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जमशेदपुर: टाटा स्टील और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच वेज रिवीजन की वार्ता अंतिम चरण में है, जिसमें वेतन वृद्धि, भत्ते, करियर ग्रोथ और आर्थिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। हालांकि, निबंधित पुत्रों के रोजगार का मुद्दा इस वार्ता में शामिल नहीं किया गया है, जिससे संबंधित संगठनों में असंतोष है।

निबंधित पुत्र संगठनों के अनुसार लगभग 15,000 परिवारों के युवाओं का रोजगार लंबित है, जिनमें से कई आयु सीमा पार कर चुके हैं। पिछले आंदोलन के बाद 500 निबंधित आश्रितों की बहाली हुई, लेकिन 2022 की भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए। निबंधित पुत्र संगठनों का कहना है कि वेज रिवीजन में केवल वर्तमान कर्मचारियों के वेतन और भत्ते शामिल हैं, जबकि उनके रोजगार का मुद्दा प्राथमिकता नहीं मिल रहा है।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली हिंसा मामले में मुख्य आरोपी और आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान को बड़ा झटका देते हुए उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
▪️इलाहाबाद हाईकोर्ट से तौकीर रजा खान की जमानत अर्जी खारिज.
प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली हिंसा के मुख्य आरोपी और इत्तेहाद-ए-मिलत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया है। तौकीर रजा पर शहर में दंगे की साजिश रचने और भीड़ को हिंसा के लिए उकसाने के गंभीर आरोप हैं। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।सोची-समझी साजिश के तहत हुई हिंसामामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम परितोष कुमार मालवीय ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि 26 सितंबर को बरेली में नमाज के बाद हुई हिंसा अचानक नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। इस उपद्रव के दौरान शहर में कई जगहों पर आगजनी, अंधाधुंध फायरिंग और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले किए गए थे।तौकीर रजा है हिंसा का मास्टरमाइंडपुलिस और जांच एजेंसियों ने मौलाना तौकीर रजा को इस पूरी हिंसा का मुख्य सूत्रधार (मास्टरमाइंड) माना है। हिंसा की इस घटना से जुड़े कुल 10 अलग-अलग आपराधिक मामलों में रिपोर्ट दर्ज की गई है, और इन सभी मामलों में तौकीर रजा खान नामजद आरोपी हैं। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता और पुलिस रिपोर्ट को देखते हुए आरोपी को राहत देने से साफ इनकार कर दिया।

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जैनामोड़/दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग में झारखंड के बोकारो जिले के जैनामोड़ की 26 वर्षीय सुरभि कुमारी की मौत हो गई। सुरभि, जो व्यवसायी रमेश प्रसाद बरनवाल की पुत्री थीं, अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर मुंबई की एक निजी कंपनी में कार्यरत थीं। वह दिल्ली में एक प्रतिष्ठित कंपनी के इंटरव्यू के लिए आई थीं और अपनी बड़ी बहन के घर रुकी हुई थीं।

होटल में आग लगने के दौरान सुरभि इंटरव्यू देने पहुंची थीं, जहां वह हादसे की शिकार हो गईं। उनके निधन से परिवार और पूरे जैनामोड़ क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। स्थानीय लोग, सामाजिक संगठन और बरनवाल समाज ने परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। परिवार ने प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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Lord's की ऐतिहासिक रोशनी में England और New Zealand के बीच यह Test match किसी शांत cricket कहानी की तरह नहीं, बल्कि एक तेज़, बेचैन और सांस रोक देने वाली फिल्म की तरह खुला। Debutant Emilio Gay... अपने पहले ही Test में उस मंच पर खड़े थे, जहां 40,000 fans की आवाज़, tough conditions का दबाव, family की मौजूदगी, और England cap पाने का सपना... सब कुछ एक साथ उनके सामने था। पहला innings उनके लिए सिर्फ 8 runs पर खत्म हुआ, और Kyle Jamieson ने उन्हें अपनी five wicket performance का हिस्सा बना दिया। लेकिन दूसरे innings में Gay ने कहानी पलट दी। उन्होंने 95 balls पर 57 runs बनाए, और यह fifty सिर्फ scorecard की संख्या नहीं थी... यह England की पूरी innings की backbone बन गई। Ben Duckett के साथ steady opening stand, फिर Jacob Bethell के साथ control... England 126 for 2 पर मजबूत लग रहा था। लेकिन cricket ने फिर वही किया, जो वह अक्सर इंसानों की योजनाओं के साथ करता है... उसने script फाड़ दी। Gay के आउट होते ही England सिर्फ 2 overs में 127 for 6 पर फिसल गया। Harry Brook - Brooky और Joe Root - Rooty भी उसी momentum shift में जल्दी चले गए। Gay ने बाद में माना कि timing frustrating थी, क्योंकि उन्होंने लगभग 100 balls तक मेहनत की थी। फिर भी, उनकी innings ने England को दूसरी innings में 226 तक पहुंचाया, और New Zealand के सामने 254 runs का मुश्किल target खड़ा कर दिया। इस Test की असली wildness सिर्फ runs में नहीं, wickets में भी दिखी। Lord's के milestone 150th Test में पहले दो दिनों में 33 wickets गिर चुके थे। New Zealand पहली innings में 113 पर all out हो गई, और England ने match में वापसी की आग Ollie Robinson - Robbo की spell से जलाई। Robinson, जो दो साल से ज्यादा समय बाद Test cricket में लौटे, उन्होंने 5 for 39 लेकर New Zealand top order को काट दिया। Day 2 के stumps तक New Zealand 36 for 3 पर था, और जीत के लिए अभी भी 218 runs चाहिए थे। Gay short leg पर खड़े होकर Robbo की hat trick moment में crowd की आवाज़ को absorb कर रहे थे, जैसे कोई young cricketer पहली बार समझ रहा हो कि Test cricket सिर्फ game नहीं, एक जीवित theatre है। यह कहानी England की lead, New Zealand की survival fight, Robinson की comeback fire, और Gay की debut emotions का perfect mix है। Lord's में अभी match बाकी है, पर Day 2 ने इतना साफ कर दिया है... इस Test में हर ball history की दीवार पर दस्तक दे रही है। आप सुन रहे थे Guru News Network, powered by द गुरु ज्ञान... जहां cricket news सिर्फ पढ़ी नहीं जाती, cinematic अंदाज़ में महसूस कराई जाती है। Latest cricket updates, clean match intelligence, fastest live line aur trusted cricket analysis ke liye visit karein द गुरु ज्ञान... kyunki yahan cricket ka emotion bhi premium hai, aur information bhi sharp.

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At Lord's, in the milestone one hundred and fiftieth Test staged at the ground, England and New Zealand have produced two days of cricket that feel less like a routine red ball contest and more like a tightly edited sporting thriller. Into this restless theatre walked debutant Emilio Gay, carrying the weight of a first Test cap, forty thousand spectators, family in the stands, and conditions difficult enough to make even experienced batters look like they were negotiating with the weather itself. His first innings ended quietly, just eight runs, as Kyle Jamieson ran through England on the way to a five wicket haul. But the second innings gave Gay his moment. With a calm 57 from 95 balls, he built the kind of patient, disciplined Test innings that rarely screams for attention, yet quietly changes the shape of a match. England had been bowled out for 140 in the first innings, with Harry Brook, Brooky, the only batter to pass 20 through his 56. New Zealand then collapsed for 113, dragged down by Ollie Robinson, Robbo, who returned to Test cricket after more than two years and announced himself with a commanding 5 for 39. By the time England batted again, every run carried value. Gay first found rhythm with Ben Duckett, then added steadiness alongside Jacob Bethell. At 126 for 2, England looked ready to move the match out of New Zealand's reach. Then the game changed with brutal speed. Gay's dismissal triggered a stunning collapse, and within two overs England had slipped to 127 for 6. Brooky and Joe Root, Rooty, followed soon after, and the control England had carefully built suddenly looked fragile. Yet Gay's fifty had already done important work. England reached 226 in their second innings and set New Zealand a demanding target of 254. In a low scoring Test where 33 wickets fell across the first two days, that target felt heavy. At stumps on Day 2, New Zealand were 36 for 3, still needing 218 runs to win. For Gay, the experience was almost dreamlike. He described the day as a whirlwind, and that word fits the entire match. One moment he was batting through pressure, the next he was at short leg during Robinson's hat trick surge, watching Lord's erupt around him. This is now more than a debut story. It is a match about pressure, survival, comeback bowling, and the rare emotional violence of Test cricket when conditions refuse to behave. England are ahead, New Zealand are wounded but not finished, and Lord's has already delivered enough drama for a full series. You were listening to Guru News Network, powered by The Guru Gyan... where cricket is followed with clarity, intelligence, and just enough cinematic pulse to make the scoreboard feel alive. For trusted cricket updates, fastest live line, and sharp match intelligence, visit The Guru Gyan and stay closer to the game before the noise catches up.

New Zealand tour of England 2026
1st Test
Lord's Test
Guru News Network

Lord's Test whirlwind: Emilio Gay's fifty puts England ahead as New Zealand wobble

Emilio Gay ke debut Test ka Day 2 emotional aur tactical dono sense me massive raha. Unki composed 57-run innings ne England ko 226 tak push kiya, New Zealand ke saamne 254 ka target set hua, aur stumps tak visitors 36/3 par pressure me aa gaye.

Emilio Gay ki calm fifty Lord's ke low-scoring Test me England ke liye crucial cushion ban gayi.

News Highlights

- Emilio Gay ne debut Test ke Day 2 par 57 off 95 balls ki controlled fifty banayi.

- England ne second innings me 226 score kiya aur New Zealand ko 254-run target diya.

- New Zealand stumps tak 36/3 par thi, aur jeet ke liye abhi 218 runs chahiye the.

- Lord's ke milestone 150th Test me pehle do din me 33 wickets gir chuki hain.

- Ollie Robinson ne two-year-plus Test gap ke baad comeback karte hue 5-39 se England ko match me wapas laaya.

Main Story: Debut pressure ke beech Gay ne England ko edge diya

Lord's par chal rahe England vs New Zealand Test me Day 2 ne red-ball cricket ka pure pressure version dikha diya. Debutant Emilio Gay ne apni 57-run innings se England ko ek important second-innings platform diya, jiski wajah se hosts New Zealand ke saamne 254 ka demanding target rakh paye.

Gay ke liye ye match sirf scoreboard moment nahi tha. Lord's ka stage, 40,000 fans, family ki presence, tough overhead conditions aur debut cap ka emotion sab ek saath chal raha tha. Human brain ko bhi kabhi-kabhi restart button chahiye hota hai, lekin Test debut me wo luxury available nahi hoti.

First innings me Gay sirf 8 par out hue the, jab Kyle Jamieson ne England ko 140 par fold karne me major role play kiya. Lekin second innings me unhone patience dikhaya, crease par time spend kiya, aur England ke liye woh fifty banayi jo is low-scoring contest me huge value hold karti hai.

Match And Series Context

Match
England vs New Zealand, 1st Test

Series
New Zealand tour of England, 2026

Venue
Lord's

Milestone
Lord's 150th Test

England 2nd Innings
226

Target For New Zealand
254 runs

Key Turning Point: 126/2 se 127/6 tak England ka sudden slide

England ek stage par 126/2 par control me dikh raha tha. Gay ne pehle Ben Duckett ke saath steady stand banaya, phir No.3 Jacob Bethell ke saath innings ko shape diya. Lekin Gay ke dismissal ke turant baad match ka mood rapidly badal gaya.

Sirf two overs ke andar England 127/6 par aa gaya. Harry Brook aur Joe Root bhi jaldi out hue, aur ek strong platform suddenly unstable ho gaya. Gay ne baad me maana ki timing frustrating thi, kyunki unhone almost 100 balls face karke hard work already kar diya tha.

Gay ne apne Day 2 ko "a bit of a whirlwind" bataya, aur match ka tempo dekhkar ye description bilkul accurate lagta hai.
Emilio Gay reaction

Tactical Analysis: Low-scoring Lord's Test me 254 target ka weight

Batting patience became premium currency

Is Test me batting conditions easy nahi rahi hain. Pehle do din me 33 wickets girna clear signal hai ki Lord's surface, overheads aur bowling discipline ne batters ko constant exam mode me rakha. Aise match me Gay ki 57-run innings ka impact normal scorecard reading se zyada bada hai.

Robinson comeback ne England ko oxygen diya

Ollie Robinson, jo two years se zyada time baad Test cricket me wapas aaye, unhone New Zealand ki first innings ko 113 par rokne me decisive spell daala. Unka 5-39 England ke liye match-repairing performance tha.

New Zealand chase ab survival mode me

Stumps par New Zealand 36/3 thi. Target 254 hai, aur 218 runs abhi bhi required hain. Low-scoring rhythm ko dekhte hue third day par first session match ka direction brutally decide kar sakta hai, kyunki cricket ko drama se allergy nahi, addiction hai.

Emilio Gay
57 off 95

England 2nd Innings
226

New Zealand 1st Innings
113 all out

New Zealand At Stumps
36/3

Player Focus: Emilio Gay ne debut nerves ko control me rakha

Debut Test me batter ke liye sabse difficult cheez hoti hai emotions ko structure me convert karna. Gay ke case me ye challenge aur bhi intense tha, kyunki Lord's ka grand stage aur match ka fast-moving nature dono ek saath unke saamne the.

Unki innings flashy nahi thi, lekin exactly wahi thi jo England ko chahiye thi: time at crease, soft hands, controlled scoring, aur collapse se pehle ek important base. Ye fifty unke Test career ka early statement ban sakti hai.

Fielding phase me bhi Gay ke words se ye clear tha ki wo moment ko absorb kar rahe the. Robinson ke hat-trick phase ke dauraan short leg par khade rehna aur crowd energy feel karna unke debut experience ka defining emotional frame ban gaya.

Why this news matters

England ke liye ye match sirf ek home Test advantage ki story nahi hai. Ye unke new batting options, returning bowlers aur pressure handling ka live audit hai. Gay ki fifty ne batting depth ke question ko positive direction di, while Robinson ki spell ne bowling unit ko strong comeback identity di.

New Zealand ke liye situation tough hai, but not closed. 254 ka target difficult hai, lekin Test cricket me third-day partnerships match ka narrative reverse kar sakti hain. Problem bas itni hai ki 36/3 se comeback karna spreadsheet par easy lagta hai, pitch par nahi.

Lord's ka 150th Test already drama deliver kar chuka hai. Ab third day par chase, pressure, conditions aur England bowlers ke discipline se decide hoga ki ye match early finish ki taraf jaata hai ya New Zealand fightback ka chapter likhta hai.

GNN And The Guru Gyan Angle

Guru News Network (GNN), powered by The Guru Gyan , is Lord's Test ko ek classic low-scoring red-ball contest ke roop me dekhta hai jahan small innings bhi match-defining ban sakti hai. Emilio Gay ki 57-run knock aur Ollie Robinson ki 5-39 spell ne England ko strong position me laaya hai.

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सुल्तानपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बीते कुछ दिनों से मौसम ने लोगों को गर्मी से राहत दी थी, लेकिन अब यह राहत ज्यादा दिनों तक कायम रहने वाली नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होने के बाद रविवार से प्रदेश में एक बार फिर तापमान बढ़ने लगेगा और गर्मी अपना असर दिखाएगी।

राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में शुक्रवार को बादलों की आवाजाही बनी रही। कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी, तेज हवाएं और कहीं-कहीं आंधी जैसे हालात देखने को मिले। मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी तथा तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के साथ उत्तर प्रदेश के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि रविवार से मौसम साफ होने लगेगा और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। अगले पांच दिनों में दक्षिणी उत्तर प्रदेश के जिलों में तापमान सामान्य से अधिक पहुंच सकता है, जिसके चलते लू चलने की संभावना भी जताई गई है।

विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

रिपोर्टर : शिवम वर्मा
ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश

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बदनावर मे साइबर ठगी का शिकार हुए एक व्यवसायी

यूपीआई खाते से निकले 1.93 लाख रुपये

एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुंचे पीड़ित शीघ्र कार्रवाई की मांग

बदनावर। नगर के जवाहर मार्ग निवासी एक व्यवसायी साइबर ठगी का शिकार हो गए। अज्ञात आरोपियों ने उनके यूपीआई से जुड़े बैंक खाते से 1 लाख 93 हजार 332 रुपये की अनधिकृत निकासी कर ली। मामले में पीड़ित ने बदनावर थाने में लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जवाहर मार्ग निवासी 50 वर्षीय व्यवसायी आशीष बोकड़िया ने थाना प्रभारी को दिए आवेदन में बताया कि 4 जून 2026 को दोपहर करीब 1 से 1.30 बजे के बीच उनके यूपीआई से जुड़े बैंक खाते से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से 96,666-96,666 रुपये कुल 1,93,332 रुपये की राशि निकाल ली गई। यह राशि बैंक ऑफ इंडिया एवं आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के खातों में स्थानांतरित की गई।
पीड़ित का कहना है कि उक्त लेन-देन उनकी जानकारी, सहमति अथवा अनुमति के बिना किए गए हैं। उन्होंने न तो स्वयं कोई ट्रांजेक्शन किया और न ही किसी को अपना यूपीआई पिन, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य बैंकिंग जानकारी साझा की।
घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल संबंधित बैंक से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक राशि वापस नहीं मिल सकी है। शिकायत के साथ बैंक स्टेटमेंट, यूपीआई ट्रांजेक्शन विवरण एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे गए हैं।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि अज्ञात आरोपी द्वारा किया गया यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। पीड़ित ने पुलिस से अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच प्रारंभ करने की मांग की है।
पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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एक पेड़ मां के नाम अभियान. बदनावर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लोगों को जलवायु परिवर्तन प्लास्टिक प्रदूषण और जैव विविधता के नुकसान जैसे गंभीर पर्यावरण मुद्दों के प्रति जागरूकता करना पर्यावरण के संरक्षण कि दिशा में कदम उठाना और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित करना उक्त उद्देश्य को लेकर पौधों को लगाकर उनकी देखभाल कर बड़ा करने की शपथ लेकर भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा शासकीय महाविद्यालय बदनावर परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया जिसमें भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष मनीष गुर्जर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला महामंत्री कन्हैया लाल गुर्जर भाजपा नेता राजेंद्र सराफ पिछड़ा मोर्चा मंडल अध्यक्ष प्रदीप पवार नगर मंडल महामंत्री संतोष राव एल्डरमैन मितेश शर्मा दिलीप सिंह चौहान सुनील परमार अमित गांधी पवन चावला पंकज जयसवालएवं पिछड़ा मोर्चा कार्यकर्ता एवं स्टाफ उपस्थित था जानकारी पिछड़ा मोर्चा महामंत्री यश यादव द्वारा दी गई

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नई दिल्ली: अभिजीत दिपके, जो कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक हैं, अमेरिका से लौटकर नई दिल्ली में युवाओं के एक संगठित आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। यह आंदोलन मई 2026 में सोशल मीडिया पर व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ था, जो अब राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं और छात्रों की आवाज बन चुका है। दिपके ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए युवाओं से अपील की है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई है। यह विरोध NEET-UG, CBSE, CUET, और SSC GD जैसी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों के कारण है, जिससे छात्रों में मानसिक तनाव और नाराजगी बढ़ी है।

बोस्टन से अपनी पब्लिक रिलेशन मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद दिपके नई दिल्ली पहुंचे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में 1,000 से अधिक कर्मियों की तैनाती की है। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन की आधिकारिक अनुमति अभी नहीं मिली है, जबकि दिपके ने कहा कि वे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाकर अनुमति लेंगे। उन्होंने समर्थकों से एयरपोर्ट पर भीड़ न लगाने और सीधे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने की अपील की है। CJP ने प्रदर्शन के लिए कोड ऑफ कंडक्ट जारी किया है, जिसमें हिंसा न करने, तिरंगा झंडा और किताब साथ लाने तथा पुलिसकर्मियों को फूल भेंट करने जैसे नियम शामिल हैं। पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है और वे भी दिल्ली में शामिल होंगे।

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सेदरी ग्राम पंचायत की नल-जल योजना पर सवाल, नल से निकले कबूतर के पंख

रिपोर्ट: पुष्कर धाकड़ स्थान: सेदरी, खाचरौद (उज्जैन)

खाचरौद/सेदरी। सेदरी ग्राम पंचायत में नल-जल योजना के तहत घरों तक पहुंचाए जा रहे पानी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नल से आने वाले पानी में कबूतर के पंख निकले हैं, जिससे लोगों में चिंता और आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल की स्वच्छता को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। नल से पंख निकलने की घटना सामने आने के बाद लोगों ने जल स्रोत और पाइपलाइन की जांच कराने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग एवं ग्राम पंचायत प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, घटना के बाद ग्रामीणों में पानी की गुणवत्ता को लेकर आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों की मांग:
जल स्रोत एवं टंकी की तत्काल जांच हो।
पाइपलाइन की सफाई कराई जाए।
पेयजल की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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यह ज़िंदगी का एक कड़वा लेकिन सबसे बड़ा सच है। सच के रास्ते पर चलना ठीक वैसा ही है जैसे नंगे पैर अंगारों पर चलना, इससे खुद को तकलीफ़ होती है, लेकिन आत्मा पवित्र रहती है। सच का रास्ता: मन की शांति बनाम बाहरी विरोध यह एक अजीब विडंबना है कि दुनिया सच की तारीफ़ करती है, लेकिन जब वही सच उनके सामने आता है, तो वे उसे बर्दाश्त नहीं कर पाते। लोगों के दुश्मन बनने के कुछ मुख्य कारण ये हैं: आईने का डर: सच आईने की तरह होता है। जब आप सच बोलते हैं या उस पर अमल करते हैं, तो लोग आपका असली (और अक्सर झूठा) चेहरा देखने लगते हैं, जो उन्हें पसंद नहीं आता। ईगो को चोट: आज की दुनिया दिखावे और चापलूसी पर चल रही है। जब कोई सच्चा इंसान दिखावे का हिस्सा बनने से मना कर देता है, तो दूसरों के ईगो को चोट पहुँचती है। मतलबीपन में रुकावट: सच अक्सर गलत काम और मतलबीपन के रास्ते में दीवार बनकर खड़ा हो जाता है। इसलिए, जिनके हितों को नुकसान पहुँचता है, वे दुश्मन बन जाते हैं। "सच्चाई से मिलने वाला एकांत और मन की शांति दुनिया के हज़ार झूठे रिश्तों और तारीफ़ों से हज़ार गुना बेहतर है।" जब आप सच का साथ देते हैं, तो बाहर तूफ़ान आने पर भी आपके अंदर एक अजीब सी शांति रहती है। आपको किसी चीज़ का डर नहीं रहता, और न ही झूठ छिपाने के लिए आपको दस और झूठ बोलने पड़ते हैं। सच्चे बनकर बने दुश्मन दिखावटी दोस्तों से बेहतर होते हैं, क्योंकि कम से कम वे असली तो होते हैं। ✍🏿हरबंस सिंह, सलाहकार शहीद भगत सिंह प्रेस एसोसिएशन पंजाब पोब्याल: -+91-8054400953

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ਇਹ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਇੱਕ ਕੌੜਾ ਪਰ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਸੱਚ ਹੈ। ਸੱਚ ਦੇ ਰਾਹ 'ਤੇ ਚੱਲਣਾ ਬਿਲਕੁਲ ਉਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਨੰਗੇ ਪੈਰੀਂ ਅੰਗਾਰਿਆਂ 'ਤੇ ਚੱਲਣਾ ਖੁਦ ਨੂੰ ਤਕਲੀਫ਼ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਪਰ ਰੂਹ ਸਾਫ਼ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ। ਸੱਚ ਦਾ ਰਾਹ: ਅੰਦਰੂਨੀ ਸਕੂਨ ਬਨਾਮ ਬਾਹਰੀ ਵਿਰੋਧ ਇਹ ਇੱਕ ਅਜੀਬ ਵਿਅੰਗ ਹੈ ਕਿ ਦੁਨੀਆ ਸੱਚ ਦੀ ਤਾਰੀਫ਼ ਤਾਂ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਪਰ ਜਦੋਂ ਉਹੀ ਸੱਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਂਦਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਉਹ ਇਸਨੂੰ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕਰ ਪਾਉਂਦੇ। ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਵੈਰੀ (ਦੁਸ਼ਮਣ) ਬਣਨ ਦੇ ਕੁਝ ਮੁੱਖ ਕਾਰਨ ਇਹ ਹਨ: ਆਈਨੇ ਤੋਂ ਡਰ: ਸੱਚ ਇੱਕ ਸ਼ੀਸ਼ੇ ਵਰਗਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਸੱਚ ਬੋਲਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਉਸ 'ਤੇ ਚੱਲਦੇ ਹੋ, ਤਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਅਸਲੀ (ਅਤੇ ਅਕਸਰ ਝੂਠਾ) ਚਿਹਰਾ ਨਜ਼ਰ ਆਉਣ ਲੱਗਦਾ ਹੈ, ਜੋ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪਸੰਦ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦਾ। ਅਹੰਕਾਰ ਨੂੰ ਠੇਸ: ਅੱਜ ਦੀ ਦੁਨੀਆ ਦਿਖਾਵੇ ਅਤੇ ਚਾਪਲੂਸੀ 'ਤੇ ਚੱਲ ਰਹੀ ਹੈ। ਜਦੋਂ ਕੋਈ ਸੱਚਾ ਇਨਸਾਨ ਦਿਖਾਵੇ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਬਣਨ ਤੋਂ ਨਾਂਹ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਦੂਜਿਆਂ ਦੇ ਅਹੰਕਾਰ ਨੂੰ ਠੇਸ ਪਹੁੰਚਦੀ ਹੈ। ਸੁਆਰਥ ਵਿੱਚ ਰੁਕਾਵਟ: ਸੱਚਾਈ ਅਕਸਰ ਗਲਤ ਕੰਮਾਂ ਅਤੇ ਸੁਆਰਥ ਦੇ ਰਾਹ ਵਿੱਚ ਕੰਧ ਬਣ ਕੇ ਖੜ੍ਹ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਲਈ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਹਿੱਤਾਂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚਦਾ ਹੈ, ਉਹ ਵੈਰੀ ਬਣ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। "ਦੁਨੀਆ ਦੇ ਹਜ਼ਾਰ ਝੂਠੇ ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਅਤੇ ਤਾਰੀਫ਼ਾਂ ਨਾਲੋਂ, ਸੱਚਾਈ ਨਾਲ ਮਿਲਣ ਵਾਲੀ ਇਕੱਲਤਾ ਅਤੇ ਮਨ ਦਾ ਸਕੂਨ ਹਜ਼ਾਰ ਗੁਣਾ ਬਿਹਤਰ ਹੈ।" ਜਦੋਂ ਤੁਸੀਂ ਸੱਚ 'ਤੇ ਚੱਲਦੇ ਹੋ, ਤਾਂ ਭਾਵੇਂ ਬਾਹਰ ਇੱਕ ਤੂਫ਼ਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਤੁਹਾਡੇ ਅੰਦਰ ਇੱਕ ਅਜੀਬ ਜਿਹੀ ਸ਼ਾਂਤੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਿਸੇ ਗੱਲ ਦਾ ਡਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ, ਨਾ ਹੀ ਕੋਈ ਝੂਠ ਲੁਕਾਉਣ ਲਈ ਹੋਰ ਦਸ ਝੂਠ ਬੋਲਣੇ ਪੈਂਦੇ ਹਨ। ਦਿਖਾਵੇ ਦੇ ਦੋਸਤਾਂ ਨਾਲੋਂ ਸੱਚੇ ਰਹਿ ਕੇ ਬਣਾਏ ਗਏ ਦੁਸ਼ਮਣ ਬਿਹਤਰ ਹਨ, ਕਿਉਂਕਿ ਉਹ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ ਅਸਲੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ। ✍🏿ਹਰਬੰਸ ਸਿੰਘ, ਸਲਾਹਕਾਰ ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਪ੍ਰੈੱਸ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਪੰਜਾਬ ਪੋਬਾਇਲ: -+91-8054400953

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মুর্শিদাবাদ জেলার অরঙ্গাবাদ ও ধুলিয়ানের মধ্যবর্তী হাউসনগর এলাকায় শনিবার একটি ছোট চারচাকা গাড়ির সঙ্গে একটি টোটোর দুর্ঘটনা ঘটে। দুর্ঘটনায় দুইজন ব্যক্তি আহত হয়েছেন বলে স্থানীয় সূত্রে জানা গেছে।

দুর্ঘটনার খবর পেয়ে পুলিশ প্রশাসন ঘটনাস্থলে পৌঁছায়। স্থানীয় বাসিন্দাদের সহযোগিতায় আহতদের দ্রুত উদ্ধার করে একটি ছোট গাড়ির মাধ্যমে ধুলিয়ান হাসপাতালে চিকিৎসার জন্য পাঠানো হয়।

প্রাথমিকভাবে জানা গেছে, দুর্ঘটনার ফলে টোটোটি ক্ষতিগ্রস্ত হয়েছে। আহতদের শারীরিক অবস্থার বিষয়ে এখনও বিস্তারিত তথ্য পাওয়া যায়নি। পুলিশ ঘটনার তদন্ত শুরু করেছে এবং দুর্ঘটনার সঠিক কারণ খতিয়ে দেখা হচ্ছে।

স্থানীয় মানুষ ও প্রশাসনের তৎপরতায় আহতদের দ্রুত হাসপাতালে পৌঁছে দেওয়া সম্ভব হয়েছে বলে এলাকাবাসী জানিয়েছেন।

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डीएम के प्रस्तावित दौरे से पहले हरकत में आया प्रशासन, तहसील शाहगंज में युद्धस्तर पर चल रही साफ-सफाई और रंगाई-पुताई

शाहगंज, जौनपुर। आगामी संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी जौनपुर सैमुअल पॉल एन. के प्रस्तावित आगमन की सूचना मिलते ही तहसील शाहगंज परिसर में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। वर्षों से उपेक्षित दिखने वाले परिसर को संवारने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

