अल्लाह बख्श सूमरो: हिंदू-मुस्लिम एकता के महान सेनानी
सिंध : अल्लाह बख्श सूमरो भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक महत्वपूर्ण राष्ट्रवादी मुस्लिम नेता और समाज सुधारक थे। उनका जन्म 1900 में सिंध के शिकारपुर क्षेत्र में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है। वे सिंध प्रांत के लोकप्रिय प्रीमियर थे और अंग्रेजी शासन तथा भारत के विभाजन के खिलाफ खुलेआम विरोध करते थे। उन्होंने सिंध इत्तेहाद पार्टी की स्थापना की, जिसका उद्देश्य हिंदू-मुस्लिम एकता को मजबूत करना और किसानों तथा मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना था।
उनका कार्यकाल 1938 में सिंध प्रांत के प्रीमियर के रूप में शुरू हुआ, जहां उन्होंने प्रशासनिक सुधारों और किसानों की समस्याओं के समाधान पर ध्यान दिया। उन्होंने अपने जीवन में सादगी अपनाई और सरकारी खर्चों में कटौती की पहल की। मुस्लिम लीग के दो राष्ट्र सिद्धांत और पाकिस्तान की मांग का उन्होंने कड़ा विरोध किया। 1940 में दिल्ली में आयोजित आजाद मुस्लिम कॉन्फ्रेंस में उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता और भारत की अखंडता के समर्थन में प्रस्ताव पारित करवाए। 1943 में उनकी हत्या कर दी गई, जिससे भारत के विभाजन का विरोध करने वाली मुस्लिम आवाज कमजोर हुई।