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महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण में ग्राम सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका सरकार इनके हित की चिंता करेगी

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्राम रोजगार सहायक ग्रामीण विकास और ग्राम को आत्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनकी भूमिका हनुमान की तरह होती है। राज्य सरकार ग्राम रोजगार सहायकों के हित संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के जंबूरी मैदान में हुए ग्राम रोजगार सहायकों के राज्य स्तरीय महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार सहायक प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विकास की मुख्य धुरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। उन्होंने ग्राम स्वराज का सपना देखा था। हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डीबीटी व्यवस्था को लागू कर इसे लोकप्रिय बनाया है। हितग्राहियों तक योजनाओं की राशि पहुंचाने का कार्य इस पद्धति से हो रहा है। जिसका श्रेय रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों को जाता है। शासन और जनता के लिए कार्य करते हुए यही वर्ग अपनी बुद्धि, पराक्रम, पुरूषार्थ और कुशलता से समाज को आदर्श रूप में दिखाई देता है। अनेक असंभव कार्य भी वे कर दिखाते हैं। इस नाते जमीनी स्तर पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। समाज के निर्धन और जरूरतमंद व्यक्ति जो समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े हैं, उन्हें लाभान्वित करने में अपनी भूमिका निभाते है। ग्राम सहायकों की भूमिका भी इन वर्गों के विकास में पुरुषार्थ के रूप में समाज को आदर्श रूप में दिखाई देती है। ग्राम सहायक और पंचायत सचिव युक्ति और बुद्धि का उपयोग कर शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे- वीबी जी-राम-जी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन) के क्रियान्वयन और जनता की विभिन्न समस्याओं का समाधान का रास्ता निकालते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर गेहूं उपार्जन कार्य में भी ग्राम सहायकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए घोषणा की कि प्रदेश में जिन किसानों के उपार्जन के लिए स्लॉट 23 मई तक बुक थे। उन किसानों के लिये आवश्यकतानुसार उपार्जन कार्य 28 मई तक बढ़ाने का प्रबंध किया जायेगा। मध्यप्रदेश जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यो में अग्रणी है। प्रदेश को ग्राम सहायकों के परिश्रम से इस कार्य में प्रथम स्थान आने का यश मिला है। कुओं, बावड़ियों, तालाबों और नदियों को उपयोगी बनाने, आम जनता को पानी बचाने और जल स्त्रोतों के संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहे ग्राम सहायक निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। ग्राम सचिवों के मानदेय बढ़ाने और उन्हें अन्य सुविधायें प्रदान करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी चिंता करते हुए आवश्यक कदम उठाएगी। पूर्व में भी पारिश्रमिक दोगुना करने का निर्णय लिया जा चुका है। ग्राम सहायकों के हित में जनप्रतिनिधियों के साथ और संगठन के पदाधिकारियों के परामर्श से बैठक में विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिया जायेगा। इस महासम्मेलन के लिए भोपाल आ रहे दो ग्राम सहायक के दुर्घटना में असामयिक देवलोक गमन का समाचार पीड़ादायक है।दोनों के परिजन को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की राशि प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही गंभीर घायल को 1 लाख रुपये और अन्य सामान्य घायलों को समुचित उपचार के लिए 50-50 हजार रुपये की राशि देने की घोषणा की।

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