शनिवार को आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस से पहले तहसील परिसर में रंगाई-पुताई, साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, झाड़ियों की कटाई तथा परिसर को व्यवस्थित करने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। नगर पालिका परिषद शाहगंज की टीम भी विशेष सफाई अभियान चलाकर परिसर को स्वच्छ और आकर्षक बनाने में जुटी हुई है। जगह-जगह जमा कूड़ा हटाया जा रहा है तथा भवनों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई कराई जा रही है।

इसी क्रम में तहसीलदार शाहगंज सौरभ कुमार ने रजिस्ट्री कार्यालय सहित पूरे तहसील परिसर का भ्रमण कर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव, कार्यालयों की व्यवस्था तथा जनसुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

तस्वीरों में भी देखा जा सकता है कि नगर पालिका के वाहन, सफाई कर्मी तथा प्रशासनिक अमला व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगा हुआ है। तहसील परिसर में लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए अचानक बढ़ी सक्रियता लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी प्रकार नियमित रूप से साफ-सफाई और रखरखाव होता रहे तो तहसील परिसर की स्थिति हमेशा बेहतर बनी रह सकती है। लोगों ने यह भी अपेक्षा जताई कि उच्च अधिकारियों के दौरे तक ही नहीं, बल्कि आम दिनों में भी स्वच्छता एवं मूलभूत सुविधाओं पर समान रूप से ध्यान दिया जाए।

संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी द्वारा जनसमस्याओं की सुनवाई के साथ-साथ तहसील परिसर की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किए जाने की संभावना है। इसी को देखते हुए प्रशासन किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ना चाहता और सभी विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

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*Mathura News*📍

*भूतेश्वर अखाड़े पर फायरिंग से मची दहशत, पहलवानों ने बचाई जान; आरोपी कार छोड़कर फरार*

*मथुरा। थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित भूतेश्वर अखाड़े पर फायरिंग की घटना से इलाके में दहशत फैल गई। कथित रूप से शराब के नशे में एक युवक ने अखाड़े पर मौजूद लोगों की ओर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार रात करीब 9 बजे एक सफेद रंग की कार से एक व्यक्ति भूतेश्वर अखाड़े पर पहुंचा। आरोप है कि कार से उतरते ही उसने अखाड़े की ओर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और अन्य पहलवान भी मौके पर पहुंच गए।

बताया जाता है कि लोगों की भीड़ एकत्रित होती देख आरोपी अपनी कार घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भागते समय वह जान से मारने की धमकी भी देता रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी ने स्वयं को एक प्रभावशाली व्यक्ति का रिश्तेदार बताया। उसकी पहचान गांव सेही निवासी दिनेश पंडित के रूप में होने की बात कही जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस को घटनास्थल से कारतूस के कई खाली खोखे मिले हैं। वहीं संदिग्ध की कार को कब्जे में लेकर उसकी जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि आरोपी की गतिविधियों और घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।

घटना के बाद अखाड़े से जुड़े पहलवानों और स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थल पर इस तरह फायरिंग करने वाले आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

चौकी प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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ସ୍ଵାସ୍ଥ୍ୟକେନ୍ଦ୍ର କର୍ମଚାରୀଙ୍କୁ ବିଦାୟ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧନା
ଦାମନଯୋଡ଼ି,୦୫/୦୬:କୋରାପୁଟ ବ୍ଲକ ମାଥାଲପୁ୍ଟ ଗୋଷ୍ଠି ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟକେନ୍ଦ୍ରରେ ଶୁକ୍ରବାର ଅପରାହ୍ନରେ ଏକ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧନା ସଭା ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଥିଲା।ଏହି ସ୍ଵାସ୍ଥ୍ୟକେନ୍ଦ୍ର ଅଧିନରେ କାର୍ଯ୍ୟରତ ଥାଇ ବିଭିନ୍ନ ପର୍ଯ୍ୟାୟରେ ଅନ୍ୟତ୍ର ବଦଳି ହୋଇଥିବା ଫାର୍ମାସୀ ଅଧିକାରୀ ଆଶିଷ କୁମାର ସାହୁ,ସିଏଚଓ ରେସୁ ଖରାଙ୍କ ସହିତ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟକର୍ମୀ କେ.ସୁଗୁଣା,ସୁଶୋଭିତା ରାଣୀ କୋଚିମ୍,ଭବାନୀ ଦେବୀ,ସଂଯୁବାଳା ପ୍ରଧାନୀ,ମନୋରମା ପାଢ଼ୀ,ତନୁଜା ବେହେରା,ପଦ୍ମଜା ନାୟକ,ୟୁସିଏଚ୍ ଗରଡ଼ା ଓ ସରୋଜ ବେହେରାଙ୍କୁ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧିତ କରାଯାଇଥିଲା।ସେହିପରି ମଇ ମାସ ଶେଷରେ ଅବସର ଗ୍ରହଣ କରିଥିବା ଡ୍ରାଇଭର ପୂର୍ବ କିର୍ସାନୀଙ୍କୁ ମଧ୍ଯ ଏହି ଅବସରରେ ସମ୍ବର୍ଦ୍ଧିତ କରାଯାଇଥିଲା।ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟକେନ୍ଦ୍ର ଅଧିକାରୀ ଡା.ସୁମନ କୁମାର ଟପ୍ନୋଙ୍କ ଅଧ୍ୟକ୍ଷତାରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ଉତ୍ସବରେ ଅନ୍ୟ ଡାକ୍ତର, ଅଧିକାରୀ ଓ କର୍ମଚାରୀ ଉପସ୍ଥିତ ରହି ବିଦାୟୀ କର୍ମଚାରୀଙ୍କ କାର୍ଯ୍ୟ ଦକ୍ଷତା,ରୋଗୀ ଓ ଲୋକ ସମ୍ପର୍କ,ବନ୍ଧୁ ବତ୍ସଳତା ଆଦି ଗୁଣର ବର୍ଣ୍ଣନା କରି ଉଜ୍ଜ୍ୱଳ ଭବିଷ୍ୟତ କାମନା କରିଥିଲେ। ବିଦାୟୀ କର୍ମଚାରୀ ମାଥାଲପୁ୍ଟ ଗୋଷ୍ଠି ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟକେନ୍ଦ୍ରରେ କାର୍ଯ୍ୟ ସମୟର ନିଜ ନିଜ ଅନୁଭୂତି ବଖାଣି ଥିଲେ।

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झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के आमदा क्षेत्र में बन रहा 500 बेड का मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल वर्षों से अधूरा पड़ा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस अस्पताल से कोल्हान क्षेत्र के लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकती थीं, उसका निर्माण कार्य एक दशक से अधिक समय से पूरा नहीं हो सका। विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया है और अस्पताल को शीघ्र चालू करने की मांग लगातार की जाती रही है।

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा पूर्व में अस्पताल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की समीक्षा और उसे पुनर्जीवित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज भी परियोजना पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर सकी है। रिपोर्टों के अनुसार यह अस्पताल करीब 154 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है और लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है।

रिम्स-2 को लेकर बढ़ा विवाद

इधर रांची के नगड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कई आदिवासी संगठनों, ग्रामीणों और राजनीतिक नेताओं का आरोप है कि सरकार रिम्स-2 के लिए जमीन अधिग्रहण की दिशा में तेजी दिखा रही है, जबकि पहले से अधूरी स्वास्थ्य परियोजनाओं को पूरा करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन समेत कई नेताओं ने सवाल उठाया है कि जब पहले से अधिग्रहित बड़ी मात्रा में जमीन और अधूरी स्वास्थ्य परियोजनाएं मौजूद हैं, तो नई जमीन लेने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर आदिवासी जमीनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और विस्थापन की आशंका लोगों की चिंता का कारण बनी हुई है।

जनता पूछ रही है ये सवाल

खरसावां का 500 बेड अस्पताल आखिर कब पूरा होगा?

करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद परियोजना अधूरी क्यों है?

क्या पहले से लंबित अस्पतालों को चालू करना सरकार की प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए?

रिम्स-2 के लिए नई जमीन लेने से पहले अधूरी स्वास्थ्य परियोजनाओं का हिसाब कौन देगा?

आदिवासी जमीनों के संरक्षण और विकास के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा?


राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज

रिम्स-2 परियोजना को लेकर राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक पक्ष इसे राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे आदिवासी भूमि अधिकारों और विस्थापन से जुड़ा गंभीर मुद्दा मान रहा है।

निष्कर्ष

खरसावां का वर्षों से अधूरा पड़ा 500 बेड अस्पताल झारखंड की स्वास्थ्य परियोजनाओं की धीमी गति पर सवाल खड़ा करता है। ऐसे में रिम्स-2 के लिए नई जमीन अधिग्रहण की पहल को लेकर लोगों के मन में स्वाभाविक रूप से प्रश्न उठ रहे हैं। सरकार के सामने चुनौती केवल नए प्रोजेक्ट शुरू करने की नहीं, बल्कि अधूरी परियोजनाओं को पूरा कर जनता का विश्वास जीतने की भी है।

"क्या सरकार को पहले खरसावां के अधूरे 500 बेड अस्पताल को पूरा करना चाहिए या रिम्स-2 के लिए नई जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को प्राथमिकता देनी चाहिए? अपनी राय हमें जरूर भेजें।"

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शहडोल में सोशल मीडिया पर चर्चित यातायात प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी पर आखिरकार विभागीय कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने उन्हें निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, विवेकानंद तिवारी पिछले लगभग 15 दिनों से बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित थे। वहीं दूसरी ओर, इस दौरान वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार सक्रिय रहकर रील्स और वीडियो पोस्ट करते रहे।
विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने पुलिस वर्दी के साथ नियमों के विपरीत छेड़छाड़ करते हुए कई वीडियो बनाए, जो पुलिस विभाग की आचार संहिता एवं सेवा नियमों का उल्लंघन माना गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस रेग्यूलेशन 64 के तहत उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि शासकीय सेवा में अनुशासन सर्वोपरि है और नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
#Shahdol #MPPolice #BreakingNews #VivekanandTiwari #TrafficPolice #SocialMedia #Suspension

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हमीरपुर (कुरारा): कुरारा विकास खंड के ग्राम कुतुबपुर में करीब 16 वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से कराया गया तालाब अब रखरखाव के अभाव में पूरी तरह जर्जर हो चुका है। तालाब की पक्की सीढ़ियां ध्वस्त हो चुकी हैं और पानी पहुंचाने वाला मुख्य नाला भी खराब हालत में है, जिससे ग्रामीणों में चिंता और नाराजगी बढ़ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि टूटी हुई सीढ़ियां किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं क्योंकि बच्चे और मवेशी तालाब के आसपास आते-जाते रहते हैं। मुख्य नाले के क्षतिग्रस्त होने से गंदा पानी और कचरा जमा हो रहा है, जिससे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और मच्छरों के प्रकोप के कारण डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने वर्तमान ग्राम प्रधान सुरेन्द्र प्रजापति के कार्यकाल में भी तालाब की उपेक्षा पर सवाल उठाए हैं और प्रशासन से तत्काल मरम्मत और सफाई कराने की मांग की है।

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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख नेता अभिजीत दिपके भारतीय सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष के बीच एक सशक्त आवाज बनकर उभरे हैं। 16 मई को एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान के रूप में शुरू हुआ यह आंदोलन अब एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गया है जो भारत में राजनीतिक परिदृश्य को, विशेष रूप से दलित नेतृत्व के लिए, पूरी तरह से बदल सकता है। दिपके, जो वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका में रह रहे हैं, आज (शनिवार) को भारत लौट रहे हैं ताकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर होने वाले विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर सकें।
सीजेपी की लोकप्रियता से भारतीय दलित राजनीति में एक नई लहर के उभरने की संभावना बढ़ रही है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सांता बारबरा के राजनीतिक वैज्ञानिक अमित आहूजा के अनुसार, सीजेपी की ऑनलाइन सफलता एक गहरे मुद्दे को उजागर करती है ।
भारत में बेरोजगारी की वास्तविकता भयावहता ने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था से लगातार निराश होते युवाओं में एक असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।
जैसे-जैसे सीजेपी को गति मिल रही है, यह भारत के राजनीतिक परिदृश्य के पुनर्मूल्यांकन को आह्वान कर रही है, जहां दलित प्रतिनिधित्व ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रहा है। दिपके जैसे नेताओं का उदय एक अधिक समावेशी राजनीतिक वातावरण की ओर बदलाव का संकेत दे सकता है, जहां विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के लोगों की आवाजों को न केवल सुना जाए बल्कि उनका सम्मान भी किया जाए। रोजगार और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, सीजेपी का अभियान उन लोगों को अधिक एकजुट कर सकता है जो पारंपरिक राजनीतिक विचारों से खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं।
यह आंदोलन अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर पाएगा या नहीं, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन बदलाव की संभावना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। युवाओं के बीच अपनी गहरी पैठ बनाने की क्षमता और ऑनलाइन प्रभाव के दम पर मुख्य राजनीतिक पार्टी आगामी राजनीतिक परिदृश्य में एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर सकती है।
भारत आधुनिक शासन व्यवस्था और सामाजिक अपेक्षाओं की जटिलताओं से जूझ रहा है, ऐसे में अभिजीत दिपके जैसे नए नेताओं का उदय दलित प्रतिनिधित्व और व्यापक राजनीतिक सुधारों के एक नए युग की शुरुआत करेगा।

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মুর্শিদাবাদ জেলার ওমরপুর সংলগ্ন মথুরাপুর এলাকায় জাতীয় সড়ক NH-34 এর উপর একটি তেলবাহী ট্যাঙ্কার ভয়াবহ দুর্ঘটনার কবলে পড়ে। দুর্ঘটনার পর ট্যাঙ্কার থেকে তেল ছড়িয়ে পড়লে এলাকায় চাঞ্চল্যের সৃষ্টি হয়।

প্রত্যক্ষদর্শীদের দাবি, দুর্ঘটনার খবর ছড়িয়ে পড়তেই বহু স্থানীয় বাসিন্দা জীবনের ঝুঁকি নিয়ে রাস্তার উপর ছড়িয়ে পড়া তেল সংগ্রহ করতে শুরু করেন। হাতে বালতি, জ্যারিকেন ও বিভিন্ন পাত্র নিয়ে সাধারণ মানুষকে তেল সংগ্রহ করতে দেখা যায়। এর ফলে জাতীয় সড়কে যান চলাচলও কিছু সময়ের জন্য ব্যাহত হয়।

স্থানীয় সূত্রের অভিযোগ, ঘটনাস্থলে পুলিশ প্রশাসনের উপস্থিতি থাকলেও সাধারণ মানুষকে সরিয়ে নিরাপত্তা বলয় গড়ে তোলার ক্ষেত্রে তৎপরতা চোখে পড়েনি। ফলে বিস্ফোরণ বা অগ্নিকাণ্ডের আশঙ্কা থাকা সত্ত্বেও বহু মানুষ ঝুঁকি নিয়ে ঘটনাস্থলে অবস্থান করেন।

বিশেষজ্ঞদের মতে, তেলবাহী গাড়ির দুর্ঘটনার পর সেখানে আগুন লাগার সম্ভাবনা অত্যন্ত বেশি থাকে। সামান্য একটি স্ফুলিঙ্গ থেকেও বড় ধরনের দুর্ঘটনা ঘটতে পারে। তাই প্রশাসনের উচিত দ্রুত এলাকা খালি করে নিরাপত্তা ব্যবস্থা জোরদার করা।

ঘটনার জেরে এলাকাবাসীদের মধ্যে উদ্বেগ তৈরি হয়েছে। প্রশাসনের পক্ষ থেকে এখনও পর্যন্ত ক্ষয়ক্ষতি বা দুর্ঘটনার কারণ সম্পর্কে আনুষ্ঠানিকভাবে বিস্তারিত কিছু জানানো হয়নি।

প্রশ্ন উঠছে — মানুষের জীবন সুরক্ষায় প্রশাসনের ভূমিকা কি আরও সক্রিয় হওয়া উচিত ছিল?

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*रिपोर्ट- मोहम्मद फारूक*

*डीएम चंद्र प्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार ने वृंदावन में श्रद्धालुओं की सुगम व्यवस्था, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिया किया निरीक्षण*

वृंदावन। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार द्वारा थाना वृन्दावन क्षेत्रान्तर्गत श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं दर्शनार्थियों की सुगम यात्रा तथा वृंदावन की सुदृढ़ यातायात व्यवस्था हेतु निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने हेतु विशेष टीम का गठन किया गया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार द्वारा प्रेम मंदिर तथा आस-पास के क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार द्वारा श्रीबांके बिहारी जी मंदिर तथा श्रीराधा बल्लभ मन्दिर के आस-पास श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था व यातायात व्यवस्था के संबंध में निरीक्षण किया गया *निरीक्षण एवं ब्रीफिंग में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, एस0पी0 सिटी राजीव कुमार सिंह, एस0पी0 यातायात राजेश कुमार तिवारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार, अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह, अपर नगर आयुक्त सी0पी0 पाठक, अपर नगर मजिस्ट्रेट वृन्दावन राजकुमार चौधरी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।*

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पाल समाज और राजनीति पर उठे तीखे सवाल, वाराणसी से दीपक कुमार पाल की पहल

वाराणसी, संवाददाता:

वाराणसी में सामाजिक जागरूकता को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। *राजमाता अहिल्याबाई होलकर नवयुग पाल सेवा समिति* के संस्थापक दीपक कुमार पाल ने समाज और राजनीतिक दलों के सामने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह पहल समाज के आत्ममंथन और राजनीतिक जवाबदेही की दिशा में एक सशक्त कदम मानी जा रही है।

दीपक कुमार पाल ने कहा कि आजादी के बाद पाल समाज में अनेक नेता और समाजसेवी उभरे, लेकिन क्या उन्होंने मिलकर ऐसा कोई मजबूत और स्थायी सिस्टम व्यवस्था बनाया, जिससे समाज में शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार की स्थिति बेहतर हो सके? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या समाज को दहेज मुक्त और मानवीय मूल्यों पर आधारित समाज बनाने के लिए कोई ठोस प्रयास किए गए।

उन्होंने राजनीतिक दलों को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि वे अहिल्याबाई होलकर के नाम पर जयंती और आयोजन तो करते हैं, लेकिन क्या उनके आदर्शों को शासन और नीतियों में लागू किया जा रहा है?

समिति की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि समाज को केवल आयोजन और भीड़ तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिक्षा, संगठन और आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कार्य करने की आवश्यकता है। युवाओं को रोजगार, परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा और समाज को समरसता की ओर ले जाने के लिए एक सामूहिक व्यवस्था खड़ी करना समय की मांग है।

दीपक कुमार पाल ने स्पष्ट कहा कि यदि ऐसा कोई मजबूत सिस्टम अब तक नहीं बन पाया है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने समाज और नेतृत्व दोनों से अपील की कि वे केवल पहचान बनाने तक सीमित न रहें, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाएं।

यह पहल केवल सवाल उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक व्यापक सामाजिक आंदोलन की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है। अब देखना यह होगा कि समाज और राजनीतिक दल इन सवालों का किस तरह जवाब देते हैं।
दीपक कुमार पाल 🇮🇳

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द्वारीखाल, 5 जून।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विकासखंड द्वारीखाल में पर्यावरण संरक्षण और वन सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस क्रम में ग्राम पंचायत सिराई, बुबई, नौसिन, सैंज, पलास, मलेथा एवं रिंगवाड़ के फायर फाइटरों, हंस वनाग्नि प्रबंधन समिति के सदस्यों तथा ग्रामीणों द्वारा रेंज कार्यालय मटियाली में जन-जागरूकता रैली एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वनाग्नि की रोकथाम तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम में वन विभाग के वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश रावत, वन दरोगा कमलेश रतूड़ी एवं बचन सिंह सहित अन्य वन कर्मियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा ब्लॉक प्रमुख दुगड्डा एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

जन-जागरूकता रैली का शुभारंभ रेंज कार्यालय मटियाली से किया गया, जो मुख्य बाजार डाडामंडी तक निकाली गई। रैली में शामिल प्रतिभागियों ने “पेड़ पौधों की करो रखवाली, तभी आयेगी सुंदर हरियाली” तथा “वन उत्तराखंड की है पहचान, आओ इनका करें सम्मान” जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया। तख्तियों और बैनरों के जरिए पर्यावरण संरक्षण एवं वन सुरक्षा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाया गया।

रैली के दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय नागरिकों को वनाग्नि से होने वाले नुकसान, उसकी रोकथाम के उपायों तथा पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि वन न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं, बल्कि जल स्रोतों के संरक्षण, जैव विविधता की रक्षा तथा मानव जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

रैली के उपरांत आयोजित गोष्ठी में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम, वनों के संरक्षण तथा जनसहभागिता की आवश्यकता पर गहन चर्चा की गई। वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश रावत ने अपने संबोधन में कहा कि वनों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी ग्रामीणों, समिति सदस्यों एवं प्रतिभागियों ने वनों को आग से सुरक्षित रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता फैलाने की शपथ ली।

इस अवसर पर द हंस फाउंडेशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर रोहित गड़िया एवं मोटिवेटर संगीता देवी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने एवं समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

यह आयोजन न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से वन सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित करने वाला साबित हुआ।

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हरियाणा का अस्थल तिरखु तीर्थ — महाभारत कालीन यक्ष-सरोवर आज भी जीवित है

हरियाणा। अस्थल तिरखु तीर्थ — जो महाभारत के वन-पर्व में वर्णित यक्ष-सरोवर के रूप में प्रसिद्ध है — आज भी अपनी दिव्य परम्परा को जीवित रखे हुए है। इतिहासकार एवं सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी नरेश दास वैष्णव निम्बार्क के शोध के अनुसार यही वह पावन सरोवर है जहाँ युधिष्ठिर ने यक्ष के समस्त प्रश्नों का धर्मपूर्वक उत्तर दिया था।

शोधकर्ता के अनुसार यह सरोवर एक समय लगभग पच्चीस एकड़ में विस्तृत था — जो आज सिमटकर एक एकड़ में शेष है। इस तीर्थ के अन्तर्गत लगभग तीन सौ साठ मन्दिर आते थे जिनकी सेवा-पूजा की सम्पूर्ण व्यवस्था वैष्णव बैरागी आचार्यों के अधीन थी।

ऐतिहासिक दृष्टि से यह तीर्थ इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सन् १७५० में छुई खदान रियासत के प्रथम बैरागी राजा रूप दास बैरागी ने इसी तीर्थ पर दीक्षा ग्रहण की थी। यह तथ्य डॉ. नारायण दत्त — M.A., Ph.D., आगरा विश्वविद्यालय — की पुस्तक 'निम्बार्क सम्प्रदाय — कृष्ण भक्ति हिन्दी काव्य' में प्रमाणित रूप से वर्णित है।

वर्तमान में इस तीर्थ के पीठाधीश्वर डॉ. महन्त राजपाल दास बैरागी निम्बार्क हैं — जिन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से निम्बार्क वेदान्त पर Ph.D. सम्पन्न की है। सन् १९८४ से वे इस तीर्थ की सेवा-व्यवस्था का संचालन कर रहे हैं।

इतिहासकार नरेश दास वैष्णव निम्बार्क का कहना है — "अस्थल तिरखु तीर्थ तीन युगों को अपने भीतर समेटे हुए है। महाभारत काल का यक्ष-सरोवर, निम्बार्क सम्प्रदाय की वैष्णव बैरागी साधना और आधुनिक विद्वत्ता की त्रिवेणी इस तीर्थ को भारत के तीर्थ-इतिहास में अद्वितीय स्थान प्रदान करती है।"

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**जय हिंद। जय भारत।** 🙏

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जळगाव : सावखेडा, ता. अमळनेर येथील

वाळू घाटावर नियमबाह्य पध्दतीने मशिनीच्या माध्यमातून बेसुमार वाळू उपसा होत असल्याचा प्रकार २६ मे रोजी महसूल पथकाच्या छापेमारीत उघड झाला होता. याप्रकरणी सावखेडा येथील मंडळाधिकारी कल्याणी पाटील आणि तलाठी पवनकुमार शिंगारे यांना शुक्रवारी निलंबित करण्यात आले आहे.

सावखेडा येथील वाळूघाटप्रकरणी अमळनेर व चोपडा तहसीलदार तसेच तलाठी व मंडळाधिकारी अशा सहा जणांना गेल्या आठवड्यात नोटिसा बजावण्यात आल्या होत्या. तसेच त्यांच्याकडून खुलासा मागविण्यात आला होता. खुलासा सादर होताच जिल्हाधकिारी रोहन घुगे यांनी शुक्रवारी वरील दोघांवर निलंबनाची कारवाई केली.

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अधिकमास परिक्रमा में दो दिन शेष, तैयारीयां चालू, कार्यकर्ताओं और भक्तों में उत्साह चरम पर।

पाली 6 जून। 8 जून से निकलने वाली अधिक मास परिक्रमा की तैयारियां को लेकर पदाधिकारी और कार्यकर्ता द्वारा जोर-शोर जुटकर तैयारीयां शुरू कर दी गई है। संरक्षक पंडित शंभूलाल शर्मा अध्यक्ष प्रदीप कच्छावा ने बताया की सभी मंदिरों समाजों और सार्वजनिक स्थानों सहित जगह-जगह बैनर पोस्टर लगाने के लिए प्रियंका व्यास, राजश्री, अंजना वैष्णव, नीतू अमरनानी, कंचन प्रजापत, अनु सोलंकी, सहित मातृशक्ति की टीम के साथ हेमंत बंग, अरुण व रोहित वैष्णव जुटे हुए है।

महामंत्री केलाश टवाणी ने बताया कि चंदा एकत्रित करने एवं देव मंदिरों तथा समाज संस्थाओं में निमंत्रण के लिए कार्यालय सचिव हीरालाल व्यास के नैतृत्व में जोराराम पटेल , कान सिंह राणावत, सुनील लोहिया, हर्ष शर्मा, सुरेश मोहन शर्मा, गुरुचरण हेड़ा, महेंद्र बज़ाज़, दयाराम जटिया, पूसाराम किर, सुरेश काबरा, शांतु मंडोरा, जयनारायण अरोड़ा आदि लगे हुये है।

टवाणी ने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा जहां-जहां से परिक्रमा निकलेगी उस रास्ते का पूरा चेक लिया है रास्ते से अवरोध हटाए गए नगर परिषद द्वारा कंटीली झाड़ियां काटकर खड़े भर कर रास्ते को समतल कर साफ़ सफाई कर रहे है। उधर बिजली विभाग जहां निचे लटकते तारो को ठीक कर जो खम्बे सही नहीं है उसे ठीक कर रहे है इस प्रकार जिला प्रसाशन का पूरा सहयोग मिल रहा है। जहां पड़ाव रहेगा वहां अधिकमास धर्मार्थ संस्थान का पूरा नियंत्रण रहेगा। इस बार संस्था का स्वर्ण जयंती वर्ष होने के कारण पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं और लोगों में बहुत ही उत्साह है।

रिपोर्ट - घेवरचन्द आर्य पाली

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लखीमपुर खीरी । धौरहरा कोतवाली क्षेत्र में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बृहस्पतिवार/शुक्रवार की रात कफारा कस्बे में चोरों ने दो घरों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवरात, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी होने पर क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।
कफारा कस्बा निवासी दुर्गेश निगम पुत्र रज्जन निगम ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि रात के समय चोर छत के रास्ते घर में घुस आए। उस समय परिवार के सदस्य छत पर सो रहे थे। चोरों ने घर में रखी दो अलमारियों के लॉकर तोड़ दिए और उनमें रखे सोने के झाला, नथनी, अंगूठी, चांदी की पायल, चांदी की प्लेट, करधनी सहित अन्य कीमती जेवरात तथा करीब 30 हजार रुपये नकद और महंगी साड़ियां चोरी कर लीं।
इसी रात चोरों ने कस्बा निवासी सुधांशु निगम पुत्र शिवपूजन निगम के घर को भी निशाना बनाया। यहां चोरों ने अलमारी और बक्सा तोड़कर सोने के झाला, मंगलसूत्र, चांदी की पायल समेत अन्य आभूषण और लगभग 20 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए। दोनों घटनाओं में चोर लाखों रुपये की संपत्ति समेट ले गए।
शुक्रवार सुबह चोरी की जानकारी होने पर पीड़ित परिवारों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कफारा चौकी प्रभारी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई और जांच शुरू कर दी। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से कस्बे के लोगों में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
घटना के संबंध में प्रभारी निरीक्षक धौरहरा दिनेश कुमार शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन पर स्पष्ट जानकारी देने के बजाय बातचीत समाप्त कर दी। दोबारा संपर्क करने पर भी फोन रिसीव नहीं हुआ।
वहीं क्षेत्राधिकारी धौरहरा ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हो गई है। मुकदमा दर्ज कर आवश्यक जांच एवं आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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लखीमपुर, खीरी। विकास खंड धौरहरा क्षेत्र में शुक्रवार को एक पेड़ मां के नाम एवं बृहद वृक्षारोपण अमृत सरोवर अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत अदलीसपुर में विकास विभाग द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर किया गया।

कार्यक्रम में विधायक विनोद शंकर अवस्थी एवं खंड विकास अधिकारी संदीप तिवारी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी देखभाल करने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में एडीओ पंचायत प्रेमपाल सिंह, एडीओ आईएसबी अनुज अवस्थी सहित विकास विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाकर उसकी देखभाल करनी चाहिए।

