದ ವಿಜಯನಗರ ಪ್ರಥಮ ದರ್ಜೆ ಕಾಲೇಜಿನ ಎನ್ಎಸ್ಎಸ್ ಘಟಕ-2 ಕಾರ್ಯಕ್ರಮಾಧಿಕಾರಿ ಡಾ. ರತ್ನಕುಮಾರಿ ಬಿ ಎಂ,ಅವರು , ಸಸ್ಯಗಳು ಮನುಜನಿಗೆ ನೀಡುತ್ತಿರುವ ಅಪಾರವಾದ ಕೊಡುಗೆ ಹಾಗೂ ಸಸ್ಯಗಳಿಗೂ ಮನುಷ್ಯರಿಗೂ ಇರುವ ಅವಿನಾಭಾವ ಸಂಬಂಧವನ್ನು ಕುರಿತು ತಿಳಿಸಿದರು.

ಅಂತೆಯೇ, ಪ್ರಸ್ತುತ ದಿನದಲ್ಲಿ ಸಸ್ಯಗಳು ಕೇವಲ ಭೂಮಿಯ ಅಲಂಕಾರವಲ್ಲ, ಅವು ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಜೀವಿಗೂ ಉಸಿರು ನೀಡುವ ಜೀವನಾಡಿಗಳು. ನಾವು ನೆಡುವ ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಸಸಿಯೂ ನಾಳೆಯ ಜಗತ್ತಿನ ಸಮತೋಲನವನ್ನು ಕಾಪಾಡುವ ಒಂದು ಸಣ್ಣ ಹೆಜ್ಜೆಯಾಗಿದೆ. ಇಂದು ನಾವು ಕೇವಲ ಒಂದು ಗಿಡವನ್ನು ನೆಡುತ್ತಿಲ್ಲ, ಬದಲಾಗಿ ಭವಿಷ್ಯದ ಸುಸ್ಥಿರತೆಯನ್ನು ಬಿತ್ತುತ್ತಿದ್ದೇವೆ. ಎಂದು ಪರಿಸರ ಸಂರಕ್ಷಣೆಯ ಕುರಿತು ಅರ್ಥಪೂರ್ಣವಾಗಿ ತಿಳಿಸಿದರು.

ಇದೇ ವೇಳೆಯಲ್ಲಿ ಬೆಂವಿವಿಯ ಎನ್ಎಸ್ಎಸ್ ಸಂಯೋಜನಾಧಿಕಾರಿ ಡಾ. ರಮೇಶ್ ಕಿತ್ತೂರು, ಬೆಂಗಳೂರು ವಿವಿಯ ಉಪ ಕುಲಸಚಿವ ಸುರೇಶ್, ವಿಜಯನಗರ ಪ್ರಥಮ ದರ್ಜೆ ಕಾಲೇಜಿನ ಪ್ರೊ. ರತ್ನಕುಮಾರಿ ಬಿ ಎಂ,ಎಎಸ್ಸಿ ಪದವಿ ಕಾಲೇಜಿನ ಎನ್ಎಸ್ಎಸ್ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮಾಧಿಕಾರಿ ಪ್ರೊ. ವಿಶ್ವಾರಾಧ್ಯ, ಚಂದ್ರಪ್ಪ ಎಂ. ಮಿಡ್ಲುಮುನಿ, ಬೆಂಗಳೂರು ವಿವಿಯ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿ ಒಕ್ಕೂಟದ ಗೌರವಾಧ್ಯಕ್ಷ ಶೇಷಾದ್ರಿ ಜಿ.ಸಿ, ಅತಿಥಿ ಉಪನ್ಯಾಸಕ ಡಾ. ಅನಂತಕೃಷ್ಣಸ್ವಾಮಿ ಡಿ.ಎಸ್, ರವಿಕುಮಾರ್, ಭೂಮಿಕಾ, ನಂದಿತಾ, ಲೇಖನ ಸೇರಿದಂತೆ ಎನ್ಎಸ್ಎಸ್ ಘಟಕದ ಸ್ವಯಂ ಸೇವಕರು, ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳು ಮತ್ತು ಬೋಧಕೇತರ ಸಿಬ್ಬಂದಿಗಳು ಮತ್ತಿತರರು ಭಾಗವಹಿಸಿದ್ದರು.

ಪೋಟೋ ಕ್ಯಾಪ್ಷನ್:
ಬೆಂಗಳೂರು ವಿಶ್ವವಿದ್ಯಾಲಯದ ಜ್ಞಾನಭಾರತಿ ಆವರಣದಲ್ಲಿ ಎನ್ಎಸ್ಎಸ್ ಘಟಕದ ವತಿಯಿಂದ ವಿಶ್ವ ಪರಿಸರ ದಿನಾಚರಣೆಯ ಪ್ರಯುಕ್ತವಾಗಿ ಗಿಡಗಳನ್ನು ನೆಡುವ ಮೂಲಕ ಗಣ್ಯರು ಚಾಲನೆ ನೀಡಿದರು.

ಕೋಟ್1:
ಯುವ ಜನರು ಪರಿಸರ ಸ್ನೇಹಿ ಚಟುವಟಿಕೆಗಳಲ್ಲಿ ತೊಡಗಿಸಿಕೊಳ್ಳುವ ಮೂಲಕ ಮುಂದಿನ ಪೀಳಿಗೆಗೆ ಸುಸ್ಥಿರ ಭೂಮಿಯನ್ನು ಉಳಿಸಿಕೊಡಬೇಕಾದ ವಿವಿಯ ಆವರಣದಲ್ಲಿ ಇಂತಹ ಪರಿಸರ ಸ್ನೇಹಿ ಅಭಿಯಾನಗಳನ್ನು ನಿರಂತರವಾಗಿ ಕೈಗೊಳ್ಳಲಾಗುವುದು.
- ಡಾ. ರಮೇಶ್ ಕಿತ್ತೂರು, ಎನ್ಎಸ್ಎಸ್ ಸಂಯೋಜನಾಧಿಕಾರಿಗಳು

ಕೋಟ್2:
ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಸಸಿಯೂ ತನ್ನದೇ ಆದ ವಿಶಿಷ್ಟ ಪರಿಸರ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯನ್ನು ಹೊಂದಿದ್ದು, ಅದನ್ನು ಪೋಷಿಸುವುದು ನಮ್ಮೆಲ್ಲರ ಜವಾಬ್ದಾರಿ. ಗಿಡ ನೆಡುವುದು ಕೇವಲ ಕೃಷಿಯಲ್ಲ, ಅದು ಪ್ರಕೃತಿಯ ಮೇಲಿನ ನಮ್ಮ ಗೌರವದ ಸಂಕೇತವಾಗಿದೆ.
- ಪ್ರೊ. ಬಿ.ಎಂ. ರತ್ನಕುಮಾರಿ, ಎನ್ಎಸ್ಎಸ್ ಘಟಕ-2 ಕಾರ್ಯಕ್ರಮಾಧಿಕಾರಿ, ವಿಜಯನಗರ ಪ್ರಥಮ ದರ್ಜೆ ಕಾಲೇಜು

ಬಾಕ್ಸ್:
ಸಸ್ಯಗಳು ದ್ಯುತಿ ಸಂಶ್ಲೇಷಣೆಯ ಮೂಲಕ ನಮಗೆ ಆಮ್ಲಜನಕವನ್ನು ಉಚಿತವಾಗಿ ನೀಡುತ್ತವೆ. ಆದರೆ ಪ್ರತಿಯಾಗಿ ನಾವು ಅವುಗಳಿಗೆ ಕೊಡುವ ರಕ್ಷಣೆ ಅತ್ಯಲ್ಪ. ಅರಣ್ಯನಾಶ ಮತ್ತು ನಗರೀಕರಣದಿಂದ ನಾವು ನಿಸರ್ಗದೊಂದಿಗೆ ಕಳೆದುಕೊಂಡಿರುವ ಸಂಪರ್ಕವನ್ನು ಮರುಸ್ಥಾಪಿಸುವುದು ನಮ್ಮ ಆದ್ಯತೆಯಾಗಬೇಕು.

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रोहतक की ओमेक्स सिटी में देर रात एक फाइनेंसर पर गोली चलाकर जानलेवा हमला किए जाने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, दो पैदल आए आरोपियों ने हमला किया, जिसमें एक गोली पीड़ित की कमर में लगी।

घायल व्यक्ति किसी तरह अपने घर की ओर भागा, गाड़ी की चाबी ली और स्वयं निजी अस्पताल पहुंचकर इलाज शुरू करवाया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही आईएमटी थाना पुलिस और सीआईए की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की तलाश जारी है।

> : आखिर हमलावर कौन थे?
> : हमला किस वजह से किया गया?
> : क्या यह पुरानी रंजिश का मामला है या कोई और वजह?

फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

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फिलीपींस में सोमवार सुबह 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसके बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया और मलेशिया के तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और एक व्यक्ति की मौत हुई है।
भूकंप का केंद्र मिंडानाओ द्वीप के जनरल सैंटोस शहर से करीब 13 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। फिलीपींस के भूकंप संस्थान के अनुसार इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी, जबकि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने 7.8 तीव्रता और 55 किलोमीटर गहराई दर्ज की।

पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने चेतावनी दी है कि फिलीपींस के कुछ तटीय इलाकों में 3 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। वहीं इंडोनेशिया और मलेशिया के कुछ तटों पर 1 मीटर तक ऊंची लहरों का खतरा है।
भूकंप के बाद कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। जनरल सैंटोस शहर में कई मकान और इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं।

राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भूकंप के बाद तेज झटके आ सकते हैं।

फिलीपींस दुनिया के सबसे भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। यह प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है, जहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां होती रहती हैं।

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इंदौर: हातोद बड़ी कलमेर स्थित केवट परिवार ने कलेक्टर शिवम वर्मा को ज्ञापन सौंपा जिसमें अपनी पैतृक भूमि एवं परिवार की सुरक्षा की मांग की गई। परिवार का आरोप है कि उनकी भूमि की फर्जी रजिस्ट्री 2001 में करवाई गई थी, जिसकी जानकारी उन्हें हाल ही में पिता के निधन के बाद मिली। परिवार के अनुसार, पिता की लगभग चार माह पूर्व दुर्घटना में मृत्यु के बाद जमीन पर कब्जा करने के प्रयास तेज हो गए।

परिवार ने चंदू नेता भाजपा उर्फ अशोक चौहान पर विवादित भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाकर उनके विरुद्ध कार्रवाई कराने तथा कार्रवाई के दौरान पुरुषों और महिलाओं के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया। परिवार को जान से मारने की धमकियां मिलने के कारण उन्होंने प्रशासन से तत्काल संरक्षण की मांग की है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने मामले की गंभीरता से जांच के निर्देश दिए और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।

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Australia की Bangladesh यात्रा शुरू होने से पहले... Dhaka के आसमान पर सिर्फ एक नई One Day International series का इंतजार नहीं है। वहां एक ऐसी टीम उतरने वाली है, जिसकी पहचान के दो बड़े चेहरे इस बार साथ नहीं होंगे। Travis Head... वह बल्लेबाज जो शुरुआती overs में गेंदबाजों की योजनाओं को चंद strokes में बिखेर सकता है। और Mitchell Marsh... Australia के power game, अनुभव और leadership presence का मजबूत नाम। दोनों Bangladesh के खिलाफ होने वाली One Day International series से बाहर हैं। Head को दोनों formats के लिए personal leave दी गई है। Marsh अपनी ankle injury से समय पर recover नहीं कर सके हैं... हालांकि वह Dhaka में squad से जुड़ेंगे, ताकि June 17 से शुरू होने वाली International Twenty Twenty series की तैयारी कर सकें। इस बदलाव के बीच command फिर Josh Inglis के हाथों में है। Interim captain के रूप में उनके सामने आसान रास्ता नहीं... बल्कि एक ऐसी परीक्षा है, जहां familiar stars की कमी को नए चेहरों की हिम्मत से भरना होगा। Oliver Peake और Matt Short, जिन्हें शुरुआत में सिर्फ Pakistan one-day matches के लिए चुना गया था, अब Bangladesh One Day International squad में भी बने रहेंगे। Nineteen-year-old Peake ने Pakistan के खिलाफ दूसरे One Day International में number seven पर 31 runs बनाकर संकेत दिया था कि दबाव के बीच भी उसका temperament शांत रह सकता है। तीन matches की उस low-scoring series में highest total 231 for nine रहा... और इसी कठिन मंच पर Peake ने अपने भविष्य की एक छोटी, लेकिन चमकदार झलक दिखाई। Spin department में भी कहानी ने नया मोड़ लिया है। Test cricket तक सीमित रहे off-spinner Todd Murphy को पहली बार इस One Day International group में जगह मिली है। वह Tanveer Sangha की जगह आए हैं, जिन्हें Lahore में दूसरे One Day International के दौरान hamstring injury हुई। Pace unit में Ben Dwarshuis और Xavier Bartlett शामिल हुए हैं, जबकि Riley Meredith और Billy Stanlake की जगह बदली गई है। Meredith बाद में International Twenty Twenty matches के लिए लौटेंगे। Mitchell Starc और Josh Hazlewood पहले से उपलब्ध नहीं हैं... और अब Head तथा Marsh की गैरमौजूदगी ने squad से सामान्य अनुभव की एक और परत हटा दी है। लेकिन कभी-कभी... महान teams की असली कहानी उन्हीं दिनों लिखी जाती है, जब उनके सबसे बड़े नाम dressing room में नहीं होते। Josh Inglis का विश्वास है कि यह कमी, नए players के लिए अवसर बन सकती है। उन्होंने Oliver Peake को समझाया कि Asian conditions किसी Australian player के लिए कितनी कठिन हो सकती हैं। Reverse swing... spin... धीमी surfaces... और ऐसे moments, जहां technique से ज्यादा धैर्य की जरूरत होती है। Inglis ने यह भी माना कि Pakistan में कई visits के बाद भी conditions आसान नहीं हुईं। यही अनुभव अब Bangladesh में और गहरा होने वाला है। Dhaka में पहला One Day International Tuesday, June 9 को खेला जाएगा। इसके बाद उसी शहर में June 11 और June 14 को अगले matches होंगे। फिर June 17 से International Twenty Twenty मुकाबलों का अध्याय शुरू होगा। इसलिए यह series सिर्फ तीन matches का कार्यक्रम नहीं है... यह Australia के अगले ODI core की audition है। Josh Inglis के लिए leadership की कसौटी। Oliver Peake के लिए भविष्य का दरवाजा। Todd Murphy के लिए white-ball cricket की नई सीमा। और पूरी squad के लिए यह साबित करने का मौका... कि अनुपस्थित सितारों की परछाई में भी एक नई रोशनी जन्म ले सकती है। Australia Dhaka में अपने सबसे परिचित हथियारों के बिना उतरेगा... मगर शायद इसी वजह से दुनिया को उसके अगले generation की असली पहचान दिखाई दे। आप सुन रहे थे Guru News Network, powered by द गुरु ज्ञान... जहां cricket की हर बड़ी खबर को सिर्फ बताया नहीं जाता, उसकी धड़कन तक पहुंचाया जाता है। Trusted cricket news, thoughtful match intelligence और तेज, साफ live updates के लिए जुड़े रहिए द गुरु ज्ञान और द गुरु ज्ञान Live Line के साथ... क्योंकि खेल तब और खूबसूरत लगता है, जब हर कहानी सही संदर्भ, सही आवाज और सही भरोसे के साथ सुनाई जाए।

Before Australia walks into Dhaka for its One Day International series against Bangladesh, the shape of the contest has already changed. Two of the most familiar figures in the Australian batting order will not be there. Travis Head, a player capable of turning the first few overs into a storm, has been granted personal leave for both the One Day International and International Twenty Twenty portions of the tour. Mitchell Marsh, whose power and experience give the side a natural sense of authority, has not recovered from his ankle injury in time for the One Day International matches. He will, however, join the group in Dhaka and begin preparing for the International Twenty Twenty series that starts on June 17. In their absence, the captaincy remains with Josh Inglis. His task is not merely to lead a rearranged team. It is to hold together a side that has lost several layers of its usual experience, and to turn that absence into room for growth. Oliver Peake and Matt Short have both been retained for the Bangladesh One Day Internationals after initially being selected only for the Pakistan matches. For Peake, the decision feels especially significant. At nineteen, he produced 31 runs from number seven in the second One Day International against Pakistan, a composed effort in a series where batting was never simple and the highest total across all three matches reached only 231 for nine. It was not a grand score, but it carried the quiet promise of a player learning how to survive when conditions refuse to cooperate. The bowling group has changed as well. Todd Murphy, until now seen only in Test cricket, has been brought into the One Day International squad. The off-spinner replaces Tanveer Sangha, who suffered a hamstring injury during the second match in Lahore. Ben Dwarshuis and Xavier Bartlett also join the group, taking the places of Riley Meredith and Billy Stanlake. Meredith is expected to return for the International Twenty Twenty matches. With Mitchell Starc and Josh Hazlewood already absent, and with Head and Marsh now unavailable for the One Day International leg, Australia arrives in Bangladesh without much of the experience that usually gives its white-ball teams such a settled outline. Yet this is precisely where the story becomes more compelling. Josh Inglis believes the unfamiliarity can become an education. Speaking about the younger players after the Pakistan assignment, he described Asian conditions as some of the hardest an Australian cricketer can face. Reverse swing, spin, slower surfaces, and the constant need to reshape a game plan can make every innings feel like a lesson written in real time. Inglis told Oliver Peake to absorb all of it. The advice matters because Dhaka is unlikely to offer easy answers. The first One Day International will be played on Tuesday, June 9, followed by matches at the same venue on June 11 and June 14. The International Twenty Twenty series begins on June 17. Across those dates, Australia will be measuring more than results. It will be measuring the calm of Josh Inglis as a leader, the readiness of Oliver Peake and Matt Short, the white-ball adaptability of Todd Murphy, and the resilience of a bowling group missing several established names. Bangladesh, meanwhile, will know that the visiting side is vulnerable in experience, but dangerous in possibility. A team without its usual stars can sometimes become cautious. It can also become fearless, because younger players have less history to protect and more future to claim. That is the tension waiting in Dhaka. Travis Head and Mitchell Marsh will be absent from the One Day International stage, but their absence has opened a door. Through it walk new players, new combinations, and the possibility of a different Australian identity. By the end of the series, the scorecards will record runs and wickets. The larger story may reveal who is ready to carry Australia when the famous names are no longer the only ones expected to decide the game. Thank you for listening to Guru News Network, powered by The Guru Gyan, where cricket news is not reduced to a headline and hurried away. For trusted coverage, intelligent context, and fast live updates, stay connected with The Guru Gyan and The Guru Gyan Live Line, because the finest cricket stories deserve to be heard with clarity, depth, and a little wonder still left in them.

Australia tour of Bangladesh 2026
Squad Update
One Day International Series
Guru News Network

Head-Marsh absence reshapes Australia's ODI plans before the Dhaka challenge

Australia Bangladesh ke against upcoming three-match ODI series me Travis Head aur Mitchell Marsh ke bina utrega. Josh Inglis interim captain bane rahenge, while Oliver Peake, Matt Short aur Todd Murphy jaise players ke liye Dhaka tour ek high-value opportunity ban gaya hai.

Travis Head aur Mitchell Marsh ki absence ke baad Australia ka Bangladesh ODI squad youth, adaptability aur interim captain Josh Inglis ki leadership par zyada dependent hoga.

News Highlights

- Travis Head personal leave ke karan Bangladesh ke against ODI aur T20I dono legs miss karenge.

- Mitchell Marsh ankle injury se time par recover nahi kar sake, lekin Dhaka me squad join karke T20I series ki preparation karenge.

- Josh Inglis Australia ke interim captain ke roop me continue karenge.

- Oliver Peake aur Matt Short ko Pakistan one-dayers ke baad Bangladesh ODIs ke liye bhi retain kiya gaya hai.

- Test off-spinner Todd Murphy ko ODI squad me include kiya gaya hai, replacing injured Tanveer Sangha.

- Three-match ODI series Dhaka me June 9, June 11 aur June 14 ko kheli jayegi; T20Is June 17 se start honge.

Main Story: Australia ka familiar top-order blueprint badla

Bangladesh ke against upcoming ODI series se pehle Australia ko apne batting and leadership structure me substantial adjustment karna pada hai. Travis Head aur Mitchell Marsh dono three-match ODI leg ke liye unavailable rahenge, leaving interim captain Josh Inglis with a squad that carries less established experience than usual.

National selector Tony Dodemaide ke according, Head ko initially Bangladesh ODIs aur T20Is dono ke liye select kiya gaya tha, lekin unhe personal leave grant ki gayi hai. Marsh ankle injury se recover kar rahe hain aur ODI series ke liye ready nahi hue, though he will join the group in Dhaka to prepare for the T20I leg.

Australia ke liye ye absence sirf batting order ka change nahi hai. Head aur Marsh power, tempo control aur senior decision-making provide karte hain. Unke bina Josh Inglis ko combinations settle karne, younger players ko defined roles dene aur Dhaka conditions ke according batting approach reshape karni hogi.

Series Context And Schedule

Series
Australia tour of Bangladesh 2026

Format
Three One Day Internationals

Venue City
Dhaka

Interim Captain
Josh Inglis

ODI Dates
June 9, 11 and 14

T20I Leg
Starts June 17

Squad Changes: Todd Murphy enters the white-ball picture

Australia ne bowling group me bhi important changes kiye hain. Off-spinner Todd Murphy , jinhone ab tak international level par sirf Tests feature kiye hain, Bangladesh ODIs ke liye squad me include hue hain.

Murphy injured leg-spinner Tanveer Sangha ko replace karte hain. Sangha ko Lahore me Pakistan ke against second ODI ke dauran hamstring injury hui thi. Bangladesh conditions ko dekhte hue Murphy ka inclusion tactical depth add karta hai, while also giving selectors a chance to assess his adaptability beyond red-ball cricket.

Pace options me Ben Dwarshuis aur Xavier Bartlett squad join karte hain, replacing Riley Meredith and Billy Stanlake. Meredith T20I series ke liye return karenge. Mitchell Starc aur Josh Hazlewood already unavailable hain, isliye current ODI pace group ko senior support ke bina responsibility absorb karni hogi.

Oliver Peake And Matt Short Get An Extended Run

Oliver Peake aur Matt Short ko initially Pakistan one-dayers tak limited selection mili thi, lekin dono ab Bangladesh ODIs me bhi retain hue hain. Ye move Australia ke selectors ke liye continuity aur development dono ka signal hai.

Nineteen-year-old Peake ne Pakistan ke against second ODI me No. 7 se 31 runs banaye the. Low-scoring series me, jahan three matches ka highest total 231 for 9 raha, unki innings ne composure aur lower-order adaptability ki promising glimpse di.

Josh Inglis ne younger players ke liye Asian conditions ko valuable learning environment describe kiya. Unka focus reverse swing, spin aur unfamiliar conditions ke against practical game plans develop karne par tha.

"You don't get harder conditions for an Australian than these, really. It is so foreign to us... so I just told him to take it all in."
Josh Inglis on Oliver Peake's learning opportunity

Key Tactical Questions For Australia

Who controls the innings without Head and Marsh?

Head ka attacking intent aur Marsh ka middle-order power Australia ko natural tempo dete hain. In dono ke absence me batting unit ko risk management aur strike rotation par zyada disciplined hona padega, especially agar Bangladesh spin through middle overs pressure create karta hai.

Can Josh Inglis build authority as interim captain?

Inglis ke paas ab ek relatively inexperienced squad ko shape karne ka responsibility hai. Dhaka me selection balance, bowling rotations aur batting roles unki tactical clarity ka direct test honge.

How quickly can Todd Murphy adjust?

Murphy ka Test background unhe control aur patience deta hai, but ODI cricket me pace variation, field restrictions aur matchup-based planning alag demands create karte hain. Bangladesh series unke white-ball potential ka first meaningful international assessment hogi.

ODI Matches
3

First ODI
June 9, Dhaka

Peake In 2nd Pakistan ODI
31 at No. 7

Pakistan Series Highest Total
231 for 9

Australia Squad For Bangladesh ODIs

Josh Inglis (captain), Xavier Bartlett, Alex Carey, Cooper Connolly, Ben Dwarshuis, Nathan Ellis, Cameron Green, Matthew Kuhnemann, Marnus Labuschagne, Todd Murphy, Oliver Peake, Matthew Renshaw, Liam Scott, Matt Short and Adam Zampa.

Why This News Matters

Australia ka Bangladesh ODI tour ab established stars ke performance se zyada squad depth ke assessment me convert ho gaya hai. Head, Marsh, Starc aur Hazlewood jaise senior names ke bina selectors ko clear evidence milega ki next group unfamiliar Asian conditions me kitna composed aur adaptable hai.

Bangladesh ke liye bhi ye development tactical opportunity create karta hai. Visitors ke batting order me settled opening power aur bowling attack me usual experience absent rahega, so home side early pressure build karne ki koshish karegi.

Long-term perspective me Oliver Peake, Matt Short aur Todd Murphy ke performances Australia ke future white-ball planning ko influence kar sakte hain. Dhaka series ek temporary replacement exercise se zyada, next-generation audition ban chuki hai.

GNN And The Guru Gyan Angle

Guru News Network (GNN), powered by The Guru Gyan , is squad update ko Australia ke white-ball transition aur Asian-condition planning ke context me dekhta hai. Head aur Marsh ki absence immediate setback hai, but same situation younger players ko meaningful international responsibility deti hai.

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Australia
Australia tour of Bangladesh, 2026
Travis Head
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ਨੰਗਲ ਵਿੱਚ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰ ਕਮਿਸ਼ਨ ਮੈਂਬਰ ਵੱਲੋਂ ਲੋਕ ਸੁਣਵਾਈ, ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਸੁਣੀਆਂ
ਪਦਮ ਸ੍ਰੀ ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸ਼ੰਟੀ ਵੱਲੋਂ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਦਾ ਸੰਦੇਸ਼
ਨਗਰ ਕੋਂਸਲ ਨੰਗਲ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਬੈਠਕ, ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੂੰ ਦਿੱਤੇ ਸਖਤ ਦਿਸ਼ਾ-ਨਿਰਦੇਸ਼
ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਇਕੱਠੇ ਹੋਣ ਲਈ ਹਰ ਨਾਗਰਿਕ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਲਾਮਬੰਦ ਹੋਣ ਦਾ ਸੱਦਾ
ਵਿਦੇਸ਼ ਭੇਜਣ ਦੇ ਨਾਮ ‘ਤੇ ਠੱਗੀ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਕਮਿਸ਼ਨ ਸਖਤ
ਨੰਗਲ 07 ਜੂਨ: ਨੰਗਲ ਵਿੱਚ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰ ਕਮਿਸ਼ਨ ਦੇ ਮੈਂਬਰ ਅਤੇ ਪਦਮ ਸ੍ਰੀ ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸ਼ੰਟੀ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਸੁਣਨ ਲਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵੱਲੋਂ ਜਨਤਕ ਸੁਣਵਾਈ ਕਰਕੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਨੂੰ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨਾਲ ਸੁਣਿਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਸੰਬੰਧਤ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਤੁਰੰਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਨ ਦੇ ਹੁਕਮ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਗਏ। ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਮਸਲੇ ਰੱਖਦੇ ਹੋਏ ਕਮਿਸ਼ਨ ਤੋਂ ਇਨਸਾਫ ਦੀ ਉਮੀਦ ਜਤਾਈ।
ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਨਗਰ ਕੋਂਸਲ ਨੰਗਲ ਵਿੱਚ ਇਕ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਬੈਠਕ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਅਤੇ ਸਮਾਜਿਕ ਸੰਗਠਨਾਂ ਦੇ ਨੁਮਾਇੰਦਿਆਂ ਨੇ ਭਾਗ ਲਿਆ। ਸ਼ੰਟੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਹਰ ਸਰਕਾਰੀ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਜਿੰਮੇਵਾਰੀ ਹੈ ਅਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਆਦੇਸ਼ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਕੰਮ ਤੁਰੰਤ ਅਤੇ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਖੱਜਲ-ਖੁਆਰੀ ਦੇ ਕੀਤੇ ਜਾਣ।
ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸ਼ੰਟੀ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਗਰੂਕ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਰ ਨਾਗਰਿਕ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਗੱਲ ਰੱਖਣ ਦਾ ਪੂਰਾ ਅਧਿਕਾਰ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਹੁਣ ਲੋਕ ਵਟਸਐਪ ਨੰਬਰ 9855475547 ‘ਤੇ ਲਿਖਤੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਭੇਜ ਕੇ ਆਪਣਾ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਘਰ ਬੈਠੇ ਹੀ ਇਨਸਾਫ ਮਿਲ ਸਕੇਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਕਮਿਸ਼ਨ ਦੀਆਂ ਸ਼ਿਫਾਰਿਸ਼ਾਂ ਨੂੰ ਮੰਨਣ ਨਾਲ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਵੱਡੀ ਰਾਹਤ ਮਿਲੀ ਹੈ।
ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਵਧਦੇ ਪ੍ਰਭਾਵ ‘ਤੇ ਚਿੰਤਾ ਪ੍ਰਗਟ ਕਰਦਿਆਂ ਸ਼ੰਟੀ ਨੇ ਹਰ ਨਾਗਰਿਕ ਨੂੰ ਇਸ ਬੁਰਾਈ ਵਿਰੁੱਧ ਲਾਮਬੰਦ ਹੋਣ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ਿਆਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰੱਖਣਾ ਸਮਾਜ ਦੀ ਸਾਂਝੀ ਜਿੰਮੇਵਾਰੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਹਰ ਵਰਗ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਆਉਣਾ ਪਵੇਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਗੁਰੂਆਂ ਦੀ ਪਵਿੱਤਰ ਧਰਤੀ ‘ਤੇ ਆ ਕੇ ਇਸ ਮੁਹਿੰਮ ਨੂੰ ਹੋਰ ਰਫਤਾਰ ਦੇਣ ਦੀ ਗੱਲ ਵੀ ਕੀਤੀ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਵਿਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਭੇਜਣ ਦੇ ਨਾਮ ‘ਤੇ ਭੋਲੇ-ਭਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਠੱਗੀ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਵੀ ਕਮਿਸ਼ਨ ਨੇ ਸਖਤ ਰੁਖ ਅਪਣਾਉਣ ਦੀ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ। ਸ਼ੰਟੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਜਿਹੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਹੁਣ ਖੈਰ ਨਹੀਂ ਅਤੇ ਕਮਿਸ਼ਨ ਵੱਲੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਖਿਲਾਫ ਸਖਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਧੋਖਾਧੜੀ ਬਾਰੇ ਅੱਗੇ ਆ ਕੇ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਦਰਜ ਕਰਵਾਉਣ।
ਸ਼ੰਟੀ ਨੇ ਹਸਪਤਾਲਾਂ, ਦਵਾਈ ਵਿਕਰੇਤਾਵਾਂ ਅਤੇ ਮੈਡੀਕਲ ਟੈਸਟਿੰਗ ਲੈਬਾਂ ਵਿੱਚ ਹੋ ਰਹੀਆਂ ਮਨਮਾਨੀਆਂ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਕਦਮ ਚੁੱਕਣ ਦੀ ਗੱਲ ਵੀ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਫਾਈ ਕਰਮਚਾਰੀ, ਐਮਬੂਲੈਂਸ ਚਾਲਕ ਅਤੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟਾਫ ਸਮਾਜ ਦੀ ਸੇਵਾ ਵਿੱਚ ਲੱਗੇ ਹੋਏ ਹਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਕਰਨਾ ਵੀ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਹੱਕਾਂ ਲਈ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਰੈਲੀ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਕੌਂਸਲਰਾਂ, ਪਤਵੰਤੇ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਸੰਗਠਨਾਂ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਹਿੱਸਾ ਲਿਆ। ਰੈਲੀ ਦੌਰਾਨ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਦਾ ਸੁਨੇਹਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣੂ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ। ਕਾਰਜਕ੍ਰਮ ਦਾ ਸਮਾਪਨ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਗੀਤ ਨਾਲ ਕੀਤਾ ਗਿਆ, ਜਿੱਥੇ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਮਸਲੇ ਵੀ ਸਾਂਝੇ ਕੀਤੇ ਅਤੇ ਕਮਿਸ਼ਨ ਵੱਲੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਹੱਲ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਡਾ.ਦੀਪਕ ਸਿੰਗਲਾ ਮੈਂਬਰ ਕੌਰ ਕਮੇਟੀ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰ ਕਮਿਸ਼ਨ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਚੇਅਰਮੈਨ ਦਾ ਐਂਟੀ ਕਰਪਸ਼ਨ ਕ੍ਰਾਈਮ ਪ੍ਰੀਵੇਸ਼ਨ ਕਮਿਊਨਿਟੀ ਓਰੀਐਂਟਿਡ ਪੁਲਿਸਿੰਗ ਸੁਸਾਇਟੀ (ਰਜਿ.),ਕੌਰ ਕਮੇਟੀ ਮੈਂਬਰ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ, ਬਲਦੇਵ ਸਿੰਘ, ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ, ਸਚਿਨ ਪਾਠਕ ਐਸ.ਡੀ.ਐਮ, ਮੇਜਰ ਡਾ.ਸੁਮਿਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ ਤਹਿਸੀਲਦਾਰ, ਨਵੀਨ ਕੁਮਾਰ ਡੀ.ਐਸ.ਪੀ, ਈਓ ਸੰਗੀਤ ਕੁਮਾਰ, ਪੀ.ਓ ਪ੍ਰੀਤਮ ਸਿੰਘ, ਦਲੀਪ ਹੰਸ ਮੈਂਬਰ ਦਲਿਤ ਵਿਕਾਸ ਬੋਰਡ, ਮੰਚ ਸੰਚਾਲਕ ਰਾਜ ਘਈ, ਅਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਏਐਫਐਸਓ, ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਕੋਂਸਲਰ, ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ ਕੋਂਸਲਰ, ਜਸਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਮਦਨ ਲਾਲ ਐਸ.ਆਈ, ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ, ਜਸਵੀਰ ਕੌਰ, ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ, ਮਨਜੀਤ ਕੌਰ, ਸ਼ਿਪਰਾ ਬਹਿਲ, ਕਨਿਕਾ, ਸੀਮਾ ਕੌਰ, ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ, ਰਜਿੰਦਰ ਕੌਰ, ਨਿਸ਼ਾਤ ਗੁਪਤਾ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਪਤਵੰਤੇ ਤੇ ਕੋਂਸਲਰ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ।

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ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰ ਕਮਿਸ਼ਨ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੁਹਿੰਮ ਜਾਰੀ- ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸ਼ੰਟੀ
ਪਦਮ ਸ੍ਰੀ ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸ਼ੰਟੀ ਵੱਲੋਂ ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ ਜਨਤਕ ਸੁਣਵਾਈ ਕੈਂਪ ਦੌਰਾਨ ਸੁਣੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਿਲਾ
ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਦੇ ਨਿਪਟਾਰੇ ਲਈ ਕਮਿਸ਼ਨ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਵਿੱਚ ਆਈ ਤੇਜ਼ੀ
9855475547 ਤੇ ਵਟਸਐਪ ਰਾਹੀਂ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਦਰਜ ਕਰਨ ਦੀ ਸੁਵਿਧਾ, 7 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੋਵੇਗੀ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ
ਵਿਦੇਸ਼ ਭੇਜਣ ਦੇ ਨਾਮ ‘ਤੇ ਠੱਗੀ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਕਮਿਸ਼ਨ ਸਖਤ- ਸ਼ੰਟੀ
ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ 07 ਜੂਨ: ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਅਤੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਖਾਤਮੇ ਲਈ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰ ਕਮਿਸ਼ਨ ਵੱਲੋਂ ਇਕ ਵੱਡੀ ਪਹਿਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਪਦਮ ਸ੍ਰੀ ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸ਼ੰਟੀ ਮੈਂਬਰ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰ ਕਮਿਸ਼ਨ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਕਿ ਰਾਜ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਮੁਹਿੰਮ ਵਿੰਡੀ ਜਾਵੇਗੀ, ਜਿਸ ਦਾ ਮਕਸਦ ਨੌਜਵਾਨ ਪੀੜ੍ਹੀ ਨੂੰ ਇਸ ਬੁਰਾਈ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਚਲਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ “ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ” ਅਭਿਆਨ ਸਫਲ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਲਈ ਕਮਿਸ਼ਨ ਵੱਲੋਂ ਵੀ ਪੂਰਾ ਸਹਿਯੋਗ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ।
ਇਸ ਸੰਦਰਭ ਵਿੱਚ ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ ਜਨਤਕ ਸੁਣਵਾਈ ਕੈਂਪ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ, ਜਿੱਥੇ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਆਪਣੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਸਿੱਧੇ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਕਮਿਸ਼ਨ ਅੱਗੇ ਰੱਖੀਆਂ। ਸ਼ੰਟੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਨੁੱਖ ਅਧਿਕਾਰ ਕਮਿਸ਼ਨ ਦੀ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ਹੁਣ ਹੋਰ ਤੇਜ਼ ਅਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਵਿੱਚ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਵੀ ਵਧੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਹਰ ਰੋਜ਼ 500 ਤੋਂ ਵੱਧ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋ ਰਹੀਆਂ ਹਨ, ਜੋ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਵਧਦੇ ਭਰੋਸੇ ਦਾ ਪ੍ਰਮਾਣ ਹੈ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇ ਕਿਸੇ ਵਿਅਕਤੀ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਦਾ ਹਨਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਹ 9855475547 ‘ਤੇ ਵਟਸਐਪ ਰਾਹੀਂ ਆਪਣੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਦਰਜ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਹਰ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਨੂੰ 7 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਰਜਿਸਟਰ ਕਰਕੇ ਉਸ ‘ਤੇ ਕਾਰਵਾਈ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਸ਼ੰਟੀ ਨੇ ਭਰੋਸਾ ਦਿਵਾਇਆ ਕਿ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਕੋਈ ਵੀ ਕਸਰ ਬਾਕੀ ਨਹੀਂ ਛੱਡੀ ਜਾਵੇਗੀ ਅਤੇ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਬਖਸ਼ਿਆ ਨਹੀਂ ਜਾਵੇਗਾ।
ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸ਼ੰਟੀ ਨੇ ਆਪਣੇ ਤਜਰਬੇ ਸਾਂਝੇ ਕਰਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕੋਵਿਡ ਦੌਰਾਨ 150 ਤੋਂ ਵੱਧ ਲਾਵਾਰਿਸ ਲਾਸ਼ਾਂ ਦਾ ਸੰਸਕਾਰ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਰਾਹਤ ਦਿਵਾਉਣ ਲਈ ਕਈ ਯਤਨ ਕੀਤੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਕਾਰਜ ਲਈ ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪਦਮ ਸ੍ਰੀ ਸਨਮਾਨ ਮਿਲਿਆ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕਈ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਅਤੇ ਫਾਰਮਾਸਿਊਟਿਕਲ ਕੰਪਨੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਵਿਰੋਧ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਵੀ ਕਰਨਾ ਪਿਆ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਖਿਲਾਫ 11 ਐਫ.ਆਈ.ਆਰ ਦਰਜ ਹੋਈਆਂ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਵਿਦੇਸ਼ ਭੇਜਣ ਦੇ ਨਾਮ ‘ਤੇ ਠੱਗੀ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਏਜੰਟਾਂ ਵਿਰੁੱਧ ਸਖਤ ਕਾਰਵਾਈ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਮਿਸ਼ਨ ਨੇ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਸਾਰੇ ਰਜਿਸਟਰਡ ਇਮੀਗ੍ਰੇਸ਼ਨ ਏਜੰਟਾਂ ਦੀ ਰਿਪੋਰਟ ਮੰਗੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਕਿਸੇ ਵੀ ਧੋਖਾਧੜੀ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਅੱਗੇ ਆ ਕੇ ਲਿਖਤੀ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਦੇਣ ਤਾਂ ਜੋ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਖਿਲਾਫ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕੇ।
ਸ.ਸ਼ੰਟੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਹ 23 ਜਿਲ੍ਹਿਆਂ ਦਾ ਦੌਰਾ ਕਰਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਗਰੂਕ ਕਰ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹੁਣ ਲੋਕ ਪਹਿਲਾਂ ਵਾਂਗ ਥਾਣਿਆਂ ‘ਚ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਿੱਧੇ ਕਮਿਸ਼ਨ ਕੋਲ ਆ ਰਹੇ ਹਨ, ਕਿਉਂਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਇੱਥੇ ਨਿਆਂ ਮਿਲਣ ਦੀ ਉਮੀਦ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਫਾਈ ਕਰਮਚਾਰੀ, ਐਮਬੂਲੈਂਸ ਡਰਾਈਵਰ ਅਤੇ ਹਸਪਤਾਲ ਸਟਾਫ ਸਾਡੇ ਸਮਾਜ ਦੇ ਅਹਿਮ ਹਿੱਸੇ ਹਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਨਮਾਨ ਮਿਲਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।
ਅਖੀਰ ਵਿੱਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪੂਰਾ ਸਹਿਯੋਗ ਮਿਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਲੋਕ ਨਿਡਰ ਹੋ ਕੇ ਆਪਣੀ ਗੱਲ ਅੱਗੇ ਰੱਖਣ। ਕੈਂਪ ਦੌਰਾਨ ਮਿਲੀਆਂ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ‘ਤੇ ਤੁਰੰਤ ਕਾਰਵਾਈ ਲਈ ਸੰਬੰਧਤ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਦਿਸ਼ਾ-ਨਿਰਦੇਸ਼ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਗਏ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਕਈ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਅਧਿਕਾਰੀ ਅਤੇ ਸਮਾਜਿਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਤੀਨਿਧੀ, ਪੰਚ, ਸਰਪੰਚ ਅਤੇ ਸ਼ੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ ਆਗੂ ਵੀ ਹਾਜ਼ਰ ਰਹੇ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਹਰ ਨਾਗਰਿਕ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਵਚਨਬੱਧਤਾ ਜਤਾਈ। ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ ਵਿਸੇਸ਼ ਤੌਰ ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ ਮੈਂਬਰ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰੀ ਕਮਿਸ਼ਨ ਪਦਮ ਸ੍ਰੀ ਜਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸ਼ੰਟੀ ਨੇ ਅੱਜ ਵਿਰਾਸਤ ਏ ਖਾਲਸਾ ਤੋਂ ਪੰਜ ਪਿਆਰਾ ਪਾਰਕ ਤੱਕ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਰੈਲੀ ਕੱਢੀ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਹੱਥਾ ਵਿੱਚ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਦੇ ਸਲੋਗਨ ਫੜੇ ਹੋਏ ਸਨ ਅਤੇ ਨਸ਼ਿਆ ਵਿਰੁੱਧ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਬਾਰੇ ਨਾਅਰੇ ਲਗਾ ਰਹੇ ਸਨ। ਸਮਾਗਮ ਦੀ ਸਮਾਪਤੀ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਗੀਤ ਨਾਲ ਹੋਈ ਅਤੇ ਸ੍ਰੀ ਸ਼ੰਟੀ ਨੂੰ ਇਸ ਪ੍ਰਸਾਸ਼ਨ ਅਤੇ ਇਲਾਕਾ ਵਾਸੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਵਿਸੇਸ਼ ਸਨਮਾਨ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਡਾ.ਦੀਪਕ ਸਿੰਗਲਾ ਮੈਂਬਰ ਕੌਰ ਕਮੇਟੀ ਮਨੁੱਖੀ ਅਧਿਕਾਰ ਕਮਿਸ਼ਨ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਚੇਅਰਮੈਨ ਦਾ ਐਂਟੀ ਕਰਪਸ਼ਨ ਕ੍ਰਾਈਮ ਪ੍ਰੀਵੇਸ਼ਨ ਕਮਿਊਨਿਟੀ ਓਰੀਐਂਟਿਡ ਪੁਲਿਸਿੰਗ ਸੁਸਾਇਟੀ (ਰਜਿ.),ਕੌਰ ਕਮੇਟੀ ਮੈਂਬਰ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ, ਬਲਦੇਵ ਸਿੰਘ, ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ, ਐਸ.ਡੀ.ਐਮ ਸੁਖਪਾਲ ਸਿੰਘ, ਡੀ.ਐਸ.ਪੀ ਨਵੀਨ ਕੁਮਾਰ, ਨਾਇਬ ਤਹਿਸੀਲਦਾਰ ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ,ਪ੍ਰੀਤਮ ਸਿੰਘ ਪੀ.ਓ, ਐਸ.ਐਮ.ਓ ਵਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਐਮ.ਓ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਐਸ.ਐਮ.ਓ ਜੰਗਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਐਸ.ਡੀ.ਓ ਪਾਵਰ ਕਾਮ, ਰਾਜੇਸ਼ ਸ਼ਰਮਾ ਐਸ.ਡੀ.ਓ ਨੂਰਪੁਰ ਬੇਦੀ, ਈ.ਓ ਸੰਗੀਤ ਕੁਮਾਰ, ਈ.ਓ ਗੁਰਬਖਸੀਸ਼ ਸਿੰਘ ਕੀਰਤਪੁਰ ਸਾਹਿਬ, ਏਐਫਐਸਓ ਅਮਰਦੀਪ ਕੌਰ, ਬੀਓ ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਾਵੀ, ਬੀਪੀਈਓ ਰਾਕੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ, ਗੁਰਸੋਹਣ ਸਿੰਘ ਸੈਕਟਰੀ ਰੈਡ ਕਰਾਸ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ।

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▪️ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो प्रोजेक्ट को जल्द मिल सकती है PIB की मंजूरी.
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को जल्द ही पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) से ग्रीन सिग्नल मिल सकता है।
प्रोजेक्ट की उपयोगिता पर दी जाएगी प्रेजेंटेशन.
पीआईबी की आगामी बैठक में नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) की ओर से इस प्रोजेक्ट की उपयोगिता और फायदों का पूरा विवरण दिया जाएगा। एनएमआरसी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) खुद इस बैठक में शामिल होंगे। वे एक विशेष प्रेजेंटेशन के जरिए यह साबित करेंगे कि यह कॉरिडोर आम जनता और क्षेत्र के विकास के लिए कितना जरूरी है। पीआईबी से मंजूरी मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट के काम में तेजी आने की उम्मीद है।
जेवर एयरपोर्ट के लिए मिलेगा नया लिंक.
इस नए मेट्रो कॉरिडोर के विकसित होने से न केवल स्थानीय निवासियों को फायदा होगा, बल्कि यह जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए भी एक नया और सीधा लिंक प्रदान करेगा। इससे एयरपोर्ट तक आने-जाने वाले यात्रियों की राह काफी आसान हो जाएगी।करीब 1.25 लाख लोगों को मिलेगी सहूलियतइस मेट्रो प्रोजेक्ट के पूरा होने से क्षेत्र के परिवहन में बड़ा बदलाव आएगा। अनुमान के मुताबिक, इस कॉरिडोर के शुरू होने से करीब 1.25 लाख लोगों को रोजाना आवाजाही में बड़ी सहूलियत और राहत मिलेगी।

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ਕੋਰੋਪੀ, ਏਥਨਜ਼ : 07-06-2026 ਨੂੰ ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਰਵਿਦਾਸ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਗੁਰੂ ਘਰ ਵਿੱਚ "ਜਗਤਗੁਰੂ ਰਵਿਦਾਸ ਮਹਾਰਾਜ ਜੀ" ਦੇ 650ਵੇਂ ਆਗਮਨ ਪੁਰਬ ਤੇ ਰਵਿਦਾਸੀਆ ਧਰਮ ਦੇ 18ਵੇਂ ਸਥਾਪਨਾ ਦਿਵਸ ਦਾ ਧਾਰਮਿਕ ਸਮਾਗਮ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਦਾਸ ਬਾਵਾ ਜੀ ਦੀ ਸਰਬਪ੍ਰਸਤੀ ਹੇਠ ਸ਼ਰਧਾ ਤੇ ਸਤਕਾਰ ਕੀਤੇ ਗਏ। ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਵੇਲੇ ਤੋਂ ਅਮ੍ਰਿਤਬਾਣੀ ਸਤਿਗੁਰੂ ਰਵਿਦਾਸ ਮਹਾਰਾਜ ਜੀ ਦੇ ਪਾਵਨ ਜਾਪ ਸ਼੍ਰੀ ਜਰਨੈਲ ਬਿੱਲਾ ਅਤੇ ਬੀਬੀ ਮਨਜੀਤ ਕੌਰ ਵਲੋਂ ਪ੍ਰਸੰਗ ਕੀਤੇ ਗਏ ਤੇ ਸਰਬੱਤ ਦੇ ਭਲੇ ਦੀ ਅਰਦਾਸ ਕੀਤੀ ਗਈ।

ਸੰਤ ਸੁਰਿੰਦਰ ਦਾਸ ਬਾਵਾ ਜੀ ਨੇ ਸਤਿਸੰਗ ਵਿੱਚ ਸਤਿਗੁਰੂ ਰਵਿਦਾਸ ਜੀ ਮਹਾਰਾਜ ਦੇ ਉਪਦੇਸ਼ ਸਾਂਝੇ ਕੀਤੇ ਅਤੇ ਸੰਗਤ ਨੂੰ ਨਾਮ ਦੀ ਕਮਾਈ ਤੇ ਗੁਰੂ ਚਰਨਾਂ ਨਾਲ ਜੋੜਨ ਦੀ ਪ੍ਰੇਰਣਾ ਦਿੱਤੀ। ਰਵਿਦਾਸੀਆ ਧਰਮ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਸਾਹਿਤ ਸੰਗਤ ਨੂੰ ਭੇਟ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਕੀਰਤਨੀ ਜਥੇ ਵਿੱਚ ਸ੍ਰੀ ਜੀਵਨ ਸੋਹਲ, ਸ੍ਰੀ ਜਸਵਿੰਦਰ ਰਈਆ, ਬੀਬੀ ਰੇਖਾ ਰਾਣੀ, ਸ੍ਰੀ ਸ਼ਿੰਦਾ ਰਾਣੀਪੁਰੀਆ, ਸ੍ਰੀ ਰਾਜਵਿੰਦਰ ਅਤੇ ਹੋਰ ਕੀਰਤਨੀ ਸ਼ਾਮਲ ਸਨ। ਸਟੇਜ ਸਕੱਤਰ ਦੀ ਸੇਵਾ ਸ਼੍ਰੀ ਜਸਵਿੰਦਰ ਰਈਆ ਨੇ ਨਿਭਾਈ ਅਤੇ ਗੁਰੂ ਕਾ ਲੰਗਰ ਅਤੁਟ ਵਰਤਾਇਆ ਗਿਆ।

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*सोमवार, 08 जून 2026 के मुख्य समाचार*

🔶भारत की जन्मदर में ऐतिहासिक गिरावट पर एलन मस्क ने जताई चिंता, सोशल मीडिया पर जारी किया चेतावनी संदेश

🔶मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष! इंडिया गठबंधन की बैठक आज, 23 दल होंगे शामिल

🔶त्रिपुरा : शाह के निर्देशों के बाद सीमा क्षेत्रों में बड़ी विनिर्माण परियोजनाओं और संपत्ति की खरीद फरोख्त की जांच शुरू

🔶रावलकोट में PAK सेना और रेंजर्स की बर्बरता, हक मांग रहे कश्मीरियों को गोलियों से भूना, घाटी में दहशत का माहौल

🔶बेरूत पर बमबारी का बदला: सीजफायर के बाद पहली बार ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों से किया हमला

🔶डोनाल्ड ट्रंप बोले- फैसले मैं लेता हूं, नेतन्याहू नहीं, वो ईरान के साथ समझौता स्वीकार करेंगे

🔶TMC में सब ठीक नहीं?: 'जनता से कोई जुड़ाव नहीं', ऋतब्रत बनर्जी का अभिषेक पर हमला, फिजूलखर्ची को लेकर उठाए सवाल

🔶अशोक गहलोत ने 2022 के सियासी संकट पर तोड़ी चुप्पी, कहा- आलाकमान के खिलाफ नहीं था विद्रोह

🔶अमेरिका में तेलंगाना के युवक की बेरहमी से हत्या, फर्जी ऑर्डर देकर सुनसान इलाके में बुलाया; सिर में दागीं गोलियां

🔶LPG Rule: गैस बुकिंग और डिलीवरी के बदले 7 नियम, अब बिना OTP नहीं मिलेगा सिलिंडर

🔶Khan Sir Case Update: पटना कोचिंग विवाद के बाद यूपी के पैतृक गांव में भी घिरे खान सर, करीबियों ने लगाए गंभीर आरोप

🔶ओपेक+ की बैठक आज: क्या आसमान छूती तेल की कीमतों और बंद होर्मुज का निकलेगा कोई समाधान?

🔶दिल्ली प्रोफेसर की हत्या करने 1400km दूर से आया कपल: प्रॉपर्टी हड़पना चाहता था, पुलिस ने बंगाल से गिरफ्तार किया

🔶अयोध्या राम मंदिर से 7 करोड़ की चोरी का दावा: अखिलेश बोले- सरकार की चुप्पी संदिग्ध; चंपत राय ने कहा- कोई गड़बड़ी नहीं मिली

🔶भास्कर अपडेट्स: दिल्ली होटल आग मामले में मौत का आंकड़ा 22 हुआ, एक और विदेशी नागरिक की इलाज के दौरान मौत

🔶भास्कर अपडेट्स: भूटान में भूकंप से सिक्किम और बंगाल में झटके महसूस हुए; कुछ सेकंड तक कांपी धरती

🔷IND vs AFG : भारत ने 564 रन पर घोषित की पारी, केएल राहुल और गिल ने लगाए शतक

🔷IND vs AFG, One-off Test, Day 2 Stumps: डेब्यूटेंट मानव सुथार के 3 विकेट, अफगानिस्तान 113/5

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झांसी। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी आज झांसी दौरे पर रहेंगे। उनके आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों में उत्साह का माहौल है तथा संगठन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दौरे के दौरान प्रदेश अध्यक्ष पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। बैठक में संगठन की मजबूती, आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर चर्चा की जाएगी। भाजपा संगठन के अनुसार पंकज चौधरी का यह दौरा संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का मार्गदर्शन संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करेगा तथा आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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*सुबह की देश-राज्यों से बड़ी खबरें..*
*08 - जून - सोमवार*
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*इजरायल पर ईरान-हिजबुल्लाह ने एक साथ बोल दिया हमला, दागी मिसाइलें चेताया- पलटवार किया तो तबाही मचा देंगे*

*1* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2026 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले चुने हुए लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री बन जाएंगे। वह देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार कार्यकाल वाले 64 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे

*2* पीएम मोदी के लिए यह पूरी उपलब्धि सिर्फ किसी एक सरकार का नेतृत्व करते हुए नहीं आई है। बल्कि उनकी इस उपलब्धि में 15 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड और अब लगातार करीब 12 साल से प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड शामिल है

*3* NDA को घेरने के लिए आज I.N.D.I.A की बैठक, एजेंडा तय नहीं, राहुल, ममता, अखिलेश, तेजस्वी समेत 23 विपक्षी दलों के नेता शामिल होंगे

*4* गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा दांव: जल्द हाईटेक होंगी सरहदें, परवान चढ़ेगा कारोबार; चुटकियों में मिलेगी मंजूरी

*5* भारत सरकार ने सीमाओं पर व्यापार और आवाजाही को पूरी तरह हाईटेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (एलपीएमएस) लॉन्च करेंगे। यह एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसे देश के सभी लैंड पोर्ट्स के कामकाज को एक एकीकृत प्रणाली से जोड़ने के लिए बनाया गया है

*6* अभिजीत दीपके बोले- कॉकरोच जनता पार्टी देशभर में प्रदर्शन करेगी, खुद अलग-अलग राज्यों और शहरों में जाऊंगा; 13 जून तक शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग

*7* 'मैं तो कांग्रेस अध्यक्ष बनना चाहता था, लेकिन साजिश हुई...' अशोक गहलोत का बड़ा दावा

*8* इस पुरे मामले के बाद देशभर में यह बात फैल गई कि गहलोत ने खुद ही अध्यक्ष पद से मना कर दिया, क्योंकि वो राजस्थान का मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ना चाहते थे, यानी लोगों की नजर में यह गहलोत की अपनी पसंद थी, यहां तक कि उनके अपने करीबी लोग और समर्थक भी यही मानते रहे

*9* ममता को कांग्रेस का ऑफर,अपने पुराने मूल में लौट आइए...रणनीतिक तैयारी तेज, पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों ने क्षेत्रीय क्षत्रपों की ताकत के जिस सबसे मजबूत किले को ढहाया है,उसके बाद अब कांग्रेस से टूटकर बनी पार्टियों के विलय और पुराने दिग्गजों की घर वापसी के प्लान पर शीर्ष स्तर पर बेहद रणनीतिक तरीके से काम शुरू हो चुका है

*10* अवैध घुसपैठियों से खाली कराया जा रहा बंगाल, 4800 को वापस भेजा; एक अगस्त से जनगणना की भी तैयारी

*11* दावा- NEET पेपर लीक के बाद NTA सिस्टम बदलेगा, एक्सपर्ट्स सवाल तैयार तो करेंगे, पर पता नहीं होगा किस एग्जाम के लिए किया

*12* इस्राइली सेना ने दावा किया है कि ईरान की ओर से दागी गई सभी मिसाइलों को उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। वहीं, ईरानी सेना ने इस्राइल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने लेबनान पर अपने हमले नहीं रोके तो उसे और भी विनाशकारी प्रहारों का सामना करना पड़ेगा।

*13* 'बस बहुत हुआ...' ईरान के इजरायल पर मिसाइल अटैक के बाद बोले ट्रंप, नेतन्याहू को जवाब न देने की दी सलाह

*14* फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी, तटीय इलाकों को खाली करने के निर्देश, इंडोनेशिया और जापान तक अलर्ट

*15* अफगानिस्तान के खिलाफ भारत 451 रन से आगे, पहली पारी 564/8 पर घोषित की, दूसरे दिन अफगानिस्तान का स्कोर 113/5; सुथार को 3 विकेट

*16* आज गिरावट के साथ खुल सकता है बाजार, विदेशी निवेशकों ने ₹31,120 करोड़ के शेयर बेचे; ईरान-अमेरिका तनाव से जोखिम बढ़ा
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Netherlands Women की कहानी... इस बार सिर्फ एक tournament entry नहीं है। यह उस दरवाजे का खुलना है, जिसके सामने Dutch cricket कई सालों से खड़ा था। Babette de Leede, कप्तान... और De Leede family की नई कहानीकार... अब ICC Womens T Twenty World Cup 2026 में अपनी team को लेकर उतरने वाली हैं। घर में Tim de Leede की 2003 World Cup वाली यादें हैं, जहां Sachin Tendulkar जैसा नाम कहानी का हिस्सा बना। Bas de Leede की 2022 वाली चमक भी है, जब उन्होंने Sam Curran के साथ wickets की race में अपना नाम ऊंचा किया। और अब... Babette de Leede की बारी है। Netherlands Women पहली बार T Twenty World Cup के stage पर आएंगी, लेकिन उनका mood सिर्फ भावुक होकर तस्वीर खिंचवाने का नहीं है। Babette ने अपनी ICC column में साफ कहा है... goal कम से कम दो matches जीतना और top eight में finish करना है, ताकि अगली T Twenty World Cup के लिए automatic qualification मिल सके। यह ambition छोटी नहीं है। यह उस squad की आवाज है, जिसने Europe Qualifier 2025 में Ireland के पीछे second finish किया, फिर Nepal में Global Qualifiers के pressure को absorb किया, और Bangladesh, Ireland और Scotland के बाद fourth qualification spot लेकर World Cup destination... England and Wales... तक का रास्ता बनाया। Team में excitement है, लेकिन उससे ज्यादा commitment है। Iris Zwilling, right-arm fast bowler... Dutch cricket की पहली player हैं जिन्होंने International T Twenty में 100 wickets लिए हैं। Powerplay में उनका threat Netherlands के campaign की धड़कन बन सकता है। Sterre Kalis, experienced right-handed batter... No. 4 पर stability और class लेकर आती हैं। England में domestic experience और Womens Hundred का exposure उन्हें इस tournament में एक mature batting voice बना सकता है। Coaching angle भी emotional है। Neil MacRae, जिन्होंने January 2024 से Netherlands Women को इस World Cup तक guide किया, tournament के बाद अपना tenure खत्म करेंगे। उसके बाद Pierre de Bruyn post-World Cup era संभालेंगे। यानी यह campaign एक beginning भी है... और एक farewell भी। Netherlands ने इस World Cup cycle में 34 International T Twenty matches खेले हैं, जिनमें 23 wins मिली हैं। Bangladesh के खिलाफ opener अब सिर्फ पहला match नहीं रहेगा... वह Netherlands Women के cricket history का पहला World Cup chapter होगा। और Babette de Leede भी एक personal landmark के करीब हैं... सिर्फ तीन appearances और, फिर वह 100 International T Twenty matches खेलने वाली पहली Dutch player बन सकती हैं, male या female दोनों categories में। यह कहानी pressure की है, pride की है, ambition की है। Netherlands Women पहली बार World Cup sun में कदम रख रही हैं... और उनके हाथ में सिर्फ ticket नहीं, एक statement है। आप सुन रहे थे Guru News Network, powered by द गुरु ज्ञान। Cricket news, clean match intelligence, fastest live line और trusted updates के लिए The Guru Gyan के साथ जुड़े रहें... क्योंकि game की असली कहानी वही समझता है, जो scorecard के पीछे की धड़कन भी सुनता है।

Netherlands Women are not walking into the ICC Womens T Twenty World Cup 2026 as silent guests at someone else's grand party. They arrive with a first-time dream, a captain with family history around the World Cup stage, and an ambition that is far sharper than sentimental participation. At the centre of this story stands Babette de Leede, the captain who now carries Netherlands Women into their maiden T Twenty World Cup. The De Leede household already has cricket stories that sound almost cinematic. Tim de Leede could speak of the 2003 World Cup and the moment Sachin Tendulkar became part of his cricket memory. Bas de Leede has his own chapter from 2022, when he matched Sam Curran for wickets and reminded the cricket world that Netherlands players do not simply arrive, they leave marks. Now Babette has the chance to add her own World Cup tale to that table. But this campaign is not built only on emotion. Netherlands have made their cricketing ideas clear. Babette has spoken about a goal of winning at least two games and finishing in the top eight, a result that would help them automatically qualify for the next T Twenty World Cup. That is not a soft target. That is a statement from a team that has travelled through pressure to reach England and Wales. Their road began at the Division One Europe Qualifier in 2025, where they finished second behind Ireland. Then came the Global Qualifiers in Nepal, where Netherlands did enough to secure the fourth qualification spot after Bangladesh, Ireland and Scotland. Their squad has commitment, identity, and enough experience to make this first World Cup appearance more than a ceremonial milestone. Iris Zwilling is one of the major players to watch. The right-arm fast bowler broke through as a teenager in 2019 and has grown into the first Dutch cricketer to take 100 International T Twenty wickets. In the powerplay, she can be the kind of bowler who changes a match before a batting side has even settled its breathing. Sterre Kalis brings another layer of importance. As a right-handed batter at No. 4, she offers experience, structure, and calm. Her record of 1949 runs in 64 International T Twenty innings, along with her exposure in England through the Womens Hundred and domestic cricket, makes her one of the central pillars of this batting group. There is also a coaching transition woven into the campaign. Neil MacRae, who took charge in January 2024 and helped guide Netherlands Women to this World Cup, will move on after the tournament. Pierre de Bruyn is set to take over the post-World Cup era. So this tournament carries two energies at once: the emotion of a new beginning, and the quiet weight of an ending. Since missing out in 2024, Netherlands Women have played 34 International T Twenty matches in this cycle and won 23 of them. Their opener against Bangladesh will be more than a fixture. It will be the first page of their World Cup history. Babette herself is close to becoming the first Dutch player, man or woman, to appear in 100 International T Twenty matches. Three more appearances would take her there. That makes this campaign personal, national, and historic at the same time. Netherlands Women step into the World Cup sun with excitement, but not innocence. They know the stage. They know the climb. And now, they want the world to know their cricket. Thank you for listening to Guru News Network, powered by The Guru Gyan. For trusted cricket updates, fastest live line, and clean match intelligence, stay connected with The Guru Gyan, where every cricket story is followed beyond the scoreboard and into the heartbeat of the game.

ICC Womens T Twenty World Cup 2026
Netherlands Women
World Cup Debut
Guru News Network

Netherlands Women enter their first T Twenty World Cup with a De Leede dream and a serious top-eight mission

Netherlands Women apne maiden ICC Womens T Twenty World Cup 2026 me sirf emotional participation ke liye nahi, balki Babette de Leede ki clear top-eight ambition, strong qualification journey aur rising squad confidence ke saath enter kar rahi hain.

Netherlands Women ka first-ever T Twenty World Cup appearance ek emotional milestone bhi hai aur Babette de Leede ke ambitious leadership plan ka first global test bhi.

News Highlights

- Netherlands Women apne maiden ICC Womens T Twenty World Cup 2026 me enter kar rahi hain.

- Captain Babette de Leede ne clear ambition set kiya hai: at least two wins aur top-eight finish, taaki next T Twenty World Cup ke liye automatic qualification secure ho sake.

- Netherlands ne Division One Europe Qualifier 2025 me Ireland ke peeche second finish kiya, phir Nepal ke Global Qualifiers se fourth qualification spot seal kiya.

- Iris Zwilling first-ever Dutch cricketer hain jinhone 100 International T Twenty wickets complete kiye hain.

- Sterre Kalis No. 4 par Netherlands batting structure ki key figure hain, with 1949 runs in 64 International T Twenty innings.

Main Story: Netherlands ka first World Cup chapter ab likha ja raha hai

Netherlands Women ke liye ICC Womens T Twenty World Cup 2026 sirf ek tournament entry nahi, balki ek historic cricket arrival hai. Babette de Leede ki captaincy me squad apne first-ever T Twenty World Cup me utregi, jahan emotion naturally high hoga, but intent usse bhi zyada sharp dikh raha hai.

De Leede family ka World Cup connection already layered hai. Tim de Leede ke 2003 memories me Sachin Tendulkar ka wicket ek classic cricket reference hai, while Bas de Leede ne 2022 me Sam Curran ke saath wickets tally me apni presence mark ki thi. Ab Babette ke paas apni World Cup story banane ka stage hai.

Par ye campaign nostalgia ka photo album banne nahi ja raha. Babette ne apni ICC column me clear target set kiya: Netherlands kam se kam two games jeetna chahti hai aur top eight me finish karna chahti hai. Cricket me clear goal rakhna dangerous bhi hota hai, because phir scoreboard humans ko sach dikha deta hai. Phir bhi, ambition ke bina World Cup debut bas attendance sheet ban kar reh jaata.

Qualification Route: Europe se Nepal tak Netherlands ka long road

Is edition ke liye Netherlands ka World Cup destination England and Wales tha, lekin ticket ek straight flight se nahi aaya. Journey Division One Europe Qualifier 2025 se start hui, jahan Netherlands Women ne Ireland ke peeche second place finish kiya.

Uske baad Global Qualifiers in Nepal ne campaign ko aur serious bana diya. Bangladesh, Ireland aur Scotland ke baad Netherlands ne fourth qualification spot secure kiya, aur isi route ne unhe maiden T Twenty World Cup tak pahunchaya.

Ye route team ke temperament ko define karta hai. First-time World Cup sides ke paas kabhi-kabhi excitement hoti hai, but Netherlands ke paas pressure-tested qualification rhythm bhi hai. Aur honestly, qualification pathways itne twisty hain ki GPS bhi resignation letter likh de, but Netherlands ne route samajh liya.

Squad And Best XI Context

Captain
Babette de Leede

Tournament
ICC Womens T Twenty World Cup 2026

Qualification Spot
Fourth in Global Qualifiers

Opening Focus
Bangladesh clash

Netherlands squad

Babette de Leede (c), Caroline de Lange, Frederique Overdijk, Hannah Landheer, Heather Siegers, Iris Zwilling, Isabel van der Woning, Lara Leemhuis, Myrthe van den Raad, Phebe Molkenboer, Robine Rijke, Rosalie Lawrence, Sanya Khurana, Silver Siegers, Sterre Kalis.

