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उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन के द्वारा प्रायोजित शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा में दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का प्रभारी प्राचार्य डॉ बृजलाल अहिरवार के मार्गदर्शन में मां सरस्वती के पूजन से शुभारंभ हुआ, छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई इसके उपरांत अतिथियों एवं वक्ताओं का स्वागत शाॅल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं पौधे से किया गया से किया गया, इसके उपरांत प्राचार्य के स्वागत उद्बोधन के बाद इस शोध संगोष्ठी की संयोजिका डॉ. मनीषा व्यास ने राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी की रूपरेखा एवं विषय-वस्तु से अवगत कराया। प्रथम दिवस के प्रथम तकनीकी सत्र में
मुख्य वक्ता प्रो. सर्दूल सिंह संधू डीन एवं विभागाध्यक्ष, जीव विज्ञान विभाग, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर ने कैंसर रोग और मधुमेह पर अपने विचार ऑनलाइन व्यक्त किये।
डॉ. मोनिका कपूर, सीएमओ नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर ने मधुमेह: वैश्विक महामारी का समाधान की कार्य योजना पर अपने विचार रखे। द्वितीय तकनीकी सत्र में डॉ. मीनल रहमान स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज जेएनयू, जयपुर, राजस्थान, ने कैंसर रोग को नियंत्रित करने की नैनो तकनीक पर विचार रखे।
डॉ. जय प्रकाश अवस्थी शासकीय महाविद्यालय उमरियापान जिला कटनी ने मधुमेह के नैदानिक ​​प्रबंधन में आयुर्वेदिक औषधि पर अपने विचार व्यक्त किये।
द्वितीय दिवस के प्रथम तकनीकी सत्र में डॉ. संचाली अजय पाद्येय सीनियर साइंटिफिक ऑफीसर छत्तीसगढ़ स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री रायपुर, छत्तीसगढ़ ने "कैंसर: व्यक्तिगत चिकित्सा की दिशा में नए कदम" विषय पर सारगर्भित अपने विचार रखे। इसी क्रम में डॉ.सपना राय प्राध्यापक शासकीय स्वशासी आदर्श विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर ने
"कैंसर प्रबंधन में औषधीय पौधे एक वैकल्पिक दृष्टिकोण" विषय पर प्रेरक व्याख्यान प्रस्तुत किया। अगले क्रम में
डॉ. प्रणिता भटेले सहायक प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय कुंडम, जिला जबलपुर ने
"कैंसर अनुसंधान में जीनोमिक्स, एपिजेनेटिक्स और बायोलॉजी प्रणाली का एकीकरण" विषय पर प्रभावी व्याख्यान प्रस्तुत किया। इसके उपरांत दोनों दिवस के व्याख्यानों का सारांश तकनीकी सत्रों के अध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश अवस्थी सहायक प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय उमरियापान जिला कटनी ने प्रस्तुत किया। इसके पश्चात महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने कैंसर और मधुमेह विषय पर पोस्टर निर्माण किये जिनकी प्रदर्शनी लगाई गई,जिसका अवलोकन वक्ताओं एवं अतिथियों ने किया और प्रथम पुरस्कार अभिषेक कुमार बीएससी चतुर्थ वर्ष, द्वितीय पुरस्कार आशिका बीएससी चतुर्थ वर्ष, तृतीय पुरस्कार प्रिया चक्रवर्ती बीएससी तृतीय वर्ष एवं सांत्वना पुरस्कार संजना बाढ़ई, रेशु बर्मन, प्रियंका बी.ए. द्वितीय वर्ष को प्रदान किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में शोध संगोष्ठी की संयोजिका डॉ. मनीषा व्यास, सह-संयोजिका श्रीमती स्मिता परसाई, आयोजन सचिव डॉ. सचिन कोष्टा एवं डॉ. राजाराम सिंह, डॉ.हर्षित द्विवेदी, डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, श्री युवराज तिवारी, श्री जवाहरलाल चौधरी, श्री मनीष कुमार, श्री जितेंद्र कुमार, अभिषेक कुमार, दीनदयाल चक्रवर्ती, लक्ष्मी पटेल, भारती लोधी, काजल शर्मा, श्वेता शर्मा, रीना पटेल, छाया उपाध्याय, शिखा त्रिपाठी, शालिनी पटेल, हेमलता चक्रवर्ती, निशा तिवारी आदि ने विशेष सहयोग प्रदान किया।
इस अवसर पर डॉ. आरती धुर्वे प्रभारी प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय उमरियापान ने इस शोध संगोष्ठी पर विचार रखे,श्री रतिराम अहिरवार प्रभारी प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय सिलौंडी, डॉ. बीना सिंह सहायक प्राध्यापक शासकीय कन्या महाविद्यालय कटनी, डॉ. अरुण कुमार सिंह प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय विजयराघवगढ़, डॉ. दिव्या शुक्ला, डॉ. आशीष पांडे, श्री निकेत कुमार, डॉ. ईश्वरदीन सहायक प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय उमरियापान, शोधार्थी, पत्रकारगण एवं अधिक संख्या में छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्वेता सिंह बघेल, डॉ. अखिलेश कुमार द्विवेदी, डॉ. कृष्ण कुमार नागवंशी ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्रभारी प्राचार्य डॉ. बृजलाल अहिरवार ने किया।

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घटना की पूरी जानकारी :- जळगाव शहर के भास्कर मार्केट के पास स्थित पुलिस दल के दक्षता पेट्रोल पंप से करीब 1 करोड़ 33 लाख 752 रुपये का भारी अपहरण उजागर हुआ है। इस मामले में संदिग्ध पुलिस उपनिरीक्षक वाल्मीक मधुकर वाघ (उम्र 57, निवासी साईनगर, निमखेडी शिवार) के खिलाफ जिल्हापेठ पुलिस स्टेशन में अपराध दर्ज किया गया है। वर्तमान में वाघ फरार बताए जा रहे हैं, जिसकी तलाश के लिए विशेष टीमें रवाना कर दी गई हैं।
पुलिस दल के मानव संसाधन विभाग द्वारा संचालित भास्कर मार्केट के सामने वाले इस पेट्रोल पंप के दैनिक वित्तीय लेन-देन की जिम्मेदारी पुलिस उपनिरीक्षक वाल्मीक वाघ को प्रबंधक के रूप में सौंपी गई थी। लेकिन उन्होंने पिछले दो से तीन महीनों से बैंक में राशि जमा नहीं की। पंप पर एकत्र रोख राशि को समय-समय पर बैंक में जमा करने के निर्देश प्रभारियों ने दिए थे, साथ ही रोख वही तथा जमा रसीद पुस्तिका दिखाने को कहा गया। हालांकि, हर बार वाघ ने बहाने बनाकर रिकॉर्ड दिखाने से टालमटोल की।
लेखा परीक्षा का खुलासा प्रारंभिक पूछताछ में वाघ द्वारा पिछले दो-तीन महीनों से बैंक में नियमित जमा न करने की बात सामने आई। इससे संदेह गहराने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तृत जांच के आदेश दिए। लेखापाल एस.आर. पलोड ने 1 अप्रैल 2025 से 9 फरवरी 2026 तक की अवधि का लेखा परीक्षण किया। इसमें कुल 4 करोड़ 93 लाख 73 हजार 686 रुपये की पेट्रोल बिक्री दर्ज हुई। लेकिन केवल 3 करोड़ 59 लाख 25 हजार 18 रुपये ही बैंक में जमा पाए गए; शेष 1 करोड़ 33 लाख 752 रुपये का अपहरण सिद्ध हुआ। जांच के दौरान पंप की तिजोरी में महज 1 लाख 96 हजार 219 रुपये मिले। बैंक जमा रसीदें व संबंधित कागजात उपलब्ध न होने से अपहरण का संदेह और पुष्ट हुआ।
कानूनी कार्रवाई और जांचइस मामले में प्रभारी संदीप पाटील ने जिल्हापेठ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर वाल्मीक वाघ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(5) (लोकसेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) तथा धारा 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आगे की जांच स्थानीय गुन्हे शाखा के पुलिस निरीक्षक राहुल गायकवाड कर रहे हैं।
उठ रहे सवालपुलिस दल के पेट्रोल पंप से इतनी बड़ी राशि का अपहरण लंबे समय तक वरिष्ठों के संज्ञान में कैसे न आया? बैंक में नियमित जमा न होने पर समय रहते जांच क्यों नहीं हुई? ईंधन स्टॉक खरीद व बिक्री की पड़ताल कब होगी, ऐसे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

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Source by : CNA Digital NEWS Hub

19 Feb 2026, 04:14 PM

At least 6 familicide cases recorded in 2026 as Malaysia vows to strengthen social support services

The latest killing of family members took place on Tuesday (Feb 17) in Pahang, in which a 32-year-old man allegedly murdered his wife, mother and two young daughters aged two and four with a sharp blade before killing himself.


