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भारतीय गरिमा के शीर्ष उत्सव गणतंत्र दिवस पर सभी कार्यक्रम भव्य एवं आकर्षक हों

कलेक्टर ने तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारियाँ

झाँकियाँ हों जीवंत एवं प्रमुख योजनाओं पर आधारित

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देशभक्ति गीतों एवं वेशभूषा पर विशेष ध्यान

भारतीय गरिमा के सर्वोच्च उत्सव गणतंत्र दिवस देश के साथ-साथ मुरैना जिले में भी परंपरागत रूप से उत्साह, उमंग, हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को मुख्य समारोह पुलिस परेड ग्राउंड पर प्रातः 9 बजे आयोजित होगा। शासकीय कार्यालयों एवं विद्यालयों में प्रातः 8 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा।
कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने बुधवार को बैठक आयोजित कर गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह की तैयारियों की समीक्षा की तथा विभिन्न अधिकारियों को व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने निर्देश दिए कि गणतंत्र दिवस के सभी कार्यक्रम गरिमामय, सुव्यवस्थित एवं आकर्षक हों। झाँकियाँ जीवंत हों तथा शासन की प्रमुख योजनाओं एवं कार्यक्रमों पर केन्द्रित रहें। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देशभक्ति गीतों एवं भारतीय वेशभूषा पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुरेन्द्र कुमार डाबर, समस्त एसडीएम, नगर निगम कमिश्नर, समस्त जिला अधिकारी, जनपद पंचायतों के सीईओ, तहसीलदार एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री जांगिड़ ने बताया कि गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि संयुक्त परेड की सलामी लेंगे तथा प्रदेश की जनता के नाम मुख्यमंत्री का संदेश वाचन करेंगे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया जाएगा। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा विभागीय झाँकियाँ समारोह का प्रमुख आकर्षण होंगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्य समारोह में सम्मिलित होने वाली सभी विभागीय झाँकियाँ आकर्षक एवं सजीव हों तथा शासन की उच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं को झाँकियों की थीम के रूप में प्रदर्शित किया जाए। 26 जनवरी को निकलने वाली सभी झाँकियाँ 24 जनवरी तक पूर्ण रूप से तैयार कर ली जाएँ। कार्यक्रम की संपूर्ण तैयारियों के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कमलेश कुमार भार्गव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों का चयन अत्यंत सावधानीपूर्वक किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी प्रस्तुतियाँ राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत हों एवं भारतीय संस्कृति और पारंपरिक वेशभूषा को प्रतिबिंबित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी तैयारियाँ गणतंत्र दिवस की गरिमा के अनुरूप समय-सीमा में पूर्ण की जाएँ।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला मुख्यालय के साथ-साथ जनपद पंचायत, नगर पालिका एवं नगर परिषद स्तर पर भी गणतंत्र दिवस समारोह पूर्ण गरिमा के साथ आयोजित किए जाएँ। मुख्य समारोह में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, प्रबुद्ध नागरिकों, सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य गणमान्य नागरिकों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाए।
गणतंत्र दिवस की फाइनल रिहर्सल 24 जनवरी को होगी
कलेक्टर ने बताया कि गणतंत्र दिवस की फाइनल रिहर्सल 24 जनवरी को प्रातः 9 बजे पुलिस परेड ग्राउंड, मुरैना में आयोजित की जाएगी। फाइनल रिहर्सल के दौरान सभी व्यवस्थाएँ पूर्ण रूप से सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस परेड ग्राउंड पर लगाए जाने वाले टेंट एवं शामियाना सफेद रंग का हो।
उत्कृष्ट अधिकारी-कर्मचारियों का किया जाएगा सम्मान
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नाम प्रस्तावित किए जाएँ जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है। सभी विभागों के कार्यालय प्रमुख अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों के नाम विस्तृत विवरण सहित अपर जिला दण्डाधिकारी कार्यालय में निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराएँ।
प्रभात रैली की जिम्मेदारी जिला खेल अधिकारी को सौंपी गई
कलेक्टर ने बताया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रातः 8 बजे डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम से प्रभात रैली निकाली जाएगी, जो पुलिस परेड ग्राउंड पर पहुँचेगी। प्रभात रैली के आयोजन हेतु जिला खेल अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
26 जनवरी की पूर्व संध्या पर शासकीय भवनों पर रोशनी की जाएगी
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर समस्त शासकीय भवनों एवं शासकीय इमारतों पर आकर्षक रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 26 जनवरी को मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष भोज का आयोजन किया जाए। मुख्य अतिथि किसी एक विद्यालय में बच्चों के साथ मध्यान्ह भोजन करेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का पूर्ण जिम्मेदारी के साथ स्वयं निर्वहन करने के निर्देश दिए तथा अधीनस्थों पर दायित्व न छोड़ने की हिदायत दी।
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जगदलपुर। सुप्रीम कोर्ट की शिक्षकों की भर्ती अहर्ता को लेकर जारी गाइड लाइन के अनुसार इस बार डीएड (डिप्लोमा इन एजुकेशन) और बीएड (बैचलर आफ एजुकेशन) योग्यताधारी ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में शामिल हो सकेंगे।इसके पहले कोई भी हायर सेकंडरी उत्तीर्ण डीएड और स्नातक उत्तीर्ण टीईटी में शामिल हो सकता था।

बता दें कि प्राथमिक स्तर की कक्षाओं में अध्यापन के लिए डीएड और इससे ऊपर मिडिल से लेकर हायर सेकंडरी तक अध्यापन के लिए बीएड की योग्यता अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल (व्यापमं) द्वारा आगामी एक फरवरी को आयोजित की जाने वाली राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा में बस्तर जिले में 14,174 अभ्यर्थियों ने शामिल होने पंजीयन कराया है। इनमें प्राथमिक स्तर के लिए 5,599 डीएड धारी उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 8,575 बीएड धारी अभ्यर्थी हैं।

जगदलपुर शहर में टीईटी के लिए सुबह की पाली में डीएड अभ्यर्थियों के लिए 15 और दोपहर की पाली में बीएड धारी अभ्यर्थियों के लिए 24 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रशासन व्यापम के दिशा निर्देशों के तहत टीईटी के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। नकल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए व्यापमं ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अभ्यर्थियों को एक विशेष ड्रेस कोड और समय-सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा।

परीक्षार्थियों को केंद्र के भीतर जूते-मोजे पहनकर जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षार्थियों को केवल चप्पल पहनकर ही आना होगा। इसके अलावा, गहरे रंग के कपड़े पहनने पर भी रोक लगाई गई है। अभ्यर्थियों को केवल हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आने के निर्देश दिए गए हैं ताकि फ्रिस्किंग की प्रक्रिया सुगमता से पूरी की जा सके।