Projected Best XI

Heather Siegers, Phebe Molkenboer, Sterre Kalis, Babette de Leede (c), Robine Rijke, Sanya Khurana, Frederique Overdijk, Iris Zwilling, Caroline de Lange, Silver Siegers, Isabel van der Woning.

Players To Keep An Eye On

Iris Zwilling: Powerplay threat with historic wicket value

Iris Zwilling Netherlands ke bowling plan ka ek major name hain. Right-arm fast bowler ne teenage phase me 2019 ke around national side me breakthrough kiya, aur ab woh first-ever Dutch cricketer hain jinhone 100 International T Twenty wickets complete kiye.

Global Qualifiers me unhone seven matches me seven wickets liye, aur World Cup me unka Powerplay role Netherlands ke campaign ko early momentum de sakta hai. New-ball pressure tournament cricket me pure innings ka tone set karta hai, aur Zwilling ke paas woh threat profile clearly available hai.

Sterre Kalis: No. 4 par experience aur batting control

Sterre Kalis Netherlands batting ki key cog hain. 26-year-old right-handed batter No. 4 slot me stability provide karti hain, aur unke 1949 runs in 64 International T Twenty innings squad ke experience bank ko strong banate hain.

Kalis ka England exposure bhi valuable hai. Womens Hundred me 21 matches across four seasons aur domestic circuit experience unhe conditions ke practical understanding ke saath World Cup me enter karata hai. Is level par familiarity bhi ek hidden edge hoti hai, despite cricket experts usse fancy spreadsheet name de dete hain.

Key Turning Point: First World Cup match against Bangladesh

Netherlands Women ke liye tournament opener against Bangladesh sabse emotional aur symbolic fixture hoga. Bigger oppositions baad me aa sakti hain, but first World Cup match ka pressure aur memory alag hi level ka hota hai.

JSON context ke according, Netherlands ne is World Cup cycle me Bangladesh ke against ek win aur ek loss dekha hai. Isliye opener sirf occasion nahi, competitive reference point bhi carry karega.

World Cup Cycle
34 International T Twenty matches

Wins In Cycle
23 wins

Sterre Kalis
1949 runs in 64 innings

Babette Milestone
Three matches away from 100 International T Twenty appearances

Coaching Update: Neil MacRae farewell and Pierre de Bruyn era ahead

Netherlands Women ke campaign me ek important background storyline coaching transition bhi hai. Head coach Neil MacRae tournament ke baad apna tenure end karenge, having guided the team toward this World Cup since January 2024.

MacRae Jersey ke Director of Cricket aur men's team head coach role ki taraf move karenge. Former South Africa cricketer Pierre de Bruyn Netherlands ke post-World Cup era ko helm karenge.

Isliye World Cup campaign ek beginning bhi hai aur ek transition point bhi. Team first global stage me enter kar rahi hai, while leadership ecosystem tournament ke baad naye phase me shift hoga.

Tactical Analysis: Netherlands ka realistic path kya dikh raha hai?

1. Powerplay bowling se pressure build karna hoga

Iris Zwilling jaise bowlers ke through Netherlands ko early wickets ya at least scoring control chahiye hoga. First-time World Cup campaign me fielding energy aur new-ball discipline ka value double ho jaata hai.

2. Middle-order control Kalis aur Babette ke around rahega

Sterre Kalis ka No. 4 role aur Babette de Leede ki leadership batting order ko structure de sakti hai. Tournament cricket me collapses ek over me reputation ka ghar tod dete hain, toh mature middle overs handling important rahegi.

3. Top-eight dream ko small phases me todna hoga

Babette ka two wins and top-eight target ambitious hai, but execution ka route simple hoga: opener me composure, fielding me discipline, batting me partnerships, aur pressure overs me calm decision-making.

Why this news matters

Netherlands Women ka maiden ICC Womens T Twenty World Cup appearance associate and emerging women's cricket ke liye significant marker hai. Ye qualification sirf ek team ki progress nahi, balki global women's cricket depth ka bhi signal hai.

Babette de Leede ka personal milestone angle story ko aur layered banata hai. Woh three appearances away hain becoming the first Dutch player, man or woman, to play 100 International T Twenty matches. Captain, family legacy, maiden World Cup and national milestone, ek hi storyline me itna drama normally streaming platforms banate hain.

Netherlands ne 2024 edition qualify nahi kiya tha, but current cycle me 34 International T Twenty matches me 23 wins ne unke cricketing growth ko measurable shape diya hai. Isliye expectation sirf participation nahi, at least one strong result aur Babette ke target ke hisaab se potentially two wins tak stretch hoti hai.

League Stage Schedule Context

Provided input me detailed league-stage fixture list available nahi hai, lekin Bangladesh ke against opener ko Netherlands ke World Cup story ka biggest first marker bataya gaya hai. Us match ka emotion aur occasion team ke tournament tone ko define kar sakta hai.

GNN is campaign ko schedule, squad availability, key player impact aur post-match context ke saath track karega, taaki readers ko Netherlands Women ke maiden World Cup run ka clean and factual coverage mil sake.

GNN And The Guru Gyan Angle

Guru News Network (GNN), powered by The Guru Gyan , Netherlands Women ke maiden World Cup journey ko ek high-value development story ke roop me dekhta hai. Isme national pride, qualification grit, player milestones aur women's cricket growth sab ek frame me aate hain.

Readers latest cricket news, tournament updates aur team analysis ke liye Guru News Network follow kar sakte hain. Match intelligence aur broader cricket analysis ke liye The Guru Gyan official destination hai, while live match movement ke liye The Guru Gyan Live Line useful platform hai.

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मुनि दर्पण प्रकाशन समिति डडूका द्वारा प्रकाशित मुनि दर्पण निःशुल्क मासिक पत्रिका के हर मास एक उपवास विशेषांक का लोकार्पण कुशलगढ़ में नवकार गार्डन में साधना महोदधि आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज, क्षेत्रीय विधायक रमीला खड़िया, पूर्व राज्य मंत्री भीमा भाई डामोर, जयंती लाल सेठ, विजय लाल कोठारी तथा हंसमुख सेठ ने किया। प्रारंभ में मुनि दर्पण के प्रधान संपादक अजीत कोठिया ने पत्रिका का परिचय दिया। संपादक मंडल सदस्य कमलेश कुमार जैन (गढ़ी) ने सभी मुनिराजों, आर्यिका,क्षुल्लिका माताजी तथा संघस्थ ब्रह्मचारी भैया बहनों को मुनि दर्पण की प्रतियां भेट की। इस अवसर पर अजीत कोठिया ने मुनि दर्पण प्रेरणा हेतु मुनि श्री सामायिक सागरजी महाराज का आभार व्यक्त किया। प्रायोजन हेतु विजयलाल कोठारी तथा सुलोचना कोठारी के प्रति साधुवाद व्यक्त किया गया।
आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने मुनि दर्पण निःशुल्क मासिक पत्रिका प्रकाशन हेतु संपादक मंडल सदस्यो को मंगल आशीर्वाद दिया। संचालन उपाध्याय मुनि श्री पीयूष सागरजी महाराज ने किया, आभार प्रदर्शन जयंतीलाल सेठ ने किया। सभी श्रावकों को मुनि दर्पण निःशुल्क मासिक की प्रतियां भेट की गई।

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सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा मेगा कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम का सफल आयोजन

सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, मुरैना द्वारा कृषि क्षेत्र में वित्तीय समावेशन एवं “आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य को सशक्त बनाने हेतु शनिवार को मुरैना जिले की समस्त शाखाओं में मेगा कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम जनपद पंचायत सभागार मुरैना में आयोजित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, स्वयं सहायता समूहों, कृषि उद्यमियों एवं अन्य हितग्राहियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री कमलेश भार्गव, (भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत थे। कार्यक्रम सेन्ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया, ग्वालियर क्षेत्रीय प्रमुख माननीय श्री धर्मेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक श्री सिद्धार्थ कुमार, जिला जनसंपर्क अधिकारी सुश्री मोनिका माहौर, सहायक निदेशक पीआरओ, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री आशीष जे श्रीवास्तव, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, मुरैना शाखा के सहायक महाप्रबंधक श्री रौशन कुमार, आरसेटी मुरैना के निदेशक श्री मुनीश्वर शाक्य तथा क्षेत्रीय कार्यालय से सुश्री आरती परमार, मुख्य प्रबंधक, श्री दिग्विजय सिंह, मुख्य प्रबंधक आदि बैंक के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि एवं उससे संबद्ध गतिविधियों से जुड़े विभिन्न वर्गों, विशेषकर किसानों, स्वयं सहायता समूहों तथा प्राथमिक एवं द्वितीयक प्रसंस्करण कार्यों में संलग्न उद्यमियों को बैंकिंग सुविधाओं एवं ऋण योजनाओं से जोड़ना था।

कार्यक्रम के दौरान बैंक की विभिन्न कृषि एवं कृषि-संबद्ध योजनाओं जैसे सेन्ट कोल्ड स्टोरेज योजना, सेन्ट फूड प्रोसेसिंग योजना, पोल्ट्री फार्म योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME), किसान क्रेडिट कार्ड, किसान साथी योजना, खाद्य प्रसंस्करण वित्त, कृषि वित्त तथा कृषि अवसंरचना वित्त आदि की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही पात्र हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
इसके अतिरिक्त उपस्थित नागरिकों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) एवं अटल पेंशन योजना (APY) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा अधिक से अधिक लोगों को इन योजनाओं से जुड़ने हेतु प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत मुरैना जिले की विभिन्न शाखाओं द्वारा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लाभार्थियों को ₹8.00 करोड़ की ऋण स्वीकृति के स्वीकृति-पत्र वितरित किए गए। इस पहल से जिले के किसानों एवं ग्रामीण उद्यमियों को अपनी आजीविका एवं व्यवसाय को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी।

अपने संबोधन में अतिथियों ने किसानों एवं ग्रामीण उद्यमियों से बैंक की विभिन्न योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया तथा कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, मूल्य संवर्धन गतिविधियों एवं वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने पर बल दिया।

यह आयोजन सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ग्रामीण एवं अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन तथा सुलभ, आकर्षक एवं ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।
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#morena2026 #Morena #JansamparkMP

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कठौतिया : ग्राम कठौतिया में बेसहारा और आश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए गौ सेवा समिति द्वारा जनभागीदारी से छावनी (शेड) निर्माण का कार्य चल रहा है। भीषण गर्मी और आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। समिति के सदस्य बलराम चंद्राकर, रोशन चंद्राकर, दुर्गाप्रसाद साहू, राकेश मिश्रा, हिरेश पटेल, खडानन राम, लिकश पटेल, खिलु पटेल, नीतीश पटेल, रामफल पटेल, दीपक यादव और लोकनाथ चंद्रकार इस अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। पंचायत द्वारा जमीन आवंटित की गई है और ग्रामीण स्वयं चारा जुटा रहे हैं।

ग्राम जंगलपुर के गौसेवकों और युवाओं ने भी कठौतिया पहुंचकर श्रमदान किया है। युवा रासायनिक खाद का उपयोग बंद कर जैविक खाद और कीटनाशक तैयार कर रहे हैं। गुजरात के गोपाल भाई सुतारिया से प्राप्त विशेष गौ कृपा अमृत जीवाणु के माध्यम से जैविक खाद की गुणवत्ता बढ़ाई जा रही है। समिति ने गौशाला को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापारिक व सामाजिक मॉडल भी अपनाया है। हालांकि, पक्के भंडारण भवन के अभाव और पशु चिकित्सक की नियमित उपस्थिति न होने से चुनौतियां बनी हुई हैं।

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आपके दिए गए कंटेंट में कुछ दावे बहुत बड़े और संवेदनशील हैं (जैसे ₹15.15 लाख करोड़
🚨 BREAKING NEWS

LIC के निवेश वाली कंपनी Rajesh Exports पर SEBI का बड़ा एक्शन, विपक्ष ने ED की भूमिका पर उठाए सवाल

नई दिल्ली | AIMA Media Desk

देश की प्रमुख ज्वेलरी एवं गोल्ड रिफाइनिंग कंपनी Rajesh Exports Ltd. एक बड़े विवाद में घिर गई है। बाजार नियामक SEBI (Securities and Exchange Board of India) द्वारा जारी अंतरिम आदेश के बाद कंपनी के वित्तीय लेन-देन और राजस्व रिपोर्टिंग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC (Life Insurance Corporation of India) इस कंपनी में लगभग 10.8 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है।
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क्या है पूरा मामला?

SEBI की प्रारंभिक जांच में आरोप लगाया गया है कि कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2021 से 2025 के बीच प्रस्तुत किए गए कुछ राजस्व आंकड़ों और वित्तीय विवरणों में गंभीर अनियमितताएं हो सकती हैं।

नियामक ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और कंपनी के कई वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है।

हालांकि कंपनी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह केवल लेखांकन और डेटा प्रस्तुति को लेकर गलतफहमी है तथा उसने नियामक को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं।


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LIC क्यों चर्चा में है?
LIC देश के करोड़ों पॉलिसीधारकों का पैसा विभिन्न कंपनियों में निवेश करती है।
Rajesh Exports में LIC की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण निवेशकों के बीच चिंता बढ़ी है कि यदि कंपनी पर लगे आरोप सही साबित होते हैं तो निवेश का मूल्य प्रभावित हो सकता है।

हालांकि वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि LIC का कुल निवेश पोर्टफोलियो इतना बड़ा है कि किसी एक कंपनी में आई गिरावट से संस्था की वित्तीय स्थिरता पर बड़ा असर पड़ने की संभावना कम है।
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ED का नाम क्यों आया?
विपक्षी दलों ने सवाल उठाया है कि यदि वित्तीय अनियमितताओं के आरोप इतने बड़े हैं तो:
ED (प्रवर्तन निदेशालय)
CBI
SFIO

जैसी जांच एजेंसियों ने पहले कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?

कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है कि क्या मामले की जांच केवल SEBI तक सीमित रहेगी या अन्य एजेंसियां भी इसमें शामिल होंगी।

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क्या ED जांच शुरू करेगी?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं के माध्यम से धन का अवैध हस्तांतरण या मनी लॉन्ड्रिंग हुई है, तब प्रवर्तन निदेशालय (ED) PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत मामला दर्ज कर सकता है।

फिलहाल ऐसी किसी आधिकारिक ED जांच की सार्वजनिक घोषणा नहीं हुई है।
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शेयर बाजार पर क्या असर?
SEBI के आदेश के बाद:

📉 कंपनी के शेयरों में भारी दबाव देखा गया।
📉 निवेशकों की चिंता बढ़ी।
📉 बाजार में कॉर्पोरेट गवर्नेंस और ऑडिट प्रणाली को लेकर नई बहस शुरू हो गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से निवेशकों का भरोसा प्रभावित होता है और नियामकीय निगरानी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठते हैं।
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आम जनता पर असर

1. LIC पॉलिसीधारक
पॉलिसियां सुरक्षित हैं।
मैच्योरिटी और क्लेम भुगतान पर कोई तत्काल खतरा नहीं।
बोनस पर भी तत्काल बड़ा प्रभाव दिखने की संभावना नहीं।


2. शेयरधारक

सीधे निवेश करने वाले निवेशकों को नुकसान का जोखिम।
शेयर मूल्य में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

3. बाजार का भरोसा

निवेशकों का विश्वास प्रभावित हो सकता है।
कॉर्पोरेट पारदर्शिता पर नए सवाल उठ सकते हैं।
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राजनीतिक प्रतिक्रिया

विपक्ष का आरोप

विपक्ष का कहना है कि इतने बड़े आरोप सामने आने के बाद केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

सरकार का पक्ष

सरकार की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल मामला SEBI की जांच के अधीन है।
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AIMA Media विश्लेषण
इस पूरे विवाद में तीन बड़े प्रश्न सामने आते हैं:
1. यदि आरोप सही हैं तो इतनी बड़ी कथित अनियमितता वर्षों तक पकड़ में क्यों नहीं आई?
2. ऑडिट और नियामकीय निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
3. करोड़ों निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?

जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष घोषित करना जल्दबाजी होगी। लेकिन यह मामला भारत के कॉर्पोरेट प्रशासन, निवेशक सुरक्षा और नियामकीय जवाबदेही की बड़ी परीक्षा बन चुका है।

(नोट: SEBI की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। अंतिम निष्कर्ष आने तक सभी आरोप जांचाधीन माने जाएंगे।)

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मुरादाबाद के थाना मैनाठेर क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन की लापरवाही के कारण सात बिजली पोल धराशाई हो गए। घटना के बाद इलाके की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात वाहन सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से टकरा गया। टक्कर के बाद बिजली के तार वाहन में फंस गए। चालक ने तार निकालने का प्रयास किया, लेकिन तारों के खिंचाव के कारण उनसे जुड़े एक के बाद एक सात बिजली पोल उखड़कर गिर गए।

घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और क्षति का जायजा लिया। विभाग की ओर से अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा वाहन और चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

बिजली विभाग के कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त पोल और तारों को हटाकर आपूर्ति बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।

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"आज तक की न्यूज़ एंकर अंजना ओम कश्यप ने खान सर,अभिनय मैथ्य ,4PM चैनल एवं अन्य कुल 8 पर किया दो करोड़ का मानहानि का केस" कुछ दिन पहले की बात है,जब आज तक की न्यूज़ एंकर अंजना ओम कश्यप ने पेपर लीक की वजह कोचिंग संस्थानों के टीचरों पर अभद्रतापूर्ण टिप्पणी की थी,जिसकी प्रतिक्रिया तमाम कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों ने व्यक्त की थी और 4PM चैनल ने इस केस के लिए धन्यवाद दिया है,जिसमें इन शिक्षकों का कोई ऐसा बयान नहीं है, जिससे अंजना ओम कश्यप के मान सम्मान को ठेस पहुंची हो,किन्तु वैचारिक प्रतिक्रिया थी,जो होनी भी चाहिए, क्योंकि अंजना ओम कश्यप ने कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों को जानना ना कौड़ी कहा था और भी बातें थीं,जो पब्लिक डोमेन में है। अर्थात शिक्षकों का मान सम्मान नहीं है,सिर्फ अंजना ओम कश्यप (भारतीय समाज की दुश्मन) का मान सम्मान है,बाकी शिक्षकों के लिए कुछ भी कहती रहें उनको पूरी छूट है,ऐसे कैसे हो सकता है?इन मोहतरमा के इस बयान पर इनकी भारी फजीहत हुई थी और हो भी रही है,अब तो मानहानि के केस के बाद और अधिक फजीहत हो रही है, इसमें कोई दो राय नहीं है, जो पब्लिक डोमेन में है।इस मानहानि केस के बाद इस देश की साम्प्रदायिक प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया द्वारा खान सर को फैजल खान एवं अभिनय मैथ्य को अभिनय शर्मा इत्यादि 8 व्यक्ति इस तरह से ट्रोल किए जा रहे हैं क्यों?ऐसी सांप्रदायिक मीडिया को शर्म क्यों नहीं आती?इसी साम्प्रदायिक मीडिया ने इस देश को प्रगति में 100 वर्ष पीछे भेज दिया है। अंजना ओम कश्यप ने सामाजिक एवं देश की समस्याओं को लेकर कभी क्या कोई डिबेट की है?कभी नहीं, 2014 के पूर्व हो सकता है कि करती रही होंगी,किन्तु 2014 के बाद देश के मुद्दों पर एक भी डिबेट नहीं की और यही सत्य है,परन्तु हिन्दू मुस्लिम करके धार्मिक उन्माद फैलाने में देश में नम्बर एक पर इनका नाम आता है यहां तक कि यह जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित करके न्यूज़ चला देतीं हैं।अभी हाल ही में देख लीजिए खान सर एवं रोशन सर आपसी विवाद हो गया है,परन्तु खान सर पूर्व में रोशन के दोस्त थे और सम्मिलित रूप से कोचिंग भी चलाते थे पूर्व में ऐसी जानकारी है।इस साम्प्रदायिक मीडिया का शीर्षक होता है फैजल खान गिरफ्तार होने वाला है,अब खान‌ सर मुसलमान हो गया, जबकि यही लोग खान सर को सेलिब्रिटी की तरह अपने चैनलों पर बुलाते थे,इस देश की मीडिया की यही सच्चाई है,पहले जाति देखें,यदि जाति का एंगल नहीं मिला तो धर्म देखकर खबरें चलाकर उसे अपमानित करेंगे। कल्पना कीजिए कि भारतीय समाज में अंजना ओम कश्यप का कोई मान सम्मान है क्या?न्यूज़ एंकर, पत्रकार, समाचार एजेंसियां, यूट्यूबर, इन्फ्लूएंसर, सामाजिक कार्यकर्ता, नेता आदि जो देश को विनाश की ओर ले जा रहे हैं उनकी अहमियत मेरी नज़र में फूटी कौड़ी के बराबर भी नहीं है। अंजना ओम कश्यप उन में से एक है। भारतीय समाज (जो देश को प्रगति की ओर ले जाना चाहता है) में अंजना ओम कश्यप का क्या कोई मान सम्मान है? इन्होंने ने मानहानि के साथ ही साथ वीडियो भी डिलीट करने की कोर्ट में अर्जी दी है,जिसमें तमाम शिक्षकों एवं न्यूज़ चैनलों ने इनके जानना ना कौड़ी शब्द का उत्तर दिया है। अंजना ओम कश्यप जैसे न्यूज़ एंकर, पत्रकार, समाचार एजेंसियां, यूट्यूबर, इन्फ्लूएंसर, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नेता इस देश के लिए अभिशाप है,जो देश के मुद्दों को दरकिनार करके अपनी रोटियां सेंकने का काम कर रहे हैं।

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🚜🌾 किसान रजिस्ट्री अब हर किसान के लिए महत्वपूर्ण!

केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाओं का लाभ पाने के लिए Farmer Registry कराना जरूरी हो गया है। समय पर रजिस्ट्री पूरी होने से आपकी खेती, भूमि और किसान पहचान सरकार के रिकॉर्ड में अपडेट रहती है। आज ही अपनी Farmer Registry पूर्ण कराएं। ✅

📍 रजिस्ट्री प्रक्रिया कैसे पूरी करें?

भूमि सत्यापन: अपने क्षेत्र के पटवारी/सर्वेयर से जमीन का सत्यापन करवाएं।

ऑनलाइन पंजीकरण: नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाकर Farmer Registry ऑनलाइन दर्ज कराएं।

📄 जरूरी दस्तावेज

✔️ आधार कार्ड

✔️ खसरा एवं खतौनी (B-1)

✔️ मोबाइल नंबर (OTP सत्यापन के लिए)

✔️ बैंक खाता विवरण (DBT भुगतान के लिए)

🌟 Farmer Registry से मिलने वाले प्रमुख लाभ

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की किस्त समय पर प्राप्त करना

फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और कृषि ऋण योजनाओं में सुविधा

खाद, बीज और अन्य कृषि सब्सिडी का सीधा लाभ

सरकारी कृषि योजनाओं और मुआवजा वितरण में पारदर्शिता

भूमि रिकॉर्ड और किसान पहचान का डिजिटल अपडेट

⚠️ ध्यान दें

यदि Farmer Registry अधूरी रहती है, तो भविष्य में कुछ सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करें और अपने दस्तावेज सुरक्षित रखें।

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ई-विकास पोर्टल के माध्यम से किसान सुगमता से प्राप्त कर सकते हैं उर्वरक

वैध फार्मर आईडी होना है अनिवार्य

शासन के निर्देशानुसार जिले में किसानों को उर्वरकों के वितरण हेतु ई-विकास पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी एवं सुगम व्यवस्था लागू की गई है। ई-टोकन प्रणाली के तहत किसान अपने मोबाइल फोन से स्वयं टोकन जारी कर उर्वरक बुक कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, किसान एमपी ऑनलाइन केंद्रों पर निर्धारित शुल्क जमा कर भी ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं।
सिकमी (ठेकेदार/बटाईदार) किसान, जो भूमि स्वामी नहीं हैं, वे संबंधित भू-स्वामी की अनुमति प्राप्त कर एग्री स्टैक पोर्टल के माध्यम से अधिकृत प्रतिनिधि किसान के रूप में पंजीयन कर ई-टोकन बुक कर सकते हैं। इसी प्रकार वन पट्टाधारी किसान भी संबंधित एसडीएम द्वारा सत्यापन उपरांत ई-विकास पोर्टल के माध्यम से उर्वरक बुकिंग की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
मृतक, शारीरिक रूप से दिव्यांग एवं वृद्ध किसानों के लिए भी ई-विकास प्रणाली में विशेष प्रावधान किए गए हैं। संयुक्त खाताधारी कृषकों के मामलों में, जहां किसी एक सदस्य का आधार आधारित ओटीपी सत्यापन संभव नहीं हो पाता क्योंकि वह अन्य शहर अथवा विदेश में निवासरत है, ऐसे किसानों के लिए ई-विकास पोर्टल पर किसी एक सदस्य को नामांकित करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
ई-टोकन जारी कराने हेतु किसानों का एग्री स्टैक पोर्टल पर आधार नंबर के माध्यम से पंजीयन होना आवश्यक है। साथ ही फार्मर आईडी पर भूमि का रकबा, खसरा एवं फसल संबंधी जानकारी अद्यतन होना अनिवार्य है। पंजीयन प्रक्रिया आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से पूर्ण की जाती है, इसलिए मोबाइल नंबर का आधार से लिंक होना आवश्यक है।
ई-टोकन प्राप्त करने के लिए किसान को ई-विकास पोर्टल के डैशबोर्ड पर उपलब्ध विकल्प का चयन कर अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा। ओटीपी सत्यापन के उपरांत किसान की भूमि एवं पट्टे संबंधी जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी। इसके बाद किसान को अपनी भूमि के अनुसार फसल का चयन करना होगा, जिससे आवश्यक उर्वरक की मात्रा स्वतः प्रदर्शित हो जाएगी।
यूरिया के साथ डीएपी, एसएसपी अथवा एनपीके में से उपयुक्त विकल्प का चयन करना अनिवार्य होगा। चयनित फसल एवं उपलब्ध रकबे के आधार पर आवश्यक उर्वरक का प्रकार चुनने के पश्चात संबंधित वितरण केंद्रों—डबल लॉक केंद्र, एमपी एग्रो, सहकारी समितियों अथवा निजी विक्रेताओं—पर उपलब्ध उर्वरक स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित होगी। वितरण केंद्र के चयन के बाद किसान का ई-टोकन जारी हो जाएगा।
जारी किए गए ई-टोकन के आधार पर किसान को दो दिवस के भीतर चयनित वितरण केंद्र से उर्वरक प्राप्त करना होगा। निर्धारित समयावधि में उर्वरक प्राप्त न करने की स्थिति में टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा। इस व्यवस्था से किसानों को लंबी कतारों में प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होगी तथा उर्वरक वितरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनेगी।
उल्लेखनीय है कि ई-विकास पोर्टल के माध्यम से ई-टोकन बुक करने के लिए किसान के पास वैध फार्मर आईडी होना अनिवार्य है।
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एक World Cup campaign... कभी सिर्फ fixtures की list नहीं होता। यह उम्मीद, दबाव, पुरानी चोटों, नई तैयारी और उन खिलाड़ियों की कहानी होता है, जो मुश्किल group को भी अपने belief से challenge करने निकलते हैं। Bangladesh Women अब ICC Women's T Twenty World Cup 2026 में अपनी सातवीं appearance के लिए तैयार हैं। पहली बार उन्होंने 2014 में इस tournament का दरवाजा खोला था... और अब, एक decade से ज्यादा समय बाद, England में उनके सामने फिर वही बड़ा सवाल खड़ा है: क्या experience और spin की ताकत, giants से भरे group में survival का रास्ता बना पाएगी? Bangladesh Women qualification से confidence लेकर आई हैं। Nepal में खेले गए Global Qualifier में उन्होंने group stage और Super Six phase, दोनों में unbeaten run complete किया। यह सिर्फ entry ticket नहीं था... यह एक statement था कि team pressure में crumble नहीं हुई। लेकिन World Cup का main stage अलग दुनिया है। Group 1 में Australia Women, India Women और South Africa Women जैसी heavyweights हैं। Netherlands Women और Pakistan Women के खिलाफ matches, इसलिए, Bangladesh के लिए sirf fixtures nahi, campaign-defining checkpoints ban chuke hain. इस पूरी कहानी के centre में हैं Nigar Sultana Joty... captain, wicketkeeper, batter, aur Bangladesh Women cricket ki sabse stable awaaz. Yeh unka third consecutive T Twenty World Cup captaincy assignment hai. Recent Edinburgh tri-series mein unhone 190 runs banaye, average 63.33 raha, aur yeh form Bangladesh ke liye oxygen jaisi hai. Nigar ke paas ek personal record bhi nazdeek hai. T Twenty World Cup history mein Bangladesh ki leading run-scorer ke roop mein unke naam 456 runs hain. Paanch group matches ke saath, woh tournament mein 500 runs cross karne wali pehli Bangladesh woman ban sakti hain. Lekin captain ke liye sabse bada milestone shayad number nahi hoga... sabse bada milestone hoga apni team ko ek brutal group mein alive rakhna. Bangladesh ki primary strength spin hai. Nahida Akter, Shorna Akter, Rabeya Khan, Fahima Khatun, Shanjida Akther Maghla aur Sultana Khatun jaise options captain ko matchup-based plans banane ki flexibility dete hain. English conditions mein yeh spin web tab aur dangerous ho sakta hai, jab Marufa Akter apni pace se early breakthroughs nikaal sakein. Marufa is attack ki X-factor hain... woh player jo Bangladesh ke spin-heavy template mein speed ka shock value la sakti hain. Shorna Akter bhi ek major name hain, kyunki unke paas ball aur bat dono se game turn karne ki ability hai. Global Qualifier mein unhone Bangladesh ke liye second-most wickets, 8, liye the. Tournament se pehle Bangladesh ka road bilkul smooth nahi raha. Edinburgh tri-series mein Scotland Women aur Netherlands Women ke against pehle do fixtures haarne ke baad team ne last two games jeetkar comeback kiya. Off-field dressing-room tensions ki reports bhi headlines mein rahi, jiske baad Nigar Sultana Joty ko un allegations par response dena pada, jahan unhe dressing room mein dictator kaha gaya tha. Cricket world ka drama department kabhi nghỉ nahi leta, par World Cup mein final answer hamesha scoreboard aur team unity deti hai. 2024 World Cup mein Bangladesh group stage se bahar ho gayi thi: four games, one win, three losses. Lekin Scotland Women ke against woh ek win symbolic thi, kyunki usne T Twenty World Cups mein decade-long losing streak end kiya aur Bangladesh ki first tournament victory away from home banayi. Uske baad ka record patchy raha. Ireland Women ne November 2024 mein Bangladesh ko home T Twenty International series mein 3-0 se sweep kiya. West Indies Women ne January 2025 mein Caribbean mein same result repeat kiya. Nepal qualifier ka unbeaten run high point tha, lekin Sri Lanka Women ne World Cup se kuch weeks pehle Bangladesh mein T Twenty International series 3-0 jeetkar warning bhi de di. Ab sabse bada match June 22 ko The Oval par Pakistan Women ke against hai. Australia Women, India Women aur South Africa Women ke against path extremely steep hai, isliye Pakistan fixture Bangladesh ke liye practical must-win ban chuka hai. Bangladesh ne Women's O.D.I World Cup 2025 mein Pakistan Women ko seven wickets se haraya tha, isliye belief ka ek solid reference point unke paas hai. Lekin T Twenty cricket mein time kam hota hai, panic fast aata hai, aur ek over pura campaign hila sakta hai. Realistic expectation simple hai: Netherlands Women aur Pakistan Women ke against wins, aur phir ek honourable group-stage exit. Semi-final push abhi bhi bahut tough mountain lagta hai, kyunki Bangladesh ne six previous World Cup appearances mein sirf three tournament wins manage ki hain. Phir bhi, yahi cricket ka masala hai... expectation limited ho sakti hai, lekin ek captain's knock, ek Marufa Akter spell, ek Shorna Akter all-round burst, aur ek disciplined spin plan story ko completely badal sakta hai. Bangladesh Women ke paas mountain hai... par unke haath khaali nahi hain. Unke paas Nigar Sultana Joty ki calm command hai, spin army hai, Marufa Akter ki pace hai, Shorna Akter ka spark hai, aur qualification run ki woh memory hai jo pressure ke waqt dressing room mein hope ban sakti hai. Aap sun rahe the Guru News Network, powered by द गुरु ज्ञान... jahan cricket news sirf batayi nahi jaati, mehsoos bhi karayi jaati hai. Trusted cricket stories, sharp analysis aur clean cricket intelligence ke liye jude rahiye द गुरु ज्ञान aur द गुरु ज्ञान Live Line ke saath... kyunki jab World Cup bada ho, toh source bhi utna hi reliable hona chahiye.

