ज्येष्ठ पूर्णिमा विश्व शांति व जनकल्याण की हुई प्रार्थना
गया (बोधगया)
ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (बीटीएमसी) की ओर से बीटीएमसी परिसर में बौद्ध भिक्षुओं के बीच पारंपरिक संघदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच भगवान बुद्ध की विशेष पूजा-अर्चना की गई तथा विश्व शांति, मानव कल्याण और समस्त प्राणियों के मंगल के लिए सुत्त पाठ किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न देशों एवं बौद्ध परंपराओं से जुड़े भिक्षुओं ने भाग लिया। सुत्त पाठ के दौरान श्रद्धालुओं ने भी उपस्थित होकर भगवान बुद्ध के उपदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। पूरे परिसर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक माहौल बना रहा।
इस अवसर पर बीटीएमसी के भंते दीनानंद ने कहा कि ज्येष्ठ पूर्णिमा बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि है। संघदान केवल दान का कार्यक्रम नहीं, बल्कि भिक्षु संघ के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और श्रद्धा प्रकट करने की प्राचीन परंपरा है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ने दान, करुणा, मैत्री और सेवा को मानव जीवन का आधार बताया है। संघदान के माध्यम से इन्हीं मूल्यों को समाज में सशक्त बनाने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से लोगों में सद्भाव, सहिष्णुता और मानवता की भावना विकसित होती है तथा समाज को शांति और भाईचारे का संदेश मिलता है। कार्यक्रम के दौरान 100 से ऊपर भिक्षुओं को भोजन करवाया गया। उसके उपरांत आवश्यक उपयोग की सामग्री भेंट की गई। संघदान कार्यक्रम श्रद्धा, अनुशासन और धार्मिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं एवं बौद्ध अनुयायियों की सहभागिता रही।