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निगरानी प्रणाली विकसित करने, 24×7 कंट्रोल रूम गठित करने का निर्देश
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मुजफ्फरपुर
7 अप्रैल, 2026

प्रमंडलीय आयुक्त श्री गिरिवर दयाल सिंह ने घरेलू गैस सिलेंडर के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तत्परता एवं सख्ती को रेखांकित करते हुए कहा है कि प्रमंडल अंतर्गत जिलों में समग्र स्थिति नियंत्रण में है, किंतु कुछ स्थानों से कालाबाजारी की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया जा रहा है।
इस संबंध में प्रमंडलीय आयुक्त ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि आम उपभोक्ताओं को निर्बाध, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए उन्होंने प्रमंडल के सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने प्रत्येक जिले में कंट्रोल रूम की स्थापना करने, जिला आपूर्ति पदाधिकारी के पर्यवेक्षण में 24×7 संचालित करने तथा सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कंट्रोल रूम के माध्यम से गैस आपूर्ति से संबंधित सभी गतिविधियों की सतत निगरानी की जा रही है तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही, प्रतिदिन का अभिलेख संधारित करते हुए निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल अंकुश लगाया जा सके।
आयुक्त ने कहा कि हाल के दिनों में कुछ क्षेत्रों से गैस सिलेंडर की कालाबाजारी एवं कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने की शिकायतें मिली हैं, जो कि गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से छापेमारी एवं निरीक्षण अभियान चलाकर वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाएं।
इस संबंध में आयुक्त द्वारा प्रमंडल अंतर्गत सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई है, जिसमें गैस सिलेंडर के भंडारण, आपूर्ति एवं वितरण की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई है। बैठक में यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया है कि आम उपभोक्ताओं को सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप सरल एवं सुलभ तरीके से गैस सिलेंडर उपलब्ध हो।
आयुक्त ने यह भी जानकारी दी कि इस विषय पर राज्य स्तर पर भी सतत निगरानी रखी जा रही है। मुख्य सचिव, बिहार तथा जिला के प्रभारी सचिव के स्तर पर भी बैठकें आयोजित की गई हैं, जिनमें दिये गये निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप सभी जिलों में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित कराई जा रही है।
मीडिया के माध्यम से आम नागरिकों से अपील करते हुए आयुक्त ने कहा कि यदि कहीं भी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी, अनियमित वितरण अथवा अधिक मूल्य वसूली की शिकायत हो, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित कंट्रोल रूम या जिला प्रशासन को दें, ताकि शीघ्र कार्रवाई की जा सके।
आयुक्त ने अंत में कहा कि प्रशासन आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा गैस वितरण प्रणाली को सुचारू, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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रायबरेली।जनपद के लिए गर्व का विषय है कि मंडी समिति लालगंज में कार्यरत सदस्य श्री अरविंद भारती ने कलम शक्ति ट्रस्ट से जुड़कर निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता को सशक्त बनाने का संकल्प लिया है। उनके इस निर्णय को समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।अरविंद भारती का कहना है कि पत्रकारिता केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज का आईना होती है। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे सत्य और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देंगे तथा पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। साथ ही वे अन्याय, शोषण और भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएंगे।उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने की बात कही। उनका उद्देश्य है कि गांवों की मूलभूत समस्याएं—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार—प्रमुखता से उजागर हों और उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सके।अरविंद भारती ने युवाओं को पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने हेतु प्रशिक्षण, सेमिनार और कार्यशालाओं के आयोजन की भी योजना बनाई है। इसके साथ ही पत्रकारों के हित में स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी योजनाओं को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा।उन्होंने महिला पत्रकारों के सशक्तिकरण, समाज में शिक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने, आपदा के समय सहायता प्रदान करने तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सही और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।अपने घोषणा पत्र में अरविंद भारती ने स्पष्ट किया कि वे ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए एक आदर्श सामाजिक पत्रकार की भूमिका निभाएंगे तथा संगठन के नियमों और अनुशासन का पूर्ण पालन करेंगे।कलम शक्ति ट्रस्ट ने अरविंद भारती का हृदय से स्वागत करते हुए विश्वास जताया है कि उनके जुड़ने से संगठन को नई ऊर्जा, मजबूती और विश्वसनीयता प्राप्त होगी।“सत्य की कलम, समाज की ताकत – यही है कलम शक्ति का संकल्प।”

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बंगाल का चुनाव अगर बीजेपी इस बार नही जीत पाया तो भविष्य मे बंगाल... बांग्लादेश जैसे ही एक अलग देश बनने की और अग्रसर हो जायेगा...!!

हाँ सच मे क्योंकि अभी आप इसे एक राज्य मान कर चल रहे हैं मगर बहुत जल्दी ये एक देश की और आगे बढ़ चूका है...!

कारण ये नही की रोहिंग्या से भरा पड़ा ये राज्य बहुत आगे बढ़ चूका है बल्कि कारण ये है की यहां का कानून जो अभी भी भारत के अन्य राज्यों के तरह यहां लागु नही हो पाता इस वजह से ये लिख रहा हूँ...!

कुछ लोग सोशल मीडिया पर भाजपा की खिल्ली उड़ाते हुए लिख रहे हैं कि इस बार भाजपा बंगाल तो हारेगी ही हारेगी..!

तो, भाई... बात ऐसी है कि भाजपा बंगाल हारे या जीते भाजपा को झाँ%$ कोई फर्क नहीं पड़ता है.

क्योंकि, अगर भाजपा बंगाल हारती है तो उसका कुछ नहीं जाना है क्योंकि कौन सा बंगाल में उनकी सत्ता है जो चली जायेगी.

और, अगर जीत गई तो कौन सा मोदी या शाह को बंगाल का मुख्यमंत्री बन जाना है.

हाँ... भाजपा के बंगाल जीतने या हारने से बंगाल के हिंन्दुओ को जरूर फर्क पड़ना है.

जैसे कि, केंद्र में भाजपा के आने से हमें राम मंदिर मिला, आर्टिकल 370 हटा, हज सब्सिडी आदि हटा, देश की सेना मजबूत हुई, आतंकवाद और नक्सली खत्म हुए आदि-आदि.

उसी तरह... भाजपा के यूपी जीतने से हमें योगी आदित्यनाथ जैसे मुख्यमंत्री मिले, अतीक-मुख्तार और विकास दुबे जैसे गैंगस्टरों से आजादी मिली..

महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा मिली..

अच्छी सड़क और विकास की परियोजनाएं मिली.

इसके अलावा असम-MP आदि के बारे में जानते ही हैं.

इसके अलावा एक और उदाहरण है कि जब दिल्ली में केजरीवाल के शासनकाल में शाहीन बाग और खिसान आंदोलन आदि हुआ करते थे तो उससे मोदी और शाह को परेशानी होती थी या आम जनता को ??

लेकिन, दिल्ली में सत्ता बदलते ही ये सब आंदोलन-फान्दोलन खत्म हो गए तो इससे आराम मोदी और शाह को है... या, हम और आप जैसे आम जनता को ?

वैसे भी, बंगाल में आज जो बांग्लादेशी और रोहिंग्या का उपद्रव है, कट मनी सिस्टम है... वो मोदी और शाह के लिए है या हम और आप जैसे सामान्य लोगों के लिए ??

इसीलिए, जब कोई ये धमकी देता है कि हम बंगाल हरवा देंगे, यूपी हरवा देंगे या दिल्ली हरवा देंगे तो उसे पढ़कर हँसी आने के साथ-साथ उनकी सोच पर दया भी आती है..

क्योंकि, उनकी ऐसी सोच देखकर मुझे अकबर के दरबारी मानसिंह और जयचंद आदि की याद आने लगती है...

जो अपने समय में यही बोला करते थे कि इस बार तो पृथ्वीराज चौहान को हरवा देंगे काहे कि उसने ऐसा क्यों किया...

