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RANCHI : झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक संपन्न हुई, बैठक में कई मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक संपन्न हुई
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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कई मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय किस प्रकार हैं : -

★ अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम (ODMP) योजना अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अधीन कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी की सेवा अवधि विस्तार को संपुष्टि प्रदान की गई एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु सेवा अवधि का विस्तार किए जाने की स्वीकृति दी गई।

★ विभिन्न प्रकार के चिन्हित विशिष्ट स्थानीय आपदा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को प्रदान किए जाने वाले अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु सहमति दी गई, इस निमित्त मृतक के आश्रितों को उनके गृह जिला के उपायुक्त द्वारा घटना का सत्यापन प्राप्त कर अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

★ अनुग्रह अनुदान की राशि के दोहरे भुगतान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सत्यापन कार्य अनिवार्य किए जाने पर सहमति दी गई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार अथवा भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत बीमित व्यक्ति या तो आपदा प्रबंधन अंतर्गत अनुग्रह अनुदान की राशि अथवा भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा आच्छादित बीमा की राशि में से एक प्राप्त कर सकेंगे।

★ सड़क दुर्घटना के अनुग्रह राशि बढ़ाने के संबंध में निर्णय : - विशिष्ट स्थानीय आपदा अंतर्गत चिन्हित अन्य आपदा अंतर्गत मृत व्यक्ति के आश्रितों के समरूप सड़क दुर्घटना में मृतक व्यक्ति के आश्रित को भी 4 लाख रुपए दिए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में यह राशि मात्र एक लाख रुपए थी।

★ युवा आपदा मित्र स्कीम जो दुमका गोड्डा, पाकुड़ एवं साहिबगंज जिले में कार्यान्वित किया जा रहा है। इस स्कीम से जुड़े स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार करने और उसे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) से सम्बध करने का निर्णय लिया गया जिससे की आवश्यकता के समय आसानी से युवा आपदा मित्रों की सेवा ली जा सकेगी। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने SOP बनाने एवं कार्य लेने के दौरान उन्हें कुछ भत्ता प्रदान करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

★ राज्य में पानी में डूबने से होने वाली मृत्यु की संख्या को ध्यान में रखकर संप्रति-48, गोताखोरों को चिन्हित कर प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने गोताखोरों की संख्या को बढ़ाने पर बल देते हुए पुलिस जवान/गृहरक्षकों को सम्मिलित किए जाने के साथ-साथ महिलाओं को भी शामिल किए जाने को लेकर कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया।

बैठक में राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, सचिव श्री प्रशांत कुमार, सचिव श्रीमती विप्रा भाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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