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फेडेरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री प्रदेश के विकास को नई गति देने वाला प्रमुख स्तंभ

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
फेडेरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मध्यप्रदेश के विकास को नई गति देने वाला प्रमुख स्तंभ है। प्रदेश के स्थानीय और युवा उद्योगपतियों को नई दिशा दी है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल निजी होटल में फेडेरेशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के पदभार ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के आयोजन और उद्योगों को दिए जा रहे नीतिगत प्रोत्साहन से प्रदेश के छोटे उद्यमियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में एक नया आत्मविश्वास जागा है, जिससे अब गांव का व्यक्ति भी उद्योग लगाने का साहस जुटा रहा है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य काश्यप भी समारोह में शामिल हुए और उन्होंने भी संबोधित किया। मजदूर और उद्योगपति के बीच का संबंध हितों के टकराव की जगह आपसी समन्वय का होना चाहिए और इसे वास्तविकता में बदलना सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में मंत्री श्री पटेल ने फेडरेशन के प्रतिनिधियों को श्रम संबंधी विभागीय समितियों में सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने 'श्री' जैसी पहलों का उल्लेख किया, जो श्रम और उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर अनावश्यक प्रशासनिक हस्तक्षेप को कम करने का कार्य कर रही हैं।पटेल ने उद्योगों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्किल मैपिंग पर विशेष बल दिया और उद्योगपतियों से आग्रह किया कि वे अपने आवश्यक 'स्किल लेवल' की पहचान कर विभाग को सूचित करें। सरकार इन जरूरतों के आधार पर स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर कुशल कार्यबल उपलब्ध कराएगी, जिससे उद्योगों को श्रमिकों की कमी का सामना न करना पड़े और स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो। प्रदेश कृषि उत्पादन के उच्चतम स्तर को प्राप्त कर रहा है इसलिए अब हम सभी को 'प्रोसेसिंग' (प्रसंस्करण) क्षेत्र पर केंद्रित करना होगा। राज्य की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन के लिए उपयुक्त है। इसके साथ ही, उन्होंने श्रम विभाग में जारी सुधारों की चर्चा करते हुए बताया कि अनावश्यक कानूनों को समाप्त किया जा रहा है और शेष प्रमुख कानूनों में एकरूपता लाने का प्रयास किया जा रहा है। निरीक्षण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड और डिजिटल सिस्टम लागू किए गए हैं जिससे प्रक्रियाएं सिस्टम आधारित और पारदर्शी बनी रहें। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि वर्ष 2025 को 'उद्योग वर्ष' के रूप में मनाया गया है जिसका मुख्य केंद्र स्थानीय उद्यमियों और युवाओं को नए अवसर प्रदान करना था। मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि फेडरेशन ने उद्योगपतियों के हित में शासन के कार्यों में निरंतर सहयोग किया है। साथ ही उन्होंने उद्यमियों से गुणवत्ता और निरंतरता बनाए रखने का आग्रह किया, जिससे वैश्विक बाजार में प्रदेश की साख और मजबूत हो सके। औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विस्तार के बारे बताते हुए कहा कि विभाग ने पिछले डेढ़ वर्षों में 1200 से अधिक प्लॉट पूरी पारदर्शिता के साथ ऑनलाइन आवंटित किए हैं और आगामी दो वर्षों में 3 हजार नए प्लॉट उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश ने निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए एक अनूठी पहल की है, जिसके तहत लैंड-लॉक्ड राज्य होने की चुनौतियों को देखते हुए निर्यातकों को 50 प्रतिशत परिवहन सब्सिडी प्रदान की जा रही है। सब्सिडी वितरण की इस पूरी प्रक्रिया को 'डेट ऑफ प्रोडक्शन' के आधार पर पारदर्शी और ऑनलाइन बनाया गया है, जिससे उद्यमियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि व्यापारियों के कल्याण के लिए एक 'व्यापार बोर्ड' का गठन किया गया है, जिसमें फेडरेशन के प्रतिनिधि को स्थायी सदस्य के रूप में स्थान दिया गया है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष व संयुक्त अध्यक्ष को अंगवस्त्रम् भेंट कर नवनिर्वाचन का प्रमाण पत्र प्रदान किया और शुभकामनाएं दी।

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