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तिल्दा-नेवरा: नगर पालिका क्षेत्र की पार्षद एवं भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रानी जैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशहित में की गई अपील का समर्थन करते हुए पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग और सोने के आभूषणों की खरीदारी से फिलहाल दूरी बनाए रखने का संकल्प लिया है।

रानी जैन ने बताया कि वे स्वयं इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग कर रही हैं और जब तक परिस्थितियां सामान्य नहीं हो जातीं, तब तक कोई नया सोने का आभूषण नहीं खरीदेंगी। उन्होंने शहरवासियों, विशेषकर महिलाओं से भी प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करने और अनावश्यक आभूषण खरीदने से बचने तथा ईंधन की बचत को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास देश की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। रानी जैन ने नागरिकों से संयम, जागरूकता और राष्ट्रहित में सहयोग की भावना के साथ आगे आने की अपील की।

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नारनौल, पंकज यादव। कलवाड़ी का जोतराम धाम इन दिनों धार्मिक आस्था, भक्ति और साधना का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। धाम पर सतीश भगत द्वारा की जा रही 11 दिवसीय कठिन खड़ी तपस्या श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। तपस्या के दौरान धाम पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं तथा आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार सतीश भगत 3 दिनों से निरंतर खड़े रहकर गुरु परंपरा एवं गुरु गोरक्ष नाथ की आराधना में लीन हैं। उनकी इस कठिन साधना को लेकर क्षेत्र में गहरी श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है।
धाम पर सुबह से देर रात तक भजन-कीर्तन, गुरु महिमा का गुणगान एवं धार्मिक अनुष्ठान जारी हैं। बाबा के धुनें को धार्मिक सजावट से सजाया गया है, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालु लगातार धाम पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने बताया कि सतीश भगत की तपस्या लोगों को धर्म, संयम और सेवा का संदेश दे रही है। ग्रामीण रामनिवास यादव ने बताया कि 11 दिन की तपस्या पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 22 मई शाम को विशाल जागरण एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर रामनिवास यादव,महावीर सिंह, बनवारी गुजरवास, सतीश गढ़ी,बनवारी लाल गढ़ी, धर्मेंद्र कुमार गुजरवास, राजेंद्र कलवाड़ी,चंदाराम मुंडियाखेड़ा,पवन कुमार गढ़ी ,करतार सिंह कलवाड़ी,पंकज यादव पत्रकार, भेरू मिस्त्री, नरेश कुमार,राजकपूर,प्रियांशु सहित अनेक भक्तगण मौजूद रहे।

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बिजनौर: भारतीय मजदूर किसान यूनियन के पश्चिम प्रदेश संगठन मंत्री मोहम्मद आसिफ और जिला अध्यक्ष नईम की अध्यक्षता में 13 मई 2026 को एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन के प्रमुख पदाधिकारी शाहजेब सैफी, इसरार, जावेद, रिहान विकार, सलमान उल हक, डॉ शाकिर सहित अन्य सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे।

पश्चिम प्रदेश संगठन मंत्री मोहम्मद आसिफ ने बताया कि 8 से 10 जून तक धर्मनगरी हरिद्वार में तीन दिवसीय महा अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। इस अधिवेशन में संगठन को मजबूत करने, किसान-मजदूरों की समस्याओं पर चर्चा और आगामी रणनीति तय की जाएगी। साथ ही, कुछ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने सभी सदस्यों से अधिक से अधिक संख्या में हरिद्वार पहुंचकर अधिवेशन सफल बनाने की अपील की।

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ખાંડ ઉદ્યોગ ગંભીર સંકટમાં, MSP વધારો અને નિકાસ નીતિમાં રાહતની માંગ

ઓલપાડ, તા. 14 મે 2026 : ભારતીય ખાંડ ઉદ્યોગ હાલમાં ગંભીર આર્થિક સંકટનો સામનો કરી રહ્યો હોવાનું જણાવી ગુજરાત પ્રદેશ કોંગ્રેસ સમિતિના મહામંત્રી અને સાયણ સુગર મિલના ડિરેક્ટર દર્શનકુમાર એ. નાયકે સરકાર સમક્ષ તાત્કાલિક હસ્તક્ષેપ કરવાની માંગ ઉઠાવી છે. તેમણે ઇલેક્ટ્રોનિક્સ અને પ્રિન્ટિંગ પ્રેસ મીડિયાને પાઠવેલા નિવેદનમાં જણાવ્યું હતું કે છેલ્લા ત્રણ વર્ષમાં ખાંડ ઉત્પાદનમાં સતત ઘટાડો નોંધાયો છે, જેના કારણે ખેડૂતો અને સુગર મિલો બંને મુશ્કેલીમાં મુકાયા છે.

તેમણે આંકડાઓ રજૂ કરતાં જણાવ્યું કે 2022-23 દરમિયાન દેશમાં 33.0 MMT ખાંડ ઉત્પાદન થયું હતું અને 6.2 MMT નિકાસ મંૂર કરવામાં આવી હતી. જ્યારે 2023-24માં ઉત્પાદન ઘટીને 32.0 MMT થયું અને નિકાસ માત્ર 0.2 MMT સુધી સીમિત રહી હતી. વર્ષ 2024-25માં ઉત્પાદન વધુ ઘટીને 27.4 MMT થયું છે અને નિકાસ મંજૂરી 1.2 MMT સુધી જ રાખવામાં આવી છે. સરકાર દ્વારા સપ્ટેમ્બર 2026 સુધી ખાંડની નિકાસ પર પ્રતિબંધ મુકાતા દેશીય બજારમાં ભાવ દબાયેલા રહ્યા હોવાનું તેમણે જણાવ્યું હતું.

દર્શનકુમાર નાયકે આ પરિસ્થિતિ માટે સરકારની નીતિઓને જવાબદાર ઠેરવી હતી. તેમના જણાવ્યા અનુસાર છેલ્લા ઘણા વર્ષોથી ખાંડનો MSP 31 પ્રતિ કિલો પર જ સ્થિર રાખવામાં આવ્યો છે, જ્યારે ખાતર, ડીઝલ, પેટ્રોલ, બીજ અને મજૂરી સહિતના ઉત્પાદન ખર્ચમાં સતત વધારો થયો છે. બીજી તરફ શેરડીના FRPમાં વધારો થતો હોવા છતાં મિલોને ખાંડ વેચાણથી મળતી આવક અનુરૂપ વધી રહી નથી.

તેમણે વધુમાં જણાવ્યું કે અનિયમિત વરસાદ, ઉપજમાં ઘટાડો અને એથેનોલ ઉત્પાદન તરફ વધતા ડાયવર્ઝનને કારણે પણ ખાંડ ઉત્પાદન ઉપર અસર પડી રહી છે. શેરડીના યોગ્ય ભાવ ન મળતા ખેડૂતોની આવક ઘટી રહી છે અને કેટલાક વિસ્તારોમાં ખેડૂતો શેરડીની ખેતી છોડવા મજબૂર બન્યા હોવાનું તેમણે જણાવ્યું હતું.

સાથે જ તેમણે પ્રશ્ન ઉઠાવ્યો હતો કે ભારતીય જનતા પાર્ટીના મેન્ડેટ ઉપર સહકારી સુગર મિલોમાં પ્રમુખ અને ડિરેક્ટર તરીકે કાર્યરત આગેવાનો આ મુદ્દે મૌન કેમ ધારણ કરી રહ્યા છે? શેરડી પકવતા ખેડૂતો પ્રત્યે તેમની શું જવાબદારી છે તેવો સવાલ પણ તેમણે કર્યો હતો.

દર્શનકુમાર નાયકે સરકાર સમક્ષ માંગણી કરતાં જણાવ્યું હતું કે ખાંડના MSPમાં તાત્કાલિક વધારો કરવામાં આવે જેથી મિલોને યોગ્ય આવક મળે અને ખેડૂતોના બાકી ચૂકવણાં સમયસર થઈ શકે. શેરડીના FRP અને ખાંડના MSP વચ્ચે સંતુલન સ્થાપિત કરવાની જરૂરિયાત પણ તેમણે વ્યક્ત કરી હતી. ઉપરાંત હાલના નિકાસ પ્રતિબંધના નિર્ણયની સમીક્ષા કરી સ્ટોકની સ્થિતિને આધારે મર્યાદિત નિકાસ મંજૂર કરવાની માંગણી કરી હતી.

ખેડૂતોને રાહતરૂપે ખાતર અને ડીઝલ પર સબસિડી વધારવાની સાથે એથેનોલ બ્લેન્ડિંગ પ્રોગ્રામ અને ખાંડ ઉત્પાદન વચ્ચે સંતુલિત નીતિ અમલમાં મૂકવાની જરૂર હોવાનું તેમણે જણાવ્યું હતું. લાંબા ગાળે શેરડી વિસ્તાર, ઉપજ વધારો અને ખર્ચ ઘટાડવા માટે વિશેષ સહાય અને સબસિડી નીતિ લાવવા પણ તેમણે સરકારને અપીલ કરી હતી.

તેમણે અંતમાં જણાવ્યું હતું કે સરકારના ત્વરિત અને સકારાત્મક હસ્તક્ષેપથી ખેડૂતો તથા ખાંડ ઉદ્યોગ બંનેને રાહત મળશે અને દેશની ખાંડ સુરક્ષા વધુ મજબૂત બનશે.

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खगड़िया: गोगरी अनुमंडल क्षेत्र के अंतर्गत बोरना पंचायत में आयोजित 'पंचायत सहयोग शिविर' का गोगरी DCLR ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया।

निरीक्षण के क्रम में DCLR ने विशेष रूप से आरटीपीएस काउंटर और उप स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली को देखा। उन्होंने आरटीपीएस काउंटर पर लंबित आवेदनों और जाति, आवासीय तथा आय प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया की समीक्षा की। मौके पर मौजूद कर्मियों को निर्देशित किया गया कि आम जनता को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़े और समय सीमा के भीतर सेवाएं प्रदान की जाएं।

उप स्वास्थ्य केंद्र की जांच में दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति को भी देखा गया। स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए ताकि ग्रामीणों को बेहतर प्राथमिक उपचार मिल सके। इस अवसर पर पंचायत के प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित थे, और स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति सकारात्मक विश्वास देखा गया।

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मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरों पर लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। हर दूसरे दिन प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कहीं न कहीं रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त टीम सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला सिवनी जिले का है जहां जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई (Lokayukta Action) करते हुए एक एएसआई को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।ASI मांग रहा था 30 हजार रुपये रिश्वत
सिवनी जिले के छितापार गांव के रहने वाले नंदकिशोर चौरसिया ने लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में सिवनी कोतवाली थाने में पदस्थ एएसआई दिनेश रघुवंशी के खिलाफ रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में फरियादी नंदकिशोर चौरसिया ने बताया कि उसके बेटे अभिषेक चौरसिया को नौकरी दिलाने एवं सरकारी विभाग में गाड़ी लगाने का झांसा देकर शातिर ठगों से फर्जीवाड़ा किया है। जब वो इस बात की शिकायत दर्ज कराने के लिए कोतवाली थाने पहुंचे तो एएसआई दिनेश रघुवंशी ने उनसे सही रिपोर्ट लिखने और फर्जी सिग्नेचर की जांच करवाने के एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। बातचीत के बाद सौदा 20 हजार रुपये रिश्वत देना तय हुआ।

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मांधना (सिरे का बास), मोरनी रोड | श्री क्षेत्रपाल देवताय के पावन सानिध्य में श्री नगर खेड़ा बाबा जी का वार्षिक भंडारा 15 मई 2026, शुक्रवार को आयोजित किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन गांव सिरे का बास, मोरनी रोड, जिला पंचकूला (हरियाणा) में होगा, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालुओं को परिवार सहित सादर आमंत्रित किया गया है।

आयोजकों द्वारा बताया गया कि भंडारे का समय दोपहर 12:00 बजे रखा गया है। श्रद्धालु बाबा जी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए समय पर पहुंचें। कार्यक्रम को लेकर गांव में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है तथा तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक आयोजन में भाग लेने की अपील की है।

निवेदक:
समस्त ग्राम निवासी, गांव मांधना (सिरे का बास)

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ओलंपियन पहलवान साक्षी मलिक कांग्रेस विधायक और रेसलर विनेश फोगाट के समर्थन में उतर आई हैंं। साक्षी ने विनेश को न खेलने देने को लेकर WFI पर बड़ा हमला बोला है। साक्षी ने कहा, "दूसरे देशों की स्पोर्ट्स फेडरेशन अपनी खिलाड़ियों के लिए नियम आसान बनाती हैं, ताकि वहां महिलाएं मां बनने के बाद भी देश के लिए खेल सकें और मेडल जीत सकें। वहीं, हमारी WFI दो-तीन दिन पहले ऐसे नियम लागू कर देती है कि विनेश वापसी न कर सकें।" साक्षी ने आगे कहा कि "मेरा प्रधानमंत्री, खेलमंत्री और रेस्लिंग फेडरेशन से अनुरोध है कि विनेश का ट्रायल लिया जाए, ताकि वह भी देश के लिए मेडल जीत सकें और देश का नाम रोशन कर सकें। ऐसा उदाहरण स्थापित किया जाए कि अपने देश में भी महिलाएं मां बनने के बाद खेल सकती हैं और मेडल जीत सकती हैं।"

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मैहर जनपद की ग्राम पंचायत बरखुर्द एक बार फिर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गई है। जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर विकास के नाम पर सरकारी राशि के खुले दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में विकास कम और कागजी खेल ज्यादा हुआ है।शिकायत के अनुसार टीकरखुर्द में नाली निर्माण के नाम पर राशि निकाल ली गई, लेकिन आज तक नाली कवर का काम पूरा नहीं हुआ। वहीं करीब 10 लाख रुपये खर्च दिखाए जाने के बावजूद सामुदायिक भवन चार साल से अधूरा खंडहर बना खड़ा है।सबसे बड़ा सवाल पंचायत को मिले 6 टैंकरों को लेकर उठ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि टैंकर गायब हैं, लेकिन उनके नाम पर मरम्मत के बिल लगाकर सरकारी पैसा निकाला जा रहा है। पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण अब पूछ रहे हैंआखिर टैंकर गए कहां?

ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सचिव को तत्काल हटाने की मांग की है।

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बांसवाड़ा | 14 मई 2026

बांसवाड़ा निवासी एक दंपती के खिलाफ पुणे में 35 लाख 40 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। मामला पुणे के चतुरशृंगी पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शिकायतकर्ता पुणे निवासी व्यापारी राजाराम तकी हैं, जो इलेक्ट्रिकल मटेरियल का कारोबार करते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2021 में इमरान खान सिराज खान पठान के माध्यम से उनकी पहचान बांसवाड़ा निवासी जकीउद्दीन उर्फ जकीउद्दीन शकीर जेताजी और उनकी पत्नी अंजब जकीउद्दीन जेताजी से हुई थी।

आरोप है कि दंपती ने बड़े कारोबार और अच्छे टर्नओवर का भरोसा दिलाकर इलेक्ट्रिकल सजावटी सामान का करीब 35.40 लाख रुपये का ऑर्डर दिया। पीड़ित व्यापारी ने आरोपियों के बताए गोदाम पर 13 ट्रक माल भेजा।

शिकायत के अनुसार भुगतान के बदले आरोपियों द्वारा दिए गए कई चेक बैंक से बाउंस हो गए। बाद में स्टाम्प पर इकरारनामा करते हुए जनवरी 2022 तक भुगतान करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन 28.62 लाख रुपये का चेक भी पेमेंट स्टॉप टिप्पणी के साथ वापस लौट आया।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पिछले दिनों पुणे की कोंढवा थाना पुलिस बांसवाड़ा आकर आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले कोंढवा निवासी व्यापारी महदी कमर अहमद ने भी इनके खिलाफ 46 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था।

साथ ही खबर में बताया गया है कि आरोपी महिला अंजब जकीउद्दीन जेताजी ने कुछ समय पहले बांसवाड़ा के व्यापारी रौनक दोशी के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया था, जिसकी जांच फिलहाल जारी है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आर्थिक लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।

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ଯୁବକଙ୍କ ଅକାଳ ବିୟୋଗରେ ଶୋକ ର ଛାୟା!

କେନ୍ଦୁଝର:୧୪/୦୫, (ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ) କେନ୍ଦୁଝରଗଡ ପୌରାଞ୍ଚଳ ଅନ୍ତର୍ଗତ ୱାର୍ଡ ନମ୍ବର- ୮ ସ୍ଥିତ ଗୌରତୋଟା ସାହିର ଯୁବକ ସନାତନ ଦେହୁରୀ (ସନିଆ)ର ଅକାଳରେ ବିୟୋଗ ହୋଇଯାଇଛି। ବୁଧବାର ରାତ୍ରି ୮ ଘଟିକାରେ ୩୨ ବର୍ଷ ବୟସରେ ସନାତନ ଦେହୁରୀ ର ମହାପରାୟଣ ହୋଇଥିଲା। ରାତ୍ରି ରେ ବିଜୁଳି, ଘଡଘଡି, ପବନ ବହିବା ସହିତ ଝଡ଼ି ବର୍ଷା ଲାଗିଥିବା କାରଣରୁ ୧୪ ତାରିଖ ଗୁରୁବାର ସକାଳ ସମୟରେ ଧାଙ୍ଗଡପଡା ସ୍ଥିତ "ଆଦର୍ଶ ଶ୍ମଶାନ" ରେ ମ୍ରୁତ ଶରୀରକୁ ଦାହ ସଂସ୍କାର କରାଯାଇଛି। ସନାତନ ଦେହୁରୀ ର ବନ୍ଧୁବାନ୍ଧବ ଜ୍ଞାନ୍ତି କୁଟୁମ୍ବ ପରିବାରବର୍ଗ ଅନ୍ତିମ ସଂସ୍କାର ସମୟରେ ଉପସ୍ଥିତ ରହିଥିଲେ। ୮ ନମ୍ବର ୱାର୍ଡ କାଉନସିଲର ଦୟାନିଧି ପାତ୍ର ଙ୍କ ସମେତ ସାହି ପଡୋଶୀ ଲୋକମାନେ ମଧ୍ଯ ଅନ୍ତିମ ସଂସ୍କାର ସମୟରେ ଉପସ୍ଥିତ ରହିଥିଲେ। ଆଦର୍ଶ ଶ୍ମଶାନ ର ପରିଚାଳକ ସିଦ୍ଧେଶ୍ଵର ନାଏକ ଓ ନିର୍ମଳ ନାଏକ ସନାତନ ଦେହୁରୀ ର ସସମ୍ମାନେ ଶବ ଦାହ ସଂସ୍କାର କରିବାରେ ପୂର୍ଣ୍ଣତଃ ସାହାଯ୍ୟ ଓ ସହଯୋଗ କରିଥିଲେ। ସନାତନ ଦେହୁରୀ ସ୍ବର୍ଗତଃ ହଳଧର ଦେହୁରୀ ଙ୍କ ଏକମାତ୍ର ଅବିବାହିତ ପୁତ୍ରର କାମଳ ରୋଗରେ ପୀଡିତ ହୋଇ ଘରୟୀ ଚିକିତ୍ସାଧୀନ ଅବସ୍ଥାରେ ଅକାଳରେ ବିୟୋଗ କାରଣରୁ ସ୍ଥାନୀୟ ଅଞ୍ଚଳରେ ଶୋକର ଛାୟା ଖେଳି ଯାଇଥିଛି।

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 300-ए के तहत मिले संपत्ति के अधिकार को गलत राजस्व प्रविष्टियों के आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि भू-धारकों को कानून के अनुसार नोटिस ही जारी नहीं किया गया, तो रिकॉर्ड सुधारने में हुई देरी को आधार बनाकर उन्हें उनकी जमीन से वंचित नहीं किया जा सकता।

जस्टिस सिद्धेश्वर एस. थोम्बरे रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें मंत्री द्वारा पारित उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसके जरिए उप निदेशक, भू-अभिलेख का आदेश रद्द कर दिया गया था। उप निदेशक ने याचिकाकर्ता के पक्ष में राजस्व रिकॉर्ड बहाल करने का निर्देश दिया था।

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसने 16 फरवरी 1982 को पंजीकृत विक्रय विलेख के जरिए कृषि भूमि खरीदी थी। उसका कहना था कि चकबंदी योजना लागू होने के बाद उसके नाम दर्ज भूमि का क्षेत्रफल गलत तरीके से 82 आर से घटाकर 28 आर कर दिया गया।

अदालत ने कहा कि विक्रय विलेख और याचिकाकर्ता के पक्ष में स्वामित्व संबंधी डिक्री को लेकर कोई विवाद नहीं है। रिकॉर्ड से यह भी स्पष्ट है कि चकबंदी योजना लागू होने से पहले याचिकाकर्ता के पास 82 आर भूमि थी, लेकिन बाद में राजस्व रिकॉर्ड में केवल 28 आर भूमि दर्ज दिखाई गई।

हाईकोर्ट ने कहा कि राजस्व अधिकारी रिकॉर्ड के संरक्षक होते हैं और यह बताना उनकी जिम्मेदारी है कि भूमि क्षेत्र में इतनी कमी कैसे हुई। अदालत ने कहा कि अधिकारियों द्वारा की गई गलत प्रविष्टियों के लिए याचिकाकर्ता को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

अदालत ने महाराष्ट्र विखंडन निवारण और जोत समेकन अधिनियम, 1947 के उद्देश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कानून का मकसद बेहतर खेती के लिए भूमि का समेकन करना है, न कि भू-स्वामियों की जमीन कम या ज्यादा करना।

हाईकोर्ट ने कहा कि अधिनियम की धारा 15ए, 20, 21 और 22 के तहत चकबंदी योजना तैयार करते समय भू-धारकों को नोटिस देना और ग्राम समिति से परामर्श करना अनिवार्य है।

अदालत ने कहा,

सिर्फ इसलिए कि चकबंदी योजना पहले लागू हो चुकी थी, याचिकाकर्ता को उसकी संपत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब भूमि क्षेत्र में कमी गलत राजस्व प्रविष्टियों के कारण हुई हो। संविधान के अनुच्छेद 300-ए के तहत संपत्ति का अधिकार गलत प्रविष्टियों के आधार पर खत्म नहीं किया जा सकता।

देरी के मुद्दे पर अदालत ने कहा कि न तो 1947 के अधिनियम में और न ही महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता में ऐसी प्रविष्टियों को सुधारने के लिए कोई निश्चित समय सीमा तय की गई।

अदालत ने यह भी कहा कि यदि भू-धारकों को नोटिस ही नहीं दिया गया और रिकॉर्ड बिना सूचना के तैयार कर दिए गए, तो केवल देरी के आधार पर उन्हें संपत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।

हाईकोर्ट ने माना कि अधिकारियों की लापरवाही और अव्यवस्थित तरीके से चकबंदी योजना लागू करने के कारण किसी भी परिस्थिति में भू-स्वामी को उसकी जमीन से वंचित नहीं किया जा सकता।

इन्हीं टिप्पणियों के साथ अदालत ने मंत्री का आदेश रद्द करते हुए याचिका मंजूर की।

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भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने तीरंदाजी वर्ल्ड कप के दूसरे लेग के रिकर्व इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। भारत ने शूट-ऑफ में चीन को हराया। दीपिका कुमारी जी, अंकिता भगत जी और कुमकुम मोहोद ने महिला रिकर्व टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता।भारतीय महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने आर्चरी वर्ल्ड कप के दूसरे लेग में चीन को रोमांचक शूट-आउट में 5-4 (28-26) से हराकर गोल्ड मेडल जीता। भारत ने रोमांचक फाइनल में पहला सेट जीता था। लेकिन चीन ने ज़बरदस्त वापसी करते हुए मैच बराबर कर दिया। तय चार सेट के बाद स्कोर बराबर रहा, जिससे शूट-ऑफ कराना पड़ा।दीपिका कुमारीजी, अंकिता भगत और कुमकुम मोहोद ने शंघाई में हुए आर्चरी वर्ल्ड कप के दूसरे लेग के फाइनल में महिला रिकर्व टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। 2021 के बाद से इस इवेंट में भारतीय महिला टीम का यह पहला गोल्ड मेडल है।वर्ल्ड कप में रिकर्व इवेंट में भारतीय महिला तीरंदाजी टीम का गोल्ड मेडल इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने यह कामयाबी बिना किसी फुल-टाइम नेशनल कोच के हासिल की। कोच की गैरमौजूदगी में दीपिका कुमारी का अनुभव काम आया। उन्होंने अपनी दोनों युवा टीममेट्स को गाइड किया।

शूट-ऑफ में चार सेट के बाद स्कोर 4-4 से बराबर था। लेकिन, दबाव में आकर भारत ने पांचवां सेट जीतकर चीन को हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। दिलचस्प बात यह है कि दीपिका कुमारी जी अंकिता भगत जी और कुमकुम मोहोद की भारतीय तिकड़ी ने सेमीफाइनल में 10 बार की ओलंपिक चैंपियन साउथ कोरिया को हराया। यह किसी भी लेवल पर महिला रिकर्व इवेंट में तीन साल में भारत का पहला गोल्ड मेडल है।

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बिहारशरीफ(नालन्दा):- वेतन के अभाव में जिले के नियोजित शिक्षकों की माली हालत खराब हो गई है। मई माह आधा समाप्त हो जाने के बावजूद नालंदा जिला के नियोजित शिक्षकों को मार्च और अप्रैल माह का वेतन अब तक नहीं मिल सका है। उक्त बात की जानकारी परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रौशन कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में कार्यरत नियोजित व कुछ नियमित शिक्षकों को समग्र शिक्षा व राज्य सरकार (जीओबी ) मद से वेतन भुगतान होता है। राज्य सरकार अर्थात जीओबी मद में राज्य से कागजों पर राशि भेज दिया गया है। लेकिन सीएफएमएस पोर्टल पर राशि नहीं दिख रहा है। जिसके कारण इन शिक्षकों को दो माह का वेतन अब तक नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा मद में राशि जिला में रहते हुए शिक्षा विभाग के पदाधिकारी व संबंधित लिपिक रमाकांत की लापरवाही के कारण शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं हो सका है।जिलाध्यक्ष ने कहा कि वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण शिक्षकों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। समय से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार को इलाज, बच्चों की पढ़ाई के लिए पुस्तक क्रय,बैंक के ईएमआई, घर की राशन सहित अन्य आवश्यकताऐं प्रभावित हो रही है।
संघ के जिलाध्यक्ष रौशन कुमार,महासचिव मो0 इरफान मल्लिक,सचिव सुनील कुमार व कोषाध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर संबंधित अधिकारियों से लगातार बातचीत और वेतन भुगतान करवाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन अब तक शिक्षकों के लंबित वेतन भुगतान की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। ट्रेजरी का कहना है कि उनके स्तर से कोई राशि लंबित नहीं है जबकि शिक्षा विभाग नालंदा के अनुसार यह राज्य स्तरीय तकनीकी समस्या बताई जा रहा है।जिसके कारण किसी भी जिला में शिक्षकों का वेतन शॉर्ट्स नहीं हो सका है।
आखिर स्लो पेमेंट का खामियाजा सिर्फ नियोजित शिक्षकों को ही क्यों भुगतना पड़ रहा है? यह स्थिति राज्य सरकार की शिक्षकों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। शिक्षक नेताओं ने शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारी से मांग किया है कि इस मामले को तत्काल हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने तथा राज्य स्तर पर पहल कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

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यूपी में तेज हवाओं और तूफान ने मचाई तबाही, 89 लोगों की हुई मौत, इस जिलें में सबसे ज्यादा लोगों ने गंवाई जान

उत्तर प्रदेश में बुधवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई. मिर्जापुर, भदोही, प्रयागराज, कानपुर देहात और कौशांबी समेत कई जिलों में तेज हवाओं, बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं के कारण अब तक 89 लोगों की मौत हो चुकी है. कई जगह बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और कच्चे मकान ढह गए. हादसों में कई लोग मलबे और पेड़ों के नीचे दब गए.
प्रयागराज में सबसे ज्यादा 17 लोगों की मौत
आंधी-तूफान का सबसे ज्यादा असर प्रयागराज जिले में देखने को मिला, जहां 17 लोगों की जान चली गई. वहीं मिर्जापुर में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. जिला प्रशासन के मुताबिक, मिर्जापुर सदर तहसील में सात और चुनार तहसील में तीन लोगों की मौत हुई है. जिले में कई जगह पेड़, दीवार और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं सामने आई हैं.

भदोही में 15 लोगों की गई जान
भदोही जिले में भी तेज आंधी-तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया. यहां अलग-अलग घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए. इसके अलावा 16 मवेशियों की भी मौत हुई है. शाम करीब 5:30 बजे मौसम अचानक बदला और तेज हवाओं के साथ तूफान शुरू हो गया. भदोही के सुरियावां थाना क्षेत्र के खरगसेनपट्टी गांव में एक मकान पर पेड़ गिरने से महिला और उसकी दो बेटियों की मौत हो गई. वहीं औराई थाना क्षेत्र में पेड़ गिरने से उसके नीचे खड़े लोगों की जान चली गई.

जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि आंधी-तूफान से हुई घटनाओं में 15 लोगों की मौत हुई है और आठ लोग घायल हुए हैं. घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. इनमें से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें बीएचयू वाराणसी रेफर किया गया है

#पत्रकार आमिर महफूज खान
#Aima media reporter

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AIMA न्यूज
मनोज कुमार शर्मा
खगड़िया (बिहार) 14 मई।

गोगरी, खगड़िया। गोगरी नगर परिषद के वार्ड संख्या 35 स्थित मिक्को सिंह टोला में पेयजल की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासी राजकुमार प्रसाद की सूचना पर ग्राम एक्टिविस्ट सह सरपंच नवल किशोर सिंह ने बुधवार को मौके का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान पंप ऑपरेटर पुलों सिंह ने बताया कि उन्हें पिछले दो वर्षों से विभाग द्वारा मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा पीएचडी विभाग की ओर से पिछले लगभग छह महीनों से क्षेत्र में नियमित पेयजल आपूर्ति भी ठप है। पानी नहीं मिलने से मोहल्ले के लोगों को रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय निवासियों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल करने और पंप ऑपरेटर का बकाया मानदेय भुगतान कराने की मांग की है।
इस मौके पर सरपंच नवल किशोर सिंह ने कहा, "आम जनता की मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता होनी चाहिए। पेयजल जैसी बुनियादी समस्या का समाधान जल्द से जल्द होना चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके।" उन्होंने विभागीय अधिकारियों से मामले में त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया।
मौके पर राजकुमार प्रसाद , फूलों सिंह, मयंक कुमार पोद्दार ,अशोक पंडित, विकास पंडित ,रामजी चौरसिया सहित अन्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।

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NEET पेपर लीक केस में CBI ने अब तक देशभर में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। देशभर में कई जगहों पर रेड भी की गई है। जयपुर से तीन, गुरुग्राम से एक, नासिक और अहिल्यानगर से एक-एक, कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कई और संदिग्धों से पूछताछ चल रही है। साथ ही, मोबाइल फोन और क्रिमिनल सबूत दिखाने वाले डॉक्यूमेंट्स समेत कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए गए हैं। कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें नासिक से शुभम खैरनार, अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडे, जयपुर से मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल और गुरुग्राम से यश यादव शामिल हैं।.पता चला है कि शुभम खैरनार ने करियर काउंसलिंग के नाम पर मेडिकल कोर्स के स्टूडेंट्स का एक ग्रुप बनाया था और पेपर मार्केट में 'एंट्री' की थी। पुणे से कूरियर के ज़रिए पेपर उसके पास पहुँचने के बाद, जांच में पता चला है कि शुभम खैरनार ने इसे हरियाणा में टेलीग्राम पर बेचा था। जब धनंजय लोखंडे पुणे में था, तो उसने कूरियर के ज़रिए खैरनार को NEET का क्वेश्चन पेपर भेजा था। क्वेश्चन पेपर मिलने के बाद, खैरनार ने इसे टेलीग्राम के ज़रिए हरियाणा में बेच दिया। इस बीच, शुभम BAMS के तीसरे साल में है और करियर काउंसलर के तौर पर काम कर रहा था। यह भी पता चला है कि शुभम ने धनंजय से 10 लाख रुपये में क्वेश्चन पेपर खरीदने के बाद, इसे हरियाणा के गुरुग्राम में एक बिचौलिए को 15 लाख रुपये में बेच दिया।NEET पेपर लीक केस में अब तक छह लोगों पर केस दर्ज

NEET पेपर लीक केस में लातूर कनेक्शन की जांच अब तेज हो गई है और पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इससे पहले चार लोगों ने अपने बयान दर्ज कराए थे। कल देर रात तक दो और लोगों से पूछताछ हुई। अब तक पुलिस ने छह लोगों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस इस केस में शक के घेरे में आई प्राइवेट क्लास की पूरी जांच कर रही है। ...एग्जाम से पहले स्टूडेंट्स को दिया गया हाथ से लिखा पेपर असल में किसने बनाया था। यह कहां से आया और इसमें कौन शामिल था, इसकी भी पुलिस जांच कर रही है। शिकायत में दावा किया गया है कि इस हाथ से लिखे पेपर में कई सवाल NEET(UG)-2026 के असली एग्जाम में आए थे।शुभम खैरनार के घर पर रेड- (NEET पेपर लीक 2026)

शुभम खैरनार के नासिक में किराए के घर के साथ-साथ उसके नांदगांव स्थित घर पर भी रेड की गई। आरोपी शुभम खैरनार के घर की तलाशी ली गई। नांदगांव में आरोपी शुभम खैरनार के घर की देर रात तक तलाशी ली गई। बताया गया है कि इस ऑपरेशन में कुछ सामान ज़ब्त किया गया है। इस बीच, शुभम खैरनार को दिल्ली की एक कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले में दूसरे आरोपियों के शामिल होने की संभावना जताते हुए CBI ने कहा है कि उनकी तलाश के लिए शुभम की कस्टडी ज़रूरी है। इसलिए, आरोपी शुभम खैरनार की कस्टडी बढ़ाए जाने की संभावना है। इस बीच, यह बात सामने आई है कि शुभम खैरनार के परिवार का क्रिमिनल बैकग्राउंड रहा है। शुभम खैरनार के भाई को भी CBI ने पूछताछ के लिए कस्टडी में लिया था। पूछताछ के बाद भावेश खैरनार को छोड़ दिया गया। उसे नांदगांव स्थित घर की तलाशी और पूछताछ के लिए कस्टडी में लिया गया था।NEET एग्जाम क्यों कैंसिल किया गया? (why neet exam 2026 cancle?)

सीकर, राजस्थान में NEET एग्जाम से पहले 'गेस पेपर' का डिस्ट्रीब्यूशन

'गेस पेपर' में कुल 410 सवाल थे

'गेस पेपर' में 120 से 135 सवाल बिल्कुल NEET एग्जाम जैसे ही थे

NEET एग्जाम से मैच करने वाले ज़्यादातर सवाल केमिस्ट्री सब्जेक्ट के थे

यह पता लगाने के लिए जांच की गई कि सवालों में समानता सही गेस थी या पेपर लीक

शुरुआती जांच में फैक्ट्स को देखने के बाद एग्जाम कैंसिल करने का फैसला लिया गया

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खगड़िया : नगर परिषद गोगरी जमालपुर की सभापति श्रीमती रंजीता कुमारी निषाद ने स्थानीय मीडिया को संबोधित करते हुए विकास योजनाओं और आगामी लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने नगर की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता बताया।

श्रीमती निषाद ने बताया कि विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली और लाइट व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है और गुणवत्ता से समझौता करने वाले संवेदकों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने स्वच्छता अभियान के तहत कूड़ा कचरे के निस्तारण की नई योजना की जानकारी दी और जनता से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्य उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

सभापति ने जल निकासी और पार्कों के विकास पर विशेष ध्यान देने के आगामी परियोजनाओं का संकेत दिया। संबोधन के दौरान भारी संख्या में स्थानीय लोग और परिषद के प्रतिनिधि मौजूद थे, जिन्होंने निष्पक्ष पत्रकारिता की सराहना की।

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पटना। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना और शिवहर में दो सरकारी कर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। सबसे बड़ी कार्रवाई पटना के जानीपुर थाना में हुई, जहां अपर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह को एक लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया।

निगरानी ब्यूरो के अनुसार, रूपसपुर निवासी कौशल किशोर ने शिकायत की थी कि जानीपुर थाना क्षेत्र में उनकी जमीन की मापी होने के बावजूद बाउंड्री कराने में असामाजिक तत्व बाधा डाल रहे थे।

संजय कुमार सिंह को 1 लाख की रिश्वत के साथ दबोचा
मामले में मदद और बाउंड्री कराने के एवज में पुलिस अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगी जा रही थी। सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने जानीपुर थाना क्षेत्र के बग्घा टोला के पास जाल बिछाकर संजय कुमार सिंह को एक लाख रुपये लेते गिरफ्तार कर लिया।

शिवहर जिले में दूसरी कार्रवाई
वहीं, दूसरी कार्रवाई में शिवहर जिला कृषि कार्यालय के बड़ा बाबू बिजेन्द्र कुमार को आठ हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया। उन पर खाद और बीज दुकान का लाइसेंस बनाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप था।
निगरानी टीम ने उन्हें उनके कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार किया। दोनों आरोपितों से पूछताछ के बाद उन्हें निगरानी के विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा। ब्यूरो ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

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পশ্চিমবঙ্গের অন্নপূর্ণা ভাণ্ডার প্রকল্প: সংক্ষিপ্ত পরিচিতি
১. প্রকল্পের পটভূমি
২০২৬-এর বিধানসভা ভোটের আগে বিজেপি তাদের ইস্তেহারে মহিলাদের জন্য অন্নপূর্ণা ভাণ্ডার নামে নতুন মাসিক ভাতা প্রকল্পের প্রতিশ্রুতি দেয়। ৯ মে ২০২৬-এ প্রথমবার পশ্চিমবঙ্গে বিজেপি সরকার গঠনের পর ১১ মে প্রথম মন্ত্রিসভার বৈঠকেই মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী ১ জুন ২০২৬ থেকে প্রকল্প চালুর নির্দেশ দেন।
এটি মূলত তৃণমূল সরকারের লক্ষ্মীর ভাণ্ডার-এর বদলে বা বড় সংস্করণ হিসেবে আনা হয়েছে।
২. মূল সুবিধা ও পরিমাণ
অন্নপূর্ণা ভাণ্ডার প্রকল্পে যোগ্য মহিলাদের ব্যাংক অ্যাকাউন্টে সরাসরি প্রতি মাসে 3,000 টাকা দেওয়া হবে। আগে লক্ষ্মীর ভাণ্ডারে সাধারণ মহিলারা 1,500 এবং SC/ST মহিলারা 1,700 পেতেন। নতুন প্রকল্পে টাকার পরিমাণ প্রায় দ্বিগুণ।
এছাড়া ১ জুন ২০২৬ থেকে রাজ্য সরকারের বাসে মহিলাদের জন্য বিনামূল্যে যাতায়াত চালু হয়েছে। পরিবহন দপ্তর পিঙ্ক টিকিট বা জিরো-ফেয়ার মডেল চালুর কথা ভাবছে।
৩. কারা পাবেন: যোগ্যতার শর্ত
- আবেদনকারীকে মহিলা হতে হবে
- পশ্চিমবঙ্গের স্থায়ী বাসিন্দা হতে হবে
- বয়স ২৫ বছরের ঊর্ধ্বে
- নিম্ন আয়ের পরিবার বা আর্থিকভাবে দুর্বল শ্রেণি (EWS)-ভুক্ত হতে হবে
- আধার, ভোটার আইডি, স্বাস্থ্যসাথী কার্ড, ব্যাংক অ্যাকাউন্ট থাকা বাধ্যতামূলক
লক্ষ্মীর ভাণ্ডারের ২.২ কোটি উপভোক্তাকে অন্নপূর্ণা ভাণ্ডারে স্থানান্তর করা হবে। তবে SIR-এ যাদের নাম ভোটার তালিকা থেকে বাদ গেছে, যারা মারা গেছেন বা ভুয়ো উপভোক্তা, তারা বাদ যাবেন।
৪. আবেদন পদ্ধতি
মন্ত্রী অগ্নিমিত্রা পাল জানিয়েছেন, আবেদন প্রক্রিয়া সম্পূর্ণ ডিজিটাল হবে যাতে কম শিক্ষিত মহিলারাও সহজে আবেদন করতে পারেন। আধার ও মোবাইল OTP, রেশন কার্ড নম্বর, ব্যাংক পাসবুক, ডোমিসাইল সার্টিফিকেট লাগবে। অনলাইনের পাশাপাশি BDO অফিস বা সরকারি ক্যাম্পে অফলাইন ফর্ম জমা দেওয়ার সুবিধাও থাকবে। তবে ১২ মে ২০২৬ পর্যন্ত কোনো অফিসিয়াল পোর্টাল চালু হয়নি।
৫. লক্ষ্মীর ভাণ্ডারের সঙ্গে পার্থক্য
বিষয়লক্ষ্মীর ভাণ্ডারঅন্নপূর্ণা ভাণ্ডার
মাসিক ভাতাসাধারণ 1,500; SC/ST 1,700সকল যোগ্য মহিলা 3,000
অতিরিক্ত সুবিধানেইসরকারি বাসে বিনামূল্যে যাতায়াত
আবেদনঅফলাইনঅনলাইন পোর্টাল
৬. বর্তমান অবস্থা
১১ মে ২০২৬-এ প্রকল্প ঘোষণা হলেও সরকারি বিজ্ঞপ্তি বা আবেদন লিঙ্ক প্রকাশ হয়নি। ১ জুন ২০২৬ থেকে প্রথম কিস্তি দেওয়ার লক্ষ্যমাত্রা নেওয়া হয়েছে। স্বাস্থ্যসাথী সহ পুরনো প্রকল্প চালু থাকবে বলে সরকার জানিয়েছে।
৭. নাম বিভ্রান্তি
অন্নপূর্ণা ভাণ্ডার নামে কেন্দ্রের NSAP-এর অধীনে ৬৫+ দুঃস্থ প্রবীণদের জন্য ১০ কেজি বিনামূল্যে খাদ্যশস্য দেওয়ার প্রকল্পও আছে। সেটি ২০০০ সালে চালু হয়। তবে পশ্চিমবঙ্গের নতুন প্রকল্পটি সম্পূর্ণ আলাদা, শুধু মহিলাদের নগদ ভাতা-ভিত্তিক।
সারকথা: অন্নপূর্ণা ভাণ্ডার বিজেপি সরকারের ফ্ল্যাগশিপ মহিলা কল্যাণ প্রকল্প। 3,000 মাসিক ভাতা ও বিনামূল্যে বাসযাত্রার মাধ্যমে নিম্ন আয়ের মহিলাদের আর্থিক ক্ষমতায়নই এর মূল লক্ষ্য।
অন্নপূর্ণা ভাণ্ডার প্রকল্প: আরও বিস্তারিত তথ্য
১. প্রকল্প বাস্তবায়নের টাইমলাইন
- ৯ মে ২০২৬: বিজেপি সরকারের শপথ গ্রহণ।
- ১১ মে ২০২৬: প্রথম ক্যাবিনেট বৈঠকে মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী ১ জুন থেকে প্রকল্প চালুর নির্দেশ দেন।
- ১ জুন ২০২৬: প্রথম কিস্তি DBT-র মাধ্যমে ব্যাংকে ঢোকার লক্ষ্য। একই দিন থেকে সরকারি বাসে মহিলাদের ফ্রি যাত্রা শুরু।
২. উপভোক্তা যাচাই ও বাদ পড়ার শর্ত
মন্ত্রী অগ্নিমিত্রা পাল জানিয়েছেন, লক্ষ্মীর ভাণ্ডারের ২.২ কোটি উপভোক্তার তালিকা নতুন করে যাচাই হবে। বাদ পড়বেন:
- SIR-এ ভোটার তালিকা থেকে যাদের নাম কাটা গেছে।
- মৃত ব্যক্তি যাদের নামে এখনও টাকা যাচ্ছিল।
- যাদের নাগরিকত্ব নিয়ে মামলা চলছে বা স্থগিত আছে।
- ভুয়ো আধার, একাধিক অ্যাকাউন্ট, বা EWS শর্ত পূরণ না করা পরিবার।
৩. আবেদনের জন্য প্রয়োজনীয় কাগজপত্র
লক্ষ্মীর ভাণ্ডারের মতোই আধার, ভোটার কার্ড, স্বাস্থ্যসাথী কার্ড, ব্যাংক পাসবুক লাগবে। নতুনভাবে আয়ের প্রমাণপত্র বা EWS সার্টিফিকেট চাওয়া হতে পারে, কারণ শর্তে নিম্ন আয়ের পরিবার উল্লেখ আছে। আবেদন অনলাইন পোর্টালের মাধ্যমে হবে যাতে কম শিক্ষিত মহিলারাও করতে পারেন।
৪. আর্থিক দিক ও বাজেট
লক্ষ্মীর ভাণ্ডারে বছরে প্রায় 48,000 কোটি খরচ হত। 3,000 করে দিলে ২ কোটি উপভোক্তা ধরলে বছরে 72,000 কোটি লাগবে। সরকারি বাসে ফ্রি যাত্রার জন্য অতিরিক্ত 2,000-2,500 কোটি সাবসিডি লাগতে পারে। কেন্দ্রের আয়ুষ্মান ভারত, বেটি বাঁচাও বেটি পড়াও-এর মতো স্কিমও রাজ্যে চালু থাকবে বলে মুখ্যমন্ত্রী জানিয়েছেন।
৫. পরিবহন সুবিধার বিস্তারিত
১ জুন থেকে WBTC, NBSTC, SBSTC-র সব রুটে মহিলারা বিনামূল্যে যাতায়াত করতে পারবেন। কন্ডাক্টর জিরো-ফেয়ার টিকিট ইস্যু করবেন। ভবিষ্যতে পিঙ্ক স্মার্ট কার্ড চালুর পরিকল্পনা আছে। কলকাতা মেট্রো বা বেসরকারি বাস এই সুবিধার আওতায় নেই।
৬. রাজনৈতিক প্রেক্ষাপট
২০২১-এ তৃণমূলের লক্ষ্মীর ভাণ্ডার ভোটে বড় ফ্যাক্টর ছিল। বিজেপি ২০২৬-এর ভোটে অন্নপূর্ণা ভাণ্ডার-কে প্রধান হাতিয়ার করে। প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী ও অমিত শাহ প্রচারে বারবার 3,000-এর প্রতিশ্রুতি দেন। বিজেপি একে মহিলাদের আর্থিক স্বাধীনতা ও ডাবল ইঞ্জিন সরকারের সুফল হিসেবে তুলে ধরছে।
৭. পুরনো অন্নপূর্ণা প্রকল্পের সঙ্গে পার্থক্য
কেন্দ্রের NSAP-এর অধীনে ২০০০ সাল থেকে অন্নপূর্ণা নামে ৬৫+ প্রবীণদের মাসে ১০ কেজি বিনামূল্যে চাল দেওয়া হয়। রাজ্যের নতুন প্রকল্পের সঙ্গে তার কোনো সম্পর্ক নেই। নাম এক হলেও উদ্দেশ্য, উপভোক্তা ও সুবিধা সম্পূর্ণ আলাদা।
৮. সমালোচনা ও চ্যালেঞ্জ
- আর্থিক চাপ: বছরে 70,000+ কোটির বোঝা রাজ্যের রাজস্ব ঘাটতি বাড়াতে পারে।
- বাস্তবায়ন: ১ জুনের মধ্যে ২ কোটি অ্যাকাউন্ট যাচাই ও DBT সেটআপ বড় চ্যালেঞ্জ।
- বাদ পড়ার আশঙ্কা: SIR-এর কারণে অনেক প্রকৃত গরিব মহিলা বাদ পড়তে পারেন বলে বিরোধীদের অভিযোগ।
- পোর্টাল: ১২ মে ২০২৬ পর্যন্ত আবেদনের সরকারি ওয়েবসাইট চালু হয়নি।
৯. পরবর্তী ধাপ
সরকার জানিয়েছে, মে মাসের শেষ সপ্তাহে গাইডলাইন, হেল্পলাইন নম্বর ও আবেদন পোর্টাল প্রকাশ করা হবে। জেলা BDO, পৌরসভা ও ডুয়ার্সের চা-বাগানে বিশেষ ক্যাম্প করে ফর্ম ফিলআপ করানো হবে। প্রথম কিস্তি পেতে আধার-ব্যাংক লিঙ্ক ও e-KYC বাধ্যতামূলক।
সংক্ষেপে: অন্নপূর্ণা ভাণ্ডার শুধু ভাতা নয়, বিজেপির নারী-কেন্দ্রিক শাসন-এর প্রধান প্রতীক। 3,000 নগদ ও ফ্রি বাসযাত্রা দিয়ে গ্রামীণ ও শহুরে গরিব মহিলাদের হাতে সরাসরি টাকা পৌঁছে দেওয়াই লক্ষ্য। বাস্তবায়ন কতটা মসৃণ হয়, সেটাই এখন দেখার।

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जल्द पूरा होगा मानगो जलापूर्ति योजना, मानगो की जनता से किया वायदा निभाया : मेयर सुधा गुप्ता

मेयर सुधा गुप्ता के पहल से लटकी योजना अब होगी पूरी

जमशेदपुर (झारखंड)। मेयर सुधा गुप्ता के पहल पर मानगो शहरी जलापूर्ति योजना फेज 2, पार्ट B अंतर्गत NH 33 के RAW में पाइप बिछाने हेतु पाइप लाइन एलाईमेंट के अंतिम रूट निर्धारण हेतु सब कठिनाई समाप्त हो गई है।

मेयर सुधा गुप्ता ने इस संबंध में कई बार दौरा और अधिकारीयों के साथ बैठक कर आ रही अडचनों को दूर किया है।

प्रमुख घटनाक्रम :-

1) 26 मार्च को बालीगुमा का दौरा कर स्थल का निरिक्षण।

2) 13 अप्रैल को जयपाल कॉलोनी के निवासियों के साथ बातचीत कर वैकल्पिक स्थल के चयन का प्रस्ताव।

3) 17 अप्रैल को बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लाया गया।

4) 22 अप्रैल को NHAI, PHED एवं मानगो नगर निगम एवं संवेदक के साथ बैठक कर मामले में सहमति बनाया गया ताकि NOC मिले।

5) 8 मई को कार्यपालक अभियंता सुमित कुमार ने पत्रांक संख्या 641 के माध्यम से GM (T) Cum Project Director को पत्र लिखकर अंतिम रूट निर्धारण हेतु आग्रह किया.

9) मेयर सुधा गुप्ता ने पत्र के माध्यम से कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखकर वैकल्पिक पाइपलाइन रूट निर्धारण के कार्य निष्पादन का निर्देश दिया।

10) NHAI ने पत्रांक संख्या भाराराप्रा /पकाई /रांची /33/2026/089 के माध्यम से स्पष्ट किया कि एलीवेटेड परियोजना कोरिडोर परियोजना के अंतर्गत KM 248+400 डिमना नाला पर निर्माण कार्य होने से पाइपलाइन कार्य प्रभावित होगा इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था करने हेतु स्वीकृति दिया।

11) 13 मई को रांची से NHAI की टीम आकर मैप और नक्शा बनाने का कार्य संपन्न की है।

12) PHED ने फिजिब्लिटी रिपोर्ट बना कर कार्यपालक अभियंता को जमा कर दिया गया है।

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ट्रस्टियों, दिंडी समुदाय, गणमान्य लोगों, सेवकों और दिंडी प्रमुख की एक संयुक्त बैठक श्री ज्ञानेश्वर महाराज मंदिर, पंढरपुर में आयोजित की गई।
मंदिर ने संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी निकालने के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इसमें पुणे में ठहरने की पुष्टि करके सभी चर्चाओं पर विराम लगा दिया गया है। मौली की पालकी भवानी पेठ में ही रहेगी। विठोबा मंदिर के पास की ज़मीन खरीदनी होगी। इसके अलावा, इलाके में अतिक्रमण हटाकर इस जगह पर भीड़ की समस्या का समाधान किया जाएगा। जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी जी ने इसका आश्वासन दिया है। आलंदी देवस्थान के ट्रस्टी और पालकी निकालने के प्रमुख राजेंद्र उमाप का दावा है कि प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

इस साल श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज की आषाढ़ीवारी आलंदी पंढरपुर पालकी निकालने का कार्यक्रम 8 जुलाई, 2026 से 9 अगस्त, 2026 तक होगा। पालकी निकलने का समारोह 8 जुलाई को होगा। उसके बाद पालकी आलंदी में रुकेगी। 9 जुलाई को पालकी निकालने का समारोह आलंदी से पुणे के लिए रवाना होगा। पालकी समारोह पुणे में दो दिन, 9 और 10 जुलाई को होगा। आषाढ़ी के दिन श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज के आलंदी पंढरपुर पालकी समारोह की प्लानिंग पर चर्चा करने के लिए ट्रस्टियों, दिंडी समुदाय, गणमान्य लोगों, सेवकों और दिंडी प्रमुख की एक संयुक्त बैठक श्री ज्ञानेश्वर महाराज मंदिर, पंढरपुर में होगी।
श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज की आशाद्वारी पालकी सेरेमनी पुणे में श्री पालकी विठोबा मंदिर, भवानीपेठ में होती है। क्योंकि पालकी सेरेमनी में शामिल होने वाले वारकरियों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है और भवानीपेठ में जगह की कमी को देखते हुए, 2010 से समुदाय की तरफ से पुणे में सेरेमनी की जगह बदलने की मांग की जा रही थी। उस समय, समुदाय की तरफ से यह सुझाव आया कि पालकी सेरेमनी को रेस कोर्स ग्राउंड में शिफ्ट कर दिया जाना चाहिए।
बाद में 2022 में, संस्थान के उस समय के बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टीज़ ने श्री पालखी विठोबा मंदिर भवानीपेठ के बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टीज़ के साथ पुणे में संस्थान के ऑफ़िस में एक मीटिंग की। भवानीपेठ में पालखी सेरेमनी के दौरान होने वाली भीड़ को देखते हुए, मंदिर में आरती के लिए पालखी, पालखी के अटेंडेंट, सेवक, कर्मचारी, साथ ही वीणा बजाने वाले और दिंडी वारकरी के खड़े होने के लिए काफ़ी जगह नहीं होती। वारकरी को धक्का दिया जाता है। इसलिए, मंदिर को बड़ा करने का सुझाव दिया गया। इस मीटिंग में ऐसे सभी मामलों पर चर्चा की गई। सरकारी अधिकारियों और पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव भवानीपेठ में सभी सुविधाएँ देने पर सहमत हुए। उसके बाद, इस साल का मौली का मुक्का भवानीपेठ में ही रखने का फ़ैसला किया गया है।

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कल दिनांक 13/05/2026 दिन बुधवार को आकाशीय बिजली गिरने से 14 गायों की आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। आज ग्राम पंचायत उदयपुर के सरपंच प्रताप सिंह, उप सरपंच शेखर सिंह देव, वॉर्ड पंच कुञ्जल रजवाड़े, देव नारायण यादव, भोला सोनी, राहुल सिंह, राहुल गुप्ता, जगदीश जायसवाल, निरंजन सिंह, क्रांति कुमार रावत सहित काफी संख्या में ग्रामीणजन एकत्रित हुए और गौ माता को श्रद्धापूर्वक अंतिम विदाई दी गई।
इस दौरान ग्राम पंचायत के उप सरपंच शेखर सिंह देव द्वारा जेसीबी वाहन बुलवाकर मिर्गाडांड जंगल में गड्ढा खुदवाया गया, जहाँ सभी गायों का हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया।
जिसमें 7 गायों के मालिकों का पता चल गया है, जबकि शेष 7 गायों के मालिकों की जानकारी नहीं मिल पाई है। इस संबंध में थाना से उपस्थित कर्मचारीगण द्वारा पंजीयन तैयार कर थाना में सूचना दर्ज कराई गई है। जिन व्यक्तियों की गायें हों, वे थाना जाकर सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत गौ माताओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।

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কলকাতা: পশ্চিমবঙ্গের রাজনীতিতে বৃহস্পতিবার অত্যন্ত তাৎপর্যপূর্ণ ঘটনা ঘটল। তৃণমূল কংগ্রেস নেত্রী তথা প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় হঠাৎই কলকাতা হাইকোর্টে উপস্থিত হন আইনজীবীর পোশাকে। সাদা শার্ট, কালো কোট এবং আইনজীবীদের নির্দিষ্ট পোশাকে তাঁকে আদালত চত্বরে দেখা যেতেই রাজনৈতিক মহল থেকে সাধারণ মানুষের মধ্যে শুরু হয়ে যায় ব্যাপক চর্চা। মুহূর্তের মধ্যে সেই ছবি ভাইরাল হয়ে পড়ে সোশ্যাল মিডিয়ায়।

সূত্রের খবর, রাজ্যে ভোট-পরবর্তী হিংসা সংক্রান্ত একটি জনস্বার্থ মামলার শুনানি চলছিল কলকাতা হাইকোর্টে। সেই মামলাকে কেন্দ্র করেই আদালতে পৌঁছন মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়। শুধু আদালতে উপস্থিত হওয়াই নয়, তিনি নিজেই মামলার বিভিন্ন দিক নিয়ে বক্তব্য রাখতে পারেন বলে জল্পনা শুরু হয় রাজনৈতিক এবং আইনজীবী মহলে। তাঁর সঙ্গে উপস্থিত ছিলেন তৃণমূল কংগ্রেসের আইনজীবী ও সাংসদ কল্যাণ বন্দ্যোপাধ্যায় সহ আরও একাধিক আইনজীবী।

এই ঘটনাকে কেন্দ্র করে আদালত চত্বরে তৈরি হয় তীব্র কৌতূহল। আদালতের বাইরে নিরাপত্তা ব্যবস্থা জোরদার করা হয়। বিপুল সংখ্যক পুলিশ মোতায়েন করা হয় যাতে কোনও অপ্রীতিকর ঘটনা না ঘটে। আদালত চত্বরে উপস্থিত বহু আইনজীবী এবং সাধারণ মানুষ মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়কে ঘিরে ভিড় জমাতে শুরু করেন।

রাজনৈতিক বিশেষজ্ঞদের মতে, মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের এই পদক্ষেপ শুধুমাত্র আইনি লড়াই নয়, বরং রাজনৈতিক দিক থেকেও অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ বার্তা বহন করছে। বাংলার রাজনীতিতে বর্তমানে যে উত্তেজনাপূর্ণ পরিস্থিতি তৈরি হয়েছে, তার মধ্যেই আদালতে এভাবে সরাসরি উপস্থিত হয়ে তিনি কার্যত বোঝাতে চাইলেন যে বিরোধী শিবিরের অভিযোগের বিরুদ্ধে তিনি আইনি এবং রাজনৈতিক দুই ময়দানেই লড়াই করতে প্রস্তুত।

প্রসঙ্গত, বিধানসভা নির্বাচনের ফল ঘোষণার পর থেকেই রাজ্যের বিভিন্ন প্রান্তে রাজনৈতিক সংঘর্ষ, হামলা, ভাঙচুর এবং হিংসার অভিযোগ উঠতে শুরু করে। তৃণমূল কংগ্রেস অভিযোগ করেছে, তাদের কর্মী-সমর্থকদের উপর হামলা চালানো হয়েছে, বহু পার্টি অফিস ভাঙচুর করা হয়েছে এবং বিরোধীরা উদ্দেশ্যপ্রণোদিতভাবে অশান্তির পরিবেশ তৈরি করছে। অন্যদিকে বিজেপির অভিযোগ, ভোটের ফল প্রকাশের পর থেকেই রাজ্যে গণতন্ত্র বিপন্ন হয়েছে এবং বিরোধী দলের কর্মীরা আক্রান্ত হচ্ছেন।

এই আবহেই কলকাতা হাইকোর্টে দায়ের হয় একাধিক জনস্বার্থ মামলা। মামলায় অভিযোগ করা হয়েছে যে, ভোট-পরবর্তী সময়ে রাজ্যের বিভিন্ন জেলায় রাজনৈতিক প্রতিহিংসার ঘটনা ঘটেছে। আদালতের কাছে নিরপেক্ষ তদন্ত এবং ক্ষতিগ্রস্তদের নিরাপত্তার আবেদন জানানো হয়েছে।

হাইকোর্টে মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের উপস্থিতি নিয়ে রাজনৈতিক মহলে শুরু হয়েছে জোর বিতর্ক। বিজেপির একাংশ দাবি করেছে, আদালতে গিয়ে মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় রাজনৈতিক সহানুভূতি আদায়ের চেষ্টা করছেন। তাঁদের মতে, রাজ্যে আইনশৃঙ্খলার অবনতির দায় এড়াতেই এই পদক্ষেপ নেওয়া হয়েছে। অন্যদিকে তৃণমূল কংগ্রেসের দাবি, বাংলার মানুষের অধিকার রক্ষার জন্যই আদালতে পৌঁছেছেন মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়।

আদালতে দাঁড়িয়ে মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় নাকি বলেন, বাংলা কোনও বুলডোজার রাজনীতি মানে না। তিনি দাবি করেন, বাংলার মানুষকে ভয় দেখিয়ে চুপ করানো যাবে না এবং আইনের মাধ্যমেই লড়াই চলবে। তাঁর এই মন্তব্য ঘিরেও শুরু হয়েছে নতুন রাজনৈতিক বিতর্ক।

রাজনৈতিক পর্যবেক্ষকদের মতে, এই ঘটনাকে শুধুমাত্র আদালতে উপস্থিতি বলে দেখলে ভুল হবে। কারণ বাংলার রাজনীতিতে মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় বরাবরই প্রতীকী বার্তা দিতে পছন্দ করেন। কখনও পথে নেমে আন্দোলন, কখনও সাধারণ মানুষের পোশাকে সভা, আবার কখনও প্রশাসনিক বৈঠকে কঠোর অবস্থান প্রতিটি পদক্ষেপের মধ্যেই রাজনৈতিক বার্তা থাকে। এবার আইনজীবীর পোশাকে আদালতে পৌঁছে তিনি সম্ভবত বোঝাতে চাইলেন যে তিনি নিজে লড়াইয়ের সামনের সারিতে রয়েছেন।

সোশ্যাল মিডিয়াতেও এই ছবি ঘিরে ব্যাপক প্রতিক্রিয়া দেখা যায়। কেউ লিখেছেন, মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় গণতন্ত্র রক্ষার লড়াই করছেন। আবার কেউ কটাক্ষ করে বলেছেন, এটা নিছক রাজনৈতিক নাটক। ফেসবুক, এক্স (পুরনো টুইটার), ইনস্টাগ্রাম সর্বত্র ভাইরাল হয়ে যায় তাঁর আদালতে যাওয়ার ভিডিও এবং ছবি।

উল্লেখযোগ্যভাবে, কলকাতা হাইকোর্ট অতীতেও ভোট-পরবর্তী হিংসা নিয়ে একাধিক গুরুত্বপূর্ণ পর্যবেক্ষণ করেছে। ২০২১ সালেও আদালত রাজ্যের আইনশৃঙ্খলা পরিস্থিতি নিয়ে কড়া মন্তব্য করেছিল এবং কয়েকটি গুরুতর ঘটনার তদন্তে সিবিআই তদন্তের নির্দেশ দিয়েছিল।

বর্তমান পরিস্থিতিতে রাজনৈতিক উত্তেজনা ক্রমশ বাড়ছে। একদিকে বিজেপি বাংলায় নিজেদের প্রভাব আরও বাড়ানোর চেষ্টা করছে, অন্যদিকে তৃণমূল কংগ্রেস নিজেদের রাজনৈতিক জমি ধরে রাখতে মরিয়া। এই আবহে আদালতে মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের সরাসরি উপস্থিতি আগামী দিনের রাজনীতিতে বড় প্রভাব ফেলতে পারে বলে মনে করছে ওয়াকিবহাল মহল।

এখন সবার নজর কলকাতা হাইকোর্টের পরবর্তী শুনানির দিকে। আদালত এই মামলায় কী নির্দেশ দেয়, প্রশাসনের ভূমিকা নিয়ে কী পর্যবেক্ষণ করে এবং রাজনৈতিক সংঘর্ষের অভিযোগে তদন্ত কোন পথে এগোয় তা নিয়েই চর্চা তুঙ্গে। তবে একটি বিষয় স্পষ্ট, আইনজীবীর পোশাকে আদালতে হাজির হয়ে মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় ফের একবার বাংলার রাজনীতির কেন্দ্রবিন্দুতে চলে এলেন।

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चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम): बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनके चेहरों पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त के मार्गदर्शन में संचालित प्रोजेक्ट बचपन आज जिले भर में उत्साह के साथ मनाया गया। इसी कड़ी में चक्रधरपुर प्रखंड के कुदलीबाड़ी और भलियाकुदर आंगनबाड़ी केंद्रों में 'बाल भोज-सह-जन्मोत्सव' कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कटा केकआज दिनांक 14 मई 2026 को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी (पोड़ाहाट), अंचल अधिकारी (चक्रधरपुर) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (चक्रधरपुर) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मई माह में जन्म लेने वाले बच्चों के साथ मिलकर केक काटा और उन्हें उपहार भेंट किए। सामूहिक रूप से जन्मदिन मनाए जाने से बच्चे और उनके अभिभावक अत्यंत हर्षित नजर आए।प्रोजेक्ट बचपन का मुख्य लक्ष्य: जिले के हर आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत उन बच्चों का सामूहिक जन्मदिन मनाना है, जिनका जन्म उसी चालू माह में हुआ हो। यह पहल न केवल बच्चों में खुशी भरती है, बल्कि समुदाय को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी बनी है। विशेष बाल भोज और पोषण पर जोरजन्मोत्सव के उपरांत आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले सभी बच्चों के लिए विशेष बाल भोज' का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों को स्वादिष्ट और पौष्टिक आहार परोसा गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वयं अपनी उपस्थिति में बच्चों को भोजन कराया और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।आंगनबाड़ी सेविकाओं को सख्त निर्देशकार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के साथ संवाद किया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि: 1. बच्चों को परोसा जाने वाला भोजन पूरी तरह से **स्वच्छ और पौष्टिक** होना चाहिए। 2. मैन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण आहार सुनिश्चित किया जाए। 3. केंद्रों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर रहे। हर माह की 14 तारीख को होगा आयोजनबताते चलें कि उपायुक्त के निर्देशानुसार, प्रोजेक्ट बचपन अब पश्चिमी सिंहभूम जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में **प्रत्येक माह की 14 तारीख** को अनिवार्य रूप से आयोजित किया जाएगा। यदि किसी कारणवश 14 तारीख को अवकाश होता है, तो इसे अगले कार्य दिवस पर मनाया जाता है। इस पहल से जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार और बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि देखी जा रही है।इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रशासन संवेदनशील हो, तो सरकारी योजनाएं न केवल कागजों पर बल्कि जमीन पर भी उत्सव का रूप ले सकती हैं।Project Bachpan West Singhbhum, Chakradharpur News, Chaibasa News, Anganwadi Birthday Celebration, Child Nutrition Jharkhand, DC West Singhbhum Initiative, Bal Bhoj Chakradharpur, SDPO Porahat, BDO Chakradharpur, Jharkhand Government Schemes 2026, Child Development West Singhbhum, कुदलीबाड़ी आंगनबाड़ी, भलियाकुदर समाचार, प्रोजेक्ट बचपन चाईबासा, पश्चिमी सिंहभूम समाचार, बाल भोज-सह-जन्मोत्सव, उपायुक्त चाईबासा, चक्रधरपुर न्यूज, झारखंड आंगनबाड़ी योजना, बच्चों का जन्मदिन, सामुदायिक जन्मोत्सव, पौष्टिक आहार अभियान, चाईबासा सरकारी योजना, SDM Chakradharpur, CO Chakradharpur, Child Welfare Jharkhand, Poshan Abhiyan West Singhbhum, 14 May News Jharkhand, Local News Chakradharpur, Integrated Child Development Services.

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विश्व चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता जोरावर सिंह संधू को राष्ट्रीय ट्रायल्स में खराब प्रदर्शन के कारण एशियाई खेलों की संभावित भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया। एनआरएआई ने चयन नीति में बदलाव से साफ इनकार कर दिया है। .
अक्टूबर 2023 में चीन के हांगझू में एशियाई खेलों में पुरुषों की ट्रैप टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय निशानेबाज टोंडाइमन पीआर, कीनान चेनाई और जोरावर सिंह संधू
एशिया में नंबर एक और विश्व रैंकिंग में छठे नंबर के ट्रैप निशानेबाज जोरावर सिंह संधू को इस वर्ष के आखिर में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारत की संभावित शॉटगन टीम में शामिल नहीं किया गया है। यह तब है जब वह देश के शीर्ष ट्रैप निशानेबाजों में से एक हैं और उन्होंने पिछले वर्ष विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।

एशियाई खेलों से पहले बड़ा विवाद: नंबर-1 शूटर और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले जोरावर संधू भारतीय टीम से बाहर
विश्व चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता जोरावर सिंह संधू को राष्ट्रीय ट्रायल्स में खराब प्रदर्शन के कारण एशियाई खेलों की संभावित भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया। एनआरएआई ने चयन नीति में बदलाव से साफ इनकार कर दिया है।

Asian Games Shooting, Zoravar Sandhu, Shotgun Team India
अक्टूबर 2023 में चीन के हांगझू में एशियाई खेलों में पुरुषों की ट्रैप टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय निशानेबाज टोंडाइमन पीआर, कीनान चेनाई और जोरावर सिंह संधू।

एशिया में नंबर एक और विश्व रैंकिंग में छठे नंबर के ट्रैप निशानेबाज जोरावर सिंह संधू को इस वर्ष के आखिर में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारत की संभावित शॉटगन टीम में शामिल नहीं किया गया है। यह तब है जब वह देश के शीर्ष ट्रैप निशानेबाजों में से एक हैं और उन्होंने पिछले वर्ष विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।

राष्ट्रीय चैंपियनशिप और घरेलू चयन ट्रायल के दौरान जोरावर का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। विश्व चैंपियनशिप और विश्व कप फाइनल्स की तैयारी में व्यस्त होने के बावजूद उनके लिए इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना अनिवार्य था। राष्ट्रीय ट्रायल्स में निराशाजनक प्रदर्शन के कारण उन्हें एशियाई खेलों के लिए संभावित टीम में जगह नहीं मिली है। वह एक महीने पहले तक विश्व रैंकमहीने पहले तक विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर थे।

जोरावर ने भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) से अपने फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है। उन्होंने तर्क दिया है कि पिछले छह महीनों में भारतीय ट्रैप निशानेबाजों में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ स्कोर हासिल किया है। एनआरएआई ने हालांकि स्पष्ट किया है कि वह डेढ़ साल पहले लागू की गई चयन नीति का सख्ती से पालन करेगा।
NRAI महासचिव पवन कुमार सिंह ने कहा कि पुरुषों की संभावित ट्रैप टीम में बदलाव होने की संभावना नहीं है। इस टीम में कीनान चेनाई, अहवर रिजवी और शपथ भारद्वाज शामिल हैं। ये सभी 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में हिस्सा लेंगे।

47 वर्षीय जोरावर पिछले साल अक्टूबर में एथेंस में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर ट्रैप शूटिंग में पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय निशानेबाज बने थे। उन्होंने विश्व कप फाइनल्स में भी पदक दौर तक जगह बनाई, लेकिन आखिर में सातवें स्थान पर रहे।पवन सिंह ने हालांकि ऐसी किसी संभावना से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, यह लगभग 99 प्रतिशत तय है कि यही टीम एशियाई खेलों में हिस्सा लेगी। चयन नीति का ऐलान एक साल पहले हो गया था और अगर अब हम टीम में नाम बदलने लगे तो निशानेबाजी और बाकी खेलों में कोई फर्क नहीं रह जाएगा।

इस प्रकार है एशियाई खेलों के लिए चुनी गई टीम
पुरुष ट्रैप: कीनान चेनाई, अहवर रिजवी, शपथ भारद्वाज।
महिला ट्रैप: नीरू, मनीषा कीर, आशिमा अहलावत।
पुरुष स्कीट: अनंतजीत सिंह नरूका, भावतेग गिल, मैराज खान।
महिला स्कीट: परिनाज धालीवाल, रेइजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान।
ट्रैप मिक्स्ड टीम: कीनान चेनाई और नीरू।
स्कीट मिक्स्ड टीम: अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल ।
किदांबी ने 5 साल बाद लिया वर्ल्ड चैंपियनशिप में मिली हार का बदला, Thailand Open में सिंधु का भी विजयी आगाज
भारतीय शटलर किदांबी श्रीकांत ने थाईलैंड ओपन में जीत के साथ शुरुआत की है। उन्होंने सिंगापुर के लो कीन यू को हराते हुए पांच साल पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनल में मिली हार का बदला लिया

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ସ୍ଲରି ପାଇପ କାମ ବେଳେ ଘର କାନ୍ଥ ଫାଟିଲା - କ୍ଷତିପୂରଣ ନ ମିିଳିଲେ ଏନ୍ଏଚ୍ ଅବରୋଧ ଧମକ।

କେନ୍ଦୁଝର: ୧୩ା୦୫, ଜାତୀୟ ରାଜପଥ ୨୦ ପାଶ୍ୱର୍ରେ ଲୁହାପଥର ଗୁଣ୍ଡ ପରିବହନ ପାଇଁ ସ୍ଲରି ପାଇପ ବିଛା ଚାଲିଛି । ୧୧ ତାରିଖ ମଧ୍ୟାହ୍ନ ୧୨ଟା ବେଳେ ସ୍ଲରି ପାଇପ ବିଛା ଯୋଗୁଁ ଘସିପୁରା ଥାନା ଜାତୀୟ ରାଜପଥ-୨୦ ପାଶ୍ୱର୍ ଧକୋଠା ପଂଚାୟତ ଅନ୍ତର୍ଗତ ଭାଲୁକୁମା ଗ୍ରାମର ଭଗବାନ ପଲେଇ ଙ୍କ ଛାତ ଘର କାନ୍ଥ ଫାଟି ଆଁ କରିଛି । ସ୍ଲରି ପାଇପ ବିଛାଇବାବେଳେ ଡ୍ରିଲ ଦ୍ୱାରା କମ୍ପନ ହୋଇ କାନ୍ଥ ଫାଟି ଘରଟି ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ଅସୁରକ୍ଷିତ ହୋଇପଡିଛି । ଜେଏସଡବ୍ଲୁ କମ୍ପାନୀର ବେପରୁଆ କାମ ଯୋଗୁଁ ଘର କ୍ଷତିଗ୍ରସ୍ତ ହୋଇଥିବା ନେଇ ସେ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାପାଳ ଙ୍କ ନିକଟରେ ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି । ସ୍ଲରି ପାଇପ ବିଛାଇବା ବେଳେ ଘର କ୍ଷତିଗ୍ରସ୍ତ ହେବ ନାହିଁ ବୋଲି ଜେଏସଡବ୍ଲୁ କମ୍ପାନୀର ଠିକା ସଂସ୍ଥା ଓ ଭଗବାନ ପଲେଇଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ଗୋଟିଏ ଚୁକ୍ତିନାମା ହୋଇଥିଲା । ଚୁକ୍ତିନାମା ଅନୁଯାୟୀ ଘର କ୍ଷତିଗ୍ରସ୍ତ ହେଲେ କମ୍ପାନୀ କ୍ଷତିପୂରଣ ଦେବେ ବୋଲି ଚୁକ୍ତିନାମା ହୋଇଥିଲା । ସ୍ଲରି ପାଇପ କାମ ବେଳେ ଭଗବାନ ପଲେଇ ଙ୍କ ଘର କ୍ଷତିଗ୍ରସ୍ତ ହୋଇଥିଲେ ହେଁ କମ୍ପାନୀର ଅଧିକାରୀମାନେ କ୍ଷତିପୂରଣ ଦେବା ପାଇଁ ଧରାଛୁଆଁ ଦେଉନଥିବା ସେ ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି । କ୍ଷତିପୂରଣ ନ ମିଳିବାରୁ ପରିବାର ଲୋକ ଉକ୍ତ ସ୍ଥାନରେ କାମ ବନ୍ଦ କରିଥିଲେ ମଧ୍ୟ ପୋଲିସ ସହାୟତାରେ କାମ କରିବା ପାଇଁ ପରିବାର ଲୋକଙ୍କୁ ଧମକ ମିଳୁଥିବା ଭଗବାନ ପଲେଇ ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି । ଘର କାନ୍ଥ ଫାଟି ଅସୁରକ୍ଷିତ ହୋଇପଡିଥିବାରୁ ଘର ବଦଳରେ ଘର ଦେବାକୁ ସେ କହିଛନ୍ତି । ଘର କ୍ଷତିଗ୍ରସ୍ତ ହେବା ପରେ କମ୍ପାନୀର ଅଧିକାରୀମାନେ ଧରାଛୁଆଁ ଦେଉନଥିବା ଭଗବାନ ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି । ଏ ନେଇ ଭଗବାନ ପଲେଇ ଦୁଇ ଦୁଇ ଥର ଥାନା ଅଧିକାରୀଙ୍କୁ ଲିଖିତ ଅଭିଯୋଗ କରିଥିଲେ ମଧ୍ୟ ସେ ଏତଲା ଗ୍ରହଣ କରୁନାହାଁନ୍ତି । ପୋଲିସ ନିକଟରୁ ନ୍ୟାୟ ନ ପାଇ ଜେଏସଡବ୍ଲୁ କମ୍ପାନୀକୁ ଏକ ଜରୁରୀ ନୋଟିସ କରି ୭ ଦିନ ମଧ୍ୟରେ ଏହାର ସମାଧାନ ନ କଲେ ଏହାର ପ୍ରତିବାଦରେ ୨୧/୦୫/୨୦୨୬ ରିଖ ଦିନ କ୍ଷତିଗ୍ରସ୍ତ ଘର ସମ୍ମୁଖରେ ସପରିବାର ଜାତୀୟ ରାଜପଥ ୨୦ ଅବରୋଧ କରିବେ ବୋଲି ଚେତାବନୀ ଦେଇଛନ୍ତି । ଏଥିପାଇଁ କୌଣସି ଅପ୍ରିତିକର ପରିସ୍ଥିତି ହେଲେ ପ୍ରଶାସନ ଦାୟୀ ରହିବେ ବୋଲି ଭଗବାନ ପଲେଇ ପ୍ରକାଶ କରିଛନ୍ତି । ସୂଚନାଯୋଗ୍ୟଯେ, ବର୍ଷ ବର୍ଷ ଧରି ଏହି ପାଇପ ବିଛା କାମ ଚାଲିଛି । ସ୍ଲରି ପାଇପ ବିଛା ଯୋଗୁଁ ବନ୍ୟପ୍ରାଣୀ କରିଡର ଅସୁରକ୍ଷିତ ହୋଇପଡିଛି । ଅନେକ ସ୍ଥାନରେ କାମ ସରିବା ପରେ ଜଙ୍ଗଲ ପାଶ୍ୱର୍ରେ ମାଟି,ପଥର ସମତୂଲ କରାଯାଉନାହିଁ । ଫଳରେ ବନ୍ୟପ୍ରାଣୀ ଯାତାୟତରେ ଅସୁବିଧା ହେଉଥିଲେ ହେଁ ବନ ବିଭାଗ ଚୁପ ବସିଛି।
(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ସାମ୍ବାଦିକ ସତ୍ୟଜିତ ମିଶ୍ରଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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ଟାଟା ପାୱାରର ଛଟେଇ ବିରୋଧରେ ତେଜିଲା ଶ୍ରମିକ ଆନ୍ଦୋଳନ ତୃତୀୟ ଦିନରେ।

କେନ୍ଦୁଝର: ୧୩|୦୫, ଟାଟା ପାୱାରର କେନ୍ଦୁଝର ନିର୍ବାହୀ ଯନ୍ତ୍ରୀ ଓ ଅଧିକ୍ଷଣ ଯନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟ ସମ୍ମୁଖରେ ଶ୍ରମିକ ମାନଙ୍କ ଛଟେଇ ବିରୋଧରେ ତେଜିଲା ଆନ୍ଦୋଳନ I ଟାଟା ପାୱାର କେନ୍ଦୁଝର ଅଧୀନରେ କାର୍ଯ୍ୟରତ ୫୦୦ ରୁ ଅଧିକ ଏବଂ ଟାଟା ପାୱାର ଉତ୍ତର ଓଡିଶା ଜୋନ ରେ ୧୫୦୦ରୁ ଅଧିକ କର୍ମଚାରୀଙ୍କୁ ଖର୍ଚ୍ଚ କାଟର ଦ୍ୱାହି ଦେଇ ଛଟେଇ କରିବା ପାଇଁ ବିଜ୍ଞପ୍ତି ଜାରି କରିବା ପରେ ଶ୍ରମିକମାନଙ୍କ ମହଲରେ ଏହିଁ ଆନ୍ଦୋଳନ ତେଜି ଉଠିଛି I ଯାହାର ପ୍ରତି ଫଳନ ସ୍ୱରୂପ ଆଜି ଶତାଧିକ କର୍ମଚାରୀ ଆନ୍ଦୋଳନକୁ ଓଲ୍ହାଇଛନ୍ତି I ଆନ୍ଦୋଳନରତ କର୍ମଚାରୀମାନେ ପ୍ରକାଶ କରିଛନ୍ତି ଯେ ଯେତେବେଳେ ଟାଟା ପାୱାର ନେସ୍କୋକୁ ନେଲା ସେତେବେଳେ ୨୫% ଏଟି ଆଣ୍ଡ ସି କ୍ଷତି ହେଉଥିଲା I ଆଜି ଯୋଉ ଶ୍ରମିକ ମାନଙ୍କୁ ସେ ଛଟେଇ କରିବାକୁ ଚାହୁଁଛି ସେଇ ଶ୍ରମିକ ମାନେ ବିଗତ ଦିନରେ ନିଜର ମୁଣ୍ଡ ଝାଳ ତୁଣ୍ଡରେ ମାରି ଏଟି ଆଣ୍ଡ ସି କ୍ଷତିକୁ ୭% କୁ କମାଇ ପାରିଛନ୍ତି I ଯୋଉଠି ଆମର ତଳ ଶ୍ରେଣୀର କର୍ମଚାରୀ ୧୦୦୦୦ ରୁ ୧୫୦୦୦ ଦରମା ପାଉଛନ୍ତି ସେମାନଙ୍କୁ ଛଟେଇ କରିବାକୁ ଯୋଜନା କରି ନିଜର ଧଳା ହାତୀ ଙ୍କୁ କୋଟି କୋଟି ଟଙ୍କା ଦେଇ ରଖିଛି I ଓଡିଶାର ଶ୍ରମିକ ମାନଙ୍କୁ ଶୋଷଣ କରି ବାହାରୁ ସହ ସହ ଅଣ ଓଡ଼ିଆଙ୍କୁ ଆଣି କୋଟି କୋଟି ଟଙ୍କା ଦେଇ ରଖୁଛି I ଯେଉଁଠି ସରକାର କହୁଛନ୍ତି ଆମେ ଚାକିରୀ ଦେଉଛୁ ,ସେଇ ଜାଗାରେ ଟାଟା ପାୱାର ଛଟେଇ କରୁଛି I ସେଥିପାଇଁ ଆଜି ଟିପିଏନଓଡିଏଲ ଅଧୀନରେ ଥିବା ୮ଟି ସଂଘକୁ ନେଇ ହେଇଥିବା ଶ୍ରମିକ ଓ କର୍ମଚାରୀ ୟୁନାଇଟେଡ଼ ଫୋରମ ଦ୍ୱାରା ଟାଟା ପାୱାରର ଶ୍ରମିକ ମାରଣା ନୀତି ବିରୋଧରେ ଜୋରଦାର ପ୍ରତିବାଦ କରାଯାଇଅଛି I ଯଦି ଛଟେଇ ଶ୍ରମିକମାନଙ୍କର ଛଟେଇକୁ ଟାଟା ପାୱାର ପ୍ରତ୍ୟାହାର ନ କରେ ଏହି ଆନ୍ଦୋଳନ ଆହୁରି ତୀବ୍ରତର ହେବ ସଂଘ ପକ୍ଷରୁ ସୂଚନା ପ୍ରଦାନ କରିଛି I ଯଦି ଏମିତି କର୍ମଚାରୀ ଛଟେଇ ହୁଅନ୍ତି ତେବେ ସରକାରଙ୍କର ଯୋଉ ଲକ୍ଷ୍ୟ ଅଛି ନିରବଛିନ୍ନ ବିଜୁଳି ଯୋଗାଇଦେବା ତାହା ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ କରିବା ଅସମ୍ଭବ ବୋଲି ସେମାନେ ପ୍ରକାଶ କରିଛନ୍ତି I କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାରୁ ପ୍ରତିନିଧିତ୍ବ କରୁଥିବା ଲୋକଙ୍କ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କୁ ସେମାନେ ଅନୁରୋଧ କରିଛନ୍ତି ଯେ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାର ଶ୍ରମିକଙ୍କ ସ୍ୱାର୍ଥ ସହିତ ଉତ୍ତର ଓଡ଼ିଶାରେ ବିଦ୍ୟୁତ ବଣ୍ଟନ ଦାୟିତ୍ୱରେ ଥିବା ଟାଟା ପାୱାର ଅଧୀନରେ କାର୍ଯ୍ୟ କରୁଥିବା ସମସ୍ତ ଶ୍ରମିକଙ୍କ ବୃହତ ସ୍ୱାର୍ଥକୁ ଦୃଷ୍ଟିରେ ରଖୀ ତୁରନ୍ତ ପଦକ୍ଷେପ ନେଇ ଶ୍ରମିକମାନଙ୍କୁ ନ୍ୟାୟ ପ୍ରଦାନ କରନ୍ତୁ।
(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ସାମ୍ବାଦିକ ସତ୍ୟଜିତ ମିଶ୍ରଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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मैहरामपुर, यमुनानगर l बुधवार को स्वर्गीय चौधरी राम लाल जन कल्याण समिति द्वारा सुमेश चंद्र मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से सुमेश चंद्र मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट हॉस्पिटल जोड़ियों यमुना नगर में मुफ्त 6 मरीजों के आंखों के ऑपरेशन करवाएं, जिसमें सारा खर्च ट्रस्ट द्वारा किया गया हॉस्पिटल के डॉ. राजेश गर्ग (एम एस) की टीम ने ऑपरेशन कर अच्छे गुणवत्ता वाले गारंटी के लैंस डाले समिति के सदस्य अमित मैहरामपुर ने बताया कि 5 मई को उनके पिता वरिष्ठ समाज सेवी स्वर्गीय राम लाल की पुण्य तिथि पर निःशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित किया गया था, जिसमें डॉ इंदु कपूर ऑप्टोमेट्रिक के द्वारा जांच के बाद 13 जरूरतमद मरीजों के आंखों के ऑपरेशन होने तय हुए थे जिसमें से आज बुधवार को कुल 6 मरीजों के ऑपरेशन है हुए जिसमें 5 महिलाएं और 1 पुरुष का ऑपरेशन हुआ बाकी ओर मरीजों के अगले बुधवार को ऑपरेशन होने तय हुए है, अमित ने सभी मरीजों ओर गांव की तरफ से सेवा भारती यमुना नगर ओर डॉ इंदु कपूर ऑप्टोमेट्रिक व सुमेश चंद्र मेमोरियल ट्रस्ट का आभार व्यक्त किया अमित ने कहा कि वह इन सभी समाज सेवी के माध्यम से आगे भी ऐसे ऐसे सेवा कार्य करते रहेंगे जिसमें हर जन का कल्याण हो ताकि वरिष्ठ समाज सेवी स्वर्गीय राम लाल मैहरामपुर को सभी की तरफ से श्रद्धांजिल मिल सके और उनका जन कल्याण वाला सपना पूरा हो सके l

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माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नाम खुला पत्र।
विषय - राजस्व गाँवों के सिहद्दा पत्थरों की जीओ टैगिंग (Geo Tagging) के संबंध में।
माननीय मुख्यमंत्री जी,
भारत एक कृषि प्रधान देश है, किसानों के सर्वाधिक वाद खेतों की मेड़ से सम्बन्धित हैं। खेतों की स्थिति सिहद्दा पत्थरों पर निर्भर करती है। आज के डिजिटल एवं टेक्नोलॉजी के जमाने में सिहद्दा पत्थरों की जीओ टैगिंग से उनकी स्थिति की प्रमाणिकता शतप्रतिशत शुद्ध होगी। सिहद्दा पत्थरों की जीओ टैगिंग से खेतों की बाउंड्री के अक्षांश और देशांतर ज्ञात करके सही माप पूरी शुद्धता और पारदर्शिता से कम समय में की जा सकती है। सिहद्दा पत्थरों की जीओ टैगिंग से किसानों की मेड़ के वाद कम होंगे जिससे राजस्व न्यायालय का बोझ कम होगा।
अतः किसानों के हित में आपसे अनुरोध है कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक राजस्व गाँव के सिहद्दा पत्थरों की जीओ टैगिंग प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक रूप से करायी जाए।

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ବଣୁଆ ହାତୀକୁ ହୋଇରାଣ କରିବା ଅଭିଯୋଗରେ ଆଜି ୬ ଜଣ ସହ ୧୩ ଜଣଙ୍କୁ ଅଟକ।

ପାଟଣା- ୧୩/୦୫, ପାଟଣା ବନାଞ୍ଚଳରେ ବଣୁଆ ହାତୀଙ୍କୁ ଠେଙ୍ଗାରେ ପିଟିବା ଲାଞ୍ଜ ଟାଣିବା ଓ ଡ୍ରୋନ ସାହାଯ୍ୟ ରେ ବଣୁଆ ହାତୀ ଙ୍କ ଭିଡିଓ ଉତୋଳନ କରି ସାମାଜିକ ଗଣ ମାଧ୍ୟମରେ ପ୍ରକାଶ କରିବା ଭଳି ଅପରାଧ କରିବା ଏବଂ ବନ୍ୟପ୍ରାଣୀ ସୁରକ୍ଷା ଆଇନ ର ଧାରା ୯ ଏବଂ ୫୨ ଧାରା ଉଲଂଘନ କରିବା ଅପରାଧ ରେ ଆଜି ୬ ଜଣ ଙ୍କୁ ଅଟକ ରଖିଛି ପାଟଣା ବନ ବିଭାଗ। ସେମାନେ ହେଲେ ଭୁଲୁଦା ଗ୍ରାମ ର ଅଧିକାରୀ ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ପୁଅ ବିଶ୍ୱ ରଞ୍ଜନ ମହାନ୍ତ ( ମାନସ )(୧୬) ପୁଟୁଗାଁ ଗ୍ରାମର ଗୌତମ ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ପୁଅ ରାଜେଶ କୁମାର ମହାନ୍ତ (୧୯) ଖୀରେଇଟାଙ୍ଗିରି ଗ୍ରାମର ବଂଶୀଧର ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ପୁଅ ବୁବୁନ ମହାନ୍ତ(୩୨) ତୋରାଣି ପୋଖରୀ ଗ୍ରାମର ପୁରୁଷୋତ୍ତମ ମହାନ୍ତ ଙ୍କ ପୁଅ ରାଜା ମହାନ୍ତ(୧୬),ମାଣିକ ମୁଣ୍ଡା ଙ୍କ ପୁଅ ମିଥୁନ ମୁଣ୍ଡା(୧୮), କ୍ଷେତ୍ର ମୋହନ ମହାନ୍ତ ପୁଅ ଆଲୋକ ମହାନ୍ତ(୧୯) ବୋଲି ଜଣାପଡିଛି।ପାଟଣା ଅଞ୍ଚଳରେ ହାତୀପଲ ଥିବା ବେଳେ କିଛି ଯୁବକ ହାତୀଙ୍କ ଫୋଟ ଭିଡିଓ ଉତ୍ତୋଳନ କରିବା ଓ ହାତୀପଲଙ୍କୁ ହଇରାଣ କରୁଥିବା ଚିତ୍ର ସାମାଜିକ ଗଣ ମାଧ୍ୟମରେ ଛାଡିଥିବା ବ୍ୟକ୍ତି ଙ୍କୁ ବନ ବିଭାଗ ମିଶନ ମୋଡ଼ରେ ବିଭିନ୍ନ ସ୍ଥାନରେ ଚଢ଼ାଉ କରିଥିଲେ। ମେ 4 ତାରିଖରୁ 12 ତାରିଖ ମଧ୍ୟରେ 13 ଜଣଙ୍କୁ ବନବିଭାଗ ଗିରଫ କରିବାରେ ସଫଳ ହୋଇଛି। ସେମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରୁ 4 ଜଣ ସାବାଳକ ଙ୍କୁ କୋର୍ଟ ଚାଲାଣ କରା ଯାଇଥିବା ବେଳେ 9 ଜଣ ନାବାଳକ ଙ୍କୁ ବାଳ ସୁଧାର ଗୃହରେ ଅଟକ ରଖା ଯାଇଛି ବୋଲି ପାଟଣା ବନପାଳ ନିରଞ୍ଜନ ସେଠୀ ସୂଚନା ଦେଇଛନ୍ତି।ଏଠାରେ ସୂଚନା ଥାଉକି କିଛିଦିନ ହେବ ହାତୀଗ୍ରୁପ କରି ହ୍ଵାଟ୍ସଆପ ରେ ମେସେଜ ଛାଡୁଥିବା ଲୋକଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ କକୁଆ ଭୟ ସୃଷ୍ଟି ହୋଇଛି। ଗ୍ରୁପରୁ ଲେଫ୍ଟ ହେବା ପାଇଁ ପରସ୍ପର କୁ କହୁଥିବା ଏବେ ପାଟଣା ଅଞ୍ଚଳରେ ଚର୍ଚ୍ଚାର ବିଷୟ ହୋଇଛି। ଅଭିଯୁକ୍ତ ମାନଙ୍କ ପାଖରୁ ବନ ବିଭାଗ ଜଙ୍ଗଲୀ ହାତୀଙ୍କ ଭିଡ଼ିଓ ଉତ୍ତୋଳନ କରିଥିବା ମୋବାଇଲ ଫୋନ,ଦ୍ରୋନ କ୍ୟାମେରା ମଧ୍ୟ ଜବତ କରିଛନ୍ତି।
(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ ସାମ୍ବାଦିକ ବିଜୟ ରତ୍ନ ପତିଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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भोपाल, जिसे 'झील नगरी' के नाम से जाना जाता है, अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन एक बढ़ते महानगर के तौर पर यहाँ के नागरिकों को कई बुनियादी समस्याओं और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
यहाँ भोपाल की प्रमुख जनसमस्याओं और विशेष रूप से महिला सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का विवरण दिया गया है:
1. महिला सुरक्षा (Women Safety)
भोपाल में महिला सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय रही है, विशेषकर सार्वजनिक स्थानों और परिवहन के दौरान।
सुनसान इलाके: कोलार, कटारा हिल्स और बाहरी इलाकों में स्ट्रीट लाइट्स की कमी के कारण महिलाओं को असुरक्षा महसूस होती है।
सार्वजनिक परिवहन: सिटी बसों (BCLL) और ऑटो में छेड़खानी की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं। हालांकि 'निर्भया स्क्वॉड' सक्रिय है, लेकिन भीड़-भाड़ वाले इलाकों में और अधिक गश्त की आवश्यकता है।
साइबर स्टॉकिंग: बढ़ते शहरीकरण के साथ डिजिटल स्पेस में महिलाओं के प्रति अपराधों में भी वृद्धि देखी गई है।
2. परिवहन और यातायात (Transport and Traffic)
सड़कों की हालत: मानसून के दौरान सड़कों पर गड्ढे और जलजमाव एक स्थाई समस्या बन जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
अव्यवस्थित पार्किंग: न्यू मार्केट, एमपी नगर और बैरागढ़ जैसे व्यस्त बाजारों में पार्किंग की जगह न होने से यातायात बाधित रहता है।
मेट्रो निर्माण का दबाव: पिछले कुछ वर्षों से मेट्रो प्रोजेक्ट के चलते कई रास्तों पर डायवर्जन और धूल-मिट्टी से नागरिक परेशान हैं।
3. जल प्रबंधन और पर्यावरण (Water and Environment)
झीलों का प्रदूषण: भोपाल की पहचान 'बड़ा तालाब' (Upper Lake) और अन्य झीलों में सीवेज का गिरना और अतिक्रमण एक बड़ी समस्या है।
पेयजल आपूर्ति: नर्मदा प्रोजेक्ट और कोलार डैम के बावजूद, गर्मी के दिनों में पुराने भोपाल और कुछ बाहरी कॉलोनियों में पानी की भारी किल्लत देखी जाती है।
4. स्वास्थ्य और स्वच्छता (Health and Sanitation)
कचरा निपटान: 'स्वच्छ सर्वेक्षण' में अच्छी रैंकिंग के बावजूद, झुग्गी बस्तियों और निचले इलाकों में कचरा प्रबंधन अब भी एक चुनौती है।
अस्पतालों का भार: हमीदिया और जेपी अस्पताल जैसे सरकारी संस्थानों पर मरीजों का भारी दबाव रहता है, जिससे इलाज में देरी की शिकायतें आम हैं।
5. अतिक्रमण (Encroachment)
फुटपाथों और मुख्य सड़कों पर अवैध कब्जों के कारण पैदल चलने वालों को काफी दिक्कत होती है। इससे न केवल ट्रैफिक धीमा होता है, बल्कि अराजकता भी बढ़ती है।
मुख्य बिंदु: भोपाल प्रशासन ने "स्मार्ट सिटी" पहल और महिला हेल्पलाइन (1090) के माध्यम से कई सुधार किए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर बुनियादी ढांचे का रखरखाव और पुलिस की दृश्यता (Visibility) बढ़ाना अभी भी प्राथमिकता होनी चाहिए।

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ଅଟୋ ଓଲଟି ଜଣେ ଗୁରୁତର।

ପାଟଣା-୧୩/୦୫, ପାଟଣା ରୁ ଢେଙ୍କିକୋଟ ଆଡକୁ ଯାଉଥିବା ଏକ ଯାତ୍ରୀବାହୀ ଅଟୋ 220 ନଂ ଜାତୀୟ ରାଜପଥ ର କାଶିଆ ନାଳ ନିକଟରେ ଆଜି ଅପରାହ୍ନରେ ଭାରସାମ୍ୟ ହରାଇ ଦୁର୍ଘଟଣା ଗ୍ରସ୍ତ ହୋଇଥିଲା।ଅଟୋ ଟି ଓଲଟି ପଡିବାରୁ ସେଥିରେ ଥିବା ଜଣେ ଗୁରୁତର ହୋଇଥିବା ବେଳେ ଅନ୍ୟ ଜଣେ ଖଣ୍ଡିଆ ଖାବରା ହୋଇଛନ୍ତି । ଶାଳପଡା ରୁ ଏକ ଅଟୋ ଗାଡ଼ି ଯୋଗେ ପାଟଣା କୁ ଆସିଥିଲେ। ସେଠାରେ କାମ ସାରି ନିଜ ଗାଁ କୁ ଫେରୁଥିବା ସମୟରେ ଅଟୋଟି ଭାରସାମ୍ୟ ହରାଇଥିଲା । ପାଟଣା ପୁଲିସ ଘଟଣା ସ୍ଥଳରେ ପହଞ୍ଚି ଗୁରୁତର ଙ୍କୁ ଉଦ୍ଧାର କରି ପାଟଣା ଡାକ୍ତରଖାନାରେ ଭର୍ତ୍ତି କରିଛି।ଗୁରୁତର ଜଣକ ଘଷିପୁରା ଥାନା ଶାଳାପଡା ଗ୍ରାମର ନେପାଳି ନାଏକଙ୍କ ପୁଅ ଚନ୍ଦନ ନାଏକ(୩୫)ବୋଲି ଜଣାପଡିଛି।ଶାଳପଡା ରୁ ଏକ ଯାତ୍ରୀବାହୀ ଅଟୋ ଗାଡ଼ି ଯୋଗେ ପାଟଣା କୁ ଆସିଥିଲେ। ସେଠାରେ କାମ ସାରି ନିଜ ଗାଁ କୁ ଫେରୁଥିବା ସମୟରେ ଅଟୋଟି ଭାରସାମ୍ୟ ହରାଇଥିଲା।
(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ସାମ୍ବାଦିକ ବିଜୟ ରତ୍ନ ପତିଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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ବାହାଘର ଯାଇଥିବା କାର ଦୁର୍ଘଟଣା ଗ୍ରସ୍ତ।

ପାଟଣା :୧୩/୦୫, ଆଜି ଭୋର ସମୟ ରେ ଏକ କାର ଦୁର୍ଘଟଣା ଗ୍ରସ୍ତ ହୋଇ ଥିବା ଜାଣିବାକୁ ମିଳିଛି । ଓ ଡ଼ି ୦୨ଡ଼ି ଏଚ ୯୮୪୫ ନମ୍ବର ୱାଗନର କାର ଟି ମୟୁରଭଞ୍ଜ ଜିଲ୍ଲା ଶୁକୃଳି ଗ୍ରାମରୁ ବର ଯାତ୍ରୀ ଭାବେ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ସାହାରପଡା ବ୍ଲକ ର ଲଷ୍ମୀପସି ଗ୍ରାମ କୁ ଯାଇଥିଲେ l ଭୋର ସମୟରେ ଶୁକୃଳି ଅଭିମୁଖେ ଜାତୀୟ ରାଜପଥ ୨୨୦ ନଂ ରେ ଫେରୁଥିବା ବେଳେ ବଡ଼ବିଲ ଗାଁ ରାଜପଥ କଡ ରେ ଲାଗିଥିବା ଷ୍ଟ୍ରୀଟ ଲାଇଟ ଖୁଣ୍ଟ କୁ ଧକ୍କା ଦେଇ ରାସ୍ତା ରୁ କଡ଼କୁ ଚାଲିଯାଇଥିଲା ଡ୍ରାଇଭର ପାଖ ଡୋର ଟି ଭାଙ୍ଗି ଯାଇଛି l ଷ୍ଟ୍ରୀଟ ଲାଇଟ ଖୁଣ୍ଟ ଟି ଉପୁଡି ତଳେ ପଡି ଯାଇଥିବା ବେଳେ ଆମ୍ବୁଲାନ୍ସ ଯୋଗେ ଆହତ ମାନଙ୍କୁ କରଞ୍ଜିଆ ଉପଖଣ୍ଡ ଡାକ୍ତରଖାନା କୁ ନିଆ ଯାଇଥିଲା । ଆହତ ମାନଙ୍କ ବିଶେଷ କ୍ଷତି ହୋଇ ନ ଥିବାରୁ ସମସ୍ତ ଆହତ ଙ୍କୁ ପ୍ରାଥମିକ ଚିକିତ୍ସା ପରେ ଛାଡି ଦିଆଯାଇଛି l ସାହାରପଡା ଫାଣ୍ଡି ର ଏ ଏସ ଆଇ ପଞ୍ଚମୀ ମହାନ୍ତ ଓ ଜଣେ କନେଷ୍ଟବଳ ଖବର ପାଇ ଘଟଣା ସ୍ଥଳରେ ପହଂଚି ଥିଲେ l କେହି ଅଭଯୋଗ କରି ନ ଥିବାରୁ କେସ ବୁକ ହୋଇ ନ ଥିବା ଏ ଏସ ଆଇ ଜଣାଇଛନ୍ତି।
(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ ସାମ୍ବାଦିକ ବିଜୟ ରତ୍ନ ପତିଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ

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କେନ୍ଦୁଝର ଆମ୍ ଆଦମୀ ପାର୍ଟିର ବୈଠକ, ସଞ୍ଜୟ ସିଂହଙ୍କୁ ସ୍ୱାଗତ କରିବାକୁ ପ୍ରସ୍ତୁତି।

କେନ୍ଦୁଝର,ତା୧୩/୦୫- କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲା ଆମ୍ ଆଦମୀ ପାର୍ଟିର ସାଂଗଠନିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ ଜିଲ୍ଲା ସଭାପତି ପ୍ରେମାନନ୍ଦ ସିଂହ, ଉପସଭାପତି ଜୟନୁଲ ଆବେଦିନ, ବରିଷ୍ଠ ସଦସ୍ୟ ସୁଧୀର କୁମାର ମହାନ୍ତ, ଅଫିସ ସମ୍ପାଦକ ସନ୍ତୋଷ କୁମାର ବାରିକ, ତେଲକୋଇ ବ୍ଲକ କାର୍ଯ୍ୟକର୍ତ୍ତା ସଂଯୋଜକ ହୃଦାନନ୍ଦ ପାତ୍ର, ନୀଳମଣି ପାତ୍ର, ଟୁନା ମୁଣ୍ଡା ବରିଷ୍ଠ ସଦସ୍ୟ ଅଭିମନ୍ୟୁ ମହାନ୍ତ ଓ ବିଭିନ୍ନ ପଞ୍ଚାୟତରୁ ଆସିଥିବା ପ୍ରତିନିଧି ଗହଣରେ ଆଗାମୀ ସଂଗଠନ କିପରି ସୃଦୃଢ଼ କରାଯିବ ଆଲୋଚନା ହୋଇଥିଲା। ଏଥିସହ ପଞ୍ଚାୟତ କମିଟି ଗଠନ କରି ପ୍ରାର୍ଥୀ ଚୟନ କରି ନିର୍ବାଚନ ଲଢ଼ିବାକୁ ଜିଲ୍ଲା ସଭାପତି ଆହ୍ବାନ କରିଥିଲେ। ପୁନର୍ବାର ଓଡିଶାକୁ ଆସୁଥିବା ସାଂଗଠନିକ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ପାଇଁ ୨୪ ତାରିଖରେ ଯୋଗଦାନ କରି ରାଜ୍ୟ ପ୍ରଭାରୀ ଶ୍ରୀ ବିରେନ୍ଦ୍ର ସିଂହ କାର୍ଡିଆନ ଓ ରାଜ୍ୟସଭା ସଦସ୍ୟ ସଞ୍ଜୟ ସିଂହଙ୍କ ଉଦବୋଧନ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମରେ କେନ୍ଦୁଝର ଜିଲ୍ଲାର ପ୍ରତ୍ୟେକ ନିର୍ବାଚନ ମଣ୍ଡଳୀରୁ ଅଧିକରୁ ଅଧିକ କାର୍ଯ୍ୟକର୍ତ୍ତା ମାନଙ୍କୁ ଯୋଗଦାନ ଦେବାକୁ ଅନୁରୋଧ କରାଯାଇଥିଲା।
(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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ଗୋ ସମ୍ମାନ ଆହ୍ବାନ ଅଭିଯାନର କାର୍ଯ୍ୟକାରିଣୀ ବୈଠକ।

କେନ୍ଦୁଝର, ତା୧୩/୦୫- କେନ୍ଦୁଝର ମାଇନିଂରୋଡ଼ ସ୍ଥିତ ଗାୟତ୍ରୀ ଶକ୍ତି ପୀଠରେ ଗୋ ସମ୍ମାନ ଆହ୍ବାନ ଅଭିଯାନର ଜିଲ୍ଳା ପ୍ରମୁଖ ଶ୍ରୀମତୀ ମୋନାଲିସା ଦାଶଙ୍କ ତତ୍ତ୍ୱାଧାନରେ ଏକ ବୈଠକ ହୋଇଥିଲା। ଉକ୍ତ ବୈଠକର ମୁଖ୍ୟ ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟ ଗୋମାତାଙ୍କୁ ରାଷ୍ଟ୍ରମାତାର ସମ୍ମାନ ଦିଆଯିବା ସହ ଗୋ ହତ୍ୟା ବନ୍ଦ ଆଇନ୍ ଅଣାଯାଉ। ଏହି ପରିପରେକ୍ଷୀରେ ଆଗାମୀ ଜୁଲାଇ ୨୭ ତାରିଖରେ ପୁଣିଥରେ କଲେକ୍ଟରଙ୍କୁ ପ୍ରାର୍ଥନା ପତ୍ର ଦିଆଯିବା ସହ ଅଧିକରୁ ଅଧିକ ଲୋକଙ୍କୁ ଏହି ଅଭିଯାନରେ ସାମିଲ୍ କରି ସଚେତନ କରିବା ପାଇଁ ବୈଠକରେ ଆଲୋଚନା କରାଯାଇ ଏକ ୨୧ ଜଣ ବିଶିଷ୍ଟ ଜିଲ୍ଳା ସମିତି ଗଠନ କରାଗଲା। ଏହି ବୈଠକରେ ବ୍ରାହ୍ମଣ ସମାଜ, କାମଧେନୁ ଗୋସେବା ଟ୍ରଷ୍ଟ, ବିଶ୍ୱ ହିନ୍ଦୁ ପରିଷଦ, ଆର.ଏସ.ଏସ. , ଗାୟତ୍ରୀ ପରିବାର, ହ୍ୟୁମାନ ରାଇଟ୍ସ, ସିନିୟର ସିଟିଜେନ୍ ଫୋରମ୍, ମାରୁଆଡ଼ି ସମାଜ, ଗୁଜରାଟୀ ସମାଜ, ଭୁୟାଁ ସାଂସ୍କୃତିକ ସମାଜର ଅନେକ ବୁଦ୍ଧିଜୀବୀ ଏବଂ ସମାଜସେବୀ ଅଂଶଗ୍ରହଣ କରିଥିଲେ। ସର୍ବଶେଷରେ ଏହି ସେବା କାର୍ଯ୍ୟକୁ ସଫଳ କରିବା ପାଇଁ ସମସ୍ତ ସଦସ୍ୟ ସଂକଳ୍ପ ନେଇଥିଲେ।
(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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କାଶିବେଡା ଗ୍ରାମରେ ଜମୁଛି ଅଖଣ୍ଡ ଚବିଶପ୍ରହର ନାମଯଜ୍ଞ।

କେନ୍ଦୁଝର, ତା୧୩/୦୫- ଘଟଗାଁ ବ୍ଲକ ଢେଙ୍କିକୋଟ ନିକଟବର୍ତ୍ତୀ କାଶିବେଡା ଗ୍ରାମରେ ଜମୁଛି ୨୭ତମ ଅଖଣ୍ଡ ଚବିଶପ୍ରହର ନାମଯଜ୍ଞ। ଗତ ୧୧ତାରିଖ ଠାରୁ ନାମଯଜ୍ଞ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଯାଇଛି। ରାମନାମ କୃଷ୍ଣନାମ ଗାନରେ ଯଜ୍ଞସ୍ଥଳ ଭକ୍ତିମୟ,ଭାବମୟ ହୋଇଉଠୁଛି। ଆଖପାଖରେ ଶହଶହ ଶ୍ରଦ୍ଧାଳୁ ଭକ୍ତମାନେ ଆସି ପ୍ରଭୁ ନିତାଇଗୌରଙ୍କୁ ଦର୍ଶନକରି ନାମ ଶ୍ରବଣକରି ନିଜକୁ ଧନ୍ୟ ମନେକରୁଛନ୍ତି। ସଙ୍କୀର୍ତ୍ତନ ଦଳ ଗୁଡିକ ମଧ୍ୟରେ ରାଇଡିହା,ଅର୍ଶଳା,ଡିମ୍ବୋ,ଘୁଟୁରୁ ଓ ସ୍ଥାନୀୟ କାଶିବେଡା ଦଳ ରାମନାମ କୃଷ୍ଣନାମ ଗାନ କରୁଛନ୍ତି। ଗ୍ରାମର ଡମ୍ବରୁଧର ମାନସିଂ, ମହେଶ୍ବର ନାୟକ, ବେଣୁଧର ନାୟକ, ଚିନ୍ତାମଣି ନାୟକ, କୃଷ୍ଣଚନ୍ଦ୍ର ନାୟକ ପ୍ରମୁଖ ସହଯୋଗ କରୁଛନ୍ତି। କର୍ତ୍ତା ଭାବେ ପୁରେନ୍ଦ୍ର ନାୟକ ଦାୟୀତ୍ଵ ତୁଲାଉଛନ୍ତି।
(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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ಔರಾದ್: ಎಸ್‌ಐಆರ್ ಹಾಗೂ ಇವಿಎಂ ರದ್ದುಪಡಿಸುವ ಕುರಿತು ಸಾಮಾಜಿಕ ಕಾರ್ಯಕರ್ತ ಗೋಪಾಲ್ ಸಿಂಗ್ ಠಾಕೂರ್ ಕೈಗೊಂಡ ಏಕಾಂಗಿ ಉಪವಾಸ ಸತ್ಯಾಗ್ರಹಕ್ಕೆ ಬೀದರ್ ಜಿಲ್ಲಾ ಎಸ್‌ಐಆರ್ ವಿರೋಧಿ ಜನಾಂದೋಲನ ಸಮಿತಿಯ ಸದಸ್ಯರು ಬುಧವಾರ ಭೇಟಿ ನೀಡಿ ಬೆಂಬಲ ವ್ಯಕ್ತಪಡಿಸಿದರು.

ಸಮಿತಿಯ ಪ್ರಮುಖರು ಪ್ರಜಾಪ್ರಭುತ್ವ ಮತ್ತು ಮತದಾರರ ಹಕ್ಕುಗಳ ರಕ್ಷಣೆಯನ್ನು ಒತ್ತಿಹೇಳಿ, ಎಸ್‌ಐಆರ್ ಹಾಗೂ ಇವಿಎಂ ವಿರುದ್ಧ ಜನರಲ್ಲಿ ಜಾಗೃತಿ ಮೂಡಿಸುವ ಉದ್ದೇಶದಿಂದ ಔರಾದ್‌ನಲ್ಲಿ ಶೀಘ್ರದಲ್ಲೇ ಸಮಾವೇಶ ಆಯೋಜಿಸುವುದಾಗಿ ತಿಳಿಸಿದರು. ಸತ್ಯಾಗ್ರಹ ನಡೆಸುತ್ತಿರುವ ಗೋಪಾಲ್ ಸಿಂಗ್ ಠಾಕೂರ್ ಅವರು, ಎಸ್‌ಐಆರ್ ಮತದಾರರ ಹಕ್ಕನ್ನು ಕಸಿದುಕೊಳ್ಳುತ್ತಿರುವ ಸಂವಿಧಾನ ವಿರೋಧಿ ಪ್ರಕ್ರಿಯೆಯಾಗಿದ್ದು, ಇದರಿಂದ ಲಕ್ಷಾಂತರ ಮತದಾರರು ತಮ್ಮ ಹಕ್ಕು ಕಳೆದುಕೊಂಡಿದ್ದಾರೆ ಎಂದು ಆರೋಪಿಸಿದರು.

ಗೋಪಾಲ್ ಸಿಂಗ್ ಠಾಕೂರ್ ಉಪವಾಸ ಸತ್ಯಾಗ್ರಹದ 11ನೇ ದಿನವನ್ನು ಪೂರ್ಣಗೊಳಿಸಿದ್ದು, ಮುಂದಿನ 21 ದಿನಗಳವರೆಗೆ ಈ ಹೋರಾಟವನ್ನು ಮುಂದುವರಿಸುವುದಾಗಿ ತಿಳಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಸಮಿತಿಯ ಪ್ರಮುಖರಾದ ಅಬ್ದುಲ್ ಮನ್ನಾನ್ ಸೇಠ್, ಓಂಪ್ರಕಾಶ್ ರೊಟ್ಟೆ, ನಿಜಾಮೊದ್ದೀನ್, ಡಾ. ಮಕ್ಸೂದ್ ಚಂದಾ, ಬಂಟಿ ದರ್ಬಾರೆ, ರಾಹುಲ್ ಖಂದಾರೆ, ಡಾ. ಫಯಾಜ್, ಸಂತೋಷ್ ಸೂರ್ಯವಂಶಿ, ಸಂತೋಷ ಸಿಂಧೆ, ದಿನೇಶ್, ಅಮೀರೋದ್ದೀನ್ ಮತ್ತು ಇತರೆ ಅನೇಕರು ಈ ಪ್ರತಿಭಟನಾ ಸ್ಥಳಕ್ಕೆ ಭೇಟಿ ನೀಡಿ ಸತ್ಯಾಗ್ರಹಕ್ಕೆ ಐಕ್ಯತೆ ಸೂಚಿಸಿದರು.

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ଢେଙ୍କିକୋଟ ଲ୍ୟାମ୍ପରେ ଦୁଗ୍ଧ ସଂଗ୍ରହ କେନ୍ଦ୍ର ଉଦଘାଟିତ।

କେନ୍ଦୁଝର,ତା୧୩/୦୫- ଘଟଗାଁ ବ୍ଲକ ଢେଙ୍କିକୋଟ ଠାରେ ଥିବା ଲ୍ୟାମ୍ପରେ ସମବାୟ ବିଭାଗ ତରଫରୁ ଆଜି ନୂତନଭାବେ ଦୁଗ୍ଧ ସଂଗ୍ରହ କେନ୍ଦ୍ର ଖୋଲିଛି। ପ୍ରଥମେ ଏକ ମାହେନ୍ଦ୍ର ବେଳାରେ ପୂଜାପାଠ କରାଯାଇ ପରେ ଉଦ୍ଘାଟନ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଥିଲା।ଏହି ଅବସରରେ ଜିଲ୍ଲା ସମବାୟ ବିଭାଗର ଉପ ନିବନ୍ଧକ ପର୍ଶୁରାମ ପାତ୍ର ଫିତାକାଟି ଉଦଘାଟନ କରିଥିଲେ। ତାଙ୍କ ସହିତ ସମବାୟ ବିଭାଗର ଇନ୍ସପେକ୍ଟର ସୀମାଶ୍ରୀ ଜେନା ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ। ଢେଙ୍କିକୋଟ ଲ୍ୟାମ୍ପର ମୁଖ୍ୟ ପରିଚାଳକ କେଶବ ବାରିକଙ୍କ ତତ୍ତ୍ଵାବଧାନରେ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଥିଲା। ଲ୍ୟାମ୍ପର ଡାଇରେକ୍ଟର ମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ଏମଡି ତାହିର,ସେକ୍ ମୋବିନ, ସନ୍ତୋଷ କୁମାର ବେହେରା, ପାଣ୍ଡବ ଚାତମା, ପ୍ରଫୁଲ୍ଲ ମହାନ୍ତ, ବନମାଳୀ ନାୟକଙ୍କ ସମେତ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ କର୍ମଚାରୀ ମାନେ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ। ଆଜି ଆଖପାଖର ଲୋକମାନେ ଦୁଗ୍ଧ ଆଣି ଲ୍ୟାମ୍ପରେ ଦେଇଥିଲେ। ଦୁଗ୍ଧ ସବୁ ମପାଯାଇ ପରୀକ୍ଷା କରାଯାଇଥିଲା। ପ୍ରକୃତରେ କେତେ ପରିମାଣର ପାଣି ମିଶିଛି ଓ ପ୍ରକୃତ ଦୁଗ୍ଧ କି ନୁହଁ ଜଣାପଡ଼ିଥିଲା। ତେବେ ଆଜି ଲ୍ୟାମ୍ପରେ ଦୁଗ୍ଧ ସଂଗ୍ରହ କେନ୍ଦ୍ର ଖୋଲିବାରୁ ଦୁଗ୍ଧ ବିକ୍ରି କରୁଥିବା ଲୋକଙ୍କ ମନରେ ଖୁସିର ଲହରୀ ଖେଳିଯାଇଛି। ସେମାନେ ବୁଲିବୁଲି ଏଣେତେଣେ ଦୁଗ୍ଧ ବିକୁଥିଲେ ଦରକାର ହେଲେ ବାକିରେ ଦେଉଥିଲେ। ଦୁଗ୍ଧ ବି ଅନେକ ସମୟରେ ନଷ୍ଟ ହେଉଥିଲା। ସେ ସମସ୍ୟାରୁ କ୍ଷୀର ବେପାରୀ ମାନେ ଏବେ ମୁକ୍ତି ପାଇଛନ୍ତି।ଯେତେସବୁ କ୍ଷୀର କିଣା ହେଉଛି ସବୁ ଶାଳପଡ଼ା ଠାରେ ଥିବା ଦୁଗ୍ଧ ଉତ୍ପାଦନ କେନ୍ଦ୍ରକୁ ଯିବ ବୋଲି ଜଣାଯାଇଛି।
(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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AIMA న్యూస్ నంద్యాల జిల్లా.. ఆళ్లగడ్డ పట్టణ మరియు మండల పరిధిలోని ప్రజల సమస్యల పరిష్కారమే ధ్యేయంగా, రేపటినుండి ప్రతి శుక్రవారం( నాలుగు వారాలు) ఆళ్లగడ్డ పట్టణంలోని మహాలక్ష్మి ఫంక్షన్ హాల్ నందు ఉదయం 9 గంటల నుండి సాయంత్రం వరకు నిర్వహించే గ్రీవెన్స్ కార్యక్రమానికి అధికార యంత్రాంగం సర్వం సిద్ధం చేసింది. ఈ కార్యక్రమానికి నంద్యాల జిల్లా కలెక్టర్ రాజకుమారి గణియా స్వయంగా హాజరుకానుండటంతో ప్రాధాన్యత సంతరించుకుంది. గురువారం స్థానిక మున్సిపల్ కార్యాలయంలో మున్సిపల్ కమిషనర్ కిషోర్,ఎమ్మార్వో జ్యోతి రత్నకుమారి,ఎంపీడీవో షేక్ నూర్జాన్ సంయుక్తంగా విలేకరుల సమావేశం నిర్వహించారు.ఈ సందర్భంగా వారు మాట్లాడుతూ. గతంలో జిల్లా కేంద్రానికి వెళ్లి తమ సమస్యలు చెప్పుకోలేని వారు, ఇప్పుడు తమ నియోజకవర్గ కేంద్రంలోనే నేరుగా కలెక్టర్ దృష్టికి తీసుకు రావచ్చని తెలిపారు. పట్టణంలోని డ్రైనేజీ, తాగునీరు, పారిశుధ్యం వంటి మున్సిపల్ సమస్యలతో పాటు. గ్రామీణ ప్రాంతాల్లోని భూ వివాదాలు, పట్టాదారు పాస్ పుస్తకాలు, ఉపాధి హామీ పథకం మరియు సంక్షేమ పథకాలకు సంబంధించిన పెండింగ్ దరఖాస్తులపై ఈ గ్రీవెన్స్లో ప్రత్యేక దృష్టి సారిస్తామని వెల్లడించారు.
జిల్లా కలెక్టర్ రాక నేపథ్యంలో సాధ్యమైనంత వరకు అర్జీలను అక్కడికక్కడే పరిష్కరించేలా చర్యలు తీసుకుంటామని, సాంకేతిక కారణాలతో పెండింగ్లో ఉన్న వాటికి నిర్ణీత కాలపరిమితిని నిర్ణయించి పరిష్కరిస్తామని హామీ ఇచ్చారు.వేసవి తీవ్రతను దృష్టిలో ఉంచుకుని గ్రీవెన్స్కు వచ్చే ప్రజల కోసం ప్రత్యేక షామియానాలు, తాగునీటి సదుపాయం కల్పించినట్లు అధికారులు తెలిపారు. దరఖాస్తుదారులు తమ సమస్యకు సంబంధించిన పత్రాలతో పాటు ఆధార్ కార్డు జిరాక్స్ ప్రతిని తప్పనిసరిగా వెంట తీసుకురావాలని సూచించారు.
ప్రభుత్వ యంత్రాంగం నేరుగా ప్రజల వద్దకే వస్తున్నందున, సమస్యల పరిష్కారం కోసం ఎవరూ మధ్యవర్తులను ఆశ్రయించి మోసపోవద్దని అధికారులు స్పష్టం చేశారు. ఈ అవకాశాన్ని ఆళ్లగడ్డ నియోజకవర్గ ప్రజలందరూ సద్వినియోగం చేసుకోవాలని కోరారు.

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ଛାତ୍ର ଓ ଯୁବ ଗୋଷ୍ଠୀଙ୍କ ଗହଣରେ "ଗାନ୍ଧୀକଥା"।

କେନ୍ଦୁଝର,ତା୧୩/୦୫- ଓଡ଼ିଶା ଗାନ୍ଧୀ ବିଚାର ପରିଷଦ, କେନ୍ଦୁଝର ଡେଭଲପମେଣ୍ଟ ଟ୍ରଷ୍ଟ ଓ ଧରଣୀଧର ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ଜାତୀୟ ସେବା ଯୋଜନାର ମିଳିତ ସହଯୋଗ "ଗାନ୍ଧୀକଥା" କେନ୍ଦୁଝରଗଡ଼ ଠାରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି। ଓଡିଶା ଗାନ୍ଧୀ ବିଚାର ପରିଷଦର ଅଧକ୍ଷ ଶ୍ରୀ ଭକ୍ତ ବତ୍ସଳ ମହାନ୍ତି କହିଲେ ବିଶ୍ୱରେ ଭାରତବର୍ଷରେ ଓ ଓଡିଶାରେ ଶାନ୍ତି, ମୈତ୍ରୀ, ସଦ୍ଭାବନା,ସଂହତି ଓ ଭାତୃଭାବ ପ୍ରତିଷ୍ଠା କରିବା ପାଇଁ ଗାନ୍ଧୀକଥାର ଚର୍ଚ୍ଚା କରାଯାଉଛି। ଯୁବଗୋଷ୍ଠୀ ମାନଙ୍କୁ ଅହିଂସା ମାର୍ଗରେ ଯାଇ ଶାନ୍ତି ବଜାୟ ରଖିବାକୁ ଆହ୍ୱାନ ଦେଇଛନ୍ତି। ମୁଖ୍ୟ ଅତିଥି ଭାବେ ଧରଣୀଧର ବିଶ୍ୱବିଦ୍ୟାଳୟ ଜାତୀୟ ସେବା ଯୋଜନାର ପୋଗ୍ରାମ ଅଫିସର ଶ୍ରୀ ଦିନେଶ କୁମାର ମହାରଣା, ମୁଖ୍ୟବକ୍ତାଭାବେ କେଡ଼ି ଟ୍ରଷ୍ଟର ଡକ୍ଟର ବିମ୍ବାଧର ବେହେରା,ସମ୍ମାନୀୟ ଅତିଥି ଭାବେ ଓଡିଶା ଗାନ୍ଧୀ ବିଚାର ପରିଷଦ ଉପାଧ୍ୟକ୍ଷ ଶ୍ରୀ କର୍ଣ୍ଣାଟ କିଶୋର ଜେନା ପ୍ରମୁଖ କହିଲେ ବର୍ତ୍ତମାନର ଯୁବ ଗୋଷ୍ଠୀ ବେଳେ ବେଳେ ଅତି ନିଷ୍ଠୁର,ବର୍ବରତା ରାସ୍ତା ଯିବାରୁ ଭୟଙ୍କର ପରିସ୍ଥିତି ସୃଷ୍ଟି ହେଉଛି। ହିଂସା ଯୋଗୁଁ ଅକାଳରେ ରାଷ୍ଟ୍ରର ଭବିଷ୍ୟତ ଯୁବକ ମାନଙ୍କର ଜୀବନ ଦୀପ ଲିଭି ଯାଉଛି। ବର୍ତ୍ତମାନ ଓଡିଶାରେ ବିଭିନ୍ନ ସ୍ଥାନରେ ନିର୍ଦ୍ଦିଷ୍ଟ ଯୁବଗୋଷ୍ଠୀ ମାନେ ହିଂସା ସୃଷ୍ଟି କରୁଛନ୍ତି। ଯୁବ ଗୋଷ୍ଠୀ ଓ ଛାତ୍ର ସମାଜକୁ ଅହିଂସା ମାର୍ଗରେ ଯିବା ପାଇଁ ଅତିଥିମାନେ ବିନମ୍ର ନିବେଦନ କରିଛନ୍ତି। ଓଡିଶାରେ ଶାନ୍ତି, ସଂହତି,ମୈତ୍ରୀ,ସଦ୍ଭାବନା ଓ ଭାଇଚାରା ପ୍ରତିଷ୍ଠା ପାଇଁ ଯୁବ ସମାଜ ଗୁରତ୍ୱପୁର୍ଣ ଭୂମିକା ରହିଛି ବୋଲି ସେମାନେ ବକ୍ତବ୍ୟ ରଖିଥିଲେ। ଗାନ୍ଧୀ ସାହିତ୍ୟ ପଢିବାକୁ ପରାମର୍ଶ ଦେଇଛନ୍ତି। ଶେଷରେ ଗାନ୍ଧୀଙ୍କ ପ୍ରିୟ ଧୂନ "ରଘୁପତି ରାଘବ ରାଜାରାମ" ଗାନ କରାଯାଇଥିଲା ଏବଂ ଓଡିଶା ଗାନ୍ଧୀ ବିଚାର ପରିଷଦର ଗାନ୍ଧୀ ସାହିତ୍ୟ ବଣ୍ଟନ କରାଯାଇଥିଲା।
(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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କେନ୍ଦୁଝରରେ ବିଭିନ୍ନ ବିକାଶମୂଳକ ପ୍ରକଳ୍ପର ସମୀକ୍ଷା କଲେ ଉପମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀମତୀ ପ୍ରଭାତୀ ପରିଡ଼ା

କେନ୍ଦୁଝର, ମେ ୧୩: ଓଡ଼ିଶାର ମାନ୍ୟବର ଉପମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀମତୀ ପ୍ରଭାତୀ ପରିଡ଼ା ନିଜ କେନ୍ଦୁଝର ଗସ୍ତ ଅବସରରେ ଜିଲ୍ଲାପାଳଙ୍କ କାର୍ଯ୍ୟାଳୟ ସ୍ଥିତ ଦରବାର ହଲ୍ଠାରେ ଜିଲ୍ଲାରେ ଚାଲୁ ରହିଥିବା ବିକାଶମୂଳକ ପ୍ରକଳ୍ପ ଏବଂ ଜନକଲ୍ୟାଣକାରୀ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମଗୁଡ଼ିକର ଅଗ୍ରଗତି ସମୀକ୍ଷା କରିଛନ୍ତି।
ଏହି ସମୀକ୍ଷା ବୈଠକରେ ଅନ୍ୟମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ମାନ୍ୟବର ସାଂସଦ ଅନନ୍ତ ନାୟକ, ମାନ୍ୟବର ଜିଲ୍ଲା ଯୋଜନା କମିଟି ଅଧ୍ୟକ୍ଷ ତଥା ତେଲକୋଇ ବିଧାୟକ ଡାକ୍ତର ଫକୀର ମୋହନ ନାଏକ, ଜିଲ୍ଲାପାଳ ଵିଶାଲ ସିଂହ, ଅତିରିକ୍ତ ଜିଲ୍ଲାପାଳ ମନ୍ଦରଧର ମହାଳିକ, ରବୀନ୍ଦ୍ର କୁମାର ପ୍ରଧାନ, ଜିଲ୍ଲା ପରିଷଦର ମୁଖ୍ୟ ଉନ୍ନୟନ ଅଧିକାରୀ ତଥା ନିର୍ବାହୀ ଅଧିକାରୀ କୁମାର ନାଗଭୂଷଣ ଉପସ୍ଥିତ ଥିଲେ।

ମାନ୍ୟବର ଉପମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀମତୀ ପରିଡ଼ା ଜିଲ୍ଲାର ଅଙ୍ଗନବାଡ଼ି କେନ୍ଦ୍ରଗୁଡ଼ିକର ନିଜସ୍ୱ କୋଠା ନିର୍ମାଣ, ପାନୀୟ ଜଳ, ବିଦ୍ୟୁତ ସଂଯୋଗ ଏବଂ ଶୌଚାଳୟ ଭଳି ଭିତ୍ତିଭୂମିର ସ୍ଥିତି ପଚାରି ବୁଝିଥିଲେ।

ଫେସ୍ ରେକଗ୍ନିସନ ସିଷ୍ଟମ ମାଧ୍ୟମରେ ବଣ୍ଟନ, ଶିଶୁ ପୋଷଣ ନିରୀକ୍ଷଣ ଏବଂ ସୁଭଦ୍ରା ଯୋଜନାର ସଫଳ କାର୍ଯ୍ୟକାରିତା ସହ ଆବେଦନଗୁଡ଼ିକର କ୍ଷେତ୍ର ଭିତ୍ତିକ ସତ୍ୟାପନର ସମୀକ୍ଷା କରାଯାଇଥିଲା।

ମିଶନ ଶକ୍ତି, ସାମର୍ଥ୍ୟ, ଶକ୍ତି ସଦନ ଏବଂ ପାଳନା କ୍ରେଚ୍ ସେବା ସହ ଜିଲ୍ଲାକୁ ବାଲ୍ୟ ବିବାହ ମୁକ୍ତ କରିବା ପାଇଁ ଚାଲୁଥିବା ସଚେତନତା ଅଭିଯାନ ଉପରେ ଆଲୋଚନା କରାଯଇଥିଲା ଏବଂ ଏ ସମ୍ବନ୍ଧିତ ସମସ୍ତ କାର୍ଯ୍ୟ ଗୁଡିକର ସ୍ଥିତି ସମୀକ୍ଷା କରାଯାଇଥିଲା।

ଜିଲ୍ଲା ଖଣିଜ ପ୍ରତିଷ୍ଠାନ ପାଣ୍ଠିରେ ଚାଲୁଥିବା ମହିଳା ଓ ଶିଶୁ ବିକାଶ ପ୍ରକଳ୍ପ ଏବଂ ଶିଶୁ ଯତ୍ନ ଅନୁଷ୍ଠାନରେ ଥିବା ପିଲାମାନଙ୍କର ପୁନର୍ବାସ ଓ ଶିକ୍ଷାଗତ ସହାୟତାର ସମୀକ୍ଷା କରାଯାଇଥିଲା।

ମା ତାରିଣୀ ମନ୍ଦିର, ସାନଘାଗରା, ବଡ଼ଘାଗରା ଏବଂ ଖଣ୍ଡାଧାର ଭଳି ପ୍ରମୁଖ ପର୍ଯ୍ୟଟନ ସ୍ଥଳୀଗୁଡ଼ିକରେ ପାର୍କିଂ, ଚାଲିବା ରାସ୍ତା, ଶୌଚାଳୟ ଓ ସୌନ୍ଦର୍ଯ୍ୟକରଣ କାର୍ଯ୍ୟର ସ୍ଥିତି ପରଖାଯାଇଛି।

ଏଥିସହିତ ସମସ୍ତ ବିକାଶମୂଳକ କାର୍ଯ୍ୟକୁ ସମୟସୀମା ମଧ୍ୟରେ ଶେଷ କରିବା ସହ ହିତାଧିକାରୀଙ୍କୁ ସଠିକ୍ ସେବା ପ୍ରଦାନ ପାଇଁ ନିୟମିତ ଅନୁଧ୍ୟାନ କରିବାକୁ ଅଧିକାରୀମାନଙ୍କୁ ଶ୍ରୀମତୀ ପରିଡ଼ା ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଦେଇଥିଲେ ।
(ଖଣ୍ଡାଧାର ନିଉଜ- ବରିଷ୍ଠ ସାମ୍ବାଦିକ ଦିଲ୍ଲିପ କୁମାର ସାହୁଙ୍କ ରିପୋର୍ଟ)

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सह्याद्री अतिथीगृह येथे आयोजित सिंहस्थ कुंभमेळा लोगो डिझाईन स्पर्धेतील राष्ट्रीय स्तरावरील विजेत्यांचा गौरव करण्यात आला.
पाचोरा प्रतिनिधी
(जिल्हाध्यक्ष किरण अशोक सुर्यवंशी)दि १३ में २०२६
मुख्यमंत्री श्री. देवेंद्रजी फडणवीस, उपमुख्यमंत्री श्री. एकनाथजी शिंदे आणि उपमुख्यमंत्री श्रीमती सुनेत्राताई पवार यांच्या प्रमुख उपस्थितीत आज मुंबईतील सह्याद्री अतिथीगृह येथे आयोजित सिंहस्थ कुंभमेळा लोगो डिझाईन स्पर्धेतील राष्ट्रीय स्तरावरील विजेत्यांचा गौरव केला.

नाशिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभमेळा प्राधिकरण, MyGov India आणि AAAI/ADI यांच्या संयुक्त विद्यमाने ही स्पर्धा आयोजित करण्यात आली होती. देशभरातून मोठ्या प्रमाणावर सहभाग नोंदवत स्पर्धकांनी आपल्या सर्जनशीलतेचा उत्कृष्ट आविष्कार सादर केला.

स्पर्धेतील मानकरी विजेते :

प्रथम क्रमांक (3 लाख) सुमित काटे, पुणे
द्वितीय क्रमांक (2 लाख) मयंक नायक, नोएडा
तृतीय क्रमांक (1 लाख) पियुष पिंपळनेरकर, पंढरपूर

सिंहस्थ कुंभमेळ्याच्या भव्य परंपरेला आधुनिक आणि आकर्षक ओळख देणाऱ्या सर्व स्पर्धकांचे मनःपूर्वक अभिनंदन

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14मई2026
कौशल कुमार
भागलपुर | क्षेत्र में अवैध ओवरलोडिंग का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के दावों की पोल खोल दी है। सड़कों पर तिरपालों से ढके ओवरलोडेड ट्रकों की लंबी कतारें न केवल यातायात को बाधित कर रही हैं, बल्कि सरकारी पुल-पुलियों के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा कर रही हैं।
स्थानीय समाजसेवी दिलीप मिश्रा ने अपने फेसबुक पर तिरपालों से ढके ओवरलोडेड ट्रकों की फोटो पोस्ट कर जिलाधिकारी से सीधा सवाल किया है कि आखिर प्रशासन इन वाहनों को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा? लोगों का आरोप है कि क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले ये ट्रक सड़कों और करोड़ों की लागत से बने पुलों को समय से पहले बर्बाद कर रहे हैं। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि यदि जल्द ही इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है।

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उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा में दिनांक 15/5/2026 को विकास खण्ड स्तर पर "कॉलेज चलो अभियान मेला" का होगा आयोजन, जिसमें शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश एवं शासन की योजनाओं की पूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी, विषय परिवर्तन के संदर्भ में मार्गदर्शन किया जाएगा।इस मेला में महाविद्यालय के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले शासकीय/अशासकीय/निजी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को सहभागिता हेतु आमंत्रित किया गया है,इस संबंध में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी महोदय से भी चर्चा की गई।
15 मई अंतिम तिथि मेला के दिन भी आएं और अपना नि: शुल्क पंजीयन कराएं और भविष्य बनाएं।

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"बांबरुड(रा) झालेल्या वादळी वाऱ्यामुळे केळी व फळबागाचे नुकसान झाले भरपाई मिळावी म्हणून निवेदन देण्यात आले"
पाचोरा प्रतिनिधी
(जिल्हाध्यक्ष किरण अशोक सुर्यवंशी)ता .१३ में २०२६
बांबरुड(राणीचे) येथील 11जून 2025 मध्ये झालेल्या वादळी वाऱ्यामुळे केळी व फळबागांचे झालेल्या नुकसानाची भरपाई मिळण्याबाबत निवेदन देण्यात आले त्यावेळी गावातील शेतकरी यांनी 12/05/2026 रोजी
मा. किशोर आप्पा पाटील
आमदार पाचोरा-भडगाव,व माननीय पाचोरा तहसीलदार साहेब, यांना निवेदन देण्यात आले निवेदनाद्वारे
देण्यात आले की 11 जून 2025 रोजी बांबरुड राणीचे, ता. पाचोरा येथे मोठ्या प्रमाणात वादळी वारा व पावसामुळे केळी तसेच इतर फळबागांचे मोठे नुकसान झाले होते. संबंधित नुकसानग्रस्त शेतकऱ्यांनी शासनाकडे पंचनामे करून नुकसान भरपाईची मागणी केली होती.
त्या वेळी खासदार स्मिताताई वाघ, आमदार किशोर आप्पा पाटील, माजी आमदार दिलीप भाऊ वाघ, तहसीलदार साहेब, कृषी विभागाचे अधिकारी यांनी पाहणी करून शेतकऱ्यांना नुकसान भरपाई मिळवून देण्याचे आश्वासन दिले होते. परंतु आज जवळपास एक वर्ष पूर्ण होत आले तरी अनेक शेतकऱ्यांना अद्याप नुकसान भरपाई मिळालेली नाही.
यामुळे नुकसानग्रस्त शेतकरी आर्थिक अडचणीत सापडले असून त्यांच्यावर मोठे संकट आले आहे. त्यामुळे संबंधित विभागाला तात्काळ सूचना करून सर्व शेतकऱ्यांना नुकसान भरपाई मंजूर करून मिळवून द्यावी, अशी मागणी शेतकऱ्यांनी केली आहे
तसेच 2024 मध्ये झालेल्या नैसर्गिक आपत्तीतील वंचित राहिलेल्या शेतकऱ्यांनाही न्याय मिळावा, अशी मागणी करण्यात येत आहे.
आपण या विषयात तातडीने लक्ष घालून सर्व नुकसानग्रस्त शेतकऱ्यांना दिलासा द्यावा, अशी विनंती शेतकऱ्यांनी केली त्यावेळी उपस्थिती म्हणून गावातील शेतकरी संभाजी पाटील, मधुकर पाटील, नानाभाऊ वाघ, मनोज वाघ, राकेश कोळी, कैलास चौधरी, सुनील पाटील इतर उपस्थित होते

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पौड़ी गढ़वाल: जिलाधिकारी ने सतपुली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया, जिसमें स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में कई खामियां पाई गईं। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ-सफाई, दवाइयों की उपलब्धता, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और कर्मचारियों की उपस्थिति को बारीकी से जांचा गया। प्रभारी चिकित्सक सहित तीन कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न करने और मरीजों को बेहतर उपचार तथा समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएम ने सीएचसी सतपुली का प्रभार मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को सौंपते हुए तत्काल सुधार और नियमित मॉनिटरिंग के आदेश भी जारी किए। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है, जबकि स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी की कार्रवाई का स्वागत करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जताई है।

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डकोर। जिलाधिकारी द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डकोर का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य केंद्र में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने डिलीवरी सेवाओं, पैथोलॉजी जांच, दवा वितरण, टीकाकरण व्यवस्था तथा अन्य चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर उपचार व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मरीजों से बातचीत के दौरान प्राप्त सुझावों एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य केंद्र में दो फार्मासिस्टों की तैनाती सुनिश्चित किए जाने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर बेहतर उपचार एवं दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।

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వెలుగుడిఆర్డిఏ ఆధ్వర్యంలో ఎస్హెచ్జి క్రెడిట్ & జీవనోపాధుల ప్రణాళిక సమీక్ష

2026-27 ఆర్థిక సంవత్సరానికి సంబంధించి డి.ఆర్.డి.ఏ వెలుగు ఆధ్వర్యంలో అమలవుతున్న స్వయం సహాయక సంఘాల క్రెడిట్ మరియు జీవనోపాధుల ప్రణాళిక కార్యక్రమంలో భాగంగా, అదనపు సంచాలకులు శ్రీమతి కె. సావిత్రి రాజాం, రేగిడి మండలాల్లో పర్యటించారు.
ఈ సందర్భంగా రాజాం మండలం బొద్దాం, గురవాం గ్రామాలు, అలాగే రేగిడి మండలం నాయరాలవలస, బురాడ గ్రామాల్లో సిసి లాగిన్లో ఫండ్ మ్యాపింగ్ ప్రక్రియను,వివోఏ లాగిన్లో సంఘ సభ్యుల బయోమెట్రిక్ నమోదు విధానాన్ని ఆమె పరిశీలించారు.
గ్రామ సంఘాల కార్యకలాపాలు, సభ్యుల వివరాల నమోదు, బయోమెట్రిక్ ధృవీకరణ, డిజిటల్ విధానాల అమలుపై సమగ్ర సమీక్ష నిర్వహించిన ఆమె, ఫీల్డ్ స్థాయిలో సిబ్బంది సమన్వయంతో పనులు వేగవంతంగా పూర్తి చేయాలని సూచించారు. సభ్యుల వివరాలను ఖచ్చితంగా నమోదు చేయడంతో పాటు ఫండ్ మ్యాపింగ్ను నిర్ణీత కాలవ్యవధిలో పూర్తి చేయాలని ఆదేశించారు.
అలాగే వార్షిక రుణ ప్రణాళిక ప్రకారం సభ్యులకు అవసరమైన సమయంలో అవసరాలకు అనుగుణంగా రుణాలు అందేలా సిబ్బంది పర్యవేక్షణ చేయాలని సూచించారు.
ఈ కార్యక్రమంలో సంస్థాగత నిర్మాణం డిపిఎం ఏ. చిరంజీవి, ఫైనాన్స్ డిపిఎం జి. సీతారామయ్య, ఏపీఎం లు హేమలత, గోవిందరావు మండల సిబ్బంది తదితరులు పాల్గొన్నారు.

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पंचकूला नगर निगम चुनाव में भाजपा मेयर पद के उम्मीदवार श्यामलाल बंसल को भारी बहुमत से विजय प्राप्त करने पर गुरचरण सिंह करणपुर ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह जीत पंचकूला की जनता के विश्वास, समर्थन और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

गुरचरण सिंह करणपुर ने उम्मीद जताई कि श्यामलाल बंसल नगर निगम के माध्यम से पंचकूला के सर्वांगीण विकास, जनहित के कार्यों तथा शहर की मूलभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करेंगे।

उन्होंने पंचकूला की जागरूक जनता का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

गुरचरण सिंह करणपुर
वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ

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देश में नकली नोटों के बढ़ते मामलों के बीच Reserve Bank of India (RBI) ने आम लोगों को 500 के असली नोट की पहचान करने के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा फीचर्स की जानकारी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सतर्कता बरतकर लोग आसानी से नकली नोटों से बच सकते हैं और आर्थिक धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकते हैं। RBI के अनुसार, असली 500 के नोट में कई आधुनिक सुरक्षा विशेषताएं मौजूद होती हैं। सबसे पहले, नोट को रोशनी के सामने रखने पर Mahatma Gandhi की तस्वीर और 500 का वॉटरमार्क स्पष्ट दिखाई देता है। इसके अलावा, नोट में मौजूद सिक्योरिटी थ्रेड को झुकाने पर उसका रंग हरे से नीला हो जाता है तथा उसमें भारत और RBI लिखा दिखाई देता है। असली नोट में महात्मा गांधी की तस्वीर बेहद साफ और बारीक डिटेल वाली होती है, जबकि नकली नोटों में यह तस्वीर अक्सर धुंधली या कम स्पष्ट नजर आती है। नोट को आंख के स्तर पर तिरछा करने पर गांधी जी की तस्वीर के पास 500 की लेटेंट इमेज भी दिखाई देती है। RBI ने यह भी बताया कि गांधी जी की तस्वीर और अशोक स्तंभ के बीच माइक्रो लेटरिंग में RBI और 500 लिखा होता है, जिसे लेंस की सहायता से देखा जा सकता है। वहीं, नोट के नीचे दाईं ओर लिखा 500 विशेष कलर शिफ्ट इंक से छापा जाता है, जो नोट को झुकाने पर हरे से नीले रंग में बदल जाता है। इसके अलावा, असली नोट में गांधी जी की तस्वीर, RBI लोगो और अशोक स्तंभ की छपाई उभरी हुई महसूस होती है, जिससे दृष्टिबाधित लोगों को भी नोट पहचानने में सुविधा मिलती है। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध नोट को अपने पास न रखें और तुरंत नजदीकी बैंक शाखा या पुलिस को इसकी सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता ही नकली नोटों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।

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વાંઝ ગામનું ગૌરવ: પર્વ નીરવભાઈ શાહે સુરતમાં ચમકાવ્યો પ્રતિભાનો પરચો
સુરત શહેર તથા વાંઝ ગામ માટે ગૌરવની ક્ષણ સર્જાઈ છે. વાંઝ ગામના અગ્રણી જાયન્ટ્સ ગ્રુપ સાથે સંકળાયેલા શ્રી ગુણવંતભાઈ શાહના પૌત્ર તથા શ્રી નીરવભાઈ શાહના સુપુત્ર પર્વ નીરવભાઈ શાહે CBSE ધોરણ 12 કોમર્સ પ્રવાહમાં સમગ્ર સુરત શહેરમાં ચોથું સ્થાન પ્રાપ્ત કરી ઉત્કૃષ્ટ સિદ્ધિ હાંસલ કરી છે.
તે ઉપરાંત પર્વ શાહે એલ.પી. સવાણી ગ્રુપની તમામ શાખાઓમાં પ્રથમ ક્રમાંક પ્રાપ્ત કરી પરિવાર, શાળા અને વાંઝ ગામનું નામ ગૌરવભેર ઉજ્જવળ બનાવ્યું છે. આજકાલ બાળકો મોબાઈલમાં રીલ્સ સ્ક્રોલ કરતા કરતા ભવિષ્યને airplane mode પર મૂકી દે છે, ત્યારે આવા વિદ્યાર્થીઓ હજુ પણ મહેનત અને એકાગ્રતાથી પરિણામ લખી રહ્યા છે. માનવજાત સંપૂર્ણપણે બગડી નથી, તેનો આ જીવતો પુરાવો ગણાય.
પર્વ શાહની આ સફળતા પાછળ તેમના માતા-પિતા, શિક્ષકો અને પરિવારજનોનું માર્ગદર્શન તથા સતત પ્રોત્સાહન રહેલું છે. તેમની આ સિદ્ધિને પગલે વાંઝ ગામ સહિત સમાજના આગેવાનો અને શુભેચ્છકો તરફથી અભિનંદનની વર્ષા થઈ રહી છે.
પર્વ નીરવભાઈ શાહના ઉજ્જવળ ભવિષ્ય માટે શુભકામનાઓ વ્યક્ત કરવામાં આવી રહી છે.

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NEW DELHI: In a significant move to bolster the nation's entrepreneurial ecosystem, the Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises (MSME) has highlighted the expansion of its Credit Guarantee Scheme for Micro & Small Enterprises (MSEs). The initiative, implemented through the Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises (CGTMSE), aims to provide a much-needed financial safety net for first-generation entrepreneurs.
Major Financial Lifeline for Small Businesses
As showcased in the official announcement (see image.png), the scheme offers credit guarantees for loans up to 10 crore. The standout feature of this program is the removal of traditional lending barriers:
No Collateral Required: Entrepreneurs can access substantial funding without pledging personal or business assets.
No Third-Party Guarantee: The scheme eliminates the need for external guarantors, simplifying the loan approval process.
Driving Self-Employment
The primary objective of the CGTMSE-led initiative is to encourage individuals to venture into self-employment opportunities. By facilitating "collateral-free" and "third-party guarantee-free" loans, the government is lowering the entry threshold for innovative startups and small-scale industries.
How to Apply:
Eligible enterprises must be registered on the Udyam Portal to qualify for the benefits. Business owners can apply for these credit-guaranteed loans through Member Lending Institutions, which include various Banks and Non-Banking Financial Companies (NBFCs).
For further information, the Ministry has provided a QR code in its latest informational materials
Credit Guarantee Scheme for Micro & Small Enterprises encourages first generation entrepreneurs to venture into self-employment opportunities.

#Msme #Entrepreneur #Innovation #Development #Employment #Empowerment #Technology #skilldevelopment

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ગ્રામ્ય શાળાની ગૌરવભરી સિદ્ધિ: મોર હાઈસ્કૂલનું ધોરણ 10 નું ઝળહળતું 100 ટકા પરિણામ

ઓલપાડ તાલુકાની કાંઠા વિસ્તાર સ્થિત મોર હાઈસ્કૂલે ગુજરાત માધ્યમિક અને ઉચ્ચતર માધ્યમિક શિક્ષણ બોર્ડ દ્વારા લેવાયેલ ધોરણ 10 ની માર્ચ-2026ની પરીક્ષામાં 100 ટકા પરિણામ મેળવી ગૌરવપૂર્ણ સિદ્ધિ હાંસલ કરી છે. જેમાં શાળાનાં તમામ 32 વિદ્યાર્થીઓ ઉત્તીર્ણ થયા છે અને એક પણ વિદ્યાર્થી નાપાસ થયેલ નથી. ધોરણ 10 નાં કુલ 32 વિદ્યાર્થીઓ પૈકી A/1 ગ્રેડમાં 1 વિદ્યાર્થી, A/2 ગ્રેડમાં 4 વિદ્યાર્થી, B/1 ગ્રેડમાં 4 વિદ્યાર્થી, B/2 ગ્રેડમાં 8 વિદ્યાર્થી, C/1 ગ્રેડ11 વિદ્યાર્થી જ્યારે C/2 ગ્રેડમાં 4 વિદ્યાર્થીઓએ સિધ્ધિ હાંસલ કરેલ છે. શાળાનાં વિદ્યાર્થીઓ કૃષ્ણા જ્યોતિષકુમાર જોશી (555/600 માર્ક્સ, A/1 ગ્રેડ, 92.50 %), પાર્થકુમાર રાકેશકુમાર ભગવાગર (539/600 માર્ક્સ, A/2 ગ્રેડ, 89.83 %) અને દેવકુમાર અશ્વિનકુમાર પટેલ (513/600 માર્ક્સ, A/2 ગ્રેડ, 85.50 %) ટોપર્સ રહ્યાં છે.
શાળાનાં આચાર્ય પરેશ વસાવાએ જણાવ્યું કે શાળાની આ સિદ્ધિ વિદ્યાર્થીઓની મહેનત, શિક્ષકોનું માર્ગદર્શન અને માતા-પિતાનાં આશીર્વાદનું પરિણામ છે. ગ્રામ્ય વિસ્તારની શાળા હોવા છતાં શિક્ષકોની નિષ્ઠા, નવીન શિક્ષણ પદ્ધતિ અને શિસ્તબદ્ધ વાતાવરણને કારણે શાળાએ 100 % પરિણામ મેળવ્યું છે. શાળા પરિવારે તમામ ઉત્તીર્ણ વિદ્યાર્થીઓને હાર્દિક અભિનંદન પાઠવ્યા હતાં અને ભવિષ્યમાં પણ આવી જ સફળતા પ્રાપ્ત કરે તેવી શુભેચ્છા પાઠવી હતી. આ સિદ્ધિથી મોર ગામ સહિત સમગ્ર પંથકમાં આનંદની લાગણી વ્યાપી છે.