अथवा, मानसिंह की वो कुत्सित हंसी याद आती है कि इस बार तो महाराणा प्रताप को इस तरह युद्ध में हरवा देना है.

या फिर, ऐसी भाषा मुझे राजा रतन सिंह के संगीतकार राघव चेतन की याद दिलाती है जो अलाउद्दीन खिलजी से मिलकर रानी पद्मिनी समेत 16000 हिन्दू महिलाओं को जौहर के लिए विवश इसीलिए कर दिया था क्योंकि महाराज रावल रतन सिंह ने उसकी मनमानी पर आपत्ति की थी.

इसीलिए, हमको ये सब मत सुनाया करो कि आप किसको सबक सिखा दोगे और किसको नहीं.

क्योंकि, लोकतंत्र में सबक सत्ताधीश नहीं बल्कि जनता सीखा करती है.

जैसे कि, सपा की सरकार में यूपी की जनता सबक सीखती थी और खांग्रेस के शासन में असम की जनता.

यूपी में हमारे टोंटी भैया के हारने से ही उनका क्या बिगड़ गया ?

हमारे टोंटी भैया तो पहले भी फॉर्च्यूनर और हेलीकॉप्टर पर चलते थे और आज भी चल ही रहे हैं.

उसी तरह मोदी और शाह आज भी SPG प्रोटेक्शन में फॉर्च्यूनर और BMW से चलते हैं और हारने के बाद भी इसी प्रोटेक्शन में और इसी गाड़ी में चलेंगे.

हाँ, सत्ता बदलने के बाद हम और आप भले मोटरसाइकिल से साइकिल पर न आ जाएं...

और, ज्यादा टाँय-टाँय करने पर किसी अंसारी, खान या असलम अथवा जादो के हत्थे न चढ़ जाएँ.

चिंता सिर्फ इस बात की होती है.

लेकिन, इतनी समझ होगी कहाँ से ?

आखिर, हमारे बड़े बुजुर्ग कुछ सोच कर ही तो ये कह गए हैं कि...

जब नाश मनुज पर छाता है तो पहले विवेक मर जाता है.

जय महाकाल...!!!

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জামালপুরে আসন্ন নির্বাচনকে কেন্দ্র করে রাজনৈতিক উত্তাপ ক্রমেই বাড়ছে। সেই আবহেই তৃণমূল কংগ্রেসের প্রার্থী ভূতনাথ মালিকের সমর্থনে এক বিশাল জনসমাবেশ ও মিছিলের আয়োজন করা হয়, যা কার্যত জনজোয়ারে পরিণত হয়। ব্লক সভাপতি মেহেমুদ খানের নেতৃত্বে অনুষ্ঠিত এই র‍্যালি এলাকাজুড়ে তৃণমূলের শক্তি প্রদর্শনের এক উজ্জ্বল নিদর্শন হিসেবে সামনে আসে।

মিছিলটি শুঁড়ে কালনার জোড়বাঁধ এলাকা থেকে শুরু হয়ে চকদিঘী বেলতলা পর্যন্ত বিস্তৃত হয়। পথজুড়ে হাজার হাজার কর্মী-সমর্থক, সাধারণ মানুষ এবং বিশেষ করে মহিলাদের উপস্থিতি ছিল চোখে পড়ার মতো। বিভিন্ন গ্রাম ও অঞ্চল থেকে মানুষ স্বতঃস্ফূর্তভাবে এই র‍্যালিতে অংশগ্রহণ করেন, যা স্পষ্টভাবে প্রমাণ করে যে তৃণমূলের প্রতি জনসমর্থন ক্রমশ বৃদ্ধি পাচ্ছে।

মিছিল চলাকালীন রাস্তাজুড়ে তৃণমূলের পতাকা, ব্যানার এবং ঢাক-ঢোলের তালে তালে স্লোগানে মুখরিত হয়ে ওঠে গোটা এলাকা। স্থানীয় সংস্কৃতির ছোঁয়া নিয়ে অনেকেই ঐতিহ্যবাহী পোশাকে অংশ নেন। বিশেষ করে মহিলাদের শাড়ি পরে দলবদ্ধভাবে অংশগ্রহণ র‍্যালিকে এক উৎসবমুখর পরিবেশে রূপ দেয়।