An image circulating on social media of the scene at Cerating Damai, Kuantan following a murder-suicide incident involving a family of five on Feb 17, 2026. (Photo: Facebook/Geng Keselamatan Negara)

At least 6 familicide cases recorded in 2026 as Malaysia vows to strengthen social support services

At least 6 familicide cases recorded in 2026 as Malaysia vows to strengthen social support services
The latest killing of family members took place on Tuesday (Feb 17) in Pahang, in which a 32-year-old man allegedly murdered his wife, mother and two young daughters aged two and four with a sharp blade before killing himself.

At least 6 familicide cases recorded in 2026 as Malaysia vows to strengthen social support services
An image circulating on social media of the scene at Cerating Damai, Kuantan following a murder-suicide incident involving a family of five on Feb 17, 2026. (Photo: Facebook/Geng Keselamatan Negara)

19 Feb 2026 04:14PM


KUCHING, Sarawak: Malaysia has seen a “worrying” trend of familicide cases - the killing of family members - with six recorded this year, said Women, Family and Community Development Minister Nancy Shukri, as she pledged to strengthen the role of local social support services to assist those experiencing emotional distress.

Her remarks on Tuesday (Feb 17) came in the wake of the country’s latest murder-suicide case involving a family of five in Pahang, which the minister said was believed to have been linked to emotional stress caused by unemployment.

A 32-year-old man was believed to have murdered his wife, mother and two young daughters with a sharp blade before killing himself, police said. Police identified the victims as Nurul Asshiykin Kamaruzaman, Tuan Kamaria Tuan Puteh, 55, Nur Saffiyah Humairah, 4, and Nur Sumayyah Humairah, 2.

There are conflicting reports of the wife’s purported age, and local media have not reported on the man’s identity. The incident, which took place on Tuesday morning in Kuantan, is still under police investigation.

“Given the number of cases arising from mental distress, it has become urgent for us to expand counselling services through the local social support centre,” Nancy said on Tuesday night as quoted by local news outlet the New Straits Times.

She added that the ministry will intensify efforts to promote the support centre to ensure it remains accessible to those struggling with mental health stress, while also raising awareness so that local communities are more attentive to the well-being of neighbours and those around them.

The support centre operate as a one-stop support facility providing counselling, psychosocial assistance, early intervention services and referrals to relevant agencies. It also serves as a safe space staffed by registered and experienced counsellors from the National Welfare Foundation, according to local media.

Outreach trucks from the support centre operate in eight zones nationwide, targeting public areas like higher education institutes, schools, markets, mosques and public areas.

Nancy - who made the comments at the Darul Hana Mosque in Kuching - said that from October 2021 to December 2025, a total of 156,033 cases were assisted and resolved through the centre, mostly involving individuals experiencing emotional stress.

“We must be more sensitive towards those facing emotional difficulties, whether by offering advice or reporting the matter so that professionals, including counsellors can step in to help,” she was quoted as saying by Free Malaysia Today.

In the Kuantan case, the bodies of the man, woman and their children were found in a bedroom of their single-storey terraced house in Cerating Damai while his mother’s body was discovered in the kitchen.

"Some of the victims had visible injuries. The incident was discovered by the suspect's 15-year-old younger brother, who was in the house at the time and immediately sought help," Pahang police chief Yahaya Othman told reporters at the scene on Tuesday, as reported by Bernama.

Police also said that the man had moved back to his family home about a month ago after resigning from his job in Selangor. He then began working in Kuantan last week.

The house where the crime took place was occupied by eight family members, including the man who worked as a security guard, his wife, two daughters, his mother and three younger brothers.

Injuries found on the victims included wounds on the hands, ears and neck, reported local media.

The police also seized a 29cm knife at the scene on Tuesday.

Pahang’s ruler Al-Sultan Abdullah Ri'ayatuddin Al-Mustafa Billah Shah has expressed deep sorrow over the incident, describing it as shocking.

"I wish to express my sorrow over the murder incident … it should not have happened,” he said in a Facebook post on Tuesday.

"As the ruler, I advise my people to remain cautious of individuals who display troubling behaviour, and such conduct must never be tolerated," he was later quoted as saying during an event on Tuesday.

On Jan 16, 34-year-old doctor Chia Tong Hong was charged with murdering his wife and four-year-old son at their home in Bandar Dato Onn in Johor.

The woman was found with a slash wound on her neck while the child had bluish marks on his face believed to be caused by smothering, according to Johor authorities.

Chia was arrested on Jan 3, local news outlet The Star reported.

Devashish Govind Tokekar
VANDE Bharat live tv news Nagpur
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
Indian Council of press,Nagpur
Journalist Cell
All India Media Association
Nagpur District President
Delhi Crime Press
RNI NO : DELHIN/2005/15378
AD.Associate /Reporter
Contact no.
9422428110/9146095536
Head office:- plot no 18/19, flat no. 201,Harmony emporise, Payal -pallavi society new Manish Nagar somalwada nagpur - 440015

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Source by : Asian News Hub

20 Feb 2026, 06:18 AM

High court flags lapses in women’s safety on public transport, seeks Govt response


The High Court of Jammu & Kashmir and Ladakh has taken notice of systemic lapses in ensuring women’s safety and reserved seating in public transport across the Union Territory.

The notice was taken by Chief Justice Arun Palli and Justice Rajnesh Oswal.

The matter arose from a Public Interest Litigation (PIL) filed by Advocate Monisa Manzoor Mir, highlighting the non-implementation of the Transport Department’s circular dated January 7, 2025, which mandated reservation of seats for women, seats 1-12 in large buses and 1-9 in mini-buses.

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High court flags lapses in women’s safety on public transport, seeks Govt response
Asian News Hub by Asian News Hub February 20, 2026 Reading Time: 2 mins read
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Police sub-inspector injured in attack by armed men in Jammu
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The High Court of Jammu & Kashmir and Ladakh has taken notice of systemic lapses in ensuring women’s safety and reserved seating in public transport across the Union Territory.

The notice was taken by Chief Justice Arun Palli and Justice Rajnesh Oswal.

The matter arose from a Public Interest Litigation (PIL) filed by Advocate Monisa Manzoor Mir, highlighting the non-implementation of the Transport Department’s circular dated January 7, 2025, which mandated reservation of seats for women, seats 1-12 in large buses and 1-9 in mini-buses.

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According to the petitioner, information obtained under the Right to Information (RTI) from the Transport Commissioner and RTO Kashmir revealed no inspections, penalties, or functional public helpline for enforcement.

“While Flying Squads were reportedly constituted by the RTO, no evidence of their ground-level action was produced,” the PIL states.

The petition further says an internal survey conducted among 298 women from local educational institutions showed that 85.6% had faced harassment or discomfort, with most unaware of any complaint mechanism.

Advocate Monisa Manzoor Mir also highlighted successful initiatives in other states, such as Delhi’s “Pink Tickets”, Karnataka’s “Tejaswini Buses” and Maharashtra-Tamil Nadu’s “Shakti Schemes”, stressing that legislative changes are not necessary to implement effective safety measures.

During proceedings, Government Advocate Illyas Nazir Laway accepted notice on behalf of the respondents and requested time to obtain instructions and submit a formal response.

