मारुति सुजुकी का बड़ा संकल्प, खरखौदा प्लांट में लगेंगे 1 लाख पौधे बनेगा मियावाकी वन।
खरखौदा/सोनीपत/हरियाणा-सोमपाल सैनी - 7988804545, 8950236002
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सोनीपत के सहयोग से शुक्रवार को आईएमटी खरखौदा स्थित अपनी अत्याधुनिक उत्पादन इकाई में एक लाख पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को समर्पित इस अभियान के तहत मानसून सीजन के दौरान मियावाकी वनीकरण तकनीक से लगभग 5 एकड़ भूमि पर घना वन विकसित किया जाएगा।
कार्यक्रम में एचएसपीसीबी के अधिकारियों और मारुति सुजुकी के वरिष्ठ प्रबंधन ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान प्रकृति संरक्षण, जल संरक्षण, प्लास्टिक प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कर्मचारियों और अधिकारियों ने हरित भविष्य के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सोनीपत के क्षेत्रीय अधिकारी अजय सिंह ने कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि मारुति सुजुकी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर एक लाख पौधे लगाने का संकल्प न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय कदम है, बल्कि अन्य औद्योगिक इकाइयों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
अधिकाधिक हरित क्षेत्र विकसित कर जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।
मारुति सुजुकी के एनवायरनमेंट हेड वरुण कुमार ने कहा कि कंपनी पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को अपनी व्यावसायिक रणनीति का अभिन्न हिस्सा मानती है। खरखौदा प्लांट में स्वच्छ ऊर्जा, जल संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए अनेक नवाचार किए जा रहे हैं।
मियावाकी तकनीक से विकसित किया जा रहा वन क्षेत्र जैव विविधता को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय पर्यावरण को भी सुदृढ़ करेगा। यह तकनीक कम जगह में कम समय में घना और बहुस्तरीय वन तैयार करने में मदद करती है। आईएमटी खरखौदा प्लांट के प्लांट हेड आशीष मिश्रा ने बताया कि यह संयंत्र पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्लांट में उत्पादन गतिविधियां स्वच्छ प्राकृतिक गैस आधारित प्रणाली पर संचालित की जा रही हैं। कैंटीन से निकलने वाले जैविक अपशिष्ट के उपयोग से नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन हेतु 10 टन प्रतिदिन क्षमता का बायोगैस संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। संयंत्र में पहले ही 20 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा चुका है, जिससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
जल संरक्षण को लेकर भी कंपनी ने बड़े कदम उठाए हैं। आशीष मिश्रा ने बताया कि प्लांट परिसर में लगभग 58 एकड़ क्षेत्र में चार बड़े जलाशय विकसित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण है। परियोजना पूरी होने पर इन जलाशयों में लगभग 3 लाख 13 हजार घन मीटर जल संग्रहण क्षमता उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र में जल संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी और भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में एचएसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अजय सिंह, सहायक पर्यावरण अभियंता कुशाग्र एवं योगेश, प्लांट हेड आशीष मिश्रा, मारुति सुजुकी के एनवायरनमेंट हेड वरुण कुमार, प्लांट मैनेजर मित्सुताका सुमिदा, सीनियर डीवीएम ताकाओ सुजुकी, एचआर हेड संजय नारंग सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। विश्व पर्यावरण दिवस की थीम के अनुरूप कार्यक्रम में प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया गया।
कर्मचारियों के बीच लगभग 500 जूट बैग वितरित किए गए और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने का संदेश दिया गया।कर्मचारियों से दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया।