मेरठ में बेड के नीचे चल रही थी मौत की फैक्ट्री! पुलिस-स्वाट की रेड में बड़ा खुलासा
मेरठ। पुलिस और स्वाट टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध असलाह फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यह फैक्ट्री इतनी गुप्त तरीके से चलाई जा रही थी कि आसपास रहने वाले लोगों को भी इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस ने इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 10 आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे ने बताया कि लोहियानगर पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम अल्लीपुर में कब्रिस्तान के पास एक मकान में अवैध हथियार बनाए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर स्वाट टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई और संदिग्ध मकान को चिन्हित कर दबिश दी गई।
दबिश के दौरान मकान बाहर से पूरी तरह सामान्य दिखाई दिया, लेकिन पुलिस को कुछ वाहनों की मौजूदगी पर शक हुआ। कई घंटे की जांच और पूछताछ के बाद पुलिस ने घर के अंदर डबल बेड के नीचे बने गुप्त तहखाने का पता लगाया, जहां अवैध असलाह फैक्ट्री संचालित हो रही थी।
पूछताछ में सामने आया कि फैक्ट्री का संचालन रहीमुद्दीन नाम का व्यक्ति कर रहा था। वह अलग-अलग जगहों से हथियार बनाने का कच्चा माल जुटाकर आरोपियों को उपलब्ध कराता था। आरोपी मिलकर पिस्टल तैयार करते थे और फिर ग्राहकों को बुलाकर हथियारों की बिक्री करते थे। तैयार पिस्टल की कीमत 35 हजार से 65 हजार रुपये तक रखी जाती थी।
स्वाट टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग हथियार खरीदने आने वाले हैं। पुलिस ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी तीन गाड़ियों में सवार होकर मकान में पहुंचे, उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों ने ही बेड के नीचे बने तहखाने और फैक्ट्री का खुलासा किया।
पुलिस ने मौके से .32 बोर की आठ पिस्टल मैगजीन सहित, तीन अधबनी पिस्टल, दो स्लाइड, दो बैरल, 12 मैगजीन और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई औजार बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक किन लोगों को ये अवैध हथियार बेचे जा चुके हैं और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।