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गाजियाबाद। शास्त्री नगर स्थित जवाहरलाल नेहरू गर्ल्स पब्लिक स्कूल में नागरिक सुरक्षा के पांच दिवसीय सामान्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन पर घटना नियंत्रण अधिकारी नागरिक सुरक्षा संजय शर्मा को स्कूल प्रबंधक गौरव सिंह द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा यह सम्मान प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन एवं छात्र-छात्राओं तथा अध्यापक-अध्यापिकाओं को नागरिक सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान करने के उपलक्ष्य में दिया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अपर जिलाधिकारी नगर एवं उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा श्री विकास कश्यप के दिशा-निर्देशन तथा सहायक उप नियंत्रक नेम सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के संचालन में घटना नियंत्रण अधिकारी संजय शर्मा के साथ पोस्ट वार्डन रिजर्व अरुण कुमार श्रीवास्तव, वार्डन अखिल भटनागर, मोनिका गोयल सहित अन्य नागरिक सुरक्षा अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों का विशेष सहयोग रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 150 छात्र-छात्राओं एवं अध्यापक-अध्यापिकाओं ने भाग लेकर आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, सुरक्षा उपायों तथा नागरिक सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। विद्यालय प्रबंधक गौरव सिंह ने प्रशिक्षण दल के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने की बात कही।

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उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने प्रदेश के सभी स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। विभाग के अनुसार मई 2026 की बिजली खपत का बिल पोस्टपेड माध्यम से तैयार कर जून 2026 में उपभोक्ताओं को SMS एवं WhatsApp के जरिए भेजा जाएगा।

बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर पंजीकृत नहीं है या गलत दर्ज है, वे संबंधित कार्यालय अथवा टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर अपना नंबर अपडेट करा सकते हैं।

यदि किसी उपभोक्ता को SMS या WhatsApp पर बिल प्राप्त नहीं होता है, तो वह अपने डिस्कॉम के WhatsApp Chatbot के माध्यम से बिल प्राप्त कर सकता है।

डिस्कॉम अनुसार WhatsApp Chatbot नंबर इस प्रकार हैं

पूर्वांचल डिस्कॉम : +91 8010968292

मध्यांचल डिस्कॉम : +91 7669003409

पश्चिमांचल डिस्कॉम : +91 7859804803

दक्षिणांचल डिस्कॉम : +91 8010957826

केस्को : +91 8287835233

किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने कहा है कि UPPCL उपभोक्ताओं की सेवा में सदैव तत्पर है।

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छत्तीसगढ़ के मुंगेली नगर पालिका पर गंभीर और बड़ा आरोप लगा है। नगर में मृत गायों को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने के बजाय कचरा डंपिंग स्थल पर फेंक दिए जाने का आरोप लगा है। जानकारी के मुताबिक करीब एक दर्जन मृत गायों को उस स्थान पर डाल दिया गया, जहां नगर का कचरा डंप किया जाता है। कचरे में आग लगने के कारण कई गायों के शव अधजली अवस्था में पाए गए, जिन्हें पक्षियों द्वारा नोचते देखा गया। इस वीभत्स दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है, वहीं गौसेवकों और गौप्रेमियों में भी जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है।

गौसेवकों ने नगर पालिका प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
गौसेवा से जुड़े लोगों ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मृत गायों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि पहले नगर पालिका द्वारा मृत मवेशियों को गड्ढा खोदकर मिट्टी में दफनाया जाता था, लेकिन इस बार नियम और संवेदनाओं दोनों की अनदेखी की गई है। गौसेवकों ने मांग की है कि नगर में कहीं भी किसी गाय की मृत्यु होने पर वैज्ञानिक और सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार सुनिश्चित किया जाए।

मामले को लेकर लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल नगर पालिका की प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती हैं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को भी आहत करती हैं।

जांच कर दोषियों पर की जाएगी कार्रवाई CMO
इधर मुख्य नगर पालिका अधिकारी अंकुर पांडेय ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि मृत गायों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया जाएगा और इसके लिए आदेश भी जारी किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।

