logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

AIPF के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमित शुक्ला ने संसद श्री सत्यदेव पचौरी को दिया ज्ञापन

ऑल इंडिया फार्मासिस्ट फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमित शुक्ला ने कानपुर से लोकसभा सांसद श्री सत्यदेव पचौरी जी से कहा सभी फार्मासिस्ट साथी आपके माध्यम से भारत सरकार का ध्यान फार्मासिस्ट संवर्ग की समस्याओं की ओर आकृष्ट कराना चाहते है तथा सहयोग की अपेक्षा रखते है, क्योंकि फार्मासिस्ट चिकित्सा व्यवस्था की रीढ़ होता है, वह मरीज और डॉक्टर के बीच सेतु का काम करता है।

लेकिन कतिपय कारणों से आज भारतवर्ष के समस्त साथी स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं जबकि कोरोनाकाल में जब अस्पतालों (प्राइवेंट) व चिकित्सकों ने अपनी क्लीनिक बंद कर दी थी। एक फार्मासिस्ट ही ऐसा व्यक्ति था जो बगैर भेदभाव और प्रोत्साहन के मरीजों को दवा उपलब्ध करवा रहा था। तथा सेवा परमो धर्मा की सूक्ति को सही मायने में चरितार्य कर रहा या महोदय फार्मासिस्ट को फार्मेसी एक्ट 1948 व ड्रग एण्ड कास्मेटिक एक्ट 1940 के प्रावधानों के मुताबिक दवा वितरण का कानूनी अधिकार है।

फार्मासिस्ट रिसर्च उत्पादन वितरण व काउन्सिलिंग के माध्यम से अपने काम को अंजाम दे रहा था । ऑल इंडिया फार्मासिस्ट फेडरेशन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष श्री अमित शुक्ला ने प्रमुख मांगे निम्न हैं। 1) फार्मास्युटिकल मिनिस्ट्री जो स्व० अनन्त कुमार जी ने संसद में प्रस्तावित बताई थी उसे अस्तित्व में लाया जाए। (2) डिप्लोमा फार्मेसी व डिग्री फार्मेसी में एडमिशन नीट या कोई भी अन्य केन्द्रीय या राज्य स्तरीय परीक्षा के माध्यम से कराया जाए जिससे अवैध कालेजों पर रोक लगे। (3)- फार्मेसी काउन्सिल आफ इन्डिया का पुर्णतया डिजिटिलाइजेशन हो क्योंकि पोर्टल पर PRTS सिस्टम आज तक लागू नहीं हो पाया तथा फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन किसी अन्य राज्य में ट्रांसफर होने की प्रक्रिया पुर्णतया आनलाइन हो क्योंकि अभी 3- 4 वर्ष लग जाते हैं ट्रांसफर होने मे (4) उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउन्सिल का डिजिटिलाइजेशन हो तथा उसे पोर्टल से लिंक किया जाए। क्योंकि छोटे-2 कार्मों के लिए दूर-दराज से आने वाले साथियों को कई बार दौड़ना पड़ता है तथा आफलाइन व्यवस्था पूरी तरह बन्द हो । 5)- फार्मेसी काउन्सिल आफ इन्डिया शाखा उत्तर प्रदेश का चुनाव अज्ञात कारणों से जबकि पूर्व में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आदेश भी दिया गया या नहीं हुआ है। 6) - FDA पोर्टल में पूर्व में फार्मासिस्ट को अपना निबन्धन स्वयं देखने की सुविधा थी परन्तु उसे हटा दिया गया है, जिसे जल्द से जल्द पुनः लागू कराया। जाए। 7)- डाट्स सेंटर में फार्मासिस्ट को प्राथमिकता दी जाए। इस मौके पर फार्मासिस्ट फेडरेशन के दर्जनों फार्मासिस्ट उपस्थित रहे । संसद श्री सत्यदेव पचौरी जी ने सभी फार्मासिस्टों को आश्वासन दिया और वादा किया की आपकी मांगे सरकार तक जरूर पहुंचाने का कार्य करेंगे।

186
22683 views
6 shares

Comment