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महराजगंज। जिले में रसोई गैस और व्यवसायिक गैस की बढ़ती किल्लत को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने गैस संकट को गंभीर जनसमस्या बताते हुए जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की।
सपा नेताओं का कहना है कि जिले में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से हजारों घरों में रसोई का काम प्रभावित हो रहा है। वहीं व्यवसायिक गैस की कमी के कारण होटल, ढाबे और छोटे खाद्य प्रतिष्ठान भी परेशानी झेल रहे हैं।
पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से जिले के कई क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की समय पर आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग कराने के बाद भी कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि गैस एजेंसियों की मनमानी और कालाबाजारी के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। कई स्थानों पर गैस सिलेंडर निर्धारित कीमत से अधिक दामों पर बेचे जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
सपा पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि जिले में रसोई गैस और व्यवसायिक गैस की आपूर्ति तत्काल सुचारू कराई जाए तथा कालाबाजारी में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही इस समस्या के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध भी उचित कार्रवाई की जाए।
नेताओं ने कहा कि गैस बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए और गैस एजेंसियों की मनमानी पर प्रभावी रोक लगाई जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर शीघ्र ठोस कदम उठाएगा, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।

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दामजीपूरा में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति का क्षमतावर्धन प्रशिक्षण संपन्न

दामजीपूरा (बैतूल), 13 मार्च 2026, शुक्रवार।
बैतूल जिले के दामजीपूरा में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी एवं ब्लॉक समन्वयक राजू मांडवे के मार्गदर्शन में नवांकुर संस्था नव एकलव्य मानव सेवा समिति खुर्दा द्वारा ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति का क्षमतावर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, शासन की योजनाओं, साइबर सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सामुदायिक नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई।

प्रशिक्षण के दौरान लवकेश मोर्से ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रस्फुटन योजना, नवांकुर योजना तथा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के बारे में उपस्थित प्रतिभागियों को अवगत कराया। उन्होंने परिषद की कार्यप्रणाली, ग्राम स्तर पर समितियों की भूमिका तथा समितियों के आवश्यक दस्तावेजों को तैयार करने और उन्हें व्यवस्थित रूप से संचालित करने की प्रक्रिया पर भी मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम में चौकी प्रभारी रघु कोकोड़े ने ग्रामीणों को यातायात नियमों, साइबर क्राइम से बचाव तथा कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए आम नागरिकों को जागरूक और सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

ग्राम पंचायत डूलारिया के सरपंच अनिल उइके ने अपने संबोधन में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्राम स्तर पर नेतृत्व की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ग्राम की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयास और सक्रिय नेतृत्व के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है।

ग्राम दामजीपूरा प्रस्फुटन समिति की अध्यक्ष ऊषा नीलकमल डिकारे ने समिति की भूमिका और उसके माध्यम से ग्राम विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।

वहीं पत्रकार अलकेश धुर्वे ने भी साइबर क्राइम के प्रति जागरूकता बढ़ाने और ग्राम स्तर की समस्याओं को आपसी सहयोग से हल करने पर अपने विचार साझा किए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सरपंच पालंगा अशोक इवने, वनरक्षक मंसाराम चौहान, बाटलाकला से मनोज छेरके, राहुल करछले, दामजीपूरा से रितेश बाकोरिया, यूनुस खान, सुशील काजले, बटकी से शिवप्रसाद कवड़े, दूलिया से दयालाल सलामे, नंदलाल आठवां, पंतुलाल कसडेकर, मोनिका परते, प्रमोद परते, रामवती वट्टी, रामरति परते, कंचनलता उइके, प्रकाश उइके, प्रकाश इरपाचे सहित विभिन्न ग्रामों की समितियों के सदस्य एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ ग्राम विकास में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया।

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Dhaka ke maidaan par ghamasan, ghussa aur ek aisi ghatna jisne 'spirit of cricket' par ek baar phir se bade sawaal khade kar diye hain!

Pakistan

ke star batter

Salman Ali Agha

ko

Bangladesh

ke

Mehidy Hasan Miraz

ne run-out kiya, aur uske baad jo hungama hua, usne pure cricketing fraternity ko discuss karne par majboor kar diya. Kya

Agha

ke ghusse ke peeche koi asli wajah thi, ya bas

Pakistan

ki team ka purana 'pressure handling' issue phir se dikh gaya?