এই বিশাল কর্মসূচিতে উপস্থিত ছিলেন ব্লক সভাপতি মেহেমুদ খান, প্রার্থী ভূতনাথ মালিক, যুব সভাপতি উত্তম হাজারী, শ্রমিক সংগঠনের সভাপতি তাবারক আলী মণ্ডল, মহিলা নেত্রী কল্পনা সাঁতরা, পঞ্চায়েত সমিতির সভাপতি পূর্ণিমা মালিক, জেলা জয় হিন্দ বাহিনীর সভাপতি সাহাবুদ্দিন মণ্ডল (ওরফে পাঞ্জাব), ছাত্র পরিষদের সভাপতি বিট্টু মল্লিক সহ একাধিক শাখা সংগঠনের নেতা-কর্মীরা।

ভূতনাথ মালিক, যিনি এলাকার মানুষের কাছে ‘মাস্টারমশাই’ নামে পরিচিত, দীর্ঘদিন ধরে জনসেবার সঙ্গে যুক্ত। তাঁর সহজ-সরল ব্যবহার এবং মানুষের পাশে থাকার মানসিকতা তাঁকে সাধারণ মানুষের কাছে জনপ্রিয় করে তুলেছে। ফলে তাঁর সমর্থনে এই বিপুল জনসমাগম হওয়া অপ্রত্যাশিত নয় বলেই মত রাজনৈতিক বিশ্লেষকদের।

র‍্যালির শেষে এক পথসভা অনুষ্ঠিত হয়, যেখানে বক্তৃতা রাখতে গিয়ে মেহেমুদ খান বলেন, “আগামী নির্বাচন অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ। আমাদের সকলকে একযোগে লড়াই করতে হবে। প্রতিটি বাড়িতে পৌঁছে গিয়ে তৃণমূল সরকারের উন্নয়নের কথা মানুষের কাছে তুলে ধরতে হবে।”

তিনি আরও বলেন, “মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের নেতৃত্বে পশ্চিমবঙ্গে যে উন্নয়ন হয়েছে, তা সারা দেশে নজির সৃষ্টি করেছে। এই উন্নয়নের ধারাকে বজায় রাখতে হলে আবারও তৃণমূল কংগ্রেসকেই জয়ী করতে হবে।”

মেহেমুদ খান কেন্দ্রের বিজেপি সরকারের বিরুদ্ধে তীব্র সমালোচনা করে বলেন, “বিজেপি নানা চক্রান্তের মাধ্যমে মানুষকে বিভ্রান্ত করার চেষ্টা করছে। কিন্তু আমরা কোনোভাবেই এই চক্রান্ত সফল হতে দেব না। মানুষের ঐক্যই আমাদের সবচেয়ে বড় শক্তি।”

অন্যদিকে, প্রার্থী ভূতনাথ মালিক তাঁর বক্তব্যে বলেন, “আমি সবসময় মানুষের পাশে থেকেছি এবং ভবিষ্যতেও থাকব। এই এলাকা আমার নিজের বাড়ি, এখানকার মানুষের উন্নয়নই আমার প্রথম লক্ষ্য।”

তিনি আরও বলেন, “সাম্প্রদায়িক শক্তিকে রুখতে হলে আমাদের একসঙ্গে থাকতে হবে। উন্নয়নের পক্ষে ভোট দিতে হবে এবং বিভেদের রাজনীতি থেকে দূরে থাকতে হবে।”

এই র‍্যালির অন্যতম উল্লেখযোগ্য দিক ছিল মহিলাদের ব্যাপক অংশগ্রহণ। গ্রাম থেকে গ্রামান্তর পর্যন্ত বহু মহিলা সক্রিয়ভাবে এই কর্মসূচিতে যোগ দেন। তাঁদের উপস্থিতি প্রমাণ করে যে তৃণমূলের প্রতি নারী সমাজের আস্থা দৃঢ় রয়েছে।