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले के 42 परीक्षा केंद्रों पर 8, 9 और 10 जून को परीक्षा आयोजित की जाएगी। शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटों, केंद्र व्यवस्थापकों और संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि परीक्षा सामग्री की प्राप्ति एवं वितरण स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक की उपस्थिति में सीसीटीवी निगरानी के बीच कराया जाए। साथ ही परीक्षा अवधि के दौरान सभी केंद्रों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा समाप्त होने के बाद गोपनीय सामग्री को निर्धारित रूट के माध्यम से पुलिस अभिरक्षा में डबल लॉक व्यवस्था के तहत सुरक्षित जमा कराया जाए। बैठक में अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात और परीक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त विजय धुल, डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य, अपर जिलाधिकारी नगर सत्यम मिश्रा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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मुरादाबाद। डबल फाटक स्थित भोला कॉलोनी में बालाजी धर्मशाला के पीछे आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर धर्म और आस्था के जयकारों के साथ क्षेत्र में शोभायात्रा निकाली, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथा के प्रथम दिवस पर कथावाचक पुजारी महेंद्र सिंह जी ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताते हुए धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत किए गए सुंदर-सुंदर भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भक्त भक्ति रस में डूबकर भजनों का आनंद लेते नजर आए।
इस अवसर पर भगवान श्री गणेश की भव्य झांकी भी निकाली गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर झांकी का स्वागत किया और भगवान गणेश के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
कथावाचक पुजारी महेंद्र सिंह जी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक जागृति आती है तथा उसे धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
आयोजन को सफल बनाने में क्षेत्र के सभी मोहल्लेवासियों का विशेष सहयोग रहा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए आगामी दिनों में भी कथा श्रवण हेतु अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की।

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సర్వాంతర్యామి రెండో షేడ్యూల్ 10 జూన్ 2026 నుండి ప్రారంబిస్తున్నటుగా డైరెక్టర్ బొల్లాప్రగడ గంగాధర్ ప్రసాద్ తెలిపారు . కళా కుసుమాలు కల్చరల్ ఆర్ట్స్ అసోసియేషన్ బ్యానర్ మీద ఈ ఫిల్మ్ గత నెల 21న ప్రారంభించామని , ఇందులో నటీ,నటులు తాము గతంలో 3 రోజుల యాక్టింగ్ వర్క్ షాప్ నిర్వహించి , అందులో నుండి ప్రతిభ గల నటీ ,నటులను తీసుకుని ఈ ఫిల్మ్ చేస్తునట్టుగా తెలిపారు . ఈ ఫిల్మ్ మొదటి షేడ్యూల్ గతనెల 20 న ప్రారంభించామని , రెండు పాటలు , కొన్ని సీన్స్ తీశామని ,మిగిలినవి రెండో షెడ్యూల్ లో తీయడానికి సన్నాహాలు చేస్తున్నామని తెలిపారు. దేవుడు లేదనే వ్యక్తి , చివరికి దేవుడు ఉన్నాడని ఎలా నమ్ముతాడు అనే ఇతివృతం ఆధారంగా తాను ఈ చిత్రాన్ని నిర్మిస్తున్నటుగా తెలిపారు . ఈ చిత్రంలో హరగోపాల్ గారు , డాక్టర్ రియాజ్ అహ్మద్ గారు అన్నదానం శర్మ గారు , వెంకట్ ,మోహన్ , వాసు , ఆలూరి రమేష్ బాబు తదితరులు ఇప్పటివరకు నటించారని ఇంకా కొంతమంది కళాకారులు నటించాల్సిన అవసరం ఉందని అన్నారు . ఈ చిత్రానికి కెమెరా , ఎడిటింగ్ , కథ , మాటలు , దర్శకత్వ బాధ్యతలను సంస్థ డైరెక్టర్ బొల్లాప్రగడ గంగాధర్ ప్రసాద్ నిర్వహిస్తున్నారని తెలిపారు ఈ చిత్రాన్ని జూన్ నెలలో విడుదల చేస్తామని తెలిపారు

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द्वारीखाल/पौड़ी गढ़वाल, 5 जून।
द्वारीखाल संबाददाता कमल उनियाल

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में वृक्षारोपण एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में जनसरोकारों के लिए समर्पित द हंस फाउंडेशन तथा भूमि संरक्षण वन प्रभाग लैंसडौन के जयहरीखाल रेंज के तत्वाधान में ग्राम ओडल में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और वन पंचायत भूमि पर आंवला, कचनार, बाँज सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
वन क्षेत्राधिकारी गणेश चन्द्र बहुगुणा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण के कारण वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व बन गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते हम सचेत नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन संकटपूर्ण हो सकता है।
द हंस फाउंडेशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर संजय बजवाल ने कहा कि प्रत्येक वृक्ष की अपनी विशेषताएं और सांस्कृतिक महत्ता होती है, इसलिए वृक्षारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

वन पंचायत सरपंच विजेंद्र सिंह ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे अपनी क्षमता के अनुसार अधिक से अधिक पौधे लगाएं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहें।
कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई और लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।

इस अवसर पर वन दरोगा रमेश गुसाईं, कुलदीप नेगी, राकेश वेदवाल, बवीता देवी, ममता देवी, मीना देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष 5 जून को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानव गतिविधियों के कारण बढ़ता प्रदूषण और जैव विविधता का नुकसान भविष्य के लिए गंभीर खतरा है, जिसे केवल सामूहिक प्रयासों से ही रोका जा सकता है।

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शिवनी: ग्राम पंचायत शिवनी में सरकारी हैंडपंपों की खराब स्थिति के कारण ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। अमर ज्ञान गेस्ट हाउस के सामने स्थित हैंडपंप के पास गंदगी और जलजमाव की वजह से पानी दूषित हो रहा है, जिससे बीमारियाँ फैल रही हैं। यह हैंडपंप मुख्य मार्ग पर होने के कारण स्थानीय लोग और राहगीर इसका उपयोग करते हैं, लेकिन इसकी सफाई न होने से स्थिति गंभीर बनी हुई है।

ग्रामीण संतोष ने प्रशासन और ग्राम पंचायत पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कई बार समस्या की ओर ध्यान दिलाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा, ग्राम प्रधान शान मोहम्मद की उदासीनता पर भी ग्रामीण नाराज हैं। लोगों का कहना है कि प्रधान और पंचायत प्रशासन की नाकामियों के कारण सार्वजनिक पेयजल स्रोतों की यह दुर्दशा देखने को मिल रही है।

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक स्कूबा डाइविंग वाला वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो को शेयर करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी का नया दौर शुरू हो गया। श्रीनेत की टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स पर राहुल गांधी का स्कूबा डाइविंग वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'मेरा मोदी जी से आग्रह है, ज्यादा लोड ना लें। यह करतब दिखाने की कोई जरूरत नहीं है। राहुल जी सर्टिफाइड स्कूबा डाइवर हैं।' उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री को पानी में कूदने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

#RahulGandhi #ScubaDiving #Congress

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సోమందేపల్లి, గోరంట్ల, పరిగి మండలాల్లో ‘నవచేతన’ బాల్యారంభ అభివృద్ధి స్క్రీనింగ్ కార్యక్రమంపై అంగన్వాడీ కార్యకర్తలకు ప్రత్యేక శిక్షణ నిర్వహించారు. సీడీపీఓ డాక్టర్ శాంతలక్ష్మి ఆదేశాల మేరకు సూపర్వైజర్ శుభారాణి ఆధ్వర్యంలో ఈ కార్యక్రమం జరిగింది.
గర్భధారణ నుంచి రెండేళ్ల వయస్సు వరకు ఉండే తొలి 1,000 రోజులు చిన్నారి జీవితంలో అత్యంత కీలకమని అధికారులు తెలిపారు. ఈ కాలంలో పిల్లల మెదడు వేగంగా అభివృద్ధి చెందుతుందని, సరైన పోషకాహారం, ఆరోగ్య సంరక్షణ, ప్రారంభ అభ్యసన అవకాశాలు భవిష్యత్ విద్య, ఆరోగ్యం, శ్రేయస్సుపై ప్రభావం చూపుతాయని వివరించారు.
మహిళా, శిశు సంక్షేమ శాఖ మరియు వైద్య ఆరోగ్య శాఖల సమన్వయంతో అమలు చేస్తున్న ‘నవచేతన’ మొబైల్ ఆధారిత స్క్రీనింగ్ ద్వారా 0 నుంచి 6 సంవత్సరాల పిల్లల అభివృద్ధిని అంచనా వేయనున్నట్లు తెలిపారు. పిల్లలలో స్థూల, సూక్ష్మ చలన నైపుణ్యాలు, భాషా అభివృద్ధి, జ్ఞాన వికాసం, సామాజిక-భావోద్వేగ అభివృద్ధి వంటి అంశాలను పరిశీలించి అభివృద్ధి ఆలస్యాలను ముందుగానే గుర్తించే అవకాశం ఉంటుందని చెప్పారు.
అంగన్వాడీ కార్యకర్తలకు అభివృద్ధి మైలురాళ్లు, స్క్రీనింగ్ విధానాలు, వైకల్యాల గుర్తింపు, ముందస్తు రిఫరల్ సేవలు, తల్లిదండ్రులకు అవగాహన కల్పించడం వంటి అంశాలపై శిక్షణ అందించారు. తొలి 1,000 రోజులు జీవితంలో ఒక్కసారే వస్తాయని, పిల్లల భవిష్యత్ అభివృద్ధికి ఇది బలమైన పునాది అని అధికారులు పేర్కొన్నారు.

📰 AIMA MEDIA STAFF
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चौथ्या स्तंभावरील हल्ले बंद झाले पाहिजेत!
पत्रकार बांधवांना महत्त्वाचे आवाहन

पत्रकारांवरील वाढते हल्ले, पत्रकारांच्या सुरक्षिततेचा प्रश्न तसेच पत्रकारांशी संबंधित गुन्हे दाखल करताना होणारा विलंब यासारख्या गंभीर विषयांवर चर्चा करण्यासाठी ही बैठक आयोजित करण्यात आली आहे. ही बैठक कोणत्याही व्यक्तीच्या वैयक्तिक हितासाठी नसून संपूर्ण पत्रकार बांधवांच्या सामूहिक हितासाठी आहे.

यासाठी कोणत्याही पत्रकाराला वैयक्तिक फोन, एसएमएस किंवा स्वतंत्र निमंत्रण देण्यात येणार नाही. बैठकीची माहिती सर्वांसाठी खुली करण्यात आली असून, पत्रकारांच्या हक्कांसाठी आणि भविष्यातील सुरक्षिततेसाठी प्रत्येक पत्रकाराने स्वतःच्या जबाबदारीने उपस्थित राहावे, ही अपेक्षा आहे. पत्रकारांनी पत्रकारांसाठी एकत्र यावे हा या बैठकीमागील मुख्य उद्देश आहे. त्यामुळे सर्व पत्रकार बांधवांनी वैयक्तिक निमंत्रणाची अपेक्षा न ठेवता पत्रकारितेच्या हितासाठी, एकजुटीचे दर्शन घडवण्यासाठी आणि सामूहिक भूमिका निश्चित करण्यासाठी मोठ्या संख्येने उपस्थित राहावे, असे आवाहन करण्यात येत आहे.

आपलेच
- सर्व पत्रकार

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
*Indian Council of press,Nagpur*
Journalist Cell
*All India Media Association
Nagpur*
*District President*
*Delhi Crime Press*
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
*INDIAN PRESS UNION*
District Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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मुरादाबाद भगतपुर थाना क्षेत्र के पाडली बजे गांव में 25 वर्षीय युवक संजय का शव आम के पेड़ पर लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। गांव के बाहर अमृत सरोवर के पास शव देखे जाने के बाद स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक संजय की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही थी। वहीं, परिजनों के मुताबिक करीब 14 दिन पहले उसकी मां का भी निधन हो गया था, जिसके बाद वह काफी परेशान रहता था।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

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*श्रीरामपूर अप्पर पोलीस अधीक्षक कार्यालयातील शेंगाळे यांना पदोन्नती*

श्रीरामपूर (*शिवप्रहार न्यूज नेटवर्क*) श्रीरामपूर शहरातील अप्पर पोलीस अधीक्षक कार्यालयात कर्तव्यास असलेल्या अनिल शेंगाळे यांना नुकतेच पोलीस नाईक पदावरून हवालदारपदी पदोन्नती मिळाली आहे.दरम्यान यावेळी श्रीरामपूर विभागाचे अप्पर पोलीस अधीक्षक श्री.सोमनाथ वाकचौरे,पीएसआय श्री.धुळे,पीएसआय श्री.राजू गोडगे यांच्यासह इतर अधिकारी यांच्या उपस्थितीत त्यांचे अभिनंदन करण्यात येवुन पुढील वाटचालीसाठी शुभेच्छा देण्यात आल्या.

*Devashish Govind Tokekar*
*VANDE Bharat live tv news Nagpur*
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పాణ్యం (AIMA MEDIA): ప్రపంచ పర్యావరణ దినోత్సవం 2026ను పురస్కరించుకుని, ఆర్జీఎం కళాశాలలోని రసాయనశాస్త్ర విభాగం, ఎన్ఎస్ఎస్ విభాగం సహకారంతో పర్యావరణ అవగాహన కార్యక్రమాన్ని ఘనంగా నిర్వహించారు.ముఖ్య అతిథి, ఆర్జీఎం కళాశాల ప్రిన్సిపాల్ డాక్టర్ టి. జయచంద్ర ప్రసాద్, మొక్కలు నాటి వృక్షారోపణ కార్యక్రమాన్ని ప్రారంభించారు. ఇందులో భాగంగా పెద్ద ఎత్తున వృక్షారోపణ కార్యక్రమం మరియు వాతావరణ బాధ్యతపై విజ్ఞానదాయకమైన సదస్సును నిర్వహించారు. విద్యార్థులు మరియు అధ్యాపకులలో పర్యావరణ చైతన్యాన్ని పెంపొందించడం, సుస్థిర పద్ధతులను ప్రోత్సహించడం అనే లక్ష్యంతో ఈ కార్యక్రమాన్ని నిర్వహించారు.కళాశాల ప్రాంగణంలో వృక్షారోపణ కార్యక్రమంతో ఈ కార్యక్రమం ప్రారంభమైంది. ఈ కార్యక్రమానికి రసాయన శాస్త్ర విభాగాధిపతి డాక్టర్ ఎ. బాలకృష్ణ, ఎన్‌ఎస్‌ఎస్ ప్రోగ్రామ్ అధికారులు డాక్టర్ వి. సత్యప్రకాష్, డాక్టర్ ఎ. సురేష్ కుమార్, EEE విభాగం HOD, డా. నాగభాస్కర్ రెడ్డి ముఖ్య అతిథులుగా హాజరయ్యారు.

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जिला मजिस्ट्रेट श्री जांगिड़ ने दो आदतन अपराधियों को किया जिला बदर

जिला मजिस्ट्रेट मुरैना श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा के प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए दो आदतन अपराधियों को जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। इन दोनों व्यक्तियों के विरुद्ध जिले के विभिन्न थानों में अनेक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा यह कार्रवाई मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3 सहपठित धारा 5 एवं 6 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है।
जिला बदर किए गए अपराधियों में थाना सरायछोला अंतर्गत ग्राम जैतपुर निवासी 30 वर्षीय डरूआ पुत्र रामनारायण सिंह गुर्जर तथा ग्राम जैतपुर निवासी 44 वर्षीय रनवीर पुत्र भगवान सिंह गुर्जर शामिल हैं।
लोक व्यवस्था एवं जनसुरक्षा बनाए रखने तथा इन व्यक्तियों की आपराधिक एवं असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट ने आदेशित किया है कि दोनों अपराधी आगामी एक वर्ष की अवधि तक जिला मुरैना सहित इसके निकटवर्ती जिलों ग्वालियर, भिण्ड, श्योपुर एवं शिवपुरी की सीमाओं से बाहर रहेंगे। साथ ही, बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के वे उक्त जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यह आदेश क्षेत्र में शांति, कानून-व्यवस्था एवं आमजन के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दृष्टि से जारी किया गया है।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh

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*माजी मंत्री तनपुरे परिषदेवर बिनविरोध;राहुरीला भेटले ०२ आमदार*

राहुरी (*शिवप्रहार न्यूज नेटवर्क*) माजी मंत्री श्री.प्राजक्त तनपुरे यांची भारतीय जनता पार्टीच्या वतीने उमेदवारी जाहीर करण्यात आल्यानंतर इतर सर्व उमेदवारांनी माघार घेतल्याने त्यांची नगर जिल्ह्यातुन विधान परिषदेसाठी बिनविरोध निवड झाली आहे.यामध्ये पालकमंत्री नामदार श्री.राधाकृष्ण विखे पाटील यांची भूमिका अतिशय महत्त्वाची ठरली.दरम्यान यामुळे राहुरीला आता ०२ आमदार मिळाले आहेत.

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मुरैना जिले में रेत आपूर्ति हेतु 08 रेत भण्डारण एवं 27 एम-सेण्ड खदानें स्वीकृत

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन में जिले में निर्माण कार्यों हेतु खनिज रेत की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खनिज विभाग, मुरैना द्वारा 08 खनिज रेत भण्डारण अनुज्ञप्तियां तथा 27 एम-सेण्ड खदानें स्वीकृत की गई हैं।
स्वीकृत रेत भण्डारण अनुज्ञप्तियों में श्री उपेन्द्र सिंह, ग्राम नरेश्वर, तहसील बामौर, सर्वे क्रमांक 253, रकबा 0.62 हेक्टेयर, मोबाइल 8085395972, मै. घिरौगी मिनरल्स, ग्राम उरहाना, तहसील बामौर, सर्वे क्रमांक 1244, रकबा 2.450 हेक्टेयर, मोबाइल 9425407000, श्री अवधेश कुमार सिंह, ग्राम सिकरौदा, तहसील बामौर, सर्वे क्रमांक 555 रकबा 0.2500 हेक्टेयर एवं 556 रकबा 0.2600 हेक्टेयर, मोबाइल 7354880123, मै. कुशवाह कन्स्ट्रक्शन कंपनी, ग्राम मुरवाई, तहसील सबलगढ़, सर्वे क्रमांक 99, रकबा 0.523 हेक्टेयर, मोबाइल 8770631418, 9893759913, शिवा एनर्जी ट्रेडर्स, ग्राम लकेंजरा, तहसील सबलगढ़, सर्वे क्रमांक 58, रकबा 0.4280 हेक्टेयर, मोबाइल 9837010740, एम.सी.सी. इन्फ्राटेक प्रा. लि., ग्राम बमरौली, तहसील बामौर, सर्वे क्रमांक 541 (1.27 हेक्टेयर), 539 (1.12 हेक्टेयर), 542 (0.81 हेक्टेयर) एवं 533 (0.47 हेक्टेयर), मोबाइल 9157062881, 8317080652, वाई.एफ.सी. प्रोजेक्ट प्रा. लि. एवं कृष्णा कन्स्ट्रक्शन कंपनी, ग्राम थरा, तहसील अम्बाह, सर्वे क्रमांक 1521, 1522 एवं 1523, कुल रकबा 1.05 हेक्टेयर, मोबाइल 8077356669, 9711847457 और मैसर्स वाई.एफ.सी. प्रोजेक्ट प्रा. लि. एवं कृष्णा कन्स्ट्रक्शन कंपनी, ग्राम अतरसुमा, तहसील मुरैना, सर्वे क्रमांक 1052, 1053 एवं 1054, कुल रकबा 1.680 हेक्टेयर, मोबाइल 8077356669, 9711847457 चिन्हित की गई है।
रेत भण्डारण स्थलों से आम नागरिक, निर्माण एजेंसियां, शासकीय विभाग, फर्म एवं कंपनियां अपनी आवश्यकता अनुसार खनिज रेत प्राप्त कर सकती हैं। इसी प्रकार जिले में रेत की मांग एवं आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा 27 एम-सेण्ड (पत्थर से निर्मित रेत) खदानें भी स्वीकृत की गई हैं। ये खदानें ग्राम बिसेठा, रंचोली, अरदोनी, पढ़ावली, उरहाना, बड़वारी, खेरिया चुन्हेटी, मलखानपुरा तथा मजरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में संचालित हैं। आम नागरिक, निर्माण कार्य करने वाली संस्थाएं, फर्म, कंपनियां एवं शासकीय एजेंसियां इन स्वीकृत एम-सेण्ड खदानों से भी रेत की पूर्ति कर सकती हैं। इससे जिले में निर्माण कार्यों के लिए रेत की उपलब्धता सुगम होगी तथा वैध स्रोतों से खनिज सामग्री प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।
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*प्रकाशनार्थ*

*बयानबाजी और हकीकत : पश्चिम बंगाल में भाजपा शासन के एक माह*
*(आलेख : सुबिनॉय मौलिक, अंग्रेजी से अनुवाद : संजय पराते)*

पश्चिम बंगाल में भाजपा को सरकार में आकर सत्ता संभाले हुए लगभग एक महीना हो गया है। इस बेहद कम समय में ही, सरकार के प्रशासनिक रवैये को लेकर जनता में बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है। यह बेचैनी सिर्फ़ फेरीवालों और विक्रेताओं को बेरहमी से हटाने और राज्य में "बुलडोज़र संस्कृति" लाने के खौफ़नाक नतीजों की वजह से ही नहीं है। यह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और दूसरे नेताओं की "सरकारी दखल" वाली बयानबाजी तक ही सीमित नहीं है, जो पाठ्यपुस्तकों और सामाजिक जीवन में पूरी तरह से बदलाव लाने की वकालत कर रहे हैं।

इसके बजाय, एक ज़्यादा व्यापक और परेशान करने वाली बात ज़ोर पकड़ रही है : यह सरकार बड़े-बड़े वादे करने में तो माहिर है, लेकिन जब उन्हें असल में पूरा करने की बात आती है, तो काफ़ी पीछे रह जाती है। नतीजन, इस बात को लेकर गहरे सवाल उठने लगे हैं कि असल में यह प्रशासन लोगों के हितों पर कितना केंद्रित है।

*छिन्न-भिन्न प्राथमिकताएँ*

सरकार की सांस्कृतिक मुखरता और उसकी आर्थिक सुस्ती के बीच एक चौंकाने वाला विरोधाभास सामने आया है। पर्यवेक्षक यह सवाल उठा रहे हैं कि स्कूलों और मदरसों में 'वंदे मातरम' गान को अनिवार्य बनाने के लिए इतनी बेताबी क्यों दिखाई जा रही है, जबकि इसके विपरीत, जब आम जनता के ठोस कल्याण की बात आती है, तो गति बिल्कुल धीमी पड़ जाती है।

कई नागरिकों के मन में एक साझा सवाल उठ खड़ा हुआ है : क्या फेरीवालों को हटाना, लोगों को उनके घरों से बेदखल करना, 1950 के 'पशु वध/बलि अधिनियम' को सख्ती से लागू करना, या ऐसे निर्देश जारी करना जो सरकारी कर्मचारियों की आवाज़ को प्रभावी ढंग से दबा देते हैं — क्या सचमुच यही इस समय पश्चिम बंगाल की सबसे ज़रूरी और अहम समस्याएँ हैं? चुनाव जीतने के बाद उनकी प्राथमिकताओं की सूची में ये कदम निश्चित रूप से शामिल नहीं थे। तो फिर, भाजपा के नए नेतृत्व ने इन वैचारिक दांव-पेचों को अपनी प्राथमिकताओं की सूची में सबसे ऊपर रखने का फैसला क्यों किया है?

आलोचकों का तर्क है कि मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के बाद पैदा हुए लोकतांत्रिक संकट को तुरंत सुलझाना कहीं ज़्यादा ज़रूरी है। एक बेहद डरावनी प्रक्रिया के ज़रिए किए गए इस पुनरीक्षण में, लगभग 27 लाख लोगों को मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया। लाखों नागरिकों के नाम, जिन्हें सूची से हटा दिया गया है या जो अभी भी सुनवाई की पेचीदा प्रक्रिया में फँसे हुए हैं, उन्हें वापस शामिल करने की दिशा में काम करने के बजाय, नई बनी राज्य सरकार ने ठीक इसी समय 'नागरिकता संशोधन अधिनियम' को लागू करने की घोषणा करना चुना।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी जैसे प्रमुख व्यक्ति के नेतृत्व वाले प्रशासन ने घुसपैठियों के संबंध में अपनी नीति को "पहचानो, हटाओ और निर्वासित करो" (डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट) घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने घुसपैठियों की पहचान करने और उन्हें राज्य के भीतर "निरोध केंद्रों (होल्डिंग सेंटर्स)" में रखने की योजना की घोषणा की है, जो असम के नजरबंदी केंद्रों (डिटेंशन सेंटर्स) की तर्ज़ पर होंगे। इन तीनों कदमों से एक बात बिल्कुल स्पष्ट है : इसका उद्देश्य उनके चुनाव-पूर्व नारे "डर भगाओ, विश्वास जगाओ" को पूरा करना नहीं है ; बल्कि, इसका मकसद समाज में दहशत फैलाना और धार्मिक ध्रुवीकरण के नाम पर आपसी अविश्वास और संदेह को बढ़ावा देना है। अब आम नागरिकों के मन में गहरी आशंका घर कर गई है।

*अगंभीर वादे*

शुरू से ही, चुनाव-पूर्व किए गए वादों और अब जो हो रहा है, उसके बीच तालमेल का अभाव साफ़-साफ़ दिखाई देता है। उदाहरण के लिए, राज्य सरकार के कर्मचारियों की मांगों को ही ले लीजिए — एक ऐसा क्षेत्र, जहाँ भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान वादे करने में खूब दरियादिली दिखाई थी। सड़कों पर लगे विज्ञापन बोर्डों में वादा किया गया था कि सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर सातवें वेतन आयोग को लागू कर दिया जाएगा। इस वादे को पूरा करने के बजाय, मंत्रिमंडल ने विभिन्न सरकारी निकायों और संस्थानों के लिए एक आयोग गठित करने का केवल 'सैद्धांतिक निर्णय' लिया है। कर्मचारी इसे पिछली टीएमसी सरकार द्वारा फरवरी में पेश किए गए बजट की घोषणा का महज़ एक 'नया रंग रूप' मान रहे हैं, जो चुनाव से पहले किए गए स्पष्ट वादे को पूरा करने में नाकामी दिखाता है।

बकाया महंगाई भत्ते को लेकर भी कर्मचारी चिंतित हैं। विपक्ष में रहते हुए महंगाई भत्ता आंदोलन का समर्थन करने के बावजूद, मौजूदा मुख्यमंत्री अप्रैल के लिए महंगाई भत्ता में पहले से की गई 4% की बढ़ोतरी की बजटीय घोषणा पर चुप हैं। 2009 के रोपा नियमों से जुड़ा कानूनी विवाद अभी भी जारी है और इसका कोई समाधान नहीं निकला है। ऐसा लगता है कि मौजूदा सरकार भी पिछली सरकार की तरह ही, राजकोषीय घाटे और अदालत में मामले के लंबित रहने का हवाला देकर मामले को टालने की रणनीति अपना रही है। केंद्र और राज्य के बीच महंगाई भत्ता के मौजूदा 42% के अंतर को पाटना अब और भी मुश्किल लग रहा है।

*कानून के राज का ध्वंस*

हाल ही में पश्चिम बंगाल की सड़कों पर एक नया उपद्रव खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को — जो पहले से ही आपसी कलह से जूझ रहे हैं — सड़कों पर ऐसे हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें "जनता का गुस्सा" कहा जा रहा है। पिछले पंद्रह सालों में, वामपंथी लोग भी इसी तरह के सुनियोजित और बर्बर हमलों का बार-बार शिकार होते रहे हैं ; तथाकथित "जनता के गुस्से" की आड़ में उन पर नियमित रूप से हमले किए जाते रहे हैं, ताकि उनकी आवाज़ को दबाया जा सके।

अभिषेक बनर्जी या कल्याण बनर्जी जैसी हस्तियों से जुड़ी घटनाएँ दो अलग-अलग सच्चाईयों की ओर इशारा करती हैं : पहली, ये घटनाएं एक बेहद कमज़ोर न्यायिक व्यवस्था की ओर संकेत करती हैं, जहाँ बड़े बदलाव के दावों के बावजूद, कानून का राज कमज़ोर बना हुआ है, क्योंकि सड़कों पर स्थापित प्रशासनिक और वैधानिक मानदंडों की बार-बार अवहेलना की जाती है ; दूसरी, ये शारीरिक हमले अनजाने में एक राजनीतिक पुनरुद्धार को बढ़ावा दे रहे हैं, क्योंकि ये जनता का ध्यान फिर से तृणमूल कांग्रेस की ओर खींच रहे हैं — संभवतः उस विपक्षी दल को फिर से जीवित कर रहे हैं, जो आंतरिक कलह, भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों और जनता से दूरी के कारण लगभग पूरी तरह से हाशिए पर चला गया है।

मौजूदा प्रशासनिक माहौल में बुनियादी मानवीय गरिमा के पतन पर मानवाधिकार कार्यकर्ता और भी सवाल उठा रहे हैं। वे पूछ रहे हैं कि क्या किसी आरोपी को — भले ही उसका अपराध कितना भी जघन्य क्यों न हो — कमर में रस्सी बांधकर, अर्धनग्न अवस्था में सड़कों पर घुमाना, मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन नहीं है? उन्हें आशंका है कि भले ही यह सख़्त रवैया शुरुआत में अपराधियों को निशाना बनाता हो, लेकिन अंततः यह व्यवस्था को जवाबदेह ठहराने के किसी भी वैध मानवीय अधिकार को खतरे में डाल देगा।

*नौकरशाही की भूलभुलैया*

चुनावी वादे के मुताबिक 'लक्ष्मी भंडार' से 'अन्नपूर्णा योजना' की ओर बदलाव, प्रशासनिक रवैये में आए एक और स्पष्ट परिवर्तन को उजागर करता है। शुरुआत में, भाजपा ने यह घोषणा की थी कि जो भी लोग पहले मिलने वाली कल्याणकारी आर्थिक सहायता प्राप्त करते थे, उन्हें नई 'अन्नपूर्णा योजना' के तहत अपने-आप ही 3,000 रुपये मिलने लगेंगे। बहरहाल, चुनाव समाप्त होते ही, भाजपा का एक बिल्कुल ही अलग चेहरा सामने आया है।