Asli Maajra: Run-Out Se Lekar 'Sportsman Spirit' Ke Gyan Tak




Darasal,

Bangladesh

ke khilaaf doosre

ODI

mein,

Salman Ali Agha

(jisne 64 balls mein 62 runs banaye the) non-striker end par the.

Mohammad Rizwan

ne ek shot khela aur ball seedha

Agha

ki taraf gayi. Woh apne crease se bahar the, aur ball unke pad se lagne ke baad bat se lagi.

Agha

ne socha ki ball dead ho chuki hai, aur woh use utha kar

Mehidy

ko dene ja rahe the. Lekin

Mehidy Hasan Miraz

ne iss mauke ko bhaamp liya aur lapak kar stumps udaye. Result:

Agha

run-out!




Jo iske baad hua, woh classic

Pakistani

drama tha!

Agha

bhai ne toh poori field par apna ghussa nikal diya. Gloves zameen par patke, helmet phenka, jaise koi personal beizzati ho gayi ho. Decision se bilkul na-khush the. Hum sabne socha, ab toh

Pakistan

ki team ki taraf se cricket ki saari kitabein nikal kar dikhayi jaayengi. Lekin, match ke baad,

Agha

post-match press conference mein aaye, aur kahan ki

captain Shaheen Shah Afridi

aur

player of the match Maaz Sadaqat

se pehle hi, unhone 'hawa saaf' karne ki koshish ki.




"I think sportsman spirit has to be there,"

Agha

ne bade gyan ke saath kaha. "What he

[Mehidy]

has done is in the law. I think if he thinks it's right, it's right, but if you ask me my perspective, I would have done differently. I would have gone for sportsman spirit. We haven't done this

[type of thing]

previously, we would never do that in the future as well." Bhai, jab khud ki wicket jaati hai, tab hi 'sportsman spirit' yaad aati hai? Aur 'hum toh aise nahi karte' wali line toh

Pakistan

cricket ki legacy ban gayi hai. Apni galti ka blame game, dusron par gyan, aur phir wahi ghaple. Unhone explain kiya ki woh toh ball wapas kar rahe the, run lene ka irada nahi tha. Matlab,

Mehidy

ne bina soche samjhe action le liya? Kamaal hai!




Apne ghusse par pachtava karte hue

Agha

ne ise "heat-of-the-moment" ka tag de diya. Jab

Bangladesh

ke wicketkeeper

Litton Das

se argument hua, toh uski details toh nahi batayi, par ishaara de diya ki "I'm sure I wasn't saying nice things, and I'm sure he wasn't saying nice stuff as well." Wah re wah, yeh hai

Pakistan

ki 'bhai-chara' wali cricket! Aur jab pucha gaya ki

Mehidy

se sulah hui ya nahi, toh jawab aaya: "I haven't yet, but don't worry, I'll find him." Ab bhai, yeh dhundhne ka irada kya hai, woh toh

Agha

hi jaane! Lagta hai match jeetne ke baad bhi gussa thanda nahi hua.




Analysis & Numbers: Kya Thi Is Ghusse Ki Asli Wajah?







Salman Ali Agha

ka dismissal: 64 runs off 62 balls, ek crucial innings thi jo ek controversial run-out par khatam hui.




Mehidy Hasan Miraz

ka Presence of Mind: Lawfully correct action, jo

Agha

ki galti ka faayda uthaya. Cricket rules ke mutaabik, non-striker end par ball dead tab tak nahi hoti jab tak bowler action pura na kare ya umpire ishaara na de.




Agha

ka Reaction: Initial ghussa, gloves phenkna, aur phir press conference mein "sportsman spirit" ka gyan dena,

Pakistan

players ki mental fragility par sawaal khada karta hai.




Match Ka Result: Bhale hi

Pakistan

ne

Bangladesh

ko 128 runs se

DLS

method se haraya, lekin yeh incident team ki unity aur composure par ek daag laga gaya.










The Guru Gyan Verdict:





The Guru Gyan ka seedha funda: Rules sabke liye same hote hain.