सुरक्षा जांच इतनी कड़ी होगी कि साधारण स्वेटर को भी जांच के लिए उतरवाया जाएगा। इसके साथ ही कान में किसी भी प्रकार के आभूषण, पर्स, बेल्ट, टोपी, घड़ी और किसी भी तरह के इलेक्ट्रानिक उपकरण को परीक्षा कक्ष में ले जाना पूर्णतः वर्जित किया गया है।

आधा घंटा पहले बंद होंगे गेट

परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से ठीक 30 मिनट पहले केंद्रों के मुख्य द्वार स्थायी रूप से बंद कर दिए जाएंगे। सुबह 9.30 बजे शुरू होने वाली प्रथम पाली के लिए गेट सुबह नौ बजे और दोपहर तीन बजे शुरू होने वाली द्वितीय पाली के लिए गेट दोपहर 2.30 बजे बंद हो जाएंगे। सभी को परीक्षा से कम से कम दो घंटे पूर्व केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है ताकि उनकी पहचान और सुरक्षा जांच समय पर पूरी हो सके।

हेल्पलाइन नंबर जारी

अभ्यर्थियों को अपना प्रवेश पत्र और मूल पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) साथ लाना अनिवार्य होगा। किसी भी दुविधा की स्थिति में सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0771-2972780 और मोबाईल नंबर 82698-01982 जारी किया गया है। इस हेल्पलाइन नंबर पर सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।

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राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर ने दिए आवश्यक निर्देश

कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न

राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, मुरैना में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जलवायु परिवर्तन के मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों तथा विभिन्न विभागों की भूमिका एवं उत्तरदायित्वों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पदमेश उपाध्याय सहित समस्त जिला अधिकारी, जिला सर्विलेंस अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट तथा कृषि, वन, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, परिवहन, पशुपालन, भू-विज्ञान, शिक्षा, रोजगार निर्माण, ऊर्जा, वित्त, पंचायत राज एवं विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिले के लिए जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम की समग्र कार्ययोजना तैयार करने तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अंतर्गत जलवायु परिवर्तन से प्रभावित होने वाली बीमारियों एवं संवेदनशील जनसंख्या की पहचान, संबंधित रोगों के आंकड़ों का संधारण एवं समय-समय पर अद्यतन, विकासखंड स्तर एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं के आयोजन जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
विशेष रूप से वायु प्रदूषण से मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों एवं उनसे बचाव पर गहन चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार वायु प्रदूषण हाल के वर्षों में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में उभरकर सामने आया है। वायु प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में रहने से पुरानी बीमारियों में वृद्धि, समयपूर्व मृत्यु तथा प्रतिकूल स्वास्थ्य प्रभाव देखे जा रहे हैं। इसके दुष्प्रभाव विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, यातायात पुलिस कर्मियों तथा नगर निगम/नगर पालिका कर्मचारियों में अधिक पाए जाते हैं।
इन चुनौतियों के दृष्टिगत जिला चिकित्सालय, मुरैना में ए.आर.आई. (Acute Respiratory Infection) एवं चेस्ट क्लिनिक का संचालन प्रारंभ किया गया है। साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा वायु गुणवत्ता की स्थिति को सरलता से समझाने एवं जन-जागरूकता हेतु एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लागू किया गया है, जिसे छह रंगों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है।
भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की क्षमता-वृद्धि (Capacity Building), आपातकालीन सेवाएं, रेफरल सेवाएं, एम्बुलेंस, आउटरीच एवं प्रयोगशाला सेवाओं को सुनिश्चित किया गया है। जिला टास्क फोर्स की बैठक में वायु प्रदूषण से होने वाले मानव स्वास्थ्य पर दुष्प्रभावों की रोकथाम हेतु बहु-विभागीय रणनीति तैयार करने तथा प्रत्येक संबंधित विभाग की स्पष्ट जिम्मेदारी निर्धारित करने पर सहमति बनी।
जन-जागरूकता के लिए प्रिंट, ऑडियो-विजुअल, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से वायु प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान एवं बचाव संबंधी संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों जैसे बाजार, कार्यालय, स्कूल, कॉलेज एवं हाईवे के आसपास पोस्टर एवं वॉल पेंटिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिले की समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में ओपीडी एवं दवा वितरण काउंटर के समीप वायु प्रदूषण विषयक आईईसी (सूचना-शिक्षा-संचार) सामग्री का प्रदर्शन अनिवार्य रूप से किए जाने के निर्देश दिए गए।
विशेष चेस्ट क्लिनिक के माध्यम से कार्डियो-पल्मोनरी रोगों से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। चेस्ट क्लिनिक का संचालन एनसीडी क्लिनिक के साथ समन्वय में किया जाएगा। इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण से संबंधित कार्डियो-पल्मोनरी रोगों की जांच, जोखिम संचार, पहले से पीड़ित रोगियों में संभावित कारणों की पहचान एवं निदान की पुष्टि करना है।
कार्डियो-पल्मोनरी रोगियों को मानक उपचार प्रदान करने पर विशेष जोर
वायु प्रदूषण से संबंधित संभावित एवं निदान किए गए कार्डियो-पल्मोनरी रोगियों में व्यवहार परिवर्तन एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने को प्रोत्साहित किया जाएगा। चेस्ट क्लिनिक की स्थापना शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, सिविल अस्पतालों, जिला अस्पतालों तथा विशेषज्ञ उपलब्धता की स्थिति में मेडिकल कॉलेजों में की जा सकती है। जिले के समस्त स्वास्थ्य संस्था प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे स्वास्थ्य संस्थाओं में आने वाले रोगियों को वायु प्रदूषण से बचाव एवं नियंत्रण के उपायों के प्रति निरंतर जागरूक करें।
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16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ 23 जनवरी को

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राष्ट्रीय मतदाता दिवस (एनव्हीडी) प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी 25 जनवरी 2026 को 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जायेगा। इस वर्ष एनव्हीडी मतदाता दिवस की थीम ’’मेरा भारत, मेरा वोट’’ है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 25 जनवरी 2026 को रविवार होने के कारण 23 जनवरी, शुक्रवार को सुबह 11 बजे एनव्हीडी की शपथ की जायेगी।
इस संबंध अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अश्विनी कुमार रावत ने समस्त कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया है कि 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ 23 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे अपने समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ दिलाया जाना सुनिश्चित करें।
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Chief Electoral Officer Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Election Commission of India

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लोकसेवा गारंटी सेवाओं एवं सीएम हेल्पलाइन के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं - कलेक्टर

कलेक्टर ने टाइम लिमिट बैठक में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

लोकसेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सभी सेवाओं का सेवा चार्टर में निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करें। यह संबंधित पदाभिहित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करें। सीएम हेल्पलाइन में निराकरण की प्रगति लाएं तथा 100 दिवस से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की संख्या शून्य रखें। 50 दिवस से अधिक लंबित प्रकरणों की संख्या न्यूनतम रखें तथा उसे भी शून्य लाने का प्रयास करें। यह निर्देश कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगड़ ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित टाइम-लिमिट बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत, समस्त एसडीएम, नगर निगम कमिश्नर, समस्त जिला अधिकारी, जनपद सीईओ, तहसीलदार एवं नगरीय निकायों के सीएमओ उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोकसेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं से संबंधित प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा से पूर्व करें। जो भी अधिकारी या कर्मचारी समय-सीमा में आवेदन का निराकरण नहीं करें, उनसे प्रतिदिन 250 रूपये की दर से पेनल्टी वसूलें। पेनल्टी की राशि सीधे संबंधित आवेदक के खाते में जमा कराना सुनिश्चित करें तथा विलंब होने पर देय मुआवजा भी आवेदक को उपलब्ध कराएं। केवल पेनल्टी वसूलने तक सीमित न रहें, बल्कि लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी कर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। बार-बार समय-सीमा का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के प्रति सख्ती बरतें। उन्होंने निर्देश दिये कि 250 रूपये प्रतिदिन की पेनल्टी के साथ-साथ संबंधित कर्मचारी से दो गुना पेनल्टी वसूल कर रेडक्रॉस में जमा कराएं तथा विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई करें।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 50 दिवस से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की संख्या लगभग शून्य रखें तथा 100 दिवस से अधिक लंबित प्रकरणों पर लगातार कार्य कर उन्हें शून्य पर लाएं। नए प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करें तथा संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करें। सभी अधिकारी अपने अधीनस्थ ग्राउंड लेवल कर्मचारियों को संवेदनशील बनाएं ताकि वे आवेदनों का निराकरण समय-सीमा में करें। एक सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध प्रक्रिया तय करें तथा निचले अमले पर आवश्यक सख्ती बरतें।
कलेक्टर ने संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी विभागों के अधिकारी ग्राउंड लेवल पर अधिक से अधिक आवेदनों का निराकरण करें, ताकि आमजन की समस्याओं का समाधान हो और अभियान सफल हो। एक बगिया माँ के नाम अभियान पर कार्य करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में भूमि अधिग्रहण एवं आवंटन से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई तथा अंतरविभागीय मुद्दों को सुना गया।
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जगदलपुर। बस्तर जिला प्रशासन ने ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के सर्वांगीण विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक अभिनव अध्याय की शुरुआत की है। कलेक्टर हरिस एस और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में शिक्षा की नींव को मजबूत करने और बच्चों में पठन कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से जिले में पढ़ेसे बस्तर अभियान चलाया जा रहा है।इस मुहिम के तहत प्रशासन द्वारा सुदूर अंचलों में बहुभाषी मिनी लाइब्रेरी की स्थापना की जा रही है, ताकि बच्चों की पुस्तकों तक पहुँच आसान हो सके और वे ज्ञान की दुनिया से जुड़ सकें।

इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना को स्वयंसेवी संगठन प्रथम बुक्स की पहल डोनेट-ए-बुक के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस साझेदारी का सबसे सुखद पहलू यह है कि इसमें बच्चों को ऐसी पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं जो न केवल ज्ञानवर्धक हैं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक भी हैं। विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध ये किताबें बच्चों को अपनी विरासत से जोड़ते हुए उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। अभियान की सफलता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 4,788 पुस्तकें वितरित की जा चुकी हैं और वर्तमान में 43 नई मिनी-लाइब्रेरी के माध्यम से अतिरिक्त 4,477 पुस्तकें स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। प्रशासन ने शिक्षा के प्रसार के लिए पारंपरिक सीमाओं को तोड़ते हुए इन पुस्तकालयों को केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं रखा है। अब जिले के पुलिस थाने, जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र, दिव्यांग बच्चों के केंद्र और बाल देखभाल संस्थान भी ज्ञान के केंद्र बन रहे हैं। जहां ये लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है।

इस अभियान में शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग और पुलिस विभाग सहित विभिन्न विभाग एकजुट होकर सक्रिय सहयोग कर रहे हैं, जो साझा विकास और सहयोग की एक नई संस्कृति को दर्शाता है। बस्तर जिला प्रशासन का यह प्रयास राष्ट्रीय स्तर के लक्ष्यों के साथ भी पूरी तरह से कदमताल कर रहा है। यह पहल सतत विकास लक्ष्यों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के साथ-साथ निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगी, जिसका लक्ष्य 2026 तक सभी बच्चों के लिए आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान सुनिश्चित करना है। युवा शिक्षार्थियों को आवश्यक कौशल से लैस करके, प्रशासन न केवल उनकी भाषा सीखने की क्षमता को बढ़ा रहा है, बल्कि उनके लिए भविष्य में शैक्षिक एवं रोजगार के अवसरों का विस्तार भी कर रहा है। कुल मिलाकर पढ़ेसे बस्तर अभियान बच्चों को उनके समुदायों एवं नागरिक जीवन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

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गणतंत्र दिवस की संध्या पर मुरैना में भारत पर्व का भव्य आयोजन

26 जनवरी को टाउनहॉल मुरैना में देशभक्ति सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी लोकतंत्र के लोक उत्सव “भारत पर्व” का आयोजन गणतंत्र दिवस की संध्या पर 26 जनवरी 2026 को सायं 6 बजे टाउनहॉल, मुरैना में किया जाएगा।
कार्यक्रम को भव्य रूप प्रदान करने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। भारत पर्व कार्यक्रम में समस्त जिला अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। यह निर्देश कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने गत दिवस कलेक्ट्रेट सभागार मुरैना में आयोजित बैठक के दौरान दिए।
कलेक्टर ने बताया कि भारत पर्व कार्यक्रम में इंदौर की कलाकार डॉ. शिल्पा मसुरकर द्वारा देशभक्ति गायन तथा ग्वालियर की श्रीमती शिखा सोनी द्वारा देशभक्ति नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुरेन्द्र कुमार डाबर, समस्त एसडीएम, नगर निगम कमिश्नर, समस्त जिला अधिकारी, जनपद पंचायतों के सीईओ, तहसीलदार एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी उपस्थित रहे।
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*प्रेस विज्ञप्ति*
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*दिनांक-22.01.2026*
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*पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड एवं महानिदेशक, सी०आर०पी०एफ० के संयुक्त नेतृत्व में सुरक्षा बलों को चाईबासा के सारंडा में नक्सल उन्मुलन अभियान में मिली उल्लेखनीय सफलता*

चाईबासा के सारंडा जंगली क्षेत्र में किरीबुरू थाना अंतर्गत चलाये जा रहे विशेष अभियान 'मेधाबुरू' में संयुक्त बलों 209 कोबरा, झारखण्ड जगुआर, सी०आर०पी०एफ० एवं जिला पुलिस बल टीम के साथ शीर्ष माओवादी अनल उर्फ पतिराम मांझी का सशस्त्र दस्ता के साथ आज सुबह लगभग 06:30 बजे से लगातार कई बार मुठभेड़ हुई। नक्सलियों द्वारा पुलिस को नुकसान पहुँचाने हेतु अंधाधुन गोलीबारी की गई, सुरक्षा बल के तरफ से भी आत्मरक्षार्थ गोली चलाई गयी जिससें मुठभेड़ के दौरान अबतक कुल-15 नक्सलियों के मृत शरीर एवं भारी मात्रा में हथियार एवं दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद किए गए हैं।