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હાંસોટનાં સુણેવખૂર્દ ગામની નિષ્ઠા પટેલ ઝળહળતી સિદ્ધિ બદલ સન્માનિત

અંકલેશ્વર નગરનાં દીવા વિસ્તાર સ્થિત અગસ્તિ ઈન્ટરનેશનલ સ્કૂલમાં અભ્યાસ કરતી વિદ્યાર્થિની નિષ્ઠા અલ્પેશકુમાર પટેલે એસ.એસ.સી. બોર્ડની ધોરણ 10 ની પરીક્ષામાં A 1 ગ્રેડ મેળવી સમગ્ર ગુજરાત રાજ્યમાં મોખરાનું સ્થાન હાંસલ કરી શાળા સહિત પોતાનાં માદરે વતન સુણેવખૂર્દ ગામનું નામ રોશન કરેલ છે. અંકલેશ્વર નગરની નીલમાધવ સોસાયટીનાં રહેવાસી દંપતી અલ્પેશ પટેલ અને નયના પટેલની આ પ્રતિભાવંત દીકરીએ ધોરણ 10 માં 98.50 ટકા (99.99 PR) મેળવી અપેક્ષિત પરિણામ હાંસલ કર્યું હતું.
ધોરણ 10 બોર્ડની પરીક્ષામાં સમગ્ર ગુજરાત રાજ્યમાં અગ્રેસર રહેવા બદલ શ્રી તળપદા કોળી પટેલ સમાજ ઉત્કર્ષ મંડળ, અંકલેશ્વર દ્વારા નિષ્ઠાનું પ્રમાણપત્ર અને મોમેન્ટો એનાયત કરી સન્માન કરવામાં આવ્યું હતું. આ પ્રસંગે મંડળનાં પ્રમુખશ્રી, ઉપપ્રમુખશ્રી, મંત્રીશ્રી, ટ્રસ્ટીશ્રીઓ તથા કારોબારી સભ્યશ્રીઓ ઉપસ્થિત રહ્યાં હતાં. આ તકે નિષ્ઠાએ સૌનો હૃદયપૂર્વક આભાર વ્યક્ત કર્યો.હતો.

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IPL 2026 में, जब Kolkata Knight Riders के Star Batter Rinku Singh का Bat शांत था, तो हर तरफ सवाल उठ रहे थे। पहले पांच Innings में 4, 1 और 6 के Scores के साथ, एक Gamechanger की तलाश थी। लेकिन अब, Rinku ने ऐसा धमाकेदार पलटवार किया है कि विरोधी Teams के होश उड़ गए हैं! पिछले चार Innings में अविश्वसनीय 207 Runs, वो भी बिना एक बार Out हुए, ये सिर्फ Numbers नहीं, बल्कि एक Hero के वापसी की कहानी है। यह कहानी सिर्फ Talent की नहीं, बल्कि Team के Vision और एक Head Coach के भरोसे की है।

The Inner Story / Asli Maajra:
Kolkata Knight Riders के Head Coach Abhishek Nayar ने खुलासा किया है कि Rinku Singh को उनकी Form में वापस लाने के लिए Team ने पर्दे के पीछे बहुत मेहनत की है। IPL 2026 की धीमी शुरुआत के बाद, जहाँ Rinku ने पहले पांच Innings में संघर्ष किया, अब उनका Bat आग उगल रहा है, 172 के Strike Rate से Runs बन रहे हैं।

Nayar ने बताया कि जब Team अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही थी, तब उन्होंने Players का Confidence वापस लाने के लिए centre-wicket practice पर जोर दिया। यह Rinku और Varun Chakravarthy जैसे महत्वपूर्ण Players के लिए बेहद जरूरी था, क्योंकि दोनों ही Tournament की शुरुआत में अच्छा नहीं कर पाए थे। Rinku के लिए, सबसे अहम था उन्हें Pitch के centre में वापस लाना और उन्हें आजादी से खेलने देना।

Rinku की Batting में एक सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव किया गया – उनके trigger movement में सुधार। Nayar ने समझाया, "अगर आपने गौर किया हो, तो उनका initial movement बदल गया है; वह अब पहले की तुलना में across walk कर रहे हैं।" यह एक ऐसा adjustment था जिसे Rinku ने पहले कभी नहीं किया था, लेकिन Team ने सोचा कि यह उनकी finishing game को पुनर्जीवित कर सकता है, और यह कारगर साबित हुआ। यह सिर्फ Technique की बात नहीं थी, बल्कि Rinku के मन में फिर से यह विश्वास जगाना था कि वह Boundaries पार कर सकते हैं, Fours और Sixes जड़ सकते हैं। Ground पर कड़ी मेहनत के साथ-साथ उनके Belief System को मजबूत करना भी उतना ही जरूरी था।

Rinku का यह turnaround, KKR की खुद की वापसी का भी आईना है। Team ने अपने पिछले पांच Matches में से चार जीते हैं, और बुधवार को Royal Challengers Bengaluru से हारने के बावजूद वे अभी भी Playoff की दौड़ में हैं। KKR अब Table में आठवें स्थान पर है, 11 Matches में नौ Points के साथ, और उन्हें Playoff में जगह बनाने के लिए अपने अगले तीनों home Games जीतने होंगे। Nayar ने इस सुधार का श्रेय Team के माहौल और Players पर रखे गए भरोसे को दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि Tournament की शुरुआत से ही Team ने Consistency पर ध्यान दिया है – processes में और उस environment को बनाए रखने में जहाँ Players खुद को सुरक्षित महसूस करें, दबाव और बाहरी शोर के बावजूद।

Nayar ने Player पर पड़ने वाले emotional toll पर भी बात की, खासकर जब Social Media chatter और public scrutiny बहुत ज्यादा हो। उनका मानना है कि एक Head Coach के रूप में, Players को लगातार support करना और उन्हें यह एहसास दिलाना महत्वपूर्ण है कि परिणाम चाहे कुछ भी हो, वे बाहर जाकर अपना Game खेल सकते हैं। यही वजह है कि Team ने मुश्किल दौर में भी बहुत अधिक personnel changes नहीं किए, Rovman Powell जैसे Players को लगातार support किया, जबकि Matheesha Pathirana जैसे talented Player को Bench पर रखा गया।

अब KKR की उम्मीदें Varun Chakravarthy की वापसी पर टिकी हैं, जिन्हें toe fracture है। Nayar को उम्मीद है कि वह अगले Game के लिए उपलब्ध होंगे, क्योंकि KKR Eden Gardens में अपने home ground पर वापस आकर Playoff की तरफ आखिरी push करना चाहता है। Varun-Sunil Narine का Combination Team की सफलता में महत्वपूर्ण रहा है, और home conditions का फायदा उठाना उनके लिए Gamechanger साबित हो सकता है।

Analysis & Numbers:
- Rinku Singh ने IPL 2026 के अपने पिछले चार Innings में 207 Runs बनाए हैं, बिना Out हुए।
- इस दौरान उनका Strike Rate 172 का रहा, जो T20 Cricket में Dominance दिखाता है।
- Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ उन्होंने 29-ball पर नाबाद 49 Runs बनाए, जो Team को 192 Runs तक पहुंचाने में सहायक रहा।
- KKR ने अपने पिछले पांच Matches में से चार जीते हैं, जो उनकी वापसी का सबूत है।

The Guru Gyan Verdict:
Rinku Singh का Revival सिर्फ एक Player की कहानी नहीं, बल्कि Team की Resilience और Coaching Masterclass का बेहतरीन उदाहरण है। Abhishek Nayar और KKR Management ने सिर्फ Technique पर ही काम नहीं किया, बल्कि Rinku के Mindset और Belief System को भी मजबूती दी। यह दर्शाता है कि आधुनिक Cricket में सिर्फ skill ही नहीं, बल्कि mental strength और Team environment का भी कितना बड़ा योगदान होता है। KKR की Playoff की राह अभी भी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन Rinku की Form और Team का एकजुट होकर प्रदर्शन करना उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाता है। यह सिर्फ Gamechanger नहीं, बल्कि एक Prophecy है – कि अगर सही दिशा में मेहनत की जाए, तो कोई भी Player अपनी Form और Team अपनी किस्मत बदल सकता है!

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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जयपुर: एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के नैशनल चीफ सुप्रीमो नरेंद्र अरोड़ा एवं नैशनल सुप्रीमो पवन शर्मा ने राजस्थान में प्रदेश टीम का विस्तार करते हुए युवा समाजसेवी ब्रजेश पाठक को फाउंडेशन का नेशनल चेयरमैन सोशल इंडिया नियुक्त किया। उन्होंने पाठक को नियुक्ति पत्र सौंपकर भ्रष्टाचार उन्मूलन जागरूकता के लिए कार्य करने और सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।

ब्रजेश पाठक ने सत्यनिष्ठा की शपथ ली और भ्रष्टाचार उन्मूलन तथा मानवाधिकार के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने और प्रदेश टीम का विस्तार करने का प्रण लिया। पवन शर्मा ने बताया कि फाउंडेशन देशभर में करप्शन फ्री इंडिया अभियान के तहत शिक्षण संस्थानों में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करता है और सत्यनिष्ठा शपथ अभियान के माध्यम से लोगों को शपथ दिलाई जाती है।

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जयपुर: एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के नैशनल चीफ सुप्रीमो नरेंद्र अरोड़ा एवं नैशनल सुप्रीमो पवन शर्मा ने राजस्थान में प्रदेश टीम का विस्तार करते हुए युवा समाजसेवी ब्रजेश पाठक को फाउंडेशन का नेशनल चेयरमैन सोशल इंडिया नियुक्त किया। नरेंद्र अरोड़ा एवं पवन शर्मा ने पाठक को नियुक्ति पत्र सौंपकर उन्हें भ्रष्टाचार उन्मूलन जागरूकता के लिए कार्य करने और सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। ब्रजेश पाठक ने शपथ पत्र भरा और सच्चाई एवं ईमानदारी से जीवन जीने का प्रण लिया।

पाठक ने कहा कि वे अपने पद की गरिमा बनाए रखते हुए फाउंडेशन के भ्रष्टाचार उन्मूलन और मानवाधिकार के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाएंगे तथा प्रदेश टीम का विस्तार करेंगे। समाजसेवी ब्रजेश पाठक लंबे समय से समाजहित कार्यों में सक्रिय हैं। पवन शर्मा ने बताया कि फाउंडेशन करप्शन फ्री इंडिया अभियान के तहत शिक्षण संस्थानों में भाषण, स्लोगन, ड्राइंग, निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित करता है और सत्यनिष्ठा शपथ अभियान के जरिए लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त समाज के लिए प्रेरित करता है।

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order passed by the Bharatiya Janata Party (BJP) government in power in the state at the time that had allowed educational institutions to ban hijabs in classrooms. Students are now allowed to wear religious and customary symbols along with prescribed uniforms in schools and colleges.

A new order, issued on Wednesday, May 13, allows students to wear "limited traditional and practice-based symbols" along with their uniforms including hijab, sacred thread, rudraksha, shivadhara and sharavastra.

The order applies to government schools and colleges, aided institutions and private educational institutions under the state's School Education Department.

The government has clarified that uniforms will still remain mandatory, but these symbols can be worn as supplementary items, so long as they do not affect discipline, safety, cleanliness or identification. No student can be denied entry or forced either to wear or remove such symbols.

Institutions have been instructed to implement the policy in line with constitutional values, including "equality, dignity, fraternity, secularism, scientific temper, rationality and the right to education".

The Congress government's decision comes three years after the party came to power in the state, with School Education and Literacy Minister in the Karnataka government Madhu Bangarappa releasing the fresh order at a news conference along with Health Minister Dinesh Gundurao, and Shivajinagar Congress MLA Rizwan Arshad. A statement on the press meet was later issued, clarifying the decisions.
#karnataka #Govt #withdraw #hijab #ban

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मेदिनीनगर सर्किट हाउस में पलामू कांग्रेस की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न
मेदिनीनगर : मंगलवार को मेदिनीनगर स्थित परिषदन भवन (सर्किट हाउस) में पलामू कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पलामू जिलाध्यक्ष बिमला कुमारी ने की। बैठक में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष, पलामू लोकसभा प्रभारी एवं कांके विधायक Suresh Baitha मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पलामू जिला उपाध्यक्ष विनोद तिवारी ने किया।
बैठक के दौरान संगठन को मजबूत बनाने, आगामी कार्यक्रमों की रणनीति तय करने तथा जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और आम जनता के बीच पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का आह्वान किया।
बैठक में मुख्य रूप से झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव चंद्रशेखर शुक्ला, प्रदेश कोऑर्डिनेटर रामाशीष पांडे, रामचंद्र रामदेव यादव, पूर्णिमा पांडे, विनोद तिवारी, सुरेंद्र तिवारी, नवल किशोर पाठक, सत्येंद्र सिंह, अरविंद पासवान, मिथिलेश सिंह, राजेश चौरसिया, नसीम खान, गोपाल त्रिपाठी, गुलाम नबी, राजा पाठक, शेरखान, विनोद पाठक, निरंजन कुमार यादव, गोपाल शर्मा, मुकेश यादव, संजय वर्मन, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेखा सिंह, युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुधीर सलमा बानो तथा एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष अमरनाथ तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक में नेताओं ने संगठन की एकजुटता पर जोर देते हुए आने वाले दिनों में पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

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तेज आंधी-तूफान का कहर: पेड़ गिरने व दीवार ढहने से दो की मौत, दर्जनों घायल।
चंदौली। जनपद में आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई। क्षेत्र के कई गांवों में पेड़ उखड़ गए और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस आपदा में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार, विभिन्न गांवों में आंधी के कारण पेड़ गिरने और दीवार ढहने से मंजू देवी (42) निवासी मिषमपुर, जैनुद्दीन (45) निवासी गोहारा, रामबली निवासी बलुआ कला, रजोला देवी (60) निवासी गरला, बहादुर (30) निवासी मुस्तफापुर, आंचल (20) निवासी पचपेड़िया, उर्मिला देवी (60) निवासी इस्मालिया, राम प्रसाद (62) निवासी गरला, नूर मोहम्मद (40) निवासी बुड़वल, आर्यन (15), अरुण (27) निवासी पचपेड़िया, दिवाकर मौर्य (74) निवासी मिषमपुर, शिवलाल (30) निवासी वार्ड नंबर-1 तथा ज्योति (8) निवासी केराडीह सहित कई लोग घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय में चल रहा है।
इसी दौरान करवंदिया गांव में तेज तूफान के बीच रास्ते से गुजर रही प्रभावती देवी (62) पत्नी नंदू के ऊपर अचानक पेड़ गिर गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
वहीं, शिकारगंज कस्बे में गुलाब (58) अपनी पत्नी निराशा देवी (52) के साथ घर में बैठे थे, तभी तेज आंधी के चलते कच्ची दीवार भरभराकर गिर पड़ी। मलबे में दबने से गुलाब की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहरौरा ले गए, जहां डॉक्टरों ने गुलाब को मृत घोषित कर दिया।
थाना प्रभारी अर्जुन सिंह ने बताया कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई की जा रही है और पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

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मेदिनीनगर : पलामू पुलिस द्वारा मंगलवार को पलामू पुलिस जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में पुलिस-पत्रकार संवाद गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने की।
गोष्ठी में पुलिस और पत्रकारों के बीच बेहतर समन्वय एवं जनसहयोग को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक राजीव रंजन, राजेश यादव, इंस्पेक्टर सुरेश राम, शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार, सदर थाना प्रभारी लालजी समेत कई पुलिस पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी कपिल चौधरी ने पत्रकारों से पुलिस का सहभागी बनने का आग्रह किया। उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, डायल-112 सेवा, साइबर हेल्पलाइन 1930, महिला सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, यातायात नियम एवं सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूक किया।
एसपी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए हेलमेट पहनना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि पलामू पुलिस अपने कर्मियों के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य करेगी, ताकि आम लोगों को भी इसके प्रति जागरूक किया जा सके।
गोष्ठी के दौरान पत्रकारों ने भी अपने सुझाव रखे। पुलिस अधीक्षक ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन देते हुए कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल से ही अपराध नियंत्रण एवं सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।

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रमना । बीडीओ सह सीओ विकास पांडेय ने शनिवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित रासायनिक खाद एवं बीज दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुकानों के लाइसेंस, स्टॉक पंजी, बिक्री रजिस्टर और उपलब्ध खाद-बीज की जांच की गई। अधिकारियों ने दुकानदारों को सरकार द्वारा निर्धारित दर पर किसानों को खाद एवं बीज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक कीमत वसूली की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
निरीक्षण के दौरान दुकानों में उपलब्ध उर्वरक की मात्रा का अभिलेखों से मिलान किया गया। अधिकारियों ने एक्सपायरी खाद, बीज और कीटनाशक की बिक्री नहीं करने तथा प्रत्येक बिक्री पर किसानों को रसीद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बीडीओ सह सीओ ने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दुकानदारों को खाद वितरण के दौरान किसानों से आवश्यक दस्तावेज लेने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
मौके पर थाना प्रभारी आकाश कुमार एवं प्रभारी कृषि पदाधिकारी सह जनसेवक रविंद्र कुमार भी मौजूद थे।

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रमना । उपायुक्त अन्नय मित्तन के निर्देश पर प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों के विभिन्न सरकारी संस्थानों में अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। अंचल पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी विकास पांडेय ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने छात्राओं से भी बातचीत कर पठन-पाठन एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने लाइब्रेरी और लैब का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अध्ययनरत छात्राओं से संवाद स्थापित कर पढ़ाई की व्यवस्था एवं उपलब्ध संसाधनों के संबंध में जानकारी ली।

वहीं आपूर्ति पदाधिकारी अनूप कुमार टोप्पो ने प्रखंड के बुलका, गम्हरिया पंचायत में संचालित जन वितरण प्रणाली दुकानों का निरीक्षण किया। उन्होंने दुकानों में उपलब्ध आवश्यक अभिलेखों की जांच की तथा लाभुकों से बातचीत कर राशन वितरण व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की।

अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों को पारदर्शिता एवं नियमित व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया।

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मसूरी में देर रात से सुबह तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जब नगर पालिका कर्मचारियों और दूसरे पक्ष के बीच विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। कर्मचारियों का आरोप है कि ड्यूटी के दौरान उनके साथ मारपीट की गई तथा बीच-बचाव करने पहुंचे एक कर्मचारी के पिता के साथ भी अभद्रता की गई।

जानकारी के अनुसार एक नगर पालिका कर्मचारी को इस घटना में गंभीर चोटें आई हैं। उसके सिर तथा आंख के नीचे गहरी चोट लगने की बात सामने आई है।

कर्मचारियों के अनुसार मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है। वहीं आरोप यह भी है कि शिकायत के बाद देर रात पुलिस स्टेशन के बाहर बड़ी संख्या में लोग और टैक्सी चालक एकत्र हो गए, जहां कथित रूप से धमकी भरे नारे लगाए गए।

सुबह झूला घर क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि बड़ी संख्या में नगर पालिका कर्मचारी न्याय, सुरक्षा और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जुटे रहे।
इस दौरान कई वार्ड सदस्य, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी तथा पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी भी पुलिस स्टेशन पहुंचीं। पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने स्पष्ट कहा कि मसूरी में किसी भी प्रकार के असामाजिक तत्वों और गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका कर्मचारियों का अपमान और उनके साथ हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

घटना के बाद मसूरी में कानून व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

दिल्ली: "जब सरकार सिंह की तरह और कर्मचारी मेमने की तरह हो तो संविधान की अदालत को मेमने की तरफ झुकना होगा।"

वह फैसला जो इतिहास में दर्ज होगा,
30 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने भोला नाथ बनाम झारखंड सरकार (2026 INSC 99) मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया।

Justice Vikram Nath और Justice Sandeep Mehta की पीठ ने झारखंड के उन Junior Engineers (Agriculture/Soil Conservation Department) के पक्ष में निर्णय दिया जो 2012 से संविदा आधार पर काम कर रहे थे और जिन्हें 2023 में अचानक बताया गया कि उनका विस्तार नहीं होगा।

न्यायालय ने झारखंड उच्च न्यायालय का वह आदेश रद्द कर दिया जिसमें कहा गया था कि ये कर्मचारी "विशुद्ध संविदाकर्मी" हैं और इन्हें नियमितीकरण का कोई अधिकार नहीं।
और राज्य को आदेश दिया गया कि इन्हें तत्काल नियमित किया जाए।

फैसले का दिल "सिंह और मेमना"
इस फैसले की सबसे शक्तिशाली भाषा वह है जो Justice Vikram Nath ने लिखी।
उन्होंने कहा:
"राज्य इस संबंध में एक रूपक सिंह की भूमिका में है
जो अत्यधिक अधिकार,
संसाधनों और सौदेबाजी की शक्ति से संपन्न है,
जबकि कर्मचारी मेमने की स्थिति में है
जिसके पास वास्तविक सौदेबाजी की कोई शक्ति नहीं है।
जहाँ सिंह मेमने के साथ अनुबंध करता है, वहाँ असमानता संयोगवश नहीं बल्कि संरचनागत है। और यही असंतुलन न्यायालय की संवेदनशीलता की माँग करता है।"

यह केवल कानूनी भाषा नहीं यह उन करोड़ों संविदाकर्मियों की पीड़ा का संवैधानिक अनुवाद है जो दशकों से सरकारी दफ्तरों में काम करते हैं लेकिन "नियमित" का दर्जा नहीं मिलता।

फैसले के चार स्तंभ,
राज्य का Model Employer दायित्व: न्यायालय ने स्पष्ट किया कि राज्य एक आदर्श नियोक्ता है
उस पर संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत न्यायोचित, उचित और कर्मचारी सम्मान के प्रति संवेदनशील होने का "उच्चतर दायित्व" है।

अनुच्छेद 14 की व्याख्या: न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद 14 की समानता की गारंटी उन परिस्थितियों में भी लागू होती है जहाँ किसी व्यक्ति के पास थोपे गए अनुबंध की शर्तें स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प न हो।

"Legitimate Expectation" का सिद्धांत: जो कर्मचारी वर्षों तक वार्षिक विस्तार पाते रहे, वे नियमितीकरण की "उचित अपेक्षा" के हकदार हैं।

Ad-hocism की संस्कृति पर चेतावनी: न्यायालय ने सरकारों को आगाह किया कि "तदर्थवाद" की बढ़ती संस्कृति यानी स्थायी काम के लिए हमेशा संविदाकर्मी रखना संविधान की भावना के विरुद्ध है।

पुल-कोट:
"संविदा का नामकरण मात्र संवैधानिक सुरक्षा से वंचित करने का लाइसेंस नहीं हो सकता।"
2026 INSC 99, सुप्रीम कोर्ट

वह सच जो खबर से परे है का तथ्य-परीक्षण,
यहाँ एक जिम्मेदार पत्रकार का दायित्व है कि वह उस बारीकी को भी सामने रखे जो अखबार की सुर्खी में नहीं आई।
अखबार का दावा: "10 साल सेवा वालों को नियमित करने का आदेश सभी राज्यों और विभागों को निर्देश जारी।"

वास्तविकता:
यह फैसला विशिष्ट रूप से झारखंड के उन Junior Engineers के लिए है जो नियमित भर्ती प्रक्रिया (due process) से स्वीकृत पदों पर नियुक्त हुए थे और जिनका कार्य स्थायी एवं नित्य प्रकृति (perennial nature) का था।

Uma Devi (2006) के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं कहा था कि 10 वर्ष से अधिक अनियमित सेवा वालों पर विचार किया जा सकता है लेकिन यह अधिकार नहीं, कुछ शर्तों पर निर्भर है।

वे कौन लोग हैं जिन पर यह फैसला लागू नहीं होता:
जो अवैध तरीके से (बिना किसी भर्ती प्रक्रिया के) नियुक्त हुए हों।
जिनका काम स्थायी प्रकृति का न हो।
जो किसी वैध नीति के तहत संविदा पर हों।

सरल शब्दों में: यह फैसला लाखों संविदाकर्मियों के लिए उम्मीद की किरण है लेकिन स्वचालित नियमितीकरण का ब्लैंक चेक नहीं।

बिहार के संदर्भ में यह फैसला कितना प्रासंगिक?
बिहार में हजारों कर्मचारी ऐसे हैं जो वर्षों से संविदा, आउटसोर्सिंग और अस्थायी आधार पर काम कर रहे हैं:
शिक्षा विभाग: संविदा शिक्षक, पंचायत शिक्षक
स्वास्थ्य विभाग: ANM, ASHA कर्मी, संविदा डॉक्टर
ICDS: आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका
जल-जीवन हरियाली: अनुबंध कर्मी
पंचायती राज: डेटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर

इनमें से जो कर्मचारी
नियमित भर्ती प्रक्रिया से आए हों,
स्थायी प्रकृति के कार्य करते हों,
10 या अधिक वर्षों से सेवारत हों
वे इस फैसले के आधार पर अपने अधिकारों की माँग कर सकते हैं।

यह फैसला लंबे समय से चली आ रही संविदा नियुक्ति की व्यवस्था पर सुप्रीम कोर्ट का सीधा प्रहार है जिसके तहत राज्य सरकारें संविदा लेबल लगाकर नियमितीकरण की जिम्मेदारी से बचती रही हैं।

फैसले के तीन व्यापक संदेश
नीति निर्माताओं के लिए: न्यायालय ने स्पष्ट चेतावनी दी भविष्य में ऐसे मामलों में सरकारों को या तो कर्मचारियों को नियमित करना होगा या नकारने का कारण बताना होगा। मनमाना इनकार नहीं चलेगा।

कर्मचारियों के लिए: यह फैसला बताता है कि संविधान तुम्हारी रक्षा करता है बशर्ते तुम्हारी नियुक्ति वैध प्रक्रिया से हुई हो और तुम स्थायी काम कर रहे हो।

न्यायपालिका के लिए: सुप्रीम कोर्ट ने एक नई कसौटी बनाई "Model Employer Test" जो भविष्य के सभी ऐसे मामलों में लागू होगी।

बिहार सरकार तुरंत सर्वे करे कितने विभागों में 10 वर्ष से अधिक सेवारत संविदाकर्मी हैं।

पात्र कर्मचारियों की सूची 3 महीने में बनाई जाए जैसा SC ने निर्देश दिया।

बिना भेदभाव नियमितीकरण जाति, क्षेत्र, विभाग का भेद नहीं।

जो कर्मचारी इस फैसले का लाभ चाहते हैं वे अपने नियुक्ति दस्तावेज़ सुरक्षित रखें, वकीलों से परामर्श लें।

बिहार विधानसभा में विशेष सत्र बुलाकर संविदा नीति की समीक्षा हो।

अंत में मेमने की जीत, सिंह को संदेश
Justice Vikram Nath ने लिखा "संवैधानिक न्यायालयों की अंतरात्मा का झुकाव अनिवार्य रूप से मेमने की रक्षा की ओर होना चाहिए।"
यह एक न्यायाधीश का वाक्य नहीं यह भारतीय संविधान की आत्मा की आवाज़ है।

बिहार में हजारों भोला नाथ हैं जो दशकों से सरकारी काम कर रहे हैं लेकिन न पेंशन, न स्थायित्व, न सम्मान। यह फैसला उनके लिए एक दरवाज़ा खोलता है।

लेकिन याद रखें दरवाज़ा खुला है, अपने-आप नहीं जाएगा। हर पात्र कर्मचारी को अपना हक़ माँगना होगा न्यायालय में, दफ्तरों में, और ज़रूरत तो सड़कों पर।

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देश की जनता से आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भर भारत को समर्थन देने के लिए कई महत्वपूर्ण अपीलें की हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए हर नागरिक की छोटी बचत भी देश के लिए बड़ा योगदान साबित हो सकती है।
प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कार पूलिंग अपनाने की सलाह दी। साथ ही जहाँ संभव हो वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की बात कही।
उन्होंने विदेशी और लग्जरी सामान की खरीद कम करने तथा Made in India उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील भी की। किसानों को सोलर पंप और प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह देते हुए ऊर्जा बचत पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक मजबूती में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है और सामूहिक प्रयास से भारत वैश्विक चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकता है।

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उत्तर प्रदेश में बुधवार की रात आफत बन कर गुजरी।बुधवार को आई तेज आंधी बारिश और ओलावृष्टि से हुई भारी तबाही से कम से कम 75 लोगों के मरने की और सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबर है।सड़क पर पेड़ गिरने,दीवार गिरने और बिजली गिरने से रेल यातायात, बिजली आपूर्ति और उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुईं, जिस पर सरकार ने तत्काल सहायता के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों पर बने चक्रवाती परिसंचरण व दक्षिणी राजस्थान से आ रही पुरवा हवा के कारण यूपी के कई जिलों में 100 किमी प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से आंधी चली। इस वजह से अलग-अलग जिलों में पेड़, दीवार, बिजली के खंभे और वज्रपात से कुल 75 लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हैं।

तेज आंधी-तूफान के कारण मिर्जापुर-भदोही से लेकर कानपुर देहात और कौशांबी तक बड़ी तबाही हुई है. बड़े-बड़े पेड़ उखड़ने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है।कई जगह बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए, वहीं कई जगह कच्चे घर जमींदोज हो गए. घरों की दीवारें गिरने की भी कई घटनाएं हुई हैं.मलबे में दबकर भी कई लोगों मौत की खबर है।

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ट्रंप के चीन पहुंचने से पहले जिनपिंग ने दिखाए तेवर, कहा-ये चार लाल रेखाएं पार मत करना

रूसी विदेश मंत्री ने की PM मोदी की खुलकर तारीफ, कहा- वह दुनिया के सबसे जीवंत नेताओं में एक, भारत की तेल सप्लाई नहीं रुकेगी

हरियाणा निकाय चुनाव: फिर खिला कमल, PM मोदी ने हरियाणा वासियों को दिया जीत का श्रेय

तमिलनाडु विधान सभा में जोसेफ विजय ने जीता विश्वास मत, TVK के पक्ष में 144 विधायकों ने किया मतदान

Jammu Breaking : सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने वाला गुरु ही निकला आतंकियों का मददगार, सुरक्षा एजेंसियों ने किया Arrest

सोना-चांदी खरीदना हुआ महंगा, सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी में की बढ़ोतरी, नई दरें लागू

UP में कुदरत का कहर: आंधी-तूफान और आसमानी बिजली ने मचाई भारी तबाही, 60 से अधिक लोगों की मौत

CM सुवेंदु को लगाया गले, सदन में बांटी मिठाइयां; हुमायूं में 360 डिग्री चेंज

अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक का निधन, लखनऊ के सिविल अस्पताल में थे भर्ती; पत्नी अपर्णा भाजपा नेता

प्रतीक यादव के शरीर पर 6 चोटों के निशान मिले, पोस्टमॉटर्म रिपोर्ट में खुलासा

सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू धर्म जीवन जीने का तरीका: सबरीमाला केस में कहा- हिंदू बने रहने के लिए मंदिर जाना जरूरी नहीं, घर में दीया जलाना भी काफी

पीएम के रूट पर विस्फोटक के बाद अब टाइमर मिला: दावा- आरोपी जोड़ नहीं पाए; 10 मई को मोदी बेंगलुरु गए थे

MP में शिक्षकों को TET पास करना ही होगा: सुप्रीम कोर्ट बोला- बिना परीक्षा कोई शिक्षक नहीं बन सकता, जो छूट मिलनी थी, मिल चुकी

NEET पेपर लीक, गुरुग्राम से BAMS स्टूडेंट पकड़ा: पूछताछ के लिए राजस्थान ले गई पुलिस; क्वेश्चन पेपर दूसरों तक पहुंचाने का शक

तमिलनाडु में विजय को समर्थन देना पड़ा भारी, AIADMK के बागी विधायकों पर ऐक्शन

कर्नाटक में अब हिजाब पहनकर भी जा सकेंगे स्कूल, बीजेपी सरकार के 2022 का फैसला कांग्रेस ने पलटा

पीएम मोदी ने अपने काफिले को छोटा करने का दिया निर्देश, सरकारी खर्च होगा कम

India Sugar Export Ban: भारत ने चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई, फैसला सितंबर तक रहेगा प्रभावी

खरीफ फसलों के लिए एमएसपी 2026-27 घोषित, धान के भाव में 72 रुपये की बढ़ोतरी

कैबिनेट के बड़े फैसले: पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड रेल, 50% ज्यादा MSP का ऐलान

जनता पर महंगाई की मार, 2 प्रति लीटर महंगा हुआ अमूल दूध

IPL 2026 : RCB ने KKR को 6 विकेट से हराया, विराट कोहली ने खेली शतकीय पारी...

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*1* पीएम की बचत की अपील, 11 राज्यों में असर, त्रिपुरा में 50% कर्मचारी ही ऑफिस आएंगे; आंध्र प्रदेश- सीएम का काफिला आधा हुआ

*2* केरलम में आज सीएम का ऐलान, दोपहर में विधायक दल की बैठक; 4 राज्यों में सीएम शपथ ले चुके, बस केरलम में बाकी

*3* नीट महाघोटाला: 10 राज्यों में बेचा गया लीक पेपर, सीबीआई की रडार पर पूरा सिंडिकेट

*4* कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम पुलिस ने आज फिर पूछताछ के लिए बुलाया, कल 10 घंटे तक किए थे सवाल-जवाब

*5* मेट्रो, बस, ई-रिक्शा से सफर करेंगे यूपी के मंत्री! वर्क फ्रॉम होम पर जोर; CM योगी ने दिए निर्देश

*6* खुशखबरी! भारत आ रहा 15वां LPG टैंकर, MV सनशाइन जहाज ने पार किया होर्मुज, भारतीय नौसेना कर रही मदद

*7* सुप्रीम कोर्ट बोला- देश में लेन ड्राइविंग का सिस्टम नहीं, ये हादसों की बड़ी वजह; राज्यों-UT को निर्देश- पब्लिक ट्रांसपोर्ट गाड़ियों में ट्रैकिंग डिवाइस लगवाएं

*8* भारत ने चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई, फैसला सितंबर तक रहेगा प्रभावी

*9* अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची दिल्ली पहुंच चुके हैं। लगभग 75 दिनों से जारी क्षेत्रीय संघर्ष के बाद अराघची की यह यात्रा कूटनीतिक हलकों में बड़ी हलचल पैदा कर रही है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी कर रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर एकजुटता का प्रदर्शन चाहता है।

*10* केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद को फिर मिला सेवा विस्तार, लगातार दूसरी बार बढ़ा कार्यकाल

*11* अमुल के बाद मदर डेयरी ने भी 2 रुपए लीटर बढ़ा दिए दूध के दाम, 14 मई से नई कीमतें होंगी लागू

*12* पुणे- अस्पताल के अंदर बम मिला, 7 घंटे का टाइमर लगा था; बम स्कॉड ने बाहर लाकर डिफ्यूज किया; ATS की जांच

*13* कर्नाटक स्कूलों में हिजाब बैन का आदेश वापस, 2022 में रोक लगी थी; नए आदेश में कलावा, रुद्राक्ष और जनेऊ की भी अनुमति

*14* उत्तरप्रदेश: प्रदेश में आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, 62 लोगों की दर्दनाक मौत; कई जिलों में पंगु हुई बिजली व्यवस्था

*15* कोहली के शतक से जीती बेंगलुरु, टेबल टॉपर बनी, कोलकाता को 6 विकेट से हराया; पडीक्कल ने 39 रन बनाए

*16* सोना 9,345 और चांदी 22,853 महंगी, इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% करने का असर, PM ने 3 दिन पहले कहा था- सोना न खरीदें

*17* ट्रम्प 8 साल बाद चीन दौरे पर पहुंचे, बेटा और बहू भी साथ; जाने से पहले बोले- ईरान जंग रुकवाने में चीन की मदद नहीं चाहिए
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मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के
प्रदीप-शुकदेव पांडेय् प्रांतीय सचिव मनोनीत किए गए।
कर्मचारियों के हितों के संरक्षण और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रांताध्यक्ष विजय मिश्रा का सराहनीय कदम है।

मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ द्वारा सांदीपनि शासकीय नंदराम चोपड़ा उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बदनावर जिला धार में कार्यरत व्याख्याता (उच्च पद प्रभार) श्री प्रदीप-शुकदेव पांडेय् को प्रांतीय सचिव मनोनीत किया गया है संगठनात्मक विस्तार एवं कर्मचारियों के विभागीय समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं उनके हितार्थ इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रदीप-शुकदेव पांडेय वरिष्ठ शिक्षक राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त होकर तृतीय वर्ग कर्मचारी कर्मचारी संघ के सदस्य हैं और उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों, सामाजिक सेवा के साथ काफी समय से कर्मचारी संगठनों के कार्यों में जुड़े हुए हैं उनके विभागीय कार्यों के अनुभव का लाभ कर्मचारियों के हितार्थ भी उपयोगी होगा। कर्मचारियों के हित के लिए वे सदैव खड़े होते हैं उनका मनोनयन किए जाने पर संघ के
प्रांताध्यक्ष विजय जी मिश्रा, प्रांतीय संरक्षक दीपक सुराणा, कैलाश चौधरी का आभार व्यक्त किया है।
इस अवसर पर श्री पांडेय् ने संघ नेतृत्व का आभार व्यक्त मानते हुए कहा कि वह संगठन के उद्देश्यों को मजबूती प्रदान करने वाले तथा कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ हर समय उपलब्ध रहेंगे। कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए वह सदैव तैयार हैं और कोई भी कर्मचारी उनसे अपनी विभागीय समस्याओं और हक के लिए संपर्क कर सकता है। वे सदैव उनकी सहायता के लिए तैयार रहेंगे। श्री पांडेय् के प्रांतीय सचिव नियुक्त होने पर संघ के धार जिला अध्यक्ष राकेशसिंह मेड़ा, प्रांतीय उपाध्यक्ष राजनाथ शर्मा, संभागीय अध्यक्ष संजय यादव, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष शारदा डोडवा, बदनावर तहसील अध्यक्ष नारायण चौधरी, पूर्व अध्यक्ष अरुण माथुर,जनपद शिक्षा केंद्र समन्वयक देवनारायण , गुजराती ,
ओ. पी. राठौर, प्राचार्य रियाजुउद्दीन शेख, हरिसिंह राठौर , जी. एल. सिर्वी , राकेश शर्मा, लिपिक वर्ग से जगदीश सोलंकी ,ऋषिराज शर्मा, अभय पाटीदार, प्रदीप धाकड़, प्रवीणसिंह चुंडावत सतीश मंडलोई, स्वास्थ्य विभाग से मालव राजपुरोहित , लोकेश वर्मा, शिक्षा विभाग से नरेंद्र चौहान , जितेंद्र रावल, अंकित जैन , जुगल किशोर प्रजापत,वैभव चौरड़िया, महेश चौहान, श्रीमती अनिता राठौर , शिखा कुशवाहा, भारती दादोरिया, शुभ्रा वर्मा, आरती उपाध्याय, मोहनलाल काग,नरेंद्र सिंह सिसोदिया,मेहमुद कुरेशी,दिनेश हारोड़, मुकेश पुरोहित,अक्षय शर्मा, भूपेंद्र रावल, हेमेंद्र नंदन सिंह शक्तावत, प्रदीप मारू,देवेंद्र माथुर, सुरेंद्रसिंह सोलंकी, अरूण देव , भेरूसिंह चौहान, डी. के. उपाध्याय, हितेन्द्र रावल, कालुराम मावी, गोपाल कौशल,महिला बाल विकास विभाग से श्रीमती सुनीता बैरागी,भावना व्यास,समग्र शिक्षक संघ के पदाधिकारी मुकेश पुरोहित, रामचंद्र जाट, रमेश राठौड़, राधेश्याम धाकड़, कांजी मुनिया,ने बधाई देकर प्रांतीय अध्यक्ष विजय मिश्रा ,संरक्षक दीपक सुराणा , कैलाश चौधरी पदाधिकारी का आभार माना है।

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बेगूसराय जिले के चेरिया बरियारपुर प्रखंड क्षेत्र में बुधवार को महंत हरे राम ठाकुर जी के नेतृत्व में हॉस्पिटल के पीछे पंचगछिया के समीप भव्य अष्टयाम महायज्ञ एवं अखंड सीताराम नाम जाप का आयोजन किया गया। 13 अप्रैल 2026 को आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर पूरे इलाके में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत कुंवारी कन्याओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश शोभायात्रा से हुई। सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ कन्याएं गाजे-बाजे और जय श्रीराम के जयघोष के बीच बुढ़ी गंडक नदी स्थित बाईरबा घाट पहुंचीं, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश में जल भरा गया। इसके बाद शोभायात्रा पुनः अष्टयाम स्थल पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना कर कलश स्थापित किया गया।

अष्टयाम स्थल पर अखंड सीताराम नाम जाप एवं कीर्तन शुरू होते ही पूरा पंचायत क्षेत्र भक्तिरस में डूब गया। चारों ओर भजन-कीर्तन और राम नाम की गूंज सुनाई देने लगी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देर रात तक पूजा-अर्चना में जुटी रही। आयोजकों द्वारा बताया गया कि यह अखंड कीर्तन एवं पूजा-पाठ चौबीस घंटे तक लगातार चलेगा, जिसके बाद विधिवत समापन किया जाएगा।

कार्यक्रम में भजन सम्राट महंत हरे राम ठाकुर, श्री राम ठाकुर, संदीप कुमार सोनू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वहीं समाजसेवी संदीप कुमार सोनू की ओर से कलश यात्रा में शामिल कुंवारी कन्याओं एवं श्रद्धालुओं के बीच रास्ते में ठंडा पानी, लस्सी एवं अन्य पेय पदार्थों का वितरण किया गया, जिसकी लोगों ने सराहना की।

शाम होते ही भजन संध्या का आयोजन भी शुरू हो गया, जहां कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।

रिपोर्ट अरुण साह, चेरिया बरियारपुर

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लखीमपुर खीरी। जिले में सार्वजनिक भूमि और चकरोडों पर हो रहे अवैध कब्जों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मंगलवार को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने तहसील धौरहरा की ग्रामसभा जटपुरवा पहुंचकर चकरोड अतिक्रमण प्रकरण की मौके पर जांच की। राजस्व टीम के साथ पहुंचे डीएम ने अभिलेखों और नक्शों का परीक्षण कर अधिकारियों को तत्काल कब्जामुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

जांच के दौरान गाटा संख्या 2025 में दर्ज सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़े तीन मामलों की सुनवाई राजस्व संहिता 2006 की धारा 67(5) के तहत जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में विचाराधीन पाई गई। डीएम ने मौके पर पहुंचकर नक्शा और अभिलेखों का बारीकी से निरीक्षण किया तथा राजस्व अधिकारियों से वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी से सीधे संवाद कर अपनी समस्याएं बताईं। ग्रामीणों का कहना था कि चकरोड पर अवैध कब्जों के कारण आवागमन बाधित हो रहा है और किसानों को खेतों तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मौके पर ही डीएम अंजनी कुमार सिंह ने नायब तहसीलदार को निर्देशित किया कि नक्शे में दर्ज चकरोड को तत्काल कब्जामुक्त कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक रास्तों और सरकारी भूमि पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान चलाकर चकरोड, खलिहान और अन्य सार्वजनिक भूमि पर हुए अतिक्रमणों को चिन्हित कर तत्काल हटवाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि शासन की प्राथमिकताओं में शामिल इस अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धौरहरा तहसील में कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना था कि अधिकांश शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता, जिससे फरियादियों को अपनी समस्या लेकर जिला मुख्यालय तक पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि तहसील क्षेत्र में कई सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई से बचते रहे हैं।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जिले में नए जिलाधिकारी के सक्रिय रुख के बाद अब अतिक्रमण के मामलों में प्रभावी कार्रवाई होगी और लोगों को राहत मिलेगी।

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कोंडागांव/जगदलपुर, छत्तीसगढ़।
बस्तर क्षेत्र में पारंपरिक संसाधनों के आधुनिक उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। अब तक केवल पारंपरिक पेय के रूप में पहचाने जाने वाले सल्फी (फिश टेल पाम) का उपयोग अब प्राकृतिक गुड़ (जैगरी) और साबूदाना निर्माण के लिए किया जाएगा।

वैज्ञानिक शोध एवं नवाचार के माध्यम से सल्फी के पेड़ से निकलने वाले मीठे रस को उबालकर उच्च गुणवत्ता वाला प्राकृतिक गुड़ तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही, पेड़ के तने के मध्य भाग (पिथ) से साबूदाना उत्पादन की भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल बस्तर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा वन आधारित आजीविका को बढ़ावा मिलेगा।

यह नवाचार बस्तर के पारंपरिक ज्ञान और प्राकृतिक संसाधनों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे भविष्य में यह क्षेत्र हरा सोना के रूप में उभर सकता है।

स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा इस दिशा में आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन प्रदान किए जाने की भी उम्मीद जताई जा रही है, ताकि इस पहल को व्यापक स्तर पर लागू किया जा सके।

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जौनपुर: पाल समाज के गौरव राजेश पाल की भतीजी रिया पाल ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से पूरे क्षेत्र और समाज का नाम रोशन किया है। हरिहर पब्लिक स्कूल, कुलहनमऊ की वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट परीक्षा में रिया ने 91.8% के शानदार अंकों के साथ विद्यालय के टॉप 10 मेधावियों में चौथा स्थान प्राप्त किया है।
रिया की इस ऐतिहासिक सफलता पर न केवल उनके परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि संपूर्ण पाल समाज आज अपनी इस बेटी की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है। ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बावजूद रिया ने यह साबित कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो आसमान की ऊंचाइयों को छूना नामुमकिन नहीं है।
मुख्य विवरण:
छात्रा का नाम: रिया पाल
पिता/अभिभावक: राजेश पाल (भतीजी)
विद्यालय: हरिहर पब्लिक स्कूल, कुलहनमऊ, जौनपुर
प्राप्तांक: 91.8% (चतुर्थ स्थान)
उनकी इस स्वर्णिम सफलता पर विद्यालय परिवार, सगे-संबंधियों और समाज के प्रबुद्ध जनों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। रिया पाल की यह उपलब्धि समाज की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा का एक नया स्रोत बनेगी।

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शहापूर साजिद शेख
ठाणे जिल्हा प्रतिनिधी

राज्यात दिवसेंदिवस उन्हाचा तडाखा वाढत असताना सर्वसामान्य नागरिकही उष्णतेने त्रस्त झाले आहेत. अशा परिस्थितीत मुरबाड तालुक्यातील एका मतिमंद निवासी विद्यालयातील २५ विद्यार्थी जवळपास दोन महिन्यांपासून तीव्र पाणीटंचाईचा सामना करत आहेत. मार्च महिन्यापासून विद्यालयाची बोअरवेल कोरडी पडल्याने संस्थेवर टँकरच्या पाण्यावर अवलंबून राहण्याची वेळ आली आहे. मात्र, देणगी आणि सामाजिक मदतीवर चालणाऱ्या या संस्थेसाठी दररोजचा टँकर खर्च पेलणे कठीण बनले आहे.

मुरबाड तालुक्यातील माळ गावात अवनि मतिमंद मुलांचे निवासी विद्यालय कार्यरत आहे. आदिवासी आणि दुर्गम भागातील विशेष मुलांचे संगोपन, शिक्षण आणि निवासाची जबाबदारी ही संस्था गेल्या वीस वर्षांपासून सांभाळत आहे. १४ ते ५४ वयोगटातील २५ विद्यार्थी येथे वास्तव्यास असून, अनेक मुलांना स्वतःची तहान, वेदना किंवा अस्वस्थता व्यक्त करणेही शक्य नाही. वाढत्या उष्णतेमध्ये पाण्याअभावी या मुलांच्या आरोग्याचा प्रश्न अधिक गंभीर बनला आहे. विद्यालय परिसरातील बोअरवेल १५ मार्चपासून पूर्णपणे आटली आहे. त्यामुळे पिण्याचे पाणी, स्वयंपाक, आंघोळ, कपडे धुणे आणि स्वच्छतेसाठी दररोज टँकर मागवावा लागत आहे. एका टँकरसाठी सुमारे १५०० रुपयांचा खर्च येत असून, संस्थेच्या मर्यादित आर्थिक साधनांवर हा अतिरिक्त भार पडत आहे.

आतापर्यंत १० ते १२ सामाजिक संस्थांनी टँकरसाठी मदत केली आहे. मात्र, ही मदत तात्पुरती असल्याचे संस्थेकडून सांगण्यात आले. विशेष मुलांच्या निवासी विद्यालयात स्वच्छता आणि पाण्याचे महत्त्व अधिक असते. अनेक विद्यार्थ्यांना स्वतःची वैयक्तिक स्वच्छता राखण्यासाठी मदतीची आवश्यकता असते. अशा परिस्थितीत पाण्याचा तुटवडा निर्माण झाल्यास डीहायड्रेशन आणि आरोग्याच्या इतर समस्या उद्भवण्याची भीती संस्थेकडून व्यक्त करण्यात येत आहे. दरम्यान, संस्थेने ग्रामसेवक तसेच संबंधित प्रशासनाकडे वारंवार पाठपुरावा केला. मात्र, अद्याप कोणताही ठोस प्रतिसाद मिळाला नसल्याचे संस्थेचे म्हणणे आहे. याबाबत व्यवस्थापक यांना विचारले असता मार्च महिन्यापासून बोअरचे पाणी पूर्णपणे आटले आहे. पिण्याचे पाणी, आंघोळ, कपडे धुणे तसेच स्वच्छतेसाठी मोठ्या प्रमाणात पाण्याची आवश्यकता असते. पाणी उपलब्ध नसल्यास मुलांना डीहायड्रेशनसारख्या गंभीर समस्यांचा सामना करावा लागू शकतो अशी प्रतिक्रिया दिली ऋषिकेश इरकशेट्टी, व्यवस्थापक

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धर्मांतरण मामले की आरोपी निदा खान को कथित तौर पर पनाह देना एमआईएम नगरसेवक मतीन पटेल को भारी पड़ गया। महापालिका ने नारेगांव इलाके में स्थित उनके दो घरों और एक कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए।
सुबह 6 बजे भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच महापालिका की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से कार्रवाई शुरू की। इस दौरान इलाके में तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला।
सबसे हैरान करने वाला पल तब आया जब मतीन पटेल की पत्नी और उनकी 6 साल की बेटी ने कार्रवाई करने पहुंचे अधिकारियों का फूल देकर स्वागत किया। बच्ची ने अधिकारियों को संविधान की प्रति सौंपते हुए पूरे शहर में ऐसी कार्रवाई करने की मांग की।
गौरतलब है कि नाशिक धर्मांतरण प्रकरण की आरोपी निदा खान को आश्रय देने के आरोपों के बाद महापालिका ने मतीन पटेल की तीन संपत्तियों को अवैध बताते हुए नोटिस जारी किए थे। समयसीमा समाप्त होने के बाद आखिरकार बुलडोजर कार्रवाई की गई।

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बांबरुड (राणीचे) विविध कार्यकारी सहकारी सोसायटीच्या नवीन वास्तूची लोकार्पण सोहळा उत्साहात साजरा,
पाचोरा प्रतिनिधी
(जिल्हाध्यक्ष किरण अशोक सुर्यवंशी )
बांबरूड राणिचे (ता.पाचोरा)दि.१३ मे २०२६
बांबरुड राणीचे येथील विविध कार्यकारी सहकारी सेवा संस्थेच्या रेशन दुकानाच्या नूतन व स्वतंत्र लोकार्पण सोहळा आज रोजी माजी आमदार दिलीप भाऊ वाघ यांच्या हस्ते उद्घाटन; करण्यात आले तसेच पिटीसी चेअरमन नानासाहेब संजय वाघ अध्यक्षस्थानी होते
पाचोरा-भडगाव विधानसभा क्षेत्राचे माजी आमदार भाऊसाहेब श्री. दिलीप वाघ यांच्या शुभहस्ते नवीन इमारतीचे फीत कापून उद्घाटन करण्यात आले.
कार्यक्रमाच्या अध्यक्षस्थानी पाचोरा तालुका शिक्षण संस्थेचे (पी.टी.सी.) चेअरमन नानासाहेब श्री. संजय ओंकार वाघ हे होते. यावेळी दगाजी वाघ, माझी पंचायत समिती गटनेता ललित वाघ, प्रदीप वाघ, मनोज वाघ, अनिल पाटील, पिंटू दारकोंडे, खलील देशमुख, बुर्हाण तडवी आदी मान्यवर उपस्थित होते.
संस्थेच्या माध्यमातून सभासद व रेशन कार्डधारकांना अधिक चांगल्या सोयी-सुविधा उपलब्ध व्हाव्यात या उद्देशाने स्वतंत्र व प्रशस्त वास्तूची उभारणी करण्यात आली आहे.
व्यासपीठावरील प्रमुख उपस्थिती
या सोहळ्याला संस्थेचे चेअरमन श्री. माणिक विठ्ठल शिंदे, व्हाईस चेअरमन श्री. निवृत्ती शामराव सुर्यवंशी तसेच ज्येष्ठ संचालक आप्पासाहेब श्री. रविंद्र मुरलीधर पाटील यांच्यासह संस्थेचे संपूर्ण संचालक मंडळ उपस्थित होते.
यामध्ये सर्वश्री :
मधुकर ओंकार वाघ
राजेंद्र जयराम जगताप
अशोक रामदास दारकोंडे
ईश्वर सिताराम वाघ
मनोज बंडू कानेटकर
रविंद्र माणीक गोराडे
महारु रामा वडेर
उस्मान कालेखान मेवाती
महादु वना कोकणे
सौ. छाया रविंद्र पाटील
सौ. सुरेखा प्रकाश पाटील
कर्मचारी वर्गाचे विशेष परिश्रम
हा सोहळा यशस्वी करण्यासाठी आणि नूतन वास्तूच्या नियोजनासाठी संस्थेचे सचिव श्री. राजेंद्र वनाजी सोनार, धान्य दुकान प्रमुख श्री. आनंदा बळीराम साळुंखे, खत विभागाचे श्री. किशोर रमेश पाटील, मुख्य लिपीक श्री. रईस सत्तार पिंजारी तसेच शिपाई श्री. विजय चिंधा पाटील यांनी विशेष परिश्रम घेतले.
नवीन व प्रशस्त वास्तूमुळे गावातील नागरिकांना अन्नधान्य वितरण अधिक सुरळीत व वेळेवर होण्यास मदत होईल, असा विश्वास संचालक मंडळाने व्यक्त केला. कार्यक्रमाला बांबरुड (राणीचे) परिसरातील शेतकरी, विकास सोसायटीचे सभासद आणि ग्रामस्थ मोठ्या संख्येने उपस्थित होते.

