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रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
राजधानी में सड़क किनारे और प्रमुख बाजारों में बिक रहे घटिय गुणवत्ता वाले जूस और खाद्य पदार्थों को लेकर खाद्य सुरक्षा प्रशासन, जिला भोपाल ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद, कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित नामी जूस सेंटर्स और लस्सी कॉर्नर्स पर औचक निरीक्षण कर नमूनों की जब्ती की है। प्रमुख दुकानों पर हुई कार्यवाही जांच टीम ने भोपाल के अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर निम्मनलिखित प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए न्यू फेमस एंड रेस्टोरेंट अशोका गार्डन से मैंगो जूस, लस्सी, मैदा, गुलाब जामुन एवं मठरी के नमूने संग्रहित किये एवं बॉम्बे जूस कॉर्नर, बरखेड़ी, घमंडी लस्सी, एमपी नगर, आदर्श जूस सेंटर इंद्रपुरी, बॉम्बे जूस सेंटर बुधवारा, आगरा समोसा कॉर्नर, रंगमहल चौराहा, फेमस जूस कॉर्नर, इब्राहिमपुरा, श्री कृष्णा लससी कॉर्नर, पीरगेट, गुजरात कोल्डड्रिंक एंड जूस सेंटर, घोड़ा नक्कास, नकली एसेंस और रसायनों का संदेह प्रशासन को शिकायत मिली थी कि कई विकेताओं द्वारा मैंगो शेंक और अन्य जूस में हानिकारक टार्द्राजीन कलर (कृत्रिम रंग), सिंथेटिक एसेंस, थिकनर और भारी मात्रा में सैकरीन का उपयोग किया जा रहा है। यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक हो सकते है। "खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत यह कार्यवाही की गई है। सभी संदिग्ध नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।"अभिहित अधिकारी ने बताया कि समाचार पत्र में प्रकाशित सूचना और मानव अधिकार आयोग के संदर्भ के बाद यह विशेष अभियान चलाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब्त नमूनों को तत्काल राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मिलावट पाए जाने पर दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे जनाता से अपील की गई है कि अत्यधिक सस्ते और चमकीले रंग वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचे, क्योकि ये किडनी और लिवर के लिए घातक हो सकते है। सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल प्रेषित किये गये हैं। जांच परिणामों के आधार पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत विधि अनुसार कार्यवाही की जायेगी।

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रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
भोपाल के 7 नंबर बस स्टॉप स्थित 'सागर गैरे' आउटलेट के भोजन में कीड़े पाए जाने की गंभीर शिकायत प्राप्त होने पर, कलेक्टर भोपाल प्रियंक मिश्रा एवं अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा प्रशासन के निर्देशन में विभाग द्वारा तत्काल प्रभावी कार्रवाई की गई है। टीम द्वारा प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया। जहाँ खाद्य पदार्थों के रखरखाव और स्वच्छता व्यवस्था में अनियमितताएं पाई गईं। स्वच्छता मानकों का उल्लंघन और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाए जाने पर,संस्थान के संचालक को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006, नियम एवं विनियम 2011 की धारा 32 के अंतर्गत वैधानिक नोटिस जारी किया गया है।गुणवत्ता की जाँच हेतु खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें तत्काल राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। लैब रिपोर्ट के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। धारा 32 के तहत जारी इस नोटिस के माध्यम से संचालक को 14 दिवस की समयावधि के भीतर परिसर की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों में सुधार करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में सुधार न होने की स्थिति में प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित,निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई है। मुख्यालय खाद्य सुरक्षा अधिकारी, भोपाल ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। जिले के सभी प्रमुख खाद्य संस्थानों की निरंतर निगरानी की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

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वाराणसी में भूजल स्तर में गिरावट और जल संकट को देखते हुए, सुबह-ए-बनारस क्लब ने श्री हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज में एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान छात्राओं ने जल संरक्षण और पानी की बर्बादी न करने की शपथ ली, जिसमें सभी वक्ताओं ने भविष्य के लिए जल बचाने का आह्वान किया।भूजल स्तर में निरंतर गिरावट एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। यदि इस समस्या पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो देश के नागरिकों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। वर्तमान में लाखों लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंचता है, और इस समस्या का एक प्रभावी समाधान वर्षा जल संरक्षण है।पानी की गंभीरता को देखते हुए, सामाजिक संस्था सुबह-ए-बनारस क्लब के बैनर तले एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व संस्था के अध्यक्ष समाजसेवी मुकेश जायसवाल, लक्ष्मी नर्सिंग कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डा. अशोक कुमार राय और श्री हरिश्चंद्र बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. प्रियंका तिवारी ने किया। कार्यक्रम का आयोजन मैदागिन स्थित श्री हरिश्चंद्र बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज के परिसर में किया गया, जहां छात्राओं ने जल संरक्षण और जल की बर्बादी न करने की शपथ लीकार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने कहा कि हमारे देश के कई प्रांत भूमिगत जल की कमी की समस्या से जूझ रहे हैं, जिसका प्रभाव हमारे जिले में भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। लोग पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं, और इस गंभीर समस्या का समाधान सभी को मिलकर करना होगा। संस्था ने सभी से अपील की है कि वे अपने परिवार और पड़ोसियों को भी पानी की बर्बादी न करने के लिए प्रेरित करें।

कहा कि अक्सर देखा जाता है कि लोग बिना वजह पानी की बर्बादी करते हैं, जबकि यह उनके जीवन का आधार है। हमें इस तथ्य को समझना होगा और जल संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने होंगे। भावी पीढ़ी के लिए पानी का संचय करनाका आधार है। हमें इस तथ्य को समझना होगा और जल संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने होंगे। भावी पीढ़ी के लिए पानी का संचय करना अत्यंत आवश्यक है। जल संरक्षण के माध्यम से हम आने वाली पीढ़ियों को जल संकट से बचा सकते हैं।

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दुर्घटनाओं, हृदय रोगों, एड्स सहित सभी बीमारियाँ बहुत खतरनाक होती हैं, कोई भी बीमारी अच्छी नहीं होती, लेकिन लोग विशेष रूप से कैंसर को बहुत बुरा मानते हैं। बहुत से लोग इसे एक कलंक मानते हैं, जबकि इसमें कलंक जैसी कोई बात नहीं है। ऑस्टियोजेनिक सार्कोमा हड्डियों का एक प्राथमिक कैंसर है, जो कोई आम कैंसर नहीं है। चार से पाँच मिलियन लोगों में से इस कैंसर के केवल तीन से चार मामले ही सामने आते हैं। यह आमतौर पर 10 से 30 वर्ष की आयु के बीच होता है, क्योंकि इस उम्र में हड्डियों का विकास होता है; हड्डियों की कोशिकाओं की वृद्धि अनियंत्रित हो जाती है और कैंसर बन जाता है। इस प्रकार का कैंसर वास्तव में अधिक खतरनाक होता है, क्योंकि अन्य कैंसरों की तुलना में इसकी जीवित रहने की दर बहुत कम होती है। यानी, जिन लोगों में इस कैंसर का पता चलता है, उनका वह अंग काटना पड़ता है, यह आमतौर पर पैर में होता है, इसलिए पैर काटना पड़ता है और यदि यह हाथ की किसी हड्डी में हो, तो हाथ काटना पड़ता है। इसके बाद भी, बेहतरीन इलाज के बावजूद, मरीज़ की ज़िंदगी बहुत लंबी नहीं होती, ज़्यादा से ज़्यादा छह महीने, एक साल या डेढ़ साल।
आजकल, मोहाली की एक महिला, प्रभजोत कौर 'जोत', हमारे संपर्क में आई हैं, जिन्होंने इस कैंसरयानी ऑस्टियोसार्कोमासे बहुत मज़बूती से लड़ाई लड़ी है, प्रभजोत कौर 'जोत', जिन्होंने मनोबल, हिम्मत और साहस से कैंसर को हराया। क्योंकि किसी भी बीमारी या कैंसर के मामले में, यदि आप अपना मनोबल ऊँचा रखते हैं, सकारात्मक रहते हैं, खुश रहते हैं, दूसरों को भी खुश रखते हैं, और खुद को किसी काम में व्यस्त रखते हैं, तो कैंसर की कोशिकाएँ कमज़ोर पड़ जाती हैं और मर जाती हैं, जिससे मरीज़ की ज़िंदगी काफी लंबी हो जाती है। आज के आधुनिक उपचारों में, सर्जरी से पहले कीमोथेरेपी और कभी-कभी रेडियोथेरेपी भी दी जाती है। इसके साथ ही, कई मामलों में इसे 'लिम्ब सेविंग सर्जरी' (अंग बचाने वाली सर्जरी) या 'लिम्ब स्पेयरिंग सर्जरी' भी कहा जाता है, और मरीज़ का पैर या हाथ बचाया भी जा सकता है। इसी विषय को आधार बनाकर, 6-7 साल पहले हमने "झंजर विद ऑस्टियो सार्कोमा" नाम की एक फ़िल्म बनाई थी, जो YouTube पर उपलब्ध है। हड्डी के कैंसरऑस्टियोसार्कोमाके अधिकांश मामले 15 से 30 वर्ष की आयु के बीच सामने आते हैं। आमतौर पर यह घुटने की हड्डी में होता है। इसके इलाज के तौर पर कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी की जाती है, और लगभग सभी मामलों में पैर काटना पड़ता है। इन सब के बावजूद, मरीज़ की जीवन प्रत्याशा बहुत कम होती है और वह एक या दो साल के भीतर ही गुज़र जाता है। जो लोग खुश रहते हैं, जो सकारात्मक सोच रखते हैं, जो कैंसर के नाम से नहीं डरते, और पौष्टिक व संतुलित भोजन करते हैं, ऐसे मरीज़ कैंसर पर जीत हासिल कर लेते हैं। प्रभजोत कौर 'जोत' इसका एक जीता-जागता उदाहरण हैं। वह पूरी तरह से सकारात्मक सोच रखती हैं, सकारात्मक बातें करती हैं; वह एक लेखिका हैं, कविताएँ लिखती हैं, कहानियाँ लिखती हैं; वह अपने परिवार में खुश रहती हैं और पूरे परिवार को खुश रखती हैं। यह प्रकृति का ही एक उपहार है कि उनके परिवार के सदस्य उनका पूरा ख़्याल रखते हैं और उन्हें खुश भी रखते हैं। इसलिए, किसी भी व्यक्ति को किसी भी बीमारी सेविशेषकर कैंसर सेडरना नहीं चाहिए, बल्कि उसका बहादुरी से सामना करना चाहिए। उन्हें कैंसर का पता चले हुए 16 साल से भी ज़्यादा समय बीत चुका है। 8 मई को उनका पैर काटना पड़ा था। हर साल इसी दिन8 मई कोवह इस दिन को एक त्योहार की तरह अपने साथ मनाती हैं, क्योंकि उन्होंने खुद से और डॉक्टरों से यह वादा किया था कि वह कैंसर के कारण अपनी जान नहीं गँवाएँगी। जोत ने कैंसर को लेकर अपनी एक अलग ही अवधारणा (concept) बनाई है: C A N C E R. यहाँ C का अर्थ हैचढ़दी कला (ऊँचा मनोबल), A का अर्थ हैअटूट विश्वास, N का अर्थ हैनई आशा, C का अर्थ हैप्रकाश का मार्ग, E का अर्थ हैदृढ़ संकल्प, और R का अर्थ हैईश्वर की इच्छा पर विजय।

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देशभर में लगातार बढ़ रही प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर अभिभावकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक, लोग शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि आज शिक्षा सेवा नहीं, बल्कि एक महंगा कारोबार बन चुकी है, जहाँ बच्चों के भविष्य के नाम पर मध्यमवर्गीय परिवारों की आर्थिक कमर तोड़ी जा रही है।

हाल के दिनों में कई राज्यों में स्कूल फीस वृद्धि, जबरन यूनिफॉर्म और किताबें खरीदवाने, एडमिशन चार्ज, डेवलपमेंट फीस और अन्य छिपे हुए शुल्कों को लेकर विरोध तेज हुआ है। लोगों का आरोप है कि कई निजी स्कूल शिक्षा के मंदिर नहीं, बल्कि कमाई के केंद्र बन गए हैं, जहाँ हर सुविधा के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जाती है।

अभिभावकों का कहना है कि एक बच्चे की पढ़ाई का खर्च अब इतना बढ़ चुका है कि आम परिवारों को अपनी बचत तोड़नी पड़ रही है। कई परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेने या गहने गिरवी रखने तक को मजबूर हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी मध्यमवर्गीय परिवारों को हो रही है, जो न तो सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर पूरी तरह भरोसा कर पा रहे हैं और न ही निजी स्कूलों की भारी फीस आसानी से चुका पा रहे हैं।

लोगों का आरोप है कि कई स्कूल हर साल फीस बढ़ाने के साथ-साथ किताबें, कॉपी, यूनिफॉर्म और अन्य सामान केवल तय दुकानों से खरीदने का दबाव बनाते हैं। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। शिक्षा को लेकर बढ़ती यह व्यावसायिक मानसिकता अब समाज में चिंता का बड़ा विषय बनती जा रही है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल मुनाफा कमाना नहीं होना चाहिए। सरकार को निजी स्कूलों की फीस संरचना पर निगरानी रखने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अभिभावकों की शिकायतों के समाधान के लिए सख्त नियम लागू करने की जरूरत है। कई सामाजिक संगठनों ने भी मांग की है कि स्कूल फीस निर्धारण के लिए स्वतंत्र नियामक आयोग बनाया जाए, ताकि मनमानी पर रोक लग सके।

वहीं, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि सभी निजी स्कूलों को एक नजर से देखना सही नहीं होगा। कई स्कूल बेहतर शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और प्रशिक्षित शिक्षकों के कारण अधिक शुल्क लेते हैं। लेकिन सवाल तब उठता है जब शिक्षा सेवा के बजाय केवल व्यापार बनकर रह जाए।

बढ़ती फीस और शिक्षा के बाजारीकरण को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। अब देखना होगा कि सरकार और शिक्षा विभाग इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं और अभिभावकों को राहत देने के लिए कौन-सी नई नीतियां बनाई जाती हैं।

आपकी इस मुद्दे पर क्या राय है? क्या निजी स्कूलों की फीस पर सरकार को सख्त नियंत्रण करना चाहिए? कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें।

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8 मई, 2026
भागलपुर: बिहार में हाल ही में हुए सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार के बाद राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। जहाँ एक ओर नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण से सरकार में उत्साह का माहौल है, वहीं दूसरी ओर अंग और बांका क्षेत्र के कई कद्दावर विधायकों को कैबिनेट में जगह न मिलने से विधायकों के समर्थकों में भारी नाराजगी है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में पार्टी के लिए सीटें जीती थीं।
प्रमुख चेहरों की अनदेखी: क्या रहा कारण?
क्षेत्रीय राजनीति के जानकारों का मानना है कि मंत्रिमंडल के चयन में इस बार भी "पहुँच" और "समीकरण" हावी रहे, जिसके कारण जमीनी पकड़ रखने वाले और योग्यता रखने वाले विधायकों को नजरअंदाज किया गया। इसमें प्रमुख रूप से तीन नाम चर्चा का केंद्र बने हुए हैं:
रोहित पांडेय (विधायक, भागलपुर): भागलपुर सदर जैसी महत्वपूर्ण सीट से कांग्रेस के गढ़ को ढहाकर जीत हासिल करने वाले भाजपा विधायक रोहित पांडेय को कैबिनेट में जगह मिलने की प्रबल संभावना थी। युवाओं के बीच लोकप्रिय और संगठन में गहरी पैठ रखने के बावजूद उन्हें मंत्री पद से दूर रखा गया।
मनीष कुमार (विधायक, धोरैया): बांका जिले की धोरैया विधानसभा से जदयू विधायक मनीष कुमार का नाम भी संभावितों की सूची में था।क्षेत्र में सक्रिय विधायक मनीष कुमार की छवि एक विकासपुरुष की रही है। क्षेत्र के विकास और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रियता को देखते हुए उम्मीद थी कि उन्हें जिम्मेदारी मिलेगी।
मनोज यादव (विधायक, बेलहर): बेलहर से कद्दावर नेता मनोज यादव, जिन्होंने जदयू के टिकट पर अपनी मजबूती हमेशा साबित की है, उनकी अनदेखी ने भी समर्थकों को मायूस किया है। यादव समाज और स्थानीय विकास पर उनकी पकड़ के बावजूद उन्हें नजरअंदाज करना चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भागलपुर और बांका जैसे महत्वपूर्ण जिलों से इन विधायकों को मंत्री पद नहीं मिलने से आने वाले चुनावों में गठबंधन को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। यदि जमीन से जुड़े नेताओं को सरकार में उचित सम्मान नहीं मिलता, तो जनता के बीच यह संदेश जाता है कि केवल प्रभावशाली लॉबिंग करने वाले ही सत्ता के करीब पहुँच सकते हैं।
फिलहाल, इन विधायकों ने सार्वजनिक रूप से कोई कड़ा विरोध नहीं जताया है, लेकिन उनके समर्थकों की खामोशी और सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल सरकार के लिए आने वाले समय में चुनौती बन सकते हैं। स्थानीय कार्यकर्ता मुकेश सिंह,दिलीप साह आदि ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा:
"ऐसा लगता है कि जो पटना के गलियारों में ज्यादा 'पहुंच' रखते हैं या पैरवी कर सकते हैं, पद उन्हीं को मिले हैं। जिन्होंने जमीन पर पसीना बहाया, उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।"