CMO अंकुर पांडेय ने यह आशंका भी जताई कि कहीं यह घटना नगर पालिका को बदनाम करने की साजिश के तहत जानबूझकर तो नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इस पहलू को ध्यान में रखते हुए भी जांच की जाएगी। फिलहाल यह मामला नगर में चर्चा और आक्रोश का बड़ा विषय बना हुआ है।

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हायर सेकेंडरी परीक्षा 2025 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने वाले 30 शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंडल द्वारा जारी आदेश में संबंधित शिक्षकों को अगले तीन वर्षों के लिए मंडल के विभिन्न कार्यों से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के दौरान कई छात्रों के अंकों में 20 से 40 तक की बढ़ोतरी सामने आई। इसे गंभीर त्रुटि मानते हुए मंडल ने जांच के बाद संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई की है। मंडल ने संबंधित शिक्षकों की एक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने की भी अनुशंसा की है। बताया जा रहा है कि मूल्यांकन कार्य में लापरवाही और अंक देने में गंभीर गड़बड़ी पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया।

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं इस निर्णय के बाद शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।

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श्योपुर: कलेक्टर एवं भारतीय रेडक्रॉस की अध्यक्ष सुश्री शीला दाहिमा के निर्देशन में विश्व रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य में 2 मई से 8 मई तक सेवा सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला जेल परिसर श्योपुर में बंदियों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण, एसीजी व स्वास्थ्य शिविर एवं नशा मुक्ति पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

शिविर में सिविल सर्जन डॉ आरबी गोयल के निर्देशन में डॉ संजय जैन, डॉ प्रेमराज मीणा, डॉ अरसद अय्यूब सहित नर्सिंग स्टाफ ने 65 बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां प्रदान कीं। अपर कलेक्टर श्री रूपेश उपाध्याय ने मानसिक तनाव से दूर रहने पर बंदियों से चर्चा की। भाजपा कार्यसमिति सदस्य श्री कैलाशनारायण गुप्ता ने नशा मुक्ति और जीवनशैली पर जानकारी दी। जेलर श्री प्रभात कुमार ने जेल में बंदियों की सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन रेडक्रॉस सचिव श्री दिनेश राज दूबोलिया और कोषाध्यक्ष श्री राजेंद्र शर्मा ने किया। रेडक्रॉस के जिला प्रतिनिधि श्री वीके सक्सेना, मो.अशरफ ख्वाजा, श्री नवल राठौर, श्री ओपी जारोलिया सहित जेल स्टाफ उपस्थित रहे।

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श्योपुर: प्रदेश में खरीफ फसलों की बोनी की तैयारियों के तहत किसानों के लिए खाद का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 6.40 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.57 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 3.56 लाख मीट्रिक टन एनपीके, तथा 3.50 लाख मीट्रिक टन एसएसपी खाद उपलब्ध है। भारत सरकार के सतत प्रयासों से विषम वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद खाद की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है।

किसानों की सुविधा के लिए खाद की उपलब्धता की जानकारी ई-विकास पोर्टल पर सोसायटीवार, मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रवार एवं निजी दुकानवार उपलब्ध कराई गई है। किसान ई-विकास पोर्टल के माध्यम से खाद की बुकिंग कर अपनी सोसायटी या पसंदीदा दुकान से खाद प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा राजस्व पट्टाधारी, वन पट्टाधारी, सिकमी किसान, शारीरिक रूप से अक्षम किसान, वृद्ध किसान, मृतक किसान के वारिस और धार्मिक संस्थान/ट्रस्ट की भूमि के लिए भी उपलब्ध है। कृषि विभाग ने किसानों से अनुशंसित मात्रा के अनुसार खाद का उपयोग करने और आवश्यकता अनुसार पुनः बुकिंग करने की अपील की है।

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श्योपुर: मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्योपुर, श्रीमती सौम्या आनंद की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में एसीईओ श्री अजय उपाध्याय, परियोजना अधिकारी श्री विक्रम जाट, श्रीमती राजेश शर्मा, श्रीमती सारिका पाटीदार, डीपीएम एनआरएलएम श्री सोहनकृष्ण मुदगल, डीपीएम आरजीएसए श्री उदय सिंह धाकड सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। जनपद पंचायत श्योपुर, कराहल एवं विजयपुर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी जुड़े।