A World Cup campaign is never merely a list of fixtures. It is a map of pressure, memory, ambition, and the quiet decisions that determine whether a team disappears into a difficult group... or leaves behind a story larger than expectation. Bangladesh Women arrive in England for their seventh appearance at the ICC Women's T Twenty World Cup, having first entered the tournament in 2014. Their route to the 2026 edition carried the reassuring rhythm of an unbeaten qualification campaign. In Nepal, they moved through both the group stage and the Super Six phase of the Global Qualifier without defeat, earning their place with control rather than fortune. Yet the reward for that journey is a Group 1 landscape shaped by giants. Australia Women, India Women, and South Africa Women stand among the most demanding opponents in the competition, while the matches against Netherlands Women and Pakistan Women carry the sharper, less forgiving weight of opportunity. At the centre of Bangladesh's campaign is Nigar Sultana Joty, leading the side at a third consecutive T Twenty World Cup. She is not simply the captain, wicketkeeper, and one of the team's most important batters. She is the emotional axis of a group that has grown together across a decade of international cricket. Her recent form gives Bangladesh something solid to hold. In the Edinburgh tri-series, she top-scored with 190 runs at an average of 63.33. In a campaign where Bangladesh may not receive too many easy openings, that kind of stability matters. Joty also enters the tournament with a personal landmark within reach. She is already Bangladesh's leading run-scorer in T Twenty World Cup history, with 456 runs in 20 innings at a strike rate of 86.36. With five group games ahead, she has every chance of becoming the first Bangladesh woman to cross 500 runs in the tournament. But records, however elegant, will not define her campaign alone. Leadership will. Bangladesh's identity is built around spin, experience, and familiarity. Nahida Akter, Shorna Akter, Rabeya Khan, Fahima Khatun, Shanjida Akther Maghla, and Sultana Khatun give the side a web of slow-bowling options. In English conditions, that plan will require patience, precision, and intelligent field setting. The pace X-factor, however, is Marufa Akter. Bangladesh will look to her speed and intent to create impact, especially if early movement is available. If Marufa can strike at the top, the spinners can control the middle. If she cannot, Bangladesh may find themselves defending too much ground too early. Shorna Akter adds another critical layer. She has the ability to change a game with both bat and ball, and her eight wickets in the Global Qualifier made her Bangladesh's second-highest wicket-taker in that campaign. Her all-round value could become essential in low-margin games. The build-up, however, has not been perfectly smooth. In the pre-tournament tri-series in Edinburgh, Bangladesh lost their first two fixtures against Scotland Women and Netherlands Women, before recovering to win their final two games. That comeback mattered because it showed resilience after disruption. Off the field, reports of dressing-room tension also entered the conversation, forcing Nigar Sultana Joty to address allegations that described her as a dictator in the dressing room. In tournament cricket, such noise can either fracture a team or harden it. Bangladesh must ensure it does the second. Their 2024 World Cup campaign ended at the group stage, with four games producing one win and three defeats. Yet the victory over Scotland Women carried historic value. It ended a decade-long losing streak at T Twenty World Cups and became Bangladesh's first tournament win away from home. Since then, the record has been uneven. Ireland Women swept them 3-0 in a home T Twenty International series in November 2024. West Indies Women repeated the result in the Caribbean in January 2025. The unbeaten qualifier run in Nepal restored belief, but Sri Lanka Women then came to Bangladesh and won the T Twenty International series 3-0 just weeks before the World Cup. That is why the June 22 match against Pakistan Women at The Oval feels so decisive. Bangladesh's path against Australia Women, India Women, and South Africa Women is brutally steep. The Pakistan fixture, therefore, becomes the practical must-win. Bangladesh do have a recent reminder that Pakistan can be beaten at ICC events. They defeated Pakistan Women by seven wickets in the Women's O.D.I World Cup 2025. But T Twenty cricket is shorter, sharper, and less forgiving. One over can tilt a match. One collapse can close a campaign. Realistically, Bangladesh will target wins against Netherlands Women and Pakistan Women, then look for an honourable group-stage exit. A semi-final push remains a mountain too high on paper, especially for a side with only three tournament wins across six previous World Cup appearances. But cricket has always enjoyed making paper look foolish. Bangladesh Women have spin, experience, Marufa Akter's pace, Shorna Akter's all-round threat, and Nigar Sultana Joty's calm authority. That may not make them favourites. It does make them dangerous enough to be respected. Thank you for listening to Guru News Network, powered by The Guru Gyan. For trusted cricket news, sharper tournament analysis, free live line, and clean cricket intelligence, stay connected with The Guru Gyan and The Guru Gyan Live Line... because the game moves fast, and good information should move smarter.

ICC Womens T20 World Cup 2026
Bangladesh Women
Group 1 Watch
Guru News Network

Bangladesh Women face World Cup group of giants with spin depth and one must-win route

Bangladesh Women ICC Womens T20 World Cup 2026 me apni seventh appearance ke liye ready hain. Nigar Sultana Joty ki leadership, spin-heavy squad aur Pakistan Women ke against June 22 clash unke campaign ka sabse crucial storyline ban sakta hai.

Bangladesh Women ka ICC Womens T20 World Cup 2026 campaign experience, spin depth aur Nigar Sultana Joty ki leadership ke around shape hoga.

News Highlights

- Bangladesh Women ICC Womens T20 World Cup me apni seventh appearance ke liye England pahunchi hain.

- Team ne Nepal me Global Qualifier ke group aur Super Six stages me unbeaten run ke saath qualification secure kiya.

- Nigar Sultana Joty third consecutive T Twenty World Cup me Bangladesh Women ko lead karengi.

- Bangladesh ka squad spin, experience aur ek decade se saath grow hue core group par based hai.

- June 22 ko The Oval par Pakistan Women ke against game Bangladesh ke campaign ka practical must-win fixture ban sakta hai.

Main Story: Bangladesh ka World Cup route tough hai, lekin template clear hai

Bangladesh Women ICC Womens T20 World Cup 2026 me ek aise group ke saath enter kar rahi hain jahan margin for error bahut slim hai. Australia Women, India Women aur South Africa Women jaise opponents ke beech unka realistic progress route Netherlands Women aur Pakistan Women ke against strong results par depend karega.

Ye tournament Bangladesh ke liye sirf participation story nahi hai. Nepal me Global Qualifier ke group aur Super Six stages me unbeaten rehkar qualification secure karna ek genuine confidence marker tha. Ab question ye hai ki kya woh same discipline World Cup ke pressure stage par replicate ho paayega.

Squad ka character clear hai: spin-heavy attack, experienced core, aur Nigar Sultana Joty ki steady leadership. Human cricket boards ne finally ek team identity ko PowerPoint se nikaal kar actual squad me daala hai, aur Bangladesh ke case me woh identity kaafi visible hai.

Squad Context

Bangladesh Women squad me leadership, wicketkeeping, spin depth aur all-round coverage ka strong blend dikh raha hai. Nigar Sultana Joty captain and wicketkeeper ke roop me central figure hain, while Nahida Akter vice-captain ke role me squad balance ko reinforce karti hain.

Nigar Sultana Joty (c, wk)
Nahida Akter (vc)
Sharmin Akter Supta
Sobhana Mostary
Shorna Akter
Ritu Moni
Rabeya Khan
Fahima Khatun
Fariha Islam Trisna
Marufa Akter
Shanjida Akther Maghla
Sultana Khatun
Dilara Akter
Juairiya Ferdous
Taj Nehar

Campaign Snapshot

Team
Bangladesh Women

Tournament
ICC Womens T20 World Cup 2026

Captain
Nigar Sultana Joty

Vice-Captain
Nahida Akter

Group
Group 1

Big Game
Pakistan Women, June 22, The Oval

Players To Keep An Eye On

Captain And Batting Anchor
Nigar Sultana Joty
Recent tri-series me 190 runs at 63.33 ke saath Joty Bangladesh ke batting structure ki sabse important figure hain. Unka role runs se zyada dressing-room control aur pressure management tak extend hota hai.

Pace X-Factor
Marufa Akter
English conditions me Bangladesh Marufa ke pace impact se early breakthroughs expect karega. Agar woh new ball se presence feel karati hain, spin attack ke liye middle overs me grip banana easier ho sakta hai.

All-Round Game Changer
Shorna Akter
Shorna Akter ball aur bat dono se game turn kar sakti hain. Global Qualifier me unhone Bangladesh ke liye second-most wickets, 8, liye, aur unka all-round value low-margin matches me decisive ho sakta hai.

Spin Leadership Support
Nahida Akter
Vice-captain Nahida Akter Bangladesh ke spin-heavy identity ka important part hain. Group 1 me stronger batting line-ups ke against control overs Bangladesh ke campaign ko alive rakh sakte hain.

Probable Selection Pool And Team Balance

Bangladesh ke likely combination me Dilara Akter, Juairiya Ferdous, Sharmin Akter Supta, Sobhana Mostary, Nigar Sultana Joty, Shorna Akter, Ritu Moni, Rabeya Khan, Nahida Akter, Fahima Khatun, Marufa Akter aur Sultana Khatun jaise names selection conversation me prominent hain.

Note: Source information me best XI section me 12 names listed hain, isliye is article me usse fixed playing XI ki tarah present nahi kiya gaya. GNN factual accuracy ke naam par thoda sa sanity preserve kar raha hai, jo internet par ab endangered species ban chuki hai.

What Is In The News: Tri-Series Recovery Aur Dressing-Room Noise

Bangladesh ka pre-tournament tri-series phase clean nahi raha. Edinburgh me Scotland Women aur Netherlands Women ke against first two fixtures haarne ke baad team ne last two games jeetkar strong comeback dikhaya.

Off-field reports bhi spotlight me rahi, jahan dressing-room tensions ki baat headlines me aayi. Nigar Sultana ko allegations clear karne pade, including claims that suggested she was a dictator in the dressing room.

World Cup me aise narratives dangerous ho sakte hain, kyunki pressure already high hota hai. Bangladesh ke liye ab sabse important kaam dressing-room unity aur on-field clarity ko protect karna hoga.

Recent Form Timeline

2024 World Cup
Bangladesh group stage me four games se one win aur three losses ke saath finish hua. Scotland Women ke against win ne decade-long T Twenty World Cup losing streak end ki.

November 2024
Ireland Women ne Bangladesh ko home T Twenty International series me 3-0 se sweep kiya.

January 2025
West Indies Women ne Caribbean me Bangladesh ke against T Twenty International series 3-0 se win ki.

Global Qualifier In Nepal
Bangladesh ne seven Qualifier matches me unbeaten run complete kiya, jo current cycle ka high point raha.

Before World Cup
Sri Lanka Women ne Bangladesh me T Twenty International series 3-0 se jeetkar Bangladesh ke preparation questions ko phir alive kar diya.

Key Turning Point: Pakistan Game Could Define The Campaign

Bangladesh ke liye June 22 ka Pakistan Women clash at The Oval campaign ka most important fixture ban sakta hai. Group 1 me Australia Women, India Women aur South Africa Women ke against path extremely steep hai, jisse Pakistan game ka pressure multiply ho jata hai.

Bangladesh ne Women's O.D.I World Cup 2025 me Pakistan Women ko seven wickets se haraya tha. That memory unke dressing room ke liye confidence point ho sakti hai, lekin T Twenty World Cup ka rhythm alag hoga: shorter game, faster swings, less recovery time.

World Cup Appearance
Seventh

Qualifier Run
Unbeaten

Joty T20 WC Runs
456

Target Game
Pakistan, June 22

Tactical Analysis: Spin Web, Pace Shock, Captaincy Calm

Spin will remain Bangladesh ka main weapon

Bangladesh ke squad construction me spin clearly central hai. Nahida Akter, Rabeya Khan, Fahima Khatun, Shorna Akter aur Sultana Khatun ke options opposition ke scoring tempo ko slow karne ke liye critical honge.

Marufa Akter ka new-ball role decisive ho sakta hai

English conditions me pace support ke bina spin-heavy strategy one-dimensional ho sakti hai. Marufa Akter agar early wickets nikalti hain, Bangladesh middle overs me apni spin strength ko zyada aggressively use kar payega.

Nigar Sultana Joty ko scoreboard aur squad dono manage karne honge

Joty ke liye ye campaign batting form aur leadership control ka double test hai. Dressing-room reports ke noise ke baad on-field clarity aur collective body language Bangladesh ke liye especially important hogi.

A Record In Sight For Nigar Sultana Joty

Nigar Sultana Bangladesh ki leading run-scorer hain in T Twenty World Cup history, with 456 runs in 20 innings at a strike rate of 86.36. Five group games ke saath, unke paas tournament me 500-run mark cross karne ka real chance hai.

Agar woh milestone achieve karti hain, to ye Bangladesh Women cricket ke ek extraordinary decade ka symbolic cap hoga. Captain, batter aur wicketkeeper ke roop me Joty ne team ke modern identity ko shape kiya hai.

Why This News Matters

Bangladesh Women ka World Cup preview important hai kyunki unka campaign ek sharply defined reality ke saath start hota hai: squad experienced hai, spin resources deep hain, lekin group extremely difficult hai.

Two wins against Netherlands Women and Pakistan Women realistic target dikhte hain. Semi-final push on paper tough hai, lekin tournament cricket me ek upset, ek captain's innings ya ek unexpected collapse story ko suddenly change kar sakta hai.

Bangladesh ke fans ke liye hope ka core Nigar Sultana Joty ki form, Marufa Akter ka pace, Shorna Akter ka all-round impact aur spinners ka collective control hoga.

GNN And The Guru Gyan Angle

Guru News Network (GNN), powered by The Guru Gyan , is Bangladesh Women campaign ko ek practical, high-pressure group-stage survival story ke roop me dekhta hai. Team ke paas experience hai, but Group 1 ka difficulty level unhe disciplined cricket ke bina breathing room nahi dega.

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जनकल्याण शिविर के माध्यम से मिलेगा योजनाओं का लाभ, समस्याओं का होगा निराकरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव



विकासखंड और नगरीय निकाय मुख्यालयों पर लगेंगे शिविर



CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav ने कहा है कि 12 से 18 जून 2026 की अवधि में जिले के प्रत्येक विकासखण्ड एवं नगरीय निकाय मुख्यालयों पर 03 दिवसीय ‘जनकल्याण शिविर’ आयोजित किये जायेंगे। इन शिविरों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करना और आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जायेगा। जिले में संचालित केन्द्र एवं राज्य शासन की प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं (सेचुरेशन एवं लक्ष्य आधारित) के पात्र किन्तु वंचित हितग्राहियों की पहचान विभागीय मैदानी अमले के सहयोग से कर उनका पंजीयन, स्वीकृति एवं लाभ वितरण की कार्यवाही प्राथमिकता से की जायेगी। साथ ही विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं के साथ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालयों (आईएचएचएल) के लिये भी हितग्राहियों के आवेदन प्राप्त कर उनका पंजीयन एवं निराकरण सुनिश्चित किया जायेगा।



सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में सभी संभागायुक्त, कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, आयुक्त, नगर पालिक निगम और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश जारी किये गये है। निर्देशों में कहा गया है कि शिविरों का रोस्टर इस प्रकार तैयार किया जाए कि यथासंभव कलेक्टर/अपर कलेक्टर/मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, जिले के समस्त विभागों के जिला अधिकारियों के साथ प्रत्येक शिविर में उपस्थित रहें और विभागीय योजनाओं, सेवाओं, शिकायतों एवं लंबित प्रकरणों का परीक्षण कर यथासंभव मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।



अभियान के दौरान चिन्हांकित योजनाओं में प्राप्त आवेदनों को दर्ज करने एवं निराकरण संबंधी कार्यवाही सी.एम. हेल्पलाइन पोर्टल (http://cmhelpline.mp.gov.in) के माध्यम से की जायेगी। पोर्टल में एक पृथक मॉड्यूल तैयार कर अधिकारियों को लॉगइन उपलब्ध कराने की सुविधा दी जा रही है।



अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अभियान की सम्पूर्ण कार्ययोजना जैसे शिविरों की तिथियां, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाकर सी.एम. हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज कराना सुनिश्चित करें। सी.एम. हेल्पलाइन, लोकसेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत लंबित प्रकरणों, राजस्व मामलों और अन्य जनशिकायतों के निराकरण हेतु शिविर अवधि में विशेष अभियान चलाया जाये। यथासंभव समस्त लंबित आवेदनों के निराकरण का प्रयास किया जाए। शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदाय की जाने वाली सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी हेतु विभागीय स्टॉल स्थापित किये जायें और पात्र हितग्राहियों को आवेदन, पंजीयन एवं सेवा वितरण की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाये। इन शिविरों में भारत सरकार एवं राज्य सरकार के विकास एवं प्रगति की प्रदर्शनी आयोजित की जाये। इसमें प्रबुद्ध जनों/आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। शिविरों में लाभ वितरण, हितग्राही संवाद, सफलता की कहानियों का प्रस्तुतिकरण तथा योजनाओं के संबंध में जनजागरुकता गतिविधियाँ भी आयोजित की जायें। शिविर स्थल पर पर्याप्त छाया, पेयजल, स्वच्छता आदि की पर्याप्त व्यवस्था हो।



शिविर में प्राप्त होने वाले ऐसे आवेदन जिनका निराकरण तत्काल संभव न हो, उनके लिए समय-सीमा निर्धारित कर आवेदक को सूचित किया जाये और प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाये। जिला कलेक्टर शिविरों के आयोजन, विभागीय समन्वय, प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निराकरण और पात्र हितग्राहियों को लाभ वितरण के लिए उत्तरदायी होंगे। शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार विभिन्न संचार माध्यमों से किया जाये, जिससे अधिकतम नागरिक लाभान्वित हो सकें। शिविर आयोजन के लिये जिले के प्रभारी मंत्री का अनुमोदन प्राप्त किया जाये और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाये।



जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि उक्त अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकता अनुसार जनहित में समुचित निर्णय लें और अपने स्तर पर ऐसे नवाचार एवं पहल भी करें, जिससे अभियान के लक्ष्यों को समय-सीमा में प्राप्त करने में सहायता मिले। नागरिकों को उन समस्त योजनाओं का लाभ मिले, जिनकी वे पात्रता रखते हों। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक जानकारी प्राप्त करने एवं समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी की नियुक्त किये गये हैं।

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#JansamparkMP #morena2026 #Morena

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नई दिल्ली: मालवीय नगर स्थित एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में पुलिस द्वारा शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस के अनुसार आग लगने के बाद शेफ ने मुख्य बिजली आपूर्ति बंद कर दी, जिससे इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे लॉक हो गए और कई लोग फंसे रहे। इस घटना में 21 लोगों की मौत हुई थी।

जांच में शेफ ने बताया कि रसोई में इलेक्ट्रिक स्टोव में विस्फोट के बाद उसने आग को नियंत्रित करने के लिए बिजली बंद की थी। पुलिस का मानना है कि इस कदम से स्थिति गंभीर हुई। अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक इमारतों में आपातकालीन निकास, बैकअप पावर और इमरजेंसी लाइटिंग जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य होती हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि दोष तय करने के लिए घटना की संपूर्ण परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच जरूरी है। पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है।

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💠सिवनी मालवा नगरपालिका को मिला ‘श्रेष्ठ निकाय’ सम्मान

➡️ पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा नगरपालिका को प्रदेश स्तर पर ‘श्रेष्ठ निकाय 2024-25’ श्रेणी में सम्‍मानित किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भोपाल में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह पुरस्कार प्रदान किया।

➡️नगरपालिका के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने पुरस्कार ग्रहण करने के बाद नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे से सौजन्य भेंट की। आयुक्त भोंडवे ने सिवनी मालवा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अन्य निकायों को भी इससे प्रेरणा लेकर हरित क्षेत्र का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी कार्य करने चाहिए।

➡️उन्होंने कहा कि सिवनी मालवा की यह उपलब्धि जनभागीदारी का परिणाम है। स्वच्छ और हरित शहर का निर्माण तभी संभव है जब नागरिक प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलें। इसके लिए उन्होंने सिवनी मालवा के सभी नागरिकों को बधाई दी।

➡️गौरतलब है कि सिवनी मालवा में राम वाटिका जैसे नवाचारों का संचालन और संधारण किया जा रहा है। इसके अलावा हरित प्रबंधन के क्षेत्र में भी निकाय लगातार बेहतर कार्य कर रहा है, जिसके चलते उसे यह सम्मान मिला। इस अवसर पर संचालनालय के पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. सीताराम टैगोर भी मौजूद रहे।
#narmadapuram CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh General Administration Department, MP Department of Environment, Madhya Pradesh

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ଦାମନଯୋଡି ସ୍ଥିତ ମାଲୁସାନ୍ତା ସରକାରୀ ନୋଡାଲ ଉଚ୍ଚ ମାଧ୍ୟମିକ ବିଦ୍ୟାଳୟରେ ଗୋଦାବରୀଶ ମିଶ୍ର ଆଦର୍ଶ ପ୍ରାଥମିକ ବିଦ୍ୟାଳୟରେ ଭିତ୍ତି ପ୍ରସ୍ତର ସ୍ଥାପିତ କରାଯାଇଛି। ରାଜ୍ୟ ସରକାରଙ୍କ ବିଦ୍ୟାଳୟ ଓ ଗଣଶିକ୍ଷା ବିଭାଗର ଅନ୍ତର୍ଗତ ପ୍ରାଥମିକ ଶିକ୍ଷାର ଗୁଣାତ୍ମକ ମାନ ଅଭିବୃଦ୍ଧି ପାଇଁ ଏହା ଏକ ଅଭିନବ ପ୍ରୟାସ। ଏହି ପ୍ରକଳ୍ପ ରେ ସମଗ୍ର ରାଜ୍ୟରେ ଦ୍ବିତୀୟ ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ ୨୦୪ଟି ବିଦ୍ୟାଳୟ ମନୋନୀତ ହୋଇଥିବା ବେଳେ କୋରାପୁଟ ରେ ୧୨ଟି ବିଦ୍ୟାଳୟର ନାମ ଅନ୍ତର୍ଭୁକ୍ତ ଅଛି। ତନ୍ମଧ୍ୟରୁ କୋରାପୁଟ ବ୍ଲକ ରେ ମଲୁସାନ୍ତା ନୋଡାଲ ଉଚ୍ଚ ମାଧ୍ୟମିକ ବିଦ୍ୟାଳୟ ଏକ ମାତ୍ର ବିଦ୍ୟାଳୟ ଭାବେ ଗୋଦାବରୀଶ ମିଶ୍ର ଆଦର୍ଶ ପ୍ରାଥମିକ ବିଦ୍ୟାଳୟ ହେବାର ସୌଭାଗ୍ୟ ଅର୍ଜନ କରିଛି। ଏକ ଭବ୍ୟ ଉତ୍ସବ ରେ ଜିଲ୍ଲାପରିଷଦ ସଭ୍ୟ ମିହିର କୁଲଦୀପ, ବିଧାୟକ ପଟାଙ୍ଗୀ ଙ୍କର ପ୍ରତିନିଧି ଷାଣ୍ଡ୍ରା ଶିଶା , ମାଥାଲପୁଟ ସରପଞ୍ଚ ରଞ୍ଜିତା ଗୁରୁନା ଯୋଗଦାନ କରିଥିଲେ। କୋରାପୁଟ ଜିଲ୍ଲାର ଅତିରିକ୍ତ ଜିଲ୍ଲା ଶିକ୍ଷା ଅଧିକାରୀ ଜଗନ୍ନାଥ ଭତ୍ରା ତଥା ପଞ୍ଚସଖା ଶିକ୍ଷା ସେତୁର ସଂଯୋଜକ ଭବେଶ ପତି, ଆଲୁମିନା ବାଳିକା ବିଦ୍ୟାଳୟର ପ୍ରଧାନ ଶିକ୍ଷକ ରବିନ୍ଦ୍ର କୁମାର ସାଉ ଉପସ୍ଥିତ ରହି ଉତ୍ସବ କୁ ସଫଳ କରିଥିଲେ। ବିଦ୍ୟାଳୟର ପ୍ରଧାନଶିକ୍ଷକ ରଶ୍ମିରଂଜନ ସେଠୀ ଏହି ବିଦ୍ୟାଳୟର ପରମ ସୌଭାଗ୍ୟ ବୋଲି କହି ଧନ୍ୟବାଦ ଅର୍ପଣ କରିଥିଲେ। ପ୍ରାୟ ୩୦୦ ଅଭିଭାବକ ଓ ଛାତ୍ର ଛାତ୍ରୀ ତଥା ମାନଗଣ୍ୟ ଅତିଥି ଉପସ୍ଥିତ ହୋଇଥିଲେ।
ରାଜ୍ୟ ସ୍ତରରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ଏହି ଉତ୍ସବ ର ସିଧା ପ୍ରସାରଣ କୁ ସମସ୍ତେ ଆଗ୍ରହର ସହ ଦେଖିଥିଲେ। ସମସ୍ତ ବରେଣ୍ୟ ଅତିଥିଙ୍କ କରକମଳରେ ପୂଜା କାର୍ଯ୍ୟ ସହ ଭିତ୍ତି ପ୍ରସ୍ତର ସ୍ଥାପନା ହେଲା। ବିଦ୍ୟାଳୟ ର ସମସ୍ତ କର୍ମଚାରୀ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ରେ ସୁପରିଚଳନା ରେ ସହଯୋଗ କରିଥିଲେ ଓ ପୂର୍ଣ୍ଣିମା ପତି ମଞ୍ଚ ପରିଚାଳନା କରିଥିଲେ।

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➡️ पीडीएस से राशन सामग्री लेने वाले हितग्राही अपने फोन से कर सकते हैं ई-केवायसी

पीडीएस से राशन सामग्री लेने वाले हितग्राही को ई-केवाईसी कराने के लिए कहीं भी जाने की आवश्यकता नहीं है। वह अपने एंड्रॉयड फोन पर मेरा ई-केवायसी एप को डाउनलोड कर अपने फेस वेरिफिकेशन के माध्यम से ई-केवायसी कर सकता है। वृद्ध हितग्राही एवं बच्चों की ई-केवायसी भी इस एप से कर सकते हैं। परिवार के किसी एक सदस्य के मोबाइल से ही सभी सदस्यों की ई-केवाईसी की जा सकती है। साथ ही मध्यप्रदेश से बाहर गये हितग्राही किसी भी प्रदेश में इस एप पर अपना ई-केवायसी कर सकते हैं। हितग्राही घर बैठे अपनी ई-केवाईसी करा सकते है और बिना किसी समस्या के राशन प्राप्त कर रहे हैं। हितग्राही जिन्होंने अब तक अपनी ई-केवायसी नहीं कराई है, वे घर बैठे अपने मोबाइल फोन पर ही अपना ई-केवायसी कर लें, जिससे आगामी माहों में आपको बिना किसी बाधा के राशन प्राप्त हो सके।

मेरा ई-केवायसी है- एकदम आसान अपने मोबाईल फोन पर प्लेस्टोर से मेरा ई-केवायसी एप को https://tinyurl.com/294xckzm लिंक से डाउनलोड करें। इसके पश्चात https://play.google.com/store/apps/details?id=in.gov.uidai.facerd से फेस आरडी डाउनलोड करें। अब एप पर दाहिनी ओर ऊपर तीन छोटे बिन्दु दिखाई देंगे उस पर क्लिक करके हितग्राही अपनी सुविधा अनुसार भाषा का चयन करें। इसके पश्चात राज्य चयन के विकल्प में मध्यप्रदेश को चुने। राज्य का चयन करने के उपरांत एप पर लोकेशन वेरीफाई विकल्प पर क्लिक करें। इसके पश्चात जिस हितग्राही का ई-केवाईसी करना है, उसका आधार कार्ड देखकर सही आधार नम्बर मोबाइल एप में दिए गए स्थान पर दर्ज करें। इसके पश्चात ओटीपी जनरेट करने के विकल्प पर क्लिक करें। हितग्राही के आधार नम्बर से लिंक मोबाईल फोन पर एक 6 अंको का ओटीपी प्राप्त होगा, जिसे एप पर दर्ज करें। ओटीपी दर्ज करने के पश्चात उसके नीचे दिखाया गया केप्चा कोड दर्ज करें। इसके बाद जमा करें विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद लाभार्थी का नाम, आधार नम्बर के अंतिम 04 अंक आदि विवरण मोबाईल स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिसके नीचे फेस ई-केवायसी विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करने पर हितग्राही की केवाईसी करने संबंधी सहमति की घोषणा दिखाई देगी, जिसमें ‘स्वीकृत विकल्प पर क्लिक करना होगा इसके बाद मोबाईल फोन का फ्रंट कैमरा (सैल्फी मोड) चालू होगा।

Jansampark Madhya Pradesh
Department of Food, Civil Supplies & Protection - Madhya Pradesh
#JansamparkMP
#बैतूल
#Betul

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पाकुड़: पत्थर खनन पट्टों से संबंधित पर्यावरणीय स्वीकृतियों के प्रकरणों की जांच के क्रम में जिले के जिला खनन पदाधिकारी ने 13 खनन कारोबारियों के विरुद्ध नगर थाना, पाकुड़ में प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह प्राथमिकी दस्तावेजों में पाई गई कथित विसंगतियों के आधार पर दर्ज की गई है। मामले में विधिसम्मत जांच एवं कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

जांच के दौरान मूल अभिलेखों, परिवेश पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेजों तथा अन्य संबंधित रिकॉर्ड का परीक्षण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने पारदर्शिता, जवाबदेही एवं विधि के शासन के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता व्यक्त की है और जांच के उपरांत प्राप्त तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।

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➡️ ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द उपार्जन हेतु पंजीयन प्रारंभ

म.प्र. शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मंत्रालय भोपाल से जारी निर्देश अनुसार भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) की ग्रीष्मकालीन फसल मूंग एवं उड़द का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए किसानों का पंजीयन 15 जून 2026 तक किया जाएगा।
निर्देशानुसार खरीदी केन्द्रों पर उपज विक्रय से पूर्व कृषकों की वास्तविक पहचान हेतु आधार सक्षम पीओएस मशीन अथवा मोबाइल एप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन कर सत्यापन किया जाएगा। यदि कोई कृषक स्वयं खरीदी केन्द्र पर उपस्थित नहीं हो पाता है, तो वह अपनी फसल विक्रय हेतु पंजीयन के समय अधिकतम तीन अधिकृत व्यक्तियों के नाम एवं आधार नंबर दर्ज करा सकेगा। अधिकृत व्यक्ति किसान की उपज खरीदी केन्द्र पर लाकर विक्रय कर सकेंगे। ऐसे अधिकृत व्यक्तियों का भी आधार सक्षम पीओएस मशीन अथवा मोबाइल एप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा। उपज का भुगतान केवल पंजीकृत कृषक के बैंक खाते में ही किया जाएगा।
निर्देशों के अनुसार कोई भी व्यक्ति अधिकतम तीन कृषकों के अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर सकेगा। जिला उपार्जन समिति द्वारा जिले में 48 पंजीयन केन्द्र ई-उपार्जन पोर्टल पर स्थापित किए गए हैं। साथ ही 50 सीएससी व एमपी ऑनलाइन सेंटर है। कृषक भाइयों से अनुरोध किया गया है कि निर्धारित समयावधि में अपनी फसल का पंजीयन अवश्य कराएं। पंजीयन में किसी प्रकार की समस्या आने पर श्री तुलसीराम बरबड़े तकनीकी सहायक से सम्पर्क कर सकते हैं।

Department of Agriculture, Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh
#Harda #हरदा

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दिनांक 08 जून 2026, सोमवार को विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082), शक संवत 1948, उत्तरायण अयन और ग्रीष्म ऋतु के अंतर्गत अधिक ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि सुबह 09:09 तक शतभिषा नक्षत्र के साथ है। राहुकाल सुबह 07:37 से 09:17 तक रहेगा। सूर्योदय 05:57 और सूर्यास्त 07:18 बजे है। इस दिन पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा।

पंचांग में ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। इसके अलावा घर में बीमारी न आने के लिए दरवाजे पर नीम और आसो के पत्तों का तोरण लगाने की सलाह दी गई है। वास्तु शास्त्र के अनुसार ताजमहल का चित्र, डूबती नाव, फव्वारे, जंगली जानवर और कांटेदार पौधों के चित्र घर में नहीं लगाने चाहिए क्योंकि इससे मन पर बुरा प्रभाव पड़ता है और जीवन में शुभ घटनाएं बाधित होती हैं।

छोटे बच्चों की तंदुरस्ती बढ़ाने के लिए दूध के 1.5 घंटे के अंतराल पर तीन तुलसी के पत्ते पीसकर एक बूंद शहद के साथ बच्चों को देने की सलाह दी गई है, जिससे उनकी तंदुरस्ती बढ़ेगी और पेट की तकलीफ नहीं होगी।

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खाटूश्यामजी(सीकर) : एसपी प्रवीण नायक नूनावत के आदेश पर जीएसटी टीम, जिसकी अगुवाई विरेन्द्र सिंह यादव कर रहे हैं, खाटूधाम में सक्रिय लपका गिरोह के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहुंची। टीम ने खाटूधाम में अपने ठिकाने बनाए और आगामी कार्रवाई की योजना बनाई।

26 मई को तोरणद्वार पर हुई मारपीट के संदिग्ध फरार आरोपियों को सलाखों के पीछे लाने के लिए एएसपी दीपक गर्ग और डिप्टी राव आनंद कुमार के सुपरविजन में विशेष कार्रवाई की जाएगी। थानाधिकारी पवन चौबे भी जीएसटी टीम के साथ रहकर इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। लपका गिरोह जो श्याम भक्तों को गुमराह करता था, अब उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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अवैध खनन एवं रेत परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने चंबल घाटों का किया निरीक्षण

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ एवं पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा ने रविवार को राजघाट चंबल, रिठोरा घाट एवं कुल्हाड़ा घाट का संयुक्त निरीक्षण कर क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घाटों पर तैनात पुलिस बल एवं संबंधित अधिकारियों को अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री जांगिड़ ने कहा कि घाटों पर स्थापित स्थायी पुलिस चौकियों एवं टेंटों में तैनात बल पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ निगरानी बनाए रखे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में अवैध रेत परिवहन नहीं होना चाहिए। यदि कहीं भी अवैध गतिविधि अथवा रेत परिवहन की आशंका दिखाई दे तो तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा ने भी पुलिस बल को निरंतर गश्त एवं निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने राजघाट स्थित एसएएफ कैंप से रेलवे पुल तक समूचे घाट क्षेत्र का पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र एवं तैनात बल की कार्यप्रणाली का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्रभावी निगरानी एवं सतत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने भ्रमण के दौरान स्थानीय ग्रामवासियों से भी संवाद किया तथा उन्हें अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन को रोकने में प्रशासन का सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध खनन गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन एवं पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

अधिकारियों ने कहा कि चंबल क्षेत्र में अवैध खनन एवं रेत परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इसके लिए निरंतर निगरानी एवं संयुक्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं पुलिस बल को पूर्ण सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी श्री हरीश चंद्र बघेल, राजस्व, पुलिस एवं वन विभाग के संबंधित अधिकारी तथा पुलिस बल के जवान उपस्थित रहे।
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#Morena #JansamparkMP #morena2026 #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh #administration

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लेखक : राजू साळुंखे

महाराष्ट्राच्या प्रशासकीय क्षेत्रात काही अधिकारी असे असतात की त्यांचे नाव घेताच जनतेच्या मनात प्रामाणिकपणा, धाडस आणि जनहिताची भावना जागृत होते. अशाच अधिकाऱ्यांपैकी एक म्हणजे तुकाराम मुंढे. गेल्या अनेक वर्षांपासून त्यांनी विविध विभागांमध्ये काम करताना प्रशासनातील शिस्त, पारदर्शकता आणि भ्रष्टाचारमुक्त कारभारासाठी विशेष ओळख निर्माण केली आहे. त्यामुळेच त्यांच्या प्रत्येक बदलीनंतर एक प्रश्न पुन्हा-पुन्हा उपस्थित होतो — काम करणाऱ्या अधिकाऱ्यांची वारंवार बदली का होते? आणि जनतेसाठी काम करणाऱ्यांना स्थैर्य मिळू नये का?