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Krishna Sharma Kali के परिवार पर आए दुख के इस कठिन समय में वसुंधरा स्टेट, डिमना स्थित आवास पर पहुंचकर दिवंगत नन्हीं बिटिया के छवि चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि एक माता-पिता के लिए अपने बच्चे को खोना जीवन का सबसे बड़ा दुःख होता है, जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकती।

श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई तथा ईश्वर से परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति देने की कामना की गई। माहौल पूरी तरह भावुक रहा और मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। सभी ने नन्हीं बच्ची को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उसकी मासूम यादें हमेशा परिवार और समाज के लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।

इस दुखद घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने भी सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। लोगों का कहना है कि दुःख की इस घड़ी में पूरा समाज परिवार के साथ खड़ा है। कई लोगों ने इसे अत्यंत हृदयविदारक घटना बताते हुए बच्चों की अनमोल मुस्कान और उनके महत्व को याद किया।

ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह असीम दुःख सहने की शक्ति दें।
ॐ शांति ॥

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शक्तिनगर: स्थानीय नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनटीपीसी) सिंगरौली परियोजना की भूमि पर स्थित अवैध बस्ती बलिया नाला में नगर प्रशासन विभाग ने दो दिन पूर्व बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कटिया मारकर विद्युत आपूर्ति बंद कर दी थी। इस कार्रवाई से नाराज बस्तीवासियों ने आज सुबह लगभग 10:00 बजे परियोजना मुख्य मार्ग के पास पेट्रोल पंप के समीप चक्का जाम कर दिया।

सड़क जाम से आवागमन प्रभावित हुआ और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। परियोजना प्रबंधन ने समय-समय पर संपदा की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कार्रवाई की है। बिजली चोरी करने वाले कुछ लोग विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग पर अड़े हुए हैं। समाचार लिखे जाने तक चक्का जाम जारी था और परियोजना प्रबंधन से वार्ता के लिए प्रतिनिधि मौजूद थे।

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हजरत ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती (र.अ.) के मुरीद और खास खलीफा हजरत ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी साहब, जब अजमेर तशरीफ़ लाए थे, तो इसी जगह पर आपने इबादत की थी और अपना चिल्ला किया था।

यहाँ से फिर आप दिल्ली तशरीफ़ ले गए और दिल्ली को ही अपना स्थायी ठिकाना (घर) बना लिया। साल 1236 ईस्वी में दिल्ली में ही आपका इंतकाल हुआ और आपकी मुबारक दरगाह आज भी दिल्ली के महरौली इलाके में मौजूद है, जहाँ दुनिया भर से जायरीन हाजिरी देने आते हैं।

साल 1776 में हजरत मौलवी शम्सुद्दीन साहब ने यहाँ अजमेर के इसी चिल्ला शरीफ पर एक गुंबद वाली मस्जिद तामीर करवाई थी। मस्जिद के सहन (आंगन) में टोंक के नवाब के अफसर हजरत मोहम्मद शाह खान साहब का मजार है, और उनके नायब ने साल 1824 में यहाँ एक और मस्जिद बनवाई थी।

इसी इलाके में उत्तर-पूर्व की तरफ 1669 ईस्वी के गवर्नर हजरत सैयद अहमद साहब के बाग के आसार (अवशेष) और हजरत असद खान साहब की बावड़ी मौजूद है। इसके पास ही एक बुलंदी पर हजरत शेख यह्या साहब की बनवाई हुई पुरानी मस्जिद है, जो औरंगजेब के अहद (शासनकाल) की है। इस मस्जिद की देखभाल के लिए हजरत असद खान साहब ने 40 बीघा जमीन वक्फ (दान) की थी।

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बूढ़नपुर/आजमगढ़: जिले के एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ कथित अभद्रता, धमकी एवं संपत्ति लूटे जाने की घटना को लेकर पत्रकार समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि दबंगों द्वारा पत्रकार के साथ न केवल दुर्व्यवहार किया गया, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी गई।

पीड़ित पत्रकार दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थान से जुड़े होने के साथ-साथ पत्रकार संगठन में जिला उपाध्यक्ष पद पर भी कार्यरत हैं। घटना को लेकर पत्रकारों ने सवाल उठाया कि जब समाज का चौथा स्तंभ ही सुरक्षित नहीं है और पुलिस की मौजूदगी में उसकी संपत्ति लूटी जा रही है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा।

पीड़ित पत्रकार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि जनपद के थाना महराजगंज की पुलिस के शह व मिलीभगत से पत्रकार के साथ यह सब हो रहा है। पत्रकार हरेन्द्र (उपाध्यक्ष) भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ आजमगढ़ इकाई के सदस्यों की मांग है कि पत्रकार की सम्पत्ति चोरी किए गए बाँस बरामद कर उन्हें वापस दिलाया जाए, घटना में शामिल दबंगों तथा उनके साथ संलिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए और प्रार्थी व उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।

ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के महासचिव सुरेशचंद्र यादव, लालकृष्ण दुबे, झपसू गोड़, हरेंद्र कुमार, रमेश चंद्र यादव, छविनाथ यादव, अरुण कुमार सिंह सहित अन्य पत्रकार उपस्थित रहे।

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हजारीबाग: हजारीबाग शहर के सार्वजनिक स्थलों पर अड्डेबाजी करने और राहगीरों को परेशान करने वाले मनचलों के खिलाफ हजारीबाग पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) अमन कुमार के निर्देश पर जिले में चलाए गए विशेष 'नाइट डोमिनेशन' अभियान के तहत बीती रात 51 युवकों को हिरासत में लिया गया।

39 टीमों ने एक साथ बोला धावा

एसपी के निर्देश पर 6 और 7 मई की रात को पूरे जिले में एक साथ सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान के सफल संचालन के लिए 39 विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिसमें 176 पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। जिले के सभी डीएसपी और इंस्पेक्टरों ने खुद फील्ड में उतरकर इस कार्रवाई का नेतृत्व किया।

चिन्हित ठिकानों पर सख्त पहरा

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान जिले भर में कुल 119 ठिकानों पर छापेमारी की। ये वे जगहें थीं जहाँ अक्सर असामाजिक तत्वों के जुटने और महिलाओं व राहगीरों को परेशान करने की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने संदिग्ध रूप से घूम रहे और अड्डेबाजी कर रहे 51 युवकों को हिरासत में लेकर थाना पहुँचाया।

"जिले में कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। अड्डेबाजी और मनचलों के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।"
अमन कुमार, एसपी, हजारीबाग

हिदायत के बाद पीआर बॉन्ड पर रिहाई

थाना लाए गए सभी 51 युवकों की काउंसलिंग की गई और उन्हें भविष्य में ऐसी गतिविधियों में शामिल न होने की सख्त चेतावनी दी गई। इसके बाद सभी को पीआर बॉन्ड (PR Bond) भरवाकर छोड़ दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अगली बार पकड़े जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जनता से सहयोग की अपील

हजारीबाग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होता है या मनचलों द्वारा परेशानी पैदा की जाती है, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

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अहिल्यानगर, दि. ७ - राष्ट्रीय शिकाऊ मेळाव्याअंतर्गत कै. माणिकराव नरसिंगराव पाटील शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, बुरूडगाव रोड, अहिल्यानगर येथे ११ मे २०२६ रोजी सकाळी १०.३० ते सायंकाळी ५ या वेळेत शिकाऊ उमेदवारी भरती मेळाव्याचे आयोजन करण्यात आले आहे. शिकाऊ उमेदवारी मिळवू इच्छिणाऱ्या उमेदवारांनी या मेळाव्यास उपस्थित राहण्याचे आवाहन प्राचार्य के. ए. जहागीरदार यांनी केले आहे.

मेळाव्याच्या ठिकाणी उमेदवारांनी उपलब्ध करून देण्यात आलेल्या लिंक अथवा क्यू आर कोडद्वारे नोंदणी करावी. तसेच दहावी व आयटीआय उत्तीर्ण झाल्याची गुणपत्रके, शाळा सोडल्याचा दाखला, आधारकार्ड आदी मूळ कागदपत्रे व त्यांच्या छायांकित प्रतींसह मेळाव्यास उपस्थित राहावे, असेही कळविण्यात आले आहे.

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विद्यालय में अध्यापिका ने छात्रों से लिखने को कहा वे क्या बनना चाहते हैं, क्या नहीं. प्रत्युत्तर में एक छोटे बच्चे की दृष्टि में *सीनियर सिटीजन* बनने की इतनी आनंदमय परिकल्पना सचमुच मुस्कुराहट ला देती है।बच्चा कहता है
ना राष्ट्रपति बनना, ना डॉक्टर,
ना वैज्ञानिक, इनमें से कुछ भी नहीं।
मेरी सबसे बड़ी आकांक्षा है कि मैं भविष्य में *सीनियर सिटीजन* बनूँ यही सबसे मज़ेदार है। क्योंकि मेरे *दादा जी*
सुबह देर से उठ सकते हैं, दोपहर में झपकी ले सकते हैं, टीवी देख सकते हैं और शाम को जल्दी सो सकते हैं।
कोई होमवर्क नहीं, ना गर्मीसर्दी की छुट्टियों का होमवर्क, ना ट्यूशन।
अगर कोई काम न हो तो पेड़ के नीचे बैठकर ठंडी हवा का मज़ा ले सकते हैं,
या पार्क में जाकर किसी के साथ शतरंज खेल सकते हैं। कितनी भी देर वीडियो गेम खेलें, कोई परवाह नहीं करता।
सुबह कॉफी, दोपहर में चाय, शाम को दूध- मजा ही मज़ा। बस में मुफ्त यात्रा,
और कोई अच्छा इंसान मिले तो वह सीट भी दे देता है। हाईस्पीड ट्रेन में या फ़िल्म देखते समय आधा टिकट। जो चाहो खाओ, कोई रोकने वाला नहीं क्योंकि दादा जी अकेले रहते है जो मन चाहे वो करो, गाना गाओ, नाचो, चित्र बनाओ, पियानो बजाओ, ट्रम्पेट बजाओ, पहाड़ चढ़ो, ट्रैकिंग पर जाओ। जेब में पैसा हो तो घूमने भी जा सकते हैं। *सीनियर सिटीजन* बनना सच में धमाकेदार है!
प्रेरणा *सीनियर सिटीजन* को खुद ही नहीं पता कि वे कितने सुखी हैं!

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NEW DELHI, May 8, 2026 In a major push toward sustainable agriculture, the Department of Agriculture and Farmers Welfare (DA&FW) has officially launched its newest organic initiative: Vermi Wash. Positioned as a "Natural Way to Feed Your Farm," this bio-liquid fertilizer is designed to reduce dependence on chemical inputs while significantly improving crop yields and soil resilience.
What is Vermi Wash?
Vermi Wash is a nutrient-rich liquid extract collected from vermicompost units. It contains a potent blend of amino acids, vitamins, enzymes, and growth hormones (like cytokinins and auxins), along with beneficial microorganisms. Unlike solid fertilizers, Vermi Wash acts as both a plant tonic and a mild biopesticide, helping crops resist pests and diseases like wheat rust and various fungal infections.
How to Use Vermi Wash: Quick Guide for Farmers
To ensure maximum efficacy, the Department has released specific application guidelines:
Precise Dilution: Mix 100 ml of Vermi Wash per 1 litre of water. Using the correct ratio ensures the plants receive a balanced concentration of nutrients without risk of burn.
Flexible Application: It can be applied as a foliar spray directly onto leaves for rapid absorption or integrated into drip irrigation systems to reach the root zone efficiently.
Optimal Timing: For best results, apply during the early morning or late evening. This avoids rapid evaporation and ensures the plant's stomata are open for nutrient uptake.
Consistency: A frequency of once every 1015 days is recommended to maintain steady growth and soil health.
Digital Integration: BharatVistaar and AI Support
The launch is backed by the governments recently deployed BharatVistaar platforman AI-powered "Digital Public Infrastructure" for farmers.
Scan to Buy: The product features a QR code on the packaging, allowing farmers to purchase refills or related organic inputs instantly via their smartphones.
AI Assistance: Farmers can download the BharatVistaar App or call the AI-powered helpline at 155261 for real-time, voice-based advice in multiple local languages.
Kisan Call Center (KCC): For direct human expertise, the toll-free number 1800-180-1551 remains active from 6:00 AM to 10:00 PM, connecting farmers with agricultural scientists and specialists.
A Greener Future
"Vermi Wash is not just a fertilizer; it is a step toward restoring the natural equilibrium of our soil," said a senior official from the Ministry. By providing a cost-effective, eco-friendly alternative to synthetic chemicals, the initiative aims to increase the profitability of small-scale farmers while ensuring safer, organic produce for consumers nationwide.
Farmers are encouraged to transition to these organic methods to take advantage of the long-term benefits of soil carbon sequestration and climate-resilient farming.

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मंडला संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री Faggan Singh Kulaste की पुत्री ज्योति कुलस्ते के विवाह समारोह का आयोजन गुरुवार को निवास क्षेत्र के खिन्हा-जेवरा में संपन्न हुआ। समारोह में Dr. Mohan Yadav एवं Vishnu Deo Sai विशेष रूप से शामिल हुए।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन की कैबिनेट मंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की मंत्री Sampatiya Uikey, राज्य मंत्री नगरीय विकास एवं आवास Pratima Bagri, छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं सहकारिता मंत्री Kedar Kashyap तथा केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री Tokhan Sahu सहित अनेक जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने ज्योति कुलस्ते को स्मृति स्वरूप उपहार भेंट कर उन्हें जीवन के नए अध्याय, सुखद एवं समृद्ध जीवन की शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने कुलस्ते परिवार के सदस्यों से आत्मीय भेंट कर शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।
वहीं उपस्थित सभी अतिथियों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देते हुए सुखद एवं सफल वैवाहिक जीवन की कामना की। समारोह को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला तथा प्रशासन द्वारा सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए।

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नाशिकमधील TCS कंपनीतील लैंगिक छळ आणि धार्मिक अपमान प्रकरणी फरार महिला आरोपी पोलिसांच्या ताब्यात

नाशिकच्या टीसीएस प्रकरणातील महिला आरोपी निदा खान हिला छत्रपती संभाजी नगरच्या नेरगावमधून ताब्यात घेण्यात आले आहे. ती 25 मार्चपासून फरार होती.

आरोपी निदाने अटकपूर्व जामिनासाठीही प्रयत्न केले, मात्र न्यायालयाने तिचा अटकपूर्व जामीन 2 मे 2026 रोजी फेटाळला होता. त्यानंतर नाशिक पोलीस निदा खानच्या मागावर होते.

छत्रपती संभाजीनगर पोलीस आणि नाशिक गुन्हे शाखेकडून संयुक्त कारवाई करत टीसीएस प्रकरणातील आरोपी निदाला ताब्यात घेण्यात आले. रात्री 11:30 वाजताच्या सुमारास तिची आरोग्य तपासणी करून संभाजीनगर येथील कोर्टात नेण्यात आले.

छत्रपती संभाजीनगरमधील नारेगाव कैसर कॉलनीमध्ये एका फ्लॅटमध्ये निदा खान राहत होती. तिच्यासह तिचे 4 नातेवाईक येथे होते. आज (8 मे) नाशिक कोर्टात निदा खानला हजर करण्यात येईल.

नाशिक पोलीस आयुक्त संदीप कर्णिक यांनी बीबीसी मराठीशी बोलताना सांगितलं की, "छत्रपती संभाजीनगर शहर पोलिसांसोबत केलेल्या संयुक्त कारवाईमध्ये निदा खानला छ. संभाजीनगरमधून अटक करण्यात आली आहे."

दरम्यान, नाशिकमधील टीसीएस (टाटा कन्सल्टन्सी सर्विसेस) कंपनीत महिला कर्मचाऱ्यांना धमकावून त्यांचं लैंगिक शोषण आणि मानसिक छळ केल्याचे आरोप याच कंपनीतील 8 महिलांनी केले आहेत.

या प्रकरणामध्ये आतापर्यंत 9 एफआयआर दाखल करण्यात आल्या आहेत. पीडित महिलांनी या एफआयआरमध्ये अत्यंत गंभीर आरोप केले आहेत.

या कंपनीत काम करणारे कर्मचारी, एचआर विभागातील कर्मचारी आणि डिलिव्हरी पार्टनर अशा आरोपींच्या विरोधात विविध कलमान्वये गुन्हे दाखल करण्यात आले आहेत.

बळजबरी, लैंगिक शोषण, लग्नाचे आमीष दाखवून फसवणूक, धार्मिक भावना दुखावणे अशा प्रकारचे अनेक आरोप पीडित महिलांनी केले आहेत.

या प्रकरणात आतापर्यंत दोन महिलांसह एकूण 8 जणांवर कारवाई करण्यात अटक करण्यात आली आहे.

कंपनीतील ज्या कर्मचाऱ्यांना अटक करण्यात आली आहे, त्यांचं कंपनीनं निलंबन केलं गेलंय. तसंच, एका निवेदनाद्वारे कंपनीनं स्पष्टीकरण देत तपासात सहकार्य करत असल्याचं सांगितलंय.

तर डिलिव्हरी पार्टनर असलेल्या आरोपी महिलेच्या वकिलांनीही आरोप फेटाळून लावले आहेत.

या प्रकरणातील काही आरोपींचे न्यायालयात प्रतिनिधित्व करणाऱ्या वकीलांनी (15 एप्रिल रोजी) आरोपींची बाजू बीबीसी मराठीला मांडली आहे. त्यात त्यांनी धर्माच्या बाबतीत संबंध असल्याचा मुद्दा फेटाळून लावला आहे. त्यांची सविस्तर मुलाखत याच बातमीत तुम्हाला वाचता येईल.