Salman Ali Agha

ka ghussa aur phir 'sportsman spirit' ka lecture,

Pakistan

ki team ki us purani aadat ko dikhata hai jahan apni galti ko accept karne se pehle sau bahane bante hain. "I'll find him" jaisi dhamki-bhari baat, bhale hi mazak mein kahi gayi ho, lekin yeh dikhati hai ki

Pakistani

players apni haar ya controversial moments ko kitni mushkil se digest karte hain. Cricket ke मैदान पर 'spirit' ki baat karna achha hai, par jab stumps khud ki udti hain, tab sabse pehle khud ke actions ko dekhna chahiye! Ek team jo World Cup mein India se haar kar moral lectures deti hai, woh khud aise incidents mein caught-out ho jaati hai. Yeh hai

Pakistan

cricket ki asli kahani!








Stay tuned to The Guru Gyan for more unfiltered cricket masala!

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गोरखपुर। आम जनता को एलपीजी गैस से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने ई-डिस्ट्रिक्ट कार्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम की स्थापना कराई है। इस कंट्रोल रूम का उद्देश्य कुकिंग गैस सिलेंडर की आपूर्ति, बुकिंग और वितरण से संबंधित शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है, ताकि किसी भी उपभोक्ता को गैस सिलेंडर के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
कंट्रोल रूम में प्राप्त होने वाली शिकायतों को तुरंत संबंधित गैस एजेंसी और अधिकारियों तक भेजा जाएगा, जिससे समस्याओं का जल्द निस्तारण किया जा सके।
☎ कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर:
0551-2201052
यह कंट्रोल रूम प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से रात 8:00 बजे तक सक्रिय रहेगा।
जिलाधिकारी ने जनसामान्य से अपील की है कि यदि एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति, बुकिंग, वितरण या अन्य किसी प्रकार की समस्या हो तो इस नंबर पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि उसका शीघ्र समाधान कराया जा सके।

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धनबाद में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारी शुरू हो गई है। मकान सूचीकरण और मकानों की गणना को लेकर जिला प्रशासन ने अधिकारियों और तकनीकी सहायकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है।

समाहरणालय सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी Aditya Ranjan, नगर आयुक्त Ashish Gangwar, अनुमंडल दंडाधिकारी Lokesh Barange और अपर समाहर्ता Vinod Kumar ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि जनगणना किसी भी देश के विकास, योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों का निर्धारण किया जाता है। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ दशक के बाद यह जनगणना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, इसलिए सभी अधिकारी और कर्मी इसे पूरी जिम्मेदारी के साथ संपन्न करें।

प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय, रांची से आए राष्ट्रीय प्रशिक्षक सह सहायक निदेशक Murari Mohan ने प्रतिभागियों को मकान सूचीकरण और भवनों की गणना से जुड़ी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी। मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए प्रगणक हर घर और हर ब्लॉक का डेटा संग्रह करेंगे, जिससे जानकारी तेजी और सटीकता के साथ दर्ज की जा सकेगी।

प्रशिक्षण के बाद सभी चार्ज अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य शुरू करेंगे।

इस मौके पर जिला प्रशासन के कई अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और अन्य संबंधित कर्मी भी मौजूद रहे।

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गण्डारा बहराइच से
मुहम्मद आरिफ (आईमा मीडिया )

*बहराइच में बिजली के खम्भे पर काम कर रहे एक लाइनमैन की करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।*

घटना से इलाके में हड़कंप मच गया, वहीं परिजनों ने बिजली विभाग की घोर लापरवाही का आरोप लगाया है।
बताया जा रहा है कि यह घटना थाना दरगाह क्षेत्र के गुल्ला बीर इलाके की है, जहां बिजली के खम्भे पर कार्य कर रहे लाइनमैन दीप नरायन मौर्या (40 वर्ष) अचानक बिजली की चपेट में आ गए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मृतक जनपद बहराइच के ग्राम मिर्जापुर, थाना रामगांव का निवासी बताया जा रहा है।
घटना के बाद गुस्साए परिजन और स्थानीय लोग डीएम आवास पहुंच गए और बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। परिजनों का आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था और बिजली सप्लाई बंद किए बिना ही लाइनमैन को खम्भे पर काम करने के लिए भेज दिया गया था।