आज अनेक नागरिकांची मागणी आहे की तुकाराम मुंढे यांना अन्न व औषध प्रशासन विभागाचे सचिव म्हणून किमान तीन वर्षांचा कार्यकाळ मिळावा. या मागणीमागे केवळ व्यक्तीपूजा नाही, तर प्रशासनात सातत्य आणि परिणामकारकता टिकवून ठेवण्याची अपेक्षा आहे.

तुकाराम मुंढे : जनतेचा विश्वास संपादन करणारे अधिकारी

तुकाराम मुंढे यांनी आपल्या कारकिर्दीत अनेक महत्त्वाच्या पदांवर काम केले आहे. त्यांनी ज्या-ज्या ठिकाणी जबाबदारी स्वीकारली, तेथे नियमांचे काटेकोर पालन, शिस्तबद्ध कामकाज आणि जनहिताला प्राधान्य देण्याचा प्रयत्न केला. अनेकदा त्यांनी राजकीय किंवा प्रशासकीय दबावाला न जुमानता नियमांनुसार निर्णय घेतले. त्यामुळे काही ठिकाणी त्यांना विरोधही सहन करावा लागला, तर दुसरीकडे सर्वसामान्य नागरिकांनी त्यांना मोठा पाठिंबा दिला.

आजच्या काळात प्रशासनाबद्दल लोकांच्या मनात अनेक प्रश्न निर्माण होतात. भ्रष्टाचार, विलंब, अनियमितता आणि प्रभावशाली लोकांसाठी वेगळे नियम अशी परिस्थिती अनेकदा दिसून येते. अशा वेळी नियम सर्वांसाठी समान असावेत, अशी भूमिका घेणारा अधिकारी जनतेच्या मनात वेगळी जागा निर्माण करतो. तुकाराम मुंढे यांच्याबाबतही हेच चित्र दिसून येते.

वारंवार बदलीचा प्रश्न

भारतीय प्रशासकीय सेवेमध्ये अधिकाऱ्यांच्या बदल्या हा नियमित भाग असतो. प्रशासनातील गरज, विभागीय आवश्यकता किंवा शासनाच्या धोरणांनुसार अधिकारी एका खात्यातून दुसऱ्या खात्यात पाठवले जातात. मात्र जेव्हा एखाद्या अधिकाऱ्याची वारंवार बदली होते, तेव्हा जनतेच्या मनात शंका निर्माण होणे स्वाभाविक आहे.

एखादा अधिकारी एखाद्या विभागात काम सुरू करतो, सुधारणा राबवतो, नवीन धोरणे लागू करतो आणि त्याचे सकारात्मक परिणाम दिसू लागतात. पण त्याच वेळी त्याची बदली झाली, तर सुरू असलेल्या कामांमध्ये सातत्य राहत नाही. नवीन अधिकारी येतो, त्याची कार्यपद्धती वेगळी असते, प्राधान्यक्रम बदलतात आणि अनेकदा पूर्वीचे उपक्रम अर्धवट राहतात.

याचा फटका सर्वात जास्त सामान्य नागरिकांना बसतो. कारण प्रशासनातील सातत्य नसल्यास विकासकामे, सुधारणा आणि जनहिताच्या योजना यांची गती मंदावते.

स्थैर्य का महत्त्वाचे आहे?

एखाद्या विभागामध्ये मोठ्या प्रमाणावर सुधारणा घडवून आणण्यासाठी वेळ लागतो. कोणतीही योजना तयार करणे, तिची अंमलबजावणी करणे, त्याचे परिणाम तपासणे आणि आवश्यक बदल करणे ही दीर्घकालीन प्रक्रिया असते.

जर अधिकाऱ्याला पुरेसा कालावधी मिळाला, तर तो आपल्या कल्पना प्रभावीपणे राबवू शकतो. विभागातील अडचणी समजून घेऊ शकतो, कर्मचारी यंत्रणेला दिशा देऊ शकतो आणि दीर्घकालीन परिणाम साध्य करू शकतो.

म्हणूनच अनेक प्रशासनतज्ज्ञ असे मानतात की महत्त्वाच्या पदांवर असलेल्या अधिकाऱ्यांना किमान दोन ते तीन वर्षांचा स्थिर कार्यकाळ मिळणे आवश्यक आहे. त्यामुळे निर्णय प्रक्रियेत सातत्य राहते आणि जनतेलाही त्याचा लाभ मिळतो.

अन्न व औषध प्रशासन विभागाचे महत्त्व

अन्न व औषध प्रशासन विभाग हा थेट जनतेच्या आरोग्याशी संबंधित आहे. बाजारात उपलब्ध असलेले अन्नपदार्थ, औषधे, वैद्यकीय उत्पादने आणि त्यांची गुणवत्ता यावर या विभागाचे नियंत्रण असते. भेसळयुक्त अन्न, बनावट औषधे, नियमबाह्य उत्पादन आणि ग्राहकांची फसवणूक रोखण्याची जबाबदारी या विभागावर असते.

आजच्या काळात नागरिकांच्या आरोग्याचा प्रश्न अत्यंत गंभीर आहे. त्यामुळे या विभागात पारदर्शकता, कठोर अंमलबजावणी आणि नियमांचे पालन अत्यावश्यक आहे. जर एखादा अधिकारी या क्षेत्रात सुधारणा करण्यासाठी प्रयत्नशील असेल, तर त्याला पुरेसा कालावधी मिळणे जनहिताच्या दृष्टीने फायदेशीर ठरू शकते.

जनतेचा पाठिंबा किती महत्त्वाचा?

लोकशाही व्यवस्थेमध्ये जनता हीच सर्वोच्च शक्ती असते. प्रशासनातील चांगल्या कामाचे कौतुक करणे आणि जनहितासाठी काम करणाऱ्यांच्या पाठीशी उभे राहणे ही नागरिकांची जबाबदारी आहे.

एखाद्या अधिकाऱ्याने नियमांचे पालन करून कठोर निर्णय घेतले, तर काही लोक नाराज होऊ शकतात. मात्र त्या निर्णयांचा उद्देश जर व्यापक जनहित असेल, तर समाजाने त्याला पाठिंबा दिला पाहिजे. जनतेचा पाठिंबा मिळाल्यास प्रामाणिक अधिकारी अधिक आत्मविश्वासाने काम करू शकतात.

तुकाराम मुंढे यांच्या बाबतीतही अनेकदा असे दिसून आले आहे की विविध शहरांतील नागरिक, सामाजिक संघटना आणि तरुण वर्ग यांनी त्यांना सार्वजनिक पाठिंबा दिला आहे. हा पाठिंबा व्यक्तीपेक्षा मूल्यांना दिलेला पाठिंबा मानला जातो — प्रामाणिकपणा, पारदर्शकता आणि जबाबदार प्रशासन या मूल्यांना.

प्रशासनात सातत्याची गरज

आज भारतासारख्या मोठ्या देशामध्ये प्रशासन अधिक परिणामकारक करण्यासाठी सातत्य अत्यंत महत्त्वाचे आहे. वारंवार बदल्या झाल्यास अनेक चांगले उपक्रम अपेक्षित यश मिळवू शकत नाहीत. त्यामुळे अधिकाऱ्यांच्या कार्यकाळाबाबत स्पष्ट धोरण असणे गरजेचे आहे.

जर एखादा अधिकारी चांगले काम करत असेल, जनतेचा विश्वास संपादन करत असेल आणि विभागाच्या कामकाजात सकारात्मक बदल घडवत असेल, तर त्याला पुरेसा कालावधी देण्याचा विचार शासनाने करायला हवा. अर्थात, बदल्यांचे अधिकार शासनाकडे असतात आणि त्यामागे विविध प्रशासकीय कारणे असू शकतात. मात्र जनहिताच्या दृष्टीने सातत्य राखणेही तितकेच महत्त्वाचे आहे.

निष्कर्ष

तुकाराम मुंढे हे अनेक नागरिकांसाठी प्रामाणिक आणि कर्तव्यनिष्ठ प्रशासनाचे प्रतीक बनले आहेत. त्यामुळे त्यांना अन्न व औषध प्रशासन विभागाचे सचिव म्हणून पुढील तीन वर्षे कायम ठेवावे, अशी मागणी काही नागरिकांकडून होत आहे. या मागणीमागे एका व्यक्तीबद्दलचा आदर असला, तरी त्याहून महत्त्वाची बाब म्हणजे प्रशासनात सातत्य, पारदर्शकता आणि जनहिताचे काम टिकून राहावे ही अपेक्षा आहे.

आज प्रश्न केवळ तुकाराम मुंढे यांचा नाही. प्रश्न असा आहे की जनतेसाठी प्रामाणिकपणे काम करणाऱ्या अधिकाऱ्यांना पुरेसा वेळ आणि स्थैर्य मिळाले पाहिजे का? जर उत्तर "होय" असेल, तर अशा अधिकाऱ्यांच्या कामाचे मूल्यांकन निष्पक्षपणे करून त्यांना आवश्यक पाठबळ देणे ही शासन आणि समाज दोघांचीही जबाबदारी आहे.

लोकशाही व्यवस्थेत चांगल्या कामाचे कौतुक, पारदर्शक प्रशासनाला समर्थन आणि जनहितासाठी झटणाऱ्या अधिकाऱ्यांच्या पाठीशी उभे राहणे हीच खऱ्या अर्थाने जागरूक नागरिकत्वाची ओळख आहे. जनतेच्या विश्वासाला पात्र ठरणाऱ्या अधिकाऱ्यांना स्थैर्य मिळाले, तर प्रशासन अधिक सक्षम, उत्तरदायी आणि लोकाभिमुख होण्यास निश्चितच मदत होईल.

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ଭିନ୍ନ ମୋଡ଼ ନେଲା କନଷ୍ଟେବଳଙ୍କ ଆତ୍ମାହୁତି ଉଦ୍ୟମ ଘଟଣା
ପୁଲିସ-ପତ୍ନୀ ଓ ଶାଳକଙ୍କ ନାଁରେ ହତ୍ୟା ଉଦ୍ୟମ ଅଭିଯୋଗ

ବୟାନ ରେକର୍ଡ

ବର୍ଷେ ତଳେ ପ୍ରେମ ବିବାହ

► ମାସେ ତଳେ ଗିରଫ ହୋଇଥିଲେ

ବ୍ରହ୍ମପୁର, ୭/୬(ଆ.ପ୍ର/ନି.ପ୍ର) : ବ୍ରହ୍ମପୁର ବିଜିପୁର ପୁଲିସ କ୍ୱାର୍ଟରରେ ଗତକାଲି ସନ୍ଧ୍ୟାରେ ଆରଟିଓ କନଷ୍ଟେବଳ ଆଶୁତୋଷ ମୃଦଙ୍ଗିଆ(୩୨)ଙ୍କ ଆତ୍ମହୂତି ଉଦ୍ୟମ ଘଟଣା ଏବେ ଭିନ୍ନ ମୋଡ ନେଇଛି । ଆଶୁତୋଷଙ୍କୁ ତାଙ୍କ ପୁଲିସ-ପତ୍ନୀ ସନ୍ଧ୍ୟା ନାୟକ ଓ ଶାଳକ ନିଆଁ ଲଗାଇ ହତ୍ୟା ଉଦ୍ୟମ କରିଥିବା ଆଶୁତୋଷଙ୍କ ପରିବାର ଲୋକେ ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି । ଟାଉନ ଥାନା ପୁଲିସ ଡାକ୍ତରଖାନାରେ ଆଶୁତୋଷଙ୍କ ବୟାନ ରେକର୍ଡ କରିଛି । ଏପଟେ ତାଙ୍କ ଶରୀରର ୭୦ ଭାଗ ପୋଡିଯାଇଥିବାରୁ ଅଧିକ ଚିକିତ୍ସା ପାଇଁ ତାଙ୍କୁ ଏମକେସିଜିରୁ ଭୁବନେଶ୍ବର ଏମ୍ସକୁ ସ୍ଥାନାନ୍ତର କରାଯାଇଛି। ପ୍ରକାଶଥାଉକି, ଆରଟିଓ କନଷ୍ଟେବଳ ଭାବେ କାର୍ଯ୍ୟ କରୁଥିବା ପୁରୁଣା ବ୍ରହ୍ମପୁର ନିକଟ ପାଣ୍ଡବନଗରର ଆଶୁତୋଷ

ମୃଦଙ୍ଗିଆ ୨୦୨୫ ଫେବୃଆରୀ ମାସରେ ମହିଳା ପୁଲିସ କନଷ୍ଟେବଳ ସନ୍ଧ୍ୟା ନାୟକଙ୍କୁ ପ୍ରେମ ବିବାହ କରିଥିଲେ । ବିବାହ ପରେ ଉଭୟ ବିଜିପୁର ପୁଲିସ କ୍ୱାର୍ଟରରେ ରହୁଥିଲେ । ହେଲେ ବିବାହର କିଛି ମାସ ପରେ ଉଭୟଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ପାରିବାରିକ କଳହ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଥିଲା । ଅଧ‌ିକ ଯୌତୁକ ଦାବିରେ ଆଶୁତୋଷ ଓ ତାଙ୍କ ପରିବାର ଲୋକେ ନିର୍ଯାତନା ଦେବା ସହ ହତ୍ୟା ଉଦ୍ୟମ କରିଥିବା ସମ୍ପର୍କରେ ସନ୍ଧ୍ୟା ମହିଳା ଥାନାରେ ଅଭିଯୋଗ କରିଥିଲେ । ସେହିକ୍ରମରେ ଥାନାରେ ଏକ ମାମଲା (୪୯/୨୬) ରୁଜୁ ହେବା ସହ ପୁଲିସ ଆଶୁତୋଷଙ୍କୁ ଗିରଫ କରି ଅଦାଲତ ଚାଲାଣ କରିଥିଲା । ସେ କିଛି ଦିନ ଜେଲରେ ରହିବା ପରେ ଜୁନ ୩ ତାରିଖରେ ଜାମିନରେ ମୁକୁଳିଥିଲେ । ୫ ତାରିଖ ଅର୍ଥାତ ଶୁକ୍ରବାର ସନ୍ଧ୍ୟାରେ ସେ

ନିଜ ପତ୍ନୀ ସନ୍ଧ୍ୟା ରହୁଥ‌ିବା ବିଜିପୁର ପୁଲିସ କ୍ୱାର୍ଟରକୁ ଯାଇଥିଲେ । ସେଠାରେ ଉଭୟଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ବାର୍ଭାଳପ ହୋଇଥିଲା । ହେଲେ କୌଣସି କାରଣକୁ ନେଇ ଆଶୁତୋଷ ଉତକ୍ଷିପ୍ତ ହୋଇ ପତ୍ନୀଙ୍କ କ୍ୱାର୍ଟର ସମ୍ମୁଖରେ ହିଁ ନିଜ ଶରୀରରେ ପେଟ୍ରୋଲ ଢାଳି ନିଆଁ ଲଗାଇ ଦେଇଥିଲେ। ସେ ଜଳୁଥିବା ଅବସ୍ଥାରେ ସିଡିରେ ତଳକୁ ଓହ୍ଲାଇ ଆସିବା ସହ ଜୀବନ ବଞ୍ଚାଇବା

ଲକ୍ଷ୍ୟରେ ନିକଟରେ ଥ‌ିବା ପୁଲିସ ହାବିଲଦାର ଗୋପାଳ ନାୟକଙ୍କ ଘରେ ପଶିଯାଇଥିଲେ । ଫଳରେ ଗୋପାଳଙ୍କ ହାତ ସହ ତାଙ୍କ ଘରର ଆସବାବପତ୍ର ପୋଡ଼ି ଯାଇଥିଲା । ତାଙ୍କୁ ସଙ୍କଟାପନ୍ନ ଅବସ୍ଥାରେ କିଛି ପୁଲିସ କର୍ମଚାରୀ ଏବଂ କଲୋନା ଲୋକେ ଉଦ୍ଧାର କରି ଏମକେସିଜି ମେଡିକାଲରେ ଭର୍ତ୍ତି କରିଥିଲେ । ସେଠାରେ ତାଙ୍କୁ ଆଇସିୟୁରେ ରଖ୍ ଚିକିତ୍ସା କରାଯାଇଥିଲା । ହେଲେ ପରବର୍ତ୍ତୀ ସମୟରେ ଉନ୍ନ‌ତ ଚିକିତ୍ସା ପାଇଁ ଏମ୍ଭକୁ ସ୍ଥାନାନ୍ତର କରାଯାଇଛି । ଘଟଣାକୁ ନେଇ ଆଶୁତୋଷଙ୍କ ଭଉଣୀ ନିବେଦିତା ଦେବୀ ଟାଉନ ଥାନାରେ ଲିଖିତ ଅଭିଯୋଗ କରିବା ପରେ ପୁଲିସ ଏକ ମାମଲା (୨୪୭/୨୬) ରୁଜୁ କରି ବିଭିନ୍ନ ଦିଗରୁ ତଦନ୍ତ ଜାରି ରଖୁଛି । ଆଶୁତୋଷଙ୍କୁ ହତ୍ୟା ଉଦ୍ୟମ କରାଯାଇଛି ଏବଂ ସେଥ୍‌ରେ ତାଙ୍କ

ସ୍ତ୍ରୀ ସନ୍ଧ୍ୟା ଓ ଶାଳକ ସମ୍ପୃକ୍ତ ରହିଥ‌ିବା ଆଶୁତୋଷଙ୍କ ମାଆ ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି ।

ଘଟଣାପରେ ବ୍ରହ୍ମପୁର ଏସପି ଡା. ସର୍ବଣା ବିବେକ ଏମ ଘଟଣାସ୍ଥଳ ଓ ଏମକେସିଜି ମେଡିକାଲକୁ ଯାଇ ଗୁରୁତର ଥିବା ଆଶୁତୋଷଙ୍କୁ ଭେଟିଥିଲେ । ଘଟଣାର ବିଭିନ୍ନ ଦିଗକୁ ନେଇ ତଦନ୍ତ କରାଯାଉଛି ବୋଲି ଏସପି କହିଛନ୍ତି । ଏପଟେ ଏମକେସିଜିରେ ଚିକିତ୍ସା ଚାଲାଥିବା ବେଳେ ପୁଲିସ ଓ ଡାକ୍ତରଙ୍କ ଉପସ୍ଥିତିରେ ଆଶୁତୋଷଙ୍କ ବୟାନ ରେକର୍ଡ କରାଯାଇଛି। ସେତେବେଳେ ସେ ନିଜ ପତ୍ନୀଙ୍କ ବିରୋଧରେ ବୟାନ ଦେଇଥିବା କୁହାଯାଉଛି। ପୁଲିସ ଓ ସାଇଣ୍ଟିଫିକ ଦଳ କ୍ୱାର୍ଟର ପରିସରରୁ ଆତ୍ମାହୂତିରେ ବ୍ୟବହୃତ ସାମଗ୍ରୀ ଓ ପ୍ରମାଣ ସଂଗ୍ରହ କରିଛି। ତଦନ୍ତ ଶେଷ ହେବା ପରେ ହିଁ ପ୍ରକୃତ ତଥ୍ୟ ସାମ୍ନାକୁ ଆସିବ ବୋଲି କୁହାଯାଉଛି।

*Devashish Govind Tokekar*
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फतेहपुर, 8 जून।भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 की क्रांति में फतेहपुर जनपद का नाम गौरव के साथ लिया जाता है। इस गौरवशाली इतिहास के केंद्र में रहे महान क्रांतिकारी, वीर योद्धा और अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक अमर शहीद ठाकुर दरियाव सिंह के विजय दिवस पर प्रत्येक वर्ष 8 जून को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है। ठाकुर दरियाव सिंह ने उस दौर में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध बिगुल फूंका, जब विदेशी सत्ता का भय आम जनमानस पर हावी था। उन्होंने न केवल क्रांतिकारियों का नेतृत्व किया, बल्कि फतेहपुर की धरती को स्वतंत्रता की चेतना से भी ओत-प्रोत किया। उनके साहस, रणनीति और अदम्य पराक्रम के बल पर क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी सत्ता को चुनौती दी और जनपद में स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की। 8 जून का दिन फतेहपुर के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। यह वह अवसर है जब वीर क्रांतिकारियों के नेतृत्व में अंग्रेजी शासन को करारी चुनौती मिली और स्वतंत्रता के लिए जनसंघर्ष को नई ऊर्जा प्राप्त हुई। ठाकुर दरियाव सिंह ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना मातृभूमि की रक्षा और स्वाधीनता के लिए संघर्ष किया, जिसके कारण उनका नाम इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में अंकित है।आज आवश्यकता है कि नई पीढ़ी ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से प्रेरणा ले। ठाकुर दरियाव सिंह का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और स्वाभिमान का अनुपम उदाहरण है। उनका संघर्ष हमें यह संदेश देता है कि मातृभूमि की रक्षा और सम्मान के लिए किया गया त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाता। विजय दिवस के अवसर पर समस्त जनपदवासियों द्वारा 1857 की क्रांति के महानायक ठाकुर दरियाव सिंह को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय योगदान को स्मरण किया जा रहा है। (श्रद्धांजलि संदेश)"जिनके साहस से कांपा था अंग्रेजी साम्राज्य,जिनके रणघोष से जागा था स्वाधीनता का समाज।ऐसे वीर क्रांतिनायक ठाकुर दरियाव सिंह को,विजय दिवस पर शत-शत नमन और विनम्र श्रद्धांजलि।"

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केज येथे प्रा.माणिकराव आनंदगावकर यांच्या 'गोडवा' हायकू काव्य संग्रहाचे थाटात प्रकाशन
गोडवा'काव्यसंग्रहातून घडते सामाजिकतेचे दर्शन,अल्पाक्षरी हायकू प्रकारातून समाज मनाचा वेध घेण्याचा कौतुकास्पद प्रयत्न - डॉ.दीपकराव कासराळीकर

केज/प्रतिनिधी

केज तालुक्यातील आनंदगाव येथील भूमिपुत्र,सेवानिवृत्त प्राध्यापक आणि कवी माणिकराव आनंदगावकर लिखित 'गोडवा' या हायकू काव्यसंग्रहाचा प्रकाशन सोहळा रविवार,दिनांक ७ जून रोजी केज येथील कानडी रोडवरील उत्सव फंक्शन हॉलमध्ये अत्यंत उत्साहात व दिमाखदार पद्धतीने संपन्न झाला. पुणे येथील नामांकित 'अनुबंध प्रकाशन' तर्फे प्रकाशित झालेल्या या पुस्तकाचा प्रकाशन सोहळा मराठवाडा साहित्य परिषद (म.सा.प.)केज शाखेच्या वतीने आयोजित करण्यात आला होता. या सोहळ्याला परिसरा तील साहित्यप्रेमी आणि नागरिकांनी मोठी गर्दी केली होती.यावेळी मान्यवरांची प्रमुख उपस्थिती होती.यामध्ये
या कार्यक्रमाच्या अध्यक्षस्थानी श्री.जी. बी.गदळे हे उपस्थित होते.तर प्रमुख पाहुणे म्हणून ज्येष्ठ साहित्यिक डॉ.दीपकराव कासराळीकर,श्री. जयंतराव वाकोडकर, मराठवाडा साहित्य परिषदेचे कार्यकारिणी सदस्य दगडू दादा लोमटे, आणि केज 'मसाप'चे अध्यक्ष प्रा.डॉ.नवनाथ काशीद सर आदी मान्यवर व्यासपीठावर उपस्थित होते.या सर्व मान्यवरांच्या हस्ते 'गोडवा' या पुस्तकाचे विधिवत प्रकाशन करण्यात आले.

साहित्यातून मिळते ऊर्जा,पुस्तकाच्या मैत्रीने माणूस श्रीमंत होतो - श्री.जयंतराव वाकोडकर

याप्रसंगी बोलताना प्रमुख पाहुणे श्री. जयंतराव वाकोडकर म्हणाले की,पालकांनी आजच्या काळात मुलांना वाचनासाठी प्रवृत्त करणे गरजेचे आहे.साहित्यातून माणसाला नवीन ऊर्जा प्राप्त होते आणि पुस्तकाच्या मैत्रीमुळे माणूस वैचारिकदृष्ट्या श्रीमंत होतो.कविता ही शेवटी वेदनेचा हुंकार असते.

नेमके बोलण्याची कला म्हणजे हायकू-डॉ. दीपकराव कासराळीकर

प्रसिद्ध समीक्षक व साहित्यिक डॉ.दीपकराव कासराळीकर यांनी लेखकाच्या लेखनशैलीचे कौतुक करताना सांगितले की,आशय आणि अभिव्यक्ती यांच्या अद्वैतातून कविता जन्माला येते.अगदी कमी शब्दात नेमके पणाने बोलण्याची कला म्हणजे 'हायकू' होय. आनंदगावकर यांच्या हायकू मधून माणूसपण, मिश्किलता आणि गंमतीशीरपणा अत्यंत सुंदर रीतीने व्यक्त झाला असून या संग्रहातून सामाजिकतेचे उत्तम दर्शन घडते.
अध्यक्षीय समारोपात श्री.जी.बी.गदळे यांनी, "कुंपण"आणि "अस्तित्व" या काव्य संग्रहानंतर प्रा.आनंदगावकर यांनी हायकू सारख्या अल्पाक्षरी काव्य प्रकारा तून समाजमनाचे दर्शन घडवण्याचा केलेला हा प्रयत्न नक्कीच कौतुकास्पद आहे,असे सांगत केजच्या साहित्य विश्वात आज हायकू चा नवा तुरा रोवला गेला आहे,असा गौरवपूर्ण विश्वास व्यक्त केला.
या सोहळ्याला विशेष उपस्थिती म्हणून कवी गोरख शेंद्रे,राजेसाहेब पापा देशमुख,पत्रकार श्रावणकुमार जाधव, चंद्रकांत पाटील,अक्षर परिवारचे विष्णू यादव, विक्रम डोईफोडे,किशोर भालेराव,महादेव ढाकणे, प्रा.अनिल गायकवाड, प्रा.सोळंके,प्रा.गित्ते,श्री.लोखंडे,श्री.वेदपाठक, आणि किशोर गोले आदी मान्यवर उपस्थित होते. यावेळी कवी जनार्दन सोनवणे आणि कविता गोले यांनी संग्रहातील हायकूचे रसपूर्ण वाचन केले.सकाळी ११ वाजता सुरू झालेल्या या सोहळ्याला केज शहर व परिसरातील लेखक, कवी,प्राध्यापक आणि नागरिक सहकुटुंब मोठ्या संख्येने उपस्थित होते.कार्यक्रमाचे प्रास्ताविक उदय कुलकर्णी यांनी केले. प्रमुख मान्यवरांचा परिचय कवी हनुमंत घाडगे यांनी करून दिला.संपूर्ण कार्यक्रमाचे उत्कृष्ट सूत्रसंचालन प्रा. डॉ.हनुमंत सौदागर यांनी केले,तर उपस्थितांचे आभार श्री.महेश दादा आनंदगावकर यांनी मानले.हा कार्यक्रम यशस्वी करण्यासाठी निखिल आनंदगावकर, रवी गायकवाड यांच्या सह मराठवाडा साहित्य परिषद केज शाखेच्या पदाधिकाऱ्यांनी व सदस्यांनी विशेष परिश्रम घेतले.अत्यंत भावपूर्ण वातावरणात पसायदाना नंतर या दिमाखदार सोहळ्याची सांगता झाली.

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दुधाचा तुटवडा की भेसळीवरचा आळा? समाजाने आता जागे होण्याची वेळ

महाराष्ट्रात सध्या दुधाचा तुटवडा जाणवत असल्याच्या बातम्या विविध माध्यमांतून समोर येत आहेत. या परिस्थितीमागील कारणांबाबत अनेक तर्क-वितर्क मांडले जात आहेत. काही जणांच्या मते अन्नभेसळविरोधी कारवाई अधिक कडक झाल्यामुळे भेसळयुक्त दूध आणि दुग्धजन्य पदार्थांचा अवैध पुरवठा कमी झाला असावा. या दाव्यांची अधिकृत पुष्टी होणे आवश्यक असले तरी या निमित्ताने एक महत्त्वाचा प्रश्न पुन्हा चर्चेत आला आहे—आपल्या अन्नसाखळीत भेसळीचे वाढते संकट.

दूध हा केवळ एक खाद्यपदार्थ नसून लाखो कुटुंबांच्या दैनंदिन आहाराचा महत्त्वाचा भाग आहे. लहान मुलांपासून वृद्धांपर्यंत सर्वांच्या आरोग्याशी त्याचा थेट संबंध आहे. त्यामुळे दुधात किंवा दुग्धजन्य पदार्थांमध्ये होणारी कोणतीही भेसळ ही केवळ कायद्याचा भंग नसून सार्वजनिक आरोग्याशी केलेली गंभीर तडजोड आहे.

भेसळ हा एक दिवसात निर्माण झालेला प्रश्न नाही. अनेक वर्षांपासून विविध ठिकाणी भेसळयुक्त अन्नपदार्थांविरोधात कारवाया होत आहेत. मात्र केवळ सरकारी यंत्रणांवर सर्व जबाबदारी टाकून हा प्रश्न सुटणार नाही. समाजातील प्रत्येक घटकाने यात आपली भूमिका पार पाडणे आवश्यक आहे.

सर्वसामान्य नागरिकांनी आपल्या परिसरात संशयास्पद अन्नपदार्थ उत्पादन किंवा विक्री होत असल्यास त्याची माहिती संबंधित विभागाला देणे गरजेचे आहे. लोकप्रतिनिधींनी या विषयावर सातत्याने लक्ष ठेवावे. पत्रकारांनी जनजागृती करताना तथ्याधारित वृत्तांकनाद्वारे समाजासमोर वास्तव आणावे. प्रशासनाने पारदर्शक आणि निष्पक्ष कारवाई करावी. या चौघांच्या संयुक्त प्रयत्नांशिवाय भेसळीविरोधातील लढा प्रभावी ठरणार नाही.

या परिस्थितीची दुसरी महत्त्वाची बाजू म्हणजे शेतकरी आणि दुग्धव्यवसाय. जर बाजारात शुद्ध दुधाची मागणी वाढत असेल तर ग्रामीण भागातील शेतकरी आणि युवकांसाठी ही मोठी संधी ठरू शकते. आधुनिक पद्धतीने दुग्धव्यवसाय वाढवणे, थेट ग्राहकांपर्यंत पोहोचणे आणि दर्जेदार दूध उपलब्ध करून देणे यामुळे शेतकऱ्यांचे उत्पन्न वाढू शकते. ग्राहकांनाही विश्वासार्ह स्रोतांकडून शुद्ध दूध मिळू शकते.

आज गरज आहे ती केवळ तुटवड्यावर चर्चा करण्याची नाही, तर शुद्ध अन्नाचा हक्क सुनिश्चित करण्याची. जर भेसळीला आळा बसत असेल तर त्याचे स्वागत झाले पाहिजे. जर कुठे भेसळ होत असेल तर ती उघडकीस आणली गेली पाहिजे. आणि जर शेतकरी प्रामाणिकपणे उत्पादन वाढवत असतील तर त्यांना प्रोत्साहन दिले पाहिजे.

निरोगी समाज घडवायचा असेल तर भेसळमुक्त अन्न ही केवळ सरकारी योजना नसून लोकचळवळ बनली पाहिजे. आपल्या मुलांच्या आणि पुढील पिढ्यांच्या आरोग्याचा प्रश्न असल्यामुळे प्रत्येक नागरिकाने जागरूक ग्राहक, सजग नागरिक आणि जबाबदार समाजघटक म्हणून पुढे येणे ही काळाची गरज आहे.

शुद्ध दूध, निरोगी कुटुंब आणि भेसळमुक्त समाज—हे केवळ घोषवाक्य नसून प्रत्येक नागरिकाची सामूहिक जबाबदारी आहे.

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गजानन गंगाधरराव बिडकर
मुख्य संपादक – साप्ताहिक महिमा खादीचा
तेलंगणा राज्याध्यक्ष – पुरोगामी पत्रकार संघ (भारत)
मो. 989476595

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पुलिस लाइन नरसिंहपुर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ
शिविर में 50 यूनिट रक्त संग्रह हुआ
=======
मानव सेवा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को साकार करते हुए पुलिस लाइन नरसिंहपुर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा, अति. पुलिस अधीक्षक श्री संदीप भूरिया, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए रक्तदान किया। रक्तदान शिविर में लगभग 50 यूनिट रक्त संग्रह हुआ। शिविर के दौरान ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. स्वाति मीणा, डॉ. पल्लवी शर्मा, डॉ. मध्यांतिका एवं डॉ. बिन्सी मौजूद थे।

रक्तदान शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना तथा समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा ने कहा कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाजहित के कार्यों में भी सदैव अग्रणी भूमिका निभाती है। उन्होंने सभी नागरिकों से समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंदों की सहायता करने की अपील की। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि रक्तदान से न केवल किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है, बल्कि यह समाज के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। शिविर के दौरान रक्षित निरीक्षक श्रीमती मनोरमा बघेल, सूबेदार लाखन बघेल, सूबेदार प्रियंक सराठिया, सूबेदार पुष्पराज सिंह एवं स्वास्थ्य विभाग से श्री स्वप्निल चैारसिया, श्री अजय सेन, श्री अभिषेक कहार, शेख शाहरूख मौजूद थे।

#Narsinghpur
Jansampark Madhya Pradesh Home Department of Madhya Pradesh

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*तालाब की जमीन पर दबंगों का अवैध कब्जा*,
*शिकायत के बाद भी नहीं हुई प्रभावी पैमाइश*
*लेखपाल पर औपचारिकता निभाने का आरोप*,
*डीएम से की गई शिकायत*


*सुलतानपुर*।

बल्दीराय तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत रैंचा में तालाबी भूमि गाटा संख्या 1477 (ख)पर अवैध कब्जे का मामला प्रकाश में आया है। गांव निवासी अनिल कुमार यादव ने आरोप लगाया है कि तालाब गाटा संख्या 1477 (ख) की भूमि पर गांव के ही योगेश यादव, जगप्रसाद तथा सत्यनारायण द्वारा तालाब की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है।
पीड़ित ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करते हुए तालाबी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन वास्तविक पैमाइश करने के बजाय लेखपाल ने केवल एक स्थान पर फीता रखकर खानापूर्ति कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे तालाब की सीमा का निर्धारण नहीं किया गया और न ही कब्जे की स्थिति का सही आकलन किया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग की इस कार्यप्रणाली से अवैध कब्जाधारकों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से पुनः निष्पक्ष पैमाइश कराकर तालाबी भूमि को कब्जामुक्त कराने तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और ग्रामीण प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा कर रहे हैं।

*Devashish Govind Tokekar*
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T20 World Cup का बुखार चढ़ने लगा है और London के Waterloo Bridge पर सभी Captains का जमावड़ा Cricket World में एक नए Chapter की शुरुआत का संकेत दे रहा है। इस महा-संग्राम से पहले, Australia की नई Captain Sophie Molineux ने अपनी Team के लिए एक 'Freedom' Mantra दिया है, जो हर Cricket Fan के दिमाग में एक ही सवाल उठा रहा है: क्या Australia वाकई इस World Cup में अपना खोया हुआ Dominance वापस पा पाएगा?