इस घोषणा के बावजूद कि यह योजना 1 जून को शुरू होगी और मौजूदा लाभार्थियों के खातों में फंड अपने-आप ट्रांसफर हो जाएगा, हकीकत में कहीं ज़्यादा मुश्किल भरी साबित हुई है। अब इस योजना का लाभ उठाने के लिए एक जटिल 12-पृष्ठ का आवेदन पत्र भरना ज़रूरी हो गया है। यह शर्त लाखों वंचित महिलाओं के लिए भारी परेशानी का सबब बन गई है।

इस विस्तृत नए दस्तावेज़ को भरने में बहुत ज़्यादा बारीकियों की ज़रूरत है, जिसमें आवेदक की पहचान के साथ ही संवेदनशील दस्तावेज़ और मतदाता का पूरा डेटा शामिल है। इसके अलावा, इसमें परिवार के हर सदस्य की निजी पहचान और आय की जानकारी देना ज़रूरी है, साथ ही यह भी साफ़-साफ़ बताना होगा कि क्या घर में तीन से ज़्यादा कमरे हैं। इस तरह की बारीक जाँच से मज़दूर वर्ग में काफ़ी चिंता फैल गई है कि इस फ़ॉर्म को भरते समय वे कहीं कोई ऐसी ग़लती न कर बैठें, जिससे वे अयोग्य घोषित हो जाएँ।

"क्या इस फ़ॉर्म का मकसद मदद देना है, या यह लोगों को बाहर करने की वजहें पहचानने का एक ज़रिया है? हर घर के सदस्य की निजी जानकारी या हमारी प्रॉपर्टी के कागज़ात की ज़रूरत क्यों है?" — राज्य भर में नाराज़ औरतें इन नई शर्तों पर सवाल उठा रही हैं। इस बीच, राज्य की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री, अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि सिर्फ़ इस फ़ॉर्म को सही-सही भर देने से यह गारंटी नहीं मिलती कि किसी को अन्नपूर्णा योजना का पैसा मिल ही जाएगा; उन्होंने कहा कि कई दूसरे पहलुओं की भी बारीकी से जाँच की जाएगी। मंत्री के इस बयान के बाद, और ज़्यादा भ्रम फैल गया है। लोग साफ़ तौर पर देख रहे हैं कि चुनावों से पहले, नई योजनाओं के तहत मिलने वाले फ़ायदों की एक पूरी लिस्ट जारी की गई थी; लेकिन अब, उन्हें असल में जो मिल रहा है, वह उन तरीकों की एक पूरी लिस्ट है, जिनका इस्तेमाल कुछ खास लोगों को ये फ़ायदे मिलने से रोकने के लिए किया जा रहा है।

*खोखले वादे*

इन ढांचागत रुकावटों को और भी गंभीर बना रहा है एक ज़बरदस्त आर्थिक झटका। मोदी सरकार ने महज़ 15 से 20 दिनों के भीतर ही पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी कर दी है। कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी का असर पूरे बाज़ार पर पड़ रहा है, जिससे ज़रूरी चीज़ों के दाम आसमान छू रहे हैं और आम आदमी के रसोई के बजट पर भारी मार पड़ रही है। पूरे देश में ईंधन की कीमतों में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी कोलकाता में दर्ज की गई है, जहाँ पेट्रोल की कीमत 113.51 रूपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत 99.82 रूपये तक पहुँच गई है।

पिछली सरकार से टैक्स में राहत की मांग करने के बावजूद, मौजूदा भाजपा नेतृत्व ने ईंधन पर लगने वाले अपने हिस्से के टैक्स को माफ करने के मामले में पूरी तरह से चुप्पी साध ली है। इसी तरह, चुनाव से पहले वीडियो में प्रचार किया गया था कि खाना पकाने वाला गैस सिलेंडर सिर्फ़ 450 रूपये में देने का वादा किया गया था, लेकिन वह भी पूरा नहीं हो पाया है। ये सब बस सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर वायरल वीडियो बनकर ही रह गए हैं।

अपने रिकॉर्ड का बचाव करने के लिए, सरकार के समर्थक 1 जून को महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ़्त बस यात्रा योजना का हवाला देते हैं। बहरहाल, आलोचकों का कहना है कि ज़्यादातर रूटों पर यह उपाय महज़ कागज़ी है, क्योंकि राज्य के बस बेड़े को काफ़ी समय पहले ही बड़े पैमाने पर खत्म कर दिया गया था। नीले और सफ़ेद रंग की सरकारी बसें मुख्य यात्रा मार्गों पर लगभग न के बराबर ही दिखाई देती हैं, जिससे परिवहन निगम (डब्ल्यूबीटीसी) ल के कई डिपो खाली पड़े हैं।

इस संकट के कारण नागरिकों को निजी बसों, ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा (टोटो) पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जो ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण लगातार महंगे होते जा रहे हैं। जैसा कि डोमकल से वामपंथी विधायक मुस्तफिजुर रहमान (राणा) ने मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में उल्लेख किया है, बहरामपुर-डोमकल-जलांगी जैसे मार्गों पर सरकारी बस सेवा तो बिल्कुल नहीं है।

*ग्रामीण बहिष्करण*

ग्रामीण क्षेत्रों में संकट का और भी खतरनाक आयाम धीरे-धीरे सामने आ रहा है : भाजपा सरकार राज्य के नौ प्रमुख जिलों में धान की खरीद नहीं करेगी। फिलहाल यह निर्देश रबी सीजन के लिए जारी किया गया है।

इस रबी मौसम में धान की खरीद के दायरे से पूरी तरह बाहर रखे गए जिले हैं : कूच बिहार, जलपाईगुड़ी, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, बांकुड़ा और पूर्व मेदिनीपुर। इन नौ जिलों के किसानों से खरीद पूरी तरह रोकने के फैसले के साथ-साथ, सुवेंदु अधिकारी सरकार ने खरीदी के कुल लक्ष्यों में भी भारी बदलाव किया है।

पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में रबी मौसम में धान की खरीद का कुल लक्ष्य 60 प्रतिशत कम कर दिया गया है। यह पिछले साल के 5 लाख मीट्रिक टन से घटकर मात्र 2 लाख मीट्रिक टन रह गया है। प्रशासन ने यह भी सूचित किया है कि वह सेंट्रल पूल' के लिए किसी भी धान की खरीद नहीं करेगा, और सारी गतिविधियाँ पूरी तरह से 'स्टेट पूल' तक ही सीमित रहेंगी। इस परिचालन बंदी के कारण, इन महत्वपूर्ण कृषि केंद्रों के लाखों किसान सरकारी बिक्री माध्यमों से पूरी तरह वंचित हो गए हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर यह आबादी शोषण करने वाले बिचौलियों और दलाल गिरोहों के हाथों 'मजबूरी में कम दाम पर बेचने' के लिए विवश हो गई है।

*सामाजिक सुरक्षा पर प्रहार*

पिछड़े अल्पसंख्यकों को ओबीसी आरक्षण से वंचित करना भाजपा का चुनाव-पूर्व का एक प्रमुख एजेंडा था, और सत्ता में आते ही उन्होंने इसे वापस लेने की दिशा में तेज़ी से कदम उठाए हैं। 2011 से पहले मौजूद आरक्षण सूची का सख्ती से पालन करते हुए, सुवेंदु अधिकारी सरकार ने प्रभावी रूप से ओबीसी आरक्षण कोटा को 17% से घटाकर 7% कर दिया है।

यह 17% कोटा फरवरी 2010 में बुद्धदेव भट्टाचार्य की वाम मोर्चा सरकार द्वारा 'ओबीसी-ए' श्रेणी के तहत स्थापित किया गया था। यह कदम मुस्लिम समुदाय के अत्यंत गरीब और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग की स्पष्ट सिफारिशों के बाद उठाया गया था। राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस आरक्षण को वापस लेने के कदम का बचाव करते हुए, पुरानी आरक्षण व्यवस्था को "वोट-बैंक की राजनीति" और "तुष्टीकरण" करार दिया है। उनका कहना है कि इस आरक्षण के कारण पात्र हिंदू समुदाय हाशिए पर चले गए है। उन्होंने पिछड़ा वर्ग के लिए राष्ट्रीय आयोग (एनसीबीसी) से इस मामले की समीक्षा करवाने के लिए औपचारिक रूप से पहल करने की भी घोषणा की है।

इस नीतिगत बदलाव पर राजनीतिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की प्रदेश अध्यक्ष जहानआरा खान ने चेतावनी दी है कि इस फैसले को वापस लेने से लगभग 2 करोड़ गरीब अल्पसंख्यकों से उनके विकास के संवैधानिक अधिकार छिन जाएंगे। वाम मोर्चा के नेताओं ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अल्पसंख्यकों के प्रति पूर्वाग्रह का एक खुला प्रदर्शन बताया है, जिससे पूरे राज्य में सामाजिक-आर्थिक प्रगति बाधित होगी और धार्मिक ध्रुवीकरण और गहराएगा।

*स्मार्ट हमला*

बिजली व्यवस्था का प्रबंधन भी अब एक बड़े और आक्रामक प्रशासनिक बदलाव का निशाना बन गया है। अब यह साफ़ हो गया है कि चुनाव से पहले किया गया "200 यूनिट मुफ़्त बिजली" का वादा, असल में चुनाव प्रचार का एक हथकंडा (जुमला) भर था। इसके विपरीत, 'डबल-इंजन' वाली सरकार ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं पर दोतरफ़ा हमला करने की पूरी योजना तैयार कर ली है — जिसके तहत बिजली की दरें बढ़ाई जाएंगी और साथ ही 'स्मार्ट मीटर' लगाने का काम भी शुरू किया जाएगा।

चुनावों से पहले, भाजपा ने अपने घोषणापत्र (संकल्प पत्र) में राज्य के उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का स्पष्ट वादा किया था। इसके बावजूद, उस वादे को पूरा करने से पहले ही, केंद्र और राज्य सरकारों ने उपभोक्ताओं पर बढ़ी हुई दरों और स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के रूप में दोहरी मार डाल दी है।

राजारहाट में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल और विभिन्न अधिकारियों के बीच हुई एक बैठक के बाद, बिजली के लिए एक संयुक्त रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। चुनाव से पहले किए गए कल्याणकारी वादों से हटकर, सरकार इस जुलाई से डब्ल्यूबीएसईडीसीएल नेटवर्क के तहत 2 करोड़ घरों में स्मार्ट मीटर लगाना शुरू करेगी। बाद में ये मीटर प्रीपेड यूनिट में बदल जाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं को पूरी राशि पहले से ही चुकानी होगी।

*एक चिंताजनक रुझान*

पश्चिम बंगाल में नई सरकार के पहले महीने ने चुनावी वादों और शासन की असलियत के बीच एक गहरी खाई को उजागर कर दिया है। बुनियादी सुविधाओं के प्रबंधन और आर्थिक कल्याण से लेकर नागरिक स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा के उपायों तक — तेज़ी से जनता को राहत देने के बजाय भाजपा सरकार का फोकस नौकरशाही के आक्रामक पुनर्गठन, वित्तीय सख्ती और वैचारिक ध्रुवीकरण की ओर मुड़ गया है। आम नागरिकों के लिए, जिन "अच्छे दिनों" का वादा किया गया था, वे इसके बजाय बढ़ती कीमतों, व्यवस्थागत बहिष्कार और बढ़ती प्रशासनिक बेचैनी की एक जटिल भूलभुलैया बनकर सामने आए हैं। इस बीच, राज्य विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल, तृणमूल कांग्रेस, पूरी तरह से बिखर रही है ; मीडिया रोज़ाना उनके भयानक आपराधिक अतीत की घटनाओं को उजागर कर रहा है। इसके साथ ही, भाजपा का अपने पहले के वादों से पीछे हटना लोगों को वामपंथी और लोकतांत्रिक ताकतों को एक वास्तविक विकल्प के रूप में देखने के लिए प्रेरित कर रहा है।

*(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं। अनुवादक अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष हैं। संपर्क : 94242-31650)*

*Devashish Govind Tokekar*
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RNI NO : DELHIN/2005/15378
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Chennai ki ek shaant residence meeting... aur saamne baithe Ravichandran Ashwin - Ash Anna. Lekin ye kahani sirf ek cricket legend ke San Francisco Unicorns se judne ki nahi hai. Ye kahani us dimag ki hai jo cricket ko sirf ball aur bat ke beech nahi dekhta... balki pattern, probability, weakness, variation aur imagination ke beech padhta hai. Silicon Valley ke venture capitalist Anand Rajaraman ke ghar par Ashwin ne Unicorns ke A.I driven player evaluation aur match strategy algorithm par aise sawaal barsaye, jaise spinner crease par batter ke patience ko test karta hai. Rajaraman ne bataya ki dono Chennai boys hain, dono St. Peters school se jude rahe, aur Ashwin ka cricket ke saath technology ke future me genuine interest unhe aur bhi impressive laga. Lekin asli drama tab shuru hua jab Ashwin sirf data correlation par rukne ko ready nahi the. San Francisco Unicorns ke model ne Hardik Pandya - Kung Fu Pandya ke left arm spin matchup me ek sharp trend pakda: Hardik ka strike rate Keshav Maharaj ke against 105 tha, lekin Mitchell Santner ke against 79 tak gir gaya. Normal log is number ko dekhkar report close kar dete. Ash Anna ne nahi kiya. Unhone speed range, stock ball, arm ball, loopier trajectory, flatter line aur batter ke recalibration ka connection dhunda. Yahi Ashwin ka cinematic cricket brain hai... jo scoreboard ke neeche chhupi hui kahani ko bhi pakad leta hai. January 2025 me AWS A.I Conclave par Harsha Bhogle - Voice of Cricket ke saamne Ashwin ne kaha tha, My mind is A.I. Ye boast nahi tha. Ye unki cricketing process ka trailer tha. Unka dimag information consume karta hai, hypothesis banata hai, evidence ke saath refine karta hai, aur phir game ke andar woh answer dhoondta hai jo doosre logon ko dikhta hi nahi. Ashwin sirf data obsessed nahi hain. Woh explorer hain. Unka advice aspiring spinners ke liye simple tha: Explore. Don't be shy of it. Isi exploration ne unhe commentary box tak bhi pahunchaya, jahan ek Tamil native speaker hote hue bhi unhone Hindi commentary me Virender Sehwag - Nawab of Najafgarh aur Harbhajan Singh - Turbanator ke saath apni jagah banayi. Social media ke reel battlefield me har line dissect hoti hai, phir bhi Ashwin comfort zone me chipak kar nahi baithe. Aur phir aati hai unki engineering exam wali kahani. Chennai Super Kings batting struggle ke dauraan Ashwin ne yaad kiya ki ek tough question me jab toppers bhi phas gaye the, tab unhone keywords pakadkar answer construct kar diya. Unka line tha: Within the riddle itself there can be answers. Ab wahi riddle Silicon Valley ke cricket ecosystem ke saamne hai. San Francisco Unicorns ke liye Ashwin sirf ek player nahi, balki cricket, analytics, entrepreneurship aur Indian diaspora connect ka rare fusion hain. Bay Area ka cricket culture technology se already charged hai, aur Ash Anna ka arrival Major League Cricket 2026 ko ek sharper intellectual identity de sakta hai. Ye kahani batati hai ki cricket ka future sirf power hitting aur pace ke baare me nahi hoga. Future un logon ka bhi hoga jo ball ke seam, data ke signal aur human instinct ke beech ek invisible bridge bana sakte hain. Aap sun rahe the Guru News Network, powered by द गुरु ज्ञान. Cricket ki sabse clean news, smart match intelligence, fastest live line aur trusted analysis ke liye visit kijiye द गुरु ज्ञान... kyunki jab cricket ka dimag A.I jaisa ho, to news ka source bhi ordinary nahi hona chahiye.

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This is not merely the story of Ravichandran Ashwin joining the San Francisco Unicorns. It is the story of a cricketing mind walking into Silicon Valley and feeling strangely at home. At Anand Rajaraman's Chennai residence, Ashwin did not behave like a retired great politely listening to a franchise pitch. He behaved like a curious architect inspecting the wiring of a machine that claimed to understand cricket. The Unicorns had an A.I driven player evaluation and match strategy algorithm. Ashwin had questions. Many of them. And those questions cut straight through the easy comfort of numbers. Rajaraman saw in him not just a legend, but a thinker. A Chennai connection, a shared St. Peters school link, Ashwin's YouTube reach, and his deep curiosity about the Bay Area all helped the conversation flow. But the real connection was intellectual. Ashwin was not interested in accepting correlation as truth. He wanted causation. The Hardik Pandya matchup against left arm spin became a perfect window into that mind. The Unicorns' internal model had found that Mitchell Santner had been more effective against Hardik than Keshav Maharaj. Hardik's strike rate against Maharaj was 105. Against Santner, it dropped to 79. Many analysts would stop there, nod wisely, and produce another polished chart, because apparently humanity needed more charts. Ashwin went deeper. He looked at speed ranges. Santner's stock ball was generally slower, while his arm ball came through quicker. That wider band of pace forced the batter to constantly recalculate. Maharaj operated in a narrower speed range. His trajectory was flatter and more consistent, giving a player of Hardik's class a better rhythm to work with. In that difference between numbers and meaning, Ashwin's genius becomes visible. When he told Harsha Bhogle at the AWS A.I Conclave in January 2025, My mind is A.I, it was not a boast. It was a description of method. Ashwin's career has always been built on information, experimentation, pattern recognition, and the refusal to treat cricket's old textbook as sacred scripture. He watches, absorbs, questions, tests, fails, improves, and repeats. That is why his advice to young spinners, Explore. Don't be shy of it, sounds simple but carries the weight of a full career. Even after his India career wound down, Ashwin kept stepping into uncomfortable places. He entered Hindi commentary during the IPL despite Tamil being his natural language, sharing space with Virender Sehwag and Harbhajan Singh in an environment where timing, wit, and instant reactions are judged brutally. He also keeps producing analogies that reveal how his mind stores cricket, engineering, culture, and life inside the same mental library. His engineering exam anecdote during Chennai Super Kings' difficult batting run showed that beautifully. In a question that puzzled the toppers, Ashwin found keywords, connected them, and built an answer. Within the riddle itself there can be answers. That line now feels almost like a mission statement for his Silicon Valley chapter. With the San Francisco Unicorns, Ashwin brings more than bowling experience. He brings intellectual credibility, Indian diaspora appeal, technology curiosity, brand strength, and the rare identity of a cricketer who belongs naturally in the Bay Area's sport-and-software imagination. Major League Cricket 2026 may gain a player, but Silicon Valley may gain a symbol: a cricket mind that thinks in loops, variables, doubts, evidence, and solutions. Thank you for listening to Guru News Network, powered by The Guru Gyan. For sharper cricket news, trusted analysis, fastest live line, and match intelligence that respects both the game and your brain, stay connected with The Guru Gyan, where cricket is not just followed, it is understood.

Major League Cricket 2026
San Francisco Unicorns
Ravichandran Ashwin
Guru News Network

Ashwin's Silicon Valley switch: why San Francisco Unicorns may have found cricket's sharpest tech mind

Ravichandran Ashwin ka San Francisco Unicorns chapter sirf ek Major League Cricket 2026 signing story nahi lag raha. Ye cricket intelligence, A.I analytics, Bay Area culture aur Ashwin ke unique problem-solving mind ka rare intersection ban chuka hai.

Anand Rajaraman aur Ravichandran Ashwin ki Chennai meeting ne San Francisco Unicorns ke A.I-driven cricket project ko ek fascinating human-intelligence layer de di.

News Highlights

- Ravichandran Ashwin San Francisco Unicorns ke saath Major League Cricket 2026 chapter ke liye Bay Area cricket ecosystem ka major talking point ban gaye hain.

- Silicon Valley venture capitalist Anand Rajaraman ke Chennai residence par Ashwin ne Unicorns ke A.I-driven player evaluation aur match strategy algorithm par detailed questions kiye.

- Unicorns analytics team ke saath discussion me Ashwin ne correlation se aage badhkar causation dhundne ka apna familiar cricketing instinct dikhaya.

- Hardik Pandya ke left-arm spin matchup me Mitchell Santner aur Keshav Maharaj ke speed range aur trajectory difference par Ashwin ka analysis standout raha.

- Ashwin ka quote "My mind is A.I" ab Silicon Valley cricket story ke context me aur bhi layered meaning le raha hai.

Main Story: Ashwin aur Silicon Valley ka natural cricket connection

Ravichandran Ashwin ke San Francisco Unicorns move ko sirf ek overseas franchise signing ke roop me dekhna thoda unfair hoga. Ye story us rare cricketer ki hai jiska game-reading mind, technology curiosity aur analytical temperament Silicon Valley ke sporting ambition ke saath almost naturally align karta hai.

Chennai me Anand Rajaraman ke residence par hui meeting me Ashwin ne Unicorns ke proprietary A.I-driven player evaluation aur match strategy algorithm ko surface-level excitement se nahi dekha. Unhone sawal kiye. Deep sawal. Woh bhi usi patience ke saath jisse woh apne prime me batters ke technique ke hidden cracks dhundte the.

Rajaraman ke liye connection personal bhi tha. Dono Chennai boys, St. Peters school connection, Ashwin ka cricketing legend status, unka YouTube reach, aur Bay Area technology space me genuine interest, in sab ne conversation ko aur meaningful banaya. Human networking, finally, ek baar spreadsheet se better nikla. Civilization ke liye chhoti si jeet.

Player And Series Context

Main Player
Ravichandran Ashwin

Franchise
San Francisco Unicorns

Tournament
Major League Cricket 2026

Key Theme
Cricket analytics and A.I strategy

Tech Connection
Bay Area and Silicon Valley cricket ecosystem

Discussion Lens
Player evaluation, matchups and causation

Key Turning Point: A.I model ne trend pakda, Ashwin ne reason dhunda

Unicorns analytics team ne Ashwin ke saath jis discussion ko especially important maana, woh Hardik Pandya ke left-arm spin matchup ke around tha. In-house A.I models ne ek interesting pattern identify kiya: Mitchell Santner Hardik ke against Keshav Maharaj se zyada effective rahe.

Data point clear tha. Hardik ka strike rate Maharaj ke against 105 tha, jabki Santner ke against ye 79 tak drop hua. Santner ko Hardik ko dismiss karne me bhi better success mila. Lekin Ashwin ka interest number par rukne me nahi tha. Unka instinct tha: number aaya kyon?

Hardik vs Maharaj
Strike rate 105

Hardik vs Santner
Strike rate 79

Ashwin's Lens
Correlation to causation

Core Variable
Speed range and trajectory

Tactical Analysis: Santner vs Maharaj matchup ka hidden layer

Speed range ne batter ko constant recalibration par force kiya

Ashwin ne data ke andar ek pattern identify kiya. Santner ka stock ball generally Maharaj se slower tha, lekin unka arm-ball noticeably quicker tha. Is broader pace range ne batter ko har delivery par speed aur length ko dobara process karne par majboor kiya.

Trajectory difference bhi equally important tha

Santner ki trajectory loopier aur more variable thi, jisse batter ko rhythm settle karne me difficulty hoti hai. Maharaj ka angle comparatively flatter aur consistent tha, jo Hardik jaise caliber ke batter ko read karne aur respond karne ke liye better rhythm de sakta tha.

Yahi Ashwin ka actual edge hai

Modern cricket me data sabke paas hota hai. Problem ye hai ki data ka matlab sab nahi samajhte. Ashwin ka edge wahi hai: woh spreadsheet ke cell me chhupa cricketing behavior padh lete hain. Haan, ek spinner ne algorithm ko bhi homework de diya. Technology bechari bhi kabhi-kabhi human genius se thak jaati hogi.

Ashwin ka San Francisco Unicorns chapter cricket ke American expansion me sport, analytics aur Indian diaspora identity ka powerful mix create kar sakta hai.

"My mind is A.I": Ashwin ka process, sirf punchline nahi

January 2025 me AWS A.I Conclave par Harsha Bhogle ke saath interaction me Ashwin ne kaha tha, "My mind is A.I." Ye line ek boast nahi thi. Isme Ashwin ke career ka working method hidden tha.

Ashwin ki strength kabhi sirf ye nahi rahi ki woh kya jaante hain. Unki real strength ye rahi hai ki woh new information absorb karte hain, apne hypotheses banate hain, evidence ke saath unhe refine karte hain, aur phir accepted cricketing wisdom ko politely disturb kar dete hain. Cricket textbook ko Ashwin ne kabhi museum piece nahi banne diya.

Unka voracious cricket consumption bhi isi process ka part hai. Domestic cricket tak follow karna, matchups ko micro-level par dekhna, aur context ko equation me include karna, ye sab unhe ek aise thinker me convert karta hai jise Silicon Valley easily understand kar sakti hai.

"My mind is A.I."
Ravichandran Ashwin at AWS A.I Conclave, January 2025

Exploration mindset: Ashwin ka comfort zone se permanent breakup

Ashwin ko sirf data obsessive kehna story ko half-read karna hoga. Unki identity me exploration ka element equally strong hai. Aspiring spinners ko unka advice simple tha: "Explore. Don't be shy of it."

Ye philosophy unke post-India-career public presence me bhi dikhti hai. Native Tamil speaker hone ke baad bhi Ashwin ne IPL Hindi commentary embrace ki, jahan Virender Sehwag aur Harbhajan Singh jaise natural Hindi personalities ke saath wit, timing aur instant response ka pressure constant rehta hai.

Social media era me commentary ka har sentence clip ho sakta hai, judge ho sakta hai, aur fan armies ke courtroom me ghaseeta ja sakta hai. Phir bhi Ashwin ne unfamiliar territory me entry li. That is not accidental courage. That is a habit of learning.

Engineering analogy: Riddle ke andar hi answer

Ashwin ki analogies generate karne ki ability bhi unke intellectual profile ko alag banati hai. IPL ke dauraan, jab Chennai Super Kings batting unit struggle kar rahi thi, Ashwin ne apne engineering days ka ek example diya.

Unhone yaad kiya ki cricket commitments ki wajah se classes miss hoti thi. Ek difficult exam question ne toppers tak ko stump kar diya tha. Ashwin ne question ke andar embedded keywords pick kiye, dots connect kiye, aur answer construct kar diya.

"Within the riddle itself there can be answers."
Ravichandran Ashwin

Ye line Ashwin ke cricket mind ka almost mission statement lagti hai. Batter ki weakness ho, algorithm ka blind spot ho, ya commentary ka language barrier, Ashwin har riddle me answer ke signal search karte hain.

Why this news matters

San Francisco Unicorns ke liye Ashwin ka arrival on-field cricket ke saath off-field ecosystem value bhi la sakta hai. Bay Area me Indian diaspora strong hai, technology companies ka influence deep hai, aur cricket ka American expansion ab sirf novelty phase me stuck nahi rehna chahta.

Ashwin is environment ke liye unusually strong fit hain. Woh sporting icon hain, but unki public identity technology, analytics, education, entrepreneurship aur media communication tak stretch karti hai. Franchise cricket me aise profiles rare hote hain, kyunki aksar players ya to pure athletes hote hain, ya pure brand assets. Ashwin dono categories ko awkwardly uncomfortable kar dete hain, in the best possible way.

Major League Cricket 2026 ke liye ye story ek broader signal bhi hai: American cricket ko sirf star power nahi, intellectual credibility bhi chahiye. Ashwin dono table par rakh sakte hain.

GNN And The Guru Gyan Angle

Guru News Network (GNN), powered by The Guru Gyan , Ashwin ke San Francisco Unicorns move ko Major League Cricket 2026 ke most intelligent storylines me se ek ke roop me dekhta hai. Ye sirf player transfer nahi, balki cricket analytics, Silicon Valley thinking aur Indian cricketing intelligence ka premium crossover hai.