স্থানীয় বাসিন্দাদের অনেকেই জানান, “এই ধরনের র‍্যালি আগে খুব কমই দেখা গেছে। এত মানুষের উপস্থিতি প্রমাণ করে যে এলাকার মানুষ উন্নয়নের পক্ষে এবং তৃণমূলের সঙ্গেই রয়েছে।”

পুরো কর্মসূচি জুড়ে শৃঙ্খলা বজায় ছিল উল্লেখযোগ্য। পুলিশ প্রশাসনও সতর্ক ছিল এবং কোথাও কোনো অপ্রীতিকর ঘটনার খবর মেলেনি।

রাজনৈতিক মহলের মতে, এই বিশাল জনসমাগম স্পষ্ট ইঙ্গিত দিচ্ছে যে জামালপুরে তৃণমূল কংগ্রেস যথেষ্ট শক্তিশালী অবস্থানে রয়েছে। মেহেমুদ খানের নেতৃত্ব এবং ভূতনাথ মালিকের জনপ্রিয়তা আগামী নির্বাচনে গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা নিতে পারে।

সবমিলিয়ে, এই র‍্যালি শুধু একটি রাজনৈতিক কর্মসূচি নয়, বরং একটি শক্তিশালী বার্তা—জামালপুরে তৃণমূল কংগ্রেসের সংগঠন মজবুত এবং জনসমর্থন যথেষ্ট বিস্তৃত।

🟥 শেষ কথা

আসন্ন নির্বাচন যতই এগিয়ে আসছে, ততই এই ধরনের শক্তি প্রদর্শন রাজনৈতিক সমীকরণকে আরও আকর্ষণীয় করে তুলছে। এখন দেখার বিষয়, এই জনসমর্থন ভোটবাক্সে কতটা প্রতিফলিত হয়।

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●घोटाले की प्रक्रिया
●रिटायरमेंट के बाद भी वेतन निकासी
●ऑडिट पर उठे सवाल
●जांच का दायरा बढ़ाने की योजना
●पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

#बोकारो में वर्ष 2016 में ही पुलिस सेवा से एक रिटायर्ड एक हवलदार उपेंद्र सिंह के नाम पर पिछले 25 महीनों में फर्जी तरीके से ₹4,29,71,007 की अवैध निकासी की गई l

#25महीनों में 63 बार निकासी
बोकारो पुलिस के अनुसार यह अवैध गतिविधि नवंबर 2023 से मार्च 2026 तक लगातार चलती रही। कुल 63 बार बिल पास किए गए जिससे राशि 4,29,71,007 की निकासी हुई l

#घोटाले की प्रक्रिया
आरोपी लेखापाल खुद ही फाइल तैयार करता था और डी.डी.ओ. के फर्जी हस्ताक्षर करके या उन्हें अंधेरे में रखकर बिल पास करवा लेता था। यह प्रक्रिया इतनी सूक्ष्म थी कि किसी को भी इसकी भनक नहीं लगी।ऑडिट पर उठे सवाल

#रिटायरमेंट के बाद भी वेतन का जारी रहना l
जांच में यह बात सामने आई है कि उपेंद्र सिंह, जो कि एक हवलदार थे, वर्ष 2016 में ही पुलिस सेवा से रिटायर हो गए थे। हालांकि आरोपी लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय ने डिजिटल पोर्टल में गड़बड़ी करते हुए रिटायर्ड कर्मी की जन्मतिथि और बैंक खाता संख्या को संशोधित कर अपनी पत्नी अनु पाण्डेय का बैंक खाता जोड़ दिया। और अपनी पत्नी के खाते में राशि ट्रांसफर की।

