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 इन दिनों दुमका ज़िलें के रामगढ़ प्रखंड अंतरगत नोनीहाट गाँव मे बड़ी मात्रा मे हो रही है पशु तस्करी। बिहार से बड़ी मात्रा में पशुओं को खरीद कर तस्करों के हाथों में बेच रहे हैं।

इस धंधे से जुड़े लोगों के हौसले पस्त नहीं हुए। कई बार पुलिस प्रशासन के द्वारा मवेशी लादे गाड़ियों को जब्त कर कार्रवाई भी की गई, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। दो-चार दिन बाद धंधा पुन: चलने लगता है।

सूत्रों के मुताबिक प्रतिदिन हंसडीहा से रामगढ़ के रास्ते तथा हंसडीहा से दुमका के रास्ते मवेशी लदे वाहनों का परिचालन होता है| मवेशी तस्कर पैदल भी मवेशी लेकर इस कदर बेखौफ चलते हैं। इससे पता चलता है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन की कितनी रौब चलती है। पुलिस प्रशासन के लाख कोशिशों के बावजूद पशुओं का अवैध कारोबार थमने की जगह बढ़ती ही जा रही है ।

बिहार के पशु बाजारों से खरीदे गए दुधारू पशुओं को पहले तस्कर पिकअप धन तथा कांट्रेनेर ट्रक गाड़ियों में भरकर हंसडीहा नोनीहाट के रास्ते बंगाल सीमावर्ती क्षेत्र में उतार देते हैं।  नेपाल और बांग्लादेश सीमावर्ती क्षेत्र में लगने वाले पशु बाजार में इन पशुओं को मुंह मांगी दामों में बेचकर पशु तस्कर काफी मुनाफा कमाते हैं और इस प्रकार से खूब फल-फूल रहा है पशुओं का अवैध कारोबार ।

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