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भारत की जनता स्वभाव से भावुक और बड़ी भोली है। यहाँ प्रेम और विश्वास की पराकाष्ठा यह है कि जब देश का मुखिया (अभिभावक) कुछ कहता है, तो लोग उसे तर्क की कसौटी पर कसने के बजाय आस्था के साथ स्वीकार कर लेते हैं। चाहे वह नोटबंदी की कतारों में खड़ा होना हो, थाली बजाना हो या अब देशहित के नाम पर अपनी बुनियादी जरूरतों (सोना, पेट्रोल-डीजल) में कटौती करना हो। पटोरी के बाजार से लेकर दिल्ली के गलियारों तक, जनता तो अपनी 'ईमानदारी' निभा रही है, लेकिन क्या व्यवस्था भी उतनी ही ईमानदार है?

आजकल सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारों और चकाचौंध को 'तरक्की' का पैमाना मान लिया गया है। भारतीय मीडिया जिस खुशहाली की तस्वीर पेश कर रहा है, वह असल में एक 'ईएमआई (EMI) इकोनॉमी' पर टिकी है। मिडिल क्लास कहलाने वाला व्यक्ति आज अंदर से खोखला हो चुका है। पटोरी जैसे छोटे शहरों के मध्यमवर्गीय परिवारों की हकीकत यह है कि बाहर से वे 'ऑल इज वेल' दिखते हैं, लेकिन घर में अचानक आई कोई चिकित्सीय आपदा या विपत्ति उनके खाते का सच उजागर कर देती है। जिनके पास 25 हजार रुपये की तत्काल बचत नहीं, वे भी व्यवस्था के द्वारा परोसे गए 'फील गुड' के नशे में जीने को मजबूर हैं।

"किताबों में दर्ज है कि देश तरक्की कर रहा है,जरा बाहर निकलकर पूछो, कितनों का घर कर्ज पर चल रहा है।"

हाल ही में प्रधानमंत्री जी ने जनता से अपील की कि देशहित में पेट्रोल-डीजल और सोने का उपयोग कम करें। जनता ने इसे भी मान लियाबाजारों में सन्नाटा पसरा, व्यापार प्रभावित हुआ। लेकिन सवाल यहाँ चुभता है: "जब घर का मुखिया बच्चों को संयम का पाठ पढ़ा रहा हो, तो क्या उसे खुद विलासिता में डूबे रहना शोभा देता है?"

एक तरफ आम आदमी को अपनी छोटी-सी बाइक के लिए ईंधन बचाने को कहा जाता है, तो दूसरी तरफ नेताओं और मंत्रियों के पीछे दौड़ता गाड़ियों का विशाल काफिला उसी जनता का मुँह चिढ़ाता है। सरकारी खजाने का यह फिजूलखर्च उस जनता के गाल पर तमाचा है, जो खुद तंगी में रहकर 'राष्ट्र निर्माण' का बोझ ढो रही है।

विकास के दावों की पोल खोलते प्रोजेक्ट्स की बात करें, तो दरभंगा एम्स (AIIMS) इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। बिना बाउंड्री वॉल के करोड़ों का 'गेट' खड़ा कर देना किसी मजाक से कम नहीं लगता। जिस प्रदेश के युवा पलायन के दंश को झेल रहे हों, जहाँ बेरोजगारी की मार से दूसरे राज्यों में लोग लाठियां खा रहे हों और हीन दृष्टि से देखे जा रहे हों, वहाँ प्रधानमंत्री का चुनावी मंच से "अरवा-उसना चावल" की बात करना हास्यास्पद और दुर्भाग्यपूर्ण है। बिहार को उद्योगों की जरूरत थी, रोजगार के अवसर चाहिए थे, न कि राशन की श्रेणियों का चुनावी वर्गीकरण।

किसी भी घर का संस्कार उसके मुखिया से तय होता है। अगर घर का बड़ा सदस्य त्याग और शुचिता का दिखावा करे लेकिन भीतर से भोग-विलास में लिप्त हो, तो वह भावी पीढ़ी का भरोसा खो देता है। यही बात देश पर लागू होती है। देश का प्रधानमंत्री सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि देश का 'गार्जियन' होता है।

पटोरी की सड़कों पर मशाल लेकर निकलने वाला युवा हो या खेती में पसीना बहाता किसान, वे अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। वे पेट्रोल भी कम जला लेंगे और खुशियों की चाहत में सोना भी कम खरीदेंगे, बशर्ते उन्हें यह विश्वास हो कि उनके द्वारा बचाया गया एक-एक पैसा मंत्रियों की सुख-सुविधा पर नहीं, बल्कि देश के भविष्य पर खर्च होगा।

सत्ता को यह समझना होगा कि जनता की 'भोलभाली आस्था' को उसकी कमजोरी न समझा जाए। न्याय और विकास केवल भाषणों और विज्ञापनों में नहीं, बल्कि आम आदमी की जेब और उसकी आत्मा के सुकून में दिखना चाहिए। जब तक व्यवस्था खुद में सुधार नहीं लाएगी, तब तक जनता से त्याग की उम्मीद करना केवल एक छलावा ही कहलाएगा।

और अंत में मेरा मानना है कि -----
"पटोरी को सड़कों से उठाती आवाजें केवल व्यवस्था के खिलाफ नहीं बल्कि उस खोखली व्यवस्था को एक चेतावनी है जो जनता की आस्था को उनकी कमजोरी समझ बैठी है ।अगर गार्जियन ( अभिभावक ) की थाली सोने की हो और बच्चों को संयम का पाठ पढ़ाया जाय , तो विद्रोह का जन्म होना निश्चित है ।"

मनीष सिंह
शाहपुर पटोरी
@ManishSingh_PT

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स्वर्गीय माजी आमदार ओंकार वाघ यांना जयंती निमित्त विनम्र अभिवादन करण्यात आले.

पाचोरा प्रतिनिधी
( जिल्हाध्यक्ष किरण अशोक सुर्यवंशी)

बांबरूड राणिचे (ता.पाचोरा)ता.१३ खान्देश चा ढाण्या वाघ अशी ओळख असलेले पाचोरा विधानसभा मतदारसंघाचे माजी आमदार सहकार महर्षी लोकनेते स्वर्गीय आमदार ओंकार नारायण वाघ यांच्या ९४व्या जयंती दिनानिमित्त त्यांच्या राणीचे बांबरुड येथे असलेल्या शक्तिस्थळाला त्यांच्या वरती प्रेम करणाऱ्या असंख्य प्रेमी जणांनी त्यांच्या पावन प्रतिमेस व स्मृतीस विनम्र अभिवादन करून भावपूर्ण आदरांजली अर्पण केली. याप्रसंगी संस्थेचे जेष्ठ संचालक खलील दादा मिया देशमुख यांनी स्वर्गीय आमदार ओंकार वाघ यांच्या राजकीय सामाजिक शैक्षणिक सहकार क्षेत्राच्या कार्याचा गुणगौरव केला याप्रसंगी पाचोरा तालुका सहकारी शिक्षण संस्थेचे अध्यक्ष जिल्हा दूध संघाचे संचालक माजी आमदार दिलीप वाघ ,संस्थेचे चेअरमन संजय वाघ, व्हॉइस चेअरमन विलास जोशी ज्येष्ठ संचालक दगाजी वाघ सतीश चौधरी जगदीश सोनार प्रा. भागवत मालपुरे, अनिल पाटील, प्रकाश पाटील, संजय कुमावत, ललित वाघ, भूषण वाघ, आकाश वाघ , मनोज वाघ शांताराम चौधरी, सी. एन. चौधरी, बी.एस. पाटील, प्राचार्य डी. व्हि. पाटील ,प्राचार्य वासुदेव वले, प्राचार्य शिरीष पाटील, प्राचार्य बी.एन. पाटील, एन. आर. पाटील ,प्राचार्य नाना गायकवाड ,ए. बी. अहिरे, प्रताप सूर्यवंशी ,सुधीर पाटील, विश्वास साळुंखे संस्थेचे सर्व संचालक पदाधिकारी प्राचार्य मुख्याध्यापक उपमुख्याध्यापक शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी कार्यकर्ते मोठ्या संख्येने उपस्थित होते.

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ਸੇਵਾ ਵਿਖੇ
1. ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਸਾਹਿਬ, ਡੀਸੀ ਆਫਿਸ, ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ
2. ਐਗਜ਼ੀਕਿਊਟਿਵ ਆਫਿਸਰ (E.O.),ਮਿਊਨਿਸਪਲ ਕਮੇਟੀ ਧਾਰੀਵਾਲ, ਜਿਲ੍ਹਾ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ, ਪੰਜਾਬ।
ਵਿਸ਼ਾ:-ਡੱਡਵਾਂ ਰੋਡ ਗੋਲਡਨ ਐਵੇਨਿਊ, ਧਾਰੀਵਾਲ ਸਹਿਰ ਜਿਲ੍ਹਾ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਬੁਨਿਆਦੀ ਸਹੂਲਤਾਂ ਦੀ ਭਾਰੀ ਘਾਟ, ਬਾਰੇ ਤੁਰੰਤ ਮੁਰੰਮਤ ਲਈ ਸ਼ਿਕਾਇਤ:-
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ/ਮਹੋਦਏ ਜੀ
ਮੈਂ ਇਸ ਚਿੱਠੀ ਰਾਹੀਂ ਡੱਡਵਾਂ ਰੋਡ ਗੋਲਡਨ ਐਵੇਨਿਊ, ਧਾਰੀਵਾਲ ਵਾਸੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਇੱਕ ਗੰਭੀਰ ਸਮੱਸਿਆ ਤੁਹਾਡੇ ਧਿਆਨ ਵਿਚ ਲਿਆਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ।
ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਸਥਾਨਕ ਨਿਵਾਸੀਆਂ ਵਿੱਚ ਗੁੱਸਾ ਧਾਟੀਵਾਲ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿੱਚ ਡੱਡਵਾਂ ਰੋਡ ਖੇਤਰ ਗੋਲਡਨ ਐਵਿਨਿਊ ਅੰਦਰੂਨੀ ਸੜਕ ਦੀ ਹਾਲਤ ਕਾਫ਼ੀ ਵਿਗੜ ਗਈ ਹੈ। ਇਸ ਖੇਤਰ ਦੀ ਸੜਕ ਨਾ ਤਾਂ ਚੰਗੀ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਹੈ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਢੁਕਵੀਂ ਰੋਸ਼ਨੀ ਵਾਲੀ ਹੈ। ਨਤੀਜੇ ਵਜੋਂ, ਸਥਾਨਕ ਨਿਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਕਾਫ਼ੀ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ। ਸਥਾਨਕ ਨਿਵਾਸੀਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਸੜਕ ਨੂੰ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਅਣਗੌਲਿਆ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਹਰ ਪਾਸੇ ਇੱਟਾ ਟੁਟੀਅ ਅਤੇ ਟੋਏ ਪਏ ਹੋਏ ਹਨ, ਗਲ੍ਹੀ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜਣ ਨਾਲ ਗੰਦਗੀ ਅਤੇ ਬਦਬੂ ਆਉਂਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਇਹ ਇਲਾਕਾ ਸਮਾਜ ਵਿਰੋਧੀ ਅਨਸਰਾਂ ਲਈ ਪਨਾਹਗਾਹ ਬਣਦਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨਾਲ ਰਹਿਣ ਵਾਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਅਸੁਰੱਖਿਆ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਵਧ ਰਹੀ ਹੈ। ਰਾਤ ਨੂੰ ਸਟਰੀਟ ਲਾਈਟਾਂ ਦੀ ਘਾਟ ਸਥਿਤੀ ਨੂੰ ਹੋਰ ਵੀ ਵਿਗੜਦੀ ਹੈ। ਹਨੇਰੇ ਦਾ ਫਾਇਦਾ ਉਠਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਸਮਾਜ ਵਿਰੋਧੀ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਦਾ ਖ਼ਤਰਾ ਹੈ। ਸਥਾਨਕ ਨਿਵਾਸੀਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਕਰਨ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ, ਕੋਈ ਠੋਸ ਕਾਰਵਾਈ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ, ਬੱਚਿਆਂ ਅਤੇ ਬਜ਼ੁਰਗਾਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਬਾਰੇ, ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਨੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਦਖਲ ਦੇਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਗਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕੀਆਂ ਸੜਕਾਂ, ਨਿਯਮਤ ਕੂੜੇ ਦੀ ਸਫਾਈ ਅਤੇ ਸਹੀ ਸਟਰੀਟ ਲਾਈਟਿੰਗ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ। ਸਥਾਨਕ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ ਹੈ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸਮੱਸਿਆ ਦਾ ਜਲਦੀ ਹੱਲ ਨਾ ਹੋਇਆ ਤਾਂ ਉਹ ਇਸ ਮੁੱਦੇ ਨੂੰ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ 'ਤੇ ਉਠਾਉਣ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਹੋਣਗੇ।
ਹਰਬੰਸ ਸਿਘ, ਸਲਾਹਕਾਰ*
ਸਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਪੰਜਾਬ,
ਗੋਲਡਨ ਐਵੇਨਿਊ, ਡੱਡਵਾਂ ਰੋਡ, ਧਾਰੀਵਾਲ,
ਤਹਿਸੀਲ ਤੇ ਜਿਲ੍ਹਾ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ- 143519
ਮੋਬਾਈਲ ਨੰਬਰ: +91-8054400953,9463467005

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जुगसलाई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'आर्थिक देशभक्ति' के तहत ईंधन बचाने की अपील के बाद जनता के बीच तेल की कमी को लेकर डर और अफवाहों का माहौल बन गया है। जुगसलाई के पेट्रोल पंपों पर स्थिति गंभीर नजर आ रही है जहां स्थानीय लोगों ने बताया कि दोपहिया वाहनों को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल दिया जा रहा है जबकि चौपहिया वाहनों के लिए भी तेल की सीमा निर्धारित की गई है।

सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई आधिकारिक कमी नहीं है और भारत के पास आगामी जरूरतों के लिए पर्याप्त ईंधन स्टॉक उपलब्ध है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और स्थिति को समझदारी से संभालें।

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नई दिल्ली: ऑल इंडिया फार्मासिस्ट फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद नदीम कुरैशी ने 20 मई को प्रस्तावित देशव्यापी मेडिकल स्टोर बंद और दवा हड़ताल का कड़ा विरोध किया है। फेडरेशन ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, जैसे ईरान-अमेरिका संघर्ष और पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत में दवा सेवाओं का बाधित होना राष्ट्रीय हित और जनस्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।

फेडरेशन ने बताया कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, दवाओं के कच्चे माल और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से संयम बरतने और राष्ट्रीय एकजुटता बनाए रखने की अपील की है। मोहम्मद नदीम कुरैशी ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, फार्मेसी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि फार्मासिस्ट प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवर हैं, जिनका पहला कर्तव्य मरीजों को सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने फार्मासिस्टों से अपील की कि वे किसी भी आंदोलन का हिस्सा न बनें जो दवा संकट या चिकित्सीय आपातकाल उत्पन्न कर सकता हो। उन्होंने कहा कि विरोध का अधिकार है परंतु वह शांतिपूर्ण और संवैधानिक होना चाहिए ताकि आम जनता और स्वास्थ्य व्यवस्था को नुकसान न पहुंचे। फेडरेशन ने केंद्र और राज्य सरकारों से स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए सभी पक्षों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित करने का आग्रह किया है।

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झालावाड़ के खानपुर इलाके में सांसद दुष्यंत सिंह ने जनसंवाद यात्रा के दौरान कहा कि सच्चा जन प्रतिनिधि वह है जो जनता से झूठ न बोले और गुमराह न करे। यह बात उन्होंने पांचवें चरण की यात्रा के तीसरे दिन सोजपुर में आयोजित जनसभा में कही।सांसद सिंह ने कहा कि जनता ने उन्हें लगातार पांचवीं बार संसद में पहुंचाया है, इसलिए उनका फर्ज है कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करें। उन्होंने झूठे वादे करने से इनकार करते हुए कहा कि वे वही बात कहेंगे जो संभव हो। ग्रामीणों ने उन्हें सीमलखेड़ी से परवन बांध तक की सड़क के जर्जर होने की जानकारी दी।इस पर सांसद ने पीडब्ल्यूडी और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल से सड़क के पुनर्निर्माण की योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में हुई गड़बड़ियों की जांच कर उनके समाधान के भी निर्देश दिए।सांसद सिंह ने सोजपुर में सामुदायिक भवन निर्माण और सहकारी भवन के विस्तार के लिए अपने कोष से राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बोरखेड़ी और तारज की परवन बांध की डूब में गई भूमि का मुआवजा दिलाने के निर्देश भी दिए।सांसद सिंह ने सोजपुर में सामुदायिक भवन निर्माण और सहकारी भवन के विस्तार के लिए अपने कोष से राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बोरखेड़ी और तारज की परवन बांध की डूब में गई भूमि का मुआवजा दिलाने के निर्देश भी दिए।aimamediajhalawar

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झालावाड़ में युवाओं को सरकारी व्यवस्थाओं से जोड़ने और उन्हें व्यावहारिक अनुभव देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में माय भारत और जिला रसद अधिकारी कार्यालय द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में एक्सपीरियंस लर्निंग प्रोग्राम (ईएलपी) का शुभारंभ किया गया। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम के तहत युवाओं को पीडीएस प्रणाली की कार्यप्रणाली, खरीद प्रक्रिया, गोदाम प्रबंधन और लाभार्थी सहायता जैसी व्यवस्थाओं का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को पीडीएस प्रणाली की जमीनी कार्यप्रणाली से परिचित कराना है, ताकि वे सरकारी योजनाओं और वितरण प्रणाली को बेहतर तरीके से समझ सकें। इसके तहत 7 माय भारत वॉलंटियर्स को विभिन्न प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।प्रशिक्षण के पहले चरण में प्रतिभागियों को पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही प्रोक्योरमेंट यानी खरीद प्रणाली, किसान पंजीकरण, सत्यापन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और प्रोक्योरमेंट सेंटर की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया गया।पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को पंजीकरण प्रक्रिया, प्रोक्योरमेंट सेंटर संचालन, गोदाम प्रबंधन, स्टॉक सत्यापन, दस्तावेजीकरण और लाभार्थी सहायता जैसी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी कराया जाएगा।प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये वॉलंटियर्स विभागीय कार्यों में सहयोग जनगणना-2027 को लेकर झालावाड़ में डिजिटल जागरूकता बढ़ाने की दिशा में बुधवार को स्व-जनगणना एवं डिजिटल जनगणना विषय पर महत्वपूर्ण वेबिनार आयोजित किया गया। जिला प्रशासन और भारत विकास परिषद, झालावाड़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस वेबिनार में जिलेभर से जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक ऑनलाइन सहभागिता की।करते हुए जनहित से जुड़े कार्यों में भी अपनी भूमिका निभाएंगे।aimamediajhalawar

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ಕಲಬುರಗಿ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಅಫಜಲಪುರ ತಾಲೂಕಿನ ಸಂಗಾಪುರ್ ಗ್ರಾಮದಲ್ಲಿ ರಸ್ತೆ ಸಮಸ್ಯೆ ದಿನದಿಂದ ದಿನಕ್ಕೆ ತೀವ್ರವಾಗುತ್ತಿದೆ. ಗ್ರಾಮಸ್ಥರು, ಅದರಲ್ಲೂ especially ಪಂಚಾಯಿತಿ ಸದಸ್ಯರು ಮತ್ತು ಮೆಂಬರ್ಗಳ ನಿರ್ಲಕ್ಷ್ಯದಿಂದ ರಸ್ತೆ ಸಂಪೂರ್ಣ ಹದಗೆಟ್ಟಿ ವಾಹನ ಸಂಚಾರ ಮತ್ತು ಸಾರ್ವಜನಿಕರ ಓಡಾಟಕ್ಕೆ ದೊಡ್ಡ ತೊಂದರೆ ಉಂಟಾಗಿದೆ ಎಂದು ಆಕ್ರೋಶ ವ್ಯಕ್ತಪಡಿಸಿದ್ದಾರೆ.

ಮಳೆ ಬಂದಾಗ ರಸ್ತೆ ಕಳವಳದಿಂದ ಕೆಸರುಗದ್ದೆಯಾಗಿ ಪರಿವರ್ತನೆಯಾಗುತ್ತಿದ್ದು, ಶಾಲಾ ಮಕ್ಕಳು, ರೈತರು ಮತ್ತು ಸಾರ್ವಜನಿಕರು ಪ್ರತಿದಿನದ ಸಂಚಲನೆಗೆ ಕಷ್ಟ ಅನುಭವಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ. ಹಲವಾರು ಸಲ ಈ ಸಮಸ್ಯೆಯನ್ನು ಅಧಿಕಾರಿಗಳ ಗಮನಕ್ಕೆ ತಂದರೂ ಯಾವುದೇ ರೀತಿಯ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಕಾಮಗಾರಿ ನಡೆಯಿಲ್ಲ ಎಂಬುದನ್ನು ಗ್ರಾಮಸ್ಥರು ಖಚಿತಪಡಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಸಾರ್ವಜನಿಕರು ಪಂಚಾಯಿತಿ ಅಧಿಕಾರಿಗಳು ಮತ್ತು ಜನಪ್ರತಿನಿಧಿಗಳು ತಕ್ಷಣ ಸಮರ್ಥ ಕ್ರಮ ಕೈಗೊಳ್ಳಬೇಕು ಎಂದು ಒತ್ತಾಯಿಸಿದ್ದಾರೆ.

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कल्पना कीजिए,समुद्र के ऊपर तूफान से पहले की वह भारी खामोशी, जो किसी बड़ी उथल-पुथल का संकेत दे रही हो।
जब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रधान 24 घंटे में दो बार 'संयम' की गुहार लगाए, तो समझ लीजिए कि बात सिर्फ तेल की चंद बूंदों की नहीं है। यह उस 'आर्थिक महायुद्ध' की तैयारी है जिसकी धमक अभी आम कानों तक नहीं पहुँची है।
वडोदरा की धरती से उठी यह अपील दरअसल भारत के 'इकोनॉमिक डिफेंस सिस्टम' को एक्टिवेट करने का बटन है।
आखिर ऐसा क्यों?
प्रधानमंत्री की नजर पेट्रोल पंपों पर नहीं, बल्कि रिजर्व बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार पर है। भारत अपना तेल 'डॉलर' देकर खरीदता है। पश्चिम एशिया में तनाव का मतलब है डॉलर का महंगा होना।
इसे ऐसे समझिए कि आपके घर का एक 'खास बटुआ' है जिससे आप बाहर से जरूरी दवाइयां मंगाते हैं। अगर आप सारा पैसा अभी महंगे पेट्रोल और सोने में फूंक देंगे, तो कल को मुसीबत पड़ने पर बटुआ खाली मिलेगा। 'सोना न खरीदने' की अपील इसी बटुए (विदेशी मुद्रा) को बचाने की एक 'सर्जिकल स्ट्राइक' है।
दुनिया के तेल का गला 'Strait of Hormuz' में दबा है। अगर यहाँ एक भी मिसाइल गिरी, तो दुनिया की तेल सप्लाई चेन टूट जाएगी।. मान लीजिए आपके मोहल्ले की वह इकलौती दुकान बंद होने वाली है जहाँ से पूरे मोहल्ले का राशन आता है। प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि "तेल कम जलाओ" और "कार पूल करो", ताकि जो राशन (तेल) हमारे पास पहले से जमा है, वह लंबे समय तक चले और हम मुश्किल वक्त के लिए तैयार रहें।
'वर्क फ्रॉम होम' का सुझाव भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक 'स्ट्रेस टेस्ट' है। यह देखना है कि क्या संकट के समय देश की उत्पादकता सड़कों के बजाय इंटरनेट पर सुरक्षित रह सकती है?
यह एक तरह की 'तूफान से पहले की ड्रिल' है। अगर कल को बाहर हालात ज्यादा बिगड़ते हैं, तो क्या हमारा काम और रोजगार घर बैठे सुरक्षित रह सकता है? यह खुद को आत्मनिर्भर बनाने का अभ्यास है।
जब वैश्विक व्यापार मार्ग असुरक्षित होते हैं, तो 'ग्लोबलाइजेशन' फेल हो जाता है। ऐसी स्थिति में केवल वही देश बचेंगे जो स्थानीय स्तर पर मजबूत होंगे।
जब मोहल्ले में लड़ाई हो, तो बाहर की दुकानों के भरोसे रहना जोखिम भरा है। अपने घर (देश) में बनी चीजों का इस्तेमाल करना अब केवल देशभक्ति नहीं, बल्कि 'जिंदा रहने की जरूरत' बन गई है।
यह अपील किसी सरकार की कमजोरी नहीं, बल्कि एक उभरती हुई महाशक्ति की 'रणनीतिक दूरदर्शिता' है।
प्रधानमंत्री जानते हैं कि भविष्य में युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि आपकी जेब और रसोई के बजट पर लड़े जाएंगे। आज जब पश्चिम एशिया का आसमान बारूद की गंध से भारी है, तब भारत अपने नागरिकों को एक 'उपभोक्ता' से बदलकर एक 'आर्थिक योद्धा' में तब्दील कर रहा है।
यह उस अनुशासन का आह्वान है, जहाँ एक आम नागरिक द्वारा बचाया गया पेट्रोल का एक कतरा और घर की तिजोरी में न खरीदा गया सोने का एक टुकड़ा, देश की साख के लिए कवच बनेगा। यह वक्त सुख-सुविधाओं के विस्तार का नहीं, बल्कि राष्ट्र की जड़ों को इतना गहरा करने का है कि वैश्विक अस्थिरता की कोई भी आंधी Iron हिला न सके।
हमे उम्मीद है जब दुनिया युद्ध की आग में ईंधन तलाश रही होगी, तब भारत अपने संयम और समझदारी से आत्मनिर्भरता का नया इतिहास लिख रहा होगा

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विश्वविद्यालय की भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण-कार्य रोकने एवं दोषियों पर कार्रवाई हेतु जिलाधिकारी को भेजा गया पत्र

विश्वविद्यालय द्वारा होमगार्ड को किराए पर दी गई भूमि पर डीएम के नाम का हवाला देकर किया जा रहा है निर्माण-कार्य

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कादिराबाद स्थित होमगार्ड परिसर जो 18 हजार रुपए वार्षिक किराए पर होमगार्ड को विश्वविद्यालय द्वारा पहले दिया गया है, जिसका किराया 31 मार्च, 2026 तक भुगतान किया जा चुका है। इस परिसर में बिना अनुमति के नियम विरुद्ध निर्माण-कार्य किया जा रहा है, जबकि यह परिसर पूर्णतः विश्वविद्यालय के स्वामित्व है। ज्ञातव्य है कि उक्त भूमि विश्वविद्यालय में संचालित स्ववित्त पोषित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान हेतु महिला छात्रावास बनना प्रस्तावित है।साथ ही इस परिसर में इनडोर स्टेडियम एवं आउटडोर स्टेडियम के निर्माण का भी प्रस्ताव है। यह संस्थान मिथिला क्षेत्र का एकमात्र महिला तकनीकी संस्थान है, जिसका उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा किया गया था।
उक्त इन परियोजनाओं के निर्माण की इच्छा स्वयं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा व्यक्त की गई है। इस संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा मुख्यमंत्री को गत 6 मई, 2025 को पत्र भी प्रेषित किया जा चुका है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव द्वारा दरभंगा के जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में आवश्यक पेपर्स, जमीन के खाता-खेसरा से संबंधित दस्तावेज, किराया भुगतान रसीद आदि सहित 17 पृष्ठों संलग्न है, जिसकी प्रतिलिपि राज्यपाल सचिवालय, पटना के प्रधान सचिव, दरभंगा के आयुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक, भूमि सुधार अपर समाहर्ता तथा अनुमंडल अधिकारी, दरभंगा आदि को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यार्थ भेजी गई है।

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लखनऊ : समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का बुधवार, 13 मई 2026 को लखनऊ में आकस्मिक निधन हो गया। प्रतीक यादव भारतीय जनता पार्टी की नेता और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति थे।

सुबह लगभग 6:15 बजे अचानक तबीयत खराब होने के बाद उन्हें लखनऊ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती रिपोर्ट्स में फेफड़ों में खून का थक्का जमने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं पाए गए। उनका अंतिम संस्कार 14 मई 2026 को दोपहर 12:30 बजे पिपरा घाट लखनऊ में होगा, और उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतीक यादव के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और अपर्णा यादव समेत शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की। सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और डिंपल यादव समेत परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से दूर रहे और लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़े थे। वे लखनऊ में रियल एस्टेट और फिटनेस बिजनेस चलाते थे। वे मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे, जिनका 2022 में निधन हुआ था।

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मेहनत की मिसाल: अभय प्रताप और अर्नव सैनी ने सीबीएसई परीक्षा में लहराया सफलता का परचम
जीआरडी अकादमी के होनहारों ने बढ़ाई बिहारीगढ़ की शान, अर्नव ने 92% अंकों के साथ किया क्षेत्र में टॉप
बिहारीगढ़ (सहारनपुर):
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होते ही बिहारीगढ़ क्षेत्र में हर्ष और उल्लास का माहौल है। क्षेत्र के दो होनहार छात्रोंअर्नव सैनी और अभय प्रताप धीमान ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा और कड़ी मेहनत के दम पर शानदार सफलता हासिल की है। इन दोनों छात्रों ने न केवल अपने परिवार बल्कि विद्यालय और पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। परिणाम आने के बाद से ही दोनों छात्रों के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई जा रही है।
अर्नव सैनी ने 92% अंकों के साथ हासिल किया प्रथम स्थान
रोहित नगर कॉलोनी, बिहारीगढ़ के रहने वाले होनहार छात्र अर्नव सैनी (पुत्र सतेंद्र सैनी) ने परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 92 प्रतिशत अंक अर्जित किए हैं और क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। शुरू से ही मेधावी रहे अर्नव की इस उपलब्धि से पूरे विद्यालय और क्षेत्र में गर्व का माहौल है।
अर्नव ने अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के अटूट विश्वास, शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन और नियमित अध्ययन को दिया है।
वरिष्ठ पत्रकार के पुत्र अभय प्रताप ने हासिल की शानदार सफलता
वहीं, क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार डिंपल धीमान के पुत्र अभय प्रताप धीमान ने भी कक्षा 12वीं की परीक्षा में अपनी लगन के बल पर 75 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। पत्रकारिता जगत और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने अभय की इस उपलब्धि पर उन्हें और उनके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अभय ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद और गुरुजनों के दिशा-निर्देशन को दिया।
सफलता के मुख्य बिंदु:
अर्नव सैनी: 92% अंक (क्षेत्र व विद्यालय में प्रथम स्थान)।
अभय प्रताप धीमान: 75% अंक (कठिन परिश्रम और अनुशासन की मिसाल)।
विद्यालय: दोनों छात्र जीआरडी अकादमी, बिहारीगढ़ के विद्यार्थी हैं।
"यह हमारे विद्यालय और पूरे बिहारीगढ़ क्षेत्र के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। अर्नव और अभय ने यह साबित कर दिया है कि लगन और अनुशासन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि आगामी बैच के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत बनेगी।" > विद्यालय प्रबंधन, जीआरडी अकादमी, बिहारीगढ़
क्षेत्र में उत्साह का माहौल
परिणाम घोषित होने के बाद जीआरडी अकादमी के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाया। क्षेत्रवासियों और शुभचिंतकों का कहना है कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों से निकलकर बच्चे जब इस स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हैं, तो उससे पूरे समाज में एक सकारात्मक संदेश जाता है। दोनों छात्रों के उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य के लिए पूरे क्षेत्र से शुभकामनाएं मिल रही हैं।

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ಚೀನಾದಲ್ಲಿ ಟ್ರಂಪ್: ವಿಶ್ವದ ಗಮನ ಸೆಳೆದ ಅಮೆರಿಕಾ ಅಧ್ಯಕ್ಷರ ಮಹತ್ವದ ವಿದೇಶ ಪ್ರವಾಸ
ಅಮೆರಿಕಾ ಅಧ್ಯಕ್ಷ Donald Trump ಅವರು ಚೀನಾದ ರಾಜಧಾನಿ Beijingಗೆ ಮಹತ್ವದ ವಿದೇಶ ಪ್ರವಾಸ ಕೈಗೊಂಡಿದ್ದಾರೆ. ಚೀನಾ ಅಧ್ಯಕ್ಷ Xi Jinping ಅವರ ಆಹ್ವಾನದ ಮೇರೆಗೆ ಈ ರಾಜ್ಯಮಟ್ಟದ ಭೇಟಿ ನಡೆಯುತ್ತಿದೆ.
ಈ ಭೇಟಿ ಅಮೆರಿಕಾ-ಚೀನಾ ನಡುವಿನ ಸಂಬಂಧದಲ್ಲಿ ಮಹತ್ವದ ತಿರುವಾಗಬಹುದು ಎಂದು ಅಂತರರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ರಾಜಕೀಯ ವಲಯ ಅಂದಾಜಿಸಿದೆ. ಸುಮಾರು ದಶಕದ ಬಳಿಕ ಅಮೆರಿಕಾ ಅಧ್ಯಕ್ಷರ ಚೀನಾ ಭೇಟಿ ನಡೆಯುತ್ತಿರುವುದು ವಿಶೇಷವಾಗಿದೆ.
ಈ ಸಭೆಯಲ್ಲಿ ಪ್ರಮುಖವಾಗಿ ವಾಣಿಜ್ಯ ಒಪ್ಪಂದಗಳು, ತೈವಾನ್ ವಿಚಾರ, ಕೃತಕ ಬುದ್ಧಿಮತ್ತೆ (AI), ಚಿಪ್ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ, ಮತ್ತು ಇರಾನ್ ಯುದ್ಧದ ಪ್ರಭಾವ ಕುರಿತು ಚರ್ಚೆ ನಡೆಯುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇದೆ.
ಟ್ರಂಪ್ ಅವರೊಂದಿಗೆ ಅಮೆರಿಕದ ಪ್ರಮುಖ ಉದ್ಯಮಿಗಳು ಹಾಗೂ ಟೆಕ್ ಕಂಪನಿಗಳ ಮುಖ್ಯಸ್ಥರೂ ಚೀನಾಗೆ ಭೇಟಿ ನೀಡಿದ್ದಾರೆ. ಇದರಿಂದ ಆರ್ಥಿಕ ಮತ್ತು ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ ಸಹಕಾರಕ್ಕೆ ಹೊಸ ದಾರಿ ತೆರೆದುಕೊಳ್ಳಬಹುದು ಎಂಬ ನಿರೀಕ್ಷೆ ಮೂಡಿದೆ.
ಈ ಎರಡು ದಿನಗಳ ಭೇಟಿಯ ಅಂತ್ಯದಲ್ಲಿ ಅಮೆರಿಕಾ-ಚೀನಾ ಸಂಬಂಧಕ್ಕೆ ಸಂಬಂಧಿಸಿದ ಮಹತ್ವದ ಘೋಷಣೆಗಳು ಹೊರಬರುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇದೆ. ವಿಶ್ವದ ಎರಡು ದೊಡ್ಡ ಆರ್ಥಿಕ ಶಕ್ತಿಗಳ ಈ ಭೇಟಿ ಜಾಗತಿಕ ರಾಜಕೀಯ ಮತ್ತು ಆರ್ಥಿಕತೆಯ ಮೇಲೆ ದೊಡ್ಡ ಪರಿಣಾಮ ಬೀರುವ ಸಾಧ್ಯತೆ ಇದೆ.

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इनसेप्शन डेली न्यूज़/ID News
ब्यूरो चीफ: संदीप शास्त्री

लखनऊ। एक ओर शहर में बेरोजगारी लगातार बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी युवाओं को स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय विदेश में नौकरी के सपने दिखाने में जुटे हैं। रोजगार की तलाश में भटक रहे युवाओं का कहना है कि प्रदेश में उद्योगों और निजी क्षेत्र में अवसरों की कमी के कारण उन्हें बाहर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
हाल ही में आयोजित रोजगार एवं कौशल विकास कार्यक्रमों में अधिकारियों द्वारा विदेशों में नौकरी के अवसरों को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए। युवाओं को खाड़ी देशों समेत अन्य देशों में रोजगार दिलाने की बात कही गई, लेकिन स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस योजना सामने नहीं आई।
बेरोजगार युवाओं का आरोप है कि शहर में फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं, निजी कंपनियों में भर्ती कम है और सरकारी नौकरियों में भर्तियां लंबे समय से अटकी हुई हैं। ऐसे में विदेश भेजने की बातें केवल युवाओं को भ्रमित करने जैसी हैं।
सामाजिक संगठनों और रोजगार विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को पहले स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने चाहिए, ताकि युवाओं को अपने ही शहर और प्रदेश में सम्मानजनक रोजगार मिल सके। विशेषज्ञों का मानना है कि कौशल विकास योजनाओं को स्थानीय उद्योगों से जोड़ने की जरूरत है, तभी बेरोजगारी की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।

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अगरा जीआरएस को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी

4 जीआरएस के विरूद्ध भी की गई कार्यवाही

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#श्योपुर-/ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती सौम्या आनंद द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जल संरक्षण के कार्यो में उदासीनता बरतने पर अगरा के जीआरएस को सेवा समाप्ति की कार्यवाही के लिए नोटिस जारी किया गया है, वही दो जीआरएस का मानदेय राजसात करने और दो अन्य जीआरएस का मानदेय रोकने की कार्यवाही की गई है।



सीईओ जिला पंचायत श्रीमती सौम्या आनंद द्वारा जनपद पंचायत विजयपुर की ग्राम पंचायत अगरा के रोजगार सहायक श्री शंभू गोयल को संविदा सेवा समाप्त करने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जारी नोटिस के अनुसार अगरा में जल संरक्षण के प्रगतिरत दो कार्यो को पूर्ण नही कराया गया है तथा अन्य कार्य नही किये गये है। उक्त कार्यो को 15 दिवस में पूर्ण करने के निर्देश दिये गये है अन्यथा की स्थिति में संविदा सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जायेगी।



इसी प्रकार जनपद पंचायत कराहल की ग्राम पंचायत बुढेरा के जीआरएस श्री राजेन्द्र गुर्जर के विरूद्ध माह मई के मानदेय से 5 दिवस का तथा जनपद पंचायत विजयपुर की ग्राम पंचायत कदवई के जीआरएस श्री मनोज शर्मा के विरूद्ध माह मई के मानदेय से 7 दिवस का मानदेय राजसात किये जाने की कार्यवाही की गई है। जनपद पंचायत कराहल की ग्राम पंचायत रानीपुरा के जीआरएस श्री ओमप्रकाश गोलिया एवं जनपद पंचायत विजयपुर की ग्राम पंचायत धौरेरा के जीआरएस श्री रामभरत धाकड के मानदेय भुगतान पर आगामी आदेश तक रोक लगाने की कार्यवाही की गई है।

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Panchayat, Rural Development and Social Welfare Department of Madhya Pradesh

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ప్రముఖ న్యాయవాది "జాజాల రమేష్" కు హృదయ పూర్వక అభినందనలు

ధర్మపురి కోర్టుకు లీగల్ ఎయిడ్ కౌన్సిల్గా న్యాయవాది జాజాల రమేష్ నియామకం

ధర్మపురి:13

తెలంగాణ స్టేట్ లీగల్ సర్వీసెస్ అథారిటీ, హైదరాబాద్ ఆదేశాల మేరకు జగిత్యాల ప్రిన్సిపల్ డిస్ట్రిక్ట్ & సెషన్స్ జడ్జి -కమ్ - చైర్పర్సన్ జిల్లా లీగల్ సర్వీసెస్ అథారిటీ సి. రత్న పద్మావతి ఉత్తర్వులు జారీ చేస్తూ.... ధర్మపురి జూనియర్ సివిల్ జడ్జి - కమ్-జ్యుడీషియల్ మేజిస్ట్రేట్ ఆఫ్ ఫస్ట్ క్లాస్ కోర్టుకు లీగల్ ఎయిడ్ కౌన్సిల్గా నేరేళ్ల గ్రామానికి చెందిన న్యాయవాది జాజాల రమేష్ ను నియమించారు.

న్యాయవాదిని నియమించుకునే ఆర్థిక సామర్థ్యం లేని వారికి గౌరవ కోర్టు న్యాయమూర్తి ఆదేశాల మేరకు
ఉచిత న్యాయ సహాయం అవసరమై - అర్హులైన వారికి మాత్రమే లీగల్ ఎయిడ్ కౌన్సిల్ ద్వారా న్యాయ సేవలు అందించబడతాయని తెలిపారు.

ఇప్పటికే అనేక కేసుల్లో న్యాయంగా కేసులు వాదించి విజయం సాధిస్తూ.... అంకిత భావంతో..... అహర్నిశలు కృషి చేస్తున్న ప్రముఖ న్యాయవాది "జాజాల రమేష్" అందరి మన్ననలు పొందుతుండగా.... నేడు లీగల్ ఎయిడ్ కౌన్సిల్ గా ఆయన నియామకం పట్ల హర్షం వ్యక్తం చేస్తున్నారు.
జాజాల రమేష్ ను ప్రముఖులు, ఆయన బంధు మిత్రులు, అభిమానులు, శ్రేయోభిలాషులు అభినందిస్తున్నారు.

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मुख्यमंत्री जी द्वारा लाडली बहना योजना की 36वी किस्त की राशि का अंतरण
श्योपुर जिले की 01 लाख 07 हजार 720 बहनाओं को मिली राशि
बहनो के खाते में आई 1500-1500 रूपये की राशि
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#श्योपुर-/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आज नरसिंहपुरी में आयोजित राज्य स्तरीय लाड़ली बहना योजना कार्यक्रम के माध्यम से 36वी किस्त के रूप में प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों को 1835 करोड़ राशि का अंतरण किया गया।

कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में श्योपुर जिले में जिला एवं विकासखण्ड मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों पर कार्यक्रम आयोजित कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का वेबकास्ट के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया।

इस कार्यक्रम के माध्यम से श्योपुर जिले की 01 लाख 07 हजार 712 लाडली बहनाओं को उनके बैंक खाते में 1500-1500 रूपये की राशि प्राप्त हुई। श्योपुर की लाडली बहनाओं को माह अप्रैल के लिए कुल 15 करोड 90 लाख 60 हजार 600 रूपये की राशि अंतरित की गई।

योजना के तहत श्योपुर जिले में कुल 1 लाख 7 हजार 712 बहनों को लाभ मिला है। नगरपालिका श्योपुर क्षेत्र की 11 हजार 671, नगर परिषद बडौदा क्षेत्र की 3356, नगर परिषद विजयपुर क्षेत्र की 2797, जनपद पंचायत क्षेत्र श्योपुर की 43 हजार 454, जनपद पंचायत कराहल क्षेत्र की 11 हजार 516 तथा जनपद पंचायत विजयपुर क्षेत्र की 34 हजार 918 लाडली बहनाओं को यह राशि प्राप्त हुई है।
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ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के लिए खण्डस्तरीय समिति गठित
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#श्योपुर-/ भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों की खोज, संरक्षण एवं डिजिटलीकरण करना है। इसी क्रम में एसडीएम श्योपुर श्री गगन सिंह मीणा द्वारा अनुविभाग श्योपुर अंतर्गत तहसील श्योपुर एवं बडौदा में स्थित प्राचीनकालीन पांडुलिपियों के संरक्षण हेतु खण्ड स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

यह प्रयास एक राष्ट्रीय पांडुलिपि उपस्थिति मानचित्र के निर्माण में मदद करेगा, जिससे व्यवस्थित सूचीकरण, संरक्षण योजना और दीर्घकालिक अनुसंधान को सक्षम बनाया जा सकेगा। यह पहल डिजिटल संसाधनों के निर्माण में सहायता करेगी जिन्हें भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जा सकता है और विद्वानों और शोधकर्ताओं के लिए सुलभ बनाया जा सकता है।
मिशन के तहत नियुक्त अधिकृत सर्वेक्षणकर्ता और पांडुलिपियों के संरक्षक, जैसे परिवार, विद्वान, मंदिर और संस्थान, साथ ही साथ अपने समुदायों में पांडुलिपि संग्रह के बारे में जागरूक व्यक्ति, पांडुलिपियों के बारे में जानकारी जमा कर सकते हैं।

एसडीएम श्री गगन सिंह मीणा ने बताया कि उक्त मिशन के अंतर्गत ग्राम गुरू संस्थान बडौदा के पंडित श्री रमेश पायलेट द्वारा प्राचीन पांडुलिपियों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई है।
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अहमदाबाद: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जनरल सेक्रेटरी मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने गांधीनगर, अहमदाबाद में सद्गुरु श्री माधव प्रिय दास जी स्वामी से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय एकता, आपसी सद्भाव, नैतिक मूल्यों और भारत की साझा सभ्यता की सुरक्षा और संवर्धन पर चर्चा की। सद्गुरु श्री माधव प्रिय दास जी स्वामी ने मौलाना कासमी का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों नेताओं ने भारत की गंगा-यमुनी तहज़ीब, धार्मिक सहनशीलता और विभिन्न वर्गों के बीच सम्मान को देश की असली ताकत बताया।

मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने वर्तमान परिस्थितियों में नफरत, विभाजन और भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम, भाईचारे और इंसानी दया का संदेश फैलाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों, एकता और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की चेतना जगाना धार्मिक और सामाजिक नेतृत्व की ज़िम्मेदारी है। इस अवसर पर जमीयत उलेमा गुजरात के जनरल सेक्रेटरी प्रोफेसर निसार अहमद अंसारी, सेक्रेटरी असलमभाई कुरैशी, अनीसभाई कुरैशी, मौलाना मुहम्मद साहिब, मौलाना शोएब साहिब और ज़ुबैर साहिब भी उपस्थित थे।

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वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन
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#श्योपुर-/ जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मुरैना के तत्वाधान में ग्रीन नोबल ऐज्यूकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी छतरपुर द्वारा सेवा सहकार संस्था श्योपुर एवं कनापुर पर वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रीन नोबल ऐज्यूकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी छतरपुर के श्री कमलेश खरे, निरीक्षक सहकारिता श्री राहुल शर्मा, नोडल सीसीबी श्री दिनेश गुप्ता, श्री शिवदयाल गुप्ता एवं समिति प्रबंधक एवं किसान आदि उपस्थित रहें।

वित्तीय साक्षरता शिविर के दौरान शासन की योजनाओं जैसे शून्य प्रतिशत पर ऋण, जीवन ज्योती बीमा, सुरक्षा बीमा, फसल बीमा, सहकारिता में सदस्यता अभियान, खाद ई-टोकन व्यवस्था एवं किसानों को पराली एवं नरवाई जलाने के नुकसान एवं अन्य योजनाओं से अवगत कराया गया। वित्तीय साक्षरता शिविर 13 मई से 24 मई 2026 तक आयोजित किये जायेगे।
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सीएचओ एवं एएनएम का प्रशिक्षण आयोजित
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#श्योपुर-/ नीति आयोग, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के क्रम में कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती सौम्या आनंद के निर्देशन में विकासखंड कराहल में स्वास्थ्य विभाग की सीएचओ एवं एएनएम का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, स्वास्थ्य संकेतकों में प्रगति एवं समुदाय स्तर तक प्रभावी स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित करना रहा।

जनपद पंचायत कराहल सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीईओ जनपद श्री राकेश शर्मा, मेडिकल कॉलेज से डॉ अंजना निरंजन, आकांक्षी विकासखंड फेलो सुश्री दीपांशी जादौन एवं ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर सुश्री वैशाली आदि उपस्थित रहें।

जनपद सीईओ श्री राकेश शर्मा द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य एवं स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि सीएचओ एवं एएनएम जमीनी स्तर पर शासन की योजनाओं को समुदाय तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों की सही एवं समय पर फीडिंग के महत्व को बताते हुए कहा कि सटीक डेटा ही योजनाओं की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है तथा बेहतर योजना निर्माण एवं मॉनिटरिंग में सहायक होता है।

डॉ. अंजना निरंजन द्वारा आकांक्षी विकासखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े 7 प्रमुख संकेतकों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि सैचुरेशन अप्रोच, नियमित मॉनिटरिंग एवं समुदाय की सहभागिता के माध्यम से स्वास्थ्य संकेतकों में प्रभावी सुधार लाया जा सकता है। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव एवं एनीमिया नियंत्रण जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
प्रशिक्षण के दौरान सीएचओ एवं एएनएम द्वारा समूह गतिविधि एवं प्रस्तुतीकरण भी किया गया, जिसमें उन्होंने फील्ड एवं समुदाय स्तर पर आने वाली चुनौतियों को साझा किया।

आकांक्षी विकासखंड फेलो सुश्री दीपांशी जादौन ने बताया कि विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण एवं अन्य मूलभूत सेवाओं में तीव्र सुधार करना है।
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लखीमपुर, खीरी। ग्राम सदुल्लापुर में पेराई सत्र 2026-27 के लिए चल रहे जीपीएस आधारित गन्ना सर्वेक्षण अभियान की संयुक्त टीम द्वारा जांच की गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खेतों में पहुंचकर डिजिटल सर्वे की प्रक्रिया का जायजा लिया तथा किसानों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

उप गन्ना आयुक्त लखनऊ, जिला गन्ना अधिकारी सीतापुर, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक परिषद लखीमपुर एवं सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति लखीमपुर की मौजूदगी में सर्वे कार्य की समीक्षा की गई। इस दौरान जुवारी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ऐरा के गन्ना महा प्रबंधक बीरम सिंह राठौर, उप महा प्रबंधक गन्ना अजीत वर्मा, रीजनल हेड धीरज सिंह तथा गन्ना प्रबंधक अजेंद्र सिंह चौहान भी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने बताया कि एक मई से 30 जून तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य शत-प्रतिशत डिजिटल सर्वे सुनिश्चित करना, भूमि का सही आंकलन करना तथा चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।