बैठक में लंबित टी.एल., जनसुनवाई प्रकरण, शाखावार लंबित शिकायतें, प्राथमिकता पत्र एवं हाईकोर्ट प्रकरणों के जवाब समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान, मुक्तिधाम विकास कार्य तथा पीएम श्रमयोगी मानधन योजना की समीक्षा हुई। सामुदायिक भवन निर्माण, बाढ़ राहत समितियों का गठन, नाव संचालन हेतु अनुमति एवं सुरक्षा के निर्देश भी प्रदान किए गए। वर्षाकाल से पूर्व ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, अनुपयोगी कुओं की तार फेंसिंग, 300 दिनों से अधिक की सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण तथा पेयजल शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण कर शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

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मुरैना : कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा जिले में निर्माण कार्यों के लिए खनिज रेत की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 5 रेत भंडारण अनुज्ञप्तियां और 27 एम-सेण्ड खदानों को स्वीकृति दी गई है। इससे आमजन, शासकीय विभागों, फर्मों एवं कंपनियों को निर्माण कार्यों के लिए रेत और एम-सेण्ड की उपलब्धता में आसानी होगी।

स्वीकृत रेत भंडारण स्थलों में ग्राम मुरवई (सबलगढ़ तहसील) में कुशवाह कन्स्ट्रक्शन कंपनी के पार्टनर श्री चंद्रभान सिंह जादौन, ग्राम उरहाना (तानमोर तहसील) में घिरौंगी मिनरल के पार्टनर श्री कौशलेन्द्र सिंह गुर्जर, ग्राम सिकरोदा में श्री अवदेश कुमार सिंह और श्री गजेन्द्र सिंह जादौन, तथा ग्राम बमरौली में एमसीसी इंफ्राटेक प्रा.लि. शामिल हैं।

एम-सेण्ड खदानें ग्राम बिसेठा, रंचोली, अरदोनी, पढ़ावली, उरहाना, बड़वारी, खेरिया चुन्हेटी और मलखानपुरा में संचालित होंगी। ये खदानें आमजन, शासकीय विभागों और निर्माण कंपनियों को कृत्रिम रेत उपलब्ध कराएंगी, जो निर्माण कार्यों में उपयोगी विकल्प के रूप में काम आएगी।

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मुरैना : कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। ग्राम अल्लाबेली, ए.बी. रोड तथा बामोर ए.बी. रोड स्थित ई-चेक गेट पर जांच के दौरान 05 वाहनों पर कुल 22 लाख 48 हजार रुपये के ई-चालान जारी किए गए।

जांच में वाहनों में बिना ई-टीपी, ओवरलोडिंग, डबल ट्रिप, मिनरल मिसमैच तथा बिना रॉयल्टी रसीद के खनिज परिवहन जैसी अनियमितताएं पाई गईं। वाहन क्रमांक एमपी-06-एचसी-5146, आरजे-32-जीडी-9162, आरजे-34-जीए-3595, आरजे-11-जीबी-3573, और एचआर-38-एएल-1287 पर अलग-अलग आर्थिक दंड लगाए गए। कलेक्टर ने बताया कि यह कार्रवाई 24×7 निरंतर जारी रहेगी और अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा। जिला खनि अधिकारी श्री सुखदेव कुमार निर्मल के नेतृत्व में विभागीय टीम द्वारा समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है।

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मुरैना: कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न वितरण में लापरवाही बरतने वाले मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के परिवहनकर्ता प्रभात सिंह तोमर पर अनुबंध की शर्तों के अनुसार ₹50,451 का दंड लगाया है। मई एवं जून 2026 के खाद्यान्न आवंटन के उठाव कार्य में परिवहनकर्ता ने निर्धारित समयावधि का पालन नहीं किया और उचित मूल्य दुकानों तक समय पर राशन नहीं पहुंचाया।

जिला आपूर्ति नियंत्रक से प्राप्त जानकारी के आधार पर कलेक्टर ने इस मामले को गंभीर लापरवाही माना और सख्त कार्रवाई की। श्री जांगिड़ ने जिले के सभी परिवहनकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे खाद्यान्न आवंटन का उठाव निर्धारित समय में करें और उचित मूल्य दुकानों तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रभावित न हो और पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन उपलब्ध हो सके।