*प्रारंभिक जांच में 15 मृत नक्सलियों में से 11 की पहचान निम्न रूप से हुई है:-*

1. अनल उर्फ पतिराम मांझी (CCM)-1 करोड़ ईनामी (झारखण्ड), 1 करोड़ 20 लाख ईनामी (उड़ीसा), 15 लाख ईनामी (एन०आई०ए०). (कुल कांड-149), सा० झरहा, थाना-पीरटांड, जिला-गिरडीह, झारखंड।

2. अनमोल उर्फ सुशांत (BJSAC)-25 लाख ईनामी (झारखण्ड), 65 लाख ईनामी (उड़ीसा), (कुल कांड-149) पता-ग्राम बंसी टोला, थाना नावाडीह, जिला बोकारो, झारखण्ड ।

3. अमित मुण्डा (RCM)-15 लाख ईनामी (झारखण्ड), 43 लाख ईनामी (उड़ीसा), 04 लाख ईनामी (एन०आई०ए०), (कुल कांड-96), पता-ग्राम तमराना, थाना तमाड़, जिला-राँची।

4. पिन्टु लोहरा (SZC)-05 लाख ईनामी (झारखण्ड) (कुल कांड-47), पता-बारीसालडीह, थाना सोनाहातू जिला राँची, झारखंड।

5. लालजीत उर्फ लालु (SZC)-05 लाख ईनामी (झारखण्ड), पता-धारणादिरी, थाना- किरीबुरू, जिला-चाईबासा ।

6. राजेश मुण्डा (ACM), (कुल कांड-14), पता-ग्राम माईलपिड़ी, थाना अड़की, जिला-खूँटी।

7. बुलबुल अलदा (ACM). (कुल कांड-08), पता-ग्राम ईलीगढ़ा, थाना तांतनगर, जि० चाईबासा ।

8. बबिता (ACM), (कुल कांड-16), पता-कोरर्रा, थाना कुचाई, जि० सरायकेला।

9. पुर्णिमा (ACM). (कुल कांड-05). पता-ईचागोडा, थाना गोईकेरा, जिला चाईबासा ।

10. सुरजमुनी (Cadre)-

11. जोंगा (Cadre)- (कुल कांड-01), पता-बोईपाई ससांग, थाना गोईलकेरा, जिला चाईबासा ।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 से अबतक चाईबासा के कोल्हान के सारंडा जंगली क्षेत्र में माओवादियों द्वारा किये गये विस्फोट एवं हिंसात्मक कार्रवाई में सुरक्षा बलों के हुए नुकसान में मुख्य उग्रवादी दस्ता के शीर्ष अनल उर्फ पतिराम मांझी का मुख्य योगदान रहा है।

इस अभियान से माओवादी का कमर टुट गई है। झारखण्ड पुलिस अपील करती है कि शेष बचे उग्रवादी आत्मसमर्पण कर झारखण्ड सरकार की *"आत्मसमर्पण एवं पुर्नवास नीति* का लाभ उठाएँ।

सर्च अभियान अभी जारी है। अग्रतर कार्रवाई की जानकारी अभियान के पश्चात अलग से दी जायेगी।
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*द्वारा-मीडिया सेल, पुलिस मुख्यालय, झारखण्ड ।*

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#देवघर : जिले के रोहिणी–नावाडीह रेलवे फाटक के पास शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जसीडीह से आसनसोल की ओर जा रहे एक रेल इंजन की टक्कर रेलवे फाटक पर मौजूद एक ट्रक और दो मोटरसाइकिलों से हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देवघर–गिरिडीह मुख्य सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय रेलवे फाटक के पास सड़क पर ट्रक और बाइक खड़े थे। इसी दौरान ट्रेन के पहुंचते ही रेल इंजन से टक्कर हो गई। हादसे में दो मोटरसाइकिलें ट्रक के नीचे दब गईं, जबकि ट्रक और रेल इंजन को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं।घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और रेलवे विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई है। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने और सड़क पर यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। रेलवे और स्थानीय प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

