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नशा मुक्ति, स्वगणना से जनगणना तथा भारत की सांस्कृतिक चेतना के महान प्रतीक सोमनाथ मंदिर पर कार्यक्रम आयोजित

राजकीय महाविद्यालय गंगाशहर में नशा मुक्ति, स्वगणना से जनगणना तथा भारत की सांस्कृतिक चेतना के महान प्रतीक सोमनाथ मंदिर पर कार्यक्रम आयोजित।

गंगाशहर/बीकानेर,11 मई। राजकीय महाविद्यालय गंगाशहर में आज राज्य सरकार के निर्देशानुसार अनेक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। सर्वप्रथम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत मुगल आक्रांताओं द्वारा सोमनाथ मंदिर के लूटे जाने से लेकर उसके पुनर्निर्माण तक की कहानी की डॉक्यूमेंट्री फिल्म विद्यार्थियों को दिखाई गई। इस फिल्म के माध्यम से विद्यार्थियों ने समझा कि विदेशी आक्रमणकारियों का ध्येय मात्र लूटमार करना नहीं वरन भारत के सांस्कृतिक प्रतीकों पर प्रहार करना भी था। लौह पुरुष सरदार पटेल के दिशा निर्देशन में सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार भारत की सांस्कृतिक चेतना की पुनर्स्थापना थी।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में स्वगणना से जनगणना विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। राज्य सरकार के द्वारा अधिसूचित तिथि 14 मई से 16 जून के मध्य राज्य में जनगणना के प्रथम चरण के लिए स्व गणना की जानी है। विद्यार्थी अपने मोबाइल से किस प्रकार इस स्व गणना को संचालित कर सकते हैं इसका प्रत्यक्ष प्रदर्शन महाविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ खुशाल पुरोहित के द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के तृतीय चरण में नशा मुक्त युवा राष्ट्र का आधार विषयक व्याख्यान का आयोजन किया गया। नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र बीकानेर के डॉ हरमीत सिंह जी ने मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए विद्यार्थियों को नशे से मुक्त रहने की प्रेरणा दी। अपने नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में पिछले 10 वर्षों के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि की नशा लत नहीं वरन रोग है और इस रोग का उपचार संभव है। उन्होंने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से नशे के विभिन्न प्रकार, उनसे बनने वाली नशे की सामग्री तथा नशे के शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों का जिक्र करते हुए विद्यार्थियों को नशा मुक्त रहने की शपथ दिलाई। नारकोटिक विभाग से आई सहायक उप निरीक्षक श्रीमती उड़ी गोदारा ने विद्यार्थियों को सचेत किया कि उनके आसपास भी नशे को बेचने वाले लोगों की सप्लाई चैन विद्यमान हो सकती है। इससे न केवल सावधान रहने की जरूरत है वरन गोपनीय रूप से सरकार को भी इसके बारे में सूचित किया जाना चाहिए। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ बबीता जैन ने इस प्रकार के व्याख्यानों की उपदेयता पर प्रकाश डाला एवं अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद व्यापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ सरोज बैद एवं डॉ लीला कुमारी ने किया।

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