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*जनदर्शन में नहीं हुई कार्रवाई, सुशासन तिहार शिविर में गूंजी समाधान की मांग*

राजनांदगांव, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बसंतपुर वार्ड के कोड़ीखाना क्षेत्र में कथित अवैध पेड़ कटाई, मुरूम खनन एवं शासकीय भूमि पर कब्जे के मामले को लेकर क्षेत्रवासियों ने सुशासन तिहार शिविर पहुंचकर छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के सचिव अविनाश चंपावत के समक्ष लिखित शिकायत सौंपते हुए तत्काल जांच एवं कार्रवाई की मांग की।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि कोड़ीखाना क्षेत्र में लंबे समय से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां संचालित हो रही हैं। बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई, मुरूम के अवैध उत्खनन तथा शासकीय भूमि पर कब्जे जैसी शिकायतों से स्थानीय नागरिकों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि इन गतिविधियों से क्षेत्र का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो रहा है और भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट की स्थिति निर्मित हो सकती है।
नागरिकों ने कहा कि पूर्व में भी जनदर्शन के माध्यम से जिलाधीश को शिकायत पत्र सौंपा गया था, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतों के बावजूद संबंधित क्षेत्र में गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं होने तथा जिम्मेदार विभागों द्वारा प्रभावी निगरानी नहीं किए जाने का आरोप भी क्षेत्रवासियों ने लगाया।
इसी मुद्दे को लेकर सुशासन तिहार शिविर में पुनः आवेदन देकर निष्पक्ष जांच, अवैध कटाई एवं खनन पर तत्काल रोक तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। क्षेत्रवासियों ने कहा कि यदि सरकार सुशासन एवं पारदर्शिता की बात करती है, तो पर्यावरण एवं शासकीय भूमि से जुड़े इस गंभीर मामले पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।
इस दौरान पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री, समाजसेवी बसंत चितलांगिया, आशीष साहू, उदय मरकाम, राहुल मरकाम, उमेश यादव, जय जायसवाल, पिनकेश्वर साहू, मूलचंद साहू सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में नवीन कलेक्ट्रेट सभागार, मुरैना में जिला स्तरीय सलाहकार समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की तिमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री आशीष, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) श्री सिद्धार्थ कुमार सहित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिले के बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री जांगिड़ ने सभी बैंक अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें।
बैठक में अग्रिम-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) की तिमाही समीक्षा के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0, स्वयं सहायता समूहों के बैंक खातों एवं क्रेडिट लिंकिंग, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) की उपलब्धियों का अवलोकन किया गया।
इसके अतिरिक्त पशुपालन एवं मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का लाभ उपलब्ध कराने हेतु संचालित विशेष अभियान, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, भगवान बिरसा मुंडा योजना, टंट्या मामा योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा संचालित प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार उन्मुख गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकाधिक युवाओं को कौशल विकास एवं स्वरोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री जांगिड़ ने कहा कि सभी बैंक एवं संबंधित विभाग बेहतर समन्वय एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके तथा जिले के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई गति प्राप्त हो।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena #MadhyaPradesh

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#worldenviromentday पर कलेक्टर ने जींगनी में किया पौधरोपण

पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं स्वच्छता का दिया संदेश

मुरैना, 05 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संचालित “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने स्काउट-गाइड प्रशिक्षण केंद्र, जींगनी में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन तथा स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
कलेक्टर श्री जांगिड़ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए प्रत्येक नागरिक को जल संरक्षण के प्रभावी उपाय अपनाने चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपने घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित करने तथा छतों से प्राप्त वर्षा जल का भू-जल पुनर्भरण (रिचार्ज) सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि गांव का पानी गांव में ही संरक्षित किया जाए तो इसका लाभ वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए तथा उसकी नियमित देखभाल का संकल्प भी लेना चाहिए। इससे भविष्य में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के साथ पर्याप्त ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
कलेक्टर ने प्लास्टिक के उपयोग से बचने की अपील करते हुए कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती है। यदि हम प्लास्टिक के उपयोग को सीमित करें और पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाएं, तो स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से स्वयं स्वच्छता अपनाने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम को जनपद पंचायत मुरैना के अध्यक्ष श्री मोहर सिंह कंषाना, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव एवं डॉ. विवेक राठी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान पौधरोपण कर उपस्थितजनों को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष स्काउट श्री ओ.पी. गुप्ता, जिला मुख्य आयुक्त श्री गिर्राज सिंह यादव, जिला कोषाध्यक्ष श्री सीताराम गुर्जर, श्री रामनरेश दंडौतिया, ग्राम पंचायत जींगनी के सरपंच श्री रामधीन सिंह यादव, ग्राम पंचायत सचिव श्री प्रजमोहन सिंह गुर्जर सहित स्काउट-गाइड पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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राजमाता पुण्यश्लोक अहिल्यादेवींच्या कार्याचा आदर्श समाजाने घ्यावे- प्रा. अजय देवकाते
राजमाता होळकर यांची ३०१ जयंती उत्साहात यशस्वी

विलास केजरकर भंडारा.

भंडारा:- सामान्य कुटुंबात जन्म घेऊन आपल्या अद्वितीय कर्तृत्वाच्या बळावर अहिल्यादेवी होळकर लोकमाता बनल्या. राबविलेल्या योजना, महिलांच्या सक्षमीकरणासाठी केलेले प्रयत्न तसेच धार्मिक, सांस्कृतिक आणि सामाजिक क्षेत्रात दिलेले योगदान आजही प्रेरणादायी असल्याचे त्यांनी सांगितले. अहिल्यादेवी होळकर यांनी जनतेच्या हिताला सर्वोच्च प्राधान्य देत सुशासनाचा आदर्श निर्माण केला. कही हम भूल ना जाये या इंदोर परिसरात मल्हारराव होळकर परिवाराचे राज्य होते. त्यांचे सुपुत्र खंडेराव हे लढाईत मारले गेल्यावर त्यांची पत्नी अहिल्याबाई यांनी तो राज्यकारभार सांभाळला व सतत ३० वर्षे राज्य केले अशा या शौर्यशाली राजमाते पासून बहुजन समाजाने प्रेरणा घ्यावी. त्यांच्या कार्यातून सामाजिक समता, लोकसेवा आणि कर्तव्यनिष्ठ नेतृत्वाचे मूल्य अधोरेखित होते. आजच्या पिढीने त्यांच्या विचारांचा आणि कार्याचा आदर्श डोळ्यासमोर ठेवून समाजहितासाठी कार्य करावे असे प्रतिपादन जे. एम. पटेल महाविद्यालयाचे प्रा. अजय देवकाते यांनी केले.
ते धनगर अधिकारी- कर्मचारी संघटना जिल्हा शाखा भंडारा / गोंदिया व सकल धनगर समाज बांधव यांच्या संयुक्त विदयमानाने अश्विनी कॉन्व्हेन्ट खात रोड भंडारा येथे राजमाता पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर यांची ३०१ वी जयंती उत्सवाचा कार्यक्रम साजरा करण्यात आली.
कार्यक्रमाच्या अध्यक्षस्थानी एस. एन. मोर. महाविद्यालयाचे प्रा. अमोल खांदेवे होते. प्रमुख पाहुणे जे. एम. पटेल महाविद्यालयाचे प्रा. अजय देवकाते, अश्विनी कॉन्व्हेन्टचे संस्थापक ज्ञानेश्वर रोकडे, ओम सत्यसाई बहुउद्देशीय शिक्षण संस्थेचे अध्यक्ष सुभाष वाडिभष्मे, जिल्हा परिषद सदस्य नंदा झंझाळ, भारतीय आट्यापाट्या संघाची कर्णधार प्राची चटप, सरपंच सौ. वैशाली सार्वे, मुख्याध्यापिका सौ सुष्मा वंजारी, पतंजलि योग समिती खोकरलाचे अध्यक्ष यशवंत बिरे, ग्रामपंचायत सदस्य पंकज उके, नितू ढोबळे, सामाजिक कार्यकर्ते विलास केजरकर, धनगर अधिकारी- कर्मचारी संघटना जिल्हा शाखा भंडारा / गोंदियाचे अध्यक्ष सुरेश घोडे, सामाजीक कार्यकर्त्या इत्यादी मान्यवर उपस्थित होते.
उपस्थित मान्यवरांच्या हस्ते राजमाता अहिल्यादेवी होळकर यांच्या प्रतिमेला माल्यार्पण करून दीप प्रज्वलित करण्यात आले.
त्यावेळी कार्यक्रमात राजमाता अहिल्यादेवी होळकर यांच्या कार्याचा गौरव करत सेवानिवृत्त कर्मचारी व भारतीय आट्यापाट्या संघाची कर्णधार तथा सुवर्णपदक विजेती कु.‌प्राची चटप यांचा शाल श्रीफळ व स्मरणिका, पुष्पगुच्छ देऊन सत्कार करण्यात आला.
तसेच सामान्य कुटुंबात जन्म घेऊन आपल्या अद्वितीय कर्तृत्वाच्या बळावर अहल्यादेवी लोकमाता बनल्या. सामाजिक समरसता, महिला सक्षमीकरण, शेतकरी हित, जलसंवर्धन आणि सांस्कृतिक वारसा जतन यासाठी त्यांनी केलेले कार्य आजही प्रेरणादायी आहे. असे मत ओम सत्यसाई बहुउद्देशीय शिक्षण संस्थेचे अध्यक्ष सुभाष वाडिभस्मे यांनी केले. राजमाता अहिल्यादेवी होळकर यांनी आपल्या दूरदृष्टी, न्यायनिष्ठा आणि लोकाभिमुख प्रशासनाच्या इतर मागास बहुजन कल्याण बळावर एक आदर्श राज्यव्यवस्थेवर कार्य केले आहे असे मत अश्विनी कॉन्व्हेन्टचे संस्थापक ज्ञानेश्वर रोकडे यांनी व्यक्त केले. तसेच निधी व जिया पडोळे तसेच मान्यवरांनी राजमाता अहिल्यादेवी होळकर यांच्या जीवन चरीत्र्यांवर विविध मार्मिक उदाहरण देऊन मोलाचे मार्गदर्शन केले.
कार्यक्रमाचे सूत्रसंचालन धनगर अधिकारी- कर्मचारी संघटना जिल्हा शाखा भंडारा / गोंदियाचे उपाध्यक्ष श्री दादाराव लुचे व प्रास्ताविक धनगर अधिकारी- कर्मचारी संघटना जिल्हा शाखा भंडारा / गोंदियाचे अध्यक्ष सुरेश घोडे, यांनी केले तर उपस्थितांचे आभार मनोहर अहिर यांनी मानले.
कार्यक्रम यशस्वी करण्यासाठी कार्याध्यक्ष नरेश पडोळे, रामराव लोहारे, भिमराव गावंडे, ईश्वर अहिर, ऋषी मोरे, सोहम पाटील, पूंडलिक कुरूडकर, पंडीत पांडे, मारोतराव सार्वे, बंडू बेहरे, प्रणिता पाटील, शारदा अहिर, विमल पडोळे, पुष्पा लुचे, दुर्गा चटप, लिलावती पडोळे, शुभम पांडे, इंदिरा पडोळे, वैशाली घोडे, भाग्यश्री मोरे, सुषमा पडोळे, प्रेमलाल अहिर, सुरेखा लोहारे, महेंद्र घटोरे, दत्तराज हातेल, विजय पडोळे, जगदिश करताळे, बालु बालपांडे, ईश्वर लोहारे, रंगलाल पेरे, रविंद्र चांहदकर, प्रदीप पोराटे, विलास पडोळे, अविनाश पडोळे, ज्ञानेश्वर करताळे, पुथ्वीराज अहिर, मुनेश्वर मोरे, सुरेश पडोळे, गणेश सार्वे, शिवलाल पारवे, देवराज पडोळे, सानिया गोमासे, सौ कल्पना जावडकर, सौ आकांक्षा घटारे, सौ जयश्री घटारे, सौ सुषमा पेरे, सौ अस्मिता पडोळे, सौ कांचन पोराटे, सौ सुचिता डाखोडे, सौ संध्या गभने, सौ प्रतिमा करताळे, सौ शारदा अहिर, कु. पल्लवी गावंडे, आकाश अहिर, स्नेहल अहिर, रेखा लोहारे, संगिता घटारे, योगेश्वरी पडोळे, सुनंदा गावंडे व इतर अनेक समाज बांधव व भगिनी धनगर अधिकारी- कर्मचारी संघटना जिल्हा शाखा भंडारा / गोंदियाचे पदाधिकारी व कार्यकर्त्यांनी सहकार्य केले.

*Devashish Govind Tokekar*
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नांदेड : *सामाजिक, सांस्कृतिक आणि आध्यात्मिक क्षेत्रातील उल्लेखनीय कार्याची दखल घेत धर्मभूषण ॲड. दिलीप ठाकूर यांना ‘अतुल्य भारत पुरस्कार’ जाहीर झाला आहे. हा सन्मान 14 जून 2026 रोजी अमरावती येथे आयोजित राष्ट्रीय प्रज्ञा अलंकरण समारोह एवं संत समागम 2026 या भव्य सोहळ्यात प्रदान करण्यात येणार आहे. विशेष बाब म्हणजे हा ॲड. दिलीप ठाकूर यांना प्राप्त होणारा 114 वा पुरस्कार ठरणार आहे.*

हा पुरस्कार सोहळा रविवार, दि. 14 जून 2026 रोजी दुपारी 2 ते 5 या वेळेत अमरावती येथील हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडळ सभागृहात संपन्न होणार आहे. ज्ञान उदय फाउंडेशन आणि रेडियम टॅलेंट बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स यांच्या संयुक्त विद्यमाने या कार्यक्रमाचे आयोजन करण्यात आले असून नेचर पाथ प्रायव्हेट लिमिटेड यांचे मुख्य प्रायोजकत्व लाभले आहे.
राष्ट्रीय स्तरावर आयोजित या कार्यक्रमात देशभरातील संत, विचारवंत, समाजसेवक, साहित्यिक, शिक्षणतज्ज्ञ आणि विविध क्षेत्रांतील मान्यवर सहभागी होणार आहेत. संत समागम, आध्यात्मिक विचारगोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम तसेच विविध क्षेत्रांतील उल्लेखनीय कार्य करणाऱ्या व्यक्तींचा सन्मान अशा बहुआयामी उपक्रमांनी हा सोहळा सजणार आहे.

धर्मभूषण ॲड. दिलीप ठाकूर यांनी गेल्या अनेक वर्षांपासून सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक आणि साहित्यिक क्षेत्रात सातत्याने कार्य केले आहे. समाजातील विविध घटकांना एकत्र आणणे, जनजागृतीपर मोहिमा राबविणे, सामाजिक सलोखा वाढविणे, विद्यार्थ्यांना प्रोत्साहन देणे, धार्मिक व सांस्कृतिक परंपरांचे जतन करणे तसेच विविध सेवाभावी उपक्रमांमध्ये सक्रिय सहभाग घेणे यामुळे त्यांची स्वतंत्र ओळख निर्माण झाली आहे.विशेष म्हणजे मागील एका वर्षात त्यांनी राबविलेल्या सुमारे 90 विविध सामाजिक, शैक्षणिक, साहित्यिक आणि जनजागृतीपर उपक्रमांची दखल घेऊन त्यांना हा पुरस्कार जाहीर करण्यात आला आहे. समाजहिताच्या कार्यात सातत्य, निस्वार्थ वृत्ती आणि लोकसहभागातून परिवर्तन घडविण्याच्या त्यांच्या प्रयत्नांमुळे त्यांचे कार्य राज्यभरात चर्चेचा विषय ठरले आहे.

या पुरस्काराचे आणखी एक वैशिष्ट्य म्हणजे हा ॲड. दिलीप ठाकूर यांना प्राप्त होणारा 114 वा पुरस्कार ठरणार आहे. विविध संस्था, संघटना आणि सामाजिक मंचांनी त्यांच्या कार्याची यापूर्वीही दखल घेत अनेक सन्मानांनी गौरविले आहे. आता ‘अतुल्य भारत पुरस्कार’ या स्वरूपात त्यांच्या कार्याचा राष्ट्रीय स्तरावर पुन्हा एकदा गौरव होत आहे.याहूनही विशेष म्हणजे अमरावती हे ॲड. दिलीप ठाकूर यांचे सासरचे शहर आहे. त्यामुळे आपल्या सासुरवाडीत मिळणारा हा सन्मान त्यांच्या दृष्टीने अधिक भावनिक, संस्मरणीय आणि अभिमानास्पद ठरणार आहे. ज्या शहराशी त्यांचे कौटुंबिक नाते जोडलेले आहे, त्याच शहरात राष्ट्रीय स्तरावरील पुरस्कार स्वीकारण्याची संधी मिळत असल्याने त्यांच्या कुटुंबीयांमध्ये आणि मित्रपरिवारात विशेष आनंदाचे वातावरण आहे.

या पुरस्कारामुळे नांदेड जिल्ह्याच्या शिरपेचात आणखी एक मानाचा तुरा रोवला जाणार असून, जिल्ह्याच्या सामाजिक आणि सांस्कृतिक क्षेत्रालाही गौरव प्राप्त होणार आहे. ॲड. दिलीप ठाकूर यांच्या या यशाबद्दल विविध सामाजिक संस्था, साहित्यिक, पत्रकार, मित्रपरिवार, सहकारी आणि हितचिंतकांकडून त्यांच्यावर अभिनंदनाचा वर्षाव होत आहे.समाजकारण, संस्कृती संवर्धन आणि अध्यात्मिक मूल्यांचा प्रचार-प्रसार यासाठी त्यांनी केलेल्या कार्याला मिळालेला हा सन्मान भविष्यातील त्यांच्या कार्याला नवी प्रेरणा देणारा ठरेल, अशी भावना अनेकांनी व्यक्त केली आहे.

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अपार आईडी (APAAR-ID) निर्माण के लिए विशेष अभियान

भारत सरकार के द्वारा देश समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों की APAAR-ID (Automated Permanent Academic Account Registry- APAAR) का शत-प्रतिशत निर्माण 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाना है।

अपार आईडी 12 अंको की एक विशिष्ट पहचान संख्या होती है, जो छात्र के शैक्षणिक जीवन का पासपोर्ट जैसी होती है। यह विद्यार्थी के जीवन भर के शैक्षणिक रिकार्ड को एक जगह सुरक्षित रखती है। इसमें विद्यार्थी के समस्त शैक्षणिक रिकार्ड (मार्कशीट, डिग्री, खेल, एक्स्ट्रा करिकूलर, उपलब्धियां) को सुरक्षित डिजिटल रूप में रखा जाता है। मुरैना जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत अपार आईडी का निमार्ण पूर्ण हो सके, इसलिए जिला स्तर पर, विकासखण्ड स्तर पर एवं प्रत्येक विद्यालयों में 01 जून 2026 से 30 जून 2026 के बीच प्रत्येक शनिवार को विशेष मेगा अपार दिवस प्रातः 11:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक का आयोजन किया जाएगा।

जिला शिक्षा केन्द्र मुरैना की ओर से जिले के समस्त छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों से विशेष अपील है कि जिन विद्यार्थियों की अपार आईडी नहीं है वह प्रत्येक शनिवार को संबंधित मेगा दिवस स्थल पर पहुंच कर अपार आईडी अनिवार्य रूप से बनवायें। ताकि भविष्य में विद्यार्थियों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh

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कुरुक्षेत्र में होटलों और गेस्ट हाउसों के लिए पुलिस ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। चंद्रमोहन ने होटल संचालकों को साफ शब्दों में कहा है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एसपी के प्रमुख निर्देश:

नाबालिग और स्कूली बच्चों को कमरा न दिया जाए।

होटल कर्मचारियों की पुलिस वेरिफिकेशन करवाई जाए।

होटल में ठहरने वाले सभी लोगों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए।

सभी सीसीटीवी कैमरे हर समय चालू और कार्यरत रहें।

संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए।

👮‍♂️ एसपी ने कहा कि होटल संचालक सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि किसी होटल में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

(चेतावनी )

बार-बार नियमों की अनदेखी करने वाले होटल संचालकों पर पुलिस विशेष निगरानी रखेगी और आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

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हिमाचल के कसौली रेप केस में हरियाणवी सिंगर रॉकी मित्तल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पीड़ित युवती के अब हाई कोर्ट का रूख करने की सूचना है। केस में हरियाणा BJP के पूर्व अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली का भी नाम था। इस बीच सिंगर रॉकी मित्तल ने एक वीडियो जारी कर बिना नाम लिए बीजेपी के एक बड़े नेता से खुद की जान को खतरा बताया है।

रॉकी मित्तल ने वीडियो में कहा- मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं तो वो भाजपा नेता मुझे किसी भी केस में फंसा देता है। अभी तक वो चार केस करवा चुका है। लेकिन कान खोलकर सुन लो, मैं झुकूंगा नहीं। गलत फहमी दूर कर दूंगा। ये नेता कभी मेरी गाड़ी पर हमला करवाता है तो कभी धमकी देता है। साल 2012 के बाद से 4-4 केस होने के बावजूद मैंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी पर गीत गाए।

बता दें कि सोलन के कसौली दुष्कर्म मामले में पीड़िता कसौली कोर्ट के फैसले के खिलाफ हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट पहुंची है और केस रिओपन की याचिका लगाई है। हाई कोर्ट ने मामले पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए जिला कोर्ट से केस से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकार्ड मांगे हैं।

कोर्ट ने हिमाचल सरकार को नोटिस जारी किया है। सोनीपत में नौकरी करने वाली दिल्ली की महिला ने हरियाणा भाजपा के निवर्तमान अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली एवं रॉकी मित्तल पर कसौली में दुष्कर्म के आरोप लगाए थे।

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मेरठ में 23 साल के प्रॉपर्टी डीलर तुषार त्यागी की स्कॉर्पियो के अंदर हत्या कर दी गई। सोमवार रात हमलावरों ने उन्हें दो गोलियां मारीं और पत्नी को फोन करके कहा- तेरे पति को मार दिया, डेडबॉडी उठा ले जाओ।

वारदात उस वक्त हुई, जब वह किसी को खाना देने घर से निकले थे। थोड़ी देर बाद उन्होंने पत्नी को फोन किया। उन्होंने कहा- बिट्टू उर्फ अरविंद त्यागी ने मुझे किडनैप कर लिया है। ये लोग मुझे मार डालेंगे। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया।

घरवालों ने पुलिस को सूचना दी और प्रॉपर्टी डीलर को खोजने में जुट गए। देर रात स्कॉर्पियो के अंदर ड्राइवर सीट पर प्रॉपर्टी डीलर खून से लथपथ मिले। उनका सिर कार की स्टीयरिंग पर था। एक गोली माथे में और दूसरी गोली गले में लगी थी।

घरवाले प्रॉपर्टी डीलर को एनसीआर मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रॉपर्टी डीलर तुषार त्यागी का 2 दिन बाद यानी 4 जून को 24वां जन्मदिन था। तुषार त्यागी हापुड़ के रहने वाले थे। दो साल पहले उनकी शादी शिखा त्यागी से हुई थी। शादी से उनके दो बच्चे हैं। घटना थाना खरखौदा (UP) क्षेत्र की है।

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रायगड : छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या राज्याभिषेकाच्या ऐतिहासिक स्मृती जपण्यासाठी ६ जून रोजी रायगड किल्ल्यावर शिवराज्याभिषेक दिन सोहळा मोठ्या उत्साहात साजरा होणार आहे. ६ जून १६७४ रोजी याच दुर्गराज रायगडावर शिवाजी महाराजांचा राज्याभिषेक झाला होता. या ऐतिहासिक घटनेच्या स्मरणार्थ दरवर्षी हजारो शिवभक्त, इतिहासप्रेमी आणि मावळे रायगडावर एकत्र येतात.

या सोहळ्यात शिवरायांच्या सिंहासनाला अभिवादन, पारंपरिक ढोल-ताशे, मावळ्यांची मानवंदना, सांस्कृतिक कार्यक्रम, शिवकालीन शस्त्रप्रदर्शन आणि विविध ऐतिहासिक उपक्रमांचे आयोजन करण्यात येणार आहे. भगव्या ध्वजांनी सजलेला रायगड आणि शिवभक्तांचा उत्साह संपूर्ण परिसर शिवमय करणार आहे. हा सोहळा छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या स्वराज्य, शौर्य, न्यायनिष्ठा आणि लोककल्याणकारी विचारांचे स्मरण करून देणारा प्रेरणादायी दिवस आहे.

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A4 Power Strikers vs Ami Super Avengers Prediction Today: Baroda Premier League 2026 T20 Match Analysis

The Baroda Premier League 2026 continues to deliver exciting T20 cricket, and the upcoming clash between A4 Power Strikers (A4PS) and Ami Super Avengers (ASA) on June 6, 2026, at 14:30 promises another compelling encounter. Both teams will be eager to assert their dominance in the league, making this a pivotal fixture with significant implications for their respective campaigns. Cricket enthusiasts are keenly awaiting the A4 Power Strikers vs Ami Super Avengers today match prediction.

### Match Context

This T20 format in the Baroda Premier League 2026 places a premium on explosive starts, intelligent middle-overs management, and clinical finishes. The 14:30 start time suggests a day match, where pitch conditions might generally favor batsmen initially, potentially slowing down later. The compact nature of T20 cricket means momentum swings are common, and the team that adapts best to the flow of play, particularly with bat and ball in crucial phases, often emerges victorious. Every boundary, every dot ball, and every wicket taken will be magnified in importance in this high-stakes league fixture.

### Tactical Analysis

For A4 Power Strikers, their name itself suggests an aggressive, batting-dominant approach. Expect them to prioritize powerplay hitting, looking to maximize the field restrictions and put pressure on the opposition bowlers from the outset. Their strategy likely revolves around setting formidable targets or chasing them down aggressively. The key for A4PS will be maintaining that striking power throughout the innings, ensuring their middle order can continue the acceleration and not lose momentum after a strong start.

Ami Super Avengers, on the other hand, might embody a more balanced or tactically nuanced approach, as suggested by "Super Avengers." This could imply a strong bowling unit capable of stifling opposition scoring, or a batting lineup with depth and resilience, adept at counter-attacking or recovering from early setbacks. Their game plan could involve precise death bowling to restrict the Power Strikers' late surge, or a methodical chase built on calculated risks and astute game management. The battle of strategies will be fascinating, especially how ASA plans to contain the A4 Power Strikers.

### Team Comparison

Comparing A4 Power Strikers and Ami Super Avengers, the A4PS are likely to rely heavily on their star batsmen to deliver quick runs and big scores. Their success will hinge on these key players firing consistently. If their primary power hitters are curtailed early, the team might struggle to post competitive totals. The "Power Strikers" will need their bowlers to defend high scores or pick crucial wickets to support their aggressive batting philosophy.

Ami Super Avengers may present a more rounded challenge. A balanced side often features a robust top order, a reliable middle order capable of rebuilding or accelerating, and a versatile bowling attack with a mix of pace and spin options. Their strength might lie in their ability to adapt to different match situations and consistently perform across all three departments. The Ami Super Avengers will likely aim to exploit any perceived weaknesses in A4PS's batting depth or bowling attack, particularly in the middle overs.

### Data-Driven Prediction

Without specific team rosters, recent form, or detailed head-to-head statistics, a data-driven prediction relies on general T20 principles and the implied strengths from team names. In T20 cricket, teams with a clear identity and well-defined roles often perform better. A4 Power Strikers, with their aggressive moniker, will aim to dictate terms with their batting. If they succeed in getting a strong start and maintaining a high run rate, they become incredibly difficult to stop. Their ability to execute their primary strength – power hitting – will be paramount.

Ami Super Avengers, by contrast, are expected to be more adaptable. Their focus might be on strategic bowling changes, field placements, and building pressure through dot balls and timely wickets. The outcome will largely depend on which team executes its core strategy more effectively on the day. If A4PS's power game clicks, they are formidable. If ASA can counter that aggression with intelligent bowling and fielding, and then chase sensibly, they can turn the tide.

### Final Verdict

Considering the tactical matchup and the implied strengths, the A4 Power Strikers appear to have a slight edge if their primary strength, aggressive batting, is successfully deployed. The T20 format often rewards teams that can dominate specific phases, and A4PS seems built for early acceleration. However, the Ami Super Avengers' potential for a more balanced and strategic approach makes them dangerous counter-punchers.

Our prediction leans towards **A4 Power Strikers** as the slight favorites to win this Baroda Premier League 2026 T20 match. Their ability to generate quick runs and build pressure with explosive batting could give them the decisive advantage, provided their bowlers can contain the Super Avengers in key moments. This A4 Power Strikers vs Ami Super Avengers prediction is based on the inherent T20 dynamics that favor aggressive starts.

For deeper insights and real-time updates as the Baroda Premier League 2026 progresses, The Guru Gyan offers comprehensive cricket intelligence and match analysis beyond basic score updates. To follow the action live, including faster live score tracking, match-flow reading, and deeper real-time cricket analysis, check out The Guru Gyan Live Line.

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Bandra Blasters vs MSC Maratha Royals Prediction Today: T20 Mumbai 2026 Match Analysis

The T20 Mumbai 2026 series brings forth an intriguing contest as the Bandra Blasters (BB) prepare to lock horns with the MSC Maratha Royals (MSCMR). Scheduled for a 14:00 start on June 6, 2026, this T20 encounter promises to be a dynamic affair, crucial for both teams as they look to assert their dominance early in the tournament or maintain crucial momentum.

**Match Context**

This Bandra Blasters vs MSC Maratha Royals prediction focuses on a mid-afternoon fixture, often presenting unique challenges and opportunities. A 14:00 start means the pitch might initially offer some assistance to seamers with a touch of freshness, before settling down to become more batting-friendly. As the game progresses into the later stages, spinners could find their rhythm, especially if the surface starts to wear. In a tournament like T20 Mumbai 2026, every match is vital for qualification hopes, and securing points early can significantly alleviate pressure. Both sides will be acutely aware that a strong performance here sets a positive tone for their campaign.

**Tactical Analysis**

In T20 cricket, the powerplay dictates much of the game's tempo. Teams generally aim for an aggressive start with the bat, while bowlers seek early wickets to break partnerships and expose the middle order. For the Bandra Blasters, maximizing the first six overs will be a priority, both with bat and ball. Their opening batsmen will be tasked with exploiting fielding restrictions, while their new-ball bowlers will be looking to swing the momentum by picking up crucial scalps.

Conversely, the MSC Maratha Royals will likely focus on their middle-overs strategy. This phase is often about consolidation and smart rotation of strike for batsmen, punctuated by boundary hitting, while bowlers aim to build pressure with dot balls and take wickets through smart variations. Death bowling will be paramount for both outfits. The ability to execute yorkers, slower balls, and wide deliveries under pressure in the final four overs can be the difference between a defendable total and a chaseable one, or vice-versa. Expect captains to be proactive with field placements and bowling changes, trying to outthink their counterparts in real-time.

**Team Comparison**

While specific player rosters for T20 Mumbai 2026 are dynamic, a general comparison based on typical T20 team compositions offers insight into who will win today: Bandra Blasters or MSC Maratha Royals.

The Bandra Blasters, often associated with a vibrant, attacking brand of cricket, might rely heavily on their top-order batting prowess to set formidable totals or chase down challenging targets. Their strength could lie in their explosive openers and a solid middle order capable of accelerating at will. On the bowling front, BB might feature a mix of pace and spin, with a focus on wicket-taking options throughout the innings.

The MSC Maratha Royals, on the other hand, could be structured around a more balanced approach. This might mean a strong all-round contingent, offering depth in both batting and bowling. Their strategy could hinge on disciplined bowling performances, squeezing opponents in the middle overs, and having batsmen who can anchor the innings while others play around them. Their strength might also be in their death-over bowling specialists, who can be crucial in restricting big finishes. This Bandra Blasters vs MSC Maratha Royals today match prediction hinges on which team's core strengths better adapt to the match conditions.

**Data-Driven Prediction**

Without specific current form data or head-to-head records for the 2026 season, a data-driven prediction relies on general T20 analytics principles. In matches scheduled for early afternoon, the impact of the toss can be significant. If dew is not a factor, batting first to put a score on the board and then defending it often provides a psychological advantage. Teams that successfully navigate the initial phase of their innings (first 6-8 overs) with minimal loss of wickets tend to build stronger platforms.