#ऑडिट पर उठे सवाल
चिंताजनक बात यह है कि एक महीने पहले ही ट्रेजरी का सरकारी ऑडिंट हुआ था लेकिन करोड़ों की इस अवैध निकासी का पता ऑडिट टीम को नहीं चला। जब मामला संदिग्ध बना, तब 'ई- कुबेर' पोर्टल के रिकॉर्ड की जांच से इस महाघोटाले का खुलासा हुआ। प्रारंभ में कौशल पाण्डेय ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया, लेकिन जब सबूत सामने आए तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

#जाच का दायरा बढ़ाने की योजना
बोकारो एसपी ने स्पष्ट किया है कि आरोपी 2018 से जिले में तैनात है, इसलिए जांच केवल पिछले 25 महीनों तक सीमित नहीं रहेगी। यह संभावना जताई जा रही है कि घोटाला और पुराना हो सकता है। शासन ने अब एक विशेष समिति का गठन किया है, जो ट्रेजरी की कमियों की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि इस घोटाले में और कौन- कौन से अधिकारी शामिल थे।

#पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
जिला कोषागार पदाधिकारी गुलाबचंद उरांव की शिकायत पर बी.एस. सिटी थाना में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 316(2), 316(5), 318(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने 7 अप्रैल 2026 को आरोपी कौशल कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

#एक तरफ रिश्वतखोरी में लिप्त एक भ्रष्ट अधिकारी है और दूसरी तरफ भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारी कानूनी कार्रवाई कर रहा है।

#यह ईमानदारी बनाम लालच का एक उत्कृष्ट उदाहरण है एक इमानदार अधिकारी एक दागी अधिकारी से निपट रहा है।

#आखिरकार भ्रष्ट अधिकारी कानून के शिकंजे में आ गया ईमानदार हाथ बनाम भ्रष्ट हाथ।

#This is my personal opinion. I apologize if this view of mine has hurt anyone or caused a misunderstanding."

#news is courtesy of SP Bokaro & Birsa Ka Gandiv evening daily newspaper

Sushant Kumar Khan
Executive Member of
Anti Corruption

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*सम्राट अशोक जयंती पर गूंजा एकता का संदेश, धूमधाम से हुआ आयोजन*



जय प्रकाश त्रिपाठी (संवाददाता)

सिद्धार्थनगर



सिद्धार्थनगर/जनपद के बढ़नी ब्लॉक अंतर्गत मुजाहना गांव में सम्राट अशोक की जयंती बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। “सभी धर्मों का महोत्सव” के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में मौर्य समाज के साथ-साथ बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, युवाओं और क्षेत्रीय नागरिकों की सहभागिता रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने अपने संबोधन में सम्राट अशोक के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन शांति, अहिंसा और मानवता की मिसाल है। उन्होंने समाज से उनके सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा जिला उपाध्यक्ष मनोज मौर्य एवं नगर पंचायत बढ़नी के अध्यक्ष सुनील अग्रहरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए और सम्राट अशोक के सुशासन व धार्मिक सहिष्णुता को वर्तमान समय के लिए मार्गदर्शक बताया।

इस अवसर पर अजय प्रताप (प्रधान बैरिया), जितेन्द्र मौर्य (ब्लॉक अध्यक्ष, कर्मचारी संघ), मजीबुर्रहमान (ग्राम प्रधान मुजहना), राजकुमार मौर्य (प्रधान परसोहिया) तथा रामधनी मौर्य (सभासद) सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। राघवेन्द्र मौर्य (प्रबंधक, अशोका पब्लिक स्कूल तुलसियापुर), समाजसेवी अमन यादव एवं डॉ. ओबैदुल्लाह हाशमी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में युवा शक्ति आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष एवं पत्रकार राधेश्याम पाल, जिला उपाध्यक्ष विकास मौर्य, सुरेंद्र मौर्य और अमन यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा क्षेत्र के अनेक वरिष्ठजन, जनप्रतिनिधि और समाजसेवियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं—भगवानदीन मौर्य, प्रभु दयाल मौर्य, रामदीन मौर्य, मनीराम मौर्य, राम अवतार मौर्य, सूरज मौर्य, लवकुश मौर्य, विशाल मौर्य, अमित मौर्य, प्रकाश मौर्य, अंकित मौर्य, महेंद्र मौर्य, डॉ. सोनू, गोपाल गौतम, रितिक मौर्य और अन्य—ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया।