या प्रकरणी सर्वात पहिला गुन्हा दाखल झाला, त्यावेळी एफआयआरमध्ये पीडित महिलेनं अनेक गंभीर आरोप केले आहेत.

*एका आरोपीच्या पत्नीने फेटाळले आरोप*

या प्रकरणातील एका आरोपीच्या पत्नीनं ओळख जाहीर न करण्याच्या अटीवर 16 एप्रिलला त्यांची बाजू मांडली.

त्या म्हणाल्या, "जे आरोप माझ्या पतीवर लावण्यात आले आहेत, याबाबतची जी FIR दाखल करण्यात आलीय, त्यात कुठेही धर्मांतराचा आरोप करण्यात आलेला नाहीये. ते एकमेकांसोबत थट्टा-मस्करी करायचे, गप्पा करायचे, असं त्यात म्हटलंय. पण माध्यमांनी ज्याप्रकारे धर्मांतरच्या रॅकेटविषयी म्हटलंय, तसे कोणतेही आरोपी FIR मध्ये नाहीत, हे सगळे आरोप खोटे आहेत."

रिसॉर्टवरून होणारे आरोपही खोटे असल्याचं त्यांनी म्हटलं आहे. महिलांना अयोग्यरीत्या स्पर्श केल्याचे आरोप खोटे असल्याचा दावा त्यांनी केला आहे. तसंच, अयोग्यररीत्या स्पर्श केला जात असेल तर इतके दिवस या मुली कंपनीत काम कशा करत होत्या, असा सवाल त्यांनी उपस्थित केला आहे.

तसंच, चार वर्षांपासून मुलींसोबत असं घडत होतं तर इतके दिवस त्या का नाही बोलल्या, असा सवालही त्यांनी केला आहे.

त्यांनी टीसीएस कंपनीवर देखील सवाल उपस्थित केले आहेत. "इतकं सगळं होऊनही टीसीएस कंपनी कुठे आहे? त्यांची लीगल टीम कुठे आहे."

"आमचा संविधानावर विश्वास आहे, आम्हाला न्याय मिळेल, आम्ही त्यासाठी पोलिसांना पूर्ण सहकार्य करतोय," असंही आरोपीच्या पत्नीने म्हटलंय.

त्या पुढे म्हणाल्या की, "इथं दोन प्रकरणं एकत्र करण्याचा प्रयत्न केला जातोय. कंपनीतील एका पुरुष कर्मचाऱ्याचं महिला कर्मचाऱ्यासोबत 4 वर्षांपासून अफेअर सुरू होतं. हे सर्व कॅम्पसला माहिती होतं. TCS मध्ये हे सगळ्यांना माहिती होतं. ते दोघेही प्रौढ होते. याचा अर्थ असा नाही की, जे काही झालं त्या गुन्ह्यांमध्ये त्यांच्याशी ज्यांची ओळख आहे, ती व्यक्तीही यात सहभागी आहे. दोघेही प्रौढ होते. ही त्यांची वैयक्तिक गोष्ट आहे. पण या दोघांचं ब्रेकअप झालं किंवा त्यांचं नातं पुढे गेलं नाही. त्या कारणामुळे माझे पती आणि त्यांच्यासोबतच्या लोकांना यात ओढलं गेलंय. हिंदू-मुस्लीमचं प्रकरण तयार करण्यात आलंय. आणि त्यालाच पुढे ताणलं जात आहे."

दरम्यान, टीसीएस कंपनीने या प्रकाराबाबत आपली बाजू निवेदनाद्वारे याआधीच मांडली आहे.

**नाशिकचे पोलीस आयुक्त संदीप कर्णिक काय म्हणाले?*

*15 एप्रिल**

नाशिकचे पोलीस आयुक्त संदीप कर्णिक म्हणाले, "नाशिक शहर पोलिसांकडे 9 गंभीर गुन्हे दाखल झालेले आहेत. त्यामध्ये धर्मांतराचा प्रयत्न, धार्मिक भावना दुखावणं, कार्यालयाच्या ठिकाणी लैंगिक अत्याचार यासदराखाली गुन्हे दाखल आहेत. यामध्ये एका पुरुष तक्रारदारानं धार्मिक भावना दुखावणं आणि धर्मांतरणाचा प्रयत्न या सदराखाली गुन्हा दाखल केलेला आहे."

"एका महिला पीडितेनं नोकरी लावून देतो आणि लग्नाचं आमिष दाखवून बलात्कार, तसंच धर्मांतराचा प्रयत्न आणि धार्मिक भावना दुखावणं तसंच ॲट्रोसिटी ॲक्टअंतर्गत गुन्हा दाखल केलेला आहे. इतर गुन्ह्यांमध्ये 4 महिलांनी सेक्शुअल हॅरेसमेंट ॲट वर्कप्लेस या सदराखाली गुन्हे दाखल केलेले आहेत. तर 3 महिलांनी रिलीजियस हॅरेसमेंट म्हणजे धार्मिक भावना दुखावणे आणि लैंगिक अत्याचार म्हणजे सेक्शुअल हॅरेमेंट ॲट वर्कप्लेस या सदराखाली गुन्हे दाखल केलेले आहेत."

"या प्रकरणांमध्ये 9 आरोपी आहेत. या 9 आरोपींमध्ये 2 महिला आरोपी आणि 7 पुरुष आरोपी आहेत. जे 7 पुरुष आरोपी आहेत, ते सर्वच गुन्ह्यांमध्ये एकमेकांबरोबर सह-आरोपी आहेत. त्यामुळे या कार्यालयामध्ये यांचा एक संघटित ग्रुप झाल्याचं आपल्याला दिसून येतं. त्याचबरोबर ज्या 2 महिला आरोपी आहेत. त्यापैकी एका महिलेवर धार्मिक भावना दुखावल्याचा गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे."

"त्याचबरोबर त्यांची ऑपरेशन्स आणि एचआर पाहणारी जी मॅनेजर आहे, अश्विनी चेनानी हिच्यावरदेखील एका गुन्ह्यात आरोप आहेत की ज्यावेळेस या पीडित महिला तिच्याकडे गेल्या होत्या, त्यावेळेस तिनं पीडित महिलेला न्याय न देता या आरोपींना पाठीशी घातलं."

कर्णिक पुढे म्हणाले "यांना बाहेरच्या किंवा कुठल्या कट्टरतावादी संघटना पाठिंबा देत होत्या का किंवा प्रवृत्त करत होत्या का, यासंदर्भात नाशिक पोलीस तपास करत आहेत. त्याचबरोबर यांना बाहेरून कुठून फंडिंग आलेलं होतं. किंवा जसं मीडियामध्ये काही ठिकाणी बोललं गेलेलं आहे की यांचे काही इंटरनॅशनल लिंक्स आहेत का, या सर्व बाबतीत पोलीस यंत्रणा तपास करते आहे."

"एसआयडी, एटीएस आणि एनआयए या एजन्सींना पत्रव्यवहार करण्यात आलेला आहे. ज्यावेळेस तपास यंत्रणांसमोर काही ठोस पुरावे येतील, त्यावेळेस त्यासंदर्भात त्यांच्यावर कारवाई करण्यात येईल."

"या 9 प्रकरणांसंदर्भात जी पहिली तक्रार एका पीडितेकडून आली होती, तेव्हा ती पीडिता खूप घाबरलेली होती. ती तक्रार देण्याच्या मन:स्थितीत नव्हती. पोलिसांनी तिचं कौन्सलिंग केलेलं आहे. तिला धीर दिला. त्यानंतर तिनं तक्रार दाखल केली. मग तिनं आणि तिच्या ऑफिसमधील काहीजणांनी सांगितलं की, असे आणखीही काही तक्रार मिळू शकतात."

"विशेषकरून बऱ्याच महिलांना यासंदर्भात त्रास झालेला आहे. त्यावेळेस आमचे नाशिक पोलीसच्या ज्या महिला अधिकारी प्लेन क्लोथमध्ये त्या कार्यालयात गेल्या होत्या. त्यांनी तिथल्या सर्व महिलांना भेटून धीर देणं, कौन्सलिंग करणं आणि त्यांची काही तक्रार असेल तर पोलीस कारवाई करतील, काळजी करू नका, अशाप्रकारे त्यांना धीर दिला. त्यांचं मनोबल वाढवलं. त्यानंतर या तक्रारी दाखल झाल्या आहेत."

"या पहिल्या तक्रारीमध्ये जी पीडिता आहे, तिला जो आरोपी आहे तो तिला एका रिसॉर्टमध्ये घेऊन गेल्याचं सांगितलं होतं. तर त्यासंदर्भातील पुरावे जप्त करण्यात आले आहेत. त्या रिसॉर्टचं एन्ट्री रजिस्टर किंवा त्यांनी दिलेली कागदपत्रं, त्याचबरोबर त्यांनी जे ऑनलाईन पेमेंट्स केले आहेत, यासंदर्भातील पुरावे जप्त करण्यात आले आहेत. तपास यंत्रणा याबाबतीत पुढील तपास करत आहेत," असं कर्णिक यांनी सांगितलं.

*पीडितेने FIR मध्ये काय सांगितलं होतं?*

तक्रार दाखल केलेली महिला 2023 पासून नाशिकमधील टीसीएस कंपनीत असोसिएट या पदावर कार्यरत आहे.

एफआयआरनुसार, 2022 मध्ये त्यांची एका आरोपीशी भेट झाली होती. आरोपी त्यांचा मित्रच होता. ते एकाच महाविद्यालयात शिकलेले होते. मैत्री असल्यानं ते भेटू लागले. आरोपीनं महिलेला तो काम करत असलेल्या कंपनीत नोकरी लावून द्यायचं आश्वासन दिलं होतं.

दरम्यान, जुलै 2022 मध्ये या आरोपीनं एकदा महिलेकडं शारिरीक सबंध ठेवण्याची मागणी करत तिच्यावर बळजबरीही केली होती. महिलेनं विरोध केल्यानंतर त्यानं तिच्याशी लग्न करण्याची इच्छा व्यक्त केली. महिलेनं विचार करून सांगते असं म्हटलं.

पुढे अनेकदा आरोपी महिलेला कॉलेज संपल्यानंतर भेटायला बोलवायचा. आरोपीनं महिलेला बीसीएची पदवी पूर्ण झाल्यानंतर या कंपनीत नोकरीसाठी मुलाखतीस जाण्यास सांगितलं आणि तिची असोसिएट पदावर निवड झाली. एकाच कंपनीत असल्यानं त्यांचं तिथंही नेहमी भेटणं बोलणं व्हायचं.

याच कंपनीत आरोपीच्या ओळखीचा आणखी एक पुरुष आणि एक महिला यांच्याशी महिलेची ओळख झाली. हे चौघं अनेकदा सोबत असायचे. कॅन्टीनमध्ये किंवा फिरायला ते सोबत जायचे. पण या दरम्यान आरोपीसह ते दोघं असे तिघे मिळून महिलेला तुझा धर्म कसा वाईट आणि आमचा कसा चांगला असं सांगत असायचे. महिलेला तिच्या धर्माबाबतही अनेक वाईट गोष्टी बोलायचे.

ऑगस्ट 2024 मध्ये एकदा आरोपी या महिलेला एका रिसॉर्टवर घेऊन गेला आणि त्याठिकाणी शारीरिक संबंधांसाठी बळजबरी केली. त्यानंतर त्याचा कंपनीतील मित्र महिलेच्या घरी गेला आणि दोघांच्या नात्याबाबत कुटुंबाला सांगण्याची धमकी देत त्यानंही महिलेकडं शारीरिक सबंधाची मागणी केली.

नंतर तो महिलेसोबत ऑफिसमध्ये अनेकदा लैंगिक चाळे करू लागला. दोन्ही मित्र मिळून महिलेला तिचा धर्म वाईट असल्यानं तिनं त्यांचा धर्म स्वीकारावा असं सांगू लागले. त्याचे फायदे सांगण्याचा प्रयत्न ते करत होते. हे सर्व सुरू असलताना महिलेशी जवळीक साधण्याचा त्यांचा प्रयत्न सुरू असायचा.

नंतर फेब्रुवारी 2026 मध्ये एका महिलेचा पीडितेला फोन आला. ती महिला आरोपीची पत्नी असून त्यांना दोन मुलं असल्याचंही तिला समजलं. त्यावर महिलेनं आरोपीला "पहिली पत्नी असताना माझी फसवणूक का केली?" अशी विचारणा केली. त्यावर आरोपीनं उडवाउडवीची उत्तरं दिली. शिवाय "तुझ्याबरोबर लग्न करण्यात कधीच रस नव्हता", असंही म्हणाला.

अशाप्रकारे आरोपी त्याचा एक मित्र आणि आणखी एक महिला यांनी पीडितेच्या धार्मिक भावना दुखावल्या.

तसंच, आरोपीनं पहिलं लग्न झालेले असताना खोटे बोलून, लग्नाचं वचन देऊन तिच्याशी शारीरिक संबंध ठेवले. शिवाय, वारंवार लैंगिक छळही केला, अशा प्रकारची माहिती पीडितेनं पोलिसांना तक्रारीत दिली आहे.

*नऊ FIR मध्ये अनेक आरोप*

या महिलेनं दिलेल्या तक्रारीसह या प्रकरणात एकापाठोपाठ एक असे नऊ FIR दाखल करण्यात आले आहेत. या FIR मध्येही अनेक आरोप आहेत.

एफआयआर - 01 : जुलै 2022 ते फेब्रुवारी 2026 या काळात वडाळा रोडवरील या कंपनीत तीन आरोपींनी एका महिला कर्मचाऱ्याच्या धार्मिक भावना दुखावल्याचा आरोप आहे. महिलेला धमकावून तिच्यासोबत शारीरिक संबंध ठेवले तसंच ऑफिसच्या लॉबीमध्ये तिच्यासोबत छेडछाड केली, असेही आरोप आहेत.

एफआयआर - 02 : मे 2023 ते 19 मार्च 2026 या काळात आणखी दोन आरोपींविरोधात त्याच महिलेची छेड काढल्याचा आरोप आहे. या प्रकरणाची तिने कंपनीच्या एचआर विभागात तोंडी तक्रार केली. मात्र, एचआरमधील अधिकाऱ्यांनीही त्या दोघांच्या वर्तनाला प्रोत्साहन दिले.

एफआयआर - 03 : 2022 ते फेब्रुवारी 2026 या काळात आणखी एका आरोपीने एका मीटिंगमध्ये त्या महिलेला पाहिलं आणि तिच्या वैयक्तिक व वैवाहिक आयुष्याबद्दल, विशेषतः तिला मूल नसल्याबद्दल, अपमानास्पदरित्या कमेंट केली. तसेच, त्याने तिच्याशी जवळीक साधण्याचा प्रयत्न केला.

एफआयआर - 04 : मे ते डिसेंबर 2025 या काळात पुन्हा एका आरोपीने महिलेला तिच्या वैयक्तिक आयुष्याबद्दल लाजिरवाणे प्रश्न विचारले आणि तिच्या शरीराकडे पाहून, खासगी भागांकडे इशारा केला. तसेच धर्माबद्दल बोलून इतर महिलांच्या धार्मिक भावना दुखावल्या.

एफआयआर - 05 : 2022 ते 23 मार्च 2026 या काळात संशयित आरोपींनी तरुणाला त्याच्या धर्मातील देवाबद्दल अपशब्द वापरले आणि त्याला एका विशिष्ट धर्माचे धार्मिक विधी जबरदस्तीने करण्यास भाग पाडले. त्याला बळजबरी मांसाहार खाऊ घातला आणि त्याचा धर्म बदलण्याचा प्रयत्न केला. तसेच त्यांनी त्याच्या धर्मातील महिलांबद्दलही अपशब्द वापरले.

एफआयआर - 06 : फेब्रुवारी 2024 ते 2026 या काळात संशयित आरोपींनी त्या महिलेच्या शरीराबद्दल अपमानास्पद आणि अश्लील भाष्य केले. त्यांनी जाणूनबुजून तिच्या शरीराला आणि पायांना स्पर्श करून तिची छेड काढली.

एफआयआर - 07 : जून 2025 ते मार्च 2026 या काळात पाच संशयित आरोपींनी महिलेचा पाठलाग करुन तिच्याबद्दल अश्लील भाष्य केले. कामाच्या ठिकाणी त्यांनी तिच्या शरीराला अयोग्य पद्धतीने स्पर्श केला आणि तिच्या धार्मिक भावना दुखावल्याचा आरोप करण्यात आला आहे.

एफआयआर - 08 : जानेवारी 2025 ते एप्रिल 2026 या काळात आरोपींनी महिलेला तिच्या वैयक्तिक आयुष्याबद्दल प्रश्न विचारले आणि प्रेमाची मागणी केली. तसेच त्यांनी वारंवार अश्लील भाषा वापरून तिच्याबरोबर शारीरिक संबंध ठेवण्यासाठी दबाव आणण्याचा प्रयत्न केला, असेही आरोप आहेत.

एफआयआर - 09 : जानेवारी ते 1 एप्रिल 2026 या काळात दोन आरोपींनी कामाच्या ठिकाणी त्या महिलेसोबत अपशब्द वापरले आणि तिच्याशी गैरवर्तन केले. तसेच त्यांनी तिच्या शरीराबद्दल अपमानास्पद आणि अश्लील कमेंट केल्याचा आरोप आहे.

*डिलिव्हरी पार्टनर आणि ईमेल*

दरम्यान, या प्रकरणात कंपनीची डिलिव्हरी पार्टनर (प्रॉडक्ट ग्रोथ) असलेली महिलादेखील संशयित आहेत. या महिलेच्या पोलीस कोठडीत नाशिक न्यायालयाने 15 एप्रिलपर्यंत वाढ केली आहे.

