खंडार में महिला शौचालय बिन दरवाजा। दोनों महिला अफसर फिर भी बेखबर।
दो महिला पदाधिकारी होते हुए भी। महिलाओं की मान मर्यादा की नहीं सुरक्षा।
खंडार उपखंड मुख्यालय के उप जिला कलेक्टर के पद पर उषा मीणा दूसरी ओर खंडार नगर पालिका हेड ऑफिस पर सुलोचना मीणा पद पर कार्यभार संभाले हुए हैं। लेकिन उसके पश्चात भी महिलाओं की मान मर्यादा की कोई सुरक्षा नहीं हो रही। खंडार उपखंड मुख्यालय की खंडार तहसील मुख्यालय की बाल बाउंड्री के बाहर मुख्य बाजार में सार्वजनिक शौचालय सरकार द्वारा बनवाया गया है। लेकिन कई महीनो से देखा जा रहा है कि महिला शौचालय का मुख्य द्वार ही नहीं है। सब्जी मंडी से कई जगह का मुख्य मार्ग होने के कारण शौचालय के पास से लगातार आमजन का आवागमन होता रहता है। दूसरी ओर शौचालय के पास ही टैक्सी स्टैंड होने के कारण शौचालय के आसपास में टैक्सी चालक एवं टैक्सियों सफर करने वाले मुसाफिरों की भीड़ का ताता लगा रहता है। दूसरी और महिला शौचालय के सामने फल फ्रूट्स के ठेले एवं कई व्यापारियों के व्यापार मंडल भी है। जिन पर अक्सर शरारती तत्वों का आवागमन बना रहता है। जिससे खंडार के मुख्य बाजार में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली महिलाओं को एवं स्थानीय महिलाओं को बड़ी परेशानी के साथ में महिला शौचालय को सौच के लिए इस्तेमाल करना पड़ता है। ऐसे हालात कई महीनो से चल रहे हैं। लेकिन उसके पश्चात भी महिलाओं की मान मर्यादा की सुरक्षा को लेकर दोनों ही महिला पदाधिकारी के द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया है। आज तक के हालातो में भी सार्वजनिक शौचालय में महिला शौचालय के द्वारा नहीं है। यह विषय कई दिनों से आम जनता की चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन उसके पश्चात भी इस विषय को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसीलिए महिलाओं की मान मर्यादा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए। जिला कलेक्टर एवं राजस्थान सरकार को इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने की बड़ी आवश्यकता है।