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ग्वालियर: जिले के किसानों को ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ई-टोकन द्वारा उर्वरक प्रदान किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खाद वितरण केवल ई-टोकन के माध्यम से ही किया जाए। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री आरबीएस जाटव ने बताया कि जिले में 9344 मैट्रिक टन यूरिया, 2259 मैट्रिक टन डीएपी, 8612 मैट्रिक टन एनपीके, तथा 4388 मैट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध हैं, जिससे कुल खाद की उपलब्धता 24,921 मैट्रिक टन है।

भारत सरकार की आपूर्ति कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में निरंतर खाद की आपूर्ति की जा रही है। खाद की जानकारी सोसायटी, मार्कफेड के डबल लॉक केंद्र और निजी दुकानों के अनुसार ई-विकास पोर्टल पर उपलब्ध है। किसान अपनी पसंदीदा दुकान या सोसायटी से पोर्टल पर खाद की बुकिंग कर निर्धारित प्रक्रिया से खाद ले सकते हैं। ई-विकास प्रणाली में राजस्व पट्टाधारी, वन पट्टाधारी, सिकमी किसान, शारीरिक रूप से अक्षम, वृद्ध किसान, मृतक किसान के वारिस तथा धार्मिक संस्थान एवं ट्रस्ट की भूमि के लिए भी खाद उपलब्ध है।

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ग्वालियर : सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर ग्वालियर जिले को लक्ष्य से अधिक अंशदान राशि एकत्रित करने पर प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान भोपाल के राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल द्वारा टीम ग्वालियर को प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान कर दिया गया। कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान की ओर से यह सम्मान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल नरेन्द्र सिंह तोमर (सेवानिवृत्त) ने प्राप्त किया।

कर्नल नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि 7 मई को कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने बताया कि 7 दिसंबर 2024 को आयोजित सशस्त्र सेना झंडा दिवस के लिए निर्धारित 12 लाख 74 हजार 100 रुपए के लक्ष्य से अधिक 13 लाख 23 हजार 520 रुपए की राशि ग्वालियर जिले में संग्रहित की गई। कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने इस उपलब्धि पर जिले के सभी अधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और सक्रिय सहयोग की अपील की।

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नूरपुर, हिमाचल प्रदेश: पंचायती राज संस्थाओं के आगामी सामान्य चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। नूरपुर के एसडीएम अरुण शर्मा ने चुनावी कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि क्षेत्र में नामांकन की प्रक्रिया 7 मई 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने सभी इच्छुक प्रत्याशियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने आवेदन पूर्ण करें ताकि अंतिम समय की आपाधापी से बचा जा सके।
नामांकन और जांच का पूरा शेड्यूल
प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए 07, 08 और 11 मई 2026 की तिथियां निर्धारित की गई हैं। प्रत्याशी सुबह 11:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक अपने पर्चे दाखिल कर सकते हैं। इसके बाद प्राप्त नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) 12 मई को सुबह 10:00 बजे से शुरू होगी। नामांकन वापसी के लिए 14 और 15 मई का समय दिया गया है, जिसके तुरंत बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे।
तीन चरणों में होगा मतदान
इस बार मतदान की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी, जिसका विवरण इस प्रकार है:
प्रथम चरण: 26 मई 2026
द्वितीय चरण: 28 मई 2026
तृतीय चरण: 30 मई 2026
तीनों चरणों में मतदान का समय सुबह 07:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक रहेगा।

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ग्वालियर: सूरज उगने से पहले ग्वालियर जिले के सैकड़ों गांवों में जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर व्यापक गतिविधियाँ शुरू हो गईं। प्रदेश सरकार के “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की 55,000 से अधिक दीदियाँ अपने-अपने गांवों में पानी बचाने और स्वच्छता का संकल्प लेकर सक्रिय हुईं। जिला प्रशासन और जिला पंचायत ने इन दीदियों को प्रेरित किया, जिनके प्रयासों से हैंडपंपों की मरम्मत, स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों की सफाई, और मंदिरों की साफ-सफाई जैसे काम किए गए।