पोलीस या दिशेनं तपास करताना काही गोष्टी समोर आल्या आहेत.

कंपनीच्या सर्व्हरवरून या महिलेला 78 ईमेल पाठवले होते. त्याचा तपास करण्यात येत आहे. या संपूर्ण प्रकरणाशी त्याचा संबंध आहे का? हे तपासलं जात आहे. डिलिव्हरी पार्टनर असलेली ही महिला सातत्यानं आरोपींच्या संपर्कात असल्याचाही आरोप आहे.

पीडितेनं केलेल्या तक्रारीत तिला मदत करण्याऐवजी या महिलेनं तिचा आवाज दाबल्याचा आरोप सरकारी वकिलांनी केला आहे.

दरम्यान, याबाबत डिलिव्हरी पार्टनर असलेल्या या महिलेच्या वकिलांनी आरोप फेटाळले आहेत.

"आमची अशील एचआर नसून त्या फरारही नव्हत्या," असं वकिलांनी सांगितलं आहे.

त्या एचआर नव्हत्या. तर त्या 2026 मध्ये कंपनीत POSH च्या समितीत आल्या होत्या.

कामाच्या ठिकाणी महिलांचा छळ होऊ नये, यासाठी ही समिती काम करत असते.

"त्यांनी 31 तारखेला नाशिकमध्ये येऊन जबाब दिला होता. त्यावेळी कंपनीत एचआर आणि नाशिक कंपनीचे व्यवस्थापकही होते. आमच्या अशील फरार नव्हत्या, तरीही त्यांना अटक करण्यात आली आहे. तपासात आम्ही सहकार्य करत असून ईमेलचा ॲक्सेस दिला असून त्याआधीच 78 ईमेल पोलिसांना भेटले आहेत," असंही त्यांच्या वकिलांनी सांगितलं.

*टीसीएस कंपनीचे निवेदन*

या प्रकरणानंतर टीसीएस कंपनीने निवेदन जारी केलं आहे.

या निवेदनात संबंधित कंपनीच्या प्रवक्त्यांनी म्हटलं की, "आमच्या कंपनीत कोणत्याही प्रकारच्या छळवणूक आणि जुलूमाविरुद्ध दीर्घकालीन शून्य-सहनशीलता धोरण आहे. आम्ही नेहमीच आमच्या कर्मचाऱ्यांच्या कार्यस्थळी सुरक्षितता, सन्मान आणि कल्याणाच्या सर्वोच्च मानकांची खात्री केली आहे."

प्रकरणात असे आरोप नाहीत.

प्रश्न - या प्रकरणात नेमकी कोणकोणते कलम लावण्यात आले आहेत?

उत्तर - यात मुख्यत्वे, भारतीय न्याय संहितेचं कलम 74, 75, 79, 299, 302 आणि सह कलम 34 लावण्यात आलं आहे.

महिलेंची छेडछाड, धार्मिक भावना दुखावणं यासंदर्भातील ही कलमं आहेत.

प्रश्न - या प्रकरणातील सर्व सहा मुख्य आरोपींना न्यायालयीन कोठडी (एमसीआर) देण्यात आलेली आहे. यापैकी कोणासाठी जामिनासाठी अर्ज केला जाणार आहे का, पुढची पावलं काय असणार आहेत?

उत्तर - एकूण 8 ते 9 सीआर दाखल आहेत. त्यापैकी दोन सीआरमध्ये न्यायालयीन कोठडीत आहेत. त्या दोन्ही सीआरमध्ये आम्ही जामिनासाठीचे अर्ज आम्ही आज दाखल करत आहोत. तसंच उरलेल्या गुन्ह्यांमध्येसुद्धा जर पोलीस त्यांना लवकर ताब्यात घेणार नसतील तर आम्ही त्यांच्या अटकपूर्व जामिनासाठीचे अर्ज दाखल करणार आहोत.
*Devashish Govind Tokekar*
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नौगांव बस स्टैंड स्थित पुरानी पुलिस चौकी में प्रधान आरक्षक ने लगाई फांसी, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

छतरपुर ! जिले के नौगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत मुख्य बस स्टैंड स्थित पुरानी पुलिस चौकी में शुक्रवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब पुरानी पुलिस चौकी के अंदर ही एक प्रधान आरक्षक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान तरुण गंधारक सागर निवासी के रूप में हुई है, जो नौगांव थाने में प्रधान आरक्षक पद पर पदस्थ था। उसकी उम्र करीब 35 से 38 वर्ष बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, एसडीओपी अमित मेश्राम, थाना प्रभारी संजय राय सहित एफ एस एल की टीम पहुंच गई हैं और जांच शुरू कर दी गई। एसडीओपी ने प्रारंभिक जानकारी में बताया कि मानसिक तनाव के चलते प्रधान आरक्षक ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। इलाके में घटना के बाद हड़कंप की स्थिति बनी हुई है

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राजस्थान में भाजपा ने किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ने के लिए 'समृद्ध किसान, खुशहाल राजस्थान' अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में मनोहरथाना क्षेत्र में एक विशेष प्रचार वाहन (रथ) निकाला गया है, जो किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दे रहा है। यह रथ कामखेड़ा, सरेडी और बडबद ग्राम पंचायतों में पहुंचा है।प्रचार वाहन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के चित्र लगे हैं। इस पर फसल उत्पादन, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), बीमा योजना और अन्य किसान हितैषी योजनाओं से संबंधित संदेश और उपलब्धियां प्रमुखता से दर्शाई गई है विकास अधिकारी कैलाश मीणा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य गांव-गांव पहुंचकर किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर उन्हें अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।स्थानीय कार्यकर्ताओं के अनुसार, प्रचार के दौरान किसानों को यह बताया जा रहा है कि वे विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय कैसे बढ़ा सकते हैं और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर कैसे बन सकते हैं।इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष राम प्रसाद लोधा, लालचंद लोधा और प्यारेलाल तंवर सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।Aimamediajhalawar

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[05/05, 4:59pm] महेन्द्र कुमार राजवंशी न्याय पंचायत बोहरा अध्यक्ष ब्लॉक सकरन भीम आर्मी भारत एकता मिशन आवश्यक सूचना
सभी सम्मानित साथियों को क्रांतिकारी जय भीम जय भारत जय संविधान साथियों जिस किसी के भी गांव में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आपके गांव में पुराने वोटर काट दिए गए हैं और नऐ वोटर नहीं जोडे गए हैं तो कृपया हमें इस ग्रुप के माध्यम से अवगत करायें हम एक प्रार्थना पत्र डीएम के नाम भेजना चाहते हैं जिसमें हमें सही-सही यह जानकारी मिल सके किस-किस गांव की एस आई आर में नए वोटर नहीं जोड़े गए
[05/05, 4:59pm] महेन्द्र कुमार राजवंशी न्याय पंचायत बोहरा अध्यक्ष ब्लॉक सकरन: साथियों सभी भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं से निवेदन है अपनी-अपनी ग्राम सभा में बेलों के द्वारा पता करें कि उनके गांव में जो एस आई आर हुआ है उसमें जो नए वोटर जोड़ने थे जैसे कि जो नई बहु शादी करके गांव में आई हैं या जो बच्चे 18 साल की आयु के ऊपर के हो गए हैं उनके नाम एस आई आर में जोड़े गए हैं या नहीं जोड़े गए हैं इस बात की जानकारी करके कृपया ग्रुप के माध्यम से हमें बताएं और अपनी ग्राम पंचायत का नाम जरूर लिखें
[05/05, 4:59pm] : महेन्द्र कुमार राजवंशी न्याय पंचायत बोहरा अध्यक्ष ब्लॉक सकरन भीम आर्मी भारत एकता मिशन साथियों कुछ जानकारी एकत्रित हुई है जिससे पता चला है कि पुराने वोटर तो एस आई आर से काट दिए गए हैं मगर नए वोटरों को जोड़ने के लिए बेलो आनाकानी कर रहे हैं जो की वेबसाइट के न चलने का बहाना बता रहे हैं

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रायपुर: राजधानी रायपुर के चतुर्थ फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (POCSO) ने परिवादिनी सुनीता पांडेय की याचिका पर छह पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई अधिवक्ता आशीष कुमार मिश्रा द्वारा दायर याचिका के आधार पर हुई है, जिसमें पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों पर विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

अदालत ने भारतीय न्याय संहिता 2023, POCSO एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को देखते हुए, उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर देने के लिए नोटिस जारी किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गिरीश कुमार मंडावी ने 2 मई 2026 को यह आदेश दिया था। अगली सुनवाई 14 मई 2026 को निर्धारित की गई है, जिसमें इस मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।

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किशनगंज | आगामी 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले ब्लॉक क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 50 दिवसीय विशेष काउंटडाउन योगाभ्यास कराया जा रहा है।ब्लॉक योग नोडल अधिकारी आयुष चिकित्सक डॉ. हेमंत कुमार पांचाल ने बताया कि सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में यह अभ्यास चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य योग दिवस को एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रखना है। आयुष विभाग के जरिए जन भागीदारी से आमजन को कम से कम 50 दिन के काउंटडाउन कार्यक्रम के माध्यम से रोजमर्रा की दिनचर्या में योग का महत्व समझाया जा रहा है। इसी क्रम में आयुष्मान आरोग्य मंदिर रामगढ़, जलवाड़ा, दुर्जनपुरा, गरड़ा, नाहरगढ़, खंडेला, सीगरी, सिमलोद में प्रतिदिन सुबह योग सत्र आयोजित हो रहे हैं। प्रशिक्षित महिला व पुरुष योग सूक्ष्म योग, लघु योग, प्राणायाम करवा रहे हैं। योग से होने वाले फायदे भी बता रहे हैं। डॉ. हेमंत कुमार पांचाल ने लोगों से 50 दिवसीय योग काउंटडाउन कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुड़ने की बात कही है।aimamediajhalawar

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कटनी: मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत हरिद्वार-ऋषिकेश यात्रा की आवेदन तिथि और यात्रा तिथि में संशोधन किया गया है। अब कटनी जिले के वरिष्ठ नागरिक 25 जून तक आवेदन कर सकते हैं जबकि पूर्व में यह तिथि 3 मई थी। यात्रा 3 जुलाई से 6 जुलाई तक आयोजित की जाएगी, जो पहले 11 मई से 14 मई तक निर्धारित थी।

यात्रा के लिए दमोह से शुरू होकर कटनी और सतना होते हुए हरिद्वार तक विशेष ट्रेन चलेगी और इसी मार्ग से वापस लौटेगी। कटनी जिले को कुल 262 सीटें आवंटित की गई हैं। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने विभिन्न स्तरों पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं जो यात्रियों को संशोधित तिथियों की व्यक्तिगत जानकारी फोन द्वारा देंगे और यात्रा की तैयारियां सुनिश्चित करेंगे। आवेदन के लिए पात्रता आयु 60 वर्ष या अधिक है, महिलाओं को दो वर्ष की छूट है, तथा 65 वर्ष से अधिक आयु के आवेदक एक सहायक के साथ यात्रा कर सकते हैं। आवेदन के साथ पहचान पत्र अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए विभाग की वेबसाइट www.dharmasva.mp.gov.in पर संपर्क किया जा सकता है।

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ਰਈਆ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ : ਮਾਤਾ ਬਲਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਨੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਨੂੰ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਵਾਂਗ ਖੜ੍ਹ ਕੇ ਸਵਾਲ ਕੀਤੇ। ਇਹ ਘਟਨਾ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਤੇ ਖਾਸ ਤੌਰ ਤੇ ਅੰਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਸਿੰਘ ਦੇ ਸਮਰਥਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵਿਆਪਕ ਤੌਰ ਤੇ ਸਾਂਝੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਬਲਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਨੇ ਮੁੱਖ ਤੌਰ 'ਤੇ ਬੰਦੀ ਸਿੰਘਾਂ ਦੀ ਰਿਹਾਈ ਦੇ ਵਾਅਦੇ, ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤੀ ਮੁਹਿੰਮ ਅਤੇ ਅੰਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਸਿੰਘ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਬਾਰੇ ਸਵਾਲ ਉਠਾਏ।

ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਨੇ ਚੋਣਾਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਬੰਦੀ ਸਿੰਘਾਂ ਦੀ ਰਿਹਾਈ ਨੂੰ ਇੱਕ ਵੱਡਾ ਮੁੱਦਾ ਬਣਾਇਆ ਸੀ। ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਅਤੇ ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਨੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ 'ਤੇ ਬਿਆਨ ਦਿੱਤੇ ਹਨ, ਪਰ ਕੇਂਦਰੀ ਏਜੰਸੀਆਂ ਅਤੇ ਅਦਾਲਤਾਂ ਦੇ ਹਵਾਲੇ ਕਾਰਨ ਪੂਰਾ ਹੱਲ ਨਹੀਂ ਹੋਇਆ। ਨਸ਼ਾ ਮੁਕਤੀ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਪ੍ਰਾਥਮਿਕਤਾ ਹੋਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ਾ ਖੁੱਲ੍ਹ ਕੇ ਵਿਕ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਅੰਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਸਿੰਘ ਉੱਤੇ NIA ਕੇਸ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਜੇਲ੍ਹ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦਗੀ ਤੇ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਬਿਆਨਬਾਜ਼ੀ ਜਾਰੀ ਹੈ। ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਨੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਮੰਨੀ ਹੈ ਅਤੇ ਲੋਕਤੰਤਰ ਦੇ ਤਹਿਤ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਖੁੱਲ੍ਹ ਕੇ ਗੱਲ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਇਹ ਮੁੱਦੇ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਚੱਲ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਜਨਤਾ ਅਗਲੀਆਂ ਚੋਣਾਂ ਵਿੱਚ ਆਪਣੇ ਫੈਸਲੇ ਕਰੇਗੀ।

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कटनी : मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एवं जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के मार्गदर्शन में कटनी जिले में फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण-2026 का कार्य तेजी से चल रहा है। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए राज्य प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री अनूप तिवारी को प्रेक्षक नियुक्त किया गया है।

प्रेक्षक श्री अनूप तिवारी 22 मई से 26 मई तक नगरीय निकायों और पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची पर प्राप्त दावे-आपत्तियों का पर्यवेक्षण करेंगे। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशानुसार आबकारी उपनिरीक्षक श्री अतुल कोटार को लाइजनिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है, जो प्रेक्षक के संपर्क में रहकर कार्यों में सहयोग और समन्वय स्थापित करेंगे।

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बदायूं के मशहूर मावा पेड़े के लिए यह एक ऐतिहासिक पल है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे अपनी महत्वाकांक्षी 'एक जिला एक व्यंजन' (ODOC) योजना में शामिल कर लिया है।
बदायूं के पेड़े को मिली प्रदेश स्तर पर नई पहचान.
बदायूं (उत्तर प्रदेश): जिले की शान और दशकों पुरानी पहचान बन चुके मावा पेड़े का स्वाद अब देश-विदेश तक पहुँचेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार, 4 मई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में बदायूं के प्रसिद्ध पेड़े को 'एक जिला एक व्यंजन' (One District One Cuisine) योजना में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
क्या है 'एक जिला एक व्यंजन' (ODOC) योजना?यह योजना प्रदेश सरकार की 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) की अपार सफलता के बाद शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य हर जिले के पारंपरिक और विशिष्ट व्यंजनों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए पहचान दिलाना है।मिठाई कारोबारियों और कारीगरों में खुशी की लहरकैबिनेट के इस फैसले के बाद बदायूं के मिठाई व्यापारियों और पेड़ा बनाने वाले कारीगरों में उत्साह का माहौल है।
सरकार के इस कदम से न केवल स्थानीय व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे जुड़े हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।
योजना के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ:
ब्रैंडिंग और मार्केटिंग: बदायूं के पेड़े की गुणवत्ता सुधारने, बेहतर पैकेजिंग करने और उसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर लाने के लिए सरकारी सहायता मिलेगी।
वित्तीय सहायता: खाद्य कारोबार से जुड़े उद्यमियों और कारीगरों को 25% तक की सब्सिडी (अधिकतम 20 लाख रुपये तक) प्रदान की जाएगी।
GI टैग और सर्टिफिकेशन: अब पेड़े को FSSAI से प्रमाणित कराने और इसे विशिष्ट जीआई (GI) टैग दिलाने की प्रक्रिया भी तेज होगी।
आधुनिक प्रशिक्षण: कारीगरों को आधुनिक तकनीक और स्वच्छता मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि उत्पाद की शेल्फ-लाइफ बढ़ाई जा सके।

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कटनी : "सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन" (आत्मा) योजना के तहत वर्ष 2025-26 की गतिविधियों के आधार पर जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार हेतु कृषकों से 15 मई तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह पुरस्कार कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी जैसे क्षेत्रों में नवाचार करने वाले किसानों को दिया जाएगा।

परियोजना संचालक "आत्मा" ने बताया कि किसानों को उनकी तकनीक, उपज और उत्पादकता के आधार पर मूल्यांकन समिति की अनुशंसा पर पुरस्कृत किया जाएगा। जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक-एक कृषक को 25 हजार रुपये पुरस्कार राशि दी जाएगी, जबकि विकासखण्ड स्तर पर प्रत्येक विकासखण्ड से चयनित कृषक को 10 हजार रुपये पुरस्कार राशि मिलेगी।

इच्छुक किसान अपने क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास विस्तार अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (ग्रामसेवक), बी.टी.एम. या ए.टी.एम. से संपर्क कर आवेदन प्राप्त कर कार्यालयीन समय में जमा कर सकते हैं। उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन और कृषि अभियांत्रिकी से जुड़े कृषक संबंधित विभागों के अधिकारियों के पास भी आवेदन कर सकते हैं।

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केतार (गढ़वा): प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) प्रशांत कुमार ने केतार क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में भारी अव्यवस्था और लापरवाही देखने को मिली, जिस पर बीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई है।
निरीक्षण की मुख्य बातें:
बंद मिले केंद्र: आयुष्मान आरोग्य मंदिर (केतार) निरीक्षण के समय बंद पाया गया।
ड्यूटी से गायब कर्मी: * PHC केतार से लैब टेक्नीशियन अजीत कुमार और एमटीएस सुजीत कुमार गायब थे।
केतार केंद्र से सीएचओ राजेश कुमार और मुकुंदपुर केंद्र से सीएचओ शंकर भारद्वाज अनुपस्थित पाए गए।
गंदगी पर फटकार: केंद्रों पर फैली गंदगी को देखकर बीडीओ भड़क उठे और नियमित सफाई के सख्त निर्देश दिए।
प्रशासनिक कार्रवाई:
बीडीओ प्रशांत कुमार ने सभी अनुपस्थित कर्मियों के खिलाफ 'शो-कॉज' (कारण बताओ नोटिस) जारी कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी और इसकी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी।
"स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलना उनका अधिकार है।" प्रशांत कुमार, बीडीओ, केतार

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*इंदोरीकरांच्या मुलीच्या लग्नात सोने चोरणारे श्रीरामपूरचे 02 आरोपी धरले*...