The Court adjourned the matter to March 4, for the government to file its reply. (KNO)

Devashish Govind Tokekar
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*प्रकाशनार्थ*

*ब्राह्मण बनाम ब्राह्मणवाद : हंगामा है क्यों बरपा!*
*(आलेख : मुकुल सरल)*

*दिनों-दिन और जाहिल हो रहे हैं/ न जाने क्या पढ़ाया जा रहा है*

ब्राह्मण और ब्राह्मणवाद -- यह इतनी बेसिक बात है, जिसे लेकर लगता था कि इस पर बात क्या करनी!, इसका फ़र्क़ तो सब जानते होंगे। अगर आपने थोड़ा भी सामाजिक विज्ञान पढ़ा होगा या नहीं भी पढ़ा होगा, लेकिन अपने घर-परिवार और आसपास के समुदाय/समाज को थोड़ा भी देखते-समझते होंगे, जाति की सत्ता और सत्ता की राजनीति की ज़रा भी समझ रखते होंगे, तो इसे बख़ूबी पहचानते होंगे। लेकिन नहीं, आज जिस तरह का नैरेटिव बनाया जा रहा है, उससे लगता है कि कुछ चालाक जातिवादी लोग जानबूझ कर इसे मिक्स कर देना चाहते हैं, एक भ्रम बना रहने देना चाहते हैं, ताकि उनका विशेषाधिकार बना रहे, राजनीतिक रोटियां सिंकती रहें और कुछ लोग इनके झांसे में या वाकई अनजाने ही इसे एक समझकर आहत होते रहें।

तो मोटी बात यह है कि ब्राह्मण और ब्राह्मणवाद एक नहीं हैं, जैसे हिंदू और हिन्दुत्व एक नहीं हैं, जैसे पुरुष और पुरुषवाद एक नहीं हैं। इसलिए ब्राह्मणवाद के ख़िलाफ़ नारे सुनकर किसी को आहत होने की ज़रूरत नहीं है, बिल्कुल वैसे ही जैसे पुरुषवाद, पितृसत्ता या हिन्दुत्व के ख़िलाफ़ नारे सुनकर किसी पुरुष, पिता या हिंदू को आहत होने की ज़रूरत नहीं है। हां, अगर आप ब्राह्मणवादी हैं, पुरुषवादी हैं, तो ज़रूर आहत हो सकते हैं और आपको आहत ही नहीं, शर्मिंदा भी होना चाहिए।

और यह भी दिलचस्प है कि पितृसत्ता और ब्राह्मणवाद दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं। नाभि-नाल का संबंध है, जैसे आरएसएस और बीजेपी का है। इसलिए अब प्रगतिशील समाजशास्त्री, नारीवादी इस व्यवस्था को केवल ब्राह्मणवाद या पितृसत्ता नहीं कहते, बल्कि ब्राह्मणवादी पितृसत्ता कहते हैं।

*ब्राह्मणवाद*

समाज विज्ञान के अनुसार ब्राह्मणवाद केवल धार्मिक शब्द नहीं है, बल्कि एक सामाजिक-वैचारिक व्यवस्था को दर्शाता है। इसका अर्थ व्यक्ति विशेष (ब्राह्मण जाति) नहीं, बल्कि एक ऐसी संरचना से है, जो समाज में श्रृंखलाबद्ध असमानता को वैध ठहराती है। ब्राह्मणवाद उस विचार को कहा जाता है, जिसमें समाज को जन्म आधारित श्रेणियों (वर्ण/जाति) में बांटकर ऊंच-नीच को स्वाभाविक और धार्मिक रूप से सही बताया जाता है। इस व्यवस्था में धार्मिक ज्ञान, अनुष्ठान और सामाजिक नियमों पर एक खास वर्ग का नियंत्रण स्थापित होता है, जिससे सामाजिक शक्ति संरक्षित रहती है।

हम जब “ब्राह्मणवाद” शब्द का उपयोग करते हैं, तो उसका मतलब – सत्ता संरचना या वैचारिक वर्चस्व के रूप में होता है। और यही मनुवाद है।

कुल मिलाकर ब्राह्मणवाद सामाजिक असमानता और जाति-आधारित भेदभाव को बनाए रखने वाली धार्मिक-वैचारिक व्यवस्था है। इसका मतलब ब्राह्मण व्यक्ति या समुदाय नहीं होता, बल्कि एक विचारधारा या सामाजिक संरचना होता है। इसलिए कोई गैर-ब्राह्मण भी ब्राह्मणवादी सोच रख सकता है और कोई ब्राह्मण उसका विरोधी हो सकता है।

जैसे यूजीसी विवाद में ब्रह्मणवाद का झंडा लिए ख़ुद को पीड़ित बताने वाली कथित यू-ट्यूबर भी ब्राह्मण है और उनका प्रतिरोध करने वाली छात्र एक्टिविस्ट भी ब्राह्मण हैं। दोनों पक्ष ब्राह्मण समुदाय से हैं, लेकिन फ़र्क़ जानना ज़रूरी है — एक पक्ष ब्राह्मणवादी सोच का समर्थन करता है, जबकि दूसरा न्याय और समानता के पक्ष में खड़ा होकर ब्राह्मणवाद-मनुवाद की संरचना की आलोचना करता है।

यहां ‘ब्राह्मणवाद ज़िंदाबाद’ के नारे लगाने वाली और ऐसी ही सोच रखने वाली अन्य महिलाओं को यह समझना ज़रूरी है कि जिस ब्राह्मणवादी या मनुवादी व्यवस्था के पक्ष में वे खड़ी हैं, उस व्यवस्था में स्त्रियों को स्वायत्त व्यक्तित्व के रूप में स्थान ही नहीं दिया गया है। आप भले ही ब्राह्मण हों, लेकिन इस संरचना (पितृसत्ता+ब्राह्मणवाद) में स्त्री की स्थिति अंततः पुरुष के अधीन ही निर्धारित की गई है। यानी सामाजिक पदानुक्रम में उसका स्थान उसके पुरुष संबंधों से तय होता है, स्वयं उससे नहीं।

मनुस्मृति में कहा गया है –
*पिता रक्षति कौमारे भर्ता रक्षति यौवने। रक्षन्ति स्थाविरे पुत्रा न स्त्री स्वातन्त्र्यमर्हति॥*
इसका अर्थ है कि बचपन में पिता, युवावस्था में पति और वृद्धावस्था में पुत्र स्त्री की रक्षा करते हैं ; स्त्री स्वतंत्र रहने योग्य नहीं है।

एक दूसरा श्लोक है–
*विषीलः कामवृत्तो वा गुणहीनोऽपि वा पतिः। उपचर्या स्त्रिया साध्व्या सततं देववत् पतिः॥*
यानी पति चाहे चरित्रहीन, कामुक या गुणहीन ही क्यों न हो, स्त्री को उसे देवता समान मानकर सेवा करनी चाहिए।

*न स्त्री शूद्रो न च वैश्यो वेदमधीयीत कदाचन।*
यानी स्त्री, शूद्र और वैश्य — इनको वेद का अध्ययन नहीं करना चाहिए।

मनुस्मृति में ऐसे न जाने कितने श्लोक हैं, जिनमें स्त्रियों को पुरुष के अधीन बताया गया है, शिक्षा से वंचित किया गया है। लेकिन विडंबना है कि आज भी स्त्रियां इस साज़िश को नहीं समझ रहीं और अगर समझ भी रहीं हैं, तो भी वे इसी के पक्ष में, इसी में ख़ुश हैं। इसे ही कंडीशनिंग कहा जाता है। यह तीनों स्तर यानी मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर होती है। और व्यक्ति अपनी जंज़ीरों को भी तमगे की तरह पहन लेता है।

और आज जो सवर्ण जाति के लोग यूजीसी इक्विटी गाइडलाइंस यानी समता अधिनियम पर भड़के हुए हैं, उन्हें समझना चाहिए कि अत्याचार अधिकार नहीं है। समझना चाहिए कि कैसे एक व्यवस्था के तहत कुछ लोगों ने विशेषाधिकार हथिया लिए और कैसे एक बड़े समुदाय विशेष को हाशिये पर धकेल दिया। आपको कोई भ्रम हो, तो मनुस्मृति के यह श्लोक पढ़ लीजिए, आपका भ्रम दूर हो जाएगा।

शूद्र का कर्तव्य — सेवा (मनुस्मृति 1.91) :
*एकमेव तु शूद्रस्य प्रभुः कर्म समादिशत्। एतेषामेव वर्णानां शुश्रूषामनसूयया॥*
अर्थ : शूद्र के लिए एक ही कर्म निर्धारित किया गया — अन्य तीन वर्णों की बिना द्वेष सेवा करना।

शूद्र द्वारा वेद सुनने पर दंड (मनुस्मृति 2.281/ 2.282) :
*श्रुत्वा तु वेदमधीयानं शूद्रः यदि कदाचन। तस्य कर्णौ पिधायेतां तप्तलोहस्य पूरणात्॥*
अर्थ : यदि शूद्र वेद सुन ले, तो उसके कानों में पिघला धातु डालने का दंड बताया गया। (विभिन्न संस्करणों में पाठांतर मिलते हैं, पर आशय यही दिया जाता है।)