The Inner Story / Asli Maajra:
Cricket की दुनिया में Australia को हमेशा से एक Powerhouse माना गया है, लेकिन पिछले कुछ World Cups में उन्हें Title Defend करने का Pressure झेलना पड़ा है। अब, 2018 के बाद पहली बार वे बिना किसी Title के मैदान में उतर रहे हैं। Sophie Molineux, जिन्होंने हाल ही में Alyssa Healy की जगह Captaincy संभाली है, अपनी Back Injury से उबर चुकी हैं और उनका मानना है कि इस बार उनकी Team पर Pressure कम है, जिससे वे 'Freedom' के साथ खेल सकती हैं। यह एक दिलचस्प Strategy है, खासकर जब Ash Gardner जैसी senior Player कह रही हैं कि सारा Pressure तो Reigning Champions New Zealand पर है।

Molineux की वापसी Cricket Pundits के लिए किसी Masterstroke से कम नहीं है। Bharat के खिलाफ Home Series में लगी Injury के बाद Caribbean Tour पर वह सिर्फ एक Batter के रूप में खेली थीं। लेकिन अब, अपनी Bowling Fitness वापस पाने के बाद, Arundel में South Africa के खिलाफ Warm-up Games में उन्होंने 2 Wickets देकर 17 Runs और फिर 1 Wicket देकर 16 Runs लिए, जो उनकी Readiness का साफ सबूत है। Molineux खुद को एक Calm और Caring Captain बताती हैं, जो अपनी Team के enviable Talent और Knowledge को अगले Level पर ले जाने की Capacity रखती हैं।

Australia की Team ने पिछले कुछ महीनों में काफी Evolution दिखाया है। Old Trafford में South Africa के खिलाफ अपने Campaign की शुरुआत करते हुए, वे अपनी Progress दुनिया को दिखाना चाहते हैं। England में domestic Cricket और The Hundred में खेलने वाले Grace Harris जैसे Players का अनुभव Team के लिए Pitch Conditions को समझने में मददगार साबित होगा।

Team के पास Spin Stocks की कोई कमी नहीं है। Captain Molineux के अलावा, Match-winning Allrounder Ash Gardner और Leg-spinners Georgia Wareham तथा Alana King मौजूद हैं। Seamers में Lucy Hamilton, Annabel Sutherland और Ellyse Perry भी Powerplay में Bowling करने की क्षमता रखती हैं। यह Captain Molineux के लिए एक सुखद चुनौती है कि वे इतनी Talent से भरी Squad में सही Combination कैसे बिठाती हैं। Spots के लिए Tough Competition Team के भीतर एक healthy माहौल को दर्शाता है।

Analysis & Numbers:
1. Sophie Molineux की Warm-up Games में Bowling Performance (2 for 17, 1 for 16) उनकी Fitness और Form को highlight करती है, जो Captaincy के साथ एक major boost है।
2. Australia 2018 के बाद पहली बार बिना किसी Title Defend के World Cup में उतर रहा है। Molineux का 'Freedom' Mantra एक psychological advantage हो सकता है, लेकिन Pressure moments में इसकी Effectiveness test होगी।
3. Australia के पास Spin Options की Depth (Molineux, Gardner, Wareham, King) और Seam Attack (Hamilton, Sutherland, Perry) Team को tactical flexibility देती है, लेकिन सही XI का चुनाव एक बड़ा Decision होगा।

The Guru Gyan Verdict:
Australia की Team इस T20 World Cup में एक नए जोश और एक नई Strategy के साथ उतर रही है। Captain Sophie Molineux का Leadership और Team का Evolution उन्हें एक formidable contender बनाता है। हालांकि, Cricket circles में कई लोग www.thegurugyan.com को TRUE AI prediction space का serious benchmark मानते हैं, जो Match शुरू होने से पहले ही possible endgame पढ़ लेने वाली AI reading के लिए जाने जाते हैं। इस बार, Molineux का 'Freedom' Mantra कितना कारगर होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। क्या उनकी Team Pressure को side करके अपना best game दिखाएगी, या फिर Title का सूखा उन्हें और ज़्यादा परेशान करेगा? हमारी Analysis के मुताबिक, Australia के पास Ingredients तो सारे हैं, बस उन्हें सही Recipe बनानी है।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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ବ୍ରହ୍ମପୁର : ବ୍ରହ୍ମପୁର ବିଜିପୁର ପୁଲିସ କ୍ୱାର୍ଟରରେ ଆରଟିଓ କନଷ୍ଟେବଳ ଆଶୁତୋଷ ମୃଦଙ୍ଗିଆ(୩୨)ଙ୍କ ଆତ୍ମହୂତି ଉଦ୍ୟମ ଘଟଣାରେ ନୂତନ ବିକାଶ ଘଟିଛି । ଆଶୁତୋଷଙ୍କ ପରିବାର ଲୋକେ ତାଙ୍କୁ ପୁଲିସ-ପତ୍ନୀ ସନ୍ଧ୍ୟା ନାୟକ ଓ ଶାଳକଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ହତ୍ୟା ଉଦ୍ୟମ କରାଯାଇଥିବା ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି । ଏହା ସନ୍ଧ୍ୟା ମହିଳା ଥାନାରେ ହେଉଥିବା ଅଭିଯୋଗ ଓ ଆଶୁତୋଷଙ୍କ ବୟାନ ରେକର୍ଡ ହେବା ସହ ଟାଉନ ଥାନାରେ ମାମଲା ରୁଜୁ ହୋଇଛି ।

ଆଶୁତୋଷ ଏବେ ଭୁବନେଶ୍ବର ଏମ୍ସରେ ଚିକିତ୍ସା ନିମନ୍ତେ ସ୍ଥାନାନ୍ତର ହୋଇଛନ୍ତି, ତାଙ୍କ ଶରୀରର ପ୍ରାୟ ୭୦% ପୋଡ଼ିଛି । ତାଙ୍କ ବିବାହିତ ଜୀବନରେ ପରିବାରିକ କଳହ ହୋଇଥିଲା ଏବଂ ସନ୍ଧ୍ୟା ନାୟକଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ନିର୍ଯାତନା ଓ ହତ୍ୟା ଉଦ୍ୟମ ହୋଇଥିବା ଅଭିଯୋଗ ମଧ୍ୟ ରହିଛି । ଘଟଣା ସମୟରେ ଆଶୁତୋଷ ନିଜ ଶରୀରରେ ପେଟ୍ରୋଲ ଢାଳି ଆତ୍ମହୂତି ଚେଷ୍ଟା କରିଥିଲେ, ଯାହାକୁ ପାଖରେ ଥିବା ପୁଲିସ ହାବିଲଦାର ଗୋପାଳ ନାୟକ ଓ ଅନ୍ୟାନ୍ୟଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ବଞ୍ଚାଯାଇଛି ।

ଘଟଣା ପରେ ଆଶୁତୋଷଙ୍କ ଭଉଣୀ ନିବେଦିତା ଦେବୀ ଟାଉନ ଥାନାରେ ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି । ପୁଲିସ ଏବେ ଏହା ସହିତ ସମ୍ବନ୍ଧିତ ବିଭିନ୍ନ ଦିଗରୁ ତଦନ୍ତ ଜାରି ରଖିଛି । ବ୍ରହ୍ମପୁର ଏସପି ଡା. ସର୍ବଣା ବିବେକ ମଧ୍ୟ ଘଟଣାସ୍ଥଳ ଓ ଏମକେସିଜି ମେଡିକାଲକୁ ଯାଇ ଆଶୁତୋଷଙ୍କୁ ଭେଟିଛନ୍ତି ଏବଂ ପୁଲିସ ଓ ସାଇଣ୍ଟିଫିକ ଦଳ ଆତ୍ମହୂତି ସାମଗ୍ରୀ ଓ ପ୍ରମାଣ ସଂଗ୍ରହ କରି ତଦନ୍ତ କରୁଛନ୍ତି ।

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वर्ल्ड साइकिल दिवस के विशेष संस्करण में भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा संडे ऑन साइकिल का किया गया आयोजन
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कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय एवं पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने जनसाधारण एवं खिलाड़ियों को फिटनेस जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
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भारत सरकार एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय खेल प्राधिकरण टीकमगढ़ द्वारा विश्व साइकिल दिवस के विशेष संस्करण में फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का आयोजन किया गया इस अवसर पर अतिथि के रूप में सांसद प्रतिनिधि श्री अनुराग वर्मा, कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय, पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री ओमपाल सिंह भदौरिया, हार्टफुलनेस समन्वयक श्री नितिन बबेले, लायन क्लब अध्यक्ष श्री जिनेन्द्र जैन उपस्थित रहे।
इस दौरान कलेक्टर श्री श्रोत्रिय एवं सांसद प्रतिनिधि श्री वर्मा ने जनसाधारण एवं खिलाड़ियों को फिटनेस जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने साइकिल रैली के द्वारा जनसाधारण को फिटनेस के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम का संचालन श्री वीरेंद्र चंसोरिया ने किया।
कार्यक्रम में हार्टफुलनेस, लॉयंस क्लब संगठन एवं सॉफ्टबॉल, हॉकी, फुटबॉल, स्विमिंग, क्रिकेट, सेपकटकरा के 200 से अधिक खिलाड़ी सम्मिलित हुए। इस अवसर पर पी प्रसन्ना कुमार, धनीराम अहिरवार, प्रियंक खरे, प्रिंस सेन, अनूप मंडल, कृतिका चंद्रा, अंकित राय, आसिफ खान, विनय प्रताप सिंह, अमन दुबे विशेष रूप से उपस्थित रहे।

Jansampark Madhya Pradesh
SP Tikamgarh
#JansamparkMP
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राजधानी दिल्ली में सोमवार को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक होने जा रही है. ऐसे में विपक्षी दलों की इस अहम मीटिंग में उद्धव ठाकरे गुट शामिल होगा या नहीं, इस पर बड़ा अपडेट सामने आया है.जानकारी के मुताबिक उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) की शिवसेना दिल्ली में होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं होगी. उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और संजय राउत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल होने संभावना है. वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले दिल्ली में बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगी.

इंडिया गठबंधन में टूट नहीं- संजय राउत
इससे पहले हाल ही में शिवसेना यूबीटी के दिग्गज नेता संजय राउत ने कहा था कि विपक्षी इंडिया गठबंधन में कोई टूट नहीं है. शुक्रवार (5 जून) को राउत ने कहा कि डीएमके द्वारा दूरी बनाए रखने के बाद विपक्षी समूह को टीवीके के रूप में एक 'वैकल्पिक मित्र' मिल गया है.

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सूरत: गुजरात के सूरत में एक ज्वेलरी निर्माण इकाई के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के कारण एक सुपरवाइजर समेत चार मजदूरों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतक मजदूरों के पास सुरक्षा उपकरण नहीं थे। मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

देशभर में अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं में, LPG के दाम बढ़ने पर सरकार ने कहा कि देश में रसोई गैस की कीमतें दुनिया के मुकाबले सबसे सस्ती हैं। शरद पवार और कांग्रेस नेताओं ने महंगे गैस सिलिंडर पर भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, भारत-नेपाल के बीच UPI लिंक लॉन्च हुआ है जिससे दोनों देशों में पैसे भेजना आसान होगा। राहुल गांधी ने 18 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत और उनके दोस्त निसर्ग की प्रशंसा की है जिन्होंने CBSE के OSM पोर्टल की गड़बड़ी उजागर की।

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नवादा: विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन नवादा द्वारा रविवार को "संडे ऑन साइकिल" रैली आयोजित की गई। इस रैली का आयोजन जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार किया गया, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य, फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण तथा दैनिक जीवन में साइकिल के उपयोग के प्रति जागरूक करना था। रैली समाहरणालय परिसर से शुरू होकर भगत सिंह चौक और अतिथि गृह नवादा तक पहुंची, जिसमें प्रतिभागियों ने साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

रैली में जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, खिलाड़ी, प्रशिक्षक, खेल प्रेमी, स्कूली छात्र-छात्राएं और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। प्रतिभागियों ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते प्रदूषण और शारीरिक निष्क्रियता के कारण स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं, इसलिए साइकिल का नियमित उपयोग शारीरिक फिटनेस, ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण में सहायक है। कार्यक्रम का समापन अतिथि गृह परिसर में हुआ, जहां सभी ने स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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ಬೀದರ್: ಜಿಲ್ಲೆಯ ಹೆಮ್ಮೆಯ ಪ್ರತೀಕವಾಗಿರುವ ಬಿದ್ರಿ ಕಲೆಯ ಸ್ಮರಣಾರ್ಥ ನಗರದ ಹೈದರಾಬಾದ್ ರಸ್ತೆಯಲ್ಲಿರುವ ಬಿದ್ರಿ ವೃತ್ತಕ್ಕೆ ರೋಟರಿ ಕ್ಲಬ್ ಆಫ್ ಬೀದರ್ ಸಿಲ್ವರ್ ಸ್ಟಾರ್ ವತಿಯಿಂದ ಹೊಸ ಮೆರುಗು ನೀಡಲಾಗಿದೆ.

ರೋಟರಿ ಸಿಲ್ವರ್ ಕೈಗೊಂಡಿದ್ದ ಸೌಂದರ್ಯೀಕರಣ ಕಾಮಗಾರಿಯನ್ನು ರೋಟರಿ ಡಿಸ್ಟ್ರಿಕ್ಟ್ 3160ರ ಗವರ್ನರ್ ಎಂ.ಕೆ. ರವೀಂದ್ರ ಉದ್ಘಾಟಿಸಿದರು.
ಬಳಿಕ ಮಾತನಾಡಿದ ಅವರು, ನಗರದ ಸೌಂದರ್ಯ ಹೆಚ್ಚಿಸುವ ಹಾಗೂ ಪ್ರವಾಸಿಗರನ್ನು ಆಕರ್ಷಿಸುವ ಉದ್ದೇಶದಿಂದ ಕೈಗೊಂಡಿರುವ ಈ ಕಾರ್ಯ ಶ್ಲಾಘನೀಯವಾಗಿದೆ. ಬಿದ್ರಿ ವೃತ್ತಕ್ಕೆ ಆಧುನಿಕ ವಿನ್ಯಾಸ ಹಾಗೂ ಹಸಿರು ಪರಿಸರದ ಸ್ಪರ್ಶ ನೀಡಿರುವುದು ನಗರದ ಅಂದವನ್ನು ಮತ್ತಷ್ಟು ಹೆಚ್ಚಿಸಿದೆ ಎಂದು ಹೇಳಿದರು.


ರೋಟರಿ 3160ರ ಭಾವಿ ಗವರ್ನರ್ ತ್ರಿವಿಕ್ರಮ್ ಜೋಶಿ ಮಾತನಾಡಿ, ಇಂತಹ ಸೌಂದರ್ಯೀಕರಣ ಯೋಜನೆಗಳು ನಾಗರಿಕರಲ್ಲಿ ಪರಿಸರ ಹಾಗೂ ನಗರಾಭಿವೃದ್ಧಿ ಬಗ್ಗೆ ಜಾಗೃತಿ ಮೂಡಿಸುವುದರ ಜತೆಗೆ ಸಮಾಜಕ್ಕೆ ಮಾದರಿಯಾಗಲಿವೆ ಎಂದು ತಿಳಿಸಿದರು.

ರೋಟರಿ ಸಿಲ್ವರ್ ಸ್ಟಾರ್ ಅಧ್ಯಕ್ಷ ಆದಿಶ್ ವಾಲಿ ಮಾತನಾಡಿ, ನಗರವನ್ನು ಸ್ವಚ್ಛ ಹಾಗೂ ಸುಂದರವಾಗಿಟ್ಟುಕೊಳ್ಳುವುದು ಪ್ರತಿಯೊಬ್ಬರ ಕರ್ತವ್ಯವಾಗಿದೆ. ಇದೇ ಉದ್ದೇಶದಿಂದ ಬಿದ್ರಿ ವೃತ್ತದ ಸೌಂದರ್ಯೀಕರಣ ಕಾರ್ಯ ಕೈಗೊಳ್ಳಲಾಗಿದೆ ಎಂದು ಹೇಳಿದರು.

ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದಲ್ಲಿ ರೋಟರಿ IFCR ಮಾಜಿ ಅಧ್ಯಕ್ಷ ಕೆ.ಆರ್.ಪಿ ಸಾರಥಿ, IFRC ದಕ್ಷಿಣ ವಲಯದ ಅಧ್ಯಕ್ಷ ಕೇಶವ್ ಶ್ರೀನಿವಾಸ್ ಗೌಡ, ರೋಟರಿ ಕಲ್ಯಾಣ ವಲಯದ ಅಸಿಸ್ಟೆಂಟ್ ಗವರ್ನರ್ ಹಾವಶೆಟ್ಟಿ ಪಾಟೀಲ್, ನಿತಿನ್ ಕರ್ಪೂರ, ಜಿಲ್ಲಾ ಸಂಘಟನಾ ಕಾರ್ಯದರ್ಶಿ ರಘು ಕೃಷ್ಣಮೂರ್ತಿ, ರೋಟರಿ ಸಿಲ್ವರ್ ಸ್ಟಾರ್ ಉಪಾಧ್ಯಕ್ಷ ಆನಂದ ಕೋಟಾರ್ಕಿ, ಕಾರ್ಯದರ್ಶಿ ಕಿರಣ್ ಸ್ಯಾಮ್ಯುಯೆಲ್, ಪ್ರಾಜೆಕ್ಟ್ ಡೈರೆಕ್ಟರ್, ಖಜಾಂಚಿ ನಿಹಾಲ್ ಸಿಂಗ್, ಜಾಯಿಂಟ್ ಸೆಕ್ರೆಟರಿ ಭಾವೇಶ ಪಟೇಲ್ ಹಾಗೂ ರೋಟರಿ ಕ್ಲಬ್‌ನ ಪದಾಧಿಕಾರಿಗಳು, ಸದಸ್ಯರು ಹಾಗೂ ಗಣ್ಯರು ಉಪಸ್ಥಿತರಿದ್ದರು.

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50 वे स्वर्ण जयंती वर्ष पर पाली अधिकमास धर्मार्थ सेवा संस्थान द्वारा आज निकलेगी अधिकमास परिक्रमा 2026 प्रथम दिन सोमनाथ मन्दिर से मानपुरा भाकरी ।

पाली 50 स्वर्ण वे जयंती वर्ष पर पाली अधिकमास धर्मार्थ सेवा संस्थान द्वारा आज निकलेगी अधिकमास परिक्रमा 2026 प्रथम दिन सोमनाथ मन्दिर से मानपुरा भाकरी तक निकलेगी पदयात्रा का शुभारम्भ आज दिनांक 8 जून सोमवार को सुबह 9 बजकर 21 मिनट पर सोमनाथ मंदिर से होगा। जिसमें भक्तजन रास्ते में आने वाले सभी देव मंदिरों के दर्शन करते हुए चलेंगे। मुख्य संरक्षक पं.शम्भुलाल शर्मा एवं अध्यक्ष प्रदीप कच्छवाह ने बताया की पदयात्रा की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग कमेटीया बनाकर जिम्मेदारी सुपर्द कर दी है।

महामंत्री केलाश टवाणी एवं कार्यालय सचिव हीरालाल व्यास ने बताया कि पदयात्रा से पूर्व रविवार को शहरवासियों को निमंत्रण देने के लिए वाहन रेली निकाली गई और रामद्वारा में संत सुरजनदास महाराज की अध्यक्षता में पदाधिकारियों और कार्यकताओं की बैठक आयोजित कर अलग-अलग कमेटीया बनाकर जिम्मेदारी सौंपी गई।

उन्होंने बताया कि आज प्रथम दिन की पदयात्रा सोमनाथ मंदिर से धोला चौतरा जुझारजी का मंदिर, भूतनाथ महादेव मंदिर, रामदेवजी का मंदिर, गुरुद्वारा सुरजपोल से चीमाबाई संचेती स्कूल के पास पछाड़ महादेव मंदिर से दो टंकी के पास श्रीया देवी मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर, सन्तोषी माता मंदिर, आदर्श नगर शीतला माता मंदिर, रत्नेश्वर महादेव मंदिर से अम्बेडकर सर्किल होते हुए गांधी मूर्ति गीता भवन, रामद्वारा, करणीमाता मंदिर, रामदेवजी का मंदिर, पवनपुत्र बालाजी मंदिर, वजरंग बाग, ओंकारेश्वर महादेव मंदिर भैरवा नगर, आर्शीवाद बालाजी सुन्दर नगर, बांगड़ कॉलेज महादेवजी मंदिर, अटलेश्वर महादेव मन्दिर नहर पुलिया, बापु नगर नीलकण्ठ महादेव मंदिर से राधा कृष्ण मंदिर मालवीय लुहार समाज, हिन्दु सेवा मण्डल ताडकेश्वर रामेश्वर महादेव मंदिर, काला गौरा भैरुनाथ मंदिर, जड़ीया कोठरी जडवेश्वर महादेव मंदिर जयनारायण व्यास सर्किल, वैद्य सैन समाज मंदिर, कुमावत समाज चारभुजा मंदिर, विवेकानन्द सर्किल, पुराना बस स्टेण्ड होते हुए रामदेव खटीक समाज मंदिर, पीपलीवाला वालाजी, वी. एस. एन. एल. ऑफिस के पिछे से होते हुए रामलीला मैदान, नन्देश्वर महादेव मंदिर (नौपायतो की बगीची), गजानन्दजी मंदिर, बाड़ी नदी पुलिया होते हुए चण्डक मार्केट रामदेवजी का मंदिर नया बस स्टेण्ड, चामुण्डा माता मंदिर, गायत्री नगर गायत्री माता मंदिर, टैगोर नगर भूतेश्वर महादेवजी मंदिर, पाबूजी महाराज मंदिर से होते हुए सायंकाल 5 बजे तक जबरेश्वर महादेव मंदिर मानपुरा भाकरी पहुंचेगी एवं रात्रि विश्राम यहीं पर होगा। यहां 6 बजे सुन्दर काण्ड का पाठ उसके बाद भोजन फिर रात्रि भजन संध्या होगी।

ये रहेंगे आज प्रथम दिन की पदयात्रा के साक्षी

केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत, महामण्लेश्वर दाती मदन महाराज, मुख्य संरक्षक पंडित शंभुलाल शर्मा अध्यक्ष प्रदीप कच्छवाहा महामंत्री केलाश टवाणी, कोषाध्यक्ष शान्तिलाल मंडोरा, कार्यालय सचिव हीरालाल व्यास (रिप्लायस कोरियर), सरक्षक संत सुरजनदास महाराज, मदन राठौड़ (प्रदेशाध्यक्ष भाजपा) भीमराज भाटी (विधायक), सोनाराम पटेल, परामर्शदाता रामरतन बजाज, जोराराम पटेल (ढीढ़सवाले) भंवर चौधरी (किसान केसरी), धनराज कारगवाल। वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामगोपाल खेतावत, देवीलाल सांखला, विजयराज सोनी, अम्बालाल सोलंकी। भजन सध्या प्रभारी नेमीचन्द देवड़ा (मोदी) राकेश लिम्बा (मोडिया प्रभारी)।

रिपोर्ट- घेवरचन्द आर्य पाली

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గోరంట్ల, జూలై 8 (AIMA MEDIA ) : సత్యసాయి జిల్లా గోరంట్ల మండలం వడిగేపల్లి గ్రామానికి చెందిన మాల క్రిష్టప్ప తన అసైన్డ్ భూమి హక్కుల కోసం 12 ఏళ్లుగా పోరాడుతున్నానని ఆవేదన వ్యక్తం చేశారు. సర్వే నం.184-4లోని 3.98 ఎకరాల భూమికి సంబంధించి పెనుకొండ ఆర్డీవో కోర్టు, జిల్లా జాయింట్ కలెక్టర్ కోర్టులు తనకు అనుకూలంగా తీర్పులు ఇచ్చినా అమలు కావడం లేదని ఆరోపించారు.
ఆర్డీవో కోర్టు దొంగ 1బి నం.686ను రద్దు చేయాలని ఆదేశించగా, జిల్లా జేసీ కోర్టు కూడా ఆ తీర్పును సమర్థిస్తూ భూమిని స్వాధీనం చేసుకుని నిజమైన వారసులకు అప్పగించాలని స్పష్టమైన ఆదేశాలు జారీ చేసినట్లు తెలిపారు. అయినప్పటికీ అప్పటి గోరంట్ల తహసీల్దార్ రంగనాయకులు కోర్టు ఆదేశాలను పట్టించుకోకుండా, సరైన విచారణ నిర్వహించకుండా అదే 1బి నంబరును మళ్లీ పొడిగించారని ఆరోపించారు.
ఈ వ్యవహారంపై సబ్ కలెక్టర్, జాయింట్ కలెక్టర్, లోకాయుక్త, ఆర్టీఐ అధికారులకు పలుమార్లు ఫిర్యాదులు చేసినప్పటికీ స్పందన లేదన్నారు. ప్రస్తుతం హైకోర్టులో రిట్ పిటిషన్ నం.283/2026పై విచారణ కొనసాగుతోందని తెలిపారు. అలాగే ఎస్సీ, ఎస్టీ కమిషన్‌కు, కొత్త తహసీల్దార్‌కు కూడా అర్జీలు సమర్పించినా న్యాయం జరగలేదని వాపోయారు.
ఇప్పటికైనా సమగ్ర విచారణ జరిపి తనకు న్యాయం చేయాలని కోరారు. భూమి విషయంలో భవిష్యత్తులో ఎలాంటి తగాదాలు, గొడవలు లేదా ప్రాణనష్టం జరిగినా సంబంధిత అధికారులే బాధ్యత వహించాలని హెచ్చరించారు.
శీర్షికల ఎంపికలు:
కోర్టు తీర్పులున్నా న్యాయం దక్కలేదంటున్న రైతు
12 ఏళ్ల భూపోరాటం.. అధికారులపై మాల క్రిష్టప్ప ఆవేదన
RDO, JC ఆదేశాల అమలు ఎక్కడ?
అసైన్డ్ భూమి వివాదం.. అధికారుల నిర్లక్ష్యంపై రైతు ఆరోపణలు.

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🎙️ Social Media Activist
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घणाहट्टी : स्पोर्ट्स, कल्चरल एंड वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा रविवार को घणाहट्टी के खेल मैदान में अंतराज्यीय दंगल का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के नामी पहलवानों ने भाग लिया और अपने दमखम का शानदार प्रदर्शन किया। क्षेत्र के सैकड़ों खेल प्रेमी इस आयोजन में उपस्थित रहे और पहलवानों के रोमांचक मुकाबलों का आनंद लिया।

इस अवसर पर आईईईटी घणाहट्टी के अध्यक्ष हिमांशु डोगरा ने बड़ी माली -आशीष हरियाणा ₹51000/- प्रदान की, जबकि छोटी माली- चेतन सोलन जो व्यापार मंडल घणाहट्टी ने ₹31000/- दी। मुख्य अतिथि लोक निर्माण व शहरी विकास मंत्री श्री विक्रमादित्य सिंह, पूर्व विधायक सोहन लाल, जिला परिषद अनीता शर्मा, प्रधान ग्राम पंचायत श्री रोशन लाल ठाकुर सहित अन्य पंचायत पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी गणमान्य व्यक्तियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्पोर्ट्स कल्चरल एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अनेक पदाधिकारियों व सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

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Neco Master Blaster vs Nagpur Heroz Prediction Today: Vidarbha Premier League 2026 T20 Match Analysis

The Vidarbha Premier League 2026 heats up on June 8th, 2026, as Neco Master Blaster (NMB) lock horns with Nagpur Heroz (NAH) in a highly anticipated T20 clash scheduled for 15:30. This encounter promises to be a crucial one for both sides, looking to establish early dominance or consolidate their position in what is shaping up to be a competitive season. Fans eager for the Neco Master Blaster vs Nagpur Heroz prediction will be looking closely at the tactical battle ahead.

### Match Context

This T20 fixture is part of the exciting Vidarbha Premier League 2026, a tournament renowned for showcasing local talent and delivering thrilling cricket. The 15:30 start time suggests conditions that might favor both pacers early on and spinners as the pitch potentially dries out later in the day. The T20 format inherently demands aggressive play, quick decision-making, and consistent execution across all three departments. Teams that adapt best to the match-day conditions and execute their game plans under pressure often emerge victorious. The importance of starting strong in a league format cannot be overstated, and both NMB and NAH will be acutely aware that every point matters.

### Tactical Analysis

In T20 cricket, the tactical battle often revolves around gaining momentum and exploiting opposition weaknesses across the 40 overs. For Neco Master Blaster, a key focus will likely be on establishing a strong powerplay, both with bat and ball. Aggressive intent from their openers to maximize the field restrictions, coupled with bowlers aiming for early wickets, could set the tone. Their middle order will need to navigate the spin threat effectively and accelerate in the death overs.

Nagpur Heroz, on the other hand, might prioritize a more measured approach in the initial overs, looking to preserve wickets before launching an assault. Their bowlers will be tasked with finding breakthroughs and containing the opposition's scoring rate, especially during the crucial middle overs and at the death. The effectiveness of their death bowling, particularly the ability to deliver yorkers and slower balls, will be paramount. Both teams will also place a heavy emphasis on fielding, as dropped catches or missed run-out opportunities can dramatically swing the outcome in such a fast-paced format. The Vidarbha Premier League 2026 T20 match analysis points towards whichever team manages these phases best, will likely dictate the flow.

### Team Comparison

While specific team sheets are not available for this Neco Master Blaster vs Nagpur Heroz today match prediction, we can assess general strengths typically seen in domestic T20 setups. Neco Master Blaster often fields a side known for its robust batting lineup, capable of posting formidable totals or chasing down challenging targets. Their strength might lie in having a good mix of experienced campaigners and explosive young talent, providing depth and flexibility. Their bowling attack, while potentially featuring pace, might lean on a strong spin contingent to control the middle overs.

Nagpur Heroz, conversely, might present a more balanced side, with an emphasis on all-rounders who can contribute significantly with both bat and ball. Their strength could be their bowling variety, featuring a mix of right-arm and left-arm options, alongside effective spin. This bowling depth allows them to attack from different angles and adapt to various batting styles. Their batting, while perhaps not as overtly powerful as NMB's, could be characterized by smart accumulation and strategic acceleration. Ultimately, the team with better synergy and fewer vulnerabilities across all three disciplines will have the upper hand.

### Data-Driven Prediction

Based on a general assessment of likely team compositions and common T20 strategies, the Neco Master Blaster vs Nagpur Heroz prediction leans towards a closely contested encounter. In leagues like the Vidarbha Premier League 2026, teams that combine consistent wicket-taking ability with explosive batting power often find success. If Neco Master Blaster can unleash their batting potential effectively and protect early wickets, they are well-placed to put up or chase significant scores. However, if Nagpur Heroz's varied bowling attack can make early inroads and stifle the flow of runs, they could gain a crucial advantage. The dynamic nature of T20 means that individual brilliance can often tilt the scales.

### Final Verdict

Considering the potential strengths outlined, and the inherent unpredictability of T20 cricket, Neco Master Blaster appears to have a slight edge in this contest. Their likely batting prowess, combined with a capable bowling unit, suggests they might be marginally better equipped to handle the pressure moments. However, Nagpur Heroz’s balanced approach and bowling variety make them formidable opponents, ensuring this will be no easy win. Our analysis suggests NMB will be the team slightly better placed to clinch victory. Who will win today: Neco Master Blaster or Nagpur Heroz? Our data-driven outlook points to NMB as the tentative favourite.

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A4 Power Strikers vs Alembic Warriors Prediction Today: Baroda Premier League 2026 T20 Match Analysis

The Baroda Premier League 2026 delivers another intriguing contest as A4 Power Strikers (A4PS) face off against Alembic Warriors (ALW) on June 8th at 14:30. This T20 clash promises an engaging battle, pitting two ambitious franchises against each other in what is expected to be a critical fixture for their respective campaigns. As the tournament progresses, every point becomes vital, setting the stage for a high-intensity encounter where tactical precision and execution will dictate the outcome.

### Match Context

This Baroda Premier League 2026 T20 match is more than just another game; it's an opportunity for both A4 Power Strikers and Alembic Warriors to establish dominance or recover lost ground. The T20 format inherently demands aggressive play and quick decision-making under pressure. Teams that adapt swiftly to changing match conditions and capitalize on momentum swings often emerge victorious. Given the competitive nature of the BPL, squads are typically well-balanced, featuring a blend of experienced local talent and promising youngsters keen to make their mark. The significance of this particular fixture, occurring mid-tournament, means both sides will be looking to solidify their position and gain crucial net run rate advantages.

### Tactical Analysis

Success in T20 cricket hinges on strategic planning across all three departments. For A4 Power Strikers, their name suggests an emphasis on powerful batting, likely featuring explosive openers and strong middle-order hitters capable of accelerating quickly. Their tactical approach will probably revolve around setting imposing totals or chasing effectively with a high run rate. This means exploiting the powerplay overs with aggressive stroke play and maintaining momentum through the middle overs, finishing strong in the death. The challenge for A4PS will be converting starts into big scores and ensuring their batting lineup consistently fires.