श्रीरामपूर/संगमनेर (*शिवप्रहार न्यूज नेटवर्क*) याबाबत अधिक माहिती अशी की, संगमनेर शहर पोलीस स्टेशन येथे गु.र.नं.362/2026 भारतीय न्याय संहिता 2023 चे कलम 303(2) प्रमाणे गुन्हा दाखल असुन इंदोरीकर महाराज यांच्या मुलीच्या लग्न ठिकाणी आयोजित ध्वजारोहण कार्याक्रमाच्या वेळी या गुन्ह्यातील फिर्यादी यांचे 60 ग्रॅम वजनाचे सोन्याचे दागिणे कोणीतरी अज्ञात चोरट्यांनी बळजबरीने चोरुन नेले आहे.
स्थानिक गुन्हे शाखेस माहिती मिळाली की,हा गुन्हा रेकॉर्डवरील आरोपी सागर सुरेश कांबळे,रा.रमानगर वार्ड नं.01 श्रीरामपुर याने त्याच्या साथीदारासह केला असुन तो त्याचे साथीदारासह चोरी केलेल्या सोन्याची वाटणी करण्यासाठी मोटारसायकलवर ममदापुर फाटा येथे येणार आहे.म्हणून पथकाने तात्काळ सापळा रचुन दोन इसमांना ताब्यात घेतले. त्यांचे नांव 1) सागर सुरेश कांबळे,वय-32 वर्षे रा. रमानगर वार्ड नं.01 श्रीरामपुर, 2) बबलु उर्फ अब्दुल इब्राहिम पिंजारी वय- 36 वर्षे रा. वार्ड नं.02 श्रीरामपुर असे असल्याचे त्यांनी सांगितले.ताब्यातील आरोपीकडे गुन्ह्याचे अनुषंगाने विचारपुस करता त्याने सदरचा गुन्हा इतर साथीदार 3) आतिक आयुब उर्फ आरीफ शेख रा. वार्ड नं.02 श्रीरामपुर(फरार), 4) सनी विलास ढोकणे रा.वार्ड नं.02 श्रीरामपुर(फरार) अशांनी मिळुन केल्याची कबुली दिली आहे.
दरम्यान आरोपींच्या कब्जातुन 1,49,500/-रु कि.ची 11.5 ग्रॅम वजनाचे सोन्याचे दागिणे, 70,000/-रु कि.चे दोन मोबाईल, 70,000/- रु.ची मोटारसायकल असा एकुण 2,89,500/- रुपये किमतीचा मुद्देमाल जप्त करण्यात आला आहे.ताब्यातील आरोपी व मुद्देमाल पुढील तपासकामी संगमनेर शहर पोलीस स्टेशन येथे हजर करण्यात आलेले असुन पुढील तपास संगमनेर शहर पोलीस ठाणे करीत आहे.
जिल्ह्यामध्ये चैनस्नॅचिंग करणारे आरोपीबाबत माहिती असल्यास स्थानिक गुन्हे शाखा, अहिल्यानगर येथील फोन नंबर 0241-2416111, डायल 112 यावर कळविणेबाबत आवाहन पोलीसांनी केले आहे.

*Devashish Govind Tokekar*
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*मंत्री सामंत यांच्याकडुन श्रीरामपुरात पदाधिकाऱ्यांची कानउघाडणी*

श्रीरामपूर (*शिवप्रहार न्यूज नेटवर्क*) शिवसेना एकनाथ शिंदे पक्षाच्या वतीने श्रीरामपूर विधानसभा मतदारसंघाची आढावा बैठक नुकतीच श्रीरामपूर शहरात पार पडली.यावेळी राज्याचे उद्योगमंत्री श्री.उदय सामंत यांनी पदाधिकाऱ्यांना पक्ष वाढवण्यासाठी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे यांच्या विचारांचा प्रसार करा व आपापसातील मतभेद थांबवा, वादविवाद करु नका असा सल्ला त्यांनी पदाधिकाऱ्यांना दिला व त्यांची कानउघाडणी केली.तसेच जुनी रद्द करुन नवीन जिल्हा कार्यकारिणी जाहीर करण्याचे स्पष्ट केले.
यावेळी संगमनेरचे आमदार अमोल खताळ,माजी खासदार सदाशिव लोखंडे माजी आमदार भानुदास मुरकुटे,माजी आमदार भाऊसाहेब कांबळे,सागर बेग,शिवसेना शेतकरी संघटनेचे मोरे यांच्यासह पदाधिकारी कार्यकर्ते उपस्थित होते.

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पूरी खबर:
पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाल के समय में महिलाओं की भागीदारी और प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में कुछ महिलाओं की जीत को संघर्ष और मेहनत की मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसमें अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाली महिलाओं के चुनावी सफलता के दावे किए गए हैं।
पोस्ट में संदेशखाली की एक कथित पीड़िता रेखा पात्रा, आरजीकर मामले से जुड़ी एक महिला की मां रत्ना देबनाथ और एक घरेलू कामगार कलिता मांझी के चुनाव जीतने की बात कही जा रही है, साथ ही इन्हें हजारों वोटों से विजयी बताया गया है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत चुनावी आंकड़ों की जांच जरूरी है।
राज्य की राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। पंचायत से लेकर बड़े चुनावों तक, महिलाओं की सक्रिय भूमिका लगातार बढ़ रही है, जो लोकतंत्र को और मजबूत बनाती है।
वहीं, इस तरह के वायरल पोस्ट में राजनीतिक टिप्पणियां और आरोप-प्रत्यारोप भी शामिल हैं, जिससे यह साफ है कि मुद्दा सिर्फ चुनावी जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है।
फिलहाल, इन दावों की सत्यता की पुष्टि के लिए आधिकारिक स्रोतों और चुनाव आयोग के आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है।

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*निस्सीम दत्तभक्त जाधवमामा यांचे दुःखद निधन*

लोणी/श्रीरामपूर (*शिवप्रहार न्यूज नेटवर्क*) याबाबत अधिक माहिती अशी की, लोणी खूर्द येथील श्रीदत्त भक्त श्री.विठ्ठलराव दगडू जाधव उर्फ जाधव मामा(नाना) वय-88 यांचे आज गुरुवार, दिनांक 07/05/2026 रोजी पहाटे 5.35 वाजता वृद्धापकाळाने निधन झाले.त्यांचा अंत्यविधी लोणी येथे अमरधाम येथे पार पडुन ते अनंतात विलिन झाले.
श्रीरामपूर प्रेस क्लबचे माजी अध्यक्ष कैलासवासी ॲड.शंकरराव आगे यांचे ते व्याही होते.त्यांच्या पश्चात पत्नी रंगुबाई जाधव,मुलगा श्री.संदीप विठ्ठलराव जाधव,
मुलगी सौ.सुनंदा बाळासाहेब दरंदले,सुन श्रीमती संगीता धनंजय जाधव,प्राध्यापिका सौ.उज्वला संदीप जाधव-आगे,नातू संग्राम जाधव,अवधूत जाधव,नात सायली,अक्षदा इत्यादी असा परिवार आहे.जाधव मामा नावाने ते लोणी परिसरात परिचित होते.प्रवरा सहकारी साखर कारखान्यातुन निवृत्त झाल्यानंतर ते धार्मिक क्षेत्रात अग्रेसर झाले.भगवान दत्तात्रेयांवर त्यांची प्रगाढ श्रद्धा होती.ते निस्सीम दत्तभक्त होते.

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ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ: ਜੁਗਰਾਜ ਸਿੰਘ ਮਹਿਤਾ, ਜੋ ਕਿ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਹਾਇਕ ਦਫ਼ਤਰ ਇੰਚਾਰਜ ਹਨ, ਦੀ ਗਰਭਵਤੀ ਪਤਨੀ ਨੂੰ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਹਸਪਤਾਲ ਨਹੀਂ ਪਹੁੰਚਾਇਆ ਜਾ ਸਕਿਆ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਬੱਚਾ ਗਰਭ ਵਿੱਚ ਹੀ ਮਰ ਗਿਆ। ਇਸ ਘਟਨਾ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਵਿਵਸਥਾ ਨੂੰ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਠਹਿਰਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਹ ਜਾਣਕਾਰੀ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਇਸ ਨਾਲ ਜੁੜੀਆਂ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ 'ਤੇ ਵਿਆਪਕ ਤੌਰ 'ਤੇ ਸਾਂਝੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ।

ਇਸ ਘਟਨਾ ਨੂੰ ਇੱਕ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਵਜੋਂ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ਼ ਅਤੇ ਸਮਰਥਨ ਮਿਲਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਇਹ ਦਾਅਵਾ ਸੱਚ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਨਿਰਪੱਖ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਗਰਜ਼ ਹੈ। ਇਹ ਘਟਨਾ ਪਰਿਵਾਰ ਲਈ ਬਹੁਤ ਵੱਡਾ ਦਰਦ ਅਤੇ ਤਕਲੀਫਦਾਇਕ ਝਟਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦਾ ਕੋਈ ਵੀ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਵਿਵਾਦ ਨਾਲੋਂ ਵੱਡਾ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕਦਾ।

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New Airtel Tower Fails to Deliver High-Speed Internet in Lohai Malhar:
Lohai Malhar residents are facing severe internet connectivity issues even after the recent installation of a new Airtel mobile tower in the area. Instead of improving digital communication and online services, locals say that the network situation remains unsatisfactory, causing inconvenience in day-to-day activities.
According to local residents, internet speed in many parts of Lohai Malhar remains extremely slow and unstable. People complain that basic online tasks such as digital payments, UPI transactions, online classes, video calls, downloading documents, and accessing government services are frequently interrupted due to weak internet connectivity.
Shopkeepers and small business owners are among the worst affected. Many traders stated that online payment systems often stop working during business hours, forcing customers to pay in cash. This has created serious problems, especially in remote areas where digital transactions have become a common mode of payment.
Students preparing for competitive examinations and attending online educational classes are also facing difficulties. Many students reported that buffering, call disconnections, and poor network coverage are affecting their studies and access to educational content.
Locals expressed disappointment that despite the installation of the new tower, expected high-speed 4G internet services have not reached the area effectively. Residents believe that either the tower is not functioning at full capacity or technical issues are limiting network performance.
Several residents have appealed to Airtel authorities and the concerned telecom department to immediately inspect the network infrastructure and resolve the issue at the earliest. They demanded stable high-speed internet services so that people in rural areas can benefit from digital facilities without interruption.
The issue has once again highlighted the digital connectivity challenges faced by remote hilly regions of Kathua, where reliable internet has become an essential requirement for education, business, healthcare, communication, and online government services.
Residents now hope that the telecom authorities will take prompt action to improve connectivity and ensure uninterrupted internet services in Lohai Malhar.

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बड़वानी, 07 मई 2026। शासकीय बालक कीड़ा परिसर बड़वानी में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की रिक्त सीटों पर नवीन प्रवेश सत्र 2026-27 के लिए टैलेंट सर्च के माध्यम से चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। चयन प्रक्रिया बैटरी टेस्ट के आधार पर संपन्न होगी। प्रवेश प्रक्रिया के तहत मिनी वर्ग में कक्षा 6वीं के लिए जन्म वर्ष 2015, कक्षा 7वीं के लिए 2014 तथा कक्षा 8वीं के लिए 2013 निर्धारित किया गया है। वहीं जूनियर वर्ग में कक्षा 9वीं हेतु जन्म वर्ष 2012 एवं कक्षा 10वीं हेतु 2011 होना आवश्यक रहेगा। सीनियर वर्ग के लिए जन्म वर्ष 2010 निर्धारित किया गया है।
इच्छुक पालक आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए शासकीय बालक कीड़ा परिसर बड़वानी में प्रतिदिन प्रातः 8:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक उपस्थित होकर परिसर अधीक्षक से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है।

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पूरी खबर:
उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में MLC रविशंकर सिंह पप्पू की पुत्री के विवाह समारोह ने उस वक्त खास रंग ले लिया, जब प्रदेश की राजनीति के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आए। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और स्वयं MLC रविशंकर सिंह एक साथ मंच पर दिखाई दिए।
इस दौरान की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें सभी नेता एक साथ मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को लोग काफी पसंद कर रहे हैं और इसे सियासी एकता का प्रतीक भी बताया जा रहा है।
विवाह समारोह में राजनीतिक हलचल भी देखने को मिली। अलग-अलग दलों और विचारधाराओं से जुड़े नेताओं की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को खास बना दिया। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।
स्थानीय लोगों के बीच भी इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखने को मिला। एक निजी समारोह होते हुए भी यह आयोजन राजनीतिक रूप से अहम बन गया, जहां रिश्तों के साथ-साथ सियासी समीकरणों की झलक भी साफ नजर आई।

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నంద్యాల: పి డి ఎస్ యు రాష్ట్ర అధ్యక్షుడు ఎస్ ఎం డి రఫీ ప్రైవేట్ కార్పొరేట్ విద్యాసంస్థల అక్రమ దోపిడిని అరికట్టాలని డిమాండ్ చేశారు. సాయిబాబా నగరంలో జరిగిన జిల్లా కార్యవర్గ సమావేశంలో ఎస్ ఎం డి రఫీ, పి డి ఎస్ యు నాయకులతో కలిసి ప్రభుత్వ నిబంధనలు ఉల్లంఘిస్తూ గుర్తింపు లేకుండా ముందస్తు అడ్మిషన్లు నిర్వహిస్తున్న విద్యాసంస్థలపై చర్యలు తీసుకోవాలని కోరారు.

వీరు పేర్కొన్నట్లు, నంద్యాల జిల్లాలో కొన్ని విద్యాసంస్థలు ఫ్లెక్సీలు, బోర్డులు పెట్టి తప్పుడు ప్రచారాలు చేయడం, భారీ ఫీజులు వసూలు చేయడం ద్వారా విద్యను వ్యాపారంగా మారుస్తున్నాయి. అలాగే, విద్యాశాఖ అధికారులు ఈ ఉల్లంఘనలను పట్టించుకోకపోవడం సమస్యగా ఉన్నది. పి డి ఎస్ యు తక్షణ చర్యలు తీసుకోవాలని, లేకపోతే ప్రత్యక్ష ఆందోళన కార్యక్రమాలు నిర్వహిస్తామని హెచ్చరించారు.