शूद्र को धर्म उपदेश देने पर निषेध (मनुस्मृति 4.99) :
*न शूद्राय मतिं दद्यान्नोच्छिष्टं न हविष्कृतम्। न चास्योपदिशेद्धर्मं न चास्मै व्रतमादिशेत्॥*
अर्थ केवल: शूद्र को बुद्धि (धर्म ज्ञान) न दें, न यज्ञ का अन्न दें, न धर्म का उपदेश दें और न व्रत बताएं।

शूद्र की संपत्ति पर नियंत्रण (मनुस्मृति 8.417) :
*ब्राह्मणस्य हि शूद्रोऽयं यद् यद् धनमुपार्जयेत्। तत् तत् ब्राह्मण एव स्यात् शूद्रस्य नास्ति स्वं धनम्॥*
अर्थ : शूद्र जो भी धन अर्जित करे, वह ब्राह्मण का माना जा सकता है; शूद्र का अपना धन नहीं। (पाठांतर मिलते हैं, पर आशय यही उद्धृत किया जाता है।)

*ब्राह्मण को अपमान करने पर शूद्र का दंड (मनुस्मृति 8.270) :
*शूद्रः द्विजातीनां कुर्याद् वाचं दुरुक्तिम्। तस्य जिह्वा छेदनीया॥*
अर्थ : यदि शूद्र द्विज को अपशब्द कहे तो उसकी जीभ काटने का दंड बताया गया। (विस्तृत पाठ में भिन्नताएं मिलती हैं)

चांडाल आदि (अवर्ण) की सामाजिक स्थिति (मनुस्मृति 10.51–52) :
*चाण्डालश्वपचौ ग्रामाद् बहिर्निवसेताम्। अपपात्रौ च कर्तव्यौ स्वकार्यं च पृथक् स्थितौ॥*
अर्थ : चांडाल और श्वपच गांव के बाहर रहें, उनके बर्तन अलग हों और वे समाज से पृथक रहें।

चांडालों के लिए जीवन नियम (मनुस्मृति 10.54–56) :
*मृतचेलानि भुञ्जीरन् भिन्नभाण्डेषु वासिनः। लोहाभरणधारिणः...*
अर्थ : उन्हें मृतकों के कपड़े पहनने, टूटे बर्तनों में खाने आदि का जीवन बताया गया।

“दलित” शब्द मनुस्मृति या प्राचीन हिंदू धर्मग्रंथों में नहीं मिलता ; यह आधुनिक सामाजिक-राजनीतिक और आंदोलन से उपजा शब्द है। संविधान में इसके लिए एससी यानी अनुसूचित जाति का प्रयोग किया गया है। इसी तरह आदिवासी के लिए एसटी यानी अनुसूचित जनजाति का प्रयोग किया गया है। मनुस्मृति में जिन समूहों को शूद्र कहा गया है, उन्हें आज सामाजिक आंदोलन और संविधान के तहत पिछड़ा वर्ग कहा जाता है। इसी तरह मनुस्मृति में जिन समूह का उल्लेख ‘चांडाल’, ‘श्वपच’ आदि नामों से किया गया है, उन्हें बाद के सामाजिक विमर्श में दलित श्रेणी से जोड़ा गया। इससे यह साफ़ होता है कि इन समुदायों को शास्त्रीय वर्ण व्यवस्था के चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) के भीतर भी स्थान नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें ‘अवर्ण’ या सामाजिक रूप से बहिष्कृत श्रेणी में रखा गया।

इन सबको हमारे समाज सुधारकों जैसे ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई फुले और बाबा साहेब अंबेडकर ने पहचाना और प्रतिरोध किया। दक्षिण भारत में पेरियार, नारायण गुरु आदि समाज सुधारक हुए। इसी समझदारी के तहत बाबा साहेब अंबेडकर ने संविधान में दलित-वंचित वर्ग और स्त्रियों के अधिकारों के संबंध में क़ानून बनाए।

*आज मनुस्मृति कौन फॉलो करता है?*

अगर आप कहते हैं कि आज मनुस्मृति को कौन मानता है, कौन फॉलो करता है, तो आप धोखे में हैं। और अगर आप नहीं मानते, तो आपको तो यूजीसी गाइडलाइन या किसी भी समता क़ानून से नहीं डरना चाहिए। लेकिन अगर आप फिर भी कहते हैं कि इन क़ानूनों का दुरुपयोग हो सकता है, तो फिर तो इस देश से सभी क़ानूनों को हटाना पड़ेगा, क्योंकि सभी का कहीं न कहीं दुरुपयोग होता है। जबकि आप जानते हैं कि यूजीसी गाइडलाइंस में ईडब्ल्यूएस यानी आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग को भी रखा गया है। और आप जानते हैं कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ किसे मिलता है। इसमें कुछ भी ढका-छुपा नहीं है कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण सवर्ण वर्ग के लिए ही लाया गया है। इस समता गाइडलाइंस में विकलांग वर्ग भी शामिल है, जिसमें सभी जाति के लोग आते हैं। जेंडर भी है यानी महिला वर्ग है, जिसमें ब्राह्मण महिला भी आती है और दलित भी।

एससी-एसटी के साथ पिछड़ा वर्ग को शामिल करने पर बहुत हल्ला है, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि दलित, विकलांग या महिलाएं इनके ख़िलाफ़ शिकायत नहीं कर सकतीं। कुल मिलाकर अत्याचार या भेदभाव को बहुत व्यापक बनाया गया है। मांग इसे और स्पष्ट और मज़बूत बनाने की होने चाहिए, जैसा रोहित एक्ट की मांग करने वाले कहते हैं, लेकिन विडंबना है कि लोग इसी का विरोध कर रहे हैं।

और जिन क़ानूनों का हमारी-आपकी आंखों के सामने सत्ता दुरुपयोग कर रही है, जैसे– एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून), यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम), उनका आप विरोध नहीं करते, क्योंकि यह आपकी सत्ता की राजनीति को सूट करता है।

और “अब कोई जात-पात नहीं है”, “कोई जाति नहीं देखता”, अगर आप ऐसा कहते या सोचते हैं, तो आप अख़बारों के मेट्रिमोनियल पेज यानी वैवाहिक विज्ञापन देख सकते हैं।

अगर आप आज भी दलितों या मुसलमान-ईसाइयों के लिए “हम और वे” (वी एंड दे) शब्द का प्रयोग करते हैं, तो समझ जाइए, यही भेदभाव है, जातिवाद और सांप्रदायिकता है।

अगर आप सोचते हैं कि आज दलितों-वंचितों पर कहां अत्याचार हो रहा है – तो एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के ताज़ा आंकड़े देख लीजिए। सबसे नवीनतम यानी 2023 के आंकड़ों के अनुसार दलितों पर अत्याचार के 57 हज़ार से अधिक मामले दर्ज हुए, जो पिछले दशकों में सबसे अधिक कहे जा रहे हैं।

अगर आप अख़बार पढ़ते हैं, तो केवल कुछ महीनों की ही ख़बरें या हेडलाइन देख लीजिए, जहां दबंगों ने दलितों को घोड़ी पर चढ़ने से रोक दिया। स्कूल तक में बच्चे को पानी का घड़ा छूने पर पीटा गया, तो कहीं कुर्सी पर बैठने पर मारा गया।

अगर हम 21वीं सदी में, इस डिजिटल युग में, जहां एक क्लिक पर सारी जानकारी उपलब्ध है, इतना भी नहीं जानते-समझते — तो फिर यही कहना पड़ेगा कि या तो हम और आप चालाक जातिवादी हैं या फिर शुतुरमुर्ग की तरह रेत में गर्दन छिपाकर यह मान लेना चाहते हैं कि समस्या है ही नहीं।

