मत्स्य पालन से बदलेगी तस्वीर: पांढुर्णा में आधुनिक तकनीकों के साथ रोजगार का नया रास्ता
🐟 मत्स्य पालन से बदलेगी तस्वीर: पांढुर्णा में आधुनिक तकनीकों के साथ रोजगार का नया रास्ता
पांढुर्णा | जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशन में मत्स्य उद्योग विभाग द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं और आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
📌 योजनाओं की जानकारी और मार्गदर्शन
सहायक संचालक मत्स्य उद्योग के प्रभारी अधिकारी संजय अंबुलकर और मत्स्य निरीक्षक अनामिका सिंह ने कार्यक्रम के दौरान केंद्र एवं राज्य शासन की पीएमएमकेएसएसवाई (PMMKSSY) योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से मत्स्य पालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सकता है।
🌊 तालाबों और जलाशयों का बेहतर उपयोग
अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों में निर्मित तालाब, सरोवर और जलाशयों को मत्स्य पालन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। इससे न केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आय के स्थायी स्रोत भी विकसित होंगे।
⚙️ आधुनिक तकनीकों से बढ़ेगा उत्पादन
कार्यक्रम में बायोफ्लॉक, आरएएस (Recirculating Aquaculture System) और केज कल्चर जैसी उन्नत तकनीकों के बारे में बताया गया। इन तकनीकों के उपयोग से कम स्थान और संसाधनों में अधिक उत्पादन संभव है, जिससे लाभ में वृद्धि होगी।
💻 डिजिटल पंजीकरण पर फोकस
हितग्राहियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म Nfdp.dof.gov.in पर पंजीकरण करने की प्रक्रिया भी समझाई गई, जिससे योजनाओं का लाभ आसानी और पारदर्शिता के साथ मिल सके।
📞 संपर्क जानकारी
अधिक जानकारी और मार्गदर्शन के लिए पांढुर्णा/सौंसर क्षेत्र की मत्स्य निरीक्षक अनामिका सिंह से संपर्क किया जा सकता है।
मोबाइल: 7987717758
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निष्कर्ष:
यह पहल न केवल मत्स्य पालन को बढ़ावा देगी, बल्कि जिले में स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।