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RANCHI : रांची-गुमला पुलिस की बड़ी सफलता, 5 लाख का इनामी झांगुर गैंग सरगना रामदेव उरांव ने किया आत्मसमर्पण

रांची-गुमला पुलिस की बड़ी सफलता, 5 लाख का इनामी झांगुर गैंग सरगना रामदेव उरांव ने किया आत्मसमर्पण

रांची (झारखंड)। 30 मई 2026: झारखंड पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात झांगुर गिरोह के प्रमुख एवं पांच लाख रुपये के इनामी अपराधी रामदेव उरांव ने अपने दो सहयोगियों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में गिरोह के सक्रिय सदस्य प्रसाद उरांव और सुभाष उरांव भी शामिल हैं।

वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची को गुप्त सूचना मिली थी कि झांगुर गिरोह का सरगना रामदेव उरांव और उसके सहयोगी रांची-गुमला सीमा क्षेत्र में भ्रमणशील हैं तथा आत्मसमर्पण करने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, रांची के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक बेड़ो के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। वहीं गुमला पुलिस ने भी सूचना के आधार पर अपनी टीम गठित कर संयुक्त अभियान चलाया।

रांची और गुमला पुलिस की संयुक्त टीम जब सीमा क्षेत्र में पहुंची तो तीनों अपराधियों ने स्वयं को झांगुर गिरोह का सदस्य बताते हुए झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई। इसके बाद तीनों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

आत्मसमर्पण करने वाला रामदेव उरांव झांगुर गिरोह का प्रमुख और पांच लाख रुपये का इनामी अपराधी है। उसके खिलाफ गुमला, रांची समेत विभिन्न जिलों में हत्या, लूट, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत करीब 29 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने आत्मसमर्पण के दौरान एक स्वचालित हथियार, एक एसएलआर राइफल, 45 जिंदा कारतूस तथा दो मैगजीन भी बरामद किए हैं। यह बरामदगी गिरोह की सक्रियता और उसकी आपराधिक क्षमता को दर्शाती है।

इस अभियान में पुलिस उपाधीक्षक बेड़ो दीपक कुमार, अंचल पुलिस निरीक्षक उत्तम कुमार उपाध्याय, बेड़ो थाना प्रभारी मो. कफील अहमद, गुमला जिले के घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह, विकास कुमार सहित रांची एवं गुमला जिला पुलिस तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।

पुलिस अधिकारियों ने इसे झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति की बड़ी सफलता बताया है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से क्षेत्र में संगठित अपराध की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और अन्य भटके हुए युवाओं को भी मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा मिलेगी।

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