नागदा जन जन की आवाज जितेन्द्र जायसवाल
अमेरिका-ईरान के बीच महायुद्ध को रोकने के लिये संयुक्त राष्ट्र संघ को भी मुख्य पहल करना चाहिये-के. एल. सोनी
अमेरिका-ईरान के बीच महायुद्ध को रोकने के लिये संयुक्त राष्ट्र संघ को भी मुख्य पहल करना चाहिये-के. एल. सोनी
नागदा जं. (निप्र)- अत्यन्त दुःख का विषय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जिद एवं अपने अहंकार के कारण ईरान के शांती प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर रहे है। अवैधानिक रूप से होर्मुज में नाकेबंदी कर रखी है। इस युद्ध से अमेरिका की अधिकांश जनता व कुछ सांसद खिलाफ है। यदि श्री ट्रंप के स्थान पर भारतवंशी कमला हैरिस राष्ट्रपति होती तो इस प्रकार का अमेरिका ईरान के बीच महायुद्ध नहीं होता। अब विश्व में शांति हेतु अमेरिका ईरान को अपनी आन्तरिक आत्मा एवं ईमानदारी से आपसी समझौता कर लेना चाहिये। अमेरिका के राष्ट्रपति का कहना है कि समझौता नहीं होने पर 24 घंटे के अन्दर ईरान पर भयंकर हमला किया जायेगा। ऐसी स्थिति में श्री ट्रंप को नहीं आने देना चाहिये। इस में आपकी छवि एवं गरिमामय पद में काफी कमी आ जावेगी तथा विश्व में तनाव एवं अशांती की लहर फैल जायेगी।
अतः विश्व के अनेक देश तथा संयुक्त राष्ट्र संघ चाहता है कि दूरदर्शिता एवं विश्वशांति के उद्देश्य को लेकर अपने गौरवशाली पद का ध्यान रखना चाहिये। राजनीति के साथ-साथ हमें भगवान शंकर से भी प्रार्थना करना चाहिये कि इस विनाशकारी भयंकर युद्ध को रोके। इसके लिये हमें एक लोटा जल चढ़ाकर सारी समस्या का हल हो जायेगा, ऐसा पूज्य श्री प्रदीप जी मिश्रा का कहना है।
यदि हम पूरी श्रद्धा एवं विश्वास के साथ इस संकट के समय भोलेनाथ जी से प्रार्थना करेंगे तो अवश्य वो सुनेंगे और 28 मई 2026 तक अमेरिका ईरान का पूर्ण रूप से स्थाई रूप से युद्ध विराम हो जावेगा। हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से भी निवेदन है कि वे भी विश्व मे शांति हेतु अपने मित्र श्री ट्रंप से फोन से बातचीत कर सही रास्ता अपनाने के लिये सुझाव देवे।
संयुक्त राष्ट्र संघ को भी इस दुःख की घड़ी में कड़े कदम उठाना चाहिये। ताकि विश्व में शांति एवं समृद्धि में रूकावट नहीं आवे। संयुक्त राष्ट्र संघ को युद्ध रोकने में सफल नहीं होता है तो इस मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में ले जाकर कार्यवाही पूर्ण करना चाहिये।
कन्हैयालाल सोनी
रिटा. शिक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष सोनी समाज नाग