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केसला रोड में पेयजल संकट गहराया

वार्ड क्रमांक 10 और 16 में एक हफ्ते से नल में नहीं आया पानी, नगर पंचायत के खिलाफ लोगों में आक्रोश

सीतापुर नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 10 और 16 अंतर्गत केसला रोड में पिछले एक सप्ताह से नलों में पानी नहीं आने से स्थानीय रहवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराने से लोगों में नगर पंचायत प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि समस्या को लेकर नगर पंचायत के कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार फोन के माध्यम से सूचना दी गई, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे आम नागरिक खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

रहवासियों के अनुसार पानी की समस्या के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। लोगों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्रवासियों ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नगर पंचायत में भ्रष्टाचार चुस्त और कर्मचारी सुस्त की स्थिति बन गई है। नागरिकों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देने तक सीमित हैं।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल करने तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। यदि समस्या का समाधान शीघ्र नहीं हुआ तो नागरिक आंदोलन करने की चेतावनी भी दे रहे हैं।

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8 मई, 2026
भागलपुर | आज का युवा देश की प्रगति का आधार है, लेकिन दुर्भाग्यवश युवाओं का एक बड़ा हिस्सा 'सूखे नशे' (सिंथेटिक ड्रग्स, पाउडर, गोलियां) के ऐसे दलदल में फंसता जा रहा है, जहाँ से वापसी का रास्ता धुंधला होता जा रहा है। यह अब केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और मानसिक महामारी का रूप ले चुका है।
भागलपुर जिला भी इस समस्या से अछूता नहीं है। पुलिस प्रशासन इस खतरे से निपटने के लिए लगातार सक्रिय है। एसएसपी भागलपुर, प्रमोद कुमार ने कई मौकों पर नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने और युवाओं को बचाने के लिए सामाजिक भागीदारी पर जोर दिया है। उनका स्पष्ट मानना है कि नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ परिवार और समाज का जागरूक होना भी उतना ही जरूरी है।
क्यों बढ़ रहा है 'सूखे जहर' का चलन?
विशेषज्ञों और मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इसके पीछे कई गहरे सामाजिक और मानसिक कारण छिपे हैं:
पढ़ाई का बोझ, करियर की अनिश्चितता और बढ़ते अकेलेपन के बीच युवा 'क्षणभंगुर शांति' की तलाश में इन घातक पदार्थों की ओर खिंचे चले जा रहे हैं।
दोस्तों के बीच "कूल" दिखने की चाहत और "सिर्फ एक बार ट्राई करने" की जिज्ञासा अक्सर जीवन भर की तबाही का कारण बन जाती है।भागदौड़ भरी जिंदगी में माता-पिता और बच्चों के बीच बढ़ती दूरियां युवाओं को भावनात्मक रूप से कमजोर बना रही हैं, जिसका फायदा नशा तस्कर आसानी से उठाते हैं।यदि आपके आसपास भी किसी युवा के व्यवहार में ये बदलाव दिखें, तो सावधान हो जाएं:
अचानक एकांतप्रिय या चिड़चिड़ा हो जाना।चोरी करना या पैसों की मांग करना।नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस या प्रशासन की नहीं, बल्कि हम सबकी है। बच्चों को डांटने या उन पर शक करने के बजाय उनके दोस्त बनें। उन्हें विश्वास दिलाएं कि वे अपनी हर समस्या आपसे साझा कर सकते हैं।
याद रखें, नशा एक बीमारी है। यदि स्थिति गंभीर है, तो मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने में संकोच न करें।
वक्त आ गया है कि हम अपनी नींद से जागें। सूखे नशे की यह गिरफ्त हमारे आने वाले कल को खोखला कर रही है। एक जागरूक परिवार, सख्त पुलिसिंग और सशक्त समाज ही इस 'सूखे जहर' को हरा सकता है।
हमारी अपील: आइए, हम सब मिलकर एक नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लें। नशे को 'ना' कहें और जीवन को 'हां'।
आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि समाज की चुप्पी और पुलिस की कार्रवाई में समन्वय की कमी इस समस्या को और बढ़ा रही है? क्या भागलपुर में नशे के खिलाफ अभियान और तेज होना चाहिए? अपनी प्रतिक्रिया कमेंट बॉक्स में अवश्य दें।

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भारत एक धार्मिक देश है जहाँ सत्य, तर्क, ईमानदारी का पालन किया जाना चाहिए लेकिन कई जगहों पर इसके विपरीत रहा है। बाबों ने लोगों को भूत, नरक, स्वर्ग, झूठी विद्या, जाति और धर्म के घेरे में रखा। इसी तरह, लोकतंत्र लोगों के माध्यम से लोगों के लिए है, लेकिन सरकारों, तथाकथित विशेषज्ञों, तथाकथित मीडिया विद्वानों और विश्वासघाती नेताओं के मतलबी सहयोगियों ने मिलकर लोगों को राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक राक्षस दिए, ताकि लोग उनसे मुंह मोड़ लें।धर्म का अर्थ है जीवन शैली और जीवन शैली का अभ्यास दैनिक पूजा, बाबाओं के डेरा, सुबह और शाम को तेज शोर और डिजिटल (सोशल मीडिया शिक्षा, हुकुमनामा) प्रदूषण के बजाय किया जाता।
वैसे ही राजनीति का मतलब था शहरों और गांवों का काम, तो फिर नेताओं की शादी और प्रार्थनाओं में कौन से काम और कर का पैसा मुफ्त में बांटा जाता था, शीर्ष पर की सरकारें धार्मिक प्रथाओं और पूजा स्थलों में हस्तक्षेप क्यों कर रही हैं, धर्म को एक निजी मामला माना जाता था। जब तक डॉक्टर बीमारी का ठीक से निदान नहीं करता है और रोगी को बीमारी से बचने के लिए नहीं समझाता है, तब तक बीमारी नियंत्रित/समाप्त नहीं होती है। इसी तरह, जब तक लोग धर्म और राजनीति के बीच का अंतर नहीं समझते, तब तक सब कुछ भ्रमित रहेगा और तथाकथित नेता, विशेषज्ञ, मीडिया हमारा शोषण करते रहेंगे।
कई वर्षों तक तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता, विशेषज्ञ और कुछ राजनीतिक दल ईवीएम से चुनाव जीतने के बारे में झूठ फैलाते रहे और अंत में जब आप ने चुनाव जीता या अदालत ने कहा कि ईवीएम गलत नहीं हैं तो उन्हें चुप करा दिया गया। अब कुछ सोशल मीडिया विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक दल एक नया सांप लेकर आए हैं जिसे ममता ने एस. आई. आर. (विशेष गहन संशोधन) करके बंगाल में खो दिया है और अब कह रही हैं कि पंजाब में भी ऐसा ही होगा। जबकि एस. आई. आर. 23 वर्षों के बाद आयोजित किया जा रहा है, मतों को नवीनीकृत और छोटा किया जाना निर्धारित है। बंगाल पर लगभग पैंतीस वर्षों तक साथियों का और फिर पंद्रह वर्षों तक ममता का शासन रहा। पचास साल के ईमानदार शासन के बावजूद बंगाल अभी भी किसी भी मामले में आगे नहीं है। यानी शासन के तरीके में कुछ बड़ी खामियां हैं।
अगर वे अब हार जाते हैं, तो वे कहते हैं कि वे सर की वजह से हार गए। तमिलनाडु और केरल में भी यही स्थिति है। भाजपा को जीत नहीं मिली। यही बात पहले ई. वी. एम. के बारे में थी, अगर विपक्षी दल जीतता है, तो ई. वी. एम. ठीक थी और अगर वे हार जाते हैं, तो ई. वी. एम. हार जाते हैं। संबंधित सामाजिक कार्यकर्ताओं, सोशल मीडिया विशेषज्ञों और सभी राजनीतिक दलों को तथ्यों के आधार पर लोगों को जागरूक करना चाहिए और केवल वोट हासिल करने के लिए झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए और तथाकथित विशेषज्ञों और तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ताओं के आंकड़ों और गलत सूचनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर अपने मीडिया चेहरे को बनाए नहीं रखना चाहिए

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गढ़वा: मेराल प्रखंड में आज प्रशासनिक तत्परता देखने को मिली। अधिकारियों द्वारा प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय, नवनिर्मित आवासीय विद्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया गया।
मुख्य बिंदु:
स्वास्थ्य सेवाएँ: CHC में साफ-सफाई, बिजली की उपलब्धता और दवाओं के स्टॉक का प्रबंधन जांचा गया। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के सख्त निर्देश दिए गए।
शिक्षा: नवनिर्मित आवासीय विद्यालय के संचालन और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया गया ताकि छात्रों को पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
दिशानिर्देश: निरीक्षण के दौरान संबंधित पदाधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने और जनसुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
उद्देश्य: सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आम जनता तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुँचाना सुनिश्चित करना।

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रामनगर, गन्नौर: भारतीय सेना के पूर्व सैनिक और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लेखक नरेश दास वैष्णव निंबार्क की सात प्रमुख पुस्तकें अब भारत और अमेरिका समेत कई देशों में ऑनलाइन स्टोर्स पर हार्डकवर और पेपरबैक रूप में उपलब्ध हैं। इन पुस्तकों में सनातन वैष्णव बैरागी परंपरा के इतिहास और शौर्य को व्यापक रूप से दर्शाया गया है।

नरेश दास वैष्णव निंबार्क ने 18 वर्षों की मेहनत और साधना के बाद इन पुस्तकों की रचना की है, जिनमें 'महंत बने महाराजा' विशेष चर्चा में है। इसके अलावा 'रणभूमि से तीर्थभूमि तक', 'निम्बार्क संप्रदाय: सनातन वैष्णव बैरागी' और 'Sanatan Vaishnav Bairagi: Warriors and Soldiers' जैसी कृतियाँ भी शामिल हैं। लेखक ने आगामी पुस्तक "रामनगर: 422 वर्षों का अनसुना इतिहास" की घोषणा भी की है।

साथ ही, लेखक द्वारा संपादित मासिक डिजिटल पत्रिका 'सनातन भारत – नया सवेरा' का अप्रैल अंक भी जारी किया गया है, जो शोधार्थियों एवं धर्मप्रेमियों के लिए पठनीय सामग्री प्रदान करता है। इच्छुक पाठक लेखक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पुस्तकों के लिंक प्राप्त कर सकते हैं।

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वाराणसी: पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल खुद उतरे सड़क पर, ताबड़तोड़ चेकिंग से मचा हड़कंप; 1000 से ज्यादा चालान, 142 वाहन सीज: धर्मनगरी काशी में अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वाराणसी पुलिस अब पूरी तरह 'एक्शन मोड' में है। गुरुवार, 07 मई 2026 को पुलिस आयुक्त (CP) मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में पूरे कमिश्नरेट क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। खुद पुलिस कमिश्नर ने सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, जिससे नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मच गया। पर खुद उतरे पुलिस कमिश्नर
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने पहड़िया और जेएचवी (JHV) मॉल के आसपास चल रही चेकिंग का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर तैनात अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए ताकि आम जनता को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

आंकड़ों में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
अभियान के दौरान पुलिस और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से मुख्य चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में घेराबंदी की। कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:कुल चालान: 1082 वाहनों के खिलाफ नियम उल्लंघन पर कार्रवाई।

वाहन सीज: 142 वाहनों को विभिन्न अनियमितताओं के चलते सीज किया गया।

काली फिल्म: 31 वाहनों के शीशों से मौके पर ही काली फिल्म उतरवाई गई।

लावारिस वाहन: चेकिंग के दौरान एक लावारिस वाहन को भी बरामद कर सीज किया गया।

विशेष रूप से बिना नंबर प्लेट, तीन सवारी, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और तेज रफ्तार वाहनों पर पुलिस का डंडा चला।

नए आरक्षियों को 'ऑन-फील्ड' ट्रेनिंग
इस चेकिंग अभियान की खास बात यह रही कि पुलिस आयुक्त ने नवागत आरक्षियों (नए सिपाहियों) को व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया। उन्होंने जवानों को सिखाया कि चेकिंग के दौरान संदिग्धों की पहचान कैसे करें, शालीन व्यवहार कैसे रखें और कानून सम्मत कार्रवाई करते समय अपनी सुरक्षा का ध्यान कैसे रखें।

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अंबाला शहर में मेयर चुनावों के दौरान भाजपा का परिवारवाद साफ नजर आ रहा है। मेयर पद की उम्मीदवार अक्षिता सैनी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की भतीजी हैं। सवाल यह उठता है कि क्या टिकट योग्यता के आधार पर दी गई है या रिश्तेदारी के आधार पर?

जिस उम्मीदवार को मंच पर खड़े होकर प्रभावी तरीके से अपनी बात तक रखना नहीं आता, उसे शहर का नेतृत्व सौंपने की तैयारी की जा रही है। वहीं दूसरी ओर, उनके पति पर विभिन्न न्यूज चैनलों में लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में जनता यह जानना चाहती है कि क्या यही हमारे शहर की तकदीर बनने जा रही है?

जनप्रतिनिधि जनता के सेवक होते हैं, लेकिन आज स्थिति उलटी नजर आती है। चुनाव जीतने के बाद जनता को ही इनके आगे झुकना पड़ता है। सड़कें बनवाना, सफाई व्यवस्था बनाए रखना और शहर का विकास करना इनकी जिम्मेदारी और कर्तव्य हैं, फिर इन्हें चुनावी वादों की तरह क्यों पेश किया जाता है?

हकीकत यह है कि विकास शहर का कम और नेताओं के निजी हितों का ज्यादा दिखाई देता है। जनता अब सवाल पूछ रही है और जवाब चाहती है।

आपकी इस मुद्दे पर क्या राय है?

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8 मई, 2026
भागलपुर। जिले में अपराध नियंत्रण और कांडों के सफल उद्भेदन को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने उत्कृष्ट अनुसंधान और सराहनीय कार्य करने वाले जिले के विभिन्न थानों से कुल 23 जांबाज पुलिस अधिकारियों का चयन किया गया और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस सम्मान सूची में जगदीशपुर थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह का नाम भी शामिल है।जगदीशपुर थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह को जगदीशपुर क्षेत्र में लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन, अपराधियों की गिरफ्तारी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर बेहतर अनुसंधान सुनिश्चित करने के लिए यह सम्मान दिया गया है। उनके नेतृत्व में जगदीशपुर पुलिस ने हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण मामलों को सुलझाने में सफलता पाई है।वरीय पुलिस अधीक्षक ने गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान करने वाले थानाध्यक्षों और जांच अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिसिंग में अनुसंधान की गुणवत्ता ही न्याय की पहली सीढ़ी है।जगदीशपुर थानाध्यक्ष सहित 23 पुलिसकर्मियों के पुरस्कृत होने पर जिले के पुलिस महकमे में हर्ष का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह को मिली इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है। इस पहल से उम्मीद है कि आने वाले समय में जिले की पुलिसिंग और अधिक धारदार होगी।

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बीड के पूर्व जिलाधिकारी अविनाश पाठक गिरफ्तार, करोड़ों के भूमि घोटाले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
महाराष्ट्र के बीड जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। बीड के पूर्व जिलाधिकारी अविनाश पाठक को जमीन अधिग्रहण घोटाले के मामले में पुलिस ने लातूर स्थित उनके घर से हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, अविनाश पाठक जब बीड में जिलाधिकारी के पद पर कार्यरत थे, उस दौरान राष्ट्रीय महामार्ग (हाईवे) के लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगा है। जांच में सामने आया कि किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे में भारी अनियमितताएं की गईं और सरकारी दस्तावेजों पर कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर कर शासन को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया गया।
इस मामले में बीड में पहले ही गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पिछले कई दिनों से पुलिस इस घोटाले की गहराई से जांच कर रही थी। आज सुबह बीड पुलिस की एक विशेष टीम लातूर पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से अविनाश पाठक के निवास पर छापा मारकर उन्हें हिरासत में लिया।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद महसूल विभाग और प्रशासनिक गलियारों में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। सूत्रों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस घोटाले से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
सवाल जो अब पूरे महाराष्ट्र में गूंज रहा है:
क्या करोड़ों के इस घोटाले में सिर्फ एक अधिकारी शामिल था या पूरी चेन काम कर रही थी?
पुलिस अब अविनाश पाठक को बीड ले जाकर आगे की पूछताछ करेगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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पाली सिधी समाज द्वारा महायज्ञ का आयोजन, देश विदेश से पधारे भक्तों द्वारा आहुतियां देने वालों का लगा तांता।

पाली, 7 मई (गुरुवार)। सिंधी समाज के जन्मोत्सव एवं मूर्ति स्थापना के अंतर्गत गुरूवार को महायज्ञ का आयोजन वैदिक विधि-विधान के साथ किया जा रहा है। महायज्ञ के लिए भरूच धाम से पधारे विद्वान पंडितों के सान्निध्य में अनुष्ठान संपन्न हो रहा है। हवन का कार्यक्रम अनवरत जारी है, जिसमें देश विदेश से पधारे श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति से आहुतियां अर्पित कर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं। जन्मोत्सव एवं मूर्ति स्थापना के अवसर पर दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति से आयोजन स्थल भक्तिमय वातावरण से परिपूर्ण दिखाई दे रहा है। 8 मई को पूज्य बहिराणा साहिब के अवसर पर महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ पूज्य ठकुर सांई ओमलाल साहिब की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। पश्चात प्रसाद स्वरूप सर्व सिंधी समाज का पूज्य भंडारा साहिब का आयोजन होगा।

सेवादार हेमन्त तनवानी ने बताया कि पूज्य ठकुर सांई ओमलाल साहिब का उद्देश्य सिंधियत की भावना तथा वरुण अवतार भगवान झूलेलाल की महिमा का जन-जन तक प्रचार-प्रसार करना था । देश विभाजन के बाद सिंध से भारत आए अनेक सिंधी परिवार देश के विभिन्न शहरों में जाकर बस गए, लेकिन परिस्थितियां बदलने पर भी उन्होंने अपने हृदय में लाल सांई के प्रति श्रद्धा, आस्था और अपनत्व सदैव जीवित बनाए रखा। सांई ओमलाल साहिब ने देशभर का भ्रमण किया और घर-घर तक पूज्य बहिराणा साहिब के महत्व का संदेश दिया। उन्होंने समाजबंधुओं को अपनी जड़ों, संस्कारों और सिंधी परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा दी। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि आज भी देश-विदेश में बसे सिंधी समाज के लोग श्रद्धा, भक्ति और एकात्म भाव से उनसे जुड़े हुए हैं।

रिपोर्ट घेवरचन्द आर्य पाली

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दृढ़ इच्छाशक्ति से देश की टीम में खेलने का सपना किया साकार।
पाली के भरत पंवार का भारतीय क्रिकेट टीम ने चयन, श्रीलंका खेलनें जायेंगे।

पाली हर भारतीय युवा का सपना होता है कि वह भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पहनकर अपने देश के लिए खेलकर देश का नाम रोशन करें। पाली शहर के भेरूघाट स्थित घासीयो का बास निवासी भरत पंवार पुत्र कालूराम ने इस सपने को साकार कर पाली शहर और राजस्थान सहित देश का नाम रोशन किया है। भरत पंवार का चयन श्रीलंका में होने वाली इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में हुआ है। भरत पंवार बचपन में तीन वर्ष की आयु में पोलीयो ग्रस्त होने के कारण शारीरिक रूप से प्रभावित हुए हैं लेकिन उन्होंने अपनी हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत के दम पर पैरा खेल में विशेष पहचान बनाई।

