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कपास के बाद किसानों की नई कमाई बनी ग्रीष्मकालीन मूंगफली, अधिकारियों ने खेत पहुंचकर देखा मॉडल

कपास के बाद किसानों की नई कमाई बनी ग्रीष्मकालीन मूंगफली, अधिकारियों ने खेत पहुंचकर देखा मॉडल

ग्राम जोबनी, विकासखंड सौसर में ग्रीष्मकालीन मूंगफली किसानों के लिए लाभकारी विकल्प के रूप में तेजी से उभर रही है। इसी क्रम में प्रगतिशील कृषक श्री परसराम दुफारे के खेत पर कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की टीम ने पहुंचकर मूंगफली फसल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह, उप संचालक उद्यानिकी श्री एम.एल. उइके, सहायक संचालक मत्स्य पालन श्री अंबुलकर, सहायक संचालक कृषि श्री दीपक चौरसिया सहित कृषि विभाग का मैदानी अमला उपस्थित रहा।

कृषक श्री दुफारे ने 4 एकड़ भूमि में ग्रीष्मकालीन मूंगफली की खेती की है, जिससे उन्हें प्रति एकड़ लगभग 25 से 30 हजार रुपये तक का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। अधिकारियों ने खेत में फसल की स्थिति, उत्पादन क्षमता और किसानों को मिल रहे आर्थिक लाभ की जानकारी ली।

उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि कपास उत्पादन के बाद दूसरी फसल के रूप में ग्रीष्मकालीन मूंगफली किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बेहतर माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि जिले में वर्तमान में लगभग 1500 एकड़ क्षेत्र में मूंगफली की खेती की जा रही है।

अधिकारियों ने किसानों से तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने और अतिरिक्त लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से ग्रीष्मकालीन मूंगफली उत्पादन अपनाने की अपील भी की।

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