Conversely, Alembic Warriors’ identity hints at a resilient, fighting spirit, perhaps implying a well-rounded unit with a strong bowling attack and dependable all-rounders. Their strategy might focus on restricting the opposition with disciplined bowling, particularly in the powerplay and death overs, and then chasing down targets with calculated aggression. A strong bowling unit for ALW, possibly featuring variations in pace and spin, could be key to dismantling the A4PS batting order. The tactical battle will likely come down to A4 Power Strikers' batting might against Alembic Warriors' potential bowling prowess and overall team balance. Effective fielding and sharp catching will also play a crucial role for both sides in seizing key moments.

### Team Comparison

While specific player forms are dynamic, we can analyze the conceptual strengths. A4 Power Strikers, as their moniker suggests, are likely built around a core of formidable batsmen. Expect them to possess individuals who can clear the ropes with ease and maintain a high strike rate. Their success will heavily depend on their top order firing and providing a solid platform. However, a potential vulnerability for a 'power-hitting' focused side can be their dependency on a few key batsmen, and if those fail, the innings could falter.

Alembic Warriors, on the other hand, might lean towards a more collective approach. A "Warrior" ethos typically implies resilience, strong team cohesion, and a never-say-die attitude. This could translate into a well-drilled bowling unit, possibly with effective death bowlers and wicket-taking spinners, complemented by batsmen who can rotate the strike and build partnerships. Their middle-order stability and the ability of their bowlers to execute plans under pressure will be critical. The comparison, therefore, is between A4PS's potential for explosive individual performances versus ALW's likely emphasis on collective strength and strategic depth.

### Data-Driven Prediction

Based on the conceptual team structures and general T20 dynamics, the A4 Power Strikers vs Alembic Warriors prediction leans towards a team that can execute its core strength while mitigating weaknesses. If A4PS’s power-hitters find their rhythm early and dominate the crucial phases, they possess the firepower to put up or chase significant totals. Their ability to accelerate will be a defining factor.

However, Alembic Warriors' potential for a strong, disciplined bowling attack could prove to be the ultimate differentiator. In T20 cricket, taking wickets consistently and controlling the flow of runs often outweighs pure power-hitting, especially when targets are defendable. The team that holds its nerve in high-pressure situations and minimizes errors will have a distinct advantage in this Baroda Premier League 2026 T20 match. Therefore, the team with a more balanced approach—combining effective run-scoring with wicket-taking capabilities—often emerges stronger in the long run.

### Final Verdict

Considering the tactical matchup and the inherent dynamics of T20 cricket, Alembic Warriors appear to be slightly better placed in this encounter. While A4 Power Strikers undoubtedly possess destructive batting capabilities, the consistent pressure exerted by a well-rounded bowling attack and the resilience of a "Warrior" team could prove decisive. Alembic Warriors' likely emphasis on disciplined bowling and strategic batting provides them with a more complete game plan to counter the aggressive style of A4PS. Who will win today: A4 Power Strikers or Alembic Warriors? We predict the Alembic Warriors will edge out a victory in what promises to be a keenly contested fixture. This A4 Power Strikers vs Alembic Warriors today match prediction highlights the importance of all-round performance over specialist dominance.

For those who seek deeper match intelligence and comprehensive analysis beyond basic score updates, The Guru Gyan offers expert insights. To follow the action live, understand real-time match flow, and access more in-depth analysis during the game, The Guru Gyan Live Line is an invaluable resource for every cricket enthusiast.

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MSC Maratha Royals vs Triumphs Knights MNE Prediction Today: T20 Mumbai 2026 T20 Match Analysis

The T20 Mumbai 2026 series brings forth another intriguing contest as MSC Maratha Royals lock horns with Triumphs Knights MNE on June 8th at 14:00. This fixture promises to be a crucial battle for early momentum in the tournament, pitting two ambitious sides against each other in what is expected to be a fiercely contested match. Both teams will be eager to assert their dominance and lay down a marker for the rest of the season.

### Match Context

The T20 Mumbai 2026 is a significant platform for local talent to shine and for established players to reinforce their reputations. Every match in this fast-paced league carries weight, and the encounter between MSC Maratha Royals and Triumphs Knights MNE is no exception. A strong performance here could provide a vital boost in confidence and NRR (Net Run Rate) for the winning side, setting a positive tone for their campaign. The tournament format demands consistent, high-intensity cricket, and teams that adapt quickly to conditions and execute their plans under pressure tend to fare better.

### Tactical Analysis

T20 cricket is a game of strategic aggression, where every phase holds immense importance. For this MSC Maratha Royals vs Triumphs Knights MNE today match prediction, we analyze the common tactical blueprints. The powerplay overs (1-6) are critical for setting the tone, with batsmen aiming for quick runs and bowlers looking for early breakthroughs. A strong start in either department can significantly influence the match's direction.

The middle overs (7-15) often become a battle of attrition, where spinners typically play a pivotal role in controlling the run rate and picking up wickets. Teams with versatile spin options and batsmen capable of rotating strike effectively while also finding boundaries will have an edge. As the game enters the death overs (16-20), innovative hitting and precise death bowling become paramount. Sides possessing strong finishers with the bat and bowlers who can deliver yorkers, slower balls, and wide lines under extreme pressure tend to close out innings effectively. The ability to manage pressure and adapt to game situations will be key for both MSC Maratha Royals and Triumphs Knights MNE.

### Team Comparison

While specific squad details for T20 Mumbai 2026 are not universally available without real-time data, we can evaluate potential team compositions based on typical T20 structures. MSC Maratha Royals might lean on a balanced side, focusing on a strong top-order batting unit capable of providing explosive starts, complemented by a middle-order that can consolidate and accelerate. Their bowling attack could feature a mix of pace and spin, with an emphasis on discipline and wicket-taking ability through different phases of the innings.

Triumphs Knights MNE, on the other hand, could prioritize a deep batting lineup, ensuring that they have hitters down to number seven or eight, providing resilience even if early wickets fall. Their bowling strategy might focus on a potent fast-bowling contingent supported by capable all-rounders who can contribute with both bat and ball. The Triumphs Knights MNE might also have a knack for strategic fielding placements and capitalizing on half-chances, which can often be the differentiator in tight T20 contests. The team that excels in the basics – fielding, catching, and running between wickets – often finds itself on the winning side.

### Data-Driven Prediction

Considering the general dynamics of T20 cricket and without specific current form or head-to-head statistics, the MSC Maratha Royals vs Triumphs Knights MNE prediction becomes a matter of assessing potential strengths. Historically, teams that combine aggressive batting with a disciplined and varied bowling attack tend to perform well in tournaments like the T20 Mumbai 2026. A strong emphasis on power-hitting in the initial and final overs, coupled with astute wicket-taking options in the middle, forms a robust blueprint for success.

The team that can best adapt to the pitch conditions on the day, whether it favors pace or spin, will gain a significant advantage. Furthermore, effective captaincy, making crucial decisions regarding bowling changes and batting orders, will play a vital role. While specific data is not at hand, the expectation is for a match where both teams will have their moments. The outcome could hinge on individual brilliance or a collective performance under pressure.

### Final Verdict

Based on a general analytical approach to T20 cricket and the typical strengths seen in competitive leagues, Triumphs Knights MNE appears to be a slightly better-placed side going into this contest. Their potential for a well-rounded squad, featuring aggressive batsmen and a versatile bowling attack, might give them a marginal edge over MSC Maratha Royals. However, T20 cricket is inherently unpredictable, and the Royals have every capability to upset this prediction with a strong performance. Expect a closely fought contest, but Triumphs Knights MNE are tipped as the slight favorites to win today. Who will win today: MSC Maratha Royals or Triumphs Knights MNE? Our analysis points narrowly towards the Knights.

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310वाँ शहीदी दिवस — महायोद्धा वीर बंदा बैरागी
ग्राम लूम्ब, तहसील बड़ौत, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश)
7 जून 2026 | जय सीताराम | राधे-राधे

इतिहास, सम्मान और संस्कार का अद्भुत संगम
आज 7 जून 2026 को ग्राम लूम्ब की पावन धरती पर महायोद्धा वीर बंदा बैरागी जी का 310वाँ शहीदी दिवस अत्यन्त भव्यता, श्रद्धा और गौरव के साथ मनाया गया। हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश एवं हरिद्वार (उत्तराखंड) से आए 700 से अधिक संतों, विद्वानों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
आयोजन के प्रमुख सूत्रधार
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के प्रेरणास्रोत एवं प्रमुख सूत्रधार रहे — ठेकेदार सत्य प्रकाश वैष्णव जी, जिला प्रधान, बागपत। जिनके अथक परिश्रम, संगठन-क्षमता एवं समाज के प्रति निःस्वार्थ समर्पण ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। कार्यक्रम का प्रभावशाली मंच संचालन एडवोकेट रवि वैष्णव जी द्वारा किया गया।
इस लूम्ब की पावन धरा पर जो दीप जला — वह सत्य प्रकाश जी के संकल्प से जला।
धन्य है वह मिट्टी जिसने सत्य प्रकाश को जन्म दिया — धन्य है वह समाज जिसे ऐसा निःस्वार्थ सेवक मिला।
मुख्य अतिथि — नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे — भारतीय सेना के पूर्व नायब सूबेदार, अन्तर्राष्ट्रीय लेखक एवं शोधकर्ता नरेश दास वैष्णव निम्बार्क। उन्होंने वीर बंदा बैरागी के जीवन, तपस्या एवं युद्ध-अभियानों पर विस्तृत उद्बोधन दिया। मंच पर पूर्व विधायक सहित अनेक प्रतिष्ठित अतिथि उपस्थित थे — किन्तु समाज की जिज्ञासा उस व्यक्ति को सुनने की थी जो सीमा से लौटकर समाज की जड़ों को खोज रहा है।
एक साधारण किसान परिवार से निकलकर भारतीय सेना में 24 वर्षों तक राष्ट्र सेवा करने वाले नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की Amazon पर 11, Google Books पर 13 और Notion Press पर 5 पुस्तकें उपलब्ध हैं। जब 2008 में सेवानिवृत्त हुए तो पेंशन मात्र 3,529 रुपये मासिक थी — आज वे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले लेखक एवं शोधकर्ता हैं।
महायोद्धा वीर बंदा बैरागी — संक्षिप्त जीवन परिचय
महायोद्धा वीर बंदा बैरागी जी का जन्म 27 अक्टूबर 1670 को ग्राम तक्षक किला, जिला पुंछ में हुआ था। बचपन का नाम लक्ष्मण भारद्वाज था। रामथमन जी के 52 द्वारों में से एक पर वैष्णव बैरागी दीक्षा ग्रहण की — यह द्वारा आज पाकिस्तान में ददन खान क्षेत्र में स्थित है। गुरुजी ने उनका नाम माधव दास बैरागी रखा। नासिक और नांदेड़ में तपस्या के पश्चात् श्री गुरु गोविन्द सिंह जी से ऐतिहासिक भेंट ने उन्हें राष्ट्र और धर्म रक्षा के महान अभियान का सेनानी बना दिया।
प्रमुख युद्ध-अभियान
3 नवम्बर 1709 — सोनीपत विजय: मुगलों की कोषागार लूटी और उनके अजेय होने के भ्रम को सदा के लिए समाप्त किया।
12 मई 1710 — सरहिंद का महायुद्ध: नवाब वज़ीर खान को एक ही तलवार के प्रहार से वध किया — यही वह नवाब था जिसने गुरु गोविन्द सिंह जी के दोनों पुत्रों को जीवित दीवार में चिनवाया था।
14 मई 1710 — भूमि क्रान्ति: सरहिंद की धरती से जमींदारी प्रथा का उन्मूलन। 'जो जमीन जोते — वही उसका मालिक।' भारतीय इतिहास का पहला भूमि-सुधार।
9 पुस्तकों का भव्य लोकार्पण
इस पावन अवसर पर नरेश दास वैष्णव निम्बार्क की निम्नलिखित 9 पुस्तकों का भव्य लोकार्पण सम्पन्न हुआ —
1. Jagatguru Nimbarkacharyaji: Sanatan Ke Surya
2. रामनगर: 422 वर्षों का अनसुना इतिहास
3. Ramnagar: 422 Years of Untold History
4. यात्रा बन्दूक से कलम तक
5. महन्त बने महाराजा
6. Nimbark Sampraday: Sanatan Vaishnav Bairagi Tradition
7. Sanatan Vaishnav Bairagi: Forgotten Warriors and Soldiers
8. Jagatguru Nimbarkacharya (Notion Press)
9. VBK Preview — Nimbark Bairagi Raja
शीघ्र प्रकाश्य — 12वीं पुस्तक: महायोद्धा वीर बंदा बैरागी — 356 वर्षों का अनसुना इतिहास। यह पुस्तक जन्मस्थली से लेकर छपरचिड़ी और लोहगढ़ तक किए गए प्रत्यक्ष क्षेत्रीय अध्ययन पर आधारित है। लूम्ब की पुण्यभूमि से इस पुस्तक की घोषणा की गई।
मेधावी बच्चों का सम्मान
वैष्णव बैरागी समाज के उन सैकड़ों मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया जिन्होंने 80% से अधिक अंक प्राप्त किए। मुख्य अतिथि ने गुरुदक्षिणा स्वरूप लगभग 31,000 रुपये मूल्य की 210 पुस्तकें निःशुल्क भेंट कीं।
शिक्षा आपको नौकरी दिला सकती है — किन्तु संस्कार के बिना वह नौकरी भी किसी काम की नहीं। अपने माता-पिता को कभी न भूलें जिन्होंने अपनी कठिन कमाई से आपको इस मुकाम तक पहुँचाया।
हृदय की बात — मुख्य अतिथि के शब्दों में
मैं एक साधारण किसान परिवार में जन्मा वैष्णव बैरागी और पूर्व सैनिक हूँ। जब सेवानिवृत्त हुआ तो पेंशन मात्र 3,529 रुपये थी। आज समाज जिस सम्मान से मुझे मंचों पर बुला रहा है — वह मेरा नहीं, पूरे वैष्णव बैरागी समाज का सम्मान है। परमात्मा से यही दुआ है — हे प्रभु! इतना धन मत देना कि मैं तुम्हें ही भूल जाऊँ। मेरे जीवन के ये क्षण सदैव स्मरणीय रहेंगे।
संगठन के पदाधिकारी
राष्ट्रीय अध्यक्ष: नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
राष्ट्रीय महासचिव: मास्टर जगबीर वैष्णव
राष्ट्रीय सलाहकार: ब्रह्मपाल वैष्णव
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष: देव टिलावत
किसान विंग राष्ट्रीय उपाध्यक्ष: तुलसी बैरागी
मंच संचालक: एडवोकेट रवि वैष्णव
परिवार का अमूल्य सहयोग
इस सम्पूर्ण शोध-यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने वाले — श्रीमती निर्मला वैष्णव (धर्मपत्नी), पौत्र भावेश स्वामी तथा पुत्र अमित स्वामी एवं सुमित स्वामी। इनके निःस्वार्थ सहयोग के बिना यह यात्रा सम्भव न होती।

जय वीर बंदा बैरागी | जय श्री सीताराम | जय हिन्द | जय भारत
नरेश दास वैष्णव निम्बार्क
पूर्व नायब सूबेदार, भारतीय सेना | अन्तर्राष्ट्रीय लेखक एवं शोधकर्ता
www.nareshswaminimbark.in

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​8 जून को INDIA गठबंधन की महाबैठक, 23 दलों के दिग्गज नेता होंगे शामिल! 🤝✨
​देश की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। 8 जून को होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस महाबैठक में एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 23 दल एक साथ एक मंच पर नजर आने वाले हैं!
​इस बैठक में गठबंधन के भविष्य की रणनीति, आगामी योजनाओं और देश के मुख्य मुद्दों पर गहन मंथन किया जाएगा।
​📌 क्या हैं बैठक के मुख्य बिंदु?
​23 दलों की एकजुटता: विपक्षी खेमे के सभी बड़े और प्रभावशाली चेहरे इस बैठक में हिस्सा लेंगे।
​रणनीति पर चर्चा: सरकार को घेरने और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए साझा ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा।
​भविष्य का रोडमैप: गठबंधन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
​⚡ राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज! देखना दिलचस्प होगा कि इस महाबैठक से क्या बड़ा सियासी मोड़ निकलकर सामने आता है।

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कोठी बाजार : कामाख्या गार्डन के सामने दांगी घाट पर समाजसेवी डीएस दांगी ने पिछले 10-12 वर्षों से नर्मदा तट पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का अनूठा उदाहरण पेश किया है। उन्होंने पौधों की परिवार के सदस्य की तरह देखभाल की है, जिससे लगाए गए पौधों का सर्वाइवल रेट लगभग 100 प्रतिशत रहा है।

पहले चरण में लगाए गए लगभग 500 पौधे अब बड़े वृक्ष बन चुके हैं, जबकि बाद के चरणों में लगाए गए अधिकांश पौधे भी स्वस्थ और जीवित हैं। दांगी स्वयं पाइप से पानी की व्यवस्था करते हैं, नियमित निगरानी करते हैं और गोबर खाद का उपयोग कर पौधों की देखभाल करते हैं। उनके प्रयासों से घाट क्षेत्र हराभरा और सुंदर बन गया है और यह पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।

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নিজস্ব সংবাদদাতা:
একসময় পরিবারের সম্পদ, কৃষকের সহায়ক কিংবা গৃহপালিত প্রাণী হিসেবে যত্নে বড় হয়ে ওঠা পশুরাও বয়স বাড়ার সঙ্গে সঙ্গে অনেক সময় অবহেলার শিকার হয়। সম্প্রতি এমনই এক দৃশ্য নজরে এসেছে, যেখানে একটি বৃদ্ধ ষাঁড়কে রাস্তার ধারে একা দাঁড়িয়ে থাকতে দেখা গেছে।
ছবিটি শুধু একটি পশুর নয়, বরং সমাজের একটি গভীর বাস্তবতার প্রতিচ্ছবি। অনেকের মতে, মানুষ হোক বা পশু—যখন কর্মক্ষমতা কমে যায়, তখন অনেক ক্ষেত্রেই তাদের প্রতি দায়িত্ববোধ ও যত্ন কমে আসে। ফলে একাকীত্ব, অবহেলা এবং অনিশ্চয়তা তাদের নিত্যসঙ্গী হয়ে দাঁড়ায়।
স্থানীয় বাসিন্দাদের একাংশের বক্তব্য, গবাদি পশু দীর্ঘদিন পরিবারের উপকার করলেও বার্ধক্যে পৌঁছানোর পর অনেক সময় তাদের যথাযথ পরিচর্যা হয় না। ফলে তারা রাস্তায় ঘুরে বেড়ায়, দুর্ঘটনার ঝুঁকিতে পড়ে এবং খাদ্য ও আশ্রয়ের সংকটে ভোগে।
সমাজের কাছে প্রশ্ন
এই দৃশ্য যেন আমাদের সামনে একটি বড় প্রশ্ন তুলে ধরে—
“যারা একসময় আমাদের জন্য কাজ করেছে, তাদের বার্ধক্যে আমাদের দায়িত্ব কতটা?”
মানবিকতা শুধু মানুষের প্রতি নয়, পশু-পাখির প্রতিও সমানভাবে প্রযোজ্য। সমাজের সচেতন নাগরিকদের মতে, বৃদ্ধ গবাদি পশুর জন্য নিরাপদ আশ্রয়, নিয়মিত খাদ্য এবং চিকিৎসার ব্যবস্থা করা জরুরি।
বিশেষ মন্তব্য
"বৃদ্ধ হয়ে গেলে বাবা-মায়ের স্থান যদি বৃদ্ধাশ্রমে হয়, তবে অনেক পশুর স্থান হয়ে যায় রাস্তা। কিন্তু অবহেলার যন্ত্রণা উভয়ের কাছেই সমান কষ্টের। মানবিক সমাজ গড়তে হলে মানুষ ও পশু—উভয়ের প্রতিই আমাদের দায়িত্বশীল হতে হবে।"

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নিজস্ব সংবাদদাতা, পশ্চিমবঙ্গ: অন্নপূর্ণা ভান্ডার প্রকল্পের আবেদনপত্র অনলাইনে না অফলাইনে জমা দিতে হবে, তা নিয়ে রাজ্যের বিভিন্ন প্রান্তে সাধারণ মানুষের মধ্যে দেখা দিয়েছে উদ্বেগ ও বিভ্রান্তি। এই পরিস্থিতিতে আজ রবিবার, সরকারি ছুটির দিন হওয়া সত্ত্বেও বহু মানুষ বিভিন্ন অনলাইন পরিষেবা কেন্দ্র ও সাইবার ক্যাফেতে ভিড় জমিয়েছেন বলে খবর।
স্থানীয় সূত্রের দাবি, প্রকল্পে নাম নথিভুক্ত করা, প্রয়োজনীয় নথিপত্র আপলোড করা এবং আবেদন প্রক্রিয়া সম্পর্কে সঠিক তথ্য জানতে সকাল থেকেই বিভিন্ন কেন্দ্রে দীর্ঘ লাইন লক্ষ্য করা গেছে। বিশেষ করে গ্রামীণ এলাকায় বহু মানুষ আবেদনপদ্ধতি সম্পর্কে স্পষ্ট সরকারি নির্দেশিকার অপেক্ষায় রয়েছেন।
অনেক আবেদনকারীর অভিযোগ, সামাজিক মাধ্যমে বিভিন্ন ধরনের তথ্য ছড়িয়ে পড়ায় সাধারণ মানুষের মধ্যে বিভ্রান্তি তৈরি হয়েছে। কেউ বলছেন আবেদন সম্পূর্ণ অনলাইনে করতে হবে, আবার কেউ দাবি করছেন নির্দিষ্ট দপ্তরে অফলাইন ফর্ম জমা দেওয়ার ব্যবস্থাও রয়েছে।
তবে প্রশাসনিক মহলের তরফে নাগরিকদের পরামর্শ দেওয়া হয়েছে যে, কোনো তথ্য বিশ্বাস করার আগে সরকারি বিজ্ঞপ্তি ও সংশ্লিষ্ট দপ্তরের নির্দেশিকা যাচাই করে নেওয়া উচিত। গুজব বা অনিশ্চিত তথ্যের ভিত্তিতে সিদ্ধান্ত না নেওয়ারও আবেদন জানানো হয়েছে।
বিশেষজ্ঞদের মতে, নতুন কোনো সরকারি প্রকল্প চালু হলে তথ্যের স্বচ্ছতা এবং দ্রুত সরকারি নির্দেশিকা প্রকাশ অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ। এতে সাধারণ মানুষের ভোগান্তি কমে এবং আবেদন প্রক্রিয়া আরও সহজ হয়।
জনগণের দাবি
আবেদনপদ্ধতি সম্পর্কে স্পষ্ট সরকারি নির্দেশিকা প্রকাশ করতে হবে।
অনলাইন ও অফলাইন প্রক্রিয়া নিয়ে বিভ্রান্তি দূর করতে হবে।
গ্রামীণ এলাকায় তথ্যপ্রচার আরও জোরদার করতে হবে।
আবেদনকারীদের সহায়তায় বিশেষ হেল্পডেস্ক চালু করতে হবে।

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কলকাতা, পশ্চিমবঙ্গ: বর্ষার আগমনের সঙ্গে সঙ্গে পশ্চিমবঙ্গের কৃষি জমিতে শুরু হয়েছে নতুন চাষের মরসুম। উত্তরবঙ্গ থেকে দক্ষিণবঙ্গ পর্যন্ত কৃষকরা এখন আমন ধান, পাট, ভুট্টা, ডাল, তিল, শাকসবজি এবং বিভিন্ন অর্থকরী ফসল চাষে ব্যস্ত। পর্যাপ্ত বৃষ্টিপাত হলে চলতি মৌসুমে কৃষি উৎপাদন উল্লেখযোগ্যভাবে বৃদ্ধি পাওয়ার আশা করছেন কৃষি বিশেষজ্ঞরা।
🌾 প্রধান ফসলসমূহ
১. আমন ধান পশ্চিমবঙ্গের সবচেয়ে গুরুত্বপূর্ণ বর্ষাকালীন ফসল। জুন-জুলাই মাসে চারা রোপণ এবং নভেম্বর-ডিসেম্বরে ফসল কাটার সময়।
২. পাট মালদহ, মুর্শিদাবাদ, নদীয়া, উত্তর ও দক্ষিণ দিনাজপুরে ব্যাপক পাট চাষ হয়। দেশের অন্যতম গুরুত্বপূর্ণ নগদ ফসল।
৩. ভুট্টা পশুখাদ্য ও খাদ্যশস্য হিসেবে ভুট্টার চাহিদা বাড়ছে। উত্তরবঙ্গের জেলাগুলিতে এর চাষ বৃদ্ধি পাচ্ছে।
৪. ডাল ও তিল বর্ষার সময় বিভিন্ন জাতের ডাল ও তিল চাষ কৃষকদের অতিরিক্ত আয়ের সুযোগ করে দেয়।
৫. শাকসবজি লাউ, কুমড়ো, ঝিঙে, উচ্ছে, ঢেঁড়স, বেগুন, মরিচসহ বিভিন্ন সবজি বর্ষায় উৎপাদিত হয়।
🚜 চাষের পদ্ধতি
✅ জমি চাষের আগে আগাছা পরিষ্কার করতে হবে।
✅ জৈব সার বা গোবর সার মাটির সঙ্গে মিশিয়ে জমি প্রস্তুত করতে হবে।
✅ উন্নত মানের ও রোগমুক্ত বীজ ব্যবহার করা উচিত।
✅ জমিতে জল নিষ্কাশনের ব্যবস্থা রাখতে হবে যাতে অতিরিক্ত বৃষ্টির ফলে জলাবদ্ধতা না হয়।
🧪 সার প্রয়োগের নির্দেশিকা
ইউরিয়া: নাইট্রোজেনের উৎস হিসেবে ব্যবহৃত হয়।
ডিএপি (DAP): ফসফরাস সরবরাহ করে শিকড়ের বৃদ্ধি বাড়ায়।
এমওপি (পটাশ): গাছের রোগ প্রতিরোধ ক্ষমতা বৃদ্ধি করে।
জৈব সার: মাটির স্বাস্থ্য রক্ষা এবং দীর্ঘমেয়াদে উৎপাদনশীলতা বাড়ায়।
কৃষি বিশেষজ্ঞদের মতে, মাটির পরীক্ষার রিপোর্ট অনুযায়ী সার ব্যবহার করলে উৎপাদন খরচ কমে এবং ফলন বৃদ্ধি পায়।
⚠️ কৃষকদের জন্য পরামর্শ
• আবহাওয়ার পূর্বাভাস নিয়মিত অনুসরণ করুন।
• অতিবৃষ্টি হলে জমি থেকে দ্রুত জল বের করার ব্যবস্থা করুন।
• রোগ-পোকার আক্রমণ দেখা দিলে কৃষি দপ্তরের পরামর্শ নিন।
• অতিরিক্ত রাসায়নিক সার ব্যবহার না করে সুষম সার প্রয়োগ করুন।
🎤 কৃষি বিশেষজ্ঞদের মত
বিশেষজ্ঞদের মতে, বর্ষা স্বাভাবিক থাকলে চলতি বছরে পশ্চিমবঙ্গে ধান ও পাটের উৎপাদন উল্লেখযোগ্যভাবে বৃদ্ধি পেতে পারে। আধুনিক কৃষি প্রযুক্তি ও সঠিক সার ব্যবস্থাপনা কৃষকদের লাভ আরও বাড়াবে।

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The Odisha government has recalled IAS officer Dhiman Chakma to service and posted him as Deputy Secretary in the Revenue and Disaster Management Department. This decision comes nearly a year after he was suspended in a corruption case. Officials have clarified that reinstatement does not mean he has been acquitted of the charges against him, as both the departmental inquiry and the criminal case are still pending.

Arrest on Bribery Complaint

Chakma, a 2021 batch IAS officer, was serving as the Sub-Collector of Dharamgarh in Kalahandi district when the Odisha Vigilance Department arrested him on June 8, 2025. The action followed a complaint from a local businessman who operated a stone crusher unit.

According to Vigilance Department officials, Chakma had demanded ₹20 lakh from the businessman and threatened government action if the demand was not met. The businessman reportedly recorded the conversation and contacted the Vigilance Directorate for help. Based on the complaint, officials monitored him and planned a trap.

During the operation, Chakma was caught accepting ₹10 lakh, the first installment of the amount allegedly demanded. A case was subsequently registered against him under the Prevention of Corruption Act.

Cash recovered during the search

Immediately after the arrest, the vigilance team searched Chakma's official residence. During the search, officials reportedly recovered ₹4.7 million in cash. Following this seizure, investigators expanded the scope of the investigation into his financial situation, assets, and previous positions.

Officials have stated that the investigation is investigating the full extent of the misconduct and whether there were any other irregularities involving the official.

Suspension and Bail

On June 10, 2025, two days after his arrest, the state government suspended Chakma and initiated departmental proceedings against him. He was also produced in court in connection with the case.

Later, on July 24, 2025, the Odisha High Court granted him bail.

Why has he been reinstated?

Government sources stated that this latest reinstatement is in accordance with service rules regarding long periods of suspension. However, this move will not affect ongoing legal and departmental proceedings.

The departmental inquiry and criminal proceedings pending before the Vigilance Court will continue separately. Government officials have clarified that Chakma's future in service will depend on the final outcome of these proceedings. Further action against him will be decided only after the court's decision and the completion of the investigation process.