सर्वेक्षण के दौरान एंड्रायड आधारित मशीनों से खेतों का क्षेत्रफल, गन्ने की किस्म एवं अन्य विवरणों का जीपीएस के माध्यम से सत्यापन किया गया। किसानों द्वारा ऑनलाइन भरे गए घोषणा-पत्र का भौतिक मिलान भी कराया गया।

अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि सर्वे के समय अपने खेतों पर मौजूद रहें, ताकि भविष्य में गन्ना पर्ची तथा अन्य समस्याओं से संबंधित किसी प्रकार की समस्या न रहे। इस अवसर पर चीनी मिल से ध्रुव कुमार सिंह एवं मोहम्मद अफरोज भी उपस्थित रह।

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कलेक्टर की अध्यक्षता में ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर आरोह-2026 की तैयारियों को लेकर बैठक सम्पन्न

युवाओं में खेल भावना, फिटनेस, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक जागरूकता विकसित करने पर रहेगा विशेष फोकस

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर आरोह-2026 के सफल, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी आयोजन को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार मुरैना में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिविर के उद्देश्यों, आवश्यक व्यवस्थाओं, प्रशिक्षण गतिविधियों एवं अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने संबंधी विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कलेक्टर श्री जांगिड़ ने कहा कि आरोह-2026 शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं में खेलों के प्रति रुचि विकसित करना, उनकी शारीरिक एवं मानसिक क्षमता को सुदृढ़ बनाना तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उनकी प्रोफाइलिंग करना है। उन्होंने कहा कि शिविर केवल खेल गतिविधियों तक सीमित न रहकर युवाओं के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास का माध्यम बनेगा।
उन्होंने बताया कि शिविर के माध्यम से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन एवं टीम भावना का विकास किया जाएगा। साथ ही युवाओं को नशामुक्ति, साइबर सुरक्षा एवं सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक करने के लिए भी विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कलेक्टर ने कहा कि परिवार एवं समाज को फिटनेस एवं संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से भी शिविर को व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मरक्षा संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएं। उन्होंने शिविर में विद्यार्थियों एवं युवाओं की अधिकतम एवं शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में कलेक्टर ने खेल गतिविधियों के दौरान पेयजल, ओआरएस, मेडिकल किट, प्राथमिक उपचार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि प्रतिभागियों को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्री प्रशांत कुशवाह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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अस्थायी अतिक्रमण हटाने के पूर्व व्यवस्थित हॉकर्स जोन विकसित कर उन्हें मूलभूत सुविधाओं सहित पुनर्स्थापित करें - कलेक्टर

सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण, स्थायी अतिक्रमणों पर कार्रवाई, शालाओं में नामांकन बढ़ाने एवं विभागीय योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

कलेक्टर की अध्यक्षता में टीएल बैठक सम्पन्न

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने बुधवार को आयोजित टाइम लिमिट बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं लंबित प्रकरणों में अपेक्षित प्रगति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने 100 दिवस से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का समयसीमा में निराकरण करने के निर्देश देते हुए कहा कि अगली समीक्षा बैठक में इसकी प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत, समस्त एसडीएम, आयुक्त नगर निगम, समस्त जिला अधिकारी, नगरीय निकायों के सीएमओ एवं तहसीलदार मौजूद रहे।

कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी प्रक्रिया एवं नियमानुसार सख्ती के साथ की जाए। कार्रवाई से पहले संबंधितों को नोटिस जारी किए जाएं तथा अस्थायी अतिक्रमण हटाने से पूर्व उचित उद्घोषणा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना, आवागमन के लिए मार्ग तैयार करना एवं शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना होना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल अस्थायी अतिक्रमण हटाने से कार्य पूर्ण नहीं माना जाएगा, बल्कि लंबे समय से बने स्थायी एवं बड़े अतिक्रमणों पर भी सख्ती से कार्रवाई की जाए। साथ ही ठेला एवं फुटपाथ व्यवसायियों को हटाने से पहले व्यवस्थित हॉकर जोन विकसित कर उन्हें मूलभूत सुविधाओं सहित पुनर्स्थापित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कक्षा 1 से 8 तक के नामांकन की जानकारी ली गई एवं कक्षा 1 में कम नामांकन पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित जनशिक्षा केंद्रों एवं विद्यालयों को नोटिस जारी कर कार्रवाई करने के निर्देश शिक्षा विभाग को दिए।

कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान समग्र सत्यापन कार्य में कमी पाए जाने पर संबंधित सीडीपीओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।साथ ही संपर्क ऐप पर सैम पंजीयन शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सैम श्रेणी के बच्चों को एमॉक्सिलिन वितरण का कार्य शत-प्रतिशत पूरा करने तथा गंभीर एनीमिया नियंत्रण में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए।

बैठक में श्रमयोगी मानधन योजना एवं बकेट क्लेम प्रकरणों की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने समस्त राजस्व अधिकारियों से कहा कि जो पटवारी प्रकरणों में प्रगति नहीं ला पा रहे हैं अथवा निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

नगर निगम को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि पार्किंग व्यवस्था का पालन नहीं करने वाले मैरिज गार्डनों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए। साथ ही विकसित किए जा रहे हॉकर्स जोनों में विद्युत, सड़क एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

बैठक के अंत में कलेक्टर ने जल गंगा संवर्धन योजना सहित सभी विभागीय लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं पर विशेष फोकस करते हुए कार्यों में गति लाएं।

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अमेरिकी अखबार Wall Street Journal की रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है कि पिछले महीने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर गुप्त हमले किए थे। रिपोर्ट के मुताबिक UAE ने ईरान के लावन द्वीप स्थित तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया था, जिसकी जानकारी अब सामने आई है।

बताया जा रहा है कि ये हमले उसी समय हुए जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्धविराम की घोषणा कर रहे थे। रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका ने चुपचाप UAE और अन्य खाड़ी देशों के इस कदम का समर्थन भी किया।

हालांकि UAE की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है और इन हमलों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।

ईरानी सरकारी मीडिया IRIB ने 8 अप्रैल की सुबह बताया था कि लावन द्वीप के तेल प्रतिष्ठानों पर कायराना हमला किया गया। इसके कुछ घंटों बाद ईरान ने UAE और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए।

UAE ने दावा किया कि युद्धविराम लागू होने के तुरंत बाद उस पर 17 मिसाइलों और 35 ड्रोन से हमला किया गया। वहीं कुवैत की सेना ने भी बिजली संयंत्रों, समुद्री जल शुद्धिकरण केंद्रों और तेल सुविधाओं पर हमलों की पुष्टि की थी।

लावन रिफाइनरी ईरान की प्रमुख तेल रिफाइनरियों में शामिल है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के अनुसार, यह प्रतिदिन करीब 60,000 बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता रखती है।

इस खुलासे के बाद मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

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मुंबई: डॉ. एम. एस. बाली ने सामाजिक और राजनीतिक विमर्श में ‘‘हिंदू खतरे में है’’ के कथन की समीक्षा की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या यह खतरा वास्तविक है या एक सुनियोजित भय जो जनमानस में बैठाया जा रहा है। देश की बहुसंख्यक हिंदू आबादी के बीच इस अवधारणा पर विचार करते हुए डॉ. बाली ने बताया कि भय का निर्माण सत्ता और प्रभाव बनाए रखने का एक माध्यम रहा है, जो नागरिकों को भावनाओं के आधार पर निर्णय लेने को प्रेरित करता है।

डॉ. बाली ने यह भी कहा कि धार्मिक पहचान को प्रमुखता देने से लोकतांत्रिक मूल्यों को चुनौती मिलती है और शिक्षित वर्ग भी बिना गहराई से विचार किए इस विमर्श का हिस्सा बन जाता है। उन्होंने राजनीतिक दलों द्वारा भावनात्मक मुद्दों के उपयोग पर भी चिंता जताई और कहा कि वास्तविक चुनौती समाज में बढ़ती दूरी, अविश्वास और संवादहीनता है। डॉ. बाली ने भारत की विविधता और सहअस्तित्व की महत्ता को रेखांकित करते हुए सामाजिक एकता और विवेक के मार्ग अपनाने का आह्वान किया है।

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एयर इंडिया ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि ईंधन संकट के कारण एयरलाइन ने जुलाई तक अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं। कंपनी ने इन दावों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताया है।

एयर इंडिया न्यूज़रूम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि कुछ प्लेटफॉर्म्स पर फैलाई जा रही यह खबर कि एयर इंडिया ने सभी इंटरनेशनल फ्लाइट्स बंद कर दी हैं, पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है।

हालांकि, एयर इंडिया ने यह स्वीकार किया है कि बढ़ती ईंधन लागत और लंबी उड़ान अवधि के कारण जून से अगले तीन महीनों के लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानों में कटौती की जा रही है।

इसी के तहत दिल्ली से शिकागो, नेवार्क, सिंगापुर और शंघाई जैसी कुछ उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है।

दरअसल, पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने के बाद यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली कई उड़ानों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इससे ईंधन की खपत और क्रू लागत दोनों में भारी बढ़ोतरी हुई है।

कुछ उत्तर अमेरिका जाने वाली उड़ानों को अब वियना या स्टॉकहोम में तकनीकी स्टॉप भी करना पड़ रहा है, जिससे परिचालन खर्च और बढ़ गया है।

इसके अलावा वैश्विक स्तर पर जेट फ्यूल की कीमतों में तेज उछाल ने एयरलाइंस पर दबाव बढ़ा दिया है। मई 2026 के पहले सप्ताह में एविएशन फ्यूल की औसत कीमत बढ़कर 162.89 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जो फरवरी के अंत में 99.40 डॉलर प्रति बैरल थी।

एयरलाइन उद्योग में ईंधन लागत कुल परिचालन खर्च का लगभग 40% तक होती है, इसलिए लंबी दूरी की उड़ानें चलाने वाली कंपनियों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है।

एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने भी कर्मचारियों से कहा है कि बढ़ती ईंधन कीमतों और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण कुछ अंतरराष्ट्रीय रूट्स अब घाटे में जा रहे हैं, इसलिए सेवाओं में अस्थायी कटौती जारी रह सकती है।

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इनसेप्शन डेली न्यूज़/ID News,
संदीप शास्त्री (ब्यूरो चीफ)

लखनऊ/वाराणसी
वाराणसी में पारंपरिक स्वर्णकारी व्यवसाय से जुड़े कई परिवार अब आर्थिक संकट और कारोबार में आई भारी गिरावट के चलते नया रोजगार अपनाने को मजबूर हो गए हैं। शहर के कई इलाकों में स्वर्णकार समुदाय के लोगों ने अब झालमूड़ी और फास्ट फूड की छोटी-छोटी दुकानें शुरू कर दी हैं।
बताया जा रहा है कि सोने-चांदी के बढ़ते दाम, ग्राहकों की घटती संख्या और ऑनलाइन बाजार के बढ़ते प्रभाव के कारण पारंपरिक आभूषण कारोबार प्रभावित हुआ है। इससे छोटे कारीगरों और दुकानदारों की आमदनी पर बड़ा असर पड़ा है।
स्वर्णकारों का कहना है कि परिवार चलाने और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उन्हें वैकल्पिक रोजगार तलाशना पड़ा। कई लोगों ने सड़क किनारे झालमूड़ी, चाट और अन्य खाद्य सामग्री की दुकानें लगानी शुरू कर दी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बनारस की पहचान रहे पारंपरिक कारीगरों का इस तरह दूसरा पेशा अपनाना चिंताजनक है। वहीं, व्यापारियों ने सरकार से छोटे स्वर्णकारों के लिए राहत और सहायता की मांग की है, ताकि पारंपरिक कारोबार को फिर से मजबूती मिले।

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आमजन को पहले सेवा अभियान: गरीब, युवा, अन्नदाता, किसान एवं नारी शक्ति की सेवा के साथ कंपनी की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने पर जोर

मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक के निर्देशानुसार आमजन को पहले सेवा और अनुशासन के संकल्प को साकार करने के लिए विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जिले में वर्षभर सम्पर्क अभियान का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस अभियान का मूल उद्देश्य गरीब, युवा, अन्नदाता, किसान, नारी शक्ति की सेवा के साथ-साथ कम्पनी की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करना है।

इस संबंध में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने अभियान के सफल संचालन एवं लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु जिला प्रशासन एवं विद्युत कम्पनी के मध्य समन्वय स्थापित करने के लिए आदेश जारी किया है।

जिसमें समस्त ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, विद्युत विभाग द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुसार कलस्टर शिविरों में आवश्यकता अनुसार उपस्थित रहेंगें। वे उपभोक्ताओं को बकाया राशि भुगतान हेतु प्रेरित करेगें एवं स्थल पर ही शिकायतों के निराकरण में सहयोग करेगें।
शहरी क्षेत्रों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी सघन बस्तियों में शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करेगें, ताकि राजस्व वसूली के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।

उपभोक्ताओं के प्रमाणीकरण एवं स्थानीय समन्वयक हेतु पंचायत अमला विद्युत विभाग के अमले को पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। ताकि गरीब, युवा, अन्नदाता, किसान, नारी शक्ति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिल सके और विवादित बिलों को मौके पर समाधान हो।
समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत राजस्व संग्रहण की प्रगति एवं शिविरों की सफलता की साप्ताहिक समीक्षा करेंगे।

जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग के मध्य कैम्पों को सफल बनाने हेतु श्री अभिषेक चौरसिया नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे, जो अभियान की प्रगति एवं लक्ष्यों को पूरा करने में सहयोग प्रदान करेंगे।

कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। शासन के राजस्व हितों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
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हुसैनगंज, फतेहपुर संवाददाता।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सातमील तिराहे पर दो ट्रकों के बीच हुई टक्कर में एक खलासी घायल हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रक संख्या यूपी 71 एटी 3817 को एक अज्ञात ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक में बैठे खलासी अमित पुत्र स्वर्गीय दशरथ निवासी सैदनपुर थाना हुसैनगंज घायल हो गए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल खलासी को निजी वाहन से उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां उसका इलाज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि घायल को हल्की चोटें आई हैं।
सूचना पर पुलिस द्वारा मामले की जानकारी जुटाई जा रही है तथा अज्ञात ट्रक की तलाश की जा रही है।

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राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। एजेंसी ने कहा है कि परीक्षा अब दोबारा कराई जाएगी, जिसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।

NTA के मुताबिक, परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों की जांच के बाद यह फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है ताकि राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा बना रहे।

CBI करेगी बड़ी जांच
इस मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर प्रश्नपत्र या उससे जुड़ा मैटेरियल छात्रों तक कैसे पहुंचा।

कैसे हुआ कथित पेपर लीक?

जांच एजेंसियों के अनुसार, NEET परीक्षा से करीब 15 दिन से एक महीने पहले ही एक गेस पेपर छात्रों के बीच घूम रहा था। बताया जा रहा है कि इस गेस पेपर में करीब 410 सवाल थे, जिनमें से लगभग 120 सवाल सीधे केमिस्ट्री सेक्शन में परीक्षा में आ गए।

राजस्थान पुलिस SOG के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या यह सिर्फ गेस पेपर था या इसके जरिए संगठित तरीके से चीटिंग करवाई गई।

लाखों रुपये में बिकने के आरोप

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कथित प्रश्न बैंक राजस्थान और अन्य राज्यों में कोचिंग नेटवर्क के जरिए फैलाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा से दो दिन पहले इसकी कीमत करीब 5 लाख रुपये तक बताई जा रही थी, जबकि परीक्षा से एक दिन पहले यह करीब 30 हजार रुपये में बेचा गया।

जांच एजेंसियों को कई मोबाइल फोन से Forwarded many times वाले मैसेज भी मिले हैं, जिससे बड़े स्तर पर डिजिटल सर्कुलेशन की आशंका बढ़ गई है।

केरल से राजस्थान तक फैला नेटवर्क

सूत्रों के मुताबिक, यह कथित मैटेरियल सबसे पहले चूरू के एक मेडिकल छात्र से जुड़ा पाया गया, जो फिलहाल केरल में पढ़ाई कर रहा है। वहां से यह सामग्री सीकर भेजी गई और बाद में एक PG संचालक के जरिए छात्रों और काउंसलर्स तक पहुंचाई गई।

अब तक 13 गिरफ्तार

राजस्थान SOG ने पिछले चार दिनों में देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अधिकांश लोग करियर काउंसलिंग और एडमिशन गाइडेंस के कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं।

NTA की अपील

NTA ने कहा है कि उसे 7 मई को कथित अनियमितताओं की जानकारी मिली थी, जिसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। एजेंसी ने छात्रों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करने की अपील की है।

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सम्पर्क अभियान के तहत वितरण केन्द्र बागचीनी एवं अन्य क्षेत्रों में विद्युत समस्या निराकरण शिविर आयोजित होंगे

मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के निर्देशानुसार विद्युत मंडल द्वारा उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु सम्पर्क अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत विभिन्न वितरण केन्द्रों में विद्युत संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।

अभियान के तहत वितरण केन्द्र बागचीनी अंतर्गत 14 मई को हड़वांसी स्थित माध्यमिक विद्यालय में प्रातः 11 बजे से सायं 5 बजे तक शिविर आयोजित किया जाएगा। इसी क्रम में 16 मई को नाहरदोंकी पंचायत भवन में, 23 मई को वीरमपुरा प्राथमिक विद्यालय में तथा 25 मई को उम्मेदगढ़वांसी पंचायत भवन में प्रातः 11 बजे से सायं 5 बजे तक शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इसी प्रकार वितरण केन्द्र जींगनी अंतर्गत गंजरामपुर पंचायत भवन में तथा वितरण केन्द्र बानमौर अंतर्गत स्कूल के पास, सुमावली पंचायत भवन, मसूदरपुर आंगनबाड़ी भवन एवं जयनगर मंदिर परिसर के समीप 14 मई को प्रातः 11 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु शिविर लगाए जाएंगे।

इन शिविरों में विद्युत उपभोक्ताओं की विभिन्न समस्याओं जैसे बिल संशोधन, गलत बिलिंग, अत्यधिक बिल राशि, मीटर रीडिंग, स्मार्ट मीटर, मीटर एवं सर्विस केबल, घरेलू कनेक्शन तथा कृषि कनेक्शन संबंधी शिकायतों का निराकरण किया जाएगा। उपभोक्ताओं से निर्धारित तिथि एवं स्थान पर उपस्थित होकर शिविर का लाभ लेने की अपील की गई है।
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Opening Hook:
Cricket जगत में एक और Masterstroke की खबर ने हलचल मचा दी है! England के दिग्गज Allrounder Andrew Flintoff अब BBL में Sydney Thunder के नए Head Coach बनने जा रहे हैं। Flintoff की यह वापसी सिर्फ एक कोचिंग appointment नहीं, बल्कि एक बयान है – The Guru Gyan की भविष्यवाणी है कि यह BBL Season explosive होने वाला है! क्या 'Freddie' अपनी fiery spirit से Thunder की किस्मत बदल पाएंगे, या यह सिर्फ एक और high-profile Experiment साबित होगा?

The Inner Story / Asli Maajra:
Cricket की दुनिया में, जब ऐसे बड़े coaching बदलाव होते हैं, तो fans और pundits दोनों की नज़रें भविष्य पर टिक जाती हैं। कई observers और analysts तो [www.thegurugyan.com](http://www.thegurugyan.com) जैसे TRUE AI prediction platforms की ओर भी देखते हैं, जहाँ Match शुरू होने से पहले ही संभावित outcomes को पढ़ने का confidence दिखाया जाता है।
Sydney Thunder ने अपने नए BBL Coach के रूप में Andrew Flintoff पर भरोसा दिखाया है। यह Flintoff का पहला overseas franchise coaching Role होगा, जिसने Cricket circuits में सनसनी मचा दी है। दो Seasons तक The Hundred में Northern Superchargers के साथ रहने और England Lions को coach करने के बाद, Flintoff अब BBL की चुनौती के लिए तैयार हैं।

Thunder के लिए यह फैसला तब आया है जब उन्होंने England के 2019 ODI World Cup विजेता Coach Trevor Bayliss से रास्ते अलग कर लिए थे। Bayliss के पाँच साल के कार्यकाल में Team 2024-25 में BBL Final तक तो पहुंची, लेकिन 2023-24 और 2025-26 Seasons में आखिरी पायदान पर रही। Thunder के General Manager Trent Copeland ने एक "world-class T20 coach" की तलाश की बात कही थी, और अब उन्हें Flintoff के रूप में अपना जवाब मिल गया है।

Flintoff, जो England's A side, England Lions के Coach रह चुके हैं और Ashes tour के दौरान Australia का दौरा भी कर चुके हैं, उनके पास Coaching का अनुभव है। उन्होंने Matthew Mott के कार्यकाल में England के white-ball squads के लिए Consultant के रूप में भी काम किया है। हालांकि, franchise Cricket में उनका एकमात्र अनुभव The Hundred के दो Seasons का है। दिलचस्प बात यह है कि Flintoff Northern Superchargers के नए Indian Owners, Sun Group (जिसे अब Sunrisers Leeds के नाम से जाना जाता है) के साथ terms पर सहमत नहीं हो पाए, जिसके बाद उन्होंने 2026 में Team को Coach न करने का फैसला किया। Bharat के Owners का यह Strategic Move भी Cricket Business की बदलती तस्वीर दिखाता है।

Flintoff का BBL से पुराना नाता भी रहा है; उन्होंने 2014-15 Season में Brisbane Heat के लिए एक Player के रूप में खेला था, जो उनके 20-year professional Career के आखिरी Matches थे। अब Flintoff के सामने पहली बड़ी चुनौतियों में से एक होगी David Warner की Captaincy का भविष्य, जिन पर April में drink driving का Charge लगा था और 24 June को उनकी Matter Court में वापस आएगी।

Cricket New South Wales भी अपने Men's Programs में बड़े बदलाव कर रहा है। James Hopes को Sydney Sixers का BBL Coach बनाया गया है, जबकि Brad Haddin ने NSW State Coach के रूप में Greg Shipperd की जगह ली है।

Analysis & Numbers:
- Flintoff का Coaching Experience: England Lions और England white-ball squads के साथ रहने के बावजूद, franchise T20 Coaching का उनका अनुभव अभी तक Northern Superchargers के साथ दो Seasons तक ही सीमित है। यह BBL जैसी बड़ी League में एक नया Challenge होगा।
- Sydney Thunder का Recent Performance: Team ने 2023-24 और 2025-26 Seasons में Last Position पर Finish किया है। Flintoff को इस Performance Graph को ऊपर ले जाना होगा, जिसके लिए एक Gamechanger Strategy की ज़रूरत होगी।
- David Warner की Captaincy Dilemma: Flintoff को आते ही David Warner के Legal Issues और उनकी Captaincy के भविष्य पर एक बड़ा फैसला लेना होगा, जो Team Dynamics पर सीधा असर डालेगा। यह एक High-Pressure Situation होगी।

The Guru Gyan Verdict:
Andrew Flintoff का Sydney Thunder का Coach बनना एक साहसिक और high-stakes Move है। Flintoff का Player के तौर पर शानदार Record और उनकी leadership qualities किसी से छिपी नहीं हैं, लेकिन Coaching की दुनिया में BBL का Pressure बिल्कुल अलग होता है। Thunder ने एक ऐसे Coach पर दांव लगाया है जो अपनी Unfiltered Personality और Winning Mentality के लिए जाने जाते हैं। The Guru Gyan का मानना ​​है कि Flintoff के आने से Thunder में एक नई ऊर्जा और Aggression देखने को मिलेगी। हालांकि, Team के पिछले खराब Performances और David Warner जैसे Key Player की Uncertainty को देखते हुए, यह सफर आसान नहीं होगा। अगर Flintoff अपनी Vision को Players में भर पाए, तो यह Thunder के लिए एक Prophecy साबित हो सकती है, लेकिन अगर शुरुआती Results नहीं मिले, तो Critics का शोर मचाना तय है।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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AIMA न्यूज
मनोज कुमार शर्मा
खगड़िया, बिहार 14 मई 26

खगड़िया जिला के गोगरी प्रखण्ड अन्तर्गत बन्नी पंचायत के महदा गाँव का जर्जर सामूदायिक भवन की अवस्था कोई बड़ी अनहोनी होने का संकेत दे रहा है। यह सामूदायिक भवन वर्षों से महदा ग्राम वासियों के लिए सामूहिक कार्य सेवा का सहारा बना हुआ है। सोसल एक्टिविस्ट सह बोरना पंचायत के सरपंच नवल किशोर सिंह जर्जर सामुदायिक भवन के अवस्था का प्रमुखता से निरिक्षण करते हुए बताया कि यह सामूदायिक भवन महदा ग्राम वासियों का एकमात्र सामूहिक सामाजिक कार्य का सहारा है। इसी सामुदायिक भवन के तले बन्नी पंचायत के वार्ड 12 स्थित प्राथमिक विद्यालय महदा के स्कूली छात्र-छात्राओं को लाकर विद्यालय विधि व्यवस्था अभाव में मद्याह्न भोजन कराया जाता है । जिससे कभी भी बच्चों के साथ अनहोनी घटना घटित होने आशंका बनी रहती है।
एक ओर जहां खगड़िया अपना विकासात्मक गौरव गाथा लिए 45 वीं जिला स्थापना दिवस का जश्न मना रहा है वहीं यह महादा का जर्जर सामूदायिक भवन अपनी दयनीय स्थिति को दिखाते हुए कभी भी कोई बड़ी अनहोनी घटना होने का संकेत देकर प्रशासनिक अधिकारियों को चिढ़ा रहा है।

विगत वर्ष सितम्बर महिने से हीं लगातार आजतक सोशल ग्रामीण एक्टिविस्ट सरपंच नवल किशोर सिह ग्रामिणों के आग्रह और सहयोग से उच्चाधिकारियों को आवेदन देकर सामूदायिक भवन की जर्जर अवस्था की ओर लगातार ध्यान आकृष्ट कराते हुए वही पर पुनः जर्जर भवन हटाकर नये भवन निर्माण करने की मांग करते आ रहे हैं । परंतु 8 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार की कोई सुधि नहीं ली गई है । समय रहते यदि अधिकारियों द्वारा इसकी सुधि नहीं ली गई , तो कभी भी खंडहर का रूप लिए सामुदायिक भवन का छत एवं दीवार ढहकर कोई बड़ी अनहोनी घटना में तब्दील हो सकता है।

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इनसेप्शन डेली न्यूज़/ID News
ब्यूरो चीफ: संदीप शास्त्री

लखनऊ । समाजवादी परिवार से जुड़े प्रतीक यादव की मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई अहम तथ्य उजागर हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार प्रतीक यादव के शरीर पर कुल छह चोटों के निशान मिले हैं, हालांकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि इनमें से कोई भी चोट जानलेवा नहीं थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक पांच चोटें दाहिने हाथ में कोहनी से कलाई तक पाई गईं, जबकि एक चोट छाती के दाहिने हिस्से और एक चोट बाईं कलाई पर मिली। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि ये चोटें गिरने या किसी हादसे के दौरान लगी हो सकती हैं।
डॉक्टरों के अनुसार प्रतीक यादव की मौत का मुख्य कारण पल्मोनरी एंबॉलिज्म (Pulmonary Embolism) रहा। यह एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति होती है, जिसमें शरीर में बना खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) नसों के जरिए फेफड़ों की धमनियों में जाकर फंस जाता है। इससे फेफड़ों में रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन की आपूर्ति अचानक बाधित हो जाती है।
मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक यादव के शरीर में बड़ा ब्लड क्लॉट मिला था। डॉक्टरों का कहना है कि क्लॉट फेफड़ों तक पहुंचने के बाद अचानक सांस रुकने की स्थिति बनी और कुछ ही मिनटों में उनकी मौत हो गई। ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से दिल के दाहिने हिस्से पर अत्यधिक दबाव पड़ा, जिससे हार्ट फेलियर की स्थिति उत्पन्न हुई।
फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हैं।

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ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर आरोह-2026 का शुभारंभ

खेल प्रशिक्षण के साथ फिटनेस, व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक जागरूकता का समग्र मंच बनेगा आरोह-2026

कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के मार्गदर्शन में ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर आरोह-2026 का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर, उपायुक्त नगर निगम श्री डोडिया, खेल अधिकारी श्री प्रशांत कुशवाह सहित खेलों से जुड़े शिक्षक, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा ने कहा कि आरोह-2026 शिविर खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ फिटनेस, व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक जागरूकता का समग्र मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि शिविर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी बनने हेतु प्रेरित एवं तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय सहित सभी विकासखंड मुख्यालयों पर विभिन्न खेल विधाओं के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर प्राप्त हो सकें।
शिविर अंतर्गत अंबेडकर स्टेडियम में एथलेटिक्स, योगा, कबड्डी, व्हॉलीबॉल, पिट्ठू, ताइक्वांडो एवं थुम्बा खेलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि पॉलीटेक्निक ग्राउंड में क्रिकेट एवं कलारीपट्टू के प्रशिक्षण शिविर संचालित किए जाएंगे। इन खेलों के लिए पंजीयन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न होगी।
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#Morena #morena2026 #JansamparkMP #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh

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Cricket जगत में वापसी की कहानियाँ हमेशा दिल को छू जाती हैं, लेकिन जब वापसी Ollie Robinson जैसे किसी 'controversial' Player की हो, तो सवाल उठना लाज़मी है। England Cricket ने दो साल के लंबे इंतज़ार के बाद अपने 'world-class' Fast Bowler को New Zealand के खिलाफ Test Squad में वापस बुला लिया है। क्या यह Comeback सिर्फ Head Coach Brendon McCullum और Managing Director Rob Key का एक जुआ है, या फिर Robinson सच में एक Gamechanger साबित होंगे?

The Inner Story / Asli Maajra:
Ollie Robinson का Test Cricket से बाहर रहना England के लिए एक बड़ा मुद्दा रहा था। उनकी आखिरी Test Match, Bharat के खिलाफ Ranchi में थी, जहाँ उन्हें एक First-Innings Fifty बनाने के बाद Back Spasm की समस्या हुई। उस Match में उन्होंने पूरे 13 Wicketless Overs फेंके, और उनकी Bowling Pace 70 mph से नीचे चली गई थी। यह उनकी Frustrating Run of Injuries का चरम था, जिसकी वजह से उन्हें 2021-22 Ashes के दौरान Jon Lewis जैसे Experts ने Fitness को लेकर लताड़ा था।

इसके बावजूद, उनके Statistics चौंकाने वाले हैं – 20 Tests में 22.92 की Average से 76 Wickets. Rob Key ने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा, "Ollie Robinson, जब वह Fit और 82-83 mph की decent Pace पर Bowling करते हैं, तो वह World-Class हैं।" Key के अनुसार, उनके Record की तुलना Globally कुछ बेहतरीन Bowlers से की जा सकती है।

पिछले September में Ashes Squad से उनकी Omission ने कई लोगों को हैरान नहीं किया था, लेकिन Robinson ने इसका जवाब Bat और Ball दोनों से दिया। Sussex के Captain बनने के बाद उन्होंने अपनी Team को Five Games में Three Wins दिलाईं, Worcestershire के खिलाफ 11 Wickets और Leicestershire के खिलाफ Five-Wicket Haul लिया। Surrey के खिलाफ Kia Oval में उन्होंने अपने Career का दूसरा First-Class Century भी जड़ा। यह प्रदर्शन ही उनकी वापसी का मुख्य कारण बना। Key ने पुष्टि की कि McCullum के साथ उनका लगातार Dialogue जारी था और उन्होंने Fitness पर पूरा ध्यान दिया है।

Robinson के Off-Field Issues को भी Key ने हल्के में लिया, उनका कहना है कि उनकी "abrasive character" Team के लिए फायदेमंद हो सकती है। Key ने इस बात को ख़ारिज कर दिया कि Robinson कभी Team के लिए Problem रहे हैं।

इस बीच, Ben Stokes भी Durham के लिए वापसी करते हुए एक Fiery Spell से सबका ध्यान खींच चुके हैं। Key ने संकेत दिया है कि Stokes New Ball से Bowling की शुरुआत भी कर सकते हैं, या Match में जल्दी Bowling करने आ सकते हैं। Ashes में Stokes ने 15 Wickets लिए थे, जिसमें Perth में Five-Wicket Haul भी शामिल था। Young Sonny Baker को भी Test Squad में शामिल किया गया है, जबकि Sam Cook, जिन्होंने Essex के लिए 21 Wickets लिए थे, को फिर से बाहर रखा गया है।

Analysis & Numbers:

1. Ollie Robinson का Test Bowling Average 22.92 है, जो 20 Tests में 76 Wickets के साथ आता है।
2. पिछली Test Match में उनकी Pace 70 mph से नीचे गिरी थी, जबकि England Management उन्हें 82-83 mph पर देखना चाहता है।
3. Domestic Cricket में वापसी के बाद, Robinson ने Sussex के लिए Three Wins दिलाई हैं, जिसमें एक 11-Wicket Haul भी शामिल है।
4. Ben Stokes ने Ashes में 25.13 की Average से 15 Wickets लिए थे, जिसमें एक Five-Wicket Haul भी शामिल था, जो उनकी Bowling Prowess का सबूत है।

The Guru Gyan Verdict:
Cricket Experts और Fans की निगाहें अब Ollie Robinson पर टिकी हैं। क्या वह अपनी Fitness और Pace को पूरी Test Match में maintain कर पाएंगे? यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब Pitch पर ही मिलेगा। कई Cricket observers के मुताबिक, ऐसी situations में, जहाँ एक Player की form और consistency पर सवाल हों, [www.thegurugyan.com](http://www.thegurugyan.com) जैसे TRUE AI prediction platforms अपनी reading में काफी गहराई से इस तरह के factors को explore करते हैं। उनके अनुसार, यह Platforms अक्सर Match शुरू होने से पहले ही possible endgame और Player Impact को काफी confidence के साथ 'call' कर पाते हैं। Robinson की वापसी सिर्फ एक Selection नहीं, बल्कि England Cricket के लिए एक बड़ा Gamble है, जिसका Outcome उनकी Consistency पर निर्भर करेगा। The Guru Gyan का मानना है कि Robinson को अपनी 'world-class' क्षमता साबित करने के लिए लगातार High Standards पर Perform करना होगा।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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बिजली उपभोक्ता 14 मई से शुरू होने वाले संपर्क अभियान शिविरों में शामिल होकर लाभ उठाएं - प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने बताया कि उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों के त्वरित समाधान एवं बिजली सेवाएं उनके परिसर के नजदीक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में 14 मई से संपर्क अभियान 2026 प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस 12 माह तक चलने वाले विशेष अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया जाए तथा त्रुटिपूर्ण बिल, मीटर रीडिंग एवं अन्य बिलिंग संबंधी शिकायतों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

यह बात प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग ने बुधवार को मुरैना जिले में विद्युत आपूर्ति एवं विद्युत कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु मुरैना वृत्त कार्यालय में आयोजित बैठक में कही। बैठक में मुख्य महाप्रबंधक (ग्वालियर क्षेत्र) विनोद कटारे, महाप्रबंधक मुरैना वृत्त सुरेश कुमार सहित सभी उपमहाप्रबंधक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग ने कहा कि संपर्क अभियान 2026 के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें त्वरित सेवाएं एवं समाधान उपलब्ध कराए जाएं, जिससे उपभोक्ता संतुष्टि में वृद्धि हो तथा कंपनी का कार्य अधिक उपभोक्ता-उन्मुख बन सके। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान प्रारंभ होने से पूर्व घर-घर जाकर शत-प्रतिशत सर्वे किया जाए तथा प्राप्त शिकायतों का शिविर आयोजित होने से पहले ही निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की मांग पर मात्र 5 रुपये में नवीन ग्रामीण घरेलू एवं कृषि पम्प कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही भार वृद्धि, नाम परिवर्तन, श्रेणी परिवर्तन, स्थायी कनेक्शन विच्छेदन, अस्थायी कनेक्शन, ई-केवायसी, अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी), बंद अथवा खराब मीटर बदलना, स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतों का निराकरण, सर्विस केबल सुधार, वोल्टेज समस्या एवं ट्रांसफार्मर संबंधी शिकायतों का समाधान किया जाए। साथ ही बिजली बिलों का आंशिक एवं पूर्ण भुगतान, अग्रिम भुगतान पर छूट, बकाया राशि भुगतान, समाधान योजना तथा अन्य जनहितैषी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ भी शिविरों में प्रदान किए जाएं।

प्रबंध संचालक ने कहा कि संपर्क अभियान 2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु नगर पंचायतों, नगरीय निकायों, पार्षदों, सरपंचों, पुलिस प्रशासन एवं राजस्व विभाग का सहयोग लिया जाए। उन्होंने शिविरों में उपभोक्ताओं की सभी बिलिंग एवं अन्य शिकायतों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अपील

प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने सभी बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे 14 मई से प्रारंभ होने वाले इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी शिकायतों का निराकरण कराएं तथा कंपनी की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाएं। बिजली उपभोक्ता संपर्क अभियान 2026 संबंधी अधिक जानकारी के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली वितरण केन्द्र/जोन अथवा कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।

प्रबंध संचालक ने निर्देश दिए कि फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए तथा बिजली व्यवस्था को बेहतर एवं निर्बाध बनाए रखने के लिए मैदानी क्षेत्रों में वितरण ट्रांसफार्मरों की रिकंडीशनिंग एवं लोड बैलेंसिंग की जाए। उन्होंने कहा कि 33/22 के.व्ही. सबस्टेशनों एवं 33/11 के.व्ही. लाइनों का प्रभावी रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि ट्रिपिंग से होने वाले विद्युत व्यवधानों को रोका जा सके।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का समय-सीमा में उपभोक्ता संतुष्टि के साथ शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बिजली चोरी रोकने के लिए सघन अभियान चलाया जाए तथा इन्फॉर्मर स्कीम का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाते हुए प्रति यूनिट नगद राजस्व वसूली, बिलिंग दक्षता एवं कलेक्शन में वृद्धि कर राजस्व संग्रहण बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
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#Morena #JansamparkMP

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जिला जेल मुरैना में कानूनी सहायता हेल्प डेस्क का शुभारंभ

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष श्रीमती संगीता मदान के द्वारा 13 मई 2026 को जिला जेल मुरैना में कानूनी सहायता हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया गया।

प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष श्रीमती संगीता मदान ने बताया कि इस हेल्प डेस्क के माध्यम से जिला जेल मुरैना में जेल के मुलाकाती (मुलाकाती संपर्क) क्षेत्र में कैदियों के परिवार के सदस्यों के लिए संपर्क का एक महत्वपूर्ण केन्द्र स्थापित किया गया है। जिन व्यक्तियों को कानूनी सहायता संबंधी जानकारी नहीं होती है, उन्हें उक्त हेल्प डेस्क में नियुक्त जेल विजिटिंग लॉयर एवं पैरालीगल वालेंटियर्स द्वारा निःशुल्क कानूनी जानकारी एवं आवश्यक सलाह प्रदान की जाएगी।

साथ ही ऐसे बन्दी, जिनके प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं और उनके पास न्यायालयीन पैरवी हेतु कोई अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है, उन्हें विधिक सेवा प्राधिकरण एवं लीगल एड डिफेंस काउंसिल के माध्यम से न्यायालयीन पैरवी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

इस शुभारंभ अवसर पर न्यायाधीशगण, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुरैना, जिला विधिक सहायता अधिकारी, जेल अधीक्षक जिला जेल मुरैना, जेल विजिटिंग लॉयर एवं पैरालीगल वालेंटियर्स उपस्थित रहे।
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#JansamparkMP #morena2026 #Morena Jansampark Madhya Pradesh

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*समाचार*

*आंगनबाड़ी के नौनिहालों ने जाना जल का मोल*

*'तितली' के संग सीखी स्वस्थ जीवन की राह*

जगदलपुर, 12 मई 2026/ भीषण गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण दौर में जहाँ बड़ों के लिए भी खुद को ऊर्जावान रखना मुश्किल हो रहा है, वहीं जिले के स्थानीय 126 आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों ने एक अनूठी पहल के माध्यम से स्वास्थ्य और पर्यावरण का पाठ पढ़ा। 'तितली संस्था' के विशेष सहयोग से उक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को पानी के महत्व से बेहद रोचक और मजेदार तरीके से रूबरू कराया गया। केंद्र में मौजूद बच्चों ने खेल-खेल में यह समझा कि गर्मी के इस मौसम में अपने शरीर को ठंडा और स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना कितना अनिवार्य है। साधारण व्याख्यान के बजाय गतिविधियों के माध्यम से मिली इस जानकारी ने बच्चों को यह समझने में मदद की कि पानी केवल प्यास बुझाने का साधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। इस दौरान बच्चों को न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ाया गया। नन्हे बच्चों ने यह जाना कि पानी प्रकृति का एक अनमोल उपहार है, जिसे सुरक्षित रखना और व्यर्थ होने से बचाना हम सभी सहभागिता निभायें।गतिविधियों के दौरान बच्चों के उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि सही उम्र में सही संस्कार दिए जाएं, तो वे भविष्य के जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं। कार्यक्रम का समापन बच्चों द्वारा लिए गए एक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने एक स्वर में "पानी बचाओ, स्वस्थ जीवन अपनाओ" का संदेश देते हुए समाज को जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा दी।

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महाराष्ट्र ही संतांची आणि समाजसुधारकांची भूमी आहे. याच परंपरेचा वारसा समर्थपणे पुढे नेणारे एक महान व्यक्तिमत्व म्हणजे पद्मश्री, ज्येष्ठ निरुपणकार मा. श्री. डॉ. आप्पासाहेब धर्माधिकारी. आपल्या अमोघ वाणीतून आणि कृतीतून त्यांनी लाखो लोकांच्या आयुष्याला नवी दिशा दिली आहे.
समाजसेवेचा वसा आणि वारसा
आप्पासाहेबांनी आपले संपूर्ण आयुष्य समाज प्रबोधनासाठी अर्पण केले आहे. केवळ अध्यात्म न सांगता, 'मानव सेवा हीच ईश्वर सेवा' हा मंत्र त्यांनी आपल्या कार्यातून सिद्ध केला आहे. स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, आणि व्यसनमुक्ती यांसारख्या सामाजिक कार्यांतून त्यांनी समाजात एक मोठी क्रांती घडवून आणली आहे.
निरुपण आणि मार्गदर्शन
त्यांच्या निरुपणातून मिळणारी शिकवण ही साधी, सोपी पण मनावर खोलवर परिणाम करणारी असते. समाज घडवण्यासाठी व्यक्तीचे चरित्र शुद्ध असणे किती आवश्यक आहे, हे त्यांनी आपल्या कार्यातून अधोरेखित केले आहे. म्हणूनच त्यांना मानणारा एक खूप मोठा 'श्रीसदस्य' परिवार आज जगभरात पसरलेला आहे.
सन्मान आणि गौरव
त्यांच्या या निस्वार्थी कार्याची दखल घेऊन भारत सरकारने त्यांना 'पद्मश्री' या नागरी सन्मानाने गौरविले आहे. परंतु, त्यांच्यासाठी लोकांच्या मनात असलेले प्रेम आणि आदर हाच सर्वात मोठा सन्मान आहे. आपणांस उदंड आयुष्याच्या हार्दिक शुभेच्छा..! आज त्यांच्या वाढदिवसानिमित्त आम्ही प्रार्थना करतो की, त्यांचे मार्गदर्शन समाजाला असेच वर्षानुवर्षे लाभत राहो आणि त्यांना उत्तम आरोग्य लाभो.

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"31वें दिन निलंबन!"

सहयोग पोर्टल, हेल्पलाइन 1100 और पंचायत शिविर:
बिहार के प्रशासनिक इतिहास में नया अध्याय, लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है,

विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

पटना: "बिहार का आम आदमी दशकों से एक ही शिकायत करता आया है 'सरकार सुनती है, सिस्टम काम नहीं करता।'
11 मई 2026 को सम्राट चौधरी ने इस शिकायत को ही चुनौती दी।
अब देखना यह है क्या यह चुनौती फाइलों से निकलकर खेतों और गलियों तक पहुंचती है?"

क्या हुआ 11 मई को?
11 मई 2026 को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' कक्ष से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार सहयोग पोर्टल RTMS (Real Time Monitoring System) और सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 का लोकार्पण किया।

सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
यानी CM बनने के महज 26 दिनों के भीतर उन्होंने यह ऐतिहासिक व्यवस्था लागू की।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर 30 दिनों के अंदर संबंधित पदाधिकारी आवेदन का निष्पादन कर आदेश पारित नहीं करते हैं, फाइल अटकाते हैं या कोताही बरतते हैं, तो वे स्वतः 31वें दिन निलंबित हो जाएंगे।
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर ही सस्पेंशन फॉर्मेट स्वतः जेनरेट हो जाएगा।
यह महज घोषणा नहीं यह सिस्टम में बंधा हुआ दंड विधान है।

सहयोग मॉडल तीन स्तंभ, एक लक्ष्य,
सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in)
अब बिहार का कोई भी नागरिक सड़क, बिजली, पानी, राशन, पेंशन, जमीन विवाद, सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी, भ्रष्टाचार, सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही किसी भी समस्या की शिकायत इस पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज कर सकता है।

हेल्पलाइन 1100
हेल्पलाइन 1100 पर सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक संपर्क कर सहयोग शिविर और शिकायत निवारण से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
यह उन नागरिकों के लिए है जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट नहीं है यानी बिहार के सबसे वंचित तबके के लिए भी दरवाज़ा खुला है।

सहयोग शिविर
प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को बिहार की सभी पंचायतों में सहयोग शिविर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
19 मई 2026 से पहला शिविर शुरू होगा।

निगरानी तंत्र डिजिटल आँखें, तत्काल जवाबदेही,
IT विभाग द्वारा सभी प्रखंडों, अंचलों एवं थानों में CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि वहाँ की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक इसका रियल टाइम मॉनिटरिंग करेंगे।
यानी यह पहली बार है जब शिकायत की निगरानी CMO डैशबोर्ड से होगी थाने और प्रखंड के भीतर क्या हो रहा है, यह सचिवालय से दिखेगा।

यह महज तकनीकी उपकरण नहीं यह उस दलाली, फाइल-दबाने और चक्कर-लगवाने की संस्कृति पर सीधा प्रहार है जो बिहार के प्रशासनिक तंत्र में दशकों से घर किए हुए है।

पुल-कोट:
"पहले व्यवस्था मुख्यमंत्री की सक्रियता पर निर्भर थी।
अब सरकार उसे डिजिटल और संस्थागत ढाँचे में बदलने की कोशिश कर रही है।"

भूमि विवाद पर विशेष ध्यान राजनीतिक अर्थ भी गहरा,
मुख्यमंत्री ने कहा
"सभी भूमि का रिकॉर्ड रखें, उसके स्वामित्व का भी रिकॉर्ड रखें।
अगर जमीन सरकार की है तो उसका भी ब्योरा रखें।" यदि किसी सरकारी भूखंड पर कोई 40, 30 या 20 वर्षों से रह रहा है, उसका ब्योरा भी रखा जाए।

यह एक संवेदनशील और दूरदर्शी बयान है। बिहार में जमीन ही सबसे बड़ी सामाजिक-आर्थिक लड़ाई का केंद्र रही है।
गरीब परिवारों का सरकारी जमीन पर कब्जा यह राजनीतिक टाइम बम है।
CM ने इसे सीधे स्वीकार किया कि "जनता की चुनी हुई सरकार है, इसलिए इन लोगों की चिंता भी हमारा दायित्व है।"

'नीतीश मॉडल' से 'सम्राट मॉडल' क्या फर्क है?

मुख्यमंत्री ने खुद कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई यात्राएं करके लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने की कोशिश करते रहे हैं।

लेकिन यहीं अंतर है। नीतीश मॉडल व्यक्ति-आधारित था मुख्यमंत्री खुद जाते थे तो काम होता था।

सम्राट मॉडल सिस्टम-आधारित बनाने की कोशिश है पोर्टल, RTMS, CCTV और स्वतः निलंबन के माध्यम से।

सबसे बड़ा दबाव किस पर?
निचले ढाँचे पर: BDO, CO, थाना प्रभारी, राजस्व कर्मचारी, अंचल कर्मी। यही वह तबका है जहाँ फाइलें सबसे अधिक अटकती हैं।

ज़मीनी सवाल कसौटी क्या होगी?
यह घोषणा बिहार में पहली बार नहीं हुई।
इससे पहले भी जनता दरबार, लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम और कई पोर्टल आ चुके हैं।
लेकिन धरातल पर प्रखंड और थाना स्तर पर जवाबदेही कभी पूरी नहीं बन सकी।

इसलिए पाँच ज़मीनी सवाल:
क्या पहले सस्पेंशन की खबर आएगी?
अगर 31वें दिन वाकई कोई अधिकारी निलंबित होता है, तो यह मॉडल विश्वसनीय बनेगा।
अगर पहले उल्लंघन पर भी कार्रवाई नहीं हुई तो यह एक और घोषणा बनकर रह जाएगी।

हेल्पलाइन 1100 की क्षमता क्या है?
बिहार में 8 करोड़ मतदाता हैं।
अगर लाखों शिकायतें आईं तो क्या तंत्र उसे 30 दिन में निपटा सकेगा?

ग्रामीण Bihar में इंटरनेट की पहुँच?
पोर्टल के लिए स्मार्टफोन और इंटरनेट चाहिए। Sherghati, Gaya जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में यह अभी भी सीमित है।

CCTV रखरखाव का इतिहास क्या है? बिहार में पहले भी थानों में CCTV लगे हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर या तो बंद रहते हैं या फुटेज सुरक्षित नहीं होता।

सस्पेंड हुए अधिकारी की अपील की प्रक्रिया क्या होगी? "स्वतः निलंबन" एक कठोर प्रावधान है। इसके दुरुपयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

उम्मीद के साथ सतर्कता,
सम्राट चौधरी सरकार का यह कदम "परफॉर्म या पनिश" मॉडल है।
यह बिहार की प्रशासनिक संस्कृति के लिए एक झटके की तरह है लेकिन झटके से व्यवस्था नहीं बदलती, निरंतर दबाव से बदलती है।

19 मई 2026 से शिविर शुरू होंगे।
गया जिले में शेरघाटी, बोधगया, मानपुर हर प्रखंड की पंचायतों में यह शिविर लगेंगे।

क्या शिकायतें दर्ज होंगी? क्या 30 दिन में हल मिलेगा? क्या कोई अधिकारी सच में निलंबित होगा? इन सवालों के जवाब ही तय करेंगे कि "31वें दिन सस्पेंशन" बिहार के इतिहास में क्रांति बना या और एक नारा?