मुख्य उद्देश्य

सम्राट अशोक के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना रहा। इस अवसर पर “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” के संदेश के साथ समाज को एकजुट करने का संकल्प लिया गया।

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विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

​बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार अब धरातल पर उतरकर समीक्षा और सुधार में जुट गई है।
हाल ही में माननीय शिक्षा मंत्री श्री सुनील कुमार द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभाग के कार्यों की जो व्यापक समीक्षा की गई, वह राज्य की शैक्षणिक दशा और दिशा बदलने के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।

​सात निश्चय 3.0: भविष्य के 'मॉडल विद्यालय':
​इस बैठक का सबसे अहम बिंदु 'सात निश्चय 3.0' के तहत निर्माणाधीन मॉडल स्कूल रहे। मंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इन विद्यालयों के निर्माण में न केवल एकरूपता हो, बल्कि गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उद्देश्य साफ है—सरकारी स्कूल अब सिर्फ इमारतों के नाम से नहीं, बल्कि अपनी आधुनिक सुविधाओं और बेहतर परिवेश से पहचाने जाएंगे।

​बुनियादी सुविधाओं पर 'लेजर फोकस':
​अक्सर चर्चा का विषय रहने वाले स्कूलों के बुनियादी ढांचे पर इस बार कड़ा रुख अपनाया गया है। बैठक में जिन प्रमुख बिंदुओं पर विशेष बल दिया गया, वे सीधे तौर पर छात्र-छात्राओं के दैनिक अनुभव से जुड़े हैं:
​स्वच्छता एवं पेयजल: स्वच्छ परिसर और शुद्ध पानी को विलासिता नहीं, बल्कि अनिवार्यता माना गया है।
​वृक्षारोपण: स्कूलों को केवल 'कंक्रीट का ढांचा' नहीं, बल्कि हरा-भरा और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की पहल।

​आधार सीडिंग: पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी सुदृढ़ीकरण।
​गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन (MDM): बच्चों के पोषण को प्राथमिकता देते हुए भोजन की गुणवत्ता पर कड़े निर्देश दिए गए हैं।

​निरीक्षण ही है सुधार की कुंजी:
​बैठक का एक बड़ा संदेश यह था कि नीतियां कागजों पर चाहे कितनी भी अच्छी हों, उनकी सफलता प्रभावी क्रियान्वयन और सटीक निरीक्षण पर टिकी है। मंत्री जी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए केवल स्कूल खोलना काफी नहीं है, बल्कि एक सुदृढ़ शैक्षणिक वातावरण तैयार करना अनिवार्य है।

​"शिक्षा विभाग का लक्ष्य केवल साक्षरता बढ़ाना नहीं, बल्कि एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहाँ हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक सुविधाएं मिलें।"

​प्रशासनिक मुस्तैदी
​इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री बी. राजेन्दर के साथ प्राथमिक शिक्षा, मध्याह्न भोजन और प्रशासन के निदेशकों सहित सभी क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशकों (RDD) एवं जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) की उपस्थिति यह बताती है कि आने वाले दिनों में जिला स्तर पर शिक्षा विभाग की सक्रियता और बढ़ने वाली है।

​निष्कर्ष:
शिक्षा मंत्री का यह 'रिव्यू मोड' बताता है कि बिहार की शिक्षा नीति अब 'इनपुट' से बढ़कर 'आउटकम' पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यदि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर अक्षरशः पालन होता है, तो वह दिन दूर नहीं जब सरकारी विद्यालय अपनी प्रतिष्ठा को फिर से हासिल कर लेंगे।

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*जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियों को लेकर बैठक सम्पन्न*