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*राष्ट्रीय राजधानी,नई दिल्ली*
देशहित के प्रति समर्पित भावना एवं समाजसेवा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान को देखते हुए राष्ट्रहित में समर्पित हिन्द सेना समाजसेवी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सदस्य केंद्रीय मंत्रालय भारत सरकार मंगेश वैद्य ने राष्ट्रीय प्रतिनिधि युवा ब्रिगेड एवं दिल्ली कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष कुमार विशाल की अनुशंसा पर महिला समाजसेवी अधिवक्ता अनीता को दिल्ली महिला ब्रिगेड लीगल सेल कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है।राष्ट्रीय अध्यक्ष मंगेश वैद्य ने नवनियुक्त अधिवक्ता अनीता को देशहित में समाजसेवा के क्षेत्र में अग्रसर रहने के निर्देश दिए, संगठन की महिला सशक्तिकरण की दिशा को मजबूत बनाएंगे।नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष का संकल्प एवं उद्धरण नियुक्ति पर अधिवक्ता अनीता ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मंगेश वैद्य सहित समस्त वरिष्ठ पदाधिकारियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा हिन्द सेना सामाजिक क्रांति की मशाल जलाकर सम्पूर्ण देश में व्याप्त धर्मांधता, क्षेत्रीयता, जातीयता एवं भ्रष्टाचार की जंजीरों को तोड़कर मानव एकता की मिसाल कायम करेगी तथा अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए कटिबद्ध रहेगी।उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि शीघ्र आगामी माह में दिल्ली प्रदेश के समस्त विधानसभाओं का दौरा कर ऊर्जावान नेतृत्वकर्ताओं को कार्यकारिणी में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।संगठन की प्रतिबद्धता एवं भावी योजनाएं हिन्द सेना के लीगल सेल के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों, कानूनी जागरूकता शिविर, भ्रष्टाचार विरोधी अभियान एवं सामाजिक न्याय पर विशेष फोकस रहेगा। हर्ष व्यक्त करने वालो में कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह परिहार,पर्यावरण संरक्षण विभाग राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रामदयाल मीणा,ओबीसी सेल राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता बोया मैड्डुलेटी,राष्ट्रीय संगठन महामंत्री द्वय योगेश वैद्य,संजीव मल्होत्रा, डॉ मनोज बात्री,महिला ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष रत्नावली कौशल,युवा ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष दक्ष वैद्य,कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष निरंजन सिंह चौधरी,छात्र ब्रिगेड राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप सिंह,मानवाधिकार सेल राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह,भ्रष्टाचार निरोधक सेल राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर गोपालकृष्णन,कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र महाराणा,आईटी सेल कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष शर्मा,अल्पसंख्यक सेल राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरदीप सिंह भाटिया,राजेश मिश्रा,समरजीत चावला,दीपेश रॉय,दीनानाथ जायसवाल,आनंद टंडन,डॉक्टर सौरभजित हजारिका,अधिवक्ता रमेश भारद्वाज,राष्ट्रीय महामंत्री धीरज सोनकुसरे ,राजेश राठौर खलीफा,सुनील सानाध्य,ठाकुर सिंह साहब,महिला ब्रिगेड राष्ट्रीय महामंत्री अनीता रेड्डी कोडंगल,विधि विभाग राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष ठाकुर,उपाध्यक्ष अधिवक्ता मनीष राठौर,उत्तर पूर्वी प्रदेश प्रभारी निंगोम्बम संजीतकुमार सिंह,राष्ट्रीय सचिव इंदरचंद अग्रवाल,सुशांत भदोरिया,दीपक बिस्ठ,संजय तिवारी,अवधेश लांबा,अतुल श्रीवास्तव,प्रदीप गौतम,राष्ट्रीय संगठन मंत्री द्वय प्रोफेसर प्रीतम सिंह,राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी जुगल किशोर,राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं सनातन ब्रिगेड कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश शर्मा,राष्ट्रीय संगठन मंत्री बिहारी लाल जसावत,विधि सेल राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता महेश गौतम, युवा ब्रिगेड राष्ट्रीय संगठनमंत्री एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी योगेश राठौर, मीडिया सेल राष्ट्रीय संगठन मंत्री दुलीचंद शर्मा,मजदूर ब्रिगेड राष्ट्रीय संगठन मंत्री लक्ष्मी नारायण जैन,युवा राष्ट्रीय समन्वयक लक्ष्मी नारायण बालू, युवा ब्रिगेड राष्ट्रीय संगठन मंत्री मुकेश देवांगन,राष्ट्रीय प्रतिनिधि एवं हिमाचल प्रदेशाध्यक्ष डॉ गुरनाम सिंह,कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष डॉ योध राज,उतराखंड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता महेश नारायण,राष्ट्रीय प्रतिनिधि एवं दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष धर्मपाल जांगड़ा,कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष बालकृष्ण शुक्ला,दिल्ली महिला ब्रिगेड प्रदेशाध्यक्ष पारुल सिंह ढाका,चंद्र मणि,शशि गुप्ता,मध्यप्रदेश युवा ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता धर्म सिंह चौहान,मनोज शर्मा,युवा ब्रिगेड राष्ट्रीय प्रतिनिधि एवं आईटी सेल प्रदेशाध्यक्ष कमलेश जूनी,महिला ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता सोनाली श्रीवास्तव,फिज़ा अली खान,विधि विभाग कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता कृपाल सिंह बाथम,धार्मिक न्यास विभाग कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष आचार्य विनोद शुक्ला,भ्रष्टाचार निरोधक सेल कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष डॉ उमेश श्रीवेल,छत्तीसगढ़ प्रदेश मुख्य संयोजक तरुण नाथ योगी, राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष राधेश्याम मीणा,राजस्थान युवा ब्रिगेड प्रदेशाध्यक्ष पवन सिंह नरूका,महाराष्ट्र कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अंसारुल्लाह चौधरी, कला एवं सांस्कृतिक विभाग कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष संजय टिपुगड़े, युवा ब्रिगेड राष्ट्रीय प्रतिनिधि एवं कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष राजकुमार पुलकुटे,तेलंगाना प्रदेशाध्यक्ष टी रामुलू, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र झंझोड,महिला कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष कीर्ति रेड्डी,छात्र ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष कटुकुरी विग्नेश कुमार,आंध्र प्रदेश प्रदेशाध्यक्ष डी राजू,वेस्ट बंगाल प्रदेशाध्यक्ष जयंती भट्टाचार्य,उत्तर प्रदेश प्रदेशाध्यक्ष राम प्रकाश यादव,कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता जैनेश पंकज,मार्तंड शर्मा,प्रदेश संगठन महामंत्री विश्वनाथ द्विवेदी,बृजेश मिश्रा,युवा ब्रिगेड आईटी सेल कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय गुप्ता,बिहार कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र प्रताप जीतू,आसाम प्रदेशाध्यक्ष सौरभजीत हजारिका,गुजरात प्रदेशाध्यक्ष आलोक पटेल,महिला ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष गीताबेन वाघेला, युवा ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष दर्शन कुमार शाह,कर्नाटक प्रदेशाध्यक्ष डी मातंदूर, युवा ब्रिगेड प्रदेश अध्यक्ष महेश सिद्राई शिगिहल्ली,महिला ब्रिगेड प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता धनलक्ष्मी,हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद ढांडा,कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष विजय कुमार, महिला ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष दर्शाना देवी,युवा ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष आकाशदीप शर्मा,योगेश कुमार, पंजाब कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष सुबोध मित्तल,राकेश शर्मा,महिला ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष उमा गोयल,बंदना नेहा देवी,कविता कौर,अंजू सूदन,ओडिशा प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता दीपेश नायक,नितेश कुमार,तमिलनाडु प्रदेशाध्यक्ष ए चंद्रन,युवा ब्रिगेड प्रदेशाध्यक्ष सिदरई, महिला ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता धनलक्ष्मी,केरला प्रदेशाध्यक्ष एम वी जोसेफ,झारखंड प्रदेशाध्यक्ष नारायण लिंडा,युवा कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष विनय भगत,महिला ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष उर्मिला देवी,युवा ब्रिगेड एससी सेल कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष अमरनाथ राम,राष्ट्रीय प्रतिनिधि व्येंकेटेश येवले,भास्कर येवले,डॉ.एस.के.साहू ,डॉ.सुनील जैन,डॉ.राहुल पांडेय,दिनेश राय ,ए.खान,राष्ट्रीय प्रतिनिधि व पार्षद संतोष महानंद,प्रीति गोसेवाड़ा,एससी सेल राष्ट्रीय प्रतिनिधि कृष्ण मुंशीराम वाल्मिक,छत्तीसगढ प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता नितिन ठक्कर,कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष व ऐल्डरमैन संजय साहू,मनोज पटेल,विनय चोपड़ा,मानवाधिकार सेल प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता शिव बघेल,मानवाधिकार सेल कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर पटेल,भ्रष्टाचार निरोधक सेल प्रदेशाध्यक्ष अधिवक्ता रूबी नाज़ खान,महिला ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मी चौहान, युवा ब्रिगेड राष्ट्रीय प्रतिनिधि रवि सरकार,प्रदेश महामंत्री नरेश भोयर, प्रदेश संगठन मंत्री चंचल देवांगन,युवा ब्रिगेड कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष खगेन्द्र मल्होत्रा, युवा ब्रिगेड प्रदेश प्रवक्ता एवं बस्तर जिलाध्यक्ष दिलीप गुहा,युवा ब्रिगेड प्रदेश संगठन मंत्री स्वराज मुदलियार सहित हिन्द सेना के समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओ ने बधाई दी है |