दीदियों ने “दीदी’स वॉल” नामक पहल के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों का लेखा-जोखा गांव की दीवार पर रंग-बिरंगी पेंटिंग के रूप में पेश किया, जो ग्रामीण महिलाओं की उद्यमिता और पारदर्शिता को दर्शाता है। साथ ही, दीदियों ने जल संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण का भी संकल्प लिया और “लखपति दीदी क्लब” तक गांव की पिछड़ी महिलाओं को पहुंचाने का उद्देश्य रखा। भितरवार की एक दीदी ने कहा, “हमारा गांव, हमारी जिम्मेदारी। पानी रहेगा तो खेत रहेगा, खेत रहेगा तो घर रहेगा।” इस अभियान ने साबित किया कि संगठित महिलाएं सरकारी अभियानों को गांव-गांव में जीवंत बना सकती हैं।

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भिण्ड: भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के लिए 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक अभियान चलाया जाएगा। इस संदर्भ में भिण्ड जिले में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सर्वप्रथम शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने वाले प्रगणकों को कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जिले में सर्वप्रथम कार्य पूर्ण करने वाले प्रगणक एचएलबी 22 श्री राकेश शर्मा, जो प्राथमिक शिक्षक एवं जनगणना चार्ज भिण्ड ग्रामीण से सम्बद्ध हैं, को कलेक्टर ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। सम्मान समारोह में अपर कलेक्टर, तहसीलदार, ग्रामीण चार्ज अधिकारी, जिला जनगणना कार्यालय के कर्मचारी तथा ग्रामीण चार्ज के लिपिक भी उपस्थित थे।

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उत्तर प्रदेश: सुप्रीम कोर्ट ने हनी निषाद उर्फ मोहम्मद इमरान उर्फ विक्की बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में यह निर्णय दिया कि यदि किसी अभियुक्त को कई मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है, तो हर मुकदमे में अलग-अलग जमानतदार मांगना व्यावहारिक रूप से कठिन और अनुचित है। अदालतों को न्यायसंगत और व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए अभियुक्त को एक ही व्यक्तिगत बांड और सीमित संख्या में जमानतदार प्रस्तुत करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

इस फैसले के अनुसार, 31 अलग-अलग मामलों के लिए बार-बार नए जमानतदार देने की आवश्यकता नहीं होगी। इस निर्णय का कानूनी महत्व तब और बढ़ गया जब इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राजीव निषाद मामले में सभी 9 मामलों के लिए एक ही बांड और दो जमानतदार स्वीकार करने का आदेश दिया। यह निर्णय खासकर उन मामलों में उपयोगी है जहाँ आरोपी गरीब हो और हर केस में अलग-अलग जमानतदार पेश करना असंभव हो।

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भोपाल: स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा होटल पलाश रेसीडेंसी में उपयोगित जल प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में प्रदेशभर से तकनीकी विशेषज्ञों, इंजीनियर्स एवं अधिकारियों ने भाग लिया और उपयोगित जल प्रबंधन, सीवरेज सिस्टम, एसटीपी डिज़ाइन, उपचारित जल के पुनरुपयोग तथा नाला टैपिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने कहा कि एसबीआर एवं बायोनेस्ट जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयसीमा के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में तकनीकी नवाचार, विभागीय समन्वय तथा प्रकृति आधारित समाधानों के माध्यम से स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल शहरों के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।

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कानूनी मामले में यदि जांच अधिकारी (IO) ने आपके केस में गलत विवेचना कर चार्जशीट दाखिल की है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कानून आपको हाई कोर्ट में Quashing Petition, ट्रायल कोर्ट में Discharge, Further Investigation की मांग, IO के खिलाफ शिकायत और Protest Petition जैसे कई अधिकार प्रदान करता है, जिनके जरिए आप न्याय प्राप्त कर सकते हैं। सही जानकारी और सही समय पर उठाया गया कदम आपके केस की दिशा बदल सकता है।

IO पुलिस विभाग का वह अधिकारी होता है जिसे किसी केस की जांच सौंपी जाती है। आमतौर पर सब-इंस्पेक्टर (SI), असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) या कभी-कभी इंस्पेक्टर (Inspector) IO नियुक्त होते हैं। IO का नाम और नंबर FIR की कॉपी में या पुलिस थाना के मुंशी, ड्यूटी ऑफिसर या SHO से प्राप्त किया जा सकता है। इस प्रकार, IO वही व्यक्ति होता है जो आपके केस की पूरी जांच करता है।

