बिहारशरीफ: जनगणना कार्य में शिक्षकों की दोहरी जिम्मेदारी पर सवाल
बिहारशरीफ: परिवर्तनकारी प्रारम्भिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रौशन कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी के 09:30 बजे के बाद जनगणना कार्य करने के आदेश को निरस्त करने और शिक्षकों को मार्क ऑन ड्यूटी उपस्थिति बनाने का आवेदन जिलाधिकारी कुन्दन कुमार को दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में जनगणना 2027 के प्रथम चरण का भवन व मकान सूचिकरण 02 मई से शुरू हो चुका है और 31 मई 2026 तक चलेगा। नालंदा जिले के शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी है, जो शिक्षण और जनगणना दोनों कार्य एक साथ करने से व्यावहारिक नहीं है, खासकर महिला शिक्षिकाओं के लिए परेशानी अधिक है।
रौशन कुमार ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेशानुसार शिक्षक सुबह 06:30 से 09:30 बजे तक विद्यालय में उपस्थित होकर कक्षा संचालन भी करेंगे और उसके बाद जनगणना कार्य करेंगे, जिससे दबाव और त्रुटि की संभावना बढ़ जाती है। शिक्षकों को सुबह जल्दी तैयार होकर दूर से विद्यालय पहुंचना पड़ता है और जनगणना के लिए भी अलग-अलग स्थानों पर जाना होता है। इससे पढ़ाई और जनगणना दोनों कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में शिक्षक शिक्षा विभाग और प्रशासन दोनों की कार्रवाई के डर से तनाव में हैं।
उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि जनगणना में लगे शिक्षकों को विद्यालय कार्य से मुक्त किया जाए और उन्हें इस अवधि में मार्क ऑन ड्यूटी उपस्थिति दी जाए। इस मांग के साथ रौशन कुमार के साथ सचिव सुनील कुमार और थरथरी प्रखंड के कोषाध्यक्ष दयानन्द कुमार भी मौजूद थे। जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस आवेदन को निरस्त करने और जनगणना में सहयोग करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।