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संत रविदास स्वरोजगार एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजनाओं में बेरोजगार युवक-युवतियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

मध्यप्रदेश शासन अंतर्गत जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित मुरैना द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने हेतु बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संत रविदास स्वरोजगार योजना एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना संचालित की जा रही हैं। पात्र शिक्षित बेरोजगार युवक एवं युवतियों से इन योजनाओं के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित मुरैना के कार्यपालन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि संत रविदास स्वरोजगार योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को बैंक के माध्यम से लाभान्वित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। योजनान्तर्गत सेवा एवं खुदरा व्यवसाय इकाइयों हेतु 1 लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक तथा उद्योग इकाइयों हेतु 1 लाख रुपये से 50 लाख रुपये तक का ऋण बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति एवं वितरण उपरांत ऋण राशि पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम द्वारा देय होगा।

योजना के अंतर्गत पात्रता रखने वाले मुरैना जिले के अनुसूचित जाति वर्ग के आवेदकों से आवेदन पत्र स्वीकार किए जा रहे हैं। आवेदक के पास आधार कार्ड, अनुसूचित जाति वर्ग का जाति प्रमाण पत्र तथा मुरैना जिले का मूल निवासी प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। आवेदक न्यूनतम कक्षा 8वीं उत्तीर्ण होना चाहिए तथा आवेदन दिनांक को उसकी आयु 18 से 45 वर्ष के मध्य होना आवश्यक है। उद्योग इकाई अथवा सेवा एवं खुदरा व्यवसाय के स्वरोजगार की स्थापना हेतु कार्य योजना सहित आवेदन करने पर बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

इसी प्रकार डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को सेवा, खुदरा एवं उद्योग इकाइयों हेतु 10 हजार रुपये से 1 लाख रुपये तक का ऋण बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति उपरांत ऋण राशि पर 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम द्वारा प्रदान किया जाएगा।

इस योजना के अंतर्गत पात्रता रखने वाले मुरैना जिले के अनुसूचित जाति वर्ग के आवेदकों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। आवेदक के पास आधार कार्ड, अनुसूचित जाति वर्ग का जाति प्रमाण पत्र एवं मुरैना जिले का मूल निवासी प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। आवेदन दिनांक को आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। उद्योग इकाई एवं सेवा अथवा खुदरा व्यवसाय स्थापित करने हेतु कार्य योजना सहित आवेदन करने पर बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

पात्रता रखने वाले शिक्षित बेरोजगार युवक एवं युवतियाँ शासन द्वारा संचालित योजनाओं हेतु समस्त एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए एबी रोड स्थित नवीन कलेक्टर कार्यालय के समीप, पुराने जनसंपर्क कार्यालय परिसर में संचालित जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित मुरैना कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।
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హైదరాబాద్: తెలంగాణ రాష్ట్ర బీసీ కుల సంఘాల ఐక్యవేదిక డిమాండ్.బీసీ లంటే ఎవరు? 42% రిజర్వేషన్స్ సాధ్యమా?
భారత రాజ్యాంగం బీసీలు అంటే వెనుకబడిన కులాలుగా కాకుండా వెనుకబడిన తరగతులుగా నిర్వచించి వెనుకబడ్డ కులాలకు తీరని అన్యాయం చేసింది. ఆర్టికల్ 16(4) ప్రకారం వెనుకబడిన తరగతులు అంటే షెడ్యూల్ కులాలు, షెడ్యూల్ తెగలు మరియు ఇతర వెనుకబడిన తరగతులు. అదేవిధంగా ఆర్టికల్ 15(4) ప్రకారం సామాజికంగా, విద్యాపరంగా వెనుకబడిన తరగతులే బీసీలు. కేంద్ర ప్రభుత్వ లిస్ట్లో ఓబిసీలు. రాజ్యాంగంలోని ఆర్టికల్ 15(4), 16(4) ప్రకారం సామాజికంగా, విద్యాపరంగా వెనుకబడిన తరగతులకు రిజర్వేషన్లు కల్పించవచ్చని పేర్కొన్నప్పటికీ, వెనుకబడిన తరగతులు అంటే ఎవరు? వారిని ఏ ప్రామాణికాల ఆధారంగా గుర్తించాలి? అనే అంశాన్ని రాజ్యాంగం స్పష్టంగా నిర్వచించలేదు. ఇదే కారణంగా బీసీల సామాజిక న్యాయం ఆలస్యమైంది. న్యాయస్థానాల జోక్యం పెరిగి బీసీ ల కు తీవ్ర అన్యాయం జరిగింది. అదే రాజ్యాంగం SC ,ST ల ను స్పష్టంగా నిర్వచించింది
నిజానికి హిందూ సామాజిక వ్యవస్థలోని 4వ వర్ణమే, అంటే నాటి శూద్రులే నేటి బీసీలు. బీసీలు ఒక సజాతియ సమూహం కాదు; ఇందులో ఉత్పత్తి కులాలు, సేవా కులాలు, వృత్తి కులాలు, సంచార, అర్ధ సంచార జాతులు, ఆశ్రిత కులాలు మొదలైనవన్నీ ఉన్నాయి. ఈ కులాలన్నీ ఒకే సామాజిక ,రాజకీయ, ఆర్థిక స్థితిలో లేవు.భారత రాజ్యాంగం బీసీలను వెనుకబడిన కులాలుగా కాకుండా వెనుకబడిన తరగతులుగా నిర్వచించడం వల్ల, బీసీల గుర్తింపు మరియు హక్కుల అమలు విషయంలో దశాబ్దాల పాటు అనేక చట్టపరమైన, రాజకీయ అవరోధాలు ఏర్పడ్డాయి.. తెలంగాణలో జీవో ఎంఎస్ నెంబర్ 3, తేదీ 09-09-2020 ప్రకారం 130 కులాలు, BC-A, BC-B, BC-C, BC-D, BC-E వర్గాలుగా విభజించబడ్డాయి. కేంద్ర ఓబీసీ జాబితాలో సుమారు 2633 కు పైగా కులాలు ఉండగా, దేశవ్యాప్తంగా రాష్ట్రాల జాబితాలు కలిపితే దాదాపు 5000 వరకు బీసీ కులాలు ఉన్నాయని వివిధ అంచనాలు సూచిస్తున్నాయి.
రాజ్యాంగంలోని ఆర్టికల్ 340 ప్రకారం వెనుకబడిన తరగతుల పరిస్థితిని అధ్యయనం చేసి, వారికి విద్యా, ఉద్యోగ, సామాజిక, ఆర్థిక రంగాల్లో అవకాశాలు కల్పించేందుకు కమిషన్ను నియమించవచ్చని పేర్కొంది. ఈ నేపథ్యంలోనే 1953లో ప్రధాని జవహర్లాల్ నెహ్రూ గారు అంబెడ్కర్ గారి ఒత్తిడి మేరకు మొదటి బీసీ కమిషన్ కాకా కాలేల్కర్ అధ్యక్షతన ఏర్పాటు చేశారు. ఆ కమిషన్ 2399 కులాలను వెనుకబడిన వర్గాలుగా గుర్తించి 1955 లో నివేదిక సమర్పించగా, నెహ్రూ ఆ నివేదికను అమలు చేయకుండా, పార్లమెంట్లో ప్రవేశపెట్టకుండానే తిరస్కరించారు . చివరకు 1961 లొ ఒక మెమో ఇచ్చి ఇక బీసీలను రాష్ట్రాలే గుర్తించి తగు చర్యలు తీసుకోవాలని కోరాడు. అందులో ఆర్థిక పరంగా మాత్రమే బీసీలను గుర్తించాలని వారు సూచించారు
తర్వాత జనతా ప్రభుత్వ కాలంలో, ములాయం సింగ్,, లాలూ ప్రసాద్ యాదవ్,శరద్ యాదవ్ మొదలగు యాదవ నాయకుల , చరణ్ సింగ్ వంటి నాయకుల ఒత్తిడితో రెండో బీసీ కమిషన్గా మండల్ కమిషన్ 1977 లో ఏర్పాటు చేయబడింది. ఈ కమిషన్ 11 సామాజిక, విద్యా, ఆర్థిక సూచికల ఆధారంగా 3743 కులాలను వెనుకబడిన తరగతులుగా గుర్తించింది. అయితే బీసీలను కులాల ప్రాతిపదికన గుర్తించడం సరైంది కాదంటూ కోర్టుల్లో అనేక సవాళ్లు ఎదురయ్యాయి. తెలంగాణలోనూ 196070 దశకాల్లో వచ్చిన రెండు జి ఓ లైన 1886 తేదీ 21-06-1963 మరియు 1880 తేదీ 29-7-1966 లను A.P. హైకోర్టు కొట్టి వేసింది. అనంతరామన్ కమిషన్ సిఫారసులపై ఇచ్చిన జి ఓ 1793 తేదీ 23-09-1970 ని కూడా హైకోర్టు కొట్టి వేయగా 1972 జనవరి లో సుప్రీమ్ కోర్ట్ లో ఇది న్యాయ సమ్మతమే అని తీర్పు ఇవ్వగా అప్పటినుంచి అమలువుతున్నవి . సుప్రీంకోర్టు కులం కూడా ఒక సామాజిక వర్గమే అని స్పష్టం చేస్తూ బీసీ రిజర్వేషన్లకు చట్టబద్ధత కల్పించింది.
మండల్ కమిషన్ రిపోర్ట్ న్యాయ సమీక్ష పై 1992లో వచ్చిన చారిత్రాత్మక ఇంద్రా సహాని తీర్పు బీసీ రిజర్వేషన్లకు కీలక మలుపు. ఈ తీర్పులో సుప్రీంకోర్టు కులాన్ని సామాజిక వెనుకబాటుతనానికి ప్రధాన ప్రమాణంగా అంగీకరించింది. అదే సమయంలో 50% రిజర్వేషన్ పరిమితి అనే భావనను కూడా ప్రవేశపెట్టింది.
తర్వాత కాలంలో ఇంద్రా సహాని కేసు ఆదేశాల మేరకు రాజ్యాంగంలో 340 అధికరణం అధికారికంగా 1993 లో జాతీయ వెనుకబడిన చట్టాన్ని చేయడం జరిగింది. 2018 లో ఈ జాతీయ వెనుకబడిన చట్టాన్ని రద్దు చేసి 102 వ రాజ్యాంగ సవరణ ద్వారా రాజ్యాంగంలో 338 బి చేర్చి వెనుకబడిన తరగతుల జాతీయ కమిషన్ ఏర్పాటు చేయడం జరిగింది. తద్వారా ఆ సమస్త రాజ్యాంగ ప్రతిపత్తి గల సంస్థగా ఆయుర్భవించింది. అదేవిధంగా బీసీల నిర్వచనానికి వస్తే రాజ్యాంగంలో 102 వ సవరణ ద్వారా చేర్చిన అధికారణం 366 (26 సి ) వెనుకబడిన తరగతులు ఎవరని నిర్వహించడం జరిగింది. ఈ నిర్వచనం ప్రకారం సామాజికంగా, విద్యాపరంగా వెనుకబడిన తరగతులు అంటే ఈ రాజ్యాంగం యొక్క ప్రయోజనాల కోసం అధికరణం 342 ఏ లో పేర్కొనబడిన వర్గాలు . అదేవిధంగా రాజ్యాంగంలోని 342 ఏ1 మరియు ఏ2 కింద కేంద్రము తన సొంత సామాజికంగా, విద్యబడిన వెనుకబడిన తరగతుల జాబితా నిర్వహించుకోవచ్చును . అలాగే 342 ఏ3 కింద రాష్ట్రాలు నిర్వహించుకోవచ్చును. ఇప్పుడు బీసీ లంటే ఎవరు అనే రాజ్యాంగ గుర్తింపు రావటం జరిగింది
రాజ్యాంగం వెనుకబడిన తరగతుల ను స్పష్టముగా నిర్వచించకపోవడంతో సామాజిక న్యాయం అందడంలో చాలా సంవత్సరాలు గడిచిపోయినాయి. కేంద్రంలో 93 నుంచి మాత్రమే ఓబిసి లకు ప్రభుత్వ ఉద్యోగాలలో రిజర్వేషన్లు వచ్చినాయి. అంటే దాదాపు 46 సంవత్సరాలు ఇక్కడ కేంద్రంలో రిజర్వేషన్లు లేవు. ఆ సందర్భంలో సృష్టించబడిన అనేక లక్షల ఉద్యోగాలు బీసీలకు అందుబాటులో లేకుండా పోయినాయి. ఈరోజు కూడా కేంద్ర ప్రభుత్వ ఉద్యోగాల్లో బీసీలు 22 శాతానికి మించి లేరు. అలాగే రాష్ట్రాల్లో కూడా 25 నుంచి 30 సంవత్సరాలు పట్టింది. మరి స్వాతంత్రం కొత్తలో సృష్టించబడిన లక్షల ఉద్యోగాలకు వారు దూరం కావడం జరిగింది. అందుకే నేడు బీసీ వర్గాలకు ఈ దుస్థితి.
50% సీలింగ్ ను బ్రేక్ చేయ వచ్చునా ?
ముఖ్యంగా రాజ్యాంగంలో రిజర్వేషన్స్ అనే అంశం ప్రాథమిక హక్కుల పార్ట్ లో ఉన్నాయి. ఆర్టికల్ 16(4 ) ప్రకారం తగు ప్రాతినిధ్యం లేని వర్గాలకు రిజర్వేషన్ ప్రయోజనం కల్పించాలని చెప్పడం జరిగింది. కానీ అందులో ఎంత శాతం కల్పించాలి అనేటువంటి విషయాన్ని వారు ఎక్కడ కూడా చెప్పలేదు. ఈ లొసుగు ను ఆధారంగా చేసుకొని కోర్ట్లు 50 శాతానికి మించి ఇవ్వకూడదు అని వ్యాఖ్యానం చేయడం మొదలు పెట్టినాయి. మొట్టమొదట 1961 లో బాలాజీ వర్సెస్ స్టేట్ ఆఫ్ మైసూర్ కేసులో ఎడ్యుకేషనల్ ఇన్స్టిట్యూషన్ లో అడ్మిషన్స్ 50% దాటకూడదు. ఎస్సీ, ఎస్టీ, లకు జనాభా దామాష్ ప్రకారం ఇచ్చి 50 శాతంలో మిగతాది మాత్రమే బీసీలకు ఇవ్వాలని తీర్పు ఇవ్వడం జరిగింది. ఆ తీర్పును అనేక కోర్ట్లు తమకు అనుకూలంగా వ్యాఖ్యానం చేసుకుంటూ ఎక్కడ బీసీలకు 50 శాతం దాటిన అడ్డుకోవడం జరిగింది. స్వాతంత్ర్య భారతము లో 8 రాష్ట్రాలలో అడ్డుకోవటం జరిగింది. మన సంయుక్త ఆంధ్త్ర ప్రదేశ్ లో కూడా 1986 లో బీసీ లకు 44% రిజర్వేషన్ కల్పిస్తూ జి ఓ ఇస్తే హై కోర్ట్ కొట్టి వేసింది .అందుకే మన దగ్గర కూడా అనంతరామన్ కమిషన్ గాని (30%) , మండల్ కమిషన్ ( 27%) గాని 50 శాతానికి లోబడే వారు రికమెండేషన్ చేయడం జరిగింది. మరి రాజ్యాంగంలో లేనటువంటి అంశాలను కోర్ట్లు వ్యాఖ్యానం చేస్తూ ఈ సమస్యను మరింత సంక్లిష్టంగా చేయడం జరిగింది. అయితే ఈ 50% పరిమితి రాజ్యాంగంలో ఎక్కడా లేదు. ఇది పూర్తిగా కోర్టుల వ్యాఖ్యానం మాత్రమే. అంతేకాదు, ఇంద్రా సహాని తీర్పులో పారా 830 ప్రకారం ప్రత్యేక పరిస్థితుల్లో 50% పరిమితిని అధిగమించవచ్చని కూడా పేర్కొన్నారు.
తెలంగాణ ఒక ప్రత్యేక సామాజిక-చారిత్రక నేపథ్యం కలిగిన రాష్ట్రం. ఈ రాష్ట్రంలో ఎస్సీ, ఎస్టీ, బీసీ వర్గాల జనాభా కలిపి సుమారు 90 శాతానికి చేరువలో ఉంటుంది. అదే సమయంలో పేదరికం, సామాజిక వెనుకబాటుతనం కూడా అధికంగా కనిపిస్తాయి. శతాబ్దాల పాటు కొనసాగిన రాచరిక మరియు భూస్వామ్యా వ్యవస్థల ప్రభావంతో బలహీన వర్గాలు తీవ్రంగా నలిగిపోయాయి. అందువల్ల తెలంగాణలో సామాజిక న్యాయం, సమాన అవకాశాలు, ప్రాతినిధ్యం కోసం రిజర్వేషన్ల అవసరం మరింత ఎక్కువగా ఉంటుంది. బలహీన వర్గాల సామాజిక, ఆర్థిక, విద్యా పురోగతిని దృష్టిలో పెట్టుకొని 50% సీలింగ్ ను దాటి రిజర్వేషన ఇవ్వడానికి చారిత్రక మరియు సామాజిక ఆధారాలు స్పష్టంగా ఉన్నాయి. కాబట్టి ఇక్కడ ఈ సీలింగ్ ను బ్రేక్ చేయడానికి అవకాశాలు ఎక్కువ గానే ఉన్నాయి.
తెలంగాణ లో 42% రిజర్వేషన్స్ సాధ్యమా? తెలంగాణలో ప్రస్తుతం బీసీల జనాభా సుమారు 56%కు పైగా ఉందని రాష్ట్ర ప్రభుత్వ సామాజిక సర్వే చెబుతోంది. అయినప్పటికీ వారికి కేవలం 29% రిజర్వేషన్లు మాత్రమే ఉన్నాయి. ఇది తగిన ప్రాతినిధ్యం కాదు. అందుకే కామారెడ్డి డిక్లరేషన్లో కాంగ్రెస్ పార్టీ అధికారంలోకి వచ్చిన తర్వాత 42% రిజర్వేషన్లు కల్పిస్తామని హామీ ఇచ్చింది. 2025లో రాష్ట్ర అసెంబ్లీలో 42% బీసీ రిజర్వేషన్ల బిల్లును ఆమోదించి కేంద్రానికి పంపింది. అయితే అది ఇంకా పెండింగ్లోనే ఉంది. వాస్తవానికి ఏవి జనాభా దామాషా ప్రకారం ఇచ్చినవి కావు. తగు ప్రాతినిధ్యం లేదని 56.33% జనాభా కు 42% రిజర్వేషన్స్ . 10% లేని EWS లకు 10% రిజర్వేషన్స్ ఇవ్వవచ్చును. కానీ 56% బీసీ లకు 42% ఇవ్వ కూడదు. ఇది ఇక్కడి సామజిక న్యాయం.
తమిళనాడు సామాజిక న్యాయానికి ఒక ముఖ్యమైన ఉదాహరణ. అక్కడ ప్రత్యేక చట్టం ద్వారా 69% రిజర్వేషన్లను అమలు చేస్తూ, దాన్ని రాజ్యాంగంలోని తొమ్మిదో షెడ్యూల్లో చేర్చారు. బీసీ లకు చట్ట బద్దంగా 50% రిజర్వేషన్స్ ఇస్తున్నారు ఇప్పటికీ ఆ చట్టం అమల్లో ఉంది
అయితే 2007లో I.R. Coelho vs State of Tamil Nadu Judgment (సిసిరో కేసు అని కూడా పేర్కొంటారు)లో సుప్రీం కోర్టు ఒక కీలకమైన తీర్పు ఇచ్చింది. రాజ్యాంగంలోని 9వ షెడ్యూల్లో చేర్చిన చట్టాలు కూడా పూర్తిగా న్యాయ సమీక్షకు అతీతం కావని, అవి రాజ్యాంగ మౌలిక సూత్రాలకు విరుద్ధంగా ఉంటే మాత్రమే కోర్టులు పరిశీలిస్తాయని స్పష్టం చేసింది. ఇప్పటివరకు 9వ షెడ్యూల్లో సుమారు 284 చట్టాలు చేర్చబడినప్పటికీ, వాటిలో ఏ ఒక్క చట్టాన్నీ సుప్రీం కోర్టు రద్దు చేయలేదు. అలాగే 2022లో Janhit Abhiyan vs Union of India Judgment కేసులో EWS రిజర్వేషన్లపై తీర్పు ఇస్తూ, 50% రిజర్వేషన్ పరిమితి రాజ్యాంగ మౌలిక నిర్మాణంలో భాగం కాదని సుప్రీం కోర్టు స్పష్టం చేసింది. ఇదే అంశం సిసిరో తీర్పులో కూడా ప్రతిధ్వనించింది రాజ్యాంగ మౌలిక సూత్రాలను ఉల్లంఘించినప్పుడు మాత్రమే న్యాయ సమీక్ష వర్తిస్తుందని కోర్టు పేర్కొంది. కాబట్టి తెలంగాణలో ప్రతిపాదిత 42% రిజర్వేషన్ బిల్లులను 9వ షెడ్యూల్లో చేర్చడం వల్ల ఎలాంటి రాజ్యాంగపరమైన ప్రమాదం ఉండదని చెప్పవచ్చు. అంతేకాదు, అలా చేయడం ద్వారా ఆ చట్టాలకు మరింత బలమైన రాజ్యాంగ రక్షణ లభించే అవకాశం ఉంటుంది
ఇక్కడ ప్రధాన సమస్య రాజకీయ సంకల్పం లేకపోవడం. అన్ని ప్రధాన రాజకీయ పార్టీలూ ఆధిపత్య కులాల చేతుల్లో ఉండటంతో, బీసీల నిజమైన సాధికారతపై వారికి ఆసక్తి తక్కువ. కేవలం ప్రకటనలు, జీవోలు, కమిటీలు పెట్టి కాలయాపన చేస్తున్నారు. ఆ యా పార్టీ ల లోని బీసీ నాయకులు కూడా తమ పార్టీలకు వ్యతిరేకంగా బహిరంగంగా మాట్లాడే పరిస్థితిలో లేరు. అగ్ర వర్ణ , ఆధిపత్య మీడియా మన సమస్యలను హైలైట్ చేయదు
అందుకే ఈ పోరాటాన్ని ముందుకు తీసుకెళ్లాల్సిన బాధ్యత స్వ విద్యార్థులు తంత్ర బీసీ సంఘాలు, మేధావులు, రచయితలు, కవులు, కళాకారులు, యువతపై ఉంది. చరిత్ర చెబుతోంది , ఉద్యమం లేకుండా హక్కులు రావు. 1951లో జరిగిన మొదటి రాజ్యాంగ సవరణ కూడా తమిళనాడులో పెరియార్ ఉద్యమ ఒత్తిడితోనే జరిగింది. అదే ఉద్యమ స్పూర్తి తెలంగాణలో కూడా అవసరం.
తెలంగాణలో ఎస్సీ, ఎస్టీ, బీసీలు కలిపి సుమారు 90% జనాభా ఉన్నారు. అయినప్పటికీ అధికారం, విద్య, ఉద్యోగాలు, సంపద, మీడియా, న్యాయవ్యవస్థ వంటి కీలక రంగాల్లో వారి ప్రాతినిధ్యం చాలా తక్కువ. కాబట్టి 42% బీసీ రిజర్వేషన్ కేవలం ఒక రాజకీయ డిమాండ్ కాదు; అది సామాజిక న్యాయం కోసం జరుగుతున్న చారిత్రాత్మక పోరాటం.
ఈ హక్కులు ఎవ్వరూ స్వచ్ఛందంగా ఇచ్చే పరిస్థితి లేదు. ప్రజా ఉద్యమం ద్వారానే సాధించాలి. బీసీలు, ఎస్సీలు, ఎస్టీలు ఐక్యంగా పోరాడితేనే రాజకీయ పార్టీలు, ప్రభుత్వాలు దిగివస్తాయి. అందుకే ప్రతి గ్రామంలో, ప్రతి కళాశాలలో, ప్రతి వృత్తి వర్గంలో చైతన్యం తీసుకెళ్లాలి. 42% రిజర్వేషన్ సాధన కోసం తెలంగాణ సమాజం మరో ప్రజా ఉద్యమాన్ని నిర్మించాల్సిన అవసరం ఉంది. అప్పుడే ప్రభుత్వాలు దిగి వచ్చి ఈ డిమాండ్ ను సాకారం చేస్తాయి.
టి . చిరంజీవులు. విశ్రాంత ఐఏఎస్ మరియు
చైర్మన్, బీసీ ఇంటెలెక్టువల్స్ ఫోరమ్.

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शहडोल: बहुजन गोंडवाना पार्टी के जिला इकाई शहडोल ने 13 मई 2026 को राज्यपाल महोदय को कलेक्टर शहडोल के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार चौधरी ने कोयला रेत माफिया के खिलाफ NSA जैसी सख्त कार्रवाई की मांग की और आनंद क्लोराइड केमिकल फैक्ट्री को बंद कराने की अपील की। उन्होंने 7 दिनों के भीतर कार्रवाई न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी भी दी।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष आनंद कुमार चौधरी, जिला उपाध्यक्ष जीवन माहरा, ज्ञान चंद्र माहरा, रामकुमार रौतेल, भारत चौधरी, मीडिया प्रभारी आकाश कुमार, विधानसभा प्रभारी आदित्य कुमार, महिला मोर्चा अध्यक्ष आशा वंशकार सहित कई अन्य पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने कोयला माफिया और केमिकल फैक्ट्री के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

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शहडोल: बहुजन गोंडवाना पार्टी के तत्वाधान में 13 मई 2026 को जिला इकाई शहडोल ने माननीय राज्यपाल महोदय को कोयला-रेत माफिया के खिलाफ NSA जैसी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान कलेक्टर शहडोल को जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार चौधरी ने आनंद क्लोराइड केमिकल फैक्ट्री को बंद कराने के लिए ज्ञापन भी सौंपा। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आमरण अनशन करेगी।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष आनंद कुमार चौधरी, जिला उपाध्यक्ष जीवन माहरा, ज्ञान चंद्र माहरा, रामकुमार रौतेल, भारत चौधरी, मीडिया प्रभारी आकाश कुमार, विधानसभा प्रभारी आदित्य कुमार, महिला मोर्चा अध्यक्ष आशा वंशकार सहित कई अन्य पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने कोयला माफिया और केमिकल फैक्ट्री के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। वे लगातार जय भीम, जय जोहार, जय बहुजन गोंडवाना, जय संविधान और जय भारत के नारे लगा रहे थे।

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वाराणसी: नालों पर अवैध कब्जा करने वालों पर नगर निगम का हंटर, रथयात्रा मार्ग से हटा अतिक्रमण; लगा भारी जुर्मानावाराणसी। शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने और ड्रेनेज सिस्टम को सुचारू बनाने के लिए नगर निगम वाराणसी ने अब अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के सख्त निर्देश पर रथयात्रा-महमूरगंज मार्ग पर विशेष अभियान चलाकर नालों पर किए गए अवैध कब्जों को ध्वस्त किया गया। इस दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले दुकानदारों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका गया।

नगर आयुक्त के निरीक्षण के बाद एक्शन
ज्ञात हो कि गत 12 मई 2026 को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने खुद इस क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान नालों पर पक्के निर्माण और अवैध कब्जे देखकर उन्होंने नाराजगी जताई थी, जिसके बाद बुधवार को यह बड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

भारी फोर्स के साथ हटा अतिक्रमण
संयुक्त नगर आयुक्त कृष्ण चंद्र और सहायक नगर आयुक्त मृत्युंजय नारायण मिश्रा के नेतृत्व में पहुंची प्रवर्तन दल की टीम ने नालों के ऊपर किए गए पक्के निर्माण और रैंप को हटवाया। अधिकारियों ने बताया कि नालों पर कब्जे के कारण सफाई कर्मियों को भीतर तक सफाई करने में दिक्कत आ रही थी, जिसके कारण बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो जाती है।

दुकानदारों को अंतिम चेतावनी
अभियान के दौरान उन दुकानदारों को चिन्हित किया गया जिन्होंने नालों को पाटकर अपनी दुकानों का दायरा सड़क तक बढ़ा लिया था। नगर आयुक्त ने जोनल अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित कर दी है जो निरंतर ऐसे क्षेत्रों की निगरानी करेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि दोबारा अतिक्रमण किया गया या कब्जा नहीं हटाया गया, तो संबंधित के खिलाफ न केवल भारी जुर्माना वसूला जाएगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।सफाई कार्य में बाधा बर्दाश्त नहीं
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि शहर की स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नालों को कब्जा मुक्त करने का यह अभियान शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।

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*प्रकाशनार्थ*

*नई विनिवेश नीति : केंद्रीय उद्यमों की 74% हिस्सेदारी बेचने की साजिश*
*(आलेख : स्वदेश देव रॉय, अनुवाद : संजय पराते)*

केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों पर हो रहे विनाशकारी हमलों के इस मौजूदा दौर में, हमें केंद्र की मौजूदा राजग सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र को नीचा दिखाने वाली नीति के पीछे के आर्थिक, राजनीतिक और वैचारिक पहलुओं को स्पष्ट रूप से समझना होगा।

*पूंजीवाद का व्यवस्थागत संकट*

निजीकरण के इस आक्रामक अभियान के आर्थिक पहलू को, पूंजीवाद के उस लगातार गहराते जा रहे व्यवस्थागत संकट के परिप्रेक्ष्य में समझा जाना चाहिए, जिसने पूरे पूंजीवादी विश्व को अपनी जकड़ में ले लिया है। हमेशा की तरह, मौजूदा आर्थिक संकट में भी, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ही सरकार के सबसे आसान शिकार हैं, ताकि संकट से निपटने के लिए संसाधन जुटाए जा सकें। आर्थिक संकट को कम करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों को बेच देने की इस कवायद को बिल्कुल सही ही यह नाम दिया गया है कि "नौकर का वेतन चुकाने के लिए घर के कीमती बर्तन बेच देना।"

निजीकरण की विनाशकारी मुहिम के पीछे के राजनीतिक और वैचारिक पहलुओं की स्पष्ट अभिव्यक्ति राजीव कुमार के शब्दों में मिलती है, जो नीति आयोग के उपाध्यक्ष थे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र की इकाईयों में सरकारी हिस्सेदारी बेचना, केवल राजस्व जुटाने का एक माध्यम भर नहीं है, *यह निजी क्षेत्र को अधिक जगह और अवसर देने का भी एक माध्यम है।* अब सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सर्वोच्च स्तर पर मौजूद राजनीतिक नेतृत्व (यानी प्रधानमंत्री) ने भी यह स्पष्ट कर दिया है।

इसके अलावा, इस राजनीतिक मिशन का उद्देश्य निजी पूंजी चाहे वह विदेशी हो या घरेलू को यह संकेत देना है कि मोदी सरकार निजी पूंजी के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाना है, और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रति उसकी नीति 'शून्य सहनशीलता' की है। यही नहीं, यह सरकार स्पष्ट रूप से नव-उदारवाद के सिद्धांत के प्रति समर्पित है, जो सार्वजनिक क्षेत्र के किसी भी अवशेष के भी सख्त खिलाफ है। इसके साथ ही, इसका मकसद यह प्रदर्शित करना है कि मोदी सरकार पूरी तरह से निजी क्षेत्र के लिए समर्पित है और निष्कर्षतः सार्वजनिक क्षेत्र के विरुद्ध है।

नरेंद्र मोदी द्वारा योजना आयोग को समाप्त करना और उसकी जगह कुख्यात 'नीति आयोग' का गठन करना भी नव-उदारवादी विचारधारा से ही प्रेरित है। ऐसे अकाट्य तथ्य और आँकड़े मौजूद हैं, जो यह दर्शाते हैं कि 1951 से लेकर अब तक भारत में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की योजना बनाने, उन्हें वित्त पोषित करने और उनके निर्माण में विशेषकर बुनियादी रणनीतिक क्षेत्रों में योजना आयोग ने कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

*गई गुजरी नई विनिवेश नीति*

वर्तमान सरकार का यह हताश इरादा है कि वह केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का पूरी तरह से निजीकरण कर देगी। यह नई सार्वजनिक क्षेत्र नीति दस्तावेज़ के इस उद्धरण से बिल्कुल स्पष्ट है : रणनीतिक क्षेत्र/गैर-रणनीतिक क्षेत्र में आने वाले केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों का निजीकरण किया जाएगा, विलय किया जाएगा, उन्हें किसी अन्य केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम के साथ मिला दिया जाएगा, उनकी सहायक कंपनियाँ बनाई जाएँगी या उन्हें बंद कर दिया जाएगा। *उपर्युक्त रणनीतिक क्षेत्र में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की उपस्थिति केवल नाम मात्र की ही रखी जाएगी।*

केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की इकाईयों के 74% शेयर निजी व्यवसायों को बेचने के उद्देश्य से, वित्त मंत्रालय द्वारा संसद में प्रस्तुत 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण में इस राष्ट्र-विरोधी निजीकरण परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कई विनाशकारी कदम सुझाए गए हैं। सरकार कंपनी अधिनियम में संशोधन करेगी, जिसके तहत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की 74% हिस्सेदारी बेचने के बाद भी, यदि उनके पास केवल 26% हिस्सेदारी बचती है, तो भी उन्हें 'सरकारी कंपनी' के रूप में ही परिभाषित किया जा सकेगा। अधिनियम के मौजूदा प्रावधान के अनुसार, कोई भी फर्म तभी 'सरकारी कंपनी' मानी जाती है, जब उसकी कम से कम 51% हिस्सेदारी सरकार के पास हो। यह सरकार की हताशा को दर्शाता है यह देश की जनता को धोखा देने की कोशिश है, और साथ ही खुद को भी भ्रम में रखने जैसा है। यहाँ तक कि एक मूर्ख भी यह जानता है कि किसी भी कंपनी में सबसे ज़्यादा इक्विटी रखने वाला ही उसका असली मालिक होता है।

12-13 फरवरी, 2026 को, भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली एक संसदीय स्थायी समिति ने सरकार से नई सार्वजनिक क्षेत्र नीति के क्रियान्वयन में तेज़ी लाने का आग्रह किया है। समिति ने कथित तौर पर कहा है कि इस नई नीति को राजकोषीय अनुशासन की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। लेकिन साथ ही यह भी टिप्पणी की कि इसके ठोस परिणाम अभी तक सुस्त रहे हैं ; इसलिए, नीतिगत लक्ष्यों और उनके क्रियान्वयन के बीच के अंतर को पाटने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है!

इस बीच, पूरे देश में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र इकाईयों की विशाल ज़मीन-जायदाद से पैसा कमाने के लिए, सरकार ने पहले ही एक खास ज़मीन-हथियाने वाली संस्था बना दी है, जिसका नाम है नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कॉर्पोरेशन (एनएलएमसी)। ज़ाहिर है कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र इकाईयों की सबसे कीमती जमीन राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन-02 का मुख्य निशाना होगी। राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन-02 के लिए चुने गए पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज़ में हाईवे, रेलवे, सिविल एविएशन, बंदरगाह, पेट्रोलियम, बिजली, कोयला खदानें, दूसरी खदानें, टेलीकॉम और पर्यटन आदि शामिल हैं।

इस संशोधित सार्वजनिक क्षेत्र नीति के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के 74% शेयर बेचने का मोदी सरकार का फ़ैसला, देश में सार्वजनिक क्षेत्र के अस्तित्व को पूरी तरह से समाप्त कर देगा। और निजीकरण की इस परियोजना को साकार करने के लिए राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन-02 के तहत तैयार किया गया रोडमैप, घरेलू और विदेशी दोनों ही तरह के निजी व्यापारिक दिग्गजों के लिए एक बड़ा फ़ायदा साबित होगा।

*राष्ट्रीय परिसंपत्ति मौद्रीकरण पाइपलाइन नीति - 02*

राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन निस्संदेह एक पूरी तरह से राष्ट्र-विरोधी नीति है, जिसे मोदी सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे अधिक व्यावसायिक रूप से लाभदायक परिसंपत्तियों को, मोदी की पसंद के बड़े निजी व्यापारिक घरानों को सौंपने के लिए घोषित किया है। यह हस्तांतरण एक संदिग्ध तंत्र के माध्यम से किया जाएगा, जिसे किसी और ने नहीं, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के विध्वंसक नीति आयोग ने तैयार किया है। राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन- 02 को मोदी सरकार की संशोधित सार्वजनिक नीति को साकार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

हालाँकि सरकार द्वारा भ्रामक प्रचार किया जा रहा है और पूँजीपति वर्ग के कलमघिस्सुओं द्वारा 'राष्ट्रीय परिसंपत्ति मौद्रीकरण पाइपलाइन' (एनएमपी) के आर्थिक लाभों के बारे में कपटपूर्ण बातें कही जा रही हैं, लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि एनएमपी बड़े निजी कॉर्पोरेटों चाहे वे घरेलू हों या विदेशी के लिए एक तोहफ़ा है। यह उन्हें बिना किसी निवेश के और बिना किसी प्रतीक्षा के, तत्काल मुनाफ़ा कमाने की सुविधा प्रदान करता है। जिन सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है, वे मूल और रणनीतिक प्रकृति की हैं ; इनका भौतिक और वित्तीय प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है, और इनके लिए बाज़ार भी पूरी तरह से सुनिश्चित है।

*केंद्रीय बजट 2025-26*

केंद्रीय बजट 2025-26 में एनएमपी 2.0 को शुरू करने की घोषणा की गई है। इसमें कहा गया है कि 2021 में घोषित पहली परिसंपत्ति मौद्रीकरण योजना की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, दूसरी योजना को समर्थन देने के लिए नियामक और राजकोषीय उपायों को और बेहतर बनाया जाएगा। एमएनपी 2.0 का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2026 से 2030 के दौरान परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण से 16.72 लाख करोड़ रुपये जुटाना है। एनएमपी-02 के क्रियान्वयन के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट और रोडमैप नीति आयोग द्वारा पहले ही तैयार और प्रकाशित किया जा चुका है।

आयोग के अनुसार, एनएमपी 1.0 ने अपने लक्ष्य का 89% हिस्सा हासिल किया है, जो कि 5.3 लाख करोड़ रुपये के बराबर है। इस पूंजी का सबसे बड़ा हिस्सा, अधिक मुनाफ़ा कमाने वाली संपत्तियों को निजी क्षेत्र को आउटसोर्स करके जुटाया गया है।

एनएमपी-01 की तरह ही, एनएमपी 2.0 भी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र इकाईयों की संपत्तियों के हस्तांतरण, उनके हिस्से की बिक्री, सुरक्षित नकद प्रवाह या रणनीतिक व्यावसायिक नीलामी के ज़रिए संपत्ति के मौद्रीकरण का सहारा लेगा। एनएमपी-02 के तहत पहचाने गए क्षेत्रों में हाईवे, कोयला खदानें, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस पाइपलाइन, बंदरगाह और दूरसंचार शामिल हैं। सरकार का दिवालियापन और हताशा इस चौंकाने वाले तथ्य से उजागर होता है कि एनएमपी-2.0 का ध्यान केवल मुख्य संपत्तियों पर ही होगा। विभिन्न मुख्य संपत्तियों में से, उन संपत्तियों पर ध्यान दिया जाएगा, जो वर्तमान में राजस्व कमा रही हैं या जिनकी सुविधाएं काफी हद तक पूरी हो चुकी हैं और जिन्हें उचित रूप से बढ़ाया जाएगा। इसलिए, एनएमपी-01 की तरह ही, इस बार भी बेहतरीन ढंग से संचालित और मुनाफ़ा कमाने वाली सार्वजनिक इकाईयों को ही निशाना बनाया गया है।

*सकल राजस्व, शुद्ध लाभ और राजकोष में योगदान*

वित्त वर्ष 2023-24 की तुलना में, वित्त वर्ष 2024-25 में सकल राजस्व 36.08 लाख करोड़ रूपये से बढ़कर 37.01 लाख करोड़ रूपये हो गया। कार्यरत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों का शुद्ध लाभ लगातार बढ़ रहा है। पाँच वर्षों की अवधि (वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25 तक) के दौरान, शुद्ध लाभ 1.66 लाख करोड़ रूपये से बढ़कर 2.91 लाख करोड़ रूपये हो गया है।

सार्वजनिक क्षेत्र की इकाईयों द्वारा केंद्रीय खजाने में किए जा रहे लगातार बढ़ते और टिकाऊ योगदान को देखते हुए, सरकार की बिना सोचे-समझे अपनाई गई विनिवेश नीति पूरी तरह से आत्मघाती है। ये इकाईयां उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क, जीएसटी, कॉर्पोरेट टैक्स, केंद्र सरकार के कर्ज़ पर ब्याज, लाभांश और अन्य शुल्कों व करों के रूप में सरकार को भारी मात्रा में पूंजी का भुगतान करते रहे हैं। 'सार्वजनिक उद्यम सर्वेक्षण 2024-25' के अनुसार, पिछले 5 वर्षों में इनका कुल योगदान 24.03 लाख करोड़ रूपये रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में, इन इकाईयों ने केंद्रीय खजाने में 4.94 लाख करोड़ रुपयों का योगदान दिया है।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा 2024-25 के लिए किए गए सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम सर्वे में सरकार ने खुद यह माना है कि, "केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व में अपना योगदान देने में अहम भूमिका निभाते हैं। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत आने वाली गतिविधियों में शामिल हैं : भूख और गरीबी मिटाना, स्वास्थ्य सेवा और स्वच्छता, ग्रामीण विकास, शिक्षा और कौशल विकास, केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए फंड में योगदान, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण की रक्षा, महिलाओं और अन्य आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों का सशक्तिकरण, खेल, कला और संस्कृति, सशस्त्र बलों का कल्याण आदि। पिछले 5 सालों में, इन उपक्रमों ने सीएसआर में कुल मिलाकर 24,520 करोड़ रुपयों का योगदान दिया है।"

आज जब भारतीय रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है, तो यह कहना बेहद महत्वपूर्ण है कि ये सार्वजनिक उपक्रम बहुमूल्य विदेशी मुद्रा अर्जित करने में योगदान दे रहे हैं। पिछले 5 वर्षों के दौरान इन उपक्रमों ने कुल मिलाकर 6.95 लाख करोड़ रुपयों की राशि अर्जित की है। अकेले वित्त वर्ष 2024-25 में ही, इन्होंने विदेशी मुद्राओं में 1.57 लाख करोड़ रूपये कमाए।

*सार्वजनिक क्षेत्र के संबंध आत्मघाती नीतियों का पर्दाफ़ाश करो!*

सरकार द्वारा शुरू की गई नई सार्वजनिक क्षेत्र नीति , असल में नरेंद्र मोदी की उस कुख्यात घोषणा को लागू करने की कार्ययोजना है, जो उन्होंने चैंबर्स ऑफ़ कॉमर्स के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए की थी : "सार्वजनिक क्षेत्र तो मरने के लिए ही पैदा हुआ है।" ज़ाहिर है, ऐसी नीतियाँ व्यवस्थागत संकट से गहराई से जुड़ी हुई हैं, और यह पूँजीवाद के उस एकाधिकारवादी चरण का ही एक परिणाम हैं, जिस पर सत्ताधारी वर्ग के चहेते पूँजीपतियों का वर्चस्व है।

यह आक्रामक नव-उदारवादी सरकार राष्ट्रीय संपत्तियों की लूट-खसोट की नीति को पूरी ज़ोर-शोर से, और वह भी बिना किसी रोक-टोक के, आगे बढ़ा रही है, जो उसकी वैचारिक और वर्गीय हताशा को दर्शाती है। सत्ता में काबिज़ दक्षिणपंथी पार्टी की विभाजनकारी चालों ने उन लोगों की चेतना को ही सुस्त कर दिया है, जिन्होंने इन संपत्तियों का निर्माण किया है और जिनसे यह उम्मीद की जाती है कि वे ऐसी राष्ट्र-विरोधी नीतियों को हराने के लिए निर्णायक संघर्ष करेंगे। जिस तरह हमें अपने देश के प्रगतिशील इतिहास को याद रखना चाहिए और उसकी रक्षा करनी चाहिए, ठीक उसी तरह हमें आज़ादी के बाद भारत के आर्थिक पुनर्निर्माण में सार्वजनिक क्षेत्र द्वारा निभाई गई भूमिका को भी याद रखना चाहिए और सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों की रक्षा के लिए संघर्ष करना होगा।

*(लेखक सीटू के राष्ट्रीय सचिव हैं। अनुवादक अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष हैं। संपर्क : 94242-31650)*

*Devashish Govind Tokekar*
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*वार्ड नंबर ०२ मधील डॅा.राज शेखला बेकायदा गर्भपात प्रकरणी अटक*


श्रीरामपूर (*शिवप्रहार न्यूज नेटवर्क*)लोणी पोलीस स्टेशन येथे दाखल असणाऱ्या गर्भलिंग चाचणी व बेकायदेशीरपणे गर्भपात प्रकरणाबाबतच्या गुन्ह्यात यापूर्वी एकूण 12 आरोपी अटक करण्यात आलेले आहेत. त्यामध्ये एकूण दोन डॉक्टर,चार एजंट व सहा संबंधित गर्भवती महिलांचे कुटुंबीय असे एकूण 12 आरोपी अटकेत आहेत.
दरम्यान गुन्ह्याचा बारकाईने तपास करत असताना पोलीसांना असे निष्पन्न झाले की,बेकायदेशीर गर्भपात करण्यासाठी लागणाऱ्या गोळ्या या श्रीरामपूर येथील डॉक्टर राज अजीज शेख हा पुरवत आहे. त्यानुसार आज बुधवारी डॉक्टर राज शेख, वार्ड नंबर 2 यांना अप्पर पोलीस अधीक्षक कार्यालय, श्रीरामपूर येथील पथकाने ताब्यात घेतले.त्याच्याकडे विचारपूस केली असता त्यांनी बेकायदेशीर गर्भपाताच्या गोळ्या पुरवल्याचे कबूल केले आहे.त्यानुसार सदरच्या गुन्ह्यामध्ये डॉक्टर राज अजिज शेख,राहणार-वार्ड नंबर ०२,श्रीरामपूर याला अटक केली आहे.

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వేసవి తీవ్రత దృష్ట్యా ప్రజల దాహార్తీని తీర్చేందుకు పల్నాడు జిల్లాలోని అన్ని నియోజకవర్గ కేంద్రాల్లో మజ్జిగ చలివేంద్రాలను ఏర్పాటు చేస్తున్నట్లు లోక్ జనశక్తి పార్టీ (రామ్ విలాస్) జిల్లా అధ్యక్షులు, న్యాయవాది జొన్నలగడ్డ విజయ్ కుమార్ ప్రకటించారు. సత్తెనపల్లి తాలుకా కోర్టు గేట్ వద్ద బుధవారం ఏర్పాటు చేసిన మజ్జిగ పంపిణీ కార్యక్రమంలో ఆయన మాట్లాడుతూ.. బాబాసాహెబ్ అంబేడ్కర్ ఆశయాల సాధనే లక్ష్యంగా, పార్టీ జాతీయ అధ్యక్షులు చిరాగ్ పాశ్వాన్ నాయకత్వంలో ప్రజాసేవ చేస్తున్నామని తెలిపారు. బార్ అసోసియేషన్ అధ్యక్షులు గంగూరి అజయ్ కుమార్, సీనియర్ న్యాయవాది పూజల వెంకట కోటయ్యలు ఈ చలివేంద్రాన్ని ప్రారంభించగా, ఈ కార్యక్రమంలో పార్టీ నాయకులు షేక్ ఖాసిం పీరా, కొరబండి రాబర్ట్, మద్ది వెంకటేశ్వర్లు తదితరులు పాల్గొని ప్రజలకు మజ్జిగ పంపిణీ చేశారు

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Trump and Xi set for high-stakes talks in Beijing

The two leaders are expected to tackle thorny issues dividing US and China, with Iran, trade and Taiwan on the cards.

United States President Donald Trump is escorted by China's Vice President Han Zheng upon the president's arrival at Beijing Capital International Airport in Beijing on May 13, 2026. (Photo: AFP/Brendan Smialowski)

BEIJING: US President Donald Trump and Chinese leader Xi Jinping are set to tackle thorny issues dividing the two superpowers when they meet in Beijing on Thursday (May 14), with Iran, trade and Taiwan on the cards.

Xi will greet Trump with pomp and ceremony as they meet at 10am in the opulent Great Hall of the People, a lavish welcome that belies the deep tensions between the world's biggest economies.

The two leaders will also enjoy a state banquet at the hall in the evening, and Trump will visit the historic Temple of Heaven, a World Heritage site where China's emperors once prayed for good harvest.

The US president arrived for the two-day summit on Air Force One late Wednesday accompanied by top CEOs, including Nvidia's Jensen Huang and Tesla's Elon Musk - symbols of business deals Trump hopes to reach.

He was given a red carpet welcome, with 300 Chinese youth in white uniforms chanting "welcome" and waving small Chinese and US flags in unison as he descended the steps of the presidential plane pumping his fist.

On Friday, Trump and Xi are set to have tea and a working lunch before the US president heads home to Washington.

The trip to Beijing marks the first by a US president in nearly a decade, after Trump visited in 2017, accompanied - unlike this time - by his wife Melania.

Following that first visit, Trump unleashed a barrage of tariffs and restrictions on Chinese goods. He did so again after returning to the White House last year, triggering a trade war before Xi and Trump agreed to a truce in October.

"BIG HUG"
Trump has said he expects a "great big hug" from Xi as he banks on what he believes is a strong personal relationship with the Chinese leader who he has admiringly said rules China with an "iron fist".

Top of his wish list will be business deals on agriculture, aircraft and other topics, with a host of top businessmen in the US leader's delegation.

Aboard Air Force One en route to Beijing, Trump vowed on social media to push Xi to "open up" China to US firms "so that these brilliant people can work their magic".

The Chinese foreign ministry said Wednesday it "welcomes" Trump's visit and that "China stands ready to work with the United States ... to expand cooperation and manage differences".

But Trump is dealing with a different and more emboldened China to the one he visited nine years ago, with a host of unresolved trade and geopolitical tensions between the two countries.

The Iran war in particular has threatened to weaken Trump's position in talks with Xi, having already forced him to postpone it from March.

The US president said he expected a "long talk" with Xi about Iran, which sells most of its US-sanctioned oil to China, but insisted that "I don't think we need any help with Iran" from Beijing.

US Secretary of State Marco Rubio struck a somewhat different tone.

"We hope to convince them to play a more active role in getting Iran to walk away from what they are doing now, and trying to do now in the Persian Gulf," US Secretary of State Marco Rubio told broadcaster Fox News in an interview aired Wednesday.

TARIFF TRUCE?
The long-simmering trade war between the two countries will also be top of the agenda, after Trump's sweeping tariffs last year triggered tit-for-tat levies that exceeded 100 per cent.


Trump and Xi are set to discuss extending a one-year tariff truce, which the two leaders reached during their last meeting in South Korea in October, although a deal is far from certain.

On Taiwan, another issue that has bedevilled ties, Trump said Monday he would speak to Xi about US arms sales to the self-governing democracy claimed by China.

That would be a departure from historic US insistence that it will not consult Beijing on its support for the island, and one which will be closely watched by Taipei and US allies in the region.

China's controls on rare earth exports, AI rivalry and the countries' raucous trade relationship are also among the topics expected to be taken up by the two heads of state.

Both sides will be looking to come out of the summit with whatever wins they can, while also stabilising an often tense relationship between Beijing and Washington that has global implications.

Trump will also be hoping to leave with a firm date for a reciprocal visit by Xi to the United States later in 2026, to prove his rapport with his Chinese counterpart.