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प्रयागराज: एक ब्राह्मण जो माघ मास की संक्रांति पर त्रिवेणी में स्नान करता था, बीमार होने के कारण अपने पुत्र को गंगा जल लाने और स्नान कराने का आदेश देता है। पुत्र त्रिवेणी में स्नान कर जल लेकर जा रहा था, तभी उसे एक प्रेत मिला जो गंगाजल पीकर मुक्त होना चाहता था। प्रेत ने बताया कि वह क्रोधवश ब्रह्मवेत्ता ब्राह्मण की हत्या के कारण ब्रह्मराक्षस बना था और आठ वर्षों तक इस अवस्था में रहा।

प्रेत की इच्छा थी कि वह गंगाजल पाकर मुक्त हो जाए। ब्राह्मणपुत्र ने अपने पिता के नियम के कारण पहले हिचकिचाया, लेकिन प्रेत ने उपाय सुझाया कि पहले उसे जल पिला दे और नेत्र बंद करके वह अपने पिता के पास पहुंच जाएगा। पुत्र ने ऐसा किया और गंगाजल लेकर अपने पिता के पास पहुंच गया। इस कथा के माध्यम से गंगाजी के पुण्य और उसके पाप नाशक प्रभाव का उल्लेख भगवान व्यास और भगवान शंकर के वचनों से किया गया है।

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कानूनी मामलों में आजकल ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जहां रजिस्ट्री हो जाने के बाद भी जमीन का पूरा मूल्य विक्रेता को नहीं मिलता है या रजिस्ट्री में मूल्य चेक के रूप में मेंशन होता है जो बाद में बाउंस हो जाता है। भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 25 के अनुसार बिना प्रतिफल के अनुबंध शून्य होता है तथा संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 की धारा 54 के अनुसार विक्रय तभी पूर्ण माना जाता है जब मूल्य का भुगतान हो या भुगतान का वचन दिया गया हो।

तीन प्रमुख परिस्थितियां हैं: पहली, यदि प्रतिफल की धनराशि बिल्कुल नहीं मिली तो रजिस्ट्री शून्यकरणीय हो सकती है और विक्रेता Specific Relief Act 1963 की धारा 31 के तहत न्यायालय में विक्रय विलेख रद्द करने का वाद दायर कर सकता है। दूसरी, यदि विलेख में लिखा हो कि मूल्य मिल गया लेकिन वास्तव में नहीं मिला तो यह धोखाधड़ी मानी जाती है और IPC की धारा 420 के तहत आपराधिक मामला बनता है। तीसरी स्थिति में यदि दिया गया चेक बाउंस हो जाता है तो Negotiable Instruments Act 1881 की धारा 138 के तहत आपराधिक अपराध माना जाता है तथा रजिस्ट्री निरस्तीकरण और चेक बाउंस दोनों मामले एक साथ चलाए जा सकते हैं।

न्यायालय में दीवानी वाद, आपराधिक शिकायत और स्थगन आदेश के लिए समय सीमा सामान्यतः 3 वर्ष होती है। आंशिक भुगतान होने और शेष राशि न मिलने पर न्यायालय विक्रेता को विकल्प देता है कि वह रजिस्ट्री निरस्त कर संपत्ति वापस प्राप्त करे या शेष राशि का भुगतान करवाए। यदि खरीदार शेष राशि जमा नहीं करता तो निरस्तीकरण होता है और विक्रेता की इच्छा को प्राथमिकता दी जाती है।

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जो जन डाबर तैल लगावै
बाबर नाम निकट नही आवै

ये 16 मार्च 1527 का दिन था। बाबर की फौज खानवा के मैदान में राणा सांगा से लोहा लेने को खडी थी। लेकिन सांगा का प्लान अलग था।

उसकी सेनाएं तेल लेने गयी थी।
तेल वही-डाबर का।

जिसके बारे में मशहूर था कि वह बाबर का नाम मिटा देती है। लेकिन पेगागस की मदद से सांगा की पूरी वजट्सप चैट बाबर तक आ रही थी।