जय प्रकाश त्रिपाठी
जिला संवाददाता, सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर/
भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण—मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना तथा स्वगणना के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव की उपस्थिति में बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना 2027 का प्रथम चरण 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके पूर्व 07 मई से 21 मई 2026 तक स्वगणना फार्म भरे जाएंगे। इस अवधि में जनपद के सभी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर मकानों का सूचीकरण एवं गणना कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस बार स्वगणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से census.gov.in/se वेबसाइट पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूर्ण जिम्मेदारी, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि गणनाकारों एवं पर्यवेक्षकों का समयबद्ध एवं समुचित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्धारित प्रारूप के अनुसार सही एवं सटीक जानकारी संकलित हो सके। साथ ही, जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जनसामान्य को स्वगणना के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। ग्राम पंचायतों, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक इस प्रक्रिया की जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
बैठक में समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी बीएस यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, जनगणना निदेशालय उत्तर प्रदेश से नियुक्त नोडल अधिकारी नागेंद्र यादव, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

​शेरघाटी में हाल ही में पत्रकार के साथ हुई धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की घटना केवल एक व्यक्ति के विरुद्ध अपराध नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
जब समाज की विसंगतियों को उजागर करने वाली 'कलम' असुरक्षित महसूस करने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि अराजक तत्वों का मनोबल व्यवस्था की ढिलाई के कारण बढ़ रहा है।

​भाजपा के स्थापना दिवस जैसे सार्वजनिक कार्यक्रम की कवरेज के दौरान एक प्रतिष्ठित अख़बार "प्रभात ख़बर" के पत्रकार नवीन मिश्रा के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह निंदनीय है।
रेलवे काउंटर से जुड़े कथित दलालों द्वारा किया गया यह दुर्व्यवहार यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के मन से कानून का भय समाप्त होता जा रहा है।
​मंगलवार को श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के बैनर तले 50 से अधिक पत्रकारों का एकजुट होना एक शुभ संकेत है।
यह संदेश साफ है:
"कलम की आवाज को डरा-धमका कर दबाया नहीं जा सकता।"

​प्रशासनिक जिम्मेदारी और सुरक्षा का प्रश्न:
​बैठक के बाद पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने थानाध्यक्ष से मिलकर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। हालांकि प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन प्रश्न यह उठता है कि:
​क्या आश्वासन धरातल पर उतरेगा?
​क्या पत्रकारों के लिए कार्यक्षेत्र में भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा?

​"पत्रकार समाज का वह दर्पण है जो कड़वा सच दिखाने का साहस रखता है। यदि दर्पण को ही तोड़ने का प्रयास किया जाएगा, तो समाज की वास्तविकता धुंधली पड़ जाएगी।"

​दलालों का बढ़ता दुस्साहस
​इस घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इसमें 'दलालों' की संलिप्तता सामने आई है।

सार्वजनिक संस्थानों में पैर पसार चुके ये असामाजिक तत्व तब और उग्र हो जाते हैं जब कोई पत्रकार उनकी अवैध गतिविधियों पर रोशनी डालता है।
राजनीतिक दलों (राजद, कांग्रेस, भाजपा) द्वारा इस घटना की निंदा करना स्वागत योग्य है, परंतु केवल निंदा काफी नहीं है। राजनीतिक संरक्षण प्राप्त अपराधियों को चिन्हित कर उन पर अंकुश लगाना भी राजनीति की ही जिम्मेदारी है।
​निष्कर्ष
​प्रशासन को यह समझना होगा कि पत्रकार की सुरक्षा केवल एक व्यक्ति की सुरक्षा नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी की सुरक्षा है। शेरघाटी की इस घटना में यदि दोषियों पर कड़ी और त्वरित कार्रवाई नहीं होती है, तो यह लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय साबित होगा।

​वक्त की मांग है कि प्रशासन 'विधि सम्मत कार्रवाई' के अपने वादे को जल्द से जल्द पूरा करे और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में किसी भी 'कलमकार' को अपना कर्तव्य निभाते समय अपमानित न होना पड़े।

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