भरत ने वर्ष 2019 में व्हील चेयर क्रिकेट खेलना शुरू किया लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया अथक परिश्रम और खेल के प्रति जुनून के कारण वर्ष 2022 में राजस्थान क्रिकेट टीम के कप्तान बने। उसके बाद तो उन्होंने पिछे मुडकर नहीं देखा वे नेशनल चेम्पियन भी बने। अब उनकी यह कड़ी मेहनत रंग लाई है । आज उनका चयन भारतीय क्रिकेट टीम में आलराउंडर के रूप में हुआ। वे श्री लंका में 25 से 28 मई तक होने वाले इंटरनेशनल व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में खेलेंगे।

पाली के भेरूघाट स्थित घांसीयों का बास निवासी भरत पंवार का चयन भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में हुआ। उनके संघर्ष और सफलता की कहानी प्रेरणादायक है। 3 वर्ष की आयु में पोलीयो का आक्रमण हुआ किसने सोचा होगा कि यह बालक एक दिन क्रिकेट का राष्ट्रीय खिलाड़ी बनकर परिवार समाज और राष्ट्र को गोरवान्वित करेगा। भरत ने 2019 में पहली बार व्हील चेयर क्रिकेट खेलना शुरू किया दो वर्ष तक आर्य वीर दल की शाखा में नियमित फिटनेस और खेलने के प्रति जुनून से वर्ष 2022 में राजस्थान क्रिकेट टीम के कप्तान बने। इसी वर्ष नेशनल चेम्पियन भी बने। वर्ष 2022 में क्रिकेट के अलावा पैरा स्विमिंग में गोल्ड मेडल जीता तथा वर्ष 2025 में नेशनल व्हील चेयर में रूग्बी में सिल्वर पदक प्राप्त कर पाली शहर और देश का नाम रोशन किया। वे अब प्रेक्टिस के लिए खेल संकुल पाली तथा सनराइज एकेडमी में प्रकाश वैष्णव के पास कोचिंग करतें हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम में भरत के चयन की सूचना मिलने पर परिवार घांची समाज और दिव्यांग साथियों में खुशी की लहर फेल गई है। दिव्यांग सेवा समिति से जुड़े भरत पंवार की उपलब्धि पर विधायक भीमराज भाटी दिव्यांग सेवा समिति संस्थापक घेवरचन्द आर्य कोषाध्यक्ष विनोद कुमार जैन सहित दिव्यांग साथियों ने खुशी व्यक्त करते हुए भरत और उसके परिवार को बधाई दी है।
रिपोर्ट घेवरचन्द आर्य पाली

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*_नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का इस्तीफा नहीं देने का दांव नहीं चला, राज्यपाल ने भंग कर दी बंगाल विधानसभा_*
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*नई दिल्ली:* पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार करने वाली ममता बनर्जी का दांव नहीं चला। राज्यपाल आरएन रवि ने बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया है। चार मई को आए चुनावी नतीजों में न सिर्फ ममता बनर्जी को भवानीपुर से हार का सामना करना पड़ा, बल्कि 15 सालों तक रही टीएमसी की सत्ता भी चली गई थी। भाजपा ने बंपर जीत हासिल करते हुए 207 सीटें हासिल की थी।

एक आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, राज्यपाल आरएन रवि ने पश्चिम बंगाल राज्य विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद, सात मई से उसे भंग कर दिया है। वर्तमान विधानसभा का गठन मई 2021 में हुआ था, जब ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी थी। विधानसभा का भंग किया जाना हाल ही में संपन्न हुए दो चरणों के चुनावों के बाद मौजूदा विधानसभा के कार्यकाल की औपचारिक समाप्ति का प्रतीक है।

*चुनावी नतीजे लोगों का जनादेश नहीं, बल्कि साजिश थे:*

आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद राज्य में एक संवैधानिक अनिश्चितता और राजनीतिक टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। बनर्जी ने नतीजे को मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि उनकी पार्टी भाजपा से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग से लड़ रही है। हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, ''मैं इस्तीफा क्यों दूं? हम हारे नहीं हैं। जनादेश को लूट लिया गया है। इस्तीफे का सवाल ही कहां उठता है?'' उन्होंने कहा, "मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हम लोगों के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश की वजह से हारे हैं... मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी।

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वार्ड नंबर 17 : निर्दलीय उम्मीदवार अशोक कुमार ने वार्ड नंबर 17 में एक विशाल रोड शो आयोजित किया, जिसमें क्षेत्रवासियों ने जबरदस्त उत्साह और समर्थन दिखाया। यह रोड शो सेक्टर 25 से शुरू होकर सेक्टर 24, सेक्टर 23, गांव खड़क मंगोली, गांव चौंकी, नाडा साहिब, मोगीनंद और नग्गल से होते हुए पुनः सेक्टर 25 में भव्य जनसभा के साथ समाप्त हुआ।

रास्ते में लोगों ने पुष्पवर्षा, फूलमालाओं और जोरदार नारों के साथ अशोक कुमार का स्वागत किया। जनसभा में क्षेत्रवासियों ने टूटी सड़कों, सफाई और सीवरेज की समस्याओं पर चिंता जताई और विकास के लिए नए प्रतिनिधि की आवश्यकता बताई। विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं, पूर्व सरपंचों और प्रधानों ने भी मतदान में पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र के हित में सोचने की अपील की। अशोक कुमार ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए आगामी चुनाव में समर्थन देने की अपील की।

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दोनों पैरों में लगी गोली, जंगल में तीन थानों की फोर्स और एसओजी ने की घेराबंदी

फ़तेहपुर जिले के खागा क्षेत्र में हुए चर्चित गैंगरेप कांड के फरार एक लाख रुपये के इनामी आरोपी बबलू सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद घायल अवस्था में उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक आरोपी बबलू सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए सात टीमों का गठन किया गया था। भोर पहर ससुर खदेरी नदी के जंगल क्षेत्र में तीन थानों की फोर्स और एसओजी टीम ने संयुक्त घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपी द्वारा फायरिंग किए जाने पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह घायल हो गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से 1600 रुपये नगद, अवैध असलहा और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में चार आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि 24 अप्रैल को आरोपी बबलू सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवती और उसके मंगेतर को जंगल में बंधक बना लिया था और उसके बाद तीनों आरोपियों ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मुख्य आरोपी बबलू सिंह लगातार फरार चल रहा था।
इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे जिले में पुलिस पर आरोपी की गिरफ्तारी का भारी दबाव था। आखिरकार पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसे गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।

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गाजियाबाद। शास्त्री नगर स्थित जवाहरलाल नेहरू गर्ल्स पब्लिक स्कूल में नागरिक सुरक्षा के पांच दिवसीय सामान्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन पर घटना नियंत्रण अधिकारी नागरिक सुरक्षा संजय शर्मा को स्कूल प्रबंधक गौरव सिंह द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा यह सम्मान प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन एवं छात्र-छात्राओं तथा अध्यापक-अध्यापिकाओं को नागरिक सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान करने के उपलक्ष्य में दिया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अपर जिलाधिकारी नगर एवं उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा श्री विकास कश्यप के दिशा-निर्देशन तथा सहायक उप नियंत्रक नेम सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के संचालन में घटना नियंत्रण अधिकारी संजय शर्मा के साथ पोस्ट वार्डन रिजर्व अरुण कुमार श्रीवास्तव, वार्डन अखिल भटनागर, मोनिका गोयल सहित अन्य नागरिक सुरक्षा अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों का विशेष सहयोग रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 150 छात्र-छात्राओं एवं अध्यापक-अध्यापिकाओं ने भाग लेकर आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, सुरक्षा उपायों तथा नागरिक सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। विद्यालय प्रबंधक गौरव सिंह ने प्रशिक्षण दल के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने की बात कही।

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उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने प्रदेश के सभी स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। विभाग के अनुसार मई 2026 की बिजली खपत का बिल पोस्टपेड माध्यम से तैयार कर जून 2026 में उपभोक्ताओं को SMS एवं WhatsApp के जरिए भेजा जाएगा।

बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर पंजीकृत नहीं है या गलत दर्ज है, वे संबंधित कार्यालय अथवा टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर अपना नंबर अपडेट करा सकते हैं।

यदि किसी उपभोक्ता को SMS या WhatsApp पर बिल प्राप्त नहीं होता है, तो वह अपने डिस्कॉम के WhatsApp Chatbot के माध्यम से बिल प्राप्त कर सकता है।

डिस्कॉम अनुसार WhatsApp Chatbot नंबर इस प्रकार हैं

पूर्वांचल डिस्कॉम : +91 8010968292

मध्यांचल डिस्कॉम : +91 7669003409

पश्चिमांचल डिस्कॉम : +91 7859804803

दक्षिणांचल डिस्कॉम : +91 8010957826

केस्को : +91 8287835233

किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने कहा है कि UPPCL उपभोक्ताओं की सेवा में सदैव तत्पर है।

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छत्तीसगढ़ के मुंगेली नगर पालिका पर गंभीर और बड़ा आरोप लगा है। नगर में मृत गायों को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने के बजाय कचरा डंपिंग स्थल पर फेंक दिए जाने का आरोप लगा है। जानकारी के मुताबिक करीब एक दर्जन मृत गायों को उस स्थान पर डाल दिया गया, जहां नगर का कचरा डंप किया जाता है। कचरे में आग लगने के कारण कई गायों के शव अधजली अवस्था में पाए गए, जिन्हें पक्षियों द्वारा नोचते देखा गया। इस वीभत्स दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है, वहीं गौसेवकों और गौप्रेमियों में भी जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है।

गौसेवकों ने नगर पालिका प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
गौसेवा से जुड़े लोगों ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मृत गायों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि पहले नगर पालिका द्वारा मृत मवेशियों को गड्ढा खोदकर मिट्टी में दफनाया जाता था, लेकिन इस बार नियम और संवेदनाओं दोनों की अनदेखी की गई है। गौसेवकों ने मांग की है कि नगर में कहीं भी किसी गाय की मृत्यु होने पर वैज्ञानिक और सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार सुनिश्चित किया जाए।

मामले को लेकर लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल नगर पालिका की प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती हैं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को भी आहत करती हैं।

जांच कर दोषियों पर की जाएगी कार्रवाई CMO
इधर मुख्य नगर पालिका अधिकारी अंकुर पांडेय ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि मृत गायों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया जाएगा और इसके लिए आदेश भी जारी किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।

CMO अंकुर पांडेय ने यह आशंका भी जताई कि कहीं यह घटना नगर पालिका को बदनाम करने की साजिश के तहत जानबूझकर तो नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इस पहलू को ध्यान में रखते हुए भी जांच की जाएगी। फिलहाल यह मामला नगर में चर्चा और आक्रोश का बड़ा विषय बना हुआ है।

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हायर सेकेंडरी परीक्षा 2025 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने वाले 30 शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंडल द्वारा जारी आदेश में संबंधित शिक्षकों को अगले तीन वर्षों के लिए मंडल के विभिन्न कार्यों से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के दौरान कई छात्रों के अंकों में 20 से 40 तक की बढ़ोतरी सामने आई। इसे गंभीर त्रुटि मानते हुए मंडल ने जांच के बाद संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई की है। मंडल ने संबंधित शिक्षकों की एक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने की भी अनुशंसा की है। बताया जा रहा है कि मूल्यांकन कार्य में लापरवाही और अंक देने में गंभीर गड़बड़ी पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया।

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं इस निर्णय के बाद शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।

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श्योपुर: कलेक्टर एवं भारतीय रेडक्रॉस की अध्यक्ष सुश्री शीला दाहिमा के निर्देशन में विश्व रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य में 2 मई से 8 मई तक सेवा सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला जेल परिसर श्योपुर में बंदियों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण, एसीजी व स्वास्थ्य शिविर एवं नशा मुक्ति पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

शिविर में सिविल सर्जन डॉ आरबी गोयल के निर्देशन में डॉ संजय जैन, डॉ प्रेमराज मीणा, डॉ अरसद अय्यूब सहित नर्सिंग स्टाफ ने 65 बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां प्रदान कीं। अपर कलेक्टर श्री रूपेश उपाध्याय ने मानसिक तनाव से दूर रहने पर बंदियों से चर्चा की। भाजपा कार्यसमिति सदस्य श्री कैलाशनारायण गुप्ता ने नशा मुक्ति और जीवनशैली पर जानकारी दी। जेलर श्री प्रभात कुमार ने जेल में बंदियों की सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन रेडक्रॉस सचिव श्री दिनेश राज दूबोलिया और कोषाध्यक्ष श्री राजेंद्र शर्मा ने किया। रेडक्रॉस के जिला प्रतिनिधि श्री वीके सक्सेना, मो.अशरफ ख्वाजा, श्री नवल राठौर, श्री ओपी जारोलिया सहित जेल स्टाफ उपस्थित रहे।

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श्योपुर: प्रदेश में खरीफ फसलों की बोनी की तैयारियों के तहत किसानों के लिए खाद का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 6.40 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.57 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 3.56 लाख मीट्रिक टन एनपीके, तथा 3.50 लाख मीट्रिक टन एसएसपी खाद उपलब्ध है। भारत सरकार के सतत प्रयासों से विषम वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद खाद की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है।

किसानों की सुविधा के लिए खाद की उपलब्धता की जानकारी ई-विकास पोर्टल पर सोसायटीवार, मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रवार एवं निजी दुकानवार उपलब्ध कराई गई है। किसान ई-विकास पोर्टल के माध्यम से खाद की बुकिंग कर अपनी सोसायटी या पसंदीदा दुकान से खाद प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा राजस्व पट्टाधारी, वन पट्टाधारी, सिकमी किसान, शारीरिक रूप से अक्षम किसान, वृद्ध किसान, मृतक किसान के वारिस और धार्मिक संस्थान/ट्रस्ट की भूमि के लिए भी उपलब्ध है। कृषि विभाग ने किसानों से अनुशंसित मात्रा के अनुसार खाद का उपयोग करने और आवश्यकता अनुसार पुनः बुकिंग करने की अपील की है।

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श्योपुर: मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्योपुर, श्रीमती सौम्या आनंद की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में एसीईओ श्री अजय उपाध्याय, परियोजना अधिकारी श्री विक्रम जाट, श्रीमती राजेश शर्मा, श्रीमती सारिका पाटीदार, डीपीएम एनआरएलएम श्री सोहनकृष्ण मुदगल, डीपीएम आरजीएसए श्री उदय सिंह धाकड सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। जनपद पंचायत श्योपुर, कराहल एवं विजयपुर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी जुड़े।

बैठक में लंबित टी.एल., जनसुनवाई प्रकरण, शाखावार लंबित शिकायतें, प्राथमिकता पत्र एवं हाईकोर्ट प्रकरणों के जवाब समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान, मुक्तिधाम विकास कार्य तथा पीएम श्रमयोगी मानधन योजना की समीक्षा हुई। सामुदायिक भवन निर्माण, बाढ़ राहत समितियों का गठन, नाव संचालन हेतु अनुमति एवं सुरक्षा के निर्देश भी प्रदान किए गए। वर्षाकाल से पूर्व ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, अनुपयोगी कुओं की तार फेंसिंग, 300 दिनों से अधिक की सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण तथा पेयजल शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण कर शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

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मुरैना : कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा जिले में निर्माण कार्यों के लिए खनिज रेत की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 5 रेत भंडारण अनुज्ञप्तियां और 27 एम-सेण्ड खदानों को स्वीकृति दी गई है। इससे आमजन, शासकीय विभागों, फर्मों एवं कंपनियों को निर्माण कार्यों के लिए रेत और एम-सेण्ड की उपलब्धता में आसानी होगी।

स्वीकृत रेत भंडारण स्थलों में ग्राम मुरवई (सबलगढ़ तहसील) में कुशवाह कन्स्ट्रक्शन कंपनी के पार्टनर श्री चंद्रभान सिंह जादौन, ग्राम उरहाना (तानमोर तहसील) में घिरौंगी मिनरल के पार्टनर श्री कौशलेन्द्र सिंह गुर्जर, ग्राम सिकरोदा में श्री अवदेश कुमार सिंह और श्री गजेन्द्र सिंह जादौन, तथा ग्राम बमरौली में एमसीसी इंफ्राटेक प्रा.लि. शामिल हैं।

एम-सेण्ड खदानें ग्राम बिसेठा, रंचोली, अरदोनी, पढ़ावली, उरहाना, बड़वारी, खेरिया चुन्हेटी और मलखानपुरा में संचालित होंगी। ये खदानें आमजन, शासकीय विभागों और निर्माण कंपनियों को कृत्रिम रेत उपलब्ध कराएंगी, जो निर्माण कार्यों में उपयोगी विकल्प के रूप में काम आएगी।

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मुरैना : कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। ग्राम अल्लाबेली, ए.बी. रोड तथा बामोर ए.बी. रोड स्थित ई-चेक गेट पर जांच के दौरान 05 वाहनों पर कुल 22 लाख 48 हजार रुपये के ई-चालान जारी किए गए।

जांच में वाहनों में बिना ई-टीपी, ओवरलोडिंग, डबल ट्रिप, मिनरल मिसमैच तथा बिना रॉयल्टी रसीद के खनिज परिवहन जैसी अनियमितताएं पाई गईं। वाहन क्रमांक एमपी-06-एचसी-5146, आरजे-32-जीडी-9162, आरजे-34-जीए-3595, आरजे-11-जीबी-3573, और एचआर-38-एएल-1287 पर अलग-अलग आर्थिक दंड लगाए गए। कलेक्टर ने बताया कि यह कार्रवाई 24×7 निरंतर जारी रहेगी और अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा। जिला खनि अधिकारी श्री सुखदेव कुमार निर्मल के नेतृत्व में विभागीय टीम द्वारा समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है।

