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महाराणा प्रताप जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई

मेरठ। बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आज वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पूरे श्रद्धाभाव और देशभक्ति के वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में समस्त विद्यार्थी एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमान प्रभात कुमार गुप्ता व वरिष्ठ अध्यापकों द्वारा महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि से हुआ। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। सभागार "जय भवानी" "जय मेवाड़" के नारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में *श्रीमान अमित कुमार शर्मा* उपस्थित रहे। उन्होंने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन स्वाभिमान, मातृभूमि प्रेम और कर्तव्यनिष्ठा का जीवंत उदाहरण है।

उन्होंने हल्दीघाटी युद्ध, मेवाड़ के दुर्गम वनों में 12 वर्षों तक किए गए संघर्ष और चेतक की वीरता का विस्तार से उल्लेख किया। श्री शर्मा ने कहा, महाराणा प्रताप ने अकबर जैसी विशाल शक्ति के सामने झुकने के बजाय जंगलों में घास की रोटी खाना स्वीकार किया, पर समझौता नहीं किया। यही आत्मसम्मान आज हमें भी विपरीत परिस्थितियों में डटे रहने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे मोबाइल और भौतिक सुखों में समय न गंवाकर महाराणा प्रताप जैसे महापुरुषों के चरित्र से शिक्षा लें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

विद्यालय के प्रधानाचार्य *श्रीमान प्रभात कुमार गुप्ता* ने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि सरस्वती शिशु मंदिरों की शिक्षा का मूल उद्देश्य ज्ञान के साथ-साथ संस्कार और राष्ट्रभक्ति देना है।
महाराणा प्रताप जयंती जैसे आयोजन छात्रों में इतिहास बोध और गौरव की भावना जगाते हैं। जब बच्चे जानेंगे कि उनके पूर्वजों ने स्वाभिमान के लिए क्या त्याग किया, तो वे स्वयं भी ऊँचे आदर्शों पर चलने का संकल्प लेंगे।

कार्यक्रम में छात्रों द्वारा देशभक्ति गीत, कविता पाठ और लघु नाटिकाओं की प्रस्तुति हुई। कक्षा 10 के छात्रों द्वारा प्रस्तुत हल्दीघाटी का रण नाटिका और कक्षा 8 की छात्रा द्वारा प्रस्तुत कविता राणा का भाला को विशेष सराहना मिली। छात्राओं ने मेवाड़ के राणा गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का कुशल व प्रभावी संचालन विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक सुरेंद्र कुमार शर्मा ने किया l उन्होंने अपने संचालन में महाराणा प्रताप की जीवन संघर्ष और आदर्शों को सरल एवं प्रभावी शैली में प्रस्तुत कर पूरे सभागर को भाव विभोर कर दिया।

कार्यक्रम के अंत में श्रीमान सुरेंद्र कुमार शर्मा ने सभी शिक्षकों और छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय भविष्य में भी ऐसे आयोजन कर छात्रों में राष्ट्रीय चेतना और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करता रहेगा।

सम्पूर्ण कार्यक्रम अनुशासन बद्ध तरीके से सम्पन्न हुआ और अंत में सामूहिक राष्ट्रगान के साथ सभा विसर्जित हुई। सभी ने विद्यालय के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में चरित्र निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

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