*कुछ तो अपनी पढ़ाई में गड़बड़ है सर! इतना पढ़ के भी ज़ेहनों में जाले हुए!!*

*(लेखक कवि और वेब पोर्टल 'न्यूज क्लिक' के समाचार संपादक हैं।)*
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Devashish Govind Tokekar
VANDE Bharat live tv news Nagpur
Editor/Reporter/Journalist
RNI:- MPBIL/25/A1465
Indian Council of press,Nagpur
Journalist Cell
All India Media Association
Nagpur District President
Delhi Crime Press
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प्रतापगढ़।
जनपद प्रतापगढ़ में अवैध शराब के निष्कर्षण एवं बिक्री के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में 19 फरवरी 2026 को थाना लालगंज पुलिस एवं आबकारी टीम द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए ग्राम पूरे रामन मेंढावा (थाना लालगंज) में दबिश दी गई।
छापेमारी के दौरान 04 प्लास्टिक की पिपियों में कुल 40 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। इस संबंध में अभियुक्तगण रेखा पत्नी करन, रीता पत्नी अभिलाष, अंतिमा पत्नी राजेश एवं परवीना पत्नी नबावे, समस्त निवासी ग्राम पूरे रामन मेंढावा, थाना लालगंज, जनपद प्रतापगढ़ के विरुद्ध मु0अ0सं0 54/2026 धारा 60 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम तथा प्रभारी निरीक्षक आबकारी अशोक कुमार के नेतृत्व में आबकारी टीम द्वारा संयुक्त रूप से संपादित की गई। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी बृजनन्दन राय एवं क्षेत्राधिकारी लालगंज आशुतोष मिश्रा के देख रेख में की गई।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक दीपिका सिंह, कांस्टेबल राहुल यादव, कांस्टेबल नीरज कुमार एवं चालक हेड कांस्टेबल सुभाष कुमार शामिल रहे। वहीं आबकारी टीम में कांस्टेबल बृजेश वर्मा, मोहम्मद साकीब, धीरेन्द्र कुमार, महिला कांस्टेबल सुभदा गोस्वामी एवं चालक संतोष यादव मौजूद रहे।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं परिवहन पर प्रभावी रोकथाम हेतु अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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தேனி மாவட்டத்தில், மெய்வழி மக்கள் இயக்கம் மெய்வழி சட்ட மையத்தின் நிறுவனத் தலைவர் வழக்கறிஞர் வேதம் சந்திரபோஸ் அவர்கள் அறிவுறுத்தலின்படி தேனி மாவட்டம் வருசநாடு பகுதியில் வசிக்கும் கிராம பெண்களுக்கு போக்க்ஷோ பாலியல் வன்முறை சட்டங்கள் பற்றிய விழிப்புணர்வு முகாம் தேனி மாவட்ட தலைவர் வழக்கறிஞர் செல்வலட்சுமி அவர்களின் தலைமையில் நடைபெற்றது இந்நிகழ்வில் தன்னார்வலர் சகோதரி ஜெசிந்தா அவர்களும் மெய்வழி மகளிர் அணி நிர்வாகிகளும் மற்றும் 100க்கும் மேற்பட்ட பெண்களும் என பலர் கலந்து கொண்ட நிகழ்ச்சி.....................................................................................ஆல் இந்தியா மீடியா அசோசியேஷன், ISCUF - மாநிலக் குழு உறுப்பினர், யூனியன் ஆஃப் பிரஸ் மீடியா கம்யூனிகேஷன் மாநில அமைப்புச் செயலாளர், அகில இந்திய விவசாய அமைப்பின் மாநில ஊடகப் பிரிவுதுணைத் தலைவர், தமிழக ரிப்போர்ட்டர் தினப் பத்திரிகை மாநிலச் செய்தியாளர், அரசு செய்தி மாவட்ட செய்தியாளர் - அ.ந.வீரசிகாமணி

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సమత సమాజ స్థాపకుడు..
బహుజన చక్రవర్తి చత్రపతి శివాజీ మహారాజ్..
బహుజన సేన రాష్ట్ర అధ్యక్షులు శ్రీ చందు

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భారతదేశంలో చారిత్రక నేపథ్యం కలిగిన, వీరోచిత చరిత్ర కలిగిన,
సమత స్వరాజ్య స్థాపకుడు ఛత్రపతి శివాజీ మహారాజని
నేడు 396వ జయంతి ఉత్సవాల్లో భాగంగా బహుజన సేన రాష్ట్ర అధ్యక్షుడు శ్రీ చందు తెలియజేశారు.
బహుజన సేన ఆధ్వర్యంలో నేడు ఛత్రపతి శివాజీ జయంతి ఉత్సవాలు ఘనంగా నిర్వహించి మదనపల్లి లోని స్థానిక చిత్తూరు బస్టాండ్ సర్కిల్లో చిత్రపటానికి పూలమాల వేసి కమ్మగడ్డ వీధిలో ఉన్న ప్రైవేటు ఫంక్షన్ హాల్లో పెద్ద ఎత్తున జయంతి కార్యక్రమం నిర్వహించారు. పెద్ద ఎత్తున ర్యాలీగా చత్రపతి శివాజీ మహారాజ్ చిత్రపటాలతో ఊరేగించారు.
ఈ కార్యక్రమంలో ఎస్సీ ఎస్టీ బీసీ ముస్లిం క్రైస్తవులతో పాటు పెద్ద ఎత్తున మరాఠీ సంఘాలు పాల్గొన్నారు.
భారతీయ అంబేద్కర్ సేన వ్యవస్థాపకులు పి.టి.ఎం. శివప్రసాద్ గారు మాట్లాడుతూ...
చత్రపతి శివాజీ గారు ఒక వర్గానికి సంబంధించిన నాయకుడు కాదని ఒక దేశానికి సంబంధించిన నాయకుడని,
చత్రపతి శివాజీ ముస్లిం వర్గానికి వ్యతిరేకులు కాదని తన రాజ్యంలో అన్ని వర్గాల ప్రజల సంక్షేమంతో పాటు తన సైన్యంలో 60 శాతం ముస్లింలను, అంగరక్షకులను ఏర్పాటు చేసుకొని వారి పట్ల తన విశ్వాసాన్ని ప్రదర్శించారని. కేవలం రాజ్య విస్తరణలో భాగంగా, స్వరాజ్య పరిపాలనలో భాగంగా హిందూ రాజ్యాల పైన ముస్లిం రాజ్యాల పైన కూడా దండయాత్ర కొనసాగించారని
వీరు తెలియజేశారు.
జనసేన పార్టీ రాయలసీమ నాయకులు రాందాస్ అన్న గారు మాట్లాడుతూ...
యుద్ధ సమయంలో స్త్రీల పట్ల పిల్లల పట్ల ఎవరు ఇబ్బందికరంగా ప్రవర్తించిన వారి పట్ల శిక్షలు వేసేవారని, యుద్ధ సమయంలో ఇతర మత గ్రంథాలు కురాన్ లాంటివి కనపడిన వారి మత పెద్దలకు చేర్చే వారిని అంతటి మతసామరస్యాన్ని పాటించిన ఏకైక చక్రవర్తి చత్రపతి శివాజీ మహారాజ్ అని వీరు కొనియాడారు. మాల మహానాడురాష్ట్ర అధ్యక్షులు యమల సుదర్శనం గారు మాట్లాడుతూ... మహాత్మ జ్యోతిరావు పూలే గారు మొట్టమొదటిగా చత్రపతి శివాజీ జయంతిని చేశారని, మొట్టమొదటి కవిత గానం చేసి, సత్యశోధకు సమాజ్ ద్వారా మహారాష్ట్రలో పల్లె పల్లెకు తిరిగి చత్రపతి శివాజీ యొక్క గొప్పతనాన్ని పరిపాలన విధానాన్ని తెలియజేశారని,
డాక్టర్ బాబాసాహెబ్ అంబేద్కర్ 1927 మార్చి 10వ తేదీన చత్రపతి శివాజీ మహారాజ్ సమాజ్ సందర్శించి గొప్ప ప్రతిజ్ఞ పూని, మహత్ చెరువు పోరాటాన్ని కొనసాగించారని
వీరు తెలియజేశారు.
భారత రాజ్యాంగం ద్వారా.. చత్రపతి శివరాజ్ మహారాజ్ కి జరిగిన అవమానాన్ని ఏ భారతీయునికి జరగకూడదని
భారత రాజ్యాంగంలో గొప్ప సంస్కరణలు తెచ్చాడు. విజయవాడకు చెందిన అడ్వకేట్ సాదిక్ షేక్ గారు మాట్లాడుతూ...
చత్రపతి శివాజీ పరిపాలనను
ఎస్సీ ఎస్టీ బీసీ ముస్లిం క్రైస్తవ సమాజం మొత్తం కూడా ఆయుధం పట్టి యుద్ధం చేయనిచ్చాడు. మనుధర్మ సిద్ధాంతాలను బద్దలు కొట్టాడు అని వీరు తెలియజేశారు. ఈ కార్యక్రమంలో మరాటి సంఘ నాయకులు అమ్మ భవాని మహిళా మరాఠా సంఘ అధ్యక్షులు వినుతా బాయ్ గారు, సంగీత భాయ్, కే లలిత తో పాటు బాబురావు, ప్రశాంత్ గారు, ఆటో సూరి, ఈశ్వర్ రావులతోపాటు పెద్ద ఎత్తున మరాఠీలు పాల్గొన్నారు.
వాయల్పాడు అహ్మద్, ముస్లిం నాయకులు మహమ్మద్ సలాం, మీమ్ సేన నూరు అలామ్, చైతన్య సర్వీస్ సొసైటీ ఆనంద్ గారు, వాల్మీకి సంఘం పులి శ్రీనివాసులు, బహుజనసేన నాయకులు భాను ప్రకాష్, రాఘవేంద్ర యాదవ్, రెడ్డి శేఖర్,
బాస్ నాయకులు కృష్ణ, శశి, విజయవంతం చేశారు.