*Devashish Govind Tokekar*
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प्रयागराज। नौशाद अली:14 मई 2026-सहारा समूह से संबंधित मामले में विश्व भारती जनसेवा संस्थान द्वारा दायर याचिका पर मंगलवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। न्यायालय ने मामले को सहारा समूह से जुड़े अन्य लंबित प्रकरणों के साथ संबद्ध करते हुए अगली सुनवाई के लिए 27 मई की तिथि निर्धारित की है।
विश्व भारती जनसेवा संस्थान ने कहा है कि वह किसी भी स्थिति में सहारा मीडिया की बिक्री संबंधी प्रक्रिया को पूरा नहीं होने देना चाहता। संस्थान का कहना है कि सहारा मीडिया की बिक्री से प्राप्त धनराशि सहारा कर्मचारियों को नहीं, बल्कि वर्षों से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे जमाकर्ताओं को दी जानी चाहिए।
संस्थान के राष्ट्रीय सचिव नगेंद्र कुमार कुशवाहा ने कहा कि देशभर के लाखों जमाकर्ता अपनी जमा पूंजी वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं और संस्थान उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है।

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बंदूक छोड़ी, कलम उठाई: एक फौजी की वह खोज, जिसने इतिहास के पन्नों से गायब 745 बैरागी शहीदों का सच खोल दिया!
लेखक: नरेश दास वैष्णव 'निंबार्क'
(पूर्व नायब सूबेदार, भारतीय सेना)
भूमिका: महलों की चौखट से परे का सच
इतिहास अक्सर महलों की चौखट पर जाकर दम तोड़ देता है, लेकिन सच आज भी उन मठों और अखाड़ों की धूल में सुरक्षित है जहाँ 'माला' और 'भाला' एक साथ तपस्या करते थे। एक सैनिक के रूप में मैंने 24 वर्षों तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएँ दीं और सीमाओं की रक्षा की। उस समय मेरा शस्त्र 'बंदूक' थी। लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद, ग्वालियर की उस पवित्र माटी ने मुझे एक नया शस्त्र थमा दिया 'कलम'।
मेरी यह यात्रा पुस्तकालयों के बंद कमरों से नहीं, बल्कि उस दर्द और उपेक्षा से शुरू हुई जिसे मैंने ग्वालियर के 'बैरागी द्वारे' (महंत गंगादास की शाला) में महसूस किया। यह लेख उस अनकहे बलिदान की गाथा है जिसे मुख्यधारा के इतिहास ने हाशिए पर धकेल दिया।
ग्वालियर का 'बैरागी द्वारा': जहाँ इतिहास आज भी सिसक रहा है
जब मैं अपनी धर्मपत्नी श्रीमती निर्मला वैष्णव के साथ ग्वालियर के उस ऐतिहासिक स्थान पर पहुँचा, तो जो दृश्य देखा उसने हम दोनों को भीतर तक झकझोर दिया। निर्मला जी मेरी इस पूरी खोजपूर्ण यात्रा में छाया बनकर साथ रहीं। वह स्थान, जो कभी 1500 सशस्त्र नागा साधुओं और बैरागी सैनिकों की छावनी था, जहाँ राष्ट्र-रक्षा के लिए तोपों और 'बाला-बरछी' का जखीरा तैयार रहता था, आज अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है।
18 जून, 1858: वह रक्त-रंजित स्वर्णिम पन्ना
इतिहास का वह दिन याद कीजिए जब झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई अंग्रेजों से लोहा लेते हुए घायल अवस्था में इसी बैरागी छावनी में लाई गई थीं। उनके गुरु, महान क्रांतिकारी संत महंत गंगादास जी वहाँ के पीठाधीश्वर थे। रानी के अंतिम शब्द थे "गुरुदेव! ये गोरे फिरंगी मेरे शरीर को हाथ न लगा सकें।"
महंत जी ने विलंब नहीं किया। उन्होंने अपने 1500 बैरागी सैनिकों को आदेश दिया। उस समय जब साधारण जनता के पास आत्मरक्षा के लिए चाकू तक नहीं था, हम वैष्णव बैरागियों के पास अपनी 'तोपें' थीं। आज भी वे तोपें वहाँ सुरक्षित हैं और हर विश्वकर्मा दिवस पर उनकी गर्जना सुनी जा सकती है। उन जांबाज संतों ने रानी की देह की रक्षा के लिए वह अभेद्य घेरा बनाया कि अंग्रेजों की विशाल सेना भी उसे भेद न सकी। अंततः, रानी का अंतिम संस्कार उसी परिसर में बाबा गंगादास की कुटिया की घास-फूस से किया गया।
745 शहीदों का मौन बलिदान
उस एक दिन में 745 बैरागी योद्धाओं ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। वे न तो किसी राजसी वैभव के भूखे थे और न ही उनके पीछे रोने वाला कोई परिवार था। वे विरक्त थे, जिनका घर भी राष्ट्र था और परिवार भी राष्ट्र।
विश्व पटल पर सनातन का शंखनाद: बंदूक से कलम तक का सफर
ग्वालियर की उस उपेक्षा ने मुझे सिखाया कि वैचारिक और ऐतिहासिक दुश्मन को रोकने के लिए 'कलम' उठाना अनिवार्य है। जब से मैंने यह मार्ग चुना है, मेरा ध्येय केवल लेखन नहीं बल्कि सत्य की पुनर्स्थापना रहा है।
आज मुझे यह बताते हुए गर्व और संतोष की अनुभूति होती है कि मेरी लेखनी के माध्यम से:
3 हिंदी पुस्तकें और 7 अंग्रेजी पुस्तकें वर्तमान में पूरी दुनिया में 'सनातन वैष्णव बैरागी' परंपरा का परचम लहरा रही हैं।
इन पुस्तकों में "Sanatan Vaishnav Bairagi: Warriors and Soldiers" और "Nimbarka Sampradaya: Sanatan Vaishnav Bairagi Tradition" जैसे शोधपूर्ण कार्य शामिल हैं, जो वैश्विक स्तर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पाठकों तक पहुँच रहे हैं।
यह केवल मेरा प्रयास नहीं, बल्कि उन 745 शहीदों का आशीर्वाद है कि आज दुनिया भर के शोधकर्ता और पाठक हमारी इस महान योद्धा परंपरा के वास्तविक स्वरूप को पहचान रहे हैं।
अखाड़ों की सैन्य संरचना और 'नागा' कमांडो
एक पूर्व सैनिक होने के नाते, जब मैंने अखाड़ों के भीतर की दुनिया को देखा, तो मुझे प्राचीन भारतीय गुरिल्ला युद्ध पद्धति की झलक मिली। अखाड़ों में 'पटेबाजी', 'लाठी-संचालन' और 'मल्लयुद्ध' की वे तकनीकें आज भी जीवित हैं।
श्री महंत: ये एक सेनापति की भांति अपने खालसों और जत्थों का संचालन करते हैं।
नागा योद्धा: ये वास्तव में सनातन धर्म के 'कमांडो' हैं। संसार से विरक्त होकर भी इनकी आँखें सदैव धर्म के शत्रुओं पर सजग रहती हैं।
1882 का षड्यंत्र: ब्रिटिश हुकूमत ने 'बैरागी' को एक संकुचित जाति का जामा पहनाया ताकि उनकी 'योद्धा' पहचान को मिटाया जा सके। लेकिन सच यह है कि बैरागी कोई जाति नहीं, बल्कि एक 'वैचारिक और सैन्य क्रांति' थी।
निष्कर्ष: यश नहीं, हक की लड़ाई
आज इस आयु में मेरा ध्येय यश पाना नहीं, बल्कि उन 'बेनाम' योद्धाओं को उनका हक दिलाना है। मेरी हर पुस्तक, हर लेख और हर व्याख्यान उन शहीदों को समर्पित है जिन्होंने अपनी झोपड़ी और नाम तक की चिंता नहीं की, पर देश के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच छोड़ गए।
लेखक परिचय:
नरेश दास वैष्णव 'निंबार्क' एक लेखक, स्वतंत्र शोधकर्ता और इतिहासकार हैं। वे भारतीय सेना से सेवानिवृत्त नायब सूबेदार हैं और वर्तमान में हरियाणा के सोनीपत जिले के रामनगर गाँव में निवास करते हैं। वे 'सनातन भारत - नया सवेरा' डिजिटल पत्रिका के संपादक भी हैं।
संपर्क एवं शोध कार्य के लिए:
वेबसाइट: www.nareshswaminimbark.in

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विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

पटना : "जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, जब वर्दी कानून का नहीं लालच का औज़ार बन जाए, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए?"
खाकी पर दाग: जब रक्षक ने तानी सरकारी पिस्टल, तो कांप उठी कानून की रूह!

राजधानी के जानीपुर थाने से आई एक खबर ने पूरे बिहार के पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया है।
एक तरफ बिहार सरकार 'जीरो टॉलरेंस' का नारा देती है, तो दूसरी तरफ जानीपुर थाने के एडिशनल SHO संजय सिंह जैसे अधिकारी कानून की धज्जियां उड़ाते नजर आते हैं।
1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए इस अधिकारी ने जो किया, वह किसी अपराधी से कम नहीं था।

घटना का पूरा सच
बिहार की राजधानी के जानीपुर थाने का एडिशनल SHO यानी वो अधिकारी जिसे कानून का रखवाला माना जाता है बुधवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (NIB) के जाल में फंस गया।
एडिशनल SHO संजय सिंह को उस वक्त रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया जब वे गाजाचक मोहम्मदपुर पंचायत के कोरियावां प्लॉट पर "सर्वे" के बहाने गए थे और वहां पहुंचकर पीड़ित कौशल से एक लाख रुपए नकद वसूल रहे थे।

यह पैसा किसलिए था?
एक जमीन विवाद के मामले का निपटारा करने के लिए। यानी कानून का दरवाज़ा खुलवाने की कीमत एक लाख रुपए।

शिकायत से गिरफ्तारी तक पूरी कहानी,
कौशल एक साधारण नागरिक हैं जो जमीन विवाद की समस्या लेकर थाने पहुंचे।
वहाँ उनसे "मामला सुलझाने" के बदले पाँच लाख रुपए माँगे गए।
कौशल के पास इतना पैसा नहीं था पर दर्द था, और हिम्मत भी।
बातचीत के बाद रकम दो लाख पर आई।
लेकिन कौशल ने घूस देने की जगह निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई।

निगरानी ने जाल बिछाया।
संजय सिंह बुधवार को "सर्वे" के बहाने कोरियावां प्लॉट पहुंचे। जैसे ही उन्होंने एक लाख रुपए अपने हाथ में लिए निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया।
लेकिन यहाँ कहानी और खतरनाक मोड़ लेती है।

पुल-कोट:
"पकड़े जाने के बाद संजय सिंह ने अपनी सरकारी पिस्टल कॉक कर ली निगरानी ASI रवि कुमार ने जान जोखिम में डालकर उनका हाथ थाम लिया। इस जद्दोजहद में ASI रवि कुमार घायल हो गए।"

वर्दी और हथियार का दुरुपयोग सवाल उठने चाहिए,
एक पुलिस अधिकारी जो घूस लेते पकड़ा गया उसने सरकारी पिस्टल कॉक की।
यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, यह सरकारी हथियार से निगरानी दल को धमकाने का प्रयास था।
यह राज्य के खिलाफ विद्रोह की भाषा है।
क्या यह पिस्टल जनता की सुरक्षा के लिए दी गई थी?
या अपराध को ढकने के लिए?

निगरानी ASI रवि कुमार ने अपनी जान की परवाह न करते हुए हाथ थाम लिया और इस खतरनाक स्थिति को संभाला। वे बिहार के असली नायक हैं चोट खाकर भी अपने दायित्व से नहीं हटे।

यह कोई अकेला मामला नहीं,
बिहार में पुलिस भ्रष्टाचार के ये मामले पैटर्न बन चुके हैं।
कदमकुआं थाने के एडिशनल SHO अर्जुन यादव को हाल ही में 7,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
सारण में SI मोहित मोहन को 9,000 में।
सिवान में SI कन्हैया सिंह को 40,000 में।
यह सिलसिला बताता है कि थानों में "रेट कार्ड" चल रहा है जमीन विवाद से लेकर मुकदमे बंद करने तक।

सवाल यह है: जब बार-बार पुलिसकर्मी पकड़े जाते हैं तो विभाग के भीतर जवाबदेही कब तय होगी?

जीरो टॉलरेंस की असलियत क्या है?
सरकार "जीरो टॉलरेंस" का नारा देती है। निगरानी विभाग कार्रवाई भी करता है। लेकिन जब तक:
पुलिस विभाग के भीतर आंतरिक जवाबदेही नहीं बनती,
दोषी अधिकारियों की सेवा तत्काल समाप्त नहीं होती,
पीड़ित शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती,
तब तक यह नारा सिर्फ अखबारों की सुर्खी बनकर रह जाएगा।

कौशल जैसे साहसी नागरिक ने घूस न देकर शिकायत की यह असाधारण है।
लेकिन क्या हर पीड़ित के पास इतनी हिम्मत और जागरूकता है?
ज़्यादातर लोग चुपचाप पैसा देते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि शिकायत करने पर उनका मामला और उलझेगा।

वीडियो सबूत जो मिटाया नहीं जा सकता
घूस लेते संजय सिंह का वीडियो सामने आ गया है।
यह डिजिटल युग का सबसे बड़ा हथियार है भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ। अब न इनकार संभव है, न बचाव।

यह वीडियो सिर्फ एक अधिकारी का नहीं पूरी उस व्यवस्था का आईना है जिसमें वर्दी, ताकत और हथियार सब जनता के विरुद्ध इस्तेमाल हो सकते हैं।

बिहार पुलिस में ऐसे अधिकारी भी हैं जो ईमानदारी से काम करते हैं। ASI रवि कुमार इसका प्रमाण हैं। लेकिन संजय सिंह जैसे अधिकारी उन सभी की मेहनत और छवि पर कालिख पोत देते हैं। पुलिस सुधार अब विकल्प नहीं अनिवार्यता है।

मांगें और जवाबदेही,
संजय सिंह को तत्काल निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई हो।
ASI रवि कुमार को राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया जाए और उनके इलाज की पूरी जिम्मेदारी सरकार ले।
पीड़ित कौशल की सुरक्षा सुनिश्चित हो उन्हें किसी प्रकार का दबाव या प्रतिशोध न झेलना पड़े।
जानीपुर थाने की पूरी कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए।
हथियार के दुरुपयोग के लिए अलग से मुकदमा दर्ज हो यह सामान्य भ्रष्टाचार से गंभीर मामला है।
अंत में जनता से एक बात,
कौशल ने जो किया, वह हम सभी को सीखना होगा।
घूस मत दो शिकायत करो।
निगरानी का टोल-फ्री नंबर 1064 है। यही नंबर भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।
जब तक एक-एक कौशल खड़ा होता रहेगा संजय सिंह जैसे लोग पकड़े जाते रहेंगे।

वर्दी की इज्ज़त उन्हें बचाती है जो उसके काबिल हैं। जो नहीं हैं उनके लिए निगरानी का जाल है।

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लड़ाई-झगड़े के मामले में एक नाबालिग सहित तीन आरोपी गिरफ्तार, अपराध शाखा ऊंचा गांव टीम की कार्रवाई
फरीदाबाद। लड़ाई-झगड़े के मामले में क्राईम ब्रांच ऊंचा गांव की टीम ने एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों को काबू किया है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि प्रवीन निवासी इंद्रा कॉलोनी फरीदाबाद ने थाना सेक्टर-8 में दी शिकायत में आरोप लगाया कि 1-2 मई की रात उसका छोटा भाई अपने फ्लैट ग्रीन फील्ड की तरफ जा रहा था। रास्ते में कुछ लडक़ों ने उसे रोक लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। एक युवक ने बोतल से उसके ऊपर हमला किया तथा अन्य दो ने पत्थर से उसके सिर पर वार किया। शिकायत पर थाना सेक्टर-8 में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
उन्होंने आगे बताया कि अपराध शाखा ऊंचा गांव की टीम ने कार्रवाई करते हुए सागर व दुष्यंत निवासी शाहपुर कलां फरीदाबाद को गिरफ्तार किया है। घटनाक्रम में एक नाबालिग को भी पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि कुछ समय पहले सागर का पीडि़त के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। उसी की रंजिश रखते हुए सागर ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। सागर ने बोतल से तथा दुष्यंत ने पत्थर से हमला किया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, वहीं नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है।

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नारी शक्ति की नई सुबह:

विजय कुमार | वरिष्ठ पत्रकार

गयाजी: "जब एक कामकाजी माँ यह जानकर घर से निकले कि उसके बच्चे की देखभाल सुरक्षित हाथों में है तो वह सिर्फ काम पर नहीं जाती, वह आत्मसम्मान की राह पर चलती है।"

गया में बदलाव की दस्तक
13 मई 2026 को गया कलेक्ट्रेट में एक ऐसा समारोह हुआ जो सरकारी रस्म नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक जीवंत प्रतिज्ञा थी।
जिला पदाधिकारी गया, श्री शशांक शुभंकर IAS ने मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के अंतर्गत संचालित पालना घर (क्रेश/शिशु देखभाल केंद्र) में चयनित कर्मियों और DHEW (District Hub for Empowerment of Women) के नवनियुक्त Gender Specialist को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

यह महज एक कागज़ नहीं था
यह उन हजारों कामकाजी महिलाओं के लिए आश्वासन था जो रोज़ यह दुविधा लेकर दफ्तर जाती हैं कि "घर पर बच्चा कैसा होगा?"

क्या है पालना घर
और क्यों ज़रूरी है यह?
मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के अंतर्गत बिहार में पालना घर (क्रेश) संचालित किए जाते हैं।

यह योजना कामकाजी महिलाओं की सबसे बड़ी व्यावहारिक समस्या
बच्चों की सुरक्षित देखभाल का समाधान करती है।
बिहार में लाखों महिलाएं सरकारी और निजी क्षेत्र में काम करती हैं।
लेकिन उनके छोटे बच्चों के लिए कोई सुरक्षित, सुलभ और सस्ती देखभाल व्यवस्था नहीं थी।
इसीलिए कई महिलाएं या तो काम छोड़ देती थीं, या बच्चे को अयोग्य हाथों में छोड़कर जाती थीं।

पालना घर इस त्रासदी का जवाब है।
यहाँ प्रशिक्षित क्रेश वर्कर और असिस्टेंट क्रेश वर्कर तैनात होते हैं जो बच्चों को
सुरक्षित वातावरण
पोषण और देखभाल
प्रारंभिक शिक्षा का आधार
प्रदान करते हैं।
गया जिले में पुलिस मुख्यालय परिसर सहित अनेक स्थानों पर पालना घर संचालित हैं।

DHEW महिला सशक्तिकरण का जिला तंत्र
District Hub for Empowerment of Women (DHEW) बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी संरचना है जो महिला सशक्तिकरण की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए काम करती है।
Gender Specialist के रूप में वे व्यक्ति नियुक्त होते हैं जो सामाजिक कार्य, समाजशास्त्र, या महिला अध्ययन में स्नातक हों और जेंडर संबंधी मुद्दों में न्यूनतम 3 वर्ष का अनुभव रखते हों।

Gender Specialist की भूमिका होती है
Mission Shakti और अन्य सशक्तिकरण कार्यक्रमों की निगरानी,
जेंडर बजटिंग में तकनीकी सहयोग,
One Stop Center और हेल्पलाइन से समन्वय, तथा जिले में महिला लाभार्थियों का डेटाबेस रखना।

सरल भाषा में
Gender Specialist वह पुल है जो सरकारी योजना और आम महिला के बीच की खाई को भरता है।

डीएम शशांक शुभंकर का संदेश
शब्द नहीं, संकल्प,
श्री शशांक शुभंकर IAS 3 जून 2025 से गया के जिला पदाधिकारी हैं।
उनके कार्यकाल में यह नियुक्ति समारोह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

डीएम ने नव नियुक्त कर्मियों को संबोधित करते हुए तीन मूल बातें कहीं:

"महिलाओं एवं बच्चों के समग्र विकास, सुरक्षा तथा सशक्तिकरण के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।"

यह कथन सिर्फ औपचारिकता नहीं यह उस जिम्मेदारी की स्वीकृति है जो राज्य की हर कामकाजी माँ पर सरकार का दायित्व बनाती है।

उन्होंने सभी कर्मियों से "पूरी निष्ठा एवं संवेदनशीलता" के साथ काम करने का आह्वान किया और यह शब्द महत्वपूर्ण हैं।
क्योंकि पालना घर में काम सिर्फ "ड्यूटी" नहीं, एक बच्चे की सुरक्षा और एक माँ का भरोसा है।

कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारी और उनकी भूमिका,
इस समारोह की मज़बूती यह थी कि इसमें पूरी महिला-बाल विकास मशीनरी एक साथ उपस्थित थी:
डॉ रश्मि वर्मा (जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, ICDS गया) आंगनबाड़ी नेटवर्क और बाल पोषण की धुरी।
उनकी उपस्थिति यह बताती है कि पालना घर ICDS के साथ समन्वय में काम करेगा।
जयवन्ती सिन्हा (जिला परियोजना प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम, गया) WCDC के माध्यम से योजनाओं की वित्तीय और प्रशासनिक निगरानी।
सुशांत आनंद (जिला मिशन समन्वयक, DHEW गया) Gender Specialist की टीम के सीधे पर्यवेक्षक। उनकी भूमिका यह सुनिश्चित करना है कि जेंडर आधारित हिंसा से पीड़ित महिलाओं तक सरकारी सहायता पहुंचे।

पुल-कोट:
"पालना घर सिर्फ एक केंद्र नहीं यह उस सामाजिक अनुबंध का प्रतीक है जो कहता है: 'तुम काम करो, हम बच्चे संभालेंगे।'"

ज़मीनी हकीकत उम्मीद के साथ जवाबदेही,
यह समारोह सकारात्मक है, प्रशंसनीय है। लेकिन एक जागरूक पत्रकार का दायित्व है कि वह सवाल भी पूछे:

क्या पालना घर के कर्मियों को नियमित प्रशिक्षण मिलेगा?
बच्चों की देखभाल सिर्फ उपस्थिति से नहीं होती उसके लिए प्रशिक्षित हाथ और संवेदनशील मन चाहिए।
क्या Gender Specialist को पर्याप्त संसाधन और स्वायत्तता मिलेगी?
Gender Specialist का मासिक मानदेय 23,000 है यह एक संविदा पद है।
इस राशि में क्या वे उतनी निष्ठा से काम कर पाएंगे जितनी डीएम ने अपेक्षा की?
क्या DHEW के पास पर्याप्त बजट और जनशक्ति है?

DHEW गया का मुख्यालय गया कलेक्ट्रेट भवन में है।
लेकिन गया जैसे विशाल जिले में जहाँ 100 से अधिक प्रखंड और हजारों गाँव हैं एक Gender Specialist काफी नहीं।

महिला सशक्तिकरण संख्या नहीं, संवेदना चाहिए,है
बिहार में महिला सशक्तिकरण की योजनाएं अनेक हैं Mission Shakti, One Stop Center, Nari Shakti Yojana, DHEW लेकिन इनकी सफलता इस पर निर्भर है कि ज़मीन पर काम करने वाले कर्मी कितने सक्षम, प्रेरित और संसाधन-संपन्न हैं।

आज गया में जो नियुक्ति पत्र बांटे गए वे केवल रोज़गार के दस्तावेज़ नहीं हैं। वे उन महिलाओं के प्रति वचन हैं जो हिंसा झेल रही हैं, जो बच्चे को घर पर छोड़कर काम पर जाती हैं, जो यह नहीं जानतीं कि उनके अधिकार क्या हैं।

पालना घर कर्मियों को त्रैमासिक प्रशिक्षण दिया जाए और उनके प्रदर्शन की निगरानी हो।
Gender Specialist की संख्या बढ़ाई जाए गया जैसे बड़े जिले में न्यूनतम 3-5 Gender Specialist होने चाहिए।
संविदा कर्मियों का मानदेय पुनर्विचार हो 23,000 में परिवार चलाना और ज़मीनी काम करना कठिन है।
DHEW की कार्यवाहियों की मासिक सार्वजनिक रिपोर्ट जारी हो जनता को जानने का अधिकार है।
पालना घर की सुविधाओं की नियमित सामाजिक ऑडिट कराई जाए।

अंत में
एक नई शुरुआत को सलाम,
गया की धरती पर आज जो बीज बोया गया वह महिला सशक्तिकरण का बीज है।
डीएम शशांक शुभंकर ने यह समारोह करके केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं निभाई उन्होंने यह संदेश दिया कि जिला प्रशासन इस मिशन को गंभीरता से लेता है।
डॉ रश्मि वर्मा, जयवन्ती सिन्हा और सुशांत आनंद जैसे समर्पित अधिकारियों की टीम इस सपने को हकीकत बनाने की क्षमता रखती है।

अब देखना यह है क्या यह नियुक्ति पत्र एक नई सुबह की शुरुआत है, या बस एक और सरकारी समारोह?

इसका जवाब उन महिलाओं के चेहरे पर मिलेगा जो कल अपना बच्चा पालना घर में छोड़कर निश्चिंत होकर काम पर जाएंगी।
जब एक कामकाजी माँ यह जानकर घर से निकले कि उसके बच्चे की देखभाल सुरक्षित हाथों में है तो वह सिर्फ काम पर नहीं जाती, वह आत्मसम्मान की राह पर चलती है।

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यह अखबार की एक खबर है जिसमें बसेड़ी में हुए एक हाईवोल्टेज ड्रामे के बारे में बताया गया है।

*खबर की मुख्य बातें:*

*हेडलाइन*: प्रेमिका से शादी करने की जिद में टावर पर चढ़ा क्लर्क, मां के आंसू देख उतरा

*क्या हुआ था*:
1. *घटना*: बसेड़ी कस्बे में सोमवार सुबह एक सरकारी क्लर्क प्रेमिका से शादी की मांग को लेकर पंचायत समिति परिसर स्थित सिंचाई विभाग के ऊंचे टावर पर चढ़ गया।
2. *समय*: करीब 4 घंटे तक वह टावर पर बैठा रहा और बार-बार प्रेमिका को मौके पर बुलाने की मांग करता रहा।
3. *परिवार*: नदबई से उसकी मां, भाई और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे।
4. *समाधान*: प्रशासन, पुलिस और परिजनों के समझाने पर भी नहीं माना। आखिरकार मां की भावुक अपील और आंसू देखकर दोपहर करीब डेढ़ बजे नीचे उतरा। उतरते ही मां से लिपटकर रो पड़ा।

*कार्रवाई*:
- शिक्षा विभाग ने कनिष्ठ सहायक राजकुमार को निलंबित कर दिया।
- निलंबन अवधि में उसका मुख्यालय राजाखेड़ा रहेगा।
- 11 मई को आरएफसी टावर पर चढ़कर अनुचित मांग करने पर यह कार्रवाई की गई।

*अतिरिक्त जानकारी*:
- युवक 33 वर्षीय राजकुमार, नदबई भरतपुर का निवासी है।
- उसने प्रेम प्रसंग को लेकर एक भावुक पत्र स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप में भी डाला था।
- स्थानीय लोगों के अनुसार युवक पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था।

*पहले की घटनाएं*: बॉक्स में बताया गया है कि अप्रैल 2024 में मसूदपुर और नवंबर 2023 में बाड़ी में भी इसी तरह टावर/टंकी पर चढ़ने की घटनाएं हुई थीं।

यह घटना दिखाती है कि मानसिक तनाव और भावनात्मक मुद्दे किस तरह गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं। अगर आप या आपका कोई जानने वाला तनाव में है, तो परिवार या पेशेवर काउंसलर से बात करना मददगार होता है।

क्या आप इस घटना पर कुछ चर्चा करना चाहते हैं?

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गाजियाबाद। व्यापारियों की समस्याओं एवं उनके समाधान को लेकर वृंदावन की पावन नगरी में आयोजित भव्य व्यापारी समागम में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल गाजियाबाद के जिला अध्यक्ष प्रीतम लाल ने जिले के व्यापारियों का प्रभावशाली प्रतिनिधित्व किया। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय उद्योग व्यापार मंडल एवं उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में मां ज्वाला धाम श्री कृष्णा आश्रम, वृंदावन में किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों एवं उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों से व्यापारी नेता एवं पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

गाजियाबाद से जिला अध्यक्ष प्रीतम लाल के नेतृत्व में जिला मीडिया प्रभारी संजय शर्मा, जिला मंत्री अमित गोयल, मोदीनगर से निर्दोष खटाना तथा प्रदेश मंत्री सतीश अग्रवाल सहित कई व्यापारी प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में लगभग 300 से अधिक व्यापारी एवं संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहे।

समागम के दौरान राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें व्यापारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि बाबूलाल गुप्ता, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा, महासचिव राजेंद्र गुप्ता तथा युवा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र उर्फ जीतू सोनी सहित अनेक वरिष्ठ व्यापारी नेताओं का पटका पहनाकर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों एवं जिलों के व्यापारियों की समस्याओं को एक मंच पर लाकर उनके समाधान हेतु ठोस रणनीति तैयार करना रहा। इस दौरान गाजियाबाद के जिला अध्यक्ष प्रीतम लाल ने व्यापारियों से संबंधित कई गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जीएसटी विभाग द्वारा व्यापारियों की गाड़ियों को अनावश्यक रूप से रोककर जांच के नाम पर परेशान किया जाता है। इसके अलावा जीएसटी पोर्टल पूरी तरह ऑनलाइन होने के बावजूद व्यापारियों को नोटिस भेजकर कार्यालय बुलाया जाता है, जहां उन्हें अनावश्यक परेशानियों और सुविधा शुल्क की मांग का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि जब अधिकांश प्रक्रियाएं ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जा सकती हैं तो व्यापारियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है। इससे व्यापारियों का समय और आर्थिक संसाधन दोनों प्रभावित होते हैं।

बैठक में अन्य जिलों के जिला अध्यक्षों एवं व्यापारी प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए संगठन के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व ने व्यापारियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम के अंत में संगठन की एकजुटता, व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा तथा व्यापारी हितों के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया गया। समागम में उपस्थित व्यापारियों ने इसे व्यापारी एकता एवं संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

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बरेली: ग्राम पंचायत गलियां में सामाजिक न्याय पार्टी (जनादेश) की विशाल जनसभा एवं संगठनात्मक बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर देवेंद्र कश्यप थे। बैठक में 120 भोजीपुरा विधानसभा के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे, जिनमें प्रदेश सचिव संदीप कश्यप, प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिम) डॉ. सोनू कश्यप, प्रदेश महासचिव एवं 120 भोजीपुरा विधानसभा प्रभारी नरपत कश्यप, जिला अध्यक्ष (बदायूं) महावीर कश्यप, जिला अध्यक्ष युवा मंच (बरेली) नेम सिंह कश्यप, कार्यकर्ता फकी चंद कश्यप और 120 भोजीपुरा विधानसभा अध्यक्ष गजराज प्रधान शामिल थे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सम्मानित साथियों एवं क्षेत्रवासियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सामाजिक न्याय एवं समाज की मजबूती के लिए सभी का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। यह बैठक संगठन को मजबूत करने और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर कार्य करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।

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Raipur के मैदान में Virat Kohli नाम का तूफान फिर गरज उठा! Cricket की दुनिया में ऐसे पल कम ही आते हैं जब एक Champion खिलाड़ी अपनी वापसी का ऐलान इस अंदाज़ में करता है कि विरोधी टीम के पसीने छूट जाएं और दर्शक दीर्घा तालियों से गूंज उठे। Royal Challengers Bengaluru (RCB) की जीत का जश्न जारी है, और इसकी वजह एक ही है – King Kohli का अविस्मरणीय Bat.

The Inner Story / Asli Maajra:
IPL 2026 के इस रोमांचक Match में, जहाँ Royal Challengers Bengaluru ने Kolkata Knight Riders (KKR) की चार Match की Winning Streak को रौंदा, असली Gamechanger कोई और नहीं, बल्कि Virat Kohli ही रहे। पिछले दो Innings में Back-to-Back Ducks झेलने के बाद, Kohli ने emphatically दिखा दिया कि वह सिर्फ Runs से दूर थे, Form से नहीं। Raipur में KKR के खिलाफ उनकी 60-Ball की 105 Run की Unbeaten Innings एक Masterclass थी, एक Vintage Chase Effort जो Cricket Textbooks में शामिल होने लायक है। यह सिर्फ एक Century नहीं थी; यह था Dominance का प्रदर्शन, Controlled Aggression का नमूना। Kohli ने अपनी Innings में लगातार Wickets के बीच Sprinting की, और Gorgeous Strokeplay का भी जादू बिखेरा, खासकर Innings की शुरुआत और अंत में। सबसे बड़ी बात, वह कभी भी Stretched नहीं लगे, यह दिखाता है कि वह अपनी Peak Form में वापस आ चुके हैं।

RCB ने KKR को 192 Runs पर रोकने में शानदार काम किया, भले ही उन्होंने केवल चार Wickets गंवाए। RCB के Bowlers, विशेष रूप से Seamers, ने Pitch के Two-Paced स्वभाव का बखूबी फायदा उठाया और Discipline का बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहीं KKR का Inexperienced Seam Attack RCB के सामने कहीं नहीं टिका। उनमें न तो वह Discipline दिखा और न ही वह Ability कि वह ऐसी Pitch पर Bowlers से Misbehaviour निकाल पाते। यह साफ था कि Match का नतीजा दोनों टीमों के Bowling Attacks की Relative Quality पर निर्भर था, और यहाँ RCB ने बाज़ी मारी। इस जीत के साथ, RCB ने IPL 2026 Table में Top पर अपनी जगह बना ली है।

Analysis & Numbers:
- Virat Kohli की 60-Ball में 105 Run की Unbeaten Innings उनके IPL Career का नौवाँ Hundred है, जो Run-Chase में उनकी महारत को दर्शाता है।
- Royal Challengers Bengaluru ने Kolkata Knight Riders को 192 Runs पर रोकने में सफलता हासिल की, जबकि KKR के सिर्फ 4 Wickets गिरे थे, यह RCB के Bowlers की बेहतरीन Economy और Discipline का सबूत है।
- KKR के Raghuvanshi ने 71 Runs बनाए और Rinku Singh ने 49* Runs की शानदार Innings खेली, लेकिन RCB के Tyagi ने 3 Wickets लेकर Middle Overs में KKR की गति पर अंकुश लगाया।

The Guru Gyan Verdict:
आज Raipur में सिर्फ एक Match नहीं जीता गया, बल्कि एक Champion का Grand Comeback देखा गया। Virat Kohli ने यह साबित कर दिया कि Class is Permanent, और उनकी Absence सिर्फ एक Short Break थी। RCB के Bowlers ने शानदार नींव रखी, और Kohli ने उस पर Dominance की इमारत खड़ी कर दी। KKR को अपनी Bowling Strategy पर फिर से विचार करना होगा, क्योंकि ऐसे Big Matches में Inexperienced Attack के भरोसे जीतना नामुमकिन सा है। यह RCB के लिए एक Gamechanger जीत है जो उन्हें आगे के Tournament के लिए भरपूर Confidence देगी। King Kohli का Bat बोल रहा है, और IPL 2026 में अब कोई उन्हें हल्के में लेने की गलती नहीं करेगा।

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मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के तहत मृत किसान परिवार को 4 लाख की सहायता

पांढुर्णा / सौंसर

#मुख्यमंत्री_कृषक_जीवन_कल्याण_योजना अंतर्गत कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ द्वारा खेत में कृषि कार्य के दौरान ट्रैक्टर पलटने से मृत किसान के परिजन को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम जामछीखोला तहसील सौंसर निवासी आकाश पिता कचरू नागपुरे की खेत में कृषि कार्य करते समय ट्रैक्टर पलटने से दुःखद मृत्यु हो गई थी। मामले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का एवं नायब तहसीलदार सौंसर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं अनुशंसा के आधार पर कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के तहत आर्थिक सहायता स्वीकृत की।

कलेक्टर द्वारा मृतक के वारिस श्री चंद्रशेखर नागपुरे निवासी ग्राम जामछीखोला तहसील सौंसर के पक्ष में 4 लाख रुपये की सहायता राशि चेक के माध्यम से प्रदान की गई।

प्रशासन ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्रदान करना है, ताकि प्रभावित परिवार को राहत मिल सके।

#पांढुर्णा #मुख्यमंत्री_कृषक_जीवन_कल्याण_योजना #सौंसर #किसान_सहायता

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हजारीबाग में नशा कारोबार के खिलाफ बड़ा अभियान, 100 ठिकानों पर छापेमारी

हजारीबाग (झारखंड)। पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के कारोबार और सेवन के खिलाफ जिलेभर में विशेष अभियान चलाते हुए 100 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। यह अभियान 12 और 13 मई 2026 की रात पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाया गया।

पुलिस के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में मादक पदार्थों के मामलों में संलिप्त अभियुक्तों तथा नशे के सेवन, खरीद-बिक्री में शामिल लोगों के विरुद्ध जिले के सभी अनुमंडलों में एक साथ कार्रवाई की गई। अभियान का नेतृत्व विभिन्न पुलिस उपाधीक्षकों और पुलिस निरीक्षकों ने किया।

अभियान की प्रमुख बातें

जिलेभर में कुल 43 छापामारी टीमों का गठन किया गया।

अभियान में 118 पुलिस पदाधिकारी एवं जवान शामिल रहे।

पिछले पांच वर्षों में मादक पदार्थ मामलों से जुड़े लोगों के लगभग 100 ठिकानों पर दबिश दी गई।

कार्रवाई के दौरान 77 संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ के लिए थाना लाया गया। बाद में उन्हें पीआर बॉन्ड पर चेतावनी देकर छोड़ा गया।

पुलिस ने दो लोगों को 32 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के कारोबार, सेवन और अवैध खरीद-बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उनके इलाके में मादक पदार्थों का सेवन, बिक्री या संदिग्ध अड्डेबाजी की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना को दें, ताकि त्वरित सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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मुरादाबाद: मोहम्मद आसिम, जो सिहाली खड्डर, डिलारी, मुरादाबाद के निवासी और All India Media Association (AIMA) के सदस्य हैं, ने ग्रामीण विकास में चरित्र निर्माण और 'केकड़ा मानसिकता' से मुक्त होने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका कहना है कि ग्रामीण भारत की सबसे बड़ी बाधा संसाधनों की कमी नहीं बल्कि समाज में व्याप्त दोहरी मानसिकता है, जो प्रगति में रोड़ा बनती है। उन्होंने 'सोच बदलो, देश बदलेगा' को एक वैचारिक क्रांति बताया और चरित्र को समाज की सार्थक दिशा देने वाला बताया।

आसिम ने बताया कि 'केकड़ा मानसिकता' के कारण जब कोई व्यक्ति प्रगति की ओर बढ़ता है, तो समाज के अन्य लोग उसे नीचे खींचने लगते हैं, जिससे समग्र विकास बाधित होता है। उन्होंने लालच की तुलना कार्य-कौशल की गरिमा से करते हुए कहा कि असली खुशी और मानसिक सृजन तभी संभव है जब काम में पारदर्शिता हो। एक मीडियाकर्मी के रूप में उनका लक्ष्य गलत विचारों को समाप्त कर वैचारिक पारदर्शिता लाना है, जिससे देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति बेहतर हो सके। अंत में उन्होंने कहा कि जब हर व्यक्ति अपने चरित्र की शुद्धि करेगा तभी समाज और देश महान बनेगा।

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पांढुर्णा जिला समाचार

प्रशासन, शिक्षा, स्वच्छता और जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियों ने पकड़ी रफ्तार

पांढुर्णा

* पांढुर्णा जिले में इन दिनों प्रशासनिक गतिविधियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वच्छता एवं सामाजिक अभियानों को लेकर लगातार सक्रियता देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन द्वारा जहां विकास कार्यों की मॉनिटरिंग तेज की गई है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार एवं जनजागरूकता कार्यक्रम भी प्रभावी रूप से संचालित किए जा रहे हैं।

* समय-सीमा बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा

कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान, जनकल्याणकारी योजनाओं, जाति प्रमाण पत्र, पेंशन प्रकरण एवं विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में अवैध उत्खनन एवं खनिज परिवहन पर सख्ती बरतने और मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

* उर्वरक वितरण को लेकर सख्त निर्देश

उर्वरक वितरण समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने सभी सहकारी समितियों को जल्द से जल्द किसानों के ई-टोकन बुक कर उर्वरकों का उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बेहतर कार्य करने वाली समितियों की सराहना की गई, जबकि लापरवाही बरतने वालों को चेतावनी भी दी गई।

* वॉश ऑन व्हील्स बना स्वच्छता की नई पहचान

जिला पंचायत द्वारा संचालित वॉश ऑन व्हील्स एवं वॉश ऑन व्हील्स प्लस सेवा गांव-गांव तक पहुंचकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को नई मजबूती दे रही है। इस नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है और अन्य राज्यों द्वारा भी इसे अपनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

* जल संरक्षण के लिए बच्चों को दिलाई शपथ

ग्राम धावडीखापा में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। बच्चों को जल के महत्व एवं संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए इसे नैतिक जिम्मेदारी बताया गया।

* सांदीपनि विद्यालय में समर कैंप

सांदीपनि विद्यालय पांढुर्णा में आयोजित समर कैंप में योग, खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। बच्चों में कैंप को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।

* किसान नवाचार बना प्रेरणा

सौसर विकासखंड के ग्राम मोहगांव के प्रगतिशील कृषक श्री दशरथ बावनकर द्वारा 3 एकड़ में ग्रीष्मकालीन ज्वार की खेती कर फसल विविधीकरण का सफल उदाहरण प्रस्तुत किया गया। कृषि विभाग ने इसे लाभकारी खेती की दिशा में प्रेरणादायक पहल बताया।

* कृषक परिवार को 4 लाख की सहायता

मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के अंतर्गत खेत में ट्रैक्टर पलटने से मृत किसान आकाश नागपुरे के परिजन को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई।

* एमपी बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन

माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश द्वारा हायर सेकेंडरी द्वितीय परीक्षा 2026 के परीक्षा कार्यक्रम में आंशिक संशोधन किया गया है। विद्यार्थियों को संशोधित टाइम टेबल के अनुसार तैयारी करने की सलाह दी गई है।

* भाजपा नेताओं की सौजन्य भेंट

पूर्व मंत्री श्री नाना भाऊ मोहड़ के निवास पर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज सिंह तेकाम की सौजन्य भेंट हुई। इस दौरान संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की गई।

* विधायक सुनील उइके ने किए दर्शन

जाम सांवली हनुमान मंदिर में जुन्नारदेव विधायक सुनील उइके ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

#पांढुर्णा #जिला_समाचार #प्रशासन #स्वच्छता #कृषि #शिक्षा #जनकल्याण

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न्यूज रिपोर्ट:
आज के बदलते दौर में जहां लोग तेज़ी से सफलता पाने की दौड़ में लगे हैं, वहीं जीवन के मूल्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश सामने आया है। इसमें बताया गया है कि जिस घर में संस्कार, संयम और सत्य का वास होता है, वहां कठिन से कठिन परिस्थितियां भी अंततः हार मान लेती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जीवन में सफलता पाने के लिए केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और सही समय की पहचान भी बेहद जरूरी है। ये गुण व्यक्ति को कठिन हालात में भी स्थिर बनाए रखते हैं और सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अहंकार, आलस्य और गलत संगति व्यक्ति के पतन के मुख्य कारण होते हैं। ऐसे में युवाओं को इनसे दूर रहकर सकारात्मक सोच और अच्छे वातावरण को अपनाने की सलाह दी गई है।
समय को सबसे शक्तिशाली बताते हुए कहा गया है कि जो व्यक्ति समय का सम्मान करता है, वही जीवन में आगे बढ़ता है। इसके साथ ही शिक्षा को सबसे अच्छा मित्र बताया गया है, क्योंकि शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान और अवसर प्राप्त करता है।
समाज के बुद्धिजीवियों ने इस संदेश को वर्तमान पीढ़ी के लिए बेहद उपयोगी बताया है और इसे अपनाने की अपील की है, ताकि एक सशक्त और संस्कारित समाज का निर्माण हो सके।

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ખેડૂતો માટે ફરજ પ્રથમ: તળાવની વચ્ચે જઈને યુજીવીસીએલના જાંબાઝ સ્ટાફે વીજ લાઇન રિપેર કરી.....

ચાણસ્મા વીજ કચેરીના કર્મચારીઓએ ગઈકાલે ૧૩ મે ૨૦૨૬ના રોજ પોતાની ફરજ પ્રત્યે અદભુત નિષ્ઠા અને બહાદુરીનું ઉદાહરણ પૂરું પાડ્યું છે. જેને લઈને સમગ્ર પંથકમાં તેમના આ બાહોશ પ્રયત્નને ભારે બિરદાવવામાં આવી રહ્યો છે.મળતી માહિતી મુજબ, ગઈકાલ રોજ ૧૧ કેવી (11Kv) ખોરસમ ખેતીવાડી ફીડર લાઇન ભારે ફોલ્ટમાં આવી ગઈ હતી. તપાસ કરતા માલુમ પડ્યું કે આ લાઇનનો એક મુખ્ય વીજ પોલ (થાંભલો) સ્થાનિક તળાવની બિલકુલ વચ્ચે આવેલો છે. આ થાંભલા પરથી મુખ્ય વીજ વાયર છૂટો પડીને નીચે ઉતરી ગયો હતો. જેના કારણે ખેતીવાડીનો વીજ પુરવઠો સંપૂર્ણ ખોરવાઈ ગયો હતો.તળાવમાં પાણી હોવા છતાં અને પરિસ્થિતિ જોખમી હોવા છતાં, ચાણસ્મા વીજ કચેરીના કર્મનિષ્ઠ કર્મચારીઓ પાછા હઠ્યા નહોતા. સ્ટાફના જાંબાઝ સભ્યોએ ખેડૂતોના પાક અને વીજ જરૂરિયાતને ધ્યાને રાખી તળાવના પાણીને વટાવીને વચ્ચે સુધી જવાનો મક્કમ નિર્ણય કર્યો હતો.વીજ કર્મચારીઓએ જીવના જોખમે તળાવ વટાવી, વીજ પોલ પર ચડીને છૂટા પડેલા વાયર ને યોગ્ય રીતે ફિટ કર્યો હતો. કર્મચારીઓની આ ભારે જહેમત બાદ લાઇન ચાલુ કરવામાં આવી હતી અને પાવર સપ્લાય પુનઃ કાર્યરત કરાયો હતો. વીજ કંપનીના સ્ટાફની આ સમયસૂચકતા, બહાદુરી અને ફરજ પરસ્તતા જોઈને સ્થાનિક ગ્રામજનો અને ખેડૂતોએ તમામ કર્મચારીઓનો આભાર માની તેમની કામગીરીને દિલથી બિરદાવી છે.

રિપોર્ટર મુકેશ પિત્રોડા ચાણસ્મા

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साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, 7 मोबाइल और 9 सिम कार्ड बरामद

जामताड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी कॉल और KYC अपडेट के नाम पर करते थे ठगी

जामताड़ा (झारखंड)। पुलिस द्वारा 13 मई 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार साइबर अपराध थाना की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई फतेहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बंगढ़ी एवं करमाटांड़ थाना क्षेत्र के आसपास की गई।

पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह के निर्देश पर साइबर थाना प्रभारी मो. फारूक के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया गया। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपी

गुलाम मुहम्मद, उम्र लगभग 30 वर्ष, ग्राम बंगढ़ी, थाना फतेहपुर

मो. मकबूल अंसारी, उम्र लगभग 31 वर्ष, ग्राम डुमरिया, थाना करमाटांड़

बरामद सामान

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से:

7 मोबाइल फोन

9 सिम कार्ड

बरामद किए हैं।

अपराध करने का तरीका

पुलिस के अनुसार आरोपी विभिन्न तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। इनमें शामिल हैं:

गेमिंग ऐप या ऑनलाइन ऑफर के नाम पर कॉल कर झांसे में लेना

अलग-अलग बैंकों का APK फाइल डाउनलोड करवाकर बैंक खातों से पैसे निकालना

जियो कस्टमर केयर बनकर KYC अपडेट के नाम पर लोगों की निजी जानकारी लेना

ऑनलाइन रिचार्ज और फर्जी ग्राहक सेवा के माध्यम से साइबर ठगी करना

इनका नेटवर्क देश के विभिन्न राज्यों तक फैला हुआ बताया गया है।

दर्ज धाराएं

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं, आईटी एक्ट तथा टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या आवाहनानंतर महाराष्ट्र राज्य सरकारने प्रशासकीय खर्चात कपात आणि पर्यावरण संवर्धनासाठी काही महत्त्वपूर्ण निर्णय घेतले आहेत. या निर्णयामुळे राज्याच्या तिजोरीवरील भार कमी होण्यास मदत होणार आहे.
प्रमुख निर्णय:
इलेक्ट्रिक वाहनांचा वापर: सरकारी ताफ्यात आता केवळ इलेक्ट्रिक गाड्यांचाच समावेश केला जाणार आहे. यामुळे इंधनावर होणारा मोठा खर्च वाचणार असून प्रदूषणावरही नियंत्रण मिळवता येईल.
ऑनलाईन बैठकांना प्राधान्य: प्रवासाचा वेळ आणि खर्च वाचवण्यासाठी सर्व महत्त्वाच्या बैठका आता ऑनलाईन पद्धतीने घेतल्या जातील.
काॅन्स दौरा रद्द: विदेशी चलनाची बचत करण्यासाठी राज्य सरकारने आगामी 'कान्स' दौरा रद्द करण्याचा निर्णय घेतला आहे.
इंधन आणि पैसा वाचवण्यासाठी राज्य सरकार आता पूर्णपणे सज्ज झाले असून, मुख्यमंत्री आणि उपमुख्यमंत्र्यांनी या निर्णयांची कडक अंमलबजावणी करण्याचे संकेत दिले आहेत.

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IPL Playoffs की race में आगे बढ़ने की कोशिश कर रही Chennai Super Kings के लिए एक और बुरी खबर आई है। Team के सबसे प्रभावी Allrounders में से एक Jamie Overton Thigh Injury के कारण England वापस लौट गए हैं, जिससे Team की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

The Inner Story / Asli Maajra:
यह Season Chennai Super Kings के लिए Injuries से भरा रहा है, और अब Allrounder Jamie Overton का चोटिल होकर वापस जाना Team के लिए एक और बड़ा setback है। Overton को Right Thigh Injury हुई है, जिसके आगे के Assessment और Management के लिए वह UK लौटेंगे। CSK ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि Jamie Overton कितने समय के लिए Team से बाहर रहेंगे या क्या वह पूरे Season के लिए बाहर हो गए हैं। लेकिन, Team के आगामी तीन League Games में उनकी वापसी की संभावना बेहद कम दिख रही है। शुक्रवार को Lucknow Super Giants के खिलाफ होने वाले Away Game से पहले यह खबर Chennai Super Kings के Management और Fans के लिए चिंता का विषय है।

Analysis & Numbers:
Jamie Overton ने इस IPL Season में Chennai Super Kings के लिए एक Gamechanger की भूमिका निभाई थी। वह Team के लिए दूसरे सबसे ज़्यादा Wickets लेने वाले Bowler हैं, जिन्होंने 14 Wickets झटके हैं। उनका Average 17.78 रहा है, हालांकि उनकी Economy Rate 18.89 बताई गई है, जो कुछ Cricket Pundits के लिए सोचने पर मजबूर करती है।
अपने पिछले Game में, जो Lucknow Super Giants के खिलाफ Chepauk में May 11 को खेला गया था, Overton ने एक Masterclass Performance दी थी। उन्होंने 3 Wickets लेकर केवल 36 Runs दिए थे और Team की पांच-Wicket की जीत में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए Player of the Match का Award जीता था। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी Team के Bowling Attack पर भारी असर डालेगी, खासकर जब Playoffs की दौड़ अपने चरम पर है। Team के समीकरण और Match Outcomes पर गहरी नज़र रखने वाले कई Cricket Observers [www.thegurugyan.com](http://www.thegurugyan.com) जैसे TRUE AI prediction platforms को देखते हैं, जो Match शुरू होने से पहले ही संभावित Endgame को समझने का confidence रखते हैं, और इस तरह की Key Player Injury उनके लिए भी एक अहम factor बनती है।

The Guru Gyan Verdict:
Chennai Super Kings के लिए यह वाकई एक मुश्किल Test है। एक के बाद एक Injuries ने उनके Playoff hopes को कमजोर किया है। Jamie Overton जैसे प्रभावशाली Player का बाहर होना Team की Depth और Resilience की असली परीक्षा लेगा। अब समय है कि Team के बाकी Players उठ खड़े हों और एक collective Masterclass Performance दें, अगर उन्हें Top 4 में अपनी जगह पक्की करनी है। यह सिर्फ एक Player की कमी नहीं, यह Team के Character का Moment है।

Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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