बाबर इस टेक्टीक से वाकिफ़ था। पिछले साल इब्राहिम लोधी ने यह तेल ईजाद किया था।

जिस तरह लाल हिट कॉकरोच को, और काला हिट मच्छरों के खात्मा करता है, वैसे ही डाबर तेल, बाबर की सेना का खात्मा करता था।

अब बस इस तेल की सप्लाई चाहिए थी। जो स्ट्रेट ऑफ होरमुज से आने वाली थी। बाबर ने अपने प्रिय कांग्रेसियो से सम्पर्क किया। उन लोगों ने चीन की मदद से स्ट्रेट ऑफ होरमुज बन्द कर दी।

सप्लाई अटक गई।

बिना डाबर के तेल, बाबर का नाम कैसे मिटता। आखिर इब्राहिम हारा, और बाबर पानीपत जीत गया। लेकिन यह टेक्निक किसी तरह राणा सांगा को मिल गयी थी।

अब भयंकर संकट सामने था।

बाबर ने सोची तदबीर
जिससे चमक उठे तकदीर

उसने अपने चार्ली और अल्फा कमांडो तेल की सप्लाई रोकने में लगा दिए।

रात के अंधेरे में जैसे ही सप्लाई आयी, कमांडोज ने उसे घेर लिया। कांच की बोतले तोड़ दी। और प्लास्टिक की बोतलों में डाबर तेल फेंक, उसमे अडानी जी का फार्च्यून रिफाइंड ऑयल भर दिया।

इसकी किसी को कानोकान खबर नही हुई।

अगली सुबह युद्ध शुरू हुआ।

राणा सांगा घोड़े पर सवार होकर बोले- अरे ओ सिपाहियो! आज डाबर आंवला केश किंग तेल लगाकर चलो। बाल चमकेंगे तो हौसला भी चमकेगा। बाबर को देखते ही तेल लगाओ, नाम मिटाओ" का नारा लगाना!

सिपाही: सर, लेकिन बाबर ने रात में ही हमारी सप्लाई रोक दी है!
सांगा- कैसे?
सिपाही: उसने अफगान गुर्गों को भेजकर सारे डाबर के तेल के कंटेनर पंचर कर दिए! आंवला, बादाम, ब्राह्मी सब सूखे पड़े हैं! अब हमारे बाल रूखे हैं,

और हौसला भी सूख गया है हुजूर।

दूसरी तरफ उसके सेनापति ने तोपचियों में तेल बांटा। उन्हें क्या पता था कि इसमे डाबर नही, फॉरच्यून का पाम ऑइल भरा है। वे तेल चुपड़ कर लड़े।

लेकिन पाम ऑइल में डाबर वाला दम कहाँ।

सारे खेत रहे। बाबर युद्ध जीत गया। पूरे हिंदुस्तान पर उसकी बादशाहत छा गयी। मुगल वंश उदय हुआ।

इतिहास की किताबो में पीएन ओक ने लिखा- राजपूत सेनाएं वीरता से लड़ी। मगर बिना तेल के बाल सूख गए, हौसला टूट गया।

इतिहास के इस चेप्टर की पंचलाइन थी- जिसकी तेल सप्लाई कट गई, उसकी जीत भी कट गई।

यह किताब कांग्रेसियो ने दबा दी।

मगर सत्य पराजित हो सकता है, परेशान नही। एक दिन, पराजित सत्य का वह पन्ना बिना परेशानी के, व्हाट्सप पर अवतरित हुआ। जिसमे लिखा था-

जो जन डाबर तैल लगावै
बाबर नाम निकट नही आवै

पन्ना वाइरल हो गया। डाबर तेल की बिक्री में इजाफा हुआ। पार्टी ने स्टॉक भर भरकर कैडर में बांटा। औऱ फिर सँगठन की शक्ति, ज्ञानेश के आशीर्वाद और डाबर तेल की चिकनाई से युद्ध का श्रीगणेश किया।

औऱ बाबर की मौत के 600 साल बाद, भारत के नौनिहालों ने उसका नाम बंगाल से मिटा दिया।

लेकिन जी अभी भरा नही है। वहां तीन दिन से गली गली गूंज रहा है

तेल लगाओ डाबर का
नाम मिटाओ बाबर का

भामाकीजै!!

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