किराया वृद्धि के विरोध में व्यापारियों की बैठक, 15 प्रतिशत बढ़ोतरी वापस लेने की मांग
मेरठ। संजय गांधी मार्केट एसोसिएशन, लालकुर्ती स्थित बाउंड्री रोड पेट एरिया के पदाधिकारियों एवं व्यापारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक पंज प्यारे भाई धर्म सिंह धर्मशाला में आयोजित की गई। बैठक में छावनी क्षेत्र की दुकानों के किराए में प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत की गई वृद्धि का पुरजोर विरोध किया गया।
बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र कुमार ने की, जबकि संचालन महामंत्री सिद्ध सिंह पाल ने किया। बैठक में कोषाध्यक्ष अनिल कुमार सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
बैठक में व्यापारियों ने कहा कि छावनी परिषद द्वारा दुकानों के किराए में अचानक 15 प्रतिशत प्रतिवर्ष की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों में चिंता और असंतोष का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि पूर्व में किराए में 10 प्रतिशत की वृद्धि की व्यवस्था लागू थी और उसी व्यवस्था को जारी रखा जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि किराया वृद्धि को 15 प्रतिशत के बजाय पूर्व की भांति 10 प्रतिशत ही रखा जाए।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि किराया बढ़ाने से पहले उन्हें किसी प्रकार की पूर्व सूचना नहीं दी गई और न ही इस विषय पर उनसे कोई विचार-विमर्श किया गया। अचानक लिए गए इस निर्णय से व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि वर्तमान समय में व्यापार पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में किराए में इतनी अधिक वृद्धि व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालने का कार्य करेगी।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही छावनी परिषद एवं संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याओं और मांगों को उनके समक्ष रखेगा। साथ ही यह भी अनुरोध किया जाएगा कि जब तक व्यापारियों और अधिकारियों के बीच वार्ता नहीं हो जाती, तब तक किराया वृद्धि के निर्णय को स्थगित रखा जाए।
व्यापारियों ने कहा कि वे प्रशासन से सकारात्मक संवाद के माध्यम से समाधान चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा।
बैठक में जफर अंसारी, चंद्र प्रकाश, युवराज जैन, सुनील कुमार, हेमचंद कांसल, कुणाल तनेजा, मोहन लाल, शुकर जैन, कुणाल, दुर्गा रवि गांधी सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में किराया वृद्धि के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की और व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।