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वाराणसी। दहेज में पांच लाख रुपए की मांग को लेकर विवाहिता को मारने-पीटने व प्रताड़ित कर घर ने निकाल देने के मामले पति समेत पांच आरोपितों को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार की अदालत ने आरोपित पति राजेश शर्मा, सास माया शर्मा, पल्लवी शर्मा, सोनी शर्मा उर्फ एकता झा व आरती झा को आरोप सिद्ध न होने पर संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। *अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव उर्फ गुड्डू, नरेश यादव व संदीप यादव ने पक्ष रखा।*

अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी निधि शर्मा ने 19 मई 2022 को चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसका विवाह सुनील शर्मा के साथ 24 जून 2021 को हुआ था। शादी में उसके पिताजी द्वारा सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया गया था। शादी के बाद जब वह विदा होकर अपने ससुराल गयी तो उसके व उसके पति के बीच आएदिन मन-मुटाव रहता था। इस दौरान उसके पति, सास समेत ससुराल के अन्य सदस्यों द्वारा हमेशा उसे कम दहेज लाने को लेकर ताना दिया जाता था और दहेज में पांच लाख रुपए की मांग की जाती थी। उसके असमर्थता जताने पर ससुराल वालों द्वारा उसके साथ मारपीट, गाली-गौलज व जान से मारने की धमकी दी जाती थी। इस बीच 26 अप्रैल 2022 को उसके पति द्वारा उसे लाकर उसके मायके छोड़ दिया गया। जिसके बाद उसने घटना के संबंध में पुलिस कमिश्नकर, वाराणसी को प्रार्थनापत्र दिया था। उनके आदेश पर चौक पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अदालत में विचारण के दौरान आरोप सिद्ध न होने पर अदालत ने सभी आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं विचारण के दौरान एक अन्य आरोपित कुसुम शर्मा की मृत्यु हो जाने पर उसके खिलाफ सुनवाई समाप्त कर दी गई।

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वाराणसी। काशी के प्रसिद्ध महाश्मशान मणिकर्णिका घाट की पहचान अब केवल परंपरा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अब यह *आधुनिक सुविधाओं से लैस विश्वस्तरीय धार्मिक स्थल* के रूप में विकसित होगा। इस ऐतिहासिक परियोजना का नेतृत्व स्वयं *जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार* कर रहे हैं, जिनके सतत निगरानी और स्पष्ट दिशा-निर्देशों में घाट का कायाकल्प तेजी से आगे बढ़ रहा है।

करीब *₹17.56 करोड़* की लागत से चल रहे इस *पुनर्निर्माण कार्य में पुराने स्वरूप* को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं को जोड़ा जा रहा है। वर्तमान में पुरानी सीढ़ियों को समतल किया जा रहा है और शवों के आवागमन हेतु *स्ट्रेचर फ्रेंडली मार्ग* तैयार किए जा रहे हैं।

*डीएम सत्येंद्र कुमार* ने बताया कि नए घाट पर *व्यूइंग गैलरी, रैंप, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और बेहतर प्रकाश व्यवस्था* की जाएगी, जिससे शोकाकुल परिजनों और श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।

*18 अत्याधुनिक शवदाह संरचनाएं*

परियोजना के अंतर्गत कुल *18 शवदाह संरचनाएं* तैयार की जाएंगी। इनमें से *10 पुरानी संरचनाओं का जीर्णोद्धार* और *8 नई शवदाह संरचनाओं* का निर्माण होगा। सभी *दाह स्थल एलिवेटेड होंगे,* जिससे कम लकड़ी में *शास्त्रसम्मत अंतिम संस्कार* संभव होगा और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।

*स्वच्छता और सुविधा पर विशेष फोकस*

*डीएम सत्येंद्र कुमार* के निर्देश पर घाट पर *वेटिंग रूम, शौचालय, पीने का पानी, वेडिंग ज़ोन, लकड़ी भंडारण स्थल* और आधुनिक *ड्रेनेज सिस्टम* विकसित किया जा रहा है, ताकि वर्षों पुरानी गंदगी और सीवेज की समस्या खत्म हो सके।

*सनातन धरोहरों का संरक्षण*

डीएम ने स्पष्ट किया है कि परियोजना के दौरान *विष्णुपादुका, दत्तात्रेय पादुका, मणिकर्णिका कुंड सहित सभी मंदिरों* और धार्मिक स्थलों का संरक्षण और मरम्मत की जाएगी। किसी भी आस्था या परंपरा से कोई समझौता नहीं होगा।

*पीएम मोदी की परिकल्पना, डीएम की कार्ययोजना*

यह परियोजना *रूपा फाउंडेशन के सीएसआर फंड* से पूरी हो रही है, जिसकी आधारशिला *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी* ने रखी थी। *डीएम सत्येंद्र कुमार* के अनुसार, कार्य पूर्ण होने के बाद यहां प्रतिदिन *100 से 150 शवों* का अंतिम संस्कार सुचारू रूप से किया जा सकेगा।

*डोमराजा परिवार को मिलेगी आधुनिक सुविधा*

डीएम के निर्देश पर महाश्मशान से जुड़े *डोमराजा परिवार* के लिए भी बेहतर और सुव्यवस्थित सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे उनकी सदियों पुरानी परंपरा सम्मानपूर्वक आगे बढ़ सके।

*डीएम सत्येंद्र कुमार की निगरानी में मणिकर्णिका घाट बनेगा आस्था, परंपरा और आधुनिक विकास का प्रतीक।*

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'इस्तीफावीर' लॉरेंस एंथोनी की घिनौनी पलटी: पहले संगठन को कोसा, अब पत्रकार को बलि का बकरा बनाकर चाट रहे अपनी जूठन!

*सोनभद्र (ब्यूरो)।* जनपद में 'समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन' के पूर्व जिला सचिव लॉरेंस एंथोनी इन दिनों अपने दोहरे चरित्र और 'पलटू' बयानों को लेकर चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। दो दिन पूर्व जिस संगठन को 'विवादों का अड्डा' बताकर और नेतृत्व को 'विफल' घोषित कर उन्होंने इस्तीफा दिया था, आज उसी संगठन में वापस जगह पाने के लिए उन्होंने नैतिकता की सारी हदें पार कर दी हैं। अपनी थूकी हुई बात को चाटते हुए अब लॉरेंस एंथोनी अपनी गलती छिपाने के लिए स्थानीय पत्रकार अमान खान पर 'दबाव' डालने का मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं।

​ *खुद रचा 'इस्तीफा ड्रामा' और खुद ही सोशल मीडिया पर किया वायरल*

​विदित हो कि 20 जनवरी 2026 को लॉरेंस एंथोनी ने अपने लेटरहेड पर स्पष्ट शब्दों में इस्तीफा लिखा था कि उनके पास संगठन के आपसी झगड़ों के लिए 'फालतू समय' नहीं है और वे समाज सेवा के लिए स्वतंत्र होना चाहते हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए फोटो खिंचवाकर मीडिया को प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी। लेकिन जैसे ही संगठन के भीतर उनकी स्थिति खराब हुई, उन्होंने गिरगिट की तरह रंग बदलते हुए नया राग अलापना शुरू कर दिया।