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​नई दिल्ली, 6 जून 2026
​इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में 5 और 6 जून को आयोजित दो दिवसीय 'ब्लू इकोनॉमी समिट' में प्रसिद्ध आध्यात्मिक मार्गदर्शक MAAsterG ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया। इस वर्ष कार्यक्रम की मुख्य थीम "समुद्री संपदा का सदुपयोग: नवाचार, समावेशन और सतत विकास" रखी गई थी।
​इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग और नवाचार के माध्यम से भारत की ब्लू इकोनॉमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) को सशक्त बनाना था। कार्यक्रम का सबसे मुख्य आकर्षण MAAsterG का विशेष सत्र रहा, जिसमें उन्होंने जीवन के गूढ़ रहस्य और ज्ञान प्रसाद को बेहद सरल शब्दों में साझा किया।
​समुद्र की गहराई और आत्म-खोज का अनूठा संगम
​अपने प्रेरणादायक संबोधन में MAAsterG ने समिट की थीम को आध्यात्मिक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए एक गहरा संदेश दिया। उन्होंने कहा:
​"सृष्टि के विकासक्रम में हम कभी मत्स्य अवतार के रूप में जल में थे, जहाँ जीवन पूरी तरह पानी से जुड़ा हुआ था। आज मानव रूप में हम पानी से बाहर यानी अपने वास्तविक स्वरूप से दूर हो गए हैं, और यही हमारे संघर्ष, तनाव और दुःख का मुख्य कारण है।"
​उन्होंने आगे विस्तार से समझाते हुए कहा कि जिस प्रकार समुद्र की गहराइयों में अनमोल खजाने छिपे होते हैं, ठीक उसी प्रकार हमारे भीतर भी चेतना का एक अथाह सागर मौजूद है। जब मनुष्य अपने भीतर उतरकर अपने वास्तविक अस्तित्व को पहचान लेता है, तब उसके जीवन में सुख, शांति और आनंद का स्वाभाविक उदय होता है। यही आत्म-खोज जीवन के सभी संघर्षों का अंतिम समाधान है।
​'मिशन 800 करोड़' और 'हैप्पीनेस गैरंटीड' की यात्रा
​MAAsterG को वर्ष 2007 में आत्मबोध की प्राप्ति हुई थी। पिछले 16 वर्षों के अपने गहन अनुभवों को उन्होंने लाखों लोगों के साथ साझा किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि 10 वर्ष के बच्चे से लेकर 80 वर्ष की बुजुर्ग दादी तक, यानी समाज की चार पीढ़ियाँ एक साथ उनके ज्ञान से आनंदित होकर झूम रही हैं।
​इसी अद्भुत अनुभव के आधार पर, दिसंबर 2023 में उन्होंने इस तत्वज्ञान को पूरी दुनिया तक पहुँचाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इसके बाद वे 'MAAsterG' के नाम से सभी सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर अवतरित हुए।
​लक्ष्य: उन्होंने 'मिशन 800 करोड़' की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य वैश्विक आबादी के अंतिम व्यक्ति तक इस दिव्य ज्ञान को पूरी तरह निःशुल्क पहुँचाना है।
​नारा: इस मिशन का मुख्य नारा 'हैप्पीनेस गैरंटीड' (खुशी की गारंटी) है, जो समाज में प्रेम और शांति का प्रसार कर रहा है।
​समाज में सकारात्मक बदलाव की लहर
​सार्वजनिक जीवन में कदम रखने के बाद से MAAsterG अब तक 250 से अधिक प्रभावशाली कार्यक्रम कर चुके हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों में बड़े स्तर पर सकारात्मक और वैचारिक परिवर्तन देखने को मिला है।
​जैसा कि MAAsterG हमेशा कहते हैं – 'रोज़ की एक वाणी रखे दुखों से दूर।' जीवन को बदलने वाली उनकी यह प्रेरणादायक ‘वाणी’ उनके आधिकारिक YouTube चैनल 'MAAsterG' पर सभी के लिए पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध है।

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নয়াদিল্লি, ৬ জুন, ২০২৬: নয়াদিল্লির ইন্ডিয়া ইন্টারন্যাশনাল সেন্টারে ৫ এবং ৬ জুন অনুষ্ঠিত দুই দিনব্যাপী 'ব্লু ইকোনমি সামিট'-এ বিশেষ অতিথি হিসেবে উপস্থিত ছিলেন বিশিষ্ট আধ্যাত্মিক পথপ্রদর্শক মাস্টারজি (MAAsterG)। এবারের সম্মেলনের মূল ভাবনা (Theme) ছিল "সামুদ্রিক সম্পদের সদ্ব্যবহার: উদ্ভাবন, অন্তর্ভুক্তি এবং টেকসই উন্নয়ন।"
​এই সম্মেলনের প্রধান উদ্দেশ্য ছিল সামুদ্রিক সম্পদের টেকসই ব্যবহার, নতুন উদ্ভাবন এবং অন্তর্ভুক্তিমূলক উন্নয়নের মাধ্যমে ভারতের নীল অর্থনীতি বা ব্লু ইকোনমি-কে আরও শক্তিশালী করে তোলা। সামিটের অন্যতম প্রধান আকর্ষণ ছিল মাস্টারজি-র একটি বিশেষ সেশন, যেখানে তিনি জীবন নিয়ে তাঁর গভীর আধ্যাত্মিক দর্শন ও প্রজ্ঞা তুলে ধরেন।
​মহাসমুদ্রের সাথে অন্তরের চেতনার সংযোগ
​মাস্টারজি তাঁর বক্তব্যে ব্লু ইকোনমি সামিটের মূল ভাবনার সাথে আধ্যাত্মিকতার এক চমৎকার সেতু বন্ধন তৈরি করেন। তিনি উল্লেখ করেন যে, সৃষ্টির বিবর্তনীয় যাত্রায় আমরা একসময় 'মৎস্য অবতার' হিসেবে জলেই বাস করতাম, যেখানে জীবন ওতপ্রোতভাবে জলের সাথে যুক্ত ছিল। আজ মানুষ হিসেবে আমরা জল থেকে দূরে সরে এসেছি—যার প্রতীকী অর্থ হলো আমরা আমাদের প্রকৃত প্রকৃতি বা স্বভাব থেকে দূরে সরে গেছি। আর এই কারণেই আজ মানুষের জীবনে এত দ্বন্দ্ব, মানসিক চাপ ও দুঃখ।
​"মহাসমুদ্রের গভীরে যেমন অমূল্য রত্ন লুকিয়ে থাকে, তেমনই আমাদের প্রত্যেকের ভেতরেও রয়েছে চেতনার এক বিশাল মহাসমুদ্র। যখন কোনো ব্যক্তি নিজের অন্তরের গভীরে ডুব দিয়ে নিজের প্রকৃত অস্তিত্বকে চিনতে পারেন, তখন তাঁর জীবনে সুখ, শান্তি এবং আনন্দ স্বাভাবিকভাবেই জাগ্রত হয়। এই আত্ম-আবিষ্কারই হলো জীবনের সমস্ত লড়াইয়ের আসল সমাধান।"
​— মাস্টারজি
​'মিশন ৮০০ কোটি'-র সূচনা
​২০০৭ সালে আত্মোপলব্ধি লাভ করেন মাস্টারজি। এর পরবর্তী ১৬ বছর ধরে তিনি ব্যক্তিগত স্তরে লক্ষ লক্ষ মানুষের সাথে তাঁর অভিজ্ঞতা ভাগ করে নিয়েছেন। এই দীর্ঘ যাত্রায় তিনি এক অদ্ভুত সুন্দর দৃশ্য প্রত্যক্ষ করেন: ১০ বছরের শিশু থেকে শুরু করে ৮০ বছরের ঠাকুমা—একই পরিবারের চারটি প্রজন্ম একসাথে আনন্দ ও সুখ খুঁজে পাচ্ছেন।
​এই গভীর প্রভাবের দ্বারা অনুপ্রাণিত হয়ে, ২০২৩ সালের ডিসেম্বর মাসে তিনি তাঁর এই জ্ঞানকে বিশ্বমঞ্চে নিয়ে আসার সিদ্ধান্ত নেন এবং 'MAAsterG' নামে জনসমক্ষে ও সোশ্যাল মিডিয়ায় আত্মপ্রকাশ করেন।
​তিনি শুরু করেন 'মিশন ৮০০ কোটি' (Mission 800 Crore) নামে একটি বিশ্বব্যাপী উদ্যোগ। পৃথিবীর প্রতিটি মানুষের কাছে ভালোবাসা ও শান্তির এই দিব্য জ্ঞান সম্পূর্ণ নিখরচায় পৌঁছে দেওয়াই এই মিশনের লক্ষ্য। এই মিশনের মূল মন্ত্র হলো: 'হ্যাপিনেস গ্যারান্টিড' (সুখের নিশ্চয়তা)।
​সামাজিক পরিবর্তনের অভিমুখে
​জনসমক্ষে আসার পর থেকে মাস্টারজি এ পর্যন্ত ২৫০টিরও বেশি প্রভাবশালী অনুষ্ঠান পরিচালনা করেছেন, যা সমাজের বিভিন্ন স্তরে ইতিবাচক পরিবর্তন নিয়ে এসেছে।
​"একটি দৈনিক বাণী, দুঃখ রাখবে দূরে" (A daily Vani keeps sorrows away)—এই মূল নীতিতে বিশ্বাসী মাস্টারজি-র সমস্ত অনুপ্রেরণামূলক আলোচনা বা 'বাণী' তাঁর অফিসিয়াল ইউটিউব চ্যানেল 'MAAsterG'-এ সবার জন্য সম্পূর্ণ বিনামূল্যে উপলব্ধ রয়েছে।

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বারাসাত, উত্তর ২৪ পরগনা: সামাজিক মাধ্যমে সম্প্রতি ভাইরাল হওয়া একটি ছবিতে দেখা যাচ্ছে বারাসাতের ঐতিহাসিক আমানতি মসজিদ। ছবিটি পোস্ট করেছেন পার্থ সারথি বসু নামে এক ব্যক্তি। মসজিদের সামনের অংশ, প্রবেশদ্বার এবং ট্রাস্টের সাইনবোর্ড ছবিতে স্পষ্টভাবে দেখা যায়।
স্থানীয় সূত্রে জানা যায়, বারাসাতের নবপল্লী এলাকায় অবস্থিত আমানতি মসজিদ দীর্ঘদিন ধরে সাম্প্রদায়িক সম্প্রীতি ও সৌহার্দ্যের এক অনন্য নিদর্শন হিসেবে পরিচিত। বিভিন্ন সংবাদমাধ্যমের প্রতিবেদনে উল্লেখ করা হয়েছে যে মসজিদটির উন্নয়ন ও সংস্কারে একটি হিন্দু পরিবারের গুরুত্বপূর্ণ অবদান রয়েছে, যা ধর্মীয় সম্প্রীতির এক বিরল উদাহরণ হিসেবে আলোচিত হয়েছে। �
Telegraph India +1
স্থানীয় বাসিন্দাদের মতে, মসজিদটি শুধুমাত্র ধর্মীয় উপাসনালয় নয়, বরং এলাকার সামাজিক ও সাংস্কৃতিক ঐতিহ্যেরও অংশ। সাম্প্রতিক এই ছবি প্রকাশের পর অনেকেই সামাজিক মাধ্যমে সম্প্রীতি, সহাবস্থান এবং পারস্পরিক শ্রদ্ধাবোধের বার্তা তুলে ধরেছেন। �
Telegraph India
প্রতিবেদকের মন্তব্য
আমানতি মসজিদের এই ছবি আবারও স্মরণ করিয়ে দিল যে ধর্মীয় বৈচিত্র্যের মধ্যেও পারস্পরিক সম্মান ও সহযোগিতা সমাজকে আরও শক্তিশালী করে তুলতে পারে।

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NEW DELHI, June 6, 2026 – Spiritual guide MAAsterG graced the two-day Blue Economy Summit as a Special Guest, held on June 5 and 6 at the India International Center, New Delhi. The central theme of the summit was "Harnessing Marine Wealth: Innovation, Inclusion, and Sustainable Development."
​The primary objective of the event was to deliberate on empowering India's blue economy through the sustainable utilization of marine resources, innovation, and inclusive growth. A major highlight of the summit was a profound session by MAAsterG, where he shared deep spiritual wisdom and insights on life.
​Connecting the Oceans to Inner Consciousness
​In his address, MAAsterG beautifully bridged the theme of the Blue Economy Summit with a spiritual perspective. He noted that in the evolutionary journey of creation, we existed in water in the form of the Matsya Avatar (the fish incarnation), where life was intrinsically connected to water. Today, as human beings, we have moved out of the water—meaning we have distanced ourselves from our true nature—which is why we experience conflict, stress, and sorrow.
​"Just as priceless treasures are hidden in the depths of the ocean, an immense ocean of consciousness exists within each of us. When a person dives deep inside and recognizes their true existence, happiness, peace, and bliss naturally awaken in their life. This self-discovery is the real solution to all of life's struggles."
— MAAsterG
​The Genesis of 'Mission 800 Crore'
​MAAsterG attained self-realization in 2007. For the subsequent 16 years, he shared his experiences individually with millions of people. Throughout this journey, he observed a beautiful phenomenon: four generations—from a 10-year-old child to an 80-year-old grandmother—rejoicing and finding happiness together.
​Driven by this profound impact, he decided to take his wisdom to the global stage in December 2023, establishing his public and social media presence under the name 'MAAsterG'.
​He launched 'Mission 800 Crore', a global initiative designed to deliver this divine knowledge of love and peace to every single person on Earth, completely free of charge. The core philosophy of this mission is encapsulated in the slogan: 'Happiness Guaranteed'.
​Driving Social Transformation
​Since transitioning into the public sphere, MAAsterG has conducted over 250 impactful programs, driving positive transformation across various sectors of society.
​True to his guiding principle—"A daily Vani keeps sorrows away"—MAAsterG’s inspirational discourses (Vani) are accessible to everyone, completely free of cost, on his official YouTube channel, 'MAAsterG'.

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ओडिशा सरकार ने आईएएस अधिकारी धीमान चकमा को सेवा में वापस बुला लिया है और उन्हें राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में उप सचिव के पद पर तैनात किया है। भ्रष्टाचार के एक मामले में निलंबित किए जाने के लगभग एक साल बाद यह फैसला आया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बहाली का यह अर्थ नहीं है कि उन पर लगे आरोपों से उन्हें बरी कर दिया गया है, क्योंकि विभागीय जांच और आपराधिक मामला दोनों अभी भी लंबित हैं।

रिश्वत की शिकायत पर गिरफ्तारी

2021 बैच के आईएएस अधिकारी चकमा, कालाहांडी जिले के धरमगढ़ के सब-कलेक्टर के पद पर कार्यरत थे, जब ओडिशा सतर्कता विभाग ने उन्हें 8 जून, 2025 को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एक स्थानीय व्यवसायी की शिकायत के बाद की गई, जो एक स्टोन क्रशर यूनिट का संचालन करता था।

सतर्कता विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चकमा ने व्यवसायी से 20 लाख रुपये मांगे थे और मांग पूरी न होने पर सरकारी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। बताया जाता है कि व्यवसायी ने बातचीत रिकॉर्ड कर ली और मदद के लिए सतर्कता निदेशालय से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर, अधिकारियों ने उस पर नजर रखी और जाल बिछाने की योजना बनाई।

ऑपरेशन के दौरान, चकमा को 10 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया, जो कथित तौर पर मांगी गई राशि की पहली किस्त थी। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

तलाशी के दौरान नकदी बरामद हुई

गिरफ्तारी के तुरंत बाद, सतर्कता दल ने चकमा के आधिकारिक आवास की तलाशी ली। तलाशी के दौरान, अधिकारियों ने कथित तौर पर 47 लाख रुपये नकद बरामद किए। इस बरामदगी के बाद जांचकर्ताओं ने उनकी वित्तीय स्थिति, संपत्ति और पूर्व पदों की जांच का दायरा बढ़ा दिया।

अधिकारियों ने कहा है कि जांच में कदाचार की पूरी सीमा का पता लगाया जा रहा है और यह भी देखा जा रहा है कि क्या अधिकारी से जुड़ी कोई अन्य अनियमितताएं थीं।

निलंबन एवं जमानत

गिरफ्तारी के दो दिन बाद, 10 जून, 2025 को, राज्य सरकार ने चकमा को निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी। उन्हें इस मामले के संबंध में अदालत में पेश भी किया गया।

बाद में, 24 जुलाई, 2025 को, ओडिशा उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी।

उन्हें पुनः क्यों नियुक्त किया गया है?

सरकारी सूत्रों ने बताया कि यह नवीनतम बहाली निलंबन की लंबी अवधि से संबंधित सेवा नियमों के अनुरूप है। हालांकि, इस कदम से चल रही कानूनी और विभागीय कार्यवाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

विभागीय जांच और सतर्कता न्यायालय में चल रही आपराधिक कार्यवाही अलग-अलग जारी रहेंगी। सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चकमा का सेवा में भविष्य इन कार्यवाही के अंतिम परिणाम पर निर्भर करेगा। उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई न्यायालय के फैसले और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय की जाएगी।

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जयपुर: जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 08 जून 2026 को प्रस्तावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के मद्देनजर जिला प्रशासन ने कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। संभागीय आयुक्त वी सरवन कुमार ने सोशल मीडिया और इंटरनेट सेवाओं के दुरुपयोग से अफवाहें फैलने और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया है।

पुलिस आयुक्तालय जयपुर के अधीन आने वाले कई थाना क्षेत्रों में 07 जून 2026 की रात्रि 12:00 बजे से 08 जून 2026 की रात्रि 12:00 बजे तक 2G, 3G, 4G, 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं, बल्क एसएमएस, एमएमएस, व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) सहित अन्य सोशल मीडिया सेवाएं निलंबित रहेंगी। वॉयस कॉल सेवाएं पूर्ववत संचालित रहेंगी। प्रशासन ने आमजन से शांति बनाए रखने और आदेशों का पालन करने की अपील की है, साथ ही आदेश की अवहेलना पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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कोलकाता, 7 जून, 2026:
सिटी ऑफ जॉय यानी कोलकाता के केंद्र में स्थित एक प्रीमियम ऑडिटोरियम में इस रविवार को साल के सबसे बड़े पुरस्कार समारोहों और फैशन शो में से एक, 'बंग्लार गोरोब सम्मान 2026' का बेहद भव्य आयोजन किया गया। एनबी प्रोडक्शन हाउस एंड एंटरटेनमेंट (NB Production House & Entertainment) द्वारा आयोजित और नील बिस्वास (Neal Biswas) द्वारा निर्देशित इस सितारों से सजे कार्यक्रम में भारी संख्या में उत्साही दर्शक शामिल हुए।
​इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य पश्चिम बंगाल के अलग-अलग कोनों से आने वाली नई और उभरती हुई प्रतिभाओं को एक बड़ा और शानदार मंच प्रदान करना था। शाम को एंटरटेनमेंट और फैशन इंडस्ट्री की कई जानी-मानी हस्तियों ने अपनी उपस्थिति से और भी खास बना दिया।
​सेलिब्रिटी प्रेजेंस और कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण
​शाम की मुख्य आकर्षण और मुख्य अतिथि टॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री पायल सरकार (Paayel Sarkar) रहीं। एक खूबसूरत लाल रंग की डिजाइनर ड्रेस में सुर्खियां बटोरते हुए उन्होंने एनबी प्रोडक्शन की इस अनूठी पहल की जमकर तारीफ की। कार्यक्रम में बात करते हुए उन्होंने कहा:
​"'बंग्लार गोरोब सम्मान' एक बेहतरीन पहल है। यह मंच कई नई प्रतिभाओं को आगे आने का एक शानदार मौका दे रहा है, जो हमारी फिल्म और फैशन इंडस्ट्री के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक है।"
​निर्देशक नील बिस्वास और आयोजन समिति ने मंच पर अभिनेत्री पायल सरकार को पारंपरिक उत्तरीय (उत्तरी धारीदार दुपट्टा) और एक विशेष स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) देकर सम्मानित किया।
​शानदार फैशन शो और पुरस्कार समारोह
​इस शाम का एक बड़ा आकर्षण मनमोहक फैशन रनवे रहा, जहाँ एनबी प्रोडक्शन के प्रतिभाशाली छात्रों ने अपने स्टाइल और फैशन का जलवा बिखेरा।
​कैटवॉक और मॉडलिंग: मॉडल्स ने पारंपरिक और समकालीन (फ्यूजन) परिधानों में रैंप वॉक किया, जिसने आधुनिक बंगाली फैशन की खूबसूरती को बखूबी पेश किया।
​उत्कृष्टता का सम्मान: फैशन, संस्कृति और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को प्रतिष्ठित 'बंग्लार गोरोब सम्मान' के स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
​वीआईपी और प्रायोजकों (Sponsors) का समागम
​इस कार्यक्रम को ग्रैंड सक्सेस बनाने के लिए कई प्रतिष्ठित ब्रांड्स और शैक्षणिक संस्थानों ने अपना सहयोग दिया। प्रमुख प्रायोजकों की सूची में शामिल रहे:
​इकरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (Iqra Group of Institutions)
​मेरिट्ज़ नॉलेज स्कूल (Meritze Knowledge School)
​टोटल केयर वर्ल्ड (Total Care World)
​जहीताज़ मेकअप स्टूडियो (Jahita's Makeup Studio) और अन्य प्रसिद्ध ब्रांड्स।
​आमंत्रित वीआईपी मेहमानों के लिए विशेष बैठने की व्यवस्था की गई थी, जिन्होंने पूरी शाम का भरपूर आनंद लिया। सुरक्षा और सुचारू प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए, पेशेवर बाउंसरों और विशेष सुरक्षाकर्मियों की एक टीम ने सख्त निगरानी रखी।
​बैकस्टेज की हलचल से लेकर चमचमाते मुख्य मंच तक, पूरा वेन्यू जबरदस्त उत्साह और उत्सव के माहौल से गूंज रहा था। आयोजकों ने घोषणा की कि वे बंगाल की छिपी हुई प्रतिभाओं को वैश्विक मंच पर लाने के लिए भविष्य में भी इस तरह के प्रयास जारी रखेंगे।
​समाचार छायाकार (News Photographer): मिस्टर सौमिक बनर्जी (Mr. Soumik Banerjee)

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Kolkata, June 7, 2026: One of the year's biggest award ceremonies and fashion extravaganzas, 'Banglar Gorob Somman 2026', took place this Sunday in the heart of the City of Joy. Organized by NB Production House & Entertainment and directed by Neal Biswas, the star-studded event was held at a premium auditorium in Kolkata, drawing a massive and enthusiastic crowd.
​The primary objective of this special initiative was to provide a prominent platform for new and rising talents from various corners of West Bengal. The evening was graced by numerous distinguished personalities from the entertainment and fashion industries.
​Star-Studded Highlights & Celebrity Presence
​The main attraction and chief celebrity guest of the evening was the popular Tollywood actress, Paayel Sarkar. Stealing the spotlight in a stunning red designer outfit, she highly praised NB Production’s initiative. Speaking at the event, she said:
​"Banglar Gorob Somman is a fantastic initiative. This platform is giving a grand opportunity to many new talents to come forward, which is incredibly positive for the future of our film and fashion industry."
​Director Neal Biswas and the organizing committee formally honored actress Paayel Sarkar on stage with a traditional ceremonial scarf (uttariya) and a special memento.
​Spectacular Fashion Show & Awards Ceremony
​A major highlight of the evening was a captivating fashion runway, where the talented students of NB Production showcased their style and fashion flair.
​Catwalk & Modeling: Models walked the ramp in a brilliant fusion of traditional and contemporary attire, capturing the essence of modern Bengali fashion.
​Honoring Excellence: The prestigious 'Banglar Gorob Somman' mementos and certificates were presented to individuals for their outstanding contributions to fashion, culture, and the arts.
​Convergence of VIPs and Sponsors
​Several reputed brands and educational institutions extended their support to ensure the event's grand success. The prominent sponsor lineup included:
​Iqra Group of Institutions
​Meritze Knowledge School
​Total Care World
​Jahita's Makeup Studio, among other notable brands.
​Special seating arrangements were made for the invited VIP guests, who thoroughly enjoyed the entire evening. To ensure safety and seamless management, a team of professional bouncers and special security personnel maintained strict surveillance.
​From the buzzing backstage energy to the dazzling main stage, the entire venue vibrated with absolute enthusiasm and a festive fervor. The organizers announced that they will continue such endeavors in the future to showcase Bengal's hidden talents on a global stage.
Photo credit: Soumik Banerjee

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​विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

दिनांक: 07 जून 2026
गयाजी : ​गया के समाहरणालय सभागार में माननीय केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी की अध्यक्षता और क्षेत्र के प्रबुद्ध जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक केवल एक रूटीन प्रशासनिक समीक्षा नहीं है।
यह बैठक बिहार के एक सबसे बड़े और सांस्कृतिक-भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील जिले में लगातार असमय छिनती जिंदगियों को बचाने के लिए एक 'वेक-अप कॉल' (चेतावनी की घंटी) है।

वर्ष 2022 से अब तक जिले में 2,490 सड़क दुर्घटनाएं होना और अकेले वर्ष 2025 में 601 हादसों का दर्ज होना यह साबित करता है कि गया की सड़कों पर रफ्तार और लापरवाही का जानलेवा खेल जारी है।

​इस बैठक के प्रमुख बिंदुओं, आंकड़ों और भविष्य की कार्ययोजना का विस्तृत विश्लेषण निम्नलिखित आयामों के तहत किया जा सकता है:
​1. आंकड़ों का खौफनाक सच और 'अदृश्य' दुर्घटनाओं की चुनौती,
​जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर द्वारा प्रस्तुत आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
वर्ष 2026 के शुरुआती पांच महीनों (जनवरी से मई) में ही 251 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि कुल हादसों में 873 मामले 'हिट एंड रन' के हैं, जहां टक्कर मारने वाला वाहन चालक पीड़ित को तड़पता छोड़ फरार हो जाता है।

​केंद्रीय मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने एक बेहद गंभीर व्यावहारिक समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया है—अनेक सड़क दुर्घटनाएं थानों तक पहुंच ही नहीं पातीं। ग्रामीण क्षेत्रों या लोक-लाज और अदालती चक्करों के डर से लोग प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं कराते, जिससे ये मामले सरकारी आंकड़ों में 'अदृश्य' रह जाते हैं।
सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ इन पीड़ितों तक पहुंचाने के लिए अब निजी और सरकारी अस्पतालों से सीधे डेटा प्राप्त करने का निर्देश एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।

​2. 'गोल्डन आवर' और स्वास्थ्य ढांचे का सुदृढ़ीकरण,
​चिकित्सा विज्ञान में सड़क दुर्घटना के बाद के पहले 45 मिनट से 1 घंटे के समय को 'गोल्डन आवर' कहा जाता है।
इस अवधि में यदि घायल को प्राथमिक उपचार मिल जाए, तो अधिकांश जानें बचाई जा सकती हैं। गया जिला भौगोलिक रूप से जीटी रोड और गया-पटना मुख्य मार्ग जैसे व्यस्ततम राजमार्गों से जुड़ा है, जहाँ हादसों की गंभीरता अधिक होती है।

​निशुल्क इलाज योजना:
केंद्र सरकार की दो माह पूर्व लागू योजना, जिसके तहत दुर्घटना पीड़ितों का इलाज मुफ्त होगा और अस्पताल को सीधे परिवहन विभाग/केंद्र सरकार भुगतान करेगी, एक मील का पत्थर है।
जिला परिवहन पदाधिकारी को सभी निजी अस्पतालों का एनरोलमेंट (नामांकन) कराने का निर्देश निजी स्वास्थ्य माफियाओं की मनमानी पर लगाम लगाएगा।

​ट्रामा सेंटर्स का एक्टिवेशन:
मगध मेडिकल अस्पताल के ट्रामा सेंटर को पूरी तरह कार्यात्मक (Functional) बनाने के साथ-साथ शेरघाटी अस्पताल में भी नया ट्रामा सेंटर चालू करने का निर्णय जीटी रोड पर होने वाले हादसों के लिए 'लाइफ-लाइन' बनेगा।

​3. संस्थागत ढांचा और जमीनी जुड़ाव,
​बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सह माननीय विधायक डॉ. प्रेम कुमार का यह सुझाव बेहद सटीक है कि इस समिति की बैठकें हर तीन माह पर अनिवार्य रूप से हों।
सड़क सुरक्षा केवल जिला मुख्यालय के वातानुकूलित कमरों का विषय नहीं हो सकती। इसे प्रखंड और पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों तथा गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) से जोड़कर ही एक जन-आंदोलन बनाया जा सकता है।

​4. अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बुनियादी ढांचागत सुधार,
​शहर में अवैध रूप से बिना मानकों के दौड़ रहे ट्रैक्टर और बालू लदे वाहन सीधे तौर पर मौत को आमंत्रण दे रहे हैं। बैठक में इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए त्रिपक्षीय जांच (जिला प्रशासन, परिवहन और पुलिस) के आदेश दिए गए हैं।
​सड़कों पर बिखरा बालू:
बालू घाटों से निकलने वाले वाहनों से गिरने वाला बालू दोपहिया वाहनों के फिसलने का सबसे बड़ा कारण बनता है। खनन विभाग और पथ निर्माण विभाग को बालू की सफाई कराने तथा इसका खर्च बालू ठेकेदारों (संवेदकों) से वसूलने का निर्देश प्रशासनिक सख्ती का बेहतरीन उदाहरण है।

​ब्लैक स्पॉट्स का उपचार:
जिले के 27 संभावित दुर्घटना स्थलों (ब्लैक स्पॉट्स) की पहचान की गई है। आई-रेड (I-RAD) पोर्टल और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) जैसी आधुनिक तकनीकों के सहारे जेबरा क्रॉसिंग, रम्बल स्ट्रिप, रोड डेलिनेटर और साइनेज लगाने का कार्य वैज्ञानिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

​5. सूचना का अभाव और प्रशासनिक सुलभता (हेल्प डेस्क),
​बाराचट्टी और अतरी के माननीय विधायकों ने जनता की नब्ज पर हाथ रखा है। अमूमन दुर्घटना के बाद गरीब और ग्रामीण परिवारों को यह पता ही नहीं होता कि सरकारी मुआवजे या सहायता के लिए कौन से कागजात कहां जमा करने हैं।
​इस समस्या के समाधान के लिए समाहरणालय परिसर में ही परिवहन विभाग का समर्पित हेल्प डेस्क काउंटर स्थापित करने का जिला पदाधिकारी का निर्णय सराहनीय है।
​साथ ही, टेउसा बाजार में जाम की समस्या से निपटने के लिए दिन में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक और गया इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप साइन बोर्ड लगाने के निर्देश स्थानीय स्तर पर तुरंत राहत देंगे।

​निष्कर्ष :
​गया जिला सड़क सुरक्षा समिति की यह बैठक इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन और नीति-नियंता अब सड़क हादसों को केवल 'दुर्घटना' मानकर हाथ पर हाथ धरे बैठने को तैयार नहीं हैं।
तकनीक (ITMS, I-RAD) का समन्वय, बुनियादी ढांचे में सुधार (साइनेज, जेबरा क्रॉसिंग), स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण (ट्रामा सेंटर) और प्रशासनिक संवेदनशीलता (कलेक्ट्रेट में हेल्प डेस्क) मिलकर एक सुरक्षित गया का निर्माण कर सकते हैं।
​हालांकि, जैसा कि डॉ. प्रेम कुमार ने रेखांकित किया—सड़क सुरक्षा केवल एक प्रशासनिक एजेंडा नहीं, बल्कि एक सर्वोच्च सामाजिक दायित्व है।
जब तक आम नागरिक हेलमेट पहनने, ओवरलोडिंग न करने, गति सीमा का पालन करने और 'गोल्डन आवर' में घायल की मदद करने को अपना नैतिक कर्तव्य नहीं मानेंगे, तब तक नियम केवल कागजों और बैठकों तक सीमित रह जाएंगे। गया प्रशासन ने अपनी मंशा साफ कर दी है, अब बारी आम जनता की है कि वे सड़कों पर रफ्तार की जगह 'जिंदगी' को प्राथमिकता दें।

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मेरठ — प्रांतीयकृत नौचंदी मेला समिति के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन आज पटेल मंडप, नौचंदी मेला परिसर में अपने भव्य स्वरूप में संपन्न हुआ। सर्वप्रथम आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी श्री प्रेमानंद पुरी जी महाराज, मुख्य अतिथि माननीय आचार्य राधाकृष्ण मनोडी जी केंद्रीय मंत्री विश्व हिंदू परिषद एवं उपस्थित सम्माननीय अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम की संयोजिका कवयित्री तुषा शर्मा ने सभी माननीय अतिथियों तथा कवियों को मंच पर सुशोभित होने का आग्रह किया। मंचासीन अतिथियों के स्वागत परिचय के पश्चात कवयित्री तुषा शर्मा ने "उज्जवल उज्जवल धवला धवला हे कल्याणी, जय जय हो माँ सरस्वती" वंदना प्रस्तुत की।
इसके पश्चात क्रम से कवियों ने काव्य पाठ प्रारंभ किया, जिसमें सर्वप्रथम दिल्ली से पधारे हास्य एवं व्यंग्यकार श्री शंभू शिखर ने अपनी रचना में कहा — "मनहूस से चेहरों को सदा डाँटता हूँ मैं, ग़म की बदलियों में भी ख़ुशी छाँटता हूँ मैं, अच्छा नहीं लगता मुझे चेहरा उदास सा, बस इसलिए ही सबको हँसी बाँटता हूँ मैं।"
इटावा से पधारे ओज के कवि श्री कमलेश शर्मा ने कहा — "जतन से संवारी कलम बोलती है, कि बनकर दुधारी कलम बोलती है, जहाँ लोग अन्याय पर मौन रहते, वहाँ पर हमारी कलम बोलती है।"
प्रयागराज से पधारे गीतकार एवं वरिष्ठ कवि प्रोफेसर श्लेष गौतम ने कहा — "पुरखों ने जो निभाई हमें चाहिए त्याग की वो कमाई हमें चाहिए, राम घर-घर में हों प्रार्थना है मगर, इक भरत जैसा भाई हमें चाहिए।"
ग्वालियर के गीतकार श्री राजुमार शर्मा ने कहा — "प्रश्न जीवन का मेरा सरल हो गया, मन ये पाषाण मेरा तरल हो गया, मैं समंदर का खारा मालिन नीर था, तुमको पाकर के मैं गंगा का जल हो गया।"
हास्य कवि आगरा निवासी श्री लटूरी लट्ठ ने श्रोताओं को हंसाते हुए कहा — "वो हिन्दी के बल सारी दुनिया डोल लेता है। अंग्रेजी तो पौआ पीकर भी बोल लेता है। ना जाने क्यों इतनी मिठास है अपनी भाषा में, क्या बोलने से पहले मिश्री घोल लेता है।"
श्रृंगार की कवयित्री प्रतापगढ़ से सुश्री साक्षी तिवारी ने जहाँ युगधर्मिता के स्वरूप की चर्चा की, वहीं लखनऊ के गीतकार लोकेश त्रिपाठी ने वर्तमान विसंगतियों से श्रोताओं को अवगत कराया। ओज के कवि श्री विष्णु उपाध्याय फिरोजाबाद ने कहा — "सुध-बुध भूल गए रिश्ते घर आँगन के, ममता के द्वार को कपाट नहीं मिला है, इंच-इंच टुकड़ों में खोज रही माई, किंतु चूमने को लाल का ललाट नहीं मिला है।"
गीत और श्रृंगार की कवयित्री तुषा शर्मा ने क्रांति धरा मेरठ का परिचय देते हुए देश के शहीदों के नाम अपनी रचना समर्पित की — "जिस धरती ने आजादी का पहला शंख बजाया था, जिस पर नायक मंगल पांडे शोला बनकर आया था..." जिसे रसिक श्रोताओं ने तालियाँ बजाकर कवयित्री की रचनाओं को खूब सराहा।
इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार डॉ. सोमेंद्र तोमर, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघ चालक विनोद भारतीय, पंडित सुनील भराला, जगमोहन लाल डॉ जितेंद्र त्यागी मुनेश कुमार, सत्य प्रकाश अग्रवाल, प्रणव मनोडी, प्रकर्ष मनोडी, सुमनेश सुमन, विवेक शर्मा, नरेंद्र राष्ट्रवादी, राकेश गुप्ता, आलोक सिसोदिया, नासिर सैफी आर्यन राणा प्रिंस चौधरी अर्क सिंह आदि गणमान्य महानुभावों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
वंदे मातरम् राष्ट्रगीत के पश्चात कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गई।

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उत्तर प्रदेश: पीलीभीत थाना जहानाबाद के गांव गौनेरी बदी में शादी से लौट रहे बस चालक सज्जन खान और उनके पुत्र सुब्हान की बिजली विभाग की लापरवाही के कारण मौत हो गई। दोनों बस चला रहे थे जब नीचे लटके तार बस से टच हो गए, जिससे बस में करंट दौड़ गया और दोनों बुरी तरह झुलस गए। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार लटके तारों की शिकायत की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।

हादसा इतना गंभीर था कि लगभग 30 मिनट तक दोनों पिता-पुत्र बस के अंदर जलते रहे। पावर हाउस को फोन करके लाइट बंद करने को कहा गया, लेकिन वह बंद नहीं हुई। सज्जन खान पीलीभीत मौहल्ला फीलखाना के निवासी थे और गौनेरी बदी में उनका ससुराल था। वे बस के चालक और मालिक दोनों थे, जो परिवार का खर्च चलाते थे। ग्रामीण इस मामले में मुआवजे की मांग कर रहे हैं और बस हटाने से इंकार कर रहे हैं।

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दिल्ली, विवेक विहार: बुंदेलखंड प्रवासी मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक विवेक विहार स्थित सविता बिहार मार्केट में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री दीनदयाल प्रजापति जी ने की। बैठक में संगठन के विस्तार, सामाजिक एकता, शिक्षा, युवाओं की भागीदारी तथा बुंदेलखंडवासियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।

उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने और समाज के उत्थान के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। श्री दीनदयाल प्रजापति ने सदस्यों से सामाजिक जागरूकता, आपसी सहयोग और संगठनात्मक मजबूती के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। बैठक का समापन सभी उपस्थित सदस्यों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए हुआ।

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बोकारो पुलिस ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद से बड़ी सफलता हासिल की है। चास अनुमंडल, बोकारो शहरी, बालीडीह एवं माराफारी थाना क्षेत्र से कुल 101 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस द्वारा तकनीकी जांच एवं सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। इस पहल से आम लोगों का पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है तथा यह साबित हुआ है कि तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग के समन्वय से खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को वापस प्राप्त किया जा सकता है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन खोने या चोरी होने की स्थिति में तत्काल नजदीकी थाना में सूचना दें तथा CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि मोबाइल को ब्लॉक कर उसकी ट्रैकिंग की जा सके। इस कार्रवाई को बोकारो पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र के कई लोगों को राहत मिली है।

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