बड़ा मंगल
ज्येष्ठ माह के मंगलवार (बड़ा मंगल) हनुमान जी को समर्पित हैं, जो राम-हनुमान मिलन की स्मृति में मनाए जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन पूजा से कष्ट, रोग और मंगल दोष दूर होते हैं, साहस बढ़ता है और हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। उत्तर भारत में, विशेषकर लखनऊ में, भंडारे और भजन-कीर्तन के साथ इसे भव्यता से मनाया जाता है।ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार का महत्व:ऐतिहासिक मिलन: रामायण के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ही हनुमान जी की पहली बार भगवान श्रीराम से मुलाकात हुई थी।शक्ति और संजीवनी: इस माह हनुमान जी की पूजा करने से शारीरिक और मानसिक शक्ति मिलती है, क्योंकि उन्हें अमरता का वरदान है।ग्रहदोष से मुक्ति: बड़ा मंगल पर हनुमान जी की पूजा करने से शनि और मंगल दोष से राहत मिलती है।
वर्ष 2026 में ज्येष्ठ माह में अधिक मास के कारण, 4 या 5 के बजाय कुल 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जो एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग है। पहला बड़ा मंगल 5 मई को मनाया जाएगा।
ज्येष्ठ मास में आने वाले बड़े मंगल का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास में जो मंगल आता है उसमें हनुमान जी की गई उपासना से बजरंगबली जल्दी प्रसन्न होते हैं। ज्येष्ठ मास के मंगल को लेकर कई तरह की कहानियां बताई गई हैं। इस साल ज्येष्ठ मास में 19 साल बाद बेहद ही दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस बार ज्येष्ठ मास में 4 नहीं बल्कि 8 बड़े मंगल होंगे। आइए जानते हैं ज्येष्ठ मास के मंगल का महत्व और कथाएं।
राम-हनुमान मिलन की कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान राम माता सीता की खोज में वन-वन भटक रहे थे, तब उनकी मुलाकात हनुमान जी से हुई थी. यह दिव्य मिलन ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हुआ था. इसी घटना के कारण इस महीने के मंगलवारों को विशेष रूप से पवित्र माना जाता है. भक्त मानते हैं कि इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से भगवान राम की कृपा भी प्राप्त होती है.
बड़े मंगल की दूसरा कथा
एक अन्य कथा के अनुसार, मंगलवार को हनुमान जी को अमरत्व का वरदान मिला था। पौराणिक कथाएं बताती है कि जिस दिन हनुमान जी को चिरंजीवी का वरदान मिला था उस दिन ज्येष्ठ मास का मंगलवार था। इसलिए भी इस मंगल का विशेष महत्व माना गया है।
बुढ़वा मंगल कथा: मान्यता है कि महाभारत काल में हनुमान जी ने भीम का अहंकार तोड़ा था, इसलिए इसे "बुढ़वा मंगल" भी कहा जाता है।भंडारा और सेवा: इस दिन भक्त हनुमान मंदिरों में चोला चढ़ाते हैं और जगह-जगह भंडारे (प्रसाद वितरण) का आयोजन कर समाज में सेवा भाव को बढ़ावा देते हैं
बड़ा मंगल पर क्या करें
इस पावन दिन पर श्रद्धालु कई पुण्य कार्य करते हैं. जरूरतमंदों के लिए भंडारा कराना, मंदिर में पूजा या यज्ञ करवाना और दान-पुण्य करना बेहद शुभ माना जाता है. इसके अलावा, राहगीरों को ठंडा पानी या शरबत पिलाना, पक्षियों के लिए पानी रखना और जरूरतमंदों की मदद करना भी पुण्यदायी होता है. संतों के अनुसार, इस दिन किए गए छोटे-छोटे अच्छे कार्य भी बड़ा फल देते हैं.
ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार का महत्व:ऐतिहासिक मिलन: रामायण के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ही हनुमान जी की पहली बार भगवान श्रीराम से मुलाकात हुई थी।शक्ति और संजीवनी: इस माह हनुमान जी की पूजा करने से शारीरिक और मानसिक शक्ति मिलती है, क्योंकि उन्हें अमरता का वरदान है।।भंडारा और सेवा: इस दिन भक्त हनुमान मंदिरों में चोला चढ़ाते हैं और जगह-जगह भंडारे (प्रसाद वितरण) का आयोजन कर समाज में सेवा भाव को बढ़ावा देते हैं।
ग्रहदोष से मुक्ति: बड़ा मंगल पर हनुमान जी की पूजा करने से शनि और मंगल दोष से राहत मिलती है।2026 में विशेष संयोग:वर्ष 2026 में ज्येष्ठ माह में अधिक मास के कारण, 4 या 5 के बजाय कुल 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जो एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग है। पहला बड़ा मंगल 5 मई को मनाया जाएगा।पूजा के विशेष उपाय:हनुमान जी को सिंदूर और चोला अर्पित करें।हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।गुड़-चने का भोग लगाए
रिपोर्ट अंजनी मिश्रा