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उच्च शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया की की समीक्षा की शीघ्र भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने के निर्देश

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों के साथ, विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की प्रगति सहित विविध विषयों की विस्तृत समीक्षा की।कहा कि सभी विश्वविद्यालय, शासन के नियमों के अनुरूप रोस्टर निर्माण करते हुए भर्ती प्रक्रिया के लिए शीघ्र विज्ञापन जारी करें। विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक, अकादमिक एवं प्रशासनिक सुधार की दृष्टि से, रिक्त पदों की पूर्ति करना हमारी प्राथमिकता है। सभी विश्वविद्यालय शैक्षणिक कैलेंडर का दृढ़ता के साथ शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें, इसके लिए पिछले सत्र के परीक्षा परिणाम समयपूर्वक घोषित किए जाएं जिससे अगले सत्र में नियत समय पर प्रवेश, परीक्षा एवं परिणाम सुनिश्चित हो सकें। विद्यार्थियों के समग्र हितों की रक्षा, हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया है कि सभी विश्वविद्यालय अपने छात्रावासों को विद्यार्थियों की आवश्यकता अनुरूप बेहतर बनाएं और छात्रों को सुलभ रूप से गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हो। विश्वविद्यालयों के छात्रावासों के निरीक्षण के लिए एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए, यह कमेटी छात्रावासों में विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता का निरीक्षण करेगी। विश्वविद्यालयों द्वारा डिजिटल मूल्यांकन को लेकर हो रहे क्रियान्वयन की गति को बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता को प्रभावी रूप से बनाए रखना हमारा ध्येय है और पारदर्शितापूर्ण परीक्षा पद्धति के लिए डिजिटल मूल्यांकन की महती आवश्यकता है। सभी विश्वविद्यालय डिजिटल मूल्यांकन की पद्धति को लागू करने के लिए प्रयास करें। विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक अमले के कार्यों के मूल्यांकन के लिए भी आंतरिक पद्धति विकसित करे जिससे शैक्षणिक एवं अकादमिक गुणवत्ता में उत्तरोत्तर वृद्धि हो सके। विश्वविद्यालयों को अन्य भारतीय भाषाओं को क्रेडिट से जोड़कर पढ़ाने की कार्ययोजना को भी शीघ्र लागू करने के प्रयास करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल को तमिल, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर को कन्नड़, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इन्दौर को मराठी एवं तेलगू, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर को तेलगू एवं पंजाबी, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा को सिंधी और गुजराती, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन को मलयालम,सिंधी और असमिया, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर को गुजराती, राजा शंकरशाह विश्वविद्यालय छिन्दवाड़ा को तमिल और मराठी, पंडित शंम्भूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल को बांग्ला, क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगोन को गुजराती, महात्मा गाँधी विश्वविद्यालय चित्रकूट को उड़िया और महर्षि पाणिनी विश्वविद्यालय उज्जैन को उड़िया भाषा सिखाने के लिए भाषा का आवंटन किया गया है। ये विश्वविद्यालय, उक्त आवंटित भाषा सिखाने के लिए क्रियान्वयन कर रहे हैं। विश्वविद्यालयों को समर्थ पोर्टल पर क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय, स्वयं पोर्टल के विनियमन को अपनाएं और स्वयं पोर्टल पर हर विद्यार्थी को कम से एक कोर्स में पंजीयन कराएं। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने सभी विश्वविद्यालयों को सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर अपनी ग्रेडिंग सुधारने के लिए भी निर्देशित किया। श्री राजन ने सभी विश्वविद्यालयों को कर्मचारी कल्याण से जुड़े विविध विषयों को शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित पेंशन प्रकरण एवं अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरणों का शीघ्र निदान करें।

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