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धनबाद में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनता दरबार में आम लोगों की समस्याओं को सुना गया। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी Aditya Ranjan ने लोगों की शिकायतें सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को जल्द समाधान के निर्देश दिए।

13 मार्च को उपायुक्त आदित्य रंजन ने अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया, जिसमें जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।

जनता दरबार के दौरान जलापूर्ति, ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट, रैयती जमीन पर अवैध कब्जा, दिव्यांग पेंशन, आवास योजना का लाभ, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन भुगतान, राशन कार्ड बनाने सहित कई मामलों से जुड़ी शिकायतें सामने आईं।

इसके अलावा बीसीसीएल द्वारा ब्लास्टिंग से घर और जमीन को नुकसान पहुंचने, डीएमएफटी फंड से डीप बोरिंग और सोलर पंप के जरिए पेयजल उपलब्ध कराने, चौकीदार बहाली की दूसरी सूची जारी करने और दुकान पर जबरन कब्जा करने जैसी शिकायतें भी दर्ज कराई गईं।

उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जांच कर जल्द समाधान करने का निर्देश दिया।

इस मौके पर उपायुक्त ने लोगों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और सभी मामलों का विधि सम्मत निपटारा किया जाएगा।

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विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार

बिहार की राजस्व व्यवस्था लंबे समय से सवालों के घेरे में रही है। आम नागरिक जब भी जमीन से जुड़े किसी काम—दाखिल-खारिज, परिमार्जन, जमीन मापी या एलपीसी—के लिए अंचल कार्यालय का दरवाजा खटखटाता है, तो उसे सबसे पहले जिस चीज़ का सामना करना पड़ता है, वह है भ्रष्टाचार, देरी और दलालों का जाल।

अब जब राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सरकार ने यह फैसला लिया है कि अंचल के काम BDO और पंचायत सचिव करेंगे, तो यह सिर्फ एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर एक कड़ा सवाल भी है।

सवाल नंबर 1: क्या अंचल कार्यालय “मोनोपॉली” का अड्डा बन चुका था?
सरकार खुद मान रही है कि अंचल कार्यालयों में एक तरह की मोनोपॉली बन गई थी।
अगर ऐसा नहीं होता तो हड़ताल के समय सरकार को इतनी बड़ी वैकल्पिक व्यवस्था करने की जरूरत क्यों पड़ती?
यह सवाल सीधे-सीधे राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठता है।

सवाल नंबर 2: आम जनता को सालों से क्यों झेलनी पड़ी परेशानी?
गांव-देहात का एक गरीब किसान जब जमीन के कागज ठीक कराने जाता है तो उसे महीनों-सालों तक चक्कर काटने पड़ते हैं।
कई जगहों पर आरोप लगते रहे हैं कि बिना “गुड़” के फाइल आगे नहीं बढ़ती।
अगर अब BDO और पंचायत सचिव यह काम कर सकते हैं, तो फिर सवाल उठता है कि:
अब तक यह व्यवस्था क्यों नहीं बनाई गई?
सवाल नंबर 3: हड़ताल की असली वजह क्या है?
राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल सिर्फ वेतन या सेवा शर्तों का मामला नहीं बताई जा रही। कई लोग इसे अधिकार और प्रभाव क्षेत्र की लड़ाई भी मान रहे हैं।
अगर सरकार की नई व्यवस्था सफल हो जाती है, तो यह अंचल कार्यालयों की पुरानी व्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।

असली परीक्षा अब शुरू

सरकार ने डिजिटल मॉड्यूल और वैकल्पिक व्यवस्था की घोषणा तो कर दी है, लेकिन असली परीक्षा अब होगी:
क्या यह व्यवस्था सच में काम करेगी?
क्या जनता को राहत मिलेगी?
या फिर यह फैसला भी कागजों तक ही सीमित रह जाएगा?

