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दिव्यांगों की गरिमा से खिलवाड़? वायरल वीडियो पर मेरठ में बवाल

मेरठ से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर दिव्यांग व्यक्तियों की गरिमा से जुड़ा विवाद तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

जानकारी के अनुसार, मेरठ जिले के इंचौली क्षेत्र निवासी सादाब जकाती पर आरोप है कि उन्होंने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया, जिसमें दिव्यांग व्यक्ति और दिव्यांगता की स्थिति को कथित रूप से हास्य, उपहास और अपमानजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया।

वीडियो के वायरल होने के बाद दिव्यांग अधिकारों से जुड़े लोगों और सामाजिक संगठनों में नाराज़गी देखी जा रही है। आरोप है कि वीडियो की भाषा और प्रस्तुति दिव्यांग समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाती है और समाज में उनके प्रति नकारात्मक तथा भेदभावपूर्ण सोच को बढ़ावा देती है।

मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ को एक औपचारिक शिकायत दी गई है, जिसमें दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।

शिकायत में कहा गया है कि अधिनियम की धारा 3 के तहत दिव्यांग व्यक्तियों को समानता और सम्मानपूर्वक जीवन का अधिकार प्राप्त है। वहीं धारा 6 उन्हें क्रूर, अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार से सुरक्षा प्रदान करती है। धारा 7 के अनुसार प्रशासन का दायित्व है कि दिव्यांग व्यक्तियों को शोषण, हिंसा और मानसिक उत्पीड़न से संरक्षण दिया जाए।

इसके अतिरिक्त, अधिनियम की धारा 92 के अंतर्गत किसी दिव्यांग व्यक्ति का सार्वजनिक अपमान दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि वायरल वीडियो की तत्काल डिजिटल जांच कराई जाए, वीडियो बनाने और प्रसारित करने वालों की पहचान की जाए, तथा आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

साथ ही संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो हटाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की भी मांग की गई है।

अब देखना होगा कि मेरठ पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते ऐसे मामलों पर सख्त कदम उठाए जाते हैं।

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