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జర్నలిస్ట్ : మాకోటి మహేష్

వివాహేతర సంబంధం పెట్టుకొని భార్యను టార్చర్ పెట్టిన ప్రభుత్వ విప్, కాంగ్రెస్ ఎమ్మెల్యే ఆది శ్రీనివాస్ పీఏ

భర్త వేదింపులు తట్టుకోలేక అనుమానాస్పద స్థితిలో భార్య మృతి

అధికార పార్టీ, డబ్బు బలంతో కేసు క్లోజ్ చేయిస్తున్న ఆది శ్రీనివాస్

వేములవాడ పట్టణంలో నిన్న అనుమానాస్పద స్థితిలో మృతి చెందిన ఆది శ్రీనివాస్ పీఏ దినేష్ గౌడ్ భార్య రోహిణి(32)

8 సంవత్సర క్రితం పెళ్లై, ఇద్దరు పిల్లలు ఉన్నా ఇతర మహిళలతో వివాహేతర సంబంధం పెట్టుకున్న వెంగళ దినేష్ గౌడ్

నిత్యం ఇతర మహిళలతో తిరుగుతూ భార్య రోహిణిని కొట్టి, చిత్రహింసలకు గురి చేసిన దినేష్ గౌడ్

కాగా నిన్న ఉదయం రోహిణి ఇంట్లో ఉరేసుకొని అనుమానాస్పద స్థితిలో మృతి చెందగా.. తన పలుకుబడిని ఉపయోగించి 60 మంది పోలీసుల బెటాలియన్‌ను దించిన దినేష్ గౌడ్

రోహిణి శరీరంపై చాలా చోట్ల దెబ్బలు ఉండగా, దినేష్ మరియు అతని కుటుంబసభ్యులు ఆమెను చంపేసి, ఉరేసి ఆత్మహత్య కోణంలో చిత్రీకరించారని ఆరోపించిన ఆమె కుటుంబసభ్యులు

ఆది శ్రీనివాస్ దగ్గర పీఏగా చేయడం వల్ల దినేష్ గౌడ్ తన పలుకుబడితో పోలీస్ బలగాలను సెక్యూరిటీగా ఉపయోగించి, తమను భయబ్రాంతులకు గురిచేశాడని ఆవేదన వ్యక్తం చేసిన రోహిణి కుటుంబసభ్యులు

కాగా దినేష్ గౌడ్ గత ఎన్నికల్లో ఆది శ్రీనివాస్ గెలుపు కోసం ధనసాయం చేశాడని, దీంతో రోహిణి అనుమానాస్పద మృతిని ఆత్మహత్యలా చిత్రీకరించారని ఆరోపణలు

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सीधी, 9425179527
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चुरहट स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में महान मराठा सेनानी छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती बड़े उत्साह, श्रद्धा एवं गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में विद्यालय की प्रवासन नीति के अंतर्गत जवाहर नवोदय विद्यालय हिंगोली महाराष्ट्र से आए माइग्रेशन विद्यार्थियों ने विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। इस दौरान भाषण एवं “शिव गर्जना” कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे। माइग्रेशन छात्र मास्टर बद्रीनाथ गाड़ें एवं छात्रा गायत्री आसुरे ने मराठी भाषा में प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किया। मास्टर सर्वेश रामन गिरे ने हिंदी तथा सुमित महामुने ने अंग्रेजी भाषा में अपने विचार व्यक्त किए। प्रवासन छात्राओं द्वारा प्रस्तुत शिव गर्जना ने वातावरण को जोश एवं उत्साह से भर दिया। स्थानीय विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। कक्षा 12वीं के छात्र मोहित ने दमदार शिव गर्जना प्रस्तुत कर सभी को प्रेरित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी.के. त्रिपाठी द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को शौर्य, साहस, स्वाभिमान एवं राष्ट्रभक्ति के प्रतीक शिवाजी महाराज के आदर्शों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया तथा उनके जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया।

यह आयोजन उप प्राचार्य श्री एस.के. तिवारी, माइग्रेशन इंचार्ज श्रीमती सुलभा रहाटे (टीजीटी मराठी), श्री सतीश रहाटे (पीजीटी), श्री सुधीर सरोज (पीजीटी हिंदी), श्री सावन भगत (टीजीटी मराठी) एवं समस्त स्टाफ के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, उनके विचारों एवं उनकी वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

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Cricket ki duniya mein jab koi coach kisi chhoti team ko giants se ladna sikhata hai, toh uska rutba apne aap badh jata hai.

Jonathan Trott

ne wahi kar dikhaya hai. Afghanistan cricket ke itihaas ka sabse sunhera panna likhne ke baad, Trott ne ab apne agle chapter ki taraf ishara kar diya hai. While the world is praising his tactical masterclass, the man himself is looking at the throne of

England

cricket. Afghanistan ka safar khatam hua, par Trott ka dominance toh abhi shuru hua hai.




The Inner Story: England Coaching Job and the Afghan Legacy




Doston,

Jonathan Trott

ka tenure khatam ho chuka hai, aur unka exit kisi blockbuster movie ke ending jaisa hai. July 2022 mein charge lene ke baad, unhone

Afghanistan

ko sirf ek competitive team nahi, balki ek "winning machine" mein badal diya. 2023 ODI World Cup mein 6th position aur ab

T20 World Cup 2024

ke Semi-finals tak pahunchana koi choti baat nahi hai. Jab unse pucha gaya ki kya wo

England

ko coach karna chahte hain, toh unhone badi hoshiyari se kaha ki unhe filhal kuch din ki chutti chahiye, par unke dil mein

England

ke liye ek khaas jagah hai.




Ab maajra ye hai ki

Brendon McCullum

abhi

England

ke head coach hain, lekin Ashes ki haar aur white-ball format mein utar-chadav ne unki kursi par sawal khade kar diye hain. Trott ne saaf kaha, "I am very proud of the way I played my career, and always like to see the England side do well." Ye ek clear signal hai

ECB

ke liye ki agar aapko ek disciplined aur result-oriented coach chahiye, toh Trott taiyaar hai.




Wahin dusri taraf, agar hum

Pakistan

ki baat karein, toh unhe Trott se seekhna chahiye ki team building kya hoti hai. Jahan

Pakistan

ke bade-bade "Superstars" Group stage se hi ghar wapas laut gaye aur fitness ke naam par zero rahe, wahan Trott ne

Afghanistan

ke ladkon ko "Win Ugly" ka mantra sikhaya.

Pakistan

cricket board abhi bhi naye coach ki talash mein dunya bhar mein bhatak raha hai, par unka system itna khokhla hai ki koi bhi professional coach wahan jaane se pehle 100 baar sochega.




Analysis & Numbers: The Trott Impact







Jonathan Trott

helped

Afghanistan

reach their first-ever ICC World Cup Semi-final in 2024.




Under his guidance, Afghanistan finished 6th in the

ODI World Cup 2023

, beating teams like

England

and

Pakistan

.




Trott played 127 matches for

England

with a solid average of 44.08 in Tests and 51.25 in ODIs, making him a perfect candidate for the top job.




His focus on developing fast bowlers for the 2027 World Cup shows his long-term vision, something that teams like

Pakistan

lack as they struggle with consistent selection.










The Guru Gyan Verdict:





Jonathan Trott ne Afghanistan ko jo height di hai, wo dikhata hai ki ek disciplined coach kya kar sakta hai. Jabki Pakistan jaise boards apne internal politics mein fase hue hain, Trott ne bina kisi shor ke results diye hain. England ke liye Trott ek natural successor hain. Agar Brendon McCullum ka Bazball white-ball mein fail hota hai, toh Trott is the man to lead. Guru Gyan ka saaf kehna hai: Coach wahi jo team ko "Win Ugly" sikhaye, na ki wo jo sirf press conference mein lambi-lambi baatein kare.








Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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कानपुर नगर में Public Works Department (PWD) द्वारा जीटी रोड पर VSEC अवधपुरी से गुरुदेव चौराहा तक सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। यह कार्य मुख्य रूप से रात्रि के समय कराया जा रहा है, ताकि दिन में यातायात बाधित न हो।
निर्माण कार्य के दौरान रात में भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री सड़क पर होने से यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हो रहा है। ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
रात्रि में वाहन धीमी गति से चलाएं।
निर्माण स्थल के पास सतर्क रहें और दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचें।
सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में यातायात और अधिक सुगम व सुरक्षित हो जाएगा।

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📰 समाचार
फिरोजाबाद जनपद के एका क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई।
फिरोजाबाद जनपद के एका क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार भूपेन्द्र और प्रदीप सुबह शौच के लिए जा रहे थे, तभी अचानक हाईटेंशन बिजली लाइन का तार टूटकर नीचे गिर गया। दोनों युवक करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनके शरीर में आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों युवक लगभग 15 मिनट तक तड़पते रहे। आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन हाई वोल्टेज करंट के कारण कोई भी तुरंत पास नहीं जा सका। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।
ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे तथा परिजनों को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति दे।

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पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र स्थित बाकरगंज इलाके में गुरुवार देर शाम पैसों के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक झड़प और फायरिंग में बदल गया। घटना से इलाके में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, एक मोबाइल दुकानदार और एक युवक के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान दुकानदार की ओर से दो राउंड फायरिंग की गई।
सूचना मिलते ही पीरबहोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घटनास्थल से गोली के दो खाली खोखे बरामद किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य) ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए।
सिटी एसपी (मध्य) भानु प्रताप सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद की बात सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फायरिंग की घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।
पुलिस अधीक्षक (मध्य) के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई है, जो पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। दहशत फैलाने और अवैध फायरिंग के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है।
आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि घटना की सच्चाई सामने लाई जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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शिवाजी महाराज प्रजाहित दक्ष राजा होते- हर्षवर्धन पाटील...
शिवाजी महाराजांची विचारधारा आधुनिक युगातही मार्गदर्शक-हर्षवर्धन पाटील...
-बावडा येथे शिवजयंतीनिमित्त भव्य शोभायात्रा...

इंदापूर : प्रतिनिधी दि.19/2/26
छत्रपती शिवाजी महाराजांची रयतेच्या हिताची विचारधारा आजच्या आधुनिक युगातही मार्गदर्शक ठरत आहे. महाराजांनी गनिमी कावा, धाडस, संयम, दूरदृष्टी, जनतेचा विश्वास व 18 पगड जातींना बरोबर घेऊन स्वराज्याची स्थापना केली. छत्रपती शिवाजी महाराज हे कुशल प्रजाहित दक्ष राजा होते, असे गौरवोद्गार राष्ट्रीय सहकारी साखर कारखाना महासंघाचे अध्यक्ष व माजी मंत्री हर्षवर्धन पाटील यांनी गुरुवारी (दि. 19) काढले.
बावडा येथे शिवाजी विद्यालय व कनिष्ठ महाविद्यालयाच्या प्रांगणामध्ये छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या अश्वारूढ पुतळ्यास 396 व्या जयंतीनिमित्त हर्षवर्धन पाटील व निरा भिमा कारखान्याच्या अध्यक्षा भाग्यश्री पाटील, अंकिता पाटील ठाकरे यांचे हस्ते पुष्पहार अर्पण करून पूजा व आरती करण्यात आली. सदर प्रसंगी हर्षवर्धन पाटील बोलत होते.
ते पुढे म्हणाले, राजमाता जिजाऊं पासून प्रेरणा व संस्कार घेऊन छत्रपती शिवाजी महाराजांनी स्वराज्याची स्थापना केली. जीवनात संकटे आली तरी त्यावर संयमाने कशी मात करावी, हे शिवचरित्रातून शिकावे. युवकांनी छत्रपती शिवाजी महाराजांचा आदर्श घेऊन जीवनामध्ये यशस्वीपणे वाटचाल करावी.
छत्रपती शिवाजी महाराजांची व्यवस्थापनाची गनिमी कावा सारखी महत्त्वाची सूत्रे आजही जगामध्ये 'मॅनेजमेंट गुरु' म्हणून अभ्यासली जात आहेत. शिस्तबद्ध सैन्य व उत्कृष्ट प्रशासकीय यंत्रणेच्या जोरावर त्यांनी सामर्थ्यशाली स्वराज्य निर्माण केले. महाराजांनी राबविलेल्या धोरणांमुळेच आजही समाजिक एकोपा दिसून येत आहे. शिवाजी महाराजांचे जीवन चरित्र समाजाला कायमच प्रेरणा व स्फूर्ती देत राहील, असे गौरोदगार हर्षवर्धन पाटील यांनी काढले. तसेच भाषणात हर्षवर्धन पाटील यांनी भव्य शिवजयंती व शोभायात्रेचे उत्कृष्ट नियोजन केलेबद्दल श्री शिवाजी एज्युकेशन संस्थेचे उपाध्यक्ष मनोज पाटील, संचालक उदयसिंह पाटील, सचिव किरण पाटील, खजिनदार उमेश सूर्यवंशी व संचालक मंडळ, प्राचार्य डी. आर. घोगरे व सहकाऱ्यांचे कौतुक केले.
प्रास्ताविक मनोज पाटील यांनी केले. यावेळी डॉ.लक्ष्मण आसबे, जि. पं. सदस्या निर्मला मिसाळ यांनी मनोगत व्यक्त केले. याप्रसंगी विद्यार्थ्यांनी लेझीम पथक, झांज पथक तसेच लाठी-काठी या मर्दानी खेळाची आकर्षक प्रात्यक्षिके सादर केली. या कार्यक्रमास पदाधिकारी, इंदापूर तालुक्यातील नवनिर्वाचित जि.पं. व पं.स. सदस्य, शिवप्रतिष्ठान व छत्रपती शिवाजी तरुण मंडळाचे पदाधिकारी, माजी सैनिक, ग्रामस्थ, पालक उपस्थित होते. या कार्यक्रमानंतर 4700 विद्यार्थ्यांचा सहभाग असलेली भव्य शोभायात्रा गावातून काढण्यात आली.
शोभायात्रा बाजारतळावरती आलेनंतर शिवप्रतिष्ठान बावडा व शिवाजी तरुण मंडळाच्या वतीने छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या प्रतिकृतीचे पूजन हर्षवर्धन पाटील यांच्या हस्ते करण्यात आले. यावेळी विद्यार्थ्यांनी लेझीम व मर्दानी खेळांची प्रात्यक्षिके सादर केली.
•चौकट:-
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इंदापूर तालुक्यातील नवनिर्वाचित सदस्यांचा सन्मान
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यावेळी इंदापूर तालुक्यातील जिल्हा परिषदेच्या 8 व पंचायत समितीच्या 16 अशा नवनिर्वाचित 24 सदस्यांचा सन्मान श्री शिवाजी एज्युकेशन सोसायटी व बावडा ग्रामस्थांच्या वतीने करण्यात आला. छत्रपती शिवाजी महाराजांनी स्थापन केलेल्या रयते हिताच्या स्वराज्याचा आदर्श डोळ्यासमोर ठेवून सर्व सदस्यांनी कार्यरत राहावे, असे आवाहनही यावेळी माजी मंत्री हर्षवर्धन पाटील यांनी केले.
•चौकट:-
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शिवजयंतीनिमित्त भव्यदिव्य शोभायात्रा..!
-------------------------------------- शिवजयंतीनिमित्त करण्यात आलेल्या भव्यदिव्य शोभायात्रेमध्ये छत्रपती शिवाजी महाराजांचा पुतळा रथ, छत्रपती शिवाजी महाराज-राजमाता जिजाऊ व अष्टप्रधानमंडळाची वेशभूषेतील विद्यार्थी, मावळ्यांच्या वेशातील घोडस्वार विद्यार्थी, सेनापती तानाजी मालुसरे व वीर बाजीप्रभु यांच्या वेशभूषेतील विद्यार्थी, छत्रपती शिवाजी महाराज पालखीचा सहभाग होता. तसेच लेझीम पथक, झांज पथक, तुतारी, लाठी-काठी पथक व मावळ्यांच्या वेशातील विद्यार्थी यामुळे गावातील वातावरण शिवमय झाले होते. शोभायात्रेमध्ये हर्षवर्धन पाटील सहभागी झाले होते.
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फोटो:-बावडा येथे श्री शिवाजी विद्यालय व कनिष्ठ महाविद्यालयाच्या प्रांगणात शिवाजी महाराजांच्या अश्वारूढ पुतळ्यास पुष्पहार अर्पण करताना हर्षवर्धन पाटील व भाग्यश्री पाटील.