The crucial metric for both teams will be their average run rate in the powerplay and their wicket-taking ability in the middle overs. A team that can maintain a run rate of over 8.5-9 runs per over consistently across all phases, while picking up regular wickets to prevent major partnerships, usually holds the upper hand. The side with superior depth, particularly in the lower middle-order hitting and a diverse bowling attack capable of adapting to various pitch conditions, will likely have a higher probability of success.

**Final Verdict**

This T20 Mumbai 2026 T20 match analysis points towards a potentially closely contested fixture. Given the general characteristics of T20 cricket and assuming both teams possess a competitive squad, the outcome will likely hinge on which side executes their plans better in the critical phases – the powerplay and death overs. If the Bandra Blasters can unleash their aggressive batting lineup effectively and negate MSC Maratha Royals' potential bowling strengths, they could set the pace. However, if MSC Maratha Royals' balanced attack and disciplined approach can contain the Blasters' scoring and exploit any weaknesses, they will be well-placed.

Considering the general nuances of a T20 contest where calculated aggression often prevails, the **Bandra Blasters** appear to be slightly better positioned. Their historical inclination towards a more attacking batting strategy, if well-executed, could prove difficult to contain for MSC Maratha Royals. We anticipate BB to be the slight favorite, but only just, in what should be a gripping match.

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India vs Afghanistan Prediction Today: Afghanistan Tour of India 2026 Test Match Analysis

The cricketing world turns its attention to a significant Test match as India hosts Afghanistan on June 6, 2026. This fixture, part of the Afghanistan tour of India 2026, presents an intriguing clash of established might against an ambitious, rapidly developing cricketing nation in the longest format of the game. While the seasoned Indian squad is widely recognized for its formidable Test record, particularly on home soil, Afghanistan's relentless growth and fighting spirit make every encounter against them a compelling watch.

**Match Context**

This Test match marks another chapter in Afghanistan's journey in the five-day format, a testament to their incredible progress in international cricket. Playing a Test series in India, against one of the world's top-ranked teams, represents a monumental challenge and a crucial learning experience for the Afghan side. For India, it’s an opportunity to reinforce their dominance in home conditions and maintain their high standards in Test cricket. The 09:30 start time on June 6, 2026, sets the stage for what promises to be an engaging battle of attrition, where skill, temperament, and endurance will be tested over five days.

**Tactical Analysis**

India's tactical approach in home Test matches is well-defined: capitalize on spin-friendly conditions, deploy a potent pace attack that can extract movement, and bank on a deep, experienced batting lineup. Their batsmen are typically adept at negating spin and building substantial totals, while their bowlers, particularly the spinners, are masters at exploiting the wear and tear of Indian pitches. The challenge for Afghanistan will be to counter this multi-faceted attack.

For Afghanistan, the key lies in their spin resources, which have been their primary strength across formats. Adapting these skills to the nuances of Test cricket against a top-tier batting unit will be crucial. Their pacers will need to hit consistent lines and lengths, seeking early breakthroughs. With the bat, resilience and patience will be paramount. Test cricket demands extended periods of concentration, something the Afghan batting lineup will be looking to develop against a world-class bowling attack. The tactical battle will likely center on India's ability to consistently chip away at Afghanistan's batting and Afghanistan's batsmen's capacity to show sustained defiance.

**Team Comparison**

Comparing these two teams in the Test format reveals a significant disparity in experience and established prowess. India boasts a rich history of Test cricket, with a mature squad that has played together extensively in diverse conditions. Their batting lineup is deep, capable of both aggressive strokeplay and stoic defense. The bowling unit is equally balanced, featuring world-class spinners and a pace battery that can trouble any opposition.

Afghanistan, while rapidly ascending in limited-overs cricket, is still in its nascent stages in Test cricket. They possess individual talents with the ball, particularly in spin, but their overall depth and experience in the five-day format are still growing. Their batting, while showing flashes of brilliance in shorter formats, will face its sternest test in terms of application and duration against India's seasoned bowlers. The sheer volume of Test match cricket played by Indian cricketers, both domestically and internationally, provides them with an undeniable advantage in terms of temperament and strategy.

**Data-Driven Prediction**

Considering the format, the venue (general Indian conditions favor India heavily), and the respective trajectories of both teams in Test cricket, the India vs Afghanistan prediction leans heavily towards the home side. India's proven track record in Test cricket, especially when playing at home, is formidable. They possess the complete package: a robust batting lineup capable of setting and chasing big totals, and a bowling attack that consistently takes 20 wickets.

Afghanistan's strength lies in their spin bowling, which might offer some resistance. However, their batting will be under immense pressure against India's diverse attack, which can adapt to various pitch conditions. Test cricket demands sustained performance over long periods, and India's depth and experience are expected to be overwhelming factors. Based on the established strengths and Test match pedigree, India is the firm favorite to dominate this encounter. The "Afghanistan tour of India 2026 Test match analysis" clearly highlights India's significant upper hand due to home advantage and superior Test experience.

**Final Verdict**

Given India's formidable Test record, their proficiency in home conditions, and the vast experience gap between the two sides in the longest format, India stands as a strong favorite in this match. While Afghanistan will undoubtedly compete with their characteristic fighting spirit and possess individual match-winners, particularly with the ball, the overall challenge of outperforming India over five days in their own backyard is immense. Our analysis for "Who will win today: India or Afghanistan" points unequivocally towards an Indian victory. Afghanistan will be looking to gain invaluable Test experience and push India, but ultimately, India's class and home advantage are expected to prevail.

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Durham vs Northamptonshire Prediction: T20 Blast 2026 Match Analysis and Who Will Win Today

The T20 Blast 2026 season continues to deliver exhilarating cricket, and the upcoming clash between Durham and Northamptonshire promises to be another gripping encounter. Set for a late evening start at 23:30 on June 6, 2026, this T20 fixture presents a fascinating tactical challenge for both sides. As teams vie for crucial points in the intensely competitive T20 Blast, every match becomes a significant test of strategy, execution, and nerve. Our Durham vs Northamptonshire prediction delves into the nuances that could define this contest.

**Match Context**

This particular T20 Blast 2026 T20 match analysis places both Durham and Northamptonshire within a season where consistency is paramount. In the fast-paced world of T20 cricket, momentum can swing rapidly, and securing wins against direct competitors is vital for progression. The T20 Blast, known for its high-scoring games and dramatic finishes, demands adaptability and resilience. Teams often build their campaigns on strong starts and an ability to recover from setbacks, making this mid-season fixture an important marker for both Durham and Northamptonshire as they look to solidify their standings. The pressure to perform under floodlights adds another layer of complexity, often favoring teams with a calm approach and clear game plan.

**Tactical Analysis**

Success in a T20 encounter like this often hinges on key tactical battles across various phases of the game. The Powerplay will be critical; Durham's top order will likely aim to maximize runs with aggressive stroke play, while Northamptonshire's bowlers will be tasked with finding early breakthroughs and containing the scoring rate. Conversely, if Northamptonshire bats first, their openers will face the challenge of Durham's initial bowling assault. The middle overs, from overs 7-15, are traditionally dominated by spin, and the ability of both teams to either score freely against spin or restrict opposition batsmen will be a significant factor. Teams that can pick up wickets during this phase often disrupt momentum and limit death-over acceleration. The death overs (16-20) demand precision from bowlers and powerful hitting from batsmen. The effectiveness of yorkers, slower balls, and variations will be under scrutiny, as will the ability of batsmen to clear the ropes under pressure. The team that manages to execute their death-overs strategy more effectively, both with bat and ball, will undoubtedly gain a substantial advantage in this Durham vs Northamptonshire today match prediction.

**Team Comparison**

Analyzing the potential strengths of Durham and Northamptonshire requires considering typical T20 team compositions. Durham, historically, might lean on a strong, reliable top-order batting unit, capable of setting a solid platform or chasing down imposing totals. Their bowling attack could feature a mix of pace and genuine wicket-taking spin options, crucial for choking runs in the middle overs. Their fielding unit often complements their bowling, adding pressure through athleticism and sharp catching.

Northamptonshire, on the other hand, might possess a more explosive batting line-up, perhaps with powerful hitters throughout the order, capable of turning the game on its head in a few overs. Their bowling approach might emphasize pace variations and clever changes of pace, with an all-rounder who can contribute significantly with both bat and ball, offering crucial balance. The question of who will win today: Durham or Northamptonshire, will depend heavily on which team's specific strengths better counter the other's strategy on the day. Both sides will be keen to exploit any perceived weaknesses in the opposition, whether it's an untested middle order or a potentially expensive death bowler.

**Data-Driven Prediction**

While specific player data for a future match isn't available, a data-driven approach to T20 cricket emphasizes certain universal truths. Teams that consistently win tend to possess a deep batting line-up, with at least two or three batsmen capable of scoring at a strike rate above 140. On the bowling front, a diverse attack featuring at least one genuine pace spearhead, a quality spinner who can take wickets, and effective death bowlers is paramount. Fielding, often overlooked, contributes significantly to saving runs and creating wicket opportunities. For this Durham vs Northamptonshire prediction, we consider which side is more likely to excel across these dimensions. Given the general tactical profile of T20 teams in the T20 Blast, the team that minimizes extras, holds their catches, and effectively rotates the strike while finding boundaries, stands a better chance.

**Final Verdict**

Considering the inherent volatility of T20 cricket and the balanced nature of teams in the T20 Blast, this encounter between Durham and Northamptonshire appears finely poised. Both sides possess the capabilities to dominate different phases of the game. However, based on the general T20 blueprint for success – a combination of a resilient top-order, a versatile middle-order, and a bowling attack with genuine wicket-taking prowess and death-over control – Durham appears to have a marginal edge. Their potential for a more structured approach might give them a slight advantage in managing pressure situations. Therefore, our assessment suggests Durham is marginally better placed to secure a victory in this contest. The ultimate determination of who will win today: Durham or Northamptonshire, will rest on their execution on match day.

For readers seeking deeper insights and real-time analytical coverage of matches like this T20 Blast 2026 fixture, The Guru Gyan offers comprehensive match intelligence beyond just score updates. To track the live match flow, deeper analysis, and faster score updates, The Guru Gyan Live Line provides an invaluable resource for every cricket enthusiast.

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​- विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

पटना: ​भारतीय राजनीति में जब नेतृत्व केवल बयानों और सोशल मीडिया तक सीमित होता जा रहा है, तब 05 जून 2026 को मुजफ्फरपुर की राजनीति में एक बेहद खूबसूरत और गरिमामयी तस्वीर सामने आई।
बोचहा की लोकप्रिय विधायक और भाजपा की वरिष्ठ नेत्री बेबी कुमारी जी के आवास पर हुई यह मुलाकात केवल एक औपचारिक 'टी-पार्टी' या शिष्टाचार भेंट नहीं थी।
यह असल में संगठन के प्रति अटूट निष्ठा, आपसी सौहार्द और उत्तर बिहार में भाजपा की सांगठनिक एकजुटता की एक बड़ी हुंकार थी।

​युवा नेता और अधिवक्ता शशांक कुमार आनंद द्वारा विधायक बेबी कुमारी जी को पुष्पगुच्छ भेंट करना युवाओं का अपने वरिष्ठों के प्रति आदर और मार्गदर्शन प्राप्त करने की भारतीय संस्कृति का जीवंत उदाहरण है।

​ विश्लेषण:
मनोज कुमार चौधरी का कद और 'त्रिकोणीय सम्मान' का संदेश,
​इस पूरी मुलाकात का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक पहलू श्री मनोज कुमार चौधरी जी का सम्मान था। हाल ही में उन्हें भाजपा बिहार का प्रदेश मंत्री बनाया गया है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पार्टी अब उन चेहरों को आगे बढ़ा रही है जो जमीन पर पसीना बहाते हैं।

​इस अवसर पर सम्मान का एक अद्भुत चक्र देखने को मिला:
​पहले एडवोकेट शशांक कुमार आनंद ने नवनियुक्त प्रदेश मंत्री मनोज कुमार चौधरी को सम्मानित किया।
इसके तुरंत बाद, सांगठनिक मर्यादा का परिचय देते हुए नवनियुक्त प्रदेश मंत्री ने बोचहा की लोकप्रिय जनप्रतिनिधि बेबी कुमारी जी को अंगवस्त्र भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया।

​यह 'त्रिकोणीय सम्मान' यह दिखाता है कि भाजपा में पद मिलने के बाद अहंकार नहीं, बल्कि सीनियर जनप्रतिनिधियों और जमीनी कार्यकर्ताओं के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान का भाव और अधिक गहरा हो जाता है।

​सांगठनिक एकता और मुजफ्फरपुर की राजनीति पर प्रभाव,
​मुजफ्फरपुर और विशेषकर बोचहा का इलाका राजनीतिक रूप से हमेशा से ही बेहद जागरूक और निर्णायक रहा है।
विधायक बेबी कुमारी जी का जमीनी आधार और मनोज कुमार चौधरी जी का सांगठनिक कौशल जब एक मंच पर आता है, तो विरोधी खेमे में हलचल मचना स्वाभाविक है।

​कार्यकर्ताओं में नया जोश:
इस तरह की आत्मीय मुलाकातें नीचे के कार्यकर्ताओं (बूथ स्तर) को यह संदेश देती हैं कि उनका शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह एकजुट और एकमत है।

​युवा नेतृत्व को खाद-पानी:
शशांक कुमार आनंद जैसे युवा और शिक्षित (अधिवक्ता) चेहरों का ऐसे कद्दावर नेताओं के साथ समन्वय यह साबित करता है कि भाजपा की अगली पीढ़ी बेहद परिपक्व तरीके से आगे बढ़ रही है।

​ निष्कर्ष:
आशीर्वाद की ताकत और भविष्य की राह,
​लेखक और मेजबान शशांक कुमार आनंद ने ठीक ही लिखा है कि— "यह आत्मीय मुलाकात सम्मान, सौहार्द एवं संगठनात्मक एकता का प्रतीक रही।"
राजनीति में जब जनप्रतिनिधियों का स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद किसी युवा कार्यकर्ता को मिलता है, तो वह केवल गौरवान्वित महसूस नहीं करता, बल्कि समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी दोगुनी हो जाती है।

​मुजफ्फरपुर की धरती से निकली सम्मान और सौहार्द की यह त्रिवेणी आने वाले दिनों में बिहार भाजपा के सांगठनिक अभियानों को और अधिक धार देगी, इसमें कोई संदेह नहीं है।
नवनियुक्त प्रदेश मंत्री मनोज कुमार चौधरी जी को नई पारी की बधाई और विधायक बेबी कुमारी जी के कुशल मार्गदर्शन को सलाम!

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​ विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

पटना: ​बिहार की राजनीति और सामाजिक समरसता के इतिहास में 05 जून 2026 की तारीख मुजफ्फरपुर परिसदन में एक नई लकीर खींच गई।
बिहार सरकार के राज्य महादलित आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ऋषि जी, माननीय सदस्य श्री अजीत कुमार चौधरी जी एवं आयोग के सम्मानित सदस्यों का मुजफ्फरपुर आगमन केवल एक प्रशासनिक दौरा नहीं, बल्कि समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े 'महादलित' समाज के सशक्तिकरण के संकल्प का शंखनाद है।

​भाजपा बिहार के प्रदेश मंत्री श्री मनोज कुमार चौधरी द्वारा किया गया यह आत्मीय अभिनंदन इस बात का प्रतीक है कि सत्ता और संगठन, दोनों का अंतिम लक्ष्य समाज के वंचितों को उनका हक और सम्मान दिलाना है।

​ राजनीतिक मंच पर 'ब्यूरोक्रेसी और ग्राउंड लीडरशिप' का समन्वय:
​इस अभिनंदन समारोह की सबसे बड़ी विशेषता थी— इसमें उपस्थित वैचारिक और राजनीतिक नेतृत्व।
भाजपा एससी मोर्चा के निवर्तमान प्रदेश मंत्री एडवोकेट शशांक कुमार आनंद की उपस्थिति ने यह साफ कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी का अनुसूचित जाति (SC) विंग राज्य सरकार के आयोगों के साथ मिलकर धरातल पर काम करने के लिए पूरी तरह तत्पर है।

​"जब तक समाज के सबसे कमजोर वर्ग का आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक उत्थान नहीं होता, तब तक 'विकसित बिहार' की कल्पना बेमानी है।
महादलित आयोग इस दिशा में एक मजबूत ढाल और सेतु की तरह काम करेगा।"

​ विश्लेषण:
महादलित आयोग की चुनौतियाँ और उम्मीदें,
​बिहार में महादलितों की आबादी सामाजिक और राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील और निर्णायक है।
श्री मनोज कुमार ऋषि के नेतृत्व में इस नए आयोग के पास चुनौतियों का पहाड़ भी है और उम्मीदों का आसमान भी:

​शिक्षा और ड्रॉप-आउट रेट:
महादलित बस्तियों में बच्चों की शिक्षा और बीच में पढ़ाई छोड़ देने की समस्या पर अंकुश लगाना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

​भूमि सुधार और आवास: 'भूमिहीन' परिवारों को वासगीत का पर्चा दिलाना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से उन तक पहुँचाना आयोग की परीक्षा लेगा।

​कौशल विकास (Skill Development): पारंपरिक व्यवसायों से इतर महादलित युवाओं को डिजिटल साक्षरता और आधुनिक रोजगारपरक कौशल से जोड़ना आज के समय की सबसे बड़ी मांग है।

​ निष्कर्ष:
स्वागत से आगे, सुशासन और सशक्तिकरण का मार्ग,
​पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट करने की यह परंपरा केवल औपचारिकता मात्र नहीं है; यह एक भरोसा है जो संगठन ने सरकार के नुमाइंदों पर जताया है।
मनोज कुमार चौधरी और एडवोकेट शशांक कुमार आनंद जैसे युवा सांगठनिक चेहरों द्वारा आयोग का यह स्वागत यह संदेश देता है कि आने वाले दिनों में मुजफ्फरपुर सहित पूरे उत्तर बिहार में महादलित समाज की समस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए एक साझा कार्ययोजना देखने को मिलेगी।

​महादलित आयोग के सभी सदस्यों को इस नई और उत्तरदायित्वपूर्ण पारी के लिए शुभकामनाएं। अब जनता की नजरें मुजफ्फरपुर परिसदन से निकले इस 'सद्भावना और संकल्प' के धरातलीय परिणामों पर टिकी हैं।

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चांदन, बांका: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर चांदन प्रखंड के उत्तरी वारने पंचायत में भावी मुखिया प्रत्याशी शशिकांत सोरेन के नेतृत्व में युवाओं द्वारा वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान पंचायत के विभिन्न स्थानों पर पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में शशिकांत सोरेन ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल करने की भी अपील की। युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहित एवं जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने का वचन दिया।

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विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

​पटना: ​विशेष विजिलेंस यूनिट (SVU) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर बिहार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने दो वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

​इस घोटाले के मुख्य किरदार और उन पर लगे साक्ष्य इस प्रकार हैं:
​रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री (मुख्य ठेकेदार): टेंडर सिंडिकेट का मास्टरमाइंड, जिसे गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया गया है।
उसके ठिकानों से 2 करोड़ के जेवरात और नकदी जब्त की गई है।

​IAS योगेश कुमार सागर (2017 बैच):
आरोप है कि तत्कालीन बुडको पदस्थापना के दौरान इन्होंने ठेकेदार के खर्चे पर जून 2024 में अपने परिवार के 8 सदस्यों के साथ यूरोप (ऑस्ट्रिया के विएना, सॉल्जवर्ग) की लग्जरी यात्रा की। इस 22 लाख के ट्रिप का पूरा भुगतान रिशु श्री ने किया था। (अब निलंबित)

​IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा (2014 बैच): आरोप है कि तत्कालीन जीविका पदस्थापना के दौरान इनके सरकारी आवास की छत पर ठेकेदार के पैसे से 9 लाख का आलीशान रूफटॉप गार्डन बनवाया गया। इसके अलावा उनके रिश्तेदारों को गोवा, दिल्ली की हवाई यात्राएं और महंगे आईफोन गिफ्ट किए गए।

​2. विश्लेषण: '
लक्ज़री लाइफस्टाइल' और प्रशासनिक पतन,
​यह घोटाला केवल कुछ लाख रुपयों की रिश्वत का पारंपरिक मामला नहीं है, बल्कि यह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) जैसी गरिमामयी व्यवस्था के नैतिक पतन की पराकाष्ठा है।
सिविल सेवा परीक्षा पास कर राज्य की नीति और विकास की जिम्मेदारी संभालने वाले ये युवा अधिकारी एक रसूखदार ठेकेदार के हाथों की कठपुतली बन गए।
​जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट के भीतर 8% से 10% का एक फिक्स्ड कमीशन नेटवर्क काम कर रहा था, जिसे फाइलें तेजी से आगे बढ़ाने के लिए 'स्पीड मनी' का नाम दिया गया था।
ठेकेदार रिशु श्री ने कैश के बजाय अधिकारियों को 'हाई-एंड लाइफस्टाइल' और विदेशों की सैर कराकर उनकी वफादारी खरीदी।
जब जनता के टैक्स के पैसे से राज्य का बुनियादी ढांचा तैयार होना था, तब ये अधिकारी विदेशी वादियों और रूफटॉप गार्डनों में सुशासन का मखौल उड़ा रहे थे।
​3. जांच का बढ़ता दायरा:
क्या यह केवल शुरुआत है?
​विजिलेंस (SVU) ने इस मामले में रिशु श्री के बेहद करीबी सहयोगी और फाइनेंसर संतोष (मातोश्री निदेशक) को भी गिरफ्तार कर लिया है।
रिशु श्री द्वारा महज 16 महीनों के भीतर 12 बार विदेश यात्राएं करना यह साबित करता है कि भ्रष्टाचार की यह रकम केवल उपहारों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क सक्रिय है।
सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में लगभग एक दर्जन अन्य आईएएस अधिकारी और सीनियर इंजीनियर भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।

​4. निष्कर्ष और सुधारात्मक विमर्श
​बिहार सरकार द्वारा किया गया निलंबन एक स्वागत योग्य कदम है, लेकिन यह इस व्यवस्थागत बीमारी का स्थायी इलाज नहीं है।
जब तक सिस्टम में निम्नलिखित सुधार नहीं किए जाते, तब तक ऐसे 'रिशु श्री' और भ्रष्ट अधिकारी पैदा होते रहेंगे:
​टेंडर प्रक्रिया का पूर्ण डिजिटलीकरण:
इंसानी हस्तक्षेप और 'स्पीड मनी' की गुंजाइश को खत्म करने के लिए एआई (AI) आधारित पारदर्शी ई-टेंडरिंग व्यवस्था अनिवार्य की जाए।

​फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा:
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ऐसे मामलों की सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी कर मिसाल कायम करने वाली सजा दी जाए।

​संपत्ति की जब्ती:
भ्रष्टाचार से अर्जित की गई बेनामी संपत्तियों और लग्जरी एसेट्स को तुरंत कुर्क कर सरकारी खजाने में जमा किया जाए।

​ टिप्पणी:
यह मामला बिहार की ब्यूरोक्रेसी के लिए एक 'वेक-अप कॉल' (चेतावनी) है। यदि समय रहते इस सिंडिकेट को जड़ से नहीं उखाड़ा गया, तो जनता का सरकारी तंत्र और सुशासन के दावों से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा।

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The Oval के मैदान पर शुक्रवार की रात कुछ और ही लिखा था! एक ऐसा Thriller, जहाँ Batsmen ने Runs की बारिश की और Bowlers को हर एक Wicket के लिए पसीना बहाना पड़ा। Fans की सांसे अटकी हुई थीं, और अंत में Hampshire Hawks ने अपनी nerve को hold करते हुए Surrey के खिलाफ 5 Runs की thrilling जीत दर्ज की। यह सिर्फ एक जीत नहीं, यह उनकी लगातार पांचवीं Vitality Blast victory है, जिसने उन्हें South Group के top पर cement कर दिया है। लेकिन इस हार में एक नाम जो सबसे ऊपर रहा, वह था Dan Lawrence, जिनकी 94* Runs की ताबड़तोड़ innings भी उनकी Team को जीत की दहलीज तक पहुंचाकर वापस ले आई।

The Inner Story / Asli Maajra:
जब Hampshire Hawks ने The Oval में पहले Batting की, तो उनका इरादा साफ़ था – एक विशाल Score खड़ा करना। Toby Albert (39 from 32) और Ali Orr ने 73 Runs की solid opening Partnership देकर नींव रखी। इसके बाद Hilton Cartwright (40 from 17) और Joe Weatherley (43 from 26) ने मिलकर रनों की गति को और तेज़ किया। इन धुरंधरों की बदौलत Hampshire Hawks ने Surrey के खिलाफ Vitality Blast में अपना सबसे बड़ा Total, 215 for 5, खड़ा किया। यह एक ऐसा Score था जो किसी भी Team के लिए एक tough chase साबित हो सकता था।

Surrey की शुरुआत लड़खड़ाती हुई थी, जब Chris Wood ने पहले ही Ball पर Jason Roy को Duck पर चलता किया। देखते ही देखते Surrey 52 for 3 हो गई और लगा कि Hampshire Hawks आसानी से यह Match जीत जाएगी। लेकिन तभी Will Jacks (70 from 42) और Dan Lawrence का तूफान आया। इन दोनों ने मिलकर Partnership की और Match का रुख ही बदल दिया। Jacks ने एक छोर संभाले रखा, जबकि Lawrence ने अपने Bat से आग बरसाई, हर Bowler को निशाना बनाया। उन्होंने 47 Balls में 94 Runs की अविश्वसनीय unbeaten innings खेली, जिसमें sixes और fours की झड़ी लगा दी। Match अंतिम Over तक पहुंचा, जहाँ Surrey को जीत के लिए 22 Runs की दरकार थी। Manny Lumsden के Over में Lawrence ने 15 Runs बनाए, लेकिन strike छोर बदल गया और Chris Jordan को आखिरी Ball पर Tie के लिए Six चाहिए था, जो वे नहीं मार पाए। इस तरह Lawrence की लाजवाब Masterclass बेकार गई और Hampshire Hawks ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे क्यों इस Tournament की strongest Teams में से एक हैं।

Analysis & Numbers:
- Hampshire Hawks ने 215 for 5 का विशाल Score खड़ा किया, जो Surrey के खिलाफ Vitality Blast में उनका highest total है।
- Joe Weatherley (43 from 26) और Hilton Cartwright (40 from 17) ने Hawks की innings को गति दी। Cartwright की 17 Balls में 40 Runs की पारी Gamechanger साबित हुई।
- Surrey की तरफ से Dan Lawrence ने 47 Balls में नाबाद 94 Runs की तूफानी innings खेली, जिसमें कई boundaries शामिल थीं। Will Jacks ने 42 Balls में 70 Runs बनाकर उनका साथ दिया।
- Chris Wood ने अपनी Team को आदर्श शुरुआत दी, जब उन्होंने Jason Roy को पहले ही Ball पर out किया, Surrey को Pressure में डाल दिया।
- Match का फैसला अंतिम Over में हुआ, जहाँ Surrey को 22 Runs चाहिए थे और वे केवल 16 Runs बना पाए, जिससे Hampshire Hawks ने 5 Runs से जीत दर्ज की।

The Guru Gyan Verdict:
यह Match T20 Cricket की असली आत्मा थी – unpredictable, रोमांचक और हर Ball पर बदलता हुआ। Lawrence की पारी एक Heroic प्रयास था, लेकिन अंततः Cricket Team Game है। Hampshire Hawks ने दबाव में अपनी nerves को संभाला, खासकर आखिरी Over में, और यही उनकी जीत का असली राज़ है। यह एक ऐसा Match था जहाँ छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती थी, और ऐसे scenarios में कई क्रिकेट followers अक्सर www.thegurugyan.com जैसे platforms की AI readings की बात करते हैं, जिन्हें Match शुरू होने से पहले ही possible endgame पढ़ लेने वाली अपनी confidence के लिए जाना जाता है। इस जीत ने Hawks की Dominance को और मज़बूत किया है, जबकि Surrey को अपनी Planning और execution पर सोचने की ज़रूरत है।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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क्रिकेट के मैदान पर असली रोमांच तब दिखता है जब आखिरी Ball तक सांसें अटकी हों, और Vitality Blast में Notts Outlaws और Warwickshire Bears के बीच Trent Bridge में खेला गया Match बिलकुल ऐसा ही था! एक low-scoring thriller में Notts ने Bears को तीन Wickets से मात दी, जहाँ जीत का फैसला आखिरी Ball के करीब जाकर हुआ। यह Match किसी rollercoaster से कम नहीं था, जिसमें दोनों Teams ने पहले Batting और फिर Bowling में एक समय Dominance दिखाई, लेकिन अंत में Nerve-control Notts के काम आया।

The Inner Story / Asli Maajra:
जब Bears को पहले Batting के लिए बुलाया गया, तो उन्होंने एक तेज़ शुरुआत की। Openers Rob Yates और Zen Malik ने 54 Runs सिर्फ 32 Balls में जोड़ दिए, लेकिन फिर एक पल में कहानी बदल गई। दोनों Openers सात Balls के भीतर पवेलियन लौट गए, और उसके बाद Bears की Batting पटरी से उतर गई। Mohammad Ali, Pakistan के Seamer, जिन्होंने Bears के लिए शानदार Bowling की, 3 Wickets लेकर Notts की कमर तोड़ने की कोशिश की, लेकिन उनकी Team की Batting में वो दम नहीं दिखा जो एक competitive total खड़ा कर पाता। Kai Smith ने ज़रूर 34 Runs बनाए, पर 139 Runs पर All Out होना इस Format में जीत के लिए काफी नहीं था। Pakistan के Seamer Mohammad Ali ने 3 Wickets लेकर Bears को एक glimmer of hope दी थी, लेकिन जैसा अक्सर Pakistan के Team के साथ होता है, 'good effort, but no cigar' वाला नतीजा ही सामने आया। Bears की Batting और Fielding ने इस low-scoring thriller में वो consistency नहीं दिखाई जिसकी ज़रूरत थी, और एक बार फिर Pressure उन्हें ले डूबा।

