बिजली के प्रीपेड मीटर को लेकर अब महिलाएं धरने पर
मेरठ। मोहनपुरी इलाके में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने मीटर उखाड़े जाने के बाद बाधित बिजली आपूर्ति बहाल कराने और पोस्टपेड मीटर लगाने की मांग को लेकर जुलूस निकाला।
नारेबाजी करती हुई महिलाएं मोहनपुरी बिजलीघर पहुंचीं और वहां धरना देकर बैठ गईं। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने स्मार्ट प्रीपेड मीटर हटाकर बिजलीघर पर जमा कर दिए, लेकिन इसके बावजूद बिजली विभाग के कर्मचारी उनकी बिजली चालू कराने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
देर शाम बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता कमर्शियल द्वितीय महेश कुमार और अधिशासी अभियंता प्रशांत सोनी मौके पर पहुंचे। इस दौरान महिलाओं और अधिकारियों के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। हालांकि बाद में अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि संबंधित उपभोक्ताओं के मीटर जल्द लगाए जाएंगे और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
उधर बिजली विभाग ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर उखाड़ने वाले उपभोक्ताओं की सूची मीटर नंबर के आधार पर तैयार कर ली है। विभाग की ओर से यह सूची पुलिस को सौंपे जाने की तैयारी है। अधीक्षण अभियंता मोहम्मद अरशद ने बताया कि शासन स्तर से मिलने वाले आदेशों के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
स्मार्ट मीटर को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने तीन मई से थाली-ताली बजाकर आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है, वहीं कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने भी धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी आंदोलन का समर्थन किया है।
इसी क्रम में मोदीपुरम के पल्लवपुरम फेस-1 स्थित बिजलीघर पर भी क्षेत्र की महिलाओं ने स्मार्ट मीटर के विरोध में प्रदर्शन किया और अपनी नाराज़गी जताई।
फिलहाल स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों और बिजली विभाग के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है, और आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।