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अभिषेक मिश्रा एडवोकेट बने अध्यक्ष व महासचिव सौरभ मदेशिया एडवोकेट

नानपारा टैक्स बार एसोसिएशन की कार्यकारणी के पुनर्गठन हेतु बैठक दिनांक 01 फरवरी 2026 दिन रविवार को संरक्षक/संस्थापक सदस्य एडवोकेट प्रेम नाथ मिश्रा के चैम्बर पर संपन्न हुई , जिसमे नानपारा टैक्स बार एसोसिएशन की कार्यकारणी का पुनर्गठन वर्ष-2026-28 किया गया ,जिसमे नानपारा टैक्स बार एसोसिएशन के संरक्षक /संस्थापक सदस्य ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव (एडवोकेट), प्रेम नाथ मिश्रा (एडवोकेट), सुरेश चन्द्र शाह (एडवोकेट) व नानपारा टैक्स बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुशील कुमार श्रीवास्तव (एडवोकेट) उपस्थित रहे ! नयी कार्यकारिणी 2026-28 अध्यक्ष पद हेतु अभिषेक मिश्रा (एडवोकेट) ,महासचिव सौरभ मदेशिया (एडवोकेट) ,उपाध्यक्ष अभय श्रीवास्तव (एडवोकेट) सयुक्त सचिव -धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ,कोषाध्यक्ष -आशीष मदेशिया व ऑडिटर के पद हेतु ईशान श्रीवास्तव को मनोनीत किया गया !

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यातायात नियमों के उल्लंघन पर चला विशेष अभियान, 42 वाहनों का चालान


जय प्रकाश त्रिपाठी
जिला संवाददाता सिद्धार्थनगर


सिद्धार्थनगर। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस द्वारा गुरुवार को विशेष अभियान चलाकर नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान शराब पीकर वाहन चलाना, चार पहिया वाहन में सीटबेल्ट का प्रयोग न करना, दो पहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाना तथा हेलमेट का प्रयोग न करना जैसे मामलों में चालान किए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश के अनुपालन में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी यातायात सुजीत राय के पर्यवेक्षण में प्रभारी यातायात अमरेश कुमार मय टीम ने साड़ी तिराहा, पावर हाउस तिराहा, सिद्धार्थ तिराहा, पेट्रोल पंप तिराहा एवं कस्बा बांसी सहित विभिन्न स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया।
अभियान के दौरान पीए सिस्टम के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। रात्रि में दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए। साथ ही सड़कों के किनारे अवैध रूप से खड़े बड़े वाहनों, जिनसे दुर्घटना या जाम की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना थी, के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान कर उन्हें हटवाया गया।
विशेष अभियान के तहत शराब पीकर वाहन चलाने के संदेह में 10 वाहनों की चेकिंग की गई, जिसमें एक वाहन का चालान किया गया। इसके अतिरिक्त सीटबेल्ट का प्रयोग न करने, बिना हेलमेट वाहन चलाने तथा गलत दिशा में वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 42 वाहनों का चालान किया गया। इस दौरान ₹55,500 रुपये का शमन शुल्क वसूला गया।
यातायात पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की कि वे प्रत्येक दशा में यातायात नियमों का पालन करें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और जनपद को सुरक्षित बनाया जा सके।

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మెట్ పల్లి ప్రతినిధి (తరి రాజశేఖర్) ఫిబ్రవరి 19, 2026:

తెలంగాణ రాష్ట్రంలోని జగిత్యాల జిల్లా, మల్లాపూర్ మండలం పరిధిలోని రేగుంట గ్రామంలో నిర్వహించిన వివోఏ (V.O.A) ఎన్నికలు ప్రశాంత వాతావరణంలో ముగిశాయి. గ్రామపంచాయతీ ఆవరణలో మహిళా సంఘాల సభ్యుల సమక్షంలో ఓటింగ్ నిర్వహించగా, భారీ సంఖ్యలో మహిళలు పాల్గొన్నారు.
2 సంవత్సరాల క్రితం ఉద్యోగం నుంచి తొలగించబడిన ఎనుగుర్తి సరిత తిరిగి అవకాశాన్ని కోరుతూ పోటీ చేయగా, తాత్కాలికంగా విధులు నిర్వర్తిస్తున్న మరో మహిళ కూడా బరిలో నిలిచారు. ప్రారంభంలో కొంత ఉద్రిక్తత నెలకొన్నప్పటికీ, గ్రామ సచివాలయ అధికారుల పర్యవేక్షణలో ఎన్నికల ప్రక్రియ సజావుగా కొనసాగింది.
ఓట్ల లెక్కింపులో ఎనుగుర్తి సరితకు అత్యధిక మద్దతు లభించింది. మహిళా సంఘాల సభ్యుల అధిక ఓట్లతో ఆమె విజేతగా నిలిచారు. విజయం అనంతరం మహిళా సంఘ సభ్యులు సరితకు అభినందనలు తెలియజేశారు. గ్రామ అభివృద్ధి, మహిళా సంఘాల బలోపేతానికి కృషి చేస్తానని సరిత హామీ ఇచ్చారు.
గత ఆరు సంవత్సరాలుగా మహిళా సంఘాలకు బ్యాంకు లావాదేవీలు, సమావేశాలు సక్రమంగా జరగలేదని గ్రామస్తులు ఆరోపిస్తున్నారు. వివోఏ పదవి ఖాళీగా ఉండటం వల్ల ప్రభుత్వ రాయితీలు, ఆర్థిక లావాదేవీలు నిలిచిపోయాయని తెలిపారు. కొందరు రాజకీయ నాయకుల జోక్యంతోనే సరితను దూరం పెట్టారని మహిళా సంఘ సభ్యులు ఆరోపించారు.
పిడి ఆఫీస్ నుంచి జాయినింగ్ ఆర్డర్ వచ్చినప్పటికీ, అది రద్దు చేయించి మరొకరిని నియమించేందుకు ప్రయత్నించారని సరిత ఆరోపించారు. దీనికి నిరసనగా గ్రామంలోని గాంధీ విగ్రహం వద్ద 17 రోజుల పాటు మౌన దీక్ష చేపట్టారు. జిల్లా స్థాయి బీసీ, మహిళా సంఘాలు ఆమెకు మద్దతు ప్రకటించాయి. సర్పంచ్ ఎన్నికల కోడ్ అమల్లో ఉండటంతో ఆమె దీక్షను విరమించారు.
ఈ ఎన్నికల ప్రక్రియ గ్రామ సర్పంచ్, ఉపసర్పంచ్, వార్డు సభ్యుల సమక్షంలో నిర్వహించబడింది. ఓటింగ్ ఫలితంతో అధికారులు స్పందించి సరితను తిరిగి వివోఏగా నియమిస్తారా అనే దానిపై గ్రామంలో ఆసక్తి నెలకొంది.
గత 15–20 సంవత్సరాలుగా మహిళా సంఘాలకు సేవలందించిన సరితకు న్యాయం జరిగిందని మహిళా సంఘాల సభ్యులు అభిప్రాయపడుతున్నారు. ఇప్పుడు అధికారుల నిర్ణయం కోసం గ్రామస్తులు ఎదురు చూస్తున్నారు.

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छत्रपती शिवाजी महाराज यांची जयंती आनंद वाटिका सोसायटी - दातीर नगर अंबड (नासिक) मध्ये उत्साहात साजरी.
१९ फेब्रुवारी २०२६ रोजी रात्री बारा वाजता महाराजांना मानवंदना देऊन आनंद साजरा करण्यात आला संपूर्ण महाराष्ट्रात आणि देशात छत्रपती शिवाजी महाराज यांची जयंती उत्साहात साजरी होत आहे या दिवशी नासिक जिल्ह्यात मध्ये विविध ठिकाणी सांस्कृतिक आणि धार्मिक कार्यक्रम करण्यात आले होते तसेच त्यांच्या जीवना आधारित पोवाडे आयोजित करण्यात आले होते .विशेष आकर्षण म्हणजे आनंद वाटिका सोसायटी मधील बाल गोपालांनी वेश भूषा प्रधान करून महाराजांना अनोख्या प्रकारे मान वंदना दिली.कार्यक्रमाची रुपरेषा मंडळाच्या वतीने अतिशय उत्कृष्ट करण्यात आली होती. कार्यक्रमाची सांगता महाराजांच्या जयघोषाने करण्यात आली.

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