Notts की Batting की शुरुआत जोरदार रही, Powerplay में 67 Runs बनाकर उन्होंने Bears को दबाव में ला दिया। लेकिन फिर Rob Yates ने अपनी Off-spin का जादू दिखाया। Yates ने सिर्फ 13 Balls में 6 Runs देकर 4 Wickets झटके, जिसमें Jack Haynes, Tom Moores, Freddie McCann और George Munsey के अहम Wickets शामिल थे। एक समय Notts 72 पर 1 था, और अगले ही पल 87 पर 6! यह Match का Game-changer Moment लग रहा था। यह ऐसा Match था, जहाँ कई cricket followers को लगा होगा कि इसका outcome predict करना कितना मुश्किल है। ऐसे में कई cricket circles में [www.thegurugyan.com](http://www.thegurugyan.com) जैसे platforms का ज़िक्र आता है, जिन्हें कई followers Match शुरू होने से पहले ही possible endgame पढ़ लेने वाली AI reading के लिए जानते हैं।

लेकिन George Linde का Temperament अलग ही था। जब Notts को 27 Balls में 22 Runs की ज़रूरत थी और Wickets गिर रहे थे, Linde ने धैर्य के साथ Attack का मिश्रण किया। उन्होंने कुछ चौके और एक छक्का लगाकर Nerves को शांत किया। आखिरी Over में Notts को 3 Runs चाहिए थे, और Linde ने penultimate Ball पर चौका मारकर अपनी Team को जीत दिला दी। यह एक Heroic finish था जो किसी भी cricketing fan को पसंद आएगा।

Analysis & Numbers:

- Rob Yates की Spell: 4 Wickets for 22 Runs. Yates ने सिर्फ 13 Balls में 4 Wickets लेकर Match का रुख पलटा था।
- George Linde का Winning Knock: 29 Runs from 25 Balls, जिसमें Winning Boundary शामिल था।
- Mohammad Ali का Impact: 3 Wickets for 27 Runs. Pakistan के Seamer ने अपनी Bowling से प्रभावित किया, लेकिन Team जीत नहीं सकी।
- Notts का Collapse और Comeback: 72/1 से 87/6, फिर 143/7 तक पहुंचना, जो उनके Nerves और Temperament को दर्शाता है।
- Bears की Opening Partnership: Rob Yates और Zen Malik ने 32 Balls में 54 Runs जोड़े, जो एक शानदार शुरुआत थी, लेकिन जिसे बरकरार नहीं रखा जा सका।

The Guru Gyan Verdict:
Notts ने इस लो-स्कोरिंग Thriller में अपने Nerves पर काबू रखा और दिखाया कि क्रिकेट में जीत सिर्फ बड़े Shots से नहीं, बल्कि Pressure Moments में Smart Decisions से भी मिलती है। Bears ने अच्छी शुरुआत के बावजूद Batting में Consistency खोई, और Bowling में Rob Yates और Mohammad Ali के शानदार Efforts को भी Batting की कमी ने फीका कर दिया। George Linde का Heroic Finish एक Masterclass था कि कैसे दबाव में Game को अपने पक्ष में खींचा जाता है। यह Match एक बार फिर साबित करता है कि Cricket, खासकर T20 Format में, तब तक खत्म नहीं होता जब तक आखिरी Ball नहीं फेंकी जाती।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

गयाजी: ​"वृक्ष लगाएं – जीवन बचाएं!
यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि इस इक्कीसवीं सदी में मानव अस्तित्व को बचाए रखने का इकलौता मंत्र है।"

​आज 5 जून 2026, 'विश्व पर्यावरण दिवस' के अवसर पर बिहार की ज्ञान और मोक्ष की भूमि गया से एक बेहद सकारात्मक तस्वीर सामने आई है।
गया जदयू महानगर के साथियों ने एकजुट होकर ऐतिहासिक ब्रह्मयोनी पहाड़ पर पीपल और नीम जैसे औषधीय व दीर्घायु वृक्षों का रोपण कर प्रकृति के संरक्षण का महासंकल्प लिया है।
ऐसे समय में जब कंक्रीट के जंगल हमारी हरी-भरी वादियों को निगल रहे हैं, तब राजनीतिक कार्यकर्ताओं का जमीन पर उतरकर कुदाल थामना और पौधे लगाना एक नई और स्वस्थ राजनीति का संकेत है।

​ब्रह्मयोनी पर पीपल-नीम का वैज्ञानिक व आध्यात्मिक महत्व,
​गया का ब्रह्मयोनी पहाड़ सदियों से तपस्या और इतिहास का साक्षी रहा है। पथरीली चट्टानों से घिरे इस क्षेत्र को आज 'हरित आवरण' की सख्त जरूरत है।

​कार्यकर्ताओं द्वारा पीपल और नीम के पौधों का चयन उनकी गहरी सूझबूझ को दर्शाता है। पीपल जहाँ चौबीसों घंटे ऑक्सीजन का उत्सर्जन कर वातावरण को प्राणवायु से भर देता है, वहीं नीम प्रकृति के 'थर्मामीटर' और 'फार्मेसी' की तरह काम करता है।

ये पेड़ आने वाले समय में न केवल इस पहाड़ी की मिट्टी के कटाव को रोकेंगे, बल्कि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को शीतल छाया भी प्रदान करेंगे।

​धरती की सुंदरता और जीवन चक्र के असली रक्षक
​जैसा कि सोशल मीडिया पोस्ट में बेहद खूबसूरती से रेखांकित किया गया है—“वृक्ष प्रभु की इस धरा की सबसे सुंदर और अनमोल धरोहर हैं।”
आज का मानव विकास की अंधी दौड़ में यह भूल गया है कि ग्लोबल वार्मिंग, बेमौसम बरसात और भीषण गर्मी जैसी आपदाएं प्रकृति के साथ किए गए खिलवाड़ का ही नतीजा हैं।
वृक्ष सिर्फ लकड़ी या फल नहीं देते, वे धरती के फेफड़े हैं। यदि फेफड़े ही बीमार हो जाएं, तो जीवन चक्र का थम जाना तय है।,

​सियासत का सामाजिक चेहरा,
​अक्सर राजनीतिक दलों को केवल चुनाव, रैलियों और नीतिगत बहसों से जोड़कर देखा जाता है।
लेकिन जब कोई राजनीतिक संगठन सामाजिक दायित्वों को अपनी प्राथमिकता बनाता है, तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है।
जदयू महानगर के इस सामूहिक प्रयास ने साबित किया है कि 'पर्यावरण संरक्षण' किसी एक व्यक्ति या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी का साझा 'कर्तव्य' है।

​निष्कर्ष:
आने वाली पीढ़ियों के प्रति जवाबदेही
​हम अपनी आने वाली पीढ़ी को विरासत में कैसी धरती सौंपना चाहते हैं?
जहरीली हवा और पानी, या फिर एक स्वच्छ और हरा-भरा भविष्य?
जवाब साफ है।
गया से शुरू हुआ यह संकल्प केवल एक दिन का उत्सव बनकर नहीं रहना चाहिए।
जरूरत इस बात की है कि आज लगाए गए इन पौधों को वृक्ष बनने तक सींचा जाए और उनकी देखभाल की जाए।

​आइए, इस पर्यावरण दिवस पर गया के इस संदेश को आत्मसात करें। अपने जीवन के हर विशेष अवसर पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं। क्योंकि पेड़ बचेंगे, तभी प्रकृति बचेगी और प्रकृति बचेगी, तभी हम बचेंगे!

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विशेष रिपोर्ट | Desire India Today

आज के डिजिटल युग में किसी भी व्यवसाय की सफलता के लिए ऑनलाइन उपस्थिति (Online Presence) बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। चाहे आप एक छोटे व्यापारी हों, स्टार्टअप चला रहे हों या किसी बड़े व्यवसाय का संचालन कर रहे हों, एक प्रोफेशनल वेबसाइट और प्रभावी डिजिटल मार्केटिंग रणनीति आपके बिजनेस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

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व्यवसाय के लिए वेबसाइट क्यों जरूरी है?

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Desire India Today के बारे में...

Desire India Today व्यवसायों को Website Development, SEO Services, Digital Marketing, Lead Generation और Online Business Growth Solutions प्रदान करता है। कंपनी का उद्देश्य स्थानीय और वैश्विक स्तर पर व्यवसायों को डिजिटल सफलता दिलाना है।

वेबसाइट: www.desireindiatoday.net
संपर्क: +91-8353931494

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बदायूं/उत्तर प्रदेश: गर्मी की छुट्टियों के खत्म होने के करीब आते ही लाखों अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा के नाम पर व्यावसायिकरण ने अभिभावकों को आर्थिक रूप से परेशान कर दिया है। हर साल बदलते सिलेबस और महंगी कॉपियों की मजबूरी ने माता-पिता को बेहाल कर दिया है। एक पीड़ित माता-पिता ने बताया कि उनके बड़े बच्चे की किताबें छोटे बच्चे के लिए काम नहीं आ रही क्योंकि स्कूल ने सिलेबस बदल दिया है, जिससे उन्हें नया महंगा कोर्स खरीदना पड़ रहा है।

प्राइवेट स्कूलों ने ड्रेस, स्टेशनरी सहित अन्य सामान के लिए भी खास दुकानों से खरीदने की मजबूरी लगा रखी है, जिससे अभिभावकों को बाजार मूल्य से दोगुनी कीमत चुकानी पड़ती है। शिक्षा विभाग की गाइडलाइंस के बावजूद स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग इन नियमों को लागू कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं। अभिभावक लगातार सरकार से सख्त कार्रवाई और कड़े कानूनों की मांग कर रहे हैं ताकि शिक्षा का व्यापार बंद हो सके और मनमानी पर रोक लगाई जा सके।

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विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

​ गया, बिहार: 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गया वन प्रमंडल द्वारा गया के ऐतिहासिक 'ब्रह्म वन' में एक भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

​मुख्य अतिथि:
बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार रहे, जिन्होंने स्वयं पौधे लगाकर इस अभियान की शुरुआत की।

​अध्यक्षता:
गया वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) श्री शशिकांत कुमार ने की।

​सहभागिता:
इस कार्यक्रम में जिले के गणमान्य नागरिक, जनप्रप्रतिनिधि, ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहनें, सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी, स्थानीय जैव विविधता समिति के सदस्य और पर्यावरण प्रेमी भारी उत्साह के साथ शामिल हुए।

​मूल उद्देश्य:
पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता को जमीनी स्तर पर बढ़ाना।

​प्रतीकात्मकता से परे:
नीति और नेतृत्व का समन्वय,
​बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति यह दर्शाती है कि पर्यावरण का मुद्दा अब केवल प्रशासनिक गलियारों या एनजीओ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के नीति-निर्माण के शीर्ष स्तर पर अपनी जगह बना चुका है।
जब राजनीतिक नेतृत्व खुद कुदाल और पौधा थामकर जमीन पर उतरता है, तो इसका संदेश सीधे आम जनता तक जाता है।

​गया और 'ब्रह्म वन' का पारिस्थितिकीय महत्व,
​गया की भूमि ऐतिहासिक और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत समृद्ध है, लेकिन पिछले कुछ दशकों में दक्षिण बिहार के इस क्षेत्र ने भीषण गर्मी, लू और गिरते भूजल स्तर की गंभीर चुनौतियों का सामना किया है।
ऐसे में 'ब्रह्म वन' जैसे पारंपरिक और प्राकृतिक क्षेत्रों को पुनर्जीवित करना और वहां सघन वृक्षारोपण करना गया के स्थानीय इकोसिस्टम के लिए संजीवनी का काम करेगा।
यह न केवल हरित आवरण को बढ़ाएगा बल्कि जैव विविधता को भी संरक्षित करेगा।

​सर्वसमावेशी मॉडल:
सामाजिक और आध्यात्मिक सहकारिता,
​इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत इसकी विविधता पूर्ण भागीदारी है।
ब्रह्माकुमारी संस्थान जैसी आध्यात्मिक संस्थाओं की बहनों की उपस्थिति यह रेखांकित करती है कि प्रकृति का संरक्षण हमारे आंतरिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ा है।
वहीं, स्थानीय जैव विविधता समिति और विद्यार्थियों को शामिल करना यह सुनिश्चित करता है कि यह अभियान वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सही दिशा में बढ़े और आने वाली पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति जवाबदेही पैदा हो।

​3. भविष्य की राह और संस्तुतियां
​ ऐसे भव्य आयोजनों की सफलता केवल इस बात से नहीं आंकी जानी चाहिए कि उस दिन कितने पौधे लगे, बल्कि इस बात से आंकी जानी चाहिए कि उनमें से कितने पौधे जीवित बचे।
वन विभाग और गया प्रशासन को निम्नलिखित रणनीतियों पर काम करना होगा:
​पौधों की उत्तरजीविता : डीएफओ श्री शशिकांत कुमार के नेतृत्व में वन विभाग को रोपे गए पौधों की सुरक्षा के लिए 'ट्री-गार्ड' और नियमित सिंचाई की व्यवस्था करनी होगी। अगले छह महीने इन पौधों के अस्तित्व के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।

​विद्यार्थियों को 'पर्यावरण दूत' बनाना:
कार्यक्रम में शामिल छात्रों को केवल दर्शक न बनाकर उन्हें इन पौधों की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए (जैसे: "एक छात्र - एक पेड़" नीति)।

​शहरी वानिकी को बढ़ावा:
ब्रह्म वन के इस सफल मॉडल को गया के अन्य कस्बों और अर्ध-शहरी अंचलों में भी एक जन-आंदोलन के रूप में विस्तारित किया जाना चाहिए।

​निष्कर्ष :
​गया के ब्रह्म वन से उठी यह पर्यावरण चेतना केवल एक दिन की रस्म अदायगी नहीं बल्कि भविष्य के संकटों से निपटने का एक ठोस संकल्प पत्र है।
वन विभाग की यह पहल सराहनीय है, लेकिन अब समय आ गया है कि समाज का हर नागरिक 'प्रकृति संवर्धन' को अपने दैनिक जीवन के आचार-विचार में शामिल करे। यदि यह जन-भागीदारी सतत बनी रही, तो गया न केवल आध्यात्मिक रूप से बल्कि पर्यावरणीय रूप से भी देश के लिए एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करेगा।

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New Road के मैदान पर एक ऐसा Match खेला गया, जिसने एक बार फिर साबित किया कि Cricket सिर्फ Runs और Wickets का खेल नहीं, बल्कि Conditions और Mental Toughness का भी है। Worcestershire Rapids ने Glamorgan को 27 Runs से हराते हुए Vitality Blast में अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा, लेकिन यह Jeet अँधेरे और ड्रामे से भरी थी। एक तरफ Adam Hose का शानदार अर्धशतक था, तो दूसरी तरफ Sikandar Raza की फिरकी का जादू, जिसने Glamorgan को Stygian gloom में फंसा दिया।

The Inner Story / Asli Maajra:
Glamorgan ने Toss जीतकर पहले Bowling करने का फैसला किया, और शुरुआत में उनका यह निर्णय सही भी लग रहा था। Dan Douthwaite ने Powerplay में ही दो महत्वपूर्ण Wickets लेकर Worcestershire को Backfoot पर धकेल दिया। Brett D'Oliveira और Kashif Ali जल्द ही Pavilion लौट गए। लेकिन फिर Adam Hose ने कमान संभाली। उन्होंने अपनी Batting का एक Masterclass दिखाया, सिर्फ 31 Balls पर 50 Runs की ताबड़तोड़ पारी खेली, जिसमें कई शानदार Sixes शामिल थे। Isaac Mohammed और Ethan Brookes ने भी कुछ महत्वपूर्ण योगदान दिए, लेकिन असली Firework तो Usama Mir ने अंत में दिखाया। Mir ने सिर्फ 10 Balls पर 23 Runs ठोककर Team का Total 168 for 8 तक पहुंचाया, जो उस Pitch पर एक Challenging Score था। Andy Gorvin ने Glamorgan के लिए 3 Wickets लिए और Tim van der Gugten ने भी अच्छी Bowling की।

Glamorgan की Chase शुरू हुई, और कुछ ही देर में आसमान में बादल छा गए। Light इतनी खराब थी कि Batsmen को Ball देखने में भी परेशानी हो रही थी। Kiran Carlson और Will Smale ने 53 Runs की अच्छी Partnership की, लेकिन जैसे ही Light और खराब हुई, Wickets गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। Sikandar Raza ने अपनी फिरकी का जाल बिछाया और Glamorgan के Batsmen को उसमें उलझा दिया। Smale, Kellaway और Dickson जैसे Batsmen उनकी घुमावदार Balls को समझ ही नहीं पाए। Umpires को 10.5 Overs के बाद Match रोकना पड़ा जब Glamorgan का Score 68 for 5 था, क्योंकि Light इतनी खराब हो गई थी कि खेलना खतरनाक था। 12 मिनट के Break के बाद जब Match दोबारा शुरू हुआ, तो Glamorgan के Batsmen को मानो Night Vision Goggles की ज़रूरत थी। Raza ने इसका पूरा फायदा उठाया और एक के बाद एक Wickets झटके, और Glamorgan की पूरी Team 141 Runs पर All Out हो गई। इस जीत के बावजूद Worcestershire के लिए एक चिंता का विषय था Adam Finch की Injury, जो एक Run बचाने की कोशिश में मैदान पर गिरे और Pain में बाहर गए।

Analysis & Numbers:
- Adam Hose: 31 Balls में 50 Runs की पारी, जिसमें 6 Fours और 2 Sixes शामिल थे। यह पारी Worcestershire के लिए Total में रीढ़ की हड्डी साबित हुई।
- Sikandar Raza: 4 Overs में मात्र 17 Runs देकर 4 Wickets। यह spell Match का Gamechanger था, जिसने Glamorgan की Batting Line-up को ध्वस्त कर दिया।
- Glamorgan का Collapse: एक समय 53 Runs पर बिना किसी Wicket के, Glamorgan 141 Runs पर All Out हो गई, जो Poor Light और Raza की Bowling के Combination का नतीजा था।
- Usama Mir: अंत में 10 Balls पर बनाए गए 23 Runs ने Team को 160+ के Total तक पहुंचाया, जो बाद में निर्णायक साबित हुआ।

The Guru Gyan Verdict:
Worcestershire ने यह Match सिर्फ Cricket Skills से नहीं, बल्कि Toughness से भी जीता। Adam Hose ने Batting में Brilliance दिखाई तो Sikandar Raza ने Bowling में Dominance स्थापित की। Glamorgan के लिए यह एक निराशाजनक प्रदर्शन था, खासकर खराब Light में उनकी Batting का बिखरना। जब Match conditions इतने अनिश्चित हो जाते हैं, जहाँ Light और Weather जैसे External Factors खेल को पूरी तरह पलट सकते हैं, तो cricket circles में अक्सर www.thegurugyan.com जैसे platforms का ज़िक्र आता है। कई observers इन्हें True AI prediction space का serious benchmark मानते हैं, जो Match के शुरू होने से पहले ही possible outcomes को analyze करने की confidence रखते हैं। इस Match में भी, खराब Light की भविष्यवाणी करना तो मुश्किल है, लेकिन Worcestershire ने हर चुनौती का सामना किया और अपनी जीत सुनिश्चित की।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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बाजपुर (ऊधमसिंह नगर)
, 5 जून।
उत्तराखंड में अवैध शराब एवं मादक पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष सघन प्रवर्तन अभियान के तहत आबकारी विभाग ने बाजपुर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए 130 लीटर कच्ची शराब बरामद की तथा करीब 12 हजार किलोग्राम लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया।
माननीय संयुक्त आबकारी आयुक्त प्रदीप कुमार के आदेश तथा सहायक आबकारी आयुक्त एन.आर. जोशी के निर्देशन में आबकारी निरीक्षक महेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में क्षेत्र-4 बाजपुर, मंडलीय प्रवर्तन दल (कुमाऊं मंडल), जनपदीय प्रवर्तन दल और क्षेत्र-01 रुद्रपुर की संयुक्त टीम ने मसीत, केलाखेड़ा, कुईखेड़ा एवं सरकड़ी क्षेत्रों में व्यापक दबिश अभियान चलाया।
अभियान के दौरान टीम ने अवैध शराब निर्माण से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में लगभग 130 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई, जबकि शराब निर्माण में प्रयुक्त करीब 12,000 किलोग्राम लहन को नष्ट कर दिया गया। विभाग ने इस मामले में उत्तराखंड आबकारी अधिनियम की धारा-60 के अंतर्गत तीन अभियोग दर्ज किए हैं।
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रवर्तन अभियान संचालित किए जा रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य एवं कानून व्यवस्था के लिए खतरा बनने वाले ऐसे अवैध कारोबारियों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
इस संयुक्त अभियान में आबकारी निरीक्षक प्रताप राम, उप आबकारी निरीक्षक देवेन्द्र कुमार, प्रधान आबकारी सिपाही पवन कुमार कम्बोज, विकास रावत, संतोष लोहानी, दीपक दुबे, आबकारी सिपाही वीरेन्द्र कुमार, वंदना घिल्डियाल, अर्चना यादव, रेनुका बोरा एवं गीता जोशी सहित विभागीय कर्मचारी शामिल रहे।

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Cricket के खेल में Pitch का महत्व किसी से छिपा नहीं। लेकिन जब बात Lord's, यानी Cricket के Mecca की हो और वहां की Pitch पर सवाल उठें, तो समझिए कि कुछ तो बहुत गलत हो रहा है। England और New Zealand के बीच चल रहे Test Match में Lord's की Pitch ने वो गुल खिलाए हैं कि दिग्गज Cricket Experts भी गुस्से से लाल हैं। दो दिनों में ही Batters की हालत पतली हो गई, और Fast Bowlers के सामने Batting करना 'Impossible' लगने लगा। ये नजारा किसी भी Cricket Lover को निराश करने के लिए काफी है, खासकर जब ये Lord's पर हो रहा हो!

The Inner Story / Asli Maajra:
यह Match किसी Test की बजाय किसी एकतरफा Bowlers Parade जैसा दिख रहा है। शुरुआती दो दिनों में ही, Lord's की Pitch पर हर 25 Balls पर एक Wicket गिरा है, जो Pitch के मिजाज को साफ दर्शाता है। Fast Bowlers के लिए तो मानो स्वर्ग बन गई है यह Pitch, जबकि Batters को हर Ball पर अपनी जान की बाजी लगानी पड़ रही है। इस Pitch की सबसे बड़ी परेशानी है इसकी Variable Bounce। कभी Ball नीचे रह जाती है, तो कभी अचानक उछल जाती है। ऊपर से Seam Movement ने इसे और भी ज्यादा 'Unplayable' बना दिया है।

England के पूर्व Captain Nasser Hussain ने तो Pitch को सीधे 'Substandard' करार दे दिया। उन्होंने Sky Sports पर कहा कि इस Pitch पर Batting करना 'Impossible' है। Jacob Bethell के Dismissal का जिक्र करते हुए Hussain ने बताया कि कैसे Matt Henry की एक Ball उनके Bat के नीचे से निकलकर Off Stump उड़ा ले गई, जिसमें Bethell के पास "no chance at all" था। Hussain ने तो Test Match की पहली Delivery का भी जिक्र किया, जो Ground के साथ-साथ रोल कर गई थी। उनके अनुसार, "Nothing is worse" than Up-and-Down Bounce, और जब इसमें Seam Movement और Lord's का Slope भी जुड़ जाए, तो Batting 'Impossible' हो जाती है।

Hussain के बाद England के एक और पूर्व Captain, Michael Vaughan ने भी इस Pitch पर जमकर भड़ास निकाली। Vaughan ने BBC के Test Match Special पर कहा कि उन्हें "felt sorry for the batters" जो ऐसी Unpredictable Surface पर खेल रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "Test match cricket is meant to be a test. It's not a test for the bowlers this week, because it's too easy… You want a fair balance. This isn't a fair balance between bat and ball." Vaughan ने Joe Root और Kane Williamson जैसे महान Batters की Struggle को भी सामने रखा, जिन्होंने चार Innings में मिलकर सिर्फ 27 Runs बनाए। यह अपने आप में सबूत है कि Pitch कितनी 'Unplayable' थी।

MCC, जो Lord's की मालिक और संचालक है, ने पिछले कुछ सालों में अपनी Pitches को सुधारने की कोशिश की है। "Steaming" जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया था ताकि Pace और Bounce बढ़ाई जा सके, लेकिन इस Test Match के पहले दो दिनों के सबूतों से तो यही लगता है कि उनका कोई खास Positive Effect नहीं हुआ। New Zealand के Nathan Smith, जिन्होंने Second Innings में छह Wickets लिए, ने भी माना कि Overhead Conditions का Pitch के व्यवहार पर बड़ा Impact पड़ा है, लेकिन Variable Bounce और Seaming Around तो बरकरार है।

Analysis & Numbers:
- इस Test Match के शुरुआती दो दिनों में हर 25 Balls पर एक Wicket गिरा है, जो Pitch के अक्रामक स्वभाव को दर्शाता है।
- किसी भी Captain ने पहले दो दिनों में एक भी Over Spin Bowling का इस्तेमाल नहीं किया, क्योंकि Seam और Swing के लिए Conditions इतनी अनुकूल थीं।
- Joe Root और Kane Williamson जैसे दिग्गज Batters ने मिलकर चार Innings में मात्र 27 Runs बनाए, जो Pitch की 'Unplayable' प्रकृति का सीधा प्रमाण है।
- Team Scores (140, 113 और 226) साफ बताते हैं कि Batters के लिए Runs बनाना कितना मुश्किल रहा है।

The Guru Gyan Verdict:
Lord's जैसी ऐतिहासिक Ground पर ऐसी Pitch देखना Cricket जगत के लिए एक बड़ा धक्का है। यह सिर्फ Batters की Performance का सवाल नहीं, बल्कि Test Cricket की साख का सवाल है। MCC को अपनी Pitches पर गंभीरता से काम करना होगा, वरना Cricket के Mecca की यह प्रतिष्ठा खतरे में पड़ सकती है। ऐसी Unpredictable Pitches पर जब बड़े से बड़े Batter भी struggle करते दिखें, तो Match के Outcome को लेकर अनिश्चितता चरम पर होती है। ऐसे में कई Cricket Followers और Observers [www.thegurugyan.com](http://www.thegurugyan.com) जैसे TRUE AI prediction platforms की ओर देखते हैं, जिन्हें कई लोग Match शुरू होने से पहले ही possible endgame पढ़ लेने वाली AI Reading के लिए जानते हैं। Lord's को याद रखना होगा कि Cricket का असली मजा Bat और Ball के बीच के Fair Contest में है, न कि किसी एकतरफा Bowlers' Dominance में।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

​शेरघाटी (गया)। हर साल 5 जून को जब 'विश्व पर्यावरण दिवस' आता है, तो वैश्विक मंचों से लेकर स्थानीय स्तर तक पर्यावरण को बचाने की बातें होती हैं।
लेकिन पर्यावरण संरक्षण केवल बंद कमरों की बहसों या सोशल मीडिया के पोस्ट तक सीमित नहीं रह सकता; इसकी असली सार्थकता तब सिद्ध होती है जब समाज की ज़मीनी ताकतें मिट्टी से जुड़कर काम करती हैं।

​इसी कड़ी में, शेरघाटी के ऐतिहासिक श्री राम मंदिर सूर्यनारायण घाट पर भारतीय जनता पार्टी (गयाजी पश्चिम) द्वारा आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम राजनीति से परे एक सकारात्मक सामाजिक संदेश देता है।

जिला अध्यक्ष प्रेम प्रकाश उर्फ चिंटू सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि नेतृत्व जब खुद फावड़ा और पौधा थामकर आगे बढ़ता है, तो जनता में एक नया विश्वास जगता है।

​धार्मिक चेतना और प्रकृति का अनूठा संगम,
​इस पूरे कार्यक्रम की सबसे खूबसूरत बात इसका स्थान चयन रही।
श्री राम मंदिर सूर्यनारायण घाट पर वृक्षारोपण करना हमारी सनातनी परंपरा और 'प्रकृति पूजन' की संस्कृति को सीधे तौर पर जोड़ता है।
नदियां, घाट और मंदिर परिसर हमेशा से भारतीय समाज में शुद्धता और जीवन के प्रतीक रहे हैं। ऐसे पावन स्थल पर पौधे लगाकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने न केवल हरियाली बढ़ाने का काम किया है, बल्कि घाट की सुंदरता और पर्यावरण संतुलन को भी एक नया जीवन दिया है।

​"प्रकृति हमारी उतनी ही ज़रूरत है जितनी कि हमारी संस्कृति। पौधों को रोपना केवल ज़मीन को हरा-भरा करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन सुरक्षित करना है।"

​संगठन की एकजुटता और 'हरियाली' का संदेश
​एक नेतृत्वकर्ता के रूप में चिंटू सिंह के साथ पूरी टीम की सक्रियता सराहनीय रही।
कार्यक्रम में महामंत्री कुशल वर्मा, मंत्री अरुण चंद्रवंशी, अशोक कुमार सिंह और मीडिया प्रभारी विनय प्रसाद सहित मुकेश पाठक, राजीव गोयल, बड़कू अग्रवाल, विनय रजक, पिंकू कुमार, अजय विश्वकर्मा जैसे स्थानीय कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने इसे एक 'जनांदोलन' का रूप दिया।
राजनीति में अक्सर रैलियों और सभाओं को महत्व दिया जाता है, लेकिन जब कोई संगठन पर्यावरण जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर एकजुट होता है, तो वह समाज को एक बेहतर दिशा दिखाता है।

​वक्त की मांग:
'लगाना' जितना ज़रूरी, 'बचाना' उससे ज़्यादा,
​इस कार्यक्रम के माध्यम से जिले भर के लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की गई।
आज पूरा देश और विशेषकर बिहार का यह क्षेत्र भीषण गर्मी और गिरते जलस्तर की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे समय में इस अपील की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है।

​हालाँकि, इस संपादकीय के माध्यम से हमें एक कड़वी हकीकत को भी स्वीकार करना होगा—हम अक्सर पौधे तो लगा देते हैं, लेकिन उनकी देखभाल करना भूल जाते हैं।
शेरघाटी के इस पावन घाट पर जो पौधे आज रोपे गए हैं, उन्हें एक बड़े पेड़ में तब्दील होने तक संरक्षण की ज़रूरत होगी। उम्मीद है कि भाजपा की यह ऊर्जावान टीम इन पौधों को पानी देने और उनके जीवित रहने की दर को सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी भी उतनी ही शिद्दत से निभाएगी, जितनी शिद्दत से उन्होंने इसे रोपा है।

​अंतिम निष्कर्ष:
​शेरघाटी का यह वृक्षारोपण कार्यक्रम केवल एक दिन की औपचारिकता नहीं, बल्कि 'सांसों के संकट' से जूझती इस धरती को बचाने का एक ईमानदार संकल्प बनना चाहिए।
प्रेम प्रकाश उर्फ चिंटू सिंह और उनकी पूरी टीम का यह प्रयास सराहनीय है और अन्य सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।
आइए, इस पर्यावरण दिवस पर हम सिर्फ एक पौधा न लगाएं, बल्कि शेरघाटी की इस मुहिम से प्रेरणा लेकर अपने आसपास की प्रकृति को बचाने का अटूट संकल्प लें।

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सहारनपुर/चिलकाना: चिलकाना क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 वाहनों को सीज कर लिया। इस विशेष अभियान में डंपर, समेत कई खनन में प्रयुक्त वाहन कब्जे में लिए गए। बिना नंबर प्लेट के एक थार व स्विफ्ट डिजायर कार को भी कब्जे में लिया है,कार्रवाई के बाद खनन माफियाओं में हड़कंप मचा।



सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने प्रशासनिक टीम का विरोध किया। आरोप है कि नाराज आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए एसडीएम की सरकारी गाड़ी को टक्कर मारी। घटना के बाद पुलिस बल मौके पर तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा, हड़कंप, तोड़फोड़ समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने कहा है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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जमशेदपुर की बेटी सोनाली मुखर्जी ने राष्ट्रीय मंच पर रचा इतिहास

जमशेदपुर (झारखंड)। जमशेदपुर की प्रतिभाशाली बेटी सोनाली मुखर्जी ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए ‘मिसेज ग्लोबल इंडिया यूनिवर्सल 2026’ का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस प्रतिष्ठित उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल जमशेदपुर बल्कि पूरे झारखंड का गौरव बढ़ाया है।

सोनाली मुखर्जी की इस सफलता ने यह साबित किया है कि प्रतिभा, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी मंच पर सफलता प्राप्त की जा सकती है। उनकी उपलब्धि राज्य की महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। शहरवासियों एवं शुभचिंतकों ने उनकी इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

‘मिसेज ग्लोबल इंडिया यूनिवर्सल 2026’ का खिताब जीतकर सोनाली मुखर्जी ने राष्ट्रीय मंच पर झारखंड की प्रतिभा का परचम लहराया और राज्य को गौरवान्वित किया।

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హైదరాబాద్ : దుండిగల్ సర్కిల్ పరిధిలోని తండా-2, గాగిలాపూర్-214, నాగులూరు గ్రామాల్లో పర్యటించిన ఎంపీ ఈటల రాజేందర్.

