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दालमंडी सड़क चौड़ीकरण को लेकर पुलिस कमिश्नरेट अलर्ट, त्रिस्तरीय बैरिकेडिंग और 247 QRT अलर्ट रहने के सख्त निर्देश

वाराणसी। वाराणसी के ऐतिहासिक और व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दालमंडी क्षेत्र में इस समय सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। घनी आबादी, संकरे मार्गों और धार्मिक-सांस्कृतिक संवेदनशीलता को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा ने दालमंडी और थाना क्षेत्र चौक के प्रभावित इलाकों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया।

वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य के कारण मार्ग परिवर्तन (डायवर्जन) और अस्थायी अवरोधों से आमजन को परेशानी न हो और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहे, इसी उद्देश्य से यह औचक निरीक्षण किया गया।

अपर पुलिस आयुक्त ने पैदल घूमकर परखा सुरक्षा ताना-बानानिरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा ने संपूर्ण चौड़ीकरण क्षेत्र का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने निर्माणाधीन स्थलों, संकरी गलियों, प्रमुख बाजारों, चौराहों, मंदिर-मस्जिद के आसपास के क्षेत्रों, पार्किंग स्थलों और यातायात डायवर्जन बिंदुओं का बारीकी से अवलोकन किया।

इस दौरान काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (DCP) श्री गौरव बंशवाल और सहायक पुलिस आयुक्त (ACP दशाश्वमेध) श्री अतुल अंजान त्रिपाठी सहित संबंधित थाना व चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

समीक्षा के बाद अधिकारियों को मिले ये सख्त निर्देश
अपर पुलिस आयुक्त ने निरीक्षण के बाद कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और जन-सुरक्षा को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए, जिन्हें प्रमुख बिंदुओं में नीचे समझा जा सकता है:

1. निर्माण स्थलों पर त्रिस्तरीय बैरिकेडिंग अनिवार्यसभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। सुरक्षा के लिहाज से वहां लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर युक्त टेप और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।

कार्यस्थल के चारों तरफ "प्रवेश निषेध" और "सावधान, कार्य प्रगति पर है" के सूचना पट्ट लगाए जाएं। सड़क पर मलबा फैलने से रोकने के लिए निर्धारित स्थल पर ही डंपिंग सुनिश्चित हो।

2. रात्रिकालीन सुरक्षा और विद्युत सेफ्टी
निर्माण क्षेत्रों और डायवर्जन पॉइंट्स पर पर्याप्त हाई-मास्ट और फोकस लाइट की व्यवस्था हो।

खुले बिजली के तारों, अस्थायी कनेक्शनों और जनरेटर सेट की सुरक्षा की नियमित जांच की जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो।

3. पैदल यात्रियों और वृद्धों के लिए विशेष कॉरिडोर
आम जनता के आवागमन के लिए सुरक्षित अस्थायी कॉरिडोर विकसित किया जाए।

संकरे रास्तों पर वृद्धों, महिलाओं और बच्चों की सुविधा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। भीड़ बढ़ने पर रस्सी या बैरिकेड से वाहन और पैदल मार्ग को अलग किया जाएगा।आम जनता के आवागमन के लिए सुरक्षित अस्थायी कॉरिडोर विकसित किया जाए।

संकरे रास्तों पर वृद्धों, महिलाओं और बच्चों की सुविधा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। भीड़ बढ़ने पर रस्सी या बैरिकेड से वाहन और पैदल मार्ग को अलग किया जाएगा।

4. धार्मिक स्थलों पर मुस्तैदी और सादे कपड़ों में पुलिस
बाजार खुलने और बंद होने के समय विशेष ड्यूटी प्लान लागू होगा। धार्मिक स्थलों के पास, विशेषकर जुमे की नमाज या विशेष आयोजनों पर अतिरिक्त बल तैनात रहेगा।

जेब कतरी और चोरी जैसी आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। अवैध अतिक्रमण और ठेला-फेरी वालों को तत्काल हटाया जाएगा।

5. 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेगी QRT (Quick Response Team)
एम्बुलेंस और अग्निशमन (Fire Brigade) जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग पहले से चिन्हित कर प्रदर्शित किए जाएंगे।

थाना स्तर पर एक क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को 247 अलर्ट मोड पर रखने का निर्देश दिया गया है।घंटे अलर्ट मोड पर रहेगी QRT (Quick Response Team)
एम्बुलेंस और अग्निशमन (Fire Brigade) जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग पहले से चिन्हित कर प्रदर्शित किए जाएंगे।

थाना स्तर पर एक क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को 247 अलर्ट मोड पर रखने का निर्देश दिया गया है।

6. सीसीटीवी से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और अफवाहों पर विधिक कार्रवाई
संवेदनशील स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की दैनिक जांच होगी। जिन क्षेत्रों में विजिबिलिटी कम है, वहां अस्थायी या मोबाइल कैमरे लगाए जाएंगे।

सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक या उत्तेजक सूचनाओं की सतत निगरानी होगी। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल विधिक कार्रवाई की जाएगी और आधिकारिक हैंडल से सच्चाई सामने रखी जाएगी।

अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा का संदेश:

"विकास कार्य देश और शहर की प्रगति के लिए आवश्यक हैं, लेकिन इस दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहनी चाहिए। पुलिस प्रशासन आमजन को होने वाली असुविधा को न्यूनतम करने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें, किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त जवाबदेही तय की जाएगी।"

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