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मुरैना: कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न वितरण में लापरवाही बरतने वाले मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के परिवहनकर्ता प्रभात सिंह तोमर पर अनुबंध की शर्तों के अनुसार ₹50,451 का दंड लगाया है। मई एवं जून 2026 के खाद्यान्न आवंटन के उठाव कार्य में परिवहनकर्ता ने निर्धारित समयावधि का पालन नहीं किया और उचित मूल्य दुकानों तक समय पर राशन नहीं पहुंचाया।

जिला आपूर्ति नियंत्रक से प्राप्त जानकारी के आधार पर कलेक्टर ने इस मामले को गंभीर लापरवाही माना और सख्त कार्रवाई की। श्री जांगिड़ ने जिले के सभी परिवहनकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे खाद्यान्न आवंटन का उठाव निर्धारित समय में करें और उचित मूल्य दुकानों तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रभावित न हो और पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन उपलब्ध हो सके।

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ग्वालियर: जिले के किसानों को ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ई-टोकन द्वारा उर्वरक प्रदान किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खाद वितरण केवल ई-टोकन के माध्यम से ही किया जाए। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री आरबीएस जाटव ने बताया कि जिले में 9344 मैट्रिक टन यूरिया, 2259 मैट्रिक टन डीएपी, 8612 मैट्रिक टन एनपीके, तथा 4388 मैट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध हैं, जिससे कुल खाद की उपलब्धता 24,921 मैट्रिक टन है।

भारत सरकार की आपूर्ति कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में निरंतर खाद की आपूर्ति की जा रही है। खाद की जानकारी सोसायटी, मार्कफेड के डबल लॉक केंद्र और निजी दुकानों के अनुसार ई-विकास पोर्टल पर उपलब्ध है। किसान अपनी पसंदीदा दुकान या सोसायटी से पोर्टल पर खाद की बुकिंग कर निर्धारित प्रक्रिया से खाद ले सकते हैं। ई-विकास प्रणाली में राजस्व पट्टाधारी, वन पट्टाधारी, सिकमी किसान, शारीरिक रूप से अक्षम, वृद्ध किसान, मृतक किसान के वारिस तथा धार्मिक संस्थान एवं ट्रस्ट की भूमि के लिए भी खाद उपलब्ध है।

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ग्वालियर : सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर ग्वालियर जिले को लक्ष्य से अधिक अंशदान राशि एकत्रित करने पर प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान भोपाल के राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल द्वारा टीम ग्वालियर को प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान कर दिया गया। कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान की ओर से यह सम्मान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल नरेन्द्र सिंह तोमर (सेवानिवृत्त) ने प्राप्त किया।

कर्नल नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि 7 मई को कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने बताया कि 7 दिसंबर 2024 को आयोजित सशस्त्र सेना झंडा दिवस के लिए निर्धारित 12 लाख 74 हजार 100 रुपए के लक्ष्य से अधिक 13 लाख 23 हजार 520 रुपए की राशि ग्वालियर जिले में संग्रहित की गई। कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने इस उपलब्धि पर जिले के सभी अधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और सक्रिय सहयोग की अपील की।

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नूरपुर, हिमाचल प्रदेश: पंचायती राज संस्थाओं के आगामी सामान्य चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। नूरपुर के एसडीएम अरुण शर्मा ने चुनावी कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि क्षेत्र में नामांकन की प्रक्रिया 7 मई 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने सभी इच्छुक प्रत्याशियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने आवेदन पूर्ण करें ताकि अंतिम समय की आपाधापी से बचा जा सके।
नामांकन और जांच का पूरा शेड्यूल
प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए 07, 08 और 11 मई 2026 की तिथियां निर्धारित की गई हैं। प्रत्याशी सुबह 11:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक अपने पर्चे दाखिल कर सकते हैं। इसके बाद प्राप्त नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) 12 मई को सुबह 10:00 बजे से शुरू होगी। नामांकन वापसी के लिए 14 और 15 मई का समय दिया गया है, जिसके तुरंत बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे।
तीन चरणों में होगा मतदान
इस बार मतदान की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी, जिसका विवरण इस प्रकार है:
प्रथम चरण: 26 मई 2026
द्वितीय चरण: 28 मई 2026
तृतीय चरण: 30 मई 2026
तीनों चरणों में मतदान का समय सुबह 07:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक रहेगा।

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ग्वालियर: सूरज उगने से पहले ग्वालियर जिले के सैकड़ों गांवों में जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर व्यापक गतिविधियाँ शुरू हो गईं। प्रदेश सरकार के “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की 55,000 से अधिक दीदियाँ अपने-अपने गांवों में पानी बचाने और स्वच्छता का संकल्प लेकर सक्रिय हुईं। जिला प्रशासन और जिला पंचायत ने इन दीदियों को प्रेरित किया, जिनके प्रयासों से हैंडपंपों की मरम्मत, स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों की सफाई, और मंदिरों की साफ-सफाई जैसे काम किए गए।

दीदियों ने “दीदी’स वॉल” नामक पहल के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों का लेखा-जोखा गांव की दीवार पर रंग-बिरंगी पेंटिंग के रूप में पेश किया, जो ग्रामीण महिलाओं की उद्यमिता और पारदर्शिता को दर्शाता है। साथ ही, दीदियों ने जल संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण का भी संकल्प लिया और “लखपति दीदी क्लब” तक गांव की पिछड़ी महिलाओं को पहुंचाने का उद्देश्य रखा। भितरवार की एक दीदी ने कहा, “हमारा गांव, हमारी जिम्मेदारी। पानी रहेगा तो खेत रहेगा, खेत रहेगा तो घर रहेगा।” इस अभियान ने साबित किया कि संगठित महिलाएं सरकारी अभियानों को गांव-गांव में जीवंत बना सकती हैं।

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भिण्ड: भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के लिए 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक अभियान चलाया जाएगा। इस संदर्भ में भिण्ड जिले में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सर्वप्रथम शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने वाले प्रगणकों को कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जिले में सर्वप्रथम कार्य पूर्ण करने वाले प्रगणक एचएलबी 22 श्री राकेश शर्मा, जो प्राथमिक शिक्षक एवं जनगणना चार्ज भिण्ड ग्रामीण से सम्बद्ध हैं, को कलेक्टर ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। सम्मान समारोह में अपर कलेक्टर, तहसीलदार, ग्रामीण चार्ज अधिकारी, जिला जनगणना कार्यालय के कर्मचारी तथा ग्रामीण चार्ज के लिपिक भी उपस्थित थे।

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उत्तर प्रदेश: सुप्रीम कोर्ट ने हनी निषाद उर्फ मोहम्मद इमरान उर्फ विक्की बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में यह निर्णय दिया कि यदि किसी अभियुक्त को कई मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी है, तो हर मुकदमे में अलग-अलग जमानतदार मांगना व्यावहारिक रूप से कठिन और अनुचित है। अदालतों को न्यायसंगत और व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए अभियुक्त को एक ही व्यक्तिगत बांड और सीमित संख्या में जमानतदार प्रस्तुत करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

इस फैसले के अनुसार, 31 अलग-अलग मामलों के लिए बार-बार नए जमानतदार देने की आवश्यकता नहीं होगी। इस निर्णय का कानूनी महत्व तब और बढ़ गया जब इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राजीव निषाद मामले में सभी 9 मामलों के लिए एक ही बांड और दो जमानतदार स्वीकार करने का आदेश दिया। यह निर्णय खासकर उन मामलों में उपयोगी है जहाँ आरोपी गरीब हो और हर केस में अलग-अलग जमानतदार पेश करना असंभव हो।

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भोपाल: स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा होटल पलाश रेसीडेंसी में उपयोगित जल प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में प्रदेशभर से तकनीकी विशेषज्ञों, इंजीनियर्स एवं अधिकारियों ने भाग लिया और उपयोगित जल प्रबंधन, सीवरेज सिस्टम, एसटीपी डिज़ाइन, उपचारित जल के पुनरुपयोग तथा नाला टैपिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने कहा कि एसबीआर एवं बायोनेस्ट जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयसीमा के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में तकनीकी नवाचार, विभागीय समन्वय तथा प्रकृति आधारित समाधानों के माध्यम से स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल शहरों के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।

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कानूनी मामले में यदि जांच अधिकारी (IO) ने आपके केस में गलत विवेचना कर चार्जशीट दाखिल की है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कानून आपको हाई कोर्ट में Quashing Petition, ट्रायल कोर्ट में Discharge, Further Investigation की मांग, IO के खिलाफ शिकायत और Protest Petition जैसे कई अधिकार प्रदान करता है, जिनके जरिए आप न्याय प्राप्त कर सकते हैं। सही जानकारी और सही समय पर उठाया गया कदम आपके केस की दिशा बदल सकता है।

IO पुलिस विभाग का वह अधिकारी होता है जिसे किसी केस की जांच सौंपी जाती है। आमतौर पर सब-इंस्पेक्टर (SI), असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) या कभी-कभी इंस्पेक्टर (Inspector) IO नियुक्त होते हैं। IO का नाम और नंबर FIR की कॉपी में या पुलिस थाना के मुंशी, ड्यूटी ऑफिसर या SHO से प्राप्त किया जा सकता है। इस प्रकार, IO वही व्यक्ति होता है जो आपके केस की पूरी जांच करता है।

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प्रयागराज: एक ब्राह्मण जो माघ मास की संक्रांति पर त्रिवेणी में स्नान करता था, बीमार होने के कारण अपने पुत्र को गंगा जल लाने और स्नान कराने का आदेश देता है। पुत्र त्रिवेणी में स्नान कर जल लेकर जा रहा था, तभी उसे एक प्रेत मिला जो गंगाजल पीकर मुक्त होना चाहता था। प्रेत ने बताया कि वह क्रोधवश ब्रह्मवेत्ता ब्राह्मण की हत्या के कारण ब्रह्मराक्षस बना था और आठ वर्षों तक इस अवस्था में रहा।

प्रेत की इच्छा थी कि वह गंगाजल पाकर मुक्त हो जाए। ब्राह्मणपुत्र ने अपने पिता के नियम के कारण पहले हिचकिचाया, लेकिन प्रेत ने उपाय सुझाया कि पहले उसे जल पिला दे और नेत्र बंद करके वह अपने पिता के पास पहुंच जाएगा। पुत्र ने ऐसा किया और गंगाजल लेकर अपने पिता के पास पहुंच गया। इस कथा के माध्यम से गंगाजी के पुण्य और उसके पाप नाशक प्रभाव का उल्लेख भगवान व्यास और भगवान शंकर के वचनों से किया गया है।

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कानूनी मामलों में आजकल ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जहां रजिस्ट्री हो जाने के बाद भी जमीन का पूरा मूल्य विक्रेता को नहीं मिलता है या रजिस्ट्री में मूल्य चेक के रूप में मेंशन होता है जो बाद में बाउंस हो जाता है। भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 25 के अनुसार बिना प्रतिफल के अनुबंध शून्य होता है तथा संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 की धारा 54 के अनुसार विक्रय तभी पूर्ण माना जाता है जब मूल्य का भुगतान हो या भुगतान का वचन दिया गया हो।

तीन प्रमुख परिस्थितियां हैं: पहली, यदि प्रतिफल की धनराशि बिल्कुल नहीं मिली तो रजिस्ट्री शून्यकरणीय हो सकती है और विक्रेता Specific Relief Act 1963 की धारा 31 के तहत न्यायालय में विक्रय विलेख रद्द करने का वाद दायर कर सकता है। दूसरी, यदि विलेख में लिखा हो कि मूल्य मिल गया लेकिन वास्तव में नहीं मिला तो यह धोखाधड़ी मानी जाती है और IPC की धारा 420 के तहत आपराधिक मामला बनता है। तीसरी स्थिति में यदि दिया गया चेक बाउंस हो जाता है तो Negotiable Instruments Act 1881 की धारा 138 के तहत आपराधिक अपराध माना जाता है तथा रजिस्ट्री निरस्तीकरण और चेक बाउंस दोनों मामले एक साथ चलाए जा सकते हैं।

न्यायालय में दीवानी वाद, आपराधिक शिकायत और स्थगन आदेश के लिए समय सीमा सामान्यतः 3 वर्ष होती है। आंशिक भुगतान होने और शेष राशि न मिलने पर न्यायालय विक्रेता को विकल्प देता है कि वह रजिस्ट्री निरस्त कर संपत्ति वापस प्राप्त करे या शेष राशि का भुगतान करवाए। यदि खरीदार शेष राशि जमा नहीं करता तो निरस्तीकरण होता है और विक्रेता की इच्छा को प्राथमिकता दी जाती है।

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जो जन डाबर तैल लगावै
बाबर नाम निकट नही आवै

ये 16 मार्च 1527 का दिन था। बाबर की फौज खानवा के मैदान में राणा सांगा से लोहा लेने को खडी थी। लेकिन सांगा का प्लान अलग था।

उसकी सेनाएं तेल लेने गयी थी।
तेल वही-डाबर का।

जिसके बारे में मशहूर था कि वह बाबर का नाम मिटा देती है। लेकिन पेगागस की मदद से सांगा की पूरी वजट्सप चैट बाबर तक आ रही थी।

बाबर इस टेक्टीक से वाकिफ़ था। पिछले साल इब्राहिम लोधी ने यह तेल ईजाद किया था।

जिस तरह लाल हिट कॉकरोच को, और काला हिट मच्छरों के खात्मा करता है, वैसे ही डाबर तेल, बाबर की सेना का खात्मा करता था।

अब बस इस तेल की सप्लाई चाहिए थी। जो स्ट्रेट ऑफ होरमुज से आने वाली थी। बाबर ने अपने प्रिय कांग्रेसियो से सम्पर्क किया। उन लोगों ने चीन की मदद से स्ट्रेट ऑफ होरमुज बन्द कर दी।

सप्लाई अटक गई।

बिना डाबर के तेल, बाबर का नाम कैसे मिटता। आखिर इब्राहिम हारा, और बाबर पानीपत जीत गया। लेकिन यह टेक्निक किसी तरह राणा सांगा को मिल गयी थी।

अब भयंकर संकट सामने था।

बाबर ने सोची तदबीर
जिससे चमक उठे तकदीर

उसने अपने चार्ली और अल्फा कमांडो तेल की सप्लाई रोकने में लगा दिए।

रात के अंधेरे में जैसे ही सप्लाई आयी, कमांडोज ने उसे घेर लिया। कांच की बोतले तोड़ दी। और प्लास्टिक की बोतलों में डाबर तेल फेंक, उसमे अडानी जी का फार्च्यून रिफाइंड ऑयल भर दिया।

इसकी किसी को कानोकान खबर नही हुई।

अगली सुबह युद्ध शुरू हुआ।

राणा सांगा घोड़े पर सवार होकर बोले- अरे ओ सिपाहियो! आज डाबर आंवला केश किंग तेल लगाकर चलो। बाल चमकेंगे तो हौसला भी चमकेगा। बाबर को देखते ही तेल लगाओ, नाम मिटाओ" का नारा लगाना!

सिपाही: सर, लेकिन बाबर ने रात में ही हमारी सप्लाई रोक दी है!
सांगा- कैसे?
सिपाही: उसने अफगान गुर्गों को भेजकर सारे डाबर के तेल के कंटेनर पंचर कर दिए! आंवला, बादाम, ब्राह्मी सब सूखे पड़े हैं! अब हमारे बाल रूखे हैं,

और हौसला भी सूख गया है हुजूर।

दूसरी तरफ उसके सेनापति ने तोपचियों में तेल बांटा। उन्हें क्या पता था कि इसमे डाबर नही, फॉरच्यून का पाम ऑइल भरा है। वे तेल चुपड़ कर लड़े।

लेकिन पाम ऑइल में डाबर वाला दम कहाँ।

सारे खेत रहे। बाबर युद्ध जीत गया। पूरे हिंदुस्तान पर उसकी बादशाहत छा गयी। मुगल वंश उदय हुआ।

इतिहास की किताबो में पीएन ओक ने लिखा- राजपूत सेनाएं वीरता से लड़ी। मगर बिना तेल के बाल सूख गए, हौसला टूट गया।

इतिहास के इस चेप्टर की पंचलाइन थी- जिसकी तेल सप्लाई कट गई, उसकी जीत भी कट गई।

यह किताब कांग्रेसियो ने दबा दी।

मगर सत्य पराजित हो सकता है, परेशान नही। एक दिन, पराजित सत्य का वह पन्ना बिना परेशानी के, व्हाट्सप पर अवतरित हुआ। जिसमे लिखा था-

जो जन डाबर तैल लगावै
बाबर नाम निकट नही आवै

पन्ना वाइरल हो गया। डाबर तेल की बिक्री में इजाफा हुआ। पार्टी ने स्टॉक भर भरकर कैडर में बांटा। औऱ फिर सँगठन की शक्ति, ज्ञानेश के आशीर्वाद और डाबर तेल की चिकनाई से युद्ध का श्रीगणेश किया।

औऱ बाबर की मौत के 600 साल बाद, भारत के नौनिहालों ने उसका नाम बंगाल से मिटा दिया।

लेकिन जी अभी भरा नही है। वहां तीन दिन से गली गली गूंज रहा है

तेल लगाओ डाबर का
नाम मिटाओ बाबर का

भामाकीजै!!

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