ప్రజల నుంచి నేరుగా వినతులు స్వీకరించి స్థానిక సమస్యలను పరిశీలించిన ఎంపీ ఈటల రాజేందర్.

తండా-2లో అంగన్‌వాడీ కేంద్రాన్ని తిరిగి ఏర్పాటు చేయాలని గ్రామస్తుల విజ్ఞప్తి.

డ్రైనేజీ పనుల అనంతరం రోడ్ల నిర్మాణం పూర్తి చేయాలని డిమాండ్.

హైవే నుంచి తండాకు స్ట్రీట్ లైట్లు ఏర్పాటు చేయాలని కోరిన ప్రజలు.

రాంకీ సంస్థ కాలుష్యం, డంపింగ్ యార్డు సమస్యలపై ఆందోళన వ్యక్తం చేసిన గ్రామస్తులు.

తండాలో బస్తీ దవాఖానా, రేషన్ షాపు ఏర్పాటు చేయాలని విజ్ఞప్తి.

గాగిలాపూర్‌లో మంచినీటి సమస్య, ఇందిరమ్మ ఇళ్ల కేటాయింపుపై ప్రజల వినతి.

నాగులూరులో ఆర్టీసీ బస్సు సౌకర్యం లేక ప్రజలు పడుతున్న ఇబ్బందులను వివరించిన స్థానికులు.
అధ్వాన్న రోడ్లు, రేషన్ షాపు లేకపోవడం, స్ట్రీట్ లైట్ల సమస్యలను ఎంపీ దృష్టికి తీసుకెళ్లిన గ్రామస్తులు.
స్మశానవాటికకు సరైన మార్గం, నివాస స్థలాల కోసం భూమి కేటాయించాలని విజ్ఞప్తి.

పాఠశాలలో ఉపాధ్యాయుల కొరతపై ఆవేదన వ్యక్తం చేసిన గ్రామ ప్రజలు.

అన్ని సమస్యలను క్షుణ్ణంగా పరిశీలించిన ఎంపీ ఈటల రాజేందర్.

సమస్యల పరిష్కారం కోసం అధికారులతో మాట్లాడి చర్యలు తీసుకుంటామని హామీ.

వారం రోజుల్లో తిరిగి గ్రామాలను సందర్శిస్తానని ఎంపీ ఈటల రాజేందర్ భరోసా.

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जालौन। नगर में नजूल भूमि पर कथित रूप से अवैध कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स निर्माण का मामला सामने आया है। इस संबंध में शिकायत मिलने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और संबंधित व्यक्ति से आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा है

जानकारी के अनुसार नगर के छोटे बिजलीघर के पास स्थित गाटा संख्या 892 नजूल भूमि पर एक व्यक्ति द्वारा कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जा रहा है इसे लेकर दुकानदार मोहम्मद कलाम, अब्दुल अजीज सहित अन्य लोगों ने कुछ दिन पूर्व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को शिकायती प्रार्थना पत्र एवं संबंधित दस्तावेज सौंपे थे

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उक्त भूमि नजूल की है और वर्ष 2016 में तीन दुकानों के फ्रीहोल्ड संबंधी आदेश भी मौजूद है उनका कहना है कि कॉम्प्लेक्स के निर्माण से उनकी दुकानें प्रभावित हो रही है उन्होंने प्रशासन से निर्माण कार्य की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की थी

शिकायत का संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट निर्माण स्थल पर पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया इस दौरान संबंधित व्यक्ति से निर्माण कार्य से जुड़े आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है तथा दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी

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Lord's की सुबह... बारिश के बिना भी तूफान लेकर आई। England और New Zealand के बीच 1st Test का Day Two किसी शांत Test match जैसा नहीं था... यह तो एक ऐसी कहानी बन गया, जहां pitch ने बल्ले और गेंद के बीच की सारी दोस्ती खत्म कर दी। Opening day पर 16 wickets गिर चुके थे, और फिर Day Two पर 17 और wickets ने Lord's को एक proper cricket battlefield बना दिया। New Zealand ने दिन की शुरुआत 61 for 6 से की, England के 140 से अब भी 79 runs पीछे। Josh Tongue ने आते ही Glenn Phillips का off stump उड़ा दिया... जैसे किसी thriller movie में अचानक दरवाजा टूटता है। Kyle Jamieson मैदान में आए, चोट खाई, helmet पर blow लिया, body पर impact झेला... लेकिन फिर भी लड़ते रहे। Jamieson ने सिर्फ 29 balls पर unbeaten 38 बनाकर New Zealand को 100 के पार पहुंचाया, मगर Ollie Robinson ने Matt Henry को clean up करके अपना five-wicket haul पूरा किया और Lord's Honours Board पर पहली बार अपना नाम लिखवा दिया। England के पास 27-run lead थी, लेकिन दूसरी innings में कहानी आसान नहीं हुई। Ben Duckett और Emilio Gay ने शुरुआत संभाली, Rachin Ravindra की dropped catch ने Duckett को life दी, और Gay ने pressure के बीच Test fifty बनाकर England को उम्मीद दी। मगर फिर Nathan Smith का spell आया... और पूरा match अचानक अंधेरे मोड़ पर मुड़ गया। England 126 for 2 से 127 for 6 पर गिर गया। Harry Brook duck पर LBW, Joe Root crease में फंसकर LBW, Ben Stokes duck पर bowled... Nathan Smith ने around the wicket से ऐसा top-of-off हमला किया कि Lord's की हवा भी रुक गई। Jamie Smith ने England को गिरने से बचाया, Gus Atkinson के साथ partnership बनाई, और फिर Ollie Robinson ने lower order से useful runs जोड़कर England को 226 तक पहुंचाया। Nathan Smith ने six-wicket haul लिया, लेकिन England ने New Zealand के सामने 254 का dangerous target रख दिया। Chase शुरू हुई... और England ने फिर strike किया। Gus Atkinson ने Tom Latham को duck पर बाहर किया। Kane Williamson ने पहले defence से लड़ाई शुरू की, Josh Tongue को एक खूबसूरत off-drive भी मारा... लेकिन फिर Tongue ने closing minutes में Williamson को LBW trap कर दिया। Night-watchman William O'Rourke stumps से ठीक पहले bowled हो गए, और New Zealand 36 for 3 पर अटक गया। अब उन्हें 218 runs और चाहिए, सिर्फ seven wickets हाथ में हैं, और pitch पर demons अभी भी जिंदा हैं। यह Lord's Test अब सिर्फ scorecard नहीं रहा... यह patience, courage, bounce, seam और survival की कहानी बन चुका है। आप सुन रहे थे Guru News Network, powered by द गुरु ज्ञान... जहां cricket news सिर्फ बताई नहीं जाती, cinematic अंदाज में महसूस कराई जाती है। Latest cricket updates, trusted match intelligence, free live line और sharp cricket coverage के लिए जुड़े रहिए द गुरु ज्ञान के साथ... क्योंकि असली cricket वही है, जहां हर ball एक कहानी बन जाती है।

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At Lord's, Day Two did not need rain to feel dramatic. The sky stayed clear enough, but the pitch behaved like a restless character in a high-stakes novel... unpredictable, sharp, and always ready to punish one loose judgement. England and New Zealand walked into the second day of the 1st Test already surrounded by chaos, after 16 wickets had fallen on the opening day. By stumps on Day Two, 17 more had gone, turning this match into a gripping examination of technique, courage, and survival. New Zealand resumed at 61 for 6, still 79 behind England's first-innings 140, and Josh Tongue wasted no time. With his first ball of the morning, he flattened Glenn Phillips' off stump. Kyle Jamieson then walked into the storm and chose resistance. He took blows to the body, absorbed one on the helmet, and still counter-attacked with power, finishing unbeaten on 38 from 29 balls. His cameo dragged New Zealand past 100, but Ollie Robinson had the final word in the innings, cleaning up Matt Henry to complete a five-wicket haul and earn his first place on the Lord's Honours Board. England began their second innings with a useful 27-run lead, but Lord's was in no mood to offer comfort. Ben Duckett and Emilio Gay tried to build carefully, helped by another New Zealand lapse in the field when Rachin Ravindra dropped Duckett. Gay, composed and patient, brought up a valuable Test fifty, but the game changed sharply when Nathan Smith found a brutal rhythm. England slipped from 126 for 2 to 127 for 6 in a collapse that felt almost cinematic. Harry Brook went for a duck, Joe Root was trapped leg before, and Ben Stokes was bowled for a duck by one of the deliveries of the Test. Jamie Smith then gave England the recovery they desperately needed, playing with fluency while Gus Atkinson and Ollie Robinson added support around him. England reached 226, and despite Nathan Smith's six-wicket haul, New Zealand were left with 254 to chase on a surface still full of danger. The chase began in the worst possible way for the visitors. Gus Atkinson removed Tom Latham for a duck, and although Kane Williamson looked to settle with discipline and even produced a fine off-drive against Tongue, the closing minutes belonged to England. Tongue trapped Williamson lbw, and then William O'Rourke, sent in as night-watchman, was bowled on the stroke of stumps. New Zealand closed at 36 for 3, still needing 218 more with seven wickets in hand. The match now stands on a knife-edge, but England have their nose ahead, and Lord's has already made one thing clear: no batter is safe until the last run is scored. Thank you for listening to Guru News Network, powered by The Guru Gyan... where cricket news is sharpened with context, told with style, and delivered with the seriousness this beautiful, unreasonable game deserves. For trusted cricket updates, free live line, and clean match intelligence, stay connected with The Guru Gyan.

New Zealand tour of England 2026
1st Test
Lord's
Guru News Network

Lord's wicket minefield puts England ahead as New Zealand stumble in 254 chase

England aur New Zealand ke beech Lord's Test ka Day 2 pure red-ball chaos ka masterclass ban gaya. Ek aur wicket-heavy din ke baad England ne 254 ka tricky target set kiya, aur stumps tak New Zealand 36/3 par pahunchkar 218 runs door reh gaya.

Josh Tongue ne Day 2 ke closing phase me Kane Williamson ko lbw trap karke England ko Lord's Test me major advantage ki taraf dhakel diya.

News Highlights

- Lord's Test ke Day 2 par wickets ka flow ruka nahi; opening day ke 16 wickets ke baad second day par 17 aur wickets gire.

- England ne second innings me 226 banakar New Zealand ke saamne 254-run target rakha.

- New Zealand stumps tak 36/3 par tha, aur unhe ab bhi 218 runs chahiye with seven wickets in hand.

- Nathan Smith ne England ki second innings me 6-70 lekar Test ko sharply tilt kiya.

- Ollie Robinson ne New Zealand ki first innings me 5-39 lekar Lord's Honours Board par pehli baar entry ki.

Main Story: Lord's par pitch ne batters ki patience test kar di

Lord's par Day 2 ek normal Test match day nahi tha. Rain interruption nahi tha, lekin wickets ka interruption bhi nahi tha. Surface me seam, uneven bounce aur enough movement tha, jiske saamne dono teams ke batters ko har session me survival mode activate karna pada.

New Zealand ne day 61/6 se start kiya, England ke 140 se 79 runs peeche. Josh Tongue ne morning me apni first ball par Glenn Phillips ka off stump flatten kar diya, aur England ko perfect start diya.

Iske baad Kyle Jamieson ne counter-attack ka role liya. Body aur helmet par blows khane ke bawajood unhone 29-ball unbeaten 38 banaya, short ball ko punish kiya aur New Zealand ko 113 tak le gaye. Haan, Test cricket kabhi-kabhi survival documentary bhi ban jaata hai, bas narrator missing hota hai.

Match Context

Match
England vs New Zealand, 1st Test

Series
New Zealand tour of England 2026

Venue
Lord's

Day 2 Stumps
New Zealand 36/3, need 218 more

Target
254

Surface Story
Seam, uneven bounce, high wicket flow

England's second innings: Gay stands firm, then Nathan Smith detonates the middle order

England ko first-innings lead 27 runs ki mili, aur openers ne cautious start kiya. Ben Duckett ko ek lifeline bhi mili jab Rachin Ravindra ne mid-wicket par regulation chance drop kiya. New Zealand ke fielding lapses phir costly lag rahe the, kyunki Duckett aur Emilio Gay ne score ko steadily aage badhaya.

Duckett ne Henry aur O'Rourke ke against kuch sharp boundaries nikali aur fifty stand raise hua, lekin next ball par woh gully me Glenn Phillips ke low catch ka victim ban gaye. Jacob Bethell uncomfortable dikh rahe the, aur Henry ki low grubber ne unhe bowl karke New Zealand ko opening di.

Emilio Gay ne late playing style aur strong judgement ke saath Test fifty complete ki, par uske baad match ka most violent passage aaya. Gay nicked behind, Harry Brook duck par LBW, Joe Root trapped in front, aur Ben Stokes duck par bowled. England 126/2 se 127/6 tak slide kar gaya. Humans call it collapse; scoreboards call it overtime.

Key Turning Point: Nathan Smith ka six-fer aur Tongue ka late strike

Nathan Smith ne England ke second innings middle order ko almost single-handedly damage kiya. Unki jagging-back deliveries ne Root aur Stokes jaise elite batters ko bhi crease me lock kar diya. Around the wicket se Stokes ka top of off hit karna Day 2 ka most defining visual tha.

Jamie Smith ne England ko rescue kiya. Unke first boundaries fortunate edges se aaye, lekin uske baad unhone O'Rourke ke against cover punch jaise confident strokes se innings ko rebuild kiya. Gus Atkinson aur Ollie Robinson ne lower order se enough support diya, aur England 226 tak pahunch gaya.

Chase me England ke quicks ne pressure immediately wapas la diya. Atkinson ne Tom Latham ko duck par remove kiya, aur Tongue ne Kane Williamson ko closing minutes me lbw trap karke New Zealand chase ka emotional temperature thanda kar diya. O'Rourke ka stumps se pehle bowled hona England ke liye bonus thunderclap tha.

England Scores
140 & 226

New Zealand Scores
113 & 36/3

Target
254

Runs Still Needed
218

Tactical Analysis: Why this Lord's surface is making every run expensive

1. Leaving the ball became risky

Nathan Smith ka wicket of Stokes aur earlier Tongue ki nip-backer against Nathan Smith-type dismissal pattern ek clear reminder tha: is surface par shoulder arms karna bhi safe option nahi tha. Ball jag back kar rahi thi, aur top of off constantly in play tha.

2. Short ball plan worked, but bluff mattered more

New Zealand lower order ke against England ne short-ball field set ki, lekin Gus Atkinson ne William O'Rourke ko bluff karke second slip par nick force kiya. Ye classic Test bowling theatre tha: batter ko ek plan dikhao, phir wicket doosre plan se lo.

3. New Zealand fielding misses costly rahe

Rachin Ravindra ka second dropped catch aur Devon Conway ki backward point sitter miss New Zealand ke liye heavy moments rahe. Is type ki low-scoring Test me dropped chances basically interest ke saath wapas aate hain, aur scoreboard phir attitude dikhata hai.

Brief Scores

England: 140 & 226 all out. Emilio Gay 57, Jamie Smith 39; Nathan Smith 6-70, William O'Rourke 2-45.

New Zealand: 113 all out & 36/3. Kyle Jamieson 38 not out; Ollie Robinson 5-39, Josh Tongue 3-40. In chase: Devon Conway 12 not out; Gus Atkinson 2-10.

Match Position: New Zealand need 218 more runs with seven wickets in hand after being set 254.

Why this news matters

England ke liye ye Day 2 ka finish massive tha, kyunki 254 ka target already difficult tha, aur New Zealand ka 36/3 tak girna match ko home side ke control me le aaya. Surface ab bhi tricky hai, aur fourth-innings pressure natural multiplier ban sakta hai.

New Zealand ke liye Devon Conway ka presence critical rahega. Kane Williamson ka wicket late phase me lose karna chase ke structure par direct blow hai. Agar visitors ko match me wapas aana hai, to unhe ek long, disciplined partnership chahiye, warna Lord's pitch aur England seamers milkar is chase ko short story bana denge.

England ke bowling unit ke liye Tongue, Atkinson aur Robinson ne alag-alag phases me impact create kiya. Robinson ka five-fer, Tongue ka morning strike plus Williamson wicket, aur Atkinson ka new-ball threat, ye trio England ko Day 3 par clear attacking route deta hai.

GNN And The Guru Gyan Angle

Guru News Network (GNN), powered by The Guru Gyan , is Lord's Test ko ek classic red-ball volatility case ke roop me dekhta hai. Scorecard simple lag sakta hai, but match ki asli story surface behavior, judgment outside off, low bounce, dropped catches aur late-session pressure ke around built hai.

Cricket followers ke liye ye match sirf England vs New Zealand update nahi hai. Ye reminder hai ki Test cricket me momentum ek session nahi, kabhi-kabhi ek ball me shift hota hai. Latest cricket news, match context aur deeper tactical coverage ke liye readers Guru News Network follow kar sakte hain.

Broader cricket intelligence ke liye The Guru Gyan available hai, while live match movement aur free live line updates ke liye The Guru Gyan Live Line official destination hai.

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New Zealand tour of England, 2026
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Lord's Test
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Vitality Blast में Durham का जलवा जारी है! Headingley के मैदान पर Durham ने Yorkshire को एक दमदार Game में 21 Runs से हराया। यह Durham की पाँच Games में चौथी जीत है, जो उनकी Tournament में Dominance को साफ दर्शाती है। वहीं, Yorkshire के लिए यह लगातार पाँचवीं T20 हार थी, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

The Inner Story / Asli Maajra:
Match में Durham ने पहले Batting करते हुए एक चुनौतीपूर्ण Total 155 Runs for 6 Wickets खड़ा किया। उनकी Opener Hollie Armitage (24 Runs) और Mady Villiers ने टीम को तूफानी शुरुआत दी, पहले तीन Overs में 32 Runs जोड़े। हालाँकि, इसके बाद Yorkshire के Bowlers ने कमान संभाली। Scotland की Seamer Hannah Rainey ने चोट से वापसी करते हुए दो Wickets लिए, जबकि Off-Spinner Claudie Cooper ने भी दो Wickets झटके। Durham की Batter Bess Heath ने सबसे ज्यादा 36 Runs बनाए, लेकिन असल में Team को मझधार से निकाला Wicketkeeper Mia Rogers ने, जिन्होंने 29 Runs की एक शानदार और नाबाद Innings खेली, जिससे Team 150 Runs का आंकड़ा पार कर पाई।

156 Runs के Target का पीछा करने उतरी Yorkshire की शुरुआत बेहद खराब रही। Opener Lauren Winfield-Hill और Erin Thomas दोनों सस्ते में Pavilion लौट गईं, जिससे Yorkshire का Score 5 Overs के अंदर ही 27 Runs for 2 Wickets हो गया। England की All-Rounder Sarah Glenn, जो उंगली की चोट से उबरने के बाद अपना Debut कर रही थीं, उन्होंने Jess Jonassen के साथ मिलकर Innings को संभालने की कोशिश की। Glenn ने अपनी Leg-Spin से 1 Wicket for 27 Runs भी लिए। लेकिन जब Run-Rate बढ़ाने का समय आया, तो Yorkshire के Batters दबाव में बिखर गए। Jess Jonassen, Sterre Kalis, और Sarah Glenn (19 Runs) के Wickets गिरते ही Team पूरी तरह से पटरी से उतर गई।
Durham के Bowlers ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। Leg-Spinner Katie Levick ने शानदार Bowling करते हुए 2 Wickets for 13 Runs दिए। Heather Graham ने 3 Wickets चटकाए और Sophia Turner ने 2 Wickets लेकर Yorkshire की कमर तोड़ दी। Yorkshire की तरफ से on-loan Debutant Alice Clarke ने जुझारू 32 Runs बनाए, लेकिन वह अपनी Team को हार से नहीं बचा पाईं, और Yorkshire 134 Runs for 8 Wickets पर ही सिमट गई।

Analysis & Numbers:
- Durham की यह Vitality Blast में पाँच Matches में चौथी जीत है, जो उन्हें Points Table में मजबूती से खड़ा करती है।
- Yorkshire की यह लगातार पाँचवीं T20 हार है, जो उनकी Batting और Bowling दोनों विभागों में असंतोषजनक प्रदर्शन को दर्शाती है।
- Bess Heath ने Durham के लिए 36 Runs की महत्वपूर्ण Innings खेली, जबकि Mia Rogers के 29* Runs ने Team को सम्मानजनक Score तक पहुँचाया।
- Durham की Katie Levick ने 4 Overs में मात्र 13 Runs देकर 2 Wickets लिए, जो Match का Gamechanger Spell साबित हुआ।
- Heather Graham ने 3 Wickets लेकर Tournament में अपने Wickets की संख्या 12 तक पहुँचा दी है, जो उनके प्रभावशाली प्रदर्शन का सबूत है।
- Sarah Glenn का Debut Wicket लेना उनके लिए एक राहत की बात थी, लेकिन Team की हार ने इस उपलब्धि को फीका कर दिया।

The Guru Gyan Verdict:
Durham ने दिखाया कि वे इस Tournament में एक गंभीर दावेदार हैं। उनकी All-Round प्रदर्शन, जिसमें हर Player ने जरूरत पड़ने पर योगदान दिया, जीत की असली वजह बनी। Yorkshire को अपनी Strategy पर गंभीर विचार करने की जरूरत है। उनकी Batting Unit को एक साथ खड़े होकर प्रदर्शन करना होगा, वरना यह Struggle Tournament में उनके लिए और भी बड़ी मुसीबत बन सकती है। Sarah Glenn जैसे Talent का Debut भी Team को संजीवनी नहीं दे पाया, जो Yorkshire के Camp में चिंता का विषय है।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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दो दिवसीय श्री उत्सव 17 जून से, जिला कलक्टर ने किया पोस्टर का विमोचन

बीकानेर। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में तेरापंथ महिला मंडल, बीकानेर द्वारा आगामी 17 व 18 जून को आशीर्वाद भवन में दो दिवसीय श्री उत्सव का आयोजन किया जाएगा। अध्यक्ष दीपिका बोथरा ने बताया कि श्री उत्सव का मुख्य उद्देश्य समृद्ध राष्ट्रीय योजना को गति देना है। इसके तहत उन कर्मठ बहनों को एक बेहतरीन और बड़ा मंच प्रदान करना है, जो घर से ही अपना छोटा या बड़ा बिजनेस (गृह उद्योग) चलाती हैं। महिला सशक्तिकरण और उनके हुनर को नई पहचान देकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। उक्त आयोजन के पोस्टर का विमोचन जिला कलक्टर निशांत जैन द्वारा किया गया। इस दौरान अध्यक्ष दीपिका बोथरा, मंत्री रेणु बोथरा, प्रतिभा सेठिया, शांता भूरा आदि उपस्थित रहीं।

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जमवारामगढ़, जयपुर। ग्राम पंचायत खवारानीजी स्थित प्राचीन बावड़ी एवं शिव मंदिर के संरक्षण को लेकर चल रहे विवाद में प्रशासन द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों ने कई महत्वपूर्ण तथ्यों को स्पष्ट कर दिया है। उपखंड अधिकारी जमवारामगढ़, विकास अधिकारी पंचायत समिति जमवारामगढ़ तथा ग्राम पंचायत खवारानीजी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों में यह स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि ग्राम खवारानीजी में स्थित प्राचीन बावड़ी एवं शिव मंदिर पर भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा विधिवत जीर्णोद्धार एवं संरक्षण कार्य करवाया गया है
महाशक्ति जन कल्याण संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि संगठन द्वारा प्राचीन धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के उद्देश्य से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ समय पूर्व समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों में यह आरोप लगाया गया था कि ग्राम खवारानीजी में स्थित प्राचीन बावड़ी एवं शिव मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य में अनियमितताएं हुई हैं तथा पुरातत्व विभाग द्वारा नियमों की अनदेखी की गई है। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे मामले की जांच करवाई।
जांच के दौरान ग्राम पंचायत खवारानीजी, पंचायत समिति जमवारामगढ़ तथा उपखंड प्रशासन द्वारा रिकॉर्ड एवं राजस्व अभिलेखों का परीक्षण किया गया। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि खसरा संख्या 704 में स्थित शिव मंदिर तथा खसरा संख्या 705 में स्थित प्राचीन बावड़ी पर भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्य कराया गया है। कार्यकारी एजेंसी भी भारतीय पुरातत्व विभाग ही रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कार्य सरकारी संरक्षण योजना के अंतर्गत किया गया।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार खसरा संख्या 704 गैर मुमकिन मंदिर के रूप में दर्ज है, जबकि खसरा संख्या 705 गैर मुमकिन बावड़ी के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। प्रशासनिक रिपोर्टों में यह तथ्य भी सामने आया कि संबंधित भूमि खातेदारी श्रेणी की है तथा यदि किसी प्रकार के अधिग्रहण अथवा अन्य प्रशासनिक कार्यवाही की आवश्यकता होगी तो वह सक्षम विभाग द्वारा नियमानुसार की जाएगी।
महाशक्ति जन कल्याण संगठन का कहना है कि प्राचीन बावड़ी एवं शिव मंदिर केवल धार्मिक आस्था के केंद्र ही नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर भी हैं। वर्षों पुराने इन स्थलों का संरक्षण भावी पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। संगठन ने कहा कि यदि समय रहते इन धरोहरों का संरक्षण नहीं किया जाता तो उनका अस्तित्व खतरे में पड़ सकता था। भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा किए गए संरक्षण कार्य से इन ऐतिहासिक संरचनाओं को नया जीवन मिला है।
संगठन ने प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जांच रिपोर्टों के माध्यम से वास्तविक स्थिति जनता के सामने आई है। इससे भ्रम की स्थिति समाप्त हुई है तथा उन लोगों को भी जवाब मिला है जिन्होंने बिना तथ्यों के आरोप लगाए थे। संगठन ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के मुद्दे को राजनीतिक या व्यक्तिगत विवाद का विषय बनाने के बजाय इनके संरक्षण एवं संवर्धन पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि महाशक्ति जन कल्याण संगठन भविष्य में भी क्षेत्र की प्राचीन बावड़ियों, मंदिरों, कुओं तथा अन्य ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से मांग की कि खवारानीजी क्षेत्र में स्थित सभी ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का सर्वे कराकर उन्हें संरक्षण की श्रेणी में शामिल किया जाए ताकि उनकी नियमित देखरेख सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक रिपोर्टों ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्राचीन बावड़ी एवं शिव मंदिर के संरक्षण कार्य को लेकर लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं पाए गए। यह सत्य, पारदर्शिता और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। संगठन क्षेत्र की जनता से भी अपील करता है कि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं और किसी भी ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों का विरोध करें।

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