​ *पत्रकार अमान खान को बनाया निशाना, बुनी 'जेल जाने के डर' की झूठी कहानी*

​अब लॉरेंस एंथोनी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पत्रकार अमान खान को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। उनका दावा है कि पत्रकार ने उन्हें 'कार्यकर्ताओं के जेल जाने' की बात कहकर डराया और जबरन इस्तीफा लिखवाया। सवाल यह उठता है कि क्या मानवाधिकारों की रक्षा का दम भरने वाले लॉरेंस इतने 'डरपोक' हैं कि किसी की बातों में आकर अपना पद छोड़ दिया? या फिर यह उनकी सोची-समझी साजिश है ताकि वे संगठन की नजरों में फिर से 'बेचारे' बनकर वापसी कर सकें?

​ *'पलटूराम' की पराकाष्ठा: कल तक जो 'नरक' था, आज वही संगठन 'सर्वोपरि'!*

​इस्तीफे के समय लॉरेंस ने संगठन के जिला नेतृत्व पर विफलता का गंभीर आरोप लगाया था। लेकिन आज अचानक उन्हें संगठन की कार्यप्रणाली 'स्वच्छ' लगने लगी है। पत्रकारिता जगत में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए एक निष्पक्ष पत्रकार को मोहरा बनाया जा रहा है। स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि लॉरेंस एंथोनी के पास अपने आरोपों का कोई सबूत नहीं है और वे केवल 'विक्टिम कार्ड' खेल रहे हैं।

*​जनता की अदालत में विश्वसनीयता 'शून्य', साख बचाने की नाकाम कोशिश*

​सोनभद्र की जनता अब इस 'दोमुंहे' व्यवहार को भली-भांति समझ चुकी है। जो व्यक्ति 48 घंटे के भीतर अपने हस्ताक्षरित पत्र और बयानों से पलट सकता है, उसकी सामाजिक स्वीकार्यता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है। जानकारों का कहना है कि लॉरेंस एंथोनी ने अपनी इस 'नौटंकी' से न केवल संगठन की छवि धूमिल की है, बल्कि पत्रकारिता जैसे पवित्र पेशे पर भी कीचड़ उछालने का दुस्साहस किया है, जिसके लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

*संपादकीय टिप्पणी: "नैतिकता का पतन या अवसरवादिता की पराकाष्ठा?"*

पत्रकारिता समाज का दर्पण होती है, जो सच जैसा है, उसे वैसा ही दिखाने का साहस रखती है। लेकिन जब समाज सेवा का चोला ओढ़े लोग अपनी निजी महत्वाकांक्षाओं और आपसी कलह की बलि खुद चढ़ने लगते हैं, तो वे अपनी नाकामियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने का सबसे आसान रास्ता चुनते हैं।

लॉरेंस एंथोनी का हालिया प्रकरण इसका जीता-जागता उदाहरण है। कल तक जो संगठन उनकी नजर में 'विवादों का अड्डा' था, आज वे उसी के गुणगान कर रहे हैं। जिस इस्तीफे को उन्होंने खुद लिखकर, दस्तखत कर और मुस्कुराते हुए मीडिया को सौंपा, आज उसे 'दबाव का खेल' बताना उनकी मानसिक दिवालियेपन को दर्शाता है।

एक पत्रकार का काम सूचनाओं को जनता तक पहुँचाना है, न कि किसी के घर में घुसकर जबरन इस्तीफा लिखवाना। पत्रकार अमान खान पर लगाए गए बेबुनियाद आरोप दरअसल उस 'सच' से बचने की छटपटाहट है जो अब लॉरेंस एंथोनी के गले की फांस बन चुका है। ऐसे 'पलटूराम' चरित्र वाले लोग न तो संगठन के सगे हो सकते हैं और न ही समाज के। जनता ऐसे दोमुंहे चेहरों को पहचान चुकी है। अपनी साख बचाने के लिए लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को बदनाम करना कायरता की निशानी है।

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विकास कुमार गुर्जर , जर्नलिस्ट दिल्ली, 8-13 दिसंबर 2025: भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक, लाल किला, इस बार विशेष UNESCO सांस्कृतिक इवेंट का केंद्र बना। छह दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम ने भारत की मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने पेश किया।📌 इवेंट का उद्देश्य:भारत के 20 UNESCO Intangible Cultural Heritage (ICH) elements को प्रदर्शित करना।लोक कला, संगीत, नृत्य, उत्सव और पारंपरिक शिल्प के माध्यम से सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखना।अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान करना।🏰 मुख्य आकर्षण:लाल किला में विशेष प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन।लोक संगीत और नृत्य के माध्यम से अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत अनुभव।पैनल डिस्कशन और वर्कशॉप्स, जहां विशेषज्ञों ने सांस्कृतिक संरक्षण और UNESCO मान्यता पर चर्चा की।🎨 सांस्कृतिक संदेश:इस इवेंट ने स्पष्ट किया कि भारत की सांस्कृतिक विरासत केवल ऐतिहासिक महत्व की नहीं है, बल्कि यह जीवंत, आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रेरक भी है। UNESCO की भागीदारी ने इसे और भी विशेष और वैश्विक महत्व वाला बना दिया।💫 निष्कर्ष:लाल किले में 8-13 दिसंबर 2025 तक चलने वाला यह इवेंट न केवल भारत की सांस्कृतिक शान को उजागर करता है, बल्कि यह विश्व मंच पर भारतीय परंपराओं और कला को पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। यह साबित करता है कि हमारी मूर्त और अमूर्त विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा और गौरव का स्रोत है।विकास कुमार गुर्जर , जर्नलिस्ट