निष्कर्ष

हड़ताल पर “हथौड़ा” चलाना आसान है, लेकिन सिस्टम की जड़ में बैठी समस्याओं को खत्म करना ही असली चुनौती है।
अगर सरकार सच में पारदर्शी और जवाबदेह राजस्व प्रशासन बनाना चाहती है, तो उसे सिर्फ वैकल्पिक व्यवस्था नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, देरी और दलाल तंत्र पर भी निर्णायक प्रहार करना होगा।
क्योंकि आखिरकार सवाल सिर्फ एक है—
क्या बिहार की जमीन व्यवस्था सच में आम जनता के लिए आसान होगी, या फिर यह लड़ाई अभी लंबी है?

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धनबाद में स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए अब “स्मार्ट लोन समाधान” प्रणाली लागू की जाएगी। इस नई व्यवस्था के जरिए प्रधानमंत्री रोजगार योजनाओं के तहत लोन की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाया जाएगा।

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी Aditya Ranjan ने नगर आयुक्त, बैंक अधिकारियों और “स्मार्ट लोन समाधान” के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इस नई प्रणाली की विस्तृत जानकारी ली।

बैठक में बताया गया कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) और मुद्रा लोन जैसे माइक्रो लोन को कम समय में सरल तरीके से स्वीकृत और वितरित किया जा सकेगा।

उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि इस प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से लोन आवेदन की प्राप्ति, स्क्रूटनी, स्वीकृति और डिसबर्समेंट की प्रक्रिया तेजी से पूरी होगी। इससे आवेदन अस्वीकृत होने की संभावना भी कम होगी और अधिक लोगों को योजना का लाभ मिल सकेगा।

स्मार्ट लोन समाधान के प्रतिनिधियों ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान AI आवेदक से सीधे बातचीत कर जरूरी दस्तावेज मांगेगा, सिबिल स्कोर की जांच करेगा, फेस वेरिफिकेशन करेगा और व्यवसायिक स्थल का जियो टैग वीडियो भी तैयार करेगा।

प्रथम चरण की जांच पूरी होने के बाद आवेदन प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक और फिर बैंक तक भेजा जाएगा। इससे योग्य आवेदनों को जल्दी स्वीकृति मिलने में मदद मिलेगी।

बैठक में नगर आयुक्त Ashish Gangwar, अनुमंडल दंडाधिकारी Lokesh Barange, एलडीएम Amit Kumar सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।

जिला प्रशासन का मानना है कि इस नई प्रणाली से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में नए व्यवसाय शुरू करने में लोगों को आसानी होगी।

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ఆంధ్రప్రదేశ్‌లో Pawan Kalyan ఆధ్వర్యంలోని Jana Sena Party 13వ ఆవిర్భావ దినోత్సవ వేడుకల సందర్భంగా నెల్లూరు నగరంలో విద్యార్థులకు విద్యా అవసరాల కిట్లు పంపిణీ చేశారు.
నెల్లూరు నగరంలోని మద్రాస్ బస్టాండ్ సెంటర్‌లో ఉన్న ప్రభుత్వ బాలికల వసతిగృహంలో 10వ తరగతి చదువుతున్న విద్యార్థులకు ప్యాడ్లు, పెన్లు మరియు జ్యామెట్రీ బాక్సులను అందజేశారు. ఈ కార్యక్రమాన్ని జనసేన పార్టీ సీనియర్ నాయకులు మరియు పవన్ కళ్యాణ్ అభిమాన సంఘం అధ్యక్షులు Pothuraju Tony Babu ఆధ్వర్యంలో నిర్వహించారు.
ఈ సందర్భంగా టోనీ బాబు మాట్లాడుతూ, జనసేన పార్టీ అధినేత పవన్ కళ్యాణ్ విద్యార్థులను ఎప్పుడూ ప్రోత్సహిస్తూ వారి అవసరాలను తెలుసుకుని సహాయం చేస్తున్నారని తెలిపారు. విద్య అనేది ప్రతి ఒక్కరికీ అవసరమని, ముఖ్యంగా పేద మరియు మధ్యతరగతి కుటుంబాల నుంచి వచ్చిన విద్యార్థులు చదువులో ముందుకు వెళ్లి తమ తల్లిదండ్రుల కలలను నెరవేర్చాలని సూచించారు.
రానున్న పరీక్షల్లో మంచి ఫలితాలు సాధించి జీవితంలో ఉన్నత స్థాయికి చేరుకోవాలని విద్యార్థులకు ఆకాంక్షించారు.

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