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राजकीय मेडिकल कॉलेज सवाई माधोपुर में रैगिंग विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित सवाई माधोपुर, 26 मई 2026। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के न

राजकीय मेडिकल कॉलेज सवाई माधोपुर में रैगिंग विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सवाई माधोपुर, 26 मई 2026। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर की सचिव समीक्षा गौतम द्वारा मंगलवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज सवाई माधोपुर में रैगिंग उन्मूलन के संबंध में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सचिव समीक्षा गौतम ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को रालसा द्वारा संचालित सात दिवसीय अभियान ‘‘रैगिंग फ्री कैम्पस, फीयर फ्री एजुकेशन के संबंध मे अवगत करवाकर रैगिंग के दुष्परिणामों, इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव समीक्षा गौतम ने कहा कि रैगिंग केवल अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक एवं कानूनी अपराध है, जो किसी विद्यार्थी के मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास एवं भविष्य पर गहरा प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि अनेक बार रैगिंग के कारण विद्यार्थी अवसाद, भय एवं मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं, जिससे उनकी शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास प्रभावित होता है। अतः सभी विद्यार्थियों का यह दायित्व है कि वे कॉलेज परिसर में स्वस्थ, सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण बनाए रखें।
उन्होंने विद्यार्थियों को अवगत कराया कि उच्चतम न्यायालय एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा भी रैगिंग रोकने हेतु जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं तथा किसी भी प्रकार की रैगिंग पाए जाने पर संबंधित छात्र के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने, निलंबन, निष्कासन, छात्रवृत्ति निरस्तीकरण एवं अन्य अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि मजाक, दबाव, अपमानजनक टिप्पणी, शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना, डराना-धमकाना अथवा किसी छात्र को उसकी इच्छा के विरुद्ध कार्य करने के लिए बाध्य करना भी रैगिंग की श्रेणी में आता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को एंटी रैगिंग हेल्पलाइन 1800-180-5522, नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100, शिकायत निवारण प्रक्रिया एवं निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी भी प्रदान की गई। सचिव समीक्षा गौतम ने बताया कि यदि किसी विद्यार्थी के साथ रैगिंग की घटना घटित होती है अथवा वह ऐसी किसी घटना की जानकारी रखता है तो वह तुरंत कॉलेज प्रशासन, एंटी रैगिंग समिति, पुलिस विभाग अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है तथा विद्यार्थियों के अधिकारों की सुरक्षा हेतु हर संभव सहयोग प्रदान किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक चर्चा भी की गई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने रैगिंग से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। सचिव समीक्षा गौतम द्वारा विद्यार्थियों को आपसी भाईचारे, सहिष्णुता एवं सकारात्मक व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस दौरान असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने रैगिंग के प्रकारों, छात्र-छात्राओं के अधिकारों, रैगिंग की रोकथाम के उपायों जैसे काउंसलिंग, कॉलेजों, हॉस्टलों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी, सख्त एंटी रैगिंग कानूनों तथा रैगिंग के खिलाफ समाज एवं कॉलेज, हॉस्टल प्रशासन की भूमिका आदि के संबंध में जानकारी प्रदान की गई ।
पैनल अधिवक्ता तपेश जैन ने कहा कि वरिष्ठ विद्यार्थियों को नवप्रवेशित छात्रों का मार्गदर्शन करना चाहिए, ताकि वे कॉलेज के वातावरण में सहजता से स्वयं को ढाल सकें और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल विकसित हो सके। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. बुद्धिप्रकाश मीना द्वारा भी विद्यार्थियों से रैगिंग मुक्त परिसर बनाए रखने की अपील की गई तथा सभी छात्र-छात्राओं को रैगिंग के विरुद्ध सजग एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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