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रिसोड:- येथील उत्तमचंद बगडिया कला , वाणिज्य व विज्ञान महाविद्यालयाच्या राष्ट्रीय सेवा योजना पथका द्वारा आयोजित विशेष श्रम संस्कार शिबिर मध्ये प्राचार्य डॉ. विनोद कुलकर्णी यांच्या मार्गदर्शनाखाली आरोग्य निदान व औषधोपचार शिबिराचे आयोजन दिनांक 22 जानेवारी 2026 रोजी करण्यात आले होते याप्रसंगी डॉ. रामानंद गट्टानी तसेच डॉक्टर अभिषेक तिवारी हे मान्यवर उपस्थित होते या आरोग्य शिबिरामध्ये गावातील बहुसंख्य रुग्णांची तसेच शाळकरी विद्यार्थी, विद्यार्थिनीची तसेच शिबिरार्थी विद्यार्थी व विद्यार्थिनीची तसेच महाविद्यालयाच्या बहुसंख्य कर्मचाऱ्यांची आरोग्य तपासणी करण्यात आली यानंतर उपस्थित मान्यवरांचे राष्ट्रीय सेवा योजनेच्या वतीने शाल व पुष्पगुच्छ देऊन स्वागत करण्यात आले या कार्यक्रमाच्या अध्यक्षस्थानी राष्ट्रीय सेवा योजना महिला कार्यक्रमाधिकारी डॉ. एम. पी. खेडेकर ह्या होत्या या कार्यक्रमाचे प्रास्ताविक कार्यक्रमाधिकारी डॉ. ए.जी.वानखेडे यांनी केले यानंतर डॉ रामानंद गट्टानी यांनी आपले मनोगत व्यक्त केले व आपल्या मनोगतात राष्ट्रीय सेवा योजनेचा हा उपक्रम स्तुत्य असून आम्ही आमच्या सेवा यापुढेही अशाच देत राहू असे आश्वासन दिले व शिबिरार्थींना शुभेच्छा दिल्या आपल्या अध्यक्षीय भाषणात डॉ. एम.पी. खेडेकर मॅडम यांनी गावकऱ्यांनी या शिबिराचा लाभ घेतल्याबद्दल उपस्थितांना धन्यवाद दिले या कार्यक्रमाचे प्रास्ताविक कु अंजली पुंड हिने तर आभार प्रीतम वैरागड याने मानले. सदर शिबिराच्या यशस्वीते करिता डॉ. किरण बुधवंत प्रा डॉ मेश्राम, डॉ कोमल काळे, प्रा सुमित लाहोरे इत्यादींनी विशेष परिश्रम घेतले

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धनंजय कुमार।
देवघर।
अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल दंडाधिकारी श्री रवि कुमार ने जानकारी दी है कि माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड, रांची द्वारा WP (PIL) No. 1997 of 2019 (Jharkhand Civil Society बनाम राज्य सरकार) एवं Contempt Case (Civil) No. 246 of 2019 में दिनांक 16.07.2024 को पारित आदेश के आलोक में पूरे झारखंड राज्य में DJ बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
माननीय न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया है कि राज्य सरकार DJ बजाने पर पूर्ण रूप से रोक लगाए तथा किसी भी जुलूस, शोभायात्रा या कार्यक्रम में DJ बजाने की अनुमति नहीं दी जाए। इस आदेश का उल्लंघन न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आएगा।
उक्त आदेश के आलोक में देवघर अनुमंडल अंतर्गत DJ पर पूर्णतः प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।
सभी होटल संचालकों, साउंड सिस्टम संचालकों, पूजा समितियों एवं आम नागरिकों से अनुरोध है कि:
किसी भी प्रकार का DJ न बजाएँ।
ध्वनि विस्तारक यंत्र के रूप में केवल पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम / सिंपल माइक का उपयोग करें।
लाउडस्पीकर का प्रयोग रात्रि 10:00 बजे तक ही करें, जो लाउडस्पीकर अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत होगा।
आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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बरेली जेल के गेट पर खड़ा शख़्स आज़ाद ख़ान है। नाम आज़ाद, लेकिन ज़िंदगी के 25 साल सलाख़ों के पीछे गुज़ारने के बाद अब जाकर बाहर आया है। ये रिहाई किसी इंसाफ़ की जीत नहीं, बल्कि इस देश के पुलिसिया, न्यायिक और प्रशासनिक सिस्टम की शर्मनाक हार का दस्तावेज़ है।

कहानी सन 2000 की है, जब एक डकैती हुई। 2001 में मैनपुरी निवासी आज़ाद ख़ान को गिरफ़्तार कर लिया गया। न पुख़्ता सबूत, न ठोस गवाह- फिर भी जिला अदालत ने आज़ाद को उम्रक़ैद की सज़ा सुना दी। एक ग़रीब मज़दूर, जिसके पास न महंगे वकील थे, न रसूख़, वो सिस्टम के पहियों के नीचे कुचल दिया गया।

अपील इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंची और दिसंबर 2025 में हाईकोर्ट ने साफ़ कहा कि “पुलिस आज़ाद ख़ान के ख़िलाफ़ डकैती डालने का आरोप साबित नहीं कर पाई”, और उसे बरी कर दिया गया। लेकिन सवाल यहीं खत्म नहीं होते। बेगुनाह क़रार दिए जाने के बाद भी आज़ाद जेल में बंद रहा। वजह?
जेल प्रशासन का बेशर्म तर्क था कि “रिहाई का आदेश कोर्ट से हमें मिला ही नहीं” और एक दूसरे मामले में 7,000 रुपये का जुर्माना जमा नहीं हो सका। सोचिए, 25 साल जेल में काट चुका एक बेगुनाह, उसका परिवार मज़दूरी करके पेट पाल रहा हो, उसके लिए 7,000 रुपये 7 लाख से कम नहीं होते। जुर्माना न भरने पर एक साल और जेल! क्या यही इंसाफ़ है?
आज ज़रूरत पड़ने पर ईमेल से मिनटों में ऑर्डर भेजे जा सकते हैं, लेकिन जब एक ग़रीब मुसलमान की आज़ादी का सवाल था, तब फ़ाइलें “न पहुंचने” का बहाना बन गईं। मामला मीडिया तक पहुंचा, ख़बरें चलीं, तब जाकर वही प्रशासन और अदालत आनन-फानन में ईमेल पर ऑर्डर का आदान-प्रदान करने लगे, यानि इंसाफ़ नहीं, दबाव काम करता है।

मामला सामाजिक तक भी पहुंचा तो संस्था ‘छोटी सी आशा’ की पारुल मलिक और रूपाली गुप्ता ने 7,000 रुपये का जुर्माना अदा किया। तब जाकर बेगुनाह आज़ाद 25 साल बाद जेल से बाहर आया।

लेकिन सवाल ये है कि क्या ये रकम इंसाफ़ की कीमत थी? क्या 25 साल कोई लौटा सकता है? आज आज़ाद बाहर है, मगर उसका परिवार बिखर चुका है, ज़िंदगी छिन चुकी है। उसकी आंखों में आंसू हैं, ग़रीबी है और वो सवाल हैं जो पुलिस, सरकार और अदालत के ज़मीर को झकझोरने चाहिए।

गलत गिरफ़्तारी का ज़िम्मेदार कौन?
बिना सबूत सज़ा देने वाले जज से कोई जवाबदेही क्यों नहीं?
पुलिस की झूठी कहानी गढ़ने पर कोई सज़ा क्यों नहीं?
और क्या हर ग़रीब, हर मुसलमान की क़ीमत इसी तरह आधी ज़िंदगी होती है?

आज ज़रूरत है आत्ममंथन की। आज़ाद ख़ान कोई अपवाद नहीं, बल्कि उस सिस्टम की सच्ची तस्वीर है जहाँ ग़रीबी सबसे बड़ा जुर्म और बेगुनाही सबसे महंगी सज़ा बन चुकी है।
ये रिहाई नहीं, ये एक सवाल है कि अगला आज़ाद कौन?

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